राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल ज्वालामुखी में यूथ एवं ईको क्लब द्वारा विज्ञान और गणित विषयों में रुचि बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में साइंस क्विज और विभिन्न प्रकार के मॉडल प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा, बच्चों में टीम भावना को बढ़ावा देने के लिए पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता भी करवाई गई। विद्यालय की प्रधानाचार्या, मीना कुमारी ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों में विज्ञान और गणित के प्रति डर को कम करना और इन विषयों में उनकी रुचि को बढ़ावा देना है। उन्होंने विजेता टीमों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस कार्यक्रम में यूथ एवं ईको क्लब प्रभारी अंकिता शर्मा, वाणिज्य प्रवक्ता विकास धीमान, गणित प्रवक्ता सुखदा सूद, रसायन विज्ञान प्रवक्ता रजनीश कुमार, भौतिकी प्रवक्ता सुरजीत कुमार, टीजीटी रंजना डोगरा, प्रिया गुलेरिया और अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने केंद्रीय बजट 2025-26 को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह बजट देश के विकास को गति देने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करता है और हर वर्ग के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करता है। मध्यम वर्ग को कर राहत से बड़ी सहूलियत बिक्रम ठाकुर ने कहा कि इस बजट में करदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगेगा, जिससे मध्यम वर्ग को सीधा फायदा होगा। 20 लाख रुपये तक की आय वालों को 90,000 रुपये और 50 लाख रुपये तक की आय वालों को 1.10 लाख रुपये की कर छूट मिलेगी। इससे उपभोग क्षमता बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। किसानों और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धन्य कृषि योजना शुरू की है, जिससे 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए छह वर्षीय आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की गई है। इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे किसानों को किफायती दरों पर ऋण मिलेगा। युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर बिक्रम ठाकुर ने कहा कि इस बजट में स्टार्टअप्स और MSMEs को मजबूती देने के लिए विशेष योजनाएं लाई गई हैं। सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये तक का 'कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड' और 10,000 करोड़ रुपये का नया फंड ऑफ फंड्स छोटे व्यापारियों और महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों में 10,000 नई सीटें जोड़ी जाएंगी, जिससे चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा। शिक्षा के क्षेत्र में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित करने और IITs के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना है। हिमाचल प्रदेश को मिलेगा विशेष लाभ बिक्रम ठाकुर ने कहा कि बजट में पश्चिमी कोसी नहर परियोजना को शामिल करने से हिमाचल और बिहार के किसानों को लाभ होगा। पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।उन्होंने इस बजट को संतुलित, समावेशी और विकासोन्मुखी बताते हुए कहा कि यह देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला बजट है।
मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल के पुत्र कर्नल संजय शांडिल की सियासत में एंट्री की अटकलें पिता की राजनैतिक विरासत को संभालते दिख सकते है संजय सोलन में कांग्रेस की दूसरी पंक्ति कमजोर, विरासत भुनाने को संजय को आगे ला सकती है पार्टी सोलन कांग्रेस में 'कर्नल' के बाद 'कर्नल' की एंट्री हो सकती है। माना जा रहा है कि सोलन से कांग्रेस विधायक और कैबिनेट मंत्री डॉ कर्नल धनीराम शांडिल की सियासत विरासत उनके परिवार में ही रहेगी। कर्नल धनीराम शांडिल के पुत्र कर्नल संजय शांडिल बीते शुक्रवार को रिटायर हो गए है और बताया जा रहा है कि जल्द उनकी सियासत में औपचारिक एंट्री होगी, यानी वे कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। हालांकि इसके लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है, लेकिन सूत्रों की माने तो जल्द कर्नल संजय शांडिल कांग्रेस का दामन थामेंगे। आपको बता दें कर्नल धनीराम शांडिल अर्से से सोलन में कांग्रेस का मुख्य चेहरा है और विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक भी लगा चुके है। कर्नल शांडिल दो बार सांसद भी रहे है और वर्तमान में दूसरी बार मंत्री है। कर्नल धनीराम शांडिल न केवल हिमाचल प्रदेश में बड़ा एससी चेहरा है, बल्कि पार्टी आलाकमान के भी बेहद करीबी है। किन्तु कर्नल 84 वर्ष पार कर चुके है और अगले विधानसभा चुनाव में वे 87 पार होंगे। ऐसे में उनके चुनाव लड़ने की सम्भावना न के बराबर है। उनकी जगह कौन लेगा, इसके लेकर लम्बे वक्त से अटकलें लगती रही है। दरअसल, सोलन आरक्षित सीट है और हकीकत ये है कि सोलन में कांग्रेस के पास ऐसा कोई चेहरा नहीं दिखता जो कर्नल धनीराम शांडिल की जगह ले सके। सोलन में कांग्रेस की सेकंड लाइन ऑफ लीडरशिप बेहद कमजोर है, और जो मजबूत चेहरे है वो आरक्षित वर्ग से नहीं आते। ऐसे में माहिर मानते है कि कर्नल संजय शांडिल भविष्य में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते दिख सकते है, ताकि कर्नल धनीराम शांडिल की विरासत को भुनाया जा सके। बहरहाल ये तय माना जा रहा है कि कर्नल धनीराम शांडिल अपनी सियासत विरासत अपने पुत्र को सौंपने जा रहे है। पिछले कुछ वक्त से कर्नल संजय शांडिल की बढ़ती सामाजिक उपस्थिति से इसके संकेत मिल रहे थे और बताया जा रहा है कि अब रिटायरमेंट के बाद वे औपचारिक तौर पर कांग्रेस का दामन थामेंगे। तो जीजा - साला होंगे आमने -सामने ! एक दिलचस्प बात ये भी है की अगर भविष्य में कर्नल संजय शांडिल कांग्रेस से चुनाव लड़ते है और भाजपा भी अपना उम्मीदवार नहीं बदलती, तो ससुर -दामाद के बाद सोलन में जीजा -साला, आमने -सामने चुनाव लड़ते दिखेंगे। ये सम्भावना इसलिए भी प्रबल है क्योंकि भाजपा के पास भी सोलन में डॉ राजेश कश्यप के मुकाबले कोई अन्य मजबूत विकलप नहीं दिखता। बहरहाल ये सब कयास है, लेकिन सियासत में कुछ भी मुमकिन है।
आज सुबह 7:58 बजे थाना बजरिया को सूचना मिली कि चचोगा रास्ते में एक महिला का शव पड़ा हुआ है। इस पर उप निरीक्षक और पुलिस पार्टी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल पर रणवीर सिंह के मकान के नीचे सीमेंटेड सीढ़ियों पर एक महिला का शव मृत अवस्था में पाया गया। प्रारंभिक जांच में मृतका की पहचान नहीं हो पाई। मृतका की निजता का सम्मान करते हुए समाहण पंचायत की वार्ड मेंबर छिमे डोलमा (उम्र 66 वर्ष) को मौके पर बुलाया गया। छिमे डोलमा के साथ महिला के शव का बारीकी से निरीक्षण किया गया। वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई। मृतका का नाक, मुंह,होंठ, जबड़ा किसी जानवर द्वारा खाया हुआ प्रतीत हो रहा है ।खाये हए जगह पर कोई खून नहीं है जबड़ा व दांत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं व शरीर के अन्य भागों व गले में कोई भी बाहरूनी/ बाहरी चोट लगना नहीं पाई गई है। मृतिका का पंचनामा तैयार करके बाद गवाहों के हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं तथा शामलान गवाहों के बयान भी कलम बंद किए गए हैं I अब तक की सरसरी पूछताछ व गवाहों के बयान अनुसार मृतका का नाम का व पता मालूम नहीं ! घटनास्थल के आसपास की जगह की बारिकी से पुलिस पार्टी द्वारा सर्च की गई । सर्च के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है व स्थानीय लोगों ने मृतका की मृत्यु पर कोई भी संदेह व शक शुबा जाहिर नही किया है। तस्दीक जारी है ।
आज राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के मेधावी व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को ग्राम पंचायत हाटकोट के उप प्रधान रोहित जोशी ने अपनी ओर से स्कूल बैग वितरित किए। गौर रहे कि रोहित जोशी ने उपरोक्त विद्यालय को गोद लिया हुआ है और इनका विद्यालय के लिए कुछ न कुछ सहयोग हमेशा रहता है। विद्यालय परिवार ने रोहित जोशी का बच्चों को बैग वितरित करने के लिए धन्यवाद किया। विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक ने बताया कि रोहित जोशी ने विद्यालय के 25 बच्चों को स्कूल बैग भेंट किए। इस मौके पर विद्यालय के अध्यापक दुर्गानंद शास्त्री,कृष्णा,अजय,वरुण,सुरेश आदि मौजूद रहे।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री ने बजट में टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा की। अब सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। वहीं टीडीएस में भी राहत दी गई है। सीनियर सिटीजन को भी इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिली है। हालांकि यह फायदा उन्हीं टैक्सपेयर्स को मिलेगा जो नई टैक्स व्यवस्था के अनुसार आईटीआर फाइल करेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को अब कोई भी इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसमें 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल है। सीतारमण ने कहा कि 18 लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले टैक्सपेयर्स को 70,000 रुपये की बचत होगी जबकि 25 लाख तक 1.10 लाख रुपये की बचत होगी। सीतारमण ने कहा कि ITR और टीडीएस की सीमा बढ़ाई गई है। टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। टैक्स डिडक्शन में बुजुर्गों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। Old Tax Regime के तहत इनकम टैक्स दरें 0-4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं। 4-8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत 8-12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत 12-16 लाख की आय पर 15 प्रतिशत 16-20 लाख की आय पर 20 प्रतिशत 20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत 24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत इन्हें नहीं मिलेगा फायदा सालाना 12.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स में छूट उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनकी आय सिर्फ सैलरी से होगी। अगर वे शेयर मार्केट या किसी और माध्यम से कमाई करते हैं तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्हें इनकम टैक्स देना होगा।
अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाये जाएंगे। आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025 में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए ये अहम घोषणा की है, जिसमें अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य हवाई यात्रा को सुलभ बनाना और एयर कनेक्टिविटी को मजबूती देना है, खासकर छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में। इस योजना से न केवल स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और उद्योगों को भी गति मिलेगी। नए एयरपोर्ट के निर्माण से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। यह कदम प्रधानमंत्री की "उड़ान" योजना के तहत लिया जा रहा है, जिसका मकसद छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। इससे न केवल यात्रा में सुगमता आएगी, बल्कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में तकनीकी क्षेत्र को लेकर एक अहम ऐलान किया। सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नवाचार और विकास को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष फंड देने की घोषणा की है। इस फंड का उद्देश्य AI के शोध, विकास, और शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, जिससे भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में एक नया मुकाम हासिल हो सके। सरकार के इस ऐलान के तहत, AI आधारित परियोजनाओं, स्टार्टअप्स और संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे नए समाधान विकसित कर सकें और विभिन्न उद्योगों में AI का अधिकतम उपयोग कर सकें। इससे न केवल भारत में AI टेक्नोलॉजी की गति बढ़ेगी, बल्कि यह रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा और उद्योगों में कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करेगा।
आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025 में किसानों को लेकर महत्वपूर्ण ऐलान किया है। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर कर्ज की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है। इस कदम से किसानों को कृषि कार्यों के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिल सकेगी और वे अपनी खेती के लिए आवश्यक संसाधनों को आसानी से जुटा सकेंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का उद्देश्य किसानों को आसान और सस्ती क्रेडिट सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें। अब तक यह सुविधा अधिकतर छोटे और सीमांत किसानों तक सीमित थी, लेकिन इस सीमा में बढ़ोतरी से अब अधिक किसानों को लाभ मिलेगा और वे अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकेंगे। कृषि क्षेत्र को समर्पित इस बजट प्रस्ताव से सरकार का मकसद है कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जाए। साथ ही, यह कदम कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा और किसान की आय दोनों में वृद्धि हो सकेगी।
आज पूरा देश संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2025 पर नजरें गड़ाए बैठा है। यह बजट आज सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। यह निर्मला सीतारमण का लगातार आठवां बजट होगा, और 2024 में बनी मोदी 3.0 सरकार का दूसरा पूर्ण बजट है। गरीब, मिडिल-क्लास और वेतनभोगी वर्ग को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। खासकर इनकम टैक्स स्लैब में राहत और आर्थिक सुधारों की मांग की जा रही है। बजट से उम्मीद की जा रही है कि यह महंगाई से राहत देने और खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने वाले कदमों के साथ आएगा।बजट सेशन 2025 की शुरुआत शुक्रवार 31 जनवरी 2025 को हुई, जब वित्त मंत्री ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2025 पेश किया। इसमें देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, विकास दर, महंगाई और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। अब सभी की निगाहें आज के बजट पर टिकी हैं, जिसमें इन आंकड़ों के आधार पर नई नीतियां घोषित की जाएंगी। बजट से पहले राष्ट्रपति से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मुलाकात केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना आठवां बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुरु से मिलने के लिए वित्त मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से रवाना हो गई हैं। पेपरलेस फॉर्मेट में वे पारंपरिक ‘बही खाता’ के बजाय एक टैब के माध्यम से बजट पेश करेंगी और पढ़ेंगी।
पधर(मंडी): राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरला की मेधावी छात्रा श्रुति धरवाल उन सौभाग्यशाली विद्यार्थियों में शामिल हैं, जिन्होंने 'परिक्षा पे चर्चा 'कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उत्साहवर्धन किया। "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम 24 फरवरी से 29 फरवरी तक शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के संयोजन में नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस वर्ष इस कार्यक्रम के लिए हिमाचल प्रदेश से तीन बच्चों का चयन हुआ था, जिसमें श्रुति धरवाल मंडी जिले से एकमात्र छात्रा थी। मार्गदर्शिका शिक्षिका उषा ठाकुर, प्रवक्ता (रसायन विज्ञान) के नेतृत्व में श्रुति धरवाल नई दिल्ली पहुंची। श्रुति ने बताया कि प्रधानमंत्री जी से मुलाकात जीवन में कभी न भूलने वाली मुलाकात रही। प्रधानमंत्री जी ने परीक्षा के लिए उपयोगी तैयारियां और खुद को तनाव से मुक्त रखने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। पाठशाला प्रधानाचार्य संजीव ठाकुर ने इस उपलब्धि के लिए समूचे विद्यालय परिवार की ओर से मेधावी छात्रा श्रुति धरवाल और अभिभावकों को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष बोर्ड परीक्षा में प्रदेश मेरिट में टॉप पर रही श्रुति धरवाल ने ग्रामीण क्षेत्र से सबंधित स्कूल के साथ साथ जिला मंडी का नाम रोशन किया था। पंचायत समिति द्रंग के उपाध्यक्ष कृष्ण भोज और स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष भूप सिंह धरवाल ने भी इस उपलब्धि के लिए मेधावी छात्रा और स्वजनों को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।
एक तरफ जहां हमारे समाज में गऊ पालन को धर्म से जोड़कर देखा जाता रहा है और एक धर्म विशेष पर लगातार गौवंश की हत्या के आरोप लगाए जाते हैं वहीं चम्बा के तीसा के मुस्लिम परिवार ने मिसाल पेश की जा रही है। बट्ट परिवार के सदस्य परवेज अली बट्ट ने मंजीर गोसदन के एक गोवंश को गोद लिया है। परवेज भट्ट गोसदन में एक गौवंश का पूरा खर्चा उठाएंगे। यही नही उन्होंने वहीं गोसदन में रखे जाने वाले पशुधन को सर्दी से बचाने हेतु गोसदन के भवन के चारों और तिरपाल की व्यवस्था इत्यादि हेतु 31 हजार रुपए गो सदन संचालकों को दिए किए हैं। सलूणी के तहत मंजीर में करोड़ों रुपए की लागत से गोसदन का निर्माण करवाया गया है। जहां कि सड़कों पर छोड़ दिए गए लगभग दो सौ गोवंश को रखने की क्षमता है। इस गोसदन में रखे जाने वाले गोवंश की देखरेख का जिम्मा राष्ट्रीय स्तर की गैर सरकारी संस्था सर्वोदय ह्युमन एंड नेचर डेवलपमेंट द्वारा उठाया गया है। ऐसे में संस्था के द्वारा एक परिवार को एक गोवंश गोद लिए जाने की अनूठी पहल(अभियान) की शुरुआत गई है। संस्था की इस पहल के तहत परवेज अली बट्ट सबसे पहले आगे आए हैं। वीरवार को बट्ट नर्सिंग कॉलेज बोंखरी मोड़ में परवेज अली बट्ट से मिलने पहुंचे संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार व महासचिव अजय कुमार के आग्रह पर फौरन हामी भरते हुए बट्ट ने मंजीर गोसदन के एक गोवंश को गोद लिया वहीं गोसदन के भवन के चारों और तिरपाल लगवाने व अन्य व्यवस्थाओं हेतु 31 हजार रुपए प्रदान किए। जबकि गोसदन के संचालन हेतु अपनी ओर से हर संभव सहयोग देने की हामी भरी। जिसके लिए गोसदन संचालकों ने परवेज अली बट्ट का आभार जताया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी परवेज अली बट्ट द्वारा गंगा जमुनी तहजीब के तहत हिंदू पर्वों के सफल आयोजन के लिए अपनी ओर से आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है। बट्ट द्वारा हर वर्ष बनीखेत में आयोजित होने वाली श्रीरामलीला के सफल आयोजन में भी अपनी और से बढ़चढ़ कर आर्थिक सहयोग किया जाता है। परवेज अली बट्ट ने कहा कि गोवंश का धार्मिक आस्था से भी जुड़ाव है। मगर खेद का विषय है कि कुछ स्वार्थी लोग अपना लाभ ले लेने के बाद गोवंश को सड़कों पर छोड़ देते हैं। परवेज अली बट्ट ने कहा कि ईश्वर अल्लाह एक हैं और सभी धर्म मानवता का संदेश देते हैं। ऐसे में हमें अपना मानवता का फर्ज निभाते हुए सड़कों पर छोड़े गए बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने जिला के अन्य साधन संपन्न लोगों से भी मंजीर स्थित गोसदन के एक एक गोवंश को गोद लेने का आह्वान किया है।
डिंपल/धर्मपुर-मंडी: राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में बुधवार को सांसद क्रिकेट खेल महाकुंभ का भव्य समापन हुआ। इस प्रतियोगिता में कुल 32 टीमों ने भाग लिया, और फाइनल मुकाबला धर्मपुर और जबलपुर टीम के बीच हुआ। जबलपुर टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए धर्मपुर टीम के सामने 80 रन का लक्ष्य रखा। जबलपुर की ओर से विजय ने 18 रन और अजय आरव ने 33 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। वहीं, धर्मपुर के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें सुरजीत, विकास, और नेकराम ने एक-एक विकेट लिया। जब धर्मपुर टीम ने 80 रन का पीछा करना शुरू किया, तो अर्जुन ने 10, विशाल ने 42, उदय सकलानी ने 13, और शबु ने 8 रन बनाए। गेंदबाजी में धर्मपुर टीम ने भी जबलपुर को कड़ी चुनौती दी, जहां अर्जुन और उदय सकलानी ने दो-दो विकेट लिए, जबकि विशाल, सरोज और राहुल ने भी अहम विकेट निकाले। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम धर्मपुर, श्री जोगिंद्र पटियाल उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को नगद पुरस्कार और ट्रॉफियां देकर सम्मानित किया। धर्मपुर टीम को 21 हजार रुपये और ट्रॉफी प्राप्त हुई, जबकि उपविजेता जबलपुर टीम को 11 हजार रुपये और ट्रॉफी मिली। तनेहड़ टीम को तीसरे स्थान पर आने पर 5 हजार रुपये और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। एसडीएम जोगिंद्र पटियाल ने विजेता टीम को बधाई दी और उपविजेता टीम को आगामी प्रतियोगिताओं में अपनी गलतियों को सुधारने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेलों से भाईचारा बढ़ता है और यह बुरी आदतों से दूर रखने में मदद करता है, इसलिए युवाओं को खेल में जरूर हिस्सा लेना चाहिए।धर्मपुर टीम के कप्तान राकेश कुमार ने अपनी टीम को अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी और भविष्य में भी बेहतर खेल की उम्मीद जताई। वहीं, जबलपुर टीम के कप्तान अभिषेक अब्बू ने अपनी टीम की बैटिंग पर संतोष व्यक्त किया और धर्मपुर टीम की बैटिंग और बॉलिंग को सराहा। उन्होंने विजेता टीम को बधाई दी और कहा कि धर्मपुर टीम ने दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे वे मैच जीतने में सफल रहे।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा में गुरुवार को सात दिवसीय एन.एस.एस. शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. संजीत सिंह ठाकुर, सोशल वर्क केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश कैंपस देहरा की अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यक्रम के अधिकारी प्रो. ख़ेम चंद ने मुख्य अतिथि का स्वागत अभिनंदन किया और शिविर के दौरान आगामी सात दिनों में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों पर चर्चा की। मुख्य अतिथि ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के आदर्श मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला और जीवन में अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य जतिंदर कुमार ने पी.टी.ए. प्रधान प्रवीण कुमारी और पूर्व पी.टी.ए. प्रधान अंजू बाला को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। प्रो. रामपाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कार्यालय वरिष्ठ सहायक रामकृष्ण भी उपस्थित रहे।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एल पी यू) जलंधर पंजाब में 29 जनवरी, 2025 से 2 फरवरी तक होने वाले राष्ट्रीय कोर्फबॉल प्रतियोगिता के लिए जिला सोलन से 8 खिलाड़ियों का साहयण हुआ है। जिनमें पांच लड़के व तीन लड़किया शामिल है। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डूमैहर (अर्की) के कनिष्ठ वर्ग में तीन खिलाड़ियों जिसमें सागर ठाकुर, नमन कुमार व किरण वर्मा तथा वरिष्ठ वर्ग में डूमैहर पंचायत के एक खिलाड़ी अर्पित पाल का चयन हुआ है। सोलन से वरिष्ठ वर्ग में सारंग शर्मा, सूरज शर्मा, यामिनी तथा मिली का चयन इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डूमैहर के डीपीई व जिला सोलन कोर्फबाल संघ के महासचिव राजकुमार पाल ने बताया कि पहली बार जिला सोलन से राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए आठ खिलाड़ियों का चयन हुआ है । जिला सोलन कोर्फबाल संघ के प्रधान सीस राम राठौर, संघ के पदाधिकारियों जिनमें रोशन लाल शर्मा, मोहिंदर राठौर, देवेंद्र ठाकुर, ताराचंद शर्मा तथा चंदन ठाकुर आदि ने इन खिलाड़ियों को बधाई व शुभकामनाएं दी है।
हिमाचल प्रदेश में आज रात से मौसम करवट बदलेगा। आज रात से ही प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (WD) ज्यादा एक्टिव हो जाएगा और अगले छह दिनों तक इसका असर देखने को मिलेगा। खास तौर पर 4 फरवरी को बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर भागों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जाहिर की है। इस दौरान =मध्य व उच्च पर्वतीय कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। जबकि निचले पहाड़ी-मैदानी क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। वहीं प्रदेश के ज्यादातर भागों में 2 फरवरी को मौसम साफ हो जाएगा। जबकि 3 फरवरी से अगले दो दिन तक फिर से बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। बारिश और बर्फबारी से पहले तापमान में ही हल्का उछाल आया है। प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक हो गया है। मनाली के तापमान में नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 5.9 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया है। इसी तरह कल्पा का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक हो गया है।
**सीएम के आदेशों के बाद जगह तलाशने में जुटा निगम प्रशासन शिमला के रिज मैदान पर स्थापित किया गया सौ फुट ऊंचा तिरंगा हटने जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह तिरंगे झंडे को रिज मैदान से हटाकर दूसरी जगह लगाने के निर्देश दिए थे इसके बाद लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के अधिकारी दूसरी जगह तलाशने में जुट गए हैं। आज शहरी विधायक हरीश जनारथा ने लोकनिर्माण ओर नगर निगम के अधिकारियों के साथ झंडा लगाने को लेकर रिज मैदान टका बैच का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जगह का चयन जल्द करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि यह झंडा टका बैच पर लगाया जाएगा। यही नहीं शिमला के रिज मैदान पर स्थित रेन शेल्टर को भी हटाया जाएगा। शहरी विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिशा निर्देश दिए है।उन्होंने कहा कि रिज के जीर्णोद्धार के बाद झण्डा बीच में आ गया है शिमला का रिज सीधा एक ही मैदान बना रहे है इसके मध्यनजर यह फैसला लिया जा रहा है। जनारथा ने कहा कि PWD इसके लिए नॉडल विभाग होगा परंतु कार्य नगर निगम की देख रेख में करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल को जगह तय नहीं हुई है। विचार किया जा रहा है अच्छी व पक्की जगह चिन्हित करके इसको स्थापित किया जाएगा। 2015 में स्थापित किया था रिज पर 100 फुट ऊंचा तिरंगा ऐतिहासिक रिज पर नगर निगम प्रशासन 100 फुट ऊंचा तिरंगा 2015 में स्थापित किया था। निगम ने करीबन 13.55 लाख की लागत से झंडे को स्थापित किया था। यह तिरंगा सवा 9 मीटर लम्बा और सवा 6 मीटर चौड़ा है। इसके लिए 30 मीटर लम्बा एक ऑटोमैटिक फ्लैग पोस्ट भी बनाया गया था जिस पर करीब कुल करीब 13.55 लाख खर्च हुए थे। शिमला नगर निगम प्रशासन इसकी देखरेख कर रहा है।लेकिन रिज के जीर्णोद्धार के बाद ये झंडा रिज के बीच मे आ गया है। जिसके चलते इसे यहां से हटाया जा रहा है।
राजधानी शिमला में पुलिस द्वारा चिट्टे के खिलाफ अभियान चलाया है और आए दिन चिट्टा तस्करों को पकड़ा जा रहा है। पुलिस द्वारा आम लोगो से भी चिट्टा तस्करों को पकड़वाने की अपील की जा रही है । वही शिमला व्यापार मंडल भी पुलिस के सहयोग के लिए आगे आया है ओर चिट्टा तस्करों को पकड़वाने में पुलिस की मदद करने वाले लोगों को शिमला व्यापार मंडल भी नकद इनाम का एलान किया। व्यापार मंडल ने ऐसे लोगों को 11 हजार रुपये तक का नकद पुरस्कार देगा जो इस काम के लिए पुलिस की मदद करेंगे। यही नहीं यदि कोई बाजार में दुकानों में काम करने वाला व्यक्ति चिट्टा तस्करी में पाया जाता है तो उसे बाजार से बाहर निकाल दिया जाएगा | राजधानी में चिट्टे के बढ़ते मामलों को देखते हुए शिमला व्यापार मंडल ने यह पहल की है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि शिमला पुलिस चिट्टे के खिलाफ बेहतरीन अभियान चला रही है। इसका नतीजा यह है कि कई बड़े गिरोह हत्थे चढ़ चुके हैं। इसके बावजूद शहर में इसका कारोबार जारी है। ऐसे में पुलिस की मदद करने के लिए लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि चिट्टा तस्करी से जुड़ी सूचना देने वाले लोगों को नकद इनाम दिया जाएगा। ऐसे लोगों की पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। अध्यक्ष ने कहा कि शिमला के युवाओं को नशे से बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि यदि बाजारों में भी यदि कोई दुकानदार या दुकानों में काम करने वाला व्यक्ति चिट्टा तस्करी में पाया जाता है तो उसे बाजार से भी बाहर निकाल दिया जाएगा।
सोलन: सोलन जिला के बसाल रोड चम्बाघाट स्थित कबाड़ की दुकानों से चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के संबंध में श्री कृष्ण लाल निवासी सोलन ने 13 जनवरी 2025 को पुलिस चौकी शहर सोलन में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि उनकी और उनके पड़ोसी श्री राजेन्द्र कुमार की कबाड़ की दुकानों से कोई अज्ञात व्यक्ति सामान चुरा ले गया, जिसमें पुरानी सोलर बैटरियां, पंखे, फ्रिज आदि शामिल थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 1,90,000 रुपये थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की। पुलिस थाना सदर सोलन की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें, मंगल सिंह (उम्र 22 वर्ष), निवासी गांव भियुली(मण्डी) रिंकू उर्फ काला (उम्र 24 वर्ष), निवासी गांव मलथेर बल्ह, मण्डी और सोनू (उम्र 19 वर्ष), निवासी ब्युली मण्डी, मण्डी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि ये आरोपी पहले भी अपराधों में शामिल रहे हैं। मंगल सिंह पर 3 चोरी के मामले, रिंकू पर 5 चोरी के मामले और सोनू पर एक चोरी का मामला पहले से दर्ज था। आरोपी अपनी गाड़ी छोटा हाथी का उपयोग करके कबाड़ चोरी करते थे। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड हासिल की गई है। पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है और आरोपियों से अन्य मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
1980 में भाजपा के गठन के बाद से हिमाचल में अब तक 13 नेता प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे है।सतपाल सिंह सत्ती सबसे अधिक दस साल तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे, तो खीमीराम शर्मा को सबसे कम कार्यकाल मिला। हालांकि सबसे छोटा कार्यकाल डॉ राजीव बिंदल के नाम है जो वर्तमान में दुरसी बार अध्यक्ष है। साल 2020 में उनका पहला कार्यकाल महज 186 दिन का रहा था। तब कोरोना काल में हुए घोटाले में उनका नाम उछाला और नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। सिलसिलेवार बात करें तो हिमाचल भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष बने ठाकुर गंगाराम जो मंडी से ताल्लुक रखते थे। वे 1984 तक अध्यक्ष रहे। इसके बाद शिमला संसदीय हलके के अर्की से सम्बन्ध रखने वाले नगीनचंद पाल भाजपा के अध्यक्ष बने, और 1986 तक पद पर रहे। 1986 में शांता कुमार हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष बने और 1990 का विधानसभा चुनाव भी उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा गया। शांता कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद कुल्लू के महेश्वर सिंह प्रदेश अध्यक्ष बने और 1993 तक इस पद पर रहे। पर 1993 में भाजपा की शर्मनाक हार के बाद महेश्वर की विदाई हो गई और एंट्री हुई प्रो प्रेम कुमार धूमल की। उनके नेतृत्व में ही भाजपा ने 1998 के विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाई और धूमल सीएम बने। फिर सुरेश चंदेल दो साल तक प्रदेश अध्यक्ष रहे और साल 2000 से लेकर 2003 तक जयकिशन शर्मा ने प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला। धूमल, सुरेश चंदेल और जयकिशन शर्मा, तीनों ही हमीरपुर संसदीय हलके से थे। साल 2003 में सुरेश भारद्वाज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और 2007 तक इस पद पर रहे। भारद्वाज के बाद दो साल एक लिए जयराम ठाकुर और फिर 2009 से 2010 खीमीराम शर्मा ने पार्टी की कमान संभाली। 2010 में भाजपा अध्यक्ष पद पर सतपाल सिंह सत्ती की ताजपोशी हुई और वे दस साल लगातार अध्यक्ष रहे। सबसे अधिक वक्त तक अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड अब भी सत्ती के नाम है। सत्ती की विदाई के बाद डॉ राजीव बिंदल की ताजपोशी हुई लेकिन कोरोना काल में घोटाले के आरोप के बाद बिंदल को महज 186 दिन बाद ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना पड़ा। ये हिमाचल में किसी भी भाजपा अध्यक्ष का सबसे छोटा कार्यकाल है। बिंदल के बाद सुरेश कश्यप को कमान सौपी गई और अप्रैल 2023 तक कश्यप पार्टी अध्यक्ष रहे। इसके बाद बिंदल की दोबारा बतौर अध्यक्ष एंट्री हुई। अब बिंदल को पार्टी फिर मौका देती है या नहीं, ये सवाल बना हुआ है।
**पिछले कल आरोपी को हरियाणा से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर किया गिरफ्तार **"अवैध शराब निर्माण में शामिल मुख्य आरोपी मुकेश सांगवान को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया, पूछताछ जारी हरोली क्षेत्र के अमराली में स्थित एक शराब की फैक्ट्री में पिछले बर्ष 2024 में अवैध शराब बनाने का मामला पाया गया था। आबकारी विभाग द्वारा शिकायत देने पर पुलिस थाना हरोली में मामला दर्ज हुआ था पुलिस ने पहले शराब फैक्ट्री के एक मुख्य कारोबारी अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था। अनिल की गिरफ्तारी के बाद इसके सारे साथी फरार हो चुके थे जिनकी काफी समय से पुलिस तलाश कर रही थी इसके बाद हरोली पुलिस की एक टीम उप निरीक्षक चेतन सिंह की अगुवाई में राजस्थान गई थी जहां से घटना के एक अन्य आरोपी कृष्ण कुमार को गिरफ्तार करके हरोली पहुंचाया गया। अब घटना के मुख्य आरोपी मुकेश सांगवान को हरियाणा से प्रोडक्शन वारंट पे लाकर गिरफ्तार किया गया है जिसे पिछले कल माननीय अदालत में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उक्त फैक्ट्री में किस तरह नकली शराब बनाई जाती थी और घटना में कौन-कौन शामिल है,इसके बारे में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। घटना में एक्साइज विभाग के अधिकारियों पर भी पुलिस का चाबुक चल सकता है जिन्हें संदेह के दायरे में रखा गया है। डीएसपी मोहन रावत ने मुख्य आरोपी के गिरफ्तार होने वाला पुष्टि की है और बतलाया है कि जल्द ही घटना के सारे आरोपियों के बारे में सही जानकारी उठाई जाएगी और झूठ का पर्दाफाश करके सच को सबके सामने लाया जाएगा। थाना प्रभारी सुनील ने बताया कि मामले की जांच का जिम्मा उप निरीक्षक चेतन सिंह को सौंपा गया है
जिला पुलिस कप्तान राकेश सिंह के निर्देश पर पुलिस थाना सदर ऊना ने गैंगस्टर गतिविधियों पर रोकथाम के लिए एक सख्त अभियान चलाया है। इसके तहत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसने महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की और उसी के आधार पर कार्रवाई की। पिछले कल फिरौती के मामलों में शामिल अपराधी राकेश कौशल को पंजाब के रोपड़ से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान की गई पूछताछ में आरोपी ने कुछ संदिग्धों के बारे में अहम जानकारी दी, जिससे SIT को और दिशा मिली। इसके बाद जिला पुलिस ने तड़के ही थाना हरौली, थाना सदर, थाना टाहलीवाल और थाना गगरेट में चार अलग-अलग स्थानों पर रेड की। थाना हरौली की पुलिस टीम ने थाना प्रभारी सुनील के नेतृत्व में स्लोह गांव में स्थित हरप्रीत सिंह ढिल्लू के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस ने वहां से 367 ग्राम अफीम और दो लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की। पुलिस ने इन सबको जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों के तहत केस दर्ज किया। हरप्रीत सिंह उर्फ ढिल्लू पहले से ही अवैध माइनिंग के मामलों में संलिप्त रहा है और उसका नाम इन गतिविधियों में चर्चा में रहा है। पुलिस टीम कई महीनों से उसकी अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। पुख्ता जानकारी मिलने पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से पुलिस रिमांड लिया जाएगा और आगे की जांच की जाएगी। इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस गैंगस्टर और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अपराधों पर कड़ी नजर बनाए हुए है और किसी भी कीमत पर इन अपराधों को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सफल ऑपरेशन ने न केवल गैंगस्टर गतिविधियों और ड्रग्स के कारोबार में शामिल अपराधियों में दहशत फैलाई है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि पुलिस इन अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
आज जिला चम्बा के NPSEA जिला अध्यक्ष, सुनील जरियाल, ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर केंद्र सरकार को कड़ी आलोचना की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से UPS को लागू करने की अधिसूचना जारी की है, जिसके खिलाफ पूरे देश में विरोध का माहौल बन गया है। जरियाल ने इस फैसले को कर्मचारियों के खिलाफ बताते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की है, जबकि केंद्र सरकार अब कर्मचारियों को UPS के जरिए आर्थिक संकट में डालने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि UPS में कर्मचारियों को अपनी पूरी जीवन भर की जमा पूंजी छोड़नी पड़ेगी, जबकि NPS में सेवानिवृत्ति पर 60% राशि वापस मिल जाती है। जरियाल ने यह भी कहा कि UPS में कर्मचारियों को 50% पेंशन तब मिलेगी, जब वे कम से कम 25 वर्षों तक नियमित सेवा देंगे। अगर कर्मचारी स्वेच्छापूर्वक सेवा से सेवानिवृत्त होते हैं तो उनका नुकसान और बढ़ जाएगा, क्योंकि उन्हें पेंशन पाने के लिए 25 साल की सेवा पूरी करनी होगी। इसके अलावा UPS में कई अन्य छुपी हुई शर्तें भी हैं, जो कर्मचारियों के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि OPS, NPS और UPS में से OPS कर्मचारियों के लिए सबसे लाभकारी है। जरियाल ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह 1 अप्रैल 2025 से UPS को लागू करने की बजाय, OPS को लागू करें, ताकि एक देश, एक संविधान और एक पेंशन का उदाहरण स्थापित हो सके। अन्यथा, केंद्र सरकार को कर्मचारियों को ठगने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में नशे की ओवरडोज से एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान राहुल ठाकुर के रूप में हुई है, जो आनी का ही रहने वाला था। इस मामले में युवक की मां ने उसके दोस्तों पर समय पर चिकित्सा सहायता न देने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, राहुल ने 27 जनवरी की शाम को अपनी मां को फोन कर बताया था कि वह अपने दोस्तों के साथ नोगली में है और गोरा मश्नू की ओर जा रहा है। अगले दिन, 28 जनवरी को, पुलिस ने परिवार को सूचना दी कि आनी अस्पताल में इलाज के दौरान राहुल की मौत हो गई। मृतक की मां भीमदासी का कहना है कि यदि राहुल के दोस्तों ने समय पर उसे अस्पताल पहुंचाया होता, तो उसकी जान बच सकती थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी कुल्लू, डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि पुलिस नशे की ओवरडोज के कारण हुई इस मौत की गहनता से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उस समय राहुल के साथ कौन-कौन मौजूद था और किन परिस्थितियों में यह घटना घटी। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परवाणू: 12 मार्च 2024 को पुलिस थाना परवाणू में एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनकी 15 वर्षीय बेटी सै0-01 परवाणू में काम करने गई थी, लेकिन काम पूरा करने के बाद वह वापस नहीं लौटी। महिला ने अपनी बेटी की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसके बाद मामला थाना परवाणू में पंजीकृत किया गया। पुलिस ने नाबालिगा की तलाश शुरू की और उसकी संभावित लोकेशन की जांच शुरू की। साथ ही, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच भी की गई। जांच के दौरान पता चला कि नाबालिगा के पड़ोस में रहने वाला राहुल नामक युवक(उम्र 23 ), जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला था, उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया था। पुलिस की टीम ने मामले की गहनता से जांच करते हुए आरोपी राहुल को दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी के साथ ही नाबालिग लड़की को भी दिल्ली से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। जाँच में यह भी सामने आया कि आरोपी राहुल लड़की को दिल्ली में किराए के कमरे में रखकर रह रहा था। नाबालिग लड़की को सुरक्षित उसके परिजनों के हवाले किया गया। आरोपी राहुल, जो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का निवासी है, को आज अदालत में पेश किया जा रहा है। इस आरोपी का पूर्व अपराधिक रिकार्ड भी जांचा जा रहा है। मामले की जांच जारी है।
धर्मपुर (सोलन) - पुलिस थाना धर्मपुर में एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला पंजीकृत किया गया है, जिसमें एक पेट्रोल पम्प के मालिक की बीमारी का फायदा उठाकर उसके नाम पर झूठे दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपये की हेराफेरी की गई। शिकायतकर्ता परस राम, जो डाकखाना देवठी, तहसील और जिला सोलन के निवासी हैं, ने 17 मई 2023 को पुलिस थाना धर्मपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी। परस राम ने बताया कि उन्होंने 1995 में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड से स्वीकृति प्राप्त कर "शान्ति फिलिंग स्टेशन" रड़ियाना सुबाथू खोला था। वर्ष 2020 में वे गंभीर रूप से बीमार हो गए थे और शिमला के IGMC में उपचाराधीन रहे। इस दौरान, उनका मित्र सुशील कुमार, जो इस पेट्रोल पम्प का संचालन देखता था, ने उनकी दो चेक बुक उनके नाम से बैंक खातों में जमा न कर, उन्हें अपनी को-ऑपरेटिव सोसाइटी में जमा कर लिया। इसके अलावा, सुशील कुमार ने उनके नाम पर झूठे दस्तावेज तैयार करके पेट्रोल पम्प में अपना 50 फीसदी शेयर होने का दावा किया। आगे की जांच में यह सामने आया कि सुशील कुमार ने उनके नाम से N.A.T.C.S. सुबाथू में खाता खोलकर झूठे हस्ताक्षर करके लोन लिया, जबकि परस राम ने कभी लोन के लिए आवेदन नहीं किया था। इसके अतिरिक्त, पेट्रोल पम्प की आमदनी को भी उक्त खाते में डायवर्ट किया गया और उससे राशि को अपने पी.एन.बी. खाते में ट्रांसफर किया गया। जब श्री परस राम 2022 में पेट्रोल पम्प पर लौटे, तो उन्हें पता चला कि उनकी आमदनी में करीब 80 लाख रुपये की कमी है। एक और जांच में यह भी सामने आया कि करीब एक करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई थी, जिसमें सोसाइटी के मैनेजर अमर लाल कश्यप भी शामिल था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सुशील कुमार और अमर लाल को 28 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला सिरमौर पुलिस थाना नाहन के तहत पुलिस ने चिट्टे और नकदी समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक आरोपी ने अपने घर की दीवारों पर पुलिस के खिलाफ अपशब्द में भी लिखे हुए थे। जिला पुलिस की एसआईयू टीम गश्त के दौरान नाहन में मौजूद थी। इस बीच पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि साहिल वर्मा (22) और आर्यन तोमर (22), निवासी मोहल्ला ढाबों नाहन अपने आवासीय मकान में नशे का कारोबार करते हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घर में दबिश दी और दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 8.5 ग्राम चिट्टा के साथ 3,050 रुपये के करेंसी नोट भी बरामद किए। पुलिस ने पाया कि आरोपी आर्यन तोमर के घर की दीवारों पर पुलिस के लिए अपशब्द भी लिखे थे। एसएसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि आरोपी साहिल वर्मा व आर्यन तोमर को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। तफ्तीश के दौरान एक आरोपी आर्यन के घर की दीवारों पर पुलिस के लिए लिखे गए अपशब्दों को साझा नहीं किया जा सकता है और इस मामले में पुलिस उचित कार्रवाई कर रही है।
कल्पना कीजिए, आपकी बारात गाड़ियों के काफिले के साथ शादी के घर पहुंचती है, और वहां के लोग आपको यह कहकर रोक दें कि यहां न तो कोई शादी है और न ही दुल्हन! जिला ऊना के हरोली क्षेत्र के सिंगा गांव में मंगलवार को कुछ ऐसा ही हुआ, जब नारी गांव से आई एक बारात अजीबोगरीब हालात में फंस गई। बारात गाड़ियों में सवार होकर खुशी-खुशी पहुंची थी, लेकिन गांव के लोगों ने साफ कह दिया, "यहां तो कोई शादी नहीं हो रही, और यह लड़की हमारे गांव की नहीं है। बारातियों ने जब दुल्हन का फोटो दिखाया तो ग्रामीणों ने पहचानने से साफ इनकार कर दिया। इस बात ने बारातियों को हैरानी और उलझन में डाल दिया। तभी शादी की बिचौलिया महिला, तेवर दिखाते हुए बोली, "शादी इसी गांव में है, मैं पता करके आती हूं।" महिला अपने पति के साथ गाड़ी में बैठकर यह कहकर वहां से चली गई कि वह दुल्हन के घर का पता लगाकर आएगी। कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं लौटी, तो बारातियों और ग्रामीणों को शक हुआ। जब महिला से संपर्क किया गया, तो उसने बताया कि दुल्हन ने जहरीला पदार्थ खा लिया है और वह उसे पंजाब के नवांशहर अस्पताल लेकर जा रही है। महिला की बातों से संदेह बढ़ा और बारातियों ने उसे दूसरी गाड़ी में खोजकर गांव वापस लाया। इसके बाद बिचौलिया महिला और बारातियों के बीच विवाद गहराने लगा। मामला इतना बिगड़ा कि पंचायत के प्रतिनिधि और पुलिस को बुलाना पड़ा। बारात को पंचायत घर ले जाया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डीएसपी हरोली मोहन रावत ने कहा कि पूरी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है, जिसके बाद ही सच सामने आएगा।
आज एनएमओपीएस (NMOPS) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार, नई पेंशन स्कीम (UPS) के खिलाफ कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश ने 01 अप्रैल 2025 से इसे लागू करने के फैसले का विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में पूरे भारत में सभी स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में UPS की गजट अधिसूचना के खिलाफ विरोध किया गया। इस विरोध का मुख्य उद्देश्य ओपीएस (Old Pension Scheme) के तत्काल कार्यान्वयन की मांग करना था। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान सरकार ने पहले ही पुरानी पेंशन बहाल कर दी है, इसलिए एनएमओपीएस का साथ देते हुए कर्मचारियों और शिक्षकों से अनुरोध किया गया था कि वे केंद्रीय कर्मचारियों के इस आंदोलन में समर्थन करें और UPS के नुकसानों के बारे में सभी कर्मचारियों को जागरूक करें ताकि इसके दुष्परिणाम सामने आ सकें। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर ओपीएस के कार्यान्वयन के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया है। प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने इस आयोजन की सफलता के लिए सभी का धन्यवाद किया। पुरानी पेंशन (Old Pension Scheme) की मांग को लेकर 20 वर्षों से चल रहे विरोध और आंदोलन को समाप्त करने के उद्देश्य से सरकार की ओर से उतारी गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) यानी UPS का काफी विरोध हो रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इसमें कई खामियां हैं। इसकी सबसे बड़ी खामी तो वित्त सचिव टीवी सोमनाथन के एक जवाब से सामने आई है, जो इसकी प्रचारित अच्छाइयों पर भारी पड़ गई है। उन्होंने कहा कि UPS की सबसे बड़ी खामी वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) के मामले में सामने आती है। अगर कोई कर्मचारी 60 साल की उम्र से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुनता है तो उसे पेंशन कब से मिलेगी? यह सवाल जब वित्त सचिव से पूछा गया, तो उनका जवाब था कि आप रिटायर चाहे जब हों, UPS के तहत पेंशन सेवानिवृत्ति की आयु पूरी होने के बाद ही मिलेगी। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली इस पेंशन स्कीम में इस खामी के चलते कर्मचारियों को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। उनका ये भी कहना है कि देश में विभिन्न विभागों में रिटायरमेंट की आयु अलग-अलग है। उदाहरण के तौर पर, विश्वविद्यालयों में रिटायरमेंट की आयु 65 साल है, जबकि कुछ विभागों में यह 60 वर्ष या 58 वर्ष है। ऐसे में अगर कोई कर्मचारी 58 वर्ष में रिटायर हो जाए तो उसे पेंशन के लिए दो साल का इंतजार करना होगा। वहीं अगर कोई कर्मचारी 50 वर्ष की उम्र पर वीआरएस लेता है, तो उसे पेंशन पाने के लिए 10 साल तक इंतजार करना होगा। कर्मचारी संगठन का कहना है कि 25 साल में नौकरी करने वाला युवा अगर 50 की आयु में नौकरी के 25 साल पूरे करके वीआरएस लेना चाहे, तो उसे यूपीएस के तहत पेंशन पाने का कोई विकल्प 10 सालों तक नहीं होगा। इस पर सवाल उठता है कि अगले 10 सालों तक वह जीवित रहेगा या नहीं, इसलिए कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली की मांग कर रहे हैं। वहीं अगर कोई कर्मचारी देर से सरकारी सेवा में आता है, तो इस स्कीम के तहत 10 साल की नौकरी करने पर 10,000 रुपये न्यूनतम पेंशन तय की गई है। हालांकि यह फायदा भी तभी मिलेगा जब कर्मचारी ने 10 साल की सेवा पूरी की हो। अगर किसी कर्मचारी ने 10 साल से पहले सेवा छोड़ दी, तो उसे पेंशन नहीं मिलेगी। UPS में कर्मचारियों का योगदान उनकी बेसिक सैलरी का 10% होगा, जबकि सरकार 18.5% योगदान करेगी। पुरानी पेंशन में कर्मचारी को कोई योगदान नहीं करना पड़ता और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सरकार द्वारा दी जाती है, जो लगभग अंतिम वेतन का 50% होती है। जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी UPS का विकल्प चुनते हैं, वे किसी अन्य नीतिगत रियायत, बदलाव या वित्तीय लाभ का दावा नहीं कर सकेंगे। UPS के तहत कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड में दो हिस्से होंगे - एक व्यक्तिगत फंड, जिसमें कर्मचारी और सरकार का योगदान होगा, और दूसरा पूल फंड, जिसमें सरकार का अतिरिक्त योगदान होगा। प्रदीप ठाकुर का कहना है कि जब 1 अप्रैल 2004 को NPS लागू किया गया था, तब भी ऐसा ही प्रचार किया गया था, लेकिन जब कर्मचारी सेवानिवृत्त होने लगे, तो किसी को 500 तो किसी को 1500 रुपये पेंशन मिली। अब भविष्य में भी क्या मिलेगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यह तय है कि UPS में पुरानी पेंशन (OPS) जैसा लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली की मांग करेंगे और NPS तथा UPS का विरोध जारी रखेंगे।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान सोलन जिले के अर्की उपमंडल से जा रहे श्रद्धालुओं की बस कौशांबी जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कुल 24 लोग घायल हुए, जिनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार सोलन जिला प्रशासन कौशांबी जिला प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में है और घायलों को समयबद्ध चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन को तत्काल राहत और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायलों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बताया कि बस में कुल 32 श्रद्धालु सवार थे। इनमें से 14 घायल सिराथू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 10 जिला अस्पताल कौशांबी में इलाज करवा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल तुलसी राम शर्मा का उपचार सघन चिकित्सा इकाई में जारी है।
सिरमौर: जिला खनन विभाग में खनन रक्षकों के पद हेतु चयन प्रक्रिया शुरू, 22 फरवरी आवेदन की अंतिम तिथि सिरमौर: खनन रक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए जिला खनन विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक एडीसी एल.आर. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं पर गहन चर्चा की गई और इसे पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए। खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने जानकारी दी कि आवेदन प्रक्रिया के तहत इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेज बंद लिफाफे में जमा करने होंगे। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2025, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। कुलभूषण शर्मा ने बताया कि आवेदन पत्र बंद लिफाफे में जिला उद्योग केंद्र में जमा किए जाएंगे। लिफाफे के ऊपर स्पष्ट रूप से "खनन रक्षक पद हेतु आवेदन" लिखा होना चाहिए। वहीं, दस्तावेजों में शैक्षणिक योग्यता, जन्म प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय पंजीकरण और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र शामिल होने चाहिए। दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन संबंधी जानकारी जिला उद्योग केंद्र और जिला खनन कार्यालय सिरमौर से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि चयन प्रक्रिया में कोई अनियमितता न हो। साथ ही अभ्यर्थियों को समयसीमा का पालन करने और आवेदन पत्र को निर्धारित प्रारूप में जमा करने की सलाह दी गई।प्रशासन ने आवेदकों से अपील की है कि आवेदन पत्र समय पर जमा करें और सभी नियमों का पालन करें ताकि चयन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके। बैठक में एडीसी एल.आर. वर्मा, पुलिस उप-अधीक्षक मुख्यालय नाहन रमाकांत ठाकुर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र नाहन साक्षी सत्ती और जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा सहित चयन समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भड़ोली कोहाला के तीन छात्राओं ने शिमला में आयोजित राज्य गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया। छात्राओं में मिस सनिक्शा, काजल और अक्षरा शामिल रहीं। विद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अभिनीत अभिलाषी और अनुवर्षा ने बताया कि सनिक्शा ने पूरे दल का नेतृत्व किया, जो विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार, उप-प्रधानाचार्य रविंद्र शर्मा और एसएमसी अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने छात्राओं को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूरे विद्यालय के स्टाफ के प्रयासों और मेहनत की भी सराहना की, जिसके कारण यह उपलब्धि संभव हो पाई। विद्यालय परिवार और समस्त क्षेत्रवासियों के लिए यह पल गौरवशाली और प्रेरणादायक है।
विद्युत उपमंडल नम्बर एक के सहायक अभियंता इंजिनियर अमर चंद ने सर्व साधारण को सूचित किया है कि 11 के. बी. ज्वालामुखी नंबर फीडर के आवश्यक रख-रखाव व मुरम्मत कार्य हेतू 29 जनवरी यानी बुधवार को ज्वालामुखी नंबर 2 फीडर के अर्न्तगत आने वाले क्षेत्र-ताऊ दी हट्टी, पुराना बाजार, मंदिर मार्ग, बस स्टैण्ड व आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में कार्य अगले दिन किया जाएगा। अतः उन्होंने बिजली बाधित होने के चलते लोगों से सहयोग की अपील की है।
28जुलाई,पधर(मंडी) : जल शक्ति विभाग मंडल पधर द्वारा पैरा कुक और पैरा हेल्पर के 6 पद भरे जाने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें पैरा कुक के 2 और पैरा हेल्पर के 4 पद भरे जाने हैं। इसके लिए आवेदन 3 फ़रवरी 2025 से किए जा सकते हैं और आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी, 2025 निर्धारित की गई है। इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदन विभाग स्वीकार नहीं करेगा। आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अधिशासी अभियंता अरविंद वर्मा ने कहा कि पैरा कुक के लिए शैक्षणिक योग्यता हिमाचल प्रदेश/केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से दसवीं पास होना अनिवार्य है।अभ्यर्थी के पास फूड क्राफ्ट संस्थानों से कम से कम छह महीने का डिप्लोमा होना चाहिए। इसके अलावा सरकार द्वारा अनुमोदित होटल प्रबंधन संस्थान या खाद्य उत्पादन संस्थान से किसी भी ट्रेड में डिग्री/डिप्लोमा होना चाहिए या न्यूनतम किसी भी सरकारी या निजी संस्थान से खाना पकाने/खानपान में पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। वहीं पैरा हेल्पर पद के लिए अभ्यर्थी को हिमाचल प्रदेश/केन्द्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से दसवीं पास होना चाहिए। उम्मीदवार के पास भारत की नागरिकता, हिमाचली बोनाफाइड, अभ्यर्थी के परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी प्रकार की सरकार, पीएसयू, बोर्ड नौकरी में नहीं होना चाहिए, चरित्र प्रमाण पत्र व अभ्यर्थी जल शक्ति सर्किल सुंदरनगर, जिला मंडी (हिमाचल प्रदेश) के अंतर्गत आने वाला व क्षेत्र का स्थायी निवासी होना चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए जल शक्ति मंडल कार्यालय पधर में संपर्क कर सकते हैं।
** तहबाजारी यूनियन ने प्रशासन पर रोजगार छीनने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया **वन विभाग और NHAI पर 2014 की स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी का उल्लंघन कर तहबाजारियों को उजाड़ने का भी लगाया आरोप शिमला, 28 जनवरी: शिमला के ढली से कुफरी के बीच स्थित तहबाजारियों ने वन विभाग, NHAI और पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के खिलाफ आज जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। तहबाजारी यूनियन ने सीटू के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया, जिसमें तहबाजारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके जीवन-यापन के साधन को छीनने के प्रयास में है। विशेष रूप से 2014 की स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी का उल्लंघन करने का आरोप है, जो उन्हें अपने काम को व्यवस्थित तरीके से करने की अनुमति देती है। यूनियन के नेताओं ने कहा कि इन तहबाजारियों को इस क्षेत्र में दशकों से कार्य करने की अनुमति मिली हुई है, लेकिन अब प्रशासन उनका व्यवसाय अवैध करार देकर उन्हें हटाने की कोशिश कर रहा है। सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंदर मेहरा ने कहा कि यह क्षेत्र नगर निगम और नगर पालिका सीमा से बाहर है, और इसके तहत इन वेंडरों को शहरी विकास मंत्रालय द्वारा बसाया जाना था, न कि उजाड़ा जाना। उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग, NHAI और पुलिस की कार्रवाई से इन परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
Himachal: मार्च से गगल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ के लिए सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अब स्थानीय लोगों और सैलानियों को सस्ती और तेज़ हवाई सेवाओं का फायदा मिलेगा। विमानन कंपनी इंडिगो 31 मार्च से गगल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए सप्ताह में 6 दिन दो सीधी उड़ानें शुरू करेगी। विमानन कंपनी इंडिगो 31 मार्च से गगल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए सप्ताह में 6 दिन दो सीधी उड़ानें शुरू करने जा रही है। फ्लाइट का शेड्यूल: गगल से चंडीगढ़: पहली उड़ान: दोपहर 12:00 बजे दूसरी उड़ान: दोपहर 1:20 बजे चंडीगढ़ से गगल: पहली उड़ान: दोपहर 1:30 बजे दूसरी उड़ान: दोपहर 2:50 बजे किराए में बड़ी राहत: मौजूदा समय में 4000 रुपये तक पहुंचने वाला हवाई किराया अब घटकर 2500 रुपये तक हो जाएगा। इससे यात्रियों को न केवल सस्ती हवाई सेवा मिलेगी, बल्कि उनका समय भी बचेगा।गगल एयरपोर्ट से जल्द ही नोएडा, जयपुर और देहरादून के लिए भी सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना है। गगल एयरपोर्ट के निदेशक धीरेंद्र शर्मा के अनुसार, मार्च के बाद उड़ानों के शेड्यूल में बड़े बदलाव होने वाले हैं, जो हिमाचल के पर्यटन और परिवहन को नया आयाम देंगे।
कौशाम्बी-फतेहपुर बॉर्डर के पास कनवार क्षेत्र में सोमवार शाम को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हिमाचल प्रदेश से प्रयागराज महाकुंभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की मिनी बस हाइड्रा वाहन से टकरा गई। इस हादसे में 25 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। हिमाचल प्रदेश के अर्की थाना क्षेत्र के स्लैट गांव से 32 श्रद्धालुओं का दल मिनी बस में सवार होकर प्रयागराज के लिए निकला था। शाम करीब 7 बजे नेशनल हाईवे पर कनवार के पास, हाइड्रा वाहन के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी। मिनी बस का ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और बस हाइड्रा से टकरा गई. हादसे के बाद अजुहा चौकी पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। छह एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सिराथू के सीएचसी और फिर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटाकर यातायात बहाल किया। घायलों की पूरी सूची: बविता पत्नी सुरेंद्र (45) नीला देवी पत्नी विंध्यसागर (60) चंद्रकला पत्नी बाबूराम शास्त्री (60) पार्वती पत्नी नंदलाल (62) सीता देवी पत्नी तेजराम (55) कविता पत्नी मनोहर शर्मा (47) विमला देवी पत्नी सालिगराम (58) दयापति पत्नी देवीचंद्र (54) ममता पुत्री देवीचंद्र (30) आषवी पुत्री अंकितराज (25) बाबूराम पुत्र दयाराम (65) मीना शर्मा पत्नी महेंद्र शर्मा (48) महेंद्र शर्मा पुत्र लेखराज (50) रूपराम पुत्र राजकुमार (40) लेखराज पुत्र दिलकराम (51) बब्लू पुत्र दिलेर राम (39) लीला देवी पत्नी विद्यासागर (60) ममता शर्मा पत्नी नरेश कुमार (50) नर देवी शर्मा पत्नी गुच्ची राम (45) गोदावरी देवी पत्नी किशन लाल (70) धनपति देवी पत्नी देवी लाल (65) पविता देवी पुत्री सुरेंद्र कुमार (20) तुलसीराम पुत्र कुंतराम (75) रूपराम पुत्र राजकुमार (40) अन्य एक महिला (नाम अज्ञात) प्रशासन की तत्परता घटना की जानकारी मिलते ही डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी बृजेश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों का हालचाल लिया और अस्पताल प्रबंधन को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने सिराथू सीएचसी और आसपास के अस्पतालों में डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम भेजकर बेड और फर्स्ट एड की व्यवस्था सुनिश्चित की। गंभीर रूप से घायल एक महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। एसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि हादसे में शामिल सभी घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा, "घायलों के रहने-खाने की व्यवस्था अस्पताल में ही की गई है। प्रशासन घायलों की हरसंभव मदद कर रहा है।"
भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित 38वीं राष्ट्रीय खेलों का आयोजन 28 जनवरी, 2025 से 14 फरवरी, 2025 तक उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और रुद्रपुर शहरों में होगा। इन प्रतिष्ठित खेलों में डुमैहर (अर्की) के राजकुमार पाल का चयन बास्केटबॉल प्रतियोगिता के लिए तकनीकी अधिकारी के रूप में हुआ है। राजकुमार पाल वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डुमैहर (अर्की) में शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता (डीपीई) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इससे पहले स्पेशल ओलंपिक विश्व खेलों में बास्केटबॉल हैड कोच के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा, वह खेलो इंडिया, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, और फेडरेशन नेशनल में बास्केटबॉल प्रतियोगिता के तकनीकी अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राजकुमार पाल के चयन की पुष्टि बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव कुलविंदर सिंह गिल ने एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से की। राजकुमार पाल ने इस अवसर पर बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तकनीकी समिति अध्यक्ष नॉरमन इसाक, प्रदेश बास्केटबॉल संघ के सीईओ अजय सूद, महासचिव मुनीश शर्मा, अध्यक्ष सुशील शर्मा, रैफरी बोर्ड के अध्यक्ष संजय ठाकुर, तकनीकी समिति अध्यक्ष उमेश कुमार, चयन समिति अध्यक्ष राजकुमार राणा, अशोक शर्मा, और समस्त कार्यकारिणी का आभार व्यक्त किया। राजकुमार पाल की इस उपलब्धि पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डुमैहर (अर्की) के प्रधानाचार्य अरुण कुमार, समस्त विद्यालय स्टाफ, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और ग्राम पंचायत डुमैहर के नागरिकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राजकुमार पाल का चयन न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि यह क्षेत्र के लिए भी गर्व की बात है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगी।
उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने पर हिमाचल प्रदेश के नगर नियोजन और तकनीकी मंत्री राजेश धर्माणी ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस कानून के माध्यम से देश को बांटने की राजनीति कर रही है, जो देश की एकता और विविधता के खिलाफ है। धर्माणी ने कहा कि भारत एक विविधताओं से भरा हुआ देश है, जहां अलग-अलग धर्म, संस्कृति और परंपराएं हैं। ऐसे में एक समान कानून का लागू होना पूरी तरह से सही नहीं है। भाजपा ने हमेशा से इस मुद्दे पर राजनीति की है और अब यह कानून लागू करने के जरिए माइनॉरिटी समुदायों को टारगेट करने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय बजट पर बात करते हुए धर्माणी ने हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त ग्रांट की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में विकास कार्यों के लिए अधिक खर्च आता है, और ऐसे में राज्य को विशेष ग्रांट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, "हर बार केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश की अनदेखी हो रही है, जो ठीक नहीं है। हम चाहते हैं कि हिमाचल को ग्रीन बोनस जैसी सुविधा मिलनी चाहिए, जैसे विकासशील देशों को मिलती है। राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य की विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर, केंद्रीय बजट में हिमाचल को अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि यहां के विकास कार्यों को गति मिल सके।
मंडी से वार्षिक शैक्षणिक भ्रमण पर निकले चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट दर्जा प्राप्त बच्चों ने दूसरे दिन अमृतसर के प्रमुख स्थलों का दौरा किया। एडीसी मंडी रोहित राठौर ने बताया कि बच्चों ने सुबह गोल्डन टेंपल में माथा टेककर अपना दिन शुरू किया। इसके बाद जलियांवाला बाग, दुर्गियाना मंदिर और म्यूजियम का भ्रमण किया। शाम को बच्चों ने वाघा बॉर्डर पर जाकर रिट्रीट सेरेमनी में हिस्सा लिया। इस भ्रमण में बच्चों के साथ जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन.आर. ठाकुर भी मौजूद हैं, जिन्होंने इन्हें ऐतिहासिक स्थलों और समारोहों के महत्व से परिचित कराया। रोहित राठौर ने जानकारी दी कि 26 जनवरी को भ्रमण के पहले दिन बच्चों ने कपूरथला स्थित पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में विज्ञान और तकनीक के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा। उन्होंने लेज़र शो, 3डी थिएटर, डिजिटल प्लेनेटोरियम, भूकंप के प्रभाव, और हवाई जहाज के संचालन जैसी चीजों का अनुभव किया। बच्चों ने भौतिक विज्ञान, स्वास्थ्य, कृषि और रोबोटिक्स पर आधारित गैलरियों का दौरा किया। एडीसी ने बताया कि जिला प्रशासन भ्रमण को सुचारू रूप से चलाने के लिए पंजाब के स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में है।भ्रमण से बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। उन्होंने शैक्षणिक यात्रा के पहले दो दिनों में बहुत कुछ सीखा और इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल और जिला प्रशासन मंडी की सराहना की।भ्रमण के तीसरे दिन बच्चे चंडीगढ़ शहर के विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे और सायं मंडी लौटेंगे।
शिमला पुलिस ने 11 तस्कर धरे, लगभग सभी 'पुराने पापी' एसपी शिमला संजीव गाँधी ने दी जानकारी शिमला पुलिस ने कोलकाता से संदीप शाह नाम के एक चिट्टा तस्कर को गिरफ्तार किया है जो 200 लोगों के गिरोह का सरगना है। इस गिरोह के 11 तस्करों को पुलिस ने धरा है और सभी चिट्टे की तस्करी के पुराने पापी है। करीब छ महीने से शिमला पुलिस इस अभियान में जुटी थी और आखिरकार रविवार को उसे सफलता मिली है। ये शिमला पुलिस की बड़ी कामयाबी है। एसपी शिमला संजीव गाँधी ने इस बाबत जानकारी साझा की। हिमाचल प्रदेश में ड्रग माफिया बेहद नियोजित तरीके से काम कर रहा है। ड्रग तस्करी एक आर्गनाइज्ड क्राइम का रूप ले चुकी है और तस्कर तकनीक का भी खूब इस्तेमाल कर रहे है। इस गिरोह का भी अपना ऑनलाइन सप्लाई मैकेनिज्म था, ये ऑनलाइन आर्डर लेते थे और ग्राहक द्वारा भुगतान भी ऑनलाइन किया जाता था। बहरहाल शाही महात्मा गैंग पर कार्रवाई के बाद शिमला पुलिस ने एक और बड़े रैकेट को एक्सपोज़ किया है।
शिमला की सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखने के उद्देश्य से, शिमला ग्रामीण के एसडीएम कविता ठाकुर ने 7 जनवरी से शिमला के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं शोघी, तारादेवी और शालाघाट- कैथलीघाट की सड़कों पर सफाई अभियान की शुरुआत की है। एसडीएम कविता ठाकुर और उनका स्टाफ हर सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कचरा हटाकर शहर को साफ-सुथरा बनाने का संदेश दे रहे हैं। इसके साथ ही, वे स्थानीय निवासियों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील कर रहे हैं। एसडीएम कविता ठाकुर ने कहा कि शिमला की असली सुंदरता यहां के प्राकृतिक वातावरण और हरे-भरे पेड़ों में है। लेकिन पिछले कुछ समय से, शिमला के प्रवेश बिंदुओं पर कचरे का ढेर देखने को मिल रहा है। इस सफाई अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल इन स्थानों को स्वच्छ बनाना है, बल्कि आम जनता को भी जागरूक करना है कि वे शिमला को प्लास्टिक मुक्त बनाने में योगदान दें। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। खुले में कचरा फेंकने से न सिर्फ शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि यह पर्यटकों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। कविता ठाकुर ने यह भी कहा कि इस अभियान में स्थानीय निवासियों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है और साथ ही, शिमला को एक आदर्श शहर बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जुब्बल तहसील के समोट गांव में आज सुबह एक भयंकर आग लग गई। सुरेन्द्र दान सिंगटा के सेब के बगीचे में सुबह करीब 10:30 बजे लगी आग ने देखते ही देखते 200 से ज्यादा सेब के पेड़ और कुछ नाशपाती के पेड़ जलाकर राख कर दिए। यह बगीचा उनकी मेहनत और आय का मुख्य स्रोत था। दुर्भाग्यवश, बगीचे के पास स्थित गौशाला भी आग की चपेट में आ गई और एक गाय जिंदा जल गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, और फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है।
कहा , मित्रों को इक्कठा करके बताएँगे राजनीति क्या होती है तो कांगड़ा में बढ़ सकती है भाजपा की मुश्किलें भाजपा से खफा पूर्व मंत्री एवं विधायक रमेश चंद ध्वाला कांगड़ा में गरजने की हुंकार भर रहे है। ध्वाला तीसरे मोर्चे का या यूँ कहे भाजपा विरोधी मोर्चे का संकेत दे रहे है। भाजपा को खुली चुनौती दे रहे है की मित्रों को इक्कठा करके बताएँगे, राजनीति क्या होती है। दरअसल, कांगड़ा में भाजपा के नाराज नेताओं में अकेले ध्वाला नहीं है, और भी कई नेता है जो हाशिये पर है। ये फहरिस्त लम्बी है। कुछ समय पूर्व भी इन नेताओं के एक होने की चर्चा थी, और अब फिर ध्वाला ने इन कयासों को हवा दे दी है। सूत्रों की माने तो इस फेहरिस्त में ध्वाला के अलावा कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक बताये जा रहे है। यदि ऐसा होता है तो कांगड़ा में भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती है। एक दौर था जब रमेश चंद ध्वाला हिमाचल भाजपा के लिए नायक थे। 1998 में धूमल सरकार बनाने में उनकी भूमिका भला कौन भूल सकता है। पर ये ही ध्वाला बीते करीब सात साल से भाजपा से खफा- खफा है। दरअसल जयराम ठाकुर के मुख्यमंत्री बनने के बाद ध्वाला को कैबिनेट में एंट्री नहीं मिली थी। इसके बाद से ही ध्वाला की टीस दिखने लगी थी। फिर पूर्व में संगठन मंत्री रहे पवन राणा के साथ उनकी सियासी खींचतान भी खूब सुर्खियों में रही। हालांकि धूमल गुट के असर के चलते 2022 में उन्हें टिकट तो मिल गया, लेकिन चुनाव हारने के बाद भाजपा में ध्वाला साइडलाइन ही दिखे है। विशेषकर होशियार सिंह की भाजपा में एंट्री और फिर उपचुनाव में होशियार को ही टिकट दिए जाने के बाद ये खाई बढ़ती दिखी है। इस बीच भाजपा संगठन में भी नई नियुक्तियां हुई है और पार्टी ने ज्वालामुखी और देहरा, दोनों ही हलकों में उनके समर्थकों को तरजीह नहीं दी है। बहरहाल, रमेश चंद ध्वाला भाजपा पर भड़ास भी निकाल रहे है और अपनी ही पार्टी को चुनौती भी दे रहे है। निशाने पर कौन कौन है, ये सब जानते है। ध्वाला राजनीति के माहिर खिलाड़ी है और सियासी शतरंज के सभी दांव पेंचों से भली भांति वाकिफ भी। सियासत का उनका अपना अलग सलीका है, बेबाक सलीका। इसलिए, वो बगैर नापे तोले उपेक्षा का दर्द भी बयां कर रहे है, अपना योगदान भी स्मरण करवा रहे है, पार्टी को आइना भी दिखा रहे है और अपनी जमीनी कुव्वत का अहसास भी करवा रहे है। आप ध्वाला को पसंद करें या नापसंद करे लेकिन खारिज नहीं कर सकते। आज भी ध्वाला हिमाचल की राजनीति में बड़ा ओबीसी चेहरा है विशेषकर कांगड़ा में और कई सीटों पर प्रभाव रखते है।देहरा और ज्वालामुखी में तो उनका सीधा असर दीखता है। ऐसे में उनकी टीस भाजपा के लिए जरा भी मुफीद नहीं है। हालांकि संगठन की नई नियुक्तियों में भाजपा का जातीय डैमेज कण्ट्रोल दीखता है, फिर भी उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। सवा तीन साल में भाजपा को मिली हार पर हार हिमाचल में भाजपा के लिए बीते तीन साल में कुछ भी अच्छा नहीं घटा है। विधानसभा चुनाव हो या उपचुनाव, पार्टी को मिली है सिर्फ हार पर हार। बीते तीन सवा तीन साल में पार्टी ने सत्ता तो गवाईं ही है, पार्टी विधानसभा के एक बारह में से सिर्फ तीन उपचुनाव ही जीत सकी है। इस पर पूर्व कांग्रेसी और निर्दलीयों के पार्टी में आने के बाद एक और खेमा बनने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में कार्यकर्त्ता का मनोबल टूटना लाजमी है। अब अगर अगर कांगड़ा में भाजपा से रूठे नेताओं का अलग मोर्चा बनता है तो तय मानिये इसकी भरपाई भाजपा के मुश्किल होगी।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कोटखाई में हुए बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड के संदर्भ में गिरफ्तार आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या के मामले में चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत आज दोषी पुलिसकर्मियों की सजा पर अपना फैसला सुनाएगी। अदालत ने 18 जनवरी को प्रदेश के IG जहूर एच जैदी सहित 8 पुलिस अधिकारियों को दोषी करार दिया था। जानकारी के अनुसार, इन दोषियों को आज शाम 4 बजे सजा सुनाई जाएगी। सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को दोषियों से उनकी अंतिम अपील भी सुनी थी। 18 जनवरी को सीबीआई अदालत ने गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर आईजी जैदी, तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, पुलिस सब इंस्पेक्टर राजिंद्र सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, मानक मुख्य आरक्षी मोहन लाल, सूरत सिंह, मुख्य आरक्षी रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रनीत सटेटा को दोषी ठहराया था। ये सभी आरोपी वर्तमान में बुड़ैल जेल में बंद हैं। साल 2017 में शिमला जिले के कोटखाई में गुड़िया नामक 16 वर्षीय छात्रा का बलात्कार और हत्या हुई थी। पुलिस ने आरोपी सूरज को हिरासत में लिया, लेकिन लॉकअप में प्रताड़ना के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सूरज की मौत का आरोप दूसरे आरोपी राजू पर मढ़ दिया। सूरज की लॉकअप में हत्या के बाद गुस्साई भीड़ ने कोटखाई पुलिस थाना जलाने की कोशिश की। इस घटनाक्रम के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। गौरतलब है कि 4 जुलाई 2017 को कोटखाई में 16 वर्षीय छात्रा का शव निर्वस्त्र अवस्था में तांदी के जंगल में पाया गया था। शिमला के तत्कालीन IG जहूर एच जैदी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई थी, जिसने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी, नेपाली युवक सूरज, को पुलिस हिरासत में लॉकअप में मौत का सामना करना पड़ा था। सीबीआई जांच में यह सामने आया कि सूरज की मौत पुलिस की प्रताड़ना के कारण हुई थी। इसके बाद सीबीआई ने आईजी जैदी और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या (धारा 302), सुबूत नष्ट करने (धारा 201) और अन्य गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज किया। यह मामला शिमला जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।
सिरमौर जिले के नौहराधार क्षेत्र में संगड़ाह पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। शुक्रवार शाम को पेट्रोल पंप (छिनाड़ी) के पास एक आल्टो कार की तलाशी के दौरान पुलिस ने कार की खिड़की के नीचे रैक में छिपाए गए तीन सिल्वर फॉयल और एक प्लास्टिक पुड़िया में 2.57 ग्राम चिट्टा बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नौहराधार के ओम प्रकाश, कुलदीप उर्फ मांटा, और आशीष के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशे के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिली है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि नशे के इस दुष्चक्र को रोका जा सके।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने DC बिलासपुर को "बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड-2025" से किया सम्मानित
बिलासपुर/ सुनील: लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान आदर्श चुनाव प्रबंधन और नवाचारों के लिए बिलासपुर जिले को राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित "बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड-2025" प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में यह पुरस्कार उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक को प्रदान किया। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर और लाहौल-स्पीति जिलों को देश के 788 जिलों में से चुने गए 15 विशिष्ट जिलों की सूची में शामिल किया गया। यह सम्मान चुनावों में पारदर्शिता, समावेशिता, और मतदाता जागरूकता के लिए की गई अभूतपूर्व पहलों के लिए दिया गया। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बिलासपुर जिले ने 418 पोलिंग स्टेशनों की स्थापना की, जिनमें 16 मॉडल पोलिंग स्टेशन, 8 महिला-प्रबंधित स्टेशन और एक दिव्यांगजनों द्वारा संचालित पोलिंग स्टेशन शामिल थे। स्वीप (SVEEP) गतिविधियों के तहत, जिले में 4473 नए मतदाताओं को जोड़कर लोकतंत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए जिले में जागरूकता अभियानों का संचालन किया गया। कम मतदान वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, साहित्यकार रतन चंद निर्जर ने क्षेत्रीय दौरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और "मेरा वोट, मेरी ड्यूटी" गीत ने प्रेरक संदेश दिया। जिला मेलों, नुक्कड़ नाटकों, और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से मतदाता शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। साथ ही, "डेमोक्रेसी वैन," डिजिटल आमंत्रण कार्ड, और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाई गई। मतदान केंद्रों पर छाया, ओआरएस, और क्रेच जैसी सुविधाओं ने समावेशी चुनाव सुनिश्चित किए। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा, यह पुरस्कार न केवल मेरे लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। यह सफलता टीम बिलासपुर के अथक प्रयासों और जिले के नागरिकों के सहयोग का परिणाम है।
** मांगो के निपटान के अधिकारियों को दिए निर्देश राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी का आज जिला किन्नौर के प्रवेश द्वार चौरा-गेट पर उपमण्डलाधिकारी निचार नारायण सिंह चौहान, निचार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीर सिंह तथा कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पारम्परिक ढंग से स्वागत किया गया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने निगुलसरी स्थित सरायं भवन में स्थानीय लोगों की जन-समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को सभी उचित मांगो का निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान राजस्व मंत्री ने निगुलसरी में हुई आगजनी की घटना से प्रभावित दीपक चंद व ज्ञान चंद को 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की तथा जिला प्रशासन की और से हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी का स्थानीय लोगों ने थाच गांव के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा आरंभ करने पर आभार व्यक्त किया। इसके उपरान्त राजस्व मंत्री ने 05 करोड़ रुपये की राशि से निर्मित होने वाले 03 किलोमीटर निगुलसरी वैकल्पिक मार्ग के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और उपस्थित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि समयबद्ध सीमा में कार्य को पूर्ण किया जा सके और जनजातीय जिला किन्नौर के लोगों को राहत प्रदान की जा सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकरी किन्नौर डॉ. सोनम नेगी सहित अन्य अधिकारी एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
** विपक्ष को कोसने के बजाय अपने 2 साल की उपलब्धि बताएं मुख्यमंत्री ** 2 साल में 30 हजार करोड़ का लोन लेने वाले दे रहे हैं वित्तीय कुप्रबंधन पर ज्ञान शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से कहा है कि उनकी सरकार बने 2 साल का समय पूरा हो गया है और उन्होंने प्रदेश में विकास के नाम पर अब तक 30 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए का लोन भी ले लिया है। इसलिए वह विपक्ष को कोसने का काम बंद करें और बताएं कि इन दो सालों के दरमियान उन्होंने क्या-क्या काम किए हैं? साथ ही मुख्यमंत्री यह भी प्रदेश के लोगों से स्पष्ट कर दें कि 2017 में उनके अध्यक्ष रहते जब कांग्रेस पार्टी सत्ता से बेदखल हुई थी तो उनकी पार्टी की सरकार ने हमें विरासत के रूप में भी पैसे का कर्ज और देनदारी नहीं सौंपी थी साथ ही ' नो ड्यूज' वाले कागज भी दिखा दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने दिल पर हाथ रख कर बोले कि क्या उनकी पार्टी द्वारा विधानसभा में दी गई एक भी गारंटी ईमानदारी से पूरी हो पाई है? क्या आज जो सरकार कर रही है, चुनाव के पहले कांग्रेस ने इसी प्रकार के गवर्नेंस का वादा किया था? जिन बड़े-बड़े मंचों से मुख्यमंत्री दुनिया भर का झूठ परोस रहे हैं उनकी बहुत प्रतिष्ठा रही है, वह मंच हिमाचल की तकदीर सजाने संवारने और हिमाचल को उत्कृष्ट बनाने के दिशा में कदम बढ़ाने के लिए जाना जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश पूर्ण राजत्व दिवस के अवसर और मंच को भी अपने झूठ बोलने का स्थान बना दिया। क्या प्रदेश के लोगों ने सिर्फ विपक्ष को कोसने के लिए कांग्रेस को इतना बड़ा जनादेश दिया था? जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकार ने लोगों को सुविधाएं दी थी। बिना किसी गारंटी के हमारी सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा घटाकर 80 से 60 वर्ष की। जिसके कारण प्रदेश की 2 लाख 75 और महिलाओं को वृद्धा पेंशन मिली। इसके साथ ही पेंशन की राशि में भी 2 गुना तक बढ़ोतरी की और आय की सीमा भी खत्म की। हमारे पूर्व की सरकार का सामाजिक सुरक्षा बजट 436 करोड रुपए उसे बढ़ाकर हमारी सरकार ने 1300 करोड रुपए किया। 70 वर्ष या उससे अधिक आयु की लोगों के लिए वृद्धा पेंशन को ₹700 से बढ़ाकर 1700 रुपए किया। विधवा और दिव्यांगजनों की पेंशन की राशि ₹700 से बढ़कर 1150 रुपए प्रतिमाह की। 70% से अधिक दिव्यांग जनों की पेंशन 1250 रुपए से बढ़कर 1750 रुपए की। लाखों लोगों को गरिमा पूर्ण जीवन देने के लिए हमारी सरकार ने यह कदम उठाए। एक सरकार के रूप में हमने यह कोई एहसान नहीं किया यह हमारा फर्ज था जो हमने अपने प्रदेश के लोगों के लिए किया। प्रदेश के लोगों को बिजली का बिल न देना पड़े इसके लिए हमने 125 यूनिट फ्री बिजली का प्रावधान रखा। इससे लोग कम बिजली खर्च करने को प्रेरित हुए। जिससे बची हुई बिजली सरकार महंगे दामों पर बेचे। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का बिल जो बहुत कम होता था उसे माफ किया, महिलाओं के लिए बसों के किराए में पचास प्रतिशत की छूट दी। यह कदम महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए उठाया गया था शायद मुख्यमंत्री और उनकी टीम इस छूट में निहित सरकार की मंशा को भले न समझे लेकिन इसका लाभ प्रदेश को हुआ। भारतीय जनता पार्टी ने इनमें से किसी भी काम के लिए प्रदेश के लोगों की कोई गारंटी नहीं दी थी। सरकार का काम जनहित है उसके लिए सरकार को सदैव प्रयास करना चाहिए और एक मुख्यमंत्री के रूप में मैंने यह प्रयास किए। कोरोना जैसी आपदा के बाद भी एक भी कर्मचारी के एक दिन का वेतन हमारी सरकार ने नहीं काटा। हमारी सरकार ‘सबका साथ–सबका विकास’ के ध्येय के साथ काम किया। सहारा, शगुन, ग्रहणी सुविधा, हिम केयर जैसी न जाने कितनी योजनाएं दी जिसकी मदद से गरीब आदमी गरिमा पूर्ण जीवन जी सके। वर्तमान सरकार ने ज्यादातर योजनाओं को या तो बंद कर दिया है या उनका बजट रोक दिया है और वह योजनाएं तथा स्वतः मृतप्राय हो गई हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सुक्खू के हाल आज क्या है वह किसी से छुपा नहीं है। जिस सरकार को यज्ञ प्रदेश का नुकसान करने वाली सरकार बता रहे हैं उसी सरकार ने प्रदेश के लोगों को ₹5 लाख तक का नि:शुल्क इलाज हर सरकारी प्राइवेट अस्पताल में करवाया। आज कहते हुए शर्म आ रही है कि पचास हजार के एक इंजेक्शन के लिए एक परिवार अनाथ हो गया। मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अपनी इंटर्नशिप के स्टाइपेंड के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं और प्रदेश के डॉक्टर अपने एनपीए की मांग को लेकर काले बिल्ले पहनकर इलाज कर रहे हैं। नंबरदार से लेकर ठेकेदार तक अपने वेतन और बिलों के भुगतान की फरियाद कर रहे हैं। 2 साल में सरकार द्वारा अपने नाम से सुखाश्रय योजना शुरू की गई योजना में बाकी खर्चों से ज्यादा ब्रांडिंग पर खर्च हुआ लेकिन हकीकत यह है इस योजना के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस भी सरकार समय से नहीं जमा कर रही है। इस प्रकार की नाकामी के एक नहीं लाखों उदाहरण हैं। सुख की सरकार में सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं होगा और प्राइवेट अस्पताल में हिम केयर का पैसा नहीं मिलेगा। आए दिन लोग मुझे मिलते हैं जो इलाज के अभाव में या तो अपने घरों में बैठे हैं या जमीन गिरवी रखकर कर्ज लेकर इलाज करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री से मेरा आग्रह है कि वह एक बार जमीनी हकीकत का भी अंदाजा लगा लें सिर्फ झूठ बोलने से अगर सरकार चल जाती तो उसके लिए काम करने की आवश्यकता क्या होती? आपके झूठ और विपक्ष पर आरोप लगाने के भाषण अब प्रदेश के लोग चटखारे लेकर सुनते हैं और आप पर हंसते हैं। 2 साल विपक्ष को कोसकर आपने निकाल दिए अब आगे ऐसा नहीं हो पाएगा। इसलिए धरातल पर काम करिए और झूठ बोलना बंद करिए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने समस्त प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जब हम अपने संविधान को अपनाते हैं और अपने देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने का संकल्प लेते हैं। हम सभी इस अवसर पर अपने देश के लिए श्रद्धा और समर्पण से कार्य करें, और अपने राष्ट्र तथा राज्य के विकास और समृद्धि के लिए काम करने का संकल्प लें।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के अपने शीतकालीन प्रवास के अंतिम दिन तथा पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह के बाद बैजनाथ के लिए 70.26 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन किए। उन्होंने बैजनाथ-पपरोला के लिए 44 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बीड़ में 9.23 करोड़ रुपये की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन तथा कुमारदा से माधोनगर नैन भनखेड़ तक 2.91 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण परियोजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बीड़ में विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थल पर नौ करोड़ रुपये की लागत से पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया तथा क्योरी (बीड़) के निकट दो पार्किंग सुविधाएं तथा 5.12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पैराग्लाइडिंग लैंडिंग स्थल को जनता को समर्पित किया। बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल ने इन परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजनाएं बिना किसी पूर्व अनुरोध के बनाई गई हैं, जो क्षेत्र के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैजनाथ में पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह का आयोजन करना उनके निर्वाचन क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है।


















































