** उद्यान विभाग के अनुदान ने पूरा किया भावना का सपना बड़ी डिग्रियां हासिल करने के बाद सरकारी नौकरी या प्राइवेट सेक्टर में संघर्ष करने की बजाय, खुद का उद्यम स्थापित करना और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार इस दिशा में युवाओं को प्रेरित करने के लिए विभिन्न सब्सिडी योजनाएं प्रदान कर रही है।हमीरपुर जिले के गांव भारीं की भावना राणा ने उद्यान विभाग की मशरूम सब्सिडी योजना का लाभ उठाकर घर में मशरूम का प्लांट लगाया और लाखों की आय अर्जित की। उन्होंने न केवल खुद को सशक्त किया, बल्कि 10-12 अन्य लोगों को रोजगार भी दिया।भावना ने देहरादून से फूड टेक्नोलॉजी में डिग्री प्राप्त की, लेकिन कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी से संतुष्ट नहीं हुईं। फिर उन्होंने 30 प्रतिशत सब्सिडी वाली मशरूम योजना के बारे में जाना और 200 बैग के साथ मशरूम की खेती शुरू की। कुछ ही महीनों में उनका व्यवसाय चल पड़ा, और अब वह पीक सीजन में रोजाना 800-1000 पैकेट मशरूम बाजार में भेज रही हैं। अब, भावना अपने प्लांट में विभिन्न लॉट्स में मशरूम उगा रही हैं, ताकि सप्लाई नियमित हो सके। उन्होंने गांव की 6-7 महिलाओं को रोजगार दिया और कई अन्य को अप्रत्यक्ष रूप से काम दिया। भावना ने प्रदेश सरकार और उद्यान विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कारण ही वह एक सफल उद्यमी और प्रगतिशील किसान बन पाई हैं।
स्पैल वैली के दलगांव में देव परंपरा के अनुसार बेड़ा को देवता की पालकी में बिठाकर आयोजन स्थल तक पहुंचाया गया। इससे पहले आरोहण के लिए पालकी से उतारकर जैसे ही उन्हें लकड़ी की काठी पर बिठाया गया, वाद्य यंत्रों में शोक की धुनें बजने लगीं। ऊपर वाले छोर पर बेड़ा सूरत राम थे और नीचे दूसरे छोर में उनका परिवार इंतजार में था। लंबी पूजा-अर्चना के बाद ठीक शाम 5:46 बजे सूरत राम को सकुशल रस्से के सहारे नीचे उतारा गया। नीचे पहुंचते ही उनके माथे पर बंधे पंचरत्न को लेने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। लोगों ने बेड़ा को देवता की पालकी में बिठाकर नाचते-गाते मंदिर परिसर तक पहुंचाया। लोगों ने उन्हें भेंट के तौर पर नकद राशि दी। अनुष्ठान में रस्से को बांधने के लिए बजरेट कोटी के ठाकुर व वहां तक लाने की भूमिका देवता महेश्वर के साथ पहुंचे खूंदों ने निभाई। बेड़ा आरोहण के लिए रस्सा टूटने के बाद दूरी को कम किया गया। ढलान कम होने के कारण रस्सा झुकने से काठी पर बैठे सूरत राम बीच में फंस गए। उसके बाद दूसरी रस्सी का सहारा देकर उन्हें दूसरे छोर तक पहुंचाया गया। बेड़ा के दूसरे छोर पर पहुंचते ही अनुष्ठान के तीसरे दिन की मुख्य रस्म पूरी की गई। दलगांव में विशेष घास से बने तीन इंच मोटे रस्से (बरूत) पर बेड़ा सूरत राम को खाई पार करते देखने का लोगों में भारी उत्साह रहा। चारों ओर देवताओं के जयकारे लग रहे थे। इस दौरान रस्से को कसते समय अचानक रस्सा टूटा तो नाले के आसपास सन्नाटा पसर गया। यह घटना शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे घटी। उस समय तक आयोजन स्थल तक हजारों लोग पहुंच चुके थे। कोई कहने लगा ओह... यह क्या हो गया। किसी ने कहा-अपशगुन हो गया तो कोई कह रहा था कि यदि बेड़ा के उतरते समय रस्सा टूटा होता तो कुछ भी हो सकता था। इसके बाद तुरंत आयोजन कमेटी के वरिष्ठ लोगों ने फैसला लिया कि अब दूरी को कम करके बेड़ा आरोहण की परंपरा को पूरा करना होगा। उसके बाद पहले से लगाए गए खंभों को उखाड़कर उन्हें नाले के आरपार कम दूरी पर गाड़ना शुरू किया गया। उसके बाद बेड़ा आरोहण की रस्म पूरी हुई।
हिमाचल प्रदेश सरकार और वाइल्ड फ्लॉवर होटल प्रबंधन के बीच बातचीत को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है। ओबरॉय ग्रुप की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाॅल दुआ की अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। अगली सुनवाई एक मार्च को होगी। उस दिन अब ईस्ट इंडिया होटल लिमिटेड यानी ओबरॉय समूह की ओर से भी बहस की जाएगी। सरकार की ओर से कहा गया कि होटल प्रबंधन की तरफ से बातचीत के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया। अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को कहा था कि प्रस्ताव पर सहमति बनती है या नहीं, इस पर अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। राजधानी शिमला के नजदीक ऐतिहासिक वाइल्ड फ्लॉवर हॉल होटल के प्रबंधन से सरकार बातचीत करने के लिए तैयार हो गई थी। महाधिवक्ता अनूप रतन ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा था कि अगर ईस्ट इंडिया होटल लिमिटेड यानी ओबरॉय समूह की ओर से कोई प्रस्ताव दिया जाता है तो सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा था कि अगर कोई भी कंपनी प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहती है तो सरकार स्वागत करती है। राज्य सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल को अपने अधीन लेने को लेकर हाईकोर्ट में क्रियान्वयन याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने पहले ही ओबरॉय समूह को मध्यस्थता के आदेशों की पालना करने के आदेश दिए थे। बता दें कि होटल के स्वामित्व की दो दशकों से कानूनी लड़ाई चल रही है। हाईकोर्ट ने वाइल्ड फ्लावर हॉल को सरकार को सौंपने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ओबरॉय ग्रुप सुप्रीम कोर्ट गया था। सुप्रीम कोर्ट से इन्हें कोई राहत नहीं मिली।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में गैर शैक्षणिक वीडियो और रील्स बनाने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया का अनावश्यक उपयोग नहीं होगा। शनिवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों और कॉलेजों के प्रिंसिपलों को इस बाबत नजर रखने के निर्देश जारी किए। निदेशालय ने विद्यार्थियों पर इन गतिविधियों का गलत प्रभाव पड़ने का हवाला दिया है। निर्देशों का पालन न करने वाले शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रति भी चेताया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि ध्यान भटकाने वाली गतिविधियों पर लगाम लगाने और शैक्षणिक गतिविधियों पर फोकस बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। सोशल मीडिया पर शिक्षकों और कर्मचारियों के गैर शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल होने के बढ़ते मामलों की निदेशालय के पास लगातार शिकायतें आ रही हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए निदेशालय ने स्कूलों-कॉलेजों के प्रिंसिपलों और जिला शिक्षा उपनिदेशकों को पत्र जारी किए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कुछ शिक्षक और कर्मचारी स्कूल समय में ऐसी सामग्री बनाते रहते हैं, जो छात्रों के शैक्षणिक विकास में योगदान नहीं देती। ऐसी वीडियो या रील्स सोशल मीडिया पर डाले जा रहे हैं, जो शैक्षणिक, खेल या पाठयक्रम से संबंधित नहीं होते हैं। ऐसे विकर्षण विद्यार्थियों को उनके शैक्षिक लक्ष्यों से दूर करते हैं और उन्हें सोशल मीडिया के उपयोग में लिप्त होने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं जो उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। स्कूलों-कॉलेजों के प्रिंसिपलों को निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उन्हें जिम्मेदार और बेहतर नागरिक बनने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
शिमला जिले के ठियोग उपमंडल में टैंकरों से पानी आपूर्ति देने के नाम पर हुए लाखों रुपये के घोटाले की जांच शनिवार को विजिलेंस ने शुरू कर दी। एएसपी नरवीर सिंह राठौर की अगुवाई में गठित जांच टीम ने एसडीएम ठियोग कार्यालय से संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। पानी आपूर्ति के घोटाले की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद जल शक्ति विभाग में हड़कंप मच गया था और विभाग के 10 अधिकारियों को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। इनमें दो अधिशासी, तीन सहायक, चार कनिष्ठ और एक सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। इसके बाद मामला सरकार ने जांच के लिए विजिलेंस को सौंप दिया। शनिवार को घोटाले के तथ्यों की जांच कर विजिलेंस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठियोग का दौरा किया और एसडीएम कार्यालय का पानी की सप्लाई से संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस मामले में जल्द ही एफआईआर भी दर्ज कर सकती है। इसके बाद निलंबित अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बता दें कि पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों की जगह बाइक, कारों और अफसर की गाड़ी के नंबर देने और जहां सड़क नहीं है, वहां भी टैंकरों से पानी की आपूर्ति दर्शाने की खबर छपने के बाद सरकार हरकत में आई और 10 अफसरों पर कार्रवाई की। निलंबित अफसरों को विभाग के मुख्यालय में अटैच किया गया है। इसके अलावा पानी की सप्लाई करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया गया है। वहीं, इस मामले में ठियोग से कांग्रेस के विधायक कुलदीप राठौर ने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। राठाैर ने कहा कि जैसे ही 27 नवंबर को इस मामले की जानकारी मिली, तुरंत उपमुख्यमंत्री एवं जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से इस घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही आला अधिकारियों के साथ चर्चा कर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए। विजिलेंस की टीम को शनिवार शाम को मामले से जुड़े सभी जरूरी कागजात सौंप दिए हैं।
** विनोद सुल्तानपुरी ने गनोल स्कूल के नए भवन का किया शिलान्यास कसौली (हेमेंद्र कंवर): कसौली विधानसभा क्षेत्र की गनोल पंचायत स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल गनोल में शनिवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण व शिलान्यास समारोह आयोजित हुआ। इस समारोह में कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने बतौर मुख्य अतिथि गनोल स्कूल के नए भवन के निर्माण का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि पिछले चुनावों में गनोल स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल घोषित किया गया था, लेकिन इसके बाद बिना बजट के कई स्कूल बंद हो गए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस मुद्दे को उठाया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में केवल दो स्कूलों को फिर से अधिसूचित किया गया, जिनमें गनोल भी शामिल है। विधायक ने इस क्षेत्र की गढ़खल-गुनाई सड़क की समस्या को भी गंभीर बताया और कहा कि वह इसे मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए प्रयासरत हैं। साथ ही, इस सड़क पर बस सेवा शुरू करने के लिए उन्होंने अपने प्रयास जारी रखने की बात कही। विधायक ने मेधावी बच्चों को सम्मानित करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह दिए और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये देने की घोषणा की। समारोह में उन्होंने जनसमस्याओं को भी सुना और अधिकारियों को इन्हें शीघ्र हल करने के निर्देश दिए। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों से वाहवाही प्राप्त की। स्कूल की कार्यकारी प्रधानाचार्य अनीता रानी ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह में तहसीलदार कसौली जगपाल चौधरी, जिप सदस्य एडवोकेट मनोज वर्मा, गनोल पंचायत प्रधान संतोष कुमारी, उपप्रधान रणदीप राणा, कसौली-गढ़खल पंचायत प्रधान राम सिंह, उपप्रधान श्याम लाल ठाकुर, नाहरी पंचायत के पूर्व उपप्रधान मनमोहन वशिष्ठ, कसौली युवा कांग्रेस के अध्यक्ष साहिल अत्री, वरिष्ठ कांग्रेसी तीर्थराम शांडिल, राजेंद्र शर्मा, श्याम दत्त शर्मा, मोहनलाल शर्मा, जोगिंदर शर्मा, गनोल पंचायत की पूर्व प्रधान निर्मल शर्मा, महेंद्र दत्त शर्मा, जय किशन शर्मा, अमर दत्त शर्मा, कविराम शांडिल, राजेंद्र शांडिल, बुधराम शांडिल, प्रकाश शर्मा, केशव कुमार, ज्ञान सिंह, एक्स सर्विसमैन लीग के अध्यक्ष सूबेदार मेजर, सच्चिदानंद शर्मा, एसएमसी प्रधान सीमा, लोक निर्माण विभाग कसौली के एसडीओ विशाल भारद्वाज, जेई पुरषोत्तम समेत कई लोग उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के रोहडू की स्पैल वैली के दलगांव में चल रहें भुंडा महायज्ञ में आज बेड़े की ओर से भुंड की रस्म निभाई जानी थी। इसे देखने के लिए लाखों की संख्या में दलगांव पहुंचे हैं। जब विधि विधान के साथ एक रस्सी को बांधने का काम किया जा रहा था उसी समय अचानक बीच से ये दिव्य रस्सी टूट गई, जिसके चलते फिलहाल अभी रस्म को कमेटी ने रोक दिया है। मंदिर कमेटी आगे इसपर विचार विमर्श कर रही है। आज लाखों की संख्या की संख्या में लोग भुंड़ा उत्सव में पहुंचे हैं। इस महायज्ञ में तीन देवता और तीन परशुराम पहुंचे हुए हैं। अब मोहतबीन और देवता इस बारे में अगला निर्णय लेंगे। इस रस्सी को पवित्र समझा जाता है और इसका टूटना अपशगुन समझा जाता है। देवता बकरालू महाराज जी तो तहसीलों रोहड़ू व रामपुर के देवता हैं। भुंडा महायज्ञ देवता महेश्वर, देवता बौंद्रा व देवता बकरालू व देवता मोहर्रिश के प्रेम का प्रतीक है। रोहड़ू उपमंडल के नौ गांव के लोग इस यज्ञ में सहयोग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि भुंडा महायज्ञ के लिए एक लाख से अधिक निमंत्रण दिए गए हैं। भुंडा महायज्ञ के दौरान बेड़ा रस्सी के जरिए मौत की घाटी को लांघते हैं। ये रस्सी दिव्य होती है और इसे मूंज कहा जाता है। ये विशेष प्रकार के नर्म घास की बनी होती है। इसे खाई के दो सिरों के बीच बांधा जाता है। भुंडा महायज्ञ की रस्सी को बेड़ा खुद तैयार करते हैं। बेड़ा उस पवित्र शख्स को कहा जाता है, जो रस्सी से खाई को लांघते हैं। बेड़ा जाति के लोग ही इस परंपरा को निभाते हैं। बेड़ा सूरतराम के अनुसार रस्सी तैयार करने में ढाई महीने का समय लगा। इस पवित्र कार्य में उनका साथ चार लोगों ने दिया। रस्सी तैयार करते समय पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करना होता हैं। सुबह चार बजे भोजन करने के बाद फिर अगले दिन सुबह चार बजे भोजन किया जाता है। यानी 24 घंटे में केवल एक बार भोजन किया जाता है। इस दौरान अधिकतम मौन व्रत का पालन किया जाता है।
धर्मशाला में प्रस्तावित सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कैंपस में हो रही देरी को लेकर विधायक सुधीर शर्मा ने अब दिल्ली का रुख किया है। विधायक सुधीर शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की और केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला कैंपस के निर्माण में हो रही देरी का विषय उनके समक्ष उठाया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार नॉर्थ कैंपस के निर्माण के लिए जल्द उचित कदम उठाएगी। सुधीर शर्मा ने कहा, धर्मशाला के जदरांगल में प्रस्तावित कैंपस के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ हिमाचल सरकार की ओर से 30 करोड़ रुपए जमा करवाने की देर है, लेकिन सीएम सुक्खू जानबूझ कर इसे लटका रहे हैं, जिसके चलते धर्मशाला में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कैंपस का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। मैंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेश प्रधान से मुलाकात कर इस मसले को उठाया है। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार इस पर जल्द सार्थक कदम उठाएगी।
शिमला: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को बंजार के जीभी के पास तांदी गांव में आग से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मंत्री ने गांव का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से बातचीत करते हुए राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निजी रूप से डेढ़ लाख रुपये की राशि प्रदान की और प्रभावितों को कंबल, खाना पकाने के बर्तन, हाईजीन किट और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्री भी वितरित की। विक्रमादित्य सिंह ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने बिजली और पानी की आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने गांव की सड़क को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने का आश्वासन दिया, और कहा कि मार्च के बाद सड़क को पक्का करने का कार्य सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पुनर्निर्माण के लिए सामग्री आसानी से पहुंचाई जा सके। गौरतलब है कि बंजार उपमंडल के तांदी गांव में नए साल के पहले दिन आग लगने से भारी नुकसान हुआ था। आग ने एक गौशाला से शुरू होकर 17 मकानों और 6 गौशालाओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था। प्रशासन ने पीड़ितों को 15 हजार रुपये की तत्काल राहत राशि दी थी। एसडीएम बंजार, पंकज शर्मा ने बताया कि इस घटना में करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बिलासपुर/सुनील: प्रदेश सरकार के नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्मानी ने बताया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में जल्द ही लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए सरकार द्वारा 29 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री धर्मानी ने कहा कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इस सुविधा के आने से मरीजों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगजनों को राहत मिलेगी। लिफ्ट की स्थापना से अस्पताल में आने वाले लोगों की सुविधा में सुधार होगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाना और भी सुगम हो जाएगा। राजेश धर्मानी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। घुमारवीं सिविल अस्पताल को नई सुविधाओं से लैस करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार इकाई की मासिक बैठक मंगलवार 7 जनवरी को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष विनोद जोशी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। विनोद जोशी ने कुनिहार इकाई के सभी कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से इस बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 7 जनवरी को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
** प्रिंसिपल अशोक कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता खण्ड चिकित्सा अधिकारी नगरोटा सुरियां, डॉ. अमन दुआ के निर्देशानुसार आज "टीबी मुक्त भारत अभियान" के तहत आईटीआई ज्वाली में जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल अशोक कुमार ने की।कार्यक्रम में बच्चों को टीबी मुक्त भारत के लिए शपथ दिलाई गई। इसके अलावा, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद ने बच्चों को एचआईवी/एड्स के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने एड्स जागरूकता के प्रतीक चिन्ह भी बनाए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से खण्ड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक रविंद्र कुमार, एनडीके काउंसलर कृष्ण कुमार, सीएचओ दीपिका शर्मा और आशा कार्यकर्ता पुष्पा देवी ने भाग लिया। आईटीआई के स्टाफ में बलकार सिंह, रोबिन चौधरी, पूनम शर्मा, सरिता और हरनाम सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रिंसिपल अशोक कुमार ने सभी मेहमानों का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
रोहडू के दलगांव में भुंडा महायज्ञ के दूसरे तीन शुक्रवार को तीन महत्त्वपूर्ण रस्में निभाई गईं। इस दौरान रस्मों को देखने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। दलगांव में बकरालू देवता के मंदिर प्रांगण में तिल धरने को जगह नहीं रही। भुंडा महायज्ञ में दूसरे दिन तक एक लाख से अधिक लोग पहुंच गए हैं। श्रद्धालुओं की इतनी अधिक भीड़ रही कि लोगों के फोन बंद हो गए और नेटर्वक भी फ्रीज हो गया। पहली रस्म के अंतर्गत देवता महेश्वर, देवता बौंद्रा, मेजवान देवता बकरालू के मध्य धूड़ पीटने की रस्म निभाई गई। इस रस्म को देवता महेश्वर ने शिर लगाकर सफलतापूर्क संपन्न किया। इस दौरान तीनों देवताओं के साथ पहुंचे हजारों देवलुओं ने जयकारे लगाए और तलवारों, डंढे व खुखरी की ताल पर नृत्य किया। वहीं दूसरी रस्म के अंतर्गत रंटाडी के मोहरिष महर्षि देवता ने फेर दलगांव मंदिर प्रांगण से शुरू किया। रंटाडी खूंद के हजारों देवलुओं ने अस्त्र शस्त्र, रणसिंगा, करनाल एवं ढोल नगाड़ों के साथ चौंरी के साथ फेर की रस्म शुरू की। दलगांव की परिक्रमा में रंटाडी खूंद को लगभग तीन घंटे का समय लगा। फेर की परिक्रमा पूरी करके तीसरी महत्त्वपूर्ण रस्म शिखा पूजन मेजवान देवता बकरालू ने पूरी की। शिखा पूजन के अंतर्गत दलगांव में बकरालू देवता के तीन मंदिरों की छत पर चढक़र माली गुर व ब्राह्मणों ने चारों दिशाओं में मंत्रोचारण कर रस्म को पूरा किया। आज बेड़ा सूरत राम नौवीं बार बरुत पर चढक़र अपनी परीक्षा पास करेंगे।
** डॉ. नीलम कुमारी ने की बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद कार्यालय चम्बा में आज जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. नीलम कुमारी की अध्यक्षता में आशा कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. प्रतीक और डॉ. करण हितेषी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं को लेकर आशा कार्यकर्ताओं से फीडबैक ली गई। साथ ही उन्हें योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने में पेश आ रही समस्याओं को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। आशा कार्यकर्ताओं ने अपने- अपने क्षेत्र से संबंधित समस्याओं की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए। इस मौके पर डॉ. प्रतीक और डॉ. करण ने आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया। डॉ. नीलम कुमारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता सीधे तौर पर लोगों से जुड़ी हैं। नीलम ने आशा कार्यकर्ताओं को नियमित योगाभ्यास करने और लोगों को भी योगाभ्यास के प्रति जागरुक करने का आग्रह किया। डॉ. नीलम ने कहा कि अब शिक्षकों और राजस्व विभाग के फील्ड कर्मचारियों के साथ भी बैठकों का आयोजन किया जाएगा ताकि धरातल की समस्याओं को चिन्हित किया जा सके। बैठक में स्वास्थ्य खंड चूड़ी और पुखरी की विभिन्न आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एचआरटीसी (हिमाचल पथ परिवहन निगम) के बेड़े में मार्च माह में 24 नई वोल्वो बसें जुड़ जाएंगी। इनकी खरीद के लिए सरकार ने एचआरटीसी को 36 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। नई बसें हिमाचल के विभिन्न रूटों से दिल्ली के लिए चलाई जाएंगी। हाईटेक बसों में यात्री आरामदायक सफर का आनंद ले सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस एक वोल्वो बस की कीमत करीब डेढ़ करोड़ है। एचआरटीसी शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, बीड़, चंबा, हमीरपुर, रिवालसर और चिंतपूर्णी सहित अन्य रूटों से दिल्ली के लिए वोल्वो चलाता है। सामान्य बसों के मुकाबले वोल्वो की कमाई करीब दोगुना है। दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के बाद ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) पाबंदियां लगाई गई हैं, जिनके तहत बीएस-6 बसों को ही राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश दिया जा रहा है। निगम की वोल्वो सेवा प्रभावित न हो, इसके लिए नई बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है। 24 नई वोल्वो खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। मार्च में ये बसें मिलना शुरू हो जाएंगी। नई बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस बीएस-6 श्रेणी की होंगी। इन्हें प्रदेश के विभिन्न रूटों से दिल्ली के लिए संचालित किया जाएगा। बीएस-6 तकनीक से लैस प्रदूषण रहित नई वोल्वो में हर सीट पर यात्रियों के लिए थाई रेस्ट, फुट रेस्ट की सुविधा उपलब्ध होगी। लैपटॉप सहित अन्य कीमती सामान चोरी होने की घटनाओं के मद्देनजर सीटों के ऊपर कैरियर में लॉकर की सुविधा होगी। सभी सीटों के साथ यूएसबी मोबाइल चार्जर और पहली दो सीटों पर लैपटॉप चार्जर की सुविधा दी जाएगी। निगम की पुरानी वोल्वो 285 हॉर्स पावर की हैं। नई वोल्वो 300 हॉर्स पॉवर होंगी। नई वोल्वो पैनिक बटन, व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम और वाईफाई से लैस होंगी।
हिमाचल प्रदेश में 20 से कम छात्र संख्या वाले हाई और 25 वाले वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का दर्जा घटेगा। नए शैक्षणिक सत्र से पांच से सात किलोमीटर के नजदीकी स्कूलों में इन स्कूलों के विद्यार्थियों को दाखिले दिलाए जाएंगे। प्रदेश में अब स्कूल मर्ज करने की जगह दर्जा घटाने का प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय से जनवरी अंत तक सरकार ने इस बाबत प्रस्ताव मांगा है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का डाटा एकत्र होने के बाद सरकार की मंजूरी लेकर इनका दर्जा कम किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन हाई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 20 या उससे कम होगी, ऐसे स्कूलों का दर्जा घटाकर मिडल किया जाएगा। इसी तरह जिन वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थी संख्या 25 या उससे कम होगी, वहां स्कूलों का दर्जा घटाकर हाई स्कूल किया जाएगा। दर्जा घटने के बाद जो कक्षाएं स्कूलों में बंद हो जाएंगी, उनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पांच से सात किलोमीटर के दायरे वाले अन्य स्कूलों में दाखिले दिलाए जाएंगे। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यह व्यवस्था लागू होगी। उधर, 10 छात्र संख्या से कम वाले प्राइमरी स्कूलों को नजदीकी दो से तीन किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 300 ऐसे स्कूल चिह्नित किए हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या दस से कम है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अगले चरण में कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को भी मर्ज किया जाएगा। सभी कॉलेजों से विद्यार्थियों के नामांकन की जानकारी मांगी गई है। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और हर संस्थान में पर्याप्त मात्रा में शिक्षकों की नियुक्तियां करने के लिए कम विद्यार्थियों वाले संस्थानों को मर्ज या दर्जा घटाने का फैसला लिया गया है।
सरकारी स्कूलों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले मिड-डे-मील की जांच में कई खामियां सामने आई हैं। यह खुलासा पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर की ओर से स्कूलों में तैयार होने वाले खाने के सैंपल जांचने पर हुआ। सैंपल जांच में सामने आया कि खाने में ई कोली नाम का बैक्टीरिया है। इससे बच्चों का पेट खराब होने से लेकर आंत को नुकसान तक पहुंच सकता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों को खाना बनाते समय स्वच्छता मानकों का ख्याल रखने की हिदायत दी है। जानकारी के अनुसार सितंबर 2024 में केंद्र सरकार के निर्देश अनुसार पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर मोहाली की टीम ने ऊना के 10 स्कूलों में जाकर मिड-डे-मील के सैंपल लिए। सैंपल की जांच रिपोर्ट हाल ही में सामने आई है। इसमें कहा गया है कि भोजन में ई कोली बैक्टीरिया है, जो बच्चों की सेहत पर बुरा असर करता है। रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग के हरकत में आते हुए स्कूलों को आदेश दिए गए कि भोजन तैयार करने वाले कर्मियों की नियमित स्वास्थ्य जांच हो। खाना बनाते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। स्कूल प्रबंधक पेयजल की नियमित समय अंतराल के बाद क्लोरीनेशन करवाते रहें। खाना बनाने वाले स्थान, इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और जहां बच्चों को भोजन खिलाया जाता है, उस स्थान की प्रतिदिन सफाई करवाई जाए। इसके अलावा खाना बनाने से पहले हाथों को साबुन से धोया जाए। बर्तन धोने के बाद व भोजन वितरित करते समय भी हाथों की साफ सफाई रखी जाए। ई कोली बैक्टीरिया के कुछ प्रकार जहरीला पदार्थ बनाते हैं, जो छोटी आंत की परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पेट में ऐंठन, उल्टी और दस्त (अक्सर खून के साथ) हो सकते हैं। लक्षण आमतौर पर बैक्टीरिया के संपर्क में आने के 3-4 दिन बाद शुरू होते हैं और लगभग एक सप्ताह के भीतर समाप्त हो जाते हैं। संक्रमण कम से कम तब तक संक्रामक रहता है, जब तक व्यक्ति को दस्त रहता है।
उपमंडल ज्वालामुखी के शहीद लक्खा सिंह राजकीय उच्च विद्यालय बलाहरा को एक बार फिर दानी सज्जनों से सौफा सेट और पंखे मिले हैं। स्कूल के मुख्य अध्यापक दुनी चंद, स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सीमा देवी, बच्चों के अभिभावक और गांव के लोग इस नेक काम के लिए दानी सज्जनों का धन्यवाद कर रहे हैं। मुख्य अध्यापक दुनी चंद ने कहा कि इसका पूरा श्रेय शिक्षक राकेश राणा को जाता है, जो स्कूल के विकास में निरंतर लगे रहते हैं। पिछले साल जब वे जुजपुर से बलाहरा स्कूल में आए, तब से स्कूल की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने पहले बच्चों के लिए एक खेल का मैदान बनवाया, फिर लोगों से सहयोग मांगते हुए 6 पंखे और कुर्सियां स्कूल में लगवाईं। बच्चों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए, इसके लिए दो ब्लैक बोर्ड और माइक की व्यवस्था भी की। इसके अलावा, बच्चों के अनुशासन को बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने पैसों से टाई बेल्ट, बैज, आई कार्ड और होमवर्क डायरी खरीदी। अब उन्होंने सौफा सेट भी दिलवाकर स्कूल की सुंदरता में इजाफा किया है। मुख्य अध्यापक ने कहा कि बहुत कम शिक्षक होते हैं जो अपने स्कूल और काम के प्रति इतने समर्पित होते हैं। जब राकेश राणा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि वह इस स्कूल के छात्र भी रह चुके हैं और हमेशा कर्म करते रहने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने दानी सज्जनों का दिल से धन्यवाद किया और आशा जताई कि लोगों का सहयोग और प्यार हमेशा बना रहे, ताकि स्कूल और भी ऊँचाईयों तक पहुँच सके।
हिमाचल प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को डिपुओं में इस महीने सरसों और रिफाइंड तेल मिलने की उम्मीद है। खाद्य आपूर्ति निगम ने शुक्रवार को तेल के टेंडर खोल दिए हैं। इसमें तीन कंपनियों ने डिपो में तेल की सप्लाई देने की हामी भरी है। सोमवार को खाद्य आपूर्ति निगम की ओर से फाइनेंशियल बिड खोली जानी है। इनमें से अब जिस कंपनी का रेट सबसे कम होगा, उसे टेंडर दिया जाएगा। हिमाचल में राशनकार्ड उपभोक्ताओं को तीन महीने से सरसों और रिफाइंड तेल नहीं मिला है। हालांकि इससे पहले भी खाद्य आपूर्ति निगम ने तेल की कंपनी फाइनल कर फाइल मंजूरी के लिए सरकार को भेजी थी। लेकिन रेट ज्यादा होने पर इसे रद्द किया गया। इसके चलते निगम की ओर से दोबारा से टेंडर किया जा रहा है। हिमाचल में साढ़े 19 लाख राशनकार्ड परिवार हैं। प्रदेश सरकार लोगों को दो लीटर तेल (एक रिफाइंड और एक लीटर सरसों), चीनी, तीन किलो दालें (मलका, माश और दाल चना) सब्सिडी पर दे रही है। आटा और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर उपलब्ध करवा रही है। खाद्य आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल का कहना है कि डिपुओं में उपभोक्ताओं को सस्ते दामों में सरसों और रिफाइंड तेल उपलब्ध कराया जाना है। निगम की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जिस कंपनी का रेट कम होगा, टेंडर उसे दिया जाएगा। निगम का दावा है कि हिमाचल प्रदेश में 3 महीने तक दालों की कमी नहीं होगी। खाद्य आपूर्ति निगम के गोदाम दालों से भरे हैं। निगम ने डिपो होल्डर को समय रहते गोदामों से सप्लाई उठाने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निदेशालय ने पुलिस कांस्टेबल के 123 पदों भरने के लिए साक्षात्कार 24 फरवरी से होंगे। निदेशालय ने शेड्यूल जारी कर दिया है। साक्षात्कार प्रक्रिया 20 मार्च तक चलेगी। सामान्य श्रेणी के 74, अन्य पिछड़ा वर्ग के 16, अनुसूचित जाति के 24 और अनुसूचित जनजाति के 9 पद भरे जाएंगे। निदेशालय ने साफ किया है कि साक्षात्कार प्रक्रिया में वही पूर्व सैनिक भाग ले सकते हैं, जो एक जनवरी 2022 से एक जनवरी 2024 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं। शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास अनिवार्य है। शेड्यूल के अनुसार बिलासपुर के सभी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत पूर्व सैनिकों के लिए साक्षात्कार 24 फरवरी को होंगे। चंबा के 25, हमीरपुर और भोरंज में 27 फरवरी, सुजानपुर, बड़सर, नादौन में 28 को साक्षात्कार होंगे। मंडी, जोगिंद्रनगर, धर्मपुर, गोहर, करसोग, सरकाघाट में तीन मार्च, सुंदरनगर, पधर, नेरचौक, बालाचौकी व थुनाग में चार, सिरमौर में पांच, ऊना व हरोली में छह, अंब, बंगाणा में सात, सोलन के रोजगार कार्यालयों में 10 मार्च, धर्मशाला, कांगड़ा, पालमपुर, देहरा, नूरपुर में 11 मार्च को साक्षात्कार होंगे। बरोह, बैजनाथ, ज्वाली, फतेहपुर, नगरोटा सूरियां में 12, नगरोटा बगवां, ज्वालामुखी, कस्बा कोटला, इंदौरा, लंबागांव में 13, शिमला, मशोबरा, ठियोग, रामपुर, सुन्नी, चौपाल में 17, रोहडू, जुब्बल, कुमारसैन, डोडरा क्वार, कुपवी, चिड़गांव में 18, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के सभी रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत पूर्व सैनिकों के लिए साक्षात्कार 19 मार्च को होंगे। सड़कें बंद होने के कारण जो पूर्व सैनिक साक्षात्कार में भाग नहीं ले सकेंगे, उनके लिए 20 मार्च को साक्षात्कार होंगे। इसके लिए उन्हें तहसीलदार या एसडीएम से एक प्रमाणपत्र देना होगा। निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मदनशील ने बताया कि अधिसूचना जारी कर दी गई है। पूर्व सैनिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सिरमौर: गिरिपार में तिलौरधार के पास एनएच-707 निर्माण कार्य चल रहा है। कटिंग के दौरान मलबा नालियों और खड्ड में डाला जा रहा हैै जिससे रिहायशी मकानों, सिंचाई एवं पेयजल स्रोत को खतरा पैदा हो रहा है। ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर पहुंच कर फेंके गए मलबे का जायजा लेकर विरोध जताया है। इस समस्या की लिखित शिकायत एसडीएम कफोटा को सौंप दी गई है। ग्राम शमाह निवासी चूही राम शर्मा, रती राम, कल्याण सिंह, राजेन्द्र शर्मा, राजेश शर्मा, विनोद शर्मा, माया राम शर्मा, सुनील शर्मा, कंठी राम, रमन शर्मा, रमेश चंद, मुकेश शर्मा और प्रवेश शर्मा समेत ग्रामीणों ने कहा कि तिलौरधार के समीप एनएच -707 सड़क कार्य चल रहा है। ये काम आरजीबी कंपनी करवा रही है। इसमें संबंधित ठेकेदार कार्य के दौरान मलबा नालियों और खड्ड में फेंक रहा हैं, जबकि तय नियम व दिशा-निर्देश के अनुसार कंपनी व ठेकेदार को ये मलबा डंपिंग यार्ड में ही फेंकना होता है। मलबा शमाह गांव के साथ लगते खाले में डाला जा रहा है जिससे शमाह गांव के लिए पेयजल, सिंचाई के स्रोतों, रिहायशी मकान व उपजाऊ भूमि को खतरा पैदा हो गया है। संभावित खतरे को लेकर ग्रामीण बुधवार को कार्यस्थल पर पहुंचे और मलबा फेंकने को रुकवाया गया। इसके बाद ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय एसडीएम कफोटा से मिला। लिखित पत्र सौंप कर ग्रामीणों ने पूरी समस्या व संभावित क्षति के बारे में अवगत करवाया। शमाह के ग्रामीणों ने कहा कि बिना डंपिंग यार्ड बनाए ठेकेदार का काम शुरू नहीं करने दिया जाएगा। ये मलबा डंपिंग यार्ड में ही डाला जाए। इस विषय पर चीफ इंजीनियर एनएच और जिला उपायुक्त सिरमौर को भी अवगत करवाया जाएगा। शमाहवासी राजेंद्र शर्मा, रमेश कुमार व सीआर शर्मा ने बताया कि एसडीएम से आश्वासन मिला है। एसडीएम कफोटा राजेश वर्मा ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की तरफ से लिखित शिकायत मिली है जिसमें खड्ड में एनएच मार्ग निर्माण का मलबा फेंकने से ग्राम शमाह के रिहायशी मकानों, पेयजल स्रोत और उपजाऊ भूमि को संभावित खतरे की आशंका जताई गई है। मौके का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारियों, ठेकेदार से नियमानुसार डंपिंग साइट में ही मलबा फेंकने को कहा जाएगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने एक बार फिर राज्य सरकार के खिलाफ तल्खी दिखाई है। शुक्रवार काे राज्यपाल ने कहा कि किसी नेता के चुनावी वादे पूरे करने के लिए राजभवन नहीं है। नौतोड़ विधेयक को मंजूरी नहीं देने के मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि नेगी भले राजभवन का अनादर करें, राजभवन उनका पूरा सम्मान करेगा। बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं। राज्यपाल ने कहा कि नौतोड़ मामलों को लेकर राजभवन ने अपना जवाब दे दिया है। कुछ विषयों को लेकर आपत्ति थी। इसे लेकर जवाब मांगा गया है। अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। राजभवन ने यह कभी नहीं कहा कि हम नौतोड़ से अलग हैं, लेकिन राजभवन नियमों की परिधि में रहकर ही काम करेगा। उन्हाेंने कहा कि राजभवन की ओर से राज्य सरकार से पूछा गया है कि इसमें कितने लोग शामिल हैं। राजभवन ने इसे लेकर नामों की भी जानकारी मांगी है। राज्यपाल ने कहा कि अगर कोई नाम गलत तरीके से दिखाए जाएंगे, तो राजभवन इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। वे नियमों के बाहर जाकर काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री ने पद की शपथ यहीं ली है। राज्यपाल ने कहा कि वह सरकार के मंत्री हैं, ऐसे में जब भी वार्ता के लिए आना चाहें, तो आ सकते हैं। राजभवन में दो साल से संशोधन विधेयक लंबित है। लगता नहीं कि इतने लंबे समय से कोई आपत्ति बची होगी। अगर फिर भी कोई आपत्ति लंबित है तो इसकी जांच की जाएगी।
** कुल्लू-मनाली बना पर्यटकों का पसंदीदा स्थल साल 2024 में कुल्लू-मनाली पर्यटकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन बना, और इस साल कुल्लू जिले में 98 लाख से ज्यादा पर्यटकों ने कदम रखा। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर इस साल करोड़ों लोग पहुंचे, और कुल्लू जिला भी इसमें सबसे लोकप्रिय रहा। कुल्लू जिले के पुलिस विभाग द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 98,54,502 पर्यटकों ने कुल्लू जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का दौरा किया। इनमें से 17,91,728 पर्यटक गाड़ियों से कुल्लू पहुंचे। कुल्लू जिले के बंजार, जिभी, जलोड़ी दर्रा, मणिकर्ण घाटी, कसोल, मनाली, अटल टनल, और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली। बंजार, तीर्थन घाटी और जलोड़ी दर्रा में 1,81,423 पर्यटक गाड़ियों के जरिए 9,97,825 पर्यटक पहुंचे। वहीं, पार्वती घाटी के मणिकर्ण और कसोल में 3,66,127 पर्यटक गाड़ियों के जरिए 20,13,699 पर्यटक आए। मनाली के सोलंगनाला, अटल टनल और अन्य पर्यटन स्थलों पर भी 12,44,178 गाड़ियों में कुल 68,42,978 पर्यटक पहुंचे। कुल्लू-मनाली का नाम सुनते ही पर्यटक यहां आना चाहते हैं, और हर साल यहां आने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। पर्यटकों ने इस साल पैराग्लाइडिंग और राफ्टिंग का भी आनंद लिया। कुल्लू जिले में 500 से ज्यादा पंजीकृत पैराग्लाइडर पायलट और कई राफ्टिंग साइट्स हैं, जहां पर्यटक ब्यास नदी में राफ्टिंग करते नजर आए। कुल्लू जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि अधिक पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पुलिस जवानों की तैनाती की जाती है ताकि पर्यटकों को कोई परेशानी न हो और वे सुरक्षित महसूस करें। पर्यटन विभाग पर्यटकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए निरंतर काम कर रहा है, ताकि हर साल पर्यटकों की संख्या और बढ़े।
कुल्लू: लाहौल स्पीति जिले में बीते दिनों हुई बर्फबारी के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़कों से बर्फ हटाने का काम तेज़ी से शुरू कर दिया है। इसके अतिरिक्त, उदयपुर में भी सड़कों को बर्फ से मुक्त कर दिया गया है, जिससे केलांग और मनाली जाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध हो गई है। बर्फबारी के कारण लाहौल घाटी के ग्रामीण इलाकों में सड़कों का संपर्क कट गया था, जिसके कारण स्थानीय लोगों को पैदल यात्रा करनी पड़ रही थी। मौसम साफ होने के बाद, लोक निर्माण विभाग ने बर्फ हटाने का कार्य प्राथमिकता से किया है, और अब पेयजल योजनाओं को भी ठीक किया गया है। लाहौल-स्पीति क्षेत्र में पानी की पाइपें जमने के कारण पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई थी। हालांकि, कुछ स्थानों पर अभी भी बर्फबारी की वजह से बिजली और दूरसंचार सेवाओं में व्यवधान है, जिसे बहाल करने के प्रयास जारी हैं। लाहौल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने बताया, सड़कों से बर्फ हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है और कुछ इलाकों में अभी भी यह कार्य जारी है। प्रशासन लोगों को किसी भी परेशानी का सामना न करने दे, इसके लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।" साथ ही, अटल टनल के माध्यम से अब पर्यटक लाहौल घाटी का दौरा करने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ हो रहा है। मौसम विभाग ने आज से प्रदेश के ऊपरी इलाकों में फिर से बर्फबारी की संभावना जताई है। 2 जनवरी से 7 जनवरी तक प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, और 4 से 7 जनवरी तक निचले और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना है। ऐसे में यदि फिर से बर्फबारी होती है, तो लोक निर्माण विभाग को सड़कों से बर्फ हटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
ऊना: ग्राम पंचायत धमांदरी में एक ही परिवार के पांच लोग एक कमरे में गुरुवार सुबह अचेत अवस्था में मिले हैं। मामले की जानकारी मिलते ही तुरंत आसपास के लोगों ने पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित किया और सभी अचेत लोगों को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया। प्रभावित परिवार उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है। हरिचरण उनकी पत्नी और तीन बच्चे रात को कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे थे, जिसके कारण जहरीली गैस से पूरा परिवार अचेत हो गया। क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ ने तुरंत पांचों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई। हालांकि दो लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसमें से एक को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने भी इस मामले को लेकर जांच शुरू कर दी है। ऊना जिला में एक सप्ताह में यह दूसरा मामला है। हाल ही में दो लोगों की मौत अंगीठी की गैस के कारण हो चुकी है। परिवार लंबे अरसे से ऊना में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करते हुए जीवन यापन कर रहा है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह प्रवासी श्रमिक जब काम पर निकलने लगे तो उन्होंने अपने ही एक साथी हरिचरण के कमरे से किसी प्रकार की कोई हरकत नहीं हुई। इसके बाद कमरे का दरवाजा खटखटाया गया लेकिन अंदर से किसी भी प्रकार का जवाब नहीं मिला। ऐसे में उन्होंने हरिचरण की बेटी और दामाद को इस मामले की सूचना दी और पंचायत प्रतिनिधियों को भी मौके पर बुलाया। लोगों ने जब कमरे का दरवाजा खोल कर देखा तो सभी लोग अंदर अचेत अवस्था में पड़े थे। ऐसे में 108 एंबुलेंस के माध्यम से पांचों लोगों को रीजनल अस्पताल ऊना पहुंचाया गया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर संजय मनकोटिया ने बताया, इन लोगों में दो की हालत ज्यादा नाजुक है जिसमें से एक को गंभीर हालत के चलते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है, जबकि तीन लोग खतरे से बाहर हैं। लोगों से अपील करते हुए चिकित्सा अधीक्षक ने कहा बंद कमरे में अंगीठी जलाकर ना सोएं यह जानलेवा है और कमरे में अंगीठी जलाते समय खिड़कियों को खुला रखें।
अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं का उचित निदान करना और विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकता है। संजय अवस्थी आज अर्की में लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत उपस्थित जनसमूह से वार्तालाप कर रहे थे। विधायक ने इस अवसर पर सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी और आशा जताई कि सभी के सहयोग से हिमाचल देश में पहाड़ी क्षेत्रों में संतुलित विकास का आदर्श बनकर उभरेगा। संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का सर्वागींण विकास करने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा रोज़गार एवं स्वरोज़गार क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से ही अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान करने के निर्णय से हमारे छात्र जहां विश्व स्तर पर अधिक प्रतियोगी बनेंगे वहीं तकनीक के क्षेत्र में होने वाले नित बदलावों को सहजता से ग्रहण भी कर पाएंगे। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक परिवर्तन करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चरणबद्ध आधार पर रॉबोटिक्स शल्य चिकित्सा सहित व्यापक स्तर पर टेलीमेडिसन और ड्रोन के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों में दवाई इत्यादि पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इनसे बहुमूल्य जीवन बचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में विविधता लाने और किसानों को उनकी उपज के बेहतर मूल्य दिलाने के लिए कार्य कर रही है। प्राकृतिक कृषि के उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए मक्की उत्पाद के साथ नवीन शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर रोज़गार उपलब्ध करवाने और उन्हें वित्तीय रूप से ठोस स्वरोज़गार स्थापित करने की दिशा में राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना मील का पत्थर सिद्ध हो रही है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार की इन योजनाओं का लाभ उठाएं और प्रदेश तथा अपनी आर्थिकी को मज़बूत बनाएं। उन्होंने इस अवसर पर लोहारघाट में उप तहसील खोलने व कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अर्की से बसंतपुर, घड़याच, टेपरा, नम्होल इत्यादि 07 ग्राम पंचायतों को बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से जोड़ने के लिए बस सुविधा आरम्भ हो गई है। इस बस सुविधा से क्षेत्र के लोग व्यापक तौर पर लाभान्वित होंगे। विधायक ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र की दूर-दराज ग्राम पंचायत सारमा में शीघ्र ही पटवार वृत्त खोला जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर देश को गंभीर आर्थिक संकट से निकालने और अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के सम्पर्ण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह को स्मरण किया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को लोगों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं के शीघ्र निपटारे के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर नगर पंचायत अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अर्की मण्डल के अध्यक्ष सतीश कुमार (विक्की), बाघल लैंड लूजर के प्रधान जगदीश ठाकुर, कांग्रेस पार्टी के सतीश कश्यप, रोशन वर्मा, सुरेंद्र पाठक, धनीराम ठाकुर, प्यारेलाल, कमलेश शर्मा, उपमण्डलाधिकारी अर्की यादविंदर पाल, पुलिस उपाधीक्षक दाड़लाघाट संदीप शर्मा, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता विवेक कटोच, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता शशिपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व पंचायतों के जन प्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में गुरुवार से एक बार फिर शिमला विंटर कार्निवाल की शुरुआत होने जा रही है। इस दौरान मशहूर गायक डॉ. सतिंदर सरताज अपनी परफॉर्मेंस देने के लिए शिमला पहुंचेंगे, जिनकी पिछली शिमला समर फेस्टिवल में की गई शानदार प्रस्तुति ने लोगों का दिल जीता था। इस बार विंटर कार्निवाल में लोगों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। शिमला विंटर कार्निवाल की शुरुआत 24 दिसंबर को हुई थी और यह 2 जनवरी तक चलने वाला था, लेकिन 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद केंद्र सरकार ने 1 जनवरी तक राजकीय शोक घोषित किया, जिसके चलते कार्निवाल को स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्निवाल 2 जनवरी से लेकर 8 जनवरी तक आयोजित होगा। शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और अन्य कैबिनेट सदस्य भी रिज पर पहुंचकर कार्निवाल में भाग लेंगे। इसके साथ ही बाहरी राज्यों से आए हुए सैलानी भी शिमला में सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
** कहा, रिपोर्ट के बाद नियमों और कानून के तहत की जाएगी कार्रवाई शिमला के ठियोग में करोड़ों के पानी के घोटाले के आरोपों पर ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर का बयान सामने आया हैं। राठौर ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आया हैं। मामले की जांच की जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की होगी। कुलदीप राठौर ने कहा कि मामला ध्यान में आने के बाद डीसी, एक्सिन और एसडीएम से बात कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने घोटाले की बात को मानते हुए कहा कि जिस तरह से बताया जा रहा है उससे ये बहुत बड़ा घोटाला लग रहा है लेकिन जांच से पहले कुछ नहीं कहा जा सकता। ये सरकार भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी जनता के पैसे की बर्बादी और इस तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी। वहीं उन्होंने कहा कि ठियोग हॉस्टल और अस्पताल में भी घोटाले को लेकर जांच चल रही है वहां भी कई तरह की अनियमिताएं पाई गई हैं जिस पर भी कार्यवाही की जा रही है।
** शिविर में जिला चम्बा के 28 पटवारी ले रहे भाग जिला मुख्यालय चम्बा में स्थित बचत भवन में गुरुवार को राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आगाज हो गया है। जिला राजस्व अधिकारी चम्बा जगदीश संख्यान की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस शिविर में जिला चम्बा के 28 पटवारी भाग ले रहे हैं। इन सभी पटवारियों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा जोकि जिले के अन्य पटवारियों को प्रशिक्षण देंगे। जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में पटवारियों का काम ऑनलाईन हो गया है, जिससे राजस्व कार्यों के निष्पादन में सरलता, पारदर्शिता व समयबद्धता निश्चित हो रही है। इससे बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था भी प्रभावी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से लेकर 2013 के बीच राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटल प्रारूप तैयार किया गया था। लेकिन पुनः निरीक्षण करने पर इस डिजिटल रिकॉर्ड में कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई हैं। लिहाजा, अब 28 पटवारियों को रिकॉर्ड में मैनुअल सुधार करने के उपरांत डिजिटल सुधार करने को लेकर प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का समापन शनिवार को होगा।
** डीसी मुकेश रेपस्वाल को सौंपा मांग पत्र.. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद चम्बा के कार्यकर्ताओं ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर बनीखेत में निजी होटल के मैनेजर की हुई हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच मांगी है। इस मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने जिला संयोजक अरुण पंडित की अगुवाई में गुरुवार को डीसी चम्बा मुकेश रेपस्वाल को एक मांग पत्र सौंपा है। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बनीखेत में पुलिस कर्माचारियों पर ही हत्या का आरोप लगा है, जिस समाज में रक्षक ही भक्षक बन जाए तो लोगों की सुरक्षा कौन करेगा। इस मामले के उजागर होने के बाद लोगों का कानून व्यवस्था से विश्वास उठने लगा है। पर्यटन नगरी डलहौजी के समीप हुई इस घटना से पर्यटन कारोबार पर भी बुरा असर पड़ेगा। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस मामले में उचित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर भवानी ठाकुर सहित एबीवीपी के विभिन्न कार्यकर्ता मौजूद रहे।
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि जयपुर में आयोजित होने वाली वॉलीबाल (पुरुष) सीनियर नेशनल खेल प्रतियोगिता की टीम के लिए 26 दिसंबर 2024 को इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर शिमला में हुए ट्रायल रद्द कर दिए गए हैं। यह प्रतियोगिता 7 से 13 जनवरी 2025 तक आयोजित की जानी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि नए ट्रायल एडहॉक कमेटी वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा पर्यवेक्षक एवं चयनकर्ता नियुक्त होने के उपरांत करवाए जाएंगे।
** चंडीगढ़, दिल्ली और गोवा का भ्रमण करेंगे 22 अनाथ बच्चे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां 22 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के पहले दल को 13 दिवसीय भ्रमण पर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों की वोल्वो बस को हरी झंडी दिखाई और उन्हें इस टूअर के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के 6000 अनाथ बच्चों को कानून बनाकर चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया है। उनका कल्याण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना लागू की है, जिसके अन्तर्गत अनाथ बच्चों की देखभाल, उन्हें शिक्षा प्रदान करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रावधान किए गए हैं। इन 22 बच्चों को इसी योजना के अन्तर्गत चंडीगढ़, दिल्ली और गोवा के भ्रमण पर भेजा गया। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भ्रमण पर निकले 22 बच्चों में 16 लड़कियां और छह लड़के शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये बच्चे 2 जनवरी से 4 जनवरी तक का चंडीगढ़ भ्रमण करेंगे और हिमाचल भवन चंडीगढ़ में ठहरेंगे। इसके बाद 5 जनवरी को ये शताब्दी टेªन से दिल्ली जाएंगे और 8 जनवरी तक दिल्ली में ठहरेंगे वहां विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि 9 जनवरी को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट हवाई जहाज से गोवा के लिए रवाना होंगे और 13 जनवरी तक गोवा में एक थ्री स्टार होटल में ठहरेंगे और वहां के विभिन्न पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को ये सभी बच्चे गोवा से हवाई जहाज के माध्यम से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अनाथ बच्चों का हिमाचल की सम्पदा पर अधिकार है। इन बच्चों की सरकार ही माता है और सरकार ही पिता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने परिवार के सदस्यों के साथ घूमने जाते हैं उसी तरह से राज्य सरकार ने इन्हें भ्रमण पर भेजा है। उन्होंने कहा कि भ्रमण करने से ज्ञान बढ़ता है और इसका लाभ बच्चों को आने वाले समय में मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये बच्चे आने वाले समय में देश सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार की यह सराहनीय पहल है और अनाथ बच्चों की देखभाल राज्य सरकार कर रही है। पहले इन बच्चों की कोई सुनवाई नहीं होती थी, लेकिन अब वर्तमान राज्य सरकार उनकी हर जरूरत का परिवार की तरह ध्यान रख रही है। इस अवसर पर कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार 22 नई जल विद्युत परियोजनाओं का आबंटन करने जा रही है, जिनकी कुल विद्युत क्षमता 828 मेगावाट है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में 6.5 मेगावाट से लेकर 400 मेगावाट तक की परियोजनाएं शामिल है। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं प्रदेश के कुल्लू, चम्बा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और शिमला जिलों में चिन्हित की गई हैं, जिनमें सबसे अधिक 595 मेगावाट क्षमता की नौ परियोजनाएं चिनाव नदी बेसिन, 169 मेगावाट क्षमता की आठ परियोजनाएं सतलुज नदी बेसिन, 55 मेगावाट की क्षमता की चार परियोजनाएं रावी व एक परियोजना नौ मेगावाट क्षमता की ब्यास बेसिन में लगाना प्रस्तावित है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार इन परियोजनाओं को देश के अन्य राज्यों एवं केन्द्र शसित प्रदेशों व अन्य राज्य व केन्द्रीय उपक्रमों को 10 लाख प्रति मेगावाट अपफ्रंट प्रीमियम के आधार पर 40 वर्ष के लिए आबंटित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ऊर्जा निदेशालय द्वारा सभी राज्य के सचिवों व केन्द्रीय उपक्रमों को पत्र भी भेजा गया है। उन्होंने कहा इन परियोजनाओ के आबंटन के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन भी जारी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लगने से बिजली की आपूर्ति, मुफ्त बिजली के रूप में राजस्व में बढ़ोतरी, स्थानीय लोगों को रोजगार व स्थानीय क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित होगा। हिमाचल प्रदेश देश के एक समृद्धतम राज्य के रूप में उभरेगा।
हमीरपुर जिले के बड़सर उपमंडल में सरकारी भूमि से पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है। इस मामले की जानकारी सोशल एक्टिविस्ट परमजीत डटवालिया ने वन विभाग को दी थी, जिसके बाद विभाग ने जांच शुरू की और पाया कि सठवीं बीट में 9 पेड़ों का अवैध कटान किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने समैला पंचायत के प्रधान डीआर काटकर पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है और कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को भी जब्त कर लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, विभाग को जैसे ही मामले की जानकारी मिली, टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच की और कार्रवाई की। बीट ऑफिसर विनोद कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा कि "जैसे ही हमें सूचना मिली, हम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और संबंधित प्रधान पर जुर्माना लगाया। सोशल एक्टिविस्ट परमजीत डटवालिया ने बताया कि उन्होंने खुद इस मामले के साक्ष्य जुटाए और वन विभाग को सौंपे, जिसके बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यह अवैध कटान पहले से चल रहा था और विभाग ने उचित समय पर इस पर कदम उठाया। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2024 में प्रदेशभर में खैर को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के पेड़ों के कटान पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब सफेदा और बांस जैसे पेड़ों के कटान की अनुमति भी समाप्त कर दी गई है, क्योंकि इनकी आड़ में देवदार जैसे प्रतिबंधित पेड़ों का भी कटान हो रहा था।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1988 बैच के आईएफएस अधिकारी समीर रस्तोगी को वन बल प्रमुख (हाफ) के अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। समीर रस्तोगी, जो वर्तमान में सीपीडी जाईका के पद पर तैनात हैं, अब वन विभाग के मुखिया के रूप में कार्य करेंगे। यह पद डॉ. पवनेश के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुआ था, जिनके योगदान को सम्मानित करने के लिए वन विभाग में एक सादे समारोह का आयोजन किया गया। समीर रस्तोगी को यह नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्हें अपेक्स स्केल मिलने की उम्मीद है। उन्होंने पहले भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जैसे कि डीएफओ, सीसीएफ, और अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल के पदों पर। इसके अलावा, वह मिड हिमालयन परियोजना में क्षेत्रीय परियोजना निदेशक बिलासपुर और वन विकास निगम में भी महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दे चुके हैं। समीर रस्तोगी ने फरवरी 2019 से फरवरी 2024 तक केंद्र सरकार की सार्वजनिक उपक्रम, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनसीएफएल), मुंबई में चीफ विजिलेंस अफसर के रूप में कार्य किया। वे छह अप्रैल से जाईका वानिकी परियोजना में मुख्य परियोजना निदेशक के पद पर तैनात हैं। वहीं, डॉ. पवनेश को उनके सेवानिवृत्त होने पर वन विभाग मुख्यालय शिमला में विदाई दी गई। उन्होंने वन बल प्रमुख के साथ-साथ वन निगम के महानिदेशक और आइडीपी प्रोजेक्ट सोलन के मुख्य परियोजना निदेशक के पद पर भी अपनी सेवाएं दी थीं। डॉ. पवनेश की सेवानिवृत्ति पर वन विभाग कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश बादल ने उन्हें बधाई दी और उनके द्वारा कर्मचारियों के लंबित मामलों को सुलझाने की सराहना की।
** कहा, राज्य सरकार ने 6000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दिया दर्जा ** इस अवसर पर कर्नल धनी राम शांडिल भी रहे उपस्थित मुख्यमंत्री सुक्खू ने सचिवालय से 22 बच्चों को 13 दिनों के शैक्षिक भ्रमण पर रवाना किया। उन्होंने वोल्वो बस को हरी झंडी दिखाकर बच्चों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने प्रदेश के 6000 अनाथ बच्चों को "चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट" का दर्जा देकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ली है।इस भ्रमण दल में 16 लड़कियां और 6 लड़के शामिल हैं। ये बच्चे 2 जनवरी से 4 जनवरी तक चंडीगढ़ में रहेंगे और हिमाचल भवन में ठहरेंगे। इसके बाद 5 जनवरी को शताब्दी ट्रेन से दिल्ली जाएंगे और 8 जनवरी तक वहां रुककर ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे।कैबिनेट मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि सरकार इन बच्चों के अभिभावक के रूप में उनकी जिम्मेदारी निभा रही है।
जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार के तांदी गांव में नए साल के पहले ही दिन भीषण अग्निकांड में 17 मकान, छह गोशालाएं एवं देवताओं का भंडार गृह राख हो गया। बुधवार दोपहरबाद करीब 3:00 बजे बिजली के तार में शॉर्ट सर्किट होने से सबसे पहले घास के पड़ाछे में आग लगी और इसके बाद एक-एक करके आधा गांव जल गया। अग्निकांड में छह घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। काष्ठकुणी शैली में बने मकानों में आग लगने से कड़ाके की ठंड में 35 परिवारों के 144 लोगों के सिर से छत छिन गई है। भंडार गृह में देवता के सोने-चांदी के आभूषण रखे थे, जो राख हो गए। पुलिस मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की छानबीन में जुट गई है। आग की इस घटना से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। पंचायत प्रधान परस राम ने बताया कि अचानक एक मकान में चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। तांदी के यज्ञ चंद ने घास में आग लगते हुए देखी थी। आग की लपटें उठतीं देख गांव के लोग भी घटनास्थल की ओर दौड़े। काष्ठकुणी शैली के मकान होने के चलते आग ने एक के बाद एक कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि घरों से सामान निकालने का भी समय नहीं मिला। हालांकि, ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मवेशियों को गोशालाओं से बाहर निकाल लिया। गांव में एक साथ कई घरों में उठ रहीं आग की लपटें देखकर हर किसी के रौंगटे खड़े हो गए। आसपास गांव के लोग भी घटनास्थल की ओर दौड़े। आग की सूचना दमकल विभाग को भी दी गई। दमकल टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन 17 मकानों और छह गोशालाओं को जलने से नहीं बचाया जा सका। देर रात तक घरों से चिंगारियां उठतीं रहीं। बंजार थाना के डीएसपी शेर सिंह ठाकुर ने बताया कि मामला दर्ज कर असल कारणों की छानबीन की जा रही है। वहीं बंजार के एसडीएम पंकज शर्मा ने कहा कि प्रभावित लोगों को 15-15 हजार रुपये फौरी राहत और तिरपाल, कंबल दिया गया है। प्रचंड आग को आगे बढ़ने से रोकने के लिए ग्रामीणों ने पांच मकानों को उखाड़ दिया। मकानों को उखाड़ने से तबाही कम हो गई। अगर इन घरों को नहीं उखाड़ते तो 38 घरों वाला पूरा गांव जल जाता। कुछ लोगों ने बेलचे से मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग की घटना के बाद ग्रामीण अब गहरे सदमे में हैं। लकड़ी के बने मकानों में भड़की आग को काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग के साथ सैकड़ों लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। सूचना मिलते आग बुझाने के लिए बंजार से दमकल कर्मियों की टीम समेत रवाना हुई, लेकिन वाहन 40 मिनट तक जाम में फंसा रहा। वाहन पहले बंजार बाजार में 25 और फिर जिभी में 15 मिनट तक जाम में फंसा रहा। इसके बाद जब वाहन गांव में पहुंचा तो आग ने चार से पांच घरों को चपेट में ले लिया था। ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए एक वाहन नाकाफी रहा। पानी खत्म होने पर पानी भरने की सुविधा न होने से वाहन को सात किलोमीटर दूर जिभी जाकर भरवाना पड़ा। पड़ोसी गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे और मिट्टी व पानी की बालटियां भरकर आग पर फेंकीं, लेकिन मकान नहीं बचाए जा सके। स्थिति गंभीर होने पर लारजी व कुल्लू से भी दमकल वाहन बुलाना पड़े।
नववर्ष के पहले दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने सरकारी और निजी आवास पर लगे बिजली मीटरों पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ने की घोषणा की। सीएम ने कहा, मेरे नाम से बिजली के पांच मीटर हैं। मुझे ही 625 यूनिट बिजली उपदान में मिल रही है। यह उपदान गरीब आदमी को मिलना चाहिए। सीएम ने कहा कि मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और कांग्रेस विधायकों ने भी सब्सिडी छोड़ने पर सहमति जताई है। सीएम ने समर्थ लोगों से स्वेच्छा से बिजली छोड़ने की अपील की है। बोर्ड ने प्रारूप तैयार किया है और इसे भरना होगा। सुक्खू ने सब्सिडी छोड़ने के लिए विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष को एक फार्म भरकर सौंपा। सीएम ने बुधवार को ओकओवर शिमला में प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समर्थ लोग इसे छोड़ें तो 200 करोड़ रुपये की मासिक बचत होगी। सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जब सत्ता संभाली थी तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी। उन्होंने फैसले किए, जिसके बाद अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। सभी स्रोतों से प्रदेश की आय 14,000 करोड़ से लेकर 16,000 करोड़ रुपये तक है। वह कब तक कर्ज पर कर्ज लेकर राज्य की अर्थव्यवस्था को चलाते रहेंगे। इसे कमजोर करते रहेंगे। दो साल में हमने 28 हजार करोड़ का कर्ज लिया। कर्ज इसलिए लिया, क्योंकि जो पिछला लोन था, उसमें 10 हजार करोड़ रुपये ब्याज के दिए और 8,000 करोड़ रुपये मूलधन का वापस किया। राज्य की संपदा की बात करें तो बजट पेश करते हुए भी वह अनुमान लगाते हैं कि बजट कितने हजार करोड़ रुपये का होगा, मगर पिछले कई वर्षों से उस बजट में होल चलता रहा है। यानी बजट 58 हजार करोड़ रुपये का प्रस्तुत किया गया है, लेकिन चार हजार करोड़ रुपये तक का जो कर, राजस्व और अनुदान आना चाहिए था, वह नहीं मिला। 4000 करोड़ रुपये का उस बजट में होल चलता रहा है।
कुनिहार पुलिस ने बुधवार शाम गश्त के दौरान उत्तराखंड के दो युवकों से 276 ग्राम चरस बरामद की। जानकारी के अनुसार, जब कुनिहार पुलिस के एचसी राजेंद्र कुमार और अन्य पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी को शिव गुफा कुनिहार के पास खड़ी कर पैदल डुमैहर रोड की ओर गश्त करते हुए जा रहे थे, तभी डुमैहर की ओर से दो युवक पैदल शिव गुफा कुनिहार की ओर आ रहे थे। इनमें से एक युवक ने पुलिस को देखकर अपनी पैंट की बांई जेब से एक सफेद रंग का लिफाफा निकालकर सड़क के ऊपर की तरफ नाली में फेंक दिया। पुलिस को शक हुआ, तो उन्होंने दोनों युवकों को काबू किया। लिफाफा फेंकने वाले युवक ने अपना नाम अमन पुत्र राम सिंह, गांव मोरी, डॉ. घ. परोला, तहसील नौगांव, जिला उत्तरकाशी, उत्तराखंड बताया। दूसरे युवक ने अपना नाम अजीत पुत्र मोहनलाल, गांव सेवा, डॉ. घ. मसरी, तहसील मोरी, जिला उत्तरकाशी, उत्तराखंड बताया। पुलिस ने लिफाफे को खोलकर देखा, तो उसमें काले रंग का ठोस बती नुमा पदार्थ था, जो सूंघने और अनुभव से चरस पाया गया। आरोपियों ने भी इसे चरस ही बताया। चरस को तोलने पर पॉलिथीन लिफाफे सहित 283 ग्राम और बिना लिफाफे के 276 ग्राम चरस मिली। इस मामले की पुष्टि डीएसपी अशोक चौहान ने की है।
** 16 जनवरी से पुणे में शुरू होगी राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता पधर उपमंडल की चौहारघाटी की राजकीय उच्च पाठशाला बल्ह की दो छात्राएं नेशनल जूडो प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। बल्ह स्कूल की अलीशा शांडिल ने चौथी बार और यशवी शांडिल ने दूसरी बार राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीत कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई हैं। दोनों छात्राएं चौहारघाटी के बाघन गांव से हैं, जहां खेलकूद की सुविधाएं बहुत कम हैं। फिर भी, इन दोनों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। कोच जोगिंदर सिंह शांडिल ने बताया कि दोनों खिलाड़ी 16 जनवरी को पुणे (महाराष्ट्र) में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने जाएंगी। हाल ही में, दोनों शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय कोचिंग कैंप में हिस्सा लेकर अपने गांव लौटी हैं। इनकी सफलता से पूरी चौहारघाटी में खुशी का माहौल है। स्कूल के शिक्षक अजय कुमार, पंचायत प्रधान महेंद्र सिंह, उप प्रधान वीरी सिंह और अन्य ग्रामीणों ने इन दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।
हिमाचल प्रदेश में नए साल में उपभोक्ताओं को दालों के महंगे बाजार से राहत मिलेगी। पिछले दो महीने से डिपुओं में दालों का कोटा नहीं मिल रहा था, लेकिन अब हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने उड़द, दाल चना और मलका दाल का सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिया है। इसके बाद, ये दालें डिपुओं में पहुंचने लगी हैं। अब उपभोक्ताओं को इस महीने का कोटा मिलेगा, साथ ही दो महीने का बैकलॉग कोटा भी दिया जाएगा।हालांकि, उपभोक्ताओं को अभी सरसों का तेल मिलना बाकी है। इसके लिए 4 जनवरी को टेंडर खोला जाएगा और सरकार से मंजूरी मिलने के बाद सप्लाई ऑर्डर जारी किया जाएगा। अब, हिमाचल प्रदेश के करीब 4500 डिपुओं में उपभोक्ताओं को उड़द की दाल मिलेगी। एनएफएसए के तहत आने वाले परिवारों को यह दाल 58 रुपए प्रति किलो, एपीएल परिवारों को 68 रुपए किलो और टैक्स पेयर को 93 रुपए प्रति किलो मिलेगी। इसके अलावा, दाल चना भी बैकलॉग कोटे के साथ मिलेगा। गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को 65 रुपए प्रति किलो, एपीएल परिवारों को भी 65 रुपए किलो और टैक्स पेयर को 69 रुपए प्रति किलो चना दाल मिलेगी।हिमाचल में इस बार कनाडा से आयातित मलका दाल भी उपलब्ध होगी। बीपीएल परिवारों को मलका की दाल 56 रुपए प्रति किलो, एपीएल परिवारों को 66 रुपए किलो और टैक्स पेयर को 91 रुपए किलो मिलेगी। इस कदम से उपभोक्ताओं को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दालें मिलेंगी और बाजार में कीमतों पर नियंत्रण रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए नए वित्त वर्ष में नई सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इस दिशा में सरकार ने काम शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, प्रदेश में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए 2025-26 में 500 नई सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिसमें 300 किलोमीटर सड़कें नाबार्ड और 200 किलोमीटर सड़कें विशेष कोर विकास कार्यक्रम, ग्रामीण सड़क एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई जाएंगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि साल 2025-26 में 625 किलोमीटर नई सड़कों पर टायरिंग का काम शुरू किया जाएगा, जिनमें से 425 किलोमीटर सड़कें नाबार्ड और 200 किलोमीटर सड़कें विशेष क्षेत्र विकास, केंद्रीय सड़क और अवसंरचना कोष एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तैयार की जाएंगी। इसके अलावा केंद्रीय सड़क व अवसंरचना कोष योजना के तहत 50 किलोमीटर सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, प्रदेश के लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए साल 2025-26 के दौरान 50 पुलों और 35 नए भवनों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा वार्षिक मरम्मत योजना के तहत 1800 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 10 लाख वर्ग मीटर पैक वर्क किया जाएगा, जिससे 3500 किलोमीटर सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी। पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पीएमजीएसवाई-3 योजना के तहत 2000 किलोमीटर सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 679 किलोमीटर सड़कें एफडीआर और 468 किलोमीटर सड़कें सीटीबी के तहत बनाई जाएंगी। इसके अलावा अन्य सड़कें पारंपरिक तकनीक से बनाई जाएंगी। पीएमजीएसवाई-4 योजना के तहत 900 किलोमीटर सड़कों की डीपीआर तैयार की जानी प्रस्तावित है, जिनका निर्माण पीएमजीएसवाई-1 के तहत पहले ही शुरू हो चुका है।
हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसे के चलते नए साल की खुशियां मातम में बदल गई हैं। मामला शिमला जिले का है। यहां नए साल के जश्न के दौरान एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद सारी खुशियां मातम में बदल गई। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि शिमला जिले के ठियोग के मतियाना में नए साल की पूर्व संध्या पर मंगलवार रात करीब 11:30 बजे एक पेट्रोल पंप के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में किन्नौर के तीन युवकों की मौत हो गई है। ये तीनों युवक अपनी कार (नंबर HP 02A-0169) में सवार होकर शिमला से रामपुर की ओर जा रहे थे। इस दौरान मतियाना पहुंचने पर पेट्रोल पंप के पास उनकी गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में कार सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। डीएसपी ठियोग ने बताया कि कार ड्राइवर का गाड़ी से अचानक कंट्रोल खो जाने पर ये हादसा हुआ है। वहीं, गाड़ी के गहरी खाई में गिरकर पलटने की आवाजें स्थानीय लोगों को सुनाई दी। स्थानीय लोग आवाज सुनकर घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद वहां पर चीख-पुकार मच गई। लोगों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। मगर हादसा इतना भयंकर था कि तीनों युवकों को बचाने का मौका नहीं मिला और तीनों मौके पर ही दम तोड़ चुके थे। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया, सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक ये तीन युवक किन्नौर के रहने वाले थे। अभी मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। ठियोग पुलिस ने पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है। सड़क दुर्घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन के बड़ोग में राष्ट्रीय राजमार्ग पर नियमों के विपरीत बनाईं बहुमंजिला इमारतों में किए गए अतिक्रमण को स्वयं हटाने के आदेश जारी किए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के तहत अदालत ने कहा कि अगर भवन की ऊंचाई निर्धारित 21 मीटर से ऊपर है तो उसे हटाया जाए। प्रतिवादियों की ओर से अदालत को बताया गया कि जब इन भवनों का निर्माण किया गया, उस समय टीसीपी के नियम क्षेत्र में लागू नहीं होते थे। यह क्षेत्र पंचायतों के अधीन था। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। खंडपीठ ने इस मामले में अगली सुनवाई में प्रतिवादियों को हलफनामा दायर करने को कहा है।अदालत ने सरकार से पूछा है कि भवनों को बनाने के लिए क्या मैकेनिज्म है? सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पहले अनुमति लेनी होती है। भवनों का मैप, डिजाइन, मिट्टी की परख और इंजीनियर की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए भवनों का निर्माण किया जाता है। सरकार की ओर से अदालत को यह भी बताया गया है कि वर्तमान में घरेलू भवनों की ऊंचाई 21 मीटर है, जबकि व्यावसायिक भवनों की ऊंचाई 70 मीटर निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि बड़ोग में छह किलोमीटर तक के क्षेत्र में बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया गया है।
हिमाचल नए साल के जश्न में पूरी तरह डूबा गया। पहाड़ों की दिलकश वादियों में नए साल का इस्तकबाल करने तीन लाख से ज्यादा सैलानी पहुंचे। शिमला, मनाली, डलहौजी और धर्मशाला जैसे पर्यटन स्थलों पर धमाल मचाया। कड़ाके की ठंड में पर्यटकों ने नाच-गाकर साल 2025 का स्वागत किया। शिमला और मनाली में नए साल का जश्न देखते ही बना। मालरोड व रिज मैदान पर आधी रात को आतिशबाजी के साथ लोगों ने जश्न मनाया। शहर में लोग सड़कों पर भी उतर आए। होटलों-रेस्तरां में देर रात तक रंगारंग कार्यक्रम चलते रहे। सैलानियों से पूरी तरह पैक होटलों में नए साल के जश्न के खास इंतजाम रहे। पर्यटन नगरी मनाली, धर्मशाला और चायल में रात 12 बजे के बाद न्यू ईयर क्वीन का चयन किया गया। साथ ही लेमन डांस, कैंडल डांस, बेस्ट कपल और बच्चों के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। उधर, शक्तिपीठ छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी और माता नयना देवी के मंदिर के कपाट मंगलवार की देर रात को मात्र एक घंटे बंद रहे। वहीं, शक्तिपीठ माता बज्रेश्वरी, ज्वालाजी और नंदिकेश्वर धाम चामुंडा मंदिर के कपाट बुधवार सुबह 5 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे।
** मैदानों में कल से घने कोहरे का अलर्ट हिमाचल में बारिश-बर्फबारी के बाद पहाड़ ठंड से कांप रहे हैं। मंगलवार को ताबो में पारा रिकॉर्ड माइनस 17 डिग्री पहुंच गया। भले ही साल 2024 के आखिरी दिन शिमला और मनाली के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बर्फबारी वाले इलाकों में पारा शून्य से नीचे चल रहा है। प्रदेश में नए साल के पहले दिन मौसम साफ रहेगा। एक जनवरी को अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली रहने की संभावना है। 2 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय हो रहा है। 5 और 6 को भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी हो गया है। इस दौरान कई जगह बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। मैदानी जिलों ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी के कई क्षेत्रों में कोहरा पड़ने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। 2 जनवरी तक सुबह और शाम के समय घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी हुआ है। जिला कुल्लू और लाहौल में बर्फबारी के बाद से अभी तक 138 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू के दो हाईवे के साथ आठ सड़कें और लाहौल की 130 सड़कें शामिल हैं। बर्फबारी के कारण अभी इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। मनाली में 60 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हैं। बुधवार को कुल्लू और लाहौल में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरे। कड़ाके की ठंड से लाहौल घाटी के साथ जलोड़ी दर्रा और सोलंगनाला में शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। राजधानी शिमला में मंगलवार को हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मौसम मिलाजुला बना रहा। मंगलवार को दिन में धर्मशाला में अधिकतम तापमान 19.9, हमीरपुर में 19.4, कांगड़ा में 19.1, बिलासपुर में 17.6, शिमला में 17.5, ऊना में 16.4, नाहन में 12.7, मनाली में 13.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्से मंगलवार को भी कड़ाके की ठंड की चपेट में रहे। पश्चिमी हिमालयी राज्यों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां पारा शून्य या उससे नीचे दर्ज किया गया, वहीं मैदानी इलाकों में भी तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में अधिकतम तापमान 5 डिग्री तक गिर गया। साल के आखिरी दिन दिल्ली समेत कुछ राज्यों में बादलों के साथ सूरज की आंखमिचौली चलती रही। इससे कंपकंपी बढ़ी। अगले सप्ताह पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, मैदानों में भी 4 से 6 जनवरी तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक चंडीगढ़, राजस्थान व छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बहुत घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही।
** पुलिस ने नशा माफिया की संपत्ति सील की, प्रदेश सरकार का बड़ा एक्शन.. जिला पुलिस नूरपुर ने नशे के खिलाफ अभियान के तहत 26 अक्टूबर 2023 को थाना नूरपुर के अटाहड़ा क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान नीरज कुमार उर्फ कोबरा को गिरफ्तार किया। वह गाँव माँव, डाकघर मोलवां, तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से 50.46 ग्राम हेरोइन बरामद की और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 25 के तहत मामला दर्ज किया। जाँच में पता चला कि नीरज कुमार पहले भी नशे के कई मामलों में पकड़ा गया है। 18 नवंबर 2023 को पुलिस ने गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा, जिसमें नीरज कुमार को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की। पुलिस ने उसकी संपत्तियों की जाँच की और पाया कि नीरज के नाम पर कोई ज़मीन नहीं है। उसके घर की जाँच में यह पता चला कि वह घर सरकारी ज़मीन पर बना है। 31 दिसंबर 2024 को, राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने नीरज कुमार के इस घर को सील कर दिया। एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश वॉलीबॉल टीम के चयन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया पर भेदभाव और पक्षपात के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। उनका कहना है कि चयन समिति ने प्रतिभाशाली और अनुभवी खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर कोच के बेटे को टीम में शामिल किया। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी टीम से बाहर कर दिया गया। खिलाड़ियों ने ऑन-कैमरा ट्रायल दोबारा करवाने की मांग की है ताकि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खेल विभाग के निदेशक को जांच के आदेश दिए और दोबारा ट्रायल करवाने को कहा। दूसरी ओर, चयन समिति के सदस्य अर्जुन अवार्डी संजय कुमार फोगाट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रायल में 70 लड़के और 45 लड़कियों ने हिस्सा लिया, और चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और किसी भी अनियमितता पर सख्त कार्रवाई होगी। यह विवाद 26-27 दिसंबर को शिमला के इंदिरा गांधी खेल परिसर में हुए ट्रायल से जुड़ा है, जो 7-13 जनवरी को जयपुर में होने वाली सीनियर नैशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए आयोजित किया गया था। खिलाड़ियों की शिकायत और सीएम के हस्तक्षेप से निष्पक्ष चयन की उम्मीद की जा रही है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढलियारा के वाणिज्य विभाग के प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने नागपुर स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी में 45 दिन का कठिन प्रशिक्षण लिया और एनसीसी ऑफिसर का पद प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण में उन्हें ड्रिल, वेपन ट्रेनिंग, शारीरिक प्रशिक्षण, मैप रीडिंग, और जनरल एनसीसी जैसे विषयों का ज्ञान प्राप्त हुआ। जब वे स्कूल लौटे, तो प्रधानाचार्य सुनील कुमार और स्कूल के सभी स्टाफ ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद, एनसीसी ऑफिसर मुकेश शर्मा ने कैडेट्स को अपने अनुभव साझा किए और उन्हें इन अनुभवों से सीखने के लिए प्रेरित किया।
** दिवंगत आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखकर की प्रार्थना.. ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फतेहपुर ने रैस्ट हाऊस फतेहपुर में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर फतेहपुर विधायक और राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया भी उपस्थित रहे। स्थानीय विधायक भवानी सिंह पठानिया ने जानकारी दी कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई है। इसके अलावा, फतेहपुर के सम्माननीय वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर चर्चा की और समस्याओं को सुना। उन्होंने बताया कि विधानसभा फतेहपुर के विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से कुछ कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, जबकि कुछ की प्रक्रिया अभी जारी है। इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रजिंदर पठानिया और अन्य लोग भी उपस्थित थे।


















































