स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है तथा प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ तथा किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष अधिमान दे रही है। उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में स्तरोन्नत किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक संस्थान में 6 विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था होगी। इसके तहत अभी तक लगभग 49 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में 4 से 6 विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आगामी समय में सभी संस्थानों को उपयुक्त संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अत्याधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना से सुसज्जित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रदेश भर में चिकित्सा संस्थानों के निर्माण को समयबद्ध पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त डॉक्टर और पैरा-मेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि मरीजों के सर्वाेत्तम उपचार के लिए विश्व स्तरीय चिकित्सा उपकरण और आधुनिक मशीनरी उपलब्ध हो। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने पर भी बल दिया और कहा कि ओरल हेल्थ स्वास्थ्य देखभाल का महत्त्वपूर्ण पहलू है। दंत चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बताया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक इसका विस्तार किया जा रहा है। डॉ. शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हजारों पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें विशेषज्ञ और रेजिडेंट डॉक्टर, नर्स और अन्य पैरा-मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नई भर्तियों के अलावा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पैरा-मेडिकल स्टाफ को युक्तिसंगत बनाने के लिए भी कदम उठाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी चिकित्सा संस्थानों विशेष दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध हो। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और निर्माणाधीन कार्यों का नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम प्रियंका वर्मा, मिशन उप-निदेशक एनएचएम डॉ. गोपाल बेरी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: 21वीं आल इंडिया डॉ. यशवंत सिंह परमार मेमोरियल वॉलीबाल टूर्नामेंट का आयोजन 29 नवंबर से पहली दिसंबर तक जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के पंचरुखी में डॉ. भीमराव अम्बेडकर खेल मैदान में किया जा रहा है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 29 नवंबर को प्रतियोगिता का शुभारंभ आयुष, युवा सेवायें एवं खेल मंत्री, यादविंदर गोमा करेंगे। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में देश की आठ टीमें भाग ले रही हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओएनजीसी, इंडियन रेलवे, इंडियन नेवी, इंडियन आर्मी और हरियाणा की टीमें शामिल हैं।प्रवक्ता ने बताया कि विजेता टीम को 2 लाख, उपविजेता को एक लाख तथा तीसरे स्थान पर आने वाली टीम को 75 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा । पहली दिसंबर को समापन समारोह में मुख्यातिथि के रूप में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा शिरकत करेंगे और विजेता टामों को पुरस्कृत करेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि प्रतियोगिता के सफलतापूर्ण आयोजन के लिए सभी तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया। इस क्षेत्र में पहली बार इतनी बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन होने से लोग उत्सुक है कि उन्हें राष्ट्रीय खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने का अवसर मिलेगा।
उपमंडल देहरा के तहत ढलियारा स्थित प्राइमरी स्वास्थ्य केन्द्र में बुधवार को स्वास्थ्य केम्प का आयोजन हुआ, जिसमें 67 लाभार्थीयों ने डिजिटल एक्सरे की सुविधा प्राप्त की, वहीं 85 लोगों ने इस कैंप में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। पीएचसी ढलियारा में प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशो के अनुसार एक दिवसीय कैंप का आयोजन बीएमओ डाडा सिबा डॉक्टर सतीश कुमार की देख-रेख में हुआ वहीं इस कैंप में टांडा मेडिकल कॉलेज से आई टीम ने वहां उपस्थित लोगों का चैक-अप किया। इस दौरान डॉक्टर निर्भय, एफएचएस रूप रानी, फार्मासिस्ट अश्वनी, सुशील बाला, श्रेष्ठा देवी, सरोज बाला, किरण ,स्वर्णा, बॉबी, हरदीप ,अनिता इत्यादि उपस्थित रहे ।
हिमाचल प्रदेश में इको टूरिज्म को विकसित करने की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है, ताकि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता से कोई छेड़छाड़ ना हो सके और सैलानी भी यहां की प्राकृतिक सुंदरता का नजारा ले सकें। इसी कड़ी में जिला कुल्लू में भी पांच इको साइट का चयन किया गया है। सरकार ने इसे पीपीपी मोड के तहत इसे विकसित करने के लिए भी मंजूरी दे दी है। जिला कुल्लू के काइस धार, कसोल, सुमा रोपा, मनाली के सोलंग नाला और बंजार विधानसभा के सोझा को इको साइट के लिए चयनित किया गया है। ऐसे में अब जल्द ही इन सभी साइट्स को विकसित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार संबंधित फर्म को इन सभी साइट्स को खुद ही विकसित करना होगा। पीपीपी मोड के तहत काम करने वाली फर्म चयनित साइट के इन्फ्रास्ट्रक्चर को फॉरेस्ट-लॉ का पालन करते हुए तैयार करेगी। इसके लिए वन और जैव विविधता को नुकसान पहुंचाने की किसी को भी इजाजत नहीं होगी, क्योंकि हिमाचल में 2020-21 में वन संपदा को नुकसान पहुंचाने और बिना एफसीए के आरोपों की वजह से पूर्व में चल रही 11 इको-टूरिज्म साइट का ऑपरेशन केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय बंद कर चुका है। इसके अलावा केंद्रीय वन मंत्रालय ने एफसीए के बगैर इको-टूरिज्म एक्टिविटी शुरू करने की मंजूरी दे दी है, लेकिन वन संपदा को नुकसान पहुंचाने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। इन दिनों देश के निचले राज्यों में प्रदूषण की मात्रा काफी अधिक हो चुकी है। ऐसे में राहत की सांस लेने के लिए सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। जिला कुल्लू की अगर बात करें तो यहां पर मणिकरण और मनाली में भी बीते कुछ दिनों से सैलानियों की आवक बढ़ी है और सैलानी पहाड़ों के बीच शांति से अपने दिन गुजार रहे हैं। इको टूरिज्म के विकसित होने से यहा स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलेगा और पर्यटन गतिविधि बढ़ने से यहां की आर्थिक की भी मजबूत होगी। वन मंडल अधिकारी कुल्लू एंजल चौहान ने कहा कि सोलंगनाला पर इको टूरिज्म के तहत तीन करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। पूरे सोलंगनाला को विकसित किया जाएगा, यह अब पहले से अधिक सुंदर दिखेगा। पर्यटकों को स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग और ट्रैक की अच्छी सुविधा मिलेगी।
** आशीष शर्मा ने अस्पताल प्रशासन से की मुलाकात, स्थानीय लोगों को दिया समर्थन भोटा चैरीटेबल अस्पताल का पहली दिसंबर से बंद होने का समचार दुर्भाग्यपूर्ण है। आज इस संबंध में विधायक हमीरपुर आशीष शर्मा ने अस्पताल प्रशासन से मुलाकत की एवं धरने पर बैठे स्थानीय लोगों को अपना साथ व समर्थन भी दिया। आशीष शर्मा ने कहा की जनहित में चल रहे ऐसे संस्थान जो लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाते हैं, उनपर गाज गिराना व उन्हें तालाबंदी की ओर ले जाना सरकार का निंदनीय निर्णय है। मैं प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री से विनम्र निवेदन करता हूँ कि समस्त जिला वासियों व आसपास के जिलों के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए संस्था को राहत प्रदान की जाए व जनहित में इस अस्पताल को बंद होने से बचाया जाए। ताकि लोगों को मिल रही बेहतर एवं निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं ऐसे ही जारी रहें व उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। जल्द मुख्यमंत्री जनहित में फैसला लें एवं अस्पताल को बंद होने से बचाएं। मैं हमेशा की तरह अपने हमीरपुर की जनता के हित के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूँ। इस अस्पताल को बंद होने से बचाने के लिए जनता के साथ हर कदम पर साथ देने के लिए तैयार हूँ।
** अभियान के तहत राज्य स्तरीय नशामुक्त अभियान समिति की बैठक आयोजित प्रदेश सरकार नशामुक्त हिमाचल बनाने के लिए नशामुक्त भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजेगी। इस प्रस्ताव में प्रदेश में नशामुक्ति केंद्र खोलने सहित विभिन्न क्रियाकलापों का विवरण शामिल किया जाएगा। इसी प्रस्ताव के आधार पर केंद्र सरकार से नशामुक्त भारत अभियान के तहत वित्तीय सहायता का आग्रह किया जाएगा। अभियान के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, मामले पर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत आज यहां राज्य स्तरीय नशामुक्त अभियान समिति की पहली बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आशीष सिंघमार ने की। आशीष सिंघमार ने विभाग के अधिकारियों को जिला स्तर पर जिला नशामुक्त अभियान समिति के तहत विस्तृत प्रस्ताव बनाने के दिशा-निर्देश जारी किए। राज्य स्तरीय प्रस्ताव को शीघ्र ही अंतिम रूप देने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य, पुलिस, और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए इन विभागों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का भी अहम योगदान अपेक्षित है। विभागीय अधिकारियों ने अवगत करवाया कि नशे की लत से ग्रस्त लोगों के लिए प्रदेश में कुल्लू, हमीरपुर और ऊना में 15 बिस्तर क्षमता और नूरपुर व कुल्लू में 15 बिस्तर क्षमता का एकीकृत पुनर्वास केंद्र चलाया जा रहा है। इसके अलावा सिरमौर, मंडी, शिमला जिलों में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए विचार-विमर्श किया गया। शेष अन्य जिलों में व्यवहारिकता एवं उपयोगिता के आधार पर केंद्र खोलने को लेकर चर्चा की गई। प्रदेश के कारावासों में भी नशामुक्ति अभियान चलाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारियों ने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में राज्य स्तरीय नशामुक्ति अभियान समिति में शामिल पुलिस, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
** लगेज पॉलिसी में रियायत, एचआरटीसी की बसों में दूध और सब्जियों का किराया माफ **ऊना पुराने बस अड्डे में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मोड पर बनेगा कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बीते दिन हिमाचल पथ परिवहन निगम निदेशक मंडल की 158वीं और बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण निदेशक मंडल की 70वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अग्निहोत्री ने कहा कि परिहवन निगम में वर्ष 2022 से जेओए (आईटी) के 177 और कम्प्यूटर ऑपरेटर के 12 पद रिक्त हैं। यह परीक्षाएं हमीरपुर चयन आयोग के पेपर लीक होने के कारण स्थगित हुई थीं, अब इन पदों को दोबारा भरने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि निगम के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बैठक में 100 मिनी बसों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि पथ परिवहन निगम सात माह के भीतर यूपीआई क्रेडिट डेबिट एनसीएमसी कार्ड लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के राजघाट के समीप एचआरटीसी के चालकों-परिचालकों के लिए 120 बिस्तर क्षमता के ठहराव स्थल की बेहतर व्यवस्था की गई है। बैठक में लगेज पॉलिसी में रियायत देते हुए एचआरटीसी की बसों में दूध और सब्जियों के किराये को माफ करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में अवगत करवाया कि एचआरटीसी ने अब तक 66 करोड़ की आय अर्जित की है और आय में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैठक में बैजनाथ पुराने बस अड्डे में पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया। सरकाघाट पुराने बस अड्डे को बरछवाड़ स्थित नए बस अड्डे में स्थानातंरित करने की भी मंजूरी दी गई। चंबा पुराने बस अड्डे में कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया। ऊना पुराने बस अड्डे में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मोड पर कार पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लैक्स बनाया जाएगा। बिलासपुर स्थित मंडी भराड़ी में बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा। प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बैठक का संचालन किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में निगम की कार्य प्रणाली में और सुधार लाया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि की जा सके। बैठक में निदेशक मण्डल के सदस्य, प्रधान सचिव आर.डी. नजीम, निदेशक डीसी नेगी और विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निर्माण, कृषि, चिकित्सा, आपदा के दौरान खाद्य वस्तुओं का वितरण आदि में ड्रोन तकनीक कारगर साबित हो सकती हैं। ड्रोन तकनीक के माध्यम से प्रदेश में लगभग 15 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि सोलर एनर्जी के माध्यम से भी प्रदेश में लगभग तीन हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। राज्य में घरों की छतों पर लगभग 16 लाख सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह बात प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था की ओर से ग्रीन हिमाचल समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर दी गई प्रस्तुति के दौरान कही। इससे पूर्व प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था के निदेशक राजीव ने ग्रीन हिमाचल-समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रदेश में लगभग 1.6 करोड़ पर्यटक पहुंचे। पर्यटन के माध्यम से लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रदेश सरकार के दो साल पूरा होने पर बिलासपुर में करवाए जा रहे समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। रैली का समय 11 दिसंबर को सुबह 10ः30 बजे तय किया गया है। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने समारोह की तैयारियों के संबंध में बैठक की। उन्होंने इस कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की और कहा कि इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में सभी मंत्रीगण, कांग्रेस विधायक, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य शामिल होंगे। उन्होंने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के भी निर्देश दिए, जिससे लाेगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार उपलब्धियां जनता के समक्ष रखेगी और व्यवस्था परिवर्तन से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को रेखांकित किया जाएगा। सीएम ने सूचना एवं जन संपर्क विभाग को सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों पर एक वृत्तचित्र तैयार करने के निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा व कमलेश कुमार पंत, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रशासनिक सचिव उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आउटसोर्स के तहत स्वीकृत पदों पर कौशल विकास निगम में तैनात तीन जूनियर ऑफिस असिस्टेंट की सेवाएं समाप्त करने के फैसले पर रोक लगा दी है। तीनों अगली सुनवाई तक अपने पदों पर बने रहेंगे। याचिकाकर्ताओं ने कौशल विकास निगम के 14 नवंबर के फैसले को चुनौती दी है। निगम ने इन आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को 30 नवंबर से समाप्त करने का फैसला लिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकल पीठ ने मामले में अगली सुनवाई को राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को जवाब दायर करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने अदालत को हिमाचल सरकार की ओर से जारी 26 अक्तूबर के आदेश के बारे में अवगत कराया। इसके तहत कौशल विकास निगम ने प्रोजेेक्ट को 30 जून 2025 तक बढ़ाया है। कर्मचारियों की नियुक्तियां वर्ष 2017 में की गई थी। सरकार की ओर से स्वीकृत पदों पर कौशल विकास निगम ने राष्ट्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर तैनाती दी गई है। निगम ने इनका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया भी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम ने वोल्वो बसों की खरीद का टेंडर रद्द कर दिया है। यह निर्णय निगम के निदेशक मंडल की आज शिमला में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। निदेशक मंडल के इस निर्णय के बाद निगम में नई वोल्वो बसों का इंतजार बढ़ गया है। मुकेश अग्निहोत्री ने बैठक के बाद शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि वोल्वो बसों की खरीद के लिए सिर्फ एक ही टेंडर आया था। ऐसे में निगम के निदेशक मंडल ने सिंगल टेंडर पर वोल्वो बसें नहीं खरीदने का निर्णय लिया। एचआरटीसी ने अपनी सभी 24 वोल्वो बसों के फ्लीट को बदलने का निर्णय लिया है। मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य पथ परिवहन निगम की लगेज पॉलिसी में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निगम के निदेशक मंडल ने लगेज पॉलिसी में जनता से मिले फीडबैक के आधार पर छूट देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के मुताबिक अब HRTC की बसों में किसानों द्वारा सब्जियां और दूध ले जाने पर उनसे किराया नहीं वसूला जाएगा। अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य पथ परिवहन निगम इस साल के अंत तक अपनी 1000 पुरानी बसें बदलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम ने 327 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का निर्णय लिया है और यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसी तरह निगम ने 250 डीजल बसें भी खरीदने का फैसला किया है। यही नहीं निगम ने 100 मिनी बसें और टेंपो ट्रैवलर खरीदने का भी फैसला किया है। निगम के फ्लीट में इस समय लगभग 3200 बसें हैं। उन्होंने कहा कि निगम में 350 कंडक्टरों की भर्ती कर दी गई है और इन्हें नियुक्तियां भी दे दी गई हैं। इसके अलावा 189 जेओएआईटी और कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती निगम ने राज्य चयन आयोग के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के निदेशक मंडल ने निगम की बसों पर गुटखा और शराब के विज्ञापन नहीं लगाने का फैसला किया। यही नहीं जो विज्ञापन पहले से चल रहे हैं उन्हें हटाने का भी निर्णय लिया गया। अग्निहोत्री ने कहा कि आईएसबीटी शिमला के मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाया जाएगा ताकि इस पर कोई फैसला लिया जा सके। उन्होंने कहा कि इस बस अड्डे का संचालन कर रही कंपनी ने बस अड्डे को सरकार को वापस करने की इच्छा जताई है और इसके लिए सरकार से 82 करोड़ रुपए मांगा है ताकि वह बस अड्डे के संचालन के लिए हुए समझौते से बाहर निकल सके। उन्होंने यह भी कहा कि मैकलोडगंज और कांगड़ा बस अड्डे का 25 करोड़ का आर्बिट्रेशन सरकार के खिलाफ आया है और निगम ने इस मामले को भी मंत्रिमंडल में ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि निगम के इस समय 3000 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन निगम निदेशक मंडल ने यह भी फैसला लिया है कि अब निगम के किसी भी कर्मचारी को घर में शादी अथवा बीमारी की स्थिति में केवल 200000 रुपये ही पीएफ अकाउंट से मिलेगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम हर साल 1000 करोड़ रुपए का रियायती सफर लोगों को करवाता है। उन्होंने कहा कि निगम अकेले महिलाओं के रियायती सफर पर ही हर रोज 50 लाख रुपए खर्च कर रहा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के गंभीर स्तर तक पहुंच जाने के चलते दिल्ली सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की 16 बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह रोक ग्रेप स्टेज 4 के लागू होने के दृष्टिगत लगाई गई है क्योंकि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें बीएस-4 श्रेणी की है। अग्निहोत्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि दिल्ली स्थित हिमाचल भवन हिमाचलियों की पहचान है और इसे कोई भी उंगली तक नहीं लगा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उसके खिलाफ आए आर्बिट्रेशन के बाद इस मामले में 64 करोड रुपए जमा करवा दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग हिमाचल भवन सहित पर्यटन विकास निगम के 18 होटलों को बंद करने के अदालत के फैसले को लेकर सचेत है और इस मामले में सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में प्रगति मैदान में आयोजित 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का दौरा किया। 14 नवम्बर से शुरू हुआ यह मेला 27 नवम्बर तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम, विभिन्न स्वयं सहायता समूहों, हिम ईरा, एचपीएमसी द्वारा लगाए गए 16 स्टालों का अवलोकन किया जिनमें शहद और कृषि उत्पाद, शॉल, फल उत्पाद, हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्र इत्यादि के स्टॉल शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में राज्य के उत्कृष्ट उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए उद्योग विभाग के प्रयासों की सराहना की। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि लगभग 2 लाख लोग हिमाचल पैवेलियन का दौरा कर चुके हैं और लगभग 40 लाख रुपये कीमत के उत्पादों की बिक्री दर्ज की जा चुकी है। निदेशक उद्योग यूनुस ने मेले के दौरान प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती सहित राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
** हर विधानसभा क्षेत्र से 100 विद्यार्थियों का किया जाएगा चयन: सीएम सुक्खू मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कहा कि प्रदेश के 6,800 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी के लिए क्रैक अकादमी 34 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस संस्था के माध्यम से 100 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। प्रदेश के छठी कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक के विद्यार्थियों को इस संस्था के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं सहित कौशल विकास पर भी जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व क्रैक अकादमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीरज कंसल ने ‘समावेशी शिक्षा की ओर यात्रा’ विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर भी उपस्थित थे।
कुनिहार को नगर पंचायत बनाने का विरोध बढ़ता ही जा रहा हैं। सोमवार को जहां क्षेत्र की विकास सभा सहित अन्य संस्थाओं ने इसके विरोध में रोष स्वरूप बैठक कर वीरवार 28 नवंबर को तीनो पंचायतों की एक महापंचायत करने का फैसला कर सभी से एकजुट होने की अपील की। उसी कड़ी में आज मंगलवार को हाटकोट पंचायत की महिलाओं ने भी नगर पंचायत बनाने को लेकर रोष व्यक्त किया। काफी संख्या में महिलाओं ने इकट्ठे होकर 28 नवंबर को होने वाली महापंचायत में बढ़चढ़ कर भाग लेने का संकल्प लिया। महिलाओं का कहना है कि नगर पंचायत बन जाने से अनावश्यक आर्थिक बोझ जनता पर पड़ेगा फिलहाल अभी यहां नगर पंचायत की कोई आवश्यकता नजर नहीं है आ रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और इस फैसले को तुरंत वापिस लिया जाए नहीं तो क्षेत्र की संस्थाओं के साथ सभी महिलाएं सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएगी। इस मौके पर कृष्णा देवी, रामेश्वरी शर्मा, विजय लक्ष्मी, उर्मिला देवी, कौशल्या कंवर, अनु, पूनम शर्मा, रीता, तबस्सुम, प्रोमिला आदि दर्जनों महिलाएं मौजूद रही।
संविधान दिवस का कार्यक्रम ज्वालामुखी विधान सभा की पंचायत सलिहर में मुख्य अतिथि महापंचायत के संस्थापक सीता राम भाटिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभ आरम्भ मुख्य अतिथि सीता राम भाटिया द्वारा दीप प्रजल्लित कर के किया गया । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सेवा निवृत एक्सन साहब पूर्ण चंद उपस्थित रहे । कार्यक्रम के प्रबंधक पंचायत प्रधान बीरवल कैथ व घसीटू राम, प्रीतम चंद आदि ने मुख्य अतिथि को चीफ गेस्ट स्मृति चिन्ह व मुख्य वक्ता को भी इकाई ज्वालामुखी कमेटी द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि महापंचायत संस्थापक सीता राम भाटिया ने संक्षिप्त में बताया कि संविधान की सुरक्षा उसमें मिले हुए हक अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी आने वाले समय में महाँ पंचायत लेगी । उन्होंने ये भी बताया कि महाँ पंचायत में कोई अलग से संगठन या तीसरा मोर्चा नहीं होगा बल्कि, महाँ पंचायत एक ऐसा मंच प्रदान करेगी जहां सभी बहुजन समाज के समाजिक संगठनों के प्रतिनिधि व समाज के स्वतंत्र बुद्धि जीवी व ख्याति प्राप्त व्यक्ति मिलकर समाज का नेतृत्व करेंगे । महाँ पंचायत में कोई भी अध्यक्ष नहीं होगा । महाँ पंचायत में सिर्फ सदस्य होंगे । महाँ पंचायत में परिस्थितियों को देखते हुए कोर कमेटी निर्णय लेने में समर्थ होगी । महाँ पंचायत का प्रभाव हिमाचल प्रदेश में हि नहीं बल्कि साथ लगते राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। इस मौके पर एक्स सर्विस मैन गुरदेव सिंह, लेख राज, प्रीतम चंद, गुजर राम आदि सेंकड़ों सदस्यों ने भाग लिया।
** नारा लेखन में ईशा और भाषण में अंकिता रही प्रथम पधर: राजकीय महाविद्यालय द्रंग स्थित नारला में 26 संविधान दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. कल्याण चंद मंढोत्रा ने भारतीय संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को संविधान के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने अब्राहम लिंकन का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि जनता और लोकतंत्र की सेवा के लिए है। कार्यक्रम का संचालन ईशा और पल्लवी ने किया। यह आयोजन इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के तत्वावधान में प्रो. चंद्र पाल की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत तीन मुख्य गतिविधियाँ आयोजित की गईं। नारा लेखन प्रतियोगिता में ईशा बीए प्रथम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि महिमा बीए तृतीय दूसरे और कृतिका बीए तृतीय वर्ष ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में अंकिता बीए तृतीय प्रथम, सोनिया बीए तृतीय दूसरे और ईशा बीए प्रथम तीसरे स्थान पर रही। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रिया, प्रियंका, पवन और शारदा की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से कविता देवी, सबू, कृष्णा और सोनिया की टीम तथा महिमा, ईशा, पलक और बबली की टीम रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कहा, संविधान पूरे भारतवर्ष का विधान, बंधुता तथा एकता है यह हिन्दू, मुस्लिम, सिख तथा ईसाई सभी धर्मों को अपने में समेटता है अपने भाषण में विद्यार्थियों ने डॉ. भीम राव अंबेडकर के योगदान पर भी प्रकाश डाला। भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. ममता, प्रो. बंदना तथा प्रो. अनीता उपस्थित रही।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी घरेलू एवं होटल उपभोक्ता 30 नवंबर 2024 से पूर्व अपना केवाईसी करवा लें। यह सूचना ई मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता उपमंडल कुनिहार ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। उन्होंने बताया कि 27 नवम्बर 2024 को कुनिहार, ममलीग, सायरी एवं इसके आसपास की पंचायतों एवं क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के केवाईसी के लिए नए बस स्टैंड कुनिहार, ममलीग, सायरी के निकट केवाईसी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। केवाईसी अर्थात विद्युत मीटर खाता संख्या (उपभोक्ता आईडी) को उनके आधार कार्ड (केवाईसी) से जोड़ने की प्रक्रिया विद्युत विभाग द्वारा प्रक्रियाधीन है तथा दिनांक 27 नवम्बर 2024 को कुनिहार (नजदीक नया बस स्टैंड) ममलीग, सायरी में आसपास के क्षेत्रों एवं पंचायतों के उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी केंद्र खोले जाएंगे, जिसकी केवाईसी करवाने की अंतिम तिथि 30/11/2024 है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के पास आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, कोई भी नया/पुराना बिजली बिल होना चाहिए तथा केवाईसी के दौरान उन्हें अपना मोबाइल भी साथ रखना होगा, जिसका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक हो। अतः उक्त क्षेत्रों, पंचायतों के उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे अपने नजदीकी केवाईसी केन्द्रों पर पहुंचकर अपना केवाईसी अवश्य करवा लें। यदि कोई उपभोक्ता केवाईसी करवाने में सहयोग नहीं करता है या केवाईसी नहीं करवाना चाहता है, तो वह उपभोक्ता भविष्य में बिजली बिलों में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रह सकता है, जिसके लिए वह उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होगा।
** सीक्यूएमएस निशा को मिला सर्वश्रेष्ठ कैडेट का पुरस्कार महाविद्यालय द्रंग स्थित नारला में एनसीसी दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में 25 कैडेट्स ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कल्याण चंद ने शिरकत की। इस कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी के सीटीओ प्रो. हुकम चंद के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर 23 नवंबर को पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इसके साथ ही 26 नवंबर को क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। क्विज में प्रथम स्थान पर धनेश्वरी, करीना और साक्षी, द्वितीय स्थान पर लक्की, रोहित और दीक्षित तथा तृतीय स्थान पर रौनक, कोमल और प्रदीप रहे। कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेट्स ने शपथ भी ली। इस अवसर पर 14 से 23 नवंबर, 2024 के बीच पंडोह में आयोजित सीएटीसी कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को भी सम्मानित किया गया। कैंप में महाविद्यालय ने कई श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया। गार्ड ऑफ ऑनर में निशा, अंजलि, शिवानी, रौनक, कोमल, और धनेश्वरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। फायरिंग में लांस कॉर्पोरल शिवकरण ने प्रथम स्थान हासिल किया। नींबू चम्मच दौड़ में सीक्यूएमएस अंजलि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रिले दौड़ में एसडी श्रेणी में शिवकरण और मनीष ने प्रथम स्थान, जबकि एसडब्ल्यू श्रेणी में निशा और करीना ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सर्वश्रेष्ठ कैडेट का पुरस्कार सीक्यूएमएस निशा को प्रदान किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. कल्याण चंद ने एनसीसी कैडेट्स के अनुशासन, समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की। सीटीओ प्रो. हुकम चंद ने सभी कैडेट्स को भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
**कर्तव्यों की याद और अधिकारों की रक्षा पर हुई चर्चा जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी लॉ विभाग ने संविधान दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया और छात्रों ने संविधान के महत्व और इसके प्रावधानों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दीं। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट, शिमला के अधिवक्ता डॉ० संदीप सचदेवा व रीता सचदेवा भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने लॉ विभाग के छात्रों को प्रेरित करते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने और देश के भविष्य को संभालने के लिए जिम्मेदारी के साथ सहयोग करने की बात कही। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर (डॉ०) अशोक पुरी ने अपने संदेश में कहा, "संविधान दिवस हमें हमारे देश के संविधान के महत्व की याद दिलाता है और हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का भी सन्देश देता है। कार्यक्रम के अंत में, विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने संविधान की प्रस्तावना को पढ़कर इसके प्रावधानों का पालन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, विभिन्न विभागों के डीन, प्रोफेसर, और अन्य सभी अधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में संविधान के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना था।
हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग प्रदेश पुलिस विभाग में विशेष ड्यूटी के लिए कांस्टेबल (पुरुष) के 708 पद और कांस्टेबल (महिला) के 380 पद भर रहा है। इन पदों को 4 अक्तूबर 2024 को विज्ञापित किया गया था। भर्ती प्रक्रिया जारी है। आयोग को इन विशेष ड्यूटी कांस्टेबल (पुरुष एवं महिला) के पदों के लिए ऑनलाइन भर्ती आवेदन पत्र यानि ओआरए में सुधार के लिए अभ्यर्थियों से बहुत सारे आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इसलिए आयोग ने फैसला लिया है कि अभ्यर्थी अपने ऑनलाइन भर्ती आवेदनों में श्रेणी परिवर्तन, नाम परिवर्तन, पिता का नाम, माता का नाम में सुधार के लिए 3 दिसंबर 2024 तक ईमेल आईडी यानी so.setbranch@gmail.com या ऑफलाइन मोड के माध्यम से आयोग को प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ओआरए में पुरुष से महिला या इसके विपरीत सुधार स्वीकार्य नहीं हैं, इसलिए इस पर विचार नहीं किया जाएगा। लोक सेवा आयोग की सचिव निवेदिता नेगी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि अंतिम तिथि के बाद ओआरएम में किसी भी प्रकार के सुधार के लिए आयोग की ओर से कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बता दें, प्रदेश में 1,088 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए करीब 1.15 लाख आवेदन पहुंचे हैं। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर तय की गई थी। इस दौरान तक 92 हजार आवेदन हुए थे। बाद में कुल आवेदनों की संख्या बढ़कर 1.15 लाख पहुंच गई है।
** विक्रमादित्य सिंह ने सड़क निर्माण को लेकर दिए निर्देश हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह डोडरा क्वार क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, उनका डोडरा क्षेत्र से काफी पुराना रिश्ता है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस क्षेत्र के विकास की शुरुआत की थी। पहली बार क्षेत्र के लिए सड़क की सुविधा उन्होंने ही शुरू की थी। डोडरा क्वार सड़क को मेटलिंग अक्टूबर 2025 तक पूरी हो जाएगी, जिसके लिए विभाग को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, छिवोड़ कैंची से उत्तराखंड को जोड़ने वाली सड़क का एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला क्वार के भवन निर्माण कार्य मार्च 2025 तक तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन रेस्ट हाउस में देरी को लेकर विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, विकासात्मक कार्यों के लिए प्रदेश सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। हाल ही में मुख्यमंत्री सुक्खू ने करोड़ों रुपए की सौगातें इस क्षेत्र के लिए दी है। यहां के क्षेत्र की सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य ने कहा, इस क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग काफी फैलता जा रहा है। युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से अपने बच्चों को इन नशों से दूर रखने की अपील की है। शिमला पुलिस नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चला रही है, लेकिन जब तक जन सहयोग नहीं मिलेगा नशे को जड़ से खत्म करना सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती है। लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने कहा कि पंडार गांव के लिए सड़क की सुविधा नहीं है। यहां के लोगों की मांग को ध्यान में रखते है और आगामी कुछ महीनों में सड़क निर्माण की सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगली बार जब वह इस क्षेत्र में आएंगे तो सिर्फ पंडार गांव में ही रुकेंगे। तब तक सड़क गांव तक पहुंच चुकी होगी। विक्रमादित्य ने कहा, चांशल क्षेत्र टूरिज्म की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार की प्राथमिकता इस क्षेत्र को टूरिज्म साइट के तौर पर विकसित करने की है। ताकि इस क्षेत्र के लोगों के लिए घर द्वार पर ही रोजगार के साधन विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि जब ईको टूरिज्म साइट बनेगी तो यहां पर संतुलित विकास होगा। यहां के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन गलत तरीके से न हो। वहीं, इस क्षेत्र को साल भर खुला रखने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों को ओबीसी का दर्जा देना हमारी प्राथमिकता है। वह मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग को प्रमुखता से रखेंगे। इस मांग को अगर केंद्र सरकार के समक्ष रखना भी पड़ा तो भी वह केंद्र सरकार तक क्षेत्र की आवाज रखने के लिए जाएगें। यहां के लोग कई महीनों तक प्रदेश के अन्य हिस्सों से कट जाते है। यहां की भौगोलिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहती है। ऐसे में यहां के लोगों को विशेष सुविधाएं देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। वहीं, कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मंदिर के लिए जो सराय बनना प्रस्तावित है, उसके लिए जल्द ही बजट मुहैया करवाया जाएगा। गांव में एंबुलेंस मार्ग के लिए एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। गांव में बेहतर सुविधाएं देने के लिए हमारी सरकार प्रयास कर रही हैं। प्रदेश की महिलाओं को ₹1500 मासिक इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि दी जा रही है। इसी तरह से प्रदेश सरकार ने चार हजार बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है। 2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल बनने के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है।
बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत बाड़ी मझेडवां के गांव पलासी से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां 21 वर्षीय युवती चूल्हे की आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। युवती को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव पलासी की रहने वाली मनीषा चूल्हे के पास आग सेंकने बैठी थी। तभी आग में से एक चिंगारी उठी, जिसकी वजह से उसके कपड़े में आग लग गई। लड़की दिमागी तौर पर थोड़ी कमजोर बताई जा रही है। जैसे ही युवती के कपड़ों में आग लगी, वह भागकर अपने कमरे में जाकर बिस्तर पर बैठ गई, जिससे बिस्तर पर रखे कपड़ों और चादर ने भी आग पकड़ ली, थोड़ी देर में आग इतनी ज्यादा भड़की गई की युवती पूरी तरह से जल गई। बताया जा रहा है कि युवती के पिता का देहांत हो चुका है। युवती अपनी मां के साथ घर में अकेली रहती थी। मां सुबह ही घास लेने खेतों की तरफ चली गई थी और इस दौरान युवती आग सेंकने चूल्हे के पास बैठ गई। इस दौरान उसके कपड़े में आग लग गई और वह बुरी तरह झुलस कई, जब यह घटना घटी तो उस वक्त घर में कोई नहीं था, जिसकी वजह से समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। हालांकि, युवती के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोस की कुछ महिलाएं मौके पर पहुंची। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक महिलाएं आग बुझाती, तब तक युवती बुरी तरह से जल चुकी थी। घटना की सूचना ग्राम पंचायत प्रधान पंकज चंदेल को दी गई, जिसके बाद पंचायत प्रधान मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की मदद से युवती को सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंचाया। युवती करीब 90 फीसदी जल चुकी हैं। युवती की गंभीर हालात को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया है। ग्राम पंचायत प्रधान और गांव की एक महिला युवती को एम्स बिलासपुर पहुंचाया, लेकिन यहां भी उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस थाना घुमारवीं मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री राजिंद्र गर्ग भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने युवती की मां से बात की और घटना के बारे में जानकारी ली, इस दौरान उन्होंने युवती की मां को हर संभव सहायता करने का आश्वासन भी दिया।
हिमाचल में महंगाई एक बड़ा मुद्दा बन गई है। आम जनता इसके बोझ से परेशान है। आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है। ऐसे राहत की खबर ये है कि प्रदेश सरकार ने दिसंबर महीने के लिए राशन का आवंटन कर दिया है, जिसमें प्रदेश भर में 4500 से अधिक डिपुओं के माध्यम से एपीएल परिवारों को अगले महीने दिए जाने वाले सस्ते राशन के कोटे में इस बार भी कट नहीं लगा है। इस तरह से APL परिवारों को अगले महीने भी 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों को डिपुओं में मिलने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगा है। वहीं, हिमाचल में पहले हर दो से तीन महीने में सस्ते राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन 15 महीनों से APL परिवारों को दिए जाने वाले आटा और चावल की मात्रा में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। इससे भी महंगाई के इस मुश्किल समय में लाखों माध्यम परिवारों को कुछ राहत मिली है। केंद्र से राशन का आवंटन होने के बाद सरकार ने भी प्रदेश के सभी 12 जिलों को आटा और चावल की मात्रा निर्धारित कर दी है। एपीएल परिवारों को जिलों में आबादी के आधार पर 20,410 मीट्रिक टन राशन का आवंटन किया गया है, जिसमें 14,387 मीट्रिक टन गेहूं और 6,023 मीट्रिक टन चावल की मात्रा शामिल है। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को 29 अक्टूबर से सस्ते राशन के परमिट जारी किए जाएंगे। ताकि डिपुओं में एक दिसंबर से सस्ता राशन उपलब्ध हो सके। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 हैं। इसमें कुल एपीएल कार्डधारकों की संख्या 12,24,448 है. विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इसमें एपीएल टैक्स पेयर कार्डधारकों की कुल संख्या 72,445 है। वहीं, 11,52,003 नॉन टैक्स पेयर एपीएल कार्ड धारक हैं। हिमाचल में एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 बनती है, जिसमें नॉन टैक्स पेयर एपीएल परिवारों की आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने डिपुओं के माध्यम से 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड मिलेगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने कहा, दिसंबर महीने के लिए राशन का आवंटन किया गया है। डिपुओं में अगले महीने एपीएल परिवारों को दिए जाने वाले राशन को मात्रा नहीं घटाई गई है। उपभोक्ताओं को समय पर राशन मिले, इसके लिए भी जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर की पहली पायलट कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा (सीबीटी) का परिणाम जल्द घोषित होने वाला है। ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) पोस्टकोड 1073 के 162 पदों के लिए यह परीक्षा 30 मार्च 2024 को एडसिल एजेंसी के माध्यम से करवाई गई थी। चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। एडसिल एजेंसी ने परीक्षा का परिणाम काफी पहले तैयार कर लिया था, लेकिन 95 फीसदी भुगतान न होने के कारण इसे रोक दिया गया। आयोग ने अब एजेंसी को करीब 33 लाख रुपये का 95 फीसदी भुगतान कर दिया है, जबकि शेष पांच फीसदी राशि परिणाम जारी होने के बाद दी जाएगी। यह भर्ती पहले 2022 में तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग की ओर से विज्ञापित की गई। पेपर लीक मामले के कारण आयोग भंग हो गया और भर्ती प्रक्रिया अटक गई। नवगठित राज्य चयन आयोग ने मार्च 2024 में एडसिल एजेंसी के माध्यम से पहली पायलट भर्ती परीक्षा करवाई गई। भुगतान से जुड़ी कानूनी पेचिदगियों के चलते परिणाम अटका रहा। कोष विभाग से नवगठित आयोग के नामित कर्मचारी को ट्रेजरी कोड मिलने के बाद एडसिल एजेंसी को 33 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। अब एजेंसी की ओर से राज्य चयन आयोग को अभ्यर्थियों का सीबीटी परिणाम सौंपा जाएगा। इसके बाद इसे आयोग की बेवसाइट पर घोषित कर दस्तावेजों के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। बता दें कि पहले पदों के विज्ञापित होने के लगभग डेढ़ साल तक अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए इंतजार करना पड़ा और उसके बाद सात महीने तक सीबीटी का परिणाम। अब जल्द इंतजार खत्म होने की उम्मीद है। एजेंसी को सीबीटी के आयोजन के बाद मिले बिल के अनुसार 95 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया गया है। पांच फीसदी राशि का भुगतान परिणाम घोषित होने के बाद जारी होगा। उम्मीद है कि एक दो दिन के भीतर में एजेंसी परिणाम आयोग को सौंप देगी।
शिमला: प्रदेश के विंटर वैकेशन स्कूलों में नॉन बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं 10 दिसम्बर से शुरू होंगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सोमवार को इसकी डेटशीट जारी कर दी है। यह परीक्षाएं 21 दिसम्बर तक चलेंगी। इस दौरान विभाग की ओर से पहली, दूसरी, चौथी, छठीं और सातवीं कक्षा की डेटशीट जारी की गई है। इस दौरान 10 दिसम्बर को पहली व दूसरी कक्षा का गणित, चौथी कक्षा का हिंदी विषय का पेपर लिया जाएगा। 13 दिसम्बर को पहली व दूसरी कक्षा का हिंदी, चौथी कक्षा का गणित, 16 दिसम्बर को तीनों कक्षाओं का अंग्रेजी का पेपर लिया जाएगा। वहीं 18 दिसम्बर को चौथी कक्षा का ईवीएस का पेपर लिया जाएगा। 10 दिसम्बर को छठी कक्षा का संस्कृत का पेपर होगा, जबकि सातवीं कक्षा का हिंदी का पेपर लिया जाएगा। 12 दिसम्बर को छठी कक्षा का गणित और सातवीं कक्षा का विज्ञान, 13 दिसम्बर को छठी कक्षा का हिमाचल लोक संस्कृति और सातवीं कक्षा का सोशल साइंस का पेपर लिया जाएगा। 16 दिसम्बर को छठी कक्षा का विज्ञान, सातवीं कक्षा का गणित, 17 दिसम्बर को छठी कक्षा का अंग्रेजी और सातवीं कक्षा का हिमाचल लोक संस्कृति, 18 दिसम्बर को छठी व सातवीं कक्षा का ऑप्शनल विषयों का पेपर होगा। 20 दिसम्बर को छठी कक्षा का हिंदी और सातवीं कक्षा का अंग्रेजी व 21 दिसम्बर को छठी कक्षा का सोशल साइंस और सातवीं कक्षा का संस्कृत का पेपर लिया जाएगा। इस दौरान ऑप्शनल विषयों के प्रश्न पत्र स्कूलों द्वारा तैयार किए जाएंगे, जबकि मुख्य विषयों के पेपर समग्र शिक्षा द्वारा तैयार किए गए हैं।
हिमाचल: देश-विदेश से पहाड़ों की रानी शिमला घूमने आने वाले सैलानी कुछ साल बाद परवाणू से रोपवे के जरिये कुछ ही घंटों में राजधानी पहुंच सकेंगे। परवाणू से शिमला के लिए रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। 38 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाने के लिए रोपवे कॉरपोरेशन ने औपचारिकताएं पूरी करना शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार पीपीपी मोड पर रोपवे बनाएगी। प्रोजेक्ट पर करीब 6800 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। कॉरपोरेशन के मुताबिक इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है और सर्वे भी पूरा कर लिया गया है। रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने का जिम्मा टाटा कंसल्टेंसी को सौंपा है। कंपनी ने डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है। कंपनी को इसके लिए ढाई करोड़ दिए गए हैं। रोपवे क्षेत्र में काम करने वाली नामी कंपनी ने प्रोजेक्ट का काम करने को हामी भरी है। कॉरपोरेशन के मुताबिक रोपवे से प्रदेश के हजारों लोग लाभान्वित होंगे तो वहीं सैलानियों को भी शिमला-सोलन के खूबसूरत पहाड़ों को आसमान से निहारने का मौका मिलेगा। बताया जा रहा है कि यह देश का सबसे लंबे रोपवे होगा। इसका निर्माण कार्य आठ चरणों में पूरा होगा। प्रारंभिक योजना के मुताबिक रोपवे में एक घंटे में 3,000 से 5,000 लोग सफर कर सकेंगे। इसमें परवाणू-जाबली, जाबली-डगशाई, डगशाई-बड़ोग, बड़ोग-सोलन, सोलन-करोल टिब्बा, करोल टिब्बा-आईटी सिटी वाकनाघाट, आईटी सिटी वाकनाघाट-शोघी,शोघी-तारादेवी मंदिर और तारादेवी मंदिर से तारादेवी आदि स्टेशन होंगे। परवाणू से शिमला रोपवे के लिए सर्वे कर लिया है। टाटा कंसल्टेंसी डीपीआर बना रही है। प्रोजेक्ट पर करीब 6800 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसके बनने से सैलानियों के लिए साथ ही प्रदेशवासियों को भी शिमला पहुंचने का सुगम विकल्प उपलब्ध होगा।
** सरकार के कड़े फैसलों का 70 प्रतिशत आबादी पर प्रभाव नहींः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र को 43.37 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात दीं। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चलौंठी में 20.26 करोड़ रुपये की लागत से बने जिला परिषद भवन का लोकार्पण किया और इसका निरीक्षण किया। इसके उपरांत उन्होंने 21.36 करोड़ रुपये लागत से निर्मित राजकीय महाविद्यालय कोटी के नए भवन तथा 1.75 करोड़ रुपये से बने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटी के नवनिर्मित साइंस ब्लॉक का लोकार्पण भी किया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटी में 10 बिस्तरों और पर्याप्त स्टाफ का प्रावधान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोटी में एक एंबुलेंस का प्रावधान किया जाएगा ताकि आपात स्थिति में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कोटी में पुलिस चौकी खोलने के साथ-साथ कोटी-पदेची सड़क व कोटी से मुंडाधार सड़कों को 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने शिमला से पीरन वाया कुफरी बस सेवा आरम्भ करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सतलाई में नया पटवार वृत खोलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोटी को प्रदेश का पहला कॉलेज बनाएगी, जहां बीएड की कक्षाएं अगले शैक्षणिक सत्र से आरम्भ कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के अन्य कॉलेजों में बीएड और आईटीआई शुरू करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिरा है लेकिन वर्तमान सरकार सुधार कर रही है और प्रदेश में 800 इंस्टीट्यूशन ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार कर रही है और आईजीएमसी शिमला में मरीजों के लिए सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के विरुद्ध सोशल मीडिया पर टॉयलेट टैक्स और समोसा पॉलिटिक्स के नाम पर दुष्प्रचार का अभियान छेड़ा गया। आज विपक्ष उनपर व्यक्तिगत हमले भी कर रहा है लेकिन वह इससे डरने वाले नहीं हैं। विशेष रुप से जब से कांग्रेस की विधानसभा में दोबारा 40 सीटें हुई हैं, तब से भाजपा नेता बौखलाए हुए हैं। सत्ता में बने रहने के लिए हम गलत निर्णय नहीं ले सकते। वर्तमान राज्य सरकार कड़े फैसले ले रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी पर इन कड़े फैसलों का कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में हमारी गारंटियों की बात होती है, लेकिन पिछली भाजपा सरकार ने गरीब व्यक्ति का हक साधन सम्पन्न को दे दिया और मुफ्त की रेवड़ियां बांट दीं, इसकी चर्चा कहीं नहीं होती है। जब कांग्रेस की सरकार बनी तो प्रदेश का खजाना खाली था और चुनाव से छह माह पहले 900 से ज्यादा संस्थान खोल दिए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार जनता की मांग पर नए स्कूल खोले जाएंगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी में उल्लेखनीय 60 रुपये की वृद्धि की है जिससे अब दिहाड़ी 240 से बढ़कर 300 रुपये हो गई है। वर्तमान राज्य सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों की ओपीएस की मांग को पूरा किया। गाय के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 45 रुपये तथा भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 55 रुपये किया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उगाए गए गेहूं को 40 रुपये तथा मक्की को 30 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद रही है। सुक्खू ने कहा कि हमने यह सब काम चुनावी लाभ के लिए नहीं किए, बल्कि इसलिए किए ताकि गांव में रहने वाला व्यक्ति अच्छा जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री रहते हुए यह बातें नहीं सोची, लेकिन वर्तमान सरकार प्रदेश के लोगों की समृद्धि के लिए काम कर रही है। हिमाचल को सशक्त बनाने के लिए गांव के लोगों को सशक्त करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए भी काम कर रही है। मुझे मुख्यमंत्री के रूप में जनसेवा का दायित्व मिला तो सिर्फ इस सोच के साथ हमने काम करना शुरू किया कि गरीबों को प्रदेश के संसाधनों का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में इसी सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि 6000 अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रुप में अपनाया गया है। विधवाओं के 27 वर्ष की आयु तक के 23 हजार बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने के लिए राज्य सरकार ने बजट में प्रावधान किया है। विधवाओं को घर बनाने के लिए तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ-साथ एक लाख रुपये रसोई और शौचालय बनाने के लिए एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा कोई भी बच्चा पैसों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी शिक्षा के लिए एक प्रतिशत की दर से 20 लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना का दायरा अब विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए भी बढ़ाया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मुख्यमंत्री का इन सभी परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से आज कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में विकास की अनेक परियोजनाओं पर काम चल रहा है और मुख्यमंत्री ने बीते दो वर्षों में इस क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये स्वीकृति प्रदान की है, जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र के विकास को लटकाया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष देवानंद वर्मा, जिला परिषद शिमला अध्यक्ष चन्द्रप्रभा नेगी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, सचिव राजेश शर्मा, निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राघव शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत थिल्लवाल क्रिकेट क्लब द्वारा थिल्ल के मैदान में क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन 26 नवंबर 2024 से किया जा रहा है, जिसके प्रवेश शुल्क 800₹ प्रति टीम रखा गया है। प्रतियोगिता में विजेता टीम को 7100₹ और उपविजेता टीम को 3100₹ नगद पुरस्कार और ट्रॉफी दी जाएगी। कमेटी ने इस प्रतियोगिता में टीम को आमंत्रित किया है, वहीं अधिक जानकारी के लिए प्रधान सर्वोदय कल्याण समिति थिल निखिल अगन से 7018448028 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
**28 नवंबर को होगी कुनिहार में महापंचायत कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के विरोध में क्षेत्र के लोगों में भारी रोष बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर विकास सभा कुनिहार व अन्य संस्थाओं के लोगो सहित तीनो पंचायतों के लोगों ने एक बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि वीरवार 28 नवंबर को कुनिहार के तालाब मंदिर परिसर में सरकार द्वारा कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के विरोध में एक महापंचायत की जाएगी, जिसमें तीनों पंचायतों के महिला, पुरुष व युवाओं से बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की गई। इसी मुद्दे को लेकर आज तालाब मंदिर में बैठक बुलाई गई थी, जिसमे काफी संख्या में कुनिहार के लोग उपस्थित रहे। कुनिहार विकास सभा के वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कुनिहार की तीनों पंचायतों की जनता युवा व सभी व्यक्तियों और जितनी भी महिलाएं और बुद्धिजीवी नागरिक हैं सभी 28 नवंबर को इस महापंचायत में आकर अपना विरोध जताएं। उन्होंने कहा कि अगर कल को नगर पंचायत बनाई गई तो लोगों का जीना हराम हो जाएगा, भारी टैक्स देने पड़ेंगे किसी प्रकार भी अपने मकान को बनाने व तब्दील करने के लिए इजाजत लेनी पड़ेगी और जितने भी जिम्मेदारों के घर में डंगर पशु रहते हैं उन सभी पर टैक्स लगेगा। इसलिए सभी से अनुरोध किया जाता है कि 28 नवम्बर वीरवार 11 बजे समय रहते हुए तालाब मंदिर में पहुंचकर इस महापंचायत में भारी संख्या में भाग ले। ताकि इस जबरदस्ती थोपे जा रहे निर्णय को सरकार वापिस लें। इस बैठक में हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री, उप प्रधान रोहित जोशी, उप प्रधान कुनिहार पंचायत हरिदास तनवर, व्यापार मंडल कुनिहार के प्रधान धीरज ठाकुर, विकास सभा के सचिव संजय राघव, सर्व एकता जनमंच कुनिहार के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ठाकुर, पंकज, वीर सिंह, नवीन कंवर, राजेंद्र चौधरी, प्रेम सिंह, राजेश शर्मा, ज्ञान सिंह,मदन सिंह कंवर, राकेश झांझी, राजेश अत्री, दीपक, अमित, राजीव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नलेटी में पोक्सो एक्ट व जेंडर सेंसटाईजेशन पर बच्चों को डॉ. श्वेता ने बताया कि यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण करने के लिए पॉक्सो एक्ट वर्ष 2012 में बनाया गया है। पॉक्सो एक्ट के तहत सभी अपराधों की सुनवाई एक विशेष न्यायालय द्वारा कैमरे के सामने बच्चे के माता-पिता या जिन लोगों पर बच्चा भरोसा करता है, उनकी मौजूदगी में करने का प्रवधान है। 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से रेप के मामलों में मौत की सजा और 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चियों से रेप करने पर 20 साल की सजा का प्रवधान है। डॉ श्वेता ने बताया कि जहां दोषी व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा का प्रवधान है वहीं पॉक्सो पीड़िता को भी कुछ सुविधा उपलब्ध करवाई गई है जैसे, पॉक्सो पीड़िता को इसके तहत चार हजार रूपए प्रति माह आर्थिक मदद दी जाती है, पीड़िता को आवास, खाना, शिक्षा, मेडिकल व कानूनी सहायता के साथ बुनियादी सुविधाएं भी निशुल्क 23 वर्ष की उम्र तक कराई जाती है। डॉ श्वेता ने बताया कि पॉक्सो एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम उम्र वाले सभी को बच्चा माना गया है। यहां बच्चा से तात्पर्य है लड़का एवं लड़की दोनों पाक्सों एक्ट का पूरा नाम प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट है। पॉक्सो एक्ट से बचने का कोई उपाय नहीं है, लेकिन अगर ये साबित होता है कि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से ज्यादा है तो ही इस अधिनियम को हटाया जा सकता है। कार्यशाला में बच्चों को विशेष रूप से बताया गया हैं कि महिला और बच्चों से जुड़े अपराधों में संवेदनशीलता और नए कानूनी प्रावधानों की व्याख्या पर जोर दिया गया हैं । कानून के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। यह जरूरी है कि हम एक-दूसरे से सीखें। इस मौके पर केंद्रीय विद्यालय नलेटी के प्राचार्य सतनाम सिंह मौजूद रहे। उन्होंने संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ श्वेता का धन्यवाद किया और अंत में उन्होंने बच्चों से कहा कि वे कानूनी विषयों के हर पहलू का गहराई से अध्ययन करें। ये बदलाव समाज में एक नई दिशा देंगे।
** प्रदेश के राज्यपाल ने किया सम्मानित धर्मपुर/डिंपल: धर्मपुर उपमंडल की सरी पंचायत के प्रिंस ठाकुर ने एम फार्मेसी में प्रदेश भर में प्रथम स्थान पाकर सरी पंचायत के साथ-साथ समूचे धर्मपुर उपमंडल का नाम प्रदेश भर में रोशन किया है। सरी पंचायत के स्नोर गांव के नवनीत ठाकुर एवं सुषमा देवी के घर जन्मे प्रिंस ठाकुर ने प्रदेश भर में अपने माता-पिता का नाम रोशन करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रिंस ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय माध्यमिक पाठशाला सरी, जमा दो राजकीय माध्यमिक पाठशाला लौंगानी फार्मेसी में डिप्लोमा राजकीय बहुतकनिकी महाविद्यालय रोहड़ू, फार्मेसी में स्नातक ज्वालामुखी व फार्मेसी में स्नातकोतर फार्मास्युटिकल एनालिसिस एवं क्वालिटी लोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी ज्वालामुखी जिला कांगड़ा से प्रदेश भर में प्रथम स्थान पर पास की है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में आयोजित पांचवे दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल द्वारा सम्मानित की गया है, जिससे समूची सरी पंचायत के साथ पूरे धर्मपुर में खुशी है। प्रिंस ठाकुर को बधाइयां मिल रही है। धर्मपुर कांग्रेस के पूर्व महासचिव विकास राही और धर्मपुर कांग्रेस के पूर्व सचिव रमन भरमोरिया और पूर्व सचिव विकास राणा ने प्रिंस ठाकुर को उसकी कामयाबी पर बधाई दी है।
बिलासपुर/सुनील: प्रदेश सरकार के द्विवार्षिक समारोह की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने सोमवार को बचत भवन में जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक आवश्यक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में समारोह की तैयारियों और उसे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि द्विवार्षिक समारोह न केवल प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, बल्कि यह जिला प्रशासन की क्षमता, समन्वय और एकजुटता का भी परिचायक होगा। उन्होंने सभी विभागों से आग्रह किया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने कार्यों को पूरा करें और इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार जिला बिलासपुर को प्रदेश सरकार के द्विवार्षिक समारोह की मेज़बानी का सम्मान प्राप्त हुआ है। इस समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों को समन्वय, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक विभाग से आग्रह किया कि वे इस आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी तैयारी करें और अपने कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा में पूरा करें। बैठक के दौरान, पुलिस विभाग को समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की तैयारी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। पुलिस विभाग को यह भी निर्देश दिए गए कि वह सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए तैनाती करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें। सुरक्षा के लिहाज से यह आयोजन जिले के लिए महत्वपूर्ण है, और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। संबंधित विभागों को कार्यक्रम स्थल पर बुनियादी ढांचे की सभी व्यवस्थाओं, स्वच्छता, मंच और बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त पेयजल आपूर्ति, विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन सेवाएं, क्रेन व्यवस्था, और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, कार्यक्रम स्थल के आसपास पार्किंग व्यवस्था, शौचालयों की सुविधा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया, ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि वह समारोह स्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, विभागों को अपने द्वारा स्थापित होर्डिंग्स की मरम्मत समय पर करवाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की दृश्यात्मक असुविधा उत्पन्न न हो। उपायुक्त ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में की गई प्रमुख उपलब्धियों, विकास परियोजनाओं और योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना है। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रदेश सरकार की दो वर्षों में चलाए गए कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और अर्जित उपलब्धियों से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से नागरिकों को यह जानकारी दी जाएगी कि किस प्रकार प्रदेश सरकार ने उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम किया है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार द्वारा जिले में किए गए प्रमुख विकास कार्यों, सार्वजनिक सेवाओं के सुधार, और आगामी योजनाओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा ताकि जनता को सरकार की योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी मिल सके। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों और लोक संगीत का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे जिले के नागरिकों का मनोबल बढ़े और वे इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लें। उपायुक्त ने सभी विभागों से समय पर तैयारी पूरी करने और आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को लेकर किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए, ताकि यह कार्यक्रम जिले के लिए एक ऐतिहासिक घटना के रूप में याद किया जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, एडीसी डॉ. निधि पटेल, एसडीएम गौरव चौधरी, सहायक आयुक्त नरेंद्र अहलूवालिया, और समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज पुस्तक-दान अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय के पुस्तकालय में पहाड़ी संग्रह के लिए पहाड़ी लेखक भगत राम मंडोत्रा ने अपनी लिखी पुस्तकें दान की। भगत राम गांव चम्बी, डा. संघोल, जिला कांगड़ा से संबंध रखते है। इन्होंने महाविद्यालय को 9 पहाड़ी किताबें भेट की, जिनमें जुडदे पुल, रिहडू खोलू, परमवीर गाथा, चिहडू-मितडू, फूलल खटनालूये दे, सुरमेया च सुरमे, हिमाचल प्रदेश के शूरवीर योद्धा और परमवीर योद्धा शामिल हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा ने पुस्तक दान के लिए भगत राम का धन्यवाद किया व साथ में ही उनसे इस प्रकार के सहयोग की आगे भी आशा जताई तथा भगत राम ने प्राचार्य को भविष्य में इस प्रकार के सहयोग के लिए आश्वस्त किया। इस पुस्तकदान के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.उपेन्द्र शर्मा, प्रो रविन्द्र कुमार,डॉ अर्पित कायस्थ, कार्यालय अधीक्षक मिल्खी राम व पुस्तकालय अध्यक्षा तृप्ता मिन्हास मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में लंबे सूखे के बाद अत्याधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने बीते 24 घंटे के दौरान कोकसर और कुकुसमेरी में बर्फबारी की पुष्टि की है, जबकि कुकुसमेरी में बारिश भी दर्ज की गई है। कोकसर में 1.4 सेंटीमीटर और कुकुसमेरी में 0.5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। ताजा बर्फबारी के बाद प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला है। इसके अलावा मनाली, सोलंगनाला और भरमौर में भी हल्की बर्फबारी हुई है। ताबो में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है। यहां तापमान माइनस 8.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। ताबो में पानी जमने की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने 200 मीटर विजिविल्टी की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 28 नवंबर तक कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना खिसक कर 30 नवंबर को चली गई है। मौसम विभाग ने 30 नवंबर को लाहुल-स्पीति, चंबा, कंगड़ा, कुल्लू और किन्नौर के अलग-अलग स्थानों में बर्फबारी के साथ बारिश होने की आशंका जताई है। नवंबर महीने के तीन हफ्ते गुजर चुके हैं लेकिन ज्यादातर हिस्सों में अभी तक सूखे का माहौल बना हुआ है। प्रदेश में लाहुल-स्पीति के अलावा कहीं भी बारिश नहीं हुई है।
कांगड़ा पुलिस नशे के सौदागरों पर नकेल कस रही है। इसी कड़ी के तहत 5.30 ग्राम हेरोइन रखने के आरोप में एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया गया। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस उपाधिक्षक कांगड़ा अंकित शर्मा ने बताया कि नशे के खिलाफ एक बार फिर कार्रवाई करते हुए कांगड़ा पुलिस स्टेशन की टीम ने 5.30 ग्राम हेरोइन रखने के मामले में एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। उन्होने बताया कि आधी रात के समय में कांगड़ा पुलिस स्टेशन ने बाईपास कांगड़ा से सटे हनुमान मंदिर के पास नाका लगा रखा था और इस दौरान जांच के लिए हरियाणा नंबर की एक कार को रोका। उन्होने बताया कि जांच में 5.30 ग्राम हेरोइन साहिल शर्मा नाम के ड्राइवर की चटाई के नीचे से बरामद की गई, जो अपनी पत्नी नायशा अरोड़ा के साथ यात्रा कर रहा था। उन्होने बताया कि परागपुर निवासी साहिल शर्मा और मोहाली से नायशा अरोड़ा को हेरोइन रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया और दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराएं लगाकर मामला दर्ज किया गया। उन्होने बताया कि कांगड़ा पुलिस उपमंडल मादक पदार्थों के तस्करों और इसका कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है। नशे के संबंध में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन परियोजना पर अब सबसे लंबी टनल 6.7 किलोमीटर होगी। इस टनल को दिसंबर 2026 तक ब्रेक थ्रू करने का लक्ष्य रखा गया है। मैहला नामक स्थान पर अलाइनमेंट में बदलाव किया गया है। यहां बन रही 10 और 11 नंबर टनल को अब एक ही टनल में बदला जाएगा। पहले इन दोनों टनलों के बीच करीब 550 मीटर पुल बनाया जाना था, लेकिन उस जगह पर लगातार हो रहे भूस्खलन और कच्चा पहाड़ होने के कारण पुल नहीं बनाने का निर्णय लिया गया। नए सर्वे में 3,800 मीटर लंबी 10 नंबर टनल और 2100 मीटर लंबी 11 टनल को आपस में जोड़कर एक ही टनल बनाई जाएगी। दोनों टनलों और बीच में 800 मीटर हिस्से को जोड़कर यह टनल 6,700 मीटर लंबी हो जाएगी। इस परियोजना पर पहले टनल नंबर-10 सबसे लंबी थी। बता दें कि भानुपल्ली से बैरी तक कुल 20 टनल बनाई जानी है। अब तक 17 टनल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिनमें से 13 टनल ब्रेक थ्रू हो चुकी है। अभी 8 नंबर और 17 नंबर टनल की खोदाई की जा रही है। इसके अलावा 10 और 11 नंबर टनल की भी खोदाई चल रही है, लेकिन इन दोनों टनलों को अब एक ही कर दिया गया है। अब इस परियोजना पर टनलों की संख्या भी 20 से घटकर 19 रह जाएंगी। रेल विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि 6.7 किलोमीटर लंबी टनल के दोनों छोर मिलाने का लक्ष्य साल 2026 रखा गया है। खोदाई का काम तेजी से करने के लिए तीन एग्जिट प्वाइंट भी बनाए जा रहे हैं। मकसद मलबा लेकर बाहर निकलने वाले वाहनों को लंबा सफर न करने पड़े।
शिमला: हिमाचल में उपभोक्ताओं को अब जल्द ही महंगी रसोई गैस राहत मिल सकती हैं। प्रदेश अब उपभोक्ताओं को पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन से सस्ती रसोई गैस मिलेगी। इसके लिए अब देश के महानगरों की तर्ज पर प्रदेश के पांच जिलों में पहली बार पाइप्ड नैचुरल गैस सुविधा मिलने जा रही है, जिसके लिए केंद्र ने मंजूरी दे दी है। पहले चरण में जिन शहरों को इस सुविधा से जोड़ा जाना है, इसकी सूची भी जारी कर दी है। केंद्र से योजना मंजूर होने के बाद अब संबंधित जिला प्रशासन को तेल कंपनी से संपर्क कर पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन योजना को सिरे लगाने के लिए भूमि चयन कर ट्रांसफर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहा है। इस योजना के शुरू होने उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर भरवाने के झंझट से छुटकारा मिलने वाला है। हिमाचल में महंगाई के इस मुश्किल दौर में आम आदमी की रसोई का खर्च दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में राशन, सब्जी से लेकर रसोई गैस (LPG Cooking Gas Cylinder) सब कुछ महंगा होने से लोगों की जेब खाली हो रही है। ऐसे में लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) के मुकाबले में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे गैस के खर्च को काफी बचा सकते हैं। उपभोक्ताओं को पीएनजी एलपीजी की तुलना में 20 से 25 फीसदी तक सस्ती पड़ेगी। पीएनजी के एक क्यूबीक मीटर का दाम करीब 50 रुपये होता है, वहीं एलपीजी करीब 70 रुपए रुपये प्रति किलो पड़ती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को एक LPG सिलेंडर के बराबर गैस खर्च करने पर 200 से 300 की बचत हो होगी। यहां पाइपलाइन बिछाने का प्रोजेक्ट पूरा: प्रदेश के ऊना में गैस पाइपलाइन बिछाने का प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मुताबिक ऊना में बही हिमुडा कॉलोनी में कई हजार पीएमजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इसी तरह अंब में भी गैस पाइपलाइन का काम जारी है। इसे भी जल्द फंक्शनल किया जाएगा। वहीं, जिला शिमला में न्यू शिमला, संजौली में हिमुडा कॉलोनी, एसजेवीएनएल कॉलोनी, दत्तनगर और झाकड़ी, जिला सोलन में सोलन शहर, गवर्नमेंट कॉलोनी और दूसरी अन्य कॉलोनी, हिमुडा कॉलोनी नाहन और कालाअंब गवर्नमेंट कॉलोनी हमीरपुर और दियोटसिद्ध, बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर, एम्स व शाहतलाई में पाइप लाइन से गैस सुविधा की मंजूरी दी गई है। पीएनजी या पाइप्ड नेचुरल गैस, प्राकृतिक गैस का एक रूप है, जिसे भूमिगत पाइपलाइनों के एक नेटवर्क के माध्यम से सीधे आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं तक वितरित किया जाता है। यह एक स्वच्छ-जलने वाला जीवाश्म ईंधन है जो मुख्य रूप से मीथेन से बना होता है। इसे अन्य पारंपरिक ईंधनों के लिए अधिक पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता है। यह गैस सिलेंडर की तुलना में काफी सस्ती और सुरक्षित है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक रामकुमार गौतम ने कहा, "केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के 5 जिलों में गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए मंजूरी दी है। इसके लिए अब आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है ।
ऐतिहासिक आइस स्केटिंग रिंक शिमला को ऑल-वेदर इंडोर रिंक में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पर्यटन विभाग ने परियोजना के लिए 35 करोड़ रुपये के टेंडर आवंटित कर दिए हैं। रिंक न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों और पेशेवर स्केटिंग प्रतियोगिताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। रिंक को ऑल-वेदर बनाने के लिए परिसर का निर्माण किया जाएगा। इससे रिंक इनडोर बनेगी। एशियन डेवलपमेंट बैंक से इस परियोजना के लिए वित्तीय मदद मिलेगी। बैंक की उपलब्ध कराई धनराशि का उपयोग रिंक के ढांचागत सुधार, तकनीकी उन्नति और उपकरणों की स्थापना में किया जाएगा। पहले यह परियोजना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बनाई जानी थी। यह परियोजना शिमला के पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य के राजस्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से की जा रही है। योजना के अनुसार काम अगले साल के मध्य तक शुरू होगा। इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शिमला के रिंक को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इसके लिए रिंक का आकार 60 फीट लंबा और 30 फीट चौड़ा तय किया गया है। यह पेशेवर स्केटिंग प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त है। रिंक को पूरी तरह से इंडोर बनाया जाएगा। रिंक में अन्य आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनमें चेंजिंग रूम, दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था और एक कैफेटेरिया भी होगा। इन सुविधाओं से न केवल स्केटर्स बल्कि दर्शकों के लिए भी अनुभव बेहतर होगा। रिंक में बर्फ को पूरे साल स्थिर और टिकाऊ बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। रिंक की सतह के नीचे ब्राइन पाइप बिछाए जाएंगे। इनमें पानी और एंटीफ्रीज का ठंडा मिश्रण प्रवाहित होगा। रिंक में बर्फ को पूरे साल स्थिर और टिकाऊ बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। बड़े चिलर्स ब्राइन को जमने लायक ठंडा करेंगे और पंप्स से इसे सतह के नीचे लगातार प्रवाहित किया जाएगा। यह प्रक्रिया सतह से गर्मी को हटाकर बर्फ को स्थायी रूप से जमी रहने में मदद करेगी। रिंक के नीचे एक इंसुलेशन लेयर बिछाई जाएगी, जो जमीन से गर्मी के प्रभाव को रोकने में सहायक होगी। इस लेयर में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री जैसे विस्तारित पॉलीस्टायरीन या पॉलीयुरेथेन का उपयोग किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि बर्फ लंबे समय तक जमी रहे। इससे लोगों को पूरे साल स्केटिंग करने में सहूलियत होगी। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा ऑल-वेदर स्केटिंग रिंक पर्यटन उद्योग को नया आयाम देगा। पूरे साल खुला रहने वाला यह रिंक पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बनेगा। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा यह रिंक शिमला को अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन स्थल बनाने में भी मदद करेगा। इस सीजन रिंक में प्राकृतिक तरीके से बर्फ जमाई जाएगी। अगले साल गर्मियों में रिंक के निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
धर्मपुर/ डिंपल: हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री रविवार को चोलथरा में जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया के घर पंहुचकर उन्हें ढांढस बांधा। ज्ञात रहे कि पूर्व मंत्री ठाकुर महेन्द्र सिंह के दामाद जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया के पति दिनेश गुलेरिया का ब्रेन स्ट्रोक से देहांत हो गया था और इससे पूरे धर्मपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने चोलथरा में पंहुचकर इस दुःखद घटना पर अपनी सवेंदना व्यक्त की और शोक की इस घड़ी में परमपिता परमेश्वर से शोकाकुल परिवार को संबल व दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की ।
यूएमबी मिसेज इंडिया की प्रथम रनर-अप अक्षिता शर्मा ने आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की और प्रतियोगिता के बारे में अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने अक्षिता को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके राज्य को गौरवान्वित कर रही हैं। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। मूल रूप से शिमला जिले के रोहड़ू की रहने वाली अक्षिता शर्मा वर्तमान में चंडीगढ़ में बैंकर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने शिमला के तारा हॉल स्कूल से अपनी स्कूल की शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात पंजाब विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। भेंट के दौरान अक्षिता के साथ उनके पति प्रद्युत सुंटा, उनका बेटा अबीर और परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
** सीएम ने मंडी जिला के वरिष्ठ नेताओं के साथ विकासात्मक मुद्दों पर की चर्चा मुख्यमंत्री सुक्खू ने आज ओक ओवर शिमला में मंडी जिला के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ जिला से संबंधित विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी जिला के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और राज्य सरकार की सभी विकासात्मक योजनाओं का लाभ जिला के लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नेरचौक में प्राथमिकता के आधार पर सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेगी। इस अस्पताल में जल्द ही एमआरआई मशीन स्थापित की जाएगी, ताकि यहां आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी राजकीय डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण चरणबद्ध तरीके से कर रही है और मंडी जिला में इन स्कूलों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के अलग-अलग मंडल बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विधवाओं के बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने के लिए मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना शुरू की है तथा सभी नेता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में ऐसी सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र की प्राथमिकताएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं और उन्हें अगले वित्तीय वर्ष के बजट में इन्हें शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं कार्यन्वित कर रही है और मंडी जिला के नेता इन योजनाओं को लोगों के बीच ले जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि सभी नेता मजबूती के साथ राज्य सरकार का पक्ष लोगों के बीच में रखेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में मात्र सिराज विधानसभा क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया गया और अन्य सभी विधानसभा क्षेत्रों के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया। बैठक में विधायक चंद्रशेखर, पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह एवं प्रकाश चौधरी, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, पूर्व विधायक सोहन सिंह ठाकुर, कांग्रेस नेता चंपा ठाकुर, लाल सिंह कौशल, नरेश चौहान, पवन ठाकुर, एडवोकेट जीवन ठाकुर, चेत राम ठाकुर और महेश राज उपस्थित थेे।
** 'मन की बात' कार्यक्रम ने देशवासियों की अपेक्षाओं को दिया एक नया मंच शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि 'मन की बात' कार्यक्रम में देश और देशवासियों की अपेक्षाओं को एक नया मंच दिया है, जिसके माध्यम से लोग प्रधानमंत्री से और प्रधानमंत्री लोगों से अपील कर अपनी बातें कहते हैं। इन अपील का समाज पर बहुत व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। देश में स्वच्छता हो या पर्यावरण के प्रति जागरूकता या देश के विकास में सहभागिता प्रधानमंत्री के आह्वान पर पूरा देश उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल पड़ता है। जिसका लाभ यह है कि जो काम हजारों करोड़ों रुपए खर्च करके भी नहीं किए जा सकते वह काम जनजागरण और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से ही संपन्न हो जाते हैं। 'एक पेड़ मां के नाम' का अभियान की पर सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकप्रियता का प्रमाण है। देश भर में मात्र 5 महीने में अब तक 100 करोड़ से ज्यादा पेड़ 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगाए जा चुके हैं। सबसे सुखद पहलू है कि लोग उन पेड़ों की रखवाली भी स्वयं करते हैं जिन्हें लगाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ही 100 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाना और लोगों द्वारा उनका स्वयं संरक्षण करना पर्यावरण के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब यह सिलसिला अब रुकने वाला नहीं है। इसके लिए जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री के इस मार्गदर्शन हेतु मानवता आभारी रहेगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ' मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से जितने भी विषय प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए हैं उसमें समस्त देशवासियों का संपूर्ण सहयोग और सहभागिता प्राप्त हुई है, जिसकी वजह से देश में एक के बाद एक बड़े जन भागीदारी के कार्यक्रम प्रारंभ हुए और बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति हुई। स्वच्छता से जुड़े तमाम कार्यक्रम इसके उदाहरण हैं। जब प्रधानमंत्री के आह्वान मात्र से भी देश के करोड़ों लोग आगे आए और असंभव से लगने वाले लक्ष्य आसानी से हासिल हो गए। आज देश में छुपी हुई नायाब प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें मंच प्रदान करने का यह काम प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम से हो रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देश ही नहीं विदेश में भी भारत- भारतीयता और मानव- मानवता से जुड़े विभिन्न पहलू हर रोज सामने आते रहते हैं। चेन्नई की क्रिएटिव लर्निंग का हब बन चुकी लाइब्रेरी प्रकृति आरिवागम हो, या जैव विविधता को बढ़ाने के लिए गौरैया बचाने के अभियान हो या कतरनों से कपड़ा बनाने के अभिनव और पर्यावरण हितैषी प्रयोग। प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें अपने मंच पर जगह देने से जहां ऐसे लोगों को प्रोत्साहन मिलता है तो ऐसे कार्यकलाप करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आगे आते हैं। 'मन की बात' दुनिया का सेव सफल जन संवाद कार्यक्रम है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश में राजनीति को नई दिशा और दशा देने के लिए युवाओं के अत्यधिक सहभागिता की आवश्यकता है। जिसको ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से भी कहा था कि वह राजनीति में ऐसे सक्षम और प्रतिभावान युवाओं को लाएंगे जिनके परिवार का राजनीति से कोई लेना देना नहीं होगा। उसी के दृष्टिगत अगले साल जब पूरा देश स्वामी विवेकानंद की 162वीं जयंती मना रहा होगा तो प्रधानमंत्री देश की राजनीति में एक लाख से ज्यादा युवाओं को राजनीति में लाने के लिए विशेष अभियान चलाएंगे। उनका यह प्रयास आने वाले समय में भारत की राजनीतिक विरासत को संजोने, संवारने, आगे बढ़ाने और समृद्ध करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन पर जनजातीय जिला किन्नौर के लोगों को जागरूक करने के लिए आज पर्यावरण, विज्ञान एवं तकनीकी विभाग हिमाचल प्रदेश, जिला प्रशासन किन्नौर व ज़ेडटेल्स संस्था द्वारा रिकांग पियो स्थित बचत भवन में पर्यावरण फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया जिसमें वृत्तचित्रों व फिल्मों के माध्यम से उपस्थित जनों को पर्यावरण के बचाव बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कहा कि बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग के कारण पर्यावरण में जो बदलाव आ रहा है इसे ठीक करने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि सर्वप्रथम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए जिसमें इस प्रकार के फिल्म फेस्ट अहम भूमिका निभाते हैं। डॉ अमित कुमार शर्मा ने बताया कि पेड़ों का अत्याधिक कटान, विभिन्न स्तर पर होने वाला प्रदूषण, वनों में आगजनी की घटनाएं, लोगों का शहरों की और पलायन, केमिकल फर्टिलाइजर्स का उपयोग इत्यादि ऐसी वजह है जिससे पर्यावरण बदलाव होता है। इसे रोकने के लिए हम सभी को जागरूक होना पड़ेगा व अपने अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना पड़ेगा। उन्होंने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि सभी अपने स्तर पर प्रदूषण को रोकने का प्रयास करें व अन्य को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें। उन्होंने इस दौरान पर्यावरण संरक्षण पर लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनियों व पेंटिंग्स का अवलोकन भी किया। इस दौरान उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण पर उनके विचारों को भी सुना गया तथा लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के विशेषज्ञों से ऑनलाइन संवाद स्थापित किया व अपने संशयों को दूर किया।इस अवसर पर वन विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसके माध्यम से लोगों को वनों के संरक्षण के बारे में जागरूक किया गया और पेड़ों के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शेखर, पंचायत समिति कल्पा की अध्यक्षा ललिता पंचारस, उपमंडलाधिकारी कल्पा डॉ मेजर शशांक गुप्ता, सहायक आयुक्त ओ.पी यादव व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
** चौहारघाटी त्रासदी से पीड़ित परिवारों के लिए समाजसेवियों का सहयोग जारी पधर: चौहारघाटी की ग्राम पंचायत धमच्याण के राजबन गांव में 31 जुलाई को हुई भीषण त्रासदी से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए समाजसेवी और दानवीर लगातार आगे आ रहे हैं। जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता मेहर सिंह ठाकुर ने अपनी दिवंगत बेटी स्वर्गीय मंजुला ठाकुर की चौथी पुण्यतिथि के मौके पर राजबन गांव के तीन पीड़ित परिवारों को इक्यावन-इक्यावन हजार रुपये की राशि प्रदान की। मेहर सिंह ठाकुर चौहारघाटी की ग्राम पंचायत वरधाण के राघड़ी (टिक्कन) गांव से संबंधित हैं। उनकी बेटी मंजुला ठाकुर पत्नी चमन चंदेल की गत 24 नवंबर 2020 को सड़क हादसे में दुःखद मौत हुई थी। जो पेशे से अध्यापिका थी। उनकी यादगार में, मेहर सिंह ठाकुर ने 24 नवंबर को टिक्कन में राजबन हादसे के मृतकों के परिवारों- राम सिंह, चंदन और मोहन सिंह को 51-51 हजार रुपये की मदद दी, कुल मिलाकर एक लाख तिरेपन हजार रुपये का योगदान किया। इस मदद के लिए तीनों पीड़ित परिवारों ने मेहर सिंह ठाकुर का आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि 31 जुलाई को राजबन गांव में बादल फटने से हुए हादसे में 10 लोग जिंदा दफन हो गए थे, जिनमें से 9 शव बरामद हो पाए हैं, जबकि एक युवक का शव अभी भी लापता है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ओक ओवर, शिमला में डॉ. राकेश कुमार शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवनवृत्त’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से पाठकों को सरदार पटेल के व्यक्तित्व, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को गहराई से समझने का अवसर प्राप्त होगा। डॉ. राकेश कुमार शर्मा हमीरपुर जिले के निवासी हैं और वर्तमान में सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर), नई दिल्ली में शोधार्थी के रूप में कार्यरत रहे डॉ. शर्मा ने सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें ‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेलः जीवन दर्शन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका’ (2022), ‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन परिचय’ (2024), और ‘आयरन मैन सरदार वल्लभभाई पटेलः स्वराज संग्राम और राष्ट्रीय एकीकरण में भूमिका’ (2023) शामिल हैं। इस अवसर पर विधायक चंद्रशेखर, पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी, डॉ. राकेश कुमार शर्मा की पत्नी रेखा शर्मा और उनकी बेटियां स्वास्तिका और अर्जिका भी उपस्थित थीं।
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने से बड़ी संख्या में सैलानियों ने हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख करना शुरू कर दिया है। वीकेंड पर प्रदेश के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। दिल्ली के दफ्तरों में वर्कफ्रॉम होम शुरू होने के बाद कई सैलानियों ने होम स्टे के लिए संपर्क कर लंबे समय के लिए कमरों की बुकिंग को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वीकेंड पर शिमला, मनाली, कुल्लू और धर्मशाला में सैलानियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। शिमला में 60 से 70, मनाली में 40 से 60 और धर्मशाला में 40 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी पहुंच गई है। शनिवार को लाहौल-स्पीति की चंद्राघाटी और कोकसर में हुई ताजा बर्फबारी के बाद सैलानियों की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद दिल्ली के स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। इसके बाद हिमाचल में फैमिली ट्रिप पर आने वाले सैलानियों की संख्या भी बढ़ गई है। शुक्रवार को ही शिमला में सैलानियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। शनिवार को शहर की पार्किंगों में पर्यटक वाहनों के अलावा बाहरी राज्यों के टेंपो ट्रैवलर पार्क रहे। शहर के अंदर सबसे बड़ी लिफ्ट कार पार्किंग दोपहर एक बजे पैक हो गई और संचालकों ने एंट्री प्वाइंट पर पार्किंग फुल का बोर्ड लगा दिया। रिज मैदान और मालरोड पर पूरे दिन सैलानियों की खूब चहलपहल रही। धर्मशाला के होटलों में ऑक्यूपेंसी सामान्य दिनों में जहां 20 से 25 फीसदी चल रही है, वीकेंड पर 40 फीसदी तक पहुंच रही है। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्विनी बांबा ने बताया कि मैदानी इलाकों में स्मॉग से राहत के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों के कर्मचारी वर्कफ्रॉम होम के लिए धर्मशाला के होम स्टे में पहुंचने शुरू हो गए हैं। कुल्लू के पर्यटन स्थल मनाली, मणिकर्ण, तीर्थन वैली, बंजार के जिभी और सोझा में सैलानियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। होटलों की आक्यूपेंसी 40 से 60 फीसदी तक पहुंच गई है। सोलंग नाला में पर्यटक पैराग्लाइडिंग, ब्यास में रिवर राफ्टिंग और हॉट बैलून का आनंद ले रहे हैं। चंबा के डलहौजी और खज्जियार में भी पर्यटकों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है।
** मॉडल टेस्ट पेपर के साथ मॉक टेस्ट करवाएगा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड नीट और जेईई की तैयारी में विद्यार्थियों की निशुल्क मदद करेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड मॉडल टेस्ट पेपर देगा और मॉक टेस्ट करवाएगा। यह मॉक टेस्ट परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी फायदेमंद होंगे। शिक्षा बोर्ड से पास जिन-जिन स्कूलों ने सबद्धता प्राप्त की है, वहां पर पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए नीट-जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए मॉडल पेपर तैयार करेगा। इन मॉडल पेपरों से अभ्यर्थी मॉक टेस्ट देकर तैयारी का आकलन स्वयं कर सकेंगे। यह मॉडल पेपर स्कूलों की लॉगिन आईडी पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। संबंधित स्कूलों के अभ्यर्थी अपने स्कूल प्रबंधन की लॉगिन आईडी से इन मॉक टेस्टों में हिस्सा लेकर नीट, जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी तैयारी का आकलन स्वयं कर सकेंगे। निशुल्क मॉडल पेपरों का स्कूलों के अतिरिक्त अन्य अभ्यर्थी प्रयोग नहीं कर सकेंगे। यह पेपर केवल स्कूलों की ही लॉगिन आईडी पर उपलब्ध होंगे। अलग-अलग तैयार किए जाने वाले मॉडल पेपरों में संबंधित विषय के प्रश्नों का ही अभ्यास करवाया जाएगा। अगर कोई अभ्यर्थी लॉगिन आईडी पर नीट का मॉक टेस्ट देना चाहेगा तो उसके लिए नीट के लिए प्रश्नपत्र उपलब्ध होंगे। इसी तरह अन्य विषयों के प्रश्नपत्रों के जरिए मॉक टेस्ट दिए जा सकेंगे। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड नीट और जेईई की तैयारी करने वाले स्कूलों के अभ्यर्थियों को निशुल्क कोचिंग देगा। इसके लिए शिक्षा बोर्ड मॉडल पेपर तैयार करेगा, जिन्हें स्कूलों की लॉगिन आईडी पर अपलोड किया जाएगा, जहां से अभ्यर्थी इन परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
** विद्यार्थियों को मोबाइल फोन पर भेजे मैसेज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की सोमवार से प्रदेश भर में 46 केंद्रों में स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इन परीक्षाओं के लिए विवि के दावे के अनुसार पहली बार 99 फीसदी एडमिट कार्ड ऑनलाइन अपलोड कर दिए हैं। छात्रों को एडमिट कार्ड को लॉग इन आईडी से डाउनलोड करने को लेकर उनके दिए नंबर पर मैसेज भी भेज दिए हैं। जिन परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड इंटरनल असेस्मेंट या किन्हीं अन्य कारणों से अपलोड नहीं हुए हैं, उसकी वजह भी मैसेज के माध्यम से भेजी गई है। छात्रों को इन कमियों को दूर करने के लिए परीक्षाएं शुरू होने से पूर्व अपने कॉलेज या विभाग में संपर्क करने को कहा गया है। इस परीक्षा में पूरे प्रदेश भर में बने केंद्रों में 35,500 विद्यार्थी अपीयर होंगे। इनमें 18,000 ऐसे हैं ,जो रेगुलर छात्र हैं। इसके अलावा 17,000 छात्र ऐसे हैं जो बतौर प्राइवेट परीक्षा में बैठेंगे या री अपीयर होंगे। नियमित छात्रों को ही आईए अवार्ड जरूरी होते हैं। इनमें से 99 फीसदी के रोल नंबर जनरेट कर दिए हैं। री अपीयर छात्रों की आईए पहले से एंटर होती है। प्राइवेट छात्रों की परीक्षा सौ अंक की होती है। इसलिए उनके रोलनंबर इंटरनल असेस्मेंट के कारण नहीं अटकते हैं। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि इस बार ऑनलाइन जनरेट किए परीक्षा एडमिट कार्ड पर ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश मिलेगा। परीक्षा संचालन से संबंधित सभी तरह की समस्याओं के निपटारे के लिए अलग से बनाई निगरानी कमेटी से कॉलेज संपर्क कर सकते हैं, जिससे समस्या को तुरंत निदान हो। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने एमएड और बैचलर इन लाइब्रेरी साइंस और एम लिब कोर्स का परीक्षा शेड्यूल जारी कर दिया है। इसे विवि की वेबसाइट पर छात्रों के लिए अपलोड कर दिया गया है। इसके अनुसार एमएड और एम लिब की परीक्षाएं 10 से 18 दिसंबर तक होंगी। बी लिब की परीक्षाएं 7 से शुरू होकर 16 दिसंबर तक चलेंगी। जिनके एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो पाए हैं, उनमें अधिकतर इक्डोल विवि सेंटर फाेर डिस्टेंस एडं ऑनलाइन एजूकेशन (सीडीओई) के छात्र हैं। वे समय से सीडीओई में संपर्क कर शेष औपचारिकता को पूरा करवाएं। इससे परीक्षा से पहले उनके एडमिट कार्ड डाउनलोड हो सकेंगे। विवि में चल रहे पीजी कोर्स की परीक्षाएं जो 18 नवंबर से शुरू हुई थीं , वे संचालित की जा रही हैं। इसमें 13 विभागों के करीब 450 विद्यार्थी तय किए शेड्यूल के अनुसार परीक्षा दे रहे हैं।पीजी की 46 परीक्षा केंद्रों में शुरू हो रही स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर दी गई हैं। एडमिट कार्ड ऑनलाइन अपलोड किए जाने के साथ ही छात्रों को मैसेज से सूचित कर दिया है। जिनके कोई समस्या है, वे छात्र समय रहते परीक्षा शुरू होने से पहले अपने संस्थान में संपर्क कर कमी को दूर करवाएं ।
हिमाचल प्रदेश में जल शक्ति विभाग की पेयजल स्कीमें ऑटोमेशन (स्वचालन) सुविधा से जुड़ेंगी। हाईटेक तकनीक से कौन से पेयजल टैंक और किस लाइन में कितना पानी सप्लाई हुआ है, यह सब कुछ पंप हाउस में बैठे-बैठे पता लग जाएगा। पानी की मात्रा की टैंक एवं पाइपलाइन में उपलब्धता के लिए चिह्नित की गई स्कीमों पर डिस्चार्ज मीटर लगाए जाएंगे। इससे पानी की मात्रा का पूरा आंकड़ा अधिकारियों के पास आएगा। पानी की कमी की सूरत में इन स्कीमों में पानी की भरपाई दूसरे टैंकों से की जा सकेगी। पेयजल स्कीमों में सिग्नल के आदान-प्रदान के लिए जीएसएम प्रणाली का सहारा लिया जाएगा। हाईटेक सुविधा से स्कीमों को जोड़ने के लिए जल शक्ति विभाग के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक मददगार बनेगा। प्रारंभिक चरण में हरोली क्षेत्र की योजनाओं पर ऑटोमेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। बड़ी बात यह है कि आने वाले दिनों में टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर डालने के झंझट से भी विभाग मुक्त हो जाएगा। इसके विकल्प में गैसेस क्लोरीनेशन के में पेयजल स्कीमों को लाया जाएगा। हालांकि, एडीबी के तहत प्रदेश की अन्य पेयजल योजनाओं को भी इस सुविधा के साथ जोड़ने का लक्ष्य है। शुरुआत में हरोली क्षेत्र में एडीबी के तहत 32.54 करोड़ रुपये से तैयार हुई रोड़ा, बालीवाल, हरोली और नगनोली आदि ग्राम पंचायतों की पेयजल सुविधाओं को इस तकनीक के साथ जोड़ने के मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है। विभिन्न पेयजल स्कीमों को ऑटोमेशन (स्वचालन) तकनीक से जोड़ने की दिशा में कार्य प्रक्रिया में है। हरोली की योजनाओं पर कार्य जारी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से इस दिशा में चर्चा की गई है ओर उनके मार्गदर्शन में कार्य आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में स्वच्छ एवं सुचारू पेयजल सप्लाई हर गांव और घर तक होगी। सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश में हाईटेक तकनीक से योजनाओं को जोड़ने का कार्य जारी है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग में नियुक्त करीब 4,800 मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस संबंध में शनिवार को अतिरिक्त सचिव लोक निर्माण सुरजीत सिंह राठाैर की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। मल्टी टास्क वर्करों को अब 4500 रुपये बजाय 5000 प्रति माह मिलेंगे। सरकार ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए हैं कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इस संबंध में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाए। बता दें, बीते दिनों की हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया गया था।
** फायर ब्रिगेड गांव तक नहीं पहुंची जिला कुल्लू की लग घाटी के दुर्गम गांव तयून में बीती शाम के समय अचानक आग लग गई। आग लगने के चलते पांच मकान पूरी तरह से चलकर राख हो गए हैं। वहीं, सड़क न होने के चलते अग्नि शमन विभाग की टीम मौके तक नहीं पहुंच पाई। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और अब प्रभावित परिवारों को राहत देने का भी काम किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बीती शाम के समय अचानक एक मकान में आग लग गई और आग ने अपने साथ लगते अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि पल भर में ही पांच मकान जलकर राख हो गए। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और अब आग लगने के कारण हुए नुकसान की रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। बता दें कि कुल्लू जिले की लग घाटी का तयून गांव काफी दुर्गम है। अभी तक यहां पर सड़क नहीं निकली है। ऐसे में गांव तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकती है। इसी के चलते ग्रामीणों को फायर ब्रिगेड की सहायता नहीं मिल पाई है और देखते ही देखते पांच परिवारों के आशियाने जल कर राख हो गए। अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की ओर से हलका पटवारी को मौके पर भेजा गया। इस संबंध में एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा, "तयून गांव में आग लगने से पांच मकान जल गए हैं। अग्निकांड की घटना से प्रभावित परिवारों को प्रशासन द्वारा नियमानुसार फौरी राहत दी जाएगी।


















































