जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराना परिसर में बीते दिनों हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एबीवीपी के तीन छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के बाद छात्र संगठन एनएसयूआई की हिमाचल राज्य इकाई ने इस घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसके खिलाफ एचपीयू कैंपस के पिंक पेटल स्थान पर धरना प्रदर्शन किया। एनएसयूआई राज्य अध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने मांग की है कि नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप करने वाले दरिंदे आरोपियों को फाँसी की सजा दी जाए। परिसर अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि ऐसी घटनाओं से बीजेपी आरएसएस और एबीवीपी का असली चरित्र और चेहरा उजागर हो गया है। एनएसयूआई ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें फांसी की सजा दिलाई जाए।
सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत सपरुन के देहूं गांव की हैप्पी वैली में आज उपमण्डलीय विधिक सेवा समिति द्वारा विशेष पौधरोपण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उमंडल विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोहित बंसल ने की। मोहित बंसल ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण व वर्षा के समय होने वाले भूमि कटाव को रोकने के लिए पौधरोपण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे जहां पृथ्वी पर जीवनदायनी ऑक्सीजन देते हैं वहीं पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में सहायक भी बनते हंै। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं भू-कटाव को रोकने में वृक्षारोपण महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बरसात के मौसम में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, ताकि पृथ्वी को हरा-भरा रखकर प्रदूषण को कम किया जा सके। मोहित बसंल ने इस अवसर पर परसीमल का पौधा लगाया। इस अवसर पर परसीमल, दाडू, कचनार, कैंथ और देवदार के लगभग 100 पौधे रोपित किए गए। ग्राम पंचायत सपरुन की प्रधान रेणू, उप प्रधान विक्रम ठाकुर, बीडीसी सदस्य ललिता, डिप्टी रेंजर सोलन रेखा कंवर, ग्राम पंचायत सपरुन के पंचायत व युवक मण्डल के प्रतिनिधि, स्वयं सहयता समूह संयम, कुश व सन्नी के सदस्यों सहित ग्रामीण इस अवसर पर उपस्थित थे।
पूर्व वन मंत्री राकेश पठानिया ने बुधवार को मंड क्षेत्र रियाली पंचायत के बाढ़ ग्रस्त एरिया का दौरा किया। अस दौरान उन्होंने कहा कि जो परिवार बाढ़ से पीड़ित हुए हैं, उनके लिए 24 घंटे के अंदर टेंट और राशन का प्रबंध करने के लिए प्रशासन से को कहा गया है। अगर प्रशासन टेंट और राशन का प्रबंध नहीं करेगा तो वे कल तक स्वयं ही सामग्री उनको उपलब्ध करवा देंगे।
नगरोटा विस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है ताकि स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। यह जानकारी पर्यटन निगम के अध्यक्ष, कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने नगरोटा में जनसमस्याएं सुनने के उपरांत दी। उन्होंने कहा कि नगरोटा बगबां शहर के सौंदर्यीकरण तथा बेहतर सुविधाओं के लिए 50 लाख की राशि व्यय की जाएगी इसके अतिरिक्त नगरोटा बगबां में टूरिज्म का होटल निर्मित करने तथा देश भर का सबसे बड़ा फाउंटेन स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु ने हिमाचल में ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने की दिशा में कारगर कदम उठाने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन विकास परियोजनाओं की नियमित तौर पर समीक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि हिमाचल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सके और हिमाचल के ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध हो सकें। वर्तमान सरकार पर्यटन तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है तथा उसी दिशा में नीतियों एवं कार्यक्रमों का निर्धारण सुनिश्चित किया जा रहा है। बाली ने कहा कि नगरोटा विस क्षेत्र की सभी पंचायतों का बिना किसी भेदभाव के विकास सुनिश्चित किया जा रहा है इस बाबत सभी पंचायत सचिवों, पंचायत सहायकों तथा ग्रामीण रोजगार सेवकों के साथ पहले चरण की बैठकें आयोजित की गई हैं, इन बैठकों के माध्यम से सभी कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को धरातल पर क्रिर्यान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं, प्रत्येक महीने पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी ली जाएगी। बाली ने कहा कि विकास पुरूष जीएस बाली ने नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी है, उनसे प्रेरणा लेते हुए नगरोटा में विकास को और गति प्रदान की जाएगी ताकि विकास की दृष्टि से नगरोटा विधानसभा क्षेत्र पूरे राज्य में आदर्श विधानसभा क्षेत्र के रूप अपनी पहचान बना सके।
जोगिंद्रा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की बैठक का आयोजन बुधवार को बैंक के हेड ऑफिस सोलन में बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। इसमें करीब 50 एजेंडा पर विस्तृत चर्चा की गई। यह बैंक इस वर्ष 100 वर्ष में प्रवेश कर रहा है, इसके भव्य आयोजन को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई। इस बैंक का गठन सन 1924 में हुआ था। बैंक के उत्थान के लिए किस तरह से सभी लोग अपना प्रयास कर सकते हैं उस बारे में विचार विमर्श किया गया। वित्त वर्ष 2023 24 के लिए बैंक का शुद्ध लाभ 25 करोड़ से ऊपर रखने का टारगेट भी फिक्स किया गया। इस अवसर पर बैंक के प्रबंधक निदेशक एल आर वर्मा, डायरेक्टर जितेंद्र ठाकुर, असगर अली, किरण कौंडल, बुधराम ठाकुर, हजूरा सिंह, लाज किशोर उपस्थित थे।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बुधवार को जवाली विधानसभा के तहत बनोली में 8 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाली बनोली-डुगलू-वासा-कोठा-हरनेरा सड़क की आधारशिला रखी। इस अवसर पर एसडीएम मोहिंद्र प्रताप सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मोहिंद्र धीमान विशेष रूप से उपस्थित रहे। कृषि मंत्री ने बताया कि साढ़े नौ किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य नाबार्ड के तहत किया जाएगा। जिससे क्षेत्र के 11 गांवों की आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस सड़क को बनाने के लिए लोगों की वर्षों पुरानी मांग थी। उन्होंने चुनावों से पहले लोगों से किये गए अपने वायदे को प्राथमिकता से पूरा किया है। उन्होंने बताया कि इस सड़क के बनने से ज्वाली से नूरपुर की दूरी कम होने के साथ समय की भी बचत होगी। उन्होंने बताया कि मंढोल-चचियां-राजा का तालाब सड़क के शेष बचे निर्माण कार्य को बरसात खत्म होने के पश्चात युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। चंद्र कुमार ने बताया कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की भाग्य रेखाएं होती हैं। जहां सड़क पहुंचती है वहां विकास के साथ क्षेत्र में आर्थिक खुशहाली सुनिश्चित होती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की लगभग 95 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने के साथ अन्य विकास कार्यों को विशेष तरजीह दे रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र में सड़कों, पुलों का जाल बिछाया गया है । इस क्षेत्र के 90 प्रतिशत गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा चुका है तथा शेष बचे गांवों को भी प्रथमिकता के आधार पर सड़क सुविधा प्रदान की जाएगी। कृषि मंत्री ने बताया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में इस क्षेत्र में विकास कार्यों को ग्रहण लग गया था। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में रुके हुए सभी विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों तथा ठेकेदारों से निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने सहित धन के सही इस्तेमाल सुनिश्चित बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि बनोली क्षेत्र में पानी की कमी को दूर करने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा एक नया ट्यूबवेल लगाने के लिए सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त जरूरत के अनुसार यहां पर बड़ी क्षमता के अतिरिक्त भंडारण टैंक भी बनाये जाएंगे। मंत्री ने बताया कि इस क्षेत्र में मक्की की फसल को कीड़ा लगने के कारण कुछ नुकसान पहुंचा है, जिसको रोकने के लिए उन्होंने विभाग के अधिकारिओं को किसान के खेतों में जाकर तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कृषि मंत्री ने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश में घटित प्राकृतिक आपदा के कारण जानमाल को भारी नुकसान पंहुचा है। जिससे प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार पांच हज़ार करोड़ से अधिक के नुकसान का अनुमान आंका गया है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र को भी इसके कारण 85 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इस मौके पर जनसमस्याओं को सुनते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को इनके शीघ्र समाधान सुनिश्चित बनाने के भी निर्देश दिए। इससे पूर्व, कृषि मंत्री का पंचायत में पहुंचने पर स्थानीय लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता संसार सिंह संसारी ने आपदा राहत कोष में 21 हज़ार रुपये का अंशदान भी दिया।
केंंद्रीय विद्यालय की छात्रा विदुषी को सकुरा एक्सचेंज साइंस प्रोग्राम के तहत जापान जाने का मौका मिला। विदुषी केंंद्रीय विद्यालय नलेटी में बारहवीं विज्ञान की होनहार छात्रा है। विदुषी का जापान की छह दिवसीय शैक्षिक यात्रा के लिए चयन दसवीं के अंक और विद्यालय में आयोजित होने वाले ओलंपियाड में अच्छे प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इस शैक्षिक यात्रा के लिए पूरे भारत वर्ष से 57 बच्चों का चयन हुआ था। इस शैक्षिक यात्रा के दौरान विदुषी को जापान के ओसाका शहर का भ्रमण करवाया गया। क्योटा शहर की म्युनिसिपल होरिकावा हाई स्कूल का भ्रमण करवाया। जहां उसे जापानी विद्यार्थियों से वार्तालाप करने का अवसर मिला। वहां के प्रसिद्ध कियोमिजू डेरा मंदिर, टेंपल ऑफ प्योर वाटर स्प्रिंग नाम से प्रसिद्ध बुद्धिष्ट मंदिर के भी दर्शन करवाए। विदुषी ने ओसाका की प्लांट फैक्ट्री का भी भ्रमण किया। इसके साथ ही विदुषी को भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं के समय किस तरह बचाव किया जाता है, के संबंध में बहुत ही सरल तरीके से जानकारी दी गई। इसी के साथ क्योटा यूनिवर्सिटी के भ्रमण का भी अवसर प्राप्त हुआ। क्योटा यूनिवर्सिटी का नाम एशिया की अच्छी यूनिवर्सिटियों में आता है। यह यूनिवर्सिटी एशिया में नौवां स्थान रखती है। इस यूनिवर्सिटी के 11 स्नातकों को नोबेल पुरस्कार मिला है। इस क्योटो विश्वविद्यालय के बायो केमिस्ट्री के प्रोफेसर हिरोशी कितागावा का भाषण सुनने का अवसर प्राप्त हुआ। क्योटा शहर के हाइड्रो प्लांट का भ्रमण करवाकर वहां की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया गया। अपनी यात्रा की समाप्ति के बाद बालिका विदुषी बेहद ही प्रसन्न है। विद्यालय और अपने शिक्षकों का शुक्रिया अदा किया, जिनके मार्गदर्शन में मुझे विदेश जाने का मौका मिला। विदुषी अब अपनी कक्षा बारहवीं की पढ़ाई में जुट गई है। प्राचार्या शशि कला कटोच ने गर्वित होकर कहा कि हमारे विद्यालय की बालिका विदुषी का जापान देश में शैक्षिक भ्रमण पर जाना गर्व की बात है। इससे विद्यालय के अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे स्वस्थ शैक्षिक वातारण में ज्ञानार्जन करेंगे।
केंद्रीय अंतर मंत्रालय दल द्वारा 21 जुलाइ को किन्नौर जिला में भारी वर्षा के कारण प्रभावित क्षेत्र सांगला का दौरा प्रस्तावित है, जिस दौरान दल द्वारा सांगला में हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने दी। उपायुक्त तोरूल रवीश ने कहा कि केंद्रीय अंतर मंत्रालय दल 21 जुलाई को प्रात: 8:15 बजे जिला के सांगला स्थित कूपा में वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए पहुंचेगा। तोरूल रवीश ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा केंद्रीय दल के समक्ष जिला में भारी वर्षा से हुए नुकसान के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी। दल द्वारा सांगला के केएससी सड़क का ब्लोकेड प्वांइट, रूतुरंग, बू्रआ नाला तथा केएससी सड़क में अन्य भू-स्खलन प्वांइटों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके उपरान्त दल द्वारा सांगला बाजार में हुए नुकसान, जल शक्ति विभाग की विभिन्न पेजयल तथा मल निकासी योजनाओं को हुए नुकसान का निरीक्षण किया जाएगा। इसके उपरांत दल द्वारा सांगला के रूगती खड्ड में आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा तथा आजाद कश्मीर में पुल को हुए नुकसान का निरीक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में जिला स्तरीय सभी अधिकारियों को केंद्रीय अंतर मंत्रालय दल के दौरे में उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज भाजपा के 17 संगठनात्मक जिलों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। उन्होंने बताया कि चंबा जिला के अध्यक्ष के रूप में धीरज नरयाल, कांगड़ा सचिन शर्मा, नूरपुर रमेश राणा, देहरा संजीव शर्मा, पालमपुर हरिदत्त शर्मा, लाहौल स्पीति राजेंद्र बोद्ध, कुल्लू अरविंद चंदेल, मंडी निहाल चंद, सुंदरनगर हीरा लाल, हमीरपुर देशराज शर्मा, ऊना बलबीर चौधरी, बिलासपुर स्वतंत्र संख्यान, सोलन रत्न सिंह पाल, सिरमौर विनय गुप्ता, महासू अरुण फाल्टा, शिमला प्रेम ठाकुर, किन्नौर यशवंत नेगी को जिला अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं। इसके अतिरिक्त डॉ. राजीव बिंदल ने निवर्तमान जिला अध्यक्ष चंबा जसवीर सिंह नागपाल, निवर्तमान जिलाध्यक्ष कांगड़ा चंद्रभूषण नाग, निवर्तमान जिला अध्यक्ष कुल्लू भीम सेन, निवर्तमान जिला अध्यक्ष मंडी रणवीर सिंह, निवर्तमान कार्यकारी जिला अध्यक्ष हमीरपुर हरीश शर्मा, निवर्तमान जिला अध्यक्ष ऊना मनोहर लाल शर्मा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सोलन आशुतोष विद्य, निवर्तमान कायकारी जिला अध्यक्ष शिमला विजय परमार, निवर्तमान जिला अध्यक्ष किन्नौर संजीव हारा को प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां तत्कालीन प्रभाव से लागू होगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि भारी वर्षा से प्रभावित व्यक्तियों का उचित पुनर्वास करने के लिए प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को समय पर राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार दिन-रात कार्य किया जा रहा है। डॉ. शांडिल गत सांय सोलन के शामती में भारी वर्षा से प्रभावित व्यक्तियों को राहत राशि एवं राशन किट प्रदान कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर शामती में भारी वर्षा से प्रभावित परिवारों को प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित राशि के अनुसार लगभग 27.50 लाख रुपये की राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि शामती में अभी तक 105 प्रभावित परिवारों को 65 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि इसमें से 60 परिवारों को पूर्व में भी लगभग 37 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला में अभी तक आपदा प्रभावित परिवारों को 1.18 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि प्रदान की गई है। डॉ. शांडिल ने कहा कि ज़िला में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रभावितों को यथा संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में भारी वर्षा से हुए नुकसान का आकलन करने और प्रभावित क्षेत्रों को सहायता पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, ग्राम पंचायत शामती की प्रधान जयवंती, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, पुलिस उपाधीक्षक अनिल धोल्टा, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनेश धीर सहित अन्य गणमान्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश होने से सलूणी उपमंडल में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया। कुछ मकान क्षतिग्रस्त भी हुए हैं। कार्यवाहक उपमंडल अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि भारी बारिश होने से नाले में जलस्तर बढ़ गया है। पांच परिवारों के घर खाली करवाए गए हैं। इन्हें सुरक्षित स्थान पर आश्रय दिया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चार दिनों तक राज्य में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय जिलों के कई भागों में 22 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी है। राज्य में 24 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है।
कंडाघाट स्थित कृषि विज्ञान केंद्र सोलन द्वारा बुधवार को सेब दिवस का आयोजन किया गया जिसमें सोलन जिला के 70 किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ जितेंद्र चौहान ने किसानों का स्वागत किया व उन्हें मध्य पर्वतीय क्षेत्र में उगाई जाने वाली सेब की किस्मों जैसे अर्ली रेड वन, जीरोमाइन, रेड वेलोक्स, स्कारलेट स्पर ढ्ढढ्ढ, रेड लम गाला, गेल गाला, शिंको गाला, डार्क बैरन गाला आदि के विषय में विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के प्रधान कार्य मैनेजर डॉ. डीडी शर्मा ने सेब में कांट- छांट एवं क्लोनल रूट स्टाक के विषय पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती शुक्ला ने सेब में लगने वाले रोगों के प्राकृतिक प्रबंधन पर जानकारी दी व कीट रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग शर्मा ने कीटों के पर्यावरणीय अनुकूल प्रबंधन के विषय में जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. मीरा देवी ने सेब में प्राकृतिक कृषि के घटकों जैसे जीवामृत एवं घन जीवामृत तैयार करने व इस्तेमाल करने की जानकारी साझा की। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया जिसमें सेब की विभिन्न किस्मों तथा प्राकृतिक खेती में प्रयुक्त होने वाले घटकों जैसे जीवामृत घन जीवामृत, दशपर्णी अर्क, पौधास्त्र, सौंठास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्निअस्त्र एवं खट्टी लस्सी को प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को दर्शाया गया।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे को यातायात के लिए अस्थायी तौर पर बहाल कर दिया गया है। पिछले कल सुबह ६ मील के पास पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण यहां पर हाईवे फिर से बंद हो गया था। प्रशासन ने सारे मलबे को हटाकर हाईवे को पूरी तरह से यातायात के लिए बहाल करने की बात कही थी और दो दिनों तक हाईवे के बंद रहने की सूचना जारी की थी। लेकिन इतने में मंडी से कुल्लू वाया कटौला मार्ग भी यातायात के लिए बंद हो गया। ऐसे में प्रशासन को हाईवे को अस्थायी तौर पर यातायात के लिए बहाल करना पड़ा। हालांकि हाईवे से सभी प्रकार के छोटे बड़े वाहन गुजारे जा रहे हैं। जो बड़ी गाड़ियां फंसी हुई थी उन्हें अब यहां से जाने दिया जा रहा है। अभी भी यहां पर ९० प्रतिशत मलबा हटाने को है जिसे अब आने वाले समय में हटाया जाएगा। हालांकि हाईवे बहाल करने के साथ-साथ मलबा हटाने का कार्य भी जारी रखा गया है।
राजधानी शिमला के माल रोड में बीते दिन ब्लास्ट की घटना को शक के दायरे से देखा जा रहा है। आज डीजीपी संजय कुंडू खुद मौके पर पहुंचे। इस दौरान डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि शिमला ब्लास्ट को लेकर एसआईटी गठित की गई है, वह अपने नजरिए से जांच करेगी। उन्होंने एसपी शिमला को एसआईटी गठित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही बम स्क्वायड की टीम भी तैनात की गई है। संजय कुंडू ने कहा की शिमला एक पर्यटक स्थल भी है। इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि कल शाम सवा सात बजे के करीब यह धमाका हुआ। एक व्यक्ति की इसमें मौत हुई है। ब्लास्ट किस वजह से हुआ इसकी जांच चल रही है। शुरुआती जांच में यही पता चल पाया है कि गैस रिसाव से वैक्यूम से यह धमाका हुआ है। एरिया को पुलिस ने खाली करवा लिया है। लोगों को भी इस एरिया में आने से रोका जा रहा है। जांच की जा रही है जिसके बाद ही धमाके की असली वजह सामने निकलकर आयेगी। डीजीपी ने उस स्पॉट की भी निरीक्षण किया जहां ब्लास्ट हुआ है। साथ ही उन्होंने उन दुकानों का भी जायजा लिया , जिनको ब्लास्ट से नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत सांय डॉ. ओम प्रकाश कौल द्वारा लिखी पुस्तक 'राग प्रकाशÓ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने डॉ. कौल के प्रयासों की सराहना की और उनके अकादमिक भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। 'राग प्रकाशÓ में संगीत के क्षेत्र में विशेष प्रकार के रागों को एक पुस्तक में संग्रहित करने का प्रयास किया गया है। शिक्षा जगत से जुड़े शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं संगीत प्रेमियों के लिए यह पुस्तक उपयोगी साबित होगी। डॉ. कौल राजकीय महाविद्यालय संजौली, शिमला में संगीत (गायन), सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने गज़ल गायकी में भी अपनी पहचान बनाई है और हाल ही में उनके द्वारा रचित संजौली महाविद्यालय का कुलगीत भी काफी सराहा गया।
हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने मांग की है कि विद्यालय के प्रधानाचार्य पद के लिए प्रवक्ता एवं मुख्याध्यापक के अनुपात मे काडर संख्या के अनुपात मे ही वृद्धि कर प्रवक्ताओं के लिए 90 प्रतिशत पद संरक्षित रखे जाए। प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, महासचिव डॉ. आईडी राही, जिला कोषाध्यक्ष विजय वर्मा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य सतीश शर्मा, संजय शमा, रमेश नेगी, महिला अध्यक्ष सीमा वर्मा, भावना साथी, रमा शर्मा, संध्या चौहान आदि ने तर्क दिया कि वर्तमान परिस्थित मे जहां मुख्याध्यापक मात्र 3 वर्ष के सेवाकाल बाद प्रधानाचार्य बन जाते हे वही प्रवक्ता 20 से 25 वर्ष की सेवाकाल उपरांत भी प्रवक्ता पद से ही सेवानिवृत्त हो रहै है। आश्चर्य का विषय यह है कि मुख्याध्यापक काडर से कनिष्ठ शिक्षक भी वरिष्ठ प्रवक्ताओं से पहले प्रधानाचार्य बनने लगे है।अत वर्तमान परिस्थित मे प्रवक्ताओं की काडर संख्या के अनुपात मे प्रधानाचार्य पद पर इस वर्ग के लिए कोटा बढाना नितांत आवश्यक है। यह भी आश्चर्य का विषय है कि जहां सभी विभागों में राजपत्रित पद के लिए विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है वही मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य के लिए किसी प्रकार की कोई विभागीय परीक्षा अनिवार्य नहीं ओर सबसे अधिक चिंतनीय विषय तो यह है कि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जहां प्रवक्ता पद के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातकोत्तर है वही प्रधानाचार्य पद पर मुख्याध्यापक कोटे से केवल प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक भी प्रधानाचार्य बनते आ रहे हैं । ज हां संख्या की बात की जाए आज 50 प्रतिशत पद मात्र 750 मुख्य अध्यापकों के संरक्षित हैं, जबकि 18000 प्रवक्ताओं के लिए भी केवल 50त्न ही पद ही है जो शायद ही न्यायसंगत हो। प्रवक्ता संघ ने इस तथ्य को भी गुमराह करने वाला बताया जिसमे मुख्याध्यापक पद के लिए प्रशिक्षित स्नातक शिक्षको को जोड़कर बताया जा रहा है क्योकि यदि फिडींग काडर की बात करे तो वर्तमान मे प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक अधिक योग्यता होने के कारण पदोन्नति का विकल्प केवल प्रवक्ता पद के लिए देते हैं ओर दुर्भाग्य से अधिक शिक्षित होने के बावजूद भी प्रवक्ता ही सेवानिवृत्त हो जाते है ऐसी परिस्थित मे प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक आज मुख्याध्यापक से अधिक प्रवक्ता वर्ग का फिडींग काडर है। इसके अतिरिक्त प्रवक्ता संघ ने मांग की है कि सभी शैक्षणिक योग्यता को पूरा करने वाले विद्यालय प्रवक्ताओ को अन्य विभागो की तरह उच्च पद अर्थात महाविद्यालय सहायक प्रोफेसर महाविद्यालय के पद पर पदोन्नती दी जाए जिससे जहा दशको तक ही पद पर रहने वाले विद्यालय प्रवक्ताओ को पदोन्नती के अवसर मिलेगे वही अधिक अनुभवी प्राध्यापको की सेवाओ का लाभ महाविद्यालय स्तर पर भी मिलेगा। संघ अध्यक्ष ने कहा कि यदि विभाग द्वारा प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नती को संख्या के अनुपात मे नही बढाया गया तो मजबूरन संघ को इस अन्याय के विरुद्ध उचित न्यायलय मे चुनौती देनी पड़ेगी।
हिमाचल में जल प्रलय से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम हिमाचल पहुुंच गई है। बुधवार को केंद्र की ओर से एक स्पेशल टीम परवाणु पहुंची। इस दौरान टीम ने परवाणु के सभी क्षेत्रों का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया, जिसमें मुख्यत: सेक्टर चार स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए गए मकानों को बने खतरे को देखा, सेक्टर पांच में कंपनियों को हुए भारी नुकसान का भी जायज़ा लिया और फिर कामली खड़ीण में कंपनियों को बने खतरे की जानकारी ली। साथ ही कौशल्या नदी पर बने चैक डेम का भी निरिक्षण किया, जिसको काफी नुकसान हुआ है। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने केंद्र से आई पूरी टीम के समक्ष बारिश के कारण हुए नुकसान की जानकारी साझा की और टीम से सहायता की मांग रखी। केंद्रीय टीम ने जिला उपायुक्त व उनके साथ सभी स्थानीय जनता व उद्योगपतियों को हर तरह की सहायता किए जाने का आश्वासन दिया। केंद्र से आई टीम ने भी माना कि, जो नुकसान हुआ है, वह बहुत गंभीर है और उसका हल निकाला जाना चाहिए।
पुलिस थाना ज्वालामुखी के अंतर्गत एक कार व मोटरसाइकिल की ठेहड़ा नामक जगह पर आमने सामने से टक्कर हुई है जिसमें मोटरसाइकिल चालक हो गंभीर चोटें आई हैं। मोटरसाइकिल चालक को घायल अवस्था में मौके से सिविल अस्पताल ज्वालामुखी लाया गया है जहां उसका उपचार चल रहा है। मिली सूचना के अनुसार मोटरसाइकिल चालक अभिषेक सुपुत्र पुरुषोत्तम लाल, निवासी बोहल खालसा,डाकघर डिग्गर,त० ज्वालामुखी,जिला काँगड़ा पाया गया है। इसके अतिरिक्त कार चालक सौरभ सुपुत्र देशराज, निवासी सकरोह,डाकघर बिहड़ु, त० बड़सर,जिला हमीरपुर पता मालूम हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने गवाहों के बयान कलमबद्ध किए हैं व आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के वन विश्राम गृह मे असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी )की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिलाध्यक्ष नितेश कुमार व ब्लॉक अध्यक्ष राहुल पाठनिया की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई। इस बैठक में बतौर मुख्यतिथि असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन राजीव राणा ने शिरकत करते हुए कहा कि इंदौरा विधानसभा के मज़दूर कामगारों को सरकार की योजनाएं मिलेगी ताकि पिछले काफ़ी बर्षों तक का रुका विकास हो सके। राजीव राणा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा कामगारों की दिहाड़ी बढ़ाना प्रदेश की जनता से संवेदनशिलता को दर्शाता है। राणा ने तीखे व्यंग्य मे कहा कि जिस प्रकार केंद्र की मोदी सरकार ने मज़दूरों के हक़ को खाया है,लेबर कोड को खत्म किया। उसके विपरीत प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के सभी वर्गों के लिये संवेदनशील सोच रख मज़दूरों की दिहाड़ी बढ़ा साबित किया कि प्रदेश मे सही मायने मे सुख की सरकार है।
विकास खंड देहरा , प्रागपुर , नगरोटा सूरियां में वर्षाकालीन फलदार पोधो की बिक्री बागवानी विभाग ने आरंभ कर दी है। इस ऋतु में आम, संतरा, लीची , कटहल, अंबाला, अमरूद इत्यादि फल पौधे बागवानों को उपलब्ध करवाए जा रहे है। बागवानी विभाग देहरा के विषयवाद विशेषज्ञ डॉक्टर विवेक गर्ग ने बताया कि बागवानों को उन्नत व अच्छी गुणवत्ता के पौधे सरकारी रेट पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। बागवानी विभाग किसानों व बागवानों को यह फलदार पौधे सरकारी नर्सरी , विश्वविद्यालय की नर्सरी और रजिस्टर्ड नर्सरी में 25 रुपए से 125 रुपए की दर पर दिए जा रहे है। डॉक्टर विवेक गर्ग ने बताया कि इस बार आम की पूसा सीरीज बागवानों को ' पहले आओ पहले पाओ ' पर दी जा रही है। उन्होंने बताया कि देहरा , प्रागपुर , नगरोटा सूरियां के बागवान एकमुस्त फलदार पौधो की मांग अपने नजदीकी उद्यान विकास अधिकारी के कार्यालय में कर सकते है। नए बगीचे स्थापित करने पर 30 हजार से 50 हजार रुपए तक प्रति हेक्टर भूमि पर अनुदान ले सकते है। उन्होंने कहा कि इसके लिए या अन्य बागवानी संबंधी अनुदान के लिए e-udyan के माध्यम से अपनी मांग दे सकते हैं।
प्रदेश में सरकार द्वारा डीजल के दाम बढ़ाने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने सरकार पर निशाना साधा है। डाॅ राजीव बिन्दल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जो सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रही है, आये दिन हिमाचल की जनता के उपर नए बोझ डाल रही है। डीजल के दाम बढ़ाने से सारे हिमाचल प्रदेश में एकदम से मालभाड़े में वृद्धि हो गई है। सारी ट्रक यूनियन्स ने, सारी माल वाहक गाडि़यों ने, टैक्सियों ने सभी ने अपने रेटों में बढ़ौतरी कर दी है, जिसका सीधा-सीधा दुष्प्रभाव सामान्य जनमानस के उपर पड़ रहा है। डाॅ बिन्दल ने कहा कि रेट बढ़ाने के पहले दिन ही हमने चेताया था कि इससे डायरेक्ट और इन डायरेक्ट दोनों प्रकार से महंगाई बढ़ेगी परन्तु वर्तमान कांग्रेस की सरकार आम जनता की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह से जुटी हुई है। डाॅ बिन्दल ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी जिद छोड़नी चाहिए और 6 रू की डीजल में जो बढ़ौतरी की है उसे जनहित में वापिस लेना चाहिए। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान सरकार महंगाई हटाने और 10 गारंटियां पूरी करने के वायदे के उपर सत्ता में आई है। महंगाई हटाना तो दूर की बात, महंगाई बढ़ाने का काम तेज गति से किया है और गारंटियां वाला धोखा जो जनता को दिया है उसका बदला तो जनता लेने ही वाली है। डाॅ बिन्दल ने कहा कि नकदी फसलें टमाटर, शिमला मिर्च, बिन्स, गोभी, पत्ता गोभी, सेब, पलम, आडू सब आजकल निकल रहा है। वर्तमान सरकार की नाकामयाबी से न तो सडकें खुल रही है और उपर से ढुलान का किराया बढ़ गया है। किसानो को अपने जेब खर्च से जे0सी0बी0 लगाकर सड़कें खोलनी पड़ रही है और जे0सी0बी0 का किराया भी बढ़ गया है। इस प्रकार किसान-बागवान व सामान्य जनमानस कांग्रेस सरकार की करनी के कारण दुखों को झेल रहा है।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला सोलन की उप तहसील ईकाई ममलीग के चुनाव निरीक्षण कुटीर जल शक्ति विभाग ममलीग में चुनाव परिवेक्षक हरीश कुमार, सह परिवेक्षक सुनील दत्त की देख रेख व अध्यक्ष सुरेश कुमार पशुपालन विभाग की अध्यक्षता में सर्व सम्मति से सम्पन्न हुए। जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की व विवेक कुमार को प्रधान, अनिल कुमार को वरिष्ठ उप-प्रधान, हरिंद्र ठाकुर को महासचिव व ललित कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया। नव नियुक्त प्रधान विवेक कुमार ने कहा है कि पहली बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों से वार्तालाप करने के उपरान्त कार्यकारणी का विस्तार किया जायगा और सभी विभागों के कर्मचारियों को विशेष स्थान कार्यकारणी में दिया जाएगा। उन्होनें हाऊस में उपस्थित सभी कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो विश्वास कर्मचारियों ने उन पर जताया है वह पूरी कोशिश करेगें कि वह कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतर कर कर्मचारियों की सभी समस्या का समाधान कर सके।
1.5 लाख से बनेगा शहीद पंचम समारक : गोमा आपका विधायक आपके द्वार कार्यक्रम के तहत रिडकल टिक्कर मिश्रा बस्ती गंदड अंद्राणा में जयसिंहपुर के विधायक यादविंदर गोमा ने लोगों की जनसमस्याओं को सुना और मोके पर समाधान किया। विधायक यादविंदर गोमा ने अपने संबोधन में सड़क निर्माण रिडकल के लिए 1.5 लाख, महिला मंडल के कार्य को पूरा करने के लिए 50 हजार, गंदड शमशान घाट के निर्माण के लिए 1.5 लाख व शहीद पंचम समारक बनाने के लिए 1.5 लाख और सामुदायिक भवन अंद्राणा को पूरा करने के लिए विधायक निधि से 50 हजार देने की घोषणा की। वही गोमा ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब बच्चों के लिए एक प्रतिशत ब्याज का ऋण उपलब्ध करवा रही है। जिसके लिए सरकार ने बजट का भी प्रविधान कर दिया है। इस मौके पर बीडीओ लंबागांव सिकंदर सिंह, सभी विभागों के अधिकारी व स्थानीय पंचायत के सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने हिमाचल प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर पेट्रोल पंप खोलने के लिए 27 सितंबर तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें जिला हमीरपुर के आठ स्थान भी शामिल हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के मंडल रिटेल सेल्स प्रमुख इंद्र लाल नेगी ने कहा कि पेट्रोल पंप के लिए आवेदन से संबंधित पूरी जानकारी वेबसाइट पेट्रोल पंप डीलर चयन डॉट इन पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए शिमला के कसुम्पटी में स्थित मंडल रिटेल सेल्स प्रमुख के कार्यालय में या दूरभाष नंबर 0177-2626667 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के मंडल रिटेल सेल्स प्रमुख ने पेट्रोल पंप चलाने के इच्छुक लोगों से 27 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
सोमवार सुबह तड़के जिला के काइस में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो युवक घायल हुए हैं। जिनको कुल्लू अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया है। बादल फटने से आई बाढ़ में 9 गाड़ियों के बहने की भी सूचना मिली है। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह तड़के काईस गांव में कोटा नाला में बादल फट गया तथा अनेक गाडियां बह गई है। जबकि बादल फटने से सड़क किनारे बोलेरो कैंपर गाड़ी में सोये हुए 4 व्यक्ति बाढ़ की चपेट में आ गए। जिनमें एक व्यक्ति 28 वर्षीय बादल शर्मा पुत्र गणेश शर्मा निवासी चन्सारी की मौत हो गई है। दो घायलों को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, गाड़ी चालक कपिल पुत्र कमलेश शर्मा गाव चन्सारी डाकघर बारी पधर त. व जिला कुल्लू को कोई चोट नहीं आई है। बादल फटने से आई बाढ़ में काईस में 6 गाड़ियां व 3 दोपहिया वाहन बह गए। वहीं न्योली में भी बादल फटने से 5 दोपहिया व चार गाड़ियां बह गई हैं। जबकि न्योली हाईस्कूल भवन में भी मलबा घुस गया है। स्कूल भवन को काफी नुकसान हुआ है तथा मिड-डे मील के बर्तन भी बह गए हैं।
कालका-शिमला धरोहर रेलवे ट्रैक पर 6 अगस्त तक के लिए सभी ट्रेनें स्थगित कर दी गई हैं। सोलन और कालका के बीच रेल ट्रैक पर जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ और पत्थर गिरने से ट्रैक प्रभावित होने के चलते यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, शिमला से सोलन तक ट्रैक को ट्रेनों के संचालन के लिए दुरुस्त कर दिया गया है। उत्तर रेलवे की शिमला और सोलन के बीच लोकल ट्रेन चलाने की भी योजना है। बता दें कि 9 जुलाई से कालका-शिमला हैरिटेज रेल ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन बंद है। रेल लाइन पर सोलन और कालका के बीच जगह-जगह हुए भूस्खलन के चलते गाड़ियों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा। रेल लाइन को गाड़ियों के संचालन के लिए ट्रैक को दुरुस्त करने का काम 9 जुलाई से चल रहा है और मौजूदा समय में शिमला से सोलन तक ट्रैक को गाड़ियों के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। रेल सेवा बहाल करने के लिए शिमला और सोलन के बीच बकायदा इंजन का ट्रायल भी हुआ है। लेकिन, सोलन से कालका तक अभी भी ट्रैक गाड़ियों के लिए ठीक नहीं हुआ है। सोलन से धर्मपुर के बीच पेड़ गिरने, कोटी और सोलन के बीच दो जगह भूस्खलन, धर्मपुर और कुमारहट्टी के बीच भूस्खलन और जल जमाव, सोलन और धर्मपुर स्टेशनों के बीच जल जमाव और भूस्खलन, धर्मपुर सलोगड़ा और कोटी के बीच रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन और पेड़ गिरने से रेल की आवाजाही बंद है। कुछ जगहों पर रेल ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है जिसके कारण रेल सेवा बहाल करने के लिए अगले 3 हफ्तों के लिए गाड़ियों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है। 21 दिन बाद 6 अगस्त को ट्रैक का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में यदि ट्रैक गाड़ियों के संचालन के लिए सही पाया गया तो रेल सेवा बहाल की जाएगी। फिलहाल, शिमला और सोलन के बीच लोकल ट्रेन चलाने की योजना है। उत्तर रेलवे अंबाला मंडल को इस पर फैसला लेना है।
कांगड़ा जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा का सराय भवन बन कर तैयार है। लगभग 2.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह भवन बहुत जल्द जनता के उपयोग के लिए सौंपा जाएगा। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने आज टांडा मेडिकल कॉलेज का दौरा कर नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया और इसके कार्यान्वयन को लेकर अधिकारियों संग आवश्यक बैठक की। जिलाधीश ने बताया कि टांडा अस्पताल का सराय भवन बनकर तैयार है और अगस्त माह तक इसे मरीजों-तीमारदारों के उपयोग के लिए शुरु कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके चालू होने पर टांडा अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को बड़ी सुविधा मिलेगी और उनके ठहरने के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि इसके निर्माण के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने सीएसआर के माध्यम से आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाया है। वहीं एमपीलैड से भी इस सराय के निर्माण के लिए राशि उपलब्ध करवाई गई है। रेडक्रॉस करेगी सराय का संचालन डीसी ने बताया कि जिले में रेडक्रॉस के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को लेकर कईं महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टांडा सराय भवन का संचालन रेडक्रॉस के माध्यम हो, इसकी अनुमति सरकार से मिल गई है। उन्होंने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी और रोगी कल्याण समिति मिलकर इस सराय को चलाएंगे। उन्होंने बताया कि सराय भवन में मरीजों और तीमारदारों के लिए न्यूनतम दामों में रहने और अच्छा भोजन उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएगें। 56 बेड की होगी सुविधा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि टांडा अस्पताल सराय भवन में मरीजों और उनके तीमारदारों के ठहरने के लिए 56 बेड की सुविधा रहेगी। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल प्रदेश के विभिन्न जिलों को सेवाएं प्रदान करता है, लिहाजा यहां लोगों की आमद ज्यादा है। उन्होंने बताया कि आईपीडी तथा डे-केयर के रोगियों और उनके तीमारदारों को यहां पर रहने की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए मुआवजे की राशि में बढ़ौतरी करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के तहत 7 जुलाई, 2023 से 15 जुलाई, 2023 के दौरान आई बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित हुए परिवारों को विशेष राहत पैकेेज के अन्तर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राहत मैनुअल के तहत पक्के घर को आंशिक क्षति पर 12500 रुपये तथा कच्चे मकान को आंशिक नुकसान होने पर 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने अभूतपूर्व त्रासदी को देखते हुए इसे बढ़ाकर एक लाख रूपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि दुकानों और ढाबों को नुकसान होने पर पहले सिर्फ सामान की एवज़ में 10 हजार रुपये की मामूली आर्थिक सहायता मिलती थी, जिसे राज्य सरकार ने दस गुणा बढ़ाकर एक लाख रूपये कर दिया है। इसके अतिरिक्त किरायेदार के सामान को नुकसान होने पर पहले 25 हजार रुपये की मद्द दी जाती थी, जिसे दोगुना करके 50 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं कृषि और बागवानी योग्य भूमि में बाढ़ से सिल्ट आने पर पहले जहां लगभग 1400 रूपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाता था, इसे बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति बीघा कर दिया गया है। इसके साथ ही कृषि और बागवानी योग्य भूमि को क्षति होने पर पहले 3600 रूपये प्रति बीघा की आर्थिक सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति बीघा कर दिया गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में किसानों व बागवानों की फसल को नुकसान होने पर 300 से 500 रुपये प्रति बीघा मुआवजा प्रदान किया जाता था, जिसे बढ़ाकर राज्य सरकार ने 2000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। वर्तमान राज्य सरकार ने गाय, भैंस तथा अन्य दुधारू पशुओं की जान जाने पर 55 हजार रुपये प्रति पशु की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो पहले 37500 रुपये थी। उन्होंने कहा कि भेड़, बकरी और सुअर की जान जाने पर, मिलने वाली आर्थिक मदद को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही पहले यह मुआवजा अधिकतम 30 भेड़, बकरी और सुअर के लिए ही दिया जाता था, लेकिन राज्य सरकार ने इस शर्त को भी खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर काम कर रही है और हिमाचल प्रदेश के इतिहास में मुआवजा राशि को पहली बार इतना अधिक बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के दु:ख-दर्द से भली-भांति परिचित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रभावितों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां आयोजित हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 280वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नालागढ़ में निगम के पास उपलब्ध भूमि पर व्यावसायिक परिसर बनाने की अनुमति प्रदान की गई ताकि यह भूमि आय सृजन का स्रोत बन सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने परवाणु में निगम की अप्रयुक्त भूमि के उपयोग के निर्देश भी दिए। उद्योग मंत्री ने निगम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि निगम प्रदेश के आय अर्जित करने वाले उपक्रमों में से एक है। उन्होंने कहा कि निगम प्रतिवर्ष लाभ अर्जित कर रहा है। वर्ष 2020-21 में निगम ने आयकर अदायगी के पश्चात् 7.67 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2021-22 में 7.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। बैठक के दौरान उन्होंने राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा वर्ष 2019-20 व 2020-21 के लिए प्रदेश सरकार को देय 3.08 करोड़ के लम्बित लाभांश का अनुमोदन किया। निगम द्वारा वर्ष 2022-23 का सरकार को देय लाभांश 1.54 करोड़ रुपये है। इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक राजेश्वर गोयल ने निगम से सम्बंधित विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष विशाल चम्बयाल, प्रधान सचिव उद्योग आर.डी. नज़ीम, सचिव कृषि राकेश कंवर, निदेशक उद्योग विभाग राकेश प्रजापति, विशेष सचिव उद्योग विभाग किरन भड़ाना व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
जिला रेडक्रास सोसाइटी की ओर से उपायुक्त कांगड़ा निपुण जिंदल ने मिनी सचिवालय में पालमपुर, देहरा तथा नुरपुर अस्पताल के लिए चिकित्सा उपकरण वितरित किए गए। इस अवसर पर उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी समाज सेवा के विभिन्न प्रकल्पों को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी के माध्यम से समय-समय पर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद भी की जा रही है इसके अतिरिक्त रक्त दान शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी के साथ अधिक अधिक से लोग जुड़ें इस के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं ताकि समाज तथा मानवता की भलाई के लिए कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्थित जिला पूस्तकालय को भी अत्याधुनिक बनाने की दृष्टि से इसका नवीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्थित जिला पुस्तकायल में अध्ययन करने वाले छात्रों और युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्थित जिला पुस्तकालय में केवल कांगड़ा ही नहीं अपितु प्रदेश भर के विद्याथी अध्ययन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में शिक्षा के अनेक संस्थान होने की वजह से इनमें अध्ययनरत बहुत से विद्यार्थी जिला पुस्तकालय का उपयोग करते हैं। इस अवसर पर एडीसी सौरभ जस्सल, एडीएम रोहित राठौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील शर्मा सहित रेडक्रास सोसाइटी के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। महिला मंडल जय गौर, गोपाल चिन्मया स्वयं सहायता समूह ने राहत कोष के लिए दिया चेक धर्मशाला, 17 जुलाई। आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आपदा राहत कोष में आम जनमानस खुलकर अपना योगदान दे रहा है। सोमवार को महिला मंडल जय गौरा तथा चिन्मया गोपाल स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त डा निपुण जिंदल को आपदा राहत कोष के लिए चेक सौंपा। इस अवसर पर महिला मंडल तथा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष मोनिका देवी, पुण्य देवी, डिंपल,सचिव मोनिका गुप्ता, कविता तथा पिंकी देवी ने कहा कि कुल्लू तथा मंडी में आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आपदा राहत कोष के लिए महिला मंडल तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से धन एकत्रित करके उपायुक्त के माध्यम से चेक सरकार को भेजा गया है।
रोजगार मेले राज्य भर में बेेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी के शानदार अवसर प्रदान करते हैं और नौकरी के इच्छुक तथा नौकरी प्रदाताओं को जोड़ने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यह बात श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां श्रम एवं रोजगार विभाग की एक बैठक के दौरान कही। उन्होंने इन मेलों तक पहुंच बढ़ाने के लिए अधिकारियों को रोजगार मेले का आयोजन हर 45 दिनों में कम से कम एक बार अवश्य करने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों, नीतियों और विभिन्न अन्य गतिविधियों के बारे में मंत्री ने कहा कि अधिकांश विभागीय कार्य और कार्यक्रम, जैसे पंजीकरण प्रक्रिया अब ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से अब कोई भी अपना पंजीकरण करवा कर विभाग के माध्यम से संचालित राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों से लाभ उठा सकता है। नौकरी चाहने वाले अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र से भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। यह विशेष रूप से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद होगा और इससे समय और धन की भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जाएगा। श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि इन श्रमदानियों को अच्छी और सुरक्षित काम करने की स्थिति प्रदान की जाए। उन्हें उचित हेडगियर, दस्ताने और अन्य सुरक्षा उपकरण इत्यादि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में श्रम आधारित उद्योग हैं और श्रमिकों के कल्याण और प्रबंधन पर ध्यान देना और सुरक्षित कामकाजी परिस्थितियां प्रदान करना सरकार की प्रतिबद्धता है। श्रम एवं रोजगार के सचिव अक्षय सूद, श्रम एवं रोजगार की श्रमायुक्त-सह-निदेशक मानसी सहाय ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
कांगड़ा जिला में सेहत सेवा अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों, चलने फिरने में असमर्थ रोगियां को उनके घर द्वार पर देखभाल तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी इस के लिए जिला प्रशासन की ओर से रेड क्रास सोसाइटी, स्वास्थ्य विभाग तथा एजुकेयर के सहयोग से पायलट आधार पर तीन चिकित्सा खंडों शाहपुर, त्यारा, नगरोटा बगबां में जेरीएट्रिक होम केयर प्रबंधन प्रणाली विकसित करने का प्लान तैयार किया गया है। यह जानकारी सोमवार को एनआईसी सभागार में सेहत सेवा अभियान के जेरीएट्रिक होम केयर प्रबंधन प्रणाली के पायलट प्रोजेक्ट की कार्य योजना तैयार करने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत कांगड़ा जिला के तीन चिकित्सा खंडों की 189 गांवों में 378 देखभाल सहायक एवं मेडिकल तकनीशियन प्रशिक्षित किए जाएंगे, इस के लिए चयन तथा प्रशिक्षण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्र में सीनियर सिटीजन तथा चलने फिरने में असमर्थ रोगियों को घर द्वार पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाई जा सके। सीनियर सिटीजन होंगे लाभान्वित उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिला में पायलट आधार पर आरंभ किए जा रहे सेहत सेवा अभियान से बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी और उन्हें बार-बार चेकअप के लिए अस्पताल में नहीं जाना पड़ेगा उनके आवश्यकतानुसार घर द्वार पर ही देखभाल सहायकों के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में ऐसे कई बुजुर्ग हैं जिनको स्वास्थ्य देखभाल के लिए अन्य लोगों पर निर्भर रहना पड़ता है ऐसे में प्रशिक्षित देखभाल सहायक काफी मददगार साबित होंगे। क्या है जेरीएट्रिक केयर हेल्प सर्विस जेरीएट्रिक केयर हेल्प सर्विस बुजुर्गों की हेल्थकेयर, होम केयर, हाउसिंग, डे केयर जरुरतों को पूरा करती हैं। प्रशिक्षित देखभाल सहायक बुजुर्गों तथा चलने फिरने में असमर्थ रोगियों की बिल्कुल नियोजित तरीके से देखभाल करते हैं, ये प्रोफेशनल्स बुजुर्गों के अकेलेपन को काफी नजदीक से समझते हैं। ये उनको मानसिक और शारीरिक रुप से सक्रिय करने के लिए समय-समय पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे तथा बुजुर्गो की हर गतिविधि को लगातार मॉनिटर किया जाएगा। बुजुर्गों के आदत, खान-पान के तरीके या फिर व्यवहार में हो रहे बदलाव के बारे में परिवार के सदस्यों को समय-समय पर अवगत करवाएंगे। इसके अलावा शूगर, बीपी, यूरेन जैसे टेस्ट भी घर द्वार पर ही करने की सुविधा प्रशिक्षित देखभाल सहायकों द्वारा किया जाता है। डॉक्टर के निर्देश के मुताबिक हर मेडिकल जरुरत समय-समय पर भी उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया जाएगा। राज्य भर में जिला कांगड़ा प्रशासन की है यह पहल राज्य भर में सेहत सेवा अभियान के तहत जेरीएट्रिक केयर हेल्प सर्विस को आरंभ करने की दिशा में कांगड़ा जिला में पायलट आधार पर पहल की गई है। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर यह सेवा कांगड़ा जिला के तीन चिकित्सा खंडों में आरंभ की जाएगी इस के लिए देखभाल सहायकों की नियुक्ति तथा प्रशिक्षण प्रक्रिया के लिए विशेषज्ञों की देखरेख में मॉडूयल भी तैयार किया जा रहा है तथा इन तीन चिकित्सा खंडों में अभियान के बेहतर परिणाम आने के बाद पूरे जिला भर इस सेवा को आरंभ किया जाएगा। इस अवसर पर सेहत सेवा अभियान के समन्वयक हरजीत भुल्लर ने प्रजेंटेशन के माध्यम से कार्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर एडीसी सौरभ जस्सल, सीएमओ सुनील शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डा गुलेरी सहित विभिन्न विभागों के लोग उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 18 व 19 जुलाई को सोलन विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। डॉ. शांडिल 18 जुलाई को प्रात: 11.30 बजे सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत काहला, दोपहर 12.05 बजे ग्राम पंचायत सायरी तथा दोपहर 2.00 बजे ग्राम पंचायत कोट के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री तदोपरांत सायं 03.30 बजे सोलन में भारी वर्षा के कारण प्रभावित लोगों को तत्काल राहत के रूप में चेक प्रदान करेंगे। डॉ. शांडिल 19 जुलाई को दोपहर 12.05 बजे सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत डांगरी की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी देवरा के भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री तत्पश्चात दिन में 1.20 बजे ग्राम पंचायत डांगरी के बेरटी गांव का दौरा करेंगे। डॉ. शांडिल इसके उपरांत सांय 4.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में रोगी कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां राज भवन से राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से जिला मण्डी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री से भरे दो वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में इस प्राकृतिक आपदा के कारण जान व माल का भारी नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई करना कठिन है, लेकिन राहत के रूप में हम अपना योगदान दे सकते हैं जो प्रभावित लोगों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस आपदा में प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन तथा पुलिस के प्रयासों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा के दौरान सेना, वायु सेना, अर्धसैनिक बलों तथा सभी अन्य एजेंसियों द्वारा राहत व बचाव कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय प्रदेश में आई इस आपदा पर नजर बनाए हुए है तथा इसके लिए फौरी राहत प्रदान कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नुकसान के पूर्ण आकलन के पश्चात प्रदेश को और अधिक राहत प्रदान की जाएगी। राज्यपाल ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में समाज के सभी वर्गों ने सहयोग प्रदान किया है तथा लोगों ने भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए सभी से आपदा राहत कोष में स्वेच्छा से योगदान करने का आग्रह किया है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने स्वयं राहत कोष में अपने एक माह के वेतन का अंशदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राज्य तथा जिला स्तर पर रेडक्रॉस के माध्यम से भी सहायता प्रदान की जा रही है। इससे पूर्व राज्य रेडक्रॉस के माध्यम से 13 जुलाई को तीन वाहनों में मण्डी तथा कुल्लू जिलों के लिए राहत सामग्री भिजवाई गई थी। राष्ट्रीय रेडक्रॉस सोसायटी से अधिक राहत सामग्री प्रदान करने का आग्रह भी किया गया है तथा रेडक्रॉस के माध्यम से शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्रों में यह राहत सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। राज्यपाल के सचिव संदीप कदम तथा राज्य रेडक्रॉस के अन्य पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला में वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दिल्ली में ड्रग तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने ड्रग माफिया से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्यों को अधिक अधिकार देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त ड्रग माफिया पर प्रभावी ढंग से नकेल कसने के लिए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टांसिस (एनडीपीएस) अधिनियम में संशोधन की भी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं के तस्करों की संपत्ति जब्त करने के लिए एनडीपीएस अधिनियम में एक प्रावधान जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हिमाचल प्रदेश से प्रवर्तन निदेशालय को नशीली दवाओं से संबंधित स्थानांतरित किए गए १० मामलों में प्रगति धीमी रही है। ऐसे में उन्होंने जब्त करने की शक्तियां राज्यों को सौंपने को कहा। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं से संबंधित अपराध में सजा ५ वर्ष से बढ़ाकर आजीवन कारावास की जाए और नशीले पदार्थों की मात्रा की परवाह किए बिना इस अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाने के साथ-साथ पांच लाख जुर्माने और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान भी किया जाए। उन्होंने नशीली दवाओं के अत्याधिक सेवन से होने वाली मौतों को रोकने के महत्त्व पर बल दिया और इस संबंध में अधिनियम में आवश्यक बदलाव करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से प्रदेश के कुल्लू जिले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का क्षेत्रीय कार्यालय और आधुनिक हाई-टेक जेल स्थापित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए राज्य में आधुनिक फोरेंसिक प्रयोगशाला और मोबाइल लैब की स्थापना का भी अनुरोध किया। उन्होंने नशीली दवाओं से संबंधित मामलों में तेजी लाने के लिए हिमाचल प्रदेश में एनडीपीएस अधिनियम के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने राज्य में नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन के लिए केंद्र सरकार से उदार वित्तीय सहायता का भी आग्रह किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में नशीली दवाओं की बढ़ती समस्या को देखते हुए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठा रही है। प्रदेश विधानसभा में नशाखोरी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने राज्य के भीतर नशीली दवाओं से संबंधित मामलों में एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) की संख्या में ४० प्रतिशत, गिरफ्तारी में ३४ प्रतिशत और बरामदगी में ५० प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के संकेत देने वाले आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल देश के उन चुनिंदा राज्यों में शुमार है जो नशीली दवाओं की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निवारक उपाय अपना रहा है और इस संबंध में एक सलाहकार बोर्ड का भी गठन किया गया है। बैठक में विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी जुड़े तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल और अभिषेक त्रिवेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और विशेष सचिव राज्य कर एवं आबकारी हरबंस सिंह ब्रस्कॉन और प्रदेश सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
सोमवार को इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मलेंद्र राजन ने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से संबंधित पात्र लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त होने वाली लाखों रुपये की राहत राशि वितरित की। इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि आज विभिन्न दुर्घटनाओं में घायल हुए व गंभीर बिमारी से ग्रस्त रहे तथा अन्य पात्र कुल 17 परिवारों को 6.43 लाख रुपये की राहत राशि विधायक मलेंद्र राजन के कर कमलों से वितरित की गई।
हिमाचल प्रदेश बन कर्मचारी महासंघ ने उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से बीड़ (बिलिंग) में डिप्टी रेंजर के पद पर तैनात प्रदीप राणा की आकस्मिक मौत की न्यायिक जांच की मांग की है। रविंदर सिंह ने जारी एक प्रेस नोट में बताया कि प्रदीप राणा की 15 जुलाई को आकस्मिक मौत हो गई, जिससे समस्त वन विभाग के कर्मचारी स्तव्ध हैं। मौत के कारण को हालांकि पुलिस सुसाइड वता रही है, लेकिन प्रदीप राणा के परिजन और उनके सह कर्मचारी इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं। उपाध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतना खुश मिजाज व्यक्ति अगर आत्महत्या करें उसके पीछे कोई तो वजह रही होगी, जिसका सामने आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को इस केस की गहनता से छानवीन करनी चाहिए, ताकि पता चले कि इस अधिकारी को आखिर ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग करते हुए कहा कि मौत के कारणों की जांच करवाई जाए, जिससे उनके घर वालों को भी मालूम हो कि क्या कारण थे जिस कारण उनको आत्महत्या करने की जरूरत पड़ी। रविंदर सिंह ने कहा जल्द ही उक्त घटना के कारणों का पता लगाया जाए, ताकि सभी बन कर्मचारी भय मुकत हो कर अपनी ड्यूटी कर सकें।
व्यवस्था परिवर्तन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राज्य में फील्ड दौरों के दौरान सामान्य तौर पर विभिन्न माननीयों को पुलिस द्वारा दिए जाने वाले 'गार्ड ऑफ ऑनरÓ (सलामी) को 15 सितंबर तक स्थगित कर दिया है। हालांकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन आदेशों में छूट रहेगी। यह निर्णय प्रदेश में हाल ही में आई आपदा से वृहद स्तर पर जारी राहत व बचाव कार्यों के दृष्टिगत लिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों में पुलिस बल की तैनाती में वृद्धि पर बल देते हुए इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर जैसे कार्यों में संलग्न करने के बजाए इस संकट के समय में प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आपदा के प्रभावों से निपटने के लिए प्रदेश के संसाधनों के सही उपयोग के उद्देश्य से लिया गया है। बचाव कार्यों के दृष्टिगत पुलिस बल द्वारा प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। सीएम सुक्खू ने कहा कि गार्ड ऑफ ऑनर स्थागित करने से सरकार प्रदेश में आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य के संसाधनों तथा श्रम शक्ति का और बेहतर उपयोग करेगी। इस निर्णय से सरकार की आपदा प्रभावित क्षेत्रों को तुरंत राहत पहुंचाने तथा इस कठिन समय में प्रभावी प्रशासन की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राहत तथा बचाव कार्य जारी है और प्रदेश सरकार इस आपदा से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए मज़बूती से कार्य कर रही है। यह निर्णय प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च अधिमान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कुनिहार क्षेत्र की प्राचीन शिव तांडव गुफा कुनिहार में सावन माह के पहले सोमवार को भक्तों की अटूट आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही भक्तों की भीड़ गुफा में जुटने लगी। दोपहर तक अपने आराध्य शिव तांडव गुफा नाथ की प्राकृतिक पिंडी के दर्शन के लिये लोगो की तादात बढ़ने लगी व शिव भक्तों ने कतारबद्ध होकर अपने आराध्य के दर्शन किये। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने बताया कि आज दो दिवसीय राम चरित मानस कथा अखंड पाठ को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया गया। शाम को भजन संध्या में रूहदार म्यूजिकल ग्रुप द्वारा एक से एक सुंदर भजनों से भोले का गुणगान किया गया। इस दौरान समिति व शम्भू परिवार की ओर से आयोजित भंडारे में हजारों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
हमीरपुर संसद क्षेत्र के सांसद व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने ऊना के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचकर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। अनुराग ने घालूवाल पुल का निरीक्षण किया ,जो कि क्षतिग्रस्त इस बारिश के दौरान हुआ है। जिसे यातायात के लिए रोका गया है और वर्तमान में रिपेयर का काम चल रहा है।सोमवार सुबह अनुराग ठाकुर सुबह घालूवाल पुल पर पहुंचे । इस दौरान उनके साथ पुन: सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व केंद्रीय पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर, भाजपा प्रवक्ता प्रोफेसर रामकुमार, जिला भाजपा महामंत्री राजकुमार पठानिया ,जिला प्रशासन के अधिकारी सहित अन्य नेता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान रिपेयर का कार्य कर रहे ठेकेदार सतीश शर्मा ने कैबिनेट मंत्री को पूल के रिपेयर कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी दी और बताया कि आने वाले कुछ समय में पुल को यातायात के लिए खोला जा सकता है । इस समय राजनीति नहीं करनी चाहिए अनुराग ने कहा कि इस समय सरकार को राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह से मदद के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने स्वयं मुख्यमंत्री से बात की है। भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व फील्ड में राहत के लिए है। हम सब जनता के बीच जाकर निरीक्षण कर रहे हैं,अनुराग ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से फाइनल रिपोर्ट नुकसान की जो बनेगी, उसके बाद केंद्रीय टीम आ रही है, वह निरीक्षण करेगी और आंकलन करने के बाद केंद्र सरकार को और अधिक मदद करेगा ।उन्होंने कहा कि यह नुकसान बहुत दुखदाई है, इसलिए हम सबको मिलकर के इसकी भरपाई करते हुए जनजीवन को सामान्य करना है और जो कमियां हैं उनको ठीक करना है। उन्होंने कहा कि तेजी से राहत कार्य जो उन लोगों को राहत मिले जो प्रभावित हुए है यह सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने जिला प्रशासन को भी जल्द राहत कार्य करने ,लोगों को राहत देने के निर्देश दिए। अनुराग ठाकुर ने पंजाब के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवंत मान मुख्यमंत्री तो बन गए लेकिन अपनी पुरानी हरकतें नहीं छोड़ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जिम्मेदारी के साथ बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल न कोरोना में कुछ कर पाए, न बारिश में, न अपने पास कोई भी विभाग रखा है और जब विफल होते हैं तो उसका ठीकरा दूसरों पर ठीकरा फोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में अरविंद केजरीवाल केवल बातों की बातें करते हैं, काम करने की आदत उन्हें है ही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस विपदा के समय में सबको मिलकर के काम करना है ,राज्यों को भी आपसी सहयोग करना चाहिए ।उन्होंने कहा कि हम सबके साथ हैं और चाहते हैं कि सामान्य जनजीवन हो। अनुराग ठाकुर ने इसके बाद चढ़तगढ़ में पहुंचकर वहां नुकसान का जायजा लिया और लोगों से बात की और जल्द उन्हें राहत देने का आश्वासन दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि वे केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग करेंगी, जिसके तहत प्रदेश में विकास योजनाओं के कार्यन्वयन के लिए 90 प्रतिशत ग्रांट का प्रावधान हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए वे इस मांग को संसद में भी उठाएंगी। प्रतिभा सिंह ने आज यहां कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र मंडी का चार दिवसीय दौरा कर लौटी हैं। उनके संसदीय क्षेत्र मंडी में भारी बारिश व बाढ़ से बहुत ही जानमाल का नुकसान हुआ हैं। इस क्षेत्र में अनेक सड़के,पुल व कई भवन बह गए। करोड़ों की निजी व सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ हैं।उन्होंने कहा है कि भारी बारिश व बाढ़ से किसानों बागवानों की फसलें भी बर्बाद हो चुकी है उन्हें भी राहत देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस आपदा ने जो जख्म दिए है उन्हें भरने में बहुत समय लगेगा। उन्होंने कहा कि आपदा के इस समय में सरकार लोगों को राहत देने व उनके पुनर्वास के हरसंभव प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का राहत कार्यो के लिये राहत कोष में कुछ न कुछ अंशदान देने की अपील की हैं। उन्होंने कहा है कि यह समय आपदा प्रभावित लोगों के साथ देने का है जिन्होंने इस आपदा में अपनों के साथ साथ अपनी संपत्ति को खोया है। प्रतिभा सिंह ने आम जन मानस से भी राहत कोष में अंशदान देने का आग्रह किया है, जिससे पुनर्वास कार्यो में तेजी लाई जा सके।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा में डीजल के दाम बढ़ाने के तानाशाही फैसले का असर अब पूरे प्रदेश में दिखने लगा है। आपदाग्रस्त लोगों पर सरकार के इस फैसले की दोहरी मार पड़ी है। हर चीजें महंगी हो रही हैं। माल ढुलाई के महंगे होने से खाने पीने से लेकर पुनर्वास और पुनर्निर्माण से जुड़ी चीजें भी महंगी हो रही हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर भी पड़ेगा और आपदाग्रस्त लोगों पर भी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर अभी तक किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं पहुंची हैं। लोग मदद के लिए सरकार की राह देख रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों तक लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिनका सब कुछ बर्बाद हो गया, उनके पास सरकारी राहत में देरी नहीं होनी चाहिए थी। इसके साथ ही सरकार उन लोगों को भी राहत पहुंचाए जिनका घर ख़तरे की जद में हैं और वे अपना घर छोड़कर किसी और जगह पर शरण लिये हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब आपदा प्रभावित और इंतज़ार नहीं कर सकते हैं। इसलिए सरकार धरातल तक पहुंचे और प्रभावितों को राहत पहुंचाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनका सहयोग कर रहा हैं। भाजपा के विधायक दल ने भी अपने एक माह का वेतन आपदा प्रभावितों को देने का निर्णय लिया हैं। अभी बहुत सी जगहें ऐसी हैं, जहां पर नेटवर्क, लेकर पानी और बिजली जैसी सुविधाएं भी बहाल नहीं हुई हैं। सड़कें बंद हैं किसी प्रकार की सप्लाई उनतक नहीं पहुंच पास रही हैं। आपातस्थिति में मरीज़ों के लिए एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पा रही है। सरकार को राहत और पुनर्वास कार्यक्रमों में भी तेज़ी लानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ आये एक हफ़्ता बीत चुका है, ऐसे बहुत से बाढ़ प्रभावित हैं जिनका बाढ़ में सब कुछ बह गया है। उनके पुनर्वास लिए भी तेज़ी से कार्य करने की आवश्यकता है क्योंकि लंबे समय तक इनके बिना रहना संभव नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब राहत और पुनर्वास के कार्यक्रमों को गंभीरता के साथ आगे बढ़ाने की ज़रूरत हैं। यह आपदा की घड़ी हैं, ऐसे मौक़े पर बिलकुल राजनीति नहीं की जानी चाहिये अत: दौरे पर गए मंत्री राजनीति के बजाय राहत कार्यों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राहत और पुनर्वास के कार्यक्रमों में सरकार का कई विभागों के आपस में समन्वय की आवश्यकता होती है, जिससे राहत के कार्य युद्ध स्तर पर संचालित हो सके। इसलिए मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं कि वह मंत्रालयों और मंत्रियों के परस्पर समन्वय पर ध्यान दें। जिसके आपदा प्रभावित हमारे प्रदेश के लोगों को राहत मिल सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा के समय में सरकार का सारा ध्यान सिफ़र् राहत और बचाव कार्यों पर होना चाहिए, लेकिन सरकार में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो आपदा में बचाव के लिए आये हेलीकॉप्टर में भी सेल्फ़ी लेने में मशगूल थे। उन्होंने कहा कि आपदा के मौके पर संसाधनों का इस्तेमाल आपदा प्रभावितों की मदद के लिए होना चाहिए।
ज्वालामुखी माता की पावन नगरी में स्थित राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी में यहां स्थानीय विधायक संजय रत्न के प्रयासों से बीसीए डिग्री की सीट्स बढ़ा दी गई हैं। अब यह सीट्स 40 से 60 हो गई हैं। इसके अतिरिक्त टीम द्वारा यहां निरीक्षण किया गया है। सूत्रों की माने तो उक्त टीम द्वारा एमए इंग्लिश, एमए पोलिटिकल साइंस, एमएसी गणित, एमकॉम के लिए भी इस कॉलेज का निरीक्षण किया गया है। वहीं इस संदर्भ में ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न से बात की गई तो उन्होंने बताया क्षेत्र के युवाओं के लिए यह खुशी का मौका है। अब ज्वालामुखी कॉलेज में ये सब कोर्स भी जल्द शुरू किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बीसीए में अब 60 छात्रों का प्रवेश होगा। वहीं, स्थानीय जनता द्वारा विधायक संजय रत्न का दिल से आभार प्रकट किया गया है। यही नहीं इस कॉलेज में यह सालों की मांग थी जिसे अब मोहर लग गयी है। विधायक ने कहा कि पिछली सरकार में यह सब कार्य ठप पड़े थे, जिन्हें अब सुक्खू सरकार के अथक प्रयासों से शुरू किया है। यही व्यवस्था परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि आजकल के समय में शिक्षा का एक अहम महत्व है। शिक्षा की गुणवत्ता को ओर भी बढ़िया करने के लिए कांग्रेस सरकार लगातार प्रयासरत है।
पुलिस थाना ज्वालामुखी के अंतर्गत शिव मंदिर ठेहड़ा के समीप पुलिस ने गश्त के दौरान रवि कुमार पुत्र दुर्गा निवासी धनोट, डाकघर अधवानी के कब्जे से 23.12 ग्राम चरस बरामद की है। पुलिस ने उक्त आरोपी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने कहा कि पुलिस नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत बख्शेगी नहीं। ज्वालामुखी पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर लिया है।
श्रावण मास महोत्सव के दौरान आज सोमवत्ति अमावस्या व ज्येष्ठ सोमवार को प्राचीन शिव मंदिर काठगढ़ में सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलने पर शिव भक्तों का स्वयं भू प्रकट शिवलिंग के दर्शन के लिए तांता लग गया। भक्तों ने हजारों की संख्या में लंबी-लंबी कतारों में लगकर 3-4 घंटे अपनी बारी का इंतजार करते रहे। जयकारे लगाते हुए भोलेनाथ के दर्शन किये तथा जलभिषेक करवाते हुए बिल्वपत्र, भांग, आक धतूरा आदि शिवलिंग को समर्पित करते हुए शीश नवाजा। यह क्रम बाद दोपहर 4 बजे तक चलता रहा। इसी बीच मंदिर परिसर में चल रहे 11 रामायणों का पवित्र भोग भी डाला गया। इसी बीच सभा द्वारा शिव भक्तों के लिए लगाए गए लंगर का व सुंदर पार्क में घूमने का भी भक्तों ने भरपूर आनंद लिया। सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच व प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि 18 जुलाई को बाद दोपहर 2 बजे से गंगाधर शास्त्री उर्फ गंगू महाराज (जम्मू वाले) जी द्वारा हरिचर्चा तथा सत्संग किया जाएगा।
पर्यटन राजधानी कांगड़ा में प्रस्तावित टूरिज्म प्रोजेक्टस को लेकर भूमि चयन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। जिले में पर्यटन विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर आज सोमवार को डीसी ऑफिस में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने यह बात कही। उपायुक्त ने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध है वहां संबंधित विभाग जल्द से जल्द काम शुरु करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सख्त निर्देश हैं कि जिले में पर्यटन विकास से संबंधित प्रोजेक्टस को जल्द से जल्द मूर्त रूप दिया जाए। उन्होंने परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। ये हैं अभी तक चिन्हित स्थान डीसी ने बताया कि जिले में पर्यटन विकास के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर स्थान चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित टूरिज्म विलेज के लिए धर्मशाला के समीप नरघोटा में करीब 25 हेक्टेयर भूमि देखी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टूरिज्म विलेज के लिए जिले में अन्य उपयुक्त स्थानों में भी जमीन तलाशी जाए। उन्होंने बताया कि आइस स्केटिंग तथा रोलर स्केटिंग रिंक के निर्माण के लिए सकोह में 2 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। वहीं कन्वेंशन सेंटर के लिए सिद्धबाड़ी में 4 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। यहां निर्माण को लेकर एशियन विकास बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधि साईट निरीक्षण भी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि परागपुर में गोल्फ कोर्स मैदान के निर्माण के लिए 12.50 हेक्टेयर सरकारी भूमि तथा साथ लगती करीब 16 हेक्टेयर निजी भूमि चिन्हित की गई है। नगरोटा बगवां में प्रस्तावित ओल्डेज वेलनेस रिजॉर्ट के लिए 6 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है तथा भूमि हस्तांतरण व विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि बनखंडी में 300 करोड़ की लागत से बनने वाले जूलॉजिकल पार्क के लिए 180 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। इन परियोजनाओं का भी लिया विवरण डॉ. निपुण जिंदल ने इस दौरान धर्मशाला और पालमपुर में बनने वाले आईटी पार्क, पालमपुर के मैंझा में डेस्टिनेशन वेडिंग रिसॉर्ट, पौंग क्षेत्र में पर्यटन व साहसिक खेल गतिविधियां का विस्तार, धर्मशाला के रक्कड़ और पालमपुर में प्रस्तावित हेलीपोर्ट निर्माण को लेकर पर्यटन विभाग के अधिकारियों से विवरण लिया। उन्होंने अधिकारियों को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी पर्यटन राजधानी से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि संबंधित औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। पौंग में विकसित होगा इको-टूरिज्म उपायुक्त ने कहा कि पौंग क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य और इकोसिस्टम को संरक्षित रखने के लिए वहां पर्यावरण हितैषी टूरिज़्म मॉडल विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणी विभाग के द्वारा क्षेत्र के सुंदरीकरण को लेकर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पौंग क्षेत्र को इको-टूरिज्म के हिसाब से विकसित करने के लिए यथोचित योजना बनाई जाएगी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर 21 जुलाई को प्रतिनिधियों से होगी बैठक उपायुक्त ने कहा कि जिला कांगड़ा के साथ-साथ पूरे प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तारीकरण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेक्शन 11 की नोटिफिकेशन के बाद भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास को लेकर संबंधित पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ 21 जुलाई को प्रात: 11 बजे बैठक की जाएगी। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में जिला परिषद के भवन में इस आवश्यक बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संबंधित आठ पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की जाएगी तथा उनके सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना जाएगा। सचिव पर्यटन को दिया ब्यौरा जिलाधीश ने इससे पूर्व वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सचिव पर्यटन देवेश कुमार को जिले में पर्यटन परियोजनाओं को लेकर चल रही भूमि चयन प्रक्रिया का पूर्ण ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि चयन से संबंधित सभी औपचारिकताओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में पर्यटन संबंधित परियोजनाओं के लिए अभी भूमि चयन नहीं हो पाया है, वहां जमीन तलाशने के लिए संबंधित उपमंडलों के एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कांगड़ा रोहित राठौर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान और एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विधानसभा क्षेत्र करसोग के युवा विधायक दीपराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आपदा से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश को 364 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी कर दी है। बावजूद इसके प्रदेश की कांग्रेस सरकार नुकसान की भरपाई करने तथा प्रभावितों को त्वरित सहायता पहुंचाने में ढील बरत रही है। उन्होंने कहा कि इस बार बरसात से हिमाचल को गहरे जख्म मिले हैं और केंद्र सरकार ने इन जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास किया है। लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार को आपदा से निपटने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने सुक्खू सरकार से कहा है कि केंद्र से मिली सहायता राशि को प्रभावितों तक जल्द पहुंचाए। विधायक ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के केंद्रीय हिस्से की दूसरी किस्त की हिमाचल प्रदेश को अंतरिम राहत के रूप में वर्ष 2023-24 के लिए 180.40 करोड़ रुपये अग्रिम राशि जारी करने को मंजूरी दे दी है। हिमाचल में प्रभावित लोगों की मदद देने के लिए केंद्र सरकार ने पहले ही तत्काल प्रकृति के राहत उपायों के लिए 10 जुलाई, 2023 को एसडीआरएफ से प्रदेश को 180.40 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी की पहली किस्त जारी कर दी है। धनराशि जारी होने से राज्य सरकार को चालू मॉनसून सीजन के दौरान प्रभावित लोगों को राहत उपाय करने में मदद मिलेगी। विधायक दीपराज ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में हाल ही में अचानक आई बाढ़/बादल फटने और भूस्खलन के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए मोदी सरकार ने स्थिति से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए हिमाचल कांग्रेस सरकार को सभी आवश्यक रसद और वित्तीय सहायता प्रदान की है। 11 टीमें बचाव अभियान के लिए बचाव नौकाओं और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ एनडीआरएफ को तैनात किया गया है। नागरिक निकासी के लिए पेरा स्पेशल फोर्सेस और 205 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन को पांवटा साहिब में तैनात किया गया है। निकासी मिशन के लिए दो एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। विधायक दीपराज ने बताया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों और स्थिति का मौके पर आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (आईएमसीटी) का भी गठन किया है। आईएमसीटी 17 जुलाई, 2023 को अपना क्षेत्रीय दौरा शुरू करेगा। विधायक ने हिमाचल को राहत राशि जारी करने और आपदा से निपटने के लिए प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कांग्रेस सरकार बताएं करसोग के नुकसान की भरपाई कब होगी? विधायक दीपराज ने कहा कि भारी बरसात के चलते करसोग क्षेत्र में भी बहुत नुकसान हुआ है। सड़कें और पुल टूट गए हैं, लोगों की भूमि भूस्खलन की चपेट में आई हैं और कई परिवारों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। लेकिन दुर्भाग्य है कि प्रदेश कांग्रेस सरकार अभी तक सक्रिय भूमिका नहीं निभा रही है। आपदा के दौर में भी क्षेत्रवाद की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि शाकरा का पुल असुरक्षित घोषित किया गया है लेकिन इसके जीर्णोद्धार कार्य में ढील बरती जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि करसोग क्षेत्र में हुए नुकसान की भरपाई हेतु किए जाने वाले कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। आपदा में महंगाई का बोझ डालना बंद करे कांग्रेस सरकार विधायक दीपराज ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा डीजल पर वैट बढ़ाया जाना उचित नहीं है। यह आपदा में प्रदेशवासियों को महंगाई का बोझ डालने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि डीजल बढ़ने से पूरे प्रदेश में महंगाई बढ़ती है। सेब का सीजन शुरू हो गया है और सड़कों की हालत खस्ता है। ऐसे में माल भाड़ा भी बढ़ेगा, निर्माण सामग्री महंगी होंगी, सीमेंट महंगा होगा, सरिया महंगा होगा। प्रदेशभर में जेसीबी मशीनें सड़कों पर हैं, डीजल महंगा होने पर राहत कार्य भी महंगा होने वाला है। इसके दृष्टिगत कांग्रेस सरकार को इस निर्णय पर पुर्नविचार करना चाहिए। मोदी सरकार ने कोविड काल में भी दिया था हिमाचल को सहारा विधायक दीपराज ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार हर विपरित स्थिति से निपटने के लिए हिमाचल को भरपूर सहयोग प्रदान करती आई है। उन्होंने कहा कि कोरोना के संकटकाल में भी मोदी सरकार ने हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया। केंद्र सरकार ने निशुल्क राशन वितरित करने सहित कोविड वैक्सीनेशन जैसे महाअभियान को भी निशुल्क चलाया। इसकी मदद से पूर्व भाजपा सरकार ने कोविड की डोज लगाने में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलने में विश्वास रखती है और भाजपा जनसेवा करने का काम करती है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर पिछले 4 दिनों से हिमाचल के दौरे पर हैं। भारी वर्षा से उत्पन्न आपदा के आकलन व राहत व पुनर्वास कार्यक्रमों के निरीक्षण हेतु अनुराग ठाकुर पूरे क्षेत्र में सघन दौरे कर रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के ज़िला ऊना में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा कमेटी की बैठक के दौरान वर्षा व बाढ़ से उपजे हालातों व ज़िले में चल रहे विकास कार्यों पर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की व इसके समुचित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अपने दौरे के दौरान ऊना में स्वां नदी के पास संवाददाताओं से वार्तालाप करते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि स्वां नदी को कभी रिवर ऑफ सॉरो कहा जाता था। यहां बाढ़ के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान होता था। 1988 में पुल बह गए थे। आज हम उसी जगह पर खड़े हैं। पुल भी ठीक है। इसका कारण भारतीय जनता पार्टी की सरकार (केंद्र व राज्य दोनो में) में शुरू हुआ स्वां चैनलाइजेशन है, अन्यथा स्वां नदी का भयावह रूप हिमाचल देख चुका है। ये नदी बारिश और बाढ़ आने पर दोनों ओर कई किलोमीटर तक फैली जाती थी। चैनलाइजेशन के कारण जान-माल की भी बचत हुई और जमीनों के दाम भी बढ़े। इस बार नुकसान की तीव्रता काफी कम देखने को मिली व ऊना का बेहद बड़े नुकसान से बचाव हुआ है। हिमाचल में भारी वर्षा से हुए नुकसान व केंद्र द्वारा मदद नहीं दिए जाने के आरोपों का खंडन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते मगर मैं बताना चाहूंगा कि केंद्र ने हिमाचल प्रदेश में राहत व बचाव कार्य हेतु एनडीआरएफ की 13 टीमें तैनात कर रखी हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले चार दिनों से आपदा प्रभावित क्षेत्र में लोगों से मिल रहा हूँ। आपदा से प्रभावित विभिन्न ज़िलों में जगह-जगह पर जाकर नुकसान का जायजा ले रहा हूं। लोगों का दर्द मेरा अपना दर्द है और मेरी पूरी संवेदनाएं आपदा प्रभावित लोगों के साथ हैं। विभिन्न विभागों को जरूरी दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। अधिकारियों को लोगों को त्वरित राहत देने हेतु प्राथमिकता पर कार्य करने को कहा गया है। भारी वर्षा के कारण हिमाचल में आपदा आई है पर राज्य सरकार लोगों पर रहम करने की बजाय वैट में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। आपदा के समय लोग पहले से कष्ट में हैं। इससे उन पर और बोझ बढ़ेगा। वैट के बढ़ने से केवल पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ते बल्कि महंगाई का एक पूरा चक्र शुरू हो जाता है। यह राज्य सरकार द्वारा उठाया गया बिल्कुल गलत कदम है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। केंद्र सरकार एक नहीं बल्कि दो बार टैक्स कम कर चुकी है पर गैर भाजपा शासित राज्यों में वहां की सरकार टैक्सों में बेतहाशा वृद्धि कर रही हैं। कांग्रेस जनता के लिए सोचे, हिमाचल के हित के लिए सोचे, यह बढ़ी वृद्धि वापस लेकर देवभूमि को राहत देने का काम करे। आज केंद्र सरकार के प्रयासों के कारण होलसेल प्राइस इंडेक्स काफी कम है।
मंडी जिला के जोगिंदर नगर उपमंडल के तहत गांव बनाड़ में ऊंची पहाड़ी पर बाबा बालक नाथ जी का प्राचीन मंदिर स्थापित है। कहते हैं कि यह स्थान बाबा बालक नाथ जी का मूल स्थान है तथा बाबा बालक नाथ जी साक्षात यहां विराजमान रहते हैं। बाबा बालक नाथ जी के साथ ही ऊंची चट्टान पर गुरु गोरखनाथ जी की प्रतिमा भी स्थापित है। कहते हैं कि यह प्रतिमा भी साक्षात चट्टान के नीचे से ही निकली है। गुरू गोरख नाथ जी की प्रतिमा से कुछ ही दूरी पर पवन पुत्र हनुमान जी का भी स्थान है। बाबा बालक नाथ जी के मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क से लगभग 20 से 25 मिनट का पैदल सफर तय कर आसानी से पहुंचा जा सकता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए पक्की सीढ़ियां निर्मित की गई हैं तथा थोड़े-थोड़े अंतराल पर श्रद्वालुओं के बैठने को बैंच तथा पेयजल के लिए नलके लगाए गए हैं। पेयजल के लिए एक ऊंची पहाड़ी से प्राकृतिक स्त्रोत से पानी लाया गया है जो 24 घंटे उपलब्ध रहता है। रास्ते में चील, देवदार व बान के घने पेड़ों की ठंडक सफर को ओर आसान बना देती है। मंदिर परिसर में पहुंचने पर जहां अलौकिक शांति का अनुभव होता है तो वहीं आसपास का खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य मन को बेहद सुकून प्रदान करता है। ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां से दूर-दूर तक प्रकृति का विहंगम नजारा देखते ही बनता है। मंदिर के पुजारी महंत राम बताते हैं कि बाबा बालक नाथ जी के साथ मांहूनाग देवता भी विराजमान हैं। यहां पर भाद्रपद की 20 तारीख को पवित्र स्नान होता है। बाबा जी के पवित्र पानी में नहाने से कई बीमारियों से छुटकारा मिलता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि देवभूमि हिमाचल को शर्मसार करने वाली घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कोटखाई में हैवान चाचा द्वारा अपनी चार साल की भतीजी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उस मासूम बच्ची की हत्या कर दी जाती है। ऐसे आपराधिक मामले हिमाचल प्रदेश में वर्तमान सरकार में बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान सरकार के राज में ऐसी घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उस मासूम बच्ची से उसके चाचा ने पहले दुष्कर्म किया, फिर उसकी हत्या कर उसका शव बगीचे में छुपा कर रख दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऐसी निंदनीय घटना का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी अपराधिक घटनाओं पर मौन धारण करके बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि उस आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाए।ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने के बारे में सोच भी ना सके। अन्यथा विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी।


















































