घाना की राजधानी अक्रा के कन्वेशन सेंटर में आयोजित 66वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन का गत सायं समापन हो गया है। गौरतलब है कि यह सम्मेलन 2 से 6 अक्तूबर तक आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल में शामिल सभी देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत की सभी राज्य विधान सभाओं के पीठासीन अधिकारियों ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सम्मेलन में लिंग कोटा-अंत का एक साधन विषय पर अपना संबोधन दिया तथा अक्रा कन्वेशन सेंटर में आयोजित सीपीए महासभा की बैठक में भी भाग लिया। सम्मेलन के दौरान कुलदीप सिंह पठानिया ने जहां रिपब्लिक ऑफ घाना के राष्ट्रपति नाना आडो दानिका अकूफो से शिष्टाचार भेंट की वहीं पार्लियामेंट ऑफ घाना के स्पीकर अलबन किंग्सफोर्ड सुमाना बेगबिन के साथ मुलाकात कर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की तथा हिमाचल प्रदेश विधानसभा की ई-विधान प्रणाली, ई- निर्वाचन प्रबंधन तथा विधान सभा की कार्यप्रणाली तथा क्रियाकलापों बारे गहन चर्चा की। पठानिया ने सम्मेलन में आयोजकों का धन्यवाद किया तथा कहा कि यह सम्मेलन एक ज्ञानवर्धक सम्मेलन था जहां अंतरराष्ट्रीय मंच पर सभी को अपने-अपने विचार व्यक्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ वहीं यह सीखने का एक सर्वोतम अवसर था। इस तरह के सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधों को मजबूती प्रदान करते हैं तथा विश्व में शांति तथा एकता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। सम्मेलन उपरांत विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया आगामी दौरे हेतु स्पेन तथा स्विटजरलैंड देशों के प्रवास पर रहेंगे। पठानियां स्पेन की राजधानी मैड्रिड, बार्सिलोना तथा स्विटजरलैंड के खूबसूरत शहर ल्यूर्सन तथा ज्यूरिख के अध्ययन प्रवास पर रहेंगे। कुलदीप सिंह पठानिया 16 अक्तूबर को इस्तांबुल से दिल्ली लौटकर स्वदेश वापसी करेंगे।
वन्यप्राणी सप्ताह 2023 के उपलक्ष्य में आज वन्यप्राणी प्रभाग, वन विभाग ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से मैराथन शुरू की। इसका शुभारंभ राजीव कुमार प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं वन बल प्रमुख ने किया। इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य लोगों को वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान अनिल ठाकुर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी प्रभाग, एच कथूरिया अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल, देव राज कौशल मुख्य अरण्यपाल शिमला, अनीश शर्मा, उप अरण्यपाल मुख्यालय, एन रविशंकर, उप अरण्यपाल वन्यप्राणी मंडल शिमला शीतल शर्मा वन मंडलाधिकारी,वन विभाग एवं खेल विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस मैराथन में 450 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया।
-फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से दी शिकस्त हिमाचल की बेटी रितु नेगी के नेतृत्व में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत लिया है। भारत की बेटियों ने फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 के कड़े मुक़ाबले में हराकर बड़ी जीत हासिल की है। सिरमौर जिले के गिरिपार की रितू नेगी की कप्तानी में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स 2023 में इतिहास रच दिया है। इन खेलों में भारत ने पहली बार 100 पदक जीत लिए हैं। शनिवार को सवेरे सात बजे भारतीय टीम का गोल्ड के लिए चीनी ताइपे टीम से मुकाबला हुआ। मुकाबला काफी रोमांच का था, दोनों टीमें अपना बेहतर प्रदर्शन कर रही थीं। अंत में भारत ने चीनी ताइपे को 26-25 से मात देकर सोने का पदक भारत की झोली में डाल लिया। सभी खिलाड़ियों ने अपनी टीम को जिताने के लिए बेहतर प्रदर्शन किया। टीम की कप्तान रितु नेगी हिमाचल के जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के शरोग गांव की रहने वाली है, जिनका कुछ समय पूर्व ही एशियन गेम्स की भारतीय महिला कबड्डी टीम के कप्तान पद पर चयन हुआ था। नेगी भारतीय कबड्डी टीम में डिफेंडर के तौर पर खेलती हैं। वह पिछले करीब एक दशक से भी अधिक समय से भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा हैं। वर्तमान में रितु नेगी इंडियन रेलवे में सेवारत है।
प्रदेश कांग्रेस सचिव एडवोकेट तरुण पाठक ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए 45 हजार करोड़ का एक विशेष पैकेज जारी करने को सरकार का ऐतिहासिक कदम करार दिया। उन्होंने कहा है कि यह निर्णय आपदा प्रभावित लोगों के लिए एक बहुत बड़ी सौगात सिद्ध होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने इस फैसले से प्रदेश में लोगों का दिल जीत लिया है जिसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बधाई के पात्र हैं। तरुण पाठक ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा है कि प्रदेश में आपदा की इस घड़ी में वह केवल बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का पूरा प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा के नेता राहत कार्यो में प्रदेश सरकार को कोई भी सहयोग नही कर रहें है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। तरुण पाठक ने कहा कि प्रदेश की विकट आर्थिक स्थिति के बाबजूद प्रदेश सरकार का यह राहत पैकेज जारी करना यह सिद्ध करता है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जनहित को सर्वोपरि मानती है। उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार प्रदेश व देश के लोग आपदा राहत कोष में अंशदान दे रहें है वह बहुत ही सराहनीय है। इस आपदा कोष में देश के कई राज्यों ने भी अंशदान देकर प्रदेश को इस आपदा से उभारने में मदद की है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता विशेष तौर पर प्रदेश के नेता इस आपदा में अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने का काम कर रहें है जबकि उनका आपदा राहत कोष में कोई विशेष योगदान अभी तक नही आया हैं।
-बागवानों के हक में जयराम ठाकुर ने बनाई थी एसआईटी -हम यूनिवर्सल कार्टन के पक्ष में, परंतु बागवानों के बारे में भी सोचे सरकार भाजपा प्रवक्ता एवं विधायक बलबीर वर्मा ने कहा कि हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल टनल का उद्घाटन कर टनल को देश की जनता को समर्पित किया, आज कई सालों बाद उसकी पट्टिका को बदलने की बात की जा रही है। यह नई परंपरा कांग्रेस सरकार द्वारा को चलाई गई है गलत है। यह जनता की भावनाओं के विरुद्ध है। इसका मतलब यह हुआ की 5 साल में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जो पट्टिका लगाएंगे वह हम अपनी सरकार में बदल देंगे, क्या हम नई पट्टी का लगाएंगे? ऐसा नहीं होना चाहिए। यह सरकार और जनता का पैसा है इसका सदुपयोग करना चाहिए ना कि दुरुपयोग। उन्होंने कहा की आपने आपदा की घड़ी में भी देखा होगा कि बंदर बांट हुई, जिस व्यक्ति को ज्यादा पैसा मिलना चाहिए था उसको लख रुपए मिले और जिस व्यक्ति को कम पैसा मिलना चाहिए था उसको ढाई लाख रुपए मिले। उन्होंने कहा कि अगर हम सेब बागवानों की बात करें तो जयराम ठाकुर की सरकार के समय हमें एक प्रतिनिधिमंडल मिला था इसमें उनका निवेदन था की आड़ती और लदानी मिलकर बागवानों को लूट रहे थे। हमने उसके ऊपर एक एसआईटी का गठन किया था, जिसमें एसपी रैंक के अफसरों को लगाए गया था। 100 करोड़ से अधिक की रिकवरी उन लोगों ने को थी। इससे चोरों की हौसले टूटे थे। यह एसआईटी मुंबई से भी ऐसे लोगों को पकड़ कर लाई थी जिन्होंने बागवानों के पैसे हड़प लिए थे। उन्होंने कहा की हम यूनिवर्सल कार्टून का समर्थन करते हैं पर जो कॉटन लोगों के अभी भी है वह क्या उसको जला दे? क्या उसमें सब ना बेचे। गांव के लोग भोले होते हैं उनका सरकार को साथ देना चाहिए ना कि उनमें भय का एक वातावरण पैदा करना चाहिए।
आज वन्यप्राणी सप्ताह के उपलक्ष्य में वन्यप्राणी प्रभाग वन विभाग द्वारा वन्यप्राणी प्रभाग के फील्ड ऑफिसर और ऑफिशियल के लिए वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी फिल्मिंग पक्षियों एवं वन्य वनस्पतियों की प्रजातियों के बारे जानने के विभिन्न तरीकों के ऊपर एक कार्यशाला का आयोजन कॉन्फ्रेंस हॉल टालेंड शिमला में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ आर लालनन सांगा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वित्त ने किया। अनिल ठाकुर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने बताया कि वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी, वीडियो मेकिंग, पक्षियों और वन्य वनस्पतियों की प्रजातियों को रिकॉर्ड करना भी वन्य प्राणियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तो सभी प्रतिभागी इस कार्यशाला से सीख कर जाएं और अपने अपने कार्यक्षेत्र में जाकर सिखाए गए विभिन्न तरीकों का प्रयोग करें। अभिनव कुमार भारतवर्ष के प्रसिद्ध वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर में सभी प्रतिभागियों को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के विभिन्न तरीकों से अवगत करवाया। डॉ. अनिल ठाकुर वन्य वनस्पति विशेषज्ञ ने सभी प्रभागियों को वन वनस्पतियों की प्रजातियों को पहचानने और रिकॉर्ड करने के विभिन्न तरीकों से अवगत करवाया। कार्यशाला में 40 से ज्यादा प्रतिभागियों ने लिया भाग कार्यक्रम में देव राज कौशल, मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी वत्त शिमला, श्री अनीश शर्मा जी उप अरण्यपाल, रविशंकर उप अरण्यपाल, वन्यप्राणी मंडल शिमला रेणु सहजल, वन मंडलाधिकारी, प्रवीण शर्मा वन मंडल अधिकारी एवं शीतल शर्मा जी वन मंडल अधिकारी और वन्यप्राणी प्रभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
-मुख्यमंत्री बोले, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में सहायक होगी प्रौद्योगिकी आधारित तकनीक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से वीरवार देर सायं यहां यूनाइटेड पार्सल सर्विस कंपनी की वाइस प्रेजिडेंट क्रिस्टिना स्ट्रूलर द कोस्टा और निदेशक दिनकर सिंह ने शिष्टाचार भेंट की। विश्व की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक कंपनी यूनाइटेड पार्सल सर्विस ने हिमाचल प्रदेश के राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए सहायता प्रदान करने की पेशकश की है। दुबई स्थित कंपनी ने राज्य सरकार को प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में दवाएं और टीके पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक प्रदान करने की पेशकश की है। इसके अतिरिक्त कंपनी ने सरकार को आवश्यक दवाओं और टीकों की नि:शुल्क आपूर्ति का भी आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण के दृष्टिगत कम्पनी के इस प्रस्ताव पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी (टेकनॉलॉजी) एवं गवर्नेंस विभाग इसके लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेगा और राज्य सरकार उसी के अनुरूप सेवाओं के सम्बन्ध में उचित निर्णय लेगी। सुखविंदर ंिसंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में बरसात के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से जान-माल की व्यापक क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सीमित संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार ने राहत और पुनर्वास के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के अमूल्य सहयोग से आपदा राहत कोष में 200 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान किया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने के लिए समाज के हर वर्ग द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह सहयोग प्रदेश के राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहायक सिद्ध हो रहा है। डिजिटल प्रौद्योगिकी एंड गवर्नेंस सचिव डॉ. अभिषेक जैन भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
-कहा, सरकार और विभाग की बड़ी लापरवाही, बच्चों का एक वर्ष बर्बाद भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा प्रदेश सरकार हिमाचल की शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रही है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। इसको लेकर हमने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक पत्र में लिखा है। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के गवर्नमेंट कॉलेज कुपवी में 70 में से केवल सात छात्रों ने बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण की है। परिणाम का 10 प्रतिशत रहना आश्चर्य की बात नहीं है। क्योंकि पिछले साल यह कॉलेज बिना किसी शिक्षक के संचालित हुआ था, जिससे सभी 70 छात्रों को अपनी किस्मत पर निर्भर रहना पड़ा। कॉलेज में केवल सात छात्र उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि नौ अन्य की कंपार्टमेंट आई है। 50 से अधिक छात्र असफल हुए हैं। दुर्भाग्यवश अभिभावक-शिक्षक संघ द्वारा संक्षिप्त अवधि के लिए दो निजी शिक्षकों को छोड़कर, पूरे सत्र में शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए। खराब रिजल्ट के लिए छात्रों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इतने सारे छात्रों का एक कीमती साल बर्बाद हो गया क्योंकि अधिकारी पूरे साल एक भी नियमित शिक्षक नियुक्त नहीं कर सके। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, दुख देने वाला है। इस बच्चों का एक साल बर्बाद होने के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा? सरकार को यह बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले साल कड़वे अनुभव के कारण कई छात्रों ने कॉलेज छोड़ दिया है। कॉलेज की नामांकन संख्या इस दावे का समर्थन करता है, जबकि पिछले साल कॉलेज के पहले बैच में 70 छात्र थे, बीए प्रथम वर्ष और बीए द्वितीय वर्ष की संयुक्त संख्या इस वर्ष घटकर केवल 63 रह गई है। बीए द्वितीय वर्ष में छात्रों की संख्या और कम हो सकती है, विनाशकारी परिणाम के बाद और गिरावट आ सकती है।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार देर सायं यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उन्हें आपदा राहत कोष के लिए 2.02 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में नया निवेश आकर्षित करने तथा उद्यमियों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है। राज्य में स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। विशेष तौर पर बद्दी क्षेत्र में रेलवे सम्पर्क सुविधा के साथ ही सड़कों के उन्नयन पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रेलवे लाईन के शीघ्र निर्माण से संबंधित मामला केन्द्र सरकार के समक्ष भी उठाया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नालागढ़-भरतगढ़ सड़क को फोरलेन में स्तरोन्नत किया जा रहा है जिससे उद्योगों सहित अन्य लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक घरानेे हिमाचल प्रदेश में निवेश के इच्छुक हैं और राज्य सरकार उन्हें लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनधिमंडल की उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया सहित बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
-बोले, काननू लागू नहीं किया तो जन आंदोलन से निपटने के लिए रहे तैयार -मुख्य सचिव और प्रधान सचिव जनजातीय विकास से की मुलाकात -2 महीने से अधिक समय तक मामला लटकाना है कानून का अपमान सिरमौर के गिरिपार में बसने वाले हाटी समुदाय को केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा दे दिया है। इस संबंध में 4 अगस्त को कानून बन गया। लेकिन, राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून को हिमाचल प्रदेश में लागू नहीं कर रही है। 2 महीने से ज्यादा समय से मामला लटकाने से समुदाय के लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। हाटी समुदाय ने फिर हुंकार भरी है। अगर कानून तत्काल लागू न हुआ तो बड़ा जन आंदोलन छेड़ेंगे। इस संबंध में हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, सलाहकार मदन तोमर की अगुवाई में शिमला में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और जनजातीय विकास विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, विक्रम नेगी संयुक्त सचिव जनजातीय विकास विभाग से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान आला अफसरों को ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें हाटी को स्ञ्ज का दर्जा दिलाने के लिए अधिकारियों के योगदान को सराहा गया। लेकिन क्रियान्वयन करने में देरी होने पर रोष भी जताया गया। पहले लॉ की ओपिनियन ली और अब केंद्र के पास भेजा मामला प्रदेश सरकार ने पहले लॉ डिपार्टमेंट की ओपिनियन ली। इसके बाद इसी मामले को फिर से केंद्र सरकार को भेजा गया है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय को भेजे गए पत्र में पूछा गया है कि क्या संशोधित कानून में अनुसूचित जाति को बाहर रखा गया है या नहीं.. इससे पहले लॉ डिपार्टमेंट से जानना चाहा था कि हाटी है कौन? जबकि केंद्र सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने पहले ही 22 अगस्त को हिमाचल प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था और इसमें संशोधित कानून को लागू करने के निर्देश दिए थे। यह हो रहा नुकसान कानून लागू न होने से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पा रही है और ना ही वह नौकरियों में इसका लाभ ले पा रहे हैं। बिना एसटी सर्टिफिकेट के उन्हें बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह दी चेतावनी हाटी समुदाय ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल कानून को लागू न किया तो वह फिर से महाखुमलियों के माध्यम से सड़कों पर उतरेंगे। वैसे हालात के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। गौरतलब है कि हाटी विकास मंच ने इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सरकारी आवास ओक ओवर में मुलाकात की थी। उन्होंने तब आश्वासन दिया था कि वह कानून को जल्द लागू करेंगे। मंच के पदाधिकारियों ने इसी साल अप्रैल महीने में शिमला प्रवास के दौरान राष्ट्रपति महामहिम द्रोपति मुर्मू से भी मुलाकात की थी। हाटी मामले में देश के राष्ट्रपति से की गई यह पहली मुलाकात थी।
एचआरटीसी प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर के निर्देश के बाद परिवहन निगम ने बसों में सामान ले जाने को लेकर रिवाइज्ड भाड़ा सूची जारी की है। इसमें बसों में नि:शुल्क ले जाने वाली वस्तुओं के साथ नए उत्पादों के लिए किराया विवरण भी जारी किया है। बस में सवारी अपने साथ घरेलू सामान 30 किलोग्राम तथा किसी भी साइज के दो बैग, बच्चों की ट्राली, तिपहिया साइकिल, व्हील चेयर, लैपटॉप, सेब बॉक्स के साथ सेब का एक गिफ्ट पैक फ्री में कहीं भी ले जा सकते हैं, लेकिन अगर सवारी साथ नहीं है, तो फिर एक गिफ्ट पैक का हाफ टिकट कटेगा। सवारी के साथ एक से ज्यादा गिफ्ट पैक पर एक चौथाई किराया लिया जाएगा, जबकि फुल पेटी का पूरा एक सवारी का किराया कटेगा। एचआरटीसी प्रबंधन ने सवारियों के साथ और बिना सवारी के साथ एचआरटीसी की बसों में ढोए जाने वाले सामान के लिए रिवाइज्ड भाड़ा निर्धारित किया है। एचआरटीसी की ओर से रिवाइज्ड भाड़े के मुताबिक सवारी के साथ ऑफिस या डाइनिंग चेयर का एक चौथाई किराया वसूल किया जाएगा। डाइनिंग व ऑफिस टेबल फुल टिकट होगा। पांच सीटर सोफा सेट का डबल टिकट कटेगा। सिंगल बेड बॉक्स का फुल टिकट कटेगा। डबल बेड बॉक्स का डबल टिकट कटेगा, अलमारी का भी डबल टिकट कटेगा। सिलाई मशीन व पंखे का एक चौथाई किराया कटेगा। प्लास्टिक व फोल्डिंग चेयर का एक से तीन कुर्सियों का एक चौथाई किराया कटेगा। छह कुर्सियों का हॉफ टिकट व इससे ज्यादा का फुल टिकट कटेगा। साइकिल का हाफ किराया। बच्चों की ट्रॉली व दिव्यांगों की व्हील चेयर का कोई किराया नहीं लगेगा। दिव्यांग व्यक्ति के बस में न होने पर कुर्सी का एक चौथाई किराया काटा जाएगा। कंप्यूटर, एलईडी, एलसीडी का एक चौथाई किराया कटेगा। सवारी के साथ दो लैपटॉप बिना किराए के ले जा सकते हैं। दो से ज्यादा पर एक चौथाई किराया काटा जाएगा। वहीं, वॉशिंग मशीन का फुल टिकट कटेगा।
-कहा, आपदा से नुकसान को कम करने के लिए नियमों तथा मानवीय स्वभाव में बदलाव जरूरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में कड़ा कानून बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में गृह निर्माण के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की अनुमति, भूमि के भार वहन करने की क्षमता का पता लगाने के साथ-साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था पर कानून बनाया जाएगा। उन्होंने इसमें लोगों से राज्य सरकार को सहयोग का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि आज आपदा से अमूल्य जीवन एवं संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए नियमों तथा मानवीय स्वभाव में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलन बनाकर ही आपदा की संभावना तथा इससे होने वाले नुकसान को न्यून किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में भूकंप और भूस्खलन जैसे भौगोलिक खतरों से उत्पन्न चुनौतियां, विषय पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आज यहां आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में इस बार बरसात में भारी बारिश, बादल फटने और बांधों से अत्याधिक पानी छोड़े जाने के कारण बहुत अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से ही राज्य में बारिश हो रही थी और मानसून में बहुत ज्यादा बारिश होने के कारण मानव जीवन और संपत्ति को काफी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस आपदा के लिए मानवीय लालसा व असंवेदनशीलता इत्यादि भी कारण रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत नालों इत्यादि से समुचित दूरी पर घर बनाने और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसमें चूक से आपदा में जान-माल के नुकसान की आशंका और भी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही की बरसात में राज्य में बादल फटने की बहुत घटनाएं हुई हैं, जिनका व्यापक अध्ययन आवश्यक है। इसके अतिरिक्त जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी दृष्टिगोचर हो रहा है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे बहुत कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी इस बार काफी ज्यादा बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से राज्य सरकार ने आपदा के दौरान बेहतर काम किया और रिकॉर्ड 48 घंटों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और टेलीफोन सहित अन्य आवश्यक सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गई। राज्य में किसानों-बागवानों को भी असुविधा न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखते हुए सेब व अन्य नकदी फसलों को समय पर मंडियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया गया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में बेहतर प्रयासों के लिए अधिकारियों सहित सभी लोगों की पीठ भी थपथपाई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह संकट की इस घड़ी में राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा है कि न तो केंद्र सरकार से इस आपदा से निपटने में कोई मदद कर रही है और न ही प्रदेश के भाजपा नेता। मण्डी जिला के बल्ह विधानसभा क्षेत्र के कंसा चौक पर आपदा से प्रभावित लोगों की समस्यों को सुनने के बाद सभा को सम्बोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के साथ साथ मंडी में जितने विकास कार्यो को किय्य वह अपने आप मे एक रिकॉर्ड हैं। मंडी को आई आई टी,मेडिकल कालेज, जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ साथ मंडी को केंद्रीय जोन का दर्जा दिया था। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह को हमेशा याद रखा जाएगा। प्रतिभा सिंह ने पूर्व भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने मंडी के लोगों को गुमराह किय्य। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में मण्डी जिला में कांग्रेस को वह जनमत नही मिला जिसकी वह हकदार थी। उन्होंने कहा कि बाबजूद इसके प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार जन हित के कार्यो को कर रही है। प्रतिभा सिंह ने लोगों का आह्वान किया कि देश मे अगले साल लोकसभा चुनाव होने है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह अब कोई भूल न करें और कांग्रेस को भारी मतों से विजयी बनाये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने सभी वादों को चरणबद्ध डंग से पूरा करेगी। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि उन्होंने वीरभद्र सिंह के आशीर्वाद से उन्होंने बल्ह क्षेत्र में अथाह विकास कार्य किये। बल्ह में एसडीएम कार्यालय व आईटीआई भी वीरभद्र सिंह ने ही दिया था।उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी से कोई भेदभाव नहीं किया।उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनावों में भले ही उन्हें सफलता नही मिली बाबजूद इसके वह क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के प्रति हमेशा समर्पित रहेंगे।
वन्यप्राणी सप्ताह 2023 के उपलक्ष्य में आज शिमला में इंटर स्कूल क्विज कांटेस्ट का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी प्रभाग वन विभाग अनिल ठाकुर ने की। इस प्रतियोगिता में शिमला के 7 स्कूलों के 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उप अरण्यपाल वन्यप्राणी मंडल शिमला एन रविशंकर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस इंटर स्कूल क्विज कांटेस्ट को इंद्र भूषण उप अरण्यपाल के द्वारा संयोजित किया गया। कांटेस्ट में डीएवी स्कूल लक्कड़ बाजार ने प्रथम, डीएवी स्कूल न्यू शिमला ने दूसरा और डीएवी स्कूल टूटू ने तीसरा स्थान हासिल किया।
कल्याण समिति की बैठकें 4 और 5 अक्तूबर को कार्यकारी सभापति विनोद कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुईं। इन बैठकों में इंद्र सिंह, रीना कश्यप, मलेंद्र राजन, लोकेंद्र कुमार, दीप राज, सुदर्शन सिंह बबलू व विनोद सुल्तानपुरी माननीय सदस्यों ने भाग लिया। समिति ने मांग संख्या 31 जनजातीय विकास विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 की अनुदान मांगों की संवीक्षा पर आधारित 24वें मूल प्रतिवेदन (तेरहवीं विधान सभा) (वर्ष 2019-20) में अंतर्विष्ट सिफारिशों से संबन्घित प्राप्त विभागीय उत्तरों का अवलोकन किया तथा अवलोकनो के बाद कुछ बिंदुओं पर पुन: टिप्पणी करते हुए इस पर कार्रवाई प्रतिवेदन तैयार करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त समिति ने नवंबर माह में राज्य की भीतर अध्ययन प्रवास करने का भी निर्णय लिया।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को अटल टनल रोहतांग का निरीक्षण किया। मुकेश अग्निहोत्री ने टनल में हो रहे पानी के रिसाव को रोकने के लिए बीआरओ के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। टनल में हिमाचली और लाहौली शैली के सौंदर्यीकरण पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों से अटल टनल पर सोनिया गांधी द्वारा किए गए शिलान्यास पट्टिका के लगाने की बात की। अधिकारियों ने इस संदर्भ में तुरंत पता लगाने का आश्वासन दिया। हिमाचल प्रदेश के अंतिम छोर पर शिंकुला पास में ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से एक और महत्वपूर्ण टनल का निर्माण किया जा रहा है जो विश्व की सबसे ऊंचाई पर स्थित होगी जो देश व प्रदेश को विश्व भर में गौरवान्वित करेगी।
-सरकार ने बदले 7 एचएएस अफसर हिमाचल प्रदेश सरकार ने सात एचएएस अफसरों के तबादला आदेश जारी किए हैं। निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल को निदेशक मत्स्य बिलासपुर के पद पर ट्रांसफर किया गया है। नियुक्ति आदेशों का इंतजार कर रहे जितेंद्र सांजटा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त निदेशक के पद पर सेवाएं देंगे। जितेंद्र सांजटा के पास हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के प्रशासनिक अधिकारी का कार्यभार भी रहेगा। जितेंद्र सांजटा को भंग किए जा चुके कर्मचारी चयन आयोग के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के पद पर भी तैनात किया गया था। अक्षय सूद को निदेशक तकनीकी शिक्षा सुंदरनगर के पद पर ट्रांसफर किया गया है। अजीत कुमार भारद्वाज एडीएम लॉ एंड ऑर्डर शिमला के पद पर ट्रांसफर किया गया है। अनुपम कुमार को अतिरिक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा सुंदरनगर के पद पर ट्रांसफर किया गया है। नियुक्ति आदेशों का इंतजार कर रहे शिव मोहन सिंह सैणी डिप्टी सेक्रेटरी प्रशासनिक सुधार के पद पर सेवाएं देंगे। नियुक्ति आदेशों का इंतजार कर रहे कमल देव सिंह कंवर रजिस्ट्रार तकनीकी विवि हमीरपुर के पद पर सेवाएं देंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह को आज मंडी जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बगस्याड़ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के स्वयंसेवकों की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह और स्वयंसेवक राहुल ठाकुर, शताक्षी शर्मा और दीपाली ठाकुर ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 41000 रुपये की राशि का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए समाज के सभी वर्ग उदारतापूर्वक इस कोष में योगदान दे रहे हैं।
-प्रदेश की आर्थिक स्थिति को डूबोने के लिए कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी की सरकार हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आने के बाद एक साल होने को आया है। आज भी सुक्खू सरकार के मंत्रियों, प्रवक्ताओं और स्वयं मुख्यमंत्री के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस यह मानने को तैयार नहीं है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में है और भाजपा प्रतिपक्ष में है। सरकार में स्थापित लोगों के निरंतर एक ही बयान आ रहे हैं कि भाजपा ने यह नहीं किया, वो नहीं किया, ऐसा नहीं किया, वैसा नहीं किया और केवल और केवल धन का रोना रोते-रोते एक साल बीता दिया। डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी ही सत्ता में रही, भारतीय जनता पार्टी तो 1990 के बाद सत्ता में आनी शुरू हुई। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह डूबोने का काम यदि किसी ने किया है तो उसके लिए कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार हंै। 2022 के आम चुनावों के दौरान अरबों रुपये की घोषणाएं, गारंटियां जब चुनावी जनसभाओं में कांग्रेस के नेता दे रहे थे, उस समय प्रदेश की माली हालत का इन्हें सब कुछ मालूम था, फिर भी केवल और केवल झूठ के आधार पर वोट बटोरने के लिए गारंटियां बांटी जा रही थी। डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले 10 महीनों में अव्यवस्था ही व्यवस्था है। 1500 स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, तहसीलें इत्यादि संस्थान बंद कर दिए और उनका कोई माकूल जवाब सरकार नहीं दे रही है। यह सबसे बड़ी अव्यवस्था है। एक लाख बेरोजगारों को पहली कैबिनेट में सरकारी नौकरी देने की गारंटी पूरी न करके बेरोजगार युवकों की पीठ में छूरा घोंपा है और इसके विपरीत हजारों लोग जो नौकरी में लगे हुए हैं उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है, इससे बड़ी अव्यवस्था क्या होगी? जिला परिषद कर्मी सड़क पर हैं, उनसे झूठे वादे किए गए। एसएमसी अध्यापक सड़क पर हैं उनसे झूठे वादे किए गए और कोरोना वॉरियर्स रोते बिलखते कांग्रेस की सरकार के शिकार हो गए हैं, इससे बड़ी अव्यवस्था क्या हो सकती है? चंबा से लेकर सिरमौर तक कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ी हुई हंै। दलित युवक की बेरहमी से हत्या चंबा जिला में होती है। हजारों लोग सड़कों पर उतरते हैं, परंतु सरकार को रत्ती भर भी रंज नहीं होता, दुख नहीं होता और यह हत्याओं का, बलात्कार का, चोरियों का, डकैतियों का सिलसिला जोरों पर चल रहा है। जनता त्रस्त है, सरकार मस्त है। कानून व्यवस्था राम भरोसे है।
-संयंत्र निर्माण पर प्रथम चरण में 180 करोड़ रुपये होंगे व्यय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बोर्ड के सहयोग से जिला कांगड़ा के डगवार में 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का अत्याधुनिक पूर्ण रूप से स्वचालित दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना का शिलान्यास शीघ्र ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के प्रथम चरण में 180 करोड़ रुपये के निवेश से संयंत्र का निर्माण किया जाएगा। इस संयंत्र के स्थापित होने से दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, स्वादिष्ट दूध, खोया और मोजेरेला पनीर सहित विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके लिए चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा और ऊना जिला के दुग्ध उत्पादकों से दूध खरीद कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने दूध खरीद में पारदर्शिता के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि इससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध खरीद प्रणाली को मजबूत करने के लिए 43 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। संयंत्र का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन 2.74 लाख लीटर दूध खरीदने का लक्ष्य रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण के तहत डगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट में मिल्क पाउडर, आइसक्रीम और विभिन्न प्रकार के पनीर का उत्पादन शुरू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस प्लांट के निर्माण संबंधी कार्य को डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र में उल्लेखित वायदे के अनुसार गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के कृषि और आर्थिक विकास के लिए यह पहल महत्त्वपूर्ण है और प्रदेश सरकार राज्य में डेयरी-आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने परियोजना पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी और इस संयंत्र की स्थापना में हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक विनय कुमार और इंद्र दत्त लखनपाल, प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, सचिव राकेश कंवर, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
-वित्त वर्ष 2022-23 में निगम का कुल राजस्व 200 करोड़ के पार पहुंचा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार सायं हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॅानिक विकास निगम (एचपीएसईडीसी) के निदेशक मंडल की 106वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रीन फील्ड और उभरती प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने से सुशासन के साथ-साथ पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि एचपीएसईडीसी ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान वित्तीय प्रबंधन में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 8.16 करोड़ रुपये का कुल लाभ अर्जित किया है तथा वित्त वर्ष 2022-23 में निगम का कुल कारोबार (राजस्व) 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है। उन्होंने कहा कि निगम के इतिहास में यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जो कि इसकी व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि और सफलता का संकेत देती है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि निगम की कार्य प्रणाली को पूरी तरह से स्वचालित कर दिया गया है और विभाग और विक्रेताओं से संबंधित सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। निगम ने पहली बार सरकार को लाभांश भी प्रदान किया। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान पांच रुपये प्रति शेयर की दर से कुल 18 लाख 58 हजार 350 रुपये और वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान प्रति शेयर 20 रुपये उच्च लाभांश के साथ कुल 74 लाख 33 हजार 400 रुपये के चेक मुख्यमंत्री को भेंट किए। आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान करने तथा सरकार के राहत एवं पुनर्वास कार्य में योगदान देने के उद्देश्य से निदेशक मण्डल ने आपदा राहत कोष के लिए 21 लाख रुपये का चेक भी भेंट किया। एचपीएसआईडीसी के प्रबन्ध निदेशक मुकेश रेपसवाल ने कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, सचिव डिजिटल टेक्नॉलाजी एवं गवर्नेंस डॉ. अभिषेक जैन, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति, बीएसएनएल के सीजीएम जसविंदर सिंह सहोता और मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार देर सायं यहां शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल-2023 का टीजर जारी किया। यह फेस्टिवल 12 से 15 अक्टूबर, 2023 तक हिमाचल पर्यटन विभाग और दि-ग्लाइड इन के संयुक्त तत्वावधान में शिमला के समीप जुन्गा में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष वर्ष मानसून के दौरान लगभग तीन माह तक प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं के कारण भारी क्षति हुई है। प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय पर भी इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदा से उबरने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया। प्रदेश में अब जनजीवन सामान्य है और आवागमन के लिए सभी सड़कें खोल दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन गतिविधियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल के आयोजन से साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में साहसिक पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है। जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में सभी पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर एस बाली, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क राजीव कुमार, ग्लाइड इन के प्रबंध निदेशक अरुण रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टो करंसी ठगी का किंगपिन सुभाष शर्मा देश छोड़कर फरार हो गया है। हालांकि दो दिन पहले पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने दावा किया था कि पुलिस सरगना तक पहुंच गई है। मगर, मंडी निवासी सुभाष शर्मा पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि सुभाष शर्मा कब देश छोड़कर भागा और अब किस देश में है। हालांकि चर्चाएं सुभाष शर्मा के दुबई को भागने की हैं, लेकिन पुलिस अभी इसे लेकर आशंकित है। बताया जा रहा है विदेश को फरार हो चुके सुभाष शर्मा ने लोगों के पैसे से अकूत संपत्ति बनाई है। उसने मंडी के अलावा चंडीगढ़, जिरकपुर में कई बीघा जमीन, फ्लैट, पेट्रोल पंप, होटल, पंजाब के पॉश इलाकों में कई सैलून और मसाज सेंटर भी खोल रखे हैं।
आज से क्रिकेट वर्ल्ड कप मैचों की शुरुआत होगी। गुजरात के अहमदाबाद में दोपहर डेढ़ बजे से पहला मैच इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जाने वाले वर्ल्ड कप के मैचों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्टेडियम के अंदर और बाहर थ्री लेयर की सुरक्षा की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। यहां होने वाले पांचों मैचों में स्टेडियम के अंदर और बाहर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मैच से पहले क्राइम ब्रांच 3 ड्रोन से स्टेडियम और आसपास के इलाके में गश्त करेगी। क्राइम ब्रांच के डीसीपी चौतन्य मांडलिक ने बताया कि अहमदाबाद में होने वाले मैचों को लेकर आतंकी हमले की धमकी दी गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए स्टेडियम के अंदर और बाहर थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मैचों के लिए लगभग 3500 पुलिसकर्मी होंगे। धर्मशाला में 7 को अफगानिस्तान और बांग्लादेश का मैच दुनिया के सबसे सुंदर क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 7 अक्तूबर को अफगानिस्तान और बांग्लादेश का मैच होगा। दोनों टीमें धर्मशाला पहुंच चुकी हैं। यहां कुल पांच मैच खेले जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला 22 अक्तूबर को होगा।
इस मानसून सीजन में प्रदेश में जितने दिन स्कूल बंद रहे, उतने दिन या घंटे तक एक्स्ट्रा कक्षाएं लगानी होंगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। इसे लेकर प्रारंभिक शिक्षा और उच्च शिक्षा निदेशक ने सर्कुलर जारी कर सभी डिप्टी डायरेक्टर को इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेशों में स्पष्ट कहा गया कि रोजाना एक घंटे एक्स्ट्रा क्लासेज लगाई जाएं। यदि बीच में दो-तीन दिन की छुट्टियां आती हैं तो एक दिन स्कूल खुले रखकर बच्चों को पढ़ाई कराई जाए। इन आदेशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। स्कूल प्रिंसिपल और हेडमास्टर को एक्स्ट्रा क्लाजेस का टाइम टेबल बाकायदा डिप्टी डायरेक्टर को शेयर करने को बोला गया है। बरसात में महीना भर बंद रहे थे कुछ स्कूल इस बार भारी बारिश के कारण कई जगह शिक्षण संस्थान मानसून सीजन में एक महीने से भी ज्यादा समय तक बंद रखे गए थे। इनमें मंडी, कुल्लू और शिमला जिला के ज्यादातर स्कूल शामिल हैं। शिमला जिले के ठियोग, रोहड़ू, कोटखाई, कुल्लू के आनी, मंडी व सिरमौर के कई क्षेत्रों में बार-बार स्कूल बंद किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश एसएमसी टीचर्ज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। उनके हितों के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने कैबिनेट सब कमेटी का गठन भी किया है। यह कमेटी शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों का उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने बजट में एसएमसी अध्यापकों के मानदेय में बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। इस अवसर पर एसोसिएशन ने आपदा राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को एक लाख 51 हजार 111 रुपये का चेक भेंट किया। इस अवसर पर विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, विनय कुमार, केवल सिंह पठानिया, मलेंद्र राजन, एचपी एसएमसी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
-जीएसटी अधिनियम के तहत वसूला 15,32,594 रुपये जुर्माना राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ. युनुस ने आज यहां बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर प्रवर्तन दल ऊना ने एक रजत आभूषण व्यपारी के घर से 4,64,42,227 रुपये के आभूषण पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। यह आभूषण बिना बिल अथवा दस्तावेजों के थे। इस मामले में विभाग द्वारा जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत 15,32,594 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में विभाग की देहरा स्थित टीम ने भी रात्रि चैकिंग के दौरान बिना बिल के सामान पर जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत 1,00,000 रुपये का जुर्माना वसूल किया है। इसके अतिरिक्त आबकारी अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न टीमों ने कार्रवाई करते हुए लगभग 250 बल्क लीटर शराब जब्त कर नष्ट की है। इस कार्रवाई के दौरान बीबीएन (राजस्व जिला) की टीम ने बरोटीवाला, कालू झंडा, कुल्हारीवाला और कुंझल क्षेत्र में छापेमारी की तथा 115 बल्क लीटर शराब घर व करियाना की दुकान से जब्त की। यह शराब चंडीगढ़ में बिक्री के लिए थी। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर की आबकारी टीम ने गांव जामनी घाट के निकट बोतलों एवं कैनों में भरी लगभग 90 लीटर अवैध शराब पकड़ी जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसी तरह टीम शिमला ने संदिग्ध करियाना की दुकानों तथा ढाबों पर छापेमारी की तथा आबकारी अधिनियम की धारा 39 के तहत मामला दर्ज करते हुए 22 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। आयुक्त ने अवगत करवाया कि विभाग द्वारा पिछले कुछ समय में 77000 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त कर नष्ट करने के साथ ही लगभग 230 मामले आबकारी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किए हैं। इस कार्य को अंजाम देने में विभाग की 26 टीमें दिन-रात कार्यरत हैं।
शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर 6 अक्तूबरको सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। रोहित ठाकुर शाम 7 बजे सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में 19वें हिमाचल उत्सव में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे।
-द लॉरेंस स्कूल सनावर के स्थापना दिवस समारोह में की शिरकत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला के द लॉरेंस स्कूल सनावर के 176वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता की और मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर पुरस्कार वितरित किए। मुख्यमंत्री ने इस विशेष अवसर पर स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में बेहतर इंसान बनने की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन के निर्णय जटिल हो सकते हैं और कई बार स्वार्थ और बिना किसी प्रयास के आसानी से सफल होने की आकांक्षा किसी को भी आकर्षित कर सकती है, लेकिन जीवन में कभी भी शार्टकट सफलता का विकल्प नहीं हो सकता। हमें सदैव याद रखना चाहिए कि सफलता, प्रसिद्धि, लोकप्रियता और धन अस्थायी खुशी प्रदान कर सकते हैं, परन्तु वास्तविक रूप से जीवन मूल्यों के प्रति सच्चे रहने, नैतिकता का पालन करने तथा सदाचारी जीवन जीने से ही वास्तविक संतोष प्राप्त होता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने सिद्धांतों पर अटूट विश्वास के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन ईमानदारी और नैतिक मूल्य हमारे जीवन में एक मार्गदर्शक का कार्य करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, अपनी आकांक्षाओं और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अथक परिश्रम करने तथा चुनौतियों का सामना करने पर भी कभी हार न मानने का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों में स्वतंत्र सोच और अनुशासन जैसे गुणों का विकास करने में द लॉरेंस स्कूल, सनावर के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि यह गुण जीवन में आगे बढ़ने में अमूल्य साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने छात्रों के जीवन को आकार दिया है और यह संस्थान विद्यार्थियों को ज्ञान एवं चरित्र की खोज के लिए भी प्रेरित करता है। इससे पहले, ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्कूली विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई आकर्षक परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षक संवर्दधन केंद्र का लोकार्पण और नवाचार प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्य अध्यापक, हिम्मत सिंह ढिल्लों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और स्कूल की उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सर्वांगीण शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक विनोद सुल्तानपुरी और भुवनेश्वर गौड़, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, सोलन जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मिघर सूद और सचिव डेजी ठाकुर ने कहा की हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के साथ अन्याय होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस की वर्तमान सरकार को कोरोना महामारी के समय जनता की सेवा करने वाले योद्धा भी नहीं दिखे और हद तो तब हो गई जब एक महिला ने कांगड़ा में मुख्यमंत्री के पैर पकड़ लिए और गिड़गिड़ाते हुए अपनी नौकरी के लिए भीख मांगी, तब भी मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं किया। लगता है कि मुख्यमंत्री पत्थरदिल हो गए हंै। वो केवल मात्र वो ही निर्णय ले रहे हैं, जो उनको और उनकी जत्थे को पसंद आ रहे हैं, महिला कर्मचारियों को होने वाली परेशानी तो मुख्यमंत्री को दिख नहीं रही है। उन्होंने कहा की रात 11 बजे भी कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारे बाजी कर रहे हैं और बड़ी बात यह है कि महिला उस प्रदर्शन में बड़ी संख्या और अग्रिमी भूमिका में भाग ले रही है। एक महिला ने तो मुख्यमंत्री से जहर की गुहार ही लगा दी इससे पाता चलता है की हिमाचल प्रदेश में महिला सम्मान का क्या स्थिति है। शायद मुख्यमंत्री महिला शक्ति का दर्द समझते नहीं है, उनके छोटे-छोटे बच्चे होते हैं जो घर पर हैं और इस सरकार की वजह से महिलाएं सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में महिलाएं प्राचीन समाज और आधुनिक कहे जाने वाले समाज में उपेक्षित ही रही हैं। जिस तरह हिमाचल प्रदेश की महिलाओं को सम्मान, सुविधाओं, अधिकारों और उन्नति के अवसरों से दूर रखा जाता रहा है, इसी कारण महिलाओं की स्थिति अत्यन्त निचले स्तर पर है।
-झूठ बोलकर ज्यादा दिन काम नहीं चलाया जा सकता नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल में इतने झूठ बोले हैं कि प्रदेश के लोगों का कांग्रेस से भरोसा ही उठ चुका है। अब सरकार की किसी बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि झूठ बोलना अब कांग्रेस की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि आपदा राहत के नाम पर झूठ बोलने के बाद सरकार अब आपदा राहत पैकेज के नाम पर झूठ बोल रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा राहत पैकेज जब तक ज़मीन पर नहीं उतर जाता और असली प्रभावितों को लाभ नहीं मिल जाता तब तक कांग्रेस सरकार की बातों पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। क्योंकि पिछले दस महीनें में कांग्रेस पार्टी ने और मुख्यमंत्री ने जितनी बातें की हैं वह आज तक धरातल पर नहीं उतरी हैं। अब कांग्रेस सरकार की विश्वसनीयता ही संदिग्ध हो गई है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से झूठ बोलकर सत्ता हासिल कर ली है। उसी तरह से अब सरकार भी चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि न तो झूठ के पांव होते हैं और न ही लंबी उम्र। अब कांग्रेस का झूठ पूरी तरह से बेनक़ाब हो गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के बाद मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्य के नाम पर बढ़चढ़कर झूठ बोले। इसके बाद केंद्र सरकार से मदद मिलने के बाद भी झूठ बोला कि कोई मदद नहीं मिली। अब राहत पैकेज के नाम पर भी झूठ बोलकर प्रदेश के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री, उनकी पूरी टीम और उनके पार्टी नेता एक तरफ़ कह रहे हैं कि आपदा राहत पैकेज में केंद्र की तरफ़ से कुछ नहीं मिला है और दूसरी तरफ़ मनरेगा के कामों को भी राहत पैकेज में जोड़ रहे हैं। केंद्र की तरफ से आपदा प्रभावितों को दिये गये 6000 मकान भी उसी पैकेज का हिस्सा है। केंद्र द्वारा दिये गए 756 करोड़ रुपए के अलावा अन्य सहयोग भी उसी पैकेज का हिस्सा है। ऐसे में सवाल यह है कि राहत पैकेज में आखिर सरकार का क्या सहयोग है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चिंता है राहत का पैसा पात्र लोगों तक पहुंचे। अभी तक ऐसा होता नहीं दिख रहा है। जगह-जगह से ऐसी रिपोर्ट्स आ रही है कि सत्ता पक्ष के लोग अपनी-अपनी सूचियां बना रहे हैं। जिससे अपने लोगों को लाभान्वित किया जा सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार यह कान खोलकर सुन ले, आपदा राहत में बीजेपी किसी प्रकार की बंदरबांट नहीं होने देगी। अगर किसी भी प्रकार की मनमानी और अपना-पराया करने का प्रयास किया जाएगा तो बीजेपी चुप नहीं बैठने वाली है। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के दिन से अभी तक मैं प्रदेश के विभिन्न इलाक़ों में निरंतर जा रहा हूँ। हर जगह से यही बात सामने आ रही है कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं एक लाख दिया और लोगों को पांच हज़ार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सुक्खू सरकार द्वारा किए गए काम से यह साफ़ है कि इनकी कथनी और करनी में ज़मीन आसमान का अंतर है। इसलिए जब तक कांग्रेस का आपदा राहत पैकेज ज़मीन पर उतर नहीं जाता, पात्र लोगों को मिल नहीं जाता, तब तक कांग्रेस सरकार की बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
-कहा, पीडब्ल्यूडी मंत्री भूल गए, उनकी मां भी सांसद भाजपा प्रवक्ता बलदेव तोमर, विक्रम वर्मा और विवेक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री विक्रमादित्य सिंह की भाषा शैली ठीक नहीं है और हम इसकी घोर निंदा करते हैं। गौरतलब है कि विक्रमादित्य सिंह ने एक चैनल को बयान देते हुए कहा था कि सांसद सुरेश कश्यप को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री विक्रमादित्य की मां भी सांसद है। अगर वो किसी सांसद के बारे में टिपणी करते हंै तो उन्हें पहले अपनी मां के बारे में भी सोच लेना चाहिए। शायद मंत्री जी यह भूल गए हैं कि सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल की आवाज केंद्र तक अनेकों बार पहुंचाई है। वैसे तो यह जायज है शायद निंदा करने वाले की याददाश्त कमजोर ही होती है। सुरेश कश्यप ने रेल मार्ग, सड़क, टनल निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान और आपदा राशि के लिए केंद्र से सैकड़ों बात गुहार लगाई है और उस पर केंद्र सरकार ने एक्शियोज भी लिया। उन्होंने कहा कि हमें अफसोस है कि प्रदेश के 5 नगर निगम सहित 60 शहरी निकायों को 50 फीसदी ग्रांट इन एड वापस करनी होगी। इससे त्रासदी के बाद पुनर्वास की योजनाएं बनाने में लगे शहरी निकायों की परेशानी बढ़ गई है। निदेशक शहरी विकास विभाग ने नगर निगम के आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी व नगर पंचायतों के सचिवों को पत्र लिखकर ग्रांट वापस करने के निर्देश दिए हैं। अगर मंत्री विक्रमादित्य सिंह में दम होता तो कांग्रेस के इस नकारात्मक काम को रोक कर बताते।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 4500 करोड़ का राहत कोष स्थापित किया है। आज मंडी सदर के जागर पंचायत में आपदा प्रभावित लोगों की एक सभा को संबोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश में इस आपदा से करीब 12000 करोड़ का नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने प्रदेश को कोई भी विशेष मदद नहीं दी है, बावजूद इसके प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित लोगों की पूरी मदद कर रही है। प्रतिभा सिंह ने जागर पंचायत में आपदा से हुए भारी नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी प्रकट की। इस दौरान उनके साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर व पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
-ध्रुव को शिमला की बागडोर, हर्ष कपूर कुल्लू व रामकुमार देखेंगे चंबा इंटक के युवा इंटक विंग ने हिमाचल के चार जिलों के अध्यक्ष तय कर लिए हैं। इसमें शुभम सूद को सबसे बड़े जिला कांगड़ा में जिला युवा इंटक का अध्यक्ष बनाया गया है। शुभम सूद मौजूदा समय में धर्मशाला में कांग्रेस पार्टी के अहम सदस्य हैं। वह पिछले कई सालों से पूरे हलके व पार्टी के अन्य संगठनों में एक्टिव हैं। बुधवार को युवा इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गाबा, इंटक प्रदेशाध्यक्ष हरदीप बावा की अप्रूवल पर युवा इंटक प्रदेशाध्यक्ष जसविंद्र चौहान ने चार जिलों के अध्यक्षों का ऐलान कर दिया है। इसमें कांगड़ा के अलावा चंबा जिला की कमान रामकुमार, शिमला की ध्रुव, कुल्लू की हर्ष कपूर को दी गई है। सभी नए जिलाध्यक्षों ने इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गाबा, इंटक प्रदेशाध्यक्ष हरदीप बावा व युवा इंटक अध्यक्ष जसविंद्र चौहान का धन्यवाद किया है। कांगड़ा जिलाध्यक्ष शुभम सूद ने कहा कि वे अपनी तैनाती पर खासतौर से कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि सुधीर शर्मा हमेशा युवाओं को प्रेरित करते हैं। वह सभी संगठनों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इसके लिए वह सुधीर शर्मा का आभार प्रकट करते हैं।
-66वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में लेंगे भाग हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया पिछले कल अफ्रीका महाद्वीप के देश घाना की राजधानी अक्रा पहुंचे। पठानिया 2 से 6 अक्तूबर तक यहां आयोजित होने वाले 66वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने गए हैं। पठानिया के साथ विधानसभा सचिव यशपॉल शर्मा भी इस सम्मेलन में भाग लेने गए हैं। अक्रा पहुंचने पर आयोजकों द्वारा विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का परंपरागत स्वागत किया गया। इस सम्मेलन में देश की सभी राज्य विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी अक्रा पहुंच गए हैं। गत सायं अक्रा में प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों के सम्मान में स्वागत एवं परिचय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल प्रमुख ने सभी डेलिगेट्स के सम्मान में अपना संबोधन दिया तथा वहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। कुलदीप सिंह पठानिया आज भारतीय समय के अनुसार शाम 7 बजे पार्लियामेंट ऑफ घाना में लिंग कोटा-अंत का एक साधन विषय पर अपना संबोधन देंगे। इस कार्यक्रम में रिपब्लिक ऑफ घाना के राष्ट्रपति नाना आडो दानिका अकूफो तथा घाना संसद के स्पीकर अलबन किंग्सफोर्ड सुमाना बेगबीन भी शमिल होंगे।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने उप मुख्यमंत्री समेत सीपीएस को काम करने से रोकने पर जवाब देने के लिए सरकार को अंतिम मौका दिया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी ने मामले की सुनवाई 16 अक्तूबर को निर्धारित की है। हालांकि सरकार ने सीपीएस की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। सरकार की ओर से दलील दी गई है कि सभी याचिकाएं हाईकोर्ट के नियमों के अनुसार दायर नहीं की गई हैं। याचिकाकर्ता ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती और अन्य 11 विधायकों ने मामले के अंतिम निपटारे तक सभी सीपीएस को काम करने से रोकने के आदेशों की मांग की है। अदालत ने इस आवेदन का जवाब दायर करने के लिए सरकार को अंतिम मौका दिया है। बता दें कि सीपीएस की नियुक्तियों को तीन याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गई है। सबसे पहले वर्ष 2016 में पीपल फॉर रिस्पांसिबल गवर्नेंस संस्था ने सीपीएस को चुनौती दी थी। नई सरकार की ओर से सीपीएस की नियुक्ति किए जाने पर उन्हे प्रतिवादी बनाए जाने के लिए आवेदन किया गया। इसके बाद मंडी निवासी कल्पना देवी ने भी सीपीएस की नियुक्तियों को लेकर याचिका दायर की गई है। भाजपा नेता सतपाल सत्ती ने उपमुख्यमंत्री समेत सीपीएस को चुनौती दी है। अदालत सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है। अर्की विधानसभा क्षेत्र से सीपीएस संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। सभी याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि पंजाब में भी ऐसी नियुक्तियां की गई थीं, जिन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने इन नियुक्तियों को असांविधानिक ठहराया था।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जिन्होंने कोविड जैसी महामारी में अपने जान की परवाह किए बिना कोरोना पीड़ितों की सेवा की आज वह अपने बच्चों के दो जून की रोटी के लिए सड़कों पर हैं। इससे ज्यादा अमानवीय और शर्मनाक कुछ भी नहीं हो सकता है। छह महीने का वेतन दिये बिना 30 सितंबर को लगभग दो हजार कोविड वॉरियर को सरकार ने बर्खास्त कर दिया। क्या कोविड वॉरियर का परिवार नहीं हैं। क्या उन्हें अपने बच्चे नहीं पालने हैं? क्या उन्हें बच्चों की फीीस नहीं देनी। इस तरह की अमानवीयता की उम्मीद किसी भी सरकार से नहीं की जा सकती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोविड के लिए काम करने वाले लोगों को पूरी दुनिया में सम्मानित किया गया। प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार दिये गये। कोरोना की वैक्सीन बनाने में सहयोग देने वाले वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार दिया गया। हिमाचल में कोविड के वॉरियर को अपमानित किया जा रहा है। इस तरह की स्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार है। इतने कठिन समय में सेवा करने वालों के साथ इस तरह का बर्ताव किसी भी तरह से सही नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोविड वॉरियर को बाहर करने का फ़ैसला पूर्णतया अमानवीय है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को बने मात्र दस महीनें ही हुए हैं लेकिन आज प्रदेश भर के लोग सड़कों पर हैं। ऐसी परिस्थिति सरकार की नाकामी और झूठ के कारण बनी है। उन्होंने कहा कि आज ज़िला पंचायत के लोग सड़कों पर हैं। एसएमसी के शिक्षक सड़कों पर हैं। सफ़ाई कर्मचारी सड़कों पर हैं। सुरक्षा गार्ड सड़कों पर हैं। परीक्षा परिणाम न जारी करने से युवा सड़कों पर हैं। प्रदेश के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग आज सड़कों पर अपनी माँगों को लेकर सचिवालय, चौड़ा मैदान, रिज मैदान पर धरना दे रहे हैं। ज़िला मुख्यालयों से लेकर तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पर लोग सरकार ख़िलाफ़ सड़कों पर हैं।
-मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना औपचारिक रूप से शुरू -मुख्यमंत्री ने पात्र बच्चों को 4.68 करोड़ के वित्तीय लाभ किए वितरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से राज्य स्तरीय समारोह में अनाथ, विशेष रूप से सक्षम बच्चों, निराश्रित महिलाओं और वृद्धजनों को व्यापक सहायता के दृष्टिगत मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की औपचारिक शुरूआत की। इसके साथ ही हिमाचल अनाथ बच्चों एवं अन्य वंचित वर्गों की मदद के लिए कानून बनाकर यह योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर योजना के पात्र बच्चों को 4.68 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ का वितरण भी किया। इसमें उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 48 अनाथ बच्चों को फीस और छात्रावास व्यय के रूप में 15.52 लाख रुपये तथा मासिक व्यय के रूप में 11.52 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत 17 अनाथ बच्चों को 7.02 लाख रुपये फीस तथा 4.08 लाख रुपये मासिक व्यय का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने पालक देखभाल एवं प्रायोजन (फोस्टर केयर) के अन्तर्गत 1106 लाभार्थियों को 2.65 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ हस्तांतरित किए। इसके अतिरिक्त बाल देखभाल संस्थानों के 12वीं कक्षा के 30 मेधावी छात्रों को 10वीं कक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए लैपटॉप प्रदान किए गए। उन्होंने लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के लिए तीन लाभार्थियों को छह लाख रुपये का आवंटन भी किया। सरकार अनाथ एवं अन्य वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य में अनाथ एवं अन्य वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसी रिज मैदान पर शपथ लेने के बाद वे बतौर मुख्यमंत्री सचिवालय के बजाय टुटीकंडी स्थित बालिका आश्रम पहुंचे और वहीं उन्हें इन वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस तरह की योजना का विचार आया। उन्होंने कहा कि विभिन्न वित्तीय चुनौतियों और और हाल ही में आई आपदा के बावजूद प्रदेश सरकार ने इस योजना को आरंभ करने का अपना संकल्प पूरा किया है। 27 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह मिलते रहेंगे 4000 रुपये मुुख्यमंत्री ने कहा कि सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत नए चिन्हित किए गए लगभग 2700 अनाथ बच्चे, जो कि अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं, उन्हें भी 27 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक 4000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन बच्चों के संरक्षण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस योजना में मातृत्व देखभाल की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे के लिए एक परिचारिका का भी प्रावधान किया गया है और प्रत्येक बढ़ते तीन बच्चों के लिए एक मैट्रन का भी प्रावधान है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चों को वार्षिक आधार पर 15 दिवसीय अध्ययन भ्रमण करवाया जाएगा, जिस दौरान उन्हें तीन सितारा होटलों में ठहराने सहित उनकी हवाई यात्रा तथा अन्य व्यय प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को प्रदत्त यह अधिकार दया के रूप में नहीं अपितु एक कानून बनाकर उन्हें उपलब्ध करवाया गया है। बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि एकाग्रता, दृढ़ इच्छा शक्ति और कड़ी मेहनत सफलता की ओर ले जाती है और यह बच्चे हिमाचल प्रदेश का भविष्य हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह बच्चे जीवन में अकेले नहीं हैं और समस्त समाज उन्हें समाहित करने के लिए आगे आ रहा है। 2 लाख रुपये विवाह अनुदान का भी प्रावधान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 10 हज़ार रुपये वस्त्र भत्ता, 500 रुपये उत्सव अनुदान और 2 लाख रुपये विवाह अनुदान का भी प्रावधान है। उच्च शिक्षा के लिए यह बच्चे एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं और उन्हें 4000 रुपये प्रतिमाह जेब खर्च भी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्हें लघु एवं सूक्ष्म उद्योग की स्थापना के लिए 2 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा ताकि वे स्वरोज़गार के लिए प्रेरित हो सकें। 10वीं में बेहतर प्रदर्शन के लिए 30 मेधावी छात्रों को प्रदान किए लैपटॉप सीएम सुक्खू ने इस पहल के द्वितीय चरण में 10वीं तथा 12वीं कक्षा के 268 बच्चों को लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विधवा, एकल नारी और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों सहित विभिन्न वंचित वर्गों को पेंशन और अपंगता राहत भत्ते की प्रक्रिया का सरलीकरण कर उन्हें आय सीमा में भी छूट प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का भूमिहीन अनाथ बच्चों को गृह निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि और शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा भूमि तथा तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता का भी प्रस्ताव है। आपदा प्रभावितों की मदद को 4500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज मुख्यमंत्री ने लोगों को लाभ पहुंचाने के दृष्टिगत नई कल्याणकारी योजनाएं आरंभ करने की भी घोषणा की और संकट के समय बहादुरी के साथ आपदा का सामना करने के लिए प्रदेशवासियों के प्रयासों व जीवट की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित 16500 परिवारों की सहायता के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है। इसके अतिरिक्त पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों का मुआवज़ा 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये किया गया है। साथ ही आपदा में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकानों के लिए मुआवज़ा राशि एक लाख रुपये की गई है। सुक्खू ने इस अवसर पर प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अनाथ बच्चों के साथ दोपहर भोज में भी शामिल हुए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों और सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के महत्त्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के कल्याण में सरकार की यह फ्लैगशिप योजना कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस योजना के साथ ही सामाजिक सुरक्षा पैंशन के नए मामले स्वीकृत करने सहित सामाजिक कल्याण की दिशा में अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा विधवा पुनर्विवाह भत्ता 65 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया गया है। राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को 995 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया है।
प्रदेश की सुक्खू सरकार ने 7 बीडीओ यानी खंड विकास अधिकारियों का तबादला किया है। इन अधिकारियों के तबादलों के संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक अब निशांत शर्मा को हमीरपुर जिला के नादौन विकास खंड के बीडीओ का कार्यभार सौंपा गया है। अभी तक वह शिमला के टूटू विकास खंड में बतौर बीडीओ सेवाएं दे रहे थे। वहीं वर्तमान में बीडीओ बिलासपुर कुलवंत सिंह को बीडीओ भोरंज का कार्यभार सौंपा गया है। मंडी जिला के गोलापुर में बतौर बीडीओ सेवाएं दी रही अस्मिता ठाकुर पोस्टिंग के नए आदेशों तक राज्य हेडक्वार्टर को ज्वाइन करेगी। वहीं बीडीओ कुनिहार विवेक पॉल भी राज्य मुख्यालय में पोस्टिंग के आगामी आदेशों तक सेवाएं देंगे। बीडीओ गगरेट हिमांशी को बीडीओ हमीरपुर लगाया गया है। बीडीओ धर्मशाला ओमपाल को बीडीओ अंब बनाया गया है। इसके अलावा सुशील कुमार को जो वर्तमान में बीडीओ अंब है। वह आगामी आदेशों तक राज्य मुख्यालय को ज्वाइन करेंगे।
कमांडेंट 17वीं वाहिनी भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल किन्नौर बसंत कुमार ने आज यहां बताया कि भारत सरकार एवं महानिदेशालय भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा जिला किन्नौर के योग्य नवयुवकों/नवयुवतियों के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में कांस्टेबल (जनरल डयूटी) के पदों की भर्ती 5 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक 17वीं वाहिनी भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल में आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 5 अक्तूबर से 8 अक्तूबर तक अभ्यर्थी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। 9 अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक शारीरिक दक्षता परीक्षण व दस्तावेज़ीकरण किया गया। 15 अक्तूबर को लिखित परीक्षा व परीक्षा का परिणाम तथा मेडिकल परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। 18 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक मेडिकल परीक्षा आयोजित की जाएगी तथा 25 अक्तूबर को सभी मानकों में पास हुए योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए सामान्य वर्ग की आयु 2 अगस्त, 2000 से 1 अगस्त, 2005 के बीच होनी चाहिए। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आयु सीमा 2 अगस्त, 1995 से 1 अगस्त, 2005 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 2 अगस्त, 1997 से 1 अगस्त, 2005 तक निर्धारित की गई है। इसके अलावा भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से दसवीं कक्षा पास तथा भौतिक मानक के तहत पुरूष अभ्यर्थियों की ऊंचाई 165 सेंटिमीटर तथा महिला अभ्यर्थियों की ऊंचाई 155 सेंटिमीटर होनी चाहिए।
-दोनों पर पालमपुर के लोगों से 18 करोड़ ठगने का आरोप -विधायक होशियार सिंह ने सदन में उठाया था मामला हिमाचल में लोगों से क्रिप्टो करंसी के नाम पर ठगी के मामले में एसआईटी ने गुजरात से दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। ये दोनों जिला मंडी के रहने वाले हैं। मामले में जांच के लिए गठित पुलिस अधिकारियों की एसआईटी ने गुजरात पुलिस की मदद से गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में मास्टरमाइंड हेमराज राजपूत और सुखदेव ठाकुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी हिमाचल में लोगों से ठगी करने के बाद गुजरात में छिपे हुए थे। एसआईटी ने भोजदा गांव के एक फार्म हाउस से दोनों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आरोपियों ने पालमपुर के लोगों से 18 करोड़ रुपये की ठगी की थी। गौर रहे कि प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में देहरा के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने क्रिप्टो करंसी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी होने का मामला उठाया था। सरकार के निर्देश पर डीजीपी संजय कुंडू ने क्रिप्टो करंसी घोटाले को लेकर राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी का अध्यक्ष डीआईजी उत्तरी रेंज अभिषेक दुल्लर को बनाया गया और इसमें एसपी साइबर क्राइम अध्यक्ष रोहित मालपानी, प्रवीन धीमान एएसपी साइबर क्राइम, मनमोहन सिंह एएसपी साइबर क्राइम मंडी और डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा, डीएसपी नूरपुर विशाल वर्मा, डीएसपी पालमपुर लोकेंद्र नेगी व डीएसपी जवाली वीरी सिंह को शामिल किया था। ऐसे फंसाए लोग आरोपियों ने पीड़ितों से वादा किया था कि उनका निवेश दोगुना हो जाएगा। एसआईटी ने करोड़ों की ठगी के आरोपी हेमराज राजपूत और सुखदेव ठाकुर को भोजदा गांव के एक फार्महाउस से गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि हेमराज राजपूत और सुखदेव ठाकुर क्रिप्टो करंसी घोटाले के मास्टरमाइंड थे। पुलिस ने फार्म हाउस पर छापा मारकर क्रिप्टो करंसी के नाम पर लोगों को ठगने वाले आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है।
जैसे ही पृष्ठभूमि में सैकड़ों झंडे एक साथ लहराने लगे, वातावरण में लोकप्रिय भावना एक बार फिर एकजुटता की थी, क्योंकि 180 देशों के लोग एक-दूसरे के साथ घुल-मिल कर नृत्य, संगीत और भोजन के माध्यम से वैश्विक संस्कृतियों का जश्न मना रहे थे। यह एक ऐसा भव्य कार्यक्रम था, जो वास्तव में भारत की शक्ति को विश्व स्तर पर एकजुट करने वाली शक्ति के रूप में दर्शाता है। वॉशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल में दूसरे दिन की शुरुआत ऐतिहासिक लिंकन मेमोरियल में एक हजार लोगों के योगा मैट्स पर कदम रखने के साथ हुई, क्योंकि उन्हें वैश्विक आध्यात्मिक गुरु, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर द्वारा एक अद्वितीय योग, सांस और ध्यान के सत्र में भाग लेने का अवसर दिया गया। इसके साथ ही भावपूर्ण प्रदर्शनों, प्रेरणादायक संबोधनों और मानवीय जुड़ाव की एक अविस्मरणीय भावना से भरी शाम की रूपरेखा तैयार हो गई थी, जैसा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पहाड़ों से लेकर तटीय मैदानी इलाकों तक से तथा नदी घाटियों से लेकर रेगिस्तानों तक से आए लोगों का समूह यहां एकत्रित हो गया है। ऐसा करके, आपने (गुरुदेव) वैश्विक परिवार के एक सूक्ष्म जगत का निर्माण कर दिया है। प्रस्तुत किए गए कई कला रूपों में प्रसिद्ध यूक्रेनी संगीतकार ओलेना अस्तशेवा द्वारा संचालित एक पारंपरिक यूक्रेनी गीत था, जिन्होंने युद्ध के कारण अपनी मातृभूमि छोड़ दी थी। प्रदर्शन से प्रभावित होकर, लोग गुरुदेव के नेतृत्व में यूक्रेन के लोगों के लिए एक सहज शांति प्रार्थना में शामिल हुए। रेव्ह गेराल्ड एल डर्ले ने कहा, जिसे केवल एक रोमांचकारी भाषण के रूप में वर्णित किया जा सकता है कि हमें आर्ट ऑफ लिविंग का नाम बदलकर आर्ट ऑफ लिविंग प्रूफ करने की जरूरत है, क्योंकि आप (गुरुदेव) यह साबित कर रहे हैं कि आप प्यार कर सकते हैं, आप साझा कर सकते हैं। आपमें करुणा की भावना आ सकती है। अमेरिकी उद्यम पूंजी निवेशक टिम ड्रेपर ने भी साझा किया कि हम (अमेरिकी) दूसरे देशों के लोगों को एलियन कहते थे। और यह कोई अच्छा शब्द नहीं था; और किसी तरह, हमने लोगों को एक साथ लाना शुरू कर दिया है, और गुरुदेव के नेतृत्व में, हम लोगों को एक साथ लाए हैं, और अब पृथ्वी पर कोई भी विदेशी नहीं है। लेकिन अगर इस धरती पर कोई एलियन होता और वे कहते कि मुझे अपने नेता के पास ले चलो, तो मैं उनके लिए गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की ओर इशारा करूंगा। दूसरे दिन के प्रतिष्ठित वक्ताओं में मॉरीशस के राष्ट्रपति, पृथ्वीराज सिंह रूपन; भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, अकी आबे, पूर्व प्रथम महिला और जापान के दिवंगत प्रधान मंत्री-शिंजो आबे की पत्नी; डॉ. विवेक मूर्ति, यूएस सर्जन जनरल अन्य लोगों के साथ उपस्थित थे। दूसरे दिन की सांस्कृतिक झलकियों में नेशनल मॉल में 10,000 लोगों का गरबा प्रदर्शन शामिल था, जिसने इतिहास रच दिया क्योंकि लाखों लोग ग्रैमी विजेता, भारतीय अमेरिकी गायक, फालू शाह के गायन के नेतृत्व में ताल पर थिरकने लगे; 200-सशक्त उत्साहपूर्ण भांगड़ा प्रदर्शन; आयरिश स्टेप डांस; अनोखी अफगानी धुनें; 1,000 चीनी अमेरिकी गायकों और नर्तकियों का एक शानदार समूह, सॉन्ग्स एंड स्माइल्स और जैस्मीन फ्लावर गाते हुए कुंग फू प्रदर्शन, कलात्मकता और कल्पना के माध्यम से जीवंत किए गए राजसी ड्रेगन और शेरों के साथ किया कार्यक्रम; इंडोनेशिया, ब्राज़ील, बोलीविया और लैटिन अमेरिकी देशों के अविस्मरणीय प्रदर्शन; कुर्टिस ब्लो जैसे दिग्गजों के नेतृत्व में हिप हॉप और ब्रेकडांस कलाकार; 1200 लोगों का गॉस्पेल गाना बजानेवालों और पाकिस्तानी दल का मंत्रमुग्ध कर देने वाला प्रदर्शन भी था। यूएस सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने साझा किया कि आज (डब्ल्यू.सी.एफ) जैसे उत्सव शक्तिशाली हैं क्योंकि वे हमें याद दिलाते हैं कि एक-दूसरे के साथ हमारे संबंध कितने आवश्यक हैं। और हमें उस अनुस्मारक की आज पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है क्योंकि अकेलापन और अलगाव महामारी बन गया है; जो मानसिक रोगों को बढ़ावा दे रही है, साथ ही मनोभ्रंश और हृदय रोग जैसी शारीरिक बीमारियों में भी योगदान दे रही है, और अब हमारे समुदायों की भलाई के लिए खतरा पैदा कर रही है।
-बोले, मैंने गांव-गांव जाकर धरातल पर देखा है, आपदा प्रभावितों को कोई राहत नहीं मिली नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि बापू के दिखाए गए रास्ते पर आज पूरी दुनिया चल रही है। मानवता की भलाई के शांति और अहिंसा से बेहतर कोई रास्ता है ही नहीं। स्व. लाल बहादुर शास्त्री के राष्ट्रबोध से हम भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं। उन्होंने दिखाया कि सीमित संसाधनों में भी देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उनका ऐसा व्यक्तित्व ऐसा था कि उनके एक आह्वाहन देश के लोगों ने एक वक़्त का भोजन छोड़ दिया था। वह जिए भी देश के लिए और मरे भी देश के लिए। ऐसी महान विभूतियों का देश ऋणी है। नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र से मिल रही मदद के मामले में राज्य सरकार द्वारा की जा रही राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की लगातार मदद कर रही है। हज़ारों करोड़ रुपए अलग-अलग मदों में राज्य सरकार को मिल चुके हैं। आवास से लेकर सड़क और नेशनल हाई वे के लिए अलग से राशि जारी की जा चुकी है लेकिन राज्य सरकार ने 'कुछ नहीं दिया, कुछ नहीं दिया' की रट लगाई हुई है। उन्होंने कहा कि अभी भी केंद्र की टीमें नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए हिमाचल विभिन्न जगहों का सर्वे कर रही हैं। इसलिए राज्य सरकार द्वारा इस तरह की बातें और भी हास्यास्पद हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैंने आपदा प्रभावित बहुत जगहों का दौरा किया और अभी भी कर रहा हूं। आपदा आने के समय जिस तरह से लोगों को सरकार से कोई मदद नहीं मिल पाई थी। उसी तरह दो महीनें बीतने के बाद भी लोगों को कोई राहत नहीं मिल पाई हैं। धरातल की स्थितियां सरकारी दावों के बिलकुल विपरीत हैं। कई ऐसी जगहें भी हैं जहां आपदा के बाद से कोई अधिकारी पहुंचा ही नहीं है। ऐसी परिस्थिति में लोगों के नुक़सान का सही आंकलन और सही राहत कैसे मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की इस शिकायतों पर भी सरकार को ध्यान देना होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। प्रधानमंत्री के आह्वाहन पर आज पूरा देश स्वच्छता के प्रति सजग है और अपनी जनभागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने स्वच्छता को आम जनमानस के जीवन का मिशन बनाने हेतु लोगों को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के उपलक्ष्य पर आज एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा पॉटर हिल (समरहिल) के समीप सफाई अभियान चलाया गया। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने दोनों महापुरुषों की तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें याद किया गया। हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई महासचिव और विश्वविद्यालय प्रभारी प्रवीण मिन्हास ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था। उन्होंने स्वच्छ भारत का सपना देखा था जिसके लिए वह चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने देश को आजाद करवाने में कई महापुरुषों की तरह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।वे आजाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री भी बने और भारतीय राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। लाल बहादुर शास्त्री जी 'जय जवान जय किसानÓ नारे के उद्घोषक थे। जब वे प्रधानमंत्री बने तब देश में अनाज का संकट था और मानसून भी कमजोर था। ऐसे में देश में अकाल की नौबत आ गई थी। अगस्त 1965 में दशहरे के दिन दिल्ली के रामलीला मैदान में लाल बहादुर शास्त्री जी ने पहली बार जय जवान जय किसान का नारा दिया। इस नारे को भारत का राष्ट्रीय नारा भी कहा जाता है, जोकि किसान और जवान के श्रम को दर्शाता है. साथ ही उन्होंने लोगों से हफ्ते में एक दिन का उपवास भी रखने को कहा और खुद भी ऐसा किया।
-इनर व्हील क्लब व रोटरी क्लब ठियोग ने किया शिविर का आयोजन इनर व्हील क्लब व रोटरी क्लब ठियोग द्वारा ठियोग में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिवर का आयोजन किया गया। तीन दिनों तक चले इस शिविर में 1100 लोगों ने अपनी आंखों का चेकअप करवाया। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 80 लोगों की आंखों का सफल ऑपरेशन भी किया। यह कैंप तीन दिनों तक चला, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। ग्रामीण क्षेत्र के जो लोग अपना ईलाज करवाने अस्पताल तक नहीं आ पाते उनके लिए यह कैंप काफी लाभदायक साबित हुआ है। कार्यक्रम के अंतिम दिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने इनर व्हील क्लब व रोटरी क्लब के इस प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल अपने आप में एक सराहनीय कदम है। उन्होंने इसके लिए संस्था को 25000 देने की घोषणा भी की। राठौर ने कहा कि उनका प्रयास है कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार के समक्ष ठियोग अस्पताल में डॉक्टरों के पदों को भरने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अस्पताल शिमला के बजाय ठियोग में हो इसकी मांग उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाई है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी इस पर चर्चा की गई थी। जिला के सभी विधायक इसको लेकर सहमत हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार इस दिशा में कदम उठाने जा रही है। नशे के प्रति सचेत रहें कुलदीप राठौर ने कहा कि हमारे समक्ष आज कई तरह की समस्या है।सबसे बड़ी समस्याएं नशे की है। कई लोग अभिभावक उनसे मिले और उन्होंने व्यथा सुनाई तो वे दंग रह गए। उन्होंने कहा कि नशा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गया है। हम सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। कुलदीप राठौर ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र को एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें यह मांग उठाई गई है कि इसमें जमानत ना मिले। उन्होंने कहा कि यह पूरे समाज के लिए एक चिंतनीय विषय है। सभी को इस दिशा में काम करना चाहिए। इस कार्यक्रम में रोटरी क्लब के अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, डा नविदिता, ब्लॉक अध्यक्ष कंवर नरेंद्र सिंह,नगर परिषद अध्यक्ष विवेक थापर, उपाध्यक्ष रीना रॉय, डा दिलिप टेकटा, प्रदेश सचिव राजेश वर्मा, संजय शर्मा अनिल ग्रोवर, करुणा कंवर, निखिल सहगल, सहित अन्यों पदाधिकारियों ने भाग लिया।
प्रदेशवासियों ने सहानुभूति का असाधारण प्रदर्शन करते हुए आपदा राहत कोष-2023 में 200 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान देकर आपदा के इस समय में एकजुटता का अदभूत परिचय दिया है। इस कोष का उद्देश्य बरसात के दौरान राज्य में हुई मूसलाधार बारिश और भू-स्खलन से भारी नुकसान झेलने वाले परिवारों की राहत एवं पुनर्वास कार्यों द्वारा सहायता करना है। हिमाचल प्रदेश के पुनरुत्थान के लिए यह उदार सहायता राज्य के इतिहास में एक अभूतपूर्व मिसाल है और इस महान कार्य में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अग्रणी हैं। कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बीच भी हिमाचल प्रदेश में अंशदान के रूप में 145 करोड़ रुपये की राशि एकत्र हुई थी जबकि आपदा राहत कोष-2023 के लिए परोपकारी सहायता की राशि आशा से अधिक रही है। इस कोष के लिए लोगों द्वारा दी जा रही उदार सहायता आज भी जारी है, जिससे इस कोष में 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र होने की उम्मीद है। बच्चों द्वारा दिया गया मुख्यमंत्री का स्नेहपूर्ण उपनाम 'सुक्खू सरÓ और युवाओं का 'सुक्खू भाईÓ आज आशा और करुणा का पर्याय बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं पहल करते हुए अपनी जीवन भर की जमापूंजी इस कोष में दान की है। आवश्यकता के इस समय में आपदा से पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए उन्होंने अपनी व्यक्तिगत बचत से इस कोष में 51 लाख रुपये दान दिए। इस नेक कार्य के लिए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को उन छोटे बच्चों से प्रेरणा मिली जिन्होंने नि:स्वार्थ भाव से अपने गुल्लक दान कर दिए। मुख्यमंत्री ने कहा 'अगर बच्चे अपनी बचत दान कर सकते हैं, तो मैं क्यों नहींÓ? राहत एवं पुनर्वास के प्रयासों के इस होम में मुख्यमंत्री का परिवार भी सहयोग करने में शामिल हुआ। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की माता जी संसार देवी ने भी इस नेक कार्य के लिए 50 हजार रुपये का दान दिया, जबकि उनकी बहन संजोक्ता देवी ने आपदा राहत कोष के लिए 1,11,111 रुपये का योगदान दिया। प्रदेश के विभिन्न वर्गों व देश-विदेश से मिली सहायता के फलस्वरूप जो 200 करोड़ रुपये से अधिक आपदाग्रस्त परिवारों की सहायता के लिए प्राप्त हुए हैं वह प्रदेश सरकार का लोगों की सहायता के प्रति अटूट समर्पण एवं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की असाधारण नेतृत्व क्षमता का प्रमाण हैं। हिमाचल प्रदेश के लोगों को प्रदेश सरकार की साफ नीयत, ईमानदार इरादों और जनहित के प्रति समर्पण पर पूर्ण विश्वास है, खासतौर पर मुख्यमंत्री की मानवीय सरोकारों के प्रति निष्ठा एवं उनके कुशल नेतृत्व पर। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों द्वारा दिए जा रहे अंशदान के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों, देश-विदेश में रह रहे लोगों, विभिन्न संगठनों, सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनरों, विधायकों और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा आपदा के कारण पनपी स्थिति से निपटने के लिए और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए दिए गए अंशदान के लिए सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति एवं संगठन द्वारा छोटे-से-छोटा एवं बड़े-से-बड़ा अंशदान प्रदेशवासियों के लिए बराबर महत्त्व रखता है क्योंकि यह संकट के समय में नि:स्वार्थ भावना से लोगों की मदद करने का प्रतीक है। इस विकट स्थिति में हिमाचल प्रदेश ने एकता एवं उदारता को नए ढंग से परिभाषित कर यह दिखाया है कि जब कोई समाज एकमत से किसी कार्य को अंजाम देने के लिए कदम उठाता है तो वह किसी भी आपदा पर पार पा सकता है। आपदा राहत कोष-2023 में आ रहे अंशदान यह दिखाते हैं कि आपदा से प्रभावित लोगों की जिंदगी को पुन: पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां गांधी जयंती के अवसर पर शिमला नगर निगम के लिए चार गारबेज कॉम्पेक्टर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह गारबेज कॉम्पेक्टर्स 1 करोड़ 40 लाख रुपये व्यय कर शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत खरीदे गए हैं। प्रत्येक कॉम्पेक्टर की क्षमता 14 क्यूबिक मीटर है और यह लगभग 12 टन कूड़ा एक बार में शिमला स्थित भरियाल अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र तक ले जाने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके इस्तेमाल से न केवल कूड़ा प्रबंधन में सुधार आएगा बल्कि परिवहन लागत भी घटेगी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को अधिमान देते हुए साफ-सफाई को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांधी जी के शिमला को स्वच्छ बनाने व इसके सुनहरे भविष्य के लिए देखे गए सपने को हकीकत में बदलने के लिए निरन्तर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नगर निगम शिमला में बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन के लिए खरीदे गए यह गारबेज कॉम्पेक्टर्स शिमला को स्वच्छ बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शिमला आज स्वच्छ एवं हरित भविष्य की दिशा में निरन्तर बढ़ रहा है और यह कॉम्पेक्टर्स इस लक्ष्य को हासिल करने में सहायता करेंगे साथ ही पर्यावरण को केंद्र में रखते हुए शिमला के विकास को उत्तरोत्तर दिशा प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला प्रदेश का महत्त्वपूर्ण पर्यटक गंतव्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है और पर्यटकों के अनुभवों को अधिक सुखद बनाने के लिए प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास पर बल दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता को बढ़ावा तथा विभिन्न सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेष कपरेट, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रमुख अनुराग शर्मा, कांग्रेस नेता देवेेंद्र बुशहरी, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, नगर निगम शिमला के आयुक्त भुपेेंद्र कुमार अत्री और अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के रिज पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। शुक्ल ने महात्मा गांधी की सत्य, अहिंसा और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला जो उनके जीवन के सिद्धांतों की आधारशिला बने। राज्यपाल ने उनकी सत्यनिष्ठा, सादगी और भारतीय परंपराओं के साथ गहरे जुड़ाव की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वराज, आत्मनिर्भरता और स्वच्छता के सिद्धांत हम सभी को प्रेरित करते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में गांधी जी की अहिंसा के प्रति गहरी निष्ठा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार गांधी जी के नेतृत्व और अहिंसा के प्रति समर्पण ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश को वर्षों की गुलामी से मुक्त किया। उन्होंने सभी लोगों को गांधी के आदर्शों से प्रेरणा लेने और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में अपने जीवन में शामिल करने का आह्वान किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इसके उपरांत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सीटीओ चौक में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।
-डीसी ऑफिस शिमला के बाहर किया सत्याग्रह -कर्मचारियों को वापस न रखने पर आंदोलन की दी चेतावनी आईजीएमसी से 31 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर निकालने के खिलाफ आज गांधी जयंती पर आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू ने डीसी ऑफिस शिमला के बाहर सत्याग्रह किया। प्रदर्शन को सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, उपाध्यक्ष जगत राम, बालक राम, रमाकांत मिश्रा, यूनियन अध्यक्ष देवराज बबलू, महासचिव प्रवीण शर्मा, सलाहकार सन्नी व श्रेया ने संबोधित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नौकरी से निकाले गए सुरक्षा कर्मियों को वापिस न लिया तो आंदोलन तेज होगा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व यूनियन अध्यक्ष देवराज बबलू ने कहा कि महात्मा गांधी ने जिस देश की आज़ादी के लिए सर्वस्व समर्पण कर दिया, उस आज़ाद देश में अंग्रेजों के जमाने के काले कानून आज भी जारी हैं। इसका उदाहरण आईजीएमसी है, जहां पर हायर एंड फायर नीति जारी है व कानून का गला घोंट कर 31 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। यह औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 33 का भी उल्लंघन है जोकि यूनियन के नेतृत्वकारी मजदूरों को सुरक्षित कर्मचारी घोषित करती है। उन्होंने कहा कि 31 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर निकालने का निर्णय गैर कानूनी है। इसे तुरन्त वापिस लिया जाए। अगर ऐसा न किया गया तो आईजीएमसी में हड़ताल होगी। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में सुरक्षा कर्मियों की मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। ठेकेदार बदलने पर उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है जोकि यूनियन से आईजीएमसी प्रबंधन द्वारा किए गए समझौते व औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 25 एच का खुला उल्लंघन है। आईजीएमसी प्रबन्धन भी नए ठेकेदार के साथ मिलकर श्रम क़ानूनों की खुली अवहेलना कर रहा है। पिछले कई वर्षों से कार्यरत सुरक्षा कर्मियों की पुनर्नियुक्ति में श्रम कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है। औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 25 एच की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नई आउटसोर्स कंपनी द्वारा जो शपथ पत्र सुरक्षा कर्मियों से लिया जा रहा है, उसमें अनुचित श्रम व्यवहार किया जा रहा है। यह औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के पांचवें शेडयूल व धारा 25 यू का उल्लंघन है। प्रमुख नियोक्ता आईजीएमसी प्रबन्धन द्वारा ठेका मजदूर अधिनियम 1970 की अवहेलना बड़े पैमाने पर की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि आईजीएमसी प्रबंधन द्वारा वार्ड अटेंडेंटों व सफाई कर्मियों की तर्ज पर सभी सुरक्षा कर्मियों को नए ठेकेदार के पास पुनर्नियुक्ति दी जाए। उन्होंने चेताया है कि अगर सभी सुरक्षा कर्मियों की पुनर्नियुक्ति न की गई तो आंदोलन तेज होगा।
प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं वन बल प्रमुख राजीव कुमार ने आज शिमला वाटर कैचमेंट 72वें वन्यप्राणी सप्ताह-2023 का बतौर मुख्यातिथि शुभारंभ किया। इसका विषय 'वन्यजीव एवं हम' है। कार्यक्रम की शुरुआत में अनिल ठाकुर, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्य प्राणी प्रभाग ने कार्यक्रम के मुख्यातिथि एवं विभिन्न स्कूल, कॉलेजेस से आये हुई छात्र छात्राओं एवं अध्यापकों का स्वागत किया और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर समानित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वन्यप्राणी सप्ताह 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है, जिसमें निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता, नारा लेखन, फोटोग्राफी प्रतियोगीता एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी प्रतियोगिताओं के लिए विकास एवं वन्यजीव मार्ग तय किया गया है। उसके पश्चात राइजर समूह की ओर से वन्यप्राणी सप्ताह 2023 विषय पर आधारित समूह गान एवं लघु नाटक को प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि राजीव कुमार ने बताया कि हमें वन्यप्राणियों एवं वनों के संरक्षण के लिए मिलकर आगे आना चाहिए एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण में अन्य लोगों को भी अवगत करवाना चाहिए। वन्यप्राणी सप्ताह का मुख्य उद्देश्य आप सभी के माध्यम से प्रत्येक जन मानस को वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना है। इस तरह के कार्यक्रमों से आप एक दिन जागरूक न होकर वर्ष दर वर्ष के लिए जागरूक होकर वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति प्रत्तिबद्ध रहें। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि राजीव कुमार जी ने साईकल रैली और पक्षी प्रशिक्षु विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


















































