विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है। 220 केवी कुनिहार (जाब्बल जमरोट) से निकलने वाले 33 केवी सायरी फीडर के नियमित रखरखाव एवं मरम्मत तथा 33 केवी सबस्टेशन सायरी, 11 केवी यार्ड, 33 केवी यार्ड के रखरखाव तथा 33 केवी जाबल जमरोट से सायरी लाइन पर आने वाले पेड़ों/झाड़ियों टहनियों की कटाई-छंटाई के कारण 8अगस्त गुरुवार को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। यह जानकारी इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल एचपीएसईबीएल कुनिहार ने दी उन्होंने बताया कि खंड सायरी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों शारडाघाट, बांजणी, कुम्हेली, प्लास्टा, शलाह, काकड़ा, सतरोल, ममलीग, जाखड़िया बशील, बकेशु, बेहली,चनौर, चपला, सेरीघाट, खनोल, टिक्कर, कल्हा, सायरी ,कांशीपट्टा, लल्याणा, कुफ्टू कनेअर, सेरैर , रुगडा खजरी, बनगढ़, कुफ्टू आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यदि किसी कारणवश शटडाउन के दिन कार्य नहीं हो पाता है तो अगले दिन ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत चलाई जा रही मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन कुनिहार पंचायत हॉल में किया गया। इस शिविर में तीनो पंचायतों कुनिहार, हाटकोट व कोठी की महिला मण्डल प्रधान,स्वयं सहायता समूह की महिलाएं,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व अन्य ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। जिला समन्वयक रेनू शर्मा व शीतल मेहता ने इस 100दिनों के विशेष जागरूकता अभियान के बारे जानकारी देते हुए बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के घटते लिंगानुपात में कमी लाना तथा समाज में बालिकाओं व महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं व महिलाओं को अपने कर्तव्यों के साथ अपने अधिकारों का ज्ञान होना भी जरूरी है तभी वो समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकती है। इस शिविर के माध्यम से महिलाओ ने अपने अधिकारों के साथ साथ अन्य सुविधाओं बारे भी जानकारी हासिल की। वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओ को दी जाने वाली सुविधा के बारे जानकारी के साथ महिला सहायता नंबर 181 बारे भी महिलाओं को जागरूक किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य कर्मचारी मीना राठौर,अरुणा शर्मा सहित लगभग 90 महिलाओ ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश में कई दिनों की भारी बारिश के कारण जल प्रलय की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश में जगह-जगह अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और 87 अन्य सड़कें बंद हो गई हैं। हिमाचल पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के चलते चंद्रभाग नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आ गई और जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा आ गया। वहीं, अगले तीन दिन मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है और मौसम विभाग ने सात और आठ अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड में केदारनाथ धाम और उसके रास्ते में फंसे लोगों को मौसम साफ होने के बाद सुरक्षित निकालने के काम में तेजी आई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के चलते चंद्रभाग नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आ गई और जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा आ गया। इसके चलते दारचा और सरचू पुलिस चेक पोस्ट पर अगले आदेश तक यातायात रोक दिया गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजमार्ग से मलबा हटाने में जुटा है। मौसम विभाग ने पूर प्रदेश, विशेषतौर पर कांगड़ा, हमीरपुर और चांबा जिलों में भारी बारिश के चेतावनी दी है और खराब मौसम को लेकर दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य भागों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के बाद अलग-अलग स्थानों पर फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू पांचवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को 1,401 लोगों का रेस्क्यू किया गया। एमआई-17, चिनूक सहित अन्य हेलिकॉप्टर से 645, पैदल मार्ग से 584, भीमबली-लिनचोली-चौमासी मार्ग से 172 यात्री व स्थानीय लोगों को निकाला गया। पांच दिन में 11,775 यात्रियों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
सोलन: सोने के दाम लगातार बढ़ रहे है और स्वर्णकारों ने अनुसार दीपावली तक सोने के दामों में और इजाफा हो सकता है। बढ़ते दामों के देखते हुए इन दिनों ग्राहक खूब सोने के खरीददारी कर रहे है। वही सोलन के प्रसिद्ध भूषण ज्वेलर्स में भी इन दिनों ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। ग्राहकों की मांग और पसंद को देखते हुए शोरूम प्रबंधन द्वारा इस वर्ष आभूषणों की विशेष रेंज तैयार करवाई गई है। हर वर्ग और तबके के ग्राहकों का ख्याल रखते हुए इन आभूषणों को तैयार करवाया गया है, जिन्हें ग्राहक खूब पसंद कर रहे हैं। भूषण जेवेलर्स में चाहे स्वर्ण आभूषण हो, हीरे के आभूषण या चांदी के आभूषण व अन्य वस्तुएं, भूषण ज्वेलर्स में बेहतरीन रेंज उचित दाम पर उपलब्ध है। इसमें एंटीक, कुंदन, टेंपल, पारंपरिक पहाड़ी ज्वेलरी की पूरी रेंज आकर्षक डिजाइन के साथ शोरूम में उपलब्ध है, जो ग्राहकों को खूब भा रही है। इसके अतिरिक्त चांदी के आभूषणों में बैंकॉक की ज्वेलरी, टरकियन, इटालियन चेन की विभिन्न किस्में भी ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।
शिमला: प्रदेश में फिलहाल मानसून सामान्य चल रहा है आने वाले 7 और 8 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के तीन जिला चंबा, कांगड़ा और मंडी में कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं बीते 24 घंटों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून सामान्य रहा है| बीते 24 घंटे के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य बारिश रिकार्ड की गई है | इस दौरान बारिश का प्रभाव प्रदेश के उत्तर क्षेत्र में अधिक देखने को मिला है. खास तौर पर लाहौल स्पीति, किन्नौर और कल्लू ज़िला के ऊंचाई वाले इलाकों में अधिक बारिश दर्ज की गई है| उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भी प्रदेश कि ज्यादातर हिस्सों में सामान्य बारिश होने का अनुमान है. मगर 7 और 8 अगस्त की रात प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है| इस दौरान जिला चंबा, कांगड़ा और मंडी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के सरल जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने चाहिएं। डॉ. शांडिल गत सायं सिरमौर कल्याण मंच सोलन द्वारा डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के कुशल नेतृत्व में किए गए संघर्ष के कारण ही आज हम सभी गर्व से हिमाचली कहलाते है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार का व्यक्तित्व निश्चल एवं अपनत्व से परिपूर्ण था और वह सदैव निस्वार्थ भावना से कार्य करते थे। उनके प्रयासों ने न केवल हिमाचल को पहाड़ी राज्य के रूप में पहचान मिली बल्कि उनके द्वारा प्रदेश के विकास की सुदृढ़ नींव भी रखी गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉ. परमार ने पहाड़ के विकास के लिए अथक प्रयास किए और उनके द्वारा विकास की दिखाई गई राह पर चलकर आज हिमाचल देश में अन्य राज्यों के लिए विकास का आदर्श बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में डॉ. परमार के विकसित प्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोज़गार के पथ पर अग्रसर करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं आरम्भ की गई हैं ताकि डॉ. परमार के दिखाए गए मार्ग के अनुरूप हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। डॉ. शांडिल ने कहा कि स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार का मानना था सड़कंे विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्र के विकास की भाग्य रेखाएं होती हैं और सड़क निर्माण पहाड़ को विकसित बनाने में महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत को पक्की सड़क से जोड़ा जा रहा है ताकि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और मज़बूत हो सके। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर तुलसी राम चौहान को डॉ. यशवंत सिंह परमार सम्मान और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित ‘श्रीहाट’ को सिरमौर सम्मान से सम्मानित किया। उन्होंने इससे पूर्व स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को कृतज्ञ प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर सिरमौर कल्याण समिति को 05 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर चूडेश्वर सांस्कृतिक दल द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। सिरमौर कल्याण मंच के अध्यक्ष प्रदीप ममगई ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विभिन्न मांगंे प्रस्तुत कीं।स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के पौत्र आनन्द परमार इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
**साहित्य और संस्कृति एक दूसरे पूरक: मनमोहन शर्मा उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि साहित्य और संस्कृति एक दूसरे के पूरक है तथा साहित्य के माध्यम से संस्कृति जन-जन तक पहुंचती हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां सिरमौर कल्याण मंच सोलन द्वारा हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि राजनीति के साथ-साथ साहित्य की विभिन्न धाराएं संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य ज्ञान का बड़ा स्रोत है। साहित्य के माध्यम से विभिन्न विषयों को समाज के सामने प्रस्तुत किया जाता है, और समाज बेहतर दिशा की ओर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों ने सदैव ही आम लोगों की समस्याओं को उजागर करते हुए समाधान के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल के विकास को दिशा देने के साथ-साथ पहाड़ की संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार पहाड़ की संस्कृति से विशिष्ट लगाव रखते थे और उनका सदा यह प्रयास रहा कि पहाड़ की संस्कृति, लोक परम्पराओं और हस्तशिल्प को विश्व में पहचान दी जाए। उन्होंने अपने सरल जीवन के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की जानकारी लोगों तक पहुंचाई। उपायुक्त ने इस अवसर पर के.आर. कश्यप द्वारा लिखित ‘सोलन जन-पद की लोक कथाएं’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। जिसमें 60 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। उन्होंने इससे पूर्व डॉ. वाई.एस. परमार की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, सिरमौर कल्याण मंच सोलन के अध्यक्ष प्रदीप, महासचिव यशपाल कपूर, उपाध्यक्ष एस.एस. परमार, बलदेव चौहान, गगन चौहान, सतपाल ठाकुर, वीरेन्द्र कंवर, रमेश शर्मा, नरेन्द्र चौहान, राजेन्द्र थापा, रीचा शर्मा सहित अन्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
** मानसिक तनाव दूर करने में खेल महत्वपूर्ण: डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि ब्रिज जैसे खेल हमारे मानसिक तनाव को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. शांडिल आज यहां 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि वर्तमान समय की व्यस्तता में ऐसी प्रतियोगिताएं लोगों में मेले-जोल बढ़ाने तथा उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में अहम हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को किसी न किसी खेल में भाग लेना चाहिए ताकि वह शारीरिक तौर पर स्वस्थ और मानसिक तौर पर एकाग्र बन सकें। उन्होंने कहा कि खेल सभी की ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि नशे से दूर रहें और ऐसे खेलों में ध्यान केन्द्रित करें ताकि उनके मानसिक विकास को मज़बूती प्रदान हो सके। उन्होंने इस अवसर पर 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता की स्मारिका का विमोचन भी किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर हिमाचल ब्रिज एसोसिएशन को अपनी ऐच्छिक निधि से 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रही मोनिका जाजू टीम, द्वितीय स्थान पर रही वैदिक टीम तथा तृतीय स्थान पर रही लेक माई लव टीम को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस प्रतियोगिता में देश की 23 टीमों के लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जोगिन्द्र सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेन्द्र सेठी, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष संधारा दुल्टा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, पुलिस उपाधीक्षक अनिल धौलटा, हिमाचल प्रदेश प्रथम गर्ल बटालियन एन.सी.सी. सोलन के आदेशक कर्नल संजय शांडिल, हिमाचल प्रदेश ब्रिज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, सचिव हतिन्द्र सिंह, संयुक्त सचिव धीरज सूद, ब्रिज फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रसाद बी.कैनी, अरुण सेन, रोहित शर्मा, पूर्व पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश पृथ्वी राज सहित अन्य व्यक्ति तथा प्रतिभागी उपस्थित थे।
कुनिहार: पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बरावरी-हरिपुर के अध्यक्ष डीडी कश्यप व महासचिव जगदेव गर्ग ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा कि पट्टा बरावरी- हरिपुर पेंशनर इकाई का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है और नई कार्यकारिणी के चुनाव के लिए 11 अगस्त को ठीक 11 बजे पट्टा बरावरी पंचायत के समुदाय भवन के नजदीक प्राचीन दुर्गा माता मंदिर परिसर में जरनल हाउस का आयोजन रखा गया है। उन्होेंने कहा कि जाड़ली पंचायत, हरिपुर पंचायत, जाबल झमरोट तथा पट्टाबरावरी पंचायत के सभी पेंशनर सदस्यों से अनुरोध किया है, कि नई कार्यकारिणी के गठन के लिए अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करे। उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से भी आग्रह किया कि 11अगस्त को ठीक 11 बजे पट्टाबरावरी के दुर्गामाता मंदिर परिसर में पहुंच कर नई कार्यकारिणी के गठन में अपना सहयोग करे।
शिमला: सुन्नी के डैम क्षेत्र में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार सुबह एक शव बरामद किया गया है। सुबह सात बजे स्थानीय लोगों को डैम के एक किनारे पर एक शव दिखाई था। इसकी सूचना सर्च ऑपरेशन में लगी टीम को दी गई। इसके बाद टीम ने शव को पानी से बाहर निकाला। शव एक महिला का है, जिसकी उम्र 20 से 25 वर्ष के करीब है। महिला की एक टांग शरीर के हिस्से के साथ नहीं थी। इसके साथ ही सिर का ऊपरी हिस्सा भी नहीं है। चेहरे पर काफी चोटें लगी हैं। महिला के कानों में टॉप्स है। रेस्क्यू टीम ने शव को सीएचसी सुन्नी में पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि एक शव सुन्नी में चल रहे सर्च अभियान में बरामद हुआ है। अभी इसकी पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन प्रथम दृष्टया से यह शव हाल ही का लगता है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। शव की पहचान का काम तीव्र गति से चला हुआ है। इसके साथ ही कुल्लू प्रशासन को भी शव की पहचान के लिए सूचित कर दिया गया है। गौरतलब है कि रामपुर में 31 जुलाई को बादल फटने के बाद 36 लोग लापता हैं उनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। बता दें कि समेज गांव में बादल फटने की घटना के बाद कुछ लोगों सतलुज नदी में बहने की संभावना है। ऐसे में इनकी तलाश के लिए समेज से करीब 120 किलोमीटर दूर सुन्नी-तत्तापानी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है, क्योंकि बादल फटने और बाढ़ आने से जैसी घटना होने पर 90 फीसदी शव कोल डैम साइट में शिमला-मंडी जिले की सीमा पर स्थित दोगरी गांव के आसपास ही मिलते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गुरुवार दोपहर से पुलिस और प्रशासन की टीमें यहां सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 15 अगस्त को देहरा में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उनके अलावा जिलास्तरीय कार्यक्रमों में भी मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सोलन, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शिमला, कर्नल धनीराम शांडिल हमीरपुर, चंद्र कुमार ऊना, हर्षवर्धन चौहान लाहौल स्पीति के केलांग, जगत सिंह नेगी किन्नौर के रिकांगपिओ, रोहित ठाकुर चंबा, अनिरुद्ध सिंह नाहन, विक्रमादित्य सिंह कुल्लू, राजेश धर्माणी मंडी और यादविंद्र गोमा बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उधर, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि 15 अगस्त को सुबह 11 बजे देहरा के शहीद भुवनेश डोगरा स्टेडियम में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत होगी। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल भी समारोह में शिरकत करेंगे। समारोह के लिए पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, भाषा विभाग, नगर परिषद देहरा सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका से अवगत करवा दिया गया है। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में बैठक हुई। उपमंडल स्तर के अधिकारियों और नगर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में एसडीएम ने व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए सबको जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए परेड का पूर्वाभ्यास 12, 13, 14 अगस्त को किया जाएगा।
जवाली विधानसभा क्षेत्र की पंचायत ढोल के दुराना गांव के शुभम धीमान 26 साल की उम्र में शहीद हो गए हैं। शुभम धीमान पुत्र स्वर्गीय रूमाल सिंह जो कि 14 डोगरा रेजीमेंट में थे व वर्तमान में लेह में अपनी सेवाएं दे रहे थे वह शुक्रवार शाम को लेह में अपनी ड्यूटी करते हुए गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण शहीद हो गए। शुभम धीमान अभी अविवाहित थे। वह अपने पीछे माता संतोष देवी उम्र 53 साल और बड़ा भाई पंकज कुमार को छोड़ गए हैं। शुभम धीमान का बड़ा भाई पंकज धीमान लखनऊ में प्राईवेट नौकरी करता है। शुभम धीमान के पिता भी आर्मी से रिटार्यड हुए थे व डेढ़ साल पहले ही उनका देहांत हुआ है। इस परिवार के ज्यादातर सदस्य आर्मी की पृष्ठभूमि से संबंधित रहे हैं। शुभम धीमान डेढ़ महिना पहले ही छुट्टी काट कर गया था। उसके चाचा कैप्टन सतीश धीमान व दूसरे चाचा सूबेदार मेजर रिटायर्ड जोगिंद्र धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कल रात को सेना की तरफ से दुर्घटना के बारे जानकारी दी थी, लेकिन शनिवार सुबह बेटे के शहीद होने की सूचना दी गई। सेना की तरफ से बताया है कि पार्थिव शरीर रविवार को दोपहर 2 बजे तक गांव में पहुंच जाएगा। वहीं, पंचायत प्रधान शालू, मेजर पीसी आजाद, उपप्रधान साधू राम राणा, कैप्टन दूनी सिंह, सूबेदार मेजर अवतार सिंह पठानिया, रक्षपाल शास्त्री, कैप्टन पवन सिंह, कैप्टन हरवंस सिंह राणा, कैप्टन जगदीश राणा, कैप्टन बलदेव सिंह राणा सहित दुराना गांव के लोगों ने छोटी उम्र में वीर जवान शुभम के इस तरह से जाने पर गहरा दुख प्रकट किया।
रामपुर: शिमला जिले के उपमंडल रामपुर में समेज त्रासदी के तीसरे दिन सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद देर रात को डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई। ये बैठक मोनाल कॉन्फ्रेंस हॉल एसजेवीएनएल रामपुर में आयोजित की गई, जिसमें ये फैसला लिया गया कि रविवार यानी आज से समेज में सर्च ऑपरेशन के लिए 6 एलएनटी मशीनों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही तैनात रेस्क्यू टीम में भी वृद्धि की जाएगी। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को प्रभावित सभी सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग को सभी प्रभावित पेयजल आपूर्ति की लाइनें जल्द बिछाने के निर्देश दिए हैं। विद्युत विभाग को तीन दिनों में प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग को 37 प्रभावित परिवारों को एक महीने का मुफ्त राशन मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को टीडी नियमों के मुताबिक प्रभावितों को लकड़ी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। डीसी शिमला ने बताया कि समेज में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक मेडिकल टीम नियुक्ति की जाएगी। रविवार से रेस्क्यू और मेडिकल टीम सुबह से लेकर शाम तक घटनास्थल पर ही सक्रिय रहेगी। बैठक के दौरान अभी तक के सर्च ऑपरेशन और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बैठक को संबोधित किया। इस दौरान आर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, सीआईएसएफ, अग्निशमन के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों के बारे में चर्चा की। बैठक में सर्च ऑपरेशन को लेकर आगामी रणनीति भी तैयार की गई। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को रामपुर में भारी बारिश हुई और समेज गांव की पहाड़ियों में बादल फट गया। जिसके चलते गांव के साथ बहते नाले में बाढ़ आ गई। बादल फटने के चलते फ्लैश फ्लड आया, जिसमें भारी मात्रा में मलबा और बड़ी-बड़ी चट्टानें थी। लोग घरों में सो रहे थे जब ये सैलाब आया और सबको बहा ले गया। 1 अगस्त की सुबह तक समेज गांव का अस्तित्व ही मिट गया। जहां कभी एक भरा-पूरा गांव हुआ करता था, अब वहां हर ओर सिर्फ मलबा ही मलबा है। इस त्रासदी में 36 लोग लापता हैं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। आज समेज में रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन है, लेकिन किसी का कोई नामोनिशान नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पीटीए, पीरियड, एसएमसी और वर्क लोड आधार पर शिक्षकों और गैर शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया है कि ऐसी नियुक्तियों के लिए सरकार से वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी। भविष्य में कानूनी अड़चनें पड़ने पर संबंधित शिक्षण संस्थान प्रमुख ही जिम्मेवार होंगे। ऐसे मामले सामने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के पास लगातार इस प्रकार की नियुक्तियां किए जाने की शिकायतें आई हैं। ऐसी नियुक्तियां होने के बाद संबंधित शिक्षक या गैर शिक्षक की ओर से स्थायी तौर पर रखने को लेकर कोर्ट की शरण ली जा रही है। ऐसे में सरकार ने इस बाबत सख्ती बरतते हुए स्कूल स्तर पर इस प्रकार की नियुक्तियां नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूलों में अस्थायी तौर पर किसी भी शिक्षक या गैर शिक्षक को नियुक्त नहीं किया जा सकता है। जिन स्कूलों में इस प्रकार की नियुक्तियां दी गई हैं, वहां की रिपोर्ट तलब की गई है। सरकार की ओर से इन नियुक्तियों के लिए वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी।
कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक स्थानीय रेस्टोरेन्ट में ई० रत्न तनवार की अध्यक्षता मे आयोजित की गई । बैठक में सदस्यों को बोर्ड की विभिन्न गतिविधियो से अवगत करवाते हुए सभा अध्यक्ष से लोगों को आगामी चुनौतियों से सावधान रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो बोर्ड के लिए मन्त्रिमण्डलीय उप समिति मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में गठित की गई है उसकी सिफारिशो पर ही विद्युत बोर्ड का भविष्य निर्धारित होगा । यदि सिफारिशे बोर्ड व कर्मचारी विरोधी होंगी तो उससे विद्युत पैन्शनर वर्ग भी अछूता नहीं रहेगा । इसलिए समय की यही मांग है कि सभी कर्मचारी व पैन्शनर्ज अपनी एकता को अभी से मजबुत बनाए रखे तथा भविष्य के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ले । ई तनवर ने हिमाचल प्रदेश सरकार व विद्युत बोर्ड प्रबन्धन वर्ग से मांग की है कि जैसे हरियाणा सरकार ने पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के विभिन्न मुकदमों की अपीले स्वीकार करने के बाद सभी पैशनर्ज जिन्हे लगभग 11 वर्ष या ज्यादा सेवानिवृति के हो चुके हैं उनकी कम्युटेशन रिकवरी को स्थगित करने के आदेश जारी किए है उसी आधार पर हिमाचल के पेन्शनर्ज की कम्युटेशन रिकवरी को 10 वर्ष 8 महिने पूरे होने पर स्थगित कर दिया जाए । धरातल में विद्युत सप्लाई का ढ़ाचा पूरी तरह से चरमरा चुका है इसलिए सैक्शन लेवल तक फिल्ड कर्मचारियो की भर्ती करके इस नामवर आर्गेनाईजेशन का अस्तित्व बचाया जाए । कर्मचारियो को ओपीएस तुरन्त लागू किया जाए। पेंशनर्ज को ग्रेच्यूटी 'लीव एनकैशमेंट ' कम्युटेशन तथा अन्य सभी रोके गए देयलाभ तुरन्त जारी किए जाए । बहुत से पैन्शनर्ज तो इन लाभों का स्वाद चखे बिना ही परलोक सिधार चुके हैं जो कि इस बोर्ड को बहुत ही शर्ममाक बात है। बहुत से पैन्शनर्ज की 7- 8 बर्षो बाद भी पे फिक्शेषन नहीं हो पाई है जिसे अकाऊंटस ऑफिसर पेंशनर्ज को संज्ञान लेते हुए जांच कर तुरन्त पैन्शनर्ज को नए पे स्केल मे फिक्स किया जाए । यह भी संगठन के संज्ञान में आया है कि 65-70 व 75 वर्ष की आयु पुर्ण कर चुके पेंशनर्ज की आवश्यक पैन्शन आलाऊंस नही दिया जा रहा है उसे भी जल्दी पैन्शन के साथ एरियर सहित दिया जाए। हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की गई कि जल्द से जल्द 12% डीए जारी किया जाए ताकि पैन्शनर्ज व कर्मचारी इस भयानक मंहगाई के दौर से बाहर निकल सके । सभा में बोर्ड द्वारा मुख्य लेखा अधिकारी से केन्द्रीय कार्यकारिणी के मांग पत्र पर बातचीत के लिए कार्यकारिणी को आमंत्रित किए जाने की भी भत्सर्ना की गई कि इतने शार्ट टर्म नोटिस पर खराब मौसम के दौरान दो दिनों के अन्दर पुरे प्रदेश से सदस्यों का शिमला पहुंचना असम्भव है तथा हमारे मांग पत्र के सभी विषय केवल मुख्य लेखा अधिकारी के अधिकारक्षेत्र में नहीं आते उनमें से बहुत से विषय बोर्ड प्रबन्धन व बोर्ड सैक्रिटेरिएट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं अतः बोर्ड से केन्द्रीय कार्यकारिणी ने इसी लिए इस मिटिंग को स्थगित कर आगामी दिनों में आयोजित करने का आग्रह 2-8-2024 को लिखे पत्र द्वारा कर दिया है । बैठक में बहुत दूर दराज के क्षेत्रो से पधारे लगभग 60 सम्मानीय सदस्यो ने भाग लिया तथा पांच नए सदस्यो ने एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण की ।
** चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रदान की जाएंगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, जिला कांगड़ा तथा इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों को सशक्त करने के लिए साधन और संसाधनों को व्यापक स्तर पर सृजित और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त स्टाफ की समुचित तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों को भविष्य की जरूरतों और तकनीक के आधार पर सुदृढ़ करने तथा संसाधन सृजन पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर विषयों की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कमियों को चिन्हित कर उनका उचित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणात्मक चिकित्सा देखभाल के लिए छह मरीजों के अनुपात पर एक स्टाफ नर्स तैनात की जाएगी। मुख्यमंत्री ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों से परामर्श के लिए प्रतीक्षा अवधि कम की जाएगी और परामर्श अवधि बढ़ाई जाएगी, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। मरीजों के पंजीकरण के लिए पंजीकरण कांउटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को चिकित्सक से परामर्श के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में वर्ष 2023 में मेडिसिन विभाग में 72,069 मरीजों, ऑर्थोपेडिक्स में 56,124, जनरल सर्जरी में 25,856 मरीजों सहित सभी विभागों में कुुल 6,05,489 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। मुख्यमंत्री ने टांडा महाविद्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में 100 बिस्तर क्षमता का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ विकसित किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही कार्यशील कर दिया जाएगा तथा बीएससी नर्सिंग कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल तथा अन्य श्रेणियों के विभिन्न पदों को भरने की स्वीकृति भी दी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा करते हुए इसमें विभिन्न श्रेणियों के पदों के सृजन और लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित सभी निर्णय व्यापक स्तर पर जन कल्याण भावना के दृष्टिकोण से लिए जाएं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में विभिन्न भवनों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 में इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन विभाग में 1,43,291 मरीजों, आर्थोपेडिक्स विभाग में 85,161, जनरल सर्जरी विभाग में 77,012 मरीजों सहित सभी विभागों में 8,72,829 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। सुक्खू ने कहा कि अटल सुपर स्पेशिएलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा को भी निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, मलेंद्र राजन व हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, टांडा व शिमला चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य व चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज सोलन ज़िला की ग्राम पंचायत भोजनगर के कालथ वन क्षेत्र में पौधरोपण अभियान एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव एवं सीनियर सिविल जज आकांक्षा डोगरा ने की। आकांक्षा डोगरा ने बाण का पौधा रोपित कर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अभियान में तेजी लाने, व आमजन की भागीदारी सुनिश्चित बनाने का भी आह्वान किया ताकि बदलते जलवायु परिवर्तन से पर्यावरण को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व है। वर्तमान में पर्यावरण की सुरक्षा ही भविष्य को हरा-भरा बना कर रख सकती है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करें ताकि भविष्य में यह पौधे, पेड़ बनकर सभी के लिए लाभदायक बन सकें। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोजनगर के विद्यार्थियों ने इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के लगभग 80 पौधे रोपित किए। कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी धर्मपुर केवल राम पुंडीर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोजनगर की प्रधानाचार्य सोनिया कौर, पुलिस विभाग के अधिकारी सहित विद्यार्थियों व अध्यापकों ने भाग लिया।
सोलन: पुलिस थाना परवाणू की टीम ने सोलन जिला के युवाओं को चिट्टे की सप्लाई करने आए हरियाणा के 2 तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इनमें एक युवती भी शामिल है। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली की हरियाणा के युवक-युवती एक स्कूटी (पीबी 10एफआर-1183) पर सवार होकर चिट्टे की तस्करी करने सोलन की तरफ आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने टीटीआर परवाणू के नजदीक नाका लगा दिया। जब उक्त युवक-युवती स्कूटी लेकर वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 10 ग्राम से अधिक चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने चिट्टे को कब्जे में लेकर आरोपी 35 वर्षीय मनदीप व 22 वर्षीय युवती सविता निवासी चंडी मन्दिर जिला पंचकूला हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया तथा उनके खिलाफ पुलिस थाना परवाणू में धारा 21,29 एनडी एंड पीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की स्कूटी को भी जब्त कर लिया है। पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी मनदीप पहले भी नशा तस्करी के मामले में संलिप्त रह चुका है और इसके खिलाफ चंडी मंदिर थाने में एक मामला भी दर्ज है, जिसमें वह जमानत पर रिहा हुआ है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री ने किया समेज घटनास्थल का निरीक्षण लोक निर्माण एंव शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को समेज घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभावित लोगों और पीड़ितों से भी मिले। घटना स्थल पर स्थानीय लोगों ने घटना के बारे में कैबिनेट मंत्री को बताया।कैबिनेट मंत्री ने कहा कि समेज गांव में दो वैली ब्रिज स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शिमला से वैली ब्रिज का सामान मंगवा लिया गया है। कुछ ही दिनों में वैली ब्रिज सुचारू हो जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यहां पर अतिरिक्त मशीनरी की तैनाती की जा रही है ताकि खोज एवं बचाव कार्य को और तीव्रता मिल सके। इस बारे में संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए है। कैबिनेट ने कहा कि यह त्रासदी झकझोरने वाली है। हम पूरी तरह लोगों के साथ खड़े है। प्रदेश सरकार हर संभव सहायता कर रही है। इस हादसे में लापता लोगों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चला हुआ है। लेकिन भारी मलबा होना के कारण सर्च ऑपरेशन में कई चुनौतियां पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि 85 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी, पैरा मिलिट्री फोर्स, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग के सदस्य रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत दिवस समेज दौरे के दौरान आपदा प्रभावितों को 50 हजार रुपए की फौरी राहत राशि और किराए पर मकान के लिए 5000 रुपये देने की घोषणा की है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को आपदा से निपटने के लिए दिल खोल कर आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने इस दौरान कैबिनेट मंत्री को खोज एवं बचाव कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक रामपुर नंद लाल, पूर्व सांसद एवं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव कुमार गांधी, उपमंडल दण्डाधिकारी रामपुर निशांत तोमर सहित कई विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विवि (एचपीयू) ने स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की खाली सीटों को भरने के लिए इस बार प्रवेश प्रक्रिया में ही बदलाव कर दिया है। पहली बार बदली प्रवेश प्रक्रिया के तहत एचपीयू पीजी की खाली सीटों को भरने के लिए कुछ शर्तें लगाकर छात्र-छात्राओं को आवेदन का मौका देने वाला है। इतना ही नहीं, एचपीयू सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटें भरने को प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 700, मेरिट आधारित कोर्स के लिए 500 रुपये फीस भी वसूल करेगा। फिर चाहे छात्र ने एडमिशन के लिए पहले ही आवेदन फीस चुका ली हो। हालांकि, यह परोक्षरूप से छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त फीस थोपी गई है। एचपीयू के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने सभी शैक्षणिक विभागों को कार्यालय आदेश जारी किए हैं। आदेशों में तय प्रक्रिया के अनुसार ही विभाग खाली सीटों के लिए फिर से आवेदन आमंत्रित करेंगे। अधिष्ठाता अध्ययन ने विभागों से तीन अगस्त तक खाली सीटों का ब्योरा और सीट भरने के लिए आवेदन मंगवाने से संबंधित जानकारी मांगी है। इसी के आधार पर एचपीयू पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने को एडमिशन पोर्टल खोलेगा। बता दें कि यह पहला मौका होगा जब विवि खाली सीटें भरने के लिए फीस की वसूली करेगा। पहले खाली सीटों पर वीसी की मंजूरी पर प्रवेश दिया जाता था। डीएस कार्यालय के सर्कुलर के मुताबिक प्रवेश, आवेदन और सीट आवंटन के लिए तीन नियमों के अनुसार सीटें भरी जानी हैं।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने हिमकेयर योजना को संशोधित किया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी सरकारी सेवारत, सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्यमंत्री हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना (हिमकेयर) से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही निजी अस्पतालों का इंपेनलमेंट 1 सितंबर 2024 से वापस लेने का निर्णय लिया गया है। अब इन अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज नहीं होगा। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य एम सुधा देवी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने सोलन में कहा था कि बहुत से लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए जाते हैं। जहां पर इलाज काफी महंगा है। जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहता। कुछ निजी अस्पताल मनमर्जी के रेट भी मरीजों को लगाते हैं। बताया जा रहा है कि इसी के चलते निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज की सुविधा को बंद करने का फैसला लिया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 5 अगस्त से तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद केवल सरकारी कर्मचारियों के तबादलों के ऐसे प्रस्तावों पर कार्रवाई और कार्यान्वयन किया जाएगा, जो व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 के पैरा 8 के तहत विशेष रूप से प्रदान की गई परिस्थितियों के अनुरूप होंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाध्यक्षों, मंडलायुक्तों व उपायुक्तों को इन निर्देशों की कड़ाई से अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 1 मार्च, 2024 को जारी पत्र के जरिये बताया था कि 1 अप्रैल, 2024 से या आदर्श आचार संहिता लागू होने की तारीख से जो भी पहले हो, कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध फिर से प्रभावी हो जाएगा। इसी के तहत अब तबादलों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार को बड़ा झटका लगा है। पर्यटन स्थल सूने हैं। हिमाचल में अब तक ढाई हजार सैलानियों ने बुकिंग रद्द या होल्ड कर दी है। इसके अलावा ट्रैकिंग ट्रिप पर जाने का कार्यक्रम भी सैलानियों ने स्थगित कर दिया है। हालांकि बरसात के चलते हिमाचल में इन दिनों ऑफ सीजन चल रहा है, लेकिन इन दिनों में भी होटलों में 30 से 40 फीसदी तक एक्यूपेंसी रहती है। लेकिन प्राकृतिक आपदा के आपदा वीकेंड पर भी ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी से कम है। हिमाचल की राजधानी शिमला के अलावा मनाली, धर्मशाला, मैक्लोडगंज, चंबा और डलहौजी में होटलों के कमरे खाली चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में बीते साल 2023 में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हुआ था। उस समय कारोबारियों को करोड़ों की चपत लगी थी। आपदा के चलते कुल्लू-मंडी और मनाली में तबाही के डर से सैलानी पर्यटन नगरी धर्मशाला-मैक्लोडंगज आने से भी कतरा रहे हैं। वीकेंड पर एक आध कमरे की ही बुकिंग हो रही है। धर्मशाला का पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज और भागसूनाग भी वीकेंड पर सूना है। हालांकि पर्यटन कारोबारियों को 15 अगस्त की छुट्टियों के दौरान तीन-चार दिन के लिए अच्छे कारोबार की उम्मीद है। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्विनी बांबा का कहना है कि बरसात में होटलों में एक-दो कमरे ही लग पा रहे हैं। ऑफ सीजन में सैलानियों को होटलों में 30 फीसदी तक छूट भी दी जा रही है, लेकिन फिर भी वीकेंड पर ऑक्यूपेंसी 15 फीसदी भी नहीं पहुंच रही। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एजीएम नवदीप थापा ने बताया कि बरसात के मौसम में प्रदेश में हो रही तबाही के कारण सैलानियों में डर का माहौल है। पर्यटन कारोबार काफी कम हो गया है। निगम के होटलों में सैलानी बुकिंग रद्द करवा रहे हैं। सैलानी हिमाचल आने से डर रहे हैं। टूरिस्टों ने ट्रैकिंग ट्रिप होल्ड कर दिए हैं। अगर भारी बारिश का क्रम थम जाता है तो करीब 15 दिन बाद स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। बादल फटने से नालों में आई बाढ़ से कई लोग लापता हुए हैं। वहीं, भारी बारिश के साथ आए तेज तूफान ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रदेश में सेब की फसल तैयार है। इस बीच तेज तूफान के कारण पेड़ों से झड़ कर सेब के खेतों में ढेर लग गए हैं। ऐसे में सरकार ने बागवानों की पीड़ा को समझते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए एपीएमसी ने निर्धारित समय से पहले झड़े हुए सेब को खरीदने का फैसला लिया है, ताकि बागवानों का नुकसान होने से बचाया जा सके। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि दो दिन पहले मौसम बिगड़ने की वजह से सेब की फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एचपीएमसी को बागवानों से सेब की खरीद करने को कहा गया है, जिसके लिए बागवानी को एचपीएमसी के केंद्र प्रभारियों से लिखित में आवेदन करना होगा। एचपीएमसी ने शुरुआती तौर पर अभी 20 केंद्रों पर सेब की खरीद शुरू कर दी है। इसके अलावा अगले कुछ दिनों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों सहित कम ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में 40 के करीब क्षेत्रों में सेब खरीद शुरू हो जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से आई बाढ़ के बाद लापता हुए 45 से अधिक लोगों का पता लगाने के लिए बचावकर्मियों ने ड्रोन तैनात किये हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। बुधवार रात तीन जिलों- कुल्लू, मंडी और शिमला में बादल फटने से अचानक बाढ़ आने के बाद मंडी के राजबन गांव से दो शव और कुल्लू के निरमंड से एक शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार तीन शवों की बरामदगी के साथ, कुल्लू, मंडी पधर और शिमला के रामपुर उपमंडल के निरमंड, सैंज और मलाणा क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। 45 लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लापता लोगों में 17-18 महिलाएं और 8-9 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने पीड़ितों के लिए 50 हजार रुपये की तत्काल राहत और अगले तीन महीने तक 5,000 रुपये प्रति माह किराया देने की भी घोषणा की। इसके अलावा, गैस, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सामग्री भी मुहैया कराई जाएगी।
बादल फटने और बाढ़ आने से प्रदेश में 17 पुल ढहे और क्षतिग्रस्त हुए है। प्रदेश सरकार ने जरूरत के मुताबिक इन जगहों पर बेली ब्रिज लगाने के निर्देश दिए हैं। सेब बहुल क्षेत्रों की सड़कें दुरुस्त करने को कहा है। जिन सड़कों को ज्यादा नुकसान हुआ है और समय रहते ठीक नहीं हो सकती हैं, उन क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लिए डोजर और जेसीबी लगाए गए हैं। प्रदेश सरकार ने विभाग से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी है। बीते साल आई आपदा से सबक लेते हुए सरकार ने पहले ही बेली ब्रिज खरीद रखे थे। जोन स्तर पर इन ब्रिजों को रखा गया था। अब इन वेली ब्रिज को जिला शिमला, मंडी, कुल्लू के लिए भेजा जाएगा। हालांकि इससे पहले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर क्षतिग्रस्त पुलों का निरीक्षण करेंगे। अगर कोई पुल रिपेयर करने योग्य होगा तो उसकी मरम्मत होगी। जो पुल ढह गया है, वहां तुरंत बेली ब्रिज लगाने का काम शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि जिला कुल्लू के निरमंड में सबसे ज्यादा 9 पुल ढहे व क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते 455 सड़कें यातायात के लिए प्रभावित हुई हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका नामोनिशान मिट गया है। हालांकि विभाग का दावा है कि 100 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बहाल की गई हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल ने कहा कि विभाग का हर कर्मचारी मुस्तैदी के साथ सड़कों को बहाल करने में डटा है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के चलते विभाग को अब तक 300 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। सड़कें और पुुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। ऐसे में जहां जहां पुल ढह गए हैं, वहां बेली ब्रिज लगाए जाएंगे।
कुनिहार:-आज शिव कुमार (उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा, सोलन) की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न प्रखंडों के बीईईओ ने भाग लिया। प्राचार्य केके यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य केके यादव ने जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा की प्रवेश प्रक्रिया समझाते हुए इसमें आने वाली समस्याओं का जिक्र किया और उसका समाधान भी बताया। प्राचार्य केके यादव ने आए हुए बीईईओ से प्रवेश प्रक्रिया पर खुलकर चर्चा की और सहयोग की अपील की। उपनिदेशक शिव कुमार ने उनकी टीम को हरसंभव सहयोग देने का वादा किया। अंत में अतिथियों को सम्मानित किया गया।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद आई भारी तबाही ने सभी को चौंका कर रख दिया। गुरूवार देर रात आई बारिश ने किसी को आपनो से दूर किया तो किसी के आशियानों की उजाड़ कर रख दिया लेकिन बारिश का ये कर्म अभी यही नहीं रखने वाला। मौसम विभाग केंद्र शिमला ने आगामी पांच दिनों के लिए भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 7 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना ज़ाहिर की है। जिसमें मंडी , शिमला , सिरमौर ,कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर शामिल है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालो से दूर रहने की भी अपील की है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद प्रदेश के लोगों डर भी बैठ गया है। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर से ऐसी ऐसी खबरे सामने आई कि लोग अभी भी डरे और सहमे हुए है।
** क्यू॰आर॰टी॰ बैठक में पुष्प उत्पादन पर दिया बल डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पुष्प एवं भूदृश वास्तुकला विभाग’ में दो दिवसीय क्यू॰आर॰टी॰ की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पुष्प कृषि अनुसंधान निदेशालय, पुणे के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत देश भर के 7 केंद्रों के पुष्प वैज्ञानिकों ने भाग लिया। बैठक के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्य अतिथि रहे। प्रो चंदेल ने क्यू.आर.टी. के अध्यक्ष डॉ एस.के. चक्रवर्ती और सदस्यों डॉ प्रीतम कालिया, डॉ सी अस्वथ, डॉ रंजीत कुमार, डॉ व राममूर्ति और पुष्प अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ के.वे. प्रसाद का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. चंदेल ने कहा कि पुष्प उत्पादन का देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका है क्योंकि किसानों की आय को दो से तीन गुना बढ़ाने में यह बहुत मददगार हो सकती है। उन्होनें सभी वैज्ञानिकों को नई तकनीकों के विकास करने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। बैठक के पहले दिन सभी विश्वविद्यालयों से आए वैज्ञानिकों ने अपने अपने केन्द्रों द्वारा वर्ष 2018-2023 के बीच किए गए अनुसंधान कार्यों पर प्रस्तुति दी, जिसकी समीक्षा की गई। दूसरे दिन पुष्प विज्ञान विभाग का क्षेत्र का भ्रमण किया, जिसमें अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के विभिन्न प्रयोगों का आकलन किया गया। क्यू.आर.टी. के सभी सदस्यों द्वारा नेटिव ओरनामेंटल्स पर किए गए कार्यों का सहराया गया। अध्यक्ष द्वारा विभाग द्वारा बनाए गए कारनेशन के म्यूटेंट्स, गुलदाउदी एवं एल्स्ट्रोमीरिया की ओपन पोलिनेटेड सिलेक्शन एवं ग्लैडिओलस के हाइब्रिड पर शोध कार्यों पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। विभाग की ड्राई फ्लावर प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया गया। इसके पश्चात हिमाचल प्रदेश के पुष्प उत्पादकों एवं वैज्ञानिकों की संवाद बैठक की गई, जिसमें कारनेशन उत्पादक सुरेश चंदेल, जिप्सोफिला एवं कारनेशन उत्पादक रवि दत्त शर्मा एवं व्यर्थ फूलों की अगरबत्ती बनाने वाली कंपनी युवान वेंडरज के प्रबंध निदेशक रविंद्र पराशर ने अपने-अपने अनुभव एवं समस्याओं का साझा किया। सभी किसानों ने उनके विकास में पुष्प विभाग के वैज्ञानिकों की भागीदारी की प्रशंसा की और संतोष जताया। धारों की धार में प्रगतिशील किसान कारण ठाकुर की कारनेशन के पॉलीहाउस का भ्रमण भी किया। इस बैठक में विभाग के हैड डॉ एस.आर. धीमान सहित सभी वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
**डायरिया की रोकथाम के लिए 31 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा जागरूकता अभियान **09 अगस्त को आयोजित होगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने वर्षा ऋतु में विभिन्न जनजनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को पूर्ण तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां जल जनित रोगों की रोकथाम के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि गर्मी एवं वर्षा ऋतु के समय जल जनित रोगों के साथ-साथ डेंगू जैसे रोग होने की सम्भावना अधिक होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धतता पर ध्यान दिया जाए और किसी भी स्थान पर पानी न खड़ा होने दिया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं नगर परिषद परवाणू को संयुक्त टीमें गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह टीमें नियमित अंतराल पर प्रभावित क्षेत्रों में फोगिंग सुनिश्चित बनाएंगे, विभिन्न पेयजल आपूर्ति भण्डारण टैंको और पारम्परिक जल स्त्रोतों का निरीक्षण कर स्वच्छता सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह टीमें लोगों को जल जनित रोगों के विषय में जागरूक भी करेंगे। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को बरसात के मौसम में लोगों को दूषित पानी का उपयोग न करने के विषय में जागरूक करने तथा समय-समय पर प्राकृतिक जल स्त्रोतों की जांच करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला में डायरिया रोग की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 31 अगस्त, 2024 तक जागरूकता अभियान आयोजित किया जा रहा है। जागरूकता अभियान के तहत लोगों को डायरिया रोग के लक्षणों एवं बचाव के विषय में जागरूक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला में 09 अगस्त, 2024 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन स्कूलों बच्चों को कृमि मुक्त दवा एलबेंडाजोल और विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। मनमोहन शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के समय में जल जनित रोगों से बचाव के साथ-साथ विभिन्न दुर्घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों का भण्डारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिन्द्र राणा, विभिन्न खण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश कोली समाज के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष एवं पेंशनर कल्याण संघ कुनिहार यूनिट के प्रधान जगदीश सिंह ने अपना 79वां जन्म दिवस समारोह अपने पैतृक गांव ग्राम पंचायत पट्टाबरावरी के पन्याली में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान हरीश कौशल सहित दर्जनों पेंशनरों ने यहां पहुंचकर जगदीश सिंह को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। पेंशनर यूनिट पट्टाबरावरी के प्रधान डी डी कश्यप ने बताया कि इस मौके पर जगदीश सिंह ने सभी के साथ मिलकर पट्टाबराबरी में निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर परिसर व सड़क के दोनो ओर जामुन, भेड़ा, आंवला, बांस, दाड़ू, अमरूद, शीशम आदि विभिन्न प्रजाति के 105 पौधे रोपित किए। पौधारोपण कार्यक्रम के बाद जगदीश सिंह ने पंचायत प्रधान सहित पेंशनरों को शॉल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रूपेंद्र कौशल, राम नाथ कश्यप, परमानंद गर्ग, दौलत राम गर्ग, ख्याली राम कश्यप, रमेश कश्यप, जगदेव गर्ग, ख्याली राम, प्रेम चंद कश्यप, कन्हैया लाल, डी डी कश्यप, जी आर शेख आदि पेंशनर मौजूद रहे। अंत में जगदीश सिंह ने सभी को भोजन करवाया।
**प्रदेश में अभी जारी रहेगा बारिश का दौर हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी बारिश से तबाही का मंजर देखने को मिला है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के विज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, कुछ जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर हमीरपुर, सोलन शिमला में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। आज चंबा कांगड़ा कुल्लू मंडी में एक दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। 2 से 6 अगस्त तक कुछ स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इस दौरान ऊना, बिलासपुर, सोलन, मंडी, सिरमौर, शिमला, चंबा, कांगड़ा में एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगो को नदी नालों के नजदीक न जाने की सलाह है क्योंकि भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान भारी बारिश से तबाही हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से हुई तबाही को लेकर सचिवालय में आपात बैठक की और सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट लेने के साथ सभी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक शिमला, कुल्लू और मंडी में 50 लोग बादल फटने की घटनाओं से लापता हैं, जबकि तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 3 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश से तीन जिलों ने नुकसान हुआ है। रामपुर के झाखड़ी समेज खड्ड में 36 लोग लापता हैं जिसमें दो लोगों के शव बरामद हो गए हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसी तरह मंडी पधर में 9 लोग लापता हैं एक शव बरामद हो गया है एक व्यक्ति को जख्मी हालत में बाहर निकाल लिया है। कुल्लू के मलाणा में पॉवर प्रॉजेक्ट के डैम को भी भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री ख़ुद मौके के लिए रवाना हो रहे हैं। मौके पर राहत बचाव कार्य के लिए NDRF,SDRF, ITBP सहित स्थानीय प्रशासन जुटा हुआ है और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है। केन्द्र सरकार में मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से फोन पर बात हुई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
**फसलों की बर्बादी पर किसान अब मुआवजे की आस में कुनिहार क्षेत्र में लंबे समय बाद बुधवार रात भारी बारिश हुई, जिससे लोगो को गर्मीं से तो काफी राहत मिली लेकिन इस बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की मक्की की फसल खेतो में ही बिछा दी। किसानों को भारी नुकसान हुआ है और किसान अपनी बर्बाद फसल को देखकर मायूस हो गए है। किसानों का कहना है कि पहले तो बारिश न होने की वजह से आधी से ज्यादा फसल वैसे ही बर्बाद हो चुकी थी और रही-सही कसर बुधवार रात हुई बारिश के साथ चली तेज हवा ने पूरी कर दी। गौर रहे कि क्षेत्र में अधिकतर किसान खेती बाड़ी करके अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं और फसल की अच्छी पैदावार के लिए बारिश पर ही निर्भर रहते है। गांव हरीपुर, सहबार, नमोल, हरडी, उच्चागांव, थावना आदि के किसानों वीरेंद्र, शंकर, मदन, जयपाल, राकेश, विक्रम, संतलाल, रोशन आदि ने बताया कि इस बार पहले बारिश हुई ही नहीं, जिससे आधी से ज्यादा मक्की सहित नगदी फसलें बर्बाद हों गई, लंबे समय बाद बुधवार रात जब अच्छी बारिश हुई तो लगा कि अब कुछ फसल आ जाएगी, लेकिन जब सुबह उठकर फसल को देखा तो मक्की की फसल खेतो में बिछी पड़ी थी। किसानों ने सरकार से इस बार मौसम के कारण बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
रामपुर: श्रीखंड महादेव यात्रा के रास्ते में बीती रात के समय बादल फटने की घटना सामने आई है। बीती रात करीब एक बजे कुर्पन खड्ड में बादल फटने से फ्लैश फ्लड आ गया और खड्ड का जलस्तर बढ़ गया, जिससे श्रीखंड महादेव यात्रा के पहले पड़ाव बेस कैंप सिंह गाड में दर्जनों दुकानें चपेट में आने की सूचना है। वहीं, बागीपुल में बस स्टेंड, करीब 10 मकान और 20 गाड़ियां बाढ़ में बह गई हैं, जबकि केदस और ढरोपा तक जगह-जगह पुल बहने से लोगों के आवागमन का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। तहसीलदार निरमंड जय गोपाल शर्मा ने बताया कि बीती रात को श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर कुर्पन खड्ड में बदल फटने से बेस कैंप सिंह गाड में भरी नुकसान हुआ है। वहीं, बागीपुल में निरमंड और बागीपुल को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है और नया पुल भी बह गया है। बाढ़ में छोटे बड़े मकान बह गए हैं। इसमें होटल दुकानें, पटवारखाना भी बह गया है और 7 से 10 लोगों के लापता होने की सूचना है ,जिसमें एक परिवार के 5 लोगों और एक बुजुर्ग महिला, दो नेपाली मूल के लोगों के लापता होने की सूचना है। तहसीलदार जय गोपाल शर्मा ने बताया कि केदस में एक मकान बाढ़ की चपेट में आया है और केदस पुल भी बह गया है। वहीं, कोयल पुल के बहने से निथर का रामपुर निरमंड से संपर्क कट गया है। तहसीलदार ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और रेस्क्यू टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है।
**अब तक 11 अभ्यर्थियों की बिगड़ी तबियत **1 को हुआ डेंगू सिस्टम के आगे बेबस हो गए है और दो वक्त की रोटी के मोहताज हो गए है, यह कहना है JOA IT पोस्ट कोड 817 के उन अभियर्थियों का जो परिणाम घोषित होने का इंतज़ार कर रहे है और धरने पर बैठे है। इन अभियर्थीओं का कहना है कि उनकी आस अब ख़त्म हो रही है, अभियर्थी बीमार हो रहे है। आपको बता दे कि धरने पर बैठे इन अभ्यर्थियों में से अभी तक 11 अभ्यर्थी बीमार हो चुके हैं, जिनमे से एक अभ्यर्थी तो डेंगू का शिक्कार हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 2020 में विज्ञापित पदों पर JOA IT पोस्ट कोड 817 का अभी तक अंतिम परिणाम जारी नहीं हो पाया। आयोग से बीते सालों से तमाम कानूनी लडाई लड़ने के बाद भी अभ्यर्थी सड़को पर बैठने के लिए मजबूर है। पहले 36 दिन तक कड़ी ठण्ड में शिमला के चौड़ा मैदान में बैठे रहे अब फिर से जब चयन आयोग हमीरपुर ने तारीख पर तारीख दी तो बच्चो को मजबूरी में इस बरसात के मौसम में आयोग के बाहर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर हम में से किसी को भी कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सरकार होगी।
आज संयुक्त पटवारी एवं कानुनगो महासंघ की बैठक उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा के साथ हुई। बैठक में जिलाधीश द्वारा पटवारी-कानूनगो का जिला से राज्य संवर्ग किए जाने बारे व पटवारी एवं कानुनगो द्वारा ऑनलाइन कार्य बन्द करने के साथ पटवारी अतिरिक्त प्रभार की चाबियां सौंपने के बारे विस्तृत चर्चा हुई। बैठक मे जिला अध्यक्ष अमनदीप सिंह द्वारा बताया गया कि पटवारी एवं कानुनगो ने अभी तक कोई हड़ताल नहीं की है, परंतु संसाधनों से जो ऑनलाइन कार्य किए गए जा रहे थे बस उन्हे छोड़ा गया है, जबकि प्रमाण पत्र लिखित तौर पर बना कर जनहित मे कार्य किया जा रहा है, जिससे कि आम जनता को भी परेशानी नहीं आ रही है। साथ ही अतिरिक्त प्रभार वाले कार्यालयों में सरकार से नई भर्तियां करने की गुहार भी महासंघ द्वारा लगाई गई है। जिला अध्यक्ष अमनदीप द्वारा बताया गया कि महासंघ जिलाधीश के माध्यम से सरकार से अपील की है कि वह पटवारी एवं कानूनगों के राज्य स्तरीय कैडर या राज्य स्तरीय तबादला पुनः नीति के निर्णय पर विचार करे कि जनहित के कार्य सुचारु रूप से चले आ रहे हैं वैसे ही चलते रहें।
हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेशभर में अगस्त में आने वाले बिजली के बिल पहले की ही तरह आएगें यानी अगर आपने 125 यूनिट से काम बिजली खर्च की है तो आपके बिजली के बिल इस बार भी पिछले महीनो की तरह ही जीरो आने वाले है और अगर आपने 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च की है तो आपको सब्सिडाइज्ड रेट पर ही बिल आएगा। हाल में ही कैबिनेट की बैठक में ये निर्णय लिया गया था कि प्रदेश में मिल रही मुफ्त बिजली का लाभ अब सभी को नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए कुछ शर्ते राखी गई है लेकिन इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है की आखिर कौन-कौन इसके दायरे में आएगें। सरकार मुफ्त बिजली योजना में कुछ अमेंडमेंट करने पर विचार कर रही है। इसको लेकर लाभार्थियों के लिए कुछ शर्ते में लागू होनी है, लेकिन वो शर्ते क्या होगी और कब से शुरू होगी इसको लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं हुए है। उम्मीद जताई जा रही है मॉनसून सत्र के बाद इसमें कोई बड़ा बदलाव हो सकता है। फिलहाल निश्चिंत रहिए इस महीने भी आपको योजना के पुराने शर्तों के आधार पर ही बिल आएंगें।
वेस्ट वॉरियर संस्था के सहयोग से आज सोलन ज़िला के कसौली उपमण्डल की ग्राम पंचायत कसौली गड़खल में उपमण्डलाधिकारी कसौली नारायण सिंह चौहान ने सुखा कचरा संग्रहण के लिए वेस्ट बैंक का शुभारम्भ किया। उन्होंने सुखा कचरा संग्रहण वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। नारायण सिंह चौहान ने कहा कि वेस्ट बैंक का उद्देश्य कचरा संग्रहण करना है। उन्होंने कहा कि वेस्ट वॉरियर संस्था ने ग्राम पंचायत कसौली गड़खल के साथ मिलकर सांझा प्रयासों से पंचायत के 03 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए कचरा प्रबंधन की आदत को अपनाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अग्राह किया कि नष्ट होने योग्य कचरे और नष्ट नहीं होने योग्य कचरे को अलग-अलग कर कचरा उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें ताकि क्षेत्र को स्वच्छ व सुंदर रखा जा सके। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कसौली गड़खल के प्रधान राम सिंह, पंचायत सचिव पवन कुमार, एस.ई.बी.पी.ओ. धर्मपुर राम स्वरूप वर्मा, वेस्ट वॉरियर संस्था से दीपक बुमरा, सुनील कटवाल, आरजु शर्मा, आशीष ठाकुर, पलक शर्मा, मुकदर सिंह, ईशा, भारती सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
** डीएफओ को 25 पेड़ कटवाने की पॉवर हिमाचल में अब जंगलों में गल-सड़ रहे सूखे पेड़ों को आसानी से काटा जा सकेगा। सरकार ने सूखे पेड़ों पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत अब वन रक्षक अपने स्तर पर दो पेड़ और वन मंडल अधिकारी 25 पेड़ काटने की अनुमति दे सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को इस संबंध में एसओपी जारी की है। हालांकि राज्य सरकार ने पिछले साल ही जंगलों में सूख रहे पेड़ों को काटने संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस अवधि के दौरान वन विभाग और निगम ने बीते वर्ष 15 हजार क्षतिग्रस्त पेड़ों को प्रसंस्कृत किया। इससे लकड़ी की बिक्री से राजस्व प्राप्त हुआ। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार की रॉयल्टी आय मात्र डेढ़ वर्ष में 35 से बढक़र 70 करोड़ रुपए हो गई। प्रदेश सरकार ने एक रणनीतिक फैसला लेते हुए वन विभाग की निर्माण शाखा को बंद करने का निर्णय लिया। इसे वानिकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वन बीट से सर्किल तक योजना में बेहतर काम करने पर वन विभाग के कर्मचारियों को नवाजा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में बड़े बदलाव के फैसले लिए हैं। इनमें वन विभाग भी शामिल है। अब डीएफओ जंगलों में गले-सड़ेे पेड़ों को बेचने और काटने की अनुमति दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीए में स्टेज वन की अनुमति प्राप्त होने के बाद वन मंडल अधिकारी वनों को काटने की अनुमति दे सकता है। इसका बड़ा फायदा फोरलेन के प्रोजेक्ट में मिलेगा। वन विभाग खुद पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू कर पाएगा और इसे ठिकाने भी लगाएगा।
** मुख्यमंत्री बोले, बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने का रहेगा प्रयास प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रात:कालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा।
** ट्रांसप्लांट और अंगदान के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर किया जाएगा सम्मानित डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल को उभरते राष्ट्रीय प्रत्यारोपण और अंग पुनप्र्राप्ति केंद्र पुरस्कार(इमर्जिंग नेशनल ट्रांसप्लांट एंड ऑर्गन रेट्रीवाल सेंटर अवार्ड) के लिए पूरे भारत में श्रेष्ठ पुरस्कार से नवाजा जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) की ओर से 14 वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव और अनुप्रिया पटेल द्वारा टांडा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को तीन अगस्त को नई दिल्ली में पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इस तरह पूरे भारत में श्रेष्ठ रहने पर डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल के नाम एक और कीर्तिमान स्थापित हो जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के निदेशक डा. अनिल कुमार की ओर से टीएमसी को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। टीएमसी के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा शनिवार को दिल्ली में भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के हाथों से यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे। यह हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव के क्षण होंगे। यह सब टांडा मेडिकल कालेज व अस्पताल के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा के बेहतरीन निर्देशन व नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी विभागाध्यक्ष डा. अभिनव राणा, विषेशज्ञ किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डा. अमित शर्मा के अथक प्रयासों से संभव हो पाया हैै।
हिमाचल प्रदेश में बैचवाइज आधार पर चयनित 221 टीजीटी के स्कूल बदल दिए गए हैं। बुधवार को ही इन शिक्षकों को स्कूलों में पद ग्रहण करना होगा। बीते सप्ताह प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों के कम दाखिलों वाले स्कूलों में कई शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी थीं। एक ही स्कूल भी दो-दो नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित कर दिए गए। इन गलतियों के सामने आने के बाद निदेशालय ने कुछ नियुक्तियों को रोक लगाई और मंगलवार को इस बाबत संशोधित अधिसूचना जारी की गई। टीजीटी आर्ट्स में 127, मेडिकल में 37 और नॉन मेडिकल में 57 शिक्षकों को अब नए स्कूलों में तैनाती दी गई है। 23 जुलाई को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचनाएं जारी कर कई शिक्षकों के स्कूलों में बदलाव किए थे। 24 जुलाई की सुबह इन संशोधित आदेशों को रोक दिया गया। स्कूल आवंटित करने की प्रक्रिया में कई खामियां रहने के चलते यह राेक लगाई गई थी। कुछ शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भी भेज दिया गया जहां पहले से पर्याप्त संख्या में टीजीटी नियुक्त थे। मामला ध्यान में आते ही निदेशालय ने नवनियुक्त शिक्षकों के संशोधित नियुक्ति निर्देशों को आगामी फैसले तक रोक दिया था। अब इन शिक्षकों को नए सिरे से स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने बीते दिनों 1049 टीजीटी का बैचवाइज आधार पर चयन किया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर पांच से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में ही बैचवाइज आधार पर चयनित जेबीटी को नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को अतिरिक्त निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि जिन स्कूलाें में विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक है और वहां प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक हैं तो ही नियुक्ति की जाए। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है और शिक्षकों की तैनाती कम है, वहां भी शिक्षकों को नियुक्तियां देने में प्राथमिकता दी जाए। शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में नियुक्त न किया जाए जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम हो। ऐसे स्कूलों को जल्द ही नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाना है। प्रदेश में शिक्षकों का युक्तिकरण करने के साथ ही अब गैर शिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से उनके कार्यालयों सहित स्कूलों में आवश्कता से अधिक तैनात गैर शिक्षकों का ब्योरा तलब किया है। इसके लिए एक परफार्मा भी जारी किया गया। स्कूल में कितने विद्यार्थियों के दाखिले हैं, गैर शिक्षकों के कितने पद सृजित हैं, कितने पदों पर नियुक्तियां हैं, कितने पद रिक्त हैं, गैर शिक्षक यहां पर कितने समय से कार्यरत है। इसकी जानकारी निदेशालय को देने के लिए कहा गया है।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाएं लक्षित वर्गों का सम्बल बन रही हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति एवं ज़िला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन ज़िला में 340 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से जनवरी, 2024 से जून, 2024 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को लगभग 13,285 क्विंटल चीनी, लगभग 69,186 क्विंटल चावल, लगभग 1,07,244 क्विंटल आटा, लगभग 19581 क्विंटल उड़द, चना, मूंग एवं मलका दाल, 11,32,141 लीटर खाद्य तेल तथा लगभग 3013 क्विंटल आयोडाईज्ड नमक वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि ज़िला में 340 उचित मूल्य की दुकानों में से 202 दुकानें सहकारी सभाओं, 130 व्यक्तिगत, 02 महिला मण्डलों तथा 06 ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित की जा रही हैं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन ज़िला में वर्तमान में 19 गैस एजेन्सियों के माध्यम 2,04,334 पंजीकृत घरेलू गैस उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ज़िला में उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस वितरित करने की जानकारी पूर्व में पहुंचनी चाहिए ताकि सभी बिना किसी परेशानी के घरेलू गैस प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए कि रसोई गैस का वितरण निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार हो। बैठक में ज़िला के विभिन्न स्थानों पर आवश्यकता एवं मांग के अनुसार उचित मूल्य की दुकानें खोलने के लिए चयनित स्थानों पर विचार-विमर्श भी किया गया। उपायुक्त ने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उचित मूल्य की दुकानों का समय-समय पर निरीक्षण करते रहें ताकि उचित मूल्य पर बेहतर गुणवत्ता की खाद्य सामग्री बिल के साथ उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो। बैठक में स्कूली बच्चों की मिड डे मील, गर्भवत्ती एवं धात्री महिलाओं तथा 06 माह से 06 वर्ष तक के बच्चों को पोषाहार सहित अन्य विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई। ज़िला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेन्द्र कुमार धीमान ने विभागीय कार्य प्रणाली एवं आवश्यक मदों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) कविता गौतम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य सरकार के प्रयासों से विद्यार्थियों में जागृत होगी देशभक्ति की भावनाः मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रातःकालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों कोे जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों की दिनचर्या में इन गतिविधियों को शामिल कर उनमें राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है।
** वृक्षारोपण को आदत में शुमार करें, राष्ट्र निर्माण में पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तुंदल के रुड़ा गांव में 75वें वन महोत्सव एवं पौधारोपण अभियान की अध्यक्षता की। इस राज्य स्तरीय अभियान का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा शिमला से वेबीनार के माध्यम से किया गया, जिसमें प्रदेश भर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने वेबीनार के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री से इस अवसर पर संवाद भी किया और अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर अमरूद का पौधा रोपित किया। इसके उपरांत उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण में पौधरोपण का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने उपस्थितजनों का आह्वान किया कि वे न केवल पौधों का रोपण करें, बल्कि एक पेड़ बनने तक इनकी निरंतर देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि हरित वन क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में वर्तमान प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में कई पहल कर रही है। इसके लिए खाली पड़े सूखे पहाड़ों पर एक समग्र अभियान के तहत पौधरोपण किया जा रहा है। वन संपदा के संरक्षण एवं उचित दोहन के लिए भी प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नियमों में आवश्यक बदलाव करते हुए वन अधिकारियों की शक्तियां भी बढ़ाई गई हैं ताकि वर्षा अथवा भूस्खलन इत्यादि से गिरे पेड़ों के उचित निस्तारण के लिए त्वरित कदम उठाए जा सकें। इससे लकड़ी की जरूरत पूरी होगी और वन विभाग के राजस्व में भी वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी। डॉ. शांडिल ने कहा कि वन महोत्सव पर पौधरोपण को केवल औपचारिकता न समझें और इन रोपित किए गए पौधों का एक परिजन की तरह पालन पोषण भी करें। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह जन्मोत्सव तथा अन्य समारोह में उपहार के रूप में पौधे प्रदान करें और इससे न केवल पर्यावरण का संरक्षण होगा बल्कि पृथ्वी माँ का वरदान भी हमें मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को वृक्ष श्रृंखला को पुनः जीवित करना है और वृक्षों की संख्या बढ़ानी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और हमें पर्यावरण से समन्वय बनाते हुए इस दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने से जलस्तर बढ़ेगा, ग्लेशियर पुनर्जीवित होंगे और इससे पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। फलदार पौधे लगाने की योजना का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए क्षेत्र चिह्नित हों, जिससे बंदरों का आतंक कम होगा और खेती का भी संरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे वृक्ष लगाने को अपनी आदत में शुमार करें। उन्होंने स्कूली बच्चों से भी आग्रह किया कि लक्षित तौर पर वृक्ष लगाएं और इसके लिए स्कूल प्रबंधन प्रतिस्पर्धाओं का भी आयोजन करें, जिसमें एन.सी.सी. और एन.एस.एस. को भी शामिल करें। उन्होंने कहा कि हम वृक्षों की देखभाल करेंगे तभी हमारे यह प्रयास सार्थक होंगे और राष्ट्र निर्माण में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध नाट्य दल द्वारा प्रस्तुत पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लघु नाटिका एवं समूह गान की प्रशंसा करते हुए कहा कि विभाग लोगों तक उपयोगी जानकारी का प्रचार-प्रसार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर डॉ. शांडिल ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इससे पहले वन मंडलाधिकारी सोलन एच.के. गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और पौधारोपण अभियान पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ए.सी.एफ. चंद्रिका शर्मा ने उपस्थितजनों का धन्यवाद किया। पौधरोपण के इस अभियान में गर्ल्स एन.सी.सी. की कैडेट्स, स्कूली बच्चों तथा स्थानीय जनता ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान आंवला, दाड़ू, जामुन, बाण और अमरूद इत्यादि विभिन्न प्रजातियों के लगभग 101 पौधे रोपित किए गए। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध लोकनाट्य दल द्वारा इस अवसर पर वन संरक्षण एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव ठाकुर, स्थानीय पंचायत की प्रधान चित्रलेखा व उप प्रधान ज्ञान, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, ग्राम पंचायत सकोड़ी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र तथा उप प्रधान इंद्र, बांजणी पंचायत के पूर्व प्रधान प्रेम, राजेश ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, प्रथम हि.प्र. गर्ल्स बटालियन एन.सी.सी. सोलन के आदेशक कर्नल संजय शांडिल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व अन्य व्यक्ति तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
घुमारवीं में इंटक से संबंधित ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कांट्रैक्चुअल वर्कर्ज यूनियन की राज्य स्तरीय कार्यकारणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष दीप धीमान की अध्यक्षता मे हुई। इसमें जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में वाटर गार्ड संघ के प्रधान भूपेंद्र चंदेल ने कहा कि वाटर गार्डों को प्रत्येक माह उनका मासिक वेतन नहीं मिल रहा है और उन्हे रेगलुर के बाद बकाया राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया है। इंटक महासचिव जगतार सिंह बैंस ने कहा कि यूनियन जलशक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के प्रत्येक अनुभाग में कर्मचारियों को सदस्य बनाएगी और उनकी समस्याओं का निवारण करवाने का प्रयास करेगी। हिमाचल प्रदेश के सभी निर्माण प्रोजेक्टों मे भी कामगारों को युनियन का सदस्य बनाकर उन्हें हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधाओं को दिलाएगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष में चार बार यूनियन की राज्य कार्यकारणी की चार बैठके होंगी।
बेरोजगार कला अध्यापक संघ ने कड़ा ऐतराज करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार उन गरीब बच्चों और गरीब अभिभावकों के साथ भदा मजाक कर रही है, जिस सरकार ने बेरोजगारों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे कि हम सत्ता में आते ही ऐसे काम करेंगे जो पूर्व सरकार ने नहीं किए थे। लेकिन उसके विपरीत सरकार कर रही है। संघ के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा है कि सरकार स्कूलों को बंद कर रही है और कुछ मर्ज कर रही है। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि स्कूल में बच्चे ना होने का कारण टीचरों की भर्ती न होना है । हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 17000 से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। और जिन स्कूलों में टीचर नहीं थे उसमें अभिभावक बहुत बार अपना विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं और कई जिलों में उपयुक्त के मध्य और एसडीएम के मध्य से मांग पत्र दे चुके हैं। और मंत्री विधायकों के द्वारा भी अपने मांग पत्र दे चुके हैं। एसएमसी कमेटीयां भी टीचर भर्ती को लेकर धरना-प्रदर्शन और चका जाम तक कर चुकी हैं। तथा टीचर रखने को लेकर कई स्कूलों के बच्चे अपना विरोध कर चुके हैं और स्कूल में टीचर ना होने पर सोशल मीडिया प्रींट मिडिया में भी कभी बार दिखाया गया है, लेकिन सरकार ने उन स्कूलों में टीचर रखने के बजाय स्कूलों को बंद करने तथा मर्ज करने का फैसला लिया है। जो निंदनीय है राज्य कार्यकारिणी संघ के अध्यक्ष बलवंत, उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, महासचिव विजय चौहान, सहसचिव पाल सिंह, कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद , संगठनमंत्री संतोष नांटा मुख्य सलाहकार सुखराम मिडिया प्रभारी अशोक कुमार और सीमा कुमारी और समस्त सदस्यों तथा जिला के समस्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों ने माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि स्कूल बंद करने की बजाय स्कूलों में टीचर तथा अन्य स्टाफ रखने पर बल दें। न कि स्कूलों को बंद करने का निर्णय लें संघ ने कहा है कि सरकार को 2 साल का कार्यकाल खत्म होने पर है लेकिन रोजगार देने की बजाय बेरोजगारों को मानसिक तनाव में डाला जा रहा है। संघ ने कहा है कि अभी तक जो भी रिजल्ट घोषित नहीं हुए हैं उनको जल्द से जल्द घोषित किया जाए और नई भर्तियों को जल्द से जल्द भरा जाए। संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों ने सरकार बनाने में अपनी एहम भुमिका निभाई है। क्योंकि बेरोजगार दवका पूर्व सरकार से तंग आ चुका था और उनको उम्मीद थी कि कांग्रेस सरकार आते ही बेरोजगार युवाओं के साथ न्याय करेगी, लेकिन वर्तमान सरकार ने तो पूर्व सरकार की तरह राह पकड़ रखी है संघ के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री से और शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश के जितने भी सरकारी स्कूलों में कर्मचारी हैं उनको निर्देश करें कि वह अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में डालें अन्यथा उनको किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा। संघ ने कहा है कि जब सरकार सरकारी नौकरी वाले टीचरों को इतनी बड़ी सैलरी दे रही है तो क्यूं ना सरकार ऐक्शन ले कि वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाए। खुद सरकारी नौकरी पर लगे हैं और खुद के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाए जा रहे हैं। जब मुख्यमंत्री जी इतने बड़े पैमाने पर फैसले ले रहे हैं तो फिर ऐसा फैसला लेने में देरी क्यूं । संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में सभी कर्मचारियों पर सरकार को निर्देश करना चाहिए। क्योंकि सरकार कर्मचारियों की हर एक बात को पुरा करने पर बचनबद्ध है। संघ ने कहा है कि इस बात को सभी एजुकेशन संगठनों को सरकार से उठाना चाहिए। कि सरकारी स्कूलों को बंद ना करे। बल्कि टीचर भर्ती करें। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि चार-पांच साल पहले सरकारी स्कूलों में अच्छी एनरोलमेंट थी लेकिन जैसे-जैसे स्कूलों में टीचरों की संख्या कम होती गई वैसे-वैसे स्कूलों में पढ़ाने के लिए कोई भी टीचर नहीं रहा तो मजबूरी में लोगों को प्राइवेट स्कूलों का रुख करना पड़ा, लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों के पास इतनी बड़ी इनकम नहीं है कि वह भारी भरकम फीस प्राइवेट स्कूलों में भरकर अपने बच्चों को शिक्षा दें। हिमाचल प्रदेश के अभी भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां पर अभिभावक अपने पैसे देकर और उन सरकारी स्कूलों में अपनी तरफ से टीचर रखकर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवा रहे हैं। संघ ने कहा है कि कोविड के टाइम भारी मात्रा में प्राइवेट स्कूलों से बच्चे निकाल कर सरकारी स्कूलों में डाले गए थे। लेकिन जब अभिभावकों को इस बात का पता चला कि सरकारी स्कूलों में तो टीचर ही नहीं है तो 2 साल के बाद फिर बच्चों को दोबारा से अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों में डालना पड़ा। बेरोजगार कलाध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री और समस्त मंत्रीयों विधायकों से निवेदन किया है कि ऐसा कदम ना उठाएं जिससे कांग्रेस सरकार को इसका नुकसान उठाना पड़े, लेकिन जैसा इलेक्शन के समय प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने बेरोजगारों से वादा किया था उस वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री और सरकार फैसले लें। संघ ने कहा है कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के सरकारी मिडिल स्कूलों में 100 की लगी शर्त को हटाने का कई बार विश्वास दे चुके हैं। लेकिन अभी तक 100 बच्चों की कंडीशन को समाप्त नहीं किया गया है। संघ मुख्यमंत्री से अनुरोध करता है कि इसकी अधिसूचना जारी करें और कला अध्यापकों की 1600 पोस्टें प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में खाली चल रही है उन्हें जल्द से जल्द भरे।
पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर होने से प्रदेश में लोगों के 1.30 लाख से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं, मगर आज भी ये मसला हल नहीं हो पाया। दरअसल आज हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और पटवारी-कानूनगो के बीच सचिवालय में हड़ताल से सम्भंदित एक महत्वपूर्ण बैठक हुई मगर इस बैठक में दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। पटवारी-कानूनगो जिला से बाहर ट्रांसफर के लिए तैयार नहीं है, जबकि सरकार ने इसी मंशा से इन्हें स्टेट कैडर बनाया है। मीटिंग में सहमति नहीं बनने के बाद हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी संघ ने अपना विरोध जारी रखने का ऐलान कर दिया है। इनकी हड़ताल से प्रदेश के लोग परेशान हैं। पटवारी-कानूनगो राज्य कैडर बनाए जाने के विरोध में 15 दिनों से ऑनलाइन काम नहीं कर रहे। इन्होंने सरकारी ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप से भी एग्जिट कर रखा है। यही नहीं एडिशनल चार्ज वाले पटवारी-कानूनगो सर्किल दफ्तर की चाबियां भी ये लोग संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को सौंप चुके हैं। इनकी हड़ताल के कारण बोनाफाइड सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, कृषि प्रमाण पत्र, बेरोजगारी प्रमाण पत्र, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र और पीएम किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम 15 दिन से नहीं हो पा रहे। बीते 6 दिन से एडिशनल चार्ज वाले दफ्तरों में भी काम ठप हो गया है। इससे लोगों के राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण काम नहीं हो पा रहे हैं।वहीं इस मसले पर राजस्व मंत्री जगत नेगी का कहना है कि सरकार ने जनहित को देखते हुए इन्हें स्टेट कैडर बनाया है और पटवारी-कानूनगो इसके विरोध की सही वजह नहीं बता पा रहे है। ऐसे में अब नियमों के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने टेट परीक्षा की फीस में बढ़ोतरी की है, जिस पर प्रदेश के जेबीटी वा बी एड प्रशिक्षु काफी नाराज है ,फीस बढ़ोतरी पर जेबीटी / डी एल एड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परयाल ने बताया कि इस प्रकार अचानक टेट की फीस दुगनी करना छात्र हित में नही हैं ,जहाँ उन्हें पहले 500 या 800 फीस देनी पड़ती थी वही अब 1000 ओर 1600 कर दी गई है, जिस से प्रदेश के प्रशिक्षु आर्थिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी परेशान हैं । उन्होंने कहा कि आज कल का दौर प्रदेश के युवाओं के लिए बहुत मानसिक तनाव भरा है, क्योंकि 4,5 वर्षो से जेबीटी भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नहीं हुई है । पिछली बार 2019 में ही जेबीटी कमिश्नन हुआ है ,उसके बाद कोई भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नही हुई, जिसकी वजह से प्रदेश के युवा मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं , उस पर यह अचानक टेट फीस में बढ़ोतरी करना उनके जले पर नमक छिड़कने जैसा हो गया है। जगदीश परयाल ने बताया कि प्रदेश सरकार अब पूर्ण बहुमत की सरकार बन चुकी है प्रदेश के युवाओं ने जब सरकार मुश्किल में थी तो उन्हें समझा है और उनका साथ दिया है ,अब मुख्यमंत्री को प्रदेश के युवाओं की ओर भी अपना ध्यान देने की जरूरत है ,उन्होंने कहा कि अगर सरकार आर्थिक रूप से कमजोर है तो इसका बोझ प्रदेश के बेरोजगारो के कंधों पर ना डाले, इसका समाधान निकाले ओर जल्द ही कमिश्नन के माध्यम से भर्ती करवाना शुरू करें । प्रदेश के 12 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओ को मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीदें है मुख्यमंत्री इनके बारे में भी कुछ सोचे क्योंकि भर्ती की अधिसूचना सिर्फ अखबारों तक ही सीमित रह गईं है आए दिन सरकार की तरफ से खबर आती है भर्तियों की परन्तुं अभी तक कोई भी भर्ती कमीशन के माध्यम से शुरू नहीं हुईं है। साथ ही उन्होंने कहा कि जेबीटी लगभग 9 महीनों से लंबित बैच वाइज भर्ती का परिणाम जल्द से घोषित किया जाए ,जिसके लिए लोग 15-15 सालों से नोकरी लगने का इंतजार कर रहे हैं । सरकार अगर समय पर भर्ती कराती है तभी प्रदेश की शिक्षा में गुणवत्ता आएगी । उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड धर्मशाला अपने टेट की फीस बढ़ोतरी पर पुनः विचार करे और जो फीस पहले ली जाती थी वही फीस ली जाए अन्यथा प्रदेश के युवाओं को मजबूरन सड़को पर उतरना पड़ेगा ।


















































