- पुलिस अकादमी स्थाापित करने पर भी विचार कर रही सरकार - मुख्यमंत्री ने डरोह में पुलिस बैरक तथा आवास सुविधा का लोकार्पण किया प्रदेश में पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए पुलिस विभाग में आरक्षियों के 1226 पद भरने की स्वीकृति प्रदान की गई और कमांडो बल स्थापित करने के मामले पर विचार किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह बात आज पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज डरोह में पासिंग आउट परेड की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण के लिए कृत संकल्प है, जिसके लिए विभिन्न नई तकनीक शामिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को आवासीय सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का आधुनिकीरण सरकार की प्राथमिकता है और सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अधिक संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारकी जिला कांगड़ा में पुलिस अकादमी स्थापित करने की योजना है। उन्होंने पास आउट प्रशिक्षुओं को सेवाओं में व्यावसायिकता तथा प्रतिबद्धता लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए पुुलिस के सामने नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षुओं को बधाई दी तथा आशा व्यक्त की कि वे अनुशासन के साथ सेवा प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने राज्य में मानसून के दौरान आई आपदा में सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ मिलकर बचाव तथा राहत कार्यों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने 271 महिला प्रशिक्षुओं सहित 1093 प्रशिक्षु पुलिस आरक्षियों की परेड का निरीक्षण किया तथा भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली। प्रशिक्षुओं ने हथियारों को जोड़ने-खोलने, निशस्त्र युद्ध, कमांडों युद्ध, वैपन पीटी तथा मास पीटी की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने 21 करोड़ रुपये की लागत से डरोह में निर्मित 12 टाइप-3 आवास, 320 प्रशिक्षुओं के बैरेक तथा बाढ़ एवं फ्लड एंड ड्राउनिंग सेंटर का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के मेधावी प्रशिक्षुओं तथा प्रशिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने महाविद्यालय की मासिक पत्रिका के 33वें अंक का विमोचन भी किया। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने स्वागत संबोधन में पुलिस विभाग में विभिन्न पद स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि इस निर्णय से रिक्तियां भरने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस बैच के प्रशिक्षण में उच्च मानकों को अपनाया गया है। यह महाविद्यालय राष्ट्रीय तथा उत्तर क्षेत्र स्तर पर प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ आंका गया है तथा अब उप-पुलिस अधीक्षक तथा उप-निरीक्षक प्रशिक्षण में भी सर्वोच्च रैकिंग प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह के प्रधानाचार्य विमल गुप्ता ने कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत सजूराम राणा (आईपीएस) के पुत्र साहिल राणा को पुलिस विभाग में नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, किशोरी लाल तथा आशीष बुटेल, विधायक यादविंदर गोमा, पूर्व विधायक जगजीवन पाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सशस्त्र पुलिस एवं प्रशिक्षण अभिषेक त्रिवेदी, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल भी अन्य गणमान्य व्यक्ति सहित उपस्थित थे।
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल ने उत्तराखंड के टिहरी में टीएचडीसीआईएल के 2400 मेगावाट के टिहरी हाइड्रो कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने अग्रवाल का गर्मजोशी से स्वागत किया और टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में उनके पहली बार किए जा रहे दौरे पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया। जे. बेहेरा, निदेशक (वित्त), शैलेेंद्र सिंह, निदेशक (कार्मिक) और भूपेेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) ने पंकज अग्रवाल को टिहरी परिसर में उनके आगमन पर अपनी शुभकामनाएं दीं। पंकज अग्रवाल ने टिहरी परियोजना के दौरे के दौरान टिहरी में स्वच्छता पखवाड़ा की शपथ दिलाई। उन्होंने टीएचडीसी प्रबंधन, अधिकारियों और भागीरथीपुरम, टिहरी के स्थानीय निवासियों के साथ भागीरथीपुरम, टिहरी के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत श्रमदान किया। पंकज अग्रवाल ने परियोजना के प्रमुख घटकों जैसे अपस्ट्रीम सर्ज शाफ्ट, बटरफ्लाई वाल्व चैंबर, पेनस्टॉक असेंबली चैंबर, विद्युत गृह और टीआरटी आउटफॉल में गहरी रुचि दिखाते हुए इनका गहन निरीक्षण किया। उन्होंने टिहरी में टिहरी जलविद्युत परियोजना के प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। उनके दौरे का प्रमुख उद्देश्य 1000 मेगावाट की टिहरी एचईपी के प्रचालन और रखरखाव गतिविधियों की प्रगति के साथ-साथ 1000 मेगावाट के टिहरी पंप स्टोरेज संयंत्र पर चल रहे कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन करना था। उन्होंने टीएचडीसी के अधिकारियों द्वारा की जा रही उच्चतम मानकों की ओ एंड एम गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीएचडीसी न केवल उत्तरी ग्रिड को सस्ती,स्वच्छ और हरित ऊर्जा प्रदान करते हुए बहुमूल्य योगदान दे रहा है, अपितु बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ सिंचाई से संबंधित लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससेपूरे क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक उत्थान हो रहा है। भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) और एलपी जोशी, कार्यपालक निदेशक (टिहरी कॉम्प्लेक्स) ने भारत के जल विद्युत ऊर्जा उत्पादन के बुनियादी ढांचे के महत्वपूर्ण भाग के रूप में निर्मित की जा रही 4म250 मेगावाट टिहरी पीएसपी पर चल रहे कार्यों के बारे में बारीकी से बताया। आरके विश्नोई ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि टिहरी पीएसपी देश में सीपीएसयू के द्वारा निर्मित किया जा रहा सबसे बड़ा पंप स्टोरेज प्लांट है और सचिव (विद्युत) का दौरा स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। विश्नोई ने आगे कहा कि टीएचडीसी की टिहरी पीएसपी की पहली यूनिट फरवरी 2024 में चालू होने वाली है, इसके बाद विभिन्न चरणों में अन्य इकाइयां शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड नवाचारी और टिकाऊ बिजली समाधानों के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सामाजिक- आर्थिक विकास में योगदान देने के अपने मिशन के लिए पूरी तरह समर्पित है।
रेड रन में सात जिलों से 66 युवाओं ने लिया भाग मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एड्स के बारे समाज को जागरूक करने के लिए शिमला के आज रिज से राज्य स्तरीय मैराथन (रेड रन) का शुभारंभ किया। इस मैराथन में प्रदेश के सात जिलों से विभिन्न श्रेणियों के 66 युवाओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मैराथन के सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई दी तथा एड्स से बचाव के लिए सही जानकारी की महता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज में एड्स के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण बदलाव आए हैं। एक समय में एड्स के विषय पर चर्चा करने में लोग शर्म महसूस करते थे लेकिन वर्तमान में इस विषय पर सघन विचार-विमर्श किया जाता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 5,300 एड्स रोगी हैं तथा राज्य सरकार इन्हें नि:शुल्क उपचार तथा सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार ने युवाओं को एड्स संबंधी जानकारी प्रदान करने के लिए 1097 हेल्पलाइन स्थापित की है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में दो समर्पित आईटीसी वाहनों सहित 55 एकीकृत परीक्षण तथा परामर्श केन्द्रों के माध्यम से नि:शुल्क परीक्षण व परामर्श सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने समाज को एड्स के बारे में जागरूक बनाने के लिए सोशल मीडिया की भूमिका पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीतियां तथा योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान भारी जान व माल का नुकसान हुआ है, जिससे उबरने में समय लगेगा। प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत आपदा राहत कार्यों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज आवंटित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने इस अवसर पर एड्स से संबंधित भ्रम और भ्रांतियों को दूर करने में युवाओं की अहम भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एड्स रोगियों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें नि:शुल्क परीक्षण तथा उपचार भी शामिल है। इस अवसर पर इसके अतिरिक्त मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर सायं 55 नवनियुक्त सहायक अभियंताओं के साथ बातचीत की। मुख्यमंत्री ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। इन अभियंताओं में से 43 हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड, 10 हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा दो ऊर्जा विभाग में सेवा प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने अभियंताओं को लोगों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए ईमानदारी तथा समर्पण भाव से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा तथा पर्यटन क्षेत्र प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश एक आत्मनिर्भर राज्य बनेगा। प्रदेश सरकार राज्य की संभावित जल विद्युत ऊर्जा क्षमता के दोहन के लिए समर्पित है और ऊर्जा सृजन तथा इसकी क्षमता में बढ़ोतरी करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अभियंताओं को अद्यतन तकनीक के माध्यम से विशेषज्ञ कौशल विकसित करने को कहा, ताकि हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड को अधिक राजस्व सृजित करने के लिए सक्षम बनाया जा सके। प्रदेश सरकार ऊर्जा क्षेत्र में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक राजस्व सृजन है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने युवा अभियंताओं को चुनौतियों का सामना कर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव ऊर्जा आरडी नज़ीम, सचिव राजीव शर्मा, प्रबंधन निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, बिजली बोर्ड के निदेशक वित्त डॉ. अमित कुमार शर्मा भी अन्य गणमान्य सहित उपस्थित थे।
-पहाड़ी से चट्टानें गिरने से सैकड़ों वाहन फंसे हिमाचल के किन्नौर जिले के निगुलसरी में हिंदुस्तान-तिब्बत बॉर्डर को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-5 पर रविवार सुबह फिर से भारी लैंडस्लाइड हो गया। इससे समूचे किन्नौर जिले का शेष देश दुनिया से संपर्क कट गया। हाइवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई हैं। निगुलसरी में एनएच-5 बंद होने से सैकड़ों पेटी सेब और मटर की फसल टापरी मंडी और ट्रकों में फंस गई है। इससे बागवानों की चिंताएं बढ़ गई है। लोक निर्माण विभाग सड़क की बहाली में जुटा हुआ है, लेकिन पहाड़ी से बार बार गिर रहे पत्थर इसमें बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इससे पहले भी बीते छह और सात सितंबर को यहां भारी लैंडस्लाइड हुआ था और सड़क का करीब 400 मीटर हिस्सा धंस गया था। उस दौरान हाईवे 11 दिन तक बंद रहा। दिन-रात सड़क बहाली का काम किया गया। तब जाकर सड़क को खोला गया। दैनिक उपभोग की वस्तुओं की सप्लाई ठप सड़क बंद होने से आज किन्नौर जिले में दैनिक उपभोग की खाद्य वस्तुएं दूध, दही, ब्रेड, मक्खन, सब्जियों इत्यादि की सप्लाई भी नहीं पहुंच पाई।
हिमाचल प्रदेश में राज्य चयन आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब हमीरपुर में चयन आयोग कार्य शुरू कर देगा और लंबित पड़ी भर्तियों की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। चयन आयोग का मुख्यालय हमीरपुर में होगा। 23 दिसंबर, 2022 को पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। पेपर लीक के कारण 26 दिसंबर, 2022 को प्रदेश सरकार ने चयन आयोग के कामकाज को निलंबित किया और उसके बाद 21 फरवरी, 2023 को कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया था। राज्य सरकार के निर्देश पर गठित एसआईटी ने सिलसिलेवार 14 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में विजिलेंस थाना हमीरपुर में एफआईआर दर्ज की हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार देर शाम शिमला पहुंचें। वह चंडीगढ़ से सड़क मार्ग से शाम करीब 7:30 बजे शिमला के छराबड़ा पहुंचे। सोनिया और प्रियंका गांधी 4 दिन पहले से शिमला में हैं। अब राहुल गांधी भी मध्य प्रदेश चुनाव की थकान मिटाने वीकेंड पर यहां पहुंचे। पार्टी सूत्रों की माने तो वह अगले कुछ दिन छराबड़ा में रुक सकते हैं और यही से देश की राजनीति पर नजर रखेंगे। हालांकि आधिकारिक तौर पर राहुल का कोई प्रोग्राम नहीं है। प्रियंका गांधी का घर है छराबड़ा में छराबड़ा में प्रियंका गांधी ने कल्याणी हेलीपैड के समीप देवदार के घने जंगल के बीच पहाड़ी शैली में अपना घर बना रखा है। प्रियंका गांधी साल में पांच से छह बार यहां आती हैं। सोनिया गांधी और बीच में राहुल गांधी भी छराबड़ा आते रहे हैं। इससे पहले भी राहुल गांधी का 15 अगस्त को कुल्लू में आपदा प्रभावितों से मिलने का कार्यक्रम था, लेकिन तब भारी बारिश से हुई तबाही के कारण वह नहीं आ पाए थे।
-6 करोड़ 71 लाख के विकास कार्यों के शिलान्यास व उद्घाटन किए -बोले, शिक्षा क्षेत्र में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रयासरत शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को पालमपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 6 करोड़ 71 लाख रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास व उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर में 3 करोड़ 95 लाख की लागत निर्मित बीबीए और बीसीए ब्लॉक के भवन का उद्घाटन कर उसे विद्यार्थियों को समर्पित किया। शिक्षा मंत्री ने राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजपुर में 126.39 लाख की लागत से बनने वाले साइंस भवन तथा 149.40 लाख की लागत से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पालमपुर में बनने वाले सार्वजनिक पुस्तकालय और परीक्षा भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव व विधायक पालमपुर आशीष बुटेल भी उनके साथ रहे। शिक्षा मंत्री ने पालमपुर महाविद्यालय में अपने संबोधन दौरान कहा कि इस भवन के बन जाने से इलाके के हजारों छात्रों को इसका लाभ प्राप्त होगा और वे अच्छे वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा आज प्रदेश के युवाओं को राज्य में ही अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। रोहित ठाकुर ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पालमपुर की छात्राओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए 21 हजार रुपए की राशि दी। सीपीएस व स्थानीय विधायक आशीष बुटेल ने विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर में एमएससी जूलॉजी, एम.ए हिंदी और एम.ए इंग्लिश की कक्षाएं शुरू करने के लिए शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की दीवार और सौंदर्यीकरण पर 23 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी। सेंट पॉल स्कूल के शताब्दी कार्यक्रम में की शिरकत पालमपुर स्थित सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शताब्दी संगम समारोह के अवसर पर शिक्षा मंत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर बच्चों के साथ समय व्यतीत किया। सीपीएस आशीष बुटेल कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्कूल के छात्रों और अध्यापकों ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्रों ने स्कूल के इस 100 साल के सफर को 10 दशकों में बांटकर प्रत्येक दशक में स्कूल और पूरे देश में होने वाले मुख्य आकर्षक कार्यों को नाटक के माध्यम से मुख्य अतिथि के समक्ष पेश किया। शिक्षा मंत्री ने स्कूल प्रशासन और विद्यार्थियों को उनके कार्य के लिए बधाई दी। इस दौरान स्कूल प्रशासन की तरफ से स्कूल के प्रधानाचार्य ने प्रदेश में आपदा के चलते मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 लाख 11 हजार रुपए की राशि शिक्षा मंत्री को भेंट की। सीपीएस आशीष बुटेल ने अपने संबोधन दौरान स्कूल के इतिहास के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इस स्कूल ने बच्चों को एक अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ अनेक सामाजिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी और वह स्वयं भी इस स्कूल के छात्र रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि संगठन के नेताओं को सरकार में कोई मान-सम्मान मिले, इसके लिये मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा। उन्होंने सेवादल की बैठक में सेवादल की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सेवादल कांग्रेस की रीढ़ है और इसे पूरा मान सम्मान दिया जाना चाहिए। सेवादल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा है कि संगठन के सभी कार्यों में सेवादल का अहम योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनावों में संगठन के लोगों की बहुत ज्यादा जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। आज राजीव भवन में सेवादल की एक समीक्षा बैठक में मुख्यातिथि शिरकत करते हुए प्रतिभा सिंह ने सेवादल की पीठ थपथपाते हुए कहा कि इस संगठन ने हमेशा से कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए विकट परिस्थितियों में भी सराहनीय कार्य किए हैं। इससे पूर्व कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने प्रतिभा सिंह का अभिनंदन करते हुए सेवादल की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं, चिंतपूर्णी के विधायक कांग्रेस सेवादल यंग बिर्गेड के अध्यक्ष सुदर्शन सिंह बबलू ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सेवादल के पदाधिकारियों को सरकार में उचित मान सम्मान मिले इसके लिये मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेवादल एक बहुत ही कर्मठ व मजबूत संगठन है जो पार्टी की सेवा में तन-मन से लगा रहता है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी कि राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही हैं। ई-के.वाई.सी. के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुसार ही हो। इस प्रक्रिया में आम जनता का विभाग को पूर्ण सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गत दिनों में हुई भारी वर्षा व आधार से सम्बन्धित तकनीकी समस्याओं के मद्देजर विभाग द्वारा आधार संख्या पंजीकृत व ई-के.वाई.सी. करवाने की तिथि 30 सितंबर तक बढ़ाई गई थी, परंतु अभी भी कुछ उपभोक्ताओं द्वारा किसी कारणवश उनके राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या को पंजीकृत नहीं किया जा सका है। ऐसे उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ई-के.वाई.सी. अपडेट करने की तिथि को 31 अक्टूबर तक बढ़ाया गया है। इसलिए उपभोक्ताओं से आग्रह है कि अपनी नजदीकी उचित मूल्य की दुकान पर जाकर ई-के.वाई.सी. की प्रक्रिया निर्धारित तिथि से पहले करवाएं। यदि कोई अपना आधार 31 अक्तूबर, 2023 तक जमा नहीं करवाता है तो उनके राशन कार्ड को अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाएगा तथा आधार उपलब्ध करवाने के बाद ही राशन कार्ड को फिर से शुरू किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त लाभार्थी विभाग से नवीनतम, सक्रिय मोबाईल नम्बर साझा कर खाद्यान्नों संबंधित सूचना प्राप्त कर सकते हैं। उपभोक्ता विभागीय वेबसाइट एवं पारदर्शिता पोर्टल http://epds.co.in पर राशन कार्ड में अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं।
- सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए किया बड़ा ऐलान -3500 करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के प्रभावितों के लिए सरकार ने विशेष आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की है, जो 7 जुलाई से 30 सितंबर तक लागू होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर आपदा से प्रभावितों के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए 3500 करोड़ की विशेष आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया है। इसके अतिरिक्त 1000 करोड़ मनरेगा के तहत भी डंगो के निर्माण के लिए दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष राहत पैकेज के मैनुअल में बड़े बदलाव किए गए हैं। आपदा से कच्चे पक्के 3000 के करीब घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, उनके लिए सरकार अब 1 लाख 30 हजार की जगह 7 लाख रुपये की राहत के साथ घर निर्माण के लिए बिजली-पानी मुफ्त और सरकारी दाम पर सीमेंट उपलब्ध करवाएगी। इसके अलावा 13000 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए भी एक लाख दिया जाएगा। जिन भूमिहीनों के मकान गिर गए हैं, उनके लिए 2 बिस्वा शहरी क्षेत्रों और 3 बिस्वा ग्रामीण क्षेत्रों में घर बनाने के लिए जमीन दी जाएगी। फसलों के नुकसान की मुआवजा राशि को भी बढ़ाया गया है। गौशाला के निर्माण के लिए 3 हज़ार की जगह 50 हज़ार, गाय, भैंस की मौत पर 37 हज़ार से 55 हजार और भेड़-बकरी की मौत पर 4000 से 6500 रुपये दिए जाएंगे।
-आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए 12.65 करोड़ किए जारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां पुलिस मुख्यालय में आयोजित हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य आपदा मोचन बल को और सुदृढ़ एवं सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस बल को आधुनिक तकनीक एवं उपकरणों से सुसज्जित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य आपदा मोचन बल को आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए लगभग 12 करोड़ 65 लाख 45 हजार रुपये की राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल आपदा संभावित क्षेत्रों में शामिल है और इस तरह के कदम आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में एसडीआरएफ की तीन कम्पनी तैनात हैं। इस बल के जवानों को प्रशिक्षित करने एवं उनके क्षमता निर्माण के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ को अत्याधुनिक बनाने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने गत तीन माह में लगभग 750 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में बरसात के दौरान आई आपदा में एसडीआरएफ ने बेहतरीन कार्य करते हुए बहुमूल्य मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की है। राजधानी शिमला के फागली तथा समरहिल में इस बल के सदस्यों ने फंसे हुए लोगों को निकालने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त मण्डी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र के कुकलाह, पंडोह तथा हणोगी इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने में एसडीआरएफ जवानों के प्रयास अनुकरणीय रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ ने सेना और एनडीआरएफ के साथ मिलकर विभिन्न बचाव अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इसके लिए सभी जवान बधाई के पात्र हैं। इस अवसर पर प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में संभवतया आज तक की सबसे बड़ी त्रासदी से निपटने में मुख्यमंत्री ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उनके दिशा-निर्देशन में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित स्थानीय लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्यों में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। इससे पहले पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और एसडीआरएफ को उपकरणों की खरीद के लिए समुचित राशि प्रदान करने पर उनका व प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस बार की आपदा से निपटने में प्रदेश सरकार और यहां के लोगों ने साहस एवं संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हिमाचल ने यह भी दिखाया कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश बचाव अभियानों के साथ त्वरित राहत पहुंचाने में सदैव प्रभावितों के साथ खड़ा है। राज्य आपदा मोचन बल की पुलिस अधीक्षक इल्मा अफरोज़ ने शिमला के समरहिल व फागली सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में एसडीआरएफ द्वारा संचालित अभियानों पर आधारित एक प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ शिमला से कांस्टेबल विकास मोहन, मंडी से हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार, नवीन कुमार व बलविंद्र सिंह, कांगड़ा से हेड कांस्टेबल पंकज, कांस्टेबल विशाल व रजत ने विभिन्न बचाव अभियानों के दौरान अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर विधायक यादविंद्र गोमा व अजय सोलंकी, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान व उप महापौर उमा कौशल, सचिव गृह अभिषेक जैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने संसद व विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण कानून बनने पर महिलाओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने हमेशा ही महिलाओं के अधिकारों व उनके सशक्तिकरण के लिये कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही संसद व विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण की आवाज को बुलंद किया था। 1989 तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व राजीव गांधी ने नगर निकायों व पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण निहित किया था। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश महिला कांग्रेस की एक समीक्षा बैठक में बतौर मुख्यातिथि सम्बोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने प्रदेश महिला कांग्रेस के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती में महिला कांग्रेस का बहुत बड़ा योगदान हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने घरों की जिम्मेदारी के साथ साथ संगठन के दायित्व को जिस प्रकार पूरी ईमानदारी से निभा रही है इसके लिए वह बहुत ही बधाई की पात्र हैं। प्रतिभा सिंह ने देश मे आगामी लोकसभा चुनावों को इंगित करते हुए कहा कि देश मे भाजपा की सरकार में जिस प्रकार की तानाशाही चल रही है वह बहुत ही चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि देश के लोग बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से परेशान है। उन्होंने कहा कि हमें इन्ही मुद्दों के साथ लोगों के बीच जाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों ने कांग्रेस को अपना पूर्ण बहुमत दिया है। प्रदेश में कांग्रेस की लोकप्रिय सरकार बनी है। यह सब पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं की बदौलत ही हुआ हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि अब लोकसभा चुनावों में भी पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। पार्टी के सभी लोगों को एकजुटता के साथ अभी से चुनाव मैदान में उतरना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस की शानदार जीत होगी और देश मे कांग्रेस इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। इससे पूर्व प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश हाई कमान व केंद्रीय आला कमान से जो भी निर्देश उन्हें मिलते है उसे महिला कांग्रेस पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निभाती आई है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की कमान एक महिला के पास है जो केंद्र में हमारी सांसद भी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनावों में उन्हें जो भी दिशानिर्देश मिलेंगे उन्हें वह पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करेंगी। प्रदेश महिला कांग्रेस की बैठक में प्रतिभा सिंह को अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की स्थाई आमंत्रित सदस्य बनने पर उन्हें बधाई दी और कांग्रेस हाई कमान का उनकी नियुक्ति के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में प्रदेश महिला कांग्रेस की पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष व ब्लॉक अध्यक्षों के अतिरिक्त अनेक जिलों व ब्लॉकों की पदाधिकारी मौजूद थी।
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर इस वर्ष समर्थ कार्यक्रम के तहत 2 अक्तूबर को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष समर्थ कार्यक्रम का 13वां संस्करण आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में ग्रामीण स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभा में मानसून से संबंधित आपदा, भूस्खलन, भूकंप, आग, हवा आदि जैसे प्राकृतिक खतरों से निपटने के लिए सुरक्षित समाधानों को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में भूस्खलन शमन गतिविधियों, सुरक्षित निर्माण पद्धितियों व ग्रामीण स्तर पर पारम्परिक निर्माण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। भवन निर्माण के लिए पहाड़ी की असुरक्षित कटाई व उसके प्रभाव, मलबे के सुरक्षित निपटारे और वर्षा जल की समुचित निकास प्रणाली की आवश्यकता पर भी मंथन किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि ग्राम सभा के दौरान प्राकृतिक जल निकास क्षेत्रों में निर्माण को प्रतिबंधित करना, जल निकासी चैनलों के समुचित प्रबन्धन, गांवों और घरों में आग के प्रति संवेदनशीलता व सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक के दौरान आपदा के प्रभावों को कम करने के दृष्टिगत विभिन्न उपायों, भूकंपरोधी घरों व भवनों के निर्माण पर बल देने सहित पहले से बने घरों को मज़बूत करने संबंधी चर्चा की जाएगी। इस दौरान ग्रामीण स्तर पर आसपास के खतरों की पहचान कर उनके प्रभावों को कम करने, ग्रामीणों को आपदाकालीन किट जिसमें सूखा भोजन, आवश्यक दवाएं तथा आपातकालीन चिकित्सा प्राथमिक किट तैयार रखने पर भी जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को खोज एवं बचाव प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के टोल-फ्री नंबर 1070 से जानकारी हासिल करने का परामर्श भी दिया जाएगा।
-भाजपा सरकार के कार्यकाल में बजट का हुआ दुरुपयोग: छत्तर सिंह एनएसयूआई की हिमाचल इकाई ने शुक्रवार को प्राकृतिक खेती योजना के तहत बजट के वितरण जांच के आदेश देने के लिए राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया है, एनएसयूआई राज्य इकाई ने बताया कि सरकार को अंदेशा है कि भाजपा कार्यकाल में बजट का दुरुपयोग हुआ है, जिसके कारण राज्य सरकार ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती योजना की जांच करवाने का फैसला लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक प्राकृतिक खेती के लिए कोई पैकेज ऑफ प्रैक्टिस जारी नहीं की गई है या अधूरे शोध से किसानों को गुमराह किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों के पास प्राकृतिक खेती के लिए जरूरी संसाधन ही नहीं है, जैसे कि जैविक खादें, पशुधन इत्यादि। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में योजना के तहत जारी किए गए बजट का दुरुपयोग हुआ है। छानबीन के बाद अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई राज्य सरकार को अमल में लानी चाहिए। जिस अनुपात में बजट खर्च किया गया है उस अनुपात में न तो उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है और न ही किसानों को लाभ पहुंचा है। छत्तर सिंह ने कहा आंकड़ों में किसानों की संख्या ज्यादा दिखाई जा रही है, परंतु जमीनी हकीकत कुछ और है। भाजपा सरकार के वक्त प्राकृतिक खेती के नाम पर सम्मेलन, किसान मेलों पर जरूरत से ज्यादा बजट खर्च किया गया और फर्जी बिल बनाए गए।
-बारालाचा टॉप पर एक इंच से ज्यादा बर्फ गिरी -मनाली से लेह का संपर्क कटा -दारचा-बारालाचा के बीच ट्रैफिक बंद हिमाचल प्रदेश में सर्दियों ने दस्तक दे दी है। सूबे की ऊंची चोटियों पर बीती रात से बर्फबारी हो रही है। मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग दारचा से आगे वाहनों के लिए पूरी तरह बंद हो गया है। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन की दो जेसीबी बर्फ हटाने में जुटी हुई है। इसके बाद मनाली का लेह से संपर्क टूट गया है। सूचना के अनुसार, लाहौल-स्पीति के बारालाचा टॉप पर एक इंच से ज्यादा बर्फ गिर गई है। बारालाचा से आगे सरचू तक की ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर ओड़ चुकी है। स्पीति से लोसर के बीच भी ताजा बर्फबारी हो रही है। जिले में मौसम खराब बना हुआ है। ताजा बर्फबारी के बाद दारचा से बारालाचा के बीच सड़क पर फिसलन बड़ गई है। इससे सड़क पर गाड़ी चलाना जोखिम भरा हो गया है। हिमपात से ठंड बढ़ी बर्फबारी जारी रही तो इससे दिक्कतें और बढ़ेगी। ऐसे में जो लोग इस सड़क से सफर कर रहे हैं, उनके लिए केलंग में रुकना ही बेहतर होगा। ताजा बर्फबारी के बाद ठंड में भी इजाफा हुआ है। घाटी में सर्दी की शुरुआत हो गई है। बारालाचा व आसपास के क्षेत्रों में पहले से पहुंचे पर्यटकों के बर्फबारी देख चेहरे खिल उठे हैं।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पिछले दिनों भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। अब पंजाब विजिलेंस की टीम उन्हें तलाशने के लिए पंजाब के अलावा हिमाचल में छापेमारी कर रही है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सोमवार को बठिंडा में एक संपत्ति की खरीद में अनियमितता के आरोप में भाजपा नेता और पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल और पांच अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मनप्रीत बादल पिछले 64 दिन से लापता हैं और उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
-अध्यक्ष आरके विश्नोई ने की हिंदी में काम करने की अपील टीएचडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में हिंदी पखवाड़ा समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर सभी कर्मचारियों से अपना अधिकाधिक सरकारी काम-काज हिंदी में करने की अपील की। इससे पूर्व विश्नोई ने 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर अपील जारी कर सभी कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया। टीएचडीसी में 14 से 29 सितंबर, 2023 तक हिंदी पखवाड़ा मनाया गया, जिसका समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आज कॉरपोरेट कार्यालय ऋषिकेश में किया गया। इस अवसर पर निगम के निदेशक(कार्मिक), शैलेेंद्र सिंह, कार्यपालक निदेशक (वित्त), एबी गोयल, मुख्य महाप्रबंधक, वीरेेंद्र सिंह ने विजेता कर्मचारियों को पुरस्कृत किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि, विद्युत मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य जीके फरलिया ने उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी आधुनिक भारत की पहचान है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे उप प्रबंधक (राजभाषा), श्री पंकज कुमार शर्मा ने पूरे कार्यक्रम के बारे में मुख्य अतिथि एवं सभी उपस्थित कर्मचारियों को अवगत कराया। हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित हुई हिंदी निबंध प्रतियोगिता में किरन सिंह, भू वैज्ञानिक, नोटिंग ड्राफ्टिंग में आनंद कुमार अग्रवाल, वरि प्रबंधक, अनुवाद में वैभव विद्यांश, कार्यपालक प्रशिक्षु, सुलेख में जितेंद्र जोशी, प्रबंधक, कविता पाठ में सुरेंद्र सिंह नेगी, सहायक प्रथम रहे। अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए अलग-अलग आयोजित की गई हिंदी ई-मेल प्रतियोगिता में श्री पंकज विश्वकर्मा, वरि प्रबंधक एवं शीला देवी, उप अधिकारी प्रथम रहे। पखवाड़ा के दौरान नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य संस्थानों के लिए राजभाषा हिंदी एवं सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बीएचईएल हरिद्वार के आशीष कुमार, अभियंता प्रथम रहे। इनके साथ ही विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत भी कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया। हिंदी में सर्वाधिक कार्य करने विभागाध्यक्षों की श्रेणी में एके गोयल, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी, सर्वाधिक डिक्टेशन की श्रेणी में मुकेश वर्मा, अपर महाप्रबंधक (मा.सं-भर्ती), मूल रूप से टिप्पणी लेखन में शिव प्रसाद व्यास, वरि. अधिकारी (मा.सं.) एवं हिमांशु असवाल, वरिष्ठ प्रबंधक प्रथम रहे। इस अवसर पर हिंदी नोडल अधिकारियों को भी पुरस्कृत किया गया। अनुभाग को अंतर विभागीय चल राजभाषा ट्राफी प्रदान की गई। समारोह में निदेशक (कार्मिक), शैलेंद्र सिंह ने निदेशक (कार्मिक) ने अपने संबोधन में सभी विजेता कर्मचारियों को बधाई देते हुए सभी कर्मचारियों से अपना समस्त सरकारी कामकाज हिंदी में करने के लिए राजभाषा विभाग के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। समारोह में कारपोरेट कार्यालय के बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
-कहा, अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र और शिक्षक किए जाएंगे सम्मानित प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के पाठ्यक्रम में प्रदेश के गौरवशाली इतिहास को भी सम्मिलित किया जाए। विदेशी आक्रांताओं और शासकों से पूर्व के प्रदेश के इतिहास को बच्चों को स्कूलों में पढ़ाया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने समृद्ध इतिहास से रूबरू हो सकें। इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाकर इन विषयों पर तथ्यपरक शोध कर इसे पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की दिशा में काम करे। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में आज शुक्रवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह बात कही। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा आशीष बुटेल और बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल भी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे देश के साथ-साथ प्रदेश का इतिहास भी बहुत गौरवशाली रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि प्रदेश के कईं हिस्सों विशेषकर जिला कांगड़ा का जिक्र महाभारत तक में आता है। उन्होंने कहा कि वीर राम सिंह पठानिया, जनरल जोरावल सिंह, पहाड़ी गांधी बाबा कांशीराम, प्रजा मंडल, डॉ. यशवंत सिंह परमार सरीखे विभुतियों और ऐतिहासित घटनाक्रमों से हमारे बच्चे परिचित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली इतिहास की जानकारी केवल इतिहास विषय पढ़ने वाले बच्चों तक सीमित न होकर सभी बच्चों तक पहुंचे, ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। इतिहास के साथ कला-संस्कृति से भी हो परिचय शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को हर वर्ष सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में दसवीं और बारहवीं कक्षा में शिक्षा बोर्ड के टॉपर्स को मेडल देकर सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को बोर्ड स्कॉलरशिप तो देता ही है लेकिन एक कार्यक्रम आयोजित कर टॉपर्स को बोर्ड द्वारा अच्छे मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पूरे सर्मपन भाव से वर्ष भर बच्चों को अच्छे से पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाना चाहिए। कार्यप्रणाली हो दुरुस्त बैठक में शिक्षा मंत्री द्वारा बोर्ड की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। उन्होंने शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से उनके कार्यों का ब्योरा लेते हुए, शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने के सुझाव दिए। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं और सुझावों को सुनते हुए उनपर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का हित प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के कर्मचारियों के सभी विषयों पर गंभीरता से विचार कर, उनका समाधान किया जाएगा। डिजिटाइजेशन पर दें जोर रोहित ठाकुर ने कहा कि बोर्ड की कार्यप्रणाली में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर डिजिटाइजेशन पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर्स सेट करने से लेकर परीक्षाओं के आयोजन तक तकनीक का उपयोग पर बल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों में पारदर्शिता रखने और नकल पर नियंत्रण रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा हर केंद्र में हो और उनका कंट्रोल सेंटर बोर्ड में स्थापित किया जाए। बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर करें काम : बुटेल इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा आशीष बुटेल ने अधिकारियों को बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड की विश्वसनीयता इसी प्रकार बनी रहे इसके लिए पूर्ण निष्ठा से कर्मचारी काम करें। उन्होंने कहा स्कूलों में बच्चों को पढ़ाए जाने वाली पुस्तकें और अन्य सामग्री की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। डिजिलॉक में मिलेंगे प्रमाण पत्र : डॉ. निपुण जिंदल बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष और उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों की सुविधा के लिए आने वाले समय में सारे प्रमाण पत्रों को डिजिलॉकर से जोड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इससे जहां बच्चों को अपने सर्टिफिकेटस् सुरक्षित रखने में सहायता होगी, वहीं भविषय में उच्च शिक्षा या नौकरी के समय में डिजिलॉकर से प्राप्त किए प्रमाण पत्रों के सत्यापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त भी तकनीक की सहायता से कार्यप्रणाली को सुगम बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। सरकार इन सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की आगामी 25 वर्षों तक खरीद करेगी, ताकि युवाओं के लिए एक स्थिर आय का स्रोत सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा दोहन के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपनी भूमि पर 250 किलोवाट से दो मेगावाट तक की क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस सब्सिडी से युवा उद्यमियों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा उद्यम स्थापित करना और अधिक सुलभ तथा वित्तीय रूप से व्यवहार्य बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रही है। सरकार प्रदेश की उपलब्ध जलविद्युत क्षमता के अलावा, सौर ऊर्जा संसाधनों का समुचित दोहन सुनिश्चित कर रही है। इस दिशा में सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 500 मेगावाट की संयुक्त क्षमता के साथ नई सौर ऊर्जा परियोजनाएं शुरू करने का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति यह दूरगामी पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर भी सृजित करती है। इस नवोन्मेषी पहल से हिमाचल देश में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने वाला अग्रणी प्रदेश बन गया है।
- सीआईआई पावर कॉनक्लेव के चौथे संस्करण का किया शुभारंभ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) हिमाचल प्रदेश द्वारा 'मेकिंग हिमाचल प्रदेश द केपिटल ऑफ ग्रीन एंड क्लीन एनर्जीÓ विषय पर आयोजित सीआईआई पावर कॉन्क्लेव के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने हिमाचल के सतत् विकास और समृद्ध भविष्य के दृष्टिगत हरित और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एकजुट प्रयासों का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ ही सभी को मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरित और स्वच्छ ऊर्जा केंद्र बनने की परिकल्पना को साकार करने के लक्ष्य में ग्रिड एकीकरण, तकनीकी प्रगति, वित्तपोषण और सामुदायिक जुड़ाव सहित कई चुनौतियां है। उन्होंने कहा कि हर चुनौती नवाचार और विकास के अवसर प्रदान करती है और हम सब मिलकर इन बाधाओं को दूर करने का प्रयत्न करें। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल में नदियों, वनों और पहाड़ों सहित प्रचुर प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं, जो नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लिए अपार संभावनाएं पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का समुचित दोहन सुनिश्चित कर हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में देश के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरित और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को अपनाना केवल एक पर्यावरणीय अनिवार्यता ही नहीं अपितु यह एक आर्थिक अवसर भी उपलब्ध करवाता है। यह सतत् विकास, जलवायु परिवर्तन से निपटने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जल विद्युत, सौर ऊर्जा, पवन और जैव ईंधन (बायोमास) जैसे हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से हम ऊर्जा क्षेत्र के परिदृश्य को बदलने में सक्षम हैं और इनसे आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में हरित और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई अग्रणी कदम उठाए हैं। राज्य सरकार द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन और सब्सिडी प्रदान करने के साथ ही अनुकूल नीतियां कार्यान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा इन प्रयासों के परिणामस्वरूप नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विशेष रूप से जलविद्युत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हिमाचल को हरित और स्वच्छ ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आपसी सहयोग और साझा प्रयास आवश्यक हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश ज्ञान का आदान-प्रदान करने, सर्वोत्तम प्रणालियों को साझा करने और नवीन समाधान तलाशने के लिए उद्योग जगत के दिग्गजों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीआईआई पावर कान्क्लेव इस प्रकार के समन्वय स्थापित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी प्रतिभागी इस दिशा में सक्रिय रूप से सहयोग करेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि इस मंच का उपयोग प्रतिभागियों द्वारा विचारों को साझा करने, चुनौतियों पर चर्चा और सहयोग के अवसरों की पहचान करने के लिए किया जाए। सीआईआई हिमाचल प्रदेश के उपाध्यक्ष नवेश नरूला ने राज्यपाल का स्वागत किया और पर्यावरणीय चुनौतियों और पर्यावरण से संबंधित मुद्दों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। स्टेटक्राफ्ट इंडिया लिमिटेड के कंट्री हेड राहुल वर्षणे और हार्टेक पावर प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ संजीव गुप्ता ने भी राज्यपाल का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार सायं यहां ललित गुप्ता द्वारा लिखित 'जीवन का आधार-आप का पौष्टिक आहारÓ नामक पुस्तिका का विमोचन किया। जीवन में पौष्टिक आहार के महत्त्व से संबंधित जानकारी संकलित करने में ललित गुप्ता के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषणयुक्त आहार स्वस्थ जीवनशैली व स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में पहला कदम है। इस बुकलेट के माध्यम से स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक पोषक तत्त्वों के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने संपूर्ण शारीरिक विकास में संतुलित आहार के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि पोषण उत्तम स्वास्थ्य की नींव है। इस पुस्तिका का उद्देश्य लोगों को अपने आहार के बारे में सही विकल्प चुनने के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान करना है।
हिमाचल प्रदेश विधान सभा के माननीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया दक्षिण अफ्रीका महाद्वीप के देश घाना की राजधानी अक्रा में 2 अक्तूबर से 6 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले 66वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने 1 अक्तूबर को नई दिल्ली से दुबई होते हुए अफ्रीका के लिए रवाना होंगे। पठानियां घाना में राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्पेन तथा स्विटजरलैंड दो देशों की यात्रा पर भी रहेंगे। पठानिया 2 से लेकर 6 अक्तूबर तक घाना की राजधानी अफ्रीका, 7 से लेकर 9 अक्तूबर तक स्पेन की राजधानी मैड्रिड, 9 से लेकर 11 अक्तूबर तक स्पेन के खूबसूरत शहर बर्सिलोना तथा 11 से 16 अक्तूबर तक स्विटजरलैंड के शहर ल्यूर्सन के प्रवास पर रहेंगे।
-नई कार्यकारिणी में करण उनियाल को चुना गया सचिव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सांध्यकालीन इकाई की नई कार्यकारिणी गठन किया गया, जिसमें विशेष रूप से विभाग संगठन मंत्री अश्वनी ठाकुर व विभाग संयोजक समीर ठाकुर उपस्थित रहे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सांध्यकालीन इकाई में नव कार्यकारिणी वर्ष 202-24 का गठन किया गया, जिसमें इकाई अध्यक्ष पंकज शर्मा व इकाई सचिव करण उनियाल को निर्वाचित किया गया। इस कार्यकारिणी गठन समारोह में विशेष रूप से शिमला विभाग संगठन मंत्री अश्वनी ठाकुर और चुनाव अधिकारी के रूप में शिमला विभाग संयोजक समीर ठाकुर उपस्थित रहे तथा इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री अनिल शर्मा भी मौजूद रहे। पूर्व इकाई सचिव मुकेश शर्मा ने पूर्व की इकाई की उपलब्धियां मंत्री प्रतिवेदन के माध्यम से कार्यकर्ताओं की समक्ष रखी तत्पश्चात पूर्व अध्यक्ष श्रुति वर्मा ने वर्ष 2022-23 की कार्यकारिणी को भंग किया। चुनाव प्रक्रिया आरंभ करते हुए चुनाव अधिकारी के रूप में उपस्थित हुए प्रदेश विभाग संयोजक समीर ठाकुर ने वर्ष 2023-24 की कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमें इकाई अध्यक्ष के रूप में पंकज शर्मा व इकाई सचिव करण उनियाल को चुना गया है। नवनिर्वाचित इकाई अध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सांध्यकालीन महाविद्यालय शिमला में लगातार विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर संघर्षरत है और आने वाले समय में विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्याएं महाविद्यालय मैं पेश न आए इसके लिए विद्यार्थी परिषद हमेशा सफल प्रयास करेगी, वही नवनिर्वाचित इकाई सचिव करण ने कहा कि सांध्यकालीन महाविद्यालय पूरे प्रदेश में एकमात्र शिमला में है, जिसमें ऐसे विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो कि या तो आर्थिक रूप से कमजोर हंै या अपनी शिक्षा दिन के समय में किसी कारणवश पूरी नहीं कर सकते हैं। महाविद्यालय में विद्यार्थी को किसी भी प्रकार की समस्याओं का समाधान न हो और उन समस्याओं के प्रति आवाज उठाकर समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार के खिलाफ या प्रशासन के खिलाफ विद्यार्थी परिषद को आंदोलन भी करना पड़ा तो उसे आंदोलन करने से विद्यार्थी परिषद गुरेज नहीं करेगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा भारती द्वारा आज एक फील्ड कार्य आयोजित किया गया। इसमें उन्होंने हाल ही में समरहिल के शिव बावड़ी में हुई आपदा का क्षेत्र चिह्नित किया। इसमें समाज कार्य के 25 छात्रों ने भाग लिया और प्रभावित क्षेत्र के आसपास का जायजा लेते हुए वहां के स्थानीय लोगों की राय ली। उस भयानक आपदा के बाद अभी भी वहां के लोगों के अंदर डर का माहौल बना हुआ हैं। डॉ. अनुपमा भारती ने बताया कि समाज कार्य विभाग द्वारा आने वाले समय में आपदा के प्रति लोगों को जागरूक करने का भरपूर प्रयास किया जाएगा। समाज कार्य विभाग समाज के अंदर अनेक घटनाओं के बारे में समय-समय पर लोगों को जागरूक करता आया है और आगे भी जागरूक करता रहेगा।
-शिक्षा मंत्री ने एमएमयू समेत 3 निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों की जांच के दिए निर्देश सोलन जिले में स्थित महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी (एमएमयू) जांच के घेरे में आ गई है। राज्य सरकार ने एमएमयू समेत तीन निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों के कामकाज पर जांच बैठा दी है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस में एकरूपता लाने को शिक्षा सचिव राकेश कंवर की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से स्टेट कोटे की सीटें कम करने और मैनेजमेंट कोटे में अधिक फीस लेने के आरोपों की जांच करवाई जा रही है। गौरतलब है कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एमएमयू और कॉलेज की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसी कड़ी में शिक्षा मंत्री ने जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के फीस ढांचे को शिक्षा विभाग मंजूरी देता है। सोलन जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज में कई अनियमितताएं हो रही हैं। स्टेट कोटे की 50 फीसदी सीटों में गिरावट आई है। फीस में भी काफी अंतर है। पांच वर्ष के मेडिकल कोर्स की फीस करीब 50.82 लाख रुपये है। मैनेजमेंट कोटे में दोगुनी करीब 96 लाख रुपये फीस बनती है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि ट्यूशन फीस, बिल्डिंग फंड और हॉस्टल फीस की भी जांच की जाएगी। स्टेट कोटे की सीटों में कमी क्यों हुई है, इसका भी पता लगाया जाएगा। अब दोबारा से क्या इन सीटों को बढ़ाने के लिए संशोधन किया जा सकता है या नहीं, इसका पता भी जांच कमेटी लगाएगी।
कुल्लू जिले में भारी बारिश के कारण सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से बाधित वॉल्बो बस सेवा का मनाली के लिए परिचालन आज पुन: आरंभ हुआ। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में लगभग 80 दिनों के बाद आज वॉल्वो बस पहुंची है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि मनाली के लिए वॉल्वो बस सेवा के परिचालन से जिले सहित मनाली क्षेत्र में गत माह आई आपदा के बाद बन्द पड़ी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मनाली पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने इससे पूर्व पतलीकूहल से वॉल्वो बस को हरी झंडी दिखा कर स्वयं बस में मनाली तक सफर किया। इस दौरान वॉल्वो बस में उनके साथ उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, भारतीय राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.ए.आई.) के परियोजना निदेशक वरुण चारी, एन.एच.ए.आई. तकनीकी प्रबंधक आदित्य धर द्विवेदी, एसडीएम मनाली रमन शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक मनाली के.डी. शर्मा, आर. एम. कुल्लू, अन्य अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधियों ने भी मनाली तक वॉल्वो बस में सफर किया। भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि वॉल्वो बस के मनाली तक आरम्भ होने से अब पर्यटकों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इन दिनों जिले का मौसम बहुत ही सुहाना है। वॉल्वो बस के आरम्भ होने से अब पर्यटक यहां की हसीन वादियों का लुत्फ उठाने के लिए मनाली आएंगे। उन्होंने मनाली तक वॉल्वो बस योग्य सड़क तैयार करवाने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सड़क मरम्मत का मामला केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा। उन्होंने जिला प्रशासन व एन.एच.ए.आई. के अधिकारियों का मनाली तक वाल्वो बस की आवाजाही के लिए सड़क तैयार करने का धन्यवाद किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि दशहरे से पूर्व इस मार्ग पर ब्लैकटॉप का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वॉल्वो बस के मनाली पहुंचने पर होटल व्यवसायों सहित और स्थानीय लोगो ने प्रसन्नता व्यक्त की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज शिमला से प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल व गुणात्मक उपचार के लिए केंद्र प्रायोजित टेली-मानस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी से (पीपी मोड) प्रदेशभर में कॉल सेंटर खोले जाएंगे। इन केंद्रों में रोगियों व उनके सहायकों से समस्या जान कर उपचार व परामर्श की सुविधा प्रतिदिन चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी। प्रारम्भ में इसके लिए आठ मनोचिकित्सक तैनात किए जाएंगे और प्रदेश में रोगियों की संख्या एवं मांग के आधार पर केंद्रों व चिकित्सकों की संख्या को बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत किसी भी प्रकार की मानसिक या भावनात्मक समस्या के निदान के लिए टॉल फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर कॉल कर टेली मानस केंद्र में संपर्क कर मनोचिकित्सक या डॉक्टर से उपचार परामर्श प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि रोगियों को सुलभ एवं गुणात्मक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं भौतिक एवं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध होंगी। इसमें राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान बैंगलुरू तथा आईआईआईटी बैंगलुरू तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे। इसके लिए इंस्टीच्यूट ऑफ ह्यूमन बीहेवियर एंड एलाईड साईंसेज, दिल्ली को प्रदेश का क्षेत्रीय समन्वय केंद्र निर्धारित किया गया है और यह केंद्र क्षमता निर्माण में हिमाचल की मदद करेगा। इस कार्यक्रम के लिए इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, शिमला संरक्षक संस्थान के रूप में कार्य करेगा और राज्य विशिष्ट प्रोटोकॉल व दिशा-निर्देश विकसित करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनोचिकित्सा सेवा शुरू करने के लिए केंद्र द्वारा एक करोड़ छह लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है। टेली-मानस कार्यक्रम द्वारा प्रदेश के मनोरोगियों के उपचार के लिए उदारतापूर्ण वित्तीय सहयोग राशि प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने केेंद्र सरकार का आभार भी जताया। कार्यक्रम के तहत राज्य टेली मानस प्रकोष्ठ में रोगियों की ऑनलाईन कांउसलिंग के लिए प्रशिक्षित परामर्शदाता (काउंसलर) उपलब्ध करवाए गए हैं। कॉल सेंटर से जिन रोगियों को व्यक्तिगत तौर पर चिकित्सक से मिलने का परामर्श दिया जाएगा, ऐसे रोगियों को चिकित्सा महाविद्यालयों तथा जिला स्तरीय अस्पतालों में मनोचिकित्सक द्वारा उपचार उपलब्ध होगा। वर्तमान में राज्य भर में 30 मनोरोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं जो जिला स्तरीय चिकित्सकीय संस्थानों में भी सेवाएं उपलब्ध करवायेंगे। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में मानसिक व्याधियों के रोगियों व उनके परिजनों की समस्याओं के निदान के लिए हर समय परामर्शदाता उपलब्ध रहेंगे। डॉ. शांडिल ने कहा कार्यक्रम के तहत किशोर वर्ग के स्कूली और महाविद्यालय स्तर के छात्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन सहित विद्यालय व महाविद्यालयों में युवाओं में बढ़ते दबाव को कम करने में यह कार्यक्रम उपयोगी सिद्ध होगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों व जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से टेली मैंटल हेल्थ सर्विसिज बारे व्यापक चर्चा भी की। प्रदेश में इस प्रणाली केे सफल क्रियान्वयन के लिए उन्होंने इसके समुचित प्रचार-प्रसार बारे आवश्यक निर्देश भी दिए। सचिव स्वास्थ्य एम.सुधा देवी ने कहा कि विद्यालयों व महाविद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना आवश्यक है। उन्होंने अत्यावश्यक सेवाओं के हेल्प नम्बरों की भांति टेली मानस सेवा के टॉल फ्री नंबर के पोस्टर शिक्षण संस्थानों, ग्रामीण तथा शहरी निकायों में लगाने का सुझाव दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध निदेशक प्रियंका वर्मा, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. गोपाल बेरी, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान एवं चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डॉ. दिनेश दत्त शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेखा चौपड़ा, राज्य कार्यक्रम अधिकारी गोपाल चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रदेश की बेटी ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। बलजीत कौर ने इस बार अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किली मंजारो पर फतेह हासिल की है। यह प्रदेश सहित देश के लिए गर्व का विषय है। बलजीत ने कीली मंजारों पर 26 सितंबर को दोपहर 3 बजे फतेह हासिल की। बता दे कि बलजीत माउंट अनापूर्ण के हादसे के बाद फिर से क्लाइंबिंग पर डट गई है और उसका पहला ही परिणाम माउंट कीली मंजारो पर फतेह के साथ सामने आया है। आपको बता दें कि माउंट अन्नपूर्णा में हादसा पेश आया था, जिसके बाद बलजीत और कुछ अन्य पर्वतारोहियों को मृत घोषित कर दिया गया था लेकिन बलजीत के बुलंद हौसले के आगे मौत भी हार गई और बलजीत को वहां से कुछ समय के बाद रेस्क्यू कर लिया गया था। बलजीत अभी तक कुल 26 चोटियों पर फतेह कर चुकी है, जिसमें माउंट एवरेस्ट सहित दुनिया की सबसे खतरनाक चोटियां में शामिल माउंट अन्नपूर्णा शामिल है। इसके अलावा बलजीत पामोरी माउंटेन पर फतेह करने वाली पहली भारतीय महिला है। बलजीत ने कहा कि माउंट अन्नार्णा के हादसे के बाद उन्होंने खुद पर फिर से काम किया और कड़ी मेहनत के बाद फिर से खुद को तैयार किया। उन्होंने कहा कि इस हादसे के बाद उन्होंने माउंट कीली मंजारों पर फतेह हासिल की है। माउंट कीली मंजरो अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विख्यात कृषि विज्ञानी एवं भारत में हरित क्रांति के जनक डॉ. एमएस स्वामीनाथन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका 98 वर्ष की आयु में आज वीरवार को चेन्नई स्थित आवास में निधन हो गया। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में हरित क्रांति के प्रणेता रहे डॉ. स्वामीनाथन का कृषि क्षेत्र के विकास में योगदान अविस्मरणीय है। देश के सर्वांगीण विकास के लिए भी वह अपना सतत् योगदान प्रदान करते रहे। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव हरि कृष्ण हिमराल व सत्यजीत नेगी ने वीरवार को दिल्ली में पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात की। वीरवार सुबह वे दोनों नेताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिकव, जयराम रमेश, पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा व वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार वी जॉर्ज से मुलाकात की। सभी नेताओं के साथ अलग अलग मुलाकात की गई। इस दौरान प्रदेश की संगठनात्मक रिपोर्ट उन्हें सौंपी गई। कांग्रेस सचिव हरि कृष्ण हिमराल ने बताया कि हाईकमान को प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट सौंपी गई है। इसमें बताया गया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में मजबूती के साथ कार्य कर रही है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। दोनों नेताओं का पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल से भी मिलने का कार्यक्रम है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह 1 अक्तूबर से अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे पर रहेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष के राजनैतिक सचिव कांग्रेस महामंत्री अमित पाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि प्रतिभा सिंह 1 अक्तूबर को सायं 3 बजे शिमला से मंडी के लिए रवाना होंगी। इस दिन रात्रि विश्राम परिधि गृह मंडी रहेगा। 2 व 3 अक्टूबर को प्रतिभा सिंह द्रंग विधानसभा क्षेत्र की भविन्न पंचायतों का दौरा कर जन समस्याओं को सुनेंगी और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक भी लेंगी। 2 अक्तूूबर को प्रतिभा सिंह तरियंबली में पतवार घर का उदघाटन करने के बाद कचोटघर, सिहुंन, टिक्कर, कथोग, रोपा, सिलब्धनी, सुधार व घरमेहड़ में जन समस्याओं के बाद सभाओं को भी संबोधित करेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम लोकनिर्माण विश्राम गृह बरोट रहेगा। 3 अक्तूबर को प्रतिभा सिंह द्रंग विधानसभा के खलेल, बरोट,लपास, बरधान, लटराण, घमच्याना, झटिंगरी, उरला, नगाण व गवाली में जन समस्याओं को सुनेंगी। सांसद प्रतिभा सिंह 4 अक्तूूबर को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला विकास समन्वय समिति दिशा की बैठक की अध्यक्षता करेंगी। इसके बाद मंडी संसदीय क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम मण्डी का परिधि गृह ही रहेगा।
विश्व रैबीज दिवस पर लोक प्रशासन विभाग आईसीडीईओएल और समाजशास्त्र और सामाजिक कार्य विभाग, हिमाचल प्रदेश ने ग्लोबल अलायंस फॉर रैबीज कंट्रोल (अमेरिका स्थित एनजीओ) के सहयोग से रैबीज रोकथाम पर एक जागरूकता सह व्याख्यान शृंखला शुरू की है। इस अभियान का उद्देश्य समुदाय के सभी हितधारकों को रैबीज नियंत्रण और इसकी रोकथाम के प्रति संवेदनशील बनाना है। 2023 की थीम 'सभी एक के लिए, एक स्वास्थ्य भी के लिएÓ का आह्वान करती है। इस अभियान का नेतृत्व लोक प्रशासन विभाग ढ्ढष्टष्ठश्वह्ररु के डॉ. दीपक शर्मा और डॉ. अनुपमा भारती (अध्यक्ष समाजशास्त्र और सामाजिक कार्य विभाग) ने किया। उन्होंने कहा कि यह इस प्रकार के विस्तार व्याख्यान के माध्यम से छात्रों को संगठित करने का प्रयास किया गया। डॉ. अनुपमा भारती ने कहा कि सामाजिक कार्य विभाग के छात्रों ने इस व्याख्यान शृंखला में सक्रिय रूप से भाग लिया। डॉ. दीपक शर्मा ने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम एक साथ खड़े हों और इस भयानक रोग को रोकने में अपना सहयोग दें।
-सांसद भारत दर्शन के दूसरे चरण के लिए 21 लड़कों का हुआ चयन केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर की लोकप्रिय पहल, सांसद भारत दर्शन के दूसरे चरण के लिए चयनित हुए 21 लड़कों की सूची घोषित कर दी गई है। संसद भारत दर्शन एक शैक्षणिक दौरा है, जो कि हमीरपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के मेधावी और उत्कृष्ट छात्रों के लिए अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा निशुल्क आयोजित किया जाता है। पिछले 5 सालों मे 101 बच्चों को यह यात्रा करवा चुके हैं अनुराग ठाकुर, और अब 25 अक्टूबर से 1 नवंबर तक, चयनित 21 लड़कों के लिए सांसद भारत दर्शन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली दर्शन के साथ, यह ग्रुप विशेष रूप से गुजरात दौरे पर जाएगा। 21 छात्रों के साथ 'एक से श्रेष्ठÓ अध्यापिकाओं का चयन भी किया गया है। एक से श्रेष्ठ अनुराग सिंह ठाकुर की पहल है, जिसके अंतर्गत बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाता है और साथ ही सभी जरूरी शिक्षा सामग्री जैसे स्कूल बैग, स्टडी टेबल, स्टेशनरी निशुल्क दी जाती है। वर्तमान मे संसदीय क्षेत्र मे 475 केंद्र चल रहे हैं जिसके माध्यम से महिलाओं को रोज़गार का अवसर भी मिला है और 9000 से भी अधिक छात्रों को बेहतर शिक्षा भी मिल रही है। केंद्रों मे बच्चों को प्रतिदिन प्रोटीन मिल्क शेक भी दिया जाता है और डिजिटल उपकरण जैसे लैपटॉप और लर्निंग किट द्वारा बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने का कार्य किया जा रहा है। जहां एक से श्रेष्ठ के लिए अनुराग ठाकुर ने कि हमारा संकल्प हमारा प्रयास, सबको शिक्षा सबका विकास का नारा दिया है, वहीं छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित सांसद भारत दर्शन के लिए, थोड़ी पढ़ाई थोड़ी घुमाई का नारा दिया है। छात्रों का चयन एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। सांसद भारत दर्शन यात्रा 2023 के लिए जिन बच्चों ने 2021, 2022 या 2023 मे बारवीं पास करी हो और पढ़ाई/खेल/कला आदि क्षेत्र मे असाधारण प्रदर्शन किया हो, वह ऑनलाइन आवेदन कर सकते थे। लिखित आवेदन टेस्ट और इंटरव्यू के बाद ही छात्रों का चयन होता है। अनुराग ठाकुर की भारत दर्शन यात्रा हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के निवासियों मे इतनी प्रसिद्ध है कि बच्चे स्कूली दिनों मे ही इसे अपना लक्ष्य बना लेते हैं। इससे पहले संसदीय क्षेत्र से 21 बेटियों के लिए अगस्त मे भारत दर्शन यात्रा आयोजित करी गई थी। बेटियों को उप राष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर, वित्त मंत्री और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वंदे भारत ट्रेन मे, भारतीय रेल द्वारा बेटियों का खास अभिनंदन किया गया था। यात्रा के दौरान, बेटियों को काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि मंदिर, गंगा घाट क्रूज आरती जैसे भव्य धार्मिक अनुभव हुए। आईआईएम लखनऊ, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी जैसे अकादमिक संस्थान, संसद भवन, उत्तर प्रदेश विधान सभा, टेरिटोरियल आर्मी जैसे प्रशासनिक स्थल का ग्रुप ने दौरा किया था। प्रशासन ने विशेष प्रबंध कर, सूर्योदय से पहले, ग्रुप को ताज महल भी दिखाया था।
बरसात के दौरान प्रदेश में आई आपदा के प्रभावितों की सहायता के लिए मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च अधिमान देते हुए समाज का प्रत्येक वर्ग आगे आ रहा है। शिमला की रहने वाली 90 वर्षीय वयोवृद्ध सत्या कपूर व सुदर्शन मोहन ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष के लिए एक लाख रुपये का चेक भेंट किया। उल्लेखनीय है कि सत्या कपूर ने अपने बचत खाते तथा अपने रिश्तेदारों और अन्य जान-पहचान के लोगों से यह धनराशि एकत्र कर प्रभावितों की सहायता के लिए अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने सत्या कपूर और सुदर्शन मोहन के इन प्रयासों की सराहना की और इसके लिए उनका आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के योगदान हमें प्रभावितों की अधिक से अधिक मदद करने के लिए प्रेरित करते हैं।
हिमाचल प्रदेश में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कर्मचारियों ने अपने एक दिन के वेतन के रूप में आपदा राहत कोष-2023 में 77,29,825 रुपये का योगदान दिया है। इस राशि का चेक आज यहां एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक विनोद जायसवाल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेंट किया। इस पुनीत अंशदान के साथ भारतीय स्टेट बैंक ने मुख्यमंत्री को एक एम्बुलेंस भी भेंट की है, जो आपातकालीन और आपदा की स्थिति के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समाज कल्याण के प्रति भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके परोपकारी प्रयास कठिन समय के दौरान समुदाय के भीतर एकता और करुणा को प्रदर्शित करते हैं। एकजुटता की भावना और समाज के रूप में हम चुनौतियों पर काबू पा सकते हैं और जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान कर सकते हैं। महाप्रबंधक अजय कुमार झा, उप-महाप्रबंधक दविंदर संधू और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में प्रवासी हिमाचलियों को पर्यटन, हरित हाइड्रोजन, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना एवं प्रौद्योगिकी और सौर ऊर्जा सहित विभिन्न हरित क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने आज वर्चुअल माध्यम से यूएई में प्रवासी हिमाचलियों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य की प्रगति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उन्हें इन क्षेत्रों में निवेश के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने राज्य की समृद्ध संस्कृति के अग्रदूत के रूप में संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले हिमाचली समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश उनका घर है, और किसी प्रकार की कठिनाई की स्थिति में प्रदेश सरकार उन्हें हरसंभव मदद प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में शुमार है और कांगड़ा जिला प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनकर उभरेगा। इस उद्देश्य के लिए क्षेत्र में बुनियादी अधोसंरचना के उन्नयन का कार्य प्रगति पर है। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार, जिले में हेलीपोर्ट की स्थापना और पर्यटकों की सुविधा के लिए सड़कों का सुधार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगामी चार वर्षों में हिमाचल को एक आत्मनिर्भर राज्य और अगले दशक के भीतर देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने, ई-बस, ई-ट्रक और ई-टैक्सी की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। संयुक्त अरब अमीरात के हिमाचली समुदाय ने संवेदनशीलता एवं एकजुटता का परिचय देते हुए 'टीम एक प्रयासÓ के सहयोग से मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंशदान राज्य सरकार के आपदा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को गति प्रदान करेगा। हिमाचली समुदाय ने आपदा के दौरान युद्ध स्तर पर बचाव एवं पुनर्वास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों की भी सराहना की। उनके प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में स्थितियां शीघ्र सामान्य हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह समर्पण और प्रभावी तरीके से कठिन परिस्थितियों से निपटने की उनकी कार्य कुशलता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निकट भविष्य में दुबई आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, एनआरआई यूएई के प्रतिनिधि मुनीश गुप्ता और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी ) की जिला कांगड़ा कमेटी ने हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वर्ण जयंति आश्रय योजना के तहत बाढ़ पीड़ितों व प्रभावितों को घर बनाने के लिए डेढ़ लाख की राशि आंवटित करने के लिए 50000 तक की आमदनी की शर्त का कड़ा विरोध किया है। पार्टी के जिला सचिव अशोक कटोच ने प्रेस के नाम जारी नोट में कहा कि कल्याण विभाग की इस योजना के अंतर्गत आवेदन की शर्तों मे 50000 रुपये तक की आय वालों को ही 1.50 लाख की राशि के लिए पात्र माना है, जो कि भारी बरसात के चलते घर खोने वालों के साथ न केवल अन्याय है, बल्कि एक तरह से क्रूर मजाक है। इस तरह की शर्त व्यवहारिक भी नहीं है क्योंकि जो बर्बादी व तबाही हुई है , वो किसी की आमदनी जाति या धर्म देख कर नही हुई है इस की चपेट में अमीर गरीब सभी आए हैं और सभी को आस है कि उनके सिर के ऊपर छत का इंतजाम करने मे सरकार उनकी हर संभव सहायता करे गी। मार्क्सवादी नेता अशोक कटोच ने अपनी पार्टी की मांग को दोहराया कि घर के बदले घर व बरसात के चलते बह गई जमीन के बदले जमीन दी जाए और सभी बाढ़ पीड़ितों व प्रभवितों को मकान पुर्ननिर्माण के लिए सहायता दी जाए और निर्माण सामग्री की मौजूदा महंगाई को देखते हुए आपदा राहत मे 1.50 लाख की अधिकतम शर्त को हटा कर सहायता राशि बढ़ाई जाए । उन्होंने कहा कि इस की पात्रता के लिए 50000 रुपये तक की आय की हास्यास्पद शर्त को हटाया जाये। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की है कि इस आपदा से निपटने में हिमाचल सरकार की मदद के लिए राजनीति से ऊपर उठ कर 10,000 करोड़ की एकमुशत राशि उपलब्ध कराए और हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि वर्तमान राज्य सरकार कला अध्यापकों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में न्यूनतम 100 विद्यार्थी होने की लंबे समय से चली आ रही शर्त को समाप्त करने पर विचार कर रही है। पूर्व भाजपा सरकार ने 19 नवंबर, 2018 को माध्यमिक विद्यालयों में इन शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम 100 विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को कला अध्यापकों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम 100 विद्यार्थियों का नामांकन बनाए रखना अनिवार्य है। वर्तमान प्रदेश सरकार युवाओं के हितों के संरक्षण को सर्वोच्च अधिमान देते हुए उन्हें गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इस अनिवार्यता को समाप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रस्तावित परिवर्तन का उद्देश्य राज्य में शैक्षिक अवसरों का विस्तार करना और शिक्षण कार्यबल को मजबूत करना है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित आपदा राहत कोष-2023 में असम सरकार ने 10 करोड़ रुपये की सहायता राशि का अंशदान किया है। इस राशि का एक चेक आज यहां असम के वन मंत्री चन्द्र मोहन पटोवारी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेंट किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने असम सरकार का इस सहायता राशि के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में यह सहायता राशि कारगर साबित होगी। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम जनता से इस कोष में अधिक से अधिक अंशदान का भी आग्रह किया है, ताकि प्रभावितों को यथासंभव सहायता प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री बोले- यात्रियों के लिए शीघ्र शुरू होगी हवाई सेवा राज्य में हवाई सेवा को विस्तार प्रदान करते हुए कुल्लू और शिमला को अमृतसर से जोड़ने वाले दो नए हवाई मार्ग शीघ्र ही शुरू किए जाएंगे। कुल्लू-अमृतसर-कुल्लू मार्ग पर उड़ानें प्रथम अक्तूबर से शुरू की जाएंगी। यह उड़ानें सप्ताह में तीन बार, विशेष रूप से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को संचालित होंगी। शिमला-अमृतसर-शिमला हवाई मार्ग पर प्रथम नवंबर, 2023 से सप्ताह में तीन बार हवाई सेवाएं संचालित की जाएंगी। एलायंस एयर ने कुल्लू-अमृतसर-कुल्लू मार्ग के लिए टिकट बुकिंग सुविधा भी शुरू कर दी है। इससे यात्रियों के लिए आरामदायक हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। कुल्लू-अमृतसर हवाई मार्ग पर प्रात: 8.25 बजे कुल्लू से उड़ान भरी जाएगी जो सुबह 9.30 बजे अमृतसर पहुंचेगी। अमृतसर से वापसी उड़ान प्रात: 10.00 बजे होगी जो 11.05 बजे कुल्लू पहुंचेगी। इस रूट पर 50 प्रतिशत सीटों पर उपदान उपलब्ध रहेगा, जिसके अंतर्गत कुल्लू से अमृतसर सेक्टर के लिए हवाई किराया 2637 रुपये और अमृतसर से कुल्लू के लिए 3284 रुपये होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र राज्य के युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और प्रदेश के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। राज्य की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से पर्यटकों को अवगत करवाने के लिए सरकार यातायात सेवाओं को सुदृढ़ कर रही है। राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए हवाई सेवा को विस्तार प्रदान करते हुए हेलीपोर्ट स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रमुख पर्यटन स्थलों तक हवाई सेवा को विस्तार प्रदान कर रही है। शिमला के जुब्बड़हट्टी, कुल्लू के भुंतर और कांगड़ा के गग्गल हवाई अड्डों पर बेहतर सुविधाओं के अलावा, राज्य के हवाई सेवा नेटवर्क को और सुदृढ़ करते हुए बड़े विमानों की लैंडिंग को आसान बनाने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शिमला, बद्दी, रामपुर और कांगनीधार में नए हेलीपोर्ट विकसित किए गए हैं और प्रदेश में हवाई यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए मनाली (डीजीआरई, एसएएसई) में एक और हेलीपोर्ट की योजना भी बनाई है। मुख्यमंत्री ने अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह हवाई अड्डा विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ने वाले एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि इन नई उड़ानों के शुरू होने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक लाभान्वित होंगे और कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
- कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय ले रही केंद्र सरकार -नारी शक्ति वंदन अधिनियम सेे लैंगिक समानता को मिलेगा बढ़ावा इच्छाशक्ति दृढ़ हो, इरादा नेक हो, नियत साफ हो और भाव सेवा का हो तो हर काम मुमकिन होता हैं। ऐसा ही उदाहरण हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने पेश किया हैं यह बयान महिला मोर्चा महामंत्री अंजना शर्मा ने दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक के बाद एक ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। उनके नेतृत्व में एक तो देश को नई संसद की सौगात आजादी के अमृतकाल में मिली और इस नई संसद में जो ऐतिहासिक कार्य हुआ है, उसके लिए देश को 27 वर्षों से इंतजार था। लोकसभा ने 20 सितंबर को जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया है, वह भारत के लिए ऐतिहासिक कार्य है और देश की नारी शक्ति के लिए एक वरदान है। प्रधानमंत्री मोदी की कल्पना ने कार्यरूप लिया तो भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का सपना भी साकार हुआ। यह अधिनियम न केवल नारी सशक्तिकरण के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा, बल्कि न्यायपूर्ण और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार को बधाई दी।
कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी मंगलवार शाम शिमला पहुंचीं। बताया जा रहा है कि दोनों नेता चंडीगढ़ तक फ्लाइट से आई। इसके बाद सड़क के रास्ते में शिमला पहुंची। यहां वह छराबड़ा में ठहरे हुए है। सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी का अगले पांच-छह दिन यही रुकने का प्रोग्राम है। बताया जा रहा है कि वह सोलन जिले के कंडाघाट में रामलोक मंदिर जा सकती हैं। बीते 25 अगस्त को भी सोनिया गांधी का रामलोक मंदिर आने का कार्यक्रम था, लेकिन उस दिन भारी बारिश से हुई तबाही के कारण सोनिया का रामलोक मंदिर का कार्यक्रम कैंसिल हुआ था।
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों को वीजा नहीं देकर भेदभाव किया है। चीन की यह हरकत भारत को मंजूर नहीं है। भारत के खिलाड़ियों को ओलंपिक चार्टर के अनुसार वीजा मिलना चाहिए। ओलंपिक कमेटी ऑफ एशिया का यह दायित्व था और चीन का भी। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। खिलाड़ियों से यह व्यवहार अच्छा नहीं था, जो भेदभाव किया गया, वह सही नहीं था। शिमला में अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोई कितना भी प्रयास कर ले। कुछ लोगों ने तब भी आंखें दिखाने का प्रयास किया, जब जी-20 की बैठक थी। भारत ने जी-20 को सफल बनाया। अरुणाचल, लेह-लद्दाख और कश्मीर में भारत न तब झुका था, न अब झुकेगा। दिल्ली डेक्लेरेशन का होना अपने आप में बहुत कुछ कहता है। चीन ने अरुणाचल प्रदेश की महिला वुशु खिलाड़ी न्येमान वांग्सू, ओनिलु तेगा और मेपुंग लाम्गु को एशियाई खेलों के लिए वीजा देने से मना कर दिया था।
कहा, बीबीएमबी निदेशक मंडल में हिमाचल को मिले पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि पड़ोसी राज्यों के साथ हिमाचल के हितों से संबंधित विभिन्न मामलों को त्वरित सुलझाया जाए और आपदा से प्रभावित हिमाचल को शीघ्र विशेष राहत पैकेज उपलब्ध करवाया जाए। मुख्यमंत्री आज अमृतसर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश से राज्य में 12000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। इस अकल्पनीय आपदा में 441 से अधिक लोग काल का ग्रास बन गए और लगभग 13000 घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों के सहयोग से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रभावितों के लिए आपदा राहत कोष-2023 स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदा के समय देश के प्रत्येक राज्य को राहत राशि प्रदान करने में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि हिमाचल को शीघ्र विशेष राहत पैकेज प्रदान किया जाए ताकि हिमाचल के पुनर्निर्माण में उचित सहायता प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर आपदा राहत कोष के प्रचलित मानदंड वर्तमान में हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की पुनर्निर्माण प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं क्योंकि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति के मद्देनजर राज्य को अधिक सहायता राशि की आवश्यकता है। उन्होंने इन मानदंडों में व्यवहारिक संशोधन की मांग भी की। उन्होंने आपदा राहत कोष में सहायता के लिए हरियाणा एवं राजस्थान सरकार का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने हिमाचल में स्थापित 100 मेगावाट की शानन जलविद्युत परियोजना को मार्च, 2024 में लीज की अवधि समाप्त होने पर हिमाचल को सौंपने में पंजाब सरकार से सहयोग मांगा। इस विषय में केंद्र सरकार से भी आग्रह किया गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में हिमाचल ने सदैव अपना पूर्ण योगदान दिया है और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से राज्य के लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की परियोजनाओं में हिमाचल की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी के दृष्टिगत प्रदेश को बीबीएमबी निदेशक मंडल में पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा प्रदान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बीबीएमबी परियोजनाओं में हिमाचल के लिए 12 प्रतिशत नि:शुल्क ऊर्जा रॉयल्टी प्रदान करने तथा राष्ट्रीय जल विद्युत निगम, राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम और सतलुज जल विद्युत निगम जैसे केंद्रीय उपक्रमों की जल विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल की वर्तमान 12 प्रतिशत रॉयल्टी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप बीबीएमबी से बकाया लगभग 4000 करोड़ रुपए अविलंब दिलवाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्थापित विभिन्न बांध प्रबंधनों द्वारा जल छोड़ने से पहले उचित पूर्व चेतावनी प्रणाली का उपयोग करने और जलप्लावन मान चित्रण (पदनदकंजपवद उंचचपदह) करवाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रदेश में हाल ही में आपदा के समय पौंग बांध, पंडोह डैम और पार्वती-3 बांध से अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़ने से व्यापक स्तर पर तबाही हुई है। उन्होंने कहा कि इस नुकसान की भरपाई करना और पुनर्वास कार्यों में स्वेच्छा से सहभागिता सुनिश्चित बनाना इन बांध प्रबंधनों का नैतिक उत्तरदायित्व है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ सीमा विवादों को शीघ्र सुलझाने की केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की। उन्होंने कहा कि मोहाल ठेका धार पधरी में प्रदेश के जिला चम्बा और जम्मू-कश्मीर तथा सरचू में हिमाचल और लद्दाख के मध्य सीमा विवाद लंबित हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि परिषद की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों पर हिमाचल सरकार ने ठोस कार्य किया है। नशा रोकथाम अभियान, पर्यटन विकास, पर्यावरण संरक्षण और नदियों को प्रदूषण मुक्त करने जैसे क्षेत्रों में अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि परिषद की यह बैठक सदस्य राज्यों के आपसी तालमेल एवं सहयोग को और मजबूत कर आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, केंद्रशासित चंढीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित, दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, केंद्रशासित जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रशासित लद्दाख के उप-राज्यपाल बीडी मिश्रा सहित अन्य सदस्य राज्यों के वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा सहित अन्य राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर में निवास कर रहे हिमाचल के हमीरपुर जिला के नादौन विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य लोगों से भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल की अपनी विशिष्ट संस्कृति है और सभी प्रदेशवासियों को अपनी परंपराओं एवं लोकाचार का सदैव पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोग पूरे विश्व में अपने सरल व सहज व्यवहार एवं कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को हिमाचली कल्याण सभा के तत्वावधान में अमृतसर में निवास कर रहे नादौन विधानसभा क्षेत्र एवं हिमाचल के अन्य निवासियों की ओर से सभा के सदस्य गौरव शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2 लाख 21 हजार रुपए के चेक भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस पुण्य कार्य के लिए हिमाचल कल्याण सभा के अमृतसर के सभी सदस्यों एवं अन्य दानी सज्जनों का आभार प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की कि इससे अन्यों को भी आपदा की इस घड़ी में प्रदेश की सहायता करने की प्रेरणा मिलेगी। सभा के सदस्यों की ओर से इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया और ऐतिहासिक दुर्गियाना मंदिर की प्रतिकृति भेंट की गई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है। न सरकार में ताल मेल है और न ही मंत्री और मुख्यमंत्री में। इसका ख़ामियाज़ा प्रदेश को उठाना पड़ रहा है। सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश के उद्योग बर्बाद हो रहे हैं। नई उद्योग इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रदेश में चल रहे उद्योगों को दी गई रियायतें ख़त्म करके उद्योगों को प्रोत्साहित करना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। उद्योगों की बिजली शुल्क बढ़ाने समेत अन्य रियायतें ख़त्म करने से उद्योग प्रदेश से दूरी कर रहे हैं। ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश से उद्योग पूरी तरह किनारा कर लेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य को आगे ले जाने में उद्योगों का बड़ा योगदान होता है परंतु इस सरकार में किसी प्रकार की उद्योग पॉलिसी नहीं हैं। अगर सरकार इसी ढर्रे पर चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश में नई इंडस्ट्री आनी तो दूर की बात है। जो हैं, वह भी चली जाएंगी। सुक्खू को सत्ता में आए दस महीने का समय हो गया। इन दस महीनों में इस सरकार ने उद्योगों को चौपट करने के अलावा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस सरकार में माफिया को संरक्षण देकर उद्योगों और उद्योगपतियों को परेशान किया जा रहा है। दूसरी तरह सरकार द्वारा शुल्क बढ़ाकर उनकी कमर तोड़ी जा रही है। इसका असर आपदाग्रस्त प्रदेश में भी पड़ेगा। ज़रूरी चीजें भी महंगी हो जाएंगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब तक उद्योगों के अनुकूल माहौल नहीं होगा, तब तक प्रदेश में उद्योग धंधे आने से रहे। स्थानीय स्तर पर भी युवा किसी प्रकार की उत्पादन इकाइयां स्थापित करने से भी पीछे हटेंगे। उन्होंने कि प्रदेश में उद्योगों को संरक्षण और प्रोत्साहन देने नीयत बनाए और स्पष्ट करे कि प्रदेश में उद्योगों को गति देने के लिए प्रदेश सरकार क्या नीति अपना रही है।
आज राजीव भवन शिमला में हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कंवर रविंद्र सिंह ने एक प्रेस वार्ता की। उन्होंने अभी हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के सत्र में जो किसानों और बागवानों के मुद्दों पर चर्चा हुई और निर्णय लिए उसके लिए सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौड़ का विधानसभा में नियम 61 के तहत किसान बागवान से जुड़ा मुद्दा रखने के लिए आभार जताया। साथी मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने अगले साल के लिए यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्धता दोहराई है। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस ने अपने 19 सूत्री मांग पत्र में यह मांग भी रखी थी की टेलीस्कोपिक कॉटन को बंद करके यूनिवर्सल कॉटन का प्रचलन पूरे प्रदेश के बागवानों के लिए होना चाहिए। रविंद्र सिंह ने कहा कि विधानसभा का जो सत्र हुआ उसमें भाजपा के सभी विधायक हिमाचल आपदाग्रस्त क्षेत्र के प्रस्ताव पर मौन रहे, जिसकी हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस निंदा करती है। उन्होंने कहा की ऐसी आपदा की घड़ी में राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी दलों को एक मत में इस प्रकार के प्रस्ताव को पारित करना चाहिए, जिसमें प्रदेश का हित हो। जिस प्रकार से कोरोना समय के दौरान राजनीति छोड़ के कांग्रेस ने भाजपा का साथ दिया औऱ मिलकर के पूरे प्रदेश के लोगों की मदद की थी, उसी प्रकार यह घड़ी है जहां पूरे प्रदेश के सभी दलों से यथा संभव मदद की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा के सभी विधायकों की निंदा करती है। प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार किसान कांग्रेस के पत्र को शिकायत की तरह खारिज किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के किसान बागवनों को 1 साल का सीसीसी में ब्याज माफी की बात लिखकर भेजी थी उससे हिमाचल प्रदेश के सभी किसान बागवान अत्यंत दुखी है। यदि 1 साल के इस ब्याज में माफी दी जाती तो किसान-बागवानों के लिए यह बहुत राहत की बात होती। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस माननीय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुखु जी का आभार करती है जिन्होंने अपने जीवन की सारी पूंजी हिमाचल प्रदेश के हिमाचल आपदा राहत कोष में दान कर दी। कवंर रविंद्र सिंह ने कहा कि यदि इस प्रकार से देश और प्रदेश सेवा के लिए सभी नेता सोचें और आगे बढ़कर दान पुण्य करें तो हमारे प्रदेश की और देश की कायापलट होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी विधायकों को एक मत में यह संदेश केंद्र सरकार तक पहुंचना चाहिए कि जब हिमाचल प्रदेश में 12000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है तो जितनी भी ज्यादा से ज्यादा मदद केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश को आए वह प्रदेश क्षेत्र में होगी। उन्होंने यह बताया की आने वाली गांधी जयंती पर हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस की एक बैठक राजीव भवन में रखी गई है जिसमें हिमाचल के किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोहन वर्मा जी पूरी कार्यकारिणी से यथासंभव मदद की राशि एकत्रित करेंगे और जो भी राशि एकत्रित होगी वह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस जमा करवाएगी। साथी उन्होंने यह भी कहा की जितनी भी सरकारी संस्थाएं हैं उन्हें किसने और बागवानों की बात को रखने के लिए हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस की ओर से भी प्रतिनिधि बुलाने चाहिए। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस संगठन है जो ब्लॉक लेवल पर जिला लेवल पर और प्रदेश स्तर पर पूरी तरह से कार्य कर रही है और इसमें सबसे ज्यादा किसानों और बागवानों की सदस्यता है। किसी भी निर्णय को लेने में यदि विचार विमर्श किया जाता है तो हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के भी प्रतिनिधि उसे सम्मेलन का और उसे बातचीत का हिस्सा हो ऐसा वह सरकार से आग्रह करती है। इस प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिसमें मीडिया चेयरमैन रॉबर्ट रॉय प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव शर्मा, प्रदेश महासचिव संगठन पूर्ण चंद, प्रदेश सचिव दीक्षित जोगटा, प्रदेश सचिव सुमन शर्मा, प्रदेश मीडिया सचिव कश्मीरी सिंह सुनील शर्मा और कृष्ण भान शामिल थे
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर के जलियांवाला बाग में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले असंख्य सेनानियों को कृतज्ञ प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग में रॉलेट अधिनियम के विरोध में तथा स्वतंत्रता सेनानियों सैफुदीन किचलू और सत्यपाल की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की नृशंस कार्रवाई के जख्म आज भी नहीं भरे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को ऐसे अमानवीय कृत्यों को सदैव स्मरण रखना होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जलियांवाला बाग से जुड़ी प्रत्येक निशानी का सूक्ष्म अवलोकन भी किया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के सीमांत जिला अमृतसर के सुप्रसिद्ध एवं जन-जन की आस्था के प्रतीक दुर्गियाना मंदिर में प्रदेशवासियों के उज्जवल भविष्य, सुख और समृद्धि की कामना की। मां दुर्गा को समर्पित यह मंदिर देश-विदेश के भक्तों की आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन पद्धति में मां का स्थान सर्वोच्च है और मां के प्रति समर्पण, सफलता एवं आरोग्य की कुंजी है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।


















































