धर्मशाला इंडोर स्टेडियम में दो दिवसीय जिला स्तरीय सीनियर एवं जूनियर वर्ग की बैडमिंटन प्रतियोगिता का समापन आज किया गया। इस प्रतियोगिता का समापन धर्मशाला नगर निगम के मेयर ओंकार सिंह नेहरिया ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्याध्यापक राजकीय उच्च पाठशाला भनाला राकेश कटोच एवं धर्मशाला महामाई जनरल स्टोर के प्रबंधक निदेशक हरबंस लाल जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यअतिथि ने विजेता एवं विजेता को सम्मानित किया। अंडर 19 लड़कों के एकल मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी के करण शर्मा विजेता एवं धर्मशाला का कृष भाटिया उप विजेता रहे। अंडर-19 लड़कों के डबल्स मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी के आर्यन खुल्लर एवं करण शर्मा विजेता एवं धर्मशाला के कृष भाटिया एवं कशिश भट्ट उप विजेता रहे। लड़कियों के अंडर 19 एकल मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी की भारती शर्मा विजेता तथा अमृता उपविजेता रही। लड़कियों के अंडर 19 युगल मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी की भारती शर्मा एवं अमृता की जोड़ी विजेता तथा धर्मशाला की श्रीजल शर्मा एवं पलक उबविजेता रही। अंडर-19 वर्ग के मिक्स डबल्स मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी के करण शर्मा एवं भारती शर्मा विजेता तथा आर्य खुल्लर एवं अमृता उपविजेता रही। सीनियर वर्ग के पुरुष के एकल मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी के करण शर्मा विजेता तथा हरजीब उप विजेता रहे। पुरुष वर्ग के युगल मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी की करण शर्मा एवं हरजीव की जोड़ी विजेता तथा धर्मशाला के पंकज जसवाल एवं विक्रांत राणा विजेता रहे। महिला वर्ग के एकल मुकाबले में धर्मशाला की ज्योतिषिका विजेता तथा कपूर बैडमिंटन अकादमी की रूबी उपजेता रही। महिला वर्ग के युगल मुकाबले में धर्मशाला की अक्षिता चौधरी एवं ज्योतिषिका का विजेता तथा कपूर बैडमिंटन अकादमी की रूबी एवं सिमरन की जोड़ी उपजत रही। वहीं सीनियर वर्ग के मिक्स डबल्स मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी के हरजीव एवं सिमरन की जोड़ी विजेता तथा गौरव कपूर एवं रूबी उपजेता रहे। जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के महासचिव विलास हंस ने बताया कि एकल मुकाबले में मेरिट में रहे चार प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे तथा युगल मुकाबले में विजेता एवं उप विजेता राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि 23 जुलाई से सब जूनियर अंदर 15 एवं अंडर-17 जिला कांगड़ा स्तरीय की बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन इंडोर स्टेडियम धर्मशाला में किया जा रहा है, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 22 जुलाई सुबह 11 बजे तक कर दिया गया है। समापन समारोह में विशेष रूप से जिला कांगड़ा बेडमिंटन संघ के पदाधिकारी विशाल मिश्रा, पंकज शर्मा, रविंद्र कपूर, संदीप ढींगरा, विक्रम चौधरी, गौरव चड्ढा, विकास सूद विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए रेफरी विश्वनाथ मलकोटिया एवं मैच कंट्रोलर पंकज शर्मा द्वारा सुचारू रूप से चलाया गया।
पांवटा साहिब के एक निजी होटल में आज मशहूर गायक अतिकांत वर्मा ने अपनी टीम के साथ 'मेरा शिव' भजन की ग्रैंड लांचिंग किया, जिसमें पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग उन्हें आशीर्वाद देने पहुंचे। प्रेस वार्ता कर अतिकांत वर्मा ने बताया की सावन का पवित्र माह चल रहा है, और काफ़ी लंबे समय अंतराल के बाद उनकी वापसी हुई, जिसमें उन्होंने महादेव का भजन गाकर शानदार कमबैक किया। अतिकांत वर्मा व डायरेक्टर अनुराग तोमर ने बताया की सावन का माह चला है शिव भक्तों को खासकर कांवड़ियों को संदेह की नजर से अब देखा जाता है। इतना ही नहीं भक्त भी अब यह मानते हैं कि भांग और धतूरा चढ़ाना उसका सेवन करना ही शिव भक्ति है, लेकिन ऐसा नही है क्योंकि आरंभ भी वही है और अंत भी इसलिए सकारात्मकता के साथ शिव भक्ति करें। इस भजन की शूटिंग पौड़ीवाला प्राचीन शिव मंदिर (नाहन ) में हुई है,जिसमें अतिकांत वर्मा ने अपनी आवाज़ दी है जबकि म्यूसिक ,मास्टरिंग और मिक्सिंग नवदीप धात्रा ने किया है। भजन के लिरिक्स विक्रम वर्मा जो की नाहन से उन्होंने लिखे हैं। वहीं शृंगार -मोनू सिंह ने, जबकि स्पोंसर अतिकांत ज्वेलर्स ने किया है। अतिकांत वर्मा ने स्पेशल धन्यवाद विनय चौहान (नाहन), रिक्की टी गिफ्ट ट्रूलर, राहुल, हर्ष (गणपति टूर एंड ट्रेवलद्ध), युवराज सिंह, अजयपाल (रावण ) आदि को किया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक किरनेश जंग ने अतिकांत और उनकी पूरी की उज्जवल भविष्य की कामना की, गायक अतिकांत वर्मा, विक्रम वर्मा, डायरेक्टर अनुराग तोमर, हर्ष कश्यप आदि मौजूद रहे।
विधायक केवल बोले- यह मुख्यमंत्री के विश्वसनीय नेतृत्व और नीतियों की जीत नगर पंचायत शाहपुर ने आज अपने नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्विरोध चुनाव कर एक उदाहरण पेश किया, जिसमें अध्यक्ष पद के लिए वार्ड नंबर एक की पार्षद उषा शर्मा तथा उपाध्यक्ष के रूप में वार्ड नंबर सात के पार्षद विजय गुलेरिया को चुना गया। शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने इस मौके पर चुने गए पदाधिकारियों को बधाई देते हुए, उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शाहपुर में हुई यह जीत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के विश्वसनीय नेतृत्व और लोक हितैषी नीतियों की जीत है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत शाहपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की ताजपोशी होना उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्तासीन सुक्खू सरकार ने, अपने पहले ही स्थानीय निकाय चुनाव में निर्विरोध रूप से अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर पार्टी समर्थित कार्यकर्ताओं की ताजपोशी करवा कर अपनी लोकप्रियता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार की नीतियों और जनकल्याण के संकल्प से प्रभावित होकर क्षेत्र के पार्षदों ने उनके दल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इसी माह की शुरुआत में शाहपुर नगर पंचायत के चार पार्षदों, विजय गुलेरिया, उषा शर्मा, आजाद सिंह व सुषमा चौहान ने जिलाधीश कांगड़ा के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 21 जुलाई का दिन निर्धारित किया गया था, लेकिन फ्लोर टेस्ट होने पूर्व ही अध्यक्षा निशा शर्मा व उपाध्यक्ष किरण कौशल ने अपना अपना त्यागपत्र एसडीएम के कार्यालय में सौंप दिया। पठानिया ने कहा कि त्यागपत्र के बाद खाली हुई सीटों के लिए उपायुक्त कांगड़ा द्वारा 21 तारीख को ही चुनाव करवाने संबंधी अधिसूचना जारी की गई। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के सभी पार्षदों ने एकमत से चुनाव ना करवा कर निर्विरोध अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए मात्र दो ही प्रतिनिधियों के नाम आने पर एसडीएम शाहपुर करतार चंद ने अध्यक्ष पद के लिए उषा शर्मा और उपाध्यक्ष पद के लिए विजय गुलेरिया ने नाम की घोषणा की। केवल पठानिया ने पार्षदों को आश्वस्त किया कि जब भी हाउस मीटिंग होगी उसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि जनहित में निर्णय लेते हुए उनपर त्वरित कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि ये ऐतिहासिक जीत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सुक्खू के कुशल ओर निर्णायक नेतृत्व की जीत है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत शाहपुर में हुए व्यवस्था परिवर्तन के साथ की क्षेत्र तसवीर को बदलने के लिए काम किया जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवदत्त शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष सुरजीत राणा, महिला ब्लॉक काँग्रेस अध्यक्ष नीना ठाकुर, ओबीसी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पटाकू, प्रदीप बलोरिया, संजीव उपाध्याय, राजीव पटियाल, पुष्पा जरियाल, निशा शर्मा, किरण बाला, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अश्वनी चौधरी, सूबेदार उत्तम सिंह, मुनीश पटियाल, कर्ण पठानिया, कर्ण परमार पिंटू, इकबाल सिंह मिंटा, विनय ठाकुर सहित विभिन्न संगठनों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विभागीय अधिकारी प्रदेश सरकार द्वारा जनहित मे चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी भेदभाव के आमजन तक पहुंचाएं तथा इन योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करें ताकि और अधिक पात्र लोग इन योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ प्राप्त कर सकें। यह निर्देश उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जिला कल्याण समिति ऊना की समीक्षा बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ गरीब कल्याण प्रदेश सरकार का प्रमुख एजेंडा है तथा इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना आरंभ की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याणार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 93 करोड़ 73 लाख 52 हजार 173 रुपए खर्च किए गए हैं। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 की प्रथम तिमाही के दौरान 27 करोड़ 72 लाख 27 हजार 62 रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ऊना जिला में कुल 62,777 व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है इनमें वृद्धावस्था पेंशन योजना के 40,957, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 6,237, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अपंग पेंशन योजना के 58, अपंग राहत भत्ता योजना के 5,588, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 2,219, विधवा पेंशन योजना के 7687 तथा कुष्ठ रोगी पुनर्वास योजना के 31 लाभार्थी शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत एक करोड़ 10 लाख रुपए, विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत 3 लाख रुपए, मदर टेरेसा असहाय मात्री संबल योजना के तहत 78 लाख 75 हजार रुपए, महिला स्वयं रोजगार योजना के तहत 1 लाख 25 हजार रुपए , शगुन योजना के तहत एक करोड़ 10 लाख रुपए तथा बेटी है अनमोल योजना के तहत 50 लाख 2 हजार 651 रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा वित्त वर्ष 2023-24 निर्माण अनुदान योजना के तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान जिला ऊना में 94 लोगों को गृह निर्माण के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान राशि प्रधान की जा रही है। बैठक में वित्त वर्ष 2023-24 की प्रथम तिमाही में प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्राप्त आवेदनों को भी समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। इस अवसर पर विधायक ऊना विधानसभा क्षेत्र सतपाल सिंह सत्ती, विधायक कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र देवेंद्र भुट्टो, जिला परिषद की अध्यक्ष नीलम कुमारी, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर, एसडीएम बंगाना मनोज कुमार, एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान, एसडीएम गगरेट सोमिल गौतम, एसडीएम अंब विवेक महाजन, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा तथा जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कश्यप सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां बताया कि किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने सेब और आलू के सुचारू परिवहन के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के ट्रकों को विशेष पथ कर (एसआरटी) के भुगतान से छूट देने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय परमिट के अंतर्गत नहीं आने वाले ट्रकों को इस वर्ष 20 जुलाई से 31अक्टूबर तक इस छूट का लाभ मिलेगा। मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि यह निर्णय किसानों और बागवानों के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे सेब व आलू के सीजन में ढुलाई की पर्याप्त परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस छूट के परिणामस्वरूप परिवहन लागत में कमी आएगी, जिससे उत्पादकों की आय में भी वृद्धि होगी। उप-मुख्यमंत्री, जिनके पास परिवहन मंत्री का प्रभार भी है, ने दोहराया कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कठिन समय में विशेषकर उन बागवानों एवं कृषकों को राहत मिलेगी जो भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं।
राजकीय महाविद्यालय शिवनगर के बीए तृतीय का वार्षिक परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। महाविद्यालय में महक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रोहित फांडा और काजल राणा ने द्वितीय व खुशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. शमशेर सिंह राणा ने इस सफलता के लिए महाविद्यालय प्राध्यापकों तथा बच्चों को बधाई देते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि सोलन के कथेड़ में अत्याधुनिक बहुविशेषज्ञ अस्पताल के साथ एक क्रिटिकल केयर सेंटर भी निर्मित किया जाएगा। क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण से गम्भीर रोगों से ग्रस्त रोगियों को 24ग7 विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डॉ. शांडिल ने यह जानकारी अस्पताल निर्माण के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक को सम्बोधित करते हुए दी। डॉ. शांडिल ने कहा कि क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण के लिए कथेड़ में अतिरिक्त भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने दूरभाष पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से कथेड़ में प्रदेश पथ परिवहन निगम के पास उपलब्ध भूमि इस सेंटर के निर्माण के लिए प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधान सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एम. सुधा देवी को दूरभाष पर ही क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण के सम्बन्ध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोलन की भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत यहां क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल सहित क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्प है। इसके लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस निर्माण कार्य को दो वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इस बहुउद्देशीय अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के साथ-साथ मातृ शिशु इकाई का पृथक निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तृतीय स्तर के ट्रॉमा सेंटर के निर्माण से प्रदेश के इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र सिद्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी बड़े अस्पतालों में हैलीपेड निर्मित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। यहां भी ट्रामा सेंटर भवन की छत पर हेलीपैड निर्मित किया जाएगा। डॉ. शांडिल ने कहा कि निर्मित होने पर इस अस्पताल में रोगियों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ हर समय उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग को इस दिशा में समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मुख्य वास्तुकार राजीव शर्मा से अस्पताल निर्माण के विषय में सारगर्भित चर्चा की। इस अवसर उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रवि भट्टी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा सहित संबन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
सेवानिवृति के पश्चात अधिकतर लोग जहां आराम से अपना जीवन जीना चाहते हैं वहीं समाज में कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो जीवन में कुछ नया करने की सोच रखने के साथ नई मिसाल पेश कर अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन जाते हैं। ऐसा ही कमाल कर दिखाया है, कांगड़ा ज़िला के नगरोटा सूरियां विकास खण्ड के तहत घाड़ जरोट के कृषक परिवार से सम्बंध रखने वाले जीवन सिंह राणा ने। शिक्षा विभाग से प्रवक्ता पद से सेवानिवृत जीवन सिंह राणा ने ऐसे गुणकारी एवम स्वास्थ्यवर्धक फ्रूट जिसे सुपरफ्रूट भी कहते हैं की खेती शुरू की है। ड्रैगन फ्रूट से मशहूर इस सुपर फ्रूट का यहां के अधिकतर लोगों ने न तो नाम सुना था और न ही स्वाद चखा था। लेकिन प्रदेश सरकार के बागवनी विभाग के प्रयासों के साथ जीवन राणा तथा उनके परिवार की कड़ी मेहनत से ड्रैगन फ्रूट की लालिमा से जहां जीवन राणा के बाग की तस्वीर बदल रही है वहीं लोगों को इस फ्रूट के औषधीय गुणों के बारे मे भी जानकारी मिल रही है। कोरोना कालखंड के दौरान जीवन राणा ने सिविल इंजीनियर पास बेटे आशीष राणा और अपनी पत्नी कुंता राणा से सलाह मशविरा करके कुछ नया कारोबार शुरू करने का मन बनाया, ताकि बेटे के साथ परिवार भी उस कार्य से जुड़ सके। उन्होंने सितंबर, 2020 में बेटे के साथ पंजाब राज्य के बरनाला में ड्रैगन फ्रूट फार्म का दौरा कर इसकी खेती बारे जानकारी ली। उसके पश्चात उन्होंने बागवनी विभाग से सम्पर्क कर 6 कनाल भूमि पर लाल छिलके की किस्म के ड्रैगन फ्रूट के 450 पौधे लगा कर इसकी प्राकृतिक तरीके से खेती शुरू की। पहले वर्ष में सैंपल के तौर पर 30 से 35 पीस की पैदावार हुई। जबकि पिछले वर्ष सीजन के दौरान 600 किलोग्राम ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन हुआ। जिसमें एक पौधे से अधिकतर 700 ग्राम वजन के फ्रूट की पैदावार हुई है। उन्हें एक वर्ष में 1 लाख 25 हज़ार रुपए की आय प्राप्त हुई है। इस वर्ष भी फ्रूट की फसल शुरू होने के साथ अब तक 2 क्विंटल फ्रूट की बिक्री कर दी गई है। ड्रैगन फ्रूट की फसल नवंबर माह तक जारी रहेगी। उनका मानना है कि इस वर्ष ड्रैगन फ्रूट की 1200 किलोग्राम तक पैदावार होने की उम्मीद है। उनका कहना है कि पूरी तरह आर्गेनिक तरीके से तैयार इस फ्रूट की दूसरे राज्यों में अच्छी मांग रहती है। जहां पर 250 से 500 रुपए प्रति किलोग्राम तक दाम मिलते हैं । बावजूद इसके वह बाहरी राज्यों के बजाए अपने प्रदेश में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए इसकी सप्लाई करते हैं। बागवानी विभाग के विशेषज्ञों के समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन तथा तकनीकी सहायता और तीन साल की कड़ी मेहनत से परिवार ने सफलता की एक नई इबारत लिखी है। उन्होंने इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष भी प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत बागवानी विभाग के सहयोग से अपने खेतों में और पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। वैसे तो जीवन राणा ने वर्ष 2014 से ही प्राकृतिक खेती शुरू की थी। लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते देख जीवन राणा ने इस खेती बारे कृषि विभाग से तकनीकी जानकारी लेने सहित इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। उनका कहना है कि प्राकृतिक खेती से जहां जमीन को जहरीला होने से बचाया जा सकता है, वहीं इससे कम लागत में अच्छी पैदावार होती है। प्रदेश सरकार द्वारा कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आतमा) के माध्यम से आरंभ की गई ‘प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान’ योजना से जुड़ कर जीवन राणा ने प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने सही तरीके से प्राकृतिक खेती करने के लिए साहीवाल नस्ल की गाय भी पाल रखी है जिसके गोबर तथा गौमूत्र से जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी अर्क, आच्छादन, वापसा और निमास्त्र आदि तैयार करते हैं। इनके इस्तेमाल से पौधों को कवक और जीवाणु से उत्पन्न होने वाले रोगों से बचाने में मदद मिलती है। आज जीवन राणा अपने खेतों में प्राकृतिक खेती से ड्रैगन फ्रूट की खेती के अलावा स्ट्रॉबेरी, रवी तथा खरीफ सीजन में मक्की, गेहूँ,धान( लाल चावल, बासमती), माह, उड़द, सोयाबीन, चना, अलसी, रागी, कोदरा, अदरक और हल्दी की बीजाई कर अच्छी पैदावार प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त सीजनल सब्ज़ियों में घीया, भिंडी ,लौकी, तोरी, बैंगन, टिंडा,खीरा, करेला आदि भी उगाते हैं। उन्होंने लीची,आम,अमरूद, पपीता, जामुन, हरड़,बेहड़ा तथा आंवला जैसे कई फलदार और औषधीय पौधे भी उगाए हैं। *ड्रैगन फ्रूट की विशेषताएं ड्रैगन फ्रूट कैक्टस की ही एक प्रजाति है। इस फल में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाता है और मधुमेह,अल्जाइमर, पार्किंसंस जैसी पुरानी बीमारियों (क्रोनिक डिज़ीज़) से बचाता है। विशेषकर इसमें बहुत ज़्यादा फाइबर होता है जो पाचन स्वास्थ्य (डाइजेशन हेल्थ) को बेहतर बनाता है। जानकार बताते है कि इस फल में एंटी-कैंसर के गुण होते हैं जिससे कैंसर होने का खतरा कम होता है। इस फल को नियमित रूप से खाने से रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर को संतुलित रखा जा सकता है। इस सुपरफ्रूट में 18% मैग्नीशियम होता है और यह हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाता है। *कृषि एवं बागवानी विभाग से मिली सहायता जीवन राणा का कहना है कि प्रदेश सरकार के कृषि एवं बागवानी विभाग से उन्हें हर समय तकनीकी जानकारी के साथ बहुत सहयोग मिला है। विभाग द्वारा ट्रैक्टर की खरीद पर उन्हें अढ़ाई लाख रुपए,बोरवेल पर 1 लाख 10 हजार रुपए, जबकि सिंचाई के लिए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर प्रणाली के लिए 22 हज़ार रुपए, ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाने सहित पॉलीहाउस बनाने के लिए भी सब्सिडी प्रदान की गई है। प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान योजना के तहत उन्हें देसी नस्ल की गाय की खरीद पर 20 हज़ार जबकि गौशाला के फर्श एवं गौमूत्र एकत्रीकरण की व्यवस्था,ड्रम एवं अन्य सामग्री और भंडारण पर भी अनुदान प्रदान किया गया है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ कमलशील नेगी ने बताया कि पहले ड्रैगन फ्रूट की पैदावार देश के अन्य राज्यों में होती थी लेकिन इसमें औषधीय गुण विद्यमान होने के कारण प्रदेश में बढ़ती मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इसकी खेती सहित अन्य फ्रूट की किस्मों को तैयार करने के लिए किसानों को प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। बागवानी विभाग कांगड़ा जिला में इस फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है जिसके तहत इस वर्ष नगरोटा सूरियां ब्लॉक में 25 कनाल भूमि पर फ्रंट लाइन डेमोस्ट्रेशन प्लाट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें वैज्ञानिक तरीके से 4 हजार पौधे लगाए जाएंगे। विभाग द्वारा इस पर लगभग 15 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। इस डेमोस्ट्रेशन प्लाट में दूसरे क्षेत्रों से लोग आकर ड्रैगन फ्रूट की खेती बारे तकनीकी जानकारी हासिल कर सकेंगे । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सूक्खु ने बागवानी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ड्रैगन फ्रूट, ब्लूबेरी सहित अन्य नई फ्रूट की किस्मों की खेती को नए बजट में शामिल किया है । जिससे यहां के बागवानों में फल उत्पादन के प्रति रुझान बढ़ेगा। मुख्यमंत्री की इस पहल से बागवानों विशेषकर युवाओं को इससे स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्राप्त होने के साथ अच्छी आय भी प्राप्त होगी।
भाजपा के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल सरकार बागवानों के साथ अन्याय कर रही है। अगर आप गौर से देखें तो मुख्यमंत्री, बागवानी मंत्री और ठियोग के विधायक के बीच बिलकुल भी आपसी तालमेल नहीं है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि सेब जिस प्रकार बिक रहा था, उसी प्रकार बिकेगा, बागवानी मंत्री कहते हैं कि किलो के हिसाब से बिकेगा और उनके विधायक कुछ और ही कहते हैं। इससे भगवानों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, सेब बागवान किलो के हिसाब से सेब कैसे बेचेंगे जब उसको तोलने की कोई भी सुविधा मंडियों में है ही नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हर प्रकार से हिमाचल प्रदेश की इस आपदा के समय मदद की है चाहे वह हेलीकॉप्टर प्रदान करना हो या राहत राशि हो। पर कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार का धन्यवाद तक नहीं किया। उन्होंने कहा की यहां तक कि कांग्रेस के नेताओं ने यह तक कह डाला की आपदा में फसे लोगों को बचाने के लिए आर्मी उपस्थित ही नहीं थी और मुख्यमंत्री उनको बचा कर ले आए। मैं पूछना चाहता हूं कि आर्मी के जवान ही थे जो आपदा में फसे हुए लोगों को निकाल कर लेकर आए, क्या मुख्यमंत्री उनको कंधे पर उठाकर लेकर आए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने जो आपदा के लिए राशि भेजी है उसको कांग्रेस के मंत्री और नेता नकद रूप में लोगों के बीच में बांट रहे हैं। उसको लेकर फोटो खिंचवा रहे हैं वह केवल मात्र श्रेय लेना चाहते हैं और कुछ भी नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मैं धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने तुरंत हिमाचल प्रदेश के नेशनल हाईवे को ठीक करने के लिए राशि प्रदान की है और टोल टैक्स भी माफ किया है। उन्होंने भाजपा के समस्त नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दी और कहा कि आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा हिमाचल प्रदेश की सभी चारों सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी और एक बार फिर केंद्र में भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। इस मौके पर भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से मिला उसमें प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, सचिव विनोद कुमार, डॉ. संजय ठाकुर, कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर, कार्यालय सह सचिव किरण बाबा, सपना कश्यप, प्रदेश कोषाध्यक्ष कमल सूद, प्रदेश मीडिया प्रभारी करण नंदा, सह मीडिया प्रभारी प्यार सिंह, रमा ठाकुर और सुदीप महाजन उपस्थित रहे।
जून माह में हिमाचल प्रदेश में बनीं 14 समेत देश की 48 दवाओं के सैंपल फेल हो गए। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जून के ड्रग अलर्ट में ये दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई हैं। प्रदेश में निर्मित जिन 14 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें सोलन की आठ, कांगड़ा-सिरमौर की दो-दो और ऊना जिले में बनी एक दवा शामिल है। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह ने बताया कि दवाओं के कुल 1,273 सैंपल लिए थे, जिनमें 1,225 सैंपल खरे उतरे, जबकि 48 फेल हुए हैं। इनमें एनजाइना की दवा, खून के थक्के रोग, संक्रमण रोकने, बाल झड़ने, एनिमिया, अस्थमा, त्वचा संक्रमण, उच्च रक्तचाप, आंख की रोशनी और एलर्जी की दवा के अलावा एसिड के सैंपल फेल हो गए हैं। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि सैंपल फेल होने वाले उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग के उपमंडल इंदौरा के अंतर्गत टिप्परी से अटाहड़ा वाया डैंकवां मार्ग 23 जुलाई से 17 अगस्त तक बंद रहेगा। इस संदर्भ में विभाग के सहायक अभियंता नरेंद्र चौधरी ने बताया कि टिप्परी से डैंकवां तक उक्त सड़क का कंक्रीट कार्य किया जाना प्रस्तावित है, जिसके चलते इस मार्ग पर आवागमन पूर्णतया बंद रहेगा। इस दौरान इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों के लिए डैंकवां से लोधवां वाया जटोली मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग किया जाएगा।
पयर्टन नगरी मनाली के लेफ्ट बैंक मार्ग पर जगतसुख के नेहुलु नाला और करजां नाले में दो जगह आधी रात को बादल फ़टने से व्यापक नुकसान हुआ है, जिससे कृषि-बागबानी को भारी नुकसान हो गया है। फसलें तबाह हो गई है, वहीं लेफ्ट बैंक की सडक़ भी बाढ़ भी भेंट चढ़ गई है। सडक़ पर भारी मलबा आने ने यातायात बंद हो गया है। दोनों तरफ जाम लग गया है। सब्जी मंडी आ रहे वाहन भी जाम में फंस गए गए हैं। बता दें कि इस बार मौसम की सबसे ज्यादा मार कुल्लू पर पड़ रही है। पिछले दिनों हुई भारी बारिश से कुल्लू के कई गांव बाढ़ में बह गए हैं, जबकि कइयों का नामोनिशान मिट चुका है। सैंज, मणिकर्ण, कसोल, गूंगी आदि स्थानों सहित कई ऐेसे गांव भी हैं, जो मौसम की मार झेल रहे हैं। अभी बरसात शुरूआती दौर में है, लेकिन बादल फटने की घटनाएं जिला को खून के आंसू रुला रही हैं।
इस वर्ष छह माह के अंदर ही करीबन 1.06 करोड़ सैलानियों ने हिमाचल प्रदेश में विजिट किया है । प्रदेश में पहली बार जून तक ही सैलानियों की संख्या एक करोड़ पार हो गई है। इससे पहले साल 2019 में जनवरी से जून तक सबसे अधिक 90.61 लाख सैलानी देवभूमि हिमाचल पहुंचे थे। अप्रैल से जून तक प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में आने वाले सैलानियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में करीब 15 लाख, मई में 21 लाख और जून में 25 लाख सैलानी हिमाचल प्रदेश पहुंचे। जनवरी से मार्च तक प्रतिमाह 12 से 13 लाख सैलानियों का आना हुआ। विदित है कि सुक्खू सरकार प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए पर्यटन क्षेत्रों की ओर फोकस कर रही है। सरकार ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया है और राजस्व बढ़ाने की दिशा में प्रयत्नों क्षेत्रों को विकसित भी किया जा रहा है। आंकड़ों की ओर देखे तो वर्ष 2018 में 88,98,620, 2019 में 90,61,269 और 2020 में 22,05,634 सैलानियों ने प्रवेश किया है। वहीं 2021 में 19,76,091, वर्ष 2022 में 86,42,390 जबकि 2023 में अब तक तकरीबन 1,0006,743 सैलानी प्रदेश की वादियां निहारने पहुंचे है।
शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस मैनेजमेंट (एसआईएलबी), सोलन और गवर्नमेंट कॉलेज, सोलन ने शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। सरोज खोसला अध्यक्ष और संस्थापक एसआईएलबी और प्रोफेसर पी के खोसला, संस्थापक, एसआईएलबी और दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों की उपस्थिति में, दोनों संस्थानों के प्रमुखों द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एसआईएलबी की अध्यक्ष सरोज खोसला ने कहा कि इस पहल से छात्र और संकाय विनिमय पहल के माध्यम से दोनों संस्थानों के छात्रों और संकाय सदस्यों को लाभ होगा। विभिन्न गतिविधियां शुरू की जाएंगी, जिनमें शैक्षणिक भागीदारी, विशेष रूप से अनुसंधान जागरूकता कार्यक्रमों को पढ़ाने के लिए संकाय और छात्रों का आदान-प्रदान शामिल होगा। छात्र दोनों संस्थानों में अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं और साथ ही सेमिनार, कार्यशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे संयुक्त कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रो. खोसला ने कहा की कि इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से ये दोनों संस्थान सीखने की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए अनुसंधान और शिक्षाविदों के माध्यम से अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे। एमओयू में अनुसंधान में संलग्न होने के उद्देश्य से एक संस्थान से दूसरे संस्थान में संकाय के दौरे को प्रोत्साहित करने की भी परिकल्पना की गई है। इसके अलावा, यह प्रकाशनों और विद्वतापूर्ण सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। दोनों संस्थान संस्थागत और व्यक्तिगत स्तर पर जीवन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, व्यवसाय प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में सहयोगात्मक अनुसंधान कार्य करेंगे।
कहा- 70 करोड़ रुपये से होगा छैला-यशवंत नगर वाया नेरी सड़क का सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सेब उत्पादकों को सुविधा प्रदान करने और उनकी उपज के लिए एक सुचारू परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारी बारिश से आई आपदा के बाद राज्य सरकार सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़कों की बहाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि बागवानों को सुचारू परिवहन सुविधा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने यह बात वीरवार सायं आढ़ती संघ के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र बहाली के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परिवहन संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए, राज्य सरकार नेरी पुल के माध्यम से छैला से यशवंत नगर सड़क को मजबूत करने को प्राथमिकता दे रही है। सेब सीजन के दौरान बागवानों के सामने आने वाली किसी भी परिवहन बाधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत इसके लिए 70 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की परियोजना का एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भंडारण सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार राज्य भर में प्रमुख स्थानों पर नियंत्रित वातावरण (सीए) स्टोर स्थापित करने की योजना बना रही है। ये सीए स्टोर भावानगर (किन्नौर), संदासू (चिड़गांव), अणु (जुब्बल), चौपाल (शिमला), जाबली (सोलन), सुंदरनगर (मंडी), दत्तनगर (रामपुर बुशहर) और खड़ापत्थर (शिमला) में स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, दिल्ली में कुंडली सीमा पर राज्य सरकार की भूमि पर एक और सीए स्टोर बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एक डिस्टिलरी स्थापित करने पर भी विचार कर रही है ताकि निम्न गुणवत्ता के सेब से भी बागवान लाभ अर्जित कर सकें। इस पहल का उद्देश्य उन सेबों का उपयोग करना है जो बाजार के ताजा उपज मानकों को पूरा नहीं कर सकते हैं। डिस्टिलरी की स्थापना से सरकार निम्न गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों को मूल्यवान संसाधन के रूप में प्रसंस्कृत करेगी ताकि उत्पादकों की आय में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सेब उत्पादकों को शोषित करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ अपने रुख पर कायम है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आढ़ती संघ ने बागवानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्था के आधार पर सेब तोलने या खरीदने पर सहमति जताई। संघ ने बागवानों को समर्थन एवं फल खरीद में हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश की प्रतिबद्धता के अनुरूप अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करने का विश्वास जताया।
सिरमौर हाटी विकास मंच ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के सांसद राज्यसभा में व्यवधान डालकर जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के लाखों लोगों के हितों पर कुठाराघात कर रहे हंै। सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा, उपाध्यक्ष कपिल चौहान, सचिव मदन तोमर व गोपाल ठाकुर हरगोविंद राणा, कपिल कपूर, दलीप सिंगटा आत्मा राम शर्मा, जगत ठाकुर, अनुज शर्मा, आशु चौहान, बंसी ठाकुर, नीटू चौहान, ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता व सांसद राज्यसभा में जनता के हितों के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले बिलों व विधायी कार्यों के समय ही व्यवधान डालते हैं, जिससे पांच दशकों से पुराना हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिए जाने का बिल जो लोकसभा से गत 16 दिसंबर को पारित हो चुका है, वह राज्यसभा में पारित नहीं हो पा रहा है। सिरमौर हाटी मंच के पदाधिकारियों ने कांग्रेस पार्टी से आग्रह किया कि वह हिमाचल प्रदेश के तीसरे जनजातीय संशोधन बिल को पारित करने में सहयोग दे। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु व प्रदेश कांग्रेस सरकार से भी आग्रह किया कि वह इस मामले में पार्टी की स्थिति स्पष्ट करे और केंद्रीय नेतृत्व को इस बिल को पारित करवाने में सहयोग करने के लिए प्रभावी संदेश दें, ताकि यह बिल पारित हो पाए। सिरमौर हाटी विकास मंच ने छतीसगढ़ की कांग्रेस सरकार व मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि वह भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बनाए क्योंकि उनका व हाटी समुदाय का यह बिल राज्यसभा में लंबित है। मंच ने कहा कि यदि कांग्रेस के सांसदों का नकारात्मक रवैया यूंही जारी रहा तो सिरमौर हाटी विकास मंच लाखो लोगो को लामबंद कर कांग्रेस सांसदों, प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्रियों व विधायकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पर विवश होगी।
धर्मशाला इंडोर स्टेडियम में दो दिन चलेगी जिला स्तरीय प्रतियोगिता धर्मशाला इंडोर स्टेडियम में 20 जुलाई से दो दिवसीय जिला स्तरीय सीनियर एवं जूनियर वर्ग की बैडमिंटन प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त कैप्टन जीएम. पठानिया ने किया। शुभारंभ कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जम्मू एंड कश्मीर बैंक धर्मशाला के वरिष्ठ प्रबंधक संजीव शर्मा, सिटी केयर हॉस्पिटल के प्रबंधक निदेशक नीरज ठाकुर जी, प्रोफेसर राकेश पठानिया एवं इंजीनियर अजय कुमार शर्मा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष सुनील मनोचा ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कांगड़ा जिला बैडमिंटन संघ के महासचिव विलास हंस ने बताया कि यह प्रतियोगिता सीनियर एवं जूनियर वर्ग की दो दिवसीय प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में जो एकल वर्ग में मेरिट पर चार खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन किए जाएंगे एवं युगल मुकाबले में विजेता एवं उप विजेता जिला कांगड़ा से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन किए जाएंगे। आज खेले गए ये मुकाबले आज के खेले गए मुकाबलो में अंडर-19 छात्र वर्ग के एकल मुकाबले में धर्मशाला के अर्पित ने ज्वालामुखी के सूर्यांश को हराकर, धर्मशाला के कृष भाटिया ने ज्वालामुखी के रितुल को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के कुणाल ने पालमपुर के सुजल को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के आयुष राणा ने नूरपुर के विश्वास कोहली को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। पुरुष वर्ग के एकल मुकाबले में धर्मशाला के विक्रांत राणा ने दक्ष राणा को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के हरजीव ने शाहपुर के मोहित धीमान को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के कर्ण ने धर्मशाला के विवेक कुमार को हराकर, धर्मशाला के विक्रांत राणा ने कपूर बैडमिंटन अकादमी के साहिल को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी के गौरव ने धर्मशाला की मृदुल भाटिया को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। अंडर 19 लड़कियों के एकल मुकाबले में कपूर बैडमिंटन अकादमी की अमृता ने धर्मशाला की दीक्षा को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। महिला वर्ग के एकल मुकाबले में अक्षिता चौधरी ने कपूर बैडमिंटन अकादमी की अवनी को हराकर, कपूर बैडमिंटन अकादमी की रूबी ने धर्मशाला की तान्या को हराकर, भारती शर्मा ने धर्मशाला की प्रकृति को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। पुरुष वर्ग के युगल मुकाबले में नगरोटा बगवां के प्रांशुल एवं विवेक की जोड़ी ने धर्मशाला की अजय बग्गा एवं विवेक को हराकर, नूरपुर के ईशान और मानिक शर्मा की जोड़ी ने सुरेश की जोड़ी को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। कार्यक्रम के शुभारम पर विशेष रूप से जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के पदाधिकारी विशाल मिश्रा, आरसी कटोच, सर्वचंद धीमान, सुमन शर्मा, रविंद्र कपूर, पंकज शर्मा, संदीप ढींगरा, गौरव चड्ढा, पवन चौधरी, विक्रम चौधरी उपस्थित रहे। महासचिव ने बताया कि इस प्रतियोगिता को सुचारू रूप से चलने के लिए तकनीकी अधिकारियों का सहारा लिया जा रहा है जिसमें विश्वनाथ मलकोटिया को इस प्रतियोगिता का रेफरी एवं पंकज शर्मा को मैच कंट्रोलर लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ठाकुर को आपदा राहत कोष-2023 के लिए बैंक की ओर से 7,06,18,702 रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस राशि से प्रभावित परिवारों को सहायता मिलेगी। समाज का हर वर्ग इस कठिन समय में मदद के लिए आगे आ रहा है, जिसके लिए राज्य सरकार उनकी आभारी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, बैंक के प्रबंध निदेशक शरवन मांटा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एम. सुधा देवी की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों और जिला बाल संरक्षण अधिकारियों की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। एम. सुधा देवी ने कहा कि इस योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और करियर परामर्श, वस्त्र भत्ता, त्यौहार और विवाह अनुदान, मकान निर्माण के लिए भूमि और अनुदान का आवंटन, राज्य के बाहर वार्षिक शैक्षणिक दौरे, कोचिंग, उच्च शिक्षा व व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास पाठ्यक्रमों को प्रायोजित करने, अनाथ बच्चों व देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को स्वरोज़गार, स्टार्ट-अप के लिए सहायता प्रदान करने जैसे लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यवेक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में अनाथ बच्चों की सही जानकारी प्राप्त करने के लिए सर्वेक्षण 21 दिनों के भीतर पूरा करें। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अन्तर्गत लाने के लिए अनाथ बच्चों का विवरण संबंधित उपायुक्त को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण एक अभियान के रूप में चलाया जाना चाहिए ताकि कोई भी पात्र बच्चा लाभ पाने से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि आवेदन पत्र खंड स्तरीय कार्यालयों में आसानी से उपलब्ध करवाएं ताकि आवेदक के लिए यह सुलभ उपलब्ध हों। सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है। इस योजना के तहत बच्चों और एकल नारी की उच्च शिक्षा और कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष भी स्थापित किया गया है। उन्होंने योजना के तहत प्राप्त आवेदनों को मिशन मोड में प्राप्त करने तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार संसाधित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक रूपाली ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की सशक्त महिला ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत हिमाचल की स्थायी निवासी महिलाओं को अपने उद्यम स्थापित करने, आजीविका गतिविधियों को आरंभ करने, रोजमर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने तथा अपने परिवारों के उत्थान के लिए उपभोग्य सुरक्षा (कोलेटरल) मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए बैंक के प्रयासों की सराहना करतेे हुए कहा कि यह ऋण सुविधा प्रदान कर बैंक ने प्रदेश की महिलाओं को सशक्त करने तथा उन्हें कठिन समय में पुनर्भुगतान न कर पाने की स्थिति में अपनी संपत्ति खोने के डर से मुक्त किया है। उन्होंने कहा कि उपभोग्य सुरक्षा मुक्त ऋण इस योजना की अनूठी विशेषता है और इसके तहत ऋण के लिए आवेदन करने वाली पात्र महिलाओं को ऋण राशि के विरूद्ध जमानत के रूप में कोई संपत्ति या संपाशर््िवक प्रदान करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि उपभोग्य सुरक्षा की शर्त हटाने से महिलाओं विशेषकर जिनके पास ऋण लेने के लिए जमानत के रूप में मूल्यवान संपत्ति नहीं होती है, उनकी मुख्य बाधा दूर होगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान देगी और उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत बैंक 8.51 प्रतिशत की कम ब्याज़ दर पर 21000, 51000 तथा 1,01000 रुपये की ऋण सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके अलावा यह योजना पात्र महिलाओं को आसानी से ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। योजना में मार्जिन मनी की आवश्यकता नहीं है और आवेदन प्रक्रिया भी सरल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक की इस नई पहल के माध्यम से ऋणी महिलाएं आत्मविश्वासी व आत्मनिर्भर बनेंगी और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सार्थक योगदान देंगी। उन्होंने कहा कि यह योजना समय पर पुनर्भुगतान करने पर पुरस्कृत करने और ऋणी महिलाओं को समय पर ऋण राशि चुकाने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी केंद्रित है। इस अवसर पर बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, बैंक के प्रबंध निदेशक शरवन मांटा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
सतलुज जल विद्युत निगम के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने निगम की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के दृष्टिगत आपदा राहत कोष-2023 के लिए आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को 2,55,00,000 रुपये की राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस राशि से संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी।
उपमंडल देहरा के कस्बा कोहसन नैहरनपुखर के राजेंद्र पाल सिंह के घर जन्मे डॉ. चंदर शेखर शर्मा को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के वाईस चांसलर ने बोर्ड ऑफ स्टडीज में एक्सपर्ट मेंबर बनाया है। डॉक्टर चंद्र शेखर की पत्नी डॉक्टर अमिता शर्मा टीचिंग में है। आपको बता दें कि चंद्र शेखर ने पपरोला से बीएएमएस व एमडी की है और पिछले 17 साल से हेड ऑफ डिपार्टमेंट व प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवाएं देने के पश्चात चिकित्सा एवम अकैडमिक रजिस्ट्रार दयानंद आयुर्वेदिक कॉलेज जालंधर कार्यरत हैं। साथ ही गुरु रविदास आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी में सीनेट मेंबर भी हैं। प्रोफेसर चंद्र शेखर ने कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का वह पूरी निष्ठा से वहन करेंगे।
हंस फाउंडेशन ज्वालामुखी ने डॉ. गौरव एवं उनकी टीम ने घरना गांव में अपना नि:शुल्क मेडिकल कैंप लगाकर स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई फाउंडेशन की टीम ने लोगों को बरसात में फैलने वाली बीमारियों के बारे में भी अवगत करवाया और उनसे बचने के जरूरी टिप्स भी दिए। गांव में स्वच्छता पखवाड़ा मनाया गया, जिसमें उन्होंने बताया कि बाहर की दवाइयों का डॉक्टर की सलाह के बिना उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि बरसात के दिनों में पौधे लगाएं और लोगों को भी प्रेरणा दें। बरसात के मौसम में शुद्ध जल का प्रयोग करें हरी सब्जियों और फलों का सेवन करें ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
प्रदेश के अन्य जिलों की भांति, सिरमौर जिला भी भारी बरसात से हुई तबाही से अछूता नहीं रहा। जिले में सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं और बिजली आदि का भारी नुकसान हुआ है। जिला में सर्वाधिक नुकसान शिलाई विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। शिलाई क्षेत्र में जैसे ही आवाजाही बहाल हुई उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने तुरंत अपने विधानसभा क्षेत्र का रुख किया। हर्षवर्धरन चौहान पिछले दो दिन से लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उनका हाल जान रहे हैं। उद्योग मंत्री अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान शिलाई विधानसभा क्षेत्र के लगभग उन सभी क्षेत्रों तक पहुंचे जहां सार्वजनिक तथा निजी संपत्ति को, सड़कों को, खेतों व खलिहान को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। हर्षवर्धन चौहान रास्ते में लगभग सभी गांव में रुके जहां लोग पहले से ही अपनी व्यथा सुनाने के लिए उनके इंतजार में खड़े थे। हर जगह पर वह अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास करते दिखाई दिए। उन्होंने जहां राष्ट्रीय राजमार्ग तथा स्थानीय संपर्क मार्गो की बहाली के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए वहीं लोगों को निजी संपत्तियों के नुकसान के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। शिलाई क्षेत्र में अपने प्रवास के दूसरे दिन उद्योग मंत्री ने शिलाई से रोनहाट जाते समय बांदली में राष्ट्रीय उच्च मार्ग में भारी भू-स्खलन का जायजा लिया। यहां पर एक पहाड़ का पूरा हिस्सा खिसक गया है जिससे बांदली गाँव पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारियों और प्रशासन को इस जगह को शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कर बहाल करने के आदेश दे दिए । उन्होंने जनता से भी आग्रह है कि सभी यहां पर पूर्ण सावधानी बरतें। शिलाई से रोनहाट के बीच भी जगह जगह पर कई गाँव भू-स्खलन से प्रभावित हैं। उद्योग मंत्री ने रास्ते में कांडो भटनोल, क्यारी, धारवा, द्राबिल, फागु, जामली क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को पानी, सड़क, बिजली व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को जल्द सुचारू रूप से बहाल करने व सभी सड़को को युद्ध स्तर पर दुरुस्त करवाने के कड़े निर्देश दिये। उद्योग मंत्री ने रोनहाट पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने यहां पर कई जगहों पर भू-स्खलन से खराब हुए सड़कें, पानी की लाइनों, स्कूल, बागवानों की फसल बर्बादी व बरसात में हुए नुकसान का जायजा लिया तथा क्षेत्र में बारिश से पीड़ित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पानी, सड़क, बिजली व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को जल्द सुचारू रूप से बहाल करवाने के कड़े निर्देश दिये। इससे पूर्व आज प्रात: उद्योग मंत्री ने शिलाई विश्राम गृह में क्षेत्र के लोगों की जन समस्यायें सुनी। उन्होंने लोगों द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुरूप प्रशासन तथा सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निश्चित अवधि के भीतर इन शिकायतों का निवारण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश के कारण आई आपदा के समय प्रदेश सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधि के रूप में वह स्वयं जनता के साथ खड़ें हैं। उन्होंने कहा कि हम प्राकृतिक आपदा को तो रोक नहीं सकते किन्तु हमारा प्रयास रहेगा कि इस आपदा से सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को जो नुकसान पहुंचा है उसे शीघ्र अति शीघ्र भरपाई की जाये। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को शीघ्र ही नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जायेगा।
सावन के पावन मास में काठगढ़ महादेव (इंदौरा) के परिसर में चल रहे श्रावण मास महोत्सव के चलते परम पूज्य गंगाधर शास्त्री महाराज ने से सर्वप्रथम सभी देवताओं की स्तुति वंदना की। तत्पश्चात उन्होंने कहा कि गुरु, शिव शंकर की भांति गुणों से भरपूर हो, बल्कि आजकल सब शिष्य कम बनना चाहते हैं ,बल्कि सब गुरु का दर्जा ही पाना चाहते हंै। उन्होंने कहा कि भारत देश ही बारह ज्योतिर्लिंगों का देवस्थान है तथा यहां मां पार्वती के पूर्व जन्म सती के अवशेषों से विभिन्न स्थान मिलते हंै। भगवान शिव जैसा कोई भी वैष्व नहीं व प्रभु श्री राम जैसा कोई शिव भक्त नहीं। उन्होंने कहा कि ओरव ऋषि के श्राप से शिव जी का शरीर जलन से दग्ध हो रहा है और उस समय माँ पार्वती जी भोलेनाथ जी के साथ श्री बद्रीनाथ गए और भगवान नारायणजी ने आवाहन किया और उन्होंने 77 सुरभी ग्यूओ को प्रकट किया। उनके दिव्य शीतल दूध से भोलेनाथ जी के ऊपर दूध थन धारा से अभिषेक करवाया तब जाकर ऋषि के श्राप की जलन शांत हुई। कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि शिव विश्वास का प्रतीक है। शिव व नारायण दोनों एक ही है इनमे कोई अंतर नही। भगवान को जिस भाव से पुकारते है वो उसी भाव मे प्राप्त होते है। उन्होंने कहा कि कर्म से नियत बड़ी होती है। इंसान को कर्मो के साथ साथ नियत भी साफ रखनी चाहिए। इंसान को कभी भी किसी को अपने से छोटा नही समझना चाहिए। सभी भगवान के एक बराबर अंश है। जब भगवान राम जी ने लंका विजय के समय रामेश्वर सेतु का निर्माण करने का संकल्प लेना था तो उस समय लंकापति रावण को श्रेष्ठ पुरोहित के रूप में तट पर बुलाया और उनसे विधिपूर्वक संकल्प करवाया। और हमे मन भक्ति में ओर धन समाज की सेवा में लगाना चाहिए। ईश्वर का नाम कलयुग ने आधार है, ईश्वर का साथ हो तो सभी सुख सुविधाएं पर्याप्त होती है। मां पार्वती (सती) जी के पिता राजा दक्ष प्रजापति बनने पर शिव जी द्वारा बधाई न देने पर राजा दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन किया और शिव व सती का अपमान करने के लिए उन्हें यज्ञ में नही बुलाया। और माँ पार्वती जब बिना बुलाये यज्ञ में चली गयी तो राजा दक्ष ने माता व शिव जी का अपनी वाणी द्वारा अपमान किया, तब मां सती क्रोध में आयी और अग्नि प्रगट करके भस्म हो गयी। जब इसकी सूचना भगवान शिव को मिली तो उन्होंने क्रोधित होकर अपनी एक जटा से एक वीरभद्र नाम का गण प्रकट किया। उसने राजा दक्ष का सिर काटकर यज्ञ कुंड में डाल दिया। भगवान भोले नाथ सती के शरीर को अपने कंधे पर बिठाकर जहां जहां भ्रमण किया और 51 टुकड़े धरती पर गिरे वो आज शक्तिपीठ के नाम से जाने जाते हैं।
माता श्री छिन्मस्तिका धाम चिंतपूर्णी मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत आधुनिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा तथा मास्टर प्लान के तहत विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस कड़ी में सबसे पहले माता श्री चिंतपूर्णी का एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए रोपवे तथा एस्कालेटर बनाने के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के गांव बीटन स्थित छोटी कुटिया में 15 लाख, गांव हीरा नगर में 15 लाख रुपए व ग्राम पंचायत गोंदपुर जयचंद के गांव बैहली में 21 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवनों के लोकार्पण के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि देव भूमि हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत का प्रमुख पर्यटन राज्य है जहां पर देश-विदेश के पर्यटक सैर सपाटे के अलावा यहां के देवी देवताओं के प्रसिद्ध मंदिरों के प्रति आस्था के कारण खींचे चले आते हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार कृत संकल्प है तथा इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बीटन-सिंगां में 15 ट्यूबवेलों का निर्माण किया जा रहा है जिससे निकट भविष्य में इस क्षेत्र में पानी की कमी दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र के अमराली में 25 लाख लीटर क्षमता का एक ओवरहेड जल भंडारण टैंक बनाया जा रहा है, क्षमता के अनुसार यह हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जल भंडारण टैंक होगा जिसके बनने के उपरांत पेय जलापूर्ति योजना बाधित होने के 1 सप्ताह बाद तक भी क्षेत्रवासियों को जलापूर्ति उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को और सुदृढ़ करने के लिए 70 करोड़ रूपये की लागत से बीत सिंचाई योजना का निर्माण किया जा रहा है जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में सभी किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि हरोली विस क्षेत्र में 35 पानी के टैंकों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा विधायक प्राथमिकता के तहत 12 करोड़ रूपये की लागत से 12 टयूबवैलों का निर्माण किया जा रहा है। हरोली विस क्षेत्र में वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 11 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में हरोली विस क्षेत्र देश व प्रदेश में जल उपलब्धता के मामले में पहला आत्मनिर्भर क्षेत्र होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विपरीत परिस्थितयों के बावजूद प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए प्रयासरत है तथा सरकार द्वारा जनता को दी गई दस गारंटियां प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से पूर्ण की जा रही है। उन्होंने कहा कि हरोली विस क्षेत्र निर्णायक विकास की ओर अग्रसर है तथा इस क्षेत्र में सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य के अलावा बडे़ स्तर की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेशभर में हुई मूसलाधार बारिश के कारण उत्पन्न आपदा से हिमाचल प्रदेश की अनेक पेयजल तथा सिंचाई योजनाओं को भारी क्षति हुई है तथा जल शक्ति विभाग में ही करीब 1,500 करोड़ का नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर दिन-रात कार्य करते हुए प्रदेशवासियों के लिए रिकॉर्ड अवधि में जलापूर्ति बहाल की है जिसके लिए जल शक्ति विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। बीटन में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10 लाख देने की घोषणा बीटन स्थित छोटी कुटिया के प्रमुख श्री 1008 स्वामी नित्यानंद रमता राम जी महाराज, स्वामी अतुल बिशन जी महाराज के अलावा परिवहन विभाग के निदेशक मंडल के सदस्य व जिला कांग्रेस प्रधान रणजीत सिंह राणा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व आरटीए के सदस्य अशोक ठाकुर, जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रमोद कुमार, जिला परिषद सदस्य नरेश कुमारी, पंचायत प्रधान बलजीत कौर व उप प्रधान हरमेश धीमान, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
राज्य में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रभावशाली नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अनुकरणीय कार्य किया है। धर्मशाला में गुरुवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आई प्राकृतिक आपदा से हिमाचल प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वयं मौके पर रहकर राहत और बचाव कार्यों को लीड किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद इस आपदा के समय में खराब मौसम के चलते ग्राउंड जीरो पर जाकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने समय-समय पर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को राह दिखाई। उन्होंने कहा कि आपदा में फंसे लोगों के की सुरक्षित निकासी, उनके भोजन और दवाइयों की व्यवस्था करवाई। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पहली बार राहत और बचाव कार्य ऐसे युद्धस्तर पर हुआ है। उन्होंने कहा कि 48 घंटों के अंदर अधिकतम क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, बिजली एवं पानी आदि की अवरुद्ध स्कीमों को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि बहुत से सैलानी जो देश और विदेश से घूमने हिमाचल आए थे उनको मुख्यमंत्री के प्रयासों से सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभवितों से सीधा संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को हर सम्भव सहायत उपालब्ध करवाने का आश्वासन देते हुए प्रशासन को मौके पर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने आपदा प्रभावितों के दुख दर्द को देखते हुए तुरंत राहत कोष बनाया और पुरे देश से इस आपदा के समय मे सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं और व्यावहारिकता को दिखाते हुए आपदा प्रभावितों को मिलने वाली मुआवजा राशि में बढ़ोतरी कर एक नवीन पहल की। उन्होंने कहा कि इससे आपदा से प्रभावित प्रत्येक वर्ग, चाहे वो किसान है, दुकानदार हैं या अन्य लोग हैं, जिन्होंने अपना सब कुछ इस प्राकृतिक आपदा में गवाया है उनको सहायता पहुंचाई है। इसके अलावा आपदा प्रभावित इमारते और रास्ते, आदि जो जर्जर हालत में है, उन्हें पंचायत के द्वारा मनरेगा के अन्तर्गत करवाने की पहल कदमी की। सुधीर शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार है तथा प्रदेश के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है।
पशुपालन विभाग जिला सोलन द्वारा गांव कथार व बाड़ी के पशु पालकों के लिए एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया, जिसमें पशु चिकित्सालय कुनिहार के प्रभारी डॉ. राजेश आजाद व विभागीय कर्मचारी फार्मासिस्ट सुरेश कुमार, दलीप कुमार व जमना देवी ने पशुपालकों को विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं बारे विस्तृत जानकारी दी। तथा पशुओं को होने वाले रोगों व उसके उपचार बारे भी पशुपालकों को जागरूक किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने लोगों की पशुओं संबंधी समस्याओं को सुना व पशुओं के रोगों का उपचार भी मौके पर किया तथा उपलब्ध दवाइयों का वितरण भी पशुपालकों को किया। कथार व बाड़ी गांव के लोगो ने इस आपात स्थिति में लगाए इस जागरूकता शिविर के लिए विभाग का धन्यवाद किया।
किलो के हिसाब से सेब खरीदने का आदेश देने के बाद अब हिमाचल प्रदेश की मंडियों में आढ़तियों ने गुरुवार को हड़ताल कर दी। भट्टाकुफर फल मंडी में करसोग, कोटखाई ठियोग से बागवान अपना सेब लेकर पहुंचे, लेकिन आढ़ती ही मौजूद नहीं थे। करीब 15 गाड़ियां फल मंडी में पहुंची हैं। वहीं, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने साफ कर दिया है कि सरकार अपना आदेश वापस नहीं लेगी। उन्होंने आढ़तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। राज्य के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को साफ कर दिया कि सरकार वजन के हिसाब से सेब खरीदी के फैसले को किसी भी सूरत में वापस नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई नियम का उल्लंघन करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी के दवाब में आने वाली नहीं है। इस मुद्दे पर बागवानों और आढ़तियों से भी कई बार बैठकें हो चुकी हैं। वहां पर इसका विरोध नहीं किया गया, लेकिन अब बिना सूचना के ही आढ़तियों ने बिना सूचना के हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल आढ़तियों को भड़काने का काम कर रहे हैं, जिसका समय आने पर खुलासा किया जाएगा। वहीं, बागवानों का कहना है कि पहले ही बारिश से सड़कें प्रभावित हुई हैं। सेब पर भी मौसम की मार पड़ी है। बड़ी मुश्किल से मंडी तक सेब की गाड़ियां लेकर पहुंचे हैं, लेकिन यहां पर आढ़ती सेब नहीं खरीद रहे हैं। सुबह से यहां पर गाड़ियां लेकर पहुंचे हैं। सरकार ने वजन के हिसाब से सेब बेचने का स्वागत योग्य फैसला किया है। लेकिन आढ़ती आनाकानी कर रहे हैं। बागवानों ने सरकार से आढ़तियों की मनमानी पर नकेल कसने की गुहार लगाई है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर उन्हें हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्गों को हुए नुकसान से अवगत करवाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्रदेश में विभिन्न सड़कों एवं पुलों को हुए भारी नुकसान से भी अवगत करवाया। उन्होंने आग्रह किया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों के बारे में दी गई नुकसान के आकलन की रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय राशि शीघ्र उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने पंडोह, भुंतर, कुल्ल रायसन, कटराईं और मनाली क्षेत्र के पुलों के अलावा मनाली-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग, नालागढ़ पुल और प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अन्य पुलों और सड़कों की शीघ्र बहाली और मरम्मत करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यातायात को सुचारू करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली सड़कों एवं पुलों तथा चक्की पठानकोट पुल को तत्काल बहाल करने और मरम्मत की आवश्यकता है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाले राज्य लोक निर्माण विभाग के क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण के लिए सेतु भारतम योजना के तहत 300 करोड़ रुपये प्रदान करनेे का आश्वासन दिया है। केन्द्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर ब्लैक स्पॉट की पहचान कर समस्या का स्थायी समाधान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राज्य लोक निर्माण विभाग के पुलों की बहाली एवं मरम्मत के लिए धन उपलब्ध करवाने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए ताकि राज्य लोक निर्माण विभाग की सड़कों को वैकल्पिक सड़कों के रूप में राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जा सके। बैठक में मंडी से सांसद प्रतिभा सिंह भी उपस्थित थीं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र की सड़कों की स्थिति से अवगत करवाया और उदारता से सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह व प्रदेश लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में भारी बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि समूचे प्रदेश में इस बार भारी बारिश बाढ़ से लाखों करोड़ों की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो गई है। किसानों व बागवानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। प्रदेश में इस प्राकृतिक आपदा ने जन जीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। आज नई दिल्ली में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से विशेष मुलाकात के दौरान प्रतिभा सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र मंडी में भारी बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान की ओर उनका ध्यान आकर्षित करते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिये सीआईआरएफ, केंद्रीय सड़क ढांचागत फंड से धन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र होने के नाते यहां सड़कें ही लोगों की जीवन रेखा हैं। सभी प्रकार के खाद्यान्न व आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही इन्हीं सड़कों पर निर्भर करती हैं। इसलिए इन सड़कों की बहाली और पुननिर्माण के लिए केंद्रीय सहायता की बहुत जरूरत है। प्रतिभा सिंह ने नितिन गडकरी को दिए एक ज्ञापन में मंडी संसदीय क्षेत्र में हुए भारी नुकसान का विस्तृत विवरण देते हुए कहा है कि किरतपुर मनाली फोर लेन प्रोजेक्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ हैं। यह सड़क न केवल जन मानस के लिए ही उपयोगी नहीं है, बल्कि यह सेना की आवाजाही व देश के सीमावर्ती लेह लद्दाख को भी जोड़ती है, इसलिए इसे जल्द बहाल किया जाना चाहिए। प्रतिभा सिंह ने गडकरी से टिक्कर-जड़ोल- गाहन-ननखड़ी- खमाड़ी सड़क जो उनके संसदीय क्षेत्र मंडी के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत 52 किलोमीटर है के अपग्रेडेशन का भी आग्रह किया हैं। उन्होंने कहा कि इसकी 108.33 करोड़ की डीपीआर उनके मंत्रालय को पहले ही भेजी जा चुकी हैं। उन्होंने चैलचोक- गोहर- पंडोह सड़क 30 किलोमीटर व नेरचौक-रत्ती-कलखर सड़क 13 किलोमीटर के सुधार व अपग्रेडेशन का भी आग्रह किया। इस दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में हुए लोक निर्माण विभाग से संबंधित सड़कों, पुलों व भवनों के नुकसान की जानकारी देते हुए नितिन गडकरी से इसके पुननिर्माण के लिए उदारता से धन उपलब्ध करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही वित्तीय संकट से गुज़र रही है, और अब इस प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश पर एक बहुत बड़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को प्रभावित लोगों व राहत कार्यो में दिन रात जुटी हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मंडी मनाली फोर लेन मार्ग के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रो को जोड़ने वाले अनेक पुल या तो टूट गए है या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। उन्होंने गडकरी से आग्रह किया कि इन पुलों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण से बनाया जाए। नितिन गडकरी ने इस दौरान सांसद प्रतिभा सिंह व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस आपदा से निपटने के लिए प्रदेश की हरसंभव मदद करेंगी। उन्होंने कहा केंद्रीय आपदा टीम प्रदेश का दौरा कर रही है उनकी रिपोर्ट आने के बाद सड़को,पुलों व सरकारी भवनों के पुननिर्माण के लिये उनका विभाग हरसंभव मदद देगा। उन्होंने क्षतिग्रस्त पुलों को सेतु भारतम परियोजना योजना के तहत बनवाने का आश्वासन दिया।
कृषि विभाग देहरा द्वारा विकास खंड देहरा के अंतर्गत मक्की में लगने वाले कीट फाल आर्मी वर्म उर्फ (सैनिक कीट), जो कि आम जन मानस में काफी प्रचलित हैं के निरीक्षण हेतु ग्राम पंचायत धनोट, अध्वानी, घलोर, गालियां का दौरा किया गया था। निरीक्षण में यह देखा गया कि कीट का प्रकोप फसल में हुआ है, जिसके लिए कृषकों को सलाह दी गई है कि फसल बचाव हेतु किसान खेतों को कम से कम 10 दिन गहरे प्रकाश और शिकारी पक्षियों के लिए प्यूपा को उजागर करें। इसके इलावा गहरी जुताई भी आवश्य करें। किसान इसके उपरांत नीम केक 250 किलोग्राम है का प्रयोग करें। इसके साथ ही अगर कीट का प्रकोप काफी ज्यादा हैं तो फसल से बचाव हेतु कोराजन नामक दवाई का छिड़काव (18.55 स्ष्ट 4द्वद्य /10 लीटर) पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इस निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग से भूपेंदर सिंह एसएमएस (एग्री) आदित्य महाजन (एडीओ) एवं स्वाति शर्मा एईओ शामिल रहीं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं मीडिया को-ऑडिनेटर पुनीत मल्ली ने प्रेस को जारी एक बयान में भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा पर राजनीति करने से भाजपा बाज आए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बरसात के कारण कई घर तवाह हुए हैं, गई लोगों को मौत का शिकार होना पड़ा, सड़कों व पुलों को भारी नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग व जल शक्ति विभाग को करोड़ों का नुकसान हुआ है। अन्य कई विभागों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। प्रथम रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 8 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता लगातार प्रदेश की कांग्रेस सरकार को यह कहकर बदनाम करने का प्रयास कर रही है कि, केंद्र की मोदी सरकार प्रदेश को हर संभव सहायत प्रदान कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश भाजपा के नेता व केंद्र की मोदी सरकार राहत के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के ऐसे नेता केंद्र से आर्थिक मदद के नाम घटिया ब्यानबाजी कर रहे हैं, जिन्हे विधान सभा चुनाव में हार का मुहं देखना पड़ा। पुनीत मल्ली ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू केंद्र से दो हजार करोड़ की सहायता मांगी है, जिस पर भी अभी तक केंद्र की और से कोई जबाव नही आया है। उन्होंने कहा कि बरसात के कारण हिमाचल में जो नुकसान हुआ है, उसे पूरे देश ने देखा है, परंतु केंद्र की मोदी सरकार प्रदेश की मदद करने की बजाए तमाशगीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति पहले ही डगमगाई हुई है, ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए कि वे बिना किसी भेदभाव के हिमाचल को आर्थिक राहत पैगज जारी करे, ताकि बरसात के कारण जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कर प्रभावित क्षेत्रों का जन-जीवन फिर से सुचारु रूप से चलाया जा सके। मल्ली ने कहा कि प्रदेश भाजपा नेता यह भी झूठी ब्यानबाजी कर रहे हैं कि केंद्र से 160 करोड़ की मदद की गई है।
रामपुर क्षेत्र में हुई भारी बारिश से गुरुवार सुबह राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 किंगल से पवारी बंद हो गया है। यहां नाले में बाढ़ आने और भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर सड़क बंद है। झाकड़ी के पास बरोनी खड्ड में उफान से रामपुर-किन्नौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग का लगभग 700 मीटर भाग छतिग्रस्त हुआ है। यातायात बहाल करने के लिए विभाग ने मशीनें लगाई हैं। रामपुर मंडल के अधिशासी अभियंता के अनुसार यह भाग शाम तक यातायात के लिए खुल जाएगा। यहां अभी भी कई जगह ऊपर से पत्थर आ रहे हैं, जिस कारण काम करना मुश्किल हो रहा है। उधर राज्य विद्युत परिषद रामपुर मंडल के उपमंडल तकलेच और ननखड़ी में भूस्खलन के कारण विद्युत् लाइनों पर पेड़ गिरने से दर्जनों गांवों में बिजली सप्लाई ठप है। इसके अतिरिक्त नारकंडा के टांगरी नाले में दो गाड़ियां बह गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी नारकंडा से पुलिस स्टाफ की घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने पूर्व विधायक खूब राम के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। पठानिया ने कहा कि खूब राम एक प्रखर वक्ता थे तथा सीधे तौर पर गरीबों, असहायों तथा समाज में पिछड़े लोगों से जुड़े नेता थे। पठानिया ने कहा कि खूब राम जिला कुल्लू स्थित आनी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के एक सम्मानीय नेता थे। खूब राम का व्यक्तित्व तथा स्वभाव एक मिलनसार व्यक्ति का था तथा विशेषकर अपने समुदाय के लोगों के प्रति सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। खूब राम वर्ष 1982, 1990 व 2012 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। कुलदीप सिंह पठानिया ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है तथा दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। प्रदेश विधानसभा के सचिव ने भी खूब राम के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है तथा शोक सतंप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी सवेंदना प्रकट की हैं।
9 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 7 सचिव, 10 प्रवक्ता, 1 मीडिया प्रभारी, 7 सह मीडिया प्रभारी किए नियुक्त भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश पदाधिकारियों, युवा मोर्चा एवं महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, विधायक पवन काजल, विधायक हंसराज, पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सैजल, पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष रश्मिधर सूद, पायल वैद्य, संजीव कटवाल और राजीव भारद्वाज को नियुक्त किया है। प्रदेश महामंत्री के रूप में डॉ. राजीव बिंदल ने राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, त्रिलोक कपूर और बिहारी लाल शर्मा को दायित्व सौंपा गया है। प्रदेश सचिव के रूप में विधायक विनोद कुमार, विशाल चौहान, डॉ. संजय ठाकुर, नरेंद्र अत्री, सुमित शर्मा, डेजी ठाकुर और मुनीश चौहान को दायित्व प्रदान किया गया है। प्रदेश कोषाध्यक्ष के रूप में कमलजीत सूद कार्य करेंगे। प्रदेश प्रवक्ता के रूप में राकेश शर्मा, महेंद्र धर्माणी, उमेश शर्मा, बलदेव तोमर, अजय राणा, बलवीर वर्मा, संदीपनी भारद्वाज, विवेक शर्मा, चेतन बरागटा और विनोद ठाकुर कार्य संभालेंगे। प्रदेश मीडिया प्रभारी का दायित्व कर्ण नंदा संभालेंगे। प्रदेश सह मीडिया प्रभारी के रूप में प्यार सिंह, संजय शर्मा, अमित सूद, राज्य ठाकुर, विश्व चक्षु, सुदीप महाजन और रमा ठाकुर दायित्व संभालेंगे। युवा मोर्चा अध्यक्ष पूर्व प्रदेश सचिव तिलक राज और महिला मोर्चा अध्यक्ष के रूप में वंदना योगी को तैनात किया गया। कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर, कार्यालय सह सचिव किरण बावा और सपना कश्यप नियुक्त किए गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
ग्राम पंचायत दयाल के वार्ड नंबर दो में गत दिवस दो सगे भाइयों रणवीर सिंह व कुलवीर सिंह की स्लेटपोश गौशाला गिरने से भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में गौशाला के अंदर बंधी गर्भवती भैंस को काफी चोटें आई हैं व साथ ही पार्क की गई कार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक की बात मानें तो भैंस पर भारी मलबा गिरने से इसकी चारों टागें भी टूट चुकी हंै और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं। वहीं, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे बीडीओ परागपुर वीरेंद्र कौशल, उप प्रधान दयाल अजय कुमार जफ्फा, बीडीसी रंजना धीमान ने नुकसान का जायजा लेते हुए कहा कि स्थानीय लोगों नेे मलबे के बीच दबी भैंस को बाहर निकालने में काफी मदद की। वहीं, बीडीओ परागपुर वीरेंद्र कौशल ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही है।
जिला भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष व हरोली भाजपा के नेता धर्मेंद्र राणा ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा डीजल के दामों में वृद्धि करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर इस समय आई बाढ़ से विपदा का दौर गुजर रहा है और प्रदेश सरकार ऐसे हालातों में भी महंगाई पर लगाम लगाने की बजाए जनता पर महंगाई का कहर ढाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा पिछले सात महीनों में प्रदेश सरकार ने दो बार डीजल पर वैट बढ़ाया है। सरकार को सोचना चाहिए कि इस समय लोगों को आपदा से हुए नुकसान से राहत देने का काम करना चाहिए, नाकि चीजों के दामों में वृद्धि करनी चाहिए। राणा ने कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से बसों के किराए भी बढ़ रहे हैं, टैक्सियों के किराए बढ़ रहे हैं। ऐसे में हर चीज के भी दाम बढेंगे। उन्होंने कहा कि इस आपदा के समय में भी प्रदेश सरकार राजनीति कर रही है। ऐसे में यह कहना भी गलत नहीं होगा कि प्रदेश सरकार केवल कोष एकत्रित करने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार का पहला काम इस आपदा के समय में यह होना चाहिए था कि चल रहे अन्य कामों को तुरंत रोक लगाकर आपदा राहत पर धन लगाना चाहिए, लेकिन ऐसा करने के उल्टा सरकार महंगाई का तोहफा जनता को दे रही है। उन्होंने कहा कि कांगे्रस सरकार केवल दिखावा करती रही है। उन्होंने शुरू में जनता से अनेकों वादे किए, लेकिन एक भी अभी तक पूरा नही कर पाई है। प्रदेश में लोग स्वंय मुख्यमंत्री राहत कोष में सहायता राशि भेज आपदा प्रभावितों के लिए मदद करने का कार्य कर रही है, लेकिन सरकार केवल टैक्स थोप कर धन इकट्ठा करने में लगी है, जोकि निंदनीय है। धर्मेंद्र राणा ने सभी से अपील की है कि सभी इस आपदा के समय में अपनी इच्छानुसार राशि दान करके लोगों को राहत देने में सहयोग करे।
विनय गुप्ता को एक बार फिर से सिरमौर जिला भाजपा का अध्यक्ष चुना गया है। यह नियुक्ति प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की है। हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी कार्यालय द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। जिला सिरमौर की पांचों विधानसभा क्षेत्र नाहन, पांवटा, शिलाई, पच्छाद, श्री रेणुका जी समस्त पार्टी के कार्यकर्ताओं वरिष्ठ एवं कनिष्ठ पदाधिकारियों ने जिला सिरमौर से तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष बनने पर विनय गुप्ता को बधाई दी साथ ही प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल का भी आभार जताया।
जोगिंदर नगर उपमंडल की हारगुणैन पंचायत के नागचला नकेहड़ गांव में बीती रात 75 वर्षीय वृद्ध की सिर पर डंडा मार हत्या का मामला सामने आया है। हालांकि डीएसपी पधर संजीव सूद सहित जोगिंदर नगर पुलिस मौके पर पहुंच गई है, लेकिन अभी तक मंडी से फोरेंसिक टीम आ पहुंचने का किया जा रहा इंतज़ार। मृतक की पहचान रिखी राम पुत्र कातकू राम निवासी नकेहड़ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मृतक फौज से हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उसके बाद पुलिस में भी दे चुके हैं सेवाएं। सरकाघाट पुलिस से ट्रैफिक कॉन्स्टेबल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रिखी राम नागचला में अपनी छोटी मोटी दुकानदारी के साथ घराट चलाने का काम करते थे। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह हादसा देर रात हुआ है। मौके पर थाना प्रभारी जोगिंदर नगर निर्मल सिंह सहित समस्त पुलिस बल है तैनात है। गौरतलब है कि रिखी राम दो साल पहले इसी गांव की ज्योति जिसकी भी निर्मम हत्या हुई थी के पिता बृजभूषण के सगे चाचा थे। बृजभूषण ने रिखी राम की हत्या का शक जताया है।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ती ग्राम पंचायत लोअर सुनहेत स्थित गुग्गा मंदिर हार पट्टी (दयाड़ा) में सायटिक पेन (रिंगन) एवं सर्प दंश का इलाज मंत्रोच्चारण से किया जाता है। सालों से इस जगह में स्थापित गुग्गा जाहर वीर के मंदिर में सैकड़ों लोग ठीक होकर गए हैं। पुजारी गुरु बलबीर का कहना है कि बाबा जी की असीम कृपा से इस मंदिर में जो भी दुखी जन आते हैं, बाबा जी उनका उद्धार करते हैं। आज दिन तक सैकड़ों लोग इस मंदिर में स्वस्थ होकर गए हैं। रिंगन बीमारी, जिसे सायटिक पेन कहते हैं, का इस मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ इलाज किया जाता है। ज्यादातर सर्प दंश और सायटिक पेन से ग्रसित लोग यहां आते हैं और उनका इलाज यहां किया जाता है। देहरा की सीमा का कहना है कि एक महीना पहले उन्हें रिंगन की बीमारी हो गई थी। उन्होंने कई डॉक्टरी इलाज करवाया, परंतु दर्द ओर बढ़ गया, जिसपर उन्हें गुग्गा मंदिर की सूचना मिली यहां मंत्रोच्चारण से उनकी समस्या का समाधान हो गया आज वह बिल्कुल स्वस्थ हैं। क्या है सायटिक पेन साइटिका का दर्द, साइटिक नर्व में समस्या के कारण हो सकता है। इस स्थिति में कमर से पैरों तक अत्यधिक दर्द और सुन्न होने की समस्या होने लगती है। जिससे शरीर का निचला हिस्सा बेकार हो सकता है। कभी-कभी आप शरीर के निचले हिस्से में दर्द को थकान या कमजोरी के कारण होने वाला दर्द समझकर नार्मल मान लेते हैं, लेकिन यह लापरवाही आपके लिए भारी पड़ सकती है।
लोक निर्माण विभाग देहरा के अंतर्गत पड़ते नेहरन पुखर के तहत परागपुर की तरफ जाने वाली सड़क खस्ताहाल है। सड़क की हालत इतनी पतली हो चुकी है कि जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग इन पर लीपापोती करता हुआ भी नजर आ रहा है। गड्ढों को मिट्टी से भी भरा जा रहा है, जिनका बरसात के बाद और भी बुरा हाल है। अभी तक इन गड्ढों के कारण कई हादसे हो चुके हैं। हैरानगी तो इस बात की है कि नेहरन पुखर से परागपुर जाने वाली इस सड़क पर तारकोल कम और 10-10 फुट के गड्ढे दिखना आम सी बात हो गयी है। आगमन करने वालों भारी समस्या का सामना कर पड़ रहा है। हार गांव के समीप बड़े-बड़े गड्ढों ने वाहन चालकों का जीना हराम कर दिया है छोटे वाहन चालकों को तो भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ये खड्डे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं एनएच 503 से सटे नेहरन पुखर से परागपुर की तरफ जाने वाली सड़क के शुरुआत में ही बड़े-बड़े गड्ढे पड़े हुए हैं, परंतु विभाग इस पर भी मूकदर्शक बना हुआ है। दयाल नेहरन पुखर पंचायत के उप प्रधान अजय कुुमार जफ्फा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को चाहिए इन गड्ढों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि लोगों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। वहीं, जब इस संदर्भ लोक निर्माण विभाग देहरा के एसडीओ रजिंदर कुमार बग्गा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग जल्द से जल्द इन गड्ढों को भर देगा ताकि लोगों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े, हालांकि अभी बरसात का मौसम चल रहा है, इसलिए इन गड्ढों का अस्थायी समाधान किया जाएगा। बरसात का मौसम खत्म होते ही इन्हें भर दिया जाएगा।
भाजपा संगठनात्मक जिला देहरा के दूसरी बार नियुक्त हुए जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि आपदा में सरकार बागवानों को नजरअंदाज कर रही है। आपदा की वजह से प्रदेश पूरे प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है। इस आपदा में किसानों और बागवानों को भी बहुत नुकसान हुआ है। लोगों के बगीचों में नुकसान हुआ है। फसलें खेतों में बर्बाद हो गई हैं। जो बची रह गईं, वे सड़कें खराब होने की वजह से मंडियों में नहीं पहुंच पा रही हैं, जिसकी वजह से किसानों और बागबानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समय मंडियों में आने वाले सेब की शेल्फ लाइफ अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए सड़कें न खुलने से इनके भी खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इसलिए सरकार जल्दी सड़कों को सही करवाकर यातायात बहाल करवाए, ताकि बागवानों और किसानों के उत्पाद आसानी से मंडियों में पहुंच सकें। संजीव शर्मा ने कहा कि आपदा के दस दिन बाद भी बहुत सी जगहों पर अभी भी कोई सरकारी सहायता नहीं पहुंची हैं। बिजली पानी और नेटवर्क की सुविधाएं बाल नहीं हो पाई हैं। लोग बारिश का पानी इक_ा करके अपना गुजारा कर रहे हैं। संजीव ने कहा कि बिना बिजली, पानी, संचार और चिकित्सा सुविधाओं के बिना दस दिन से लोग सरकारी मदद का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन सरकारी मदद तो दूर कई गावों में आज तक सरकार का कोई प्रतिनिधि ही नहीं पहुंचा हैं। इस आपदा में प्रभावितों को सिर्फ फौरी राहत देने से काम नहीं चलेगा। आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
जिला कांगड़ा के पौंग से छोड़े गए पानी से उपमंडल इंदौरा के मंड क्षेत्र के लगभग 20 गांव में बाढ़ आ गई है। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है, जिसके चलते बुधवार सुबह को भी रेस्क्यू टीम ने बडुखर बटाला में फंसे 4 लोगों का रेस्क्यू किया। । एनडीआरएफ द्वारा सुबह करीब 10 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया जो अभियान लगभग दोपहर 1:30 बजे तक चला, जिसके बाद एनडीआरएफ टीम के द्वारा दो महिलाएं, दो पुरुष, 6 बकरियां व 2 भेड़ों को जलभराव से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। जानकारी देते हुए एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि एनडीआरएफ की मदद से प्रशासन द्वारा लगातार 4 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया जिसके बाद 4 लोगों चार बकरियों व दो भेड़ों को जलभराव से सुरक्षित निकाला गया। रेस्क्यू किए गए लोगों में से सुभाष चंद (50) सीमा देवी (47) अमन शर्मा (25) व अंजु बाला (27) को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
ढलियारा से जिला परिषद सदस्य ईशान शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ से करोड़ों का नुकसान हुआ है। हिमाचल को इस आपदा से उभरने के लिए करोड़ों रुपये के बजट की आवश्यकता है। ईशान शर्मा ने केंद्र की सरकार से आग्रह किया है कि प्रदेश सरकार की ज्यादा से ज्यादा मदद की करे, ताकि इस आपदा की घड़ी में लोगों की सहायता हो सकें। बाढ़ का प्रकोप इतना है कि कई लोगों के घर उजड़ गए। ईशान शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। इस तबाही की वजह से प्रदेश में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान आका गया है। केंद्र की सरकार हिमाचल सरकार को ज्यादा से ज्यादा बजट मुहैया करवाए, ताकि इस विपदा की घड़ी से हिमाचल प्रदेश उभर सके। ईशान ने भाजपा के नेताओं से अनुरोध किया है कि यह समय राजनीति करने का नहीं है। पक्ष व विपक्ष दोनों को इकट्ठे होकर इस आपदा से पीड़ित लोगों की मदद के लिए काम करना चाहिए।
किन्नौर जिला के कई स्थानों में एक बार फिर बदल फटने की घटनाएं सामने आई हंै। आज सुबह करीब साढ़े पांच बजे किन्नौर जिला के कामरू पंचायत क्षेत्र में गोटांग खालंग नामक नाले में बाढ़ आने से जहां एक दर्जन से भी अधिक निजी वाहनों को क्षति पहुंची है, वहीं कई ग्रामीणों के सैकड़ों सेब के पौधों सहित खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। कामरु गांव के साथ नाले में आया बाढ़ का मलबा प्राइमरी स्कूल सहित कई ग्रामीणों के मकानों में भी घुस गया है। घटना के बाद से ग्रामीणों सहित पुलिस व होमगार्ड के जवान राहत व बचाव कार्यों में जुट गए हैं। इसी तरह मीरू पंचायत क्षेत्र के पहाडिय़ों पर भी बदल फटने से रूनंग नाला में आई बाढ़ से राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 बंद हो गया है। किन्नौर जिला के कई क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण करछम सांगला संपर्क मार्ग भी कई स्थानों पर बंद है, जिसे बहाल करने का कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां डिजिटल प्रौद्योगिकी और गवर्नेंस विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी सरकारी विभागों में ई-गवर्नेंस प्रणाली लागू करने के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि यह पहल फाइल कार्य में तेजी लाने और दक्षता सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने सभी सचिवों, विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों और उपमंडलाधिकारियों को ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने और तकनीकी प्रगति का लाभ उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सचिवों से संचार के लिए अब तक प्रचलित भौतिक पत्रों की जगह ई-मेल अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सचिवालय की 50 प्रतिशत शाखाएं और 24 निदेशालय अपने दैनिक कामकाज के लिए ई-ऑफिस प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने 31 अगस्त, 2023 तक शिक्षा विभाग को पूरी तरह डिजिटल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आई.जी.एम.सी. शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और मरीजों का डाटा डिजिटल टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस विभाग के सहयोग से समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन किया जाना चाहिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के लोगों को उनके घर-द्वार पर नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और उभरती प्रौद्योगिकी को अपनाना समयोचित मांग है। उन्होंने कहा कि एआई की मदद से राज्य सरकार को निर्णय लेने के लिए बेहतर डाटा विश्लेषण की सुविधा मिलेगी। युवाओं को बेहतर करियर अवसर प्रदान करने के लिए हिमाचल ऑनलाइन सेवा, सीएम हेल्पलाइन और शिक्षा में भी एआई को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत 34 विभागों की 184 नागरिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। लोक मित्र केंद्रों को मजबूत करने के महत्त्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इन केंद्रों द्वारा प्रदेशभर में लोगों को 71 ऑनलाइन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला जिला के स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों की जीआईएस मैपिंग पायलट आधार पर की जाएगी। उन्होंने चंबा जिले में सभी घरेलू और वाणिज्यिक बिजली कनेक्शन के लिए आधार सीडिंग लागू करने के भी निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने 'हिम परिवारÓ की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि इससे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का डाटा इस मंच पर उपलब्ध होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन के संचालन को विनियमित करने के लिए एक ड्रोन नीति तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि ड्रोन को पायलट आधार पर कृषि, बागवानी और स्वास्थ्य क्षेत्रों में नियोजित किया गया है जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 की भी समीक्षा की और एक केन्द्रित कॉल सेंटर की आवश्यकता पर बल दिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, घुमारवीं से विधायक राजेश धर्माणी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस अभिषेक जैन, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, सचिव बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा राजीव शर्मा, सचिव जल शक्ति विभाग अमिताभ अवस्थी, सचिव ग्रामीण विकास प्रियतु मंडल, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क किरण भड़ाना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव से भेंट की। उन्होंने प्रदेश में लगातार भारी वर्षा होने के कारण बाढ़ तथा बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्गों को हुए नुकसान से उन्हें अवगत करवाया। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पुलों के पुनर्निर्माण के लिए एनएचएआई को प्रेषित किए गए अनुमानों के अनुसार निधि के आवंटन का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे और अनुमान प्रेषित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से मनाली में ब्यास नदी के बाएं किनारे, चक्की-पठानकोट पुल तथा मनाली-मण्डी राष्ट्रीय राजमार्ग तथा अन्यों के लिए प्रेषित अनुमानों के लिए निधि आवंटन में उनसे व्यक्तिगत हस्तक्षेप का आग्रह भी किया। विक्रमादित्य सिंह ने मनाली-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग, नालागढ़ पुल के साथ-साथ प्रदेश के अन्य पुलों तथा सड़कों की तीव्र बहाली तथा मरम्मत का आग्रह किया जो राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग पर मनाली-मण्डी-स्वारघाट सड़क के साथ-साथ पंडोह, भुंतर, कुल्लू, रायसन, कटराईं तथा मनाली क्षेत्र के समीप स्थित पुल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चक्की-पठानकोट पुल पर यातायात को पुन: बहाल करने के लिए तुरन्त मरम्मत कार्य किया जाना चाहिए। श्री यादव ने लोक निर्माण मंत्री को प्रदेश में सड़कों की बहाली तथा मरम्मत कार्य के लिए शीघ्र निधि जारी करने का आश्वासन देते हुए कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए केन्द्र सरकार से एक दल हिमाचल प्रदेश भेजा गया। इसके अतिरिक्त विक्रमादित्य सिंह ने भारत सरकार के सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन से भी भेंट की तथा केन्द्रीय सड़क अधोसंरचना निधि के अंतर्गत विभिन्न सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है जो जल्द ही मंत्रालय को प्रेषित की जाएगी। इनमें रंगस-बड़सर सड़क वाया मैहरी के विस्तारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, नेरचौक-रत्ती-कलखड़ सड़क, छैला-नेरीपुल-यशवंतपुर-ओच्छघाट, कुम्हारहट्टी सड़क, टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखड़ी-कमादी सड़क के स्तरोन्नयन कार्य तथा चायल-गोहर-पंडोह सड़क और शाहपुर-सिहुंता-चुवाड़ी सड़क के सुधार तथा सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल हैं। श्री जैन ने प्रदेश के लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए सड़कों तथा पुलों के पुनर्निर्माण के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
पुलिस थाना लंबागांव के अंतर्गत पुलिस चौकी आलमपुर प्रभारी अनूप शर्मा ने बताया कि विकास खंड लंबागांव की पंचायत कंगेहन के पास मंगलवार को व्यास नदी के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का सब मिला है। मृतक की आयु 35 से 45 वर्ष के बीच हो सकती है। पुलिस ने शव को राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा कांगडा में रखा हुआ है। जिसकी अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस चौकी आलमपुर प्रभारी अनूप शर्मा ने बताया कि यह शव कुल्लू व मंडी का होने अंदेशा लगाया जा रहा है जो कि ब्यास नदी में वह जाने का अंदेशा लगाया जा रहा है व जिला की पुलिस को भी सूचित कर दिया गया है। अगर किसी भी व्यक्ति को इस शव से संबंधित जानकारी लेने हो तो पुलिस चौकी आलमपुर के नंबर 93172550404 पर संम्पर्क कर सकते है या शव गृह राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में शिनाख्त कर सकते है।
उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत पड़ते पुलिस चौकी लगड़ू के तहत नुकेड़ खड्ड में खनन माफिया की धरपकड़ के लिए गए पुलिस के एएसआई पर दो युवकों द्वारा हाथापाई का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस कर्मी से हाथापाई करके आरोपी वहां से भाग निकले। अपने साथ हुई हाथापाई को लेकर पुलिस के एएसआई द्वारा थाना खुडियां में मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस चौकी लगड़ू प्रभारी एएसआई बलदेव राज द्वारा यह मामला जिसमें खुद शिकायत दर्ज करवाते हुए थाना खुंडियां में दर्ज करवाया है। उन्होने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि नुकेड खड्ड में कुछ लोग अवैध खनन कर रहे हैं। इसकी सूचना पर एएसआई बलदेव राज मौके पर पहुंचे तो पाया कि नुकेड खड्ड में निर्माणाधीन पुल के पिल्लरों के पास एक ट्रैक्टर पानी से रेत बजरी निकाल कर भरी जा रही थी। उन्होंने बताया कि जब इसकी वीडियो बनाई जा रही थी तो दो युवकों ने उनके साथ हाथापाई की ओर उनका मोबाइल छीनकर वहां से भाग निकले। उनके साथ हाथापाई करने व उनका मोबाइल छीनने वालों में विनोद कुमार व रिशु निवासी सराह जंद्राह डाकघर डगेहर, तहसील बडोह शामिल थे। एएसआई बलदेव राज द्वारा इन दोनों युवकों के खिलाफ पुलिस से हाथापाई करने, ड्यूटी में व्यवधान डालने का मामला दर्ज करवाया गया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने करते हुए कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है ।दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी।वहीं पुलिस ने कार्यवाई करते हुए दोनो व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है।


















































