** दाड़लाघाट क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने पर तीन दिन के भीतर जुर्माना भरने का आदेश अंबुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट को प्रदूषण फैलाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 6.60 लाख रुपये जुर्माना किया है। यह जुर्माना कंपनी को तीन दिन के भीतर जमा करवाना होगा, नहीं तो बोर्ड नियमों के तहत कंपनी पर कार्रवाई करेगा। बोर्ड ने यह जुर्माना 22 दिन तक दाड़लाघाट क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने पर किया है। यह प्रदूषण बीते माह 8 से लेकर 30 दिसंबर तक फैलाया गया था। इसमें कंपनी से धुआं निकल रहा था। इससे आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने क्षेत्र का चार बार दौरा किया और अब उन पर जुर्माना किया है। गौर रहे कि 10 दिसंबर को कंपनी से अचानक जहरीला धुंआ निकलने लगा। इसके बाद 10 दिसंबर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके का दौरा किया और कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। कंपनी ने यहां पर तकनीकी खराबी का हवाला दिया। वहीं 13 दिसंबर को फिर से बोर्ड की एक टीम ने दौरा कर व्यवस्थाएं जांचीं। इस दौरान कंपनी ने यहां पर शटडाउन कर दिया। दोबारा से कंपनी को नोटिस दिया गया। कंपनी ने जवाब दिया कि आठ दिसंबर को यहां पर प्री हीटर सिस्टम में छोटा साल छेद हो गया, जिससे यह समस्या आई। जब 15 दिसंबर तक समस्या जारी रही तो 16 दिसंबर को एक और नोटिस कंपनी को दिया गया। इसके बाद 27 दिसंबर को फिर से बोर्ड की टीम ने कंपनी का दौरा किया और देखा कि समस्या ज्यों के त्यों है। इसके बाद 30 दिसंबर को फिर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा। वहीं उसके बाद अब कंपनी को यह जुर्माना किया गया है। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी के अनुसार यदि तीन दिन में कंपनी जुर्माना अदा नहीं करती है तो नियमों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इंजेक्शन न मिलने से अपनी जान गवाने वाले स्व.देवराज के परिजनों की आर्थिक मदद करें। उन्होंने कहा कि परिवार में मृतक देवराज शर्मा ही इकलौते कमाने वाले थे। पूरा परिवार उन्ही पर आश्रित था, वह भी लंबे समय से बीमार थे ऐसे में उनके परिवार क स्थिति समझी जा सकती है। उनके दोनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं और पत्नी का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है और सरकार को परिवार की आर्थिक तौर पर मदद करनी चाहिए, जिससे उनकी मदद हो सके। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि इस मामले में वह मानवता के दृष्टि से देखे और परिवार की यथा संभव मदद करें।
सांसद खेल महाकुंभ 3.0 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन जटोली चाकरा ग्राउंड में प्रधान जी.पी कोलापुर विपन कुमार ने किया। इस अवसर पर युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष रमन शर्मा भी उपस्थित रहे। रमन शर्मा ने सांसद अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया, जिनकी पहल से यह सांसद खेल महाकुंभ संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट के जरिए छोटे-छोटे गांवों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिल रहा है और युवाओं में खेलों में भागीदारी बढ़ रही है। मुख्य अतिथि विपन कुमार ने अपने संबोधन में युवाओं से नशे से दूर रहने और खेलों को प्रोत्साहित करने की अपील की। टूर्नामेंट का पहला मैच सरड वम्मी और कुहना के बीच खेला गया, जिसमें कुहना की टीम ने जीत हासिल की। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष अनीश ठाकुर, उपाध्यक्ष मोंटी, जिला आईटी संयोजक शशांक मेहता, रोबिन, सेठू, संजीव, मनू और अन्य लोग उपस्थित रहे।
** ** ई-केवाईसी पीडीएस एचपी फेस ऐप से घर बैठे करें प्रक्रिया पूरी सोलन में खाद्य आपूर्ति नियंत्रण विभाग द्वारा राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अभी भी अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करवा रहे हैं, जिसके कारण विभाग ने ऐसे राशन कार्ड धारकों के कार्ड अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। खाद्य आपूर्ति नियंत्रण विभाग सोलन के अधिकारी श्रवण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में करीब 54,000 राशन कार्ड धारकों ने अब तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा बार-बार अनुरोध और जागरूकता फैलाने के बावजूद भी लोग इस प्रक्रिया में ढिलाई बरत रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड धारक "ई-केवाईसी पीडीएस एचपी फेस ऐप" के माध्यम से आसानी से अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शीघ्र ही अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर अपने राशन कार्ड को सक्रिय करें, ताकि उन्हें सस्ते राशन की सुविधा मिलती रहे।
** शिविर में 30 किसानो ने लिया भाग... मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कृषि विभाग के सहयोग से कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण द्वारा विकास खंड कुनिहार की ग्राम पंचायत कुनिहार स्थित उच्चा गांव में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का विषय "सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती" था, जिसमें 30 किसानों ने भाग लिया।इस मौके पर तकनीकी प्रबंधक डॉ. रजनी वर्धन विशेष रूप से उपस्थित रही और उन्होंने स्थानीय प्रशिक्षकों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ. वर्धन ने बताया कि यह शिविर दो दिन तक चलेगा, जिसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद नहीं है, बल्कि यह उनके उत्पादन को भी बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के अपने शीतकालीन प्रवास के दौरान कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में 88.68 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चार प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कांगड़ा की ग्राम पंचायत बीरता, घुरकड़ी, ललेहड़, मटौर, नटेहड़ आदि क्षेत्रों के लिए 60.12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सीवरेज स्कीम तथा 12.59 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले देहरा अरला, गवला अंद्राड़, तरसूह, ललेहड़, बीरता, जोगीपुर, सेवकरा, नटेहड़ सड़क के सुधारीकरण कार्य का शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने 10 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के 33/11 के.वी. विद्युत उपकेंद्र दौलतपुर तथा 5.16 करोड़ रुपये की लागत से इच्छी, मटौर, नंदेहड़, कोटकवाला, जमानाबाद, अब्दुल्लापुर, मिहालू, जोगीबला, सहौड़ा और गगल गांवों के लिए उठाऊ पेयजल योजना के संवर्धन कार्य की आधारशिला रखी।
शिमला: चौपाल में एक पांच साल की मासूम बच्ची पर तेंदुए द्वारा हमला करने का मामला सामने आया है। यह घटना सोमवार शाम 7 बजे पेश आई। बच्ची अपने घर से बाहर निकली और घात लगाए तेंदुए ने बच्ची पर हमला कर दिया। जंगली जानवर के इस हमले में मासूम बच्ची की पीठ और कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं। जैसे ही तेंदुए ने हमला किया तो मौके पर मौजूद लड़की की मां ने मदद के लिए चीख-पुकार मचाना शुरू कर दिया जिसके बाद तेंदुए नेकुछ दूरी पर बच्ची को छोड़ दिया। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ मौके से भाग गया। घटना के बाद परिजन तुरंत एंबुलेंस के जरिए बच्ची को सिविल अस्पताल नेरवा ले गए, जहां बच्ची का इलाज चल रहा है। बच्ची की पहचान हो गई है जो नेपाल की बताई जा रही है। प्रकाश नाम का शख्स अपने परिवार के साथ शिमला के चौपाल में रहता हैं। प्रकाश की पांच साल की बेटी अनुषा पर तेंदुए ने हमला किया है। नेपाल का यह परिवार चौपाल में डेरा लगाकर रहता था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। वन विभाग को मामले की सूचना दे दी गई है। वन विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी है कि विभाग जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाएगा।
जन भागीदारी अभियान" के तहत आज "टीबी मुक्त भारत अभियान" के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल, कथोली नगरोटा सुरियां में किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों को टीबी (क्षय रोग) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और टीबी मुक्त भारत के उद्देश्य के लिए शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों और एचआईवी/एड्स के बारे में भी बताया गया। बच्चों ने इस अवसर पर 'एंड टीबी' का प्रतीक चिन्ह भी बनाया। नई दिशा केंद्र ज्वाली के काउन्सलर कृष्ण कुमार ने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी बच्चें को नशे की लत लग चुकी हो, तो वे ज्वाली अस्पताल में उनकी काउंसलिंग करवा सकते हैं, जिससे उन्हें नशे की लत से मुक्ति मिल सके। प्रधानाचार्य मोनिका राणा ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम स्कूलों में निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को समय-समय पर महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी मिलती रहे और वे अपने जीवन में स्वस्थ विकल्प चुन सकें। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुनीता देवी, एनडीके काउन्सलर कृष्ण कुमार, एसटीएस रूचि चौधरी, स्कूल की प्रधानाचार्य मोनिका राणा, समस्त स्कूल स्टाफ और बच्चे उपस्थित रहे।
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते करजा गांव में सोमवार रात को एक मकान में आग लग गई। काठकुनी शैली में बने ढाई मंजिला मकान में आग लगने की यह घटना पेश आई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए कहा अचानक मकान में आग लगी और तेजी से भड़क गई। परिवार के सदस्य समय रहते मकान से निकलने में कामयाब रहे। स्थानीय लोगों ने मकान से सामान निकालना शुरू किया लेकिन थोड़ी ही देर में पूरे मकान को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग और पुलिस को तुरंत प्रभाव से मामले की सूचना दी गई। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।दमकल विभाग के मुताबिक मकान में आग लगने से 20 लाख रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आंकलन कर रही है। पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। बता दें कि हाल ही में कुल्लू जिला के तांदी गांव में भी आग लगने की घटना पेश आई थी। तांदी गांव में आग लगने से एक साथ 17 मकान जल गए थे। इस हादसे में 100 से अधिक लोग बेघर हो गए थे। यह आग लगने की घटना 1 जनवरी 2025 को पेश आई थी।
राष्ट्र स्तरीय मनाली विंटर कार्निवल के दूसरे दिन मंगलवार को मनाली के मालरोड पर महिला मंडलों की महानाटी आकर्षण का केंद्र रही। लगभग 1500 महिलाओं ने एक साथ नाटी डालकर धमाल मचाया। काले रंग का तीन फूल वाला पट्टू, चांदी की बूमणी, चंद्रहार, लॉकेट और लाल रंग का ढाठू पहनकर महिलाओं ने करीब एक घंटे तक नाटी डाली। पर्यटक भी महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाने पर मजबूर हो गए। महानाटी में लगभग 90 महिला मंडलों ने भाग लिया।
हिमाचल में पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही पंचायतों का पुनर्सीमांकन शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने कई पंचायतों के क्षेत्रों को नगर निकायों और परिषदों में मिलाने का काम शुरू कर दिया है। क्षेत्रों को निकायों में शामिल किए जाने से जहां पंचायतों का दायरा घटेगा, वहीं नई घोषित निकायों का दायरा बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि हिमाचल में नई पंचायतों का भी गठन भी किया जाना है। इसको लेकर प्रस्ताव मांगे गए हैं। अब तक सरकार के पास 600 आवेदन आ चुके हैं। राज्य सरकार ने नगर निकायों में पंचायत के क्षेत्रों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछेक क्षेत्रों के लिए जनता से आपत्ति और सुझाव भी मांगे गए हैं। कइयों की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। हालांकि पंचायतों के क्षेत्रों को निकायों में शामिल किए जाने का विरोध भी हो रहा है। इसमें तर्क दिया जा रहा है कि अगर परिषद और निकायों में पंचायतों के क्षेत्रों को शामिल किया जाता है तो लोगों को हाउस समेत अन्य तरह के टैक्स देने पड़ेंगे। ऐसे में लोग पंचायतों में ही रहने की मांग कर रहे हैं। नगर परिषद पांवटा साहिब में ग्राम पंचायत बदरीपुर, नगर पंचायत कुनिहार में कुनिहार, हाटकोट और कोठी, नगर पंचायत शिलाई में ग्राम पंचायत शिलाई व बेला, नगर परिषद हमीरपुर में भरनांग, सराहकड़, अणु, बजूरी, बल्ह, बरोहा, बस्सी - झनियारा, बहोनी, दडूही, धलोट, डुग्गा, ख्याह लोहाखरियां, मतिटिहिरा और सासन पंचायत के क्षेत्र शामिल हैं। नगर पंचायत सुन्नी में घरियाणा, जूणी और शकरोड़ी को शामिल किया गया है। वर्तमान हिमाचल में 3615 पंचायतें हैं। इससे पहले दिसंबर में पंचायतों के नुमाइंदों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। इसी साल कभी भी पंचायतों को चुनाव हो सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अपने संबद्ध निजी और सरकारी बीएड संस्थानों से बीएड का प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं को अपने ही परिसर में परीक्षा देने की सुविधा देगा। फरवरी से शुरू हो रही बीएड की परीक्षाओं में यह नई व्यवस्था शुरू की जा जाएगी। निजी बीएड कॉलेजों को अपने परिसर में परीक्षा केंद्र बनाने के लिए 50 हजार की फीस के साथ 27 जनवरी तक आवेदन करना होगा। विवि की इस नई व्यवस्था से इन 57 कॉलेजों से प्रशिक्षण ले रहे नए पुराने करीब 16 हजार प्रशिक्षुओं को राहत मिलेगी। लंबे समय से निजी कॉलेज और उनमें पढ़ने वाले प्रशिक्षु अपने परिसर में ही परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग कर रहे थे। प्रशिक्षुओं का कहना था कि वे इतनी भारी भरकम फीस चुकाते हैं, बावजूद उन्हें अपनी परीक्षा देने के लिए अन्य कॉलेजों में जाना पड़ता है। इससे उन्हें परेशानी होती है। कॉलेजों और उनसे बीएड प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं की इस समस्या का विवि ने स्थायी समाधान कर दिया है। इस फैसले से विवि की भी परेशानी दूर हो गई है। विवि को राजधानी शिमला, कांगड़ा सहित अन्य जिलों के डिग्री कॉलेजों में परीक्षा केंद्र स्थापित करने में परेशानी पेश आती थी, कॉलेज इसकी अनुमति नहीं देते थे। अब निजी कॉलेजों में केंद्र बनाने में विवि कोई परेशानी नहीं आएगी। कॉलेजों को केंद्र बनाने के लिए अलग से दोगुनी फीस भी चुकानी होगी। अब तक विवि निजी कॉलेजों से 25 हजार फीस लेता था, जिसे विवि ने दोगुना कर दिया है। परिसर में परीक्षा केंद्र बनाए जाने की एवज में प्रशिक्षुओं से विवि कोई अलग से फीस नहीं लेगा, फीस को कॉलेजों को ही चुकाना होगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि प्रदेश भर में विवि से संबद्ध 57 बीएड कॉलेजों और उनमें पढ़ने वाले 16 हजार से अधिक परीक्षा देने वाले प्रशिक्षुओं को सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि फरवरी से शुरू होने बीएड की परीक्षाओं के लिए अब तक 50 फीसदी कॉलेजों ने परीक्षा केंद्र बनाने के लिए मांगी गई फीस भी चुका दी है, 27 तक अन्य कॉलेजों को समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि निजी कॉलेजों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाने पर परीक्षाएं विवि की सीधे निगरानी में की जाएंगी। इसके लिए अलग से स्टाफ मॉनिटर करने को लगाया जाएगा और उड़नदस्ते भी हर केंद्र पर नजर रखेंगे।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के बाहर इन दिनों सीवरेज का गंदा पानी नालियों की बजाय अब सड़क पर बहना शुरू हो गया है, जिसके चलते अब अस्पताल आना भी खतरे से खाली नहीं रहा बीते 5 दिनों से हाल यही है परंतु अभी तक अस्पताल प्रशासन व नगर निगम और संबंधित विभाग का इस और कोई ध्यान नहीं गया। मरीज इस आस के साथ अस्पताल आते हैं कि हमें अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, परंतु क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के हाल देखकर अब ऐसा लगता है कि यहां आना खतरे से खाली नहीं। अगर अस्पताल के आसपास ही इतनी गंदगी फैली है तो शहर में सफाई व्यवस्था का क्या हाल होगा इसका अनुमान सभी लगा सकते है । अस्पताल प्रशासन व संबंधित विभाग को चाहिए कि वह जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करें ताकि बीमारियों का खतरा टल सके ।मरीज अस्पताल इलाज करवाने आते हैं ना की अस्पताल जाकर बीमार होने के लिए।
शिमला, सोलन और कांगड़ा में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित होंगे। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में पीपीपी मोड पर यह केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र में सालाना दो हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ) के अवर सचिव मृत्युंजय कुमार की ओर से इसे लेकर प्रदेश सरकार को पत्र भेजा गया है। देश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया है।15 वें वित्त आयोग के अधीन ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआरएस) क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (आरडीटीसी) और ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (डीटीसी) की स्थापना के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यार्थियों को प्रमाणपत्र जारी करेंगे। जिनके पास ड्राइविंग सेंटरों से पास होने का प्रमाणपत्र होगा, उन्हें क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी। ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों पर रिफ्रेशर कोर्स भी करवाए जाएंगे। केंद्र व राज्यों में सरकारी वाहनों के ड्राइवरों के लिए इन केंद्रों से प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र लेना भी अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है। प्रदेश में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की प्रक्रिया चल रही है। इन केंद्रों पर प्रशिक्षण लेने वालों को प्रमाण पत्र मिलेंगे और उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस बनाते समय ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना पड़ेगा। तीनों जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के लिए जल्द ही स्थान चयनित कर लिए जाएंगे।
कर्मचारियों से जुड़े संशोधन विधेयक पर अब राजभवन फैसला लेगा। सोमवार को हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक राजभवन पहुंचा। सरकारी कर्मचारियों से जुड़े संशोधन विधेयक पर अब राजभवन फैसला लेगा। सोमवार को हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक राजभवन पहुंचा। सरकार ने इसे विधानसभा के शीत सत्र में पारित करवाया था। इस विधेयक के लागू होने के बाद प्रदेश में कर्मचारियों को अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। जब यह कानून के रूप में लागू होगा तो साल 2003 से यह व्यवस्था लागू होगी। इस विधेयक को लाने के पीछे एक प्रमुख चिंता राज्य पर पड़ने वाला संभावित वित्तीय बोझ है। अनुबंध सेवाकाल का लाभ देने से कर्मचारियों को न केवल अतिरिक्त संसाधनों का भारी आवंटन करना पड़ेगा, बल्कि पिछले 21 वर्षों से अधिक समय से वरिष्ठता सूची में भी संशोधन करना होगा। नए प्रावधान से कानून बनने के बाद कर्मचारियों को ज्वाइनिंग की तारीख से वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे। कर्मचारियों की वरिष्ठता उनके नियमित होने के बाद तय की जाएगी। अनुबंध सेवाकाल को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा।
धर्मपुर/डिंपल: संधोल में चोरों के हौंसले काफी बढ़ गए हैं। यहां चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब चोरों ने एक और बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की है। इस बार चोरों ने बिजली के बड़े ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया।जानकारी के अनुसार, संधोल से हमीरपुर जिला की दिशा में स्थित रजत स्टोन क्रशर, बक्कर खड्ड में रखा 250 केवी का ट्रांसफार्मर चोरों के निशाने पर था। यह ट्रांसफार्मर पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह के बेटे और पूर्व भाजपा प्रत्याशी रजत ठाकुर के स्वामित्व में है। हालांकि, गनीमत यह रही कि क्रशर में काम कर रहे एक कर्मचारी को चोरी की कोशिश का पता चल गया, जिसके बाद चोरों को सामान छोड़कर वहां से भागना पड़ा। पता चला है कि क्रशर मालिक ने वहां लगे ट्रांसफार्मर को उतार कर वहां अन्य बड़ा ट्रांसफार्मर लगाया था। इसके बाद, चोरों ने पुराने ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया। सबसे पहले उन्होंने ट्रांसफार्मर का तेल निकाला, फिर महंगी क्वायल तारों को काट कर बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि क्रशर का एक कर्मचारी जाग गया और उसने शोर मचाया, जिससे चोरों को सामान छोड़कर भागना पड़ा। हालांकि, यह क्षेत्र में चोरों की सक्रियता का एक और उदाहरण है। पिछले कुछ दिनों में कई चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। लगभग एक हफ्ते पहले बाल्याली में भी एक मकान के ताले टूटे थे। इसके अलावा, विद्युत उपमंडल संधोल में भी दो बड़े ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं, लेकिन पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटना हुई हो। करीब छह महीने पहले, संधोल विद्युत उपमंडल के बल्याली गांव के पास मसोत खड्ड से 630 केवी के दो ट्रांसफार्मर चोरी हो गए थे। तीनों घटनाओं का तरीका लगभग एक जैसा है—ट्रांसफार्मर की कैबिनेट तो वहीं मिलती है, लेकिन अंदर का सारा सामान गायब होता है। इन चोरी की घटनाओं का खुलासा तब हुआ, जब विभाग के उच्च अधिकारी एक महीने पहले निरीक्षण करने पहुंचे और वहां ट्रांसफार्मर के अवशेष मिले। चोरों ने पूरी इत्मीनान से बिजली के तारों के कनेक्शन काटे, फिर ट्रांसफार्मर के बोल्ट खोलकर उसका तेल और अन्य सामग्री चुरा ली। इस मामले में, विभाग ने पहले मार्च और फिर नवंबर महीने में पुलिस चौकी में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। यह दूसरी चोरी की घटना है जो एक हफ्ते के अंदर घटी है, और पुलिस अब भी चोरों को पकड़ने में नाकाम रही है।
शिमला: बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी देखी गई। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ। 21 जनवरी को राज्य के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में और आसपास के माध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ स्थानों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 23 जनवरी तक प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 23 जनवरी को प्रदेश के कुछ स्थानों पर शीत दिवस को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने शीत दिवस को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 22 और 23 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान प्रदेश के निचले पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 24 जनवरी से मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। इस दौरान पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। 24 से 26 जनवरी तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा।
कुल्लू: मनाली में आयोजित विंटर कार्निवल कार्यक्रम में देर रात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह पहुंचे और उन्होंने रात को करोड़ों रुपये के उद्घाटन और शिलान्यास किए। इस दौरान उन्होंने मनु रंगशाला में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोगों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने जनसभा में एक बॉलीवुड मूवी मेरा नाम जोकर का गाना गुनगुनाया। "जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां"। मुख्यमंत्री ने जिले के लोगों को 206.08 करोड़ रुपये की विकासात्मक योजनाओं की सौगात दी। इनमें मनाली में 59.21 करोड़ रुपये की 8 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण एवं 147.59 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाओं के शिलान्यास किए। इनमें साल 2023 में ब्यास नदी में आई भीषण बाढ़ से मनाली व आसपास के क्षेत्रों में हुए नुकसान के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा घोषित पुर्नरुद्धार एवं पुनर्निर्माण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-तृतीय चरण के तहत 7.34 करोड़ रुपये की लागत के मनाली-बुरूआ सड़क मार्ग के उन्नयन कार्य, 7.70 करोड़ रुपये लागत के चक्की-हलाण सड़क के उन्नयन कार्य, 9.24 करोड़ रुपये की लागत से पतलीकूहल से हलाण दो सड़क और 6.69 करोड़ रुपये की लागत से फोजल से नेरी सड़क मार्ग के उन्नयन कार्य के लोकार्पण, 3.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सोलंगनाला में वाहन योग्य डबललेन पुल का लोकार्पण, 7.69 करोड़ रुपये की लागत से पतलीकूहल में निर्मित अंतरराज्यीय बस अड्डा, 14.30 करोड़ रुपये लागत की बस पार्किंग यार्ड मनाली व सुरक्षा कार्य के प्रथम चरण और बंजार तहसील में 2.53 करोड़ रुपये से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थाटीबीड़ का लोकार्पण किया। इसके अलावा सीएम ने नाबार्ड-आरआईडीएफ के तहत 6.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली नग्गर से कृष्ण मंदिर वाया ठावा सम्पर्क सड़क, 8.44 करोड़ रुपए से कुल्लू-मनाली वाम तट पर छरुड़ु के पास बाढ़ से हुए भूस्खलन इत्यादि के दृष्टिगत पुनर्निर्माण कार्यों, 8.02 करोड़ रुपए की लागत से कुल्लू-मनाली वाम तट पर चचोगा के पास आरसीसी सुरक्षा दीवार इत्यादि के निर्माण कार्य, 2.21 करोड़ रुपए की लागत से एनएच-3 से क्लब हाऊस मनाली सड़क तक निर्मित होने वाली बाईपास सड़क व डबल लेन पुल, 12.08 करोड़ रुपये की लागत से 15 मील में ब्यास नदी पर निर्मित होने वाले डबल लेन पुल, 8.66 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत ब्रान के 17 मील में ब्यास नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य, 8.72 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत हलाण-दो के पतलीकूहल में ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य, 8.73 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत रायसन में ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य, 8.97 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत द्वाड़ा के द्वाड़ा में ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य, 8.34 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत शलीन के कलाथ और 8.64 करोड़ रुपए से आलू ग्राऊंड में ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य, मनाली में 46.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले वेलनेस सेंटर और 11.57 करोड़ रुपये की लागत से नग्गर कैसल के संरक्षण एवं पुर्नरुद्धार कार्य के शिलान्यास किए। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने इन विकासात्मक परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से लोगों की लंबित मांगें पूरी होने के साथ ही उन्हें आधारभूत सुविधाएं भी मिलेंगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के दौरान आयोजित ‘भारत की गौरवशाली गाथा-आत्म-संदेह की बेड़ियों को तोड़ते हुए’ विषय पर आयोजित व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित करते हुए कहा कि कुम्भ परंपरा भारतीय सनातन संस्कृति का हृदय है। यह न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक समृद्धि का भी स्रोत है। उन्होंने कहा कि कुम्भ का मंच भारतीय सभ्यता की अलौकिक महिमा को पहचानने और उसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम भी है। शुक्ल ने कहा कि कुम्भ केवल नदियों का संगम नहीं, बल्कि विचारों और संस्कृति का भी संगम है। यह भारत के इतिहास की अपार समृद्धि का भी प्रतीक है। हमारी प्रचीन परंपराएं और मूल्य आज भी दुनिया के लिए प्रेरणा है जिससे भारत को वैश्विक पटल पर एक विशेष और शक्तिशाली पहचान मिली है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति धर्म (धार्मिकता), अर्थ (आर्थिक समृद्धि), काम (सुख की प्राप्ति) और मोक्ष (मुक्ति) के समन्वित प्रयासों पर आधारित है। राज्यपाल ने कहा कि पूरे विश्व को वसुदेव कुटम्बकम का दर्शन देने वाले देश में आत्म संशय की प्रवृत्ति पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में उपनिवेशिक शक्तियों ने न केवल हमारे संसाधनों का दोहन किया बल्कि हमारी पहचान और विचारों को कमजोर करने का भी प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उपनिवेशवाद की मानसिकता का प्रभाव अभी भी हमारे व्यवहार और सोच में दिखाई देता है। राज्यपाल ने कहा कि आत्म संशय प्रगति की दिशा में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति की भव्यता, विरासत पर गर्व करने और आत्म गौरव की भावना को पुनः जागृत करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि देशवासियों के आत्म सम्मान और आत्म गौरव के जागृत होने से भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा। व्याख्यान श्रृंगला के अन्त में राज्यपाल ने भारत के समृद्ध धरोहर के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर पब्लिक हेल्थ एंड इनोवेशन (जीआईपीएचआई) के सहयोग से छात्रों को तंबाकू समाप्ति परामर्श में आवश्यक कौशल से लैस करने के उद्देश्य से दो दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की।धूम्रपान मुक्त भविष्य के लिए डिजिटल स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों के 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को START ऐप (स्टॉप टोबैको विद असिस्टेंस एंड रिकवर टुडे) से परिचित कराया गया, जो तंबाकू की लत से निपटने के लिए एक अभिनव डिजिटल समाधान है। यह कार्यक्रम YouWeCan के सहयोग से आयोजित किया गया था और एडवर्ड और सिंथिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा प्रमाणित किया गया था। सत्र का नेतृत्व जीआईपीएचआई की सीईओ, टोरंटो विश्वविद्यालय में पीएचडी स्कॉलर और सेंटर फॉर एडिक्शन एंड मेंटल हेल्थ (सीएएमएच) में अनुसंधान सहायक डॉ. सुमेधा कुशवाह ने किया। डॉ. कुशवाह, जिन्होंने ऐम टू टर्मिनेट टोबैको एंड कैंसर (एटीटीएसी) और इंडिया इंटरनेशनल डेवलपमेंट अलायंस की भी स्थापना की, प्रभावशाली प्रशिक्षण देने में उनकी समर्पित टीम GIPHI के साथ शामिल हुईं। कार्यशाला में तम्बाकू समाप्ति परामर्श के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे प्रतिभागियों को तम्बाकू छोड़ने में लोगों का समर्थन करने के लिए व्यावहारिक ज्ञान के साथ सशक्त बनाया गया। सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में प्रौद्योगिकी-संचालित हस्तक्षेपों को लागू करने के बारे में सीखते हुए, छात्रों ने START ऐप पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। शूलिनी विश्वविद्यालय में स्थिरता और सामुदायिक सहभागिता की निदेशक पूनम नंदा और विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. नितिका ठाकुर ने इस आयोजन का आयोजन किया। कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में छात्र समन्वयकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नंदा ने कहा कि प्रशिक्षण पहल महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दों के समाधान के लिए उपकरणों और ज्ञान के साथ छात्रों को सशक्त बनाने की शूलिनी विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रदेश सरकार कुनिहार में नए अस्पताल भवन का निर्माण करने जा रही है, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। मौजूदा सिविल अस्पताल कुनिहार को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। उपमंडलाधिकारी अर्की की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने सोमवार को दो स्थानों का मुआयना किया। इसमें लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी, और मंजूरी के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। कुनिहार अस्पताल क्षेत्र के चार विधानसभा क्षेत्रों—अर्की, सोलन, कसौली, और दून के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देता है। वर्तमान भवन की सीमित क्षमता के कारण इसका विस्तार नहीं हो सकता। अस्पताल के नए भवन और चिकित्सकों के आवास के लिए अन्य स्थानों की तलाश की जा रही है।
** समिति व शंभू परिवार ने लगाया विशाल भंडारा कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा कुनिहार में जेष्ठ सोमवार को सैंकड़ों शिव भक्तों ने गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन किए। इस अवसर पर गुफा विकास समिति व शंभू परिवार कुनिहार के सौजन्य से समस्त शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर, उपाध्यक्ष रितु ठाकुर व मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने बताया कि 19 जनवरी रविवार से गुफा में दो दिवसीय राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ हुआ, जिसे जेष्ठ सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया गया। उन्होंने बताया कि जेष्ठ सोमवार को सैंकड़ों शिव भक्तों ने गुफा में पहुंचकर अपने आराध्य की पूजा अर्चना कर शीश नवाया। दोपहर से समस्त शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों के लिए भंडारा आरंभ कर दिया गया था। शिव भक्तों ने गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन किए तथा भजन कीर्तन में भाग लिया व कमेटी व शंभू परिवार के सौजन्य से तैयार भंडारे में लजीज व्यंजनों का आनंद लिया। इस अवसर पर समस्त कमेटी व शंभू परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
** पहले प्रशासन ने इंजेक्शन नहीं दिया बाद में परिजनों पर ही घटिया आरोप लगाना अमानवीयता ऐसा व्यवस्था परिवर्तन नहीं चाहिए जो मृत्यु के तीन दिन बाद दे इंजेक्शन शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इंजेक्शन न मिलने से हुईं देवराज शर्मा की मौत मामले में जिन भी अधिकारियों ने घटिया साजिश रचकर पीड़ित परिवार पर उंगली उठाई और उन्हें अपमानित करने का प्रयास किया, उनके खिलाफ मुख्यमंत्री सख्त से सख्त कार्रवाई करें। ऐसे लोग असंवेदनहीनता की हद पार कर चुके हैं और इस लायक नहीं हैं कि ऐसे महत्वपूर्ण पदों पर रहें। ऐसे लोग अपनी साख बचाने के लिए अपने पिता को खो चुके बच्चों के साथ अपराधिक साजिश रच रहे हैं। अपने मातहतों से झूठ बुलवाकर एक ऐसे परिवार को बदनाम कर रहे हैं जिसने सरकार और उन अधिकारियों की नाकामी के चलते एक महीनें पहले अपने परिवार का अभिभावक खो दिया है। समय पर दवा न देकर सरकार ने एक घोर पाप किया ही था लेकिन परिजनों पर उंगली उठाकर सरकार ने और भी जघन्य काम किया है। पीड़ित परिवार का पक्ष सरकार ने भी अखबारों में पढ़ लिया है, इलेक्ट्रॉनिक युग में किसी भी तथ्य को आसानी से बदला नहीं जा सकता है। सरकार अगर चाहेगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। ऐसे में न्याय का तकाजा यही है कि इस मामले की निष्पक्षता से जांच हो और पीड़ित परिवार के खिलाफ साजिश करने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई हो। अगर इस मामले की जांच में मुख्यमंत्री ने तत्परता नहीं दिखाई तो प्रदेश के लोगों के सवालों के घेरे में वह खुद भी आएंगे। सरकार जो इस बात का एहसान जाता रही है कि उन्होंने मरीज को एक लाख 79 हजार रुपए का इलाज करवाया तो यह सरकार ने कोई एहसान नहीं किया। उस परिवार ने हिम केयर का प्रीमियम भरा था और उस प्रीमियम के बदले हिमाचल प्रदेश सरकार ने उससे एक साल की समयावधि में पूरे परिवार को पांच लाख के निःशुल्क इलाज की गारंटी दी थी। यह एक 'स्टेट' की उसके नागरिक को दी गई गारंटी है। दुःख इस बात का है कि सुक्खू सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकार की गारंटी को कांग्रेस की झूठी गारंटियों की तरह समझ लिया है। सरकार स्व देवराज शर्मा के एक लाख 79 हजार की दुहाई देने के बजाय 3 लाख 21 हजार की लिमिट होने के बाद भी इंजेक्शन न देने के लिए शर्म करे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार इस पूरे प्रकरण को आंख खोलने और आईना दिखाने वाली घटना की तरह लेती। जिससे इस तरह की घटना को रोकने की दिशा में प्रयास किए जा सकते लेकिन सरकार ने इसे अपनी साख का सवाल बनाया और अपनी झूठी शान को बचाने के लिए परिवार पर आरोप मढ़ दिए। जिस भावना के साथ मृतक के परिजनों ने इस मुद्दे को उठाया था सरकार को उनका सम्मान करना चाहिए था। मृतक परिवार से माफी मांगकर आगे से ऐसी स्थिति न आने देने की व्यवस्था करके सरकार इसका प्रायश्चित कर सकती थी। यह कोई इकलौता और आखिरी मामला नहीं है। आईजीएमसी तक में भी यह हर दिन की बात हो गई है। कभी दवा नहीं मिलती तो कभी ऑपरेशन टाले जा रहे हैं। इस घटना के बाद न जाने कितने लोगों ने सोशल मीडिया पर कमेंट्स और संदेश भेजकर अपनी पीड़ा हमें बताई कि उन्हें किस तरह से इलाज और दवाएं नहीं मिल।रही हैं। प्रदेश की बर्बाद हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था अब प्रदेश के लाखों लोगों का भुगता हुआ यथार्थ है। इसे सरकार के चंद अधिकारी अपनी साजिशों से मिटा नहीं सकते हैं, उल्टा खुद भी बेनकाब होंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसे व्यवस्था परिवर्तन को सरकार अपने पास रखें जो किसी मरीज को महीनों तक इंजेक्शन के लिए इंतजार करवाए और जब उसकी मृत्यु हो जाए तो उसके तीन दिन बाद इंजेक्शन लगवाने के लिए बुलाए। इंजेक्शन महंगा था और बाहर से आता है यह तर्क भी सरकार की बेशर्मी के और निम्न स्तर पर जाने की बानगी है। इंजेक्शन क्या विदेश से आते हैं? इंजेक्शन चंडीगढ़ से ही तो आता है जो शिमला से मात्र तीन घंटे की दूरी पर हैं। सवाल चुनौतियों का नहीं सरकार की नीयत का है। इंजेक्शन न उपलब्ध करवाने की सच्चाई स्वीकारने में सरकार को क्या कठिनाई थी लेकिन सरकार ने मृतक के परिवार पर ही इंजेक्शन न ले जाने का आरोप मढ़ना आसान समझा।
कुल्लू: जिला में कई स्थानों पर पैराग्लाइडिंग हो रही है, लेकिन पिछले कुछ समय से पैराग्लाइडिंग साइट में एक के बाद एक हादसे पेश आ रहे हैं। रायसन के बाद गड़सा में पैराग्लाइडिंग हादसे में पर्यटक की मौत के बाद विभाग ने ऑपरेटर और पायलट को नोटिस जारी किया है। इन्हें अपना पक्ष रखने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि बीते शुक्रवार को गड़सा पैराग्लाइडिंग साइट में पायलट ने उड़ान के समय करतबबाजी दिखाई थी। इस दौरान वो नीचे लैंड कर रहे दूसरे ग्लाइडर के ऊपर गिर गया। इसके चलते पायलट और राइडिंग कर रहा पर्यटक दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल लाया गया। अस्पताल में चिकित्सक ने पर्यटक को मृत घोषित कर दिया। पर्यटक की पहचान ए.जयेश राम निवासी तमिलनाडु के रूप में हुई थी, जबकि गंभीर घायल पायलट की पहचान अश्वनी कुमार निवासी भुंतर, जिला कुल्लू के रूप में हुई थी। पायलट कों गंभीर हालत के चलते पीजीआई रेफर कर दिया गया है। पर्यटन विकास अधिकारी कुल्लू सुनयना शर्मा ने कहा कि 'गड़सा में हुए इस पैराग्लाइडिंग हादसे में प्रारम्भिक जांच के दौरान पायलट की लापरवाही पाई गई है। इसी आधार पर ऑपरेटर और पायलट को नोटिस दिए गए हैं। जवाब के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कुल्लू के रायसन में भी आठ जनवरी को पैराग्लाइडिंग हादसा पेश आया था। इस हादसे में भी आंध्रप्रदेश के पर्यटक महेश रेड्डी की मौत हो गई थी। इस मामले में भी उपायुक्त तोरूल एस रवीश ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। अब जल्द इस मामले में जांच की जाएगी। प्रारंभिक जांच में इस हादसे में भी पायलट और ऑपरेटर की लापरवाही पाई गई हैं। ऐसे में अब पर्यटन विभाग के जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर बारीकी से जांच की हैं। इस दौरान उन्होंने अन्य पायलट और स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। पर्यटन अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए ऑपरेटर और पायलट को नोटिस जारी किया है। वहीं, प्रारंभिक जांच में पायलट की लापरवाही पाई गई है।
नीरज राणा, जो एक गैर-राजनीतिक परिवार से हैं, आज इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे हैं। उनके पिता, रमेश चंद, जो एक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ने हमेशा नीरज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। नीरज ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, और आगे भी वे संघर्ष करते रहेंगे। नीरज राणा ने विधायक संजय रत्न को अपना राजनीतिक गुरु मानते हुए कहा कि विधायक संजय रत्न ने तीसरी बार उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें एनएसयूआई कांगड़ा का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे पहले, नीरज राणा एनएसयूआई के प्रभारी ज्वालामुखी और विधानसभा क्षेत्र संयोजक के रूप में कार्य कर चुके हैं। नीरज राणा का कहना है कि अगर आप संगठन के प्रति सच्ची निष्ठा और लगन से काम करते हैं, तो संगठन आपको एक न एक दिन आपके लक्ष्य तक जरूर पहुंचाता है। चुनावों में भी नीरज राणा हमेशा अपने एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के साथियों के साथ मिलकर पूरी मेहनत से काम करते रहे हैं, चाहे वह विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव। नीरज राणा ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि विधायक संजय रत्न के आशीर्वाद से ही संभव हो पाई है। उन्होंने इसके लिए ज्वालामुखी विधायक संजय रत्न, अधिवक्ता सर्वेश रत्न, एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी मुनीश्वर शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष अभिनंदन ठाकुर टोनी, प्रदेश महासचिव निखिल जमवाल, जिलाध्यक्ष कपिल कुमार और खासकर अपने पिता का आभार प्रकट किया। आखिर में नीरज ने कहा, "मेरा जीवन हमेशा छात्रहित के लिए समर्पित रहेगा, और जैसे मैंने पहले छात्रों की आवाज को बुलंद किया है, वैसे ही भविष्य में भी करता रहूंगा। विधायक संजय रत्न के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपने एनएसयूआई साथियों के साथ खड़ा रहूंगा।
जिला सिरमौर के एक नामी शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर पर युवती की किडनैपिंग और छेड़छाड़ के कथित आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि युवती शिक्षण संस्थान में बतौर ट्रैनी टीचर के तौर पर कुछ समय से सेवाएं दे रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना गत शुक्रवार की बताई जा रही है। जानकारी मिली है कि शुक्रवार को संस्थान का डायरेक्टर युवती को स्कूल ले जाने की बजाय अपनी गाड़ी में शहर से बाहर ले गया। आरोप है कि इस दौरान डायरेक्टर ने युवती के साथ छेड़छाड़ की। साथ ही उसे सिगरेट और शराब पीने के लिए उकसाने की भी कोशिश की। आरोपी की गलत मंशा को भांपते हुए युवती ने अपने विवेक से काम लिया और किसी तरह से अपने साथियों को फोन किया और इस बावत जानकारी दी। इसके बाद युवती ने किसी तरह अपनी लाज बचाई। मामले की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तुरंत महिला पुलिस थाना में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल, अभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई हैं। उधर, एएसपी सिरमौर योगेश रोल्टा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला दर्ज किया जा चुका है। अभी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। शाम तक डिटेल साझा की जाए।
**बोले, 31 मार्च तक सहायता राशि जारी नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन ** 2 साल से 1 लाख कामगारों की 500 करोड़ की राशि लंबित.. हिमाचल प्रदेश भवन सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन ने शिमला में कामगार बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव का घेराव कर 31 मार्च से पहले लंबित वित्तीय सहायता जारी करने की मांग की। यूनियन के सदस्य, सीटू के बैनर तले, परिमहल में कामगार बोर्ड के साथ बैठक से पहले धरना प्रदर्शन कर रहे थे। राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दो सालों से कांग्रेस सरकार ने मजदूरों की वित्तीय सहायता रोक रखी है, जिसमें लगभग एक लाख कामगारों की करीब 500 करोड़ रुपए की राशि लंबित है। इसमें बच्चों की छात्रवृत्ति, शादी का पैसा, बीमारी और मृत्यु सहायता शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 31 मार्च तक राशि जारी नहीं हुई, तो मजदूर बड़ा आंदोलन करेंगे।
** योग, कविता लेखन, चित्रकला और अन्य गतिविधियों में छात्रों ने लिया भाग बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, कुनिहार में "परीक्षा पे चर्चा 2025" के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने जानकारी दी कि शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालय में "परीक्षा पे चर्चा 2025" के आठवें संस्करण के अंतर्गत छात्रों, एनसीसी, एनएसएस, और स्काउट्स एंड गाइड्स के बच्चों ने कई रचनात्मक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग लिया। इनमें योग, कविता लेखन, चित्रकला, नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग, नुक्कड़ नाटक, भाषण, मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला, और प्रेरणादायक फिल्मों की स्क्रीनिंग जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रधानाचार्य ने बताया कि यह आयोजन हर साल कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को परीक्षा के तनाव और दबाव से निपटने में मदद करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से प्रेरित है, जो छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को एकजुट करने का प्रयास करते हैं, ताकि हर बच्चे के अद्वितीय व्यक्तित्व का सम्मान किया जा सके।विद्यालय अध्यक्ष ने भी इस आयोजन की सराहना की और बच्चों को परीक्षा से मुक्त मानसिकता के साथ रहने के लिए प्रेरित किया।
** पूर्व सैनिकों के कोटे से भरे जाएंगे पुलिस कांस्टेबल के 123 पद हमीरपुर: पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार का सुनहरा मौका है। एक्स सर्विसमैन के लिए विभिन्न विभागों में कोटा प्रदान किया गया है। इसे भरने के लिए पूर्व सैनिक रोजगार सेल हमीरपुर कार्य कर रहा है। पुलिस महानिदेशक शिमला ने पूर्व सैनिकों के कोटे से पुलिस कॉन्स्टेबल के 123 पदों को भरने की अनुमति प्रदान की। एक जनवरी 2022 से एक जनवरी 2024 के बीच सेवानिवृत्त हुए और दसवीं पास पूर्व सैनिक ही इस साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। वहीं, पूर्व सैनिक रोजगार सेल के अधिकारी रविंद्र कुमार ठाकुर ने बताया कि रिक्त पड़े 123 पदों को भरने के लिए प्रदेश के सभी जिला के पूर्व सैनिकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। प्रदेश भर के 12 जिलों में से 5 जिलों हमीरपुर, मंडी ऊना, कांगड़ा, शिमला के पूर्व सैनिकों को रोजगार सेल के माध्यम से बुलाया जाएगा, जबकि अन्य जिलों के पूर्व सैनिकों को जिला वाइज बुलाया जाएगा। साक्षात्कार में भाग लेने वाले पूर्व सैनिक अपने विभिन्न दस्तावेजों के साथ ही साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। बता दें कि इन पदों को भरने के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया 24 फरवरी से शुरू होगी जो कि 20 मार्च तक चलेगी। पूर्व सैनिक निदेशालय के माध्यम से पुलिस कॉन्स्टेबल के 123 पदों पर भर्ती की जा रही है, जिसमें सामान्य श्रेणी के 74, अन्य पिछड़ा वर्ग के 16, अनूसूचित जाति के 24 और अनूसूचित जनजाति के नौ पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया होगी। वहीं, इन पदों के लिए प्रदेश भर के एक्स सर्विसमैन के साक्षात्कार पूर्व सैनिक रोजगार सेल हमीरपुर में आयोजित किए जाएंगे। पूर्व सैनिक अपने विभिन्न दस्तावेजों में डिस्चार्ज बुक, व्यावसायिक और तकनीकी प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय का कार्ड, हिमाचली प्रमाण पत्र और शपथ पत्र लेकर ही साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं।
हिमाचल में अवैध खनन रोकने के लिए उद्योग विभाग उड़न दस्तों का गठन करेगा। अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई के लिए फ्लाइंग स्क्वायड को गाड़ियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में फ्लाइंग स्क्वायड दिन-रात निगरानी करेंगे। अवैध खनन को रोकने के लिए सहायक खनन अधिकारियों की भी तैनाती की जा रही है। उद्योग विभाग के खनन विंग के अधिकारियों के अलावा होमगार्ड के जवान फ्लाइंग स्क्वायड में शामिल होंगे। सरकार ने जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को भी अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। खनन विभाग को हर जिले में अवैध खनन रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने, विशेषकर सीमांत जिलों में अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया है। खनन विभाग के अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्रवार जेसीबी मशीनों और उनके ऑपरेटरों की संख्या का ब्यौरा जुटाने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए फ्लाइंग स्कवायर्ड गठित करने का फैसला लिया गया है। फ्लाइंग स्कवायर्ड को गाड़ियां भी उपलब्ध करवाई जाएगी। विशेषकर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में दिन-रात निगरानी की जाएगी।
लोक निर्माण व शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ठेकेदारों को लेकर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। अगर वह ठेकेदारों के इतने ही हितैषी हैं तो अपने कार्यकाल में अदायगी पूरी क्यों नहीं की। अब प्रदेश सरकार ठेकेदारों की अदायगी पूरी की कर रही है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को श्वेत पत्र जारी करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जिस दिन जयराम ठाकुर ने सत्ता छोड़ी, उस दिन कितनी प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग पर देनदारियां थीं, इसकी जवाबदेही वे स्वयं सुनिश्चित करें। नेता प्रतिपक्ष सुर्खियों में रहना चाहते हैं, इसलिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं। ठेकेदारों के भुगतान को लेकर पूछे गए प्रश्र पर उन्होंने कहा कि हाल ही में लोक निर्माण विभाग को 80 करोड़ रुपये का बजट मुख्यमंत्री की ओर से जारी किया गया है। इससे लगातार प्रदेश में हो रहे कार्यों की अदायगी हो रही है। मुश्किलों के बीच सरकार आर्थिकी को मजबूत करने का कार्य कर रही है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शहरी विकास विभाग की ओर से शहरी क्षेत्रों को सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। शहर में सीवरेज लाइन, रास्ते समेत अन्य कार्यों को तेजी से करवाने करवाने का पहला लक्ष्य है। वार्ड के लोगों को बेहतर सुविधाएं नगर निगम की ओर से दी जाएं इसके लिए सरकार कार्यों को निश्चित रूप से कर रही है।
कांगड़ा: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के प्रवास के दौरान नूरपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। सीएम ने विधासभा क्षेत्र के लोगों के लिए 30.85 करोड़ रुपये की सात विकासात्मक परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 13.07 करोड़ रुपये लागत की योजनाओं के लोकार्पण और 17.78 करोड़ रुपये की योजनाओं की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने 7.82 करोड़ रुपये की लागत से बने दरड़ नाला-डमोह संपर्क मार्ग और दो पुलों का लोकार्पण किया। 2.05 करोड़ रुपये की लागत से बने जिला फॉरेंसिक यूनिट का उद्घाटन किया गया।2.84 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खज्जियां हार संपर्क मार्ग और 36.66 लाख रुपये से बने विद्युत विभाग के उपमंडलीय भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने नूरपुर के जाच्छ में 13.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुलिस अधीक्षक कार्यालय के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया. इसके अलावा 3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कंडवाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के भवन और 86.83 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले गरेली खड्ड पुल की आधारशिला रखी और भूमि पूजन किया। सीएम ने इस दौरान कहा "हम व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं जिसके लिए हमारी सरकार ने बहुत से नियमों को बदला है। हम हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। हमारे प्रयासों से हिमाचल की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटी है। पूर्व की भाजपा सरकार ने विकास के उद्देश्य से नहीं बल्कि चुनाव जीतने के उद्देश्य से काम किया था।
सिरमौर: नाहन के आदर्श अग्निशमन केंद्र परिसर में रविवार देर रात शराब के नशे में धुत्त एक शख्स ने खूब हुड़दंग मचाया। सरकारी कार्यालय में यह हंगामा देख मौके पर मौजूद लोग भी दंग रहे गए। जानकारी के मुताबिक ये व्यक्ति अग्निशमन विभाग का ही कर्मी बताया जा रहा है। नशे में धुत्त इस कर्मी ने ना केवल कार्यालय के मेन गेट के दरवाजे पर लगा शीशा तोड़ दिया, बल्कि ऑफिस में मौजूद अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज भी किया। हंगामा बढ़ता देख इसकी सूचना शहर की गुन्नूघाट पुलिस चौकी व विभागीय अधिकारी को दी गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची। इस हंगामे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें संबंधित कर्मी शराब के नशे में धुत्त अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए नजर आ रहा है। ऑफिस में मौजूद अन्य फायर कर्मचारी शख्स को समझाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन शराब के नशे में चूर कर्मी जमकर गाली-गलौज करता रहा। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक व्यक्ति पांवटा साहिब अग्निशमन विभाग में ही तैनात है, जो रविवार देर शाम शराब के नशे में अग्निशमन केंद्र नाहन पहुंचा था। हालांकि कर्मी ने वर्दी नहीं पहनी थी और वह सादे कपड़ों में था। उधर देर रात गुन्नूघाट पुलिस टीम अग्निशमन केंद्र में ही मौजूद थी। बताया जा रहा है कि विभाग के कमांडेंट भी मौके पर मौजूद थे, जिनके साथ चर्चा कर पुलिस इस पूरे मामले को लेकर जानकारी जुटा रही है। गुन्नूघाट पुलिस चौकी के मुताबिक मामले को लेकर विभागीय अधिकारी से जानकारी ली जा रही है। मामले की जांच के बाद ही इस संदर्भ में जानकारी साझा की जा सकती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की धामी-सुन्नी सड़क पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर सैंज खड्ड में गिर गया। हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई है। हादसा रविवार रात करीब 1:00 बजे का बताया जा रहा है। मृतकों की पहचान ट्रक चालक दिनेश कुमार पुत्र बाबूराम गांव ठेरा डाकघर अर्की और इसका बड़ा भाई विनोद कुमार के रूप में हुई है। दोनों सीमेंट की सप्लाई लेकर रामपुर की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि रात को किसी को हादसे की सूचना नहीं मिली। सुबह के समय लोगों ने इस बारे में सुन्नी पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पहुंची। दोनों को खड्ड से निकालकर सुन्नी अस्पताल ले जाया गया लेकिन यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों को इस बारे में सूचित कर दिया है। हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस की ओर से आगामी कार्रवाई की जा रही है।
** मेडिकल कॉलेज नाहन में सालों बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में करीब 6 लाख लोगों के हार्ट का कोई भी रखवाला नहीं है। लिहाजा यहां लोगों के हार्ट रामभरोसे है। यदि किसी को हार्ट संबंधी बीमारी हो, तो उन्हें मजबूरन बाहरी राज्यों में ही इलाज के लिए जाना पड़ेगा, बावजूद इसके सरकार के यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे हवा में तैर रहे हैं। सिरमौर हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार का गृह जिला है, जिनके नाम पर अक्सर राजनीतिक दल अपनी राजनीति की रोटियां सेकते हैं। पूरे सिरमौर में एक भी कार्डियोलॉजिस्ट (ह्दय रोग विशेषज्ञ) नहीं है। जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन भी इससे अछूता है। दरअसल वर्ष 2016 में जिला मुख्यालय नाहन में मेडिकल कॉलेज की शुरूआत हुई। करीब 8-9 वर्षों बाद भी अब तक न तो यहां कैथ लैब शुरू हो पाई और न ही यहां कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित हो सका। स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों की मानें तो नियमों के मुताबिक किसी भी मेडिकल कॉलेज में तीन वर्षों के भीतर कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित किया जाना चाहिए, लेकिन नाहन में अब तक ऐसा नहीं हो पाया। लंबे अरसे से प्रबंधन कैथ लैब शुरू न होने का कारण जगह की कमी का होना बताया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा न मिलने से हार्ट के मरीजों को अपने इलाज के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हार्ट की छोटी से लेकर बड़ी बीमारी से ग्रस्ति मरीजों को चंडीगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा सहित शिमला में भारी भरकम राशि खर्च कर अपना इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कैथ लैब हार्ट से जुड़ी बीमारियों की जांच व उपचार का केंद्र होता है। मरीजों को इको (अल्ट्रासाउंड), टीएमटी (हार्ट की असामान्य गति की पहचान के लिए परीक्षण एंजियोग्राफी), सिंगल स्टेंट के साथ बैलून कोरोनरी एंजियोग्राफी की सुविधा उपलब्ध होती है। लैब में आमतौर पर एक बहु-विषयक टीम होती है। इसमें एक मेडिकल प्रैक्टिशनर (आमतौर पर या तो कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट), कार्डियक फिजियोलॉजिस्ट, रेडियोग्राफर और नर्स शामिल होते हैं। अब नाहन में लैब ही नहीं बनी तो स्टाफ की नियुक्ति तो दूर की बात है। उधर नाहन निवासी सीता देवी ने बताया कि, मैं पिछले करीब 12 वर्षों से हार्ट की पेशेंट हूं। जिला में कार्डियोलॉजिस्ट न होने के कारण पहले दिल्ली एम्स से इलाज करवाया। दिल्ली में ही उनकी एंजोप्लास्टिी हुई थी। वर्षों तक यहीं से इलाज करवाया गया। अब बेटा लखनऊ में सेटल है, लिहाजा अब मेरा इलाज लखनऊ से ही चल रहा हैं। नाहन मेडिकल कॉलेज में हार्ट मरीजों के लिए सुविधा उपलब्ध होती तो हमें बाहरी राज्यों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ता। हिमाचल सरकार ये सुविधा नाहन में शुरू करवाए। बता दें कि 2019 बजट सत्र में जयराम ठाकुर ने मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब की घोषणा की। फिर 2022 के चुनावी वर्ष में भी सरकार ने दोबारा से यहां कैथ लैब की घोषणा कर डाली। दो-दो बार घोषणा के बावजूद भी पूर्व भाजपा सरकार 5 वर्षों में यहां कैथ लैब की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पाई। इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ, लेकिन सुक्खू सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में भी अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। पच्छाद तहसील के टिक्कर गांव के निवासी रतन सिंह पुंडीर हार्ट के पेशेंट हैं। रतन सिंह पुंडीर बताते हैं कि जिला में कार्डियोलॉजिस्ट न होने के कारण मैं अपने पिता को पिछले 15 वर्षों से इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज खुले वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यहां कैथ लैब शुरू नहीं हो सकी। सरकार से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द हार्ट के मरीजों को भी नाहन में सुविधा उपलब्ध करवाई जाएं। उधर मेडिकल कॉलेज नाहन के एसएस डॉ अमिताभ जैन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में जगह की कमी के कारण यहां कैथ लैब और कार्डियोलॉजी विभाग शुरू नहीं किया जा सका है। जगह उपलब्ध होते ही इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएं।
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश में मां की ममता एक बार फिर शर्मसार हुई है। चंद रोज पहले पुलिस थाना कंडाघाट के तहत श्मशानघाट के गेट के पास मिली नवजात बच्ची के बाद अब प्रदेश के जिला सिरमौर में एक 3-4 महीने के शिशु का भ्रूण मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि किसी महिला की प्रीमैच्योर डिलीवरी या गर्भपात के बाद इस भ्रूण को कूड़े के बीच फेंक दिया। मामला जिला सिरमौर के पुलिस थाना कालाअंब के तहत सामने आया है। चूंकि कालाअंब हिमाचल और हरियाणा की सीमा पर स्थित है। लिहाजा भ्रूण को यहां किसने फेंका इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। इतना जरूर है कि ये मामला सामने आने के बाद एक बार फिर शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। पुलिस न केवल आरोपी की तलाश में जुटी है, बल्कि क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि इस अमानवीय कृत्य को किसने अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार अंशुल चौधरी नाम के एक व्यक्ति ने कालाअंब पुलिस थाना को इस मामले की सूचना दी। अंशुल ने पुलिस को बताया कि रविवार दोपहर करीब अढ़ाई बजे खैरी में अपने दोस्त के पास जा रहा था, तो इसी दौरान पशुपति कंपनी से आगे त्रिलोकपुर की ओर पुलिया के पास काफी लोग एकत्रित थे। देखने पर नाले में कूड़े के बीच एक शिशु का भ्रूण पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इस मामले की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच भ्रूण को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है। अब नाले में ये भ्रूण किसने और कब फेंका, इसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। कालाअंब पुलिस थाना के एसएचओ कुलवंत सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह भ्रूण 3-4 महीने का लग रहा है। संभवत प्रीमैच्योर डिलीवरी के बाद ही इसे यहां फेंका गया है। पुलिस ने इस संदर्भ में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस गहनता से मामले की तफ्तीश कर रही है। गौरतलब है कि जिला सिरमौर में भी इस तरह का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में नवजात बच्चियों या फिर उनके भ्रूण को विभिन्न स्थानों पर फेंकने के कई मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि कुछ एक मामलों में पुलिस ने इनका खुलासा भी किया है, लेकिन कई मामले ऐसे भी हैं, जिनका आज तक कुछ पता नहीं चल पाया।
राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल की तैयारियां पूरी हो गई हैं। सीएम सुक्खू आज माता हिडिंबा की विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पांच दिवसीय कार्निवल का आगाज हो जाएगा। परिधि गृह से माल रोड तक सांस्कृतिक झांकियां निकाली जाएंगी। झांकियों में देश के विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दल और मनाली विधानसभा के महिला मंडल अपनना हुनर दिखाएंगे। कार्निवल के लिए मनाली को दुल्हन की तरह सजाया गया है। माल रोड पर शानदार सजावट की गई है। सोमवार सुबह हिडिंबा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री परिधि गृह से हरी झंडी दिखाकर झांकियों को रवाना करेंगे। दोपहर को वह मनुरंगशाला मे पांच दिन तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। कार्निवल में विंटर क्वीन और वायस ऑफ कार्निवल प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सांस्कृतिक संध्या में स्टार कलाकार धमाल मचाएंगे। स्थानीय लोक कलाकारों को भी मौका मिलेगा। मनुरंगशाला और माल रोड दोनों ही जगह पर कार्निवल के कार्यक्रमों का आयोजन होगा। एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने बताया कि कार्निवल की तैयारियां पूरी हो गई हैं। विंटर कार्निवल के दौरान इस साल शीतकालीन खेलों का भी आयोजन किया जा रहा है। सोलंगनाला की स्की ढलान पर 22 से 24 जनवरी तक विभिन्न वर्ग की स्कीइंग और स्नो बोर्ड प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। विंटर गेम्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष लुदर चंद ठाकुर ने बताया कि प्रतियोगिता की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज के एक तिब्बती संस्थान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस सिलसिले में संस्थान के मैनेजर से भी पूछताछ की गई है। हालांकि अभी तक इसमें कोई जानकारी नहीं लग पाई है। शिकायत में संस्थान के खिलाफ मेडिटेशन समेत अन्य कोर्सों के लिए दाखिलों के माध्यम से पैसों की गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि संस्थान विदेशी नागरिकों से लाखों रुपये मेडिटेशन और अन्य कोर्सों में दाखिलों के लिए लेता है, लेकिन जो रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, उसमें स्थानीय लोगों के नाम होते हैं और उसमें दाखिले की राशि भी कम दिखाई जाती है। इस तरह फर्जी नाम दर्शाकर संस्थान पर लाखों रुपये की गड़बड़ी करने का आरोप है। शिकायत के बाद पुलिस ने संस्थान के मैनेजर से मामले की पूछताछ की है। मैनेजर ने बताया कि संस्थान दिसंबर से बंद है और 15 फरवरी के बाद खुलेगा। वहीं, पुलिस ने शिकायतकर्ता के बताए पते पर उससे संपर्क करना चाहा, तो उस पते पर कोई जानकारी नहीं मिल पाई। कांगड़ा के एएसपी वीर बहादुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता का नाम और पता सही नहीं है। पुलिस सभी बिंदुओं पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।
** डॉ. राजीव सैजल ने कसौली के कोट बेजा पंचायत में भाजपा कार्यकर्ताओं से की बैठक कसौली /हमेंद्र कंवर: प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष और कसौली के पूर्व विधायक डॉ. राजीव सैजल ने कसौली विधानसभा की कोट बेजा पंचायत में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में शिरकत की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक में कोट बेजा और गुनाई बूथों की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया और उन्हें शुभकामनाएं दी गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप का कोट बेजा पंचायत में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।राजीव सैजल ने इस मौके पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "पूरे प्रदेश में विकास थम चुका है और वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।" उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में जनमंच के माध्यम से जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाता था, लेकिन अब कोई ऐसा मंच नहीं है, जहां लोग अपनी समस्याएं लेकर जा सकें। यह एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। उन्होंने कहा, "स्थानीय विधायक भी जनता और क्षेत्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाने में असफल रहे हैं। प्रदेशभर में सरकार के प्रति असंतोष का माहौल है।डॉ. सैजल ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार प्रदेश की मदद कर रही है, और वही मदद प्रदेश सरकार को चलाए रखने का कारण बनी हुई है।इस मौके पर परमाणु मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी दत्त शर्मा, किशोरी लाल शर्मा, पूर्व प्रधान रविंदर शर्मा, कोट बेजा बूथ अध्यक्ष तेजपाल, गुनाई बूथ अध्यक्ष अमन ठाकुर, शिव कुमार, महेश कौशिक, जितेंद्र कुमार, देवी चंद, कपिल, दीपक कुमार, हर्ष वर्धन ठाकुर, परीक्षित शर्मा, जानकी राम, हेम राम, काशीराम और अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
** ठेकेदारों की चेतावनी, शीघ्र भुगतान न होने पर करेंगे धरना प्रदर्शन ठेकेदार एसोसिएशन राजगढ़ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और कहा है कि अगर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे। एसोसिएशन ने आज लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के माध्यम से सचिव लोक निर्माण विभाग को एक ज्ञापन भेजा, जिसमें कहा गया कि पिछले तीन महीनों से सरकार ने कोषागार को अघोषित रूप से बंद कर रखा है, जिसके कारण ठेकेदारों और अन्य लोगों के बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि विभाग बिल पास कर कोषागार को भेजता है, लेकिन कोषागार ने इन बिलों को होल्ड किया और बाद में वापस विभाग को भेज दिया। इससे ठेकेदारों को सीमेंट, स्टील, रेत, बजरी जैसी सामग्री और लेबर की पेमेंट नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।एसोसिएशन ने कहा कि अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ, और इस स्थिति के कारण प्रदेश में आर्थिक आपातकाल जैसी हालत हो गई है। ठेकेदारों ने यह भी कहा कि अगर शीघ्र भुगतान और क्षतिपूर्ति नहीं की गई, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे और सरकार के अधिकारियों का घेराव करेंगे।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने संगठनात्मक जिला देहरा भाजपा कार्यालय में आयोजित संविधान गौरव अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। कपूर ने कहा कि भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष पर यह पूरा राष्ट्र उत्सव रूपी अभियान के रूप में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है, इस अभियान के माध्यम से संविधान के मूल्य और सिद्धांतों का प्रचार किया जाएगा। उन्होंने कहा यही नहीं संविधान के शिल्पकार बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने का एक और अवसर प्राप्त हुआ है। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि डॉक्टर बी आर अंबेडकर एक सच्चे राष्ट्रवादी थे जिन्होंने संविधान की आत्मा को परिभाषित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि संविधान पूर्ण रूप से किसी भी देश का सर्वोच्च ग्रंथ होता है, यह वह किताब है जिसमें देश की संवैधानिक संरचना टिकी होती है, सरल शब्दों में कहें तो यह वह किताब है जिस पर देश की सामाजिक, राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था का निर्देशन करने के लिए नियम लिखे होते हैं। यही नहीं संविधान यह भी बतलाता है कि समाज को चलाने का अधिकार क्या हो, कैसे देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकार सुरक्षित हों, किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का हनन न हो और सबको सम्मान रूप से आगे बढ़ने का मौका मिल सके। भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया में सबसे लंबा और सबसे विशाल संविधान है, जिसमें 25 भाग हैं, 12 अनुसूचियां और 448 अनुच्छेद हैं। भारत एकमात्र संप्रभु व गणतंत्र देश है जिसमें इतनी विभिन्नताएं हैं, इसमें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी का जो योगदान है उसको हर भारतीय कभी नहीं भूला सकता है।उन्होंने कहा कि उनके इस महान कार्य को लेकर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास के ऐसे मूल मंत्र पूर्वक सामाजिक उत्थान पंच तीर्थ निर्माण के माध्यम से श्रद्धांजलि और सम्मान नागरिक संहिता के समर्थन के रूप में उनकी दृष्टि को मूर्त रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों को पंच तीर्थ में बदल दिया है जो सामाजिक न्याय की दिशा में काम करने के लिए प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पंच तीर्थ स्थल जिसमें एक उनकी जन्म भूमि महु (मध्य प्रदेश), दूसरा उनकी दीक्षा भूमि नागपुर, तीसरी उनकी चैत्य भूमि मुंबई, चौथा लंदन का वो घर जहां वकालत की शिक्षा के दौरान जिस घर में रहे और पांचवा दिल्ली का हलिपुर जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। यही नहीं देश के प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब अंबेडकर की 125 जयंती के अवसर पर संविधान दिवस की शुरुआत की है। उन्होंने डॉक्टर बी आर अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर वर्ष 2019 में राज्यसभा और विधानसभा में एससी और एसटी के आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ा दिया। 15 अप्रैल 2015 में समरसता दिवस घोषित करके उनको याद किया गया, सितंबर 2017 में डॉ भीमराव अंबेडकर केंद्र का उद्घाटन किया, 13 अप्रैल 2018 को दिल्ली में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की याद में अंबेडकर स्मारक स्थापित किया गया। कपूर ने यह खेद प्रकट करते हुए कहा कि वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने पिछले 75 वर्षों से डॉ भीमराव अंबेडकर को लगातार अपमानित करने का काम किया, कांग्रेस की इस मानसिकता की वजह से कई दशकों तक बाबा साहब को भारत रत्न नहीं मिला और न ही पुरानी संसद के केंद्र हॉल में उनका चित्र लगाने का प्रयास हुआ, जबकि भाजपा ने हमेशा बाबा साहब और उनकी धरोहर को सम्मानित किया, भाजपा के समर्थन के फल स्वरुप ही वर्ष 1990 में उन्हें मरने के उपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कपूर ने कहा कि यह देश जानता है कि डॉक्टर बी आर अंबेडकर ने अनुच्छेद 370 का विरोध किया और खुलकर अपने विचार भी रखे। लेकिन उसके बावजूद नेहरू ने जबरन देश पर धारा 370 थोप दी, यही नहीं आजादी के बाद एक लंबे कालखंड तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के लिए पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर अतिक्रमण करते हुए लगातार असंवैधानिक धर्म आधारित आरक्षण को बढ़ावा दिया, यही नहीं कांग्रेस पार्टी ने डॉक्टर बी आर अंबेडकर को अपनी सरकार से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया, यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसने बालासाहेब द्वारा संविधान में जो अनुच्छेद 356 का प्रावधान किया था इसका सबसे ज्यादा दुरूपयोग अर्थात 90 से अधिक बार कांग्रेस पार्टी इस अनुच्छेद का दुरुपयोग किया। भाजपा नेता ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने डॉक्टर बी आर अंबेडकर को हमेशा प्रताड़ित करने का काम किया, जब पंडित नेहरू के नेतृत्व में आंतरिक सरकार में डॉक्टर बी आर अंबेडकर विधि और कानून मंत्री थे तो उन्होंने हिंदू कोड बिल लेकर संविधान में एक अलग से प्रावधान किया था लेकिन नेहरू उससे प्रसन्न नहीं थे और इस मतभेद को लेकर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को नेहरू मंत्रिमंडल से मजबूरन त्यागपत्र देना पड़ा। उन्होंने कहा कि नेहरू नहीं चाहते थे कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संविधान सभा का हिस्सा बने और न ही कमेटी के अध्यक्ष बने, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हस्तक्षेप के कारण यह संभव हो पाया, कांग्रेस नहीं चाहती थी कि वह संसद में जाएं और दलितों, वंचितों की आवाज बने, उन्हें हमेशा अपमानित करने का काम कांग्रेस पार्टी करती रही।उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अपना पहला चुनाव लड़ रहे थे तो कांग्रेस पार्टी ने एक षड्यंत्र रचकर उनके रहे अनन्य सहयोगी नारायण काजरोलकर को उनसे तोड़कर उनके विरुद्ध चुनाव लड़ाने का काम किया और उनसे ही डॉक्टर भीमराव अंबेडकर बुरी तरह चुनाव हार गए। उनके चुनाव प्रचार के विरुद्ध स्वयं नेहरू ने अनेकों जनसभाएं की और यही नहीं जिस व्यक्ति ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराया था उनको 1970 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित करके ओर अपमानित करने का काम किया। कपूर ने कहा कि यही नहीं जब 1954 में महाराष्ट्र के पंडारा लोकसभा का उपचुनाव हुआ उसमें फिर एक बार कांग्रेस ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराने का काम किया और उसके बाद डॉक्टर भीमराव अंबेडकर 1942 में खुद के गठित शेड्यूल कास्ट फेडरेशन को नए सिरे से गति देने के काम में जुट गए। उन्होंने अनुसूचित जाति फेडरेशन के बैनर तले 35 प्रत्याशी खड़े किए लेकिन उनमें से मात्र दो ही जीत पाए लेकिन दुर्भाग्य बस वह स्वयं भी चुनाव हार गए।भाजपा नेता ने कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्गों को लेकर हमेशा संघर्ष किया, आज कांग्रेस डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को लेकर जो जनता को गुमराह करने का दुष्प्रचार कर रही है इस सत्यता को देश भली भांति जानता है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एक न्याय विद, आर्थिक शास्त्री, समाज सुधारक और राजनेता के रूप में यह देश हमेशा याद करता रहेगा। इस मौके पर संगठनात्मक जिला देहरा के जिला अध्यक्ष अजय खट्टा, पूरा विधायक होशियार सिंह, ठाकुर रविंद्र रवि, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय शर्मा, नितिन ठाकुर, संजय राणा, मंडल अध्यक्ष सरोज कुमारी, वीरेंद्र सिंह, कमलनयन डोगरा, अभिषेक पाधा, विजय मेहता, मनोहर चौधरी, श्याम दुलारी, राकेश धीमान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एनएसयूआई ने कार्यकारिणी की घोषण कर दी है। इसी बीच ज्वालामुखी से भी कुछ युवाओं को इस कार्यकारिणी में जगह मिली है। छात्रों में उपाध्यक्ष के पद पर अरुण ठाकुर, दीक्षा महासचिव, अभिषेक महासचिव, नीतीश डोगरा सोशल मीडिया कोर्डिनेटर, आदर्श राणा सोशल मीडिया कोर्डिनेटर की नियुक्ति हुई है। सभी युवाओं ने नव दायित्व मिलने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू, कांग्रेस नेता रघुवीर सिंह बाली, प्रदेश महासचिव सचिन ठाकुर, जिलाध्यक्ष कपिल कुमार का आभार व्यक्त किया है।
हमीरपुर: अणु सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड में थल सेना की अग्निवीर भर्ती के फिजिकल टेस्ट में दूसरे दिन शनिवार को करीब 470 युवाओं ने भाग लिया। थल सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर के निदेशक कर्नल बीएस भंडारी ने बताया शनिवार को जिला बिलासपुर के भराड़ी, नम्होल, घुमारवीं और तहसील नैणा देवी, जिला हमीरपुर की तहसील भोरंज और टौणी देवी के करीब 550 पात्र युवाओं को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था। इनमें से करीब 470 युवा फिजिकल टेस्ट के लिए पहुंचे और करीब 200 युवाओं ने फिजिकल टेस्ट क्लियर कर लिया है। वहीं, कर्नल बीएस भंडारी ने बताया रविवार को बिलासपुर जिले की तहसील झंडूता, हमीरपुर तहसील और बड़सर के युवाओं का फिजिकल टेस्ट होगा। सोमवार को जिला हमीरपुर की तहसील ढटवाल (बिझड़ी) और जिला ऊना की तहसील ऊना और अंब के युवाओं को बुलाया गया है। कर्नल बीएस भंडारी ने बताया "फिजिकल टेस्ट में उम्मीदवारों के लिए 1600 मीटर की दौड़ के अलावा पुल अप्स, लंबी कूद, ऊंची कूद और जिग-जैग बैलेंस इत्यादि फिजिकल टेस्ट करवाए जा रहे हैं। वहीं, अभ्यर्थियों की लंबाई, वजन और छाती का माप लिया जा रहा है। फिजिकल टेस्ट क्लियर करने वाले युवाओं का मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बता दें कि 17 से 24 जनवरी तक अणु मैदान में तीन जिलों के पात्र उम्मीदवारों के फिजिकल टेस्ट मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जिला के करीब 3200 युवाओं को अग्निवीर भर्ती के फिजिकल टेस्ट को लेकर कॉल लेटर जारी किए गए हैं। ये वो युवा हैं, जिन्होंने अग्रिवीर भर्ती का कॉमन एंट्रेंस एग्जाम उत्तीर्ण किया है। मैदान में करीब 75 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से युवाओं की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सोलन में पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तंज कसा। जयराम ठाकुर द्वारा ठेकेदारों का बकाया भुगतान न करने को लेकर सुक्खू सरकार पर उठाए गए सवालों पर विक्रमादित्य ने कहा कि जयराम ठेकेदारों के लिए केवल "घड़ियाली आंसू" बहा रहे हैं। उन्हें यह बताना चाहिए कि जब उन्होंने सत्ता छोड़ी थी, तो सरकार पर कितनी देनदारी थी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "जयराम ठाकुर को श्वेत पत्र लाकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोक निर्माण विभाग और सरकार पर कितनी देनदारी थी जब वे सत्ता छोड़कर गए थे। पहले उन्हें अपनी सरकार की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि ठेकेदारों के भुगतान के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और इसके लिए 80 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया है। विक्रमादित्य ने आश्वासन दिया कि जल्द ही छोटे ठेकेदारों के भुगतान को साफ किया जाएगा, जबकि बड़े प्रोजेक्टों में ठेकेदारों को समय पर भुगतान किया जा रहा है।विक्रमादित्य सिंह ने यह भी कहा कि जयराम ठाकुर सुर्खियों में रहने के लिए यह मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि वे खुद जानते हैं कि सरकार की वित्तीय स्थिति कैसी होती है। वे प्रदेश के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रह चुके हैं, और उन्हें यह पता होना चाहिए कि विभागों में काम करने के लिए सही वित्तीय संसाधन होना जरूरी है। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर शहरी विकास विभाग में ठेकेदारों ने काम बंद किया है, तो सरकार इसकी जानकारी प्राप्त करेगी और उनके भुगतान के लिए जल्द ही कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि सभी विभागों में चल रहे विकास कार्य जल्द से जल्द पूरे हों, ताकि जनता को लाभ मिल सके।
जो सही में गरीब हैं, उन्हें ही प्रदेश सरकार 300 यूनिट निशुल्क बिजली देगी। साधन संपन्न लोगों के बिजली बिल का पैसा गरीब परिवारों के उत्थान और प्रदेश के विकास पर खर्च होगा। व्यवस्था परिवर्तन के दौर से गुजरते समय समाज की भलाई के लिए कड़वे फैसले भी लेने पड़ते हैं, जिसका स्वाद बाद में मीठा होता है। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को जवाली विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय प्रवास के दौरान यहां आयोजित जनसभा में कही। सुक्खू ने कहा कि मैंने स्वयं बिजली सब्सिडी छोड़ दी है। उन्होंने आह्वान किया है कि जो संपन्न परिवार हैं, वे भी सब्सिडी छोड़ें। पूर्व सरकार ने सत्ता पर काबिज रहने के लिए मुफ्त में रेबड़ियां बांट दी थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पानी पीने के लिए 100 रुपये देने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इस पैसे को सरकार जलशक्ति विभाग के पानी के टैंकों और पाइपों की सफाई पर खर्च करेगी, ताकि आपको स्वच्छ पानी मिले। उन्होंने कहा कि हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर और देश का समृद्ध राज्य बनेगा। गांव के लोगों के हाथ में पैसा कैसे पहुंचे, इस पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार के साथ चर्चा चल रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए योजना बजट में लेकर आएंगे। सीएम ने कहा कि प्रदेश में पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए बीपीएल परिवारों का 1 अप्रैल 2025 से सर्वे की प्रक्रिया शुरू होगी। बीडीओ और एसडीएम उसका सत्यापन करके देंगे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार सुबह पौंग जलाशय में स्थित बाथू की लड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने पुरातन मंदिरों का निरीक्षण किया और जलाशय में मौजूद प्रवासी पक्षियों को निहारा। मुख्यमंत्री ने जलाशय में नौका विहार भी किया। इस दौरान कृषि मंत्री चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, विधायक मलेंद्र राजन, डीसी हेमराज बैरवा मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि साइबेरिया और मंगोलिया से प्रवासी पक्षी पौंग डैम में आते हैं, जो देश भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने वन विभाग को इन पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए दो नावें पहले ही तैनात की जा चुकी हैं और आगंतुकों की सुविधा के लिए जल्द ही दो और स्पीड बोट जोड़ी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहल से इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, पिछले वर्ष लगभग 30 हजार पर्यटक इस क्षेत्र में आए थे। उन्होंने कहा, "पौंग डैम बैराज के निकट क्षेत्रीय जल केंद्र में जल क्रीड़ा गतिविधियों को शुरू करने के प्रयास चल रहे हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जवाली विधानसभा क्षेत्र के बासा में पर्यटकों के अनुभव को बढ़ाने और शैक्षिक संसाधन प्रदान करने के लिए 3.20 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव व्याख्या केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य संरक्षण के महत्व और इन पक्षियों के उल्लेखनीय प्रवासी पैटर्न के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा, "केंद्र में ठहरने और छात्रावास की व्यवस्था है, जहां कॉलेज और स्कूलों के छात्र रह सकते हैं और पौंग की समृद्ध जैव विविधता के बारे में जान सकते हैं। यह अनूठा अवसर युवा दिमागों को प्रकृति से जुड़ने, संरक्षण के महत्व के बारे में जानने और प्राकृतिक दुनिया के प्रति गहरी सराहना विकसित करने में सक्षम बनाएगा। हम पक्षी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और छात्रों को पौंग के पक्षी पक्षियों की सुंदरता और आश्चर्य का अनुभव करने के लिए क्षेत्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित करते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस साल पौंग डैम आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। दिसंबर 2024 तक 92,885 प्रवासी पक्षियों की संख्या दर्ज की गई है और सीजन के अंत तक यह संख्या एक लाख को पार करने की उम्मीद है। इसकी तुलना में पिछले साल अक्टूबर से जनवरी तक पूरे सीजन के दौरान 85,000 पक्षी बांध पर आए थे। उन्होंने कहा कि औसतन हर साल पौंग डैम में प्रवासी पक्षियों की 100 प्रजातियां आती हैं। इस सीजन में 85 प्रजातियां देखी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को ही कांगड़ा जिले के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने एफएसएल की नूरपुर इकाई के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। साथ ही नूरपुर में करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद नूरपुर में अपार जनसमूह को संबोधित करते हुए करोड़ों रुपये की सौगात विधानसभा क्षेत्र के लोगों को दीं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार सुबह पौंग जलाशय में स्थित बाथू की लड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने पुरातन मंदिरों का निरीक्षण किया और जलाशय में मौजूद प्रवासी पक्षियों को निहारा। मुख्यमंत्री ने जलाशय में नौका विहार भी किया। इस दौरान कृषि मंत्री चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, विधायक मलेंद्र राजन, डीसी हेमराज बैरवा मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि साइबेरिया और मंगोलिया से प्रवासी पक्षी पौंग डैम में आते हैं, जो देश भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने वन विभाग को इन पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए दो नावें पहले ही तैनात की जा चुकी हैं और आगंतुकों की सुविधा के लिए जल्द ही दो और स्पीड बोट जोड़ी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहल से इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, पिछले वर्ष लगभग 30 हजार पर्यटक इस क्षेत्र में आए थे। उन्होंने कहा, "पौंग डैम बैराज के निकट क्षेत्रीय जल केंद्र में जल क्रीड़ा गतिविधियों को शुरू करने के प्रयास चल रहे हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जवाली विधानसभा क्षेत्र के बासा में पर्यटकों के अनुभव को बढ़ाने और शैक्षिक संसाधन प्रदान करने के लिए 3.20 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव व्याख्या केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य संरक्षण के महत्व और इन पक्षियों के उल्लेखनीय प्रवासी पैटर्न के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा, "केंद्र में ठहरने और छात्रावास की व्यवस्था है, जहां कॉलेज और स्कूलों के छात्र रह सकते हैं और पौंग की समृद्ध जैव विविधता के बारे में जान सकते हैं। यह अनूठा अवसर युवा दिमागों को प्रकृति से जुड़ने, संरक्षण के महत्व के बारे में जानने और प्राकृतिक दुनिया के प्रति गहरी सराहना विकसित करने में सक्षम बनाएगा। हम पक्षी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और छात्रों को पौंग के पक्षी पक्षियों की सुंदरता और आश्चर्य का अनुभव करने के लिए क्षेत्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित करते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस साल पौंग डैम आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। दिसंबर 2024 तक 92,885 प्रवासी पक्षियों की संख्या दर्ज की गई है और सीजन के अंत तक यह संख्या एक लाख को पार करने की उम्मीद है। इसकी तुलना में पिछले साल अक्टूबर से जनवरी तक पूरे सीजन के दौरान 85,000 पक्षी बांध पर आए थे। उन्होंने कहा कि औसतन हर साल पौंग डैम में प्रवासी पक्षियों की 100 प्रजातियां आती हैं। इस सीजन में 85 प्रजातियां देखी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को ही कांगड़ा जिले के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने एफएसएल की नूरपुर इकाई के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। साथ ही नूरपुर में करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद नूरपुर में अपार जनसमूह को संबोधित करते हुए करोड़ों रुपये की सौगात विधानसभा क्षेत्र के लोगों को दीं।
हिमाचल प्रदेश में मक्की के बाद अब प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं का आटा डिपुओं में बेचकर मुनाफा कमाएगी। इसके लिए प्राकृतिक खेती विंग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहले चरण में प्रदेशभर में किसानों से 805 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। यह खरीद केवल पंजीकृत किसानों से ही की जाएगी। इसके लिए प्राकृतिक खेती करने वाले प्रमाणित किसान चयनित किए जाएंगे। बाजार में आम तौर पर गेहूं के 25 से 30 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिलते हैं, लेकिन सरकार किसानों से 40 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से गेहूं खरीदेगी। इसमें भी मक्की के समान प्रति किसान से अधिकतम 20 क्विंटल तक गेहूं खरीदी जाएगी। इस विधि में किसान बिना रासायनिक कीटनाशकों और खादों का उपयोग किए जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र सहित अन्य जैविक घटकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके तहत बिलासपुर जिले से 50 मीट्रिक टन, चंबा से 60, हमीरपुर से 40, कांगड़ा से 190, मंडी से 195, सिरमौर से 105, सोलन से 95 और ऊना से 70 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाएगी। शिमला और कुल्लू जिले से गेहूं की खरीद नहीं की जाएगी, यहां गेहूं की बिजाई कम होती है। किसानों से गेहूं खरीदने के बाद सरकार इससे तैयार आटे की भी ब्रांडिंग कर लोगों को दो और पांच किलो की पैकिंग में बेचेगी। सरकार किसानों से प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं 40 रुपये प्रतिकिलो के रेट से खरीदेगी। इसके लिए पंजीकृत किसानों का चयन किया जाएगा। प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह पहल शुरू की है। खरीफ सीजन से पहले किसानों बागवानों को झटका लग गया है। हिमफेड की ओर से किसानों बागवानों को दी जाने वाल एनपीके 16-16-16 उर्वरक इस बार मंहगे दामों पर उपलब्ध होगी। पहले एनपीके 16-16-16 की 50 किलो की बोरी 1375 रुपये में मिलती थी। अब किसानों बागवनों को इसके 1450 रुपये चुकाने होंगे। इसकी अधिकतर मांग सेब बहुल क्षेत्रों में होती है। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम के समान अनुपात होते हैं। हालांकि इस वर्ष से कैल्शियम नाइट्रेट प्लेन और बोरोनेटिड उर्वरक के दामों में गिरावट भी आई है। हिमफेड की ओर से प्रदेश भर में 84 स्टोर स्थापित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 23 जिला शिमला में हैं।
दिल्ली-पंजाब-हरियाणा-यूपी को जाने वाली बसें होंगी कम हिमाचल प्रदेश से चंडीगढ़, दिल्ली व हरिद्वार को जाने वाली बसों का पहले चरण में युक्तिकरण होगा। इसकी फाइल तैयार कर ली गई है और एचआरटीसी ने इसका प्लान बना लिया है। आठ से दस रूटों को अभी फिलहाल चिन्हित किया गया है, जहां पर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से एक जैसे समय पर बसों को भेजा जाता है। आगे जाकर यह बसें मिल जाती हैं और फिर इनकी सवारियां बंट जाती है। इसका नुकसान पथ परिवहन निगम को हो रहा है, जिसे अब एचआरटीसी प्रबंधन दुरुस्त करने की तैयारी में है। एचआरटीसी प्रबंधन ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। इसकी शुरुआत बाहरी राज्यों यानी अंतर राज्यीय रूटों से की जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो प्रदेश में प्रदेश के भीतर भी इसे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री से इस मामले में एचआरटीसी की बातचीत हुई है और सीएम ने कहा है कि निगम को घाटे से उभारने के लिए ऐसे अलग और कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। एचआरटीसी प्रबंधन ने इसका पूरा प्लान तैयार कर लिया है, जिसे अब निदेशक मंडल की बैठक में रखा जाएगा। बीओडी की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। निगम प्रबंधन के मुताबिक प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों से दिल्ली, चंडीगढ़ व पंजाब इत्यादी के लिए जाने वाली बसों के रूटों की पूरी सूची तैयार की गई है। इसमें देखा जा रहा है कि ऐसे कितने जिले हैं जहां से एक ही समय में बसें चलती है। इन बसों को क्लब कर दिया जाएगा। धर्मशाला, पालमपुर, कांगड़ा से एक ही समय में दिल्ली के लिए कई बसें चलती हैं। इन बसों में सवारियों की संख्या कुल सीटों के मुकाबले आधी भी नहीं होती। अब इन बसों को क्लब कर एक ही बस चलाई जाएगी। वहीं दिल्ली, चंडीगढ़, हरिद्वार,अमृतसर, लुधियाना, पठानकोट व अंबाला सहित कई अन्य स्थानों को निगम की बसें निरंतर अंतराल में चल रही हैं। इसमें रूटों का परिवर्तन भी हो सकता है। पथ परिवहन निगम का कुल घाटा 1650 करोड़ है। इसको कैसे कम किया जा सकता है इस पर विस्तृत चर्चा की गई है। इससे पहले एचआरटीसी के 275 के करीब घाटे के रूट निजी आपरेटरों को देने का निर्णय लिया था। हालांकि अभी इनमें आधे से ज्यादा रूटों पर फैसला नहीं हो पाया है। वर्तमान में प्रदेश सरकार एचआरटीसी को 700 करोड़ रुपए का सालाना अनुदान दे रही है। एचआरटीसी में 27 श्रेणियों के लोगों को नि:शुल्क यात्रा दी जा रही है। एचआरटीसी के 31 डिपो और चार मंडल हैं। 3180 बसें हैं जो प्रतिदिन 5.60 लाख किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। 2684 रूट पर निगम की बसें सेवाएं देती हैं। निगम की दैनिक आय 2.25 करोड़ रुपए है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि पहले चरण में प्रदेश से बाहर जाने वाली बसों का युक्तिकरण करने की तैयारी है। इसकी योजना बन चुकी है और अभी कुछ ऐसे रूट चिन्हित किए हैं, जहां के लिए अलग-अलग स्थानों से एक जैसे समय पर बसें जाती हैं। इनको क्लब किया जाएगा क्योंकि अभी लांग रूट की बसों में कमाई नहीं हो पा रही है। अपेक्षाकृत इनकम को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की नीतियों को अपनाया जा रहा है, लेकिन इससे आम जनता को परेशानी नहीं होगी।
हिमाचल प्रदेश में 22 व 23 जनवरी को मौसम खराब होगा। इस दौरान अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश होगी। तापमान में गिरावट से ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। शनिवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में भारी कमी आई है। प्रदेश के छह स्थानों का तापमान माइनस में पहुंच गया है। ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 11.9 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 22 व 23 जनवरी को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम का मिजाज बिगडऩे से अगले तीन से चार दिनों में तापमान ऐसा ही रहेगा, जिससे ठंड का दौर जारी रहने वाला है। इससे अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को ठंड का एहसास होगा। 22 जनवरी को कुछ स्थानों पर शीतलहर चलेगी, जबकि 19 जनवरी को प्रदेश के कुछ एक जिलों में कोहरा पडऩे की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में 24 जनवरी तक इसी तरह आसमान में बादल छाए रहेंगे। 24 जनवरी तक प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होगी, जिससे निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ेगी।


















































