सामरिक महत्व की बिलासपुर- मनाली- लेह रेललाइन को वित्त और रक्षा मंत्रालय से हरी झंडी मिल गई है। अब इसकी फाइल मंजूरी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के पास पहुंच गई है। एनएसए से चर्चा के बाद फाइल पीएमओ भेजी जाएगी। इसके बाद तय होगा कि रेललाइन के लिए कब और कहां से बजट दिया जाए और काम कब शुरू होगा। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक का संचालन अगले महीने शुरू होने की संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसके बाद केंद्र का पूरा ध्यान बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन पर होगा। भानुपल्ली से बिलासपुर तक वर्ष 2027 तक ट्रेन पहुंचाने का लक्ष्य है। रेललाइन प्रोजेक्ट की डीपीआर वर्ष 2022 में तैयार की जा चुकी है। इसके मुताबिक प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत एक लाख करोड़ से अधिक आंकी गई थी, लेकिन अब संशोधन के बाद बढ़ गई है। रेल मंत्रालय ने एस्केप टनलों (सुरक्षा सुरंगों) का आकार बढ़ाया है, इसके कारण लागत बढ़ी है। ये टनलें रेललाइन की मुख्य टनलों के साथ बनेंगी ताकि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। 2200 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण रेललाइन के लिए हिमाचल और लद्दाख में कुल 2200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 26 फीसदी यानी 572 हेक्टेयर भूमि वन क्षेत्र की होगी। भूमि अधिग्रहण पर 11,500 करोड़ खर्च होंगे। रेललाइन का काम चार चरणों में होगा। पहला बिलासपुर से मंडी, दूसरा मंडी से मनाली, तीसरा मनाली से उपशी और चौथा उपशी से लेह तक रहेगा। काम लेह की तरफ से शुरू करने की योजना है। सेना की जरूरतों को देखते हुए लेह से चीन सीमा तक करीब 13 किमी ट्रैक अलग से बिछाया जाएगा। ट्रैक पर पांच स्टेशन होंगे, जिसमें सामान उतारने व चढ़ाने की सुविधा होगी। डीपीआर के अनुसार, करीब 62,000 करोड़ रुपये रेललाइन के पुलों और टनलों पर ही खर्च होंगे।
केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार को पत्र लिखकर कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू करने को कहा है। अगर ऐसा किया जाता है तो केंद्र सरकार हिमाचल को 1600 करोड़ रुपये की विशेष सहायता देगी। केंद्र की ओर से जारी पत्र के अनुसार वर्ष 2022-23 और 2023-24 में अनुबंध पर नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को यूपीएस में लाने से फायदा होगा। हालांकि, राज्य सरकार ने पत्र को लेकर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने हिमाचल में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की है। केंद्र ने हिमाचल के 9,000 करोड़ रुपये देने हैं। यह राशि एनपीएस कर्मियों का केंद्र के पास जमा हिस्सा है। राज्य सरकार लगातार मामले को केंद्र के समक्ष उठा रही है। अभी यह बजट नहीं मिला है। राज्य सरकार का मानना है कि हिमाचल में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने के लिए केंद्र ने राज्य के लिए आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। लोन लेने की लिमिट 6600 करोड़ तय की गई है। यही नहीं, बाहरी सहायता प्राप्त एजेंसियों के माध्यम से आर्थिक सहायता के नए प्रस्तावों के लिए भी सीमा तय की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक हिमाचल केवल 2,944 करोड़ रुपए तक के प्रस्तावों की मंजूरी के लिए पात्र होगा। राज्य सरकार ने चुनावी गांरटी को पूरा करते हुए 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की है। अब देखना यह है कि अब राज्य सरकार नए अनुबंध कर्मचारियों को यूपीएस के तहत लाने का निर्णय करती है या फिर उन्हें पुरानी पेंशन ही दी जाएगी।
** रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। सोमवार सुबह से रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची चोटियों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। रोहतांग में 10 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी रिकार्ड की गई है। मौसम में आए बदलाव से कुल्लू व लाहौल प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। वहीं, राजधानी शिमला में भी बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। बर्फबारी होता देख पर्यटकों में खुशी की लहर है, क्योंकि पर्यटक मन में बर्फबारी के दीदार की इच्छा लिए ही हिमाचल पहुंचते हैं। सैलानियों को बर्फ वाले इलाकों में न जाने की हिदायत दी है। वहीं, क्रिसमस व नए साल के जश्न के लिए बड़ी संख्या में सैलानियों ने कुल्लू-मनाली का रुख कर दिया है। रविवार को भी अटल टनल रोहतांग से 11,322 वाहन आर-पार हुए हैं। बर्फबारी से पर्यटकों व पर्यटन कारोबारियों को व्हाइट क्रिससम की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल में आज और कल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है। निचले इलाकों में भीषण शीतलहर से लोगों को जूझना पड़ेगा। वहीं, 27 दिसंबर को पूरे प्रदेश में बारिश और कई इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। प्रदेश में अगले छह दिनों तक शीतलहर जारी रहेगी। मैदानी इलाकों में 24 और 25 को घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मंडी, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के कई इलाकों में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। सोमवार को ताबो में माइनस 10.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में भी कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
धर्मशाला हिमाचल प्रदेश में आजकल हिमाचल के मौसम का आनंद लेने के लिए बॉलिवुड से मनीष मिश्रा और भानु सूर्यम ठाकुर आएं है, भानु सूर्यम ठाकुर धर्मशाला के डडीयाला कॉलोनी धडम के रहने वाले हैं । भानू सूर्यम ठाकुर ने कई सीरियल और वेब सीरीज में काम किया है जिसमे "तारक मेहता का उल्टा चश्मा" व "अनुपमा" जैसी हैं इन्होंने बताया कि जैसे लोग हमे इतना आसान टीवी में देखते हैं उसका शूट टाईम उतना ही कठिन होता है और कभी कभी तो बिना कुछ खाए काम करना पड़ता है साथ में यह भी बताया कि अगर लगन हो तो मंज़िल मिल ही जाती हैं। उनके साथ आएबॉलिवुड एक्टर मनीष मिश्रा भी काफ़ी विज्ञापन में और कई सीरियल, तथा वेब सीरीज में काम कर रहें हैं, मनीष मिश्रा मशहुर कॉमेडियन मनमोजी के बेटे हैं आपको बता दें मनमौजी जी ने 1000 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और इनको लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में उनका नाम हैं, उनका अभिनय हर फिल्म में अलग होता था। भानु सूर्यम ठाकुर और मनीष मिश्रा ने कलाकार लाइव से बात करके बताया कि आने वाले समय में बहुत ही बढ़िया प्रोग्राम सबके लिए लेकर आ रहे हैं तथा हिमाचल प्रदेश में भी बहुत अच्छे कलाकार हैं तो यहां पर भी हॉलीवुड होना चाहिए साथ में सभी नए नए कलाकारों को अच्छे सुझाव दिए। इस मौके पर मुनीष भाटिया, मनमोहन जैसवाल, राजकुमार डोगरा, मनीष शामिल थे।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: जयसिंहपुर के पास गदियाड़ा के रहने वाले उभरते पहाड़ी गायक अमित मितू के गाए गाने 'तेरा मेरा ब्याह' को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं। यह गाना यूट्यूब पर सिर्फ 15 दिनों में ही तीन लाख बार देखा गया है।अमित मितू का इससे पहले का गाना 'सोहणा सुणखा' भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। अब 'तेरा मेरा ब्याह' भी दर्शकों का दिल जीत रहा है। इस गाने के बोल विनोद कुमार ने लिखे हैं और संगीत अंकित आशीष ने दिया है। यह गाना त्रिनेत्रा हाउस के बैनर तले बनाया गया है, जिसके निर्माता भरस भूरिया हैं।गाने में अमित मितू और माही ने मुख्य भूमिका निभाई है। बचपन से ही गाने के शौक़ीन अमित मितू अब अपने इस सपने को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने अपने चाहने वालों का तहे दिल से धन्यवाद किया और उम्मीद जताई कि आगे भी उन्हें इसी तरह का प्यार और आशीर्वाद मिलता रहेगा।
** स्थानीय लोगों ने कहा, नगर पंचायत के टैक्स भरना उनके लिए हो रहा हैं मुश्किल नगर पंचायत ज्वाली के वार्ड नंबर-2 मकड़ाहन के निवासियों ने मंगल सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में वार्ड के लोगों ने मांग की कि उनके इलाके को नगर पंचायत ज्वाली से बाहर कर दिया जाए। मंगल सिंह ने कहा कि यह वार्ड गरीब परिवारों का है, जहां अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में नगर पंचायत के टैक्स भरना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि अब पानी के नलकों पर भी मीटर लगाकर टैक्स वसूला जा रहा है, बिजली पहले ही महंगी है, और अब हाउस टैक्स भी लगाया जा रहा है। साथ ही, कूड़ा उठाने के लिए भी अलग से शुल्क लिया जाता है। इन सभी कारणों से लोग आर्थिक रूप से परेशान हैं। वार्ड के निवासियों ने मुख्यमंत्री सुक्खू और कृषि मंत्री चंद्र कुमार से अपील की है कि उन्हें नगर पंचायत से बाहर करके ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए, ताकि टैक्सों के बोझ से राहत मिल सके। इस बैठक में सैकड़ों लोग मौजूद थे और उन्होंने नगर पंचायत के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश में यूथ कांग्रेस अध्यक्षों के चुनाव ऑनलाइन करवाए थे। फतेहपुर विधानसभा से इस चुनाव में 6 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन इनमें से कृष्ण पठानिया का नाम रिजल्ट सूची में नहीं दिखा।इस पर कृष्ण पठानिया और फतेहपुर के पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विवेक पधेडिया ने मीडिया के माध्यम से मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि फतेहपुर यूथ कांग्रेस के रिजल्ट में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यह किसी तकनीकी गलती का मामला हो सकता है या फिर एक बड़ा षड्यंत्र भी।कृष्ण पठानिया और विवेक पधेडिया का कहना है कि उन्होंने फतेहपुर में 5500 युवाओं की यूथ कांग्रेस में मेंबरशिप करवाई है, और उनके पास इसका पूरा ऑनलाइन डेटा मौजूद है। बावजूद इसके, रिजल्ट सूची से कृष्ण पठानिया का नाम गायब होना चौंकाने वाली बात है।उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा कैसे हो सकता है कि मैदान में उतरा प्रत्याशी खुद को भी वोट न दे? उन्होंने यूथ कांग्रेस के हाईकमान से मांग की है कि रिजल्ट प्रक्रिया की दोबारा जांच कराई जाए और गड़बड़ी की सच्चाई को सार्वजनिक किया जाए।
** कहा, लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने को प्रदेश सरकार वचनबद्ध हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और लोगों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं देने के लिए इस बार के बजट में 3,415 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल फतेहपुर, ज्वाली, नूरपुर और इंदौरा के दौरे के दौरान दी। उन्होंने इन अस्पतालों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किया जा रहा है। राज्य में कुल 68 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाए जाएंगे, जिनमें से 45 पहले ही तैयार हो चुके हैं। इन संस्थानों में विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी और 6 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि फतेहपुर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति जल्द की जाएगी।
राष्ट्रीय गणित दिवस मनाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के मूल विज्ञान विभाग ने अपने स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के विज्ञान संस्थान में गणित विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. शशि कांत मिश्रा विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर बागवानी महाविद्यालय के डीन डॉ. मनीष शर्मा मुख्य अतिथि थे। कई अकादमिक पुरस्कारों से सम्मानित डॉ. मिश्रा भारत के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में अध्ययन बोर्ड और अकादमिक परिषद के सदस्य हैं। ‘निर्णय लेने के लिए अनुकूलन उपकरण और कृषि विज्ञान और कृषि व्यवसाय प्रबंधन में गणित के अनुप्रयोग’ शीर्षक वाले अपने व्याख्यान के दौरान, डॉ. मिश्रा ने भारत में गणित के समृद्ध इतिहास पर प्रकाश डाला, गणितीय खोज में टीम वर्क के महत्व पर जोर दिया और दुनिया भर के प्रसिद्ध गणितज्ञों के योगदान पर चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. आशु चंदेल और डॉ. राकेश गुप्ता ने किया, जिन्होंने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। भारत हर साल 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती मनाने के लिए राष्ट्रीय गणित दिवस मनाता है। 2012 में स्थापित, राष्ट्रीय गणित दिवस क्षेत्र में रामानुजन के असाधारण योगदान का जश्न मनाता है और रोजमर्रा की समस्याओं को सुलझाने से लेकर जटिल वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान करने तक दैनिक जीवन में गणित की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करता है। सत्र का समापन छात्रों के साथ एक आकर्षक संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार ने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए कई कल्याणकारी पहल की हैं। इस कड़ी में राज्य मंत्रिमंडल ने ‘महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना’ शुरू करने को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य वाल्मीकि समुदाय के सफाई कर्मचारियों को तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत 2.5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय और आवासीय सुविधा से वंचित लोग पात्र होंगे। योजना की जानकारी और आवेदन के लिए लोग संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। प्रदेश सरकार ने कल्याणकारी कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना’ के तहत वित्तीय सहायता में भी वृद्धि की है। योजना के तहत अब विधवा और एकल महिलाओं को मकान बनाने के लिए सहायता राशि 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और सरकार बेघर परिवारों को आश्रय प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार ला रही है। योजना के अंतर्गत बनाए गए घरों में पानी और बिजली कनेक्शन प्रदान करने को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत महिलाओं को भी मकान के निर्माण के लिए चार लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी जिसमें घर के लिए तीन लाख रुपये और रसोई, शौचालय और बाथरूम जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए दिए जाने वाले एक लाख रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल हिमाचल प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं से वंचित वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के सरकार के प्रयासों को प्रदर्शित करती है।
** इजरायल के बागबानी विशेषज्ञों ने किया भूमि का निरीक्षण उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर में उद्यान विभाग का सेंटर आॅफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा ताकि बागबानों को लाभांवित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बागबानी को बढ़ावा देने के लिए हसंभव मदद कर रही है तथा इसी दिशा में बागबानों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। रविवार को फल संतति एवं प्रर्दशन स्थल, शाहपुर में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया तथा उद्यान विभाग हिमाचल प्रदेश भारत सरकार के अधिकारियों व इजरायली बागवानी विशेषज्ञों ने शाहपुर में उद्यान विभाग के सेंटर आॅफ एक्सीलेंस के लिए जमीन का संयुक्त निरीक्षण किया गया। उद्यान विभाग की तरफ से डा० विद्याप्रकाश बैस, संयुक्त निदेशक उद्यान (मध्य जोन, मण्डी), डा. कमनशील नेगी (उपनिदेशक उद्यान, डा. रितेश शर्मा (विषय वस्त्र विशेषज्ञ, रैत), डाः नीरज शर्मा (विषय वस्तु विशेषज्ञ सुलह) डा० अनित ( विषय वस्तु विशेषज्ञ, धर्मपुर) एवं डा० सुनीत शर्मा उद्यान विकास अधिकारी, विकास खण्ड भारत सरकार की तरफ से भी आदित्य प्रताप यादव, अवर मलिन, एम० आई० डी० ए०, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार व इजरायली वागवानी विशेषज्ञों में उरी कविस्टन व ही यूवल एतयार उपस्थित थे। इस दौरान उपसचेतक केवल सिंह पठानिया ने भारत सरकार के अधिकारियों तथा इजरायली बागवानी विशेषज्ञों को इस केन्द्र को शाहपुर में बनाने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उपनिदेशक बागबानी कमल शील नेगी ने कहा कि इजरायली बागवानी विशेषज्ञों द्वारा शाहपुर में भूमि का करने के उपरांत बताया कि यहाँ की भूमि व जलवायु नीम्बू प्रजातीय फलों की नर्सरी व उसके प्रर्दशन केन्द्र बनाने के लिए उपयुक्त है। इस दौरान कुछ और मानकों की सूचना उपलब्ध करवाने के लिए कहा है ताकि रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जा सके।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा : विकास खंड लंबागांव के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कोटलू के गांव कुहाला सड़क के साथ बने शिव व हनुमान मंदिर में लोअर लंबागांव मोटिवेशन फिटनेस क्लब के अध्यक्ष विकास राणा व क्लब के सदस्य रिशू मैहरा , कमल , शिवम सूद , अर्पित सूद , लाकेश कटौच , विवान, अगस्तया, ने मंदिर में सोलर लाइट लगाई। बता दे कि काफ़ी वर्षो से इस मंदिर वाली जगह मे शाम ढलते ही काफ़ी अंधेरा हो जाता था, शाम के समय मंदिर मे पूजा अर्चना करने वाले भक्तजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था और साथ में सड़क पर पैदल चलने वाले राहगीरों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अब मंदिर मे सोलर लाइट लगने से मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले भक्तजनों को व सड़क पर पैदल चलने वाले राहगीरों को समस्या नहीं होगी।
जनजातीय उपमंडल भरमौर के लूणा-छतराड़ी संपर्क मार्ग पर पिकअप के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन घायलों को मेडिकल कॉलेज चंबा में प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर कर दिया गया है, जबकि दो घायल वहीं उपचाराधीन हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, छतराड़ी में सिविल सप्लाई का आटा छोड़कर लौट रही पिकअप अचानक चालक का नियंत्रण खोने से सड़क से नीचे लुड़कते हुए भरमौर एनएच पर गिर गई। इस दौरान तीन पैदल राहगीर भी इसकी चपेट में आ गए। घटना की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को निजी वाहनों से मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा। घायलों में वाहन चालक संतोष कुमार, रणजीत, और तीन राहगीर विकास कुमार, रिंकू और सुभाष कुमार शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल विकास, सुभाष और रिंकू को टांडा रेफर किया गया है, और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। एसपी चंबा अभिषेक यादव ने बताया कि पुलिस ने भरमौर थाना में मामला दर्ज कर लिया है।
** नेता प्रतिपक्ष बोले, हमारे विरोध के बाबजूद सरकारी कर्मचारियों से जुड़े भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक पास होने से अनुबंध कर्मचारियों की वरिष्ठता और इंक्रीमेंट को लगेगा झटका ** कहा, दो साल में एक डॉक्टर तक भर्ती नहीं कर पाई सरकार और दुहाई उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं देने की दे रहे सुक्खू ** ओपीएस बहाल करने के नाम पर की वोट बैंक की राजनीति, अब कर्मचारियों को धोखा देने की तैयारी पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता में आई कांग्रेस सरकार का असली चेहरा अब सामने आ चुका है। पुरानी पेंशन बहाल करने के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करने वाली ये सरकार अब ऐसे पेंच फंसाकर कर्मचारियों का गला घोंटने जा रही है, जिससे लाखों कर्मचारी प्रभावित हो चुके हैं। आज सरकार के दबाब में कर्मचारी संगठन ज्यादा बोल नहीं पा रहे हैं लेकिन ये लावा जल्द फूटने वाला है। कई संगठन विरोध जता चुके हैं और सरकार कई कर्मचारी संगठनों की मनाने में जुटी है। हमारे विरोध के बाबजूद कांग्रेस सरकार ने बहुमत के नाम पर सरकारी कर्मचारियों से जुड़े भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक 2024 विधानसभा में पास कर दिया है इससे अब अनुबंध कर्मचारियों की सीनियोरिटी और इंक्रीमेंट को झटका लगेगा। जिन कर्मचारियों की सरकारी नियमित सेवा कम रही हो उनके वित्तीय लाभ कम हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुंबध कर्मचारी भी पब्लिक सर्विस कमीशन और राज्य चयन आयोग का इंटरव्यू पास करके आते हैं। सरकार की पॉलिसी के तहत दो साल बाद इन्हें नियमित किया जाता है। इन कर्मचारियों का यह पीरियड सीनियोरिटी और अन्य लाभों के लिए कंसिडर हो इसका लाभ कर्मचारियों ने कोर्ट में जाकर लिया है, लेकिन आज इस संशोधन को लाकर सरकार उनके बेनिफिट को छीन रही है। ये बिल्कुल कर्मचारी विरोधी संशोधन है। इससे इस सरकार का कर्मचारी विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। जयराम ठाकुर ने कहा कि ये चाहे रेट्रोस्पेक्टिव हो या प्रोस्पेक्टिव, किसी भी स्तर पर संशोधन लाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। कोर्ट से निर्णय होने के बाद आप संशोधन विधेयक लाये हैं, जो ठीक नहीं है। आप बहुमत में है इसलिए आपने इस संशोधन को पास कर दिया लेकिन वो कर्मचारी फिर कोर्ट जाएंगे। सरकार जो पैसा बचाने की बात कर रही है उससे ज्यादा पैसा वकीलों को दिया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि कभी मुख्यमंत्री कहते हैं हमने 31 हजार सरकारी नौकरियां दे दी और विधानसभा में जबाब दिया कि इनका प्रोसेस चला है। सच्चाई तो ये है कि इनमें अधिकांश भर्तियां हमारे समय शुरू हुई थीं और परिणाम अब निकाले जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि इस सरकार ने दो साल के अपने कार्य में एक भी डॉक्टर की भर्ती नहीं की है जबकि दुहाई रोज़ स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाब की दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो सरकार एक डॉक्टर तक भर्ती नहीं कर पाई हो वो कैसे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर पाएगी ये चिंताजनक बात है।
जी.ए.वी. वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सल्याणा का 101वां वार्षिक पारितोषिक समारोह पंचरुखी के प्रमुख व्यवसायी और स्कूल के पूर्व छात्र सुरेंद्र कुमार शर्मा की मुख्य अतिथि के रूप में और सेवानिवृत्त जॉइंट डायरेक्टर हृदयपाल सिंह की विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिति से शानदार बना। कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर की गई। संस्था के अध्यक्ष डॉ० अश्वनी कुमार ने मुख्य अतिथि व उपस्थित लोगों स्वागत किया और संस्था की 100 वर्ष की शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सेवा विस्तार की अपील की। इस उपलक्ष पर बच्चों ने अपनी प्रतिभा को दर्शाते हुए ऊर्जावान सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जिसमें स्कूल के लगभग सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। डॉ० हृदयपाल सिंह जो इस स्कूल के पुराने छात्र हैं उन्होंने भी पुरानी यादों को तरोताजा करते हुए एक मेधावी छात्र को भविष्य में फीस और जब भी संस्था उन्हें जो जिम्मेदारी देगी उसको निभाने का भरोसा देते हुए उन्होंने इस संस्था के सभी पुराने छात्रों के सहयोग से पुराना गौरव प्रदान करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। सुरेंद्र शर्मा बतौर मुख्य अतिथि ने बच्चों को कड़ी मेहनत अनुशासन और पक्का इरादा अपनाने की सलाह दी। पूर्व छात्र होने के नाते उन्होंने भविष्य में ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन बनाने का सुझाव दिया ताकि स्कूल उनके अनुभव से दोबारा अपना पुराना गौरव प्राप्त कर सके। उन्होंने अपनी नेक कमाई से ₹50000/- नगद राशि भी दी और भविष्य में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। संस्था के पूर्व प्रधानाचार्य संतोष शर्मा जिन्होंने स्कूल की निशुल्क सेवाएं 10 वर्ष की अवधि तक दी। उन्होंने आए हुए प्रबंधन कमेटी के सदस्य डॉक्टर अशोक, रमेश व्यास, सुरेंद्र बेदवा, प्रेम व्यास, रमेश सोनी व अभिभावकों, अन्य व्यक्तियों का धन्यवाद किया और स्कूल के लिए सहयोग की अपील की। अंत में जिला परिषद अध्यक्ष संतोष शर्मा ने ₹11000/-देकर बच्चों का हौसला बढ़ाया।
** ग्रामीणों का गुस्सा भड़का, एसडीएम ने लिखित कार्रवाई कर कारण बताओ नोटिस किया जारी रविवार को विकास खंड द्रंग की ग्राम पंचायत उरला में 'प्रशासन गांव की ओर' कार्यक्रम के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। इससे कार्यक्रम में आए लोगों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने एसडीएम डॉ. भावना वर्मा से विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने की मांग की, जिस पर तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान 16 लिखित और 4 मौखिक शिकायतें आईं, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें विद्युत विभाग से जुड़ी थीं। 4 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।ग्रामीणों ने मंडी-पठानकोट एनएच पर कोटरोपी के पास क्षतिग्रस्त सड़कों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन खराब हो रहे हैं और हादसे बढ़ रहे हैं। गैल गांव के लोगों ने बिजली की लो वोल्टेज समस्या और नवनिर्मित पेयजल टैंक को कनेक्शन देने की मांग की। कार्यकारी उपमंडल अधिकारी डॉ. भावना वर्मा ने कहा कि विद्युत विभाग के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर पंचायत समिति उपाध्यक्ष कृष्ण भोज, पंचायत प्रधान ममता मित्तल, उप प्रधान हरीश कुमार, खंड विकास अधिकारी विनय चौहान अन्य विभागों के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
** कांग्रेस नेता महेश राज ने कहा, युवाओं की भलाई और प्रदेश के विकास के लिए करेंगे काम करसोग/ राज सोनी: रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने करसोग विधानसभा में युवा कांग्रेस अध्यक्ष पवन कुमार, उपाध्यक्ष दीक्षांत ठाकुर, किशोर भारद्वाज, महासचिव दीपक शर्मा, सचिव बुनीत कुमार, ब्लॉक चुराग के अध्यक्ष नितेश कुमार, ब्लॉक करसोग के अध्यक्ष कमलेश कुमार, उपाध्यक्ष अजय ठाकुर, नगर परिषद के अध्यक्ष दीक्षित गुप्ता और उपाध्यक्ष चंद्रेश कुमार को मिठाई बांटकर और हार पहनाकर बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कांग्रेस नेता महेश राज ने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि आप सभी अपनी जिम्मेदारी को अच्छे तरीके से निभाएंगे और एकजुट होकर युवाओं की भलाई और प्रदेश के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा, हम सब मिलकर एक समृद्ध और सशक्त हिमाचल प्रदेश की दिशा में कदम बढ़ाएंगे व संगठन को मजबूत बनाएँगे । उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी करसोग और प्रदेश के युवाओं के हक, अधिकार और प्रगति के लिए है, जिसे निष्ठा और मेहनत से पूरा किया जाएगा। इस मौके पर संत राम धीमान, रमेश कुमार, देश राज मेहता, संदीप, प्रेमलाल, बसंत लाल, गोपाल कृष्ण, हरि चंद और अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
** पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दी थी दबिश राजधानी शिमला के सीमिट्री क्षेत्र में पुलिस ने किराए के मकान में चिट्टा तस्करी का मामला पकड़ा है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर आरोपियों को दबोचा।प्रारंभिक जांच में आरोपियों के कब्जे से 9.350 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। पुलिस की दबिश के दौरान एक आरोपी मौके से भागने में कामयाब हो गया था जिसे बाद में पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपियों की पहचान त्रिलोक नेगी निवासी चिड़गांव रोहड़ू, सूरज प्रकाश निवासी मल्याणा शिमला और अनुपम निवासी रोहड़ू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार स्पेशल सेल की टीम को शुक्रवार को शाम को गुप्त सूचना मिली की सीमिट्री क्षेत्र के एक मकान में चिट्टा बेचने का काम किया जा रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि अनुपम मौके से भागने में कामयाब हो गया। पुलिस की टीम ने उसे कुछ समय के बाद ही दबोच लिया है। पुलिस अब मामले में यह पता करने की कोशिश कर रही है कि आरोपी चिट्टा कहां से लेकर आए थे और कितने समय से चिट्टा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि चिट्टा बेचने की सूचना मिली थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मोहाली के सोहाना में शनिवार शाम को एक चार मंजिला इमारत गिर गई। इमारत के गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। कड़ी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ की टीम ने एक महिला का शव मलबे के नीचे से निकाला। वहीं रविवार सुबह एक पुरुष का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान अंबाला के रहने वाले अभिषेक धनवाल के रूप में हुई है। भारतीय सेना और एनडीआरएफ के जवान बचाव अभियान में जुटे हैं। सेना के अनुसार, अभी मलबे में दो और शव दबे होने की संभावना है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार इमारत के साथ दूसरी इमारत की बेसमेंट का काम चल रहा था। बेसमेंट के लिए खुदाई की गई है। खुदाई किए जाने की वजह से इमारत की नींव हिल गई, जिससे बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। इमारत में जिम खोले गए थे। बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे 10 से 15 लोगों के दबे होने की सूचना है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव भी घटना स्थल पर पहुंचे हैं। वह स्थिति का जायजा ले रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मौके पर लोगों की खासी भीड़ लग गई है। पुलिस की तरफ से लोगों को आगे जाने से रोका गया है। घटना की सूचना मिलते ही मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह भी घटना स्थल पर पहुंचे हैं। कुलवंत सिंह का कहना है कि अभी राहत व बचाव का कार्य चल रहा है। एनडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया है। वहीं पुलिस प्रशासन की तरफ से भी बचाव कार्य चलाया जा रहा है। घटना स्थल पर जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) के सोहाना के पास एक बहुमंजिला इमारत के हादसे का दुखद समाचार मिला है। पूरा प्रशासन और अन्य बचाव कार्यों वाली टीमें मौके पर तैनात हैं। मैं प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हूं। प्रार्थना करते हैं कि कोई जान-माल का नुकसान ना हुआ हो, दोषियों पर कार्रवाई भी करेंगे। लोगों से अपील है कि प्रशासन का सहयोग करें।
शिमला: राजधानी में ओल्ड बस स्टैंड के साथ लगते कृष्णा नगर में शनिवार देर शाम को एक मकान में आग लग गई। इस घटना में एक मकान जलकर राख हो गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार ये मकान लोअर बाजार में एक कारोबारी का बताया जा रहा है, लेकिन काफी समय से ये खाली था। घटना शनिवार देर शाम 6:00 बजे के आसपास की है। जब शिमला के कृष्णा नगर में एक पुराने मकान में देखते ही देखते आग भड़क गई और पूरा मकान आग की चपेट आकर जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि मकान पुराना था और वर्तमान समय में मकान में कोई नही रहता था, जिसके कारण घटना में किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है। ये मकान पुरानी लकड़ी से बना हुआ था, जिसके कारण चंद मिनटों में आग पूरे मकान में फैल गई। आग की लपटें उठते ही लोगों ने इसकी सूचना विभाग को दे दी। दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंचते ही आग बुझाने में जुट गई। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद मकान में लगी आग पर काबू पाया और आस पास के घरों को भी नुकसान से बचा लिया गया। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को मेहली में आग लगने की घटना सामने आई थी, जबकि इससे पहले भी बस स्टैंड के समीप आग लगने का मामला सामने आया था। अब कृष्णा नगर में आग लगने का मामला सामने आया है। एसपी शिमला ने बताया कि, कृष्णा नगर में आग लगने का मामला सामने आया है आग पर काबू पाया लिया गया। आसपास के घरों को बचा लिया गया है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में क्रिसमस और नए साल के जश्न की तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने के लिए सैलानी अब मनाली का रुख कर रहे हैं। वहीं, अटल टनल रोहतांग के जरिए सैलानी लाहौल घाटी भी पहुंच रहे हैं। ऐसे में सैलानियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके, इसके लिए प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन कुल्लू और लाहौल-स्पीति को निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने साफ तौर पर जिला प्रशासन कुल्लू और लाहौल-स्पीति को निर्देश दिए हैं कि अटल टनल के दोनों पोर्टल पर शौचालय की व्यवस्था की जाए और यहां पर सफाई कर्मचारी समेत अन्य कर्मचारियों के फोन नंबर भी दर्शाए जाएं, ताकि यहां पर सैलानियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि वो उत्तर पोर्टल अटल सुरंग, जंक्शन, कोकसर, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण सिस्सू और एसएडीए केलांग में संबंधित शौचालय के बाहर सफाई कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश जारी करें। हिमाचल हाईकोर्ट ने उक्त शौचालयों के बाहर शिकायत संख्या के साथ-साथ वो दूरभाष नंबर प्रदर्शित करने के आदेश भी दिए गए, ताकि उस नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सके। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने डीसी लाहौल-स्पीति को यह बताने का आदेश भी दिया कि मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर को बिजली क्यों नहीं दी जा रही है? कोर्ट कहा कि इन सेंटरों को जनरेटर के लिए एसएडीए द्वारा नौ लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई है। जो निश्चित रूप से प्रदूषण का ही कारण बनने जा रही है। गौरतलब है कि अटल-टनल के पास गंदगी रोकने के लिए सरकार ने स्वयं एक कमेटी का गठन किया है। कोर्ट ने अटल टनल के आसपास गंदगी को रोकने के लिए बनाए गए अथवा बनाए जाने वाले प्रावधानों की जानकारी मांगी थी। इसमें चेतावनी बोर्ड, डस्टबिन, पुरुषों व महिलाओं के लिए शौचालय और क्षेत्र को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे उपाय शामिल हैं।
हिमाचल में प्रचंड ठंड पड़ रही है। ताबों में माइनस 14 डिग्री के साथ प्रदेश के पांच जिलों में पारा शून्य से नीचे चला गया है। मैदानी इलाकों में घना कोहरा पड़ रहा है। कोहरे के चलते कुल्लू में शनिवार को तीसरे दिन भी उड़ानें नहीं हो सकीं। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल में 23 और 24 दिसंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है, लेकिन 27 दिसंबर को पूरे प्रदेश में बारिश और कई इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। प्रदेश में अगले छह दिनों तक शीतलहर जारी रहेगी। मैदानी इलाकों में 24 और 25 को घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मंडी, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के कई इलाकों में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। शनिवार को ताबों में इस सीजन में सबसे कम माइनस 14 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में भी कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मनाली, कल्पा, नारकंडा और सिस्सू सहित ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में 23 और 24 दिसंबर को बारिश बर्फबारी हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी कुल्लू हाइवे पर शनिवार रात ट्रक और टाटा सूमो की भीषण टक्कर में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। प्रेम चंद निवासी शारीडग मौहल जिला कुल्लू ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि जब वह और उसका परिवार एक टाटा सूमो में मंडी की ओर से कुल्लू की जा रहे थे तो औट टनल के समीप एक ट्रक ने टाटा सूमो को टक्कर मारी दी। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्रेम चंद अपने पिता का चैक अप करवाने मंडी गया था। प्रेम चंद ने बताया कि वह, उसकी माता बालदासी, बुआ खीमदासी, बहन बिमला और सूमो चालक मुनीष हादसे में घायल हुए हैं। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (पीडीएनए) के 9,977 करोड़ रुपये नहीं दिए तो राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह बात शनिवार को सदन में कही। वह इस संबंध में नियम 130 के तहत लाई गई चर्चा का जवाब दे रहे थे। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री के उत्तर के बीच हुई नोकझोंक के बीच विपक्ष नारेबाजी करता हुआ सदन से बाहर चला गया और बैठक में नहीं लौटा। उधर, शून्यकाल में भाजपा विधायक राकेश जंबाल की ओर से विधायकों की गाड़ियों पर झंडी लगाने का मामला उठाने के जवाब में सीएम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसको लेकर आगामी बजट सत्र में विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राशि के मामले में वे दिल्ली जाकर केंद्रीय नेताओं से मिलकर हिमाचल को उसका हक देने की मांग उठाएंगे। आग्रह के बावजूद अगर केंद्र सरकार राशि जारी नहीं करती है तो राज्य सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट जाने के बजाय कोई रास्ता नहीं बचेगा। सीएम ने कहा कि केंद्र से कोई खैरात नहीं मांगी जा रही है, बल्कि हिमाचल प्रदेश का अधिकार मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने इतिहास की सबसे बड़ी आपदा को सहा है। सैकड़ों मौतें हो गईं। आपदा के बाद केंद्र सरकार की टीम आई और 9,977 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष क्षति का आकलन किया। अगर अप्रत्यक्ष तौर देखा जाए तो 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। केंद्रीय टीम ने नुकसान का जो आकलन किया है, पिछले एक साल से वही हिमाचल के अधिकार रूप में मांगा जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर जब मुख्यमंत्री थे तो हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में पहले साल केंद्र से 11,431 करोड़ रुपये मिले। दूसरे साल 10,249 करोड़ और उसके बाद तीसरे साल 8058 करोड़ जारी किए गए। 2024-25 में 6258 करोड़ रुपये जारी हो रहे हैं। अगले साल तो यह घटकर 3257 करोड़ रुपये रह जाएगी। यानी यह 8000 करोड़ रुपये कम हो जाएंगे। सीएम ने कहा कि हिमाचल की जनता के साथ खड़े न होकर सदन में जो व्यवहार भाजपा ने किया है, वह निंदनीय है। अगर विपक्ष के लोगों ने दिल्ली साथ चलना है तो ठीक है, वरना नहीं भी चलना हो तो यह लोग जानें। प्रस्ताव चर्चा के लिए धर्मपुर के कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने लाया, जबकि विपक्ष की ओर से विपिन सिंह परमार ने चर्चा में भाग लिया। इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष जयराम ने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ इस तरह का प्रस्ताव पहली बार लाया जा रहा है। उनकी बात को सुनते हुए स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने केंद्र से मांग के रूप में प्रस्ताव में संशोधन की बात कर इस पर चर्चा शुरू करवाई। शनिवार को तपोवन में शीत सत्र के अंतिम दिन शून्यकाल के दौरान भाजपा विधायक राकेश जंबाल के मामला उठाने पर मुख्यमंत्री ने इस पर स्थिति स्पष्ट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय में इसके बारे में मंजूरी दी गई थी। अब अगले सत्र में इसको लेकर चर्चा की जाएगी। विधायक जंबाल ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन हो चुका है। उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला परिषद अध्यक्ष सहित कई अफसरों की गाड़ियों में झंडी लगी है। विधायकों को अपनी पहचान बतानी पड़ रही है, ऐसे में विधायकों की झंडी मिलनी चाहिए।
** घर में घुसकर किया था हमला जिला अदालत ने शनिवार को घर में घुसकर मारपीट करने और सामूहिक हिंसा के मामले में माैत मामले में चौपाल के 33 लोगों को दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई। मारपीट और सामूहिक हिंसा में चौपाल निवासी नरवीर ठाकुर की जान गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण गर्ग ने दोषियों को सजा सुनाते हुए शिकायतकर्ता वीरेंद्रा देवी को लगी चोटों के लिए 10 हजार मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह सजा न्याय प्रशासन में जनता के विश्वास और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के सिद्धांत को कायम रखेगी। जिला न्यायवादी मुक्ता कश्यप ने बताया कि अदालत ने धारा 148 के तहत 3 वर्ष, 440 में 3 साल, 325 के तहत 5 साल और 452 के तहत 7 साल की सजा सुनवाई।अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नरवीर की मृत्यु या तो भीड़ की हिंसा के परिणामस्वरूप हुई होगी या उसके बाद पीछा करने के दौरान किसी कठोर वस्तु पर गिरने से। केस में किसी भी उचित संदेह से परे यह साबित नहीं होता है कि यह केवल आरोपीगण थे, जिन्होंने अवैध रूप से एकत्रित होने के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए नरवीर की मृत्यु का कारण बना। पुलिस के मुताबिक चौपाल के तुइल गांव में 11 मार्च 2015 को कुछ लोग नरवीर के घर में घुस गए। नरवीर ने पत्नी और अपने बचाव में बंदूक निकाली। एक व्यक्ति ने नरवीर पर दरांती से हमला कर बंदूक छीनने का प्रयास किया। हाथापाई के दौरान बंदूक चल गई और गोली बंटू को लगी। गुस्साए लोग नरवीर को घसीटकर खेत ले गए। 12 को नरवीर का शव बरामद हुआ था।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय, डाडा सिबा में 23 दिसंबर को प्रथम रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले का उद्घाटन एवं अध्यक्षता सुरेंद्र मनकोटिया करेंगे। इस रोजगार मेले में ऑटोमोबाइल और औद्योगिक क्षेत्र, विशेषकर संसारपुर टेरेस में स्थापित विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी। ये कंपनियां युवाओं को उनके करियर को सुदृढ़ बनाने और रोजगार के सुनहरे अवसर प्रदान करने के लिए विशेष मंच उपलब्ध कराएंगी। रोजगार मेले में भाग लेने वाले युवा अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज अवश्य लेकर आएं। यह मेला विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के युवाओं के लिए निजी और कॉरपोरेट क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। इस कार्यक्रम की जानकारी महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. जतिंदर कुमार ने दी।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में सात दिवसीय एन.एस.एस कैम्प का विधिवित शुभारंभ शनिवार को हुआ, जिसमें एडीएम शिल्पी बेकता ने मुख्यातिथि की भूमिका निभाई। पहला दिन योग दिवस के पर आधारित था,, जिसमे योग के महत्व पर विशेष चर्चा हुईं। इस अवसर पर शिल्पी बेकटा ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए की योग हमारे स्वास्थ्य जीवन का आधार है और इससे हम निरोग रह सकते है। इस दौरान उन्होंने एन. एस. एस के महत्व के बारे में भी अवगत करवाया और बताया कि एन.एस.एस. से हम एक समूह कार्य और अनुशासन का का कार्य सीखते हैं। एन. एस. एस. समाज के हर पहलू पर जागरूक करता है और समाज को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाता है। इस अवसर एन. एस. एस समन्वयक डा सुरेश राणा व डॉ शर्मिता पठानिया ने बताया कि सात दिवसीय कैम्प में स्वच्छता, योग और छात्रों में अनुसाशन पर विशेष ध्यान रहेगा और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बच्चो को विभिन्न प्रकार के रिसोर्स पर्सन लेक्चर भी देंगें। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डा अंजू चौहान, प्रो सुशील, प्रो राजीव रत्न, प्रो धर्मेंदर,प्रो सुनीता, प्रो पीताम्बर सहित समस्त कॉलेज स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में परागण करने वाले कीटों पर वैज्ञानिक शोध पर आधारित ‘‘इन्सेक्ट पॉलिनेटरस डॉयवर्सिटी’’ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के जैव विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. नीलम कुमारी, डॉ.वाई.एस. परमार औद्योनिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी बागवानी अनुसंधान केंद्र मशोबरा की वैज्ञानिक डॉ.संगीता शर्मा तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के डॉ.नितेश कुमार एवं डॉ. हीरेन्द्र सिंह बनियाल द्वारा लिखी गई है। उन्होंने राज्यपाल को अवगत करवाया कि पुस्तक में परागण करने वाले कीटों तथा कृषि एवं बागवानी में उनके महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि फलों की बेहतर पैदावार में परागण करने वाले कीट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा यह पुस्तक किसानों, बागवानी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगी। राज्यपाल ने बागवानों और किसानों के लिए शोध पर आधारित पुस्तक प्रकाशित करने के लिए सभी लेखकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को जब खेतों में शोध आधारित बेहतर परिणाम मिलते हैं तो इससे शोध की सार्थकता साबित होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वह भविष्य में भी इस तरह के प्रयास जारी रखेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा भी मौजूद थे।
सहकार भारती की अर्की ईकाई का गठन कुनिहार में अमर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुआ। जानकारी देते हुए नवनियुक्त महासचिव वेद प्रकाश ने बताया कि बैठक में सहकार भारती की विस्तृत जानकारी दी गई और निम्न कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें अजीत सिंह अध्यक्ष, वेद प्रकाश महासचिव ,धर्मपाल, रोशनी भारद्वाज,चेतना देवी, विजय सिंह राणा को उपाध्यक्ष,रामचंद व जगदीश पंवर सचिव, माधव शर्मा मुख्य सलाहकार, जगदीश चंद ऑडिटर, राजेश ठाकुर कोषाध्यक्ष तथा लायक राम को प्रेस सचिव चुना गया । इसके अलावा प्रवीण शर्मा, ईश्वर दत्त, अमर सिंह ठाकुर, चंचल, अर्जुन दास, बृजलाल, राम वर्मा, उषा शर्मा, विमला तथा जगत राम को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया । बैठक में मुख्य रूप से पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सीमा महंत, सोलन जिला उपाध्यक्ष जगदीश चंदेल, सोलन जिला महिला प्रमुख उर्मिल शर्मा, उपाध्यक्ष मनीराम, महासचिव श्यामाचंद शांडिल मौजूद रहे।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आज यहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) व वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) भण्डारण कक्ष का त्रैमासिक आंतरिक निरीक्षण किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव व विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आज सोलन के कथेड़ स्थित भण्डारण कक्ष में यह निरीक्षण किया गया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कंचन राणा, भारतीय जनता पार्टी के चन्द्रकांत शर्मा, आम आदमी पार्टी के भरत ठाकुर, बहुजन समाज पार्टी के राकेश बराड़ तथा सुनीता चौहान, तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान तथा नायब तहसीलदार सोलन जगदीश शर्मा इस अवसर पर उपस्थित थे।
** 15 कारों में 30 युवा चालक ले रहे हिस्सा, बीड़ में होगा समापन धौलाधार एक्सपेडीशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय फोर वाई फोर कार रैली शनिवार को पधर से रवाना हुई। यह कार रैली रावणाखोकर, राजगुंधा, फुलाधार से होते हुए बीड़ बिलिंग पहुंचेगी। इस रोमांचक अभियान में कुल 15 कारों और 30 युवा ड्राइवर्स का दल भाग ले रहा है। यह एक्सपेडीशन कठिन पहाड़ी रास्तों और खतरनाक ट्रेल्स को पार करते हुए बीड़ बिलिंग में संपन होगी। धौलाधार एक्सपेडीशन के आयोजक लवनीश शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के अभियानों से स्थानीय युवाओं को न केवल साहसिक कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलता है, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।
संजौली मस्जिद मामले पर शनिवार को नगर निगम आयुक्त शिमला की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दाैरान मस्जिद कमेटी ने कोर्ट ने अवैध निर्माण तोड़ने के लिए समय मांगा। इस पर आयुक्त कोर्ट ने कमेटी को 15 मार्च तक मस्जिद का सारा अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश दिए। आयुक्त कोर्ट ने पिछले आदेशों में मस्जिद की तीन अवैध मंजिलों को गिरने के आदेश दिए थे। अभी तक अवैध निर्माण तोड़ने का 50 फीसदी काम हुआ है। आयुक्त कोर्ट में मस्जिद की निचली मंजिलों को लेकर भी चर्चा हुई। मस्जिद कमेटी ने उनके कब्जे से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड पेश करने के लिए भी कोर्ट से समय मांगा है।
** स्थानीय लोगों ने बैंक अधिकारियों से की एटीएम सेवा बहाल करने की मांग... नौहराधार में स्थित एसबीआई का एटीएम पिछले 5 महीने से बंद है, जिससे क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी हो रही है। नौहराधार पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थान है, जहां इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फ का आनंद लेने आते हैं। लेकिन एटीएम बंद होने की वजह से उन्हें नकदी निकालने में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा, इस क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों के लगभग 21 हजार उपभोक्ता भी परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने बैंक अधिकारियों से अपील की है कि एटीएम को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के लिए पार्टी ने चुनाव करवाए थे। बीते रोज़ इसके परिणाम सामने आए है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी बन चुकी है। ऐसे में कई युवाओं को कांग्रेस ने मौका दिया है। इसी कड़ी में विजय चौहान(विक्की) जिला शिमला के दूरदराज क्षेत्र कुपवी के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए है। विजय युवा है और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके है। विजय ने बताया कि वह अपनी इस नई जिम्मेवारी का बेहतर तरीके से निर्वहन करेंगे। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद किया है। विजय ने विशेष तौर पर चौपाल से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रजनीश कीमटा का धन्यवाद किया है। बता दें कि हाल ही में हुए मुर्गा प्रकरण पर भी विजय ने विपक्ष पर निशाना साधा था। उन्होंने विपक्ष पर कुपवी क्षेत्र को बदनाम करने के आरोप लगाए थे।
** क्रेन और जेसीबी की मदद से निकाला बस को बाहर... हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में एचआरटीसी वर्कशॉप से रूट पर जाने के लिए तैयार बस लुढ़कती हुई वर्कशॉप के शेड में घुस गई। हादसा सुबह 10:30 बजे का है। जानकारी के अनुसार ड्राइवर ने बस स्टार्ट कर दी थी लेकिन हैंड ब्रेक चेक नहीं की। इसके बाद जैसे ही चालक बाहर निकला, एक मिनट बाद उतराई होने के कारण बस लुढ़कती हुई नीचे बने शेड में फंस गई। क्रेन के माध्यम से बस को निकाला गया। एचआरटीसी मंडल हमीरपुर डीएम राजकुमार पाठक ने कहा कि घटना की जांच जारी है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आईजीएमसी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी से जुड़े विवाद का हल निकालने के आदेश जारी किए है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने वित्त सचिव को आदेश दिए हैं कि दो दिनों के भीतर याचिकाकर्ता मेसर्स कॉरपोरेट केयर और मेसर्स शिमला क्लीनवेज को देय राशि जारी करे। कोर्ट ने वित्त सचिव को इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट 24 दिसंबर 2024 को पेश करने के आदेश भी दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मेसर्स कॉरपोरेट केयर और मेसर्स शिमला क्लीनवेज के प्रति सरकार पर 30 नवंबर, 2024 तक क्रमशः 1,97,55,819 रुपये और 1,63,34,391 रुपये बकाया राशि है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को सूचित किया गया था कि आउटसोर्स कर्मचारियों को दो माह की सैलरी नहीं मिली है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह संभवतः अंतर-विभागीय मुद्दे के कारण है कि वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। कोर्ट ने इसे अंतर-विभागीय मुद्दे से संबंधित मानते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को उक्त मुद्दे को हल करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि आईजीएमसी में पिछले दो माह से 132 ऑउटसोर्स कर्मचारी सैलरी से वंचित हैं। इन्हें 2 महीने से सैलरी नहीं मिली है। याचिकाकर्ता मेसर्स कॉरपोरेट केयर और मेसर्स शिमला क्लीनवेज का आरोप है कि सरकार उनके साथ हुए करार को बीच में ही छोड़ कर एचपीएसईडीसी के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती करना चाहती है। एकल पीठ ने मेसर्स कॉरपोरेट केयर और मेसर्स शिमला क्लीनवेज कंपनियों की याचिका 50,000 रूपये कॉस्ट के साथ खारिज कर दी थी। एकल पीठ ने कंपनियों पर तथ्यों को छुपाने और छेड़छाड़ वाले दस्तावेज के आधार पर कोर्ट को गुमराह कर अंतरिम आदेश की गुहार लगाने का दोषी पाया था। कंपनियों ने एकल पीठ के इस फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शीतसत्र के अंतिम दिन पूर्व भाजपा सरकार के समय में खोले गए संस्थानों को बंद करने के विरोध में विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया। संस्थानों को बंद करने पर सीएम के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। इससे पहले सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जहां बच्चे नहीं हैं, वहां संस्थान बंद कर दिए। 1100 प्राइमरी स्कूल बंद किए गए। ऐसा नहीं है कि वहां पर बच्चे नहीं हैं, बच्चे घर बैठ गए हैं। आपने बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया। पहले भी मुख्यमंत्री रहे हैं। आप तार्किक होकर सोचें। बच्चे स्कूल की पढ़ाई से महरूम किए गए हैं। जयराम बोले, हम आपके ससुराल के विरोध में नहीं हैं। चंबा, पांगी सभी जगह की बात है। देहरा में तो सीएम का कार्यालय भी खुल गया। हमेशा कैंप ऑफिस होता है। मेरे सराज में भी कैंप ऑफिस था। पर आप भाभी जी से डर गए, खोलिए। लेकिन अन्य जगह कार्यालय बंद कर आपने पाप किया है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने जयराम को संक्षेप में अपनी बात पूरी करने को कहा। जयराम बोले- सच्चाई यह है कि सरकार का यह फैसला सही नहीं है। सुक्खू ने कहा कि नौ मिनट 18 सेकंड विपक्ष के नेता बोले। अगर ये जनता के सच्चे सेवक थे तो अंतिम वर्ष में 1 अप्रैल 2022 के बाद संस्थान खोलने की क्या जरूरत थी। हमारी तरह पहले खोल देते। इस अवधि के पहले के 2-4 संस्थान बंद किए। सीएम ने कहा कि 675 स्कूलों में जीरो एनरोलमेंट थी। इस पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। विधानसभा परिसर में जयराम ने कहा कि पूर्व में भाजपा सरकार की ओर से खोले 1865 संस्थान वर्तमान सरकार ने बंद किए। लेकिन वर्तमान दो साल में सरकार ने 37 संस्थान खोले और 103 की अतिरिक्त अधिसूचना जारी की।
** वित्त विभाग ने HRTC को दी कार्य करने की मंजूरी... हिमाचल प्रदेश में नाबार्ड के सौजन्य से 128 करोड़ से बनने वाले ई-चार्जिंग स्टेशन और ई-वर्कशॉप निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। वित्त विभाग ने एचआरटीसी को इसके लिए निर्माण कार्य करने की मंजूरी दे दी है। अब परिवहन विभाग का बस अड्डा विकास प्राधिकरण प्रदेशभर में बनने वाले ई-चार्जिंग स्टेशन और ई-वर्कशॉप की निर्माण प्रक्रिया शुरू कर पाएगा। पहले सरकार ने परिवहन विभाग को ई-चार्जिंग स्टेशन बनाने की मंजूरी दे दी थी, लेकिन विभाग ने इस कार्य को लेकर असमर्थता जताई थी। इस वजह से प्रोजेक्ट निर्माण को लेकर मामला काफी समय से उलझ हुआ था। अब वित्त विभाग ने दोबारा एचआरटीसी को कार्य के लिए अधिकृत कर दिया है। प्रदेश सरकार ने ई-चार्जिंग स्टेशनों के लिए 128 करोड़ रुपये की सहमति दी है। योजना में 90 फीसदी की राशि नाबार्ड से बतौर ऋण ली जाएगी, जबकि 10 फीसदी राशि का वहन प्रदेश सरकार करेगी। इसको लेकर नाबार्ड ने पहले चरण में 30 फीसदी रकम यानी करीब 35 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है, लेकिन पूरे मामले की वजह से प्रोजेक्ट निर्माण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। गौर हो कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ई-वाहनों को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा ई-टैक्सियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत प्रदेशभर में ई-चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा तो वहीं एचआरटीसी ई-वर्कशॉप का निर्माण करने जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें अधिकांश जिलों को शामिल किया गया है। योजना के तहत जिला शिमला में दो जगह ई-वर्कशॉप का निर्माण किया जाएगा। इसमें ढली और तारादेवी को शामिल किया गया है। यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस ई-वर्कशॉप का निर्माण होना प्रस्तावित है। वर्तमान में इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत कार्य को लेकर एचआरटीसी संबंधित कंपनियों पर ही निर्भर है। नई इलेक्ट्रिक बसों को पांच साल की एमसी पर खरीदा जा रहा है, लेकिन यह समय अवधि खत्म होने के बाद निगम को खुद अपने स्तर पर ही बसों के रखरखाव और मरम्मत का कार्य करना होगा। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार सभी जिलों में ई-वर्कशॉप बनाने की योजना पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि रेडियोग्राफरों का वेतन बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में जल्द विभिन्न श्रेणियों की भर्तियां की जाएंगी। जिन संस्थानों में मशीनें हैं, वहां स्टाफ भी जल्द दिया जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आईजीएमसी में 133 और केएनएच में 42 प्रकार के स्वास्थ्य टेस्ट निशुल्क किए हैं। पूर्व सरकार के समय में 56 प्रकार के टेस्ट निशुल्क होते थे। कांग्रेस सरकार ने निशुल्क टेस्टों की संख्या बढ़ाकर 175 कर दी है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लोग प्राइवेट लैब जा रहे हैं। भाजपा विधायक दीपराज और विनोद कुमार ने प्रश्नकाल में स्वास्थ्य संस्थानों के कामकाज पर सवाल उठाया। विधायक दीपराज ने कहा कि आईजीएमसी में अधिकांश टेस्ट बाहर करवाने पड़ रहे हैं। इसके लिए लोगों को 1500 से लेकर दस हजार रुपये तक का शुल्क चुकाना पड़ रहा है। करसोग अस्पताल में कोई भी टेस्ट नहीं हो रहा है। करसोग में मशीनें उपलब्ध हैं। फिर भी मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए बाहर भेजा जा रहा है। विधायक विनोद कुमार ने कहा कि निशुल्क टेस्ट करवाने की बात गलत है। सच्चाई यह है कि टेस्ट निशुल्क नहीं हो रहे। स्टाफ ही कहता है कि रिपोर्ट जल्दी चाहिए तो बाहर से करवा लो। सवाल में पूछी गई जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा और विपिन सिंह परमार ने नाराजगी जताई। रणधीर ने बीते एक साल के दौरान प्रदेश में खोले गए संस्थानों की जानकारी मांगी। लिखित जवाब में बताया गया कि सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर विधायक ने कहा कि सब जानते हैं कि नादौन, देहरा, हरोली और कुछ खास विधानसभा क्षेत्रों में ही संस्थान खुले हैं। इसकी जानकारी क्यों नहीं दी जा रही। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सारी जानकारी है तो सवाल को बंद कर दिया जाए। दूसरे सवाल में परमार ने असुरक्षित भवनों को लेकर जानकारी मांगी थी। इसमें भी अभी सूचना एकत्र करने की जानकारी देने पर विधायक ने कहा कि छोटी-छोटी जानकारियां नहीं मिलना दुभार्ग्यपूर्ण है। सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि प्रदेश में 1714 युद्ध हताहत सैन्य अधिकारी और जवान हैं। कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 736 और इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के तहत नौ युद्ध हताहत सैन्य अधिकारी और जवान हैं। विधायक मलेंद्र राजन के सवाल का जवाब देते हुए शांडिल ने बताया कि युद्ध में मृत्यु को प्राप्त होने वाले वीर सैनिकों और सैन्य अधिकारियों को सरकारी कागजात में भारत सरकार की ओर से युद्ध हताहत घोषित किया जाता है। मरणोपरांत के निकटतम परिजनों को अनुग्रह राशि, एचआरटीसी की बसों में निशुल्क बस यात्रा की सुविधा, युद्ध विधवाओं की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता और एक परिजन को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार की सुविधा भी दी जा रही है। कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि धर्मपुर बस डिपो की हालत खराब हो गई है। पूर्व सरकार के समय में यहां जुगाड़ से बसें दी गई थीं। कुल 51 बसों में से 36 की अवधि पूरी हो चुकी है। दो बार चलती बसों के टायर खुल चुके हैं। डिपो में सिर्फ छह नई बसें हैं। स्टाफ के छुट्टी पर जाने से सेवाएं ठप हो जाती है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल्द 700 नई बसों की खरीद की जा रही है। आवश्यकता अनुसार धर्मपुर को भी बसें दी जाएंगी। मैं स्वयं धर्मपुर का दौरा कर स्थिति का जायजा भी लूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसहारार पशुओं और बंदरों के लिए नीतिगत बदलाव कर उचित कदम उठाए जा रहे हैं। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए समाज को भी आगे आना चाहिए। मैंने खुद एक स्ट्रे डॉग को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि बंदरों के लिए जंगलों में फलदार पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जंगलों में 60 फीसदी तक फलदार पौधे लगाए जाएं, ताकि बंदरों को आबादी क्षेत्रों में आने से रोका जा सके। प्रदेश में 1.87 लाख बंदरों की नसबंदी की गई है। उन्हाेंने लोगों से रिहायशी क्षेत्रों में कूड़ा व बचा हुआ भोजन खुले स्थान पर न फेंकने का आह्वान भी किया। उधर, नाहन से कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बंदरों और आवारा पशुओं ने समस्याओं को बढ़ा दिया है।
हिमाचल प्रदेश में करीब दो महीने से सूखे जैसे हालात हैं। बारिश, बर्फबारी न होने से सेब के बगीचे सूखे की चपेट में हैं। बगीचों में चिलिंग ऑवर्स पूरे होने का संकट हो गया है। मौसम ऐसा ही रहा तो सेब उत्पादन गिर सकता है। बागवानी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र मशोबरा ने इसे देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा के सह निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ठाकुर ने बताया कि सेब के पौधों के लिए 7 डिग्री से कम तापमान में 800 से 1600 घंटे चिलिंग ऑवर्स की जरूरत रहती है। सूखे के कारण इस सीजन में अगर चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं होते तो फ्लावरिंग पर प्रभाव पड़ सकता है। एक समान फ्लावरिंग नहीं होगी और कमजोर फ्लावरिंग से फूल झड़ने की समस्या पेश आ सकती है। इससे सेब उत्पादन प्रभावित हो सकता है। अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश और बर्फबारी की आवश्यकता है। बागवान इस समय बगीचों में काट-छांट कर सकते हैं। नए बगीचे या फलदार पौधे लगाने के लिए जमीन में पर्याप्त नमी नहीं है। दिसंबर में बगीचों मे फॉस्फोरस और पोटाश खाद डाली जाती है, जिससे पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जड़ें मजबूत होती हैं। नमी न होने के चलते खाद डालने का काम प्रभावित हो रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सिंचाई या नमी के अभाव में उर्वरकों का प्रयोग करने से बचें और नमी को बचाए रखने के लिए मल्चिंग करें। शुष्क मौसम में बगीचों में वूली एफिड का प्रकोप बढ़ सकता है। कीटों की संख्या नियंत्रित रखने के लिए वूली एफिड, स्केल, टहनियों के छेदक कीट तथा माइट ग्रसित टहनियों को काट कर नष्ट कर दें। घाव पर ताजा गोबर, गीली मिट्टी या चौबाटिया पेस्ट लगाएं। बोरर तथा वूली एफिड ग्रसित पौधों के तौलियों में जड़ों को खोद कर जड़ छेदक की सुंडियों को एकत्र कर डरमेट (800 मि. ली./200 ली. पानी) से उपचारित करें। नया पौधा लगाने से पहले उसे भी डरमेट के घोल में डुबोकर ही लगाएं। सूखे से पौधे कैंकर की चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बचाव के लिए तने पर बोर्डो पेंट या ताजे गोबर और मिट्टी का लेप लगाएं, ताकि सूर्य की किरणों से होने वाले नुकसान को बचाया जा सके। कांट-छांट के बाद बोर्डो मिश्रण का स्प्रे जरूर करें। नये पौधे रोपित करने के तुरंत बाद सिंचाई जरूर करें। प्राकृतिक खेती करने वाले किसान जीवामृत को फोलीयर स्प्रे के रूप में 10-20 प्रतिशत और 15 दिनों के अंतराल में ड्रेंचिंग जरूर करें।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार से वन संरक्षण अधिनियम 1980 (एफसीए) में संशोधन करने के लिए सरकारी संकल्प प्रस्ताव लाया। प्रस्ताव को पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने ध्वनि मत के साथ पारित किया। इस भाजपा विधायकों ने एक कमेटी बनाकर इस सिफारिश को तैयार करने की बात कही। राजस्व मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव को लाने का मकसद आपदा के दौरान खेती योग्य भूमि बह जाने पर तबादले में सरकारी वन भूमि व लघु एवं सीमांत किसानों को 10 बीघा तक सरकारी वन भूमि खेती करने के लिए देना था। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार यदि 1980 के तहत राहत दे तो हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित और भूमिहीन लोगों को खासी राहत मिल सकती है। वहीं, विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि संशोधन बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बोह वैली में पिछले दिनों एक आपदा आई थी। इसमें 24 लोगों की मौत हो गई थी और जो बच गए थे, वे भूमिहीन हो गए थे। आपदा में भूमिहीन हुए इन लोगों को राहत देने के लिए सरकार जमीन देना चाहती है, लेकिन एफसीए के नियम उनके आड़े आ रहे हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक नीरज नैय्यर, भुवनेश्वर गौड़, बलवीर वर्मा, चंद्र शेखर और सुखराम चौधरी ने भी विचार रखे। विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को पहले आंकड़ा तैयार कर लेना चाहिए कि आपदा के कारण कितने लोग बेघर हुए हैं और कितने भूमिहीन हैं। रणधीर शर्मा ने कहा कि एफसीए संशोधन के लिए भेजे जाने वाले प्रस्ताव में भागड़ा बांध सहित अन्य कारणों से विस्थापित होने वाले लोगों को भी जमीन देने का प्रावधान करवाने की बात रखी जाए।
** दो जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी हिमाचल में पांच जिले शीतलहर की चपेट में हैं। कड़ाके की ठंड पड़ने से सड़कों समेत नालों में पानी जम रहा है। वहीं, तीन जिलों में भीषण कोहरा पड़ रहा है। कोहरे के कारण शुक्रवार को कुल्लू के भुंतर हवाई अड्डे से एक भी उड़ान नहीं हो पाई। न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से राजधानी शिमला की सड़कों पर भी पानी जम रहा है। प्रदेश के 9 क्षेत्रों में न्यूनतम पारा माइनस में पहुंच गया है। उधर, मौसम विभाग ने सात जिलों में अगले चार दिन भीषण शीतलहर का ऑरेंज और दो जिलों में तीन दिन घना कोहरा रहने का येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को कुल्लू, बिलासपुर और मंडी जिले में कोहरे का कहर रहा। कुल्लू जिले के भुंतर एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम होने से शुक्रवार को दिल्ली से भुंतर और भुंतर से अमृतसर की दोनों उड़ानें रद्द हो गईं। उड़ानें रद्द होने से विंटर टूरिस्ट सीजन में पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है। भुंतर एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक सिद्धार्थ कदम्ब ने कहा कि विजिबिलिटी कम होने से दो दिन से हवाई उड़ानें नहीं हो पाईं। ऊना, मंडी, हमीरपुर, चंबा और बिलासपुर में शीतलहर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, ऊना जिले कांगड़ा, चंबा, सोलन के कुछ स्थानों पर अगले चार दिन के लिए रात को भीषण शीतलहर की चेतावनी जारी है। जबकि मंडी की बल्हघाटी, बिलासपुर में गोबिंद सागर क्षेत्र में तीन दिन घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। 23 दिसंबर को प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में एक दो-स्थानों और 26 दिसंबर को मध्य पर्वतीय और उच्च क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में 26 तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा।
हिमाचल विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष के कड़े विरोध और तीखी नोकझोंक के बीच हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें संशोधन विधेयक, पंचायती राज संशोधन विधेयक और पुलिस अधिनियम में संशोधन विधेयक समेत चार विधेयक पारित किए गए। वहीं, भूजोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक पारित होते ही अब भोटा अस्पताल की 30 एकड़ जमीन हस्तांतरित हो सकेगी। अनुबंध कर्मियों के विधेयक पर मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रुटि को दुरुस्त किया गया है। अनुबंध वालों को नियमित कर्मचारियों के समान मानने से सरकार पर बोझ पड़ेगा और इससे वरिष्ठता भी प्रभावित होगी। उधर, विपक्ष ने कहा कि संशोधन विधेयक को पिछले तिथि से लागू करना ठीक नहीं, इससे पदोन्नत हो चुके अनुबंध कर्मी प्रभावित होंगे।भर्ती एवं सेवा शर्तें संशोधन विधेयक में नियमित और अनुबंध कर्मचारियों की सेवा शर्तों को अलग किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अनुबंध नीति के अनुसार नियमित और अनुबंध सेवाओं में अंतर होता है। अनुबंध कर्मियों की सेवा शर्तों को नियमित से अलग तरीके से प्ररिभाषित करना आवश्यक है। उन्होंने तर्क दिया कि अनुबंध कर्मियों को नियमित कर्मियों के समान मानना राज्य के खजाने पर भारी बोझ डालेगा और नियमित कर्मियों की वरिष्ठता को भी प्रभावित करेगा। सुक्खू ने कहा कि त्रुटि के कारण नियमित कर्मचारियों को डिमोट करने की नौबत आ रही थी, जो नहीं आनी चाहिए। कुछ लोग कोर्ट जा रहे हैं और वहां से भी निर्णय आ रहे हैं कि लाभ पहले की तिथि से दिया जाए, ऐसे कर्मियों की संख्या ज्यादा नहीं है। भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि 12 दिसंबर 2003 के बाद जो भी अनुबंध पर लगे हैं, सुप्रीम कोर्ट तक हारने के बाद उनके बारे में विधेयक लाया गया है। यह संशोधन पिछली तिथि से लागू हो रहा है। अनुबंध कर्मचारी इससे परेशान होंगे। उनकी पदोन्नति का क्या होगा। सरकार अगर इसे अगली तिथि से लागू करने की बात करती है तो भी इस पर विचार किया जा सकता है। इसे वापस लिया जाए। भाजपा विधायक जीतराम कटवाल ने भी कहा कि प्रावधान को पिछली तिथि से लागू न किया जाए। विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि इसे प्रतिष्ठा का सवाल न बनाकर फैसले को वापस लिया जाए। भाजपा विधायक हंसराज ने भी कहा कि विधेयक पर पुनर्विचार होना चाहिए। हिमाचल विधानसभा में धर्मार्थ संस्थाओं के लिए 30 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने का विधेयक पारित हो गया। भूजोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक 2024 पर पहले सदन में चर्चा हुई। विपक्ष ने कहा कि इसे पारित करते समय जल्दबाजी न की जाए। राधास्वामी सत्संग संस्था की मदद होनी चाहिए, मगर विधेयक को विचार-विमर्श के लिए पहले विधानसभा की सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाना चाहिए। दोनों पक्षों की नोकझोंक के बीच विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। संशोधन विधेयक के पारित होने और इसके कानून बनने के बाद राधास्वामी सत्संग ब्यास भोटा अस्पताल और इसकी जमीन जगत सिंह सेवा ट्रस्ट को हस्तांतरित कर सकेगा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चर्चा के दौरान कहा कि संस्था और संगठन से ऊपर मेरे लिए प्रदेश है। संस्था के लिए पूरा आदर है, पर विधेयक को पारित करने से पहले सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाए। विधेयक के पारण के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक दल का धन्यवाद किया और कहा कि भाजपा के विधायकों ने इसका समर्थन नहीं किया। एक तरह से साइलेंट विरोध किया। सेलेक्ट कमेटी को भेजने की बात करना भी एक तरह से विराेध करना है। यह दुख की बात है। सूक्खू ने कहा कि उनके लिए हिमाचल के हित सर्वोपरि हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह केवल एक समय के लिए प्रावधान है। कोई भी धार्मिक, आध्यात्मिक या चैरिटेबल संस्था इसे केवल ऐसे ही कार्यों के लिए 30 एकड़ तक ही दूसरी उसी तरह की संस्था को जमीन हस्तांतरित कर सकेगी। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा भी चाहती है कि राधास्वामी ब्यास संस्था की समस्या का समाधान होना चाहिए, मगर इस कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि राधास्वामी संस्था ने कोविडकाल में बढ़िया किया है, मगर इससे अन्य संस्थाओं की ओर से दुरुपयोग करने की संभावना है। तीन सरकारों में धूमल, वीरभद्र और उनके समय भी मामले में जल्दबाजी नहीं की गई। पिछली भाजपा सरकार में यह मामला मंत्रिमंडल तक आया था, वहीं लंबित हो गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कि हिमाचल के हितों को नहीं बेचा जाएगा। सरकार एक रुपये में किसी उद्योगपति को जमीन नहीं दे रही है, जैसा पिछली सरकार में हुआ। वह नेक काम करने वाली संस्थाओं की मदद कर रहे हैं।
राज्य सरकार की अनुमति से ही ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा सकेगा। कांस्टेबलों का काडर भी अब राज्य स्तर का होगा। भर्ती राज्य पुलिस बोर्ड करेगा। इस संबंध में विपक्ष के विरोध पर भी शुक्रवार को पुलिस विधेयक पारित हो गया। हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम में संशोधन पर विधेयक को पारित करने से पहले चर्चा लाई गई। इस पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने लोक सेवक को किसी भी कार्य पर ड्यूटी करने के दौरान गिरफ्तार करने से पहले सरकार की मंजूरी लेने की धारा डालने पर आपत्ति दर्ज की। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं कर पाएंगे। भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि पोक्सो एक्ट के तहत अगर किसी कर्मचारी को गिरफ्तार करना होगा तो क्या सरकार को पूछना होगा कि उसे गिरफ्तार करें कि नहीं। क्या यह व्यवस्था किसी विशेष व्यक्ति को लाभ देने के लिए तो नहीं किया जा रही है। सीएम ने कहा कि भाजपा के लोग कर्मचारियों के हितों में ही नहीं है। इससे यह जाहिर होता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि रिश्वत, खून जैसे संगीन मामलों में गिरफ्तारी करने से संबंधित मामलों में गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं होगी। ये ऐसे मामलों के लिए है कि कार्यालय में कोई एक अधिकारी द्वेष भावना से किसी कर्मचारी के खिलाफ कुछ गलत कार्रवाई करे तो ही यह प्रावधान लागू होगा। इसका एसओपी आएगा। उसमें स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे कई मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। इसमें सरकार की अनुमति से ही गिरफ्तारी का प्रावधान होगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि रणधीर शर्मा काल्पनिक बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल कर रहे हैं। विजिलेंस मैन्युअल को नहीं बदला गया है। कई बार अधिकारी द्वेष भावना से एफआईआर दर्ज कर लेते हैं। हिमाचल में अब 25 हजार की कम संख्या होने पर भी जिला परिषद वार्ड बनेंगे। इसके लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शीत सत्र में हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संशोधन विधेयक पारित करने का प्रस्ताव रखा। इससे पहले विधेयक पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने चर्चा में भाग लिया और उन्होंने जिला परिषद बनाने के लिए न्यूनतम जनसंख्या जाहिर नहीं करने पर सवाल उठाए। भाजपा विधायक ने कहा कि जिला परिषद वार्ड बनाने के लिए संख्या 25 हजार से ऊपर ही होनी चाहिए। जिस विधेयक को सरकार लाई है, उसमें यह तय नहीं किया गया है कि प्रदेश में जिला परिषद वार्ड बनाने के लिए लोगों की न्यूनतम संख्या कितनी हो। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सरकार विधेयक इसलिए ला रही है, ताकि जनजातीय क्षेत्रों में भी जिला परिषद के वार्डों का गठन किया जा सके। चर्चा के बाद विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
हिमाचल में उपभोक्ताओं को सस्ते राशन के डिपुओं से खाद्य तेल खरीदने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। रेट पर सहमति न बनने पर सरकार ने टेंडर रद्द कर दिया है। अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। हिमाचल में दो माह से उपभोक्ताओं को तेल नहीं मिला है। इधर, सरकार की ओर से दावा किया गया है कि अगले महीने टेंडर प्रक्रिया पूरी करके उपभोक्ताओं को तीन महीने का तेल एक साथ दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में साढ़े 19 लाख राशन कार्ड धारक हैं। दो माह से डिपुओं में तेल न होने से उपभोक्ताओं को बाजार का रुख करना पड़ रहा है। बाजार में सरसों तेल 160 से 200 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इस माह विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। इससे उपभोक्ताओं को जल्द तेल मिलने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन रेट अधिक होने पर सरकार ने टेंडर रद्द दिया। अब खाद्य आपूर्ति निगम ने नए सिरे से तेल टेंडर के लिए कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की है। सरसों तेल के लिए 3 और रिफाइंड तेल के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 4 जनवरी निर्धारित की है। विभाग का दावा है कि निविदाएं आने के बाद अगर प्रक्रिया जल्द पूरी हुई तो उपभोक्ताओं को तीन महीने का तेल एक साथ देंगे। उधर, खाद्य आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि पुराना टेंडर रद्द कर दिया है। अब नए सिरे से तेल के कंपनियों से निविदाएं मांगी गई हैं। उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने तेल का कोटा दिया जाएगा।
** विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल का प्रदर्शन मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने आज विधानसभा परिसर तपोवन धर्मशाला, जिला कांगड़ा में भाजपा के केंद्रीय वरिष्ठ नेता द्वारा संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा पर डॉ.बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि संविधान निर्माता के अपमान पर उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘संविधान निर्माता के बारे में जो अपशब्द कहे गए, वो गलत हैं और कांग्रेस पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधता में एकता का देश है और बाबा साहेब ने देश के सामने समानता का विचार दिया, जिससे देश में लोकतंत्र की नींव मजबूत हुई। उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने भी भाजपा के वरिष्ठ नेता के बयान की निंदा करते हुए कहा कि वह सत्ता के नशे में इतना चूर हो गए हैं, कि देश को संविधान देने वाले बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान कर रहे हैं। विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस पहले भी दलित समुदाय की विरोधी थी और आज भी विरोधी है। यही भाजपा का असली चेहरा है। इस प्रदर्शन में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य और कांग्रेस के विधायक शामिल हुए।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज सड़क सुरक्षा क्लब की ओर से व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सड़क सुरक्षा क्लब के संयोजक प्रो. अरविंद कुमार, प्रो. सचिन कुमार , प्रो. सरजनी नेगी, व लैब सहायक मुकेश चंद के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा बतौर मुख्य अतिथि व वक्ता के रूप में मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना रहा। इस व्याख्यान कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो उपेन्द्र शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए यातायात के नियमों को विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने सभी छात्रों को अपने साथ साथ दूसरों को इस ज्ञान को सांझा करने के लिए कहा। साथ ही सड़क सुरक्षा क्लब के सभी सदस्यों का इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी व भविष्य में सड़क सुरक्षा नियमों के लिए इस तरह के कार्यक्रम करने के लिए उनका मार्गदर्शन किया।
जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: आयुष विभाग उपमंडल बालकरूपी की ओर से 25 दिसंबर तक प्रकृति परीक्षण का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान में उपमंडल बालकरूपी में जिला आयुष अधिकारी डॉ. हरीश भारद्वाज और उपमंडलीय आयुष अधिकारी डॉ.अनीता शर्मा ने एसडीम जयसिंहपुर संजीव ठाकुर की मौजूदगी में प्रकृति परीक्षण किया गया। एसडीएम ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी बताया गया । एसडीएम ने लोगों से अपील की है की वह स्मार्ट फोन मे प्रकृति परीक्षण ऐप डाउनलोड कर किसी भी आयुष हैल्थ एवं वैलनेस सेंटर में जाकर अपनी प्रकृति (वात, पित्त कफ )को जान सकते है और स्मार्ट फोन में ही प्रकृति अनुसार समय -समय पर आहार बिहार के बारे में दी गई जानकारी अनुसार अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं l उपमंडलीय आयुष अधिकारी बालकरूपी ने बताया कि अभी तक उपमंडल में दो हजार से अधिक लोगों का प्रकृति परीक्षण किया जा चुका है ।
** एसडीएम करसोग गौरव महाजन ने की शिविर की अध्यक्षता समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से खंड विकास अधिकारी कार्यालय करसोग के समीप पंचायत समिति बैठक कक्ष में दिव्यांगों को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए एसडीएम करसोग गौरव महाजन की अध्यक्षता में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अधिकृत संस्था भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के माध्यम से एडिप योजना के तहत दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग व व्हील चेयर, हियरिंग एड, कैलिपर, छड़ी, सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध करवाए करवाए गए। दिव्यागजनों के लिए आयोजित इस शिविर में क्षेत्र के लगभग 42 पात्र दिव्यांगों को व्हील चेयर, हियरिंग एड, कैलिपर, छड़ी, बैसाखी सहित लगभग 74 कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण वितरित किए।एसडीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को सशक्त कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सामान्य व्यक्तियों की तरह जीवन यापन करने और उनके जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग प्रदान किए गए है।इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी करसोग, भोपाल शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से दिव्यागजनों और अन्य लोगों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनओं की जानकारी भी प्रदान की।
** देशराज शारदा उप निदेशक उच्च शिक्षा सोलन रहे मुख्य अतिथि राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में देशराज शारदा, उप निदेशक उच्च शिक्षा सोलन, ने शिरकत की। विद्यालय परिवार ने उनका फूलमालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन और छात्राओं द्वारा प्रस्तुत वंदे मातरम से हुई। विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने स्वच्छता पर शानदार प्रस्तुतियां दीं, जो लोगों को स्वच्छता का संदेश देने में प्रभावशाली रहीं। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मॉडलिंग कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।मुख्य अतिथि ने वर्ष भर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। विशेष अतिथि प्रियंका शर्मा ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय के लिए 21-21 हजार रुपये की धनराशि भेंट की। इस मौके पर पंचायत प्रधान जगदीश अत्री, समाजसेवी पुष्पा देवी, कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक और अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


















































