सिरमौर: जिला सिरमौर के उपमंडल पांवटा साहिब के तहत बायकुआं गुर्जर कॉलोनी में स्थित एक कबाड़ के गोदाम में बुधवार को भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें अचानक से बढ़ गईं और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कबाड़ के गोदाम में काम कर रहे लोगों में आग लगने के बाद अचानक भगदड़ मच गई। इस हादसे में 4 महिलाओं के बुरी तरह से झुलसने की खबर है। वहीं, एक चार साल की बच्ची जिंदा जल गई। आग की चपेट में आई चारों महिलाओं को तुरंत सिविल अस्पताल पांवटा साहिब लाया गया। इस आगजनी में झुलसने वाली महिलाओं में ओमवती 50 साल, सुमन 22 साल, सुनीता 40 साल और कमलेश 45 साल शामिल हैं। इनमें से तीन महिलाएं उत्तर प्रदेश और एक उत्तराखंड की रहने वाली बताई जा रही है। इस घटना में जिस चार साल की बच्ची की मौत हुई है वह सुमन की बच्ची थी जो इस हादसे में झुलसी है। बच्ची आग लगने के दौरान गोदाम में ही खेल रही थी। अचानक जैसे ही गोदाम में आग लगी तो बच्ची का पता नहीं चल पाया। शाम के समय सर्च अभियान के दौरान बच्ची का जला हुआ शव मिला। आग की सूचना प्रशासन व दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही पांवटा साहिब के तहसीलदार ऋषभ शर्मा और अग्निशमन की गाड़ियों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस व स्थानीय लोगों ने घायल चारों महिलाओं को गोदाम से बाहर निकालकर 108 एम्बुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल पहुंचाया। पांवटा साहिब के तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इसकी जांच की जा रही है। हादसे में एक बच्ची की मौत हुई है और चार महिलाएं घायल हुई हैं। सिविल अस्पताल में तैनात वरिष्ठ डॉक्टर एवी राघव ने बताया,चारों घायल महिलाओं में से एक की हालत नाजुक है, जिसे प्राथमिक उपचार करने के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फबारी के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग शिमला ने आगामी 27, 28 और 29 दिसंबर को बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 27 और 28 दिसंबर को जहां प्रदेश के ऊंचाई व मध्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और निचले व मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना है। वहीं, 29 दिसंबर को प्रदेश के ऊंचे व मध्य पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी है, जबकि बाकी दिन मौसम साफ बताया गया है। वहीं, मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के निचले व मैदानी इलाकों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऊना, हमीरपुर, सुंदरनगर और चंबा में शीतलहर का कहर जारी है। वहीं, बिलासपुर और मंडी जिले के कुछ जगहों पर घना कोहरा भी छाया रहा। वहीं, अगर बात करें न्यूनतम तापमान की तो प्रदेश के 8 शहरों का पारा माइनस में है। प्रदेश में ताबो -10.6 डिग्री सेल्सि न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा।
मंडी: नगर निगम मंडी ने शहर के सौंदर्यीकरण के लिए अपने स्तर पर मुहीम शुरू कर दी है, जिसके तहत निगम द्वारा शहर की सभी रेहड़ियों को एक जगह स्थापित किया जा रहा है। दरअसल नगर निगम द्वारा मंडी बाईपास पर नई रेहड़ी-फड़ी मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। इन दिनों इस मार्केट का कार्य युद्व स्तर पर जारी है, आने वाले समय में इसी मार्केट में शहर की सभी रेहड़ियां नजर आएंगी। नगर निगम मंडी के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने बताया, 3 करोड़ की लागत से नई रेहड़ी-फड़ी मार्केट तैयार की जा रही है। लोकनिर्माण विभाग के द्वारा इस मार्केट का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 400 रेहड़ियों को लगाने की जगह होगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्च माह तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद यहां पेबर ब्लॉक बिछाई जाएगी व शौचालयों की भी निर्माण किया जाएगा। मेयर वीरेंद्र भट्ट ने बताया कि रेहड़ी-फड़ी मार्केट को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए रेहड़ी फड़ी धारक यूनिफॉर्म मार्केट साइज शेड का निमार्ण भी कर सकते है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि इस मार्केट में नए रेहड़ी फड़ी धारकों को फिलहाल जगह नहीं दी जाएगी। आने वाले समय में मार्केट के विस्तारीकरण की आवश्यकता होगी तो सुंदरनगर की ओर इस मार्केट का विस्तार किया जाएगा। बता दें कि इस समय नगर निगम के पास 300 के करीब पंजीकृत रेहड़ियों की संख्या है, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाई जा रही हैं। नई रेहड़ी फड़ी मार्केट बनने के बाद शहर की यह रेहड़ियां मंडी बाईपास पर ही नजर आएंगी, जिससे अन्य स्थानों पर पड़ने वाला रेहड़ियों का बोझ भी कम होगा। ये शहर के सौंदर्यीकरण के लिए बेहतरीन कदम साबित होगा।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-4 में नई सड़कों के साथ पुरानी खराब सड़कों की मेटलिंग करने के प्रदेश के आग्रह को स्वीकार कर लिया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान के समक्ष यह मामला उठाया था। हिमाचल में 2,000 करोड़ रुपये से 1,500 किलोमीटर सड़कें पक्की होंगी। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के चरण-एक में टारिंग, मेटलिंग से वंचित सड़कों को चरण-चार में शामिल कर दिया है। अब चरण-चार में ये सड़कें पक्की होंगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान के समक्ष यह मामला उठाया था। केंद्रीय मंत्रालय ने सरकार को स्वीकृति पत्र जारी कर इन सड़कों को चरण-चार में शामिल करने की हामी भरी है। अगले सप्ताह लोक निर्माण विभाग के अधिकारी दिल्ली जाएंगे, वहां केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष इन सड़कों की प्रस्तुति देंगे। हिमाचल में चरण-दो और तीन में सभी सड़कों का निर्माण हो चुका है, लेकिन चरण-एक में 200 से ज्यादा सड़कें पक्की नहीं हो पाई थीं। इन सड़कों के पक्का होने से हिमाचल की 40 फीसदी जनता लाभान्वित होगी। इससे पहले चरण-तीन में हिमाचल को 3,000 करोड़ रुपये मिले थे। अब सड़कों को पक्का करने के लिए हिमाचल को केंद्र 2,000 करोड़ की राशि देगा। विक्रमादित्य ने कहा कि सड़कों का जायजा लेने के लिए जिलों के दौरे किए थे। कई सड़कें हैं जो 10 सालों से पक्की नहीं हो पाई हैं। इस बारे में सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसके बाद मामला केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से उठाया था।
सपैल वैली के धार्मिक अनुष्ठान भूंडा महायज्ञ के लिए पांच बावड़ियों का पवित्र जल बुधवार को देवता बकरालू के मंदिर में पहुंच गया। इसके साथ ही वीरवार को मंदिर परिसर में भूंडा का आगाज हो जाएगा। 39 साल बाद हवन कुंड के खुलने से अनुष्ठान का आगाज होगा। हालांकि, सार्वजनिक तौर पर दो जनवरी से भूंडा की रस्में शुरू होंगी। नौ गांवों के हजारों लोगों ने मंदिर से लेकर अपने घरों तक की सभी तैयारियों पूरी कर ली हैं। बुधवार को ब्राह्मणाें के कंधों पर पवित्र जल को ढोल-नगाड़ों के साथ दलगांव में देवता बकरालू के मंदिर तक पहुंचाया गया। पूजा-अर्चना के बाद ग्रामीणों की ओर से मंदिर की बाहर से सफाई की गई। कारदार और हवन कमेटी की मंदिर में रात भर उपस्थिति रहेगी। मंदिर में तय मुहूर्त के अनुसार हवन कुंड को खोला जाएगा। अनुष्ठान की समाप्ति तक यहां लगातार हवन चलता रहेगा। भूंडा महायज्ञ की असली रस्में दो जनवरी से शुरू होंगी। दो जनवरी को यहां मेहमानों और देवताओं का स्वागत होगा। तीन जनवरी को देवता के मंदिर में शिखा पूजन मंदिर की छत पर पूजा-अर्चना के साथ होगा। चार जनवरी को मुख्य रस्म रस्सी पर आदमी को बांध पर खाई पार करवाई जाएगी। इसको स्थानीय भाषा में बेडा कहा जाता है। पांच जनवरी को देवताओं की विदाई का कार्यक्रम उच्छड़ पाछड़ रहेगा। दलगांव के इस मंदिर में 39 साल पहले भूंडा अनुष्ठान हुआ था। इस बार हो रहे अनुष्ठान की करीब पांच साल से मंदिर से हर घर तक तैयारी चल रही है। सपैल वैली से नौ गांवों के लोग अपने-अपने घरों में मेजबानी की पूरी तैयारी कर चुके हैं। रामपुर तहसील के दलोग, शरण जरासी सहित पूरी नरैण पंचायत के लोग भी इस अनुष्ठान के मेजबान माने जाते हैं। पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों की ओर से दूर-दूर तक के रिश्तेदारों को बीते एक महीने से निमंत्रण बांटे जा रहे हैं। इधर, विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने मंदिर में पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर कमेटी से भी यातायात व्यवस्था, कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। देवता बकरालू के मोतमीन रधुनाथ झामटा ने कहा मंदिर की ओर से इस अनुष्ठान की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा यहां पर देवता मोहरिश, देवता बौंद्रा, देवता महेश्वर मुख्य रूप से शामिल होगे। उन्होंने कहा अब इसको सफल बनाने के लिए मेहमानों के सहयोग की जरूरत रहेगी। अनुष्ठान में हर दिन हजारों लोगों के पहुंचने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को धूप तो खिली रही, लेकिन पिछले दिनों हुई बर्फबारी से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं। तीन नेशनल हाईवे समेत 134 सड़कें अभी बंद हैं। राजधानी से ऊपरी शिमला, मनाली से केलांग, कुल्लू से आनी के लिए बस सेवा ठप है। कुल्लू-मनाली एनएच-03, सैंज-लूहरी एनएच 305 और शिमला से रामपुर एनएच-5 बंद है। नई दिल्ली से भुंतर और अमृतसर की उड़ानें सातवें दिन भी बंद रहीं। वीरवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहने के आसार हैं। 27 और 28 दिसंबर को फिर भारी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। 26 और 27 दिसंबर को शीतलहर चलने, बिजली चमकने और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान है। बुधवार को ऊना, हमीरपुर, सुंदरनगर और चंबा में शीतलहर चली। प्रदेश में धूप खिलने के बाद सड़क बहाली का काम युद्ध स्तर पर शुरू हुआ और देर शाम तक करीब 100 सड़कें बहाल की गईं। शिमला जिला में अभी सबसे अधिक 77 सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीति में 25, कुल्लू में 21 और मंडी जिला में 11 सड़कें बंद हैं। प्रदेश में 65 ट्रांसफार्मर बहाल नहीं हो पाए। लाहौल-स्पीति में 34, शिमला में 23, चंबा में 6 और किन्नौर में 2 ट्रांसफार्मर खराब हैं। 18 जलापूर्ति परियोजनाएं ठप पड़ी हैं। शिमला जिले में सबसे अधिक 12 और किन्नौर में 6 पेयजल योजनाएं ठप हैं। उधर, जिला चंबा में बंद छह ट्रांसफार्मर बुधवार को भी बहाल नहीं हो पाए। अटल टनल रोहतांग के साथ जलोड़ी दर्रा वाहनों के लिए अभी बंद है। मंगलवार रात जलोड़ी दर्रा में 30 सेंटीमीटर, कोकसर में 20, ग्रांफू में 30, रोहतांग 60, सिस्सू में आठ व अटल टनल के दोनों छोर में 10 से 12 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है। लाहौल-स्पीति जिला पुलिस ने बुधवार को सुबह 10:00 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक बर्फ में फंसी 20 गाड़ियों को निकाला, जिसमें लगभग 80 से 100 के बीच पर्यटक थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ग्रीनको कंपनी के महाप्रबंधक अनूप बन्याल ने शिमला जिला के समेज में आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए आज 1.35 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। इस धनराशि का उपयोग इस वर्ष मानसून में आई विनाशकारी आपदा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस नेक कार्य के लिए कंपनी प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जिन 32 परिवारों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें दो-दो लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। आपदा के दौरान अपने प्रियजनों को खोने वाले 33 परिवारों को भी दो-दो लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। जिन पांच परिवारों के घरों को आंशिक क्षति पहुंची है, उन्हें एक-एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योगदान प्रभावित परिवारों की सहायता और उनके जीवन को फिर से संवारने के प्रयासों को संबल प्रदान करेगा।
** दून विधानसभा क्षेत्र में 12.50 करोड़ रुपए के किए लोकार्पण उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई एवं पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ कर जन-जन का जीवन सरल बनाना प्रदेश सरकार का मुख्य धेय है। मुकेश अग्निहोत्री आज सोलन ज़िला के दून विधानसभा क्षेत्र में लगभग 12.50 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित विभिन्न सिंचाई एवं जलापूर्ति योजनाओं का लोकार्पण करने के उपरांत ग्राम पंचायत थाना में जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे।मुकेश अग्निहोत्री ने आज दून विधानसभा क्षेत्र में 08 सिंचाई एवं जलापूर्ति योजनाओं को लोगों को समर्पित किया। उन्होंने 04.23 करोड़ रुपए की लागत से 05 सिंचाई योजनाओं का लोकार्पण किया। इन योजनाओं से 95.57 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने लगभग 08.27 करोड़ रुपए लागत से निर्मित तीन पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी लोगों को समर्पित की। इन सभी योजनाओं से 31 गांव के 8596 लोग लाभान्वित होंगे। मुकेश अग्निहोत्री ने 03.01 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ग्राम पंचायत थाना के गांव धर्मपुर, भूपनगर तथा कोटला में उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया। उन्होंने 4.39 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ग्राम पंचायत चण्डी क्षेत्र की आंशिक रुप से छुटी हुई बस्तियों के लिए गम्बर खड्ड से उठाऊ पेयजल योजना तथा गांव रायपुर जखौली के लिए 86.39 लाख रुपए की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया। उन्होंने गांव नारंगपुर में लगभग 80 लाख रुपए की लागत से निर्मित नलकूप आधारित सिंचाई योजना, धर्मपुर तथा भूपनगर के लिए 01.23 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित के लिए नलकूप आधारित सिंचाई योजना का लोकार्पण भी किया।उप मुख्यमंत्री ने गांव भुड्ड उपरला के लिए 63.73 लाख रुपए की लागत से निर्मित नलकूप आधारित सिंचाई योजना, ग्राम पंचायत मलपुर के गांव मलकू माजरा घराट के लिए 76.01 लाख रुपए की लागत से निर्मित नलकूप आधारित सिंचाई योजना तथा ग्राम पचंायत मानपुरा के गांव ठेडा के लिए 80.27 लाख रुपए की लागत से निर्मित नलकूप आधारित सिंचाई योजना का लोकार्पण किया।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि दून विधानसभा क्षेत्र में जहां एक ओर पहाड़ी इलाका समाहित है वहीं इस विधानसभा क्षेत्र के मैदानी भाग में उद्योगों का बहुत बड़ा नेटवर्क है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के साथ-साथ दून विधानसभा क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को विकास की धारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बद्दी में बस अड्डे के निर्माण कार्य को शीघ्र आरम्भ किया जाएगा ताकि लोगों की इसकी सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि बद्दी में जल शक्ति विभाग का विश्राम गृह खोलने की सम्भावनाएं तलाशी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों की पेयजल समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से दूर किया जा रहा। उप मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग के उच्च अधिकारियों को बुघार कनैता तथा साथ लगते क्षेत्रों के लिए सिंचाई योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने भटोली खुर्द के निवासियों की पानी की समस्या के त्वरित निपटारे के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने सीमा से लगते क्षेत्रों में नशे पर लगाम लगाने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को कड़े कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने दाड़लाघाट-कुनिहार-चण्डी-गोयला से होकर चण्डीगढ़ मार्ग का पुनः मूल्यांकन करने के उपरांत बस सुविधा शीघ्र आरम्भ करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि साधन के अनुरूप एवं आवश्यकतानुसार लोगों को पथ परिवहन निगम की सेवा प्रदान की जाएगी।मुकेश अग्निहोत्री ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। राम कुमार चौधरी ने इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं से भी उप मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। इस अवसर पर नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, नगर परिषद बद्दी पूर्व अध्यक्ष मदन लाल चौधरी, नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष सुरजीत चौधरी, ग्राम पंचायत बुघार कनैता की प्रधान हेमा कुमारी, ग्राम पंचायत दाड़वा के प्रधान रमेश ठाकुर, ग्राम पंचायत बड़लग के प्रधान सतीश कुमार, ग्राम पंचायत मानपुर के प्रधान नामदेव, ग्राम पंचायत चण्डी के प्रधान बलवंत ठाकुर, ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ के प्रधान कैलाश शर्मा, ग्राम पंचायत घड़सी के प्रधान सुरेन्द्र कुमार, ग्राम पंचायत दाड़वा के पूर्व प्रधान हेम चन्द, ट्रक यूनियन ऑपरेटर बीबीएन के प्रधान भजन लाल चौधरी, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोनीक्षी सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान, उपमण्डलाधिकारी कसौली महेन्द्र प्रताप सिंह, उपमण्डलाधिकारी बद्दी विवेक महाजन, जल शक्ति विभाग शिमला के मुख्य अभियंता जे.एस. चौहान, जल शक्ति विभाग सोलन के मुख्य अभियंता संजीव सोनी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, अन्य व्यक्ति व ग्रामीण उपस्थित थे।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज बताया कि केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-4 में नई सड़कों के साथ पुरानी खराब सड़कों की मेटलिंग करने के प्रदेश के आग्रह को स्वीकार कर लिया है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से इसके दृष्टिगत विशेष आग्रह किया था। उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में नई सड़कों के साथ पुरानी खराब सड़कों की मेटलिंग की अनुमति प्रदान करने से राज्य में लगभग 1000-1500 किलोमीटर सड़कों के मेटलिंग कार्य में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों को सुदृढ़ करने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-4 के तहत विभिन्न प्रावधानों से उल्लेखनीय सहायता प्राप्त होगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण बाधित सड़कों में यातायात के सुचारू संचालन के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा अधिकांश बाधित सड़कों को समयबद्ध खोला गया है। बर्फबारी से प्रभावित होने वाले चिन्हित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में कार्यबल और मशीनरी तैनात की गई है। यह प्रयास किया जा रहा है कि पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
हिमाचल: भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आज हिमाचल में 100वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर शिमला के रिज मैदान पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी पर आधारित एक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल शुक्ल ने कहा अटल ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर पूरे विश्व को संदेश दिया था कि भारत अपनी शक्ति के आगे दूसरे की जबरदस्ती की शक्ति को स्वीकार नहीं करेगा। हम शांति के दूत हैं लेकिन क्रांति निश्चित रूप से करना जानते हैं। यह अटल जी ने सिखाया था। आज हम उनको अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। इस मौके पर बीजेपी के अन्य नेता भी मौजूद रहे। उन्होंने देश की प्रगति में ऐसा काम किया जिसे आज हम उनकी जयंती पर सुशासन दिवस के रूप में मनाते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कुल्लू के ढालपुर में भी 100वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में बीजेपी ने अटल जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके द्वारा भारत के विकास में किए गए कार्यों को याद किया गया। जिला कुल्लू भाजपा के अध्यक्ष अरविंद चंदेल ने बताया अटल जी द्वारा किए गए गए विकास कार्यों का आज आम जनता को लाभ मिल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर हमीरपुर जिला के तहत समीरपुर में भी एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में भारत रत्न अटल जी को याद किया गया। इस मौके पर अपने संबोधन में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा यह जन्म अटल जी का शताब्दी वर्ष हैं। इसको लेकर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वाजपेयी जी ने अपने प्रधानमंत्री काल में जो कार्य देश के लिए किए हैं उनके लिए समस्त देशवासी उनके सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि विशेषकर प्रधानमंत्री सड़क योजना से हिमाचल जैसे पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्रों को सड़कों की सौगात मिली है। ऐसी सड़कों के निर्माण के लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा।
लाहौल-स्पीति: जिला के मुख्यालय लोअर केलांग में मंगलवार शाम एक दो मंजिला मकान में आग लग गई। यह मकान क्षेत्रीय अस्पताल के पास था। आग लगने के चलते मकान पूरी तरह से जल गया। वहीं, मकान के अंदर मौजूद 4 साल के बच्चे की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक इस दो मंजिला मकान में नेपाली मूल की दंपति अपने 4 साल के बेटे के साथ रहती थी। मकान में जब आग लगी तो नेपाली मूल का व्यक्ति भीम बहादुर अपनी पत्नी के साथ घर के बाहर था और उनका 4 साल का बेटा घर के अंदर मौजूद था। ऐसे में अचानक मकान ने आग पकड़ ली और घर के अंदर रखा सिलेंडर भी ब्लास्ट कर गया जिसके चलते आग एकाएक बढ़ गई। आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। उसके बाद 4 साल के बच्चे की तलाश शुरू की गई लेकिन उसकी आग में जलने के चलते मौत हो गई थी। तहसीलदार केलांग, रमेश कुमार ने बताया, इस दो मंजिला भवन में चार कमरे थे और इसमें भीम बहादुर नाम का शख्स अपने परिवार के साथ किराये पर रहता था। मकान में हुए नुकसान का आंकलन 10 लाख रुपये से अधिक का है। अग्निकांड में चार साल के बच्चे की जलने से मौत हो गई है। अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
** बाजार से सस्ते और रसायन मुक्त उत्पादों की हो रही बिक्री शिमला: हिल्जक्वीन शिमला में आयोजित 10 दिवसीय विटंर कार्निवाल में जाइका वानिकी परियोजना के पाइन नीडल प्रोडक्ट्स पर्यटकों की पहली पसंद बन गई। रिज मैदान पर जाइका वानिकी परियोजना के लगे दो स्टॉल में बाजार से सस्ते और रसायन मुक्त उत्पादों की खूब बिक्री हो रही है। परियोजना से जुड़े दो स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद यहां बिक्री के लिए लाए गए हैं। वन परिक्षेत्र तारादेवी शिमला के अंतर्गत राधे कृष्णा स्वयं सहायता समूह घणाहट्टी के पाइन नीडल प्रोडक्ट्स की ब्रिकी हो रही है। हालांकि शिमला विंटर कार्निवाल 2 जनवरी 2025 तक चलेगा, मगर पहले ही दिन यहां पहुंचे सैलानियों को जाइका वानिकी परियोजना के उत्पादों ने अपनी ओर आकर्षित किया। जिला किन्नौर के निचार वन परिक्षेत्र के अंतर्गत जगत जननी स्वयं सहायता समूह तरांडा ने लोगों की मांग पर चुल्ली का तेल, लिंगड़ का आचार, कोदे का आटा, अखरोट, नमकीन चाय, सेब के जैम, टोपी, स्टाल समेत अन्य उत्पाद बिक्री के लिए लाए। इसके अलावा अप्पर शिमला का मशहूर व्यंजन सिड्डू खाने के लिए भी सैलानियों की लंबी लाइन लग रही है। वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने खराब मौसम और प्रचंढ़ ठंड में पहुंचे सभी स्वयं सहायता समूहों की खूब प्रशंसा की।
जसवां:परागपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 104 के कुरियाल खेड़ा में भाजपा पन्ना प्रमुख मदन लाल शर्मा के घर पर कार्यकर्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि हम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी एक महान नेता थे, जिन्हें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने हमेशा सम्मान दिया। उनके प्रधानमंत्री रहते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य हुए, जिसमें सफल परमाणु परीक्षण भी शामिल है। वह केवल एक जन नेता ही नहीं, बल्कि एक शानदार वक्ता और कवि भी थे। कार्यकर्ताओं ने इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान पूर्व बूथ अध्यक्ष रामकिशन शर्मा, बूथ अध्यक्ष शेषपाल शर्मा, प्रधान दोदु मुकेश शर्मा, उप प्रधान विनोद मेहता, बिट्टू कुमार, वर्षा, कुसुम लता, सुधा, रितिका, मीनू कुमारी, सागर शर्मा और मंडल अध्यक्ष परागपुर जॉन विनोद शर्मा आदि उपस्थित थे।
** प्रदेश के विभिन्न प्रॉजेक्ट्स पर रखेंगे अपनी बात हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह आज दिल्ली रवाना हो रहे हैं, जहां से वह कर्नाटक जाएगें और दो दिन कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में हिस्सा लेंगे। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री केंद्रीय नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न प्रॉजेक्ट्स को लेकर अपनी बात रखेंगे, ताकि आगामी बजट में हिमाचल का ध्यान रखा जाए। साथ ही जीएसटी कंपनसेशन का मामला भी उठाया जाएगा।
* कहा, स्पष्टवादी नेता थे अटल बिहारी वाजपेयी, हिमाचल से जुड़ा था गहरा नाता भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी 100वीं जयंती पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के रिज मैदान स्थित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके देश के प्रति योगदान को याद किया और कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल प्रदेश से गहरा नाता था। अटल बिहारी वाजपेयी स्पष्टवादी नेता के रूप में जाने जाते हैं और देश के विकास में उनका अलग योगदान रहा है।
मंडी: हिमाचल की सर्द दोपहर में शॉल ओढ़े बैठी साकम्मा 20 साल बाद अपने घर जा रही है। अपने बच्चों के पास, जो करीब 20 साल पहले उसे मरा हुआ समझकर अंतिम संस्कार कर चुके थे। हिमाचल के मंडी से करीब 2000 किलोमीटर दूर कर्नाटक के अपने घर पहुंचने में साकम्मा को दो दशक लग गए। कहानी फिल्मी लगती है लेकिन रियल है। कई मुश्किलों और मजबूरियों के बीच साकम्मा की कहानी आपकी आंखे नम कर जाएगी। साकम्मा की कहानी की हैप्पी एडिंग की शुरुआत बीते 18 दिसंबर को हुई। जब एडीसी रोहित राठौर मंडी जिले के भंगरोटू स्थित एक वृद्धाश्रम में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने साकम्मा नाम की महिला को देखा। पता चला कि वो कर्नाटक की रहने वाली हैं और हिंदी नहीं जानती हैं। उनकी मानसिक हालत भी कुछ ठीक नहीं थी, जिसके बाद एडीसी रोहित राठौर अन्य अफसरों के साथ साकम्मा को उनके घर पहुंचाने के मिशन में जुट गए। इसके बाद साकम्मा के साथ कन्नड़ में बात करने के लिए प्रदेश में तैनात कर्नाटक के अफसरों तक पहुंचने की कोशिश हुई। कर्नाटक की निवासी नेत्रा मैत्ती हिमाचल के कांगड़ा जिले में पालमपुर की एसडीएम हैं। फोन पर उनकी बात साकम्मा के साथ करवाई गई और उनके घर के बारे में जानकारी जुटाई गई। फिर मंडी जिले में ही तैनात आईपीएस प्रोबेशनर अधिकारी रवि नंदन को वृद्धाश्रम भेजकर साकम्मा के साथ बातचीत करवाई गई। महिला का वीडियो बनाकर कर्नाटक के अधिकारियों के साथ साझा किया गया। फिर हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के अफसरों के प्रयास से साकम्मा के परिवार को ढूंढ लिया गया। साकम्मा कर्नाटक के जिला विजय नगर के गांव दनायाकनाकेरे की रहने वाली हैं।जिला उपायुक्त, मंडी अपूर्व देवगन ने बताया, समय-समय पर ओल्ड एज होम और अनाथाश्रम की इंस्पेक्शन की जाती है। हाल ही में अतिरिक्त उपायुक्त मंडी की ओर से भंगरोटू अनाथाश्रम का निरीक्षण किया गया। इस दौरान एक महिला से उनकी बात हुई जो कर्नाटक से हैं लेकिन उनके घर का पता नहीं चल पा रहा था। फिर जिला प्रशासन ने कर्नाटक के अफसरों के साथ मिलकर उन्हें घर पहुंचाया जा रहा है। परिवार के लोगों तक जब कर्नाटक के अफसर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले उन्हें मरा हुआ समझकर वो साकम्मा का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। दरअसल उन्हें एक सड़क हादसे में महिला का शव मिला था, जिसे साकम्मा समझकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया था। साकम्मा के जिंदा होने की खबर सुनकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। स्मृतिका नेगी, एसडीएम, बल्ह ने बताया , ये महिला 20 साल से मिसिंग है और परिवार को लगा था कि इनकी मौत हो चुकी है। 20 साल के बाद साकम्मा का मिलना पुनर्जन्म जैसा ही है। ओल्ड एज होम से लेकर प्रशासन ने पूरा सपोर्ट किया है और हम साकम्मा को शुभकामनाएं देते हैं कि वो अब अपने परिवार के साथ खुश रहेंगी। साकम्मा को 20 साल पुरानी बातें ही याद हैं कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, लेकिन अब उनके बच्चों की शादी हो चुकी है। साकम्मा के चार बच्चे थे जिनमें से तीन जीवित हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी अपनी मां का इंतजार कर रहे हैं। साकम्मा भी जल्द अपने परिवार से मिलने वाली है। कर्नाटक सरकार के तीन अधिकारी उन्हें लेने के लिए हिमाचल पहुंचे हैं। कर्नाटक के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के ऑफिसर इस प्रयास के लिए हिमाचल सरकार के अफसरों की सराहना करते हैं। बस्वराज एनजी, कर्नाटक सरकार के अधिकारी ने अपनी सरकार की तरफ से हिमाचल सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा, हिमाचल के सभी अधिकारियों ने साकम्मा को उसके घर पहुंचाने के लिए हमारी बहुत मदद की है। आश्चर्य की बात है 20 साल बाद साकम्मा मिली है। साकम्मा के तीन बच्चे उसका कर्नाकट में इंतजार कर रहे हैं। परिवार के लोगों ने साकम्मा को मरा हुआ समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था लेकिन साकम्मा जिंदा है। साकम्मा 20 साल बाद 24 दिसंबर को कर्नाकट से आए अधिकारियों के साथ अपने घर के लिए रवाना हो चुकी हैं चंडीगढ़ से साकम्मा हवाई मार्ग से कर्नाटक जाएगी। प्रशासन ने सभी कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद साकम्मा को कर्नाटक से आए अधिकारियों के हवाले कर दिया था, जिसके बाद साकम्मा को लेकर अधिकारी चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए थे।
आउटसोर्स भर्तियों को लेकर नियमों की उड़ रहीं धज्जियों पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार की अस्थायी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि क्या एक फिनाइल बेचने वाली कंपनी नर्सों की भर्ती कर सकती है। सरकार ने इसके लिए कोई भी पैरामीटर और नियम नहीं बनाए हैं। हाईकोर्ट में जेके इंटरप्राइजेज की ओर से कंपनी को किन मापदंडों के तहत काम दिया जाता है और क्या पारदर्शिता है, इस पर याचिका दायर की गई है। सरकार ने इस पर अपना जवाब दायर किया है, जिस पर अदालत ने नाराजगी जताई। इस मामले की सुनवाई 31 दिसंबर को होगी। कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया है कि कॉरपोरेशन की ओर से 5 फीसदी कमीशन तय किया है, जिससे ढाई-ढाई फीसदी कॉरपोरेशन और कंपनियों को जाता है। इस वजह से कंपनियों का वित्तीय नीलामी का अधिकार छिन गया है। काॅरपोरेशन कंपनियों को एंपैनल करता है, उसके बाद विभाग कॉरपोरेशन को संस्तुतियां भेजता है। अगर 10 लोगों से कम लेबर का काम है तो रोटेशन के तहत कंपनियों को काम देते हैं। अगर उससे अधिक है तो कोई नियम नहीं हैं। उसके लिए तकनीकी नीलामी करते हैं। विभाग की ओर से अगर किसी कंपनी के नाम की सिफारिश की जाती है तो उसी को काम दिया जाता है। कॉरपोरेशन ने 36 कंपनियां चयनित की हैं, जिससे विभागों के काम आउटसोर्स किए जाते हैं। कॉरपोरेशन इनसे 50-50 हजार रुपये लेता है। हिमाचल प्रदेश में वित्तीय नियम 2009 के तहत आउटसोर्स प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत सलाहकार बोर्ड, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और अधिसूचना होनी चाहिए, जबकि हिमाचल प्रदेश कॉरपोरेशन इन सभी नियमों को दरकिनार कर आउटसोर्स भर्तियां कर रहा है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में आउटसोर्स भर्तियों पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए सरकार की ओर से एक अर्जी दायर की गई है। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आउटसोर्स भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कमेटी के गठन के निर्माण पर सरकार विचार कर रही है। प्रदेश सरकार इस कमेटी की देखरेख करेगी, जिससे भर्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता होगी। सरकार की ओर से दायर अर्जी पर अब 31 दिसंबर को सुनवाई होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने 7 नवंबर को इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की ओर से विभागों में की जा रही सभी भर्तियों पर रोक लगा दी थी। खंडपीठ ने कंपनियों और उम्मीदवारों का सारा डाटा बेवसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने आराेप लगाए हैं कि प्रदेश में करीब 110 कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कोई नियम नहीं बनाए गए हैं। केंद्र की पॉलिसी के तहत केवल चतुर्थ श्रेणी के पदों को ही आउटसोर्स किया जाता है, जबकि हिमाचल प्रदेश में तृतीय श्रेणी को भी आउटसोर्स पर किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में आउटसोर्स भर्तियों पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए सरकार की ओर से एक अर्जी दायर की गई है। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आउटसोर्स भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कमेटी के गठन के निर्माण पर सरकार विचार कर रही है। प्रदेश सरकार इस कमेटी की देखरेख करेगी, जिससे भर्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता होगी। सरकार की ओर से दायर अर्जी पर अब 31 दिसंबर को सुनवाई होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने 7 नवंबर को इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की ओर से विभागों में की जा रही सभी भर्तियों पर रोक लगा दी थी। खंडपीठ ने कंपनियों और उम्मीदवारों का सारा डाटा बेवसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि प्रदेश में करीब 110 कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। भर्तियों की प्रक्रिया के लिए कोई नियम नहीं बनाए गए हैं। केंद्र की पॉलिसी के तहत केवल चतुर्थ श्रेणी के पदों को ही आउटसोर्स किया जाता है, जबकि हिमाचल प्रदेश में तृतीय श्रेणी को भी आउटसोर्स पर किया जा रहा है।
महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के सम्मान में, शूलिनी विश्वविद्यालय के योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर और डेटा साइंसेज ने गणित क्लब, संचय के सहयोग से, आकर्षक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के साथ बीते कल राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया।उत्सव की शुरुआत विश्वविद्यालय के ईयूनिव प्लेटफॉर्म पर आयोजित एक योग्यता प्रश्नोत्तरी के साथ हुई। प्रश्नोत्तरी में प्रतिभागियों को 30 विचारोत्तेजक प्रश्नों को 25 मिनट के भीतर हल करने की चुनौती दी गई। विभिन्न विभागों के कुल 54 छात्रों ने भाग लिया और अपनी गणितीय कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक वेबिनार था, जिसमें अतिथि वक्ता डॉ. रमेश कुमार वत्स, एनआईटी हमीरपुर के एसोसिएट प्रोफेसर शामिल थे। डॉ. वत्स ने श्रीनिवास रामानुजन के जीवन और गणित में उनके अभूतपूर्व योगदान पर व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्रों को वैदिक गणित के प्राचीन ज्ञान से भी परिचित कराया, इसके 16 सूत्रों और आधुनिक जीवन में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में बताया। समारोह का समापन संचय अध्यक्ष अंशिका जैन द्वारा प्रश्नोत्तरी विजेताओं की घोषणा के साथ हुआ। बी.टेक (सीएसई) प्रथम वर्ष के छात्र मोहित कुमार चैंपियन के रूप में उभरे, जबकि बी.टेक (सीएसई एआई) प्रथम वर्ष के छात्र पार्थ सारथी ने दूसरा स्थान हासिल किया। बी.टेक (जैव सूचना विज्ञान) द्वितीय वर्ष की छात्रा ऋचा ने उपविजेता स्थान का दावा किया। विजेताओं को प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को भागीदारी के प्रमाण पत्र प्राप्त हुए। पुरस्कार चांसलर प्रो. पी.के. खोसला द्वारा प्रदान किए गए । एसोसिएट डीन छात्र कल्याण, प्रो. नीरज गंडोत्रा ने साझा किया कि राष्ट्रीय गणित दिवस का उत्सव व्यावहारिक और आकर्षक था। वेबिनार का आयोजन और समन्वयन डॉ. साहिल कश्यप, डॉ. कनिका, डॉ. सुशील कुमार और स्कूल के अन्य संकाय सदस्यों द्वारा किया गया।
जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में बीते कल महाविद्यालय की आपदा प्रबंधन समिति के द्वारा दो -दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पहले दिन डी.डी. एम. ए. धर्मशाला की टीम को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया, जिसमें कॉर्डिनेटर हरजीत सिंह भुल्लर और उनकी टीम के दो सदस्य शामिल रहे। इस दो -दिवसीय कार्यशाला का संचालन आपदा प्रबंधन समिति के संयोजक प्रो. इंद्र कुमार के द्वारा किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आपदा प्रबंधन से सबंधित जानकारी प्रदान करना रहा, जिसमें एन एस एस के स्वयंसेवियों व अन्य छात्रों ने बढ़- चढ़ कर भाग लिया। प्रशिक्षक टीम ने छात्रों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं के बारे में आधारभूत जानकारी प्रदान की व भूकंप, ज्वालामुखी, बाढ, आग इत्यादि के कारण व प्रभाव के बारे में विस्तार से समझाया। इसके साथ कुछ महत्वपूर्ण तकनीक जैसे सी पी आर देने के बारे में सिखाया। इसके अतिरिक्त कार्यशाला के दूसरे दिन एस डी आर एफ की टीम ने छात्रों को मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा के दौरान बचाव के उपायों के बारे में सिखाया। इस कार्यक्रम मे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे व उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें स्वयं को प्रत्येक आपदा के प्रति तैयार रखना है। इसके साथ ही प्राचार्य ने आपदा प्रबंधन समिति के संयोजक डॉक्टर इंद्र कुमार का धन्यवाद कर उन्हें बधाई दी।
करसोग/राज सोनी: पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगणा का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह बीते कल अत्यंत उल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन क्लस्टर स्तर पर आयोजित किया गया, जिसमें राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला पांगणा ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद् और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य लक्ष्मी दत्त शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। उनके साथ उनके सुपुत्र मंगलेश शर्मा भी शामिल रहे। कार्यक्रम में सेवानिवृत एक्शियन के. डी.चौहान , सेवानिवृत्ति एम. सी. पी. ओ दयानंद ठाकुर, पतंजलि योगपीठ से जगदीश शर्मा सहित कई व्यक्ति शामिल रहे। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष नारायण सिंह और अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहे। उनका स्वागत ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से भव्य तरीके से किया गया। उन्होंने बच्चों द्वारा लगाई गई मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समारोह में विद्यार्थियों ने एकल गीत, समूह गान, पहाड़ी नाटी, पंजाबी नृत्य और लोक नृत्य जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रधानाचार्य संजय कुमार ने विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक सत्र 2024-25 की उपलब्धियों का उल्लेख किया और विद्यार्थियों की प्रतिभा और शिक्षकों के समर्पण की सराहना की। मुख्य अतिथि ने विद्यालय के दानदाताओं के नामों से सुसज्जित हॉनर बोर्ड का अनावरण किया और शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने आध्यात्मिक जीवन के महत्व को समझाते हुए बताया कि कैसे नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच से जीवन को संतुलित और सफल बनाया जा सकता है। सामाजिक जागरूकता पर जोर देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना कितना महत्वपूर्ण है। अंत में प्रधानाचार्य संजय कुमार और उप प्रधानाचार्य मस्तराम सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने में सफल रहा, बल्कि विद्यालय और समुदाय के बीच सहयोग और समर्पण को भी मजबूत करने का माध्यम बना।
** अगली तिथि 18 जनवरी को हुई निर्धारित... जयसिंहपुर/नरेंद्र डोगरा: विकास खंड लंबागांव के अंतर्गत बाल विकास अधिकारी रोहित थापा ने बताया कि भागेत्तर, मोलग और जुलापट्ट के आंगनवाड़ी केंद्रों के आंगनवाड़ी हेल्पर के पद के लिए 26-12 -2024 को होने वाले साक्षात्कार अगले महीने के लिए स्थगित कर दिया गए है। साक्षात्कार की अगली तिथि 18 जनवरी निर्धारित की है। उन्होंने बताया कि अगर कोई उक्त पदों के लिए आवेदन करना चाहता है तो वे 15 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
** भाजपा की वजह से हुई हिमाचल में कई राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान की स्थापना: अनुराग ठाकुर देहरा: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने बीते कल देहरा में निर्माणाधीन केंद्रीय विश्वविद्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया व सुनेहत में दिल्ली कॉन्वेंट स्कूल के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में पात्र विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं व नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने का आह्वाहन किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, अच्छी व सुगम शिक्षा किसी भी राष्ट्र के प्रगति की पहली मूलभूत आवश्यकता है। 2014 के बाद पूरे देश की शैक्षणिक व्यवस्था में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मोदी सरकार लगभग 30 वर्षों बाद नई शिक्षा नीति लाई जिससे हमारे युवाओं को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई करने का मौका मिला है। इसके कारण आज छोटे शहरों के बच्चे भी ओपिनियन लीडर बन पा रहे हैं। मोदी सरकार के 10 वर्षों में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश एजुकेशन हब के रूप में उभर कर सामने आया है। यह मोदी जी का हिमाचल के प्रति प्रेम ही हैं ,जिसके कारण आज एक छोटे से पहाड़ी राज्य में लगभग देश के सभी बड़े शैक्षणिक संस्थान हैं। आज हिमाचल के युवाओं को प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा अपने ही राज्य में मिल पा रही है। आगे बोलते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, हमारे सभी युवाओं को एक साथ आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वाह्न के अनुरूप 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसमें शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज पूरे देश में 10,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब कार्यरत हैं। पहले देश में 350 मेडिकल कॉलेज थे, मोदी ने 700 बना दिए। आज देश में 1100 विश्वविद्यालय हैं। 2014 में 384 मेडिकल कॉलेज थे। आज 700 से ज्यादा हैं। 2014 में यूनिवर्सिटी की संख्या 450 थी आज 1100 से ज्यादा है। 2014 में मात्र 7 एम्स थे, आज 22 एम्स हैं। 2014 में लगभग 51,000 एमबीबीएस की सीटें थी, आज 1 लाख 8 हजार से ज्यादा है। 2014 में देश में पीजी की सीटें मात्र 31,000 के आसपास थीं, आज 70,000 से ज्यादा हैं। 2014 में 16 आईआईएम थे, आज 23 आईआईएम हैं। 2014 में आईआईटी की संख्या 12 थी, आज 19 आईआईटी हैं। देहरा में भी 500 करोड़ की लागत से केंद्रीय विश्वविद्यालय बन रहा है। अब हमारे क्षेत्र के बच्चे अपने घर पर ही केंद्रीय विद्यालय से पढ़ कर केंद्रीय विश्वविद्यालय में पढ़ सकते हैं। हमीरपुर लोकसभा में कुल 9 केंद्रीय विद्यालय के माध्यम से छात्रों के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ कर अच्छी शिक्षा पाने की राह और आसान हो गई है। हमने ऐसे ही हमीरपुर एनआईटी और स्लोह में ही ट्रिपल आईटी भी बनाया है। पहले हमारे यहां मेडिकल कॉलेज नहीं थे। मैंने आपकी आवाज उठाकर हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज और बिलासपुर में एम्स बनवाया। इसके अलावा कई आईटीआई भी बनाए गए हैं। मैं यही चाहता हूं की हमारे युवा साथी अच्छी शिक्षा ग्रहण करें और आगे बढ़ें। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आईआईएम, एनआईटी, एचपीटीयू से लेकर ट्रिपल आईटी तक के राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान आज हिमाचल में भाजपा सरकार की देन है। हिमाचल को मोदी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है ताकि हमारे यहाँ के छात्रों को अच्छी व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन ना करना पड़े। अनुराग ठाकुर ने आगे पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में आए परिवर्तन को रेखांकित करते हुए बताया, आज पूरे देश में 10000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब कार्यरत हैं। अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि मोदी के विकास के साथ कदमताल करते हुए मैंने भी अपने संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में बिना किसी सरकारी सहायता के बच्चों को गुरुकुल पद्धति के साथ निशुल्क ट्यूशन की व्यवस्था के लिए एक से श्रेष्ठ कार्यक्रम की शुरुआत की है। एक से श्रेष्ठ कार्यक्रम सबके प्रयास से सभी वर्गों के बच्चों को शिक्षा देना और सबका विकास करना है। इसकी शुरुआत 5 अक्टूबर 2021 को विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर की गई थी ताकि हिमाचल प्रदेश की तीन समस्याओं: अनएम्प्लॉयमेंट, इमीग्रेशन और इकोनॉमी का एजुकेशन के द्वारा समाधान किया जा सके। आज पूरे क्षेत्र में एक से श्रेष्ठ के 580 से ज्यादा केंद्र कार्यरत है जहां 9500 से ज्यादा बच्चे शिक्षा पा रहे हैं। इनमें छात्राओं की संख्या भी 48% है।
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव बाड़ी के अभिनव जमवाल ने एयरफोर्स में आल इंडिया में नंबर वन रैंक हासिल किया है, जोकि प्रदेश और जसवां के लिए एक गौरव की बात है। आपको बता दें कि अभिनव जमवाल ने तीनों सेनाओं के लिए क्वालीफ़ाई किया था, जिसमें उन्होंने एयरफ़ोर्स में पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया और एयरफोर्स में अभी अधिकारी का पद ग्रहण करेगें।अभिनव के पिता नरेश जमवाल इंडियन नेवी में सूबेदार मेजर के रैंक पर हैं और इनके बड़े भाई आर्मी में मेजर है। वहीं अभिनव को एयरफोर्स में प्रथम स्थान मिलने पर समस्त जसवाल परिवार, संजय जसवाल, गंधर्व सिंह जसवाल, अविनाश जसवाल, कुलवंत सिंह, संसार सिंह, विरेंद्र, जगवंत, शिवराम सिंह, अश्वनी जसवाल , सुभाष, संजय, अजय, नानक, सुरजीत सिंह एवम समस्त जसवाल परिवार सहित सभी ने बधाई दी है।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में राष्ट्रिय गणित दिवस के अवसर पर गणित विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन गणित विभाग के प्रो संजीव कुमार और प्रो प्रिया द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि यह दिन महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को सम्मानित करता है, जिनका काम दुनिया भर के छात्रों और विद्वानों को प्रेरित करता है। उन्होंने संख्या सिद्धांत, निरंतर अंश और अनंत श्रृंखला में महान योगदान दिया 1 भौतिकी विभाग के प्रो संजीव जसवाल ने इस अवसर पर कहा कि गणित हमारे दैनिक जीवन का एक हिस्सा है। हम हर जगह गणित देख सकते हैं। गणित विभाग के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम के दौरान भाषण प्रतियोगिता, पॉवर पॉइंट, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में डॉ. कपिल सूद, डॉ शगुन नाग, डॉ कुशमाक्षी, प्रो. राज कुमार परमार, डॉ आरती, प्रो भीष्म, प्रो. राजेश कुमार, प्रो वंदना राणा, प्रो शगुन आदि उपस्थित रहे।
गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर को लेकर दिए गए बयान के बाद देश भर में विपक्षी दल प्रदर्शन कर रहे हैं। आज कांग्रेस द्वारा देश भर में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अमित शाह को गृहमंत्री के पद से हटाने की मांग की जा रही है। वहीं कांग्रेस द्वारा भी हिमाचल प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जा रहे हैं राजधानी शिमला में कांग्रेस द्वारा अंबेडकर चौक चौड़ा मैदान से डीसी ऑफिस तक रोष रैली निकाली गई और डीसी ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया और गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की । साथ ही डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज कर उन्हें पद से हटाने की मांग की। महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि गृहमंत्री अमित चौहान ने कहा कि अमित शाह द्वारा सविधन निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है उन्हें माफी मांगनी चाहिए जिसको लेकर डीसी के माध्यम से ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा गया है ताकि उन्हें पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ध्यान भटकने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ झूठे मुकदमे बनाए जा रहे हैं जबकि राहुल गांधी ने ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया है कि उनके ऊपर मुकदमे बनाई जाए।
** 683 बिजली लाइन भी ठप्प हिमाचल प्रदेश में हुई ताज़ा बर्फबारी के बाद जहां पर्यटक और बागवान खुश हैं वहीं लोगों की दिक्कतें भी बढ़ी हैं। बर्फबारी के बाद हिमाचल में 3 एनएच समेत 174 सड़कें यातायात के लिए बन्द हो गई हैं। जबकि 683 बिजली की लाइन बाधित हैं। शिमला में सबसे ज्यादा सड़कें बन्द हैं।प्रशासन सड़कें खोलने में जुटा हुआ है। हिमाचल सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान बर्फ में फिसलन से हुए हादसों की वजह से चार लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि बर्फ़ में फंसे सभी पर्यटकों को निकाल लिया गया है। पर्यटकों से अपील की है कि बर्फ़ में वाहन न चलाएं। मौसम विभाग ने आज भी राज्य में बर्फ और बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग ने 27 से 29 दिसम्बर को फ़िर से प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी की है। फिलहाल करीब तीन माह के सूखे के बाद अच्छी बारिश किसानों बागवानों सहित पर्यटन क्षेत्र के लिए खुशी की सौगात लेकर आई है।
** कहा, बर्फबारी से निपटने के लिए 268 मशीनें तैनात **लोक निर्माण मंत्री ने रिव्यू मीटिंग कर अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का दिया आदेश हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी से सैंकड़ों सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। लोक निर्माण विभाग सड़कों को बहाल करने में जुटा हुआ है। शिमला में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विभाग की रिव्यू मीटिंग ली और अधिकारियों को अगले पांच दिनों तक अलर्ट मोड पर रहने के आदेश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग ने कुल 268 मशीनें बर्फबारी से निपटने के तैनात की है जो सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। अगर मौसम साफ रहता है तो अगले दो दिनों में सभी सड़कें खोल दी जाएगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बर्फबारी से बागवानी और पर्यटक कारोबार को फायदा होगा। अगले पांच दिन भी प्रदेश के कुछ इलाकों में बर्फबारी की संभावना है जिसे देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के आदेश दिए गए हैं अगर छुटियां भी रद्द करनी पड़ी तो उसके लिए भी निर्देश दे दिए गए हैं।अगर मौसम साफ रहता है तो अगले दो दिन में सभी सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा। रिव्यू मीटिंग में सड़कों के चल रहे निर्माण कार्य की भी रिपोर्ट ली गई है और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। CRF के तहत 2024- 25 में हिमाचल प्रदेश को 110 करोड़ की स्वीकृति आई है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 24 दिसंबर यानि आज से विंटर कार्निवल का आगाज हो चुका है। मंगलवार को पहले दिन माल रोड पर 250 महिलाओं ने महानाटी डाली। इस महानाटी में सैलानी भी जमकर झूमे। इसके बाद भाषा एवं संस्कृति विभाग की कल्चरल परेड हुई। हालांकि, यह परेड रोजाना माल रोड से रिज तक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विंटर कार्निवल को हरी झंडी दिखाई और कार्यक्रम की शुरुआत की। हिमाचल सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, हमें बहुत खुशी है कि शिमला में बर्फबारी हुई है। शिमला में दूसरी बार विंटर कार्निवल का आयोजन किया जा रहा है, मैं इसके लिए सभी को आमंत्रित करता हूं। बर्फबारी के कारण बंद हुई सड़कों को खोलने का काम शुरू हो गया है। प्रदेश में बर्फबारी होनी चाहिए क्योंकि हमारा राज्य बागवानी आधारित राज्य है, यहां सेब और दूसरे फल बड़ी मात्रा में उगाए जाते हैं। आज भी मेरी सभी इंजीनियरों के साथ बैठक हुई है। लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने करुणामूलक आधार पर रोजगार के लिए एक वृहद नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार सभी लंबित मामलों को एक ही बार में निपटाने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है। आज यहां आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में नीति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को करुणामूलक आधार पर रोजगार के लिए आवेदकों का विभाग, आयु तथा शैक्षणिक योग्यता अनुसार डाटा संकलित कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 10 जनवरी, 2025 को आयोजित होने वाली आगामी बैठक में अपेक्षित डाटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेवा के दौरान अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले व्यक्तियों को सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने के लिए उदार तथा सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपना रही है। राज्य सरकार अधिक से अधिक आवेदकों को लाभान्वित करने के लिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान करने में विधवाओं तथा अनाथों को वरीयता देकर आश्रितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने अनुकंपा नियुक्तियों के मामलों के गहन अध्ययन के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और आयुष मंत्री यादविन्द्र गोमा इस उप-समिति के सदस्य हैं। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव डॉ. अभिषेक जैन व राकेश कंवर, विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** जांच में जुटी पुलिस... कांगड़ा जिले के ज्वाली क्षेत्र में पुलिस ने बीती रात हरिया पुल पर एक निजी स्कूल की बस से 29 पेटी देसी शराब बरामद की। पुलिस ने इस मामले में दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने मंगलवार को जानकारी दी कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बस को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान बस में शराब की पेटियां मिलीं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस के साथ मौजूद दोनों व्यक्तियों, बंटी और रमन निवासी समकेहड़, तहसील जवाली को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
जिला के पुलिस पेंशनरों की बैठक 26 दिसंबर को जिला पुलिस हैडक्वाटर सोलन में आयोजित की जाएगी। जिला सोलन के पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर ने जानकारी देते हुए कहा कि जैसा कि पुलिस हेडक्वार्टर शिमला द्वारा एस, ओ, पी ,जारी की गई थी, के मुताबिक पुलिस अधीक्षक सोलन ने सूचना दी है कि वीरवार 26 दिसंबर सुबह 11 बजे दिन पुलिस लाइन सोलन में पुलिस पेंशनर के साथ मीटिंग रखी गई है। आप सभी से आग्रह है कि आप सभी लोग इस मीटिंग में भाग लेने के लिए भारी संख्या में पधारे और अपनी-अपनी समस्याएं व मांगों के बारे विचार विमर्श करें।
शिमला: न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे। इस संदर्भ में सोमवार 23 दिसंबर को अधिसूचना जारी कर दी गई है। मौजूदा समय में हिमाचल से ही संबंध रखने वाले न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल रहे थे। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सेवारत थे। संभावना है कि न्यायमूर्ति संधवालिया इसी हफ्ते अपना कार्यभार संभालेंगे। सोमवार को केंद्र सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी रैंक के अधिकारी जगन्नाथ श्रीनिवासन की ओर से न्यायमूर्ति संधवालिया की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इसी साल जुलाई की 11 तारीख को न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया का नाम मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सीजे के तौर पर अनुशंसित किया गया था। अब वे हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले 19 अक्टूबर 2024 को न्यायमूर्ति राजीव शकधर हिमाचल हाईकोर्ट से रिटायर हुए थे। उनकी रिटायरमेंट के बाद से न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पद पर सेवाएं दे रहे थे। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया ने वर्ष 1986 में चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की फिर वर्ष 1989 में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद वे पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में एडवोकेट के रूप में सक्रिय हुए। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया के पिता वर्ष 1978 और वर्ष 1983 के दरम्यान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। फिर वर्ष 1983 से 1987 तक उन्होंने पटना में हाईकोर्ट में सेवाएं दीं। फिलहाल, हिमाचल हाईकोर्ट में सेवारत न्यायधीशों की बात करें तो अभी न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा, न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ, न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य, न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा, न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह, न्यायमूर्ति रंजन शर्मा, न्यायमूर्ति बीसी नेगी व न्यायमूर्ति राकेश कैंथला का नाम आता है। न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया के पदभार संभालने के बाद अब हिमाचल हाईकोर्ट में सीजे सहित 12 जज हो जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के जलशक्ति विभाग के पांच पैरा पंप ऑपरेटर्स की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। मामले पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि उपरोक्त पांच पैरा पंप ऑपरेटर्स ने जो अनुभव प्रमाण पत्र यानी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट सबमटि किए थे। वे विज्ञापन के अनुसार निर्धारित प्राधिकारी की तरफ से जारी नहीं किए गए थे। अदालत ने इन पंप ऑपरेटरों की नियुक्ति को रद्द करने के साथ ही जल शक्ति विभाग को निर्देश दिया कि वे सभी उम्मीदवारों की योग्यता का पुनर्मूल्यांकन करे। विभाग को आदेश जारी किए गए कि वह आवेदकों द्वारा प्रस्तुत संबंधित कार्यकारी अभियंता की ओर से जारी किए गए अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर यह पुनर्मूल्यांकन करें। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने याचिकाकर्ता राकेश कुमार की याचिका को मंजूर करते हुए उपरोक्त आदेश जारी किए। अदालत ने आदेश दिए हैं कि इन पांच निजी प्रतिवादियों की नियुक्ति को रद्द किए जाने के कारण खाली होने वाले पदों पर योग्य उम्मीदवारों को योग्यता के आधार पर तैनाती दी जाए। राज्य के जलशक्ति विभाग ने पात्र अभ्यर्थियों से पैरा पंप ऑपरेटर्स के पदों के लिए आवेदन मांगे थे। विज्ञापन में ये स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई अभ्यर्थी जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि में या राज्य जल शक्ति विभाग में सेवा देने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी के संबंधित क्षेत्र में अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेगा, तो केवल कार्यकारी अभियंता द्वारा जारी प्रमाण-पत्र को ही वैध माना जाएगा। याचिकाकर्ता राकेश कुमार के साथ-साथ पांच निजी प्रतिवादियों और अन्य ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया था। विभाग की तरफ से जारी मेरिट लिस्ट के अनुसार अदालत को सूचित किया गया कि कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति की पेशकश की गई थी। याचिकाकर्ता का नाम प्रतीक्षा सूची में क्रम संख्या एक पर था। निजी प्रतिवादियों की नियुक्ति को याचिकाकर्ता राकेश ने यह कहते हुए चुनौती दी थी कि निजी प्रतिवादियों को अनुभव के शीर्षक के तहत गलत तरीके से दो अंक दिए गए हैं, क्योंकि निजी प्रतिवादियों के अनुभव के संबंध में प्रस्तुत प्रमाण पत्र विज्ञापन में निर्धारित प्राधिकारी द्वारा जारी नहीं किए गए थे। कोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड को देखने के बाद पाया कि 5 पैरा पंप ऑपरेटरों ने जो अनुभव प्रमाण पत्र पेश किए और जिनके आधार पर उन्हें अनुभव के अंक देकर चुना गया, वे वास्तव में विज्ञापन के अनुसार निर्धारित प्राधिकारी द्वारा जारी नहीं किए गए थे। इस पर ही हाईकोर्ट ने ये नियुक्तियां रद्द की हैं।
हिमाचल प्रदेश की ऊंचाई वाले इलाकों में सोमवार सुबह से जहां बर्फबारी हो रही है। वहीं, दोपहर बाद मनाली के सोलंग नाला, अटल टनल और लाहौल घाटी के कोकसर और सिस्सू में भी बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। ऐसे में सैलानियों की बर्फबारी को देखने की चाहत पूरी हो गई। सैलानी बर्फबारी में मस्ती करते हुए नजर आए। बर्फबारी को लेकर मनाली और लाहौल पुलिस सतर्क हो गई है। हालांकि अभी तक अटल टनल के माध्यम से सैलानी लाहौल घाटी का रुख कर रहे हैं। अगर बर्फबारी ज्यादा होती है तो सैलानियों की आवाजाही रोक दी जाएगी । वहीं, लाहौल पुलिस ने जगह-जगह सैलानियों से आग्रह किया कि वह नदी-नालों का रुख ना करें और समय रहते मनाली की ओर प्रस्थान करें। गौर रहे कि सैलानी मनाली में बर्फ देखने की चाहत को लेकर आए थे। सोमवार दोपहर बाद उनकी यह चाहत पूरी हो गई। मनाली के सोलंग नाला, अटल टनल, रोहतांग टॉप सहित अन्य जगहों पर बर्फबारी होने से पूरे इलाके में कड़ाके की ठंड है। वहीं, जिला कुल्लू के निचले इलाकों में हल्की बारिश हो रही है। हालांकि इस बारिश से अभी किसानों और बागवानों को राहत नहीं मिली है लेकिन अब बागवानों और किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में फिर से बर्फबारी और बारिश होगी जिससे उनके रुके हुए कृषि कार्य पूरे हो सकेंगे। एसपी लाहौल-स्पीति मयंक चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि लाहौल घाटी में भी बर्फबारी का दौर जारी हो गया है। ऐसे में जगह-जगह पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। घाटी में अगर बर्फबारी ज्यादा होती है तो सभी वाहनों को पुलिस के द्वारा सुरक्षित मनाली की ओर रवाना किया जाएगा।वहीं, उन्होंने सैलानियों से आग्रह किया है कि वह ऊंचाई वाले इलाकों का रुख ना करें।
हिमाचल प्रदेश में एलोपैथी डॉक्टरों को सुक्खू सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए अध्ययन अवकाश अवधि (Study Leave Period) के दौरान एलोपैथी डॉक्टरों को शत-प्रतिशत वेतन देने का फैसला लिया है। स्टडी लीव पीरियड के दौरान एलोपैथी डॉक्टरों को ऑन ड्यूटी माना जाएगा। इससे पहले, स्टडी लीव पीरियड के दौरान एलोपैथी डॉक्टरों को वेतन का 40 प्रतिशत वेतन दिया जाता था। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार पहले से ही अध्ययन अवकाश अर्जित कर रहे पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए अध्ययनरत होम्योपैथी डॉक्टरों को पूरा वेतन प्रदान कर रही है। इसी तर्ज पर सरकार ने अब एलोपैथी डॉक्टरों के लिए भी इस नीति को अपनाने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण मेडिकल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, हिमाचल प्रदेश में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल स्टूडेंट, शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ मरीजों की चिकित्सा दायित्व में सामंजस्य स्थापित कर काम करते हैं। यह उनके मेडिकल फील्ड में स्पेशलाइजेशन और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार स्टडी लीव पीरियड के दौरान डॉक्टरों को पूरा वेतन देकर उनकी कार्यशैली में गुणवत्ता सुनिश्चित कर रही है, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार का ये फैसला प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
जिला शिमला में सोमवार को शहर के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। शिमला जिले में बर्फबारी के चलते 112 सड़कें बाधित है। शिमला ग्रामीण में 8, ठियोग में 1, कोटखाइ में 48, जुब्बल में 7, रोहड़ू 27, रामपुर में 7, चैपाल 1, कुपवी 2 और कुमारसैन 6 और डोडरा क्वार की 5 सड़कें बर्फबारी के कारण बाधित हुई है। इन सड़कों को खोलने का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है और अगर मौसम साफ रहता है तो आज सभी सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बताया, सोमवार को हुई बर्फबारी के कारण शिमला के उपरी क्षेत्र में अनेकों सड़के बाधित हो गई हैं। शाम छह बजे तक 112 सड़के बंद होने की सूचना प्राप्त हुई है, जबकि चंडीगढ़ से शिमला और बिलासपुर धर्मशाला से शिमला मार्ग पूरी तरह से खुला है। वहीं, शिमला शहर का सर्कुलर मार्ग सभी वाहनों के लिए खुला हुआ है। बाधित सड़कों को खोलने का कार्य शुरू कर दिया गया है। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि बागबानों और पर्यटकों के लिए बर्फबारी काफी सुखद साबित होने के संकेत है, लेकिन हमें बर्फबारी के दौरान अपने आप को सुरक्षित करना है। प्रशासन के दिशा निर्देशों के बाद ही आवाजाही करें। इसके अलावा बुजुर्ग बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन ने बर्फबारी को लेकर सारी पूर्व तैयारियां की हैं। शिमला शहर को 5 सेक्टर में बांटा जा चुका है. जबकि संवेदनशील मार्गों पर मिट्टी रखी गई है, जोकि बर्फबारी के दौरान सड़क को बहाल करने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। इसके अलावा मशीनरी और पुलिस फोर्स, गृह रक्षकों की तैनाती भी की गई है। डीसी शिमला ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि प्रशासन के कार्यों में सहयोग करें। प्रशासन के समय-समय पर आने वाले आदेशों का पालन करें। इसके साथ ही कोई भी सूचना बर्फबारी, मार्गों से जुड़ी हो तो स्थानीय और जिला प्रशासन के साथ सांझा करें। डीसी अनुपम कश्यप ने कहा कि बर्फबारी के दौरान आवश्यक सूचना एवं निर्देश जिला उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के फेसबुक पेज पर अपलोड की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिमला में विंटर कार्निवल का आयोजन भी किया जा रहा है। ऐसे में यहां पर भी कई तरह की प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक संध्याओं को आयोजन किया जा रहा है। इसमें भी लोग बढ़चढ़ कर हिस्सा लें।
हिमाचल प्रदेश में रविवार को कुल्लू जिले की पर्यटन नगरी मनाली और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी हुई, जिसके चलते करीब 1000 से ज्यादा टूरिस्ट व्हीकल इस बर्फबारी के बीच लाहौल घाटी में फंस गए। सैलानियों की गाड़ियों को अटल टनल से होते हुए सुरक्षित मनाली की ओर रेस्क्यू कर लिया गया है। बीते दिन हुई बर्फबारी के चलते सैकड़ों गाड़ियां अटल टनल होते हुए लाहौल घाटी पहुंची थी। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि बर्फबारी को तेज होता देख लाहौल पुलिस के द्वारा गाड़ियों की आवाजाही को रोक दिया गया और लाहौल घाटी में जो सैलानी अपनी गाड़ियों में घूमने के लिए आए थे, अटल टनल के जरिए उन्हें रेस्क्यू करने का काम शुरू कर दिया गया। रात 2 बजे तक पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया और 1000 से ज्यादा गाड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला। ऐसे में बर्फबारी के चलते सड़कों पर फिसलन बहुत बड़ गई, जिससे कई गाड़ियां फिसलने लगीं, जिसके बाद पुलिस की टीम द्वारा यहां सड़कों पर मिट्टी और रेत बिछाई गई और उसके बाद गाड़ियों को यहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि इस दौरान कुछ जगहों पर गाड़ियां फिसलकर सड़कों के किनारे गिर गई, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिस की टीम द्वारा बाहर निकाला गया। ऐसे में अब सोलंगनाला से आगे गाड़ियों की आवाजाही को रोक दिया गया है। ऐसे में सैलानी सोलंगनाला में ही सैलानी बर्फ के बीच मस्ती कर रहे हैं। वहीं, बर्फबारी होने से अब मनाली में सैलानियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है और यहां के पर्यटन कारोबार को भी इससे काफी फायदा होगा। वहीं, अब सैलानियों को उम्मीद है कि क्रिसमस के दिन भी उन्हें बर्फबारी का नजारा देखने को मिलेगा। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया, बर्फबारी के कारण लाहौल घाटी में 100 से ऊपर सैलानियों की गाड़ियां फंस गई थी। रात 2 बजे तक पुलिस के द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया गया और सभी गाड़ियों को सुरक्षित मनाली लाया गया है। आज मंगलवार को सोलंगनाला से आगे गाड़ियों की आवाजाही को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है।
धर्मपुर /डिंपल शर्मा: हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र से विशांत ठाकुर ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर एकतरफा जीत दर्ज की है। चुनाव के बाद अपने संबोधन में विशांत ठाकुर ने धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर का धन्यवाद किया और उनके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में युवा कांग्रेस धर्मपुर को और मजबूत करने का हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होने पार्टी के हर कार्यकर्ता को संगठन की रीढ़ बताया और कहा कि धर्मपुर युवा कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने के लिए जमीनी स्तर पर काम किया जाएगा। इसके साथ अखिल को धर्मपुर ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में और विक्रांत को गोपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष के रुप में चुना गया। दोनों ब्लॉक अध्यक्षों ने विश्वास दिलाया कि वे पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर काम करेंगे और क्षेत्र के युवाओं को कांग्रेस के साथ जोड़ने का प्रयास करेंगे। साथ ही जिला में विकास राही और विजय को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई ।धर्मपुर में युवा कांग्रेस की इस नई टीम के गठन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया है। विधायक चंद्रशेखर जी ने भी सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि नई टीम पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
धर्मपुर/डिंपल शर्मा: आज डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार "क्राफ्टिंग योर करियर आफ्टर प्लस 2" “ड्रीम, डिसाइड, डू" विषय पर - कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रधानाचार्य सुंदर सिंह कटवाल उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर शैली ठाकुर के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर विवेकानंद शर्मा और आयोजन सचिव प्रोफेसर अभिषेक शर्मा रहे। इस वर्ष धर्मपुर कॉलेज के द्वारा क्षेत्र के 12 स्कूलों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने भी इस पहल की सराहना की और इसे छात्रों के शैक्षणिक और करियर निर्माण के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया गया था। MoU में शामिल स्कूलों के शिक्षक और छात्र भी कार्यशाला में उपस्थित रहे। यह कार्यशाला न केवल हिमाचल प्रदेश में बल्कि पूरे क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज के बीच शैक्षणिक सहयोग का एक अनूठा उदाहरण बनेगी। इस अवसर पर संयोजक विवेकानंद शर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्य और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनकी रुचियों और क्षमताओं के आधार पर सही करियर का चयन करने में मार्गदर्शन प्रदान करना है। साथ ही साथ उन्होंने मुख्य अतिथि तथा यहाँ पर उपस्थित सभी स्कूलों से आए हुए शिक्षकों और छात्रों का भी स्वागत किया गया। इसके पश्चात के प्राचार्य डॉ. रमेश चंद धलारिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला उनके करियर की दिशा तय करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कॉलेज द्वारा की गई पहल को क्षेत्र के छात्रों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने सभी छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "आपके पास असीम संभावनाएं हैं। सही निर्णय और मेहनत से आप अपने जीवन में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। हमारा कॉलेज आपको हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।" मुख्य अतिथि सुंदर सिंह कटवाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में सपने देखने, सही निर्णय लेने और उन्हें पूरा करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों को करियर के सही चुनाव में मदद करेगी। इसके बाद विभिन्न विषयों पर प्रोफेसरों ने पीपीटी के माध्यम से विचार प्रस्तुत किए, गणित विषय: प्रोफेसर रमेश चंद शर्मा, विज्ञान विषय: प्रोफेसर विवेकानंद शर्मा, प्रोफेसर मोहिंद्र सिंह, आर्ट्स एवं ह्यूमैनिटीज विषय: प्रोफेसर शीतल भोपल के द्वारा किए गए। कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव अभिषेक शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा, "यह कार्यशाला छात्रों के सपनों को साकार करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। कार्यशाला के बाद छात्रों और शिक्षकों ने कॉलेज के पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं का दौरा किया। छात्रों ने इन संसाधनों का निरीक्षण कर कॉलेज जीवन और उच्च शिक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा कॉलेज में सात दिवसीय NSS कैंप का उदघाटन भी मुख्यातिथि सुंदर सिंह कटवाल के द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर रमेश शर्मा, प्रोफेसर विवेकानंद शर्मा, प्रोफेसर मोहिंद्र सिंह, प्रोफेसर शीतल भोपाल, प्रोफेसर शैली ठाकुर, प्रोफेसर पूजा भारद्वाज, प्रोफेसर अभिषेक शर्मा, प्रोफेसर मनोज कुमार उपस्थित रहें।
** जानें क्या थी 'नो डिटेंशन पॉलिसी' केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े बदलाव का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अब कक्षा पांच और आठ में भी बच्चों को फेल किया जाएगा। कक्षा पांच और 8 की वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों को दो महीने के भीतर दोबारा परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। अगर इसमें भी असफल रहते हैं तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा और दोबारा उसी कक्षा में पढ़ना पड़ेगा। अभी तक आठवीं कक्षा तक बच्चों को फेल नहीं करने का प्रावधान था। साल 2010-11 से 8वीं कक्षा तक परीक्षा में फेल होने के प्रावधान पर रोक लगा दी गई थी। मतलब यह कि बच्चों के फेल होने के बावजूद अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाता था, लेकिन इससे देखा गया कि शिक्षा के लेवल पर धीरे धीरे गिरावट आने लगी, जिसका असर 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर पड़ने लगा। काफी लंबे समय से इस मामले पर विचार विमर्श के बाद नियमों में बदलाव कर दिया गया। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने इसके संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि अगर स्टूडेंट परीक्षा में फेल होता है तो उसे 2 महीने के अंदर दोबारा परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा लेकिन उसमें भी असफल होने पर अगली क्लास में प्रमोट नहीं किया जाएगा, लेकिन इस दौरान फिर फेल होने वाले छात्र को सुधार का मौका दिया जाएगा। टीचर उस फेल होने वाले स्टूडेंट पर खास ध्यान देंगे साथ ही समय-समय पर पेरेंट्स को भी गाइड करेंगे। नो डिटेंशन पॉलिसी शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 की एक अहम नीति थी। इस नीति के तहत कक्षा पांच और आठ के बच्चों को वार्षिक परीक्षा में फेल नहीं किया जाता था। इस नीति के तहत, सभी छात्र पारंपरिक परीक्षाओं का सामना किए बिना अपने आप अगली कक्षा में प्रमोट हो जाते थे। यह नीति बच्चों के सतत और व्यापक मूल्यांकन पर जोर देती थी।
कुनिहार सिविल अस्पताल में एक व्यक्ति को इलाज के लिए लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस थाना कुनिहार को दी गई। पुलिस टीम अस्पताल पहुंची, जहां एक व्यक्ति मृत अवस्था में बिस्तर पर पाया गया। उसके साथ रामलाल नामक व्यक्ति भी मौजूद था। पूछताछ करने पर मृतक की पहचान देवी चन्द पुत्र मनसा राम, निवासी गांव ओखरू, तहसील और जिला शिमला के रूप में हुई। मृतक की उम्र 40 वर्ष थी। मृतक के साथ मौजूद लोगों ने बताया कि देवी चन्द पिछले एक महीने से हेमन्त के फार्म पर काम कर रहा था। 22 दिसंबर 2024 को उसने फार्म पर चाय पी और एक चपाती खाई। इसके बाद उसने अपने साथी से कहा कि उसकी तबियत ठीक नहीं है और उसे ठंड लग रही है, जब उसकी तबियत और खराब हुई, तो उसका साथी उसे 108 एम्बुलेंस में बैठाकर कुनिहार अस्पताल ले आया। यहां पहुंचने पर मृतक बेसुध हो गया, और डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों को बुलाकर पुलिस टीम ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले की प्राथमिक जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। डीएसपी सोलन अशोक चौहान ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम अर्की में करवाया गया और शव को परिजनों को सौंप दिया गया। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल में केंद्र की ओर से प्रायोजित योजनाएं अब समय पर पूरी होंगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र की ओर प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को विभिन्न विभागों की ओर से क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इन योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके, जिससे लोगों को इसका लाभ मिले। बैठक के दौरान प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए सीएम सुक्खू ने नई परियोजनाएं बनाने और इन्हें प्राथमिकता प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र की ओर से प्रायोजित समाज कल्याण, अन्य पिछड़ा वर्ग और जनजातीय एवं महिला कल्याण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और कृषि संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने लोगों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए इन्हें समयबद्ध पूर्ण करने की आवश्यकता पर बल दिया। इससे इन परियोजनाओं की लागत वृद्धि से बचा जा सकता है। इससे प्रदेश के विकास को भी गति मिलेगी. प्रदेश सरकार लोगों को घरद्वार पर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है, जिसके लिए अधिकारियों को लक्षित समुदायों के कल्याण के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करना चाहिए। सीएम सुखविंदर सिंह ने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान प्रदेश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और राज्य के लोगों के कल्याण के लिए अनेक अभिनव योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने विभागों को राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों के बारे में लोगों को जागरूक करने को कहा, ताकि संवेदनशील वर्गों के लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। इस समीक्षा बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव सीपालरासू, राकेश कंवर, आशीष सिंघमार, राजेश शर्मा, राखिल काहलों, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा बैठक में उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार की गेस्ट टीचर पॉलिसी प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को रास नहीं आ रही है। इसके विरोध में युवा अब सड़कों पर उतर आए हैं। साथ ही चुनावों के दौरान किए किए वादे को भी बेरोजगार युवा अब सीएम सुक्खू को याद दिला रहे हैं। सोमवार को पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिले में सैंकड़ों की संख्या में बेरोजगार युवा सड़कों पर उतरे और प्रदेश सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। अनइंप्लॉयड यूथ फेडरेशन के बैनर तले युवाओं द्वारा मंडी में ये धरना प्रदर्शन किया गया। इससे पहले मंडी शहर में निकाली गई आक्रोश रैली के दौरान भी बेरोजगार युवाओं ने प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर बेरोजगार युवा विशाल मंडोत्रा व मनीषा ने कहा कि प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं ने सत्ता में आने से पहले 58 साल तक पक्की नौकरी, एक साल में 1 लाख रोजगार देने का वादा युवाओं के साथ किया था, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार के दो साल बीत जाने के बाद भी युवाओं रोजगार नहीं मिल रहा है। पहले जो प्रतियोगी परीक्षाएं हुई भी हैं, उनके रिजल्ट तक घोषित नहीं किए जा रहें हैं। यहां तक कि हमीरपुर चयन बोर्ड को भी यह सरकार फिर से शुरू नहीं कर पाई है। इसके ऊपर अब प्रदेश सरकार ने गेस्ट टीचर पॉलिसी लाकर लाइब्रेरी में बैठे बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा किया है। साथ ही युवाओं ने सुक्खू सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेसी नेताओं ने आउटसोर्स भर्ती का विरोध किया था, लेकिन यही सरकार अब आउटसोर्स पर भर्तियां करने जा रही है। बेरोजगार युवा विशाल मंडोत्रा व मनीषा ने कहा ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर प्रदेश सरकार इसी तरह युवा विरोधी फैसले लेती रही तो आने वाले समय में सभी बेरोजगार युवाओं द्वारा राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अगर इसके बाद भी प्रदेश सरकार के मुखिया युवाओं की आवाज को नहीं सुनते हैं तो फिर बेरोजगार युवाओं द्वारा और उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
जिला हमीरपुर में लाखों की चोरी करने वाली महिला चोर को पकड़ने में पुलिस ने कामयाबी हासिल की है। दरअसल नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर 4 शिवनगर में बीते बुधवार, 18 दिसंबर को लाखों रुपयों की चोरी हुई थी। 12.63 लाख रुपए को चोरी करने की वारदात को अंजाम देने वाली एक महिला है, जो कि अणु क्षेत्र की रहने वाली है। एसएचओ सदर बाबू राम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने इस मामले को 5 दिन में सुलझाकर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला पर पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जा रही है। एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि हमीरपुर पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज और कुछ अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी महिला तक पहुंची और उसे गिरफ्तार करने के लिए पहले पुख्ता सबूत जुटाए। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में महिला से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा फिलहाल महिला के पास से पुलिस ने 52,000 रुपए नकद बरामद किए है। महिला का कहना है कि साढ़े चार लाख रुपए उसने ज्वैलरी की खरीद पर खर्च किए हैं। अब महिला को हमीरपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने बताया, चोरी करने वाली आरोपी महिला की पहचान पूजा कुमारी के तौर पर हुई है, महिला हमीरपुर जिले के अणु की रहने वाली हैं। आरोपी महिला को पुलिस ने रविवार देर शाम उसके घर से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला से करीब 52 हजार रुपए बरामद किए गए हैं, जबकि महिला के मुताबिक उसके साढ़े 4 लाख रुपए के गहने खरीद लिए हैं। एसपी हमीरपुर ने बताया कि सदर पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
** महापौर उतरे फील्ड में ,डलवाई जा रही रेत, लक्कड़ बाजार में फंसी गाड़ी राजधानी शिमला में पिछले दो घंटे से बर्फबारी का दौर जारी है करीब 2 से 3 इंच तक बर्फ गिर चुकी है, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है कुफरी फागु में 5 इंच बर्फ गिरने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। लक्कड़ बाजार संजौली की ओर वाहनों की आवाजाही बन्द हो गई है। नगर निगम द्वारा शहर के रास्तों और सड़को पर फिसलन कम करने के लिए नगर निगम द्वारा रेत डलवाई जा रही है। वही नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान भी फील्ड में उतरे और शहर में सड़कों का जायजा ले रहे हैं। महापौर लक्कड़ बाजार पहुचे जहा टक्का बैंच से लक्कड़ बाजार में गाड़ी स्किट हो कर सड़क के बीच मे फंस गई वही गाड़ी को निकालने के लिए मजदूर बुलाए गए और गाड़ी को वहां से निकाला गया। महापौर ने कहा कि शहर के अस्पतालों के रास्तों ओर सड़को को प्राथमिकता पर खोलने के निर्देश दिए है। इसके लिए मशीनरी तैनात कर दी है।
** बर्फबारी और बारिश फलदार पौधों के लिए फायदेमंद ** किसानो ने ली राहत की सांस सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चुड़धार, जो लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, में इस मौसम का दूसरा हिमपात हुआ। चुड़धार, जो शिरगुल महाराज की तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है, में हल्की बर्फबारी शुरू हो गई है। इसके अलावा, नौहराधार, चाबधार, हरिपुरधार, राजगढ़ और शिलाई जैसे अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश के इन क्षेत्रों में मौसम के बदलते मिजाज के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। किसानों और बागवानों के अनुसार, यह बर्फबारी और बारिश फसलों और बागानों के लिए फायदेमंद है। नकदी फसलें जैसे लहसुन, मटर, गोभी, आलू, प्याज, और गेहूं को इससे काफी लाभ होगा। पहाड़ी क्षेत्रों में सेव, नाशपाती, आड़ू, खुबानी, और प्लम के बागानों के लिए बर्फबारी गुणकारी मानी जाती है। बर्फ से जमीन में मौजूद हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं और यह बागानों के लिए नमी और पोषण प्रदान करती है। किसानों का मानना है कि ज्यादा बर्फबारी और बारिश होने से गर्मी के दौरान जल स्रोत सूखते नहीं हैं, जिससे पानी की उपलब्धता बनी रहती है।
जिला चम्बा की ग्राम पंचायत दियोला के गदयोग मुहाल के लोगों ने सोमवार को उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि वे अभी दियोला पंचायत के अंतर्गत आते हैं, लेकिन उनका पंचायत कार्यालय उनके मुहाल से करीब 10 किलोमीटर दूर है।उन्होंने कहा कि दियोला पंचायत कार्यालय पहुंचने के लिए उन्हें एक नाले और करीब 2 किलोमीटर घने जंगल से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। यदि उन्हें जसौरगढ़ पंचायत में शामिल किया जाए, तो उनकी पंचायत कार्यालय से दूरी सिर्फ 5 किलोमीटर रह जाएगी और उन्हें कम दिक्कतें होंगी।ग्रामीणों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं को देखते हुए गदयोग मुहाल को जसौरगढ़ पंचायत में शामिल किया जाए।
** नहीं बन पाई डम्पिंग साइट, स्वच्छता को लेकर गंभीर नही दिख रही नगर पंचायत नगर पंचायत करसोग जनता के लिए समस्या का कारण बनती जा रही है। 12 साल बीत जाने के बावजूद नगर पंचायत कूड़े के निष्पादन के लिए डंपिंग साइट नहीं बना पाई है। करसोग में हर जगह गंदगी फैली हुई है और कूड़े के बड़े ढेर जगह-जगह दिखाई देते हैं। नगर पंचायत से होकर दो खड्डों (इमला और बिमला) का पानी बहता है, जिनसे पेयजल योजनाएं चल रही हैं, लेकिन इन खड्डों में रोजाना कूड़ा डाला जा रहा है, जिससे पानी दूषित हो रहा है। इसके बावजूद नगर पंचायत लाखों रुपये के बिल भेज रही है, लेकिन असल में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। करसोग उपमंडल मुख्यालय पर स्थित है, जहां हर दिन 62 पंचायतों और आसपास के क्षेत्रों से लोग आते हैं। लेकिन यहां बस अड्डा और मुख्य बाजार में कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं, जिससे जनता को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर पंचायत करसोग सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को नजरअंदाज कर रही है।
** कसौली में 90, शिमला में 80, मनाली में 70 फीसदी होटल पैक शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 80, जबकि मनाली और धर्मशाला में 70 फीसदी तक क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों ने हिमाचल प्रदेश का रुख करना शुरू कर दिया है। इस वीकेंड से ही शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, कुफरी, नारकंडा और कसौली सैलानियों से पैक हो गए हैं। शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 80, जबकि मनाली और धर्मशाला में 70 फीसदी तक पहुंच गई है। वीकेंड पर कसौली में 90 फीसदी तक होटलों के कमरे पैक रहे। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश में बर्फबारी के पूर्वानुमान के बाद सैलानियों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से सैलानी क्रिसमस और न्यू ईयर मनाने के लिए हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। अन्य पर्यटन स्थलों पर भी सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। राजधानी शिमला में सैलानियों की भीड़ बढ़ते ही ट्रैफिक जाम की समस्या गहरा गई है। बीते दो दिनों से शहर के कार्ट रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। रोहतांग में बर्फबारी के बाद मनाली में भी सैलानियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। सैलानियों की भीड़ बढ़ने से पर्यटन कारोबारी खासे उत्साहित हैं। उधर, शिमला के रिज मैदान पर पहली बार 24 दिसंबर से विंटर कार्निवल का आयोजन हो रहा है। पहली बार यहां विंटर क्वीन भी चुनी जाएगी। सैलानियों के अलावा स्थानीय लोग भी कार्निवाल को लेकर खासे उत्साहित हैं। ऑफ हिमाचल होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि क्रिसमस से पहले ही वीकेंड पर बड़ी संख्या में सैलानी प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पहुंचने शुरू हो गए हैं। जनवरी के पहले सप्ताह तक सैलानियों की रौनक बनी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बर्फबारी का भी पूर्वानुमान जारी किया है। अगर अच्छी बर्फबारी होती है तो न्यू ईयर बनाने रिकाॅर्ड सैलानी हिमाचल पहुंचेंगे।


















































