कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पशुपालन विभाग में फर्जी प्रमाण पत्र देकर नौकरी करने का एक मामला सामने आया है। कुल्लू पशुपालन विभाग में एक 'मुन्नाभाई' कर्मचारी का भंडाफोड़ हुआ है। कर्मचारी प्लस टू के फर्जी प्रमाण पत्र से दो साल तक इस विभाग में पशु फार्मासिस्ट की नौकरी करता रहा। विभाग को अब जाकर पता चला है कि उसने प्लस टू की परीक्षा पास ही नहीं की, बल्कि फर्जी प्रमाण पत्र का जुगाड़ कर अनुबंध आधार पर विभाग में नौकरी कर रहा है। विभाग ने आरोपी अनुबंध कर्मी की सेवाओं को समाप्त करने के साथ ही अब पुलिस में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है।मामले में पशु स्वास्थ्य, प्रजनन, जिला कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. राजेंद्र पाल ने आरोपी अनुबंध कर्मी के खिलाफ कुल्लू पुलिस थाना में की शिकायत दर्ज करवाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की सेक्शन 338, 336 (3), 340 (2) के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। धोखाधड़ी-जालसाजी की इन धाराओं में न्यायालय में अभियोग साबित होने पर सात साल तक की सजा हो सकती है। राजेंद्र पाल ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में कहा, "आनी के एक युवक ने 26 सितंबर 2022 को विभाग में बतौर पशु फार्मासिस्ट, पशु औषधालय वंशावल (आनी) में अनुबंध आधार पर तैनाती पाई थी। जांच में उसके 12वीं कक्षा के प्रमाण पत्र पर कुछ संदेह हुआ, इस पर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान नोएडा (एनआईओएस) से इसकी जांच करवाई गई, क्योंकि आरोपी का दावा था कि उसने यहीं से प्लस टू किया था। एनआईओएस ने जांच की चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अनुबंधकर्मी का यह शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी है। उपनिदेशक के अनुसार इस आधार पर आरोपी अनुबंध कर्मी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। कुल्लू एएसपी संजीव चौहान ने मामले की जानकारी दी। एएसपी संजीव चौहान के कहा, फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने के मामले में आरोपी के खिलाफ कुल्लू थाना पुलिस में शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिरमौर: कहते हैं कि मां जैसा इस दुनिया में कोई दूसरा नहीं है। एक मां अपने जिगर के टुकड़े के लिए कुछ भी कर सकती है या यूं कहे कि किसी भी हद तक जा सकती है। अपने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए वो खुशी-खुशी मौत को भी गले लगा सकती है। मां की मामता का भावुक कर देने वाला एक मामला हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला से सामने आया है। मां का रिश्ता सभी रिश्तों से अनमोल यूं ही नहीं है। कई ऐसे उदाहरण हैं जब मां ने अपने लाल का जीवन बचाने के लिए हंसते-हंसते मौत को गले लगा लिया हो। ऐसा ही उदाहरण जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में सामने आया है। कांडो भटनोल पंचायत के गांव बोहल में शनिवार को रंगड़ों के हमले से मां ने अपने तीन साल के मासूम को बचाते हुए अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार अनु (28) अपने घर के पास ही घास काटने गई थी। वह बेटे को भी साथ ले गई थी। अचानक घासन में खड़ीक के पेड़ पर बने छत्ते से रंगड़ों ने मां-बेटे पर हमला कर दिया। अनु ने अपने सिर से ढाठू उतारकर बेटे को ढका और अपनी आगोश में ले लिया। इससे बेटा बच गया, लेकिन रंगड़ों ने अनु को बुरी तरह काटा। उसने शिमला में मजदूरी कर रहे अपने पति को फोन के माध्यम से इसकी जानकारी दी। चीखने की आवाजें सुनकर आसपास के लोग पहुंचे महिला के चीखने की आवाजें सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और उपचार के लिए उसे शिलाई अस्पताल ले जाया गया। यहां से महिला व बच्चे को हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। बच्चे का नाहन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार चल रहा है। वह खतरे से बाहर है।
धर्मपुर/डिंपल: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सज्याओ पिपलू में आज 71वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चंद्रशेखर ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। मुख्य अतिथि ने सहकार झंडा फहराकर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। मुख्य अतिथि को सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं द्वारा शॉल-टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया। विधायक चंद्रशेखर ने अपने संबोधन में सहकारी आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण और शहरी विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने सहकारिता के माध्यम से स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया तथा बताया कि सहकारिता की बुनियाद हिमाचल प्रदेश में ऊना जिला में रखी गई थी, जिसका पूरा क्रेडिट स्वर्गीय हीरा लाल जी को जाता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता एक ऐसा माध्यम है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं और सामूहिक भागीदारी से समाज को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार सहकारिता के क्षेत्र को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से प्रतिबद्ध है। चंद्रशेखर ने बताया कि सहकारिता के क्षेत्र में लोगों विशेष रूप से युवाओं को आगे ले जाने के लिए धर्मपुर विस क्षेत्र के स्योह में कॉमन फेसिलिटी सेंटर का काम 5 करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है, जिसमें बांस के उत्पादों पर काम किया जा रहा है और आज इस सेंटर द्वारा लगभग 60 युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसमें हर युवक को 7500 रुपए महीने के हिसाब से वेतन भी दिया जा रहा है तथा प्रयास किए जा रहे हैं कि भविष्य में कॉमन फेसिलिटी सेंटर के माध्यम से 200 से 300 और लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके। समारोह में सहकारी समितियों के विस्तार और उनके प्रभाव को बढ़ाने के लिए नई योजनाओं की भी घोषणा की। कार्यक्रम की मुख्य थीम "सहकारी उद्यमों का परिवर्तन" रही। सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं (मंडी) विक्रमजीत ने कहा कि समारोह की मुख्य थीम "सहकारी उद्यमों का परिवर्तन" रखी गई है। मंडी जिला में वर्तमान में 716 सहकारी संस्थाएं पंजीकृत है, जिनमें से 238 प्राथमिक कृषि सहकारी सभाएं, 77 प्राथमिक सहकारी भण्डार, 223 दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाएं एवं 25 ऋण व बचत सहकारी सभाएं गठित है। इसके अतिरिक्त एक शहरी सहकारी बैंक तथा 43 बुनकर सहकारी सभाएं, 03 अकृषक सभाएं कार्यरत है। आज 716 सहकारी सभाओं में कुल सदस्यता 2,07,768 है।और 66,318.64 लाख रुपए की कार्यशील पूजी है तथा 3947.690 लाख रुपए का भागधन है। समारोह में विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर सहकारी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। स्थानीय स्कूल की बच्चियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं। विधायक ने इन बच्चियों को 5100 रुपए तथा की सी.डी.साख सहकारी समिति की सदस्यों को भी उनकी प्रस्तुति के लिए 2100 रुपये की राशि देने की घोषणा की । कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जिला स्तर पर "AA" वर्ग में पहला इनाम लोवर संदोल सहकारी सेवा समिति। "A" वर्ग में पहला इमाम मछिंद्रनाथ कृषि सहकारी सेवा ।"B" वर्ग में पहला इमाम स्लाप्ड सहकारी सभा, सुंदरनगर।"C" वर्ग में पहला इमाम पीहड कृषि सहकारी सेवा समिति,चौंतड़ा ब्लॉक को दिया गया। विशेष पुरस्कारों की सूची में द सी.डी.सेवा सहकारी समिति को बैंक को बैंकिंग के क्षेत्र में सम्मानित किया गया। बतोहता सेवा सहकारी समिति को सोलर पॉवर प्लांट के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप-पंजीयक सहकारी सभाएं मंडी कमलेश कुमार, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं मंडी बिक्रमजीत, जिला अकेक्षण अधिकारी ओम चंद वर्मा, जिला निरीक्षक वीरेंद्र सिंह गुलेरिया और विभिन्न सहकारी सभाओं के प्रतिनिधि और साथ में धर्मपुर की विभिन्न पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
आज यानी 17 नवंबर को खण्ड सोलन की तीसरी खंड स्तरीय अंडर 12 खेलकूद प्रतियोगिता का समापन राजकीय प्राथमिक पाठशाला शमरोड के प्रांगण में हुआ। इस कार्यक्रम में बच्चों ने कबड्डी, बैडमिंटन, 50 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़, लोक नृत्य, क्विज, भाषण प्रतियोगिता और मार्च पास्ट आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। आज समापन समारोह के मुख्य अतिथि किशोरी लाल राणा जी रहे । समापन समारोह में विजेता टीमों को मुख्य अतिथि और केंद्र अध्यक्ष चंबाघाट के साथ खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हरी राम चंदेल ने विजेता टीमों और बच्चों को पुरस्कार आवंटित किए । विजेताओं में कबड्डी छात्र : जोन शमरोड़ विजेता, उपविजेता : जोन चंबाघाट और इसके साथ साथ कबड्डी छात्रा : विजेता जोन सपरू,उप विजेता जॉन चंबाघाट और बैडमिंटन छात्र : विजेता जोन शमरोड़, उपविजेता जोन सपरून, छात्रा : विजेता सपरून, उपविजेता जोन शमरोड लोक नृत्य में जोन सोलन की राजकीय प्राथमिक पाठशाला शामती के बच्चों ने अद्भुत प्रदर्शन किया और प्रथम स्थान हासिल किया द्वितीय स्थान पर जोन शमरोड रही । भाषण प्रतियोगिता में जोन शमरोड से रिद्धि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और द्वितीय स्थान पर सोलन से वर्णिका रही। तृतीय स्थान जॉन सपरून से किंजल ने प्राप्त किया। क्विज प्रतियोगिता में जोन शमरोड प्रथम स्थान पर रही और जोन सपरून द्वितीय स्थान पर रहे। 50 मीटर रेस में छात्र वर्ग में जोन सोलन के अनिकेत प्रथम स्थान पर जोन शमरोड से समर दूसरे स्थान पर और चंबाघाट से ऋषभ तीसरे स्थान पर रहे। 50 मीटर रेस में छात्रा वर्ग में गुंजन जोन शमरोड़ से प्रथम स्थान पर तनु जोन चंबाघाट से द्वितीय स्थान पर और यशिका जोन चंबाघाट से तीसरे स्थान पर रहे। 100 मीटर रेस में प्रथम स्थान पर जोन शमरोड से समर द्वितीय स्थान पर अनिकेत सोलन जोन सोलन और तृतीय स्थान पर कुणाल जोन सपरून से रहे। छात्रा वर्ग में 100 मीटर रेस में तन्वी ने चंबाघाट से प्रथम स्थान सपरून जोन से यशिका ने द्वितीय स्थान और गुंजन जोन शमरोड़ से तृतीय स्थान प्राप्त किया। मार्च पास्ट में जोन शमरोड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और द्वितीय स्थान जोन सपरून ने प्राप्त किया। ओवरऑल बेस्ट जोन की ट्रॉफी जोन शमरोड ने प्राप्त की।
** महापौर-उपमहापौर सहित अन्य लोगों ने लाला लाजपत राय को किया याद शेर-ए-पंजाब लाला लाजपत राय की पुण्यतिथि पर शिमला मॉल रोड स्थित लाजपत राय की प्रतिमा पर महापौर नगर निगम शिमला सुरेन्द्र चौहान पुष्पांजलि अर्पित कर देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। स्वतंत्रता आंदोलन में महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के साहस की गाथा देश वासियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेगी। इस मौके पर नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने बकहा कि लाला लाजपत राय उन महान सपूतों में से एक थे जिनकी बदौलत हम आज आजाद भारत में खुली हवा में सांस ले रहे हैं। इसलिए देश के महान सपूतों को याद करना हमारा कर्तव्य भी है। कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने देश भक्ति गीतों व भजन गायन की प्रस्तुति दी।इस अवसर पर उप-महापौर नगर निगम शिमला उमा कौशल, पार्षदगण, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप सहित अन्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
कुनिहार में गुरुनानक जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई। गुरुनानक समिति कुनिहार के सभी सदस्यों ने गुरुनानक के चित्र पर फूलमाला चढ़ाई व सभी ने गुरु के चित्र के सामने खड़े होकर क्षेत्र में सुख समृद्धि व आपसी भाईचारे की अरदास की। इसके उपरांत गुरुनानक को भोग लगाकर समिति द्वारा सभी क्षेत्र वासियों में भण्डारे का प्रशाद वितरण शुरू किया गया, जिसमे सैंकड़ो लोगों ने भण्डारे का प्रशाद ग्रहण किया। समिति सदस्य मदन सिंह ने बताया कि गुरुनानक देव का 555 वां प्रकाशोत्सव पूरे भारत व समूचे विश्व मे बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है आज कुनिहार में भी गुरु की जयंती को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष पर भण्डारे का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर एमपी सिंह, धर्मेंद्र काकू, जितेंद्र सिंह, नरेश कुमार, रमेश कुमार, हितेंद्र, पवन शर्मा, मनोज वर्मा, संजय ठाकुर, जोगिंद्र तनवर, विनोद धवन आदि सेवादार मौजूद रहे।
** फूलों से तैयार तेल के 12 से 15 हजार रुपए प्रति लीटर मिल रहे दाम उपमंडल पधर के पहाड़ी क्षेत्रों में लोग अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक फसलें अपना रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा फ्लोरीकल्चर अर्थात फूलों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई योजनाएं उनकी सहायक बन रही हैं। विशेषकर पहाड़ी इलाकों में जंगली गेंदे की खेती मुनाफे की फसल साबित हो रही है। फ्लोरीकल्चर में प्रदेश सरकार द्वारा बागवानों को 85 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त महक योजना के तहत भी फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के तहत जंगली गेंदे के फूल के लिए एक हेक्टेयर पर 30 हजार रुपए उपदान दिया जा रहा है। उपमंडल पधर के दर्शन लाल ने 12 बीघा भूमि में जंगली गेंदे की खेती शुरू की है। सियून पंचायत के कचौरटधार में बंजर भूमि पर जंगली गेंदे की खेती कर चोखी कमाई कर रहे हैं। लगभग 100 बीघा में गांव के अन्य लोग भी फूलों की खेती कर रहे हैं। जिन्हें उद्यान विभाग से महक योजना के तहत शेड बनाने के लिए ढाई लाख रुपए सब्सिडी भी मिली। जिसमें वह जंगली गेंदे के फूलों का भंडारण करते हैं और बारिश से अब उनकी फसल भी खराब नहीं होती। दर्शन लाल कहते हैं कि जंगली गेंदे की खेती वे पहले भी करते थे, लेकिन कटाई के बाद तेल निकालने के लिए फूल नेरचौक (मंडी) ले जाने पड़ते थे, जिसमें खर्च भी बहुत अधिक आता था। हाल ही में हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर द्वारा तेल निकालने की यूनिट भी यहां निःशुल्क स्थापित की गई है। जिससे उनके माल ढुलाई की लागत बच जाती है। अब जो ग्रामीण आसपास जंगली गेंदे के फूल उगा रहे हैं, उनसे दर्शन लाल 23 रुपए प्रति किलो के हिसाब से वहीं पर यह फूल भी खरीदते हैं। जंगली गेंदे से निकले तेल की कीमत बाजार में 12 से 15 हजार रुपए प्रति लीटर है। जंगली गेंदे की खेती से वह सालाना लगभग 2 लाख रुपए कमा लेते हैं। किसान हितैषी योजनाओं के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार भी जताया है।गांव के पूर्ण चंद कहते हैं कि वह भी अपनी बंजर भूमि पर जंगली गेंदे की खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। जंगली जानवरों से अकसर जो फसल को नुकसान हो रहा था, उससे निजात पाने के लिए अब वे फूलों की खेती कर रहे हैं। इसका उपयोग साज-सज्जा, पूजा के साथ-साथ औषधीय उपयोग व तेल के लिए भी किया जाता है। उद्यान विकास अधिकारी द्रंग कविता शर्मा ने बताया कि उपमंडल पधर में किसान-बागवान अब जंगली गेंदे के फूल की खेती भी कर रहे हैं। विभाग की ओर से एक हेक्टेयर पर 30 हजार रुपए प्रति लाभार्थी उपदान के तहत दो बागवानों को 60 हजार रुपए प्रदान किए गए हैं। जलवायु उपयुक्त होने से इस क्षेत्र में जंगली गेंदे की खेती की अच्छी संभावनाएं हैं। साथ ही इसमें पारम्परिक खेती की तरह बहुत ज्यादा मेहनत भी नहीं करना पड़ती। जंगली जानवर भी इसे नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। प्रदेश में किसानों एवं बागवानों की आमदनी बढ़ाने एवं उनके खेतों के उचित प्रयोग के लिए सरकार ने महक योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों और बागवानों को औषधीय एवं सुगंधित पौधों और फूलों की खेती से जोड़ा जा रहा है। किसान अपने बगीचों या खेतों में अन्य फसलों के साथ भी इनकी खेती कर सकते हैं। रोजमेरी फूल, लैमन ग्रास इत्यादि पर 50 फीसदी तक उपदान भी प्रदान किया जाता है। बागवानी विभाग इसकी खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण भी देता है। उन्हें एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जाता है। फसल कटाई, कीट प्रबंधन एवं कटाई के समय इत्यादि पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
** आश्रम को हुआ नुक्सान, पुलिस बल तैनात शिमला के संजौली मस्जिद के बाद अब राम कृष्ण मंदिर पर विवाद हो गया जहां मंदिर पर कब्जा करने में शनिवार देर रात एक बजे को ब्रह्मों समाज और रामकृष्ण मिशन के बीच जम कर मारपीट और तोड़फोड़ हुई। देर रात ब्रह्मों समाज के लोग पूजा और ध्यान करने पहुचे थे वही राम कृष्ण मिशन के लोग भी वहां पहुचे ओर पहले दोनों तरफ से नारेबाजी करने लगे उंसके बाद आंदोलन पर उतर आए। आंदोलनकारियों ने आश्रम के प्रबंधकों पर कब्जा करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हुआ और दोनों तरफ से टकराव शुरू हो गया जिसमें कई लोगो को चोटें आई और आश्रम को भी काफी नुकसान हुआ है।वही भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं दूसरी ओर रामकृष्ण मिशन आश्रम शिमला के सचिव स्वामी तन्महीमानंद का कहना है कि वह पिछले करीब 14 वर्षों से मंदिर की देखरेख कर रहे हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।उन्होंने बताया कि देर रात मिशन की प्रॉपर्टी में कुछ लोग भक्त बन कर घुसे और आंदोलन करने लगे। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। यह मंदिर होटल लैंडमार्क शिमला के समीप रामकृष्ण मिशन के नाम से प्रसिद्ध है। यह एक संपत्ति विवाद बन रहा है जिसको प्रशासन एवं पुलिस सुलझाने का प्रयास कर रही है। ब्रह्मों समाज और रामकृष्ण मिशन का विवाद धीरे-धीरे बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोनों इस सम्पति पर अपना हक जमा रहे है। पुलिस प्रशासन की ओर से एएसपी शिमला नवदीप पुलिस टीम के साथ मौके पर हैं।
जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: एंग्लो इंडियन पब्लिक स्कूल लोअर लंबागांव में एक दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रभान ने मुख्य अतिथि शिरकत की। इस एक दिवसीय खेल प्रतियोगिता में स्कूल के बच्चों ने विभिन्न प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में स्कूल के सभी शिक्षकों के साथ अभिभावकों ने खेल प्रतियोगिताओं का खूब आनंद उठाया तथा अंत में स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रभान ने इस एक दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया।
डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के 30 पद तथा सहायक स्टाफ के 326 पद सृजित कर भरे जाएंगे। शनिवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल ने राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला जिला बिलासपुर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी) में एमटेक शुरू करने तथा इसके लिए तीन पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मत्स्य विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 28 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग में सहायक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारियों के 25 पद भरने को मंजूरी प्रदान की। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के सुचारू संचालन के लिए आयोग में 10 पदों को भरने का निर्णय लिया गया। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में एक नई पुलिस चौकी खोलने तथा विभिन्न श्रेणियों के सात पदों के सृजन तथा भरने को भी मंजूरी प्रदान की गई। एचपीएमसी (हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम) की पराला में स्थापित की गई नई वाइनरी में दो माह के भीतर उत्पादन शुरू हो जाएगा। एचपीएमसी ने बड़े पैमाने पर वाइन उत्पादन की तैयारियां पूरी कर ली है। एचपीएमसी ने सालाना एक लाख लीटर वाइन बनाने का लक्ष्य रखा है। शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक में शिमला जिला के पराला में वाइनरी स्थापित करने के लिए मैसर्ज हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम के पक्ष में आशय पत्र जारी कर मंजूरी प्रदान करने का निर्णय लिया।शुरुआत में इससे निगम को सालाना 5 करोड़ की अतिरिक्त आय का अनुमान है। एक लाख लीटर वाइन बनाने के लिए निगम को मंडी मध्यस्थता योजना के तहत अतिरिक्त सेब खरीद की आवश्यकता पड़ेगी, जिससे बागवानों को लाभ होगा। मौजूदा समय में एचपीएमसी 40 से 50 हजार लीटर वाइन तैयार करता है, जिसकी प्रदेश में ही खपत हो जाती है। दोगुना उत्पादन होने पर एचपीएमसी का प्रदेश के बाहर भी मार्केट तलाशनी होगी। मौजूदा समय में एचपीएमसी फलों से रेड वाइन बना रहा है, जिससे एचपीएमसी को बड़ी आय हो रही है। एक साल में करीब डेढ़ करोड़ की वाइन बिक रही है। अभी तक एचपीएमसी के पास केवल सुंदरनगर के जड़ोल में पचास हजार लीटर क्षमता का प्लांट है, लेकिन अब जड़ोल में भी पचास हजार लीटर क्षमता का एक नया प्लांट लगा दिया है। बाजार में एक बेहतर रेड वाइन (750 एमएल) की बोतल ग्यारह से बारह सौ रुपये में बिकती है, जबकि एचएमसी की रेड वाइन की कीमत 600 सौ रुपये है। इस वजह से एचपीएमसी की रेड वाइन की डिमांड अधिक है। एचपीएमसी अंगूर, सेब, आम, कीवी, स्ट्रॉबेरी, बुरांस और संतरे से रेड वाइन तैयार कर रहा है। सबसे ज्यादा मांग रेड वाइन, एपल वाइन और ऑरेंज वाइन की रहती है। सबसे ज्यादा महंगी रेड वाइन 600 रुपये प्रति बोतल, ऑरेंज वाइन 550 रुपये, एपल वाइन 370 रुपये में बेची जाती है। बैठक में ऊना जिले के हरोली में हिमकैप्स नर्सिंग कॉलेज बढेड़ा को जीएनएम पाठ्यक्रम की 20 सीटें बढ़ाकर 40 से 60 करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदान करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज हमीरपुर में कंप्यूटर इंजीनियरिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया।मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले में हाल ही में खोले गए खंड चिकित्सा कार्यालय देहरा में विभिन्न श्रेणियों के छह पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया। स्तरोन्नत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुम्मा के लिए विभिन्न श्रेणियों के चार पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया। एचपीएमसी के पराला स्थित संयंत्र में ही एप्पल लिक्योर बनाने का प्लांट स्थापित किया गया है। सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद अब एचपीएमसी जल्द ही यहां एप्पल लिक्योर का उत्पादन भी शुरू कर देगा। एप्पल लिक्योर बनाने के लिए एचपीएमसी विशेषज्ञों से राय ले रहा है। एप्पल लिक्योर का उत्पादन शुरू होने से निगम की आय में और अधिक बढ़ोतरी होगी। तीन नए नगर निगम, दो नगर परिषदें और छह नगर पंचायतें बनाने के फैसले से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नई सियासी बिसात बिछा दी है। कांग्रेस के गढ़ों को मजबूत करने के लिए जहां सुक्खू ने अपने मंत्रिमंडल सदस्यों समेत कांग्रेस विधायकों को उनके क्षेत्रों में तोहफे दिए हैं। वहीं अपने गृह जिला और संसदीय क्षेत्र को मजबूत करने को भी तवज्जो दी है हमीरपुर, ऊना में नए नगर निगम समेत नादौन की नगर परिषद, संधोल, धर्मपुर, बड़सर, भोरंज और बंगाणा की नगर पंचायतें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में बनेंगी। हमीरपुर को नगर निगम बनाने की मंजूरी देकर सीएम ने इस क्षेत्र को और मजबूत करने की नई नींव रखी है। हालांकि इस विधानसभा सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस को भाजपा ने झटका दिया था। मुख्यमंत्री के अपने निर्वाचन क्षेत्र नादौन की नगर पंचायत को स्तरोन्नत कर नगर परिषद बनाने का निर्णय हो या बड़सर और भोरंज को दो नई नगर पंचायतें देने का फैसला हो। मुख्यमंत्री ने गृह जिले के इन क्षेत्रों को और मजबूत करने का दांव चला है। बड़सर के उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बावजूद बड़सर के लोगों की मांग को अनदेखा नहीं किया। इसी तरह भोरंज से वर्तमान में मुख्यमंत्री के करीबी सुरेश कुमार विधायक हैं तो यहां भी नई नगर पंचायत बन रही है। ऊना के कुटलैहड़ हलके के बंगाणा में नई नगर पंचायत बनेगी, जहां से उपचुनाव में विवेक शर्मा कांग्रेस विधायक बने हैं। धर्मपुर से मंडी जिला से कांग्रेस के इकलौते विधायक चंद्रशेखर बेशक सरकार में बड़े पद पर स्थान न पा सके हों, मगर उनके क्षेत्र की हर मांग को सीएम गंभीरता से ले रहे हैं। ऊना शहर मुख्यमंत्री के करीबी पूर्व विधायक और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे सतपाल रायजादा का विधानसभा क्षेत्र है। यह उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह जिला में आता है तो ऊना में नगर निगम को मंजूरी देने का भी यही आधार बताया जा रहा है। कांगड़ा के जवाली में भी नई नप बनेगी, जो सुक्खू सरकार में वरिष्ठतम मंत्री चंद्र कुमार का हलका है। बद्दी में नगर निगम बनाने की मांग भाजपा के समय में उठ चुकी थी। बद्दी नगर निगम दून हलके में आता है, जहां से कांग्रेस के विधायक रामकुमार चौधरी हैं। अर्की विधानसभा हलके के कुनिहार में नई नगर पंचायत बनेगी। यह मुख्यमंत्री के करीबी कांग्रेस विधायक संजय अवस्थी का विधानसभा क्षेत्र है।
** सूखे की मार झेल रहे किसानों को मिलेगी राहत पर्यटन भी पकड़ेगा गति लंबे अरसे बाद मौसम ने करवट बदली है। शनिवार को रोहतांग सहित शिंकुला व बारालाचा दर्रे में बर्फ के फाहे गिरे हैं। बादल छा जाने से रोहतांग के निकटवर्ती स्थलों में भी हिमपात की उम्मीद बढ़ गई है। लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों व पर्यटन कारोबारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। शनिवार को बर्फ की उम्मीद लिए रोहतांग दर्रे में पांच सौ से अधिक पर्यटक वाहनों में लगभग चार हजार पर्यटक पहुंचे। बर्फ न पडऩे से उन्हें निराशा हुई, लेकिन ठंडा मौसम देख पर्यटक खासे उत्साहित हुए। देर शाम को दर्रे में बर्फ के फाहे गिरे। शनिवार को शिंकुला व बारालाचा दर्रे में बर्फ के फाहे गिरे, लेकिन लेह लद्दाख सहित जंस्कार घाटी की ओर वाहनों की आवाजाही सुचारू रही। देश भर के पर्यटक मनाली में हिमपात होने का इंतजार कर रहे हैं।
हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने गृह जिला हमीरपुर को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने अपने गृह जिले में दो नए नगर निकायों को नई सौगात दी है, जबकि दो का दर्जा बढ़ाया है। प्रदेश सरकार ने नगर परिषद हमीरपुर का दर्जा बढ़ाकर नगर निगम, नगर पंचायत नादौन को नगर परिषद, बड़सर पंचायत को नगर पंचायत और भोरंज को भी नगर पंचायत का दर्जा प्रदान किया है। नगर परिषद हमीरपुर का दर्जा बढ़ने से अब नगर निगम में 6 पंचायतों व 4 किलोमीटर टाउन कंट्री प्लानिंग एरिया (TCP एरिया) शामिल हुआ है। मौजूदा समय में नगर परिषद हमीरपुर में 11 वार्ड हैं, जो अब दर्जा बढ़ने से 24-25 हो सकते हैं। नगर निगम में अणु कलां, बोहणी, एनआईटी एरिया, नेरी, बल्ह, शासन, मोहीं, मट्टनसिद्ध को शामिल किया गया है। पंचायतों के मिलने से अब नगर निगम की आबादी करीब 40 हजार तक हो जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नगर परिषद हमीरपुर को नगर निगम बनाने के लिए जिला प्रशासन को इसका ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से नगर परिषद समेत इसके ड्राफ्ट को लेकर संबंधित पंचायतों और टाउन कंट्री प्लानिंग एरिया से संबंधित सभी पंचायतों का ड्राफ्ट तैयार करके मंजूरी के लिए भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। वहीं, सीएम सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन में नगर पंचायत का दर्जा बढ़ाकर अब नगर परिषद कर दिया गया है, जिसमें अब आसपास की पंचायतें भी शामिल होंगी। पहले नगर पंचायत नादौन में 7 वार्ड थे। वहीं, अब आसपास के पंचायतों के भी नगर परिषद नादौन में मिलने से जनसंख्या बढ़ने से 11 से 13 वार्ड बन सकते हैं। इसके अलावा बड़सर और भोरंज पंचायत का दर्जा बढ़ा कर नगर पंचायत बनाया गया है, जिससे यहां पर भी जनसंख्या के आधार पर वार्डों का गठन किया जाएगा, जिससे लोगों को विभिन्न सुविधाएं भी प्राप्त होंगी।
किन्नौर जिले के शोंग-टोंग प्रोजेक्ट की निमार्णाधीन रली एडिट टनल-2 से पानी लीक हो गया। इसके कारण रिकांगपिओ-रामपुर एनएच पर मलबा आने की सूचना है। बताया जा रहा है कि टनल से बड़ी मात्रा में पानी आने से एनएच पर यातायात बंद कर दिया गया है। इसके कारण एनएच के दोनों ओर गाड़ियों की कतारें लग गईं।एचपीसीएल की शोंग-टोंग टनल का पटेल कंपनी की ओर से निर्माण किया जा रहा है। शनिवार रात करीब 10 बजे प्रोजेक्ट में बड़ी मात्रा में लीकेज हो गया। इस वजह से एडिट टनल से बड़ी मात्रा में पानी एनएच पर आ गया। इसके कारण सड़क पर मलबा गिर गया। सड़क बंद होने के कारण एनएच से आवाजाही बंद है। बताया जा रहा है कि टनल के अंदर काम कर रहे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकल लिया है। पानी लीक होने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने एनएच बहाली के लिए मौके पर मशीनें भेज दी हैं। प्रशासन ने टापरी से रिकांगपिओ और रिकांगपिओ से टापरी की ओर आ-जा रहे लोगों को वाया कड़छम-शीलती सड़क से जाने की अपील की है। उधर बताया जा रहा है कि जैसे ही स्थानीय लोगों को इस बात की सूचना मिली तो वे भी मदद के लिए माैके पर पहुंच गए। उन्होंने इस बारे में स्थानीय प्रशासन को भी सूचित किया।
हिमाचल प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों की 7,600 पदों की आउटसोर्स भर्तियों पर ब्रेक लग गई है। राज्य हाईकोर्ट के फैसले के बाद इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन ने भर्ती प्रक्रिया बंद कर दी है। शिक्षा विभाग में 6,200 प्री प्राइमरी शिक्षकों सहित एनएचएम में नर्स, ओटी टैक्नीशियन और फार्मासिस्ट सहित अन्य श्रेणियों की 1400 पदों पर भर्तियां होनी हैं। दरअसल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने इन भर्तियों का इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन को जिम्मा सौंपा है। अब कोर्ट ने काॅरपोरेशन के माध्यम से भर्तियाें पर रोक लगा दी है।सरकार भर्तियों को शुरू करने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखने की तैयारियों में जुट गई है। 21 नवंबर को इस मामले की सुनवाई होनी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कॉरपोरेशन के तहत पंजीकृत सभी कंपनियों का डाटा बेवसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। जब तक सभी कंपनियों का डाटा वेबसाइट पर अपलोड नहीं होगा, तब तक आउटसोर्स भर्तियों पर रोक लगाई गई है। इस कारण इन दिनों काॅरपोरेशन के तहत होने वाली भर्तियों को लेकर प्रक्रिया थम गई है। शिक्षा विभाग ने बीते दिनों काॅरपोरेशन को 6200 प्री प्राइमरी शिक्षकों से संबंधित नियम तैयार कर भेजे थे। काॅरपोरेशन ने इन पदों पर भर्ती के लिए आउटसोर्स कंपनियों का चयन शुरू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। इसी बीच हाईकोर्ट की रोक के चलते यह काम बंद हो गया है। वहीं राज्य लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास करने पर शिक्षा विभाग ने हिंदी विषय के 113 और फिजिक्स विषय के 45 नए स्कूल प्रवक्ताओं को नियुक्तियां दे दी हैं। शनिवार को उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से नियुुक्ति आदेश जारी किए गए। प्रवक्ताओं को 25,800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इनकी नियुक्ति अनुबंध आधार पर की गई है। तय कार्यकाल को पूरा करने के बाद इन्हें नियमित किया जाएगा। सभी नवनियुक्त प्रवक्ताओं को दस दिनों के भीतर पद ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
** जेष्ठ सोमवार को लगेगा विशाल भंडारा कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा में रविवार से दो दिवसीय राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जिसे जेष्ठ सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया जाएगा। यह जानकारी गुफा विकास समिति के अध्यक्ष राम रतन तनवर व मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने दी। उन्होंने बताया कि जेष्ठ सोमवार को कथा विराम के बाद शिव भक्तों व क्षेत्रवासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन समिति व शंभू परिवार द्वारा किया जाएगा। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने तथा भंडारा ग्रहण करने की अपील की हैं। गुफा में भजन कीर्तन का भी आयोजन शिव भक्तों द्वारा किया जाएगा।
विद्युत उपमंडल पधर के अंतर्गत 33/11 केवी सब स्टेशन गवाली में मुरम्मत एवं आवश्यक रख-रखाव कार्य के चलते सोमवार 18 नंवबर को प्रातः 10 से सांय 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक अभियंता पधर नितिन चंदेल ने बताया कि 33/11 केवी सब स्टेशन मे जरूरी रख-रखाव कार्य किया जाएगा, जिसके चलते 8 घंटे तक आपूर्ति बंद की जाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
** कबड्डी में अशोका सदन के खिलाड़ियों ने मारी बाजी पधर: असेंट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पधर में वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुई। विद्यालय में विभिन्न प्रकार के खेलों का आयोजन किया गया। वहीं विद्यालय में छात्रों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न पकवान तथा व्यंजन बनाए गए। इस दौरान विद्यालय के चार सदनों शिवाजी सदन, टैगोर सदन, अशोका सदन, और रमन सदन के मध्य प्रतिस्पर्धा रही, जिसमें कबड्डी के (छात्र) वरिष्ठ वर्ग में अशोक सदन विजय रहा तथा कबड्डी के माध्यमिक वर्ग में शिवाजी सदन प्रथम रहा। कबड्डी (छात्र) जूनियर वर्ग में अशोक सदन प्रथम रहा। इसके साथ वॉलीबॉल में वरिष्ठ छात्र वर्ग में रमन सदन प्रथम,तथा वॉलीबॉल कनिष्ठ वर्ग में टैगोर सदन क्रमशः प्रथम रहा। इसी क्रम में वरिष्ठ छात्रा वर्ग में रस्सा-कस्सी का भी आयोजन किया गया, जिसमें अशोका सदन ने बाजी मारी। इसी कड़ी में कनिष्ठ छात्रा वर्ग की रस्सी स्किपिंग में रिद्धिमा प्रथम, लताश द्वितीय, तथा जन्नत तृतीय स्थान पर रही। सूई धागा प्रतियोगिता में दीक्षा, गुंजन, और शारण्य गुलेरिया प्रथम , द्वितीय और तृतीय स्थान पर रही। इसी प्रकार थ्री लेग दौड़ की प्राथमिक स्तर पर विहान, देवांश, रक्षित, परीक्षित, आयुष, काव्यांश, ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। सौ मीटर दौड़ प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर की छात्रा वर्ग में स्मृति, कनिका, सोनाक्षी प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रही। गुब्बारा दौड़ में प्राथमिक स्तर पर कशिश, कनिका, और शानवी प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रही। चम्मच कंचा दौड़ में प्राथमिक स्तर पर जेस्मिन, हिमानी, एंजेल ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर, म्यूजिक चेयर प्रतियोगिता में माध्यमिक स्तर पर वंशिका, मुस्कान ने प्रथम , द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। पचास मीटर की छात्र वर्ग की दौड़ में प्राथमिक वर्ग पर सूर्यांश, आदर्श, और परीक्षित ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। गुब्बारा दौड़ प्रतियोगिता के प्राथमिक वर्ग में ऋषभ, नवीन, और मयंक ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्रा वर्ग प्राथमिक विभाग के पचास मीटर दौड़ में मीनाक्षी, दर्शिका, और रिद्धिमा ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार प्राथमिक वर्ग की गुब्बारा दौड़ प्रतियोगिता में आराध्या, शिवनय और पलक ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्री प्राइमरी विभाग की टॉफी जंप प्रतियोगिता में नर्सरी कक्षा में अमायरा चौहान, अलीशा, और सार्थक ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। गुब्बारा दौड़ प्रतियोगिता में एलकेजी कक्षा में सूर्यांश, चिराग ठाकुर, और सूर्यांश ठाकुर ने क्रमशः प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। लेमन रेस प्रतियोगिता में यूकेजी कक्षा में कनिका , आरोही, और जीविका ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य गुलाब सिंह चौहान ने प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को स्वर्ण पदक, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को रजत पदक और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को कांस्य पदक से सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने स्टॉल में विभिन्न पकवानों और व्यंजनों का भरपूर लुत्फ उठाया, जिसमें मुख्य रूप से सिडू, गुलाब जामुन, टोस्ट, पानीपुरी, छोले कुलचे, इत्यादि प्रमुख केंद्र का बिंदु रहे।
** मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ: सुरजीत सिंह ठाकुर राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सहायक लोक संपर्क अधिकारी कार्यलय पधर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपमंडल के समस्त मीडियाकर्मियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। एसडीएम सुरजीत सिंह ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। प्रेस क्लब द्वारा मुख्यातिथि को टोपी पहना कर सम्मानित किया गया। इस दौरान एसडीएम सुरजीत ठाकुर ने ‘चेंजिंग नेचर ऑफ प्रेस विषय पर परिचर्चा करते हुए मीडियाकर्मियों से जिम्मेवारी के साथ पत्रकारिता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसकी विश्वसनीयता बनाए रखना मीडिया कर्मियों का कर्तव्य है। वर्तमान परिपेक्ष्य में निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता पत्रकारों के लिए चुनौती है। ऐसे में वास्तविकता के साथ-साथ तह तक जुड़े आंकड़ों के आधार पर समाचार संप्रेषण आवश्यक है। बिना तथ्यों के सनसनी फैलाने और भ्रामक खबरों के प्रकाशन प्रसारण से भी स्वयं को दूर रखना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि ऑनलाइन फ्रॉड और कॉलिंग से लोगों को जागरूक करने के लिए समय समय पर बेहतरीन संदेश दें। इस दौरान प्रेस क्लब द्वारा नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के दिशा निर्देश अनुसार एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भी सौंपा गया। इस दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष नवीन निश्चल शर्मा, महासचिव किरण चौहान, उपाध्यक्ष ललित ठाकुर, कृष्ण भोज, अंबिका शर्मा सहित लोक संपर्क विभाग कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे।
आज यानी 16 नवंबर को खंड सोलन की तीसरी अंडर 12 दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ उप शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिव कुमार शर्मा द्वारा किया गया। यह खेल प्रतियोगिताएं केंद्र पाठशाला शमरोड़ के प्रांगण में आयोजित की जा रही हैं। इन खेलकूद प्रतियोगिताओं की अध्यक्षता खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हरिराम चंदेल द्वारा की जा रही है। खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिव कुमार शर्मा उप शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के तौर पर पूनम कालटा प्रधानाचार्य वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शमरोड़ मदन हिमाचली ग्राम पंचायत प्रधान शमरोड उपस्थित रहे। इस खेलकूद प्रतियोगिता में मुख्य तौर पर कबड्डी खो खो वॉलीबॉल बैडमिंटन एथलेटिक्स कल्चरल में लोक नृत्य भाषण प्रतियोगिता और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में खंड सोलन के 12 केदो के 66 पाठशालाओं से लगभग 250 छात्र और छात्राएं भाग ले रही हैं। सबसे पहली प्रस्तुति मार्च पास्ट की रही, इसमें जोन शमरोड़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
‘‘प्रेस का बदलता स्वरूप’’ विषय पर की गई परिचर्चा राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आज यहां जिला लोक सम्पर्क कार्यालय किन्नौर द्वारा प्रेस कक्ष रिकागं पिओ में ‘‘प्रेस का बदलता स्वरूप’’ पर एक विचार-विमर्श सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें जिला के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों ने भाग लिया। जिला लोक सम्पर्क अधिकारी धीरज भैक ने सभी पत्रकारों का कार्यक्रम में पधारने पर स्वागत किया तथा इस अवसर पर आयोजित विचार-विमर्श सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बदलते स्वरूप में मीडिया की भूमिका में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र निर्माण व विकास में मीडिया की अहम भूमिका है तथा लोकतंत्र में मीडिया का प्रमुख स्थान है तथा इसे लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ भी कहा जाता है। धीरज भैक ने कहा कि प्रदेश सरकार व प्रशासन द्वारा चलाई जा रही विकासात्मक नीतियों व कार्यक्रमों को लोगों तक पहुँचाने में मीडिया की अहम भूमिका रहती है। वहीं इन योजनाओं से मिलने वाले लाभों व योजना की सफलता व कमियों के बारे में फीडबैक देने भी में मीडिया की अहम भूमिका रहती है। परिचर्चा सत्र में भाग लेते हुए उपस्थित सभी पत्रकारों ने प्रेस का बदलता स्वरूप में मीडिया के लाभ व हानियों के बारे में विस्तृत चर्चा की और अपने विचार साझां किए। इस अवसर पर विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार व जिला लोक सम्पर्क कार्यालय किन्नौर के कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिशाषी अभियंता विद्युत टाशी नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 के.वी एच0टी0 रिकांग पिओ सब्जी महोला में शिफ्टिंग कार्य के चलते इसके अंतर्गत आने वाले संपूर्ण क्षेत्र बस स्टैंड के आसपास में 17 नवम्बर, 2024 को प्रातः 09 बजे से सायं 05 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के चलते कार्य पूर्ण नहीं होता है तो अगले दिन भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की असुविधा के चलते जनसाधारण से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज अध्यक्ष सुमन ठाकुर के नेतृत्व में यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की तथा उन्हें अपनी सेवाओं को नियमित करने सहित विभिन्न मांगों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार विधि विभाग की राय लेने के पश्चात उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी तथा उनके हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कार्यवाही की जाएगी। सुमन ठाकुर ने कहा कि वे पिछले 24 वर्षों से सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार को उनकी सेवाओं को नियमित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर सचिव शिक्षा राकेश कंवर, संघ के राज्य समन्वयक अजीत धीमान तथा संघ के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में चिट्टे की लत कई युवाओं की जान ले चुकी है। ताजा मामला बिलासपुर जिले का है। घुमारवीं पुलिस थाने के तहत एक युवक की कथित तौर पर चिट्टे की ओवरडोज से मौत होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, विसरा व यूरिन के सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत चिट्टे की ओवरडोज से हुई है या फिर अन्य कारणों से हुई है, क्योंकि युवक के एक दोस्त ने पुलिस शिकायत में एक साथ चिट्टे का नशा करने की बात कही है। डीएसपी जिला मुख्यालय मदन धीमान ने बताया कि घुमारवीं पुलिस थाने के तहत एक युवक की मौत हो गई हैं। मृतक के दोस्त ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वो वीरवार देर शाम को घुमारवीं से बाइक पर अपने घर जा रहा था, जब रास्ते में उसे उसका दोस्त एक दोस्त मिला, जो कि एक अन्य लड़के के साथ बाइक पर था, जिसके बाद वो और उसका दोस्त उसके साथ उसके घर आया और तीसरी मंजिल पर स्थित उसके रिहायशी कमरे में आ गया, जबकि उसके दोस्त के साथ आया अन्य लड़का अपनी बाइक के साथ सड़क पर ही उनका इंतजार करने लगा। शिकायतकर्ता ने बताया, कमरे में आने के बाद उसने और उसके दोस्त (मृतक युवक) दोनों ने बैठ कर एक साथ चिट्टे का नशा किया। नशा करने के बाद जैसे ही उसका दोस्त घर जाने के लिए उठा तो वो अचानक लड़खड़ाने लगा। उसने शिकायतकर्ता को बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है, जिस पर शिकायतकर्ता ने युवक को बेड पर लिटा दिया और युवक के साथ आए अन्य लड़के को फोन करके बता दिया कि युवक की तबीयत खराब हो गई है और वो सो गया है। उसने उस लड़के को घर जाने के लिए कह दिया। रात के 11 बजे के करीब उसके अपने दोस्त के पास जाकर उसे उठाया, लेकिन वो कोई बातचीत नहीं कर रहा था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि जब उसे अपने दोस्त की तबीयत खराब लगने लगी तो उसके 108 एंबुलेंस को फोन करके सूचित किया। सबसे पहले एंबुलेंस से युवक को सीएचसी हरलोग पहुंचाया गया, लेकिन वहां पर डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके बाद युवक को तुरंत घुमारवीं अस्पताल पहुंचाया गय। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं, परिजनों ने अभी तक किसी पर भी कोई शक जाहिर नहीं किया है। डीएसपी जिला मुख्यालय मदन धीमान ने बताया, "पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया है। विसरा और यूरिन के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
शिमला: जिला में कोटखाई तहसील के कल गोहाच गांव में तेंदुआ दिखने से लोग सहमें हुए हैं। तेंदुआ रात के घर के बाहर आंगन में दहाड़ता हुआ नजर आया। तेंदुए को एक व्यक्ति ने अपने फोन के कैमरे में कैद कर लिया। तेंदुआ घर के आंगन में बैठा है और जोर से दहाड़ रहा है। दहाड़ने की आवाज सुनकर आस-पास के लोगों ने खिड़की से झांक कर देखा तो घर के आंगन में तेंदुआ नजर आया। जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार देर रात साढ़े आठ बजे के आस पास कोटखाई क्षेत्र के गोहाच गांव की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने गांव में कुत्तों पर भी हमला किया। तेंदुए दिखने के बाद पूरे गांव के लोग दहशत में हैं। लोग सुबह शाम अंधेरे में घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की गुहार लगाई है। गौरतलब है सर्दियों का मौसम शुरू शिमला शहर और निचले क्षेत्रों में तेंदुए दिखाई देने के मामले सामने आते रहते हैं। शिमला के आस-पास के क्षेत्रों में तेंदुआ कई बार बच्चों, पालतू और आवारा कुत्तों को भी अपना निशाना बना चुका है। अब एक बार फिर कोटखाई क्षेत्र में तेंदुआ दिखने से लोगों में डर का माहौल है।
भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन का ट्रैक थलुह तक मार्च 2025 में बनकर तैयार हो जाएगा। इस 7.6 किलोमीटर ट्रैक लिंकिंग का काम कंपनी अगले सप्ताह शुरू करेगी। इसके निर्माण के लिए रेल, स्टील, स्लीपर, ट्रैक बलास्ट, गिट्टी जगह-जगह जमा कर दी गई है। खास बात यह है कि ट्रैक बिछाने के लिए छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र से पटरी पहुंच गई है। थलुह से आगे पहाड़पुर तक ट्रैक बिछाने में अभी समय लगेगा। कारण यह है कि थलुह से आगे अभी कई जगह पर पुलों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इनका निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही पहाड़पुर तक ट्रैक बिछाने का कार्य होगा। भानुपल्ली से पहाड़पुर तक की दूरी 24 किलोमीटर है। यहां तक ट्रैक बिछाने, लिंकिंग के लिए रेल विकास निगम ने शिवाकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी को 74.64 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर में पंजाब, हिमाचल प्रदेश में ट्रैक ब्लास्ट आपूर्ति, रेल वेल्डिंग और संबंधित पी-वे कार्य शामिल हैं। सुरंगों को छोड़कर भानुपल्ली, थलुह, धरोट, पहाड़पुर यार्ड शामिल होंगे। भानुपल्ली से पहाड़पुर तक के ट्रैक निर्माण के लिए लगभग 1,19,651 घन मीटर गिट्टी की आपूर्ति करनी होगी, ताकि ट्रैक की उचित स्थिरता,संरेखण सुनिश्चित हो सके। रेल वेल्डिंग के काम में कुल रेल जोड़ों के लिए मोबाइल फ्लैश बट वेल्डिंग, एल्युमिनो-थर्मिक वेल्डिंग दोनों शामिल हैं, जिससे निर्बाध ट्रैक कनेक्टिविटी, परिचालन दक्षता सुनिश्चित होती है। भानुपल्ली से थलुह तक सबसे पहले गिट्टी बिछाई जाएगी। उसके बाद ट्रैक बिछेगा। इसके साथ ही सिग्नल का काम भी पूरा किया जाएगा। वहीं पहाड़पुर तक इंडोर, आउटडोर सिग्नल और दूरसंचार कार्य की आपूर्ति, स्थापना के लिए करीब 54 करोड़ का टेंडर भी जारी किया है। दूरसंचार विभाग इसका कार्य जल्द शुरू करेगा। इस परियोजना में टनलों की कुल संख्या 20 है। टनल नंबर 10 की लंबाई सबसे अधिक 3810.5 मीटर है। वहीं टनल नंबर छह सबसे छोटी 165 मीटर है। इस परियोजना में प्रमुख और महत्वपूर्ण पुलों की संख्या आठ है, जबकि छोटे पुल 27 हैं। वर्तमान में करीब 7 हजार करोड़ की इस परियोजना की लंबाई बैरी तक 63.1 किलोमीटर है। जमीन पर इस परियोजना का 44.7 फीसदी हिस्सा यानि 27.93 किमी बनेगा। इसका 41.7 फीसदी हिस्सा टनलों में होगा, जिसकी लंबाई 26.13 किमी है। 13.6 फीसदी ट्रैक पुलों पर होगा, जिसकी लंबाई 08.54 किमी है। भानुपल्ली, थलुह, धरोट, पहाड़पुर, जकातखाना, बिलासपुर और बैरी स्टेशन होंगे। इसकी संभावित गति 100 किमी प्रति घंटा होगी।
** 3 दिन में स्कूल ज्वाइन करने के निर्देश शिमला: धरने पर गए वोकेशनल शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। कंपनी की ओर से शिक्षकों को ये नोटिस जारी किए गए हैं, साथ ही इन्हें 3 दिन में स्कूल ज्वाइन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों को लिखित में इसका जवाब देना होगा। नोटिस के जरिये शिक्षकों से पूछा गया है कि वह 11 दिन तक स्कूलों से किसकी परमिशन से गायब रहे। यदि इस दौरान शिक्षकों ने छुट्टी ली थी तो इसका भी कंपनी ने प्रमाण मांगा है। इसके साथ ही स्कूलों से शिक्षकों की अटैंडैंस भी मांगी गई है। शिक्षक 11 दिन से धरने पर थे। सूत्रों की मानें तो एमओयू के मुताबिक यदि वोकेशनल शिक्षक 10 दिन तक बिना बताए स्कूल से गायब रहते हैं तो उनकी सेवाओं को समाप्त किया जा सकता है, ऐसे में सर्विस प्रोवाइडर कंपनी की ओर से शिक्षकों को स्कूलों से गायब रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। गौर हो कि शिक्षक सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को बाहर करने व उन्हें विभाग में समायोजित करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे, ऐसे में 11 दिनों से स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा ठप्प पड़ी थी। मामले पर आज यानि 16 नवम्बर को प्रदेश वोकेशनल टीचर वैल्फेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक से मिलेंगे। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया था कि शिक्षकों के आंदोलन की अवधि को रैगुलराइज किया जाएगा। ऐसे में एसोसिएशन सरकार से इन 11 दिनों को छुट्टियों को रैगुलराइज करने की मांग करेगी। बताया जा रहा है कि उनके मामले पर शिक्षा मंत्री 18 नवम्बर को बैठक बुला सकते हैं। इस दौरान यदि वोकेशनल शिक्षक बिना परमिशन से छुट्टियों पर पाए गए तो उनका वेतन भी कट सकता है। नियम के अनुसार बिना परमिशन के छुट्टी पर जाने से वेतन काटा जाता है। शिक्षक 11 दिनों से धरने पर थे, ऐसे में शिक्षकों पर यह कार्रवाई हो सकती है।
एचपीएस अधिकारी विनोद धीमान ने एसपी बद्दी का कार्यभार संभाल लिया है। एसपी बद्दी इल्मा अफरोज के छुट्टी पर जाने की वजह से रिक्त पड़े पद पर प्रदेश सरकार ने एचपीएस अधिकारी विनोद धीमान की तैनाती की है। पुलिस जि़ला बद्दी के नए कप्तान विनोद धीमान ने गुरुवार को जिला मुख्यालय में विधिवत कार्यभार सभाला। एएसपी अशोक वर्मा ने एसपी विनोद धीमान का स्वागत किया और एसपी कार्यालय में तैनात स्टाफ से परिचय करवाया। 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज पुलिस अधीक्षक बद्दी के अर्जित अवकाश अवधि के दौरान 2007 बैच के एचपीपीएस अधिकारी विनोद कुमार को एसपी बद्दी का कार्यभार सौंपा गया है। विनोद कुमार आठवीं बटालियन होम गार्ड चंबा में कमांडेंट के पद पर तैनात थे, जब तक आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज छुट्टी से वापस आकर कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेती एसपी बद्दी के पद पर एसपी विनोद कुमार धीमान तैनात रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के सुधार की बातें तो होती हैं, लेकिन जब खुद सरकारी अधिकारी ही बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रहे, तो सुधार की उम्मीद कैसे की जाए? ताजा मामला हमीरपुर DC ऑफिस से जुड़ा है, हैरानी की बात ये है कि हमीरपुर डीसी ऑफिस के पास पर्यटन निगम की 5 लाख रुपए की देनदारी बाकी है। 1 साल 4 महीने से हमीरपुर डीसी ऑफिस ने ये देनदारी पर्यटन निगम को नहीं दी है। इस मामले को लेकर पर्यटन निगम की ओर से हमीरपुर डीसी ऑफिस से 3 बार पत्राचार हो चुका है, लेकिन अभी तक इस राशि का भुगतान नहीं किया गया है। मामले की जानकारी पर्यटन निगम बिलासपुर के मैनेजर व डीडीओ तुलसीराम ठाकुर द्वारा दी गई। हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम बिलासपुर के मैनेजर व डीडीओ तुलसीराम ठाकुर ने बताया कि हमीरपुर डीसी ऑफिस के साथ-साथ डीसी ऑफिस कुल्लू, डीसी ऑफिस बिलासपुर, एम्स बिलासपुर, सीएमओ बिलासपुर, छात्रा स्कूल बिलासपुर की भी काफी सारी देनदारी पेंडिंग पड़ी हुई है, लेकिन अब पर्यटन निगम बिलासपुर ने इन सभी विभागों को पत्राचार कर दिया है। पर्यटन निगम ने सभी से जल्द से जल्द पेंडिंग पेमेंट को पूरा करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम एचपीटीडीसी ने 48 घंटे के अंदर रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। हिमाचल हाईकोर्ट के 12 नवंबर के आदेशों के तहत निगम के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार ने सभी होटल यूनिट प्रबंधकों को आदेश जारी किए हैं। अपने आदेशों में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सरकारी विभागों, बोर्ड और निगमों से जो पैसे की रिकवरी की जानी है, उसे 30 नवंबर तक पूरा कर लिया जाए। पर्यटन विकास निगम के होटलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के एवज में देनदारियां न चुकाने के कारण निगम का घाटा बढ़ता जा रहा है। घाटा ज्यादा होने के चलते पर्यटन निगम अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स की देनदारी नहीं चुका पा रहा है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में पहले से ही पर्यटन निगम के होटल घाटे में चल रहे हैं। पर्यटन निगम की ओर से इन होटल्स को घाटे से उभारने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सरकारी विभागों के पास लाखों रुपयों की राशि पेंडिंग है। ऐसे में पर्यटन निगम को उम्मीद है कि अगर इस राशि का उन्हें भुगतान हो जाता है तो इससे पर्यटन निगम को थोड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विपक्ष के दुष्प्रचार से विचलित नहीं होगी और प्रदेश की जनता की भलाई के लिए काम करती रहेगी। रामपुर के दत्तनगर में हिमाचल के सबसे बड़े मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लोकार्पण अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की मदद के बिना प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 23 हजार परिवारों का पुनर्वास किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश के किसानों से लिए जाने वाले दूध के दाम सरकार अगले साल के बजट में और बढ़ाएगी। अभी सरकार किसानों से गाय का दूध 45 रुपये और भैंस का दूध 55 रुपये प्रतिलीटर के हिसाब से खरीद रही है। पूर्व जयराम सरकार ने बिना बजट और पर्याप्त स्टाफ के शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान खोले। चुनावी लाभ के लिए 5,000 करोड़ की रेवड़ियां बांटीं। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालन विभाग में 900 पशु फार्मासिस्टों की भर्ती करने जा रही है, ताकि पशुपालकों को घरद्वार पर बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यों के कारण ही हिमाचल गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देने में देशभर में पिछड़ गया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार देवी-देवताओं और जनता के आशीर्वाद से हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर रही है। राजनीतिक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करते हुए कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई है।
हिमाचल में सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वीकेंड पर एक साथ तीन छुट्टियों के चलते हिमाचल में टूरिस्ट की संख्या बढ़ी हैं। शिमला, कुफरी, कसौली, चायल, नारकंडा, मनाली और धर्मशाला में बड़ी संख्या में टूरिस्ट उमड़े हैं। प्रदेश के होटलों में ऑक्यूपेंसी बढ़कर 50 फीसदी तक पहुंच गई है। रोहतांग सहित प्रदेश की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी के बाद सैलानियों का आकर्षण बढ़ा है। विंटर टूरिस्ट सीजन से पहले हिमाचल में सैलानियों की संख्या बढ़ने से पर्यटन कारोबारी उत्साहित हैं। रोहतांग में हुई बर्फबारी के बाद बाहरी राज्यों के सैलानियों ने मनाली का रुख करना शुरू कर दिया है। बीते एक सप्ताह में मनाली पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। शिमला, कसौली, चायल, कुफरी और नारकंडा में भी वीकेंड पर टूरिस्टों की आवाजाही बढ़ गई है। शिमला के रिज मैदान और मालरोड पर शुक्रवार को सैलानियों की खूब चहलपहल रही। कुफरी में सैलानियों ने घुड़सवारी का लुत्फ उठाया। नारकंडा की हाटू पीक पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। शुक्रवार को कसौली में सैलानियों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक जाम की समस्या पेश आई। फेडरेशन ऑफ ऑल हिमाचल होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि लांग वीकेंड पर हिमाचल के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। विंटर टूरिस्ट सीजन से पहले वीकेंड पर टूरिस्टों की संख्या बढ़ने से आने वाले दिनों में अच्छे कारोबार की उम्मीद है। रोहतांग में हुई बर्फबारी के बाद मनाली में सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वीकेंड पर तीन दिन की छुट्टियों के पैकेज के चलते भारी संख्या में सैलानी हिमाचल पहुंचे हैं। होटलों में ऑक्यूऐंसी 50 फीसदी तक पहुंच गई है। अच्छी बर्फबारी हाेने पर सैलानियों की संख्या में बूम आएगा
** 13 देशों के 107 पायलट लेंगे भाग धर्मशाला: कांगड़ा जिले के धर्मशाला के पास नरवाणा स्थित पैराग्लाइडिंग साइट में धौलाधार पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया है, जिसके लिए आयोजकों ने पूरी तरह से तैयारियां कर ली हैं और आज से यानी 16 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता के लिए 13 देशों के 107 पायलट ने पंजीकरण करवा है। यही नहीं आयोजकों द्वारा नरवाणा रोड के समीप ही नई लैंडिंग साइट भी विकसित की जा रही है। ऐसे में अगले साल नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट में एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप से भी बड़ा आयोजन होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट पर एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया था, जिसमें देश-विदेश के पायलटों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी। नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट की वर्तमान लैंडिंग साइट लोगों के खेतों में है। यही नहीं लैंडिंग साइट के साथ लोगों के घर भी हैं, ऐसे में साल भर मौसम साफ होने पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब नई लैंडिंग साइट पर भी काम शुरू हो चुका है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियां निरस्त होने के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल की आज बैठक होगी। शिमला स्थित प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली मंत्रिमंडल की इस बैठक में हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियां निरस्त होने पर चर्चा हो सकती है। वहीं, प्रदेश की सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल 11 दिसंबर को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट की मीटिंग में दो साल का कार्यकाल पूरा होने को लेकर मनाए जाने वाले जश्न को लेकर भी चर्चा हो सकती है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में करुणामूलक आधार पर नियुक्ति देने से संबंधित विषय को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिशों पर बैठक में चर्चा होने की संभावना है। इसी तरह से विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी होना है, जिस पर भी कैबिनेट की चर्चा हो सकती है। हिमाचल में आगामी बजट को लेकर सरकार ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी है। इसको लेकर मुख्यमंत्री पहले ही मंत्रिमंडल के सहयोगियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं, जिसमें मंत्रियों से अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है, ताकि इसे बजट में शामिल करके आम जनता को फायदा पहुंचाया जा सके। हिमाचल में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। प्रदेश में साल 2022 हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की भी गारंटी दी थी। हर बार कैबिनेट की मीटिंग में सरकार का नए पदों को सृजित कर इन्हें भरे जाने का प्रयास रहता है। ऐसे में आज आयोजित होने वाली कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में और भी नए पद सृजित किए जा सकते हैं। इसको देखते हुए युवाओं को कैबिनेट की मीटिंग से काफी उम्मीदें रहती है। सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में पिछली कैबिनेट बैठक 22 अक्टूबर को आयोजित हुई थी, जिसमें मंत्रिमंडल ने वन विभाग में 2,061 वन मित्रों की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। इसी तरह से कैबिनेट ने मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के तहत प्रदेश के पशु चिकित्सालय में सालों से सेवाएं दे रहे GPVA को नियमित करने के लिए 964 पद सृजित किए थे। वहीं, कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में वर्क इंस्पेक्टर के 100 पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा सुक्खू कैबिनेट ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, हमीरपुर में 150 स्टाफ नर्स के पद भरने का भी फैसला लिया था। इसी तरह से मंत्रिमंडल ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में सामान्य चिकित्सा, शिशु रोग, सामान्य शल्य चिकित्सा, अस्थि रोग, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी विभागों में छह एसोसिएट प्रोफेसर के पद और 10 सहायक प्रोफेसर पद सृजित कर भरने का भी फैसला लिया गया था।
डाडा सीबा के विश्रामगृह में शुक्रवार को व्यापार मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा की अगुवाई में सभी व्यापारियों ने दुकानदार पवन शर्मा का टोपी पहनाकर व समृति चिन्ह देकर का मान सम्मान किया गया। पवन शर्मा पिछले 32 वर्षों से डाडा सीबा बाजार में मनियारी की दुकान के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे अब उन्होंने अपनी दुकान सयूलखड में स्थानांतरित कर दी है । पवन शर्मा व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मिलनसार हंसमुख ईमानदार व्यक्तित्व के मालिक है इस मौके पर डाडा सीबा के पूर्व प्रधान धर्मचंद, व्यापार मंडल के उप प्रधान सूरज वर्मा, दंगल कमेटी के प्रधान रितेश शर्मा ,नवजीत सिंह, गुरमीत, रमेश कुमार, रजत सूद, काका, प्रवीण मेहता ,जितेंद्र सिंह, कृष्ण दत शर्मा, आकाश शर्मा ,काका रिंकू ,राजू मैहरा, नवीन मेहता, रमेश मेहता व सोनू मेहरा इस मौके पर उपस्थित रहे
पधर(मंडी)। क्षेत्र के बेरोजगार युवक युवतियों के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर है। इवान सिक्योरिटी फंक्शन प्राइवेट लिमिटेड शिमला द्वारा बीस नवंबर को उपमंडलीय रोजगार पधर में विभिन्न पदों के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे। जिसमें सिक्योरिटी गार्ड के 80 और सिक्योरिटी सुपरवाइजर के 20 पदों हेतु साक्षात्कार लिया जाएगा। उप मंडलीय रोजगार अधिकारी नीरज शर्मा ने कहा कि निर्धारित योग्यता दसवीं, जमा दो, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएट और एमबीए या इससे अधिक को महत्ता दी जाएगी। उम्मीदवार की आयु 20 से 36 वर्ष के समकक्ष होनी चाहिए। पुरुष वर्ग की लंबाई 57 सेंटीमीटर और वजन 60 किलोग्राम तथा महिला वर्ग की 54 सेंटीमीटर और वजन 48 किलोग्राम होना चाहिए। आवेदक शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को कंपनी द्वारा 12000 से 25000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, मूल दस्तावेज, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो सहित 20 नवंबर को प्रातः 11:00 बजे रोजगार कार्यालय में स्थिति दर्ज करवाएं।
नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्मानी ने बताया कि घुमारवीं से एम्स तक चलने वाली बस सेवा के मार्ग में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। घुमारवीं से सुबह 7:40 बजे एम्स जाने वाली बस अब कुठेड़ा से प्रस्थान करेगी। यह बस सुबह 6:40 बजे कुठेड़ा से चलकर घुमारवीं होते हुए एम्स पहुंचेगी। राजेश धर्मानी ने बताया कि इस बस सेवा के मार्ग और समय सारणी में बदलाव से कुठेड़ा से घुमारवीं के बीच स्थित 10 पंचायतों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय इन पंचायतों के निवासियों के अनुरोध पर लिया गया है, जिन्होंने हाल ही में मंत्री से भेंट कर इस बस सेवा को उनके क्षेत्रों से संचालित करने की मांग की थी। मंत्री ने जनता की जरूरतों को समझते हुए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इन पंचायतों को मिलेगा सीधा लाभ : इस नई बस सेवा से कुठेड़ा, तलवाड़ा, पटेर, भुलस्वाएं, मोर सिंघी, कोठी, त्यून खास, लद्दा, मैंहरी काथला, दाबला पंचायतों के करीब 20,000 निवासियों को सुविधा मिलेगी। एम्स जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंच अब इन क्षेत्रों के लोगों के लिए अधिक सुगम हो जाएगी। इस बस सेवा का प्राथमिक उद्देश्य यह है कि परिवहन सुविधा न केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी सहायक होगी। मंत्री ने बताया कि यह बस सेवा खासतौर पर एम्स में उपचार के लिए जाने और वापस आने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर समयबद्ध की गई है। यह कदम ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों के लिए यात्रा को सरल, सुगम और अधिक सुविधाजनक बनाएगा। बस सेवा की नई समय सारणी: कुठेड़ा से एम्स: सुबह 6:40 बजे कुठेड़ा से प्रस्थान सुबह 7:40 बजे घुमारवीं बस स्टैंड पहुंचना सुबह 8:30 बजे एम्स पहुंचना एम्स से कुठेड़ा : शाम 5:05 बजे एम्स से प्रस्थान शाम 6:00 बजे घुमारवीं पहुंचना शाम 7:00 बजे कुठेड़ा पहुंचना
सोलन देऊंघाट की रहने वाली एक नाबालिग लड़की घर में पड़ी डांट से ऐसे उखड़ी की घर छोड़कर ही चली गई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए किशोरी को सोलन के नडोह गांव के पास से बरामद करके परिजनों के हवाले कर दिया है। सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार देऊंघाट निवासी एक महिला ने सदर पुलिस थाने को दी गई शिकायत में कहा कि उनकी 14 वर्ष की बेटी 12 नवंबर को घर से स्कूल के लिए निकली थी। लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटी। महिला ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद भी उन्हें बेटी का कहीं सुराग नहीं मिला। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज करके त्वरित प्रभाव से किशोरी की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद सोलन के नडोह गांव के पास किशोरी पुलिस के हाथ लग गई। इसके बाद पुलिस ने किशोरी का सोलन के जोनल चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। एसपी सोलन के अनुसार पूछताछ में पता चला कि किशोरी माता पिता से मनमुटाव के बाद बिना बताए घर से निकल गई थी। एसपी के अनुसार मामले की जांच जारी है।
आज साई संजीवनी इंस्टीट्यूट और हॉस्पिटल, सोलन में विश्व मधुमेह दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन डॉ. संजय अग्रवाल और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सविता अग्रवाल ने विद्यार्थियों को विश्व मधुमेह रोग के बारे में जानकारी दी। इस साल के विश्व मधुमेह दिवस का विषय "बाधाओं को तोड़ना, अंतराल लाना: उपचार और देखभाल तक समान पहुंच पर जोर देना" था, जिसके विषय पर पूरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर बच्चों ने रंगोली बनाई और मधुमेह के कारणों, लक्षणों और उसके उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन डॉ. संजय अग्रवाल ने बच्चों को मधुमेह के बारे में और इसके बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने मुख्य लक्षणों जैसे पॉलीयूरिया (बार-बार पेशाब आना), पॉलीडिप्सिया (अधिक प्यास लगना), और पॉलीफेजिया (अधिक भूख लगना) के बारे में बताया। इसके साथ ही, उन्होंने सामान्य रक्त शर्करा स्तर के बारे में भी जानकारी प्रदान की। इसी अवसर पर, डॉ. संजय अग्रवाल और डॉ. सविता अग्रवाल ने बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं दीं और निरंतर इस तरह के कार्यक्रमों के बारे में जागरूक रहने की प्रेरणा प्रदान की। कॉलेज की प्रिंसिपल दिवया व सभी अध्यापक उपस्थित रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पट्टाबरावरी ने अपना वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह विद्यालय परिसर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे मदन लाल बदन सेवानिवृत वरिष्ठ लेखा अधिकारी कार्यालय प्रधान महा लेखाकार हिमाचल प्रदेश शिमला का विद्यालय परिवार द्वारा फूलमालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। सरस्वती वंदना और वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विद्यालय प्रधानाचार्य कमलेश चौहान व स्टाफ द्वारा मुख्य अतिथि को शॉल टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत कर विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट सबके सामने रखी। उन्होंने कहा कि विद्यालय के छात्र छात्रा पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद व अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। समारोह में विद्यालय के बच्चो द्वारा एक से एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें नाटी, गिद्दा,,समूह गान, भांगड़ा , पंजाबी ,राजस्थानी व पहाड़ी कार्यक्रम प्रस्तुत कर बच्चो ने खूब वाहवाही लूटी। मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में विद्यालय को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की बधाई देते हुए बच्चो से अपील करते हुए कहा कि अपने अध्यापकों व अभिभावकों के मार्ग दर्शन में अपने जीवन में कामयाबी हासिल कर अपना कैरियर बनाए तथा समाज में फैल रहे जानलेवा नशे से दूर रहे। उन्होंने कहा कि हमें पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद व अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। अंत में मुख्यातिथि ने वर्षभर की विद्यालय गतिविधियों में अव्वल रहने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर गोपाल शर्मा, सुखराम, राम कौशल, डी डी कश्यप, दीश सिंह, लायक राम, हरीश कौशल, नेक राम कौंडल, शिवदत शर्मा, ख्यालीराम, कन्हैयालाल,अ जीत आदि मौजूद रहे।
** कुमारी जॉनसन बेस्ट गर्ल और सुनील बेस्ट वालंटियर बॉय चुने पधर: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कटिंडी में 7 दिवसीय NSS विशेष शिविर गरूवार को संपन्न हुआ। समापन समारोह में सेवानिवृत्ति प्रधानाचार्य प्रवीण वर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। पाठशाला के कार्यवाहक प्रधानाचार्य जगदीश ठाकुर ने मुख्य अतिथि को सम्मानित कर सत्कार किया। इस दौरान मुख्य अतिथि प्रवीण वर्मा ने स्वयंसेवकों को शिविर में आयोजित गतिविधियों को जीवन मे व्यावहारिक रूप से अमल में लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा सेवाभाव का परिचय देते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी विशेष भूमिका निभाएं। वहीं सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए आम लोगों को भी जागरूक करें। NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमल किशोर और रंजना मंढोत्रा ने शिविर दौरान आयोजित की गई तमाम गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस दौरान कुमारी जॉनसन को बेस्ट वालंटियर गर्ल और सुनील ठाकुर को बेस्ट वालंटियर बॉय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 7 दिवसीय विशेष शिविर में 25 स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
बिलासपुर जिले में स्थित गोबिंदसागर झील को पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की तर्ज पर आइलैंड टूरिज्म विकसित करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जल्द ही कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस परियोजना के तहत उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक और एसडीएम सदर अभिषेक गर्ग ने झील के ज्योरीपत्तन क्षेत्र का निरीक्षण किया। जहां एक बड़े द्वीप को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह द्वीप पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए उपयुक्त पाया गया है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी और झील के प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा मिलेगा। इस बड़े द्वीप की खासियत यह है कि यह पानी में स्थित होने के बावजूद आठ से नौ महीने तक पानी से ऊपर रहता है। यह विशेषता इसे पर्यटकों के लिए आदर्श स्थल बनाती है, जहां वे बिना किसी समस्या के प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। इस परियोजना का उद्देश्य बिलासपुर को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना और पर्यटकों को झील में अनूठे अनुभव प्रदान करना है। अंडमान-निकोबार की तरह यहां वॉटर स्पोट्र्स, कैंपिंग और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन कर इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। ज्योरीपत्तन क्षेत्र में ईको फ्रेंडली कैंपिंग साइट्स विकसित की जाएंगी, जहां पर्यटक रात में बोनफायर और स्थानीय संगीत का आनंद ले सकेंगे। झील के चारों ओर नेचर ट्रेल्स और हाइकिंग रूट्स बनाए जाएंगे, जहां प्रकृति प्रेमी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव कर सकेंगे। उपायुक्त के अनुसार स्थानीय संस्कृति व व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए फूड और कल्चरल फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक नृत्य, संगीत व नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। उपायुक्त ने कहा कि झील में ज्योरीपत्तन का यह विकास न केवल क्षेत्रीय पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि बिलासपुर को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
बाल विकास परियोजना देहरा के अधीन उपमंडल ज्वालामुखी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तीन तथा आंगनबाड़ी सहायिका के 17 रिक्त पद भरे जाएंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा सुशील शर्मा ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत मझीण के मझीण केंद्र , ग्राम पंचायत मझीण के दबकेहड़ केंद्र, ग्राम पंचायत सिहोरपाई के जजबाड़ केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद भरे जाने हैं। वहीं मझीण के दबकेहड़, टिप्परी के डुहक, कमलोटा के कमलोटा, हड़ोली के बाह, बदोली के डोल, खुंडिया के अंबाडा, सिहोरपाई के बन चेल्लिया, जखोटा के वोहल जागीर , अलूहा के भौंरन, थिल के थिल, हिरण के हिरण, टिहरी के कण्डा टिहरी, सलिहार के काई, अधवाणी के जटेहड़, गाहलियां के बल्ला, डोहग देहरियां के ठाणा , नाहरबन के पंजयाड़ा केंद्रों में सहायिका के पद भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए पात्र उम्मीदवार सादे कागज पर अपने संपूर्ण दस्तावेजों सहित 9 दिसंबर 2024 शाम 5 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा के कार्यालय में आवेदन जमा करवा सकते हैं। आवेदन के लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिला उम्मीदवार ही पात्र होंगी। उम्मीदवार उसी आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वे क्षेत्र की स्थाई निवासी हो। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के लिए जमा दो पास होना आवश्यक है। उम्मीदवार के परिवार की समस्त साधनों से वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। जिन महिला उम्मीदवारों ने उपरोक्त पदों के लिए पहले से आवेदन किया हुआ है, उन्हें दोबारा करने की आवश्यकता नहीं है।
कथोग स्तिथ लॉरेट इंस्टिट्यूट में डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मसूटिक्स एव इंटरनल क्वालिटी अशुरन्स सेल के दवारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय कैरेक्टराइजेशन ऑफ़ नैन पार्टिकल्स एंड पार्टिकल रियोलॉजी था। इस अवसर पर मुख्यबक्ता मिस्टर अमित भाटिआ प्रोडक्ट स्पेसलिस्ट ऐमिल लिमिटेड दिल्ली, मिस्टर मंजीत सिंह सीनियर बिज़नेस मैनेजर ऐमिल लिमिटेड चंडीगढ़, मिस्टर राजीव कुमार असिस्टेंट बिज़नेस मैनेजर रहे। संस्थान के प्रबंधक एवं निर्देशक डॉ रण सिंह वर्चूअली इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। लॉरेट संसथान के प्राचार्य एवं कैंपस निर्देशक डॉ एम एस आशावत ने मुख अतिथियों का स्वागत गुलदस्ता भेंट करके किया। इस कार्यक्रम में दो सौ से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया। डॉ एम एस आशावत ने सम्भोधित करते हुआ कहा कि स्वागत भाषण कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों को स्पष्ट करता है, जिससे सभी प्रतिभागियों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। स्वागत भाषण से समारोह की गरिमा बढ़ती है और एक सौहार्दपूर्ण वातावरण बनता है। मुख्य वक्ताओं ने नैनोटेक्नोलाजी के बारे में जानकारी साँझा की उन्होंने बताया नैनोटेक्नोलॉजी, विज्ञान और इंजीनियरिंग की एक शाखा है, जिसमें परमाणुओं और अणुओं में हेरफेर करके नई संरचनाओं, उपकरणों, और प्रणालियों को डिज़ाइन किया जाता है। परमाणु स्तर पर परिवर्तन करके, शोधकर्ता किसी पदार्थ के रासायनिक और भौतिक गुणों को बदल सकते हैं। इससे बेहतर सहनशीलता और बढ़ी हुई चालकता सहित बेहतर गुणों वाली नई मैक्रोटेक्नोलॉजी विकसित हो सकती है और नैनोटेक्नोलाजी विज्ञानं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है उन्होंने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा नैनोटेक्नोलॉजी से ऊर्जा क्षेत्र, कृषि , चिकिस्तक आदि क्षेत्रों में अपने भविष्य को निखार सकते हैं। साथ ही साथ उन्होंने ने पार्टिकल रियोलॉजी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा रियोलॉजी का फ़ार्मास्यूटिकल क्षेत्र में कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। कण रियोलॉजी, रियोलॉजी और कण मापदंडों के बीच संबंधों को समझने से जुड़ा है। रियोलॉजी, पदार्थों के प्रवाह और गति के अध्ययन से जुड़ा विषय है। इसमें तरल पदार्थ और ठोस दोनों शामिल हैं। इस कार्यक्रम में एच ओ डी डॉक्टर विनय पंडित एवं डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो सी पी एस वर्मा, डॉ परवीन, डॉ अमरदीप अंकलगी, डॉ अदिति, एसोसिएट प्रो शिव कुमार खुशवा, डॉ मयंक, डॉ स्वाति सहायक प्रोफेसर डिंपल, सहा प्रो अर्चना, सहा प्रो देव राज तथा स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
भारतीय जनता पार्टी सोलन के जिलाध्यक्ष रतन सिंह पाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैंसले ने साबित कर दिया कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार ने किस प्रकार गैर कानूनी तरीके से मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति करते हुए दो साल व्यतीत कर दिए। लगातार हिमाचल प्रदेश के पैसे का दुरूपयोग हुआ, शक्तियों का दुरूपयोग हुआ, 6 मुख्य संसदीय सचिव बनाकर उनको मंत्रियो के बराबर शक्तियां देना गैर कानूनी रहा, संविधान के खिलाफ रहा। पाल ने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं, जिन्होनें सभी 6 मुख्य संसदीय सचिवों को पदमुक्त करने का निर्देश दिया। इनकी शक्तियां व कानून को समाप्त करने का जो फैंसला किया, वो स्वागत योग्य कदम है और हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ अन्यायपूर्ण रवैया वर्तमान कांग्रेस सरकार ने किया है, हम उसकी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा यह फैसला असंवैधानिक और तानाशाहीपूर्ण तरीके से लिया गया था। भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि सीपीएस के पद पर नियुक्त किए गए सभी विधानसभा सदस्यों की सदस्यता भी रद्द की जाए। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी सरकार द्वारा तानाशाही पूर्ण तरीके से यह नियुक्ति अपने इस विधायकों को खुश रखने के लिए की गई थी, जिसका खर्च प्रदेश के आम टैक्स पेयर्स को उठाना पड़ा। सुक्खू सरकार ने यह निर्णय संविधान के दायरे के बाहर रहकर लिया था, जिसे आज न्यायालय द्वारा रद्द कर दिया है। सरकार द्वारा किए गए इस फैसले से स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार संविधान के बजाय अपने प्रावधानों से चलना पसंद करती है। पाल ने कहा कि भाजपा पहले दिन से ही सीपीएस बनाने के फैसले के खिलाफ थी क्योंकि यह असंवैधानिक था। न्यायालय के आदेशों की उल्लंघना थी। इसके विरुद्ध भाजपा ने आवाज उठाई, न्यायालय गए और सरकार के इस फैसले को चुनौती दी गई। असंवैधानिक निर्णय को औचित्यपूर्ण ठहराने में सुक्खू सरकार ने हर स्तर पर राज्य के संसाधनों का प्रयोग किया। पहले हमारी पार्टी के नेताओं के द्वारा दाखिल की गई याचिकाओं के औचित्य पर सवाल उठाने में प्रदेश के करोड़ों रुपए वकीलों की फीस में खर्च की जो ऊर्जा और संसाधन प्रदेश के विकास के लिए लगाए जाने थे उन्हें सरकार ने अपने तानाशाही फैसलों को जायज ठहराने में खर्च किए।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) की परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने का फैसला लिया है। इसके कारण जहां कागजों की बचत होगी तो वहीं परिणाम भी समय पर निकाला ज सकेगा। बता दें कि तकनीकी शिक्षा बोर्ड की ओर से हर वर्ष औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में एससीवीटी परीक्षा ऑफलाइन मोड पर करवाई जाती है। इस प्रणाली में समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। लिहाजा, अब बोर्ड ने बदलाव करते हुए परीक्षा का संचालन ऑनलाइन मोड पर करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए बोर्ड की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। इस बार से अब ऑनलाइन ही परीक्षाएं करवाई जाएंगी। एससीवीटी की परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने के लिए सितंबर में ट्रायल हुआ था। प्रदेश भर में स्थापित 15 केंद्रों पर ऑनलाइन मोड पर 23 ट्रेडों की परीक्षाएं करवाई गई थीं। ट्रायल सफल रहा था। सिर्फ दो ट्रेडों की परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं हो पाई थीं, क्योंकि उन विषयों का अधिकतर भाग थियोरी पर आधारित था। ऑनलाइन आयोजित हुई परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों से एमसीक्यू प्रश्न पूछे गए थे। ऑनलाइन परीक्षा के दौरान टाइमर कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसके चलते अभ्यर्थियों को समय का भी साथ-साथ पता चलता रहेगा। ऑनलाइन परीक्षा का एक फायदा यह भी होगा कि अगर परीक्षा के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो परीक्षा का समय भी रुक जाएगा। जैसे ही फिर बिजली आएगी, तो परीक्षा का टाइम वहीं से शुरू होगा, जहां से बिजली गुल हुई थी। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने एससीवीटी परीक्षाओं के आयोजन के लिए एक नई पहल की है। इस बार से ट्रेड शुरु होने के दौरान ली जाने वाली एससीवीटी परीक्षाओं का आयोजन कंप्यूटर आधारित परीक्षण (सीबीटी) के तहत लिया गया है। इससे जहां कागज की की बचत हुई है, वहीं अन्य भी कई प्रकार के लाभ मिले हैं हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने दिसंबर व जनवरी माह में प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि 16 नवंबर तक बढ़ाई है। पूर्व में आवेदन के लिए 12 नवंबर तक का समय प्रदान किया गया था, परंतु कुछेक विद्यार्थी निजी कारणों से आवेदन नहीं कर पाए थे। अब तिथि बढ़ने से स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षा के नियमित सेमेस्टर और रि-अपीयर के विद्यार्थी 16 नवंबर तक बिना विलंब शुल्क के ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। तकनीकी विवि के परीक्षा नियंत्रक कमल देव सिंह कंवर ने कहा कि दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में प्रस्तावित परीक्षा की संभावित तिथियां भी घोषित कर दी हैं। विद्यार्थी उपरोक्त तिथि तक ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं।
शिमला के रोहड़ू के अन्द्रेव्ठी गांव की रहने वाली शिव्या बालनाटाह ने बनाया विश्व रिकॉर्ड । एक असाधारण उपलब्धि में, रविकांत बालनाटाह की पोती और अभय बालनाटाह और आकांक्षा बालनाटाह की बेटी, बेबी शिव्या बालनाटाह ने विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया है। केवल 1 साल, 11 महीने और 20 दिन की छोटी सी उम्र में, उन्होंने 40 देशों के झंडों और उनकी राजधानियों की पहचान सिर्फ 1 मिनट 45 सेकंड में की। यह असाधारण उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर विश्व रिकॉर्ड बुक द्वारा मान्यता दी गई है। शिव्या बालनाटाह को 12 नवंबर, 2024 को इंदौर, मध्य प्रदेश में आयोजित विश्व रिकॉर्ड बुक सम्मेलन में सम्मानित किया गया। शिव्या की इस विश्व रिकॉर्ड की यात्रा बहुत जल्दी शुरू हो गई थी। उनके माता-पिता ने उनकी सहज जिज्ञासा और तेज बुद्धि को पहचानते हुए उन्हें झंडों और राजधानियों की दुनिया से परिचित कराया। एक मजेदार सीखने की गतिविधि के रूप में शुरू हुआ, यह जल्द ही एक जुनून में बदल गया, क्योंकि शिव्या ने जानकारी को याद रखने और याद करने की अद्भुत क्षमता प्रदर्शित की। उनके समर्पण और लगातार अभ्यास, साथ ही उनके माता-पिता के अटूट समर्थन ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि को हासिल किया। यह शिव्या की पहली मान्यता नहीं है। इस साल की शुरुआत में, उन्हें आकृतियों, वस्तुओं, जानवरों और मानवीय भावनाओं की पहचान करने सहित असाधारण संज्ञानात्मक क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए प्रतिष्ठित केवल 1 साल 6 महीने की आयु मे 'आईबीआर अचीवर' खिताब से सम्मानित किया गया था। उनका हालिया विश्व रिकॉर्ड उनकी एक बाल प्रतिभा के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करता है। शिव्या की कहानी माता-पिता और शिक्षकों के लिए एक प्रेरणा है। यह प्रारंभिक बचपन शिक्षा के महत्व और हर बच्चे में निहित क्षमता को उजागर करती है। उनकी जिज्ञासा को पोषित करके और उन्हें उत्तेजक सीखने के अनुभव प्रदान करके, हम उनकी पूरी क्षमता को अनलॉक कर सकते हैं। जैसे-जैसे शिव्या बढ़ती और सीखती जाती है, दुनिया उनकी अगली उपलब्धि का बेसब्री से इंतजार कर रही है। उनकी यात्रा मानव क्षमता की शक्ति और आगे बढ़ने वाली असीम संभावनाओं का प्रमाण है।
हिमाचल में 15 नवंबर से मौसम करवट बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पश्चिमी हिमालय में 14 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। हालांकि इस दौरान अधिक वर्षा व हिमपात के आसार नहीं हैं। कांगड़ा व कुल्लू में हल्की वर्षा, लाहुल स्पीति, चंबा व कुल्लू के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फ के हल्के फाहे गिर सकते हैं। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में वर्षा व हिमपात की संभावना नहीं है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में सुबह कोहरा पड़ना जारी है। ऊना जिला में 10 दिन तक घना कोहरा पड़ने की संभावना है। मंडी, कांगड़ा व हमीरपुर जिले शिमला से अधिक ठंडे है। बुधवार को शिमला का न्यूनतम तापमान 10.6, मंडी का 9.3 और कागंडा व हमीरपुर का 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। मौसम विभाग ने हमीरपुर, मंडी व बिलासपुर के कई क्षेत्रों में 17 नवंबर तक कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण प्रदेश में सुबह और शाम ठंड काफी बढ़ गई है। दोपहर को धूप लोगों को परेशान कर रही है। करीब डेढ़ माह से वर्षा न होने से किसान व बागवान परेशान हैं। आने वाले दिनों में वर्षा नहीं हुई तो किसानों व बागवानों की मुश्किल बढ़ सकती है। प्रदेश में शुष्क ठंड से फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार दिन तक मंडी, बिलासपुर, ऊना और कुछ अन्य स्थानों पर सुबह व शाम घना कोहरा छाया रहेगा। इससे यातायात सेवाएं प्रभावित होंगी। 15 व 16 नवंबर को एक-दो ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात और वर्षा की संभावना है।
मंडी: माण्डव्य ऋषि की नगरी छोटी काशी मंडी में 15 नवंबर को पहली बार माण्डव्य महोत्सव होने जा रहा है। छोटी काशी मंडी में माण्डव्य महोत्सव मनाने की ये पहल नगर निगम मंडी द्वारा की जा रही है। माण्डव्य महोत्सव के दौरान सबसे पहले भगवान राम माधव राय की पूजा अर्चना की जाएगी। उसके बाद मंडी शहर से लेकर ब्यास नदी के तट स्थित माण्डव्य शिला तक शोभायात्रा निकाली जाएगी और फिर बड़े हवन यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में चार चांद लगाने के लिए इलाके के सभी देवी-देवता विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वहीं, इस दौरान ब्यास तट पर छोटी काशी के इतिहास को दर्शाती हुई प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। नगर निगम मंडी के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने बताया, "शहर के चौहट्टा बाजार से ये शोभायात्रा शुरू होगी, जिसके बाद ये शोभायात्रा मोती बाजार, समखेतर मोहल्ला व शहर के अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ से होते हुए माण्डव्य शिला ब्यास तट में संपन्न होगी। इस महोत्सव के लिए मंडी शहर की कई धार्मिक व स्कूली संस्थाएं भी आगे आकर मदद कर रही है। नगर निगम मंडी के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने इस माण्डव्य महोत्सव सफल बनाने के लिए क्षेत्र के सभी देवी-देवताओं व शहरवासियों से महोत्सव में आने की अपील की है। बता दें कि मंडी शहर को ऋषि माण्डव्य की तपोस्थी कहा जाता हैं। पौराणिक धार्मिक मान्यता है कि प्राचीन काल में माण्डव्य ऋषि ने ब्यास नदी (वैदिक नाम विपाशा) के तट पर मौजूद शिला पर कई साल तपस्या की थी। ये शिला शहर के भ्यूली पुल के पास ब्यास नदी के बीच आज भी मौजूद है। इसी शिला को माण्डव्य शिला के नाम पर जाना जाता है। इसके अलावा ये भी मान्यता है कि माण्डव्य ऋषि के नाम पर ही शहर का नाम मंडी रखा गया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्य संसदीय सचिवों के सचिवालय में कार्यालय खाली कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं और कुछ दफ्तर खाली भी कर दिए गए हैं। सीपीएस के साथ लगाया गया स्टाफ भी वापस बुला दिया गया है। गाड़ियां इनसे वापस ले ली गई हैं। प्रदेश सरकार ने बुधवार शाम को ही यह आदेश जारी किए। यहीं नहीं इन सीपीएस को सरकार की ओर से दी गई सभी सुख सुविधाएं भी हट जाएंगी। सरकारी कोठियां भी खाली करनी होंगी। बुधवार को हाईकोर्ट के फैसले के बाद सचिवालय में सीपीएस के कमरों में सन्नाटा पसरा रहा। कई भी सीपीएस सचिवालय में नहीं देखे गए। सात मंत्रियों के साथ ही इन सीपीएस ने गोपनीयता की शपथ ली थी। सक्खू सरकार में मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा को विधि विभाग, संसदीय कार्य विभाग और बागवानी विभाग, रामकुमार को नगर नियोजन विभाग, उद्योग विभाग और राजस्व, आशीष बुटेल को शहरी विकास विभाग के साथ शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ अटैच किया गया। वहीं, मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल को पशुपालन विभाग, ग्रामीण विकास के साथ पंचायती राज विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई। संजय अवस्थी को स्वास्थ्य जनसंपर्क और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर को ऊर्जा, वन, परिवहन और पर्यटन विभाग विभाग का जिम्मा सौंपा गया। यह छह मुख्य संसदीय सचिव अलग-अलग विभागों के मंत्रियों की काम में मदद करने का जिम्मा दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव से स्टाफ हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वरिष्ठ निजी सचिव भूरी सिंह राणा, तहमीना बेगम और विशेष निजी सचिव सत्येंद्र कुमार सहित अन्य स्टाफ को वापस बुलाया गया है। अब कार्मिक विभाग की ओर से इनकी अलग से नियुक्ति के आदेश जारी किए जाएंगे। राज्यपाल से मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने सीपीएस के स्टाफ के कर्मचारी यानकी देवी, सुनीता ठाकुर, उत्तम चंद, चेतन, संदीप, चंद्र, धर्मपाल, रविंद्र, नेत्र सिंह, मोहिंद्र, विनोद, टिक्कम राम, नीरज और भूपिंद्र को वापस बुलाने के आदेश जारी किए हैं।हिमाचल हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सीपीएस/पीएस की नियुक्ति का कानून फैसला आने तक लागू था। अयोग्यता अधिनियम 1971 के तहत सीपीएस/ पीएस की नियुक्तियों को संरक्षण दिया गया था, लेकिन इस फैसले के बाद मुख्य संसदीय सचिवों व संसदीय सचिवों की नियुक्ति को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट माना जाएगा। एेसे में यदि अब सीपीएस नियुक्त होते हैं, तो उनकी विधायकी भी जाएगी।
मंडी: हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी देवी मंदिर के कपाट 15 नवंबर से भक्तों के लिए बंद होने वाले हैं। सर्दी के मौसम के दौरान ठंड व बर्फबारी के चलते जिला प्रशासन द्वारा ये फैसला लिया गया है। शिकारी देवी मंदिर में यात्रियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए माता शिकारी देवी मंदिर कमेटी के सदस्यों की बैठक में ये फैसला लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम थुनाग रमेश सिंह ने की। बैठक की अध्यक्षता करते माता शिकारी देवी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम थुनाग ने कहा, सर्दी के मौसम में होने वाली संभावित बर्फबारी के कारण मंदिर के रास्ते भारी बर्फबारी के चलते बंद हो जाते हैं, जिससे इन रास्तों से सफर करना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में मंदिर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि 15 नवंबर से माता शिकारी देवी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए आगामी आदेशों तक बंद रहेंगे। एसडीएम थुनाग रमेश सिंह ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि ठंड व बर्फबारी के समय मंदिर आने से परहेज करें। बता दें कि मंडी जिले में 11 हजार फीट की ऊंचाई पर विराजमान माता शिकारी देवी में हर साल नवंबर महीने के अंत में बर्फबारी शुरू हो जाती है, जिसके बाद ये बर्फबारी का सिलसिला आगामी 3 से 4 महीने तक चलता है। मौसम साफ होने के बाद ही मार्च के अंत या फिर अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में माता शिकारी देवी मंदिर के कपाट खुलने की संभावना रहती है। शिकारी शिखर की पहाड़ियों पर स्थित देवी का ये मंदिर आज भी छत से विहीन है। पौराणिक मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने करवाया था। मान्यता के अनुसार मार्कंडेय ऋषि ने इस स्थान पर कई साल तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर माता दुर्गा अपने शक्ति रूप में इस जगह पर स्थापित हुई। इसके बाद अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने भी इसी जगह पर तपस्या की थी। पांडवों की तपस्या से खुश होकर माता दुर्गा यहां प्रकट हुई और उन्हें युद्ध में विजय होने का आशीर्वाद दिया। उसके बाद पांडवों ने यहां मंदिर का निर्माण करवाया। लेकिन किन्ही कारणों के चलते इस मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो सका और पांडव यहां पर मां दुर्गा की पत्थर की मूर्ति को स्थापित करने के बाद यहां से चले गए। तब से लेकर अब तक इस मंदिर पर कोई भी छत नहीं बना पाया है और आज भी ये मंदिर बिना छत के ही है। शिकारी देवी की पहाड़ियों पर हर साल सर्दियों में कई फीट बर्फ गिरती है, लेकिन मूर्तियों के स्थान पर कभी भी बर्फ नहीं टिकती है। जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। मंदिर कमेटी के सदस्य धनीराम ठाकुर ने बताया कि सालों तक कई कोशिशों के बाद भी इस रहस्यमयी मंदिर की छत नहीं बन पाई। ऐसा नहीं है कि यहां पर छत बनाने की कोशिश नहीं की गई। कई बार यहां छत बनाई गई, लेकिन टिक नहीं पाई। यहां पर माता शिकारी देवी खुले आसमान के नीचे रहना ही पसंद करती हैं।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविन्द्र धीमान ने उच्च न्यायालय के फैसले को एक सराहनीय फैसला करार देते हुए फैसले का स्वागत किया है। प्रैस के जारी बयान में पूर्व विधायक ने कहा है कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने छ: चीफ पार्लियामेंट सेक्रेटरी बनाकर मंत्रियों जैसी सुविधाएं देकर के हिमाचल की जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला था। भाजपा पहले से ही इसका विरोध करती रही है छ: चीफ पार्लियामेंट सेक्रेटरी बनाना असवैंधानिक था लेकिन कांग्रेस सरकार ने छ: चीफ पार्लियामेंट सचिव बनाकर उन्हें कैबिनेट का दर्जा दिया था।


















































