**धर्मशाला के चेतडू में बाढ़ में फंसे लोगों को बचाया **कांगड़ा जिले में माॅक ड्रिल से बाढ़-भूस्खलन से निपटने की तैयारी का आकलन कांगड़ा जिला में आपदा से बचाव के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा तैयार आपदा प्रबंधन प्लान को धरातल पर परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। शुक्रवार को प्रातः नौ बजे मॉक ड्रिल अलर्ट मिलते ही आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी दल पुलिस ग्राउंड स्टैजिंग एरिया में डट गए। जिला प्रशासन ने पूरी माॅक ड्रिल को वास्तविक घटना की तरह लेकर ही अपनी प्रतिक्रिया की। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने मॉक ड्रिल के पश्चात प्रेस वार्ता में कहा कि ने इस मॉक ड्रिल का मकसद आपदा के समय में जिला प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना और मानक संचालन प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करना था। इसमें प्रतिक्रिया में लगने वाले समय, समन्वय में गैप समेत अन्य कमियों को जांचा गया, साथ ही फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की पहचान की गई। इससे प्राप्त सीख और अनुभव के आधार पर आगे सुधारात्मक कदम उठा कर आपदा प्रबंधन योजना को और कारगर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम आने को है और इसमें सम्भावित भारी बारिश, बाढ़, बादल फटना, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से आपदा की स्थिति बनती है। ऐसे में जन सुरक्षा तय बनाने और आपदा से होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के लिए अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अपने दायित्वों की जानकारी, विभागों की आवश्यक पूर्व तैयारी और मुस्तैदी बहुत आवश्यक है। इसमें यह माॅक ड्रिल बहुत सहायक रही। अधिकारियों की आपदा प्रबंधन को लेकर क्षमता विकास में भी यह अभ्यास मददगार है। इस पूरे घटनाक्रम में आपदा प्रबंधन योजना, रेस्क्यू आॅपरेशन, आपात संचार प्रणाली, विभागीय तालमेल, आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल, संसाधन मैपिंग, रास्ते बहाल करने को मशीनरी का प्रयोग, स्वास्थ्य व्यवस्था, घायलों को मौके पर मेडिकल सहायता देने, एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाने, प्रभावितों को राहत शिविरों में पहुंचाने, राशन एवं पेयजल वितरण व्यवस्था देखने, स्थानीय स्तर पर जन सहयोग समेत स्थिति को सामान्य बनाने से जुड़े आपदा प्रबंधन के हर पहलू पर गौर करने के साथ सभी उपायों को परखा गया। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि कांगड़ा जिला के सभी उपमंडलों में भी बाढ़ तथा भूस्खलन को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई है।
नाहन: उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सुमित खिमटा ने बताया कि आज शुक्रवार को 8वें राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन सिरमौर जिला के 5 उप मंडलों में चिन्हित स्थलों पर किया गया। उन्होंने कहा कि इस मॉक ड्रिल में पुलिस, होमगार्ड, राजस्व, स्वास्थ्य व अन्य सभी सम्बन्धित विभागों ने इस अभ्यास में भाग लिया। सुमित खिमटा ने बताया कि आगामी मौनसून के दृष्टिगत फलैश फलड और लैंड स्लाईड की संभावना को देखते हुये यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जिला में 5 स्थानों पर सफलतापूर्वक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कालाअंब में क्लोरीन गैस के रिसाव से बचाव के लिए हुई मॉक ड्रिल नाहन उपमंडल के तहत औद्योगिक स्थल मैसर्ज रुचिरा पेपर्स इंडस्ट्रीज, कालाअंब में आगजनी के कारण क्लोनीन गैस के रिसाव पर औद्योगिक आपदा का अभ्यास किया गया। कालाअंब में कार्यकारी एसडीएम उपेन्द्र चौहान की देखरेख में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया जिसमें पुलिस, होमगार्ड, राजस्व, स्वास्थ्य, उद्योग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों ने भाग लिया। संगड़ाह उपमंडल के तहत एसडीएम सुनील कायथ की अध्यक्षता में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र संगडाह में पूर्वाभ्यास करवाया गया। यहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र संगड़ाह में भारी वर्षा के कारण लैंड स्लाईड की घटना घटित हुई थी जहां पर ऐहतियात के तौर पर 8 लोगों को स्वास्थ्य केन्द्र से बाहर निकाला गया। पांवटा साहिब उप-मंडल के तहत नजदीक कच्ची ढांग- सिरमौरी ताल में फ्लैश फ्लड एवं भूस्खलन, बादल फटना-व सुरक्षित निकासी योजना आदि पर पूर्वाभ्यास करवाया गया। एसडीएम गुंजीत चीमा की अध्यक्षता में सिरमौरी ताल में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यहां पर भू-स्खलन और बादल फटने की संभावित स्थिति पर मॉक ड्रिल हुई जिसमें करीब 3 लोगों के घायल होने सूचना मिली थी जिन्हें सुरक्षित निकाल कर पांवटा साहिब अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसी प्रकार कफोटा उपमंड के तहत गांव अंबोन में एसडीएम राजेश वर्मा की अध्यक्षता में भूस्खलन,भू-धंसाव क्षेत्र, फ्लैश फ्लड स्थिति पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यहां पर अति वर्षा होने की स्थिति के कारण फंसे 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल कर रिलीफ कैंप तक पहुंचाया गया। पच्छाद उपमंडल में एसडीएम संजीव धीमान की अगुवाई में लाना-रोना गांव में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर अभ्यास करवाया गया। यहां पर भारी वर्षा के कारण लैंड स्लाइड होने के कारण लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी जिसमें 29 घायल लोगों को पुलिस द्वारा सुरक्षित रेस्क्यु कर एंबुलेंस के माध्यम से बड़ू साहिब चैरिटी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया। सिरमौर जिला में चलाये गए 8वें मेगा मॉक ड्रिल की राज्य स्तर पर शिमला से वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से मॉनिटरिंग की गई। सिरमौर जिला में मेगा मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग के लिए उपायुक्त कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। इस कंट्रोल रूम में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर. वर्मा, सहायक आयुक्त गौरव महाजन, जिला राजस्व अधिकारी चेतन चौहान के अलावा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी उपथित रहे।
बड़सर भाजपा मंडल व भाजयूंमो ने इन चुनावों में दिन-रात एक करके मुझे जिताया मैं इसके लिए पार्टी सहित बड़सर विधानसभा क्षेत्र की जनता का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। लेकिन मैं इस बात का भी खंडन करता हूं कि चुनाव में एक वोट पीएम और एक वोट सीएम का नारा चला है लेकिन यह भी सही है कि इस दौरान 5 से 7 प्रतिशत लोगों ने बड़सर में पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया है। उनकी लिस्ट पार्टी के शेष नेतृत्व को जरूर भेजी जाएगी, जिससे आगामी समय में भारतीय जनता पार्टी को बड़सर में और मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि बड़सर में एक-एक भाजपा कार्यकर्ता ने मेरी जीत में अहम भूमिका निभाई है। इन्ही कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही देश के ययस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं और हिमाचल के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की झोली में लोकसभा की चारों सीटे भी डाली हैं। उन्होंने कहा कि आगामी समाय में केंद्र सरकार के माध्यम से हिमाचल में भी बड़ी एवम कल्याणकारी योजनाओं का सृजन होगा।
जनजातीय जिला किन्नौर के मुख्यालय रिकांग पिओ में आज जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा भविष्य में किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक मैगा मॉक ड्रिल का आयोजन कर पूर्वाभ्यास प्रशिक्षण किया गया जिसमें आई.टी.बी.पी, पुलिस, होमगार्ड, राजस्व, अग्निशमन व स्वास्थ्य विभाग के त्वरित प्रतिक्रिया दलों द्वारा बाढ़ व भू-स्खंलन जैसी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य किया गया। मॉक ड्रिल में किन्नौर जिला के टी-डाँग पॉवर प्रोजेक्ट, पवारी की मजदूर बस्ती व नाथपा में भू-स्खलन वाले संवेदनशील स्थान को चिन्हित कर आपदा की स्थिति दर्शाई गई। टी-डाँग पॉवर प्रोजेक्ट में गलेशीयर झील के फटने से बाढ़ की स्थिति, पवारी की मजदूर बस्ती में बाढ़ की स्थिति तथा नाथपा में भू-स्खलन की स्थिति को दर्शाया गया तथा त्वरित प्रतिक्रिया दलों को रवाना कर राहत एवं बचाव कार्य किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस व एचआरटीसी की बसों को भेजकर घायलों व आपदा के कारण फंसे हुए लोगों की त्वरित निकासी की गई। इस दौरान राजस्व विभाग द्वारा राहत एवं बचाव शिविर भी लगाया गया तथा आपदा के कारण लोगों को हुए जान-माल के नुकसान का आंकलन किया गया। इस अवसर पर घटना कमांडर-सहायक आयुक्त किन्नौर विजय कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन के लिए हर समय तैयार रहना चाहिए तथा इस संदर्भ में स्थानीय लोगों को समय-समय पर जागरूक करना चाहिए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तत्काल प्रभाव से निपटा जा सके। इसी संदर्भ में आज इस मैगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया तथा पूर्वाभ्यास प्रशिक्षण के माध्यम से भविष्य में होने वाली वास्तविक आपदा के समय किए जाने वाले कार्यों से बचाव व राहत कार्य दलों सहित आम लोगों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर आई.टी.बी.पी के अधिकारी, कमांडेन्ट होमगार्ड पंकज शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविराज नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी पीयूष शर्मा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में अध्यापकों द्वारा विद्यालय के बच्चों को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाएं गए I विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन से विद्यालय में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमे किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा आने पर विद्यालय भवन से किस तरह से बचाव कार्य किया जाए और कौन-कौन सी सावधानियां बरती जाए आदि के बारे विस्तार से व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया I इस प्रशिक्षण में विद्यालय के सभी एन एस एस, एन सी सी, और अन्य बच्चों, अध्यापकों ने व्यवहारिक मॉक ड्रिल किया, जिसमे कोई भी प्राकृतिक आपदा आने पर एक सायरन बजाकर संकेत दिया गया और सभी बच्चों को विद्यालय भवन से बाहर निकला और एक खुले मैदान में एकत्रित किया I इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने इस मॉक ड्रिल की जानकारी को जीवन उपयोगी बताया और कहा कि इस तरह के उपायों से किसी भी बड़ी घटना से बचा जा सकता है I इससे बच्चों में आत्मविश्वास पैदा होता है और वे हर तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तत्पर रहते हैं I उन्होंने यह भी बताया कि भूकम्प बहुत हिंसात्मक हो सकते हैं और इनमें लोगों को गिराकर चोट पहुँचाने से लेकर पूरे नगर ध्वस्त कर सकने की क्षमता होती है I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने इस मॉक ड्रिल का आयोजन करने के लिए प्रधानाचार्य और सभी प्रभारियों की सराहना की I
मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन इंदौरा में इवेवैक्युएशन ड्रिल कम हेड काउंट एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। यह आयोजन कॉलेज की सी सी ए कमेटी औरआईक्यूएसी के सौजन्य से करवाया गया। इस कार्यक्रम में बी.एड के द्वितीय व चतुर्थ सत्र के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इसमें छात्रों को आपातकालीन निकास योजना, निकासी मार्गों आपातकाल के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसके बारे में जागरूक किया गया। सभी छात्रों को मॉक ड्रिल का उद्देश्य भी समझाया गया कि कैसे अप्रत्यशित आपत्ति स्थितियों में निपटने और उनके लिए तैयार रहने में मदद करता है। छात्रों ने आग ,भूकंप और बाढ़ के लिए कौन सी सावधानियां अपनानी चाहिए, उनको नाटकीय प्रतिक्रिया में समझा। इस कार्यक्रम में छात्रों के साथ -साथ सभी अध्यापक वर्ग भी वहां उपस्थित रहे।
कुल्लू जिला में सेब सीजन 2024 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त तोरुत एस रवीश की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन बहुदेश्यीय अधिवेशन हाल में किया गया। उपायुक्त ने कहा कि सेब सीजन शुरू हो रहा है और बागवानी विभाग के एक अनुमान के अनुसार इस साल जिला में पिछले साल की तुलना में सेब की फसल अधिक होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सेब सीजन सुचारू ढंग से चले इसके लिए अभी से सभी हितधारक तैयारियां शुरू कर दें। बैठक में अवगत करवाया गया कि सेब विपणन के लिए कार्टन की कोई कमी नहीं है। इसी प्रकार ट्रकों की भी कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि फल उत्पादक संघों व आढ़तियों ने इस बात को सुनिश्चित बनाया है कि टुकों की उपलब्धता तथा किराए की दरें वे आपसी सहमति से तय कर लेते हैं। इसमें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आती है। उपायुक्त ने कहा कि जिला की किसी भी सब्जी मण्डी में आने वाले ट्रक व छोटे वाहन बेतरतीब पार्क न हो इसके लिए एपीएमसी सचिव और पुलिस विभाग यह सुनिश्चित बनाएं। ट्रक केवल फल व सब्जी लोड करने के लिए सब्जी मण्डी में प्रवेश करें और तुरंत वहां से बाहर निकल जाएं। सब्जी मंडियों के आस-पास यातायात की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए उन्होंने पुलिस तथा होमगार्ड के अतिरिक्त बलों की तैनाती करने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़कों पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए जरूरी है कि मुख्य राजमार्ग के किनारे फल लाने व ले जाने वाले वाहनों की अनावश्यक पार्किंग न की जाए। इसके लिए कुछ अन्य स्थलों का निर्धारण करने के लिए तथा उन्हें अधिसूचित करने के लिए आरटीओ कुल्लू की आयक्षता में कमेटी गठन के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में आढ़तियों व ट्रक यूनियनों से भी सहयोग करने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि सीजन के दौरान सब्जी मंडियों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उपायुक्त ने निर्देश दिए की लुहरी से खेम्सू सडक, तथा खराहल घाटी के देहनीधार सड़क को यातायात के लिए ठीक करवाएं। उन्होंने उपमंडल स्तर पर भी सभी उपमंडल अधिकारियों को इससे संबंधित बैठक करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से कहा कि विशेषकर सेब सीजन के दौरान संपर्क मार्गों को सही हालत में रखें। ट्रकों की उपलब्धता पर ट्रक यूनियनों ने कहा कि वे अपने स्तर पर यह व्यवस्था कर लेते हैं और ट्रकों को लेकर किसी प्रकार की कमी नहीं होती। फल उत्पादकों संघों के प्रतिनिधियों ने कहा कि ट्रकों में निर्धारित मानदंडों के आधार पर ही फलों की लोडिंग की जानी चाहिए। ओवरलोडिंग से अनेक फल वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं जिससे ठेकेदार व फलोत्पादक सभी को नुकसान पहुंचता है। एपीएमसी की ओर से जानकारी दी गई कि सीजन की शुरुआत लोअर बेल्ट से हो चुकी है तथा पलम की फसल मंडी में आनी शुरू हो गई है। सेब की अर्ली वैरायटी भी जून के माह में मंडी में पहुंच जाएगी तथा इटालियन वैरायटी के सेब जैसे कि रेडलम गाला, रेड वेलोक्स इत्यादि भी जून के माह में ही मंडी में पहुंचने हैं।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में शुक्रवार को 3.39 बजे रिक्टर पैमाने पर 3.0 तीव्रता का भूकंप आया। यह सूचना राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने दी। इस भूकंप से अभी किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, भूकंप आने के बाद लोग दहशत में जरूर आ गए और अपने घरों से बाहर निकल आए।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक पुलिस कर्मी (हिमाचल प्रदेश पुलिस ) के लापता होने का मामला सामने आया है। बड़ी बात है कि पुलिस कर्मी ने लापता होने से पहले एक वीडियो जारी किया और एसपी सिरमौर पर बड़ा आरोप लगाया। फिलहाल, पूरे मामले में सिरमौर पुलिस विवादों में घिर गई है। दो दिन से पुलिस कर्मी का कुछ पता नहीं चला है और गुरुवार को उसकी पत्नी और परिजन थाने पहुंचे थे। दरअसल, सिरमौर पुलिस के काला अंब का यह मामला है। यहां पर पावंटा साहिब के नवादा के शिवपुर गांव का जसबीर थाने में बतौर हेडकॉन्सटेबल तैनात था। उन्हें एक वीडियो जारी करते हुए एसपी सिरमौर पर प्रताड़ित करने और एक केस में दवाब बनाने का आरोप लगाया। इस दौरान जसबीर ने कहा कि वह अपनी जान भी दे सकता है। 6 मिनट 60 सेकंड का वीडियो वायरल होने के बाद अब हड़कंप मचा हुआ है। जसबीर कालाअंब में करीब डेढ़ वर्ष से तैनात था। वीडियो में जसबीर ने आरोप लगाया कि एक एफआईआर में उसने जो धाराएं लगाई गई थी, वह बेलेबल ऑफेंश है, लेकिन लोग उस पर धारा-307 के तहत मामला दर्ज करने का दबाव बना रहे थे। एसपी ने भी उसे दफ्तर में बुलाकर धमकाया है। वीडियो में जसबीर ने कहा कि वह अपनी नौकरी से इस्तीफा दे रहा है। हालांकि, वीडियो के बाद से ही उसका कोई पता नहीं चला है।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने देहरा विधानसभा सीट से भाजपा ने होशियार सिंह चंबयाल, हमीरपुर से आशीष शर्मा और नालागढ़ विधानसभा सीट से भाजपा ने कृष्ण लाल ठाकुर को टिकट दिया है। अब कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने का इंतज़ार है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2024 की तैयारियों को लेकर आज योग जागरूकता अभियान के तहत राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन में योग शिविर का आयोजन किया गया। यह जानकारी आज यहां ज़िला आयुष अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा ने दी। डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि इस अवसर पर स्कूली बच्चों को योग के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि आज के तनाव व भाग-दौड़ वाले समय में हमें अपनी शरीर व मन को स्वस्थ रखने के लिए एक स्वस्थ व संतुलित जीवन शैली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास से कई शारीरिक व मानसिक लाभ होते है। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास से बेहतर मुद्रा, लचीलापन, संतुलित शरीर व सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इस अवसर पर बच्चों से गर्दन के व्यायाम, कंधों के आसन, ताड़ासन, अनुलोम-विलोम प्रणायाम, भ्रामरी इत्यादि योग मुद्राएं करवाई गई। शिविर में डॉ. मंजेश शर्मा, डॉ. अनिता शर्मा, स्कूल के अध्यापगण व लगभग 700 बच्चों ने भाग लिया।
देहरा विधानसभा उपचुनाव-2024 के दृष्टिगत जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है इसके साथ ही निष्पक्ष तथा शांतिपूर्वक निर्वाचन के लिए विभिन्न स्तरों पर कमेटियां भी गठित कर दी गई हैं। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी, उपायुक्त हेमराज बैरवा ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में निर्वाचन के लिए गठित कमेटियों के नोडल अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता प्रबंध किए गए है। उन्होंने कहा कि व्यय निगरानी समिति राजनीतिक दलों तथा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार व्यय की पूरी तरह से निगरानी करेगी जबकि आदर्श आचार संहिता की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए एमसीसी कमेटी का गठन किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी हेमराज बैरवा ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा चुनाव विज्ञापन के प्रमाणीकरण के लिए जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन निगरानी समिति (एमसीएमसी) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को समाचार पत्रों, संचार माध्यम इंटरनेट में कोई भी विज्ञापन देने से पहले जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन निगरानी समिति की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष तथा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न करवाने के लिए सभी नोडल अधिकारियों को नियमित तौर को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के आदेश दिए गए हैं। इससे पहले तहसीलदार निर्वाचन संजय राठौर ने लोकसभा निर्वाचन के लिए चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग को शराब इत्यादि की बिक्री तथा अवैध तौर पर शराब जब्त करने की प्रतिदिन रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है इसके साथ ही नाकों पर सुचारू चेकिंग भी करने के लिए कहा गया है। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर बहादुर तथा एडीएम डा हरीश गज्जू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि कांगड़ा जिला के सभी उपमंडलों में 14 जून को मेगा माॅक ड्रिल आयोजित की जाएगी माॅक ड्रिल के दौरान राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से तैनात पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहेंगे तथा माॅक ड्रिल की कर्मियों को लेकर रिपोर्ट भी प्रेषित करेंगे ताकि भविष्य में तैयारियां बेहतर हो सकें। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि सभी विद्यालयों में भी निकासी अभ्यास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि माॅक ड्रिल को लेकर 12 जून को टेबल टाॅप अभ्यास भी किया गया है ताकि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से सभी विभागों में आपसी समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव कार्य प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए विभागों में आपसी तालमेल जरूरी है। इस तालमेल की परख 14 जून को मॉक ड्रिल में की जाएगी। इससे जिला में आपदा प्रबंधन की तैयारियों व क्षमताओं का गहन आकलन एवं विश्लेषण होगा और आपदा प्रबंधन योजना को और पुख्ता बनाने में मदद मिलेगी। उपायुक्त ने इस दौरान आम जनता से अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल के दौरान किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और भयभीत न हों। यह ड्रिल उनकी सुरक्षा के लिए आपदा प्रबंधन क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए आयोजित की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 जून को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत विद्युत मण्डल सोलन के कुछेक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत मण्डल सोलन के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी।राहुल वर्मा ने बताया कि पहले सोलन के कुछेक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित होने सम्बन्धी तिथि 14 जून, 2024 को निर्धारित की गई थी, परंतु अब प्रशासनिक कारणों से 15 जून, 2024 को बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि 15 जून, 2024 को प्रातः 10.00 बजे से सायं 05.00 बजे तक मॉल रोड, अप्पर बाजार, पुराना उपायुक्त कार्यालय, आनंद काम्पलेक्स, न्यायालय परिसर, लोक निर्माण विभाग कालोनी, क्लीन, सेर क्लीन, सन्नी साईड, विवान्ता मॉल, चिल्ड्रन पार्क, पुस्तकालय, क्षेत्रीय अस्पताल, अस्पताल मार्ग, फोरेस्ट रोड, जौणाजी, शिल्ली, अश्वनी खड्ड, दामकड़ी, फशकना, फ्लाइ, मेला मैदान, हरट, बेल, नेरी, गण की सेर, मनसार, झोखड़ी, हॉट मिक्स के आस-पास के क्षेत्र, ग्रानी, सलोगड़ा के कुछ क्षेत्र, सेवला, बरड बस्ती, ब्रुअरी, तरण-तारण, पडग, विनसम होटल, दाउंसी, गलोथ, कोडहारी, कोठी, कथोग, बजरोल, नडोह, शामती, डमरोग, ऑफिसर कालोनी, कोटलानाला, कथेड, मिनी सचिवालय, लक्कड़ बाजार, गंज बाजार, शिल्ली मार्ग, उपायुक्त आवास क्षेत्र, मोहन कालोनी, मधुबन कालोनी, हरि मंदिर क्षेत्र, राजगढ़ मार्ग, नगर निगम क्षेत्र, रेनॉल्ट शोरूम तथा आस-पास के क्षेत्र, चौक बाजार, सर्कुलर मार्ग, धोबीघाट, आई.टी.आई, पुराना बस अड्डा, सेंट ल्यूक्स, अंबुशा होटल, चेस्टर हिल्स, अमित अपार्टमेंट्स, सुंदर सिनेमा, जौणाजी, जौणाजी मार्ग, डिग्री कॉलेज, ठोडो मैदान क्षेत्र, चिल्ला, बागर, शथोल, कवारगी, मैरिडियन, सेरी, बलाणा, खनोग, मतियूल, खलीफा लॉज, जे.बी.टी मार्ग, सूर्य विहार, तहसील परिसर, टैंक रोड, खुन्डीधार, र्साइंटिस्ट कालोनी, नया बस अड्डा, पुलिस लाईन, सब्जी मण्डी, सेरी, चम्बाघाट चौक, बसाल मार्ग, 132 के.वी. के नज़दीक, बसाल, गुगाघाट, हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र बसाल, घडयाल, डांगरी, शिरी, धाला, पट्टी, दयोली की सेर, गारा, पोकन, बाडा, धरोट, सलुमना, ब्लेसिंग हेल्थ केयर, सूर्य किरण, बावरा, गरीब बस्ती, फोरेस्ट कालोनी, एन.आर.सी.एम, करोल विहार, डी.आई.सी कालोनी, मेहर सिंह कालोनी, बेर की सेर, जराश, बेर पानी, बेर गांव, बेर खास, कोनार्क होटल एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किन्हीं अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
**कहा, आम आदमी के जान की सरकार को नहीं परवाह, अधिकारी कर रहे मनमानी शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो गई है। अपराधियों का हर तरफ़ बोलबाला नज़र आ रहा है। एक के बाद एक जघन्य हत्याकांड हो रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ़ और सिर्फ़ अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था मज़बूत नहीं रहेगी तो इससे प्रदेश का नुक़सान होगा। सरकार को आम आदमी के जान की परवाह ही नहीं हैं। आए दिन होने वाले हत्याकांड से प्रदेश के छवि धूमिल हुई है। सरकार को अपराधियों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कदम उठाने की आवश्यकता है। पुलिस अराजक तत्वों पर अपनी निगरानी बढ़ाए और अपराध पर लगाम लगाए। प्रदेश में अपराधी का नहीं क़ानून का राज होना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि सिरमौर में एक पुलिस के मुख्य आरक्षी द्वारा एसएसपी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। जिसके चलते उसे सोशल मीडिया में आकर अपनी बात कहनी पड़ी। इस सब के बीच पुलिस का मुख्य आरक्षी ही लापता हो गया है। उसके परिवार और परिचित लोग उसकी तलाश कर रहे हैं। स्थानीय लोग उसके तालश की माँग को लेकर धरना दें रहे हैं। परिजन ग़ायब होने पर तरह-तरह की आशंका जता रहे हैं। इस तरह से एक पुलिस कर्मी के लापता होने की बात आश्चर्यजनक है। क्या इसी तरह के व्यवस्था परिवर्तन की बात सरकार द्वारा की गई थी कि पुलिस के कर्मचारी को ही अपने अधिकारियों के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलना पड़े। इस मामले में अभी तक मुख्यमंत्री ने क्या किया? इस मामले का पूरा सच सामने आना चाहिए और पुलिस अपने लापता कर्मचारी को चाहे जैसे खोज कर निकाले, सरकार उसके सुरक्षा की गारंटी लें। इस देवभूमि में इस तरह की मनमानी नहीं चलने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री की नाकामी की वजह से प्रदेश के अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और प्रदेश के लोगों की सुविधाओं से उनका कोई लेना देना नहीं रह गया है। सरकार क़ानून व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए पुख़्ता कदम उठाए हर दिन हो रहे अपराध को रोके। इसके लिए विपक्ष सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है और हर सहयोग करने को तैयार है।
**ज़िला के सभी उपमण्डल में पांच स्थलों पर होगी मॉक एक्सरसाइज़ :मनमोहन शर्मा उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बताया कि बाढ़, भूस्खलन व अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में राहत एवं बचाव सम्बन्धी उपायों पर एक पूर्वाभ्यास (मॉक एक्सरसाइज़) का आयोजन सोलन ज़िला में 14 जून को किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में यह मॉक एक्सरसाइज़ पूरे प्रदेश सहित सोलन ज़िला में भी शुक्रवार को प्रातः शुरू होगी। इस सम्बन्ध में आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि इस पूर्वाभ्यास का उद्देश्य बाढ़, भूस्खलन व हिमनद झील टूटने से बाढ़ के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं विभिन्न विभागों की तैयारी का परीक्षण करना है। उन्होंने बताया कि सोलन ज़िला में इसके लिए सभी उपमण्डलों में एक-एक स्थल चिन्हित किया गया है। इन सभी स्थलों में बाढ़, भूस्खलन व गैस लीकेज से सम्बन्धित काल्पनिक परिदृश्य तैयार किए जाएंगे। अर्की उपमण्डल में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अर्की में धरातल तल पर बाढ़ का पानी घुसने की स्थिति से सम्बन्धित आपदा प्रबंधन की तैयारियां परखी जाएंगी। कसौली उपमण्डल में कुमारहट्टी-नाहन सड़क पर बैकुन्ठ होम-स्टे के समीप डगशाई पहाड़ी से भूस्खलन, कण्डाघाट उपमण्डल में साधुपुल में बाढ़, नालागढ़ उपमण्डल में वर्द्धमान ऑरो टेक्सटाईल लिमिटिड में अमोनिया गैस रिसाव तथा सोलन उपमण्डल में शामती में भूस्खलन के काल्पनिक परिदृश्य तैयार कर इन आपात स्थितियों में राहत व बचाव कार्यों की तैयारियों पर पूर्वाभ्यास किया जाएगा। मनमोहन शर्मा ने बताया कि इस पूर्वाभ्यास के लिए प्रातः लगभग 09.00 बजे का समय निर्धारित किया गया है और यह प्रक्रिया दोपहर बाद लगभग 02.30 बजे तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि ठोडो मैदान सोलन में स्टेजिंग एरिया निर्धारित किया गया है। सभी लाईन विभाग निर्धारित समय पर वहां आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों के साथ उपस्थित रहेंगे। पूर्वाभ्यास के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के स्वतंत्र पर्यवेक्षक भी इसकी निगरानी करेंगे और अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण को प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने सभी विभागों से इस पूर्वाभ्यास को तय नियमों एवं निर्देशों के अनुसार पूरी गम्भीरता से पूर्ण करने का आग्रह किया है। उन्होंने सोलन ज़िला के सभी लोगों से भी इस पूर्वाभ्यास में सहयोग का आह्वान किया है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, सहायक आयुक्त विवेक शर्मा, सभी उपमण्डलाधिकारी सहित सभी सम्बन्धित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे। इसके उपरांत उन्होंने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बरसात के मौसम में विभिन्न तैयारियों पर आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया। उपायुक्त ने सोलन ज़िला में बरसात के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
शिमला: बी.बी.एन. स्थित विश्व स्तरीय दवा निर्माण में जुटी क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला, युवा उद्योगपति, को दवा निर्माण के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों के साथ साथ सामाजिक सेवा में अग्रिम पंक्तियों में रहने पर वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के द्वारा इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से ब्रिटेन की संसद में 18 जुलाई को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध लोक गायक और नाटी किंग कुलदीप शर्मा को भी सम्मानित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की दो विभूतियों को यह प्रतिष्ठित अवार्ड विश्व भर के विभिन्न देशों के लोगों के समक्ष मिलना राज्य और देश के लिए एक अति सम्मानजनक प्राप्ति है। इसी के साथ हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र के औद्योगिक वर्ग में भी यह हर्ष की बात है। इस सन्दर्भ में वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के, इंडियन प्रेजिडेंट व सी.ई.ओ. संतोष शुक्ल ने बताया कि ब्रिटिश पार्लियामेंट के पैलेस ऑफ़ वेस्ट मिनिस्टर लंदन यू के के चर्चिल रूम (हाउस ऑफ़ कॉमन्स) में 18 जुलाई को होने जा रहे एक भव्य समारोह जिसमें ब्रिटिश सांसदों के अतिरिक्त यू के व विश्व भर से आए व्यक्ति व बुद्धिजीवी हिस्सा लेंगे। इस समारोह के दौरान सुमित सिंगला और उनकी धर्मपत्नी रेशु सिंगला जोकि बी.बी.एन. में एकमात्र महिला उद्यमी हैं और ऑय.बी.एन. हर्बल्स की चेयरपर्सन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर हैं भी उपस्थित होंगी और साथ में सम्मान प्राप्त करेंगी। गौरतलब है कि इस समारोह के दौरान विश्व भर की विश्व धरोहरों, साइट्स को चिन्हित किया जाता है और उनका चयन करके उनका नाम ब्रिटिश जर्नल व मैगज़ीन में प्रकाशित किया जाता है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायक और नाटी किंग कुलदीप शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोक गायक को ब्रिटेन में अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड मिलना उनके लिए एक स्वप्न से कम नहीं और इसके लिए उन्होंने प्रसिद्ध उद्योगपति सुमित सिंगला का आभार जताया। इस अवसर पर दवा निर्माण और समाज सेवा में जुटे हुए सुमित सिंगला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लोक गायकी को बॉलीवुड में प्रवेश करवाने के लिए वह भरसक प्रयास करेंगे। इस अवसर पर क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला ने बताया कि उनके बड़े भाई स्व.अमित सिंगला द्वारा लगाया गया वृक्ष आज 2 दशकों से अधिक समय से मलटी नेशनल कम्पनयों के लिए गुणवत्ता दवाओं के निर्माण में अग्रसर है और ग्रुप में 1000 से अधिक लोगों को रोज़गार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार में उतार चढ़ाव आना ग्रोथ की निशानी है और इस प्रकार के मामलों में न घबराते हुए उद्योगपतियो व इंसान को अपना लक्ष्य निर्धारित करते हुए ही कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्योरटेक ग्रुप भविष्य में भी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक फार्मा मानकों के अनुरूप दवाओं के निर्माण में जुटा रहेगा ताकि ग्रुप का नाम विश्व स्तर पर अग्रिम पंक्तियों में आ सके। उन्होंने कहा कि ग्रुप स्व.अमित सिंगला के सपनों जिसमें मल्टी नेशनल कंपनियों के ब्रांड की दवा निर्माण के साथ-साथ अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग भी शुरू करने के कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। सुमित सिंगला को देश विदेशों के लगभग 1700 संगठनों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सामाजिक क्षेत्रों में सुमित सिंगला को सम्मानित किया जा चुका है। सुमित सिंगला को विश्व स्तर पर कई संस्थाओं द्वारा मानद डॉक्टरेट की डिग्री से सम्मानित किया जा चुका है परन्तु हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल स्थित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान की गई है जो उनकी सामाजिक सेवाओं और दवा निर्माण के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों को देखते हुए दी गई।बद्दी के युवा उद्योगपति सुमित सिंगला और हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायक नाटी किंग कुलदीप शर्मा जिन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के द्वारा इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से ब्रिटेन की संसद में 18 जुलाई को सम्मानित किया जाएगा।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की बैठक की विशेष बैठक 15 जून को पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले महीने भी यह बैठक कुछ कारणों की वजह से नहीं हो पाई थी, जिसके लिए अर्की इकाई के सभी सदस्यों से आग्रह है कि बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर बैठक में भाग लें। उन्होंने सभी पेंशनरों से अपील करते हुए कहा कि 15 जून को सुबह ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्याओं व आगामी रणनीति बारे चर्चा में भाग लें।
आगामी विधानसभा उपचुनाव के दौरान देहरा निर्वाचन क्षेत्र के 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मतदाता और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग मतदाता अब घर से भी अपना वोट डाल सकते हैं। रिटर्निंग ऑफिसर तथा एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगामी विधानसभा उपचुनाव के दौरान बुजुर्ग और दिव्यांग वोटर्स के लिए मतदान प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी के चलते बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से वोट डालने का विकल्प दिया जा रहा है। रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि देहरा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में 85 वर्ष से अधिक आयु के 1487 बुजुर्ग मतदाता हैं। वहीं दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 554 है। उन्होंने बताया कि यह सभी मतदाता अपने घर द्वार से वोट डालने का विकल्प चुन सकते हैं। एसडीएम ने बताया कि होम वोटिंग का विकल्प चुनने के लिए पात्र मतदाताओं को फॉर्म 12-डी भरना होगा। फॉर्म 12-डी के लिए मतदाता अपने स्थानीय बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। एक बार फॉर्म 12-डी भरने और उनका नाम मतदाता सूची में मार्क होने के बाद वे केवल घर से ही मतदान कर सकेंगे। यदि कोई दिव्यांग मतदाता फॉर्म 12-डी भरने के बजाय स्वयं मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान करना चाहेंगे तो मतदान केंद्रों पर भी उनके लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। एसडीएम ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं की तरह ही 85 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्ग मतदाताओं के लिए भी यही व्यवस्था रहेगी। शिल्पी ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए निर्वाचन आयोग ने ‘सक्षम ईसीआई ऐप’ भी लांच किया है। इस ऐप के माध्यम से दिव्यांग मतदाता विभिन्न सुविधाओं की मांग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं की मदद के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड्स और अन्य संस्थाओं के वालंटियर्स भी मौजूद रहेंगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी के नवीं से बारहवीं कक्षा के टूरिज्म और आई.टी. ई. एस. व्यावसायिक विषयों के 34 विद्यार्थियों ने स्पीति घाटी का व्यवसायिक व शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण के तहत बच्चों ने सराहन भीमाकाली माता मंदिर, किन्नौर में नाको झील, काज़ा की मोनेस्टरी, चिचम ब्रिज (एशिया का उच्चस्थ सस्पेंशन ब्रिज), गियो गोम्पा, खाब संगम (स्पिति और सतलुज नदी संगम स्थल), भारत-तिब्बत सीमा सुरक्षा चौकियां ,ज्यूरी गर्म जलस्रोत आदि पर्यटन व धार्मिक स्थलों का अवलोकन किया। हिमाचल प्रदेश के भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं व्यावसायिक परिदृश्य को नजदीक से जाना व समझा तथा उनके ज्ञान में अपेक्षित वृद्धि हुई। विद्यालयीय सामूहिक भ्रमण में विद्यालय की प्रधानाचार्या इन्दु शर्मा सहित व्यावसायिक प्रशिक्षक महेन्द्र भारद्वाज टूरिज्म, नितिन शर्मा (ITES), दीनानाथ शर्मा, राम प्रताप, मनोहर ने हिस्सेदारी निभाई। प्रधानाचार्या के निर्देशन में सायरी विद्यालय हिमाचल प्रदेश का प्रथम विद्यालय बना जिसने बच्चों का ऐसे दुर्गम क्षेत्र में भ्रमण करवाने का गौरव हासिल किया। प्रधानाचार्या इंदु शर्मा ने कहा कि इस भ्रमण से बच्चों की जानकारी में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है तथा भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम जारी रहेंगे, जिससे विद्यार्थियों को कुछ नया देखने व सीखने को मिलता रहेगा।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में नेक कलस्टर की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमे क्लस्टर के पाँचों कालेजों के नेक सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में देहरा कालेज, नगरोटा सुरियाँ कालेज, डाडा सीबा कालेज, कोटला बेहड और हरिपुर कालेज के सदस्य शामिल थे। इस बैठक में डॉ आर.एस. गिल ने नए एवं पुराने ए.क्यू.ए.आर के बारे में विस्तृत चर्चा की और कैसे इस पर काम करना है इसके बारे में दिशा निर्देश दिए। इस बैठक में उन्होंने बताया यदि कोई भी गतिविधि कालेज द्वारा आयोजित की जाती है तो उसकी फीडबेक लेना आवश्यक है और उक्त फीडबैक का विश्लेष्ण कर उपयुक्त कार्यवाही अम्ल में लाना अनिवार्य है। इस बैठक में प्रो सुशिल भारद्वाज, प्रो गुलशन धीमान, प्रो विनीत, प्रो विकास, ओंकार चंद भाटिया, अमित कौशल इत्यादि समस्त कालेजों के सदस्य उपस्थित रहे।
**575 परीक्षार्थी लेंगे भाग अतिरिक्त उपायुक्त रोहित राठौर ने बताया कि 16 जून को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, 2024 जिला मुख्यालय मंडी में तीन परीक्षा केन्द्रों वल्लभ कॉलेज मंडी, आईटीआई मंडी और रावमापा बॉयज मंडी में होने जा रही है। परीक्षा दो सत्रों में होगी। पहली परीक्षा-1 सुबह 9ः30 बजे से 11ः30 बजे तक और दूसरी परीक्षा-11 2ः30 बजे से 4ः30 बजे तक होगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा में 575 परीक्षार्थी भाग लेने जा रहे है। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षार्थी निर्धारित समय पर परीक्षा स्थल पर पहुँचना सुनिश्चित करें। परीक्षा शुरू होने के ठीक 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र के गेट बंद कर दिए जाएंगे, जिसके उपरांत किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केन्द्र के अंदर आने की अनुमति नहीं होगी।
जिला मुख्यालय धर्मशाला के कोतवाली बाजार ओल्ड चड़ी रोड़ में स्थित निजी स्कूल डिवाईन पब्लिक स्कूल में बुधवार शाम को अचानक आग भड़क गई। गनीमत यह रही कि स्कूल भवन में शाम के समय आग भड़की, ऐसे में स्कूली बच्चे, शिक्षक व स्टाफ कोई भी मौजूद नहीं था। स्कूल की छत लकड़ी सहित स्लेटपोश है, इसके चलते देखते ही देखते आग ने भयानक रूप इख्तियार करते हुए स्कूल भवन व डेस्क, फर्नीचर सहित अन्य सामग्री का काफी नुकसान हुआ है। इस बीच दमकल विभाग धर्मशाला ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। इसके बाद देर शाम आठ बजे के करीब आग पर काबू पाया गया। इस दौरान स्कूल भवन को काफी अधिक नुकसान हुआ है। वहीं, अब तक आग लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया है, जिसे लेकर संबंधित विभागों की ओर जांच पड़ताल की जा रही है। उधर, अग्रिशन विभाग धर्मशाला के फायर ऑफ्सिर डीएस भाटिया ने बताया कि कोतवाली ओल्ड चड़ी रोड़ में स्कूल भवन में आग लगी थी। इस दौरान स्कूल भवन व सामग्री को काफी नुकसान हुआ है, उसका आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है, और बहुत अधिक नुकसान होने से बचा लिया गया है।
जलसंकट के दौर से गुजर रहे बड़सर विधानसभा क्षेत्र मे उप चुनावों के दौरान खुद को जनता हितैषी कहने वाले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखू और उनके कांग्रेस नेताओं की फ़ौज अब मुश्किल वक़्त मे जनता से नदारद क्यों है। यह सवाल बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने जारी प्रेस बयान के माध्यम से उठाये है। लखनपाल ने कहा कि प्रदेश मे कांग्रेस सरकार है और मुख्यमंत्री उप चुनावों मे स्वयं इस बात की जिम्मेदारी ले चुके है कि वह बड़सर मे जनता की मुश्किलों का प्राथमिकता से हल करेंगे, लेकिन पेयजल संकट से जूझ रही बड़सर की जनता को मुश्किल से निकालने मे न तो मुख्यमंत्री सामने आ रहे है और न ही बड़सर कांग्रेस के वह तमाम नेता दिखाई दे रहे है जिन्होंने अपने जिला का मुख्यमंत्री होने के नाम पर लोगों को गुमराह करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व उनके नेताओं की फ़ौज हमेशा ही झूठे वादे कर जनता को बरगलाने का प्रयास करती आ रही है और उप चुनावों मे भी उसी झूठ के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश की गई लेकिन प्रबुद्ध जनता के फैसले के आगे वह अपने षड्यंत्र मे कामयाव नहीं हो सके है। लखनपाल ने कहा कांग्रेस मे नेता तो सभी बनना चाहते है लेकिन जनसेवक कोई नहीं बनना चाहता है। उन्होंने कहा उप चुनावों के बाद से ही समुचे बड़सर विस क्षेत्र मे पानी की किलत आ चुकी है ,लेकिन जिला का मुख्यमंत्री वाली सरकार ने बड़सर की जनता को कोई राहत नहीं पंहुचाई है। लखनपाल बोले, अपने और पराए का असल पता मुश्किल वक़्त मे चलता है। मुख्यमंत्री ने सता मे आने के बाद से ही बड़सर से पराए वाला व्यवहार किया है, लेकिन बड़सर मेरा घर है और जनता मेरा परिवार अपने परिवार को मुश्किल मे देखना मेरे लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को पानी के टेंकर भेजकर समस्या को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। रोजाना दर्जनों टेंकर विभिन्न क्षेत्रों मे भेजे जा रहे है ताकि लोगों को पीने योग्य पानी मिल सके। लखनपाल ने कहा कि हर मुश्किल व खुशी के दौर मे मै अपने परिवार के साथ खड़ा रहा हुँ और आगे भी खड़ा रहूंगा। लेकिन बड़सर की जनता कांग्रेस के उन नेताओं को जरूर पूछे की मुख्यमंत्री ने जल संकट से जूझ रहे बड़सर के लिए जिला का मुख्यमंत्री होने के नाते क्या किया है।
एसआईएस कंपनी ने युवाओं के लिए सिक्योरिटी गार्ड के 150 पद अधिसूचित किए हैं। इच्छुक आवेदक अपने मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ सहित उप रोजगार कार्यालय थुनाग में 15 जून को सुबह 10:30 बजे से नियोक्ता के समक्ष साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। रोजगार की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका है। इस बारे जानकारी देते हुए मोहन सिंह, प्रभारी उप-रोजगार कार्यालय थुनाग ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के इन पदों के लिए इच्छुक आवेदक निर्धारित तिथि व स्थान पर उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। सिक्योरिटी गार्ड के इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं रखी गई है। आवेदक की न्यूनतम लम्बाई 168cm वजन 55 किलोग्राम एवं आयु 19 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित होने के उपरांत आवेदक को रोजाना 8 घंटे ड्यूटी के लिए प्रतिमाह 15 से 16 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा, जबकि 12 घण्टे के लिए प्रतिमाह 17 से 22 हज़ार रुपये वेतन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक अपने मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ सहित उप रोजगार कार्यालय थुनाग में 15 जून को सुबह 10:30 बजे से नियोक्ता के समक्ष साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक आवेदक ऑनलाइन माध्यम से https://eemis.hp.nic.in पर जाकर Candidate Login से भी आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार में भाग लेने पर किसी भी प्रकार का दैनिक और यात्रा भता नहीं दिया जाएगा।
नगर निगम सोलन की महापौर ऊषा शर्मा और पूर्व महापौर पूनम ग्रोवर को पार्षद पद से अयोग्य करार दे दिया है, जबकि पूर्व उप महापौर राजीव कौड़ा और पार्षद अभय शर्मा कार्रवाई से बच गए हैं। दोनों के खिलाफ कोई सबूत न मिलने पर उनकी सदस्यता बरकरार है। शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों पार्षदों को अब निष्कासित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दोनों के खिलाफ चल रही जांच की रिपोर्ट आने के बाद की गई है। ऐसे में अब दोनों पार्षदों को अपना पद छोड़ना होगा। इन पर आरोप था कि दोनों ने व्हिप का उल्लंघन किया था। इन्होंने कांग्रेस पार्टी के निशान पर नगर निगम सोलन में पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन बीते दिसंबर में नगर निगम के महापौर और उप महापौर के चुनाव के दौरान पार्टी की ओर से इन्हें प्रत्याशी न बनाए जाने के बावजूद ऊषा ने भाजपा पार्षदों के साथ मिलकर अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को हराकर महापौर पद हासिल किया था। पूर्व महापौर पूनम ग्रोवर ने ऊषा का नाम प्रस्तावित किया था। उसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष की शिकायत के बाद दोनों पर जांच बिठाई थी। उपायुक्त ने मामले की जांच की। रिपोर्ट आने से पहले ही आर्दश चुनाव आचार संहिता लग गई। अब आचार संहिता हटने के बाद मामले में निर्णय आया, जिसमें दोनों की सदस्यता को अयोग्य करार दिया है। 7 दिसंबर को सोलन में ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नगर निगम में महापौर व उपमहापौर के चुनाव करवाए गए थे। कांग्रेस ने महापौर पद के लिए सरकार सिंह और उप महापौर पद के लिए पार्षद संगीता का नाम प्रस्तावित किया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही पूर्व महापौर पूनम ग्रोवर ने ऊषा का नाम महापौर पद के लिए प्रस्तावित किया था। ऊषा ने महापौर पद की सीट पर कब्जा कर लिया। हालांकि उप महापौर भाजपा की मीरा आनंद बनी थीं।
देहरा, 12 जून। भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा देहरा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की घोषण के बाद प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। रिटर्निंग ऑफिर देहरा निर्वाचन क्षेत्र शिल्पी बेक्टा ने बताया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान वोटर्स को प्रभावित करने के लिए धनराशि, शराब या अन्य किसी प्रकार की वस्तु का वितरण को रिश्वत माना जाता है और भारतीय दंड संहिता के अनुसार यह दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि इस दौरान नकद, शराब और अन्य चीजों के वितरण पर नजर रखने के लिए उड़न दस्तों का गठन किया गया है। उन्होंने समस्त नागरिकों से अनुरोध किया कि वे निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की रिश्वत लेने व देने से बचें। बकौल शिल्पी बेक्टा, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, इसमें समाज का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है। बिना प्रमाण का कैश होगा जब्त शिल्पी ने बताया कि आचार संहिता के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी ले जाने के लिए उसका वैध प्रमाण अवश्य साथ रखें। इस दौरान नकदी का स्रोत, पैन कार्ड, व्यवसाय का पंजीकरण प्रमाण पत्र, बैंक स्टेटमेंट, कैश बुक, आदि साथ रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बिना वैध प्रमाण के 50 हजार से अधिक कैश और अन्य आपत्तिजनक सामान को गाड़ी में रखना और साथ ले जाने पर जब्त कर लेने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के जब्त कैश या अन्य सामान का सही प्रमाण उसके पास है, तो वे उसे छुड़वाने के लिए 9418454054 पर संपर्क कर सकता है।
हिमाचल प्रदेश साईंस मास्टर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग ने काफी समय से मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य की पदोन्नति सूची जारी नहीं की है। शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष (2023) जुलाई माह में मुख्याध्यापकों की एक पदोन्नति सूची निकाली गई थी उसके बाद मुख्याध्यापक पदोन्नति दिसम्बर माह में सम्भावित थी और विद्यालयों से पात्र अध्यापकों क नाम भी मंगवा लिए थे परन्तु बाद में बिना किसी कारण के विभाग ने नाम भिजवाने की तिथि 20/01/2024 कर दी थी। तत्पश्चात 20/01/2024 से लेकर आजतक सूची निकालने के लिए कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई जोकि 26000 प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों के साथ नायनसाफ़ी है। प्रदेश में लगभग मुख्याध्यापकों के 350 पद फिर से रिक्त हो गये हैं। पदोन्नति के लिए प्रशिक्षित स्नातकों व पदोन्नत प्राध्यापकों से नाम विद्यालयों से मंगवाए जाते हैं। संघ की हमेशा से यह मांग भी रही है कि किसी भी वर्ग में जैसे ही पद रिक्त होता है उसे तुरन्त भरा जाना चाहिए या पदोन्नति सूचियां साल में दो बार निकलनी ही चाहिए। यह बात हिमाचल प्रदेश साइंस मास्टर एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान चंद्र केश धीमान, प्रदेश महासचिव भीम सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान यशपाल, प्रदेश वित्त सचिव संजीव कुमार सलाहकार हरीश गुप्ता, ओम प्रकाश धीमान,अमित गुप्ता निशिकांत ने संयुक्त बयान में कही। उन्होंने कहा कि मुखियों के बिना स्कूल प्रशासन से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा मुख्याध्यापक बनने में देरी टीजीटी अध्यापकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से भी वंचित रह जाते है। हिमाचल प्रदेश साइंस मास्टर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री माननीय सुखीविंदर सिंह सुक्खू जी व शिक्षा मंत्री माननीय रोहित ठाकुर जी से मांग करता है कि मामले में स्वयं हस्तक्षेप कर मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूचि 15 जुलाई से पहले पहले निकाल दी जाए क्योंकि हर माह अनेक अध्यापक 20-25 वर्ष सेवा कर बिना पदोन्नति के विना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं और जिन्हें इतने वर्ष के सेवा काल के उपरांत एक भी पदोन्नति नहीं मिल पाती है और संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संघ को आशा है कि इस माह में होने वाली कैबिनेट बैठक में माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी मुख्याध्यापको और प्रधानाचार्य की पदोन्नति सूची जारी करने के लिए इस बैठक में लिया जाएगा 2. प्रशिक्षित शिक्षकों से प्रवक्ता स्कूल न्यू की सूची जारी जल्द जारी की जाना 3. शिक्षा निदेशक कार्यालय से अनुबंध आधार 2009 से नियुक्त अध्यापकों को नियुक्ति की तिथि से वित्तय लाभ प्रदान करवाने बारे 4. मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति के लिए कोटे को 50% से बढ़ा कर 75% किया जाए क्योंकि इसके फीडिंग कैडर 36000 से अधिक का है जिसमे प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक पदोन्नत होकर मुख्याध्यापक बनते है 5. प्रदेश में पुनः नियुक्ति की प्रथा को पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाए क्योंकि यह बेरोजगारों के साथ-साथ पदोन्नति की लम्बे समय से राह देख रहे कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा कुठाराघात है।
माँ शूलिनी मेला-2024 में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों के ऑडिशन आज नगर निगम सोलन के सभागार में आरम्भ हो गए है। यह जानकारी मेला अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव ने दी। आज प्रथम दिन 40 से अधिक कलाकारों ने स्वर परीक्षण में भाग लिया। ज़िला भाषा अधिकारी की देख-रेख में आयोजित ऑडिशन के लिए संगीत क्षेत्र से जुड़ी शख्सियतों को निर्णायक मण्डल में शामिल किया गया है। ऑडिशन 12 जून से 14 जून, 2024 तक आयोजित किए जा रहे हैं।
आज दिनांक 12/06/2024 को राजकीय महाविद्यालय खुंडिया में शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमरजीत लाल की अध्यक्षता में हुई जिसमें शिक्षक-अभिभावक संघ प्रधान व स्थानीय पंचायत के प्रधान श्री प्रताप सिंह व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक का मुख्य आयोजन राजकीय महाविद्यालय, खुण्डियां में सत्र 2024- 25 की प्रवेश प्रक्रिया में बच्चों का अधिक से अधिक संख्या में प्रवेश हेतु था। महाविद्यालय के प्राचार्य ने सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार रखें। इस दौरान उपस्थित सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने स्थानीय संपर्क के द्वारा अधिक से अधिक अभिभावकों के साथ संपर्क बनाएं तथा उन्हें महाविद्यालय में अपने बच्चों के प्रवेश के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में तीनों संकाय बी. ए, बीकॉम तथा बी एससी की समस्त फैकेल्टी शैक्षणिक फैकल्टी मौजूद है तथा महाविद्यालय में विद्यार्थियों को जो भी मूलभूत सुविधाएं चाहिए वो मौजूद हैं। विद्यार्थियों के लिए बस पास की सुविधा महाविद्यालय परिसर तक दी जाएगी। विद्यार्थी अपने पढ़ाई सत्र के उपरांत आगामी क्या जॉब ऑप्शन होंगे इसके लिए प्लेसमेंट-सैल मौजूद है जो कि सरकार के द्वारा दिशा-निर्देशित है। उन्होंने मौजूद सदस्यों से आग्रह किया कि वे इस शैक्षणिक सत्र 2024- 25 के लिए अपना अधिक से अधिक जन सहयोग करें ताकि इस महाविद्यालय को आगामी सत्र के लिए सुचारू रूप से चलाया जा सके। बैठक के दौरान महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक आचार्य उपस्थित रहे।
ऊना, 12 जून। अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने आपदा के बेहतर प्रबंधन के लिए अंतर एजेंसी तालमेल को चुस्त बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान विभागों में आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव कार्य प्रभावी तरीके से किए जा सकते हैं। वे बुधवार को एनआईसी वीडियो कांफ्रेंस सभागार में 14 जून की मेगा मॉक ड्रिल से पहले टेबल टॉप अभ्यास के लिए बुलाए आपदा प्रबंधन से संबंधित अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बता दें, मेगा मॉक ड्रिल के आयोजन को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बुधवार को वीडियो कॉंफ्रेंस के माध्यम से टेबल टॉप अभ्यास के लिए कार्यशाला लगाई। इसमें शिमला में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने भी शिरकत की। वहीं उपायुक्त कार्यालय ऊना के एनआईसी कक्ष में अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर के साथ विभिन्न हितधारक विभागों के अधिकारियों ने टेबल टॉप अभ्यास में भाग लिया। आपदा प्रबंधन के हर पहलू पर हुई चर्चा बैठक में 14 जून को बारिश-बाढ़-भूस्खलन संबंधी मेगा मॉक ड्रिल को लेकर आपदा प्रबंधन से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई। आपदा की अलग-अलग स्थितियों में प्रबंधन के लिए क्या योजना है, त्वरित प्रतिक्रिया के तौर पर क्या क्या कदम उठाए जाने चाहिए, अलग अलग विभाग क्या दायित्व निभाएंगे और क्या कमियां और खामियां हैं, इन सब विषयों पर विचार विमर्श किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों से मेगा मॉक ड्रिल को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। तैयारियों व क्षमताओं का होगा गहन आकलन महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि 14 जून को पूरे प्रदेश में मेगा मॉक ड्रिल होगी, इसी क्रम में ऊना जिले में भी इसका आयोजन किया जाएगा। इस दिन जिले में निर्धारित स्थलों तथा संस्थानों में बारिश-बाढ़-भूस्खलन से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर मॉक अभ्यास किया जाएगा। इसमें जिला में आपदा प्रबंधन की तैयारियों व क्षमताओं का गहन आकलन एवं विश्लेषण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे जिला आपदा प्रबंधन योजना को और पुख्ता बनाने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि मेगा मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा में प्रतिक्रिया योजना की प्रभावकारिता को परखना है, ताकि कमियों का पता लगा कर उन्हें समय से सुधारा जा सके। साथ ही इसका एक उद्देश्य सभी हितधारक विभागों व अधिकारियों को आपदा प्रबंधन को लेकर अद्यतन मानक संचालन प्रक्रियाओं और दिशा निर्देशों से परिचित कराना है। 14 जून को यहां होंगे राहत-बचाव कार्य अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि 14 जून शुक्रवार को राज्य मुख्यालय से बाढ़-भूस्खलन की काल्पनिक सूचना मिलने पर जिले के प्रत्येक उपमंडल में बारिश-बाढ़ व भूस्खलन से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर मॉक अभ्यास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दिन उपमंडल गगरेट के टटेहड़ा गांव (स्वां नदी के समीप), बंगाणा उपमंडल के नलूट गांव (लठियाणी-बडसर रोड़), हरोली उपमंडल के तहत राजकीय प्राइमरी एंड मिडल स्कूल जननी, पोलियां बीत, अम्ब उपमंडल के पिंडी दास आश्रम और नेत्र चिकित्सालय अम्ब और ऊना के इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, टर्मिनल के पेखूबेला को घटना स्थल मानकर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसमें सेना, अर्धसैनिक बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के अलावा जिला एवं उपमंडलों के आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी हिस्सा लेंगे। बैठक में एएसपी सुरेंद्र शर्मा, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, एसडीएम हरोली राजीव ठाकुर, डीएफओ सुशील राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे|
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आज यहां उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आगामी मॉनसून सीजन के मद्देनजर आपदा के संदर्भ में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने आई.टी.बी.पी, सेना, पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभागों के अधिकारियों को मॉनसून सीजन में सतर्क रहने के निर्देश दिए तथा सभी विभागों को आपदा प्लान तैयार करने को कहा ताकि आपदा के दौरान विशेषकर जनजातीय जिला किन्नौर में बादल फटना एवं भू-स्खंलन के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों में अतिव्यापी की समस्या उत्पन्न न हो और सभी विभागों में आपसी समन्वय स्थापित हो सके। उपायुक्त ने ग्रैफ, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण व लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में मशीनरी एवं मजदूर तैनात करें ताकि भू-स्खंलन की स्थिति में तत्काल प्रभाव से राहत कार्यों को पूर्ण किया जा सके और बहुमूल्य जानों को बचाया जा सके। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित किया गया और आपदा राहत कार्यों पर सुझाव आमंत्रित किए गए और बताया कि आपदा प्रबंधन के तहत 14 जून, 2024 को मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
भीषण गर्मियों में पीने के पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए प्रागपुर व इसके साथ लगते गांव को एक दिन छोडकर पीने के पानी की सप्लाई दी जा रही है। परन्तु विभाग को शिकायते मिल रही है कुछ उपभोक्ता टुल्लू पम्प का प्रयोग कर रहे है। सभी उपभोक्ताओं से आईपीएच विभाग ने आग्रह किया है कि यदि किसी भी उपभोक्ता को पीने के पानी की पाइप में सीधा टुल्लू पम्प लगाते हुये पाया गया तो उसका टुल्लू पम्प जल शक्ति विभाग द्वारा जब्त कर लिया जाएगा तथा उसका कनैक्शन भी काट दिया जाएगा ।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिहं सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में छह नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधायक राकेश कालिया, विवेक शर्मा, कैप्टन (सेवानिवृत्त) रंजीत राणा, अनुराधा राणा, सुधीर शर्मा और इंद्रदत्त लखनपाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण करने के उपरांत अब सदन में कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य और विधायकगण भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि भाजपा का प्रदेश में सरकार बनाने का दावा विफल हो गया है क्योंकि प्रदेश के लोगों ने उपचुनावों में कांग्रेस के चार विधायकों को चुना है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के बाद सदन मंे विधायकों की संख्या 38 होने के साथ ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार और मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को जारी रखेगी और इस दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि उपचुनावों में चार विधायकों को हराकर राज्य के लोगों ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को नकारा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने जा रहे उपचुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसके लिए शीघ्र ही उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे।
स्विमिंग एसोसिएश हमीरपुर द्वारा स्थानीय ऑलमाइटी शिक्षण संस्थान स्थित बेहतर सुविधाजनक स्विमिंग पूल में द्वितीय जिला स्तरीय स्विमिंग चैंपियनशिप का आयोजन करवाने जा रहा है। यह जिला स्तरीय प्रतियोगिता 23 जून को आयोजित होगी। जानकारी देते हुए एसोसिएशन की जिला उपाध्यक्ष पूजा मिन्हास ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी 21 जून तक आवेदन कर सकते हैं। प्रतियोगिता में मास्टर युवा वर्ग में 6 से 9 वर्ष सब जूनियर वर्ग में ,10 से 13 वर्ष से जूनियर वर्ग में ,14 से 18 सीनियर वर्ग में और 19 वर्ष से अधिक वर्ष के लिए आयु के खिलाड़ी भी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। सभी वर्गों के लिए 50 मीटर फ्री स्टाइल,100 मीटर फ्री स्टाइल, 50 मीटर बैक स्ट्रोक,100 मीटर फ्री, बैक स्ट्रोक, 50 मीटर बटरफ्लाई स्ट्रोक, 100 मी बटरफ्लाई स्ट्रोक एवं 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक, 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक इत्यादि ,फ्री स्टाइल प्रतियोगिताएं करवाई जाएँगी। स्विमिंग एसोसिएशन ऑफ जिला हमीरपुर के जिला अध्यक्ष रविंद्र चौधरी एवं जिला उपाध्यक्ष से पूजा मिन्हास एवं जिला महासचिव नीलम शर्मा ने बताया कि हमीरपुर में पहली बार हिमाचल प्रदेश स्विमिंग एसोसिएशन के तत्वधान में जिला स्विमिंग एसोसिएशन हमीरपुर के बैनर तले स्विमिंग प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जा रहा है। चैंपियनशिप में बतौर ऑब्जर्वर हिमाचल प्रदेश स्विमिंग एसोसिएशन के राज्य महासचिव इशान अख्तर विशेष रूप से शिरकत करेंगे। चैंपियनशिप के आयोजन सचिव पूजा मिन्हास ने इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों से अधिक से अधिक भाग लेने की अपील की है। पंजीकरण एवं अधिक जानकारी के लिए खिलाड़ी 94180 96496 एवं 9015076150 पर संपर्क कर सकते हैं।
पालमपुर के लोहना चौक में अब बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होंगी। एमडी (पीजीआई) बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरविंद शर्मा द्वारा यहां अरविंद चाइल्ड केयर सेंटर खोला गया है। डा. अरविंद शर्मा ने 33 वर्ष तक सरकारी क्षेत्र में विभिन्न चिकित्सालयों में अपनी सेवाएं दी हैं। सरकारी अस्पताल से सेवानिवृति के बाद उन्हाेंने अरविंद चाइल्ड केयर सेंटर आरंभ किया है। डा. अरविंद शर्मा ने बताया कि शुरुआत में यहां पर अभी बच्चों की ओपीडी आरंभ की गई है। इसके बाद इंडोर सुविधा के साथ फोटोथैरेपी (नवजात बच्चों के लिए पीलिया) एवं लैब की सुविधा भी आरंभ की जाएगी। उन्होने बताया कि चाइल्ड केयर सेंटर में रविवार को छोड़कर ओपीडी सुबह 9.30 से दोपहर 1.30 व सांय 3.30 से 6.30 बजे तक रहेगी जबकि रविवार को सुबह 10.30 से 1.30 तक ओपीडी होगी।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मिल की गुणवत्ता पर हमेशा से सवाल उठते है लेकिन अब बच्चों के अभिभावक भी स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच कर सकेगें| जी हां अब हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन उनके माता-पिता प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी से आठवीं कक्षा तक बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब भोजन बच्चों को उनके माता-पिता या एसएमसी सदस्य से चखाने के बाद परोसा जाएगा। प्रदेश भर में प्री नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के 5.34 लाख बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जा रहा है। पहले जैसा भी खाना बनाया जाता था, उसे सीधे बच्चों को बांट दिया जाता था। इसकी वजह से बच्चों को कई बार खराब खाना मिल जाता था। लेकिन अब इस नए निर्देश के बाद अभिभावक या फिर एमडीएम प्रभारी को पहले खाने की टेस्टिंग करनी होगी।हर दिन किसी न किसी बच्चे के अभिभावकों को स्कूल आकर खाना टेस्ट करना होगा। खाने का स्वाद, गुणवत्ता को लेकर भी उन्हें बताना होगा। इसके लिए उनके हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे
उत्तर भारत की सबसे कठितम धार्मिक यात्रा श्रीखंड महादेव यात्रा है जो जुलाई महीने में शुरू होने वाली है। अभी यात्रा की आधिकारिक तिथियों की घोषणा नहीं हुई है| निरमंड प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि आधिकारिक तिथियों की घोषणा से पहले कोई भी व्यक्ति अथवा यात्री अनाधिकृत तरीके से यात्रा न करें। अगर कोई अनाधिकृत तरीके से उपरोक्त यात्रा में जाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी उपरोक्त यात्रा मार्ग में काफी बर्फ है और रास्ते भी खराब हैं, जिसकी मरम्मत प्रशासन द्वारा अभी की जानी है। प्रशासन ने स्थानीय टैंट मालिकों तथा पर्यटक गाइड से भी अनुरोध किया है कि वे अनाधिकृत तरीके से श्रद्धालुओं को यात्रा में जाने के लिए प्रोत्साहित न करें। एसडीएम मनमोहन सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जुलाई माह में जब भी प्रशासन द्वारा यात्रा का संचालन किया जाएगा। केवल उसी समय श्रीखंड महादेव यात्रा करें।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत सियालकड स्कूल में प्रधानाचार्य विनोद कौंडल ने आज विद्यालय प्रभारी का पदभार संभाला। जिला ऊना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बढेड़ा से स्थानान्तरण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सियालकड़ में हुआ है। मार्च महीने के बाद विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद रिक्त चल रहा था जो आज महोदय के पदभार संभालने से भर गया है । विद्यालय परिवार महोदय का हार्दिक स्वागत करता है तथा नई ऊर्जा नए जोश के साथ कार्य करने हेतु प्रतिबद्धता प्रकट करता है।
**विधायक दल की बैठक में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष, विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी वक्तव्य में कहा कि अब प्रदेश से आचार संहिता हटी गई है। इसलिए सरकार द्वारा करवाए जाने वाले किसी भी प्रकार के विकास कार्य करने पर किसी भी तरह की रोक भी नहीं है। अतः अब सरकार डेढ़ साल से बंद पड़े विकास कार्यों की शुरुआत करे। जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से विकास के सारे काम रूके हुए हैं। अस्पताल से लेकर स्कूल के चलते हुए काम बंद हैं। सड़कों से लेकर पुलों के काम रूके हुए हैं। आपदा के बाद से सड़कों पर पड़ा मलबा नहीं उठाया जा सका है। जिससे लोगों की बहुत असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करे। अपनी चुनावी गारंटियों को पूरा करे। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश भर में जल संकट गहरा रहा है। समाचारों में हर दिन पानी की आपूर्ति बाधित होने की खबरें आ रही हैं। जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को जलापूर्ति नियमित रूप से होती रहे इसके लिए सरकार गंभीरता से काम करते हुए प्रभावी कदम उठाए। जिससे प्रदेश में जलापूर्ति बाधित न होने पाए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शिमला में भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। बैठक शाम सात बजे प्रारंभ हुई। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल भी उनके साथ रहे। बैठक में हाल में संपन्न हुए लोकसभा आम चुनाव और विधानसभा उपचुनाव पर चर्चा हुई। इसके साथ बुधवार को होने नव निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण और आगामी विधानसभा उपचुनाव पर भी चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से बात कर स्वास्थ्य तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में कार्यभार सम्भालने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उनका वर्तमान कार्यकाल पिछले कार्यकाल की तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करेगा।
धर्मशाला: सहायत अभियंता विद्युत उपमंडल सिद्धपुर कर्मचंद भारती ने बताया कि 13 जून को सुबह 9 बजे से शाम कार्य समाप्ति तक 11 केवी टंग फीडर और 11 केवी बरवाला फीडर के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्रों टिकरी, सालिग, बगिआरा, कंड कडियाना, जुहल, दिक्तु, नरवाणा, नरवाणा कस्बा, बलेहर, तंगरोटी, उथड़ा ग्रां, दराड़े का बल्ला, रसेहर, फतेहपुर, बागणी, तपोवन, झिओर, बरवाला, सिद्धबाड़ी, आधुनिक स्कूल, छैंटी आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूर्ण रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने नालागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उप-चुनावों के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की अनुपालना में चुनावी व्यय निगरानी समिति व अन्य दलों के गठन के संबंध में आदेश जारी किए हैं। यह समितियां एवं निगरानी दल उम्मीदवारों द्वारा किए जाने वाले व्यय की दैनिक आधार पर निगरानी करेंगे। आदेशों के अनुसार नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए दो वीडियो सर्विलांस टीम, एक वीडियो व्यूइंग टीम, तीन उड़न दस्ते, तीन स्थैतिक निगरानी दल व एक लेखा टीम गठित की गई है। इसके अतिरिक्त एक ज़िला स्तरीय व्यय निगरानी समिति भी गठित की गई है जिसमें व्यय पर्यवेक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अतिरिक्त उपायुक्त को सदस्य बनाया गया है। उप-चुनाव की प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करने के दृष्टिगत लाइसेंसधारकों के हथियार जमा करवाने के लिए जिला दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई है। पुलिस अधीक्षक सोलन एवं बद्दी पुलिस जिला इसके सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त उप-चुनावों के दृष्टिगत चुनावी प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव को मानव संसाधन, ईवीएम प्रबंधन और व्यय निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बद्दी अशोक वर्मा को कानून-व्यवस्था, जिला सुरक्षा प्लान से संबंधित नोडल अधिकारी बनाया गया है। स्वीप एवं मतदाता साक्षरता क्लबों के लिए नोडल अधिकारी अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम सोलन डॉ. प्रियंका वर्मा, सामग्री प्रबंधन के लिए रजनीश कुमार, आदर्श आचार संहिता की अनुपालना, हेल्पलाइन व शिकायत निवारण, सी-विजिल, सुविधा व एनकोर इत्यादि एप तथा लॉजिस्टिक्स व मतदान दलों के कल्याण के लिए सहायक आयुक्त विवेक शर्मा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। पर्यवेक्षक के लिए नोडल अधिकारी जिला पर्यटन अधिकारी पदमा छोदोन, परिवहन प्रबंधन के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बद्दी, स्वास्थ्य के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, मतपत्रों, डाक मतपत्रों व ईडीसी इत्यादि के लिए जिला राजस्व अधिकारी नीरजा शर्मा, प्रशिक्षण प्रबंधन के लिए एसडीएम कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य तथा मीडिया संचार के लिए जिला लोक सम्पर्क अधिकारी हेमन्त कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं।
**जाइका के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा ने ग्रामीणों को दिए बहतर खेती के टिप्स **हिमालयन रिसर्च ग्रुप के निदेशक डा. लाल ने बिजाई कर दिया डेमोस्ट्रेशन कुल्लू: वाइल्ड लाइफ डिविजन कुल्लू के कोट में जाइका वानिकी परियोजना ने औषधीय पौधे चिरायता की खेती का सफल डेमोस्ट्रेशन का आयोजन किया। परियोजना के विशेषज्ञों ने मंगलवार को बीएमसी सब कमेटी लोट के तहत कोट में ग्रामीणों को चिरायता की खेती के बारे महत्वपूर्ण जिानकारी दी। जाइका वानिकी परियोजना के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा और हिमालयन रिसर्च ग्रुप के निदेशक डा. लाल सिंह ने बीएमसी सब कमेटी को चिरायता की खेती के लिए बिजाई से लेकर रखरखाव और हार्वेस्टिंग के तरीकों से अवगत करवाया और बिजाई का डेमोस्ट्रेशन दिया। डा. एसके काप्टा ने चिरायता के संरक्षण, बीमारियों से बचाव से लेकर सभी प्रकार की बेहतरीन जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस खेती को प्रोसेस होने में 18 महीने लग जाते हैं। इस तरह के औषधीय पौधों की खेती कर ग्रामीणों को आत्मनिर्भता से आजीविका सुधार करने का मौका मिलेगा। डा. काप्टा ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना इस क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही है और डीएफओ वाइल्ड लाइफ कुल्लू की टीम के कार्य भी काफी सराहनीय हैं। उन्होंने बीएमसी सब कमेटी लोट के ग्रामीणों को चिरायता की खेती की ओर अग्रसर होने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर डीएफओ वाइल्ड लाइफ कुल्लू राजेश शर्मा, एसीएफ कुल्लू राजेश ठाकुर, एसएमएस वाइल्ड लाइफ कुल्लू प्रिया ठाकुर, रेंज ऑफिसर वाइल्ड लाइफ कुल्लू रेंज रमेश कुमार और बीएमसी सब कमेटी लोट के प्रधान दीपी सिंह मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विलुप्त होते औषधीय पौधे चिरायता की खेती कर जाइका वानिकी परियोजना को बीते वर्ष पहली कामयाबी मिली थी। बता दें कि जिला मंडी के नाचन वन मंडल के तहत छैन मैगल, बुखरास और रोहाल गांव से संबंध रखने वाली महिलाओं के एक समूह ने औषधीय प्रजातियों की पहली खेप उतार दी थी। ऐसे में अब आने वाले समय में कुल्लू समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी चिरायता की सफल खेती होगी, जिससे लोगों की आर्थिकी में भी सुधार आ सकता है।
**मां शूलिनी मेला कमेटी की बैठक में सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के दिए निर्देश मां शूलिनी मेला कमेटी की बैठक आज यहां उपायुक्त एवं अध्यक्ष मेला आयोजन समिति मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 21 जून से 23 जून, 2024 तक आयोजित किए जा रहे इस मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई। नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में उप-चुनाव के दृष्टिगत सोलन जिला में आदर्श आचार संहिता लागू होने व इसके तहत जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन के लोगों सहित प्रदेशवासियों की आस्था मां शूलिनी से गहरे से जुड़ी हुई है और उनके नाम पर हर वर्ष आयोजित किए जाने वाले इस मेले को भव्य एवं पारम्परिक ढंग से मनाने के लिए मेला आयोजन समिति से जुड़े सभी सदस्य अपनी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि मेले को सफलतापूर्वक आयोजित करने में सभी का सहयोग आवश्यक है और आयोजन समिति के सभी सदस्य अपनी भूमिका एवं कर्त्तव्यों का बखूबी निर्वहन करें। उपायुक्त ने कहा कि मेले के प्रथम दिवस प्रातःकाल में शूलिनी माता मंदिर और तत्पश्चात ठोडो ग्राऊंड सोलन मेला मंच में मां शूलिनी की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होंने नगर निगम सोलन को ग्राऊंड की दशा सुधारने तथा साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए। मां शूलिनी की शोभा यात्रा व झांकियों का आयोजन 21 जून को दोपहर लगभग 1.50 बजे मंदिर से प्रस्थान किया जाएगा तथा दोपहर लगभग 2.35 बजे डोली का पार्किंग स्थल पर आगमन होगा। यहां मुख्य अतिथि द्वारा डोली की अगवानी की जाएगी और शोभा यात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने मां शूलिनी के दर्शनों के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन एवं बेहतर ढंग से दर्शनों की सुविधा के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक प्रबंध करने को कहा। उन्होंने एक स्थल पर झांकियों के न्यूनतम ठहराव और इन्हें गतिमान बनाए रखने व इनके सुचारू संचालन के लिए समुचित प्रबंध करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि मेले में भंडारों के आयोजन के दौरान साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल का उपयोग व अन्य व्यवस्थाएं बनाए रखने तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा नियमित रूप से इनका निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। भंडारों के दौरान प्लास्टिक कटलरी व थर्मोकोल इत्यादि का उपयोग निषेध रहेगा। उन्होंने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने पर बल देते हुए कहा कि संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा स्थापित किए जाएं और ठोडो ग्राऊंड में ड्रोन कैमरा से सुरक्षा निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मेला अधिकारी सहित मेले के सफल आयोजन के लिए गठित विभिन्न समितियां अपनी बैठकें इत्यादि कर समय पर सभी प्रबंध पूर्ण कर लें। बैठक में प्रदर्शनी, खेलकूद, चित्रकला प्रतियोगिता, बेबी शो, फ्लावर शो, पेट शो व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों में वृद्धि, प्रकाशन एवं प्रचार समिति के माध्यम से स्मारिका के प्रकाशन, स्टेज व ग्राऊंड पर बैठने की व्यवस्था, स्टॉल, आवास, परिवहन, क्राफ्ट मेला व स्वागत समिति के दायित्वों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने मेला ग्राऊंड में साफ-सफाई रखने, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, शौचालय सुविधा, प्राथमिक चिकित्सा सहायता का समुचित प्रबंध करने तथा एक एम्बुलेंस, डॉक्टर व पैरा चिकित्सा कर्मी की तैनाती करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग को मेले के दौरान शहर के लिए यातायात व्यवस्था से संबंधित योजना समय पर तैयार करने तथा परिवहन विभाग को स्थानीय स्तर पर शटल बस सुविधा की संभावनाएं तलाशने को भी कहा। उन्होंने अग्निशमन विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर टेंडर सहित सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। नगर निगम को तहबाजारी के लिए केवल खुले स्थानों पर ही अनुमति प्रदान करने तथा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी उपाय करने को कहा। मेला अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव ने बैठक की कार्रवाई का संचालन किया। बैठक में सरकारी सदस्यों के अतिरिक्त कारदारों की ओर से भी बहुमूल्य सुझाव दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता काप्टा, सहायक आयुक्त विवेक शर्मा, सोलन, कंडाघाट, कसौली से उपमण्डलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी व मेला आयोजन से जुड़े अन्य सदस्य उपस्थित थे।
विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत पट्टाबरावरी में निर्माणाधीन भव्य बांके बिहारी मंदिर में बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवाधाम के प्रमुख संस्थापक व आचार्य हरीजी महाराज के कर कमलों द्वारा विधिवत मंत्रोचारण के साथ मंदिर की तीसरी मंजिल पर 25 फुट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गई। सेवाधाम के मीडिया प्रभारी डी डी कश्यप ने बताया कि निर्माणाधीन मंदिर के तीसरी मंजिल पर भव्य बांके बिहारी मंदिर के एक और भगवान शिव व एक और मां भगवती का मंदिर होगा। उसके बिल्कुल सामने आज हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना की गई। और जल्द ही अन्य मूर्तियों की स्थापना भी मंदिर में हो जाएगी व भव्य समारोह के साथ ही दर्शनों के लिए मंदिर लोगो के लिए खुल जाएगा। इस अवसर पर मनाली स्वीट्स के ओनर सुरेंद्र सेन, हनुमान जी के मूर्तिकार राम सेवक गुप्ता, आचार्य देवीचंद, आचार्य सुनील शर्मा ,पंडित पंकज शर्मा, मंदिर निर्माण के प्रमुख नामोल निवासी ठेकेदार सोहन लाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
देशभर के सैलानियों का इंतजार खत्म हो गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बहुचर्चित बस सेवा का आगाज हो गया है। 1,026 किलोमीटर लंबे लेह-दिल्ली रूट पर एचआरटीसी की बस आज सुबह लेह के लिए रवाना हुई। एसडीएम केलांग रजनीश शर्मा ने केलांग बस अड्डा से बस को लेह के लिए रवाना किया। उन्होंने बस में सफर करने वाले 23 यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर लेह की ओर रवाना करते हुए शुभकामनाएं दीं। इस बस से यात्री बर्फ से ढके चार दर्रों को पार कर अपने सफर को यादगार बना सकेंगे। लेह-दिल्ली बस का सफर यात्री 1,740 रुपये में पूरा होगा। 30 घंटे के रूट में यात्री दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से होते हुए हिमाचल और लेह-लद्दाख की वादियों का आनंद उठा सकेंगे। पहाड़ी और बर्फीली वादियों से होकर गुजरने वाली सड़क पर सैलानी और आम लोग खूब लुत्फ उठा सकेंगे। हिमाचल पथ परिवहन निगम के केलांग डिपो की बस करीब 9 महीने बाद शुरू हुई है। इस साल से रूट में बदलाव किया है। अब दिल्ली से आने वाली यह बस रात में जिला मुख्यालय केलांग में नहीं रुकेगी। मात्र सुबह के समय 30 मिनट के लिए बस अड्डा में खड़ी होगी। एचआरटीसी केलांग डिपो का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे उमेश शर्मा ने कहा कि बस सुबह 5:00 बजे केलांग से सरचू होते हुए लेह रवाना होगी। यात्री 16,500 फीट ऊंचे बारालाचा, 15,547 फीट नकिल्ला, 17,480 फीट तंगलांगला और 16,616 फीट ऊंचे लाचुंग दर्रे के नजारों से भी रुबरू होंगे। नई समयसारिणी के अनुसार बस दिल्ली से दोपहर 12:15 बजे चलेगी। चंडीगढ़ से शाम को 6:10 बजे रवाना होगी और सुबह 5:00 बजे तक केलांग बस अड्डा पहुंचेगी और 5:30 पर लेह के लिए चलेगी।
हिमाचल प्रदेश के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में एमबीबीएस के चार सीनियर प्रशिक्षुओं पर रैगिंग के आरोप लगे हैं। कालेज प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कमेटी के माध्यम से करवाई। जांच कमेटी ने जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग होने की पुष्टि की है। जांच कमेटी की सिफारिश पर कॉलेज प्रशासन ने आरोपी चारों सीनियर छात्रों को नियमानुसार एक साल और छह माह के लिए कॉलेज से निष्कासित दिया है। साथ ही एक लाख व 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। कालेज प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने चारों छात्रों पर कार्रवाई रिपोर्ट पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि रैगिंग किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं होगी।
सुनील कुमार को हमीरपुर ब्लाक कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सुनील कुमार इससे पहले भी ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं तथा युवा चेहरा होने के साथ संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है। सुनील कुमार ने अपनी नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू , प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, के.सी.सी. बैंक के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया और जिला के सभी वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जो जिम्मेवारी उन्हें सौंपी गई है, उसे वह पूरी ईमानदारी के साथ बखूबी निभाने का प्रयास करेंगे तथा सभी को साथ लेकर हमीरपुर के संगठन को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी संगठन एकजुट होकर कार्य करेगा।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित प्रारंभिक उप शिक्षा निदेशक कार्यालय पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्लयूडी) ने ताला जड़ दिया है। पुलिस की मौजूदगी में सीपीडब्लयूडी कार्यालय में ताला जड़ा गया। जिला अदालत में शिक्षा विभाग की याचिका खारिज होने के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। इसको लेकर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कर्मचारी कार्यालय के बाहर दिनभर बैठे रहे। लोकसभा चुनावों को लेकर लगी आचार संहिता हटने के बाद कार्यालय में काम का बोझ काफी ज्यादा है। शिक्षक व गैर शिक्षकों के नियमितिकरण, पद्दोन्नति से लेकर जेबीटी की बैच वाइज नियुक्तियों की प्रक्रिया उप निदेशक कार्यालय से की जानी है और कार्यालय को सील करने के चलते यह सारे काम ठप पड़ गए। कार्यालय सील होने के बाद इसके भीतर कर्मचारियों से जुड़ा सारा रिकार्ड, कंप्यूटर, व विभाग का अन्य सामान मौजूद है। यह भवन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग का है और इसमें ऊपरी मंजिल पर केंद्रिय श्रम एवं रोजगार विभाग का कार्यालय है, जबकि एक फ्लोर में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक कार्यालय है। वर्ष 1970 से पहले से यह ऑफिस यहां चल रहा है।
नीट 2024 के रिजल्ट में धांधली को लेकर छात्र काफी नाराज चल रहे हैं। अब नीट के प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिस पर आज सुनवाई हो रही है। नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बीच अभ्यर्थियों के एक समूह ने नए सिरे से एनईईटी-यूजी 2024 परीक्षा कराने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि नीट यूजी 2024 रिजल्ट को वापस लिया जाए और फिर से परीक्षा कराई जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट से छात्रों को झटका लगा है। अदालत ने परीक्षा रद्द करने और काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं, परीक्षा की मांग करने वाली याचिकाओं पर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई है, इसलिए एनटीए को जवाब देने की जरूरत है। रिजल्ट आने के बाद से ही कई दिनों से छात्र देश के कोनों-कोनों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस याचिका में रिजल्ट वापस लेने और दोबारा परीक्षा की मांग की गई है। वहीं, परीक्षा के रिजल्ट में धांधली की जांच की मांग की गई है। आगे कहा गया कि एनटीए ने मनमानी ग्रेस मार्क दिया है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताते हुए कहा कि यह तथ्य सामने आया है कि एक सेंटर विशेष पर एग्जाम दे रहे 67 स्टूडेंट्स को फुल मार्क्स 720 तक दिए गए हैं। याचिका में आगे कहा गया कि नीट परीक्षा 5 मई को हुई और तभी से कई शिकायतें सामने आई जिसमें पेपर लीक की बातें कही गईं। ये याचिका सुप्रीम कोर्ट में तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के रहने वाले अब्दुल्लाह मोहम्मद फैज और शैंक रोशन मोहिद्दीन ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि छात्रों के हितों की खातिर यह याचिका दायर की गई है और सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि इस मामले में जब तक जांच होती है तब तक नीट यूजी 2024 की काउंसलिंग पर रोक लगाई जाए। जानकारी दे दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही दो याचिका पेंडिंग है और पेपर लीक के ग्राउंड पर एग्जाम रद्द कराने की गुहार लगाई जा चुकी है। गौरतलब है कि कोर्ट ने पहली याचिका पर सुनवाई करते हुए एनटीए को नोटिस भी जारी किया था, हालांकि रिजल्ट पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था।


















































