अंगदान महोत्सव 2023 के तहत सोटो ने आयोजित किया कार्यक्रम शिमला के भ_ाकुफर स्थित शिवालिक इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग में सोमवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हिमाचल प्रदेश की ओर से अंगदान पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. शमा लोहमी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस मौके पर बीएससी नर्सिंग की करीब 135 छात्राओं ने अंगदान करने की शपथ ली। कार्यक्रम में सोटो के ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर नरेश कुमार ने नर्सिंग की छात्राओं को ऑर्गन डोनेशन के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि लोग मृत्यु के बाद भी अपने अंगदान करके जरूरतमंद का जीवन बचा सकते हैं। ब्रेन डेड होने की स्थिति में सभी अंगों को सुरक्षित निकालकर जरूरतमंद मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि साल 1954 में देश में पहली बार ऑर्गन ट्रांसप्लांट किया गया था। अंगदान करने वाला व्यक्ति ऑर्गन के जरिए 8 लोगों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने बताया कि किसी भी जाति धर्म समुदाय का व्यक्ति अंगदान कर सकता है, इसे किसी भी आयु में दान किया जा सकता है। जीवित रहते हुए पंजीकरण करवाया जा सकता है ताकि मृत्यु के बाद अंग दान किया जा सके। हमारे देश में लोगों में जागरूकता ना होने के कारण अंग दान करने से कतराते हैं, लोगों की इसी भावना को दूर किया जाना जरूरी है। देश में अंगदान की कमी की वजह से ही अंग तस्करी बढ़ रही है क्योंकि लोगों को अब नहीं मिलते हैं तो ऐसे में लोग तस्करों की सहायता लेते हैं । हृदय को 4 से 6 घंटे, फेफड़े को 4 से 8 घंटे, इंटेस्टाइन को 6 से 10 घंटे, यकृत को 12 से 15 घंटे, पेनक्रियाज को 12 से 14 घंटे और किडनी को 24 से 48 घंटे के अंतराल में जीवित व्यक्ति के शरीर में स्थानांतरित किया जा सकता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के ब्रेन डेड होने के बाद यह प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अस्पताल में मरीज को निगरानी में रखा जाता है और विशेष कमेटी मरीज को ब्रेन डेड घोषित करती है। मृतक के अंग लेने के लिए पारिवारिक जनों की सहमति बेहद जरूरी रहती है।
मणिपुर में आदिवासी महिलाओं के साथ जो क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया गया है, इससे पता चलता है कि हमारे देश में महिलाओं की स्थिति बहुत ही दयनीय होती जा रही है। यह बात हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश सचिव राज वर्मा ने कही, उन्होंने कहा कि प्रदेश सोशल मीडिया कमेटी इस घटना की घोर निंदा करती है। मणिपुर और केंद्र सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम हुई है। उन्होंने कहा कि मणिपुर की हिंसक तस्वीरें मन को विचलित करने वाली हैं। क्या देश की महिलाओं को यही मान-सम्मान दिया जा रहा है। मणिपुर की मौजूदा सरकार की बहन-बेटियों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार हुआ होता तो भी क्या वे विचलित नहीं होते।
पौंग झील में पानी के बढ़ते हुए जलस्तर ने मैदानी इलाकों के लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है। रविवार को पौंग बांध में 59315 क्यूसिक पानी की आवक दर्ज की गई। टरबाइन और स्पिलवे के माध्यम से रविवार शाम छह बजे तक 39602 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। वहीं, पानी का लेबल अब बढ़कर 1376.43 फीट पहुंच गया है। बांध में पानी अब खतरे के निशान से करीब 13 फीट नीचे ही रह गया है। उधर, एसडीएम विशु्रत भारती ने बताया कि क्षेत्र में विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों में रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। किसी आपदा को लेकर प्रशासन की टीम पूरी तरह से तैयार है। उन्होने लोगों से अपील की है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और डर पैदा करने वाली ऐसी किसी बात को बिना उसकी सत्यता जाने आगे साझा न करें। किसी भी आपदा स्थिति में लोग स्थानीय पंचायत प्रधान, सचिव, पटवारी को तुरंत सूचित कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के सुन्नी में गत दिवस 2 चोरों ने एचडीएफसी बैंक के एटीएम में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरी करने वाले दोनों नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस के अनुसार, चोरों ने घटना को अंजाम देने से पहले एटीएम रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े। इसके बाद मशीन तोड़कर लगभग 70 हजार रुपये की नकदी उड़ा ले गए, लेकिन चोरी की यह घटना एक अन्य सीसीटीवी में कैद हो गई है। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले चोरी करने वाले दोनों आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं। इनके परिजन सुन्नी में दिहाड़ी करते हैं। पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड नरेंद्र कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
श्रद्धा मिस व चिंतामणि को चुना मिस्टर फेयरवेल आस्था कॉलेज ऑफ एजुकेशन (बीएड) कुनिहार में 16वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बीएड प्रशिक्षुओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुत कर समा बांध दिया। समारोह का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्य डॉ. कश्मीर सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कॉलेज प्रवक्ता जयपाल सिंह ने बताया कि समारोह के प्रथम चरण में बीएड प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं ने द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं के लिए विदाई समारोह आयोजित किया। इसमें श्रद्धा मिस व चिंतामणि मिस्टर फेयरवेल चुने गए। दूसरे चरण में कॉलेज प्राचार्य ने विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पारितोषिक देकर सम्मानित किया। पूरे सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर शुभम को बेस्ट प्रशिक्षु और अर्चना, पंकज, गौरव व वर्षा को बेस्ट वालंटियर चुना गया। इससे पूर्व प्रशिक्षुओं ने रंगारंग पहाड़ी नाटी, पहाड़ी गिद्दा, एकल नृत्य, युगल नृत्य से मन मोह लिया।
गत दिवस एसडीएम पठानकोट द्वारा 14 एनडीआरएफ कंट्रोल रूम में सूचना दी गई कि अचानक ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने से गांव मस्तगढ, जिला-पठानकोट, पंजाब में ब्यास नदी के बीच में एक टापू बन गया है, जहां पर 3 व्यक्ति फंस गए हैं। फंसे 3 व्यक्तियों का बचाव अभियान चलाने के लिए 14 एनडीआरएफ की टीम को घटना स्थल पर तैनात करने के लिए एसडीएम पठानकोट द्वारा आग्रह किया गया। 14 एनडीआरएफ द्वारा तुरंत सूचना मिलते ही 1 रेस्क्यू टीम घटना स्थल के लिए रवाना कर दी गई। टीम के घटना स्थल पर पहुंचने के उपरांत टीम कमांडर ने घटना स्थल का जायजा लिया और तुरंत बाढ़ के उपकरणों नाव और रोप सहित रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। टीम द्वारा अपना कौशल दिखाते हुए वोट की सहायता से पानी में फंसे हुए 3 व्याक्तियों को उनके 1 पशुधन के साथ बड़ी बहादुरी से सुरक्षित निकाला लिया गया। उक्त रेस्कयू ऑपरेशन को एनडीआरएफ टीम द्वारा शाम के समय में अजांम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान एसडीएम पठानकोट, डीएसपी पठानकोट भी घटना स्थल पर मौजूद रहे। सिविल प्रशासन एवं स्थानीय जनता द्वारा उपरोक्त रेस्क्यू ऑपरेशन की बहुत सराहना की गई। 14 एनडीआरएफ द्वारा की गई इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई काबिले तारीफ है।
हिमाचल प्रदेश का गौरवशाली इतिहास और परंपराएं राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उन्हें भावी पीढ़ी के लिए भी संरक्षित किया जाना चाहिए। प्रदेश के विभिन्न स्थानों में आयोजित होने वाले मेले समृद्ध संस्कृति के संरक्षण एवं प्रसार में श्रेष्ठ भूमिका निभाते हैं। यह बात राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चंबा जिला में ऐतिहासिक मिंजर मेले के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि कही। राज्यपाल बनने के पश्चात शिव प्रताप शुक्ल का यह चंबा जिला का पहला दौरा था। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल उनके साथ उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय मिंजर महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चंबा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर गांव और शहर की एक भिन्न सांस्कृतिक पहचान है, जो अन्यत्र नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि मेलों के माध्यम से संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करके आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मिंजर महोत्सव का प्राचीन परंपराओं, मान्यताओं और आस्थाओं से गहरा संबंध है। इस अवसर पर शुक्ल ने राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चम्बा जिले में भी काफी नुकसान हुआ है, लेकिन जिस तत्परता से सरकार, प्रशासन, पुलिस बल और केंद्र से मदद मिली है, उससे राज्य में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए भारतीय वायुसेना, थलसेना और अर्धसैनिक बलों को धन्यवाद दिया। उन्होंने लगभग 350 करोड़ रुपये की सहायता के लिए केंद्र सरकार का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभिन्न गैर सरकारी संगठनों से इस विपदा की घड़ी में मदद के लिए आगे का आग्रह किया और साथ ही लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की। इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज में अवैध नशीली दवाओं के प्रसार पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बढ़ती नशाखोरी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार इस समस्या से निपटने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
बहुचर्चित हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाने वाले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर रोहित कुमार का हमीरपुर से चंबा तबादला कर दिया गया। उन्हें तुरंत चंबा स्थित विजिलेंस थाना में ज्वाइन करने के निर्देश हैं। 23 दिसंबर, 2022 को जिस हमीरपुर विजिलेंस की टीम ने आयोग की गोपनीय शाखा में तैनात वरिष्ठ सहायक उमा आजाद के घर पर छापे मारकर पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक का पर्दाफाश किया था, उसमें विजिलेंस इंस्पेक्टर रोहित कुमार विशेष तौर पर शामिल थे। यह पेपर लीक का पहला मामला था। इसके बाद एक-एक करके 10 विभिन्न पोस्ट कोड कला अध्यापक भर्ती, ट्रैफिक इंस्पेक्टर भर्ती, कंप्यूटर ऑपरेटर, जूनियर ऑडिटर, सचिवालय क्लर्क, जेई सिविल, नीलामीकर्ता, लाइनमैन समेत अन्य भर्तियों के प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए। अब जिस तरह से इंस्पेक्टर रोहित का हमीरपुर से चंबा तबादला किया गया।
जुलाई के शुरुआत में आए प्रकृति के प्रकोप ने हिमाचल प्रदेश से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे देश को आगोश में भर लिया, परंतु भारी बारिश, भू-स्खलन और बाढ़ के कारण जितना खौफनाक मंजर हिमाचल ने देखा शायद ही किसी अन्य राज्य ने देखा हो। फिर भी, इस संकट का सामना करने में प्रदेशवासियों और राज्य सरकार ने मिलकर प्रदेश के मार्गदर्शक सिद्धांत 'अतिथि देवो भवÓ का उदाहरण प्रस्तुत किया। अपने गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए विख्यात हिमाचल प्रदेश के लोगों और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वयं पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास की बड़ी जिम्मेदारी ली है। इस आपदा के समय में यह प्रयास उल्लेखनीय समर्पण का प्रतीक बने हैं। प्रदेशवासियों, विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं इत्यादि द्वारा 22 जुलाई तक 16.50 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान इस राहत कोष में प्राप्त हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी उपायुक्तों को राहत कार्यों के लिए 188.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस संकट के समय में सामूहिक प्रयासों और उदारता ने करुणा और एकता की शक्ति को प्रदर्शित करते हुए लोगों के दुखों को बांट कर उनकी कठिनाइयों को कम करने का काम किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने संवदेनशील सरकार का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रभावित लोगों को सम्मानजनक राशि प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वित्तीय सहायता राशि में कई गुणा वृद्धि की है तथा तत्काल सहायता के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। राहत राशि में की गई यह वृद्धि मानव जीवन, संपत्ति आदि की हानि और राहत श्रेणी के अंतर्गत आने वाले अन्य सभी उपशीर्षों में प्रदान की गई है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में ऐसी कार्य संस्कृति विकसित की जा रही है, जिसमें कोई भी अधिकारी काम नहीं करना चाह रहा है। ज़्यादातर अधिकारी केंद्र में जाना चाहते हैं। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इसके लिए प्रयास करना भी शुरू कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी जो प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाते हैं, वह आज के वर्तमान हालात से त्रस्त हैं और हिमाचल में अपनी सेवाएं नहीं देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा सामान्य परिस्थिति में नहीं करते हैं कि वह प्रदेश छोड़कर जाना चाहें। जिस तरह के हालात वर्तमान में बन रहे हैं, यह दु:खद है। सरकार में कुछ भी ठीक नहीं हैं, नेताओं के आपसी बातचीत और आरोप-प्रत्यारोप से यह बात साफ़ हो चुकी है। आये दिन सरकार में बैठे लोग अपनी सरकार पर ही हमला कर रहे हैं। एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बातें कर रहे हैं। इस तरह के हालात में अधिकारियों को भी ज़लालत झेलनी पड़ रही है। इसलिए ब्यूरोक्रेसी के वरिष्ठ अधिकारी इस तरह का कदम उठाना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नई तरह का व्यवस्था परिवर्तन है। जहां पर कार्य संस्कृति को इतना ख़राब कर दिया गया है कि कोई अधिकारी यहां काम ही नहीं करना चाहता है। इस तरह का व्यवस्था परिवर्तन आज तक किसी ने नहीं देखा होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी भी तंत्र का एक अंग है, उसके बिना व्यवस्था सुचारू रूप से चल नहीं सकती है। ब्यूरोक्रेसी को सरकार में बैठे लोग विकास कार्यों को करने के निर्देश देते हैं, आवश्यकता पड़ने पर सलाह लेते हैं, लेकिन यहां पर खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। ऐसे सरकार नहीं चलती हैं। जनहित के कामों के लिए सामंजस्य बनाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों के राहत कार्यों पर ध्यान दे।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत गांव बलालडु चंबापतन सड़क पर गत दिन हुए बस हादसे में 27 वर्षीय ट्विंकल पत्नी राकेश की एक टांग काटनी पड़ी। ट्विंकल को गत देर शाम जख्मी हालत में टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा लाया गया, लेकिन उसकी अति नाजुक स्थिति को देखते हुए वहां डाक्टरों की टीम को मजबूरन उनकी एक टांग काटनी पड़ी। अब ट्विंकल की सेहत में कुछ सुधार बताया जा रहा है, जबकि इस हादसे में जख्मी हुई दूसरी महिला का भी उपचार चला हुआ है। इस हादसे में टिवंकल के दो मासूम बच्चे 3 व 7 साल के बेटा-बेटी भी बाल-बाल बच गए हैं। आपको बता दें कि बीते दिवस देर सायं एक निजी बस अपने गंतव्य स्थान पर जा रही थी कि अचानक बलालडु बस अड्डे पर एक भारी भरकम पेड़ बस के ऊपर गिर गया, जिससे उस बस में सवार 2 महिला सवारियों को गंभीर चोटेंं आई थीं। लगभग 4 घंटे के बाद पेड़ को काटकर बस को निकाला गया था।
प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक धर्मशाला में प्रदेशाध्यक्ष जगदीश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें अगली रणनीति बनाई गई। प्रेसवार्ता में एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि निरीक्षण विंग के दो अधिकारियों के तबादले को लेकर सरकार से 2 से 3 दौर की वार्ता हो चुकी है। साथ ही एसोसिएशन ने एसडीएम और डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजे हैं, जिस पर सरकार ने आश्वासन दिया कि जल्द कार्रवाई की जाएगी। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि सरकार ने तबादलों के लिए माह के अंतिम दिन रखे हैं, ऐसे में 27-28 जुलाई तक एसोसिएशन इंतजार करेगी, उसके उपरांत अगला कदम उठाते हुए शिमला में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
धर्मशाला इंडोर स्टेडियम में दो दिवसीय जिला स्तरीय सब जूनियर अंडर-15 एवं अंडर-17 वर्ग की बैडमिंटन प्रतियोगिताओं का आज शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त भारतीय प्रशासनिक अधिकारी सौरभ जसल द्वारा किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मदरक्राफ्ट हॉस्पिटल कांगड़ा की प्रबंधक निदेशक दो डॉक्टर वाणी शर्मा, एवीएस अकैडमी धर्मशाला के निदेशक अमित शर्मा, सेवानिवृत्ति उपनिदेशक पशुपालन विभाग हिमाचल प्रदेश डॉक्टर बी एन शर्मा, निदेशक धौलाधार पब्लिक स्कूल धर्मशाला भानु विशेष रूप से स्वास्थ्य रहे। इस मौके पर जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। पहले दिन के मुकाबले में अंडर 15 लड़कों के एकल मुकाबले में कांगड़ा के कार्तिक ने शाहपुर के अकृष कुमार को हराकर ज्वालामुखी के श्रेष्ठ करोल ने धर्मशाला के भाविक गौतम को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के अटल मेहता ने अभिनंदन शर्मा को हराकर ,नूरपुर के अंशुमन ने कपूर बैडमिंटन अकैडमी तन्मय को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के अर्णव ने धर्मशाला के अनिमेष को हराकर, पालमपुर के पुनीत राणा ने धर्मशाला के आदित्य को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के सूर्या ने इंदौरा के शौर्य डोगरा को हराकर, धर्मशाला के ईशान शर्मा ने धर्मशाला के आदर्श भंडारी को हराकर ,धीरा के राजवीर ने कपूर बैडमिंटन अकादमी के आकर्ष को हराकर, कांगड़ा के अश्वेत पाराशर ने धर्मशाला के निपुण को हराकर, ज्वालामुखी के आदित्य ठाकुर ने शाहपुर के दीपक को हराकर वेदांत शर्मा ने पालमपुर के सोमिल शर्मा को हराकर, कार्तिक ने धर्मशाला के अवनीत को हराकर, धर्मशाला के अर्नब गुप्ता ने शिवेंद्र गौतम को हराकर, पालमपुर के मानिक गौतम ने धर्मशाला के आदमी शर्मा को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। अंडर 15 लड़कियों के एकल मुकाबले में नूरपुर की हिमानिका न ने योल की निकोल को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी की अवनी ने धर्मशाला की आभा शर्मा को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। अंडर-17 लड़कों के एकल मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी के अटल मेहता ने बैजनाथ के आहान पाराशर को हराकर, ऋतुल ने पालमपुर के हर्षवर्धन को हराकर, धर्मशाला के अर्पित ने अर्नब को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के अनुभव ने बैजनाथ के आरव दीक्षित को हराकर, धर्मशाला के अंश ने पालमपुर के तेजस वीर सिंह राणा को हराकर, थुरल के पीयूष ने धर्मशाला के अथर्व कायस्था को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। अंडर 15 के युगल मुकाबले में सूर्य और तन्मय ने नूरपुर के अभिनंदन एवं अंशुमन को हराकर, ज्वालामुखी के श्रेष्ठ करोल एवं आदित्य ठाकुर ने ईशान एवं शिवांश को हराकर, धर्मशाला के सात्विक चौरसिया एवं शौर्य यादव ने शाहपुर के अक्रांश कुमार एवं दीपक को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। अंडर 15 लड़कियों के युगल मुकाबले में अनोशी एवं हसीना की जोड़ी ने निकोल की जोड़ी को हराकर, धर्मशाला की अनुष्का एवं यशिका की जोड़ी ने आराध्या एवं हिमानिका को हराकर, धर्मशाला की अलीशा पठानिया एवं पलक यादव की जोड़ी ने धर्मशाला की आभा शर्मा एवं दिवनूर कोर को हराकर, आशी एवं अवनी की जोड़ी ने इंदौरा की आकृति कौशल एवं अनुभूति कौशल को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। संघ के महासचिव विलास हंस ने बताया कि इस प्रतियोगिता में जो विजेता एवं उपविजेता रहेंगे वह जिला कांगड़ा से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। जो कि हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन संघ द्वारा आयोजित की जाएगी इसके अतिरिक्त इस प्रतियोगिता का समापन कल किया जाएगा और विजेता और विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। इस शुभारंभ के मौके पर जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के पदाधिकारी विशाल मिश्रा, दिनेश महाजन, पंकज शर्मा, पवन चौधरी, विक्रम चौधरी, गौरव चड्ढा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य संसदीय सचिव, शहरी विकास एवं शिक्षा आशीष बुटेल ने रविवार को जनसंवाद कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत नच्छीर और नगर निगम पालमपुर के चिंबलहार वार्ड में उपस्थित रहे और लोगों की समस्याओं को सुना। आशीष बुटेल ने नच्छीर और चिम्बलहार में लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पालमपुर हलके और पालमपुर के लोगों के हित्तों रक्षा के लिये वे वचनबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार ने जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने का निर्णय लिया है। इस योजना में पालमपुर को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पालमपुर के विंध्यवासिनी मंदिर बन्दला से पुरानी विंध्यवासिनी मंदिर तक सड़क निर्माण के लिये 13 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि यह सड़क उनकी विधायक प्राथमिकता में है और इसके निर्माण से इस क्षेत्र पर्यटन गतिविधियों में इजाफा होगा। कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय बंदला और आयुष विभाग के उपमंडलीय कार्यालय के लिये जमीन आवंटित कर दी गयी है और शीघ्र ही भवन के लिये धनराशि उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बन्दला के छिड़ चौक में हाई मास्ट लाइट लगाने के साथ इसके सौंदर्यीकरण के लिये भी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र की मुख्य सड़कों में सोलर लाइटस को विद्युतीकृत लाइट में परिवर्तित करेंगे। जबकि निगम के ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगी रहेंगी। इससे पहले सीपीएस ने नागिनी मंदिर में भी शीश नवाया।
देहरा उपमंडल के अंतर्गत पुलिस थाना हरिपुर के तहत दरकाटा, नाग मंदिर में एक स्कूटी चालक विपन कुमार निवासी गोपालपुर तहसील पालमपुर से 4,500 मिलिलीटर देसी शराब बरामद की है। इस संदर्भ में अभियोग जेर धारा 39-1(ए) हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम पंजीकृत पुलिस थाना किया गया है। मामले की पुष्टि थाना प्रभारी पवन कुमार ने की है।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के इग्नू अध्ययन केंद्र-1140 ने आज जनवरी 2023 सत्र के छात्रों के लिए ऑनलाइन प्रेरणा सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत में इग्नू सह-समन्वयक प्रो. संजीव कुमार ने सभी का स्वागत किया और छात्रों को इग्नू के साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधाएं जो इग्नू की वेबसाइट पर मिलती हैं उनके बारे में छात्रों को विस्तृत जानकारी दी। इग्नू के अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. स्वदीप सूद ने इग्नू के छात्रों को दूरवर्ती शिक्षा माध्यम से सबसे बड़े विश्वविद्यालय द्वारा संचालित स्नातकोत्तर कार्यक्रम जिसमें जुलाई 2023 सत्र से शुरू हो रहे एमएससी फिजिक्स ज्योग्राफी एप्लाइड स्टेट व जियो इनफॉर्मेटिक्स के महत्व पर जानकारी साझा की। स्नातक स्तर में नए कार्यक्रम जैसे बीबीए बीए इन जनरलिज्म एंड डिजिटल टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी साझा की। डॉक्टर स्वदीप सूद ने सभी छात्रों से अनुरोध किया कि वो इग्नू के लोकप्रिय कार्यक्रम के बारे में और अधिक छात्रों को बताएं ताकि जुलाई 2023 सत्र में अधिक छात्रों की एडमिशन हो सके। ऑनलाइन एडमिशन के लिए होम पेज पर जाकर अप्लाई अप्लाई करना पड़ेगा और डिजिटल माध्यम से ही फीस का भुगतान होगा किसी तरह की फॉर्म भरते समय गलती हो जाने पर आप उसे दुरुस्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में प्रो. सुनीता शर्मा, प्रो. अनीता, प्रो. जगदीप, डॉ. आरती कौशल, डॉ. शर्मिता पठानिया, प्रो. वंदना राणा, प्रो. धर्मेंद्र इग्नू काउंसेलर मुख्य रूप से उपस्थित रहे मिस्टर राज मनकोटिया ने सूत्रधार के रूप में कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित की।
गरली में रविवार को भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया गय। आशा कार्यकर्ता संघ हिमाचल प्रदेश महामंत्री एवम गरली पचायत प्रधान शशिलता की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस समारोह में विशेष रूप से ब्लॉक डाडा सीबा की प्रधान अंजू बाला सचिव दुर्गेश ठाकुर, कोषाध्यक्ष सरिता देवी, उपाध्यक्ष सविता कुमारी ,चौकीदार रंजीत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनु बाला, सुनीता कुमारी ,अध्यापिका सिमरन, चेतन, ललिता आशा वर्कर, शोभा, सोमा अन्य कार्यकर्ता आदि कई लोग विशेष रूप से मौजूद रहे। आशा कार्यकर्ता को हिमाचल प्रदेश की महामंत्री शशिलता ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ हर बर्ग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। संघ की स्थापना 23 जुलाई 1955 दत्तोपंग ठेंगड़ी जी ने भोपाल में की थी।
शिमला शहर में हुए धमाके की जांच करने रविवार को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड कमांडो पहुंचे। डॉग स्कवाड के साथ कमांडो ने चप्पा-चप्पा खंगाला। एनएसजी को आतंकी हमला होने या बम मिलने शक जताया जा रहा है। कमांडो सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल कर रहे हैं। सिलेंडर फटने के सबूत भी नहीं मिले बता दें कि धमाके से पूरे शिमला शहर हिल गया था। एक व्यक्ति की मौत हुई, जिसकी पहचान अवनीश सूद के तौर पर हुई है। 13 घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में यह सिलेंडर फटने से धमाका बताया जा रहा था, लेकिन सिलेंडर फटने जैसे प्रमाण पुलिस को नहीं मिले थे। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीमें भी जांच कर रहीं हैं। धमाका इतना जोरदार था कि इससे रेस्टोरेंट के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों के अलावा बाहर बाजार से चल रहे लोग भी इसकी चपेट में आ गए। धमाका इतना जोरदार था कि इससे रेस्टोरेंट के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों के अलावा बाहर बाजार से चल रहे लोग भी इसकी चपेट में आ गए। मामले की जांच को गठित की है एसआईटी धमाका इतना खतरनाक था कि आसपास के 500 मीटर के एरिया में यह सुनाई दिया था। 10 से 12 दुकानों को भी नुकसान हुआ था। इस हादसे की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी, जिसमें लोग जान बचाते हुए नजर आए। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की है। शिव मंदिर दर्शन के लिए आए थे अवनीश वहीं धमाके में जान गंवाने वाले मृतक अवनीश अपनी पत्नी के साथ शिव मंदिर में माथा टेकने आएं थे। धमाके के दौरान उनकी पत्नी मंदिर में माथा टेक रही थी और बाहर टहल रहे अवनीश हादसे का शिकार हो गए। प्रशासन और पुलिस जांच में जुटी : जनारथा शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा ने बताया कि प्रशासन और पुलिस की टीम मामले की जांच में जुट गई है। हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्दी धमाके का सच सामने आ जाएगा धमाके की होनी चाहिए गहन जांच : नंदा भाजपा के मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने इस धमाके की जांच की मांग की थी। साथ ही उन्होंने जिन दुकानों को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा देने की भी मांग उठाई।
शिमला जिले के रामपुर बुशहर में दिन-प्रतिदिन आपराधिक मामले, बढ़ते जा रहे हैं। अभी पिछले कल रामपुर बुशहर के समीप रचोली गांव में किन्नौर की दो लड़कियों के साथ वहां के स्थानीय युवाओं द्वारा छेड़छाड़, मारपीट और अश्लील शब्दों का प्रयोग किया। हैरानी की बात तो यह है कि वहां के स्थानीय लोग खड़े होकर तमाशा देख रहे थे, जो कि एक शर्म की बात है। हिमाचल प्रदेश के फिटनेस यूट्यूबर राणा द वाइपर उर्फ कमलकांत राणा का कहना है कि रामपुर बुशहर में आज के समय में इस तरह के मामले आम बात बन चुकी है। इसकी मुख्य वजह यहां बढ़ता जा रहा नशे का कारोबार है। यहां के युवक-युवतियां नशे की दलदल में इस कदर धंस चुके है कि उनको अच्छे बुरे का पता ही चलता। कमलकांत राणा ने कहा कि इस नशे को खत्म करने के लिए मिलकर आगे आना होगा और इस तरह के अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी होगी, नहीं तो हमारी देवभूमि हमारा हिमाचल इस तरह बदनाम होता रहेगा। राणा ने प्रशासन से भी मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में पुलिस की गश्त लगा दी जाए और इन लोगों के प्रति कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाएं न हों।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों भारी बरसात के चलते भारी तबाही हुई, जिससे आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया, शिमला की एक एनजीओ आवाज फाउंडेशन ने 'हेल्पिंग हैंडÓ एक मुहिम शुरू की, जिसमें ऐसे प्रभावित लोगों के लिए दिन रात एक करके राशि एकत्रित की और उन लोगों तक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। आवाज फाउंडेशन के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने बताया कि इस आपदा की घड़ी में काफी लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हुआ है, जिसके चलते फाउंडेशन ने एक मुहिम शुरू की 'हेल्पिंग हैंडÓ, जिसमें फाउंडेशन के सदस्य टूटीकण्डी के लोगों से राशि एकत्रित की और जिला मंडी के व्यास सदन में जाकर 171 परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। पवन ठाकुर ने कहा कि आवाज फाउंडेशन आगे भी इसी तरह के समाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर अपना योगदान देगी, वहीं उन्होंने फाउंडेशन के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और यह आग्रह भी किया कि आगे भी इसी तरह से फाउंडेशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले।
शिव तांडव गुफा विकास समिति कुनिहार व शंभू परिवार के सौजन्य से 24 जुलाई को सावन सोमवार के उपलक्ष्य पर भजन संध्या व विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी देते हुए समिति अध्यक्ष राम रतन व उपाध्यक्ष रितु ठाकुर ने बताया कि सोमवार को सुबह विधि विधान के साथ गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग का मंत्रोचारण के साथ पंचामृत स्नान व जलाभिषेक होगा। दोपहर में हवन व पूर्णाहुति के साथ शिव भक्तों व क्षेत्रवासियों के लिए विशाल भंडारा आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि संध्या बेला में भवानी कीर्तन मंडल कोटी द्वारा भगवान भोले नाथ की चौकी भरी जाएगी। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने,भजन संध्या में हाजरी लगाने व भण्डारा ग्रहण करने की अपील की है।
उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने कहा कि जिला में कार्यरत सभी 1486 आंगनबाड़ी केंद्रों में पात्र बच्चों और गर्भ धात्री माताओं को समय पर पोषित आहार की आपूर्ति सुनिश्चत बनाई जाये। इसके अलावा सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी माह में कम से कम 20 दिन आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण अनिर्वाय रूप से करें ताकि पता चल सके कि केंद्र में राशन की आपूर्ति के साथ अन्य सुविधायें लाभार्थियों को सही प्रकार से मिल रही हैं या नहीं। उपायुक्त गत सांय नाहन में पोषण आहार मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सुमित खिमटा ने बताया कि आगामी सितम्बर माह में 'महिला एवं स्वास्थ्यÓ तथा 'बच्चा एवं शिक्षाÓ थीम पर जिला में पोषाहार माह का आयोजन किया जायेगा जिसके लिये सम्बन्धित विभाग समय पर आवश्यक प्रबंध पूरे करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि नियमानुसार आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए अधिकृत स्वास्थ्य कार्यकर्ता को नियमित तौर पर केंद्र में भेजा जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्कूलों में पोषाहार के बारे में भी जानकारी प्रदान की जा सकती है। उपायुक्त ने भवन रहित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण हेतु पंचायत स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ तालमेल स्थापित कर भूमि का चयन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 60 भवनों की जिला में मनरेगा के अंतर्गत निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें 24 आंगनबाड़ी भवन प्राथमिक पाठशालाओं में बनने प्रस्तावित है। उन्होंने इस सम्बन्ध में शिक्षा और समेकित बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में समुचित मात्रा में पेयजल की व्यवस्था करने के लिए भी जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए। सुमित खिमटा ने बताया कि जिला के 1486 आंगनबाड़ी केंद्रों में 19380 सामुदायिक आधारिक कार्यक्रम (सीबीई) का आयोजन किया गया, जिसमें वर्ष 2022-23 के दौरान 48.45 लाख रुपये की राशि व्यय की गई। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को सीबीई के आयोजन के लिए 250 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस सुनील शर्मा ने बैठक का संचालन करते हुए पोषाहार मिशन की संपूर्ण जानकारी प्रदान की। जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल, पीओ डीआरडीए अभिषेक मित्तल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक, जिला कल्याणा अधिकारी विवेक अरोड़ा, उप निदेशक उच्च शिक्षा कर्म सिंह, उप पुलिस अधीक्षक मीनाक्षी शाह, प्रधानाचार्य डाईट राजीव ठाकुर के अलावा विभिन्न खंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
जेबीटी बैचवाइज भर्ती में बीएड को शामिल करने पर जेबीटी प्रशिक्षुओं ने काफी रोष दिखाया था, परंतु अब लगभग सभी जिलों के परिणाम निकाल दिए गए हैं, जिसमें कहा जा रहा है सिर्फ बीएड वालों को ही शामिल किया गया है। जेबीटी/डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश महासचिव जगदीश परयाल ने कहा कि जेबीटी बैचवाइज भर्ती में बीएड को शामिल करने से जेबीटी के हकों को छीना गया है। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने समय समय इसके लिए आवाज भी उठाई और सरकार से मांग की थी कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता आप बीएड को जेबीटी में शामिल मत करो क्योंकि बीएड के पास जेबीटी टेट पास सर्टिफिकेट नहीं है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने कभी बीएड के लिए जेबीटी टेट करवाया ही नहीं है। जगदीश परयाल ने कहा कि जिन लोगों को भर्ती में शामिल किया गया है वो एलिजिबल भी नहीं होते हैं। किसी के 12वीं में मार्क्स कम हैं तो किसी के सर्टिफिकेट पूरे नहीं हंै। शिक्षा विभाग का काम भर्ती करवाना है वो इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद जेबीटी प्रशिक्षुओं ने शिमला में अनशन पर बैठे थे उस समय मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक किसी भी जिले का परिणाम न घोषित करने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके चंबा जिले का परिणाम निकाला गया, जिसमें सिर्फ बीएड वालों को शामिल किया गया है। अगर शिक्षा विभाग नहीं मानता है और इसी प्रकार से अपनी मनमानी करता रहेगा तो जेबीटी प्रशिक्षु शिमला में फिर से अनशन पर बैठेंगे। उनका कहना है कि कक्षा 1 से 5 तक सिर्फ जेबीटी का ही हक है। सरकार इसके लिए पूरे प्रदेश भर में 28 सरकारी वा प्राइवेट संस्थानों में प्रशिक्षण करवा रही है। उसके बावजूद बीएड को शामिल करना गलत है। जेबीटी बेरोजगार संघ से मुख्यमंत्री से अपील की है कि जेबीटी प्रशिक्षुओं के साथ पिछले 5 सालों से उनका शोषण हो रहा, इसलिए मुख्यमंत्री खुद इस मामले में संज्ञान ले। अगर मांगों को नहीं माना जाता है तो संघ आमरण अनशन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की सांसद भारत दर्शन योजना के तहत हुआ चयन हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के होनहार छात्रों को भारत भ्रमण कराने हेतु केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अति लोकप्रिय सांसद भारत दर्शन योजना के इस वर्ष के पात्र छात्रों की सूची जारी हो गई है। इस बार सांसद भारत दर्शन योजना पर जाने हेतु 21 प्रतिभाशाली बेटियों का चयन हुआ है, जिनमें वंशिका (सुजानपुर), वंशिका (नादौन), तानिया (सुजानपुर), सिया शर्मा (झंडूत्ता), श्वेता शर्मा (हमीरपुर), श्रुति (गगरेट), सानिया ठाकुर (ऊना), रुद्राणी भारद्वाज (सुजानपुर), पायल कौंडल ( कुटलैहड़ ), पलक शर्मा (बड़सर), नैंसी (नादौन), कनिका शर्मा (बिलासपुर सदर), ज्योति मिश्रा (झंडूत्ता), ईप्सा कटोच (हमीरपुर), आरुषि शर्मा (घुमारवीं), अर्शिता भारती (नादौन), अनुराधा (सुजानपुर), अंजलि शर्मा (हरोली), अनंदिता चौहान (भोरंज), अनामिका जायसवाल (सुजानपुर) और अलीशा शर्मा (श्री नैना देवी) शामिल हैं। गौरतलब है कि अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा क्षेत्र के बच्चों हेतु भारत भ्रमण की इस अनूठी पहल का यह दूसरा चरण है। छात्र- छात्राएं 1 जून से ही वेबसाइट के माध्यम से इसके लिए आवदेन कर रहें थे। विद्यार्थियों की सहूलियत हेतु इस बार आवेदन करने के लिए विशेष रूप से एक क्यूआर कोड भी तैयार किया गया था। सांसद भारत दर्शन 2023 की घोषणा करते हुए अनुराग ठाकुर ने बताया था कि भारत दर्शन के पहले चरण की अपार सफलता के बाद अब दूसरा चरण कराने का निर्णय लिया गया है। अनुराग ठाकुर ने पहले ही जानकारी दी थी की इस बार विद्यार्थियों को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के भ्रमण पर ले जाया जाएगा। कोविड महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से प्रोग्राम के स्थगन पर ठाकुर ने कहा था कि पिछले दो वर्षों में कोरोना के कारण यह संभव नही हो पा रहा था। अनुराग ठाकुर ने विशेष जानकारी दी थी की इस बार मेधावी छात्रों के साथ, जिन छात्रों ने अन्य क्षेत्रों जैसे खेल और कला में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है, वो सांसद भारत दर्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछली बार छात्र इसरो, पश्चिमी नौसेना कमान जैसे विभिन्न स्थानों पर गए। वाइस प्रेसिडेंट जैसे गणमान्य लोगों से मिले और कपिल शर्मा शो जैसे कार्यक्रमों में भाग लिया था। देश भ्रमण करने से छात्रों को नई जानकारियां हासिल होंगी, जिससे बदलते समय के हिसाब से उन्हें नए अनुभव प्राप्त होंगे। इसके मदद से भविष्य में यही विद्यार्थी नई संभावनाओं के द्वार खोलने में सफल होंगे।
राज्य सरकार प्रदेश के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों सहित 53 स्वास्थ्य संस्थानों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इनफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) लागू करने जा रही है, जिसमें रोगियों का पूरा डाटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगा। इससे मरीजों को विभिन्न सुविधाओं सहित उनके बहुमूल्य समय की भी बचत होगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में एचएमआईएस को 30 अगस्त तक शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्यों के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा 30 सितंबर तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सुविधा के शुरू होने से डॉक्टरों के पास मरीज का पूरा डाटा उपलब्ध होगा, जिसके माध्यम से रोगियों की सामान्य व इमरजेंसी रजिस्ट्रेशन, लैब रिपोर्ट, ऑपरेशन थियेटर के रिकॉर्ड सहित उनके डिस्चार्ज और ट्रांसफर का पूरा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इस सुविधा से डॉक्टर ई-प्रिसक्रिप्शन भी लिख सकेंगे और मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री भी देख सकेंगे, जिससे रोगियों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी सुविधा होगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है तथा इस दिशा में यह सुविधा मील पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक फर्नीचर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी काम कर रही है। राज्य सरकार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधा प्रदान करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण एवं उनमें सुविधाएं भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने भविष्य में निर्मित होने वाले सभी अस्पतालों में प्राइवेट रूम की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सभी मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा भी की तथा इनके निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, सलाहकार (इंफ्रास्ट्रक्चर) अनिल कपिल, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुदेश मोखटा, विशेष सचिव अश्वनी शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवि ठाकुर के नेतृत्व में स्पीति क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें क्षेत्र की विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भारी बर्फबारी के कारण चंद्रताल, कुगती दर्रा और पिन घाटी सहित जिले के साथ लगते क्षेत्रों में भारी बर्फबारी में फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एक विस्तृत बचाव अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सक्रिय रूप से प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। आपदा प्रभावितों की तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति हेलिकॉप्टर के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है और कई पर्यटकों को हवाई और सड़क मार्ग से निकाला गया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा, मंडी, बड़ा भंगाल, चंबा और अन्य क्षेत्रों से चरवाहों को सुरक्षित निकाला गया और उन्हें चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध करवाई गई। उनके पशुधन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि आपदाओं से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने की दिशा में प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठा रही है और प्रभावित व्यक्तियों को सहायता प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विधायक रवि ठाकुर ने लाहौल-स्पीति जिला में पुनरुद्धार और मरम्मत कार्यों के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के तहत उपायुक्त लाहौल-स्पीति को लगभग 6 करोड़ रुपये की पर्याप्त राशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मानवीय आधार पर समयबद्ध और त्वरित कदम उठाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना भी की।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम अपने होटलों में कमरों की बुकिंग पर 50 प्रतिशत तक छूट प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह छूट तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है और 15 सितंबर, 2023 तक जारी रहेगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के दृष्टिगत प्रदेश में पर्यटकों को सुलभ आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने तथा निगम के होटलों में आमद दर (अक्युपेंसी) बढ़ाने के दृष्टिगत लिया गया है।
राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में आशातीत बदलाव लाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दृष्टिकोण के लिए आभार व्यक्त करते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां कहा कि विश्व बैंक और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमओएमएसएमई) की सहायता से भारत सरकार की एक प्रमुख योजना, राइजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस (आरएएमपी) कार्यक्रम की शुरुआत के लिए प्रदेश में सार्थक प्रयास आरंभ कर दिए गए हैं। उद्योग मंत्री के निर्देश पर अर्नस्ट एंड यंग कंपनी को रणनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) की तैयारी के लिए बोली प्रक्रिया के माध्यम से परामर्श एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने एसआईपी तैयार करने का कार्य आरंभ कर दिया है और राज्य में क्लस्टर विकास कार्यक्रम में भी सहायता कर रही है। एजेंसी ने सिरमौर जिले के काला अंब और पावंटा साहिब में उद्योग हितधारकों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान सामने आए विभिन्न पहलू हिमाचल में रैम्प योजना (आरएएमपी) कार्यक्रम की विशिष्ट आवश्यकताओं और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए तैयार रणनीतिक निवेश योजना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंजूरी मिलने के उपरांत एसआईपी वित्त, बाजार, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और अन्य आवश्यक समर्थन तक पहुंच के माध्यम से एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। एसआईपी को अगले चार वर्षों में राज्य एमएसएमई और उद्योग संघों के माध्यम से सक्रिय रूप से लागू किया जाएगा। परामर्श एजेंसी उद्योग की जरूरतों को पूरा करने और रैम्प योजना व क्लस्टर विकास कार्यक्रम के बारे में जागरूकता साझा करने के लिए शीघ्र ही विभिन्न जिलों में संवाद, कार्यशालाएं और केंद्रित समूह चर्चाएं आयोजित करेगी। निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति ने एमएसएमई और उद्योग संघों से सक्रिय रूप से इस संवाद में भाग लेने और बाजार व ऋण प्रौद्योगिकी तक पहुंच और एमएसएमई से संबंधित अपनी आवश्यकताओं और शंकाओं को साझा करने का आग्रह किया। हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश कुमार गोयल और महासचिव नवीन अग्रवाल, फार्मा एसोसिएशन काला अंब के अध्यक्ष केशव सैनी और उद्योग संघों के अन्य प्रमुख सदस्य व पदाधिकारी इस संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।
हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा सेब की पेटी का वजन 24 किलो निर्धारित करने को लेकर बागवानों में आक्रोश के साथ असमंजस की स्थिति बनी हुई है। समय रहते सरकार को इसका समाधान करना चाहिए, ताकि किसान-बागवान निश्चिंत होकर अपने उत्पाद को मनचाहा बेच सकंे। यह बात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कही। उन्होंने कहा कि सेब किलो के हिसाब से बिकता है तो उससे बागवान खुश हंै, लेकिन 24 किलोग्राम पेटी पर 22 किलोग्राम का पैसा आज की व्यवस्था के अनुरूप बागवानों को मिल रहा है, जो बिलकुल गलत है। ये बात बागवानों को हजम नहीं हो रही है। पर पेटी 2 किलोग्राम की कटौती किस फार्मूले के तहत की जा रही है सरकार को इस बारे में विस्तार से बागवानों को बताना चाहिए। चेतन बरागटा ने कहा कि सरकार द्वारा बिना ग्राउंड वर्क, बिना तथ्यों की जानकारी जुटाए बिना किसी चर्चा के इस तरह के निर्णय बागवानों के लिए नुकसानदायक हो रहे हंै। उन्होंने कहा कि जिस तरह की अव्यवस्था वर्तमान समय में मंडियो में नजर आ रही है, उससे तो लगता है कि यहां के आढ़ती व व्यापारी भी बाहरी मंडियों की ओर पलायन कर सकते हैं। जिस कारण प्रदेश को रेवेन्यू का नुकसान भी झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा की पतझड़ ने बागवान के बगीचों में विकराल रूप धारण कर लिया है जिस कारण बागवानों का बहुत नुकसान होने का अंदेशा है। उन्होंने बागवानी मंत्री से मांग की है कि जल्द नौणी विश्वविद्यालय से विशेषज्ञों की टीम को बागवानी बाहुल्य क्षेत्रों में भेजा जाए और पतझड़ होने के कारणों को जानकर बागवानों की समस्या का समाधान किया जाए। चेतन बरागटा ने कहा कि निचले क्षेत्रों में सेब सीजन शुरू हो गया है। सरकार को जल्द बंद पड़ी सड़कों को खोलना चाहिए ताकि बागवान अपना उत्पाद मंडी तक आसासी से पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सरकार बागवानों की समस्या का समाधान करने की बजाए बागवानो को उलझानें में लगी है। एक तरफ ये सरकार अपने आप को बागवानी हितैषी बताती है और दूसरी तरफ डीजल पर 3 रुपये बढ़ा देती है और 8 महीनों में 6 रुपये बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला है, जिस कारण किराये-भाड़े में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। चेतन बरागटा ने कहा कि जिला शिमला से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्रियों में से एक भी नेता बागवानों की समस्याओं के बारे में कोई रुचि नहीं दिखा रहा। कांग्रेस नेता विपक्ष में रहते बागवानों के हितैषी बने हुए थे वो सब आज उनकी सरकार होते हुए क्यों गायब हो गए हैं। इन सभी नेताओं के आचरण से प्रतित होता है कि इनका बागवानों से कोई सरोकार नहीं है।
इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मलेंद्र राजन ने आज बाढ़ ग्रस्त मंड क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने मंड मियाणी, मंड इंदौरा, मंड सनौर, मलकाणा, मंड घंडरां, फलाही, पराल, हलेड़, मंड भोग्रवां आदि गांवों का दौरा किया। इस दौरान एसडीएम इंदौरा सुरेेंद्र ठाकुर व अन्य विभागों के अधिकारी उनके साथ रहे। उन्होंने लोगों से निचले मंड क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील करते हुए कहा कि लोग जहां कहीं भी सुरक्षित स्थान लगता है, वहां शिफ्ट हो जाएं। विधायक ने लोगों को आश्वासन दिया है कि टैंट व खाद्य सामग्री सरकार की तरफ से उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने प्रशासन को नुकसान का आकलन कर उन्हें रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों का जो भी नुकसान होगा उसका भी मुआवजा सरकार की तरफ से दिया जाएगा।
वर्ष 1990 को कोटगढ़ में किसान आंदोलन में शहीद हुए किसान नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। कोटगढ़ स्थित शहीदी स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक सहित अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में पहुंच कर शहीद हुए किसान नेताओं को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 22 जुलाई 1990 को कोटगढ़ में किसान आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी में तीन नेता शहीद हो गए थे। कार्यक्रम में विधायक कुलदीप राठौर, सीपीआईएम नेता व पूर्व विधायक राकेश सिंघा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेंद्र कंवर, राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन देवेंद्र श्याम, कोटगढ़ जोन के अध्यक्ष सिद्धार्थ चौहान मौजूद रहे। हिमाचल में सेब का समर्थन मूल्य बढ़ाने को लेकर यह आंदोलन हुआ था। प्रदेशभर में इस आंदोलन की गूंज सुनाई दी थी।
जैनब चंदेल बोलीं- ढाई महीने से जल रहा मणिपुर, मौन बैठी है केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश महिला कांग्रेस ने आज कार्ट रोड पर प्रदेश अध्यक्ष जैनब चंदेल की अध्यक्षता में मणिपुर में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। दो महीनों से अधिक समय से मणिपुर जल रहा है और केंद्र सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। अगर सरकार समय रहते ठोस कदम उठाती तो शायद आज हालात ऐसे नहीं होते। प्रधानमंत्री मोदी ने भी 80 दिनों के बाद बयान दिया वो भी तब जब इस घिनौने कृत्य की वीडियो वायरल हुई। इस वीभत्स कृत्य ने पूरे भारत का सिर शर्म से झुका दिया है। देश की सभी महिलाएं इससे आहत और दुखी हंै। डबल इंजन की सरकार फेल हो चुकी है। ऐसी नकारा सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। केंद्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी एवं अन्य महिला मंत्री सभी ने मौन धारण किया हुआ है। यह बहुत ही शर्मनाक है। महिलाओं से जुड़े इस तरह के मुद्दों पर भी अगर वो चुप हैं तो ऐसे मंत्री होने का क्या फायदा। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा महिलाओं के प्रति कितनी गंभीर है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो मणिपुर में शांति कायम करनी चाहिए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि ढाई महीने से मणिपुर जल रहा है, लेकिन वे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि मणिपुर में बद्दतर हालात को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए और इस हिंसा के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव रिपना कलसाईक, उषा मेहता, जिला महिला अध्यक्ष वनीता वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष वृंदा सिंह, प्रभा वर्मा, शिमला शहरी की उपाध्यक्ष कृष्णा जरयाल, उमा, चंपा, नागिंद्रा, लोकेश्वरी, सरला, इंदु राज व महिला कांग्रेस की कार्यकता मौजूद थी।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में पिछले कुछ सप्ताह से पौधरोपन अभियान चलाया गया है। शनिवार को विश्वविद्यालय के मॉडल फार्म में वन महोत्सव कार्यक्रम मनाया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के स्टाफ और छात्रों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगाए जिससे परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मधुमक्कियों और अन्य मित्र कीटों को वर्ष भर भोजन उपलब्ध होगा। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि वृक्षारोपण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया की विश्वविद्यालय द्वारा वन महोत्सव को पिछले एक माह से मनाया जा रहा है और कैम्पस में सभी विभागों, एनसीसी कड़ेट्स और लाइफ मिशन के तहत अलग अलग दिन पर पौधरोपण किया गया है और 12-13 हेक्टेयर भूमि पर 4000 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होनें सभी से वन महोत्सव को अपने जीवन का अंग बनाने का आग्रह किया और सभी से विशेषकर छात्रों से इस तरह के सामाजिक कार्यों का निरंतर हिस्सा बनने का आग्रह किया। प्रोफेसर चंदेल ने कहा की वृक्षारोपण हमारे प्रकृति के लिए बहुत आवश्यक है क्योंकि बहुत सी जरूरी विकास गतिविधियों के लिए पेड़ों को काटना पड़ता है। उन्होनें छात्रों से प्रकृति के संरक्षण के लिए छोटे छोटे प्रयास करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरे के कारण वन महोत्सव जैसी गतिविधियों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने छात्रों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वह अपने द्वारा लगाए गए हर पौधे को अपनाएं और देखभाल करें। इससे पहले निदेशक अनुसंधान ने सभी से 'एक पेड़ देश के नामÓ के नारे को अपनाने को कहा और वृक्षारोपण के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष फयदों के बारे में बताया। उन्होनें नियोजित वृक्षारोपण से जलवायु परिवर्तन को कम करने और कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन में योगदान के बारे में बात की। सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरेस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीआर भारद्वाज ने वन महोत्सव और इस पहल के तहत विवि द्वारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। डॉ. अनिल सूद द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस वर्ष विश्वविद्यालय में परमार जयंती तक वन महोत्सव मनाया जाएगा और मुख्य परिसर में 4000 पौधे लगाए जाएगें। इस अभियान में पीला गुलमोहर, शीशम, खैर, पाजा, तुनी, जकरंडा आदि के पौधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय स्टेशनों और कृषि विज्ञान केंद्रों ने भी अपने-अपने स्टेशनों पर वन महोत्सव का आयोजन किया। वृक्षारोपण अभियान में सभी वैधानिक अधिकारियों, यूको बैंक, एसबीआई और जोगिंद्रा सहकारी बैंक की स्थानीय शाखाओं के प्रतिनिधियों, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों सहित छात्रों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
उप निदेशक पशु स्वास्थ्य/प्रजन्न किन्नौर अशोक सैणी ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि जिला के कारा में भारी वर्षा व खराब मौसम के कारण फंसे हुए पर्वतीय चारागाह तथा स्थानीय भेड़ पालकों व भेड़ प्रजन्न प्रक्षेत्र काकस्थल की भेड़ों की देखभाल व उपचार के लिए जिला प्रशासन किन्नौर के दिशा-निदेशानुसार विभाग द्वारा डॉ. आशीष शर्मा के नेतृत्व में एक दल जिसमें एक पशु चिकित्सा अधिकारी, एक पशु औषधीयोजक व अन्य को भेड़ों के उपचार व देखभाल के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि चिकित्सक दल द्वारा 51 भेड़ पालकों (जिसमें अधिकतम जिला शिमला व जिला किन्नौर से हैं) की 6469 भेड़ों की जांच की गई तथा 615 बीमार भेड़ों का इलाज किया गया। भेड़ प्रजन्न प्रक्षेत्र की 187 भेड़ों में 176 भेड़े स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सीय दल द्वारा चारागाहों को उनकी भेड़ों की देख-भाल के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए तथा साथ ही उन्हें आश्यक दवाईयां भी प्रदान की गई।
राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्व है, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कर्मचारियों को उनके देय लाभ समय पर मिलें। यह उद्गार शनिवार को हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने नगरोटा के ओबीसी भवन में आयोजित हिमाचल पथ परिवहन निगम की इंटक महासंघ संगठन यूनियन के राज्य स्तरीय सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सुख की सरकार कर्मचारियों की हितैषी रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों की कई लंबित मांगों को पूर्ण किया है तथा समय समय पर बेहतर सुविधाएं देने के लिए भी तत्परता के साथ कार्य किया है। आरएस बाली ने कहा कि नगरोटा विस क्षेत्र के 61 मील में हिमाचल पथ परिवहन निगम का विश्राम गृह भी निर्मित किया जाएगा ताकि एचआरटीसी के कर्मचारियों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सके। आरएस बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के परिवहन क्षेत्र में सुधार के लिए नवीन पहल के साथ कदम उठा रही है। लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से हिमाचल में पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार है। उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र में भी व्यापक परिवर्तन लाने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र को पूरे हिमाचल प्रदेश में एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाना है इसके लिए विकास पुरुष स्वर्गीय श्री जीएस बाली की सोच के अनुसार काम करते हुए जल्द ही विधानसभा क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की योजनाएं शुरू की जाएंगी। इससे पहले हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की राज्य स्तरीय इंटक महासंघ संगठन कर्मचारी यूनियन के प्रधान उमेश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए यूनियन की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा यूनियन की ओर से मांग पत्र भी मुख्यातिथि को सौंपा गया। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रताप रियाड, शहरी कांग्रेस कांग्रेस वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज दूसेजा, कमेटी के सदस्य, डीएम एचआरटीसी पंकज चड्डा, प्रधान उमेश शर्मा, उप प्रधान रविंद्र सिंह जट, प्रदेश प्रवक्ता संजीव कुमार सहित सम्मेलन में एचआरटीसी यूनियन की राज्य स्तरीय इकाई के पदाधिकारी व सदस्य भी उपस्थित रहे।
श्रम एवं रोजगार विभाग द्वारा 25 जुलाई को ओबीसी भवन नजदीक राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा में रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा हैं यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि इस रोजगार मेले में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र की निजी कंपनियां भाग ले रही हैं, जिसमें विभिन्न रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी है। उन्होंने कहा कि अभ्यार्थी की शैक्षणिक योग्यता 8वीं, 10वीं, 12वीं, स्नातक, बीफार्मा, आईटीआई डिप्लोमा, बीटेक, जीएनएम, एमबीए तथा आयु 18 से 45 वर्ष से मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार योग्यता संबंधी सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्रों व दस्तावेजों सहित ओबीसी भवन नजदीक राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा में 25 जुलाइ को प्रात: 9 बजे से सायं 4.00 बजे तक रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं।
जिला सोलन में फसलों का बीमा करवाने के लिए पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2023 में खरीफ की फसलों मक्की तथा धान को शामिल किया गया है। मक्की व धान की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। पहले यह तिथि 15 जुलाई थी। यह जानकारी कृषि उप निदेशक सोलन डॉ. डीपी गौतम ने दी। उन्होंने कहा कि टमाटर की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि भी 31 जुलाई निर्धारित की गई है। गौतम ने कहा कि इच्छुक किसान फसलों का बीमा अपने नज़दीकी लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, बिजाई प्रमाण पत्र आदि लेकर लोकमित्र केंद्रों में जा कर बीमा करवा सकते है। उन्होंने कहा कि किसान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी फसल आवेदन कर सकते हंै। उप निदेशक ने कहा कि मक्की व धान की फसल के लिए 60 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि मक्की तथा धान की फसल का बीमा करवाने के लिए किसानों को 96 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। डॉ. गौतम ने कहा कि टमाटर की फसल के लिए 2 लाख रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसानों को टमाटर की फसल के लिए 800 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। उन्होंने कहा कि पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरांत दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीयकृत आपदा को कवर किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऋणी किसानों के लिए यह योजना ऐच्छिक की गई है। उप निदेशक ने सभी किसानों से आग्रह किया कि किसान अपनी मक्की, धान व टमाटर की फसल का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने की स्थिति में किसानों को कृषि बीमा कम्पनियों से मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसान अपने समीप के खण्ड के कृषि विषयवाद विशेषज्ञ तथा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि से सम्पर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य बोले- प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं लोग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के प्रभावितों को यथा सम्भव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. शांडिल गत सांय सोलन की ग्राम पंचायत शमरोड़ के गांव डोग में प्रभावितों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान, खेत और डंगों को भारी वर्षा से नुकसान हुआ है, वह पटवारी को रिपोर्ट करें ताकि उन्हें उचित मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को मनरेगा के तहत गांव की सड़कें व डंगे ठीक करवाने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने ग्राम पंचायत सेर बनेड़ा में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के प्रभावितों से पंचायत के समुदायिक केंद्र में बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस संकट की घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि प्रभावितों को यथा सम्भव सहायता शीघ्र प्रदान की जा सके। उन्होंने संबन्धित अधिकारियों को सभी अवरुद्ध संपर्क मार्ग और जलापूर्ति योजनाओं को शीघ्र सुचारू बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में जिला की कई संस्थाओं ने सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए लोगों का उनके सक्रिय सहयोग एवं अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद के लिए सभी लोगों से आगे आने की अपील की। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत शमरोड़ के प्रधान नंद राम, उप प्रधान जनमोहन, बीडीसी सदस्य कली राम, उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आज उपायुक्त कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ जिला निर्वाचन आयुक्त तोरूल एस रवीश की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने बताया कि 21/07/2023 से 21/08/2023 की अवधि के दौरान बी.एल.ओ घर-घर जाकर मतदान सूचियों में विद्यमान प्रविष्टयों का सत्यापन कर त्रुटि पाए जाने की दशा में उसे शुद्ध करने हेतु प्रपत्र-8 के माध्यम से कार्यवाही करेंगे। दिनांक 01 अक्तूबर को 18 वर्ष या उससे अधिक की आयु पूर्ण कर चुके छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान कर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने हेतु आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे। दिनांक 21 अक्तूबर, 2024 को 18 वर्ष आयु पूर्ण करने वाले भावी मतदाताओं की पहचान कर उनकी सूची तैयार करेंगे। दिव्यांग मतदाताओं की पहचान, मतदान केंद्र के भवन की फोटो व जानकारी अपलोड तथा मतदान केंद्र की जनसंख्या की जानकारी प्राप्त करेंगे। मतदाता सूची में विद्यमान मतदाताओं की खराब व धूंधली फोटो को डिलिट कर रंगीन फोटो में परिवर्तित करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा दिनांक 11/09/2023 व 12/09/2023 को समस्त राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श किया जाएगा तथा भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति के पश्चात् दिनांक 25/09/2023 को मतदान केंद्रो की सूचियों को अंतिम रूप से प्रकाशित किया जाएगा। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी कल्पा डॉ. मेजर शशांक गुप्ता, तहसीलदार निर्वाचन जी.एस.राणा, इंडियन नैश्नल कांग्रेस से भागरथ नेगी, बी.एस.पी से अनिल कपूर तथा बी.जे.पी से कृष्ण गोपाल सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह अधिकारियों से खासे नाराज नजर आ रहे हैं। दिल्ली से शिमला लौटने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अधिकारियों के लिए उनके मन में मान-सम्मान है। सरकार चलाने के लिए अधिकारी और चुने हुए प्रतिनिधियों के बीच में समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी लक्ष्मण रेखा लांघने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। हिमाचल प्रदेश में रहकर अधिकारी प्रपोजल तैयार करते हैं और हिमाचल की सीमा पार करते-करते परवाणू में प्रपोजल को बदल दिया जाता है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अफरशाही को सख्त संदेश देते हुए कहा कि हम लोगों की ओर से चुनी हुई सरकार हैं। अफसरशाही सरकार को यह नहीं बताएगी कि क्या करना है और क्या नहीं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस बारे में वे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात करेंगे। इस तरह की बातें सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ अफसर सरकार को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा हम होने नहीं देंगे। वे इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहते, लेकिन वे सीएम सुक्खू के साथ इस बारे में गंभीरता से चर्चा करेंगे।
कसौली के विधायक विनोद सुलतानपुरी ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा की इस समय में प्रदेश की जनता के साथ खड़ी है। सुल्तानपुरी शनिवार को प्रदेश सरकार द्वारा आपदा राहत कोष के राहत राशि वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। विनोद सुल्तानपुरी ने इस अवसर पर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस कुमारहट्टी में बारिश से प्रभावित हुए 20 परिवारों को, सरकार की तरफ से 11 लाख 55 हजार रुपये नकद फौरी राहत की तौर पर वितरित किए। यह राशि कसौली विधानसभा की ग्राम पंचायत, चेवा, सुल्तानपुर, बड़ोग व कोरों के ग्रामीणों को वितरित की गई। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि इससे पहले भी प्रदेश सरकार द्वारा इस क्षेत्र की जनता को चार लाख वितरित किए जा चुके हैं। विधायक सुल्तानपुरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के आपदा प्रबंधन मैनुअल में परिवर्तन करते हुए ग्रामीणों की सहायता राशि को बढ़ाया है, जो एक सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार का भी बारिश से नुकसान उनके विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। सभी परिवारों को सरकार द्वारा सहायता राशि वितरित की जाएगी। सोलन व कसौली राजस्व विभाग के कर्मचारी व अधिकारी गांव गांव जाकर बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नवीन सूद, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह, कानूनगो राजेंद्र शर्मा, अश्वनी, रिखी राम, पटवारी यतिन, सचिन, अमनदीप, अनिल मेहता, सहायक मदन लाल भी उपस्थित थे। बैठक में स्थानीय पंचायत प्रधान सुमनलता, उप प्रधान संजय, बड़ोंग पंचायत के उपप्रधान हुक्म चंद, सुल्तानपुर पंचायत के उपप्रधान जीतराम ठाकुर, राजकुमार ठाकुर, गौरव गुप्ता, वार्ड मेंबर रूपी देवी, हिमांशु सूद, सुषमा थापर व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिमाचल बीजेपी इस समय व्यवस्था परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज संसदीय क्षेत्र प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार और सह प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजीव भारद्वाज रहेंगे। इसी प्रकार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री विक्रम ठाकुर और सह प्रभारी प्रदेश सचिव सुमित शर्मा, मंडी संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद ठाकुर और सह प्रभारी विधायक एवं प्रदेश सचिव विनोद कुमार होंगे। शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद रहेंगे। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
प्रदेश में बारिश का कहर चारों तरख दिख रहा है। शिमला जिला के कोटखाई में बारिश के चलते खासा नुकसान हुआ है। कोटखाई की बाग डुमैहर पंचायत में एक मकान पर लैंडस्लाइड हो गया, जिससे उसमें रह रहे नेपाली मूल के दंपति मौत हो गई है। कोटखाई अस्पताल के निकट भी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन होने से सारा मलबा अस्पताल की निचली मंजिल में भर गया और यह मंजिल पूरी तरह जलमग्न हो गई। भारी बारिश के बाद अस्पताल में कीचड़ भर गया। इससे डॉक्टर और दूसरा स्टाफ अस्पताल में नहीं जा पा रहा है। इतना ही नहीं इस वजह से मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार के सामने नए बने बस स्टैंड के पास डंगा गिर गया है और पुलिस थाना के सामने भी भूस्खलन हुआ है। उधर, कोटखाई के खलटू नाला में पिछले दिनों बाढ़ आने से खासा नुकसान हुआ था लेकिन आज यहां पर एक भवन जमीदोज हो गया । इस भवन के साथ दो भवनों को भी खतरा बना हुआ है। कुछ दिनों पहले इन भवनों को खाली करवा दिया था।
मुख्यमंत्री ने 10 अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखा किया रवाना मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां से 10 अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन अग्निशमन वाहनों में फोम बनाने वाली मशीनों की सुविधा है, जिससे सामान्य आग और तेल से लगने वाली आग दोनों पर ही इसमें प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकता है। इसके साथ ही राज्य में अब अग्निशमन वाहनों की संख्या 230 हो गई है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ज़िला लाहौल-स्पीति के काजा, ज़िला चम्बा के किलाड़ और ज़िला हमीरपुर के नादौन में तीन नए अग्निशमन उपकेंद्र खोलेगी। इसके अतिरिक्त, शिमला ज़िला के देहां में एक नई अग्निशमन चौकी खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य भर में अग्निशमन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के दृष्टिगत सरकार ने अतिरिक्त अग्निशमन उपकरणों की खरीद के लिए 1.60 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके अलावा, अग्निशमन केंद्रों के लिए कार्यालय भवनों और आवासीय सुविधाओं के निर्माण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 9.80 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर विधायक रवि ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, उप महापौर उमा कौशल, निदेशक अग्निशमन सेवाएं राकेश अग्रवाल, उपायुक्त आदित्य नेगी और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 315.80 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह राशि पिछले कुछ वर्षों से रुकी हुई है जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि (एनडीआरएफ) के तहत वर्ष 2020-21 के लिए आवंटित 121.71 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2021-22 के लिए 133.56 करोड़ रुपये और राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि के तहत वर्ष 2019-20 के लिए 61.07 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि महालेखा परीक्षक की ओर से लगाई गई आपत्तियों के कारण इसमें देरी हुई है और प्रदेश सरकार ने अब इन आपत्तियों का सफलतापूर्वक समाधान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि अब सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है, ऐसे में राज्य में हाल ही में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुई क्षति को देखते हुए इस आपदा की स्थिति में यह राशि शीघ्र जारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत उत्पन्न त्वरित आवश्यकताओं को पूर्ण करने के दृष्टिगत राज्य सरकार ने इस आवंटित निधि को शीघ्र जारी करने का आग्रह केन्द्र सरकार से किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह राशि अगर शीघ्र जारी होती है तो हाल ही में प्रदेश में आई विपदा से प्रभावितों को राहत पहुंचाने तथा उनके पुनर्वास में इसका सदुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आशान्वित है कि उसके आग्रह पर केन्द्र शीघ्र कार्यवाही करते हुए इस चुनौतीपूर्ण समय में अपना सहयोग एवं समर्थन बनाए रखेगा।
जिला बिलासपुर में बड़ा सड़क हादसा पेश आया है। यहां स्वारघाट में चंडीगड़-मनाली नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह साढ़े चार बजे एक कार अनियंत्रित होकर 500 फुट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान सचिन, पिंटू और खुशी के तौर पर हुई है। तीनों मृतक नोएडा दिल्ली के रहने वाले थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्त के बाद शवों को खाई में बाहर निकाली। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिमला जिले के रोहड़ू में एक बार फिर आसमानी कहर बरपा है। जानकारी के अनुसार छौहारा विकास खंड की डिसवाणी पंचायत के तहत आने वाली लैला खड्ड में बाढ़ आ गई, जिसके चलते तीन लोग मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि जगोटी गांव निवासी रोशन लाल और उनकी धर्म पत्नी भागा देवी लैला में ढाबा चलाते थे। बीती रात उनका पोता कार्तिक भी उनके साथ लैला में ही था। इस दौरान रात दो से तीन बजे के बीच लैला खड्ड में आए भारी फ्लड में ढाबा बह गया, जिसके बाद तीनों लापता हंै। पुलिस व प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ जेसीबी की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बाढ़ में रोशन लाल पुत्र शालिग राम, भागा देवी पत्नी रोशन लाल और कार्तिक पुत्र यशवंत या बह गए हैं या मलबे में दब गए हैं। बाढ़ से एक मकान और 5 गडिय़ों को भी नुकसान पहुंचा है।
ज़िला रेडक्राॅस समिति सोलन द्वारा सोलन की ग्राम पंचायत अन्हेच व बोहली में भारी वर्षा से प्रभावित 41 व्यक्तियों को राहत सामग्री वितरित की गई। ज़िला रेडक्राॅस समिति द्वारा प्रभावित व्यक्तियों को राशन एवं सफाई किट तथा किचन सेट वितरित किए गए। ज़िला रेडक्राॅस समिति सोलन की सीमा मेहता, संरक्षक रेनू कुरियन, उप संरक्षक लेख राज कौशिक, आजीवन सदस्य अजय शर्मा, एलएल संस्थान की प्रधानाचार्य श्वेता अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने बोहली व अन्हेच में यह सामग्री वितरित की।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने उन्हें राज्य में भारी बारिश और बादल फटने से हुए नुकसान से अवगत करवाया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार और एन.डी.आर.एफ. द्वारा संचालित किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी दी तथा राज्य को सहायता राशि जारी करने और अर्द्धसैनिक बलों व एन.डी.आर.एफ. को तैनात करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री को अवगत करवाया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मंडी और सोलन जिलों में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की है। प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री ने राज्यपाल को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में आपदा से नुकसान का आकलन के लिए आए दल के साथ की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार रवनीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए आए आठ सदस्यीय केंद्रीय दल के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय दल को अवगत करवाया कि प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार को हिमाचल की उदारता से मदद करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के दौरान मिली सहायता की तर्ज पर हिमाचल को भी केन्द्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के आपदा से संबंधित वर्तमान दिशा-निर्देशों में बहुत कम आर्थिक सहायता का प्रावधान है। प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और निर्माण इत्यादि की अधिक लागत को देखते केंद्र सरकार को हिमाचल सहित अन्य पहाड़ी राज्यों को अलग पैटर्न पर आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश में बिजली, पानी और सड़क परियोजनाओं को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है, जिसे स्थाई रूप से बहाल करने में काफी वक्त लगेगा और विशेष आर्थिक सहायता की भी आवश्यकता होगी। ऐसे में इस त्रासदी से उबरने के लिए प्रदेश को उदार वित्तीय मदद के लिए केन्द्र सरकार को आगे आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अन्तरिम राहत के लिए केन्द्र सरकार को पत्र भी लिखा है और मानसून के बाद इस बारे में संशोधित ज्ञापन दिया जाएगा।


















































