हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने पोस्ट कोड 996 के तहत जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (अकाउंट) के 23 पदों का परिणाम घोषित कर दिया है। लिखित ऑब्जेक्टिव टाइप स्क्रीनिंग टेस्ट 20 नवंबर 2022 को हुआ था। इसमें 1468 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जबकि 1866 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे थे। चयन आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने कहा कि उसके बाद तमाम आगामी औपचारिकताओं के उपरांत आयोग ने शनिवार को फाइनल परिणाम घोषित किया। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से मार्च माह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 की मैट्रिक और जमा दो कक्षा की नियमित और एसओएस की परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इन परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए परीक्षा केंद्र अधीक्षक और उप अधीक्षक की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए शिक्षा बोर्ड ने पात्र शिक्षकों से ऑनलाइन माध्यम से 31 जनवरी तक आवेदन मांगे हैं। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि मार्च में 10वीं-12वीं कक्षा की नियमित एवं राज्य मुक्त विद्यालय की वार्षिक परीक्षा, कंपार्टमेंट, अतिरिक्त विषय और श्रेणी सुधार के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षाओं के आयोजन के लिए केंद्र अधीक्षक और उप अधीक्षक 31 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए ऑनलाइन लिंक बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसी के माध्यम से पात्र शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदनों पर शिक्षा बोर्ड विचार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी के बाद इस लिंक को बोर्ड की वेबसाइट से हटा दिया जाएगा।
इंद्रूनाग पैराग्लाइडिंग साइट से टेंडम फ्लाइट के दौरान एक पर्यटक युवती की मौत हो गई। इस दुर्घटना में पायलट भी घायल हुआ है। वहीं, घायल पायलट टांडा अस्पताल में उपचाराधीन हैं। मृतक युवती की पहचान भावेश्वर खुशी (19) पुत्री जिग्नेश निवासी नारनपुरा अहमदाबाद गुजरात के रूप में हुई है। खुशी परिजनों के साथ धर्मशाला पहुंची थी। शनिवार शाम को वह परिवार के सदस्यों के साथ पैराग्लाइडिंग के लिए इंद्रूनाग साइट पहुंची। शाम करीब पौने छह बजे वह पैराग्लाइडर पायलट मुनीष कुमार निवासी टऊ चोहला धर्मशाला के साथ उड़ान भरने लगी। बताया जा रहा है कि उड़ान भरने के दौरान युवती का संतुलन बिगड़ गया और वह दौड़ नहीं लगा पाई। इस दौरान संतुलन बिगड़ने के दौरान पायलट और युवती दोनों ही खाई में गिर गए, जिससे खुशी को गंभीर चोटें आईं। उसे जोनल अस्पताल धर्मशाला लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। कांगड़ा की पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि मामला दर्ज कर सभी बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पायलट को पूछताछ के लिए बुलाया है।
मध्य प्रदेश के धार में 8वीं राष्ट्रीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप का आयोजन 8 से 12 जनवरी तक किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के 5 खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और कांस्य पदक प्राप्त किए। इस प्रतियोगिता में 21 राज्यों के 500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संघ की अगुवाई में प्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में पदक जीतकर हिमाचल का नाम रोशन किया। यूथ कैटिगरी के 52 किग्रा भार वर्ग में अभिउदय ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि सीनियर कैटिगरी के 52 किग्रा भार वर्ग में मार्शल ने भी स्वर्ण पदक जीता। अर्ध संपर्क कैटिगरी के 83 किग्रा भार वर्ग में प्रज्वल, 93 किग्रा में हर्षित और 56 किग्रा में शौर्य ने भी स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अतिरिक्त, सीनियर कैटिगरी के 77 किग्रा भार वर्ग में आर्यन और 56 किग्रा भार वर्ग में ड्यूक ने कांस्य पदक प्राप्त किया। पुरस्कार वितरण समारोह में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संघ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरीफ बापू और राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश गाईतोंडे ने इन खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने पदक पहनाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी मेहनत की सराहना की। हिमाचल प्रदेश मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संघ के राज्याध्यक्ष मनदीप ठाकुर ने बताया कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का पल है, क्योंकि पहली बार राज्य के पांच खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों का चयन एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप के लिए किया गया है। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने राज्य के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। हिमाचल प्रदेश मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संघ के महासचिव विक्रम ठाकुर ने जानकारी दी कि एशियन चैंपियनशिप के लिए इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए शिमला में एक विश्वस्तरीय ट्रेनिंग कैंप लगाया जाएगा। इस ट्रेनिंग कैंप का उद्देश्य इन खिलाड़ियों को और बेहतर बनाना है, जिससे वे एशियन चैंपियनशिप में देश के लिए पदक सुनिश्चित कर सकें। इसके अलावा, इस कैंप का लाभ हिमाचल प्रदेश के अन्य सभी खिलाड़ियों को भी मिलेगा। इस उपलब्धि ने न केवल हिमाचल प्रदेश के मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को एक नया मुकाम दिया है, बल्कि पूरे राज्य को गर्व महसूस करवा दिया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में 184.33 करोड़ रुपए की 15 विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के जरोट में गज्ज खड्ड पर 86.34 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पुल का शिलान्यास किया, इस पुल के बनने से ज्वाली और नगरोटा सूरियां के बीच की दूरी 7 किमी कम होगी। साथ ही उन्होंने ठंगर में 5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले राजीव गांधी-डे बोर्डिंग स्कूल की आधारशिला भी रखी। प्रथम चरण में स्कूल के प्राइमरी विंग का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 15.76 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित शहरी जलापूर्ति योजना ज्वाली का लोकार्पण किया और नगरोटा सूरियां में 36.55 करोड़ से बनने वाली जल निकासी योजना की आधारशिला भी रखी। उन्होंने बासा में 3.20 करोड़ रुपए से निर्मित वाइल्डलाइफ इन्फॉर्मेशन सेंटर का उद्घाटन भी किया। सुक्खू ने 7.26 करोड़ रुपए की राशि से विद्युत मंडल ज्वाली में नए ट्रांसफार्मर तथा विद्युत नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण कार्य, 4.91 करोड़ रूपए के अग्निशमन केंद्र एवं कार्यालय भवन ज्वाली का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने 1.48 करोड़ रुपए की चीचड़ से नाग द्रमण बडी दा बला सड़क, 2.11 करोड़ रूपए की जरयाल बस्ती झराड से बन्देरु नडन वाया प्राइमरी स्कूल एवं झराड पटवार खाना तक की सड़क, 4.08 करोड़ रूपए की खरोटा सौहरा गुडा नरगाला कुट मकराहन लब भनेई निचला कुट से प्राइमरी स्कूल समलाना तक बनी सड़क, 6.80 करोड़ रूपए से निर्मित नियाल-झलूँ सड़क तथा पुल, 2.94 करोड़ रूपए से निर्मित मानव भारती पब्लिक स्कूल से गांव रपाट तक बनी सड़क, 3.66 करोड़ से बनी अपर कटोरा घेरा से बनतुंगली सड़क, 2.18 करोड़ रूपए की गिरन खड्ड नोडिकूट जरपाल से अमलेला घाडजरोट फेज-2 सड़क तथा 2.07 करोड़ रूपए की गिरन खड्ड नोडिकूट जरपाल अप्पर अमलेला से अमलेला घाडजरोट फेज-3 सड़क का लोकार्पण किया।
हिमाचल प्रदेश में सीमेंट के दाम प्रति बोरी ₹5 कंपनियों ने बढ़ाए हैं। इसको लेकर अब विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सीमेंट के बढ़े दाम को लेकर सरकार की विवशता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सीमेंट फ्री कंट्रोल आइटम है। सीमेंट का दाम सरकार नहीं बल्कि सीमेंट कंपनियां ही तय करती हैं। मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा, हिमाचल प्रदेश में तीन बड़े सीमेंट प्लांट हैं. सीमेंट फ्री कंट्रोल आइटम है। इस पर ना तो केंद्र सरकार का और ना ही हिमाचल सरकार का कोई नियंत्रण है। दाम बढ़ाने का अधिकार कंपनी का है। वह अपने हिसाब से दाम बढ़ा और घटा सकती है. सरकार केवल कंपनी पर दबाव बन सकती है कि वह सीमेंट के दाम न बढ़ाएं, लेकिन दाम तय करना सरकार के हाथ में नहीं है। मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हाल ही में सीमेंट के दाम ₹5 प्रति बोरी बढ़े है। 2 साल में सीमेंट पर केवल ₹30 दाम बढ़े हैं, जबकि भाजपा के कार्यकाल में सीमेंट के दाम करीब 130 रुपये बढ़े थे। विपक्ष द्वारा जो सीमेंट कंपनियों के साथ सरकार की सांठगांठ का आरोप लगाया जा रहा है, वो बुनियाद है। सीमेंट फ्री कंट्रोल आइटम है और कंपनियां खुद ही सीमेंट का दाम तय करती है। वहीं, अवैध माइनिंग को लेकर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार इसको लेकर सख्त है। माइनिंग की नई पॉलिसी बनाई गई है। अवैध माइनिंग को रोकने के लिए टास्क फोर्स बनाई जा रही है। वे खुद जिलों का दौरा कर रहे है। जहां पुलिस और माइनिंग के अधिकारियों को अवैध माइनिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस अपने को कहा गया है। ऊना जिला में भी मीनिंग पर रोक लगा दी गई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार के विशेष राहत पैकेज का लाभ 1 जनवरी 2025 को कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार के गांव तांदी में हुए अग्निकांड प्रभावित परिवारों को भी दिया जाएगा। मानसून 2023 से प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने के लिए जारी विशेष राहत पैकेज के तहत यह लाभ मिलेगा। सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त कच्चे व पक्के मकान के लिए पटवारी की रिपोर्ट पर सात लाख रुपये की राहत मिलेगी। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए एक लाख रुपये व गोशाल के लिए 50,000 रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा आग की घटना से प्रभावित परिवारों को 30 जून 2025 तक किराये पर निजी आवास लेने के लिए 5,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर के लिए राशि जारी करना इस विभाग की ओर से 18 अक्तूबर 2023 को जारी विशेष राहत पैकेज के मानक संचालन प्रक्रिया में दिए गए विवरण के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा। बता दें, बीते 13 जनवरी को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू तांदी गांव में हुए अग्निकांड के प्रभावितों से मिले थे। उन्होंने यहां पर पूरे गांव में हुए नुकसान का जायजा लिया।। मुख्यमंत्री ने आग से प्रभावित सभी परिवारों को सरकार की तरफ से हर संभव मदद करने का भरोसा दिया था।
** चम्बा मेडिकल कॉलेज की टीम ने की 100 से अधिक लोगों की आंखों की जांच शनिवार को परिवहन विभाग चम्बा ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चम्बा के नए बस अड्डे में एक दिवसीय नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। मेडिकल कॉलेज चम्बा की टीम ने 100 से अधिक चालकों, परिचालकों और अन्य लोगों की आंखों की जांच की और उन्हें नेत्रों के रखरखाव के टिप्स दिए। परिवहन विभाग चम्बा की सड़क सुरक्षा समिति के प्रभारी अमित कुमार ने यातायात नियमों की जानकारी दी और नियमों का पालन करने की शपथ दिलवाई। उन्होंने चालकों से ओवरलोडिंग न करने, गति सीमा का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने, और मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की अपील की। शिविर में प्रचार सामग्री भी वितरित की गई।
** सिविल अस्पताल के पास टूटी चैंबर और बहते गंदे पानी से लोग परेशान ** ग्रामीणों ने उठाई रास्ते की मरम्मत की मांग... विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कोठी में कई रास्तों की हालत बेहद खराब है, जिनमें से सिविल अस्पताल के पास का रास्ता सबसे अधिक खतरनाक है। इस रास्ते के नीचे से गंदा पानी बहता है, और नाले के ऊपर बने सीमेंट के चैंबर पूरी तरह से टूट चुके हैं। इससे यहां किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। हरिपुर, सहवार, नमोल, टुकाड, कोठी जैसे गांवों के लोग, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल हैं, रोज़ाना इस खतरनाक रास्ते से गुजरते हैं ताकि वे कुनिहार बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए जा सकें। स्थानीय निवासी प्रेम प्रकाश, महेंद्र, अशोक, विजय, नरेंद्र, सोहन लाल, राकेश और संजय का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि पंचायत प्रशासन शायद किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस रास्ते को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। इस मामले पर पंचायत प्रधान बलविंदर कौर ने बताया कि रास्ते पर जो चैंबर लगा था, वह टूट चुका है और वह एक-दो दिन में नया चैंबर लगवा देंगी। इसके अलावा, पूरे रास्ते की मरम्मत एक हफ्ते में करवा दी जाएगी।
** समिति व शंभू परिवार की होगी बैठक कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा कुनिहार में 20 जनवरी जेष्ठ सोमवार को गुफा विकास समिति व शंभू परिवार कुनिहार के सौजन्य से समस्त शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर,उपाध्यक्ष रितु ठाकुर व मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने बताया कि 19 जनवरी रविवार से गुफा में दो दिवसीय राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ होगा, जिसे 20 जनवरी जेष्ठ सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया जाएगा। दोपहर से समस्त शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों के लिए भंडारा आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में शिवरात्रि पर्व पर शिव महा पुराण कथा व अन्य कार्यक्रमों बारे सोमवार को एक बैठक का भी आयोजन रखा गया है, जिसमें समिति व शंभू परिवार के सभी सदस्यों से पहुंचने की अपील की गई है। ताकि शिवरात्रि पर्व को भव्य तरीके से मनाने बारे सभी अपने अपने विचार साझा करें।
** पीड़ित बेटी ने सुनाई दर्द भरी दास्तां.. शिमला: आईजीएमसी शिमला में समय पर इंजेक्शन ना मिलने से एक कैंसर मरीज की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की बेटी ने इसको लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के मुताबिक देवराज शर्मा नाम के एक शख्स का IGMC शिमला में कैंसर का इलाज चल रहा था। नवंबर महीने में शख्स को डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगवाने को बोला था। मृतक की बेटी जाह्नवी शर्मा ने बताया "इंजेक्शन की कीमत 50 हजार रुपये या इससे अधिक थी। मेरा पापा का इलाज हिमकेयर कार्ड से चल रहा था और कार्ड में बैलेंस भी था लेकिन जब इंजेक्शन लेने गए तो हमें कहा गया कि हिमकेयर कार्ड वालों ने पेमेंट नहीं की है इसलिए हम आपको इंजेक्शन नहीं दे सकते। वहीं, इस मामले में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुखविंदर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मृतक की बेटी जाह्नवी शर्मा ने बताया "हमें एक महीने तक इंजेक्शन के लिए उलझाए रखा और बाद में कहा गया अगर आपको इतनी ही जरूरत है तो आप अपने पैसे से ये इंजेक्शन खरीद लो। हमारी आर्थिक स्थिती इतनी अच्छी नहीं थी कि हम इतना महंगा इंजेक्शन ले पाएं। ऐसे में जब तक हम पैसे इकट्ठे कर पाते उतने समय में मेरा पिता जी की मौत हो गई। जाह्नवी शर्मा ने बताया "मेरा पिता की मौत बीते 3 दिसंबर को हुई थी। इंजेक्शन ना मिलने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी की गई। शिकायत दर्ज करवाते हुए मृतक की बेटी ने बताया "हमने हिमकेयर कार्ड का पूरा प्रीमियम लिया था लेकिन सरकार ने हिमकेयर कार्ड में पेमेंट नहीं डाली थी" सीएम हेल्पलाइन से मिले जवाब में पीड़ित परिवार को कहा गया "यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अगर डॉक्टर को लेकर आपकी कोई शिकायत है तो आप बता सकते हैं। जाह्नवी शर्मा ने सीएम हेल्पलाइन को लेकर कहा कि जब हमने बार-बार शिकायत की तो हेल्पलाइन वालों ने हमें बैक कॉल करना ही बंद कर दिया। मृतक की बेटी जाह्नवी शर्मा ने बताया IGMC शिमला के डॉक्टरों ने उनके पिता को अच्छा इलाज दिया है। डॉक्टरों के इलाज में कोई कमी नहीं थी। मेरे पिता की मौत का कारण हिमकेयर कार्ड से इंजेक्शन उपलब्ध ना हो पाना रहा। हमारे घर में मेरे पिता ही कमाने वाले थे उनके जाने के बाद परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा रहा है। मेरी माता जी भी बीमार रहती हैं। मेरा एक भाई है और हम दोनों की अभी पढ़ाई चल रही है। ऐसे में हमारी प्रशासन से मांग है कि इस मामले में जिसकी भी गलती है उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए।
हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि उनकी चालाकी से बचना आसान नहीं। इस बार उनका शिकार बने नीरज भारती, जो प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (CPS) हैं। ठगों ने उन्हें गोवा की एक फर्जी बुकिंग वेबसाइट के जरिए ₹1 लाख की चपत लगा दी। दरअसल,नीरज भारती ने हाल ही में गोवा यात्रा की योजना बनाई। उन्होंने ऑनलाइन ‘कारा विला रिसॉर्ट’ नामक एक जगह की बुकिंग की और एडवांस में ₹1 लाख का भुगतान किया। लेकिन बुकिंग के बाद जब उन्होंने रिसॉर्ट से संपर्क करने की कोशिश की, तो पता चला कि गोवा में इस नाम का कोई रिसॉर्ट है ही नहीं। उन्हें तुरंत समझ आ गया कि वे साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं। नीरज भारती ने तुरंत छोटा शिमला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 418 और अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
** तारादेवी टुटू बाईपास के बीच हुआ हाद*सा, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा आज सुबह शिमला के तारादेवी टुटू बाईपास के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एमसी शिमला की कूड़ेदान गाड़ी सुबह लगभग 7 बजे सड़क से अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस दुर्घटना में गाड़ी चालक की मौके पर ही मौत हो गई।स्थानीय लोगों ने गाड़ी गिरने की जोरदार आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाड़ी के अंदर सवार लोगों को खोजने की कोशिश की। कुछ समय बाद, 150 मीटर नीचे गाड़ी से चालक का शव मिला। इसके बाद, स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना बालूगंज पुलिस स्टेशन को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त स्थल का निरीक्षण किया। चालक की मौके पर मौत होने के बाद, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेजा। गाड़ी लगभग 300 मीटर नीचे गिरने के बाद, तीन चीड़ के छोटे पेड़ों को तोड़ते हुए मथौली की घासनी पर पहुंची। गाड़ी रोजाना की तरह कूड़ा एकत्रित करने के बाद टुटू से तारादेवी के बीच कूड़ेदान संयंत्र ले जा रही थी। वहीं, अन्य ड्राइवरों का कहना था कि चालक काफी अनुभवी था, जिससे यह दुर्घटना कैसे हुई, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। दुर्घटना स्थल पर सड़क काफी चौड़ी थी, और पुलिस का मानना है कि सूर्य की तेज रोशनी चालक पर गिरी होगी, जिससे वह गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा और हादसा हुआ। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
हिमाचल में डिपुओं के माध्यम से सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी नहीं करवाने की लापरवाही अब महंगी पड़ गई है। प्रदेश में सस्ते राशन के वितरण में पारदर्शिता लाने को राशन कार्ड धारकों को पिछले कई सालों से ई-केवाईसी करवाने का मौका दिया जा रहा था। प्रदेश में इसके लिए लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन लाखों उपभोक्ताओं ने आदेशों को हल्के से लेते हुए ई-केवाईसी नहीं करवाई है जिस कारण सरकार ने अब सख्ती दिखाते हुए प्रदेशभर में 2.65 लाख परिवारों के राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक कर दिया है। ऐसे में अब इन परिवारों को इस महीने से डिपुओं में सस्ता राशन मिलना बंद हो गया है। अब इन उपभोक्ता को ई-केवाईसी नहीं करने तक सस्ते राशन की सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। हिमाचल में राशन कार्डों को लेकर रोजाना समीक्षा हो रही है। राशन कार्ड धारकों की तरफ से ई-केवाईसी ना करने पर हर रोज राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक करने की प्रक्रिया लगातार जारी है जिसकी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग निदेशालय फील्ड से रोजाना की रिपोर्ट ले रहा है। प्रदेश में 2.65 लाख राशन कार्ड अस्थाई तौर पर ब्लॉक होने के बाद राशन कार्ड की संख्या अब घटकर 17 लाख के करीब रह गई है। प्रदेश में राशन कार्ड धारकों की संख्या 19.65 लाख के करीब थी। विभाग ने इन परिवारों को 31 दिसंबर तक हर हाल में ई-केवाईसी करने का आखिरी मौका दिया था, लेकिन राशन कार्ड धारकों ने इन आदेशों को भी पहले की तरह हल्के में लिया जिस कारण विभाग को मजबूरन 1 जनवरी से ई-केवाईसी न करवाने पर राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक करने का निर्णय लेना पड़ा है। ऐसे में पिछले 17 दिनों में प्रदेश में 2.65 लाख राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक किया जा चुका है। ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक परिवारों को ही सस्ते राशन की सुविधा का लाभ मिले। ये देखा गया है कि बहुत से परिवारों के राशन कार्ड की स्थिति विवाह होने और किसी सदस्य के निधन होने से बदल चुकी है इसलिए ई-केवाईसी काफी आवश्यक है, ताकि राशन कार्ड में दर्ज ऐसे सदस्यों के नामों को हटाए जा सके और वास्तविक लाभार्थियों को ही राशन उपलब्ध हो सके। इस तरह से अगर कोई भी राशन कार्ड में इन सदस्यों की जानकारी को अपडेट करवाना चाहते हैं तो इसके लिए उनको ई-केवाईसी करवानी पड़ेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह राठौर का कहना है "ई-केवाईसी नहीं करवाने पर 2.65 लाख राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक किया गया है। अब ऐसे राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी करने पर ही डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा का लाभ मिलेगा।
कुल्लू: गड़सा में शाम के समय पैराग्लाइडिंग के दौरान एक हादसा पेश आया। इस कारण कोयंबटूर के रहने वाले सैलानी की मौत हो गई। भुंतर पुलिस की टीम ने सैलानी के शव को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं, अब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक गड़सा में शाम के समय पैराग्लाइडिंग के दौरान 2 पैराग्लाइडर आपस में टकरा गए। इस हादसे में कोयंबटूर के रहने वाले 28 साल के जयेश की मौत हो गई। वहीं, पैराग्लाइडर का पायलट भी घायल हुआ है जिसका ढालपुर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही भुंतर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पायलट के पास लाइसेंस था और पैराग्लाइडर भी पर्यटन विभाग के पास पंजीकृत था लेकिन आसमान में ही दो पैराग्लाइडर आपस में टकरा गए। जिला प्रशासन ने इस हादसे की जांच के लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं ताकि आगे इस तरह के हादसे पेश न आ सकें। एएसपी कुल्लू संजीव शर्मा ने बताया, पुलिस की टीम ने मामला दर्ज कर लिया है और अब इस मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। मृतक सैलानी के शव का पोस्टमार्टम शनिवार को ढालपुर अस्पताल में किया जाएगा और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस मामले में अगर कोई लापरवाही पाई जाती है तो पुलिस के द्वारा आगामी कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम के करवट बदलने की संभावना है। राज्य के कई भागों में आज से आगामी सात दिनों तक बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं राज्य के पांच स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। कई भागों में लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ रहा है। शिमला सहित आसपास भागों में आज सुबह से हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं। उधर, बीते दिनों हुई बर्फबारी से किन्नाैर चंबा व लाहाैल-स्पीति जिले में अभी भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। लाहाैल-स्पीति जिले में कई सड़कें अभी भी ठप हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 18 से 21 व 24 जनवरी को मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। जबकि 22 व 23 जनवरी को राज्य के कई स्थानों पर बारिश-बर्फबारी होगी। वहीं निचले पहाड़ी-मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार हैं। दो दिनों बाद राज्य के कई हिस्सों में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। शिमला में न्यूनतम तापमान 6.5, सुंदरनगर 5.2, भूंतर 2.5, कल्पा -1.8, धर्मशाला 4.0, ऊना 3.8, नाहन 7.0, केलांग -9.5, पालमपुर 5.0, मनाली 2.1, कांगड़ा 7.5, मंडी 6.1, बिलासपुर 6.6, हमीरपुर 6.4, चंबा 5.3, डलहाैजी 6.7, जुब्बड़हट्टी 6.4, कुफरी 4.6, कुकुमसेरी -5.9, नारकंडा 1.1, भरमाैर 3.3, रिकांगपिओ 1.5, बरठीं 5.5, समदो -7.3, कसाैली 7.9, सराहन 0.2, ताबो -11.9 व बजाैरा में 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों में कार्यरत 53 ग्रेड-2 अधीक्षकों के तबादले स्कूलों, जिला उपनिदेशक, ब्लॉक कार्यालयों और डाइट में कर दिए हैं। पांच दिन के भीतर सभी अधिकारियों को नए स्थानों पर पद ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ और गैर-शिक्षक कर्मचारी महासंघ ने उच्च शिक्षा निदेशालय के इस आदेश का विरोध किया है। महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह मेहता और महासचिव मनीष गुलेरिया ने इस निर्णय को अनुचित बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के अधिकारों और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अधीक्षक ग्रेड-2 के स्थानांतरण से कर्मचारियों की दक्षता और कार्यशैली बाधित होगी। इससे महाविद्यालयों की प्रशासनिक संरचना और शैक्षिक प्रक्रियाएं कमजोर पड़ेंगी। विशेष रूप से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान में संचालित महाविद्यालयों में इस निर्णय का प्रभाव शैक्षिक और प्रशासनिक कार्यों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। कुछ महाविद्यालयों में जहां 150 के लगभग शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की संख्या है और 3,000 से 4,000 तक छात्रों का नामांकन है, वहां इस आदेश से प्रशासनिक और शैक्षिक कार्यों की भारी कमी हो सकती है। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इन महाविद्यालयों में ग्रेड वन का कार्य केवल अधीक्षक को सुपरवाइज़ करने तक सीमित है और ग्रेड वन पर पदोन्नति तब होती है जब कर्मचारी सेवानिवृत्ति के पास होते हैं। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि इन स्थानांतरण को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। महासंघ ने आरोप लगाया है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी वर्ग ने सरकार को गुमराह कर यह आदेश जारी करवाया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों और उनकी गरिमा को नकारना है। महासंघ का कहना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनकी जिम्मेदारियां और महत्व कम कर दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में कुलपति की नियुक्ति को लेकर हो रही देरी पर राजभवन ने सर्च कमेटी को नोटिस जारी किया है। सर्च कमेटी की अक्तूबर 2024 को हुई बैठक में चयनित हुए शिक्षाविद्धों की सूची अभी तक राज्यपाल को नहीं भेजने पर यह संज्ञान लिया गया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक हुई थी। वर्ष 2022 से एचपीयू में स्थायी वीसी का पद रिक्त चल रहा है। रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में कमेटी ने 22 अक्तूबर 2024 को चंडीगढ़ में आवेदकों के साक्षात्कार लेने के बाद छंटनी की थी। कमेटी ने अभी तक कुलपति के चयन के लिए शार्टलिस्ट नाम राजभवन की मंजूरी को नहीं भेजे गए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह और गोरखपुर से पूर्व कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार दुबे, राज्यपाल के सचिव चंद्र प्रकाश वर्मा ने चंडीगढ़ में 18 उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए थे। चार ने ऑनलाइन साक्षात्कार दिए थे। राजभवन को शार्टलिस्ट नाम क्यों नहीं भेजे, इसको लेकर कमेटी के सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर इसका कारण बताने को कहा है। शार्टलिस्ट नामों को अंतिम फैसला लेने के लिए राजभवन भेजा जाना है। बता दें कि पूर्व कुलपति सिकंदर कुमार के ऐच्छिक रिटायरमेंट लेने के बाद से एचपीयू को स्थायी कुलपति नहीं मिला है। मौजूदा वक्त में कार्यवाहक कुलपति के तौर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल सेवाएं दे रहे हैं।
हिमाचल में सीमेंट के दामों में एक बार फिर पांच रुपए की वृद्धि हो गई है। सीमेंट कंपनियों ने एक महीने के भीतर दूसरी बार दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। प्रमुख सीमेंट कंपनियां अंबुजा, एसीसी और अल्ट्राटेक ने प्रति बैग पांच रुपये कीमतें बढ़ा दीं। इससे भवन निर्माण कर रहे लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। बिलासपुर में एसीसी सीमेंट की फैक्ट्री होने के बावजूद यहां सीमेंट अन्य जिलों के मुकाबले महंगा बिक रहा है। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर ने बताया कि ऊना और हमीरपुर की तुलना में बिलासपुर में दाम अधिक हैं, जबकि इन जिलों का परिवहन खर्च ज्यादा है। कुछ ट्रक मालिक सीमेंट ऊना और हमीरपुर के लिए लोड कर यहीं बेच देते हैं, जिससे स्थानीय डीलरों को नुकसान हो रहा है। एसीसी सुरक्षा का दाम पहले 440 रुपए प्रति बैग था, जो अब 445 रुपए हो गया है। एसीसी गोल्ड का दाम 485 से बढ़कर 490 रुपये हो गया है। अंबुजा सीमेंट के विक्रेता रोहित ने बताया कि अब दाम 455 से बढ़कर 460 रुपए प्रति बैग कर दिए हैं। 18 दिसंबर को कंपनी ने डीलरों के डिस्काउंट बंद कर दिए थे, जिस कारण पहले ही कीमतों में 15 से 20 रुपए प्रति बैग का इजाफा हो चुका था।
** पुलिस कर रही हैं मामले की जांच रामपुर पुलिस ने 42.43 ग्राम चिट्टे के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी रोहिताश (26) निवासी किन्नौर और राकेश कुमार (37) निवासी कुल्लू हैं। एसडीपीओ रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह गश्त के दौरान भैरा खड्ड के पास दोनों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
-- मास्टर संजीव जोगु के नाम रही नलसुहा में आयोजित 25वें जागरण की रात जसवां:परागपुर के तहत पड़ते नलसुहा स्थित गांव भरवाडिया बजीर बस्ती में 25वें विशाल महामाई के जागरण का आयोजन बड़ी ही धूम धाम के साथ आयोजित हुआ। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह जागरण उक्त गाँव में पुजारी शमशेर शेर सुपुत्र स्वर्गीय हरि सिंह व उनके परिवार द्वारा आयोजित किया गया । बता दें कि इस जागरण देहरा उपमंडल के बीहन निवासी मास्टर संजीव कुमार जोगु ने खूब समा बांधा। इस दौरान गायक संजीव कुमार ने बाबा पहाड़िया ,बाबा बालक नाथजी,माता शेरावाली के भजन गाये व वहां उपस्थित सैंकड़ो भक्त थिरकने पर मजबूर हो गए । इस दौरान गायक संजीव कुमार ने बाबा पहाड़िया जी चढ़ गई मस्ती तेरे नाम दी,धारा हो धुरी पेयी मित्रा,राजे दे बागे मत जांदी गदनी सहित विभिन्न भजन गाकर खूब समा बांधा। ओस दौरान गुरु शमशेर सिंह ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित भी किया
जसवां:परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती पुलिस चौकी डाडा सीबा के अंतर्गत आरा चौक के समीप एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला सामने आया है मिली जानकारी के अनुसार वीरवार रात बाइक चालक डाडा सीबा से ढलियारा की ओर जा रहा था की अचानक आरा चौक के करीब बेसहारा पशुओं को बचाते हुए पेड़ से जा टकराई । हादसे में बाइक चालक को हल्की चोटें आई हैं। घायल व्यक्ति को 108 एंबुलेंस की सहायता से सिविल हॉस्पिटल डाडा सीबा में भर्ती करवाया गया। बाइक पेड़ से टकराने के कारण बाइक काफी क्षतिग्रस्त हुई है। बाईक के अगले दोनो शॉकर टेढ़े हो गए हैं।
** ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसर आईटीआई नैहरनपुखर में "प्रि/रूरल इन्क्यूबेटर सेंटर" का उद्घाटन रेंप स्कीम के तहत किया गया। इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। यह विशेष रूप से उन युवाओं को प्रशिक्षित करेगा, जो छोटे और मझोले उद्यमों की शुरुआत करना चाहते हैं, और साथ ही उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक कौशल में सुधार के लिए प्रशिक्षण प्रदान करेगा।उद्घाटन समारोह में प्रमुख रूप से परमजीत सिंह, निदेशक आर॰ सी॰ इ॰ डी॰, वीडीओ देहरा मुकेश ठाकुर, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तिलक राज, ललित मोहन, प्रिंसिपल आईटीआई नैहरनपुखर, इंडस्ट्री विभाग के अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।परमजीत सिंह ने इस पहल को ग्रामीण युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए क्षेत्रीय विकास की उम्मीद जताई। उन्होंने युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की, ताकि वे अपनी कौशल को निखार सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।"प्रि/रूरल इन्क्यूबेटर सेंटर" के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और व्यावसायिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
आईटीआई दिग्गल में सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसे गणपति एजुकेशनल सोसाइटी कुनिहार और संस्थान के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गणपति एजुकेशनल सोसाइटी के निदेशक डॉ. रोशन लाल शर्मा को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। उनके साथ रमा शर्मा और दामिनी ठाकुर भी कार्यक्रम में भाग लेने आईं। डॉ. रोशन लाल शर्मा ने सड़क सुरक्षा नियमों, सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी जानकारी और प्राथमिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को समझाया कि कैसे सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी से लोग अपनी जान और स्वास्थ्य को जोखिम में डालते हैं। उन्होंने दुर्घटनाओं की दर और उनके प्रभाव के बारे में जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों में इस विषय पर गहरी उत्सुकता उत्पन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान डॉ. शर्मा ने सड़क सुरक्षा के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की, जैसे कि हेलमेट का प्रयोग, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करना, और केवल 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को यह शपथ दिलवाई कि वे किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को देखे तो सबसे पहले उसे प्राथमिक चिकित्सा दें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।कार्यक्रम के अंत में, संस्थान प्रशासन ने डॉ. रोशन लाल शर्मा का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया। इसके अलावा, बच्चों द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला और नारा लेखन की गतिविधियों के लिए विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।
विधानसभा क्षेत्र जसवां परागपुर में सांसद खेल महाकुंभ 3.0 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अप्पर परागपुर स्थित इनडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदा विधायक बिक्रम ठाकुर ने हिस्सा लिया। यह आयोजन विशेष रूप से क्षेत्र के युवाओं के बीच खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया था। सांसद और पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा शुरू किया गया सांसद खेल महाकुंभ 3.0 का परागपुर में आगाज हुआ। विधायक बिक्रम ठाकुर ने इस अवसर पर कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस महाकुंभ से क्षेत्र के युवाओं को शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ खेलों में अपनी प्रतिभा को निखारने का बेहतरीन मंच मिलेगा। उनका कहना था कि यह कार्यक्रम न केवल खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विधायक बिक्रम ठाकुर ने विश्वास जताया कि इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महाकुंभ 3.0 के जैसी पहलों से युवाओं को खेलों में करियर बनाने के अवसर भी प्राप्त होंगे। यह कार्यक्रम न केवल क्षेत्र में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का एक मजबूत कदम साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के बीच जोश और उत्साह देखा गया और उन्होंने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने की इच्छा जताई। सांसद खेल महाकुंभ 3.0 से क्षेत्र में खेलों के प्रति एक नया दृष्टिकोण विकसित होगा, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को उनके सपनों को साकार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
जसवां:परागपुर के तहत पड़ते नलसुहा स्थित गांव भरवाडिया बजीर बस्ती में 25वें विशाल महामाई के जागरण का आयोजन बड़ी ही धूम-धाम के साथ आयोजित हुआ। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह जागरण उक्त गाँव में पुजारी शमशेर शेर सुपुत्र स्वर्गीय हरि सिंह व उनके परिवार द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें ज्वालामुखी से लोकगायक सौरव शर्मा ,मास्टर संजीव कुमार,हर्ष ठाकुर जोगु ने महामाई व बाबा पहाड़िया जी का गुणगान किया। 25वें विशाल जागरण में पंजाब सहित हिमाचल के विभिन्न स्थान से भक्तजनों ने यहां अपनी हाजरी लगाई । इस दौरान गुरु शमशेर सिंह द्वारा बाबा जी की कृपा से लोगो की समस्याओं का समाधान भी किया।
ग्राम पंचायत जाड़ली के गांव ग़मझूंन में पशु पालन विभाग सोलन के सौजन्य से एक दिवसीय बांझपन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पशुओं में बढ़ती जा रही बांझपन से जुड़ी समस्याओं जैसे पशुओं का बार बार हीट में आना, पशुओं के गर्भाशय में इन्फेक्शन हो जाना, गर्भाशय में गांठें बन जाना तथा गर्भ जांच इत्यादि का निरीक्षण उपरांत विधिवत उपचार किया गया। इस शिविर में 35 पशुओं का परीक्षण किया गया और साथ ही साथ पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए खनिज मिश्रण व कृमिनाशक दवाइयों का भी वितरण निः शुल्क किया गया। शिविर की अध्यक्षता वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, उपमंडलीय पशु चिकित्सालय अर्की, डॉ. देव राज शर्मा द्वारा की गई, जिन्होंने पशुपालकों को पशुओं के रखरखाव, देखभाल और स्वच्छ दुग्ध उत्पादन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए युवा वर्ग में पशुपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सालय कुनिहार, डॉ रीता कौशल और पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सालय डुमेहर डॉ. शिवानी पाल ने भी पशुओं में होने वाली बीमारियों और विभिन्न विभागीय योजनाओं पर प्रकाश डाला जिनका लाभ लेकर किसी भी वर्ग के किसान अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं और खुशहाली से अपना जीवन यापन कर सकते हैं। इस उपलक्ष्य पर सुरेश कुमार, पशु औषधिसंयोज कुनिहार दिलीप कुमार व दौलत राम संख्यान भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
गायक हंसराज रघुवंशी ने वीरवार को माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में हाजिरी भरी। इस विशेष अवसर पर, चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारी रोहन कालिया ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ विधिवत पूजा अर्चना करवाई। पूजा के बाद, हंसराज रघुवंशी ने कहा, "मैं माता की कृपा से ही अपने गायन के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर पाया हूं। मैं माता का हमेशा आभारी रहूंगा, और उनकी कृपा से ही मैं अपने गायन को और आगे बढ़ा पा रहा हूं। मंदिर के पुजारी रोहन कालिया ने भी कहा, हमें गायक हंसराज रघुवंशी का मंदिर में स्वागत करके खुशी हो रही है। हम आशा करते हैं कि उनकी पूजा और श्रद्धा से माता चिंतपूर्णी की कृपा हम सभी पर बनी रहेगी। इसके बाद, हंसराज रघुवंशी ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं और प्रशंसकों के साथ फोटो खिंचवाई और उनके साथ बातचीत की। गायक ने माता चिंतपूर्णी के दरबार में अपना प्रसिद्ध भक्ति गीत 'चरण तेरी मां चिंतपूर्णी' भी भेंट किया, जिसे श्रद्धालुओं ने दिल से सराहा। इस प्रकार, हंसराज रघुवंशी का चिंतपूर्णी दरबार में हाजिरी भरना एक अविस्मरणीय और भावुक क्षण बन गया, जो श्रद्धालुओं और उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा रहेगा।
ऊना: युवा पीढ़ी इन दिनों नशे के जाल में फंसती जा रही है। नशा देवभूमि हिमाचल में अपनी जड़े जमा चुका है। कई युवा इसकी चपेट में आकर अपना जीवन बर्बाद कर चुके हैं। पुलिस नशा तस्करों पर समय समय पर कार्रवाई करती है, लेकिन ये प्रयास नाकाफी सिद्ध हो रहे हैं। ताजा मामले में ऊना पुलिस के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने ड्रग्स की भारी मात्रा के साथ एक युवक को पकड़ने में सफलता हासिल की है।आरोपी की पहचान 26 वर्षीय नितिन कुमार के रूप में की गई हैं। आरोपी को मलाहत गांव के पास प्राइमरी स्कूल के पास स्थित ओपन एयर जिम से 80.50 ग्राम चिट्टे के साथ काबू किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को इस साल की अब तक की सबसे बड़ी खेप के साथ पकड़ा है।पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। ड्रग्स की रिकवरी करने के तुरंत बाद आरोपी के घर की भी पुलिस ने तलाशी ली थी। आरोपी ड्रग्स की ये खेप पंजाब के होशियारपुर से लेकर आया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। एसपी ऊना राकेश सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर भी ये पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किन लोगों को ये व्यक्ति चिट्टे की सप्लाई करता था। इसके साथ ही पंजाब पुलिस से संपर्क करके पता लगाया जाएगा कि आरोपी इतनी ज्यादा ड्रग्स किसके पास से लेकर आया था और इसका मुख्य सप्लायर कौन है, जिसके चलते इसके सप्लायर को भी सलाखों के पीछे धकेला जाएगा। पकड़े गए आरोपी के साथ-साथ उसके सप्लायर की भी संपत्तियों की जांच करवाई जाएगी, ताकि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अपील पर अपने निजी आवास में लगे पांच बिजली के मीटरों पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ दिया है। इस सम्बन्ध में उन्होंने इस आशय का एक स्व-प्रमाणित घोषणापत्र भरकर आज बिजली बोर्ड के अधिकारियों सौंपा ।उन्होंने कहा कि यह कदम प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने आर्थिक रूप से समर्थ एवं सम्पन्न बिजली उपभोक्ताओं से अपील की कि वे प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों में भागीदार बनें और प्रदेश के विकास के लिए बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी का स्वेच्छा से परित्याग करें।
** पधर से मंडी 28 किलोमीटर के सफर में लगा चार घंटे का समय अगर आप मंडी-पठानकोट एनएच पर यात्रा कर रहे हैं, तो सुरक्षा के साथ-साथ संयम बनाए रखना बेहद जरूरी है। बारिश के मौसम में गाड़ी की गति को नियंत्रित रखें और अत्यधिक सावधानी बरतें। खासकर, दोपहिया वाहन से यात्रा करने से बचें, क्योंकि यहां निर्माणाधीन फोरलेन के ताजे कटिंग और बारिश से बने दलदली रास्ते सफर को जोखिमपूर्ण बना रहे हैं। इसके अलावा, मार्ग के कई हिस्सों में जाम की स्थिति भी बन रही है, जिससे यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पधर से मंडी के बीच 28 किलोमीटर का सफर तय करने में तीन से चार घंटे का समय लग रहा है, जबकि मोहड़धार से साहल तक महज दो किलोमीटर का रास्ता तय करने में दो घंटे लग रहे हैं। इस कारण से निजी और सरकारी दोनों प्रकार के रूट प्रभावित हो रहे हैं और सरकारी कर्मचारी भी कार्यालयों में समय पर नहीं पहुँच पा रहे हैं।
** ग्रीष्मकालीन स्कूलों में होगी शुरुआत हिमाचल में अब पांचवीं और आठवीं कक्षा में फेल विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रमोट नहीं होंगे। चालू शैक्षणिक सत्र मार्च 2025 में प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों से इसकी शुरूआत होगी। शीतकालीन स्कूलों में अगले वर्ष से यह व्यवस्था लागू होगी। हिमाचल सरकार ने केंद्र सरकार के संशोधित निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 को प्रदेश में सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है। परीक्षा पास करने में असफल रहे विद्यार्थियों को आवश्यक अंक प्राप्त करने को एक और मौका दिया जाएगा। दूसरी बार भी जो विद्यार्थी परीक्षा पास नहीं करेगा, उसे फेल कर दिया जाएगा। बुधवार को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को इस संदर्भ में पत्र जारी कर दिया है। बीते दिसंबर में केंद्र ने निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम में संशोधन किया है। केंद्र के फैसले के बाद नो डिटेंशन पॉलिसी को हिमाचल सरकार ने भी बंद कर दिया है। देश में नो डिटेंशन पॉलिसी का फैसला लागू होने के बाद से हिमाचल इसका विरोध कर रहा है। साल 2019 में हिमाचल सरकार ने पांचवीं और आठवीं कक्षा में बिना परीक्षा पास किए बच्चों को पास नहीं करने का फैसला लिया था, लेकिन इस फैसले को सख्ती से लागू नहीं किया। अब कांग्रेस सरकार ने शिक्षा गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नो डिटेंशन पाॅलिसी को समाप्त कर दिया है। चालू शैक्षणिक सत्र से पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं ब्लॉक और क्लस्टर स्तर पर जांची जाएंगी। अभी तक की व्यवस्था के तहत इन दोनों कक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र तो स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी किए जाते हैं, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं को आसपास के स्कूलों में ही जांचा जाता है। अब पांचवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को ब्लॉक और आठवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को क्लस्टर स्तर पर जांचा जाएगा।
शैक्षणिक भ्रमण पर विदेश जाने वाले 50 विद्यार्थियों और 60 शिक्षकों के नाम तय हो गए हैं। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने चयनित विद्यार्थियों और प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों के नामों की सूची सौंप दी है। इन्हें फरवरी में विदेश भेजे जाने की संभावना है। उच्च शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले शिक्षकों के चयन का मामला फंस गया है। इन शिक्षकों के विदेश जाने पर संशय बना हुआ है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने दोबारा से शिक्षकों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए हुए हैं। ऐसे में इन शिक्षकों के चयन सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में अभी और समय लगने के आसार हैं। 50 मेधावी विद्यार्थियों को वियतनाम और कंबोडिया का शैक्षणिक भ्रमण करवाने की योजना है। शिक्षकों को पूर्व की तरह सिंगापुर ही ले जाया जाएगा। जमा एक और जमा दो कक्षा में पढ़ने वाले 50 विद्यार्थियों का विदेश भ्रमण के लिए चयन किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड, सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल विद्यार्थी भी इनमें शामिल हैं। जमा एक कक्षा से 20 और जमा दो कक्षा से 20 ऐसे विद्यार्थियों को विदेश भ्रमण के लिए चुना गया है, जिन्होंने दसवीं कक्षा की परीक्षा में 95 फीसदी या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इन 40 विद्यार्थियों के अलावा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 4, गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हुए 2 एनसीसी कैडेट, एक एनएसएस स्वयंसेवक, एक स्काउट एंड गाइड और राष्ट्रीय सांस्कृतिक गतिविधि में शामिल एक विद्यार्थी को भी विदेश भ्रमण के लिए चुना गया है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले 60 शिक्षकों के नाम भी तय कर लिए गए हैं। समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा की ओर से चयनित विद्यार्थियों और शिक्षकों की सूची शिक्षा सचिव को सौंपी गई है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में मौसम शुष्क रहा। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बीते रोज बुधवार को धूप खिली रही। वहीं, 16 जनवरी को सुबह राजधानी शिमला समेत अन्य क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं, जिससे लोगों को गुरुवार सुबह से ही कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने 16 जनवरी को प्रदेश के निचले पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। वहीं, अगले 3 से 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है और न्यूनतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। वहीं, कुफरी, नारकंडा में गुरुवार सुबह से बर्फबारी शुरू हो गई है जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। खासकर ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर जिला में शीतलहर की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा , प्रदेश में बीती रात से मौसम ने करवट बदली है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। आगामी दो दिनों तक प्रदेश में मौसम इसी तरह से खराब बना रहेगा। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहेगा। बीते रोज बुधवार को ताबो प्रदेश का सबसे अधिक ठंडा स्थान रहा। ताबो का तापमान -13.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, ताबो का अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदेश में ऊना सबसे गर्म रहा। ऊना का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा ऊना का न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा शिमला का न्यूनतम तापमान 4.2, मनाली का -0.6, कुफरी का 2.2, भरमौर का न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 16 जनवरी यानी आज से 25 जनवरी तक शीतकालीन प्रवास के तहत कांगड़ा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम सर्किट हाउस धर्मशाला में रहेगा। आज मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर 2 बजकर 20 मिनट पर शिमला के अनाडेल मैदान से धर्मशाला के लिए उड़ान भरेगा। दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर धर्मशाला के सांई मैदान में उतरेगा। धर्मशाला पहुंचने पर मुख्यमंत्री का कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला धर्मशाला के सर्किट हाउस के लिए रवाना हो जाएगा। उसके बाद दोपहर 3 बजे मिनी सचिवालय धर्मशाला में मुख्यमंत्री बैठक में भाग लेंगे। 17 जनवरी को सुबह 11 बजकर 10 मिनट तक मुख्यमंत्री धर्मशाला में जिला परिषद भवन व मीटिंग हॉल का उद्घाटन और 11 बजकर 35 मिनट पर पुलिस लाइन में महिला पुलिस स्टेशन भवन का शुभारंभ करेंगे। सीएम इसके बाद रोड फूड स्ट्रीट मार्केट की आधारशिला और मैक्लोडगंज रीजनल मॉनिटरिंग सेंटर में हॉस्टल भवन का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी को मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर हरिपुर हेलीपैड पर सुबह साढ़े 11 बजे उतरेगा। उसके बाद दोपहर में जरोट हाई लेवल ब्रिज का भूमि पूजन किया जाएगा। सीएम नगरोटा सूरियां वाइल्ड लाइफ इन्फॉर्मेशन सेंटर का शुभारंभ करेंगे। ज्वाली में थांगर राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल की आधारशिला और 3 बजे ज्वाली अर्बन वाटर सप्लाई योजना का उद्घाटन, नगरोटा सूरियां में सीवरेज स्कीम की आधारशिला और अर्बन वाटर सप्लाई स्कीम का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री का कृषि मंत्री के आवास पर रात्रि भोजन होगा। 19 जनवरी को मुख्यमंत्री 11 बजकर 45 मिनट पर नूरपुर जिला फॉरेंसिक यूनिट का उद्घाटन करेंगे। 20 जनवरी को सुबह सीएम मनाली में पब्लिक मीटिंग, हडिम्बा मंदिर में पूजा, और कई योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन करेंगे। 20 जनवरी शाम 4 बजे सीएम धर्मशाला में जनता से मुलाकात करेंगे। 21 जनवरी को सीएम मटौर में एक परियोजना की आधारशिला रखेंगे। 24 जनवरी को धगवार मिल्क प्लांट का शिलान्यास और दाड़ी पब्लिक मीटिंग में भाग लेंगे। 25 जनवरी सुबह पालमपुर कृषि यूनिवर्सिटी साढ़े 10 बजे और 11 बजे बैजनाथ में हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत कार्यक्रमों के समापन के बाद मुख्यमंत्री शिमला के लिए रवाना होंगे।
ठियोग पेयजल घोटाले की जांच को लेकर विजिलेंस की एसआईटी ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। विजिलेंस की एसआईटी गुरुवार को प्रदेश सरकार को पेयजल घोटाले की जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। एएसपी नरवीर राठौर के नेतृत्व में गठित की गई एसआईटी ने दस दिनों में ही पेयजल घोटाले की जांच पूरी करके विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस की जांच में पेयजल सप्लाई के टेंडर की कई अनियमताएं पाई गई हैं। मामले की जांच के लिए विजिलेंस की तीन टीमें गठित की गई थी। विजिलेंस की एसआईटी ने ठियोग पेयजल घोटाले की जांच को लेकर जल शक्ति विभाग के अधिकरियों सहित फिल्ड स्टाफ के अलावा लोगों से भी पूछताछ तक अहम साक्ष्य जुटाए हैं। विजिलेंस की जांच में जल शक्ति विभाग की कई अनियमिताएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि जांच जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने टेंडर डयोकोमेंट की गाइड लाइन फोलो नहीं की है। इसके अलावा जहां से पानी उठाना था वहीं नहीं उठाया है। विजिलेंस की टीम ने पेयजल सप्लाई के बिलों की एंट्री को लेकर क्रॉस चैकिंग की है। विजिलेंस की जांच में पेयजल घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। विजिलेंस की जांच में पेयजल सप्लाई के कई टेंडरों के दस्तावेज पूरे नहीं पाए गए हैं। एएसपी नरवीर राठौर का कहना है कि पेयजल घोटाले की जांच रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपेगी। मामले की जांच में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की कई अनियमिताएं सामने आई है।
हरियाणा भाजपा अध्यक्ष व हरियाणवी गायक के खिलाफ गैंगरेप के आरोप के मामले में नया मोड़ आ गया है। मंगलवार को सार्वजनिक हुए इस हाई-प्रोफाइल केस में पीडि़ता की सहेली व मामले में अहम गवाह महिला ने बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस की है। पंचकूला में आयोजित इस प्रेस कान्फ्रेंस में महिला ने पूरे केस को ही झूठा करार दे दिया है। उसने मीडिया के सामने कहा कि उसे झूठा गवाह बनाया गया है, जबकि उसके सामने ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। महिला के इस बयान के बाद पहले से ही उलझा हुआ मामला अब और अधिक उलझता हुआ नजर आ रहा है। पीडि़ता की सहेली ने बुधवार को मीडिया से रू-ब-रू होकर कहा कि वह दिल्ली की रहने वाली है और वह अपनी सहेली व उसके बॉस के साथ मनाली घूमने गए थे। इसके बाद वह कसौली होटल में पहुंचे, जहां पर उन्हें रॉकी मित्तल मिला। चर्चित गायक होने के चलते वह उसे पहले से ही जानते थे, जबकि मोहन लाल बड़ौली को वो नहीं पहचानती थी। इस दौरान चर्चित चेहरा होने के कारण रॉकी मित्तल से उन्होंने कुछ समय के लिए बात की और उसके बाद कोई बात नहीं हुई। सहेली ने बताया कि इसके पश्चात वह अपनी सहेली और उसके बॉस के साथ कमरे में चली गई और कुछ देर बाद वहीं सो गए व अगले दिन सुबह वहां से वापस आ गए। उसने मीडिया को बताया कि वहां ऐसा कुछ नहीं हुआ था। इतने बड़े होटल में यदि गैंगरेप या इस तरह की कोई घटना होती तो उसके चीखने चिल्लाने की आवाज तो किसी ने सुनी होती। जब मुझे पता चला कि इस तरह की कोई एफआईआर दर्ज हुई है और उसमें मुझे गवाह बनाया गया है, तो मैं सकते में आ गई। इस पर मैंने साफ मना कर दिया तो पीडि़ता ने कहा कि उनका कुछ मसला है। पैसे भी मिलेंगे और उसके बॉस को टिकट या चेयरमैनशिप दी जाएगी। उसने कहा कि वह जॉब करती है और इस सबसे उसका कुछ लेना देना नहीं है। मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कथित तौर पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मामले में एफआईआर को एक माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन अभी तक इसमें कोई भी गिरफ्तारी न होने से प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं। पुलिस के सूत्रों की मानें तो मामला करीब डेढ़ वर्ष पुराना है और पीडि़ता ने भी मेडिकल नहीं करवाया है। ऐसे में पुलिस को मामले में पुख्ता सुबूत मिल पाना भी एक टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। न तो उस समय की सीसीटीवी फुटेज मिल पाई है और न ही अन्य कोई सुबूत। इस हाई-प्रोफाइल केस में हरियाणा के ही अमित बिंदल का नाम भी जुड़ गया है। बताया जा रहा है कि पीडि़ता की सहेली जिस बॉस की बात कर रही है, वह और कोई नहीं बल्कि अमित बिंदल ही हैं। उनके साथ ही यह कसौली घूमने के लिए आई थी। अमित बिंदल सोनीपत के रहने वाले हैं और वर्ष 2022 में वे जेजेपी को छोडक़र भाजपा में शामिल हो गए थे। 2024 में लोकसभा चुनाव में वे सोनीपत से भाजपा की टिकट मांग रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2022 में जीएसटी गबन केस में तिहाड़ जेल में भी रहे हैं। इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सोलन पुलिस के अधिकारियों ने भी चुप्पी साधी हुई है। वह मामले को लेकर कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं और कुछ मीडिया कर्मियों के फोन तक उठाने से परहेज कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में आज बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आ सकता है, जिससे 21 जनवरी तक मौसम खराब रहने की उम्मीद है। राज्य के मैदानी क्षेत्रों में कोहरे और ऊंचाई वाले इलाकों में शीतलहर से ठंड में इजाफा हो गया है। मंगलवार रात को राज्य के छह स्थानों पर रात का तापमान माइनस में दर्ज हुआ। बुधवार को राजधानी शिमला और राज्य के अन्य हिस्सों में धूप खिली रही, लेकिन आगामी दिनों में मौसम फिर से करवट ले सकता है। इसके साथ ही तीन दिन बाद अटल टनल रोहतांग से बस सेवा फिर से शुरू हो गई है। इससे यात्रियों को राहत मिली है, क्योंकि पहले यात्रा में 10 किलोमीटर पैदल चलने की परेशानी होती थी, अब यह दूरी केवल 5 किलोमीटर रह गई है। इसके अलावा, औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 पर भी निगम की बसें घियागी के बजाय सोझा तक चलने लगी हैं। प्रदेश के निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों, जैसे बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में बुधवार को सुबह और शाम के वक्त घना कोहरा छाया रहा। वीरवार को इन क्षेत्रों में घना कोहरा छाने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 16 से 21 जनवरी के बीच मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं, निचले पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3-4 दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और शिमला जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
** आठ दिन में एसी और स्लीपर कोच पैक प्रयागराज महाकुंभ के लिए शुक्रवार से ऊना से विशेष ट्रेन चलेगी। महाकुंभ जाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। आठ दिन में ही एसी थ्री टियर और स्लीपर के पांच कोच पैक हो गए हैं। 23 फरवरी तक छह ट्रेनों के इन डिब्बों में वेटिंग चल रही है। अप और डाउन दोनों ओर के डिब्बे पैक हो गए हैं। अब टिकट कन्फर्म करने के लिए लोग वेटिंग में हैं। इन डिब्बों में 17, 20, 25 वेटिंग है। ऊना रेलवे स्टेशन में टिकट बुक करवाने पहुंच रहे यात्री अब खाली हाथ लौट रहे हैं। वहीं सामान्य के दस डिब्बों के लिए शुक्रवार को ट्रेन चलने से दो घंटे पहले यानी शाम 8:00 बजे के बाद टिकट मिलेगी। महाकुंभ के लिए लोगों के रुझान को देखते हुए शुक्रवार को टिकट काउंटरों के बाहर लोगों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। उत्तर रेलवे ने 2 जनवरी को ऊना से प्रयागराज महाकुंभ जाने वाली ट्रेनों का शेड्यूल जारी किया था। छह दिन बाद रिजर्व डिब्बों के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हुई। आठ दिन में रिजर्व डिब्बे बुक हो गए। स्लीपर कोच का किराया 620 रुपये और एसी थ्री- टियर का किराया 1670 रुपये है। 17 डिब्बों के साथ स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा। इसमें एसी थ्री टियर का एक, स्लीपर के पांच, सामान्य के दस और दो डिब्बे गार्ड एवं लगेज के होंगे। महाकुंभ के लिए शुक्रवार को अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन 04528 नंबर से रात 10:05 बजे चलेगी। ऊना रेलवे स्टेशन में रात 10:30 बजे ट्रेन पहुंचेगी। पांच मिनट स्टॉपेज के बाद रात 10:30 बजे प्रयागराज के लिए विशेष ट्रेन रवाना होगी। प्रयागराज के फाफामऊ जंक्शन में अगले दिन शनिवार शाम 06:00 बजे पहुंचेगी। शनिवार रात 10:30 बजे फाफामऊ जंक्शन से ट्रेन ऊना आएगी। रविवार शाम 5:50 बजे ऊना के अंब- अंदौरा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। रेलवे की ओर से इसी निर्धारित समय पर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। दूसरी ट्रेन ऊना से 20 जनवरी, प्रयागराज से 21 जनवरी को चलेगी। तीसरी ट्रेन ऊना से 25 जनवरी और प्रयागराज से 26 जनवरी को चलेगी। चौथी ट्रेन ऊना से 09 फरवरी, प्रयागराज से 10 फरवरी, पांचवीं ट्रेन ऊना से 15 फरवरी और प्रयागराज से 16 फरवरी को रवाना होगी। छठी और अंतिम ट्रेन ऊना से 23 फरवरी को चलेगी और प्रयागराज से वापसी में 24 फरवरी को आएगी। ये होंगे स्टॉपेज ऊना के अंब अंदौरा से स्पेशल ट्रेन चलेगी। ऊना में पांच मिनट का स्टॉपेज होगा। इसके बाद नंगल डैम, आनंदपुर साहिब, रूप नगर, मोरिंडा, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर, रुड़की, नजीबाबाद, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ, राय बरेली में स्टॉपेज होगा। इस दौरान स्टॉपेज पर ट्रेन दो, पांच और दस मिनट रुकेगी। प्रयागराज के फाफामऊ जंक्शन तक विशेष ट्रेन जाएगी।
धर्मपुर/डिंपल: हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने समाज के सम्पन्न वर्ग से आग्रह किया है कि वे बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी को त्याग दें, ताकि इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री सुक्खू के इस आह्वान पर धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने स्वेच्छा से बिजली मीटर पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ दिया है। इस अवसर पर विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। विशेष रूप से, आर्थिक रूप से सशक्त व्यक्तियों को बिजली सब्सिडी छोड़कर इसके लाभ को उन लोगों तक पहुंचाना चाहिए, जिनकी इस सहायता को सबसे ज्यादा जरूरत है। यह कदम प्रदेश के विकास में एक सकारात्मक योगदान होगा। इस पहल से राज्य सरकार को वित्तीय संसाधनों का संकलन करने में मदद मिलेगी और यह कदम समाज में सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज गैर सरकारी संस्था ‘नीडल लीफ फांऊडेशन -द सेवियर’ द्वारा प्रदेश में कार्यान्वित की जाने वाली दो परियोजनाओं का शुभारम्भ किया। संस्था द्वारा इन परियोजनाओं के माध्यम से वनों की आग के नियंत्रण और युवाओं में नशा निवारण व रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा वन संरक्षण व वनों की आग को नियंत्रित करने के लिए बहुआयामी उपाय सुनिश्चित किये गए हैं। इसके दृष्टिगत आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों व नशीली दवाओं के दुरूपयोग के लिए व्यापक स्तर पर अभियान आरम्भ किया गया है। मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वय से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संस्था के प्रयासों से सरकार द्वारा इस दिशा में किये जा रहे कार्यों को संबल मिलेगा। संस्था के अध्यक्ष सुनील ग्रोवर ने नवीन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, नीडल लीफ फांऊडेशन के सदस्य डा. अनिल चौहान, प्रदीप कुमार, एस.एन.कपूर, अजय कोचर, कोषाध्यक्ष राजीव सूद और अन्य लोग व्यक्ति उपस्थित थे।
** योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम - डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम है और राज्य सरकार मीडिया कर्मियों के हित के लिए निरंतर कार्यरत है। डॉ. शांडिल गत रात्रि यहां प्रेस क्लब सोलन के सौजन्य से आयोजित लोहड़ी मिलन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मीडिया हितों के प्रति संवेदनशील है और उनका यह प्रयास है कि मीडिया बन्धुओं की विभिन्न मांगों को उचित स्तर पर निराकरण किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोलन ज़िला मुख्यालय में प्रेस क्लब निर्माण उनकी प्रतिबद्धता है और इस दिशा में उचित भूमि का चयन कर अगली कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी नीतियों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाचारों एवं अन्य माध्यमों से मीडिया द्वारा प्राप्त फीडबैक का नियमित अनुसरण कर यह सुनिश्चित बनाती है कि आमजन की भावनाओं के अनुरूप कार्य हों। डॉ. शांडिल ने सभी को लोक आस्था, भाईचारा व एकता के प्रतीक लोहड़ी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, खुशहाली, समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करे। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़े हमारे पर्व हमें अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति और विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण हैं। हमें अपनी प्राचीन संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी प्रेषित की। डॉ. शांडिल ने इससे पूर्व लोहड़ी पूजन भी किया। इस अवसर पर जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, हिमाचल प्रदेश प्रथम कन्या बटालियन एन.सी.सी. सोलन के आदेशक कर्नल संजय शांडिल, पूनम शांडिल, ज़िला राजस्व अधिकारी सोलन सुमेध शर्मा सहित प्रेस क्लब सोलन के सदस्य उपस्थित थे।
** सुराडा मोहल्ले से शुरू हुआ मशाल जुलूस विभिन्न मढ़ियों से होकर गुजरा चंबा में लोहडी के मौके पर शहर में गत रात्रि रियासतकालीन परंपरा का निर्वाहन करते हुए मशाल जलूस निकाला गया। शहर के सुराडा मोहल्ला से आरंभ हुआ मशाल जलूस विभिन्न मोहल्लों में स्थापित मढियों से होकर गुजरा। इस परंपरा के निर्वाहन के दौरान कानून व सुरक्षा व्यवस्था को कायम रखने के लिए चप्पे- चप्पे पर पुलिस का पहरा बिठाया गया था। चम्बा शहर में लोहडी के पर्व को अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। लोहडी की रात्रि सुराडा मोहल्ला स्थित शिव मंदिर से मशाल जलूस, जिसे स्थानीय बोली में मुशाहरा कहते हैं, आरंभ होकर शहर के विभिन्न मोहल्लों की 14 मढियों से होकर गुजरता है। शहर के राजनौण में राज मुशाहरा की वजीर से मिलनी होती है। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से टकराव होता है। इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी तादाद में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहता है।
** लोगों ने उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल को सौंपा ज्ञापन विकास खंड चम्बा की ग्राम पंचायत चम्बी के अंतर्गत गौंडा गांव के ग्रामीणों ने उन्हें जडेरा पंचायत में शामिल करने की मांग उठाई है। इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2020 में जडेरा पंचायत का विभाजन किया गया था। इस दौरान गौंडा गांव को ग्रामीणों की इच्छा के विरुद्ध चम्बी पंचायत में शामिल कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि गौंडा गांव की दूरी जडेरा पंचायत से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है। वहीं चम्बी पंचायत से गांव की दूरी 7 किलोमीटर है। लिहाजा, विभाजन के उपरांत लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। कई बार प्रशासन के समक्ष इस समस्या को उठाया गया है लेकिन अब तक समस्या का निवारण नहीं हो पाया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी इस मांग को जल्द पूरा न किया गया तो वे इस वर्ष होने वाले पंचायत चुनावों में मतदान नहीं करेंगे।
** कल शिलाई में आयोजित होगी हाटी समिति की बैठक सिरमौर जिला के शिलाई में हाटी समिति की बैठक कल आयोजित की जाएगी, जिसमें हाटी समुदाय को विशेष दर्जा देने के मामले पर चर्चा की जाएगी। एस सी समुदाय को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि जब तक सरकार उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए अधिसूचना नहीं जारी करती, तब तक वे इसमें शामिल नहीं होंगे। गिरिपार अनुसूचित जाति अधिकार सरंक्षण समिति ने नाहन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी। समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार मंगेट ने कहा कि उनका अन्य जातियों से कोई विवाद नहीं है, लेकिन वे तभी शामिल होंगे यदि सरकार किन्नौर की तर्ज पर उन्हें भी दोहरा दर्जा दे। समिति के सुरेंद्र धर्मा ने बताया कि 26 जनवरी को रेणुका में एस सी वर्ग की बैठक होगी, जिसमें सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
** स्नान और तुलादान कर रहे लोग... मकर संक्रांति पर मंडी जिला की सीमा पर स्थित धार्मिक स्थल तत्तापानी में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी है। मकर संक्रांति पर तत्तापानी में स्नान और तुलादान का विशेष महत्व रहता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो लोहड़ी के एक दिन 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है।इस दिन से ही ऋतु में भी परिवर्तन होने लगता है।इसके अलावा मकर संक्रांति पर्व पर तुलादान करने का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन नवग्रहों की शांति के लिए तत्तापानी में हजारों की संख्या में श्रद्धालु तुलादान करवाते हैं। मकर संक्रांति पर खिचड़ी, चावल, दाल, उड़द की दाल और ऊनी कपड़ों का दान किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन धार्मिक स्थलों पर स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।तत्तापानी में सदियों से लोग बैसाखी व लोहड़ी स्नान कर पुण्य के भागीदार तो बनते ही आ रहे है, लेकिन यहां गरम पानी के प्राकृतिक चश्मों मे स्नान करने से चर्म रोग से भी निजात पाते हैं। ऐसे में लोगों की इन चश्मों के प्रति गहरी आस्था है। तत्तापानी को ऋषि जमदग्नि और परशुराम की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है। यहां पर दूर-दूर से धार्मिक श्रद्धालु गर्म पानी में नहाने के लिए आते हैं।
** प्रदेश में लोहड़ी के अवसर पर कड़ाके की ठंड शिमला: इन दिनों उत्तर भारत समेत हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोहड़ी के पर्व पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई है। हाल ही में निचले पहाड़ी इलाकों और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी से तापमान में यह गिरावट आई है। मौसम विभाग ने 14 और 15 जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके कारण प्रदेश में मौसम में फिर से बदलाव हो सकता है। इस दौरान, मध्यम और ऊंचाई वाले कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। यह पश्चिमी विक्षोभ 19 जनवरी तक सक्रिय रहेगा। हालांकि, निचले पहाड़ी क्षेत्रों जैसे मंडी, बिलासपुर, ऊना और अन्य जगहों पर मौसम साफ रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरे को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। बीते 24 घंटों में, मंडी जिले के सुंदरनगर में अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, स्पीति घाटी के कुकुमसेरी में प्रदेश का सबसे कम तापमान -12.3 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य प्रमुख स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा: शिमला 2.4 डिग्री सेल्सियस, मनाली -1.1, भरमौर 0.3, कुफरी -0.8, पालमपुर 1.0, केलांग -8.7, बिलासपुर 5.4 और ऊना 3.6 डिग्री सेल्सियस।
** अटल टनल पर्यटकों के लिए हुई बहाल, मनाली में बढ़ी सैलानियों की संख्या कुल्लू: पर्यटन नगरी मनाली में अटल टनल को पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया है। अब पर्यटक वाहनों को सिस्सू तक जाने की अनुमति मिल गई है। अटल टनल के उत्तर और दक्षिण पोर्टल के साथ-साथ सिस्सू में भी पर्यटकों ने बर्फबारी का आनंद लिया और साहसिक गतिविधियों में भाग लिया। जनवरी के शुरुआती दिनों में हो रही बर्फबारी ने पर्यटकों को आकर्षित किया है। घाटी में मौसम साफ होने के कारण लाहौल जाने वाले सैलानियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मनाली के होटलों में भी बुकिंग्स बढ़ी हैं, क्योंकि लोग बर्फ देखने के लिए अटल टनल से होते हुए लाहौल की ठंडी वादियों में पहुंच रहे हैं। पर्यटक सिस्सू में बर्फ के बीच साहसिक गतिविधियों का लुत्फ भी उठा रहे हैं। अटल टनल और सिस्सू में बर्फ की मोटी परत जमा हुई है। पर्यटक मनाली के विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे सोलंगनाला, अंजनी महादेव, फातरु, कोठी, वहामटा पर बर्फ के बीच मस्ती करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, सोलंगनाला की ढलानों पर पर्यटक स्कीइंग का आनंद भी ले रहे हैं। पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियां भी पर्यटकों की पसंदीदा गतिविधियों में शामिल हो चुकी हैं। डीएसपी मनाली, केडी शर्मा ने बताया, "पर्यटकों को अटल टनल तक जाने की अनुमति दी गई है। मंगलवार को दिनभर पर्यटकों ने पर्यटन स्थलों में बर्फ का आनंद लिया और अब सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। मनाली और इसके आसपास के क्षेत्र बर्फबारी के कारण इस समय खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
राज्य की सांस्कृतिक विरासत, शिल्प और व्यंजनों का भव्य जश्न मनाने वाला 15 दिवसीय हिमाचल प्रदेश हिम महोत्सव कल देर शाम दिल्ली हाट में अपार सफलता के साथ संपन्न हुआ। हिम महोत्सव का आयोजन हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से किया गया। महोत्सव में न केवल राज्य की कलात्मक विरासत को प्रदर्शित किया गया, बल्कि स्थानीय कारीगरों को 2 करोड़ रुपये का कारोबार भी दिया गया। महोत्सव से जहां कारीगरों के उत्पादों को व्यापक स्तर पर पहचान मिली वहीं सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हुई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि हिम महोत्सव ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और आधुनिक व्यावसायिक दुनिया में अलग पहचान बनाई है। हिम महोत्सव ने राज्य के विविध हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधानों और व्यंजनों को पहचान दिलाने के साथ-साथ कारीगरों के लिए सफलतापूर्वक नए व्यावसायिक अवसर सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से पारंपरिक शिल्पकला को समसामयिक व्यापार गतिविधियों के साथ-साथ आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम ने आगंतुकों से मिली प्रतिक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि इससे हिमाचली शिल्प में देश की बढ़ती रुचि की झलक दिखती है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से कारीगरों के लिए नए अवसर सृजित होंगे और राष्ट्रीय मंच पर हिमाचल की उपस्थिति और मजबूत होगी। महोत्सव में विभिन्न प्रकार के 60 स्टॉल लगाए गए जहां कारीगरों ने ऊनी शॉल, चंबा रूमाल, कांगड़ा पेंटिंग और पारंपरिक आभूषणों सहित हस्तनिर्मित उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की। इसके अतिरिक्त राज्य के प्रसिद्ध व्यंजन हिमाचली धाम के जायके ने आगंतुकों को आकर्षित किया जिससे प्रदेश की संस्कृति का अनुभव और समृद्ध हुआ। हिमाचल की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं का जश्न मनाते हुए कार्यक्रम में कांगड़ा के गद्दी नृत्य और सिरमौर की नाटी भी शानदार प्रस्तुित दी गई। ग्रैंड फिनाले में हिमाचली फैशन शो भी हुआ जिसमें पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन किया गया जो इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा। उत्सव में दो करोड़ रुपये का कारोबार हुआ जिससे हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों के कारीगरों की आर्थिकी सुदृढ़ हुई। आगंतुकों के साथ सीधे संपर्क ने कारीगरों को उन्हें अपने बाजार की पहुंच बढ़ाने, वित्तीय स्थिरता बढ़ाने और व्यापक स्तर पर पहचान बनाने में मदद की। हिम महोत्सव प्रदेश के कारीगरों के लिए एक उम्मीद की किरण बन गया है, जिसमें पारंपरिक कला को आधुनिक व्यवसायिक गतिविधियों के साथ जोड़ा गया है। महोत्सव ने हिमाचल की समृद्ध विरासत के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए संस्कृति के संरक्षण तथा विकास को सुनिश्चित करने में मदद की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी केएस बांशटू, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, प्रबंध निदेशक हिमक्राफ्ट्स कॉरपोरेशन गंधर्व राठौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** चलौंठी के पास बनाया जा रहा है 900 मीटर लंबा फ्लाओवर कालका-शिमला फोरलेन के कैथलीघाट-ढली हिस्से से शहर का सर्कुलर रोड भी जुड़ेगा। इससे शहर के हजारों लोगों को लाभ होगा। फोरलेन को सर्कुलर रोड से जोड़ने के लिए चलौंठी में 900 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। यह फ्लाईओवर चलौंठी में निकलने वाली टनल को ढली-आईजीएमसी सड़क से जोड़ेगा। फ्लाईओवर चाप आकार में बनेगा और जमीन से इसकी ऊंचाई 72 मीटर होगी। शहर के लोग चलौंठी से सीधे कालका-शिमला फोरलेन से सफर कर चंडीगढ़ जा सकते हैं। इससे शहर में क्रॉसिंग के पास लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। फ्लाईओवर का पहला पिलर 71 मीटर, दूसरा 65 मीटर, तीसरा 55 मीटर और बाकी पिलर 45 मीटर ऊंचे होंगे। फोरलेन का निर्माण होने के बाद शिमला से चंडीगढ़ पहुंचना आसान हो जाएगा। फ्लाईओवर में कुल 15 पिलर होंगे। अगले सात महीनों में सभी पिलर तैयार होने की उम्मीद है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य में 200 से अधिक मजदूर लगे हुए हैं ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा किया जा सके। स्ट्रक्चर इंजीनियर अनवर अली ने बताया कि फिलहाल ठंड के चलते सुबह 8 से शाम 7 बजे तक काम किया जा रहा है। अभी पिलर की शटरिंग का कार्य किया जा रहा है। पिलर के ऊपरी हिस्से में सरियों का ढांचा बनाया जा रहा है। इसके लिए मजदूर जमीन से 70 मीटर की ऊंचाई पर क्रेन से लटक कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। इसके बाद सरियों को कंक्रीट से मजबूती दी जाएगी। पिलर तैयार होने के बाद मोल्ड में फ्लाईओवर प्लेटफार्म तैयार किए जाएंगे। इन्हें क्रेन के जरिये पिलर के ऊपर रखा जाएगा। चलौंठी में बेहतर यातायात संचालन के लिए चंडीगढ़ की तर्ज पर गोल चौराहा भी बनाया जाएगा। इसके लिए ढली-आईजीएमसी सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया गया है। यह फ्लाईओवर न केवल यातायात की समस्या को कम करेगा बल्कि शहर की सुंदरता में भी निखारा लाएगा। वर्तमान में शहर में यातायात की समस्या प्रमुख चुनौती है, खासकर पर्यटन सीजन के दौरान। इस फ्लाईओवर के निर्माण से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन सुचारु होगा और यात्रा का समय कम होगा। एनएचएआई के साइट इंजीनियर योगेश वर्मा ने बताया कि फोरलेन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस फोरलेन के बनने के बाद चंडीगढ़ का सफर आसान होगा। कैथलीघाट-ढली के बीच फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में कैथलीघाट से शकराल तक 17.5 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। 1,844 करोड़ रुपये की लागत से इस चरण में 20 पुल, 4 सुरंगें, एक अंडरपास और एक टोल प्लाजा का निर्माण हो रहा है। दूसरे चरण में शकराल से ढली-मशोबरा जंक्शन तक 11 किलोमीटर का कार्य 2,070 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। इसमें 6 सुरंगें और सात पुल और फ्लाईओवर शामिल हैं।
** प्रदेश में चार मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार होगा मास्टर प्लानः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते कल भाषा एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा बालक नाथ, माता चिंतपूर्णी, नैनादेवी और ज्वालाजी मंदिर परिसरों के सौन्दर्यीकरण के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए विश्व स्तरीय सुविधाओं का सृजन किया जाएगा, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष से सभी जिलों में ‘जिला स्तरीय उत्सव’ आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में आयोजित किये जाने वाले मेलों एवं उत्सवों में कम से कम एक सांस्कृतिक संध्या स्थानीय कलाकारों के लिए आरक्षित की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कुल व्यय की 33 प्रतिशत राशि स्थानीय कलाकारों को दिए जाने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कलाकारों का मानदेय निर्धारित करने तथा मानदेय का युक्तिकरण करने के भी निर्देश दिए। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 107 मेले अधिसूचित किए गए हैं जिनमें 4 अन्तर्राष्ट्रीय स्तर, 5 राष्ट्रीय स्तर, 29 राज्य स्तर तथा जिला स्तर के 69 मेले शामिल हैं। प्रदेश सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 में अभी तक इन मेलों के आयोजन के लिए 1.10 करोड़ रुपये सहायता अनुदान राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि शिमला स्थित बैंटनी कैसल में डिजिटल संग्रहालय की स्थापना का कार्य इस वर्ष पूर्ण कर लिया जाएगा और अंतर्राष्ट्रीय रौरिक स्मारक ट्रस्ट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और शिमला विंटर कार्निवाल के आयोजन को अधिसूचित करने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, निदेशक भाषा एवं संस्कृति डॉ. पंकज ललित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


















































