कांगड़ा जिले के थुरल के गांव हटनाला में मंगलवार रात को चोरों ने दो घरों के ताले तोड़कर लाखों के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। जानकारी के अनुसार शहीद हवलदार अमित कुमार और चंपा देवी के घर में रात को शातिर घरों के ताले तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण और 45 हजार की नकदी उड़ा ले गए। बुधवार सुबह जब शहीद की माता कुशमा देवी घर पहुंचीं तो देखा कि ताले टूटे हुए थे। घर के अंदर अलमारियों और बैड बॉक्स का सारा सामान बिखरा हुआ था। उसके अंदर रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी गायब थी। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस चौकी थुरल को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आगामी कारवाई शुरू की। पुलिस मामले की गहनता से जांच करने में जुट गई है। पुलिस थुरल बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाल रही है।
**कल- परसों प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी **लाहौल स्पीति और किन्नौर में बारिश न होने की संभावना **प्रदेश के 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश के कई भागों में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में 16 जुलाई तक मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा। 11 व 12 जुलाई को कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में मौसम खराब बना हुआ है। उधर, बुधवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 28 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अलावा 19 बिजली ट्रांसफार्मर व 16 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने 11 व 12 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति व किन्नौर जिले के लिए किसी तरह का अलर्ट नहीं हैं।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान धर्मशाला में आयोजित राष्ट्रीय अप्रैटिशिप मेला में 16 प्रशिक्षुओं में 04 संस्थानों ने अप्रैटिशिप पोर्टल पर नाम रजिस्ट्रर करवाया। इस अवसर पर बतौर मुख्यातिथि अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार की दिशा में कदम आगे बढ़ाने चाहिए इस के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ भी उठाना चाहिए ताकि स्वरोजगार आरंभ करके अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें। उन्होंने कहा कि अप्रैटिशिप पोर्टल आईटीआई प्रशिक्षुओं के लिए बेहतर विकल्प है जिसके माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण में मदद मिलेगी। इससे पहले प्रिंसिपल आईटीआई दाड़ी राजेश पुरी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय अप्रैटिशिप मेला के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राजकीय औ0 प्र0 स0 शाहपुर, प्रधानाचार्य राजकीय औ0 प्र0 स0 पालमपुर, अभिनन्दन कालिया, हि0प्र0 तकनीकी शि़क्षा बोर्ड धर्मशाला, महाप्रबन्धकए जिला उघोग निगम धर्मशालाए होटल धौलाधार हील्स श्यामनगर, माँ चामुण्डा प्राइवेट आई.टी.आई. डाढ पालमपुर, बज्रेश्वरी मोटर घुरकडी कांगडा और स्केयर वन डी0 पोलो होटल शीला चौंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र सदर से भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा ने मतदान से एक दिन पहले ग्राम पंचायत नाल्टी के डकोल और पटियाहु में डोर टू डोर पहुंचकर स्थानीय लोगों से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। क्षेत्र के लोगों ने आशीष शर्मा को खुले दिल से समर्थन देते हुए भारी बहुमत से जीत होने का आशीर्वाद दिया। आशीष शर्मा ने कहा कि महज दुष्प्रचार कर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी व सरकार के नुमाइंदे चुनाव के दिनों में सरकार की कोई भी उपलब्धि नहीं बता सके हैं। हमीरपुर के लिए कांग्रेस सरकार ने पिछले डेढ़ साल में क्या किया, यह बताने में भी कांग्रेस प्रत्याशी नाकाम रहे हैं और बताते भी क्या? जब बीते डेढ़ साल में हमीरपुर के लिए कोई उपलब्धि है ही नहीं। आशीष शर्मा ने कहा कि अनाप-शनाप बयान बाजी कर और दुष्प्रचार कर मेरी छवि को खराब करने की कोशिश इन लोगों ने की है, जिसका जवाब जनता उन्हें भाजपा के पक्ष में भारी संख्या में मतदान कर देगी। जो अनाप-शनाप और तथ्यहीन बयानबाजी इन लोगों ने की है उसके खिलाफ माननीय अदालत में भी याचिका दायर कर मानहानी का मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। झूठे आरोप लगाकर इन्होंने छवि खराब करने की कोशिश की है। आशीष शर्मा ने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री गांधी चौक पर हुई जनसभा में कहते थे कि आशीष शर्मा रात को 12-12 बजे तक सचिवालय में रहकर लोगों के कामों को करवाने के लिए मेरे पास आते थे। लेकिन अब मुख्यमंत्री दुष्प्रचार व तथ्यहीन ब्यानबाजी कर रहे हैं। मेरे विधानसभा क्षेत्र की जनता मेरा चरित्र भलीभांति जानती। मैनें ईमानदारी के साथ जनता की सेवा के लिए कार्य किया है। सत्ता के लोभ में कांग्रेस प्रत्याशी सरकारी कर्मचारीयों वह मशीनरी का दुरुपयोग कर शराब व अन्य लुभावनी सामग्री क्षेत्र में बांट रहे हैं। प्रोपेगेंडा करने के लिए तरह-तरह की भ्रांतियां लोगों में फैला रहे हैं। विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मोबाइल कॉल कर बरगलाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन मेरे पास जनता का साथ और भगवान का आशीर्वाद है। दुष्प्रचार कर रहे इन लोगों को जनता और कानून की अदालत सजा देगी। आशीष शर्मा ने कहा है कि 5 सालों से उन्होंने जनता की सेवा की है और अब जनता की बारी है कि हमीरपुर का आत्म सम्मान और स्वाभिमान बचाना है। जो मेरे विधायक बनने के बाद इन लोगों ने मेरे साथ किया है, उसके खिलाफ मेरे हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता ही इन लोगों को करारा जवाब 10 जुलाई को भाजपा के पक्ष में भारी संख्या में मतदान कर देगी। उन्होंने पूरे चुनाव के दौरान दिन रात मेहनत करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर इन चुनावों में मेरे साथ खड़े रहे और इसी ताकत की बदौलत भाजपा क्षेत्र में जीत का परचम लहराएगी। झूठ, फरेब और भ्रम की राजनीति करने वालों को हमीरपुर की देवतुल्य जनता 10 जुलाई को सबक सिखाएगी। उन्होंने विधानसभा परिवार के सभी सदस्यों से भाजपा के पक्ष में दिल खोलकर मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में विधायक बननेे के बाद भी आपका बेटा डेढ़ साल आपके बीच में रहा और आगे भी विधायक बनने के बाद आपके बीच रहकर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को विधानसभा क्षेत्र में लागू कर नई-नई परियोजनाएं यहां पर शुरू करवाई जाएगी। डोर टू डोर अभियान के दौरान उनके साथ भाजपा नेता नवीन शर्मा, मंडल महामंत्री सुरेश सोनी सहित अन्य मौजूद रहे।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आज जिला के रिकांग पिओ स्थित फल संतति एवं प्रदर्शन उद्यान केंद्र बोक्टू का निरीक्षण किया तथा उद्यान केंद्र में तैयार की जा रही फलों की उन्नत किस्म के पौधों का जायजा लिया। उन्होंने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वह अनुसंधान को लोगों के खेतों तक पहुंचाने की पहल करें। इस दौरान उन्होंने उद्यान केंद्र बोक्टू के अंतर्गत आने वाली लगभग 60 बीघा जमीन में हो रहे भू-धसाव का भी निरीक्षण किया तथा इसके लिए एहतियाती कदम उठाने बारे अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि उद्यान केंद्र का तभी फायदा है यदि वह किसानों व बागवानों के खेतों व बागीचों तक पहुंचे। उन्होंने वैज्ञानिकों से सेब व अन्य फल/पौधों की नई किस्मों के बारे में बागवानों को जागरूक करने का भी आग्रह किया ताकि बागवान परम्परागत फलों की किस्मों के स्थान पर नई किस्में उगाकर फलों का और अधिक उत्पादन कर अपनी आय को बढ़ा सके। उन्होंने फसल विविधिकरण पर भी जोर दिया तथा कहा कि इससे बागवानों की आर्थिकी सुदृढ़ होने में सहायता मिलेगी। उपायुक्त ने जिले में फल आधारित प्रसंस्करण औद्योगिक इकाई लगाने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला की जलवायु सेब, नाशपति सहित स्टोन फ्रूट उगाने के लिए उपयुक्त है। ऐसे में बागवानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक व उन्नत किस्मों को उगाने के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि कम भूमि में भी किसान अधिक से अधिक उत्पादन कर अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर सकें। उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न जागरूकता शिविरों में लोगों को नवीनतम किस्मों के पौधों व तकनीकों से अवगत करवाया जाए। इस अवसर पर उपनिदेशक बागवानी डॉ. भूपेन्द्र सिंह नेगी ने उपायुक्त को उद्यान केंद्र बोक्टू में तैयार की जा रही फलों की नवीनतम किस्मों से अवगत करवाया। इस अवसर पर उद्यान विभाग के वैज्ञानिकों सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा की बैठक 9 जुलाई 2024 को ज्वालामुखी में संपन्न हुई, जिसके मुख्य अतिथि शिक्षा निदेशक डॉक्टर अमरजीत शर्मा रहे । इस बैठक में अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा हरीश कुमार व सभी जिला के उप शिक्षा निदेशकों के अलावा सभी जिलों के एडीपीओ के साथ साथ विभिन्न खेलों से जुड़ें शिक्षक व कोच शामिल हुए । बैठक में वर्ष 2023 - 24 का लेखा जोखा व वार्षिक रिपोर्ट संतोष चौहान आएडीपीइओ हेडक्वार्टर ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रदेश स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमे नए सदस्यों के तौर पर सुशील कुमार उप शिक्षा निदेशक मण्डी, राजेंद्र कौशल उप शिक्षा। द निदेशक उना, अजीत चौहान उप शिक्षा निदेशक सिरमौर, जगदीश नेगी उप शिक्षा निदेशक सोलन व लेख राम भारद्वाज उप शिक्षा निदेशक शिमला के साथ-साथ सुखदेव एडीपीओ मंडी किशन राणा एडीपीओ कुल्लू, अतुल कटोच एडीपीओ कांगड़ा,राजकुमार एडीपीओ बिलासपुर ,पवन कुमार एडीपीओ किन्नौर ,विनोद कुमार एडीपीओ लाहूल स्पिती के साथ जगदीश चंद डीपी बिलासपुर अजय पांटा डीपीई शिमला व मान सिंह डीपीई मंडी को सर्वसम्मति से स्पोट्स काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश उसका मैंबर चुना गया। बैठक में डॉक्टर हरीश की अध्यक्षता में एक टेक्निकल कमिटी का भी गठन किया गया, जिसके सदस्यों के रूप में संतोष चौहान राजकुमार राजेश ठाकुर, राजेश शर्मा ,बलवंत डाटा व लोकपाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने बताया कि खंड व जिला स्तर पर खिलाड़ियों का डाइट मनी 120 से बढ़ाकर ₹400 व राज्य स्तर पर भी यह डाइट मनी ₹400 कर दिया जाएगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वाले खिलाड़ियों को ₹500 प्रति खिलाड़ी डाइट मनी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द हिमाचल प्रदेश में एसजीएफआई के बाईं लॉज बनाने के लिए एक टेक्निकल कमिटी का गठन किया जाएगा और इस कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कोरस व ठोड़ा जैसे खेलों को भी राज्य स्तर पर शामिल करने का विचार किया जाएगा । एक स्पोर्ट्समैन में स्पोर्ट्समैनशिप होनी चाहिए और ऑलवेज रेडी के सिद्धांत का अनुसरण करें। उन्होंने बताया कि एक बार कुछ ठान ले तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता । स्पोर्ट्स और कल्चर हमें एक दूसरे से जोड़ते हैं और बच्चों को स्कूल स्काउट के द्वारा हम ड्रग एडिक्शन से दूर रख सकते हैं इस अवसर पर राज्यस्तरीय माइनर, मेजर ,इनडोर एथलेटिक्स तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल का भी सदन में प्रस्ताव रखा गया और उन्होंने कहा कि शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर इच्छुक जिलों को दी जाने वाली राज्य स्तरीय स्पर्धाओं का विस्तृत विवरण शिक्षा निदेशालय जारी करेगा ।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जुलाई, 2024 को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 33 के.वी. उप-केन्द्र कण्डाघाट से संचालित कुछेक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत मण्डल सोलन के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई, 2024 को प्रातः 09.00 बजे से सायं 06.00 बजे तक कण्डाघाट, सिरीनगर, धाली, पलेच, सलुमणा, जदारी, डोलग, परोंथा, देढ़घराट, मेहली, माही, सनेच, कोहारी, वाकनाघाट, क्यारीघाट, कवारग, शालाघाट, कैथलीघाट, बीशा, छोवशा, डुमैहर, बाशा, कदौर, गरू, पावघाट, कून, आंजी, सुनारा, साधुपुल, कलहोग, दोची, सोनाघाट, सैंज, कोटला, चायल, नगाली, हिन्नर, कुरगल, झाझा, दधील, आल्मपुर, जनेड़घाट, टिक्कर एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किन्हीं अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
शिमला: फल मंडी में सेब की दस्तक के साथ अब आवक बढ़ने लगी है। भट्टाकुफर फल मंडी में सोमवार को टाइडमैन सेब किलो के हिसाब से बिका। यूनिवर्सल कार्टन में करीब हजार पेटियां बिकने के लिए पहुंचीं। वहीं, आने वाले समय में सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा। शुरुआती दौर में कम संख्या में सेब की पेटियां फल मंडी पहुंच रही थीं। वहीं, अब सेब की आवक में बढ़ोतरी हुई है। सभी पेटियां मंडी में यूनिवर्सल कार्टन में ही पहुंच रही हैं। शुरुआती दौर में सेब का साइज छोटा है इसलिए कम दाम पर मंडियों में सेब बिक रहा है। फिलहाल 700 से 1500 रुपये प्रति पेटी मंडी में बिक रही है। वहीं, इस बार गर्मियों में बारिश ना होने के कारण सेब का आकर छोटा और रंग फीका भी है। इस वजह से बागवानों को सेब के दाम कम मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर सेब का साइज व रंग बेहतर हुआ तो बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा स्टोन फ्रूट व नाशपाती भी फल मंडी में पहुंच रही है। भट्टाकुफ़्फ़र फल मंडी के आढ़ती जयकुमार ने कहा "फल मंडी में अब सेब की आवक में बढ़ोतरी हो रही है। स्टोन फ्रूट के साथ नाशपाती भी मंडी में पहुंच रही है। उन्होंने कहा इस बार सूखे की मार सेब पर पड़ी है जिस वजह से सेब का साइज छोटा है। वहीं, अभी मार्केट में स्टोरेज किया हुआ सेब बिक रहा हैं। इस कारण भी बागवानों को दाम कम मिल रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में सेब के दाम में बढ़ोतरी होने की संभावना कम है। भट्टाकुफर फल मंडी में पहुंचा करसोग का सेब 50 से 70 रुपये प्रतिकिलो बिका। वहीं, नाशपाती भी 70 से 80 रुपये प्रतिकिलो बिकी। देहा बल्सन से नाशपाती बेचने पहुंचे बागवान शशिकांत ने कहा इस बार फसल कम है और नाशपाती के दाम सामान्य ही मिल रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा यूनिवर्सल कार्टन के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा अभी शुरुआती दौर है। इन कार्टनों में फ्रूट की पैकिंग किस तरह की जानी चाहिए ये अभी बागवानों को समझना पड़ेगा। बागवान ने कहा पहले एक पेटी में 35 किलो तक सेब भर दिया जाता था। अब यूनिवर्सल कार्टन लागू होने से यह नहीं होगा जो एक बेहतर पहल है। इससे सभी बागवानों को फायदा होगा। बागवान ने एक पेटी पर ढुलाई व स्पलाई के खर्च को लेकर बोला "पहले एक पेट्टी पर करीब 300 रुपये का खर्च आता था लेकिन अब यह देखना होगा कि गाड़ी में ढुलाई पेट्टी के हिसाब से होती है या वजन के हिसाब से अगर पेटी के हिसाब से ढुलाई होती है तो बागवानों को इसका नुकसान होगा और अगर वजन के हिसाब से ढुलाई की जाती है तो बागवानों को इसका लाभ मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को पोलिंग पार्टियां अपने-अपने बूथों के लिए ईवीएम को लेकर रवाना हुईं। पुलिस कर्मियों और सीआईएफ जवानों की कड़ी सुरक्षा में हमीरपुर के 94 मतदान केंद्रों पर बुधवार को मतदान होगा। मंगलवार को राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर के खेल मैदान में पोलिंग पार्टियों के लिए परिवहन निगम की 13 बसें लगाई गईं। सुबह 11:00 से लेकर दोपहर 1:00 तक पोलिंग पार्टियां पुलिस कर्मियों और सीआरपीएफ जवानों के साथ मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुईं। वहीं खेल मैदान में बारिश से जमा हुए पानी के कारण कर्मचारियों के वाहन मैदान में पड़े गड्ढों में फंसे रहे। आपसी सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने वाहनों को निकाला। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के एसडीएम मनीष सोने की अगुवाई में पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया।
भारतीय सेना में अग्निवीर योजना के तहत वर्ष 2024-25 के लिए हिमाचल प्रदेश के सोलन, शिमला, सिरमौर और किन्नौर के ऑनलाइन संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सी.ई.ई.) पास किए उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर सेना भर्ती का आयोजन 03 सितम्बर से 09 सितम्बर, 2024 के मध्य किया जाएगा। यह जानकारी भर्ती निदेशक शिमला ने दी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा में सफल हुए सभी उम्मीदवार अपने सिविल दस्तावेजों के सत्यापन जैसे कि दसवी एवं बारहवीं पास की अंकतालिका, मूल निवास स्थायी प्रमाणपत्र, डोगरा/माइनॉरिटी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र (तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन जारी हुआ) एवं एन.सी.सी, खेल प्रमाणपत्र अवश्य साथ लाएं। भर्ती निदेशक ने कहा कि अग्निवीर सामान्य प्रवेश परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को भर्ती के दौरान शारीरिक दक्षता और मापदंड से होकर गुजरना होगा। शारीरिक दक्षता और मापदंड के तहत उम्मीदवारों को 05 मिनट 30 सेकंड में 1.6 किलोमीटर दौड़ना होगा। इसके लिए कुल 60 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके उपरांत उम्मीदवारों को 10 पुल अप्स करने होंगे और इसके लिए 40 अंक निर्धारित किए गए हैं। उम्मीदवारों को 09 फीट लम्बी छलांग और जिग-ज़ैग बैलेंस टेस्ट भी पास करना होगा। उन्होंने कहा कि जो उम्मीदवार 1.6 किलोमीटर दौड़ को 05 मिनट 45 सेकंड के न्यूनतम समय में पास करेंगे, वही उम्मीदवार भर्ती रैली के अगले चरण के लिए चयनित होंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए अधिकारिक अधिसूचना अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना उम्मीदवारों के मोबाइल पर एस.एम.एस. या उनके पंजीकृत ईमेल आई.डी. पर भी भेजी जाएगी।
कुल्लू की राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंगलौर में बच्चे पानी से तालाब बने कमरों में पढ़ने को विवश हैं। दो साल पहले स्कूल के नए भवन का निर्माण किया गया है, लेकिन इस भवन में हल्की बारिश होते ही छत टपकने के कारण जलभराव होने लगता है। बारिश का पानी सीधे आंगन और कमरों में पहुंच जाता है, जिसके कारण भवन की दूसरी मंजिल तालाब बन जाती है। इससे 190 अध्ययनरत बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि स्कूल प्रबंधन समिति कई बार शिक्षा और लोक निर्माण विभाग से समस्या को हल करने की मांग कर चुकी है, लेकिन दोनों विभाग समस्या हल करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अभिभावकों ने नए भवन की छत से पानी टपकने को विभागीय कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश के येलो और ऑरेंज अलर्ट ने मनाली आने के लिए पर्यटकों के कदम रोक दिए हैं। अब पर्यटन कारोबार में लगभग 80 प्रतिशत तक कमी दर्ज की जा रही है। लेह की ओर जाने वाले पर्यटक लाहौल घाटी का रुख कर रहे हैं। रोहतांग में भी एक तरह से सन्नाटा पसर गया है। सोमवार को महज 191 पर्यटक वाहन रोहतांग दर्रा गए। हिमाचल पथ परिवहन निगम की इलेक्ट्रिक बस सेवा भी बंद हो गई है। निगम ने यात्री नहीं मिलने के कारण अपनी सेवा बंद कर दी। मनाली आने वाले पर्यटक वाहनों की संख्या भी लगभग 80 प्रतिशत घट गई है। ग्रीन टैक्स बैरियर के आंकड़ों को लें तो जून तक मनाली में रोजाना 3300 से 3500 पर्यटक वाहन आ रहे थे। वीकेंड में यह आंकड़ा 4,000 भी पहुंच रहा था। जुलाई में मानसून की दस्तक के साथ ही पर्यटकों के आने क्रम थम सा गया। होटलों में 20 से 30 प्रतिशत कमरे ही बुक हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि रोहतांग के लिए जून तक रोजाना बसें भेजी जा रही थीं। जुलाई के शुरू होते ही मंदी शुरू हो गई। सवारियां न मिलने के कारण निगम ने अपनी बस सेवा बंद कर दी है। एसोसिएशन ऑफ हिमाचल होटल एवं रेस्टोरेंट के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि पर्यटकों कि संख्या घट गई है। पर्यटन निगम के उप महाप्रबंधक बीएस औक्टा ने बताया कि पर्यटन कारोबार में भारी कमी दर्ज की जा रही है। पर्यटन निगम को भी यात्री नहीं मिल रहे हैं। पर्यटन सीजन में मनाली से कोकसर, सिस्सू और त्रिलोकीनाथ के लिए चलने वाली निगम की बस सेवा बंद कर दी गई है। बारालाचा के लिए जाने वाली बस की सवारियां कम होने के कारण दो या तीन दिन बाद भेजी जा रही है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इसके लिए दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की टीम निरीक्षण के लिए बिलासपुर भी पहुंची थी। केंद्र सरकार ने एम्स बिलासपुर प्रबंधन को निर्देश दिए थे कि वह किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को शुरू करे। इसके बाद प्रबंधन ने दिल्ली एम्स से निरीक्षण के लिए आग्रह किया था। टीम ने निरीक्षण के बाद किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के सभी मानकों को सही पाया है। हालांकि टीम ने लिखित में अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं दी है, जिसका बिलासपुर एम्स प्रबंधन इंतजार कर रहा है। एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए यहां के विशेषज्ञों, नर्सिंग ऑफिसर की टीम दिल्ली एम्स में डेढ़ माह की ट्रेनिंग कर रही है। इसके साथ ही अन्य औपचारिकताओं को भी पूरा किया जा रहा है। जैसे ही एम्स दिल्ली की टीम लिखित में अपनी रिपोर्ट देगा, उसके बाद सुझावों पर कार्य करते हुए बिलासपुर में इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। बताते चलें कि नेफ्रोलॉजी विभाग में सीनियर और जूनियर रेजिडेंट के पद भी भरे जा चुके हैं। किडनी से संबंधी सभी रोगों का उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में यहां पांच डायलिसिस मशीनें काम कर रही हैं। नेफ्रोलॉजी सेवाओं में किडनी बायोप्सी, टनल्ड हेमोडायलिसिस कैथेटर की भी सुविधा मिल रही है। यहां रेडियोथेरेपी ब्लॉक भी शुरू किया जा चुका है। जहां पर अब प्रदेश के कैंसर मरीजों को उच्च स्तरीय रेडियोथेरेपी की सुविधाएं दी जा रही हैं। एम्स बिलासपुर में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार की टीम भी निरीक्षण कर चुकी है। किडनी ट्रांसप्लांट केंद्र के लिए उनकी मंजूरी भी मिल चुकी है। एम्स करेगा डोनर प्रोग्राम शुरू किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एम्स बिलासपुर डोनर प्रोग्राम भी शुरू करेगा। प्रोग्राम के तहत ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए विशेष ओपीडी में मरीजों को चिह्नित किया जाएगा। इसमें मरीज और किडनी देने वाले दोनों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद सभी जांच कराई जाएंगी। सब कुछ सही मिलने पर ही ट्रांसप्लांट हो सकेगा। एम्स बिलासपुर किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी में है। बड़ी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। दिल्ली एम्स की टीम की लिखित रिपोर्ट का इंतजार है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के दिशा निर्देश पर सभी बाकी बची औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। जल्द ही प्रदेश के लोगों को एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी।
अल्ट्राटेक के बागा सीमेंट प्लांट में क्लींकर की ढुलाई कार्य में लगे 3500 में से 1800 ट्रक ऑपरेटर काम बंद कर हड़ताल पर उतर गए हैं। सीमेंट कंपनी ने ऑपरेटरों को पंजाब के राजपुरा तक का ढुलाई भाड़ा 30 प्रतिशत तक कम करने को कहा था, इस पर ऑपरेटर तैयार नहीं हुए और हड़ताल शुरू कर दी। करीब 1800 ऑपरेटरों के हड़ताल पर उतरने पर अब कंपनी ने भी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई बंद कर दी। राजपुरा के लिए क्लींकर राजस्थान से मंगवाया जा रहा है। दूसरी ओर, अल्ट्राटेक ने हिमाचल में सीमेंट की सप्लाई पंजाब के बघेरी प्लांट से जारी रखी है। उधर, ऑपरेटरों ने कहा कि कंपनी को माल की ढुलाई सीधी डीलरों को करनी चाहिए या डंप कम से कम 150 किलोमीटर दूर बनाने चाहिए। कंपनी ने राजपुरा के लिए क्लींकर का भाड़ा कम करने को कहा है, यह मांग नहीं मानी जाएगी। कंपनी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई वर्तमान भाड़े पर फिर से शुरू करे। हड़ताल पर जाने एक अन्य वजह सीमेंट के डंपों को बंद न करना है। ट्रक ऑपरेटरों की मांग है कि नेरचौक, पधर, भोटा, नादौन और धर्मपुर में चल रहे सीमेंट डंपों को बंद किया जाए। कंपनी ने ऑपेटरों की मांग मानने से इन्कार कर दिया। हालांकि, ऑपरेटरों ने दो महीने पहले ही इन डंपों के लिए माल ढुलाई बंद कर दी है।बिलासपुर और सोलन के ट्रक ऑपरेटरों ने खारसी में सोमवार को सभा की। खारसी परिवहन सभा के महासचिव दौलत राम ठाकुर ने कहा कि 70 प्रतिशत सीमेंट ढुलाई नेरचौक और बाकी भोटा डंप पर की जाती है। फोरलेन बनने के बाद अन्य डंपों की औसतन दूरी मात्र 60 किमी रह गई है। डंप पर ट्रक चालक एक से डेढ़ घंटे में पहुंच जाता है, लेकिन माल को ट्रक में भरने में दो दिन और उतारने में दो दिन लगते हैं। मालभाड़ा एक हजार से कम बनता है। ऑपरेटर पांच दिन में 1000 रुपये से कम कमाएगा तो खाएगा क्या।
सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट के लुहरी प्रोजेक्ट की नदी डायवर्जन टनल के आउटलेट के ऊपर जमीन धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया है। घटना रविवार सुबह करीब सात बजे की है। राहत की बात यह है कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय वहां कोई कामगार नहीं था। बता दें कि करीब 20 दिन पहले डायवर्जन टनल के आउटलेट पर जमीन धंसने से भारी मलबा आ गया था और टनल बंद हो गई। अब टनल के ऊपर बड़ा गड्ढा होने से जहां प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वहीं, टनल के ऊपर बसे देहरा पंचायत के आनस, जानस और बेईबील गांव के लोग दहशत में हैं। लोगों ने एसजेवीएन प्रबंधन से सुरक्षा की दृष्टि से ठोस शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की है। नदी डायवर्जन टनल सतलुज के बहाव को मोड़ने के लिए बनाई गई ताकि प्रोजेक्ट के डैम का निर्माण किया जा सके। उधर, देहरा पंचायत के उपप्रधान यशपाल कटोच ने कहा कि इस संबंध में परियोजना प्रमुख से बात हुई है और विशेषज्ञों से निरीक्षण करवाने की मांग की गई है। घबराने की बात नहीं है। टनल के पोर्टल के पास बरसात का पानी घुस गया था, जिससे वहां पर छेद हो गया और कुछ हिस्सा धंस गया है, जो जल्द ठीक हो जाएगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित और भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर ने राज्य भर के विभिन्न स्कूलों के 150 से अधिक युवा छात्रों में विज्ञान के प्रति जुनून जगाया। शिविर के दौरान, जो शनिवार को संपन्न हुआ, प्रोफेसर आर.सी. सोबती. द्वारा एक भौतिकी प्रश्नोत्तरी और जैविक विज्ञान में कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। प्रोफेसर सविता भटनागर ने "मैजिक स्क्वेयर" पर एक कार्यशाला का नेतृत्व किया। डॉ. परवीन कुमार रासायनिक विज्ञान में व्यावहारिक कक्षाओं का नेतृत्व किया और साथ ही ओपन एयर थिएटर (ओएटी) में कविता, गायन और पारंपरिक लोक नृत्यों के छात्र प्रदर्शन के साथ एक सांस्कृतिक रात्रि का नेतृत्व भी किया डॉ. आशू खोसला द्वारा एक आलोचनात्मक सोच अभ्यास आयोजित किया गया और इसमें डॉ. महावीर सिंह की "तकनीकी अनुप्रयोगों के लिए चुंबकीय नैनोकणों" और उन्नत रसायन विज्ञान विषयों पर प्रोफेसर के.के. भसीन की बातचीत शामिल थी। छात्रों को जटोली मंदिर की शैक्षिक यात्रा, एक प्रतिस्पर्धी रसायन विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेमिनार और एक वृत्तचित्र ने बौद्धिक और आनंददायक गतिविधियों का संतुलन प्रदान किया गया। अंतिम दिन प्रतिभागियों ने फीडबैक दिया, और डॉ. रितेश बनर्जी के नेतृत्व में शूलिनी विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर एक मौखिक प्रश्नोत्तरी में भाग लिया, इसके अलावा डीएसटी इंस्पायर प्रबंधन के साथ बातचीत भी शामिल है । "जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ" पर डॉ. आनंद नारायण सिंह की प्रस्तुति अकादमिक आकर्षण थी। शिविर का समापन प्रोफेसर प्रेम कुमार खोसला के समापन भाषण के साथ हुआ, प्रतिभावान छात्रों को भागीदारी और उपलब्धियों के लिए छात्रवृत्ति और डिप्लोमा से सम्मानित किया गया। शूलिनी विश्वविद्यालय में 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर ने छात्रों के वैज्ञानिक ज्ञान और कौशल में सुधार किया, साथ ही समुदाय और सहयोग की भावना भी पैदा की गयी । प्रोफेसर खोसला ने कहा कि शिविर की विविध गतिविधियाँ, जिनमें अकादमिक व्याख्यान और व्यावहारिक सत्र के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजक गतिविधियाँ शामिल थीं, ने सभी प्रतिभागियों को एक आकर्षक और प्रेरक अनुभव प्रदान किया, जिससे उन्हें अपने वैज्ञानिक सपनों को आगे बढ़ाने और भारतीय विज्ञान के भविष्य को आकार देने के लिए प्रेरणा मिली।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं और आम लोगों को स्वरोजगार अपनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना बहुत लाभकारी है। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए पात्र व्यक्तियों को चिन्हित करने को भी कहा। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जिला में अधिक से अधिक लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए लंबित मामलों को औपचारिकताएं पूर्ण कर जल्द निपटाएं। उन्होंने पात्र व्यक्तियों से आह्वान किया कि अपना स्वरोजगार शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत अपने नजदीकी बैंक शाखाओं में जाकर टैंट हाउस, साउंड सिस्टम, आटा-चक्की, पिक-अप वाहन, रेस्तरां, कैफे इत्यादि व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण के लिए आवेदन करें जिस पर सरकार द्वारा सस्ती ब्याज दर तथा अनुदान राशि का भी प्रावधान है। उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत जनजातीय जिला किन्नौर की महिलाओं को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है जिसके अंतर्गत महिलाओं को उनके व्यवासय आरंभ करने के लिए ऋण पर 35 प्रतिशत का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने जिला की महिलाओं से आह्वान किया कि वे व्यवसाय आरंभ करने के लिए आगे आएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने जिला के युवाओं से भी आग्रह किया कि वह मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का लाभ उठाएं तथा अपना व्यवसाय शुरू कर स्वरोजगार सहित अन्य को भी रोजगार का अवसर प्रदान करें। बैठक में जिला किन्नौर के 20 आवेदकों की प्रस्तावित परियोजनाओं को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया तथा समिति द्वारा सभी परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत परियोजनाओं में छोटे मालवाहक वाहन, डी.जे व टैंट हाउस, बैंक्वेट हॉल, होटल एवं रेस्तरां, खुदरा दुकानें शामिल हैं। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गरू लाल नेगी ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया तथा विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से उपस्थित जनों को अवगत करवाया। इस अवसर पर अग्रणी पजाब नैशनल बैंक के प्रबंधक रोहित सांगवान सहित उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
**पूर्व निर्दलीय विधायक जनता से बोलते रहे कोरा झूठ **मैं काम करूंगी तो मिलेंगे ए वन सर्टिफिकेट, नहीं करूंगी तो डैश-डैश कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश ठाकुर ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन ताबड़तोड़ नुक्कड़ सभाएं की। जनता का उन्हें अपार समर्थन मिला। नुक्कड़ सभाओं में कमलेश ठाकुर ने कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक होशियार सिंह देहरा की जनता के साथ साढ़े छह साल से कोरा झूठ बोलते आ रहे हैं। पूर्व विधायक ने जनता के साथ वादा किया था कि विधायक के तौर पर मिलने वाला वेतन जनता में बांटूंगा, लेकिन उन्होंने फूटी कौड़ी लोगों को नहीं दी। उनका वादा देहरा की जनता को बरगलाकर वोट लेने के लिए ही था। पूर्व विधायक जनता से और भी कई झूठे वादे किए हैं। वह वोट बटोर कर मुंबई और कनाडा ही रहते थे। कमलेश ठाकुर ने कहा कि मेरा और मुख्यमंत्री का कोई बिजनेस नहीं है। हमने कनाडा व मुंबई भी नहीं जाना। मेरा पता कमलेश ठाकुर पत्नी मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश है। देहरा मेरा घर है, सब कुछ यहीं हुआ। देहरा में मुख्यमंत्री कार्यालय खुलेगा, नादौन की तरह सरकारी स्टाफ बैठेगा। लोगों को काम करवाने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। पूर्व निर्दलीय विधायक ने अपने रिजॉर्ट के निर्माण में सरकारी धन लगाया और लोगों के लिए आए बिजली के खम्भे भी अपने यहां लगवा लिए। उन्होंने कहा कि मैं अगर काम करूंगी तो ए वन सर्टिफिकेट मिलेंगे और नहीं करूंगी तो डैश-डैश। इसलिए मेरा आपसे वादा है कि देहरा की सूरत बदल दी जाएगी। विकास में पिछड़ापन 15 जुलाई के बाद खत्म हो जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जितनी भी समस्याएं बताई हैं, उन्हें अधिकारी घर-घर जाकर हल करेंगे। अब देहरा में विकास का अंधेरा छंट चुका है। मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र बनने के बाद हर काम रफ्तार पकड़ेगा। जल्दी खस्ताहाल सड़कें चकाचक नजर आना शुरू होंगी। बिजली व पानी की समस्या नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगले 35 दिन में देहरा का कायाकल्प हो जाएगा। लोग महसूस करेंगे कि वास्तव में ही यह भी मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र है। कमलेश ठाकुर ने कहा कि देहरा की जनता विकास के लिए मुख्यमंत्री के साथ चले और मुझे वोट दे। आपकी ध्याण के विधायक बनने से देहरा का मान बढ़ेगा। क्षेत्र की जनता खुद को ठगा महसूस नहीं करेगी। झूठ की राजनीति का अंत करना जरूरी है, इसलिए विधानसभा क्षेत्र की जनता 10 जुलाई को सोच समझकर अपने मताधिकार का प्रयोग करे। यह चुनाव देहरा के भविष्य के लिए बेहद अहम है।
भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा जिला स्तरीय पंडित चंद्रधर गुलेरी शर्मा जयंती समारोह धर्मशाला के विकास खंड कार्यालय के सभागार में आयोजित किया। इस दौरान पंडित चंद्रधर गुलेरी की कालजयी उसने कहा था पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया। यह जानकारी देते हुए जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरी ने बताया कि गुलेरी जयंती पर कहानियों में मानवीय संवेदना, व्यंग्य की प्रासंगिकता विषय पर साहित्यकारों ने अपने अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि डा सुशील कुमार फुल्ल ने गुलेरी की सुप्रसिद्व कालजयी रचना उसके कहा था की समीक्षा के साथ अपना व्यक्तव्य प्रस्तुत किया। इससे पहले जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा राजेश गुलेरी ने बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साहित्यकारों ने गुलेरी के जीवन और उनके साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया जिसमें कुशल कटोच, युगल डोगरा, भूपिंद्र, राजीव त्रिगर्ती, कंवर करतार, आनंद धीमान, राजेंद्र पालमपुरी, हरिकृष्ण मुरारी, अश्वनी कुमार, त्रिलोक मेहरा सहित विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में होने वाले उप-चुनावों के लिए 10 जून, 2024 से लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस, आबकारी और अन्य सम्बंधित विभागों द्वारा 3.31 करोड़ रुपये की अवैध शराब, नकदी, आभूषण जब्त किए गए हैं। यह जानकारी आज यहां निर्वाचन विभाग के प्रवक्ता ने दी। उन्होंने बताया कि राज्य कर एवं आबकारी तथा पुलिस विभाग ने 14.12 लाख रुपये मूल्य की 10358 लीटर अवैध शराब जब्त की। इसके अतिरिक्त आयकर विभाग ने 2.13 करोड़ रुपये मूल्य के 3.13 किलोग्राम आभूषण व कीमती धातुओं को जब्त किया है। प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस व आयकर विभाग ने अब तक 93.66 लाख रुपये की नकदी जब्त की है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा 2.65 लाख रुपये मूल्य की 1.06 किलोग्राम चरस, 3.82 लाख रुपये मूल्य की 19 ग्राम हेरोइन, 91,800 रुपये मूल्य की 4.59 ग्राम स्मैक और 19,890 रुपये मूल्य की 1.32 किलोग्राम चूरा पोस्त जब्त की गई है। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान उद्योग विभाग द्वारा खनन अधिनियम के तहत दर्ज 74 मामलों में 2.67 लाख के जुर्माने लगाए गए।
**कहा सुक्खू देहरा की जनता को ठगने में लगे हुए देहरा हाॅट सीट में भाजपा ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झौंक दी है। भाजपा प्रत्याक्षी होशियार सिंह ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि राजा अगर प्रजा के साथ न हो उस राजा को घर बैठा देना चाहिए। उन्होंने कहा सुक्खू जिनका विरोध कर रहे है वे खुद अपने ही विरोध का शिकार हो गए हैं। डेढ माह के दौरान सुक्खू ने प्रदेश को परेशान करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि देहरा में चुनावी रुझान भाजपा के पाले हैं तथा देहरा की जनता ने उनकी जीत को पहले से ही तय किया हुआ है। उन्होंने कहा अगर सुक्खू प्रदेश में विकास को लेकर कार्य करते तो आज उपचुनावों की नौबत न आती। उन्होंने कहा कि पत्नी की खातीर सुक्खू देहरा में झूठ पर झूठ बोलते आ रहे हैं। सुक्खू ने सत्ता में आते ही कई सस्थानों को बंद कर दिया तथा अब कह रहे हैं मैं देहरा का विकास करुंगा। उन्होंने कहा कि सुक्खू देहरा की जनता के साथ फायदे की राजनीति कर रहे हैं, जबकि मतदान के बाद न तो सुक्खू और न ही उनकी पत्नी यहां दिखाई देगी। होशियार सिंह ने कहा कि सुक्खू ने राजनीति के स्तर को भी गिरा दिया है। उन्होंने कहा कि तरह तरह से हथकंडे अपना कर सीएम पहले विधायकों को तोड़ रहे हैं तथा फिर जनता पर उप चुनावों का बोझ डाल रहे हैं यह सुकखु की आदत बनती जा है। उन्होंने कहा कि देहरा की जनता सुक्खू से हर बात का हिसाब लेने के लिए तैयार बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सयंम रखे क्योंकि 13 जुलाई को उनका झूठा वहम भी दूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कांग्रेस ने चुनावों से पहले भी जनता को ठगा था तथा अब सुक्खू मुख्यमंत्री बनकर देहरा की जनता को ठगने में लगे हुए है, परंतु जनता उनके झांसे में आने वाली नही है।
मंडी: बग्गी स्थित निजी कॉलेज के पास बाइक और ट्रक की टक्कर में बाइक सवार युवक की मौ*त हो गई है। बाइक सवार युवक की पहचान इंद्रजीत कुमार उम्र 32 साल के तौर पर हुई है। युवक सुंदनरगर में पंजाब नेशनल बैंक का कर्मी था। सोमवार सुबह युवक घर से ड्यूटी के लिए जा रहा था। इस दौरान यह हादसा पेश आया। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू दी है। वहीं, श*व को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ की वार्षिक आम बैठक का आयोजन धर्मशाला में जिलाध्यक्ष सुनील मनोचा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष से जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में अंडर-9 वर्ग की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। हिमाचल में कांगड़ा पहला जिला होगा, जो इस प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। बैठक में बताया गया कि अंडर-15 आयु वर्ग और अंडर 17 आयु वर्ग जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता धर्मशाला में 13 और 14 जुलाई को आयोजित की जाएगी। इस वर्ष से जिला स्तर पर हर एक वर्ग की कैश प्राइज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। बैठक में जिला युवा एवं खेल सेवाएं विभाग कांगड़ा स्थित धर्मशाला की तरफ से सीनियर कोच सतिंद्र शर्मा और अंकित चंबियाल भी पहुंचे। संघ के कोषाध्यक्ष विशाल मिश्रा ने बैठक में पिछले वर्ष 2023-2024 स्पोर्ट्स कैलेंडर का सारा लेखा-जोखा बैठक में प्रस्तुत किया। इस बैठक में जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के पदाधिकारी सर्व चंद धीमान, मालविका पठानिया, पंकज शर्मा, गौरव चड्ढा, सतपाल शर्मा, रविंद्र कपूर, कर्म चंद राठौर, अनुभव वालिया, संदीप ढींगरा, विक्रम चौधरी, पवन चौधरी, अनिल राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित अतिथि संजय आचार्य एवं विश्वनाथ मलकोटिया उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में मानसून की बारिश का दौर जारी है। राजधानी शिमला में भी सोमवार सुबह झमाझम बारिश हुई। राज्य में सुबह 10:00 बजे तक 70 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। इसके अलावा 84 बिजली ट्रांसफार्मर व 51 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में 14 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 11 व 12 जुलाई को कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल में बारिश जमकर हो रही है। हरियाणा में भी मानसून का आगमन हो चुका है। 1 जून से 7 जुलाई तक सामान्य से करीब 8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान 70.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 78.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। हरियाणा के केवल 10 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं अंबाला, चरखी दादरी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत व यमुनानगर में अभी भी लोगों को मानसून का इंतजार है। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून की वैसी सक्रियता देखने को नहीं मिल रही है। अभी भी खंड बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं 8 जुलाई यानी आज के मौसम की बात करें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश के पश्चिमी, दक्षिणी व उत्तरी हिस्सों पर देखने को मिल सकता है। लोगों को उमसभरी गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है। वहीं हिमाचल में मानसूनी बारिश के चलते पूरा मौसम बदल गया है। लोगों पर एक साथ दो-दो आफत टूट पड़ी हैं। एक तरफ तेज बारिश के कारण भूस्खलन देखने को मिल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में पानी की सप्लाई बंद हो गई है। बीते 24 घंटे के मौसम की बात करें तो कई जिलों में जमकर बारिश हुई तो कहीं केवल बूंदाबांदी ही देखने को मिली।
सेब सीजन के रफ्तार पकड़ने से पहले ही सेब के मालभाड़े की दरें प्रति क्विंटल, प्रति किलोमीटर तय करने से बागवानों को झटका लगा है। पिकअप से सेब की ढुलाई का मालभाड़ा बीते साल के मुकाबले करीब 20 फीसदी तक बढ़ा दिया है। प्रदेश सरकार ने इस सीजन में पहली बार सेब की ढुलाई की दरें प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के आधार पर तय की हैं। हिमाचल में सेब ढुलाई की दरें अब तक पेटी के आधार पर तय होती थीं। उपमंडल से प्रदेश और बाहरी राज्यों की बड़ी मंडियों तक प्रति पेटी के आधार पर प्रशासन ढुलाई की दरें अधिसूचित करता था। इस साल सरकार ने उपायुक्तों को ढुलाई की दरें प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के आधार पर तय करने के निर्देश दिए हैं। बागवानों का कहना है कि पिकअप के किरायों में अनुचित बढ़ोतरी की गई है। सेब उत्पादक क्षेत्रों से सड़कें संकरी होने के कारण 80 फीसदी सेब पिकअप गाड़ियों से ही लोकल मंडियों तक पहुंचाया जाता है। पिकअप के किराये बढ़ने से बागवानों की लागत और फसल को मंडियों तक पहुंचाने का खर्चा बढ़ जाएगा। संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि सेब सीजन के लिए पिकअप का प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर किराये का निर्धारण पुन: किया जाना चाहिए। बीते साल के मुकाबले दरों में करीब 20 फीसदी बढ़ोतरी से बागवानों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा। सोलन और परवाणू सेब मंडी में कारोबार की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। मंगलवार को पूजा-अर्चना के साथ यहां पर कारोबार भी शुरू हो जाएगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों से अर्ली किस्म का सेब पहुंचना भी शुरू हो गया है। जोकि अभी स्थानीय क्षेत्र में ही बिक रहा है। मंगलवार से बाहरी राज्यों के कारोबारी भी मंडी में पहुंचना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए मंडी समिति की ओर से सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। परवाणू सेब मंडी में मंगलवार को चौपाल, करसोग, कुमारसैन और ठियोग से सेब किस्म टाइडमैन और नाशपाती की पहली खेप पहुंचेगी। परवाणू मार्किट कमेटी के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि सेब सीजन को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली हैं।
जनजातीय क्षेत्र लाहौल की कोकसर पंचायत में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पंचायत में एक अगस्त से इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। ग्राम पंचायत की सभा में पांच महिला मंडलों की पहल के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल, पागलनाला, कोकसर, ग्रांफू, राक्षी ढांक, रोहतांग, डोहरनी, छतडु, बातल और चंद्रताल के अलावा पंचायत के अधिकार क्षेत्र में सभी व्यापारिक संस्थानों, दुकानों एवं गांवों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा। अटल टनल की सौगात के बाद कोकसर और सिस्सू पंचायत में पर्यटन कारोबार में भारी उछाल आया है। पंचायत की ओर से कचरा उठाने के लिए चार कर्मियों को से तैनात किया है जो नाकाफी हैं। रविवार को कोकसर पंचायत के महिला मंडलों की पहल पर ग्रामीणों की सभा में सहमति के बाद प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक जिसमें प्रमुख रूप से चिप्स, बिस्कुट, टॉफी, नमकीन के पैकेट, ग्लास, थाली, चम्मच और अन्य प्लास्टिक के प्रयोग पर एक अगस्त से प्रतिबंध रहेगा। कोकसर पंचायत के प्रधान सचिन मिरुपा ने कहा कि ग्राम सभा में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र में सफाई रखने के लिए जगह-जगह सूचना बोर्ड तथा कूड़ेदान लगाए जाएंगे। इसके बावजूद अगर कोई सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग अथवा बेचते हुए पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर बरसात में फिर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन में पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। बारिश से ये पत्थर कभी भी सड़क पर आ सकते हैं। इसके अलावा मलबा गिरने का खतरा भी हर समय रहता है। मलबा और पत्थरों के सड़क पर आने से हाईवे फिर बाधित होने की आशंका है। आने वाले दिनों में बारिश में हाईवे पर चलना खतरे से खाली नहीं है। हालांकि परवाणू से सोलन और सोलन से चंबाघाट तक फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की टीम की ओर से कर्मचारियों की तैनाती की है। यह कर्मचारी जैसे ही भूस्खलन होता है सड़क को सुचारु करेंगे, लेकिन इस बरसात में भी वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हैरत की बात तो यह है कि कई जगह सड़क किनारे बनी ड्रेनेज भी बंद हुई। वहीं, डक्ट में भी मिट्टी घुसी है जिसे अभी तक ठीक नहीं किया है। इस कारण पानी लोगों के घरों में जाने की भी आशंका है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन को लेकर पहाड़ियों की कटिंग की गई है। चक्कीमोड़ में भी पहाड़ी खिसक सकती है। यहां पर केवल पांच मीटर का डंगा लगाया गया है। यह डंगा बड़ी पहाड़ी के लिए नाकाफी है। इसके अलावा जाबली, सनवारा, पट्टामोड़, सोलन-बड़ोग बाइपास, दोहरी दीवार, चंबाघाट, सलोगड़ा, कंडाघाट समेत दर्जन भर ऐसे क्षेत्र है जहां पर पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। गौरतलब है कि हाईवे पर पिछली बरसात के दौरान भी काफी नुकसान हुआ था। चक्कीमोड़ में पूरी सड़क ढह गई थी। इसके अलावा सनवारा और तंबूमोड़ में एक तरफ सड़क ढह गई थी। इसके अलावा कई जगहों पर पहाड़ी से भूस्खलन के मामले भी सामने आए थे। दोहरी दीवार पर भूस्खलन के बाद डंगा भी टूटा था। बीते दिनों हुई बारिश के दौरान भी सड़क पर मलबा और पत्थर गिरे थे। हालांकि अभी बरसात की शुरुआत है। लेकिन पहाड़ियां दरकनी शुरू हो गई हैं। दोहरी दीवार में सुबाथू की ओर जाने वाले रास्ते में भूस्खलन हुआ था। यहां पर पहाड़ी से बड़ा पत्थर सड़क पर आ गया था। इसके अलावा पट्टामोड़ में भी भूस्खलन हाल ही में हुआ है। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर बीती बरसात में ढही सड़क एक वर्ष बाद भी वैसे ही पड़ी है। तंबूमोड़, चक्कीमोड़, सनवारा और पट्टामोड़ में एक लेन से दोनों ओर आवाजाही होती है। आगामी दिनों में यदि बारिश से भूस्खलन होता है तो यहां पर यह लेन भी बंद हो जाएगी। परवाणू-सोलन फोरलेन पर बरसात के मौसम से निपटने के लिए 120 कर्मचारी, छह जेसीबी की तैनात कर दी गई हैं। बरसात में यदि पहाड़ी से भूस्खलन होता है तो तुरंत वहां से मिट्टी हटा दी जाएगी। हाईवे बंद नहीं होने दिया जाएगा।
पिछले साल नौ जुलाई को ब्यास की जल समाधि से बाहर आए पंचवक्त्र मंदिर की सुरक्षा का इस बार कोई भी प्रबंध नहीं किया है। सिल्ट और रेत को भी पूरी तरह से नहीं हटाया जा सका है। मगर मंदिर की क्षतिग्रस्त दीवार और निकले पत्थरों को ठीक कर दिया गया है। मंदिर में नया दरवाज भी लगाया गया है। संबंधित विभाग और पुजारियों का कहना है कि मंदिर को ब्यास की तेजधारा से बचाने का कोई भी फार्मूला काम नहीं कर सकता क्योंकि जब बाढ़ आती है तो वह सब कुछ बहाकर ले जाती है। हालांकि पिछले साल यहां पर मंदिर के लिए बना पुल जो बह गया था वह इस शिवरात्रि को पूरी तरह से तैयार कर सभी की सुविधा के लिए लोकार्पित किया जा चुका है। वहीं मंडी के विश्वकर्मा मंदिर के पास पिछले साल ढही पहाड़ी पर भूस्खलन का खतरा नहीं टला है। इस पर कोई बड़ा डंगा नहीं लग पाया है। इस बार विभाग ने सुरक्षा के नाम पर यहां पर बस पूरी पहाड़ी को तिरपाल से ढक दिया है। पिछले साल नौ जुलाई को थुनाग बाजार में जलजला आया था। उस समय लकड़ी, पत्थर, मिट्टी आने से पूरा बाजार तहस-नहस हो गया था। सभी कारोबारी तबाह को गए थे, मगर अब यह बाजार दोबारा बस रहा है। नए भवनों का निर्माण हो रहा है। दुकानों का भी निर्माण किया जा रहा है। बेशक कारोबारियों और वहां के स्थानीय लोगों के जख्म अभी तक नहीं भरे हैं मगर यहां पर एक बार फिर से यह बाजार नए स्वरूप में नजर आ रहा है। अभी भी यहां पर बरसात में हालात खराब होने से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले साल 13 और 14 अगस्त को बल्ह क्षेत्र में सुकेती ने पूरी घाटी को जलमग्न कर दिया था। हालात इस बार भी नहीं बदले हैं। बरसात में सुकेती में बाढ़ आने की पूरी संभावना रहती है। पिछले साल सुकेती ने मनाली चंडीगढ़ फोरलेन को भी अपनी जलधारा में ले लिया था। उस समय फोरलेन एक नदी के जैसा ही प्रतीत हो रहा था, जबकि पूरी क्षेत्र में लोगों के घर डूब गए थे। इस बार भी कोई हालात नहीं बदले हैं न ही खड्ड का तटीकरण हुआ है।
हिमाचल के स्कूलों में नशे के खिलाफ एंटी ड्रग स्क्वायड बनेंगे। बच्चों को नशे से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नशा विरोधी दस्तों के गठन की घोषणा की है। यह पहल हिमाचल प्रदेश एकीकृत नशा निवारण नीति को लागू करने के प्रयास के हिस्से के रूप में की गई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने सभी उप निदेशकों को स्कूलों में एंटी ड्रग स्क्वायड का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नशा विरोधी दस्ते का नेतृत्व स्कूल के प्रिंसिपल करेंगे। इसमें 2-3 स्टाफ सदस्य और 2 से 3 छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे। छात्र प्रतिनिधियों को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी), अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) या पंचायतों (ग्राम परिषदों) जैसे निकायों से चुना जा सकता है। स्कूलों को ऐसी प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां छात्र-कर्मचारी गुमनाम रूप से किसी भी ड्रग से संबंधित रिपोर्ट कर सकते हैं। मासिक आधार पर जानकारी की एंटी-ड्रग स्क्वायड समीक्षा करेंगे। जरूरी हुआ तो स्क्वायड आगे की जांच और कार्रवाई के लिए पुलिस को जानकारी देंगे। छात्रों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में शिक्षित करने के लिए वाद-विवाद और निबंध लेखन प्रतियोगिता करवाई जाएगी। नशा विरोधी दस्तों को स्कूलों के भीतर, स्कूल आने-जाने के रास्तों और आसपास की दुकानों में संदिग्ध गतिविधि की निगरानी का काम सौंपा जाएगा। वहीं, दस्ते स्कूल समुदाय के भीतर संभावित ड्रग उपयोगकर्ताओं, विक्रेताओं या प्रभावित करने वालों के बारे में भी जानकारी एकत्र करेंगे। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे नशे के मामलों पर राज्यपाल भी चिंता जता चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि युवाओं को नशे की दलदल में डूबने से बचाने के लिए मिलकर सभी को प्रयास करने होंगे। युवा पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों को भी आगे आना होगा और सख्त नियम बनाने होंगे। उन्होंने पुलिस को नशा तस्करों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश भी दिए हैं और स्कूल, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के बाहर नशा बेचने वालों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।
मंडी के पंडोह डैम पर अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की तैयारी हो रही हैं। इससे फायदा यह होगा कि जैसे ही पानी छोड़ने के लिए डैम के गेट खुलेंगे तो बांध स्थल से लेकर मंडी शहर तक हूटर बजेंगे। बीबीएमबी के अधीक्षण अभियंता अजयपाल सिंह ने पंडोह डैम में बीएसएल परियोजना के 48वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, सेंसर आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम का टेंडर लगा दिया गया है। अगले दो महीने में इसे स्थापित किया जाएगा। डैम से लेकर मंडी शहर तक ब्यास नदी के किनारे 6 हूटर लगाए जाएंगे। हूटर न सिर्फ बजेंगे बल्कि इसमें आवाज के माध्यम से संदेश प्रसारित करने का भी प्रावधान होगा। हूटर चारों दिशाओं में सुनाई देगा। इससे पहले हूटर पंडोह डैम और बाजार के आसपास ही बजते थे। इससे उसे मैनुअली बजाना पड़ता था। अब ऑटोमेटिक सिस्टम लगाया जा रहा है। अजयपाल ने स्पष्ट किया, पंडोह कोई स्टोरेज डैम नहीं बल्कि डायवर्शन डैम है। यहां से बग्गी के लिए पानी भेजने के लिए जो टनल बनी है, उससे 8500 क्यूसेक पानी भेजा जाता है। बाकी पानी ब्यास नदी में छोड़ना पड़ता है। लोगों को बरसात के दौरान ब्यास नदी या अन्य सभी प्रकार के नदी नालों से दूर रहना चाहिए। जलस्तर कब बढ़ जाए, यह पता नहीं चलता।
ऑफ सीजन में दिल्ली से शिमला का हवाई जहाज से सफर अब टैक्सी से भी सस्ता हो गया है। गगल से दिल्ली तक करीब 470 किमी सफर हवाई जहाज में सवा से डेढ़ घंटे में पूरा हो रहा है और किराया 2909 से शुरू होकर 4500 रुपये तक है। वहीं, टैक्सी से धर्मशाला से दिल्ली तक का सफर 13 से 17 हजार में पड़ रहा है। ऑफ सीजन में हवाई किराया कम होने से पैसे और समय दोनों की बचत हो रही है। दूसरी तरफ टैक्सी में सफर भी महंगा और समय भी करीब 7-8 घंटे लगता है। निचले क्षेत्रों में स्कूलों में छुट्टियां खत्म होने व बारिश का मौसम शुरू होने के कारण पर्यटन कारोबार में मंदी छा गई है। यहां होटलों में 40 से 50% की छूट होने के बाद भी ऑक्यूपेंसी 30 से 35 % तक ही दर्ज की जा रही है। वहीं, इसी मंदी और ऑफ सीजन का असर हवाई उड़ानों पर भी पड़ा है। पर्यटन सीजन में 15 से 20 हजार रुपये तक रहने वाले दिल्ली-धर्मशाला हवाई रूट का किराया 2909 रुपये से शुरू हो रहा है। हालांकि, टैक्सी में 13 से 17 हजार रुपये में चार लोग दिल्ली पहुंच सकते हैं, लेकिन उसमें समय अधिक लगेगा, जबकि हवाई जहाज मात्र सवा से डेढ़ घंटे में ही दिल्ली पहुंचाएगा।
हिमाचल प्रदेश: तीन हलकों में होने जा रहे उपचुनाव के लिए आज चुनाव प्रचार थम जाएगा। 10 जुलाई को मतदान होना है और नतीजे 13 जुलाई को आएंगे। तीन विधानसभा सीटों के 2 लाख 59 हजार, तीन सौ चालीस मतदाता प्रत्याशियों के किस्मत का फैंसला करेंगे। आज अंतिम दिन है तो ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने फील्ड में सक्रियता बढ़ा दी है। इस समय देहरा हॉट सीट बनी है। इस विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश चुनाव मैदान में हैं। वहीं, भाजपा ने निर्दलीय विधायक होशियार सिंह को ही प्रत्याशी बनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को देहरा और हमीरपुर में मोर्चा संभालेंगे, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री विक्रमादित्य सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नालागढ़ में होंगे। कांग्रेस के केंद्रीय नेता सचिन पायलट भी सोमवार को नालागढ़ आ रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल देहरा, सांसद अनुराग ठाकुर हमीरपुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर नालागढ़ में डटेंगे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. श्रीकांत शर्मा तीनों उपचुनावों के प्रचार का मोर्चा संभाले हैं। हमीरपुर हलके में भाजपा के प्रत्याशी आशीष शर्मा और कांग्रेस के डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा चुनाव मैदान में हैं। वहीं, नालागढ़ विधानसभा सीट की बात करें तो भाजपा ने निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस के इंटक के प्रदेशाध्यक्ष रहे हरदीप सिंह बावा चुनाव मैदान में हैं। उधर, इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी हरप्रीत सैनी में चुनावी मैदान में है।
**कहा जनता ही बोल उठी, देहरा होशियार सिंह ही तेरा भाजपा के कद्दावर नेता, पांच बार के विधायक रहे व पूर्व में मंत्री ठाकुर रविंद्र सिंह रवि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि वे उपचुनावों में भाजपा प्रत्याशियों की फिक्र करने की बजाए अपनी सरकार की फिक्र करें जो जल्द गिरने वाली है। उन्होंने का कि कांग्रेस सरकार का गणित मुख्यमंत्री सुक्खू की वजह से बिगड़ चुका है। प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है तब से सुक्खू सरकार का गणित उल्टा ही चल रहा है। उन्होंने कहा कि देहरा विधान सभा क्षेत्र में सुक्खू व उनके विधायक घटिया भाषा शैली का प्रयोग कर रहे हैं। सुक्खू ने पत्नी की जीत को लेकर देहरा में जो आतंक का माहौल बनाया हुआ है उसे जनता देख व भुगत रही है। जनता इसका बदला 10 जुलाई को लेने के लिए तैयार बैठी हुई है। रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि देहरा से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह एक कद्दावर नेता के रुप में उभर कर जनता के सामने आए हैं। देहरा की जनता ने दो बार उन्हें भारी बहुमतों से अपना विधायक चुना है तथा देहरा उपचुनाव में होशियार सिंह की जीत फिर से तय है। देहरा की जनता सुक्खू सरकार के लालच में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सुक्खू प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने हैं जिनके उपर लगातार खतरा मंडराया हुआ है। उन्होनें कहा कि सुक्खू अपनी जनसभाओं में अपमानजनक भाषण दे रहे हैं। भाजपा नेता रवि ने कहा कि सुक्खू सरकार ने प्रदेश के विकास को पूरी तरह से ठप कर दिया है। सुक्खू अपनी मित्र मंडली को लाभ पहुंचाने में लगे हुए हैं। सुक्खू झूठ के ठेकेदार के रुप में उभरकर सामने आए हैं। वे लोेगों को ऐेसे सपने दिखा रहे हैं जो कभी पूरे होने वाले नहीं हैं। उन्होनें कहा कि होशियार सिंह देहरा की जनता के दिलों में राज करते हैं। देहरा की जनता जानती है होशियार सिंह ने देहरा के लिए किया तथा 15 माह में सुक्खू सरकार ने क्या किया । उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद न तो सुक्खू और न ही उनकी पत्नी कभी दजर आएंगी। इस लिए जनता बोल उठी है देहरा होशियार सिंह ही तेरा।
माँ शूलिनी सेवा ट्रस्ट, हंगर डिफेंस आर्मी और सोल फ्रोम हिल्स द्वारा 7 जुलाई,रविवार को सोलन शहर के आस पास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान में सौ से अधिक पेड़ लगाए गए। यह वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत सोलन शहर के मोहन पार्क से की गई जिसमें ट्रस्ट के स्वयंसेवकों द्वारा बान, देवदार और पीपल के पेड़ लगाए गए। शहर में देखा जा सकता हैं कि वनों की काफी कटाई की गई है जो की पर्यावरण में असंतुलन पैदा कर रहा है और उससे मानव जीवन को खासकर हमारी आगे आने वाली पीढ़ी के लिए खतरा काफ़ी बढ़ गया है। जिससे बचने के लिए लोगो को जागरूक होना पड़ेगा और अधिक पेड़ पौधे लगाने पड़ेंगे। इस वृक्षारोपण में ट्रस्ट के सभी सदस्य मौजूद रहे और लोगों से पेड़ लगाने की अपील की। और बताया की हमारे जीवन में और जंगल में रहने वाले जानवरों के लिए पेड़ो की क्या महत्वता है इसलिए सबको अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि पर्यावरण को सुंदर और रहने योग्य बनाया जाए।
आयुष विभाग के तत्वावधान में उपमंडलीय आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. शरद चंद्र त्रिवेदी के निर्देशानुसार वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जाँच हेतु एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सुरड़वां में किया गया। जिसमें डॉ. रेणुबाला शर्मा, ए.पी.ओ. प्रतिभा शर्मा, टहल सिंह, रमेश सिंह आदि की चिकित्सीय टीम ने वयोवृद्ध रोगियों के रक्तचाप, मधुमेह व रक्ताल्पता की नि:शुल्क जाँच की व उन्हें औषधि वितरित की। इस दौरान योग प्रशिक्षक रवि कुमार ने रोगानुसार सभी को यौगिक क्रियाएं व प्राणायाम करवाया। इस दौरान 21 रोगियों के स्वास्थ्य की जाँच की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने देहरा, हमीरपुर व नालागढ़ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उप-चुनावों के दृष्टिगत 10 जुलाई, 2024 को प्रातः 7 से सायं 6.30 बजे तक किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल के आयोजन, प्रकाशन तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने बताया कि मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व की अवधि के दौरान किसी भी चुनाव संबंधी सामग्री, ओपिनियन पोल के परिणाम अथवा अन्य किसी भी प्रकार के सर्वेक्षण के प्रसारण पर भी प्रतिबन्ध रहेगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने द टाईम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सहायक सम्पादक आनन्द बोध के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ। राज्यपाल ने कहा कि आनन्द बोध ने पत्रकारिता के क्षेत्र में समर्पण से कार्य किया तथा समाज से जुड़े अहम् मुद्दों को समाचार पत्र के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि बोध राज्य के विभिन्न समाजहित से जुड़े मुद्दों एवं राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में गहन समझ रखते थे। पत्रकारिता जगत में उन्हें तथ्य आधारित पत्रकारिता के लिए सदैव याद रखा जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि आनन्द बोध का निधन समाज के लिए विशेष तौर पर मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आनन्द बोध के आकस्मिक निधन को मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि बोध हिमाचल से संबंध रखते थे तथा उन्होंने राज्य में पत्रकारिता के क्षेत्र में लम्बी सेवाएं दी हैं, इस कारण उन्हें हिमाचल से जुड़े मुद्दों की गहन समझ थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोध ने हिमाचल के हितों से जुड़े अनेकों मुद्दों को समाचार पत्र के माध्यम से लोगों के बीच रखा, जिससे उनका हिमाचल के विकास के प्रति समर्पण दिखता है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
**ओपीएस के लिए जयराम ने कर्मचारियों को दी थी चुनाव लड़ने की चुनौती **भाजपा ने नोट के दम पर रची चुनी हुई सरकार को गिराने की साज़िश **मुख्यमंत्री ने देहरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के लिए प्रचार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा ने धनबल के अहंकार में जनता की ताक़त को कुछ नहीं समझते। पहले उन्होंने पुरानी पेंशन प्राप्त करने के लिए सरकारी कर्मचारियों को चुनाव लड़ने की चुनौती थी और फिर विधानसभा में कहा कि इस सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार गिराने की साज़िश में कांग्रेस पार्टी के छह बागी विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा का साथ दिया, लेकिन जनता ने धनबल की राजनीति को नकार कर कांग्रेस विधायकों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार निर्दलीय विधायक अपना इस्तीफ़ा स्वीकार कराने के लिए धरने पर बैठे और कोर्ट गए। इसकी असली वजह भाजपा से डील की रुकी हुई दूसरी किश्त थी। इस्तीफ़ा स्वीकार होने के बाद अब होशियार सिंह समेत तीनों निर्दलीय विधायकों को अटैची मिल चुकी है। होशियार सिंह ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के सम्मान को भाजपा के पास गिरवी रखा और अब देहरा की जनता इस अपमान का बदला लेने को तैयार है। उन्होंने कहा कि देहरा से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह अब उस धन से जनता को वोट ख़रीदने का प्रयास करेंगे, लेकिन जनता विकास को चुनेगी और कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर को भारी मतों से विजयी बनाएँगे। मुख्यमंत्री आज देहरा विधानसभा क्षेत्र के खैरियां, बौंगता, बाड़ी, शिवनाथ, ध्वाला, ठाकुरद्वारा, मूहल, रजोल और देहरा में कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा देहरा में होशियार सिंह सिर्फ वोट की राजनीति करने में व्यस्त रहे और क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया। होशियार सिंह की अपनी गृह पंचायत के लोग भी विकास को तरस रहे हैं। उनकी प्राथमिकता अपने रिजॉर्ट को काम पूरा करना है और विकास से उनका कोई लेना देना नहीं है। छह महीने पहले जब वह हरिपुर आए तो निर्दलीय विधायक की हर माँग को पूरा किया, लेकिन काम न होने का आरोप लगाकर वह भाजपा की साज़िश में शामिल होकर अपनी विधायकी बेच डाली। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार से निर्दलीय विधायक को दिक्कत थी तो भाजपा के साथ बैठ जाते, उप-चुनाव का बोझ जनता पर क्यों डाला। विपक्ष में बैठ कर होशियार सिंह कैसे अपने क्षेत्र का विकास कैसे करवाएँगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ता भी होशियार सिंह का साथ नहीं देंगे क्योंकि विधायक रहते हुए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि होशियार सिंह ने देहरा की जनता से बिना पूछे इस्तीफ़ा दिया और अब दोबारा साढ़े तीन साल के लिए विधायक बनने को वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और देहरा की समस्याओं का समाधान भी करेगी। होशियार सिंह की बुद्धि भ्रष्ट होने से देहरा की तक़दीर बदल गई है और एक साल के भीतर देहरा की तस्वीर कांग्रेस सरकार बदल देगी। पौंग बांध विस्थापितों की मदद के लिए अगर क़ानून भी बदलना पड़ा तो क़ानून भी बदल देंगे। देहरा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा एसई (लोक निर्माण विभाग) का कार्यालय भी खोला जाएगा, जिसकी अधिसूचना चुनाव के बाद जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली बार कांग्रेस पार्टी ने निचले क्षेत्र से एक आम परिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही कांग्रेस सरकार ने राज्य के संसाधनों की लूट को बंद करने के लिए प्रयास किए और एक वर्ष में ही 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये पेंशन प्रदान कर रही है और इस योजना के तहत अब तक तीन किश्तों के 4500 रुपए वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत गरीब विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर 20 लाख रुपये का कर्ज़ उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अनाथ बच्चों की देखभाल तथा उनकी शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना आरंभ की है और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि विधवा महिलाओं के 27 वर्ष के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार ही वहन कर रही है। गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है और प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले गेहूं को 40 रुपए तथा मक्की को 30 रुपए प्रति किलो की दर से ख़रीदा जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक संजय रतन, अजय सोलंकी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कांगड़ा: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने देहरा विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में बीजेपी पार्टी प्रत्याशी होशियार सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने सीएम सुक्खू पर जमकर हमला बोला। सांसद ने कहा देहरा में कांग्रेस आपसी अंतर्कलह से जूझ रही है। कांग्रेस के देहरा से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राजेश शर्मा ने जो आरोप सीएम सुक्खू पर लगाए हैं वह बहुत गंभीर हैं। कांग्रेस को जब देहरा में चुनाव लड़ने के लिए कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला तो कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार को यहां से टिकट देने का काम किया। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा जिसको नादौन ने नकारा उसे देहरा भी कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव में सीएम के गृह विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी को लीड मिली थी और यही कुछ देहरा उपचुनाव में होगा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी का देहरा से कोई संबंध नहीं है। प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा लिए गए कर्ज पर सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कांग्रेस ने डेढ़ साल में 25 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर प्रदेश पर कर्ज का बोझ 95 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। कांग्रेस ने प्रदेश को कुछ नहीं दिया बल्कि यहां चल रहे संस्थानों व अन्य सुविधाओं को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कांग्रेस ने अपने मित्रों को लाभ पहुंचाने के अलावा बीते 18 महीनों में कुछ नहीं किया। इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने कहा बीते साल हिमाचल में आपदा आई थी तब लोगों ने कांग्रेस का असल चरित्र देखा था। मोदी सरकार ने राहत के लिए तुरंत ₹1762 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश के लिए मुहैया करवाए थे। मनरेगा के तहत हजारों करोड़ रुपये दिए गए। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 2700 करोड़ रुपये दिए गए। इसके साथ करीब 20 हजार ग्रामीण आवास भी दिए गए लेकिन कांग्रेस की सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने की जगह भाई-भतीजावाद की राजनीति की।
2008 बैच के एचएएस अधिकारी श्रवण मांटा, जो वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक के रूप में सेवारत हैं, को हिमाचल प्रशासनिक अधिकारी संघ (एचएएस) का अध्यक्ष चुना गया तथा प्रशांत सिरकेक, जो कि हिपा के अतिरिक्त निदेशक के रूप में सेवारत हैं, को शनिवार को हाइब्रिड मोड के माध्यम से आयोजित संघ की वार्षिक आम सभा की बैठक में महासचिव चुना गया। एचएएस संघ एचएएस अधिकारियों का एक पंजीकृत निकाय है, जो सेवा के मानक और सेवा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सुझावात्मक भूमिकाओं के साथ-साथ सेवा अधिकारियों की सेवा शर्तों, कैरियर की प्रगति और कल्याण की देखभाल करता है। एचएएस अधिकारी राज्य के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आपदाओं के दौरान अधिकारियों की भूमिका अनुकरणीय थी। पिछले साल हुई आपदा के दौरान सेवा अधिकारियों द्वारा 20 लाख से अधिक का योगदान दिया गया था।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने द टाईम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सहायक सम्पादक आनन्द बोध के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री बोध ने अपना जीवन पत्रकारिता के उच्च सिद्धान्तों को बनाए रखने के लिए समर्पित किया है। आज श्री बोध का इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पत्रकार के नाते उन्हें भी आनन्द बोध सहित वरिष्ठ एवं समर्पित पत्रकारों के साथ काम करने का मौका मिला, जिससे उन्हें पत्रकारों द्वारा जनता को जागरूक करने के प्रयासों के पीछे के संघर्ष को जानने का अवसर भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि बोध ने बतौर पत्रकार हिमाचल के महत्त्वपूर्ण मुद्दों को बखूबी जनता के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आनन्द बोध सदैव तथ्य पर आधारिता पत्रकारिता के पक्षधर रहें, जिसके कारण उन्होंने पत्रकारिता क्षेत्र में सम्मान पाया। उनका जाना पत्रकारिता क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर तथा निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क राजीव कुमार ने द टाईम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सहायक सम्पादक आनन्द बोध के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बोध को हिमाचल के पत्रकारिता जगत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा। आज उनका इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ। उन्होंने कहा कि आनन्द बोध को तथ्य आधारित पत्रकारिता एवं हिमाचल के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए सदैव याद किया जाएगा। उनका जाना पत्रकारिता क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश की तीनों विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत हासिल कर रही है। हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के मतदाताओं का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और लोग प्रदेश में कांग्रेस सरकार को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। तीन उपचुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 41 होने जा रही है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि भाजपा का कोई भी राजनीतिक दांव अब प्रदेश में चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में उपचुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है और इससे वह कभी भी दोषमुक्त नहीं होगी। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि तीनों पूर्व निर्दलीय विधायकों ने अपने मतदाताओं के उस भरोसे को तोड़ा है, जिसके लिए उन्होंने उन्हें चुना था। इसलिए उन्हें अब क्षेत्र के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि इन तीनों पूर्व विधायकों को लोगों से अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा है कि अब चुनाव के तीन दिन शेष हैं। मतदाताओं को सचेत करते हुए पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करना है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस बहाल कर व महिलाओं को 1500 रुपए की सम्मान राशि जारी कर अपनी गारंटी को पूरा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस जनहित के प्रति पूरी तरह समर्पित है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि भाजपा झूठी बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। लोग भाजपा की नीति व नियत से भली भांति परिचित है। सत्ता हथियाने के लिए प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस सरकार को जिस प्रकार से अस्थिर करने की कोशिश की गई थी वह प्रदेश के लोकतंत्र व जनमत का अपमान था जिसे कभी सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह मजबूत है जो अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार शाम हमीरपुर में कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा को पूरा मान-सम्मान दिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली रैली हमीरपुर में की, उनके घर सुबह का नाश्ता किया। उनके काम किए, हमीरपुर बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू करवाया। हमीरपुर में चीफ इंजीनियर इलेक्ट्रिकल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय, परिवहन अपीलेट प्राधिकरण का कार्यालय खोला। गांधी चौक का सौंदर्यीकरण किया, हमीरपुर शहर में बिजली की तारों को हटाने के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए। बावजूद इसके आशीष शर्मा बिक गए। सुक्खू ने कहा कि हमीरपुर के तीन विधायकों ने हमीरपुर जिला के मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार को हटाने का षड्यंत्र भाजपा के साथ मिलकर रचा। यह वही लोग हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को सुजानपुर में हराने की साजिश रची थी। ये लोग हमीरपुर विरोधी हैं, अपने जिला का मुख्यमंत्री नहीं चाहते। दुख होता है जब अपने जिले के तीन विधायक गद्दारी करें और अन्य जिलों के विधायक कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। 34 विधायकों की ताकत से आगे बढ़े और आज हमारे विधायकों की संख्या बढ़कर 38 हो चुकी है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार अभी साढ़े तीन साल और है। पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा बहरूपिया हैं, उन्होंने जनता के स्वाभिमान व अपने ईमान को भाजपा की राजनीतिक मंडी में बेचा है। उन्होंने अपने जिले के मुख्यमंत्री को धोखा दिया। वह सच्चा जनसेवक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 महीने में क्षेत्र का विकास नहीं किया, अपने लिए 140 करोड़ के ठेके लिए। सारा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जा चुका है, कोई भी आरटीआई ले सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने देहरा में कहा कि होशियार सिंह विधायक बनने के लिए नहीं, अपने अधूरे रिजॉर्ट का काम पूरा कराने के लिए वोट मांग रहे हैं। छह महीने पहले उन्होंने देहरा आकर क्षेत्र के लिए घोषणाएं कीं और अब कह रहे हैं कि उनके काम कांग्रेस सरकार में नहीं हो रहे थे। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने देहरा के मतदाताओं से एक बार पूछा तक नहीं। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में 20 प्रतिशत का सुधार लाकर 2200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है।
जिला पुलिस नूरपुर ने थाना जवाली के अधीन ताहलियां में एक ट्राले से अवैध शराब की खेप पकड़ी है। प्राप्त जानकारी अनुसार ट्राला 32 मील से जवाली की तरफ आ रहा था कि हेड कांस्टेबल सुग्रीव सिंह व केवल सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा लगाए गए नाके में बीती रात ताहलियां में एक ट्राले को रोका गया तो ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। ट्राले में करीबन 33 पेटी देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने ट्राला व शराब को कब्जे में ले लिया है और चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने ट्राला से ताहलियां में 33 पेटी अवैध शराब पकड़ी है। चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
मंडी शहर में शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी पेयजल के लिए हाहाकार मचा रहा। हालात यह है कि प्राकृतिक जल स्रोतों पर लोगों की भीड़ लग रही है। सुबह-शाम लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। मानसून की पहली ही बारिश से मंडी शहर की करीब 84 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई ऊहल पेयजल योजना हांफ गई है। करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद बरसात में गाद भरने जैसी स्थिति से निपटने और निर्बाध पेयजल मुहैया करवाने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए जा सके हैं। बरसात की शुरूआत में ही महत्वपूर्ण पेयजल योजना के हांफने से मंडी शहर के लोगों में भारी आक्रोश है। योजना के ठप होने से लगातार तीसरे दिन भी पेयजल की सप्लाई न मिलने से शहर में स्थिति बिगड़ने लगी है। लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। इससे दिनचर्या के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, ऐसे में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। बावड़ियों और अन्य स्रोतों पर भी पानी के लिए लोगों की कतारें लग रही हैं। मंडी शहर के जैंचू नौण, शिवा बावड़ी, स्कूल बाजार, पैलेस कालोनी, पुलघराट आदि स्थानों पर शनिवार को दिनभर पानी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। शहरवासियों में अशोक कुमार, रचना, रीता देवी, राजेश ठाकुर, नरेंद्र सैणी, राकेश, संजीव कुमार, निशांत, ओम प्रकाश, शिवम, धर्मचंद, रेखा आदि ने बताया कि पेयजल के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। विभाग को चाहिए कि बरसात में पेयजल के लिए पुख्ता इंतजाम करें। बारिश के कारण बरोट से लगातार पानी ऊहल नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी के आर-पार बनी ट्रेंच वीयर में बार-बार गाद भर रही है। ट्रेंच वीयर में लगा ट्रैश रैक बंद हो रहा है। इसे साफ करने के लिए कर्मचारी को ट्रेंच वीयर में उतरना पड़ेगा, जिसकी इस समय गहराई 4 से 5 फीट है। इसके ऊपर तीन से चार फीट पानी की गहराई है। ऐसे में इसकी अभी सफाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। शहर के कुछ इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था से पेयजल सप्लाई देने का प्रयास किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना को लेकर युवतियां और महिलाएं उत्साहित हैं। योजना के तहत 1500 रुपये के फार्म जमा करवाने के लिए इन दिनों जिला कल्याण कार्यालय (डीडब्लयूओ) में महिलाओं की लाइनें लग रही हैं। जिला कल्याण कार्यालय में शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी के तहसील कल्याण कार्यालय हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करवाने पहुंच रही हैं। कई बार महिलाओं की संख्या अधिक होने से लाइनें कार्यालय के बाहर तक पहुंच रही हैं। जिला कल्याण विभाग के मुताबिक 17 मार्च से 30 जून तक जिलाभर से करीब 70,532 आवेदन मंजूरी के लिए पहुंचे हैं। इसमें चौपाल से सबसे ज्यादा 11,891, ठियोग से 9,377 और रोहड़ू से 7,167 आवेदन आए हैं। इसके अलावा रामपुर से 7,093, चिड़गांव से 5,724, कुमारसैन से 5,707, शिमला ग्रामीण से 5,652, कोटखाई से 4,500, जुब्बल से 4,189, सुन्नी से 3,779, ननखरी से 3,625, शिमला शहरी से 1,281 और डोडरा-क्वार से 547 आवेदन आए हैं। अब आवेदनों की छंटनी की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें भी लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी केआर चौहान के मुताबिक योजना के तहत महिलाओं के आवेदनों की छंटनी प्रक्रिया जारी है। सुख सम्मान निधि योजना के तहत जिले में करीब 2,569 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। महिलाओं को अप्रैल से जून तक के प्रतिमाह 1500-1500 रुपये जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने 14 जून को जिले में करीब 2,569 महिलाओं को योजना के तहत तीन माह की राशि एकमुश्त जारी कर एक करोड़ 15 लाख 60 हजार 500 रुपये की धनराशि वितरित की थी। विभाग के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले (16 मार्च तक) फॉर्म जमा करवाने वाली महिलाओं को यह राशि जारी की है।
मंडी: शनिवार को मंडी शहर के टाउन हॉल में दो दिवसीय सातवां नेशनल स्वात फेडरेशन कप शुरू हो गया है। इस फेडरेशन कप का शुभारंभ नगर निगम के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने किया। स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में 12 राज्यों हिमाचल, पंजाब, बिहार, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, चंडीगढ़, राजस्थान और दिल्ली के 250 महिला व पुरुष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में अवल्ल रहने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दमखम दिखाने का मौका मिलेगा। इस मौके पर नगर निगम मेयर ने मंडी में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता करवाने के लिए स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन का शुक्रिया अदा करते हुए इंडोनेशिया में कांस्य पदक जीतने वाले मंडी के वरुण वालिया को भी बधाई दी। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की। वहीं, प्रेसिडेंट ऑल इंडिया स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग हंसराज ने बताया कि वह पिछले 8 सालों से पूरे देश में 6 लाख बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखा चुके हैं। इस प्रतियोगिता के बाद नेशनल चैंपियनशिप करवाई जाएगी, जिसमें अवल्ल रहने वाले खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता के पहले दिन आयोजित मुकाबलों में हिमाचल के मंडी जिला के 3 बॉक्सर, 2 महिला खिलाड़ी होमानी और वरूणिका और एक पुरुष खिलाड़ी वरुण सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों ने भी बॉक्सिंग रिंग पर खूब पसीना बहाया। इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद वीरेंद्र सिंह आर्य, स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन के संस्थापक सुखविंद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष हंस राज, राष्ट्रीय महासचिव परमजीत कौर व हिमाचल राज्य के महासचिव संतोष कुमारी व अन्य मौजूद रहे।
पुलिस थाना इंदौरा के तहत एक अज्ञात व्यक्ति का श*व बयास नदी स्थित घण्डरां में मिला है। पंचायत प्रधान जुगल किशोर ने इस संदर्भ में पुलिस को सूचित किया, जिस पर अतिरिक्त प्रभारी पुलिस थाना इंदौरा नरेश कुमार पुलिस दल सहित घटनास्थल पर पहुँचे व श*व को कब्जे में लेकर छानबीन शुरु कर दी। जानकारी के मुताबिक श*व निर्वस्त्रअवस्था में नदी में पड़ा हुआ था, ऐसे में उसकी ह*त्या कर श*व फेंके जाने के भी अनुमान लगाए जा रहे हैं। वहीं डी.एस.पी. विशाल वर्मा ने बताया कि पुलिस ने श*व को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल नूरपुर भेज दिया है। श*व की शिनाख्त नहीं हो पाई है। श*व को पहचान हेतु सिविल अस्पताल नूरपुर में अगले 72 घण्टों के लिए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच कर रही है।


















































