हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के प्रो. वाइस चांसलर डॉ. राजेंद्र वर्मा ने बायोसाइंसेज विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राजेश जरयाल द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक का शीर्षक पर्यावरण अंत:स्रावी विषाक्त पदार्थ हैजो किसीआरसी प्रेस, टेलर और फ्रांसिस, यूएसए द्वारा प्रकाशित की गई है। डॉ. जरयाल नेकिंग अब्दुल अजीज़ विश्वविद्यालय, सऊदी अरब और गुरु घासी दास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिकों क सहयोग से इस पुस्तक का संपादन किया है।
-कहा, चारों नगर निगम आपदा से प्रभावित, नहीं हो रहे विकास कार्य नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ढाई साल बीत जाने के बाद नियमानुसार मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होने है लेकिन राज्य सरकार चुनाव नहीं करवा रही है। जिसकी वजह से चार नगर निगमों के सारे विकास कार्य रुके हुए हैं। सभी नगर निगम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हैं और चुनाव न होने की वजह से एक भी काम उन क्षेत्रों में नहीं हो पा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सिफ़र् सरकार की नाकामी है। जिसके कारण लाखों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में मंडी, सोलन, धर्मशाला और पालनपुर नगर निगमों में सरकार की नाकामी के कारण मेयर और डिप्टी मेयर के बिना चल रही हैं। विकास के जो भी काम प्रस्तावित हैं, वो पूरी तरह से ठप्प पड़े हैं। मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव न करवा पाना प्रदेश सरकार की नाकामी है। नियमों के तहत इस पद को खाली नहीं रखा जा सकता। अब तो विधायकों के वोट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, फिर भी सरकार यह चुनाव नहीं करवा रही है। इस प्रक्रिया में कोई बड़ा मतदान नहीं होना हैं। जिसमें बहुत वक़्त और संसाधनों की आवश्यकता होती हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश भर में भारी नुक़सान हुआ है। इस नुक़सान से उबरने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं का सुचारू रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जब मेयर और डिप्टी मेयर जैसे अहम पदों पर कोई नहीं होगा तो राहत और पुनर्वास के काम प्रभावी तौर पर कैसे हो सकते हैं। मेयर किसी शहर का पहला नागरिक होता हैं।, उसके कार्यक्षेत्र में सभी प्रमुख कार्यों में उनकी अहम भूमिका होती है। जनता द्वारा चुने जाने के कारण जनता के पार्टी उनकी भी जवाबदेही होती हैं। ऐसे में उन्हें कार्य न करने देना लोकतांत्रिक व्यस्था का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हर तरफ़ से तानाशाही की तरफ़ बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव न करवाकर सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के 5 नगर निगम सहित 60 शहरी निकायों को जारी ग्रांट इन एड से 76 करोड़ रुपए सरकार द्वारा वापस मांग लिया है। इससे त्रासदी के बाद पुनर्वास की योजनाएं बनाने में लगे शहरी निकायों की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने ने कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए धन की आधी राशि वापस मांगना ग़लत है। सरकार द्वारा विकास के लिए जो पैसे भेजे गये थे, उस धनराशि से निर्धारित योजनाओं पर काम शुरू हो गए हैं। ऐसे में उस धनराशि को वापस मांगना हास्यास्पद है।
बल्क ड्रग पार्क से संबंधित सभी विकास परियोजनाओं में संबंधित विभागीय अधिकारी तीव्रता लाएं तथा निर्धारित समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित करें ताकि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को अति शीघ्र पूरा किया जा सके। यह निर्देश मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह ने जिला मुख्यालय ऊना में जिला के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक के दौरान दिए। उन्होंने बल्क ड्रग पार्क के लिए निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं, सड़क निर्माण कार्यों तथा विद्युत आपूर्ति के बारे में विशेष रूप से चर्चा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जिला में बनने वाले लठियानी-मंदली पुल के अलावा शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित परियोजनाओं बारे भी विस्तृत चर्चा की गई। इससे पूर्व उन्होंने पेखुबेला में बनने वाले सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थल का भी दौरा किया तथा एचपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों से परियोजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं बारे विस्तृत चर्चा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त ऊना महेंद्र पाल गुर्जर, हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के निदेशक शिवम प्रताप सिंह व सहायक महाप्रबंधक विवेक वर्मा, एसडीम ऊना विश्व मोहन देव चौहान, एसडीम अंब विवेक महाजन, एसडीएम बंगाना मनोज कुमार के अलावा विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल सहगल, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नरेश कुमार धीमान लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जीएस राणा सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
राज्य में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से हर क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थिति से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए प्रदेश सरकार संचार के बेहतर वैकल्पिक साधन विकसित करने पर बल दे रही है। आपदा की स्थिति में जब फोन और इंटरनेट जैसी संचार सेवाएं ठप हो जाती हैं तो इससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने आपात स्थिति के दौरान वैकल्पिक संचार के लिए एक प्रभावी उपकरण के रूप में एमेच्योर रेडियो (हैम) को बढ़ावा देने को स्वीकृति प्रदान की है। इस पहल के तहत राज्य के प्रत्येक उप मंडल में कम से कम एक हैम रेडियो स्वयंसेवक बनाने की परिकल्पना की गई है। ये स्वयंसेवक किसी भी आपदा या आपातकाल की स्थिति में राज्य स्तर पर स्थापित आपातकालीन संचालन केंद्र और सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों से जुड़कर वैकल्पिक संचार चैनल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसका प्रभावशाली कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, स्वयंसेवकों को पंजीकृत किया जाएगा और स्थापित मानदंडों के अनुसार एमेच्योर रेडियो के संचालन के लिए लाइसेंस भी दिए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार स्वयंसेवकों को आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। आवश्यक उपकरणों की 80 प्रतिशत लागत का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा तथा शेष 20 प्रतिशत लागत स्वयंसेवकों को वहन करनी होगी। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार शैक्षणिक संस्थानों में नए हैम रेडियो क्लब स्थापित करने, मौजूदा हैम रेडियो क्लबों को मजबूत करने और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान करने में भी मदद करेगी। प्रशिक्षित एमेच्योर रेडियो ऑपरेटरों के कौशल का उपयोग आवश्यकता और आपात स्थिति के समय सार्वजनिक सेवा के लिए किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि आपातकालीन संचार में एमेच्योर रेडियो का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि जब टैलीफोन, मोबाईल फोन सहित अन्य पारम्परिक संचार सेवाएं बाधित हो जाती हैं तो यह रेडियो स्टेशन सूचना सम्प्रेषण में उपयोगी हो सकते हैं। लम्बी दूरी तय कर सकने की इनकी क्षमता के कारण यह आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं तथा अमूल्य जीवन बचाया जा सकता है। संचार प्रणाली ठप्प होने की स्थिति में इसके माध्यम से आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जा सकती हैं जिससे आपदा के कारण होने वाली क्षति को भी कम किया जा सकता है। आपदा के दौरान स्रोत व्यक्ति, आपातकालीन प्रबंधन से जुड़े लोगों और आपदा प्रभावितों के बीच आपसी सम्पर्क बेहद अहम होता है। मुख्यमंत्री का कहना है कि बारिश और सर्दियों के मौसम के दौरान लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर जैसे जनजातीय जिलों सहित कई क्षेत्रों में संचार प्रणाली अक्सर ठप्प हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में, संचार के वैकल्पिक साधन के रूप में हैम रेडियो की भूमिका और भी बढ़ जाती है। इसलिए, राज्य सरकार ने भविष्य की चुनौतियों के दृष्टिगत आपातकालीन संचार के एक प्रमुख उपकरण के रूप में हैम रेडियो को बढ़ावा देने का निर्णायक कदम उठाया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एसएफआई इकाई ने आज परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया। इसमें पहली मांग लंबे समय से पीजी की परीक्षा हुए हैं, उनका रिजल्ट अभी तक नहीं आया है मुख्य रूप से इस में पीजी और बीएड के अंतिम स्मेस्टर के रिजल्ट को लेकर परीक्षा नियंत्रक को अवगत कराया गया। एसएफआई ने मांग रखी कि इन रिजल्टों को जल्द निकाला जाए, क्यूंकि हाल ही में पीजीटी की जो परीक्षा होनी है वे छात्र भी उसमें अपीयर हो सकें। साथ ही एसएफआई पिछले लंबे समय से मांग कर रही है विश्विद्यालय में जो ईआरपी सिस्टम काम कर रहा है उसमें जो खामियां हैं, उनको ठीक किया जाए। जब हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय में यह सिस्टम लाया गया था तो उस समय छात्रों को ये भरोसा दिलाया गया कि उनका रिजल्ट इस प्रणाली से जल्द से जल्द निकाला जाएगा, लेकिन आज के समय में छात्रों के लिए सबसे बड़ी समस्या ईआरपी सिस्टम बन चुका है। अगर छात्रों के इन मांगो का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में एसएफआई ईआरपी सिस्टम और विश्विद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी, जिसका जिम्मेवार विश्विद्यालय का प्रशासन होगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राज भवन में 'मेरी माटी मेरा देशÓ अभियान के तहत नेहरू युवा केंद्र तथा भारतीय तिब्बत सीमा बल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों तथा आईटीबीपी के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जननी व जन्मभूमि की महता स्वर्ग से भी बढ़कर है। भारत शूरवीरों की धरती है, जहां के हर प्रांत में स्वतंत्रता सेनानी व सेना के जवान हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने पर कार्यान्वित किए गए इस कार्यक्रम से व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच व देश प्रेम की भावना से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम नई युवा पीढ़ी में देश भक्ति व देश सेवा की भावना को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत आरम्भ किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 'मेरी माटी मेरा देशÓ अभियान गांवों व कस्बों के गुमनाम नायकों व शूरवीरों की स्मृतियों को संजोए रखने के लिए शुरू किया है। इस अभियान से स्वतंत्रता संग्राम में जान न्यौछावर करने वाले ऐसे अनेक शहीदों का योगदान सामने आया है जिनका नाम उनके गांव वालों ने भी भूला दिया था। देश भर में शहीदों के परिवारों को सम्मानित कर सम्बन्धित गांव में शहीदों के नाम शिलाफलकम पर लिखे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत युवा स्वयंसेवकों ने अपने गांव और शहीदों के घर से एक चुटकी मिट्टी व पौधे एकत्रित किए हैं। देश भर से मिट्टी केे 7500 कलशों में लाई गई मिट्टी से दिल्ली में अमृत वाटिका का निर्माण होगा। पौधों को शहीद वाटिका में लगाया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा में शहीदों के बलिदान से अवगत करवाया जा सके। शुक्ल ने कहा कि देशहित सर्वोपरि है। समाज के प्रत्येक वर्ग का कर्त्तव्य है कि वह देश की रक्षा में तैनात सैनिकों का सम्मान करे। उन्होंने बर्फीले व कठिन क्षेत्रों में देश की सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवानों द्वारा दी जा रही सेवाओं के लिए उनका आभार प्रकट किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेश के सभी गांवों, शहरी निकायों तथा आईटीबीपी के जवानों द्वारा प्रदेश के विभिन्न 10 दर्रों से एकत्रित मिट्टी के कलशों को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया। उन्होंने दिल्ली जाने वाले नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों को दिल्ली रवाना करते हुए कहा कि वे हिमाचल प्रदेश के गौरव को बनाये रखने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वे याद रखें कि उनका सम्बन्ध ऐसे प्रदेश से है जिसे मेजर सोमनाथ की शहादत पर देश के पहले परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को भारत को विकसित देश बनाने में अपनी सहभागिता दर्ज करवाने की शपथ भी दिलवाई। निदेशक नेहरू युवा केंद्र ईरा प्रभात ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा प्रदेश में नेहरू युवा केंद्र की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा दिया। कमांडैंट केंद्रीय सीमा सुरक्षा बल केदार रावत ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप, सचिव, शिक्षा राकेश कंवर, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा तथा डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति राजेश्वर चंदेल भी उपस्थित थे।
करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड केस में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने हमीरपुर जिले में विभिन्न 21 ठिकानों पर दबिश दी है। एसआईटी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, बैंक डिटेल समेत अन्य संपत्तियों की जांच की है। अधिकारी रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। पुलिस विभाग और वन विभाग में सेवारत कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से भी पूछताछ की है। भोलेभाले लोगों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर क्रिप्टो करेंसी में आरोपियों ने निवेश करवाया था। आरोपियों के पास आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां देखकर एसआईटी भी हैरान है।
-पूर्व सैनिकों को बुढ़ापा पेंशन के लिए 35 हजार रुपये की आय सीमा समाप्त -365 शौर्य पुरस्कार और उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार विजेताओं को 74 लाख रुपये वितरित हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी कहा जाता है। प्रदेश से हजारों युवा देश की सरहदों की रक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए तत्पर रहते हैं। वीर सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार ने युद्ध अथवा सैन्य ऑपरेशन के समय हुए शहीद या दिव्यांग सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि की दरों में सम्मानजनक वृद्धि की है। युद्ध या युद्ध जैसी परिस्थितियों में शहीद सैनिक, जिनमें सशस्त्र सेना व अर्द्धसैनिक बलों के जवान शामिल हैं, उन्हें पूर्व में प्रदत्त 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 30 लाख रुपये किया गया है। इसी प्रकार बीमारी या किन्हीं अन्य कारणों से मृत्यु की स्थिति में सैनिक के आश्रितों को प्रदत्त अनुग्रह राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये किया गया है। 50 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले सैनिक जो इस कारण सेवानिवृत्त हुए हों, उन्हें दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.75 लाख रुपये किया गया है। 50 प्रतिशत से कम की दिव्यांगता वाले सैनिक जो इन्हीं कारणों से सेवानिवृत्त हुए हों, उन्हें पूर्व में प्रदत्त एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये किया गया है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान अभी तक 22 लाभार्थियों को 2 करोड़ 22 लाख रुपये की अनुग्रह राशि वितरित की गई है। प्रदेश सरकार विभिन्न शौर्य पुरस्कारों से सम्मानित भूतपूर्व सैनिकों को उनकी बहादुरी के सम्मान में नकद पुरस्कार, वार्षिकी व भूमि की एवज़ में नकद राशि प्रदान करती है। शौर्य पुरस्कार और उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार विजेताओं को यह राशि प्रदान की जा रही है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक 365 लाभार्थियों को 73,93,975 रुपये की राशि वितरित की गई है। पूर्व सैनिकों के पुनरुत्थान व पुनर्वास के लिए भी विशेष निधि के तहत विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पूर्व सैनिकों एवं उनके बच्चों को विशेष निधि के अन्तर्गत विभिन्न छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही हैं। इसके लिए वार्षिक आय की अधिकतम सीमा 7 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह छात्रवृत्तियां स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, बहुतकनीकी व कृषि विश्वविद्यालय, मेडिकल व इंजीनियरिंग तथा आयुर्वेद जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम सहित आईटीआई व अन्य ऐसे ही पाठ्यक्रमों के लिए प्रदान की जाती हैं। प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार में 15 प्रतिशत आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है। पद के लिए पात्रता और योग्यता अनुसार पूर्व सैनिक उपलब्ध नहीं होने पर अधिसूचना के 2 वर्ष बाद ऐसे पदों का अप्राप्यता प्रमाण पत्र संबंधित विभाग को दिया जाता है। इसके उपरांत संबंधित विभाग द्वारा नियमावली के अनुसार इन पदों पर पूर्व सैनिकों के बच्चोंं की नियुक्ति की जाती है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष अभी तक 300 पूर्व सैनिकों अथवा उनके आश्रितों को नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा युद्ध विधवाओं की पुत्री की शादी के लिए 50 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता केवल दो पुत्रियों के लिए लागू है। ऐसे भूतपूर्व सैनिक जिन्हें किसी प्रकार की पेंशन नहीं मिलती तथा जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है, इस श्रेणी के भूतपूर्व सैनिकों अथवा उनकी विधवाओं को 3000 रुपये प्रतिमाह तथा द्वितीय विश्व युद्ध के भूतपूर्व सैनिकों अथवा उनकी विधवाओं को क्रमश: 10000 व 5000 रुपये प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन बतौर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष में अभी तक 1162 लाभार्थियों को एक करोड़ 48 लाख 34 हजार 969 रुपये के लाभ प्रदान किए गए हैं। वर्तमान सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए 35 हजार रुपये की आय सीमा को भी 2 सितंबर, 2023 से समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि हमारे वीर सैनिक देश की सरहदों को सुरक्षित रखने में अपना सर्वस्व बलिदान करने के लिए तत्पर रहते हैं। इसी कारण हम सभी स्वयं को सुरक्षित महसूस कर पाते हैं। प्रदेश सरकार इन वीर जवानों, पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने का प्रावधान अपने प्रथम बजट में ही किया है।
-प्रदेश सचिवालय में भी गैर फॉर्मल कपड़े पहनने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई -प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने जारी किया सर्कुलर प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके अनुसार हिमाचल प्रदेश सचिवालय समेत सरकारी दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी अगर जीन, टी-शर्ट या अन्य गैर फॉर्मल कपड़े पहनकर आए तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। प्रदेश हाईकोर्ट और अन्य अदालतों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को फॉर्मल ड्रेस पहनकर ही जाना होगा। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी पहन कर ही कार्यालय में आना होगा। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने वर्ष 2017 में इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। उसके बाद कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को दिशा-निर्देश तैयार कर जारी किए थे, जिसमें ड्रेस कोड के बारे में जानकारी दी थी। इसमें स्पष्ट किया था कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी उपयुक्त, औपचारिक, साफ और अच्छे दिखने वाले और सही रंग के कपड़े पहनकर ही सरकारी दफ्तर में आएंगे। वे उच्च न्यायालय या अन्य अदालतों में उपस्थित होते हुए भी फॉर्मल और सही तरीके के कपड़े पहनेंगे। इस सर्कुलर के अनुसार हालांकि यह ध्यान में आया है कि इन निर्देशों की ठीक से अनुपालना नहीं की जा रही है। यही नहीं, प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी सही कपड़ों में नहीं पहुंच रहे हैं। उनके लिए पहले से ही वर्दी तय है। अधिकारियों और कर्मचारियों के कपड़े पहनने का अंदाज कार्यालय की व्यावसायिकता, गंभीरता और अनुशासन की शैली को भी प्रदर्शित करता है। ऐसे में राज्य सचिवालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी इन निर्देशों की अनुपालना करें। अगर इस संबंध में किसी भी तरह की कोताही बरती जाती है तो ऐसे में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंडक्ट रूल्स में प्रावधान होने की भी बात की गई। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में केवल वही वर्दी नहीं पहनेंगे, जिन्हें इससे पहले अनिवार्य नहीं किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुरने कुल्लू में पीटीआई की महिला पत्रकार के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक घटना है। लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहा जाता है। पत्रकार अपने समाचार संकलन के लिए स्वतंत्र हैं। ऐसे में एक महिला पत्रकार से किसी भी तरह का दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
-पंचायत समिति सदस्य प्रशिक्षण वर्ग में बोले पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष -कहा, केंद्र सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाए कार्यकर्ता, कोई भी न रह जाए अछूता शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देश के लोकतंत्र में पंचायत की इकाई सबसे महत्वपूर्ण है। पंचायत स्तर पर कार्यकर्ता एक-एक व्यक्ति से जुड़े और लोगों को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं के बारे में बताए। हर लाभार्थी तक केंद्र की योजनाएं पहुंचे, यह भी सुनिश्चित करना कार्यकर्ता की ज़िम्मेदारी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे देश के हर वर्ग का समुचित विकास हो सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है। सरकार बने एक साल होने को है और अब तक एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई है। प्रदेश में विकास के सारे कार्य ठप पड़े हैं। वह शिमला के ठियोग में पंचायत समिति सदस्य के प्रशिक्षण वर्ग में बोल रहे थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी का आधार होते हैं। बीजेपी आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी है। बीजेपी में सबसे ज़्यादा कार्यकर्ता हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली भारतीय जनता पार्टी में हर कार्यकर्ता को शीर्ष पर पहुंचने का अवसर मिलता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्ण समर्पण और अनुशासन के साथ जन-जन से जुड़कर पार्टी को मज़बूत करने के लिए काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर बूथ और हर पंचायत से बीजेपी को मज़बूत बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मज़बूत करना है। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में हर क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान के आदर्शों के साथ भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए उर्वरकों की कमी न हो इसलिए प्रधानमंत्री ने उर्वरकों पर 22 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा की सब्सिडी दी है। इसके अलावा किसानों को 'किसान सम्मान निधिÓ, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, आयुष्मान, स्वच्छ भारत मिशन, जैसी दर्जनों जनहित की योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है। चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के लोगों से झूठ बोला। सरकार बन जाने के बाद एक भी वादे को पूरा नहीं किया। चुनाव के समय हर नेता कांग्रेस की दस गारंटियों की बात करते थे लेकिन सरकार बन जाने के बाद सभी नेता गारंटियों का नाम ही नहीं ले रहे हैं। वह भूल गए हैं कि इस तरह से काम नहीं चलेगा। प्रदेश के लोग लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के इस झूठ का जवाब देने के लिए तैयार है।
-17 आईटीआई में आधुनिक व प्रासंगिक व्यवसायों की 19 इकाइयां शुरू -विभिन्न औद्योगिक इकाईयों में 2069 प्रशिक्षणार्थियों को मिला रोजगार बदलते परिवेश के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव आया है। सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग से इस क्षेत्र से संबंधित नए पाठ्यक्रम शुरू करना समय की मांग है। वर्तमान प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि आधुनिक व भविष्योन्मुखी विषयों से संबंधित शिक्षा से युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी और उनकी ऊर्जा का भी बेहतर दोहन किया जा सकता है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मैक्ट्रोनिक्स, सौर टैक्निशियन तथा इलैक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक जैसे नए क्षेत्रों में रोजगार व स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों में युवाओं को शिक्षित व प्रशिक्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य के 17 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक प्रासंगिक व्यवसायों की 19 इकाइयां शुरू की गई हैं। इनमें आईटीआई रैल, ऊना, पालमपुर, शाहपुर और नगरोटा बगवां में इंटरनेट ऑफ थिंग्स टैक्निशियन (स्मार्ट सिटी) विषय शुरू किया गया है। इसी प्रकार आईटीआई रैल, पंडोगा, नाहन, गरनोटा और प्रगतिनगर में मैकेनिक इलैक्ट्रिकल व्हीकल, आईटीआई घुमारवीं एवं अर्की में फाइबर टू होम टैक्निशियन, आईटीआई सुन्नी व शाहपुर में टैक्निशियन मैट्रोनिक्स, आईटीआई जुब्बल, सुन्दरनगर (पीडब्ल्यूडी), शमशी और बालकरूपी में सौर टैक्निशियन (इलैक्ट्रिकल) तथा आईटीआई नालागढ़ में मैंटेनेंस मैकेनिक (रसायनिक संयंत्र) की इकाइयां शुरू की गई हैं। प्रदेश सरकार हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए विद्युत चालित वाहनों के अधिकाधिक उपयोग तथा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इस तरह के नए पाठ्यक्रम शुरू होने से इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ व प्रशिक्षित मानव संसाधन प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगा। महाविद्यालय स्तर पर भी नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। राजकीय हाईड्रो इंजीनियरिंग महाविद्यालय बंदला में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डाटा साइंस), राजकीय बहुतकनीकी संस्थान रोहड़ू में कंप्यूटर इंजीनियंरिग एवं आइईओटी डिप्लोमा कोर्स तथा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान चम्बा में मैक्ट्रोनिक्स डिप्लोमा कोर्स शैक्षणिक सत्र 2023-24 से आरंभ कर दिए गए हैं। इनमें लगभग शत-प्रतिशत प्रवेश दर्ज हुआ है। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रगतिनगर में इलैक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कोर्स इसी शैक्षणिक सत्र से आरंभ किया गया है। युवाओं के सर्वांगीण विकास के दृष्टिगत विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं भी सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ मिलकर उन्हें शैक्षणिक आदान-प्रदान का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है। राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों के 38 बच्चों तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों व बहुतकनीकी संस्थानों के 20 संकाय को आईआईटी मंडी में एक सप्ताह का रोबोटिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के 20 संकाय को सेमीकंडक्टर इको सिस्टम के लिए आईआईटी रोपड़ एवं दिल्ली भेजा गया है। राजकीय बहुतकनीकी एवं इंजीनियरिंग के 10 संकाय एवं 10 छात्र-छात्राओं को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना में पांच दिन के मशीन लर्निंग एवं एप्लीकेशन में आधुनिक विकास कोर्स के लिए भेजा गया। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 44 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति किया गया है। पाठ्यक्रम पूरा होने के उपरांत युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों, फार्मेसी महाविद्यालयों, बहुतकनीकी और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से लगभग 2069 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न औद्योगिक इकाईयों में रोजगार मेले, कैंपस साक्षात्कार व संयुक्त कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश के युवा ऊर्जा एवं उत्साह से भरपूर हैं और उन्हें भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रमों से जोड़ते हुए पारंगत करने की आवश्यकता है। इससे वे स्वयं तो रोजगार व स्वरोजगार प्राप्त कर ही सकते हैं, वहीं प्रदेश के तीव्र विकास में भी अपना उल्लेखनीय योगदान देने की लिए सक्षम बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री नई दिल्ली एम्स में भर्ती, स्वास्थ्य स्थिति बेहतर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में कुछ परीक्षणों के लिए शुक्रवार सुबह नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती करवाया गया है। विभाग के डॉक्टरों की टीम ने उनके परीक्षण शुरू कर दिए हैं। इस प्रक्रिया में लगभग दो से तीन दिन लग सकते हैं। मुख्यमंत्री की सेहत पहले से बेहतर है, चिंता की कोई बात नहीं है। वह डॉक्टरों की टीम की निगरानी में हैं। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की रिपोर्ट सामान्य हैं। मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य स्थिर है। उन्हें उचित आराम की जरूरत है, जिससे वह और तेजी से ठीक होंगे। आईजीएमसी शिमला के डॉक्टरों की सलाह पर मुख्यमंत्री को एम्स में भर्ती करवाया गया है।
प्रदेश में नियोजित एवं विनियमित विकास के दृष्टिगत राज्य सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के सशक्त नेतृत्व में ठोस कदम उठा रही है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन के अंतर्गत नियमों में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। साथ ही नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत इसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश के योजना क्षेत्रों के विनियमित विकास तथा लोगों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ कार्य करते हुए सरकार ने इस दिशा में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के वेब पोर्टल को ऑटो डीसीआर (विकास नियंत्रण विनियम) क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है। इससे योजना अनुमति के लिए प्रस्तुत नक्शों की कम्प्यूटरीकृत स्कैनिंग हो सकेगी। ऑटो डीसीआर एकमुश्त रिपोर्ट भी तैयार करेगा। आवेदक से संबंधित कमियों को जान सकेंगे और इनमें सुधार भी कर सकेंगे। इस वेब पोर्टल को ऑटो डीसीआर क्षमता के साथ विकसित करने का कार्य शीघ्र ही पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित गया है। इसमें पंजीकृत निजी पेशेवरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया, 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्डों पर आवासीय उपयोग के लिए विकास अनुमति देने का कार्य भी शामिल है। सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में आवेदकों के आवागमन को सीमित करने के दृष्टिगत पंजीकृत निजी पेशेवरों के लिए अधिसूचित मानक संचालन प्रक्रिया जल्द ही विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में शामिल करने के पश्चात शुरू कर दी जाएगी। यह केवल 500 वर्गमीटर के भू-खण्डों के आवासीय उपयोग के लिए सभी अधिसूचित योजना व विशेष क्षेत्रों तथा शहरी स्थानीय निकायों में विकास की अनुमति के लिए मान्य होगी। प्रदेश में फोरलेन के आसपास नियोजित एवं विनियमित विकास के दृष्टिगत फोरलेन योजना क्षेत्र का गठन भी किया गया है। फोरलेन योजना क्षेत्र में परवाणू-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग, किरतपुर-मनाली, शिमला-मटौर तथा पठानकोट-मण्डी राजमार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अटल सुरंग के उत्तरी पोर्टल में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम-1977 के प्रावधान लागू किए गए हैं। इससे सुरंग के संचालन के कारण संभावित अनाधिकृत और अनियोजित विकास गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत पहुंचाने के दृष्टिगत एटिक के आवासीय उपयोग का भी प्रावधान किया है। इस संशोधन से भवनों के भीतर उपलब्ध स्थान में प्रभावी रूप से बढ़ोतरी होगी। साथ ही अतिरिक्त मंजिलें बनाने में लोगों को बड़े पैमाने पर लाभ भी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों पर भविष्य में भवनों की जल निकासी प्रणाली की जांच तथा इमारतों के संरचनात्मक डिजाइन के बारे में विभाग एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इससे बरसात के दौरान राज्य में भारी बारिश के कारण सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को होने वाले नुकसान को नियंत्रित एवं सीमित करने में सहायता मिल सकेगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में आयोजित गरिमापूर्ण समारोह में डा. अंजू शर्मा को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उपस्थित थीं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक केवल सिंह पठानिया और मलेंद्र राजन, हिमाचल लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ठाकुर, लोकायुक्त न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बारोवालिया, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, हिमाचल लोक सेवा आयोग की सदस्य डा. रचना गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव बागवानी राकेश कंवर, निदेशक पर्यटन अमित कश्यप, हिमाचल लोक सेवा आयोग के सचिव डी.के. रतन, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने कार्यवाही का संचालन किया।
बाघीकी बेटी श्रुति रोहटा की एक और वेब सीरीज बहुत जल्दी बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाली है। बॉलीवुड फिल्म धक धक में बॉलीवुड स्टार्स दिया मिर्ज़ा, फातिमा सना शेख और रत्ना पाठक शाह जैसे कलाकारों के साथ अभिनय कर चुकी है। बता दें कि श्रुति रोहटा बागी कोटखाई शिमला की रहने वाली है, वो पिछले 10 सालों से शिमला रंगमंच में बतौर अभिनेत्री सक्रिय है। हाल ही में रिलीज बॉलीवुड फिल्म धक धक में श्रुति एक पुलिस वाली का किरदार निभा रही है उनके अभिनय के लिए उन्हें बहुत सराहा जा रहा है। इससे पहले भी श्रुति वेब सीरीज और शार्ट फिल्म्स में काम कर चुकी है।
कांग्रेस पार्टी ने झूठ बोलकर प्रदेश में सरकार बनाई है और अब झूठ का ही सहारा लेकर आगे सरकार चलाना चाहती है। मुख्यमंत्री हर रोज़ नया झूठ बोलते हैं। ये ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। नेता प्रतिपक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सराज विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान सराज के थाची में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस सरकार की नींव ही झूठ का सहारा लेकर रखी गई हों वो ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। पूरे प्रदेश में जनता के बीच एक अविश्वास का वातावरण बना हुआ है। कांग्रेस ने माताओं-बहनों को ठगने का काम किया जो बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता पाने के लिए कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये देने की गारंटी दी थी लेकिन अभी तक इस गारंटी पर कोई भी काम नहीं किया गया। कहा था कि गांव का दूध सौ रुपए लीटर सरकार खरीदेगी क्या आपका दूध खरीदने आया कोई। कहा था दो रूपए के हिसाब के सरकार गोबर खरीदेगी क्या गोबर बिका क्या। कहा था किसान और बागवान ही फलों और सब्ज़ियों के दाम तय करेंगे क्या ऐसा हुआ क्या। हां, इतना जरूर है कि कांग्रेस सरकार हजारों करोड़ों का ऋण जरूर ले रही है लेकिन विकास कार्य ठप्प पड़े हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता में आते ही हमारे खोले संस्थानों को बंद करने का काम इस सरकार ने किया है। मेरे से पहले भी वीरभद्र सिंह जी और धूमल जी की सरकारें रहीं उन्होंने कभी एक दूसरे के संस्थान तो बंद नहीं किए। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मदद से आप आपदा में प्रभावितों को वित्तीय मदद कर पा रहे हैं। जो सरकार दे रही है वो एक-एक पाई केंद्र से मिल रही है। आपने सिर्फ झूठ बोलकर एक राहत पैकेज बनाकर ऐसे परोसा जैसे कि ये सब आपकी सरकार दे रही है जबकि हकीकत ये है कि करीब 11 हज़ार आवास बनाने के लिए पैसा केंद्र ने जारी किया है और 825 करोड़ रुपए आपदा प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने भेजे। इसके अलावा मुख्य सड़कों का रखरखाब और निर्माण के लिए पैसे केंद्र से ही मिल रहे हैं जबकि सुक्खू सरकार के पास सड़कों पर गिरा मलबा हटाने तक के लिए पैसा नहीं है। आज राष्ट्रीय उच्च मार्ग और फोरलेन तेज़ी से बहाल हो रहे हैं जिसमें सारा पैसा केंद्र से आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र से वित्तीय मदद हासिल हुई तो उसके बाद मुख्यमंत्री घोषणा करने लायक बने। उन्होंने वीरवार को सराज के सोमगाड़ पंचायत के जैहरा में कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ भाजपा मंडलाध्यक्ष भागीरथ शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रोटरी क्लब शिमला ने अपने रोटरी शिमला चाइल्ड हार्टलाइन प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस परियोजना के तहत 16 साल की उम्र तक सभी बच्चे जिनके पास किसी भी प्रकार की हृदय समस्या है और किसी भी सरकार की चिकित्सा योजना के तहत शामिल नहीं हैं, उनका रोटरी क्लब शिमला मुफ्त सर्जरी करवाएगा। यह आरटीएन अमित पाल सूद के राष्ट्रपति रोटरी क्लब शिमला द्वारा सूचित किया गया था। उन्होंने कहा कि आरटीएन डॉ सुधीर मेहता प्रोफेसर एंड हेड सीवीटीएस आईजीएमसी इस परियोजना के अध्यक्ष होंगे। प्रथम हृदय सर्जरी को आरटीएन डॉ. सुधीर मेहता और आईजीएमसी शिमला में सीटीवीएस में उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। किशोर साई नाम के एक लड़के के लिए सर्जरी की गई है, जो दिल में 23 मिमी छेद के साथ पता चला था। सर्जरी सफल रही और आज 25 अक्तूूबर को उन्हें आईजीएमसी शिमला से छुट्टी दी गई है ऑपरेशन का भुगतान लड़के के पिता को दिया गया था। इसके अलावा लड़के के लिए मेडिसन भी रोटरी शिमला द्वारा खरीदा गया है और लड़के के परिवार को दिया गया है। बता दें कि किसी भी प्रकार के बच्चे जो दिल की समस्या रखते हैं और वित्तीय बाधाओं के कारण इलाज नहीं कर पा रहे हैं तो रोटरी क्लब शिमला को सूचित कर सकते हैं, जो इलाज के लिए अपने स्तर का सर्वोत्तम प्रयास करेंगे।
अब हाटी विकास मंच ने की जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात संशोधित अनुसूचित जनजाति कानून को लागू न करने पर जताया रोष 3 महीने बीतने को आए हैं, लेकिन हिमाचल में हाटी समुदाय से जुड़े संशोधित अनुसूचित जनजाति कानून का राज्य सरकार क्रियान्वयन नहीं कर रही है। अब हाटी समुदाय के लोगों के सब्र का बांध टूट रहा है। उनमें भारी रोष पनप रहा है। इसी संबंध में हाटियों के हितों की हर फ्रंट से आवाज उठाने वाले संगठन हाटी विकास मंच ने प्रदीप सिंगटा और डॉक्टर रमेश सिंगटा की अगुवाई में शिमला में जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मंत्री को पूरे मामले के सभी पहलुओं से अवगत करवाया। मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि जैसे ही केंद्र सरकार से मांगी गई सूचना की फाइल राज्य में पहुंचेगी संशोधित एसटी कानून को लागू कर दिया जाएगा। फाइल शिमला पहुंचते ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। हाटी विकास मंच ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मुद्दे को अटकाने, लटकाने और भटकाने से काम नहीं चलेगा। अगर बेवजह और देरी की तो लोग विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरेंगे। उस हालात के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। मंत्री ने कहा कि अगर जल्द जनजातीय मामलों के मंत्रालय से स्पष्टीकरण नहीं आया तो वह रिमाइंडर भेजेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ बिंदुओं पर केंद्रीय मंत्रालय से सूचना मांगी गई है। उन्होंने माना कि सूचना आने में देरी हुई है। मंच ने मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें कहा गया है कि कानून बनते ही उन्होंने सबसे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्य सचिव, प्रधान सचिव जनजातीय विकास, सहित कई अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाया था। इसी मुद्दे पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से भी मुलाकात की गई थी। प्रतिनिधि मंडल में प्रदीप सिंगटा, डॉक्टर रमेश सिंगटा, मदन तोमर, सुरेश सिंगटा, खजान ठाकुर, हाटी मुकेश ठाकुर, लाल सिंह शंकवान, कर्म सिंह ठाकुर, प्रदीप चौहान अंजवाल, नितेश पंवार, शोभित सिंगटा, अनिल ठाकुर, अमन आदि शामिल रहे। मुलाकात का दौर खत्म अब आंदोलन की तैयारी हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार से मुलाकातों का दौर अब समाप्त हो गया है। इसके बाद आंदोलन की तैयारी की जाएगी। मंच ने राज्य सरकार से फिर आग्रह किया है कि केंद्रीय कानून को बेवजह न लटकाए अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। विनम्रता को ना समझी जाए कमजोरी मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि हाटी समुदाय के लोगों की विनम्रता को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने कहा कि कानून लागू न होने से छात्रों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसटी सर्टिफिकेट न मिलने से छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है।
कहा, सत्ता हथियाने के लिए लिया झूठ का सहारा, अब मुझे ही करते हैं रोज याद सत्ता हथियाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने हमेशा झूठ का सहारा लिया है। हिमाचल में भी इस बार कांग्रेस ने झूठी गारंटियां दी और सरकार बनते ही विकास करने के बजाय बदले की भावना से काम किया और 10 महीनों में ही हजारों कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। इस निक्कमी सरकार ने मात्र 10 महीने में ही 10 हजार करोड़ रुपये का ऋण ले लिया, लेकिन एक भी विकास कार्य नहीं किया। ये आरोप सरकाघाट के बलद्वाड़ा में लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर पलटवार किया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू को सोते जागते मेरी ही याद आ रही है। सार्वजनिक मंच से बात कहते हुए उन्हें शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और शालीनता से अपनी बात रखनी चाहिए। मेरे से सवाल पूछने के बजाय पहले मुख्यमंत्री सुक्खू यह बताएं कि मंडी की जनता के लिए उन्होंने इन 11 महीनों में किया ही क्या है। सुक्खू को शायद पहले मालूम नहीं है कि सोमवार को जिस पड्डल मैदान में उन्होंने राहत वितरण कार्यक्रम किया उन्होंने कहा कि जहां से मुख्यमंत्री खड़े होकर कह रहे थे उसके बगल में प्रदेश का दूसरा विश्वविद्यालय भाजपा ने स्थापित किया था। यहीं पर 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वल्लभ महाविद्यालय के भवन का निर्माण कार्य शुरु किया था। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर जिस हेलीपोर्ट पर उतरा था, वह अब भाजपा ने बनाया था। हेलीपोर्ट से कुछ दूरी पर डेढ़ सौ करोड़ की लागत से शिवधाम का काम भाजपा सरकार के समय शुरु हुआ था। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बंद करने की साजिश रची जा रही है। वल्लभ महाविद्यालय व शिवधाम का काम बंद करवाना सुक्खू सरकार की बड़ी उपलब्धि रही है। सुक्खू यह कह कर रहे हैं कि जयराम ने मंडी के लिए कुछ नहीं किया,अगर कुछ नहीं किया होता तो मंडी की जनता विधानसभा चुनाव में 10 से नौ सीटें नहीं देती। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि यह सुक्खू की किस्मत है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी थोड़े से वोटों के अंतर से जीत गई और वह मुख्यमंत्री बन गए। मगर यह दौर ज्यादा लंबा चलने वाला नहीं हैं। आने वाला समय कठिन होगा। बेहतर होगा कि सुक्खू व्यक्तिगत छींटाकशी कर आरोप लगाने के बजाय प्रदेश के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करें। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री धर्मपुर पहुंचे और यहां पूर्व मंत्री एवम भाजपा नेता महेंद्र सिंह ठाकुर के नव गृह प्रवेश कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान पूर्व मंत्री राजिंदर गर्ग, भाजपा के विधायक राकेश जंबाल, दलीप ठाकुर, दीप राज़, इंद्र सिंह गांधी, पूर्ण चंद ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पुनर्वास योजना के तहत भारी बारिश एवं भूस्खलन से आई आपदा से प्रभावित जिला बिलासपुर के 1162 परिवारों को 8.97 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि वितरित की। उन्होंने जिला बिलासपुर में आपदा के दौरान जिन 94 प्रभावित परिवारों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पहली किश्त के रूप में 3-3 लाख रुपये प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर सदर विकास खंड के अंतर्गत 404 परिवारों को 3.93 करोड़, घुमारवीं विकास खंड के अंतर्गत 532 आपदा प्रभावित परिवारों को 4.55 करोड़ रुपये, झंडूता विकास खंड के तहत 198 आपदा प्रभावित परिवारों को 1.21 करोड़ रुपये तथा स्वारघाट विकास खंड के अंतर्गत 28 आपदा प्रभावित परिवारों को 19.10 लाख रुपये जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर जिला के विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। यहां के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए गोविंद सागर झील में जल क्रीड़ाओं से संबंधित गतिविधियां शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लिए 100 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना का शिलान्यास जल्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल के अधिकारों को वापस दिलाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से बीबीएमबी की बिजली परियोजनाओं में हिमाचल को 12 प्रतिशत रॉयल्टी दिलाने में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंनें कहा कि भाखड़ा बांध विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। इस अवसर पर सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के 20 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। इससे पहले उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और जिला बिलासपुर में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अंजना धीमान, कांग्रेस नेता विवेक कुमार नगर परिषद अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप सहित, जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव-2023 के दौरान आयोजित की जाएगी प्रतियोगिता राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव में मिस-किन्नौर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता 30 अक्तूबर से 2 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त एवं अध्यक्ष मेला समिति किन्नौर तोरूल रवीश ने दी। उन्होंने बताया कि मिस-किन्नौर प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागी की उम्र 15 से 25 साल तक होनी चाहिए। प्रतिभागी की ऊंचाई 5 फीट 5 इंच व प्रतिभागी बोनेफाईड हिमाचली होनी चाहिए। इसके अलावा प्रतिभागी अविवाहित होनी चाहिए। यह प्रतियोगिता नि:शुल्क रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के लिए आवेदन देने की अंतिम तिथि 28 अक्तूबर निर्धारित की गई है। प्रतिभागी को आवेदन प्राचार्य ठाकुर सेन नेगी महाविद्यालय रिकांगपिओ के कार्यालय में आकर जमा करवाना होगा। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से आवेदन दिया जा सकता है, इसके लिए प्रतिभागी negijanak@gmail.com ई-मेल के माध्यम से आवेदन दे सकता है। इसके अलावा किसी भी जानकारी के लिए 70189-03118 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
हिमाचल युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यदोपति ठाकुर को मध्य प्रदेश चुनाव में अहम जिम्मेदारी मिली है। यदोपति को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी संजय दत ने राष्ट्रीय महासचिव व मध्य प्रदेश के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की स्वीकृति से जिला झावूआ का प्रभारी नियुक्त किया है। गौरतलब है कि यदोपति ठाकुर इससे पहले हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब सहित कई राज्यों में चुनाव प्रचार का काम कर चुके हैं। यदोपती ठाकुर हिमाचल से एक मात्र युवा हैं जिन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने यह जिम्मेवारी सौंपी है। यदोपति ठाकुर पिछले 18 वर्षों से विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह कर कांग्रेस पार्टी के लिए कार्य कर रहें है। वहीं, यदोपति ठाकुर ने अपनी नियुक्ति के लिये राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला व राष्ट्रीय सचिव संजय दत सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया है।
उत्सव में कुल्लू जिला के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 300 देवी-देवता ले रहे भाग राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज कुल्लू के रथ मैदान में सप्ताह भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने भगवान श्री रघुनाथ जी की रथयात्रा में भी भाग लिया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित थीं। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य की असत्य पर जीत का परिचायक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति बहुत समृद्ध व अद्वितीय है, जिसकी विश्वभर में अलग पहचान है। प्रदेश में वर्ष भर आयोजित होने वाले मेले और त्यौहार यहां के लोगों की समृद्ध परम्पराओं और धार्मिक आस्था को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रदेश के लोगों ने यहां की समृद्ध संस्कृति, रीति-रिवाज़ तथा परंपराओं को संजोकर रखा है, जिसके लिए यहां के लोग प्रशंसा के पात्र हैं। राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि की पवित्रता नशे के कारण धूमिल हो रही है। नशा घर-घर तक पहुंच रहा है। देवभूमि हिमाचल में नशे का कोई स्थान नहीं है। प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को संजोए रखने के लिए हमें नशे के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, जिसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना होगा। इसके उपरांत, राज्यपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड, निगमों व अन्य गैर-सरकारी संस्थानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया और स्टालों पर जाकर विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया। इस उत्सव में जिला कुल्लू के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 300 देवी-देवता भाग ले रहे हंै। इससे पहले, राज्यपाल ने कुल्लू के प्रसिद्ध लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में अंतरराष्ट्रीय लोकनृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा-2023 का शुभारंभ भी किया। इससे पहले, राज्यपाल का भुंतर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय करोल, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, सांसद प्रतिभा सिंह, विधायक रवि ठाकुर, भुवनेश्वर गौड़, सुरेंद्र शौरी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा तथा जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज दशहरे के शुभ अवसर पर श्री हनुमान मंदिर जाखू में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर भी उपस्थित थीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन भी किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, नगर निगम शिमला के पार्षदगण, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित कई उपस्थित थे।
जयराम ठाकुर ने सभी प्रदेश वासियों को दी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों को विजय दशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विजय दशमी यह त्यौहार हर प्रकार की बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह हमें बताती है बुराई हमेशा पराजित होती है और अच्छाई हमेशा जीतती है। उन्होंने विजय दशमी के शुभ अवसर पर प्रदेश वासियों के सुख, समृद्धि और प्रसन्नता की प्रार्थना की।
ग्रीनबेरी संस्था ने दोनों विजेता टीमों को 31-31 हजार रुपये देकर किया सम्मानित ठियोग के नेहरू मैदान में महिलाओं के लिए विभिन्न तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें ग्रीनबेरी आरकेजी ग्रुप व ग्रीनबेरी वेल्फेययर फाउंडेशन के संस्थापक राजेश कुमार गुप्ता ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान राजेश गुप्ता ने महिलाओं के लिए रस्सा कस्सी व लोक नृत्य जैसी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए समस्त आयोजनकर्ताओं को सराहना की। रस्सा कस्सी में 14 टीमों ने हिस्सा लिया। इसमें कलिंडा मतियाना टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। इस दौरान कलिंडा मतियाना टीम को ग्रीनबेरी संस्था ने 31000 रुपये देकर सम्मानित किया। वहीं दूसरे स्थान पर रही शिव शक्ति मतियाना टीम को 15000 रुपये देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा लोक नृत्य प्रस्तुति प्रतियोगिता में 10 टीमों ने हिस्सा लिया और प्रथम पुरस्कार जीतने वाली शिव शक्ति मतियाना टीम को 31000 रुपये देकर सम्मानित किया गया। वहीं दूसरे स्थान पर रही मलेनडी की टीम को 15000 रुपये देकर नवाजा गया। राजेश गुप्ता ने बताया कि उनकी संस्था लगातार प्रयासरत है कि महिलाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहें। इस मौके पर संस्था के संस्थापक ने बीपीएल परिवार में जन्मी बेटी के माता-पिता को ग्रीनबेरी संस्था द्वारा करवाई गई एलआईसी भी सौंपी।
सीएम ने सुन्नी में 174 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को जिला शिमला के सुन्नी में तीन दिवसीय जिला स्तरीय दशहरा उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने दशहरा के उपलक्ष्य पर आए देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया और प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए सुक्खू ने सुन्नी अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तर तक करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी और इसे आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा। उन्होंने भविष्य में सुन्नी में एसडीएम कार्यालय खोलने तथा मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही मिनी सचिवालय का शिलान्यास भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शोघी में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का उपमंडल खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए अगले बजट में प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लिए 174 करोड़ रुपये की 18 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। उन्होंने जलोग में 4.69 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशक्षिण संस्थान भवन, सुन्नी में 3.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गृह रक्षा भवन और सुन्नी में 88 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय कोषागार भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 5.42 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली कढारघाट से पलग सेरीकाडी सड़क, 4.29 करोड़ रुपये की लागत से मंढोड़घाट से जमोग वाया भरगन सड़क, 5.14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली शमलोह-मंढोड़घाट-अणु सड़क, 11.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली शाननघाटी दाड़गी-सोहल-काटल सड़क, 12.60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली जलोग-गढेड़ी सड़क, 7.84 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बघार से जगेहड़ी सड़क, 10.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली खेल का चौरा से बागी सड़क, 12.22 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली रूरगा-गवाही-रंगोल सड़क तथा 6.66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली शड़ी से सनौला सड़क की आधारशिला रखी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बसंतपुर में 50.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बहुतकनीकी संस्थान, 25.16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सुन्नी जलापूर्ति योजना के विस्तार कार्य, 2.66 करोड़ रुपये की लागत से कोलडैम से शकरोरी, बसंतपुर, पाहल, न्योट उठाऊ सिंचाई योजना चरण-1 तथा इसी योजना के 4.14 करोड़ रुपये की लागत से चरण-2 के संवर्द्धन कार्य की आधारशिला रखी। उन्होंने 3.72 करोड़ रुपये की लागत निर्मित होने वाली उठाऊ सिंचाई योजना घैनी के विस्तार कार्य तथा 2.04 करोड़ रुपये की लागत से सनौला और नौटी खड्ड के मध्य बनी विभिन्न पुरानी कुहलों के सुधार कार्य की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मिशन मोड पर पुनर्वास के कार्य में जुटी है तथा आपदा के तीन माह के भीतर प्रभावितों को आर्थिक मदद दी जा रही है। कुल्लू तथा मंडी जिला के प्रभावित परिवारों को घर बनाने के लिए 3-3 लाख रुपए की पहली किश्त दी जा चुकी है और राज्य सरकार हर प्रभावित को राहत प्रदान करेगी। प्रदेश सरकार ने 12 हजार करोड़ रुपए के क्लेम केंद्र सरकार को भेजे हैं तथा यह धनराशि प्रदेश को शीघ्र जारी की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और उन्होंने स्वयं ग्राउंड जीरो पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी की, जिसके चलते राहत कार्यों में तेजी आई। कुल्लू में रिकॉर्ड 48 घंटों में बिजली, पानी, मोबाइल, सड़क सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गईं। इसके विपरीत भाजपा नेता राजनीतिक रोटियां सेंकने में व्यस्त रहे और त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने व विशेष राहत पैकेज की मांग पर जब विधानसभा में प्रस्ताव आया, तो भाजपा ने राज्य की जनता का साथ नहीं दिया। इस दौरान स्थानीय निवासी दिनेश चौहान ने आपदा राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को 51 हजार का चेक भेंट किया। इस अवसर पर शिमला ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा, नगर पंचायत सुन्नी के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, कांग्रेस नेता शामा देवी, प्रकाश कमल, प्रदीप वर्मा, चंद्रशेखर शर्मा, उपायुक्त आदित्य नेगी सहित कई उपस्थित रहे। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर दे रहे ध्यान सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य में अव्यवस्था को बढ़ावा दिया। बिना अध्यापकों व आधारभूत संरचना के 900 स्कूल और बिना चिकित्सकों के स्वास्थ्य संस्थान खोले गए। वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर ध्यान दे रही है। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राजीव गांधी राजकीय डे बोर्डिंग स्कूल खोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नीतियों में सुधार ला रही है, जिसका असर आने वाले दो-तीन वर्षों में दिखेगा। उन्होंने दोहराया कि हिमाचल प्रदेश आने वाले दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनकर उभरेगा। 40 वर्ष पहले सुन्नी में एक भाषण प्रतियोगिता में लिया था भाग मुख्यमंत्री ने कहा कि सुन्नी के लोगों के साथ उनका पुराना रिश्ता है। 40 वर्ष पूर्व वह सुन्नी में एक भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और इस संबंध में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की। भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश पर 75 हजार करोड़ का कर्ज: विक्रमादित्य लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। आपदा के दौरान प्रदेश में 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 3000 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने 4500 करोड़ रुपये का पैकेज दिया। उन्होंने दशहरा के पावन अवसर पर कामना की कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद से प्रदेश में शांति और समृद्ध आएगी। विक्रमादित्य सिंह ने विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सोमवार को धर्मशाला में भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने भेंट की। इस दौरान दोनों के मध्य क्रिकेट को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विराट कोहली को न्यूजीलैंड के खिलाफ धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में निर्णायक पारी खेलने के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्व कप में भारतीय टीम के विजय अभियान जारी रखने पर प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय टीम बेहतरीन फॉर्म में है। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया इस बार विश्व कप जीतने की प्रबल दावेदार है। हर भारतीय की भी कामना है कि भारतीय टीम एक बार फिर विश्व कप जीते। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, सह प्रभारी तेजिंद्र बिटटू, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा और विधायक सुधीर शर्मा भी उपस्थित थे।
अनुराग ठाकुर का जीवन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत : डॉ. सुकृत सागर आज पूरे प्रदेशभर में खासकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का जन्मदिवस भाजपा कार्यकर्ता धूमधाम से मना रहे हैं। इसी कड़ी में देहरा विधानसभा में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. सुकृत सागर के नेतृत्व में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, इसमें 56 लोगों ने रक्तदान किया। इस मौके पर डॉ सुकृत सागर ने कहा कि सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का जीवन मेरे जैसे असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि अनुराग साधना व तपस्या की तरह जीवन निर्वाहन कर दिनरात जनकल्याण में लगे हुए हैं। उनके कधों पर देश-प्रदेश की लाखों उम्मीदों का बोझ है। सुकृत ने कहा कि हम सभी ने अनुराग ठाकुर की लंबी आयु, स्वस्थ्य जीवन की कामना करते हुए इस रक्तदान शिविर का आयोजन किया है तथा रक्तदान किया है। इसमें भाजपा के जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि व भजपा मंडलाध्यक्ष निर्मल सिंह, पूर्व जिला महामंत्री अभिषेक पाधा व अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष कमलनयन डोगरा ने विशेष अतिथि के रुप में शिरकत की। इस मौके पर व्यापार मंडल हरिपुर के अध्यक्ष अतुल महाजन, संदीप शर्मा, योगेश रैना, विजेंदर गुलेरिया, हरपाल सिंह, डॉ अरविंद शर्मा, अंकुश वशिष्ठ, प्रवीन कुमार पिंका, सुदर्शन सिंह, कर्नेल सिंह, गुरवचन सिंह, रमेश, देसराज शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है तथा अनछुए पर्यटक स्थलों को सड़क सुविधा के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि पर्यटकों को आवाजाही की बेहतर सुविधा मिल सके। धर्मशाला के इंद्रूनाग टउ-चोला में 7.13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मैकलोडगंज-भागसूनाग-टउ चोला मार्ग के कार्य तथा 6.12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले हीरू दसालन-टमरू चोला मार्ग के कार्य का भूमि पूजन करने के उपरांत उन्होंने कहा कि इन मार्गों के निर्मित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल को आलौकिक सौंदर्य से नवाज़ा है और हिमाचल की मनभावन वादियां देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित करती हैं। कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए सरकार कारगर कदम उठा रही है। इस दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर, बनखंडी में जूलॉजिकल पार्क, नगरोटा बगवां में ओल्ड एज वेलनेस रिजॉर्ट एवं हाई एंड फाउंटेन, नरघोटा में प्रस्तावित टूरिज्म विलेज, आइस स्केटिंग तथा रोलर स्केटिंग रिंक, परागपुर में गोल्फ कोर्स मैदान, धर्मशाला में धौलाधार बायोडायवर्सिटी पार्क, पालमपुर के मैंझा में वैडिंग रिजॉर्ट, हेलीपोर्ट निर्माण जैसी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य शीघ्र शुरु किया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण वन क्षेत्रों में 11 ईकोे-पर्यटन स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें कांगड़ा जिला के पालमपुर वन मंडल में स्वार, सौरभ वन विहार, न्यूगल पार्क तथा बीड़-बिलिंग शामिल हैं। प्रत्येक ईकोे-पर्यटन स्थल एक हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। आउटसोर्सिंग के माध्यम से विकसित व संचालित किए जाने वाले इन स्थलों के लिए आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि ईकोे-पर्यटन को प्रोत्साहित करने से राज्य में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और राजस्व में भी इजाफा होगा तथा प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इससे पहले लांयस क्लब तथा रोटरी क्लब धर्मशाला की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में एक-एक लाख का चेक भी भेंट किए। इस अवसर पर विधायक सुधीर शर्मा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकर सुनील शर्मा, राज्य कृषि सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजय चौहान, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम में निदेशक पुनीत मल्ली, पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री और अन्य लोग उपस्थित थे।
-चुनाव न करवाकर कांग्रेस नगर निगम में रहने वाले लोगों को कर रही है परेशान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हर तरफ़ से तानाशाही की तरफ बढ़ती जा रही है। प्रदेश में नगर निगमों के मेयर और डिप्टी मेयर का ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो गया है लेकिन सरकार चुनाव नहीं करवा रही है।जिसके कारण बहुत से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आपदा राहत और पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कार्यक्रमों में बहुत देरी हो रही है। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वार नगर निगमों, नगर पंचायतों को जारी किए गए धन की आधि राशि वापस मांगने पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह बचकानी हरकत है। जो पैसे भेजे गये थे, उन पैसों से निर्धारित योजनाओं पर काम शुरू हो गए हैं। कुछ काम पूर्ण होने की कगार पर हैं ऐसे में वह धनराशि वापस कहां से आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आए दिन कोई न कोई ऐसा काम करती है जो सिफ़र् अपरिपक्वता से भरा हुआ और हास्यास्पद लगता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश भर में भारी नुक़सान हुआ है। इस नुक़सान से उबरने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं का सुचारू रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जब मेयर और डिप्टी मेयर जैसे अहम पदों पर कोई नहीं होगा तो राहत और पुनर्वास के काम प्रभावी तौर पर कैसे हो सकते हैं। मेयर किसी शहर का पहला नागरिक होता हैं।, उसके कार्यक्षेत्र में सभी प्रमुख कार्यों में उनकी अहम भूमिका होती है। जनता द्वारा चुने जाने के कारण जनता के पार्टी उनकी भी जवाब देही होती हैं। ऐसे में उन्हें कार्य न करने देना लोकतांत्रिक व्यस्था का अपमान हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार अपनी मनमानी बंद कर दे और तानाशाही वाली मानसिकता से बाहर आए। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की 4 नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव को सरकार जानबूझकर लटका रही है। प्रदेश सरकार ने सोलन, धर्मशाला, पालमपुर व मंडी नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के अढ़ाई वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने की अधिसूचना 12 अक्तूबर को ही जारी की थी। जिससे सोलन, धर्मशाला, पालमपुर व मंडी नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई बड़ा मतदान नहीं होना हैं। जिसमें बहुत वक़्त और संसाधनों की आवश्यकता होती हैं। बस सरकार जानबूझकर इस चुनाव को टाल रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार जल्दी से जल्दी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को संपन्न करवाए। उन्होंने कहा कि भले ही कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यस्था में वह झूठ बोलकर, झूठे वादे करके आई है लेकिन लोकतंत्र में तानाशाही चलाने की कोशिशें बहुत भारी पड़ेगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के 5 नगर निगम सहित 60 शहरी निकायों को 50 फीसदी ग्रांट इन एड सरकार द्वारा वापस मांग ली है। इससे त्रासदी के बाद पुनर्वास की योजनाएं बनाने में लगे शहरी निकायों की परेशानी बढ़ गई है। सरकार के निर्देश पर निदेशक शहरी विकास विभाग ने नगर निगम के आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी व नगर पंचायतों के सचिवों को पत्र लिखकर ग्रांट वापस करने के निर्देश दिए हैं। छठे राज्य वित्त आयोग द्वारा जुलाई माह में सभी शहरी निकायों को करीब 153.64 करोड़ रुपए की ग्रांट इन एड जारी की थी। अब इसमें से 76.82 करोड रुपए सरकार वापस मांग रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हैरानी की बात है कि इस पैसों से निर्धारित परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है ऐसे में नगर निगम और स्थानीय निकाय यह पैसे कहां से वापस करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के बचकाने कामों से बचना चाहिए।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में इस सरकार की पहली कॉलेज कांफ्रेंस राज्य सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में शनिवार को हुई। इसमें राज्य के सभी डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल मौजूद थे। कांफ्रेंस को सीपीएस एजुकेशन आशीष बुटेल और शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने भी संबोधित किया। इस कांफ्रेंस में सभी कालेज प्रिंसिपलों को शिक्षा की गुणवत्ता, रैंकिंग और प्लेसमेंट पर ध्यान देने को कहा गया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सभी कालेज प्रिंसिपलों से कहा कि उनके काम और परफॉर्मेंस के आधार पर अब कॉलेज की इंटरनल रैंकिंग भी होगी। यानी नैक ग्रेडिंग के अलावा एकेडमिक परफॉर्मेंस पर हिमाचल सरकार भी कॉलेज की रैंकिंग करेगी। राज्य में संजौली कॉलेज की तरह और कालेज ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा में जो बदलाव बताए गए हैं, उन पर कालेजों को जल्दी कदम उठाने के लिए कहा गया। इस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य डिग्री कॉलेज में करियर काउंसलिंग पर फोकस करना और प्लेसमेंट सेल को एक्टिवेट करना भी था। कांफ्रेंस में संजौली और हमीरपुर डिग्री कालेज ने नैक रैंकिंग को लेकर प्रेजेंटेशन दी। कई अन्य डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपलों ने उन्हें पेश आ रही समस्याओं की जानकारी भी कांफ्रेंस में रखी। इस बैठक के दौरान रूसा स्कीम और मुख्यमंत्री ऋण योजना इत्यादि पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गौरतलब है कि इससे पिछले दिन शिक्षा सचिव रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा विभाग और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के शिक्षा उपनिदेशकों तथा जिला प्लानिंग अफसर के साथ शिक्षा सचिव की बैठक बुलाई थी। इसमें शिक्षा मंत्री ने ऑनलाइन संबोधन किया था। इसके बाद फिर कॉलेज प्रिंसिपल कांफ्रेंस शनिवार को की गई।
हिमाचल प्रदेश के लोगों की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार ने सफेदा, पॉपलर, बांस की लकड़ी के साथ-साथ कुठ (औषधीय पौधे) को प्रदेश से बाहर ले जाने पर लगी रोक को हटा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए आज यहां कहा कि अब राज्य के लोग इन चार प्रजाति की लकड़ी को बिना परमिट के प्रदेश से बाहर ले जा सकते हैं। साथ ही इन प्रजाति की लकड़ी की ढुलाई राज्य के भीतर भी बिना अनुमति के हो पाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बहुत से किसान इन प्रजाति के पेड़ों को व्यवसायिक स्तर पर उगाते हैं, ऐसे में उनके हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने इन चार प्रजातियों पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार ने खैर की लकड़ी, कत्था, देवदार के तेल सहित प्रदेश में उगने वाली अन्य जड़ी-बूटियों को प्रदेश से बाहर ले जाने पर लगे प्रतिबंध को भी हटा दिया है। हालांकि इन वन उत्पादों को प्रदेश से बाहर ले जाने के लिए वन विभाग से परमिट लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन विभाग से विभिन्न प्रकार के ई-परमिट प्राप्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश में नेशनल ट्रान्ज़िट पास सिस्टम शुरू करने जा रही है। यह सिस्टम शुरू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का छठा राज्य होगा, जिसके शुरू होने से जहां लोगों को ई-परमिट प्राप्त करने में सुविधा होगी, वहीं विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को देश के आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को और बेहतर तरीके से चलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की आवश्यकता है। यह बात आज राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कोर्ट की 34वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। विश्वविद्यालय कोर्ट की बैठक में शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों के रिक्त पदों की भर्ती व अन्य विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि यह बैठक वर्ष में कम से कम दो बार आयोजित की जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय की समस्याओं व आवश्यकताओं पर शीघ्र चर्चा कर शिक्षण संस्थान व छात्रों के समग्र विकास एवं सुधार बारे कार्यवाही अमल में लाई जा सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट के सक्षम व अनुभवी सदस्यों के सहयोग से विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में उल्लेखनीय सुधार तथा विकास सुनिश्चित होगा। शुक्ल ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला को ए-ग्रेड प्रदान करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि सभी के योगदान व प्रयास से यह सफलता प्राप्त हुई है, लेकिन अभी बहुत परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को देश के विख्यात शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में लाने के लिए सभी के अथक प्रयास व सकारात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में अकादमिक और अनुसंधान के स्तर को ऊंचा उठाया जाना चाहिए। शिक्षण संस्थानों में सेवारत अध्यापक वर्ग का कर्तव्य है कि नई पीढ़ी को मात्र उपाधि धारक बना देने से अपना दायित्व पूरा न समझें बल्कि युवाओं में सामयिक चुनौतियों से निपटने के लिए साहस और क्षमता विकसित करना भी प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी अकादमिक और अनुसंधान गतिविधियों को इस प्रकार संचालित करना होगा ताकि आज का विद्यार्थी भविष्य में बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से निपटने में समर्थ हो सके। श्री शुक्ल ने कहा कि देवभूमि हिमाचल अपने नैसर्गिक सौंदर्य, ऐतिहासिक व धार्मिक पर्यटक स्थलों के रूप में विख्यात है, लेकिन इस वर्ष अत्यधिक बारिश से आई आपदा से हुई जान-माल की क्षति ने प्रदेशवासियों को भविष्य में पर्यावरण के प्रति सचेत रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी, प्रदूषण व असुरक्षित पर्यावरण जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति सभी वर्गों को समय रहते कारगर कदम उठाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर हमीरपुर जिला के भोरंज से विधायक सुरेश कुमार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया। बैठक की कार्यवाही के आरम्भ में प्रदेश में आई आपदा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व प्रदेश के विभिन्न स्थानों में जान गंवाने वाले नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कुलपति आचार्य सतप्रकाश बंसल ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय की वर्ष 2020-21 की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। बैठक में विधायक सुरेश कुमार तथा हरीश जनारथा, जेपी विश्वविद्यालय व डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति, सचिव राज्यपाल राजेश शर्मा, विशेष सचिव शिक्षा पंकज राय, हि.प्र. विश्वविद्यालय कार्यकारिणी के सदस्य गीताराम के अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कोर्ट के अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित थे।
हिमाचल के यूट्यूबर और युवा एंकर द्रागटा अब बॉलीवुड में नजर आ रहे हैं। पवन द्रागटा, जो द्रागटा जी के नाम से सोशल मीडिया पर मशहूर हैं, हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म यारियां-2 में नजर आए। मूलत: कोटखाई से संबंध रखने वाले द्रगटा ने 2017 में अपने यूट्यूब चैनल की शुरुआत की थी, उसी के साथ उन्होंने एंकरिंग में भी अपना हाथ आजमाया और अंतरराष्ट्रीय शिमला समर फेस्टिवल और अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला के साथ बहुत से अन्य समारोहों में अपनी एंकरिंग का जादू बिखेर चुके हैं। इस फिल्म के रोल के लिए भी उन्हें उनकी एंकरिंग के लिए चयनित किया गया था और फिल्म में भी वो अपना जलवा बिखेरते हुए दिख रहे हैं। 25 साल के द्रगटा ने बताया कि वो लोगों को एंटरटेन करना बहुत पसंद करते हैं और स्टेज पर प्रयास करते हैं कि सदा लोगों को अपनी संस्कृति के प्रति इनोवेटिव तरह से जागरूक करें। उन्होंने कहा कि घरवालों का आशीर्वाद और लोगों के प्यार ने ही उन्हें यहां तक पहुंचाया है और आगे भी वो अपनी एंकरिंग और वीडियो से लोगों को एंटरटेन करते रहेंगे।
हिमाचल की राजधानी शिमला के टूटीकंडी में रविवार सुबह एक पुराने मकान में आग लग गई। गनीमत रही कि जब मकान में आग लगी तो उसमें कोई मौजूद नहीं था। मकान में किराये पर रह रहा परिवार छुट्टियों में घर गया था। वहीं, आग लगने की सूचना मिलने पर माल रोड, बालूगंज फायर स्टेशन से बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों की मदद से अग्निशमन विभाग के जवानों ने करीब नौ बजे तक आग पर काबू पा लिया। घटना में चार कमरे और उसमें रखा सामान जल कर राख हो गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं, अग्निशमन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
हिमाचल सरकार ने सी और डी श्रेणी कर्मचारियों के तबादलों पर लगाई रोक हटा दी है। यह रोक 21 से लेकर 31 अक्तूबर की अवधि के लिए हटाई गई है। 1 नवंबर से तबादलों पर फिर से प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में कार्मिक विभाग की ओर से शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब संबंधित विभाग के मंत्री की मंजूरी से इन कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे। इस अवधि के दौरान सामान्य तबादले होंगे। हालांकि, ऐसा करते समय सरकार की ओर से जारी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। इन शर्तों के अनुसार तबादलों के आदेश सख्ती से समय-समय पर संशोधित व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 के अनुसार किए जाएंगे। तबादला आदेश जारी करते समय किसी अधिकारी के सामान्य कार्यकाल(तीन वर्ष) पूरा होने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक स्टेशन पर कम से कम दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारी का तबादला किया जा सकता है। विभागाध्यक्षों को यह भी ध्यान रखना होगा कि किसी एक कैडर के तीन फीसदी से अधिक कर्मचारियों के तबादले न हों। संबंधित विभाग के मंत्रियों की मंजूरी से तबादला आदेश जारी होंगे। शार्ट स्टे वाले कर्मचारियों के तबादले करने के लिए प्रभारी मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री से मंजूरी लेना अनिवार्य रहेगा। सरकार ने मुकदमेबाजी से बचने के लिए कर्मचारियों के स्थानांतरण का आदेश निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से करने के आदेश दिए है। सी और डी श्रेणी कर्मचारी सीधे अपने विभागाध्यक्षों के पास स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि इस अवधि के दौरान प्राकृतिक आपदा के चलते चलाए जा रहे बचाव एवं राहत कार्यों में जुटे कर्मचारियों का तबादला न किया जाए। कार्मिक विभाग की ओर से इन निर्देशों को सभी के ध्यान में लाने व इनकी सख्त अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है।
-पंचायती राज मंत्री बोले, प्रदेश की स्थिति सुधरने पर पूरी करेंगे मांगें -टर्मिनेशन लेटर भी लिए जाएंगे वापस जिला परिषद कैडर अधिकारी व कर्मचारियों की २२ दिनों से चली आ रही हड़ताल आज समाप्त हो गई। सोमवार से सभी कर्मचारियों व अधिकारियों ने कार्य पर लौटने का फैसला लिया है। शनिवार को जिला परिषद कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मिला और लगभग एक घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन पर हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। पंचायती राज मंत्री ने कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। वहीं, पंचायती राज मंत्री ने कहा कि आज जिला परिषद कर्मियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और बैठक की गई, जिसमें उन्हें विश्वास दिलवाया गया है कि उनकी मांगें सरकार चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि इनकी हड़ताल के चलते आपदा के समय कार्य में रुकावट आ रही थी। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को कर्मचारियों व अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक रखी गयी है, जिसमें इनकी सभी मांगों पर मंथन किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जिन कर्मचारियों को बर्खास्तगी पत्र जारी किए गए थे, सोमवार को काम पर लौटने पर उनके टर्मिनेशन लेटर भी वापस ले लिए जाएंगे।
-बोले, एक अच्छा वकील एक अच्छा राजनेता भी हो सकता है -कानून के विद्यार्थियों को दिया सफलता का मूलमंत्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने कहा कि उनकी पहचान एक राजनेता कम व अधिवक्ता के रूप में ज्यादा है। आज वह जिस भी मुकाम पर पहुंचे हैं, उसके पीछे कानूनी पेशे की अहम भूमिका है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विधि विभाग की फ्रैशर पार्टी में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे विधायक कुलदीप राठौर ने कहा कि आज भी जब उन्हें कोई व्यक्ति मिलता है तो वह अपना परिचय राजनेता के रूप में नहीं बल्कि वकील के रूप में देते हैं। कुलदीप राठौर ने कहा कि उन्होंने प्रदेश उच्च न्यायलय व सर्वोच्च न्यायलय में वकालत की है। एक दशक तक वह भारत सरकार में वरिष्ठ अधिवक्ता रहे। आज भी वह रेलवे के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान तभी बन पाई जब उन्होंने कानून की पढ़ाई की। कानून के छात्रों को संबोधित करते हुए राठौर ने कहा कि राजनीति कभी पेशा नहीं होना चाहिए। मैंने भी अपने जीवन में राजनीति को कभी पेशा नहीं समझा। मेरा पेशा शुरू से वकालत का रहा है। उन्होंने कहा कि यह बात वे आज भी पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि जो अच्छा वकील होता है वह एक अच्छा राजनेता भी बन सकता है। कानूनी पेशे से आए लोग नेताओं की तरह घूमा फिराकर बात नहीं करते। मैं सपष्ट बात करता हुं। सेवा व विकास कार्यों के लिए हमारी सोच साफ होनी चाहिए। उन्हेांने कहा कि जिन छात्रों का यह अंतिम समेस्टर है उनके पास कई तरह की ऑप्शन हैं। वे कानून की पढ़ाई कर सकते हैं, प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं, परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस भी छात्र ने कानून की पढ़ाई की होती है उसमें आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं होती। उसे कानून की जानकारी होती है। वकील की खासियत यह है कि उसकी दोस्ती चाय वाले से लेकर राष्ट्रपति से भी हो सकती है। यदि वह राजनीति में आ जाए तो उसे यह पता होता है कि ब्यूरोक्रेसी को कैसे डील करना है, कैसे क्षेत्र के मुद्दे विधानसभा में रखने है। उन्होंने सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी व कहा कि वह आत्म विश्वास व लक्ष्य लेकर आगे बढ़े। वे गांव के स्कूल से पढ़कर आए। लक्ष्य वकील बनना था, कानून की पढ़ाई की और वकील बन गए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी का मूल मंत्र दिया था कि कड़ी मेहनत दृढ निश्चय व पक्का इरादा लेकर चले सफलता मिलेगी। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे भी इसी मूल मंत्र को अपनाकर आगे बढ़ें। इससे पहले कॉलेज के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लॉ विभाग के सभी शिक्षक भी मौजूद रहें।
-देश के हर गांव से मिट्टी एकत्रित करके दिल्ली में बनेगी अमृत वाटिका मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तहत मंडी के संस्कृति सदन में आयोजित जिला स्तरीय युवा महोत्सव में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश जोड़ने के लिए ये अभियान चला है। देश की जड़ों को और मजबूत करना, संस्कृति को जिंदा रखना और आने वाली पीढ़ी को हमारे वीरों की गाथाओं से जोड़ने के लिए हमें हमेशा प्रयासरत रहना होगा। युवाओं में देशभक्ति का जज़्बा पैदा करने की दृष्टि से ये कार्यक्रम बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे केंद्रीय सूचना प्रसारण एवम युवा सेवाएं मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार जताया कि आपके नेतृत्व में ये कार्यक्रम देशभर में सफल हो रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आप सबका सहयोग देश को जोड़ने के लिए अपेक्षित है। आज जरूरत है कि देश सुरक्षित रहे, देश आगे बढ़े, देशभक्ति का भाव बना रहे, इसलिए इस संकल्प को हमें आगे बढ़ाना है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश भर के छ: लाख गांव से आज अमृत कलश में गांव-गांव की मिट्टी दिल्ली पहुंच रही है। देवभूमि हिमाचल से भी मेरी माटी मेरा देश, माटी का नमन वीरों को वंदन कार्यक्रम बहुत जोश और उत्साह के साथ चला और आज मुझे खुशी है कि यहां की मिट्टी भी दिल्ली में बनने वाली अमृत वाटिका के लिए जा रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आप प्रधानमंत्री जी के पंच प्रण विकसित भारत बनाना, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना, देश की समृद्ध विरासत को संजोने, एकता और एकजुता बनाए रखना और अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए हमेशा तत्पर रहें। इससे पूर्व उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का मंडी सर्किट हाउस पहुंचने पर विधायक अनिल शर्मा, राकेश जंबाल, विनोद कुमार, इंद्र सिंह गांधी, प्रकाश राणा, पूर्ण चंद ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष पायल वैद्य, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, नगर निगम पार्षदों के साथ स्वागत किया।
-विक्रमादित्य ने कहा, स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे सीएम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल और लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गत देर सांय सोलन जिला के कण्डाघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत दंघील के जखेड़ गांव में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय महिला कबड्डी टीम की खिलाड़ी ज्योति ठाकुर के सम्मान समारोह में शिरकत की। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी ज्योति ठाकुर और उनके परिजनों को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ज्योति ठाकुर नेे कठिन परिश्रम और एकाग्र मन से अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ज्योति ठाकुर की मेहनत के फलस्वरूप आज पूरा प्रदेश गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी भाग लेना चाहिए ताकि संतुलित मन और स्वस्थ शरीर बना रहे। श्रम एवं रोज़गार मंत्री ने कहा कि शिक्षित युवाओं की बेरोज़गारी प्रदेश के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में रोज़गार की सम्भवनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार गम्भीर है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक पर्यटन में भी रोज़गार की अपार सम्भावनाएं हैं, जिसपर प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा भारी वर्षा के प्रभावितों के लिए राहत पैकेज दिया गया है। राहत पैकेज के तहत भारी वर्षा के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 07 लाख रुपए तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है। उन्होंने संबन्धित अधिकारियों को जखेड़ गांव में वर्षा शालिका के निर्माण कार्य का आकलन करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी ज्योति ठाकुर को बधाई देते हुए कहा कि ज्योति ठाकुर ने देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शीघ्र ही एशियाई खेलों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली कबड्डी टीम के खिलाड़ियों को भव्य समारोह में सम्मानित करेंगे। खेल मंत्री ने कहा कि कबड्डी खिलाड़ी ज्योति ठाकुर को इस उपलब्धि के लिए सरकार द्वारा 15 लाख रुपए की राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को और अधिक रोज़गार के अवसर मिलें, इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को 03 प्रतिशत से बढ़ाकर 05 प्रतिशत करने के बारे में विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण ऑलम्पियाड करवाए जाएंगे ताकि युवाओं को खेल के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। विक्रमादित्य सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जखेड़ सम्पर्क मार्ग को पक्का करने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल और विक्रमादित्य सिंह इससे पूर्व ग्राम पंचायत सैंज के कशाउला गंाव से ग्राम पचंायत झाझा के चौड़ा गांव तक बनने वाले पुल स्थल का निरीक्षण भी किया। लोक निर्माण मंत्री ने पुल निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण से पर्यटक स्थल चायल तक जाने का सफर लगभग 15 किलोमीटर तक कम हो जाएगा वहीं ग्रामीणों को भी आवागमन में सुगमता होगी व कृषि उत्पादों को मंडी तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
-कहा, प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की शुरुआत कुल्लू जिला से की और प्रभावितों को विशेष राहत पैकेज के लाभ प्रदान किए। कुल्लू के रथ मैदान से मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर जिला कुल्लू में मकान बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में 9.72 करोड़ रुपये की राहत राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से जारी की। यह मुआवजा राशि जिला में आपदा के दौरान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों के मालिकों को उनके पुनर्वास के लिए प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत जुलाई माह में कुल्लू से उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की शुरुआत की थी और आज यहीं से राहत राशि बांटने की योजना का भी शुभांरभ किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के संसाधन सीमित हैं, लेकिन वर्तमान सरकार प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हमारी सरकार आम आदमी और गरीब की सरकार है तथा उनके दु:ख-दर्द को बेहतर ढंग से जानती है। इसीलिए 75 हजार करोड़ का कर्ज और सरकारी कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां होने के बावजूद राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है। जिसके तहत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर पर दिए जाने वाले 1.30 लाख रुपये के मुआवजे को साढ़े पांच गुणा बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है। इसके अलावा कच्चे मकान के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजे को 25 गुणा बढ़ाते हुए 4000 रुपये से एक लाख रुपये तथा पक्के घर को आंशिक क्षति होने पर मुआवजे को साढ़े 15 गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि दुकान तथा ढाबा के क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजे को 25 हजार रुपये से चार गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। गौशाला को हुए नुकसान की भरपाई की राशि 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई है। प्रदेश सरकार किराएदारों के सामान के नुकसान पर 2500 रुपये की मुआवजा राशि में 20 गुणा बढ़ोतरी कर 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। दुधारू तथा भार उठाने वाले पशुओं की मृत्यु पर 55 हजार रुपये जबकि बकरी, सुअर, भेड़ तथा मेमने की मुआवजा राशि 6000 रुपये प्रति पशु की दर से प्रदान की जाएगी। कृषि तथा बागवानी भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली मुआवजा राशि को 3615 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 500 रुपये प्रति बीघा को आठ गुणा बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में ऐसी आपदा कभी नहीं आई और प्रदेश के लोगों ने पूरी मजबूती के साथ इसका सामना किया है। प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। लगभग 16 हजार घरों को नुकसान पहुंचा जिनमें से 13 हजार घर पूरी तरह से तबाह हो गए। सीएम ने कहा कि जब भी केंद्र से विशेष राहत पैकेज की धनराशि मिलेगी, वह स्वयं केंद्र सरकार का धन्यवाद करने जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार 12000 करोड़ रुपये के दावे भेजे हैं, अब कम से कम वही धनराशि हिमाचल को दी जाए, ताकि राज्य सरकार प्रभावितों की और मदद कर सके। सीएम सुक्खू ने कहा कि जिला लाहौल-स्पिति के चंद्रताल में फंसे लगभग 300 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। अपनी जान की परवाह न करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने माइनस चार डिग्री तापमान और छह फीट बर्फबारी के बीच इस मुश्किल मिशन को पूरा किया। उन्होंने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों, कर्मचारियों और हर वर्ग के सहयोग से आपदा राहत कोष में 230 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि जमा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में 15 देशों के सांस्कृतिक दल शामिल होंगे, जो ऐतिहासिक है। इस बार कुल्लू दशहरे का स्वरूप और भव्य होगा, जिसके लिए मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर और विधायक भुवनेश्वर गौड़ दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जुमलेबाजी में नहीं बल्कि काम करने में विश्वास रखते हैं तथा जो कहते हैं, वो करते हैं।
-मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शिमला के समीप भराड़ी स्थित शहीद स्मारक पर शहीद पुलिस कर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए व्यापक नीति बनाकर एक योजना बनाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस जवान नि:स्वार्थ भाव से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर राष्ट्र की सेवा करते हैं। पुलिस कर्मी देश सेवा का अथक भाव रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष मानसून में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में पुलिस कर्मियों ने महत्त्वपूर्ण कार्य किया और जानमाल व सम्पत्ति की सुरक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस विभाग को उन्नत सूचना प्रौद्योगिकी से लैस कर रही है तथा विभाग में सार्थक दृष्टिकोण के साथ महत्त्वपूर्ण बदलाव किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा सेवन से जुड़े अपराधों पर लगाम लगाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह के अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों की सम्पत्ति पर भी अंकुश लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश पुलिस के शहीद हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के परिजनों को सम्मानित किया। इनमें दिवंगत आईपीएस अधिकारी साजू राम राणा, उप-निरीक्षक राकेश गौरा, सहायक उप-निरीक्षक विनोद कुमार, मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार, आरक्षी कमलजीत, आरक्षी सचिन राणा, आरक्षी अभिषेक सिंह और आरक्षी लक्ष्य मौंगरा के परिजनों को सम्मानित किया। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने पुलिस स्मृति दिवस के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्तूबर को मनाया जाता है। इस दिन देशभर में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धाजंलि अर्पित की जाती है। इस अवसर पर राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक सुरेश कुमार, पूर्व पुलिस महानिदेशक आरआर वर्मा, सेवानिवृत पुलिस अधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
-2.5 लाख आईडी के जरिए 1 लाख लोगों ने क्रिप्टो में लगाए पैसे -मामले में 1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, 5 करोड़ की जल्द की जाएगी पंकज सिंगटा/शिमला। हिमाचल प्रदेश में बहुचर्चित क्रिप्टो फ्रॉड मामले में रोज़ाना नए खुलासे हो रहे हैं। इस फ्रॉड में कुल 2300 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है और 400 करोड़ की देनदारियां बाकी हंै। जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश और प्रदेश के बाहर 2.5 लाख आईडी के जरिए करीब 1 लाख लोगों ने क्रिप्टो पर निवेश किया है। क्रिप्टो फ्रॉड की जांच के लिए डीआईजी नॉर्थन रेंज अभिषेक दुलर की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है, एसआईटी रोजाना नए तथ्य सामने ला रही है। हर वर्ष की भांति आयोजित स्मृति दिवस के कार्यक्रम के उपरांत डीजीपी संजय कुंडू ने मीडिया से रूबरू होते हुए जानकारी दी कि 21 अक्टूबर को हर वर्ष स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है और पिछले 1 वर्ष में शहीद हुए सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। डीजीपी ने क्रिप्टो फ्रॉड से जुड़ी जानकारी भी साझा की और बताया कि क्रिप्टो फ्रॉड में 1 लाख लोगों ने 2.5 लाख आईडी के जरिए 2300 करोड़ की ट्रांजेक्शन की है, जिसमें अभी 400 करोड़ की देनदारियां बाकी हंै। बीती रात पुलिस ने मामले से जुड़ी 1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की है और जल्द ही 5 करोड़ की अन्य संपत्ति भी फ्रीज की जाएगी। डीजीपी ने बताया कि अभी तक एसआईटी द्वारा 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्ध लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। दोनों गिरफ्तार अभियुक्त कस्टडी में है और उनसे पूछताछ की जा रही है। एसआईटी द्वारा लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है। निवेशकों और निवेश करवाने वाले को डीजीपी की दो टूक निवेश करने वाले लोगों को लेकर डीजीपी ने कहा कि इस तरह की फर्जी स्कीमों में निवेश नहीं करना चाहिए। केंद्र सरकार की 2019 की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी संस्था जो बैंक या इससे संबंधित संस्थान नहीं है, वे डिपॉजिट नहीं ले सकता, ऐसा करना गैर कानूनी है। उन्होंने फर्जी स्कीम में निवेश करवाने वाले लोगों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते संभल जाए अन्यथा सख्त कार्यवाही के लिए तैयार रहे। मालखाने से 33 किलो चरस गायब होने पर क्या कहा... बीते दिनों पुलिस मालखाने से 33 किलो ग्राम चरस गायब होने का मामला सामने आया था। इसे लेकर उच्च न्यायालय की ओर से जांच के आदेश जारी किए गए थे। इस विषय पर डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन ने इस मामले में जांच बिठा दी है और जल्द ही मामले की तह तक पहुंचा जाएगा।
-गोवा में 26 अक्तूबर को पीएम करेंगे शुभारंभ, 9 नवंबर तक होगा आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अक्तूबर को गोवा में 37वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करेंगे। 9 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस खेल प्रतियोगिता के 18 इवेंट्स में हिमाचल प्रदेश के 176 खिलाड़ी व अधिकारी भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने का नियम यह है कि केवल वहीं टीम/राज्य टीमें भाग लेने के लिए पात्र हैं, जो राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शीर्ष आठ रैंकिंग में हैं। रमेश चौहान सचिव एचपी जूडो एसोसिएशन शेफ डी मिशन के रूप में दल का नेतृत्व करेंगे और अनुराग वर्मा जिला खेल अधिकारी युवा सेवाएं और खेल निदेशालय, कुलदीप राणा अध्यक्ष एचपी कुश्ती एसोसिएशन डिप्टी शेफ डी मिशन के रूप में दल का नेतृत्व करेंगे। विनोद कुमार और संतोष कुमार दल के साथ सहायक अधिकारी जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव राजेश भंडारी के अनुसार 18 सदस्यीय नेट बाल टीम पहले ही गोवा के लिए रवाना हो चुकी है क्योंकि उनका कार्यक्रम 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। अन्य खिलाड़ी खेलों के अपने कार्यक्रम के अनुसार गोवा के लिए रवाना होंगे।
-हिमुडा के निदेशक मंडल ने एकमुश्त निपटान नीति को दी मंजूरी -मुख्यमंत्री बोले, सतत् एवं समावेशी शहरी विकास की दृष्टि से आगे बढ़े हिमुडा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार देर सायं यहां हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) के निदेशक मंडल की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने जनता में अपनी उपस्थिति और सेवा बढ़ाने के दृष्टिगत हिमुडा को नवीनतम निर्माण तकनीकों को अपनाने और सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकों का लाभ उठाने के लिए कहा। उन्होंने रिकॉर्ड-कीपिंग को सुव्यवस्थित करने और भौतिक दस्तावेजीकरण पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मैनेजमेंट बुक्स (ई-एमबी) को अपनाने के निर्देश दिये। सरकार के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार ई-टेंडरिंग प्रणाली के माध्यम से निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। बोर्ड ने हिमुडा को शिमला में भीड़भाड़ को कम करने के दृष्टिगत शिमला के निकट जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के पास नये शहर 'माउंटेन सिटी' की स्थापना के लिए भूमि अधिगृहित करने को स्वीकृति प्रदान की। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1373 करोड़ रुपए है। परियोजना से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा और उन्नत भूकंप रोधी तकनीक का उपयोग करते हुए सुदृढ़ बुनियादी ढांचे के साथ एक अत्याधुनिक शहर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने हिमुडा को सतत् एवं समावेशी शहरी विकास की दृष्टि से आगे बढ़ने के निर्देश दिए। उन्होंने फ्लैट के आकार में सुधार करने और इसे उपयोगकर्ता के और अधिक अनुकूल बनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने हिमुडा की सभी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमुडा को प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से कार्य कर अपनी परियोजनाओं में नवीन पहल करनी चाहिए। उन्होंने हिमुडा के अधिकारियों को कर्मचारियों के लिए एक्सपोजर विजिट आयोजित करने तथा क्षमता निर्माण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जो भविष्य में राज्य में आवास और शहरी विकास को आकार प्रदान करेंगे। हिमुडा ने राज्य के आवंटनकर्ताओं के प्रति उदार रवैया अपनाया है जिन्हें बकाया भुगतान के संबंध में विवादों का सामना करना पड़ रहा है। निदेशक मंडल ने एकमुश्त निपटान (ओटीएस) नीति को मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत लोगों को लंबित भुगतान बकाया को काफी कम दर पर निपटाने का अवसर प्राप्त होगा। इससे न केवल जनता का वित्तीय बोझ कम होगा, अपितु हिमुडा को समुचित संसाधन भी उपलब्ध होंगे, जिन्हें जनता की भलाई के लिए भविष्य की गतिविधियों में पुनर्निवेशित किया जाएगा। बोर्ड ने हिमुडा को एकमुश्त निपटान नीति (वन टाईम सेटलमेंट पॉलिसी) के तहत भवनों की एटीक को भी नियमित करने का प्रावधान करने के निर्देश दिए। बोर्ड ने निर्देश दिए कि एटीक को लेकर प्रदेश सरकार ने जो निर्णय लिया है उसके अनुरूप हिमुडा भी अपनी नीति बनाए। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त, आवास, शहरी विकास एवं नगर नियोजन देवेश कुमार, लोक निर्माण विभाग तथा और जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव डॉ. आरके प्रुथी ने बैठक में भाग लिया।
-मामले में 4 नवंबर को होगी अगली सुनवाई प्रदेश हाईकोर्ट ने उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने यह आदेश उप मुख्यमंत्री की ओर से दायर उस आवेदन पर दिए, जिसमें उन्होंने अपनी नियुक्ति को कानूनी तौर पर सही ठहराया है। यह आवेदन उप मुख्यमंत्री सहित अन्य सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका में दायर किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने याचिका से अपना नाम हटाने की गुहार लगाई है। इस आवेदन पर पिछली सुनवाई के पश्चात कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रार्थी ने आवेदन दायर कर अदालत के समक्ष दलील दी थी कि उनकी नियुक्ति कानूनी तौर पर सही है। ऐसे में उनका नाम याचिका से हटा दिया जाए। उधर, अदालत ने कहा कि उप मुख्यमंत्री भी उपरोक्त रिकॉर्ड अथवा अन्य जरूरी रिकॉर्ड कोर्ट के समक्ष रखने के लिए स्वतंत्र हैं। मामले पर सुनवाई 4 नवंबर को होगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के माल रोड स्थित मुख्यालय में बैंक की महत्त्वाकांक्षी नई योजना 'सपनों का संचयÓ-डिपोजिट लिंक्ड ऋण योजना का शुभारंभ किया। यह एक बहु-आयामी योजना है जिसके तहत 10 से 18 वर्ष आयु वर्ग के युवा विशेषकर स्कूली बच्चे बचत खाता खुलवाकर बैंक से जुड़ सकते हैं। प्रतिवर्ष जो भी राशि उनके बचत खाते में जमा होगी, वह एक साल बाद फिक्सड डिपॉजिट में बदल जाएगी। यह क्रम 18 वर्ष की आयु तक चलता रहेगा। प्रार्थी बालिग होने पर अपनी उच्च शिक्षा व व्यवसाय इत्यादि शुरू करने के लिए अपनी कुल जमा राशि के 5 गुणा तक का ऋण लेने के लिए पात्र होगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक द्वारा चलाई जा रही सशक्त महिला ऋण योजना भी काफी लोकप्रिय हुई है। इसके तहत लगभग 4000 लाभार्थियों को लगभग 8.50 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए हैं। बैंक ने 25 नई शाखायें खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लाईसेंस प्राप्त किये हैं। इसके उपरांत बैंक के आउटलेट की संख्या बढ़कर 262 हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों का सहकारी बैंक पर विश्वास निरंतर बढ़ा है, जिसके फलस्वरूप ग्राहकों की संख्या 16 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। बैंक ने 24 हजार करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जिसमें से 14997 करोड़ रुपये की जमा पूंजी तथा 9139 करोड़ रुपये के ऋण वितरण हैं। मुख्यमंत्री ने बैंक से लोगों को साइबर अपराध व धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम ने बैंक की ओर से मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के लिए 4 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। बैंक की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए देवेन्द्र श्याम ने कहा कि बैंक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह, विधायक हरीश जनारथा, महापौर नगर निगम शिमला सुरेन्द्र चौहान, बैंक के निदेशक गण, प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा, नाबार्ड के महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास न करें पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर जुबानी हमला बोल दिया। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जयराम ठाकुर से पूछा कि केंद्र सरकार ने आपदा के समय हिमाचल को कितना पैकेज दिया? इसकी डिटेल जनता के समक्ष रखें। नरेश चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में केंद्र सरकार ने कौन-कौन से पैसे दिए। नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा ने आपदा के समय सिर्फ राजनीति की। अब अगले साल लोकसभा चुनाव है तो जयराम ठाकुर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। नरेश चौहान ने कहा कि आपदा के समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ग्राउंड जीरो पर उतरकर काम किया। ऐसे में प्रभावित लोगों के बीच भी विश्वास पैदा होता है। मुख्यमंत्री प्रभावितों के बीच जाते हैं, तो लोगों की हिम्मत बढ़ती है। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार ने पूरा मोर्चा संभाला। आपदा में भी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर गलत बयानबाजी करते रहे। बीजेपी नेताओं को साथ चलकर केंद्र सरकार से मदद मांगनी चाहिए। नरेश चौहान ने कहा कि बीजेपी की प्राथमिकता भले ही साल 2024 का लोकसभा चुनाव हो सकता है, लेकिन कांग्रेस की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है। प्रदेश सरकार ने 4500 करोड़ का राहत पैकेज जारी किया तो उससे भी भाजपा नेताओं को तकलीफ हो रही है। हमारी सरकार ने राहत मैनूअल में संशोधन किया, जिसका लाभ प्रभावितों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि जितने भी प्रभावित बेघर हो गए हैं, उन्हें आशियाना बनाकर दें। जिनके पशु मरे हैं उन्हें भी आर्थिक सहायता दी गई। कल से आपदा राहत पैकेज होगा जारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 अक्तूबर से हिमाचल के प्रभाविता क्षेत्रों का दौरा कर राहत पैकेज जारी करेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीएम सुक्खू 21 अक्तूबर को कुल्लू और 23 अक्तूबर को मंडी से राहत पैकेज जारी करेंगे। इसी तरह से आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में इस बार भारी बरसात एवं प्राकृतिक आपदा से 1 हजार 957 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि 9 हजार 344 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान हुआ है। इसके अलावा 293 दुकानें और 4 हजार 72 पशु घर भी तबाह हो गए हैं। बरसात के दौरान 113 भूस्खलन और 58 फ्लैश फ्लड की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। प्रदेश में अब तक 330 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 38 लोग अलग-अलग दुर्घटनाओं में लापता हैं। प्रदेश भर में घायलों का आंकड़ा भी 322 तक जा पहुंचा है।


















































