हिमाचल में दूध खरीद मूल्य बढ़ने का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। महिलाएं घर में खेती बाड़ी के काम में पुरुषों का सहयोग करने के साथ दुग्ध कारोबार से जुड़ कर आर्थिक तौर पर भी आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसका बड़ा उदाहरण प्रदेश में 1148 ग्राम दुग्ध सहकारी समितियां हैं, जिनके कुल सदस्यों की संख्या 47,905 हैं। इनमें अकेले महिलाओं की संख्या 19,388 तक पहुंच गई है। प्रदेश सरकार ने दूध कारोबार को ऊंचाई देने के लिए राज्य में 11 दुग्ध संयंत्र और 116 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित किए हैं। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसे बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में एक मुश्त भारी बढ़ोतरी की है। प्रदेश में गाय के दूध का खरीद मूल्य 45 रुपए और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 55 रुपए प्रति लीटर तय किया गया है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की पशुपालन में रुचि बढ़ी है। प्रदेश में पशुपालन से जुड़ी महिला घर द्वार पर दूध बेच कर हर महीने औसतन 12 हजार से 15 हजार की कमाई कर रही हैं। इसके अलावा महिलाएं कृषि और बागवानी के क्षेत्र में भी पुरुषों का सहयोग कर रही हैं। प्रदेश सरकार दुग्ध प्रसंस्करण और इसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जिसके लिए प्रदेश में दुग्ध संयंत्रों का भी चरणबद्ध तरीके से उन्नयन किया जा रहा है। हिम-गंगा योजना के तहत जिला कांगड़ा स्थित ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस संयंत्र की क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इस संयंत्र में अत्याधुनिक तकनीक से दूध का पाउडर बनाया जाएगा, जिसमें मांग से अधिक दूध को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त दही, खोया, घी, आइसक्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क, पनीर और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र में अल्ट्रा हीट तकनीक से पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में दूध कारोबार को उद्योग के तौर पर स्थापित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए स्थानीय युवाओं को किसानों व एकत्रीकरण केंद्रों से दूध प्रसंस्करण संयंत्रों तक दूध ले जाने के लिए 200 रेफ्रिजरेटर मिल्क वैन उपलब्ध करवाने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने दुग्ध संयंत्र कुल्लू, हमीरपुर, नाहन और दुग्ध संयंत्र ऊना की क्षमता 20-20 हजार लीटर करने की योजना भी बनाई है। दुग्ध विपणन प्रक्रिया और इसके परिवहन का युक्तिकरण भी किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन समितियों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाई है, इसके लिए समितियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं मिल्कफेड के ट्रेडमार्क ‘हिम’ का केंद्र सरकार से पंजीकरण करवाया गया है। प्रदेश मिल्कफेड की ओर से राज्य में 102 ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट स्थापित किए गए हैं और दूर-दराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दूध एकत्र करने के लिए 320 लीटर क्षमता के 55 मिल्क कूलर छोटी समितियों को उपलब्ध करवाए गए हैं।
फोरलेन शमलेच टनल में एक बाइक दीवार से टकरा गई। जिसमें बाइक चालक की मौ*त हो गई है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार तेज रफ्तार में था, जिस कारण यह हाद*सा हुआ है। इसकी सूचना पुलिस को स्थानीय लोगों ने दी, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृत*क की पहचान 19 वर्षीय राहुल पुत्र राकेश कुमार निवासी गांव बठोल धर्मपुर के रुप में की है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि की है।
हिमाचल प्रदेश में रोजगार का सपना देख रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। सरदार पटेल विश्वविद्यालय में गेस्ट टीचर के लिए साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे है। यह साक्षात्कार 23 जुलाई से सरदार पटेल विश्वविद्यालय में ही होंगे। एसपीयू में 35 गेस्ट टीचर्स की भर्ती की जानी है। ऐसे युवा जिन्होंने पीएचडी या नेट क्वालीफाई किया है, वह इन पदों के लिए एलिजिबल होंगे। चयनित होने पर इन युवाओं को 35 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाएगा। उम्मीदवारों का चयन वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से होगा। एसपीयू ने पीएचडी और नेट पास युवाओं के लिए 23, 24 और 25 जुलाई को वॉक इन इंटरव्यू रखे हैं। साक्षात्कार प्रो. कुलपति कार्यालय में होंगे। यूनिवर्सिटी में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी, योग, ईवीएस, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, बॉटनी, जूलॉजी, पर्यावरण विज्ञान मैनेजमेंट, हिस्ट्री और पब्लिक में इन टीचर्स की भर्ती होगी। 23 जुलाई को सुबह 11 बजे केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी और योग, ईवीएस गेस्ट फैकल्टी के इंटरव्यू होंगे। 12 बजे केमिस्ट्री, 1 बजे इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री और 3 बजे कंप्यूटर साइंस गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू होगा। 24 जुलाई को सुबह 11 बजे बॉटनी, 12 बजे जूलॉजी, 1 बजे एनवायर्नमेंटल साइंस गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू होगा। 25 जुलाई को सुबह 11 बजे मैनेजमेंट, 12 बजे की इतिहास और एक बजे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लिए इंटरव्यू में लिया जाएगा। उम्मीदवारों को अपने आवेदन पत्र के साथ मार्कशीट, प्रमाण पत्र, डिग्री और अन्य दस्तावेजों लाने होंगे। गेस्ट टीचर की नियुक्ति पूरी तरह से अस्थायी आधार और एक सुख सेमेस्टर के लिए है। यहां इन्हें किसी भी स्तर पर नियमितीकण, स्थायी पद नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून भले ही 27 जून को दस्तक दे दी हो, लेकिन राज्य में मानसून सीजन में बारिश उम्मीद से काफी कम हुई है। प्रदेश में कम हुई बारिश को देखते हुए मानसून को कमजोर माना जा रहा है। इस मानसून सीजन में 1 जून से अब तक 43 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 27 जून को हिमाचल प्रदेश में पहुंचे दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर और अनिश्चित बने रहने के कारण अब तक प्रदेश में 43 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 1 जून से 21 जुलाई के बीच सामान्य बारिश 266.4 मिमी की के मुकाबले सिर्फ 151.6 मिमी ही बारिश हुई। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के बावजूद, राज्य के सभी 12 जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई। जुलाई माह में 21 जुलाई रविवार तक प्रदेश में 36 प्रतिशत बारिश में कमी दर्ज की गई है, जिसमें प्रदेश भर में 165.3 मिमी बारिश के मुकाबले महज 105.1 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग शिमला कार्यालय ने प्रदेश में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सोमवार और मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार और मंगलवार को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले 2 से 3 दिनों में मानसून की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में मध्यम तीव्रता की व्यापक वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस सोमवार और मंगलवार को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और बागवानों को बागवानी और खड़ी फसलों के नुकसान होने, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को नुकसान होने की आशंका जताई है। वहीं, मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए यातायात में व्यवधान और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर लोगों को आगाह किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून के एंट्री से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 40 लोगों की मौ*त हो चुकी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बारिश के कारण राज्य को 329 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर सहित तीन नवनिर्वाचित विधायक आज शपथ लेंगे। विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। सीएम की पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से चुनाव जीती हैं। इसी तरह से नालागढ़ विधानसभा सीट से हरदीप सिंह चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। हमीरपुर विधानसभा सीट पर आशीष शर्मा भाजपा टिकट पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार विधायक पद की शपथ लेंगे। ऐसे में अब विधानसभा सदस्यों की संख्या 68 हो जाएगी। हिमाचल विधानसभा में अब सदस्यों की संख्या 68 हो जाएगी। इसमें कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 होगी। प्रदेश में 27 फरवरी को घटे राजनीतक घटनाक्रम से पहले भी कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 थी। इसी तरह से भाजपा विधायकों की संख्या अब बढ़कर 28 तक पहुंच गई है। पहले यही संख्या 25 थी। वहीं, अब विधानसभा में एक भी निर्दलीय विधायक नजर नहीं आएगा। इससे पहले तीन निर्दलीय विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन तीनों निर्दलीय विधायकों ने 22 मार्च को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने 3 जून को स्वीकार किया। ऐसे में खाली हुए तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, नालागढ़ व हमीरपुर में 10 जुलाई को मतदान हुआ, जिसमें देहरा से कांग्रेस के टिकट पर कमलेश ठाकुर और नालागढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप सिंह बावा ने चुनाव जीता। वहीं, हमीरपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा चुनाव जीतकर दूसरी बार विधायक बने हैं। हिमाचल विधानसभा के सदन में अब इतिहास बनने जा रहा है। वह ऐसे कि इस बार विधानसभा में पहली बार पति और पत्नी की जोड़ी एक साथ नजर आएगी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू नादौन से और उनकी धर्म पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से उपचुनाव जीतकर पहली विधायक बनी हैं। ये जोड़ी अब मानसून सत्र में विधानसभा के एक साथ नजर आएगी। इससे पहले सदन में पिता-पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह की जोड़ी नजर आ चुकी है। जो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद सदन में एक साथ दिखे थे। हिमाचल विधानसभा में एक और इतिहास बन गया है। यहां पहली बार ऐसा हुआ है कि पांच साल के कार्यकाल के लिए चुने गए तीन विधायक अलग अलग पार्टी चिन्ह पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार विधायक विधायक बने हैं। इसमें धर्मशाला से वर्ष 2022 में कांग्रेस टिकट पर सुधीर शर्मा चुनाव जीतकर विधायक बने थे और अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद फिर से विधायक बने हैं। इसी तरह से बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्ह पर विधायक बने थे, अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा टिकट पर चुनाव जीत कर फिर से विधायक बन गए हैं। इन दोनों ही विधायकों को शपथ दिलाई जा चुकी है। वहीं हमीरपुर सीट से आशीष शर्मा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़े और पहली बार विधायक बने थे। अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर फिर से विधायक बने हैं, जो आज विधायक पद की शपथ लेंगे।
सोलन : दो प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग संगठनों - टाइम्स हायर एजुकेशन और क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) की सूची में शीर्ष पर रहने के बाद - शूलिनी विश्वविद्यालय यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट द्वारा घोषित रैंकिंग में शीर्ष युवा निजी विश्वविद्यालय के रूप में उभरा है। यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट द्वारा 2024-2025 की सर्वश्रेष्ठ वैश्विक विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में 47.2 के उल्लेखनीय स्कोर के साथ विश्वविद्यालय को विश्व स्तर पर 769वां स्थान दिया गया है। भारत के भीतर, शूलिनी विश्वविद्यालय सभी भारतीय विश्वविद्यालयों और आईआईटी जैसे संस्थानों में 12वें स्थान पर है। भारत के कुल 140 संस्थानों को रैंकिंग दी गई, जिसमें आईआईएससी बेंगलुरु 51.2 के स्कोर के साथ 612वें नंबर पर है, इसके बाद आईआईटी बॉम्बे 50.3 के स्कोर के साथ 635वें स्थान पर है। शूलिनी विश्वविद्यालय के संस्थापक और चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि "यह मान्यता वैश्विक स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान प्रभाव के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है"। शोधकर्ताओं, संकाय और छात्रों को बधाई देते हुए, कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि अग्रणी वैश्विक रैंकिंग संगठनों से मान्यता विश्वविद्यालय में अनुसंधान और शिक्षाविदों पर दिए गए जोर का प्रमाण है, उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान और नवाचार में उच्च प्राथमिकता देना जारी रखेगा। 2024-2025 रैंकिंग में 104 देशों के 2,250 शीर्ष संस्थान शामिल हैं, जो पिछले वर्ष 95 देशों के 2,000 संस्थानों से अधिक है। इन रैंकिंग को निर्धारित करने के लिए, यू.एस. न्यूज़ और वर्ल्ड रिपोर्ट ने 2,271 विश्वविद्यालयों का एक पूल बनाया। इस पूल में क्लैरिवेट के वैश्विक प्रतिष्ठा सर्वेक्षण के शीर्ष विश्वविद्यालय और 2018 से 2022 तक कम से कम 1,250 पेपर प्रकाशित करने वाले संस्थान शामिल थे। इन मानदंडों ने अंतिम रैंकिंग पूल तैयार किया, जिसमें से शीर्ष 2,250 विश्वविद्यालयों का चयन किया गया। वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एक निजी डीम्ड यूनिवर्सिटी, जिसकी स्थापना 40 साल पहले 1984 में हुई थी, को देश में छठे स्थान पर रखा गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल 22 जुलाई, 2024 को सोलन ज़िला के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 22 जुलाई, 12.30 बजे वकनाघाट स्थित बहरा विश्वविद्यालय में सितारे हिमाचल के सम्मान 2024 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल होंगे।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर शनिवार से चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 20 से 23 जुलाई 2024 तक किया जा रहा है। जानकारी देते हुए डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज व भागवत ग्रंथ का स्थानीय महिलाओं द्वारा फूलमालाओं के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कथा पंडाल में पहुंचने पर मंत्रो उच्चारण के साथ विधिवत रूप से कलश स्थापना की गई। तदुप्रांत हरीजी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से व्यास पीठ से सभी भक्तों को कृष्ण भगवान की विभिन्न लीलाओं का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने वेदों व शास्त्रों के अनुसार गुरु की महिमा भक्ति का अपने प्रशंग में उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु की भक्ति करने से शिष्य घोर पापों से मुक्त हो जाता है। भागवत कथा को दिल से श्रवण करने वाला व्यक्ति हर कष्ट से छूट जाता है। शिष्य को हमेशा गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए। कभी गुरु की निंदा नही करनी चाहिए। हरिजी महाराज ने कहा कि निर्माणाधीन बांके बिहारी जी के मंदिर का कार्य प्रगति पर है जो शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। मंदिर में बांके बिहारी की मूर्ति के साथ एक ओर भगवान भोलेनाथ व एक ओर मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की जाएगी। डी डी कश्यप ने बताया कि कथा का समय प्रतिदिन 1 से 4 बजे तक रहेगा, 23 जुलाई को हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विराम दिया जाएगा। कथा के बाद प्रतिदिन भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन भी रखा गया है। इस अवसर पर मंदिर निर्माण कमेटी के सदस्य देविंद्र शर्मा, अमर सिंह कौंडल,ख्यालीराम, कन्हैया राम, संतराम, नेकराम कौंडल सहित महिला व पुरुष मौजूद रहे।
कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (कीपस) सनवारा में शनिवार को शपथ व अलंकरण समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कक्षा 12वीं के विद्यार्थी सूर्यांश कश्यप को स्कूल कैप्टन, उदयवीर सिंह को खेल कप्तान, पियूष गाबा को वीनस सदन का कप्तान, हर्ष को नेपच्यून सदन का कप्तान, दक्ष चोपड़ा को मार्स सदन का कप्तान, जबकि सुमन पायकरा को अर्थ सदन का कप्तान बनाया गया। इसके साथ-साथ छात्रावास एक का कप्तान दिव्यांशु शुक्ला, जबकि उप-कप्तान तेजबीर सिंह को बनाया गया। छात्रावास दो का कप्तान अभय, जबकि उप-कप्तान शिवम् कौशल को बनाया गया। छात्रावास तीन का कप्तान देवांक कुंडलस, जबकि उप-कप्तान नमन शर्मा को बनाया गया। छात्रावास चाद का कप्तान जतिन ठाकुर और उप-कप्तान मयंक को बनाया गया। छात्रावास पांच का कप्तान सार्थक सूद, जबकि उप-कप्तान पीयूष गाबा को बनाया गया। कनिष्ठ कन्या छात्रावास एक की कप्तान तन्वी ठाकुर और उप-कप्तान प्रियांशी अरोड़ा को बनाया गया। वरिष्ठ कन्या छात्रावास एक की कप्तान गुंताज़ कौर और उप-कप्तान दिव्यांशी खन्ना को बनाया गया। इसी क्रम में जसलीन, रियांश, कुंजल यादव, तनु, पुरंजय, सोनाक्षी पठानिया, अभय, तन्वी ठाकुर, वीरेन गुलिया, जतिन ठाकुर, अमीषी, सूर्यांश कश्यप, मिथिल चंदेल और उदयवीर सिंह को अपनी-अपनी कक्षा का मॉनिटर चुना गया। इसके बाद सभी छात्रों को बैज, टोपी, सैशे आदि से सम्मानित कर शपथ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंत में विद्यालय के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद और उप-प्रधानाचार्या पूनम ठाकुर ने सभी विद्यार्थियों को उनके कर्तव्यों से अवगत करवाते हुए उनको बेहतर परफॉरमेंस के लिए शुभकामनाएं दी।
सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज कक्षा छठी A के छात्रो के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रिंसिपल उषा मित्तल जी ने बताया कि इस प्रतियोगिता के आयोजन में गतिविधि प्रभारी श्रीमती अंजना के मार्गदर्शन में इस प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया| इस प्रतियोगिता के निर्णायक उषा मित्तल, श्री बीर सिंह और श्रीमती सुमिति चंदेल थे| कक्षा छठी के 24 प्रतिभागियों ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में भाग लिया | कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व वैदिक मंत्रों के उच्चारण सहित किया गया l लड़कों में छत्रपति शिवाजी के रूप में मेधांश, मानद संस्थापक प्रबंधक मित्तल सर के रूप में देवांश प्रथम और श्रीराम के रूप में अरमान तथा उधम सिंह के रूप में कृतज्ञ दूसरे स्थान पर रहा| वही कार्तिक, निमित और राजवीर तीसरे स्थान पर रहे। प्रथम - प्रकृति के रूप में पृषा, प्रिंसिपल मैम के रूप में काव्या प्रथम, जीजा बाई के रूप में शमिस्ता, पंजाबन के रूप में वैभव प्रथम स्थान पर रहे। दूसरे स्थान पर प्रांजल एयर होस्टेस के रूप में, अदिति पुलिस अधिकारी के रूप में तीसरे स्थान पर रहे| अर्णव अथवा पूर्णिमा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सर्वश्रेष्ठ संवाद का पुरस्कार तन्वी को दिया गया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताओं के आयोजन से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का अवसर व उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के द्वारा किया गया।
सोलन: आज सारथी सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित पोधरोपण कार्यक्रम की आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता उप-पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धोलटा ने की| इस दौरान अनिल धोलटा ने कहा कि प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए तथा अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। पेड़ पर्यावरण को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वायु की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं। जो की मनुष्यों और अन्य जीवित प्राणियों के लिए आवश्यक हैं। वृक्षारोपण से प्रदूषण के स्तर में भी कमी आती है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का जीवन अधिक सुरक्षित होता सकता है। पौधे कई तरह से पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस अवसर पर देवदार के पौधे का पौधरोपण किया। सारथी संस्था के अध्यक्ष सुभाष सकलानी ने इस अवसर पर मुख्यातिथि का स्वागत किया और उन्हें एक पौधा भी भेंट किया। भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत्त डॉक्टर जी.आर. साहिबी ने संस्था द्वारा सामाजिक क्षेत्र व पर्यावरण के विषय पर संस्था द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों से अवगत करवाया। पौधरोपण अभियान में आंवला, जामुन, देवदार, रीठा, बेहड़ा, टिकोमा, शीशम, केमेलिया, बांस इत्यादि के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनयाल, संस्था के सचिव अनिल भनोट, महाविद्यालय व विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित थे।
ज़िला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने ज़िला परिषद सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियां एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए बेहतर समन्वय स्थापित कर गति प्रदान करें ताकि समय पर परियोजनाओं का लोगों को लाभ मिल सके। रमेश ठाकुर आज यहां ज़िला परिषद की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। ज़िला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि ज़िला परिषद सदस्य प्रदेश सरकार, ज़िला प्रशासन एवं आम-जन के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और सभी के सहयोग से ही समयबद्ध विकास सुनिश्चित हो सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह प्रयास रहना चाहिए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सकारात्मक सहयोग से जनता की समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जा सके। रमेश ठाकुर ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों को ज़िला परिषद की बैठक में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं बैठक से पूर्व प्रेषित करें ताकि इनका उचित समाधान किया जा सके। उपमण्डलाधिकारी (ना.) सोलन डॉ. पूनम बंसल ने विश्वास दिलाया कि ज़िला प्रशासन चुने हुए प्रतिनिधियों के समन्वय के साथ जन समस्याओं के निवारण के लिए प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि विकासात्मक कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ गतिशीलता लाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के अनुभव एवं बेहतर निर्णय आमजन की समस्या को कम करने में सहायक बनते हैं। बैठक में 59 पुराने मद व 18 नए मद पर चर्चा की गई। आज की बैठक में सड़क, बस रूट, विद्युत, पेयजल, राजस्व सहित अन्य समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ज़िला परिषद के सदस्यों को 12 दिसम्बर, 2023 से 18 जुलाई, 2024 तक के आय-व्यय का ब्यौरा दिया गया। ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिंदर राणा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में ज़िला परिषद उपाध्यक्ष कमलेश कंवर, विभिन्न ज़िला परिषद सदस्य, उपमण्डलाधिकारी (ना.) कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कृषि में उन्नत तकनीक व अनुसंधान का लाभ सुनिश्चित कर रही प्रदेश सरकारः डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना’ के तहत एक बिक्री केन्द्र (आउटलेट) का शुभारंभ किया, जिसमें प्राकृतिक खेती से निर्मित लगभग 100 से अधिक उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ उन्नत कृषि ही किसानों की आर्थिकी को बेहतर बनाने का उचित माध्यम है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय में आशातीत वृद्धि करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के लिए कृत संकल्प है। प्राकृतिक उपज के उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं उपज का बेहतर मूल्य दिलवाने के लिए योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग और अनुसंधान को खेत तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने इससे पूर्व विश्वविद्यालय के पुस्तकालय परिसर में पुतरन्जीवा तथा रोकसब्रगाई पौधों का पौधरोपण भी किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव ठाकुर, संधीरा दुल्टा, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, उपमण्डलाधिकारी (ना.) डॉ. पूनम बसंल, डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल, कमांडिंग ऑफिसर प्रथम हिमाचल प्रदेश गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन कर्नल संजय शांडिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित इस अवसर पर थे।
कुनिहार:-आज कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम सहित सभा के सदस्यों ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सरकार से अपने संयुक्त बयान में मांग कि है कि कुनिहार सिविल अस्पताल की भी सुध लें| वहां की कमियों के बारे में भी जानकारी हासिल करें कि यहां के लोग किस प्रकार से स्वास्थ्य सुविधा पूरी न होने के कारण कितने परेशान व आक्रोश में है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्वास्थ्य मंत्री महोदय भी कभी भी इस अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधा या कमियों के बारे निरीक्षण करने के लिए नहीं आए उन्होंने कभी भी जानने का प्रयास नहीं किया कि यहां पर लोगों की समस्याएं है| लोग किस प्रकार से अपने इलाज करवाने हेतु सोलन व शिमला जाने को मजबूर है जबकि स्वास्थ्य मंत्री जी के निवास स्थान ममलीग और सायरी से यह हॉस्पिटल करीब सात आठ किलोमीटर की दूरी पर है|यहाँ तो लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिओए लेकिन यहाँ तो आपसी राजनीति के कारण यहां के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है| पहले भी स्वास्थ्य मंत्री और संजय अवस्थी से जुबानी और लिखित तौर पर अनुरोध किया जा चुका है| बता दे कि यहां पर करीब 14 पंचायत के लोग स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करते हैं| स्थानीय लोग एक एमडी मेडिसिन की नियुक्ति के बारे में भी आग्रह कर चुके हैं लेकिन इस मांग को भी पूरा ना किया गया और न ही यहां स्वास्थ्य सुविधा के उपकरण व स्टाफ पूरा है। उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि नागरिक अस्पताल सायरी स्वास्थ्य मंत्री जी के विधानसभा क्षेत्र में आता है जहां पर वह कई बार निरीक्षण कर चुके हैं मगर विधायक होने के साथ वह पूरे प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य मंत्री भी है और कुनिहार भी इसी प्रदेश का हिस्सा है। कुनिहार विकास सभा जनहित में प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री व विधायक अर्की विधानसभा क्षेत्र से आग्रह करती है कि सिविल हॉस्पिटल कुनिहार का भी निरीक्षण करके यहां की कमियों को दूर किया जाए व वरिष्ठ नागरिक और लोगों से भी इस अस्पताल की सुविधाओं के बारे विचार विमर्श किया जाए ताकि सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य संबंधित लाभ यहीं पर प्राप्त हो। इस मामले में प्रधान धनीराम तंनवर सहित गोपाल पवंर, भागमल तनवर, ज्ञान ठाकुर, हेमसिंह पवंर ,दीप राम ठाकुर ,नागेंद्र ठाकुर, जगदीश ठाकुर ,बलबीर चौधरी, बाबूराम तनवर, संतराम ,ओम प्रकाश ठाकुर, सनी राघव ,विनोद ,ज्ञान गर्ग और प्रेम राज चौधरी ने भी सरकार से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और समस्याओ का जल्द से जल्द हल निकालने का आग्रह किया|
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्यों की संख्या सोमवार को पूरी 68 होने वाली है| 22 जुलाई को तीन नवनिर्वाचित विधायक पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे| हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तीनों नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाएंगे| यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे विधानसभा परिसर में बनी लाइब्रेरी में होगा| इनमें देहरा से मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, नालागढ़ से बावा हरदीप सिंह, दोनों ही कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीतकर आये है वही हमीरपुर से आशीष शर्मा भी शामिल है जो बीजेपी टिकट पर चुनाव जीतकर एक बार फिर विधानसभा पहुँचेगे| तीन नव निर्वाचित विधायकों की शपथ के बाद क्या होगा आंकड़ा: विधानसभा में कुल सदस्य- 68 बहुमत का आंकड़ा- 34 कांग्रेस- 40 विपक्षी बीजेपी- 28
**प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट **अगस्त में मानसून के रफ्तार पकड़ने की संभावना प्रदेश में बरसात की गति धीमी बनी हुई है। बरसात में अभी तक सामान्य से 40 फीसदी तक कम बादल बरसे हैं मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान बरसात में बढ़ोतरी के आसार जताए हैं और 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उसके बाद जुलाई के अंत तक मानसून में कमी देखने को मिलेगी मौसम विभाग के अनुसार अगस्त माह की शुरुआत में मॉनसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में वर्षा में तेजी आने की संभावना है इसके लिए विभाग ने अलर्ट जारी किए हैं। उन्होंने बताया के प्रदेश के चार जिला शिमला, मंडी, कांगड़ा और बिलासपुर मे सामान्य के आसपास वर्षा हुई है जबकि बाकी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति, सिरमौर, सोलन और ऊना मे हुई है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में मानसून कम ही असरदार रहेगा जबकि अगस्त माह की शुरुआत में मानसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं में इस बार कमी पाई गई है जिसके चलते पहाड़ों में बारिश कम हो रही है।
सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज इन्नरव्हील क्लब सोलन द्वारा मेडिकल अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस कैंप में प्रेसिडेंट प्रियंका अग्रवाल, ट्रेजर नीलम साहनी, आईएसओ मधु तंवर भी शामिल रही। इस अवेयरनेस कैंप में कक्षा छठी से आठवीं तक की सभी लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूक करवाया। इस दौरान डॉक्टर नीतू सिंगल जो कि एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ है उन्होंने एचपीवी वैक्सीन के बारे में जानकारी दी और उन्होंने कहा कि 9 वर्ष से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को यह जरूर लगवाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। इस दौरान बच्चों को बाहर की चीजों को कम से कम खाने की सलाह दी गई।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा का आयोजन 20 से 23 जुलाई 2024 तक किया जा रहा है। जानकारी देते हुए डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज अपनी मधुर वाणी से व्यास पीठ से सभी भक्तों को कृष्ण भगवान की लीलाओं का विस्तृत गुणगान करेंगे। 20 जुलाई 2024 को दोपहर 3 बजे कलश यात्रा से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा तथा पंडाल में विधिवत रूप से पूजा अर्चना के उपरांत कलश स्थापित किए जाएंगे। कलश स्थापना के उपरांत कृष्ण कथा का शुभारंभ होगा। प्रतिदिन प्रवचन का समय 1 बजे से 4 बजे तक रहेगा उसके बाद भंडारे की व्यवस्था रहेगी। अमर सिंह कौशल वरिष्ठ सदस्य बांके बिहारी मंदिर निर्माण कमेटी, देविंदर शर्मा, व ख्याली राम ने कहा कि मूल पाठ प्रतिदिन 6 बजे से 9 बजे प्रातः होगा। 23 जुलाई 2024 को 11 बजे पूर्ण आहुति के साथ गुरु पूर्णिमा उत्सव विश्राम की ओर अग्रसर होगा तथा कृष्ण कथा को करीब 2 बजे विराम दिया जाएगा। डीडी कशयप विश्व मंगलम सेवा धाम के मीडिया प्रभारी ने हरिजी महाराज के समस्त शिष्यों से आग्रह किया है कि गुरु पूर्णिमा उत्सव 20 से 23 जुलाई तक निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर पट्टाबरौरी में पहुंचकर कृष्ण भगवान की कथा का श्रवण करे व परम हरी जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करे।
**मानसून में अब तक 186 करोड़ का हुआ नुकसान, 31 लोगों की हुई मौ*त हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून की एंट्री हुई थी। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई थी, मगर प्रदेश में अभी भी ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से भी कम रही है। मौसम विभाग शिमला द्वारा तीन दिनों तक बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश में 23 जुलाई तक बारिश को लेकर संभावना जताई है। 18, 19 और 20 जुलाई को हिमाचल में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि प्रदेश के अधिकतर हिस्से में बारिश की कमी दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा असर कृषि और बागवानी पर पड़ रहा है। वहीं, कई जगहों पर मानसून तबाही बन कर बरसा है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए प्रदेश में बारिश से बागानों, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं और बारिश के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को मामूली नुकसान की आशंका जाहिर की है। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या, निचले इलाकों में पानी भरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक 27 जून को मानसून की एंट्री से लेकर 17 जुलाई तक प्रदेश को बरसात से 186 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि बारिश से संबंधित घटनाओं में 31 लोगों की अब तक मौ*त हो गई है।
हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज करने के फैसले से जेबीटी नियुक्तियां लटक गई हैं। बीते दिनों 1161 नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित किए गए स्कूल बदलने को प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सरकार से मंजूरी मांगी है। पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल प्रदेश में मर्ज किए जाने हैं। कुछ जिलों में बैचवाइज आधार पर चुने शिक्षकों की सूची जारी हो चुकी है। इन सूचियों में ऐसे स्कूलों में भी जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी गई हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते मर्ज किया जाना है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने आगामी फैसला होने तक अन्य जिलों में बैचवाइज भर्तियों का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीते दिनों तैयार की गई नियुक्तियों की सूची को अब नए सिरे से बनाया जाएगा। देखा जा रहा है कि जिन स्कूलों में नियुक्तियां की गई हैं वहां कितने विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन स्कूलों में कितने शिक्षक पहले से नियुक्त हैं। इस जानकारी को जुटाने के बाद बैचवाइज आधार पर चुने गए शिक्षकों को आवंटित किए जाने वाले स्कूलों में फेरबदल किया जाएगा। ऐसे में जेबीटी की नियुक्तियां होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रहा है। इन स्कूलों में नए जेबीटी शिक्षक तैनात किए जाएंगे या फिर वरिष्ठ शिक्षकों को बदला जाता है इस पर फैसला किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने की फाइल सरकार की मंजूरी के लिए भेजी गई है। जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
प्रदेशभर में पिछले तीन दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस सहित कई प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे जिसके कारण जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा है। ये ही नहीं लोगों के अब ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी नहीं हो रहे है। वहीं, तहसीलदार और एसडीएम की ओर से लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप्स से भी पटवारी और कानूनगो एग्जिट हो गए है। इन सभी असुविधाओं के पीछे कारण है पटवारियों और कानूनगो की सरकार से नाराजगी दरसअल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं. इसी नाराज़गी के चलते हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से प्रदेश भर में लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देने की सुविधा बंद कर दी है। नाराज़गी सरकार से है और जनता को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब सरकार ने ये फैसला लिया हो। पिछले साल 18 नवंबर को भी ये अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया थ। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया है। बता दें कि ऑनलाइन सुविधा बंद किए जाने से महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए फॉर्म जमा नहीं कर पा रही है क्यूंकि इसके लिए हिमाचली प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इस सबसे जनता परेशान है मगर सरकार सुध नहीं ले रही। वहीँ हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी का कहना है कि स्टेट कैडर के फैसले को वापस नहीं लिए जाने तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश महासंघ की बैठक में आगामी रणनीति भी तैयार की जाएगी।
**स्वास्थ्य मंत्री ने पाठशाला सायरी में चारदीवारी और मंच निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की पहली किश्त देने की घोषणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि खेलों से जहां हम शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, वहीं मानसिक तौर पर यह हमें एकाग्र बनाती हैं। डॉ. शांडिल आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में लड़कों की अंडर-14 क्षेत्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक युवा को भविष्य का प्रतिभा सम्पन्न नागरिक बनाने में पुस्तकें और खेलें बराबर भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ खेलों और व्यायाम को भी नियमित समय दें। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि समाज के बेहतर निर्माण के लिए युवा पीढ़ी का नशे से बचाव महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर युवाओं को नशे से दूर रखना होगा। डॉ. शांडिल ने कहा कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण परिवेश के छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में भी राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने के लिए स्थान चिन्हित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्कूल शिक्षा क्षेत्र को और बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा भविष्य में बेहतर रोज़गार का आधार है। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए राज्य के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहन, मैकेनिक, रखरखाव मैकेनिक, सौर ऊर्जा तकनीशियन, ड्रोन तकनीशियन, मेकैट्रॉनिक्स तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीशियन जैसे भविष्योन्मुखी पाठयक्रम आरम्भ किए जा रहे हैं। इस अवसर पर डॉ. शांडिल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में चारदीवारी और मंच निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की पहली किश्त तथा मिड-डे मील शैड निर्माण के लिए 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने खेल-कूद प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कण्डाघाट ब्लॉक के स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के वस्त्र क्रय करने के लिए 30 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने इस अवसर पर खेलकूद प्रतियोगिता में विजय रही टीमों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूलों बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। क्षेत्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता में कण्डाघाट ब्लॉक के 14 स्कूलों के 186 बच्चों ने भाग लिया। वॉलीबॉल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल प्रथम तथा राजकीय उच्च विद्यालय पपलोल द्वितीय स्थान पर, कबड्डी में राजकीय उच्च विद्यालय धंगील विजयी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल रनरअप, खो-खो में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुमैहर (के) प्रथम तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छावशा द्वितीय स्थान पर, बैडमिंटन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल विजयी तथा राजकीय माध्यमिक पाठशाला सायरीघाट रनरअप रही और मार्च पास्ट में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी प्रथम तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल द्वितीय स्थान पर रही। स्वास्थ्य मंत्री ने तदोपरांत नागरिक अस्पताल सायरी तथा सायरी के वरिष्ठ नागरिक कार्यालय का दौरा किया और वहां विभिन्न व्यवस्थाएं जांची। उन्होंने निखिल नामक रोगी को हर सम्भव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। ब्लॉक कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत सायरी की प्रधान अंजू राठौर, ग्राम पंचायत चनोग के प्रधान मनोज कुमार, ग्राम पंचायत कहाला की प्रधान रीटा कोनडल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अल्पना कौशल, एस.एम.सी. प्रधान पवन ठाकुर, डाइट के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी की प्रधानाचार्य इंदु शर्मा सहित अध्यापक व विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित थे।
**गत बरसात में क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपए जारी करने का अनुरोध मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से प्रदेश की 39.20 किलोमीटर लम्बी रानीताल-कोटला और 41.50 किलोमीटर लम्बी घुमारवीं-जाहू-सरकाघाट सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों का निर्माण पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग के मानकों के अनुसार किया जा चुका है और सैद्धांतिक रूप से इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कें परिवहन का मुख्य साधन हैं और पिछले 8 वर्षों के दौरान राज्य के लिए कोई भी नया राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने राज्य आपदा-2023 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ लगते विभिन्न राज्य मार्गों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों में कुल्लू-मनाली, मंडी-कमांद-कटोला-बजौरा सड़क और चैल-गोहर-पंडोह सड़क शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले मानसून में प्राकृतिक आपदा के बाद केंद्रीय मंत्री द्वारा राज्य के दौरे के दौरान घोषणा की गई थी कि केंद्र राष्ट्रीय राजमार्गों से एक किलोमीटर के दायरे में क्षतिग्रस्त राज्य सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार धनराशि प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ये सड़कें राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण हैं और पिछले मानसून के दौरान कुल्लू-मनाली राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर वाहनों की आवाजाही में सहायक सिद्ध हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य का एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है जो 8 ज़िलों को प्रदेश की राजधानी और समीपवर्ती राज्यों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न मानकों के अनुसार राजमार्गों का निर्माण उचित नहीं है और अधिकारियों को राजमार्गों का दो लेन मानकों के बजाय चार लेन मानकों के अनुसार उन्नयन करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि उनके द्वारा 69 सैद्धांतिक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए गए थे, जिनमें से वर्ष 2018-19 में 58 राष्ट्रीय राजमार्ग की अलाइनमेंट रिपोर्ट को अनुमोदन के लिए मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन अलाइनमेंट रिपोर्टों के लिए अनुमोदन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने मामले पर शीघ्र कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक मामले पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने ठेकेदारों को सभी परियोजनाएं समयबद्ध पूरा करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, राज्य तथा केंद्र के संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 1029 टीजीटी को स्कूलों में नियुक्ति दे दी है। विभाग के निदेशक की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। नवनियुक्त शिक्षकों को 10 दिन में स्कूलों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने नवनियुक्त शिक्षकों की डाईट में 15 दिन की इंडक्शन ट्रेनिंग को लेकर भी शैड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरान टीजीटी आर्ट्स में 416, टीजीटी नॉन-मेडिकल में 300, टीजीटी मेडिकल में 170, स्पोर्ट्स कोटा में 48, वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन मेडिकल में 20 और वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन नॉन-मेडिकल में 19 और एक्स-सर्विसमैन कोटा में 56 को नियुक्ति दी गई है। शिक्षकों को ज्वाइन करने के बाद शैड्यूल के तहत एलोट किए गए डाईट सैंटर में रिपोर्ट करने को कहा गया है। इस दौरान एक सैंटर को 2 से 3 जिले दिए गए हैं। ट्रेनिंग लेने के बाद ही शिक्षक स्कूलों में छात्रों को पढ़ाएंगे। इस दौरान छात्र संख्या को देखकर शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती दी गई है। अधिकतर नवनियुक्त शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात किया गया है। बता दें कि इसके लिए बीते नवम्बर महीने में काऊंसलिंग की गई थी और अब जाकर इसका रिजल्ट घोषित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में पटवारियों व कानूनगो का विरोध जारी रहा हैं। इससे लोगों को विशेषकर प्रमाण पत्र बनाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश के उन सभी उपमंडल क्षेत्रों में पटवारियों ने संबंधित उपायुक्त व एसडीएम के माध्यम से सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा। राजधानी शिमला में संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ जिला शिमला के बैनर तले पटवारियाें व कानूनगो ने जिला शिमला अध्यक्ष चमन ठाकुर की अध्यक्षता में पहले डीसी शिमला अनुपम कश्यप तथा बाद में एसडीएम ग्रामीण को ज्ञापन सौंपा। अपने ज्ञापन में पटवारियों व कानूनगो ने प्रदेश सरकार के उस निर्णय का विरोध किया है, जिसमें पटवारियों व कानूनगो के जिला काडर को स्टेट काडर बनाया गया है। महासंघ के जिला अध्यक्ष चमन ठाकुर ने कहा कि इस निर्णय से कई तरह की परेशानियां खड़ी होंगी। ऐसे में प्रदेश सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे तथा इसे वापस ले। राज्य सरकार द्वारा जिला काडर को स्टेट काडर बनाने के विरोध में उतरे पटवारी व कानूनगो बुधवार यानी 17 जुलाई कुल्लू में रणनीति बनाएंगे। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ की बैठक कुल्लू में होगी। इस बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा कि भविष्य में किस तरह से विरोध किया जाए, जिससे सरकार पर दबाव डाला जा सके। इसके तहत पटवारी व कानूनगो पैन डाऊन स्ट्राइक भी कर सकते हैं।
**बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा बन रही हैं सिरदर्द हिमाचल में पथ परिवहन निगम की बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा सिरदर्द बनती जा रही है। बीते तीन दिनों से यात्रियों को कार्ड के अलावा ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे मजबूरी में यात्रियों को नकदी देकर ही यात्रा करनी पड़ रही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदेशभर में ही ई-टिकटिंग का सर्वर बंद हो गया है। निगम की ओर से ई-टिकटिंग मशीनें यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में परिचालकों को दी गई हैं, लेकिन तीन दिन से सर्वर न चल पाने से टिकट ही जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण यात्री गुगल-पे, फोन-पे या अन्य एप से पेमेंट की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। यदि कोई यात्री स्कैन कर पैसे अदा भी कर रहा है तो भी उसे टिकट नहीं मिल पा रहा है। स्कैन से भुगतान करने के बाद यात्रियों के पास पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन मशीन में भुगतान अपडेट नहीं हो रहा है। ऐसे में टिकट जनरेट नहीं हो पा रहा है। इससे परिचालक भी परेशान हो रहे हैं। निगम ने परिचालकों को कार्ड के अलावा ऑनलाइन भुगतान लेने से आगामी दिनों तक मना कर दिया है ताकि लड़ाई-झगड़े जैसी स्थिति न बने। बीते कुछ दिनों से पथ परिवहन निगम ने बसों में ऑनलाइन टिकट मशीन की सुविधा शुरू कर दी है। इससे यात्री ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कर बसों में टिकट ले पा रहे थे। ऑनलाइन पेमेंट से यात्रियों को खुले रुपयों को लेकर भी परेशान नहीं होना पड़ रहा था। इन दिनों फिर से बसों में ऑनलाइन भुगतान जी-का-जंजाल बन गया है। ऑनलाइन भुगतान के बाद टिकट न मिलने पर यात्री परिचालकों से उलझ भी रहे हैं।ऑनलाइन टिकट जनरेट करने के लिए सर्वर में कुछ तकनीकी खराबी आई है। समस्या का निदान करने में टीम लगी हुई है। जल्द सुविधा का लाभ यात्रियों को मिलने लगेगा।
** कृषि के लिहाज से यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं हिमाचल प्रदेश के कई भागों में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में भी आज सुबह से धुंध छाई हुई है। वहीं ऊना में दोपहर करीब 12:00 बजे झमाझम बारिश हुई। बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बुधवार सुबह भारी उमस के बीच जनजीवन प्रभावित रहा। लेकिन दोपहर होते ही बारिश शुरू हुई, जिससे करीब 15 दिन का सूखा खत्म हुआ। लोगों ने भी बाहर निकलकर कई दिन बाद हुई बारिश का आनंद लिया। वहीं कृषि के लिहाज से भी यह बारिश किसी वरदान के कम नहीं मानी जा रही। गैर सिंचित इलाकों में मक्की की बिजाई के बाद से बारिश नहीं हुई। बुधवार को बारिश होने से फसलों की वृद्धि में भी तेजी आएगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 18 से 21 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार राज्य के कई भागों में 23 जुलाई तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल ट्रैफिक टूरिस्ट रेलवे पुलिस शिमला ने बरसात में पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार बरसात के चलते कुल्लू, मनाली, रोहतांग जाने वाली सड़कों में धुंध, जगह-जगह भूस्खलन से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सोलन पुलिस द्वारा जिला सोलन में नशा तस्करी करने वाले तस्करों पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है| आज पुलिस थाना दाड़लाघाट की पुलिस टीमने जब गश्त के दौरान दाड़लाघाट क्षेत्र के कराडागली में मौजूद थी तो टीम को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि एक गाड़ी चिटटा/हैरोईन लेकर कराड़ाघाट की तरफ आ रहे है। सूचना पर थाना दाड़लाघाट की पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए नाकाबन्दी कर उस गाड़ी को रोककर उसमें बैठे दो युवकों जिनके नाम अनिल कुमार पुत्र हुक्म चन्द निवासी गांव चमरोल डा० शालाघाट तह० अर्की जिला सोलन हि०प्र० उम्र 34 वर्ष व भरत कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी गांव जलाणा डा०खा० पलोग तह० अर्की जिला सोलन, उम्र 23 वर्ष है को पुलिस ने 03 ग्राम चिटटा / हैरोईन के साथ गिरफ्तार किया है| जिस पर पुलिस थाना दाड़लाघट में अभियोग अधीन धारा 21,29 एन०डी०एण्डपी०एस० एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में जांच के दौरान पाया गया है कि दोनों आरोपी पहले भी अपराधिक वारदातों में संलिप्त रहे हैं जिनमें आरोपी अनिल कुमार के विरूद्ध 04 मामले मादक पदार्थ अधिनियम के तहत पुलिस थाना अर्की व पुलिस थाना कण्डाघाट में दर्ज हैं जिनमें आरोपी से 88.35 ग्राम चिटटा / हैरोईन व 900 ग्राम चरस बरामत की गई थी। इसी तरह आरोपी भरत कुमार के विरूद्ध मादक पदार्थ अधिनियम के तहत 01 मामला पुलिस थाना अर्की में पंजीकृत है जिसमें उक्त आरोपी से 13.08 ग्राम हैरोईन / चिटटा ब्रामद किया गया था। मामले की आगामी जांच जारी है ।
**सांई इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित प्रिंस-प्रिंसैस प्रतियोगिता के विजेता बच्चे सांई इंटरनेशनल स्कूल में प्रिंस-प्रिंसैस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी के कृषिव ठाकुर और एल के०जी० के सानिध्य ठाकुर को प्रिंस और पूर्वांशी भगनाल और निमरत भट्टी को प्रिंसैस के खिताब से नवाजा गया। पहले रनरअप नर्सरी के रुतविक ठाकुर और राशिका शर्मा रहे। प्रतियोगिता में कक्षा नर्सरी एवं कक्षा एल केजी के छात्र- छात्राओं ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। सभी छात्र-छात्राओं से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे गए। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक रमिंदर बावा जी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की।
पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबरावरी -हरिपुर कार्यकारिणी की मासिक बैठक का आयोजन पेंशनर्ज कार्यालय पट्टाबरावरी में इकाई अध्यक्ष डीडी कश्यप की अध्यक्षता में हुआ। इकाई अध्यक्ष कश्यप ने कहा कि वर्तमान पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन पट्टाबरावरी -हरिपुर इकाई का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। बैठक में चर्चा के उपरांत आगामी माह अगस्त की 11 तारीख को नई कार्यकारिणी गठित करने के लिए जनरल हाउस रखने का निर्णय लिया गया। अधिवेशन 11 अगस्त को पेंशनर्ज भवन नजदीक दुर्गा माता मंदिर पट्टाबरावरी में सुबह 11 बजे होगा व इस अधिवेशन में इकाई के सभी सदस्य समय पर पहुंचे ,ताकि नई कार्यकारिणी का गठन किया जा सके। इसके अलावा पेंशनरो की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमे सरकार से लिव इन केशमेंट, बकाया एरियर,मेडिकल बिलो के भुगतान के लिए सरकार जल्द बजट का प्रावधान करे, क्योंकि प्रदेश के बहुत से पेंशनर्ज अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर है व इस दौरान दवाइयों के सहारे ही जीवन चल रहा होता है। अतः मेडिकल बिलो के भुगतान के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाए। कशयप ने कहा,कि पेंशनर्ज सरकार को भरपूर सहयोग करते है, परन्तु सरकार अपने करीब 2 वर्ष के कार्यकाल में पेंशनरो की समस्याओं पर गौर नही कर रही है।उन्होंने सरकार से सयुंक्त सलाहकार समिति गठित करने की मांग की है, ताकि पेंशनरो की समस्याओं को समय पर हल किया जा सके। इस दौरान बैठक में जगदेव गर्ग, ख्याली राम, केशव राम, बिशन दास कश्यप, नेक राम कौशल, बीरबल परिहार, चेत राम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी में जोन कंडाघाट छात्र अंडर-14 खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। खेल प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि रमेश ठाकुर समाज सेवी व पूर्व मार्केटिंग बोर्ड अध्यक्ष ने शिरकत की ,वही सुंदर सिंह जसबाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दीप प्रज्वलित करके व डीएसएसए सोलन के झंडे का ध्वजारोहण करके खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने वन्दे मातरम प्रस्तुत किया। खेल प्रतियोगिताओं में खंड कंडाघाट के 14 स्कूलों के लगभग 186 छात्र खिलाड़ी कबड्डी,वॉलीबॉल,खोखो,बेडमिन्टन आदि खेल प्रतियोगिताओं में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। विद्यालय प्रधानाचार्य इंदु शर्मा, एडीपीओ सोलन ,एसएमसी अध्यक्ष व विद्यालय के अध्यापक वर्ग ने मुख्यातिथि का सायरी पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। एडीपीओ ने मुख्य अतिथि सहित सभी लोगों का स्वागत किया। विद्यालय प्रधानाचार्य इंदु शर्मा व एसएमसी अध्यक्ष पवन ठाकुर ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। विद्यालय की छात्राओं ने देश भक्ति गीतो ये मेरे वतन के लोगो,मां तुझे सलाम,ये वतन आबाद रहे तू,पर खूबसूरत प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय प्रधानाचार्य इन्दु शर्मा ने सभी मेहमानों तथा विशेष रूप से मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि का हार्दिक स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन में रहना सिखाता है अतः सभी खिलाड़ियों को हार-जीत की परवाह न करते हुए अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन देना जरूरी है। उन्होंने जानकारी दी कि यह टूर्नामेंट सायरी स्कूल में पहली बार अयोजित किया गया है जो की बहुत ही खुशी की बात है। मुख्यातिथि रमेश ठाकुर ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी व खेल को खेल भावना से खेलने के लिए कहा। अन्याय, कुंसगति के खिलाफ हर एक युवा को लड़ना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम में उद्घाटन समारोह में अंजु राठौर प्रधान ग्राम पंचायत सायरी, रीता कौंडल प्रधान ग्राम पंचायत काहला, जीतराम, शिवसिंह, लच्छ्मी सिंह, मदन कौशल, गोपाल शर्मा, नानक चंद, धर्मदत, रमेश कौंडल तथा एस.. एम.सी. प्रधान पवन ठाकुर तथा कार्यकारिणी सदस्यों सहित कई लोग मौजूद रहे।
** रविवार 21 जुलाई को शिमला के गेयटी कॉन्फ्रेंस हॉल में 2:30 पर होगा आयोजित **वरिष्ठ कवि प्रो. कुमार कृष्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे शिरकत प्रदेश के वरिष्ठ कवि कुल राजीव पंत के पहले कविता संग्रह "पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती" का विमोचन समारोह आगामी रविवार 21 जुलाई 2024 को शिमला के गेयटी कॉन्फ्रेंस हॉल में अपराह्न 2:30 पर आयोजित होगा। लोकार्पण समारोह शिमला की सुपरिचित साहित्यिक संस्था कीकली ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी और वरिष्ठ लेखक श्रीयुत श्रीनिवास जोशी इस लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करेंगे, जबकि वरिष्ठ कवि /आलोचक प्रो. कुमार कृष्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। लोकार्पित की जा रही पुस्तक पर सुपरिचित साहित्यकार प्रो. मीनाक्षी एफ. पॉल, डॉ. विद्यानिधि छाबड़ा और आत्मा रंजन मुख्य वक्ता के रूप में अपने वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। हि.प्र. विश्वविद्यालय से पुस्तकालयाध्यक्ष पद से सेवानिवृत कुल राजीव पंत करीब चार दशकों से कविता लेखन में सक्रिय रहे हैं। विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र–पत्रिकाओं में इनकी कविताएं प्रकाशित होती रही हैं। लेकिन पुस्तक रूप में यह उनकी पहली कृति है। यह कविता संग्रह प्रकाशन संस्थान दिल्ली से प्रकाशित हुआ है। कीकली अध्यक्ष ने बताया कि बच्चों की लिखने, पढ़ने, अभिनय आदि की रुचि और प्रतिभा को विकसित करने और उसे पुस्तक रूप में प्रकाशित करने, बाल साहित्योत्सवों और नाट्योत्सवों के लगातार आयोजनों के साथ कीकली वरिष्ठ लेखकों की रचनाओं को भी संकलित प्रकाशित करती रही है। पिछले कुछ समय से कुछ बहुत अच्छी पुस्तकें भी हमारे मंच से लोकार्पित हुई हैं जो आज साहित्य जगत में चर्चित हैं। इनमें रेखा वशिष्ठ की "गुमशुदा", आत्मा रंजन की "जीने के लिए ज़मीन", विद्यानिधि की "बदला मौसम बदल गए हम", रामगोपाल वर्मा की "दूसरी औरत" गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय की "गंतव्य", मीनाक्षी चौधरी की "शिमला इन्वेस्टिगेटर सीरीज", लालित्य ललित की "चुनिंदा व्यंग्य", जगदीश शर्मा की "मां और द्वंद्व" जैसी अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं। इसी क्रम में कुल राजीव पंत का कविता संग्रह "पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती" भी एक महत्वपूर्ण कृति है। जिसका पाठक अवश्य ही स्वागत करेंगे।
**मॉनसून की बारिश अभी सामान्य से 28% कम **ज्यादातर इलाको में 4 दिन से नहीं बरसे बादल हिमाचल प्रदेश में कल से दो दिन के लिए मानसून एक्टिव हो सकता है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को ज्यादातर भागों में बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान कुछ जगह पर हल्की बारिश हुई है। 8 से 15 जुलाई तक नॉर्मल से 84 प्रतिशत कम बादल बरसे है। इस अवधि में 58.9 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 9.4 मिलीमीटर बरसात हुई। शिमला, बिलासपुर, ऊना और लाहौल स्पीति जिले में इस दौरान सबसे कम बारिश हुई है। पूरे मानसून सीजन यानि 15 जुलाई तक नॉर्मल से 37 प्रतिशत कम बादल बरसे हैं। इस अवधि में 211.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 133.1 मिलीमीटर ही बादल बरसे हैं। इससे कई क्षेत्रों में बरसात में भी सूखे जैसे हालात पनपने लगे हैं। इसकी मार सेब के साथ साथ मक्का, शिमला मिर्च, टमाटर की फसल पर भी पड़ रही है। जिन क्षेत्रों में नमी नहीं है और सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, वहां सेब का साइज नहीं बढ़ पा रहा। किसानों की फसलों पर भी सूखे की मार पड़ रही है। बारिश नहीं होने से तापमान में उछाल आ रहा है। कई जगह अधिकतम तापमान नॉर्मल से 5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है। हमीरपुर के तापमान में नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 4.7 डिग्री का उछाल आया है। यहां का तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं ऊना का तापमान सर्वाधिक 37.4 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं, बीते 24 घंटे के दौरान मंडी के सुंदरनगर में सबसे ज्यादा 36.8 मिलीमीटर, सिरमौर के राजगढ़ में 19 मिमी, मंडी में 16.6 मिमी, ददाहू में 15.2 मिमी, पंडोह 12 मिमी, नाहन 1.2 मिमी और सोलन में 4.4 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को अच्छी बारिश हो सकती है, 19 व 20 को मानसून फिर कमजोर पड़ेगा। 21 जुलाई को फिर से इसके दोबारा एक्टिव होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब विद्यार्थियों की हाजिरी अगले महीने से स्मार्ट उपस्थिति एप के जरिए लगाई जाएगी। इसके लिए स्कूली बच्चों का डाटा यू-डाइस पर अपडेट किया जा रहा है। प्रदेश में निजी स्कूलों समेत करीब 14 लाख बच्चों का डाटा इस पर अपलोड किया जाएगा, जिसमें से 9 लाख बच्चों डाटा अपडेट हो चुका है। बाकी बच्चों का डाटा भी इसी माह के अंत तक अपलोड कर दिया जाएगा। सोमवार को समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की स्मार्ट उपस्थिति एप पर रियल टाइम उपस्थिति सुनिश्चित कर बैठक में राजेश शर्मा ने स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस प्रक्रिया पर फीडबैक को लेकर विद्या समीक्षा केंद्र के अधिकारियों के साथ भी एक बैठक ली। इस बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा संजीव सूद, अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बीआर शर्मा सहित जिलों के उपनिदेशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा निदेशालय के नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालयों के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस लेना जरूरी है। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने स्मार्ट उपस्थिति मोबाइल एप को लॉन्च किया है। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने राज्य, जिला स्तर पर डैश बोर्ड तैयार किए हैं, जिसमें स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति का डाटा राज्य, जिला स्तर पर ऑनलाइन अधिकारी देख सकते हैं। प्रदेश में शिक्षकों की ट्रांसफर और छात्रों की माइग्रेशन का डाटा भी यू-डाइस पर अपडेट होगा। इसके लिए एमआईएस को यू-डाइस से लिंक किया जा रहा है। इससे यू-डाइस और एमआईएस डाटा के अंतर को खत्म किया जा सकेगा। एमआईएस की एक्सेस शिक्षकों के पास रहेगी। इससे वे यह भी देख पाएंगे कि यू-डाइस पर उनके स्कूलों से संबंधित डाटा कितना सही है।बैठक में विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से बताया गया कि इन दिनों ग्रीष्म कालीन स्कूलों में छुट्टियां हैं। इस कारण पूरे प्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति डैश बोर्ड पर ज्यादा नहीं दिख रही। इन दिनों शीतकालीन स्कूलों में ही शिक्षक इस एप का इस्तेमाल कर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के लर्निंग लेवल का मूल्यांकन संबंधी डाटा अपडेट करने के निर्देश जिला उप निदेशकों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दिए। केंद्र ने निपुण प्रगति चैट बॉट लॉन्च किए थे, जिनके जरिए बच्चों की लर्निंग लेवल का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जा रहा है। निदेशक ने कहा कि इसमें कोई तकनीकी दिक्कत आ रही है, तो विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से इसका समाधान किया जाएगा।
**तस्करी में दो अन्य युवक भी शामिल **पुलिस ने तीनों को किया अदालत में पेश सोलन पुलिस नशा तस्करी करने वालों पर कड़ी नज़र बनाए हुए है। आए दिन पुलिस नशा तस्करों की धरपकड़ कर रही है और अब पुलिस को एक और नई सफलता मिली हैं। सोलन पुलिस ने गुप्त सुचना के आधार पर धर्मपुर से एक युवक को 11 ग्राम चिट्टे के साथ बरामद किया है। दरअसल बीते दिन 12 जुलाई को जिला की स्पैशल टीम गश्त व अपराधों की रोकथाम के लिए धर्मपुर क्षेत्र में मौजूद थी तो टीम को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि एक युवक, जिसका नाम सन्दीप कुमार है जो हरियाणा का रहने वाला है तथा बस स्टॉप सनवारा के पीछे मार्डन ढाबा के पास खड़ा हुआ है जो चिटटा/हेरोईन बेचने की फिराक में है, जिसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए सन्दीप कुमार पुत्र अजमेर सिंह निवासी गाव व डा०खा० डुमरखाकलां तह० उचियाना जिला जीन्द हरियाणा उम्र 23 साल, को क़रीब 11 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया, जिस पर पुलिस थाना धर्मपुर में धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अगले दिन आरोपी को न्यायालय में पेश करके चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। जब गहनता से पूछताछ की गई तो आरोपी ने बताया कि उसके साथ दो अन्य युवक भी शामिल है, जिनके नाम राजीव और राकेश है। दोनों कुमारहट्टी के रहने वाले थे और संदीप से चिट्टा/हेरोइन मंगवाते थे। आईएसएम मामले में इस बात का भी खुलासा हुआ कि दोनों युवक अन्य युवाओं को भी बेचते थे। पूछताझ के बाद पुलिस ने 13 जुलाई के ही दिन दो आरोपी राजीव कुमार, उम्र 44 पुत्र बहादुर सिंह निवासी बाड़ा तहसील व जिला सोलन और राकेश कुमार उम्र 44 पुत्र बलबीर सिंह निवासी गाँव लोहांजी, डाकखाना कुमारहट्टी तहसील व जिला सोलन को पुलिस थाना धर्मपुर की पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जा रहा है। जाँच के दौरान यह भी पाया गया है कि दोनों आरोपी पहले भी अपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं, जिनमे एक आरोपी राजीव कुमार के विरुद्ध मादक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत एक मामला व आरोपी राकेश कुमार के विरुध 02 मामले, जिनमें एक मादक पदार्थ व एक वन अधिनियम में पुलिस थाना धर्मपुर में पंजीकृत है I मामले की आगामी जांच जारी है।
**टाइडमैन सेब 800 से 1,400 रुपये पेटी बिका हिमाचल प्रदेश में आधिकारिक तौर पर सेब सीजन 15 जुलाई से शुरू हो गया। हर वर्ष इस समय तक फल मंडियों में बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की खेप पहुंचनी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक मंडी में बेहतर गुणवत्ता वाली पैदावार नहीं पहुंची है। भट्ठाकुफर फल मंडी में टाइडमैन, रेड जून और पराला फल मंडी में गाला सेब की खेप पहुंचनी शुरू हो गई है। आढ़तियों के अनुसार गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सेब सीजन देरी से शुरू हो रहा है, क्योंकि सूखे की वजह से अधिकतर पैदावार प्रभावित हो गई है। इसकी वजह से फसल का आकार और रंग भी सही नहीं बन पाया है। अभी जो सेब आ रहा है उसे बागवान पूरी तरह तैयार होने से पहले ही तोड़कर मंडी में ला रहे हैं, जिसके चलते बागवानों को शुरुआत में ही फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को भट्ठाकुफर फल मंडी में 2,986 सेब की पेटियां पहुंची, वहीं रविवार को 1,500 से 1,800 के बीच सेब की पेटियां मंडी में पहुंची। इस दौरान टाइडमैन सेब 800 से 1,400 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से बिका। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रताप चौहान ने बताया कि गत हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते मंडी में सेब की आवक में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गुणवत्ता अच्छी नहीं आई है। आने वाले दिनों में यदि मौसम अनुकूल रहता है तो आवक बढ़ने के साथ बागवानों को बेहतर दाम मिलेंगे। पराला फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान सुशील ठाकुर ने बताया कि गत वर्ष 15 जुलाई से पहले सेब की स्पर किस्म मंडी में पहुंचनी शुरू हो गई थी, वहीं गाला सेब और टाइडमैन सेब भी अच्छी गुणवत्ता का आ रहा था, लेकिन इस वर्ष तो टाइडमैन ही मंडी में पहुंचा है जिसका आकार छोटा और रंग भी फीका है।
**प्रदेश के कुछेक स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान हिमाचल प्रदेश में मॉनसून कमजोर पड़ गया है। मौजूदा मॉनसून सीजन में नॉर्मल से 35 प्रतिशत और बीते एक सप्ताह के दौरान 78 प्रतिशत कम बादल बरसे है। कई क्षेत्रों में मानसून सीजन में भी सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। आज और कल भी कुछेक क्षेत्रों में ही हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 14 जुलाई के बीच लाहौल स्पीति जिला में पानी की एक बूंद भी नहीं बरसी। बिलासपुर जिला में भी नॉर्मल से 80 प्रतिशत कम, चंबा में 81 प्रतिशत, हमीरपुर में 69 प्रतिशत, कांगड़ा में 79 प्रतिशत, किन्नौर में 35 प्रतिशत, कुल्लू में 72 प्रतिशत, मंडी में 58 प्रतिशत, सिरमौर में 71 प्रतिशत, सोलन में 70 प्रतिशत और ऊना जिला में भी 97 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में प्रदेश में मात्र 12.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि नॉर्मल बारिश 58.5 मिलीमीटर होती है। मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश औसत 203 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 131.9 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को मानसून थोड़ा एक्टिव हो सकता है। इस दौरान कुछेक स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बारिश नहीं होने के बाद तापमान में उछाल आया है। कई शहरों का पारा नॉर्मल से 5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है।
हिमाचल प्रदेश की 5,000 करोड़ की सेब आर्थिकी को ओलों से बचाने के लिए आईआईटी मुंबई की ओर से विकसित स्वदेशी एंटी हेलगन को डॉप्लर रडार से जोड़ा जाएगा। रडार की मदद से ओलों वाले बादलों की स्टीक जानकारी मिलेगी और हेलगन का प्रभाव बढ़ेगा। शिमला जिले के मंढोल में स्थापित स्वदेशी एंटी हेलगन के तीन साल का ट्रायल पूरा होने के बाद आईआईटी मुंबई के इंजीनियरों ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया है। डीआरडीओ की पुणे लैब के वैज्ञानिक इसमें तकनीकी सहयोग देंगे। हेलगन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने की भी संभावना तलाशी जाएगी। विदेशों से आयातित एंटी हेलगन की कीमत करीब डेढ़ करोड़ है जबकि आईआईटी मुंबई की ओर से विकसित स्वदेशी एंटी हेलगन की कीमत महज 31 लाख है। विदेशी हेलगन चलाने के लिए एसिटिलीन गैस इस्तेमाल होती है। यह बहुत मंहगी है और आसानी से नहीं मिलती। स्वदेशी हेलगन एलपीजी से चलती है। इसलिए इसके संचालन का खर्चा कम है। रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एचईएमआरएल पुणे के निदेशक डाॅ. एपी दास ने बताया कि स्वदेशी एंटी हेलगन से पर्यावरण को नुकसान की संभावना नहीं है। हेलगन से नियंत्रित तरीके से तरंगें वायुमंडल में जाती हैं। जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। उनकी टीम ने परीक्षण के दौरान आंकड़ों का अध्ययन किया है, रिपोर्ट आईआईटी मुंबई को जल्द सौंपी जाएगी। डाॅप्लर वेदर रडार स्थापित कर सटीक आंकड़ों से इसका प्रभाव बढ़ाया जा सकता है। सरकार ओलों से बचाव करने वाली जाली पर 80 फीसदी अनुदान दे रही है। इसके स्थान पर स्वदेशी एंटी हेलगन स्थापित करने पर अनुदान दिया जाना चाहिए। इससे छोट-बड़े सभी बागवान लाभान्वित होंगे। बागवानों को बगीचों में नेट चढ़ाने-उतारने का खर्चा भी बचेगा मंढोल में स्थापित स्वदेशी एंटी हेलगन का प्रयोग सफल रहा है। सेब उत्पादक क्षेत्रों में एंटी हेलगन का ग्रिड नेटवर्क स्थापित कर सेब की फसल ओलों से बचाई जा सकती है। प्रदेश सरकार को भी इसका प्रस्ताव सौंपा जाएगा। डीआरडीओ की एचईएमआरएल लैब के साथ मिलकर डाॅप्लर रडार स्थापित कर इसका प्रभाव बढ़ाने की भी योजना है।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में माता ज्वाला का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। रविवार सुबह से ही लंबी लाइनों में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। मंदिर में भजन कीर्तन, चौकी का आयोजन हो रहा है। स्थानीय लोग, पुजारी वर्ग तरह तरह के भंडारे माता ज्वाला के दरबार में लगा रहे हैं। ज्वालामुखी मंदिर गर्भ गृह को सुंगधित रंग बिरंगे पांच लाख फूलों से सजाया गया है। मंदिर में हजारों श्रद्धालु रविवार को पहुंचे और माता ज्वाला की दिव्य ज्योतियों का आशिर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में विशेष पुलिस कर्मी तैनात किए गए, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। शनिवार देर रात भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर रात 11 बजे बंद किया गया। मंदिर पुजारी व न्यास सदस्य अविनेद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार को गुप्त नवरात्र का समापन होगा और विशाल यज्ञ व पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा और इसी दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। माता ज्वाला के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर मंदिर में पुजारी वर्ग द्वारा विशेष देसी घी के हलवे के प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। वहीं, देवी भागवत कथा का भी समापन पूर्णाहुति के साथ सिंवर नवमी को किया जाएगा। उन्होंने बताया माता ज्वाला का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है और मंदिर प्रसाशन की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शनों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। माता ज्वाला सभी भक्तों को आशीर्वाद दे और सभी की अभीष्ट मनोकामनाओं को पूर्ण करें। वर्ष में प्रकटोत्सव का यह सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण दिन होता है। इस उपलक्ष्य पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
शिमला: हिमाचल में बाहरी राज्यों के लोगों की ओर से धारा 118 की मंजूरी लेकर खोले गए होम स्टे को बंद करने पर सरकार आने वाले दिनों में बड़ा फैसला ले सकती है। प्रदेश में बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार ने विकल्प के तौर पर स्टे खोलने की योजना शुरू की थी, लेकिन हिमाचल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों के बहुत से लोगों ने सरकार से अनुमति लेकर धारा 118 के नियमों का दुरुपयोग कर होम स्टे खोल दिए हैं। शिमला में हिमाचल प्रदेश होमस्टे नियम-2024 का प्रस्ताव तैयार करने के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें इस तरह कड़े फैसले लिए जाने को लेकर चर्चा की गई। जिस पर अब अगली बैठक में अंतिम निर्णय होना है। प्रदेश में बिना पंजीकरण चल रहे होम स्टे और बीएंडबी को बंद करने पर भी चर्चा हुई। उप-समिति के सदस्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रस्तावित प्रारूप तैयार करने के लिए भी बहुमूल्य सुझाव दिए। इस दौरान पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग प्रारूप नियमों को संशोधित कर आगामी बैठक में उप-समिति के समक्ष लाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 के तहत हिमाचल के लोगों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष प्रावधान किया गया है। इस एक्ट में धारा 118 के तहत गैर-कृषकों को जमीन ट्रांसफर करने पर प्रतिबंध होगा, यानी हिमाचल का गैर-कृषक भी यहां पर जमीन नहीं खरीद सकता है. हिमाचल में धारा 118 की जरूरत इसलिए पड़ी कि प्रदेश को साल 1971 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। देश के 18वें राज्य के रूप में हिमाचल अस्तित्व में आया तो एक साल बाद ही भूमि सुधार कानून लागू हो गया। कानून की धारा 118 के तहत कोई भी बाहरी व्यक्ति कृषि की जमीन निजी उपयोग के लिए नहीं खरीद सकता है। फिर लैंड सीलिंग एक्ट में कोई भी व्यक्ति 150 बीघा जमीन से अधिक नहीं रख सकता। भौगोलिक दृष्टि से हिमाचल के ज्यादातर क्षेत्र देश के दुर्गम इलाकों में आते हैं। हिमाचल के पास सीमित भूमि है और पहाड़ी पर्यटन राज्य होने के नाते निर्माताओं ने पहले से भविष्य को भांपते हुए हिमाचल के छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा के लिए ये कदम उठाया है। धारा 118 के तहत प्रदेश का कोई भी जमीन मालिक किसी भी गैर कृषक को किसी भी जरिए से जमीन नहीं दे सकता। भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 2(2) के मुताबिक जमीन का मालिकाना हक उसका होगा जो हिमाचल प्रदेश में अपनी जमीन पर खेती करता है। जो व्यक्ति किसान नहीं है और हिमाचल में जमीन खरीदना चाहता है उसे प्रदेश सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। सरकार से अनुमति लेने पर मालिकाना हक मिल सकता है। उद्योग या पर्यटन विकास से जुड़े मामलों में ही सरकार हर मसले और जानकारी की पूरी तरह से जांच परख के बाद जमीन पर फैसला लेती है। जमीन का CLU यानी चेंज लैंड यूज भी नहीं किया जा सकता। यानी जमीन जिस उद्देश्य के लिए ली गई, उस पर केवल वही नियम लागू होंगे। इस पर अन्य व्यावसायिक गतिविधियां नहीं की जा सकती हैं, लेकिन बाहरी राज्यों के लोगों ने हिमाचल में धारा 118 के तहत उद्योग और मकान बनाने की अनुमति लेकर होम स्टे खोल दिए हैं। बता दें कि प्रदेश में पर्यटन विभाग के पास 4 हजार से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में गैर पंजीकृत होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां भी प्रदेश में संचालित हो रही हैं। ऐसे में होम स्टे के साथ बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों को भी पर्यटन विभाग की कार्रवाई के दायरे में लाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
**17 से 19 जुलाई तक कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान हिमाचल प्रदेश में मॉनसून फिर कमजोर हो गया है। रविवार और सोमवार को भी हल्की बारिश होने के आसार हैं। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। बारिश नहीं होने से मौसम में उमस बढ़ गई है। 17 से 19 जुलाई के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में 12 सड़कें और 6 बिजली ट्रांसफार्मर अभी भी ठप हैं। मंडी जिले में पांच, शिमला में चार और कांगड़ा में तीन सड़कें शनिवार शाम तक बंद रहीं। चंबा जिले में पांच और मंडी में एक बिजली ट्रांसफार्मर बंद है। राजधानी शिमला में कई दिनों के बाद शनिवार को दिनभर धूप खिली रही। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में मानसून कुछ कमजोर हो गया है। आगामी दो-तीन दिनों के दौरान मानसून की सक्रियता कम रहने की संभावना है। 16 जुलाई की रात से बारिश के आसार हैं। 17 से 19 जुलाई तक सभी क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
**हाजिरी और अवकाश के नियम हुए तय अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि ने हाजिरी और अवकाश के नियम तय कर लिए हैं। आने वाले नए सत्र से विवि समेत इससे संबद्ध छह सरकारी-निजी मेडिकल कॉलेजों में ये नियम लागू कर दिए जाएंगे। नियमों के तहत अब एमडी, एमएस और एमडीएस कोर्स के अभ्यर्थियों के लिए संस्थानों में 80 प्रतिशत हाजिरी जरूरी है। अगर कोई अभ्यर्थी अधिक अवकाश करता है तो उस स्थिति में उतने ही दिन उसके कोर्स की अवधि बढ़ाई जाएगी। तीन साल के कोर्स में 751 दिन और दो साल के कोर्स में 501 दिन संस्थान आना आवश्यक है। अवकाश और न्यूनतम उपस्थिति के नियम लागू करने के लिए विवि के प्रबंधन बोर्ड की बैठक मे मंजूरी मिल गई है। नियमों के मुताबिक अंतिम परीक्षा तक तीन वर्षीय कोर्स में साप्ताहिक एक दिन की छुट्टी की जाएगी, वह भी कार्य की आवश्यकता में ही। 25 दिन की सवेतन आकस्मिक छुट्टियां कर सकते हैं। एक छात्र 52 साप्ताहिक अवकाश का भी हकदार है। इसमें महिला स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को मौजूदा नियमों के अनुसार मातृत्व अवकाश की अनुमति दी जाएगी। सरकारी नियम और कानून के अनुसार पुरुष स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को भी पितृत्व अवकाश मिलेगा। प्रसूति या पितृत्व के लिए प्रशिक्षण को उतने ही दिनों तक बढ़ाया जाएगा जितनी छुट्टियां की गई हो। अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि नेरचौक के परीक्षा नियंत्रक एवं डीन प्रशासनिक मामले डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि अवकाश-हाजिरी के नियम तय कर दिए हैं। अधिक अवकाश करने वालों के कोर्स की अवधि उतने ही दिन बढ़ाई जाएगी, जितने दिन छुट्टी पर रहेंगे। तीन साल के कोर्स में कुल दिन 1,095 दिन होंगे। इसमें 939 दिन कार्य दिवस होंगे। इनमें से 751 दिन यानी की 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होगी। वहीं, दो साल के कोर्स में कुल दिन 730 दिन होंगे इनमें कुल कार्य दिवस 626 होंगे। साप्ताहिक अवकाश काटने के बाद 501 दिन यानी 80 प्रतिशत उपस्थिति होना जरूरी होगा। हाजिरी और छुट्टियों के नियम अटल विवि समेत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट कॉलेज कांगड़ा, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक, डॉ. वाईएस परमार गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नाहन, डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, पंडित जवाहर लाल नेहरू गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज चंबा के अलावा महर्षि मार्कंडेश्वर निजी विश्वविद्यालय कुनिहार सोलन में लागू होंगे।
केंद्र सरकार की ओर से कार्टन पर जीएसटी की दरों में 6 फीसदी कटौती का लाभ बागवानों को नहीं मिल पा रहा है। बाजार में बागवानों से कार्टन पर 18 फीसदी जीएसटी की वसूली हो रही है। प्रदेश सरकार ने इस साल से यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य तौर पर लागू किया है। बागवानों को उम्मीद थी कि जीएसटी में कटौती के बाद यूनिवर्सल कार्टन की कीमत घट जाएगी, लेकिन कुछ रिटेलर कार्टन पर अब भी 18 फीसदी जीएसटी वसूल रहे हैं। इसको लेकर बागवानों ने सरकार से शिकायत भी की है। जून में जीएसटी परिषद की बैठक में सेब कार्टन बॉक्स पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी करने का फैसला लिया गया था। परिषद की 53वीं बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह मामला उठाया था। बीते साल भी हिमाचल ने कार्टन पर जीएसटी की दर घटाने की मांग उठाई थी, जो सिरे नहीं चढ़ पाई। जीएसटी छह फीसदी कम होने के बाद बागवानों को उम्मीद थी कि अब सेब कार्टन तीन से चार रुपये तक सस्ता मिलेगा। संयुक्त किसान मंच ने कार्टन पर जीएसटी के एवज में हो रही मनमानी वसूली पर कड़ी नाराजगी जताई है। मंच के संयोजक संजय चौहान का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में रिटेलर कार्टन पर 18 फीसदी जीएसटी वसूल रहे हैं। 500 पीस कार्टन खरीदने वाले बागवान को 5,400 रुपये जीएसटी चुकाने पड़ रहे हैं। संयुक्त किसान मंच सभी कृषि लागत वस्तुओं पर जीएसटी खत्म करने की मांग उठाता रहा है और भविष्य में भी बागवानों के हित में यह मांग जोर-शोर से उठाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में जल्द ही लोकसेवा आयोग के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षा के 769 प्रवक्ता भर्ती होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने लोकसेवा आयोग को पत्र लिखकर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है। प्रवक्ता स्कूल न्यू के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत ही कंप्यूटर साइंस प्रवक्ताओं के 769 पद भरे जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि लोकसेवा आयोग के सचिव को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में पत्र भेजा गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रवक्ता कंप्यूटर साइंस के 985 पदों को भरा जाना है। मार्च 2024 में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इन पदों को भरने की मंजूरी दी गई थी। कुल 985 पदों में से लोकसेवा आयोग के माध्यम 769 पद भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग की मांग पर अब लोकसेवा आयोग की ओर से भर्ती से संबंधित विज्ञापन जारी किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत करीब 1300 कंप्यूटर शिक्षक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के तहत काम कर रहे हैं। सरकार ने बीते वर्ष नाइलेट कंपनी से नाता तोड़ लिया था। अब कॉरपोरेशन के माध्यम से चयनित कंपनियों के माध्यम से शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। अब लोकसेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती होने से कई बेरोजगारों का सरकारी नौकरी पाने का सपना पूरा होगा।
**श्रीखंड महादेव यात्रा आज से शुरू महादेव के पंच कैलाशों में से एक और उत्तर भारत की सबसे कठिनतम धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा आधिकारिक तौर पर आज यानि रविवार से शुरू हो गई है। आज से 27 जुलाई तक चलने वाली इस यात्रा के शुभारंभ के लिए पिछले कल 13 जुलाई को यात्रा ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश ने जाओं, बड़ींगचा से 3 किलोमीटर पैदल चलकर बेस कैंप सिंह गाड़ देर शाम पहुंची। बेस कैंप सिंह गाड़ में उन्होंने श्रीखंड सेवा समिति अरसू, रामपुर, हमीरपुर, के पंडाल में शिव भक्तों के साथ संध्याकाल की शिव आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ट उपाध्यक्ष एवं यात्रा ट्रस्ट के संस्थापक बुद्धि सिंह ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू पंकज परमार, यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह, तहसीलदार निरमंड जयगोपाल शर्मा, डीएसपी चंद्र शेखर कायथ, ट्रस्ट, सदस्य गोविंद शर्मा, जिला परिषद सदस्य पूर्ण ठाकुर, स्थानीय पंचायत की प्रधान सुषमा कटोच उप प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर, जुआगी के उप प्रधान रणजीत ठाकुर,मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने लंगर का विधिवत उद्घाटन भी किया और अपने हाथों से शिव भक्तों को लंगर का स्वादिष्ट खाना भी परोसा। आज सुबह करीब 5 बजे डीसी ने महादेव के पवित्र धाम श्रीखंड कैलाश पर्वत के लिए हरी झंडी दिखाकर 70 श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना किया। 8 बजे तक करीब 1100 शिव भक्त श्रीखंड कैलाश पर्वत के लिए रवाना हो गए हैं। डीसी ने बताया कि इस बार की श्रीखंड यात्रा के लिए प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। यात्रा से पूर्व श्रीखंड के रास्ते बनकर तैयार किए हैं और रास्ते में पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से तैयार कर दी गई है। यात्रा में पुलिस, रेस्क्यू, एसडीआरएफ, मेडिकल, रेवन्यू, की टीमें हर बेस कैंप पर तैनात की गई है। उन्होंने शिव भक्तों से यात्रा में द्रव्यों मादक पदार्थों का सेवन न करें और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील भी की है।
** सैनी को हल्के में लेना भाजपा को पड़ा भारी **किसके पाले से खिसके 13025 मत नालागढ़ में एक बार फिर भाजपा को बगावत ले डूबी है। इस सीट पर भाजपा के बागी हरप्रीत सैनी मैदान में ना होते तो शायद तस्वीर कुछ और भी हो सकती थी। शुरुआत से ही माना जा रहा था कि सैनी इस क्षेत्र में भाजपा के समीकरण बिगाड़ सकते है और हुआ भी बिलकुल ऐसा ही... हरप्रीत सैनी को इस चुनाव में कुल 13025 वोट मिले है तो वहीँ भाजपा प्रत्याशी के एल ठाकुर को 25618 मत प्राप्त हुए है। ज़ाहिर है अगर इस सीट पर बगावत साध ली जाती तो तस्वीर कुछ और भी हो सकती थी। अपनों की नाराज़गी ने पिछले 6 उपचुनावों में भी भाजपा को सैट बैक दिया था और इन उपचुनावों में भी ये हार का बड़ा कारण बना है। शायद नालागढ़ की जनता ने सत्ता के साथ चलना उचित समझा है और इस सीट पर होलीलोज और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के करीबी हरदीप बावा की जीत दिलाई है।
नालागढ़ का प्रतिनिधित्व हरदीप सिंह बावा करेगें। नालागढ़ में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के करीबी बावा हरदीप 8990 वोट से चुनाव जीत गए हैं। इस चुनाव में हरदीप बावा को 31298 मत मिले हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी केएल ठाकुर को 24428 वोट पड़े हैं। बता दें की शुरुआत से ही कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप बावा के खिलाफ इस क्षेत्र में भाजपा ने बाहरी का नारा बुलंद किया था मगर भाजपा के किसी भी दाव का असर यहाँ नहीं हो पाया है। इस बार बावा तीसरी बार चुनावी मैदान में थे। इससे पहले वे एक बार निर्दलीय और एक बार बतौर कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में उतरे थे मगर दोनों ही बार हरदीप बावा की हार हुई। इस बार बावा को नालागढ़ की जनता ने अपना आशीर्वाद दे दिया है। इस चुनाव में कांग्रेस लगातार कृष्ण लाल ठाकुर से सवाल पूछ रही थी कि उनके इस्तीफे का कारण क्या है। क्यों उन्होंने इस्तीफा दिया और शायद केएल ठाकुर इसका जवाब जनता तक नहीं पहुंचा पाए। नतीजों से स्पष्ट हो गया है की केएल का निर्दलीय विधायक के पद से इस्तीफा दे कर भाजपा टिकट से चुनाव लड़ना जनता को रास नहीं आया। वहीँ निर्दलीय प्रत्याशी हरप्रीत सैनी भी केएल की हार का बड़ा कारण बने है। बतौर निर्दलीय उम्मीदवार हरप्रीत सिंह सैनी भी 13025 वोट हासिल करने में कामयाब रहे हैं।
गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश द्वारा यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डायरेक्टर ए जे सिंह को ज्ञापन सोपा गया, जिसमें गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश के कार्यकारिणी सदस्य एवं यूआईटी हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के सदस्य भी शामिल रहे इस ज्ञापन के माध्यम से हमने यूआईटी डायरेक्टर व प्रशासन का ध्यान उन ट्राइबल छात्रों की और आकर्षित किया जिसमे वह अध्यनरत है। आपको एक बात बता दी जाए कि यूआईटी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का एक अभिन्न अंग है परंतु इस बात से हैरानी है कि यूआईटी में पढ़ रहे छात्रों को हॉस्टल की सुविधा से वंचित रखा जा रहा है । संघ द्वारा इस मुद्दे को कई बार प्रशासन के सामने रखा है और आगे भी गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश इसी भांति इन मुद्दों के लिए प्रशासन के खिलाफ लड़ते रहेंगे और इन्हें सुलझाने के लिए हर सार्थक प्रयास करते रहेंगे। अनुसूचित जनजाति के छात्र हिमाचल प्रदेश के उन क्षेत्रों से आते है जो मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रहते हैं और उनके पास फीस को भरने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं वह अपना जीवन यापन अनेक कठिनाइयों से करते हैं परंतु शिमला में पहुंचकर उन्हें भारी भरकम बोझ जिसमें रूम रेंट व पीजी में रह रहे छात्रों को एक आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है जो की उन अनुसूचित जनजाति के छात्रों लिए सम्भव नही दिखता है आपको ये बात भी बता दी जाए की जो विश्वविद्यालय का जो ट्राईबल हॉस्टल है वह ट्राइबल छात्रों के लिए आरक्षित हैं परंतु विश्वविद्यालय यहां सामान्य वर्ग के छात्रों को भी भरने का काम कर रहा है परंतु यह अनुचित है क्योंकि जब तक विश्वविद्यालय में ट्राइबल छात्र किराए के रूम में रह रहे हैं तब तक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ट्राईबल हॉस्टल को सामान्य वर्ग के छात्रों को नहीं भरना चाहिए। विश्व विद्यालय कई बार इस बात का हवाला देता है की यह सिर्फ पोस्टग्रेजुएट (PG) व उससे ऊपर के छात्रों के लिए है परंतु यहां बीएड डिग्री के छात्र भी रहते है अत: गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश सदैव छात्र कल्याण के पक्ष में खड़ा है और इसी भांति छात्र हित कार्य में लगा है और लगा रहेगा ।
** अपनी पत्नी को एक्टिव पॉलिटिक्स में शामिल करने वाले तीसरे मुख्यमंत्री बने सीएम सुक्खू डॉ. यशवंत सिंह परमार और स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की फेहरिस्त में अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हो गए। इन दोनों के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ऐसे तीसरे मुख्यमंत्री है जिनकी पत्नी एक्टिव पॉलिटिक्स शामिल हो गई है। इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश के ऐसे दो मुख्यमंत्री रहे है जिनकी पत्नियां भी राजनीति में ही रही है। हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय डॉ. यशवंत सिंह परमार की पत्नी भी राजनीति में ही थी। हालाँकि उनकी पत्नी शादी से पहले ही राजनीति में आ चुकी थी और शायद ये बात बेहद कम लोग जानते होंगे कि डॉ. यशवंत सिंह परमार की वो दूसरी पत्नी थी। 65 साल के डॉ. परमार को 55 साल की महिला राज्यसभा सांसद सत्यवती डांग से प्यार हो गया था और उन्होंने तब दूसरी शादी की थी। सत्यवती डांग 1964 से 1969 तक हिमाचल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहीं है। दूसरे मुख्यमंत्री थे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह। वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री रहते ही प्रतिभा सिंह भी पॉलिटिक्स में आ गई थी और अभी प्रतिभा सिंह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाल रही है। अब सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के सातवें मुख्यमंत्री है और अपनी पत्नी को पोलटिक्स में लाने वाले तीसरे मुख्यमंत्री।
**कांग्रेस के पास 40 का आकड़ा कायम **आखिर उपचुनावों से हासिल हुआ क्या ? 23 मार्च 2024 वो तारिख जब कांग्रेस के 6 विधायक रूठ कर भाजपा के खेमे में शामिल हो गए थे । 13 जुलाई 2024 वो तारिख है जब प्रदेश कांग्रेस के पास उनकी जगह पर 6 नए विधायक है। तीन उपचुनावों के नतीजों के बाद अब हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के कुल 40 और भाजपा के कुल 28 विधायक बैठेंगे। 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद की तस्वीर भी इससे ज़्यादा इतर नहीं थी, तब भी कांग्रेस के 40 ही विधायक विधानसभा की दहलीज़ तक पहुंचे थे यानि कांग्रेस के 6 विधायक अगर छिटके तो जनता ने 6 अन्य विधायकों को जितवा कर विधानसभा पहुंचा दिया। हां मगर तब भाजपा के महज़ 25 ही विधायक सदन तक पहुंचे थे और अब ये आकड़ा 28 का हो गया है। अब आप पूछेंगे की ये आकड़ा तो भाजपा निर्दलीय विधायकों को अपने साथ मिलाकर भी प्राप्त कर सकती थी फिर 3 विधानसभा सीटों की जनता पर उपचुनाव थोपने का आखिर क्या अर्थ निकला। ये सवाल जनता अब भाजपा से पूछेगी और पूछेगी उन निर्दलीय विधायकों से जिन्होंने विधायक होने के बावजूद भी पद से इस्तीफ़ा दे दिया। पुछा जाएगा की आखिर इन 3 उपचुनावों से भाजपा को हासिल क्या हुआ। सवाल तो भाजपा हाईकमान भी पूछेगा, प्रदेश के उन भाजपा नेताओं से जिनके काँधे पर भाजपा को चुनाव जितवाने की ज़िम्मेएदारी सौंपी गई थी। सवाल जवाब अब चलते रहेंगे मगर फिलवक्त इन चुनावों का लब्बोलुबाब ये है की अभी के लिहाज़ से प्रदेश की 40 विधायकों वाली कांग्रेस सरकार बिलकुल सुरक्षित है। वहीँ प्रदेश की जनता ने ये सन्देश भी सांझा कर दिया है कि हिमचाल प्रदेश की जनता दल-बदल की राजनीति से ज़्यादा इत्तेफ़ाक़ नहीं रखती।


















































