** संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने की सभी तैयारियां करें पूर्ण: उपायुक्त किन्नौर जनजातीय जिला किन्नौर में आगामी मॉनसून सीजन की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि जिला में किसी भी आपदा से निपटने के लिए सेना, आई.टी.बी.पी, एन.डी.आर.एफ, पुलिस, व होमगार्ड के त्वरित प्रतिक्रिया दल सभी आवश्यक उपकरणों सहित तैयार रहे तथा संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित रखें। इस दौरान जिला के संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने जिला के अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, उपमण्डलाधिकारी कल्पा व निचार सहित सभी तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे भू-स्खलन व बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर नजर रखें ताकि मॉनसून के दौरान आपदा का त्वरित निपटान सुनिश्चित हो सके व जान-माल के नुकसान को रोका जा सके। बैठक में जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि वे जिले के सभी पेयजल भण्डारण टैंकों की सफाई, सभी कूहलों की सफाई व सभी स्कूलों के टैंकों की सफाई सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त सही प्रकार से क्लोरोनेशन भी सुनिश्चित बनाएं ताकि जल जनित रोगों से बचाव हो सके तथा पानी की नियमित रूप से टैंस्टिंग करने के भी विभाग को निर्देश दिए। इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए गए कि वे जल जनित रोगों से बचाव के लिए सभी आवश्यक दवाईयों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखें। जिले में भू-स्खलन को लेकर अतिसंवेदनशील स्थलों (बटसेरी, निगुलसरी, नाथपा, मलिंग नाला, कूपा, उरनी ढांक, पूर्वनी झूला, पागल नाला) में लगाए गए अर्ली वॉर्निंग प्रणाली उपकरणों की जांच व मुरम्मत करने के आदेश दिए। इसके अलावा साडा को भी निर्देश दिए कि वे साडा क्षेत्र में आने वाली सभी नालियों व नालों की सफाई मॉनसून सीज़न से पहले सुनिश्चित बनाएं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को भी निर्देश दिए कि वे जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तक जहां अधिक बारिश होती है वहां आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएं। इसके अलावा खाद्य वस्तुओं के उचित भण्डारन, एल.पी.जी व पेट्रोल/डीजल की आपूर्ति भी मॉनसून के दौरान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शिक्षा विभाग को मॉनसून सीजन के दौरान छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया गया तथा किसी भी आपदा की स्थिति में विद्यार्थियों की सुरक्षा प्राथमिकता के आधार पर करने के आदेश दिए गए। बैठक में अवगत करवाया गया कि जिला मुख्यालय पर पहले से ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जो 24 घंटे क्रियाशील रहता है तथा कोई भी व्यक्ति आपदा के समय 1077 नम्बर पर आपात संबंधी सूचना दे सकता है। उपायुक्त ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को आपदा के समय सभी संचार उपकरणों को दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पूह विनय मोदी, उपमण्डलाधिकारी कल्पा डॉ. मेजर शशांक गुप्ता, उपमण्डलाधिकारी निचार बिमला वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, अधिशाषी अभियन्ता जल शक्ति अभिषेक शर्मा, ग्रैफ, आई.टी.बी.पी, एन.डी.आर.एफ, पुलिस, होमगार्ड व एनएच-05 के अधिकारियों सहित अन्य उपस्थित थे।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के 26 NCC कैडेट्स NCC वार्षिक शिविर में भाग ले रहे हैं I जानकारी देते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय से 26 ( छात्र व छात्रा ) NCC कैडेट्स एनसीसी वार्षिक शिविर में भाग ले रहे हैं, जो की महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय कुमारहट्टी में प्रथम छात्र वाहिनी एनसीसी सोलन के सौजन्य से 1 जुलाई 2024 से 10 जुलाई 2024 तक आयोजित किया गया हैI इनके साथ ANO अमर देव भी शिविर मे NCC कैडेट्स के साथ भाग ले रहे हैंI इस शिविर मे लगभग 500 कैडेट्स के करीब स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय से NCC कैडेट्स भाग लेंगे I ये शिविर प्रथम छात्र वाहिनी सोलन के कमांडिंग ऑफिसर के मार्ग दर्शन मे चलाया जा रहा है I इस शिविर मे NCC कैडेट्स के लिए सैनिक प्रशिक्षण, समाजिक सेवा ज्ञान, खेलकूद प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रतियोगिता और ड्रिल प्रतियोगिता करवाई जाएगीI विद्यालय अध्यक्ष, विद्यलय प्रधानाचार्य, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष और समस्त अध्यापक वर्ग ने सभी एनसीसी शिविर में भाग ले रहे कैडेट्स को बधाई दी I बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के NCC कैडेट्स हर वर्ष एनसीसी वार्षिक शिवर मे भाग लेते हैं और शिविर से अच्छा परीक्षण प्राप्त कर स्कूल और कुनिहार का नाम रोशन करते हैंI सभी NCC कैडेट्स मे शिविर के प्रति बड़ा ही हर्षो उल्लास है I
भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) की ओर से जारी देश की टॉप-50 केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैकिंग में वर्ष 2023 की अपेक्षा 2024 में ए++ ग्रेड प्राप्त हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्तर सात पायदान नीचे खिसक गया है। हालांकि बीते साल के मुकाबले अंक ज्यादा हासिल किए हैं। वर्ष 2023 में रैंकिंग में 42वां स्थान था, जबकि इस वर्ष जारी रैकिंग में सात पायदान नीचे लुढ़क कर सीयू 49वें नंबर पर पहुंच गई है। भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) ने देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी की है। आईआईआरएफ ने यह रैंकिंग सात विभिन्न मानदंडों को आधार बना कर दी है। टॉप पर रहने वाले दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के ओवरआल 989.28 अंक हैं, जबकि 49वें स्थान पर रहने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश को 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी संस्था की ओर से वर्ष 2023 में किए सर्वे के अनुसार हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय को 876.51 अंक प्राप्त हुए थे और उसे टॉप-50 में से 42वें स्थान मिला था। वहीं जेएनयू 983.12 अंकों के साथ पहले स्थान पर रही थी। आईआईआरएफ ने यह सर्वे सात विभिन्न मानकों को आधार बना कर किया था। इसमें यूनिवर्सिटी का प्लेसमेंट परफॉरमेंस, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी, रिसर्च, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट, फ्यूचर ओरिएंटेशन और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक शामिल था। प्लेसमेंट परफॉरमेंस में 217.3, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी में 199.2, रिसर्च में 179.9, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन में 142.2, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट 62, फ्यूचर ओरिएंटेशन में 54.8 और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक में 37.9 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि सीयूएचपी को ओवरऑल 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं।
** मार्केट यार्ड, कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए विश्व बैंक से चार माह बढ़ी मियाद हिमाचल प्रदेश में 1,134 करोड़ के बागवानी विकास प्रोजेक्ट को चार माह का विस्तार मिल गया है। विश्व बैंक की ओर से विस्तार को मंजूरी से संबंधित पत्र प्रदेश सरकार को मिला गया है। अब यह प्रोटेक्ट अक्तूबर में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में 7 नए कोल्ड स्टोर का निर्माण और 8 कोल्ड स्टोर के उन्नयन किया गया है। प्रोजेक्ट के विस्तार से महेंदली में मार्केट यार्ड का काम पूरा होगा और जरोल टिक्कर में बनाए जा रहे कोल्ड स्टोर का निर्माण कार्य भी पूरा होगा। इसके अलावा करोेड़ों की सिंचाई योजनाओं का काम भी पूरा होगा। दो महीने पहले प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए विश्व बैंक की टीम हिमाचल आई थी। प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट की मियाद आगे बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे विश्व बैंक ने स्वीकृति दे दी है। प्रोजेक्ट के तहत अब तक विदेशों से उन्नत किस्म के करीब 30 लाख सेब, नाशपाती, चेरी, प्लम, बादाम व आड़ू के पौधे और रूट स्टॉक आयात किए जा चुके हैं। 500 विभागीय अधिकारियों और 5000 से अधिक किसानों-बागवानों को विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 70 विभागीय अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
डॉक्टर्स डे सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, जो लोगों की सेवा कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की कभी न खत्म होने वाली भावना को सलाम करने के लिए, साई इंटरनेशनल स्कूल ने डॉक्टर्स डे मनाया। प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों ने जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सोलन के प्रसिद्ध डॉक्टरों को सुंदर फूलों के गुलदस्ते और ग्रीटिंग कार्ड के माध्यम से धन्यवाद दिया। डॉ संजय अग्रवाल (सर्जन), डॉ संजय ग्रोवर (नेत्र विशेषज्ञ), डॉ रवि कांत सूद (सामान्य चिकित्सक),डॉ रोहित वा शुभ्रा सबलोक (दंत चिकित्सक), डॉ विनय पटियाल (त्वचा विशेषज्ञ) को विशेष धन्यवाद कि उन्होने अपना बहुमूल्य समय साई इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों को दिया। यह वास्तव में एक अद्भुत दिन था, जिसे डॉक्टरों के प्रति कृतज्ञता की भावना के साथ मनाया गया। स्कूल प्रबंधक रामिंदर बावा ने भी सभी डॉक्टर्स को विषेश शुभकानाएं दी।
देशभर में आज रात 12 बजे से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। 51 साल पुराने सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लेगी। भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय अधिनियम (BNS) लेगा और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधान लागू होंगे। महिलाओं से जुड़े ज्यादातर अपराधों में पहले से ज्यादा सजा मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक सूचना से भी FIR दर्ज हो सकेगी। एक जुलाई से पहले दर्ज हुए मामलों में नए कानून का असर नहीं होगा। यानी जो केस 1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज हुए हैं, उनकी जांच से लेकर ट्रायल तक पुराने कानून का हिस्सा होगी। एक जुलाई से नए कानून के तहत एफआईआर दर्ज हो रही है और इसी के अनुसार जांच से लेकर ट्रायल पूरा होगा। BNSS में कुल 531 धाराएं हैं। इसके 177 प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जबकि 14 धाराओं को हटा दिया गया है। 9 नई धाराएं और 39 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले CrPC में 484 धाराएं थीं। भारतीय न्याय संहिता में कुल 357 धाराएं हैं। अब तक आईपीसी में 511 धाराएं थीं। इसी तरह भारतीय साक्ष्य अधिनियम में कुल 170 धाराएं हैं। नए कानून में 6 धाराओं को हटाया गया है। 2 नई धाराएं और 6 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले इंडियन एविडेंस एक्ट में कुल 167 धाराएं थीं। नए कानून में ऑडियो-वीडियो यानी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर जोर दिया गया है। फॉरेंसिक जांच को अहमियत दी गई है। कोई भी नागरिक अपराध के सिलसिले में कहीं भी जीरो FIR दर्ज करा सकेगा। जांच के लिए मामले को संबंधित थाने में भेजा जाएगा। अगर जीरो एफआईआर ऐसे अपराध से जुड़ी है, जिसमें तीन से सात साल तक सजा का प्रावधान है तो फॉरेंसिक टीम से साक्ष्यों की जांच करवानी होगी। अब ई-सूचना से भी एफआईआर दर्ज हो सकेगी। गंभीर धाराओं में भी ई-एफआईआर हो सकेगी। वॉइस रिकॉर्डिंग से भी पुलिस को सूचना दे सकेंगे। E-FIR के मामले में फरियादी को तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी पर साइन करना जरूरी होंगे। फरियादी को एफआईआर, बयान से जुड़े दस्तावेज भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। फरियादी चाहे तो पुलिस द्वारा आरोपी से हुई पूछताछ के बिंदु भी ले सकता है। FIR के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी जरूरी होगी। चार्जशीट दाखिल होने के 60 दिनों के भीतर कोर्ट को आरो तय करने होंगे। मामले की सुनवाई पूरी होने के 30 दिन के भीतर जजमेंट यानी फैसला देना होगा। जजमेंट दिए जाने के बाद 7 दिनों के भीतर उसकी कॉपी मुहैया करानी होगी। पुलिस को हिरासत में लिए गए शख्स के बारे में उसके परिवार को लिखित में बताना होगा। ऑफलाइन और ऑनलाइन भी सूचना देनी होगी। महिलाओं-बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को BNS में कुल 36 धाराओं में प्रावधान किया गया है। रेप का केस धारा 63 के तहत दर्ज होगा। धारा 64 में अपराधी को अधिकतम आजीवन कारावास और न्यूनतम 10 वर्ष कैद की सजा का प्रावधान है। धारा 65 के तहत 16 साल से कम आयु की पीड़ित से दुष्कर्म किए जाने पर 20 साल का कठोर कारावास, उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है। गैंगरेप में पीड़िता यदि वयस्क है तो अपराधी को आजीवन कारावास का प्रावधान है। 12 साल से कम उम्र की पीड़िता के साथ रेप पर अपराधी को न्यूनतम 20 साल की सजा, आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। शादी का झांसा देकर संबंध बनाने वाले अपराध को रेप से अलग अपराध माना गया है। यानी उसे रेप की परिभाषा में नहीं रखा गया है। पीड़ित को उसके केस से जुड़े हर अपडेट की जानकारी हर स्तर पर उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी। अपडेट देने की समय-सीमा 90 दिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकारें अब राजनीतिक केस (पार्टी वर्कर्स के धरना-प्रदर्शन और आंदोलन) से जुड़े केस एकतरफा बंद नहीं कर सकेंगी। धरना- प्रदर्शन, उपद्रव में यदि फरियादी आम नागरिक है तो उसकी मंजूरी लेनी होगी। गवाहों की सुरक्षा के लिए भी प्रावधान है। तमाम इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी कागजी रिकॉर्ड की तरह कोर्ट में मान्य होंगे। मॉब लिंचिंग भी अपराध के दायरे में आ गया है। शरीर पर चोट पहुंचाने वाले अपराधों को धारा 100-146 तक बताया गया है। हत्या के मामले में धारा 103 के तहत केस दर्ज होगा। धारा 111 में संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। धारा 113 में टेरर एक्ट बताया गया है। मॉब लिंचिंग के मामले में 7 साल की कैद या उम्रकैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। चुनावी अपराध को धारा 169-177 तक रखा गया है। संपत्ति को नुकसान, चोरी, लूट और डकैती आदि मामले को धारा 303-334 तक रखा गया है। मानहानि का जिक्र धारा 356 में किया गया है। दहेज हत्या धारा 79 में और दहेज प्रताड़ना थारा 84 में बताई गई है।
हिमाचल में पिछली साल हुई भारी बरसात से सबक लेते हुए लोक निर्माण विभाग ने कर्मचारियों की छुट्टियां मानसून सीजन समाप्त होने तक रद्द कर दी है। ताकि भारी बरसात में भूस्खलन और डंगे गिरने से बाधित होने वाली सड़कों को जल्द से जल्द खोला जा सके। लोक निर्माण विभाग में केवल विशेष परिस्थितियों में ही कर्मचारी छुट्टी के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। मानसून सीजन में अधिकारियों को नियमित तौर पर फील्ड में सड़कों और पुलों का निरीक्षण कर इसकी रोजाना सरकार को रोजाना रिपोर्ट देनी होगी। मानसून सीजन में लोक निर्माण मंत्री भी नियमित तौर पर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। ताकि भारी बारिश से आने वाली प्राकृतिक आपदा से बंद होने वाली सड़कों को जल्द से जल्द खोला जा सके। हिमाचल में इस महीने सेब का सीजन भी शुरू होने वाला है। ऐसे में मंडियों में सेब समय पर पहुंचकर बिक सके। इसके लिए सड़कों को जल्द खोलने के लिए विशेष तौर पर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान होने वाली मूसलाधार बारिश हर बार अपने साथ तबाही लाती है। प्रदेश भर में भारी बारिश से होने वाले भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से पैदा होने वाले हालातों से निपटने के लोक निर्माण विभाग ने मैन पावर और मशीनरी की तैनाती कर दी है। लोक निर्माण विभाग के डिवीजनों के तहत विभिन्न क्षेत्रों में 206 जेसीबी, 110 बुल्डोजर, 28 रोबो मशीन, 17 बेली ब्रिज और 13 हजार से अधिक श्रम शक्ति को तैनात कर दिया है। ताकि मानसून सीजन के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति में बहाली एवं राहत कार्य तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित किए जा सके। हिमाचल में पिछली भारी बरसात में 400 से अधिक लोगों का बहुमूल्य जीवन समाप्त हो गया था। वहीं 10 हजार करोड़ की संपत्ति आपदा की भेंट चढ़ गई थी। नदी नालों में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से 2545 मकान पूरी तरह और 10,853 मकान आंशिक रूप क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसी तरह से 317 दुकानें और ढाबे नष्ट हुए थे। प्रदेश में भारी बरसात से 10,140 पशु मारे गए थे। हिमाचल में लगातार सबसे अधिक बारिश 8 से 11 जुलाई, 13 से 15 अगस्त और 23 और 24 अगस्त को हुई थी। ऐसे लगातार कई घंटों तक बारिश का क्रम जारी रहने से सबसे अधिक तबाही मची थी। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा के मुताबिक सरकार मानसून सीजन से निपटने को तैयार है। सभी अधिकारियों को डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत अपनी जिम्मेवारी निभाने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बरसात से सबक लेते हुए पहले की विभिन्न स्थानों पर मैन पावर और मशीनरी तैनात की जा चुकी है।
हिमाचल प्रदेश में रविवार को मानसून कमजोर पड़ गया। खराब माैसम के ऑरेंज अलर्ट में भी धूप खिली रही। 1 और 2 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 3 से 6 जुलाई तक यलो अलर्ट है। इस दौरान गर्जना के साथ बारिश और कई जगह बिजली गिर सकती है। हिमाचल प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद से कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश हो रही है। ऊना का पारा रविवार को भी 36 डिग्री सेल्सियस के पार रहा।
सोलन: हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों हुए बिलासपुर गोलीकांड के बाद अब सोलन से भी फायरिंग का मामला सामने आया है। सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के थाना गांव में आपसी रंजिश में गोलियां चली। इस घटना में गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे बद्दी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टर ने पीजीआई रेफर कर दिया है। गोली व्यक्ति के दाईं जांघ में लगी है। वहीं, गोली चलाने वाला आरोपी मौके से फरार हो गया। सोलन जिले के कड़ूवाना गांव में आपसी रंजिश के चलते गोली चली। जानकारी के अनुसार कड़ूवाना का दीदार सिंह (34) थाना गांव में चल रही क्रिकेट प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुआ था। वहां पर इसी गांव के एक अन्य व्यक्ति को भी मुख्य अतिथि बुलाया हुआ था। दीदार सिंह जैसे ही स्टेज पर चढ़ा तो वहां पर पहले से स्टेज पर बैठा अन्य मुख्यातिथि इस बात से नाराज हो गया। वह दीदार सिंह को देखकर स्टेज से उतर गया। बाद में उसने पीछे से फायर कर दिया और गोली दीदार सिंह के दाईं जांघ में जा लगी और वह लहूलुहान हो गया। वहीं, गोली मारने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अचानक गोली चलने से मौके पर अफरा तफरी मच गई। यह हादसा रविवार दोपहर करीब 3 बजे का है। स्टेज पर मौजूद लोग दीदार सिंह को बद्दी अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टर ने दीदार सिंह की हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया। डीएसपी खजाना राम ने घटना को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि थाना गांव में गोली चलने की सूचना मिली है। सूचना मिलते ही बद्दी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घायल को तब तक उसके परिजन पीजीआई ले गए थे। पुलिस की एक टीम घायल व्यक्ति के बयान लेने के लिए पीजीआई रवाना हो गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री झूठ की गारंटी देने में माहिर हैं। देहरा से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आयी है तब से मुख्यमंत्री सुक्खू झूठ पर झूठ बोलते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू क़ो इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि अब वो किसी पार्टी के मुखिया नहीं बल्कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे प्रदेश के मुखिया हैं और जहां तक हमें लगता हैं शायद उनको अपने पद की अहमियत की जानकारी वे सिर्फ अपनी पत्नी क़ो जिताने के लिए परिवार के मुखिया के रूप में काम कर रहे है न कि प्रदेश के मुखिया की तरह, इसलिए उनको परामर्श देता हूं वे अपनी इन हरकतों से बाज़ आएं। प्रत्याशी होशियार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश का माहौल खराब करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रदेश की लोकतान्त्रिक व्यवस्था क़ो ख़राब करने में लगे है। यह सरकार उप-चुनावों क़ो प्रभावित करने के लिए गुंडागर्दी, नीचता व झूठ की सारी हदें पार कर चुकी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जब से सत्ता में आए हैं तब से लेकर मात्र झूठ बोल कर जनता को भ्रमित करने का ही कार्य करते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान जब मुख्यमंत्री को और उपमुख्यमंत्री को अपनी बेटी व पत्नी को चुनाव लड़ने के लिए कहा गया परन्तु हार के डर से दोनों ही पीछे हट गए और अब सत्ता का दुरूपयोग करके पहले उपमुख्यमंत्री की बेटी और अब पत्नी को स्थापित करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं और उनके हकों को छीन रहे हैं। आज देहरा की जनता मुख्यमंत्री और प्रशासन की धमकियों की वजह से परेशान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी पत्नी को चुनाव जीताने के लिए राजधर्म भूल गए हैं और सत्ता का दुरूपयोग कर देहरा को सौगातों का लालच लेकर खरीदना चाहते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू आज देहरा की जनता को बताएं कि ज़ब एक निर्दलीय विधायक के रूप में मैंने यही सुविधाएं मांगी थी तब सरकार ने इस बात पर विचार क्यों नहीं किया और एक भी कार्य मेरे कहने से नहीं किया मजबूरन मुझे यह रास्ता इख्तियार करना पड़ा और अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। आज मुख्यमंत्री यह बताएं अगर आज जो घोषणा पर घोषणा की जा रही है वैसा पहले किया होता तो आज प्रदेश में जो अस्थिरता पैदा हुई वो कभी न होती और इतना खर्चा भी प्रदेश पर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू कहते हैं कि देहरा मेरा और मेरा पुराना घर यहीं है पर इस देहरा कि याद आज ही क्यों आ रही है ज़ब उनकी पत्नी यहाँ से चुनाव लड़ रही है। टिकट फाइनल होते ही कैबिनेट में पुलिस जिला बनाना जबकि देहरा में अभी आदर्श आचार सहिंता चल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का नेतृत्व आज ऐसी पार्टी कर रही है, जिनका एक मात्र ध्येय अपने परिवार को विकास करना है नाकि जनता या कार्यकर्ता का विकास। केंद्र से नजर दौड़ाएं तो राहुल गाँधी ने अपनी वायनाड की सीट बहन प्रियंका के लिए खाली की, मंडी की पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने अपने बेटे के लिए मंडी की सीट छोड़ी, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तो सबसे ही आगे निकल गए और आज अपनी पत्नी के लिए एक कार्यकर्त्ता से देहरा की सीट को छीन कर ले लिया, जिससे यही प्रतीत होता है कि ये लोग मात्र अपने परिवार के लिए कार्य करते हैं।
यूथ क्लब भोग्रवां में क्लब के सदस्यों द्वारा क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था, जिसका समापन आज हुआ। क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन 29 जून रात्रि में किया गया था, जिसमें 29 टीमों ने हिस्सा लिया था। फाइनल मुकाबला महादेव कल्ब मोहटली व भोग्रवां के बीच हुआ, जिसमें मोहटली टीम ने विजय हासिल की। सभी टीमों में हुए मैचों के सबसे उत्तम प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया। इसके इलावा मैन ऑफ द सीरीज को 1100 रूपए की राशि व बैस्ट बालर को जूते प्रदान किया गए, टुर्नामेंज का आयोजन पंचायत लेवल पर किया गया। विजेता टीम को 11000 रूपए व उपविजेता टीम को 7100 रूपए की सम्मान राशि प्रदान की गई। मुख्यातिथि के रुप में इस टुर्नामेंट में गुरू देवा जी महाराज व डॉक्टर विशाल ठाकुर उपस्थित रहे। मुख्यतिथियों ने युवाओं को खेलों में बढ़-चढ़कर कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया, क्लब मैंबरो के द्वारा रात्रि में बाहर से आई टीमों को भोजन की व्यवस्था भी करवाई गई थी। कमेटी मैंबरो में अमित ठाकुर, भुवेश ठाकुर (आशू), राहुल शर्मा, सुमित शर्मा,कनव ठाकुर, दिक्शांत , अदित्य राणा इत्यादि उपस्थित थे।
**नालागढ़ की जनता केएल ठाकुर के साथ, सरकार को प्रदेश के लोगों ने नकारा **निर्दलियों से जबरिया समर्थन लेना चाहते थे मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नालागढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त है और अराजकता चरम पर है। कांग्रेस अपराध को संरक्षण दे रही है। नालागढ़ के कांग्रेस प्रत्याशी के ऊपर लगभग 132 मामले चल रहे हैं। प्रदेश के कोर्ट परिसर में भी दिन दहाड़े गोलियां चल रही हैं जिसमें भी कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक और उनके बेटे की संलिप्तता की बात सामने आ रही है। प्रदेश में इस तरह के स्थिति की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही लोकसभा चुनाव और विधानसभा के उपचुनाव हुए हैं यदि तीनों निर्दलीय विधायकों का इस्तीफ़ा पहले ही स्वीकार कर लिया जाता तो यह चुनाव भी तभी हो सकते थे। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा अध्यक्ष पर दबाव डालकर निर्दलीय विधायकों के त्यागपत्र स्वीकार करने में देरी की, जिससे हिमाचल प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त चुनावी बोझ पड़ा है। जयराम ठाकुर ने नालागढ़ में ही दो जनसभाओं को भी संबोधित किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री निर्दलीय विधायकों को बेसहारा समझते थे और उनसे अपने हर काम के लिए जबरिया समर्थन लेना चाहते थे। जहां तक हो सका उन्होंने समर्थन किया लेकिन हर बात पर समर्थन ही किया जाए यह ज़रूरी नहीं। राजसभा में भी निर्दलीय विधायकों से उन्होंने कांग्रेस को प्रत्याशी को वोट देने के लिए कहा लेकिन सभी ने हिमाचल के रहने वाले भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन का समर्थन किया। बहुमत के बाद भी कांग्रेस हार गई। यही बात मुख्यमंत्री को नागवार गुजरी और उन्होंने निर्दलीय विधायकों को सत्ता के दम पर प्रताड़ित करने लगे। आज तक हिमाचल के इतिहास में यह भी नहीं हुआ था कि किसी नेता को परेशान करने के लिए उसके बिजनेस, परिवार सेज संबंधियों को निशाना बनाया गया हो और उनके घर गिराने और रास्ते बंद करने का कुचक्र रचा गया हो। सरकार की प्रताड़ना से तीनों निर्दलीय विधायकों ने मजबूरन इस्तीफ़ा दिया और वह भाजपा के साथ आए जिससे सदन में मुख्य मंत्री के ज़बरदस्ती समर्थन देने से बच सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने कांग्रेस को नकार दिया और 68 में से 61 विधानसभा सीटों पर बीजेपी को बढ़त दिलाने के लिए समस्त प्रदेशवासियों का आभार जताया। जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि विकास की दृष्टि में प्रदेश बहुत पीछे चला गया है। जब भाजपा की सरकार थी, तो नालागढ़ में बहुत सारे विकास कार्य हुए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उन योजनाओं को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री सेक्टर में भी कांग्रेस सरकार के संरक्षण में लूट का माहौल है, जिससे इंडस्ट्रीज हिमाचल प्रदेश छोड़ने को मजबूर हैं। भाजपा की सरकार ने नालागढ़ में इंडस्ट्रीयल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे, जिनमें ग्लोबल इन्वेस्टर मीट और मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना शामिल है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने भाजपा द्वारा नालागढ़ के विकास के लिए किए गए कार्यों को रोक दिया। जबकि यहां पर उद्योगों को परेशान करने के लिए एक माफिया गिरोह सक्रिय हो गया। जो उद्योगों की प्रताड़ित कर रहा है। जिसके कारण प्रदेश के उद्योग हिमाचल छोड़ कर जा रहे हैं। यह बात उद्योगमंत्री मुख्यमंत्री को ज़ुबानी भी बता चुके हैं और लिखित में भी दे चुके हैं। आख़िर माफिया सरकार से भी बढ़कर कैसे हो गये हैं। कांग्रेस के नेताओं के भ्रष्टाचार और अपराध के मामलों की संख्या बहुत अधिक है, जो क्षेत्र के विकास को बाधित कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी नैतिक अधिकार खो चुकी है और भाजपा आने वाले तीन उपचुनावों में बड़ी बहुमत से जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्ता में तकनीकी आधार पर है, लेकिन नैतिक रूप से नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार इतिहास की बात हो जाएगी। इस मौक़े पर उनके साथ राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार, विधायक सुखराम चौधरी, बलवीर वर्मा, डॉ राजीव सहजल, पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी उपास्थि रहे।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राशन कार्डों की eKYC करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2024 तक बढ़ा दी गई है। यह सुविधा देश के सभी लोकमित्र केन्द्रों में उपलब्ध है। उन्होंने बाहरी राज्यों में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के सभी राशन कार्ड उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया है कि वह अपने निकटतम लोक मित्र केन्द्र में जाकर eKYC करवाना सुनिश्चित करें।
हिमाचल में मानसून रविवार से फिर रफ्तार पकड़ेगा। 30 जून से 2 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज, 3 से 5 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी हुआ है। शनिवार को मंडी और शिमला में बूंदाबांदी हुई। अन्य क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। अधिकतम तापमान में सामान्य से दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 37 और बिलासपुर में 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार से फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है। निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दो दिन के दाैरान प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मानसून का प्रवेश हो जाएगा। पहाड़ी राज्यों में जहां बारिश के चलते भूस्खलन से सड़कें बंद हैं, वहीं मैदानी राज्यों में सड़कों पर पानी भर गया है। अरुणाचल प्रदेश में टेलीफोन की लाइनें टूट गई हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्व राजस्थान, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी यूपी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अगले साल से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम लागू होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। नए सत्र के लिए अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों की छपाई शुरू हो गई है। वर्ष 2024-25 से पहली-दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम शुरू हो गया है। अब तीसरी से पांचवीं कक्षा में इसे लागू किया जा रहा है। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी भाषा में गणित और पर्यावरण विषय पढ़ाए जाएंगे। प्रदेश के 10,300 प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नई व्यवस्था के लागू होने के बाद हिंदी माध्यम में पढ़ाई बंद हो जाएगी। निजी स्कूलों का मुकाबला करने और सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों का पलायन रोकने को सरकार ने पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण से पता चला कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई न होने के चलते ही अभिभावक निजी स्कूलों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में सरकार ने पहली और दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम लागू किया है। पहली और दूसरी कक्षा में हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय पढ़ाए जाते हैं। इन कक्षाओं में गणित को अंग्रेजी में पढ़ाया जाता है। तीसरी से पांचवीं कक्षा में गणित, पर्यावरण, हिंदी और अंग्रेजी विषय पढ़ाए जाते हैं। नए सत्र से गणित और पर्यावरण विषय अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में लागू होने वाली नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक चलाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 20 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दे दिया है। ये अध्यापक पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाएंगे। बीते दिनों ही जिला और ब्लाॅक स्तर पर प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। राज्य सरकार ने नई व्यवस्था को शुरू करने की अनुमति दे दी है। राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को अंग्रेजी माध्यम की किताबें छापने को कह दिया है। नए शिक्षा सत्र से सभी प्राइमरी स्कूलों की कक्षाएं इंग्लिश मीडियम पर चलेंगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से एनरोलमेंट भी बढ़ेगी।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू जिला मुख्यालय के समीप गांधीनगर में बीती रात आग की एक घटना सामने आई है। यहां पर पार्किंग में खड़ी छह गाड़ियां जलकर राख हो गई हैं। आज की इस घटना में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना मिलने के बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। अग्निशमन विभाग के सब फायर ऑफिसर प्रेम भारद्वाज ने कहा कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
कुनिहार नालागढ़ मार्ग गंबरपुल पर सीपीएस व अर्की के विधायक संजय अवस्थी एक बार फिर गंबरपुल पहुंचे, जहां बारिश की वजह से लोगो को भारी नुकसान हो रहा है। गौर रहे कि पिछले सोमवार को दोपहर में वहां बादल फटा, जिससे गांव के नीचे गंबरपुल पर एक ढाबा बिल्कुल तबाह हो गया व दुकानों और लोगो के घरों के अंदर पानी व मलवा घुसने से भारी नुकसान हुआ था। वहीं एक घर में पानी काफी तेज बहाव से घुसा था। वीरवार रात को फिर बरसात ने अपना रौद्र रूप दिखाया। आज सीपीएस संजय अवस्थी ने एक बार फिर यहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया व पीडब्ल्यूडी विभाग को आदेश दिया कि यहां पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज, व डंगे का कार्य जल्द शुरु किया जाए। उन्होंने लोगो को आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव सहायता के लिए आपके साथ खड़ी है। वहीं इस मौके पर एसडीओ पीडब्ल्यूडी कुनिहार जेएन शर्मा, जूनियर इंजीनियर पुनीत शर्मा सहित अन्य लोग मौजुद रहे।
धर्मशाला में रविवार 30 जून को आयोजित होने वाली एचएएस परीक्षा के लिए 12 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन सीसीटीवी निगरानी में होगा। यह जानकारी एडीसी सौरभ जस्सल ने आज एचएएस परीक्षा के संचालन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में एचएएस परीक्षा के लिए राजकीय महाविद्यालय में दो सेंटर बनाए गए हैं, जबकि जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान डाइट, आईटीआई दाड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पास्सु, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खन्यारा, डीएवी पब्लिक स्कूल कोतवाली, सेक्रड हर्ट स्कूल सिद्ववाड़ी, बीएड कालेज, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला धर्मशाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्वायज धर्मशाला में केंद्र निर्धारित किए गए हैं इन केंद्रों में 2855 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। एडीसी सौरभ जस्सल ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा आरंभ होने से एक घंटे पहले केंद्र में पहुंचना होगा। परीक्षा दस बजे से दो बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र में गैजेट ले जाने पर रोक रहेगी इसके साथ ही सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश चुनाव आयुक्त के निर्देशानुसार लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान उपयोग में लाई गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) तथा वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) मशीन से अड्रेस टैग तथा पेपर रोल आज अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव की देख-रेख में निकाले गए। इस अवसर पर समस्त इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) तथा वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) मशीन एड्रेस टैग तथा पेपर रोल मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में निकाले गए। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मंजुल, बहुजन समाज पार्टी के राकेश बराड़ सहित तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान, नायब तहसीलदार निर्वाचन दीवान सिंह ठाकुर इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल 30 जून, 2024 (रविवार) को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। शिव प्रताप शुक्ल 30 जून, 2024 को प्रातः 11.30 बजे सोलन के शमलेच में री-फोरेस्टर सभा द्वारा आयोजित 9वें वृक्षारोपण कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार की महत्त्वकांक्षी इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना महिलाओं के सामाजिक आर्थिक उत्थान में सहायक सिद्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार की 18 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत जिला ऊना के हरोली में 7,280 महिलाओं को 3.27 करोड़ रुपये से लाभान्वित किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश की 48,000 महिलाओं को तीन महीने की सम्मान निधि के रूप में 4500 रुपये प्रति महिला वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा महिला उत्थान और कल्याण की दृष्टि से शुरू की गई इस अभिनव योजना के अंतर्गत 23 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना से महिलाएं वित्तीय रूप से स्वावलंबी बन रही है और सम्मानजनक तरीके से जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने और महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। यह योजना लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयासों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि तमाम वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने और समाज के चहुंमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।
**राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर धर्मशाला में कार्यक्रम आयोजित उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अपने अपने विभागों में कार्यक्रमों एवं योजनाओं को कारगर तरीके से संचालन के लिए डाटा के संकलन तथा उसके उपयोग को लेकर प्रशिक्षण अत्यंत जरूरी है। आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि सार्वजनिक सेवाएँ किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती हैं, और डाटा का लाभ उठाकर इसकी वितरण और दक्षता में काफी सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डाटा विश्लेषण से उपलब्ध जानकारी सरकार को महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान करने, नीतिगत हस्तक्षेपों को प्राथमिकता देने और विभिन्न नीति विकल्पों के संभावित परिणामों का आकलन करने में सक्षम बनाती है। डाटा विश्लेषण के आधार पर ही योजनाओं का सही आकलन किया जा सकता है तथा उसमें सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि डाटा संकलन सभी विभागों के लिए अत्यंत जरूरी है तथा इसी दिशा में सांख्यिकी विभाग के माध्यम से सभी विभागीय अधिकारियों के नियमित तौर पर प्रशिक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए। इस अवसर पर सांख्यिकी के जनक पीसी महालेनोबिस के योगदान पर भी चर्चा की गई। इससे पहले सांख्यिकी विभाग के आर्थिक सलाहाकार विनोद राणा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए निर्णय लेने में डाटा के उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। जिला अनुसंधान अधिकारी स्वर्ण लता शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एडीएम डा हरीश गज्जू तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
**आचार संहिता के कारण अभी नहीं कर सकते किसी योजना की घोषणा **होशियार सिंह ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए बेची विधायकी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पौंग बांध विस्थापितों की समस्या को समझता हूं। हमारी सरकार किसी का घर खाली नहीं करवाती, बल्कि घर बनाने के लिए तीन गुणा राशि देती है। देहरा की जनता और पौंग बांध विस्थापितों के लिए अगर कानून भी बदलना पड़े तो बदलेंगे। चुनाव आचार संहिता के कारण अभी किसी तरह की कोई घोषणा नहीं कर सकते। लेकिन, विस्थापितों की हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री देहरा में कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश ठाकुर के चुनाव प्रचार के दौरान यूथ कांग्रेस के युवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व आजाद विधायक ने अपने राजनीतिक फायदे व लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए विधायकी बेची है। वह भाजपा की राजनीतिक मंडी में दूसरी बार विधायक बनने के 14 माह बाद ही बिक गए। ठाकुर सुखविंदर सिंह ने कहा कि लोगों ने उन्हें दूसरी बार 5 साल के लिए आजाद विधायक चुना था। वह जिसकी सरकार आती उससे काम करवा सकते थे। देहरा की जनता को होशियार से पूछना चाहिए कि वह न कांग्रेस के थे न भाजपा के, फिर क्या मुसीबत आ पड़ी कि इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस सरकार काम नहीं कर रही थी तो भाजपा के साथ विपक्ष में बैठ जाते, उपचुनाव थोपने की जरूरत क्या थी। उन्हें विधायक व ऐच्छिक निधि मिलती रहती, उससे जनता के काम करते। भाजपा व होशियार सिंह ने जनभावनाओं से खिलवाड़ करते हुए यह उपचुनाव जबरदस्ती थोपा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिकने के बाद होशियार सिंह एक महीना देहरा विधानसभा क्षेत्र में नहीं आए। सरकार गिराने में लगे रहे, इस्तीफा स्वीकार करवाने के लिए धरने पर बैठे। कोई आजाद विधायक ऐसे इस्तीफा नहीं देता, यह सामान से भरे उस अटैची का दबाव था जो भाजपा से मिला था। जल्दी इस्तीफा मंजूर करने का दबाव निर्दलीय विधायक इसलिए बना रहे थे, क्योंकि दूसरी क़िस्त विधायकी छोड़ने के बाद ही मिलनी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि होशियार सिंह बताएं, देहरा की जनता व सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए उन्होंने कभी धरना दिया। वह केवल अपने स्वार्थ के लिए विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे। जिस कमल को खिलाने के लिए भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ताओं ने पसीना बहाया, होशियार सिंह ने उसकी कमल को खरीद लिया। भाजपा के कर्मठ व ईमानदार कार्यकर्ताओं से मेरा अनुरोध है कि वह कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दें, चूंकि यह चुनाव कांग्रेस और बिके हुए विधायक के बीच है। होशियार सिंह ने देहरा का विकास रोक रखा। अगर पूर्व विधायक महीने का 15 करोड़ रुपये खर्च करते हैं तो फिर क्षेत्र का विकास क्यों नहीं करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी का काम देहरा में उन्होंने शुरू करवाया, फॉरेस्ट क्लियरेंस करवाई। 680 करोड़ की लागत से जूलॉजिकल पार्क बना रहे हैं, जिसमें जंगल सफारी, बड़े होटल व अन्य सुविधाएं होंगी। 2000 युवाओं को इसमें रोजगार मिलेगा। मेरा युवाओं से आग्रह है कि 10 जुलाई को भाजपा की खरीद फरोख्त की राजनीति पर वोट के जरिये चोट करें। यह समय कमल खरीदने व जनता को धोखा देने वालों को सबक सिखाने का है। देहरा की जनता कमलेश ठाकुर को चुनाव जिताकर भेजे, साढ़े तीन साल में क्षेत्र की सूरत बदल जाएगी और अथाह विकास होगा। यह चुनाव ईमानदारी व बेईमानी के बीच है। बिकाऊ पूर्व विधायक ने देहरा की जनता से बार-बार झूठ बोला, क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। कमलेश के जीतने के बाद देहरा की हर समस्या हल कर दी जाएगी। देहरा की जनता सरकार में भागीदार बनने के लिए वोट करें, विपक्ष में बैठने के लिए। सरकार के साथ चलने पर ही देहरा विकास की नई गाथा लिखेगी। इस मौके पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, चेयरमैन कैबिनेट रैंक भवानी पठानिया, विधानसभा में डिप्टी व्हिप केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रत्न, पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार, चेयरमैन नरदेव कंवर, संजय चौहान, पूर्व विधायक योगराज, अजय महाजन, कांग्रेस के कोषाध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पिंदर ठाकुर, पूर्व उम्मीदवार पवन ठाकुर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुलविंदर इत्यादि मौजूद रहे।
** हृदय रोग, हड्डी रोग, रेडियोलॉजी, त्वचा रोग, मेडिसन व नाक-कान-गले के रोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी जनजातीय जिला किन्नौर के जिंदल संजीवनी अस्पताल शोल्टू में जे.एस.डब्लयू व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 04 जुलाई से 06 जुलाई, 2024 तक निःशुल्क बहु-विशिष्टता स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां जे.एस.डब्लयू के सी.एस.आर प्रमुख दीपक डैविड ने दी। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय निःशुल्क बहु-विशिष्टता स्वास्थ्य जांच शिविर में प्रातः 09ः30 बजे से सायं 05ः30 बजे तक आम जनता की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी तथा रोगियों का मुफ्त ईलाज करने के साथ-साथ उन्हें मुफ्त दवाईयां भी वितरित की जाएंगी। इसके अलावा यदि किसी रोगी को गंभीर बीमारी है तो वह उस रोग के आगे के ईलाज के लिए निवेदन कर सकता है। इस निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला के विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य जांच शिविर में हृदय रोग, हड्डी रोग, रेडियोलॉजी, त्वचा रोग, मेडिसन व नाक-कान-गले के रोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कर मुफ्त दवाईयां भी वितरित की जाएंगी। उन्होंने जिला के सभी लोगों से आग्रह किया कि इस तीन दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का लाभ उठाएं तथा अपनी स्वास्थ्य जांच करवाएं व दवाईयां प्राप्त करें।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुफ़टू में शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन समिति की आम सभा का आयोजन किया गया। आम सभा के माध्यम से प्रबंधन समिति में सत्र समाप्ति पर रिक्त हुए सदस्यों के पदों के स्थान पर नए सदस्यों का चयन आम सहमति से किया गया, जिसमें प्रधान दीक्षा शर्मा, सदस्य सचिव स्मृति नेस्टा, कार्यकारिणी सदस्य रंजना, उमा देवी, रीता देवी, कान्ता देवी, वीना शर्मा, विनिता शर्मा, सुमित्रा देवी, पूनम गर्ग, विमला देवी, लेख राम, कौशल्या, ज्ञान चंद गर्ग, मीना शर्मा, किरण गर्ग, पदेन सदस्य किशोर गर्ग प्रधान ग्राम पंचायत जधाणा तथा अध्यापक सदस्य तरूण नेस्टा व दीपिका पुंडीर को चुना गया। आम सभा में प्रभारी समग्र शिक्षा संजय कुमार ने अभिभावकों का स्वागत किया और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। तरूण नेस्टा प्राध्यापक व प्रभारी बोर्ड परीक्षा ने शिक्षा सत्र 2023-24 में विद्यालय के बोर्ड परीक्षा परिणाम को प्रस्तुत किया। मनु महेश शर्मा प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक ने क्लस्टर कमेटी व पीटीए फ॔ड व उपयोग पर प्रकाशा डाला। अभिजीत बादुडी प्राध्यापक वाणिज्य व प्रभारी स्कॉलरशिप ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न छात्रवृत्ति से संबंधित अभिभावकों को जानकारी दी। प्रधान स्कूल प्रबंधन समिति दीक्षा शर्मा ने विद्यालय में रिक्त पड़े प्रवक्ता रसायन शास्त्र, प्रवक्ता समाज शास्त्र, प्रवक्ता कम्प्यूटर सांईस,डीपीई व लिपिक के पदो को भरने के लिए सरकार से बच्चों के भविष्य को मध्य नजर रखते शीघ्र भरने का आग्रह किया। अंत में प्रधानाचार्य स्मृति नेस्टा ने विद्यालय में चल रही गुणात्मक शिक्षा व विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन के लिए सभी शिक्षक व अभिभावक को साधुवाद व बधाई दी। गत शिक्षा सत्र में विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम व अन्य क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए सभी की सराहना व प्रशंसा की।
शिमला: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 30 जून को हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) का एग्जाम होगा। सभी अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने से एक घंटे पहले पहुंचना होगा। सुबह और शाम को दो सत्र में ये एग्जाम होगा। इस बार आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को ये भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा में केवल काले या नीले रंग के पेन का ही प्रयोग करना होगा। एचएएस एग्जाम के लिए अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट www.hppsc.hp.gov.in से ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा एग्जाम सेंटर में फोन और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर पूरी तरह से मनाही है। इसके साथ ही एग्जाम सुबह 10 बजे से शुरू होगा। वहीं, शाम के सत्र की परीक्षा 2 बजे से शुरू होगी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) की प्रीलिमिनरी परीक्षा में 32,371 उम्मीदवार बैठेंगे। इस परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। एचएएस एग्जाम के लिए कुल 119 एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। इन परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे, इसके लिए लोक सेवा आयोग ने तैयारियां कर ली है। वहीं, एग्जाम सेंटर में जैमर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी एग्जाम सेंटरों पर नजर रखी जाएगी. इस दौरान सीसीटीवी फुटेज को मॉनिटर किया जाएगा, ताकि एग्जाम के दौरान कोई गड़बड़ी न हो। एग्जाम सेंटर उन्हीं स्कूलों में बनाए गए हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आयोग की ओर से एचएएस की प्रीलिमिनरी एग्जाम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. एग्जाम सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
**मुख्यमंत्री ने ऊना के अघलौर में 10 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना का किया शिलान्यास मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते कल जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अघलौर में 10 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना का शिलान्यास किया। यह सौर ऊर्जा परियोजना 19 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तीन माह में बनकर तैयार हो जाएगी, जिसमें प्रति वर्ष 22.73 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना से राज्य को राज्य सरकार को प्रति वर्ष आठ करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा और 791 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला ऊना में यह दूसरी सौर ऊर्जा परियोजना है तथा इससे पहले पेखूबेला में भी 32 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजना रिकॉर्ड छह महीने में तैयार की गई है। पेखूबेला परियोजना से राज्य सरकार को प्रति वर्ष 20 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विद्युत सरप्लस राज्य होने के बावजूद अक्तूबर से मार्च महीने तक बिजली खुले बाजार से खरीदता है जिस पर लगभग 1500 करोड़ रुपए व्यय किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में पानी कम होने की वजह से जलविद्युत परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन कम हो जाता है, जिस कारण राज्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बाजार से बिजली खरीदनी पड़ती है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए ऑयल इंडिया कम्पनी के साथ समझौता किया है और सौर ऊर्जा के दोहन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निजी क्षेत्र में भी सौर ऊर्जा दोहन को बढ़ावा दे रही है और एक वर्ष में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा के दोहन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और सौर ऊर्जा का दोहन इसी दिशा में उठाया गया कदम है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को जल विद्युत परियोजनाओं से 12 प्रतिशत रॉयल्टी मिल रही है, जो कि बेहद कम है। उन्होंने कहा कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) अघलौर में सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करना चाहती थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे स्वयं संचालित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए धन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है और हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में पिछली भाजपा सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों का संरक्षण करने में असफल रही। इसके विपरीत वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के संसाधनों का सर्वोत्तम दोहन कर इनका संवर्द्धन भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रदेशवासियों के लिए अनेक कल्याणकारी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और दूरदर्शी निर्णयों से एक वर्ष में हिमाचल प्रदेश को 2200 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है और इस धनराशि का उपयोग कर प्रदेश के लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं बनायी जा रही हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया और महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत महिलाओं को प्रतिवर्ष 18000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक षडयंत्र के तहत लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदेश के लोगों ने धन-बल की राजनीति को नकार दिया है और हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। उन्होंने कहा कि कि निर्दलीय विधायकों से लोग सवाल पूछ रहे हैं कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया। अगर उनके काम कांग्रेस सरकार में नहीं हो रहे थे तो वह भाजपा के साथ बैठ जाते, लेकिन दोबारा चुनाव लड़ने और प्रदेश पर उप चुनाव का खर्च थोपने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायकों ने भाजपा के साथ षडयंत्र रचा पर भाजपा को उन पर विश्वास नहीं था इसलिए तीनों निर्दलीय विधायकों को दोबारा चुनाव लड़ने को कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता निर्दलीय विधायकों को उप चुनाव में सबक सिखाएगी क्योंकि विपक्ष में बिठाने के लिए जनता वोट नहीं देती। मुख्यमंत्री ने कुटलैहड़ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी विवेक शर्मा को निर्वाचित करने के लिए क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे ईमानदारी से क्षेत्र के तीव्र विकास के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक विवेक शर्मा ने मुख्यमंत्री का कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में स्वागत किया। उन्होंने 10 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विजय डोगरा, उपायुक्त जतिन लाल, निदेशक वित्त शिवम प्रताप सिंह सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
समूचे देश में 01 जुलाई से शुरू होने वाले स्टॉप डायरिया अभियान-2024 के तहत आज जनजातीय जिला किन्नौर के उपायुक्त कार्यालय सभागार में उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें अभियान के दौरान किए जाने वाले कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल किया जा सके। उपायुक्त ने बताया कि स्टॉप डायरिया अभियान-2024 की थीम ‘डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान है’ तथा जिला किन्नौर में भी 01 जुलाई से 31 अगस्त, 2024 तक यह अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत 0-5 वर्ष तक के बच्चों में डायिरया को सम्पूर्ण रूप से समाप्त करने के दृष्टिगत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जिला तथा खण्ड स्तर पर अभियान के तहत अभिभावकों तथा अन्य सभी को डायिरया की रोकथाम के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान के तहत बच्चों में प्रतिरक्षण को बढ़ाने, स्वस्थ आहार तथा साफ पानी का उपयोग करने पर विशेष बल दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम (बाल स्वास्थ्य) अधिकारी डॉ. अनवेषा नेगी ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया तथा उपस्थित जनों को स्टॉप डायरिया अभियान के तहत जिला में होने वाले कार्यक्रमों बारे विस्तृत जानकारी दी और बताया कि खण्ड एवं सामुदायिक स्तर पर जल जनित रोगों से बचाव पर ग्रामीण लोगों को जागरूक किया जाएगा। विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, अधिशाषी अभियन्ता जल शक्ति विभाग अभिषेक शर्मा, प्रधानाचार्य डाईट कुलदीप नेगी, खण्ड स्वास्थ्य अधिकारी कल्पा, निचार व पूह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
**पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से दो माह के लिए रोक लग जाएगी। प्रदेश के कुल्लू-मनाली, बीड़ बिलिंग, धर्मशाला, बिलासपुर, डलहौजी के खज्जियार और अन्य क्षेत्रों में साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रतिबंध रहेगा। दो माह न तो पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे और न ही नदियों में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ सैलानी उठा पाएंगे। सैलानियों को पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के लिए दो माह तक इंतजार करना पड़ेगा। बरसात में बारिश और भूस्खलन, बाढ़ आदि को ध्यान में रखते हुए दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ पर्यटन विभाग की ओर कार्रवाई की जाती है। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग, धर्मशाला के इंद्रूनाग, कुल्लू-मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों में सैलानियों को साहसिक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए 2 माह का इंतजार करना होगा। अगर 15 जुलाई से पहले ही भारी बरसात होती है तो इन साहसिक गतिविधियों पर पहले भी रोक लगाई जा सकती है। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी जिला कांगड़ा विनय धीमान ने बताया कि बरसात के मौसम में दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग सहित अन्य गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बीएड की रेगुलर कॉलेज छात्रों की दूसरे और चौथे सेमैस्टर और इक्डोल की वार्षिक प्रणाली के तहत परीक्षाएं 16 जुलाई से शुरू होंगी, जो 18 अगस्त तक चलेंगी। विवि ने बीएड की इन परीक्षाओं के शेड्यूल को जारी कर दिया है। जिसे विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। छात्र इसे वेबसाइट पर देख और डाउनलोड कर सकते है। ये परीक्षाएं दोपहर बाद के सत्र में दो बजे से आयोजित की जाएगी। वहीं विवि ने एमएड की की परीक्षाओं की डेटशीट भी जारी कर दी है। सेमेस्टर सिस्टम के तहत होने वाली इन परीक्षाओं का शेड्यूल वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। ये परीक्षाएं 16 जुलाई से लेकर 26 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। विवि के इस सेल्फ फाइनांसिंग इंजीनियरिंग संस्थान में विभिन्न श्रेणी की सीटों का आवंटन तय किए गए रोस्टर के अनुसार दिया जाएगा। इसमें हर कोर्स में छह और पांचों कोर्स में 30 ऐसी सीटें है, जिनमें ट्यूशन फीस माफ रहती है। इसके अलावा कुछ सीटों को श्रेणी विशेष के लिए आरक्षित रख कर भरा जाता है। इसमें विवि कर्मचारियों के बच्चों जैसी अलग अलग श्रेणी की सीटें शामिल है। प्रवेश और आरक्षित सीटों से संबंधित नियम और शर्तें संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड किए गए प्रोस्पेक्ट्स में उपलब्ध है। इसमें प्रवेश और काउंसलिंग से संबंधित दिशा निर्देश भी उपलब्ध है।
**बंबर ठाकुर ने बिलासपुर पुलिस पर उठाए सवाल बिलासपुर: सदर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने एक बार फिर से दो बड़े अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि मुझे बदनाम करने के लिए दो अधिकारी बिलासपुर गोलीकांड मामले में संलिप्त हैं, जिनका नाम मैं जल्द ही मीडिया में आकर उजागर करुंगा। बिलासपुर शहर में हुआ गोलीकांड मामला पूरी तरह से रचा गया षड़यंत्र है, ताकि मुझे और मेरे परिवार को पूरी तरह से बदनाम किया जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि उन्होंने प्रदेश सरकार को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मांग उठाई है कि इस गोलीकांड मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाई जाए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सौरव पटियाल उर्फ़ फांदी को गोली लगना एक सोची समझी साजिश है, क्योंकि जब सौरव पटियाल को एम्स में ले जाया गया तो तीन घंटे के अंदर ही डॉक्टर ने उसे फीट घोषित कैसे कर दिया। ऐसे में वो किसके संरक्षण में अभी तक एम्स में भर्ती है, इस विषय पर भी पुलिस को सारी जांच करनी चाहिए। पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि इस सारे मामले में जो-जो भी व्यक्ति संलिप्त हैं, वह पहले से ही सौरव पटियाल के दोस्त हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक पुलिस की गिरफ्त से मल्ली नाम का युवक बाहर है और वो सौरव पटियाल की गैंग का ही आदमी है। बंबर ठाकुर ने आश्वस्त किया है कि वह जल्द ही पूरी जानकारी सारे प्रूफ के साथ जनता के सामने लाएंगे, जिसके बाद ये अपने आप उजागर हो जाएगा कि किस व्यक्ति ने गोली चलाई थी और क्यों चलाई थी। बंबर ठाकुर ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन यह साफ करें कि गोली चलाने वाले युवक द्वारा पांच लाख रुपये लेने की बात कही गई है, इसका क्या प्रूफ है। अगर उनके या फिर उनके परिवार के किसी भी सदस्य से पांच लाख रुपये का लेनदेन हुआ है तो वह बताएं। बंबर ठाकुर का आरोप है कि उनके खिलाफ एक बड़ा षड़यंत्र रचा गया है, जिसके तहत उनको और उनके परिवार को बदनाम किया जा रहा है।
शिमला: हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा है, जिससे मांग अधिक होने से बाजार में खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इन दिनों खाद्य वस्तुओं सहित सब्जियां भी बहुत अधिक महंगी हो गई हैं। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए उचित मूल्य की दुकानें ही सस्ते राशन खरीदने के लिए एकमात्र सहारा बची है, जिसके तहत सरकार ने जुलाई महीने के लिए सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के पांच लाख से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। सरकार ने अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। उससे पहले हर दो तीन महीने में राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन अब करीब एक साल से आटे और चावल की मात्रा से कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए राशन की मात्रा अभी कम है। ऐसे उपभोक्ता राशन का कोटा बढ़ाए जाने की भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने जुलाई माह के लिए राशन कोटे का आवंटन कर दिया हैं। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उचित मूल्यों की दुकानों में उपभोक्ताओं को समय पर सस्ता राशन उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई महीने के लिए एपीएल परिवारों के लिए 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल और आटे के कोटे का आवंटन हुआ है। अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को परमिट जारी होंगे। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में एक जुलाई से सस्ता राशन मिलना शुरू हो जाएगा।डिपो में समय पर सस्ता राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में राशन धारकों को आटे की तर्ज पर फोर्टिफाइड चावल दिया जा रहा है। इस चावल में आयरन के साथ विटामिन 12, फोलिक एसिड समेत शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व मिलाए गए हैं। प्रदेश में एपीएल परिवारों की संख्या 12,24,448 है। इसमें एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 11,52,003 है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की संख्या 72,445 है. इसमें एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है, जिसमें एपीएल आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड के दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार के लिए तीन और रविवार को चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कल के लिए मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटों के दौरान इन जिलों के कुछ इलाकों में एक-दो बार भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। लोगों को ऊंचाई वाले, भूस्खलन वाले इलाकों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले छह दिन यानी 4 जुलाई तक राज्य में लगातार बारिश की संभावना है। प्रदेश के ऊना, शिमला और सोलन जिला में मानसून ने धमाकेदार एंट्री की है। अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई है। बारिश के बाद प्रदेशभर में लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया, इस बार मई माह में 'रेमल' चक्रवात के कारण थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने बताया कि हिंद महासागर और अरब सागर से चलने वाली हवाओं का दबाव नहीं बन पाया। इस कारण मानसून बीच में ही रुक गया था।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बीते रोज हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल की 156वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपने बेड़े में पुरानी बसों के स्थान पर 250 नई डीजल बसें और 50 टेम्पो ट्रैवलर खरीदने का निर्णय लिया है, जिस पर लगभग 105 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। इसके अतिरिक्त, निगम इस वर्ष अपने बेड़े में 24 नई सुपर लग्जरी बसें एवं 50 टेम्पो ट्रैवलर शामिल करेगा। ये 50 टेम्पो ट्रैवलर प्रदेश के दूर-दराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में पुरानी बसों के स्थान पर चलाए जाएंगे। इन बसों की खरीद निगम द्वारा अपने संसाधनों से की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निगम अपने संसाधनों से लगभग 25 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रिक बसों की खरीद भी करेगा। उप-मुख्यमंत्री नेे कहा कि निगम द्वारा टाइप-1 327 बसें और टाइप-3 विद्युत चलित बसों की खरीद के लिए 15 जून 2024 को निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि बसों में यात्रियों द्वारा कैशलेस माध्यम से किराए का भुगतान करने के लिए परिचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए त्रैमासिक आधार पर मंडलीय स्तर पर तीन परिचालकों को पारितोषिक देने का निर्णय लिया गया है। यह योजना 31 दिसंबर 2024 तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि 350 बस चालकों की रूकी हुई भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। निगम में चालकों के 600 पद रिक्त हैं और आने वाले दो वर्षों में लगभग 800 चालक सेवानिवृत हो रहे हैं, इसलिए चालकों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मियों को 18 जनवरी 2024 के बाद देय चिकित्सा प्रतिपूति, वेतन भोगियों तथा पेंशन भोगियों को 55.36 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में रिसोर्स मोबिलाइजेशन समिति का गठन किया गया है। यह समिति निगम को हो रहे घाटे के कारणों का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट बोर्ड को प्रस्तुत करेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में परिवहन के सीमित साधन हैं और लोग परिवहन सुविधा के लिए एचआरटीसी पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा महिलाओं तथा विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को रियायती दरों पर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त निगम की बसें परिवहन सेवा से वंचित क्षेत्रो में भी सेवाएं दी रही हैं। उन्होंने बताया कि निगम सेवा भाव से कार्य करते हुए रोजाना लगभग 5 लाख यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने निगम की बसों की बेहतरीन तस्वीरें और वीडियो बना कर भेजे थे उन्हें सम्मानित किया गया है। इसी प्रकार जो कर्मचारी अपने रूट पर अच्छी आमदनी करेंगे उन्हें भी निगम द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि निगम द्वारा सभी कर्मचारियों की वार्षिक चिकित्सा जांच करवाई जाएगी। साथ ही प्रदेश में बस अड्डों की स्थिति का जायजा लिया और उनमें सुधार करने को लेकर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में बन रहे बस अड्डे के लंबित कार्य के दृष्टिगत प्रबंध निदेशक को कार्य कर रही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी उन्हें अगली बैठक में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए जाएं। इसी तरह मैक्लोडगंज और शिमला के बस अड्डों से संबंधित मामलों पर भी बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बद्दी और फतेहपुर में बस अड्डा प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निगम की लंबित राशि को जल्द जारी किया जाए ताकि निगम के कर्मचारियों के हित में और बेहतर निर्णय लिए जा सकें। बैठक का संचालन प्रबंध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम रोहन चंद ठाकुर ने किया और उप-मुख्यमंत्री तथा गैर-सरकारी सदस्यों को निगम द्वारा आगे भी बेहतर कार्य करने का आश्वासन दिया।
**अंदरौली में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत अंदरौली में जल क्रीड़ा गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला प्रशासन की इन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल विद्युत तथा नवीनीकरण ऊर्जा क्षेत्र के दोहन के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा ताकि यहां पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य आधार है तथा इससे युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान होते हैं। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में धार्मिक, साहसिक तथा ईको टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार ने आने वाले समय में प्रदेश में प्रति वर्ष 5 करोड़ पर्यटकों को लाने का लक्ष्य रखा है तथा इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आधारभूत सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा, सुदर्शन बबलू और विनोद सुल्तानपुरी सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आज यहां हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के निदेशक मंडल की 51वीं बैठक का आयोजन हुआ। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों एवं दिव्यांगों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगम की स्थापना हुई है और मौजूदा वक्त के बदलते परिदृश्य के अनुसार इस निगम का प्रशासनिक एवं संरचनात्मक पुनर्गठन किया जाएगा। इस कदम से अल्पसंख्यकों एवं दिव्यांगों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। बैठक में निगम से संबंधी विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा नई भर्तियों सहित अन्य मांगों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2023-2024 के दौरान अल्पसंख्यकों को 1296.45 लाख रुपये का ऋण तथा दिव्यांगजनों को इसी अवधि में 540.83 लाख रुपये का ऋण निगम द्वारा रियायती ब्याज दर पर दिया गया है। अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम द्वारा प्रदेश के अल्पसंख्यकों और दिव्यांगों को व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने तथा अपने व्यवसाय के लिए कम दरों पर ऋण प्रदान किया जाता है। 18 से 55 वर्ष की आयु वर्ग के आवेदकों को छोटे व्यवसायों, परिवहन सेवाओं, दुकानों, पार्लर एवं कृषि आदि क्षेत्रों में व्यवसाय के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण प्रदान किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक जिनकी वार्षिक आय 98 हजार रुपये या इससे कम है तथा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक जिनकी वार्षिक आय एक लाख 20 हजार रुपये या इससे कम है, उन्हें अधिकतम 30 लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत ब्याज दर पर प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार जिनकी सालाना पारिवारिक आय आठ लाख रुपये से कम है, ऐसे पुरूषों को 8 प्रतिशत एवं महिलाओं को 6 प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम 30 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया जाता है। शिक्षा के लिए भी 4 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण आवंटित किया जाता है। इसी प्रकार दिव्यांगजनों को 50 हजार तक का ऋण 5 प्रतिशत, 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत, 5 लाख से 15 लाख रुपये तक का ऋण 7 प्रतिशत, 15 लाख से 30 लाख रुपये तक का ऋण 8 प्रतिशत तथा 30 लाख से 50 लाख रुपये तक का ऋण 9 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता है। निगम द्वारा स्थापना से अब तक अल्पसंख्यक समुदाय के 3486 लाभार्थियों तथा 1900 दिव्यांगों को 159.68 करोड़ रुपये का ऋण 31 मार्च, 2024 तक दिया गया है। बैठक में सचिव सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के सचिव आशीष सिंहमार, निदेशक ईसोम्सा किरण भड़ाना, निगम के प्रबन्ध निदेशक प्रदीप कुमार और निगम के निदेशक मंडल के अन्य सदस्यों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस मैनेजमेंट (एसआईएलबी), सोलन द्वारा आज भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के तहत हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एचएफआरआई), शिमला के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोग पर्यावरण संरक्षण, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति पारस्परिक समर्पण को रेखांकित करता है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र के लिए एक स्थायी और समृद्ध भविष्य बनाना है। समझौता ज्ञापन पर एचएफआरआई के प्रभारी निदेशक डॉ. संदीप शर्मा और एसआईएलबी की निदेशक डॉ. शालिनी शर्मा ने हस्ताक्षर किए। समारोह में उपस्थित अन्य लोगों में वैज्ञानिक डॉ. अश्वनी तपवाल, एचएफआरआई के वैज्ञानिक डॉ. बाल कृष्ण तिवारी और एसआईएलबी की निदेशक डॉ. शालिनी शर्मा शामिल थीं। इस कार्यक्रम में शूलिनी विश्वविद्यालय के विशेष आमंत्रित अतिथि प्रोफेसर पी.के. खोसला, प्रोफेसर सुनील पुरी और एसआईएलबी की अध्यक्ष सरोज खोसला और एसआईएलबी के विभिन्न विषयों के विभागाध्यक्षों की उपस्थिति भी देखी गई। समझौता ज्ञापन एचएफआरआई और एसआईएलबी के बीच सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा स्थापित करता है, जो निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, वैज्ञानिक ज्ञान का आदान-प्रदान और सहयोगात्मक अनुसंधान पहल। पर्यावरण और जलवायु चुनौतियों के लिए नवीन समाधानों का विकास, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए स्थायी प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों का नेतृत्व करना। एमओयू में कौशल विकास कार्यक्रम, क्षेत्र के उद्योगों के लिए उच्च कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल हैं। जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान उद्योगों को बढ़ावा देना, शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रगति के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान क्षेत्रों के विकास को बढ़ाना। अपनी विशेषज्ञता के संयोजन से, एचएफआरआई और एसआईएलबी अपने साझा लक्ष्यों को कुशलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए प्रक्रियात्मक और नौकरशाही बाधाओं पर काबू पाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह साझेदारी उत्तर पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सामाजिक प्रगति और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने का वादा करती है एचएफआरआई, भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के तहत एक प्रमुख वानिकी अनुसंधान संस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में जैव विविधता मूल्यांकन, कीट-कीट प्रबंधन, कृषि वानिकी प्रथाओं और पर्यावरण-बहाली में माहिर है। एसआईएलबी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त, जीवन विज्ञान और व्यवसाय प्रबंधन शिक्षा में उत्कृष्ट है। संस्थान एम.एससी. जैव प्रौद्योगिकी, एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, एम.एससी. वनस्पति विज्ञान, एम.एससी. रसायन विज्ञान, बी.एससी. जैव प्रौद्योगिकी, बी.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, बीबीए, और बीसीए। सहित विविध प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
**लोक निर्माण मंत्री ने नितिन गडकरी से सड़क परियोजनाओं पर चर्चा की लोक निर्माण निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर आगामी बरसात के दृष्टिगत प्रदेश की विभिन्न सड़क परियोजनाओं के बारे में विचार-विमर्श किया। केन्द्रीय मंत्री ने लोक निर्माण मंत्री के आग्रह पर जिला शिमला में केन्द्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के अंतर्गत खमाड़ी-टिक्कर सड़क के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। लोक निर्माण मंत्री ने यह धनराशि स्वीकृत करने के लिए गडकरी का आभार व्यक्त किया। विक्रमादित्य सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत के लिए केन्द्रीय मंत्री द्वारा पूर्व में घोषित 150 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानसून को ध्यान में रखते हुए यह धन राशि महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने मंडी जिले में कमांद-कटौला और चैलचौक-पंडोह सड़कों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पहले से प्रस्तुत 30 करोड़ रुपये के अनुमानों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया क्योंकि यह वैकल्पिक सड़क मार्ग ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने में काफी सहायक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यह सड़कें महत्त्वपूर्ण हैं और लोगों और पर्यटकों की सुविधा एवं कुल्लू-मनाली ट्रैफिक समस्या के समाधान में इन सड़कों का रख-रखाव महत्त्वपूर्ण है। लोक निर्माण मंत्री ने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केन्द्रीय मंत्री के साथ शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग को टू-लेन की बजाय फोर-लेन के रूप में निर्मित करने का मामला पहले ही उठाया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों को एक समान उन्नयन के लिए एनएचएआई की संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाएं वार्षिक मसौदा योजना (ड्राफ्ट एन्नुअल प्लान) से हटा दी गई हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को वार्षिक योजना 2024-2025 में शामिल करने का अनुरोध किया। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 के एक हिस्से के सुधार के लिए केन्द्रीय मंत्रालय की प्रस्तुत 70 करोड़ रुपये की अनुमाति राशि भी लंबित है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से आगामी अगस्त माह में मणिमहेश यात्रा के दृष्टिगत इसे शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। प्रमुख अभियंता एनपी सिंह, मुख्य अभियंता सुरेश कपूर बैठक में उपस्थित थे।
**कहा, खैरात और सौगात का अंतर बखूबी समझती है हिमाचल की जनता **स्कूली बच्चियों और महिलाओं पर बढ़ रहे अपराध प्रदेश में सत्ताधारी दल सरकार में बने रहने के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और देहरा उपचुनाव के संयोजक व विधायक राकेश जम्वाल ने मिडिया को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खु को कुर्सी का ऐसा नशा हो गया है कि देहरा में अपनी पत्नी के चुनाव को प्रभावित करने के लिए किसी भी हद तक झूठ, लालच, फरेब से पीछे नहीं हट रहे। जाहिर है लोकसभा चुनाव में जिस तरह कांग्रेस अपने 61 विधानसभा क्षेत्रों को हार गई , जिसकी नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की है ऐसे में अपनी साख बचाने के लिए देहरा में कर्मचारियों को धमकाना, भाजपा प्रत्याशीयों को परेशान करना, निर्दलीय महिला प्रत्याशी को खरीदने के लिए अपने खासम-खास को भेजना, जिसका वीडियो भी प्रदेश की जनता के सामने है, महिलाओं को 1500 के नाम पर भटकाना जैसे कार्य मुख्यमंत्री कर रहे हैं। भाजपा का सीधा आरोप है कि कांग्रेस कब तक आम जनता की भावनाओं के साथ युहीं मजाक करती रहेगी। आज देहरा में जो कोरी घोषणाएं मुख्यमंत्री कर रहे हैं वो खैरात से ज्यादा कुछ नहीं क्यूँकि अपने निजी हित के लिए पिछले 2सालों में मात्र चुनावों के समय बांटी और घोषणा की जाती रही है, जबकि भाजपा ने प्रदेश के हर क्षेत्र और जनता की जरूरत को देखते हुए सौगातें दी थी, जिन्हें इस विकास विरोधी सरकार ने डी-नोटिफाई कर दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो आज तक हिमाचल के 6 बार के मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह से परिवारवाद के नाम पर लड़ने का ढोंग करते रहे आज अपनी महत्वकांक्षी पत्नी को विधानसभा में बिठाने के लिए कांग्रेस के दावेदार को चेयरमैनशीप की खैरात दे रही। उन्होंने कहा आए दिन मुख्यमंत्री के पैसा न होने के वीडियो सामने आ रहे है, मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को यह बताने का कष्ट करें कि इतने कैबिनेट रैंक जो उन्होंने अपनी सत्ता बचाने के लिए अपने मित्रों में बन्दर बांट की उसके लिए खर्च नहीं होता। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों 51लाख आपदा में 51 लाख देने के बाद मुख्यमंत्री के और उनकी पत्नी के पास बहुत कम राशि बची थी ऐसा प्रचारित किया गया, जबकि प्रत्याशी का यदि हल्पनामा देखा जाए तो 9 करोड़ से ऊपर और पति सुखविदर सिंह सुक्खू की सम्पति अपने पहले के दावे की पोल खोलती है कि दोनों पति-पत्नी सत्ता के लिए जनता की भावनाओं के साथ किस प्रकार खेल रहे हैं। आज देहरा के लिए प्रत्याशी कमलेश का जो प्रेम सामने आ रहा वो आजतक कहां था, जबकि बेटियां तो हर अच्छे बुरे में मायके का ध्यान रखती हैं न कि किसी राजनितिक लाभ के लिए झूठे वादे करना सही है। सयोजक राकेश जम्वाल ने कहा कि सुक्कू सरकार हर मोर्चे में फेल हुए है प्रदेश की क़ानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। आए दिन कांग्रेस के प्रभाव के अंतर्गत अपराधियों के होंसले बुलंद है। बिलासपुर के गोलीकांड का सरगना पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर का बेटा जो आज पकड़ा गया है भाजपा के हस्तक्षेप की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कांग्रेस इस केस को दबाने के लिए हर संभव कार्य कर रही थी परंतु भाजपा के उग्र विरोध प्रदर्शन और विरोध को देखते हुए अंततः आज विधायक के बेटे को न चाहते गिरफ्तार करना पड़ा। स्कूलों में छोटी बच्चियों के साथ अपराध, महिलाओं पर अपराध, हत्या आए दिन की बातें हो गई है परंतु प्रदेश सरकार कुंभकरणी नींद सोई हुए है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री सुक्खू मात्र कांग्रेस के और अपनी मित्र मंडली के मुख्यमंत्री नहीं, जबकि प्रदेश का नेतृत्व कर रहे है इसलिए आम लोगों की ओर भी अपना ध्यान दें।
**ज़िला प्रशासन ने सावधानी बरतने की अपील की उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान केन्द्र शिमला द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 03 जुलाई, 2024 तक सोलन ज़िला में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि खराब मौसम में बारिश व भूस्खलन सम्भावित क्षेत्रों तथा पहाड़ी भागों में जाने से परहेज करें। इस बारे में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके अनुसार इस अवधि में खराब मौसम में ट्रैकिंग करना तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाना खतरनाक हो सकता है, इसलिए इससे बचें। बिजली चमकने की सूरत में कम से कम 30 मिनट तक घरों या सुरक्षित इमारतों के अंदर रहे, नदी-नालों के किनारे न जाएं, क्योंकि बरसात में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी पर ध्यान दें तथा रेडियो व टेलीविज़न पर मौसम बारे प्रसारित बुलेटिन को सुनें और सुरक्षित रहें। प्राकृतिक आपदा व मौसम सम्बन्धी जानकारी के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सचेत मोबाईल एप विकसित किया है। यह ऐप मौसम व अन्य आपदाओं की सटीक जानकारी मोबाइल पर भेजता है, जिससे समय पर भारी वर्षा, आंधी तूफान और हिमस्खलन इत्यादि के बारे में सूचना प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में व्यक्ति ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के टोल फ्री नम्बर 1077, दूरभाष नम्बर 01792-220049 व 01792-220882 तथा व्हट्सएप नम्बर 94594-57292 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
** इफको का प्लान आया किसानों के काम इफको द्वारा जिला कांगड़ा में स्थित इंदौरा तहसील के सुरडवां गांव से शुरू की गई कृषि ड्रोन से नैनो उर्वरकों की स्प्रे करने की सुविधा। सुरडवां गांव का ही प्रदीप पठानिया करेगा सामान्य शुल्क पर अब किसानों के खेतों में जाकर नैनो उर्वरकों का स्प्रे। इफको किसान उदय ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके अपने खेतों में नैनो उर्वरकों की स्प्रे के लिए ड्रोन की करवा सकते हैं बुकिंग। इफको द्वारा जिला कांगड़ा में दो ड्रोन एवं उनके सुगम परिवहन के लिए इलेक्टिर्क व्हीकल भी प्रदान किए गए हैं, जिसके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा किसानों की खेतों में नैनो उर्वरकों एवं सागरिका तरल उत्पाद की स्प्रे को प्रचलित किया जा सके। इसी कड़ी में इफको द्वारा जिला कांगड़ा में स्थित अंगीकृत गांव नैनो विलेज क्लस्टर सुरडवां में आज किसान सभा रखी गई, जिसके तहत किसानों को क्लस्टर से संबंधित सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई एवं गांव के ही एक किसान एवं ग्राम समिति के प्रधान नरदेव कटोच की गन्ने की फसल में नैनो उर्वरकों का स्प्रे किया गया कृषि ड्रोन के माध्यम से आप किसी ड्रोन की बुकिंग करके अपने खेतों में बहुत कम समय में अब नैनो वर्गों की स्प्रे का लाभ उठा सकते हैं।
सीएम बोले- कुछ कम्युनिकेशन गैप था, उसे दूर किया मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर राज्यपाल की नाराजगी को दूर किया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम सुक्खू ने कहा यह एक शिष्टाचार भेंट थी। करीब चार महीनों बाद मुलाकात हुई। चुनाव की व्यस्तता के चलते राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो पाई थी। सुक्खू ने कहा कि राज्यपाल ने कुछ मुद्दों पर नाराजगी जताई है। योगा डे पर सरकारी कार्यक्रम को लेकर उनकी नाराजगी सही थी। उस दिन शहर के मेयर की भी अनुपस्थिति रही और कुछ कम्युनिकेशन गैप था, उसे दूर कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि कुलपति नियुक्ति वाली फाइल तीन-चार महीने पहले राज्यपाल ने वापस सरकार को भेज दी थी और यह सचिव विधि के पास पड़ी रह गई। भविष्य में इन सब बातों का ध्यान रखा जाएगा। सीएम ने कहा कि राज्यपाल चाहते हैं सभी विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्त हो और वहां शिक्षा का माहौल बना रहे। इस संबंध में सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। निश्चित तौर पर राज्यपाल ने जो विषय उठाए हैं, उस पर सरकार पूरा गौर करेगी। बिलासपुर गोलीकांड पर सुक्खू ने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई होगी। ऐसी घटनाओं की सरकार निंदा भी करती है। चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े कोई लोग क्यों न हो। गलत बात गलत है। हम इस तरह की वारदातों को हिमाचल प्रदेश में सहन नहीं करेंगे।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग फॉर्म भरने की तिथि अब तीन जुलाई तक बढ़ा दी है। तकनीकी विवि व संबंधित सरकारी/निजी शिक्षण संस्थानों में बीटेक, बी फॉर्मेसी, एमटेक, एमबीए, एमसीए, बी आर्क सहित अन्य विषयों की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। पात्र अभ्यर्थी तीन जुलाई तक काउंसिलिंग का ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जयदेव ने कहा कि नए सत्र में प्रवेश लेने के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसके लिए पहले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बीटेक (लेटरल व डायरेक्ट एंट्री), बी फार्मेसी (लेटरल व डायरेक्ट एंट्री), बी आर्क, एमबीए, एमबीए पर्यटन, एमसीए, एमटेक, एम फॉर्मेसी में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन काउंसिलिंग फॉर्म भरना होगा। सभी स्नातक व स्नातकोत्तर विषय में प्रवेश के लिए पात्रता संबंधित जानकारी तकनीकी विवि की वेबसाइट पर लगी सूचना विवरणिका में देख सकते हैं, जिसमें सभी विषयों में प्रवेश के लिए पात्रता का पूरा ब्यौरा दिया है। अधिष्ठाता शैक्षणिक ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) दी है, उन्हें भी काउंसिलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके अलावा बीटेक में डायरेक्ट एंट्री के लिए जेईई मेन्स परीक्षा देने वाले को भी काउंसिलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जल्द की उपरोक्त विषयों की काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के देहरा डिपो से राशन गायब होने के मामले गोदाम इंचार्ज को विभाग ने 72 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। विभागीय जांच में निगम के गोदाम इंचार्ज की गलती सामने आई है। यह संभवत: प्रदेश का पहला मामला है, जब राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के किसी कर्मचारी को इतनी बड़ी पेनल्टी लगाई गई है। दरअसल प्रदेश सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल, एपीएल और एपीएल-एलटी राशन कार्ड धारकों को उचित मूल्यों की दुकानों के माध्यम से सस्ती दरों पर चावल, आटा, गंदम, लेवी चीनी, दालें, खाद्य तेल और नमक दिया जाता है। बीते माह राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के देहरा डिपो से क्षेत्र की 102 उचित मूल्य की दुकानों के लिए राशन भेजा गया, लेकिन यह राशन डिपुओं में नहीं पहुंचा। उसके बाद राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और हिमाचल प्रदेश खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हरकत में आए। विभाग ने जब जांच की तो पाया कि निगम के देहरा डिपो से राशन भेजने की रजिस्टर पर तो एंट्री है, लेकिन उचित मूल्य की दुकानों पर यह खाद्य सामग्री नहीं पहुंची। इसके बाद पहले तो विभाग ने संबंधित गोदाम इंचार्ज को देहरा से हटाकर जिला मुख्यालय धर्मशाला भेजा और देहरा में गोदाम इंचार्ज के पद पर नए कर्मचारी की नियुक्ति की। उसके बाद विभागीय कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट शिमला निदेशालय भेजी गई। अब निदेशालय से प्राप्त आदेशों के तहत संबंधित गोदाम इंचार्ज को 72 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका गया है। जुर्माना न भरने की सूरत में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के देहरा डिपो से राशन गायब होने के मामले की जांच पूरी हो गई है। आरोपी गोदाम इंचार्ज को 72 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है।
**वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून ने प्रवेश करते ही तबाही मचाई है। इस बार पिछले साल के मुकाबले देरी से पहुंचे मानसून की पहली ही बारिश से शिमला में जगह-जगह भूस्खलन, मलबा आने से व्यापक नुकसान हुआ है। करीब आठ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। शहर के मल्याणा, चमियाणा, भट्ठाकुफर, मिनी कुफ्टाधार सहित अन्य स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। चमियाना में सड़क किनारे पार्क तीन गाड़ियां मलबे में दब गईं। वहीं मल्याणा में पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क किनारे पार्क चार गाड़ियों पर गिर गईं। इससे दो गाड़ियां चकनाचूर हो गईं। भट्टाकुफर में भूस्खलन से सड़क किनारे पार्क एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मिनी कुफ्ताधार का रास्ता मलबा आने से नाले में तब्दील हो गया। शहर की ईदगाह कॉलोनी में भी नुकसान हुआ है। डंगा गिरने से रास्ता बंद हो गया है। पगोग सड़क पर आए पत्थर और मलबा आने से आवाजाही प्रभावित रही। वहीं, जुन्गा रोड पर बारिश का पानी घरों में घुस गया। खलीनी में भी भूस्खलन हुआ है।
**नालागढ़ के लोग विकास के लिए समर्पित धरतीपुत्र के साथ हैं नालागढ़: नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंझौली व रामशहर में हुई जनसभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार के डेढ़ वर्ष के फेल कार्यकाल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि एरिया के लोगों में भाजपा के प्रति उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल में दो बड़े प्रोजेक्टों को केंद्र की भाजपा सरकार ने दिया है जिसमें एक ब्लक ड्रग पार्क व दूसरा मेडिकल डिवाइस पार्क है जो कि आपके नालागढ़ में स्थापित हो रहा है, जिसमें केंद्र सरकार 300 करोड़ खर्च कर रही है। ठाकुर ने कहा कि देश भर के लिए तीन स्वीकृत हुए थे जिसमें एक-एक प्रोजेक्ट को हम हिमाचल लेकर आए है जिससे प्रधानमंत्री का हिमाचल के प्रति स्नेह साफ़ नज़र आता है। उन्होंने कहा कि यह सभी विकास भाजपा की पूर्व में सरकार व केंद्र सरकार के द्वारा ही संभव हो सका। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ज्यादा दिनों तक चलने वाली नही है जल्द ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने वाली है और सत्ता में आकर एक बार फिर से विकास रफ्तार पकड़ेगा। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उप चुनाव को जो मुकाबला होने जा रहा है वह भाजपा व कांग्रेस के साथ-साथ धरतीपुत्र व बाहरी के बीच में होगा जिसमें आपने अपने एरिया के लोकल उम्मीदवार को जिताना है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मात्र डेढ़ साल के कार्यकाल में सुक्खू सरकार की यह स्थिति हो गई है। सरकार झूठी गारंटियां और झूठे वादे करके सत्ता में आई और सत्ता में बने रहने के लिए भी सिर्फ़ झूठ का सहारा लिया। सरकार के झूठ की वजह से प्रदेश के लोगों ने सुक्खू सरकार को नकार दिया। प्रदेश की कुल 68 में 61 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को बढ़त दे दी है। मुख्यमंत्री अपने हल्के में भी बढ़त नहीं मिली। लोकसभा के चुनाव में मुख्यमंत्री अपने हलके नादौन में ही चुनाव हार गये हैं।। हिमाचल प्रदेश के लोगों ने सूक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों और तालाबाज़ी करने वाली सरकार को ख़ारिज कर दिया है।
**राज्यपाल ने प्रदान किए 18 व्यक्तियों को ‘हिमाचल के प्रहरी’ सम्मान **नशे के खिलाफ लड़ाई में किया असाधारण प्रतिबद्धता का प्रदर्शन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बीते कल राजभवन में आयोजित ‘हिमाचल के प्रहरी’ सम्मान समारोह में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामलों का पता लगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 18 व्यक्तियों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम पुलिस विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल के इन प्रहरियों ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में असाधारण प्रतिबद्धता और बहादुरी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक गंभीर खतरा है, जो सीमाओं और जनसांख्यिकी से परे है। यह परिवारों को बाधित करता है, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालता है और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने समुदायों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के अभिशाप से बचाने के लिए सतर्क और सक्रिय होना चाहिए। इस खतरे का मुकाबला करने के प्रयासों के लिए एक ठोस और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें कानून प्रवर्तन, सामुदायिक जुड़ाव, शिक्षा और पुनर्वास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के तौर पर उन्होंने अपने 16 माह के कार्यकाल में देवभूमि में नशे के खिलाफ अपने आपको सक्रिय तौर पर जोड़ा है। उन्होंने बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज गांव-गांव तक नशा पहुंच रहा है और अब लड़कियां तक ड्रग पैडलर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम नशीली दवाओं की तस्करी और दुरुपयोग से निपटने के लिए हमारे शस्त्रागार में एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इस कानून की प्रभावशीलता न केवल अधिकारियों पर बल्कि जनता की सतर्कता और सहयोग पर भी निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि हम देवभूमि के उन प्रहरियों का सम्मान कर रहे हैं जिन्होंने अपने नागरिक कर्तव्यों से परे जाकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता करने में अनुकरणीय साहस और समर्पण दिखाया है। उनके प्रयासों ने न केवल अवैध गतिविधियों का पता लगाने और उन पर अंकुश लगाने में मदद की है, बल्कि नशा मुक्त समाज के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद की है। उन्होंने कहा कि प्रहरियों की जिम्मेदारी की भावना ने दूसरों के लिए अनुसरण करने के लिए एक मानक स्थापित किया है। इससे पूर्व, पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश द्वारा लोगों के सामूहिक प्रयासों को सम्मानित करने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया, जो नशे के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सम्मान समारोह हमारे जागरूक नागरिकों की सक्रिय भूमिका को मान्यता देने और उनके योगदान का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया है, जो सहयोग की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हिमाचल प्रदेश में एक महत्त्वपूर्ण चुनौती पेश करता है और इसे प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए शिक्षा, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास शामिल करने वाला एक बहु-विषयक दृष्टिकोण आवश्यक है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पारंपरिक प्रवर्तन उपाय अकेले नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मूल कारणों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते। समस्या को उत्पन्न करने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से संबंधित कारणों को संबोधित करने के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता को पहचानते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्य गुप्तचर विभाग ने एक बहुआयामी एंटी-ड्रग रणनीति का प्रस्ताव रखा है। यह रणनीति विभिन्न हितधारकों और संसाधनों को एकीकृत करती है ताकि इस संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और निकट भविष्य में हिमाचल प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के संकट से मुक्त वातावरण बनाया जा सके। इस अवसर पर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक अरविंद नेगी ने प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से संबंधित मामलों पर एक प्रस्तुतिकरण भी दिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा तथा राज्यपाल के सचिव का कार्यभार देख रहे सी.पी. वर्मा तथा पुलिस प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
** बारिश से कई मार्ग अवरूद्ध, यातायात प्रभावित हिमाचल प्रदेश में मानसून जल्द ही दस्तक देने वाला है। लेकिन प्रदेश की जनता बीते साल हिमाचल में मची तबाही से अब तक उभरी ही नहीं है कि एक बार फिर लोगों के मन में बाढ़ का खतरा उन्हें ड़रा रहा है। बीते साल मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण हिमाचल में आपदा की स्थिती आ गई थी, जिसमें न केवल करोड़ें का नुकसान हुआ था ब्लकि भारी प्रकृतिक आपदा ने हिमाचल को उथल-पुथल करके रख दिया था। वहीं, सोलन में भी वीरवार रात हुई भारी बारिश से कुनिहार के कई मार्ग अवरूद्ध हो गए, जिससे यातायात प्रभावित हो गया हैं। नालागढ़ मार्ग गंभरपुल पर मलवा आने के कारण सड़के बंद हो गई हैं । कुनिहार कुफ्टू मार्ग भी बारिश से प्रभावित हुआ हैं। सुबह लोगों को अपने काम पर पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। गंभरपुल पर जहां कुछ दिन पहले बादल फटने की घटना सामने आई थी कल रात भारी बारिश से लोग सहमे हुए थे कि कोई अनहोनी न हो जाए। उसी नाले से बारिश के पानी से पुल के ऊपर मलवा आने से कुनिहार नालागढ़ मार्ग बन्द हो गया। बरसात को देखते हुए वहां खतरा अभी भी बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जी एन शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा सुबह से ही इन मार्गो को खोलने का कार्य आरंभ कर दिया गया था व 9 बजे तक सभी मार्गो से मलवा हटाकर यातायात शुरू कर दिया गया है।
जिला रेडक्राॅस सोसायटी, धर्मशाला द्वारा कृत्रिम अंग निर्माण निगम, मोहाली के सहयोग से दिव्यांगजनों की सहायतार्थ 01 जुलाई 2024 कोे सूर्या उदय चैरिटेबल ट्रस्ट, वार्ड न0.15, ठेहड बस स्टैंड, नजदीक खनियारा मेला ग्राउंड धर्मशाला में प्रातः 10ः30 बजे से लेकर सांय 04ः00 बजे तक मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया जा रहा है । यह जानकारी देते हुए रेडक्रास सोसाइटी के सचिव ओपी शर्मा ने बताया कि इस शिविर में पात्र दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण जैसेः व्हील चेयर, ट्राईसाईकिल, मोटराईजड़ ट्राईसाईकिल, बैसाखियां, सी0पी0 चेयर, एलबो क्रचेस, वाकिंग स्टिक, स्मार्ट केन, रोलेटर, वाकर, स्मार्ट फोन, कानों में सुनने की मशीन, कैलीपर तथा कृत्रिम अंग इत्यादि प्रदान करने के लिए मूल्यांकन किया जाएगा । पात्र दिव्यांगजन अपनी जरूरत के सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र, सहायक उपकरण प्रदान करने हेतु चिकित्सक का परामर्श तथा आय प्रमाण पत्र (मासिक 22,500/- रूपये से कम) ,आधार कार्ड ,पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ लाना जरूरी है। इस शिविर की अधिक जानकारी के लिए सचिव, जिला रेडक्राॅस सोसायटी, कांगड़ा के संपर्क नंबर 01892-224888, 94188-32244 तथा सूर्या उदय चैरिटेबल ट्रस्ट, खनियारा से 98169-00199, 9816708195 नंबरों पर संपर्क करें।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में वीरवार रात्रि को बी.एड के द्वितीय सत्र के छात्र-छात्राओं द्वारा चतुर्थ सत्र के छात्र-छात्राओं हेतु विदाई समारोह पुनर्मिलामि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती को माल्यार्पण से हुआ। कार्यक्रम में मिनर्वा कॉलेज की उपाध्यक्ष कमलेश पटियाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने सभी प्रशिक्षु अध्यापकों के मंगल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ उनको भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यक्रम का आरंभ रचनात्मक तरीके से किया गया, जिसके बाद विद्यार्थियों की ओर से रंगारंग कार्यक्रम पेश किए गए। इस मौके पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। इस अवसर पर रैंप वाॅक, ड़ांस काॅम्पिटिशन व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें मिस्टर फेयरवेल अनीश और मिस फेयरवेल सविता भाटिया रही, वही कनव को मिस्टर पर्सनालिटी और अंजलि को मिस पर्सनालिटी चुना गया। इसी दौरान प्रशांत को मिस्टर हैंडसम और रिया को मिस ब्यूटीफुल चुना गया। साथ में मिस्टर मिनर्वा अतुल और मिस मिनर्वा अनामिका को चुना गया। समारोह के अंत में प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार द्वारा चुने हुए प्रशिक्षु अध्यापकों को मंच पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के डायरेक्टर ए.के खजुरिया और उनकी पत्नी सहित अन्य सभी अध्यापक वर्ग वहां उपस्थित रहे।


















































