** कहा, 100 किसानों से 378 क्विंटल गोबर खरीदा हिमाचल सरकार ने अपनी दस गारंटियों में से गोबर खरीद की गारंटी को पूरा करते हुए दस जिलों में गोबर खरीद शुरू कर दी है। 11 दिसंबर को सरकार के दो साल पूरा होने पर गोबर खरीद को हरी झंडी दिखाई थी। सरकार ने अभी तक 100 किसानों से 378 क्विंटल खाद खरीद ली है। किन्नौर और लाहौल स्पीति दो कबायली जिलों को छोड़कर दस जिलों में खाद खरीद शुरू कर दी है। ये जानकारी कृषि मंत्री ने दी है। उन्होंने कहा कि पांच और दस किलो के पैकेट में गोबर खरीद की जा रही है। ठेकेदार को पांच रुपए किलो के हिसाब से एकत्रित करने और ट्रांस्पोर्ट के दिए जा रहे हैं। आगे सरकार इसको 11 से12 रुपए किलो के हिसाब से बेचेगी। हालांकि सरकार ने दो रुपए किलो के हिसाब से गोबर खरीद की गारंटी दी थी। अब तीन किलो के हिसाब से खरीदे रहें हैं। लेकिन किसान अब 5 से आठ रुपए किलो के हिसाब गोबर बेचने की बात कह रहे हैं। यदि गोबर खरीद का अच्छा रिस्पॉन्स रहा तो रेट बढ़ाने के बारे में सोचेंगे।
प्रदेश में नए साल से उचित मूल्य की दुकानों में दालें मिलना शुरू हो जाएंगी। राज्य आपूर्ति निगम ने गोदामों में दालों की सप्लाई कर दी है। जनवरी से डिपुओं से सस्ती दालें खरीद पाएंगे। दो माह का कोटा एक साथ मिलेगा। दालों के दामों में फिलहाल कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। एक सप्ताह पहले ही उड़द की दाल गोदामों में पहुंच चुकी है। डिपुओं में जल्द दालें पहुंच जाने से प्रदेश के उपभोक्ताओं को बाजारों से दोगुना दामों पर मिलने वाली दालों को खरीदने से राहत मिलेगी। राज्य आपूर्ति निगम की ओर से प्रदेश भर में 1.60 लाख क्विंटल दालों की सप्लाई की गई है, जिसमें 80 हजार क्विंटल केवल चना दाल है। बची 80 हजार क्विंटल दाल मलका मसूर और उड़द की दाल है। निगम ने दालों का बफर स्टॉक भारत सरकार से खरीदा है। निगम की ओर से गुणवत्ता के आधार पर परख कर खरीदी गई दालों का दो माह का कोटा अगले माह से उपभोक्ताओं एक साथ दिया जाएगा, जिसमें सभी उपभोक्ताओं को चना दाल 65 रुपये किलो, मलका मसूर बीपीएल को 56 रुपये, एपीएल को 66 और आयकरदाताओं को 91 रुपये किलो मिल रही है। प्रदेश में खाद्य आपूर्ति विभाग के कुल 5300 डिपो हैं और कुल 19.65 लाख राशन कार्डधारक हैं, जो विभाग की ओर से मिल रहे सस्ते राशन का लाभ ले रहे है। निगम की ओर से प्रदेश में अगले माह से पूरा राशन उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं, तेल का टेंडर भी जनवरी माह में पहले सप्ताह में होने की संभावना है। उड़द दाल हुई सस्ती, पर आयकरदाताओं को मिलेगी महंगी राशन डिपुओं में नए साल से उड़द की दाल राशन कार्ड उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर मिलेगी। हालांकि आयकरदाताओं को महंगी मिलेगी। एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) उपभोक्ताओं को उड़द की दाल 58 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से दी जाएगी। पहले इसका भाव 63 रुपये प्रति किलो था। एपीएल परिवारों के लिए उड़द का मूल्य 68 रुपये किलो तय किया गया है। डिपुओं में पहले इन परिवारों को 73 रुपये किलो की दर से उड़द की दाल दी जा रही थी। आयकरदाताओं को उड़द की दाल अब 93 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलेगी। पहले यह 83 रुपये प्रति किलो थी। सिविल सप्लाई के एरिया प्रबंधक संजीव वर्मा ने कहा कि जिला ऊना और हमीरपुर के लिए 2900 क्विंटल उड़द दाल प्राप्त हुई है। जनवरी माह से सभी दालें उपभोक्ताओं को मिल पाएंगी और दालों के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अगले माह से डिपुओं में दो माह का कोटा एक साथ दिया जाएगा।
** न्यूनतम तापमान -12.3°C दर्ज, हिमाचल प्रदेश में इन दिनों बर्फबारी का दौर जारी है। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में हुई जमकर बर्फबारी से हर तरफ चांदी सी सफेदी छाई हुई है। बर्फबारी की वजह से प्रदेश में कड़ाके की ठंड पर रही है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार नये साल में भी हिमाचल में बर्फबारी होने की संभावना है। प्रदेश में बीते दिन ताबो में सबसे कम -12.3°C तापमान दर्ज किया गया। हिमाचल में बीते 24 घंटे में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई परिवर्तन नहीं देखा गया, जबकि अधिकांश जगहों पर न्यूनतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। वहीं, प्रदेश में सबसे कम तापमान ताबो में दर्ज किया गया, जहां -12.3°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि उना में 20.4°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार साल 2025 में 2 और 3 जनवरी को कुछ जगहों पर और 4 जनवरी को राज्य के ऊंचे और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान जताया गया है। सप्ताह के अन्य दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले दो दिनों में राज्य के उच्च तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। अगले 2 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक सुबह और देर रात के समय निचले पहाड़ी/मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है। 30, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को कुछ स्थानों पर शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर चलने की आशंका है। वहीं, 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक सुबह के समय निचले पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर पाला गिरने की संभावना है।
बर्फबारी के बाद रविवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली, लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। प्रदेश में तीन राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा 340 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं, जबकि 118 ट्रांसफार्मर बंद हैं। उधर, मंडी के पंडोह में चार मील के पास चलती कार पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक महिला कार सवार की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। मृतका की पहचान सेक्टर-10 सी रोड पाली न्यू कॉलोनी मुंबई निवासी प्रिया यादव (30) के रूप में हुई है। घायलों में प्रिया के पति चंचल यादव (32) और टैक्सी चालक हरियाणा के करनाल के वसन बिहार निवासी शिव कुमार शामिल हैं। चालक को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। दंपती मनाली घूमने के बाद वापस मुंबई जा रहा था। उधर, मौसम खुलने के बाद भी सैकड़ों ट्रांसफार्मर ठप होने से प्रदेश के कई क्षेत्र अंधेरे में हैं। किन्नौर, लाहौल-स्पीति, शिमला और चंबा में सैकड़ों पर्यटक वाहन फंसे हैं। नारकंडा में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। अटल टनल रोहतांग और जलोड़ी दर्रा अवरुद्ध है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने एक जनवरी तक मौसम साफ रहने और 2 जनवरी से दोबारा मौसम बिगड़ने के आसार जताए हैं। आज और कल के लिए शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट और कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल और सिस्सू में बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगा दीं हैं। एनएच-3 में मनाली-केलांग के बीच वाहन आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। मनाली से जिस्पा तक हाईवे सिंगल लेन फोर बाई फोर वाहनों के लिए बहाल हो गया है। एनएच-305 सोझा से जलोड़ी दर्रा की तरफ बंद है। चंबा-चुवाड़ी वाया जोत, बनीखेत-डलहौजी-खज्जियार और चंबा-किलाड़ मुख्य सड़कें बंद हैं।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर दत्यार के बीच टूरिस्ट बस पलट गई। ये बस दिल्ली से शिमला के लिए आ रही थी। हादसा सुबह 7:05 बजे हुआ। बस में कुल आठ सवार यात्रियों को हल्की चोटे लगी। इस कारण दोनों ओर सड़क पर वनवे आवाजाही चल रही है।
जिला ऊना आने वाली कुल नौ ट्रेनों में आठ सोमवार को रद्द रहेंगी। रेलवे की ओर से यह फैसला पंजाब में किसान आंदोलन के मद्देनजर लिया गया। केवल हिमाचल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14053/54 ही सुबह और शाम को आवाजाही करेगी। उसके अलावा वंदे भारत सहित अन्य सभी रेलगाड़ियां रद्द रहेंगी। जानकारी के अनुसार सोमवार को किसान संगठनों के अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब बंद का एलान किया है। ऐसे में सड़क व ट्रेनों के रास्ते बाधित किए जाने की पूर्ण संभावना है। किसी अनहोनी घटना से बचाव के लिए देश के अलग-अलग स्थानों से आने वाली रेलगाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है। हालांकि, सुबह करीब 6:45 बजे दिल्ली से ऊना आने वाली हिमाचल एक्सप्रेस ट्रेन का रूट पहले की तरह रखा गया है। यह ट्रेन सोमवार रात को दोबारा दिल्ली भी लौटेगी। जिन रेलगाड़ियों को रद्द किया गया है, उनमें 04501/04502 हरिद्वार-ऊना हिमाचल- हरिद्वार पैसेंजर, 22448/22447 नई दिल्ली-अंब अंदौरा-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, 04593/04594 अंबाला छावनी- अंब अंदौरा- अंबाला छावनी पैसेंजर रद्द, दौलतपुर चौक-अंबाला छावनी जंक्शन-दौलतपुर चौक पैसेंजर, साबरमती-दौलतपुर चौक-साबरमती एक्सप्रेस और जनशताब्दी रद्द रहेंगीं। रद्द ट्रेनों में जनशताब्दी अंबाला तक आएगी। जबकि साबरमती एक्सप्रेस कुरुक्षेत्र जंक्शन तक ही चलेगी। प्रदेश के कई लोग रविवार को छुट्टी के चलते घर आते हैं। दिल्ली व अन्य दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोग ट्रेन के माध्यम से घर आते हैं और वापसी भी ट्रेन के माध्यम से करते हैं। लेकिन एकाएक सभी ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को अलग से व्यवस्था करनी पड़ेगी। हालांकि, किसान आंदोलन के चलते बस सेवा भी प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। लेकिन बस रूट रद्द करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। रविवार को ऊना के अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन पहुंची सुपरफास्ट वंदे भारत ट्रेन में तकनीकी खराबी आ गई। इसकी मरम्मत करने में काफी देर लगी और दो घंटे यात्री परेशान रहे। तीन बजे के आसपास तकनीकी खराबी दूर हो पाई और 3:15 बजे वंदे भारत ट्रेन अंबाला से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गई। सहायक अधीक्षक ऊना रेलवे स्टेशन राजवीर रंजन ने बताया कि सोमवार को किसान आंदोलन के कारण हिमाचल एक्सप्रेस को छोड़कर सभी ट्रेनें रद्द रहेंगी। कहा कि वंदे भारत में रविवार को तकनीकी खराबी आई थी। जिसे ठीक करने में समय लगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नादौन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पुतड़ियाल के आदर्श नगर गांव के 35 वर्षीय हवलदार रिंकू कुमार के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका असम के डिब्रूगढ़ में निधन हुआ। रिंकू कुमार कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शान्ति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की प्रार्थना की है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रिंकू कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
** 6 राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण कार्य शुरू राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्त्मक सुधार लाने के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कदम उठा रही है। चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक स्कूल में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक कम से कम 1,000 छात्रों को समायोजित करने की क्षमता होगी। कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां, ज्वालामुखी, फतेहपुर, पालमपुर और जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्रों के साथ-साथ हमीरपुर जिले के भोरंज विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही ऐसे छः स्कूलों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने 10 स्थानों पर स्थापित किए जाने वाले इन स्कूलों के लिए वास्तुशिल्प योजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं जैसे हाईटेक स्मार्ट क्लासरूम, खेल मैदान, इंडोर स्टेडियम और स्विमिंग पूल आदि से सुसज्जित किया जाएगा। ये सरकारी स्कूल शिक्षण संस्थानों के मानकों में उल्लेखनीय सुधार लाएंगे और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों में जीवन की चुनौतियों को प्रभावी ढंग से सामना करने का आत्मविश्वास पैदा करेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा में गुणात्त्मक सुधार के लिए 100 उच्च विद्यालय, 200 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 48 कॉलेज और दो संस्कृत कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अधिसूचित किया है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के सरकार के प्रयासों पर भी बल दिया। राज्य सरकार ने खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों के लिए डाइट मनी में वृद्धि की है। जोनल और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए डाइट मनी की राशि 120 से बढ़ाकर 400 रुपये कर दी गई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए इसे 250 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार, राज्य के आठ खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों के लिए डाइट मनी 240 से बढ़ाकर 400 रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाएं, शिक्षा तथा खेलों पर केंद्रित प्रयासों से राज्य भर के छात्रों के लिए समग्र शिक्षण वातावरण और अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मंडी शहर के पड्डल मैदान में केंद्र सरकार के खेलो इंडिया अभियान के तहत इंडोर स्टेडियम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस स्टेडियम का डिजाइन तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसकी डीपीआर बनाकर मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार के जरिए केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। ये बात मंडी सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने कही। विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि खेलो इंडिया अभियान 2025-26 में संपन्न होने जा रहा है और इस स्टेडियम को इसी प्रोजेक्ट के तहत बनवाने के चलते ही इस कार्य को तेज गति के साथ किया जा रहा है। अनिल शर्मा ने बताया, इस इंडोर स्टेडियम का अनुमानित बजट 28 से 30 करोड़ होगा, जिसमें केंद्र सरकार की तरफ से 20 से 22 करोड़ की मदद मिल सकती है। बाकी पैसा प्रदेश सरकार के जरिए मंजूर करवाने का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश सरकार के जरिए डीपीआर भिजवाने के बाद वे केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करके इसके लिए जल्द से जल्द बजट प्रावधान करवाने का प्रयास करेंगे। भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि स्टेडियम निर्माण के लिए जमीन को खेल विभाग के नाम करवा दिया गया है। इसकी स्वाइल टेस्टिंग का काम भी हो चुका है, क्योंकि प्रदेश सरकार के पास बजट नहीं था तो उन्होंने विधायक निधि से इसके लिए 15 लाख देकर यह सारा कार्य करवाया है। इस स्टेडियम के दो फ्लोर होंगे जिसमें सभी प्रकार की इंडोर खेलों का आयोजन हो सकेगा। इसमें 12 टेबल टेनिस के टेबल, 10 मीटर की शूटिंग रेंज, 4 स्क्वैश कोर्ट, जुड्डो, बॉक्सिंग कोर्ट, 12 बैडमिंटन और 3 वॉलीबॉल कोर्ट बनाए जाएंगे। अनिल शर्मा ने कहा कि यहां पर भविष्य में हर तरह की इंडोर खेलों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन भी करवाए जा सकेंगे, जिससे मंडी को एक नई पहचान मिलेगी।
मंडी: हिमाचल प्रदेश में भी यूपी की तर्ज पर रेहड़ी-फड़ी वालों की रेहड़ियों पर नेम प्लेट लगाई जा रही हैं। मंडी शहर में रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों को नगर निगम ने नेम प्लेट्स जारी कर दी हैं। बता दें कि मस्जिद विवाद के बीच नेम प्लेट्स को लेकर प्रदेश में काफी हो हल्ला हुआ था। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह का बयान भी काफी चर्चा में रहा था, जिसमें उन्होंने नेम प्लेट्स लगाने की सलाह दी थी। विक्रमादित्य सिंह के इस बयान का मंडी शहर के रेहड़ी-फड़ी धारकों ने समर्थन किया था। हालांकि उस वक्त भी कुछ रेहड़ी-फड़ी धारकों को नेम प्लेट्स जारी हो चुकी थी, लेकिन गत दिनों संपन्न हुई नगर निगम मंडी का टाउन वैंडिंग कमेटी की बैठक में सभी रेहड़ी-फड़ी धारकों को यह नमे प्लेट्स जारी करने का फैसला लिया गया था। नगर निगम मंडी के आयुक्त एचएस राणा ने बताया, टाउन वैंडिंग एक्ट में नेम प्लेट्स देने का प्रावधान पहले से ही है। शहर में 250 पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी धारक हैं। इनमें से पहले कुछ को ही नेम प्लेट्स जारी हुई थी, लेकिन अब 200 से अधिक लोगों को यह जारी कर दी गई है। बाकी की वेरिफिकेशन का कार्य जारी है और उन्हें भी जल्द ही इसे दे दिया जाएगा। आयुक्त एचएस राणा ने कहा कि यह नेम प्लेट्स एक तरह से व्यक्ति की पूरी पहचान को दर्शाती है। वह कहां से है? क्या काम करता है? कितने समय से काम कर रहा है? इस प्रकार की सारी जानकारी उसमें अंकित की गई है। टाउन वैंडिंग एक्ट के तहत हर पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी धारक को एक नंबर जारी किया जाता है और यह नंबर भी उस नेम प्लेट पर लिखा गया है। वहीं, मंडी शहर के रेहड़ी-फड़ी धारकों ने नगर निगम के इस फैसले का स्वागत किया है और छूटे हुए सभी धारकों को भी इसे जल्द से जल्द जारी करने की मांग उठाई है। मंडी शहर के महामृत्युंज्य चौक पर रेहड़ी लगाने वाले मनी राम ने कहा, नेम प्लेट लगनी जरूरी है, ताकि खरीददार को विक्रेता के बारे में जानकारी मिल सके।इससे हमें भी एक पहचान मिलती है, लेकिन नगर निगम को चाहिए कि इन नेम प्लेट्स को सभी को आबंटित किया जाए और सुविधाओं में भी ईजाफा किया जाए।
हिमाचल प्रदेश में गन लाइसेंस की तर्ज पर चेन वुड कटर (लकड़ी काटने की मशीन) का भी अनिवार्य तौर पर लाइसेंस लेना होगा। अवैध वन कटान रोकने के लिए वन विभाग यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है। चेन वुड कटर को हार्स पॉवर के आधार पर लाइसेंस जारी किए जाएंगे। छोटी मशीनों को लाइसेंस से छूट मिल सकती है। हिमाचल प्रदेश में घरेलू लकड़ी काटने के लिए बड़े पैमाने पर चेन वुड कटर का इस्तेमाल हो रहा है। कुछ लोग बड़े चेन वुड कटर का प्रयोग जंगलों में पेड़ काटने के लिए भी कर रहे हैं। चेन वुड कटर की मदद से मिनटों में पेड़ काटे जा रहे हैं। अवैध कटान से वन संपदा को रहे भारी नुकसान के मद्देनजर चेन वुड कटर प्रयोग करने के लिए लाइसेंस जारी करने का फैसला लिया गया है। वन विभाग नई व्यवस्था लागू करने के लिए नियमावली तैयार करेगा। बिना लाइसेंस चेन वुड कटर इस्तेमाल करने पर वुड कटर जब्त करने और जुर्माना लगाने का प्रावधान किया जा सकता है। वन विभाग ने प्रारंभिक तौर पर प्रदेश में इस्तेमाल हो रहे चेन वुड कटर की संख्या पता लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके क्षेत्र में चेन वुड कटर का प्रयोग करने वाले लोगों को सूचित किया जाए कि वह इसकी सूचना संबंधित डीएफओ को दें ताकि विभाग को प्रदेश में इस्तेमाल किए जा रहे चेन वुड कटर की संख्या का अनुमान लगाया जा सके।प्रदेश में अवैध वन कटान रोकने के लिए गन लाइसेंस की तर्ज पर चेन वुड कटर के लिए भी लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था लागू करना प्रस्तावित है। इसके लिए नियमावली तैयार की जाएगी ।
नए साल की शुरुआत में किसानों को आर्थिक रूप से झटका लगने वाला है। सरकार ने फसल की बिजाई से पहले इस्तेमाल होने वाली डीएपी और 12-32-16 खाद की कीमतों को बढ़ाने का फैसला लिया है। डीएपी खाद की एक बोरी की कीमत 240 रुपये बढ़ा दी गई है। वहीं, 12-32-16 खाद की बोरी की कीमत 200 रुपये बढ़ा दी गई है। एक जनवरी से किसानों को खाद की बढ़ी हुई कीमतें चुकानी होंगी। अभी डीएपी खाद की 50 किग्रा की एक बोरी देशभर में 1,350 रुपये की मिलती है। हिमाचल में राज्य सरकार इस पर 50 रुपये प्रति बोरी सब्सिडी देती है। इसलिए किसान प्रति बोरी 1,300 रुपये चुकाते हैं। एक जनवरी से इस खाद की कीमत 240 रुपये बढ़ने से 1,540 रुपये में बोरी मिलेगी। 12-32-16 खाद की बोरी अभी 1,470 रुपये में आती है। प्रदेश सरकार इसपर भी 50 रुपये प्रति बोरी सब्सिडी देती है। इसलिए हिमाचल में इसकी कीमत 1,420 रुपये है। एक जनवरी से इस खाद की कीमत 1,620 रुपये प्रति बोरी मिलेगी। सब्सिडी देने से केंद्र सरकार पर करोड़ों रुपये का बोझ बढ़ रहा है, जिसे कम करने के लिए अब तरल नैनो खाद खरीदने के लिए किसानों से अपील की जा रही है। इसलिए अब खाद की कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) का इस्तेमाल जमीन के अंदर तैयार होने वाली फसलों पर अधिक होता है। जैसे आलू की फसल में बिजाई से पहले बड़े स्तर पर डीएपी का छिड़काव किया जाता है। इस खाद में नाइट्रोजन और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में होते हैं। दोनों तत्वों को पौधे की जड़ के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, 12-32-16 खाद पौधों के लिए जरूरी तीन मुख्य पोषक तत्वों यानी नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम से मिलकर बनी होती है। इसमें नाइट्रोजन 12%, फास्फोरस 32%, और पोटेशियम 16% होता है। यह खाद मिट्टी में फास्फोरस और पोटेशियम की मात्रा को सही रखती है। नए साल से खाद के दाम में बढ़ाए जा रहे हैं। हालांकि अभी आधिकारिक अधिसूचना आनी बाकी है। दामों को लेकर नए आदेश एक जनवरी से लागू होंगे।
ताजा बर्फबारी के बाद एकाएक हिमाचल में सैलानियों की संख्या बढ़ गई है। बर्फबारी के रोमांच का लुत्फ उठाने के लिए हजारों की संख्या में सैलानी शिमला और मनाली खिंचे चले आए हैं। वीकेंड पर शिमला, डलहौजी और कसौली में 90 फीसदी, जबकि मनाली में 80 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी पहुंच गई है। शुक्रवार को पर्यटक वाहनों की भीड़ बढ़ने के चलते कालका-शिमला हाईवे पर जाम लग गया। शिमला और मनाली में बर्फबारी के बीच कई पर्यटक वाहन फंस गए। शुक्रवार सुबह से ही पर्यटक वाहनों के शिमला पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। दोपहर के समय शहर की पार्किंग पैक होने के बाद शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। मनाली में भी दिनभर बड़ी संख्या में पर्यटक वाहनों के पहुंचने का सिलसिला चला रहा। बर्फबारी का दौर शुरू होने के बाद चंबा के पर्यटन स्थल डलहौजी में ऑक्यूपेंसी 90 फीसदी तक पहुंच गई है। डलहौजी और खज्जियार में ऑनलाइन बुकिंग का क्रम जारी है। शुक्रवार दोपहर बाद शुरू बर्फबारी से जनजातीय क्षेत्र पांगी के किलाड़ मुख्यालय में 7.62 सेंटीमीटर और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 20.32 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई। सैलानियों की संख्या बढ़ाने से प्रदेश के पर्यटन कारोबारी खासे उत्साहित हैं। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि नए साल के जश्न से पहले वीकेंड पर भारी संख्या में पर्यटक हिमाचल पहुंचे हैं। शिमला, मनाली, डलहौजी सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। नए साल के जश्न पर इस बार बंपर कारोबार की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिन प्रदेश के ऊपरी इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। वहीं, निचले व मैदानी इलाकों में बारिश के चलते प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आज भी प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है, जबकि मैदानी व निचले इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए प्रदेश में बर्फबारी व बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश-बर्फबारी के चलते प्रदेश के 5 शहरों का तापमान माइनस में रहा। प्रदेश में ताबो -11.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। इसके अलावा कुकुमसेरी में -7.2, समदो में -6.5, केलांग में -6.4 और कल्पा में -1.1 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग शिमला के मुताबिक प्रदेश में आज 28 दिसंबर को ऊपरी और मध्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और बारिश रहेगी, जबकि निचले व मैदानी इलाकों के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 29 दिसंबर को प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। वहीं, 30 और 31 दिसंबर को मौसम साफ रहेगा। इसके अलावा नए साल पर बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने 1 जनवरी और 2 जनवरी को प्रदेश में ऊपरी और मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी को लेकर संभावना जताई है। इसके अलावा ऊना, सुंदरनगर और चंबा में शीतलहर के चलते लोग ठंड में ठिठुरते रहे। वहीं, मौसम विभाग शिमला ने 29 से 31 दिसंबर तक प्रदेश के निचले व मैदानी इलाकों में शीतलहर चलने को लेकर चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को कड़कड़ती ठंड से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, बिलासपुर और मंडी के कुछ हिस्सों में घना कोहरा रहने का भी अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी होने के बाद एक बार फिर टूरिस्ट सीजन शुरू हो गया है। पर्यटन नगरी मनाली में भी हजारों की संख्या में सैलानी नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंच रहे हैं। कुल्लू-मनाली पहुंचने के लिए पर्यटक मंडी जिले से होकर ही गुजरते हैं। ऐसे में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही बढ़ गई हैं। इस दौरान हाईवे पर जाम की स्थिति पैदा ना हो, इसके लिए मंडी पुलिस ने 35 जवानों को हाईवे पर तैनात किया है। इसके अवाला 28 दिसंबर को 24 और अतिरिक्त जवान इनके साथ जुड़ जाएंगे। साथ ही सभी गाड़ियों पर नजर बनाए रखने के लिए शहर और हाईवे पर लगातार पुलिस टीमें पेट्रोलिंग पर रहेंगी। एएसपी मंडी सागर चंद्र ने बताया, हाईवे पर सुचारू रूप से ट्रैफिक चलता रहे, इसके लिए हाईवे पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है, जिसमें सुंदरनगर के भवाना और मंडी से आगे 9 मील के पास नाके भी लगाए गए हैं। 2 जनवरी तक यह जवान हाईवे पर दिन रात ट्रैफिक व्यवस्था का जिम्मा संभाले रखेंगे। वहीं, एएसपी सागर चंद ने बताया कि ट्रैफिक कंट्रोल के साथ-साथ यह जवान अन्य गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे, ताकि हुंडदंग बाजी व लड़ाई झगड़े जैसी कोई भी घटना सामने ना आए। उन्होंने पर्यटकों व स्थानीय लोगों से हाईवे पर सुरक्षित व अनुशासनात्मक तरीके से गाड़ी चलाने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह की कोई दुर्घटना पेश न आए। बता दें कि किरतपुर मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत मंडी जिले में फोरलेन का काम चला हुआ है। मंडी शहर के 4 मील से लेकर हणोगी तक अधिकतर स्थानों पर कार्य अभी भी प्रगति पर है। ऐसे में टूरिस्ट सीजन के दौरान इन स्थानों पर रूक-रूक कर ट्रैफिक गुजरता है। वाहन चालक इन स्थानों पर आगे निकलने की होड़ में गलत तरीके से ओवरटेक करते हैं। इस साल भी पहली जनवरी को नए साल का जश्न मनाकर मनाली से लौट रहे दो वाहन चालक ओवरटेक को लेकर बिंद्राबणी के पास आपस में उलझ गए थे। इस दौरान दोनों ड्राइवर लड़ते-लड़ते ब्यास नदी में जा गिरे थे और उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी।
शिमला: न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे। वे रविवार, 29 दिसंबर को शपथ लेंगे। इस अवसर पर राजभवन में समारोह आयोजित किया जाएगा। मौजूदा समय में हिमाचल से ही संबंध रखने वाले न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल रहे थे। वहीं, न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सेवारत थे। जो अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इसी साल जुलाई की 11 तारीख को न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया का नाम मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सीजे के तौर पर अनुशंसित किया गया था। अब वे हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले 19 अक्टूबर 2024 को न्यायमूर्ति राजीव शकधर हिमाचल हाईकोर्ट से रिटायर हुए थे। उनकी रिटायरमेंट के बाद से न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पद पर सेवाएं दे रहे थे। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया ने साल 1986 में चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद साल 1989 में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद वे पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में एडवोकेट के रूप में सक्रिय हुए। फिर साल 1983 से 1987 तक उन्होंने पटना में हाईकोर्ट में सेवाएं दीं। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया के पिता साल 1978 और साल 1983 के दरम्यान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। फिलहाल, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सेवारत न्यायाधीशों की बात करें तो अभी न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा, न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ, न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य, न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा, न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह, न्यायमूर्ति रंजन शर्मा, न्यायमूर्ति बीसी नेगी व न्यायमूर्ति राकेश कैंथला का नाम आता है। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया के पदभार संभालने के बाद अब हिमाचल हाईकोर्ट में सीजे सहित 12 जज हो जाएंगे।
हिमाचल में महंगाई की मार झेल रहे लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। नए साल में उपभोक्ताओं को उड़द की दाल पांच रुपए किलो सस्ती मिलेगी। प्रदेश सरकार ने उड़द की दाल का भाव अप्रूव कर दिया है। ऐसे में सर्दियों के मौसम में सबसे अधिक खाई जाने वाली उड़द की दाल के रेट कम होने से लोगों को कुछ राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार से उड़द की दाल के रेट अप्रूव होने से हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने 38 हजार क्विंटल उड़द का सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिया है,जिसके बाद अब होलसेल गोदाम में उड़द पहुंचनी शुरू हो जाएगी, ताकि नए साल में डिपुओं में समय पर उपभोक्ताओं को ये दाल उपलब्ध हो सके। हिमाचल के करीब 4500 डिपुओं में उपभोक्ताओं को नए साल में सस्ती उड़द की दाल मिलने वाली है, जिसके भाव सरकार ने अप्रूव कर दिए हैं। डिपुओं में एनएफएसए के तहत आने वाले उपभोक्ताओं को उड़द की दाल 58 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दी जाएगी। पहले यही भाव 63 रुपए प्रति किलो था. इसी तरह से एपीएल परिवारों के लिए उड़द का रेट 68 रुपए किलो तय किया गया हैं। डिपुओं में पहले इन परिवारों को 73 रुपए किलो की दर से उड़द की दाल दी जा रही थी। वहीं, टैक्स पेयर को उड़द की दाल खरीदने के लिए पहले से अधिक जेब ढीली करनी होंगी। डिपुओं में टैक्स पेयर को उड़द की दाल अब 93 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिलेगी। पहले यही भाव 83 रुपए प्रति किलो था, लेकिन राहत की बात ये है कि खुले बाजार से उड़द की दाल का ये भाव काफी कम है। बाजार में उड़द की दाल का भाव 115 से 120 रुपए प्रति किलो है। ऐसे में डिपुओं में सस्ती दालें उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिल रही है। हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल का ने बताया, डिपुओं में उपभोक्ताओं उड़द की दाल पांच रुपए सस्ती दी जाएगी। उपभोक्ताओं को समय पर दालें उपलब्ध हो, इसके लिए पहले ही सप्लाई ऑर्डर जारी किया जा चुका है, जिसके बाद होलसेल गोदाम में दालों की सप्लाई पहुंचनी भी शुरू हो गई है।
हिमाचल प्रदेश में पिछले 13 साल में सेब उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। बागवानी विभाग के आंकड़ों में यह चौकाने वाला खुलासा हुआ है। विभाग के मुताबिक हिमाचल में सेब उत्पादन में प्रति हेक्टेयर 50 फीसदी की गिरावट आई है। 2010-11 में जहां प्रदेश में 8.7 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर सेब उत्पादन हुआ था, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा घटकर 4.3 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर रह गया। इसका मुख्य कारण मौसम में हो रहे बदलाव और रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर अत्यधिक निर्भरता से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति का खत्म होना माना जा रहा है।वैज्ञानिकों के अनुसार कभी ज्यादा बारिश और ओले पड़ने और कभी दो से तीन महीने तक लगातार सूखा पड़ने से फसलों के उत्पादन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। हिमाचल में फल उत्पादन करीब 76 फीसदी क्षेत्र में होता है। 46 प्रतिशत में सेब की खेती की जाती है। बढ़ती जनसंख्या और संतुलित आहार के प्रति जागरूकता के कारण भारत में फलों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए मौजूदा बगीचों में उत्पादन में सुधार करना आवश्यक है। कुछ वर्षों में राज्य में सेब उत्पादकता में काफी गिरावट आई है। खराब प्रबंधन पद्धतियां, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर अत्याधिक निर्भरता के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव हिमाचल प्रदेश के एक समय फलते-फूलते सेब उद्योग के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। उद्यान विभाग के निदेशक विनय सिंह ने कहा कि सेब उत्पादकता में गिरावट का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन है। विभाग एचपी एचडीपी के तहत उच्च घनत्व वाले बगीचों को बढ़ावा दे रहा है और इसके परिणाम जल्द आएंगे। समय-समय पर उचित प्रबंधन के लिए उचित दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र शिमला की प्रभारी डॉ. उषा शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक पद्धतियों में स्वस्थ मृदा पारिस्थितिकी तंत्र फलों की दृढ़ता, स्वाद, शर्करा की मात्रा और रंग को बढ़ाकर फलों की गुणवत्ता को बढ़ाता है। रासायनिक पदार्थों के उपयोग को समाप्त करके, प्राकृतिक खेती पर्यावरण प्रदूषण को कम करती है। किसान स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री जैसे गाय का गोबर, गोमूत्र, दरैक के पत्ते आदि का उपयोग करके अपना खुद का जैविक मिश्रण तैयार कर सकते हैं।
पधर: द्रंग ब्लाक युवा कांग्रेस के नव निर्वाचित उपाध्यक्ष अक्षय वर्मा का गरूवार को पार्टी मुख्यालय पधर में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में युवा सदस्य शामिल हुए, जिन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त करते हुए पार्टी के भविष्य को लेकर उत्साह प्रकट किया। इस अवसर पर नव निर्वाचित उपाध्यक्ष अक्षय वर्मा ने अपने संबोधन में युवा कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि युवा शक्ति ही भविष्य है। युवाओं की मेहनत और समर्पण से ही हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर काम करें। इस मौके पर उन्होंने पार्टी की नीतियों और आगामी रणनीतियों पर भी प्रकाश डाला। उनके नेतृत्व में कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन और युवा वर्ग को अधिक अवसर देने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर कांग्रेस के आदर्शों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कांग्रेस ओबीसी अध्यक्ष द्रंग देश राज, नवीन सकलानी अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी डलाह, जय सिंह प्रधान ग्राम पंचायत तरसवाण, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष चौहार ओम प्रकाश, पूर्व उप प्रधान शेष राम, सुरेश कुमार राव पूर्व उपाध्यक्ष द्रंग कांग्रेस, कमलेश वर्मा, दीक्षित वर्मा, नवीन ठाकुर, गौरव चौहान, दिव्यांशु शर्मा, शुभम शर्मा, दीपक ठाकुर, सुरेश चौहान तथा युवा नेता संजय कुमार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मण्डी जिला के धर्मपुर विधान सभा क्षेत्र में बहरी में हुए अवैध रूप से बालन कटान को लेकर भाजपा द्वारा सवाल उठाए जा रहे है ओर जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। वही सीएम मीडिया एडवाइजर नरेश चौहान ने इस पर पलटवार किया है और भाजपा पर इस पर राजनीति करने के आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि यह मामला विधानसभा के सदन में भी उठा था और मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस तरह का यदि कोई कटान हुआ होगा तो उसकी जांच की जाएगी। इसको लेकर भाजपा द्वारा जांच करने के लिए कमेटी बनाई गई है यह भाजपा की राजनीतिक मजबूरी है। जबकि सरकार की ओर से वन विभाग के अधिकारियों को इसको लेकर पहले ही निर्देश जारी कर रिपोर्ट तलब की गई है। वही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के उस बयान को हास्यास्पद् करार दिया है, जिसमें उन्होंने सरकार पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर बौखला गए हैं और इसीलिए मीडिया के छाए रहने के लिए आए दिन अनाप -शनाप ब्यानबाजी करते रहते हैं। नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा ही कर्मचारियों की हितैषी रही है, जिसने समय पर उनके सभी देय लाभ दिए हैं लेकिन जय राम ठाकुर ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में कर्मचारियों को ठगने का काम किया और बार-बार डबल इंजन की सरकार का राग अलापने वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही कर्मचारियों को ना तो उनके संशोधित वेतनमान का पूरा बकाया दिया गया और ना ही समय पर मंहगाई भत्ते की किश्तें ही दी गई, जबकि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों को अपने दो वर्ष के कार्यकाल में तीन मंहगाई भत्ते की किश्तें दी तथा साथ में दीवाली त्यौहार को देखते हुए उनका वेतन भी अग्रिम दिया गया।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फबारी के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग शिमला ने आगामी 27, 28 और 29 दिसंबर को बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 27 और 28 दिसंबर को जहां प्रदेश के ऊंचाई व मध्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और निचले व मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना है। वहीं, 29 दिसंबर को प्रदेश के ऊंचे व मध्य पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी है, जबकि बाकी दिन मौसम साफ बताया गया है। वहीं, मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के निचले व मैदानी इलाकों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऊना, हमीरपुर, सुंदरनगर और चंबा में शीतलहर का कहर जारी है। वहीं, बिलासपुर और मंडी जिले के कुछ जगहों पर घना कोहरा भी छाया रहा। वहीं, अगर बात करें न्यूनतम तापमान की तो प्रदेश के 8 शहरों का पारा माइनस में है। प्रदेश में ताबो -10.6 डिग्री सेल्सि न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा।
मंडी: नगर निगम मंडी ने शहर के सौंदर्यीकरण के लिए अपने स्तर पर मुहीम शुरू कर दी है, जिसके तहत निगम द्वारा शहर की सभी रेहड़ियों को एक जगह स्थापित किया जा रहा है। दरअसल नगर निगम द्वारा मंडी बाईपास पर नई रेहड़ी-फड़ी मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। इन दिनों इस मार्केट का कार्य युद्व स्तर पर जारी है, आने वाले समय में इसी मार्केट में शहर की सभी रेहड़ियां नजर आएंगी। नगर निगम मंडी के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने बताया, 3 करोड़ की लागत से नई रेहड़ी-फड़ी मार्केट तैयार की जा रही है। लोकनिर्माण विभाग के द्वारा इस मार्केट का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 400 रेहड़ियों को लगाने की जगह होगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्च माह तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद यहां पेबर ब्लॉक बिछाई जाएगी व शौचालयों की भी निर्माण किया जाएगा। मेयर वीरेंद्र भट्ट ने बताया कि रेहड़ी-फड़ी मार्केट को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए रेहड़ी फड़ी धारक यूनिफॉर्म मार्केट साइज शेड का निमार्ण भी कर सकते है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि इस मार्केट में नए रेहड़ी फड़ी धारकों को फिलहाल जगह नहीं दी जाएगी। आने वाले समय में मार्केट के विस्तारीकरण की आवश्यकता होगी तो सुंदरनगर की ओर इस मार्केट का विस्तार किया जाएगा। बता दें कि इस समय नगर निगम के पास 300 के करीब पंजीकृत रेहड़ियों की संख्या है, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाई जा रही हैं। नई रेहड़ी फड़ी मार्केट बनने के बाद शहर की यह रेहड़ियां मंडी बाईपास पर ही नजर आएंगी, जिससे अन्य स्थानों पर पड़ने वाला रेहड़ियों का बोझ भी कम होगा। ये शहर के सौंदर्यीकरण के लिए बेहतरीन कदम साबित होगा।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-4 में नई सड़कों के साथ पुरानी खराब सड़कों की मेटलिंग करने के प्रदेश के आग्रह को स्वीकार कर लिया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान के समक्ष यह मामला उठाया था। हिमाचल में 2,000 करोड़ रुपये से 1,500 किलोमीटर सड़कें पक्की होंगी। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के चरण-एक में टारिंग, मेटलिंग से वंचित सड़कों को चरण-चार में शामिल कर दिया है। अब चरण-चार में ये सड़कें पक्की होंगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान के समक्ष यह मामला उठाया था। केंद्रीय मंत्रालय ने सरकार को स्वीकृति पत्र जारी कर इन सड़कों को चरण-चार में शामिल करने की हामी भरी है। अगले सप्ताह लोक निर्माण विभाग के अधिकारी दिल्ली जाएंगे, वहां केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष इन सड़कों की प्रस्तुति देंगे। हिमाचल में चरण-दो और तीन में सभी सड़कों का निर्माण हो चुका है, लेकिन चरण-एक में 200 से ज्यादा सड़कें पक्की नहीं हो पाई थीं। इन सड़कों के पक्का होने से हिमाचल की 40 फीसदी जनता लाभान्वित होगी। इससे पहले चरण-तीन में हिमाचल को 3,000 करोड़ रुपये मिले थे। अब सड़कों को पक्का करने के लिए हिमाचल को केंद्र 2,000 करोड़ की राशि देगा। विक्रमादित्य ने कहा कि सड़कों का जायजा लेने के लिए जिलों के दौरे किए थे। कई सड़कें हैं जो 10 सालों से पक्की नहीं हो पाई हैं। इस बारे में सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसके बाद मामला केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से उठाया था।
सपैल वैली के धार्मिक अनुष्ठान भूंडा महायज्ञ के लिए पांच बावड़ियों का पवित्र जल बुधवार को देवता बकरालू के मंदिर में पहुंच गया। इसके साथ ही वीरवार को मंदिर परिसर में भूंडा का आगाज हो जाएगा। 39 साल बाद हवन कुंड के खुलने से अनुष्ठान का आगाज होगा। हालांकि, सार्वजनिक तौर पर दो जनवरी से भूंडा की रस्में शुरू होंगी। नौ गांवों के हजारों लोगों ने मंदिर से लेकर अपने घरों तक की सभी तैयारियों पूरी कर ली हैं। बुधवार को ब्राह्मणाें के कंधों पर पवित्र जल को ढोल-नगाड़ों के साथ दलगांव में देवता बकरालू के मंदिर तक पहुंचाया गया। पूजा-अर्चना के बाद ग्रामीणों की ओर से मंदिर की बाहर से सफाई की गई। कारदार और हवन कमेटी की मंदिर में रात भर उपस्थिति रहेगी। मंदिर में तय मुहूर्त के अनुसार हवन कुंड को खोला जाएगा। अनुष्ठान की समाप्ति तक यहां लगातार हवन चलता रहेगा। भूंडा महायज्ञ की असली रस्में दो जनवरी से शुरू होंगी। दो जनवरी को यहां मेहमानों और देवताओं का स्वागत होगा। तीन जनवरी को देवता के मंदिर में शिखा पूजन मंदिर की छत पर पूजा-अर्चना के साथ होगा। चार जनवरी को मुख्य रस्म रस्सी पर आदमी को बांध पर खाई पार करवाई जाएगी। इसको स्थानीय भाषा में बेडा कहा जाता है। पांच जनवरी को देवताओं की विदाई का कार्यक्रम उच्छड़ पाछड़ रहेगा। दलगांव के इस मंदिर में 39 साल पहले भूंडा अनुष्ठान हुआ था। इस बार हो रहे अनुष्ठान की करीब पांच साल से मंदिर से हर घर तक तैयारी चल रही है। सपैल वैली से नौ गांवों के लोग अपने-अपने घरों में मेजबानी की पूरी तैयारी कर चुके हैं। रामपुर तहसील के दलोग, शरण जरासी सहित पूरी नरैण पंचायत के लोग भी इस अनुष्ठान के मेजबान माने जाते हैं। पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों की ओर से दूर-दूर तक के रिश्तेदारों को बीते एक महीने से निमंत्रण बांटे जा रहे हैं। इधर, विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने मंदिर में पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर कमेटी से भी यातायात व्यवस्था, कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। देवता बकरालू के मोतमीन रधुनाथ झामटा ने कहा मंदिर की ओर से इस अनुष्ठान की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा यहां पर देवता मोहरिश, देवता बौंद्रा, देवता महेश्वर मुख्य रूप से शामिल होगे। उन्होंने कहा अब इसको सफल बनाने के लिए मेहमानों के सहयोग की जरूरत रहेगी। अनुष्ठान में हर दिन हजारों लोगों के पहुंचने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को धूप तो खिली रही, लेकिन पिछले दिनों हुई बर्फबारी से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं। तीन नेशनल हाईवे समेत 134 सड़कें अभी बंद हैं। राजधानी से ऊपरी शिमला, मनाली से केलांग, कुल्लू से आनी के लिए बस सेवा ठप है। कुल्लू-मनाली एनएच-03, सैंज-लूहरी एनएच 305 और शिमला से रामपुर एनएच-5 बंद है। नई दिल्ली से भुंतर और अमृतसर की उड़ानें सातवें दिन भी बंद रहीं। वीरवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहने के आसार हैं। 27 और 28 दिसंबर को फिर भारी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। 26 और 27 दिसंबर को शीतलहर चलने, बिजली चमकने और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान है। बुधवार को ऊना, हमीरपुर, सुंदरनगर और चंबा में शीतलहर चली। प्रदेश में धूप खिलने के बाद सड़क बहाली का काम युद्ध स्तर पर शुरू हुआ और देर शाम तक करीब 100 सड़कें बहाल की गईं। शिमला जिला में अभी सबसे अधिक 77 सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीति में 25, कुल्लू में 21 और मंडी जिला में 11 सड़कें बंद हैं। प्रदेश में 65 ट्रांसफार्मर बहाल नहीं हो पाए। लाहौल-स्पीति में 34, शिमला में 23, चंबा में 6 और किन्नौर में 2 ट्रांसफार्मर खराब हैं। 18 जलापूर्ति परियोजनाएं ठप पड़ी हैं। शिमला जिले में सबसे अधिक 12 और किन्नौर में 6 पेयजल योजनाएं ठप हैं। उधर, जिला चंबा में बंद छह ट्रांसफार्मर बुधवार को भी बहाल नहीं हो पाए। अटल टनल रोहतांग के साथ जलोड़ी दर्रा वाहनों के लिए अभी बंद है। मंगलवार रात जलोड़ी दर्रा में 30 सेंटीमीटर, कोकसर में 20, ग्रांफू में 30, रोहतांग 60, सिस्सू में आठ व अटल टनल के दोनों छोर में 10 से 12 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है। लाहौल-स्पीति जिला पुलिस ने बुधवार को सुबह 10:00 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक बर्फ में फंसी 20 गाड़ियों को निकाला, जिसमें लगभग 80 से 100 के बीच पर्यटक थे।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज बताया कि केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-4 में नई सड़कों के साथ पुरानी खराब सड़कों की मेटलिंग करने के प्रदेश के आग्रह को स्वीकार कर लिया है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से इसके दृष्टिगत विशेष आग्रह किया था। उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में नई सड़कों के साथ पुरानी खराब सड़कों की मेटलिंग की अनुमति प्रदान करने से राज्य में लगभग 1000-1500 किलोमीटर सड़कों के मेटलिंग कार्य में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों को सुदृढ़ करने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-4 के तहत विभिन्न प्रावधानों से उल्लेखनीय सहायता प्राप्त होगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण बाधित सड़कों में यातायात के सुचारू संचालन के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा अधिकांश बाधित सड़कों को समयबद्ध खोला गया है। बर्फबारी से प्रभावित होने वाले चिन्हित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में कार्यबल और मशीनरी तैनात की गई है। यह प्रयास किया जा रहा है कि पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
हिमाचल: भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आज हिमाचल में 100वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर शिमला के रिज मैदान पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी पर आधारित एक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल शुक्ल ने कहा अटल ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर पूरे विश्व को संदेश दिया था कि भारत अपनी शक्ति के आगे दूसरे की जबरदस्ती की शक्ति को स्वीकार नहीं करेगा। हम शांति के दूत हैं लेकिन क्रांति निश्चित रूप से करना जानते हैं। यह अटल जी ने सिखाया था। आज हम उनको अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। इस मौके पर बीजेपी के अन्य नेता भी मौजूद रहे। उन्होंने देश की प्रगति में ऐसा काम किया जिसे आज हम उनकी जयंती पर सुशासन दिवस के रूप में मनाते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कुल्लू के ढालपुर में भी 100वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में बीजेपी ने अटल जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके द्वारा भारत के विकास में किए गए कार्यों को याद किया गया। जिला कुल्लू भाजपा के अध्यक्ष अरविंद चंदेल ने बताया अटल जी द्वारा किए गए गए विकास कार्यों का आज आम जनता को लाभ मिल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर हमीरपुर जिला के तहत समीरपुर में भी एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में भारत रत्न अटल जी को याद किया गया। इस मौके पर अपने संबोधन में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा यह जन्म अटल जी का शताब्दी वर्ष हैं। इसको लेकर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वाजपेयी जी ने अपने प्रधानमंत्री काल में जो कार्य देश के लिए किए हैं उनके लिए समस्त देशवासी उनके सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि विशेषकर प्रधानमंत्री सड़क योजना से हिमाचल जैसे पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्रों को सड़कों की सौगात मिली है। ऐसी सड़कों के निर्माण के लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा।
लाहौल-स्पीति: जिला के मुख्यालय लोअर केलांग में मंगलवार शाम एक दो मंजिला मकान में आग लग गई। यह मकान क्षेत्रीय अस्पताल के पास था। आग लगने के चलते मकान पूरी तरह से जल गया। वहीं, मकान के अंदर मौजूद 4 साल के बच्चे की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक इस दो मंजिला मकान में नेपाली मूल की दंपति अपने 4 साल के बेटे के साथ रहती थी। मकान में जब आग लगी तो नेपाली मूल का व्यक्ति भीम बहादुर अपनी पत्नी के साथ घर के बाहर था और उनका 4 साल का बेटा घर के अंदर मौजूद था। ऐसे में अचानक मकान ने आग पकड़ ली और घर के अंदर रखा सिलेंडर भी ब्लास्ट कर गया जिसके चलते आग एकाएक बढ़ गई। आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। उसके बाद 4 साल के बच्चे की तलाश शुरू की गई लेकिन उसकी आग में जलने के चलते मौत हो गई थी। तहसीलदार केलांग, रमेश कुमार ने बताया, इस दो मंजिला भवन में चार कमरे थे और इसमें भीम बहादुर नाम का शख्स अपने परिवार के साथ किराये पर रहता था। मकान में हुए नुकसान का आंकलन 10 लाख रुपये से अधिक का है। अग्निकांड में चार साल के बच्चे की जलने से मौत हो गई है। अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मंडी: हिमाचल की सर्द दोपहर में शॉल ओढ़े बैठी साकम्मा 20 साल बाद अपने घर जा रही है। अपने बच्चों के पास, जो करीब 20 साल पहले उसे मरा हुआ समझकर अंतिम संस्कार कर चुके थे। हिमाचल के मंडी से करीब 2000 किलोमीटर दूर कर्नाटक के अपने घर पहुंचने में साकम्मा को दो दशक लग गए। कहानी फिल्मी लगती है लेकिन रियल है। कई मुश्किलों और मजबूरियों के बीच साकम्मा की कहानी आपकी आंखे नम कर जाएगी। साकम्मा की कहानी की हैप्पी एडिंग की शुरुआत बीते 18 दिसंबर को हुई। जब एडीसी रोहित राठौर मंडी जिले के भंगरोटू स्थित एक वृद्धाश्रम में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने साकम्मा नाम की महिला को देखा। पता चला कि वो कर्नाटक की रहने वाली हैं और हिंदी नहीं जानती हैं। उनकी मानसिक हालत भी कुछ ठीक नहीं थी, जिसके बाद एडीसी रोहित राठौर अन्य अफसरों के साथ साकम्मा को उनके घर पहुंचाने के मिशन में जुट गए। इसके बाद साकम्मा के साथ कन्नड़ में बात करने के लिए प्रदेश में तैनात कर्नाटक के अफसरों तक पहुंचने की कोशिश हुई। कर्नाटक की निवासी नेत्रा मैत्ती हिमाचल के कांगड़ा जिले में पालमपुर की एसडीएम हैं। फोन पर उनकी बात साकम्मा के साथ करवाई गई और उनके घर के बारे में जानकारी जुटाई गई। फिर मंडी जिले में ही तैनात आईपीएस प्रोबेशनर अधिकारी रवि नंदन को वृद्धाश्रम भेजकर साकम्मा के साथ बातचीत करवाई गई। महिला का वीडियो बनाकर कर्नाटक के अधिकारियों के साथ साझा किया गया। फिर हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के अफसरों के प्रयास से साकम्मा के परिवार को ढूंढ लिया गया। साकम्मा कर्नाटक के जिला विजय नगर के गांव दनायाकनाकेरे की रहने वाली हैं।जिला उपायुक्त, मंडी अपूर्व देवगन ने बताया, समय-समय पर ओल्ड एज होम और अनाथाश्रम की इंस्पेक्शन की जाती है। हाल ही में अतिरिक्त उपायुक्त मंडी की ओर से भंगरोटू अनाथाश्रम का निरीक्षण किया गया। इस दौरान एक महिला से उनकी बात हुई जो कर्नाटक से हैं लेकिन उनके घर का पता नहीं चल पा रहा था। फिर जिला प्रशासन ने कर्नाटक के अफसरों के साथ मिलकर उन्हें घर पहुंचाया जा रहा है। परिवार के लोगों तक जब कर्नाटक के अफसर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले उन्हें मरा हुआ समझकर वो साकम्मा का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। दरअसल उन्हें एक सड़क हादसे में महिला का शव मिला था, जिसे साकम्मा समझकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया था। साकम्मा के जिंदा होने की खबर सुनकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। स्मृतिका नेगी, एसडीएम, बल्ह ने बताया , ये महिला 20 साल से मिसिंग है और परिवार को लगा था कि इनकी मौत हो चुकी है। 20 साल के बाद साकम्मा का मिलना पुनर्जन्म जैसा ही है। ओल्ड एज होम से लेकर प्रशासन ने पूरा सपोर्ट किया है और हम साकम्मा को शुभकामनाएं देते हैं कि वो अब अपने परिवार के साथ खुश रहेंगी। साकम्मा को 20 साल पुरानी बातें ही याद हैं कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, लेकिन अब उनके बच्चों की शादी हो चुकी है। साकम्मा के चार बच्चे थे जिनमें से तीन जीवित हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी अपनी मां का इंतजार कर रहे हैं। साकम्मा भी जल्द अपने परिवार से मिलने वाली है। कर्नाटक सरकार के तीन अधिकारी उन्हें लेने के लिए हिमाचल पहुंचे हैं। कर्नाटक के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के ऑफिसर इस प्रयास के लिए हिमाचल सरकार के अफसरों की सराहना करते हैं। बस्वराज एनजी, कर्नाटक सरकार के अधिकारी ने अपनी सरकार की तरफ से हिमाचल सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा, हिमाचल के सभी अधिकारियों ने साकम्मा को उसके घर पहुंचाने के लिए हमारी बहुत मदद की है। आश्चर्य की बात है 20 साल बाद साकम्मा मिली है। साकम्मा के तीन बच्चे उसका कर्नाकट में इंतजार कर रहे हैं। परिवार के लोगों ने साकम्मा को मरा हुआ समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था लेकिन साकम्मा जिंदा है। साकम्मा 20 साल बाद 24 दिसंबर को कर्नाकट से आए अधिकारियों के साथ अपने घर के लिए रवाना हो चुकी हैं चंडीगढ़ से साकम्मा हवाई मार्ग से कर्नाटक जाएगी। प्रशासन ने सभी कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद साकम्मा को कर्नाटक से आए अधिकारियों के हवाले कर दिया था, जिसके बाद साकम्मा को लेकर अधिकारी चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए थे।
आउटसोर्स भर्तियों को लेकर नियमों की उड़ रहीं धज्जियों पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार की अस्थायी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि क्या एक फिनाइल बेचने वाली कंपनी नर्सों की भर्ती कर सकती है। सरकार ने इसके लिए कोई भी पैरामीटर और नियम नहीं बनाए हैं। हाईकोर्ट में जेके इंटरप्राइजेज की ओर से कंपनी को किन मापदंडों के तहत काम दिया जाता है और क्या पारदर्शिता है, इस पर याचिका दायर की गई है। सरकार ने इस पर अपना जवाब दायर किया है, जिस पर अदालत ने नाराजगी जताई। इस मामले की सुनवाई 31 दिसंबर को होगी। कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया है कि कॉरपोरेशन की ओर से 5 फीसदी कमीशन तय किया है, जिससे ढाई-ढाई फीसदी कॉरपोरेशन और कंपनियों को जाता है। इस वजह से कंपनियों का वित्तीय नीलामी का अधिकार छिन गया है। काॅरपोरेशन कंपनियों को एंपैनल करता है, उसके बाद विभाग कॉरपोरेशन को संस्तुतियां भेजता है। अगर 10 लोगों से कम लेबर का काम है तो रोटेशन के तहत कंपनियों को काम देते हैं। अगर उससे अधिक है तो कोई नियम नहीं हैं। उसके लिए तकनीकी नीलामी करते हैं। विभाग की ओर से अगर किसी कंपनी के नाम की सिफारिश की जाती है तो उसी को काम दिया जाता है। कॉरपोरेशन ने 36 कंपनियां चयनित की हैं, जिससे विभागों के काम आउटसोर्स किए जाते हैं। कॉरपोरेशन इनसे 50-50 हजार रुपये लेता है। हिमाचल प्रदेश में वित्तीय नियम 2009 के तहत आउटसोर्स प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत सलाहकार बोर्ड, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और अधिसूचना होनी चाहिए, जबकि हिमाचल प्रदेश कॉरपोरेशन इन सभी नियमों को दरकिनार कर आउटसोर्स भर्तियां कर रहा है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में आउटसोर्स भर्तियों पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए सरकार की ओर से एक अर्जी दायर की गई है। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आउटसोर्स भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कमेटी के गठन के निर्माण पर सरकार विचार कर रही है। प्रदेश सरकार इस कमेटी की देखरेख करेगी, जिससे भर्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता होगी। सरकार की ओर से दायर अर्जी पर अब 31 दिसंबर को सुनवाई होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने 7 नवंबर को इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की ओर से विभागों में की जा रही सभी भर्तियों पर रोक लगा दी थी। खंडपीठ ने कंपनियों और उम्मीदवारों का सारा डाटा बेवसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने आराेप लगाए हैं कि प्रदेश में करीब 110 कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कोई नियम नहीं बनाए गए हैं। केंद्र की पॉलिसी के तहत केवल चतुर्थ श्रेणी के पदों को ही आउटसोर्स किया जाता है, जबकि हिमाचल प्रदेश में तृतीय श्रेणी को भी आउटसोर्स पर किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में आउटसोर्स भर्तियों पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए सरकार की ओर से एक अर्जी दायर की गई है। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आउटसोर्स भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कमेटी के गठन के निर्माण पर सरकार विचार कर रही है। प्रदेश सरकार इस कमेटी की देखरेख करेगी, जिससे भर्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता होगी। सरकार की ओर से दायर अर्जी पर अब 31 दिसंबर को सुनवाई होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने 7 नवंबर को इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की ओर से विभागों में की जा रही सभी भर्तियों पर रोक लगा दी थी। खंडपीठ ने कंपनियों और उम्मीदवारों का सारा डाटा बेवसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि प्रदेश में करीब 110 कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कोई नियम नहीं बनाए गए हैं। केंद्र की पॉलिसी के तहत केवल चतुर्थ श्रेणी के पदों को ही आउटसोर्स किया जाता है, जबकि हिमाचल प्रदेश में तृतीय श्रेणी को भी आउटसोर्स पर किया जा रहा है।
करसोग/राज सोनी: पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगणा का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह बीते कल अत्यंत उल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन क्लस्टर स्तर पर आयोजित किया गया, जिसमें राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला पांगणा ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद् और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य लक्ष्मी दत्त शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। उनके साथ उनके सुपुत्र मंगलेश शर्मा भी शामिल रहे। कार्यक्रम में सेवानिवृत एक्शियन के. डी.चौहान , सेवानिवृत्ति एम. सी. पी. ओ दयानंद ठाकुर, पतंजलि योगपीठ से जगदीश शर्मा सहित कई व्यक्ति शामिल रहे। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष नारायण सिंह और अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहे। उनका स्वागत ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से भव्य तरीके से किया गया। उन्होंने बच्चों द्वारा लगाई गई मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समारोह में विद्यार्थियों ने एकल गीत, समूह गान, पहाड़ी नाटी, पंजाबी नृत्य और लोक नृत्य जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रधानाचार्य संजय कुमार ने विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक सत्र 2024-25 की उपलब्धियों का उल्लेख किया और विद्यार्थियों की प्रतिभा और शिक्षकों के समर्पण की सराहना की। मुख्य अतिथि ने विद्यालय के दानदाताओं के नामों से सुसज्जित हॉनर बोर्ड का अनावरण किया और शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने आध्यात्मिक जीवन के महत्व को समझाते हुए बताया कि कैसे नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच से जीवन को संतुलित और सफल बनाया जा सकता है। सामाजिक जागरूकता पर जोर देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना कितना महत्वपूर्ण है। अंत में प्रधानाचार्य संजय कुमार और उप प्रधानाचार्य मस्तराम सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने में सफल रहा, बल्कि विद्यालय और समुदाय के बीच सहयोग और समर्पण को भी मजबूत करने का माध्यम बना।
** भाजपा की वजह से हुई हिमाचल में कई राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान की स्थापना: अनुराग ठाकुर देहरा: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने बीते कल देहरा में निर्माणाधीन केंद्रीय विश्वविद्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया व सुनेहत में दिल्ली कॉन्वेंट स्कूल के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में पात्र विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं व नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने का आह्वाहन किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, अच्छी व सुगम शिक्षा किसी भी राष्ट्र के प्रगति की पहली मूलभूत आवश्यकता है। 2014 के बाद पूरे देश की शैक्षणिक व्यवस्था में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मोदी सरकार लगभग 30 वर्षों बाद नई शिक्षा नीति लाई जिससे हमारे युवाओं को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई करने का मौका मिला है। इसके कारण आज छोटे शहरों के बच्चे भी ओपिनियन लीडर बन पा रहे हैं। मोदी सरकार के 10 वर्षों में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश एजुकेशन हब के रूप में उभर कर सामने आया है। यह मोदी जी का हिमाचल के प्रति प्रेम ही हैं ,जिसके कारण आज एक छोटे से पहाड़ी राज्य में लगभग देश के सभी बड़े शैक्षणिक संस्थान हैं। आज हिमाचल के युवाओं को प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा अपने ही राज्य में मिल पा रही है। आगे बोलते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, हमारे सभी युवाओं को एक साथ आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वाह्न के अनुरूप 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसमें शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज पूरे देश में 10,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब कार्यरत हैं। पहले देश में 350 मेडिकल कॉलेज थे, मोदी ने 700 बना दिए। आज देश में 1100 विश्वविद्यालय हैं। 2014 में 384 मेडिकल कॉलेज थे। आज 700 से ज्यादा हैं। 2014 में यूनिवर्सिटी की संख्या 450 थी आज 1100 से ज्यादा है। 2014 में मात्र 7 एम्स थे, आज 22 एम्स हैं। 2014 में लगभग 51,000 एमबीबीएस की सीटें थी, आज 1 लाख 8 हजार से ज्यादा है। 2014 में देश में पीजी की सीटें मात्र 31,000 के आसपास थीं, आज 70,000 से ज्यादा हैं। 2014 में 16 आईआईएम थे, आज 23 आईआईएम हैं। 2014 में आईआईटी की संख्या 12 थी, आज 19 आईआईटी हैं। देहरा में भी 500 करोड़ की लागत से केंद्रीय विश्वविद्यालय बन रहा है। अब हमारे क्षेत्र के बच्चे अपने घर पर ही केंद्रीय विद्यालय से पढ़ कर केंद्रीय विश्वविद्यालय में पढ़ सकते हैं। हमीरपुर लोकसभा में कुल 9 केंद्रीय विद्यालय के माध्यम से छात्रों के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ कर अच्छी शिक्षा पाने की राह और आसान हो गई है। हमने ऐसे ही हमीरपुर एनआईटी और स्लोह में ही ट्रिपल आईटी भी बनाया है। पहले हमारे यहां मेडिकल कॉलेज नहीं थे। मैंने आपकी आवाज उठाकर हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज और बिलासपुर में एम्स बनवाया। इसके अलावा कई आईटीआई भी बनाए गए हैं। मैं यही चाहता हूं की हमारे युवा साथी अच्छी शिक्षा ग्रहण करें और आगे बढ़ें। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आईआईएम, एनआईटी, एचपीटीयू से लेकर ट्रिपल आईटी तक के राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान आज हिमाचल में भाजपा सरकार की देन है। हिमाचल को मोदी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है ताकि हमारे यहाँ के छात्रों को अच्छी व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन ना करना पड़े। अनुराग ठाकुर ने आगे पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में आए परिवर्तन को रेखांकित करते हुए बताया, आज पूरे देश में 10000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब कार्यरत हैं। अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि मोदी के विकास के साथ कदमताल करते हुए मैंने भी अपने संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में बिना किसी सरकारी सहायता के बच्चों को गुरुकुल पद्धति के साथ निशुल्क ट्यूशन की व्यवस्था के लिए एक से श्रेष्ठ कार्यक्रम की शुरुआत की है। एक से श्रेष्ठ कार्यक्रम सबके प्रयास से सभी वर्गों के बच्चों को शिक्षा देना और सबका विकास करना है। इसकी शुरुआत 5 अक्टूबर 2021 को विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर की गई थी ताकि हिमाचल प्रदेश की तीन समस्याओं: अनएम्प्लॉयमेंट, इमीग्रेशन और इकोनॉमी का एजुकेशन के द्वारा समाधान किया जा सके। आज पूरे क्षेत्र में एक से श्रेष्ठ के 580 से ज्यादा केंद्र कार्यरत है जहां 9500 से ज्यादा बच्चे शिक्षा पा रहे हैं। इनमें छात्राओं की संख्या भी 48% है।
** 683 बिजली लाइन भी ठप्प हिमाचल प्रदेश में हुई ताज़ा बर्फबारी के बाद जहां पर्यटक और बागवान खुश हैं वहीं लोगों की दिक्कतें भी बढ़ी हैं। बर्फबारी के बाद हिमाचल में 3 एनएच समेत 174 सड़कें यातायात के लिए बन्द हो गई हैं। जबकि 683 बिजली की लाइन बाधित हैं। शिमला में सबसे ज्यादा सड़कें बन्द हैं।प्रशासन सड़कें खोलने में जुटा हुआ है। हिमाचल सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान बर्फ में फिसलन से हुए हादसों की वजह से चार लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि बर्फ़ में फंसे सभी पर्यटकों को निकाल लिया गया है। पर्यटकों से अपील की है कि बर्फ़ में वाहन न चलाएं। मौसम विभाग ने आज भी राज्य में बर्फ और बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग ने 27 से 29 दिसम्बर को फ़िर से प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी की है। फिलहाल करीब तीन माह के सूखे के बाद अच्छी बारिश किसानों बागवानों सहित पर्यटन क्षेत्र के लिए खुशी की सौगात लेकर आई है।
** कहा, बर्फबारी से निपटने के लिए 268 मशीनें तैनात **लोक निर्माण मंत्री ने रिव्यू मीटिंग कर अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का दिया आदेश हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी से सैंकड़ों सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। लोक निर्माण विभाग सड़कों को बहाल करने में जुटा हुआ है। शिमला में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विभाग की रिव्यू मीटिंग ली और अधिकारियों को अगले पांच दिनों तक अलर्ट मोड पर रहने के आदेश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग ने कुल 268 मशीनें बर्फबारी से निपटने के तैनात की है जो सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। अगर मौसम साफ रहता है तो अगले दो दिनों में सभी सड़कें खोल दी जाएगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बर्फबारी से बागवानी और पर्यटक कारोबार को फायदा होगा। अगले पांच दिन भी प्रदेश के कुछ इलाकों में बर्फबारी की संभावना है जिसे देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के आदेश दिए गए हैं अगर छुटियां भी रद्द करनी पड़ी तो उसके लिए भी निर्देश दे दिए गए हैं।अगर मौसम साफ रहता है तो अगले दो दिन में सभी सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा। रिव्यू मीटिंग में सड़कों के चल रहे निर्माण कार्य की भी रिपोर्ट ली गई है और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। CRF के तहत 2024- 25 में हिमाचल प्रदेश को 110 करोड़ की स्वीकृति आई है।
शिमला: न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे। इस संदर्भ में सोमवार 23 दिसंबर को अधिसूचना जारी कर दी गई है। मौजूदा समय में हिमाचल से ही संबंध रखने वाले न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल रहे थे। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सेवारत थे। संभावना है कि न्यायमूर्ति संधवालिया इसी हफ्ते अपना कार्यभार संभालेंगे। सोमवार को केंद्र सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी रैंक के अधिकारी जगन्नाथ श्रीनिवासन की ओर से न्यायमूर्ति संधवालिया की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इसी साल जुलाई की 11 तारीख को न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया का नाम मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सीजे के तौर पर अनुशंसित किया गया था। अब वे हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले 19 अक्टूबर 2024 को न्यायमूर्ति राजीव शकधर हिमाचल हाईकोर्ट से रिटायर हुए थे। उनकी रिटायरमेंट के बाद से न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पद पर सेवाएं दे रहे थे। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया ने वर्ष 1986 में चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की फिर वर्ष 1989 में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद वे पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में एडवोकेट के रूप में सक्रिय हुए। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया के पिता वर्ष 1978 और वर्ष 1983 के दरम्यान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। फिर वर्ष 1983 से 1987 तक उन्होंने पटना में हाईकोर्ट में सेवाएं दीं। फिलहाल, हिमाचल हाईकोर्ट में सेवारत न्यायधीशों की बात करें तो अभी न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा, न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ, न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य, न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा, न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह, न्यायमूर्ति रंजन शर्मा, न्यायमूर्ति बीसी नेगी व न्यायमूर्ति राकेश कैंथला का नाम आता है। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया के पदभार संभालने के बाद अब हिमाचल हाईकोर्ट में सीजे सहित 12 जज हो जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के जलशक्ति विभाग के पांच पैरा पंप ऑपरेटर्स की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। मामले पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि उपरोक्त पांच पैरा पंप ऑपरेटर्स ने जो अनुभव प्रमाण पत्र यानी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट सबमटि किए थे। वे विज्ञापन के अनुसार निर्धारित प्राधिकारी की तरफ से जारी नहीं किए गए थे। अदालत ने इन पंप ऑपरेटरों की नियुक्ति को रद्द करने के साथ ही जल शक्ति विभाग को निर्देश दिया कि वे सभी उम्मीदवारों की योग्यता का पुनर्मूल्यांकन करे। विभाग को आदेश जारी किए गए कि वह आवेदकों द्वारा प्रस्तुत संबंधित कार्यकारी अभियंता की ओर से जारी किए गए अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर यह पुनर्मूल्यांकन करें। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने याचिकाकर्ता राकेश कुमार की याचिका को मंजूर करते हुए उपरोक्त आदेश जारी किए। अदालत ने आदेश दिए हैं कि इन पांच निजी प्रतिवादियों की नियुक्ति को रद्द किए जाने के कारण खाली होने वाले पदों पर योग्य उम्मीदवारों को योग्यता के आधार पर तैनाती दी जाए। राज्य के जलशक्ति विभाग ने पात्र अभ्यर्थियों से पैरा पंप ऑपरेटर्स के पदों के लिए आवेदन मांगे थे। विज्ञापन में ये स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई अभ्यर्थी जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि में या राज्य जल शक्ति विभाग में सेवा देने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी के संबंधित क्षेत्र में अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेगा, तो केवल कार्यकारी अभियंता द्वारा जारी प्रमाण-पत्र को ही वैध माना जाएगा। याचिकाकर्ता राकेश कुमार के साथ-साथ पांच निजी प्रतिवादियों और अन्य ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया था। विभाग की तरफ से जारी मेरिट लिस्ट के अनुसार अदालत को सूचित किया गया कि कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति की पेशकश की गई थी। याचिकाकर्ता का नाम प्रतीक्षा सूची में क्रम संख्या एक पर था। निजी प्रतिवादियों की नियुक्ति को याचिकाकर्ता राकेश ने यह कहते हुए चुनौती दी थी कि निजी प्रतिवादियों को अनुभव के शीर्षक के तहत गलत तरीके से दो अंक दिए गए हैं, क्योंकि निजी प्रतिवादियों के अनुभव के संबंध में प्रस्तुत प्रमाण पत्र विज्ञापन में निर्धारित प्राधिकारी द्वारा जारी नहीं किए गए थे। कोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड को देखने के बाद पाया कि 5 पैरा पंप ऑपरेटरों ने जो अनुभव प्रमाण पत्र पेश किए और जिनके आधार पर उन्हें अनुभव के अंक देकर चुना गया, वे वास्तव में विज्ञापन के अनुसार निर्धारित प्राधिकारी द्वारा जारी नहीं किए गए थे। इस पर ही हाईकोर्ट ने ये नियुक्तियां रद्द की हैं।
हिमाचल प्रदेश में एलोपैथी डॉक्टरों को सुक्खू सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए अध्ययन अवकाश अवधि (Study Leave Period) के दौरान एलोपैथी डॉक्टरों को शत-प्रतिशत वेतन देने का फैसला लिया है। स्टडी लीव पीरियड के दौरान एलोपैथी डॉक्टरों को ऑन ड्यूटी माना जाएगा। इससे पहले, स्टडी लीव पीरियड के दौरान एलोपैथी डॉक्टरों को वेतन का 40 प्रतिशत वेतन दिया जाता था। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार पहले से ही अध्ययन अवकाश अर्जित कर रहे पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए अध्ययनरत होम्योपैथी डॉक्टरों को पूरा वेतन प्रदान कर रही है। इसी तर्ज पर सरकार ने अब एलोपैथी डॉक्टरों के लिए भी इस नीति को अपनाने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण मेडिकल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, हिमाचल प्रदेश में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल स्टूडेंट, शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ मरीजों की चिकित्सा दायित्व में सामंजस्य स्थापित कर काम करते हैं। यह उनके मेडिकल फील्ड में स्पेशलाइजेशन और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार स्टडी लीव पीरियड के दौरान डॉक्टरों को पूरा वेतन देकर उनकी कार्यशैली में गुणवत्ता सुनिश्चित कर रही है, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार का ये फैसला प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
धर्मपुर /डिंपल शर्मा: हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र से विशांत ठाकुर ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर एकतरफा जीत दर्ज की है। चुनाव के बाद अपने संबोधन में विशांत ठाकुर ने धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर का धन्यवाद किया और उनके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में युवा कांग्रेस धर्मपुर को और मजबूत करने का हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होने पार्टी के हर कार्यकर्ता को संगठन की रीढ़ बताया और कहा कि धर्मपुर युवा कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने के लिए जमीनी स्तर पर काम किया जाएगा। इसके साथ अखिल को धर्मपुर ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में और विक्रांत को गोपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष के रुप में चुना गया। दोनों ब्लॉक अध्यक्षों ने विश्वास दिलाया कि वे पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर काम करेंगे और क्षेत्र के युवाओं को कांग्रेस के साथ जोड़ने का प्रयास करेंगे। साथ ही जिला में विकास राही और विजय को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई ।धर्मपुर में युवा कांग्रेस की इस नई टीम के गठन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया है। विधायक चंद्रशेखर जी ने भी सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि नई टीम पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
धर्मपुर/डिंपल शर्मा: आज डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार "क्राफ्टिंग योर करियर आफ्टर प्लस 2" “ड्रीम, डिसाइड, डू" विषय पर - कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रधानाचार्य सुंदर सिंह कटवाल उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर शैली ठाकुर के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर विवेकानंद शर्मा और आयोजन सचिव प्रोफेसर अभिषेक शर्मा रहे। इस वर्ष धर्मपुर कॉलेज के द्वारा क्षेत्र के 12 स्कूलों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने भी इस पहल की सराहना की और इसे छात्रों के शैक्षणिक और करियर निर्माण के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया गया था। MoU में शामिल स्कूलों के शिक्षक और छात्र भी कार्यशाला में उपस्थित रहे। यह कार्यशाला न केवल हिमाचल प्रदेश में बल्कि पूरे क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज के बीच शैक्षणिक सहयोग का एक अनूठा उदाहरण बनेगी। इस अवसर पर संयोजक विवेकानंद शर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्य और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनकी रुचियों और क्षमताओं के आधार पर सही करियर का चयन करने में मार्गदर्शन प्रदान करना है। साथ ही साथ उन्होंने मुख्य अतिथि तथा यहाँ पर उपस्थित सभी स्कूलों से आए हुए शिक्षकों और छात्रों का भी स्वागत किया गया। इसके पश्चात के प्राचार्य डॉ. रमेश चंद धलारिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला उनके करियर की दिशा तय करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कॉलेज द्वारा की गई पहल को क्षेत्र के छात्रों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने सभी छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "आपके पास असीम संभावनाएं हैं। सही निर्णय और मेहनत से आप अपने जीवन में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। हमारा कॉलेज आपको हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।" मुख्य अतिथि सुंदर सिंह कटवाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में सपने देखने, सही निर्णय लेने और उन्हें पूरा करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों को करियर के सही चुनाव में मदद करेगी। इसके बाद विभिन्न विषयों पर प्रोफेसरों ने पीपीटी के माध्यम से विचार प्रस्तुत किए, गणित विषय: प्रोफेसर रमेश चंद शर्मा, विज्ञान विषय: प्रोफेसर विवेकानंद शर्मा, प्रोफेसर मोहिंद्र सिंह, आर्ट्स एवं ह्यूमैनिटीज विषय: प्रोफेसर शीतल भोपल के द्वारा किए गए। कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव अभिषेक शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा, "यह कार्यशाला छात्रों के सपनों को साकार करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। कार्यशाला के बाद छात्रों और शिक्षकों ने कॉलेज के पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं का दौरा किया। छात्रों ने इन संसाधनों का निरीक्षण कर कॉलेज जीवन और उच्च शिक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा कॉलेज में सात दिवसीय NSS कैंप का उदघाटन भी मुख्यातिथि सुंदर सिंह कटवाल के द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर रमेश शर्मा, प्रोफेसर विवेकानंद शर्मा, प्रोफेसर मोहिंद्र सिंह, प्रोफेसर शीतल भोपाल, प्रोफेसर शैली ठाकुर, प्रोफेसर पूजा भारद्वाज, प्रोफेसर अभिषेक शर्मा, प्रोफेसर मनोज कुमार उपस्थित रहें।
** जानें क्या थी 'नो डिटेंशन पॉलिसी' केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े बदलाव का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अब कक्षा पांच और आठ में भी बच्चों को फेल किया जाएगा। कक्षा पांच और 8 की वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों को दो महीने के भीतर दोबारा परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। अगर इसमें भी असफल रहते हैं तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा और दोबारा उसी कक्षा में पढ़ना पड़ेगा। अभी तक आठवीं कक्षा तक बच्चों को फेल नहीं करने का प्रावधान था। साल 2010-11 से 8वीं कक्षा तक परीक्षा में फेल होने के प्रावधान पर रोक लगा दी गई थी। मतलब यह कि बच्चों के फेल होने के बावजूद अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाता था, लेकिन इससे देखा गया कि शिक्षा के लेवल पर धीरे धीरे गिरावट आने लगी, जिसका असर 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर पड़ने लगा। काफी लंबे समय से इस मामले पर विचार विमर्श के बाद नियमों में बदलाव कर दिया गया। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने इसके संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि अगर स्टूडेंट परीक्षा में फेल होता है तो उसे 2 महीने के अंदर दोबारा परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा लेकिन उसमें भी असफल होने पर अगली क्लास में प्रमोट नहीं किया जाएगा, लेकिन इस दौरान फिर फेल होने वाले छात्र को सुधार का मौका दिया जाएगा। टीचर उस फेल होने वाले स्टूडेंट पर खास ध्यान देंगे साथ ही समय-समय पर पेरेंट्स को भी गाइड करेंगे। नो डिटेंशन पॉलिसी शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 की एक अहम नीति थी। इस नीति के तहत कक्षा पांच और आठ के बच्चों को वार्षिक परीक्षा में फेल नहीं किया जाता था। इस नीति के तहत, सभी छात्र पारंपरिक परीक्षाओं का सामना किए बिना अपने आप अगली कक्षा में प्रमोट हो जाते थे। यह नीति बच्चों के सतत और व्यापक मूल्यांकन पर जोर देती थी।
हिमाचल प्रदेश सरकार की गेस्ट टीचर पॉलिसी प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को रास नहीं आ रही है। इसके विरोध में युवा अब सड़कों पर उतर आए हैं। साथ ही चुनावों के दौरान किए किए वादे को भी बेरोजगार युवा अब सीएम सुक्खू को याद दिला रहे हैं। सोमवार को पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिले में सैंकड़ों की संख्या में बेरोजगार युवा सड़कों पर उतरे और प्रदेश सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। अनइंप्लॉयड यूथ फेडरेशन के बैनर तले युवाओं द्वारा मंडी में ये धरना प्रदर्शन किया गया। इससे पहले मंडी शहर में निकाली गई आक्रोश रैली के दौरान भी बेरोजगार युवाओं ने प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर बेरोजगार युवा विशाल मंडोत्रा व मनीषा ने कहा कि प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं ने सत्ता में आने से पहले 58 साल तक पक्की नौकरी, एक साल में 1 लाख रोजगार देने का वादा युवाओं के साथ किया था, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार के दो साल बीत जाने के बाद भी युवाओं रोजगार नहीं मिल रहा है। पहले जो प्रतियोगी परीक्षाएं हुई भी हैं, उनके रिजल्ट तक घोषित नहीं किए जा रहें हैं। यहां तक कि हमीरपुर चयन बोर्ड को भी यह सरकार फिर से शुरू नहीं कर पाई है। इसके ऊपर अब प्रदेश सरकार ने गेस्ट टीचर पॉलिसी लाकर लाइब्रेरी में बैठे बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा किया है। साथ ही युवाओं ने सुक्खू सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेसी नेताओं ने आउटसोर्स भर्ती का विरोध किया था, लेकिन यही सरकार अब आउटसोर्स पर भर्तियां करने जा रही है। बेरोजगार युवा विशाल मंडोत्रा व मनीषा ने कहा ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर प्रदेश सरकार इसी तरह युवा विरोधी फैसले लेती रही तो आने वाले समय में सभी बेरोजगार युवाओं द्वारा राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अगर इसके बाद भी प्रदेश सरकार के मुखिया युवाओं की आवाज को नहीं सुनते हैं तो फिर बेरोजगार युवाओं द्वारा और उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
** नहीं बन पाई डम्पिंग साइट, स्वच्छता को लेकर गंभीर नही दिख रही नगर पंचायत नगर पंचायत करसोग जनता के लिए समस्या का कारण बनती जा रही है। 12 साल बीत जाने के बावजूद नगर पंचायत कूड़े के निष्पादन के लिए डंपिंग साइट नहीं बना पाई है। करसोग में हर जगह गंदगी फैली हुई है और कूड़े के बड़े ढेर जगह-जगह दिखाई देते हैं। नगर पंचायत से होकर दो खड्डों (इमला और बिमला) का पानी बहता है, जिनसे पेयजल योजनाएं चल रही हैं, लेकिन इन खड्डों में रोजाना कूड़ा डाला जा रहा है, जिससे पानी दूषित हो रहा है। इसके बावजूद नगर पंचायत लाखों रुपये के बिल भेज रही है, लेकिन असल में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। करसोग उपमंडल मुख्यालय पर स्थित है, जहां हर दिन 62 पंचायतों और आसपास के क्षेत्रों से लोग आते हैं। लेकिन यहां बस अड्डा और मुख्य बाजार में कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं, जिससे जनता को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर पंचायत करसोग सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को नजरअंदाज कर रही है।
** कसौली में 90, शिमला में 80, मनाली में 70 फीसदी होटल पैक शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 80, जबकि मनाली और धर्मशाला में 70 फीसदी तक क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों ने हिमाचल प्रदेश का रुख करना शुरू कर दिया है। इस वीकेंड से ही शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, कुफरी, नारकंडा और कसौली सैलानियों से पैक हो गए हैं। शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 80, जबकि मनाली और धर्मशाला में 70 फीसदी तक पहुंच गई है। वीकेंड पर कसौली में 90 फीसदी तक होटलों के कमरे पैक रहे। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश में बर्फबारी के पूर्वानुमान के बाद सैलानियों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से सैलानी क्रिसमस और न्यू ईयर मनाने के लिए हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। अन्य पर्यटन स्थलों पर भी सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। राजधानी शिमला में सैलानियों की भीड़ बढ़ते ही ट्रैफिक जाम की समस्या गहरा गई है। बीते दो दिनों से शहर के कार्ट रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। रोहतांग में बर्फबारी के बाद मनाली में भी सैलानियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। सैलानियों की भीड़ बढ़ने से पर्यटन कारोबारी खासे उत्साहित हैं। उधर, शिमला के रिज मैदान पर पहली बार 24 दिसंबर से विंटर कार्निवल का आयोजन हो रहा है। पहली बार यहां विंटर क्वीन भी चुनी जाएगी। सैलानियों के अलावा स्थानीय लोग भी कार्निवाल को लेकर खासे उत्साहित हैं। ऑफ हिमाचल होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि क्रिसमस से पहले ही वीकेंड पर बड़ी संख्या में सैलानी प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पहुंचने शुरू हो गए हैं। जनवरी के पहले सप्ताह तक सैलानियों की रौनक बनी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बर्फबारी का भी पूर्वानुमान जारी किया है। अगर अच्छी बर्फबारी होती है तो न्यू ईयर बनाने रिकाॅर्ड सैलानी हिमाचल पहुंचेंगे।
केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार को पत्र लिखकर कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू करने को कहा है। अगर ऐसा किया जाता है तो केंद्र सरकार हिमाचल को 1600 करोड़ रुपये की विशेष सहायता देगी। केंद्र की ओर से जारी पत्र के अनुसार वर्ष 2022-23 और 2023-24 में अनुबंध पर नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को यूपीएस में लाने से फायदा होगा। हालांकि, राज्य सरकार ने पत्र को लेकर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने हिमाचल में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की है। केंद्र ने हिमाचल के 9,000 करोड़ रुपये देने हैं। यह राशि एनपीएस कर्मियों का केंद्र के पास जमा हिस्सा है। राज्य सरकार लगातार मामले को केंद्र के समक्ष उठा रही है। अभी यह बजट नहीं मिला है। राज्य सरकार का मानना है कि हिमाचल में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने के लिए केंद्र ने राज्य के लिए आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। लोन लेने की लिमिट 6600 करोड़ तय की गई है। यही नहीं, बाहरी सहायता प्राप्त एजेंसियों के माध्यम से आर्थिक सहायता के नए प्रस्तावों के लिए भी सीमा तय की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक हिमाचल केवल 2,944 करोड़ रुपए तक के प्रस्तावों की मंजूरी के लिए पात्र होगा। राज्य सरकार ने चुनावी गांरटी को पूरा करते हुए 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की है। अब देखना यह है कि अब राज्य सरकार नए अनुबंध कर्मचारियों को यूपीएस के तहत लाने का निर्णय करती है या फिर उन्हें पुरानी पेंशन ही दी जाएगी।
** रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। सोमवार सुबह से रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची चोटियों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। रोहतांग में 10 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी रिकार्ड की गई है। मौसम में आए बदलाव से कुल्लू व लाहौल प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। वहीं, राजधानी शिमला में भी बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। बर्फबारी होता देख पर्यटकों में खुशी की लहर है, क्योंकि पर्यटक मन में बर्फबारी के दीदार की इच्छा लिए ही हिमाचल पहुंचते हैं। सैलानियों को बर्फ वाले इलाकों में न जाने की हिदायत दी है। वहीं, क्रिसमस व नए साल के जश्न के लिए बड़ी संख्या में सैलानियों ने कुल्लू-मनाली का रुख कर दिया है। रविवार को भी अटल टनल रोहतांग से 11,322 वाहन आर-पार हुए हैं। बर्फबारी से पर्यटकों व पर्यटन कारोबारियों को व्हाइट क्रिससम की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल में आज और कल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है। निचले इलाकों में भीषण शीतलहर से लोगों को जूझना पड़ेगा। वहीं, 27 दिसंबर को पूरे प्रदेश में बारिश और कई इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। प्रदेश में अगले छह दिनों तक शीतलहर जारी रहेगी। मैदानी इलाकों में 24 और 25 को घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मंडी, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के कई इलाकों में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। सोमवार को ताबो में माइनस 10.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में भी कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
** ग्रामीणों का गुस्सा भड़का, एसडीएम ने लिखित कार्रवाई कर कारण बताओ नोटिस किया जारी रविवार को विकास खंड द्रंग की ग्राम पंचायत उरला में 'प्रशासन गांव की ओर' कार्यक्रम के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। इससे कार्यक्रम में आए लोगों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने एसडीएम डॉ. भावना वर्मा से विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने की मांग की, जिस पर तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान 16 लिखित और 4 मौखिक शिकायतें आईं, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें विद्युत विभाग से जुड़ी थीं। 4 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।ग्रामीणों ने मंडी-पठानकोट एनएच पर कोटरोपी के पास क्षतिग्रस्त सड़कों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन खराब हो रहे हैं और हादसे बढ़ रहे हैं। गैल गांव के लोगों ने बिजली की लो वोल्टेज समस्या और नवनिर्मित पेयजल टैंक को कनेक्शन देने की मांग की। कार्यकारी उपमंडल अधिकारी डॉ. भावना वर्मा ने कहा कि विद्युत विभाग के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर पंचायत समिति उपाध्यक्ष कृष्ण भोज, पंचायत प्रधान ममता मित्तल, उप प्रधान हरीश कुमार, खंड विकास अधिकारी विनय चौहान अन्य विभागों के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
** कांग्रेस नेता महेश राज ने कहा, युवाओं की भलाई और प्रदेश के विकास के लिए करेंगे काम करसोग/ राज सोनी: रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने करसोग विधानसभा में युवा कांग्रेस अध्यक्ष पवन कुमार, उपाध्यक्ष दीक्षांत ठाकुर, किशोर भारद्वाज, महासचिव दीपक शर्मा, सचिव बुनीत कुमार, ब्लॉक चुराग के अध्यक्ष नितेश कुमार, ब्लॉक करसोग के अध्यक्ष कमलेश कुमार, उपाध्यक्ष अजय ठाकुर, नगर परिषद के अध्यक्ष दीक्षित गुप्ता और उपाध्यक्ष चंद्रेश कुमार को मिठाई बांटकर और हार पहनाकर बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कांग्रेस नेता महेश राज ने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि आप सभी अपनी जिम्मेदारी को अच्छे तरीके से निभाएंगे और एकजुट होकर युवाओं की भलाई और प्रदेश के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा, हम सब मिलकर एक समृद्ध और सशक्त हिमाचल प्रदेश की दिशा में कदम बढ़ाएंगे व संगठन को मजबूत बनाएँगे । उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी करसोग और प्रदेश के युवाओं के हक, अधिकार और प्रगति के लिए है, जिसे निष्ठा और मेहनत से पूरा किया जाएगा। इस मौके पर संत राम धीमान, रमेश कुमार, देश राज मेहता, संदीप, प्रेमलाल, बसंत लाल, गोपाल कृष्ण, हरि चंद और अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
मोहाली के सोहाना में शनिवार शाम को एक चार मंजिला इमारत गिर गई। इमारत के गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। कड़ी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ की टीम ने एक महिला का शव मलबे के नीचे से निकाला। वहीं रविवार सुबह एक पुरुष का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान अंबाला के रहने वाले अभिषेक धनवाल के रूप में हुई है। भारतीय सेना और एनडीआरएफ के जवान बचाव अभियान में जुटे हैं। सेना के अनुसार, अभी मलबे में दो और शव दबे होने की संभावना है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार इमारत के साथ दूसरी इमारत की बेसमेंट का काम चल रहा था। बेसमेंट के लिए खुदाई की गई है। खुदाई किए जाने की वजह से इमारत की नींव हिल गई, जिससे बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। इमारत में जिम खोले गए थे। बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे 10 से 15 लोगों के दबे होने की सूचना है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव भी घटना स्थल पर पहुंचे हैं। वह स्थिति का जायजा ले रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मौके पर लोगों की खासी भीड़ लग गई है। पुलिस की तरफ से लोगों को आगे जाने से रोका गया है। घटना की सूचना मिलते ही मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह भी घटना स्थल पर पहुंचे हैं। कुलवंत सिंह का कहना है कि अभी राहत व बचाव का कार्य चल रहा है। एनडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया है। वहीं पुलिस प्रशासन की तरफ से भी बचाव कार्य चलाया जा रहा है। घटना स्थल पर जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) के सोहाना के पास एक बहुमंजिला इमारत के हादसे का दुखद समाचार मिला है। पूरा प्रशासन और अन्य बचाव कार्यों वाली टीमें मौके पर तैनात हैं। मैं प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हूं। प्रार्थना करते हैं कि कोई जान-माल का नुकसान ना हुआ हो, दोषियों पर कार्रवाई भी करेंगे। लोगों से अपील है कि प्रशासन का सहयोग करें।
हिमाचल में प्रचंड ठंड पड़ रही है। ताबों में माइनस 14 डिग्री के साथ प्रदेश के पांच जिलों में पारा शून्य से नीचे चला गया है। मैदानी इलाकों में घना कोहरा पड़ रहा है। कोहरे के चलते कुल्लू में शनिवार को तीसरे दिन भी उड़ानें नहीं हो सकीं। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल में 23 और 24 दिसंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है, लेकिन 27 दिसंबर को पूरे प्रदेश में बारिश और कई इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। प्रदेश में अगले छह दिनों तक शीतलहर जारी रहेगी। मैदानी इलाकों में 24 और 25 को घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मंडी, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के कई इलाकों में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। शनिवार को ताबों में इस सीजन में सबसे कम माइनस 14 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में भी कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मनाली, कल्पा, नारकंडा और सिस्सू सहित ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में 23 और 24 दिसंबर को बारिश बर्फबारी हो सकती है।


















































