जिला पुलिस बद्दी द्वारा बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत बाहर से आए व्यक्तियों के होम क्वारेनटाइन का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है ताकि इस महामारी को सफलतापूर्वक रोका जा सके। यह जानकारी बद्दी के पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने दी। रोहित मालपानी ने कहा कि अभी तक 415 व्यक्ति क्षेत्र में बाहर से आए हैं। इनमें 36 व्यक्ति बरोटीवाला, 140 व्यक्ति बद्दी, 93 व्यक्ति नालागढ़, 49 व्यक्ति रामशहर, 25 व्यक्ति दभोटा तथा 72 व्यक्ति जोघों क्षेत्र में आए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 371 व्यक्तियों की पुलिस द्वारा होम क्वारेनटाइन के संबंध में भौतिक जांच सुनिश्चित की गई है जबकि शेष की जांच की जा रही है। उन्होंने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों तथा नगर परिषद नालागढ़ एवं बद्दी के अध्यक्ष एवं पार्षदों से आग्रह किया कि बाहर से आए व्यक्तियों के होम क्वारेनटाइन के संबंध में पूरी जानकारी रखें और उपमंडल प्रशासन को भी अवगत करवाएं। रोहित मालपानी ने कहा कि पुलिस होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन करने के साथ-साथ यातायात नाकों पर पूर्ण जांच भी सुनिश्चित बना रही है। इन नाकों से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी एकत्र की जा रही है और इनकी स्क्रीनिंग भी सुनिश्चित बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 05 मई, प्रातः 8.00 बजे से 06 मई, 2020 प्रातः 8.00 बजे तक पुलिस जिला बद्दी से 620 वाहनों में कुल 1462 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने कहा कि इनमें से बिलासपुर जिला के लिए 109 वाहनों में 260 व्यक्ति, चंबा जिला के लिए 34 वाहनों में 125 व्यक्ति, हमीरपुर जिला के लिए 60 वाहनों में 130 व्यक्ति, कांगड़ा जिला के लिए 68 वाहनों में 180 व्यक्ति, कुल्लू जिला के लिए 06 वाहनों में 12 व्यक्ति, मंडी जिला के लिए 152 वाहनों में 384 व्यक्ति, पुलिस जिला बद्दी के लिए 118 वाहनों में 193 व्यक्ति, शिमला जिला के लिए 04 वाहनों में 13 व्यक्ति, सिरमौर जिला के लिए 02 वाहनों में 05 व्यक्ति, सोलन जिला के लिए 29 वाहनों में 72 व्यक्ति तथा ऊना जिला के लिए 38 वाहनों में 88 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल इस दिशा में पूर्ण रूप से सजग है तथा सभी निर्देशों की अनुपालना के साथ-साथ जांच एवं स्क्रीनिंग के कार्य को सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट ने एक नई शुरुआत करते हुए कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन को एक अवसर के रूप में लेते हुए समस्त आईटीआई प्रशिक्षुओं को नई तकनीक के माध्यम से घर बैठे पढ़ाई करवाना शुरू किया है। प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने कहा है कि प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षुओं को जूम एप व गूगल शीट, यूट्यूब, व्हाट्सएप व कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से अध्ययन करवाया जा रहा है जिसके लिए ट्रेड अनुसार समय सारणी बनाई गई है। प्रतिदिन 4 से 5 घंटे तक की पढ़ाई करवाई जा रही है। समस्त प्रशिक्षक व स्टाफ अपने घरों से कार्य करते हुए इन प्रशिक्षुओं के भविष्य को संवारने में लगे हैं। अभी थ्योरी व साफ्ट स्किल का कार्य करवाया जा रहा है। इन प्रशिक्षुओं की ऑनलाइन हाजिरी भी लगाई जाती है व घर के लिए काम भी प्रतिदिन दिया जा रहा है जिसको प्रशिक्षु करके व्हाट्सएप व जूम कॉल के जरिए बता रहे हैं। इसके साथ आईटीआई इस सप्ताह को मातृ सप्ताह के रूप में भी मना रही है। ऑनलाइन ही बच्चों की पेरेंट्स मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है जिसमें केवल माताओं को ही जोड़ा जाता है। वही दूरदराज के क्षेत्रों की महिलाएं भी नई तकनीक का प्रयोग करते हुए बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई में अपना योगदान दे रहे हैं। प्रशिक्षुओ की उपस्थिति 80 से 100% तक रह रही है, इसका लाभ बच्चों की माताओं द्वारा पेरेंट्स मीटिंग में बताया गया कि प्रतिदिन बच्चे व्यस्त रहते हैं अन्यथा इस लॉकडाउन में घरों में खाली ही रहते थे। जैसा कि कहा गया है खाली दिमाग शैतान का घर अब कम से कम इनकी एनर्जी सकारात्मक कार्य में लग रही है। हर संकट एक अवसर भी लाता है और इस अवसर को सकारात्मक पहल के साथ अंबुजा आईटीआई ने यह शुरुआत की है। वर्तमान में 180 प्रशिक्षु इसका लाभ ले रहे हैं। वही इस समय सात ट्रेड आईटीआई में चल रहे हैं जिसमें इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, ऑटोमोबाइल, कंप्यूटर टैली, सिलाई व सहायक इलेक्ट्रीशियन आदि ट्रेड है।
पुलिस थाना दाडलाघाट में अंबुजा सीमेंट उद्योग के मेन गेट पर ट्रक रोकने तथा सुरक्षाकर्मियों को धमकाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार अबुजा कंपनी के सुरक्षा अधिकारी नवीन सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय बीएस बिष्ट गांव रामगढ़ तालो, डाकखाना एसएनएस आश्रम, जिला नैनीताल उत्तराखंड ने पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई है कि जब वह कंपनी गेट पर अपनी ड्यूटी पर तैनात था तो कुछ लोग कंपनी के गेट पर नशे की हालत में इकट्ठे हुए तथा कंपनी के सभी ट्रकों का आवागमन रोकने की कोशिश की। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को ट्रकों में लोडिंग अनलोडिंग बंद करने की धमकियां दी और इसी संदर्भ में सुरक्षाकर्मियों से भी हाथापाई करने की कोशिश करने लगे।पुलिस द्वारा उन लोगों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 34,188,341,506, के अधीन मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी दाड़ला प्रताप सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है और छानबीन की जा रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में कोरोना के चार मामले पाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह कहीं न कहीं प्रशासन की लापरवाही ही नज़र आ रही है। उनका कहना है कि एक ओर जहां प्रदेश के लोग लॉक डाउन का पूरा पालन किए हुए है, वही बाहर से आने वाले संक्रमित लोगों ने प्रदेश में इसकी चिंता को बढ़ा दिया है। उन्होंने इस माहमारी से अब तक दो लोगों की मौत पर भी दुःख व्यक्त किया है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि लॉक डाउन के तीसरे चरण में मंडी जिला में एकाएक दो लोगों के कोरोना से संक्रमित पाया जाना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा है अन्य राज्यों से जो लोग प्रदेश में अपने घर लौट रहे है उनकी पूरी तरह से स्क्रीनिंग न किया जाना इसका मुख्य कारण लगता है और जिस तादाद से लोग यहां अपने घर आ रहें है उससे इस माहमारी के संक्रमण बढ़ने की किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि जो भी लोग प्रदेश में अपने घर आ रहें है उनकें पूरे स्वास्थ्य की जांच कर पूरा कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि कोरोना का असर देश प्रदेश से जल्दी जाने वाला नही लगता। इसके लिए कोई ठोस कार्य योजनाएं बनाए जाने की बहुत ही जरूरत रहेगी। उन्होंने कहा है कि उन्होंने पिछले दिनों जो अपने पत्र में प्रदेश सरकार को सुझाब दिए थे उसे उनपर जल्द कार्य शुरू कर देना चाहिए। इससे पहले की यह माहमारी कोई विकराल रूप न ले ले इसके लिए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में टेस्टिंग किट्स सुरक्षा के उपकरण, बेंन्टीलेटर इत्यादि की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ हीं स्वास्थ्य सेवाओं में समय के अनुरूप विस्तार के लिए ओर अधिक बजट का विशेष प्रावधान करने की जरूरत भी रहेगी जिससे जिला के सभी अस्पतालों में टेस्टिंग सुविधा से इस प्रकार की किसी भी माहमारी का तुरंत पता लग सकें। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि लॉक डाउन की बजह से बेरोजगारी के चलते अन्य राज्यों की भांति प्रदेश से भी हजारों कामगार, लेबर अपने अपने घरों को पलायन कर चुकी है। उनका कहना है कि इसका प्रदेश की आर्थिकी पर विपरीत असर पड़ेगा। प्रदेश में कृषि और बागवानी में लेबर का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहता है,इस बार इनके यहां न होने से एक बड़ी गंभीर समस्या पैदा होने वाली है। उनका कहना है कि अगर प्रदेश सरकार ने लॉक डाउन के इस समय में इनके खाने पीने की अगर कोई उचित व्यवस्था की होती तो इस समस्या से बचा जा सकता था। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि आज देश मे कोरोना को लेकर जो गंभीर हालत पैदा हो गए है वह बड़ी चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा है कि देश में आज लोगों के बीच एक अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। लाखो लोग बेरोजगारी की मार झेलते हुए अपने घरों को जानें के लिए आतुर है। देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह एक जगह ठहर गई है। देश मे भयानक मंदी का दौर शुरू हो गया है। आने वाला समय और भी भयबह हो सकता है, अगर अभी से कोई ऐसे कदम न उठाए गए जिनमें अर्थव्यवस्था के साथ साथ रोजगार को भी गति मिल सकें।
आखिर जेएनवी कुनिहार के 9वीं कक्षा के माइग्रेट विद्यार्थियों का जेएनवी पुणे महाराष्ट्र से घर वापिसी की सूचना पाकर अभिवावकों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी। 31 मार्च के बाद वापिस आने वाले यह विद्यार्थी पहले लॉकडाउन के बाद रेल व बसों के न चलने से फंस गए थे। तीसरे लॉक डाउन में इनका घर वापसी का रास्ता साफ हुआ। जेएनवी कुनिहार से 5 मई 2020 को जेएनवी पुणे के 6 गर्ल्स व 7 बॉयज विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन की अनुमति से प्रधानाचार्य डीएस रावत द्वारा रवाना किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को जूस पानी, ब्रेड बटर, जैम, फ्रूट व खाना देकर व बस को सेनेटाइज करके पूना के लिए रवाना किया गया तो वन्ही पुणे जेएनवी से कुनिहार जेएनवी के 8 गर्ल्स व 13 बॉयज विद्यार्थियों को हिमाचल के लिए रवाना किया गया जिसका पूरा खर्चा नवोदय विद्यालय समिति ने वहन किया। 6 मई को हिमाचल व महाराष्ट्रा से लेकर चली यह बसे जेएनवी रतलाम मध्य प्रदेश पहुंची व यंहा से यह बसे वापिस अपने अपने प्रदेश के विद्यार्थियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर निकलेगी व 7 मई को हिमाचल के जिला सोलन के जेएनवी कुनिहार के यह विद्यार्थी प्रदेश के परवाणू पहुंचेंगे।जंहा पर उक्त विद्यार्थियों के स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) होकर होम क़वारनटाइन होगी या जिला प्रशासन द्वारा तय स्थान पर रखा जाएगा पहुंचने पर ही ज्ञात होगा। चायल, बद्दी, दिगल डुमेंहर, अर्की के इन विद्यार्थियों के अभिवावक परवाणू या धर्मपुर पहुंच कर अपने बच्चो को जिला प्रशासन के दिशानिर्देश के अनुसार अपने घर ले जा सकते है। उक्त जानकारी विद्यालय के बहुत ही जुझारू व कर्मठ प्रधानाचार्य डीएस रावत ने दी। उन्होंने डीसी सोलन सहित पूरे जिला प्रसासन का बच्चों को अपने अपने राज्य में पहुंचाने के लिए दिए सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इस समय पूरा देश एकजुट होकर खड़ा है। इस संकट की घड़ी में लोग भरपूर सहयोग प्रदान करने के लिए आगे आ रहे हैं। इस विकट परिस्थिति से उबरने के लिए उपमंडल अर्की की गांव तरेडा (हवाणी कोल)डाकघर मांगल के स्वतन्त्रता सैनानी स्व केदारू राम की पत्नी काशू देवी ने स्वेच्छा से 1 लाख 11 हजार रूपए का चैक पीएम रिलीफ फंड में दिया। 86 वर्षीय काशू देवी ने बताया कि वह हमेशा ही समाज सेवा से जुड़े हुए कार्य करती रहती हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि जो कुछ भी बन पाए संकट की इस घड़ी में स्वेच्छापूर्वक दान करें।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग अपने कर्मचारियों के हितों की भी रक्षा नही कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बॉर्डर पर तैनात स्वास्थ्य विभाग के कर्मी जो रात दिन बाहरी प्रदेशों से आ रहे लोगों की स्क्रीनिंग में लगे हुए है उन कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग आज तक पीपीई किट्स तक मुहिया नही करवा पाई। जो ग्लब्स इन कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिए जा रहे है वह भी अच्छी गुणवक्ता के नही है। आशीष ठाकुर ने कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग का एक कर्मी भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो क्या इसकी जिमेवारी लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है साथ मे अगर इन कर्मियों को ही उचित सुविधाएं नही मिल पा रही है तो हम कैसे विश्वास कर ले कि जो लोग बाहरी राज्यों से वापिस घर आ रहे है वो भी सुरक्षित हैं। आशीष ठाकुर ने केंद्र सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बाहरी प्रदेशो में फंसे लोगों की घर वापसी के आदेश बिना किसी तैयारी के कर दिए। उन्होंने कहा अगर सरकार को लोगो के हितों की इतनी ही चिंता सता रही थी तो क्यों नही उन्होंने राज्यों की सीमा पर प्रवेश करने वाले लोगों की कोरोना टेस्ट करवाने की व्यवस्था की। आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाए क्योंकि 70 लाख वाली आबादी के प्रदेश में अभी तक लगभग 8000 टेस्ट ही स्वास्थ्य विभाग कर पाया है। उन्होंने कहा कि जितने भी लोग बाहरी राज्यो से घर वापिस आए है कि वो सरकार के निर्देशों का पालन करे और खुद को होम क्वारन्टीन करें। अगर कोई व्यक्ति सरकार के निर्देशों का पालन न करे तो उसके खिलाफ ठोस कारवाही अमल में लाइ जाए। आशीष ठाकुर ने कहा कि जिस तरह आए दिन देवभूमि में नए मामले सामने आ रहे है उससे लोगो मे भय की स्थिति उत्तपन हो गइ है उन्होंने जनता से अपील की है कि डरे नही ओर सरकार के निर्देशों का पालन करकर खुद को ओर अपने समाज को सुरक्षित रखें।
जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां रेलवे स्टेशन से कुछ दूर रेलवे लाइन के पास एक अज्ञात व्यक्ति की आधी जली हुई लाश मिलने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन शुरू कर दी है। मौके पर पंहुचे रेलवे पुलिस के अधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि मामले की छानबीन जारी है तथा लाश की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। यह भी तथ्य जुटाए जा रहे हैं कि इसकी हत्या हुई है या कोई और मामला है फोरेंसिक टीम मौके पर पंहुच कर जांच करेगी।
हिमाचल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक रामलाल ठाकुर में कहा है कि लॉकडाउन में लोगों को कंट्रोल करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है।लोग उनसे उलझ भी रहे हैं। जिसके कारण पुलिस कर्मी बड़ी संख्या में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इसलिए हिमाचल सरकार को पुलिस व होमगार्ड के जवानों की सुरक्षा के लिए और पुलिस कर्मियों के परिवारों के प्रति भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा है कि यदि किसी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ़, की कोरोना संक्रमण से मृत्यु होती है सरकार उसका 50 लाख का बीमा करवाएगी। यह एक अच्छा कदम है, लेकिन पुलिस के कर्मचारी और होमगार्ड के जवान भी सामान रूप से कोरोना वायरस के खतरे में डॉक्टरों के साथ साथ पहली कतार में हैं। संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में सबसे पहले आने का खतरा भी सबसे ज्यादा इन्हीं कर्मचारियों पर है, क्योंकि जगह जगह पर चेक-पोस्ट तथा नाकों पर जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनकी जांच सबसे पहले पुलिस के जवान और होमगार्ड के जवान कर रहे हैं। सरकार को इनके लिए भी 50-50 लाख के बीमा का प्रावधान करना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि राजधानी दिल्ली में लगभग 70 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंनेे कहा कि एक तरफ तो सरकार इन कोरोना योद्धाओं पर फूल बरसा रही है, वहीँ दूसरी तरफ़ उनके डीए में कटौती कर दी है जो सरासर गलत है। होना यह चाहिए था कि डॉक्टर, पैरामेडिक स्टाफ, पुलिसकर्मी और होमगार्ड के जवान जो इस समय हमारी रक्षा में लगे हैं, इनके लिए इस स्वास्थ्य आपातकाल के मद्देनज़र कोई विशेष भत्ता दिया जाए। उन्होंने मांग की कि सरकार इस बारे में तुरंत कोई ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर कोरोना वायरस के चलते यदि सबसे ज्यादा अगर प्रभावित है, तो वह किसान है। एक तो किसानों की फसलों को सही दाम नहीं मिल पा रहा है, किसान अपनी फसल बाज़ार तक नही पहुंचा पा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हाल ही में ओलावृष्टि से हमारे सेब व आम की फसल और अन्य सीटरस फलों की को बहुत नुक्सान पहुंचा है। ये फसलें लगभग तबाह हो गई हैं। सरकार को तुरंत संबंधित विभागों और अधिकारियों को, किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाने के आदेश जारी करने चाहिए तथा साथ ही किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। किसानों ने कर्ज लेकर फसलें लगाई हैं, अब जबकि लॉक डाउन के चलते उन्हें सही मूल्य नहीं मिल पा रहा और फूल इत्यादि तो किसान बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं जिसके कारण किसानों को भारी आर्थिक नुक्सान हुआ है। ठाकुर ने कहा कि जो लोग फूलों की खेती करते हैं, उन्हें बड़े महंगे बीज लेने पड़ते हैं। अब जब उनकी पूरी फसल ही बाज़ार तक नही पहुँच पाई तो उनके ऊपर बैंक की देनदारी खडी हो गयी है। तो इससे किसानों कर्ज अदायगी करने में कठिनाई होगी। सरकार को किसानों की कर्ज माफी के संबंध में गंभीरता से विचार करना चाहिए क्योंकि अगर हम कॉर्पोरेट फ़र्मों का हजारों करोड़ कर्ज़ माफ कर सकते हैं, तो इस देश की रीढ़ की हड्डी किसानों का कर्जा भी माफ होना चाहिए, यह सरकार का नैतिक कर्तव्य बनता है। पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान भी उपस्थित रहे।
कोरोना वायरस के खतरे के कारण 24 मार्च, 2020 से प्रदेश में घोषित कर्फ्यू के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने जहां आम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने के लिए विशिष्ट प्रयास किए वहीं किसानों को विभिन्न माध्यमों से सुविधाएं प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश सरकार के इन निर्णयों से एक ओर आम जनता को घरद्वार के समीप सुविधाएं प्राप्त हुई वहीं दूसरी ओर किसानों को व्यापक लाभ भी मिला। सोलन जिला में प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को जिला प्रशासन द्वारा पूर्ण तत्परता के साथ लागू किया गया। इससे कृषक अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुंचा पाए और कृषि योग्य भूमि में आवश्यक फसलें समय पर उगा पाए। कर्फ्यू घोषित होने एवं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के थमने पर कृषक वर्ग को अपनी उपज के खेत में ही बर्बाद होने और समय पर बीज न मिलने का खतरा सताने लगा था। ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कृषक वर्ग की चिंताओं के दृष्टिगत त्वरित एवं दूरगामी निर्णय लिए। प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुरूप सोलन जिला में कार्यरत सभी 22 कृषि विक्रय केन्द्रों को तुरंत खोला गया। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कोविड-19 कर्फ्यू पास जारी किए गए। कृषि विभाग ने कर्फ्यू के दृष्टिगत किसानों को उनके घर पर ही विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिला में तैनात विभाग के 15 अधिकारियों के मोबाईल एवं दूरभाष नम्बर जारी किए। किसानों को इन मोबाइल एवं दूरभाष नम्बरों की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। किसानों को दूरभाष के माध्यम से सभी प्रकार की जानकारियां उपलब्ध करवाई गई। कृषि विभाग ने रबी मौसम में तैयार होने वाली फसलों की कटाई के लिए कार्य योजना तैयार की और विषयवाद विशेषज्ञ और कृषि प्रसार अधिकारियों के माध्यम से इस विषय में किसानों को जानकारी दी गई। सोलन जिला को बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन में अग्रणी जिला माना जाता है। कृषि विभाग ने जिला में उगाई जाने वाली मटर, गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च इत्यादि की फसल को न केवल मण्डियों तक पहुंचाया अपितु कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) सोलन के माध्यम से यह भी सुनिश्चित बनाया कि बेमौसमी एवं नकदी फसलों को खेत से ही क्रय किया जाए। सभी किसानों को सम्बन्धित उपमंडलाधिकारियों द्वारा कृषि उत्पाद विपणन समिति तक अपनी उपज पहुंचाने के लिए समयबद्ध कर्फ्यू पास जारी किए गए। इससे विशेष रूप से सोलन जिला के वह किसान लाभान्वित हुए जो नकदी फसलों, बेमौसमी सब्जियों और गेहूं इत्यादि की फसल से सम्बद्ध हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के मध्य सुरक्षित तरीके से लाभान्वित करने के लिए किए गए प्रयास पूर्ण रूप से सफल भी रहे हैं। एपीएमसी सोलन द्वारा 24 मार्च, 2020 से 06 मई 2020 तक 09.20 करोड़ रुपये व्यय कर 4000 मीट्रिक टन मटर का क्रय किया गया। एपीएमसी सोलन ने न केवल जिला सोलन अपितु जिला सिरमौर और जिला शिमला के साथ-साथ जिला मंडी के करसोग से भी मटर क्रय किया। इस अवधि में कृषि विभाग ने सोलन जिला में 15180 हैक्टेयर पर गेहूं की फसल की कटाई भी सुनिश्चित बनाई। इसमें 700 हैक्टेयर सोलन, 400 हैक्टेयर कंडाघाट, 3640 हैक्टेयर धर्मपुर, 1800 हैक्टेयर कुनिहार तथा 8640 हैक्टेयर क्षेत्र में नालागढ़ खंड में गेहूं की फसल की कटाई की गई। विभाग ने गेहूं की फसल की कटाई, गहाई व बीज भराई के उपरांत नालागढ़ के मंझोली में गेहूं बीज का भंडारण करवाया तथा भारतीय खाद्य निगम के पंजाब राज्य के भरतगढ़ तथा घनोली एवं अनाज मंडी चंडीगढ़ में गेहूं का भंडारण करवाया। कृषि विभाग ने इस अवधि में जिला के 645 हैक्टेयर क्षेत्र पर जौ, 1200 हैक्टेयर क्षेत्र पर जौ, 40 हैक्टेयर क्षेत्र पर चना तथा 2090 हैक्टेयर क्षेत्र पर मटर की तैयार फसल का उचित निपटारा भी सुनिश्चित बनाया। कृषि विभाग ने इस अवधि में किसानो को निर्देशानुसार बीज, कीटानाशक दवाईयां एवं औज़ार उपलब्ध करवाए। किसानों को सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करने के विषय में समझाया गया और फसल कटाई तथा अन्य कार्यों में संलग्न किसानों को मास्क तथा सेनेटाइजर भी प्रदान किए गए। जिला के अर्की उपमंडल की ग्राम पंचायत बखालग के बणिया देवी के भगतराम शर्मा, देवीचंद, मेहरचंद तथा गांव बथालंग के सागरचंद सहित अनेक अन्य किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन सोलन के प्रयासों से न केवल जिला की बेशकीमती उपज मंडियों तक पहुंची है अपतिु किसानों को उचित मूल्य भी मिला है। सभी किसानों ने संकट के इस समय में प्रदान की गई सहायता के लिए मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।
विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज 7 मई को जिला मुख्यालय पर एक बैठक करेंगे। बचत भवन में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाली इस बैठक में वे कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला में उठाए गए कदमों की समीक्षा करेंगे जिसमें क्वॉरेंटाइन सुविधाएं भी शामिल हैं। जिला लोक संपर्क अधिकारी रवि वर्मा ने बताया कि प्रवास कार्यक्रम के मुताबिक विधानसभा उपाध्यक्ष 7 मई को सायं तीसा के लिए रवाना होंगे। विधान सभा उपाध्यक्ष 8 मई को खंड विकास अधिकारी कार्यालय तीसा के समिति सभागार में भी सुबह 11 बजे जहां कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर चुराह उपमंडल में चल रही मुहिम की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा वे क्वॉरेंटाइन सुविधा में रह रहे लोगों की व्यवस्था को भी जांचेंगे। विधानसभा उपाध्यक्ष का 8 मई के आगे का प्रवास कार्यक्रम बाद में जारी होगा।
भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश द्वारा स्काउट फाइट अगेंस्ट कोरोना नाम से एक प्रोजेक्ट राज्य स्तर पर चलाया जा रहा है, इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत ज़ूम वीडियो कॉल के माध्यम से रोवर्स व रेंजर्स को स्टेज प्रदान किया जा रहा है जिसमे वह लॉक डाउन के समय मे विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त कर एक दूसरे से साझा कर रहे हैं। साथ ही में अनेक रिसोर्स पर्सन्स के साथ मिलने व विचार साझा करने का मौका रोवर्स व रेंजर्स को दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अमर छेत्री सह आयुक्त बॉय प्रोग्राम भारत स्काउट्स एवम गाइड्स राष्ट्रीय मुख्यालय दिल्ली व मीनाक्षी सूद सह राज्य सचिव भारत स्काउट्स एंव गाइड्स हिमाचल प्रदेश ने रोवर्स व रेंजर्स के साथ अपने विचार साझा किए। जिसमे अमर छेत्री द्वारा वर्चुअल स्काउटिंग को बढ़ावा देने को कहा गया जबकि मीनाक्षी सूद द्वारा घर मे रह कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का संदेश दिया गया साथ ही में अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकास को बढ़ावा देने को कहा गया। भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश द्वारा यह बाहरवीं डिजिटल मीटिंग थी जबकि अब तक कि ग्यारह मीटिंग्स में अलग अलग स्त्रोत व्यक्तिवत द्वारा रोवर रेंजर्स को विभिन्न प्रकार के सन्देश दिए जा चुके हैं।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय जगत प्रकाश नड्डा के आह्वान पर संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ। भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा कि बाबा साहेब के विचार और आदर्श हमें निरंतर पथ प्रदर्शित करते रहेंगे। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान , जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उसके उपरांत मण्डी मानवा में 80 गरीब एवं ज़रूरतमंद लोगों को राशन किट और मास्क वितरित किए । इसके अलावा पंचायत बल्ह बुल्हाणा के गाँव खन में भी 70 लोगों को राशन किट वितरित की। इन कार्यक्रमों में सभी लोगों को मास्क भी वितरित किये और उनको सोशल डिस्टेन्स के बारे में भी बताया। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश का पालन करने के अच्छे परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग करने की भी अपील की। इन कार्यक्रमों में सदर मण्डल महामंत्री प्यारे लाल चौधरी, पार्षद नरेन्द्र पंडित, बॉबी शर्मा, सदर मण्डल उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह, युवा मोर्चा प्रवक्ता विनोद ठाकुर,राज कुमार,नंद लाल नदी उपप्रधान, अर्चना ,सुनील राणा,महिपाल व अन्य ने भाग लिया।
कर्फयू और लाॅकडाउन में सैंकड़ों परिवार ऐसे हैं जो अपने किराए के मकानों या अन्य स्थानों पर फंसे हैं। ऐसे में इन परिवारों को राशन, भोजन आदि की कोई दिक्कत न हो इसके लिए नगर की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं दिन रात सेवा में लगी है। इसी कड़ी में रेडक्रास सोसायटी द्वारा भी प्रतिदिन।सैंकड़ों लोगों को भोजन तैयार कर दिया जा रहा है। जरूरतमंदों को घर द्वार भोजन पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि कोई परिवार भूखा न सोए। इसी फेहरिस्त में मुख्य बस अडडा के पास भी रेडक्रास सोसायटी द्वारा अपना केंद्र स्थापित किया है जहां पर दिन रात जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। यहां पर लाकडाउन से डोगरा भोजनालय चलता था लेकिन अब।इसे सेवार्थ रूप दे दिया गया है। दिनेष डोगरा ने बताया कि अब दिन रात यहां पर सेवा की जाती है, जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाकर आत्मिक षांति का बोध भी होता है। वहीं इसी स्थान पर समाजसेवी विषाल षर्मा भी दिन रात जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्होने बताया कि यहां पर नेशनल हाइवे होने के कारण कई चालक आते हैं जिन्हें भोजन करवाया जाता है, यही नहीं दिन रात जनसेवा में लगे लोगों को भी यहीं भोजन व्यवस्था की गई है।
बिलासपुर नगर में पुलिस प्रसाशन द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए नाकों में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी न सिर्फ लोगों को कानून के दायरे में रहकर नियमों का पालन करने की हिदायत दे रहे हैं बल्कि कोरोना संक्रमण को रोकने के तरीके बताकर जागरूक भी कर रहे हैं। पुलिस कर्मियों की इस अनूठी पहल का सभी स्वागत भी कर रहे हैं। इसी कड़ी के तहत गुरूद्वारा कलगीधर के समीप लगाए गए पुलिस नाके का जिम्मा संभाल रही एएसआई सुमन शर्मा ने बताया कि पीएम मोदी के आहवान पर अब कोरोना को देश से भगाने के लिए अब देश के हर नागरिक को ईमानदारी से अपनी भूमिका अदा करनी होगी। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन ढील के समय कई लोग अकारण गाड़ियां लेकर सड़कों पर आ रहे हैं, यही नहीं यह लोग अपने साथ अन्यों को भी बाजार में ला रहे हैं जिससे न सिर्फ भीड़ बढ़ रही है बल्कि सामाजिक दूरी का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कम से कम लोग सामान लेने के लिए बाजार आएं तथा जहां तक संभव हो गाड़ियों का परहेज करें। सुमन षर्मा ने कहा कि पुलिस सभी लोगों के चेहरों पर मास्क पहनना भी सुनिष्चित करवा रही है ताकि कोई संक्रमित की चपेट में न आए। उन्होने कहा कि लाॅकडाउन के समय कर्फयू पास धारक अपने वाहन में जरूरी काम से आ जा सकता है, लेकिन उनकी गाड़ी में यदि कोई अन्य व्यक्ति बिना पास से होगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। एएसआई सुमन शर्मा ने कहा कि कोरोना को हराने के लिए समाज के सभी वर्ग सहयोग दे रहे हैं जिसमें घर में रहने वाले लोगों का रोल सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने ढील के समय भी अकारण बाजार में घूमने न आएं। इस नाके पर एएसआई सुमन शर्मा के साथ लेडी हैड कांस्टेबल शशि, एचएचसी राजेंद्र शर्मा व एचएचसी प्यार सिंह भी मौजूद रहे।
लाहुल स्पीति के काजा उप मंडल में गर्भवती महिला को कमला नेहरू अस्पताल शिमला के लिए मंगलावर को एयरलिफ्ट किया गया। 29 वर्षीय तेंजिन खचित आठ माह की गर्भवती है जोकि गांव पांगमो की स्थाई निवासी है, 13 अप्रैल को अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन तुरन्त काजा अस्पताल में ले आए। लेकिन काफी देर तक तबियत में कोई सुधार नहीं आया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कमला नेहरू अस्पताल शिमला रेफर करने का फैसला लिया। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त दंडाधिकारी ज्ञान सागर नेगी को जारी जानकारी दी। इसके बाद ज्ञान सागर नेगी ने कृषि मंत्री डॉ राम लाल मार्कंडेय से संपर्क किया। फिर हेलीकॉप्टर की सुविधा मुहैया करवाने की बात रखी। तुरन्त कृषि मंत्री ने आला अधिकारियों से बात करके मंगलवार को गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट का प्रबन्ध किया गया। मंगलवार को महिला मरीज को तीमारदार सहित कमला नेहरू अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया। बीएमओ तेंजिन नोरबू ने बताया कि महिला पीड़िता काफी बीमार थी। इस वजह से उन्हें तुरंत रैफर किया गया। मंत्री और एडीएम की मदद से मंगलवार को मरीज कमला नेहरू अस्पताल शिमला भेज दिया गया है। कृषि मंत्री डॉ राम लाल मार्कंडेय ने कहा कि जैसे ही प्रशासन ने मरीज के बारे में बताया मैंने तुरन्त अधिकारियों से संपर्क करके जितनी जल्दी हो सका। इन्हें एयरलिफ्ट करने का कार्य शुरू किया। मंगलवार को सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट कर दिया गया है। लाहुल स्पीति के लोगों के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा मददगार साबित हो रही है। हमेशा अपातकालीन परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर से लोगों को सुविधा ही मिली है। अतिरिक्त दंडाधिकारी ज्ञान सागर नेगी ने बताया कि मंत्री के दिशनिर्देशों के अनुसार एयरलिफ्ट करके मरीज शिमला रैफर कर दिया है। अपातकालीन परिस्थितियों में तुरन्त हेलीकॉप्टर की सुविधा ली जाती है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंगलवार को इन्दिरा गांधी मेडिकल काॅलेज शिमला, डाॅ राजेन्द्र प्रसाद राजकीय मेडिकल काॅलेज टांडा, कांगड़ा और श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल काॅलेज नेरचैक के चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बातचीत करते हुए प्रदेश में कोरोना वायरस से जूझ रहे मरीजों को बेहतरीन सेवाएं देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इन तीनों चिकित्सा संस्थानों ने कोविड-19 के प्रारम्भिक मामलों का उपचार किया था। इन चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों को अब क्वारंटीन में रखा गया है। मुख्यमत्रीं ने कहा कि इन चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों की सेवाएं सराहनीय हैं और प्रदेश की जनता इनकी निःस्वार्थ सेवाओं के लिए इनकी आभारी है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने के उपरान्त वह स्वयं इन सभी कोरोना योद्धाओं से बातचीत करेंगे। इन्दिरा गांधी मेडिकल काॅलेज शिमला के डाॅ लोकेश, डाॅ निशांत, डाॅ सतीश, डाॅ मनोज और सिस्टर शीला व सिस्टर प्रियंका से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के मरीजों के उपचार कि लिए उन्होंने निर्भिक और निःस्वार्थ सेवाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने डाॅ यामिनी, डाॅ हिमांशु, डाॅ रजत, डाॅ नितीश और डाॅ मनु शर्मा से भी बातचीत की और कोविड-19 के मरीजों के उपचार के प्रति उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने दूरभाष के माध्यम से टांडा अस्पताल में कोविड-19 के पहले दो पाॅजिटिव मरीजों से अस्पताल से छुट्टी के उपरान्त स्वयं बातचीत की। उन्होंने कहा कि दोनों मरीजों ने टांडा मेडिकल काॅलेज के कर्मचारियों द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना की है। जय राम ठाकुर ने डाॅ रेखा बंसल, डाॅ राजेश कुमार के अतिरिक्त श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल काॅलेज नेरचैक जिला मण्डी के प्रधानाचार्य डाॅ रजनीश पठानिया से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के मरीजों के प्रति उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए उनके मरीजों के उपचार के अनुभवों को भी सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कोरोना योद्धाओं द्वारा दी गई सेवाएं निःसन्देह चिकित्सा क्षेत्र में प्रेरणादायक हैं। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने स्काइप के जरिये शिमला जिला के कुड्डू बैरियर में तैनात एएसआई चिंतामणि और नेरवा में तैनात एएसआई लोकेंद्र से बातचीत की। उन्होंने सिरमौर जिला में तैनात हैड कांस्टेबल आशु अग्रवाल और सोलन जिला के परवाणु में कार्यरत इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार से भी बातचीत की। जय राम ठाकुर ने कोराना वायरस के कारण प्रदेश में लगाए गए कफ्र्यू के दौरान सराहनीय सेवाएं देने के लिए इन सभी पुलिस कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने सभी से अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने का भी आग्रह किया।
सोलन जिला में वर्तमान में कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत 717 व्यक्तियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा निगरानी में रखा गया है। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि जिला में विदेश से आए 152 व्यक्ति ऐसे हैं जिन्होंने 28 दिन का होम क्वारेनटाईन पूर्ण कर लिया है। डाॅ. एन.के. गुप्ता ने कहा कि इनमें से 180 व्यक्तियों को उनके घरों में क्वारेनटाईन किया गया है जबकि 526 व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेनटाईन किया गया है। 11 संक्रमित व्यक्ति इएसआई काठा, बद्दी में आईसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल कर्मी इस दिशा में हर समय कार्यरत हैं तथा यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए निर्देशानुसार सभी सजग रहें। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि घर पर ही रहें और कफ्र्यू ढील के समय अति आवश्यक होने पर ही घर से निकलें। उन्होंने कहा कि खांसी, जुखाम, बुखार होने की स्थिति में तुरन्त समीप के स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क करें।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ राजभवन में आयोजित बैठक में कहा कि मौजूदा लाॅकडाऊन की स्थिति में राज्य में गैर-पंजीकृत श्रमिकों को भी प्रतिमाह वित्तीय सहायता और एक माह का राशन दिए जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि उन्हें इस स्थिति में किसी समस्या का सामना न करना पड़े। राज्यपाल ने कहा कि गैर-पंजीकृत श्रमिकों और गैर पंजीकृत ठेकेदारों की संख्या का आंकड़ा रखा जाना चाहिए और कोशिश की जा सकती है कि इस स्थिति में गैर-पंजीकृत श्रमिकों के लिए छोटे स्तर पर शिविर लगाए जा सकें। उन्होंने कहा कि लाॅकडाऊन खत्म होने के साथ ही ऐसे प्रवासी श्रमिक जो वापस अपने राज्य जाना चाहते हैं, उनके लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसे समय में इन मजदूरों को उद्योगों से नहीं निकाला जाना चाहिए और इसके लिए विभाग को उद्योग विभाग से भी समन्वय स्थापित करना चाहिए। दत्तात्रेय ने कहा कि राज्य में ईएसआईसी औषधालयों की सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ मिल सके। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह ने राज्यपाल को विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
नगर के डियारा सेक्टर में स्थित महर्शि बाल्मिकी मंदिर परिसर में सोशल डिस्टैंसिंग के साथ संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर जी की जयंती बड़ी ही सादगी से मनाई गई। मंदिर परिसर में आयोजित इस सादे कार्यक्रम में बाबा साहेब के चित्र पर पुश्प अर्पित कर नमन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अषोक कुमार ने की तथा प्रांतीय सचिव अनिल किषोर ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहेब दलितों के मसीहा थे, उन्होने हमेषा हर वर्ग की शिक्षा को जरूरी बताया। उनका मानना था कि समाज की कुरीतियां को दूर करने के लिए सबसे पहले शिक्षित होना जरूरी है। इस अवसर पर जिला बाल्मिकी सभा के मुख्य सलाहकार राजेंद्र किशोर, लेखा निरिक्षक रविंद्र किषोर तथा सदस्य संदीप कुमार व विजय कग्घा भी मौजूद थे।
पूर्व मंत्री व श्री नयना देवी जी के विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कि लॉक डाउन की तारीख तीन मई तक बढ़ा दी गई है। यह फसलों का पकने के समय भी है, इस तरह से फसल कटाई का समय भी है और फसल कटाई के लिए जो मज़दूर आते थे वह अब नहीं आ पाएंगे। तो प्रदेश सरकार को किसानों को राहत देनी चाहिए कि जो वर्तमान में प्रदेश में मज़दूर है उनको दिहाड़ी देने की व्यवस्था करनी चाहिए, उन्होंने कहा कि इस विश्व आपदा के समय किसानों को भी चाहिए कि जो मज़दूर यहां पर है उनके खाने व रहने की व्यवस्था करें पर सोशल डिस्टेंसिनग का भी पूरा ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि उन किसानों को यदि खाने व दवाओं की आवश्यकता हो तो उनके घर द्वार पर पहुंचाए। इस तरह से प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में बागवानों का काम शुरू हो जाएगा तो प्रदेश सरकार को चाहिए कि किसानों के साथ बागवानों को भी घर द्वार खाने, मज़दूरी, दवाओं और सोशल डिस्टेंसिनग का भी ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि श्री नयना देवी जी विधानसभा के चंगर क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन काफी मात्रा में होता है उनको पंजाब में ही वह दूध बेचना पड़ता है वहां पर किसी भी तरह से दूध पहुंचाने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है और सैकड़ों लीटर दूध बेकार हो रहा है और दुग्ध उत्पादक किसानों को भारी मुश्किलों का सामना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार के ध्यान में लाया कि दुग्ध वाले किसानों के लिए भी कोई व्यवस्था करें। इसके अलावा यही हाल प्रदेश में सब्जी व फूल उत्पादकों का भी हो रहा न तो ठीक से लेबर मिल रही है और न ही इन सब्जियों और फूलों को बाजार में पहुचाने की कोई व्यवस्था हो पा रही है और सब्जियां और फूल सड़ रहे है। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि कोविड-19 के मद्देनजर दिए गए नियमों का पालन करते हुए इन आवश्यक वस्तुओं को ले जाने की व्यवस्था तुरन्त की जानी चाहिए। ठाकुर ने कहा कि लोग सीनियर सिटीजन की श्रेणी में आते हैं उनको दवाओं की व्यवस्था घर द्वार होनी चाहिए जैसा कि देश के प्रधानमंत्री ने कहा है। इस संदर्भ में सरकार के पास सभी आंकड़े है और राष्ट्रीय एम्बुलेंस सर्विस व सांसद के द्वारा चलाई गई एंबुलेंस सेवा या फिर अन्य वाहनों को हायर कर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जानी चाहिए।
उपायुक्त सोलन के।सी। चमन को आज यहां जन कल्याण सेवा समिति, चैक बाजार सोलन द्वारा कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत चिकित्सकों, नर्सों एवं पैरा मेडिकल कर्मियों के उपयोग के लिए 100 व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण (पीपीई) भेंट किए गए। केसी चमन ने इस पुनीत कार्य के लिए समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जहां लोग एवं संस्थाएं कोविड-19 निधि में उदारतापूर्वक अंशदान कर रही हैं वहीं जन कल्याण सेवा समिति, चैक बाजार सोलन द्वारा कोरेाना वायरस के विरूद्ध लड़ाई के अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं के लिए प्रदत्त भेंट विशिष्ट है। पीपीई किट चिकित्सकों, नर्सों एवं पैरा मेडिकल कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा इस दिशा में किया जा रहा अंशदान एवं कार्य सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट समय में हम सभी को साथ मिलकर चलना आवश्यक है। उन्होंने समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि लोगों को कोरोना संकट से निपटने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों का पूर्ण पालन करने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू ढील के समय आवश्यक सामान इत्यादि क्रय करते समय लोग आपस में कम से कम एक मीटर की दूरी पर रहें तथा अति आवश्यकता के समय ही घर से बाहर निकलें। कोविड-19 के खतरे को सफलतापूर्वक समाप्त करने के लिए निर्देशों का पूर्ण पालन अनिवार्य है। केसी चमन ने कहा कि जिला में क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत कर्मयों की सुरक्षा के लिए पुनः प्रयोग की जा सकने वाली 700 पीपीई किट ला गई हैं। इसके अतिरिक्त संक्रमित रोगियों का परीक्षण एवं जांच करने वाले चिकित्सकों, नर्सों एवं पैरा मेडिकल कर्मियों के लिए एक बार प्रयोग की जा सकने वाली 1000 पीपीई किट ली गई हैं। उन्होंने तदोपरान्त उपस्थित माडिया कर्मियों से अनौपचारिक भेंट में जानकारी दी कि सोलन जिला में घर से बाहर आने-जाने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। मास्क पहनकर न आने-जाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाही की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ राजन उप्पल, जन कल्याण सेवा समिति के प्रधान राकेश शर्मा, उपप्रधान जयपाल सूद, कोषाध्यक्ष राधेश्याम गोयल, प्रवक्ता सतीश बंसल, नरेन्द्र भसीन, बलराम जेठी, आसाराम गौतम, गुरशरण सिंह, रमेश, ग्रोवर, धर्मेंद्र ठाकुर, नरेश गर्ग, संतराम शर्मा सहित अनेक सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
मंगलवार 14 अप्रैल को भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज सभा धर्मपुर के समस्त सदस्यों के द्वारा बाबा भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर पंचायत धर्मपुर को सैनिटाइज किया गया जिसमें मुख्य तौर पर पंचायत घर, जीएसएसएस धर्मपुर, सुबाथू रोड, शिमला से सीआरपीएफ गेट तक, अजी माता रोड, रोड, मोती कोना रोड, गांव बटोल बाजार के लक्ष्मी नारायण मंदिर मोहाली, बिजली विभाग, आईपीएच् ऑफिस, बीएसएनल, ऑफिस, पीएचसी हस्पताल, टीबी सैनिटोरियम, रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, पैट्रोल पंप, मसौढ़ी चौक, समस्त पांडव, सुखी जोहडी, समस्त बैंक, एटीएम, सरकारी डिपो, सब्जी राशन की दुकानें डेली नीड्स, पिए मैक्सीमर फैक्ट्री, PWD workshop, BDO office, BEEO Degree College, PWD rest house आदि को सैनिटाइज किया गया, जिसमें भावाद्घस के रामप्रकाश, राजू महंत, सुभाष कुमार, राकेश कुमार, संदीप कुमार, मनीष भगत, मनजीत, गिरि पाल, सुभाष दीपक, रितेश लकी ने सैनिटाइजेशन का कार्य किया। वार्ड नंबर 3 की पंच सुमिता रानी ने भी सेनिटाइज किया। इस कार्य को करने के लिए भावार्थ धर्मपुर को सुरेंद्र नैयर, दिनेश नैयर, ओपी पंवर, थाना धर्मपुर व समस्त ग्राम वासियों ने भरपूर सहयोग दिया और इनका दया धन्यवाद किया।
कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में ग्रामीण महिलाओं ने भी अपनी सहभागिता दिखाई है। ग्राम पंचायत सरयांज की महिलाएं मास्क बना कर ग्रामीणों में निशुल्क बांटेगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में 3 मई तक लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के घोषणा के बाद कोरोना महामारी से लड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों में ग्रामीण महिलाओं द्वारा भी अपना पूरा योगदान दिया जा रहा है। सब उपमंडल की सरयांज पंचायत की महिलाएं अपने खर्चे से मास्क बनाकर लोगों में वितरित करके इस महामारी से लड़ने के लिए अपना योगदान दे रहीं है। सरयांज के मनोल गांव की महिलाओं ने लॉक डाउन के पहले सत्र में अपने गांव के सभी लोगों को मास्क उपलब्ध करवाए, जबकि अब दूसरे लॉक डाउन के दौरान सरयांज की सरस्वती सहायता समूह एवम् पर्वतीय महिला मंडल सरयांज की महिलाओं ने अपने खर्चे से मास्क निर्मित करके लोगों में निशुल्क बांटने का निर्णय लिया है। अटल महिला मंडल मनोल द्वारा अपने गांव में निशुल्क मास्क बांटे जा चुके हैं। जबकि पर्वतीय महिला मंडल सरयांज व सरस्वती सहायता समूह द्वारा वीरवार 16 अप्रैल को सरयांज में निशुल्क मास्क बांटे जाएंगे। सरस्वती सहायता समूह की अध्यक्षा निर्मला पवार ने बताया कि गीता, सीता सहगल, राजकुमारी, प्रोमिला, रेनू,विद्या व कौशल्या सहित सभी महिलाओं के सहयोग से यह कार्य किया जा रहा है, उन्होंने महिलाओं से इस कार्य के लिए बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सरयांज में महामारी से लड़ने के लिए प्रशासन को भी यहां की महिलाओं का पूरा सहयोग रहेगा। निर्मला पवार ने सभी लोगों से अपील की है कि वह अपने घरों में सुरक्षित रहे और बाहर निकलना ही पड़े तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें और सोशल डिस्टेसिंग बना कर ही खेती-बाड़ी करें।
विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कोठी के उप प्रधान बलवंत ठाकुर जो पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे रविवार शाम को उनका आईजीएमसी शिमला में देहांत हो गया था तथा सोमवार को उनके गाँव नमोल के शमशान घाट पर उनकी मृत देह का अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र कुनाल ठाकुर ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। बलवंत ठाकुर 46 वर्ष के थे। उनके देहांत पर विभिन्न पंचायतों कोठी, हाटकोट, कुनिहार, जाबल झमरोट, जाड़ली, पट्टाबरावरी के सभी पँचायत प्रतिनिधियों व कई सामाजिक संस्थाओं ने गहरा दुःख व्यक्त कर उनकी आत्मा शांति तथा भगवान से शोकाकुल परिवार को इतने बड़े दुःख को सहन करने की प्रार्थना की है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय दीपकमल चक्कर मे भारत रत्न बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की 129वी जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा बाबासाहेब अम्बेडकर का सामाजिक, आर्थिक और वैधानिक दृष्टिकोण, एक सर्वसमावेशी समाज के निर्माण और उत्तम राष्ट्र संचालन की दिशा में सदैव हमारा मार्गदर्शन करता है। जम्वाल ने कहा बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ से उन्हें नमन करते हुए हम संकल्पित भाव से उनके आदर्शों और विचारों को समाज जीवन में आगे बढ़ाने का प्रण लेते हैं। उन्होंने कहा बाबासाहेब अम्बेडकर जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। अपने जीवन के 65 सालों में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, संवैधानिक क्षेत्रों में उनका योगदान अविस्मरणीय है। आधुनिक भारत के निर्माण में बाबासाहेब का योगदान और उनकी भूमिका के लिए राष्ट्र सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा। एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में हम सभी को बाबासाहेब के कार्य, उनके संघर्ष तथा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सुधारों के लिए उनके कार्यों से प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में समता, समानता, बंधुत्व एवं मानवता आधारित भारतीय संविधान को 2 साल 11 महीने और 18 दिन में तैयार करने में बाबासाहेब की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । आज यह भारत की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि बाबासाहेब के जीवनकाल में कांग्रेस पार्टी ने न तो उनका यथोचित आदर किया और न ही उनको सम्मान दिया जो उन्हें मिलना चाहिए था। यह भी दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि उनके निधन के चार दशक बाद उन्हें भारत रत्न दिया गया। उन्होंने कहा जब देश में राजनीति की बयार बदली और जब भाजपा को देश की जनता ने जनादेश सौंपा तब अटल जी के दौर में भी और अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दौर में बाबासाहेब के संकल्प को पूरा करने का चरणबद्ध, सुनियोजित प्रयास भाजपा सरकारों द्वारा किया गया। चाहे अटल की सरकार में आरक्षण में सुधार का विषय हो अथवा मोदी की सरकार में गरीब, पिछड़े, वंचित, दलित के लिए आर्थिक, सामाजिक एवं संवैधानिक सुधारों का विषय हो, वो सभी कार्य हुए जो बाबासाहेब ने भावी भारत के लिए स्वप्न के रूप में देखे थे। उन्होंने कहा आज भी हमारी सरकार बाबासाहेब के बताए हुए रास्ते पर चलते हुए सर्वसमाज कल्याण के कार्य प्रतिबद्धतापूर्ण कर रही है। भाजपा की पंच निष्ठाओं के सिद्धांतों में समता मूलक एवं शोषण मुक्त समाज की परिकल्पना है।
कर्फ्यू के मध्यनजर प्रदेश के अधिकांश विद्यालयों में बच्चों व अभिभावकों के मोबाईल वाट्सएप ग्रुपो से जोड़कर ऑनलाइन पढ़ाई आरम्भ कर दी है। राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने भी कुछ दिनों पहले से यह ऑनलाइन पढ़ाई आरम्भ कर दी है व बच्चे इसमें खूब दिलचस्पी ले रहें है। रावमापा छात्र कुनिहार के प्रधानाचार्य भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि विद्यालय के कक्षा 6 व कक्षा 11 को छोड़कर सभी कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाइन शुरू हो गई है जिसमे सभी बच्चे व अध्यापक पूरी लगन व मेहनत से कार्य कर रहे हैं। प्रधानाचार्य ने कक्षा 6वीं में नियमित प्रवेश व कक्षा 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन हेतु सभी अभिभावकों व छात्र छात्राओं से आग्रह किया है कि वे मोबाईल नम्बर 9805762507 पर सम्पर्क कर अपना नाम, पता व मोबाईल नम्बर जिसपर वाट्सएप चलता हो भेजकर अपनी ऑनलाइन पढ़ाई आरम्भ करें। ताकि आपके समय का भी सही इस्तेमाल हो व आपकी पढ़ाई भी सुचारू रूप से चली रहे।
भाजपा अर्की मंडल की कुनिहार में सविधान निर्माता डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर की जयंती लॉक डॉन के कारण साधरण रुप से मनाई गई जिसमे प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल व मंडल अध्यक्ष देवेन्दर कुमार शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला मिडिया सह प्रभारी इन्दर पाल शर्मा, सचिव सुरेश जोशी, बीडीसी सदस्य सीमा महंत, कौशल्या कंवर, उषा शर्मा, राजीव शर्मा, हंसराज ठाकुर, राजेश शर्मा, आरपी जोशी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे व सभी ने सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए भीम राव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। कार्यकर्ताओ को रतन सिंह पाल व देवेंद्र शर्मा ने सम्बोधित करते हुए भीम राव अम्बेडकर की जीवनी पर प्रकाश डाला तथा प्रदेश सरकार द्वारा जारी किये दिशा निर्देशो का पालन करने, समाजिक दुरी बनाने और अपने आस पास प्रवासी तथा अन्य ज़रूरतमंद लोगों को भोजन उप्लब्ध करवाने, मास्क बांटने, मुख्य मन्त्री राहत कोष में धन जमा करने और करवाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रस के माध्यम से बात करते हुए निर्देश दिए कि क्वारंटीन केन्द्रों में रखे गए लोगों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि किसानों को फसल कटाई के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाए और उनके उत्पादों के प्रापण के लिए भी उचित कदम उठाए जाएं। उन्होंने बागवानों को पर्याप्त मात्रा में उनके घरों के समीप फफंूदनाशक और अन्य पौध संरक्षण सामग्री उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बागवानों को उनके उत्पादों की पैकिंग के लिए बाॅक्स उपलब्ध करवाए जाएं। जय राम ठाकुर ने कहा कि लोगों को आवश्यक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपने जिलों में लोगों को घरों पर ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए प्रणाली सुदृढ़ करने के लिए कहा ताकि लोगों को अपनी जरूरतों का सामान खरीदने के लिए घरों से बाहर आने की आवश्यकता न रहे। उन्होंने जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर भी कड़ी नजर रखने के भी निर्देश दिए और कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी तक 5637 लोगों को कोरोना वायरस से निगरानी के अन्तर्गत रखा जा चुका है, जिनमें से 3486 लोगों ने 28 दिन की निगरानी की अनिवार्य अवधि पूरी कर ली है। प्रदेश में आज कोविड-19 के लिए 97 लोगों की जांच की गई जिनमें से 28 सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं जबकि 69 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस के लिए अभी तक 1210 लोगों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी को हर हालत में सुनिश्चित बनाया जाए और किसी भी प्रकार की सामाजिक सभाओं को मंजूरी नहीं दी जाएगी। अन्तरराज्यीय गतिविधियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए ताकि राज्य में कोरोना वायरस का संक्रमण आगे न बढ़ सके। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार और आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव जे.सी. सचिव व ओंकार चन्द शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव रजनीश और सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन बैठक में शामिल हुए।
बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता बंबर ठाकुर ने प्रश्न उठाया है कि यह पूरे देश में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित लॉक डाउन चल रहा है तो भाजपा के स्थापना दिवस पर बिलासपुर में भाजपा कार्यकर्ता क्यों गांव-गांव घूमकर चंदा इकट्ठा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह समय लोगों की मदद करने का है ना कि गरीब लोगों से पैसा इकट्ठा करके प्रधानमंत्री के अकाउंट में डालने की बात है। उन्होंने कहा कि जो भी राशि एकत्र की जा रही है उसका कोई हिसाब-किताब या ऑडिट नहीं रखा जा रहा क्योंकि इसके बारे में कोई भी निर्देश जारी नहीं किए गए हैं और उन्होंने यह प्रश्न भी उठाया कि यह सारा पैसा प्रधानमंत्री केयर फंड में क्यों जा रहा है? इसे प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में क्यों नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का शक है कि भारतीय जनता पार्टी आने वाले बिहार चुनाव के लिए कहीं फंड इकट्ठा तो नहीं कर रही। उन्होंने इस बारे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा से भी प्रश्न किया है कि वह भी इस बारे में अपनी सफाई दे कि जब लाक डाउन चल रहा था तो भाजपा के कार्यकर्ताओं को बिलासपुर में घर घर जाने की इजाजत किसने दी?
पूर्व विधायक व सीपीएस राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से आग्रह किया है कि हिमाचल के बहुत लोग जो प्रदेश से बाहर लॉकडाउन की वजह से फ्ंसे हैं उन्हें घर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए क्योंकि उनका क़्वराटीन पीरियड पूरा हो चुका है और अधिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इनका टेस्ट करवाए जाएं और रिपोर्ट नेगेटिव पाए जाने पर संक्रमण मुक्त वाहनों से घर भिजवाने का प्रबंध करें। उन्होंने कहा कि इन फ्ंसे हुए लोगों में ज्यादातर वो नौजवान हैं जो रोजी-रोटी कमाने के लिए प्रदेश से बाहर हैं और कई विद्यार्थी हैं। इनके पास संसाधनों की कमी है। प्रदेश के भीतर जो क्षेत्र ग्रीन जोन में हैँ उन क्षेत्रों के अन्दरूनी क्षेत्रों में कार्य करने की पूरी छूट देने चहिये लेकिन बाहर से बिना टेस्ट कराए या 14 दिन करवैँटीन में बिताए कोई व्यक्ति ग्रीन में प्रवेश न करे। उन्होंने कहा कि कुछ सत्तासीन नेताओं द्वारा प्रशासन पर दबाव बनाकर अपने परिवार व नज्दीकी लोगों को लाने के लिए पास बनवाने के कई मामले हैं लेकिन साधारण लोगों को मुसीबत में होने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं है।
विश्व के अधिकांश देशों में अपने आतंक से जनमानस को डरा रहे कोरोना वायरस को हराने के लिए चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों का योगदान कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। वास्तव में भगवान का रूप इस वर्ग के लिए जितनी भी दुआएं की जाए कम है। लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए यह वर्ग अपनी जान भी गवां रहा हैं। इलाज करते समय हजारों चिकित्सा से जुड़े लोग संक्रमित हो रहे है। कोरोना रण में कूदे इस योद्धाओं को सोमवार को गुगल ने भी सलाम किया है। गुगल ने बाकायदा डूडल बनाकर मुख्य पेज पर डिस्पले किया है। हालांकि इस दौरान चिकित्सा से जुड़े हर विंग, कानून व्यवस्था से जुड़े हर बल, स्वच्छता प्रहरियों के अलावा षासन संभाल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत अद्वितीय है, लेकिन गुगल ने इस भयंकर बीमारी में चिकित्सकीय वर्ग को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है, जो कि काबिले तारीफ है।
कांग्रेस के बरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि विश्वव्यापी कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हम सबको एक होना होगा। उन्होंने समाज मे ऐसे कुछ तत्वों द्वारा नफ़रत और हिंसा फैलाने पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कारवाई करने को कहा है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि देश के सामने आज एक बहुत बड़ी चुनौती आन पड़ी है।यह एक संग्राम से कम नही है,इसलिए अगर कोई आपसी मतभेद भी है तो उन्हें भूला कर सभी को एकजुट होकर इसे हराना है। समाज मे किसी भी प्रकार का कोई भी मतभेद या द्वेष देश,प्रदेश के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा है कि कोरोना से हमारी सुरक्षा में जुटे सभी लोगों डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ या सुरक्षा में जुटे सभी पुलिस कर्मियों को हमें पूरा सहयोग देना है, तभी हम इस महामारी पर अपनी जीत हासिल कर सकते हैं। वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार से कहा है कि लॉक डाउन की बजह से प्रदेश के उन लोगों,श्रमिकों और बच्चों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाएं जो पिछले 21 दिनों के लॉक डाउन में प्रदेश के भविन्न स्थानों में फंसे पड़े है। उन्होंने कहा है कि इन लोगों की स्वास्थ्य जांच के बाद इन्हें इनके घरों में पहुंचाने की पूरी व्यवस्था सरकार को निशुल्क करनी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि लॉक डाउन बढ़ने की स्थिति में प्रदेश सरकार को किसानों और बागवानों के लिए अपने काम के लिए विशेष अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि किसानों और बागवानों की पूरी आर्थिकी इन फेसलो पर ही निर्भर है, इसलिए भविष्य की चुनोतियो को देखते हुए कुछ निर्णय प्रदेशहित मे भी लेने से सरकार को कोई गुरेज नहीं करना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि देश के साथ साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर कोरोना का विपरीत असर पड़ा है। इसलिए वह फिर से दोहराना चाहते है कि होटल व्यबसाय से जुड़े लोगों, ट्रांसपोर्टरों, कारोबारियों को जिन्होंने बैंकों से लोन इत्यादि ले रखा है उन्हें इस अवधि का ब्याज माफ़ करते हुए उन्हें जो कमर्शियल रेट विजली पानी और अन्य कोई भी टेक्स देय होता है। उसे प्रदेश सरकार को निरस्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि इस गम्भीर चुनौती से निपटने के लिए सरकार को जनहित में ऐसे किसी भी फैंसले से कोई गुरेज नहीं करना है जिससे लोगों का ब्यवसाय या जीवन पुनः पटरी पर आसानी से आ सकें। वीरभद्र सिंह ने देश व प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि इस विपदा के समय जिस प्रकार से उन्होंने संयम और एकजुटता का प्रमाण दिया है,यह हमारे देश की संस्कृति और आपसी एकता को ओर भी मजबूत करता है। उन्होंने इस संक्रमण से लोगों की सुरक्षा में जुटे सभी लोगों, डॉक्टरों, मेडिकल टीमों, आशावर्कर,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मीडिया कर्मी और पुलिस स्टाफ की प्रसंसा करते हुए सरकार से इन सभी के लिए कोई भी विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग का भी पूरा समर्थन किया है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में आज यहां राजभवन में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्य सचिव अनिल खाची ने बताया कि किसानों और बागवानों को अपने उत्पाद विभिन्न मण्डियों तक पहुंचाने के लिए किसी भी पास की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें सभी मौजूदा प्रक्रियाओं से पूर्ण छूट दी गई है। उन्होंने कोरोना महामारी से संबंधित विभिन्न सूचनाओं और प्रबन्धों से भी अवगत करवाया। राज्यपाल ने कहा कि सेब सीज़न को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त प्रबन्ध किए जाने चाहिए ताकि बागवानों को मण्डियों में अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अगर आवश्यकता हो तो सरकार मंडी मध्यस्ता योजना (एमआईएस) के अन्तर्गत प्रापण मूल्य को बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है। बैठक में कृषि उत्पाद संशोधन बिल पर भी चर्चा की गई। राज्यपाल ने आवश्यकतानुसार बिल की प्रक्रिया में तेजी लाने का सुझाव दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आर.डी. धीमान ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। उन सभी व्यक्तियों के सैंपल भी लिए गए हैं, जिनमें फ्लू जैसे लक्षण सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आइसोलेशन केन्द्र सुविधा पर्याप्त है और हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों को पूर्ण रूप से सील कर दिया गया है तथा आवश्यक खाद्य सामग्री की पूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि रविवार को लिए गए कोविड-19 के संदिग्धों से जुड़े सभी सैंपलों की रिपोर्ट नेेगेटिव पाई गई है। प्रदेश में किए गए प्रबन्धों पर सन्तोष व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने लाॅकडाउन एग्जिट और आर्थिक पुनरूद्धार नीति पर कार्य करने पर बल दिया। राज्यपाल के सचिव राकेश कवंर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर प्रकाश दरोच ने बताया कि कोविड-19 के अंतर्गत सरकार के आदेशों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर जिला में घर-घर का सर्वेक्षण एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान कार्य 3 से 10 अप्रैल तक चलाया गया। जिसमें 4 लाख ११ हजार 736 लोगों का मौखिक निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान 840 लोगों को मौसमी बुखार खांसी और जुखाम के लिए चिन्हित किया गया और इन्हें 5 दिन के लिए दवाई दी गई। उन्होंने बताया कि अभी तक 569 लोग।स्वास्थ्य हो चुके हैं और 271 लोगों का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 149 व्यक्ति विदेश से आए है जिनमें से 121 लोगों ने होम क्वारंटाईन की अवधि पूरी कर ली है तथा 28 लोग अभी भी होम क्वॉरेंटाइन में।है। उन्होंने बताया कि जिला से 21 लोगों के सैंपल कोविड-19 की जांच के लिए आई जी एम सी शिमला भेजे गये थे सभी सैंपल नेगेटिव आए हैं। उन्होंने बिलासपुर की समस्त जनता से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत बाहर के देशों से व भारत के किसी राज्य से यदि कोई व्यक्ति किसी के घर में ठहरा हों या देखा गया हो तो उस की जानकारी बिल्कुल भी न छुपाएं, इसकी जानकारी प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को अवश्य दें। उन्होंने बताया कि ऐसा न करने की स्थिति में छुपने वाले और पहचान छुपाने वाले भी दोषी माने जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहचान बताने पर कारोना वायरस के नियंत्रण में मदद मिलेगी और इसको फैलने से रोका जा सकेगा और इस बिमारी से देश, प्रदेश व बिलासपुर को बचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इसमें जन मानस का सहयोग ही कोरोना वायरस महामारी से बचाव है।
कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न विकट परिस्थिति से आज लगभग सभी उद्योग धन्धे ठप्प पड़ चुके हैं, जिस कारण हर व्यक्ति बहुत ही मुश्किल दौर का सामना कर रहा है। इस समय हर कोई अपनी सामथ्र्य के अनुसार देश एवं समाज की सेवा एवं सहायता करने की कोशिश में लगा हुआ है। पुण्यार्थ इस यज्ञ मे कामधेनू हितकारी मंच एक और आहुति इसमें डालते 14 अप्रैल से दूध की कीमतों में दो रूपए की छूट देगा। कामधेनु संस्था के अध्यक्ष नानक राम और सचिव जीत राम कौंडल ने इस बाबत मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भी प्रेषित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार एवं प्रशासन जहां एक ओर इस महामारी से बचाव के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं, वहीं आज तमाम कामकाजी लोग घर पर बैठने के लिए मजबूर हैं। सरकार उन्हें राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न प्रकार के पैकेज दे रही है, संकट की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में कामधेनु संस्था के साथ जुड़े 4500 परिवार जो दूध बेचकर अपना गुजर.बसर करते हैं। इन तमाम परिवारों की ओर से अभी तक पीएम केयर फंड में पांच लाख रूपए एवं एच्पी् कोवीड-19 सोलीडेरिटी रिस्पांस फं ड में दो लाख चौवन हजार रूपए का अंशदान दिया जा चुका है। कामधेनु संस्था की ओर से बिलासपुर नगर में रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ मिलकर पचास बेहद गरीब परिवारों को प्रतिदिन उनके घर में निशुल्क दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण उन तमाम कामकाजी लोगों के लिएए जिन्हें मजबूरन घर में बैठना पड़ रहा है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को 14 अप्रैल 2020 से लॉक डाउन खत्म होने तक कामधेनु संस्था की ओर से व्यास कामधेनु दूध दो रूपए प्रति लीटर कम रेट पर उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सरकार के आदेश होंगे ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मंत्री परिषद के सदस्यों, विधायकगणों और भाजपा पदाधिकारियों की संयुक्त वीडियो कांफ्रेस में भाग लेते हुए प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। डा. बिंदल ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार और संगठन बेहतर और शानदार तालमेल के साथ कार्य कर हैं। मुख्यमंत्री कोरोना संकट के दृष्टिगत हर छोटी बड़ी घटना पर अपनी नजर बनाए हुए है और सभी सम्बन्धित आवश्यक कार्य जैसे सुरक्षा, राशन आवंटन, मास्क वितरण, कोरोना रोगियों का कुशलक्षेम आदि के कार्यों की स्वयं समीक्षा कर रहे हैं। डा बिंदल ने संगठन की ओर से प्रदेश में किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर हिमाचल में मास्क बनाने का कार्य वृहद स्तर पर चल रहा है। उन्हांने कहा कि प्रदेश में अभी तक 1,98,350 खाने के पैकेट, 57,858 लोगों को राशन किट वितरित किया गया जिसके तहत 5,59,310 लोग लाभान्वित हुए। इसी प्रकार प्रदेश में 4,01,565 मास्क वितरित किए गए जबकि पीएम केयर फंड में 86,7,565 रुपये तथा मुख्यमंत्री कोविड फंड में 2,46,48,000 रुपये की धनराशि दी गई। बिन्दल ने कहा कि मै देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ लाखों हिमाचलवासियों की ओर से ऐसे समय में आप कोरोना योद्धाओं का अदम्य साहस और निःस्वार्थ सेवाभाव प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा आपातकालीन सेवा में जुटे आप सब कर्मियों, सफाई कर्मियों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य पेशेवरों आदि का अभिनंदन। अदम्य साहस, निःस्वार्थ सेवाभाव और प्रतिबद्धता से ओतप्रोत इन कोरोना योद्धाओं ने यह सुनिश्चित किया है कि इस कठिन समय में देश पटरी पर रहे, आपका हृदय से धन्यवाद । उन्होंने कहा अपने आप को खतरे की स्थिति में रखते हुए डाक्टरों, नर्सो, पैरामेडिक्स, सफाईकर्मी, पुलिस कर्मी, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े लोग, बैंक कर्मी और सरकारी कर्मचारियों ने यह सुनिश्चित किया है कि अन्य लोग सुरक्षित रहें। आपके अटूट विश्वास और साहस ने यह प्रदर्शित किया है कि कोरोना को हराया जा सकता है और भारत एवं मानवता अंतत: विजयी होगी। हम आपके प्रति आभार प्रकट करते हैं ।
राज्य कमेटी ने मांग की है कि कोरोना की आपदापूर्ण स्थिति में जो भी पूंजीपति, उद्योगपति व कारखानेदार तथा सरकारी विभाग सरकार के आदेशों व श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं उन पर आपराधिक मुकद्दमे दर्ज किए जाएं व उन पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि कोरोना के कारण हुए लोक डाउन व कर्फ्यू का खामियाज़ा सबसे ज़्यादा मजदूर वर्ग पर पड़ा है। इस से एक ओर लगभग साढ़े आठ लाख असंगठित मजदूर रोजगार से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों व निजी उद्योगों में उन्हें इस भारी मुश्किल में भी वेतन नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश के औद्योगिक केंद्रों से हज़ारों मजदूरों के भूखे रहने की खबरें आ रही हैं क्योंकि उद्योगों में कार्यरत मजदूरों को मार्च महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इन उद्योगों में हज़ारों की संख्या में प्रवासी मजदूर कार्यरत हैं। उनके पास राशन लेने, मकान का किराया चुकाने तथा घर भेजने तक के पैसे नहीं हैं। चंबा जिला की बाजोली-होली निर्माणाधीन पनबिजली परियोजना के दो हज़ार पांच सौ मजदूरों को पिछले पांच महीने से कोई वेतन नहीं दिया गया है। ऊना जिला के सबसे बड़े उद्योगों में से एक ल्यूमिनस कम्पनी में कार्यरत सैंकड़ों ठेका मजदूरों का मार्च महीने का वेतन काट दिया गया है। सोलन जिला के बद्दी में स्थित स्टील वर्ल्ड उद्योग के लगभग एक हज़ार मजदूरों को मार्च महीने का वेतन नहीं दिया गया है। इस उद्योग के सैंकड़ों प्रवासी मजदूर दो वक्त की रोटी से भी महरूम हो गए हैं। शिमला शहर में स्थित लगभग साढ़े तीन सौ होटलों व रेस्तरां में कार्यरत लगभग छः हज़ार मजदूरों में से भी सैंकड़ों मजदूरों को मार्च महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। शिमला के ख़लीनी स्थित होटल ईस्टबोर्न के प्रबंधन ने एक सौ बीस मजदूरों को पिछले तीन महीने के वेतन की अदायगी नहीं की है। मजदूरों की यही स्थिति पौंटा साहिब, बीबीएन, कालाअंब व परवाणू में भी है। प्रदेश के हज़ारों मजदूर वेतन से वंचित हैं। उन्होंने कहा है कि सरकारी क्षेत्र के आउटसोर्स कर्मचारियों,ठेका मजदूरों,कैजुअल मजदूरों,दिहाड़ीदारों व योजनाकर्मियों की स्थिति बहुत बुरी है। प्रदेश के बिजली बोर्ड,आईपीएच,स्वास्थ्य,एसटीपी आदि सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत हज़ारों आउटसोर्स व ठेका मजदूरों में से एक बहुत बड़े हिस्से को मार्च महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। सरकारी क्षेत्र में सबसे कम वेतन पाने वाले मिड डे मील कर्मचारियों को फरवरी और मार्च महीने का आधा ही वेतन दिया गया है व दो हज़ार रुपये प्रतिमाह के बजाए केवल एक हज़ार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया गया है। एसएमसी शिक्षकों से आठ साल तक सेवाएं लेने के बाद संकट की इस घड़ी में सरकार व शिक्षा विभाग उन्हें वेतन देने में आनाकानी कर रहे हैं। प्रदेश सरकार व श्रमिक कल्याण बोर्ड अपनी ही घोषणा को पूरी तरह लागू नहीं कर रहे हैं व श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत एक लाख दस हज़ार निर्माण मजदूरों में से बिल्कुल आधे छप्पन हज़ार मजदूरों को ही आर्थिक सहायता पहुंचाई गई है। इस तरह सरकारी व निजी दोनों ही क्षेत्रों में मजदूरों के वेतन व कानून अनुसार देय आर्थिक सहायता से उन्हें वंचित करके उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को वेतन भुगतान न करना वेतन भुगतान अधिनियम 1936 के नियमों का उल्लंघन तो है ही अपितु केंद्र सरकार द्वारा 20 व 29 मार्च तथा प्रदेश सरकार द्वारा 30 मार्च 2020 को जारी की गई अधिसूचनाओं की भी अवहेलना है। इस बाबत हिमाचल प्रदेश के श्रमायुक्त को दो अप्रैल व आठ अप्रैल को दो पत्र लिखने के बावजूद भी न तो मजदूरों को वेतन मिल पाया है और न ही नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगपतियों पर कोई कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा की अगर मुख्यमंत्री व श्रम मंत्री मजदूरों का वेतन व अन्य आर्थिक देय लाभ सुनिश्चित नहीं करवाते हैं तो फिर मजदूरों के इस शोषण से अवगत करवाने के लिए सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को पत्र लिख कर अवगत करवाएगा व मजदूरों के लिए न्याय की मांग करेगा।
आज पूरा देश कोरोना जैसी भयंकर महामारी से जूझ रहा है। देश में सारे काम धंधे ठप पड़े हैं लेकिन अवैध धंधे करने वालों को इससे कोई फर्क पड़ता दिखाई नहीं दे रहा, ऐसा ही एक मामला जिला कांगड़ा के थाना शाहपुर के अंतर्गत आया है। थाना प्रभारी हेमराज उनकी टीम ऐसे लोगों पर अपने तरीके से नजर गड़ाए हुए हैं बता दें कि बीते दिनों भी इसी थाना के अंतर्गत एक व्यक्ति को भुक्की के साथ रंगे हाथों पकड़ा था और अब थाना प्रभारी हेम राज व उनकी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर निखिल कुमार गांव व डाकघर रेलू के घर पर रेड के दौरान 15000 मिलीलीटर देसी मारका शराब पकड़ी है।
कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश में लगे लॉकडाउन के चलते लोग जहां घरों में दुबके बैठे हैं, वहीं लोगों में इन दिनों खानपान को लेकर काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। इन दिनों लोग बाजारों में मिलने वाली सब्जियों को खरीदने के बजाए जंगली सब्जियों कचनार काथी सहित जंगलों में पैदा होने वाली अन्य साग-सब्जियों को खाने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। लोग साग-सब्जी ढूंढने के लिए सुबह-शाम जंगलों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि कोरोना वायरस के दौरान लगे लॉकडाउन को लेकर ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों को बाजारों तक न पहुंच पाना इन लोगों की मजबूरी भी है जिस कारण उन्हें यह सब्जियां खानी पड़ रही है। यदि युवा वर्ग की बात करें तो जंगली सब्जियां खाना उन्हें किसी चुनौती से कम नहीं है क्योंकि युवाओं को बाजार की सब्जियों में ज्यादा दिलचस्पी रहती है। लेकिन सब्जियां संक्रमित ना हो इस वजह से सब्जियों की खरीदारी लोग कम ही कर रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि बाजारों में इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं साथ ही उन्हें कोरोना जैसी महामारी से इन सब्जियों का संक्रमित होने का डर भी सता रहा है। जिस कारण लोग इन दिनों बाजार से सब्जियां भी कम मात्रा में खरीद रहे हैं।वहीँ गांव से सटे जंगलों में लगी सब्जियों को लाकर बनाना पसंद कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी में होने वाली सब्जियां कचनार, काथी, शिम्बलोटू, बगनौल (एल्युवेरा) तथा रामबाण में लगने वाले गोब्बा सहित नदी नालों के किनारे लगने वाली छूछ जैसी सब्जियों का लोग आनंद भी उठा रहे हैं। जहां यह सब्जियां खाने में स्वादिष्ट भी है, वहीं कई रोगों से लडने के लिए यह सब्जियां औषधि का काम भी करती है। दाड़लाघाट निवासी शंकर दास गुप्ता व रूप राम शर्मा का कहना है कि जंगलों में लगने वाली सब्जियां कई गुणकारी है तथा कई बीमारियों का रामबाण इलाज भी है, इन्हें हर सीजन में खाना चाहिए। हालांकि इन दिनों वायरस के चलते सब्जी मंडियों में सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल है तथा इन जंगली सब्जियों के मिलने से इन्हें राहत मिली है। स्यार निवासी सोमा कौंडल का कहना है कि वे बाजार से सब्जियां हमेशा लाकर खाते हैं लेकिन इन दिनों जंगलों में लगने वाली सब्जियों को लाया जा रहा है तथा उनके बच्चे इन सब्जियों को खा रहे हैं। वहीँ कविता, पदमा, कांता, कृतिका सपना रुक्मिणी निशा, अलका, अंजू, अनु, चम्पा, धनपतु, तृप्ता, किरण व भारती सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि कर्फ्यू के चलते गाड़ियां नहीं चल रही है जिस कारण बाजार तक जाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए आसपास लगी सब्जियों को खाकर ही गुजारा कर रहे हैं। दाड़लाघाट निवासी महेश्वर शुक्ला व निशांत गुप्ता का कहना है कि उन्होंने इस तरह की सब्जियां पहले बहुत कम खाई हैं, लेकिन मंडियों से आ रहे सब्जियों का उन्हें संक्रमित होने का खतरा है इसलिए वह बाजार में मिलने वाली सब्जियों को ना खा कर इन्हीं सब्जियों को खाना पसंद कर रहे है। हालांकि उनके घरों में पहले से सब्जी बनाई जाती थी लेकिन उन्हें खाना पसंद नहीं करते थे लेकिन कोरोना वायरस के डर से वह अन्य सब्जियों से किनारा कर इन्हीं सब्जियों को खा रहे हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लाॅकडाउन के चलते भी डीएवी अंबुजा विद्या निकेतन दाड़लाघाट में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई बदस्तूर चली हुई है। प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने बताया कि उन्होंने विद्यालय की ऐप द्वारा अध्यापन का कार्य 28 मार्च 2020 से ही चला रखा है। यह अध्यापन नर्सरी कक्षा से लेकर नवीं कक्षा तक बदस्तूर जारी है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन अध्यापकों से प्रत्येक कक्षा के केवल दो विषय के वीडियो तैयार करके विद्यालय की ऐप द्वारा बच्चों को विद्यार्थियों को भेजे जाते हैं। यह वीडियो 6 से 7 मिनट की होती है जिसमें किसी भी चैप्टर के दो पेज तैयार करके बच्चों को असाइनमेंट के रूप में 5 प्रश्न हल करने को दिए जाते हैं। प्रश्नों के हल ऑनलाइन ही चेक किए जाते हैं। इस प्रकार यह अध्यापन कार्य निरंतर अबिलंब चल रहा है। प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने आगे कहा कि दसवीं और प्लस टू की भी ऑनलाइन क्लासेस 1 अप्रैल से निरंतर चल रही हैं। इन कक्षाओं की पढ़ाई जूम मीटिंग ऐप के द्वारा करवाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऐप के लीगल सेल द्वारा किसी भी प्रकार की लीकेज बारे पूर्ण सुरक्षा की गारंटी भी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार उनके विद्यालय की सभी कक्षाओं की पढ़ाई बिना किसी बाधा के चल रही है। उनके अनुसार प्लस वन की कक्षाएं 16 अप्रैल से शुरू की जाएंगी।
नूरपुर उपमंडल के लँगलाहड़ गांव के निवासी व युवा करनी सेना के हिमाचल प्रदेश के आई टी संयोजक एकलव्य सेन की पहचान प्रदेश ही नही अपितु माया नगरी तक एक फ़िल्म मेकर व रंगकर्मी की है। एकलव्य सेन अब तक 27 शार्ट मूवी, 40 म्यूजिक वीडियो व 22 नाटकों का सफल निर्देशन कर चुके है। रिवाज जैसी पुरस्कृत शार्ट मूवी के निर्देशक, पटकथा लेखक एकलव्य सेन ने अभी हाल ही में ' सफर एक मेरा, गाने के द्वारा गायकी में कदम रखा तो लोगों ने उन्हें सिर आंखों पर बिठा लिया। यूट्यूब पर इनके इस गाने को 2 सप्ताह में ही अब तक 14 हजार से अधिक व्यूअर मिल चुके है। देश मे जब कोरोना का संकट आया तो संवेदनशील एकलव्य जुट गया लोगों को जागरूक करने ताकि कोरोना महामारी प्रदेश में लोगों की जीवन लीला को न लील सके ।
कोरोना महामारी के चलते देशभर में कर्फ्यू लगाया गया है। इसी बीच हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा के जिलाधीश राकेश प्रजापति ने बहुत दिनों से कटाई और गहाई के कार्य को लेकर परेशान किसानों के हित में राहत भरी खबर सुनाई गई है। इस संबंध में कांगड़ा के जिलाधीश राकेश प्रजापति ने फसल की कटाई व गहाई के कार्य को तीन चरणों में विभाजित किया है प्रथम चरण बिकास खंड इंदोरा, नूरपुर फतेहपुर और नगरोटा सुरियाँ मे 15 अप्रैल से, दूसरे चरण में परागपुर, रैत, देहरा व काँगड़ा 20 अप्रैल तथा तृतीय चरण में नगरोटा बगवां, धर्मशाला, भवारना, पंचरुखी, लंबागांव, बेडू महादेव को बैजनाथ में 25 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा तथा अंतिम चरण में आलू की फसल निकालने का कार्य अप्रैल के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा। फसल कटाई का कार्य प्रात 9:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक किया जाएगा। लेकिन गेंहू की गुहाई को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें अभी से स्पष्ट दिख रही है। बजह साफ है कृषि उपकरण जैसे थ्रैशर, ट्राली ट्रेक्टर आदि की मरम्मत । इस समस्या का समाधान करते हुए कांगड़ा जिलाधीश राकेश प्रजापति ने बताया कि जिला कांगड़ा के हर विकास खंड की दो दुकानें ट्रैक्टर व थ्रेैशर मरम्मत के लिए खुली रखने के आदेश दिए है लेकिन किसानों का मत हैं कि यह पर्याप्त नही है।
एक तरफ देश में कोरोना महामारी का कहर जिसके चलते पूरे देश में कर्फ्यू लगाया गया है तो दूसरी ओर अवैध धंधा करने वाले लोग भी अपने काले धंधे को विराम नहीं दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कांगड़ा जिला के पुलिस थाना फतेहपुर की चौकी रैहन के अंतर्गत आया है। नायब तहसीलदार फतेहपुर सुरेश शर्मा की अगुवाई में, पुलिस चौकी रैहन के प्रभारी हंसराज, इंद्रजीत व उनकी टीम ने शनिवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर नेरना, नकोदर गोलबां आदि स्थानों पर दविश दी और 10,000 लीटर कच्ची लाहण और शराब बनाने की भट्टियाँ नष्ट की। पंचायत नेरना से एक ड्रम, नकोदर से तीन, गोलबां पंचायत में 4 ड्रम नष्ट किए ताकि वे फिर ऐसा धंधा न कर पाए। चौकी प्रभारी हंस राज ने इन बंगाली परिवारों को कड़ी चेतावनी भी दी कि वे संकट की इस घड़ी में प्रशासन का साथ दें।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में कफ्र्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी और आवश्यक वस्तुओं को होम डिलीवरी प्रणाली के तहत उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज यहां खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और दूर दराज क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में ‘बफर स्टाक’ सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों पर नजर रखे, और उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में या संभव हो तो डोर-टू-डोर किसानों को कीटनाशक व अन्य पौध सुरक्षा सामग्री उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मधुमक्खी बक्सों की समयबद्ध आपूर्ति और बागवानों को एंटी हेल नेट सुनिश्चित करवाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि हाॅट स्पाॅट घोषित हुए क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबन्ध लगाया जाएगा तथा हाॅट स्पाॅट के सभी सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाईज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में सामान्य स्थिति को बहाल करने, आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने तथा राज्य के कमजोर वर्गों की आर्थिक और खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए चरणवद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 मार्च, 2020 को भारत सरकार द्वारा 21 दिनों के लिए राष्ट्रीय लाॅकडाउन के कारण हिमाचल प्रदेश ने भी कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए निर्धारित प्रोटोकाॅल का पालन किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खतरे को ध्यान में रखते हुए एग्जिट प्लान तैयार किया जाएगा एवं प्रदेश में पाए जाने वाले मामलों के अनुसार राज्य को छः जोन में विभाजित किया जाएगा, रेड जोन, 4 ओरेंज जोन और ग्रीन ज़ोन। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य व आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों के सामान्य जीवन की सुरक्षा के लिए आपातकालीन सेवाएं दे रहे कर्मचारियों एवं चिकित्सकों की सुरक्षा के मध्यनजर सभी आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा ताकि इस महामारी से प्रभावी तरीके से लड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन की अवधि के दौरान इस योजना के तहत प्रभावित हुए आर्थिक रूप से अत्याधिक कमजोर वर्ग के लोगों को प्रदेश की आर्थिक क्षमता के आधार पर भी सहायता देने का प्रावधान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को तभी शुरू किया जाएगा, जब संक्रमण कम होना शुरू हो जाएगा एवं कुछ समय के अन्तराल पर नए मामले सामने आना कम जो जाएंगें। जय राम ठाकुर ने कहा कि चिन्हित किए गए हाॅट स्पाॅट को अन्य हिस्सों से पूरी तरह से अलग किया जाएगा और भोजन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सौंपी जाएगी। सलाहकार योजना डाॅ. बसु सूद ने कोविड-19 लाॅकडाउन से बाहर निकलने की योजना पर एक प्रस्तुति दी।
बी एल सेंट्रल पब्लिक बरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार मे सभी कक्षाओं की online पढाई 09-04-2020 से शुरू कर दी गई है। जैसा ज्ञात ही हे की कोरोना महामारी की बजह से lock down होने से स्कूल बंद होने से बीएल सेंट्रल पब्लिक बरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने भी शिक्षा बिभाग के आदेश के अनुसार परीक्षा परिणाम Nursery , KG पहली से 9th और 11th के सभी बच्चो को परमोट कर दिया है और उनकी 09-04-2020 से ऑनलाइन पढाई शुरू कर दी गयी है। सभी कक्षाओं के whatsapp ग्रुप बनाये गए है और सभी अध्यापक ऑनलाइन ही बच्चो को सभी बिषय को ऑनलाइन होम वर्क दे रहे है। अभिभावक संग के अध्यक्ष रतन तनवर और सभी अभिभावको ने स्कूल की इस कार्य की प्रसंसा की हे स्कूल अध्यक्ष , प्रधानाचार्य पुरषोतम गुलरिया , सुषमा शर्मा किरण जोशी तथा अन्य सभी अद्यापको ने अभिभाभको को धन्यबाद किया है की वो अपने बच्चो का online पढाई मे घर मे एक शिक्षक बन कर सहयोग कर रहे है और नए बच्चो का प्रवेश भी ऑनलाइन अपनी स्कूल website www.blcpskunihar.com के माध्यम से किया जा रहा हे ताकि बच्चो की पढाई बंदित ना हो सभी घर पर रहे सुरक्षित रहे।
कोरोना वायरस के कारण चल रहे कर्फयू और लाॅकडाउन के दौरान पूरा देश कोरोना नाम की इस आपदा को देश से बाहर करने के लिए नियमों का पालन कर रहा है। ऐसे में हमें सुरक्षित रखने के दिन पुलिस बल, चिकित्सकीय वर्ग और स्वच्छता प्रहरी अपनी जान को जोखिम में डालकर सेवाभाव से मैदान में डटे हैं। ऐसे में बिलासपुर नगर का एक युवक सिद्धार्थ ग्रेवाल उर्फ मन्नू भी अपने स्तर पर अपने ही तरीके से समाज में अपना योगदान दे रहा है। इन दिनो सिद्धार्थ आईटीआई क्षेत्र में तथा आस पास के गांवों में हर गली और घर को सेनेटाइज कर रहा है। इस पुनीत कार्य में पंचायत प्रधान सीमा चंदेल भी ऐसे उत्साही युवाओं का पूरा सहयोग कर रही है। गौर हो कि जब प्रदेश में लाॅकडाउन शुरू हुआ था तो बाहरी राज्यों से हजारों लोग पैदल ही अपने घरों की ओर कूच करना शुरू कर गए थे। सैंकड़ों मीलो का पैदल सफर करने वालों को सिद्धार्थ ग्रेवाल ने घर से खाना बनाकर ऐसे लोगों की भूख को शांत किया। इस काम में उनकी माता और बहनें भी पूरा हाथ बंटाती रही। यहीं नहीं सिद्धार्थ हर रोज सड़कों पर डयूटी दे रहे पुलिस कर्मियों को चाय आदि का प्रावधान करते रहे हैं। सिद्धार्थ ग्रेवाल जैसे युवा गलत संगत में फंसे अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है। वहीं सिद्धार्थ का कहना है कि देश के प्रधानमत्री ने समस्त देशवासियों से हाथ जोड़कर घरों में रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस आग्रह की गंभीरता और संवेदनशीलता को सभी को समझना चाहिए तथा कोरोना मुक्त भारत बनाने के लिए हर संभव सहयोग करना चाहिए।
ग्राम पंचायत घणागुघाट के बीपीएल कार्ड धारकों ने सरकार से मुफ्त गैस सिलेंडर देने की मांग की है। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु प्रदेश में किए गए लाकडाउन के कारण प्रदेश सरकार ने जनता को कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की हैं। इन सुविधाओं के अंतर्गत गृहिणी उज्ज्वला योजना के अंतर्गत जिन महिलाओं को सरकार द्वारा निशुल्क गैस सिलेंडर आवंटित किए गए थे। उन्हें यह सुविधा प्रदान करते हुए अप्रैल, मई और जून मास में 3 सिलेंडर मुफ्त देने की घोषणा की गई है। इस घोषणा से गृहणी उज्जवला योजना वाले उपभोक्ता बहुत खुश हुए हैं, लेकिन दूसरी ओर कुछ ऐसे उपभोक्ता भी है जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं और उन्होंने इस योजना से हटकर स्वयं गैस सिलेंडर खरीदे हैं और बीपीएल राशन कार्ड धारक भी हैं। उन्होंने भी ग्राम पंचायत प्रधान के माध्यम से सरकार से निवेदन किया है कि कोरोना के कारण हुए लाकडाउन की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति भी डगमगा गई है, अतः उन्हें भी इस सुविधा से जोड़ा जाए। मांग करने वालों में कुनी गांव के बीपीएल कार्ड धारक बृजलाल, रामप्यारी, जीत राम, बाबू राम, दिलीप, कस्तूरी देवी, पूर्ण, लेख राम, राजेंद्र, योगेश, हंसराज, प्रकाश इत्यादि शामिल हैं।
लॉकडाउ के समय मे जहां सभी घर पर बैठे बैठे यह सोच रहें हैं कि किस प्रकार अपनी ऊर्जा का सदुपयोग करें वहीं भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश द्वारा अपने स्काउट्स गाइड्स रोवर्स रेंजर्स को विभिन्न गतिविधियां घर बैठे ही प्रदान की जा रही है। जहां स्काउट वालंटियर्स जिला प्रशासन के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं वहीं प्रदेश के बहुत सारे स्काउट गाइड रोवर रेंजर घर बैठे ऑनलाइन गतिविधियों में भाग ले अपनी ऊर्जा का सदूपयोग कर रहे हैं। भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल द्वारा स्काउट फाइट अगेंस्ट कोरोना नाम से एक मुहिम चलाया जा रहा है जिसमे सभी स्काउट गाइड रोवर रेंजर ऑनलाइन ज़ूम वीडियो कॉल के माध्यम से रोज़ 3 बजे इकट्ठा हो कर विभिन्न प्रकार की जानकारियां एक दूसरे के साथ साझा करते हैं। वीडियो कॉलिंग के माध्यम से इकट्ठे हुए युवा ऑनलाइन प्रेजेंटेशन के माध्यम से एक दूसरे को सजग करवा रहे। ज़ूम के माध्यम से देश विदेश के विशेषज्ञ के साथ भी बातचीत करने का मौका सभी युवाओं को दिया जा रहा है। अब तक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों में फिजी से स्काउट आयुक्त कैलाश पिल्लै, इंडोनेशिया से मैसेंजर ऑफ पीस हीरो इरविन सैमुअल रामली तथा भारत स्काउट्स एवम गाइड्स राष्ट्रीय मुख्यालय से कार्यकारी निदेशक कृष्णास्वामी राममूर्ति, अंतरराष्ट्रीय आयुक्त स्काउट मधुसूदन अवाला, उपनिदेशक स्काउट प्रोजेक्ट अरूप सरकार व केरला से राम हरिनारायणन ने अभी तक सभी स्काउट्स गाइड्स रोवर्स रेंजर्स के साथ खास बातचीत की। भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश के राज्य सचिव डॉ राज कुमार व सह राज्य सचिव मीनाक्षी सूद द्वारा जानकारी साझा करते हुए बताया गया इस डिजिटल प्रोजेक्ट में एक प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिसमे 30 स्कूल,कॉलेज व ओपन यूनिट्स भाग ले रही है, इस प्रतियोगिता में सभी ऑनलाइन प्रेजेंटेशन के माध्यम से जागरूकता फैलाएंगे, सबसे बेहतरीन करने बाली यूनिट को पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। जबकि बाकी सभी प्रतिभागियों को भी ई सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य न केवल इस समय युवाओं को गतिविधी प्रदान करना है वल्कि आने वाले समय के लिए युवाओं को सशक्त कर बेहतरीन नागरिक बनाना है।


















































