पूरे भारत वर्ष में इन दिनों गणपति पूजन की धूम है। गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की गई। कोरोना काल में हालांकि उत्सव आदि मनाने पर मनाही है लेकिन बिलासपुर में अधिकांश घरों में भगवान श्री गणेश जी का पूजन किया जा रहा है, इससे पहले नगर के डियारा सेक्टर में स्थित बाबा विश्वकर्मा मंदिर में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन हुआ करता था लेकिन कोरोना महामारी के कारण अब इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगी हैै। नगर के मुख्य बाजार के साथ सिनेमा कालोनी में श्री नयना देवी जी मंदिर न्याय के पुजारी राजीव गौतम, उनकी धर्मपत्नी शिल्पा गौतम व उनके परिवार द्वारा बीते कल विधिवत रूप से भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति स्थापित की गई। पंडित द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ-साथ पूजन किया गया। राजीव गौतम ने बताया कि आगामी नौ दिनों तक यह पूजा अर्चना का कार्यक्रम घर पर ही होगा जबकि शाम के समय आस पड़ोस की महिलाएं कीर्तन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि आगामी रविवार को गोविंद सागर झील में भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन कार्यक्रम होगा। उन्होंने नगरवासियों से आग्रह किया है कि कोविड -19 के चलते सभी भक्तजन अपने-अपने घरों में हीपूजन करे ।
शिमला: वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने आज यहां डलहौजी विधानसभा के लाभार्थियों को वर्चुअल रैली के माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न विकासात्मक कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं, जिनके माध्यम से लोगों को सीधे तौर पर सरकार द्वारा लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में अब तक 767 परिवारों को घर स्वीकृत किए गए हैं। योजना में प्रत्येक लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना में अब तक विधानसभा क्षेत्र में 220 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत भी प्रत्येक लाभार्थी को 1.50 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जा रही हैं। वन मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में 690 लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है, जिन्हें अब दो हजार रुपये का अतिरिक्त भत्ता प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत भी क्षेत्र में 898 को लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 3893 महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। राकेश पठानिया ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र में 6323 किसानों को 6 हजार रुपये की राशि खाद, बीज व कीटनाशक दवाइयां इत्यादि के लिए आवंटित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत डलहौजी में 3527 परिवारों को लाभान्वित किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से भी विधानसभा क्षेत्र के 165 परिवारों को राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के माध्यम से चलाई जा रही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना व राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के 225 लाभार्थियों ने लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 447, हिमकेयर योजना में 654 लाभार्थियों को लाभ प्रदान किए गए हैं, जबकि इस योजना में गम्भीर बीमारी की स्थिति में पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध की जा रही है। वन मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अन्तर्गत डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में 434 लाभार्थी पंजीकृत हैं और इस योजना में मात्र 12 रुपये में दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर ने अपने पदाधिकारियों को जिला मे नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जानकारी भाजपा के एक प्रवक्ता ने दी। इसमें जिला महामंत्री नवीन शर्मा को सदर बिलासपुर व आशीष ढिल्लों को घुमारवीं मण्डल का प्रभारी बनाया गया है। जिला उपाध्यक्ष राम कुमार को श्री नैना देवी जी उपरी मण्डल ओर जिला किसान मोर्चा का दायित्व दिया गया।प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृज लाल ठाकुर को झंडूता मण्डल का प्रभार दिया गया।जिला सचिव प्रेम लाल को श्री नैना देवी जी लोअर मण्डल का प्रभारी बनाया गया।जिला सचिव बृज लाल ठाकुर को जिला युवा मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई।जिला की उपाध्यक्ष श्रीमती नीना कौशल को जिला महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है।
लोक निर्माण विभाग के घुमारवीँ मंडल में सरकारी नियमों को दरकिनार कर पूरी व्यवस्था तहस-नहस कर दी है। सरकारी मशीनरी खड़ी रखकर राजनैतिक इशारे पर कुछ चेहते जेसीबी मालिकों को को लाभ पहुंचाया जा रहा है। यह बात पूर्व सीपीएस एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी ने कही। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग में बड़े कार्यों के टेन्डर तोड़ कर ऊंची दरों पर सरकारी पैसे को लूटा जा रहा है। यहां तक कि सांसद निधि के तहत कार्यों को भी राजनैतिक आका के इशारे पर रोक रखा है। कई कार्य विभाग द्वारा तय मानकों के अनुरूप नहीं करवाए जा रहे। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मणाधीन सड़कें बार-2 उखड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से स्वीकृत दो सड़कों के टेन्डर कांग्रेस सरकार के समय हो गए थे लेकिन इनका काम आज तक शुरु नहीं होने दिया। मोहड़ा-सुनाली-माकड़ा-गालियाँ सड़क के लिए 3.58 करोड़ और दधोल-डोहरू-पट्टा-दख्यूत सड़क के लिए 4.72 करोड़ रूपए स्वीकृत होने व टेन्डर होने के बावजूद इसलिये काम शुरु नहीं किया गया ताकि चुनावों के समय भाजपा द्वारा फैलाए गए झूठ को सही ठहरा जा सके। चुनावों में भाजपा ने इन स्वीकृतियों को चुनावी स्टंट करार दिया था। इन सड़कों के निर्माण कार्य को रोकने के लिए मनगडंत बहाने बनाए जा रहे हैं। वन भूमि में सड़क निर्माण को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ये बताए कि जिन तीन संपर्क सड़कों का मंत्री ने उद्घाटन किये ये सभी वन भूमि बिना अनुमति लिए बनाई हैं। लेकिन तमाम औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत नाबार्ड से स्वीकृत उपरोक्त दोनों सड़क कार्यों को बेवजह रोक रखा है। इन दो सड़कों के इलावा अन्य मदों के अधीन स्वीकृत सड़कों व पुलों के कार्य भी रोक रखे हैं। तीनों सड़कों में से दो सड़कों के लिए धनराशि कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत थी लेकिन मंत्री ने इन सड़कों के कार्य भी अढ़ाई वर्ष रुकवाए ताकि लोगों को भ्रमित कर श्रेय अपने आप ले सकें और अपनी पट्टिका लगवा सकें। उन्होंने बताया कि तीसरी सड़क के लिये सांसद जेपी नड्डा ने भाजपा के एक स्थानीय कार्यकर्ता के अनुरोध पर सांसद निधि स्वीकृत की थी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता को चेतावनी दी है कि वह पूर्व सरकार द्वारा स्वीकृत सड़कों का निर्माण एक महीने के अंदर शुरु करवाए नहीं तो कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बिलासपुर शहर की बेटी प्रोफेसर अभ्युदिता गौतम ने अपनी साहित्य पर आधारित किताब सब मर्जड एंड रेहबिलितटेड द्वारा साहित्य की दुनिया में पहला कदम रखा है। अंग्रेजी में लिखी इस किताब में बिलासपुर नगर की लेखिका अभ्युदिता गौतम ने पहाड़ी संस्कृति की कुल 6 काल्पनिक लघु कथाओं और 10 अलग-अलग विषय की कविताओं से पिरोया है। जिसमें हिमाचली संस्कृति, सुंदर वादियों, मंदिरो सांस्कृतिक परिवेश और पहाड़ी लोगों की मनोस्थिति को लघु कथाओं और कविताओं द्वारा दर्शाने की कोशिश की गई है। किताब में लेखिका प्रोफेसर अभ्युदिता गौतम ने अपनी जन्मस्थली विस्थापितों के शहर बिलासपुर के उजड़ने के दर्द और पुनस्थापन का वर्णन किया गया है, जिसमें सांढू मैदान में जर्जर पड़े बेसहारा मंदिरों और जिला के पुरातन इतिहास को मिटते देखते आ रहे पूर्वजों के दर्द को काल्पनिक कथाओं द्वारा बखूबी बयान किया गया है। अन्य कहानियों में हिमाचली लड़कियों और महिलाओं के संघर्ष, भावनाओं और बहादुरी का सुंदर वर्णन किया गया हूं जो आजकल के आधुनिक परिवेश और अपनी संस्कृति से जुड़े रह कर कैसे तालमेल बिठा कर जीती हैं। अभ्युदिता गौतम का कहना है, उन्होंने किताब को अंग्रेजी में लिखना इसलिए चुना क्योंकि अंग्रेजी में हिमाचली संस्कृति को न के बराबर लिखा गया है और वो हिमाचली संस्कृति को युवा पीढ़ी और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाना चाहती हैं। इस किताब का अंग्रेजी में होने के कारण देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में रिसर्च के लिए लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे हमारी हिमाचली संस्कृति जानने की इच्छा रखने वालों को आसानी से मैटर उपलब्ध होगी। लेखिका अभ्युदिता मूलतः बिलासपुर शहर की रहने वाली है। उनके पिता सेवानिवृत्त कर्नल अम्बा प्रसाद और माता देव गृहणी हैं। पिता के फौजी अफसर होने के कारण उनकी स्कूली पढ़ाई सेंट मैरी स्कूल कसौली, आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई, डीएवी स्कूल बिलासपुर और उच्च शिक्षा स्नातकोत्तर विद्यालय बिलासपुर और एमए पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे भिन्न-भिन्न स्थानों पर हुई। इन दिनों अभ्यूदिता गौतम महाविद्यालय नगरोटा बगवां में अंग्रेजी विषय के प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लाभार्थियों को सम्बोधित व बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुनिश्चित कर रही है कि, राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नीतियां, कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाएं लक्षित समूह तक पहुंचे ताकि राज्य में गरीबों का सामाजिक, आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की वर्चुअल रैलियों का आयोजन करने से राज्य सरकार को लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करने में मदद मिलती है और उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में प्रतिक्रिया भी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान सरकार को कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी बेहतर सुझाव मिलते हैं। वर्तमान राज्य सरकार का पहला निर्णय बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त की आयु सीमा को 80 से घटाकर 70 वर्ष किया है। इससे परिणामस्वरूप 200 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय बोझ पड़ा है, लेकिन साथ ही राज्य के 2.90 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित भी हुए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि वह स्वयं ग्रामीण क्षेत्र से होने के नाते, वे विभिन्न समस्याओं के समाधान में आम आदमी को होने वाली कठिनाई को समझते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने जनमंच कार्यक्रम शुरू किया है और राज्य में अब तक लगभग 190 जनमंच आयोजित किए जा चुके हैं और 91 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निवारण किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 के माध्यम से भी जनता की शिकायतों के निवारण में मदद की है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत लगभग 22 लाख लोगों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से बाहर रह गई राज्य की आबादी को कवर करने के लिए, राज्य सरकार ने राज्य में हिमकेयर योजना शुरू की और 90 करोड़ रुपये खर्च करके अब तक लगभग 90,000 लोगों का इस योजना के अन्र्तगत उपचार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में क्रोनिक बीमार मरीजों के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए, सहारा योजना भी चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत, ऐसे रोगियों को प्रति माह 3000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं और अब तक लगभग 7000 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार राज्य में विभिन्न आवास योजनाओं के तहत बेघर गरीबों को 10,000 घर देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत, युवाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए 13 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए। उन्होंने युवाओं से इस योजना का लाभ उठाने के लिए आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि नौकरी चाहने वालों के स्थान पर नौकरी प्रदाता बने। कोविड-19 महामारी ने समाज के हर वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत लगभग 8.75 लाख किसानों के खाते में लगभग 180 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च से जून माह तक प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 1000 रुपये प्रति माह की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। उन्होंने कहा कि जुलाई और अगस्त माह के लिए प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को प्रति माह 2 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
अपने निरंतर प्रयासों और विपरीत परिस्तिथियों पर विजय हासिल करने के उपरांत प्रदेश सरकार चामुर्थी घोड़े की नस्ल के संरक्षण और पुनःस्थापन में सफल रही है। यह उन घोड़ों की नस्ल में से एक है, जिन पर कुछ साल पहले विलुप्त होने का खतरा मंडराया था। बेहतर क्षमता और बल-कौशल के लिए विख्यात चामुर्थी नस्ल के घोड़े हिमाचल के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों, मुख्य रूप से बर्फीली स्पीति घाटी में सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता के समय से पाए जाते थे। यह नस्ल भारतीय घोड़ों की 6 प्रमुख नस्लों में से एक है, जो ताकत और अधिक ऊंचाई वाले बर्फ से आच्छांदित क्षेत्रों में अपने पांव जमाने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। इन घोड़ों का उपयोग तिब्बत, लद्दाख और स्पीति के लोगों द्वारा युद्ध और सामान ढोने के लिए किया जाता रहा है। इसके अतिरिक्त, हिमाचल के कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर तथा पड़ोसी राज्यों में विभिन्न घरेलू और व्यावसायिक कार्यों के लिए व्यापक रूप से इनका उपयोग किया जाता रहा है। पशुपालन विभाग ने इन बर्फानी घोड़ों को बचाने और संरक्षित करने तथा पुनः अस्तित्व में लाने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में लारी (स्पीति) में एक घोड़ा प्रजनन केंद्र स्थापित किया। यह केंद्र स्पीति नदी से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किया गया है, जो राजसी गौरव और किसानों में समान रूप से लोकप्रिय घोड़ों की इस प्रतिभावान नस्ल के प्रजनन के लिए उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में इस प्रजनन केंद्र को तीन अलग-अलग इकाइयों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक इकाई में 20 घोड़ों को रखने की क्षमता और चार घोड़ों की क्षमता वाला एक स्टैलियन शेड है। इस केंद्र को 82 बीघा और 12 बिस्वा भूमि पर चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा इस लुप्तप्राय प्रजाति के लिए स्थानीय गांव की भूमि का उपयोग चरागाह के रूप में भी किया जा रहा है। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर के मुताबिक, इस प्रजनन केंद्र की स्थापना और कई वर्षाें तक चलाए गए प्रजनन कार्यक्रमों के उपरांत इस शक्तिशाली विरासतीय नस्ल, जो कभी विलुप्त होने की कगार पर थी, की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में इनकी आबादी लगभग चार हजार हो गई है। लारी फार्म में इस प्रजाति के संरक्षण के प्रयासों के लिए आवश्यक दवाओं, मशीनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अलावा पशुपालन विभाग के लगभग 25 पशु चिकित्सक और सहायक कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस केंद्र में इस नस्ल के लगभग 67 घोड़ों को पाला जा रहा है, जिनमें 23 स्टैलियन और 44 ब्रूडमेयर्स दोनों युवा और वयस्क शामिल हैं। प्रत्येक वर्ष पैदा होने वाले अधिकांश घोड़ों को पशुपालन विभाग द्वारा नीलामी के माध्यम से स्थानीय खरीदारों को बेचा जाता है। चार-पांच वर्ष की आयु के एक व्यसक घोड़े का औसत बाजार मूल्य वर्तमान में 30-40 हजार रुपये है। इन घोड़ों की सबसे अधिक लागत तीन वर्ष पूर्व 75 हजार रुपये दर्ज की गई थी। जनसंख्या, जलवायु और चरागाह के आधार पर एक वर्ष में औसतन अधिकतम 15 मादाएं गर्भधारण करती हैं और गर्भाधान के 11-12 महीने बाद बच्चा जन्म लेता है, जबकि एक वर्ष की आयु तक उसे दूध पिलाया जाता है। प्रजनन भी पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में करवाया जाता है। जन्म के एक महीने के बाद घोड़े के बच्चे को पंजीकृत किया जाता है और छह महीने की आयु में उसे दूसरे शेड में स्थानांतरित कर दिया जाता है। एक वर्ष का होने पर ही इसे बेचा जाता है। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा वृद्ध अथवा अधिक संख्या होने पर चामुर्थी मादाओं को बेच दिया जाता है। इसके अलावा, घोड़े की अन्य नस्लों की देख-रेख, पालन-पोषण और उनका प्राचीन महत्व पुनः स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा इस केंद्र पर प्रति वर्ष लगभग 35 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्टैलियन घोड़ों के संरक्षण के मामले में हिमाचल प्रदेश का स्टैलियन चार्ट में अग्रणी स्थान है और निरन्तर गुणात्मक घोड़ों के उत्पादन में सफलता हासिल की है। प्रदेश की सफलता और चामुर्थी प्रजाति की लोकप्रियता का अंदाजा अंतरराष्ट्रीय लवी, लदारचा मेलों और समय-समय पर आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों के दौरान प्राप्त किए गए विभिन्न पुरस्कारों से लगाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लाभार्थियों को सम्बोधित व बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नीतियां, कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाएं लक्षित समूह तक पहुंचे ताकि राज्य में गरीबों का सामाजिक, आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित किया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की वर्चुअल रैलियों का आयोजन करने से राज्य सरकार को लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करने में मदद मिलती है और उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में प्रतिक्रिया भी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान सरकार को कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी बेहतर सुझाव मिलते हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि कई बार यह महसूस किया गया है कि विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी के अभाव में लोग कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद से लोगों को इन योजनाओं के बारे में जागरूक करने में सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का पहला निर्णय बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त की आयु सीमा को 80 से घटाकर 70 वर्ष किया है। उन्होंने कहा कि इससे परिणामस्वरूप 200 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय बोझ पड़ा है, लेकिन साथ ही राज्य के 2.90 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित भी हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन देने के लिए उज्ज्वला योजना शुरू की है, लेकिन राज्य की लाखों महिलाएं इस योजना के अन्तर्गत शामिल नहीं थी, इसलिए राज्य सरकार ने हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना शुरू की और लगभग 2.76 लाख घरों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही राज्य देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां हर घर में गैस कनेक्शन है। जय राम ठाकुर ने कहा कि वह स्वयं ग्रामीण क्षेत्र से होने के नाते, वे विभिन्न समस्याओं के समाधान में आम आदमी को होने वाली कठिनाई को समझते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने जनमंच कार्यक्रम शुरू किया है और राज्य में अब तक लगभग 190 जनमंच आयोजित किए जा चुके हैं और 91 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निवारण किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 के माध्यम से भी जनता की शिकायतों के निवारण में मदद की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत लगभग 22 लाख लोगों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से बाहर रह गई राज्य की आबादी को कवर करने के लिए, राज्य सरकार ने राज्य में हिमकेयर योजना शुरू की और 90 करोड़ रुपये खर्च करके अब तक लगभग 90,000 लोगों का इस योजना के अन्र्तगत उपचार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में क्रोनिक बीमार मरीजों के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए, सहारा योजना भी चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत, ऐसे रोगियों को प्रति माह 3000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं और अब तक लगभग 7000 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार राज्य में विभिन्न आवास योजनाओं के तहत बेघर गरीबों को 10,000 घर देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत, युवाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए 13 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए। उन्होंने युवाओं से इस योजना का लाभ उठाने के लिए आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि नौकरी चाहने वालों के स्थान पर नौकरी प्रदाता बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने समाज के हर वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत लगभग 8.75 लाख किसानों के खाते में लगभग 180 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च से जून माह तक प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 1000 रुपये प्रति माह की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। उन्होंने कहा कि जुलाई और अगस्त माह के लिए प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को प्रति माह 2 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
2020 का वर्ष राहु का है जिसका योग 4 बनता है। ज्योतिष में राहु अस्थिरता, आक्समिकता, रहस्यात्मक, अप्रत्याशित घटनाओं,धोखा, अस्त्विहीन, अपराध, संक्रमण, अचानक मृत्यु, ऐसी बीमारी जिसका सिरा न हो, गलत प्रवृतियां, विदेश यात्रा, कंप्यूटर, संचार क्रांति , एकाएक परिवर्तन आदि का परिचायक है। आपने देखा कि 2020 लगते ही कोरोना ने पूरे विश्व को डस लिया, ऐसी रहस्यात्मक बीमारी जिसका पता न लगे, ऐसे अपराध जो रहस्यों की गुत्थी बनकर उलझते जाएं, मानव की जीवन शैली में एकाएक परिवर्तन, खाने से लेकर पढ़ाई तक सब कुछ ऑनलाइन हो जाना, भारतीयों का विदेश से उल्टे वापस लौटना अर्थात सब कुछ उल्टा पुल्टा। यहां तक कि मनुष्य मंदिर तक में भगवान के न दर्शन कर सके न पूजा अर्चना। बात यहीं नहीं रुकती, इस बार चतुर्मास पूरे पांच मास का हो गया। लीप वर्ष के कारण अधिक मास दो मास का हो गया। जहां श्राद्ध समाप्ति के अगले दिन नवरात्र आरंभ हो जाते थे , इस बार लगभग एक मास के अंतराल के बाद होंगे। हालांकि यह 160 साल बाद ऐसा हो रहा है यानी 2020 में सब कुछ बदला बदला। श्राद्ध 1 सितंबर से 17 सितंबर इस साल श्राद्ध 1 सितंबर से शुरू होंगे और 17 सितंबर को समाप्त होंगे। इसके अगले दिन 18 सितंबर से अधिकमास शुरू हो जाएगा, जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। वहीं नवरात्रि का पावन पर्व 17 अक्टूबर से शुरू होगा और 25 अक्टूबर को समाप्त होगा। वहीं चतुर्मास देवउठनी के दिन 25 नवंबर को समाप्त होंगे। पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके तर्पण के निमित्त श्राद्ध किया जाता है। यहां श्राद्ध का अर्थ श्रद्धा पूर्वक अपने पितरों के प्रति सम्मान प्रगट करने से है। श्राद्ध पक्ष अपने पूर्वजों को जो इस धरती पर नहीं है एक विशेष समय में 15 दिनों की अवधि तक सम्मान दिया जाता है, इस अवधि को पितृ पक्ष अर्थात श्राद्ध पक्ष कहते हैं। हिंदू धर्म में श्राद्ध का विशेष महत्व होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य का प्रवेश कन्या राशि में होता है तो, उसी दौरान पितृ पक्ष मनाया जाता है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष में तर्पण और पिंडदान को सर्वोत्तम माना गया है। पितृ पक्ष 2020 प्रारंभ और समाप्ति तिथि पितृ पक्ष प्रारंभ तिथि- 1 सितंबर 2020 पितृ पक्ष समाप्ति तिथि -17 सितंबर 2020 पहला श्राद्ध (पूर्णिमा श्राद्ध) – 1 सितंबर दूसरा श्राद्ध -2 सितंबर तीसरा श्राद्ध -3 सितंबर चौथा श्राद्ध -4 सितंबर पांचवा श्राद्ध -5 सितंबर छठा श्राद्ध - 6 सितंबर सांतवा श्राद्ध -7 सितंबर आंठवा श्राद्ध -8 सितंबर नवां श्राद्ध- 9 सितंबर दसवां श्राद्ध -10 सितंबर ग्यारहवां श्राद्ध -11 सितंबर बारहवां श्राद्ध-12 सितंबर तेरहवां श्राद्ध -13 सितंबर चौदहवां श्राद्ध -14 सितंबर पंद्रहवां श्राद्ध –15 सितंबर सौलवां श्राद्ध - 16 सितंबर सत्रहवां श्राद्ध -17 सितंबर (सर्वपितृ अमावस्या) नवरात्र, इस साल पूरे एक मास बाद आरंभ होंगे नवरात्र, ये तिथियां आप अपनी सुविधा और प्लानिंग के लिए नोट कर सकते हैं। नवरात्रि दिन 1: प्रतिपदा माँ शैलपुत्री पूजा घटस्थापना 17 अक्टूबर (शनिवार) नवरात्रि दिन 2: द्वितीया माँ ब्रह्मचारिणी पूजा 18 अक्टूबर (रविवार) नवरात्रि दिन 3: तृतीय माँ चंद्रघंटा पूजा 19 अक्टूबर (सोमवार) नवरात्रि दिन 4: चतुर्थी माँ कुष्मांडा पूजा 20 अक्टूबर (मंगलवार) नवरात्रि दिन 5: पंचमी माँ स्कंदमाता पूजा 21 अक्टूबर (बुधवार) नवरात्रि दिन 6: षष्ठी माँ कात्यायनी पूजा 22 अक्टूबर (गुरुवार) नवरात्रि दिन 7: सप्तमी माँ कालरात्रि पूजा 23 अक्टूबर (शुक्रवार) नवरात्रि दिन 8: अष्टमी माँ महागौरी दुर्गा महा नवमी पूजा दुर्गा महा अष्टमी पूजा 24 अक्टूबर (शनिवार) नवरात्रि दिन 9: नवमी माँ सिद्धिदात्री नवरात्रि पारणा विजय दशमी 25 अक्टूबर (रविवार) नवरात्रि दिन 10: दशमी दुर्गा विसर्जन 26 अक्टूबर (सोमवार)
हिमाचल प्रदेश में कोरोनावायरस से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है ताजा घटनाक्रम में मंडी जिला के बल्ह में एक 80 वर्षीय व्यक्ति ने कोविड-19 से दम तोड़ दिया है। अब जिला में कोरोना से मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। पुष्टि करते हुए डेडिकेटेड कोविड अस्पताल नेरचौक के एसएमएस डा. जीवानंद चौहान ने कहा कि पिछले कल जोनल अस्पताल मंडी से बल्ह घाटी के गांव सरद्वाड़ा के रहने वाले 80 वर्षीय व्यक्ति मिर्चु राम को जोनल अस्पताल मंडी से नेरचौक रेफर किया गया था। उन्होंने कहा कि उक्त व्यक्ति का उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज नेरचौक में दम तोड़ दिया है। मरीज की कोविड-19 को लेकर सेंपल लिया गया था और इसके उपरांत इसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है। उन्होंने कहा कि मृतक विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त था। डा. जीवानंद ने कहा कि मृतक का अंतिम संस्कार कोविड-19 को जारी दिशानिर्देशानुसार किया जाएगा जिसके लिए प्रशासन को सूचित कर दिया गया है।
अर्की पुलिस ने दस वर्ष पूर्व के एक मामले में दोषी पाए गए तथा दो वर्ष पूर्व अर्की न्यायालय द्वारा उदघोषित अपराधी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि ग्राम पंचायत पलोग के मानण गांव में स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति को घेर रखा है जोकि अकसर चोरी की वारदातों में संलिप्त रहता है। मुख्य आरक्षी परमेश कुमार अपनी टीम के सदस्यों रमेश शर्मा व रविन्द्र कंवर के साथ जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि उक्त व्यक्ति को लोगों ने पकड़ रखा था। उस व्यक्ति की टांगों में चोट लगी थी तथा खून निकल रहा था। डीएसपी प्रताप सिंह ठाकुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी हेमंत उर्फ राजू पुत्र जगदीश गांव नेर डा.मांजू को गिरफतार कर आगे की कारवाई शुर कर दी गई है।
बारहवीं बोर्ड की परीक्षाओं में हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की लापरवाही सामने आई है। बोर्ड की गलती का खमियाजा मेधावी परीक्षार्थियों को उठाना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत कंधर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांगल में सामने आया है। यहां बारहवीं की परीक्षा देने वाली पूनम के पिता प्रेम लाल ने बताया कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड की लापरवाही की वजह से उनकी होनहार बेटी को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पूनम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांगल से बाहरवीं की परीक्षा दी थी जिसका परीक्षा परिणाम निकलने पर उसने 474 अंक प्राप्त किए। पूनम इन अंकों पर संतुष्ट नही हुई और सभी पेपरों में मूल्यांकन के लिए आवदेन किया। अब उसका परिणाम आने पर अर्थशास्त्र में 2, अंगेजी में 5, बिज़नेस स्टडी में 2 अंक बढ़ाए गए हैं। अब पूनम प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुँच गई। प्रदेश में पूनम ने तीसरे स्थान पर आने पर विद्यालय प्रधानाचार्य मांगल सुरेन्द्र कुमार, पंचायत प्रधान मांगल दीप चंद शर्मा, उपप्रधान श्याम लाल, प्रेम लाल, चौहान कृष्णा, पूनम के अभिभावकों, विद्यालय परिवार सहित ग्रामीणों ने बधाई दी है।
सीपीआईएम नेता संजय चौहान ने कहा है कि उनकी पार्टी प्रदेश में बीजेपी सरकार के एक मंत्री पर तथाकथित जमीन खरीद के लगे आरोपों पर मुख्यमंत्री से इसकी निष्पक्ष जांच तथा मंत्री को तुरंत पद से हटाने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि जब तक मंत्री पद पर आसीन है तब तक इस मामले में निष्पक्ष जांच की अपेक्षा ही नहीं की जा सकती है और न ही इस प्रकार के आरोपों के चलते मंत्री पद की गरिमा बनी रह सकती है। चौहान ने कहा कि पिछले कुछ समय से प्रदेश में बेनामी जमीन सौदों व जमीन की खरीद में राजस्व कानूनों के उलंघन के कई मामले सामने आए हैं जिनमे काफी मामले ऐसे भी है जहाँ सत्ता के करीबी व अन्य राजनीतिक पहुँच के प्रभावशाली लोग व उनके परिवार के लोगो व संबंधियों पर भी जमीन खरीद में कानूनों की उलंघना के आरोप लगें है तथा इनमे से कुछ मामलो में न्यायालय में भी मुकदमे चले हैं। परन्तु सरकार इन मामलों पर संजीदा नहीं है और प्रदेश में बेनामी जमीन के सौदों व राजस्व कानून के उलंघन के इन मामलों पर कोई भी उचित कार्यवाही नहीं कर रही है जिससे आज प्रदेश में ज़मीन व अन्य संसाधनों पर राजनैतिक व आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों का कब्जा हो रहा है और गरीब को दबाव या गरीबी के कारण अपनी जमीन ऐसे लोगों को बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान बीजेपी सरकार जब से बनी है वह प्रदेश में निवेश के नाम पर इन्वेस्टर मीट जैसे आयोजन कर जमीन व भू राजस्व कानूनों में संशोधन कर प्रदेश के संसाधनों जिनमें जमीन, जल व जंगल सम्मिलित हैं अमीरों व कॉरपोरेट घरानों को सौंपने का काम कर रही है। एक ओर प्रदेश की गरीब जनता यदि सरकार से अपनी रोजी रोटी के लिए ज़मीन की मांग करती हैं तो सरकार इस मांग को बिल्कुल ही नजरअंदाज कर देती है और दूसरी ओर सरकार बड़े पूंजीपतियों व अमीर लोगों को प्रदेश की जनता के संसाधन कानून में फेरबदल कर इनको सौंपने का काम कर रही है। उन्होने कहा कि सीपीएम मांग करती है कि मंत्री व अन्य सत्ता पक्ष के लोगो तथा अन्य जिन भी लोगो के विरुद्ध गैर कानूनी रूप से जमीन खरीद व अन्य भू राजस्व कानूनो के उलंघना के आरोप लगें है इनकी निष्पक्ष जांच कर इन पर कानूनी कार्यवाही की जाए।
बीती रात हमीरपुर जिला में 8 कॉरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए थे जिसमें बड़सर उपमडल की एक महिला पॉजिटिव आई है, जो 17 अगस्त को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर आई थी, और गायनी रोग से पीड़ित थी। उसको उपचार के लिए वहां पर दाखिल भी किया गया, जिसका 20 तारीख को ऑपरेशन हुआ। हालात बिगड़ते देख मेडिकल कॉलेज हमीरपुर ने उसे टेंडर रेफर कर दिया, पर पिछली रात जब रिपोर्ट आई तो वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। जैसे ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो हॉस्पिटल में हड़कंप का माहौल देखने को मिला और बाद में उस वार्ड को सैनिटाइज किया गया। बताया जा रहा है कि जो महिला पॉजिटिव आई है हॉस्पिटल में और जगहों पर भी घूमी थी और अन्य लोगों के संपर्क में भी आई होगी, जिसके कारण तीन-चार दिन जो भी वहां उपचार के लिए आए थे उनमें भी डर बना हुआ है। महिला के पॉजिटिव आने के बाद लोग उपचार के लिए हॉस्पिटल जाने से भी डर रहे हैं।
भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक नीति के लिए गठित समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक नीति का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को संरक्षित और जीवंत रखते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाना होगा। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि इस नीति में प्रदेश के समृद्ध इतिहास के मौखिक रूप को कलमबद्ध करने के साथ-साथ उसे प्रचारित करने का भी प्रावधान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक नीति के माध्यम से प्रदेश की बहुमुखी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नीति में हिमाचल प्रदेश की विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं, बोलियों, लोक नाट्य, लोक गीतों का युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से इन विधाओं के विशेषज्ञों की सेवाएं लेने का भी प्रावधान रखा जाएगा। प्रदेश के ऐतिहासिक अभिलेखों को संरक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रदेश के हर जिले में शोध केंद्र, पांडु लिपि शोध केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस नीति का प्रारूप समयबद्ध तैयार करने के निर्देश दिए। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि अन्य प्रदेशों की फिल्म सिटी की तर्ज पर प्रदेश में भी फिल्म सिटी की स्थापना की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की कला संस्कृति के संवर्द्धन तथा प्रसार की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। प्रदेश के सभी मंदिरों को सूचिबद्ध करने के साथ-साथ, मंदिरों के जीर्णोद्धार की दिशा में विशेष कार्य किया जाएगा और इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि उनकी पुरातन काष्ठ शैली को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। प्रदेश की कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को पर्यटन के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि इस दिशा में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल की कला एवं संस्कृति के प्रति बच्चों में रूझान पैदा करने के उद्देश्य से हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड को भी इस कार्य में सम्मिलित किया जाएगा।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2020-21 शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। एमएससी/ एमबीए (एग्रीबिजनेस), एमबीए जनरल और पीएचडी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। एमएससी औद्यानिकी में एंटोमोलॉजी, फ्लोरिकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर, फूड टेक्नोलॉजी, फ्रूट साइंस, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्पाइस, प्लांटेशन और ऍरोमैटिक प्लांट्स और सब्जी विज्ञान जैसे विषयों में एसएससी की जा सकती हैं। वानिकी में छात्र कृषि अर्थशास्त्र, एग्रोफोरेस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण प्रबंधन, वन आनुवंशिक संसाधन, औषधीय और सुगंधित पौधे, माइक्रोबायोलॉजी, सिल्विकल्चर, मिट्टी विज्ञान, सांख्यिकी और लकड़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एमएससी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कोरोना संक्रमण के मामलों में अर्की क्षेत्र के कुछ इलाकों व सबसे ज्यादा मामले दाड़लाघाट में आए हैं। एक साथ ही 15 कोरोना पॉजिटिव के मामले आने के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया है। कोरोना के संक्रमणों में दाड़लाघाट से तीन, दसेरन से एक, कंसवाला से एक, सेर गलोटिया से एक, चंडी कशलोग से पांच, भूमती से एक व शालाघाट कोठी से तीन मामले आए हैं। जानकारी के मुताबिक दाड़लाघाट से आए मामलों में तीन व्यक्ति थाना दाड़लाघाट में कार्यरत है। इन व्यक्तियों में दो व्यक्ति गृह रक्षक व एक सफाई कर्मचारी है। उक्त तीनों व्यक्तियों की कोई हिस्ट्री नही है। इन व्यक्तियों के टेस्ट एहतियात के तौर में करवाये गए थे, लेकिन रिपार्ट आने के बाद इन व्यक्तियों की रिपार्ट पॉजिटिव आई है। इसी के साथ कंसवाला से भी एक मामला सामने आया है, ये मामला कंसवाला गांव के दो व्यक्तियों का एक सप्ताह पूर्व कोरोना पॉजिटिव आया था जिनकी ट्रेवल हिस्ट्री पीजीआई चंडीगढ़ थी, इनके परिवार का एक व्यक्ति पॉजिटिव आया है। वहीं 5 पांच मामले चंडी कशलोग के है, इन पांचो व्यक्तियों की ट्रेवल हिस्ट्री बिहार से बताई जा रही है और यह पांचों व्यक्ति होम क्वारंटाइन थे। एक अन्य मामलो में सेर गलोटिया से भी एक व्यक्ति पॉजिटिव आया है इसकी ट्रेवल हिस्ट्री जम्मू बताई जा रही है। उक्त व्यक्ति अपने घर मे होम क्वारंटाइन था।शालाघाट कोठी से भी एक ही परिवार के तीन सदस्य पॉजिटिव आए है, इनकी ट्रेवल हिस्ट्री चेन्नई बताई जा रही है, उक्त परिवार के सदस्य अपने घर मे होम क्वारंटाइन थे। अन्य दो मामलो में दसेरन व भूमती से भी सामने आया है। इस प्रकार 15 लोगों के एक साथ कोरोना पॉजिटिव आने पर स्वभाविक है कि लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। उधर एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने बताया कि थाने में 3 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव के आये है इसको लेकर थाने को सील कर दिया है जब तक थाने में कार्यरत स्टाफ के टेस्ट नही होते व थाने को सेनिटाइज करने के बाद थाने में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल लोगों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े इसलिए अर्की थाने से दो कर्मचारियों को पंचायत दाड़लाघाट में लगा दिया गया है। लोगों के थाने से सम्बंधित कार्य पंचायत में होते रहेंगे। उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि कोरोना पॉजिटव आए लोगों को कोविड केयर सेंटर बाहवां शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं दाड़लाघाट थाने को बंद कर दिया गया व वहां का कार्यभार बागा थाने को दे दिया गया है। जल्द ही कोरोना संक्रमित क्षेत्रो को सेनेटाइज करवा दिया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर प्रकाश चंद दरोच ने बताया कि समुदाय को कोविड-19 के बचाव के साथ-साथ अन्य जल जनित बीमारियों के स्वास्थय पर पडने वाले दुष्प्रभावो के बारे में भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विश्व की 80 प्रतिशत से अधिक बीमारियां दूषित जल से होने वाले रोगों के कारण होती हैं, जिनमें डायरिया प्रमुख है। उन्होंने बताया कि भारतवर्ष में हर साल लगभग 2 लाख बच्चे दस्त रोग के कारण मर जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला के सभी स्वस्थ्य संस्थानों में ओ आर एस, जिंक की गोलियां तथा पानी को शुद्व करने के लिए क्लोरीन की गोलियां तथा लोगों जागरुकता हेतु पर्याप्त मात्रा में प्रचार- प्रसार सामग्री इत्यादि सभी आवश्यक चीजें उपलब्ध करवा दी गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि नल के पानी का ही प्रयोग करें, बाबडियों, कुओं व अन्य किसी भी जल स्रोत का पानी पीेने के लिए प्रयोग न करें क्योंकि आजकल बरसात के मौसम में बरसात का गंदा पानी इन स्रोतों में मिल जाता है जिसकी बजह से लोग दस्त, उल्टियां आदि जल जनित रोगों से ग्रसित हो जाते हैं। यदि इन जल स्रातों का पानी किसी कारण वश पीना ही पड़े तो पानी को 20 मिनट तक उवालकर पीएं या उसमें क्लोरिन की गोली डालकर ही पानी प्रयोग में लाएं। उन्होंने आग्रह किया कि यदि कहीं भी किसी क्षेत्र में दस्त व उल्टियों से ग्रसित ज्यादा लोग ग्रसित हो जाते है तो घवराएं नहीं इसकी सूचना हमारी आशा व नजदीक के स्वास्थ्य कार्यकर्ता को तुरन्त दें।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा (Rajinder Rana) ने कहा है कि हर फैसले पर केंद्र का मुंह ताकने वाली प्रदेश सरकार अब प्रदेश के मंदिरों को खोलने के लिए असमंजस में एक दूसरे का मुंह ताक रही है जबकि प्रदेश के मंदिरों व उसके इर्दगिर्द रहने वाली आबादी मंदिरों के बंद होने से पूरी तरह प्रभावित हो रही है। मंदिरों के आसपास हर छोटे-बड़े कारोबारी हाल-बेहाल हो चुके हैं। पंडित, पंडो व पुजारियों की रोटी-रोजी पर संकट के बादल छाए हुए हैं। मंदिरों के आसपास बैठा व्यापारी वर्ग पर कारोबार न होने के कारण कर्जे का बोझ चढ़ रहा है, लेकिन सरकार केंद्र के इशारे का इंतजार कर रही है। हालांकि भारत के सभी बड़े मंदिर अब करीब-करीब एक सेट गाइडलाईन के तहत खोल दिए गए हैं, लेकिन प्रदेश सरकार इस मामले में अभी तक पूरी तरह फिसड्डी साबित हुई है। लगता है कि सरकार को न मंदिरों के आसपास बैठे व्यापारी वर्ग की चिंता है और न ही मंदिरों में पूजा करवाने वाले पंडित, पुजारियों की कोई परवाह है। हालांकि कोविड-19 में संस्थानों को खोले जाने के नियम समूचे भारत में एक जैसे हैं, जिन पर कई राज्यों ने अपने विवेकानुसार धार्मिक संस्थानों व मंदिरों को खोलने का फैसला लिया है लेकिन प्रदेश में केंद्र के रिमोट से चलने वाली सरकार को रिमोट के दबने का इंतजार है। हैरानी यह है कि केंद्र के नियंत्रण में पंगु हो चुकी सरकार अपने स्तर पर कोई भी फैसला लेने में सक्षम नहीं हो पा रही है। राणा ने कहा जब एक ओर सरकार ने बसों में पूरे यात्रियों को बिठाकर सफर की इजाजत दे दी है तो सवाल उठता है कि अब सोशल डिस्टिेंसिंग के साथ मंदिरों में श्रद्धालुओं को आने की इजाजत देने से क्यों हिचकिचा रही है। उन्होंने कहा कि एहतियातन शर्तों के साथ सरकार मंदिरों में श्रद्धालुओं को आने की अनुमति दे। जब वैष्णो देवी के श्राइन बोर्ड में 5 हजार श्रद्धालुओं को आने की अनुमति के साथ मंदिर दर्शनों के लिए खोला गया है तो हिमाचल के मंदिर हिमाचलियों के लिए क्यों नहीं खोले जा सकते हैं। राणा ने कहा कि सरकार कम से कम हिमाचलियों के लिए तो मंदिरों के कपाट खोले। क्योंकि यह मामला हिंदु आस्था से जुड़ा है और अब श्रद्धालु दर्शनों के लिए बेताब व बेकरार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने विवेक के अनुसार धार्मिक संस्थानों व मंदिरों को खोलने का फैसला ले। अब सवाल यह उठता है कि सरकार अपने विवेक का इस्तेमाल कब और कैसे कर पाती है? उन्होंने कहा कि हर प्रदेश और हर क्षेत्र की अपनी समस्याएं व अपनी शिकायतें होती हैं जिसे हर राज्य की सरकार अपने विवेकानुसार हल करती है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में सत्तासीन बीजेपी सरकार खुद को अपने स्तर पर कोई भी फैसला लेने में लगातार नाकाम पा रही है। इस कारण से हर छोटा-बड़ा फैसला या तो अफसरशाही के दबाव-प्रभाव में होता है या फिर केंद्र के हंटर के बाद फैसला लिया जाता है।
चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (सीएसकेएचपीकेवी) के कुलपति डाॅ. एच.के. चौधरी ने शनिवार को राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। राज्यपाल ने उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त होने पर बधाई देते हुए आशा जताई कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने डाॅ. एच.के. चैधरी को शोध कार्य और नई पद्धति पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया तथा ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी नौकरी की अपेक्षा खेतों में कृषि गतिविधियों की ओर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करने के प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए छोटे गांव को अपनाया जाना चाहिए और स्कूल छोड़ चुके युवाओं को प्राकृतिक खेती की प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने चाहिए, ताकि वे दूसरों को भी प्रशिक्षण प्रदान कर सके। दत्तात्रेय ने जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय पौधों पर कार्य करने के निर्देश दिए, जिसके लिए नई परियोजनाएं शुरू की जानी चाहिए। यह भौगोलिक दृष्टि से कठिन क्षेत्रों के लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा। डाॅ. एच.के. चैधरी ने राज्यपाल को आश्वासन दिया कि कृषि विश्वविद्यालय को नए आयाम तक पहुंचाने और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
The economy of the day in our Country is shattered due to the reasons not to be detailed here, as to why blame anybody, it may create another controversy. Therefore, it is better to explore the possibilities as to how and who could handle and take it in their hands to give a big boost to strengthen it through certain remedial measures and maybe, we should take our countrymen into confidence and make them understand before dealing with such harsh steps. Basically, the main objective with the Govt or the next popular Govt that comes into power with clean and dedicated people who must have that required potentials in their minds i.e. the money of the Politicians deposited into the Swiss-Banks should immediately be withdrawn and transferred back to India and be treated as Indian National property forthwith. All Banks in our Country should ensure to supply the detail of Total money deposited with them by big Guns in general and by the politicians in particular with their complete addresses and all that along with the detail of their family members, close relatives, known ones with the further clarifications to the effect that any huge amounts deposited with the Banks namelessly with an untitled mode which must create doubts in the minds of investigating agencies that certain account/amount holders can not earn or manage to have such access towards the huge amount deposited by them under their name and style in a very white way. It is because of the very hard fact that this practice was never practiced upon earlier by the fellow Politicians due to their being CHIPS OF THE SAME BLOCK. It certainly allowed to happen due to the reasons that there was no option rather THIRD option available with the people of this country, whom they could have been able to elect and sent them to Parliament. Apart from the said remedy, there are other measures to be adopted likewise first to strengthen the shattered economy that too in the sweet will of the clean and responsible people in power, otherwise, the condition of our Country as on today is clearly visible and in case it goes on like this, definitely, we may stand nowhere in the eyes of the World and we may be held responsible by our generation and the generation to come. All detail to be given here is not possible. Its a gist simply.
सेब सीजन के शुरू होते ही शिमला में ट्रक एवम दूसरी ढुलाई वाली गाड़ियों के पलटने का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। हर वर्ष सेब सीजन के दौरान हजारों ट्रक बाहरी राज्यों से आते हैं और सेब लेकर मंडियों तक जाते हैं। मैदानी इलाकों में तो ड्राइवर इन ट्रकों का सुरक्षित आवागमन करवाते हैं लेकिन पहाड़ो की सर्पीली सड़कों में चालक गाड़ी का संतुलन खो बैठते हैं। शनिवार शिमला के शोघी महली बाईपास पर एक ट्राला अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गया। इस हादसे में किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। News: Truck rollover over Shoghi Mheli bypass road
प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सोलन के बद्दी से एक और कोरोना संक्रमित की मौत का मामला सामने आया है। बद्दी की रहने वाली 75 साल की एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी जिसे गुरुवार रात आईजीएमसी शिमला में गंभीर हालत में लाया गया था और शनिवार सुबह उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया है। आईजीएमसी के प्रिंसिपल रजनीश पठानिया ने महिला की मौत की पुष्टि की है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 25 हो गई है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने जिला के नालागढ़ उपमण्डल में कोविड-19 के दृष्टिगत कुछ क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी निर्देशों तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के अनुरूप लिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल की बद्दी तहसील के भुड के गांव मलकुमाजरा में कोविड-19 पाॅजिटिव मृतक के आवास एवं इसकी परिधि के सौ मीटर के दायरे को एवं मलकूमाजरा गांव में अन्नपूर्णा होटल के सामने मैसर्ज मार्टिन एण्ड ब्राउन बाॅयो साइंसिज को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। उक्त कन्टेनमेंट जोन को पूर्ण रूप से सील करने के आदेश दिए गए हैं। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ ने सूचित किया है कि नालागढ़ उपमण्डल की बद्दी तहसील के भुड के गांव मलकूमाजरा में कोविड-19 लक्षण युक्त पाॅजिटिव रोगी की मृत्यु हो गई है। उक्त मृतक मलकूमाजरा में अन्नपूर्णा होटल के सामने मैसर्ज मार्टिन एण्ड ब्राउन बाॅयो साइंसिज में कार्यरत था। कोविड-19 के संक्रमण को रोकने की दृष्टि से कन्टेनमेंट जोन के सम्बन्ध में आदेश जारी किए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। आदेशों के अनुसार उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार नालागढ़ एवं बद्दी उनके सहायक होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा उक्त क्षेत्र की सैम्पलिंग एवं सभी सैम्पल की परीक्षण रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे। .
पुलिस लाईन में सिफरा इंफ्राटेक कर रही है सड़क का निर्माण - कोविड जंग के बीच कोरोना योद्धाओं के लिए कंपनी ने बढ़ाया हाथ - 5 मीटर चौड़ी, 240 मीटर लंबी कर्व स्टोन जीएसवी गे्रड-2 मैटल रोड़ का होगा निर्माण - समाजिक गतिविधियों के तहत विभिन्न पंचायतों में सिफरा ने किए हैं विकास कार्य बीबीएन, 21 अगस्त जिला पुलिस बद्दी के तहत किशनपुरा में निर्माणाधीन पुलिस लाईन में सड़क निर्माण के लिए बीबीएन में कार्यरत सिफरा इंफ्राटेक मिनिरलस प्राईवेट लिमिटेड ने कदम बढ़ाया है। सिफरा इंफ्राटेक सीएसआर एक्टिविटी के तहत पुलिस लाईन में 5 मीटर चौड़ी और 240 मीटर लंबी कर्व स्टोन जीएसवी ग्रेड-2 सड़क का निर्माण कर रही है जिसका 70 फिसदी कार्य पूरा हो चुका है। लाखों की लागत से बनने वाली इस सड़क काम निरंजन दास कांट्रेक्टर द्वारा किया जा रहा है। गौरतलब है कि जिला पुलिस बद्दी के तहत किशनपुरा में पुलिस लाईन का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है, जहां एक प्रशासनिक भवन के साथ साथ पुलिस जवानों के रहने के लिए रिहायशी भवनों का निर्माण किया जा रहा है। प्रशासनिक भवन और रिहायशी मकानों के साथ साथ पुलिस लाईन में एक स्टेडियम भी तैयार किया गया है। इस भव्य पुलिस लाईन में 5 मीटर चौड़ी और 240 मीटर लंबी कर्व स्टोन जीएसवी गे्रड-2 मैटल रोड़ का निर्माण सिफरा इंफ्राटेक द्वारा करवाया जा रहा है। सिफरा इंफ्राटेक मिनिरलस प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मनप्रीत सिंह ने बताया कि करोना की इस मुश्किल जंग में जहां हर वर्ग समस्या से जूझ रहा है वहीं सरकार भी परेशान है। ऐसे में सरकार और पुलिस की मदद के लिए सिफरा इंफ्राटेक ने अपनी समाजिक जिम्मेदारी के तहत सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। सिफरा इंफ्राटेक सदैव अपनी समाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करती है और दून व नालागढ़ के विभिन्न पंचायतों में कंपनी ने अपना समाजिक दायित्व निभाया है। सिफरा इंफ्राटेक आगे भी क्षेत्र के विकास में अपना योगदान देती रहेगी। मनप्रीत सिंह ने बताया कि सड़क का 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और मौसम साफ होते ही तारकोल डालने का काम पूरा करवा दिया जाएगा। ---- ब्यान : पुलिस लाईन किशनपुरा में सिफरा इंफ्राटेक मिनिरलस प्राईवेट लिमिटेड ने निशुल्क सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। सिफरा इंफ्राटेक ने अपनी समाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए पुलिस विभाग का सहयोग किया है। जिला पुलिस अन्य संस्थाओं से भी अपील करती है कि वह अपनी सीएसआर गतिविधियों के तहत क्षेत्र के विकास में योगदान दें। जिला पुलिस बद्दी सड़क निर्माण में सहयोग के लिए सिफरा इंफ्राटेक को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित करेगी। ---- रोहित मालपानी, एसपी, पुलिस जिला बद्दी। फोटो कैप्शन: 31 बद्दी 1 : पुलिस लाईन किशनपुरा में निर्माणाधीन सड़क जिसका निर्माण सिफरा इंफ्राटेक द्वारा करवाया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने आगामी मॉनसून सत्र के दृष्टिगत सुरक्षा प्रबन्धों से सम्बन्धित विधान सभा सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विपिन परमार ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते मॉनसून सत्र के आयोजन में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सत्र के दौरान विधान सभा में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की धर्मल स्क्रीनिंग की जाये तथा हर प्रवेश द्वार पर सैनिटाईजर से लैस स्वचालित मशीनें स्थापित की जायें। परमार ने कहा कि जिनकी सेवायें सत्र के आयोजन के लिए आवश्यक है केवल उन्हें ही पास जारी किये जायें। उन्होंने कहा कि आगन्तुकों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा। भीड़ को कम करने के लिए विधान सभा परिसर में प्रवेश की अनुमति सिर्फ उन्हें ही दी जाये जिनकी सेवायें वांछित है। परमार ने सभी प्रशासनिक सचिवों व विभागाध्यक्षों से आग्रह किया कि जिनका सत्र से सम्बन्धित कार्य आवश्यक है केवल उन्हीं के पास के लिए ऑन लाईन आवेदन भेजा जाये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सत्र के दौरान विधान सभा सचिवालय . सदन तथा मुख्य द्वारों को एक दिन में दो बार सैनिटाईज किया जायेगा ताकि किसी भी तरह के संक्रमण को टाला जा सके। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि विधान सभा सचिवालय में ई - प्रवेश पत्र online आवेदन पर ही दिया जाएगा । ई - विधान प्रणाली के तहत विधान सभा सचिवालय इसे online तरीके से मुद्रित करेगी। यह आवेदन सभी ई - प्रवेश पत्र पाने वालों को अनिवार्य है। विधान सभा सचिवालय में ई - प्रवेश पत्र की जांच हेतु पुलिस द्वारा कम्पयुट्रीकृत जांच केन्द्र मुख्य द्वारों पर स्थापित किए जाएगें ताकि कम से कम असुविधा हो तथा जांच भी पूर्ण हो। विपिन परमार ने कहा कि पूर्व की भांति इस बार भी क्युआर कोड के माध्यम से फोटो युक्त ई - प्रवेश पत्र को लेपटॉप के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा। इन केन्द्रों पर हर व्यक्ति का डॉटाबेस बनेगा जिसे पुलिस नियन्त्रण कक्ष से मॉनिटर करेगी। उन्होंने कहा कि ई प्रवेश पत्र ई - विधान के अन्तर्गत बनाये जाएंगे। बैठक में सदस्यों तथा सत्र के कार्य से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को कम से कम असुविधा हो के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया कि विधान सभा सचिवालय द्वारा जारी अधिकारी दीर्घा पास , स्थापना पास तथा प्रेस संवाददाताओं को जारी किए पास प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएगें , ताकि सुरक्षा कर्मियों द्वारा फ्रिस्किंग की कम से कम आवश्यकता रहे। प्रेस संवाददाताओं की सुविधा एंव सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रेस संवाददाताओं का प्रवेश यथावत् गेट नं . 3 ,4 ,5 ,46 से ही रखा जाए । विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने पहचान - पत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे। इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी सरकारी अधिकारी / कर्मचारी व अन्य पास धारक अपना शासकीय पास किसी अन्य को स्थानान्तरित नहीं करेगा , अन्यथा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि विधान सभा परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों , विधायकों , मुख्य सचिव , अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रशासनिक सथियों के वाहनों को ही पार्किंग करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रेस संवाददाताओं लथा विधान सभा के अधिकारियों / कर्मचारियों को कनैडीचौक तथा महालेखाकार कार्यालय के बीच माल रोड़ पर ( गेट नं . - 2 पर 30 मीटर के दायें तथा बायें को छोड़कर ) चिन्हित स्थानों पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। आगे यह भी निर्णय लिया गया कि विधान सभा सचिवालय की ओर से जारी पार्किंग स्टिकरज वाहन के आगे प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि धारको को कम से कम असुविधा का सामना करना पडे । मोबाईल फोन , पेजर आदि विधान सभा के अन्दर ले जाने पूर्णतः प्रतिबन्ध रहेगा।
भारतीय पुलिस सेवा में हिमाचल प्रदेश काडर के छः नव नियुक्त प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भेंट की। अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें भारतीय पुलिस सेवा का हिस्सा बनने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सभी युवा अधिकारियों के लिए हिमाचल प्रदेश जैसे शान्त राज्य में सेवाएं प्रदान करना सम्मान की बात है। जय राम ठाकुर ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि छः भारतीय पुलिस सेवा प्रशिक्षुओं में से तीन महिला अधिकारी हंै। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रदेश में महिला सशिक्तकरण की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा और राज्य की बेटियों को उनके पदचिन्हों पर चलने के लिए भी प्रेरित करेगा। पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने मुख्यमंत्री को युवा पुलिस अधिकारियों का परिचय देते हुए कहा कि सभी अधिकारी विभिन्न पृष्ठभूमि और क्षेत्रों से सम्बन्ध रखते हैं और इनमें से एक महिला अधिकारी हिमाचल प्रदेश से है। भारतीय पुलिस सेवा प्रशिक्षु अभिषेक, अमित यादव, मयंक चैधरी, चारू शर्मा, जिन्ना अफरोज और कामया मिश्रा ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए और भविष्य की योजनाओं से अवगत करवाया।
पुलिस थाना नूरपुर के अंतर्गत आती पुलिस चौकी रैहन के हैड कांस्टेबल अशोक कुमार एचएचसी नीरज कुमार, कांस्टेबल लेखराज ने गदराणा-रैहन रोड पर भटोली नामक स्थान पर एक व्यक्ति से 1.28 ग्राम चिट्टा बरामद किया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रमेश कुमार 48 वर्ष पुत्र सतपाल सिंह गाँव जसूर से आल्टो कार नम्बर एचपी- 97 4633 पर सवार होकर दो बजे के उपरांत रैहन की तरफ आ रहा था। ऐसे में जब उसने भटोली में पुलिस नाके पर पुलिस को खड़ा देखा। तो उसने गाड़ी को भगाने की कोशिश की। परन्तु पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तत्काल उक्त व्यक्ति को कार सहित धर दबोचा।इस दौरान जब पुलिस ने उक्त व्यक्ति व उसकी कार की तलाशी ली।तो तालाशी के दौरान पुलिस ने गाड़ी में लगी ऐस ट्रे में से 1.28 ग्राम हैरोइन बरामद की। जानकारी के अनुसार उक्त व्यक्ति गाड़ियों की खरीद फरोख्त का कार्य करता है। और उक्त व्यक्ति पर पहले भी एनडीपीसी के मामले दर्ज हैं।रैहन पुलिस चौकी प्रभारी हंस राज ने बताया कि उक्त व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है और गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। मामले की पुष्टि एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने की है।
कोविड महामारी के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जिला में अप्रैल से जून माह तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयनित एक लाख 11 हजार परिवारों को 62880 क्विंटल चावल और 3234 किंवटल काला चना आबंटित किया है। जिला में महामाराी के दौरान फंसे 3045 प्रवासी मजदूर परिवारों के 6566 सदस्यों को आत्म निर्भर भारत योजना के तहत परिवारों के 641 क्विंटल चावल और 33 क्विंटल चना वितरित किया गया है। यह जानकारी उपायुक्त ऋग्वेदठाकुर ने आज यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सर्तकता समितिक की बैठक की समीक्षा करते हुए दी। उन्होंने बताया कि जिला में इस वर्ष फरवरी से जुलाई तक कुल 74782 मुफत रिफिल वितरित किए गए हैं। जिसमें हिमाचल प्रदेश गृहिणी सुविधा योजना के तहत 18403 रिफिल और प्रधानमंत्री उज्जवल योजना के तहत 56379 रिफिल वितरित किएगए।उन्होंने कहा कि जिला मेंकुल 27 गैस एजेंसियों के माध्यम से कुल 335565 उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला में गृहिणी सुविधा योजना के तहत जिनपरिवारों के पास एलपीजी गैस कनैक्शन नहीं थे, उन्हें मुफत गैस कनैक्शन वितरित करदिए गए हैं। योजना शुरू होने के बाद अब तक जिला में 54418 गैस कनैक्शन जारी कर दिएगए हैं। ऋग्वेद ठाकुर ने कहाकि मंडी जिला में 784 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 3 लाख 11 हजार 033 राशन कार्ड धारकों को आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया जा रहा है। इनमें बीपीएल, एपीएल, अंत्योदय अन्न योजना, प्राथमिक गृहस्थियां एवं अन्नपूर्णा योजना के तहत आने वाले लाभार्थी शामिल हैं। अन्तोदय राशन कार्ड धारकों को 18 किलो 800 ग्राम गंदम 3.20 रूपये किलो और 15 किलो चावल 3 रूपये किलो की दर से प्रत्येक राशन कार्ड पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया जिला में एपीएल श्रेणी के तहत 201836 राशन कार्ड धारक, बीपीएल के 44795, अंत्योदय अन्न योजनाके तहत 27185 प्राथमिक गृहस्थियों के तहत 37217 और अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत 40 राशन कार्ड धारक हैं। बीते 6 महीनों में उपभोक्ताओं को 239807 क्विंटल आटा, 209727 क्विंटल चावल, 50883 क्विंटल दालें, 31210 क्विंटल चीनी, 28लाख 80 हजार लीटर खाद्य तेल एवं 6 लाख 93 हजार लीटर मिट्टी का तेल वितरित किया गया। 4326 औचक निरीक्षण, 160314 रूपए जुर्माना कियागया ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिए हर संभव प्रयासकिए जा रहे हैं। इसी दिशा में बीते 6 महीनों में 4326 औचक निरीक्षण किएगए। इनमें अनियमितताएं पाए जाने पर 10 मामलों में कार्यवाही की गई जबकि 105 मामालों में चेतावनी दी गई । विभिन्न अनियमितताओं पर इस अवधि के दौरान कुल 160314 रूपये का जुर्माना किया गया। उपायुक्त ने संबधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के साथ साथ बाजार में उपलब्ध खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता की भी समय-समय पर जांच करते रहें ताकि उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गुण्वत्तापरक वस्तुएं प्राप्त हों। उन्होंने बताया कि आयकरदाताओं के राशन कार्ड विभाग द्वारा ब्लॉक किए जा रहे हैं जिसके उपरान्त उन्हें उचित मूल्य की दुकान से राशन नहीं मिलेगा। इस अवसर पर क्षेत्रीयप्रबन्धक पंकज शर्मा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक लक्ष्मण सिंह, सहायक पंजीयकसहकारी सभाएं कमलेश कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बर्षा, राजन कुमार, उपजिला शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र जमवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे
जवाहर नवोदय विद्यालय बनिया देवी, कुनिहार, जिला सोलन, के लिए कक्ष ग्यारहवीं के एचटी (hospitality and tourism) वर्ग में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र नि-शुल्क भरे जा रहे हैं। आवेदन पत्र www.navodaya.gov.in एवं nvsadmissionclasseleven.in पर दिनांक 13.08.2020 से 31.08.2020 तक भेज सकते हैं। सोलन जिला के दसवीं उत्तीर्ण कर चुके छात्र छात्राएं आवेदन कर सकते हैं।
ग्राम पंचायत गांवसारी के तहत महिला मंडल रावसी की महिलाओं ने अपने गांव रावसी मे एक दर्जन महिलाओं के साथ सफाई एवं भांग उखाडों अभियान चलाया। इस दौरान महिलाओं ने गांव के रास्तों,नालियों व बावडियों की सफाई के साथ रास्तों मे उगी भांग के पौधों को नष्ट किया। महिला मंडल की प्रधान बेबी देवी ने बताया कि महिला मंडल समय समय पर गांव मे स्वच्छता अभियान चलाता है। वही समाजिक कुरीतियों को लेकर भी लोगों को जागरूक करने का काम करता हैं। इस अभियान मे सुबरना देबी,चंद्रकांता,बबली देवी,सीता देवी व रूपा देवी सहित सभी महिलाओं ने सहयोग किया हैं।
कोरोना वायरस से जंग जीतने के बाद अस्पताल से छूटी मिलते ही दोपहर बाद ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी अपनी निजी गाड़ी को प्रतिबंधित रिज-मॉल रोड से लेकर ही निकल पड़े। सीटीओ के पास जब पुलिस की नजर गाड़ी पर पड़ी तो गाड़ी को रोका गया और प्रतिबंधित क्षेत्र में गाड़ी लाने के लिए चालान भी काटा गया। इस दौरान गाड़ी में उनकी दो बेटियां भी मौजूद थी जो कोरोना को मात देकर अपने पिता के साथ घर जा रही थी। बता दे कि रिज मॉल रोड पर केवल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की गाड़ियों को आने की अनुमति है इसके अलावा किसी की गाड़ी के लिए ये प्रतिबंधित है। केवल आपातकाल की स्थिति में ही रिज से गाड़ी को अस्पताल ले जाने और एम्बुलेंस को ले जानी की अनुमति है जो शायद ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी भूल गए।
इंदिरा गांधी महिला कल्याण समिति बागा (मांगल) की उपाध्यक्ष लता चौहान की अध्यक्षता में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर पुष्पांजलि श्रद्धा सुमन अर्पित की। समिति महासचिव सुरेंद्रा पंवर ने स्वर्गीय राजीव गांधी कि पुण्यतिथि पर कहा कि राजीव गांधी ने भारत को मजबूत स्वरूप आत्मनिर्भर और दुनिया के सभी देशों में से प्रथम में लाना और मानव जाति की सेवा करना व राजीव गांधी ने देश में कई सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके कार्यकाल में हुए विकास के लिए सदैव कृतज्ञ रहेगा। इस मौके पर समिति महासचिव सुरेंद्रा पंवर,सचिव सरला चौहान,कोषाध्यक्ष सुमित्रा चौहान,रीना पंवर ने पुष्पांजलि अर्पित की।
हिमाचल में भाजपा सरकार ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और आए दिन नए फरमान जारी करके गरीबों को परेशान किया जा रहा है। यह बात जिला कांग्रेस की सचिव मीरा भोगल ने कही। उन्होंने जिला सचिव का कार्यभार दिए जाने पर जिला कांग्रेस प्रधान अंजना धीमान का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि इस समय जहां बिजली के दाम बढ़ाए हैं वहीं एक और आदेश भी जारी किया गया है जिसके तहत एडवांस कंजप्शन डिपॉज़िट के नाम पर सभी उपभोक्ताओं को बिजली विभाग ने बिल के अलावा अतिरिक्त पैसे जमा करने के लिए कहा जा रहा है। 330 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की राशि जमा करवाने के आदेश हैं। जो इस मुश्किल समय में गरीब जनता पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बस किराये में 25 फीसद वृद्धि कर गरीब जनता की कमर पहले ही तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस भाजपा के काले कारनामों को लेकर जनता में जाएगी और लोगों को जागरूक करेगी।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 76वीं जयंती पर पर्वतीय महिला मंडल सरयांज ने उन्हें याद कर पौधरोपण कार्यक्रम किया। महिला मण्डल व स्थानीय कांग्रेसियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर प्रदेश कॉंग्रेस कमेटी के महासचिव व पूर्व में रहे पार्टी प्रत्याशी संजय अवस्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर संजय अवस्थी ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश के युवाओं को 18 वर्ष की उम्र में मतदान का अधिकार व पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार देने, महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण काम किए। भारत में संचार क्रांति के जनक के रूप में उनको जाना जाता है। इस अवसर पर संजय अवस्थी द्वारा उपस्थित सभी महिला मंडल सदस्यों, स्थानीय लोगों व मार्केट में जाकर मास्क व सेनिटाइजर बांटे।इस अवसर पर 50 पौधे सरयांज में गार्ड हट के नजदीक रोपे गए। पर्वतीय महिला मंडल प्रधान नीलम सोनी,सचिव गीता,उप प्रधान सावित्री,लता गुप्ता,अनिता, निशा,रीता,पंचायत समिति कुनिहार के पूर्व उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर,विजय ठाकुर,शंकर,प्रकाश, जगदीश,प्रेम केशव,जय सिंह,नरेश,हेमंत वर्मा,रोशन वर्मा,मुकुल पाल,दिनेश,दाड़लाघाट पंचायत के पूर्व उप प्रधान राजेश गुप्ता सहित अन्य इस दौरान मौजूद रहे।
रंगनाथ मंदिरों के पास नाले नौण के नजदीक प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार एवं लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष निर्मला राजपूत की अगवाई में सतलुज आरती का आयोजन किया गया। इसमें सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जबकि विशेष रुप से सतलुज आरती के संयोजक ईशान अख्तर मौजूद रहे। रेनबो स्टार क्लब के पदाधिकारियों निर्मला राजपूत ,नेहा वर्मा, तनवीर खान ने मुख्य अतिथि इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा को माता वैष्णो देवी की चुनरी तथा गंगा मैया का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वही हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ सतलुज आरती कर एकता और भाईचारे का संदेश दिया। आयोजन में गणेश पूजन, स्वास्तिक पूजन, कलश पूजन तथा हवन के बाद सतलुज आरती की गई। रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत ने बताया कि पिछले कई वर्षों से रेनबो स्टार क्लब द्वारा गंगा आरती की तर्ज पर बिलासपुर जिले में सतलुज आरती आरंभ की गई है। इस मौके पर मुख्य अतिथि सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा ने कहा कि हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों की ओर से आरती में भाग लेकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया है। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन की जिला कार्यकारि अध्यक्ष रेखा बिष्ट , सदर महासचिव कमला शर्मा ,घुमारवी ब्लॉक अध्यक्ष निशा सिंह ,सर्व धर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के प्रांत सह संयोजक यासीन मिर्जा एवं सरदार प्रताप सिंह बल्ला रेनबो स्टार क्लब के पदाधिकारी तनवीर खान, करमचंद, नेहा वर्मा, अजय कौशल, रमा शर्मा , करमचंद, विशाल हिंदू सभा के अध्यक्ष ठाकुर रजनी बाला इत्यादि मौजूद रहे।
भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए "प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना" चलाई गई है। इससे प्रदेश के किसानों को बहुत लाभ होगा और किसान अपनी आय दुगनी करने में सक्षम होंगे। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 80 फीसदी लोग कृषि व बागवानी से जुड़े है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से किसानों और कृषि सम्बन्धी जो योजनाएं है उन्हें ग्रामीण स्तर पर पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। किसान मोर्चों के जो भी प्रहरी होंगे, इसके लिये उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। सरकार कृषि को ध्यान में रखकर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। आत्मनिर्भर भारत योजना में भी कृषि और किसानों को प्राथमिकता दी गयी है। प्रदेश में कृषि को मनरेगा से भी जोड़ा गया है। किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिये अलग से बजट का प्रावधान रखा गया है। कृषि को बढ़ावा देने के लिए जहां सरकार कार्य कर रही है, वहीं किसान मोर्चा किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने के लिये कार्य करेगा। प्राकृतिक खेती करने के लिए जो योजना हिमाचल सरकार द्वारा चलाई गई है , उसके लिये जिला किसान मोर्चा सोलन प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बहुत बहुत आभार व धन्यवाद करता है। प्रदेश में जो भी कृषि क्षेत्र में शोधकार्य चल रहे है उसका लाभ भी किसानों को मिले , यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।
कुनिहार जनपद सहित आसपास की पंचायतों के अधिकांश लोगों का कृषि व पशुपालन मुख्य पेशा है। ज्यादातर किसान टमाटर,शिमला मिर्च,करेला,तोरी,घीया,बैंगन व धनियां आदि नगदी फसलें उगा कर परिवार का पालन पोषण करते है।जाबल झमरोट,देलगी ,आंजी सहित कई गांवों में इस बार बरसात के दौरान होने वाली टमाटर की फसल खराब हो रही है। टमाटर में सड़न रोग बहुत ज्यादा हो रहा है व इस वर्ष किसानों को एक नई बीमारी से झूझना पड़ रहा है। वीरेंद्र वर्मा,तेग राम वर्मा,हेमराज,विक्रम सिंह,मानक चन्द,रमेश आदि किसानों ने बताया कि पहले टमाटर का पूरा गुच्छा पीला हो रहा है व उसपे जलने का दाग पड़ रहा है।तीन चार महीनों की कड़ी मेहनत के बाद आज जब टमाटर की फसल तैयार थी तो इस बीमारी के कारण अधिकतर टमाटर को नाले में फेंकना पड़ रहा है। किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार एक ऐसी किसान ऐप बनाए जिससे किसान सीधे विशषज्ञों से जुड़े व अपनी समस्या का हल कर सके। वन्ही, जब किसानों की इस समस्या के बारे में कृषि विभाग कुनिहार कार्यालय के विषयवाद विशेषज्ञ मनोज शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी टमाटर की फसल को इस बीमारी से बचाने के लिए कुछ सावधानियां अपनानी होगी।किसान टमाटर के पौधे से करीब 1 फुट तक के सभी पतियों को निकाल ले व उन्हें अपने खेतों से दूर ले जाकर दबा दे।साथ ही खेतो में पानी की निकासी करे व एटोमिल की स्प्रे करे।किसान इस तरह की सावधानियां अपना कर टमाटर की फसल को इस रोग से बचा सकते है।
सोशल मीडिया प्रभारी ब्लॉक कांग्रेस अर्की चौहान कृष्णा की अध्यक्षता में बागा में आधुनिक भारत के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर पुष्पांजलि और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान चौहान कृष्णा ने कहा कि एक ऐसे जननायक जिन्होंने नागरिकों के बीच एक आशा का संचार किया और विश्व के अग्रणी देशों में स्थापित किया। आज भारत के आईटी सेक्टर में सबसे आगे होने में स्वर्गीय राजीव गांधी का अतुलनीय योगदान रहा है। इस विशेष मौके पर एससी एसटी शैल अर्की के उपाध्यक्ष राकेश चौहान,मांगल युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह चौहान,मांगल युवा कांग्रेस मीडिया प्रभारी सुनील चौहान,युवा कांग्रेस सदस्य रूप लाल,बालकराम बिट्टू और चेतराम शर्मा उपस्थित रहे।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आज यहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सद्भावना दिवस के अवसर पर शपथ दिलवाई। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की आज 76वीं जयन्ती है। इस दिवस को सद्भावना दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है। सद्भावना दिवस का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रोत्साहित करना है। केसी चमन ने इस अवसर पर देश की भावनात्मक एकता तथा सद्भावना के लिए कार्य करने एवं सभी प्रकार के मतभेद बातचीत और संवैधानिक माध्यमों से सुलझाने की शपथ दिलवाई।कोविड-19 के दृष्टिगत सोशल डिस्टेन्सिग बनाए रखने के लिए उपायुक्त कार्यालय की समस्त शाखाओं में पृथक रूप से सद्भावना दिवस के अवसर पर कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, जिला सूचना अधिकारी संजीव शर्मा सहित जिला के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने जिला के नालागढ़ उपमण्डल में कोविड-19 के दृष्टिगत कुछ क्षेत्रों को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी निर्देशों तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के अनुरूप लिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल के शिवालिक नालागढ़, झाड़माजरी बद्दी में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी का आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जिला दण्डाधिकारी ने बद्दी स्थित हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी फेज-1 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी स्थित हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी फेज-2 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी तहसील के गांव मलकूमाजरा में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी तहसील के कडूआणा गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी तहसील के थाना गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी तहसील के गुल्लरवाला गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों तथा बद्दी तहसील के चक्कां गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। इन आदेशों के अनुसार तहसील बद्दी के गांव बरोटीवाला के वार्ड नम्बर 3 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, नालागढ़ तहसील के गांव ढांग उपरली में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, ग्राम पंचायत खेड़ा के निचला खेड़ा एवं खेड़ा नेनोवाल में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों के आवासों तथा इन आवासों के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, नालागढ़ तहसील के राजपुरा के गांव रगुवाल में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, न्यू नालागढ़ (गांव घोघड़वाल) में शनिदेव मंदिर के समीप फेज-2 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों तथा नालागढ़ के वार्ड नम्बर 7 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जिला दण्डाधिकारी ने खेड़ा गांव में मैसर्ज म्यूनिक्स(इंडिया) प्राईवेट लिमिटिड के पूर्ण फैक्टरी परिसर को भी सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। उक्त सभी सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन की सीमाओं को पूर्ण रूप से सील करने के आदेश दिए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा।आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। आदेशों के अनुसार उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार नालागढ़ एवं बद्दी उनके सहायक होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा उक्त क्षेत्र की सैम्पलिंग एवं सभी सैम्पल की परीक्षण रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।
कुनिहार विकास सभा की एक अहम बैठक प्रधान धनीराम तनवर की अध्यक्षता में कुनिहार पँचायत के तालाब सभागार में आयोजित हुई। बैठक में कार्यकारिणी के सदस्य गोपाल पंवर ,दिपराम ठाकुर ,ज्ञान ठाकुर, राजिंदर कंवर ,विनोद जोशी, बलबीर चौधरी, ओमप्रकाश, इंद्र ठाकुर बाबूराम तनवर, प्रेम चौधरी व तीनो पंचायतों कोठी,कुनिहार व हाटकोट के लोग मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने कुनिहार की तीनो पंचायतों के विकास बारे चर्चा की, जिसमें कुनिहार को नगर पंचायत बनाने की मांग पर सभी ने विरोध कर अपनी असहमति जताई। इस बैठक मे प्रस्ताव पारित करके कुछ दिनों पहले प्रधान धनीराम तनवर व सभा के सदस्यों ने प्रैस द्वारा मांग उठाई थी कि कुनिहार को नगर पंचायत नहीं बनाया जाए क्यूंकि गांव निवासियों के अधिकार समाप्त हो जायेंगे व हर प्रकार से नुकसान होगा जैसे बिना इजाजत के किसी मकान का निर्माण कार्य व किसी भी मकान में बदलाव नहीं कर सकते। जनता को भारी टैक्स देने पड़ेंगे। सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त नहीं होंगे जबकि पंचायतों को हर विकास कार्य के लिए सरकार से पैसा मिलता है। इन कारणों से सोलन की 8 पंचायतों के लोग और बद्दी ,नालागढ़ के सभी पंचायतों के हजारों लोगों द्वारा अपने इलाके को नगर निगम बनाने का भारी विरोध कर रहे हैं। सभा ने पहले के प्रैस नोट में भी लिखा था कि अगर हाटकोट के लोगों की मांग हो तो उस पंचायत को नगर पंचायत बनाने में हमारा कोई ऐतराज नहीं है मगर हाटकोट पचयात के सदस्यों ने भी नगर पंचायत बनाने का विरोध किया की वह 3,4 लोगों के कहने से नगर पंचायत नहीं बनने देंगे। कार्यकारिणी की सहमति से संजय राघव को सभा का प्रचार सचिव एवं ओमप्रकाश ठाकुर को सभा का सलाहकार नियुक्त किया गया।
भारत सरकार द्वारा पदम् पुरस्कार 2020 हेतु जिला के सभी गणमान्य पात्र व्यक्ति आवेदन आमंत्रित किए गए हैं । पदम् पुरस्कार कला , साहित्य , शिक्षा ,खेल , चिकित्सा , विग्यान , एवम् सामाजिक कार्य आदि क्षेत्रो में उत्कृष्ट और असाधारण उपलब्धि के लिए भारत सरकार द्वारा प्रति वर्ष प्रदान किए जाते है । यह जानकारी जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने देते हुए बताया कि इन पुरस्कारो से सबंधित विधान व नियमावली वेबसाईट www.padmaawards.govt.in पर उपलब्ध है । जिला के सभी गणमान्य पात्र विभूतियो से आग्रह है कि पदम् पुरस्कार हेतु अपना आवेदन व्यकित्व एवं कृतित्व 800 शब्दो में 23 अगस्त 2020 तक कार्यालय जिला भाषा-संस्कृति अधिकारी बिलासपुर हिप्र को भेजना सुनिश्चत करें । इन पुरस्कारो के लिए नामांकन आनलाईन पोर्टल www.padmaawards.govt.in पर भेजना अनिवार्य है । यह पुरस्कार कृषि , बागवानी , पर्यटन , जल प्रबंधन , सामाजिक कार्य , पर्यावरण आदि क्षेत्रो में उत्कृष्ट कार्य हेतु हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाता है । उपरोक्त दिए जाने वाले दोनों पुरस्कार हेतु अपना आवेदन डाक एवं ई - मेल द्वारा 23 अगस्त 2020 तक कार्यालय जिला भाषा-संस्कृति अधिकारी बिलासपुर को भेजना सुनिश्चत करें ।
बिलासपुर शहर के वार्ड नंबर आठ में इन दिनों की पानी त्राहि मची हुई है,जहाँ लोगों को एक बाल्टी भी पानी नसीब नहीं हो रहा । हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अब पैसा खर्च करके पानी के टैंकर मंगवा रहे है। यहां पर पानी न आने की शिकायत आईपीएच विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन इस पानी की समस्या को दूर करने के लिए कोई भी अधिकारी व कर्मचारी यहां पर नहीं आया है। इस तरह बरती जा रही लापरवाही के चलते आईपीएच अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है। समस्या यह भी है कि जो थोड़ा पानी सुभे के समय आ रहा है उसमें भी कुछ लोग मोटर चला कर पानी कि चोरी कर रहे हैं जिसके चलते यहां पर लोगों को अब भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पानी की समस्या को यहाँ के लोग दो सप्ताह से झेल रहे हैं , जिसके कारण अब उनके यहां पर रोजमर्रा के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं । यहां के लोगों ने आईपीएच विभाग से मांग की है कि इस पानी की समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाए, वहीं, उन्होंने विभाग को चेतावनी भी दी है कि अगर इस समस्या को दूर नहीं किया गया तो लोग सड़कों पर उतर कर खाली बरतनों के साथ प्रदर्शन करने से भी परहेज नहीं करेंगे। ग़ौरतलब है कि बिलासपुर आईपीएच अरविंद वर्मा ने बताया कि अगर ऐसी समस्या आ रही है तो यहां पर विभाग के कर्मचारियों को भेजा जाएगा। उनके ध्यान में यह मामला आया हुआ है, जल्द ही यहां पर पानी की समस्या का हल कर दिया जाएगा।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने आज खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय घुमारवीं में वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से (वर्चुअल रैली के द्वारा) ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के से सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से लाभ पाने वाले लाभार्थियों से बात की तथा उन्हें योजना के माध्यम से हुए लाभ बारे जानकारी प्राप्त की। अपने सम्बोधन में राजेन्द्र गर्ग ने कहा कि वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है ताकि किसान, गरीब व पिछड़े वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसान मजदूर व गरीब वर्ग के लोगों को लाभान्वित करना है ताकि वे सम्मान पूर्वक अपना जीवन यापन कर सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की यात्रा का भागीदार बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की एक महत्त्वपूर्ण योजना है जिसे तेजी के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हर घर को नल तथा नल द्वारा शुद्व पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि इस योजना से कोई भी घर बिना नल के वंचित नहीं रहेगा तथा प्रत्येक व्यक्ति को समुचित मात्रा के शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों अधिकारियों से आहवान किया कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करे ताकि वे इन योजनाओं को अपनाकर इनका लाभ प्राप्त कर सकें। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के विधायक अर्जुन ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं प्रत्येक पात्र व्यक्ति के लिए है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्ति आगे आकर इनका लाभ प्राप्त करे। इससे पूर्व खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने घुमारवीं में लोगों की जन समस्याओं को सुना तथा अधिकतर शिकायतायों का मौके पर ही निपटारा किया। वर्चुअल रैली में खण्ड विकास अधिकारी जीत राम भी उपस्थित थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट में डॉ वाई एस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, हिमाचल प्रदेश में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाला सरकारी विश्वविद्यालय बन गया है। इस रैंकिंग में नौणी विश्वविद्यालय को देश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों की श्रेणी में ’बैंड ए’ (6 से 25 रैंक) में रखा गया है। राज्य के किसी अन्य सरकारी विश्वविद्यालय को इस सूची में जगह नहीं मिली है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने मुख्य रूप से नवाचार से संबंधित संकेतकों पर शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों को व्यवस्थित रूप से रैंक करने के लिए अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट शुरू की है। पहली रैंकिंग वर्ष 2019 में जारी की गई थी। अटल रैंकिंग उन सभी प्रमुख संकेतकों के आधार पर रैंकिंग करता है जो आमतौर पर दुनिया में सबसे नवीन शिक्षा संस्थानों / विश्वविद्यालयों को रैंक करने के लिए विश्व स्तर पर उपयोग किए जाते हैं। इस साल रैंकिंग छह श्रेणियों में की गई है। अटल रैंकिंग मुख्य रूप से छह मुख्य मापदंडों पर केंद्रित है जिसमें आईपीआर, नवाचार, स्टार्ट-अप और उद्यमिता पर कार्यक्रम और गतिविधियां; प्री इन्क्यूबेशन, इन्क्यूबेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं का समर्थन; गतिविधियों को बढ़ावा देने और समर्थन करने पर वार्षिक बजट खर्च; नवाचार, आईपीआर और उद्यमिता विकास पर पाठ्यक्रम; बौद्धिक संपदा (आईपी), प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण; सफल नवाचार और स्टार्ट-अप और फंडिंग नवाचार और स्टार्ट-अप जैसे संकेतक शामिल है। इस अवसर पर है विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने कहा कि देश के शीर्ष 25 (बैंड ए) सरकारी विश्वविद्यालयों में स्थान पाना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। विश्वविद्यालय ने छात्रों और किसानों के कौशल विकास और उद्यमशीलता को विकसित करने, और कृषि-बागवानी क्षेत्र में स्टार्टअप की दिशा में कई पहल की हैं। विश्वविद्यालय, विकसित प्रौद्योगिकी को राज्य के उद्यमियों को हस्तांतरण करने में भी सफल रहा है। विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को इस रैंक का श्रेय देते हुए डॉ कौशल ने कहा कि विवि के लिए बैंड ए में रैंकिंग आना अत्यधिक उत्साहजनक है। विश्वविद्यालय भविष्य में रैंकिंग में सुधार करने के लिए सभी मापदंडों में सुधार करने के लिए इस वर्ष की रैंकिंग एक प्रेरणा है।
वर्ष 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अनुराग चन्द्र शर्मा ने आज अतिरिक्त उपायुक्त उपायुक्त सोलन का कार्यभार सम्भाला। अनुराग चन्द्र शर्मा ने पदभार सम्भालने के उपरान्त कहा कि प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे सोलन जिला में उपायुक्त के निर्देशानुसार कार्य करना और विकास की गति में आशातीत वृद्धि करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि वे कोविड-19 के दौरान जिला में किए जा रहे विभिन्न कार्यों को गति प्रदान करने के लिए कार्यरत रहेंगे। अनुराग चन्द्र शर्मा ने तमिलनाडु स्थित वैल्लोर इन्स्टीच्यूट आॅफ टैक्नोलाॅजी से इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटैक किया है। वर्ष 2016 बैच के युवा अधिकारी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के औषध विभाग में सहायक सचिव के रूप में कार्य आरम्भ किया। उन्होंने अपनी परिवीक्षाधीन अवधि जिला चम्बा में पूर्ण की। वे चम्बा जिला के भटियात में सहायक आयुक्त विकास के पद पर कार्यरत रहे। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन के पद पर आने से पूर्व वे कुल्लू में उपमण्डलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। इस अवधि में उन्होंने 40 दिनों तक अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कुल्लू का कार्यभार भी सम्भाला।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 के दृष्टिगत केन्द्र एवं प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का पालन करें और पूर्ण एहतियात बरतें ताकि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव रहे। केसी चमन ने कहा कि गत दिवस जिला के दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी की कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्हांेने लोगों से आग्रह किया कि गत 05 दिवस में दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी से मिलने वाले अथवा उनके सम्पर्क में आए सभी व्यक्ति कोविड-19 प्रोटोकाॅल के दृष्टिगत बचाव सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में दून के विधायक के सम्पर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को खांसी, जुखाम, बुखार अथवा आईएलआई जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो वे स्वतः क्वारेन्टीन हो जाएं और तुरंत समीप के स्वास्थ्य संस्थान अथवा हेल्पलाइन नम्बर 104 तथा दूरभाष नम्बर 221234 पर सम्पर्क करें ताकि उनका कोविड-19 परीक्षण करवाया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि दून के विधायक से मिलने अथवा सम्पर्क में आए जिन व्यक्तियों में बीमारी का कोई लक्षण नहीं है वे भी तुरंत अपने घर पर ही क्वारेन्टीन हो जाएं। केसी चमन ने कहा कि जिला प्रशासन कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए त्वरित कार्यवाही कर रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस संक्रमण के सम्बन्ध में किसी भी तरह के बहकावे में न आएं और सरकार एवं प्रशासन द्वारा उचित माध्यम से जारी की जा रही सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उन्होंने आग्रह किया कि बीमारी के लक्षण पाए जाने पर घबराएं नहीं और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में जारी किए गए निर्देशों का पालन करें।
अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल को आज यहां जिला के विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विदाई दी। विवेक चंदेल को निदेशक तकनीकी शिक्षा के पद पर तैनाती दी गई है। वे लगभग अढ़ाई वर्ष तक सोलन में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त के पद पर तैनात रहे। विवेक चंदेल ने इससे पूर्व उनके स्थान पर नियुक्त सोलन के अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा से भेंट कर उनका स्वागत किया एवं उन्हें सोलन जिला के विषय में प्रशासनिक एवं अन्य जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, खण्ड विकास अधिकारी सोलन ललित दुल्टा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने जिला के नालागढ़ उपमण्डल में कोविड-19 के दृष्टिगत सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी निर्देशों तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के अनुरूप लिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल की बद्दी तहसील के लेही गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास तथा इस आवास तक जाने वाले सम्पर्क मार्ग को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन की सीमाओं को पूर्ण रूप से सील करने के आदेश दिए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।आदेशों के अनुसार उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार बद्दी उनके सहायक होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा उक्त क्षेत्र की सैम्पलिंग एवं सभी सैम्पल की परीक्षण रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।


















































