नेता जी सुभाष चंद्र ममोरियल उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत सात दिवसीय विशेष शिविर बुधवार को हुआ, जिसका शुभारंभ स्थानीय पंचायत प्रधान हेमंत कुमार महंत द्वारा किया गया। इस दौरान स्कूल प्रधानाचार्य ललित ठाकुर, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी दिग्विजय महंत, लज्जा ठाकुर सहित स्कूल के सभी अध्यापक मौजूद रहे। कार्यक्रम अधिकारी दिग्विजय महंत ने बताया कि विशेष शिविर में स्वयंसेवकों के बौद्धिक, शारीरिक ,मानसिक व सामाजिक विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। वहीं स्वयं सेवियों को देश सेवा, समाज सेवा के साथ-साथ एक अच्छे नागरिक बनने के गुणों बारे जानकारी दी जाएगी। शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों के कैरियर काउंसलिंग के लिए विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों से संसाधन व्यक्तियों को बुलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त दैनिक दिनचर्या के अंतर्गत प्रातः 5:30 बजे पधर बाजार में प्रभातफेरी भी निकाली जाएगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) की नियुक्तियों के सांविधानिक दर्जे पर बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने सीपीएस एक्ट को निरस्त कर दिया है। इसके तहत सीपीएस को दी जा रही सभी सुविधाओं को खत्म कर दिया गया है। अब छह मुख्य संसदीय सचिव अब सिर्फ विधायक के ताैर पर ही कार्य करेंगे। कोर्ट ने सीपीएस की नियुक्तियों को असांविधानिक बताया है। इस मामले में अदालत में पीपल फॉर रिस्पॉन्सिबल गवर्नेंस संस्था की ओर से वर्ष 2016 में याचिका दायर की गई थी। अदालत में दूसरी याचिका कल्पना और तीसरी भाजपा नेता पूर्व सीपीएस सतपाल सत्ती सहित अन्य 11 भाजपा के विधायकों की ओर से दायर की गई थी। इन तीनों याचिकाओं में मूल प्रश्न हिमाचल प्रदेश में 2006 में बनाया गया एक्ट है। इसके तहत पहले भाजपा सरकार ने अपने विधायकों को सीपीएस बनाया था। अब कांग्रेस सरकार ने छह विधायकों को सीपीएस बनाया है। सरकार ने इस मामले में बहस के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किए। भाजपा की ओर से दी गई याचिका में कहा गया है कि सीपीएस पद का संविधान में प्रावधान नहीं है और भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत प्रदेश में 15 प्रतिशत से ज्यादा मंत्रिमंडल नहीं बनाया जा सकता, जिससे हिमाचल में संख्या 12 ही हो सकती है। सीपीएस बनाने के बाद यह संख्या 17-18 पहुंच जाती है। अब हाईकोर्ट ने सीपीएस नियुक्ति एक्ट को निरस्त कर दिया है। वर्तमान कांग्रेस सरकार में छह मुख्य संसदीय सचिव है। सुक्खू सरकार ने अर्की विधानसभा क्षेत्र से संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल को सीपीएस बनाया है। प्रदेश में सीपीएस का मूल वेतन 65 हजार रुपये है। भत्ते मिलाकर ये वेतन 2.20 लाख रुपये प्रति महीना पहुंच जाता है। इसके अलावा सीपीएस को गाड़ी, स्टाफ अलग भी मुहैया करवाया जाता है। विधायकों और सीपीएस के वेतन में 10 हजार रुपये का अंतर है। विधायकों का वेतन और भत्ते प्रति माह 2.10 लाख रुपये है। कुल मिलाकर सीपीएस को मिलने वाले सुविधाओं पर ही सवाल उठते रहे हैं। वैसे सीपीएस की नियुक्ति पर सियासी संग्राम देश के तमाम राज्यों में होता आया है। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2013 में 10 सीपीएस नियुक्त किए थे। प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2007 में दूसरी बार सत्ता में आए तो उनके नेतृत्व वाली सरकार ने 18 महीने के कार्यकाल के बाद 2009 में तीन सीपीएस की नियुक्ति की थी। इनमें सतपाल सिंह सत्ती, वीरेंद्र कंवर व सुखराम चौधरी शामिल थे। हिमाचल प्रदेश संसदीय सचिव (नियुक्ति, वेतन, भत्ते, शक्तियां, विशेषाधिकार और सुविधाएं) अधिनियम 2006 के मुताबिक सीपीएस को मंत्री की तरह कार्य करने की पहले से ही मनाही है। इसके तहत ही सीपीएस नियुक्तियां होती आई हैं। हालांकि, असम और हिमाचल प्रदेश में सीपीएस के लिए बनाए नियमों में भिन्नता है।
हमीरपुर: उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में बकरा नीलामी करने वाले कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। बकरा जांच की नीलामी की जांच के पहले ही दिन नीमाली करने वाले जूनियर असिस्टेंट मनोज कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, इस मामले में जांच अधिकारी तहसीलदार बड़सर धर्मपाल नेगी ने मंदिर परिसर में पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। करीब तीन घंटे तक तहसीलदार द्वारा मंदिर ट्रस्ट के ऑफिस में रिकॉर्ड को खंगाला गया। जांच में पाया कि CCTV कैमरे की निगरानी में बकरों की नीलामी हुई है। इसी फुटेज को जांच का आधार बनाया जाएगा। CCTV फुटेज की डीवीआर भी जांच में सबूत के तौर पर शामिल होगी। एसडीएम बड़सर की ओर से जांच का जिम्मा तहसीलदार बड़सर को सौंपा गया है। वहीं, डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह ने बताया, "कई सूत्रों और कई पक्षों से हमें सूचना मिली कि बाबा बालक नाथ मंदिर में बकरे की नीलामी के लिए जो कमेटी गठित की गई है, उसमें एक कर्मचारी ने हाईकोर्ट के आदेशों की उल्लंघना करते हुए बकरे की नीलामी बहुत कम पैसों में की है। ये कर्मचारी बकरों की नीलामी के लिए अधिकृत नहीं था और उस कर्मचारी ने नीलामी की प्रक्रिया को भी पूरा नहीं किया था। इससे लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है कि मंदिर में इस तरह की गतिविधि की जा रही हैं। एसडीएम को इस मामले में जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह ने बताया कि एसडीएम बड़सर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और जांच के दौरान कर्मचारी को निलंबित भी कर दिया गया है। डीसी हमीरपुर ने कहा कि इस मामले में अगर और कोई अधिकारी या कर्मचारी भी संलिप्त पाया जाएगा तो उसके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम बड़सर राजेंद्र गौतम ने कहा, "तहसीलदार बड़सर धर्मपाल नेगी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो इसके लिए नियमों के तहत नीलामी करने वाले कर्मचारी को निलंबित किया गया है। कर्मचारी को ट्रस्ट की पाठशाला में अटैच किया गया है। बता दें कि बीते शनिवार को मंदिर ट्रस्ट बाबा बालक नाथ की ओर से 31 बकरों की नीलामी की गई थी। इस नीलामी से ट्रस्ट को कुल 60 हजार की आमदनी दर्शाई गई है। नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठने के अगले दिन ही जांच बिठा दी गई थी। तहसीलदार को नीलामी की सात बिंदुओं पर जांच करने के लिए सूची सौंपी गई है। इस सूची के मुताबिक यह पता लगाया जाएगा कि क्या नीलामी प्रक्रिया नीलामी नियमों के तहत हुई है। इन सातों बिंदुओं को आधार बनाकर जांच शुरू कर दी गई है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ममलीग में NSS का 7 दिवसीय शिविर 8 नवंबर से 14 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आज छठे दिन विभिन्न गतिविधियां राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों द्वारा की गई , जिसमें प्रभात फेरी, योग व आसन उसके उपरांत प्रोजेक्ट वर्क के तहत गांव ममलीग में पानी के स्रोतों व गलियों की साफ सफाई की गई साथ ही स्वास्थ्य केंद्र की भी साफ सफाई की गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने चार बोरी प्लास्टिक कचरे की एकत्र की तथा उसका निपटान भी किया। दोपहर बाद बौद्धिक सत्र में एस०एच०ओ० पुलिस थाना सायरी बाला राम ठाकुर द्वारा स्वयंसेवियों को साइबर क्राइम व अन्य तरह के जुर्म नशे आदि के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम अधिकारी संदीप ठाकुर व बिना गुप्ता के अतिरिक्त विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश चौहान, प्रवक्ता राम नेगी, रघुवीर सिंह, मनोज ठाकुर, प्रदीप कुमार, मदन कुमार आदि उपस्थित रहे।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की अति आवश्यक बैठक शुक्रवार 15 नवंबर को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अति आवश्यक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 15 नवंबर को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
** दो-दो घंटे देर से पहुंच रहे घर, परिजन परेशान राजधानी शिमला में जाम आम हैं। सुबह और शाम जाम से स्कूली बच्चों और आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। RKMV से भराड़ी सड़क पर बेतरतीब पार्किंग की वजह से लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ रहा हैं। यहां तक कि पैदल चलने वाले लोगों को भी पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय व्यक्ति सुभाष ठाकुर ने बताया कि इस सड़क पर हर रोज लोग यहां सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं जिस वजह से जाम लग जाता हैं। स्कूल की बसें यहां से गुजरती है जो जाम में फंसी रहती हैं। स्कूल के बच्चे जाम की वजह से प्रताड़ित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वयं कई बार ट्रैफिक पुलिस को जाम के बारे में अवगत करवाते हैं उसके बाद जाम खुल पाता है। लेकिन दोबारा यही स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं भराड़ी स्थित एक निजी स्कूल के शिक्षक जय गौतम ने कहा कि जाम के कारण स्कूल के बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती हैं। इस बारे में कई बार पुलिस प्रशासन को अवगत करवाया गया। शिकायत भी दी गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती हैं। यहां स्कूल में शोधी टूटू और कई किलोमीटर दूर से बच्चे आते है जो शाम को सात बजे तक घर पहुंच पाते हैं जिससे बच्चे ओर अभिभावक दोनों परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वैसे तो यह सड़क वन वे है लेकिन इसमें दोनों तरफ गाड़ियां पार्क की जाती है जिस वजह से जाम लगता हैं। वहीं जाम में फंसे HRTC बस के ड्राइवर ने बताया कि इस सड़क पर हर रोज जाम लगता है। बस को यहां से निकालना मुश्किल हो जाता हैं। पुलिस को कई बार शिकायत दी गई है लेकिन जाम की समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया हैं। ऑकलैंड से भराड़ी सड़क मार्ग पर भी यही स्थिति देखने को मिलती है हालांकि सड़क को चौड़ा कर दिया गया है लेकिन इस मार्ग पर भी सड़क के किनारे गाड़ियां पार्क की गई होती हैं जिससे ट्रैफिक जाम लगता हैं। उन्होंने कहा कि उनके अलावा अनेक लोगों ने भराड़ी के पास स्थायी रूप से यातायात व्यवस्था को बनाने की मांग कर चुके है, लेकिन अब तक इसका निराकरण नहीं हो पा रहा है। गौरतलब है कि शिमला वासियों के लिए लंबे समय से सड़क जाम एक प्रमुख ज्वलंत समस्या बनी हुई है। आम से लेकर खास तक इससे परेशान रहते हैं। लचर यातायात व्यवस्था, सिकुड़ती सड़कें एवं वाहनों के बढ़ते बोझ के आगे यहां ट्रैफिक व्यवस्था आए दिन लड़खड़ाती रहती है। यही कारण है कि वीआइपी से लेकर आम तक की गाड़ी को यहां अक्सर दो-चार होना पड़ता है। शहर के कई ऐसे इलाके हैं जहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। सड़कों से अतिक्रमण हटना एवं फिर लगना यहां के लिए आम बात है। प्रशासनिक तंत्र भी इस पर ठोस निर्णय नहीं ले पा रहा है, जिसके कारण जनमानस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
** ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में धुंध का अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश में फ़िलहाल मौसम शुष्क चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कल से लाहौल- स्पीति, चंबा, कांगड़ा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे इन क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। इसके अलावा मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर में घनी धुंध का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते आने वाले दिनों में कुछ एक जिलों में तापमान तीन डिग्री तक गिर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 14 और 15 नवंबर को उतरी भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति में हल्की फुल्की बारिश और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार बन रहे हैं। मानसून अलविदा होने के बाद से प्रदेश में न के बराबर बारिश हुई है, जिसके चलते अक्टूबर में 95 फीसदी कम बारिश आंकी गई है और नवंबर में भी अभी तक कोई बारिश नहीं हुई है ।
विजिलेंस ने डेढ़ हजार क्विंटल राशन के गबन मामले में गोदाम इंचार्ज के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब विजिलेंस जल्द ही आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश करेगा। मंगलवार को विजिलेंस थाना धर्मशाला में राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के देहरा स्थित गोदाम के तत्कालीन इंचार्ज संजीव कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। विजिलेंस ने जांच में पाया कि विधानसभा क्षेत्र देहरा की जनता के लिए आया 1500 क्विंटल राशन राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में तो पहुंचा, लेकिन गोदाम से क्षेत्र के विभिन्न राशन डिपुओं और उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा। आरोप है कि गोदाम इंचार्ज ने राशन कहीं गायब कर दिया। गोदाम इंचार्ज को हमीरपुर ट्रांसफर किया गया है। जांच पूरी होने के बाद मामला शिमला स्थित निदेशालय में विचाराधीन है। सरवण सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम धर्मशाला देहरा गोदाम इंचार्ज पर राशन गबन करने के आरोप लगे थे। विजिलेंस ने मामले की जांच की है और आरोप सही पाए गए। आरोपी के खिलाफ धारा 420, 409, 465, 471 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 'संतों को राजनीति में नहीं आना चाहिए ' और भगवे वस्त्रों वाले बयान पर जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र धीमान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि खड़गे को भारत का सनातनी इतिहास पढ़ना चाहिए और याद दिलाया कि कई महान संतों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था।आदिकाल से ही भारत की राजनीति में साधु संतों का अमूल्य योगदान रहा है, जिसके भारत के समृद्ध इतिहास में कई उदाहरण मिलते हैं। रविंद्र धीमान ने अपने जारी बयान में कहा कि भगवा रंग पहनकर राजनीति न करने की सलाह यदि खड़गे सनातनी समाज को दी है तो राजनीति में सफेद और हरे रंग को पहनने के लिए भी उन्हें विशेष धर्म के लोगों को अधिकृत कर देना चाहिए था । उन्होंने कहा कि भाजपा वस्त्रों के रंग को देखकर राजनीति नहीं करती। गेरुआ वस्त्र धारण व्यक्ति अपना सम्पूर्ण जीवन ही समाज और संस्कृति को न्यौछावर कर देता है। ऐसा घटिया बयान देने से परहेज करना चाहिए उनका यह कथन सनातनी समाज की भावनाओं का खुलेआम क्रूर मजाक है तथा हिन्दू समाज को उकसाने के समान है। योगी के भगवा वस्त्र और सिर मुड़वाने पर उपहास करना संभवतः कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुसलिम तुष्टिकरण की राजनीति को दर्शाता है क्या वह बिना मूंछ के दाढ़ी वाले लोगों को और उनके पहनावे पर भी कोई टिप्पणी करेंगे? उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस भी बहुत सारे संतों को राजनीति में लेकर आई थी। यह अलग बात है कि अब कांग्रेस में संतों को सम्मान नहीं मिलता तथा केवल धर्म और जाति की राजनीति करने वाली उनकी पार्टी में कोई साधु संत जाने को तैयार नहीं है।
शिमला: हिमाचल में 80 फीसदी से ज्यादा आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है, जिनकी आजीविका खेतीबाड़ी पर निर्भर है, लेकिन पिछले कुछ सालों में जंगली जानवरों की लगातार बढ़ती समस्या के कारण बहुत से किसानों ने खेती बाड़ी के पारंपरिक पेशे को छोड़ना शुरू कर दिया है और अब रोजी रोटी की तलाश में शहर की तरफ पलायन कर रहे हैं। ऐसे में सुक्खू सरकार ने किसानों की पीड़ा को समझते हुए नई पहल की है, जिसके तहत अब सरकार सोलर फेंसिंग की जगह कांटेदार तार व जाली से बाड़बंदी को बढ़ावा दे रही है। इस तरीके से की गई बाड़बंदी ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक टिकेगी। कांटेदार तार व जाली से बाड़बंदी के लिए सुक्खू सरकार किसानों को 70 फीसदी की सब्सिडी का लाभ देगी। बाकी का पैसा किसानों को अपनी जेब से खर्च करना होगा। वहीं, अब सरकार ने सोलर फेंसिंग के लिए सब्सिडी नहीं देने का फैसला लिया है। ऐसे में जिन किसानों व बागवानों ने पहले ही सोलर फेंसिंग के लिए आवेदन किया है। अब उन्हें भी नए सिरे से कांटेदार तार व जाली के लिए एप्लिकेशन देनी होगी। कृषि विभाग के सभी उप निदेशकों व अन्य फील्ड स्टाफ को इसको लेकर किसानों के बीच प्रचार व प्रसार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए लोक मित्र केंद्र से अपना आवेदन कर सकते हैं। किसानों को बाड़बंदी के लिए आवेदन करते समय कई दस्तावेज लगाने जरूरी हैं। इसमें आधार कार्ड, जमीन के खाता खतौनी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की फोटोकॉपी, जाति प्रमाण पत्र और बाढ़ लगाने का एस्टीमेट होना आवश्यक है। बाड़बंदी के लिए 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी। वहीं, लोहे के एंगल के साथ 6 फुट ऊंची कांटेदार तार बाड़ लगाने के लिए 416 रुपए की जगह 291 रुपए प्रति मीटर की दर से अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह से लोहे के एंगल के साथ जालीदार तार की बाड़ लगाने पर 640 की जगह 448 रुपए प्रति मीटर की दर से अनुदान मिलेगा। हिमाचल में अभी भी 80 फीसदी से ज्यादा की ग्रामीण आबादी कृषि और बागवानी पर निर्भर है। प्रदेश में 9.97 लाख परिवार खेती बाड़ी के पारंपरिक पेशे से जुड़े हैं। इनमें 1 हेक्टेयर से कम जमीन वाले सबसे अधिक 7.15 लाख मार्जिनल किसान है। इसी तरह से 1 से 2 हेक्टेयर जमीन होल्डिंग वाले लघु किसानों की संख्या 1.74 लाख है। 2 से 4 लैंड होल्डिंग सेमी मीडियम किसानों की संख्या 0.82 लाख है। इसके अलावा 4 से 10 हेक्टेयर मध्यम किसानों की संख्या 0.26 लाख है। वहीं, 10 हेक्टेयर से अधिक लैंड होल्डिंग वाले किसानों की संख्या सबसे कम 0.03 लाख है।
स्वास्थ्य फिटनेस सर्टिफिकेट न देने वाले जिले के स्कूलों में तैनात मिड-डे-मील वर्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार और विभाग ने यह निर्णय लिया है। हर छह माह बाद सरकारी स्कूलों में कार्यरत मिड-डे-मील वर्करों को फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा। इसकी जांच के लिए जल्द शिक्षा विभाग की टीम भी स्कूलों का निरीक्षण कर जांच करेंगी। स्कूलों में मिड-डे मील के तहत तैनात कर्मियों को हर छह माह बाद अपने स्वास्थ्य की जांच करवानी होगी। इससे स्पष्ट होगा कि खाना बनाने वाले कर्मी किसी गंभीर बीमारी की चपेट में तो नहीं हैं। मिड डे मील वर्करों का एनएफएसए के तहत मेडिकल होगा। यह फैसला स्वच्छ भोजन को लेकर लिया गया है। इसके अलावा खाना बनाते समय टोपी, ग्लब्स समेत अन्य स्वच्छता का भी ध्यान रखना होगा। स्कूल एमडीएम प्रभारी को भी स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्था का ध्यान रखना होगा। फिटनेस सर्टिफिकेट या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा राशन की निगरानी का जिम्मा स्कूल मुखिया और मिड डे मील इंचार्ज को सौंपा है। राशन की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें कितने बच्चों ने दोपहर का भोजन खाया इसकी भी एसएमएस से जानकारी देनी होगी। जिला नोडल अधिकारी एमडीएम राज कुमार पराशर ने बताया कि जिले के स्कूलों में कार्यरत मिड-डे-मील वर्करों और सहायकों के लिए स्वास्थ्य फिटनेस सर्टिफिकेट देना अनिवार्य किया है। इसमें हर छह माह बाद कर्मी को स्वास्थ्य की जांच करवानी होगी। इसके अलावा रसोईघर में स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्थाओं का ध्यान रखने के भी निर्देश दिए है। इसके लिए जल्द स्कूलों का निरीक्षण कर जांच की जाएगी।
जयसिंहपुर/नरेंद्र डोगरा: जयसिंहपुर के अंतर्गत लोअर लंबागांव में 17 नवंबर से क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू होने जा रही है। मोटिवेशन फिटनेस क्लब के प्रधान विकास राणा ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी को खेल प्रतियोगिता के माध्यम से नशे से दूर रखा जा सके। यह क्रिकेट प्रतियोगिता डीएवी पब्लिक स्कूल लोअर लंबागांव के मैदान में आयोजित होगी, उन्हें बताया कि इस प्रतियोगिता की एंट्री फीस₹1100 रहेगी व विजेता टीम को 11 हजार और उपजेता को 5100 देकर सम्मानित किया जाएगा। इस क्रिकेट प्रतियोगिता का अनीश ट्रेडर लंबागांव द्वारा स्पॉन्सर किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए विकास राणा 98171 65857,राकेश सोनी 9816705692 से संपर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार की दुर्गम शिल्ही पंचायत के परवाड़ी गांव में आठ कमरों का ढाई मंजिला मकान जलकर राख हो गया है। आग की घटना में लाखों का नुकसान हुआ है। सुबह जब मकान में आग लगी तो यहां पर अफरा-तफरी मच गई। आग से देखते ही देखते पूरा मकान राख के ढेर में बदल गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
हिमाचल हाईकोर्ट ने बीआरसीसी के लिए एक कार्यकाल से ज्यादा आवेदन करने के मामले में दायर जेबीटी और टीजीटी की याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने कहा है कि जेबीटी और टीजीटी की नियुक्ति का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा प्रदान करना है। सरकार की ओर से अदालत में कहा गया था कि प्रदेश के स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं, ऐसे में उन्हें दोबारा बीआरसीसी नियुक्त नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता ने सरकार की अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। अधिसूचना में कहा गया था कि जो एक बार बीआरसी के रूप में काम कर चुके हैं वह इन पदों के लिए फिर से आवेदन नहीं कर सकते हैं। बीआरसीसी नियुक्त किए अध्यापकों का मुख्य कार्य छात्रों को पढ़ना है। याचिकाकर्ता विभिन्न स्कूलों में जेबीटी शिक्षक के रूप में नियुक्त किए गए थे। वर्ष 2017 में जेबीटी शिक्षक के रूप में उनकी नियुक्ति के दौरान उन्हें बीआरसी के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया।
** मंत्री ने की जयसिंहपुर हलके की विकास योजनाओं की समीक्षा जयसिंहपुर/नरेंद्र डोगरा: आयुष, युवा सेवाएँ एवं खेल मंत्री, यादविंदर गोमा ने मंगलवार को पंचरुखी में लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग और विकास खंड लंबागांव, सुलह व पंचरुखी की विभिन्न विकास योजनाओं के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विधानसभा क्षेत्र जयसिंहपुर में तीनों विकास खंड़ों द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किया जा रहे विकासात्मक कार्यों की समीक्षा के दौरान आयुष मंत्री ने विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि आमजन को विकास का समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लेट लतीफी और गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि से भी सभी पंचायतों को लोगों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने इन कार्यों को तय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने लोगों को मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा रोजगार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवंटित धनराशि का लोगों के मांगों के अनुसार विकास कार्यो के निर्माण में सदुपयोग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए यादविंदर गोमा ने कहा कि लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के तहत लगभग 50 करोड रुपए की लागत से सड़क, भवन इत्यादि के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने विभाग को सीआरएफ के तहत बालू से तिनबड़ सड़क का प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और नाबार्ड व अन्य परियोजना के तहत निर्माणाधीन सभी सडक़ों के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की।
**स्कूल व निहरी क्षेत्र का नाम किया रौशन ** कविता वाचन में मंडी जिला का करेगी प्रतिनिधत्व तहसील निहरी के अंतर्गत ग्राम पंचायत जरल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जरल की आठवीं कक्षा की छात्रा हर्षा कुमारी ने जिला मंडी में आयोजित जिला स्तरीय बाल मेले में कविता वाचन में प्रथम स्थान हासिल किया है। अब यह छात्रा राज्य स्तरीय बाल मेले में जिला मंडी का प्रतिनिधित्व करेगी। इस बच्ची की उपलब्धि पर विद्यालय परिवार जहां गौरवान्वित महसूस कर रहा है वहीं परिजन भी अपनी बेटी के असाधारण प्रतिभा को देख कर बहुत खुश है। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य बालक राम का कहना है कि विद्यालय स्तर से लेकर खंड स्तर तक इस छात्रा ने अपनी मधुर आवाज एवं असाधारण वाचन क्षमता से विद्यालय,परिवार, स्कूल व पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। बंदली पंचायत के तेज तर्रार प्रधान प्रवीन ठाकुर व निहरी निवासी समाज सेवी कितिश गौतम ने छात्रा की इस उपलब्धि को खूब सराहा है और राज्य स्तरीय कविता वाचन में भाग लेने के लिए शुभकामनाएं दी है।
** 90 अंकों की लिखित परीक्षा, निगेटिव मार्किंग हिमाचल प्रदेश में 1,088 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए करीब 1.15 लाख आवेदन पहुंचे हैं। राज्य लोकसेवा आयोग के पास ऑनलाइन आवेदन करने का अभ्यर्थियों के पास मंगलवार को आखिरी दिन था। बीते दिनों आवेदन करने में तकनीकी समस्याएं आने पर आयोग ने तारीख बढ़ाई थी। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर तय की गई थी। इस दौरान तक 92 हजार आवेदन हुए थे। अब कुल आवेदनों की संख्या बढ़कर 1.15 लाख पहुंच गई है। पुलिस कांस्टेबल भर्ती में पुरुषों के लिए 708 और महिलाओं के लिए 380 पद आरक्षित हैं। लिखित परीक्षा पास करने वालों की पुलिस विभाग शारीरिक दक्षता परीक्षा लेगा। पुलिस विभाग में यह भर्ती विशेष कांस्टेबल पदनाम में की जा रही है। चयनित विशेष पुलिस कांस्टेबलों को नशे की रोकथाम का काम दिया जाएगा। भर्ती परीक्षा पास करने वालों का डोप टेस्ट भी होगा। 18 से 25 वर्ष की आयु के अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र हैं। चयनित विशेष पुलिस कांस्टेबलों को लेवल तीन में 20200-64000 रुपये के पे बैंड में वेतन मिलेगा। शारीरिक मानक परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षण से युक्त शारीरिक परीक्षण हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग की ओर से निर्धारित और संचालित किया जाएगा, जो आयोग को ऊंचाई के लिए दिए गए अंकों के साथ योग्य उम्मीदवारों की सूची प्रदान करेगा। शारीरिक परीक्षण में सफल अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से करवाई जाने वाली दो घंटे की अवधि की ऑफलाइन बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रकार की लिखित परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। लिखित परीक्षा में 90 अंक होंगे और निगेटिव मार्किंग होगी। शारीरिक परीक्षण और लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को पुलिस विभाग की ओर से किए जाने वाले दस्तावेज सत्यापन के लिए आयोग के कार्य नियमों के अनुसार विचार के क्षेत्र के अनुसार शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। वे दस्तावेज सत्यापन के दौरान उम्मीदवारों को एनसीसी प्रमाण पत्र के अंक भी प्रदान करेंगे।
** 86 वर्षीय वृद्ध के रास्ते मे गुम हुए 7 हजार रुपये लौटा जीता दिल जनता के रक्षक भक्षक बनकर 15 हजार के पीछे ईमान बेच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ऐसे भी लोग हैं, जो अपने ईमान को बरकरार रखते हुए दूसरों की मदद कर रहे हैं। पधर उपमंडल की ग्राम पंचायत उरला के गांव कुफरधार निवासी पूरन चंद सपुत्र स्व. लालू राम ने गांव से उरला आते बार रास्ते मे पड़ी मिली 7 हजार रुपये की राशि को उसके मालिक को लौटा ईमानदारी की मिसाल पेश की। पूरन चंद लोक निर्माण विभाग से बेलदार सेवानिवृत्त हुए हैं। बीते रविवार को उन्हें घर से उरला आते बार प्राचीन शिव मंदिर के समीप पॉलिथीन लिफाफे में 7 हजार रुपये रास्ते में गिरे पड़े मिले। पूरन चंद ने मिली राशि को सुरक्षित लौटाने की ठान ली। उसके अगले दिन रास्ते में गांव का ही 86 वर्षीय वृद्ध चैतरु राम अपनी खोई राशि की तलाश में रास्ते में पड़ताल करता देखा। तब पूरन चंद ने उनसे वार्तालाप किया तो यह राशि वृद्ध चैतरु राम की पाई गई। मंगलवार को पूरन चंद ने उरला में पंचायत समिति द्रंग के उपाध्यक्ष कृष्ण भोज के समक्ष यह राशि वृद्ध चैतरु राम को वापिस लौटाई, जिस पर बुजुर्ग ने पूरन चंद का आभार जताते हुए उन्हें 500 रुपये सहर्ष बतौर इनाम दिए। उन्होंने कहा कि खून पसीने की गाढ़ी कमाई थी, जिसे पूरन चंद ने उन्हें वापिस लौटाया अन्यथा उन्हें यह राशि वापिस नसीब नहीं होती।
मंडी: छोटी काशी मंडी में पहली बार कुल्लू जिले के प्रमुख देवताओं में से एक माने जाने वाले देवता श्रृंगा ऋषि पधारे। मंडी पहुंचने पर स्थानीय लोगों और देवता समिति द्वारा देवता श्रृंगा ऋषि का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान देवता के आने पर लोगों ने फूलों की बारिश की। देवता श्रृंगा ऋषि छोटी काशी मंडी में जारी श्री रामार्चा महायज्ञ व राम कथा में शामिल होने के लिए पहुंचे। सोमवार को हजारों देवलुओं के साथ देवता श्रृंगा ऋषि मंडी पहुंचे। जहां उन्होंने राज माधव राय के मंदिर में देवता ने हाजरी भरी। इसके बाद देवता पड्डल में जारी राम कथा में शामिल होने के लिए गए। देवता के साथ भारी संख्या में देवलु भी छोटी काशी मंडी पहुंचे, जिनकी संख्या करीब 2 से अढ़ाई हजार थी। देवता के साथ आए पुजारी इंद्र देव शर्मा ने बताया कि यह उनके लिए भी सौभाग्य की बात है कि उन्हें मंडी में जारी रामार्चा महायज्ञ एवं राम कथा में आने का मौका मिला। पुजारी इंद्र देव शर्मा ने बताया, "देवता श्रृंगा ऋषि पहली बार ही मंडी जिले में पधारे हैं। देवता अब मंडी में जारी राम कथा में शरीक होंगे और लोगों को अपना आशीर्वाद देंगे। वहीं, सर्व देवता समिति मंडी के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने बताया कि कुल्लू जिले के देवता मंडी आए हैं। ये पहली बार मंडी जिले में पधारे हैं और सबको अपना आशीर्वाद दिया। मंडी वासियों द्वारा परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया गया है। देवता समिति ने भी देवका मंडी आने पर भव्य स्वागत किया।
शिमला: हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला लौट आए हैं। वह सिरमौर दौरे पर थे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नन्द लाल का कुशलक्षेम जाना। नन्द लाल अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सीएम सुक्खू ने उनके जल्द स्वास्थ्य होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी अस्पताल में मरीजों को दी जा रही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने नवनिर्मित ट्रामा वार्ड में जाकर मरीजों से बातचीत करते हुए उन्हें उपलब्ध करवाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और चिकित्सकों व नर्सों से मिल रहे स्वास्थ्य उपचार एवं परामर्श के बारे में जानकारी हासिल की। वहीं, सीएम सुक्खू ने नर्सों के साथ संवाद भी किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों, नर्सों और मरीजों के अनुपात के मुताबिक डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती कर रही है ताकि मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। इसके लिए जल्द ही अस्पतालों में चिकित्सकों और नर्सों के खाली पदों को भरा जाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुधार किया जा रहा है। वहीं, स्टाफ की कमी को भी प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है ताकि लोगों के प्रदेश के अंदर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चन्द्र पठानिया भी मौजूद रहे।
मंडी: जिला मंडी के पधर पुलिस थाने के एसएचओ ने 15 हजार रुपए में अपना ईमान बेच डाला। पधर थाने के एसएचओ ने एक केस के सेटलमेंट के बदले 15 हजार की रिश्वत मांगी और विजिलेंस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। मामला सोमवार देर शाम का है। डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने बताया कि एसएचओ पधर ने एक व्यक्ति से केस के सेटलमेंट के बदले 15 हजार रुपयों की मांग की और उसे यह पैसे अपने आवास पर लाने को कहा। व्यक्ति ने इसकी सूचना विजिलेंस को दे दी, जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और व्यक्ति को पैसों संग एसएचओ के आवास पर भेजा। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर एसएचओ को रंगे हाथ दबोच लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हर तरफ एसएचओ के इस कृत्य की चर्चाएं हो रही हैं। विजिलेंस विभाग की इस गुप्त कार्रवाई की किसी को कानों कान भनक तक नहीं लग पाई। विजिलेंस की टीम ने आरोपी एसएचओ को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की टीम इस मामले में गहन जांच पड़ताल करते हुए आरोपी एसएचओ की सम्पत्ति की जांच भी करवा सकती है। डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने बताया, "विजिलेंस की टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते हुए एक एसएचओ को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस द्वारा नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
** नम आंखों से दी शहीद को अंतिम विदाई मंडी: मां भारती की रक्षा के लिए हिमाचल के वीर सपूत ने अपने प्राणों का बलिदान किया। नायब सूबेदार राकेश कुमार जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आंतकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए। हिमाचल के वीर सपूत शहीद राकेश कुमार आज पंचतत्व में विलीन हो गए। शहीद के पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद राकेश कुमार की अंतिम यात्रा में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा। हर ओर भारत माता की जय के नारे गूंज उठे और नम आंखों से शहीद को विदाई दी। आज सुबह शहीद राकेश कुमार का शव उनके पैतृक गांव बरनोग में उनके घर पहुंचा. इस दौरान बड़ी तादाद में लोग शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए. जैसे ही शहीद का शव उनके घर पहुंचा तो उनकी पत्नी भानुप्रिया पति शव से लिपटकर रो पड़ी और पति की पार्थिव देह को दुलारती रही। इस मार्मिक दृश्य को देखकर हर कोई भावुक हो उठा। शहीद की पत्नी ने पति की अर्थी को कंधा दिया और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए और रोते-बिलखते हुए विदाई दी। शहीद की 14 वर्षीय बेटी ने भी अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया। इस दौरान शहीद का 7 वर्षीय बेटा भी वहां मौजूद रहा। 43 वर्षीय शहीद नायब सूबेदार राकेश कुमार मंडी जिले के बल्ह उपमंडल के तहत बरनोग गांव के रहने वाले थे। राकेश कुमार भारतीय सेना की 2-पैरा स्पेशल फोर्स में थे। 10 नवंबर रविवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के केशवान इलाके के गिदरी जंगलों में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में राकेश कुमार गंभीर घायल हो गए थे, जिसके बाद वो शहीद हो गए। 11 नवंबर को उनकी पार्थिव देह मंडी पहुंच गई थी और आज सुबह उनके पैतृक गांव में, जहां परिवार, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उनका अंतिम संस्कार किया।
** वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ ** प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की बढ़ाई शोभा सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज 44वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की उपलब्धियों और सह पाठ्यक्रम योगदान को मान्यता देना था। समारोह में प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। हेड गर्ल काव्या ने मुख्य अतिथि को बैज पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके पश्चात छात्रों ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि द्वारा एकेडमिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया, जिनमें शिवांश, अक्षिता, काव्यांश चौहान, तन्वी ठाकुर, आदित्य, अक्षरा, सिद्धि, दृष्टि और धन्या शामिल थे। समारोह में स्कूल टीम और वालंटियर्स को भी पुरस्कृत किया गया। हेड गर्ल काव्या वर्मा, हेड बॉय अनमोल, वाइस कैप्टन तनीषा और बेअंत, स्पोर्ट्स कैप्टन धन्या, हाउस कैप्टन में विरजानंद हाउस से दिव्यांशी और अमानत, दयानंद हाउस से दीपांशी और साहिल पाल, श्रद्धानंद हाउस से ऐरीश और निखिल, विवेकानंद हाउस से अर्शिया और उदय शामिल थे। इसके अतिरिक्त, गार्गी, हिमांशी, कृतिका, शगुन, सौम्या, चिराग, ईशान, उज्जवल, मयंक, अक्षित, और प्रिया सहित अन्य स्कूल टीम के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विविध प्रस्तुतियां दी गईं जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा, विशेष आकर्षण रहे विष्णु स्तुति, पंजाबी गिद्दा, और क्लासिकल डांस। मुख्य अतिथि ने समर्पित शिक्षकों को भी सम्मानित किया, जिनमें कोऑर्डिनेटर वीर सिंह, जगदीश, श्वेता, अमित, गंगा, रीता, मिडल क्लास एक्टिविटी इंचार्ज अंजना, स्पोर्ट्स इंचार्ज वीणा कौशिक, वंदना शर्मा, सीरियल एक्टिविटी इंचार्ज वंदना सोबती, उत्कृष्ट वीडियोग्राफर और कोरियोग्राफर संजू राजपूत का नाम प्रमुखता से शामिल था। कक्षा 12वीं के छात्रों को विशेष पुरस्कार से नवाजा गया, जिनमें बेस्ट स्टूडेंट: तनीषा चौहान, उदय मित्तल अवार्ड: बेअंत सिंह,आर्य कुमारी: प्राणशिता और पावनी, बेस्ट एंकर: अनरज्ञा दीवान और काव्या वर्मा, बेस्ट हाउस इन स्पोर्ट्स: दयानंद हाउस, बेस्ट हाउस इन मॉर्निंग असेम्बली गतिविधियों: श्रद्धानंद हाउस, बेस्ट क्लास इन मिडल क्लासेस: छठी ए, बेस्ट क्लास इन हायर क्लासेस: नौवीं बी, मुख्य अतिथि और प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने छात्रों को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने और देश के निर्माण में अपना योगदान बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों को बताया कि मेहनत, समर्पण और उत्कृष्टता की खोज सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन एक्टिविटी इंचार्ज वंदना सोबती के मार्गदर्शन में कक्षा 12वीं की छात्रा अनरज्ञा दीवान द्वारा किया गया। समारोह का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में 7वें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष नन्द लाल का कुशल-क्षेम जाना। नन्द लाल अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री ने इसके उपरान्त अस्पताल में दी जा रही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का निरीक्षण भी किया। उन्होंने नवनिर्मित ट्रॉमा वार्ड में मरीजों से बातचीत करते हुए उन्हें उपलब्ध करवाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और चिकित्सकों व नर्सों से मिल रहे स्वास्थ्य उपचार एवं परामर्श के बारे में जानकारी प्राप्त की। नर्सों के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों, नर्सों और मरीजों के अनुपात के दृष्टिगत चिकित्सकों और नर्सों की भर्ती कर रही है ताकि मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। मुख्यमंत्री के साथ कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष रामचंद्र पठानिया मौजूद रहे।
** शिविर मे कुल 62 स्वंयसेवी ले रहे है भाग जसवां:परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पीएम बाबा काशीराम राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाडा सीबा में मंगलवार को सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम व नशे के खिलाफ शपथ दिलाते हुए सात दिवसीय एनएसएस शिविर का शुभारंभ हो गया। स्कूल प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार की अध्यक्षता मे आयोजित हुए इस एनएसएस शिविर मे बतौर चीफ गेस्ट कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने शिरकत की। कार्यक्रम अधिकारी अशवनी सपेहिया , महिला अधिकारी देवना भारती ने जानकारी देते हुए कहा कि इस एनएसएस शिविर मे कुल 62 स्वंयसेवी छात्र छात्राएँ भाग ले रहे है जिसमे 32 लड़कियां व 30 बंलटियर छात्र भाग ले रहे है। इस मौके पर स्कूल प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अशवनी सपेहिया ने मुख्य अतिथियों का जोरदार स्वागत किया तो बही चीफ गेस्ट कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने बंलटियर छात्रो के नशे के खिलाफ शपथ दिलाते हुए उन्हें ऐसे प्रदार्थो से दूर रहने की सलाह दी । वही कार्यक्रम के पहले दिन 62 बंलटियर छात्र छात्राओं ने जहां सुबह वहां इलाके भर मे प्रभात फेरी निकाल कर दिनचर्या की शुरुआत की और इसके पश्चात स्कूल कैम्पस के आस-पास बिखरा कूडा कर्कट ठीकाने लगाया ।
ब्लाक खंड परागपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बठरा में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोप लगे है, लिहाजा पचायत मे भिन्न-भिन्न निर्माण कार्य के मस्टरौल पर अब कामगारों की फर्जी हाजरियां लगाकर 42 हजार 900 रुपये का घोटाला करने के सगीन अरोप लगे है । शिकायत कर्ता की बात माने तो जहां निर्माण कार्य पर कामगारों की फर्जी हाजरियां लगाई गई है वहां निर्माण कार्य हुआ ही नहीं है और बिना काम किए बगैर ही सरकार के 42 हजार 900 रुपये सभा के फंड से निकाल लिए, ब्लाक खंड अधिकारी परागपुर मुकेश ठाकुर ने इस बारे जांच करने के उपरांत पचायत प्रधान व सचिव को 42 हजार 900 रुपये की रिकवरी होने की बात कही है । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पंचायत से 42900 रुपए की रिकवरी होगी, जिसके बारे रिपोर्ट बीडीओ और डीपीओ को भेज दी है। इस बारे परीक्षित धीमान ने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी। जानकारी के मुताबिक जब सभा फंड से 42900 रुपए निकलने की जांच की गई तो मामला सही पाया गया। पंचायत इंस्पेक्टर देशराज ने बताया कि इस इस मामले में पंचायत के पदाधिकारियों पर 42900 रुपए की पेनल्टी लगाना तय है। आपको बता दें कि पंचायत पदाधिकारियों में एक ही दिन एक व्यक्ति की हाजरी कई जगह लगाई थी, जिसके चलते यह कार्यवाही हुई है। सूत्रों ने बताया कि वह व्यक्ति कागजों में हर काम पर हाजिर था, बस उसकी उम्र 39 साल, 36 साल और 34 साल बताई है कहा जा रहा है कि इस मामले में वार्ड मेंबर भी काम होने से मुकर गए है। सूत्रों ने कहा कि इस मामले में बठरा पंचायत के प्रधान और सचिव को 42900 रुपए की रिकवरी भरने पड़ेगी। आपको बता दें कि बठरा पंचायत में पहले भी इस तरह के भ्रष्टाचा के आरोप लग चुके हैं। जहां उपप्रधान ने प्रशिक्षु बेटे की हाजरियां मनरेगा के काम में लगा दी थी। उधर संबंध में वी डी ओ मुकेश कुमार परागपुर से बात की उन्होंने बताया बठरा पंचायत में जो पंचायत के कार्यों में घपला बाजी हुई थी उसकी जांच की गई 42900 रिकवरी डाली गई है। इस संबंध में बठरा पंचायत की प्रधान सुनीता देवी से बात की गई तो उन्होंने बताया इन कामों के जो मिस्टरोल निकले गए हैं । वह पंचायत सचिव ने अपनी मर्जी से मस्टरोल निकाले हैं। इस बारे में मुझे कोई भी जानकारी नहीं है आज आरटीआई के तहत जब रिपोर्ट आई है तो मुझे इस बारे में जानकारी हुई है।
यूको बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश का 14वां त्रिवार्षिक सम्मेलन सोलन स्थित हिमानी रिसॉर्ट में आयोजित किया गया, जिसमें पूरे प्रदेश से लगभग 250 अधिकारियों ने भाग लिया । कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम के प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि यूको बैंक के महा प्रबंधक रणजीत सिंह रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान डी एस सान्याल ने की। इस अवसर पर अखिल भारतीय यूको बैंक अधिकारी संघ के चेयरमैन दीपांकर मित्र, महासचिव संदीप चौबे, एडवाइजरी काउंसिल के अध्यक्ष अशोक हांडा, हिमाचल इकाई के चेयरमैन जे सी शांडिल, एडवाइजरी काउंसिल के संयोजक रवींद्र कुमार शर्मा,महासचिव पीयूष राठौर ,संयुक्त सचिव दिलावर चौहान के अलावा कई व्यक्ति मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि व अन्य वशिष्ट अतिथियों को सम्मानित कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किये गए।अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि हिमाचल के अधिकारी बहुत मेहनती हैं तथा पूरी निष्ठा से काम करते है । उन्होंने कहा कि सभी मिल कर प्रयास करें तथा अपनी जिम्मेवारी को अच्छी तरह से निभाएं। कोई भी खाता खोलती बार बैंक के नियमों का पालन करें। आजकल धोखाधड़ी के मामले व साईबर क्राइम ज़्यादा हो रहे है इनसे खुद भी बचें और बैंक को भी बचाएं। इस अवसर पर महासचिव पीयूष राठौर ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसे उपस्थित सभी अधिकारियों ने ध्वनिमत से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों का जीवन बहुत कठिन हो गया है। उनके बैंक में आने का तो समय है लेकिन जाने का समय नहीं है जिससे परिवारिक जीवन बहुत प्रभावित हो रहा है। बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों से सम्बंधित कई मांगें हैं जो बहुत दिनों से लंबित हैं। 12वे वेतन समझौते में आईबीए ने बैंकों में 5 दिन के सप्ताह को मंजूरी दी थी,जिसे अभी तक लागू नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का स्थानांतरण बहुत दूर किया जा रहा है,बैंकों की शाखाएं बहुत दुर्गम व कठिन क्षेत्रों में हैं जिन्हें नान फैमिली स्टेशन माना जाता है ऐसे स्थानों में से कुछ को नान फैमिली स्टेशन की सूची से मनमाने तरीके से हटाया जा रहा है, जबकि ऐसे क्षेत्रों में खुली नई शाखाओं को नान फैमिली स्टेशन नहीं माना जा रहा है,अधिकारियों के काम करने का समय निर्धारित नहीं है तथा जब प्रबंधन चाहे उन्हें काम पर बुला लेता है। अधिकारियों के कार्य का भी समय तय होना चाहिए तथा यदि बहुत ही जरूरी हो तभी छुट्टी वाले दिन बुलाया जाना चाहिए। अधिकारियों के काम करने का निर्धारित समय न होने के कारण परिवार और कार्य में समन्वय स्थापित नहीं हो रहा है, जिससे अधिकारी मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से एकजुट होने का आह्वान किया ताकि अधिकारियों के अधिकारों की लड़ाई इक्कठे होकर लड़ी जा सके। इस अवसर पर नील केतन साहू ने बहुत सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी, जबकि जयप्रकाश शर्मा ने अपने मधुर कण्ठ में लोक गीत गाकर समां बांध दिया। इस अवसर पर हिमाचल के बैंकों में ट्रेड यूनियन आंदोलन के भीष्मपितामह जे सी शांडिल को अपना पदभार छोड़ने पर भावबीनी विदाई दी गई। इस सम्मेलन में विभिन्न बैंकों की यूनियनों के कई प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में अशोक हांडा चुनाव अधिकारी की देखरेख वर्ष 2024-27 के लिए सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें रवींद्र कुमार शर्मा को चेयरमैन, डी एस सान्याल को प्रधान, पीयूष राठौर को महासचिव, अनूप राव व मयूर मेहता को वरिष्ठ उपप्रधान, दिलावर चौहान को संयुक्त सचिव,अभिषेक डोगरा व अमित को उपप्रधान,आशीष माहना, पवन नवालिया व वैभव शर्मा को उप महसचिब, विशाल चौहान व किशोर कुमार को अंचल प्रधान, पार्थ व विक्रांत खनूरिया को अंचल सचिव, दीप्तांशु, रजत,आयूष, अनुराधा,रामकिशन, हितेंद्र, संदीप वर्मा को सह सचिव, अंकुश व रविंद्र कपूर को उप अंचल सचिव, बी के भारद्वाज को एडवाइजरी कौंसिल का चेयरमैन बनाया गया। प्रिंस कापटा, अभिनव,सुनील, रोहित ,हतासन्न, अक्षित,विश्वजीत, सुनील वर्मा, गौरव, अनुराग,भिनव,नेहा को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया। सम्मेलन के अंत में संयुक्त सचिव दिलावर चौहान ने सभी उपस्थित अतिथियों व अधिकारियों का सम्मेलन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद किया।
जिला सिरमौर के शिलाई इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना से पूरे क्षेत्र को गहरा आघात पहुँचा है। जैसे ही 40 वर्षीय शीला देवी को अपनी मां के निधन की सूचना मिली, परिजनों द्वारा उन्हें तुरंत उनके मायके बुलाया गया, ताकि वह अपनी माँ के अंतिम दर्शन कर सकें। शीला देवी जब भारी मन और नम आँखों के साथ अपनी माँ के सामने पहुँचीं, तो भावनाओं का सैलाब उनके भीतर उमड़ पड़ा। अपने प्रियजन को आखिरी बार देख कर उन्होंने उनके अंतिम संस्कार की तैयारी में हाथ बंटाने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही उन्होंने अपनी माँ को कफन ओढ़ाने की कोशिश की, अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिजनों में हड़कंप मच गया। शीला देवी को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों का मानना है कि माँ की मृत्यु का गहरा सदमा उनकी बेटी के लिए इतना असहनीय हो गया कि उनके दिल और दिमाग ने इसे सहने से इंकार कर दिया। माँ के बिना जीने का विचार ही शायद उनके लिए इतना भारी हो गया कि उनके शरीर ने उनका साथ छोड़ दिया। इस दुखद घटना ने सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में मातृत्व और बेटी के इस गहरे रिश्ते की अनकही पीड़ा को उजागर किया है। एक माँ और बेटी का यह आखिरी बंधन एक ऐसी मार्मिक कहानी बन गया है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। माँ का अंतिम संस्कार उसी दिन किया गया, और अब गाँववाले बेटी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। इस घटना से पूरे शिलाई क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है, और लोग इस मर्मस्पर्शी घटना को सुनकर स्तब्ध हैं।
** 1200 को मिलेगा रोजगार हिमाचल में निवेशकों ने 24 नए उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योग विभाग के पास आवेदन किया है। कई बड़े औद्योगिक घराने करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश कर यहां अपने उद्योग लगाएंगे। इन उद्योगों में प्रदेश के करीब 1,200 लोगों को रोजगार मिलेगा। राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं निगरानी प्राधिकरण (सिंगल विंडो) की बैठक में निवेशकों के आवेदनों को मंजूरी मिलेगी। जिन नए उद्याेगों के लिए आवेदन आए हैं उनमें फार्मा, पैकेजिंग, फूड और हेल्थकेयर से संबंधित उद्योग शामिल हैं। सिंगल विंडो की बैठक मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होती है। उद्याेग विभाग ने बैठक के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा है। सीएम सेे समय मिलने के बाद बैठक होगी। 23 जुलाई को सिंगल विंडो की बैठक हुई थी। इसमें नए उद्योग स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। उसके बाद चार महीनों से बैठक नहीं हुई है। निर्वाना कंकरीट लिमिटेड ने भी हिमाचल में निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों ने सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना से मुलाकात की। बैठक में हिमाचल में सीमेंट उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार विमर्श हुआ। आने वाले दिनों में निर्वाना कंकरीट लिमिटेड के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी मुलाकात करने वाले हैं।
**रेल विकास निगम ने आमंत्रित किए टेंडर बिलासपुर तक रेल लाइन पर बनने वाले दो महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण 523 करोड़ रुपये से होगा। इन पुलों का काम आवंटित होने के बाद भानुपल्ली से बिलासपुर तक रेल लाइन के सभी कंक्रीट निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे। बिलासपुर तक बनने वाले 13 प्रमुख और महत्वपूर्ण पुलों, दो वायडक्टों और 16 टनलों का काम पहले ही शुरू हो चुका है। रेल विकास निगम ने पुल नंबर 49 और 50 के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। लोहारा खड्ड पर बनने वाला 49 नंबर पुल 415 मीटर और गंभर खड्ड पर बनने वाला 50 नंबर पुल 550 मीटर लंबा होगा। यह पुल रेल लाइन के 36 से 40 किलोमीटर के हिस्से में बनाए जाएंगे। 49 नंबर पुल टनल नंबर 12 को जकातखाना रेलवे स्टेशन से जोड़ेगा। 50 नंबर पुल टनल नंबर 13 और 14 को जोड़गा। पुलों के साथ कटिंग, फिलिंग, अप्रोच मार्ग आदि निर्माण भी किया जाएगा। पुलों के निर्माण के लिए अंतिम सर्वेक्षण, भू-तकनीकी जांच और भूकंपीय अध्ययन का काम पूरा हो चुका है। बता दें कि भानुपल्ली से बैरी तक 62.60 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। बिलासपुर शहर के साथ लगते बामटा तक इसका निर्माण शुरू हो चुका है। बामटा से आगे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। पंजाब के भानुपल्ली से हिमाचल के पहाड़पुर तक पहले 24 किलोमीटर तक मार्च 2025 तक रेल चलाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि साल 2026 तक इस रेल लाइन को बिलासपुर तक चलाने का लक्ष्य है। इस रेल लाइन पर कुल 6753.42 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने वर्ष 2025-26 सत्र से एनईपी-2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए कवायद तेज कर दी है। एचपीयू ने यूजी कोर्स का एक साल का पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है। शेष बचे पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए कमेटी गठित की गई है। विवि ने एक साल के पाठ्यक्रम को बोर्ड ऑफ स्टडीज, फैकल्टी और एकेडमिक काउंसिल से एक माह में मंजूरी दिलवाने का लक्ष्य रखा है। विवि का दावा है कि पाठ्यक्रम का 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अब इसे एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी दिलवाना बाकी है। इसके बाद इसे विवि की ईसी से भी मंजूरी जरूरी है। एनईपी के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स शुरू होने से फिर से सेमेस्टर सिस्टम लागू होना है। इसके लिए विवि में फिर से परीक्षा प्रणाली सहित बड़ा बदलाव किया तय है। पूरे देश में सेमेस्टर सिस्टम के तहत ही विश्वविद्यालयों ने एनईपी को यूजी में लागू किया है। इससे पहले रूसा के लागू किए जाने पर 2012-13 से 2017 तक विवि में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया था। वर्ष 2017 में फिर से वार्षिक परीक्षा प्रणाली शुरू हुई थी। अभी विवि पिछले सेमेस्टर सिस्टम और वर्तमान वार्षिक प्रणाली दोनों के तहत परीक्षाएं संचालित कर रहा है। चार वर्षीय यूजी डिग्री कोर्स शुरू होने पर परीक्षा प्रणाली के साथ-साथ एकेडमिक शेड्यूल में बड़ा बदलाव होना है। विवि पाठ्यक्रम को मंजूरी दिलवाने और आर्डिनेंस में नए रेगुलेशन लागू करने जैसी आवश्यक प्रक्रिया को कम से कम समय में पूरा करने का काम शुरू कर चुका है। इसके लिए एक माह की समय सीमा तय की गई है।एनईपी-2020 के तहत यूजी का चार वर्षीय डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए बनी कमेटी में शामिल कॉलेज प्राध्यापक नए सिस्टम को सेमेस्टर की जगह वार्षिक प्रणाली में लागू करने की मांग कर रहे है। कॉलेज प्राध्यापक संघ की अध्यक्ष डॉ. वनिता सकलानी और सचिव संजय कांगो ने कहा कि सभी कॉलेजों में चार साल के डिग्री कोर्स के लिए मूलभूत सुविधाएं कम हैं। डिग्री कोर्स रिसर्च के साथ चरणबद्ध तरीके से बड़े कॉलेजों में चरणों में लागू किया जाए। छोटे कॉलेजों में तीन साल की डिग्री ही जारी रहे। प्रदेश में 48 के करीब कॉलेज ऐसे हैं जहां सिर्फ पांच शिक्षक भी पूरे नहीं हैं। करीब 20 कॉलेज ऐसे हैं जहां बहुत ठंड होने से तीन से चार महीने भी कक्षाएं संभव नहीं हैं, ऐसे में वहां पढ़ाई जारी रखना, परीक्षाएं करवाने समेत खेल गतिविधियों करवाना भी मुश्किल होता है।
हिमाचल में आपदा राहत राशि कहां खर्च की गई, इसको लेकर सरकार ने सभी उपायुक्तों से रिपोर्ट तलब की है। कई जगह राहत राशि का सही उपयोग नहीं होने की शिकायतें मिलने पर राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। जिस काम के लिए राशि जारी की गई है, क्या मौके पर काम हुआ है या नहीं? इसकी रिपोर्ट सरकार ने डीसी से मांगी है। हाल ही में सचिवालय में डीसी और एसपी के साथ बैठक में भी राशि के दुरुपयोग का मामला उठा था। इस पर मुख्यमंत्री ने डीसी से रिपोर्ट तलब कर दी। राशि उन लोगों को दी गई, जिनके आपदा में घर ढह गए थे। कइयों की जमीन बाढ़ के चलते बह गई। सरकार आर्थिक तंगी के बावजूद हिमाचल में भारी बरसात से प्रभावित लोगों के लिए 4,500 कराेड़ रुपये का आपदा राहत पैकेज लाई थी। इसमें 3,500 करोड़ रुपये सरकार ने अपने संसाधनों से खर्च किया, जबकि 1,000 करोड़ मनरेगा के तहत व्यय किया गया। सरकार ने पूरी तरह से क्षतिग्रस्त 3,500 मकानों के निर्माण के लिए सात-सात लाख की मदद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही घर बनाने के लिए सीमेंट भी सरकारी रेट (280 रुपये प्रति बैग) पर दिया। आवास निर्माण के दौरान बिजली-पानी का खर्चा भी सरकार ने उठाया। कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान पहुंचने पर आर्थिक मदद 15 से 25 गुणा बढ़ाई गई। हिमाचल में 16 हजार से अधिक घर आपदा से पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। विधानसभा मानसून सत्र में भी इस मसले पर तीन दिन तक बहस हुई। प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और केंद्र से हिमाचल को विशेष राहत पैकेज की मांग का प्रस्ताव रखा गया। मगर भाजपा ने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। प्राकृतिक आपदा के चलते हिमाचल सरकार ने अपने स्तर पर 4,500 करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया था। राहत राशि प्रभावितों को दी गई है। इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया है या नहीं, उपायुक्तों से रिपोर्ट मांगी गई है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर में चल रहे एन एस एस विशेष शिविर का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य जोगिन्दर कुमार स्थानीय पाठशाला गुम्मर ने शिरकत की , कैम्प के दौरान स्वंयसेवकों ने शिविर के दौरान सीखी हुई सभी बातों को अपने जीवन में उतारें और समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करें और समाज का विकास करने पर अपना सहयोग करें। इस उपलक्ष्य पर प्रधानाचार्य जोगिन्दर कुमार, एन एस एस प्रभारी शिव राम और मीनाक्षी वर्मा व अन्य अध्यापक शामिल रहे । एन एस एस प्रभारी शिव राम ने शिविर के दिनचर्या को विस्तार पूर्वक बताया और एन एस एस शिविर में सभी का स्वागत परेड के द्वारा किया और सभी का एन एस एस की तरफ से धन्यवाद किया।
** कल होगा अंतिम संस्कार मंडी: बीते रोज जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए नायब सूबेदार राकेश कुमार की पार्थिव देह मंडी पहुंच गई है। सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से पहले शहीद की पार्थिव देह कांगणीधार हेलीपैड पहुंचाई गई। प्रशासन के माध्यम से पहले जो जानकारी मिली थी उसके अनुसार आज सुबह 10 बजे शहीद राकेश कुमार की पार्थिव देह मंडी पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन सेना संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद दोपहर 3 बजे के करीब शहीद की पार्थिव देह मंडी पहुंची। कांगणीधार में प्रशासन की ओर से डीआईजी मध्य जोन मंडी सौम्या सांबशिवन, विधायक नाचन विनोद कुमार सहित एक्स सर्विस लीग के पदाधिकारियों और अन्य ने शहीद राकेश कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रशासन की ओर से इस अवसर पर एसडीएम कोटली मौके पर मौजूद रहे। सैनिकों व पूर्व सैनिकों ने शहीद राकेश कुमार साहब अमर रहे के खूब नारे लगाए। इसके बाद शहीद नायब सूबेदार की पार्थिव देह सेना के वाहन के माध्यम से नेरचौक मेडिकल कॉलेज ले जाई गई। गौरतलब है कि शहीद नायब सूबेदार मंडी जिला के बल्ह उपमंडल की छम्यार पंचायत के तहत पड़ने वाले बरनोग गांव के निवासी थे। राकेश कुमार ने मां भारती की रक्षा करते हुए 42 साल की उम्र में शहादत पाई।
बजाज कैप्टिल इंशोयरेंस ब्रॉकिंग लिमिटेड ऊना द्वारा लिपिक में 15 पद तथा सेल्ज़ और मार्किटिंग में 15 पद नियमित आधार पर भरे जाएंगे। इन पदों के साक्षात्कार 16 नवम्बर को प्रातः 10 बजे जिला रोजगार कार्यालय ऊना में लिया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं और किसी भी स्ट्रीम में स्नातक होना अनिवार्य है। इसके अलावा आयु सीमा 18 से 25 वर्ष और वेतन 12 हज़ार रूपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि योग्य व इच्छुक अभ्यर्थी अपने योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय का पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड नम्बर, दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ व मूल प्रमाण पत्रों सहित साक्षात्कार में उपस्थित हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 97369-12969 मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर के एक निजी नर्सिंग शिक्षण संस्थान की छात्रा की हॉस्टल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर हुई मौत मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। इससे पहले पुलिस की जांच से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने 8 नवंबर को प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। पुलिस धारा 194 के तहत जांच कर रही थी। परिजनों ने संदेह जताया था कि उनकी बेटी की गिरने से मौत नहीं हुई है, बल्कि उसकी हत्या की गई है।बालीचौकी तहसील के गुराण गांव की छात्रा 23 अक्तूबर की रात करीब एक बजे रहस्यमय परिस्थितियों में हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिर गई थी। छात्रा के पिता भगत राम ने मांग की है कि बेटी के कमरे में रहने वाली सहयोगी छात्राओं से पूछताछ की जाए, तभी मौत का राज खुलेगा। उधर, एसपी साक्षी वर्मा ने कहा कि परिजनों के आरोपों पर भी जांच की जाएगी।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा : कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज महाविद्यालय की पुस्तकालय में पुस्तकों की लेन-देन की प्रक्रिया को डिजिटलाइज़ किया गया । इसके अंतर्गत महाविद्यालय की पुस्तकों के लेन-देन का ब्यौरा कंप्यूटर के माध्यम से रखा जाएगा । इस डिजिटलाइज्ड प्रक्रिया का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेंद्र शर्मा के द्वारा किया गया। इस प्रक्रिया में महाविद्यालय की लाइब्रेरी कमेटी व अन्य सदस्य मौजूद रहे, जिसमें डॉ अर्पित कायस्थ, डॉ आस्था गुप्ता, प्रो सरजनी नेगी, प्रो पूनम शर्मा, मुकेश चंद, और गगन कुमार शमिल रहे । इस कार्य में महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग के सदस्य तृप्ता देवी, रंजीत कुमार व गगन कुमार का विशेष योगदान रहा । इस प्रक्रिया के बाद पुस्तकों का लेन - देन समय की बचत के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से और आसान हो जाएगा, जिससे छात्रों के साथ-साथ शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग को बहुत सुविधा होगी। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए पुस्तकालय विभाग के सदस्य व महाविद्यालय पुस्तकालय कमेटी को बधाई दी।
हिमाचल प्रदेश में फ़िलहाल मौसम शुष्क चल रहा है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर में सक्रिय हो चुका है, जिसका प्रभाव आज देर रात तक लाहौल- स्पीति, चंबा कांगड़ा के ऊंचाई वालके क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना देखने को मिल सकता है और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। वहीं इस अवसर पर मौसम विभाग के निर्देशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि वैसे तो कुछ दिनों तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रहे थे परंतु अब जिस तरह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है जिसके चलते आने वाले दिनों में कुछ एक जिलों में तीन डिग्री तक गिर सकते हैं । वहीं उन्होंने कहा कि 14 नवंबर और 15 नवंबर को उतरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते चंबा , कांगड़ा ,लाहौल-स्पीति में एक बार फिरसे एक बार हल्की फुल्की बारिश और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना होने के आसार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि धुंध की बात की है तो वह भाखड़ा बांध के आसपास का क्षेत्र बिलासपुर में पिछले चार पांच दिनों से सुबह और शाम के समय घने कोरे की संभावना बनी हुई है, जिसके चलते विजिबिलिटी बहुत ही कम बनी हुई है।
पिछले दो दिनों से कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के विरोध में जहां तीनों पंचायतों के लोग व विकास सभाएं इसका कड़ा विरोध कर रही हैं तो वहीं आज सोमवार को हाटकोट पंचायत को नगर पंचायत बनाने की मांग को लेकर हिंदुस्तान जन सेवा समिति कुनिहार व अन्य लोगों ने एक बैठक की। हिन्दुस्तान जन सेवा समिति कुनिहार के अध्यक्ष आर पी जोशी ने चर्चा के दौरान बतलाया कि हाटकोट पंचायत को नगर पंचायत बनाये जाने के लिए दिनांक 7-1-2018 को हाटकोट पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया था के हाटकोट पंचायत को नगर पंचायत बनाया जाये।ये बहुत ही ज़रूरी है यदि हाटकोट पंचायत को शीघ्र ही नगर पंचायत नहीं बनाया जाता है तो भविष्य में हाटकोट की प्राचीन गलियाँ और सड़के पूर्ण रूप से बंद या अवरुद्ध हो जाएगी सिर्फ़ राजस्व विभाग के लट्ठे में ही नज़र आएगी । उन्होंने कहा कि कुछ गालियां तो ऐसी है यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो लाश को निकाल पाना मुश्किल हो गया है कभी ये गालियां व सड़कें काफ़ी चोडी होती थी परन्तु आज ये सिकुड़ कर रह गई है। आर पी जोशी ने कहा कि हमने कभी भी कुनिहार और कोठी पंचायत को नगर पंचायत बनाने के लिए कोई पत्राचार नहीं किया न ही किसी को पत्र लिखा। जो लोग हाटकोट पंचायत को नगर पंचायत बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं मैं इनसे पूछना चाहता हूँ क्या इन्होंने कभी कुनिहार में अटल आदर्श स्कूल जिसका कार्य आरंभ हो गया था, जिसकी घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री ने की थी निर्माण शुरू करवाने के बारे में सरकार या प्रशासन से कोई बीतचीत या कोई पत्राचार किया, कुनिहार तहसील के भवन जिसके लिए पूर्व सरकार द्वारा 50 लाख रूपये मंज़ूर किये थे जिसके लिए कुनिहार ब्लॉक में तहसील के लिए ज़मीन आबंटीत हुई थी भवन को ना बनाने के लिए कोई रोष किया या रैली निकाली या कोई पत्राचार किया। इसके अलावा कुनिहार आई पी एच विभाग में सहायक अभियंता की पोस्ट पूर्व सरकार से मंज़ूर करवाई थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही इस पोस्ट की अधिसूचना को रद्द कर दिया था क्या इस पोस्ट को बहाल करवाने के लिए इन लोगों ने कोई पत्राचार किया या किसी मन्त्री से मिले नहीं,ये सिर्फ़ अपनी राजनीति चमकाने के लिए और अख़बारों की सुर्ख़ियों में रहने के लिए और हाटकोट का विकास रुकवाने के लिए कार्य करते रहते हैं।इस बैठक में हाटकोट के वरिष्ठ नागरिक,भारतीय राज्य पैंशन महासंघ कुनिहार के सदस्य, सपारक ग्रूप रजिस्टर हाटकोट के सदस्य इन्द्र पाल शर्मा, मोहन लाल भारद्वाज,ओमप्रकाश गर्ग,अशोक कुमार ,जगदीश चंदेल, गोपाल कृष्ण, सुभाष शर्मा,भगवान सिंह वर्मा, हरी दास, हेत राम आदि शामिल रहे।
कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में जोर-जोर से डीजे बजाने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगी। इसी कड़ी में तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर मनाली के रांगड़ी में पुलिस ने 2 होटल संचालकों के चालान काटे हैं। मनाली पुलिस और प्रदूषण विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर तेज आवाज में डीजे चलाने सहित अवैध मलबा डंप करने वालों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पुलिस को शिकायतें मिल रही थीं कि सिमसा की ओर कुछ होटल संचालक तेज आवाज में डीजे चला रहे हैं, जिस कारण आसपास के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मनाली निवासी रामपाल, रमेश व दौलत राम ने बताया कि, 'कुछ होटल संचालक मनाली में तेज आवाज में डीजे बजा रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है। खासकर बीमार, बच्चों बूढ़ों को तेज आवाज से अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार होटल संचालकों से शिकायत भी की गई, लेकिन इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं की गई। ऐसे में उन्होंने ऐसे होटल वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस और प्रदूषण विभाग के पास शिकायत की थी। होटल संचालकों पर की गई इस कार्रवाई के लिए लोगों ने पुलिस और प्रदूषण विभाग का आभार जताया है। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर ने होटल संचालकों से आग्रह किया कि वे ध्वनि प्रदूषण को गम्भीरता से लें और डीजे को तेज आवाज में न बजाएं। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि, 'रात को पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस विभाग ने प्रदूषण विभाग के साथ मिलकर सिमसा और ओल्ड मनाली क्षेत्र में अवैध मलबा डंपिंग और डीजे बजाने वालों पर कार्रवाई की है। इस दौरान सिमसा क्षेत्र में 2 इकाइयां नियमों का उल्लंघन करती पाई गई हैं, जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। आगे भी अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
** स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों को दी बधाई बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कुनिहार के 4 छात्र- छात्राओं ने राज्य स्तरीय खेलों में अपना दबदबा कायम रखा है I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की हमे यह बड़े गर्व की बात है की वंशिका ठाकुर , सिमरन, अर्निका और शिवम् भरद्वाज ने जिला हमीरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय अंडर-19 छात्र -छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता शॉट पुट व डिसक्स थ्रो प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमे वंशिका ठाकुर ने शॉट पुट में गोल्ड मैडल, शिवम भरद्वाज ने सिल्वर मैडल और सिमरन ने ऊँची कूद में सिल्वर मैडल सोलन जिले के नाम किया, जिससे वंशिका, सिमरन, शिवम और U -14 में जिगर का चयन राष्ट्रीय स्तर की खेल कूद सपर्धा के लिए हुआ है Iविद्यालय आने पर वंशिका ठाकुर , सिमरन, अर्निका और शिवम भरद्वाज और इनके अभिभावकों का फुल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया I उन्होंने बताया कि इस स्पर्धा के लिए उच्चतर शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश व प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश के मार्गदर्शन से आयोजित राज्य सतरीय खेल कूद प्रतियोगिता में विद्यालय के बच्चों ने अपना परचम लहराया है I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा की इस वर्ष चार बच्चों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से विद्यालय के लिए बड़े हर्ष की बात है I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी , शिव कुमार शर्मा प्रारम्भिक उपशिक्षा निदेशक सोलन का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा कि इनके मार्ग दर्शन से ये बच्चे हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर विद्यालय का, इलाके का और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी I विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम गुलेरिया, मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए वंशिका ठाकुर, सिमरन और शिवम, शारीरिक शिक्षक अरुणा शर्मा और अमर देव उनके अभिभावकों को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मंडी: कीतरपुर-मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत पंडोह बाजार को बाईपास करने की मुहिम अभी भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है। एनएचएआई ने अब कैंची मोड के आगे तक टनल बनाने की संभावना तलाशना शुरू कर दी है। इसके लिए प्रोजेक्ट की अलाइनमेंट में दोबारा से बदलाव करने के सुझाव एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को मिले हैं, लेकिन पंडोह बाईपास का काम बार-बार लटकने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। बता दें कि पंडोह डैम के पास पिछले और इस बार की बरसात के दौरान काफी ज्यादा नुकसान हुआ था। यहां बन चुके फोरलेन का भी बहुत बड़ा भाग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है और आज भी यहां पर जमीन धंस रही है। इस कारण एनएचएआई के मुख्यालय ने अब पंडोह बाईपास की अलाइनमेंट में बदलाव करके यहां पहले से प्रस्तावित टनल के विस्तार की संभावनाओं को तलाशने की प्रपोजल मांगी है। दरअसल एनएचएआई चाहती है कि पंडोह बाईपास प्रोजेक्ट में पंडोह डैम के पास जो 900 मीटर की टनल प्रस्तावित है उसे आगे तक बढ़ाया जाए, क्योंकि यहां पर जो फोरलेन क्षतिग्रस्त हुआ है भविष्य में उसके और ज्यादा क्षतिग्रस्त होने की भी पूरी संभावना है। इसलिए यहां पर टनल के विस्तार पर ही जोर दिया जा रहा है। इसलिए एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को इसकी दोबारा से अलाइनमेंट करने के आदेश दिए गए हैं। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी ने बताया कि, 'कैंची मोड़ के पास टनल निर्माण की संभावनाएं तलाशने की प्रपोजल आई है। जियो टैगिंग के जरिए यहां पर सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद सारी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी जाएगी। जल्द ही पंडोह बाईपास की अलाइनमेंट अप्रूव करवाकर इस कार्य को शुरू कर दिया जाएगा। मौजूदा स्थिति की बात करें तो यहां पर हाल फिलहाल में टनल निर्माण की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है, क्योंकि जिस क्षेत्र में टनल निर्माण की बात कही जा रही है वहां पर पहले से ही स्लाइडिंग जोन है। यदि एनएचएआई को यहां टनल बनानी ही है तो फिर उसके लिए बहुत अंदर तक जाकर खुदाई करनी पड़ेगी। ऐसा करने से मौजूदा समय में बन रही टनलों के साथ उसकी अलाइनमेंट मैच नहीं होगी। लेकिन अब इस विषय पर सारी रिपोर्ट बनाने के बाद पंडोह बाईपास की दोबारा से डिटेल बनाकर भेजी जानी है। ऐसे में इस कार्य को अभी काफी लंबा समय लग सकता है, जिस कारण अभी हाल फिलहाल में पंडोह बाईपास का प्रोजेक्ट लटकता हुआ ही नजर आ रहा है। वहीं, पंडोह बाईपास का काम लटकने से जहां पंडोह के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है, वहीं, पंडोह बाजार को भारी भरकम ट्रेफिक जाम से भी जूझना पड़ रहा है। पंडोह निवासी बालकृष्ण, गौरव वर्मा और पवन कुमार का कहना है कि, 'कीतरपुर से लेकर मंडी तक और फिर औट से लेकर मनाली तक प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया गया है, लेकिन बीच का भाग आज दिन तक पूरा नहीं हो पाया है। इन्होंने सरकार से मांग उठाई है कि इस कार्य को भी जल्द से जल्द किया जाए।
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीणों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए अब नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों से प्रस्ताव मांगे हैं। यदि नई पंचायतें बनती हैं, तो कई पंचायतों की सीमाएं भी बदलेंगी और उनका पुनर्सीमांकन भी किया जाएगा। आने वाले दिसंबर में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, और इसकी तैयारियाँ पहले से ही शुरू हो चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में भी पंचायत चुनाव से पहले 412 नई पंचायतें बनाई गई थीं। अब सवाल उठता है कि नई पंचायतों के गठन की मांग क्यों की जा रही है। इसके कई कारण हैं, जैसे जनसंख्या में वृद्धि, प्रशासनिक और विकासात्मक जरूरतें, जब किसी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ती है, तो उस पर पंचायतों का दबाव भी बढ़ता है। ऐसे में नए क्षेत्रों को कवर करने के लिए अधिक पंचायतों का गठन किया जाता है। साथ ही, दूर-दराज के क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, शिक्षा, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी नई पंचायतों के गठन की प्रमुख वजह है। इसलिए, अब नई ग्राम पंचायतों के गठन के लिए उपायुक्तों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। यदि नियमानुसार नई पंचायतों का गठन आवश्यक हुआ, तो इसे लागू किया जाएगा।
** अब 14 नवंबर को होगी अगली सुनवाई शिमला: हिमाचल प्रदेश की चर्चित संजौली मस्जिद मामले में शिमला जिला कोर्ट में सुनवाई है। इस दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। जिला कोर्ट जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख तय की है। शिमला जिला कोर्ट में अपील दायर करने वाली ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर कमेटी की ओर से नज़ाकत अली हाशमी की ओर से दलील दी गई कि संजौली मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ हलफनामा देने की योग्यता नहीं रखते। उन्होंने मोहम्मद लतीफ के हलफनामे को चुनौती दी है। वहीं लोकल रेजिडेंट के वकील जगतपाल ठाकुर ने की ओर से दलीलें दी गई कि वक्फ बोर्ड अवैध निर्माण की जानकारी होने से इनकार करता रहा है, जबकि इस मामले को लेकर कुल 11 नोटिस वक्फ बोर्ड को भेजे गए थे। साथ ही मस्जिद में हुए निर्माण को लेकर संजौली मस्जिद कमेटी ने वक्फ बोर्ड से नो ऑब्जेशन सर्टिफिकेट लिया था। साथ ही वकील ने बताया कि मामला हाइकोर्ट में चल रहा है और मस्जिद में अवैध निर्माण की 2010 में की गई शिकायत पर उच्च न्यायालय ने 20 दिसंबर तक फाइनल निपटारे के आदेश दिए है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 नवंबर तय की है। उल्लेखनीय है कि संजौली मस्जिद कमेटी ने नगर निगम शिमला आयुक्त के समक्ष आग्रह पत्र दिया था कि उन्हें मस्जिद का अवैध निर्माण हटाने की अनुमति दी जाए। कमिश्नर ने मस्जिद कमेटी को ये अनुमति दे दी थी और दो माह में अपने खर्च पर अवैध निर्माण हटाने को कहा था। इस बीच, संजौली के लोकल रेजिडेंट्स की तरफ से एडवोकेट जगतपाल ठाकुर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और वर्ष 2010 में मस्जिद में हुए अवैध निर्माण से जुड़ी शिकायत पर फैसला लेने के लिए आग्रह किया। हाईकोर्ट ने निगम प्रशासन को 20 दिसंबर से पहले मामले को निपटाने के आदेश दिए थे। इसी बीच मुस्लिम समाज की तरफ से शिमला की जिला अदालत में अपील दी गयी। उन्होंने मामले में स्टे दिए जाने का आग्रह किया था, जिसे न्यायमूर्ति प्रवीण गर्ग ने स्वीकार नहीं किया। वहीं, लोकल रेजिडेंट्स की तरफ से पेश हुए वकील जगतपाल ठाकुर ने दलील पेश की थी कि पांवटा साहिब की कमेटी की तरफ से याचिका दाखिल करने वाले नजाकत अली हाशमी का इस केस से कोई ताल्लुक नहीं है।
** रोबोटिक और ड्रोन का दिया जा रहा प्रशिक्षण शिमला: हिमाचल को देश का कौशल हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में युवाओं का कौशल उन्नयन कर उद्योगों की मांग के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग महाविद्यालय बंदला में डिग्री कोर्स कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के तहत एआई और डाटा साइंस, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान रोहड़ू में कंप्यूटर इंजीनियरिंग व आईओटी डिप्लोमा कोर्स और राजकीय बहुतकनीकी संस्थान चम्बा में मैकाट्रोनिक्स डिप्लोमा कोर्स जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। न्यू एज पाठ्यक्रमों के शुरू होने से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के मार्ग खुल रहे हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा में नए आयाम स्थापित कर युवाओं को रोजगार प्रदाता बनाना है। नई तकनीक के क्षेत्र में ज्ञान के साथ-साथ प्रशिक्षण की भी अहम भूमिका है। प्रशिक्षुओं को बेहतर तकनीकी ज्ञान देने को राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों के 38 विद्यार्थियों और राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों और बहुतकनीकी संस्थानों के 20 प्रशिक्षकों को आईआईटी मंडी में रोबोटिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी युवाओं को नए अवसर प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। इस दिशा में राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के 20 प्रशिक्षकों को आईआईटी रोपड़ और दिल्ली में सेमीकंडक्टर इको-सिस्टम का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार की इस नई पहल का उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना और प्रदेश में प्रोद्यौगिकी के विकास को बढ़ावा देना है। बहुतकनीकी एवं इंजीनियरिंग के 10 संकाय सदस्यों और 6 विद्यार्थियों को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना में मशीन लर्निंग से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील राज्य है, इसको देखते हुए युवाओं को ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ड्रोन प्रौद्योगिकी आपदा प्रतिक्रिया प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश के 11 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में युवाओं को ड्रोन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत 128 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। सरकार के यह प्रयास हिमाचल को आईटी हब के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। वहीं, छात्रों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश मेें 363 तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक शिक्षा संस्थान कार्यरत हैं। युवाओं को बेहतर प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करने के लिए रोजगार मेलों व कैम्पस इंटरव्यू का आयोजन भी निरंतर करवाया जाता है। सुक्खू सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी अभियान्त्रिकी महाविद्यालयों, राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय, बहुतकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के करीब 5,731 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाए गए हैं।
शिमला: हिमाचल के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर रविवार को जुब्बल उपमंडल के अंतर्गत शुराचली क्षेत्र के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने करीब 4 करोड़ की तीन अलग-अलग जल परियोजनाओं के उद्घाटन किए। उपमंडल सरस्वती नगर के 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित खाटल सौरावीं उठाऊ सिंचाई योजना और 65 लाख की राशि से निर्मित "चामशु मसीना" उठाऊ सिंचाई योजना इसमें शामिल हैं। इन दोनों परियोजनाओं से रावीं और थाना पंचायत सहित साथ लगते क्षेत्रों की जनता लाभान्वित होगी। वहीं ये परियोजनाएं कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में सहायक सिद्ध होंगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर इसके बाद शुराचली क्षेत्र की दूरदराज पंचायत रोहटान पहुंचे। यहां उन्होंने 2 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित शुराचली क्षेत्र की आंशिक रूप से पेयजल प्राप्त बस्तियों के लिये उठाऊ पेयजल योजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के प्रथम चरण में ग्राम पंचायत झगटान और ग्राम पंचायत मांदल के साथ भोलाड़, थाना और रावीं पंचायत की जनता की प्यास बुझेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 38 करोड़ रुपये की लागत से पब्बर नदी से एक बड़ी उठाऊ पेयजल योजना का निर्माण किया जाना है जिससे जुब्बल और कोटखाई क्षेत्र की 28 पंचायतें इससे लाभान्वित होंगी। इस योजना को मई 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा वर्तमान कांग्रेस सरकार प्रदेश के हित में लगातार कार्य कर रही है। इसके तहत करीब 2 सालों में शिक्षा विभाग में हज़ारों पदों को भरा गया है। ये प्रक्रिया लगातार जारी है। इसके अलावा जुब्बल-नावर-कोटखाई में सड़कों के बनने और उनके स्तरोन्नत करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। शिक्षा मंत्री ने देश मौलिया देवता मंदिर के लिए 25 लाख रुपए देने की भी घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने कम्युनिटी सेंटर के कार्य को पूर्ण करने के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आज जुब्बल के प्रवास पर रहेंगे। सुबह 9.30 बजे नागरिक आजीविका केंद्र, जुब्बल के चल रहे कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद नागरिक अस्पताल जुब्बल में रोगी कल्याण समिति बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके पश्चात शिक्षा मंत्री खंड स्तरीय बाल मेला (प्राथमिक और प्रारंभिक) स्कूल के मुख्य अतिथि होंगे, इसके साथ ही प्रतिष्ठित ठाकुर राम लाल स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुब्बल को गोद लेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। शिक्षा मंत्री दोपहर 1:30 बजे सीएचसी कोटखाई में रोगी कल्याण समिति बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 2पैरा स्पेशल फोर्सेस के जेसीओ राकेश कुमार शहीद हो गए, जबकि तीन जवान घायल हैं। जेसीओ राकेश कुमार हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के नाचन विधानसभा क्षेत्र के निवासी थे। उनकी शहादत पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने शोक जताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच किश्तवाड़ के छास इलाके में रविवार सुबह से ही एनकाउंटर जारी था। इस दौरान आतंकियों की फायरिंग में जेसीओ राकेश कुमार शहीद हो गए। अधिकारियों के मुताबिक यहां कश्मीर टाइगर्स ग्रुप के आतंकवादी ही छिपे हैं, जिन्होंने दो विलेज गार्ड की हत्या की थी। किश्तवाड़ के अलावा श्रीनगर के जबरवान इलाके में भी आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ चल रही है। यहा भी सुरक्षाबलों को दो-तीन आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सेना और पुलिस ने दाचीगाम और निशात के ऊपरी इलाकों को जोडऩे वाले जंगल में सुबह करीब नौ बजे अभियान चलाया। इस दौरान आतंकियों और जवानों के बीच रुक-रुककर फायरिंग खबर लिखे जाने तक जारी थी।
नाहन: सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज से सिरमौर प्रवास पर रहेंगे। सीएम सुक्खू सिरमौर जिला के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जहां अंतरराष्ट्रीय रेणुका जी मेले का शुभारंभ करेंगे। वहीं, कई योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। दरअसल, सीएम सुक्खू आज सुबह नई दिल्ली से हेलीकॉप्टर से पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के क्वागधार हेलीपैड पर 11:20 बजे पहुंचेंगे। यहां से बाय रोड भूरेश्वर महादेव मंदिर जाएंगे। भूरेश्वर महादेव के दर्शन के बाद भगवान शिव की 51 फीट ऊंची नव स्थापित मूर्ति को जनता को समर्पित करेंगे। इसके अलावा क्वागधार में हेलीपैड और भूरेश्वर महादेव वन वाटिका का उद्घाटन भी करेंगे। साथ ही जन शिकायत भी सुनेंगे। क्वागधार हेलीपैड से मुख्यमंत्री हैलीकॉप्टर से माइनाबाग के लिए रवाना होंगे। माइना बाग से सड़क मार्ग से गिरी तट पर पहुंचेंगे। यहां पर दोपहर 1:30 बजे भगवान परशुराम की पालकी की अगुवाई करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री एचपीडीसी रेणुका जी होटल जाएंगे। शाम 5:35 बजे भगवान परशुराम मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद महिला मंडलों द्वारा रेणुका जी प्रदर्शनी मैदान में महानाटी में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इसके अलावा यहां पर विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन करेंगे। वहीं, शाम 7:25 बजे मुख्यमंत्री ने रेणु मंच पर अंतरराष्ट्रीय रेणुका जी मेले का विधिवत उद्घाटन कर लोगों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री एचपीडीसी रेणुका जी होटल में रात्रि ठहराव करेंगे। मंगलवार सुबह 9:30 बजे बाई रोड माइनाबाग हेलीपैड जाएंगे। यहां से सुबह 10:05 बजे हेलीकॉप्टर से शिमला के लिए रवाना होंगे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले में वन भूमि पर किए अवैध अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने राजस्व विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि विवादित जमीन की नाप-नपाई 6 दिसंबर 2024 से पहले की जाए। सरकारी और वन भूमि पर अगर किसी भी तरह का अवैध अतिक्रमण पाया गया तो उसे हटाया जाए और वहां पर स्थायी बाउंड्री लगाई जाए। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की अदालत ने आदेश की अनुपालना रिपोर्ट 13 दिसंबर को पेश करने को कहा है। याचिकाकर्ता ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को नियमित करने के लिए सरकार के पास एक अर्जी दी थी। याचिकाकर्ता ने माना था कि उसने वन भूमि जमीन पर तीन बीघा और तीन बिस्वा अतिक्रमण किया है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में सरकार ने इस पर हिमाचल प्रदेश सरकारी स्थान अप्राधिकृत अधिभोगियों की बेदखली अधिनियम 1971 की धारा 4 के तहत कार्रवाई की। सरकार ने कहा कि अतिक्रमण वन विभाग की अधिसूचना 1896 के तहत वन भूमि पर है। इस पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता है। अदालत ने पाया कि केंद्र सरकार के प्रस्ताव के बिना कोई भी वन भूमि नियमित नहीं की जा सकती है। वन भूमि का उपयोग गैर वन भूमि के लिए नहीं किया जा सकता है। अदालत ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध ढांचे और अतिक्रमण अगर पाया जाता है तो उसे हटा दिया जाए।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के तहत सुंगरी के सेरी गांव में सोमवार अल सुबह करीब 4:30 बजे अचानक भीषण आग लगने से चार घर जलकर राख हो गए। आग लगने की सूचना मिलने के बाद माैके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रभावितों में कैलाश पुत्र शिव सरण, मोहन लाल पुत्र सोहन लाल और दो अन्य शामिल हैं। रोहड़ू के फायर ऑफिसर संजीव वर्मा ने बताया कि आग बुझाने के लिए तीन दमकल केंद्रों से चार दमकल वाहन बुलाए गए और आग को नियंत्रित कर लिया गया है। रोहड़ू के डीएसपी रविंद्र नेगी ने बताया कि अग्निकांड की इस घटना में चार घर पूरी तरह से राख हुए हैं। पशुशाला में बंधी एक गाय की जिंदा जलने से मौत हुई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। एसडीएम रोहड़ू विजय वर्धन ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मकान लकड़ी के बने होने के कारण आग तेजी से फैली।


















































