-प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास न करें पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर जुबानी हमला बोल दिया। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जयराम ठाकुर से पूछा कि केंद्र सरकार ने आपदा के समय हिमाचल को कितना पैकेज दिया? इसकी डिटेल जनता के समक्ष रखें। नरेश चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में केंद्र सरकार ने कौन-कौन से पैसे दिए। नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा ने आपदा के समय सिर्फ राजनीति की। अब अगले साल लोकसभा चुनाव है तो जयराम ठाकुर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। नरेश चौहान ने कहा कि आपदा के समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ग्राउंड जीरो पर उतरकर काम किया। ऐसे में प्रभावित लोगों के बीच भी विश्वास पैदा होता है। मुख्यमंत्री प्रभावितों के बीच जाते हैं, तो लोगों की हिम्मत बढ़ती है। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार ने पूरा मोर्चा संभाला। आपदा में भी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर गलत बयानबाजी करते रहे। बीजेपी नेताओं को साथ चलकर केंद्र सरकार से मदद मांगनी चाहिए। नरेश चौहान ने कहा कि बीजेपी की प्राथमिकता भले ही साल 2024 का लोकसभा चुनाव हो सकता है, लेकिन कांग्रेस की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है। प्रदेश सरकार ने 4500 करोड़ का राहत पैकेज जारी किया तो उससे भी भाजपा नेताओं को तकलीफ हो रही है। हमारी सरकार ने राहत मैनूअल में संशोधन किया, जिसका लाभ प्रभावितों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि जितने भी प्रभावित बेघर हो गए हैं, उन्हें आशियाना बनाकर दें। जिनके पशु मरे हैं उन्हें भी आर्थिक सहायता दी गई। कल से आपदा राहत पैकेज होगा जारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 अक्तूबर से हिमाचल के प्रभाविता क्षेत्रों का दौरा कर राहत पैकेज जारी करेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीएम सुक्खू 21 अक्तूबर को कुल्लू और 23 अक्तूबर को मंडी से राहत पैकेज जारी करेंगे। इसी तरह से आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में इस बार भारी बरसात एवं प्राकृतिक आपदा से 1 हजार 957 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि 9 हजार 344 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान हुआ है। इसके अलावा 293 दुकानें और 4 हजार 72 पशु घर भी तबाह हो गए हैं। बरसात के दौरान 113 भूस्खलन और 58 फ्लैश फ्लड की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। प्रदेश में अब तक 330 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 38 लोग अलग-अलग दुर्घटनाओं में लापता हैं। प्रदेश भर में घायलों का आंकड़ा भी 322 तक जा पहुंचा है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल एवं प्रति कुलपति आचार्य राजेंद्र वर्मा ने आज शैक्षणिक विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागाध्यक्षों, छात्रों आदि से मुलाकात की। कुलपति एवं प्रति कुलपति ने यह निरीक्षण आज विश्वविद्यालय के सभी विभागों में किया। इस मौके पर कुलपति एवं प्रति कुलपति ने विभिन्न विभागों में जाकर हर एक शैक्षणिक कक्षों का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने छात्रों से उनके विषयों को लेकर चर्चा की। इसके उपरांत उन्होंने छात्रों से शिक्षा से संबंधित समस्याओं को सुना और मौके पर समस्याओं का निपटारा किया। इस दौरान कुलपति एवं प्रति कुलपति ने विभागों में विभागाध्यक्षों व् प्राध्यापको से उनके विभाग के बारे में जानकारी ली इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों को अकादमिक रूपरेखा और अकादमिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिष्ठाता अध्ययन मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
-कहा, देश बनाने में अपना योगदान देने वालों को याद करना, सम्मान देना हमारा धर्म पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान बालीचौकी में 'मेरी माटी-मेरा देशÓ कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। यहां उन्होंने जहां सैनिक परिवारों को सम्मानित किया, वहीं कई दिनों से हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों से मिलकर उनकी बात सुनीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय में जिस चीज का समर्थन किया आज उसका विरोध कैसे कर सकती है। 'मेरी माटी-मेरा देशÓ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आदमी का स्वभाव है कि हम जब किसी काम में लग जाते हैं तो अपने अतीत को भूल जाते हैं। एक लक्ष्य को तो हम हासिल करलेते हैं, लेकिन हमने शुरुआत कहां से की थी उसको भुला देते हैं। किन परिस्थितियों में हमारे बुजुर्गों ने अपनी जवानी देश की खातिर कुर्बान की और कैसे कैसे जुल्म उन्होंने देश को आज़ादी दिलाने के लिए सहे होंगे ये हमें भूलना नहीं चाहिए। जब भी अवसर मिले उनके योगदान और समर्पण को हमें सदैव स्मरण करते रहना चाहिए। ये आज की आवश्यकता है। जयराम ठाकुर ने कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा ये प्रयास रहता है कि वे ऐसे अवसर तलाशते रहते हैं जहां देश के लिए अपना जीवन और कुर्बानी देने वालों को याद किया जा सके। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस की दशकों तक सरकारें रही लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल का जो योगदान देश को जोड़ने और बनाने में रहा उस हिसाब से उन्हें वो सम्मान कांग्रेस पार्टी और उनकी सरकार नहीं दिला सकी लेकिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने तो उन्होंने गुजरात की धरती में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर उन्हें वो सम्मान दिलाया। ये वही लौह पुरुष थे जिन्होंने देश की छोटी बड़ी 562 रियासतों को मिलाकर महान भारत बनाया। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि जब इस काम के लिए देशभर से लोहा एकत्र करने का अभियान चला तो मुझे इसका राज्य संयोजक बनाया गया था। पूरे हिमाचल के गांव गांव से लोगों ने घर घर से लोहा इस काम के लिए दिया। ये पूरे भारत को जोड़ने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही कर सकते थे। आज बहुत सारी ताकतें देश और समाज को तोड़ने में लगी है। हमारी एकता और अखंडता को क्षीण करने में लगी हुई है लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि जब तक हमारे पास नरेंद्र भाई मोदी जैसा नेतृत्व है कोई ऐसा दु:साहस नहीं कर सकेगा और न कोई आंख उठाकर देख सकता। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश को भावनात्मक रूप से फिर जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की पहल की है। शहीद स्मारक दिल्ली के साथ एक अमृत वाटिका का निर्माण किया जा रहा है जिसमें हमारे गांव और खेत की मिट्टी भी पहुंचेगी। इस अभियान के तहत 7500 कलश दिल्ली पहुंचेंगे। हिमाचल प्रदेश में भी गांव गांव से मिट्टी अमृत कलश में एकत्र की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो संदेश प्रधानमंत्री जी ने दिया है उसको हमें जन जन तक पहुंचाना है। ये देश हमारा है, हमारा भी दायित्व बनता है कि हम भी देश को कुछ दें। प्रधानमंत्री और हम इस काम में लगे हैं कि देश को जोड़कर रखना है उसी के निमित हम ऐसे कार्यक्रम में आपके बीच आ रहे हैं। मेरा सबसे आह्वान है कि हम सब लोग राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान का हिस्सा बनें। इसी कार्यक्रम के तहत कल सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं मंत्री भारत सरकार अनुराग ठाकुर जी मंडी आएंगे और हम सब उस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष ने शहीद परिवार के सदस्यों को भी सम्मानित किया और उपस्थित लोगों को पंच प्रण की शपथ भी दिलाई।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर टीम ने युवा महोत्सव-2, जो कि जीबी पंत मेमोरियल गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज रामपुर में आयोजित किया गया था, में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। क्लासिकल वोकल सोलो में तरुण शर्मा प्रथम रहे तथा क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सितार में राहुल बंसल प्रथम रहे। इसके साथ ही वेस्टर्न ग्रुप सॉन्ग में भी परिसर टीम प्रथम स्थान पर रहीं। इसके साथ ही वेस्टर्न सोलो में विश्वविद्यालय संगीत विभाग की छात्रा अंजलि नानक दुसरे स्थान पर रहीं। साथ ही लाइट म्यूजिक वोकल गजल में मुकुल ठाकुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। साथ ही फोक सोंग में कोमल शर्मा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही इंडियन ग्रुप सॉन्ग में भी परिसर टीम दूसरे स्थान पर रही। साथ ही फोक ऑर्केस्ट्रा में भी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की टीम दुसरे स्थान पर रहीं। इस परिसर टीम में संगीत विभाग के अधिकतर विधार्थियो ने भाग लिया।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है। ई-केवाईसी के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुसार ही हो। इस प्रक्रिया को 31 अक्तूबर पूर्ण किया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि विभागीय सर्वर में अचानक आई तकनीकी समस्या के दृष्टिगत ई-केवाईसी की प्रक्रिया बाधित हो गई थी, जिसे दुरूस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21 अक्तूबर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पुन: सुचारू रूप से कार्य करना आरंभ कर देगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि संबंधित उचित मूल्य की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए विभाग का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी उचित मूल्य की दुकान में राशन प्राप्त करने में कोई असुविधा हो रही हो तो इसका समाधान 24 अक्तूबर तक कर दिया जाएगा।
-सोलन के बीशा में रखी ध्यारीघाट-बीशा संपर्क मार्ग की आधारशिला लोक निर्माण, युवा सेवाएं और खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आपदा प्रभावितों के उचित पुनर्वास के साथ-साथ प्रदेश का संतुलित विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। विक्रमादित्य सिंह आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीशा में ध्यारीघाट से बीशा तक संपर्क मार्ग की आधारशिला रखने के उपरांत उपस्थित जन प्रतिनिधियों एवं अन्य से क्षेत्र के विकास के संबंध में विचार-विमर्श कर रहे थे। विक्रमादित्य सिंह ने सोलन विधानसभा क्षेत्र में ध्यारीघाट से बीशा तक सम्पर्क मार्ग की आधारशिला रखी। 1.5 किलोमीटर लंबे इस संपर्क मार्ग के निर्माण पर 1.22 करोड़ रुपये व्यय होंगे। उन्होंने कहा कि इस संपर्क मार्ग पर रेलवे सुरंग नंबर 76 पर ओवर ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावितों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा की है। सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि इस दिशा में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कें पहाड़ की भाग्यरेखाएं हैं और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर सम्पर्क मार्ग व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जा रही है। राज्य में विभिन्न योजनाओं के तहत सड़क निर्माण को गति प्रदान की जा रही है। खेल मंत्री ने तदोपरांत कण्डाघाट खेल मैदान का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यहां आवश्यक सुविधायुक्त खेल मैदान निर्मित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने पर खेल मैदान के लिए समुचित धनराशि उपलबध करवाई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कण्डाघाट स्थित खेल मैदान को बड़ा करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी और संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, जिला महिला कांग्रेस की महासचिव निर्मल शर्मा, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के महासचिव ओम प्रकाश शर्मा, ग्राम पचंायत बीशा के प्रधान धर्मदत्त कश्यप, ग्राम पंचायत बाशा के प्रधान चंदन ठाकुर, जिला परिषद सदस्य मनोज वर्मा तथा राजेेंद्र ठाकुर, नगर निगम सोलन के पार्षद राजीव कौड़ा तथा उषा शर्मा, उत्तर रेलवे अम्बाला मण्डल के अभियंता हिमांशु धीमान, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अजय शर्मा, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रवि भट्टी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशकआरके विश्नोई ने बताया कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली ने 12 अक्टूबर को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके अंतर्गत विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक साझेदारी स्थापित की गई है। उन्होंने आगे बताया कि एमओयू के अनुसार, टीएचडीसीआईएल आईआईटी दिल्ली के संकाय सदस्यों के नेतृत्व में अनुसंधान अध्ययन, पायलट प्रोजेक्ट और परामर्श कार्य संचालित करने के लिए कार्य करेगा। एमओयू में इस सहयोगात्मक गठबंधन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से बताते हुए विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल, आईआईटी दिल्ली के साथ अनेक सहयोगात्मक परियोजनाएं शुरू करेगी और संस्थान में एक रिसर्च ग्रुप को इस कार्य में लगाएगी। ये सहयोगात्मक अनुसंधान क्षेत्रों के व्यापक स्पेक्ट्रम को शामिल करेंगे, जिनमें ऊर्जा संरक्षण, लिथियम-आयन भंडारण बैटरी के विकल्प, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी के लिए नैनो टेक्नोलॉजी, हरित हाइड्रोजन, भू-तापीय प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन के मुद्दे, अपशिष्ट प्रबंधन / रीसाइक्लिंग, पानी शामिल हैं। इनके साथ ही इसमें प्रबंधन/संरक्षण, भंवर-प्रेरित कंपन, सुरंग बनाने की तकनीक, जैव ईंधन, ग्रिड स्थिरता में सुधार और विभिन्न अन्य प्रासंगिक क्षेत्र भी शामिल होंगे। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने आगे कहा कि टीएचडीसीआईएल परिचालन व्यय और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों की लागत के लिए व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सहयोग आईआईटी दिल्ली को पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को निरंतर शुरू करने के लिए सशक्त बनाएगा, जिससे सहयोगात्मक अनुसंधान प्रयासों में उनके बढ़ते ज्ञान की महत्पूर्ण भूमिका रहेगी। एमओयू के अनुसार, आईआईटी दिल्ली आवश्यक बुनियादी ढांचागत सहायता और वैज्ञानिक, इंजीनियरिंग और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। ये संसाधन संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ तालमेल बिठाते हुए अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने में सहायक होंगे। प्रोफेसर नरेश भटनागर, डीन (आर एंड डी), आईआईटी दिल्ली ने इस क्षेत्र में आईआईटी दिल्ली की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग क्षमताओं पर भरोसा करने और बैटरी, संचार और रोबोट एप्लिकेशन आदि के क्षेत्रों में परियोजनाओं को चालू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु टीएचडीसीआईएल प्रबंधन को हार्दिक धन्यवाद दिया। भविष्य में, टीएचडीसीआईएल द्वारा आवश्यकता पड़ने पर आईआईटी दिल्ली कई और क्षेत्रों को भी कवर करेगा। इस साझेदारी के प्रभाव को मजबूत करने के लिए, आईआईटी दिल्ली, टीएचडीसीआईएल के सहयोग से, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ जुड़ने के लिए अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाएगा। इस सहभागिता का उद्देश्य बुनियादी और ट्रासंलेशनल रिसर्च सोल्यूशन दोनों हैं। इसके अतिरिक्त, संस्थान प्रासंगिक विषयों से अधिक संकाय सदस्यों को कार्य में जुटाएगा और सहयोगी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रसारित करेगा। एसके चौहान, विभागाध्यक्ष (आरएंडडी), टीएचडीसीआईएल और आईआईटी दिल्ली के डीन (आरएंडडी) प्रोफेसर नरेश भटनागर ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पांच साल के लिए किया गया है। विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल और आईआईटी दिल्ली के बीच यह सहयोगी उद्यम अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी उन्नति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें विभिन्न उद्योगों और डोमेन के लिए अभूतपूर्व समाधान प्रदान करने की क्षमता है। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह 22 से 25 अक्टूबर से अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह रामपुर, मंडी व कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने बताया कि प्रतिभा सिंह 22 अक्टूबर को सुबह 9.30 बजे शिमला से रामपुर बुशैहर के लिए रवाना होंगी। दोपहर बाद 3 बजे धार गौरा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में अंडर-19 छात्रओं के जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के सम्मापन समारोह की अध्यक्षता करेंगी। इसके उपरांत 5.30 बजे सराहन में माता भीमा काली मंदिर के प्रांगण में वाचनालय का उदघाटन करेगी। इस दौरान उनके साथ प्रदेश लोक निर्माण एवं युवा खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी साथ होंगे। इस दिन रात्रि विश्राम सराहन रहेगा। 23 अक्टूबर को प्रतिभा सिंह सुबह 6 बजे सराहन से बाया जलोड़ी जोत होते हुए मण्डी के लिये रवाना होंगी। मण्डी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ आपदा प्रभावित लोगों को राहत राशि वितरण समारोह में भाग लेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम लोक निर्माण विभाग साराभाई विश्राम गृह रहेगा। 24 अक्टूबर को ही प्रतिभा सिंह कुल्लू के ढालपुर मैदान में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के शुभारंभ समारोह में उपस्थित रहेगी। इस दिन भी रात्रि विश्राम साराभाई विश्राम गृह ही रहेगा। 25 अक्टूबर को ढालपुर मैदान में देवी देवताओं के दर्शनों के बाद रात्रि में श्री रघुनाथ जी की पूजा में हिस्सा लेंगी। इस दिन भी रात्रि विश्राम साराभाई विश्राम गृह ही रहेगा।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने फिलीस्तीन की गाजा पट्टी पर इजरायल के जवाबी हमलों की कड़ी निंदा की है। साथ ही इस अमानवीय कृत्य पर तुरंत रोक की पुरजोर मांग की है। इस मुद्दे पर पार्टी द्वारा उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया गया तथा मांग उठाई गई कि इस टकराव को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। इस प्रर्दशन में राज्य सचिव ओंकार शाद, कुलदीप तंवर, जिला सचिव संजय चौहान, राज्य कमेटी सदस्य फाल्मा चौहान, जगमोहन ठाकुर, राजिंदर चौहान, सत्यवान पुंडीर, राम सिंह, बालक राम, रीना तंवर, अनिल ठाकुर, विनोद बिसरांटा, विजय कौशल, अमित, हिम्मी, रमाकांत मिश्रा, सोनिया, सीना, रमन थारटा, हरीश, सुरजीत, सन्नी सेकटा, संतोष, अंकुश, कमल आदि ने भाग लिया। इस ताजा टकराव के चलते पिछली 14 दिनों से आ रही खबरों के अनुसार कुल 4900 के करीब लोगों की जान चली गई है और 13300 के करीब लोग घायल हुए हैं। गाजा में अब तक 3785 लोगों की मौत हुई है। इनमे 1524 बच्चे व 120 बुजुर्ग शामिल हैं। 12493 लोग घायल हुए हैं। इसमें 4000 से अधिक बच्चे हैं। मंगलवार 17 अक्टूबर को गाजा के अस्पताल पर किए गए एक रॉकेट हमले में 500 से अधिक लोगों की जान गई है। पहले ही इजराइल फिलीस्तीन के बीच चल रहे टकराव में अनेकों जाने जा चुकी हंै और अब इस ताजा टकराव से हालत और बिगड़ गई है और अधिक मौते ंहोंगी और तकलीफ पैदा होगी। इजराइल गाजा में नाकाबंदी कर दी गई है और अब हवाई हमलों के साथ जमीनी युद्ध की तैयारी भी कर रहा है। कई क्षेत्रों में पानी, बिजली, खाद्य वस्तुओं व अन्य मानवीय मदद रोक दी है, जिससे गाजा के कई हिस्सों में मूलभूत आवश्यकताओं की भारी कमी हो गई है। इजराइल की दक्षिणपंथी नेतन्याहू सरकार खुले तौर पर तेजी से फिलिस्तीनी जमीनों पर कब्जा कर रही है और पश्चिम तट पर यहूदी बस्तियां बसाने में लगी हुई है। इस वर्ष इस टकराव में अभी तक 248 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें 40 बच्चे भी हैं। येरूशलम से फिलिस्तीनी परिवारों को जोर जबरदस्ती से बेदखल किया जा रहा है। गाजा पट्टी जहां 23 लाख से अधिक फिलिस्तीनी रह रहे हैं। पिछले 16 वर्ष से इसकी बुरी तरह से इज़राइल द्वारा नाकेबंदी कर रखी है। जब भी इस नाकेबंदी का प्रतिरोध फिलिस्तीनी लोगों के द्वारा किया जाता है है तो वहां हवाई बमबारी की जाती है। पार्टी का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा फिलिस्तीन के लोगों को उनकी गृह भूमि के जायज अधिकार दिलवाने तथा फिलीस्तीनी जमीन पर से सभी इजराइली बस्तियां व अवैध कब्जों को हटाना सुनिश्चित करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में आज सचिवालय के अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा शारदीय नवरात्रों के उपलक्ष्य पर भंडारे का आयोजन किया गया। विधानसभा सचिवालय के अधिकारी तथा कर्मचारी हर वर्ष शारदीय नवरात्रों पर भंडारे करते हैं। इस अवसर पर विधानसभा सचिवालय में विशेष पूजा-पाठ, हवन का भी आयोजन किया गया। विस अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने पूजा में भाग लिया तथा पूर्ण आहूति दी। कुलदीप सिंह पठानिया ने विधानसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को इसके सफल आयोजन की बधाई देते हुए कहाकि यह एक पुनीत तथा मंगल कार्य है। उन्होंने कहा कि यह हमारी श्रद्धा भक्ति तथा अपने धर्म के प्रति निष्ठा को दर्शाता है। इस तरह के आयोजन से जहां आपसी सद्भाव बढ़ता है, वहीं हम मंगल कार्य से सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भारत सरकार के न्याय विभाग द्वारा ई-कोर्ट परियोजना चरण-3 पर राज्यों के कानून मंत्रियों के साथ आयोजित बैठक में भाग लिया। बैठक में विभिन्न राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में इस परियोजना का चार साल (2023 से आगे) तक का वित्तीय परिव्यय 7210 करोड़ रुपये है। चरण-3 में 24 घटक हैं, जिसका उद्देश्य सभी न्यायिक परिसरों में ई-सेवा केंद्रों के माध्यम से विरासत रिकॉर्ड सहित संपूर्ण अदालती रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और ई-फाइलिंग व ई-पेमेंट का सार्वभौमिकरण कर डिजिटल, ऑनलाइन और पेपरलेस कर सुगम न्याय की व्यवस्था शुरू करना है। जगत सिंह नेगी ने बताया कि चरण-3 का मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका के लिए एक एकीकृत प्रौद्योगिकी आधारित मंच उपलब्ध करवाना है जो अदालतों, वादियों और अन्य हितधारकों के बीच एक सहज और कागज रहित इंटरफेस प्रदान करेगा। भारत सरकार के न्याय विभाग के सचिव एसकेजी रहाटे ने बैठक का संचालन किया एवं धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने राज्य में विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा का मामला उठाया। भारत सरकार के न्याय विभाग की ओर से अवगत करवाया गया कि परियोजना के इस चरण में इस समस्या का समाधान किया जाएगा। बैठक के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
-मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया मिल्कफेड के नए उत्पादों का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ओक ओवर से मिल्कफेड के नए उत्पादों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दुग्ध प्रसंघ को बाजार में मांग आधारित उत्पाद तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी। त्योहारों के मौसम को देखते हुए हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड ने गिफ्ट पैक, शादी की भाजी और शुगर फ्री मिठाइयां बाज़ार में उतारी हैं। नए गिफ्ट पैक तीन तरह की पैकिंग में उपलब्ध होंगे, जिनका मूल्य क्रमश: 620, 1000 तथा 1500 रुपए रखा गया है। मिल्कफेड के सभी बिक्री केंद्रों तथा जिला मुख्यालयों पर यह उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कांगड़ा के डगवार में लगभग 226 करोड़ रुपये की लागत से 'स्टेट ऑफ द आर्टÓ दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का निर्माण प्रस्तावित है, जहां दूध के अनेक तरह के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके साथ-साथ अन्य संयंत्रों में भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रतिज्ञा-पत्र में किसानों से 80 रुपए प्रति किलो गाय का दूध और 100 रुपये प्रति किलो भैंस का दूध खरीदने का वादा किया है, जिसके लिए मिल्कफेड के प्लांट को आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि किसानों से खरीदे गए दूध से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार किए जा सकें। मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास सूद ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि सभी उत्पादों को तैयार करने में उच्च गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शुगर फ्री मिठाइयों की मांग को देखते हुए मिल्कफेड ने इन्हें बाज़ार में उतारा है। इसके साथ-साथ मिल्कफेड की मिल्क केक, पहाड़ी बर्फी, कोकोनट बर्फी, के साथ-साथ 16 प्रकार की मिठाइयां बाज़ार में उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राजस्व विभाग को लगभग तीन दशक के उपरांत प्रकाशित नए 'लैंड कोड' के प्रकाशन के लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट घोषणा के अनुसार राज्य सरकार ने नई भू-संहिता (लैंड कोड) को लागू करने का आश्वासन दिया था, जिसमें भूमि संबंधी नियमों, कानूनों और आवश्यक निर्देशों का अद्यतन संकलन होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा लगभग 31 वर्षों के बाद नया लैंड कोड जारी किया गया है। पहला लैंड कोड वर्ष 1992 में प्रकाशित हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि संबंधित मामलों के विषय में लोगों को अक्सर राजस्व विभाग से संबंधित कार्य रहते हैं। लैंड कोड के माध्यम से भूमि विवादों का सामाजिक समन्वय व पारिवारिक जुड़ाव के साथ सर्वसम्मत समाधान निकालने में सुविधा रहेगी। उन्होंने कहा कि जन-समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राजस्व न्याय प्रणाली का सुव्यवस्थित होना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत राजस्व अधिकारियों और लोगों को विभिन्न नियम और विभागीय दिशा-निर्देशों की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नई भू-संहिता न केवल राजस्व अधिकारियों का मार्गदर्शन करेगी, बल्कि आम आदमी को लाभान्वित करने के लिए भूमि संबंधी विषयों के त्वरित निपटारे में भी सहायक होगी। इसमें राजस्व विभाग के कानूनों और नियमों और उसमें जारी निर्देशों के बारे में समय-समय पर जानकारी भी मिलेगी।
-बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हड़ताल पर चल रहे जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों पर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। निदेशक पंचायती राज रुग्वेद ठाकुर की ओर से वीरवार को सीईओ जिला परिषद को जारी आदेशों में 167 जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश जारी हुए हैं। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बिलासपुर में 6, चंबा 13, हमीरपुर 10, कांगड़ा 38, किन्नौर 3, कुल्लू 11, लाहौल स्पीति 2, मंडी 32, शिमला 17, सिरमौर 13, सोलन 12 और ऊना में 10 जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। 167 जूनियर इंजीनियर के पद अब आउटसोर्स आधार पर भरे जाएंगे। आउटसोर्स आधार पर बिलासपुर और चंबा में 7-7 पद, हमीरपुर 13, कांगड़ा 35, किन्नौर 3, कुल्लू 13, लाहौल स्पीति 1, मंडी 25, शिमला 22, सिरमौर 13, सोलन 16 और ऊना में 9 पद भरे जाएंगे। आउटसोर्स पदों को भरने की जानकारी हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को भेजी जाएगी और यह पद एक साल के लिए भरे जाएंगे। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी यह इंजीनियर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सरकार का तर्क है कि जेई की अनुपस्थिति से मनरेगा के विकार्स कार्य, मनरेगा मजदूरों को भुगतान और आपदा कार्यों की बहाली में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
संजौली महाविद्यालय में आज भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता शिमला जिले के प्रभारी नितिन देष्टा जी ने की, जिसमें बहुत से नए छात्रों को एनएसयूआई में जोड़ा गया व उन्हें एनएसयूआई की विचारधारा से अवगत कराया गया। जिला के प्रभारी नितिन देष्टा ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एनएसयूआई की महाविद्यालय इकाई की नई कार्यकारिणी का निर्माण करना है। इस बैठक में विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष रजत भारद्वाज भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार द्वारा चलाई गई मुहिम जुड़ेगा विद्यार्थी, जीतेगा इंडिया के बारे में भी छात्रों को अवगत करवाया। इस बैठक में विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष चंदन महाजन, जिला महासचिव गोल्डी मेहता भी मौजूद रहे।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि 18 अक्टूबर को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और गढवाल मंडल विकास निगम लि. (जीएमवीएनएल) के मध्य उत्तराखंड में जीएमवीएन के 14 अतिथि गृह एवं चार धाम यात्रा मार्ग पर विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। विश्नोई ने अवगत कराया कि इन दोनों के सहयोगात्मक प्रयास से इस पवित्र मार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। विश्नोई ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों संगठन अगले साल चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले चार्जिंग स्टेशनों को तेजी से चालू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल उत्तराखंड में सतत और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्पों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है। टीएचडीसीआईएल की ओर से प्रवीण सक्सेना, महाप्रबंधक (व्यवसाय विकास) तथा जीएमवीएन की ओर से राकेश सकलानी, अपर महाप्रबंधक(पर्यटन) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी, आईएएस तथा दोनों संगठनों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को देश के फल राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए कृत संकल्प है। जगत सिंह नेगी आज डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में उन्नत मृदा एवं पत्ती विश्लेषण प्रयोगशाला में 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित सैंपल प्रसंस्करण खंड का शुभारम्भ करने के उपरांत विश्वविद्यालय के अध्यापकों के साथ आयोजित संवाद सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल को देश का फल राज्य बनाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के वैज्ञानिकों को दिशा परक कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को हिमाचल प्रदेश की विविध जलवायु के अनुरूप विभिन्न फलों की किस्में तैयार करनी होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस दिशा में विश्वविद्यालय को समुचित सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पांच वर्षों में प्रदेश में हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के तहत लगभग 1300 करोड़ रुपए खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 7 ज़िलों के 28 विकास खंडों में 06 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में दो चरणों में बागवानी क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इससे लगभग 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत किसानों की निजी भूमि पर 'एक फसल एक क्लस्टरÓ विधि के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लीची, प्लम, पीकन नट, परसीमोन, आम इत्यादि फलों को बढ़ावा दिया जाएगा। जगत सिंह नेगी ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वह टिशू कल्चर विधि को प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करें ताकि बागवान इससे लाभान्वित हो सके। बागवानी मंत्री ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी वर्तमान में फलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमें यह सुनिश्चित बनाना होगा कि हम हिमाचल की विविध जलवायु परिस्थितियों का उचित उपयोग कर हिमाचल को फल राज्य बनाएं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। जगत सिंह नेगी ने इससे पूर्व डॉ. यश्वन्त सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के प्रशासनिक प्रागंण में टर्मिनलिया मेटालिका का पौधा रोपा। उन्होंने विश्वविद्यालय में सेब एवं अन्य फलों की नर्सरी पी.ई.क्यू स्थल, विभिन्न फलों के जीन बैंक, अनुसंधान प्रयोगशाला, तन्तु संवर्द्धन प्रयोगशाला, इलैक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप प्रयोगशाला, वानिकी विभाग में बने इनक्यूबेशन केन्द्र का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी तथा फूलों की खेती प्रदेश के ग्रामीणों की आय का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी को बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने छात्रावासों में भोजन की व्यवस्था भी जांची। डॉ. यशवंत सिंह परवार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने जगत सिंह नेगी का स्वागत किया और विश्वविद्यालय के कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजय ठाकुर, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, डॉ. यश्वंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी कुल सचिव नरेंद्र चौहान, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष फल विज्ञान विभाग डॉ. धर्मपाल शर्मा, डॉ. अनिल हांडा, उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-सीएम ने किया शिलान्यास, जिला को दी 8 करोड़ रुपये की सौगात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज बिलासपुर जिला को 8 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की सौगातें दीं। उन्होंने बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर में बनने वाली प्रदेश की पहली डिजिटल लाइब्रेरी का शिलान्यास किया, जिसके निर्माण कार्य पर लगभग 3 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने धौलरा क्षेत्र में 5.18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कृषि भवन की भी आधारशिला रखी। उन्होंने इन भवनों का निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की पहली डिजिटल लाइब्रेरी में पुस्तकों का संग्रह डिजिटल दस्तावेज के रूप में पाठकों को प्राप्त होगा, जिसे इंटरनेट के माध्यम से हासिल किया जाएगा। इसी परियोजना के तहत जिला बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों की 10 पंचायतों में भी ऐसी और डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के पाठकों को इसका लाभ मिल सके। इस कार्य के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के साथ अनुबंध किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस डिजिटल लाइब्रेरी को इस वर्ष के अंत तक शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में 5.18 करोड़ रुपये की लागत से कृषि भवन भी निर्मित किया जाएगा, जिसमें पार्किंग, उप-निदेशक कार्यालय, किसानों की बैठकें आयोजित करने के लिए हॉल, वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल तथा अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए पर्याप्त कमरों की सुविधा होगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेश में आपदा से बहुत अधिक नुकसान हुआ है। आपदा प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार ने 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है और प्रभावितों को मदद प्रदान करने के कार्य का अनुश्रवण वे स्वयं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों की भरपूर मदद का प्रयास कर रही है। बिलासपुर जिला में आपदा प्रभावितों को 25 अक्तूबर को सहायता वितरित की जाएगी तथा वह स्वयं बिलासपुर जिला का दौरा करेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज की उम्मीद दिन-प्रतिदिन धुंधली होती जा रही है, क्योंकि और राज्य से आपदा से संबंधित 12 हजार करोड़ रुपये के दावे केंद्र सरकार को भेजे गए हैं लेकिन कोई विशेष राहत जारी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि भेजे गए दावों पर नियमानुसार केंद्र सरकार को जल्द से जल्द धनराशि जारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा आपदा में भी राजनीतिक रोटियां सेंकती रही और प्रभावित परिवारों के साथ उनका रवैया उदासीन ही रहा। प्रदेश में आई इस भीषण आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष राहत पैकेज प्रदान करने के लिए विधानसभा में लाए गए संकल्प का भाजपा ने समर्थन नहीं किया। उन्होंने आपदा राहत कोष में रिकॉर्ड दान के लिए दानी सज्जनों का आभार व्यक्त किया। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला परिषद कैडर कर्मचारियों को अपनी हड़ताल छोड़कर काम पर लौटना चाहिए। राज्य सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी आपदा प्रभावितों को मदद पहुंचाने का काम चल रहा है तथा उन्हें अपनी हड़ताल समाप्त कर देनी चाहिए। इस अवसर पर उनके साथ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, बाबू राम गौतम, बीरू राम, सोहन लाल ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
-पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल में शुरू होगी टूरिस्ट हेल्पलाइन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटक बसों, टंैपो ट्रैवलर व वाणिज्यिक पर्यटक वाहनों पर लगने वाले विशेष पथ कर (एसआरटी) व अन्य करों को कम करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एसआरटी के दृष्टिगत हाल ही में जारी की गई अधिसूचना को संशोधित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह बात आज यहां ओक ओवर में शिमला होटल्ज एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्ज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से भेंट के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शीघ्र ही होम-स्टे नीति लाने जा रही है। प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है और सैलानियों की सुविधा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए शीघ्र ही टूरिस्ट हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी और इसे 1100 हेल्पलाइन से जोड़ने पर भी विचार किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में सड़क संपर्क के साथ-साथ हवाई सेवाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं। सभी जिलों को हेलीपोर्ट से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिमला में एक और हेलीपोर्ट के निर्माण पर भी विचार कर रही है। पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने से ही राज्य में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा और प्रति वर्ष 5 करोड़ पर्यटकों की आमद का लक्ष्य पूर्ण हो पाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों में पर्यटकों का अधिक दिन तक ठहराव हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार वचनबद्ध है। इसी दिशा में अनेक नवोन्मेषी पहल की जा रही हैं। प्रदेशवासियों और पर्यटकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से यूवी/अल्ट्रा फिल्टरेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन व्यवसायियों से आग्रह किया कि वे पर्यटन गतिविधियों में विद्युत चालित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित कर प्रदेश को हरित राज्य बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। शिमला होटल्ज एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्ज एसोसिएशन के अध्यक्ष महेेंद्र सेठ ने मुख्यमंत्री को अपनी विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, विधायक संजय रतन, चंद्रशेखर, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, पूर्व विधायक सोहन लाल, एसोसिएशन के महासचिव बलजीत सिंह और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इंस्टट्यिूट ऑफ टूरिज्म स्टडी के तृतीय सत्र के छात्रों की प्लेसमेंट हेतु चयन प्रक्रिया आरंभ हो गई है। संस्थान के प्लेसमेंट ऑफिसर आचार्य नितिन व्यास ने बताया कि दिल्ली व मुंबई से विभिन्न टूर एंड ट्रेवल मल्टीनेशनल कंपनीज चयन प्रक्रिया हेतु हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय आ रही हैं। इस कड़ी में इंडो-एशिया मल्टीनेशनल टूर कंपनी न्यू दिल्ली ने 5 छात्रों की चयन प्रक्रिया को आरंभ किया है। इस प्रक्रिया में 15 एमटीए के छात्रों ने आवेदन किया है, जिनकी प्रक्रिया आरंभ हो गई है। डॉ. नितिन व्यास ने बताया कि कोविड के समय में पर्यटन व्यवसाय को आघात लगा था, जिसके कारण बहुत से लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था, परंतु फिर से टूरिज्म इंडस्ट्रीज में सकारात्मकता आना एक अच्छा संकेत है। इन्होने बताया कि चयनित छात्र 1 जनवरी, 2024 से यहां पर ट्रेनिंग करेंगे इसके बाद यही पर नौकरी भी कर सकेंगे। डॉ. नितिन ने कहा कि भविष्य में और कंपनियां भी प्लेसमेंट के लिए विश्वविद्यालय आ रही हैं।
हिमाचल में करीब 80,000 शिक्षकों के तबादलों के लिए प्रदेश सरकार ने पुराने नियम बदल दिए हैं। अब शिक्षकों के तबादले 30 किलोमीटर के दायरे से बाहर होंगे। एक स्थान पर तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा करने के बाद अब शिक्षकों को 30 किलोमीटर दूर जाना अनिवार्य कर दिया गया है। तबादले करने के लिए सरकार ने दूरी को पांच किलोमीटर बढ़ा दिया है। पहले 25 किलोमीटर के भीतर तबादले होते थे। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में इसी माह से यह व्यवस्था लागू होगी। एक स्कूल में तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा होते ही आपसी सहमति से नजदीकी शिक्षक के साथ स्कूल बदलने के तबादला आदेश जारी करवाने वाले शिक्षकों के लिए अब राह आसान नहीं रहने वाली है। शहरों के आसपास सटे स्कूलों में ही सेवाएं देने वाले शिक्षकों को थोड़ा और बाहर के क्षेत्रों में भेजने के लिए सरकार ने तबादला नीति में बदलाव कर दिया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से 30 की जगह 40 किलोमीटर के दायरे से बाहर शिक्षकों के तबादले करने का प्रस्ताव था, लेकिन सरकार ने इस दूरी को 30 किलोमीटर ही रखने की मंजूरी दी है। इस नई व्यवस्था से अब ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, जहां कोई भी जाने को तैयार नहीं होता था।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली मुलाक़ात की। जयराम ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री से प्रदेश में बारिश से हुई क्षति पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने केंद्र द्वारा प्रदेश को आपदा की घड़ी में दिये गये सहयोग के लिए व्यक्तिगतरूप से मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उनसे मैंने प्रदेश को और अधिक मदद देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र को कीर्तपुर से सुंदरनगर फ़ोर लेन हाईवे के उद्घाटन के लिए हिमाचल प्रदेश आने के लिए निवेदन किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के द्वारा घोषित आपदा राहत पैकेज में केंद्र का बड़ा हिस्सा है।
-नई हेलीकाप्टर सेवाओं से राज्य में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि चंबा, पालमपुर, रक्कड़ (कांगड़ा) और रिकांगपिओ हेलीपोर्ट के लिए किफायती हवाई किराए पर हेलीकाप्टर सेवाएं शीघ्र ही शुरू होने वाली हैं। उन्होंने कहा कि यह हेलीपोर्ट उड़ान योजना के तहत चिन्ह्ति किए गए हैं और यहां के लिए उड़ानें शुरू होने से दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों के लिए हवाई यात्रा अधिक सुलभ हो जाएगी और इससे इन क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नई हेलीकाप्टर सेवाएं पर्यटन और स्थानीय आबादी दोनों के लिए वरदान साबित होंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल को पर्यटन राज्य के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में पर्यटन बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और हवाई संपर्क में और सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला मुख्यालयों पर हेलीपोर्ट स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार भी प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अथक प्रयासों से हवाई सम्पर्क सेवाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर से कुल्लू के भुंतर तक हवाई उड़ानें आरम्भ हो चुकी हैं जोकि राज्य में पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी में मददगार साबित होगा क्योंकि अमृतसर हवाई अड्डा विभिन्न घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ने वाला एक प्रमुख केंद्र है।
-सैकड़ों मजदूरों के साथ आईजीएमसी के बाहर किया प्रदर्शन आईजीएमसी के दो सौ के लगभग सफाई, वार्ड अटेंडेंट, सुरक्षा, नर्सिंग, डेटा एंट्री ऑपरेटर व अन्य कोविड कर्मियों तथा 24 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर निकालने पर आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन संबंधित सीटू ने आईजीएमसी शिमला के बाहर मौन प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूरों के साथ ही दो महीने के शिशु के साथ नौकरी से निकाली गई रेणु ठाकुर व पिछले एक महीने से तीन ऑपरेशनों से गुजरे उनके पति सुरेंद्र ठाकुर भी शामिल हुए। इस दौरान आईजीएमसी कर्मियों ने काम बंद रखा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर नौकरी से निकाले गए सुरक्षा कर्मियों व कोविड कर्मियों को न्याय न मिला तो आंदोलन तेज होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व जिला कोषाध्यक्ष बालक राम ने कहा कि आईजीएमसी से दो सौ कोविड योद्धाओं को नौकरी से बाहर करना मानवता को शर्मसार करने की घटना है। उन्होंने कहा कि 24 सुरक्षा कर्मियों के नौकरी से बाहर करना देश के कानून का गला घोंटना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्ड को दिए गए सुरक्षा कर्मियों के ठेके में महाघोटाला हुआ है। इस पर कार्रवाई करने के लिए देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की जाएगी। इस घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। टेक्निकल बिड इवैल्यूएशन के 70 अंकों के आधार पर सिक्योर गार्ड कंपनी ठेके के लिए एप्लाई करने के लिए भी पात्र नहीं थी क्योंकि उसके 70 में से शून्य अंक हैं। ठेके के लिए वर्ष 2019 से हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरना अनिवार्य था, परंतु कंपनी सितंबर 2020 में बनी तो फिर इसने वर्ष 2019 का आयकर कैसे भर दिया। कंपनी को ठेके की शर्तों के अनुसार वर्ष 2017 से 2022 तक के पांच वर्षों में एक जगह पर 100 से अधिक व कुल 300 सुरक्षा कर्मियों से कार्य अनुभव होना अनिवार्य था, परंतु कंपनी का कार्य अनुभव तो तीन वर्ष का भी नहीं है। इस तरह कंपनी को ठेका मिलना तो दूर की बात यह कंपनी बिडिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए भी पात्र नहीं थी। इस घोटाले को जनता में उजागर किया जाएगा व इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने आईजीएमसी में कर्मियों को नौकरी से बाहर करने व ठेके में हुए घोटाले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया है। आंदोलन के तहत जेल भरो, गिरफ्तारियां, चक्का जाम, राजभवन मार्च, सचिवालय मार्च व ओक ओवर मार्च किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र लाल, सुरक्षा कर्मी यूनियन अध्यक्ष देवराज बबलू, सफाई कर्मी यूनियन अध्यक्षा निशा व महासचिव सरीना ने कहा कि आईजीएमसी में अंग्रेजों के ज़माने के काले कानून आज भी जारी हैं। यहां हायर एंड फायर नीति जारी है व कानून का गला घोंट कर दो सौ कोविड कर्मियों व 24 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मियों को नौकरी से बाहर करने का निर्णय गैर कानूनी है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में सुरक्षा कर्मियों व कोविड कर्मियों की मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। ठेकेदार बदलने पर उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है जोकि यूनियन से आईजीएमसी प्रबंधन द्वारा किए गए समझौते व औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 25 एच का खुला उल्लंघन है। आईजीएमसी प्रबंधन भी नए ठेकेदार के साथ मिलकर श्रम कानूनों की खुली अवहेलना कर रहा है।
हिमाचल सरकार ने चार पुलिस अफसरों के तबादला और एक के पूर्व में जारी आदेश रद्द किए हंै। पुलिस अधीक्षक लीव रिजर्व शिमला एवं 2006 बैच के एचपीएस शमशेर सिंह को पीटीसी डरोह कांगड़ा के लिए ट्रांसफर किया है। इसी बैच के स्क्क लोकायुक्त कार्यालय शिमला वीरेंद्र कालिया को पुलिस मुख्यालय शिमला भेजा गया है। साल 2008 बैच की एचपीएस बबीता राणा को एडिशनल एसपी छठी आईआरबीएन बटालियन धौलाकुंआ सिरमौर, एडिशनल एसपी सेकेंड आईआरबीएन सकोह दिनेश कुमार शर्मा को एएसपी पुलिस मुख्यालय शिमला तथा हमीरपुर के जंगलबैरी के लिए अंडर ट्रांसफर चल रहे योगेश दत्त को डीएसपी पांचवीं बटालियन बस्सी बिलासपुर के लिए ट्रांसफर किया है। वहीं एडिशनल एसपी लोकायुक्त ब्रजेश सूद को 30 सितंबर को एडिशनल एसपी छठी आईआरबीएन धौलाकुंआ सिरमौर ट्रांसफर किया गया था। उनके तबादला आदेश रद्द कर किए गए। ट्रांसफर किए गए सभी पुलिस अफसरों को तुरंत नए स्थान पर जॉइन करने के आदेश दिए गए हैं।
अगले महीने छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। सात से 30 नवंबर तक इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चलेगी। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के 20 आईएएस और 10 आईपीएस अफसर इन राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर जाएंगे। 19 अक्तूबर से प्रदेश के आईएएस अफसर क्रमवार जाना शुरू होंगे। चुनाव आयोग की ओर से इन अधिकारियों की ड्यूट्यिां लगाई गई हैं। कौन सा अधिकारी किस राज्य में जाएगा, इसकी जानकारी आयोग की ओर से अलग से सरकार को दी जा रही है। आईएएस अधिकारियों में नंदिता गुप्ता, सी पालरासू, प्रियतु मंडल, डॉ. आरके प्रूथी, विनोद कुमार, सुदेश कुमार मोक्टा, संदीप कुमार, ऋगवेद ठाकुर, डीसी नेगी, गोपाल चंद, कमल कांत सरोच, नीरज कुमार, रोहित जंबाल, अश्वनी कुमार शर्मा, रामकुमार गौतम, पंकज रॉय, प्रदीप ठाकुर, विनय सिंह, हरबंस सिंह ब्रेसकॉन और रीमा कश्यप की चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। आईपीएस अधिकारियों में जेपी सिंह, डॉ. डीके चौधरी, गुरदेव चंद, अनुपम शर्मा, रोहित मालपानी, डॉ. कुशाल चंद शर्मा, डॉ. रमेश चंद्र छाजटा, देवाकर शर्मा, डॉ. मोनिका और भगत सिंह विधानसभा चुनाव करवाने जाएंगे। यह सभी अधिकारी अलग-अलग शेड्यूल के तहत ड्यूटी देने जाएंगे। चुनाव ड्यूटी के दौरान इन अधिकारियों के काम का अतिरिक्त कार्यभार अन्य अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को सूचना एवं जन संपर्क विभाग की 'हिम समाचार' एप का शुभारंभ किया, जिसमें विभागीय बुलेटिन के साथ-साथ अन्य वीडियो कंटेंट उपलब्ध होंगे। इस एप में विभागीय वीडियो, शॉर्ट रील्ज तथा राज्य सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी उपलब्ध होगी। हिम समाचार एप गूगल प्ले स्टोर से तथा क्यू.आर. कोड स्कैन कर भी डाउनलोड किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एप के माध्यम से लोगों को राज्य सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों व कार्यक्रमों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं आरंभ की हैं तथा सरकार की इन नीतियों एवं कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार में सूचना एवं जन संपर्क विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सूचना तकनीकी का और अधिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन सहजता से सटीक व तथ्यपरक जानकारी प्राप्त कर राज्य सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, निदेशक डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस मुकेश रेपस्वाल, सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-बागवानी मंत्री ने एचपीएमसी के नए वेब पोर्टल का किया शुभारंभ -कहा, एचपीएमसी ने एमआईएस के तहत 32454 मीट्रिक टन सेब खरीदा बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के निदेशक मंडल (बीओडी) की 213वीं बैठक मंगलवार को आयोजित हुई। बागवानी मंत्री ने औपचारिक रूप से एचपीएमसी के नए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। सीए व कोल्ड स्टोर्स की बुकिंग, बाजार मध्यस्थता योजना (एमआईएस) और बागवानी खाद व उपकरण की बिक्री जैसी एचपीएमसी की सभी सेवाएं वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कर दी गई हैं। जगत सिंह नेगी ने कहा कि एचपीएमसी ने बाजार मध्यस्थता योजना-2023 के तहत अब तक 32454 मीट्रिक टन सेब की खरीद की है। राज्य में भारी वर्षा के कारण हुई आपदा के बावजूद एचपीएमसी योजना के तहत खरीदे गए सेब की पूरी मात्रा उठाने में कामयाब रही है। एचपीएमसी ने वर्तमान सेब सीजन के दौरान अपने तीन फल प्रसंस्करण संयंत्रों पराला, परवाणु और जड़ोल (मण्डी) में रिकॉर्ड 1288 मीट्रिक टन सेब जूस कंसन्ट्रेट का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि नव स्थापित एचपीएमसी फल प्रसंस्करण संयंत्र पराला का परीक्षण और कमीशनिंग वर्तमान सेब सीजन के दौरान सफलतापूर्वक आयोजित की गई। एचपीएमसी सुविधा में एप्पल जूस कन्सन्ट्रेट, पेक्टिन, रेडी टू सर्व जूस और पेय, फलों की वाइन और एप्पल साइडर विनेगर का उत्पादन करेगा। एचपीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 120 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया है। बैठक के दौरान वर्तमान सेब सीजन के दौरान उत्पादित एप्पल जूस कन्सन्ट्रेट की दरें भी तय की गईं। बैठक में सभी एचपीएमसी उत्पादों की पैकेजिंग डिजाइन को चरणबद्ध तरीके से बदलने का निर्णय लिया गया। बीओडी ने सेब उत्पादकों को उचित मूल्य पर सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले बागवानी इनपुट की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करने का निर्णय लिया। एचपीएमसी ने अगले सेब सीजन के दौरान सेब उत्पादकों को केवल यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने और टेलीस्कोपिक कार्टन की बिक्री बंद करने का निर्णय लिया है। एपीएमसी मार्केट यार्ड पराला, सोलन और परवाणु में सेब व्यापारिक गतिविधियों को अगले वर्ष के दौरान जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से बेचने का निर्णय लिया गया और इस संबंध में एक नीति को मंजूरी दी गई। एचपीएमसी ने विभिन्न माध्यमों से अपने उत्पादों की बिक्री को गति प्रदान करने के लिए अपनी वितरण नीति शुरू की है। बागवानी मंत्री ने एचपीएमसी अधिकारियों से राज्य के बाहर स्थित संपत्तियों और संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करके और किसानों के सर्वोत्तम हित में सभी व्यावसायिक गतिविधियों की कार्यप्रणाली सुव्यवस्थित कर और दक्षता बढ़ाकर निगम को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने निगम को वित्तीय स्थिरता प्रदान करने के लिए नए और दीर्घकालिक व्यावसायिक उद्यमों पर भी बल दिया। बैठक के दौरान सचिव बागवानी सी. पालरासु, निदेशक बागवानी संदीप कदम, प्रबंध निदेशक एचपीएमसी सुदेश कुमार मोख्टा और प्रबंध निदेशक एचपी एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन रीमा कश्यप और एचपीएमसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
-कहा, मनमाने नियमों से प्रदेश के हर वर्ग को कर रही है परेशान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल है। मुख्यमंत्री प्रदेश में किसी काम को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। तानाशाही से सरकार चलाना चाह रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी स्वावलंबन ई-टैक्सी योजना शुरू करने की घोषणा कर दी। इसके लिए नियम भी बना दिए। इस योजना के लिए आवेदन करने की पात्रता उम्र 20 से 45 वर्ष है और आवेदक के पास कम से कम 7 साल का ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। जयराम ठाकुर ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है। यदि सात साल का ड्राइविंग लाइसेंस और जोड़ दिया जाए तो आवेदक की न्यूनतम उम्र 25 साल हो जाएगी, लेकिन सरकारी नियमों में आवेदक की उम्र सीमा 20 से 45 साल रखी गई है। जो अपने आप में हास्यास्पद है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ज़िला परिषद कर्मियों की माँगे पूरी करने की बजाय उन्हें धमका रही है। कार्रवाई की तैयारी कर रही है। जब चुनाव का समय था तो सरकार बनते ही हर मांग पूरी करने का वादा कर रहे थे। अब जब झूठ बोलकर सरकार बन गई है तो महीनों से धरने पर बैठे ज़िला परिषद कर्मियों के मसलों कों हल करने के बजाय सरकार तानाशाही का तरीक़ा अपनाना चाह रही है। लोकतंत्र में चुनावी वादों के साथ झूठ बोलकर सरकार बनाने वालों से सरकार का यह तानाशाही भरा रवैया हम चलने नहीं देंगे। नेता प्रतिपक्ष में कहा कि आपदा की चपेट में आने वाले प्रदेश के आपदा राहत और पुनर्निर्माण के सारे कार्य सरकार की नीतियों की वजह से बंद पड़े हैं। जिससे आज भी हज़ारों बेघर लोगों को अपना घर नहीं बन पास रहा है। क्रशर बंद हैं। बालू, रेत, बजरी जैसे निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं आज लोगों को मिल नहीं रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा से प्रदेश में पर्यटन को सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है। इससे उबरने में सरकार के सहयोग की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान की सुक्खू सरकार पर्यटन की कमर तोड़ने में लगी हैं। ऐसे-ऐसे टैक्स लाद रही है की पर्यटन कारोबारी हिमाचल की बजाय अन्य प्रदेशों का रुख़ कर रहे हैं। विभिन्न संस्थाओं के आंकड़ों की माने तो सरकार के इन नियमों परिमाण स्वरूप विंटर सीजन की 90 परसेंट एडवांस बुकिंग लोगों ने रद्द कर दी हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा पर्यटक बसों और टेंपो ट्रैवलर टाइप वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स लगा दिया। इस टैक्स की वजह से हर बस को चार से पांच दिन के टूर पर 20 से 25 हज़ार अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं, ऐसे में बस ऑपरेटर हिमाचल की बजाय कश्मीर और अन्य राज्यों का रुख़ कर रहे हैं। जिससे प्रदेश को हर दिन करोड़ों का नुक़सान हो रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लाई गई लगेज पॉलिसी हर लिहाज से जन विरोधी थी। एचआरटीसी का उद्देश्य प्रदेश के लोगों की सेवा करना है। यह आम लोगों के परिवहन का साधन है। उन्होंने कहा के सरकार ने लगेज पॉलिसी के मामले में एचआरटीसी के दो परिचालकों को बर्खास्त कर दिया। यह सरकार का तानाशाही भरा दुर्भाग्यपूर्ण फ़ैसला है। इस फ़ैसले को सरकार को वापस लेना होगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग राज्य कार्यकारिणी की बैठक राजीव भवन शिमला में अध्यक्ष अमित नंदा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सांसद मंडी लोकसभा क्षेत्र व मंत्री स्वास्थ्य, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता व सैनिक कल्याण हिमाचल प्रदेश सरकार धनीराम शांडिल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस संगठन का एक महत्वपूर्ण विभाग है तथा इस विभाग की चुनाव में हमेशा सक्रियता रहती है। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी में कार्यकर्ताओं को अभी से जुट जाना चाहिए। देश की तानाशाह सरकार को इस बार जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हरेक कांग्रेस कार्यकर्ता को धरातल पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं के काम सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किए जाने चाहिए। वहीं, हिमाचल सरकार के वरिष्ठ मंत्री डॉक्टर कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस पार्टी का अभिन्न अंग है, जिसकी वजह से विधानसभा में आज कांग्रेस पार्टी के 10 विधायक चुनकर आये हैं सरकार की प्राथमिकता है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए अनेकों ऐसी जन कल्याणकारी योजनाओं चलाई जा रही है जिसमें समाज में अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ मिलेगा। अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग अमित नंदा के कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा निर्देश अनुसार अनुसूचित जाति विभाग ने पार्टी के अनेकों कार्यक्रम समय समय पर चलाए हैं और वर्तमान में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संविधान रक्षकों की नियुक्ति की जा रही है जिसका लक्ष्य हमने 50000 रखा है हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा तथा राज्य स्तर के लिए शीघ्र ही स्थान चयनित किया जाएगा । अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए सभी 12 ज़िलों में क़ानून ज्ञाता समन्वयक नियुक्त किए गए हैं जिनकी सहायता समाज का कोई भी पीड़ित परिवार ले सकता है। अमित नंदा ने कहा कि इस वर्ष के दिसंबर माह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रारूप अनुसार हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक प्रस्तावित है जिसके बारे में मुख्यमंत्री से वार्तालाप करके इसकी तिथि निर्धारित की जाएगी तथा इसकी तैयारी के लिए संगठन के लोगों को ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी। इससे पूर्व उन्होंने आज की बैठक में विशेष रूप से उपस्थित अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी व माननीय मंत्री का स्वागत व धन्यवाद किया कि उन्होंने अपने व्यस्तता के चलते भी बैठक के लिए समय निकाला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी यशपाल तनाईक ने सभी पदाधिकारियों का बैठक में उपस्थित होने पर स्वागत किया तथा आने वाले समय में अपने अपने ब्लाको व ज़िले में संगठन की गतिविधियों को बढ़ाने व लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिये कमर कसने का आवाहन किया। इस दोरान शिमला कृष्णा नगर वार्ड से अमित की अध्यक्षता मै 10 लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और कांग्रेस पार्टी की नीतियों मै पूर्ण विश्वाश व्यक्त किया! इस बैठक में उपाध्यक्ष सैन राम नेगी बरम दास चोहान जीत राम विनोद भाटिया चमन प्रकाश उतम कश्यप यशपाल प्रिती धांटा शकुनतला कश्यप शिवानी चौहान बुद्धि सिंह इत्यादि कई कार्यकर्ता उपस्थित थे बैठक के पश्चात प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग का एक प्रतिनिधि मंडल अंतिम नंदा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुकखू से उनके निवास स्थान ओक ओवर में मिला तथा आपदा राहत कोष के लिए 2 लाख रुपये की राशि का चेक भेंट किया ।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक तकनीक के साथ उभरती प्रौद्योगिकियों में एक अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया। आईहब दिव्य संपर्क और टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब द्वारा समर्थित, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और आईआईटी रूड़की द्वारा नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (एनएमआईसीपीएस) के तहत एक सहयोगात्मक प्रयास, अत्याधुनिक सुविधा परिवर्तनकारी प्रगति के लिए संवर्धित वास्तविकता (एआर), आभासी वास्तविकता (वीआर), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), और ड्रोन प्रौद्योगिकी में उत्प्रेरक बनने कोशिश। कल शूलिनी विश्वविद्यालय में 7वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला, प्रो चांसलर विशाल आनंद और ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के अध्यक्ष आशीष खोसला उपस्थित थे। कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने मनीष आनंद सीईओ आईहब, दिव्य संपर्क का परिचय दिया और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर), वर्चुअल रियलिटी (वीआर), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ड्रोन टेक्नोलॉजी एक्सपीरियंस सेंटर लैब में शामिल विभिन्न तकनीकों के बारे में बताया। आईहब, दिव्य संपर्क के सीईओ मनीष आनंद ने कहा कि एआर/वीआर की भूमिका रियल एस्टेट, गेमिंग, शिक्षा और प्रशिक्षण में व्यापक अनुभव, इंटरैक्टिव सिमुलेशन और आभासी संपत्ति की खोज को जोड़ती है और उद्योगों को बदलने में मदद करेगी। टीओटी का उपयोग चीजों को अधिक कुशल बनाने और लोगों को जोड़ने के लिए किया जाएगा, जो स्मार्ट घरों, सटीक खेती, औद्योगिक स्वचालन और डेटा के आधार पर निर्णय लेने की अनुमति देता है। इस लैब का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के छात्रों को उन्नत तकनीकी कौशल प्रदान करके नौकरी बाजार के लिए प्रशिक्षित करना है। आईहब शूलिनी के समन्वयक प्रोफेसर दीपक कुमार ने इस अग्रणी केंद्र की स्थापना में आईहब दिव्यसंपर्क द्वारा दिए गए अमूल्य समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने दोनों संस्थानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग पर भी प्रकाश डाला, जिसमें उद्योग-प्रासंगिक चुनौतियों का समाधान करना और इनक्यूबेशन और फंडिंग के लिए साइबर-फिजिकल सिस्टम (सीपीएस) डोमेन में स्टार्टअप की सहायता करना शामिल है।
-मुख्यमंत्री को 'सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून सीजन में भारी बारिश, भू-स्खलन तथा बाढ़ से आई आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के तहत बेहतरीन नेतृत्व प्रदान के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने भी सराहा है। उन्हें सशक्त राजनीतिक नेतृत्व तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ कर जनहित और जन कल्याण के लिए 'सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया गया है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अधिकारियों सुमित सिंगला और जसवीर सिंह ने मुख्यमंत्री को यह सम्मान प्रदान किया। इससे पहले वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी आपदा के दौरान बेहतर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों की प्रशंसा की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फंसे हुए लोगों की मदद के लिए आपदा के बीच 72 घंटे रहकर राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। उनके मार्गदर्शन में 75 हजार पर्यटकों और 15 हजार गाड़ियों को प्रदेश से सुरक्षित निकाला गया। इसके साथ-साथ 48 घंटे की छोटी सी अवधि के दौरान बिजली, पानी और संचार सेवाओं जैसी आवश्यक को अस्थाई तौर पर बहाल कर दिया गया, जिससे स्थिति सामान्य हुई तथा लोगों को राहत मिली। मुख्यमंत्री स्वयं ग्राउंड जीरो पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर अधिकारियों को उचित निर्देश देते रहे। आपदा के बाद भी प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार गंभीरता से ठोस कदम उठा रही है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 4500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज घोषित किया है, जिसमें मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ाया गया है। पहले जहां पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान की ऐवज में 1.30 लाख मिलते थे, इसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया है। इसके साथ ही उन्हें घर बनाने के लिए 280 रुपए प्रति बोरी की दर से सीमेंट तथा बिजली-पानी का फ्री कनेक्शन भी उपलब्ध करवाएगी। घर को आंशिक नुकसान होने पर मुआवजा राशि में बढ़ोतरी कर इसे एक लाख रुपए किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार गाय व भैंस जैसे दुधारू की मृत्यु पर प्रति पशु 55 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है। भेड़ और बकरी की मृत्यु पर मिलने वाली वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस सम्मान के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने जनजातीय क्षेत्र पांगी में सभी लोगों के लिए जलाने की लकड़ी, फ्यूल वुड पर मिलने वाली सब्सिडी को फिर से बहाल करने को लेकर प्रदेश सरकार से बात करने का आश्वासन लोगों को दिया है। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी पूरी करने के लिये इनको मिलने वाली प्रोत्साहन राशि, जनजातीय भत्ता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा है कि प्राय: देखा गया है कि कठिन भूगोलिक परिस्थितियों के चलते प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में स्थानांतरित अधिकारी व कर्मचारी अपनी सेवाएं देने से बचने का प्रयास करते है,इसलिए इन्हें इन क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिये प्रोत्साहन के साथ साथ इनका विशेष जनजातीय भत्ता बढ़ाएं जाने की बहुत आवश्यकता है। प्रतिभा सिंह ने आज यहां कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र मण्डी के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के भरमौर विधानसभा क्षेत्र के किलाड़ का दो दिवसीय दौरा करके वापिस लौटी है। उन्होंने कहा कि उदयपुर से किलाड़ सड़क जो सीमा सड़क संगठन के पास है उसको जल्द पक्का करने व इसके सुधार का मामला भी सीमा सड़क संगठन के उच्च अधिकारियों के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बर्फबारी की बजह से यहां आने जाने वाले लोगों को सड़क सपंर्क टूटने की बजह से भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है इसलिए यहां के लोगों की मांग पर चैहणी पास में प्रस्तावित सुरंग निर्माण का मामला भी केंद्र सरकार से उठाया जाएगा,जिससे यह क्षेत्र पूरे साल सड़क सम्पर्क से जुड़ा रहें। प्रतिभा सिंह ने कहा कि पांगी घाटी में संचार नेटवर्क भी बहुत कमजोर है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह भारत दूर संचार, बीएसएनएल के अधिकारियों से भी एक बैठक कर संपूर्ण पांगी घाटी सहित लाहौल-स्पीति व किन्नौर में नेटवर्क सुदृढ़ करने व इसके और अधिक विस्तार करने की सम्भावनाओं का पता लगाने को कहेंगी। उन्होंने कहा कि दूरसंचार नेटवर्क अब आम आदमी की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है, इसलिए इसके नेटवर्क को मजबूत करना बहुत ही आवश्यक है। इसके लिए सभी पग उठाये जाने की बहुत जरूरत हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि जल्द ही वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर जनजातीय क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को लेकर इन्हें दूर करने पर आपसी विचार विमर्श कर इन समस्याओं को दूर करने का आग्रह करेंगी।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी शिमला रेंज ने 1.290 किलो चरस के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गोपाल सिंह (30) पुत्र स्व. निक्का राम, गांव धरचानाना पोस्ट ऑफिस धार चान्ना, तहसील कुपवी, जिला शिमला और कमल सिंह (44) पुत्र स्व. शिव राम विला. बावट, पोस्ट ऑफिस धार चानना, तहसील कुपवी, जिला शिमला के रूप में हुई है। उन्होंने यह नशे की यह खेप एक गाड़ी में छिपाकर रखी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पांवटा साहिब पुलिस थाने में मामला दर्ज कर गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है। मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
-पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की सुविधा पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य सरकार ने पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण उच्च या व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, उस परिवार का छात्र इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र है। बली ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बैंक को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने में समय लग रहा है, संबंधित संस्थान को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय के स्तर पर एक कोष बनाया जाएगा ताकि छात्र को संस्थान में प्रवेश लेने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से पात्र छात्रों द्वारा लिए गए शिक्षा ऋण के बदले ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए नोडल बैंक नामित करेगी। उन्होंने कहा कि नोडल बैंक उच्च शिक्षा विभाग के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करेगा। उन्होंने कहा कि ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने से पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा और योजना के तहत अपने आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश में चयनित होने का प्रमाणन करने से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। विद्यार्थी के पात्र पाए जाने पर उच्च शिक्षा निदेशक ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश करेंगे। उन्हों ने कहा कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी भी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत विद्यार्थी बोर्डिंग, आवास, ट्यूशन फीस, किताबें और उनकी शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऋण की सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों के पंजीकरण एवं प्रवेश तिथि को आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है।
-एक हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित होंगी पर्यटन गतिविधियां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में ईको-टूरिज्म पर्यटन को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है और इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। यह बात मुख्यमंत्री ने सोमवार सायं यहां हिमाचल प्रदेश ईको-टूरिज्म सोसाइटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण वन क्षेत्रों में 11 ईको-पर्यटन स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें पालमपुर वन मंडल में स्वार, सौरभ वन विहार, न्यूगल पार्क, बीड़-बिलिंग, पार्वती वन मंडल में कसोल, खीर गंगा व सुमारूपा, सिराज में सोझा, कोटगढ़ में नारकंडा और शिमला वन मंडल के तहत शोघी कैंपिंग स्थल व पोटर हिल कैंपिंग स्थल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ईको-पर्यटन स्थल एक हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। आउटसोर्सिंग के माध्यम से विकसित व संचालित किए जाने वाले इन स्थलों के लिए आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल को अलौकिक सौंदर्य से नवाजा है और हिमाचल की मनभावन वादियां देश-विदेश सेे सैलानियों को आकर्षित करती हैं। उन्होंने कहा कि ईको-पर्यटन को प्रोत्साहित करने से राज्य में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और राजस्व में भी इजाफा होगा तथा प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में अन्य स्थानों पर भी ईको-पर्यटन स्थल चिन्हित कर उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार व संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव वन अमनदीप गर्ग, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन राजीव कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
-मुख्यमंत्री ने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित 'मंडे मीटिंगÓ की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 अक्तूबर को पूरे प्रदेश में मुटेशन (इंतकाल) अदालत आयोजित की जाएगी। इसके तहत सभी तहसील व उप-तहसील तथा बंदोबस्त सर्कल स्तर पर केवल लम्बित मुटेशन सत्यापन के मामलों पर निपटरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 22000 से अधिक ऐसे मामले लम्बित पड़े हैं। मुटेशन अदालत से आम आदमी को सुविधा के साथ ही उन्हें मूटेशन के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों में जाने से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुटेशन की प्रक्रिया समयबद्ध पूरी न होने के कारण लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और इससे विकास कार्यों की प्रगति भी प्रभावित होती है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ सरकार हर क्षेत्र में सार्थक और सकारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने अधिकारियों को मुटेशन अदालत के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नये पाठ्यक्रम आरम्भ किये जाएंगे। यह पाठ्यक्रम रोजगारपरक और नवीन प्रौद्योगिकी पर आधारित होंगे। इनमें कृत्रिम मेधा का समावेश भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को गुणात्मक एवं व्यवहार्य बनाने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है। इससे युवाओं में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ेगी, साथ ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों को हिमाचल मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 से संबंधित आवेदन की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूर्ण करने के निर्देश दिए। इससे कार्य समयबद्ध होंगे और इनमें दक्षता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के 1500 बसों के बेड़े को चरणबद्ध तरीके से विद्युत चालित वाहनों से बदला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस सम्बन्ध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में यू.वी. फिल्टरेशन यूनिट स्थापित करने के लिए स्थल चयनित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल उपचार के लिए ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, विभिन्न विभागों के सचिव और मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा भी उपस्थित थे।
-प्रभावितों के साथ मजाक कर रही है सुक्खू सरकार -निर्माण सामग्री नही मिलने से कैसे बनेंगे बर्बाद हुए घर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों का पुनर्वास करने के बजाय उनके साथ मज़ाक़ कर रही है। प्रदेश में महीनों से क्रशर बंद होने की वजह से रेता बजरी आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही है। निर्माण कार्य बिना रेत और बजरी के नहीं हो सकता है। इस वजह से निर्माण कार्य रुके हुए हैं। आगे सर्दी का मौसम है। ऐसे में लोगों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा में सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सर्दी का मौसम आने वाला है और ग्राम पंचायतों का काम देखने वाले ज़िला परिषद कर्मी हड़ताल पर हैं। ऐसे में मनरेगा के तहत होने वाला एक हज़ार करोड़ के काम समय पर कैसे होंगे। जयराम ने कहा कि सरकार ने तीन बार सीमेंट के दाम बढ़ा दिये जिससे लोगों के निर्माण का खर्च और भी बढ़ गया है। इसके बाद भी प्रदेश के लोगों को समय पर सीमेंट नहीं मिला रहा है। आपदा से जूझ रहे लोगों को मनमाने क़ीमत पर भी सीमेंट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों के निर्माण कार्य रुके हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के समय में सरकार ने ऐसे निर्णय लिए हैं कि आपदा प्रभावितों के ज़ख़्म और हरे हो जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान इस समय में आपदा प्रभावितों को ज़्यादा से ज़्यादा राहत देनें का होना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से सरकार का ध्यान चीजों को महंगा करके लोगों को परेशान करने का है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिला परिषद के सभी कर्मचारी महीनों से हड़ताल पर हैं। चुनाव में किए गए वादे न पूरे किए जाने की वजह से वह महीनों से कोई काम नहीं कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों के सारे काम ठप पड़े हैं। ऐसे में आपदा से निपटने के लक्ष्य कैसे हासिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने एक हज़ार करोड़ रुपये मनरेगा के तहत खर्च करने की घोषणा की है। जब पंचायत का काम देखने वाले ज़िला परिषद कर्मी हड़ताल पर हैं और सामान्य काम तक नहीं हो रहे हैं तो मनरेगा के काम कैसे हो पायेंगे। उन्होंने कहा कि आपदा राहत के नाम पर प्रदेश की सुक्खू सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के बजाय हास्यास्पद तरीके से काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के इस तरह के फ़ैसलों की वजह से न तो लोगों को रेत बजरी उपलब्ध हो पा रही है और न ही सीमेंट और सरिया। प्रदेश में हाजाहज़ारों लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। हज़ारों घर रहने लायक़ नहीं बचें हैं। ऐसे में सरकार द्वारा क्रशर बंद कर देने से यह समस्या और विकराल हो गई है। उन्होंने कहा कि क्रशर बंद करने का ख़ामियाज़ा प्रदेश के आपदा पीड़ित उठा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि अब तो प्रदेश में बफ़र्बारी भी शुरू हो गई है ऐसे क्षेत्रों में आपदा राहत को कोई काम नहीं हुआ है। इन क्षेत्रों के आपदा प्रभावित लोग कैसे रहेंगे यह भी सोचना सरकार का काम है, लेकिन सरकार ने एक बार भी इनके बारे में नहीं सोचा।
स्वदेश लौटने से पूर्व गत रात्रि विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के सम्मान में स्विटजरलैंड में भारत के राजदूत मृदुल कुमार ने अपने निवास पर रात्रि भोज का आयोजन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष की पत्नी नीना पठानिया, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा तथा उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। रात्रि भोज के समय विधानसभा अध्यक्ष ने मृदुल कुमार को हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं बारे अवगत करवाया। पठानिया ने भारतीय राजनयिक से आग्रह किया कि वे भी हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं बारे स्विटजरलैंड पर्यटन विभाग से चर्चा करें तथा हिमाचल के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करवाएं। पठानिया ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली, क्रियाकलापों, ई-विधान प्रणाली तथा सदन संचालन बारे भी राजदूत को जानकारी दी। पठानिया ने कहा कि समय के बदलते परिवेश के साथ हमें भी अपनी कार्यशैली तथा कार्यप्रणाली में बदलाव की जरूरत है तथा विश्व संगठन के साथ हमें भी बदलना होगा। भारत एक विशाल देश है, जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। भारत एक युवा देश है तथा हमें इस युवा ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल करना होगा, ताकि हम एक सशक्त, समृद्व तथा स्वावलंबी राष्ट्र बन सकंे। कुलदीप सिंह पठानिया आज रात्रि नई दिल्ली पहुंच रहे हैं।
-बोले, वीरभूमि हिमाचल के वीरों का बलिदान हमारी प्रेरणा, हमारी ऊर्जा केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत अपने संसदीय क्षेत्र के भोरंज, हमीरपुर व बड़सर विधानसभा में स्कूली छात्रों, अध्यापकों व स्थानीय जनता से इस कार्यक्रम की महत्ता पर। सार्थक संवाद किया व बड़ी संख्या में मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम में अपना योगदान देने की अपील की। अनुराग ने कहा कि यूक्रेन वॉर के दौरान ऑपरेशन गंगा के तहत जब हमारे देश के नागरिक और बच्चे वहां फंस गए थे तो केवल देश का तिरंगा झंडा अपनी बसों पर लगाकर वहां से वह सकुशल वापस अपने देश पहुंच पाए। कई अन्य देशों के लोग भी जो वहां फंसे हुए थे भारत का झंडा अपनी गाड़ियों पर लगाकर वहां से निकलकर अपने देश में पहुंचने में सफल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूत हुआ है। हमारे तिरंगे की ताक़त बढ़ी है, यह एक बड़ा बदलाव है। यह बदलाव मजबूत नेता और मजबूत सरकार लेकर आई है देश को मजबूत नेता और मजबूत सरकार देने के लिए आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर अनोकों कार्यक्रम आयोजित किए, उसमें से घरों पर तिरंगा फहराना भी एक बड़ा कार्यक्रम था। देश के हर कोने हर घर हर गांव में जहां तक की कश्मीर के लाल चौक पर भी तिरंगा खुले मन से खुले दिल से घर-घर पर फहराया गया। एक समय था जब हमें तिरंगा फहराने के लिए तिरंगा यात्रा निकालने पड़ी थी। कांग्रेस की उस समय की सरकार ने जम्मू के श्रीनगर के लाल चौक पर हमें जाने नहीं दिया था, हम वहां पर तिरंगा झंडा फहराना चाहते थे। जब धारा 370- 35 ए मोदी जी ने हटा दी है।अब हम जब श्रीनगर के लाल चौक पर भी झंडा फहरा सकते हैं कोई हमें रोकने वाला नहीं है। आजादी के अमृत महोत्सव में हमको वीर सेनानियों को और बलिदानों को स्वतंत्रता युद्ध के वीर बलिदानियों को याद करना है। गांव गांव के स्कूलों में बड़े-बड़े बोर्ड लगवाएंगे जिसमें वहां के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम वीर बलिदानियों के नाम वीर सैनिकों के नाम लिखे जाएंगे। ताकि वहां पर शिक्षा ग्रहण करने वाले आने वाली अगली पीढ़ी को यह ज्ञात हो हमारे आज के लिए पूर्व में अपना किसने देश के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया था।
-लिटफेस्ट के अंतिम दिन रियल और रील लाइफ पर रहा फोकस खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के अंतिम दिन कसौली क्लब में रियल और रील लाइफ पर फोकस रहा। फ़िल्म अभिनेता से राजनेता बने राज बब्बर ने कहा कि मैं अभिनेता हूं, अभिनय से ही मेरी पहचान है। मैंने न नौकरी करने और न डायरेक्टर बनने की कसम खाई है। सिर्फ एक्टिंग करना चाहता हूं, यही मेरी पहचान है। उन्होंने कहा कि बचपन से मेरी पहली मोहब्बत एक्टिंग थी। मैं सिर्फ एक्टर बनना चाहता था। आठवीं कक्षा से शुरू हुई मेरी एक्टिंग की आशिकी पटियाला में आकर परवान चढ़ी। उन्होंने बताया कि आठवीं कक्षा में चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी उसने कहा था में मुझे जर्मन सिपाही का रोल मिला। अच्छा किरदार न निभाने के कारण फिर मुझे कोई रोल नहीं मिला। पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में कॉलेज का प्रधान बनने, फिर रोल मिला और फिर मेरी तालाश पूरी हुई। मुझे ओम पुरी, मीना टीवाना ने एनएसडी का रास्ता दिखाया। मैं पढ़ा-लिखा नहीं, लेकिन लिखा-पढ़ा जरूर हूं। यहां मेरे गुरु इब्राहिम से बहुत कुछ सीखा। उन्होंने बताया कि पहली जनवरी 1979 में उन्होंने अपना बजाज स्कूटर 6 हजार रुपए में बेचा। अपनी पत्नी नादिरा और जूही को छोडक़र मुंबई चल गए। कई उतार-चढ़ाव देखे और मुंबई में अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस सत्र में जाने-माने फिल्म अभिनेता और राजनेता राज बब्बर, उनकी बेटी जूही बब्बर सोनी और दामाद अनूप सोनी के बीच दिल को छू लेनी वाली चर्चा हुई। इसमें बाप-बेटी और ससुर-दामाद का संवाद का सभी ने आनंद उठाया। इस सत्र का संचालन अनूप सोनी ने किया। अनूप सोनी ने कहा कि जब घर पर भाई-बहन हंसी-मजाक करते हैं तो कहते हैं पापा आप रेप न करते तो हमारा घर नहीं चलना था। बात हो रही है फिल्म इंसाफ का तराजू की। हलांकि इससे पहले भी राज बब्बर 14 फिल्मों में छोटे -मोटे रोल कर चुके थे, लेकिन यह फिल्म उनके लिए टर्निंग प्वाइंट बनी। राज बताते हैं कि इससे बाद फिल्मों में उनका रोल तो बढ़ा, लेकिन पैसे नहीं बढ़े। 80 के दशक में उनका अभिनय पीक पर था। उन्होंने कहा कि वह एक दोस्त ने उन्हें राजनीति में आने की सलाह दी । मैं सोशलिस्ट रहा हूं। राजनीति में मदद भी कर रहा था। वह राजनीति में आ गए, उन्होंने मुझे राज्यसभा का मेंबर बना दिया। इस एहसान के बदले राजनीति में कूद पड़ा। जब जीत जाते तब लोकसभा और हार जाते तो राज्यसभा के सदस्य रहे। 27 साल वह एमपी रहे। आज तक कोई भी अभिनेता इतने लंबे समय तक नहीं रहा है। अब उन्होंने राजनीति को अलविदा कह दिया है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन अभिनय को समर्पित है। अब राजनीति को अलविदा कहने बाद दोबारा आप उन्हें पर्दे पर देख सकेंगे। यह बात उनकी बेटी जूही बब्बर ने कही। वह वैब सीरिज में काम कर रहे हैं। 2024 का क्या प्लान है। इस पर वह कुछ नहीं बोले। क्या कहा जूही बब्बर ने.... जूही बब्बर ने एस सवाल के जबाव में कहा कि मेरे पापा कितने भी बिजी रहें, लेकिन कभी मेरा बर्थडे नहीं भूलते और आज तक कभी नहीं हुआ कि मेरी स्कूल इवेंट या कोई मेरा बर्थडे मिस किया हो। 20 जुलाई को मेरा बर्थडे होता है। जूही ने बताया कि मैं चार साल की थी, जब मुंबई आई थी। उस समय हमारे पास 2 बीएचके घर और एक कार होती थी। पापा कैसे मैनेज करते थे, यह बात आज महसूस करती हूं। हम न्यू ईयर, दीपावली और अन्य त्यौहार अपने घर में ही मनाते हैं। यह रिवायत पहले से ही हमारे परिवार में चली आ रही है।
सीपीएस की नियुक्ति पर हिमाचल हाई कोर्ट 4 नवंबर को अपना फैसला सुनाएगा। आज मैराथन सुनवाई के बाद हिमाचल हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिकाकर्ता के वकील संजय कुमार ने कहा कि हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में होगा। दिल्ली स्थित वकील कल्पना देवी द्वारा दायर याचिका में नियुक्ति को अवैध और संविधान के विपरीत बताते हुए सभी सीपीएस को तत्काल हटाने की प्रार्थना की गई है। याचिका में आगे दावा किया गया है कि इन नियुक्तियों से राज्य के खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा। राज्य में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 8 जनवरी को 6 विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त किया था। याचिकाकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संजय कुमार की ओर से पेश वकील ने कहा कि सभी छह विधायकों राम कुमार चौधरी (दून), संजय अवस्थी (अर्की), मोहन लाल ब्राक्टा (रोहड़ू), सुंदर सिंह ठाकुर (कुल्लू), आशीष बुटेल की नियुक्ति (पालमपुर), और किशोरी लाल (बैजनाथ) को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस मामले की सुनवाई आने वाले सप्ताह में होने की उम्मीद है। संजय कुमार ने आगे कहा कि 6 मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) की नियुक्ति को अवैध बताया गया और मांग की गई कि इन सभी विधायकों को सीपीएस के रूप में लाभ के पद पर रहने के लिए नोटिस जारी किया जाना चाहिए और त्वरित सुनवाई के बाद उन सभी को विधानसभा से अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पीटरहॉफ शिमला में हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में चीन के हांगझोऊ में सम्पन्न एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने ऊना जिला के पुरूष वर्ग में कबड्डी खिलाड़ी विशाल भारद्धाज, भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान रितु नेगी तथा टीम की सदस्य निधि शर्मा, ज्योति, पुष्पा राणा और सुषमा शर्मा को शाल व टोपी से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है और इस बार के एशियन खेलों के आंकड़े हमारे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शा रहे हैं। भारतीय दल ने कुल 107 पदक जीते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उनकी सफलता उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरक है। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों से युवाओं को समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में शीघ्र ही एक गरिमापूर्ण समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य में आधारभूत खेल ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास कर रही है तथा राज्य की खेल नीति में परिवर्तन लाने पर भी विचार किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार नीटू ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और एसोसिएशन की गतिविधियों बारे अवगत करवाया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेेंद्र श्याम, हिमाचल प्रदेश ओलम्पिक एसोसिशियन के सचिव राजेश भंडारी, पार्षद, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-कहा, मात्र 10 महीने में ही चरमराया कांग्रेस सरकार का आर्थिक प्रबंधन -केंद्रीय व्यापार और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मिले -इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट स्कीम के तहत राशि जारी करने पर जताया आभार शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार देर शाम केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से शिष्टाचार भेंट की और हिमाचल प्रदेश के लिए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट स्कीम के तहत राशि जारी करने पर उनका आभार जताया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार का आर्थिक प्रबंधन मात्र दस महीनें में ही चरमरा गया है। सरकार आए दिन मनमाना कर्ज ले रही है और मनमाने नियम लाकर प्रदेश के लोगों को परेशान कर रही है। चुनाव के पहले कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने दस गारण्टियां दी थी, उनमें से एक भी पूरी नहीं की लेकिन दस महीनें में प्रदेश के दस हजार लोगों की नौकरी छीनकर प्रदेश को दस हज़ार करोड़ का कर्ज दे दिया है। जयराम ठाकुरने कहा कि एचआरटीसी में आम आदमी चलता है। एचआरटीसी का उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना नहीं है, बल्कि जनता की सेवा करना है। क्योंकि यह हर आम आदमी को घर तक पहुंचाने का साधन है। यह हास्यास्पद स्थिति है महिला को बस में शादी के एल्बम का भी किराया देना पड़ा। दो लैपटॉप एक साथ लेकर चलने पर पूरी सीट का किराया देना पड़ रहा है। यह व्यावहारिक तौर पर मजाक बन गया है। एचआरटीसी कर्मियों को एक-एक महीने बाद वेतन दिया जा रहा है, यह गलत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घाटे की दलील देना उचित नहीं है, जब बीजेपी की सरकार थी तो हमने भी समय पर वेतन दिया था। सरकार की प्राथमिकताएं तय होनी चाहिए। एक लाख लोगों को हर साल नौकरी देने का वादा करने वाली कांग्रेस ने आते ही दस हज़ार लोगों का रोज़गार छीन लिया। दो हज़ार कोविड कर्मियों को छह माह का वेतन दिए बग़ैर ही बर्खास्त कर दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के समय में हिमाचल को केंद्र की ओर से सर्वाधिक मदद मिली । संसाधनों से लेकर नक़द धनराशि रूप में अब तक के इतिहास में सबसे ज़्यादा मिली। मैं ख़ुद कई बार दिल्ली गया और गृहमंत्री समेत सभी प्रमुख नेताओं से बात कर हिमाचल के लिये अधिक से अधिक सहयोग देने का निवेदन किया। सहयोग आया, आगे और भी आएगा लेकिन मुख्यमंत्री ने केंद्र को सहयोग के लिए धन्यवाद तक नहीं दिया बल्कि केंद्र की ओर से मदद नहीं मिलने की बात की गई। यह कहना सर्वथा अनुचित है, मुख्यमंत्री सुक्खू को भगवान से डरना चाहिए। जयराम ने कहा कि भारत का आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमेशा कड़ा रुख़ अपनाने की नीति पर ही काम करेगा। हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए हमले में प्रधानमंत्री ने हमास की कड़े शब्दों निंदा की और स्पष्ट तौर पर इसराइल के साथ खड़े रहने की बात की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का क़द बहुत बढ़ा है। आज हर वैश्विक संकट में विश्व भारत की तरफ़ संकट के निराकरण के उद्देश्य से देखता है।
कहा, सुख आश्रय योजना के तहत 4.68 करोड़ के लाभ दे चुकी है सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए इस वर्ष 7 नवंबर तक अनाथ बच्चों को समयबद्ध प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 4000 से अधिक अनाथ बच्चों को सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा अनाथ बच्चों को 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ के रूप में नामित करते हुए उनके लिए कानून बनाया गया है, जिससे सरकार की उनके अभिभावक के रूप में कानूनी जिम्मेवारी निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अनाथ बच्चों को अभी तक 4.68 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान कर चुकी है। योजना के तहत बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले 1,199 बच्चों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से 1.12 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। यह राशि जिला बाल संरक्षण अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से संचालित आवर्ती जमा (आरडी) खातों में जमा की गई है। इसके अंतर्गत 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को 1,000 रुपये प्रतिमाह और 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को 2,500 प्रति माह राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 48 लाभार्थियों को उनकी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए संस्थागत शुल्क 15.52 लाख रुपये तथा प्रति व्यक्ति 4,000 रुपये प्रति माह की दर से व्यक्तिगत खर्च के लिए 11.52 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 17 लाभार्थियों को पाठ्यक्रम शुल्क (कोर्स फीस) के लिए 7.02 लाख रुपये और जेब खर्च के रूप में 4.08 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। एक पात्र को कौशल विकास पाठ्यक्रम के लिए 17,500 रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बाल देखभाल केन्द्रों के 62 बच्चों को संस्थान की फीस के रूप में 15.66 लाख रुपये और जेब खर्च के रूप में 14.88 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से वंचित बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन बच्चों को घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता और 3 बिस्वा जमीन प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त इनके लिए हवाई किराया और तीन सितारा होटलों में रहने की सुविधा के साथ शैक्षणिक भ्रमण प्रायोजित किए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत अब तक 3 लाभार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 6 लाख रुपये दिए गए हैं। अपने रिश्तेदारों के साथ रहने वाले 1106 बच्चों को उनकी शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 2.65 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ लेने के उपरान्त उन्होंने सर्वप्रथम शिमला में बालिका आश्रम टूटीकंडी का दौरा कर उनकी आवश्यकताओं को जाना। यहीं से वह अधिकारों से वंचित अनाथ बच्चों के लिए एक योजना बनाने के लिए प्रेरित हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वंचित वर्गों विशेषकर जरूरतमंदों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
घाना के अक्रा में 6 दिनों का राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन तथा 10 दिनों का स्पेन तथा स्विट्जरलैंड देशों का अध्ध्यन प्रवास संपन्न होने के पश्चात विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया कल ल्यूसर्न (स्विट्जरलैंड) से इस्तांबुल होते हुए नई दिल्ली पहुंचेंगे। स्वदेश वापसी की पूर्व संध्या पर पठानिया ने कहा कि आज दुनिया में पूरी तरह से तेजी से बदलाव हो रहा है। पठानिया ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व विकास के शिखर की ओर अग्रसर है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग ने दुनिया को रंगीन तथा स्वावलंबी बना दिया है। आज छोटे से छोटे देश ने भी तरक्की की नई उंचाईयां हासिल कर ली हैं। टेक्नोलोजी के दृष्टिगत भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को स्मरण करते हुए पठानिया ने कहा की वे एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्हाने वर्ष 1985-86 में टेक्नोलोजी युग की कल्पना की थी तथा विश्व में आने वाले बदलाव के प्रति भारत के तकनिकि विशेषज्ञ को भी सचेत किया था। पठानिया ने कहा कि स्पेन तथा स्विट्जरलैंड जैसे छोटे-छोटे देशो ने भी नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर पर्यटन, सूचना एवं प्रोद्योगिकी तथा डेयरी फार्म जैसे सेक्टर में अविश्वसनीय कार्य किया है, जिसकी वजह से उन्होंने अपने देश की आर्थिकी को मजबूत किया है। पठानिया ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात हमारे देश ने भी अदभूत तरक्की की है लेकिन कूछ क्षेत्रो में हम अभी भी वह मुकाम हासिल नही कर पाये है, जिसकी हमने कल्पना की थी। हिमाचल का जिक्र करते हुए पठानिया ने कहा कि यहां कुदरत ने हमें बहुत कुछ दिया है, लेकिन हम इसका ठीक से दोहन नहीं कर पा रहे हंै। उन्होंने कहा कि हमें पर्यटन, ऊर्जा, वन तथा नकदी फसलों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने प्रदेश को स्वावलंबी बना सकें। पठानिया ने देश तथा प्रदेशवासियों को नवरात्र की बधाई दी है।
-हर्षिता वर्मा बनी मिस स्ट्रॉन्गेस्ट हिमाचली -एचपीयू में करवाई गई थी हैवीवेट चैंपियनशिप हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में हैवीवेट चैंपियनशिप एनपीसी सीरीज़-2 का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में शिमला के मल्याणा निवासी विशाल ठाकुर ने स्ट्रॉन्गेस्ट मिस्टर हिमाचल का खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही हर्षिता वर्मा ने मिस स्ट्रॉन्गेस्ट हिमाचली का खिताब अपने नाम किया। आपको बता दें कि विशाल ठाकुर फिटनेस वर्ल्ड जिम के कोच भी हंै। यह जिम मल्याना में स्थित है। खिताब अपने नाम करने के बाद विशाल ठाकुर ने कहा कि वह कई वर्षों से वेट लिफ्टिंग करते आ रहे हैं और आज इस प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम करने पर बेहद उत्साहित महसूस कर रहे हैं। विशाल ने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेलकूद और इस तरह की अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने का आह्वान किया। ्र
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 666 किमी सड़कों के निर्माण में होगा तकनीक का उपयोग हिमाचल प्रदेश में पहली बार सड़कों का निर्माण फुल डेप्थ रेक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक पर किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर सायं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा पर आयोजित एक बैठक में दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों में इस तकनीक का उपयोग करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए और कहा कि शुरूआती चरण में विभिन्न जिलों में 666 किमी सड़कों का निर्माण इस तकनीक से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार व असम के बाद हिमाचल प्रदेश एफडीआर तकनीक का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण करने वाला देश का चौथा राज्य बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीक से सड़कें ज्यादा टिकाऊ बनती हैं और वाहनों के लिए भी यह सड़कें बेहतर हैं। साथ ही इसकी लागत भी कम है और यह तकनीक पारिस्थिकी के अनुकूल (इको फ्रेंडली) भी है। इस तकनीक में सड़क की सतह से सामग्री का उपयोग कर इसमें सीमेंट और एडिटिव को मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया जाता है, जिससे सड़कों का निर्माण किया जाता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए सड़क संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है। आने वाले समय में करीब 2682 किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें से 666 किमी सड़कें एफडीआर तकनीक, 556 किमी सड़कें सीमेंट स्टेबलाइजेशन तथा 1460 किमी सड़कों का निर्माण परम्परागत तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन पर लगभग 2683 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रदेश में सड़कें लोगों की जीवन रेखा कही जाती हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा इन सड़कों का निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने के भी निर्देश दिए, ताकि लोगों को सड़क सुविधा का लाभ समय पर मिल सके। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, प्रधान सचिव, लोक निर्माण विभाग भरत खेड़ा, प्रमुख अभियंता अजय कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
-मनाली-लेह एनएच-3 दारचा से सरचू के बीच बंद हिमाचल के लाहौल व कुल्लू की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई है। नेशनल हाईवे तीन मनाली-लेह बर्फबारी के चलते दारचा से सरचू के बीच बंद हो गया है। इसके साथ दारचा-शिंकुला सड़क भी बर्फबारी से बंद हो गई है। वहीं पुलिस ने शिकुंला में बर्फबारी के चलते फंसे नौ मजदूरों को रेस्क्यू किया है। यह मजदूर रात को बर्फबारी में फंस गए थे। जिन्हें रेस्क्यू कर सकुशल दारचा पहुंचाया गया। वहीं नेशनल हाईवे 505 ग्रांफू के रास्ते बर्फबारी के चलते बंद हो गया है। ग्रांफू-काजा-समदो सड़क फिलहाल सभी प्रकार के वाहनों के लिए ठप है। हालांकि तांदी-तिंदी, किलाड़-संसारी सड़क में वाहनों की आवाजाही जारी है। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने सड़कों की स्थिति को देखकर ही यात्रा करने का आग्रह किया है। हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में रविवार और सोमवार को भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। 17 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। 18 अक्तूबर से मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 15 और 16 अक्तूबर को चंबा, कुल्लू, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट का असर रहेगा। इस दौरान इन जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी हुई है। शेष जिलों के लिए इस दौरान येलो अलर्ट जारी हुआ है।
-मेजर ने खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में ताजा की पाकिस्तानी-बांग्लादेश युद्ध की यादें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन मेजर जनरल ईयान कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर उनके साथ सारा जैकब ने चर्चा की। उन्होंने 1971 के पाकिस्तानी-बांग्लादेश युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध के फैलने के दौरान वह कार्डोज़ो डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में एक पाठ्यक्रम में भाग ले रहे थे। उनकी बटालियन, 4/5 गोरखा राइफल्स, पहले से ही ऑपरेशन के पूर्वी मोर्चे पर तैनात थी। बटालियन का सेकेंड-इन-कमांड कार्रवाई में मारा गया और कार्डोज़ो को उसकी जगह लेने का आदेश दिया गया। सिलहट की लड़ाई के दौरान भारतीय सेना के पहले हेलिबोन ऑपरेशन में उनका साथ देने के लिए वह समय पर अपनी बटालियन में पहुंचे। यहां 9 दिन और 9 रात हमारे सैनिक दुश्मनों का मुकाबला करते रहे। न खाना न पानी। अदम्य साहस का परिचय देते हुए 352 सैनिकों ने पाकिस्तान के 8000 की आर्मी को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था। ढाका के बाद कार्डोजो का पैर एक बारूदी सुरंग पर पड़ गया और उसका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। पेनकीलर व अन्य दर्द निवारक औषधी न होने और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उसका पैर शल्य चिकित्सा द्वारा नहीं काटा जा सका। बाद में उन्होंने अपनी खुखरी का इस्तेमाल अपना पैर काटने के लिए किया। 9 माह अस्पताल में रहा। 6 माह बाद उनका वेतन आधा कर दिया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे मैं आहत हुआ। आर्मी ऑफिसर बोल नहीं सकता, लेकिन जनता तो बोल सकती है। एक मेजर आर्मी के इतने बड़े सिस्टम से कैसे लड़ सकता है। उन्होंने अपनी लड़ाई लड़ी। नकली पांव से वो सब कुछ किया , जो सामान्य कर सकते थे। उन्हें प्रेरणा मिली पुस्तक अस्पताल के दौरान पुस्तक रीच फॉर स्काई से। उन्होंने कहा कि उन्होंने आर्मी पैसे के लिए नहीं बल्कि वे ऑफ लाइफ के लिए चुना था। हर आर्मी ऑफिसर का सपना होता है कि वह कमांड करें। लिटफेस्ट के दूसरे दिन कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर चर्चा खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन मेजर जनरल ईयान कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर उनके साथ सारा जैकब ने चर्चा की। मेजर जनरल ईयान कार्डोजो से प्रश्न किया गया कि आपने 7 पुस्तकें लिख चुके हैं और अपने जीवनी लिखने की क्यों सोची। उन्होंने बताया कि खुशवंत सिंह के साथ अपना संस्मरण साझा करते हुए बताया कि एक बार खुशवंत सिंह ने उन्हें अपनी साथ वाली चेयर पर बिठाया और कहा कि मैं आपकी स्टोरी लिखना चाहता हूं। उन्होंने कहा कोई स्टोरी नहीं है। खुशवंत सिंह ने कहा कि यस और नो। मैंने कहा नो। उन्होंने कहा कि फिर आप अपनी स्टोरी पढ़ लेना, कोई गलती हुई तो उसके लिए आप जिम्मेवार होंगे। फिर हम दोनों ने व्हीस्की ली। इसी से उन्हें अपनी जीवनी लिखने की प्रेरणा मिली। 1937 में मुंबई में हुआ था जन्म 1937 में मुंबई में जन्म ईयान कार्डोजो प्रारंभिक शिक्षा मुम्बई में हुई। कार्डोजो ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर भारतीय सैन्य अकादमी में भाग लिया। जहां से वह 5 गोरखा राइफल्स (फ्रंटियर फोसज़्) में शामिल हो गए और उन्हें कमीशन दिया गया। उन्होंने गोरखा राइफल्स के साथ भी काम किया है और उनके साथ दो युद्ध लड़े हैं-1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध।


















































