राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी में जोन कंडाघाट छात्र अंडर-14 खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। खेल प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि रमेश ठाकुर समाज सेवी व पूर्व मार्केटिंग बोर्ड अध्यक्ष ने शिरकत की ,वही सुंदर सिंह जसबाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दीप प्रज्वलित करके व डीएसएसए सोलन के झंडे का ध्वजारोहण करके खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने वन्दे मातरम प्रस्तुत किया। खेल प्रतियोगिताओं में खंड कंडाघाट के 14 स्कूलों के लगभग 186 छात्र खिलाड़ी कबड्डी,वॉलीबॉल,खोखो,बेडमिन्टन आदि खेल प्रतियोगिताओं में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। विद्यालय प्रधानाचार्य इंदु शर्मा, एडीपीओ सोलन ,एसएमसी अध्यक्ष व विद्यालय के अध्यापक वर्ग ने मुख्यातिथि का सायरी पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। एडीपीओ ने मुख्य अतिथि सहित सभी लोगों का स्वागत किया। विद्यालय प्रधानाचार्य इंदु शर्मा व एसएमसी अध्यक्ष पवन ठाकुर ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। विद्यालय की छात्राओं ने देश भक्ति गीतो ये मेरे वतन के लोगो,मां तुझे सलाम,ये वतन आबाद रहे तू,पर खूबसूरत प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय प्रधानाचार्य इन्दु शर्मा ने सभी मेहमानों तथा विशेष रूप से मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि का हार्दिक स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन में रहना सिखाता है अतः सभी खिलाड़ियों को हार-जीत की परवाह न करते हुए अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन देना जरूरी है। उन्होंने जानकारी दी कि यह टूर्नामेंट सायरी स्कूल में पहली बार अयोजित किया गया है जो की बहुत ही खुशी की बात है। मुख्यातिथि रमेश ठाकुर ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी व खेल को खेल भावना से खेलने के लिए कहा। अन्याय, कुंसगति के खिलाफ हर एक युवा को लड़ना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम में उद्घाटन समारोह में अंजु राठौर प्रधान ग्राम पंचायत सायरी, रीता कौंडल प्रधान ग्राम पंचायत काहला, जीतराम, शिवसिंह, लच्छ्मी सिंह, मदन कौशल, गोपाल शर्मा, नानक चंद, धर्मदत, रमेश कौंडल तथा एस.. एम.सी. प्रधान पवन ठाकुर तथा कार्यकारिणी सदस्यों सहित कई लोग मौजूद रहे।
** रविवार 21 जुलाई को शिमला के गेयटी कॉन्फ्रेंस हॉल में 2:30 पर होगा आयोजित **वरिष्ठ कवि प्रो. कुमार कृष्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे शिरकत प्रदेश के वरिष्ठ कवि कुल राजीव पंत के पहले कविता संग्रह "पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती" का विमोचन समारोह आगामी रविवार 21 जुलाई 2024 को शिमला के गेयटी कॉन्फ्रेंस हॉल में अपराह्न 2:30 पर आयोजित होगा। लोकार्पण समारोह शिमला की सुपरिचित साहित्यिक संस्था कीकली ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी और वरिष्ठ लेखक श्रीयुत श्रीनिवास जोशी इस लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करेंगे, जबकि वरिष्ठ कवि /आलोचक प्रो. कुमार कृष्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। लोकार्पित की जा रही पुस्तक पर सुपरिचित साहित्यकार प्रो. मीनाक्षी एफ. पॉल, डॉ. विद्यानिधि छाबड़ा और आत्मा रंजन मुख्य वक्ता के रूप में अपने वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। हि.प्र. विश्वविद्यालय से पुस्तकालयाध्यक्ष पद से सेवानिवृत कुल राजीव पंत करीब चार दशकों से कविता लेखन में सक्रिय रहे हैं। विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र–पत्रिकाओं में इनकी कविताएं प्रकाशित होती रही हैं। लेकिन पुस्तक रूप में यह उनकी पहली कृति है। यह कविता संग्रह प्रकाशन संस्थान दिल्ली से प्रकाशित हुआ है। कीकली अध्यक्ष ने बताया कि बच्चों की लिखने, पढ़ने, अभिनय आदि की रुचि और प्रतिभा को विकसित करने और उसे पुस्तक रूप में प्रकाशित करने, बाल साहित्योत्सवों और नाट्योत्सवों के लगातार आयोजनों के साथ कीकली वरिष्ठ लेखकों की रचनाओं को भी संकलित प्रकाशित करती रही है। पिछले कुछ समय से कुछ बहुत अच्छी पुस्तकें भी हमारे मंच से लोकार्पित हुई हैं जो आज साहित्य जगत में चर्चित हैं। इनमें रेखा वशिष्ठ की "गुमशुदा", आत्मा रंजन की "जीने के लिए ज़मीन", विद्यानिधि की "बदला मौसम बदल गए हम", रामगोपाल वर्मा की "दूसरी औरत" गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय की "गंतव्य", मीनाक्षी चौधरी की "शिमला इन्वेस्टिगेटर सीरीज", लालित्य ललित की "चुनिंदा व्यंग्य", जगदीश शर्मा की "मां और द्वंद्व" जैसी अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं। इसी क्रम में कुल राजीव पंत का कविता संग्रह "पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती" भी एक महत्वपूर्ण कृति है। जिसका पाठक अवश्य ही स्वागत करेंगे।
**मॉनसून की बारिश अभी सामान्य से 28% कम **ज्यादातर इलाको में 4 दिन से नहीं बरसे बादल हिमाचल प्रदेश में कल से दो दिन के लिए मानसून एक्टिव हो सकता है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को ज्यादातर भागों में बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान कुछ जगह पर हल्की बारिश हुई है। 8 से 15 जुलाई तक नॉर्मल से 84 प्रतिशत कम बादल बरसे है। इस अवधि में 58.9 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 9.4 मिलीमीटर बरसात हुई। शिमला, बिलासपुर, ऊना और लाहौल स्पीति जिले में इस दौरान सबसे कम बारिश हुई है। पूरे मानसून सीजन यानि 15 जुलाई तक नॉर्मल से 37 प्रतिशत कम बादल बरसे हैं। इस अवधि में 211.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 133.1 मिलीमीटर ही बादल बरसे हैं। इससे कई क्षेत्रों में बरसात में भी सूखे जैसे हालात पनपने लगे हैं। इसकी मार सेब के साथ साथ मक्का, शिमला मिर्च, टमाटर की फसल पर भी पड़ रही है। जिन क्षेत्रों में नमी नहीं है और सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, वहां सेब का साइज नहीं बढ़ पा रहा। किसानों की फसलों पर भी सूखे की मार पड़ रही है। बारिश नहीं होने से तापमान में उछाल आ रहा है। कई जगह अधिकतम तापमान नॉर्मल से 5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है। हमीरपुर के तापमान में नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 4.7 डिग्री का उछाल आया है। यहां का तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं ऊना का तापमान सर्वाधिक 37.4 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं, बीते 24 घंटे के दौरान मंडी के सुंदरनगर में सबसे ज्यादा 36.8 मिलीमीटर, सिरमौर के राजगढ़ में 19 मिमी, मंडी में 16.6 मिमी, ददाहू में 15.2 मिमी, पंडोह 12 मिमी, नाहन 1.2 मिमी और सोलन में 4.4 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को अच्छी बारिश हो सकती है, 19 व 20 को मानसून फिर कमजोर पड़ेगा। 21 जुलाई को फिर से इसके दोबारा एक्टिव होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब विद्यार्थियों की हाजिरी अगले महीने से स्मार्ट उपस्थिति एप के जरिए लगाई जाएगी। इसके लिए स्कूली बच्चों का डाटा यू-डाइस पर अपडेट किया जा रहा है। प्रदेश में निजी स्कूलों समेत करीब 14 लाख बच्चों का डाटा इस पर अपलोड किया जाएगा, जिसमें से 9 लाख बच्चों डाटा अपडेट हो चुका है। बाकी बच्चों का डाटा भी इसी माह के अंत तक अपलोड कर दिया जाएगा। सोमवार को समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की स्मार्ट उपस्थिति एप पर रियल टाइम उपस्थिति सुनिश्चित कर बैठक में राजेश शर्मा ने स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस प्रक्रिया पर फीडबैक को लेकर विद्या समीक्षा केंद्र के अधिकारियों के साथ भी एक बैठक ली। इस बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा संजीव सूद, अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बीआर शर्मा सहित जिलों के उपनिदेशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा निदेशालय के नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालयों के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस लेना जरूरी है। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने स्मार्ट उपस्थिति मोबाइल एप को लॉन्च किया है। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने राज्य, जिला स्तर पर डैश बोर्ड तैयार किए हैं, जिसमें स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति का डाटा राज्य, जिला स्तर पर ऑनलाइन अधिकारी देख सकते हैं। प्रदेश में शिक्षकों की ट्रांसफर और छात्रों की माइग्रेशन का डाटा भी यू-डाइस पर अपडेट होगा। इसके लिए एमआईएस को यू-डाइस से लिंक किया जा रहा है। इससे यू-डाइस और एमआईएस डाटा के अंतर को खत्म किया जा सकेगा। एमआईएस की एक्सेस शिक्षकों के पास रहेगी। इससे वे यह भी देख पाएंगे कि यू-डाइस पर उनके स्कूलों से संबंधित डाटा कितना सही है।बैठक में विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से बताया गया कि इन दिनों ग्रीष्म कालीन स्कूलों में छुट्टियां हैं। इस कारण पूरे प्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति डैश बोर्ड पर ज्यादा नहीं दिख रही। इन दिनों शीतकालीन स्कूलों में ही शिक्षक इस एप का इस्तेमाल कर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के लर्निंग लेवल का मूल्यांकन संबंधी डाटा अपडेट करने के निर्देश जिला उप निदेशकों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दिए। केंद्र ने निपुण प्रगति चैट बॉट लॉन्च किए थे, जिनके जरिए बच्चों की लर्निंग लेवल का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जा रहा है। निदेशक ने कहा कि इसमें कोई तकनीकी दिक्कत आ रही है, तो विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से इसका समाधान किया जाएगा।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने 1,109 कर्मियों को नियमितीकरण का तोहफा दिया है। चालक-परिचालकों के अलावा कर्मशाला कर्मियों को भी नियमित किया गया है। दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके कर्मचारियों को नियमितीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। 31 मार्च 2024 को दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मियों को नियमित किया गया है। निगम प्रबंधन ने मंडलीय स्तर पर नियमितीकरण के मामलों पर विचार किया, लंबी प्रक्रिया के दौरान कर्मियों के दस्तावेज खंगाले गए। इसके बाद निगम मुख्यालय स्तर पर 6 कार्य प्रबंधक, एक अधीक्षक भंडार, 10 कनिष्ठ कार्यालय सहायक आईटी, 4 चालक, 457 परिचालक, 534 कनिष्ठ तकनीशियन, 83 कर्मशाला सहायकों को नियमित किया गया है। निगम प्रबंध निदेशक ने बताया कि लंबी प्रक्रिया के बाद पात्र कर्मियों को नियमित किया गया है। एचआरटीसी जेसीसी के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने कर्मियों के नियमितीकरण के लिए प्रबंधन का आभार जताया है।
मंडी: जिला के नेरचौक में बना लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सरकारी नहीं बल्कि निजी जमीन पर बना है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब जमीन के असली मालिक ने हाईकोर्ट में केस जीतने के बाद अब जमीन के बदले मुआवजा अदा करने के लिए हाईकोर्ट में ही याचिका दायर की है। यह याचिका 12 जुलाई को दायर की गई है। मीर बख्श खुद को जमीन का असली मालिक बताता है जोकि नेरचौक का रहने वाला है। मीर बख्श ने अपनी 92 बीघा जमीन के बदले 10 अरब 61 करोड़ 57 लाख 11 हजार 431 रुपये मुआवजे की मांग की है। नेरचौक में जिस जमीन पर मेडिकल कॉलेज बना है उस जमीन को मीर बख्श अपने पूर्वजों की बताता है। प्रदेश सरकार ने सोचा कि मीर बख्श के पूर्वज सुलतान मोहम्मद विभाजन के दौरान पाकिस्तान चले गए और जमीन पर कब्जा करके इसे अपने कुछ विभागों को बांट दिया, जबकि सुलतान मोहम्मद की मौ*त साल 1983 में हिमाचल में ही हुई थी। ऐसे में इन्हें विस्थापित नहीं माना जा सकता। इन सभी दस्तावेजों और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ही मीर बख्श ने इस केस को जीता है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को मीर बख्श को जमीन के बदले जमीन देने का आदेश दिया है। मीर बख्श की 92 बीघा जमीन पर सरकार ने कब्जा करके मेडिकल कॉलेज, एसडीएम कार्यालय और कुछ अन्य विभागों के कार्यालय बनाए हैं। ऐसे में हजारों करोड़ की लागत से बने इन भवनों को हटाकर जमीन खाली करवाना संभव नहीं इसलिए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को मीर बख्श को जमीन के बदले जमीन देने का आदेश सुना रखा है। प्रदेश सरकार के आदेशों पर मंडी जिला प्रशासन भी जमीन की तलाश कर रहा है लेकिन कहीं पर भी इतनी ज्यादा जमीन उपलब्ध नहीं है। वहीं, प्रशासन मीर बख्श को जो जमीन उपलब्ध करवा रहा है वो मीर बख्श को मंजूर नहीं है। जमीन के बदले जमीन न मिलता देख अब मीर बख्श ने फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और याचिका दायर करके जमीन के बदले मुआवजे की मांग की है। मीर बख्श ने 10 अरब से ज्यादा का मुआवजा मांगा है। अपनी अपील में दलील देते हुए मीर बख्श ने कहा नेरचौक में जो उसकी जमीन है उसकी मौजूदा कीमत 15 लाख रुपए प्रति बिस्वां है। ऐसे में 92 बीघा जमीन के बदले 10 अरब 61 करोड़ 57 लाख 11 हजार 431 रुपये का मुआवजा बनता है। मीर बख्श की इस याचिका पर हाईकोर्ट में अभी सुनवाई होनी है।
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों कई जिलों से आत्मह*त्या के मामले सामने आने लगे हैं। आए दिन कही न कही कोई महिला या पुरुष तनाव, घरेलू विवाद और डिपरेशन की वजह से सुसाइड कर रहे हैं। ताजा मामला कांगड़ा शहर का है। जहां कांगड़ा थाना क्षेत्र के तहत एक युवक (26 वर्ष) के आत्मह*त्या करने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी योगेश ठाकुर ने बताया कि जब परिजनों ने युवक का कमरा बंद देखा तो उन्होंने दरवाजा खटकाया। लेकिन युवक ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद गेट नहीं खोला। ऐसे में शक होने पर परिजनों ने घर के पीछे जाकर जब खिड़की से अंदर कमरे में झांका तो उन्होंने देखा की युवक अंदर संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ है, जिसके बाद घर में चीख पुकार मच गई। किसी तरह युवक के पिता खिड़की के रास्ते युवक के कमरे में घुसे और आनन-फानन में उसे उठाकर स्थानीय अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने युवक की जांच करने के बाद उसे मृ*त घोषित कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक युवक विदेश में नौकरी कर रहा था और दो-तीन महीने पहले ही अपने घर आया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर श*व को पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा भेज दिया है। कांगड़ा पुलिस थाना के प्रभारी योगेश ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद श*व परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस को युवक के कमरे से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को देखते हुए केस की इंवेस्टिगेशन कर रही है।
** 18 से 20 जुलाई तक विभिन्न उप रोज़गार कार्यालयों में होंगे साक्षात्कार क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी कांगड़ा आकाश राणा ने बताया कि ओरो टेक्सटाइल, बद्दी ने अपरेंटिस और ऑपरेटर 50 पद क्षेत्रीय रोज़गार कार्यालय धर्मशाला को अधिसूचित किए हैं। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास और आयु सीमा 18 से 24 वर्ष के बीच रखी गई है। इस साक्षात्कार के लिए महिला व पुरुष दोनों आवेदक पात्र हैं। इन पदों हेतु कंपनी द्वारा 9500 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इच्छुक आवेदक अपने मूल प्रमाण पत्रों व पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ दिनांक 18 जुलाई को उप रोज़गार कार्यालय नूरपुर, 19 जुलाई को उप रोज़गार कार्यालय पालमपुर तथा 20 जुलाई को उप रोजगार कार्यालय देहरा में सुबह 10 बजे पहुंचकर उक्त कम्पनी के समक्ष साक्षात्कार हेतु उपस्थित हो सकते हैं । इस साक्षात्कार के सम्बन्ध में यात्रा भत्ता व अन्य देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8884701970 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभागीय वेबसाइट पर साक्षात्कार का ब्यौरा अपलोड कर दिया गया है। सभी इच्छुक आवेदकों से अनुरोध है कि वह साक्षात्कार में भाग लेने से पहले https://eemis.hp.nic.in पर अपनी ई-मेल या मोबाइल नम्बर से लॉगिन करने के बाद अपने डैशबोर्ड पर दिख रही ओरो टेक्सटाइल की रिक्तियों के लिए आवेदन करें। विभागीय साईट https://eemis.hp.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन के पश्चात ही साक्षात्कार में भाग लिया जा सकता है।
**घोषणाओं तक ही सीमित रही सरकार, एक साल बीतने पर भी आपदा पीड़ितों को नहीं मिली राहत **अब ठप हो चुकी विकास को रफ़्तार दे सरकार, जनहित के मुद्दों पर दिखाए गंभीरता नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से प्रेस बयान जारी कर कहा कि प्रदेश सरकार डेढ़ साल से प्रदेश का विकास रिवर्स गियर में चल रहा है। डेढ़ साल में सरकार के पास विकास के नाम पर बताने के लिए कुछ भी नहीं हैं। प्रदेश में बारिश की वजह से आई आपदा को एक साल का समय हो चुका है और अभी तक लोग सहायता के लिए भटक रहे हैं। इस आपदा में भूमिहीन हो चुके लोगों को अभी तक ज़मीन नहीं मिली और लोग जंगलों में रहने को मज़बूर हैं। आपदा प्रभावितों के प्रति इस तरह की संवेदनहीनता अत्यंत दुःखद है। सरकार अपने वादों को याद करे और मानवीयता के आधार पर लोगों की प्रभावी तरीक़े से मदद करे। सिर्फ़ ज़ुबानी ज़माखर्च से कुछ नहीं होने वाला है। बेघर हुए लोग एक साल से सरकार से मदद की आस में बैठे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बीते साल आई त्रासदी से प्रदेश में हज़ारों घर पूरी तरह से तहत नहस हो गए। लोगों के घर, बाग,पशुशालाएं, खेत, फसल सबकी भारी तबाही हुई थी। बहुत सारे लोग ऐसे थे जिनकी ज़मीनें तक बह गई थी और लोग घर के साथ ही भूमिहीन भी हो गये थे। ऐसे प्रभावितों को घर बनाने के लिए ज़मीन देने की मांग भाजपा ने मौक़े पर भी की थी और विधानसभा सत्र के दौरान सदन में भी उठाई थी। सरकार ने बाक़ायदा आदेश जारी कर भूमिहीन हुए लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में 3 बिस्वा और शहरी क्षेत्रों में 2 बिस्वा ज़मीन देने की घोषणा की थी। सरकार की इस घोषणा को एक साल हो गया लेकिन अभी तक किसी भी भूमिहीन को एक इंच ज़मीन नहीं मिली है और लोग जंगलों में भी रहने को विवश हैं। यह मुद्दा फ़िलहाल समाचारों में भी खूब उठाया गया है। लेकिन सरकार इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में कोई भी प्रभावी कदम उठाती नहीं दिख रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब लोगों के पास ज़मीन ही नहीं होगी तो वह घर कहां बनाएंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार प्रदेश में विकास के कामों पर पूरी तरह विराम लगा चुकी है लेकिन नियमित रूप से क़र्ज़ लेकर सरकार चला रही है। प्रदेश में अस्पताल से लेकर स्कूलों और अस्पतालों से लेकर सड़कों तथा पुलों के काम रूके हुए हैं। आपदा के समय टूटी हुई सड़कें अभी सही नहीं हो पाई हैं, सड़कों के किनारे पड़ा मलबा भी नहीं हटाया गया है। जो इस बरसात में फिर से लोगों के लिए परेशानी का का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि अब बहुत वक़्त बीत चुका सरकार विकास के कामों को गति दे और जनहित के मुद्दों को गंभीरता से सुलझाए। प्रदेश के युवाओं से किए अपने रोज़गार के वादे को पूरा करे।
** सूचना के अधिकार अधिनियम और इसके प्रावधानों के बारे किया जागरूक धर्मशाला: राज्य सूचना आयुक्त, एसएस गुलेरिया ने कहा कि सूचना का अधिकार सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये महत्वपूर्ण अधिनियम है। उन्होंने कहा कि सभी को सूचना के अधिकार अधिनियम की सम्पूर्ण जानकारी होना जरूरी है। सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जन सूचना अधिकारियों के आयोजित एक दिवसीय वर्कशाप का शुभारंभ करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना के अधिकार अधिनियम और इसके प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम में थर्ड पार्टी इन्फॉर्मेशन देने से पहले इस सूचना में जनहित तथा जिसकी व्यक्तिगत सूचना मांगी गई है, संबंधित व्यक्ति से कन्सेन्ट लेना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सभी विभागों को बजट और विभाग से सम्बंधित सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, लाभार्थियों की जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने समय-समय पर विभाग की वेबसाइट्स को अपडेट करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि आयोग भी विभागीय वेबसाइट्स पर नजर रख रहा है। कार्यशाला में एडीसी सौरभ जस्सल, एडीएम डा हरीश गज्जू, एसीटूडीसी सुभाष गौतम तथा विभिन्न उपमंडलाधिकारियों सहित विभिन्न विभागों से जन सूचना अधिकारी उपस्थित रहे।
**बोले, दस वाटर कूलर होंगे स्थापित उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर नगर पंचायत के सौंदर्यीेकरण के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे, शाहपुर नगर पंचायत में विद्युत, पेयजल की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। उपमुख्य सचेतक ने नगर पंचायत शाहपुर के अंतर्गत 39 मील और हॉस्पिटल समीप स्वच्छ पानी की सुविधा के लिए 2 वाटर कूलर का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत शाहपुर में 10 वाटर कूलर 5.50 लाख रुपए की लागत से लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिले। उन्होंने कहा नगर पंचायत शाहपुर में 5 करोड रुपए सीवरेज पर खर्च किए जाएंगे, जिससे नगर पंचायत में स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा शाहपुर के अस्पताल के लिए 2 करोड रुपए अतिरिक्त भवन के निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने अपने संबोधन के दौरान कहा की शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का चैमुखी विकास करना उनका प्रमुख कर्तव्य है। इससे पहले नगर पंचायत अध्यक्ष उषा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए शाहपुर नगर पंचायत में विकासात्मक कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रधान कुलदीप चंबयाल, सिटी कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम चंबयाल, विनय कुमार सोशल मीडिया ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष एवं सलाहकार उप मुख सचेतक, डॉक्टर कांत, राजीव, कुलदीप सिंह, विजय, देसू नाग , मस्त राम,केहर सिंह, धीरज, सतीश, राकेश, विनीत, अनु, पमी, अजय, चमन लाल, ओम प्रकाश, सुबोध, अश्विनी और लोग मौजूद रहे ।
**तस्करी में दो अन्य युवक भी शामिल **पुलिस ने तीनों को किया अदालत में पेश सोलन पुलिस नशा तस्करी करने वालों पर कड़ी नज़र बनाए हुए है। आए दिन पुलिस नशा तस्करों की धरपकड़ कर रही है और अब पुलिस को एक और नई सफलता मिली हैं। सोलन पुलिस ने गुप्त सुचना के आधार पर धर्मपुर से एक युवक को 11 ग्राम चिट्टे के साथ बरामद किया है। दरअसल बीते दिन 12 जुलाई को जिला की स्पैशल टीम गश्त व अपराधों की रोकथाम के लिए धर्मपुर क्षेत्र में मौजूद थी तो टीम को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि एक युवक, जिसका नाम सन्दीप कुमार है जो हरियाणा का रहने वाला है तथा बस स्टॉप सनवारा के पीछे मार्डन ढाबा के पास खड़ा हुआ है जो चिटटा/हेरोईन बेचने की फिराक में है, जिसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए सन्दीप कुमार पुत्र अजमेर सिंह निवासी गाव व डा०खा० डुमरखाकलां तह० उचियाना जिला जीन्द हरियाणा उम्र 23 साल, को क़रीब 11 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया, जिस पर पुलिस थाना धर्मपुर में धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अगले दिन आरोपी को न्यायालय में पेश करके चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। जब गहनता से पूछताछ की गई तो आरोपी ने बताया कि उसके साथ दो अन्य युवक भी शामिल है, जिनके नाम राजीव और राकेश है। दोनों कुमारहट्टी के रहने वाले थे और संदीप से चिट्टा/हेरोइन मंगवाते थे। आईएसएम मामले में इस बात का भी खुलासा हुआ कि दोनों युवक अन्य युवाओं को भी बेचते थे। पूछताझ के बाद पुलिस ने 13 जुलाई के ही दिन दो आरोपी राजीव कुमार, उम्र 44 पुत्र बहादुर सिंह निवासी बाड़ा तहसील व जिला सोलन और राकेश कुमार उम्र 44 पुत्र बलबीर सिंह निवासी गाँव लोहांजी, डाकखाना कुमारहट्टी तहसील व जिला सोलन को पुलिस थाना धर्मपुर की पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जा रहा है। जाँच के दौरान यह भी पाया गया है कि दोनों आरोपी पहले भी अपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं, जिनमे एक आरोपी राजीव कुमार के विरुद्ध मादक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत एक मामला व आरोपी राकेश कुमार के विरुध 02 मामले, जिनमें एक मादक पदार्थ व एक वन अधिनियम में पुलिस थाना धर्मपुर में पंजीकृत है I मामले की आगामी जांच जारी है।
मतियाना खंड की 14 वर्ष से कम आयु के छात्र एवं छात्राओं की महोरी में आयोजित खेल कूद प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग ने अंडर- 14 छात्र एवं छात्राओं की खेल कूद प्रतियोगिता में वर्ष 2024- 25 में वॉलीबॉल, बैडमिंटन, जुडो व चैस में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा योगा में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसमें जूडो वर्ग में उर्वशी ने 36 किलोग्राम भार में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। पूर्वांशी ने 44 किलो भार में भी गोल्ड मेडल प्राप्त किया । सुनिधि कवंर ने 50 किलोग्राम भार में पहला स्थान प्राप्त किया। यशिका ने 36 किलोग्राम भार में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद छात्र वर्ग में बैडमिंटन, चैस व जूडो में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जूडो में हर्षित, अक्षद व विनय ने ब्राउन मेडल प्राप्त किया। नीतीश ने 44 किलोग्राम भार में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग को बेस्ट आल ऑलराउंडर की ट्रॉफी से नवाजा गया। जिसके लिए प्रधानाचार्य महोदय डॉक्टर संदीप चौहान, शारीरिक शिक्षक कंवर सिंह, सभी स्टाफ एवं सभी खिलाड़ी छात्र और छात्राओं को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
**सेब सीजन के दृष्टिगत सड़कों के रखरखाव पर दिया जाएगा विशेष ध्यान सेब सीजन के दृष्टिगत करसोग के फल उत्पादकों और ट्रक ऑपरेटर यूनियन की बैठक का आयोजन कार्यवाहक एसडीएम व तहसीलदार करसोग कैलाश कौंडल की अध्यक्षता में किया गया। सेब सीजन के दृष्टिगत आयोजित की गई बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि सेब सीजन को मध्यनजर रखते हुए व क्षेत्र के बागवनों की सुविधा के लिए इस बार तहसीलदार की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि कमेटी के अध्यक्ष तहसीलदार करसोग तथा उपाध्यक्ष बागवानी विभाग के एसएमएस होंगे। खंड विकास अधिकारी करसोग और खंड विकास अधिकारी चुराग व एसएचओ करसोग को भी इस कमेटी में शामिल किया जाएगा । इसके अलावा बीडीसी के चेयरमेन, ट्रक ऑपरेटर यूनियन करसोग के अध्यक्ष तथा फल उत्पादक संघ चुराग और सेरी बंगलो के अध्यक्ष इस कमेटी में सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि यदि सेब सीजन के दौरान बागवानो को किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी आती है तो वे कमेटी के सम्बन्धित अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेब सीजन को देखते हुए क्षेत्र की सड़कों के रखरखाव का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि बागवानों को अपनी सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाने में कोई परेशानी ना आए। सेब सीजन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था सही बनाए रखने के लिए पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। एसडीएम ने ट्रक ऑपरेटर यूनियन के सदस्यों से आग्रह किया कि वे वाहनो के लिए निश्चीत की गई भार सीमा में ही सामान लोड करे। यदि वाहन चैकिंग के दौरान किसी वाहन कि क्षमता से अधिक भार उस वाहन में पाया जाता है तो ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी। बागवानी विभाग से विषय वाद विशेषज्ञ जदीश वर्मा ने कहा कि इस बार करसोग में सेब की लगभग 9 लाख पेटी सहित लगभग 18 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा बागवानों के लिए इस बार यूनिवर्सल कार्टन की नई व्यवस्था को शुरू किया गया है । इन बॉक्स में सेब की पैकिंग किलो के हिसाब से की जाएगी। यह यूनिवर्सल कार्टन 20 किलो की पैकिंग के हिसाब से तैयार किए गए है। उन्होंने करसोग के फल उत्पादकों और बागवानों से आग्रह किया है कि वे सेब की पैकिंग के लिए पूर्व में इस्तेमाल किए जाने वाले टेलिस्कोपिक कार्टन की जगह यूनिवर्सल कार्टन का ही इस्तेमाल करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सेब सीजन के दौरान यदि क्षेत्र के बागवानों को ट्रांसपोर्ट से संबंधित कोई समस्या आती है तो वे विषय विशेषज्ञ उद्यान कार्यालय करसोग में संपर्क स्थापित कर सकते है। बैठक में बागवानी विभाग से विषय वाद विशेषज्ञ जगदीश वर्मा, करसोग के ट्रक ऑपरेट व क्षेत्र के सेब उत्पादक मौजूद थे।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो संघ तहसील ईकाई खुंडिया द्वारा तहसीलदार खुंडिया को एक ज्ञापननुमा पत्र सौंपा है । आपको बता दें कि हिमाचल सरकार द्वारा जुलाई 12,2024 को केबिनेट बैठक में पटवारी एवं कानूनगो को जिला कैडर से राज्य कैडर करने का फैसला लिया है, जिसका पटवारी एवं कानूनगों महासंघ ने पुरजोर विरोध किया है। वहीं जिस बारे महासंघ द्वारा 13 व 15 जुलाई को वर्चुअल माध्यम से मीटिंग से सभी ऑनलाइन कार्य (केवल आपदा सम्बन्धी कार्य को छोड़कर) को तुरन्त प्रभाव से बन्द करने का निर्णय लिया गया है। इस सन्दर्भ में पटवारी एवं कानूनगो संघ ईकाई खुण्डियाँ द्वारा महासंघ के फैसले का समर्थन किया है।
कांगड़ा: राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में पी.जी. कोर्सेज के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि ढलियारा कॉलेज में एम.बी.ए. व पी.जी.डी.सी.ए की सीटें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर भरी जाएंगी और अन्य कोर्सेज जैसे एम.ए हिंदी, एम.ए. इंग्लिश, एम.एस.सी फीजिक्स, एम.एस.सी केमिस्ट्री, एम.काम सहित कोर्सेज के लिए 25 तक कॉलेज वेबसाइट से आवेदन कर सकते हैं। पहली लिस्ट के अनुसार 26 से 28 तक काउन्सलिंग कर सकते हैं। उक्त जानकारी देते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ अंजू आर चौहान ने बताया कि छात्र जल्द से जल्द कॉलेज वेबसाइट पर जाकर इन कोर्सेज के लिए अप्लाई करें और बेहतरीन शिक्षा और सम्पूर्ण विकास के लिए ढलियारा कॉलेज के परिवार के साथ जुड़े।
नशा कारोबार में थे संलिप्त थी एक ही परिवार की तीन पीढियां। जी हां, हिमाचल के सिरमौर में पहली बार एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां नशे के साथ गिरफ्तार हुई है। सिरमौर पुलिस ने जिला मुख्यालय नाहन में नशे के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी कुछ समय से पुलिस की रड़ार पर थे और अब आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरमौर योगेश रोल्टा ने बताया कि पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के वाल्मीकि बस्ती में एक घर में दबिश दी। इस दौरान पुलिस टीम ने मौके पर 336 नशीले कैप्सूल, 159.80 ग्राम चरस, 38.10 ग्राम अफीम तथा 23.34 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद किया। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम के नशे की अवैध खेप के साथ ही मौके पर 24,40,000 रुपये की करंसी भी बरामद की है। उन्होंने बताया कि मामले में प्रेम चंद(71), बेटा सागर(44) व पोता संग्राम(21) उर्फ अंशुल निवासी रेड क्रॉस रोड, वाल्मीकि बस्ती के खिलाफ पुलिस थाना नाहन में मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एएसपी ने बताया कि मौके पर मिली नशे की सामग्री सहित भारी मात्रा में नकदी इशारा करती है कि आरोपियों की ओर से यह पैसा व संपत्ति नशे के कारोबार से प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की ओर से आलीशान घर बनाया गया है। ऐसे में अब पुलिस मामले में आरोपियों के संपर्क भी खंगालेगी कि आरोपी नशे की यह खेप कहां से लेकर आते थे और कहां बेचते थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों की संपत्ति को लेकर भी अलग से जांच होगी। उन्होंने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड मिलने के बाद आगामी पूछताछ होगी।
**दिल्ली से शिमला पहुंचा आलाकमान, पुनिया-पाटिल लेंगे नेताओं से फीडबैक हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार पर आज और कल शिमला में मंथन होगा। कांग्रेस हाईकमान की ओर से गठित दो सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी शिमला पहुंच गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया और रजनी पाटिल आज हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के साथ पार्टी प्रत्याशियों, विधायकों, 2022 में विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों, दो संसदीय क्षेत्रों के जिला और ब्लॉक अध्यक्षों से मुलाकात करेंगे। मंडी सीट से प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह और हमीरपुर से प्रत्याशी सतपाल रायजादा भी फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के समक्ष अपनी हार के कारण बताएंगे। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने मंडी-हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लोकसभा प्रत्याशियों, विधायकों, जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को आज शिमला बुलाया है। कल पहले हाफ में कांगड़ा और शिमला जिले के नेताओं को लंच के बाद राजीव भवन शिमला बुलाया गया है। इस दौरान समिति पार्टी नेताओं से हार के कारण पूछेगी और अपनी रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपेगी। दरअसल, प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस चारों सीटों पर लोकसभा चुनाव हारी है, जबकि कांग्रेस हाईकमान और इंडी गठबंधन को हिमाचल में सत्तारूढ़ कांग्रेस से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। मगर कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। नतीजा यह हुआ की छह बार के सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह जैसे दिग्गज भी लोकसभा चुनाव हार गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा की भी इन चुनाव में हार हुई है। यही नहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू सहित उनके आठ मंत्री अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी प्रत्याशी को लीड नहीं दिला सके। इससे कांग्रेस का हिमाचल में लगातार तीसरी बार क्लीन स्वीप हुआ है।
**टाइडमैन सेब 800 से 1,400 रुपये पेटी बिका हिमाचल प्रदेश में आधिकारिक तौर पर सेब सीजन 15 जुलाई से शुरू हो गया। हर वर्ष इस समय तक फल मंडियों में बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की खेप पहुंचनी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक मंडी में बेहतर गुणवत्ता वाली पैदावार नहीं पहुंची है। भट्ठाकुफर फल मंडी में टाइडमैन, रेड जून और पराला फल मंडी में गाला सेब की खेप पहुंचनी शुरू हो गई है। आढ़तियों के अनुसार गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सेब सीजन देरी से शुरू हो रहा है, क्योंकि सूखे की वजह से अधिकतर पैदावार प्रभावित हो गई है। इसकी वजह से फसल का आकार और रंग भी सही नहीं बन पाया है। अभी जो सेब आ रहा है उसे बागवान पूरी तरह तैयार होने से पहले ही तोड़कर मंडी में ला रहे हैं, जिसके चलते बागवानों को शुरुआत में ही फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को भट्ठाकुफर फल मंडी में 2,986 सेब की पेटियां पहुंची, वहीं रविवार को 1,500 से 1,800 के बीच सेब की पेटियां मंडी में पहुंची। इस दौरान टाइडमैन सेब 800 से 1,400 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से बिका। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रताप चौहान ने बताया कि गत हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते मंडी में सेब की आवक में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गुणवत्ता अच्छी नहीं आई है। आने वाले दिनों में यदि मौसम अनुकूल रहता है तो आवक बढ़ने के साथ बागवानों को बेहतर दाम मिलेंगे। पराला फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान सुशील ठाकुर ने बताया कि गत वर्ष 15 जुलाई से पहले सेब की स्पर किस्म मंडी में पहुंचनी शुरू हो गई थी, वहीं गाला सेब और टाइडमैन सेब भी अच्छी गुणवत्ता का आ रहा था, लेकिन इस वर्ष तो टाइडमैन ही मंडी में पहुंचा है जिसका आकार छोटा और रंग भी फीका है।
**प्रदेश के कुछेक स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान हिमाचल प्रदेश में मॉनसून कमजोर पड़ गया है। मौजूदा मॉनसून सीजन में नॉर्मल से 35 प्रतिशत और बीते एक सप्ताह के दौरान 78 प्रतिशत कम बादल बरसे है। कई क्षेत्रों में मानसून सीजन में भी सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। आज और कल भी कुछेक क्षेत्रों में ही हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 14 जुलाई के बीच लाहौल स्पीति जिला में पानी की एक बूंद भी नहीं बरसी। बिलासपुर जिला में भी नॉर्मल से 80 प्रतिशत कम, चंबा में 81 प्रतिशत, हमीरपुर में 69 प्रतिशत, कांगड़ा में 79 प्रतिशत, किन्नौर में 35 प्रतिशत, कुल्लू में 72 प्रतिशत, मंडी में 58 प्रतिशत, सिरमौर में 71 प्रतिशत, सोलन में 70 प्रतिशत और ऊना जिला में भी 97 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में प्रदेश में मात्र 12.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि नॉर्मल बारिश 58.5 मिलीमीटर होती है। मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश औसत 203 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 131.9 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को मानसून थोड़ा एक्टिव हो सकता है। इस दौरान कुछेक स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बारिश नहीं होने के बाद तापमान में उछाल आया है। कई शहरों का पारा नॉर्मल से 5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है।
**प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार से अब नहीं मिल रहा है फंड कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार से अब फंड नहीं मिल रहा है। इस कारण कृषि विवि में प्राकृतिक खेती पर होने वाले शोध कार्य धीमे पड़ गए हैं। हालांकि कृषि विभाग की ओर से आतमा प्रोजेक्ट के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती की जानकारी दी जा रही है, लेकिन कृषि विवि के विशेषज्ञों के शोध कार्यों से मिलने वाला फायदा अब किसानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। कृषि विवि पालमपुर में करीब 2018 से प्राकृतिक खेती पर कार्य शुरू हुआ था। इस कार्य पर पूर्व भाजपा सरकार की ओर से तीन करोड़ और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की ओर से 20 करोड़ रुपये कृषि विवि पालमपुर को दिया जा चुका है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश सरकार के कृषि सचिव और निदेशक ने कृषि विवि का दौरा कर प्राकृतिक खेती पर चल रहे शोध कार्यों की रिपोर्ट मांगी थी। लिहाजा बताया जा रहा है कि इसकी रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं दिखे थे। जिसे देखकर अब प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ खींच लिए हैं। अब कृषि विवि पालमपुर में प्राकृतिक खेती के चल रहे प्रोजेक्ट को मिलने वाला फंड फिलहाल सरकार ने बंद कर दिया है। हालांकि, विवि की ओर से इस शोध कार्य को छह से एक साल का समय लगने की बात कही जा रही है, लेकिन विवि की ओर से जो तकनीक किसानों को जल्द मिलनी चाहिए थी वह अभी तक नहीं मिल पा रही है। अब सरकार की ओर से फंड न मिलने पर इस प्रोजेक्ट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जो दिशा इस कार्य को मिलनी चाहिए थी, वह अभी पिछले सालों में नहीं मिल पाई है। कुछ समय पहले आईसीआईआर और प्रदेश सरकार से 25 करोड़ रुपये का फंड प्राकृतिक खेती को लेकर मिला था। इससे इस कार्य को शुरू कर दिया गया था। इसके तहत प्रदेश में 9.62 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाना था, लेकिन अभी तक इसकी तकनीक किसानों के खेतों में नहीं पहुंच पाई है। इस पर अभी तक शोध कार्य ही पूरे नहीं हुए हैं, जो एक चिंता की बात है। अब तक सरकार ने इसको मिलने वाला फंड भी बंद कर दिया है। कृषि विवि पालमपुर में प्राकृतिक खेती में शोध कार्य चल रहे हैं, लेकिन अभी तक जो काम तकनीक पर जल्दी होने चाहिए थे वह अभी नहीं हो पा रहे हैं। इसका आर्थिक कमी भी कारण माना जा रहा है, लेकिन विवि इस प्रोजेक्ट पर काम रहा है। फंड की कमी के कारण जो कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हो रहा है।
हिमाचल प्रदेश की 5,000 करोड़ की सेब आर्थिकी को ओलों से बचाने के लिए आईआईटी मुंबई की ओर से विकसित स्वदेशी एंटी हेलगन को डॉप्लर रडार से जोड़ा जाएगा। रडार की मदद से ओलों वाले बादलों की स्टीक जानकारी मिलेगी और हेलगन का प्रभाव बढ़ेगा। शिमला जिले के मंढोल में स्थापित स्वदेशी एंटी हेलगन के तीन साल का ट्रायल पूरा होने के बाद आईआईटी मुंबई के इंजीनियरों ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया है। डीआरडीओ की पुणे लैब के वैज्ञानिक इसमें तकनीकी सहयोग देंगे। हेलगन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने की भी संभावना तलाशी जाएगी। विदेशों से आयातित एंटी हेलगन की कीमत करीब डेढ़ करोड़ है जबकि आईआईटी मुंबई की ओर से विकसित स्वदेशी एंटी हेलगन की कीमत महज 31 लाख है। विदेशी हेलगन चलाने के लिए एसिटिलीन गैस इस्तेमाल होती है। यह बहुत मंहगी है और आसानी से नहीं मिलती। स्वदेशी हेलगन एलपीजी से चलती है। इसलिए इसके संचालन का खर्चा कम है। रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एचईएमआरएल पुणे के निदेशक डाॅ. एपी दास ने बताया कि स्वदेशी एंटी हेलगन से पर्यावरण को नुकसान की संभावना नहीं है। हेलगन से नियंत्रित तरीके से तरंगें वायुमंडल में जाती हैं। जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। उनकी टीम ने परीक्षण के दौरान आंकड़ों का अध्ययन किया है, रिपोर्ट आईआईटी मुंबई को जल्द सौंपी जाएगी। डाॅप्लर वेदर रडार स्थापित कर सटीक आंकड़ों से इसका प्रभाव बढ़ाया जा सकता है। सरकार ओलों से बचाव करने वाली जाली पर 80 फीसदी अनुदान दे रही है। इसके स्थान पर स्वदेशी एंटी हेलगन स्थापित करने पर अनुदान दिया जाना चाहिए। इससे छोट-बड़े सभी बागवान लाभान्वित होंगे। बागवानों को बगीचों में नेट चढ़ाने-उतारने का खर्चा भी बचेगा मंढोल में स्थापित स्वदेशी एंटी हेलगन का प्रयोग सफल रहा है। सेब उत्पादक क्षेत्रों में एंटी हेलगन का ग्रिड नेटवर्क स्थापित कर सेब की फसल ओलों से बचाई जा सकती है। प्रदेश सरकार को भी इसका प्रस्ताव सौंपा जाएगा। डीआरडीओ की एचईएमआरएल लैब के साथ मिलकर डाॅप्लर रडार स्थापित कर इसका प्रभाव बढ़ाने की भी योजना है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पुलिस थाना खैरी के संधारा गांव में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) ने अपनी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। मृत*क की पहचान ओम प्रकाश (45) पुत्र गंधर्व सिंह निवासी गांव संधारा, डाकघर सुदली के रूप में हुई है। वह शनिवार रात को घर की छत पर सोए थे। उसी दौरान उन्होंने अपनी 12 बोर की बंदूक से खुद को गोली मार दी। कुछ ही देर में उनकी मौके पर मौ*त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही खैरी थाना से पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने श*व को कब्जे में लेकर परिजनों सहित आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। रविवार को नागरिक अस्पताल डलहौजी में पोस्टमार्टम के बाद श*व परिजनों को सौंप दिया गया। खुद को गोली मारने के कारणों का अभी तक पता नहीं लग पाया है। ओम प्रकाश खैरी में तैनात थे। बंदूक को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है। वर्ष 1998 में आतंकी हमले के बाद सीमांत क्षेत्रों और साथ लगते थानों व चौकियों में निगरानी के लिए एसपीओ यानी विशेष पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। चंबा जिला में 407 एसपीओ कार्यरत हैं।
**लंबित पड़े परीक्षा परिणामों को जल्दी जारी करे सरकार **रोज़गार देने के नाम सत्ता में आई कंग्रेस हर दिन रोज़गार के रास्ते बंद कर रही है नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि सुक्खू सरकार की स्टार्टअप योजना का क्या हुआ? सरकार बने डेढ़ साल से ज़्यादा का समय हो गया, अब तक इस योजना से प्रदेश के कितने युवाओं को इसका लाभ मिला? इस योजना का लाभ कब से प्रदेश के युवाओं को मिलना शुरू होगा। चुनाव के समय कांग्रेस ने गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फण्ड का प्रबंध करेगी। जिससे युवा अपने लिए रोज़गार के साधन जुटाए और अन्य लोगों को रोज़गार भी देंगे। कांग्रेस के नेताओं ने स्टार्टअप के लिए लाभार्थी चुनने के लिए लिए चुनाव से पूर्व ही युवाओं से फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव बीते डेढ़ साल से ज़्यादा का समय हो गया है। लेकिन अभी तक इस योजना के तहत एक भी व्यक्ति को एक पाई नहीं दी गई है। उल्टे पहले से चल रही स्वावलंबन योजना को ही बंद कर दिया गया है और उसके अन्तर्गत स्वीकृत किए गए प्रोजैक्ट्स भी रोक दिए गए हैं। जिससे युवाओं को भारी नुक़सान उठाना पड़ा। कुछ ऐसे भी युवा व्यवसाई हैं जिन्हें कुछ किश्तें मिली है लेकिन बाक़ी की किश्तें नहीं दी जा रही हैं। ऐसे में युवाओं को सरकार ने जानबूझकर अधर में लटका दिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार युवाओं को लाखों की संख्या में रोज़गार देने का वादा करके सत्ता में आई थी लेकिन सरकार न ख़ुद ही लोगों को रोज़गार दे रही है न ही उद्यमशील युवाओं को लोगों को नौकरी देने दे रही है। पूर्व सरकार में स्वावलंबन योजना के तहत प्रदेश में कुल 721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सरकार की ओर से इस योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसमें कुल 4377 ईकाइयां मंज़ूर हुई। जिनसे 11 हजार 674 लोगों को रोजगार मिला। यदि इस योजना राजनीतिक द्वेष की वजह से बंद नहीं किया गया होता तो प्रदेश में रोज़गार के हज़ारों साधन और राजस्व पैदा होता। लेकिन सूक्खू सरकार की अदूर्रशिता और बदले की भावना से काम करने की वजह से प्रदेश के युवाओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा अब बहुत समय हो गया है, सुक्खू सरकार सालों से लंबित पड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम घोषित करें और उन्हें रोज़गार दें। सरकारइस तरह से युवाओं के भविष्य की अनदेखी नहीं कर सकती है। अब तक झूठे वादे बहुत हो गये, इधर-उधर की बातें बहुत हो गई। अब सरकार बने डेढ़ साल से ज़्यादा का समय हो गया है। अब सुक्खू सरकार जल्दी से जल्दी स्टार्टअप फंड का बजट जारी करे।
उप मुख्य सचेतक ने पौधारोपण अभियान का भी किया शुभारंभ शाहपुर के धारकंडी क्षेत्र के सभी पंचायतों को सड़क सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि धारकंडी क्षेत्र का विकास सुनिश्चित हो सके। उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के भलेड से दुल्ली सड़क भूस्खलन आपदा शमन कार्य के भूमि पूजन करने के उपरांत व्यक्त किए। इसके साथ ही भलेड़ में पौधा रोप कर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निरंतर विकासात्मक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा चंगर और पिछड़े क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा भलेड से दुल्ली सड़क आपदा के कारण कई वर्षों से दयनीय स्थिति में थी भूस्खलन आपदा शमन कार्य के होने से यहां के हजारों लोगों को इससे सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा इस कार्य के लिए लगभग 8.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं जिसमें से 2.40 करोड़ रुपये का कार्य शुरू हो गया है।उन्होंने कहा इस क्षेत्र में बिजली की समस्या को दुरुस्त करने के लिए नए पावर प्रोजेक्ट और नए ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी से निरंतर पेड़ लगाने की अपील की।उन्होंने कहा भविष्य की पीढ़ी के लिए पर्यावरण को संरक्षित करना है तो पेड़ों को बचाना होगा। उन्होंने कहा सरकार पेड़ लगाने की अनेकों योजनाएं चला रही है परंतु यह कार्य जनसहयोग के बिना सम्भव नहीं है अतः सभी इस कार्य में सहयोगी बने। उन्होंने जायका के सहयोग से ट्रेनिंग कर चुके रोशनी स्वयं सहायता समूह को 7 सिलाई मशीनें वितरित कीं। इन मशीनों की सहायता से गांव की महिलाओं को आजीविका कमाने में मदद मिलेगी। उन्होंने जायका और फॉरेस्ट विभाग के कार्य की प्रशंसा की जो मिलकर 20 पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मौके पर उपस्थित लोगों की शिकायतों को भी सुना और अधिकतर शिकायतों का मौके पर निदान किया। उन्होंने खोली स्थित पावर प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित डीएफओ दिनेश शर्मा, डीपीओ नरेंद्र सिंह, एक्सन पीडब्ल्यूडी अंकज सूद, डीएम फॉरेस्ट नरेश शर्मा, एक्सन आईपीएच अमित डोगरा, विनय कुमार सोशल मीडिया ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष एवं सलाहकार उप मुख सचेतक, एक्सन इलेक्ट्रिसिटी अमित शर्मा, एसडीओ आईपीएच रजाक मोहम्मद, पूर्व प्रधान निर्मल सिंह, धारकंडी कॉंग्रेस कमेटी अध्यक्ष शशि पाल शर्मा, पूर्व प्रधान पवन कुमार, जिला परिषद सदस्य रितिका शर्मा, पूर्व बीडीसी अक्षय कुमार, पूर्व प्रधान कनोल निर्मल सिंह, किशन लाल शर्मा, नवनीत शर्मा, सुशील शर्मा और लोग मौजूद रहे।
** कहा, जनता ने सरकार की नीतियों में जताया विश्वास उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कांगड़ा जिला के देहरा में जनबल की जीत हुई जबकि धनबल हार गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीन उप चुनावों में से दो कांग्रेस प्रत्याशियों के जीतने पर कांग्रेस के नव निर्वाचित विधायक कमलेश ठाकुर एवं नालागढ़ के नव निर्वाचित बाबा हरदीप सिंह सहित देहरा ओर नालागढ़ की जनता को दी बधाई। पठानिया में कहा 2022 के विधानसभा के चुनावों में जिला कांगड़ा की जनता ने काँग्रेस को भरपूर समर्थन दे कर 10 सीटो पर काँग्रेस प्रत्याशी जीताकर भेजे थे। इसी बीच मे कांगड़ा से दो विधायकों के इस्तीफे के कारण काँग्रेस विधायकों की संख्या 9 रह गई थी। देहरा उपचुनाव में काँग्रेस प्रत्याशी के जीतने से काँग्रेस विधायको की संख्या दस हो गई है। उप चुनाव होने पर जिला कांगड़ा के जनता ने फिर से काँग्रेस पर विश्वास व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह की कुशल नेतृत्व एवं कुशल कार्य प्रणाली को देखते हुए फिर से कांग्रेस की दस सीटे काँग्रेस की झोली में दी है।काँग्रेस पार्टी पर हमेशा से कांगड़ा जिला की जनता ने विश्वास जताया है।
**उपमुख्यमंत्री ने ज्वालाजी मंदिर में नवाया शीश राज्य के शक्तिपीठ हर वर्ष लाखों श्रद्वालुओं को आकर्षित करते हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रमुख मंदिरों को ई-कनेक्ट करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है, जिससे भक्तों को घर बैठे ही दर्शन की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को ज्वालामुखी मंदिर में पूजा अर्चना करने के उपरांत दी। इस दौरान उनकी बेटी डॉ. आस्था अग्निहोत्री भी साथ मौजूद रहीं उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के मंदिरों, शक्तिपीठों में हवन, भंडारा और जागरण समारोहों के लिए आनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए एक पायलट योजना आरंभ की है। इस डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से श्रद्वालु मंदिर के पुजारियों से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों के अनुभवों को और सुखद बनाने के लिए सरकार प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर भी कार्य कर रही है। श्रद्वालुओं को मंदिरों में विश्राम के लिए भी बेहतर सुविधाओं पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के तीर्थ स्थान पर्यटन का केंद्र बिंदु है तथा इसी दृष्टि से मंदिरों को विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है ताकि तीर्थाटन के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। उन्होंने कहा कि ज्वालाजी मंदिर हिमाचल का एक प्रमुख शक्तिपीठ है तथा इसे सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्वालुओं को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कला तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए भी सरकार कारगर कदम उठा रही है इस बाबत हिमाचल की विभिन्न कलाओं को देश भर में पहचान दिलाने के लिए सार्थक पहल की है।
**मुख्यमंत्री ने पर्यटन परिसर को जलक्रीड़ा गतिविधियों के साथ एकीकृत करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला बिलासपुर के औहर में एक नए पर्यटक परिसर की आधारशिला रखी। 33.75 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले और आधुनिक सुविधाओं से लैस इस परिसर में होटल ब्लॉक, फूड कोर्ट और मनोरंजन क्षेत्र शमिल होंगे। इस परियोजना का कार्य दो वर्ष के भीतर पूरा होने की सम्भावना है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परिसर के होटल में स्वागत व प्रतीक्षा क्षेत्र, 60 लोगों की क्षमता वाला रेस्टोरेंट, 30 लोगों की क्षमता वाला कांफ्रैंस कक्ष, 400 लोगों के लिए धाम हॉल, 300 लोगों की क्षमता वाला बेंक्वेट हॉल तथा आराम कक्ष, रसोई व शौचालय की सुविधाएं होंगी। होटल में 40 अतिथि कक्ष और फूड कोर्ट जिसमें 214 लोगों के भोजन की व्यवस्था के लिए 8 स्टॉल, एक पिकअप क्षेत्र, महिलाओं व पुरूषों के लिए शौचालय तथा बच्चों के खेलने का क्षेत्र सहित ग्रीन एरिया की सुविधा भी होगी। उन्होंने कहा कि मनोरंजन क्षेत्र में स्वीमिंग पूल, जिम व स्पा, पेंटरी, स्टोर, बैक ऑफिस और धरातल में शौचालय सुविधा होगी। पहली मंजिल में पूल इण्डोर खेल कक्ष, लॉबी क्षेत्र, चार मसाज कक्ष और अतिरिक्त शौचालय की सुविधा होगी। इसके अलावा, इस परिसर में 50 केएलडी क्षमता वाला मल निकासी संयंत्र भी प्रस्तावित है और परिसर में हरी घास, रॉयल पाम वृक्ष भी विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण यह नया परिसर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने पर्यटक परिसर को गोबिंदसागर झील में जल क्रीड़ा गतिविधियों के साथ जोड़ने के निर्देश दिए ताकि आगुंतकों का भरपूर मनोरंजन हो और इस क्षेत्र में पर्यटकों की आमद में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि परिसर का दूसरा चरण सड़क की विपरीत दिशा में बनाया जाएगा और दोनों खण्ड आपस में जुड़ें होंगे। इस चरण में बच्चों के लिए एक मनोरंजन पार्क, एक फूड कोर्ट और अन्य आवश्यक सुविधाएं होंगी। इस पूरी परियोजना पर 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पर्यटन के बुनियादी ढांचें में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है जिससे युवाओं को रोजगार और स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में हर सम्भव प्रयास जारी हैं। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं पर फिर भरोसा जताने के लिए प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विधानसभा उप-चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देकर विधानसभा में एक बार पुनः कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 तक पहुंचाने के लिए भी लोगों का आभार जताया। उन्होंने निर्वाचित सरकार को गिराने का षड़यंत्र रचने के लिए भाजपा के प्रयासों की निंदा की। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर निरंतर प्रदेश और केंद्र में दो सरकारें बनाने का दावा कर रहे थे, जो कभी भी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों ने धनबल की राजनीति को नकार कर, भाजपा के ऑप्रेशन लोटस को पूरी विफल किया है जो भाजपा के षड़यंत्र के लिए करारा जवाब है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के अन्य नेताओं को इस करारी हार से सबक लेने और जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने भाजपा नेताओं से केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल के हितों के पैरवी करने का भी आह्वान किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के कारण प्रदेश में विकासात्मक कार्य प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब कांग्रेस सरकार राज्य के हितों के लिए तेजी से कार्य करेगी और राज्य के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित करेगी। उन्होंने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं भी सुनीं। लम्बरदार जल कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 31 हजार रुपये का चेक भेंट किया। नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व विधायक बाबू राम गौतम और तिलक राज, कांग्रेस नेता विवेक कुमार और डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, उपायुक्त आबिद हुसैन सदिक और अन्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विवि में दो दिन तक छात्र किसी भी तरह के फॉर्म, फीस जमा करवाने के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि मैंटेनेंस वर्क के चलते 14 जुलाई को वेबसाइट पूरी तरह से बंद रहेगी। इस दौरान किसी भी तरह का ऑनलाइन वर्क नहीं हो सकेगा। सोमवार से वेबसाइट एक्टिव कर दी जाएगी। गौर रहे कि इन दिनों हिमाचल प्रदेश विवि में पीजी कक्षाओं की काउंसिलिंग चली है जिसके लिए छात्र फीस और दस्तोवज ऑनलाइन ही अपलोड कर रहे हैं। ऐसे में दो दिन तक किसी भी तरह का ऑनलाइन वर्क नहीं हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर के औहर में कहा कि भाजपा द्वारा वोट की सरकार को नोट से गिराने के लिए जो प्रयास किए हैं, वह असफल रहे हैं। भाजपा का षड्यंत्र सफल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता को गुमराह करने का ही कार्य किया है। अब उपचुनाव के बाद आचार संहिता हटते ही प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर कार्य किया जाएगा, ताकि प्रदेश की जनता को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा का भाजपा का चेहरा जनता के समक्ष बेनकाब हुआ है। उन्होंने कहा कि 14 माह पहले जो लोग विधायक थे, उन्हें जनता ने अब घर बिठाया है। जनता ने भाजपा को करारा जबाव दिया है। साथ ही भाजपा नेता अब महज बयान ही देंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री का पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उन्होंने औहर में पर्यटन विकास निगम के होटल का शिलान्यास भी किया।
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के थाना बड़सर के तहत बणी के नशा मुक्ति केंद्र में टौणी देवी क्षेत्र के एक युवक की ह*त्या का मामला सामने आया है। मामले में रविवार सुबह बड़सर थाना को सूचना मिली इसके बाद पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ने भी मौके का निरीक्षण किया है। श*व कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में यह पता चला है कि युवक के साथ शुक्रवार को मारपीट हुई। शनिवार के रात को उसकी मौ*त हो गई थी। नशा मुक्ति केंद्र के संचालक फरार है। मृत*क की पहचान अमित कुमार निवासी टौणी देवी के रूप में हुई है। नशा मुक्ति केंद्र के संचालक की पहचान तुषार निवासी भोरंज के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि पंजाब निवासी एक युवक भी यहां पर नशा छुड़ाने के लिए आया था, लेकिन अब उसे जाहू स्थित नशा मुक्ति केंद्र में शिफ्ट किए जाने की बात सामने आ रही है। पंजाब के इस युवक का नाम अमनप्रीत है। हालांकि अभी तक यह लापता है। जाहू स्थित नशा मुक्ति केंद्र में पुलिस टीम जांच के लिए रवाना हो गई है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ने कहा कि मामले में छानबीन की जा रही है।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में माता ज्वाला का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। रविवार सुबह से ही लंबी लाइनों में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। मंदिर में भजन कीर्तन, चौकी का आयोजन हो रहा है। स्थानीय लोग, पुजारी वर्ग तरह तरह के भंडारे माता ज्वाला के दरबार में लगा रहे हैं। ज्वालामुखी मंदिर गर्भ गृह को सुंगधित रंग बिरंगे पांच लाख फूलों से सजाया गया है। मंदिर में हजारों श्रद्धालु रविवार को पहुंचे और माता ज्वाला की दिव्य ज्योतियों का आशिर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में विशेष पुलिस कर्मी तैनात किए गए, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। शनिवार देर रात भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर रात 11 बजे बंद किया गया। मंदिर पुजारी व न्यास सदस्य अविनेद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार को गुप्त नवरात्र का समापन होगा और विशाल यज्ञ व पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा और इसी दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। माता ज्वाला के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर मंदिर में पुजारी वर्ग द्वारा विशेष देसी घी के हलवे के प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। वहीं, देवी भागवत कथा का भी समापन पूर्णाहुति के साथ सिंवर नवमी को किया जाएगा। उन्होंने बताया माता ज्वाला का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है और मंदिर प्रसाशन की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शनों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। माता ज्वाला सभी भक्तों को आशीर्वाद दे और सभी की अभीष्ट मनोकामनाओं को पूर्ण करें। वर्ष में प्रकटोत्सव का यह सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण दिन होता है। इस उपलक्ष्य पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में रविवार को ज्वाला माता का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। आज प्रदेश सरकार उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री अपनी बेटी आस्था सहित ज्वालामुखी में दर्शनों के लिए पधारे। पुजारी नितिन शर्मा द्वारा उन्हें विधिवत पूजा अर्चना करवाई गई और डिप्टी सीएम ने दिव्य ज्योतियों का आशीर्वाद प्राप्त किया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मोदी भवन, योगिनी कुंड व शयन भवन में भी दर्शन किए । मंदिर न्यास की तरफ से उन्हें माता की चुनरी व सिरोपा भी भेंट किया गया। उपमुख्यमंत्री थोड़ी देर के लिए मंदिर में रुके और माता ज्वाला का गुणगान किया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि मां ज्वाला के जन्म दिवस पर वह अपनी बेटी सहित मां ज्वाला के दर्शनों को यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि माता ज्वाला का आशीर्वाद हमेशा ही ऐसे ही सभी पर और प्रदेश की जनता पर बना रहे। यहां पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और आस्था का और विश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक है। हिमाचल देवभूमि है और यहां देवी देवताओं के वास से अलौकिक पवित्रता है। उपचुनाव में हुई जीत पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जताया है और दो सीटें देहरा व नालागढ़ बड़े अच्छे मार्जिन से जीते हैं। देहरा से मुख्यमंत्री की पत्नी ने बड़े अंतर से जीती हैं और काफी अर्से के बाद कांग्रेस ने देहरा में अपना अस्तित्व कायम किया है। प्रदेश की जनता ने जो कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जताया है वे उसके आभारी हैं और प्रदेश सरकार जनता के साथ किये गए वायदे को पूर्ण करने के लिए हमेशा तत्पर रहेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बीजेपी का लोटस ऑपरेशन पूरी तरह से विफल हो गया है। भाजपा ने राजनीतिक अराजकता फैलाने की कोशिश की। पिछले चार महीनों से उपचुनावों के चक्कर में कई प्रकार के दुष्परिणाम देखने को मिले पर बीजेपी अपने मनसूबों में कामयाब नही हुई। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश सरकार में पहले भी 40 सीटें कांग्रेस की थी और अब मजबूती से फिर 40 सीटें हो गई हैं। बीजेपी ने जो षड्यंत्र रचा था वह पूरी तरह से असफल हो गया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। वह प्रदेश को वित्तीय क्षेत्र में उभारने व विकास की दृष्टि से उभारने के लिए मददगार साबित होना चाहिए। जनता ने बीजेपी को पूरी तरह से नकार दिया है और विपक्ष में बिठाया है।
शिमला: हिमाचल में बाहरी राज्यों के लोगों की ओर से धारा 118 की मंजूरी लेकर खोले गए होम स्टे को बंद करने पर सरकार आने वाले दिनों में बड़ा फैसला ले सकती है। प्रदेश में बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार ने विकल्प के तौर पर स्टे खोलने की योजना शुरू की थी, लेकिन हिमाचल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों के बहुत से लोगों ने सरकार से अनुमति लेकर धारा 118 के नियमों का दुरुपयोग कर होम स्टे खोल दिए हैं। शिमला में हिमाचल प्रदेश होमस्टे नियम-2024 का प्रस्ताव तैयार करने के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें इस तरह कड़े फैसले लिए जाने को लेकर चर्चा की गई। जिस पर अब अगली बैठक में अंतिम निर्णय होना है। प्रदेश में बिना पंजीकरण चल रहे होम स्टे और बीएंडबी को बंद करने पर भी चर्चा हुई। उप-समिति के सदस्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रस्तावित प्रारूप तैयार करने के लिए भी बहुमूल्य सुझाव दिए। इस दौरान पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग प्रारूप नियमों को संशोधित कर आगामी बैठक में उप-समिति के समक्ष लाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 के तहत हिमाचल के लोगों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष प्रावधान किया गया है। इस एक्ट में धारा 118 के तहत गैर-कृषकों को जमीन ट्रांसफर करने पर प्रतिबंध होगा, यानी हिमाचल का गैर-कृषक भी यहां पर जमीन नहीं खरीद सकता है. हिमाचल में धारा 118 की जरूरत इसलिए पड़ी कि प्रदेश को साल 1971 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। देश के 18वें राज्य के रूप में हिमाचल अस्तित्व में आया तो एक साल बाद ही भूमि सुधार कानून लागू हो गया। कानून की धारा 118 के तहत कोई भी बाहरी व्यक्ति कृषि की जमीन निजी उपयोग के लिए नहीं खरीद सकता है। फिर लैंड सीलिंग एक्ट में कोई भी व्यक्ति 150 बीघा जमीन से अधिक नहीं रख सकता। भौगोलिक दृष्टि से हिमाचल के ज्यादातर क्षेत्र देश के दुर्गम इलाकों में आते हैं। हिमाचल के पास सीमित भूमि है और पहाड़ी पर्यटन राज्य होने के नाते निर्माताओं ने पहले से भविष्य को भांपते हुए हिमाचल के छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा के लिए ये कदम उठाया है। धारा 118 के तहत प्रदेश का कोई भी जमीन मालिक किसी भी गैर कृषक को किसी भी जरिए से जमीन नहीं दे सकता। भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 2(2) के मुताबिक जमीन का मालिकाना हक उसका होगा जो हिमाचल प्रदेश में अपनी जमीन पर खेती करता है। जो व्यक्ति किसान नहीं है और हिमाचल में जमीन खरीदना चाहता है उसे प्रदेश सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। सरकार से अनुमति लेने पर मालिकाना हक मिल सकता है। उद्योग या पर्यटन विकास से जुड़े मामलों में ही सरकार हर मसले और जानकारी की पूरी तरह से जांच परख के बाद जमीन पर फैसला लेती है। जमीन का CLU यानी चेंज लैंड यूज भी नहीं किया जा सकता। यानी जमीन जिस उद्देश्य के लिए ली गई, उस पर केवल वही नियम लागू होंगे। इस पर अन्य व्यावसायिक गतिविधियां नहीं की जा सकती हैं, लेकिन बाहरी राज्यों के लोगों ने हिमाचल में धारा 118 के तहत उद्योग और मकान बनाने की अनुमति लेकर होम स्टे खोल दिए हैं। बता दें कि प्रदेश में पर्यटन विभाग के पास 4 हजार से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में गैर पंजीकृत होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां भी प्रदेश में संचालित हो रही हैं। ऐसे में होम स्टे के साथ बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों को भी पर्यटन विभाग की कार्रवाई के दायरे में लाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
शिमला में स्थित ऐतिहासिक मंदिर तारादेवी में 14 जुलाई रविवार से लंगर हरी पत्तल में श्रद्धालुओं को परोसा जाएगा। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और धरोहर को सहेजने की दिशा में संतुलित पर्यावरण के लिए मंदिरों में टौर के पत्तों से तैयार पत्तल में लंगर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण के आधीन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सुन्नी खंड में कार्य कर रहे सक्षम क्लस्टर लेवल फेडरेशन को ये पत्तल बनाने का जिम्मा दिया गया है। उन्हें प्रथम चरण में पांच हजार पत्तल बनाने का ऑर्डर दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रयास कर रहा है । उक्त फेडेरशन में 2900 से अधिक महिलाएं पत्तल बनाने का काम करती है, लेकिन पत्तलों की डिमांड कम होने के कारण उत्पादन अधिक नहीं करते थे। इस दिशा में अब प्रशासन ने फैसला लिया है कि जिला के सभी मंदिरों में हरी पत्तल में लंगर परोसे जाएंगे। ऐसे में प्रथम चरण में तारादेवी मंदिर से शुरूआत की जा रही है। सक्षम कलस्टर लेवल फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को पत्तलों के उत्पादन के बारे में जानकारी दी और स्वयं बनाए पत्तल भी भेंट किए। फेडरेशन ने कहा कि उक्त क्षेत्र में टौर के पेड़ बहुत कम है। इस विषय पर उपायुक्त ने कहा कि वन विभाग के सहयोग से आगामी होने वाले पौधारोपण अभियान में टौर के पौधे भी लगाए जाएंगे ताकि भविष्य में टौर के पत्तों की कमी न हो पाए। हिमाचल की संस्कृति में निचले हिमाचल में धाम के दौरान लजीज व्यंजन परोसने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली हरी पत्तल का महत्व सबसे ऊपर है। धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को समेटे देवभूमि हिमाचल के कई इलाकों में यह परंपरा आज भी जारी है। टौर से बनने वाली इस पत्तल में सामाजिक समरसता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। पहाड़ की यह पत्तल टौर नामक बेल के पत्ते से बनती है। यह बेल मध्यम ऊंचाई वाले शिमला, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिले में ही पाई जाती है।
**17 से 19 जुलाई तक कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान हिमाचल प्रदेश में मॉनसून फिर कमजोर हो गया है। रविवार और सोमवार को भी हल्की बारिश होने के आसार हैं। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। बारिश नहीं होने से मौसम में उमस बढ़ गई है। 17 से 19 जुलाई के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में 12 सड़कें और 6 बिजली ट्रांसफार्मर अभी भी ठप हैं। मंडी जिले में पांच, शिमला में चार और कांगड़ा में तीन सड़कें शनिवार शाम तक बंद रहीं। चंबा जिले में पांच और मंडी में एक बिजली ट्रांसफार्मर बंद है। राजधानी शिमला में कई दिनों के बाद शनिवार को दिनभर धूप खिली रही। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में मानसून कुछ कमजोर हो गया है। आगामी दो-तीन दिनों के दौरान मानसून की सक्रियता कम रहने की संभावना है। 16 जुलाई की रात से बारिश के आसार हैं। 17 से 19 जुलाई तक सभी क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
**हाजिरी और अवकाश के नियम हुए तय अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि ने हाजिरी और अवकाश के नियम तय कर लिए हैं। आने वाले नए सत्र से विवि समेत इससे संबद्ध छह सरकारी-निजी मेडिकल कॉलेजों में ये नियम लागू कर दिए जाएंगे। नियमों के तहत अब एमडी, एमएस और एमडीएस कोर्स के अभ्यर्थियों के लिए संस्थानों में 80 प्रतिशत हाजिरी जरूरी है। अगर कोई अभ्यर्थी अधिक अवकाश करता है तो उस स्थिति में उतने ही दिन उसके कोर्स की अवधि बढ़ाई जाएगी। तीन साल के कोर्स में 751 दिन और दो साल के कोर्स में 501 दिन संस्थान आना आवश्यक है। अवकाश और न्यूनतम उपस्थिति के नियम लागू करने के लिए विवि के प्रबंधन बोर्ड की बैठक मे मंजूरी मिल गई है। नियमों के मुताबिक अंतिम परीक्षा तक तीन वर्षीय कोर्स में साप्ताहिक एक दिन की छुट्टी की जाएगी, वह भी कार्य की आवश्यकता में ही। 25 दिन की सवेतन आकस्मिक छुट्टियां कर सकते हैं। एक छात्र 52 साप्ताहिक अवकाश का भी हकदार है। इसमें महिला स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को मौजूदा नियमों के अनुसार मातृत्व अवकाश की अनुमति दी जाएगी। सरकारी नियम और कानून के अनुसार पुरुष स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को भी पितृत्व अवकाश मिलेगा। प्रसूति या पितृत्व के लिए प्रशिक्षण को उतने ही दिनों तक बढ़ाया जाएगा जितनी छुट्टियां की गई हो। अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि नेरचौक के परीक्षा नियंत्रक एवं डीन प्रशासनिक मामले डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि अवकाश-हाजिरी के नियम तय कर दिए हैं। अधिक अवकाश करने वालों के कोर्स की अवधि उतने ही दिन बढ़ाई जाएगी, जितने दिन छुट्टी पर रहेंगे। तीन साल के कोर्स में कुल दिन 1,095 दिन होंगे। इसमें 939 दिन कार्य दिवस होंगे। इनमें से 751 दिन यानी की 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होगी। वहीं, दो साल के कोर्स में कुल दिन 730 दिन होंगे इनमें कुल कार्य दिवस 626 होंगे। साप्ताहिक अवकाश काटने के बाद 501 दिन यानी 80 प्रतिशत उपस्थिति होना जरूरी होगा। हाजिरी और छुट्टियों के नियम अटल विवि समेत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट कॉलेज कांगड़ा, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक, डॉ. वाईएस परमार गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नाहन, डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, पंडित जवाहर लाल नेहरू गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज चंबा के अलावा महर्षि मार्कंडेश्वर निजी विश्वविद्यालय कुनिहार सोलन में लागू होंगे।
केंद्र सरकार की ओर से कार्टन पर जीएसटी की दरों में 6 फीसदी कटौती का लाभ बागवानों को नहीं मिल पा रहा है। बाजार में बागवानों से कार्टन पर 18 फीसदी जीएसटी की वसूली हो रही है। प्रदेश सरकार ने इस साल से यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य तौर पर लागू किया है। बागवानों को उम्मीद थी कि जीएसटी में कटौती के बाद यूनिवर्सल कार्टन की कीमत घट जाएगी, लेकिन कुछ रिटेलर कार्टन पर अब भी 18 फीसदी जीएसटी वसूल रहे हैं। इसको लेकर बागवानों ने सरकार से शिकायत भी की है। जून में जीएसटी परिषद की बैठक में सेब कार्टन बॉक्स पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी करने का फैसला लिया गया था। परिषद की 53वीं बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह मामला उठाया था। बीते साल भी हिमाचल ने कार्टन पर जीएसटी की दर घटाने की मांग उठाई थी, जो सिरे नहीं चढ़ पाई। जीएसटी छह फीसदी कम होने के बाद बागवानों को उम्मीद थी कि अब सेब कार्टन तीन से चार रुपये तक सस्ता मिलेगा। संयुक्त किसान मंच ने कार्टन पर जीएसटी के एवज में हो रही मनमानी वसूली पर कड़ी नाराजगी जताई है। मंच के संयोजक संजय चौहान का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में रिटेलर कार्टन पर 18 फीसदी जीएसटी वसूल रहे हैं। 500 पीस कार्टन खरीदने वाले बागवान को 5,400 रुपये जीएसटी चुकाने पड़ रहे हैं। संयुक्त किसान मंच सभी कृषि लागत वस्तुओं पर जीएसटी खत्म करने की मांग उठाता रहा है और भविष्य में भी बागवानों के हित में यह मांग जोर-शोर से उठाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में जल्द ही लोकसेवा आयोग के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षा के 769 प्रवक्ता भर्ती होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने लोकसेवा आयोग को पत्र लिखकर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है। प्रवक्ता स्कूल न्यू के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत ही कंप्यूटर साइंस प्रवक्ताओं के 769 पद भरे जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि लोकसेवा आयोग के सचिव को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में पत्र भेजा गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रवक्ता कंप्यूटर साइंस के 985 पदों को भरा जाना है। मार्च 2024 में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इन पदों को भरने की मंजूरी दी गई थी। कुल 985 पदों में से लोकसेवा आयोग के माध्यम 769 पद भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग की मांग पर अब लोकसेवा आयोग की ओर से भर्ती से संबंधित विज्ञापन जारी किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत करीब 1300 कंप्यूटर शिक्षक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के तहत काम कर रहे हैं। सरकार ने बीते वर्ष नाइलेट कंपनी से नाता तोड़ लिया था। अब कॉरपोरेशन के माध्यम से चयनित कंपनियों के माध्यम से शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। अब लोकसेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती होने से कई बेरोजगारों का सरकारी नौकरी पाने का सपना पूरा होगा।
**श्रीखंड महादेव यात्रा आज से शुरू महादेव के पंच कैलाशों में से एक और उत्तर भारत की सबसे कठिनतम धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा आधिकारिक तौर पर आज यानि रविवार से शुरू हो गई है। आज से 27 जुलाई तक चलने वाली इस यात्रा के शुभारंभ के लिए पिछले कल 13 जुलाई को यात्रा ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश ने जाओं, बड़ींगचा से 3 किलोमीटर पैदल चलकर बेस कैंप सिंह गाड़ देर शाम पहुंची। बेस कैंप सिंह गाड़ में उन्होंने श्रीखंड सेवा समिति अरसू, रामपुर, हमीरपुर, के पंडाल में शिव भक्तों के साथ संध्याकाल की शिव आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ट उपाध्यक्ष एवं यात्रा ट्रस्ट के संस्थापक बुद्धि सिंह ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू पंकज परमार, यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह, तहसीलदार निरमंड जयगोपाल शर्मा, डीएसपी चंद्र शेखर कायथ, ट्रस्ट, सदस्य गोविंद शर्मा, जिला परिषद सदस्य पूर्ण ठाकुर, स्थानीय पंचायत की प्रधान सुषमा कटोच उप प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर, जुआगी के उप प्रधान रणजीत ठाकुर,मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने लंगर का विधिवत उद्घाटन भी किया और अपने हाथों से शिव भक्तों को लंगर का स्वादिष्ट खाना भी परोसा। आज सुबह करीब 5 बजे डीसी ने महादेव के पवित्र धाम श्रीखंड कैलाश पर्वत के लिए हरी झंडी दिखाकर 70 श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना किया। 8 बजे तक करीब 1100 शिव भक्त श्रीखंड कैलाश पर्वत के लिए रवाना हो गए हैं। डीसी ने बताया कि इस बार की श्रीखंड यात्रा के लिए प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। यात्रा से पूर्व श्रीखंड के रास्ते बनकर तैयार किए हैं और रास्ते में पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से तैयार कर दी गई है। यात्रा में पुलिस, रेस्क्यू, एसडीआरएफ, मेडिकल, रेवन्यू, की टीमें हर बेस कैंप पर तैनात की गई है। उन्होंने शिव भक्तों से यात्रा में द्रव्यों मादक पदार्थों का सेवन न करें और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील भी की है।
शिमला पुलिस ने जिले में नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में लोगों की मदद से बड़ी कामयाबी हासिल की है। पंद्रह महीने में 600 से अधिक केस दर्ज कर 1,000 से अधिक नशा तस्करों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचाया है। इसमें कई बड़े तस्करी के मामले भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इससे निपटने के लिए सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार किया है। लोग, युवा पुलिस को व्हाट्सएप, ईमेल, फोन, पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से सूचनाएं दे रहे हैं। सूचनाएं देने वालों में स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी, टैक्सी चालक, होटल कर्मचारी, महिला मंडल की सदस्य और ऐसे युवा शामिल हैं जोकि पहले किसी कारणवश नशे के आदी हो चुके थे लेकिन अब इसे छोड़ चुके हैं। नेपाल से चल रहे अफीम तस्करी के बड़े रैकेट का भी भंडाफोड़ किया है। इसमें पुलिस ने नारकंडा से तस्करी के सरगना रवि गिरि को गिरफ्तार किया है। मतियाना में नेपाल से लाई डेढ़ किलो अफीम और टुटीकंडी क्रॉसिंग में पुलिस ने 3.50 किलो अफीम पकड़ी है। चलौंठी में पंजाब के चार युवकों से 169 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। एसपी संजीव गांधी ने जब कार्यभार संभाला था तो उन्होंने नशा माफिया के खात्मे के लिए सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया था। अब इसके परिणाम सामने आने लगे हैं। नशा तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार किया है। इसकी मदद से पुलिस नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इस लड़ाई में आम जनता को आगे आने की जरूरत है
** सैनी को हल्के में लेना भाजपा को पड़ा भारी **किसके पाले से खिसके 13025 मत नालागढ़ में एक बार फिर भाजपा को बगावत ले डूबी है। इस सीट पर भाजपा के बागी हरप्रीत सैनी मैदान में ना होते तो शायद तस्वीर कुछ और भी हो सकती थी। शुरुआत से ही माना जा रहा था कि सैनी इस क्षेत्र में भाजपा के समीकरण बिगाड़ सकते है और हुआ भी बिलकुल ऐसा ही... हरप्रीत सैनी को इस चुनाव में कुल 13025 वोट मिले है तो वहीँ भाजपा प्रत्याशी के एल ठाकुर को 25618 मत प्राप्त हुए है। ज़ाहिर है अगर इस सीट पर बगावत साध ली जाती तो तस्वीर कुछ और भी हो सकती थी। अपनों की नाराज़गी ने पिछले 6 उपचुनावों में भी भाजपा को सैट बैक दिया था और इन उपचुनावों में भी ये हार का बड़ा कारण बना है। शायद नालागढ़ की जनता ने सत्ता के साथ चलना उचित समझा है और इस सीट पर होलीलोज और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के करीबी हरदीप बावा की जीत दिलाई है।
नालागढ़ का प्रतिनिधित्व हरदीप सिंह बावा करेगें। नालागढ़ में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के करीबी बावा हरदीप 8990 वोट से चुनाव जीत गए हैं। इस चुनाव में हरदीप बावा को 31298 मत मिले हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी केएल ठाकुर को 24428 वोट पड़े हैं। बता दें की शुरुआत से ही कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप बावा के खिलाफ इस क्षेत्र में भाजपा ने बाहरी का नारा बुलंद किया था मगर भाजपा के किसी भी दाव का असर यहाँ नहीं हो पाया है। इस बार बावा तीसरी बार चुनावी मैदान में थे। इससे पहले वे एक बार निर्दलीय और एक बार बतौर कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में उतरे थे मगर दोनों ही बार हरदीप बावा की हार हुई। इस बार बावा को नालागढ़ की जनता ने अपना आशीर्वाद दे दिया है। इस चुनाव में कांग्रेस लगातार कृष्ण लाल ठाकुर से सवाल पूछ रही थी कि उनके इस्तीफे का कारण क्या है। क्यों उन्होंने इस्तीफा दिया और शायद केएल ठाकुर इसका जवाब जनता तक नहीं पहुंचा पाए। नतीजों से स्पष्ट हो गया है की केएल का निर्दलीय विधायक के पद से इस्तीफा दे कर भाजपा टिकट से चुनाव लड़ना जनता को रास नहीं आया। वहीँ निर्दलीय प्रत्याशी हरप्रीत सैनी भी केएल की हार का बड़ा कारण बने है। बतौर निर्दलीय उम्मीदवार हरप्रीत सिंह सैनी भी 13025 वोट हासिल करने में कामयाब रहे हैं।
गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश द्वारा यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डायरेक्टर ए जे सिंह को ज्ञापन सोपा गया, जिसमें गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश के कार्यकारिणी सदस्य एवं यूआईटी हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के सदस्य भी शामिल रहे इस ज्ञापन के माध्यम से हमने यूआईटी डायरेक्टर व प्रशासन का ध्यान उन ट्राइबल छात्रों की और आकर्षित किया जिसमे वह अध्यनरत है। आपको एक बात बता दी जाए कि यूआईटी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का एक अभिन्न अंग है परंतु इस बात से हैरानी है कि यूआईटी में पढ़ रहे छात्रों को हॉस्टल की सुविधा से वंचित रखा जा रहा है । संघ द्वारा इस मुद्दे को कई बार प्रशासन के सामने रखा है और आगे भी गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश इसी भांति इन मुद्दों के लिए प्रशासन के खिलाफ लड़ते रहेंगे और इन्हें सुलझाने के लिए हर सार्थक प्रयास करते रहेंगे। अनुसूचित जनजाति के छात्र हिमाचल प्रदेश के उन क्षेत्रों से आते है जो मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रहते हैं और उनके पास फीस को भरने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं वह अपना जीवन यापन अनेक कठिनाइयों से करते हैं परंतु शिमला में पहुंचकर उन्हें भारी भरकम बोझ जिसमें रूम रेंट व पीजी में रह रहे छात्रों को एक आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है जो की उन अनुसूचित जनजाति के छात्रों लिए सम्भव नही दिखता है आपको ये बात भी बता दी जाए की जो विश्वविद्यालय का जो ट्राईबल हॉस्टल है वह ट्राइबल छात्रों के लिए आरक्षित हैं परंतु विश्वविद्यालय यहां सामान्य वर्ग के छात्रों को भी भरने का काम कर रहा है परंतु यह अनुचित है क्योंकि जब तक विश्वविद्यालय में ट्राइबल छात्र किराए के रूम में रह रहे हैं तब तक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ट्राईबल हॉस्टल को सामान्य वर्ग के छात्रों को नहीं भरना चाहिए। विश्व विद्यालय कई बार इस बात का हवाला देता है की यह सिर्फ पोस्टग्रेजुएट (PG) व उससे ऊपर के छात्रों के लिए है परंतु यहां बीएड डिग्री के छात्र भी रहते है अत: गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश सदैव छात्र कल्याण के पक्ष में खड़ा है और इसी भांति छात्र हित कार्य में लगा है और लगा रहेगा ।
** अपनी पत्नी को एक्टिव पॉलिटिक्स में शामिल करने वाले तीसरे मुख्यमंत्री बने सीएम सुक्खू डॉ. यशवंत सिंह परमार और स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की फेहरिस्त में अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हो गए। इन दोनों के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ऐसे तीसरे मुख्यमंत्री है जिनकी पत्नी एक्टिव पॉलिटिक्स शामिल हो गई है। इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश के ऐसे दो मुख्यमंत्री रहे है जिनकी पत्नियां भी राजनीति में ही रही है। हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय डॉ. यशवंत सिंह परमार की पत्नी भी राजनीति में ही थी। हालाँकि उनकी पत्नी शादी से पहले ही राजनीति में आ चुकी थी और शायद ये बात बेहद कम लोग जानते होंगे कि डॉ. यशवंत सिंह परमार की वो दूसरी पत्नी थी। 65 साल के डॉ. परमार को 55 साल की महिला राज्यसभा सांसद सत्यवती डांग से प्यार हो गया था और उन्होंने तब दूसरी शादी की थी। सत्यवती डांग 1964 से 1969 तक हिमाचल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहीं है। दूसरे मुख्यमंत्री थे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह। वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री रहते ही प्रतिभा सिंह भी पॉलिटिक्स में आ गई थी और अभी प्रतिभा सिंह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाल रही है। अब सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के सातवें मुख्यमंत्री है और अपनी पत्नी को पोलटिक्स में लाने वाले तीसरे मुख्यमंत्री।
**कांग्रेस के पास 40 का आकड़ा कायम **आखिर उपचुनावों से हासिल हुआ क्या ? 23 मार्च 2024 वो तारिख जब कांग्रेस के 6 विधायक रूठ कर भाजपा के खेमे में शामिल हो गए थे । 13 जुलाई 2024 वो तारिख है जब प्रदेश कांग्रेस के पास उनकी जगह पर 6 नए विधायक है। तीन उपचुनावों के नतीजों के बाद अब हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के कुल 40 और भाजपा के कुल 28 विधायक बैठेंगे। 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद की तस्वीर भी इससे ज़्यादा इतर नहीं थी, तब भी कांग्रेस के 40 ही विधायक विधानसभा की दहलीज़ तक पहुंचे थे यानि कांग्रेस के 6 विधायक अगर छिटके तो जनता ने 6 अन्य विधायकों को जितवा कर विधानसभा पहुंचा दिया। हां मगर तब भाजपा के महज़ 25 ही विधायक सदन तक पहुंचे थे और अब ये आकड़ा 28 का हो गया है। अब आप पूछेंगे की ये आकड़ा तो भाजपा निर्दलीय विधायकों को अपने साथ मिलाकर भी प्राप्त कर सकती थी फिर 3 विधानसभा सीटों की जनता पर उपचुनाव थोपने का आखिर क्या अर्थ निकला। ये सवाल जनता अब भाजपा से पूछेगी और पूछेगी उन निर्दलीय विधायकों से जिन्होंने विधायक होने के बावजूद भी पद से इस्तीफ़ा दे दिया। पुछा जाएगा की आखिर इन 3 उपचुनावों से भाजपा को हासिल क्या हुआ। सवाल तो भाजपा हाईकमान भी पूछेगा, प्रदेश के उन भाजपा नेताओं से जिनके काँधे पर भाजपा को चुनाव जितवाने की ज़िम्मेएदारी सौंपी गई थी। सवाल जवाब अब चलते रहेंगे मगर फिलवक्त इन चुनावों का लब्बोलुबाब ये है की अभी के लिहाज़ से प्रदेश की 40 विधायकों वाली कांग्रेस सरकार बिलकुल सुरक्षित है। वहीँ प्रदेश की जनता ने ये सन्देश भी सांझा कर दिया है कि हिमचाल प्रदेश की जनता दल-बदल की राजनीति से ज़्यादा इत्तेफ़ाक़ नहीं रखती।
**सरकार गिराने के दावे फेल **अपनों ने डूबोई भाजपा की नाव कोशिश तो बहुत की मगर हासिल कुछ नहीं हुआ। भाजपा के तथाकथित ऑपरेशन लोटस को हिमाचल प्रदेश में मुँह की खानी पड़ी है। प्रदेश में पांच-छह महीने से सरकार बनाने का दावा कर रही भाजपा के लिए ये नतीजे बड़ा झटका है। पहले छह और अब तीन, कुल नौ उपचुनाव में से भाजपा 6 पर चुनाव हार गई है। न बिंदल का जादू चला न जयराम ठाकुर अपनी साख बचा पाए। हां सांसद अनुराग ठाकुर ज़रूर हमीरपुर में जीत दिलवाने में कामयाब रहे मगर इसका मार्जिन इतना कम है की 'यहाँ कुछ भी हो सकता था। वहीँ इस बार भले ही बाल-बाल जीत गए मगर इससे पहले अनुराग के संसदीय क्षेत्र के तहत हुए 4 में से पार्टी 3 चुनाव हार गई थी। यहां तक की प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के गढ़ में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा को भी हार मिली। यानि इन नेताओं में से किसी एक के भी रिपोर्टकार्ड पर स्टार नहीं लग पाए। ज़ाहिर है अब भाजपा आलाकमान की कचेहरी में प्रदेश के दिग्गज भाजपा नेताओं की पेशी होगी और इन्हें हार स्वीकारनी भी होगी और जो संभावित नतीजे होंगे उन्हें गले भी लगाना होगा। सूची तो उनकी भी बनेगी जो साथ दिख तो रहे थे मगर साथ दे नहीं रहे थे। इन चुनावों में भाजपा की लुटिया भाजपा के अपने ही नाराज़ नेताओं ने डूबोई है। अब देखना ये होगा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा इस हार पर क्या एक्शन लेती है और क्या सबक ।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने कैडेट्स के बीच अनुशासन, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की सराहना की। विश्वविद्यालय परिसर में 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (एटीसी 197) के दौरान कैडेट्स को संबोधित करते हुए प्रोफेसर चंदेल ने व्यक्तिगत विकास में एनसीसी की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला। शिविर में 684 कैडेट भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों, 11 कॉलेजों और नौ स्कूलों के वरिष्ठ और कनिष्ठ एनसीसी डिवीजनों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एनसीसी कैडेट्स के व्यापक विकास के उद्देश्य से शिविर का आयोजन 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संजय शांडिल की देखरेख में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सेना और नागरिक कर्मचारियों की टीम, एनसीसी अधिकारी और विभिन्न शिक्षक भी इस शिविर का हिस्सा है। इस कैंप में कैडेट शारीरिक और हथियार प्रशिक्षण, अभ्यास, सांस्कृतिक और कौशल विकास गतिविधियों, प्रेरक व्याख्यान, आपदा और स्वास्थ्य प्रबंधन सत्र, सामाजिक जिम्मेदारी पहल और विभिन्न खेल आयोजनों सहित कई गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर कर्नल संजय शांडिल ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर चंदेल और छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. केके रैना का स्वागत किया। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र कर्नल संजय शांडिल ने वार्षिक प्रशिक्षण शिविरों की मेजबानी के लिए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया और शिविर के दौरान आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कैडेट्स को अपने संबोधन में प्रोफेसर चंदेल ने अभ्यास के दौरान दिखाए गए अनुशासन के लिए गर्ल्स बटालियन टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कैडेट्स को शिविर से सीखे गए सबक और अनुशासन को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। अच्छे नागरिक के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने प्रतिभागियों से जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने और मोबाइल स्क्रीन समय को कम करते हुए प्रौद्योगिकी का कुशलतापूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया। प्रोफेसर चंदेल ने जीवन कौशल सीखने के महत्व पर भी जोर दिया और प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे खुद को औपचारिक शिक्षा तक ही सीमित न रखें बल्कि अपने जुनून की खोज करें और कौशल विकास पर ध्यान दें। उन्होंने प्रेरणा के रूप में विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं के उदाहरणों का हवाला देते हुए कैडेट्स को एक दिन की सफलता या विफलता से परे बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों को इन रोल मॉडलों से सीखने और सफलता के लिए अपना रास्ता खुद बनाने के लिए प्रेरित किया।
**आशीष शर्मा ने बचाई भाजपा की लाज **गृह जिले में सीएम की लोकप्रियता पर सवाल हिमाचल की तीन में से दो सीटों पर हुए उपचुनाव में तो सत्तारूढ़ कांग्रेस जीत गई मगर मुख्यमंत्री के अपने जिले की सीट हमीरपुर में पार्टी को हार का मुँह देखना पड़ा है। आपको याद होगा कि इस सीट पर कांग्रेस द्वारा एक नारा बुलंद किया गया था। मुख्यमंत्री भी अपना और विधायक भी अपना, मगर हमीरपुर की जनता ने इस नारे को सिरे से नकार दिया है। इन चुनावों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मजबूत नेता के तौर पर जरूर उभरे हैं मगर उनके घर व गृह जिला हमीरपुर में कांग्रेस की हार सीएम की अपने क्षेत्र की लोकप्रियता पर कुछ प्रश्न खड़े कर रही है। यहाँ ये तक कहा गया की जो लोग प्रो. प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री नहीं रहने देना चाहते थे आज वहीँ लोग सीएम सुक्खू को मुख्यमंत्री नहीं रहने देना चाहते हैं। ये वो लोग है जो सीएम को मुख्यमंत्री नहीं रहने देना चाहते मगर इस बात का भी कोई असर नहीं हुआ। वहीँ हमीरपुर की जनता ने इस्तीफे के बावजूद एक बार फिर आशीष शर्मा को अपना विधायक चुन लिया है। अब आशीष उन तीन विधायकों की फेहरिस्त में शामिल हो गए है जो एक बार फिर से विधानसभा की दहलीज़ लगेंगे। हालांकि आशीष की जीत का मार्जिन इस बार पिछली बार के मुकाबले काफी घटा है। पिछली बार आशीष शर्मा 12,899 के मार्जिन से जीते थे जो अब घट कर 1,571 ही रह गया है।
** पति मुख्यमंत्री और पत्नी विधायक .... **सीएम सुक्खू की पत्नी कमलेश ने जीता देहरा का उपचुनाव कांग्रेस का एक अनोखा प्रयोग अब सियासी संयोग बन चूका है। देहरा से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीत चुकी है। सत्ता की गाड़ी में सवार हो कर अब पति पत्नी दोनों ही विधानसभा में नज़र आएंगे। उपचुनाव के नतीजों के साथ ही ये तो स्पष्ट हो चूका है कि आखिरकार ससुराल वालों ने सीएम सुक्खू को जीत का शगुन दे कर कमलेश ठाकुर को देहरा का विधायक बना ही दिया। अब कमलेश बार-बार अपने मायके वालों से यही गुज़ारिश कर रही थी कि ससुराल में उनका मान रहे इसके लिए देहरा की जनता से उन्हें प्यार मिलना बेहद ज़रूरी है। हुआ भी कुछ ऐसा ही अब मायके वालो ने तो अपना धर्म निभा दिया है अब बारी है देहरा की बेटी की। जो बाते, जो वादे कमलेश और सीएम सुक्खू ने देहरवासियों से किये थे क्या वो पुरे होंगे ये देखना दिलचस्प होगा। राज्यों की राजनीति में पति पत्नी की विधानसभा में एक साथ एंट्री के उदाहरण न के बराबर ही देखने को मिले है, हां सिक्किम में एक बार ऐसा देखने को ज़रूर मिला था जब पति मुख्यमंत्री बने और पत्नी विधायक, लेकिन तब सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग की पत्नी कृष्ण कुमारी राई ने शपथ ग्रहण करने के एक दिन बाद ही विधायक पद से त्याग-पत्र दे दिया था। अब राज्यों की सियासत में ये दूसरा मौका है जब पति प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे और पत्नी विधायक।


















































