वार्षिक बजट 2023-24 के लिए विधायक प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए विधायकों के साथ दो दिवसीय बैठकों का आयोजन 30 और 31 जनवरी, 2023 को हिमाचल प्रदेश सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 30 और 31 जनवरी, 2023 को वार्षिक बजट 2023-24 के लिए विधायक प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए विधायकों के साथ दो दिवसीय बैठकों का आयोजन हिमाचल प्रदेश सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में किया जाएगा। 30 जनवरी सुबह 10:30 बजे से 1:30 बजे तक चंबा, शिमला और लाहौल-स्पीति और अपराह्न 2:00 बजे से 5:00 बजे तक ऊना, हमीरपुर, कुल्लू और सिरमौर जिले के विधायकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। 31 जनवरी को सुबह 10:30 बजे से 1:30 बजे तक कांगड़ा व किन्नौर जिलों तथा अपराह्न 2:00 से 5:00 बजे तक सोलन, बिलासपुर तथा मंडी के विधायकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में वार्षिक बजट 2023-24 की विधायक प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठकों में विधायकों से वर्ष 2023-24 के लिए मितव्ययिता उपायों, वित्तीय संसाधन जुटाने एवं बेहतर प्रशासन के संदर्भ में प्राप्त सुझावों पर भी चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज दुनिया के सबसे लंबे जलमार्ग पर चलने वाले गंगा विलास क्रूज यात्रा को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री ने इस लग्जरी क्रूज को वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना किया । 51 दिनों तक एडवेंचरस सफर पर निकलने वाला यह क्रूज 15 दिनों तक बांग्लादेश से गुजरेगा। इसके बाद असम के बह्मपुत्र नदी से डिब्रूगढ़ तक जाएगा। पीएम ने कहा कि हमने अर्थ गंगा का अभियान चलाने के साथ गंगा की सफाई पर फोकस किया है। गंगा विलास क्रूज अर्थ गंगा के अभियान को नई ताकत देगा। ये क्रूज 25 अलग-अलग नदियों की धाराओं से होकर गुजरेगा। जो लोग भारत के अलग-अलग खान पान का अनुभव लेना चाहते हैं, उनके लिए ये क्रूज यात्रा रोमांचकारी होगी। पीएम ने कहा जो लोग पहले ऐसे अनुभवों के लिए विदेश जाते थे अब वो भारत में ही इसका आनंद ले पाएंगे। देश के हर नदी मार्ग पर हम ऐसी व्यवस्थाएं कर रहे हैं। छोटी नदियों पर भी हम छोटे क्रूज की व्यवस्था कर रहे हैं। देश में क्रूज टूरिज्म को हम बढ़ावा दे रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट ली है। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति, अटल टनल, रोहतांग दर्रे समेत शिमला, कुफरी, पांगी, मशोबरा में ताज़ा हिमपात हुआ है। काँगड़ा जिला के धोलधार की पहाड़ियों पर भी हल्का हिमपात हुआ। बर्फबारी की वजह से पर्यटक वाहनों को सोलंगनाला बैरियर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुबह 10 बजे से 3 बजे तक ही सिर्फ 4x4 व्हील गाडी ही अटल टनल के नार्थ पोर्टल तक ही जा सकेंगी। दोपहर 2:30 बजे के बाद जैसे ही लाहौल-स्पीति में बर्फबारी का दौर शुरू हुआ तो पर्यटक मनाली लौट आए। वहीं ताजा बर्फबारी से प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे समेत 200 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। 487 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट छा गया है। लाहौल के कोकसर में 10 सेंमी, अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल में 8 सेंमी, सिस्सू में 8 सेंमी, रोहतांग में 30 सेंमी, गोंधला में 12 सेंमी, साउथ पोर्टल में 25 सेंमी और दारचा में 12 सेंटीमीटर हुई। बर्फबारी से लाहौल की सभी सड़कें बंद हो गई है। अटल टनल से भी यातायात बंद कर दिया गया है। बता दें कि मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य में 11 से 13 जनवरी तक अधिकतर भागों में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान निचले व मैदानी भागों में बारिश, जबकि मध्य व उच्च पर्वतीय भागों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। 12 जनवरी को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले के लिए भारी बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय लोगों व पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी व दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। स्थानीय लोगों व पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी व दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
प्रदेश में बीते कल से कई क्षेत्रों में बारिश बर्फबारी का दौर जारी है। सोलन जिला में भी करीब दो माह बाद गुरुवार रात को बारिश हुई। बीती रात हुई बारिश के बाद जिला में ठंड बढ़ गई है। जिला का सुबह का तापमान 3 से 5 डिग्री के बीच चल रहा है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बारिश फसलों के लिए बड़ी लाभदायक है। हालांकि लंबे सूखे को तोड़ने के लिए यह बारिश काफी नहीं है। आज रात को फिर बारिश होने की संभावना है। गौरतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 8 जनवरी को हल्की बारिश होने का अनुमान था, लेकिन बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी, मगर देर रात हल्की बारिश हुई और सुबह करीब 5 बजे फिर कुछ देर के लिए बारिश हुई जिससे सूखा खत्म हो गया। जमीन में नमी होने पर किसान बची हुई भूमि पर रबी की फसल की बुआई कर पाएंगे।
उत्तराखंड के जोशीमठ में जो हो रहा है वह किसी त्रासदी से कम नहीं है। सैकड़ों मकानों में दरारें आ रही हैं। वहां की जमीन धंसने लगी हैं। आलम ये है कि अब जोशीमठ के लोग गांवों से पलायन को मजबूर हो गए हैं। सैकड़ों परिवारों को वहां से कहीं और शिफ्ट किया जा रहा है। बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे कुछ प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के प्रवेश द्वार जोशीमठ के सैकड़ों घरों में दरारें आ गई हैं। जोशीमठ शहर पर जमीन में समाने का खतरा हर घंटे के साथ बढ़ता जा रहा है। इस पूरे क्षेत्र को 'सिंकिंग ज़ोन' करार दिया गया है। ऐसे में सभी के जहन में एक ही सवाल उठा रहा है कि आखिर जोशीमठ में ऐसा हो क्यों रहा है ? ‘गेटवे ऑफ हिमालय’ के नाम से मशहूर जोशीमठ को ज्योतिर्मठ के नाम से भी जाना जाता है। यह 6150 फीट (1875 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है जो बद्रीनाथ जैसे तीर्थ केंद्रों का प्रवेश द्वार भी है। यह आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार प्रमुख पीठों में से एक है। हेमकुंड साहिब, औली, फूलों की घाटी आदि स्थानों पर जाने के लिए यात्रियों को इसी जोशीमठ से होकर गुजरना पड़ता है। 1970-71 की बाढ़ के बाद जोशीमठ में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी। तब उत्तराखंड अलग राज्य नहीं था, बल्कि ये यूपी का ही हिस्सा हुआ करता था। उस समय तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने एक कमेटी गठित की थी। बताया जाता है कि गढ़वाल के कमिश्नर महेश चंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में भूगर्भीय अध्ययन के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने अध्ययन में पाया कि जोशीमठ ग्लेशियर द्वारा लाई गई मिट्टी पर बसा है। लिहाजा ये बहुत अधिक मजबूत चट्टान नहीं है। ये भूस्खलन वाला क्षेत्र ही है। उस वक्त ये कहा गया था कि यदि जोशीमठ को स्थाई रखना है, तो जोशीमठ में चट्टानों के साथ छेड़छाड़ न की जाए और जोशीमठ में भारी निर्माण कार्य न किए जाएं। साथ ही, भूस्खलन की घटनाओं को रोकने के लिए ढलानों पर पौधरोपण किया जाएं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। नतीज़न आज जोशीमठ जमींदोज़ होने की कगार पर है। विशेषज्ञों के अनुसार उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने का मुख्य कारण एनटीपीसी की तपोवन विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक बेहद ही गंभीर चेतावनी है, ऐसे में पुरानी स्थिति को फिर से बहाल कर पाना भी मुश्किल होगा। बिना किसी योजना के बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास हिमालयी पारिस्थिति की तंत्र को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति और भी कमजोर बना रहा है। बताया जाता है कि जोशीमठ में जमीन धंसने की शुरुआत 90 के दशक में हुई थी जब जोशीमठ के निचले इलाके में जयप्रकाश कंपनी ने काम शुरू किया। उस समय एक सड़क का निर्माण किया गया था। 90 के दशक में इसी निर्माण कार्य के बाद से समस्याएं शुरू हुई। इसके बाद एनटीपीसी की जल विद्युत परियोजना शुरू हुई। तपोवन विष्णुगढ़ परियोजना भी शुरू हुई। 2010 में जब सुरंग में एक मशीन फंस गई तब उस सुरंग से 600 लीटर पानी प्रति सेकंड निकलने लगा, जिसके बाद पर्यावरण वैज्ञानिकों ने कहा कि जोशीमठ में इस सुरंग से असर पड़ रहा है। हालांकि एनटीपीसी के एक बयान के अनुसार 'एनटीपीसी द्वारा बनाए गए सुरंग जोशीमठ शहर के नीचे से नहीं गुजरती है। यह टनल एक टनल बोरिंग मशीन द्वारा खोदी गई है। वर्तमान में कोई धमाका भी नहीं किया जा रहा है। सुरंग नदी के पानी को संयंत्र की टरबाइन तक ले जाने के लिए है। ड्रेनेज व सीवेज व्यवस्था भी जमीन धंसने का कारण पिछले साल 16 से 19 अगस्त के बीच राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक टीम ने जोशीमठ का सर्वेक्षण किया था। शोध के बाद उन्होंने नवंबर माह में 28 पृष्ठों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसमें उन्होंने माना था कि जोशीमठ के नीचे अलकनंदा में कटाव के साथ ही सीवेज और ड्रेनेज की व्यवस्था न होने से पानी जमीन में समा रहा है। इससे जमीन धंस रही है। अनियंत्रित निर्माण कार्यों का बोझ जून 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था, जिसने अप्रैल 2014 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में मेन सेंट्रल थ्रस्ट (एमसीटी) से ऊपर के क्षेत्रों को बांध परियोजनाओं से मुक्त रखने, पहाड़ों में वन-कटान, सुरंग निर्माण आदि के मद्देनजर क्षेत्र में हाइड्रो-जियोलॉजिकल प्रभावों का अध्ययन करने की सिफारिश की गई थी। उस दौरान एनजीटी, हाईकोर्ट और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) सभी ने बेतरतीब विकास गतिविधियों को ‘रेसिपी फॉर डिसास्टर’ घोषित किया था। इसके बाद वर्ष 2014 में उत्तराखंड सरकार ने अपना ‘क्लामेट चेंज एक्शन प्लान’ जारी किया। इसमें धारण क्षमता के आधार पर ही पर्यटन, तीर्थाटन की नियमावली जारी की गई। अलकनंदा नदी में हो रहा भू-कटाव पिछले साल विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में यह तथ्य भी सामने आया था कि जोशीमठ शहर के नीचे अलकनंदा नदी से हो रहा कटाव भी खतरनाक साबित हो सकता है। इस वजह से भू धंसाव हो सकता है। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी की भूस्खलन वैज्ञानिक डॉ. स्वप्नामिता चौधरी भी वर्ष 2006 में अपने शोध में इस बात को स्वीकार कर चुकी हैं। तपोवन विष्णुगाड परियोजना भी हो सकता है कारण पिछले साल जुलाई में शोध करने वाले प्रो. एसपी सत्ती का कहना है कि 24 दिसंबर 2009 में हेलंग की तरफ से लगभग तीन किमी की दूरी पर इस सुरंग में टनल बोरिंग मशीन फंस गई थी। उसके कारण सेलंग गांव से तीन किमी ऊपर पानी के भूमिगत स्रोत को उसने छेड़ दिया। इसके बाद लगभग एक माह तक वहां पानी रिसता रहा। उन्होंने आशंका जताई कि यह पानी भी जोशीमठ के धंसने की वजह हो सकता है। इसके अलावा तपोवन में पिछले साल जो त्रासदी आई थी, उसके बाद सुरंग में पानी घुस गया था। संभव है कि यह पानी अब नए स्रोत के जरिए बाहर आ रहा है। इस गांव से हुई जमीन धंसने की शुरुआत जोशीमठ से करीब 8 किमी. ऊपर जाने पर 7000 फुट की ऊंचाई पर सुनील नाम का गांव है। सबसे पहले इसी गांव में जमीन धंसने की शुरुआत हुई थी। जोशीमठ की घटनाओं से महीनों पहले यहां के घरों की दीवारों में दरारें दिखना शुरू हो गई थीं। पिछले कई दिनों में ये दरारें इतनी बड़ी हो गई कि अब घर के घर टूट रहे है। पहाड़ की ढलान पर बसा यह गांव खत्म होने के कगार पर है। यहां रहने वाले कुछ परिवारों को शिफ्ट कर दिया गया है। जोशीमठ में जमीन धंसने की घटनाओं के चलते अब तक लगभग 723 घरों में दरारें पड़ चुकी हैं। 131 परिवारों को अस्थायी रूप से विस्थापित किया जा चुका है। इनमे से 10 परिवार ऐसे है जिनके आशियाने पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं । मैन्युअल रूप से धराशाई किया जाएगा जोशीमठ में जिन घरों में दरारें आ चुकी हैं और जो रेड जोन में आ गए हैं, उन्हें जल्द ही गिराने का कार्य शुरू किया जायेगा। स्थानीय लोगों और होटल मालिकों की तरफ से सरकार की इस कार्रवाई का लगातार विरोध किया गया है। होटल संचालकों की तरफ से मुआवजे की मांग सरकार से की जा रही है। दरअसल ‘माउंट व्यू' और ‘मालारी इन' नाम के होटलों को गिराने का फैसला किया गया था। इन दोनों ही होटलों में बड़ी दरार आ गयीं थी और दोनों एक-दूसरे की ओर झुक गये थे। इससे आसपास की इमारतों को खतरा पैदा हो गया था। विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने फैसला किया है कि किसी भी इमारत को गिराने के लिए बुलडोजर जैसी किसी भी हैवी मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जिससे जमीन के हिलने या झटके आने का खतरा हो। इमारतों-घरों को तोड़ने के लिए हथौड़े, ड्रिलर्स और अन्य सामान उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। ये है वर्तमान स्थिति - बीआरओ ने हेलंग बाईपास का काम रोका - एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट का काम रुका - जोशीमठ-औली रोपवे सेवा बंद - रोपवे के टावर नंबर 1 पर जमीन धंसी - दो हजार प्री-फैब्रिकेटेड मकान बनाने की तैयारी - एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम अलर्ट प्री-फैब्रिकेटेड भवन तैयार करने के आदेश भू-धंसाव की समस्या के समाधान के लिए जोशीमठ का जियो टेक्निकल और जियो फिजिकल अध्ययन कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में घरों में दरारें नहीं हैं वहां भवन निर्माण के लिए गाइडलाइंस जारी की गयी है। इस क्षेत्र का हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन भी कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने के लिए एनटीपीसी और हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) को 2000 प्री-फैब्रिकेटेड भवन तैयार करने के आदेश दिए हैं। 1.5 लाख की अंतरिम सहायता जोशीमठ में प्रभावित परिवारों को तात्कालिक तौर पर ₹1.5 लाख की धनराशि अंतरिम सहायता के रूप में दी जा रही है। उत्तराखंड सरकार का कहना है कि भू-धंसाव से जो स्थानीय लोग प्रभावित हुए हैं उनको मार्केट रेट पर मुआवजा दिया जाएगा। लोगों को पुनर्वास के लिए 45 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के करीबियों में गिने जाने वाले घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश धर्माणी मंत्रिमंडल विस्तार के पहले चरण में मंत्री नहीं बन पाए हैं। चुनाव परिणामों के बाद से धर्माणी लगातार मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ थे। समर्थकों को उम्मीद थी कि बिलासपुर जिले से जीत कर आए एक मात्र कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। मगर अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। कहा तो ये भी गया कि धर्माणी से पूछा जा चुका था कि उन्हें कौन सा विभाग चाहिए, लेकिन अंतिम सूची से उनका नाम काट दिया गया। मंत्री पद न मिलने से धर्माणी के समर्थक खूब आहत हुए है। मंत्री न बनाने पर उनके एक समर्थक ने तो रोष प्रकट करते हुए मुंडन भी करवा लिया। सोशल मीडिया पर भी बिलासपुर जिले को मंत्री पद की खूब मांग हो रही है। अब धर्माणी को मंत्री पद मिलता है या नहीं ये तो वक्त ही बताएगा, बहरहाल इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि धर्माणी मंत्री पद के प्रबल दावेदार है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी इस मर्तबा भाजपा सरकार के मंत्री राजेंद्र गर्ग को हराकर विधानसभा पहुंचे है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिला बिलासपुर के घुमारवीं से तीसरी बार विधायक बने राजेश धर्माणी की हाईकमान और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी नजदीकियां हैं। उनकी जुझारू छवि को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कई जिम्मेदारियां भी सौंपी। बिलासपुर जिले से कांग्रेस का सिर्फ एक विधायक जीत कर आया है और वो राजेश धर्माणी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने मंत्रीमंडल में जिन प्रोफेशनल्स को शामिल करने की बात कही थी उनमे से एक राजेश धर्माणी भी हो सकते है। धर्माणी ने एनआईटी हमीरपुर से बीटेक सिविल और फिर एमबीए की पढ़ाई की है। 1990 में राजेश धर्माणी ने राजनीति में एंट्री की और इसके बाद वो प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव, जिला कांग्रेस के अध्यक्ष के पद पर रहे। धर्माणी कांग्रेस चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष भी रहे हैं। धर्माणी ने 2007 में घुमारवीं विधानसभा सीट से अपना पहला चुनाव लड़ा था और तब भाजपा के कर्मदेव को 1931 वोटों से हराया था। फिर 2012 में राजेश धर्माणी ने भाजपा के राजेंद्र गर्ग को 3,208 वोट से हराया। उस समय सरकार ने उन्हें मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त किया, लेकिन 2017 के चुनाव में धर्माणी को 10,435 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस बार धर्माणी पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग को हराने में कामयाब रहे। धर्माणी कांग्रेस के ईमानदार नेताओं में से एक है और अपनी स्वच्छ छवि के लिए जाने जाते है। इसके बावजूद उन्हें मंत्री पद नहीं मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। माना जा रहा है कि शिमला संसदीय सीट को अधिक तवज्जो देने के चक्कर में धर्माणी का पत्ता कटा है। धर्माणी के समर्थक तो ये तक कह रहे है कि सीएम सुक्खू पर भरोसे की वजह से धर्माणी ने अपने हक़ की लड़ाई नहीं लड़ी। अब कैबिनेट के अगले विस्तार में धर्माणी मंत्री बनते है या नहीं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई है।
हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच बुधवार को अटल टनल रोहतांग, लाहौल - स्पीति और पांगी में ताजा बर्फबारी हुई है I नारकंडा और कुफरी में बर्फ के फाहे गिरे है। राजधानी शिमला सहित कई क्षेत्रों में दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश में बुधवार को 145 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। लाहौल-स्पीति में ही 139 सड़कें बंद हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने वीरवार और शुक्रवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश व बर्फ़बारी का पूर्वानुमान जताया है। 14 जनवरी से मौसम साफ रहने के आसार हैं। केलांग में न्यूनतम तापमान के साथ अधिकतम तापमान भी माइनस में पहुंच गया है। मनाली-केलांग मार्ग पर वाहन आवाजाही पर रोक लगा दी है। केलांग में न्यूनतम तापमान के साथ अधिकतम तापमान भी माइनस में पहुंच गया है। बुधवार सुबह मनाली के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि मनाली सहित निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई। लोगों को अटल टनल, हामटा और जलोड़ी दर्रा की ओर न जाने की हिदायत दी गई है। बुधवार को केलांग में अधिकतम तापमान -1.7, सोलन में 5.8 , कुकुमसेरी में 0.9, कल्पा में 4.1,मनाली में 8.2, बिलासपुर में 7.0 , डलहौजी में 9.8, ऊना में 12.6, शिमला में 12.9 और धर्मशाला में 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिला में बर्फबारी से हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मनाली स्थित रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने अलर्ट जारी किया है। डीजीआरई ने हिमाचल से लेकर कुपवाड़ा व कारगिल के हिमालय इलाकों के सात जगहों पर हिमखंड गिरने की आशंका जताई है। अगले 24 घंटों में चंबा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल और स्पीति, गांदरबल, कुपवाड़ा, कारगिल में 2500 मीटर से ऊपर हिमस्खलन की आशंका है। सहायक उपायुक्त कुल्लू शशिपाल नेगी ने कहा कि डीजीआरई मनाली ने पर्वतीय क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली समेत उत्तर भारत के कुछ राज्यों में ठंड से राहत मिलने की अभी कोई भी संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में तापमान -4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक रहने वाला है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार 14 से 19 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, नई दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश सप्ताह के दौरान भीषण शीतलहर की चपेट में रहेंगे।
Maruti Suzuki Jimny has finally been unveiled in a 5-door version at the Auto Expo 2023. The off-roader has been spotted several times during its test runs and TVC shoots on Indian roads. To be manufactured locally at Maruti Suzuki’s Gujarat facility, it will wage war against Mahindra Thar and Force Gurkha in India. The company has sold more than 3.2 million units of the Jimny in global markets to date. The JIMNY is built on the 4 essentials of an off-road machine – Ladder Frame Chassis, Ample Body Angles, 3-link rigid axle suspension, and ALLGRIP PRO (4WD) with low-range transfer gear (4L mode). ALLGRIP PRO offers the extreme off-road ability to meet the driver’s spirit of adventure. With a body-on-frame design, the rugged Jimny gets squared body proportions for a strong body profile. It gets signature design elements such as the clamshell bonnet, vertical slits in the front grille, and iconic round headlamps from the legendary Suzuki JIMNY. This JIMNY will be available in 7 color options including 5 monotone shades and 2 dual-tone options. It features the globally renowned Kinetic Yellow shade originally developed to make it stand out in poor weather conditions. This JIMNY comes loaded with safety features such as 6 airbags, Brake (LSD) Limited Slip Differential, ESP with hill hold assist, hill decent control, rear-view camera, and ABS with EBD. The Jimny will be powered by the K-series 1.5-litre engine with Idle Start-Stop technology and is mated to specially tuned 5-speed Manual and 4-speed Automatic Transmission options.
Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu has mourned the sad demise of Amit Sharma (23) son of Vijay Kumar of village Talasi Khurd, tehsil and district Hamirpur and Havildar Amrik Singh (39) of village Mandwara of Dhanari tehsil of district Una, of 14 Dogra Regiment who were martyred in an accident in Machhil Sector of Kupwara district of Jammu and Kashmir. He has also mourned the demise of Naib Subedar Purshottam Kumar from village Majua Uttmi of Jammu who also sacrificed his life in this tragic incident. Chief Minister, while expressing his condolences to the bereaved family members assured to extend all the possible help to the grief-stricken family from the government and also prayed to the Almighty to grant peace to departed souls and strength to the family members to bear this irreparable loss. Deputy Chief Minister, Mukesh Agnihotri also expressed deep anguish over the demise of army Jawans and prayed almighty to give strength to the bereaved family members. In his condolence message, he said that the government always holds the serving and ex-servicemen in high esteem. We can never forget the sacrifices of the brave soldiers towards the Nation, he said. The vehicles in which these three brave-hearts were traveling skidded off the road during patrolling on a regular operation task in the forward area of the Machhil sector late at night on Tuesday.
कुपवाड़ा उत्तरी कश्मीर के माछील सेक्टर में एलओसी के पास एक ऑपरेशन टास्क के दौरान सेना के 3 जवान खाई में गिर गए। हादसे में 3 जवान शहीद हो गए हैं । तीनों जवानों के पार्थिव शरीर को खाई से निकाल लिया गया है । जानकारी के मुताबिक शहीद होने वाले तीनों जवानों में एक जेसीओ (जूनियर कमीशंड ऑफिस ) और दूसरा ओआर (अन्य रैंक ) शामिल है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह जवान खाई में गिरे हैं वह बर्फीला इलाका है। भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा है कि एक नियमित ऑपरेशन टास्क के दौरान एक जेसीओ और दो अन्य रैंक का एक दल ट्रैक पर बर्फ गिरने के बाद गहरी खाई में फिसल गया। तीनों जवानों के पार्थिव शरीर को निकाल लिया गया है। आगे की कार्यवाही की जा रही है। वहीं इस हादसे में मारे गए दो जवान हिमाचल के हमीरपुर और ऊना जिला से संबंध रखते हैं जबकि अन्य एक जवान जम्मू से संबंध रखते थे। हिमाचल प्रदेश के 2 जवानों की पहचान हवलदार अमरीक सिंह(39) निवासी ग्राम मंडवारा, मारवाड़ी, तहसील घनारी जिला ऊना और अमित शर्मा निवासी तलाशी खुर्द,कीरवी हमीरपुर के तौर पर हुई है । हमीरपुर के सिपाही अमित शर्मा 4 साल पहले ही फौज में भर्ती हुए थे। साल 2019 में उन्होंने सेना ज्वाइन की थी। वह अपने पीछे माता-पिता को छोड़ गए हैं । वही ऊना के हवलदार अमरीक सिंह साल 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। उनका 11 साल का एक बेटा है। वह अपने पीछे बेटे और पत्नी को छोड़ गए हैं। घटना के बाद से दोनों जवानों के घरों पर मातम छा गया है।
हिमाचल के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। लाहौल स्पीति जिले के लोसर में 2 इंच, रोहतांग टनल और कुंजुमपास, बारालाचा में 9 बजे तक 3 इंच ताजा हिमपात हुआ है। लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के पांगी, भरमौर के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो रही है। शिमला में भी मौसम ने करवट बदली है। सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक़ प्रदेश अगले 5 दिन मौसम खराब रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि किन्नौर, लाहौल स्पीति और कुल्लू जिले में अधिक ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में भारी हिमपात का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शिमला, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिले के ऊंचे वाले इलाकों में भी अगले 3 दिन बर्फबारी हो सकती है।
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है I तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे तक दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और पंजाब में घना कोहरा छाया रहेगा I पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है तो मैदानी राज्यों में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिसके चलते ठंड बहुत बड़ रही है I ठंड के साथ भीषण कोहरा भी पड़ रहा हैI सोमवार रात को भी कोहरे के चलते विजिबिलिटी काफी कम थी I वाहनों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में कड़ाके ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह दिल्ली में सुबह साढ़ें 5 बजे पारा 6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया I चंडीगढ़ में 9.8 डिग्री सेल्सियस, भोपाल 9.6 और पटना में तापमान 9.2 डिग्री रहा I उत्तर प्रदेश की बात करें तो झांसी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री रहा I
Snowfall has started in the higher altitude areas of Himachal. Losar in Lahaul Spiti district has received 2 inches of fresh snow, Rohtang Tunnel, Kunjumpas, and Baralacha have received 3 inches of fresh snow till 9 am. Light snowfall is received in higher altitude areas of Lahaul Spiti, Kinnaur, Kullu, and Chamba's Pangi, Bharmour. The weather has changed in Shimla as well. A fresh western disturbance has affected the western Himalayan region from the night of January 10, officials said. The Meteorological Centre, Shimla, has issued a warning for the possible disruption of essential services like water, electricity, communications, and related services.
हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। लाहौल स्पीति जिले के लोसर में 2 इंच, रोहतांग टनल, कुंजुमपास, बारालाचा में 9 बजे तक 3 इंच ताजा हिमपात हो चुका है। लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के पांगी, भरमौर के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो रही है। राजधानी शिमला में भी मौसम ने करवट बदल ली है सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से अगले 5 दिन मौसम खराब रहेगा। किन्नौर, लाहौल स्पीति और कुल्लू जिले में अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शिमला, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिले के ऊंचे इलाकों में भी अगले 3 दिन बर्फबारी हो सकती है। वहीं मौसम विभाग ने चंबा के तीसा और भटियात में 12 व 13 जनवरी को भारी हिमपात का अलर्ट जारी किया है और सिरमौर जिले में परसों भारी बर्फबारी हो सकती है।
राजधानी शिमला में फर्जी दस्तावेज दे कर नोकरी लेने का एक और मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिमला पोस्टल डिविजन के तहत देवनगर शाखा में एक व्यक्ति ने अपने फर्जी सर्टिफिकेट देकर नौकरी ले ली। आरोपी का नाम मनीष कुमार बताया जा रहा है I आरोपी सरकाघाट जिला मंडी का रहने वाला है। शिमला पोस्ट ऑफिस के सुपरिंटेडेंट विकास नेगी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शिमला पोस्टल डिविजन के तहत देवनगर शाखा में ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्ट मास्टर के चयन के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए थे। इस दौरान मनीष कुमार का चयन देवनगर शाखा में ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्ट मास्टर के पद पर हुआ था। उसने गत 9 सितंबर 2022 को अपने पद पर जॉइन किया था। शिकायतकर्ता विकास नेगी का कहना है कि उक्त व्यक्ति का मैट्रिक सर्टिफिकेट जांच के लिए निदेशक झारखंड अकेडमिक काउंसिल ज्ञानदीप कैंपस भेजा गया। वहां पर जांच के दौरान उसका सर्टिफिकेट फर्जी निकला। सुपरिंटेडेंट विकास नेगी की शिकायत पर पुलिस ने थाना सदर में मामला दर्ज किया है। पुलिस आज इस मामले का पूरा रिकॉर्ड कब्जे में लेगी। इसके बाद आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी I
021 में मंडी संसदीय उपचुनाव जीतने वाली कांग्रेस के लिए 2024 में प्रदर्शन दोहराना मुश्किल हो सकता है। प्रदेश की सत्ता में कांग्रेस की वापसी के बाद मंत्रिमंडल में मंडी संसदीय क्षेत्र को उचित तवज्जो मिलती नहीं दिखी है। हालांकि विधानसभा चुनाव में मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा था और पार्टी 17 में से सिर्फ 5 सीटें ही जीती पाई थी। जो पांच विधायक जीते उनमें से दो मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे, किन्नौर से जगत सिंह नेगी और कुल्लू से सुंदर सिंह। इनमें से जगत सिंह नेगी को तो मंत्री पद मिल गया लेकिन सुंदर ठाकुर को सीपीएस बनाकर एडजस्ट किया गया है। वहीं अगले कैबिनेट विस्तार में शेष तीन विधायकों में से किसी को भी मंत्री पद मिलेगा, ये मुश्किल लगता है। यानी ये लगभग तय है कि सुक्खू कैबिनेट में मंडी संसदीय क्षेत्र को सिर्फ एक ही मंत्री पद मिलेगा। गौरतलब है कि जयराम सरकार में मंडी संसदीय क्षेत्र से खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा दो मंत्री थे। मनाली से विधायक रहे गोविन्द सिंह ठाकुर और लाहुल स्पीति से विधायक डॉ राम लाल मारकंडा को मंत्री पद मिला था। वहीं करीब डेढ़ वर्ष तक मंडी सदर विधायक अनिल शर्मा भी मंत्री रहे थे। वहीं इससे पहले वीरभद्र सरकार में मंडी संसदीय क्षेत्र से पांच मंत्री थे। विधानसभा चुनाव में कमजोर था कांग्रेस का प्रदर्शन बीते विधानसभा चुनाव में मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा है। संसदीय क्षेत्र के अधीन जिला मंडी की 9 सीटें आती है और सभी पर कांग्रेस परास्त हुई। वहीँ कुल्लू की चार में से पार्टी को दो सीटें ही मिली। कुल्लू सदर सीट से सुंदर सिंह जीते और मनाली सीट से भुवनेश्वर गौड़। मंडी संसदीय क्षेत्र में आने वाली जिला चम्बा की इकलौती सीट भरमौर में भी कांग्रेस हार गई। हालांकि किन्नौर में कांग्रेस के जगत सिंह नेगी, लाहुल स्पीति में रवि ठाकुर और जिला शिमला की रामपुर सीट पर नंदलाल जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। अगले कैबिनेट विस्तार में भी संभावना नहीं ! अब तक सुक्खू कैबिनेट में मंडी संसदीय क्षेत्र की किन्नौर सीट से विधायक जगत सिंह नेगी को मंत्री बनाया गया है। जबकि कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह सीपीएस बने है। होली लॉज खेमे से रामपुर विधायक नंदलाल के लिए भी मंत्री पद की मांग थी लेकिन उन्हें मंत्री पद नहीं मिला। जिला शिमला को पहले ही तीन मंत्री पद मिल चुके है, ऐसे में उन्हें अगले विस्तार में भी मंत्री पद मिलने की कोई संभावना नहीं दिखती। वहीं जनजातीय जिला किन्नौर को भी मंत्री पद मिल चुका है, ऐसे में दूसरे जनजातीय जिला लाहुल स्पीति को मंत्री पद मिलना बेहद मुश्किल है। जिला कुल्लू को भी मंत्री पद मिलने की सम्भावना नहीं है। हालांकि शेष तीन विधायकों को बोर्ड -निगमों के नियुक्ति दी जा सकती है।
सुक्खू मंत्रिमंडल में सात मंत्रियों ने शपथ ले ली है लेकिन अब भी तीन मंत्री पद रिक्त है। मंत्री पद के प्रबल दावेदारों में शामिल सुधीर शर्मा और राजेश धर्माणी का नाम एक दिन पहले तक लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन सात नवनियुक्त मंत्रियों की लिस्ट में इन दोनों ही नेताओं के नाम पर मोहर नहीं लगी। लिहाजा दोनों ही नेताओं के समर्थकों में निराशा है। आलम ये है कि राजेश धर्माणी के एक समर्थक ने तो विरोध में अपने बाल तक मुंडवा लिए। इन दोनों के अलावा पहले मंत्रिमंडल विस्तार में एक और नेता के हाथ निराशा आई है, वो है सुंदर सिंह ठाकुर। मंत्री पद के चाहवान सुंदर सिंह ठाकुर को सीपीएस बनाकर सेट कर दिया गया। दरअसल माना जा रहा था कि मंडी संसदीय क्षेत्र से दो मंत्री पद दिए जा सकते है, एक नाम जगत सिंह नेगी का तय था और दूसरा नाम सुंदर ठाकुर का माना जा रहा था। किन्तु ऐसा हुआ नहीं। बहरहाल अब भी सुक्खू कैबिनेट के तीन स्थान रिक्त है और इन स्थानों के लिए सुधीर और राजेश धर्माणी के अलावा भी कई दावेदार है। इन तीन स्थानों को भरते वक्त कांग्रेस को क्षेत्रीय संतुलन के साथ -साथ जातिगत संतुलन का भी विशेष ख्याल रखना होगा। सीएम सहित अब तक नौ मंत्री शपथ ले चुके है। पहले जातिगत नजरिये से सुक्खू कैबिनेट पर निगाह डालते है। मुख्यमंत्री सहित कुल नौ मंत्रियों में से 6 राजपूत है, एक ब्राह्मण, एक एससी और एक ओबीसी। ऐसे में शेष तीन पदों पर मुमकिन है कि एससी और ब्राह्मण विधायकों को तवज्जो मिले। अब संसदीय क्षेत्रवार मौजूदा मंत्रिमंडल पर निगाह डाले तो शिमला संसदीय क्षेत्र को पांच, मंडी संसदीय क्षेत्र को एक और कांगड़ा संसदीय क्षेत्र को भी एक ही मंत्री पद मिला है। वहीँ मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों ही हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से आते है। जिला के हिसाब से देखे तो सबसे ज्यादा तीन मंत्री पद शिमला को मिले है, इसके अलावा सोलन, सिरमौर, कांगड़ा और किन्नौर को एक -एक मंत्री पद मिला है। मुख्यमंत्री हमीरपुर जिला से है, तो उप मुख्यमंत्री ऊना जिला से। चम्बा जिला को विधानसभा अध्यक्ष का पद मिला चुका है। अब तक सबसे बड़े जिला कांगड़ा को सिर्फ एक मंत्री पद मिला है और ऐसे में संभव है कि कांगड़ा को दो मंत्री पद और मिले। शेष एक मंत्री पद जिला बिलासपुर या जिला मंडी में से किसी एक को मिल सकता है। दिलचस्प बात ये है कि बिलासपुर और मंडी से कांग्रेस के सिर्फ एक -एक विधायक जीते है, मंडी की धर्मपुर सीट से चंद्रशेखर और बिलासपुर की घुमारवीं सीट से राजेश धर्माणी विधानसभा पहुंचे है। माहिर मान रहे है कि इन दोनों में से किसी एक को मंत्री पद मिल सकता है और दूसरे को कैबिनेट रैंक या विधानसभा उपाध्यक्ष बनाकर सेटल किया जा सकता है। रोचक बात ये है कि ये दोनों ही सीटें हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में आती है, यानी हमीरपुर संसदीय क्षेत्र को सीएम और डिप्टी सीएम के अतिरिक्त एक मंत्री और मिल सकता है। जानकार मान रहे है कि शेष दो मंत्री जिला कांगड़ा और कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के हिस्से जायेंगे। इनमें से एक मंत्री एससी कोटे से हो सकता है और दूसरा ब्राह्मण। जो एससी चेहरा चर्चा में है वो है जयसिंहपुर से दूसरी बार विधायक बने यादविंदर गोमा। दरअसल बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान चाहता है कि अधिक से अधिक एससी चेहरों को कैबिनेट में जगह मिले, ऐसे में संभव है कि गोमा कई वरिष्ठ नेताओं को पछाड़ कर मंत्री पद ले जाएं। वहीँ ब्राह्मण चेहरे की बात करें तो सुधीर शर्मा के अलावा ज्वालामुखी विधायक संजय रतन मजबूत दावेदार है। इनके अलावा रघुबीर बाली भी ब्राह्मण है। पहले मंत्रिमंडल विस्तार में सुधीर शर्मा की शपथ न होने के बाद माहिर मान रहे है कि संजय रतन का दावा भी अब मजबूत है।
देश की राजधानी दिल्ली में लगातार कोहरे का असर बढ़ रहा है I कोहरे से यातायात प्रभावित हो रहा है I एक तरफ सड़कों पर जहां गाड़ियां रेंग रही हैं तो वहीं ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी पड़ी है I दिल्ली, यूपी, बिहार, पंजाब, कोलकाता समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आने-जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस सहित दर्जनों ट्रेनें देर से चल रही हैंI कई शहरों में तो घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम है, जिससे रेल यातायात से लेकर फ्लाइट्स तक प्रभावित हैं I दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर आज 9 जनवरी की सुबह 9 बजे तक के अपडेट के मुताबिक करीब 25 उड़ानें लेट हैं I जबकि दिल्ली आने-जाने वाली उत्तर रेलवे की 29 ट्रेन पहले ही अपने निर्धारित समय से देर से चल रही हैंI दिल्ली और पंजाब से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में घना कोहरा देखने को मिल रहा है I मौसम विभाग (IMD) के अनुसार सुबह 5.30 बजे पंजाब के बठिंडा, यूपी के आगरा, बरेली और लखनऊ में जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई I वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कई इलाकों में भी जीरो विजिबिलिटी रही I इसके अलावा अमृतसर में विजिबिलिटी 25 मीटर रिकॉर्ड की गई है I
प्रदेश सरकार ने अधिसूचित प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि तुरंत जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निदेशक एवं विशेष सचिव राजस्व सुदेश मोक्टा ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के निकटस्थ सम्बन्धी को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इसमें से 25 हजार रुपये की सहायता राशि 24 घंटे के भीतर और शेष राशि भी चार दिन के भीतर जारी कर दी जाएगी। पूर्व में यह राशि जारी होने में अधिक समय लगता था। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों यदि वह आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर नहीं होते हैं, तो उन्हें न्यूनतम 5000 रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत सामाजिक दायित्वों के निर्वहन को सर्वोच्च अधिमान दिया है। प्रदेश सरकार ने अपने निर्णयों से साबित किया कि सरकार समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत की महान टेनिस खिलाड़ियों में शुमार सानिया मिर्जा ने अपने प्रोफेशनल टेनिस करियर से रिटायरमेंट लेने का फैसला कर लिया है। पूर्व डबल्स नंबर एक सानिया मिर्जा 19 फरवरी से शुरू होने वाले WTA 1000 इवेंट दुबई टेनिस चैंपियनशिप में आखरी बार खेलेंगी। आपको बता दे की सानिया पिछले कई महीनो से चोट से जूझ रही है, जिसके चलते उन्होंने पिछले 6 महीनो में किसी भी तरह के टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया है। उन्होंने पहले ही कह दिया था कि वह 2022 के आखिर में रिटायरमेंट का ऐलान कर देगी। भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्जा फरवरी में दुबई टेनिस चैंपियनशिप में अपना आखिरी मैच खेलेंगी, जो इसी साल 19 फरवरी से शुरू होगीI इस के बाद वह टेनिस के अलविदा कह देंगी I सानिया ने भारत के लिए 6 ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं I वहीं सानिया मिर्जा 2004 में अर्जुन अवॉर्ड, 2006 पद्म श्री अवॉर्ड ,2015 में राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड और 2016 में पद्म भूषण अवॉर्ड से भी सम्मानित हैं I
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दी का सितम जारी हैI दिल्ली में कुछ जगहों पर पारा 2 डिग्री से भी नीचे लुढ़क गया हैI लोगों को शनिवार को लगातार तीसरे दिन कोहरे और शीतल हवाओं के चलते भीषण ठण्ड का सामना करना पड़ा I देश की राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान शिमला, मसूरी, नैनीताल जैसे हिल स्टेशन से भी नीचे पहुंच चुका है। सफरदरजंग में आज यानी शनिवार को न्यूनतम तापमान 2.2°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि लोधी रोड पर 2.0°C और रिज में 1.5°C रिकॉर्ड किया गया है I ठंड, शीतलहर और कोहरा का ट्रिपल अटैक देखने को मिल रहा है I राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनवरी में जमाने वाली ठंड पड़ रही है। दिन के समय भी लोग ठंड से ठिठुर रहे है I दिल्ली में खराब मौसम के चलते कोहरे की वजह से रेल और विमान सेवाओं पर भी प्रभाव पड रहा है I
टीम इंडिया का श्री लंका के खिलाफ आज आखरी निर्णायक मैच है। यह मैच राजकोट में सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा। अब देखना रोचक होगा कि अगर ये मैच टीम इंडिया जीत गयी तो लगातार पिछले 4 सालों में यह उसकी 10वीं टी-20 सीरीज में जीत होगी। आपको बता दे कि इससे पहले हुए मैचो में भारत ने शानदार तरीके से विजय हासिल की है। इस दौरान टीम इंडिया अपने घर में एक भी टी20 सीरीज नहीं हारी है। भारतीय टीम को अपने घर में पिछली बार फरवरी 2019 में हार मिली थी। तब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टी20 सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप किया था। राजकोट मैदान की पिच रिपोर्ट यह बताती है कि पिच सपाट है और बल्लेबाजों की मददगार रहने की उम्मीद है। टॉस की भूमिका भी इस मैच में अहम होगी और दोनों कप्तान पहले गेंदबाजी करना पसंद करेंगे। राजकोट में खेले गए चार टी20 मैचों में पहले गेंदबाजी करने वाली टीम विजेता रही।
दिल्ली में मेयर पद का होने वाला चुनाव टल गया है I जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने सुबह दिल्ली नगर निगम मुख्यालय सिविक सेंटर में मनोनीत पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह शुरू होते ही पीठासीन अधिकारी के फैसले के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया और आसन के पास जाकर नारेबाजी करने लगे। ‘आप’ और भाजपा पार्षदों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस मारपीट में दोनों ओर के कुछ पार्षदों को चोटें भी लगी और महिला पार्षदों के साथ भी धक्का मुक्की की गयीI पुलिस ने बीच-बचाव किया, वहीं अब इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा और 'आप' के तमाम दिग्गज नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हंगामे के चलते आज दिन के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई हैI
भारतीय सेना में पहली बार महिला अधिकारियों को कर्नल बनाया जाएगा। इसके लिए 108 महिला अधिकारियों को कर्नल रैंक का प्रमोशन दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना में इंजीनियर्स, मिलिट्री इंटेलिजेंस, आर्मी एयर डिफेंस, आयुध और सेवा सहित शाखाओं में कमांड भूमिकाओं के लिए महिला अधिकारियों का चयन किया जाएगा I इसके लिए प्रक्रिया सोमवार 9 जनवरी से शुरू की जाएगी I यह कदम सियाचिन ग्लेशियर में एक महिला अधिकारी को तैनात किए जाने के तुरंत बाद उठाया गया है और अब लगभग सभी सेवाओं में ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को समान अवसर दिए जा रहे हैं I अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को पुरुषों के बराबर अवसर दिए जा रहे हैं I कर्नल रैंक में टेनेंट कमांड असाइनमेंट के लिए महिला अधिकारियों के चयन की प्रक्रिया प्रगति पर है I बता दें कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के लिए एक वर्ष में महिला कैडेटों के लिए 20 वैकेंसी निर्धारित की गई हैं I इसके अलावा, ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमियों इसके अलावा, ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमियों में एसएससी महिला अधिकारियों के लिए 80 वैकेंसी जारी की जाती हैं I सेना उड्डयन कोर की फ्लाइंग शाखा में महिला अधिकारियों की सीधी कमीशनिंग 2022 से शुरू हुई है I
न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 (NEP) में भारत की उच्च शिक्षा को ग्लोबल प्लेटफॉर्म में लाने की बात कही गई है। भारत में जल्द ही हायर एजुकेशन के लिए फॉरेन यूनिवर्सिटीज के कैंपस खुलेंगे। गुरुवार को मीडिया के साथ यूजीसी चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने इस ड्राफ्ट के खास बिंदु साँझा किए। फॉरेन यूनिवर्सिटीज को भारत में अपना कैंपस सेटल करने के लिए क्या नियम फॉलो करने होंगे, इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फॉरेन यूनिवर्सिटीज का सेटअप शुरू करने के लिए यूजीसी का अप्रूवल लेना होगा। इस अप्रूवल के लिए उन्हें यूजीसी के सभी तय नियमों पर खरा उतरना होगा। यहां विदेशी छात्र भी पढ़ाई कर सकेंगे।
टीम इंडिया के स्टार विक्केट किपर व बल्लेबाज ऋषभ पंत का 30 दिसंबर को रुड़की के पास कार एक्सीडेंट हुआ था। ऋषभ पंत को ठीक होने में काम से काम 5 से 6 महीने लगेंगे। वहीं आईपीएल सीज़न 2023 के अप्रैल में होगा। ऐसे में अब सबकी नज़र इस बात पर है कि इस बार दिल्ली कैपिटल्स का कप्तान कौन होगा। दिल्ली कैपिटल्स टीम के सामने ऋषभ पंत की जगह नया कप्तान चुनने की बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए टीम में दो प्लेयर ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर और भारतीय ओपनर पृथ्वी शॉ बड़े दावेदार है। इनके अलावा भी ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मिचेल मार्श और भारतीय स्टार मनीष पांडे भी रेस में बने हुए हैं। बीसीसीआई के मुताबिक ऋषभ पंत को काफी गंभीर चोटें लगी है, जिन्हे ठीक होने में कम से कम 3 से 6 महीने लग जाएंगे। ऐसे में ऋषभ पंत कबत क वापसी करेंगे, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है।
झारखंड के देवघर पुलिस ने 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साइबर अपराधियों से 14 अवैध मोबाइल फ़ोन और 15 सिम कार्ड बरामद किए है। जानकारी के मुताबिक अपराधी PM किसान योजना निधि में पैसा दिलाने के नाम पर तो कभी बिजली का बिल न भरने के नाम पर लोगो से ठगी करते थे। इसके अलावा गूगल सर्च इंजन में कस्टमर केयर का फर्जी हेल्पलाइन नंबर डालकर भी लोगों को शिकार बनाते थे। गौरतलब है कि देवघर पुलिस साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए अभियान चलती रहती है। उनके लिए यह एक बड़ी कामयाबी है। काफी दिनों से ठगी की शिकायतें मिलने के बाद से ही पुलिस इन ठगों की तलाश में जुटी हुई थी। फिलहाल, पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है, साथ ही यह जानने की कोशिश कर रही है कि अभी तक कितने लोगों को उन्होंने ठगी का शिकार बनाया है।
लाहौल स्पीति के केलोंग में बुधवार को -11 डिग्री तापमान जमाव बिंदु से भी नीचे हो गया। चंद्रभागा नदी सहित जल स्रोत जम चुके है, जिस कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगो का कहना है कि पिछले कई दिनों से कड़ाके की ठण्ड हो रही है। दूसरी ओर सड़क पर फिसलन भी बढ़ गई है। डीसी लाहौल-स्पीति ने भी इस बाबत एडवाइजरी जारी की है। गौरतलब है कि मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार को प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान जताया है। सात-आठ जनवरी को कई क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान है। वीरवार को प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का गुरुवार यानी आज से हरियाणा में दूसरा फेज शुरू हो रहा है। राहुल गांधी सबसे पहले पानीपत पहुंचें। वे शाम करीब 6 बजे उत्तर प्रदेश से यमुना के रास्ते सनौली खुर्द में कार से पहुंचेंगे। वहाँ खेतों में बने टेंट हाउस में रात्रि ठहराव होगा। इसके बाद 6 जनवरी सुबह 6 बजे राहुल पैदल पुराने सनौली रोड से यात्रा की शुरुआत करेंगे। यहां से पैदल चलते हुए राहुल गांधी छाजपुर, निंबरी, उग्राखेड़ी, सनौली रोड और बबैल नाके से होते हुए पुरानी सब्जी मंडी शिव चौक से होकर संजय चौक तक पैदल जाएंगे। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का पहला रात्रि पड़ाव सनौली खुर्द में होगा। यहां उनके रुकने की व्यवस्था करने के लिए सनौली खुर्द गांव के मेन अड्डे पर करीब चार एकड़ जमीन को खाली कर साफ-सफाई कराई गयी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जनवरी को होने वाली 'परीक्षा पर चर्चा' के आगामी 6वें संस्करण में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत करेंगेI यह कार्यक्रम तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम जीवन को 'उत्सव' के रूप में मनाने के लिए तनाव पर काबू पाने में मदद करता है I यह कार्यक्रम पिछले पांच वर्षों से शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है I बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2018 में पहली बार परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के तहत छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों के साथ संवाद किया था। इसके बाद से हर साल पीएम मोदी 'परीक्षा पे चर्चा' करते हैं। इस दौरान पीएम मोदी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ सीधे संवाद करते हैं। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार 'परीक्षा पर चर्चा' 2023 के लिए पंजीकरण वर्ष 2022 की तुलना में इस वर्ष दोगुने से अधिक हो गए हैं। लगभग 38.80 लाख प्रतिभागियों ने 'परीक्षा पर चर्चा' 2023 के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि परीक्षा पर चर्चा' 2022 के लिए लगभग 15.7 लाख लोगों ने ही पंजीकरण करवाया था।
पांच बार के विधयाक कुलदीप सिंह पठानिया को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का 16वां अध्यक्ष चुना गया है। हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा के शीत सत्र के दूसरे दिन सदन में कुलदीप सिंह पठानिया को विधानसभा अध्यक्ष बनाने के लिए तीन प्रस्ताव रखे गए थे। इस दौरान प्रोटेम स्पीकर चंद्र कुमार ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहला प्रस्ताव पेश किया कि कुलदीप सिंह पठानिया विधानसभा अध्यक्ष होंगे। इसका अनुमोदन नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा विधायक दल की ओर से किया जबकि दूसरा प्रस्ताव उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पेश किया और इसका अनुमोदन शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने किया। इसके बाद तीसरा प्रस्ताव सोलन के कांग्रेस विधायक धनीराम शांडिल ने पेश किया। जिसका अनुमोदन सुलाह के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने किया। प्रस्ताव पारित होने के बाद कुलदीप सिंह पठानिया को सीएम सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आसन पर बिठाया और दोनों ने नव निर्वाचित विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया को बधाई दी।
नीट पीजी स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कल यानी 6 जनवरी से शुरू हो रहा हैं। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट काउंसलिंग 2023 स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए आवेदन प्रक्रिया कल से शुरू की जाएगी। सभी उम्मीदवार 8 जनवरी तक इसके लिए फीस का भुगतान कर सकते हैं। उम्मीदवारों को इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर लॉगइन करना होगा I एमसीसी की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार,सभी उम्मीदवारों को 6 जनवरी से 8 जनवरी के बीच च्वाइस भरने की अनुमति होगी, जबकि NEET-PG च्वाइस लॉकिंग विंडो 8 जनवरी को शाम 5 बजे से रात 11:59 बजे तक उपलब्ध रहेगी। उम्मीदवारों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए 50,000 रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट का भुगतान करना होगा। बता दें कि एमसीसी ने 2,244 पीजी सीटों और 62 एमडीएस सीटों को भरने के लिए नीट पीजी स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड काउंसलिंग आयोजित कर रहा है, जो पिछले राउंड के बाद खाली रह गई थी। 10 जनवरी को जारी होगा रिजल्ट नीट पीजी काउंसलिंग 2023 स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड अलॉटमेंट रिजल्ट 10 जनवरी को जारी किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को 10 जनवरी से 14 जनवरी तक आवंटित कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। वहीं इस काउंसिलिंग प्रक्रिया से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
जनवरी के पहले हफ्ते में दिल्ली का तापमान 2.2 डिग्री पहुंच गया हैI उत्तर भारत में शीतलहर के साथ कोहरे का सितम जारी है, लेकिन दिल्ली के तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। दिल्ली में मनाली, धर्मशाला, देहरादून, शिमला और नैनीताल से भी कम पारा दर्ज किया गया है। IMD के अनुासर कोहरे के कारण दिल्ली के पालम में बुधवार यानि 5 जनवरी को विजिबिलिटी 25 मीटर आंकी गई है। तापमान की बात करें तो दिल्ली के लोधी रोड पर आज सुबह इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री और अधिकतम 17 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं दूसरी तरफ देश के अन्य इलाकों पूर्वी विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में हल्की बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में कोहरा छा सकता है। वहीं बिहार, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तरी मध्य प्रदेश में भी घना कोहरा छाने की संभावना है I
भाजपा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार के अब तक लिए गए फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूर्व कैबिनेट के फैसलों को प्रशासनिक आदेश से निरस्त नहीं किया जा सकता है। भाजपा ने चुनौती दी है की जनहित में लिए गए ये फैंसले वापिस नहीं लिए गए तो सड़को पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। भाजपा उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा सरकार ने जनता के हित में संस्थान खोले थे उन्हें बंद करना गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मंत्रिमंडल का गठन तक नहीं कर पाई है लेकिन जनता विरोधी फैसले लिए जा रहे हैं। कैबिनेट के फैसलों को कैबिनेट के निर्णय से ही निरस्त किया जा सकता है। बीजेपी कोर्ट में जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2 बड़े सीमेंट उद्योग बंद हो गए हैं लेकिन सरकार इन्हें खुलवाने में अभी तक नाकाम रही है जनता के मुद्दों को दरकिनार कर जनता के हित में लिए गए फैसलों को बदला जा रहा है। सीमेंट उद्योग बंद होने से हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया हैं। सरकार को जल्द अडानी से बात कर मामला सुलझाना चाहिए।
दुनियाभर में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। चीन, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान सहित कई देशों में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार (5 जनवरी) को कोविड-19 के 188 नए मामले दर्ज किए गए है। इसके साथ ही अब सक्रिय मामलों की संख्या 2,554 हो गई है। भारत में पिछले 24 घंटों में 201 लोग ठीक हुए हैं। जिसके बाद कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,41,46,055 हो गई है। इसके साथ ही ठीक होने की दर वर्तमान में 98.8% है और सक्रिय मामले 0.01% हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि डेली पॉजिटिविटी रेट 0.10 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 0.12 प्रतिशत है। मिली जानकारी के अनुसार, देश में कुल 91.15 करोड़ टेस्ट किए गए हैं। वहीं, पिछले 24 घंटों में 1,93,051 टेस्ट किए गए हैं।
राजधानी शिमला के रामपुर कस्बे में गानवी ज्यूरी लिंक रोड पर पुलिस ने बुधवार देर शाम एक युवक को चिट्टे सहित गिरफ्तार किया। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, HC मनोज कुमार गानवी ज्यूरी सड़क पर गश्त पर थे और जैसे ही कटोलु पुल के पास पहुंचे तो शिव सिंह निवासी किन्नौर पुलिस को देख कर घबरा गया। जब शक के आधार पर पुलिस ने तलाशी ली तो उससे 1.12 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
हिमाचल प्रदेश में ठंड का प्रकोप जारी है। बुधवार को भी आधा हिमाचल धुंध की आगोश में रहा है। वहीं मैदानी इलाकों में धुंध छाए रहने से विजिबिलिटी कम हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। वीरवार और शुक्रवार को प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। सात-आठ जनवरी को कई क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान है। वीरवार को प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। वहीं बुधवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। मैदानी इलाकों में ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा सहित मंडी और सोलन के कुछ क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय धुंध छाई रही।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के एक छात्र के फ़र्ज़ी एडमिशन का मामला सामने आया है I मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने आरोपी छात्र को कॉलेज से निष्कासित कर दिया है, साथ ही शिमला के लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी में शिकायत भी दर्ज करवा दी गई हैI मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी छात्र ने एनटीए यानि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा एक छात्रा का सर्टिफिकेट डाउनलोड किया और फिर उससे छेड़छाड़ करते हुए नाम फोटो के साथ दूसरी जानकारी बदल दी I इसी सर्टिफिकेट के आधार पर वह अटल मेडिकल विश्वविद्यालय नेरचौक मंडी में आयोजित काउंसिलिंग में शामिल हुआ था। इस दौरान झूठे दस्तावेज के आधार पर उसका दाखिला आईजीएमसी शिमला में हो गया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने कॉलेज में एडमिशन ली और नियमित कक्षाएं भी लगाना शुरू कर दिया, लेकिन बाद में दस्वावेजों के सत्यापन के दौरान आरोपी का भंडा फूट गया और उसकी एडमिशन फर्जी निकली। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी शिमला सुनील नेगी ने बताया कि मेडिकल कॉलजे की तरफ से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज से छात्र का रिकॉर्ड मांगा गया है। बता दें कि आईजीएमसी शिमला प्रदेश के अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में श्रेष्ठ कॉलेज हैI
हिमाचल प्रदेश में पिछले 10 वर्षों बाद सर्दी के मौसम में इस बार सबसे कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश के केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही बर्फबारी हुई है। गौरतलब है कि पिछले लगभग 3 महीने से प्रदेश में बारिश नहीं हुई है, जिससे प्रदेश सूखे की मार झेल रहा है। हालांकि प्रदेश में हाथ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है और अगले 3 से 4 दिन लोगों को ठंड और सताने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 3 दिन तक प्रदेश में शीतलहर और धुंध को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। जबकि 7 जनवरी से हिमाचल में पश्चमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू होगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि 6 जनवरी तक हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप रहेगा। तापमान सामान्य से नीचे चल रहा हैं जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 7 जनवरी से हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विभाग सक्रिय होने वाला है, जिससे प्रदेशभर में 7 से लेकर 9 जनवरी तक बर्फबारी होने की संभावना है। विभाग ने कुल्लू, चम्बा, शिमला, किन्नौर और लाहौल स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान लगाया है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश और धुंध को लेकर चेतावनी जारी की है। बता दें है कि बारिश और बर्फबारी न होने से प्रदेश में सूखी ठंड पड़ रही है, जिससे बचने के लिए लोग गर्म कपड़े और आग का सहारा ले रहे हैं। शिमला, चम्बा, कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला के कुछ इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश सोलन जिले में पिछले 15 दिन में लंपी के इक्का-दुक्का मामला सामने आया है। इसके बावजूद पशुपालन विभाग एहतियात के तौर पर जिले के सभी गोवंश की वैक्सीनेशन करवा रहा है। विभाग का टारगेट है कि 10 जनवरी तक जिला के सभी 1 लाख गोवंश की वैक्सीनेशन का काम पूरा कर लिया जाए ताकि लंपी वायरस जड़ से खत्म हो सके। पशुपालन विभाग ने पहले चरण में पंजाब और हरियाणा बॉर्डर एरिया में सभी पशुओं की कारपेट वैक्सीन का काम पूरा कर लिया है। अब तक जिले में करीब 30 हजार पशुओं की वैक्सीनेशन कर ली गई है। जिले में अब तक लंपी से 1643 पशुओं की जान गई है, लेकिन अब वायरस का प्रकोप कम हुआ है। विभाग ने इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए सभी पशुओं को वैक्सीन लगाने की योजना बनाई है। वहीं पशुपालन विभाग सोलन के डिप्टी डायरेक्टर डॉ बीबी गुप्ता ने जानकारी दी कि पिछले साल अगस्त माह में लंपी वायरस के मामले सामने आना शुरू हुए थे। उसके बाद से ही विभाग ने टीमें बनाकर एहतियात बरतनी शुरू कर दी थी।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 30 जनवरी को श्रीनगर में खत्म होगी। इस बीच कांग्रेस ने अपने नेता राहुल गांधी की सोच को जनता तक पहुंचाने के लिए हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा की रणनीति बनाना शुरू कर दी है। इस यात्रा के तहत राहुल गांधी की सोच को जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर ले जाने के लिए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता काम करेंगे। हिमाचल प्रदेश में हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं हिमाचल में यात्रा को सफल बनाने की जिम्मेदारी सह प्रभारी संजय दत्त को सौंपी गई है। हिमाचल कांग्रेस के सह प्रभारी संजय दत्त ने यात्रा को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिलों में जाकर बैठक करना भी शुरू कर दी है। वहीं हिमाचल कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि राहुल गांधी ने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए इस यात्रा की शुरुआत की गई है। इस यात्रा के जरिए देश में नफरत छोड़ने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा के जरिए जनता तक राहुल गांधी की सोच पहुंचाने का काम किया जाएगा। साथ उन्होंने कहा कि इसे लेकर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ बैठक में तैयार कर ली गई है। इसी दौरान हिमाचल कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने बताया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। हरियाणा उत्तर प्रदेश होते हुए यह यात्रा हिमाचल प्रदेश के पठानकोट में पहुंचेगी। 19 जनवरी को यात्रा हिमाचल के पठानकोट पहुंचेगी। इस यात्रा में हिमाचल कांग्रेस के सभी विधायकों के साथ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आठ साल में नाकाम रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी सरकार की नाकामी को जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता भी भारत जोड़ो यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। ऐसे में जब यह यात्रा 19 जनवरी को पठानकोट पहुंचेगी, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता में भी उत्साह देखने के लिए मिलेगा।
जनवरी : प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सफलता मिलेगी। आपका समाज में मान सम्मान बढ़ेगा। नौकरी में जो मौके पर ढूंढ रहे थे वो अब आपको मिलने वाले है। ये माह आपके स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं है। मौसमी बीमारी से बचना होगा और किसी को भी धन उधार नहीं दे वरना धन हानि सम्भव है। फरवरी : ये माह आपके लिए सुखदायक रहने वाला है। इस समय आपको संतान पक्ष से अच्छी खबर मिलेगी । अपनी पत्नी के साथ काफी अच्छा समय बिताने का मौका मिलने वाला है। इस समय किसी महिला मित्र के साथ साझेदारी में काम शुरू कर सकते है। मार्च : आपको टीम लीड करने का मौका मिलेगा। पैतृक संपत्ति का अगर कोई विवाद है तो वो इस माह सुलझ सकता है। कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में होगा। अप्रैल: आपको आकस्मिक धन हानि भी हो सकती है। वाणी पर संयम रखे अन्यथा आपके परिवार में ये कलह का कारण बन सकता है। आपकी पत्नी इस समय आपकी सहायक सिद्ध होगी। मई : मई का माह आपको बेहद परेशान करने वाला है। इस समय जीवन उतार चढ़ाव से भरा हुआ रहने वाला है। आपको अपनी नौकरी में भी कई दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय वाहन सावधानी से चलाये। जून : अगर आप विदेशी कारोबार से जुड़े है तो लेन देन में बेहद सावधानी रखने का समय है। इस समय आपके खिलाफ गुप्त रूप से कोई साजिश भी की जा सकती है। कोई गुप्त मदद मिल सकती है। जुलाई: इस समय सरकारी नौकरी कर रहे जातक अपनी बुद्धि के प्रभाव से किसी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति करने में सफल होंगे। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा जिससे मन प्रसन्न रहेगा। अगस्त : इस समय आपको किसी के द्वारा गुप्त मदद मिल सकती है। आपको इस माह अहंकार और घमंड से बचना होगा। इस समय जो जातक सौंदर्य प्रसाधन के कारोबार से जुड़े है उन्हें लाभ होगा। आपके प्रेम संबंध इस समय बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है। सितम्बर : सितंबर माह में आपका आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ रहने वाला है। जो जातक अपने शोध के काम के लिए देश से बाहर जाना चाह रहे थे अब उन्हें सहयोग मिलने वाला है। किसी बड़े लक्ष्य को सम्पादित कर सकते है। इस समय पिता के साथ आपके मतभेद बढ़ सकते है। अक्टूबर : इस समय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को बेहद शुभ परिणाम मिलने की उम्मीद है।माह मध्य में आप अपने खर्चों को लेकर थोड़ा परेशान हो सकते है। आपको अपने व्यापार में नुकसान उठाना पड़ सकता है। नवंबर : इस समय स्त्री जातकों को अपनी सेहत को लेकर बेहद सावधान रहना होगा। मधुमेह के रोगी स्वास्थ्य को लेकर अधिक परेशान रहने वाले है। भाइयों से सहयोग पाकर आपका मन प्रसन्न होगा। दिसम्बर : परिवार में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन होने के योग दिखाई दे रहे है वहीं इस समय आपको नया काम शुरू करने के लिए मदद भी मिलेगी। दिसंबर माह में आपको अपने व्यापार में अच्छा लाभ होने की उम्मीद है।
साल 2022 वो साल था जब करीब दशकों बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री का पद होली लॉज से छिन गया। साल 1985 से जब भी कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी मुख्यमंत्री पद होली लॉज को ही मिला, मगर साल 2022 में ऐसा नहीं हो पाया। चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार तो बनी मगर मुख्यमंत्री होली लॉज से नहीं बल्कि नादौन से मिला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में लगभग 6 दशक तक हॉली लॉज का खूब जलवा रहा। प्रदेश में 6 बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के समय राज्य की सरकार एक तरह से हॉली लॉज से ही चला करती थी, लेकिन उनके निधन के बाद हॉली लॉज को प्रदेश अध्यक्ष का पद तो मिला पर मुख्यमंत्री का नहीं। वीरभद्र सिंह के निधन के बाद बाद उनकी धर्म पत्नी प्रतिभा सिंह ने लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता भी। इसके बाद प्रतिभा सिंह को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद प्रतिभा सिंह मुख्यमंत्री की रेस में भी थी। लगातार उनके समर्थक उन्हें सीएम प्रोजेक्ट करते रहे मगर प्रतिभा सीएम पद से चूक गई।
साल 2022 ने हिमाचल प्रदेश को एक और बड़ी राजनीतिक सौगात दी है, जो इतिहास में दर्ज होगी। इस साल प्रदेश को पहला उपमुख्यमंत्री भी मिला। छोटे पहाड़ी राज्य हिमाचल में 2022 से पहले कभी कोई उपमुख्यमंत्री नहीं बना था। दरअसल कांग्रेस के सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री पद के लिए मची खलबली के कारण प्रदेश में उपमुख्यमंत्री पद सृजित किया गया। संभावित अंतर्कलह को साधने के लिए कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री का फार्मूला अपनाया और पूर्व नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री प्रदेश के पहले डिप्टी सीएम बने। पत्रकारिता से राजनीति में आए मुकेश अग्निहोत्री को हिमाचल प्रदेश के पहले उपमुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। मुकेश एक कुशल राजनीतिज्ञ भी है और जबरदस्त वक्ता भी। 20 सालों की लम्बी सियासी पारी के बाद मुकेश अब इस मुकाम पर पहुंचे है। मुकेश उन नेताओं में शामिल रहें है जिनका नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में भी शामिल था। मुख्यमंत्री न सही पर प्रदेश के पहले उप मुख्यमंत्री होने का गौरव मुकेश अग्निहोत्री को प्राप्त हुआ है। 2017 में वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस विधायक दल के नेतृत्व के लिए मुकेश अग्निहोत्री पर भरोसा किया और मुकेश उस भरोसे पर खरे भी उतरे। बतौर नेता प्रतिपक्षपांच साल सदन में मुकेश अग्निहोत्री ने दमदार तरीके से न सिर्फ कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया बल्कि हर मुमकिन मौके पर जयराम सरकार को भी जमकर घेरा। इसी तपस्या का फल मुकेश को मिला और वे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने।
साल 2022 में प्रदेश की राजनीति में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इस साल प्रदेश की सत्ता बदली और प्रदेश को नए मुख्यमंत्री मिले। कांग्रेस ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री चुना। ये पहली दफा है जब कांग्रेस ने निचले हिमाचल से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाया। कांग्रेस के छात्र संगठन से राजनीति की शुरुआत करने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के सबसे दमदार चेहरों में से एक है। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रचार समिति की कमान देकर उन पर अपना भरोसा जताया था और अब उन्हें प्रदेश के मख्यमंत्री के तौर पर चुना गया है। छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत करने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खू आज प्रदेश की सत्ता के शिखर तक पहुंचे। चार दशकों से उन्होंने कांग्रेस के एक सच्चे सिपाही की तरह पार्टी के लिए खून-पसीना एक किया और इसका सिला उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी के तौर पर मिला है। एक साधारण परिवार में जन्मे, पले बढे सुक्खू ने सियासत में बगैर किसी गॉडफादर के फर्श से अर्श तक का शानदार सफर तय किया है। बतौर एनएसयूआई कार्यकर्ता नारे लगाने से लेकर प्रदेश का मुखिया बनने तक सुक्खू ने कई उतार चढ़ाव देखे है और निरंतर खुद को साबित किया है।
साल 2022 में रिवाज़ बरकरार रहा और कांग्रेस पार्टी सत्तासीन हुई। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में न सिर्फ सत्ता परिवर्तन हुआ बल्कि हिमाचल में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत भी हुई। इस चुनाव ने प्रदेश की सियासत की तस्वीर भी बदली और कई दिग्गजों को आईना भी दिखा दिया। एक लम्बे समय बाद प्रदेश के दो दिग्गज नेता 2022 के चुनावी मैदान में नहीं थे। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद जहाँ कांग्रेस करीब 37 साल बाद बिना वीरभद्र सिंह के चुनावी मैदान में उतरी तो वहीं भाजपा के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल भी चुनावी मैदान में नहीं उतरे। हालांकि कांग्रेस का चुनाव प्रचार वीरभद्र सिंह के इर्द गिर्द ही घूमता दिखाई दिया, जिसका लाभ कांग्रेस को मिला। डबल इंजन की सरकार कई दावों के बावजूद भी रिपीट नहीं कर पाई। हिमाचल प्रदेश भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का गृह राज्य है, इसके बावजूद यहाँ भाजपा सत्ता से बाहर हुई। कांग्रेस ने 40 सीटों पर जीत हासिल की तो वहीं भाजपा 25 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी के 8 मंत्री चुनाव हार गए तो वहीँ कांग्रेस में सीएम की रेस में शामिल 3 बड़े नेता कौल सिंह ठाकुर, आशा कुमारी और रामलाल ठाकुर भी चुनाव नहीं जीत सके। इस चुनाव की एक और ख़ास बात ये रही की सिर्फ एक महिला ही चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंची। इस बार कांग्रेस की तरफ से तीन महिला प्रत्याशी मैदान में थी तो वहीँ भाजपा की तरफ से 6 महिला प्रत्याशी मैदान में उतरी थी, मगर जीत सिर्फ पच्छाद से भाजपा प्रत्याशी रीना कश्यप की हुई। हिमाचल प्रदेश में चार लोकसभा क्षेत्र है, और दिलचस्प बात ये है कि इन चार के चार लोकसभा क्षेत्रों के सांसद अपने अपने क्षेत्रों में अपनी पार्टी को लीड नहीं दिला पाए है। चारो सांसदों के क्षेत्रों में उनकी पार्टी पिछड़ी है। हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर और शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप अपने क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त नहीं दिला पाए और सांसद प्रतिभा सिंह के मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस पिछड़ गई। इस चुनाव में सांसदों की परफॉर्मेंस के बाद चुनाव में इनका प्रभाव विश्लेषण का विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दशहरा हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में मनाया। उन्होंने यहां भगवान रघुनाथजी की रथयात्रा देखी और उनके दर्शन किए। अटल सदन के प्रांगण से मोदी ने देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर रघुनाथ जी के रथ तक पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। मोदी कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। कुल्लू में 47 मिनट रुकने के बाद मोदी दिल्ली लौट गए।
कुल्लू जिला की सैंज घाटी 4 जुलाई 2022 की सुबह चीख पुकारों से दहल गयी थी। सैंज घाटी के शैंशर क्षेत्र से अंजलि सूत नाम की निजी बस जंगला के पास 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे के दौरान इस बस में 15 लोग सवार थे, जिसमें से 13 लोगों की मौत हो गई। दरअसल बरसात के मौसम में बारिश के चलते मार्ग पर मलबा गिरा हुआ था। इससे पहले सरकारी और एक निजी बस इस मार्ग से निकल चुकी थी। जब यह बस यहां से गुजरी तो चालक ने बस के टायर को सफेद लाइन से बाहर कच्ची सड़क पर निकाल दिया। जिसकी वजह से वह पलटकर खाई में गिर गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा। इस हादसे के बाद पुरे क्षेत्र में मातम पसर गया था।
चुनावी साल में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के तीन लाख से अधिक लोगों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 14 सितम्बर 2022 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गिरिपार के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने का निर्णय लिया गया। सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय के लोग बीते पांच दशक से एसटी का दर्जा मांग रहे थे। दरअसल गिरिपार क्षेत्र के लोगों जैसी संस्कृति, परंपराओं और परस्पर संबंधों वाले उत्तराखंड के जौनसार बावर क्षेत्र के लोगों को 1967 में ही यह दर्जा दे दिया गया था, पर हिमाचल में ऐसा नहीं हुआ था। अब आखिरकार इन लोगों का दशकों का संघर्ष रंग लाया। गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने का मसला सीधे 154 पंचायतों से जुड़ा है और इसके दायरे में चार विधानसभा क्षेत्र आते है। चार विधानसभा क्षेत्रों में सीधा असर इस फैसले से पच्छाद की 33 पंचायतों और एक नगर पंचायत के 141 गांवों के कुल 27,261 लोगों को लाभ होगा। यहां एससी के 21,594 लोग एसटी में नहीं होंगे। रेणुका जी में 44 पंचायतों के 122 गांवों के 40,317 संबंधित लोगों को लाभ होगा। यहां एससी के 29,990 लोग बाहर होंगे। शिलाई विधानसभा क्षेत्र में 58 पंचायतों के 95 गांवों के 66,775 लोग इसमें शामिल होंगे। 30,450 एससी के लोग इससे बाहर रहेेंगे। शिलाई में 58 पंचायतों के 95 गांवों के 66,775 लोगों को यह लाभ मिलेगा। एससी के 30,450 लोग यहां एसटी में नहीं होंगे। पांवटा में 18 पंचायतों के 31 गांवों के 25,323 लोग शामिल होंगे। यहां एससी के 9,406 लोग एसटी के दायरे से बाहर रहेंगे।


















































