**सरकार गिराने के दावे फेल **अपनों ने डूबोई भाजपा की नाव कोशिश तो बहुत की मगर हासिल कुछ नहीं हुआ। भाजपा के तथाकथित ऑपरेशन लोटस को हिमाचल प्रदेश में मुँह की खानी पड़ी है। प्रदेश में पांच-छह महीने से सरकार बनाने का दावा कर रही भाजपा के लिए ये नतीजे बड़ा झटका है। पहले छह और अब तीन, कुल नौ उपचुनाव में से भाजपा 6 पर चुनाव हार गई है। न बिंदल का जादू चला न जयराम ठाकुर अपनी साख बचा पाए। हां सांसद अनुराग ठाकुर ज़रूर हमीरपुर में जीत दिलवाने में कामयाब रहे मगर इसका मार्जिन इतना कम है की 'यहाँ कुछ भी हो सकता था। वहीँ इस बार भले ही बाल-बाल जीत गए मगर इससे पहले अनुराग के संसदीय क्षेत्र के तहत हुए 4 में से पार्टी 3 चुनाव हार गई थी। यहां तक की प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के गढ़ में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा को भी हार मिली। यानि इन नेताओं में से किसी एक के भी रिपोर्टकार्ड पर स्टार नहीं लग पाए। ज़ाहिर है अब भाजपा आलाकमान की कचेहरी में प्रदेश के दिग्गज भाजपा नेताओं की पेशी होगी और इन्हें हार स्वीकारनी भी होगी और जो संभावित नतीजे होंगे उन्हें गले भी लगाना होगा। सूची तो उनकी भी बनेगी जो साथ दिख तो रहे थे मगर साथ दे नहीं रहे थे। इन चुनावों में भाजपा की लुटिया भाजपा के अपने ही नाराज़ नेताओं ने डूबोई है। अब देखना ये होगा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा इस हार पर क्या एक्शन लेती है और क्या सबक ।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने कैडेट्स के बीच अनुशासन, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की सराहना की। विश्वविद्यालय परिसर में 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (एटीसी 197) के दौरान कैडेट्स को संबोधित करते हुए प्रोफेसर चंदेल ने व्यक्तिगत विकास में एनसीसी की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला। शिविर में 684 कैडेट भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों, 11 कॉलेजों और नौ स्कूलों के वरिष्ठ और कनिष्ठ एनसीसी डिवीजनों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एनसीसी कैडेट्स के व्यापक विकास के उद्देश्य से शिविर का आयोजन 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संजय शांडिल की देखरेख में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सेना और नागरिक कर्मचारियों की टीम, एनसीसी अधिकारी और विभिन्न शिक्षक भी इस शिविर का हिस्सा है। इस कैंप में कैडेट शारीरिक और हथियार प्रशिक्षण, अभ्यास, सांस्कृतिक और कौशल विकास गतिविधियों, प्रेरक व्याख्यान, आपदा और स्वास्थ्य प्रबंधन सत्र, सामाजिक जिम्मेदारी पहल और विभिन्न खेल आयोजनों सहित कई गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर कर्नल संजय शांडिल ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर चंदेल और छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. केके रैना का स्वागत किया। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र कर्नल संजय शांडिल ने वार्षिक प्रशिक्षण शिविरों की मेजबानी के लिए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया और शिविर के दौरान आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कैडेट्स को अपने संबोधन में प्रोफेसर चंदेल ने अभ्यास के दौरान दिखाए गए अनुशासन के लिए गर्ल्स बटालियन टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कैडेट्स को शिविर से सीखे गए सबक और अनुशासन को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। अच्छे नागरिक के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने प्रतिभागियों से जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने और मोबाइल स्क्रीन समय को कम करते हुए प्रौद्योगिकी का कुशलतापूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया। प्रोफेसर चंदेल ने जीवन कौशल सीखने के महत्व पर भी जोर दिया और प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे खुद को औपचारिक शिक्षा तक ही सीमित न रखें बल्कि अपने जुनून की खोज करें और कौशल विकास पर ध्यान दें। उन्होंने प्रेरणा के रूप में विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं के उदाहरणों का हवाला देते हुए कैडेट्स को एक दिन की सफलता या विफलता से परे बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों को इन रोल मॉडलों से सीखने और सफलता के लिए अपना रास्ता खुद बनाने के लिए प्रेरित किया।
** पति मुख्यमंत्री और पत्नी विधायक .... **सीएम सुक्खू की पत्नी कमलेश ने जीता देहरा का उपचुनाव कांग्रेस का एक अनोखा प्रयोग अब सियासी संयोग बन चूका है। देहरा से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीत चुकी है। सत्ता की गाड़ी में सवार हो कर अब पति पत्नी दोनों ही विधानसभा में नज़र आएंगे। उपचुनाव के नतीजों के साथ ही ये तो स्पष्ट हो चूका है कि आखिरकार ससुराल वालों ने सीएम सुक्खू को जीत का शगुन दे कर कमलेश ठाकुर को देहरा का विधायक बना ही दिया। अब कमलेश बार-बार अपने मायके वालों से यही गुज़ारिश कर रही थी कि ससुराल में उनका मान रहे इसके लिए देहरा की जनता से उन्हें प्यार मिलना बेहद ज़रूरी है। हुआ भी कुछ ऐसा ही अब मायके वालो ने तो अपना धर्म निभा दिया है अब बारी है देहरा की बेटी की। जो बाते, जो वादे कमलेश और सीएम सुक्खू ने देहरवासियों से किये थे क्या वो पुरे होंगे ये देखना दिलचस्प होगा। राज्यों की राजनीति में पति पत्नी की विधानसभा में एक साथ एंट्री के उदाहरण न के बराबर ही देखने को मिले है, हां सिक्किम में एक बार ऐसा देखने को ज़रूर मिला था जब पति मुख्यमंत्री बने और पत्नी विधायक, लेकिन तब सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग की पत्नी कृष्ण कुमारी राई ने शपथ ग्रहण करने के एक दिन बाद ही विधायक पद से त्याग-पत्र दे दिया था। अब राज्यों की सियासत में ये दूसरा मौका है जब पति प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे और पत्नी विधायक।
मुख्यमंत्री बोले, हिमाचल प्रदेश की जनता ने देश भर की राजनीति को दिया संदेश हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा क्षेत्रों में हुए उप-चुनाव में दो सीटों पर जीत हासिल करने पर भारी संख्या में जश्न मनाने ओक ओवर पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जनता ने धनबल को हराया है और जनबल की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के मतदाताओं के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के मेहनती कार्यकर्ताओं की जीत है। प्रदेश की जनता ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को नकार कर अपना वोट राज्य में राजनीतिक पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए दिया है। उन्होंने कहा कि देहरा में 25 वर्षों के बाद कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हुई है और नालागढ़ में भी कांग्रेस प्रत्याशी बड़े अंतर से जीते हैं। हिमाचल प्रदेश में अब कोई भी पार्टी आने वाले 50 साल में खरीद-फरोख्त की राजनीति करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगी और प्रदेश से यह संदेश पूरे देश की राजनीति में जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 28 फरवरी, 2024 को प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र रचा गया, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या एक बार फिर 40 हो गई है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बार-बार भाजपा की दो सरकारें बनाने की बातें करते थे, लेकिन उनका ऑपरेशन लोट्स विफल हो गया है। जनता से सबक मिलने के बावजूद नेता प्रतिपक्ष प्रदेश के लोगों को ठगने और गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों ने यह उप-चुनाव प्रदेश की जनता पर थोपे, अगर वह प्रदेश सरकार से नाराज थे तो विधानसभा में भाजपा के साथ बैठकर विपक्ष को अपना समर्थन देते। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक सरकार को गिराने के षडयंत्र के तहत एक माह तक प्रदेश से बाहर रहे और अपना इस्तीफा स्वीकार करवाने के लिए धरने पर बैठे। उनके इसी रवैये के कारण उप-चुनाव हुए, लेकिन जनता ने अब उन्हें करारा जवाब दिया है। यह जीत उन सभी के लिए भी एक सबक है जिन्होंने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि देश में 13 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उप-चुनावों में भाजपा ने केवल दो सीटें बहुत कम मार्जन से जीती हैं, जिससे यह साबित होता है कि देश के लोगों ने भाजपा के एकछत्र राज और उनकी गुमराह करने वाली नीतियों व विचारधारा को पूरी तरह से नकार दिया है।
**इनमे ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चम्बा, कागंड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर शामिल **19 जुलाई तक प्रदेश में मौसम रहेगा खराब हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आगामी एक सप्ताह तक मानसून की बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई हिस्सों में 19 जुलाई तक मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई गई है। 16 व 17 जुलाई के लिए कुछ भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी शिमला में आज हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं।
शिमला में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों में 1,093 पदों को भरने की मंजूरी दी गई। इनमें शिक्षा विभाग में लेक्चरर शारीरिक शिक्षा के 486 पद और प्रधानाचार्य स्कूल कैडर के 157 अतिरिक्त पद सृजित करने, शिक्षा विभाग में ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्पेशल एजूकेटर के 245 पद भरने का भी निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने गृह विभाग में अग्निशमन अधिकारियों व कर्मचारियों के विभिन्न श्रेणियों के 53 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। पुलिस कर्मियों के विभिन्न श्रेणियों के 60 पद सृजित कर इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की गई, जिन्हें प्रदेश के हेलीपोर्ट पर तैनात किया जाएगा। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 30 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई। लोक निर्माण विभाग में जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी) के 30 पद भरने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि खंड विकास अधिकारी के 27 अतिरिक्त पद भरे जाएंगे, जिससे कैडर की क्षमता 123 हो जाएगी। डॉ. राधाकृष्णन चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में पृथक कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रोफेसर, अस्सिटेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों के तीन पद सृजित कर भरे जाएंगे। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के दो पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की मंजूरी प्रदान की गई। जेओए पोस्ट कोड-903, 939 के परिणामों को घोषित करने का निर्णयबैठक में मंत्रिमंडलीय उप-समिति के सिफारिशों को स्वीकार करते हुए जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट के पोस्ट कोड-903 और 939 के लंबित परिणामों को घोषित करने का निर्णय लिया गया। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर को दोनों पोस्ट कोड के अंतिम परिणाम घोषित करने का कार्य सौंपा गया है। 18 ग्रामीण विद्या उपासकों को जेबीटी के रूप नियमित करने का निर्णयशिक्षा विभाग में तीन वर्षों का सेवाकाल पूर्ण करने वाले एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मापदंडों को पूरा करने वाले 18 ग्रामीण विद्या उपासकों को जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) के रूप नियमित करने का निर्णय लिया गया है।
**शायद नालागढ़ की जनता को केएल नहीं समझा पाए इस्तीफे का कारण नालागढ़ विधानसभा सीट पर इस बार केएल ठाकुर का जादू नहीं चला। वहीं केएल ठाकुर जिनको बतौर निर्दलीय पिछले विधानसभा चुनाव में नालागढ़ की जनता ने सरआंखों पर बैठाया था, अब राजनैतिक विश्लेषक उनकी इस हार का कारण तलाशने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि केएल ठाकुर को विधायक पद से इस्तीफ़ा देना जनता को रास नहीं आया। वहीँ इस बार हरदीप सिंह बावा को नालागढ़ की जनता ने जीत का हार पहनाया है और ये उनकी पहली जीत है| इससे पहले भी हरदीप सिंह बावा 2 बार चुनावी मैदान में उतरे थे। पहली बार बतौर निर्दलीय और दूसरी बार कांग्रेस टिकट पर लेकिन दोनों बार उन्हें हार का मुँह ही देखना पड़ा। इस बार बावा पर नालागढ़ की जनता ने एतबार किया और नालागढ़ का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया।
हिमाचल प्रदेश की देहरा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीत गई हैं। देहरा सीट पर उन्होंने बीजेपी के होशियार सिंह को हराया है। देहरा में 10 राउंड की गिनती हुई, जिसमें कमलेश ठाकुर को 32737, होशियार सिंह को 23338 वोट मिले। इस तरह कमलेश ठाकुर 9399 वोटों से जीत गईं। उधर, हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा 1433 वोट से चुनाव जीत चुके है जबकि नालागढ़ सीट पर हरदीप बावा 8990 मतों से जीते। बता दें कि आज हिमाचल प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, नालागढ़, हमीरपुर में हो रहे उपचुनाव के लिए आज मतगणना हुई। 10 जुलाई को हुए मतदान के बाद सभी आज के दिन का इंतजार कर रहे थे। BIG BREAKING : नालागढ़ से हरदीप बावा 8990 मतों से जीते नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 34608 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 25618 हरप्रीत सैनी : 13025 BIG BREAKING : आशीष शर्मा जीते, सीएम के गृह जिला में कांग्रेस को झटका ** सभी 9 राउंड की गिनती के बाद 1433 वोट ज्यादा मिले आशीष शर्मा , बीजेपी: 26617 पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 25184 BIG BREAKING : सीएम की पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से जीती चुनाव ** 9 हजार से अधिक अंतर से होशियार सिंह को हराया ** दो बार के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह को भारी पड़ा इस्तीफा देकर फिर चुनाव लड़ना LIVE UPDATE: 12.03 PM (8th Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 31298 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 24428 हरप्रीत सैनी : 11614 ( जीत की ओर अग्रसर हरदीप बावा मात्र एक राउंड शेष ) LIVE UPDATE: 11.50 AM (7th Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 26785 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 22207 हरप्रीत सैनी : 8663 LIVE UPDATE: 11.30 AM (6th Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 23038 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 18901 हरप्रीत सैनी : 7393 UPDATE: 11.25 AM (9th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 28641 (+ 7860) होशियार सिंह, बीजेपी: 20781 LIVE UPDATE: 11.13 AM (6th Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... आशीष शर्मा , बीजेपी: 18319 (+ 743) पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 17576 LIVE UPDATE: 11.00 AM (8th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 24957 (+ 6115) होशियार सिंह, बीजेपी: 18842 LIVE UPDATE: 11.00 AM (5th Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... आशीष शर्मा , बीजेपी: 15120 (+ 67) पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 15053 LIVE UPDATE: 10.42 AM (4th Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 15253 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 12275 हरप्रीत सैनी : 5141 LIVE UPDATE: 10.42 AM (7th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 21723 होशियार सिंह, बीजेपी: 16694 LIVE UPDATE: 10.35 AM (3rd Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 10767 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 8573 हरप्रीत सैनी : 3536 नोटा : 157 LIVE UPDATE: 10.30 AM (4th Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 12021 आशीष शर्मा , बीजेपी: 11138 LIVE UPDATE: 10.17 AM (6th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 16984 होशियार सिंह, बीजेपी: 15169 LIVE UPDATE: 10.17 AM (2nd Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... डॉ पुष्पेंद्र वर्मा 6750 आशीष शर्मा 5046 नंद लाल शर्मा 13 LIVE UPDATE: 10.12 AM (2nd Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 7577 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 6006 हरप्रीत सैनी : 2342 डॉ केे एल शर्मा : 132 विजय सिंह : 65 नोटा : 103 LIVE UPDATE: 9.50 AM (5th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 13300 होशियार सिंह, बीजेपी: 12664 LIVE UPDATE: 9.40 AM (1st Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा , कांग्रेस: 3358 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 2712 LIVE UPDATE: 9.40 AM (4th Round) कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 2655 होशियार सिंह, बीजेपी: 2135 LIVE UPDATE: 9.00 AM (1st Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 3004 आशीष शर्मा , बीजेपी: 2804 LIVE UPDATE: 9.00 AM (2nd Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 2530 होशियार सिंह, बीजेपी: 2629 LIVE UPDATE: 8.50 AM (1st Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 2530 होशियार सिंह, बीजेपी: 2629 ❝नालागढ़ सीट से पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। कांग्रेस से हरदीप सिंह बावा, भाजपा से केएल ठाकुर, स्वाभिमान पार्टी से किशोरी लाल शर्मा, निर्दलीय हरप्रीत सिंह और विजय सिंह मैदान में हैैं। उधर ,हमीरपुर में तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच में है। हमीरपुर से भाजपा के आशीष शर्मा, कांग्रेस के डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा और निर्दलीय प्रत्याशी नंद लाल शर्मा मैदान में हैं। साल 2022 में भी कांग्रेस के डॉ. पुष्पेंद्र और आशीष शर्मा आमने-सामने थे। आशीष ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीते थे। भाजपा के प्रत्याशी नरेंद्र ठाकुर थे। इस उपचुनाव में सबसे हॉट सीट देहरा सीट है जहाँ से पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस से कमलेश ठाकुर चुनावी मैदान में है जो सीएम सुक्खू की धर्मपत्नी है जबकि भाजपा से होशियार सिंह चुनावी मैदान में है। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर सुलेखा देवी, अंकेश सायल और एडवोकेट संजय शर्मा किस्मत आजमा रहे हैं। ❞
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई| राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार से प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की घोषणा को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए पूंजीगत लागत का राज्य हिस्सा प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया और इसकी निविदा बुलाने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने रिट्रीट, मशोबरा, बैंड टुकड़ा आंद्री, शिव मंडी आंद्री, ताल और गिरी के अतिरिक्त क्षेत्रों को डी.पी.एफ. खलिनी, बी.सी.एस. शिमला विकास योजना में मिस्ट चैंबर और परिमहल ग्रीन एरिया के दायरे में। इसने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट से संबंधित पोस्ट कोड 903 और 939 के लंबित परिणामों पर कैबिनेट उप-समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया और दोनों पोस्ट कोड के लिए अंतिम परिणाम घोषित करने का कार्य एच.पी. को सौंपा। राज्य चयन आयोग हमीरपुर। बैठक में शिक्षा विभाग में लेक्चरर फिजिकल एजुकेशन के 486 पद और प्रिंसिपल स्कूल कैडर के 157 अतिरिक्त पद सृजित करने और भरने को मंजूरी दी गई। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षकों के 245 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने राज्य में हेलीपोर्टों पर तैनाती के लिए गृह विभाग में अग्निशमन अधिकारियों और अधिकारियों की विभिन्न श्रेणियों के 53 पद और विभिन्न श्रेणियों के पुलिस कर्मियों के 60 पदों को बनाने और भरने की मंजूरी दी। हिमाचल प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों के 30 पद भरने का निर्णय लिया गया। इसके सुचारू संचालन के लिए राज्य चयन आयोग हमीरपुर। मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में जेओए (आईटी) के 30 पद भरने को मंजूरी दी। इसमें खंड विकास अधिकारी के 27 अतिरिक्त पद सृजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे कुल कैडर की संख्या 123 पदों तक बढ़ जाएगी। कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में जूनियर बेसिक शिक्षकों के रूप में 18 ग्रामीण विद्या उपासकों की सेवाओं को नियमित करने का निर्णय लिया, जिन्होंने तीन साल की सेवा पूरी कर ली है और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मानदंडों को पूरा करते हैं। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में कार्डियोलॉजी विभाग बनाने का निर्णय लिया गया और तीन पद सृजित करने और भरने का निर्णय लिया गया। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर। मंत्रिमण्डल ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के दो पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने राजस्व विभाग में पटवारी, कानूनगो के जिला कैडर और नायब तहसीलदार के संभागीय कैडर को राज्य कैडर घोषित करने का निर्णय लिया। हिमाचल विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद के तत्वावधान में आर्यभट्ट भू-सूचना विज्ञान और अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र में कार्यरत पदधारियों को तीन प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ परिलब्धियां देने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने 40 प्रतिशत की न्यूनतम विकलांगता के साथ अपने बच्चों की देखभाल के लिए एक महिला सरकारी कर्मचारी को उसकी पूरी सेवा के दौरान अधिकतम 730 दिनों की बाल देखभाल छुट्टी देने का भी निर्णय लिया।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में युवाओं को तनाव प्रबंधन पर जागरूक एवं शिक्षित करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश सरकार के साथ ही गैर सरकारी संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उन्होंने आज सोलन में स्थापित पूजा काउंसलिंग सेंटर की ’सुकून वेबसाइट’ के शुभारंभ के उपरांत व्यक्त किए। उपाध्यक्ष ने कहा कि ‘सुकुन वेबसाईट’ युवाओं के समग्र विकास एवं उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह वेबसाइट उनके मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास के लिए सुलभ और समावेशी संसाधन, सहायता और सेवाएँ प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव आज का युवा हर क्षेत्र में महसूस कर रहा है और ऐसे में कई बार वह मानसिक तनाव से भी गुजरता है। युवाओं को करियर तथा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित परामर्श उनकी ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ने में कारगर साबित होते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं को परामर्श सहित व्यापक व उपयोगी जानकारी सुकून वेबसाइट के माध्यम से मिलती रहेगी। इससे पहले सुकून वेबसाइट की प्रभारी पूजा साहनी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और सुकून वेबसाइट के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि इसमें परामर्श सेवाओं, कार्यशालाओं और कार्यक्रमों के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान करने के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर विशेषज्ञ लेख और ब्लॉग पोस्ट इत्यादि भी उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी सोलन डॉ० पूनम बंसल तथा ज्योति साहनी सहित ‘सुकून’ से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।
कुनिहार: हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की अतिआवश्यक बैठक शनिवार 15 जुलाई को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अतिआवश्यक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 15 जुलाई को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
एल.आर. इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ ने विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर कई गतिविधियों और एक महत्वपूर्ण अतिथि संबोधन का आयोजन किया। यह कार्यक्रम जनसंख्या के मुद्दों के महत्व को रेखांकित करता है और छात्रों और शिक्षकों को प्रेरणादायक चर्चाओं में शामिल करता है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा द्वारा दिया गया अतिथि संबोधन था। सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और गहरी समझ के लिए जानी जाने वाली डोगरा ने विभिन्न जनसंख्या संबंधी चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की। उनके कानूनी दृष्टिकोण और उनके व्यावहारिक पहलुओं पर दिए गए सुझाव उपस्थित भावी विधि पेशेवरों के लिए बहुत मूल्यवान साबित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता से हुई, जिसमें छात्रों ने जनसंख्या से संबंधित मुद्दों पर अपनी रचनात्मकता और जागरूकता का प्रदर्शन किया। रंगीन और सूचनात्मक पोस्टरों ने छात्रों की समझ और विषय के प्रति उनकी भागीदारी को दर्शाया। अतिथि संबोधन के अलावा, अन्य कई गतिविधियों ने दिन की घटनाओं को समृद्ध बनाया। एल.आर. इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ के शिक्षकों ने जनसंख्या संबंधी विभिन्न विषयों पर भाषण दिए, जिनमें जनसांख्यिकी रुझान और सतत विकास जैसे विषय शामिल थे। इन सत्रों ने छात्रों को जनसंख्या के मुद्दों की जटिलताओं को समझने में मदद की। एक नाटक का भी मंचन किया गया, जिसमें जनसंख्या विस्फोट और उसके परिणामों को दर्शाया गया, जिसने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया। नाटक ने समस्याओं को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे जनसंख्या नियंत्रण के उपायों की आवश्यकता को बल मिला। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने जनसंख्या संबंधित प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जानकारी को परखा और पुरस्कृत हुए। यह सत्र न केवल ज्ञानवर्धक था बल्कि छात्रों की भागीदारी को भी बढ़ावा देता था। एल.आर. समूह के संस्थानों के प्रधान निदेशक प्रोफेसर डॉ. आर.पी. नैण्टा ने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उनके प्रेरक भाषण ने जनसंख्या चुनौतियों का समाधान करने में शिक्षा और जागरूकता के महत्व पर जोर दिया और छात्रों को भविष्य के नेता और कानूनी विशेषज्ञ बनने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम बड़ी सफलता थी, जिसने छात्रों के बीच जनसंख्या के मुद्दों के प्रति जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की भावना को बढ़ाया। रचनात्मक गतिविधियों और विशेषज्ञ मार्गदर्शन ने विश्व जनसंख्या दिवस के उत्सव को सभी के लिए एक यादगार और प्रभावशाली अनुभव बना दिया। जैसे ही दिन का समापन हुआ, छात्रों और शिक्षकों ने विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व की नई समझ और समाज में सकारात्मक योगदान करने के दृढ़ संकल्प के साथ विदाई ली। एल.आर. इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ शैक्षिक उत्कृष्टता और सामाजिक जागरूकता में उच्च मानक स्थापित करना जारी रखता है, जिससे इस प्रकार की घटनाएँ इसके समग्र छात्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता का एक अभिन्न अंग बन जाती हैं।
पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बराबरी हरिपुर की मासिक बैठक सोमवार 15 जुलाई को पेंशनर भवन पट्टा बराबरी में आयोजित होगी। जानकारी देते हुए इकाई अध्यक्ष डी डी कश्यप व महासचिव जगदेव गर्ग ने बताया कि वर्तमान इकाई की कार्यकारणी का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है और नई कार्यकारणी के गठन के लिए इस बैठक में चर्चा की जाएगी तथा आगामी पेंशनर्ज संघ का अधिवेशन बुलाने के लिए तिथि व समय तय किया जाएगा। अध्यक्ष व महासचिव ने सभी इकाई पदाधिकारियों से अपील की है कि सोमवार 15 जुलाई को सुबह ठीक 11 बजे पेंशनर भवन में पंहुचकर बैठक की शोभा बढ़ाएं तथा अपने - अपने विचार साझा करें।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए आज समय के अनुसार बदलाव की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि करीब 2200 शिक्षकों की बैचवाइज भर्ती की जा रही है और जल्द इनकी तैनाती होगी। कहा कि शिक्षकों की तैनाती के लिए भी पैरामीटर तय किए गए हैं। राज्य में बिना शिक्षक 350 स्कूल चल रहे हैं। 3200 स्कूल एक शिक्षक के सहारे हैं और करीब 800 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती प्राथमिकता रहेगी। कहा कि सरकार चाहती है कि प्री प्राइमरी स्कूल जल्द शुरू किए जाए। इसके लिए करीब 6100 एनटीटी शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। कम संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने के सवाल पर रोहित ने कहा कि वित्त आयोग के हिमाचल दौरे के दौरान पर भी इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। आयोग से भी सुझाव आया है कि जहां बच्चों की संख्या कम है, ऐसे स्कूलों को मर्ज किया जाना चाहिए। सरकार के ध्यान में यह मामला पहले से ही है। स्कूलों में एनरोलमेंट में भी कमी आई है। बीते वर्ष भी दो या दो से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया गया था। जहां बच्चों की संख्या दो या दो से कम है, ऐसे करीब 700-800 स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। प्रथम चरण में उन्हीं स्कूलों को चिन्हित करेंगे, जिनकी अधिक बच्चों की संख्या वाले स्कूल से दूरी डेढ़ से दो किलोमीटर है। शिक्षा निदेशालय इस संबंध में प्रारूप तैयार कर रहा है, जल्द निर्णय लेंगे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय बीएससी द्वितीय वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड़ कर दिया गया है। विद्यार्थी अपना लॉगइन आईडी के जरिये परिणाम देख सकते हैं। बीएससी द्वितीय वर्ष का परीक्षा का परिणाम 47.06 फीसदी रहा है। कुल 2533 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 936 ने परीक्षा पास की है। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि बीएससी द्वितीय वर्ष का परिणाम घोषित कर दिया है। बीते दिनों ही एचपीयू ने बीकॉम, बीए व बीसीए अंतिम वर्ष का परीक्षा घोषित किया था।
हिमाचल: HRTC कर्मचारियों के वेतन से क्वालिटी ड्रेस बनाने के लिए काटे 748 रुपए, कर्मचारी कर रहे विरोध
राज्य सरकार के उपक्रम हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने अपने कर्मचारियों से 67 लाख रुपये वसूले हैं। निगम के सभी चालकों, परिचालकों और मैकेनिकल स्टाफ के वेतन से 748 रुपये काटे गए हैं। कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। दरअसल, एचआरटीसी अपने कर्मचारियों को हर साल दो वर्दी देता है। इसके एवज में उन्हें 2000 रुपये भत्ता दिया जाता है। लेकिन इस साल वर्दी खरीदने से पहले एचआरटीसी कर्मचारियों ने तर्क दिया कि कपड़ा महंगा हो गया है, इसलिए वर्दी भत्ता बढ़ाया जाना चाहिए। कर्मचारिओं ने पिछले साल खरीदी गई वर्दी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए थे। इसलिए इस साल वर्दी खरीदने से पहले यूनियन पदाधिकारियो की ड्रेस खरीद समिति के साथ बैठक हुई। इस बैठक की कार्यवाही विधिवत तैयार की गई, जिस पर कर्मचारी नेताओं के हस्ताक्षर हैं। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद इस बार एचआरटीसी ने 2000 रुपये की जगह 2748 रुपये की ड्रेस खरीदकर अपने कर्मचारियों को दी। इस बार जब जून महीने का वेतन आया तो सभी कर्मचारियों के वेतन में 748 रुपये कम थे। इसके बाद सभी कर्मचारी परेशान हो गए। जब एचआरटीसी प्रबंधन से इस बारे में पूछा गया तो पता चला कि वर्दी के पैसे काट लिए गए हैं। इससे कर्मचारी भड़क गए हैं। मगर खुलकर बोल भी नहीं पा रहे, क्योंकि इनके कर्मचारी नेताओं ने क्वालिटी ड्रेस खरीदने की बात मीटिंग में कही थी। बोर्ड प्रबंधन ने क्वालिटी ड्रेस तो दे दी, लेकिन इनका वर्दी भत्ता नहीं बढ़ाया गया। HRTC में यह ड्रेस फील्ड स्टाफ को दी जाती है। इनकी संख्या 8500 से ज्यादा है। सभी कर्मचारियों से रिकवरी की गई है। HRTC के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया, निगम ने कर्मचारियों के लिए अच्छी क्वालिटी की ड्रेस खरीदी है। यह कर्मचारियों के साथ हुई मीटिंग में तय हुआ था। इसमें सभी यूनियन के पदाधिकारी मौजूद थे। सभी की सहमति के बाद ही वर्दी खरीदी है।
हिमाचल प्रदेश में पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल मर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। मर्ज होने वाले स्कूलों के साथ लगते स्कूलों से दूरी की मैपिंग करने में शिक्षा विभाग जुट गया है। इसी माह इस बाबत प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। बीते दिनों शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल मर्ज करने के निर्देश दिए थे। ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां आसपास में भी स्कूल स्थित होंगे। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम है। ऐसे स्कूल करीब 700 हैं। इनमें करीब 80 स्कूल ऐसे भी हैं, जहां एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया है। दूसरे चरण में दस विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। वर्ष 2023 में 2022 के मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या करीब 50 हजार कम भी हुई है। यू डाइस की वर्ष 2023 की रिपोर्ट में इसका उल्लेख हुआ है। कोरोना संकट के बाद सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में यह बहुत बड़ी गिरावट देखी गई है। इसके चलते ही प्रदेश सरकार ने अब ऐसे स्कूलों को मर्ज करने का फैसला लिया है जहां विद्यार्थियों की संख्या नाममात्र है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऐसे स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों को ऐसे अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां बच्चों की संख्या अधिक है और शिक्षक कम हैं। मर्ज किए जाने वाले स्कूलों के बच्चों को भी साथ लगते स्कूलों में दाखिले दिलाए जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए स्कूलों को मर्ज करने का फैसला लिया गया है। विभागीय अधिकारियों से इसी माह में इस संदर्भ में रिपोर्ट देने को कहा गया है। मर्ज होने वाले स्कूलों से विद्यार्थियों को नजदीक के स्कूलों में दाखिले दिए जाएंगे
**तीन दिन प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी **लाहौल स्पीति और किन्नौर में बारिश का अलर्ट नहीं हुआ जारी हिमाचल प्रदेश में मानसून के आज से फिर सक्रिय होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से 11 से 13 जुलाई तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई भागों में 17 जुलाई तक मानसून की बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में भी मौसम खराब बना हुआ है। उधर, गुरुवार सुबह तक राज्य में 12 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। मानसून सीजन के दौरान अब 17,199 लाख रुपये की संपत्ति नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 10,177 लाख और जल शक्ति विभाग को 6,733 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। किन्नौर व लाहौल-स्पीति जिले के लिए किसी तरह का अलर्ट नहीं है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार 12 जुलाई, 2024 को सोलन ज़िला के प्रवास पर आ रहे हैं। विनय कुमार 12 जुलाई को दोपहर 01.00 बजे पूजा काउंसलिंग सेंटर सोलन में ‘सुकुन वेबसाईट’ के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लेंगे।
सोरिग बुमझी मेन्रिलिंग, डोलनजी के मेडिकल कॉलेज के सहयोग से योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस द्वारा आयोजित पारंपरिक उपचार पर दो दिवसीय मुफ्त चिकित्सा शिविर बुधवार को शुरू हुआ। शिविर का आयोजन 14वें दलाई लामा के जन्मदिन सप्ताह के उपलक्ष्य में किया गया है। पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा के विशेषज्ञ, डोलनजी मठ के डॉ. यंगड्रुंग वोसर गुरुंग ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने में इसके महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया। शिविर में एक्यूपंक्चर, मोक्ष, मालिश और अन्य पारंपरिक उपचारों सहित विभिन्न सेवाएं निःशुल्क प्रदान की गईं। डॉ. यंग ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन सदस्यों को चिकित्सा सेवाएँ भी प्रदान कीं। योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस, शूलिनी यूनिवर्सिटी के निदेशक डॉ. समदु छेत्री ने कहा, हम डॉ. यंगड्रंग वोसर गुरुंग के बहुमूल्य योगदान और हमारे समुदाय को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए उनके आभारी हैं। पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा में उनकी विशेषज्ञता, नेपाल के उच्च ऊंचाई वाले तिब्बती डोलपो क्षेत्र में उनके हालिया अभियान से उजागर हुई, इस आयोजन में एक अनूठा और अमूल्य अनुभव लाई है।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जुलाई, 2024 को 33 के.वी उप-केन्द्र कण्डाघाट में किए जाने वाले आवश्यक रखरखाव को अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत स्थगित कर दिया गया है। इस कारण 11 जुलाई को उप-केन्द्र से संचालित कुछ क्षेत्रों में अब विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगी। यह जानकारी आज यहां विद्युत मण्डल सोलन के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में बाधित होने वाली विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में पूर्व में सूचित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य मिल्क फेडरेशन ने देसी घी, मक्खन समेत अन्य उत्पादों के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। अब उपभोक्ताओं को हिम घी प्रति लीटर 50 रुपये और हिम मक्खन प्रति किलो 30 रुपये महंगा मिलेगा। इस तरह अब घी 700 और मक्खन 580 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा। दूध के दामों में बढ़ोतरी के बाद प्रबंधन ने अन्य उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। बढ़ी हुई दरें प्रदेशभर में लागू कर दी गई हैं। मिल्क फेडरेशन की ओर से कुल पांच उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। हिम पनीर अब 370 के बजाय 390 रुपये में मिलेगा। खुला पनीर प्रति किलो 340 के बजाय 360 रुपये में मिलेगा। पनीर में 20 रुपये प्रतिकिलो बढ़ोतरी हुई है। खुला दूध प्रति लीटर में दो रुपये बढ़ोतरी के साथ अब दाम 49 रुपये तय किए गए हैं। प्रबंधन की ओर से हिम खोया, बटर मिल्क, हिम दही, खुला दही, दूध पैकेट, फ्लेवर वाला दूध उत्पाद के दाम में बढ़ोतरी नहीं की गई है। हिम खोया 340 रुपये प्रति किलो, बटर मिल्क 20 रुपये, हिम दही 70 रुपये, खुला दही 65 रुपये, दूध 60 रुपये, फ्लेवर वाला दूध 30 रुपये प्रतिलीटर मिलेगा। बता दें कि प्रदेशभर में मिल्क फेडरेशन के 150 से अधिक बिक्री केंद्र हैं।
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर से संबंध रखने वाले वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी और पूर्व जिलाधीश कुल्लू आशुतोष गर्ग को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का निजी सचिव नियुक्त किया गया है। आईएएस अधिकारी आशुतोष गर्ग के पास वर्तमान में विशेष सचिव कार्मिक का अतिरिक्त जिम्मा है। कुल्लू के उपायुक्त पद से स्थानांतरण के बाद आशुतोष गर्ग को विशेष सचिव वित्त नियुक्त किया गया था। बाद में कार्मिक विभाग भी दिया गया। इसके अलावा प्रबंध निदेशक सामान्य उद्योग निगम भी नियुक्त किए गए।
यूनिवर्सल कार्टन में वजन के हिसाब से किलो के रेट पर सेब बिकेगा। आढ़तियों को फड़ (ऑक्शन यार्ड) पर अनिवार्य तौर पर इलेक्ट्राॅनिक कांटे लगाकर पेटियों का वजन कर एवरेज के हिसाब से किलो की बोली लगा कर सेब बेचना होगा। बागवान भी बढि़या किस्म के यूनिवर्सल कार्टन में सेब की पैकिंग करें ताकि आढ़तियों और खरीदारों को नुकसान न हो। नियमों का उल्लंघन बागवान करे या आढ़ती सबके लिए कानून एक समान लागू होगा। यूनिवर्सल कार्टन को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति पर मंगलवार को बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सचिवालय में सभी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट की। नेगी ने कहा कि जिन बागवानों के पास पिछले साल का कार्टन बचा है वह नाशपाती टेलिस्कोपिक कार्टन में पैक कर बेच सकते हैं। नाशपाती पर कोई रोक नही है। सेब के लिए यूनिवर्सल कार्टन की कोई कमी पेश नहीं आने दी जाएगी। एचपीएमसी के बिक्री केंद्रों पर यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया गया है। निजी कंपनियों का कार्टन भी बाजार में उपलब्ध है। 99 फीसदी बागवान यूनिवर्सल कार्टन से संतुष्ट हैं सिर्फ एक फीसदी परेशान हैं। पिछले सीजन में जब किलो के हिसाब से सेब बिक्री शुरू की थी तब भी कुछ लोगों को समस्या थी, सरकार ने सख्ती की तो व्यवस्था लागू हो गई। बागवानों से ठगी के मामलों में एसआईटी कार्रवाई करती थी लेकिन इस सीजन से एसआईटी के साथ एपीएमसी को सक्रिय किया जाएगा। बागवानों की शिकायत आते ही एपीएमसी पुलिस में मुकद्दमा दर्ज करवाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बागवान भी अगर चैक से फसल का पैसा ले रहे हैं और चैक बाउंस हो जाता है तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करें। सेब सीजन में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम और तहसीलदारों को भी कार्रवाई की शक्तियां दी जाएंगी। सेब सीजन के दौरान ग्रामीण और मुख्य सड़कें बंद न होे इसका जिम्मा संबंधित डीसी और एसपी को सौंपा गया है। पराला मंडी की सड़क बन कर तैयार हो गई है। पीडब्ल्यूडी के साथ बैठक कर हर जगह मशीनें रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हरित भारत संकल्प के तहत हिमाचल प्रदेश राजमार्ग प्राधिकरण प्रदेश में 50,000 पौधे रोप रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित के नेतृत्व में शिमला-चंडीगढ़ हाईवे किनारे एक बूटा मां के नाम पौधारोपण अभियान शुरू किया। इस दौरान फोरलेन के किनारे विभिन्न प्रजातियों के पौधे रौपे गए। उल्लेखनीय है कि एनएचएआई ने संपूर्ण पौधरोपण परियोजना के अंतर्गत अपनी फील्ड इकाई के प्रत्येक पौधे के स्थान, उसकी वृद्धि, प्रजातियों के विवरण, रखरखाव गतिविधियां, लक्ष्य और उपलब्धियों की निगरानी के लिए 'हरित पथ' नाम का एक मोबाइल एप विकसित किया है। क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता को बढ़ाने के लिए पौधारोपण अभियान शुरू किया गया है। लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक पेड़ मां के नाम महिम शुरू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी राजमार्गों पर पौधे लगाए जा रहे हैं।
**कल- परसों प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी **लाहौल स्पीति और किन्नौर में बारिश न होने की संभावना **प्रदेश के 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश के कई भागों में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में 16 जुलाई तक मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा। 11 व 12 जुलाई को कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में मौसम खराब बना हुआ है। उधर, बुधवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 28 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अलावा 19 बिजली ट्रांसफार्मर व 16 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने 11 व 12 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति व किन्नौर जिले के लिए किसी तरह का अलर्ट नहीं हैं।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जुलाई, 2024 को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 33 के.वी. उप-केन्द्र कण्डाघाट से संचालित कुछेक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत मण्डल सोलन के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई, 2024 को प्रातः 09.00 बजे से सायं 06.00 बजे तक कण्डाघाट, सिरीनगर, धाली, पलेच, सलुमणा, जदारी, डोलग, परोंथा, देढ़घराट, मेहली, माही, सनेच, कोहारी, वाकनाघाट, क्यारीघाट, कवारग, शालाघाट, कैथलीघाट, बीशा, छोवशा, डुमैहर, बाशा, कदौर, गरू, पावघाट, कून, आंजी, सुनारा, साधुपुल, कलहोग, दोची, सोनाघाट, सैंज, कोटला, चायल, नगाली, हिन्नर, कुरगल, झाझा, दधील, आल्मपुर, जनेड़घाट, टिक्कर एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किन्हीं अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को पोलिंग पार्टियां अपने-अपने बूथों के लिए ईवीएम को लेकर रवाना हुईं। पुलिस कर्मियों और सीआईएफ जवानों की कड़ी सुरक्षा में हमीरपुर के 94 मतदान केंद्रों पर बुधवार को मतदान होगा। मंगलवार को राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर के खेल मैदान में पोलिंग पार्टियों के लिए परिवहन निगम की 13 बसें लगाई गईं। सुबह 11:00 से लेकर दोपहर 1:00 तक पोलिंग पार्टियां पुलिस कर्मियों और सीआरपीएफ जवानों के साथ मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुईं। वहीं खेल मैदान में बारिश से जमा हुए पानी के कारण कर्मचारियों के वाहन मैदान में पड़े गड्ढों में फंसे रहे। आपसी सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने वाहनों को निकाला। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के एसडीएम मनीष सोने की अगुवाई में पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया।
भारतीय सेना में अग्निवीर योजना के तहत वर्ष 2024-25 के लिए हिमाचल प्रदेश के सोलन, शिमला, सिरमौर और किन्नौर के ऑनलाइन संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सी.ई.ई.) पास किए उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर सेना भर्ती का आयोजन 03 सितम्बर से 09 सितम्बर, 2024 के मध्य किया जाएगा। यह जानकारी भर्ती निदेशक शिमला ने दी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा में सफल हुए सभी उम्मीदवार अपने सिविल दस्तावेजों के सत्यापन जैसे कि दसवी एवं बारहवीं पास की अंकतालिका, मूल निवास स्थायी प्रमाणपत्र, डोगरा/माइनॉरिटी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र (तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन जारी हुआ) एवं एन.सी.सी, खेल प्रमाणपत्र अवश्य साथ लाएं। भर्ती निदेशक ने कहा कि अग्निवीर सामान्य प्रवेश परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को भर्ती के दौरान शारीरिक दक्षता और मापदंड से होकर गुजरना होगा। शारीरिक दक्षता और मापदंड के तहत उम्मीदवारों को 05 मिनट 30 सेकंड में 1.6 किलोमीटर दौड़ना होगा। इसके लिए कुल 60 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके उपरांत उम्मीदवारों को 10 पुल अप्स करने होंगे और इसके लिए 40 अंक निर्धारित किए गए हैं। उम्मीदवारों को 09 फीट लम्बी छलांग और जिग-ज़ैग बैलेंस टेस्ट भी पास करना होगा। उन्होंने कहा कि जो उम्मीदवार 1.6 किलोमीटर दौड़ को 05 मिनट 45 सेकंड के न्यूनतम समय में पास करेंगे, वही उम्मीदवार भर्ती रैली के अगले चरण के लिए चयनित होंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए अधिकारिक अधिसूचना अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना उम्मीदवारों के मोबाइल पर एस.एम.एस. या उनके पंजीकृत ईमेल आई.डी. पर भी भेजी जाएगी।
अल्ट्राटेक के बागा सीमेंट प्लांट में क्लींकर की ढुलाई कार्य में लगे 3500 में से 1800 ट्रक ऑपरेटर काम बंद कर हड़ताल पर उतर गए हैं। सीमेंट कंपनी ने ऑपरेटरों को पंजाब के राजपुरा तक का ढुलाई भाड़ा 30 प्रतिशत तक कम करने को कहा था, इस पर ऑपरेटर तैयार नहीं हुए और हड़ताल शुरू कर दी। करीब 1800 ऑपरेटरों के हड़ताल पर उतरने पर अब कंपनी ने भी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई बंद कर दी। राजपुरा के लिए क्लींकर राजस्थान से मंगवाया जा रहा है। दूसरी ओर, अल्ट्राटेक ने हिमाचल में सीमेंट की सप्लाई पंजाब के बघेरी प्लांट से जारी रखी है। उधर, ऑपरेटरों ने कहा कि कंपनी को माल की ढुलाई सीधी डीलरों को करनी चाहिए या डंप कम से कम 150 किलोमीटर दूर बनाने चाहिए। कंपनी ने राजपुरा के लिए क्लींकर का भाड़ा कम करने को कहा है, यह मांग नहीं मानी जाएगी। कंपनी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई वर्तमान भाड़े पर फिर से शुरू करे। हड़ताल पर जाने एक अन्य वजह सीमेंट के डंपों को बंद न करना है। ट्रक ऑपरेटरों की मांग है कि नेरचौक, पधर, भोटा, नादौन और धर्मपुर में चल रहे सीमेंट डंपों को बंद किया जाए। कंपनी ने ऑपेटरों की मांग मानने से इन्कार कर दिया। हालांकि, ऑपरेटरों ने दो महीने पहले ही इन डंपों के लिए माल ढुलाई बंद कर दी है।बिलासपुर और सोलन के ट्रक ऑपरेटरों ने खारसी में सोमवार को सभा की। खारसी परिवहन सभा के महासचिव दौलत राम ठाकुर ने कहा कि 70 प्रतिशत सीमेंट ढुलाई नेरचौक और बाकी भोटा डंप पर की जाती है। फोरलेन बनने के बाद अन्य डंपों की औसतन दूरी मात्र 60 किमी रह गई है। डंप पर ट्रक चालक एक से डेढ़ घंटे में पहुंच जाता है, लेकिन माल को ट्रक में भरने में दो दिन और उतारने में दो दिन लगते हैं। मालभाड़ा एक हजार से कम बनता है। ऑपरेटर पांच दिन में 1000 रुपये से कम कमाएगा तो खाएगा क्या।
शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित और भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर ने राज्य भर के विभिन्न स्कूलों के 150 से अधिक युवा छात्रों में विज्ञान के प्रति जुनून जगाया। शिविर के दौरान, जो शनिवार को संपन्न हुआ, प्रोफेसर आर.सी. सोबती. द्वारा एक भौतिकी प्रश्नोत्तरी और जैविक विज्ञान में कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। प्रोफेसर सविता भटनागर ने "मैजिक स्क्वेयर" पर एक कार्यशाला का नेतृत्व किया। डॉ. परवीन कुमार रासायनिक विज्ञान में व्यावहारिक कक्षाओं का नेतृत्व किया और साथ ही ओपन एयर थिएटर (ओएटी) में कविता, गायन और पारंपरिक लोक नृत्यों के छात्र प्रदर्शन के साथ एक सांस्कृतिक रात्रि का नेतृत्व भी किया डॉ. आशू खोसला द्वारा एक आलोचनात्मक सोच अभ्यास आयोजित किया गया और इसमें डॉ. महावीर सिंह की "तकनीकी अनुप्रयोगों के लिए चुंबकीय नैनोकणों" और उन्नत रसायन विज्ञान विषयों पर प्रोफेसर के.के. भसीन की बातचीत शामिल थी। छात्रों को जटोली मंदिर की शैक्षिक यात्रा, एक प्रतिस्पर्धी रसायन विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेमिनार और एक वृत्तचित्र ने बौद्धिक और आनंददायक गतिविधियों का संतुलन प्रदान किया गया। अंतिम दिन प्रतिभागियों ने फीडबैक दिया, और डॉ. रितेश बनर्जी के नेतृत्व में शूलिनी विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर एक मौखिक प्रश्नोत्तरी में भाग लिया, इसके अलावा डीएसटी इंस्पायर प्रबंधन के साथ बातचीत भी शामिल है । "जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ" पर डॉ. आनंद नारायण सिंह की प्रस्तुति अकादमिक आकर्षण थी। शिविर का समापन प्रोफेसर प्रेम कुमार खोसला के समापन भाषण के साथ हुआ, प्रतिभावान छात्रों को भागीदारी और उपलब्धियों के लिए छात्रवृत्ति और डिप्लोमा से सम्मानित किया गया। शूलिनी विश्वविद्यालय में 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर ने छात्रों के वैज्ञानिक ज्ञान और कौशल में सुधार किया, साथ ही समुदाय और सहयोग की भावना भी पैदा की गयी । प्रोफेसर खोसला ने कहा कि शिविर की विविध गतिविधियाँ, जिनमें अकादमिक व्याख्यान और व्यावहारिक सत्र के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजक गतिविधियाँ शामिल थीं, ने सभी प्रतिभागियों को एक आकर्षक और प्रेरक अनुभव प्रदान किया, जिससे उन्हें अपने वैज्ञानिक सपनों को आगे बढ़ाने और भारतीय विज्ञान के भविष्य को आकार देने के लिए प्रेरणा मिली।
हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में होने वाले उप-चुनावों के लिए 10 जून, 2024 से लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस, आबकारी और अन्य सम्बंधित विभागों द्वारा 3.31 करोड़ रुपये की अवैध शराब, नकदी, आभूषण जब्त किए गए हैं। यह जानकारी आज यहां निर्वाचन विभाग के प्रवक्ता ने दी। उन्होंने बताया कि राज्य कर एवं आबकारी तथा पुलिस विभाग ने 14.12 लाख रुपये मूल्य की 10358 लीटर अवैध शराब जब्त की। इसके अतिरिक्त आयकर विभाग ने 2.13 करोड़ रुपये मूल्य के 3.13 किलोग्राम आभूषण व कीमती धातुओं को जब्त किया है। प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस व आयकर विभाग ने अब तक 93.66 लाख रुपये की नकदी जब्त की है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा 2.65 लाख रुपये मूल्य की 1.06 किलोग्राम चरस, 3.82 लाख रुपये मूल्य की 19 ग्राम हेरोइन, 91,800 रुपये मूल्य की 4.59 ग्राम स्मैक और 19,890 रुपये मूल्य की 1.32 किलोग्राम चूरा पोस्त जब्त की गई है। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान उद्योग विभाग द्वारा खनन अधिनियम के तहत दर्ज 74 मामलों में 2.67 लाख के जुर्माने लगाए गए।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में मानसून की बारिश का दौर जारी है। राजधानी शिमला में भी सोमवार सुबह झमाझम बारिश हुई। राज्य में सुबह 10:00 बजे तक 70 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। इसके अलावा 84 बिजली ट्रांसफार्मर व 51 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में 14 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 11 व 12 जुलाई को कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल में बारिश जमकर हो रही है। हरियाणा में भी मानसून का आगमन हो चुका है। 1 जून से 7 जुलाई तक सामान्य से करीब 8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान 70.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 78.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। हरियाणा के केवल 10 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं अंबाला, चरखी दादरी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत व यमुनानगर में अभी भी लोगों को मानसून का इंतजार है। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून की वैसी सक्रियता देखने को नहीं मिल रही है। अभी भी खंड बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं 8 जुलाई यानी आज के मौसम की बात करें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश के पश्चिमी, दक्षिणी व उत्तरी हिस्सों पर देखने को मिल सकता है। लोगों को उमसभरी गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है। वहीं हिमाचल में मानसूनी बारिश के चलते पूरा मौसम बदल गया है। लोगों पर एक साथ दो-दो आफत टूट पड़ी हैं। एक तरफ तेज बारिश के कारण भूस्खलन देखने को मिल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में पानी की सप्लाई बंद हो गई है। बीते 24 घंटे के मौसम की बात करें तो कई जिलों में जमकर बारिश हुई तो कहीं केवल बूंदाबांदी ही देखने को मिली।
सेब सीजन के रफ्तार पकड़ने से पहले ही सेब के मालभाड़े की दरें प्रति क्विंटल, प्रति किलोमीटर तय करने से बागवानों को झटका लगा है। पिकअप से सेब की ढुलाई का मालभाड़ा बीते साल के मुकाबले करीब 20 फीसदी तक बढ़ा दिया है। प्रदेश सरकार ने इस सीजन में पहली बार सेब की ढुलाई की दरें प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के आधार पर तय की हैं। हिमाचल में सेब ढुलाई की दरें अब तक पेटी के आधार पर तय होती थीं। उपमंडल से प्रदेश और बाहरी राज्यों की बड़ी मंडियों तक प्रति पेटी के आधार पर प्रशासन ढुलाई की दरें अधिसूचित करता था। इस साल सरकार ने उपायुक्तों को ढुलाई की दरें प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के आधार पर तय करने के निर्देश दिए हैं। बागवानों का कहना है कि पिकअप के किरायों में अनुचित बढ़ोतरी की गई है। सेब उत्पादक क्षेत्रों से सड़कें संकरी होने के कारण 80 फीसदी सेब पिकअप गाड़ियों से ही लोकल मंडियों तक पहुंचाया जाता है। पिकअप के किराये बढ़ने से बागवानों की लागत और फसल को मंडियों तक पहुंचाने का खर्चा बढ़ जाएगा। संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि सेब सीजन के लिए पिकअप का प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर किराये का निर्धारण पुन: किया जाना चाहिए। बीते साल के मुकाबले दरों में करीब 20 फीसदी बढ़ोतरी से बागवानों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा। सोलन और परवाणू सेब मंडी में कारोबार की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। मंगलवार को पूजा-अर्चना के साथ यहां पर कारोबार भी शुरू हो जाएगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों से अर्ली किस्म का सेब पहुंचना भी शुरू हो गया है। जोकि अभी स्थानीय क्षेत्र में ही बिक रहा है। मंगलवार से बाहरी राज्यों के कारोबारी भी मंडी में पहुंचना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए मंडी समिति की ओर से सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। परवाणू सेब मंडी में मंगलवार को चौपाल, करसोग, कुमारसैन और ठियोग से सेब किस्म टाइडमैन और नाशपाती की पहली खेप पहुंचेगी। परवाणू मार्किट कमेटी के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि सेब सीजन को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली हैं।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर बरसात में फिर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन में पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। बारिश से ये पत्थर कभी भी सड़क पर आ सकते हैं। इसके अलावा मलबा गिरने का खतरा भी हर समय रहता है। मलबा और पत्थरों के सड़क पर आने से हाईवे फिर बाधित होने की आशंका है। आने वाले दिनों में बारिश में हाईवे पर चलना खतरे से खाली नहीं है। हालांकि परवाणू से सोलन और सोलन से चंबाघाट तक फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की टीम की ओर से कर्मचारियों की तैनाती की है। यह कर्मचारी जैसे ही भूस्खलन होता है सड़क को सुचारु करेंगे, लेकिन इस बरसात में भी वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हैरत की बात तो यह है कि कई जगह सड़क किनारे बनी ड्रेनेज भी बंद हुई। वहीं, डक्ट में भी मिट्टी घुसी है जिसे अभी तक ठीक नहीं किया है। इस कारण पानी लोगों के घरों में जाने की भी आशंका है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन को लेकर पहाड़ियों की कटिंग की गई है। चक्कीमोड़ में भी पहाड़ी खिसक सकती है। यहां पर केवल पांच मीटर का डंगा लगाया गया है। यह डंगा बड़ी पहाड़ी के लिए नाकाफी है। इसके अलावा जाबली, सनवारा, पट्टामोड़, सोलन-बड़ोग बाइपास, दोहरी दीवार, चंबाघाट, सलोगड़ा, कंडाघाट समेत दर्जन भर ऐसे क्षेत्र है जहां पर पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। गौरतलब है कि हाईवे पर पिछली बरसात के दौरान भी काफी नुकसान हुआ था। चक्कीमोड़ में पूरी सड़क ढह गई थी। इसके अलावा सनवारा और तंबूमोड़ में एक तरफ सड़क ढह गई थी। इसके अलावा कई जगहों पर पहाड़ी से भूस्खलन के मामले भी सामने आए थे। दोहरी दीवार पर भूस्खलन के बाद डंगा भी टूटा था। बीते दिनों हुई बारिश के दौरान भी सड़क पर मलबा और पत्थर गिरे थे। हालांकि अभी बरसात की शुरुआत है। लेकिन पहाड़ियां दरकनी शुरू हो गई हैं। दोहरी दीवार में सुबाथू की ओर जाने वाले रास्ते में भूस्खलन हुआ था। यहां पर पहाड़ी से बड़ा पत्थर सड़क पर आ गया था। इसके अलावा पट्टामोड़ में भी भूस्खलन हाल ही में हुआ है। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर बीती बरसात में ढही सड़क एक वर्ष बाद भी वैसे ही पड़ी है। तंबूमोड़, चक्कीमोड़, सनवारा और पट्टामोड़ में एक लेन से दोनों ओर आवाजाही होती है। आगामी दिनों में यदि बारिश से भूस्खलन होता है तो यहां पर यह लेन भी बंद हो जाएगी। परवाणू-सोलन फोरलेन पर बरसात के मौसम से निपटने के लिए 120 कर्मचारी, छह जेसीबी की तैनात कर दी गई हैं। बरसात में यदि पहाड़ी से भूस्खलन होता है तो तुरंत वहां से मिट्टी हटा दी जाएगी। हाईवे बंद नहीं होने दिया जाएगा।
हिमाचल के स्कूलों में नशे के खिलाफ एंटी ड्रग स्क्वायड बनेंगे। बच्चों को नशे से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नशा विरोधी दस्तों के गठन की घोषणा की है। यह पहल हिमाचल प्रदेश एकीकृत नशा निवारण नीति को लागू करने के प्रयास के हिस्से के रूप में की गई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने सभी उप निदेशकों को स्कूलों में एंटी ड्रग स्क्वायड का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नशा विरोधी दस्ते का नेतृत्व स्कूल के प्रिंसिपल करेंगे। इसमें 2-3 स्टाफ सदस्य और 2 से 3 छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे। छात्र प्रतिनिधियों को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी), अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) या पंचायतों (ग्राम परिषदों) जैसे निकायों से चुना जा सकता है। स्कूलों को ऐसी प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां छात्र-कर्मचारी गुमनाम रूप से किसी भी ड्रग से संबंधित रिपोर्ट कर सकते हैं। मासिक आधार पर जानकारी की एंटी-ड्रग स्क्वायड समीक्षा करेंगे। जरूरी हुआ तो स्क्वायड आगे की जांच और कार्रवाई के लिए पुलिस को जानकारी देंगे। छात्रों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में शिक्षित करने के लिए वाद-विवाद और निबंध लेखन प्रतियोगिता करवाई जाएगी। नशा विरोधी दस्तों को स्कूलों के भीतर, स्कूल आने-जाने के रास्तों और आसपास की दुकानों में संदिग्ध गतिविधि की निगरानी का काम सौंपा जाएगा। वहीं, दस्ते स्कूल समुदाय के भीतर संभावित ड्रग उपयोगकर्ताओं, विक्रेताओं या प्रभावित करने वालों के बारे में भी जानकारी एकत्र करेंगे। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे नशे के मामलों पर राज्यपाल भी चिंता जता चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि युवाओं को नशे की दलदल में डूबने से बचाने के लिए मिलकर सभी को प्रयास करने होंगे। युवा पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों को भी आगे आना होगा और सख्त नियम बनाने होंगे। उन्होंने पुलिस को नशा तस्करों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश भी दिए हैं और स्कूल, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के बाहर नशा बेचने वालों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश: तीन हलकों में होने जा रहे उपचुनाव के लिए आज चुनाव प्रचार थम जाएगा। 10 जुलाई को मतदान होना है और नतीजे 13 जुलाई को आएंगे। तीन विधानसभा सीटों के 2 लाख 59 हजार, तीन सौ चालीस मतदाता प्रत्याशियों के किस्मत का फैंसला करेंगे। आज अंतिम दिन है तो ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने फील्ड में सक्रियता बढ़ा दी है। इस समय देहरा हॉट सीट बनी है। इस विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश चुनाव मैदान में हैं। वहीं, भाजपा ने निर्दलीय विधायक होशियार सिंह को ही प्रत्याशी बनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को देहरा और हमीरपुर में मोर्चा संभालेंगे, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री विक्रमादित्य सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नालागढ़ में होंगे। कांग्रेस के केंद्रीय नेता सचिन पायलट भी सोमवार को नालागढ़ आ रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल देहरा, सांसद अनुराग ठाकुर हमीरपुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर नालागढ़ में डटेंगे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. श्रीकांत शर्मा तीनों उपचुनावों के प्रचार का मोर्चा संभाले हैं। हमीरपुर हलके में भाजपा के प्रत्याशी आशीष शर्मा और कांग्रेस के डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा चुनाव मैदान में हैं। वहीं, नालागढ़ विधानसभा सीट की बात करें तो भाजपा ने निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस के इंटक के प्रदेशाध्यक्ष रहे हरदीप सिंह बावा चुनाव मैदान में हैं। उधर, इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी हरप्रीत सैनी में चुनावी मैदान में है।
माँ शूलिनी सेवा ट्रस्ट, हंगर डिफेंस आर्मी और सोल फ्रोम हिल्स द्वारा 7 जुलाई,रविवार को सोलन शहर के आस पास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान में सौ से अधिक पेड़ लगाए गए। यह वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत सोलन शहर के मोहन पार्क से की गई जिसमें ट्रस्ट के स्वयंसेवकों द्वारा बान, देवदार और पीपल के पेड़ लगाए गए। शहर में देखा जा सकता हैं कि वनों की काफी कटाई की गई है जो की पर्यावरण में असंतुलन पैदा कर रहा है और उससे मानव जीवन को खासकर हमारी आगे आने वाली पीढ़ी के लिए खतरा काफ़ी बढ़ गया है। जिससे बचने के लिए लोगो को जागरूक होना पड़ेगा और अधिक पेड़ पौधे लगाने पड़ेंगे। इस वृक्षारोपण में ट्रस्ट के सभी सदस्य मौजूद रहे और लोगों से पेड़ लगाने की अपील की। और बताया की हमारे जीवन में और जंगल में रहने वाले जानवरों के लिए पेड़ो की क्या महत्वता है इसलिए सबको अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि पर्यावरण को सुंदर और रहने योग्य बनाया जाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश की तीनों विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत हासिल कर रही है। हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के मतदाताओं का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और लोग प्रदेश में कांग्रेस सरकार को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। तीन उपचुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 41 होने जा रही है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि भाजपा का कोई भी राजनीतिक दांव अब प्रदेश में चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में उपचुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है और इससे वह कभी भी दोषमुक्त नहीं होगी। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि तीनों पूर्व निर्दलीय विधायकों ने अपने मतदाताओं के उस भरोसे को तोड़ा है, जिसके लिए उन्होंने उन्हें चुना था। इसलिए उन्हें अब क्षेत्र के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि इन तीनों पूर्व विधायकों को लोगों से अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा है कि अब चुनाव के तीन दिन शेष हैं। मतदाताओं को सचेत करते हुए पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करना है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस बहाल कर व महिलाओं को 1500 रुपए की सम्मान राशि जारी कर अपनी गारंटी को पूरा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस जनहित के प्रति पूरी तरह समर्पित है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि भाजपा झूठी बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। लोग भाजपा की नीति व नियत से भली भांति परिचित है। सत्ता हथियाने के लिए प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस सरकार को जिस प्रकार से अस्थिर करने की कोशिश की गई थी वह प्रदेश के लोकतंत्र व जनमत का अपमान था जिसे कभी सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह मजबूत है जो अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना को लेकर युवतियां और महिलाएं उत्साहित हैं। योजना के तहत 1500 रुपये के फार्म जमा करवाने के लिए इन दिनों जिला कल्याण कार्यालय (डीडब्लयूओ) में महिलाओं की लाइनें लग रही हैं। जिला कल्याण कार्यालय में शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी के तहसील कल्याण कार्यालय हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करवाने पहुंच रही हैं। कई बार महिलाओं की संख्या अधिक होने से लाइनें कार्यालय के बाहर तक पहुंच रही हैं। जिला कल्याण विभाग के मुताबिक 17 मार्च से 30 जून तक जिलाभर से करीब 70,532 आवेदन मंजूरी के लिए पहुंचे हैं। इसमें चौपाल से सबसे ज्यादा 11,891, ठियोग से 9,377 और रोहड़ू से 7,167 आवेदन आए हैं। इसके अलावा रामपुर से 7,093, चिड़गांव से 5,724, कुमारसैन से 5,707, शिमला ग्रामीण से 5,652, कोटखाई से 4,500, जुब्बल से 4,189, सुन्नी से 3,779, ननखरी से 3,625, शिमला शहरी से 1,281 और डोडरा-क्वार से 547 आवेदन आए हैं। अब आवेदनों की छंटनी की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें भी लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी केआर चौहान के मुताबिक योजना के तहत महिलाओं के आवेदनों की छंटनी प्रक्रिया जारी है। सुख सम्मान निधि योजना के तहत जिले में करीब 2,569 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। महिलाओं को अप्रैल से जून तक के प्रतिमाह 1500-1500 रुपये जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने 14 जून को जिले में करीब 2,569 महिलाओं को योजना के तहत तीन माह की राशि एकमुश्त जारी कर एक करोड़ 15 लाख 60 हजार 500 रुपये की धनराशि वितरित की थी। विभाग के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले (16 मार्च तक) फॉर्म जमा करवाने वाली महिलाओं को यह राशि जारी की है।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के दृष्टिगत मतदान केन्द्र 87 दत्तोवाल-2 जो राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल (पश्चिमी भाग) में जर्जर हालत में स्थित था, स्कूल प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया है। अब इस मतदान केन्द्र को राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल के परिसर में ही स्थित दूसरे भवन (दक्षिण भाग) में परिवर्तित किया गया है। इस बारे में ज़िला निर्वाचन अधिकारी की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि 220 केवी कुनिहार जाबल जमरोट से निकलने वाले 33 केवी कुनिहार फीडर के नियमित रखरखाव और मुरम्मत तथा 33 केवी सबस्टेशन कुनिहार, 11 केवी यार्ड, 33 केवी यार्ड के रखरखाव और 33 केवी जाबल जमरोट से कुनिहार लाइन पर आने वाले पेड़ों/झाड़ियों टहनियों की कटाई-छंटाई के कारण 8 जुलाई सोमवार को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। जिसके कारण खंड कुनिहार व पट्टाबरारी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों अर्थात कुनिहार, उचागांव, बेहली, आँजी, पट्टाबरारी, कोटी, देलगी कन्यारा, स्यांवा, नमोल, प्लासी, खाड़ी, हरिपुर, दोची, बांवा, जेएनवी, कंडला, कोठी, बडोरी, जाडली, टुकाडी, बानी, झांडी, भटयूएन, चाकलू, भरोल, रिवीं, बिल आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके अलावा 11 केवी डूमेहर फीडर पर भी विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं होगी, जिसके कारण डूमेहर, भूमती, बलेरा, जयनगर, कुन्हार आदि क्षेत्र बंद रहेंगे। यह जानकारी इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता, विद्युत उपखंड एचपीएसईबीएल कुनिहार द्वारा साझा की गई है और उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग का अनुरोध किया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण योजना में पौधारोपण के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस राशि का उद्देश्य राज्य में हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। इस परियोजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये राज्य वन विभाग को आवंटित किए गए हैं। यह राशि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण और वन संरक्षण के कार्यों के लिए प्रयोग की जाएगी। वन विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1.8 करोड़ पौधों के रोपण की योजना बनाई है, जो 76 वन बीटों में फैले होंगे। करीब 1,500 हेक्टेयर में पौधारोपण किया जाएगा। इस वनीकरण अभियान के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य है कि वन आवरण को बढ़ाकर पर्यावरणीय संतुलन को बहाल किया जा सके और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम किया जा सके। प्रदेश में पिछले साल आपदा के कारण पौधरोपण नहीं हो पाया था। विभाग का इस साल उस टारगेट को भी पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) को आवंटित की गई है। कैंपा का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में पौधरोपण करना है, जहां वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है। यह राशि विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं के माध्यम से वनों के पुनर्वास के लिए प्रयोग की जाएगी। कैंपा के माध्यम से राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वन क्षेत्र के नुकसान की भरपाई की जा सके और जैव विविधता की रक्षा की जा सके। प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार ने बताया कि प्रदेश में पौधरोपण के जिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अभियान राज्य के पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान न केवल वन आवरण को बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। जंगलों में आग के खतरे को देखते हुए वन विभाग ने चीड़ के पौधे नहीं लगाने का निर्णय लिया है। विभाग ने देवदार, अखरोट, कवार, चमेली, बान, शहतूत और ब्रास के पौधे तैयार किए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में विभिन्न प्रकार के स्थानीय और दुर्लभ प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल कैंपा गिरिश होसुर ने बताया कि निर्माण कार्यों के लिए काटे गए सभी पौधों की भी भरपाई की जाएगी। कैंपा में 3,000 हेक्टेयर में नेट प्रेसेंट के लिए, 900 हेेक्टेयर में साइट के हिसाब से और 1,000 हेक्टेयर में निर्माण कार्यों के कारण नष्ट हुए जंगलों की भरपाई के लिए पौधे लगाए जाएंगे। कैंपा को अप्रैल में पेड़ लगाने की अनुमति मिल गई थी और पेड़ लगाने के लिए योजना बना ली गई है।
हिमाचल में सेब कारोबार से जुड़े लाखों लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए एचपीएमसी आज से कार्टन की सप्लाई शुरू कर देगा। इसके लिए पहले चरण में करसोग सहित कम ऊंचाई वाले ऐसे क्षेत्रों में सप्लाई भेजी जाएगी, जहां सेब की फसल तैयार है। इसके बाद बागवानों की मांग के मुताबिक प्रदेश के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में एचपीएमसी विक्रय केंद्रों में कार्टन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में शिमला, रोहड़ू, जुब्बल, गुम्मा, रिकांगपिओ, रामपुर, चैल चौक व चिंडी आदि सेब उत्पादन करने वाले क्षेत्रों में एचपीएमसी के कुल 12 फंक्शनल विक्रय केंद्र हैं। जहां पर सेब सीजन में कार्टन की अधिक मांग रहती है। ऐसे में बागवानों को इन सभी विक्रय केंद्रों में डिमांड के मुताबिक कार्टन उपलब्ध होगा। इसके लिए सरकारी उपक्रम एचपीएमसी ने शॉर्ट लिस्ट की गई तीन कंपनी शिवालिक कंटेनर्ज, जेज पैकर्स और जसमेर मेकर्स को पहले ही सप्लाई आर्डर जारी किया है। वहीं, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के मुताबिक बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन की कोई कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। बागवानी पर हर साल लागत बढ़ने से परेशान बागवानों के लिए राहत की बात है कि इस बार कार्टन पिछले साल की तुलना में 7 रुपए तक सस्ता मिलेगा। जीएसटी काउंसिल ने कार्टन पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी तय किया है। ऐसे में इस साल कार्टन पर जीएसटी पिछले साल के मुकाबले में 6 फीसदी कम लागू होगा, जिसका फायदा हिमाचल में लाखों बागवानों को होगा। एचपीएमसी ने यूनिवर्सल कार्टन के दाम फाइनल कर दिए हैं। इसके मुताबिक बागवानों को अलग-अलग कीमत में ब्राउन और सफेद कार्टन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसका न्यूनतम मूल्य 47.75 रुपए और अधिकतम मूल्य 56 रुपए तय किया गया है। जिस पर जीएसटी अलग से वसूला जाएगा। ऐसे में इस बार बागवानों को दोहरी राहत मिलने वाली है। एक तो इस बार मंडियों में यूनिवर्सल कार्टन में 20 किलो पैकिंग में सेब बिकेगा। जिससे बागवानों को अब पहले की तरह अधिक पैकिंग में सेब बेच कर नुकसान नहीं उठाना होगा। वहीं, इस बार बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन पिछले सालों के मुकाबले में 3.50 से 7.50 रुपए सस्ता मिलेगा। यूनिवर्सल कार्टन में अब 20 किलो सेब ही भरा जाएगा। इससे पहले टेलीस्कोपिक कार्टन में प्रति पेटी 7 से 8 ट्रे सेब भरा जाता था, जिसका प्रति पेटी वजन भी 30 किलो के करीब रहता था, लेकिन मंडियों में बागवानों को 24 किलो पेटी के हिसाब से ही सेब की कीमत दी जाती थी। इस कारण अधिक पैकिंग होने से बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। बागवानों को नुकसान न हो इसके लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य किया गया है। ये कार्टन सिंगल बॉक्स का होगा। इसका साइज लंबाई में 500 एमएम, चौड़ाई में 300 एमएम और ऊंचाई में 310 एमएम होगा, जिसे घटाया और बढ़ाया नहीं जा सकता है। जिस कारण इसमें 20 किलो ही सेब भरा जाएगा। इससे मंडियों में वजन को लेकर इस बार विवाद होने से बचा जा सकता है।
**कई जगह जलभराव की स्थिति उत्पन हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक एक नेशनल हाईवे व 150 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी व सिरमौर जिले में ठप हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 334 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। वहीं 55 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। जिला सिरमौर में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा टल गया है। जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र में रेणुका-संगड़ाह सड़क पर कालथ के समीप बस पर एक चट्टान गिर गई। हादसे में बस चालक और एक महिला को चोटें आई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के संगड़ाह उपमंडल के कालथ के समीप शनिवार को एक निजी बस पर चट्टान गिरने के बाद बड़ा हादसा होने से टला है। जिला कुल्लू व लाहौल में तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। वहीं, जिला कुल्लू के साथ लाहौल घाटी में रातभर जमकर बारिश हुई। 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा में फाहे गिरने से मौसम कूल-कूल हो गया है। ब्यास के साथ चंद्रा, पार्वती नदी सहित नाले भी उफान पर हैं। बारिश से कुल्लू जिले में आठ सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बारिश के बाद बंजार बस स्टैंड तालाब बन गया है। बस स्टैंड में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से यहां पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर किसान व बागवान बारिश के बाद गदगद हैं। बारिश ने किसानों व बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीरों को मिटा दिया हैं। अब जहां बिजाई का कार्य शुरू होगा। वहीं सेब, नाशपाती, जापानी फल, मेरीपोजा, प्लम आदि के लिए बारिश लाभकारी साबित होगी। मंडी जिले में भारी बारिश से तबाही हुई है। भूस्खलन से जगह-जगह 112 सड़कें बंद हैं। मंडी-पठानकोट-हाइवे पर गलू के समीप पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। चंडीगढ़-मनाली एनच पर मंडी-पंडोह, छह मील के पास पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। सुबह सात मील के पास एनएच ठप रहा। भूस्खलन के बीच मंडी-पंडोह का सफर जोखिम भरा हो गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कांगड़ा जिले के शाहपुर में नेशनल हाईवे को भारी बारिश के काफी नुकसान हुआ है। हाईवे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं कई जगह जलभराव हुआ है।
**परिणाम के आधार पर मिलेंगे शिक्षक पुरस्कार हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज किए जाएंगे। ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां आसपास में भी स्कूल स्थित होंगे। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए यह फैसला लेना जरूरी हो गया है। शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि अब राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन का मुख्य आधार परीक्षा परिणाम रहेगा। अन्य गतिविधियों को भी देखा जाएगा, लेकिन प्राथमिकता सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले शिक्षकों को ही दी जाएगी। बैचवाइज आधार पर चयनित करीब 2000 जेबीटी और टीजीटी को इसी माह नियुक्तियां देने के शिक्षा मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर ही नवनियुक्त शिक्षकों को स्टेशन अलॉट कर दिए जाएंगे, जिन स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक हैं और विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां नए शिक्षकों को पहली नियुक्ति दी जाएगी। बैठक के दौरान एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के लिए पुराने नियमों में संशोधन करने के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए गए। राज्य सरकार ने एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने को फैसला लिया है। एसएमसी शिक्षक पहले सीधी सीमित भर्ती (एलडीआर) से अनुबंध पर आएंगे और फिर दो साल बाद नियमित होंगे। बैठक के दौरान प्रिंसिपलों की पदोन्नति सूची जल्द जारी करने पर भी सहमति बनी। रोहित ने कहा कि वर्ष 2022 के अंत तक शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार पद रिक्त थे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने 6 हजार पद भरने को मंजूरी दी है। 2000 पद एक सप्ताह में भर दिए जाएंगे। बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
**गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट हुआ जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है। बीते दिनों जहां बारिश के कम होने की संभावना जताई गई थी, तो अब वहीं बारिश को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 3 जुलाई की रात से मौसम ने करवट ली है और बारिशों का दौर एक बार फिर शुरू हुआ। बारिश के कारण प्रदेश के कई स्थानों में तबाही का मंजर भी देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार, 115 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। कई जगह सड़कें धंस गई हैं। कई स्थानों पर बारिश से भूस्खलन हुआ है। राज्य में 212 ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद मौसम के सामान्य रहने के आसार है। इस दौरान बारिशों का दौर थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन अधिकतर स्थानों ने बादल छाए रहेंगे।
भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ इकाई जयनगर की मासिक बैठक इकाई अध्यक्ष सोहन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच के राज्य कार्य कारिणी अध्यक्ष बृजलाल ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सरकार द्वारा सेवानिवृत कर्मचारियों जो कि 1-1-16 से जनवरी 2022 तक सेवानिवृत हुए है को संशोधित पेंशन, लीव इनकेशमेंट, कम्यूटेंशन व संशोधित वेतन का बकाया नही देने पर भारी रोष व्यक्त किया गया। साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों को संशोधित वेतन के बकाया राशि की कोई भी किश्त न देने व समय पर पेंशन न मिलने के प्रति भी रोष प्रकट किया गया। इसके अलावा 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते के किश्त जारी न करना व लंबित मैडिकल बिलों का भुगतान न होने पर भी सरकार को जमकर घेरा । बृजलाल ठाकुर ने बताया कि बैठक में परिवहन निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित धरना प्रदर्शन का महासंघ ने समर्थन करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि सरकार की हठ को देखते हुए भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ ने सभी सेवानिवृत अधिकारियों व कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि प्रदेश में होने वाले उप चुनाव में सरकार के विरुद्ध मतदान करे। इस बैठक में सोहन लाल ठाकुर,बाल कृष्ण ठाकुर, दीपराम ठाकुर, रतिराम, रामलाल, श्याम लाल ठाकुर,लच्छी राम , संतराम सहित काफी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 5 जुलाई, 2024 को अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 5 जुलाई, 2024 को प्रातः 11.15 बजे उपमण्डलाधिकारी अर्की के कार्यालय में अर्की विधानसभा क्षेत्र के चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदोपरांत दोपहर 02.30 बजे ग्राम पंचायत जलाणा के राहु गांव में वन महोत्सव में भाग लेंगे।


















































