" ....हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों ने प्रदेश के चारों सांसदों को भी आईना दिखाने का काम किया है। कोई भी सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में अपनी पार्टी को इक्कीस साबित नहीं कर पाया। कांगड़ा, हमीरपुर और शिमला संसदीय क्षेत्र में भाजपा पिछड़ी, तो मंडी में कांग्रेस। अब जाहिर है लोकसभा चुनाव से पहले दोनों ही राजनैतिक दलों के सांसदों पर बेहतर करने का दबाव होगा। हालांकि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में मुद्दे भी अलग होते है और चेहरे भी, फिर भी इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता कि विधानसभा चुनाव के नतीजे हवा बनाने - बिगाड़ने में बड़ा किरदार निभा सकते है। " कांगड़ा वो संसदीय क्षेत्र है जहाँ भाजपा अपनी स्थापना के बाद से ही मजबूत रही है। भाजपा की स्थापना के बाद से हुए दस लोकसभा चुनावों में से यहाँ सात में भाजपा को जीत मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार खुद इस क्षेत्र से चार बार सांसद रहे है। वहीं बीते तीन लोकसभा चुनाव भाजपा लगातार जीत चुकी है। बावजूद इसके, इस बार कांगड़ा में भाजपा की राह आसान नहीं दिखती। दरअसल कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा का ग्राफ लगातार गिरा है, कम से कम हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे तो ये ही बयां करते है। 2019 में सांसद बने किशन कपूर हिमाचल में तो सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीते ही थे, साथ ही पूरे देश में भी सबसे अधिक मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड भी उन्होंने अपने नाम किया था। मोदी लहर में किशन कपूर ने कुल 72.02 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। तब कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में पड़े कुल 10 लाख 6 हजार 989 मतों में से कपूर की झोली में 7 लाख 25 हजार 218 मत आए। शानदार जीत हासिल करके किशन कपूर लोकसभा पहुंचे और इसके बाद धर्मशाला विधानसभा उपचुनाव में भी भाजपा ने जीत दर्ज की। पर 2022 का चुनाव आते -आते भाजपा का जादू फीका पड़ गया और पार्टी इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही जीत पाई, जो जयराम सरकार की विदाई का एक अहम कारण है। इससे पहले वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 13 सीटें भाजपा की झोली में गई थी। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र की जो पांच सीटें भाजपा जीती है उनमे से दो जिला चम्बा की है और तीन जिला कांगड़ा की। सिर्फ डलहौज़ी, चुराह, सुलह, नूरपुर और कांगड़ा सीट पर भाजपा अपनी साख बचाने में कामयाब हुई है। वहीं हारने वाले 12 की लिस्ट में जयराम कैबिनेट के दो मंत्री, राकेश पठानिया और सरवीण चौधरी भी शामिल है। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश महासचिव त्रिलोक कपूर को भी पालमपुर की जनता ने नकार दिया। वहीं सांसद किशन कपूर की परम्परागत सीट धर्मशाला में भी पार्टी को शिकस्त मिली। जाहिर है कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की हार सांसद के रिपोर्ट कार्ड में भी जुड़ेगी। क्या नए चेहरे पर दांव खेलेगी भाजपा ? कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में रिकॉर्ड जीत दर्ज करने वाले सांसद किशन कपूर पर क्या पार्टी 2024 में फिर दांव खेलेगी, इसे लेकर भी कयासबाजी अभी से जारी है। माहिर मान रहे ही कि विधानसभा चुनाव में भाजपा के लचर प्रदर्शन का खामियाजा किशन कपूर को उठाना पड़ सकता है और पार्टी यहाँ किसी नए चेहरे को भी मैदान में उतार सकती है। कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आएं पवन काजल और धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया के नाम भी यहाँ से चर्चा में है। उधर, विधानसभा चुनाव में कांगड़ा संसदीय क्षेत्र की 12 सीटें जीतने वाली कांग्रेस की राह भी उतनी आसान नहीं है, जितना माना जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण तो ये है कि लोकसभा चुनाव प्रदेश नहीं बल्कि देश के मुद्दों पर होगा और देश में कांग्रेस की स्थिति मजबूत नहीं है। दूसरा बड़ा कारण है सुक्खू सरकार पर लग रहे जिला कांगड़ा की उपेक्षा के आरोप। जिला कांगड़ा की दस सीटों पर कांग्रेस की जीत मिली है लेकिन सुक्खू कैबिनेट में अब तक महज एक मंत्री पद मिला है और दो सीपीएस बनाये गए है। वहीँ संसदीय क्षेत्र के लिहाज से बात करें तो भटियात विधायक कुलदीप सिंह पठानिया को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि सुक्खू कैबिनेट में अभी तीन पद रिक्त है और जानकार मान रहे है कि इनमें से दो स्थान जिला कांगड़ा को देकर कांग्रेस क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित करेगी। माहिर मान रहे है कि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी लोकसभा चुनाव में दमदार चेहरा उतारना। पिछले चुनाव में पार्टी ने ओबीसी समुदाय में बड़ी पैठ रखने वाले पवन काजल को उम्मीदवार बनाया था लेकिन काजल रिकॉर्ड अंतर से हारे थे। अब काजल भी भाजपा में चले गए है। कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों में पूर्व सांसद और मंत्री चंद्र कुमार चौधरी और पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा के नाम को लेकर कयास जरूर लग रहे है। वहीँ युवा चेहरों में सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल निसंदेह एक दमदार विकल्प हो सकते है। दमदार विकल्प हो सकते है गोकुल बुटेल सुक्खू सरकार में आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते है। प्रदेश और कांगड़ा की सियासत में बुटेल परिवार के वर्चस्व पर कोई संशय नहीं है। वहीँ गोकुल निजी तौर पर पार्टी आलाकमान की भी पसंद माने जाते है। उन्हें कई राज्यों में पार्टी के प्रचार संभालने का अनुभव भी है जो उनके पक्ष में जा सकता है। प्रदेश में भी गोकुल बुटेल एक ऐसा नाम है जिसे लेकर संभवतः किसी को कोई ऐतराज नहीं होगा। यानी गोकुल के नाम पर कांग्रेस एकजुट होकर मैदान में उतर सकती है।
** प्रतिभा सिंह और सुरेश कश्यप, दोनों है वर्तमान में सांसद हिमाचल में दोनों मुख्य राजनीतिक दलों के अध्यक्षों में एक बात समान है, दोनों ही लोकसभा सांसद भी है। कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह मंडी से सांसद है, तो भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप शिमला से। मौजूदा राजनैतिक परिवेश में इन दोनों में एक समानता और है, वो ये है कि बीते विधानसभा चुनाव में ये दोनों ही अपने -अपने संसदीय क्षेत्रों में अपने दलों को बढ़त नहीं दिला पाएं। ये बेहद दिलचस्प आंकड़ा है कि प्रदेश के सभी सांसदों के क्षेत्रों में उनके दल पिछड़ गए और दोनों राजनैतिक दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी इसमें शामिल है। जाहिर है ऐसे में 2024 की राह इन दोनों ही नेताओं के लिए आसान नहीं होने वाली। पहले बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की करते है। दो बार विधायक रह चुके कश्यप वर्तमान में शिमला से सांसद है और करीब पौने तीन साल से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी। पर विधानसभा चुनाव में जिन सुरेश कश्यप के कन्धों पर पार्टी के मिशन रिपीट का बोझथा वो अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में फीके रहे। शिमला संसदीय क्षेत्र की 17 सीटों में से भाजपा को महज तीन पर जीत नसीब हुई। संसदीय क्षेत्रवार देखे तो शिमला में भाजपा सबसे ज्यादा कमजोर रही। ऐसे में 2024 में क्या भाजपा लगातार चौथी बार इस संसदीय सीट पर जीत दर्ज करेगी, ये बड़ा सवाल है। वैसे माहिर मान रहे है कि इससे भी बड़ा सवाल ये है कि क्या भाजपा फिर सुरेश कश्यप पर दांव खेलेगी ? संभवतः पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में सुरेश कश्यप की जगह अन्य विकल्पों पर भी विचार करें। अब बात प्रतिभा सिंह की करते है। विधानसभा चुनाव में मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली 17 में से सिर्फ पांच सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। ये एकमात्र ऐसा संसदीय हलका है जहाँ कांग्रेस पिछड़ी। ऐसे में जाहिर है प्रतिभा सिंह के जादू पर भी सवाल उठे है। बावजूद इसके इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि प्रतिभा सिंह ही हिमाचल कांग्रेस का वो एकमात्र चेहरा है जो मोदी दौर में भी लोकसभा पहुंचने में कामयाब रही है। माहिर मान रहे है कि प्रतिभा सिंह की स्थिति अब भी ठीक ठाक है। 2024 में उनकी राह कितनी आसान होती है और कितनी कठिन, ये दरअसल दो बातों पर निर्भर करेगा। पहला, क्या मोदी लहर का कितना असर होता है और दूसरा उनके सामने चेहरा कौन होता है। सुक्खू राज में छाया शिमला संसदीय क्षेत्र शिमला संसदीय क्षेत्र को सुक्खू सरकार में दिल खोलकर मिला है। शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के 13 विधायक है और इनमें से पांच को मंत्री पद मिला है। इसके अलावा तीन विधायकों को सीपीएस बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का भी शिमला में ख़ासा प्रभाव है और कार्यकारी अध्यक्ष विनय कुमार भी इसी क्षेत्र से आते है। जाहिर है ऐसे में भाजपा को यहाँ खूब जोर लगाना होगा। जिला मंडी में जयराम फैक्टर असरदार मंडी संसदीय क्षेत्र की अगर बात करें तो इसमें जिला मंडी के 9 विधानसभा क्षेत्र आते है और इन सभी पर विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली है। इस जीत का सबसे बड़ा कारण है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर। माहिर मानते है कि अगर जयराम ठाकुर खुद मंडी से मैदान में उतारते है तो इसका बड़ा लाभ भाजपा को हो सकता है।
विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट भी इस वर्ष 27 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर टिहरी में नरेंद्रनगर के राजमहल में धाम के कपाट खुलने की तिथि तय की गई। समारोह में पंचांग गणना के बाद विधि विधान के साथ कपाट खुलने की तिथि तय की गई। वहीं, गाडू घड़ा की तेल कलश यात्रा 12 अप्रैल को निकाली जाएगी। इस अवसर पर टिहरी राजपरिवार सहित बदरी-केदार मंदिर समिति, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
महाशिवरात्रि पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय कर दी गई है। 25 अप्रैल को प्रातः 6 बजकर 20 मिनट पर बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 9:30 बजे पंचांग गणना के आधार पर केदारनाथ के कपाट खुलने का दिन तय कर उसे घोषित किया गया। इससे पहले ओंकारेश्वर मंदिर में सुबह चार बजे से महाभिषेक पूजा शुरू हो हुई। मंदिर के पुजारी शिव शंकर लिंग, बागेश लिंग, गंगाधर लिंग और शिव लिंग द्वारा गर्भगृह में धार्मिक परंपराओं के तहत सभी पूजा-अर्चना की गई। सुबह 8:30 बजे भगवान केदारनाथ की आरती की गई और भोग लगाया गया। इसके बाद सुबह नौ बजे से पंचकेदार गद्दीस्थल में मंदिर समिति के आचार्यों की पंचांग गणना के लिए बैठे।
नगर निगम शिमला के चुनाव जल्द करवाए जा सकते है। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग ने तैयारी तेज कर दी है। चुनाव के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चार मार्च को जारी कर दी जाएगी और बीते दिनों राज्य चुनाव आयोग की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में बीते सोमवार को इस मामले पर सुनवाई होनी थी। पर सुनवाई से पहले राज्य चुनाव आयोग की ओर से केस वापस लेने की अर्जी कोर्ट में दायर कर दी गई थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। शिमला नगर निगम का कार्यकाल 18 जून, 2022 को समाप्त हो चुका है। वार्डों के पुनर्सीमांकन के विरोध में एक पूर्व पार्षद व निवर्तमान पार्षद ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें जिला प्रशासन को दोबारा इस मामले में सुनवाई करने के निर्देश दिए थे। दूसरी बार भी जब प्रशासन के निर्देश याचिकाकर्ताओं ने नहीं माने तो राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। अब राज्य चुनाव आयोग की ओर से केस वापस लेने के बाद नगर निगम चुनाव का रास्ता प्रशस्त हो चुका है। बता दें कि पूर्व सरकार ने शिमला नगर निगम में वार्डों की संख्या बढाकर 41 कर दी थी। पर वर्तमान सरकार ने अध्यादेश लाकर ने फिर से वार्डों की संख्या को 34 कर दिया है। 28 फरवरी तक होगा मतदाताओं का सत्यापन : पोलिंग स्टेशन मैपिंग का पूरा काम 22 फरवरी तक कर लिया जाएगा। 28 फरवरी तक मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। जो वोटर कहीं शिफ्ट हुए हैं या किसी अन्य कारण से शामिल नहीं हो सके हैं, इसके मिलान के लिए ही ईआरएमएस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगम चुनाव के लिए वे लोग ही वोटर बन सकेंगे, जो मतदाता शिमला शहरी, कसुम्पटी या शिमला ग्रामीण के वोटर होंगे। इनके अलावा अन्य सभी के नाम वोटर के सॉफ्टवेयर में ही कट जाएंगे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से ड्राफ्ट वोटर को चार मार्च को जारी किया जाएगा। इसके बाद लोग अपना वोट बनाने के दावे और वोटर लिस्ट में शामिल गलत वोटों को कटवाने का दावा कर सकेंगे। जारी सिस्टम में ईआरओ की अनुमति के बगैर किसी का नाम नहीं काटा जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश में जब भी कर्ज की बात होती है तो शांता सरकार का जिक्र जरूर होता है। बेशक बतौर मुख्यमंत्री शांता कुमार अपनी दोनों पारियां पूरी न कर सके हो लेकिन उनके कई निर्णय काबिल -ए -तारीफ़ रहे है। ख़ास बात ये है कि शांता कुमार ने दोनों दफे जब सीएम पद छोड़ा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर थी। क्या था शांता कुमार का इकोनॉमी विज़न और सुक्खू सरकार को उनकी क्या नसीहत है, इसे लेकर फर्स्ट वर्डिक्ट ने शांता कुमार से बात की। शांता कुमार बताते है कि आपातकाल के दौरान 19 महीने तक जेल में रहने के बाद जब 1977 में वे पहली बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो प्रदेश पर लभग 50 करोड़ का ओवर ड्राफ्ट था, मगर जब तक शांता ने कुर्सी छोड़ी तो प्रदेश कर्ज मुक्त हो चुका था। शांता कहते है कि प्रदेश को कर्ज मुक्त करने की शुरुआत उन्होंने खुद से की। फिजूल खर्च कम किये, अपने दफ्तर में टेबल पर रखे चार फोन में से दो फोन कटवा दिए। प्रदेश भर के दफ्तरों में अधिकारियों के अनावश्यक टेलीफोन कटवाए। मुख्यमंत्री के साथ चलने वाला गाड़ियों का काफिला बंद कर करवा दिया। अफसरों को आदेश दिए गए कि मुख्यमंत्री की अगवानी करने के लिए दूसरे जिलों में डीसी और एसपी नहीं आएंगे। शनिवार और रविवार को अफसरों की ओर से सरकारी गाड़ियों का प्रयोग बंद करवाया गया। ये छोटे -छोटे खर्च कम करके बतौर मुख्यमंत्री पहले ही साल उन्होंने 40 करोड़ बचाए। ये समय ये बड़ी राशी थी। ये पैसा बचा कर पीने के पानी पर लगाया गया। हर घर नल पहुंचाए गए। शांता कुमार कहते है कि 1992 में जब वे सीएम पद से हटे तब हिमाचल सरकार पर एक रुपये भी कर्ज नहीं था। हिमाचल में साधन बढ़ाने के लिए पन बिजली योजना को निजी भागीदारी में लाया गया। सभी योजनाओं में सरकार को 12 प्रतिशत रॉयल्टी दिलाई गई। कभी विरोधी उनकी इस सोच पर हंसते थे लेकिन अब हर साल इससे सरकार को हजारों करोड़ रुपये की आय होती है। सुक्खू सरकार को नसीहत : शांता कुमार कहते है कि हवा में उड़ने से ज्यादा अगर सड़कों पर चला जाए तो प्रदेश पर कर्ज कम हो सकता है। शांता का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री सरकार को अपना घर समझ कर चलाएंगे तो बचत होगी ही।
** बढ़ते कर्ज की बाधा को खुलकर स्वीकार कर रही सुक्खू सरकार ** कर्ज का कारण, आमदनी कम और खर्च ज्यादा हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर कांग्रेस के काबिज होने के बाद से ही प्रदेश पर बढ़ते कर्ज का मसला चर्चा में बना हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुलकर बढ़ते कर्ज पर बोल भी रहे है, इसे प्रदेश के विकास में रोड़ा भी मान रहे है और कड़े फैसले लेने की बात भी दोहरा रहे है। कर्ज के मसले पर सियासत भी खूब हो रही है। सीएम सुक्खू पूर्व की जयराम सरकार द्वारा विरासत में छोड़ा गया 75 हज़ार करोड़ का कर्ज भी बार-बार गिना रहे है और करीब 11 हज़ार करोड़ की देनदारियां भी। उधर, भाजपा भी कर्ज के बावजूद 6 सीपीएस की तैनाती सहित कई खर्चों पर सुक्खू सरकार को घेर रही है। बहरहाल राजनीति अपनी जगह है पर बढ़ता कर्ज हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी चिंता है, इसमें कोई दो राय नहीं है। अच्छी बात ये है कि सरकार खुलकर इसे स्वीकार भी कर रही है और आम आदमी को इससे लगातार अवगत भी करवा रही है। सीएम सुक्खू के बयानों पर निगाह डाले तो सरकार की मंशा साफ है, सरकार कर्ज की बैसाखियों पर आगे नहीं बढ़ाना चाहती। पर ये होगा कैसे, ये फिलवक्त स्पष्ट नहीं है। कड़े फैसलों से सीएम का क्या तात्पर्य है, ये भी स्पष्ट नहीं है। बहरहाल, निगाहें आगामी बजट पर टिकी है और संभवतः सुक्खू सरकार का पहला बजट सरकार की नीति और नियत, दोनों को पूरी तरह स्पष्ट कर देगा। 14 मार्च से हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है और इस बजट में कर्ज घटाने को लेकर सरकार की दूरदर्शी सोच क्या है, इस पर सबकी निगाह रहेगी। साधारण अर्थशास्त्र के लिहाज से बात करें तो कर्ज लेने की नौबत तब आती है जब आय से अधिक खर्च होता है। हिमाचल प्रदेश की स्थिति भी ऐसी ही है, आमदनी कम है और खर्चा ज्यादा। लिहाजा सरकार के पास एक ही चारा बचता है और वो है कर्ज लेना। बीते करीब दो दशक में हिमाचल प्रदेश पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ा है। 2007 तक प्रदेश पर करीब 20 हज़ार करोड़ का कर्जा था जो 2012 तक करीब 27500 करोड़ जा पंहुचा। 2017 के अंत तक प्रदेश पर करीब 46000 करोड़ का कर्ज था। वहीँ सीएम सुक्खू का कहना है कि जयराम सरकार ने प्रदेश पर करीब 75 हज़ार करोड़ का कर्ज छोड़ा है। निसंदेह ये बढ़ता कर्ज प्रदेश के लिए बड़ी चिंता है। अब सुक्खू सरकार के पास दो उपाय दिखाई देते है, एक गैर जरूरी खर्च कम करें और दूसरा आय बढ़ाई जाएं। आगामी बजट में इन दोनों पर सरकार कितना गौर करती है, ये देखना रोचक होगा। माना जा रहा है कि सरकार आम आदमी पर बोझ बढ़ाने के साथ -साथ कई सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में आगे बढ़ सकती है। संभवतः नेताओं को मिलने वाली सुविधाओं पर भी कुछ कैंची चलाई जा सकती है ताकि आम आदमी पर यदि बोझ बढ़े तो मुखालफत की स्थिति न आएं। वहीँ माना जा रहा है कि पन बिजली योजनाओं से आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन पर सरकार का मुख्य फोकस होगा। फिर कर्ज ले रही है सरकार : सुक्खू सरकार प्रदेश में आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की बातें तो कह रही है मगर कर्ज लेने का सिलसिला भी बदस्तूर बरकरार है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की नई कांग्रेस सरकार 2,000 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए दो अधिसूचनाएं भी जारी की गई है। 700 करोड़ रुपये का कर्ज 9 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा और 1,300 करोड़ रुपये का दूसरा कर्ज 15 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश सरकार इससे पहले 1,500 करोड़ रुपये का ऋण ले चुकी है। कर्ज लेने का कारण हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल करना बताया गया है। शांता ने बताया, कैसे कर्ज मुक्त हुआ था हिमाचल हिमाचल प्रदेश में जब भी कर्ज की बात होती है तो शांता सरकार का जिक्र जरूर होता है। बेशक बतौर मुख्यमंत्री शांता कुमार अपनी दोनों पारियां पूरी न कर सके हो लेकिन उनके कई निर्णय काबिल -ए -तारीफ़ रहे है। ख़ास बात ये है कि शांता कुमार ने दोनों दफे जब सीएम पद छोड़ा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर थी। क्या था शांता कुमार का इकोनॉमी विज़न और सुक्खू सरकार को उनकी क्या नसीहत है, इसे लेकर फर्स्ट वर्डिक्ट ने शांता कुमार से बात की। शांता कुमार बताते है कि आपातकाल के दौरान 19 महीने तक जेल में रहने के बाद जब 1977 में वे पहली बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो प्रदेश पर लभग 50 करोड़ का ओवर ड्राफ्ट था, मगर जब तक शांता ने कुर्सी छोड़ी तो प्रदेश कर्ज मुक्त हो चुका था। शांता कहते है कि प्रदेश को कर्ज मुक्त करने की शुरुआत उन्होंने खुद से की। फिजूल खर्च कम किये, अपने दफ्तर में टेबल पर रखे चार फोन में से दो फोन कटवा दिए। प्रदेश भर के दफ्तरों में अधिकारियों के अनावश्यक टेलीफोन कटवाए। मुख्यमंत्री के साथ चलने वाला गाड़ियों का काफिला बंद कर करवा दिया। अफसरों को आदेश दिए गए कि मुख्यमंत्री की अगवानी करने के लिए दूसरे जिलों में डीसी और एसपी नहीं आएंगे। शनिवार और रविवार को अफसरों की ओर से सरकारी गाड़ियों का प्रयोग बंद करवाया गया। ये छोटे -छोटे खर्च कम करके बतौर मुख्यमंत्री पहले ही साल उन्होंने 40 करोड़ बचाए। ये समय ये बड़ी राशी थी। ये पैसा बचा कर पीने के पानी पर लगाया गया। हर घर नल पहुंचाए गए। शांता कुमार कहते है कि 1992 में जब वे सीएम पद से हटे तब हिमाचल सरकार पर एक रुपये भी कर्ज नहीं था। हिमाचल में साधन बढ़ाने के लिए पन बिजली योजना को निजी भागीदारी में लाया गया। सभी योजनाओं में सरकार को 12 प्रतिशत रॉयल्टी दिलाई गई। कभी विरोधी उनकी इस सोच पर हंसते थे लेकिन अब हर साल इससे सरकार को हजारों करोड़ रुपये की आय होती है। सुक्खू सरकार को नसीहत : शांता कुमार कहते है कि हवा में उड़ने से ज्यादा अगर सड़कों पर चला जाए तो प्रदेश पर कर्ज कम हो सकता है। शांता का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री सरकार को अपना घर समझ कर चलाएंगे तो बचत होगी ही।
** दो आह से अधिक समय बीता, नहीं सुलझा विवाद हिमाचल प्रदेश में अदाणी समूह के सीमेंट प्लांट को बंद हुए दो महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है लेकिन अब तक इस विवाद का समाधान नहीं निकला है। कई बैठकें, कई चर्चाएं अब तक हो चुकी है, मगर सब बेनतीजा रही। हिमाचल प्रदेश सरकार की तरफ से उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने की कोशिश कर चुके है, मगर अब तक गतिरोध थम नहीं पाया है। खुद सीएम सुक्खू लगातार अपडेट ले रहे है। यानी प्रयास तो खूब हुए है लेकिन नतीजा सिफर रहा है। सीमेंट प्लांट विवाद को लेकर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि अदाणी समूह अड़ियल रवैया अपनाए हुए है, तो वहीं अदाणी समूह का भी ट्रक ऑपरेटर्स के लिए कुछ ऐसा ही कहना है। इस विवाद के चलते प्रदेश के सैकड़ों ट्रक ऑपरेटरों की आमदनी बंद हो गई है। इस सीमेंट प्लांट से करीब एक लाख लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा बरमाणा का कहना है कि वर्तमान में ऑपरेटरों पर सरकारी बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों का 98 करोड़ रुपये का कर्ज है। हालात यह हैं कि ऑपरेटर जिन पेट्रोल पंपों से गाड़ियों में डीजल भरवाते थे, उनकी भी पांच करोड़ की देनदारी है। प्लांट बंद होने के बाद उम्मीद थी कि जल्द सरकार इसका समाधान करेगी, लेकिन दो माह बाद भी मुद्दे को सुलझाया नहीं गया। सरकार की मध्यस्थता के बाद भी अदाणी समूह अपनी शर्तों पर अड़ा है। सीमेंट प्लांट विवाद की वजह से न केवल ट्रक ऑपरेटर यूनियन को नुकसान हो रहा है, बल्कि अदाणी समूह और हिमाचल प्रदेश सरकार भी नुकसान झेल रही है। सीमेंट प्लांट बंद होने की वजह से हिमाचल प्रदेश सरकार को रोजाना दो करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। जाहिर है प्रोडक्शन बंद होने से अडानी समूह को भी आर्थिक घाटा तो हो ही रहा है। अदाणी समूह का इन प्लांटों में अरबों का निवेश है। बहरहाल सवाल ये ही है कि जब सबको नुक्सान है तो समाधान क्यों नहीं हो पा रहा। ये है मामला : अदाणी समूह ने बीते 14 दिसंबर, 2022 को सीमेंट ढुलाई दरें अधिक होने का तर्क देकर एसीसी बरमाणा व अंबुजा प्लांट दाड़लाघाट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था। अब तक दोनों पक्षों के बीच कई दौर की वार्ता निष्फल रही है। यहाँ अटका है पेंच : अदाणी समूह की ओर से माल ढुलाई दरों को साढ़े आठ रुपये से 10 रुपये प्रति किलोमीटर तक रखा जाने का प्रस्ताव है, जिसे मानने पर ट्रक आपरेटर तैयार नहीं है। अंबुजा सीमेंट दाड़लाघाट से जुड़े आपरेटरों का कहना है कि वह 10.71 रुपये प्रति किलोमीटर से कम दर पर ढुलाई नहीं करेंगे। वहीँ एसीसी प्लांट से जुड़े आपरेटरों ने 12.04 रुपये किराये की मांग रखी है। ऐसे में सहमति नहीं बन पा रही है। नोटिस थमा सकती है सरकार : जानकार मानते है कि नतीजा न निकलने पर हिमाचल प्रदेश सरकार कंपनी को कारपोरेट कानून के तहत नोटिस थमा सकती है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में सरकार ने कानूनी राय ली है।
कर्ज को लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष आमने-सामने है। विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर है, जिसको लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भाजपा नेताओं को सब्र रखने की राय दी है। इस को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा की शांता कुमार सुलझे हुए नेता है ऐसे में भाजपा को उनकी सलाह जरूर माननी चाहिए और जहां तक बात विकास की है तो खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद प्रदेश के विकास को रुकने नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल में सीमेंट फैक्ट्री विवाद को लेकर अडानी ग्रुप व ट्रक ऑपरेटरों के बीच बैठकों का दौर जारी हैं। शुक्रवार को भी DC बिलासपुर की अध्यक्षता में हुई अडानी ग्रुप व ट्रक ऑपरेटरों की बैठक बेनतीजा रही है। ACC फैक्ट्ररी विवाद को लेकर बचत भवन में करीब 3 घंटे तक बैठक चली। जानकारी के अनुसार ट्रक ऑपरेटर भाड़े की मांग को लेकर अड़े हैं। अडानी ग्रुप की बड़ी गाड़ियों के लिए 9 रुपए 30 पैसे और छोटी गाड़ियों का 10 रुपए 20 पैसे रेट देने की बात कही हैं। वहीं ट्रक ऑपरेटर 10 रुपए 71 पैसे का रेट मांग रहे है।
बद्दी के झाड़माजरी में एक निजी कंपनी के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर करीब 60 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर ने कंपनी के नाम पर बैंक में खाता खोल लिया। इसके बाद प्रॉपर्टी सेल के नाम पर लाखों रुपए खाते में जमा करा लिए, जिसकी जानकारी तब लगी, जब उनके खाते में 5-5 लाख के 2 चेक आए। बताया जा रहा है कि इस खाते में 50 से 60 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है। DSP बद्दी प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस छानबीन कर रही है। जानकारी के मुताबिक कंपनी संचालक ने अपने स्तर पर इसकी जांच कराई तो पता चला कि उनकी कंपनी के नाम पर एक फर्जी कंपनी खोली गई है, जो गूगल पर शो हो रही है। फर्जी कंपनी ने बैंक में खाता भी खोला है। इसके बाद कंपनी संचालकों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने फर्जी कंपनी के खाते को बंद करवा दिया है। बताया जा रहा है कि इस खाते में 50 से 60 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को आपस में जोड़ने के लिए शिंकुला दर्रे पर दुनिया की सबसे ऊंची टनल बनेगी। यह टनल समुद्रतल से 16580 फीट की ऊंचाई पर बनाई जाएगी। सड़क सीमा संगठन (BRO) इस टनल का निर्माण करेगा। वहीं इस टनल के लिए केंद्र सरकार ने 1,681.5 करोड बजट प्रावधान किया गया है। 4.1 किलोमीटर शिंकुला टनल का निर्माण जुलाई में शुरू हो जाएगा। लद्दाख के सांसद जमयांग छेरिंग नमज्ञाल ने बताया कि लाहौल के दारचा से लद्दाख के पदुम निमु तक टनल बनेगी और 2025 में बनकर तैयार हो जाएगी। टनल बनने से जांस्कर के अधिकतर क्षेत्र कारज्ञा, पुरने, पदुम, जंगला, कारश, मुने जैसे पर्यटन स्थल देश विदेश के पर्यटकों को निहारने को मिलेंगे।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक वीरवार को राज्य सचिवालय के शिखर सम्मेलन हॉल शिमला में हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की प्रदेश की नई सरकार की यह दूसरी कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में विधानसभा के बजट सत्र की तिथियों पर निर्णय लिया गया। विधानसभा का बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष स्थापित करने को भी कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। 101 करोड़ रुपये से कोष स्थापित होगा। सभी कांग्रेस विधायकों ने अपना पहला वेतन कोष में दान किया। कोष के माध्यम से अनाथ और बेसहारा बच्चों की मदद की जाएगी। इस योजना के तहत 3 करोड़ रुपए की राशि जमा हो गई है। इस योजना के तहत सभी विधायकों ने एक-एक लाख रुपए जमा किए है। प्रदेशवासी भी इस कोष में दान कर रहे हैं। इससे बेसहारा बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं की मदद की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखाश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ, विशेष रूप से सक्षम, निराश्रित महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को लाया गया है, जिसमें उन्हें हर संभव सहायता का प्रावधान किया गया है। योजना में प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों को अपने बच्चों (चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट) के रूप में अपनाया है। सीएम ने कहा कि आज की कैबिनेट में बेसहारा बच्चों व बुजुर्गों के रहने के लिए सुंदरनगर और ज्वालाजी में आवास बनाने को 80-80 करोड़ रुपए की मंजूरी प्रदान की गई। इससे दोनों जगह आधुनिक सुविधाओं से लेस कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आवासीय भवन में अटैच शौचालय वाले कमरे, मनोरंजन व गतिविधि कक्ष, कॉमन रूम, म्यूजिक रूम, स्मार्ट क्लास रूम, कोचिंग रूम, इनडोर व आउटडोर खेल सुविधाओं सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन संस्थानों के आवासियों को विवाह के लिए दो लाख रुपए प्रदान किया जाएंगे। इसके अतिरिक्त इन संस्थानों में रहने वाले प्रत्येक बच्चे, निराश्रित महिलाओं का आवर्ती जमा खाता खोला जाएगा, जिसमें सरकार द्वारा 0-14 वर्ष की आयु के बच्चों को एक हजार रुपए प्रति बच्चा प्रति माह, 15-18 वर्ष आयु के बच्चों व एकल महिलाओं को 2500 रुपए प्रति माह की सहायता राशि दी जाएगी।
बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए हिमाचल सरकार की ओर से हर विधानसभा क्षेत्रों में 1-1 राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे है। वहीं सोलन जिले में ऐसे 5 स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा सोलन जिला के 5 विधानसभा क्षेत्रों में राजीव गांधी माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने के लिए सोलन, अर्की, कसौली, दून व नालागढ़ विधानसभा क्षेत्रों में भूमि चयनित की जा चुकी है।सोलन में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण सोलन विधानसभा क्षेत्र के गलानग, अर्की विधानसभा क्षेत्र के जलाना, नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के नंगल, दून विधानसभा क्षेत्र के बद्दी की ग्राम पंचायत हरिपुर संडोली के कल्याणपुर और कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणू स्थित टकसाल में होना प्रस्तावित है। राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण लगभग 50-50 बीघा भूमि पर होना प्रस्तावित है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्ता-पूर्ण शिक्षा प्रदान करवाने के लिए मॉडर्न तकनीक और उपकरणों की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं नोडल अधिकारी व डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन डॉ. जगदीश चंद नेगी ने कहा कि जिला में स्थापित किए जा रहे माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल में विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास व शारीरिक विकास भी सुनिश्चित किया जाएगा। राजीव गांधी माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल में खेल मैदान और आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला सोलन को शिक्षा का हब माना जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किए जा रहे राजीव गांधी माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल से ज़िला सोलन के शिक्षा क्षेत्र का और अधिक सुदृढ़ीकरण होगा और ज़िले के बच्चों का सर्वागीण विकास सुनिश्चित होगा।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दाड़लाघाट-बरमाणा ट्रक यूनियन ऑपरेटरों से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर हमारे परिवार के सदस्य हैं। सीमेंट फैक्ट्री बंद होने से हिमाचल प्रदेश और ट्रक ऑपरेटर को बड़ा घाटा हुआ है जोकि गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम सुक्खू एवं उनके कैबिनेट मंत्री से बात की है, जल्द इस समस्या को समाप्त करने के लिए समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से स्थिति हिमाचल प्रदेश में उत्पन्न हुई है इससे हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है और जितनी जल्दी यह समस्या समाप्त होगी उतनी जल्दी ट्रक ऑपरेटरों को रोजगार वापिस मिलेगा। इस दौरान बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, नैना देवी के विधायक रणधीर शर्मा, मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी उपस्थित रहे।
About 65 students of Govt Sr. Sec School Chanawag, Shimla visited JUIT on 14th Feb 2023. They visited various departments including Computer Science Engineering, Information Technology, Biotechnology and Bioinformatics, Civil Engineering, Electronics and Communication Engineering, Department of Mathematics, Department of Physics and Materials Science, Department of Humanities and Social Sciences, etc. They interacted with the faculties and Lab staff and learned about various tests done in these labs. The Head of the Civil Engineering Department, Dr. Ashish Kumar encouraged having similar frequent visits in the near future so that students must develop an interest in science, engineering, and technology. This visit was coordinated by Dr. Saurav from the Civil Engineering department while other faculty members from various other departments helped in the overall organization of this important visit to the students.
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शिमला में हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। इस अवसर पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को टोपी शॉल पहनाकर सम्मानित किया और उनका हिमाचल आगमन पर स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप भी उनके साथ उपस्थित रहे। सभी नेताओं की हिमाचल को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई और हिमाचल की प्रगति को लेकर किस प्रकार से आगे बढ़ना है उसको लेकर भी कई विषयों पर चर्चा की गई।
आईस हॉकी एसोसिएशन ऑफ लाहौल-स्पीति के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज शिमला में राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व मंत्री को एसोसिएशन की गतिविधियों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की आईस हॉकी टीम ने आईस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा लेह-लद्दाख में आयोजित नेशनल आईस हॉकी चैंपियनशिप-2023 में अंडर-18 व्बॉयज व वरिष्ठ महिला वर्ग में कांस्य पदक जीते हैं। राजस्व मंत्री ने एसोसिएशन को बधाई देते हुए दोनों टीमों को अपनी ऐच्छिक निधि से एक-एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा इससे जुड़े आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा नवोदित खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि वे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ कर देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नेक निर्माण विभाग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए भू-अधिग्रहण के मुआवज़े से संबंधित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के लिए संबंधित जिला प्रशासनों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुआवज़ा राशि प्रदान करने में अनावश्यक देरी से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन सड़कों का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करें और सुरंगों तथा पुलों के निर्माण पर विशेष ध्यान केन्द्रित करें। सीएम ने सुचारू यातायात संचालन के लिए इन मार्गों में तंग गलियारों व मोड़ों में सुधार के भी निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरण को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने तथा निविदा प्रक्रिया की समय सीमा घटाने के भी निर्देश दिए ताकि परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि सड़कें हिमाचल प्रदेश के लोगों की जीवन रेखाएं हैं क्योंकि यहां रेल तथा हवाई संपर्क सीमित स्तर पर ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रियों को विश्व स्तरीय सड़क ढांचा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है और इससे राज्य में आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने शिमला-मटौर, कीरतपुर-नेरचौक और मण्डी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन मार्गों में स्तरोन्नत करने के कार्य को गति प्रदान करने के भी निर्देश दिए। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ऊना जिला में बिढ़ू से लठियाणी को जोड़ने के लिए गोविंद सागर झील पर 900 करोड़ रुपये अनुमानित लागत से एक पुल का निर्माण किया जाएगा जिसके लिए उन्होंने 25 फरवरी, 2023 तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालागढ़ से स्वारघाट फोरलेन के विस्तारीकरण पर 600 करोड़ रुपये, कालाअम्ब-पावंटा साहिब-देहरादून फोरलेन के विस्तारीकरण पर 1200 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय राजमार्ग-503 अम्ब से ऊना और पंजाब सीमा से नादौन तक राष्ट्रीय राजमार्ग-03 के फोरलेन विस्तारीकरण पर 1500 करोड़ रुपये तथा ऊना बाईपास के निर्माण पर अनुमानित 500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 4700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रदेश में शीघ्र ही 178 किलोमीटर लंबी फोरलेनिंग परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर केलिए राजभवन में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर अनघा आर्लेकर भी उपस्थित थीं। इस अवसर पर, राज्यपाल ने प्रदेशवासियों के अपार स्नेह के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश में अपने कार्यकाल की मधुर स्मृतियां संजोकर ले जा रहे हैं और यहां उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों में अपनेपन की भावना है और वे प्यार बांटने में विश्वास रखते हैं। प्रदेशवासियों के आतिथ्य सत्कार को वह कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ प्रेम व अपनत्व की भूमि भी है और वे यहां की समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति, रीति रिवाजों की अमूल्य निधि अपने साथ ले जा रहे हैं। प्रदेश हित में किए गए प्रयासों में उन्हें सभी वर्गों का सहयोग प्राप्त हुआ और टीम वर्क की भावना ने उन्हें सदैव प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव बिहार के राज्यपाल के तौर पर उनकी नई जिम्मेदारी के निर्वहन में सहायक होगा। आर्लेकर ने कहा कि वह एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं और यहां आकर जो कुछ नया सीखने को मिला, सीखा और जो सम्मान उन्हें प्राप्त हुआ, वह अतुलनीय है। इस अवसर पर, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने राज्यपाल एवं लेडी गवर्नर को सम्मानित किया और राज्य में उनके द्वारा शुरू की गई विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं की स्मृतियों को साझा करते हुए उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रदेश में विद्युत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा ताकि निर्धारित समय अवधि में इन परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। प्रदेश में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख उपक्रम सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड पांच सोलर पॉवर परियोजनाएं स्थापित करने जा रहा है। ऊना जिला के थपलान में 112.5 मेगावाट क्षमता, भंजाल और कध में 20 मेगावाट, कांगड़ा जिला के फतेहपुर में 20 मेगावाट, सिरमौर जिला के कोलर में 30 मेगावाटऔर कांगड़ा जिला के राजगीर में 12.5 मेगावाट क्षमता की सौर पॉवर परियोजनाएं पूर्वनिर्माण चरण में हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए सरकार निष्पादन एजेंसी को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। कंपनी को सुविधा प्रदान करने के लिए फ्री-होल्ड निजी भूमि की खरीद के लिए नीति में संशोधन के लिए आवश्यक कदम भी उठाएगी। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में सौर ऊर्जा उत्पादन के नवोन्मेषी प्रयासों से बढ़ावा दे रही है। प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करवाने के साथ कार्बन उत्सर्जन को भी कम करने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा में विजिलेंस ने नायब तहसीलदार को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार ने भूमि की म्यूटेशन के बदले यह रिश्वत मांगी थी। जानकारी के अनुसार विजिलेंस में भगत सिंह पुत्र स्व कन्हैया राम निवासी गांव काहलो उपतहसील पुखरी जिला चंबा ने शिकायत की कि उसके भूमि के कार्य को करने में नायब तहसीलदार पुखरी आनाकानी कर रहा है। इसके बदले रिश्वत मांग रहा है। इस पर विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर नायब तहसीलदार को पकड़ने के लिए योजना बनाई। योजना के अनुरूप शिकायतकर्ता अपने काम के बदले उक्त अधिकारी को रिश्वत देने के लिए उसके कार्यालय गया। जहां अधिकारी ने पैसे लेने से मना करते हुए, उसे कार्यालय से बाहर पैसे देने को कहा। कार्यालय से छुट्टी करके जब नायब तहसीलदार करीब 50 मीटर दूरी पर पुखरी-माणी रोड पर पहुंचा तो उसने शिकायतकर्ता को बुलाकर उससे रिश्वत ली। विजिलेंस ने अपनी योजना के अनुसार आरोपी को रिश्वत के पैसे लेते रंगे हाथों धर लिया। यह पूरी कार्रवाई विजिलेंस के एएसपी चंबा अभिमन्यु वर्मा की अगुवाई में की गई। विजिलेंस ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत के पैसे भी बरामद किए और आगामी तफ्तीश शुरू कर दी है।
प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में बिजली बोर्ड का कार्यालय बिना एसडीओ के चल रहा है। बीते पांच माह से बिजली बोर्ड के कार्यालय में एसडीओ का पद खाली पड़ा है। विदित रहे कि है कि यहां पर तैनात एसडीओ का अक्तूबर माह में तबादला हो गया था और उसके तुरंत बाद आचार संहिता लग गई थी। दो माह आचार सहिंता में निकल गए और लोगों को उम्मीद थी कि चुनाव खत्म होने के बाद यहाँ पर एसडीओ को तैनात किया जायेगा, लेकिन करीबन पांच माह से अधिक का समय बीत चुका है और स्थानीय लोगों की आस बरकरार है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश में नई सरकार के सत्ता में काबिज़ हुए भी ढाई महीने का समय बीत गया है लेकिन बद्दी स्थित बिजली बोर्ड के कार्यालय में अभी तक एसडीओ की तैनाती नहीं हुई, जो बिजली बोर्ड की लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें हर छोटे-बड़े काम करवाने के लिए अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे बरोटीवाला के एसडीओ के पास 6 किमी दूर जाना पड़ता है। इस कारण कई बार बिना काम करवाए निराश भी लौटना पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बद्दी स्थित बिजली बोर्ड कार्यालय अब सिर्फ दिखावे का दफ्तर बनकर रह गया है। उन्होंने बोर्ड व सरकार से मांग की है कि जल्द यहाँ एसडीओ तैनाती कर समस्या से निजात दिलवाई जाए। काम निर्बाध जारी, जल्द एसडीओ को करेंगे तैनात: पंकज डडवाल बद्दी में एसडीओ का पद खाली है। पदोन्नति के बाद एसडीओ को जल्द तैनात किया जायेगा। फिलहाल कार्य में कोई रुकावट न आये इसके लिए एसडीओ बरोटीवाला को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। जल्द बद्दी में स्थायी रूप से एसडीओ को तैनात किया जायेगा।
विश्व के सबसे ऊंचे स्नो मैराथन ट्रैक सिस्सू में मैराथन 2023 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले में सिस्सू में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बने इस स्नो ट्रैक पर 12 मार्च को मैराथन होगी। इस मैराथन ट्रैक पर 300 धावक के करीब धावक दौड़ेंगे। बता दिन कि रिच इंडिया के सहयोग से इस स्नो मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। रिच इंडिया के सदस्य आश्विन सिंह ने बताया कि माइनस डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ शुष्क मौसम के बीच 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्नो मैराथन रोचक और एडवेंचरस गेम है, जिसमें लोग बड़े शौक से हिस्सा लेते हैं। उन्होंने बताया कि मैराथन के आयोजन को लेकर हाल ही में लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर से महत्वपूर्ण बैठक हुई है। वहीं मैराथन में बतौर चीफ गेस्ट लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर शिरकत करेंगे।
सोलन जिला में कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज का स्टॉक खत्म हो गया है। पिछले माह सोलन को 5000 डोज मिली थी, जो सभी लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग से और स्टॉक भेजने की डिमांड की गई है। पहली और दूसरी डोज लगाने में जिला के लोगों की काफी दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन बूस्टर डोज लगवाने में सोलन अभी भी पिछड़ा हुआ है। अभी तक सोलन जिले में सिर्फ 1,65,428 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। 8 लाख लोगों ने पहली और 7.28 लाख लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है। अब कोरोना के नए वैरिएंट के सामने आने से लोग बूस्टर लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि दिसंबर में पूरे हिमाचल प्रदेश में कोरोना वैक्सीन खत्म हो गई थी, जिससे अस्पतालों में वैक्सीनेशन का काम रुक गया था। जनवरी में केंद्र से हिमाचल को 60 हजार डोज मिली। जिसमें से सोलन जिला कि झोली में 6500 डोज आई, लेकिन यह स्टॉक करीब 2 सप्ताह में ही खत्म हो गया । वहीं CMO सोलन डॉ. राजन उप्पल ने कहा कि जिले को मिली सभी कोरोना बूस्टर डोज लगा दी गई हैं। जल्द ही नया स्टॉक आ जाएगा। उन्होंने लोगी हिदायत दी है कि बेशक कोरोना कंट्रोल में है, लेकिन अभी एहतियात बरतना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सोलन जिला में इस समय कोरोना का कोई भी एक्टिव केस नहीं है। कोरोना के नए वैरिएंट आने की आशंका के कारण जिला के सभी अस्पतालों में आने वालों को मास्क पहनना जरूरी किया गया है। हालांकि इन दिनों सैंपलिंग बहुत कम हो रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बीते रविवार को बड़ा उलटफेर करते हुए 13 राज्यों के राज्यपाल व एलजी में फेरबदल किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर करते हुए रमेश बैस को नया राज्यपाल नियुक्त किया है। इसके अलावा लद्दाख के एलजी राधा कृष्णन माथुर का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया गया है। उनकी जगह अरुणाचल के ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा को लद्दाख का एलजी बनाया गया है। इसके अलावा राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया है। लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सिक्किम, सीपी राधाकृष्णन को झारखंड, गुलाब चंद कटारिया को असम, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया। वहीं, राष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके को मणिपुर का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन को नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। बिहार के राज्यपाल फागू चौहान को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया। हिमाचल प्रदेश में भी नए राज्यपाल की तैनाती हुई है। शिव प्रताप शुक्ला हिमाचल के नए राज्यपाल होंगे। शिव प्रताप सिंह 2014-19 तक रही मोदी सरकार में मंत्री रहे हैं। शिव प्रताप शुक्ला मौजूदा समय में राज्यसभा से सांसद हैं। शिव प्रताप शुक्ला उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने एबीवीपी से जुड़ने के बाद छात्र राजनीति शुरू की थी। साल 1989 में उत्तर प्रदेश में वह विधानसभा चुनाव लड़े थे। वह चार बार विधायक रहे। इस दौरान वह उत्तर प्रदेश में मंत्री भी रहे। शिव प्रताप शुक्ला ने 1989 में आम चुनावों में प्रचार किया और कांग्रेस के सुनील शास्त्री को हराकर उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य चुने गए। वे 1989, 1991, 1993 और 1996 में विधानसभा सदस्य चुने गए थे। शिव प्रताप शुक्ला उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों में राज्य मंत्री भी रहे हें। भारतीय जनता पार्टी-बहुजन समाज पार्टी सरकार में 1996-1998 में वह जेल मंत्री थे। साथ ही 1998-2002 में राजनाथ सिंह की भाजपा सरकार के तहत बाद में ग्रामीण विकास मंत्री रहे हैं। अब शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल का 22वां राज्यपाल बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने आज और कल प्रदेश के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में भारी बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में शनिवार को भी बारिश-बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले व मैदानी इलाकों में शनिवार मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में बीते दिनों हुई बर्फबारी से 134 सड़कें अभी भी बंद हैं। इनमें ज्यादातर सड़कें एक महीने से भी अधिक समय से बंद हैं। लाहौल स्पीति में सबसे ज्यादा 120 सड़कें, चंबा में 7, कांगड़ा, शिमला व किन्नौर में 2-2 और कुल्लू में 4 सड़कें अवरुद्ध पड़ी हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। केलोंग का न्यूनतम तापमान गिरकर माइनस 12 डिग्री पहुंच गया है। वहीं लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान माइनस 8.8 डिग्री, कल्पा का माइनस 2.2 डिग्री, मनाली 0 डिग्री, शिमला का 4.3 डिग्री, धर्मशाला 6.2 डिग्री, ऊना में 5.8 डिग्री और सोलन न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री तक लुढ़क गया है।
हिमाचल की 5 महिला क्रिकेटर पहली वुमन आईपीएल लीग में खेलती नजर आएंगी। पहली बार होने वाले वूमन आईपीएल के लिए 13 फरवरी को मुंबई में खिलाड़ियों की ऑक्शन होगी। इसके लिए हिमाचल की 22 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिसमें से 5 शॉर्टलिस्ट हुई हैं।शॉर्टलिस्ट होने वाली खिलाड़ियों में हरलीन दयोल, सुषमा वर्मा, रेणुका ठाकुर, वसुवी फिस्टा और चित्रा जमवाल शामिला हैं। आईपीएल के लिए कुल 1,525 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिसमें से 409 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें 246 भारतीय और 163 विदेशी खिलाड़ी हैं। बता दें कि शिमला की रहने वाली तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर ने रेलवे की ओर से रजिस्ट्रेशन किया। HPCA से हरलीन दयोल ने 40 लाख रुपये के बेस प्राइज के साथ रजिस्ट्रेशन किया। हरलीन अभी भारतीय टीम का हिस्सा हैं। सुषमा वर्मा ने 30 लाख रुपये के बेस प्राइज में रजिस्ट्रेशन किया। वह भी टीम का हिस्सा हैं। इसके अलावा अनकैप्ड खिलाड़ियों में रोहडू की वसुवी फिस्टा, जम्मू की चित्रा सिंह जमवाल और किन्नौर की सुष्मिता कुमारी ने 10 लाख के बेस प्राइज से रजिस्ट्रेशन करवाया है।
ममता भनोट । ऊना हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के उपमंडल गग्रेट में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। बुधवार रात थाना गग्रेट के बणे दी हट्टी में झुग्गी में भीषण अग्निकांड में दो किशोर और दो बच्चे जिंदा जल गए। मरने वालों की उम्र 6,7,14 व 17 साल थी। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसे में दो भाई और एक बहन समेत चार बच्चों की जान गई है। एसएचओ आशीष पठानिया ने बताया कि बुधवार देर रात बिहार के गांव नंदा पुरी जिला दरभंगा निवासी भदेश्वर दास और रमेश दास की झुग्गी में भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसकर दो किशोर औऱ दो बच्चों की जान चली गई। हादसा रात करीब 12 बजे पेश आया है। इस दर्दनाक हादसे में नीतू कुमारी (14) पुत्री रमेश दास भोलू कुमार (7) पुत्र रमेश दास, शिवम कुमार (6) पुत्र रमेश दास निवासी निवासी नंदापट्टी बेनीपुर डाकघर अंटार थाना बेहरा जिला दरभंगा बिहार और सोनू कुमार (17) पुत्र काली दास निवासी पौड़ी डाकराम जिला दरभंगा बिहार की मौके पर जलने से मौत हो गई। आग में जलकर 30 हजार रुपए भी राख हो गए। आग लगाने की सूचना मिलते ही फायर स्टेशन अंब से फायरमैन लकी कुमार, होमगार्ड शमीन कुमार, ड्राइवर तरसेम लाल फायर ब्रिगेड मोके पर पंहुचे, आग पर काबू पाया,पर दर्दनाक हादसा टल नही सका। सीएम सुक्खू ने हादसे पर जताया दुख प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दर्दनाक हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन से परिवार की हर संभव मदद करने को भी निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ने जताया शोक प्रशासन को दिए मदद के निर्देश दिए है। उपमुख्यमंत्री मुकेश ने जताया शोक हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बने दी हट्टी में प्रवासी बिहार के दरभंगा निवासी के अस्थाई आशियाने में लगी आग की घटना में चार बच्चों की दर्दनाक मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह दिल को दहलाने वाली घटना है। इस घटना में 6 से 17 वर्ष के बच्चों को जान गवानी पड़ी है। उन्होंने ने कहा कि प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि हर संभव मदद की जाए। यह दुखद हादसा निश्चित रूप से आंखों को नम करता है, विचलित करता है परिवार को सहनशक्ति प्रभु प्रदान करें।
हिमाचल में एक बार फिर से लॉटरी के नाम पर लाखों रुपए कि ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के बार-बार जागरूक करने के बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। चंबा के रहने वाले एक व्यक्ति को जालसाजों ने अपने जाल में फंसाकर करीब 72 लाख रुपए पर हाथ साफ कर लिए। इस मामले में साइबर थाना शिमला में केस दर्ज हुआ है। साइबर थाना शिमला से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता छंगा राम चंबा का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि उसे 2.50 करोड़ रुपए की लॉटरी लगने का मैसेज और कॉल आया। जालसाजों ने उससे कहा कि इस लॉटरी को लेने के लिए उसे कुछ पैसे उनके अकाउंट में डालने होंगे। हैरानी की बात यह है कि शिकायतकर्ता ने लगभग 200 से ज्यादा बार आरोपियों के खाते में खुद बैंक जाकर और गूगल पे के माध्यम से पैसे जमा करवाए। करीब 72 लाख रुपए शिकायतकर्ता आरोपियों के खाते में डाल चुका था। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और पुलिस में मामला दर्ज करवाया। मामले कि पुष्टि करते हुए साइबर पुलिस के ASP भूपेंद्र नेगी का कहा है कि लोगों ऐसे जालसाजों से सावधान रहने की जरुरत है। इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए लोगों को जागरूक और सतर्क होने की जरूरी है।
कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कोटबेजा में प्रशासन ने एडिशनल कार्यभार पर दूसरी पंचायत से सचिव को तो भेज दिया है, लेकिन सचिव का कार्य दिवस तय करना भूल गया है। नतीजन ग्रामीणों को सचिव के कार्य दिवस का पता न होने के चलते बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी पंचायत होने के चलते लोग दूर-दूर से अपने कार्य करवाने पंचायत कार्यालय पहुँच रहे है, लेकिन पंचायत कार्यालय पहुँच कर लोगों को पता चलता है कि सचिव उपस्थित नहीं है। ग्रामीणों ने पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी से मांग की है कि जब तक ग्राम पंचयात कोटबेजा में रेगुलर सचिव की तैनाती नहीं हो जाती तब तक अतिरिक्त कार्यभार चला रहे सचिव के कार्य दिवस तय करने के लिये खंड विकास अधिकारी कार्यलय को आदेश दिये जायें। ताकि क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े। उधर, इस विषय में खंड विकास अधिकारी धर्मपुर मुकेश कुमार ने बताया कि आज ही सचिव के कार्यदिवस तय कर पंचायत नोटिस बोर्ड पर अंकित करने के लिए आदेश दे दिए जाएंगे। वहीं इस विषय में पंचायत प्रधान किरण ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सचिव को सप्ताह में तीन दिन पंचायत में सेवाएं देने के लिए कहा गया है, लेकिन वो तीन दिन कौन से होंगे, इसकी सूचना नहीं है। जबकि इस बारे में पंचायत सचिव सुरेश कुमार ने बताया कि कार्य दिवस तय नहीं किये गए है। पंचायत में जाने पर लोगो के काम किये जा रहे है।
हिमाचल प्रदेश में आगामी दिनों में फिर मौसम खराब होनेकि संभावना है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित अन्य भागों में आज मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार से लेकर शनिवार तक प्रदेश के कई भागों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने निचले व मैदानी भागों के लिए 8 व 9 फरवरी को अंधड़ चलने का अलर्ट जारी किया है। गौरतलब है कि ताजा बर्फबारी के बाद बंद हुई अटल टनल रोहतांग मंगलवार को फोर बाई वाई वाहनों के लिए मनाली से जिस्पा तक खुल गई है। वहीं पांगी-किलाड़ को जोड़ने वाला मार्ग भी उदयपुर से तिंदी तक खुल गया है। मौसम खुलने के बाद बीआरओ, एनएच और लोक निर्माण विभाग ने बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं बीते दिनों हुई बर्फबारी से राज्य में 138 सड़कों पर अभी भी आवाजाही ठप है। प्रदेश में 46 बिजली ट्रांसफार्मर व सात पेयजल योजनाएं भी बाधित हैं। लाहौल-स्पीति में सबसे अधिक 121 और चंबा में नौ सड़कें बाधित हैं। उपमंडल पांगी में 36 बिजली टांसफार्मर बंद पड़े हैं।
हिमाचल प्रदेश की बागवानों के बगीचों में अब यूएसए के गुठलीदार फलों के पौधे उग सकेंगे। हिमाचल उद्यान विभाग पहली बार यूएसए से प्लम आडू, खुमानी व बादाम के 56,000 पौधे आयात करने जा रहा है। इन पौधों की खेप इसी माह हिमाचल पहुंच जाएगी। शिमला जिले के ठियाेग, कोटखाई, रामपुर, कुमारसैन और रोहड़ू सहित कुल्लू, मंडी, कांगड़ा जैसे अन्य क्षेत्रों में गुठलीदार फलों का उत्पादन होता है। वहीं इस बारे में जानकारी देते हुए बागवानी मंत्री जगत नेगी ने बताया कि पौधों को एक साल के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा ताकि, यह सुनिश्चित हो सके की पौधों में कोई बीमारी तो नहीं है। अगले साल उद्यान विभाग बागवानों को यूएसए से आयातित पौधे का आवंटन करेगा। पौधों के आयात से पहले उद्यान विभाग के अधिकारी आपूर्ति पूर्व निरीक्षण भी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक साल क्वारंटीन अवधि के बाद अगले साल बागवानों को यह पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि इसमें कोई समस्या न आए। अभी हार के गम में है जयराम-जगत सिंह नेगी जगत नेगी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अभी गम में हैं। इसलिए इस तरह की बयानबाजी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार कर्ज लेते रही और संसाधन जुटाने में नाकामयाब रही। नेगी ने कहा कि कांग्रेस का काम करने का तरीका अलग है हम संसाधन जुटाएंगे, कर्ज भी लेंगे, लेकिन सभी काम एक दायरे में करेंगे। विपक्ष द्वारा विधायक निधि न दिए जाने के आरोप पर जगत नेगी ने कहा' "विधायक निधि दें कहाँ से, पिछली सरकार ने कुछ नहीं छोड़ा, कर्ज तले दबा दिया है। प्रदेश की आर्थिकी डगमगा गई है।"
देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई का एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत खराब श्रेणी में है। मुंबई का नवंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स 'बहुत खराब' से अधिक दर्ज किया गया। यह 2021-2022 और 2020 के समय से लगभग दोगुना है और 2019-2020 से तीन गुना अधिक है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्ट एंड रिसर्च की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, 1 नवंबर 2022 से 31 जनवरी 2023 के बीच 92 दिनों में, मुंबई ने 66 दिनों में 'खराब' और 'बहुत खराब' AQI दर्ज किया है। डेटा यह भी बताता है कि कुल 92 दिनों में मुंबई ने केवल एक दिन 'अच्छा' और 'संतोषजनक' एक्यूआई दर्ज किया है। आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2021 और जनवरी 2022 के बीच मुंबई ने 30 दिनों में 'खराब' और 'बहुत खराब' एक्यूआई दर्ज किया था, जबकि नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच, शहर में 39 दिनों का 'खराब' और 'बहुत खराब' एक्यूआई दर्ज किया गया था। वहीं नवंबर 2019 और जनवरी 2020 के बीच, मुंबई ने केवल 17 दिनों में 'खराब' और 'बहुत खराब' एक्यूआई दर्ज किया था।
हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से सरकारी नौकरियों के लिए इंटरव्यू शुरू किए जा रहे हैं। 20 फरवरी से कॉलेज कैडर के असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य डिपार्टमेंट में पदों को भरने के लिए इंटरव्यू होंगे। आयोग के सचिव डीके रत्तन का कहना है कि लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को कॉल लेटर जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि हायर एजुकेशन के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज कैडर के इंटरव्यू 20 और 21 फरवरी को होंगे। एचपी मिल्कफेड में प्लांट इंजीनियर के पद के लिए 20 फरवरी, असिस्टेंट डायरेक्टर होम डिपार्टमेंट 20 फरवरी, असिस्टेंट डायरेक्टर डिजिटल फॉरेंसिक होम डिपार्टमेंट 20 फरवरी, GIS स्पेशलिस्ट रेवेन्यू और डिजास्टर डिपार्टमेंट 20 और 21 फरवरी को होंगे। साइंटिफिक ऑफिसर डिजिटल फॉरेंसिक होम डिपार्टमेंट के लिए 20 और 21 फरवरी को इंटरव्यू होंगे। इसी तरह साइंटिफिक ऑफिसर वॉयस एनालिसिस के लिए 21 फरवरी और असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज कैडर होम साइंस के लिए 21 फरवरी को इंटरव्यू होंगे। आयोग के सचिव डीके रत्तन का कहना है कि पात्र उम्मीदवारों के लिए कॉल लेटर जारी कर दिए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए फोन नंबर 0177-2624313 पर संपर्क किया जा सकता है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसी भी तरह की जानकारी ली जा सकती है।
हिमाचल के मंडी जिले की बेटी चांदनी शर्मा ने माया नगरी में प्रदेश का नाम ऊँचा किया है। चांदनी शर्मा बेस्ट टेलीविजन एक्ट्रेस चुनी गई है। चांदनी को सोनी टीवी के कामना सीरियल में बेहतरीन अदाकारी करने के लिए दादा साहेब फालके टीवी अवार्ड से नवाजा गया है। मुंबई के सेंटाक्रूज स्थित ताज होटल में हुए अवार्ड शो में उन्हें यह सम्मान मिला। इस दौरान कार्यक्रम में टीवी इंडस्ट्री के जाने माने लोग मौजूद रहे। चांदनी शर्मा ने अवार्ड लेने के बाद कहा कि यह सम्मान पाकर वह बेहद खुश हैं। उन्हें भविष्य में और अधिक बेहतर करने की प्रेरणा मिली है और उनके लिए यह अवार्ड प्रेरणास्त्रोत का काम करेगा। बता दें कि चांदनी जिला के गोहर गांव कि रहने वाली है। चांदनी ने ग्रेजुएशन करने के बाद अपने करियर की शुरुआत नेटवर्किंग से की थी। 2014 में उन्हें भारतीय राजकुमारी विजेता 2014 के खिताब से नवाजा गया। इसके बाद उन्हें मिस टूरिज्म इंटरनेशनल प्रतियोगिता में ड्रीम गर्ल ऑफ द ईयर इंटरनेशनल 2015 से टाइटल से सम्मानित किया गया। इसके बाद कुछ वर्षों तक वे नेटवर्किंग उद्योग में सक्रिय रहीं। वर्ष 2018 में चांदनी ने अपना एक्टिंग डेब्यू पंजाबी म्यूजिक नखरे दा मुल से किया था। इस एल्बम को गुरपिंदर पनाग ने कंपोज़ किया था। चांदनी इस एल्बम के बाद वह अनेक पंजाबी एल्बम में नजर आई। 2019 में उन्होंने बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू डार्क लाइट से किया। इस फिल्म में उन्होंने लीड एक्ट्रेस की भूमिका निभाई। 2020 में चांदनी ने टेलीविज़न इंडस्ट्री में डेब्यू सीरियल इश्क़ में मरजावां 2 से किया।
हिमाचल के ऊना जिले में आज BJP प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हो रही है, जो 5 फरवरी तक चलेगी। इसके लिए पार्टी के जिला कार्यालय में BJP के दिग्गज नेता जुटेंगे। 3 दिन चलने वाली बैठक में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की रूपरेखा तैयार की जाएगी। साथ ही पार्टी संगठन की आगामी गतिविधियों का खाका तैयार होगा। इसके अलावा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार को लेकर चर्चा हो सकती है। पहले दिन शुक्रवार शाम को भाजपा कोर कमेटी की बैठक होगी। इसमें प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आने वालों का रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा। कल 4 फरवरी को पहले सत्र में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक होगी। वहीं आज शाम 6 बजे भाजपा कोर कमेटी की बैठक हुई है। वहीं भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह का जिला ऊना कार्यालय पहुंचने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर एवं समस्त कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उनके साथ भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन का भी सभी कार्यकर्ताओं ने जिला ऊना पहुंचने पर स्वागत किया। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक में उपस्थित रहेंगे और आज शाम को होने जा रही कोर ग्रुप में भी सुदान सिंह उपस्थित होने जा रहे हैं।
लॉर्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज नालागढ़ में बीते मंगलवार को बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष, पोस्ट बेसिक नर्सिंग द्वितीय वर्ष एवं जीएनएम द्वितीय वर्ष की छात्राओं द्वारा प्रथम वर्ष की छात्राओं के लिए फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन की अध्यक्ष अर्चना त्यागी नेकी। इस मौके पर अति विशिष्ट अतिथि खंड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ मुक्ता रस्तोगी, नालागढ़ की तहसीलदार निशा आजाद ने भी शिरकत की। सभी अतिथियों का संस्थान के चेयरमैन डॉक्टर अजीत पाल जैन, डायरेक्टर डॉ आशिमा जैन, संस्थान की प्रिंसिपल डॉक्टर संतोष शर्मा, वाइस प्रिंसिपल एन चंद्रलेखा ने स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन से की गई। इस दौरान छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम जैसे ग्रुप डांस सोलो सॉन्ग, लघु नाटिका, भांगड़ा गिद्दा पहाड़ी नाटी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्रा कोमल ठाकुर को मिस फ्रेशर, बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्रा श्रुति ठाकुर को मिस ईव, बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्रा वर्षा कटोच को मिस कैटवॉक, जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा शालिनी ठाकुर को मिस चार्मिंग, कशिश को मिस अटायर, अंकिता को मिस ग्लैमर, और पारुल चंदेल को मिस स्माइल के अवार्ड से नवाजा गया।
आज साल 2023 का देश का बजट पेश किया गया है। बजट में देश के हेल्थ डिपार्टमेंट में भी काफी कुछ नया करने की कोशिश की गयी है। -वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2023 में साफ किया कि हेल्थ के क्षेत्र में कई सुधार की जरूरत है। इसलिए नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। -मेडिकल कॉलेज में ज्यादा से ज्यादा लैब की व्यवस्था की जाएगी साथ ही स्वाथ्य व्यवस्था में सुधार के लिए नए मशीन लाए जाएंगे ताकि भारत में बड़ी से बड़ी बीमारी का सफल इलाज किया जा सके। -साल 2023 के बजट में यह भी साफ किया गया है कि साल 2027 तक एनीमिया की बीमारी को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा। क्योंकि खून की कमी के कारण हर साल कई लोगों की मौत हो जाती है। -मोदी सरकार ने मेनहोल को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। बजट साल 2023 में यह साफ किया गया है कि अब मेनोहोल में इंसान नहीं उतरेंगे। -बजट में एनीमिया और बच्चों में खून की कमी से होने वाली बीमारी को लेकर कई प्रोगाम बनाएं गए हैं। साल 2047 तक इसे खत्म करने का प्रण किया गया है। -मोटा अनाज को बजट में प्राथमिकता दी गई। साथ ही इसे लेकिर रिसर्च और रिसर्च कॉलेज बनाने की भी बात कही गई है। -कोरोनावायरस से बचने के लिए। अब तक सरकार ने अब तक 220 करोड़ लोगों तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आम बजट पेश कर दिया है। इस आम बजट में केंद्र सरकार की तरफ से कई बड़े एलान किए गए हैं। इस दौरान वित्त मंत्री ने ये भी बताया है कि किन चीजों को सस्ता किया जा रहा है और कौन सी चीजें महंगी हो रही हैं। आइए जानते हैं कौन सी चीजें सस्ती होंगी और किन चीजों पर अब ज्यादा पैसा देना होगा। क्या-क्या हुआ सस्ता -मोबाइल फोन और कैमरे के लेंस सस्ते होंगे। -विदेश से आने वाली चांदी सस्ती होगी। -एलईडी टीवी और बायोगैस से जुड़ी चीजें सस्ती होंगी। -कुछ टीवी पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी घटा दी गई है। -इलेक्ट्रिक कारें, खिलौने और साइकिल सस्ती होंगी। -हीट क्वायल पर कस्टम ड्यूटी घटाई। क्या-क्या हुआ महंगा -सोना-चांदी और प्लेटिनम महंगा होगा। -सिगरेट महंगी होगी, ड्यूटी बढ़ाकर 16 परसेंट की गई। -इंपोर्टेड दरवाजे और किचन चिमनी महंगी। -विदेशी खिलौने महंगे।
देश का बजट आज संसद में पेश किया। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने अपना बजट भाषण करीब 1.5 घंटा यानी 90 मिनट के दौरान पूरा किया और देश के सामने न्यू इंडिया की तस्वीर को पेश किया। संसद पहुंचीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद पहुंचीं है। वह सुबह 11 बजे बजट 2023-24 पेश करेंगी। राष्ट्रपति ने दी बजट को औपचारिक मंजूरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट को औपचारिक मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में बजट को मिली औपचारिक मंजूरी कैबिनेट की बैठक में बजट को औपचारिक मंजूरी मिली गयी है। इनकम टैक्स पर सबसे बड़ी राहत नई इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत अब 3 लाख रुपये तक के आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। 3 से 6 लाख रुपये तक के इनकम पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा। 6 से 9 लाख रुपये तक के आय पर 10 फीसदी, 9 से 12 लाख रुपये तक के आय पर 15 फीसदी, 12 से 15 लाख रुपये तक के आय पर 20 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा आय पर 30 फीसदी इनकम टैक्स देना होगा। डायरेक्ट टैक्स वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स रिटर्न की प्रोसेसिंग 90 दिन से घटाकर 16 दिन हो गई है और 72 लाख टैक्स रिटर्न एक दिन में भरे गए हैं। टैक्सपेयर की शिकायतों का निपटारा बेहतर हुआ है और कॉमन आईटी रिटर्न फॉर्म आएंगे जिनसे रिटर्न भरना और आसान होगा। महिलाओं के लिए एलान वित्त मंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत महिला सम्मान बचत पत्र का एलान किया जा रहा है और उनके लिए न्यू सेविंग स्कीम आएगी। 2 साल के लिए इसमें निवेश कर सकेंगे और 2 लाख रुपए जमा कर सकेंगी जिस पर 7.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा। कोई भी महिला या लड़की खाता खुलवा सकेगी और इसमें से पैसे निकालने के लिए शर्तें होंगी। ये महिला कल्याण के लिए एक बड़ा कदम इस बजट में उठाया जा रहा है। वित्तीय सेक्टर पर एलान वित्त मंत्री ने कहा कि सेबी को और शक्तिशाली बनाया जाएगा. सेबी डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट दे सकेगा और फाइनेंशियल मार्केट में लोगों की भागेदारी के लिए ऐसा किया जाएगा। MSME के लिए एलान निर्मला सीतारामन ने कहा कि क्रेडिट गारंटी एमएसएमई के लिए रीवैंप स्कीम आएगी। 1 अप्रैल 2023 से 9000 करोड़ उद्योगों को क्रेडिट के रूप में दिया जाएंगे। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 लॉन्च की जा रही है और एमएसएमई को 2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देने की योजना है। युवाओं के लिए सरकार का फोकस सरकार युवाओं के लिए स्किल यूथ सेंटर बनाने पर जोर देगी और 30 स्किल इंडिया सेंटर बनाए जाएंगे, उन छात्रों को लिए जो विदेशों में नौकरी के सपने देखते हैं। नेशनल अप्रेंटाइशिप प्रमोशन स्कीम बनेगी और छात्रों को डायरेक्ट मदद दी जाएगी। फिनटेक सर्विस बढ़ाई जाएंगी, डिजि लॉकर की उपयोगिता बहुत बढ़ जाएगी और इसमें सारे डिजिटल डॉक्यूमेंट होंगे। ग्रीन ग्रोथ पर सरकार का फोकस वित्त मंत्री ने कहा कि ग्रीन जॉब के मौके लोगों को दिए गए हैं और टूरिज्म में डॉमेस्टिक और विदेशी टूरिस्ट ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। टूरिज्म का प्रमोशन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए नए स्तर पर ले जाया गया। हाईड्रोजन मिशन के लिए सरकार की ओर से 19700 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। व्हीकल रीप्लेसमेंट पॉलिसी के तहत प्रदूषण बढ़ाने वाले वाहन बदलना या स्क्रैप करना, ग्रीन माहौल के लिए जरूरी हैं। इसके लिए राज्यों को सहायता दी जाएगी, ताकि पुराने वाहनों को रिप्लेस किया जा सके। इसके जरिए पुरानी एंबुलेंसों को भी बदला जाएगा, ताकि प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके। फाइनेंस क्षेत्र के बड़े एलान केवाई प्रोसेस और आसान किया जाएगा और फाइनेंसल सिस्टम से बात करके इसे फुली डिजिटल किया जाएगा। वन स्टॉप सॉल्यूशन और आइडेंटिटी और एड्रेस के लिए किया जाएगा। डिजी सर्विस लॉक और आधार के जरिए इसे वन स्टॉप सॉल्यूशन किया जाएगा। पैन, सभी डिजिटल सिस्टम के लिए आइडेंटिफाई किया जाएगा। यूनिफाइड फाइलिंग प्रोसेस सेटअप किया जाएगा। कॉमन पोर्टल के जरिए एक ही जगह डेटा होगा, इसे अलग-अलग एजेंसी इस्तेमाल कर सकेंगे। बार-बार डेटा देने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन इसके लिए यूजर की सहमति बहुत जरूरी होगी। मिशन कर्मयोगी के तहत एलान वित्त मंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र, राज्य मिलकर इसके जरिए ऑनलाइन ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च करेंगे। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों का स्किल बढ़ाया जाएगा और तीन सेंटर आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस के स्थापित होंगे और इनके जरिए रिसर्च होंगी। हेल्थ, एग्री जैसे क्षेत्र में परेशानियों को दूर करने पर बात होगी। रेलवे के लिए बड़ा एलान वित्त मंत्री ने कहा कि रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं जो रेलवे के लिए अब तक का सबसे ज्यादा बजट आवंटन है। ये साल 2014 में दिए गए बजटीय आवंटन से 9 गुना ज्यादा है। बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 10लाख करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है। रेल, रोड, सड़क सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट पर जोर दिया गया है। 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जायेंगे और 2014 के बाद जो 157 नए मेडिल कॉलेज स्थापित किए गए है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर एलान वित्त मंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट हमारी तीसरी प्राथमिकता होगा और सरकार ने 33 प्रतिशत कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाया है. इसे बढ़ाया गया है ताकि देश के विकास को और तेज किया जा सके. इससे रोजगार में मदद मिलेगी। कृषि के क्षेत्र में बड़ी तैयारी ग्लोबल हब फोर मिलेट्स के तहत इंडिया मिलेट्स में काफी आगे है। न्यूट्रिशन, फूड सिक्योरिटी और किसानों के योजना के लिए मिलेट्स प्रोग्राम चलाए जा रहे है। श्रीअन्ना राड़ी, श्रीअन्ना बाजरा, श्रीअन्ना रामदाना, कुंगनी, कुट्टू इन सबके के हेल्थ के बहुत फायदे हैं। मिलेट्स में किसानों का काफी योगदान है और श्रीअन्ना का हब बनाने के लिए कोशिश की जा रही है। श्रीअन्ना के उत्पादन के लिए हैदराबाद के रिसर्च इंस्टीट्यूट से काफी मदद मिल रही है। साल 2023-24 के लिए 20 लाख करोड़ रूपये क्रेडिट लक्ष्य रखा गया है। कृषि क्षेत्र के लिए भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी। सरकार के शुरुआती 5 बड़े एलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट्स का गठन जल्द किया जायेगा। India@100 के जरिए देश को दुनियाभर में मजबूत किया जाएगा. ग्रामीण महिलाओं के लिए 81 लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप को मदद मिली, जिन्हें और बढ़ाया जाएगा। पीएम विश्व कर्मा कौशल सम्मान, क्राफ्ट और टेड्रिशन काम करने वाले लोगों को आर्ट औऱ हेंडिक्राफ्ट में योगदान दिया गया। जो आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसके जरिए न सिर्फ फाइनेंशियल सपोर्ट दिया गया, बल्कि उन्हें टेक्निकल स्किल सुधारने पर जोर दिया गया और उन्हें सोशल सिक्योरिटी प्रदान की गई हैं। वंचितों को वरीयता सरकार की प्राथमिकता वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में 7 प्राथमिकताएं होंगी। एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड से एग्री स्टार्टअप बढ़ेंगे। इससे किसानों को मदद मिलेगी और उन्हें चुनौतियों का सामना करने में आसानी रहेगी और इससे उत्पादकता बढ़ेगी.यह किसानों, स्टेट और इंटस्ट्री पार्टनर के बीच किया जाएगा। बजट में सरकार की सात प्राथमिकताएं हैं। वंचितों को वरीयता सरकार की प्राथमिकता है। देश के लोगों की आय बढ़ी वित्त मंत्री ने कहा कि बीते सालों में भारत के लोगों की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गई है। प्रति व्यक्ति आय 1.97 लाख रुपये सालाना हो गई है। भारतीय अर्थव्यवस्ता पहले के मुकाबले ज्यादा संगठित हो गई है। इसका असर लोगों के रहन सहन पर दिख रहा है। आजादी के अमृतकाल का ये पहला बजट वित्त मंत्री ने कहा कि देश की आजादी के अमृतकाल का ये पहला बजट है। हमने हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश की है। खासकर युवाओं और सभी वर्ग के लोगों तक आर्थिक मजबूती पहुंचाने की कोशिश की है। दुनिया में सुस्ती के बावजूद हमारी मौजूदा ग्रोथ का अनुमान 7 प्रतिशत के आसपास बरकरार है और चैलेंजिंग समय में भारत तेजी से विकास की तरफ बढ़ रहा है। दुनियाभर के लोगों ने भारत के विकास की सराहना की है और यह बजट अगले 25 साल का ब्लू प्रिंट है। क्या सस्ता, क्या महंगा होगा? - खिलौने, साइकिल, ऑटोमोबाइल सस्ते होंगे - इलेक्ट्रोनिक वाहन सस्ते होंगे - विदेश से आने वाली चांदी की चीजें महंगी होंगी. - देशी किचन चिमनी महंगी होगी - कुछ मोबाइल फोन, कैमरे के लेंस सस्ते होंगे. - सिगरेट महंगी होगी
GNA University has always been known for maintaining a robust Industry-Academia interface to impart learning about the latest and emerging technologies being used by the Industry as a part of the academic curriculum taught to its students. Keeping this in mind, GNA University has inked a Memorandum-of-Understanding (MOU) with one of the leading Tractor manufacturing Companies of India, International Tractors Limited (ITL), Sonalika for the advanced training and placements of students. With the signing of the MOU, GNA University has become the first university in North India to partner with ITL Group under its Academic Collaboration for Excellence to bridge the Academia-Industry Skill Gap. Mr. C. R. Tripathy, Dean FEDA-D showcased the advanced design and manufacturing facilities of product design labs of Creo from PTC, USA, Catia from Dassault Systems, France, NX CAD/CAM Lab from Siemens, Germany, Rapid Prototyping (3D printing) facility from Stratasys USA, CMM lab, Robotics, and Automation lab of the University to the delegates of the ITL and he further added that “GNA University is very grateful to S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University whose encouragement always leads to bringing the advanced design and manufacturing facilities to the University.” He further thanked ITL for joining hands with GNA University for the betterment of the students. The MoU was signed by Mr. B. K. Singh, Assistant Vice-President, of ITL, and Mr. Kunal Bains, Deputy Registrar of GNA University. While giving details about the MOU with ITL, Dr. VK Rattan, the Vice-Chancellor said, Under this MOU, the students of Mechanical and Automation Engineering, Robotics and Automation Engineering, and Bachelor of Design would undergo hands-on training which will focus on their problem-solving skills so that they can be made industry-ready before the completion of their academic tenure.” The purpose of this MOU is to define the areas for academic and industrial research as well as skill-based training in the field of Research and Development, Designing in which both ITL and GU desire to work together in the future for the betterment of the students of the region and developing a skill-based workforce. Mr. B. K. Singh, Assistant Vice-President, ITL further added that The students of GNA University will be engaged from the 6th semester onwards and will work on live projects of ITL under the regular mentorship of the ITL professionals. In the 8th semester, these students will be offered stipend-based internships and further, these students will be given priority in the campus placements conducted by ITL as the company has been a regular recruiter of engineering students for the past many years." ITL will also give inputs on the skill development of budding engineers by helping them to understand emerging technologies and can have an edge over students from other universities so that they become industry ready at the completion of their degree. In addition, the students will be given an opportunity to work on real-time projects under the guidance of industry experts so that their employability skills can be enhanced. It is a win-win situation for the students as they will be trained by Industry Experts on the emerging technology platforms which will improve their chances of placements in top-notch companies and also be given a unique chance by ITL to work on real-time projects from the industry during the completion of the degree itself, said S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University. The MOU signing ceremony was also graced by Dr. Monika Hanspal, Dean Academics, Dr. Hemant Sharma Pro Vice-Chancellor and Deans of the other GNA University, Mr. Sunny Kaushal AM-HR, ITL, and Ms. Pretiksha Karpe, HR ITL.
कांग्रेस द्वारा आज हाथ से हाथ जोड़ो अभियान शुरू किया गया। इसे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के विस्तार के रूप में बताया जा रहा है। हिमाचल कांग्रेस में इस अभियान को लेकर काफी जोश है यह अभियान पूरे देश में बूथ स्तर तक ले जाया जायेगा। सोलन में इस अभियान की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री डॉ कर्नल धनीराम शांडिल द्वारा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बीजेपी की केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जनता को जागरूक करने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के संदेश को बूथ स्तर पर पहुंचाया जाएगा। दिल्ली की सरकार से जो विषमताएं देश में फेल रही है जो बांट कर राजनीति कर रहे है उसको जनता को बताया जाएगा। शांडिल ने कहा कि इस अभियान के द्वारा देश के 10 लाख पोलिंग बूथ पर जाकर लोगों को अवगत कराया जायेगा।
भारतीय सेना के कुत्ते 'Zoom' को बहादुरी के लिए गैलेंट्री अवॉर्ड मिला है। सेना के असॉल्ट डॉग जूम की मदद से 9 अक्टूबर की देर रात जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था। इस दौरान जूम को दो गोली लगी थी और इलाज के समय डॉग की मौत हो गई थी। अनंतनाग के कोकरनाग में सेना के कुत्ते 'ज़ूम' को उस घर को खाली करने का काम सौंपा गया था, जहां आतंकवादी छिपे हुए थे। कुत्ता उस घर के अंदर गया और उसने आतंकियों पर हमला कर दिया। ऑपरेशन के दौरान कुत्ते को दो बार गोली लगी और वह घायल हो गया। गोली लगने के बाद भी जूम लड़ता रहा और अपना काम पूरा किया, जिसके परिणामस्वरूप दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया था।
Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu conveyed his greetings to the people of the State on the occasion of the 53rd Statehood Day celebration held at Hamirpur, today. He unfurled the National Flag and took a salute from the contingents of Police, Home guards, Jawans of IRB Skoh, NCC cadets, Scouts & Guides led by DSP Ankit Sharma during an impressive march past. The Chief Minister while addressing the gathering said that the people of Himachal Pradesh had contributed immensely to the development journey of the state. He also mentioned the enormous contribution of the first Chief Minister, Dr. YS Parmar in the progress of the hill state. "It was on 11th December 2022 when the new government took over the reign of this hill state and from the very first day started to work for revamping the derailed system," said the Chief Minister. As per the Government's pledge for zero tolerance against corruption, stringent measures were being adopted to eliminate this social evil. The suspension of the Himachal Pradesh Staff Selection Commission, which was the hub of corruption and was selling jobs, was the first in this direction against corruption. "Now the selection will be ensured purely on the basis of merit, in a fair and transparent manner" reiterated the Chief Minister. Even the economic health of the state was in utter disarray because of the extravagant spending by the previous government that has led to a legacy debt of around 75000 crores, said he. Apart from this, the liability of paying the arrears of Rs. 4,430 crores to the employees, Rs. 5,226 crores of pensioners, and Rs. 1,000 crore DA of both is on the present State Government. As many as 900 institutions were opened by BJP in the last 9 months of its tenure, without any budgetary provision, due to which the state has to bear an additional burden of Rs.5,000 crore.Moreover, approximately Rs. 8,000 crores of NPS is held up with the Central Government. Despite all these challenges, the State Government has fulfilled its commitment to restore the old pension scheme, thereby benefitting 1.36 lakh employees, said the Chief Minister. He said, restoring the OPS was not a political decision, but the State Government intends to protect the self-esteem of the Government employees besides providing them the social security as they play a pivotal role in the development of the State. The Government was forced to take some tough decisions for generating the resources to fulfill its promises, but tough decisions are inevitable, said the Chief Minister. The Government has set up Chief Minister's Sukh-Ashray Sahayata Kosh with an outlay of Rs. 101 crores for providing higher education to beneficiaries of the Kosh for Vocational training in engineering colleges, IIIT, NIT, IIM, IIT, polytechnic institutes, nursing and degree colleges, etc. The state government will play the role of a guardian for the children living in old age homes and shelter homes, destitute women and children said the Chief Minister, adding that an apparel allowance of Rs. 10 thousand per person per year would be given to these inmates, besides Rs. 500 as festival allowance so that they could also celebrate the festivals, like others, he said. The Government has decided to open Rajiv Gandhi Model Day-Boarding Schools in each assembly constituency in a phased manner for providing education to poor children. Stressing the employment generation, the Chief Minister said that job-oriented education was the need of the hour so the Government has decided to introduce Technical courses, such as Robotics, Block Chain Technology, Cyber Security, Cloud Computing, Data Science, Artificial Intelligence, and Machine Learning in the curriculum of ITI, Polytechnic, and Engineering Colleges. Besides, the Government intends to boost the tourism sector in order to provide employment opportunities to the local people on a large scale and the tourism projects will be linked with the start-up scheme for the youth. We are also trying to promote investment in the private sector and the government will bring a new investment policy to ease business. The Chief Minister said that the government has set a target to harness hydropower, hydrogen, and solar energy in order to preserve the state's environment and to make Himachal Pradesh the country's first green energy state by the year 2025. Apart from this, the impetus would be given to Agriculture and allied sectors. He said that robotic surgery will be available in IGMC, Tanda, and Hamirpur Medical College, soon. He also honored the wards of freedom fighters and army personnel, especially the abled during the function. Specially abled and other children also presented a colorful cultural program. The Chief Minister also distributed prizes to the participants of the cultural program and lauded their efforts. Later, the Chief Minister also launched the calendar of JICA. Deputy Chief Minister, Mukesh Agnihotri, Agriculture Minister, Chander Kumar, Industries Minister, Harshwardhan Chauhan, Education Minister, Rohit Thakur, Rural Development and Panchayati Raj Minister, Anirudh Singh, Chairman, Tourism Development Corporation, Raghubir Singh Bali, Chief Parliamentary Secretary, Sunder Singh Thakur, Mohan Lal Brakta, Choudhary Ram Kumar, Kishori Lal, MLAs, Political Advisor to CM Sunil Sharma, Principal Advisor (Media) to the CMNaresh Chauhan, Principal Advisor (IT & Innovation) to the Chief Minister, Gokul Butail, former MLAs, Chief Secretary, Prabodh Saxena, DGP, Sanjay Kundu and Senior Civil and Police officers were also present amongst others.
कांगड़ा जिला के डीएवी भडोली में राष्ट्रीय मतदान दिवस तथा राज्यत्व दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के अध्यापकों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार राणा की अध्यक्षता में की गई। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय मतदान दिवस देश में हर वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी, इसलिए वर्ष 2011 में इसे राष्ट्रीय मतदान दिवस घोषित किया गया। उन्होंने राज्य दिवस की मुबारकबाद देते हुए कहा कि आज आजाद भारत का हिमाचल 18वां राज्य है। जिसे पूर्ण राजत्व का दर्जा 25 जनवरी,1971 को मिला था। इस विशेष अवसर पर अध्यापकों व बच्चों ने अपने विचार रखें। वहीं कक्षा छठी और सातवीं के बच्चों ने एक लघु नाटिका के माध्यम से वोट के महत्व के बारे में सभी को जागरूक किया। कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों ने हिमाचल संस्कृति का अवलोकन लोक नृत्य से करवा कर सबको नृत्य करने के लिए मजबूर कर दिया और प्रधानाचार्य ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शाबाशी दी। अंत मे सभी को पूर्ण राज्यस्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी।
कांगड़ा जिले में 13वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस एक उत्सव की तरह मनाया गया। इस उपलक्ष्य पर धर्मशाला में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बीएड कॉलेज सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिलादंडाधिकारी रोहित राठौर ने की। एसडीएम धर्मशाला शिल्पी बेक्टा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। रोहित राठौर ने वोट को लोकतंत्र की ताकत बताते हुए मतदान के महत्व और सहभागिता पर बल दिया। उन्होंने 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवाओं से अपना वोट बनवाने का आह्वान किया। इसके अलावा सभी मतदाताओं को देश के लोकतंत्र की मजबूती के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में पूरी भागीदारी निभाने और मताधिकार का उपयोग करने को कहा। उन्होंने बताया कि भारत के नागरिकों की लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रणाली में भागीदारी बढ़ाने के प्रयत्न के रूप में भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। सभी मतदाताओं की भागीदारी तथा लोकतान्त्रिक मूल्यों को सुनिश्चित करने के लिए इस बार दिवस की थीम “वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम“ रखी गई है। राठौर ने सभी मौजूदा और भावी मतदाताओं से भारत निर्वाचन आयोग की इस मुहिम में अपना योगदान देने और लोकतन्त्र की मजबूती में भागीदार बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में गीत संगीत, एकांकी, नाटकों के मंचन इत्यादि कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और मतदान में सहभागिता को लेकर जागरूक किया गया। अतिरिक्त जिलादंडाधिकारी ने इस मौके मौजूद लोगों को मतदान को लेकर शपथ दिलाई। इससे पहले उन्होंने उपायुक्त कार्यालय परिसर में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर शपथ दिलाई।
भारत एक प्राचीन लोकतांत्रिक देश के रूप में जाना जाता है, जहां संसदीय प्रणाली को अपनाया गया है। यह बात आज यहां राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त सोलन ज़फ़र इकबाल ने कही। ज़फ़र इकबाल ने मतदाताओं को लोकतांत्रित परम्पराओं की मर्यादा बनाए रखने तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में मतदान की अहम भूमिका होती है तथा हर मतदाता को राष्ट्र विकास में भागीदारी के लिए अपने मत का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने मतदान के अधिकार के प्रति अधिक से अधिक जागरूक रहते हुए आम जनता को भी मतदान के लिए प्रेरित करना चाहिए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला में युवा एवं भावी मतदाताओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए प्रेरित करना सभी का कर्तव्य है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे मत पत्र बनाने एवं मतदान करने के लिए सभी को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र के विकास की सीढ़ी हैं तथा युवाओं को लोकतंत्र में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। युवा मतदाता सभी उम्मीदवारों के चयन के माध्यम से मजबूत, स्वस्थ, ईमानदार तथा पारदर्शी राष्ट्र की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। सभी को पूर्ण राज्यत्व दिवस की बधाई देते हुए आशा जताई कि हिमाचल आने वाले समय में विकास के सभी क्षेत्रों में देश को राह दिखाएगा। इस अवसर पर 12 नए पंजीकृत मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र प्रदान किए, जिन्हें अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने बेहतरीन कार्य करने वाले बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार का संदेश तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रमोचित गीत ‘मैं भारत हूं’ को वर्चुअल माध्यम से दिखाया गया। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी सोलन विवेक शर्मा, एच.ए.एस परिवीक्षाधीन अमन, तहसीलदार निर्वाचन राजेश तोमर, नायब तहसीलदार दीवान सिंह, अधीक्षक राजेश शर्मा सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर अपने शानदार कार्यों के लिए कांगड़ा जिले का डंका बजा है। कांगड़ा के जिलाधीश एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. निपुण जिंदल को हिमाचल विधानसभा निर्वाचन 2022 में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभिनव पहल और बेहतरीन उपयोग के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। डॉ निपुण जिंदल ने भारत चुनाव आयोग द्वारा 13वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर 25 जनवरी को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। जिलाधीश को कांगड़ा जिले में चुनाव व्यय निगरानी के डिजिटलीकरण के लिए एप्लिकेशन ई-कैच विकसित करने और उसका बेहतरीन उपयोग तय बनाने के लिए यह सम्मान दिया गया है। इस पहल की नवीनता और दक्षता के कारण इसे आईटी क्षेत्र में पूरे भारत में सर्वश्रेष्ठ चुनावी पहल घोषित किया गया है। डॉ. निपुण जिंदल ने कांगड़ा जिले की समस्त जनता और चुनाव प्रक्रिया में सहयोगी रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए बधाई दी है। बता दें, कांगड़ा जिले में चुनावों के बेहतर प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए ई-कैच ऐप (कांगड़ा एप्लीकेशन फॉर ट्रैकिंग चुनाव) तैयार की थी। चुनाव व्यय निगरानी के लिए ऐप विकसित करने का यह आइडिया डीसी डॉ. निपुण जिंदल का था। डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि यह ऐप फील्ड में तैनात विभिन्न निगरानी दलों के कामकाज को आसान और अधिक प्रभावी बनाने में कारगर रही। ई-कैच ऐप के माध्यम से व्यय निगरानी से जुड़ी सभी टीमों को प्रतिदिन की रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने की सुविधा मिली, इससे पहले व्यय निगरानी टीमों को रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में स्वयं जाकर जमा करवानी पड़ती थीं। ई-कैच ऐप के माध्यम से व्यय निगरानी दलों को मौके से ही वाहनों की चेकिंग इत्यादि की डिटेल और जब्त सामान की रिपोर्ट प्रेषित करने की सुविधा हुई। वहीं इस ऐप के माध्यम से व्यय निगरानी टीमों द्वारा किए गए कार्य की प्रगति के आकलन में आसानी रही।
भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यसमिति की बैठक बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित भाजपा के कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। बैठक की अध्यक्षता पार्टी जिला अध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा ने की। जबकि प्रदेश कार्यकारिणी के महासचिव एवं बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती समेत अन्य बड़े नेता भी मौजूद रहे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा की पहली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 4 और 5 फरवरी को ऊना में जिला भाजपा के कार्यालय में आयोजित की जाएगी। ऊना में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की तैयारियों को लेकर बुधवार को भाजपा कार्यालय में जिला भाजपा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश कार्यसमिति बैठक के सफल आयोजन के लिए जिला भाजपा के पदाधिकारियों को जिम्मेवारियां सौंपी। ऊना में होने वाली इस प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के साथ साथ संगठन की मजबूती को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा ने कहा कि हाल ही में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक का आयोजन किया गया था उसी बैठक के बाद तमाम प्रदेशों में कार्यसमिति बैठकें आयोजित होने वाली है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में तय किए गए क्रियाकलापों और आगामी कार्यक्रमों की चर्चा प्रदेश कार्यसमिति में होगी और इसके साथ सार्थक वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत करने के लिए भी दिग्गज नेताओं द्वारा कार्यकर्ताओं को मूल मंत्र दिए जाएंगे। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेश ठाकुर पूर्व विधायक बलबीर चौधरी भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रशासन रामकुमार पार्टी , प्रदेश सह मीडिया प्रभारी सुमित शर्मा ,जिला प्रभारी विनोद ठाकुर ,राज कुमार पठानिया और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के पूर्णकालिक संजीव ठाकुर के सभी मोर्चे और प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष महामंत्री एवं सभी मंडलों के अध्यक्ष और महामंत्री समेत अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















































