शनिवार सुबह महिंद्रा पिकअप गाड़ी (एचपी 63 सी 5039) सड़क से 200 फीट नीचे टोंस नदी में जा गिरी। इस हादसे में गाड़ी में सवार शिमला जिले की नेरवा तहसील की टिक्करी पंचायत के रहने वाली तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र के मिनस पाटन के समीप हुआ। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान किसी को पता नहीं चला। इस बीच हिमाचल की तरफ से सड़क पार कर रहे ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को देखा और फिर फोन कर पाटन के लोगों को सूचना दी। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने शव बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिए। मृतकों की पहचान चालक राकेश कुमार (26) निवासी हिराह, टिक्करी, वाहन मालिक सुरजीत सिंह (35) निवासी टिक्करी और श्याम सिंह (48) निवासी धनत, टिक्करी के तौर पर हुई है। ये तीनों शुक्रवार देर शाम उत्तराखंड के पाटन गांव में गोबर खाद लेने गए थे। शनिवार सुबह खाद लेकर वापस टिकरी जा रहे थे। हादसा इतना खतरनाक था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। इसके बाद पुलिस, स्थानीय ग्रामीणों व एसडीआरएफ की टीम ने शव सड़क तक पहुंचाए। राजस्व निरीक्षक राजेंद्र लाल ने बताया कि घटनास्थल पर ही गाड़ी सवार तीनों की मौत हो चुकी थी।
सहकारिता सचिव सी. पालरासु ने आज यहां बताया कि प्रदेश के सहकारिता विभाग ने राज्य की प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के लिए नई पहल की हैं। इसके अन्तर्गत हिमाचल ने भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के साथ मिलकर, सहकारी क्षेत्र में लगभग 40 नई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का लक्ष्य राज्य के सहकारी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सहकारी समितियों के उपनियमों से लेकर व्यवसाय विविधीकरण तक की संपूर्ण संरचना में संशोधन करना है। इसके दृष्टिगत जन औषधि केंद्रों के रूप में शामिल प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद सस्ती दरों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। राज्य में लगभग 50 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों ने जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि सामान्य सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) योजना के रूप में यह समितियां लोकमित्र केंद्रों के रूप में कार्य करेंगी, जो ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र समयबद्ध और सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाएगी। इन केंद्रों के माध्यम से टेली-लॉ और टेली-मेडिसिन जैसी विभिन्न सेवाएं भी उपलब्ध हैं। प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में 80 से अधिक अधिक समितियां कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के लिए एलपीजी और पैट्रोल पंप खुदरा लाइसेंस भी खोले गए हैं। पालमपुर की एक सोसायटी ने भी इस योजना के अंंतर्गत आवेदन किया है और अगले 10 दिनों के भीतर कई अन्य सोसायटी द्वारा आवेदन करने की उम्मीद है। राज्य में अधिकांश सभाओं द्वारा आदर्श उपनियमों को भी अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को कम्प्यूटरीकृत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। अगले 2 महीने के भीतर हार्डवेयर की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी और सभी चिन्हित सोसायटियों को उनके दैनिक कारोबार के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अनाज भंडारण कार्यक्रम में जिला ऊना की एक सोसायटी की पहचान की गई है और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश में लगभग 1300 समितियां प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं। इसके अलावा राज्य के सभी जिलों में जिला सहकारी विकास समिति की बैठकें आयोजित की गई हैं जिसमें विभिन्न विभाग सहकारी क्षेत्र के विभिन्न मामलों को सुलझातेे हैं। उन्होंने राज्य की सभी प्राथमिक समितियों से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति लिमिटेड, राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति लिमिटेड और भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में आगे आने की अपील की है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज सायं अपने सरकारी आवास ओक ओवर से सचिवालय पैदल पहुंचे। रास्ते में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनका हालचाल जाना। इस दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा और पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी भी उनके साथ थे।
-ट्रैकिंग डिवाइस व गाइड की सुविधा देने की हो रही तैयारी -ट्रैकर्स के लापता होने की घटनाओं पर लगेगा अंकुश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा ट्रैकिंग के शौकीनों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। ट्रैकर्स के लापता होने की घटनाओं को कम करने के दृष्टिगत राज्य सरकार एक नई पहल करने जा रही है। ट्रैकर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग को प्रदेश में ट्रैकिंग रूट्स अधिसूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग पहली बार मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप तथा उस रूट पर उपलब्ध ठहरने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह ट्रैकिंग रूट्स अधिसूचित करेगा। विभाग इन रूट्स को ईको-टूरिज्म सोसाइटी के माध्यम से ट्रैकर्स को एक पैकेज के रूप में पेश करेगा, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और बेहतर सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। पैकेज में ट्रैकिंग रूट से संबंधित पूरी जानकारी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैकर्स कई बार रूट पर जाकर भटक जाते हैं और उनके साथ अनहोनी घटनाएं भी सामने आती रहीं हैं। उन्हें ढूंढने के लिए राज्य सरकार को बचाव अभियान चलाने पड़ते हैं, जिसमें काफी संसाधन लगते हैं। ऐसे में वन विभाग ट्रैकर्स की सुविधा को देखते हुए इन रूट्स को अधिसूचित करेगा, जिससे ट्रैकर्स की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। ट्रैकिंग पर जाने से पहले इच्छुक व्यक्ति को पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। उन्हें अनिवार्य रूप से ट्रैकिंग डिवाइस दिए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनकी भौगोलिक स्थिति का पता लगाने में आसानी हो और उन्हें समय पर मदद पहुंचाई जा सके। वन विभाग ट्रैकर्स को गाइड की भी सुविधा उपलब्ध करवाएगा। इन गाइड्स का भी पंजीकरण किया जाएगा और वन विभाग उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में पर्यटन की मुख्य भूमिका है इससे राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है, वहीं हजारों परिवारों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध होते हैं। ऐसे में राज्य सरकार प्रदेश में धार्मिक, साहसिक तथा ईको टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। सरकार ने प्रतिवर्ष प्रदेश में 5 करोड़ पर्यटकों के आगमन का लक्ष्य रखा है तथा इसी के अनुरूप आधारभूत सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।
हिमाचल प्रदेश में करीब 400 करोड़ रुपये का क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड हुआ है। घोटाले में 2.5 लाख लोगों को चूना लगाया गया है। शुक्रवार को धर्मशाला में पत्रकारों से चर्चा के दौरान राज्य पुलिस प्रमुख संजय कुंडू ने बताया कि शातिरों ने इन सभी लोगों से 400 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। उन्होंने यह बात मामले की जांच कर रहे एसआईटी की जांच से मिले नतीजों के आधार पर कही है। डीजीपी कुंडू ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इस घोटाले का सरगना मंडी जिले के सरकाघाट का रहने वाला सुभाष देश छोड़कर भाग चुका है। एसआईटी मामले के दो आरोपियों हेमराज और सुखदेव से पूछताछ कर रही है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस को मामले में मोबाइल फोन, लैपटॉप, मर्सीडीज, टाटा कार और 10 हजार डॉलर की करेंसी भी हाथ लगी है। पुलिस आरोपियों की संपत्ति भी सीज कर रही है। डीजीपी कुंडू ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे झांसों में न फंसें। यह बहुत बड़ा फ्रॉड इससे पहले हिमाचल एसआईटी ने इस मामले में गुजरात से हेमराज और सुखदेव को गिरफ्तार किया था। कुंडू ने कहा कि यह बहुत बड़ा मामला है और इसके तार देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं। एसआईटी मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ा रही है। फ्रॉड में महिला कॉन्स्टेबल का नाम इस फ्रॉड में पुलिस कनेक्शन को लेकर रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे है। मोहाली में हिमाचल के हैड कॉन्स्टेबल की गिरफ्तारी के बाद अब हमीरपुर की एक महिला कॉन्स्टेबल के खिलाफ मंडी साइबर थाना में शिकायत पहुंची है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला कॉन्स्टेबल ने पैसे दोगुना करने पर लाखों रुपये निवेश करवा दिए, लेकिन वापस कुछ नहीं मिला।
-आईजीएमसी के वार्षिक कार्यक्रम 'स्टिमुलस' के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला के वार्षिक कार्यक्रम 'स्टिमुलसÓ के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 30 नवंबर तक राज्य में प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य पहचान-पत्र (हेल्थ आईडी कार्ड) तैयार कर लिया जाएगा, जिसमें मरीज की स्वास्थ्य सम्बंधी पूरी जानकारी होगी। यह चार दिवसीय कार्यक्रम 'स्टिमुलसÓ 10 अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रही है। आईजीएमसी शिमला में आगामी एक वर्ष में उच्च स्तरीय अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मेडिसन स्थापित किया जा रहा है। सुपर स्पेशएलिटी अस्पताल चमयाणा और आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियों के उपचार के लिए प्रदेश सरकार पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है और आधुनिक उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं। युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहित करते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जीवन में हार से घबराने की आवश्यकता नहीं होती तथा सभी प्रशिक्षु लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि मेहनत के बिना जीवन में किसी भी मुकाम तक नहीं पहुंचा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए अपने छात्र काल के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कॉलेज के दिनों से ही वह राजनीति से जुड़ गए तथा इसी क्षेत्र में आगे जाने का लक्ष्य रखा था। छात्र जीवन में उन्होंने कई चुनाव लड़े और शिमला नगर निगम में पार्षद भी रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अनेक पदों पर उन्होंने कई उत्तरदायित्वों का निर्वहन किया और वर्ष 2003 में विधायक का चुनाव जीता। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश का अध्यक्ष बनने का भी उन्हें अवसर दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आईजीएमसी शिमला की एससीए को 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार भी वितरित किये। इस अवसर पर आईजीएमसी के डॉक्टरों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष में 6.11 लाख रुपए का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने 15 से 17 मार्च, 2024 तक मनाली में आयोजित होने वाली वार्षिक नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन का पोस्टर भी जारी किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम अपने छात्र जीवन काल की याद दिलाते हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की नसीहत देते हुए कहा कि यह हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है। नशे के कारण समाज में नई तरह की मुश्किलें सामने आ रही हैं। उन्होंने आईजीएमसी के स्थापना दिवस पर भी बधाई दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मेयर सुरेंद्र चौहान, डिप्टी मेयर उमा कौशल, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी तथा अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार हिमाचल की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कृत संकल्प है। हाल ही में चीन के हवांगझाऊ में आयोजित एशियन खेलों के पदक विजेता हिमाचली खिलाड़ियों को सरकार द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 29 सितंबर से 8 अक्तूबर तक आयोजित एशियन खेलों में हिमाचल के छह खिलाड़ी पदक विजेताओं में शामिल रहे, जबकि सात अन्य खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि कबड्डी महिला वर्ग में सिरमौर जिला की रितु नेगी, पुष्पा और कुमारी सुषमा, बिलासपुर की कुमारी निधि शर्मा, सोलन की कुमारी ज्योती तथा कबड्डी पुरूष वर्ग में ऊना जिला के विशाल भारद्वाज स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे हैं। इन सभी छह खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बिलासपुर जिला की दीक्षा कुमारी, प्रियंका ठाकुर व शालिनी ठाकुर, सोलन जिला की निधि शर्मा, मिताली शर्मा, भावना एवं मेनका ने हैंडबॉल खेल स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व किया। इन सभी सात खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इसके अतिरिक्त युवा सेवाएं एवं खेल विभाग द्वारा वर्ष 2022 में राष्ट्र मंडल खेलों में पदक जीतने वाले तीन खिलाड़ियों रेणुका ठाकुर, विकास ठाकुर तथा आशीष कुमार को पुरस्कार स्वरूप 63 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
-मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर दिया सम्मान -स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ -कहा, राज्य में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन आवश्यक -सीबीआरआई रुड़की और हिमकॉस्टे के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर आज शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आपदा के दौरान बेहतरीन कार्य करने वाले विभागों और अधिकारियों को सम्मानित किया। साथ ही संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की। आपदा के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों की मदद में सभी ने अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है। राज्य सरकार द्वारा राहत एवं बचाव अभियान के लिए उन्हें सभी तरह के संसाधन उपलब्ध करवाए गए। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों एवं स्वयंसेवी संगठनों का भी भरपूर सहयोग मिला है। इस आपदा में हिमाचली लोगों के परस्पर सहयोग तथा संकट का एकजुट होकर सामना करने का जीवट भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन करने की भी आवश्यकता है, क्योंकि राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित भवन निर्माण के दृष्टिगत विभिन्न उपायों पर चर्चा के साथ ही इन्हें अमल में लाने के लिए कड़े कानून बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून में भारी तबाही हुई है, लेकिन प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से विभिन्न स्थानों में फंसें 75 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 48 घंटों में सभी आवश्यक सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गईं। ट्रैफिक में फंसे लोगों के लिए खाने-पीने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है। बेघर हुए परिवारों को किराए के आवास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार और शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपए प्रदान करने के साथ-साथ नि:शुल्क राशन भी दिया जा रहा है। आपदा में भूमिहीन हुए परिवारों को घर बनाने के लिए शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भीषण आपदा का दृढ़ता के साथ सामना करने के बाद अब राज्य सरकार हिमाचल को फिर से विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है, लेकिन सरकार केवल कर्ज के सहारे ही नहीं चल सकती। ऐसे में राज्य सरकार अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले चार वर्षों में हिमाचल को आत्मनिर्भर तथा दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का शुभारम्भ भी किया। इस ऐप के माध्यम से स्कूल आपदा प्रबंधन की योजना बना सकेंगे और उसी के अनुरूप मॉकड्रिल का आयोजन कर सकेंगे, जिसकी निगरानी उच्च स्तर पर भी आसानी से की जा सकेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की और हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्टे) के मध्य एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया। सीबीआरआई की ओर से एसके नेगी और हिमकॉस्टे की ओर से डी.सी. राणा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भूकंप से भवनों की सुरक्षा तथा ग्रामीण हिमाचल में राज मिस्त्रियों की प्रशिक्षुता से संबंधित पुस्तक एवं मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने समर्थ कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और इस दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। विशेष सचिव डीसी राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र शर्मा, उप-महापौर उमा कौशल, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-उप मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटर्ज के साथ हुई बैठक में की घोषणा उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्ज के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही है। सरकार प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्ज के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य में निजी बस संचालकों के लिए 234 रूट और टैंपो ट्रैवलर्ज के लिए 100 से अधिक नए रूट संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण हितैषी सतत् विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए राज्य में निजी एवं सरकारी क्षेत्रों के सहयोग से ई-वाहनों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ई-बसों, ई-ट्रकों और ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने सरकार की इस मुहिम में निजी बस ऑपरेटरों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान भी किया। सरकार द्वारा 26 मार्गों पर ई-बसों से संचालन की अनुमति शीघ्र प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन बसों के लिए चार्जिंग सुविधा भी प्रदान की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी बस ऑपरेटज़र् की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में नियमों के अनुरूप रूट परमिट दिए जायेंगे और टैक्सियों के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा रूट परमिट जारी किए जायेंगे। आरटीओ स्तर पर स्थानीय निजी बस ऑपरेटज़र् के साथ नियमित तौर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में अनाधिकृत रूप से गाड़ियों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए, ताकि इससे प्रदेश के राजस्व को होने वाली हानि को रोका जा सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के राजस्व में वृद्धि करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है और परिवहन विभाग द्वारा वीआईपी नम्बरों की बिक्री से छह करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ है और भविष्य में इसमें बढ़ोतरी होने की संभावना है। प्रदेश के निजी बस ऑपरेटज़र् के अध्यक्ष राजेश पराशर ने इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रधान सचिव परिवहन आरडी. नजीम, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्ज के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
-मुख्यमंत्री ने नागरिक एकजुटता मार्च को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज ओक ओवर से अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सौजन्य से आयोजित नागरिक एकजुटता मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मार्च रिज पर संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से बेहतर ढंग से निपटने के लिए जागरूकता आवश्यक है क्योंकि सही जानकारी होने पर चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भूकंप सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंनेे कहा कि हिमाचल ने इस वर्ष मानसून में भारी बारिश तथा भूस्खलन से आई आपदा का डटकर मुकाबला किया है तथा इस मुश्किल घड़ी में सभी ने एकजुटता का परिचय दिया जोकि हमारी हिमाचली संस्कृति एवं संस्कारों में भी शुमार है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों की मदद के लिए स्थापित आपदा राहत कोष-2023 में लोगों के सहयोग से अभी तक लगभग 222 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। अंशदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे बच्चों ने अपनी गुल्लक के पैसे जमा कर इस कोष के लिए दान किए। वहीं सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, विधायकों और समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर अपनी क्षमता के अनुसार इसमें अंशदान किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अपने जीवन काल में उन्होंने इससे बड़ी आपदा नहीं देखी, जिसमें लगभग 500 से ज्यादा लोग काल का ग्रास बने, 16000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा और प्रदेश में 12 हजार करोड़ से भी अधिक संपत्ति का नुकसान हुआ है। इस अभूतपूर्व त्रासदी को देखते हुए राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज जारी किया है, जिसमें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर का मुआवजा 1.30 लाख रुपए से बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार प्रभावितों को घर बनाने के लिए 280 रुपए प्रति बोरी की दर से सीमेंट तथा नि:शुल्क बिजली-पानी कनेक्शन सुविधा उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर प्रभावित तक राहत सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं और मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने आपदा के बीच रहकर प्रभावितों की मदद की। देश के इतिहास में शायद पहली बार किसी मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव ने चंद्रताल झील के पास फंसे लगभग 300 लोगों को निकालने के लिए ग्राउंड जीरो पर जाकर माइनस तापमान में एक बेहद मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो वर्तमान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और लोगों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने रिज मैदान पर आपदा उपकरणों, ड्रोन, संचार उपकरणों, निर्माण की सुरक्षित प्रौद्योगिकी तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में उपयोगी तकनीकों पर आधारित विभिन्न विभागों की एक प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। यह प्रदर्शनी 15 अक्तूबर तक चलेगी। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि 15 दिन के इस अभियान के तहत आपदा प्रबंधन पर ग्राम सभाओं में भी चर्चा की गई और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से समर्थ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिवर्ष 13 अक्तूबर को यह दिवस मनाया जाता है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों, जिला सोशल मीडिया को-ऑर्डिनेटर जिला अत्याचार निवारण समन्वयक की विशेष बैठक 17 अक्तूबर को सुबह 11 बजे होगी। बैठक कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला में होनी निश्चित हुई है। बैठक में मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह उपस्थित रहेंगी। आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आगामी बैठक के बारे में कोर कमेटी के सदस्यों के द्वारा एक बैठक की गई, जिसमें कोर कमेटी के सभी सदस्यों को जिम्मेवारियां सौंपी गईं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष अमित नंदा ने आग्रह किया है कि बैठक में हिमाचल कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के सभी पदाधिकारी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की कृपा करें।
रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित होने वाली वर्ल्ड ग्रैपलिंग चैंपियनशिप-2023 के लिए सब जूनियर और जूनियर वर्ग में हिमाचल प्रदेश से चयनित 10 खिलाड़ियों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाथ बढ़ाए हैं। हिमाचल प्रदेश ग्रैपलिंग कमेटी के महासचिव गोपाल चंद खिलाड़ियों के साथ आज ओक ओवर में सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए आर्थिक मदद प्रदान करने का अनुरोध करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उन्हें तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए और खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। यह प्रतियोगिता 17 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक मॉस्को में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के खिलाड़ियों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। राज्य के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों के लिए बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत व प्रतिभा से देश तथा प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। हिमाचल प्रदेश ग्रैपलिंग कमेटी के महासचिव गोपाल चंद ने मुख्यमंत्री का इस आर्थिक मदद के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग में लेने वाले कुछ बच्चे गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं और सरकार की मदद के बिना वे इस बड़े आयोजन में भाग लेने से वंचित रह जाते, लेकिन मुख्यमंत्री की उदारता से इन बच्चों को अपने जीवन का एक सुनहरी अवसर मिलने जा रहा है।
हिमाचल की सुक्खू सरकार ने प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों के अधिग्रहण पर रोक लगा दी है। मंत्रिमंडल ने सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। सरकार से अनुदान प्राप्त करने वाले कई शिक्षण संस्थानों का हर वर्ष अधिग्रहण होता रहा है। सुक्खू सरकार ने इस व्यवस्था को अब बदल दिया है। निजी स्कूलों-कॉलेजों की जगह सरकार अपने संस्थानों में ही हर सुविधा उपलब्ध करवाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए विभागीय अधिकारियों की ओर से प्रस्तुति दी गई। इस दौरान कहा गया कि सरकार से अनुदान प्राप्त करने वाले निजी स्कूलों और कॉलेजों का अधिग्रहण नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से जितना बजट इन निजी शिक्षण संस्थानों पर खर्च किया जाता है, उतनी राशि को सरकारी शिक्षण संस्थानों पर खर्च किया जाए तो सरकारी स्कूल-कॉलेज मजबूत होंगे। बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों में लगातार कम हो रही विद्यार्थियों की संख्या पर चिंता जताई गई। मंत्रिमंडल को बताया गया कि सरकारी स्कूलों में 46 फीसदी और निजी स्कूलों में 44 फीसदी विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। सरकारी स्कूलों को अगर समय रहते मजबूत नहीं किया गया तो यहां विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम हो जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि निजी स्कूलों और कॉलेजों का अधिग्रहण करने पर स्टाफ को भी समायोजित करना पड़ता है। सरकार पर यह अतिरिक्त खर्च आ जाता है। इन सभी बिंदुओं पर चर्चा करने के बाद मंत्रिमंडल ने भविष्य में निजी स्कूलों और कॉलेजों के अधिग्रहण पर रोक लगाने का फैसला लिया।
-जनजातीय सलाहकार परिषद की 48वीं बैठक में बोले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद की 48वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का निपटारा करने को विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि परिषद की बैठकों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों की समस्याएं राज्य सरकार के ध्यान में आती हैं, इसलिए ऐसी बैठकों का आयोजन निरंतर किया जाएगा ताकि वहां के लोगों की आशाओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकें। राज्य सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से लाहौल-स्पीति जिला के स्कूलों की विंटर क्लोजिंग पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है और इसके लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा के दोहन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि किन्नौर की हंगरंग घाटी में दो सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। राज्य सरकार ने 250 किलोवाट से 2 मैगावाट तक की सौर परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए युवाओं को 40 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया है तथा जनजातीय क्षेत्र के युवाओं को सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इन सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की आगामी 25 वर्षों तक खरीद करेगी, ताकि युवाओं के लिए एक स्थिर आय का स्रोत सुनिश्चित किया जा सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लाहौल-स्पिति में पवन ऊर्जा के दोहन के लिए 84 मेगावाट क्षमता को चिन्हित किया गया है तथा इसके दोहन के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विंड एनर्जी के साथ मामला उठाया गया है और इस संबंध में शीघ्र ही संस्थान की एक टीम काजा का दौरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं जनजातीय क्षेत्रों का निरंतर दौरा कर रहे हैं और वर्तमान राज्य सरकार ने हिमाचल दिवस का पहला राज्य स्तरीय कार्यक्रम काजा में मनाया, जो राज्य सरकार की जनजातीय क्षेत्रों के विकास के प्रति वचनबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुसार राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्र की महिलाओं को अधिक अधिकार देने पर भी विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सड़कें बनाने के लिए सुरंगों के निर्माण पर बल देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजातीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभागों को गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए ताकि राज्य सरकार, सरकारी संस्थानों को और सुदृढ़ कर सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन का आधारभूत ढांचा भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता को निहार सकें। उन्होंने कहा कि किन्नौर के कड़छम में निर्मित कृत्रिम झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने के लिए ट्रायल करवाया गया है और जल्द ही यहां पर शीघ्र ही जल क्रीड़ाएं शुरू की जाएंगीं ताकि स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके साथ ही जिला किन्नौर में धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तेमसो झील में भी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-5 से झील को संपर्क मार्ग से जोड़ने पर विचार किया जाएगा, ताकि यहां पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में हेलीपोर्ट का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर परियोजनाएं बनाकर उन्हें समयबद्ध धरातल पर उतारने के निर्देश दिए और कहा कि जनजातीय क्षेत्र के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि नई परिषद का गठन मई 2023 में किया गया था, लेकिन प्रदेश में भारी बारिश से आई आपदा के कारण इस बैठक के आयोजन में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षत्रों का दौरा कर वहां की समस्याओं एवं प्राथमिकताओं को समझा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है और बैठक में इन क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं का उठाया जाता है तथा राज्य सरकार द्वारा उस पर कार्यवाही की जाती है। उन्होंने कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठकें नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने जनजातीय सलाहकार परिषद के सभी मनोनीत सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलाई। बैठक के दौरान सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत करवाया, जिन पर विस्तार से चर्चा की गई।
-मुख्यमंत्री ने जुन्गा में किया शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज से 15 अक्तूबर, 2023 तक शिमला जिला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के जुन्गा में आयोजित शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ऐसे आयोजनों से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष अवसर उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला का बीड़-बिलिंग क्षेत्र पैराग्लाइडिंग के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। प्रदेश सरकार हिमाचल के वातावरण के अनुकूल हरित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है, जिसमें पर्यटन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की है। कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने की घोषणा के साथ ही अन्य अनछुए गंतव्यों को विकसित किया जाएगा। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने में इस तरह के आयोजन सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ ही उन्हें विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है। आपदा से उबरने के साथ ही हिमाचल पुन: पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस बार आपदा के दौरान बहुत अधिक नुकसान हुआ है और कई लोगों ने अमूल्य जीवन खोया है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं विभिन्न आपदाग्रस्त क्षेत्रों में गए और प्रदेश सरकार ने तत्परता से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है। इसके तहत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों पर पहले मिलने वाले 1.30 लाख रुपए की आर्थिक मदद को बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही कच्चे और पक्के मकान को आंशिक नुकसान पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया है। लोगों को अपना घर दोबारा बनाने के लिये राज्य सरकार 280 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से सीमेंट उपलब्ध करवाएगी। इसके साथ ही बिजली और पानी का कनेक्शन भी राज्य सरकार नि:शुल्क लगाएगी। राहत शिविरों में रह रहे लगभग तीन हजार परिवारों को राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में किराए का मकान लेने के लिए 5000 रुपए और शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दे रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर 75 हजार करोड़ का ऋण और कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारियां होने के बावजूद राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों की भरपूर मदद कर रही है। कार्यक्रम का आयोजन 'द ग्लाइड इनÓ कंपनी और पर्यटन विभाग मिलकर कर रहे हैं। 'द ग्लाइड इनÓ कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण रावत ने उत्सव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। चार दिन तक चलने वाले इस उत्सव में देश-विदेश के 51 पैराग्लाइडर्स भाग ले रहे हैं। उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। प्रबन्ध निदेशक, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम अमित कश्यप ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में शशांक मणि की पुस्तक मिडल ऑफ डायमंड इंडिया का विमोचन किया। इस मौके पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी मौजूद रहीं। राज्यपाल ने शशांक मणि के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मिडल आफ डायमंड इंडिया के माध्यम से लेखक ने भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीति का केंद्र उच्च वर्ग से परिवर्तित कर देश के उभरते मध्य वर्ग पर केंद्रित करने का साहसिक प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक हाशिए पर रहने वाले उन लोगों की अनसुनी कहानियों को उजागर करती है जिन्हें उनके स्थान और भाषा के कारण लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया है। शुक्ल ने कहा कि देश के प्रत्येक व्यक्ति को भारत को एकजुट करने के लिए काम करने की आवश्यकता है और शशांक मणि द्वारा संचालित जागृति यात्रा यही काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत का अतीत गौरवशाली है और हमारी आध्यात्मिकता ने किसी न किसी रूप में समाज को एकजुट किया है। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रामीण परिवेश में सामाजिक समरसता की मिसाल स्पष्ट रुप से दिखाई देती है। हर वर्ग के लोग एक साथ रहते हैं और यही भारत की ताकत है। यदि हम भारत को समझना चाहते हैं तो हमें राम को समझना होगा, क्योंकि भगवान राम ने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आध्यात्मिकता का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक देश के विकास में मध्यम वर्ग के योगदान और उनकी ताकत की भूमिका पर भी प्रकाश डालती है साथ ही यह भारत के प्रति एक नई सोच को भी प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक भारत के इतिहास के बारे में भी गहराई से इंगित करती है जो उद्यमिता पर आधारित था और उस काल में देश की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत थी। उन्होंने कहा कि उद्यमिता की मदद से हम मध्यम वर्ग को आगे ले जा सकते हैं और विकसित भारत के सपनों को पूरा कर सकते हैं। इस अवसर पर शशांक मणि ने राज्यपाल एवं लेडी गवर्नर का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 13 अध्याय से अधिक की यह पुस्तक अमृत काल पर भारत की एक नई दृष्टि को रेखांकित करती है। उन्होंने कहा कि इन 13 अध्यायों में चार प्रमुख अवधारणाएं हैं और इन्हें कहानियों, उपाख्यानों और व्यापक शोध के माध्यम से प्रकाश में लाया गया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में पिछले 15 वर्षों से देश भर में आयोजित उनकी जागृति यात्रा, दुनिया की सबसे बड़ी रेल यात्रा का भी जिक्र है, जिसमें अब तक देश के 7500 युवाओं को प्रशिक्षित कर उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा एवं अन्य गणमान्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों-बागवानों को लाभान्वित करने के निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) प्रदेश के बागवानों के लिए वरदान साबित होगी। यह बात बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां उद्यान विभाग और विभिन्न बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आरडब्ल्यूबीसीआईएस की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि योजना वास्तविक आधार पर होनी चाहिए। राज्य में बागवान फलों की खेती में उच्च घनत्व वाले पौधों की ओर रुख कर रहे हैं। वर्तमान टर्म शीट मानक पौधों के अनुसार बनाई गई है लेकिन इसे उच्च घनत्व वाले पौधों के लिए अद्यतन किया जाना चाहिए। ताकि, बागवानों को वास्तविक समय और परिस्थितियों के अनुसार योजना के तहत लाभ प्रदान किया जा सके। दावों को प्रमाणित करने के लिए किसानों को मौसम आधारित डेटा भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। जगत सिंह नेगी ने कहा कि उद्यान विभाग को शीघ्र टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस योजना से बागवानों को उनकी फलों की फसल को मौसम से होने वाले नुकसान से सुरक्षा मिलेगी। राज्य में तीन क्लस्टर हैं और प्रत्येक क्लस्टर में योजना के तहत चार जिले शामिल हैं। योजना में पहली बार अनार, लीची और अमरूद की फसल शामिल की जाएंगी। निदेशक उद्यान संदीप कदम, हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के निदेशक देवेेंद्र ठाकुर, संयुक्त निदेशक उद्यान हेम चंद शर्मा, उद्यान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, प्रबंधक एचडीएफसी ईजीआरओ जीआईसी पार्थ शर्मा, प्रबंधक (विपणन) इफको-टोकियो जीआईसी अंकुश गुप्ता, प्रबंधक एआईसी जी.जी. राजू, राज्य प्रबंधक एसबीआई-जीआईसी सुप्रिया धोटा और राज्य समन्वयक क्षेमा जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड अरुण कुमार बैठक में उपस्थित थे।
-जल रक्षकों, मल्टी टास्क वर्कर्स, पैरा फिटर तथा पैरा पंप ऑपरेटर के मानदेय में बढ़ोतरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में वन विभाग की 'वन मित्र' योजना को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत 2061 वन बीटों में एक-एक वन मित्र को लगाया जाएगा। जमीनी स्तर के संस्थानों को शामिल करके वन क्षेत्रों की सुरक्षा, संरक्षण और विकास में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और वन विभाग में अनुबंध के आधार पर वन रक्षकों के 100 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग के जल रक्षकों, बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं, पैरा फिटर तथा पैरा पंप ऑपरेटरों के मानदेय में 200 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया। बैठक में जल शक्ति विभाग के जल रक्षकों, बहु उद्देशीय कार्यकर्ताओं, पैरा फिटर और पैरा पम्प ऑपरेटर के मानदेय को 500 रुपये मासिक बढ़ाकर क्रमशः 5000 रुपये, 4400 रुपये, 6000 रुपये और 6000 रुपये करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत 76.50 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड में बाबा माई दास भवन पार्किंग चिन्तपूर्णी से मंदिर तक यात्री रोपवे प्रणाली स्थापित करने को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी प्रदान की। परिवहन विभाग में 15 ई-टैक्सियां किराए पर लेने को मंजूरी मंत्रिमंडल ने परिवहन विभाग में 15 ई-टैक्सियां किराए पर लेने को मंजूरी पदान की। बैठक में राज्य के सभी जिलों में आपात स्थिति के दौरान वैकल्पिक संचार के लिए एमेच्योर और सामुदायिक रेडियो को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इससे सूचना स्रोतों, आपातकालीन प्रबन्धकों और आपदा या आपातकालीन स्थितियों से प्रभावित लोगों के बीच प्रभावी सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा। बैठक में सीसे (लैड) पर अतिरिक्त माल कर 25 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से कम करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा के लिए राज्य में निजी संचालकों के लिए 234 रूट और टैम्पो ट्रेवलर्ज के 100 अतिरिक्त रूट प्रदान करने का निर्णय लिया। बैठक में परिवहन विभाग के यातायात निरीक्षकों, मोटर वाहन निरीक्षकों, वरिष्ठ मोटर वाहन निरीक्षकों तथा पुलिस विभाग के सहायक उप-निरीक्षकों व हैड कांस्टेबल को मोटर वाहन अधिनियम-1988 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराधों को कम करने के लिए नामित प्राधिकारी घोषित करने की भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने आपदा के कारण बेघर हुए लोगों और जिन लोगों के पास नया घर बनाने के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है उन्हें शहरी क्षेत्र में दो बिस्वा भूमि और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि प्रदान करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 30 सितम्बर, 2023 को घोषित विशेष राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान की। इस विशेष पैकेज के तहत घर के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले 1.30 लाख रुपये के मुआवजे को साढ़े पांच गुणा बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है। इसके अलावा कच्चे मकान के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को 25 गुणा बढ़ाकर 4000 रुपये से एक लाख रुपये तथा पक्के घर के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को साढ़े 15 गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। दुकान तथा ढाबा के क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को 25000 रुपये से चार गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। प्रदेश सरकार गऊशाला को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 3000 रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। प्रदेश सरकार किराएदारोें के सामान के नुकसान के लिए दी जाने वाली 2500 रुपये की राशि को 20 गुणा बढ़ाकर 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। दुधारू तथा भार उठाने वाले पशुओं की क्षति पर 55 हजार जबकि बकरी, सुअर, भेड़ तथा मेमने की मुआवजा राशि 6000 रुपये प्रति पशु की दर से प्रदान की जाएगी। कृषि तथा बागवानी भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि मुआवजा राशि को 3615 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। फसलों कोे हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 500 रुपये प्रति बीघा को आठ गुणा बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया है। कृषि तथा बागवानी भूमि से सिल्ट हटाने के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता को 1384.61 प्रति बीघा से बढ़ाकर 5000 रुपये किया गया है। यह विशेष पैकेज 24 जून, 2023 से 30 सितम्बर, 2023 तक प्रदान किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने शिमला विकास योजना को संशोधित करने का निर्णय लिया। सड़क से ऊपर स्थित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में नवबहार से रामचन्द्रा चौक से मछीवाली कोठी से क्राइस्ट चर्च से लक्कड़ बाजार से आईजीएमसी से संजौली चौक से नवबहार तक जहां पेड़ नहीं हैं वहीं निर्माण की अनुमति दी जाएगी। शिमला विकास योजना के तहत ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में सिर्फ उन्हीं प्लाटों पर आवासीय निर्माण को अनुमति प्रदान की जाएगी जहां पेड़ नहीं हैं। मंत्रिमंडल ने नाला और खड्ड से क्रमशः पांच और सात मीटर की दूरी पर निर्माण को अनुमति देने के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियमों को संशोधित करने का निर्णय लिया।
-गैर-कानूनी रूप से अर्जित संपत्ति होगी जब्त मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मादक द्रव्यों और स्वापक औषधी मन: प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार रोकथाम अधिनियम-1988 के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। उन्होंने कहा कि एसओपी मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए तैयार की गई है। इसमें आरोपी को हिरासत में लेने, हिरासत के आदेशों को निष्पादित करने और गैर-कानूनी रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की विस्तृत प्रक्रिया बताई गई है। सीएम सुक्खू ने कहा कि अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से समाज के लिए खतरा उत्पन्न होता है जो हम सभी के लिए चिंता का विषय है। इस खतरे से निपटना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों को रोकने के लिए एक समर्पित विशेष कार्य बल कार्य कर रहा है। इस संबंध में मार्गदर्शन करने के लिए एक सलाहकार बोर्ड भी स्थापित किया गया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि ड्रग तस्करों की गतिविधियों का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ये अवैध कार्य अत्यधिक संगठित तरीके से किए जाते हैं और गुप्त रूप से ड्रग तस्करी का पैमाना काफी बड़ा होता है, इसलिए ऐसी गतिविधियों की प्रभावी रोकथाम तथा इसमें संलिप्त लोगों की धरपकड़ नितांत आवश्यक होती है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल और अभिषेक त्रिवेदी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के अनुमोदन के बाद प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विधायक रवि ठाकुर ने राज्य कार्यकारणी व जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां कर दी हैं। राज्य कार्यकारणी में जिला किन्नौर से देवेंद्र सिंह नेगी को सदस्य, जबकि जिला कांगड़ा के पालमपुर से जोगिंदर पाल कपूर को सोशल मीडिया का समन्वयक बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जिला सिरमौर से जगमोहन सिंह नेगी, सोलन से नर्कीत जंगमो, कांगड़ा से प्रिथी करोड़ी, लाहौल-स्पीति से नितिन बोध, शिमला ग्रामीण से आनंद प्रकाश नेगी, किन्नौर से रिंगचेन एन विष्ट, चंबा से संजीव कुमार को जिलाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। रवि ठाकुर ने बताया है कि यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से प्रभावी मानी गई हैं।
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने जानकारी दी कि धर्मशाला का सुरम्य एचपीसीए स्टेडियम 2023/24 क्रिकेट सीज़न के दौरान 7 से 12 मार्च, 2024 तक इंग्लैंड के भारत दौरे के बहुप्रतीक्षित 5वें टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। शांत हिमालय की तलहटी में बसा एचपीसीए स्टेडियम, क्रिकेट की दो शक्तियों-भारत और इंग्लैंड के बीच एक गहन रोमांचक लड़ाई के लिए मंच तैयार करेगा। 7 से 12 मार्च तक होने वाले इस मैच में असाधारण क्रिकेट प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन होने की उम्मीद है, जो दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को आकर्षित करेगा। आईपीएल के अध्यक्ष अरुण धूमल ने इस महत्वपूर्ण टेस्ट मैच के लिए धर्मशाला को स्थल के रूप में चुने जाने पर उत्साह खुशी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच धर्मशाला को 5वें टेस्ट मैच की मेजबानी मिलने से हम रोमांचित हैं। एचपीसीए स्टेडियम इस रोमांचक क्रिकेट टेस्ट मैच के लिए एक शानदार पृष्ठभूमि प्रदान करता है, जो खेल और क्षेत्र दोनों की सुंदरता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करता है। एचपीसीए मेजबानी का यह प्रतिष्ठित अवसर पाकर बहुत खुश है और पूरा क्रिकेट समुदाय उत्सुकता से दो क्रिकेट दिग्गजों के बीच रोमांचक मुकाबले का इंतजार कर रहा है, जो भारत और इंग्लैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे क्रिकेट संबंधों को और मजबूत करेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह महंगाई पर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा के तानाशाही निर्णयों व नीतियों की वजह से देश में महंगाई व बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार ने जिस प्रकार से सरकारी खजाने को खाली किया, वह किसी से छुपा नहीं है। 70 हजार करोड़ से ऊपर का कर्ज व 10 हजार करोड़ की देनदारियां प्रदेश कांग्रेस सरकार को भाजपा से विरासत में मिली है। प्रतिभा सिंह ने आज एक बयान में कहा कि प्राकृतिक आपदा के चलते प्रदेश विकट आर्थिक स्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता राहत के नाम पर झूठी बयानबाजी कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रहें है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भी प्रदेश की ओर अपनी पूरी आंखें मूंद रखी हंै। उन्होंने कहा कि आपदा पर भाजपा का दोहरा चरित्र है। कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश के साथ केंद्र की भाजपा सरकार भेदभाव कर रही है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित लोगों के लिये 4500 करोड़ का राहत कोष स्थापित कर एक बहुत बड़ा कदम उठाया है जो बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रभावित लोगों की पीड़ा को भलीभांति समझती है और इसी पीड़ा को दूर करने के लिये पूरी कांग्रेस सरकार दिन रात काम कर रही है। प्रतिभा सिंह ने भाजपा नेताओं को सलाह दी है कि उन्हें प्रदेश में राहत,प्रभावित लोगों के पुनर्वास के साथ साथ भूस्खलन से ध्वस्त हुई सड़कों, पुलों व भवनों के पुन:निर्माण में प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भाजपा सांसदों व नेताओं को प्रधानमंत्री से मिल कर इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करवा कर विशेष आर्थिक मदद की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि भाजपा को ऊलजलूल बयानबाज़ी से कुछ भी हासिल होने वाला नही। प्रदेश की जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है और आने वाले लोकसभा चुनावों में भी उसे प्रदेश में हार का मुंह देखना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया स्पेन की राजधानी मैड्रिड तथा बर्सिलोना शहर में 6 दिनों के अध्ययन प्रवास के बाद आज स्विटजरलैंड के खूबसूरत शहर ल्यूसर्न पहुंचे। कुलदीप सिंह पठानिया 11 से 16 अक्तूबर तक स्विटजरलैंड के अध्ययन प्रवास पर रहेंगे। गौरतलब है कि कुलदीप सिंह पठानियां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने 1 अक्तूबर को घाना की राजधानी अक्रा गए थे। सम्मेलन उपरांत पठानियां 6 अक्तूबर से स्पेन तथा स्विटजरलैंड देशों के अध्ययन प्रवास पर हैं। पठानिया स्विटजरलैंड के शहर ल्यूसर्न तथा ज्यूरिख के अध्ययन प्रवास पर रहेंगे, जबकि वे 16 अक्तूबर को इस्तांबुल होते हुए नई दिल्ली स्वदेश लौटेंगे। पठानिया के साथ विधानसभा सचिव यशपॉल शर्मा भी अध्ययन प्रवास पर हैं।
-भर्ती में बीएड डिग्री धारक शामिल नहीं होंगे टीजीटी बैचवाइज भर्ती शुरू करने के बाद शिक्षा विभाग ने जेबीटी के 2521 पदों पर भी बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से इस बाबत जिला उप निदेशकों को पत्र जारी कर दिया। इस भर्ती में बीएड डिग्री धारक शामिल नहीं होंगे। जिला मंडी में सबसे ज्यादा 563, कांगड़ा में 416 और शिमला में 367 जेबीटी की भर्ती होगी। सोलन में 244, चंबा में 214, बिलासपुर में 164, हमीरपुर में 97, किन्नौर में 25, कुल्लू में 98, लाहौल-स्पीति में 32, सिरमौर में 155 और ऊना में 146 पद भरे जाएंगे। प्रदेश में मात्र एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे स्कूलों में इन अध्यापकों की तैनाती को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में भर्ती होने वाले नए शिक्षकों की नियुक्तियों में दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी। सिर्फ एक-एक शिक्षक के सहारे किसी स्कूल को नहीं रखा जाएगा। प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक घनश्याम चंद बताया कि जिला स्तर पर बैचवाइज भर्ती के लिए काउंसलिंग की जाएगी। जेबीटी काउंसलिंग में मांगे जाएंगे जिलों के विकल्प जेबीटी काउंसलिंग के लिए सरकार एक नई व्यवस्था करने जा रही है। पहले की तरह अब बैचवाइज काउंसंलिंग के लिए अभ्यर्थियों को अधिक जिलों में नहीं जाना होगा। अपने गृह जिला में ही अभ्यर्थी काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। इस दौरान ही अभ्यर्थियों से दूसरे जिलों में नियुक्ति लेने के विकल्प ले लिए जाएंगे। जेबीटी के लिए चयन होने पर अभ्यर्थी पसंदीदा जिला को चुन सकेंगे। इस नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों को अधिक जिलों में काउंसलिंग के लिए दौड़ नहीं लगानी होगी। इस संदर्भ में जल्द ही शिक्षा विभाग की ओर से अधिसूचना की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2023 तथा भारत अंतरराष्ट्रीय नृत्य एवं संगीत उत्सव के 9वें संस्करण के उपलक्ष्य में आज नई दिल्ली में एक पूर्वावलोकन (कर्टन रेजर) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार और भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद (आईसीसीआर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य संसदीय सचिव एवं अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा आयोजन समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने दशहरा उत्सव पर एक टीज़र जारी कर एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। इस अवसर पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव 17वीं शताब्दी से आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष 24 से 30 अक्तूबर तक यह उत्सव आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रघुनाथ जी की रथयात्रा के साथ इस उत्सव का आगाज होता है और इसमें 300 से अधिक स्थानीय देवी-देवता भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष दशहरा उत्सव में 25 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय कार्निवल तथा 30 अक्तूबर को कुल्लू कार्निवल भी आकर्षण के मुख्य केंद्र होंगे। उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा में इस बार अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 20 देशों के प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें रूस, रोमानिया, कजाकिस्तान, क्रोएशिया, वियतनाम, थाईलैंड, ताइवान, पनामा, ईरान, मालदीव, मलेशिया, केन्या, दक्षिणी सुडान, जाम्बिया, घाना और इथोपिया इत्यादि देशों से कलाकार शामिल हैं। सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार दशहरा उत्सव को एक वैश्विक आयोजन बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने आपदा के उपरांत युद्ध स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का संचालन किया है। उन्होंने कहा कि चण्डीगढ़ से कल्लू तक सड़क मार्ग से यात्रा के समय में लगभग दो घण्टे की अवधि कम हुई है और चार घण्टे में यह सफर तय किया जा सकता है। इस मार्ग में 15 में से 13 यातायात सुरंगें वाहनों के लिए खुल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ और अमृतसर से कुल्लू तक हवाई सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
एचपीयू में सोशल वर्क के छात्रों ने आज हड़ताल के दूसरे दिन सोशियोलॉजी और सोशल वर्क के अध्यापकों और विभाग अध्यक्ष का घेराव किया और कक्षाओं का बहिष्कार किया। पिछले लंबे समय से सोसियोलॉजी और सोशल वर्क का डिपार्टमेंट जो साथ चलता था, आज अध्यापकों की आपसी मतभेद के कारण छात्रों को आपस में बांटने की कोशिश की जा रही है, जिसमें सोशल वर्क के छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार लगातार किया जा रहा है। विभाग के अध्यापकों के द्वारा फ्रेशर पार्टी के नाम पर ये बोला गया कि अगर डिपार्टमेंट की चेयरमैन पार्टी में आए तो बाकी दो अध्यापक नहीं आयेंगे, इस आधार साफ है कि किस तरह से बांटने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ कुछ प्रोफेसर हैं, जो बोल रहे हंै कि सोशल वर्क डिपार्टमेंट का हिस्सा नहीं है। लेकिन सोशल वर्क विभाग फिर भी सबको साथ लेकर चल रहा है। हम वे छात्र हैं जो क्लासरूम न होने की वजह से 1 बजे क्लास लगाते और न ही हमारे लोग हॉस्टल में लंच तक कर पाते। ऐसी परिस्थिति में आज सोशल वर्क ने क्लास का बहिष्कार कर दिया और पिछले कल से अपनी कक्षा सुभा समय पर लगाने के और सोशल वर्क के लिए अलग क्लास रूम लैब और पिछले चेयरमैन के समय सोशल वर्क के कुछ सालों से 5000, 14000 फीस का जवाब भी प्रशाशन से मांगा है। हमारी विभिन्न मांगें हैं। जब तक ये पूरी नहीं तोती, तब तक क्लास का बहिष्कार किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह 12 से 17 अक्तूूबर तक अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे पर रहेंगी। कांग्रेस महासचिव कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिभा सिंह 12 अक्तूबर को दोपहर 2 बजे शिमला से मण्डी के लिये रवाना होंगी। इस दिन रात्रि विश्राम मंडी परिधि गृह रहेगा। 13 अक्तूबर को प्रतिभा सिंह बंजार विधानसभा क्षेत्र के लारजी में पार्टी कार्यकर्ता आभार में हिस्सा लेंगी। उसके बाद उदयपुर को रवाना होंगी। रात्रि विश्राम लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह रहेगा। 14 अक्तूूबर को लाहौल स्पीति विधानसभा क्षेत्र के शौर, मंडल,चेरी बंगलो व किलाड़ में जन समस्याओं को सुनेगी। इसके बाद की किलाड़ में पांगी रीजन के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी करेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम किलाड़ रहेगा। 15 अक्तूबर को प्रतिभा सिंह किलाड़ में स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इस दिन भी रात्रि विश्राम किलाड़ ही रहेगा। 16 अक्टूबर को प्रतिभा सिंह सुबह 9 बजे किलाड़ से उदयपुर के लिए प्रस्थान करेंगी। अल्प विश्राम के बाद उदयपुर से मंडी के लिए रवाना होंगी। रात्रि विश्राम मंडी परिधि गृह रहेगा। 17 अक्तूबर को प्रतिभा सिंह सुबह 7 बजे मंडी से शिमला के लिए प्रस्थान करेंगी।
-प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला रोजगार कार्यालयों से मांगी सूची हिमाचल प्रदेश में 1,409 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से 25 वर्ष पहले बीएड करने वालों को भी सरकारी नौकरी करने का मौका मिलने जा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय टीजीटी कला संकाय के 652, नॉन मेडिकल के 492 और मेडिकल के 265 पद भरेगा। टेट पास अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र होंगे। अनुबंध आधार पर भर्ती होने वाले शिक्षकों को 22,860 रुपये का फिक्स वेतन मिलेगा। विभाग ने प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज के स्कूलों में सेवाएं नहीं देने के इच्छुक अभ्यर्थियों से काउंसलिंग में न आने की अपील की है। किस कोटे में कितने पद टीजीटी के 898 पद अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग से भरे जाएंगे। इसके अलावा पूर्व सैनिक कोटे से 353, खेल कोटे से 68 और दिव्यांग कोटे से 90 पद भरे जाएंगे। 898 पदों के लिए जिला रोजगार कार्यालयों से पात्र अभ्यर्थियों की सूची मांगी गई है। बीए, बीएससी और बीकॉम में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले और बीएड पास अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र होंगे। टीजीटी के 898 पदों की भर्ती के लिए नॉन मेडिकल संकाय में बीएड करने वालों का वर्ष 1999 का बैच पात्र होगा पूर्व सैनिक कोटे के तहत टीजीटी कला में 159, नॉन मेडिकल में 130 और मेडिकल में 64 पद भरे जाएंगे। निदेशक सैनिक कल्याण विभाग से पात्र अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त होते ही प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को शुरू करेगा। बैचवाइज भर्ती के लिए कला संकाय में अनारक्षित वर्ग के लिए वर्ष 2001, मेडिकल में 2002 का बीएड बैच चल रहा है। कला संकाय की भर्ती के लिए आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग का मई 2003, ओबीसी का 2003, एससी और एसटी वर्ग का वर्ष 2004 का बैच चल रहा है। नॉन मेडिकल भर्ती के लिए ईडब्लूएस का 2002, ओबीसी का 2003, एससी का 2006 और एसटी का 2008 का बैच चल रहा है। मेडिकल संकाय में ईडब्लूएस का 2005, ओबीसी का 2006, एससी-एसटी का वर्ष 2006 का बैच चल रहा है 6 से 15 नवंबर तक जिला स्तर पर होगी काउंसलिंग टीजीटी की बैचवाइज भर्ती के लिए जिला स्तर पर 6 से 15 नवंबर तक काउंसलिंग होगी। जिला उप निदेशक शिक्षा भर्ती करेंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला रोजगार कार्यालयों से 20 अक्तूबर तक पात्र अभ्यर्थियों की सूची देने को कहा है। शिक्षा निदेशालय की जगह जिला उप निदेशक कार्यालयों में अभ्यर्थियों के नाम देने को कहा गया है।
-जातिगत सर्वेक्षण के बाद आर्थिक आधार पर भी होगा सर्वे हिमाचल प्रदेश में भी जातीय जनगणना होगी। दिल्ली में सोमवार को संपन्न कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी ) की मीटिंग में इसे लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया। सीडब्ल्यूसी की चार घंटे तक चली चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। इस प्रस्ताव के मुताबिक, कांग्रेस शासित हिमाचल, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ भी जातीय गणना करेंगे। देश में आज से पहले कभी भी जातीय जनगणना नहीं हुई। खास बात यह है कि आर्थिक बदहाली झेल रहे प्रदेश में सरकार दूसरे चरण में आर्थिक सर्वेक्षण भी करेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पिछड़े और गरीब तबके तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को इस सर्वेक्षण का आधार बताया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) में बाकायदा इस बारे में प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रस्ताव में कांग्रेस ने अन्य तीन राज्यों के साथ ही हिमाचल में भी जनगणना को जातिगत मोड़ देने का फैसला किया है। दरअसल, देश में कांग्रेस की सरकार चार राज्यों में है और इन सभी में भविष्य में एक साथ पहले जातिगत और उसके बाद आर्थिक आधार पर गणना होगी। हिमाचल के अलावा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में भी कांग्रेस की सरकारें हैं और यहां भी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जातिगत सर्वेक्षण का फैसला किया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में जातिगत सर्वे को लेकर प्रस्ताव पारित हुआ है। इसके साथ ही कांग्रेस देश की दूसरी ऐसी पार्टी भी बन गई है जो जातिगत आधार पर जनसंख्या की गणना करने जा रही है। इससे पूर्व हाल ही में बिहार सरकार ने जातिगत सर्वेक्षण किया है और बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने इस सर्वेक्षण के बाद सामने आए आंकड़ों को भी सार्वजनिक कर दिया है। खास बात यह है कि कांग्रेस ने इस सर्वे में आर्थिक आधार को भी जोड़ा है। पार्टी के इस फैसले को लोकसभा चुनाव से पहले बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े की अध्यक्षता में आयोजित सीडब्ल्यूसी की बैठक में फैसला आने के बाद सांसद राहुल गांधी ने मीडिया को कांग्रेस के इस कदम की जानकारी दी। जहां जीतेंगे, वहां जातिगत सर्वे करवाएंगे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि हिमाचल, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जातीय जनगणना करवाई जाएगी। इसके बाद जिन राज्यों में भी कांग्रेस की सरकार बनेगी, उनमें भी जातिगत सर्वे करवाने का फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य है कि समाज का एक्स-रे होना चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्स-रे करवाने से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों को उनका हक दिलवाने के लिए इसके बाद आर्थिक आधार पर भी सर्वेक्षण होगा।
-ट्रैकिंग, सफाई अभियान व ब्लड डोनेशन कैंप का होगा आयोजन हिमाचल प्रदेश फिटनेस ट्रेकर ग्रुप (एफटीजी) ने शिमला नगर में एक आदर्श और उभरता हुआ नाम बनाया है। हाल ही में 4 अक्टूबर को एफटीजी ने फ्रेंडशिप पीक 5289 मीटर का सफलतापूर्वक फतेह किया है, जिससे हमारे आदर्श और ध्यान देने योग्य प्राकृतिक सौंदर्य के प्रति नई ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाया गया है। अब यह शिमला में सफाई अभियान व रक्तदान शिविर लगाएंगे। एफटीजी ने पिछले कुछ वर्षों में ब्लैक पीक, हमप्ता पास, सार पास, पिन भाभा पास, चुड़धार, बिजली महादेव, शिकारी देवी जैसे खूबसूरत स्थलों पर ट्रेकिंग की है और इसके साथ ही पौधरोपण का भी समर्थन किया है, जिससे हमारे प्राकृतिक संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। यह सफलता न केवल प्राकृतिक सौंदर्य की महत्वपूर्ण दरबार को छूने का सबूत है, बल्कि यह भी हमें यह सिखाता है कि साथ में कठिनाइयों का सामना करने के साथ-साथ टीम क्षमता को हासिल कर सकती है। फिटनेस ट्रेकर ग्रुप को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और समर्थन मिल रहा है। इस अद्भुत कदम के साथ हम सभी को प्राकृतिक सौंदर्य की सदय सौगात की तरह हमें यहां से और भी नजदीक जाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं फिटनेस ट्रैकर ग्रुप के पदाधिकारियों का कहना है कि भविष्य मे ग्रुप हिमाचल की सबसे ऊंची छोटी रिओ पारगिल की चढ़ाई करेंगे। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना व ट्रैकिंग, सफाई व ब्लड डोनेशन जैसे सामाजिक कार्यों कि तरफ आकर्षित करना है।
लोकसभा चुनाव-2024 को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी मंथन शुरू कर दिया है। सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में लोकसभा चुनाव पर भी चर्चा की गई। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशियों को फील्ड में भेजकर जनता की टोह लेने को कह दिया है। राज्य में लोकसभा की चार सीटें हैं। इनमें से मात्र मंडी संसदीय सीट ही कांग्रेस के पास है। हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव का जिम्मा मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर रहेगा। ऐसे में उनके लिए यह चुनाव चुनौती से कम नहीं होगा। केंद्र में भाजपा की सरकार है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस पार्टी सुक्खू सरकार की ओर से लिए गए जनहित के फैसलों पर चुनाव लड़ेगी। हिमाचल प्रदेश में आपदा भी अहम मुद्दा रहेगा। केंद्र सरकार की ओर से अब तक हिमाचल प्रदेश के लिए आपदा राहत राशि जारी नहीं हुई है। सुक्खू सरकार ने 4500 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि की घोषणा की है।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा विशेष रूप से सक्षम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से तीन छात्रवृत्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा नौंवी तथा दसवीं के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा कक्षा 11वीं से स्नातकोत्तर के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा उच्च श्रेणी स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्री व डिप्लोमा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इन छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर पंजीकरण प्रथम अक्तूबर से आरंभ हो गया है। इन छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत जानकारी वेबसाईट अथवा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रवक्ता ने बताया कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 31 दिसंबर निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज बताया कि दिल्ली सरकार ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को 10 करोड़ रुपये की सहायता राशि आपदा राहत कोष-2023 के लिए प्रदान की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सहायता राशि प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में कारगर साबित होगी। उन्होंने आम जनता से इस कोष में अधिक से अधिक अंशदान का आग्रह किया है ताकि प्रभावितों को हरसंभव मदद प्रदान की जा सके।
-दिल्ली की दो मेकअप आर्टिस्ट ने 100 महिलाओं को दी ब्यूटी ट्रेनिंग -हजारों रुपये के ब्यूटी प्रोडक्ट भी नि:शुल्क प्रदान किए केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में 7 और 8 अक्टूबर को श्री नैना देवी की कचौली और कोठीपुरा पंचायतों में दो दिवसीय मेकअप मास्टर क्लास का आयोजन किया गया। अनुराग ठाकुर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मेकअप आर्टिस्ट बनने की नि:शुल्क ट्रेनिंग दिलवा रहे हैं और साथ ही हजारों रुपये के ब्यूटी प्रोडक्ट भी नि:शुल्क प्रदान कर रहे हैं। संस्था के संयोजक मितेश कौशल ने बताया कि श्री नैना देवी में 7 और 8 अक्टूबर को हुई मेकअप मास्टर क्लास में दिल्ली की दो प्रख्यात मॉडल द्वारा 100 महिलाओं का प्रशिक्षण दिया गया। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर सभी महलिओं को सर्टिफिकेट भी दिए गए। महिलाएं ट्रेनिंग का सही लाभ उठा सकें, इसके लिए हजारों के ब्यूटी प्रोडक्ट एवं किट प्रत्येक महिला को निशुल्क दिए गए। अभी तक संसदीय क्षेत्र की लगभग 4000 महिलाएं यह प्रशिक्षण ले चुकी हैं, जिनमें से बहुत सी महिलाएं गांव स्तर पर अपना निजी व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं, अपना ब्यूटी पार्लर चला रही हैं और बड़े शहरों के मेकअप स्टूडियो में भी कार्य कर रही हैं। संस्था के संजोयक मितेश कौशल ने आगे जानकारी दी कि अनुराग ठाकुर इसी तरह क्षेत्र वासियों को रोजगार-स्वरोजगार के विभिन्न अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। किसानों को औषधीय मशरूम की ट्रेनिंग देकर, बायबैक भी करवाया जा रहा है। अनुराग के सहयोग से हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से औषधीय मशरूम गांव से ही खरीद लिया जाता है। और अनुराग ठाकुर की पहल एक से श्रेष्ठ के माध्यम से पंचायतों मे ग्रेजुएट को रोजगार भी मिल रहा है। एक से श्रेष्ठ केंद्रों मे स्थानीय लोगों का ही चयन कर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है।
बुशहर छात्र कल्याण संघ के छात्र एवं छात्राएं आज लोक निर्माण एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह एवं रामपुर बुशहर के स्थानीय विधायक नंद लाल से उनके निजी आवास में जाकर मिले। इस दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की गई। लोक निर्माण मंत्री तथा विधायक नंद लाल ने बुशहर छात्र कल्याण संघ के सभी चुने हुई पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और एकता का मार्ग अपनाकर जनकल्याण कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर छात्र कल्याण संघ के चेयरमैन कुलदीप वर्मा, प्रधान चंदन महाजन, महासचिव शालू नेगी, कोषाध्यक्ष अशोक पालसरा, उपाध्यक्ष अभिनय चौहान, सचिव सुमित शर्मा एवं अन्य सभी पदाधिकारी और सदस्य आदि मौजूद रहे।
-मुख्यमंत्री ने बिशप काटन स्कूल में विजेता आईएएस-इलेवन को किया सम्मानित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के बिशप काटन स्कूल में आईएएस-इलेवन और आईपीएस-इलेवन के बीच टी-20 क्रिकेट मैच का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यस्त जीवन के तनाव से मुक्ति दिलाने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए। खेल गतिविधियां युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखती हैं। खेल गतिविधियां व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अनुशासन जैसे मूल्यवान गुण भी विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हिमाचल के खिलाड़ियों और एथलीटों की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश के युवा प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने मैच की विजेता टीम आईएएस-इलेवन को ट्राफी से भी सम्मानित किया और पुरस्कार भी वितरित किये। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आबिद हुसैन सादिक को मैन-आफ-द-मैच की ट्रॉफी भी दी। उन्होंने शानदार 82 रन बनाए और अपनी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण विकेट भी लिया। आईपीएस-इलेवन के विवेक चहल को उनके उत्कृष्ट 59 रन की पारी के लिए सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना गया, जबकि आईएएस-इलेवन के अपूर्व देवगन को शानदार गेंदबाजी के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज की ट्राफी से सम्मानित किया गया। आईएएस-इलेवन के लिए सुमित किमटा ने 35 रन बनाए, जबकि विवेक भाटिया ने 32 रन का योगदान दिया। आईपीएस-इलेवन टीम के लिए शालिनी अग्निहोत्री ने 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जबकि अशोक रतन 47 रनों के साथ आईपीएस-इलेवन के लिए दूसरे शीर्ष स्कोरर रहे, लेकिन 214 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आईपीएस-इलेवन 167 रन ही बना सकी। मैच से पूर्व अभ्यास में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को बीसीएस के निदेशक साइमन वीले ने गेंदबाजी की। मैच का संचालन बीसीएस खेल शिक्षक तथा क्रिकेट कोच लोकपाल ठाकुर और अमोद तलवलकर ने अंपायर की भूमिका निभाई। इस अवसर पर बीसीएस विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट संगीत प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा और सुरिंदर काकू, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, बीसीएस स्कूल के हेडमास्टर मैथ्यू पी. जान और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जातिगत जनगणना को सिर्फ घमंडिया विपक्ष की राजनीति बताते हुए कहा कि जिनका काम पहले बांटना था वह आज भी वही कर रहे हैं। न लोगों की फितरत बदलती है और न ही नीयत। देश में विकास और बात होनी चाहिए लेकिन विपक्ष का कोई भी नेता विकास की बात नहीं कर रहा है। सिर्फ लोगों को बांटने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश को अगर आगे ले जाना है तो सिफ़र् विकास की बात करने की आवश्यकता है। गरीबों के कल्याण की आवश्यकता है। यह काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र बखूबी कर रहे हैं। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के सर्वमान्य नेता हैं और भारत ने उनके नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रखना है, इसलिए भारत के लोग आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को और बड़ा जनादेश देंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि आधुनिक भारत में बांटनें वाली विचारधारा नहीं चलेगी। देश की समस्या ग़रीबी है। इसलिए ग़रीबी को ख़त्म करने की आवश्यकता है। माफ़ियाराज और बिचौलियों को रास्ते से हटाकर सरकार की योजनाओं को सीधे आम आदमी से जोड़ने की ज़रूरत थी। जिससे दिल्ली से आम लोगों के लिए भेजा जाने वाला 100 पैसा पूरा का पूरा ज़रूरतमंदों तक पहुंचे न कि 85 पैसा बिचौलियों में ही रह जाए। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काम किया लाखों करोड़ रुपया हर साल आम आदमी के खाते में सीधे-सीधे पहुंचाया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत बनाने और विकासात्मक कार्यों को गति देने की आवश्यकता है। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी सरकार की आवश्यकता है, जिससे देश की पाई-पाई, देश के विकास में लगे न कि भ्रष्टाचार और परिवारवाद को पोषित करने में। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 साल के सेवाकाल में एक नए पैसे के भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है जबकि इसके पहले की सरकारों में इस कदर भ्रष्टाचार हुआ कि शून्य कम पड़ गए। जयराम ठाकुर ने कहा कि आज भारत दुनिया में तकनीकी, विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में जो विकास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नौ साल के कार्यकाल में हुआ वह 70 साल में नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से ग़रीबी को ख़त्म करने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। उनकी इस मुहिम में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला जाकर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी की माता अमरलता अवस्थी और चौपाल से विधायक बलबीर वर्मा की माता विद्या वर्मा का कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ जिला किन्नौर ने रविवार को मिनी स्टेडियम रिकांगपिओ में आभार रैली का आयोजन किया। आभार रैली में जिला किन्नौर के तीन खंडों से कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। रैली में प्रदेश के राजस्व, बागवानी एंव जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे। न्यूज पेंशन कर्मचारी महासंघ जिला किनौर ने पुरानी पेंशन बहाल होने की खुशी में आभार रैली का आयोजन किया। न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ के प्रधान विजेंद्र जिन्टू, उपाध्यक्ष बलदेव बिष्ट, जिला महासचिव मोती नेगी और संज्ञा नेगी ने बताया कि एनपीएस कर्मचारियों की मांगों को लेकर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने पूरा सहयोग दिया है। कांग्रेस सरकार ने सता में आते ही पहली ही कैबिनेट में पुरानी पेंशन बहाल करके एतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताया। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने कर्मचारियों के साथ नाटी भी डाली।
-कहा, सेवा पखवाड़े में हर भाजयुमो कार्यकर्ता ने किया बेहतरीन काम सेवा पखवाड़े के तहत भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा प्रदेश भर में बीते दिनों विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पिछले एक सप्ताह में भाजयुमो द्वारा रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान जैसे अनेकों कार्यक्रम किए गए, जिसमें 7 दिनों में भाजयुमो ने रक्तदान कर 1556 यूनिट रक्त भी एकत्र किया है। भाजयुमो प्रदेश प्रवक्ता रोहित भारद्वाज ने कहा युवा मोर्चा ने पूरे प्रदेश में सेवा पखवाड़ा के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें रक्त दान शिविर, सफाई अभियान वह अनेकों कार्यक्रम किए गए और युवा मोर्चा ने यह कार्यक्रम युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तिलक राज शर्मा के नेतृत्व में पूरे प्रदेश भर में किए। युवा मोर्चा के सभी नेता युवा मोर्चा अध्यक्ष तिलक राज को बधाई देता है कि पूरे प्रदेश मे सफल कार्यक्रम रहे। रोहित भारद्वाज ने कहा कि आगे भी युवा मोर्चा इसी तरह के विभिन्न कार्यक्रम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि ब्लड डोनेशन कार्यक्रम में युवा मोर्चा की दृष्टि से प्रभारी लगे युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री सनी शुक्ला ने पूरे प्रदेश से डाटा इक_ा कर मॉनिटरिंग कर के इस कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रदेश में पहली बार किसी मोर्चा द्वारा 7 दिनों के अंदर 1556 यूनिट के आस पास ब्लड इक_ा किया गया और प्रदेश के सभी जिलों मे अच्छा कार्य किया गया। रोहित ने कहा कि प्रदेश के हर जिले मे मंडल स्तर पर इन कार्यक्रमों को किया गया और जिला के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लेकर इन सभी कार्यक्रमों को सफल बनाए।
-सीएम ने निगम के निदेशक मंडल की 173वीं बैठक की अध्यक्षता की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार देर सायं शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सीमित के निदेशक मंडल की 173वीं बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आपदा प्रभावित परिवारों को नि:शुल्क एलपीजी कनेक्शन और नि:शुल्क राशन उपलब्ध करवाने की योजना शुरू की गई है और पात्र लाभार्थी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारियों को इसके प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवार अपने उचित अधिकारों से वंचित न रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को एलपीजी सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, हाट प्लेट, सुरक्षा पाइप सहित एलपीजी घरेलू रिफिल और ब्लू बुक की लागत सहित सभी संबंधित सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन प्रभावित परिवारों को नि:शुल्क राशन भी उपलब्ध करवा रही है जिसके अंतर्गत राशन पैकेज में 20 किलो गेहूं का आटा, 15 किलो चावल, 3 किलो दाल, 1 लीटर सरसों का तेल, 1 लीटर सोया रिफाइंड तेल, 1 किलो डबल फोर्टिफाइड नमक और 2 किलो चीनी शामिल है। उन्होंने कहा कि नि:शुल्क राशन की यह सुविधा 31 मार्च, 2024 तक प्रदान की जाएगी। इससे प्रभावितों को मूलभूत खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 1955 करोड़ रुपये का कुल कारोबार किया है और 87 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निगम को पूरी तरह से डिजिटल, वाणिज्यिक और पेशेवर इकाई बनाने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफएमसीजी उत्पादों की खरीद के लिए निगम को गोदरेज और बजाज जैसी अग्रणी कम्पनियों के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करने चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने निगम से मरीजों की सुविधा के लिए और उन्हें उचित दरों पर दवाएं और अन्य सर्जिकल उपकरण उपलब्ध कराने के लिए राज्य भर के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 52 नई उचित मूल्य दवाओं की दुकानें खोलने के लिए भी कहा ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। निगम के गैर सरकारी निदेशक, प्रधान सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आरडी नजीम, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, प्रबंध निदेशक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम राजेश्वर गोयल, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार संदीप कदम, राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यकारी निदेशक सचिन कंवल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार समग्र शिक्षा के अंतर्गत नियुक्त विशेष शिक्षकों (एसएमसी/आउटसोर्स) की लंबित मांग को पूरा करते हुए उनके मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रारंभिक स्तर पर नियुक्त विशेष शिक्षकों के मानदेय को 8,910 रुपये से बढ़ाकर 14,095 रुपये तथा वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर विशेष शिक्षकों का मानदेय 14,500 रुपये से बढ़ा कर 17,936 रुपये किया गया है। इन विशेष शिक्षकों को यह लाभ प्रथम अक्तूबर, 2023 से प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त समग्र शिक्षा के अंतर्गत एसएमसी के अंतर्गत नियुक्त विशेष शिक्षकों को चिकित्सा अवकाश का भी प्रावधान किया गया है। इन विशेष शिक्षकों को समान वर्ष में छह दिन का चिकित्सा अवकाश प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसएफक्य) के अंतर्गत कार्यरत वोकेशनल ट्रेनर्ज का वेतन बढ़ाकर 22 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष शिक्षकों की मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है तथा उन्हें वेतन वृद्धि प्रदान कर अपना वायदा पूरा किया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
- जिन क्षेत्रों में सेब होता ही नहीं, वहां के विधायक विदेशी दौरे में क्या करेंगे भाजपा प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि जब भी कोई वर्ल्ड बैंक या कोई बड़ा प्रोजेक्ट आता है तो उसमें एक एक्सपोजर टूर का बजट होता है। इसमें कृषक, उद्यमी, अफसर, विभाग के प्रमुख प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले टूअर पर जाते हैं। इसके माध्यम से उनको पूरे विश्व से उस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने के लिए अच्छी जानकारी प्राप्त होती है, पर हैरानी की बात है कि वर्तमान में हिमाचल राज्य बागवानी मिशन प्रोजेक्ट जो सरकार द्वारा एक्सटेंशन और वायु-प्रवाहक पर है और जिसके अंतर्गत 60 लाख रुपये बचे हैं उसमें विदेश दौरा बना दिया गया है। इस दौरे में कोई किसान नहीं जा रहा है। किसान बहुल इलाके का कोई विधायक नहीं जा रहा है। दौर पर जा रहे हैं हमीरपुर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, अर्की के विधायक संजय अवस्थी और एक विधायक जिनकी मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने हाथों से फाइल क्लियर करके बोर्ड को भेजी वो हैं नाहन के विधायक अजय सोलंकी। हैरानी की बात है कि इस दौरे पर जाने वाले विधायकों के क्षेत्र में सेब नाम की चीज ही नहीं है। उन्होंने कहा हम मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री इस दौरे को लेकर फिर विचार करें, यह किसानों का पैसा है और इसको सैर-सपाटे के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हम वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हैं कि वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट में जो दौरा हो
-महात्मा गांधी की जयंती समारोह पर निकाला मार्च -प्रदेश अध्यक्ष जैनब बोलीं, आज देश को राष्ट्रपिता के दिखाए मार्ग पर चलने की जरूरत देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयंती समारोह की शृंखला मनाई जा रही है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी इस मौके पर महिला कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय से मैदान तक मार्च निकाला गया। हिमाचल कांग्रेस महिला अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि इस मार्च के माध्यम से सत्य, अहिंसा और भाईचारे का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दिखाए मार्ग पर चलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनकी कही हुई बातें समाज को नई दिशा और दशा देने का काम करती हैं। राष्ट्रपिता ने देश को आजादी दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश को एक सूत्र में पिरोकर अहिंसा के साथ आजादी हासिल की। हिमाचल महिला कांग्रेस ने सभी लोगों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की राह पर चलकर देश को आगे बढ़ाने की अपील की।
-आम आदमी पर बोझ डालने वाली लगेज पॉलिसी वापस ले सरकार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुखविंदर सिंह 'सुक्खू' के नेतृत्व में हिमाचल सरकार द्वारा एचआरटीसी के लिये लाई गई लगेज पॉलिसी पूरी तरह से आमजन विरोधी है। इस पॉलिसी को लागू करने में आमजन का बिलकुल ख़याल नहीं रखा गया। इसलिए इसे पूरी तरह से वापस लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि बसों से आम आदमी चलता है। वह अपने ज़रूरत का सामान भी उसी बस से ही ले जाएगा। इसलिए सामान के बदले अतिरिक्त किराया लेना किसी प्रकार से न्यायोचित नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एचआरटीसी हिमाचल प्रदेश की 'लाइफ लाइनÓ है। प्रदेश के आम लोगों के परिवहन का सबसे प्रमुख साधन है। दूर-दराज के आम लोग एचआरटीसी द्वारा ही यात्रा करते हैं। इनमें आम किसान और बागवान भी हैं। ऐसे में कोई किसान निर्धारित क्षमता के अंदर कोई सामान अपने साथ ले जा रहा है तो उससे भी अतिरिक्त किराया लेने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के फ़ैसले आमजन मानस को राहत देने वाले होने चाहिए परेशान करने वाले नहीं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का आम लोगों को सुविधाएं प्रदान करना है। हर काम आय बढ़ाने की दृष्टि से नहीं किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की आय बढ़ाने के और भी संसाधन हैं। आम लोगों के ऊपर किराए का बोझ बढ़ाकर एचआरटीसी की आय बढ़ाने का यह सरकारी फार्मूला बिलकुल ग़लत है।
क्रिप्टो करंसी ठगी मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश सहित पंजाब व चंडीगढ़ में 35 स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान विशेष जांच की ओर से मामले में कांगड़ा, मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला और बद्दी में स्थित आरोपियों व संदिग्धों के आवासीय परिसरों में तलाशी ली गई। इसके अलावा पंजाब और चंडीगढ़ में भी तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एसआईटी के हाथ मामले से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं। एसआईटी ने दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड सहित मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त किया है। कुछ वाहनों को भी जब्त किया गया है। ठगी मामले में आय से संबंधित विभिन्न विवरण प्राप्त किए हैं। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से दी गई है। एसआईटी के अनुसार तलाशी के दौरान एकत्र किए गए सबूत क्रिप्टो मुद्रा घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी भी मामले में मुख्य सरगना फरार है। एसआईटी की ओर से अभी भी तलाशी अभियान जारी है। हिमाचल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और उन योजनाओं में निवेश करने से बचें जो कम अवधि में असामान्य रूप से उच्च रिटर्न का वादा करती हैं। वित्तीय सुरक्षा और निवेश को हमेशा सावधानी और उचित परिश्रम से किया जाना चाहिए। वैध और विनियमित तरीकों से निवेश करके अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बुशहर छात्र कल्याण संघ की बैठक मनोज चौहान और डॉ. संतोष सैनी की अध्यक्षता में विश्विद्यालय परिसर में हुई। इसमें कार्यकारणी समिति का गठन सर्वसम्मति किया गया। इसमें चैयरमैन कुलदीप वर्मा को बनाया गया। बुशहर छात्र कल्याण समिति का अध्यक्ष चंदन महाजन, उप-प्रधान राहुल बंसल और शगुन नेगी,महासचिव शालू नेगी, कोषाध्यक्ष अशोक पालसरा, सह-सचिव सुमित शर्मा,खेल सचिव प्रदीप दिमान, मीडिया प्रभारी कर्ण चौहान को चुना गया। बैठक में आगामी विषय पर चर्चा की गई। बैठक में मोहित मेहता, प्रयांशु, अभिनय खश, साहिल ठाकुर, वनीत भारद्वाज, रोबिन जिंटू, मुकुल रांटा, इत्यादि मजूद रहे।
-शिकायतकर्ता बच्चे के पिता पर ही जड़ दिए कई आरोप -स्कूल में गलत नियत से आने एवं स्कूल और अध्यापिका की बदनामी करने की कही बात राजकीय प्राथमिक पाठशाला फागली में शुक्रवार को स्कूल की अध्यापिका द्वारा दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे की पिटाई के आरोपों को पाठशाला के अध्यापकों, अभिभावकों तथा एसएमसी सदस्यों ने पूरी तरह से नकार दिया है। प्रेस बयान में इन लोगों ने कहा कि बच्चे के पिता बलदेव, जो पूर्व में स्कूल प्रबंधन समिति का प्रधान रह चुके हैं, ने अनावश्यक रूप से इस मामले को तूल दिया और पुलिस थाना में रिपोर्ट करने के उपरांत मीडिया में उछाला, जिससे पाठशाला की बदनामी हुई और अध्यापिका के मान-सम्मान को भी ठेस पहुंची है। वहीं, अध्यापिका आशा देवी ने कहा कि एसएमसी प्रधान के पद से हटाने के कारण बलदेव कुमार अध्यापकों से खुन्नस रखता था। वह हररोज बिना वजह स्कूल में आकर ताकझांक करता था और महिला अध्यापिकाओं और महिला कुक पर भी गलत नजर रखता था, जिस पर आशा देवी ने उसे टोका और बिना काम स्कूल न आने की हिदायत दी तो वह आगबबूला हो गया और आशा देवी को इसका खामियाजा भुगतने की धमकी दे डाली। अध्यापिका ने कहा कि उन्होंने बच्चे की पिटाई नहीं की है। क्लास में खेलते वक्त बच्चे का सिर एक मेज से टकरा गया, जिस कारण उसके कान के पास हल्की चोट लगी है। उन्होंने तुरंत उसे प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवाई है। वहीं, अध्यापिका आशा देवी के समर्थन में बच्चों के अभिभावकों, एसएमसी के सदस्यों तथा अध्यापकों ने आज एक आपात बैठक बुलाई और एक प्रस्ताव पारित कर हस्ताक्षरित बयान पुलिस थाना बालूगंज, प्राथमिक शिक्षा उप-निदेशक शिमला, खंड प्राथमिक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को बलदेव के खिलाफ एक शिकायत भेजी है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि बलदेव ने अध्यापिका के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करवाई है। आशा देवी पर ऐसे झूठे आरोप लगाना सरासर गलत है।
-कहा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भारत में लाए थे कंप्यूटर क्रांति -विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को बांटे पुरस्कार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के शोघी में 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विज्ञान अध्ययन एवं सृजन केंद्र का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शत प्रतिशत वित्त पोषित विज्ञान अध्ययन एवं सृजन केंद्र (सीएसएलसी) विज्ञान शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति लाने के साथ-साथ विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। यह अत्याधुनिक संस्थान हिमकोस्टे और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) के संयुक्त तत्वावधान में तैयार किया गया है। इसके सभी संस्थागत खंडों में 60 इंटरैक्टिव विज्ञान प्रदर्शनियां, विषयवार दीर्घाएं और सूचना विज्ञान प्रदर्शनियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में एक आधुनिक तारामंडल का संचालन वर्ष 2024 के अंत तक पूरा हो जाएगा जो खगोलीय शिक्षा को प्रोत्साहित करने में मददगार साहिब होगा। उन्होंने केंद्र में प्रदर्शित प्रदर्शनियों का गहराई से अवलोकन करते हुए कहा कि यह केंद्र प्रदेश में नवीन विचारों और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में आधारशिला रखने के साथ शुरू हुई इस परियोजना को वर्ष 2023 को मूर्तरूप मिला है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी भारत में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार क्रांति के जनक हैं और आज उनके प्रयासों के फलस्वरूप देश सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरन्तर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र की स्थापना से युवा मन में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न होगी और वे वैज्ञानिक सिद्धांतों को अधिक प्रभावी ढंग से समझ सकेंगे। इसके अलावा, प्रदेश के विद्यार्थियों को विज्ञान के अध्ययन व अनुभव के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश के अग्रणी वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए इस केंद्र में एक हॉल ऑफ फेम स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, इसने एक पुस्तकालय और एक यू-टयूब स्टूडियो भी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया गया है, जिससे प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को विज्ञान से संबंधित गतिविधियों में सम्मिलित होने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रश्नोत्तरी एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया। दस वर्ष में हिमाचल को नंबर वन राज्य बनाना लक्ष्य उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगामी चार वर्षों में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और आगामी दस वर्षों में हिमाचल को देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण बदलाव लागू कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर करना है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट भी जारी की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने मंडी से बजौरा वाया कमांद कटौला वैकल्पिक मार्ग के लिए साढ़े 12 करोड़ व चैलचौक गोहर पंडोह मार्ग के सुधार के लिए भी साढ़े 12 करोड़ व दोनों के लिए कुल 25 करोड़ की डीपीआर राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण को मंजूरी के लिए भेजी है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इन दोनों सड़कों की डीपीआर को मंजूरी मिल जाएगी। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि इसके अतिरिक्त कुल्लू को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग पंडोह से कैंची मोड़ तक क्षतिग्रस्त सड़क के सुधार के लिए राष्ट्रीय राज मार्ग प्रधिकरण ने लोक निर्माण मंडल गोहर व पधर को 2,30 करोड़ जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि भारी बारिश से प्रभावित फोर लेन सड़को के सुधार व इन वैकल्पिक मार्गों का मामला उन्होंने राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण से उठाया था। प्रतिभा सिंह ने मंडी जिला के सभी अधिकारियों कर्मचारियों का आपदा से प्रभावित लोगों को राहत व पुनर्निर्माण कार्यो त्वरित कार्यवाही पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी का आभार प्रकट किया हैं।उन्होंने कहा है कि जिस गति से जिला प्रशासन के साथ साथ लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, राजस्व विभाग, विद्युत, वन विभाग ने भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में अपने अपने कार्य बहाली के कार्यो को अंजाम दिया है वह बहुत ही सराहनीय है। मंडी जिला के पांच दिवसीय दौरे के बाद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि सरकार और प्रशासन पूरे तालमेल के साथ राहत व पुनर्वास कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित प्रदेश सरकार के सभी मंत्री प्रदेश में हुए नुकसान व प्रभावित लोगों की जिस प्रकार मदद कर रहें है वह बहुत ही सराहनीय है। प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 4500 करोड़ का राहत कोष स्थापित करने को एक ऐतहासिक कदम बताते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के नकारात्मक रवैये के चलते प्रदेश सरकार ने अपना पूरा खजाना खोल दिया है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि वह मंडी जिला में राहत व पुनर्वास कार्यो से संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर से पंडोह व कुल्लू फोर लेन सड़क के पुनर्निर्माण कार्य मे राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण को भी तेजी लाने को कहा है।


















































