जवाहर नवोदय विद्यालय कुनिहार में आज 31वें एनवीएस रीजनल कबड्डी खेलों का शुभारंभ रंगारंग कार्यक्रमों के साथ किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुदेश मोख्टा, आई०ए०एस० व वर्तमान में एमडी एचपीएमसी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि वह स्वयं जवाहर नवोदय विद्यालय ठियोग शिमला के छात्र रहे हैं। खेलों का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। यह हमारे शारीरिक विकास के साथ ही मानसिक विकास में भी अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल छात्रों के समग्र विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक हैं। विभिन्न खेल खेलने से उन्हें टीम वर्क, नेतृत्व, जवाबदेही, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे जीवन कौशल सीखने में मदद मिलती है और उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है। उन्होंने विभिन्न क्लस्टरों से आए हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्राचार्य के० के० यादव द्वारा मुख्य अतिथि महोदय का आभार प्रकट किया गया तथा विद्यार्थियों को उत्साह पूर्वक कबड्डी खेलों में प्रतिभाग करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि खेल मानसिक, शारीरिक, और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यह हमारे जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाता है और हमें सकारात्मक रूप से सोचने, संघर्ष करने, और जीतने की क्षमता प्रदान करता है। रीजनल कबड्डी मीट में विभिन्न क्लस्टरों से आए हुए कुल 180 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इसमें जे एंड के- 1. जे एंड के 2, पंजाब-1, पंजाब-2 तथा हिमाचल क्लस्टर हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 के अंतर्गत कुल 12 मैच खेले जाने हैं तथा इसका समापन 31 जुलाई को फाइनल के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम की प्रस्तुति वरिष्ठ शिक्षक वीर सिंह के द्वारा की गई तथा कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ शिक्षक योगेश कुमार पाठक द्वारा सभी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
ऊना मुख्यालय के साथ लगते लालसिंगी में पास लेने को लेकर पंजाब रोडवेज के बस चालक व परिचालक ने पिकअप चालक के साथ मारपीट की है। यहीं नहीं, मारपीट के दौरान पिकअप का शीशा तक तोड़ दिया। पुलिस ने पीडि़त सुरेंद्र सिंह निवासी बरनोह की शिकायत पर पंजाब रोडवेज बस के चालक शमशेर सिंह व परिचालक हैप्पी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में कुल्लू से सामान लेकर जालंधर गया था। जालंधर में सामान उतारकर अपने घर बरनोह आ रहा था तो पंडोगा में एक रोडवेज की बस से पास लेने की कोशिश की, ड्राइवर पास नहीं दे रहा था। ईसपुर मोड़ के पास बड़ी बस से पास ले लिया। इसके बाद वह बार-बार हॉर्न मारकर इसे परेशान करने लगा। लालसिंगी के पास पहुंचा तो उपरोक्त बस के ड्राइवर ने बस पिकअप के आगे लगा दी और कंडक्टर ने लोहे की रॉड से हमला कर गाड़ी का फ्रंट का शीशा तोड़ दिया। इस दौरान मेरी जेब से 17 हजार रुपए किराया कहीं गिर गया। एसपी राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
**पंजाब के अफसरों के साथ चर्चा कर संशोधित किए जाएंगे रूट पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के अधिकारी शिमला पहुंच गए हैं। वहां के परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त के साथ शिमला में सोमवार को बैठक होगी, जिसमें इंटर स्टेट बस रूट परमिट को लेकर समीक्षा की जाएगी। इसमें पंजाब की ओर से कुछ आपत्तियां हैं, जिनको दूर करने का प्रयास होगा। रूट परमिट की निर्धारित सीमा से ज्यादा पंजाब की सडक़ों पर हिमाचल के प्राइवेट बस ऑपरेटर चल रहे हैं, जिनको लेकर पंजाब सरकार शिकायत कर रही है। जो समझौता हिमाचल और पंजाब के बीच में हुआ है उसके तहत पांच हजार किलोमीटर एरिया तक रूट परमिट वैद्य हैं, लेकिन यहां पंजाब की सीमा से सटे क्षेत्रों से प्राइवेट बसें दूसरी ओर जा रही हैं और वो लगातार सरकार के साथ हुए समझौते का उल्लंघन कर रही हैं। ऐसे में पंजाब के परिवहन अधिकारी इस मामले पर चर्चा करने और रूट परमिट को रिवाइज करने की बात कर रहे हैं, जिसे लेकर आज बैठक हैं । हिमाचल की तरफ से प्रदेश के प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम इस बैठक में हिस्सा लेंगे, जिनके साथ निदेशक डीसी नेगी व अन्य अधिकारी मौजूद होंगे। रूट परमिट की वर्तमान लिमिट से पंजाब को नुकसान हो रहा है ऐसा पंजाब सरकार का मानना है। लिहाजा इसे संशोधित करने की मांग हो रही है और देखना होगा कि इसमें हिमाचल क्या कहता है। पंजाब के अधिकारी अपने आंकड़े रखेंगे जिन पर हिमाचल के अधिकारी सहमत होते हैं, तो बात आगे बढ़ेगी। प्रधान सचिव परिवहन इस बैठक से पहले रविवार शाम को शिमला पहुंचे। उन्होंंने कहा कि यह बैठक दोनों राज्यों के रूट परमिट से जुड़े मसले को लेकर अहम है और आपस में मिलकर हम समाधान निकालेंगे।
सरकारी खर्च पर नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश के वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। विभागों को 31 अक्तूबर तक विस्तृत व्यय रिपोर्ट वित्त विभाग को प्रस्तुत करनी होगी। इसमें बचतों और निर्धारित से अधिक बजट व्यय का ब्योरा देना होगा। वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के लिए वास्तविक खर्च और शेष महीनों के लिए अनुमानित खर्च की रूपरेखा देनी होगी। दूसरी आधिक्य एवं बचत विवरणिका में आठ महीनों यानी 30 नवंबर तक का वास्तविक व्यय और शेष चार महीनों के संभावित व्यय की जानकारी देनी होगी। अनुपूरक बजट अनुरोध इस जानकारी पर आधारित होंगे। वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को इन आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सरकार ने देखा है कि हाल के वर्षों में कई विभाग जरूरत से ज्यादा खर्च कर रहे हैं और संभावित बचत का आकलन कम कर रहे हैं। वे आधिक्य और बचत के भी अनुमानित आंकड़े दे रहे हैं। इससे गलत वित्तीय योजना और अनावश्यक बजट अनुरोध सामने आए हैं। इस विषय के समाधान के लिए विभागों को अब किसी भी अधिक खर्च या बचत के लिए स्पष्ट और उचित कारण बताने होंगे। वित्त विभाग ने सटीक वित्तीय आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया है। किसी भी विसंगति को जांचा जाएगा। इन निर्देशों के अनुसार प्रथम आधिक्य एवं अभ्यर्पण विवरणिकाएं 31 अक्तूबर तक वित्त विभाग को उपलब्ध हो जाना चाहिए। इसके अंतर्गत चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों यानी 30 सितंबर तक के वास्तविक व्यय और बकाया महीनों के संभावित व्यय के आंकड़े दर्शाए जाने चाहिए। इसी जिन लेखा शीर्षों और मानकों में बचतें दर्शाई जा रही हैं, उनमें विभागध्यक्ष डीडीओ से पहले ही सरेंडर लेना सुनिश्चित किया जाए। वित्त विभाग को इन बचतों को ई-बजट सॉफ्टवेयर में लेना होता है। इन निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
**भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक जारी किया अलर्ट हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौ*त हो चुकी है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 27 जून को मानसून ने हिमाचल में दस्तक देने से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, इस मानसून सीजन में अब तक राज्य को ₹410 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, एक बार फिर से मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, 21 लोगों की मौ*त ऊंचाई से गिरने से, 18 की डूबने से, 8 लोगों की सांप काटने और आठ लोगों की बिजली के झटके लगने से मौ*त हुई है, जबकि एक व्यक्ति की मौ*त अचानक आई बाढ़ में हुई है, जबकि भूस्खलन या बादल फटने से किसी की मौ*त नहीं हुई है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इ, मानसून सीजन में अब तक करीब 100 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा ₹172 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बाद बागवानी विभाग को ₹139 करोड़ का नुकसान हुआ है। शिमला मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक राज्य के आठ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है । प्रदेश में 2 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के कारण बागानों, खड़ी फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने और निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी है । राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रही। सिरमौर जिले के धौला कुआं में 123 मिमी बारिश हुई, जबकि नाहन में 74.5 मिमी, कटौला में 40.2 मिमी, पालमपुर में 32 मिमी, पांवटा साहिब में 31.2 मिमी, धर्मशाला में 27.6 मिमी, सुंदरनगर में 26.8 मिमी और बैजनाथ में 25 मिमी बारिश हुई। राज्य में 1 जून से 27 जुलाई तक 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें औसत 321.2 मिमी के मुकाबले 194 मिमी बारिश हुई है। इस बीच अकेले जुलाई महीने में बारिश की कमी 33 प्रतिशत रही। क्योंकि राज्य में 1 से 27 जुलाई तक 220.1 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 147.5 मिमी बारिश हुई।
** बद्दी की स्टेसालिट कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का करता था काम एक स्थानीय कंपनी में मशीन की चपेट में आने कामगार की मौ*त हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि कामगार कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। मृत*क के चाचा ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसके आधार पर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय अभिषेक वर्मा निवासी सुराजमाजरा जुड्डी बद्दी डीआईसी प्लाट नंबर 25 में स्थित स्टेसालिट कंपनी में बिजली का काम करता था। ड्यूटी के दौरान वह मशीन की चपेट में आ गया। इससे वह बेहोश हो गया। उसे बद्दी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां चिकित्सकों के उसे मृ*त घोषित कर दिया। मृत*क के चाचा ज्ञान चंद शील ने बताया कि भतीजा अभिषेक वर्मा की कंपनी की लापरवाही के चलते मौ*त हो गई है। उन्होंने कंपनी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एएसपी डॉ. अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने श*व को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल के सोलन में भूस्खलन हुआ है। सोलन जिले में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर अखबार लेकर जा रही एक गाड़ी पर पहाड़ी से पत्थर गिर गया। इस हाद*से में एक व्यक्ति मौ*त हो गई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घाय*ल हो गए। सभी घाय*लों को उपचार के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू ले जाया गया। जहां इन घाय*लों का इलाज चल रहा है। वहीं, पहाड़ी से कालका-शिमला एनएच 5 पर पत्थरों के गिरने से इस मार्ग पर एक लेन पूरी तरह बाधित हो गया। इसके कारण सड़क पर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया है। हाद*सा आज सोमवार सुबह 2:30 बजे हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुई बोलेरो (PB 08C P9686) एनएच 5 पर पलट गई, इस दुर्घटना में देव राज (40 वर्ष) की मौ*त हुई है, जो जिला कपूरथला पंजाब का रहने वाला था। वहीं, घाय*लों की पहचान कुलदीप सिंह (40 वर्ष) (निवासी गढ़शंकर जिला होशियारपुर पंजाब), भावुक पुत्र (23 वर्ष) और वंदना सोंधी (43 वर्ष) (निवासी मोहल्ला जालंधर सिटी पंजाब) के रूप में हुई है। तीनों घाय*लों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आज सोमवार को एक बार फिर से सोने के भाव में गिरावट आई है। सावन महीने के दूसरे सोमवार को सोना सस्ता हुआ है। बता दें कि देश के ज्यादातर राज्यों में पिछले एक हफ्ते के अंदर सोना 6000 रुपये तक सस्ता हुआ है। 29 जुलाई को भारत में सोने की कीमतें 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। इस रेट में हाई प्योरिटी वाले सोने के लिए प्रीमियम शामिल है, जिसमें 24 कैरेट सोने की कीमत 68,990 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोना की कीमत 63,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच, चांदी की कीमत 84,400 रुपये प्रति किलोग्राम रही। सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी सहित विभिन्न उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती की है। कीमती धातुओं के सिक्कों, सोने/चांदी की खोज और सोने और चांदी की छड़ों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया गया। सोने और चांदी के डोर के लिए इसे 14.35 फीसदी से घटाकर 5.35 फीसदी कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। शनिवार को एक औंस सोने की कीमत 2387 डॉलर थी, सोमवार तक इसमें 7 डॉलर की तेजी आई और यह 2394 डॉलर पर पहुंच गई। फिलहाल एक औंस चांदी की कीमत 28.06 डॉलर है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती के नियमों में कई बदलाव किए हैं। पहली बार उम्मीदवार को लंबाई के अतिरिक्त अंक मिलेंगे। भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के बाद पहली बार कमांडो कोर्स करवाया जाएगा। प्रदेश में 1,226 पदों को लेकर जल्द भर्ती प्रकिया शुरू होने वाली है। लोकसेवा आयोग के माध्यम से यह भर्ती की जानी है। पुलिस मुख्यालय ने भर्ती नियम की शर्तें लागू की हैं। भर्ती में एक जनवरी 2024 के आधार पर अभ्यर्थियों की आयु सीमा को गिना जाएगा। भर्ती नियमों की शर्तों के अनुसार पुरुष उम्मीदवार को 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर कोई अंक नहीं मिलेगा। 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई होने पर 1 अंक, 5 फुट 8 इंच से ज्यादा और 5 फुट 9 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 9 इंच से ज्यादा और 5 फुट 10 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक और 5 फुट 10 इंच से ज्यादा और 5 इंच 11 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 11 इंच से ज्यादा और 5 फुट 12 इंच से कम लंबाई के 5 और 6 या इससे अधिक इंच लंबाई होने पर 6 अंक मिलेगें। इसी तरह महिला उम्मीदवारों को 5 फुट 3 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 4 इंच से कम लंबाई पर 1 अंक, 5 फुट 4 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 5 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 5 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 6 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक, 5 फुट 6 इंच से ज्यादा और 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई पर 5 अंक और 5 फुट 8 इंच से ज्यादा लंबाई होने पर 6 अंक मिलेंगें। पुरुष उम्मीदवारों को 5 मिनट 30 सेकंड में 1,500 मीटर दौड़ और महिला उम्मीदवारों को 800 मीटर दौड़ 3 मिनट 45 सेकंड में पूरी करनी होगी। दौड़ के लिए अलग से मौका नहीं मिलेगा। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को 1.35 मीटर ऊंची कूद और महिला उम्मीदवारों को 1.10 मीटर की ऊंची कूद लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके मिलेंगे। पुरुष उम्मीदवारों को 14 सेकंड में 100 मीटर और महिला उम्मीदवारों को 17 सेकंड में दौड़ पूरी करनी होगी। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को चार मीटर और महिला उम्मीदवारों को तीन मीटर लंबी छलांग लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके दिए जाएंगे। पुलिस भर्ती के लिए 18 से 26 वर्ष की उम्र के सामान्य उम्मीदवार, 18 से 28 वर्ष के अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गोरखा और प्रतिष्ठित खिलाड़ी और 20 से 29 वर्ष की उम्र के होमगार्ड पात्र होंगे।
**पहाड़ में सुक्षित सफर को लेकर किया जाएगा ट्रक ऑपरेटर को जागरूक बीते दिनों हिमाचल सरकार ने सेब सीजन को मद्देनज़र रखते हुए बाहर से आने वाले ट्रक ऑपरेटरों को स्पेशल टैक्स से छूट देने का फैसला किया था अब इसके साथ बाहर से आने वाले ट्रक आपरेटरों को सडक़ सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इस बार विशेष रूप से ट्रक आपरेटरों के लिए सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान प्रदेश में चलेगा, जिसके लिए बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों एक बैठक की थी जिसमे ये निर्देश दिए गए हैं कि ट्रक चालकों को सडक़ सुरक्षा के बारे में बताएं। प्रदेश की सभी मंडियों में सडक़ सुरक्षा जागरूकता को लेकर प्रचार किया जाएगा। मंडियों में पहुंचने वाले ट्रक आपरेटरों से चर्चा की जाएगी, उनको बताया जाएगा कि पहाड़ में वह कैसे सुरक्षित सफर करें। मंडियों में विशेष रूप से प्रचार सामग्री लगाई जाएगी जहां जागरूकता को लेकर सभी तरह की जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा सीजन के दौरान नेशनल हाई-वे पर भी सडक़ सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
आज सोलन के एक नीजी होटल मे हुई बैठक मे शेयर होलडर और बैंक को लेकर बहुत से मुद्दो पर विचार विमर्श हुआ। आज शेयर होलडर की पुरानी बनी अस्थायी बॉडी को सर्वसम्मति से रद्द किया गया और नई रैगुलर बॉडी का चायन भी किया गया जिसमें सोम प्रकाश गुप्ता को प्रधान, शशी कांत गुप्ता को उपप्रधान, विजेंदर गुप्ता को फाईनैस सैकटरी, जय प्रकाश शर्मा को जरनल सैकटरी,महेंद्र नाथ सोफात और जगन नाथ निराला को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया। बैठक मे ये निर्णय लिया गया कि जल्द ही बॉडी का विस्तार किया जाएगा तथा बॉडी को पंजीकृत करवाया जाएगा।बैठक मे विशेष रूप से अरूण गोयल, प्यारेलाल गुप्ता, सुखदेव रतन ,सीजे कपूर, बृजमोहन शर्मा, ज्ञानचंद गुप्ता, रमेश अग्रवाल, डाक्टर ओम प्रकाश अत्री व अन्य शेयर धारक मौजूद रहे|
** प्रदेश सरकार के 18 माह के कार्यकाल में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सत्ता में आने के बाद से हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। राज्य में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2022 की पहली छमाही में राज्य ने 86.42 लाख पर्यटकों का स्वागत किया, जबकि जून 2024 के अंत तक यह संख्या बढ़कर 1,00,87,440 हो गई। प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर नवोन्मेषी प्रयास कर रही है। सरकार के प्रयासों से राज्य में पर्यटन को पंख लगे हैं। पर्यटकों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का श्रेय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई सफल पहलों और प्रयासों को जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन उद्योग के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के साथ कई कदम उठाए हैं। सड़क नेटवर्क और हवाई सम्पर्क सुविधा को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण जारी है, जबकि बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए राज्य के हर जिला मुख्यालय में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। पांच हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। शिमला से बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए संजौली हेलीपोर्ट को जल्द ही कार्यशील किया जाएगा। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2018 की पहली छमाही में 89 लाख पर्यटक, 2019 में 99.57 लाख, 2020 में 22.04 लाख, 2021 में 19.75 लाख और 2022 में 86.42 लाख पर्यटकों ने प्रदेश का भ्रमण किया। दिसंबर 2022 में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी है। लाहौल-स्पीति के चंद्रताल, काजा और तांदी व किन्नौर के रकछम, नाको, चांगो और खाब में नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा कुफरी के समीप हसन वैली में स्काई वॉक ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का वार्षिक 5 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य है, इसके लिए सरकार साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन सैलानियों के अनुभव को चिरस्मरणीय बना रहा है। वर्ष 2024-25 के बजट में मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को अगले 10 वर्षों में समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया है, जिसमें प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह दृष्टिकोण एक खुशहाल, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, स्वस्थ, सक्षम, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश के लक्ष्य को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। पर्यटकों के अनुभव को अविस्मरणीय बनाने के लिए यहां अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। बिलासपुर के गोबिंद सागर और ऊना के अंदरौली में जलक्रीड़ा पर्यटन गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। स्थानीय लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए पौंग बांध में गर्म हवा के गुब्बारों से पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की तैयारी है। पर्यटकों की आमद को ध्यान में रखते हुए, पर्यटन के चरम सीजन के दौरान दुकानों को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने मधुर कुंजड़ी-मल्हार गीतों की धुनों के बीच मिंजर ध्वज फहराकर मेले का औपचारिक शुभारम्भ किया। इस मौके पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध मिंजर मेला हिमाचल प्रदेश की अनूठी संस्कृति को प्रदर्शित करता है और भाईचारे और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देता है। राज्यपाल ने मिंजर उत्सव को प्राचीन लोक परंपराओं, विश्वासों और आस्थाओं के साथ गहरे संबंधों का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रदेश में बढ़ रही नशे की लत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बुराई के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि सभी को बुराई का एकजुट होकर सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सामाजिक संरचना नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों का मुकाबला करने के लिए संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों को उनकी अनुकरणीय सेवाओं तथा वीर-नारियों को भी सम्मानित किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं जिला चंबा के उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने आयोजन समिति की ओर से राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने मिंजर मेले के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में भी विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के नाम समर्पित की गई है। पुलिस अधीक्षक और मिंजर मेला खेल कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक यादव ने भी कमेटी की ओर से राज्यपाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल और लेडी गवर्नर को मिंजर भेंट की गई। मेला कमेटी की ओर से उपायुक्त ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और विधायक नीरज नैय्यर तथा डीएस ठाकुर को भी समानित किया। इससे पहले राज्यपाल ने प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में मिंजर अर्पित कर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों द्वारा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। राज्यपाल ने मिंजर मेला खेल प्रतियोगिता के शुभारम्भ की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने लड़कियों की टीमों के बीच खेला गया कबड्डी मैच भी देखा। उन्होंने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से जरूरतमंदों को स्वास्थ्य उपकरण वितरित किए तथा रक्तदाताओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
**62 हजार के स्टॉक में से अब तक मात्र दस हजार बिके **मार्केट से कम दरों पर कार्टन खरीद रहे बागबान, क्वालिटी घटिया **एचपीएमसी ने सभी स्थानों पर पहुंचा दिए हैं बॉक्स हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है और यूनिवर्सल कार्टन में ही सेब मंडियों में लाया जाने लगा है। सेब सीजन की शुरुआत में ही बागबान कार्टन खरीदकर रखते हैं, ताकि जैसे-जैसे तुड़ान शुरू हो उसे कार्टन में भरना शुरू कर दें। सरकार ने अच्छी क्वालिटी का कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए एचपीएमसी को निर्देश दे रखे हैं, जिसने कार्टन मंगवा भी लिया और नजदीक के स्थानों तक पहुंचा भी दिया है, मगर उनसे कार्टन खरीदने के लिए कोई नहीं आ रहा। जानकारी के अनुसार एचपीएमसी ने बागबानों को यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए 62 हजार कार्टन जुटाए हैं। जिन कंपनियों को टेंडर के बाद एचपीएमसी ने काम दिया है उनसे कार्टन की खरीद की जा रही है और बढिय़ा क्वालिटी का कार्टन लिया है। इन कंपनियों से आने वाले कार्टन की बाकायदा टेस्टिंग करवाई जा रही है और यह टेस्टिंग बागबानी विभाग अपनी लैब में कर रहा है। टेस्टिंग के बाद पहुंच रहे कार्टन को लेने के लिए बागबान तैयार नहीं है, जिसकी जगह वह मार्केट से यूनिवर्सल कार्टन खरीद रहे हैं। बताया जाता है कि एचपीएमसी ने जो 62 हजार कार्टन मंगवाया है उसमें से केवल 10 हजार के करीब कार्टन ही बिक पाया है। इससे साफ है कि बागबान किसी भी तरह का रूझान नहीं दिखा रहे हैं। यहां तक की नजदीक के क्षेत्रों में एचपीएमसी ने कार्टन पहुंचा दिया है। मार्केट से एचपीएमसी का कार्टन डेढ़ रुपए महंगा मिल रहा है मगर इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी खुद एचपीएमसी की है। मार्केट के कार्टन की गुणवत्ता को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि यदि बागबान कार्टन एचपीएमसी से लेंगे तो उसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी एचपीएमसी की होगी। अब मार्केट से किस क्वालिटी का ले रहे हैं इसमें कुछ नहीं किया जा सकता। इसे लेकर चाहे कोई जितनी भी शिकायत करे सरकार कुछ नहीं कर सकती है। सेब पेटियों की गुणवत्ता को लेकर विपक्षी दल भाजपा के नेता भी सवाल उठा रहे हैं, परंतु जब एचपीएमसी से लोग कार्टन ले ही नहीं रहे तो इसमें सरकार क्या कर सकती है। सरकार बागबानों को कार्टन मुहैया करवाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन बागबान अपनी मर्जी से कार्टन ले रहे हैं। ऐसे में विपक्ष के सवाल भी सरकार गंभीरता से नहीं ले रही। बता दें कि एचपीएमसी का कार्टन 53 रुपए से लेकर 65 रुपए तक मिल रहा है। यह अलग-अलग श्रेणी का कार्टन है, जिसमें व्हाइट और ब्राउट कार्टन अलग-अलग क्वालिटी का है। इसमें एचपीएमसी डेढ़ रुपए ज्यादा वसूल रही है, लेकिन गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी ले रही है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा ने आज किन्नौर जिले के 40 बागवानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग जिला के बाहर उच्च बागवानी संस्थानो में बागवानों का प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करता रहता हैं, जिसके तहत जनजातीय जिला किन्नौर के 40 बागवानों का दल 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर जो कि 29 जुलाई 2024 से 2 अगस्त 2024 तक शीतोष्ण फलों के उत्पादन एवं प्रबंधन पर डॉ यंशवन्त सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर महिला बागवानों के लिए आयोजित किए जाएंगे ताकि जिला में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल सके।
** पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व: अरविंद मल्होत्रा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज सोलन जिला की ग्राम पंचायत सेरी के गांव कालाघाट (शिल्ली) में पौधरोपण अभियान एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन अरविंद मल्होत्रा ने की। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व है। वर्तमान में पर्यावरण की सुरक्षा ही भविष्य को हरा-भरा बना कर रख सकती है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करें ताकि भविष्य में यह पौधे, पेड़ बनकर सभी के लिए लाभदायक बन सकें। इस जागरूकता कार्यक्रम में हिमगिरी कल्याण आश्रम शिल्ली के बच्चों द्वारा पौधारोपण किया गया। इस दौरान देवदार, बान, अमलोक और पाज़ा के 100 पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सोलन रमणीक शर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन आकांक्षा डोगरा, कनिष्ठ मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर 2 सोलन आर.मेहुल शर्मा, रेंज ऑफिसर सोलन एल.आर. चौहान, डिप्टी रेंजर नीलम ठाकुर, प्रधान बार एसोसिएशन सोलन आलोक भारद्वाज, सचिव बार एसोसिएशन सोलन अंकुश शर्मा अधिवक्ता उमेश शर्मा सहित हिमगिरी कल्याण आश्रम शिल्ली के बच्चे उपस्थित थे।
** स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा शिव गुफा में करेगा भोले का गुणगान सावन मास के दूसरे सोमवार 29 जुलाई को स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा द्वारा कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा में भोले का गुणगान किया जाएगा। गुफा विकास समिति के मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने बताया कि सावन के हर सोमवार गुफा विकास समिति व शंभू परिवार के सौजन्य से शिव भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस सोमवार 29 जुलाई को भी यह आयोजन होगा। इसके अलावा इस दिन स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा के कलाकारों द्वारा भोले की चौकी लगाकर भोले का गुणगान किया जाएगा। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन कर भोले की चौकी में हाजरी भरने व भंडारा ग्रहण करने की अपील की है। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने बताया कि समिति व शंभू परिवार के सदस्यों के सहयोग से कार्यक्रम की सभी तयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने शिव भक्तों से अपील की है कि कोई भी भक्त गुफा के अंदर धूप न जलाएं व कतार बध होकर गुफा में प्रवेश कर शिवलिंग के दर्शन करें।
युवा कांग्रेस ने विकास पुरुष जी.एस.बाली की जयंती पर दी श्रद्धांजलि प्रदेश में विभिन्न ज़िलों में युवा कांग्रेस ने पूर्व मंत्री स्व. जी.एस.बाली की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की I इस दिन जगह-जगह रक्तदान शिविर, अस्पतालों और बाल आश्रमों में फल वितरण, स्कूली छात्रों में एजुकेशन किट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए I हिमाचल के दिग्गज नेता रहे स्व. जी.एस.बाली के जन्मदिन पर हर वर्ष कांगड़ा में बाल मेला मनाया जाता रहा है, जहां बड़े स्तर पर रोज़गार मेला आयोजित किया जाता रहा है I उनके स्वर्गवास के बाद भी उनके सपुत्र एवं केबिनेट रेंक पर्यटन कार्पोरेशन के चेयरमेन रघुवीर सिंह बाली ने इस परम्परा को जारी रखते हुए इस वर्ष भी नगरोटा में बाल रोज़गार मेला आयोजित किया है I युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने कहा कि स्व जी.एस बाली का हिमाचल और हिमाचल के युवाओं के लिए योगदान हमेशा याद किया जाएगा I सरकार में केबिनेट मंत्री रहते हुए बाली हमेशा युवा कांग्रेस के युवाओं के कामों को तरजीह देते थे I निगम भंडारी ने बताया कि समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने बाली का समाजिक जीवन में अविस्मरणीय योगदान रहा है I कोविड महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बगैर भी जी.एस.बाली ने पूरे प्रदेश में कोरोना किट बाँट कर सैंकड़ों परिवारों की सेवा की I
शिमला: पुरुष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई 2024 को तीन केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में परीक्षा का आयोजन होगा। जिला मंडी, कांगड़ा, चंबा और ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन होगा। कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के डीजीपी एसआर ओझा ने बताया कि बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट https://hpprisons.nic.in/ से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की सख्त मनाही है। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, वायरलेस डिवाइस, ब्लूटुथ, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स और बैग इत्यादि ले जाने की भी अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र परिसर में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है। बत दें कि जेल वॉर्डर के 91 पदों (पुरुष 77, महिला 14) पर 23-11-2-23 के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी की थी। इसके लिए 22 दिसंबर 2023 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। फ़िज़िकल टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा रविवार को आयोजित होगी। लिखित परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है।
मंडी: चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर आज यानी 27 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक मंडी से पंडोह के बीच रोजाना दो घंटे गाड़ियों के पहिए थमे रहेंगे। नेशनल हाईवे पर 4 मील से 9 मील तक पहाड़ी पर हवा में लटके बड़े-बडे बोल्डरों व चट्टानों को हटाने के लिए हाईवे को बंद किया जा रहा है। इन बोल्डरों व चट्टानों से नेशनल हाईवे पर लगातार लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है, जिसके लिए हाईवे पर रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रहेगी। छोटे वाहन आने जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकेंगे, जबकि बड़े वाहनों को एनएच खुलने का इंतजार करना होगा। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि एनएचएआई की तरफ से प्रशासन को निवेदन प्राप्त हुआ था कि मंडी से पंडोह के बीच कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पर लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। खासकर कुछ स्थानों पर बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें पहाड़ी पर लटकी हुई हैं जो कभी भी गिरकर तबाही मचा सकती हैं। ऐसे में इन पत्थरों और चट्टानों को हटाना जरूरी है। वहीं, कुछ स्थानों पर लैंडस्लाइड के कारण मलबा गिरा हुआ है जिसे भी हटाना जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को तुरंत प्रभाव से करने के निवेदन को स्वीकार करते हुए 5 दिनों तक हाईवे को रोजाना दो घंटों तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस दो घंटे की ब्रेक के दौरान मंडी से कुल्लू-मनाली की तरफ जाने वाले वाया कमांद-कटौला-बजौरा होते हुए जा सकेंगे। अगर कोई कुल्लू से आ रहा है तो वे पंडोह से वाया गोहर-चैलचौक-डडौर होते हुए जा सकेंगे। वैकल्पिक मार्गों से सिर्फ छोटे वाहनों को जाने की अनुमति होगी।
हिमाचल में निजी स्कूलों को अपने परीक्षा केंद्र का अब हर वर्ष नवीकरण करना होगा। अगर ऐसा न किया तो इसके लिए नए सिरे से सभी औपचारिक्ताएं पूरी करनी होंगी। उसके बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र उपलब्ध करवाया जाएगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के सृजन के नियमों में फेरबदल किया है। शिक्षा बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर दी है। जानकारी के अनुसार अब वार्षिक परीक्षाओं के लिए स्कूलों को अपने स्कूल में परीक्षा केंद्र सृजन करने के लिए भारी भरकम फीस बोर्ड को देनी होगी। नए नियमों के मुताबिक अब नए परीक्षा केंद्र निरीक्षण फीस सभी सरकारी और बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए पांच हजार रुपये रहेगी। पहले यह फीस नहीं होती थी। वार्षिक परीक्षाओं के लिए नए परीक्षा केंद्र, अपग्रेड, बनाए रखने, नवीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान बोर्ड की ओर से तय नियमों के अनुसार ही स्कूलों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन लिंक के माध्यम से ही एक से 31 अगस्त तक किया जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी संस्थान के एक बार परीक्षा केंद्र बन जाने के बाद उस संस्थान को आगामी सत्र से यह निर्धारित तिथियों में ही नवीनीकरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि यदि बोर्ड से संबद्धता प्राप्त किसी निजी संस्थान द्वारा अपने संस्थान से सृजित परीक्षा केंद्र के नवीकरण के लिए आवेदन प्रेषित नहीं किया जाता है तो ऐसे संस्थान को आगामी सत्र के लिए पुन: नए सिरे से औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और उन्हें शुल्कों सहित केंद्र सृजन के लिए आवेदन करना होगा। बताया कि अधिसूचना तुरंत प्रभाव से लागू होगी। पहली से 15 सितंबर तक नए परीक्षा केंद्र सृजन, अपग्रेड करने के लिए आवेदन पांच हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ होगा। परीक्षा केंद्र के नवीकरण आवेदन के लिए विलंब शुल्क 1000 लिया जाएगा। यदि संबंधित अथॉरिटी के द्वारा 15 सितंबर के बाद आवेदन की तिथि बढ़ाई जाती है तो परीक्षा केंद्र सृजन व अपग्रेड के लिए 10 हजार रुपये विलंब शुल्क रहेगा। केंद्र नवीकरण के लिए विलंब शुल्क दो हजार रुपये रहेगा। बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए यह आवश्यक किया गया है कि 10 हजार रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाए जाएंगे। ये रुपये जब तक जमा रहेंगे, जब तक संबंधित स्कूल परीक्षा केंद्र चाहेगा। अगर परीक्षा केंद्र को अधिक नकल करने के चलते रद्द किया जाता है तो सिक्योरिटी राशि जब्त की जाएगी।
श्रीखंड ट्रस्ट के अंतर्गत 2014 से शुरू श्रीखंड महादेव यात्रा के 11 सालों में पहली बार देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का आंकड़ा 8,500 पार पहुंच गया है। यह धार्मिक यात्रा शनिवार को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो जाएगी। शनिवार को यात्रा के अंतिम दिन यात्रियों का अंतिम जत्था रवाना किया जाएगा, जो बेस कैंप सिंहगाड में 30 जुलाई तक लौटेगा। बीते 13 दिनों में 8,509 यात्री पंजीकरण के बाद महादेव के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, यह आंकड़ा अभी और बढ़ेगा। इस वर्ष श्रीखंड महादेव यात्रा सबसे सफल यात्राओं में से एक रही है। प्रशासन की ओर से किए गए पुख्ता इंतजाम भी इसका प्रमुख कारण रहा। प्रशासन की तैयारियों से श्रद्धालुओं को कोई परेशानी पेश नहीं आई। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली ने नैन सरोवर से श्रीखंड महादेव तक की चढ़ाई तक रस्से लगाए। इनकी मदद से सभी श्रद्धालुओं ने ग्लेशियर पार किए। एसडीआरएफ की टीम ने कई श्रद्धालुओं को आपात सेवाओं में सहयोग दिया। पांच सेक्टरों में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट की पूरी टीम दिन-रात श्रद्धालुओं की मदद के लिए जुटी रही, जिसमें मेडिकल टीम का अहम योगदान रहा है। पहली बार दो निजी संस्थानों ने दो बेस कैंप में निशुल्क ओपीडी की सेवा प्रदान की। इसमें विश्व मानव रूहानी केंद्र ने सबसे कठिन बेस कैंप भीमडवारी में दो बिस्तर की ओपीडी की सेवाएं उपलब्ध करवाईं। सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड संस्थान ने सिंहगाड में मेडिकल सेवाएं देकर श्रद्धालुओं की मदद की। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने श्रीखंड महादेव तक चलकर स्वयं इंतजामों और रास्तों का जायजा लिया, जिसकी रिपोर्ट उपायुक्त कुल्लू को भेजी। उन्होंने कहा कि काली टाॅप से बराहटी नाला तक के 12 किमी ट्रैक पर श्रद्धालुओं को पेयजल का सामना करना पड़ा। जलशक्ति विभाग से यहां पेयजल लाइनों की मरम्मत कर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। रास्तों में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए और पब्लिक टाॅयलेट बनाए जाएंगे। इसके अलावा जो कमियां रही हैं, उन्हें सुधारने के लिए उपायुक्त कुल्लू को पूरी रिपोर्ट भेजी गई है। श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान कई भक्तों और समाजसेवी संस्थानों ने लंगर सेवाएं प्रदान कीं, जिनमें तरह-तरह के व्यंजनों का श्रद्धालुओं ने स्वाद चखा। वहीं क्षेत्र के स्थानीय लोगों का यात्रा के दौरान कारोबार खूब चमका। इससे स्थानीय लोगों में भी यात्रा को लेकर बेहद उत्साह दिखा।
प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को मिलने वाले खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता की जांच की जाएगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को आदेश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी हर आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर खाद्य पदार्थों के सैंपल भरेंगे। सैंपल भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से प्रमाणित लैब में भेजे जाएंगे। राशन की गुणवत्ता के साथ अन्य चीजों का पता लगाया जाएगा। अगर खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल होते हैं तो कंपनी के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। प्रदेशभर में आईसीडीएस के तहत आंगबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए राशन और अन्य खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जाते हैं। इन खाद्य पदार्थों से बच्चों की सेहत पर कोई प्रभाव न पड़े इसको ध्यान में रखते हुए विभाग ने सैंपल भरने का निर्णय लिया है। इसी के साथ राशन भंडारण की भी जांच की जाएगी। राशन को रखने का तरीका और स्वच्छता के बारे में भी पता लगाया जाएगा। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी राशन को किस प्रकार से रखा गया है, कैसे राशन को तैयार किया जाता है, इसके बारे में टीम निरीक्षण करेगी। साथ ही कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों के सैंपल भरेगी। जिलों में टीमों का गठन किया गया है। जिला सोलन में अब तक आईसीडीएस राशन के 17 सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आगामी 15 दिनों में आने की उम्मीद है। एफएसओ दीक्षा कपिल की टीम ने धर्मपुर समेत अन्य जगहों में सैंपल भरे हैं। एफएसओ अनुज शर्मा की टीम ने अर्की समेत बीबीएन में सैंपल भरे हैं। टीम की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों से दाल, राजमा, चना, दाल चना, शक्कर, न्यूट्रीमिक्स बिस्कुट समेत अन्य 17 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने शुरू कर दिए हैं। अब तक 17 सैंपल भरे गए हैं। इन्हें जांच के लिए भेज दिया है। प्रत्येक माह आंगनबाड़ी केंद्रों से सैंपल भरे जाएंगे ताकि गुणवत्ता का पता चल सके।
राज्य मुक्त विद्यालय से 12वीं कक्षा की पढ़ाई करने वाले 1,854 अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रद्द हो सकता है। अगर अभ्यर्थियों ने 15 दिन के भीतर अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए तो उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दस्तावेज जमा न करवाए जाने के कारण शिक्षा बोर्ड के पास 2013 तक से अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम आरएलई पड़ा हुआ है, जिन्हें बोर्ड ने अंतिम मौका दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जमा दो की सत्र मार्च, 2023 से सितंबर, 2023 तक की परीक्षाओं के उन अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेज जमा करवाने का एक मौका दिया है, जिनका परीक्षा परिणाम पात्रता दस्तावेजों के कारण लंबित पड़ा है। शिक्षा बोर्ड के पास ऐसे करीब 1854 अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने पात्र दस्तावेजों का अभी तक जमा नहीं करवाया है, जिसके चलते उनका परीक्षा परिणाम आरएलई घोषित हुआ है। शिक्षा बोर्ड ने ऐसे अभ्यर्थियों को अपने पात्र दस्तावेजों को संबंधित अध्ययन केंद्रों को औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन अभ्यर्थियों ने दस्तावेज जमा नहीं करवाए। इसके चलते उनका परीक्षा परिणाम आरएलई घोषित हुआ है। अब शिक्षा बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम को रद्द करने का मन बनाया लिया है। इससे पहले शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर अपने वांछित दस्तावेजों को डाक के माध्यम या दस्ती तौर पर बोर्ड कार्यालय में जमा करवाने का अवसर दिया है। अगर निर्धारित समय तक बोर्ड के पास दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए तो बोर्ड प्रशासन नियमानुसार परीक्षा परिणाम को रद्द कर देगा। हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि 1854 अभ्यर्थियों का परिणाम पात्रता दस्तावेजों के न होने के कारण लंबित पड़ा हुआ है। अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर अपने दस्तावेज जमा करवाने का अंतिम अवसर दिया गया है, अगर इस दौरान अभ्यर्थी दस्तावेज जमा नहीं करवा सके तो परिणाम को नियमानुसार रद्द कर दिया जाएगा।
**सीपीएस संजय अवस्थी होंगे मुख्य अतिथि छात्र विद्यालय कुनिहार के मैदान में विकास खंड कुनिहार द्वारा विकास खंड के स्वयं सहायता समूहों के लिए 9 अगस्त को अलंकार महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, यह जानकारी बीडीओ कुनिहार तन्मय कंवर ने दी। उन्होंने बताया कि इस अलंकार महोत्सव में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए कब्बड़ी, रस्साकसी सहित सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं रखी गई है, जिसमें विकास खंड की 56 पंचायतों के विभिन्न स्वयं सहायता समूह भाग लेकर अपना हुनर दिखाएंगे। उन्होंने बताया कि कब्बड्डी प्रतियोगिता के विजेता को 11हजार व उपविजेता को 51सौ रुपए का पुरस्कार तथा अन्य प्रेतियोगिता के लिए पहला पुरस्कार 31 हजार व दूसरा पुरस्कार 21हजार तीसरे व चौथे स्थान के समूह की टीम को 55-55 सौ के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। साथ ही विजेताओं को सरकार की तरफ से एक फ्री एजुकेशनल टूर करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस महोत्सव में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार विभिन्न खाद्य उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ महिलाओं द्वारा अपने हाथो से निर्मित घरों में काम आने वाले उत्पादों की प्रदर्शनी लोगो के लिए लगाई जाएगी, जिसकी लोग प्रदर्शनी में खरीददारी कर सकते है। उन्होंने बताया कि महोत्सव में विशेष बच्चो व मानसिक रूप से अक्षम महिलाओं की संस्थाओं के लिए डोनेशन कैंप भी लगाए जाएंगे। जिसमे दानी सज्जन किसी भी तरह की मदद इन विशेष बच्चो व अक्षम महिलाओ की कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जे एन वी के बच्चो द्वारा आर्ट एग्जीवेशन तथा कृषि व होल्टिकल्चर विभाग द्वारा भी अपनी प्रदर्शनियां इस महोत्सव में लगाई जाएगी, जिसका लोग लाभ उठा पाएंगे। तन्मय कंवर ने बताया कि इस महोत्सव में सीपीएस संजय अवस्थी मुख्यातिथि के तौर पर मौजूद होंगे जो प्रदर्शनियों के अवलोकन के साथ विजेता व उपविजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे।
हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों को लेकर शिमला में अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ (त्रिलोक गुट) की एक बैठक प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। संगठन के अनुसार इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिला व विभागीय कर्मचारी संगठनों के लगभग 280 प्रतिनिधियों ने भाग लिया l बैठक में सभी जिला व विभागीय संगठनों के अध्यक्षों व महासचिवों ने कर्मचारियों के मुद्दों पर अपने सुझाव व विचार व्यक्त किये l बैठक में कर्मचारियों के विभिन्न मसले जैसे, संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन शीघ्र कराने, संशोधित वेतनमान 2016 की लंबित देनदारियों का शीघ्र निपटारा करने, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों का निपटारा करने जैसी मांगों पर चर्चा की गई। इस मौके पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने बताया कि विभागों में कर्मचारियों के काफ़ी रिक्त पद चल रहे हैं। कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय लाभ नही मिल रहे है। जेसीसी की बैठक सरकार बुला नही रही है। उनकी मांग हैं की सरकार जल्द जेसीसी की बैठक आयोजित कर कर्मचारियों की मांगो को पूरा करे। अन्यथा कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली डीएलएड (सीईटी) तथा सभी विषयों की अध्यापक पात्रता परीक्षाओं के आवेदन शुल्क में बढ़ौतरी की है। अब परीक्षार्थियों को इन दोनों ही परीक्षाओं में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय पहले के मुकाबले अधिक शुल्क देना पड़ेगा। बोर्ड ने दोनों ही परीक्षाओं के आवेदन शुल्क को दोगुना कर दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मानें तो प्रदेश के नजदीकी राज्यों के बोर्डों एवं संस्थानों तथा देश के अन्य बोर्डों आदि द्वारा निर्धारित शुल्कों की तुलना करने के उपरांत करीब 11 वर्ष पूर्व निर्धारित आवेदन शुल्कों को पुन: निर्धारित किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड अधिनियम 1968 की धारा 19 (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली डीएलएड (सीईटी) तथा सभी विषयों की टैट परीक्षाओं के शुल्क को पुन: निर्धारित करने के सहर्ष आदेश प्रदान किए हैं। विदित रहे कि बोर्ड द्वारा साल में 2 बार अध्यापक पात्रता परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है, जबकि एक बार डीएलएड (सीईटी) परीक्षा करवाई जाती है। इस तरह रहेगा ऑनलाइन आवेदन शुल्क अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान सामान्य कैटेगरी के अभ्यर्थियों को जहां पहले 800 रुपए शुल्क देना पड़ता था, अब उन्हें 1600 रुपए देना पड़ेगा। वहीं ओबीसी, एससी, एसटी एंड पीएचएच (दिव्यांग) अभ्यर्थियों को पहले आवेदन के लिए 500 रुपए देने पड़ते थे, अब उन्हें 1000 रुपए देने पड़ेंगे। वहीं विलंब शुल्क पहले जहां 300 रुपए था, अब 600 रुपए रहेगा। इसी तरह डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पहले सामान्य कैटेगरी के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान 600 रुपए देने पड़ते थे, अब उन्हें 1200 रुपए देने पड़ेेंगे। इसी तरह ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आवेदन करने के दौरान पहले जहां 400 रुपए लगते थे, अब उन्हें ऑनलाइन आवेदन शुल्क 800 रुपए देना पड़ेगा। वहीं विलंब शुल्क पहले जहां 300 रुपए था, उसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है।
कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि पुरूष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई, 2024 को तीन परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला शिमला, सोलन, सिरमौर व किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी, जिला मंडी और जिला कांगड़ा, चंबा व ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि अभ्यर्थी निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट admis.hp.nic.in/hpprisons से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉचिज़, वायरलेस डिवाइसिज, ब्लूटुथ डिवाइसिज, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स तथा बैग इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
**दसौरा माजरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए पांच लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा दून: उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने आज दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भटोली कलां में राजकीय प्राथमिक पाठशाला दसौरा माजरा के भवन नवीनीकरण उद्घाटन करने के उपरांत उपस्थितजनों को सम्बोधित कटे हुए कहा कि बच्चों को गुणात्मक व रोज़गारन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश का उद्देश्य हैं। हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश के बच्चे संविधान की मूल भावना के अनुरूप एक स्वस्थ जीवन दृष्टि विकसित करें तथा मूलभूत साक्षरता तथा संख्या ज्ञान से लेकर कृत्रिम मेधा के प्रयोग तक हर कौशल में सर्वश्रेष्ठ बनें। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में यह स्कूल स्थापित कर बच्चों को घर-द्वार पर ही आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में क्लस्टर प्रणाली आरम्भ की गई है। इसके अंतर्गत स्मार्ट कक्षाएं बनाई जा रही है जिसमें ऑडियो-विजुअल टीचिंग ऐड, लर्निंग सॉफ्टवेयर, बैठने की उचित व्यवस्था, खेल मैदान, स्वच्छ शौचालयों जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पाठशाला भवन के नवीनीकरण पर सन फार्मा द्वारा सामुदायिक सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत लगभग 12 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय को आठवीं तक स्तरोन्नत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने स्कूल के प्रांगण में पौधारोपण किया और सभी लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आग्रह भी किया। हर्षवर्द्धन चौहान ने दसौरा माजरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 05 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी ने इस अवसर पर भी उपस्थितजनों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, दून विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुलतार सिंह, ग्राम पंचायत भटोली कलां के उप प्रधान बिल्लू खान, बीबीएनडीए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोनाक्षी सिंह तोमर, उपमण्डलाधिकारी (ना.) नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, पुलिस उपाधीक्षक बद्दी खजाना राम, सन फार्मा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ए.एच. खान, प्लांट हैड अमित कुमार सहित अन्य गणमान्य एवं विद्यार्थी व अध्यापक उपस्थित थे।
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी नगर निगम एवं उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में उन शहरी निकायों की मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (स्पेशल रिविजन) किया गया है जहां शीघ्र ही चुनाव होने वाले है। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित मतदाता नगर निगम व नगर पंचायत तथा उपमण्डलाधिकारी (ना.) कार्यालय में अपना नाम मतदाता सूची में जांच सकता है। राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। डॉ. पूनम बसंल ने कहा कि मतदाता विधानसभा व लोकसभा चुनावों के वोटर कार्ड के आधार पर नगर निगम व नगर पंचायत के वोट नहीं दे सकते हैं। मतदान करने के लिए मतदाता का नाम सम्बन्धित शहरी निकाय की मतदाता सूची में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता का नाम सम्बन्धित वार्ड में दर्ज नहीं है अथवा किसी व्यक्ति के मतदाता सूची में दर्ज होने पर आपत्ति है या नाम सम्बन्धित शुद्धि करवानी है तो फॉर्म 04 पर सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी (ना.) के पास आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह फॉर्म राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। डॉ. पूनम बसंल ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने, नाम स्थानांतरित करने, किसी के नाम पर आपत्ति या प्रविष्टि में शुद्धि के लिए नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि से 08 दिन पूर्व तक 50 रुपए का शुल्क देकर आवेदन किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता मे राज्य सचिवालय में हुई। बैठक में आज निर्णय लिया गया कि अब शराब के ठेके में शराब विक्रेता शराब के निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसे नही वसूल पाएंगे। क्योंकि अगर कोई ऐसा करता है तो उस व्यक्ति पर सीधा एक लाख का जुर्माना लगेगा। यह निर्णय आज केबिनेट की बैठक में लिया गया है। जानकारी देते हुए इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि शराब के ठेकों से ये शिकायते आ रही थी कि दुकानदार तय दरों से ज्यादा रेट पर शराब बेचते है। इसे देखते हुए कैबिनेट ने ज्यादा रेट वसूली पर पेनल्टी का प्रावधान किया है। पहली बार अधिक रेट पर बेचते हुए पकड़े जाने पर 15 हजार रुपए, दूसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार, तीसरी बार 50 हजार और चौथी बार सीधी एक लाख रुपए पैनल्टी लगने वाली है। और अगर इसके बाद भी कोई महंगी शराब बेचते हुआ पकड़ा गय तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल 26 व 27 जुलाई, 2024 को ज़िला सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 26 जुलाई को प्रातः 11.30 बजे उपायुक्त कार्यालय के सभागार में सोलन विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री तदोपरांत सायं 03.00 बजे लोक निर्माण विश्राम गृह सोलन में उपमण्डलाधिकारी सोलन व कण्डाघाट तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। डॉ. शांडिल 27 जुलाई को प्रातः 11.30 बजे खण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सायरी में नागरिक अस्पताल सायरी की रोगी कल्याण समिति के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
कृषि-उत्पादन के उत्पादन और मूल्यवर्धन" पर दस दिवसीय कौशल विकास प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम (एसडीसीसी) आज शूलिनी विश्वविद्यालय में शुरू हुआ। यह पाठ्यक्रम विस्तार शिक्षा निदेशालय, डॉ. वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन और शूलिनी विश्वविद्यालय में एमएस स्वामीनाथन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) - राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM), हैदराबाद के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र मुख्य अतिथि चांसलर, शूलिनी विश्वविद्यालय, प्रो. पीके खोसला के संबोधन के साथ शुरू हुआ, जिन्होंने छात्रों को नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी प्रदाता बनने के लिए प्रोत्साहित किया और कृषि क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर भी प्रकाश डाला। शूलिनी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. सुनील पुरी ने कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए उन्नत अनुसंधान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और हाल के केंद्रीय बजट से अपडेट साझा किए। प्रो. पुरी ने कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाली बजट बाधाओं और मुद्रास्फीति के मुद्दों को भी संबोधित किया, प्रतिभागियों से पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उद्यमशीलता के लिए अपने नए कौशल का लाभ उठाने का आग्रह किया। एमएस स्वामीनाथन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के डीन डॉ. सोमेश शर्मा ने मुख्य अतिथि, चांसलर, शूलिनी यूनिवर्सिटी, पीके खोसला और नौणी यूनिवर्सिटी के मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने पारंपरिक कृषि से आधुनिक कृषि की ओर बदलाव की आवश्यकता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कृषि उपज में होने वाले नुकसान को कम करने और अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में मूल्य-संवर्धन पर जोर दिया। डॉ. इंद्र देव, निदेशक एक्सटेंशन यूएचएफ, नौणी ने भोजन की कमी से लेकर हरित, श्वेत और नीली क्रांति तक भारत की कृषि यात्रा को साझा किया। उन्होंने छात्रों को उद्यमशीलता कौशल से लैस करने के पाठ्यक्रम के लक्ष्य को रेखांकित किया और भारत के भविष्य के बारे में आशावाद व्यक्त करते हुए कहा, "2027 तक, भारत एक विकसित देश होगा। प्रोफेसर अनिल सूद ने सभी व्यक्तियों, शूलिनी विश्वविद्यालय और कृषि डीन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव दिया। उन्होंने पाठ्यक्रम को संभव बनाने में शामिल सभी लोगों के योगदान की बात कही। उद्घाटन सत्र के बाद, डॉ. शांतनु मुखर्जी ने प्रतिभागियों को दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से परिचित कराया, एनएएचईपी और एनएआरएम के उद्देश्यों और दृष्टिकोण पर चर्चा की और पाठ्यक्रम यात्रा कार्यक्रम का अवलोकन प्रदान किया।
**पटवारी-कानूनगो को भारी पड़ा सरकार का विरोध प्रदेश में लगातार स्टेट कैडर का विरोध कर रहे पटवारियों और कनूनगो के खिलाफ सरकार ने बड़ा एक्शन लेने की ठान ली है। ऑनलाइन सेवाएं बंद करने और अतरिक्त कार्यभार की चाबियां लौटाने वाले कर्मचारियों अधिकारीयों को सरकार ससपेंड करेगी। इस बार में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा की तरफ से सभी डीसी को लेटर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों का इस तरह का रवैया अनुचित है। जो सीसीएस (आचरण) नियम, 1964 का उल्लंघन है। ऐसे में लोगों को सेवाएं न देने वाले पटवारियों और कानूनगो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ये भी कहा गया है कि यदि उन्हें सरकार के किसी निर्णय के खिलाफ कोई शिकायत है, तो उन्हें बातचीत का सहारा लेना चाहिए न कि लोगों के जरूरी कामों को रोक कर सरकार के आदेशों की अवहेलना करनी चाहिए। राज्य सरकार ने ऑनलाइन काम ठप करने और व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ने के खिलाफ सभी पटवारी और कानूनगो की सर्विस ब्रेक हो सकती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने इस बारे में सभी उपायुक्तों को पत्र जारी किया है। ** दो दिनों में सेवाएं करनी होगी शुरू प्रदेश सरकार की तरफ से सभी डीसी को जारी लेटर में पटवारियों और कानूनगो को दो दिनों में सेवाएं शुरू करने को कहा गया है। अगर आदेशों की पालना नहीं होती है तो ऐसे सभी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीसी को भी अपने जिलों में उनके नियंत्रण में पटवारियों और कानूनगो को तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन काम फिर से शुरू करने के लिए कड़े निर्देश जारी करने को कहा गया है, ताकि प्रदेश भर में लोगों को घर द्वार पर सरकार की सुविधाओं का लाभ मिल सके। ** व्हाट्सएप ग्रुप में भी वापस जुड़ने के दिए निर्देश इसके अलावा पटवारियों और कानूनगो को आधिकारिक "व्हाट्सएप ग्रुप" में वापस शामिल होने और अतिरिक्त प्रभार सहित उन्हें दिए गए अन्य दायित्वों को भी निभाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके लिए पटवारियों और कानूनगो दो दिन का समय दिया गया है। पटवारियों और कानूनगो को चेताया गया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी की ओर से कोई भी कार्रवाई जो हिमाचल प्रदेश की आम जनता के हितों के खिलाफ है, सरकार ये कतई स्वीकार्य नहीं करेगी।
**महान देश भगत भगत सिंह, सुख व् राजगुरु को मिलने वाले सम्मान की भांति हमें अपने बुजुर्गों को भी आदर सम्मान देना चाहिए : सुमित सिंगला बीबीएन : क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला के दिवंगत पिता स्व. प्रेमचंद सिंगला के जनम दिवस पर आज क्योरटेक् प्रांगण में 30वां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 102 से अधिक युवा व युवतियों ने उत्साह के साथ रक्तदान किया। इस शिविर के आयोजन से अमित सिंगला सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा लगातार 30 वां रक्तदान शिविर आयोजित करवाने पर एक विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया। इस शिविर का शुभारम्भ नाभा के प्रमुख समाज सेवी विजय सिंगला, जो स्व. प्रेमचंद सिंगला के छोटे भाई हैं, ने किया। उन्होंने कहा की स्व. प्रेमचंद सिंगला किसी पवित्र रूह से कम नहीं थे जिन्होने अपने जीवन काल में एक कर्मठ, सच्चाई के मार्ग पर चलने वाले सच्चे और सादगी पसंद व्यक्तित्व के रूप में कार्य किए, जिनके दिखाए मार्ग पर आज भी परिवार और उनके निकट सम्बन्धी उनका अनुसरण करते है। इस अवसर पर क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला जो अमित सिंगला सोशल वेलफेयर सोसाइटी के चेयरमैन भी हैं ने कहा कि जिस प्रकार हम देश के प्रसिद्ध राष्ट्र्भगत शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को सम्मान देते हैं उसी प्रकार हमें अपने बुजुर्गों को भी आदर सम्मान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को बुजुर्ग अपने पैरों पर खड़ा करने और उनको श्रेष्ठ संस्कार देते हैं। इस शिविर में बी बी एन क्षेत्र के तरसेम चौधरी (नगर परिषद् प्रधान) संजू कुंडलास पूर्व पार्षद, भाजपा नेता बलविंदर ठाकुर, डॉ श्रीकांत, कृष्ण ठाकुर, बलबीर ठाकुर और रणेष राणा उपस्थित थे। इस समारोह में क्योरटेक परिवार के दीपक शर्मा, अमरजीत सिंह सैनी, मोहित शर्मा, मोहन सिंह, शिवानी, राधा, भुवनीश, डी के तोमर, दर्शन राणा, जगतार सिंह, मान सिंह, राजवीर और हुसन चंद उपस्थित थे। स्व. प्रेमचंद सिंगला के जनम दिवस पर 30वां विशाल रक्तदान शिविर का क्योरटेक प्रांगण में नाभा के प्रमुख समाज सेवी विजय सिंगला शुभारम्भ करते हुए साथ में ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला और अन्य दिखाई दे रहे हैं।
शिव कावड़ सेवा संघ कुनिहार के सौजन्य से श्रावण मास के पावन अवसर पर शिव महापुराण कथा का शुभारंभ बड़े ही धूमधाम के साथ राजदरबार के प्रांगण में किया गया। शिव महापुराण कथा को सोलन के कोट बेजा से आए प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित विक्रांत शर्मा बड़े ही सुंदर व मधुर वाणी से कथा का वर्णन कर रहे हैं। प्रथम दिवस की कथा का वर्णन करते हुए विक्रांत शर्मा ने बताया कि ज्ञान तथा करुणा का साक्षात स्वरूप शिव है। शिव शिवा संपूर्ण जगत के माता-पिता है। सूत जी जो पुराण वक्ता है वह शौनकादि ऋषियों से कहते हैं कि प्रयाग तीर्थ से शिव पुराण की अविरल धारा प्रारंभ होती है। शिवलिंग का स्तंभ ब्रह्मा तथा विष्णु के मध्य हुआ है जो संपूर्ण संसार के लिए पूजनीय है तथा मृत्युलोक के प्राणियों के लिए शिव पूजन का विशेष महत्त्व है। जो कोई भी शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग, धतूरा ,विलगिरी ,कमल पुष्प, दूध ,दही, शहद व पंचामृत से स्नान करवाता है वह आवागमन के चक्कर से बच जाता हैं। कथा सुनने के लिए दूर-दूर इलाकों से शिव भक्त प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर राजदरबार प्रांगण में पहुंच कर कथा का रसपान कर रहे हैं। कथा आयोजक कांवड़ संघ के राधा रमन शर्मा व विनोद भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शिव महापुराण कथा का अयोजन पिछले कई वर्षो से चला आ रहा है। उन्होने बताया कि शिव महापुराण कथा में प्रतिदिन ढाई फुट के पार्थेश्वर शिवलिंग को सुबह की पूजा में पंडित रमेश शर्मा के सहयोग से बनाया जा रहा है। वहीं कथा समाप्ति के उपरांत सांय काल को समस्त कुनिहार निवासियों के सहयोग सहित कथा स्थल से गंभर नदी तक ढोल नगाड़ों के साथ पार्थेश्वर शिवलिंग का विसर्जन प्रतिदिन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सभी सदस्य कथा के सफल आयोजन के लिए पूरी मेहनत और लगन से कार्य कर रहे हैं। इस दौरान कथा मे विनोद भारद्वाज, राधा रमन शर्मा, सुरेन्द्र कुमार, नीरज शर्मा, हेमन्त जोशी, राहुल, मृदुल व आरव सहित कावड़ संघ के सभी सदस्यों सहित कथा प्रेमी मौजूद रहे।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के अंतर्गत वर्ष 2024 के लिए आवेदन व नामांकन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के दिशा-निर्देश विभाग की वेबसाइट (www.award.gov.in ) पर उपलब्ध हैं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि पात्र आवेदक को अपना नामांकन पूर्ण दस्तावेज के साथ भारत सरकार के पोर्टल (www.award.gov.in ) पर 31 जुलाई, 2024 तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
समेकित बाल विकास परियोजना कण्डाघाट के अंतर्गत विभिन्न पंचायतों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 05 पद तथा आगंनबाडी सहायिका के 08 रिक्त पदों को भरने के लिए साक्षात्कार 12 अगस्त, 2024 को प्रातः 11.00 बजे उपमण्डलाधिकारी (ना.) कण्डाघाट के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी आज यहां बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट के विभागीय प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरीनगर के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र डोलग, आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत क्वारग के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र सिल्हारी, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत नगाली के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र जेठना, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत चायल के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र चायल, आंगनबाड़ी वृत्त वाकनाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत पौधना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र गांव चिनी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का एक-एक पद भरा जाएगा। इसी प्रकार आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत क्वारग के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र टिक्करी, आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत छावशा के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र मालगा, आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैंज के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र कोहारी, आंगनबाड़ी वृत्त साधुपुल के अंतर्गत ग्राम पंचायत झाझा के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र काथला, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत रहेड के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र टनाजी, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत झाझा के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र चोहड़ा, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत चायल के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र चायल तथा आंगनबाड़ी वृत्त वाकनाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत देलगी के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र कोठी में आंगनबाड़ी सहायिका का एक-एक पद भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि आवेदनकर्ता को इन पदों के लिए 12 अगस्त, 2024 प्रातः 11.00 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट के कार्यालय में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि उपरोक्त पदों के लिए वही महिला उम्मीदवार पात्र होंगी जो सम्बन्धित आंगनवाड़ी केन्द्र के लाभान्वित क्षेत्र में प्रथम जनवरी 2024 को सामान्य रूप से रह रहे परिवार से सम्बन्ध रखती हांे। उन्होंने कहा कि इसके लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उम्मीदवार के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो उत्तीर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उम्मीदवार को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा जारी एवं प्रतिहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि आवेदक को आवेदन पत्र के साथ आयु, उच्च शैक्षणिक योग्यता, दिव्यांग, विधवा, स्टेट होम अथवा बालिका आश्रम के इनमेटस, अनाथ, असहाय एवं परित्यक्ता, तलाकशुदा, जिनके पति पिछले 07 वर्षों से लापता हों, जाति प्रमाण पत्र, निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र संलग्न करना चाहिए। उम्मीदवारों को साक्षात्कार के दिन इन सभी प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां भी अपने साथ लानी होंगी। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार नजदीक के आंगनबाड़ी केन्द्र अथवा बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट में सम्पर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आज बचत भवन, सम्मेलन कक्ष में प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में महासंघ के राज्य पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष व उनकी कार्यकारिणी तथा विभिन्न विभागों के अध्यक्षों, सचिवों एवं अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने मांग की कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जल्द से जल्द से संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई जाए । बैठक में विभिन्न विभागों की समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रमुख मुद्दों में विभिन्न विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द भरना, विभिन्न विभागों के विभिन्न वर्गों में वेतन विसंगति, वर्ष 2016 के वेतन आयोग के अनुसार बकया राशि का तुरंत भुगतान, 12% महंगाई भत्ता, दो बार संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम, जिला परिषद तथा अन्य छूटे विभागों के लिये पुरानी पेंशन का प्रावधान, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना, विभिन्न विभाग के विभिन्न वर्गों के पद नाम बदलना, जल रक्षक का अनुबंध में शामिल करने के लिए अवधि 12 वर्ष से घटाकर 8 वर्ष करना, आवास भत्ते में लंबे समय से वृद्धि न होने के कारण विभिन्न कर्मचारी वर्ग का आवास भत्ता बढ़ाने की मांग, विभागीय पदोन्नती समय पर हो, करूनामुल्क आधार पर विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का निपटारा कर सभी को वन टाइम रिलैक्सेशन देकर नियुक्ति देना, जिला परिषद कर्मचारियों को विभाग में मर्ज करने, मिड डे मील वर्कर, आंगनवाड़ी सहायिका के लिए स्थाई नीति, आउटसोर्स कर्मचारी के लिए स्थाई नीति, मल्टी टास्क कर्मी के लिए स्थाई नीति, सहित अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों से उपस्थित पदाधिकारियों ने विभागिय समस्याओं बारे अवगत करवाया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इन मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर से सरकार के समक्ष इन समस्याओं को रखने तथा शीघ्र समाधान की मांग की। राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा की कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए शीघ्र ही समाधान निकालने हेतु माननीय मुख्यमंत्री से मिलेगा और विभिन्न विभागों द्वारा सौंपे गए मांगपत्र माननीय मुख्यमंत्री को आगामी कार्यवाहेतु प्रदान किए जाएंगे। इस बैठक में राज्य कार्यकारिणी वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरव वैद, महासचिव भरत शर्मा, उपाध्यक्ष एवं राज्य प्रधान क्लास-4 संगठन आईजीएमसी मोहन लाल कश्यप, मुख्य सलाहकार एवं प्रदेश पटवारी कानूनगो महासंघ अध्यक्ष शमशेर, मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा, कार्यालय सचिव देव नेगी, सचिव एवं लैब अटेंडेंट एसोसिएशन स्कूल अध्यक्ष कँवर सिंह तंगराइक, महासचिव, पम्प ऑपरेटर जल शक्ति विभाग डी के शर्मा, ज़िला उपायुक्त कार्यालय एसोसिएशन अध्यक्ष अमित वर्मा, फायर ब्रिगेड यूनियन महासचिव रजिंदर चंदेल, अर्थ एवं सांख्यिकी तकनीकी अध्यक्ष मोहन लाल वर्मा, आई टी आई ट्रेनेड फ़िटर अध्यक्ष तेज राम, हि० प्र० नेत्र चिकित्सा अधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष इन्द्र दत्त शर्मा, वन विभाग मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन अध्यक्ष प्रकाश बादल के साथ-साथ प्रदेश के सभी ज़िला अध्यक्षों मनजीत(सोलन), भरत (शिमला), बलदेव नेगी (किन्नौर), राम चन्द्र (सिरमौर), लेख राज (मंडी), अमर चंद (कुल्लू), विजय (चम्बा), रजिंदर मनहास (काँगड़ा), दर्शोक ठाकुर (हमीरपुर), धरम सिंह (बिलासपुर) एवं रामपाल (लाहौल-स्पीति) ने भाग लिया।
राज्य सरकार ने प्रदेश में मौजूदा सेब सीजन के दौरान बाहरी राज्यों के ट्रक चालकों को विशेष पथ कर (स्पेशल रोड टैक्स) से छूट प्रदान की है। हिमाचल में प्रवेश करने वाले दूसरे राज्यों के ट्रक चालक जो नेशनल परमिट के तहत कवर नहीं हैं, को अन्य राज्यों में आलू और सेब के परिवहन के लिए विशेष पथ कर से तुरंत प्रभाव से छूट प्रदान की गई है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों और किसानों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। परिवहन विभाग द्वारा बागवानों और किसानों के उत्पादों के परिवहन को सुगम बनाने तथा उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेब और आलू के परिवहन के लिए विशेष पथ कर से छूट प्रदान करने से सभी हितधारकों को मदद मिलेगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मानसून तथा सेब सीजन के दृष्टिगत परिवहन विभाग द्वारा सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण की गई हैं। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी एहतियाती उपाय पूर्ण किए गए हैं। उन्होंने सभी हितधारकों से सड़क सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
**अब और बढ़ सकती है मुश्किलें ** मांगें नहीं मानी तो कार्यालयों की चाबियां सौंपेंगे पटवारी और कानूनगो **जनता परेशान, सरकार नहीं ले रही सुध प्रदेश भर में पिछले 10 दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि जैसे ज़रूरी प्रमाण ऑनलाइन तो बन ही नहीं रहे थे मगर अब ये सुविधाएं कुछ हद तक ऑफलाइन भी बंद हो सकती है। पहले इन सभी कामों के लिए जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा था मगर अब दफ्तरों पर भी ये काम मुश्किल हो सकते है और इसका कारण है ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारियों की सुक्खू सरकार से नाराज़गी। दरअसल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं और ये एलान कर दिया है कि अब वो न सिर्फ ऑनलाइन सुविधाएं बल्कि अतिरिक्त कार्यों के कार्यालयों की चाबियां भी वापस सौंप देंगे। महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर स्टेट कॉडर बनाने के फैसले से सरकार पीछे नहीं हटती है तो 25 जुलाई से एडिशनल पटवारी और कानूनगो सर्कल का काम देखना बंद कर दिया जाएगा यानि उन कार्यालयों की चाबियां सरकार को सौंप दी जाएगी जिनका उनके पास अतिरिक्त कार्यभार है, और अगर इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो महासंघ पेन डाउन हड़ताल शुरू कर देगा। ज़ाहिर है अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश के लोगों को बहुत ज़्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के तहत लोगो के बोनोफाइड सर्टिफकेट, करेक्टर सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट, ओबीसी सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट, अन-इम्पलायमेंट सर्टिफिकेट, लैंड होल्डिंग सर्टिफिकेट, PM किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम बंद हो जाएंगे। यही नहीं प्रदेश सरकार 18 से 59 आयु वर्ग की महिलाओं को 1500 मासिक पेंशन दे रही है, जिसके लिए इन दिनों कल्याण अधिकारी के पास फार्म भरे जा रहे हैं, जिसके लिए हिमाचली बोनोफाइड प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। अब महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए भी फॉर्म जमा नहीं कर पाएगी। इतना कुछ होने पर भी सरकार ने अभी तक महासंघ को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में सरकार के अड़ियल रवैये के कारण आम जनता खासी परेशान है। फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया से खास चर्चा करते हुए हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने बताया कि 12 जुलाई की कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने पटवारी-कानूनगो को स्टेट कॉडर बनाने का फैसला लिया था। अभी पटवारी और कानूनगो दोनों ही जिला कॉडर है। पटवारी और कानूनगों की भर्ती भी जिला कॉडर के हिसाब से हुई है। अब उन्हें अचानक स्टेट कॉडर बना देने से सीनियोरिटी प्रभावित होगी। इससे प्रमोशन में देरी होगी और स्टेट कॉडर में मर्ज होने से सीनियोरिटी में ये लोग पीछे चले जाएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि पटवारी क़ानूनंगो को इसलिए जिला कॉडर में रखा गया, क्योंकि अपने जिला में उन्हें लोकल बोल-चाल और एरिया के बारे में जानकारी होती है। यदि उनका दूसरे जिला में ट्रांसफर हो जाता है तो इससे उन्हें बोल-चाल और एरिया समझने में वक्त लगेगा। इससे काम में एफिशिएंसी नहीं आएगी। भर्ती एवं पदोन्नति नियम के हिसाब से उन्हें जिला कॉडर में ही रखा जाना चाहिए। बता दें कि प्रदेश में राजस्व विभाग के अंतर्गत सेवाएं दे रहे पटवारी एवं कानूनगो की संख्या 3350 के करीब है। इसके अलावा सेटलमेंट विभाग में भी इस वर्ग के सैंकड़ों कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कैबिनेट के फैसले के बाद पटवारी कानूनगो सभी ऑफिशियल वॉट्सऐप ग्रुप से भी एग्जिट कर चुके है। हिमाचल में राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो को स्टेट कैडर में डालने का निर्णय पिछली साल 18 नवंबर को भी लिया गया था, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया था । सरकार का निर्णय 12 घंटे भी नहीं टिक पाया था। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया हैं। ।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर शनिवार से आयोजित चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा को मंगलवार को विधिवत रूप से विराम दिया गया। जानकारी देते हुए सेवा धाम के मीडिया प्रभारी डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज ने इस चार दिवसीय कथा में कृष्ण भगवान की अनेकों लीलाओं का विस्तृत वर्णन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों के अलावा प्रदेश के हर कोने से हरि जी महाराज के शिष्यों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने गुरु का आशीर्वाद लेकर क्था को श्रवण किया। डी कश्यप ने बताया कि कथा के दौरान कसौली विधानसभा के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने भी अपनी हाजरी लगाकर कथा व्यास से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर विधायक ने पट्टाबरावरी मुख्य मार्ग से एक किलोमीटर निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर तक सड़क मार्ग पक्का करने के लिए 3 लाख रुपए देने की घोषणा की। कथा व्यास ने सुदामा भक्त व कृष्ण मिलन की कथा ,रुकमणी विवाह सहित अनेकों कथा के प्रश्नग सुनाकर श्रोताओं को भाव भीभोर कर दिया। हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विधिवत विराम दिया गया।आयोजकों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर निर्माण कमेटी के सदस्य देविंद्र शर्मा,अमर सिंह कौंडल,ख्यालीराम,कन्हैया राम,संतराम,नेकराम कौंडल,निर्मला,जीतराम, सहित सैंकड़ों महिला व पुरुष मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में नेशलन हाईवे अथॉरिटी (NHAI) के तहत फोरलेन प्रोजेक्ट्स का निर्माण लगातार जारी है। कालका और शिमला को जोड़ने वाले फोरलेन का काम चल रहा है और अब एनएचआई को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां पर ढली-कैथलीघाट फोरलेन पर बन रही शुंगल टनल का ब्रेक-थ्रू हो गया और टनल के दोनों छोर मिल गए हैं। 40 किमी लंबे इस स्ट्रेच पर 2 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कैथलीघाट से ढली फोरलेन में 10 किलोमीटर की 10 टनल्स बनाई जाएंगी। इनमें से एक सुरंग टनल के दोनों छोर मिल गए हैं। शोघी के पास शुंगल में 708 मीटर की लंबी यह टनल बन गई और अब इसका काम अंतिम पड़ाव पर है। हिमाचल प्रदेश में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित मंगलवार को सुरंग की ब्रेकथू सेरेमनी में शामिल हुए। बता दें कि शुंगल टनल का काम साल 2023 में शुरू हुआ था और फिलहाल, नौ और टनल बननी बाकी हैं, जिनका काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।एनएचआई के क्षेत्रीय प्रमुख अब्दुल बासित ने बताया कि सुरंग के निर्माण में 200 मजदूरों और 50 मशीनों की तैनाती की गई है। 90 करोड़ में बन रही यह सुरंग डबललेन है और इससे यात्रा का समय और ईंधन की बचत होगी। बासित ने बताया कि सुरंग का निर्माण पर्यावरण मानकों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने बताया कि टनल के निर्माण से पहाड़ी की कटिंग बच गई और इस वजह से 5 हजार पेड़ कटान से बच गए। उन्होंने बताया कि पुल में एक पिलर की ऊंचाई तीन कुतुब मीनार(150 मीटर) से भी ज्यादा है। शकराल पुल के पिलर की ऊंचाई 210 मीटर है, जोकि करीब तीन कुतुब मीनार के बराबर है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना चुनौतीपूर्ण कार्य है।
सोलन: एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के छात्रों और संकाय सदस्यों ने सोलन में सदर थाना कोटलानाला और महिला पुलिस स्टेशन का दौरा किया। यह यात्रा एक शैक्षिक पहल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य कानून के छात्रों को पुलिस संचालन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कामकाज के बारे में व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान करना था। यात्रा के दौरान, छात्रों ने स्टेशनों के दिन-प्रतिदिन के कामकाज को समझने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ काम किया। उन्हें सुविधाओं का दौरा कराया गया और शिकायत दर्ज करने, जांच प्रक्रियाओं और सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयासों सहित पुलिस के काम के विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने में कानून प्रवर्तन के सामने आने वाली चुनौतियों और इन मुद्दों के समाधान के लिए किए गए उपायों के बारे में भी बताया। महिला पुलिस थाने में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों से निपटने पर विशेष जोर दिया गया। छात्रों ने पीड़ितों के लिए सहायता प्रणालियों और ऐसे मामलों में अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में सीखा। अधिकारियों ने पुलिसिंग में लैंगिक संवेदनशीलता के महत्व और महिलाओं को अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में महिला पुलिस स्टेशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। यात्रा का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ जहां छात्रों को सवाल पूछने और अधिकारियों के साथ विभिन्न कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर मिला। इस प्रत्यक्ष अनुभव ने छात्रों को उनके शैक्षणिक अध्ययन के पूरक के रूप में मूल्यवान ज्ञान और कानून प्रवर्तन के व्यावहारिक पहलुओं की गहरी समझ प्रदान की। डॉ. आर. पी. नैनता प्रिंसिपल एल. आर. इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज ने पुलिस विभागों के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया और अच्छी तरह से कानूनी पेशेवरों को आकार देने में इस तरह की यात्राओं के महत्व पर जोर दिया। एल. आर. इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज ने अपने छात्रों के व्यावहारिक सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए विभिन्न कानूनी और कानून प्रवर्तन संस्थानों में इसी तरह की यात्राओं का आयोजन जारी रखने की योजना बनाई है।
ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन, केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सी.बी.आर.आई.) रुड़की, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आज यहां आपदा के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों के बारे में जागरूक करने के दृष्टिगत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल ने की। डॉ. पूनम बंसल ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य ज़िला सोलन में आपदा से होने वाले नुकसान को न्यून से न्यून करने के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सी.बी.आर.आई. रुकड़ी की तकनीकी टीम के सहयोग से उपमण्डल कण्डाघाट की ग्राम पंचायत सायरी तथा ममलीग के लगभग 1500 घरों का भूकम्प तथा भूस्खलन से बचाव के लिए मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन से समुदायों के सामने आने वाले आपदा जोखिमों को कम करने के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में आपदा के विभिन्न पहलुओं जैसे भूकम्प, भूस्खलन, बाढ़, आगजनी, बादल फटना इत्यादि विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण तथा खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय के 45 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सी.बी.आर.आई. रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया, डॉ. विश्वजीत सहित ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
** हिमाचल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, तीन जिलों के लिए बाढ़ का जोखिम हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी शिमला में मौसम खराब बना हुआ है। सुबह से शहर व आसपास भागों में रुक-रुककर बारिश जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 24 से 27 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 29 जुलाई तक कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। बीती रात कांगड़ा में बारी बारिश हुई। इस बार हिमाचल में मॉनसून की गति प्रवेश के बाद से धीमी पड़ गई है। बार बार अचानक बाढ़ और भरी बारिश की चेतावनी के बावजूद अच्छी बारिश नहीं हो रही हैं। उधर, आईएमडी हाइड्रोमेट डिवीजन नई दिल्ली की ओर से प्रदेश के लिए राष्ट्रीय आकस्मिक बाढ़ मार्गदर्शन बुलेटिन जारी किया गया है। इसके अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, चंबा और शिमला जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बाढ़ का जोखिम होने की संभावना है।
शिमला: हिमाचल में होमस्टे नियम-2024 के नियमों के बदलाव का मामला अब 25 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में जाएगा, जिसमें मंत्रिमंडलीय उप-समिति की होमस्टे नियम-2024 के नियमों में बदलाव को लेकर दिए गए सुझावों को मंजूरी मिल सकती हैं। शिमला में सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में होमस्टे नियमों में बदलाव को लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इस दौरान प्रदेश में धारा 118 के नियमों की अवहेलना करके अवैध रूप से चल रहे होमस्टे पर कार्रवाई करने को लेकर चर्चा हुई। हिमाचल में बिना पंजीकरण के होमस्टे चलाने वालों पर भी गाज गिर सकती है। वहीं, पंजीकरण के दौरान जारी किए जाने वाले लाइसेंस की अवधि भी पांच साल से घटाकर दो साल की जा सकती है। इसी तरह से होमस्टे के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण शुल्क में बढ़ोतरी पर विचार किया जा रहा है। इस बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह व नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली ने भी अपने सुझाव रखे। इस बैठक में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर उपस्थित रहीं। बता दें कि सरकार के ध्यान में धारा-118 की अवहेलना कर खोले गए होमस्टे को लेकर शिकायतें मिली हैं। हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकल्प के तौर पर होमस्टे खोलने की योजना शुरू की गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2008 में होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां खोले जाने की योजना लागू की गई थी। इसके बाद कुल्लू, लाहौल-स्पीति व शिमला में बड़ी संख्या में होमस्टे खुले हैं। प्रदेश भर में कुल 4289 होम स्टे हैं, जिसमें कुल 17,222 कमरे हैं। इनकी बेड कैपेसिटी 26,727 है। वर्तमान में सबसे अधिक होमस्टे कुल्लू में हैं। यहां 1040 होमस्टे चल रहे हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर शिमला में 805 होमस्टे हैं। इसी तरह से लाहौल-स्पीति में 718 होमस्टे हैं। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में होमस्टे की संख्या 431 है। सोलन में कुल 328 होमस्टे स्थापित हो चुके हैं। चंबा में 322, मंडी में 241, किन्नौर में 202, सिरमौर में 123, बिलासपुर में 44, ऊना में 18 और हमीरपुर में होमस्टे की संख्या 17 है। हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों के बहुत से लोगों ने सरकार से धारा-118 के तहत रिहायशी मकानों की अनुमति लेकर होमस्टे खोल दिए हैं।
भाजपा युवा नेता आश्रय शर्मा ने आज जारी बयान में कहा कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह हिमाचल की सीमा से बाहर जाते और वापिस हिमाचल आते समय अपने ही बयानों से पलट जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लेकर बयान दिया कि हिमाचल की जनता ने उन्हें जवाब दिया है, वो शायद यह भूल गए हैं कि हिमाचल की और विशेषकर मंडी लोकसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपने जनादेश देकर नकार दिया है। आश्रय ने कहा कि जब लोक निर्माण मंत्री कुछ मांगने दिल्ली जाते हैं तो भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों की तारीफ करते हैं और वापिस आते ही उनको देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों में कमियां दिखाई देने लगती हैं, जिससे उनके पूर्व बयानों का वह स्वयं ही कटाक्ष कर देते हैं। आश्रय ने कहा कि वह उनको याद दिलाना चाहते हैं कि पिछले छह महीनों में वह एक बार इस्तीफा देकर फिर शाम को इस्तीफा वापिस ले चुके हैं और अगर वह इस दौरान अपने बयानों का आकलन करें तो उनमें ही विरोधाभास साफ नजर आता है। आश्रय ने कहा कि देवभूमि की जनता ने भाजपा पर पूरा विश्वास जताया है और चारों लोकसभा सीट भाजपा की झोली में डालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कांग्रेस को 61 विधानसभा में जनता ने नकार दिया है, तो बेहतर होगा कि लोक निर्माण मंत्री जिनके अपने विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में लीड नहीं मिल पाई, वो आत्मचिंतन करें।
ज़िला रोज़गार अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि मैसर्ज़ वर्मा ज्वैलर्स सोलन में 23 पदों की भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 26 जुलाई, 2024 को ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिक्योरटी गार्ड के एक पद के लिए भी कैंपस इंटरव्यू 26 जुलाई, 2024 को आयोजित किया जाएगा। जगदीश कुमार ने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता दसवीं, ग्रेजुएट, एम.बी.ए., एम.बी.ए. (एच.आर.), कम्प्यूटर आई.टी., कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग एसीस्टैंट (कोपा) पास होनी चाहिए तथा आयु 20 से 59 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उक्त पदों की विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर लॉगइन कर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए उम्मीदवारों को ई.ई.एम.आई.एस. पर कैंडीडेट लॉगईन टैब के माध्यम से पंजीकृत करने के उपरांत अपनी रजिस्ट्रेशन प्रोफाईल पर अधिसूचित रिक्तियों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है। ज़िला रोज़गार अधिकारी ने कहा कि उपरोक्त पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में 26 जुलाई, 2024 को प्रातः 10.30 बजे से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-227242 तथा मोबाईल नम्बर 78768-26291 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।
शूलिनी विश्वविद्यालय में "एचआर उत्कृष्टता के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति का दोहन" शीर्षक से दो दिवसीय एचआर कॉन्क्लेव का समापन कार्य, रचनात्मकता और एआई प्रगति के भविष्य पर चर्चा के साथ हुआ। कॉन्क्लेव के दौरान, शूलिनी यूनिवर्सिटी के सह-संस्थापक और अध्यक्ष इनोवेशन एंड मार्केटिंग, आशीष खोसला और शूलिनी ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग के निदेशक प्रो. अमर राज सिंह ने "अनलीशिंग क्रिएटिविटी एंड लर्निंग विद जेनेरेटिव एआई: द" शीर्षक से एक सत्र आयोजित किया। पैनल चर्चा, "गिग इकोनॉमी एंड द फ्यूचर ऑफ वर्क: मैनेजिंग ए हाइब्रिड वर्कफोर्स" का नेतृत्व डॉ. पूजा वर्मा ने किया। पैनलिस्टों में डिजीमंत्रा में ग्लोबल ऑपरेशंस के वीपी बिक्रमजीत सिंह और सोनालिका ग्रुप में एचआर मैनेजर उत्कर्ष कुमार, सोपरा स्टेरिया में टैलेंट एक्विजिशन के प्रमुख प्रसून प्रभजन और निवा बुपा हेल्थ में मानव संसाधन के महाप्रबंधक स्वर्णप्रीत सिंह शामिल थे , जिन्होंने लचीलेपन को संतुलित करने पर चर्चा की और गिग अर्थव्यवस्था में स्थिरता, साथ ही व्यवसायों को हाइब्रिड कार्यबल मॉडल को अपनाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया । दूसरे दिन की शुरुआत शूलिनी विश्वविद्यालय के मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशू खोसला की ज्ञानवर्धक बातचीत से हुई, जिन्होंने रचनात्मकता और एआई के अभिसरण के बारे में बात की। डॉ. आशु ने कहा, रचनात्मकता विचारों से शुरू होती है और नवाचार की ओर ले जाती है, जो सहयोगात्मक वातावरण में पनपती है। उन्होंने अलग-अलग सोच का प्रदर्शन करते हुए "30 सर्कल चैलेंज" में प्रतिभागियों को शामिल किया, और प्रवाह, लचीलेपन, मौलिकता और विस्तार को मापने के लिए क्रिएटिव थिंकिंग (टीटीसीटी) के टोरेंस टेस्ट की शुरुआत की।"अकादमिक क्षेत्र में उद्योग की भूमिका," भारत में केपीएमजी के एसोसिएट निदेशक सचिन शर्मा, शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विज्ञान संकाय के डीन मुनीश सहरावत और प्रोफेसर प्रदीप शर्मा के साथ एक दंडात्मक चर्चा की गई। प्रसून प्रभजन, हेड टैलेंट एक्विजिशन सोप्रा स्टेरिया, गौरव सैनी, ग्लोबल सीएचआरओ वाधवानी फाउंडेशन सभी ने कॉर्पोरेट करियर के लिए छात्रों को तैयार करने में लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, सीएसआर गतिविधियों और एआई-संचालित टूल की प्रासंगिकता पर जोर दिया। दूसरे पैनल चर्चा, "एचआर में एआई को लागू करना: सर्वोत्तम अभ्यास," का संचालन शूलिनी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मामलों के प्रोफेसर निदेशक डॉ. प्रोफेसर मंजूनाथ बी.आर. ने किया और इसमें पैनलिस्ट आनंद पचौरी, हेड एल और ओडी जिंदल स्टेनलेस, गौरव सैनी शामिल थे। ग्लोबल सीएचआरओ वाधवानी फाउंडेशन, डॉ. नायपाल, और प्रो. तरुण गुप्ता, निदेशक संचालन, शूलिनी ऑनलाइन। उन्होंने मानव क्षमताओं का विस्तार करने, उत्पादकता बढ़ाने और दैनिक गतिविधियों को सरल बनाने में एआई के महत्व पर चर्चा की। कॉन्क्लेव में प्रोफेसर आशीष खोसला और डॉ. पूजा वर्मा द्वारा संपादित और अदिति शर्मा द्वारा डिजाइन की गई पुस्तक "स्मार्ट एचआर विद एआई: लीवरेजिंग एआई फॉर वर्कफोर्स एक्सीलेंस" का विमोचन भी हुआ। पुस्तक में मानव संसाधन नेताओं, शूलिनी विश्वविद्यालय और एसआईएलबी संकाय के योगदान शामिल हैं। पुस्तक समय प्रबंधन को बढ़ाने और संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए एआई-संचालित समाधानों के महत्व पर प्रकाश डालती है। कार्यक्रम का समापन डॉ. पूजा वर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने सभी आयोजकों, टीम के सदस्यों, स्वयंसेवकों और प्रबंधन को उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. वर्मा ने संस्थान के विकास के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।


















































