** अजय गुलेरिया ने थाने में सौंपा शिकायत पत्र देहरा उपमंडल के तहत पड़ते ख़बली बरवाड़ा के स्थानीय निवासी अजय गुलेरिया को वीरवार सुबह एक अज्ञात नम्बर से धमकी भरा फोन आने के बाद उन्होंने देहरा थाना में इसकी शिकायत दी है। आपको बता दें इन दिनों हिमाचल में अज्ञात नम्बर से स्थानीय लोगो को फोन आ रहे हैं, जिसमे धमकी भरे अंदाज में लोगो से बात की जा रही हैं। इसी संदर्भ में अजय गुलेरिया को लगभग तीन दिन पहले व आज उनकी माता को किसी अज्ञात नम्बर से कॉल आया, जिसमें वह व्यक्ति धमकी भरे अंदाज में बात कर रहा था। इस संदर्भ में बात करते हुए अजय गुलेरिया ने बताया कि उन्होंने एक शिकायत पत्र देहरा थाना में दिया है, जिस नम्बर से उन्हें फोन आया है उसकी डिटेल भी दे दी गई है। वहीं थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने कहा कि एक शिकायत पत्र उनके पास पहुंचा है और पुलिस कार्यवाई कर रही है।
राजकीय उत्कृष्ट विद्यालय डाडा सीबा में एसएमसी कमेटी का गठन किया गया। यह गठन सत्र 2024-26 के लिए वीरवार को स्कूल के प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार की अध्यक्षता में चुनाव द्वारा किया गया, जिसमें अजय कुमार, बबीता कुमारी व संजीव कुमार के बीच वोटिंग हुई, जिसमें अजय कुमार को एक तरफा मुकाबले में विजयी घोषित किया गया। इस मुकाबले में टोटल 90 मत पड़े, जिसमें अजय कुमार को 67 मत पडे़ और बबीता कुमारी को 15 मत व सजीब कुमार को 7 मत पडे़। वहीं, नवनियुक्त एसएमसी प्रधान अजय कुमार ने कहा कि स्कूल में कोई भी समस्या न आए इसका प्रयास किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर विद्यालय व छात्रों के उत्थान के लिए कार्य किया जाएगा। एसएमसी कमेटी प्रधान बनने पर प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार ने समस्त नई कमेटी को बधाई दी। कमेटी की नई कार्यकारिणी साक्षी, राकेश कुमार शर्मा, पबन, अवतार सिंह, होशियार सिंह, अश्विन सपेहिया, राशि, पूजा, रमेश कुमार, अरविंद कुमार, अंजना कुमारी, सुनील कुमार, राजेंद्र पाल ,बबीता कुमारी व विनय सपेहिया इस नई कार्यकारिणी के सदस्य बने।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने रविवार 25 अगस्त को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इस मीटिंग को बुलाया गया है। इसमें मानसून सत्र में पेश होने प्रस्तावित विभिन्न विधायकों को लेकर चर्चा की जा सकती है। माना जा रहा है कि कैबिनेट में विधेयकों के अलावा कर्मचारियों-पेंशनर के लंबित महंगाई भत्ते डीए व एरियर को लेकर भी चर्चा हो सकती है। वहीं, आपदा से जिन परिवारों को भारी नुकसान हुआ हैं, उनके राहत एवं पुनर्वास के लिए राहत पैकेज का भी कैबिनेट में ऐलान हो सकता है। इसी तरह विभिन्न विभागों में भर्तियों को भी मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट में विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है जो नौ सितंबर तक चलेगा।
शिमला जिले की फल मंडियों में सेब की आवक बढ़ना शुरू हो गई है। इसके चलते दाम में गिरावट आई है। एक हफ्ते में सेब के दाम 600 से 700 रुपये प्रति पेटी तक गिरे हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले ए ग्रेड के सेब की पेटी 2400 से 3600 रुपये तक बिक रही थी। बुधवार को फल मंडी में यही सेब दो हज़ार से 2,800 रुपये प्रति पेटी तक बिका। दाम में गिरावट से बागवान निराश हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में ठियोग से सेब की खेप लेकर आए बागवान रोहन नेगी ने बताया कि निचले और मध्यम इलाकों वाले सेब को हर वर्ष बेहतर दाम मिलते हैं। जब तक ऊंचाई वाले इलाकों में सेब सीजन शुरू होता है तो दाम नीचे गिर जाते हैं। इससे बागवानों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिल पाता। बागवान सुरेश ने बताया कि सूखा पड़ने से इस साल सेब की पैदावार बहुत ज्यादा प्रभावित हुई है। दूसरी ओर सीजन शुरू होने के बाद फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। एक साल में एक पेटी के ऊपर खाद, स्प्रे से लेकर लेबर तक का करीब 750 रुपये का खर्चा आ जाता है। आढ़तियों के अनुसार इन दिनों फल मंडी में सबसे ज्यादा रॉयल सेब की खेप पहुंच रही है। वहीं इसके अलावा गोल्डन, स्पर और गाला सेब भी मंडी में आ रहा है। एपीएमसी के अनुसार भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले 15 से 17 हजार सेब की पेटी मंडी पहुंच रही थी, वहीं बुधवार को मंडी में 23 से 24 हजार सेब की पेटी पहुंची है। आने वाले दिनों में आवक में बढ़ोतरी होनी की उम्मीद है। फल मंडी में एक हफ्ते में सेब की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिली है। आवक के मुकाबले मंडी में ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। इसके चलते दामों में 500 से 600 रुपये की गिरावट आई है।
हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर के निगुलसरी में बार-बार भूस्खलन से एनएच-पांच पर यातायात बाधित हो रहा है। बुधवार को भी आठ घंटे तक यहां एनएच बंद रहा। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, बुधवार शाम तक प्रदेश में 55 सड़कें, 14 बिजली ट्रांसफार्मर और 29 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। जिला मंडी में 14, शिमला में 13, कुल्लू में 11, कांगड़ा में 12, किन्नौर में 2 और ऊना-सिरमौर-बिलासपुर में एक-एक सड़क बंद रही। प्रदेश में जारी बारिश से अभी तक विभिन्न विभागों को 1,19,544 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। बुधवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। बारिश का दौर थमने से लोगों को कुछ राहत मिली है। आगामी तीन दिनों के दौरान भी प्रदेश में मौसम बना रहने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर बारिश के आसार भी जताए गए हैं। हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। 22 से 24 अगस्त तक प्रदेश में मौसम साफ रहने के आसार हैं। 25 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 27 अगस्त तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
रामपुर: समेज में त्रासदी के दौरान प्रशासन ने 1 अगस्त से लापता लोगों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया था। अभी तक केवल 14 लोगों के शव ही बरामद हुए हैं। अभी भी 22 लोगों का कोई सुराग नहीं चल पाया है। ग्राम पंचायत प्रधान मोहन लाल कपाटीया ने बताया इन 14 शवों में से 10 लोगों की पहचान डीएनए टेस्ट से हुई है और 4 लोगों की पहचान शारीरिक तौर पर की गई है। सरकार ने प्रभावितों की सहमति के बाद सर्च ऑपरेशन को बंद कर दिया है, हालांकि सतलुज नदी के किनारे अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। बता दें कि 31 जुलाई की रात को समेज में भारी बाढ़ आने के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। एक गांव के 36 लोग इस घटना में लापता हो गए थे। यह बाढ़ बादल फटने के कारण आई थी। आधी रात में आई इस बाढ़ का घर में सोए हुए लोगों को पता नहीं चल सका जिस कारण यह हादसा हुआ। अब तक सभी शव सुन्नी डैम व सतलुज नदी के आसपास ही बरामद हुए हैं। समेज गांव में एक भी शव बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पानी का बहाव कितना तेज होगा। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में इस साल कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इसमें करोड़ों रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वहीं, कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है।
** कर्मचारियों के डीए-एरियर के समय आर्थिक तंगी का रोना मंडी: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को निशाने पर लेते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को जायज ठहराया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा, सीएम सुक्खू प्रदेश में सबकुछ बंद करते-करते अब कर्मचारियों तक पहुंच आए हैं। बेहतर होगा अगर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बंद करने की शुरुआत अपने दफ्तर से करते। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू कर्ज पर कर्ज ले रही है और इस पैसे का इस्तेमाल सीएम सुक्खू अपने सीपीएस को पालने में कर रहे हैं। सीएम सुक्खू ने प्रदेश में सीपीएस की फौज खड़ी कर दी है और उनके लिए विभागों से चार-चार अतिरिक्त गाड़ियां लगा रखी हैं। उनके लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाकर करोड़ों रुपए खर्चे जा रहे हैं। जयराम ने कहा कि सीएम सुक्खू द्वारा अपने दफ्तर के खर्चे कम करने के बजाए लोगों पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को आड़े हाथों लेते हुए जयराम ठाकुर ने कहा, प्रदेश की भोली-भाली जनता के आगे आर्थिक संकट का रोना रोने वाले सीएम सुक्खू मंत्रियों को नए दफ्तर देने जा रहे हैं। सचिवालय के जिस भवन का सीएम सुक्खू ने स्वयं कुछ दिन पहले उद्घाटन किया था, उसके कमरों को आज मंत्रियों के नए और बड़े दफ्तर बनाने के लिए तोड़ा जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, हमने भी पांच साल आर्थिक संकट के बावजूद सरकार चलाई और कभी ऐसा नहीं हुआ कि हमें किसी महीने कर्मचारियों की पगार रोकनी पड़ी हो या डीए और एरियर देने में देरी की हो। ये पहली ऐसी सरकार है जो ऋण तो बेतहाशा ले रही है, लेकिन न तो समय पर सैलरी मिल रही है और न ही घोषणा के बावजूद डीए व एरियर दिया जा रहा है। यही नहीं मेडिकल रीइंबर्समेंट का भुगतान भी दो सालों से नहीं हुआ है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे प्रदेश में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस ने सिर्फ चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के कर्मचारियों का इस्तेमाल किया है। सत्ता में आते ही सीएम सुक्खू की 10 की 10 गारंटियां फेल हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि सुक्खू सरकार को इन गांरटियों को पूरा करने के लिए 10 जन्म लग जाएंगे। बता दें कि 1 जनवरी 2023 से हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की डीए की 3 किस्तें का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है, यानी 12 फीसदी देय है। कर्मचारी इसके लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, हालांकि कर्मचारियों को 15 अगस्त के दिन उम्मीद थी कि उनकी कम से कम डीए की एक किस्त तो जारी होगी, लेकिन सरकार की ओर से कोई घोषणा न होने पर अब उन्हें 1 साल और इंतजार करना होगा, जबकि सरकार ने 75 साल की उम्र पूरी कर चुके पेंशनर्स को पूरे एरियर के भुगतान की घोषणा की है। वहीं, एरियर और डीए की किस्त न मिलने पर प्रदेश में कर्मचारियों में सुक्खू सरकार के प्रति भारी रोष है।
हिमाचल प्रदेश विजिलेंस की टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिमला में तैनात डीएसपी के रीडर आरक्षी संदीप कुमार को अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले को रफा दफा करने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 अगस्त की शाम गिरफ्तार किया है। आरोपित संदीप कुमार 24 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर हवालात पुलिस थाना छोटा शिमला में बंद है। वहीं संदीप कुमार की गिरफ्तारी और विजिलेंस थाना में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद आरक्षी संदीप कुमार को रीडर पद से हटाकर पुलिस लाइन कैंथू शिमला में तैनात कर लिया गया है। आरक्षी संदीप कुमार पर आरोप है कि पुलिस थाना न्यू शिमला के मु० न० 15/2024 जेर धारा 341, 506, 427 आईपीसी व 3(1)(r), 3(1)(s), 3(1)(za) (A) अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम को रफा दफा करने के लिए रिश्वत मांगी थी।
** हर्ष महाजन की अर्जी पहले ही खारिज कर चुका है कोर्ट हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने वाली अभिषेक मनु सिंघवी की याचिका पर आज सुनवाई होगी। हिमाचल में 27 फरवरी को घोषित किए गए राज्यसभा चुनाव परिणाम के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के बीच मुकाबला बराबरी का रहा था, जिसके बाद पर्ची सिस्टम पर भाजपा उम्मीदवार को विजयी घोषित किया गया था। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी ने मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद पर्ची सिस्टम से घोषित किए गए नतीजे को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस केस में बुधवार को ही हाईकोर्ट ने सांसद हर्ष महाजन की उस अर्जी को खारिज किया था, जिसमें उन्होंने 3 सितंबर को तेलंगाना में राज्यसभा चुनाव को देखते हुए, इस मामले की सुनवाई को टालने का आग्रह किया था। राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कोर्ट में अर्जी देकर आग्रह किया था कि अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से राज्यसभा सीट के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं, जिसका असर हिमाचल हाईकोर्ट में चल रहे केस पर पड़ेगा। इसको देखते हुए हर्ष महाजन ने केस की सुनवाई को टालने का आग्रह किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने हर्ष महाजन की इस अर्जी को अस्वीकार कर दिया है, जिसके बाद केस पर आज से बहस शुरू करने को कहा है। हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए 27 फरवरी को मतदान हुआ था, लेकिन क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस के 40 विधायक होने पर भी पार्टी प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन से चुनाव हार गए थे। हुआ ये था कि कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग की वजह से कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के बीच का मुकाबला 34-34 के वोटों पर बराबरी में हुआ था। ऐसे में बराबर मत होने के बाद चुनाव परिणाम लॉटरी सिस्टम से घोषित किया गया। जो भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में रहा था, जिसके चलते अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका डालकर राज्यसभा चुनाव को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने मुकाबला बराबरी पर होने के बाद पर्ची से हर्ष महाजन को विजय घोषित करने के नियम को गलत बताया है, जिस पर आज हिमाचल हाईकोर्ट में बहस शुरू होनी है।
हिमाचल प्रदेश में अब प्राइमरी और मिडल के बाद अब हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी शिक्षकों का युक्तीकरण शुरू होगा। नवीं से बारहवीं कक्षा वाले स्कूलों से आवश्यकता से अधिक नियुक्त शिक्षक शिफ्ट किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा निदेशालय से इसी माह सरप्लस शिक्षकों की सूची मांगी है। इसके अलावा पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल मर्ज करने को लेकर भी विचार शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों की कम संख्या वाले उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से कई विषय शिफ्ट होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से विद्यार्थियों के दाखिलों का ब्योरा एकत्र कर लिया है। विषयवार और कक्षावार नामांकन की अलग-अलग से जानकारी भी ली गई है। कई वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कुछ विषयों में विद्यार्थियों का नामांकन बहुत कम है। ऐसे विषयों को साथ लगते अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में शिफ्ट करने का विचार है। कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों से संबंधित विषयों के शिक्षकों को आवश्यकता वाले स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रवक्ता स्कूल न्यू, डीपीई सहित गैर शिक्षकों का युक्तीकरण करने का फैसला लिया है। इसके अलावा जिन स्कूलोंं में विद्यार्थियों के दाखिले कम हैं, ऐसे स्कूलों को मर्ज करने का प्रस्ताव भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों की कम संख्या वाले प्राथमिक और मिडल स्कूलों की तर्ज पर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी साथ लगते स्कूलों में मर्ज किए जा सकते हैं। बता दें कि बीते दिनों ही प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच या पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 419 प्राथमिक और मिडल स्कूल मर्ज करने का निर्णय हुआ है। इन स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।
धर्मशाला, 21 अगस्त। समाज के लिए अपना सहयोग देने की इच्छा रखने वाले बुजुर्ग नागरिकों और सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए अब वरिष्ठ मंडल बनाए जाएंगे। महिला मंडल और युवा मंडलों की तर्ज पर ग्रामीण स्तर पर बुजुर्ग नागरिकों के लिए वरिष्ठ मंडल का गठन किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिक दिवस के उपलक्ष्य पर आज बुधवार को क्षेत्र के बुजुर्ग नागरिक और गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में एडीएम कांगड़ा डॉ. हरीश गज्जू ने यह बात कही। डीसी ऑफिस धर्मशाला में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम ने कहा कि कई ऐसे सेवानिवृत कर्मचारी और बुजुर्ग हैं जो समाज के लिए अभी भी अपना योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव और उपलब्धता का लाभ लेते हुए अनेक प्रकार के सामाजिक कार्यों में उनका सहयोग और मार्गदर्शन लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की भागीदारी से जहां एक तरफ वे सक्रिय रहेंगे, वहीं उनके अनुभवों से हमें आपदाओं से निपटने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान खतरे के न्यूनीकरण और तैयारियों के लिए स्वयंसेवियों की बहुत कमी देखने को मिलती है। कई युवा शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसरों की तलाश में अपने क्षेत्रों से बाहर जाते हैं। इस संदर्भ में, सेवानिवृत्त बुजुर्ग आशा की किरण के रूप में उभर सकते हैं। बकौल एडीएम, बुजुर्गों के पास अनुभव का खजाना है, क्षेत्र से गहरा जुड़ाव है, और सामाज की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता है, जो आपदा प्रबंधन और तैयारियों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। वरिष्ठ मंडल के गठन से सेवानिवृत्त लोगों के कौशल, ज्ञान और समर्पण का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के व्यापक जीवन अनुभव और स्थानीय भुगोल की समझ को आपदा प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की भागीदारी स्थानीय निवासियों को संगठित कर सकती है और आपदा की तैयारियों में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के पारंपरिक ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाते हुए वरिष्ठ मंडलों द्वारा लोगों को आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूक भी किया जा सकता है। इसके लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण और तैयारियों को लेकर वरिष्ठ मंडल सार्वजनिक सेमिनार, सामुदायिक अभ्यास, सूचना अभियान तथा स्थानीय स्कूलों और संगठनों के साथ मिलकर कार्यक्रम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सामाजिक देखभाल, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संबंधी मुद्दों और आपदा प्रबंधन जैसी प्रमुख सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने में बुजुर्गों को सक्रिय रूप से शामिल करना है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और अन्य सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस दौरान सेवानिवृत प्रो. अंजन कालिया, डॉ. रजिका, अनीता शर्मा, हरजीत भुल्लर सहित अन्य हितधारकों ने भी वरिष्ठ मंडल और सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की सहभागिता पर अपने विचार रखे।
15 किमी कम होगी कैथलीघाट से ढली की दूरी राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सोलन जिला के कैथलीघाट के नजदीक शिमला बाइपास सुरंग-1 (पोर्टल-2) शुंगल का दौरा किया। उन्होंने प्रगति कार्य का निरीक्षण किया और परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। 28.5 किमी लंबे फोरलेन शिमला बाइपास (पैकेज-1 व 2) पर 10.6 किमी लंबी 10 सुरंगों का निर्माण किया जाना है और इसमें 27 बड़े पुल और वायाडक्ट भी होंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने आज बाईपास की टनल 1 की बाईं ट्यूब का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से कैथलीघाट से ढली की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी तथा यात्रा में लगभग एक घंटे का समय बचेगा। उन्होंने कहा कि इस सुरंग के निर्माण से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लगभग 5,000 पेड़ों को कटने से बचाया है तथा मिट्टी के कटाव को भी रोका है। उन्होंने कहा कि यह सुरंग पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षित तथा सुगम यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इससे वाहनों के ईंधन की बचत होगी, जिससे वायु प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। वहीं, 10 सुरंगों के निर्माण से लगभग 22,500 पेड़ों को कटने से बचाया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकरी अब्दुल बासित ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि दोनों चरणों में सुरंग की कुल लंबाई 1,410 मीटर होगी और जनवरी 2025 तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस कार्य पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने अवगत करवाया कि शिमला बाइपास फोरलेन परियोजना की कैथलीघाट से ढली तक कुल लागत 4,800 करोड़ रुपये है और इस परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और एनएचएआई के अन्य अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ज़िला सोलन के पांचों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों का सत्यापन कार्य 08 अक्तूबर, 2024 तक किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि सत्यापन कार्य के तहत 50-अर्की, 51-नालागढ़, 52-दून, 53-सोलन (अ.जा.) तथा 54-कसौली (अ.जा.) की निर्वाचन नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित तथा अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से बूथ स्तरीय अधिकारी (बी.एल.ओ.) आज से 08 अक्तूबर, 2024 तक घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का सत्यापन करेंगे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि बी.एल.ओ. घर के मुखिया की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवार के समस्त पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में दर्ज है तथा समस्त दर्ज विवरण सही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्वाचक की मतदाता सूची की प्रविष्टि में किसी प्रकार की कोई भी अशुद्धि पाई जाती है तो उसे ठीक करने के लिए प्रारूप-8 के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रथम अक्तूबर, 2024 की अहर्ता तिथि के आधार पर मतदाता सूचियों में उन योग्य नागरिकों के सम्मिलित किए जाएंगे जो पंजीकरण से छूट गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम जनवरी, 2025 की अहर्ता तिथि के आधार पर योग्य भावी मतदाताओं के साथ-साथ ऐसे भावी मतदाता जो प्रथम अप्रैल, 2025, प्रथम जुलाई, 2025 तथा प्रथम अक्तूबर, 2025 को मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के पात्र होंगे की जानकारी भी प्राप्त की जाएगी। ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एक से अधिक स्थान पर दर्ज, मृत व स्थाई रूप से स्थानन्तरित, दोहरे पंजीकृत मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से अपमार्जित करने के लिए प्रारूप-7 के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान मतदाता सूचियों में विद्यमान खराब गुणवत्ता वाली फोटोग्राफ की पहचान कर सम्बन्धित मतदाता से नवीनतम रंगीन फोटो प्राप्त कर प्रारूप-8 के माध्यम से परिवर्तित करने की कार्यवाही भी की जाएगी। मनमोहन शर्मा ने ज़िला के समस्त पात्र मतदाताओं से आग्रह किया कि बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूचियों के सत्यापन करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें ताकि फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित बनाया जा सके।
कांगड़ा: केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय बलाहार के विभाग द्वारा राजकीय महाविद्यालय डाडा सिबा में संस्कृत वस्तु एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय के साहित्य विभाग के सहायक प्रवक्ता पंकज ने संस्कृत भाषा के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला और नित्यौपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगा कर संस्कृत भाषा को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रो रामपाल, दविंदर, शीतल और पलक भी उपस्थित रहे।
काँगड़ा: देहरा विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती खैरियां सहकारी समिति में चुनाव की प्रक्रिया कैप्टन रामेश बैंस की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस दौरान सोसाइटी का गठन हुआ जिसमें जसबीर गुलेरिया को प्रधान पद पर नियुक्ति मिली हैं वहीं उप प्रधान मंगल सिंह बैंस व सदस्य के तौर पर शशी बैंस,परमजीत चौधरी,गुरमेल को नियुक्ति मिली। आपको बता दें कैप्टन साहब ने 15 बरसों में सोसायटी को ऊंची बुलंदियों पर पहुंचाया है व सवास्थ्य कारणों से उन्होंने अध्यक्ष पद को छोड़ा है। सोसाइटी के नव नियुक्त प्रधान जसबीर गुलेरिया ने कहा कि उन्हें सर्वसम्मति से सोसायटी का प्रधान चुना गया है वह सभी सदस्यों व खैरियांवासियों का आभार प्रकट करते हैं ओर उन्होंने सोसायटी को और मजबूती देने की बात भी कही।
कहा, देहरा में पीएमजीएसवाई की जिन सड़कों का शिलान्यास किया वह सांसद अनुराग ठाकुर की देन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत देहरा विधानसभा में लगभग 50 करोड़ की सड़के बनने जा रही है जिनका मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते दिनों देहरा दौरे के दौरान शिलान्यास किया था| मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास पर सवाल खड़े करते हुए देहरा भाजपा के नेता व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉ सुकृत सागर ने पूछा, मुख्यमंत्री बताए कि उनका प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना में स्वीकृत हुई सड़कों के लिए क्या योगदान है| यह सड़के हमारे सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रयासों से देहरा विधानसभा को मिली हैं| डॉ सुकृत ने कहा कि मुख्यमंत्री को शिष्टाचार दिखाते हुए कम से कम अनुराग ठाकुर का धन्यवाद तो करना चाहिए था लेकिन मुख्यमन्त्री देहरा के लोगों को गुमराह करते हुए श्रेय लेने के लिए चुपचाप अकेले ही इन सड़कों का शिलान्यास कर गए| उन्होंने कहा कि इन सड़कों को पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले कार्यकाल में ही स्वीकृत करवा दिया था तब मुख्यमंत्री की पत्नी देहरा की विधायक भी नहीं थी और जब इस सड़कों की स्वीकृति के लिए कार्रवाई शुरू हुई तब सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के मुख्यमंत्री भी नहीं थे| डॉ सुकृत ने कहा कि यह सही में बड़ा हास्यास्पद है कि एक तरफ़ तो मुख्यमंत्री देहरा में मंच से कह रहे थे कि केंद्र सरकार से हमे सहयोग नहीं मिल रहा है और दूसरी तरफ़ जब उसी देहरा में शिलान्यास करने चाहे तो छह में से पाँच शिलान्यास केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के करने पड़े और छठा अधीक्षण अभियंता के कार्यालय का शुभारंभ पुराने आवासीय भवन में कर दिया| इन सड़कों के लिए बजट केंद्र सरकार के ख़ज़ाने से स्वीकृत हुआ है मुख्यमंत्री को बड़ा दिल करके केंद्र सरकार व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद करना चाहिए|
करसोग में आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरिओम शर्मा के नेतृत्व में सद्भावना दिवस के अवसर पर भारत रतन स्वर्गीय राजीव गांधी की जयन्ती पर बखरोट पंचायत के कुफ़रीधार में पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व प्रभारी करसोग विधानसभा रुपेश कँवल, कांग्रेस नेता महेश राज पृथी सिंह नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में भारत रतन स्वर्गीय राजीव गांधी के जीवन पर प्रकाश डाला गया व उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उन्हें याद किया गया। इसके साथ हमारी वन संपदा को किस प्रकार से बचाया जाए इस पर भी सभी लोगो को जागरूक किया गया। भविष्य में ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने के लिए भी आए हुए कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया। सद्भावना दिवस के मौक़े पर भारत रत्न राजीव गांधी की महानता और देश के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस करसोग के सभी अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारी गोपाल सिंह दीवान, युव राज, बिहारी लाल शर्मा, संत राम धीमन, जय गोपाल गुप्ता, केवल शर्मा तिलक राज, ठाकुर सेन मेहता, हिरदा राम, सोम कृष्ण, टेक चंद नेगी, कमला वर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
** संस्कृत भाषा भारत देश के प्राण जैसी है: प्रो सत्यम कुमारी केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में संस्कृत सप्ताह महोत्सव का समापन बड़े धूमधाम से किया गया। इसमें मुख्यातिथि के रूप में ज्वाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय दिल्ली से प्रो. सन्तोष कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। उन्होंने संस्कृत की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत भाषा आज भी अपने मूल स्वरूप में वर्तमान है। इस कार्यक्रम में विशिष्टातिथि के रूप में प्रदेश खाद्य-आपूर्ति विभाग के निदेशक पुष्पेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वेदव्यास परिसर हमारे क्षेत्र की शान है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की इस संस्था ने प्रदेश को संस्कृत के अनेक विद्वान् दिए हैं। वहीं उन्होंने विश्वास दिलाया कि वेदव्यास परिसर की सभी मूलभूत आवश्यताओं को पूरा करने में राज्य सरकार का पूरा सहयोग रहेगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने की। उन्होंने सभी छात्रों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि संस्कृत भारत देश की प्राण है। यदि संस्कृत न रही तो देश को समाप्त होने में देर न लगेगी इसलिए संस्कृत का संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मञ्जुनाथ एस्.जि. ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि- संस्कृत सप्ताह के दौरान वेदव्यास परिसर द्वारा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के साथ करीब 20 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें पांच हजार से अधिक छात्रों एवं सामाजिक लोगों ने भाग लिया। संस्कृत को सभी स्थानों तक पहुंचाने में यह अभियान सफल रहा। महोत्सव के दौरान विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गई थी, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को भी परिसर प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया। संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर वेदव्यास परिसर के समस्त शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
मंडी: उपमंडल करसोग के अंतर्गत कलेहनी से एक महिला बीते 5 दिनों से गायब हैं। जानकारी के अनुसार यह महिला 15 अगस्त की रात को अपने घर से अचानक लापता बताई जा रही है। महिला के पति ने पत्नी के लापता होने की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज करवाई है। हेमन्त कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी मंजु देवी 15 अगस्त की रात को पहले पूरे परिवार को खाना खिलाकर सो गई, लेकिन पति हेमन्त कुमार जब सुबह नींद से जागा तो पत्नी घर पर नही थी। काफी समय इंतजार करने के बाद जब पत्नी वापिस नहीं लौटी तो इधर-उधर व रिश्तेदारी में ढूढना शुरू किया, लेकिन पत्नी मंजू देवी कहीं नही मिली। मंजू देवी का मोबाइल फोन भी बन्द चल रहा है। उनका एक बेटा व बेटी है। दुखी पति हेमन्त कुमार ने पत्नी मंजू देवी से घर वापसी की गुहार लगाई है। मंजू देवी अपने साथ गहने व पढ़ाई के दस्तावेज भी ले गई है। यदि इसके बारे में कोई भी जानकारी प्राप्त हो तो दिए गए नंबर पर सम्पर्क करें 90151-45806 ...महिला की उम्र लगभग 28 वर्ष है कद 5 फिट 2 इंच है। डीएसपी सुन्दरनगर दिनेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस थाना करसोग में एक महिला की गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ है जो कि बीते 15 अगस्त की रात को अचानक घर से कहीं लापता बताई जा रही हैं, जिसे लेकर पति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस द्वारा महिला को तलाश करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आज इंदौरा महाविद्यालय के अंदर बंगाल में हुई एक डॉक्टर के साथ बर्बरता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी के चलते इंदौरा महाविद्यालय व इंदौरा बस स्टैंड तक रैली निकाली गई। बस स्टैंड इंदौर में धरना प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थी परिषद ने आज डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज को बुलंद किया और ममता बनर्जी की भ्रष्ट सरकार के खिलाफ विद्यार्थियों ने एकजुट होकर बंगाल में महिला सुरक्षा को सुनिश्चित करने का आह्नान किया गया। पश्चिम बंगाल में गत अनेकों माह से महिला सुरक्षा से संबंधित घटनाएं हो रही है। ऐसे दुष्कर्मों में संलिप्त लोगों को बचाने का प्रयास पश्चिम बंगाल की ममता सरकार कर रही है। टीएमसी के गुंडों द्वारा भी ऐसे अनेकों दुष्कर्म पूर्व में किए गए परंतु उनके विरुद्ध में कोई भी कार्यवाही ममता सरकार द्वारा नही की गई। बंगाल में हो रही यह घटनाएं मानवता को शर्मसार करने वाली है। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद ने पूरे हिमाचल के साथ-साथ पूरे भारत में हर एक इकाई स्तर पर ममता सरकार के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया है व साथ ही साथ डॉक्टर के केस की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि जिस प्रदेश को माता दुर्गा का प्रदेश माना जाता हो, जिस प्रदेश को शक्ति का गढ़ माना जाता जो उस स्थान पर ऐसी घटनाओं का बार-बार होना शर्मनाक है। इस दुख की घड़ी में विद्यार्थी परिषद परिवार के साथ खड़ी है वह पूरे देश के युवाओं से यह आह्नान करती है कि ममता सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाए, ताकि बंगाल में न ऐसी घटना हो न बंगाल को शर्मसार होना पड़े।
** केके पंत को मिला अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा हिमाचल प्रदेश सरकार ने सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों पर 7 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इसको लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बकायदा अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना 20 अगस्त को जारी की गई। सेंट्रल डेप्युटेशन से लौटे केके पंत को अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा सौंपा गया है। पंत को फाइनेंशियल कमिश्नर अपील का जिम्मा भी सौंपा गया है। यह अतिरिक्त प्रभार के तौर पर रहेगा। डॉ. अभिषेक जैन को डिजिटल टेक्नॉलजी का सेक्रेटरी बनाया गया है। इसके अलावा वह फाइनेंस, प्लानिंग, 20 सूत्री कार्यक्रम के सेक्रेटरी के तौर पर भी जिम्मा संभालेगें। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी को सचिव कार्मिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसके अलावा सीपी वर्मा को राज्यपाल का सचिव लगाया गया है। राज्यपाल के पूर्व सचिव राजेश शर्मा को "ग्रामीण विकास और पंचायती राज" सचिव का जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी प्रियंका बसु इंग्टी को "सचिव श्रम एवं रोजगार, मुद्रण एवं स्टेशनरी, मत्स्य पालन और युवा सेवाएं एवं खेल" का जिम्मा सौंपा गया है। IAS राकेश कंवर को "शिक्षा, पशुपालन, भाषा, कला और संस्कृति" का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा इनके पास एमपीपी एवं पावर और एनसीईएस का अतिरिक्त कार्यभार रहेगा।
पैंन्शनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी द्वारा पुराना अस्पताल सायरी के समीप वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ एवं पैन्शनर्ज कल्याण संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने लगभग 30 पोधों का पौधरोपण किया। पौधरोपण करने के साथ-साथ उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे इन पौधों का रख-रखाव भी करते रहेंगें। वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ, सायरी के प्रधान जगदीश भारद्वाज व पैंन्शनर्ज कल्याण संघ के अध्यक्ष बेली राम राठौर ने कहा कि पौधों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है क्योंकि पौधे मनुष्य को शुद्ध प्राण वायु हवा के रूप में देतें हैं व पर्यावरण को भी स्वच्छ रखते हैं। दोनों संघों ने लोंगों से अधिक से अधिक क्षेत्र में पौधरोपण करने की अपील की हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाहन योग्य पुलों की रिपोर्ट मांगी है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को इस माह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग ने इंजीनियरों को पुलों का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया कि प्रदेश में पुल कितने मजबूत एवं सुरक्षित हैं? ऑडिट रिपोर्ट के बाद जो पुल मरम्मत करने योग्य होंगे, उन्हें ठीक किया जाएगा। जो बिल्कुल खस्ताहाल हैं, उनकी जगह नए पुल का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को वेली ब्रिज तैयार करने के भी निर्देश दिए है। खस्ताहाल पुलों की जगह पहले बेली ब्रिज स्थापित होंगे, उसके बाद आरसीसी के पुलों का निर्माण किया जाएगा। हिमाचल में बीते साल प्राकृतिक आपदा के चलते दो दर्जन पुल बाढ़ में बह गए, जबकि कई को नुकसान पहुंचा है। कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके चलते सरकार पुलों का ऑडिट करवा रही है। सरकार ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि जोन, मंडल या उपमंडल स्तर पर इंजीनियरों की टीमों का गठन कर सभी पुलों का निरीक्षण करें। अगर इंजीनियरों को लगा कि पुल ठीक करने योग्य है, ऐसी स्थिति में ही उसे दुरुस्त करने का प्लान तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बीते साल आपदा के चलते लोक निर्माण विभाग को 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस बार भी कुल्लू और शिमला में बादल फटने से पुलों और सड़कों को 500 करोड़ का नुकसान हो चुका है। पानी के बहाव के साथ चट्टानें और पेड़ पुलों से टकराते हैं, इससे पुलों को नुकसान होता है। ऐसे में पुलों का ऑडिट जरूरी है।
मानसून सीजन खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। सितंबर माह से मानसून लौटना शुरू करेगा, लेकिन इससे पहले एक बार मानसून रफ्तार पकड़ चुका है। हिमाचल प्रदेश में कई दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को भी बारिश देखने को मिली है। वहीं, बारालाचा, कुंजुम पास, रोहतांग दर्रा, शिंकुला सहित कई चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा को छोड़कर अन्य जिलों में 20 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और फ्लैश फ्लड को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक बारिश के कारण नदी, नाले उफान पर रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त को सबसे अधिक बारिश कांगड़ा में 39.9, मंडी में 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति में दर्ज की गई है, जबकि बीते स्पताह में कांगड़ा में सबसे अधिक 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य बना हुआ है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है। सबसे अधिक तापमान ऊना में दर्ज किया गया है। वहीं, शिमला में 20 डिग्री, सुंदरनगर में 26, केलंग में 23 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बता दें कि वहीं, प्रदेश में 107 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ। इनमें शिमला में 48, मंडी और कुल्लू में 24-24 सड़कें बाधित हैं। कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली सेबा भी बाधित हैं। सोमवार को प्रदेश में 146 सड़कों पर यातायात ठप रहा। इसके अतिरिक्त 301 बिजली ट्रांसफार्मर और 20 जल आपूति योजनाएं ठप चल रही हैं। सबसे ज्यादा सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर शिमला, कुल्लू, मंडी जिले में प्रभावित हुई थी।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में इन दिनों संस्कृत सप्ताह महोत्सव बड़ी धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है, जिसके संयोजक वेदांत विषय के विभागाध्यक्ष मंजूनाथ एस भट्ट हैं। वहीं समस्त कार्यक्रम परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की देख-रेख व उनकी अध्यक्षता में संपन्न हो रहे हैं। संस्कृत सप्ताह महोत्सव के अन्तर्गत सोमवार को परिसर के कुछ आचार्यों ने कुछ शिष्यों सहित निकटवर्ती कालेश्वर महादेव के समीप पञ्च तीर्थ में श्रावणी उपाकर्म कार्य को विधिविधान सहित सम्पन्न किया। इस अवसर पर व्याकरण विषय के सहायकाचार्य डॉ भूपेंद्र ओझा सहित डॉ शैलेश कुमार तिवारी, डॉ राजन मिश्र, डॉ योगेश व कमल किशोर शर्मा सहित अन्य शिक्षक व कुछ छात्र भी मौजूद रहे।
सेवा निवृत्ति कर्मचारी यूनियन कुनिहार इकाई ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है।आज प्रेस वार्ता में कुनिहार में कर्मचारी यूनियन संगठन इकाई के अध्यक्ष विनोद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि सचिवालय सेवाएं संगठन द्वारा उठाई गई कर्मचारियों की मांगों का कुनिहार पेंशनर एसोसिएशन भरपूर समर्थन करता है, जिसमें इकाई के सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा है कि महंगाई भत्ते की बकाया राशि शेष बची महंगाई भत्ते की 12 प्रतिशत किस्तों को जल्द जारी किया जाए। संशोधित वेतनमान की बकाया राशि का भी शीघ्र अति शीघ्र भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि सचिवालय यूनियन की ओर से उठाएं अन्य कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का भी पुरजोर समर्थन करते हैं। यदि इस विषय में संघर्ष की राह भी चुननी पड़ी तो सेवानिवृत कर्मचारी इसके लिए भी पीछे नहीं रहेंगे, जिसके लिए सभी सेवा निवृत कर्मचारी हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है।
** मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात शिमला: कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर से रेप और हत्या मामले को लेकर देशभर के चिकित्सकों में उबाल है। इन डॉक्टरों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। ऐसे में देशभर में रेप पीड़िता को न्याय दिलाने और डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर चिकित्सक हड़ताल पर हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में मंगलवार को भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। वहीं, आज शिमला में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने आईजीएमसी से सचिवालय तक पैदल मार्च किया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सचिवालय में मिलने पहुंचे। बता दें कि भारतीय चिकित्सा संघ के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। आज भी मरीजों को अस्पतालों में इलाज नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मिलने के बाद हो सकता है कि हिमाचल में डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो जाए. शनिवार से शुरू हुई हड़ताल आज मंगलवार चौथे दिन भी जारी है। ऐसे में आज भी मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ेगी। रेजिडेंट डॉक्टर के बाद हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) भी हड़ताल पर है, जिससे प्रदेश में इससे स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई है। अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं चालू रही। डॉक्टरों ने अपनी मांगों को पूरा नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों हॉस्पिटल में आज भी डॉक्टर मरीजों का इलाज नही करेंगे। यदि मरीज दूरदराज क्षेत्रों से हॉस्पिटल पहुंचे तो आज भी बिना इलाज के वापस लौटना पड़ सकता है। आईएमए के राष्ट्रीय इकाई के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को समर्थन के ऐलान के बाद हिमाचल डॉक्टर एसोसिएशन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (FORDA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FOAIA) ने मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।
साई इंटरनेशनल स्कूल में बीते कल रक्षाबंधन का पर्व स्कूल के सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्री-नर्सरी से कक्षा दो तक के विद्यार्थी पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे आए। इस मौके पर राखी मेकिंग और थाली सजावट कर नन्हें बच्चों ने पर्व मनाया। रक्षा बंधन उत्सव में शिक्षकों ने छात्रों को इस त्योहार के महत्व को समझाया। वही नर्सरी एवं किंडर गार्डन की छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांध इस त्योहार को मनाया। कक्षा 3 से कक्षा 8 तक की छात्राओं ने भी छात्रों को राखी बांधकर एकता का संदेश दिया। स्कूल प्रबंधक रमिंद्र बावा ने कहा कि हमारे त्योहार हमारी संस्कृति और परंपराओं को संयुक्त रूप से दर्शाने का काम करते हैं।
** मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि ** राजीव गांधी के योगदान को किया गया याद सद्भावना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज छोटा शिमला स्थित राजीव चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की जयन्ती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सद्भावना दिवस शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी को राष्ट्र आधुनिक भारत निर्माता के रूप में जानता है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोगों और समाज की सोच को बदलने के लिए अनेक दूरदर्शी निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के अध्यक्ष थे। एनएसयूआई की मांग पर राजीव गांधी ने युवाओं के मताधिकार के उपयोग की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की, ताकि देश का युवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सके। उनके कार्यकाल की यह सबसे बड़ी उपलब्धि थी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी के दूरदर्शी निर्णयों के फलस्वरूप आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी देश बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जब भारत की सुपर कम्प्यूटर की मांग को ठुकराया, तब उनके सशक्त नेतृत्व ने देश ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए निर्णायक कदम उठाए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं के अधिकारों की उन्होंने पुरजोर वकालत की और पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने विधानसभा और संसद में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए आवाज उठाई। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा व संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मंडी: कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के बाद देशभर में गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या के बाद से देशभर के डॉक्टर अपना रोष जाहिर कर रहे हैं। प्रदेशभर में 17 अगस्त से डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मृतक महिला डॉक्टर के लिए न्याय और अपने लिए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। मंडी जिले में लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर रखी हैं। हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ की बैठक में 20 अगस्त को भी ओपीडी बंद रखने और आपातकालीन सेवाओं को ही जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कोलकाता में महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स, प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों के डॉक्टर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। वहीं, ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि आपात स्थिति में मरीजों को हर संभंव इलाज दिया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोलकाता में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी को लेकर पूरे देश में गुस्सा है। अस्पतालों में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर अपने कार्य स्थल पर ही सुरक्षित नहीं होंगे तो उनकी सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा जरूर होता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले का राजनितिकरण नहीं होना चाहिए और इस प्रकार के जघन्य अपराध में पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन कर रही महिला चिकित्सक ने कहा कि डॉक्टरों को रात्रि सेवा के दौरान अपनी सुरक्षा की चिंता होती है और इसके कारण उनका काम भी प्रभावित होता है। डॉक्टर के ऊपर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित महिला डॉक्टर के मामले में जल्द से जल्द न्याय दिया जाए और डाक्टरों की सुरक्षा को सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
पिछले महीने बजट में सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कटौती का फैसला किया गया। इसके बाद से सोने के कीमतों में कमी आ रही हैं। इससे निवेशकों की रुची भी बढ़ रही है। कीमतों में ताजा गिरावट उन लोगों के लिए अवसर है जिन्होंने सोने में अबतक निवेश नहीं किया है। सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कटौती की घोषणा के बाद सोने की कीमतें 6 फीसदी गिरकर 69,000 रुपये प्रति ग्राम हो गई है। पिछले एक साल में सोने ने 21.10 फीसदी का रिटर्न दिया है। 20 अगस्त को भारत में सोने की कीमतें 72,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है। सबसे ज्यादा प्योरिटी वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 72,760 रुपये प्रति 10 ग्राम है। आभूषण खरीदने वाले लोग 22 कैरेट सोना खरीदते है, क्योंकि थोड़े से मिश्र धातु मिश्रण के कारण अपनी अतिरिक्त मजबूती के लिए जाना जाता है। आज 22 कैरेट सोना की कीमत 66,690 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच चांदी की कीमत 85,800 रुपये प्रति किलोग्राम है।
कुल्लू: जिला भुंतर से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर जरड़ हनुमान मंदिर से चोर 14 किलोग्राम चांदी के आभूषण उड़ा कर ले गए। चोर मंदिर से भगवान राम का सिंहासन, छत्र, शिवलिंग पर चढ़ी चांदी भी उड़ा कर ले गए। नकाबपोश चोरों ने मंदिर में लगे आठ सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए उसके बाद मंदिर का ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया। सीसीटीवी कैमरे तोड़ने से पहले नकाबपोश कैमरे में कैद हो गए थे। हनुमान मंदिर कमेटी के प्रधान प्रकाश चौधरी और उपप्रधान रामशरण ने जानकारी देते हुए बताया कि, 'जब मंदिर में सुबह पुजारी पूजा करने आया तो देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ था। मंदिर से भगवान राम का सिंहासन, मुकुट, शिवलिंग में लगे चांदी के आभूषण आदि भी गायब थे। पुजारी ने तुरंत मंदिर कमेटी को इस चोरी की घटना की सूचना दी। मंदिर कमेटी के प्रधान व उपप्रधान ने थाना भुंतर में चोरी की घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने मंदिर में जाकर मौके का जायजा लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बता दें कि भुंतर एरिया के आसपास चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। फोरलेन बनने के बाद अब दिन प्रतिदिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जरड़ में हनुमान मंदिर भी फोरलेन के साथ ही हैं। हाल ही में यहां सुंदर मंदिर बनकर तैयार हुआ है। कुछही दिनों में चोरों की काली नजर मंदिर के महंगे सामान पर पड़ गई। अब चोर मंदिरों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं. वहीं, भुंतर पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं, लेकिन चोरी की इन वारदातों से पुलिस पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
हिमाचल में राजस्व विभाग से संबंधित आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ को आज वार्ता का समय दिया है। ये वार्ता अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा के साथ दोपहर करीब 12 बजे होगी, जिसमें महासंघ की मांगों को लेकर चर्चा होगी, जिसके बाद महासंघ आज ही ऑनलाइन सेवाएं देने का फैसला लेगा। 12 जुलाई को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में पटवारी और कानूनगो को जिला से स्टेट कैडर में किए जाने का निर्णय लिया गया था, जिससे नाराज संयुक्त ग्रामीण एवं राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से लोगों को ऑनलाइन सेवाएं न देने का निर्णय लिया था। ऐसे में प्रदेश भर के नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के तहत लोगों के हिमाचली प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस आदि प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। यही नहीं प्रदेश भर में लोगों के ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो गए हैं। इससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मानवीय पहलू को देखते हुए प्रदेश में आपदा से जुड़े कार्य की इस निर्णय बाहर रखा गया है. वहीं, इसी बीच 15 अगस्त को देहरा में मनाए गए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक हुई थी, जिसमें महासंघ ने स्टेट कैडर सहित अन्य मांगों को लेकर मिले आश्वासन के बाद फिर से ऑनलाइन सेवाएं देने का निर्णय लिया था, लेकिन एक ही दिन में संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने यू टर्न लेते हुए फिर से ऑनलाइन सेवाएं बंद कर दी हैं। प्रदेश में लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार और महासंघ की आज एक बार फिर से मीटिंग निर्धारित हुई है। ये बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा के साथ होगी, जिसमें महासंघ पटवारियों और कानूनगो की लंबित मांगों को रखेगा। इस दौरान अगर इन सरकार मांगों को माने जाने को लेकर अपनी सहमति देती है तो पटवारी और कानूनगो 21 अगस्त से लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देनी शुरू कर देंगे, जिसके बाद लोगों को राहत मिल सकती है। बता दें कि प्रदेश भर में पिछले करीब 33 दिनों से लोगों के ऑनलाइन सर्टिफिकेट नहीं बन रहे हैं, जिससे प्रदेश स्तर में 2 लाख से अधिक ऑनलाइन आवेदन पेंडिंग पड़े हैं। ऐसे में लोगों के जरूरी काम लटक गए है। इस तरह से लोग भी सरकार और महासंघ के बीच चल रहे विवाद के समाप्त होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ताकि, उन्हें अधिक समस्या का सामना न करना पड़े। हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में कुछ मांगों को लेकर संशय रह गया था, जिसको दूर करने के लिए आज राज्य सचिवालय में महासंघ की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक निर्धारित हुई है, जिसमें इन मांगों को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद महासंघ अपना निर्णय सुनाएगा।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की नौहराधार शाखा में हुए चार करोड़ के गबन की जांच राज्य सहकारी बैंक ने सीबीआई से करवाने का फैसला किया है। बैंक प्रबंधन ने जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी को पूरी जानकारी दे दी है। इस मामले में प्रबंधन ने अभी तक शाखा के सात कर्मचारी निलंबित कर दिए हैं, जबकि 10 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। शाखा का अन्य स्टाफ भी बदल दिया गया है। सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। जांच में पता चला है कि शाखा के सहायक प्रबंधक ने फर्जी ऋण खाते खोलकर गबन किया है। राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने कहा कि ऐसी घटनाएं बैंक के लिए चिंतनीय व अस्वीकार्य हैं। प्रारंभिक जांच में अभी तक 4.02 करोड़ के गबन पता चला है। जांच पड़ताल पूरी होने पर ही पता चलेगा कि संबंधित कर्मचारी ने कितनी राशि का गबन किया है। बैंक प्रबंधन ने मामले को अति संवेदनशील मानते हुए और नाबार्ड की ओर से तय मानदंडों के अनुरूप जांच सीबीआई से करवाने का निर्णय किया है। उन्होंने ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी बैंक में जमा पूंजी पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। बैंक अपने ग्राहकों के प्रति पूरी निष्ठा रखता है और समर्पित भाव से सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा ने कहा कि कर्मचारी संस्था की रीढ़ हैं। उनके द्वारा इस प्रकार की धोखाधड़ी को अंजाम देना बैंक व ग्राहक समुदाय के साथ जघन्य विश्वासघात है। भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी या जालसाजी दोबारा न हो उसके लिए जो भी आवश्यक कदम या प्रावधान करने की जरूरत होगी।
मंडी: मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश से मुसीबत से बढ़ गई है। बीते दिनों हुई भारी बारिश से मंडी जिले में चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ है, जिसकी वजह से मंडी-पंडोह के बिच 4 मील के पास सड़क पर आए मलबा के कारण रोड बंद है। वहीं, सड़क बंद होने से दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है। प्रशासन और फोरलेन निर्माण कंपनी ने हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया है। मंडी जिला में देर रात से हो रही बारिश के कारण चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे एक बार फिर मंडी-पंडोह के बिच 4 मील के पास लैंडस्लाइड होने से बंद हो गया, जिस कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी है। प्रशासन और फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा मौके पर पहुंचकर हाईवे को खोलने का कार्य शुरू कर दिया गया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने कहा, "चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर 4 मील के पास पहाड़ी से हुए लैंडस्लाइड से रोड बंद हो गया है, जिसे खोलने का कार्य शुरू कर दिया गया है। मंडी से पंडोह के बीच पहाड़ियों से लगातार मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में गाड़ी ड्राइवर और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतते हुए सफर करने की अपील की गई है"। चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर फोरलेन का भी निर्माण काम चल रहा है। मंडी से पंडोह के बीच इस पैच में 4 मील, 7 मील और 9 मील के पास पहाड़ी से लगातार लैंडस्लाइड होता रहता है, जिस कारण आए दिन यहां पर हाईवे बंद हो जाता है। हाईवे बंद होने से गाड़ी ड्राइवरों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शिमला: एचआरटीसी के घाटे के 168 रूट प्राइवेट ऑप्रेटरों को दिए जाएंगे और इन रूटों पर प्राइवेट बस ऑप्रेटर्ज बसें चलाएंगे। मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो गया है। निगम के करीब 50 घाटे वाले रूट पहले निजी ऑप्रेटरों को दिए जा चुके हैं। अब 168 रूटों को निजी हाथों में देने के बाद निगम में भी बड़े स्तर पर बदलाव होगा। निगम का बस बेड़ा कम होगा, जिसके बाद कर्मचारियों की कैडर स्ट्रैंथ भी कम करनी पड़ेगी। एचआरटीसी में 12 हजार कर्मचारी हैं। इसमें 9 हजार चालक- परिचालक हैं। निगम प्रबंधन के अनुसार घाटे के रूटों पर बस सेवा बंद होने के बाद चालक-परिचालक सरप्लस हो जाएंगे। पहले चरण में युक्तिकरण की प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। इसके तहत सरप्लस स्टाफ को अन्य डिपुओं में भेजा जाएगा। अगले 5 सालों में कितने कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, कितनों की पदोन्नति देय है इसका पूरा खाका तैयार किया जाएगा। इसके अनुसार आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। यदि निगम के पास फिर भी स्टाफ सरप्लस हो जाता है तो अन्य विभागों को चालक-परिचालकों को भेजने का निर्णय लिया जा सकता है या फिर सरप्लस पूल में इन कर्मचारियों को भेजा जाएगा। निगम चालकों को तो अन्य विभागों में भेज सकता है, लेकिन परिचालकों से क्या काम लेना है इस पर अभी विचार चल रहा है।
हिमाचल के राशन डिपुओं में मिलने वाला आटा-चावल भी अब उपभोक्ताओं को महंगा मिलेगा। करीब 15 साल बाद आटा-चावल के दाम बढ़ाए गए हैं। हालांकि, प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को चावल और गेंहू केंद्र सरकार मुहैया करवाती है। लेकिन प्रदेश सरकार का तर्क है कि राशन को डिपुओं और गोदामों तक पहुंचाने की भाड़ा दरें बढ़ गई हैं। इसलिए राशन के रेट बढ़ाए गए हैं। अभी एपीएल उपभोक्ताओं को डिपुओं में आटा 9:30 रुपये से प्रतिकिलो मिल रहा है। इसे बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलो, चावल 10 रुपये से बढ़ाकर 13 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसी तरह बीपीएल (35 किलो राशन, प्रति व्यक्ति पांच किलो) वाले उपभोक्ताओं को चावल 6.85 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति किलो और आटा 7 रुपये से बढ़ाकर 9.30 रुपये किलो मिलेगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक एक सितंबर को इस नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में करीब साढ़े 19 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें से साढ़े 12 लाख के करीब एपीएल उपभोक्ता हैं, जबकि अन्य आईआरडीपी और करदाता हैं। सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को 6 किलो चावल, 10 से 13 किलो आटा, दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), चीनी और एक किलो नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है।
तपन इंडस्ट्रीज सोलन के शोरूम में रॉयल एनफील्ड की सबसे नई पेशकश" गोरिल्ला रोडस्टर को लांच किया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित अतिथियो का स्वागत करते होए तपन इंडस्ट्रीज के सी.ओ.ओ सुशांत गोयल ने सभी को जानकारी देते बताया गया की रॉयल ऍनफ़ील्ड पूरे विश्व में रायडीग कम्फर्ट और विश्वसनीयता के लिए प्रसिद्ध है। यह बाईक 452 cc की लिक्विड कूलड शेरपा इंजन में आ रहा है साथ ही इसमें डूएल डिस्क ब्रेक विद ए बी एस है, गोरिल्ला में 17 इंच के टायर्स देए गए है। इसके फ्यूल टैंक 11 लीटर की कैपेसिटी में आ रहा है। गोरिल्ला की शुरुवाती कीमत रू 2.39 लाख होगी और इसकी माइलेज लगभग 30 किलोमीटर प्रति लीटर होगी। तपन इंडस्ट्रीज दशको से मोटर डीलरशिप में एक बड़ा प्रमुख व प्रसिद्ध नाम है और रॉयल ऍनफ़ील्ड के साथ साथ हुंडई, सिटरोयन, जीप और फार्स मोटर्स जैसे अग्रणी ब्रांड्स के अधिकृत शोरूम व वर्कशॉप प्रदेश भर में मोजूद है।
राजधानी शिमला में नशेड़ियों का आतंक बढ़ चुका है। इन्हें ना तो पुलिस का डर है और ना ही कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज इनके लिए मायने रखती है। आम जनता तो छोड़िए अब पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई करने से भी इन्हें डर नहीं लगता। नशे में धुत कुछ नशेड़ी कानून के लंबे हाथों से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी शिमला से सामने आया है। जहां कुछ नशेड़ियों ने पुलिस चौकी में घुसकर पुलिसकर्मी की पिटाई की और तोड़फोड़ भी की। पुलिसवाले को पीटने के बाद ये नशेड़ी वहां से फरार भी हो गए हैं। मामला शिमला के समरहिल इलाके का है। आज सुबह समरहिल पुलिस चौकी में तीन नशेड़ी घुस गए और चौकी में मौजूद पुलिस कॉन्सटेबल के साथ मारपीट की। इन तीनों युवकों ने चौकी में प्रिंटर और मेज को भी तोड़ डाला। इन युवकों को पुलिस का खौफ रत्तीभर भी नहीं था। क्योंकि पुलिसवाले से मारपीट और चौकी में तोड़फोड़ करने के बाद ये तीनों मौके से फरार भी हो गए। हालांकि इन तीनों आरोपियों की पहचान हो चुकी है, लेकिन राजधानी शिमला का ये मामला कानून व्यवस्था की पोल भी खोल रहा है। गौरतलब है कि समरहिल में ही हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी का कैंपस है और ये समरहिल पुलिस चौकी HPU के नाम से भी जानी जाती है। चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों की शिकायत पर मामला बालूगंज थाने में दर्ज कर लिया गया है। आरक्षी सुशांत गौतम ने बताया कि "शराब के नशे में राहुल, अमन कुमार और विजय राज ने समरहिल पुलिस चौकी में घुसकर आरक्षी साहिल के साथ मारपीट की मेज और प्रिंटर तोड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना बालूगंज में धारा 132, 121(1), 352 (3)5 भारतीय न्याय संहिता और धारा 3 पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल अभी तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की है, लेकिन इस घटना के बाद अब पुलिस भी सवालों के घेरे में है। सवाल है कि जब राजधानी में पुलिस चौकी और उसके अंदर बैठे कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगी। अपराधियों को पुलिस का ही डर नहीं है। शिमला एक टूरिस्ट प्लेस है। यहां रोजाना हजारों पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में बाहरी राज्यों से आया कोई व्यक्ति किसी अपराध को अंजाम देता है तो कैसे पुलिस इससे निपटेगी। कैसे पुलिस पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखेगी।
को-आपरेटिव बैंक नौहराधार में फर्जीबाड़ा करके गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। नौहराधार में तैनात सहायक प्रबंधक ने लोगों के बैंक खातों से लगभग चार करोड़ की राशि का गबन किया है। जांच अभी भी जारी है और गबन की राशि और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बैंक में गबन के मामले का पता चलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बता दे की भारी संख्या में लोग अपनी एफडी की रसीद लेकर बैंक पहुंच रहे है। बैंक में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। लोग अपनी एफडी व खाते चैक करवा रहे है। कई लोगों के एफडी खाते से लाखों रुपए का गबन हुआ है और कईयों के खातों में जीरो बैलेंस हो गया है। जिला प्रबंधक खुद मामले की जांच करने नाहन से नौहराधार पहुंचे है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि है कि जिन लोगों के खाते से पैसा निकाला गया है उन्हें बैंक ब्याज सहित पूरी राशि मिलेगीं। बैंक के अधिकारियों की और से पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। बैंक की और से पुलिस को अभी लगभग चार करोड़ की राशि के गबन होने की जानकारी प्रदान की गई है। मामले की छानबीन अभी भी जारी है और ऐसा माना जा रहा है की गबन की राशि चार करोड़ से कही अधिक हो सकती है। प्रदेश में यह आज तक का सबसे बड़ा बैंक ज घोटाला हो सकता है, जहां बैंक के राज्य व जिला के कर्मी जांच में लगे है। पुलिस थाना संगड़ाह के डीएसपी मुकेश कुमार डडवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि संगड़ाह व नौहराधार से पुलिस की टीम मामले की छानबीन में जुटी है। बैंक के शाखा प्रबंधक ने पुलिस को जानकारी दी है कि अभी तक किए गए निरीक्षण में से करीब चार करोड़ रुपए का गबन हुआ है। बैंक अभी ऑडिट कर रही है राशि बढ़ भी सकती है। पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है। को-आपरेटिव बैंक के जिला प्रबंधक दर्शन पांडे ने बताया कि तीन अगस्त को बैंक में गड़बड़ी की सूचना मिल गई थी। आठ अगस्त को मामला पूरी तरह संज्ञान में आया। बाद जांच शुरू की गई और मामला पुलिस में दर्ज करवा गया है। जिला प्रबंध ने बताया कि बैंक के ही एक अधिकारी ने जाली खाते बना कर लगभग चार करोड़ का गबन किया है। छानबीन जारी है और गबन की राशि और अधिक बढ़ सकती है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि बैंक जमा लोगों का पैसा नहीं डूबेगा।
सोमवार को जिला कुल्लू में स्वास्थ्य सेवाएं बंद रही, जिसके चलते ढालपुर अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि शनिवार को भी देशव्यापी डॉक्टरों की हड़ताल के बाद ये स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखी गई थी, लेकिन सोमवार को भी अचानक से डॉक्टर के द्वारा सभी ओपीडी को बंद रखने का फैसला किया गया। हालांकि इस दौरान आपात सेवा चालू रही, लेकिन दूर राज के क्षेत्र से इलाज करवाने आए लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। बता दें कि कोलकाता में रेजिडेंट डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के विरोध में देशभर समेत हिमाचल प्रदेश में भी डॉक्टरों द्वारा रोष प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं, सोमवार को भी डॉक्टरों ने सभी ओपीडी बंद रखने का फैसला लिया। डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के साथ बालात्कार कर नृशंस हत्या की गई। उससे पूरे देश में डॉक्टर के अलावा समाज के सभी वर्गों में अब डर की भावना पैदा हो गई है। लोग अपनी बहन बेटियों को अकेले में बाहर भेजने से डर रहे हैं और नौकरी पेशा महिलाएं भी अब कार्यस्थल पर जाने से घबरा रही हैं कि कहीं उनके साथ भी इस तरह की घटना पेश न आए।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में देर रात को पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बेटियों ने मां को कमरे में खून से लथपथ देखा। इसके बाद तुरंत महिला को अस्पताल पहुंखया गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना मिलने पर देर रात पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच के लिए साक्ष्य जुटाए गए। जानकारी अनुसार पांवटा साहिब के शिवा कॉलोनी में पत्नी की हत्या करने के बाद रात को आरोपी पति मौके से फरार हो गया। दूसरे कमरे में सो रही दोनों बेटियों ने गेट खुलने की आवाज सुनी। इसके बाद भीतर अपनी मां के कमरे में जाकर देखा तो वह खून से लथपथ पड़ी थी। इसके बाद महिला को रात को ही सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस सिविल अस्पताल पहुंची। शहर में विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी के दौरान आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार सुबह फॉरेंसिक टीम पांवटा पहुंची। जुन्गा एफएसएल सहायक निदेशक नसीब सिंह पटियाल ने बताया मौके से भौतिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया गया है।
भंग कर्मचारी चयन आयोग के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में एक और आरोपी अभ्यर्थी परीक्षा का टॉपर है। पेपर लीक मामले में दर्ज 14वीं एफआईआर में पुलिस रिमांड पर चल रहा आरोपी अमित रावत असिस्टेंट स्टोरकीपर (पोस्ट कोड 822) भर्ती परीक्षा में 82 अंक लेकर टॉपर रहा था। मार्च 2022 में इस परीक्षा का नतीजा घोषित होने के बाद अमित बिजली बोर्ड हमीरपुर के सर्किल कार्यालय में तैनात था। वह तीन माह पूर्व ही नियमित हुआ था। अब बिजली बोर्ड प्रबंधन ने भी कर्मचारी का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया हैं। भंग आयोग के कार्यकाल में पेपरलीक का यह खेल लंबे समय से आयोग में चल रहा था। दो साल की सेवाओं के बाद आरोपी अभ्यर्थी नियमित भी हो गए थे। इस भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रदेशभर के हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया था, जबकि पेपर खरीद कर आरोपी परीक्षा में मेरिट हासिल कर नौकरी लग गया। पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी उमा आजाद का बड़ा बेटा नितिन भी आयोग की दो परीक्षा पास कर नौकरी लगा था। वह भी एक परीक्षा में टॉपर रहा था। इसके अलावा विभिन्न पोस्ट कोड में दर्ज एफआईआर में कई आरोपी अभ्यर्थी मेरिट में रहे हैं। डेढ़ साल की लंबी जांच में विजिलेंस ने 14वीं एफआईआर दर्ज की है। दो दर्जन के करीब पोस्ट कोड की परीक्षाएं विजिलेंस जांच के दायरे में हैं। कैबिनेट सब कमेटी ने विभिन्न पोस्ट कोड के नतीजे घोषित करने के आदेश नवगठित राज्य चयन आयोग को दिए हैं लेकिन जांच के दायरे में शामिल परीक्षाओं में उन पदों पर नतीजे घोषित नहीं किए जा रहे है जिनमें अभ्यर्थी आरोपी हैं। जेओए आईटी पोस्ट कोड 817 में भी पांच पदों को रिक्त रखा गया है। इस परीक्षा को पास करने वाले पांच अभ्यर्थी भी पेपरलीक में आरोपी हैं। एसपी विजिलेंस कुलभूषण वर्मा का कहना है कि जांच जारी है। कर्मचारी का रिकाॅर्ड ब्रांच से मांगा गया है। यह कर्मचारी कुछ माह पूर्व ही नियमित हुआ था। मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड प्रबंधन को जल्द इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शिमला में हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंप्लाइज यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के अध्यक्ष केडी शर्मा ने बीते कल बोर्ड की खराब हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा 53 साल के इतिहास में बिजली बोर्ड की हालत आज सबसे दयनीय है, जिसके लिए सीधे तौर प्रदेश सरकार दोषी है। बिजली बोर्ड जैसी बड़ी संस्था को सरकार पिछले डेढ़ साल से एडहॉक प्रबंधन पर चला रही है। केडी शर्मा ने कहा, लंबे समय से अस्थायी प्रबंधन की वजह से बोर्ड की हालत खराब है, जिन अधिकारियों को बोर्ड का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, उन्होंने डेढ़ साल से राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया है, जिसका खामियाजा बिजली बोर्ड के साथ कर्मचारियों व पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा प्रबंध निदेशक लंबे समय से अस्थायी तौर पर आगन्तुक की तरह 7 से 10 दिन में एक बार आ रहे हैं, जिससे बिजली बोर्ड में पूर्णकालिक निदेशक व निदेशक मंडल की बैठकें समय पर नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण निर्णय व पदोन्नतियां लटकी पड़ी हैं। पिछले साल मई महीने में सर्विस कमेटी ने जो निर्णय लिए हैं उन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसमें 20 मई 2023 को निदेशक मंडल ने बोर्ड में 1100 तकनीकी कर्मचारियों को भरने का फैसला लिया था, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। यूनियन ने अधिकारियों की वजह से डेढ़ साल में बोर्ड और प्रदेश की जनता को हुए नुकसान की चार्जशीट तैयार कर आगामी कार्रवाई को सरकार के लिए भेजी थी, लेकिन उस पर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यूनियन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा इस कुप्रबंधन के कारण बिजली बोर्ड गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है, जिस कारण कर्मचारियों व पेंशनर्ज के वित्तीय लाभ रुके पड़े हैं। स्थिति ये है कि पिछले एक साल से कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर अर्जित अवकाश व ग्रेच्युटी की अदायगी नहीं हो पाई है। आज बिजली बोर्ड कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहा है। तकनीकी कर्मचारियों को 48-48 घंटे ड्यूटी देनी पड़ रही है, जिस कारण प्रति वर्ष 30 से 45 कर्मचारी हादसे का शिकार हो रहे हैं। बीते साल 9 नियमित और 5 आउटसोर्स कर्मचारी अकाल मौत का शिकार हुए हैं। वहीं, कुल 27 कर्मचारियों को हादसे में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लोगों को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं, इसके बाद भी साल 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को अभी तक पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित रखा गया है। केडी शर्मा ने कहा इस तरह के कुप्रबंधन की वजह से बिजली बोर्ड कर्मचारियों का धैर्य अब टूट रहा है।
**शुक्रवार रात से यहां फंसे थे सेबों के ट्रक उपमंडल रामपुर में तकलेच क्षेत्र के डमराली में बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुई सड़क को बहाल कर दिया गया है। सड़क बहाली के बाद डीसी शिमला और एसपी शिमला ने भी तकलेच में निरीक्षण किया। बता दें कि यहां पर 16 अगस्त की रात से सेब के ट्रक फंसे हुए थे। सड़क बहाल होने के बाद ही इन ट्रकों की आवाजाही शुरू हो पाई है। वहीं, डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि डमराली तक पहुंचने वाले मार्ग के बहाली के काम में तेजी लाई जाए। इसके अलावा स्थानीय पंचायत को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। तकलेच के डमराली में 16 अगस्त को बादल फटा, जिससे साथ लगते नालों में फ्लैश फ्लड आ गया और यहां की सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क के अलावा यहां पर कई जगह कलवट टूटे गए थे। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बताया, "तकलेच तक सड़क बहाल हो चुकी है। यहां फंसे हुए सेब के ट्रकों को निकाल दिया गया है। डमराली तक सड़क बहाल करने का काम चला हुआ है। यहां पर मशीन की मदद से कटिंग करके मार्ग तैयार किया जा रहा है।" इस दौरान डीसी शिमला के साथ एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी, एसडीएम रामपुर निशांत तोमर, डीएसपी नरेश शर्मा, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों समेत स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं, इस मौके पर डीसी अनुपम कश्यप और एसपी संजीव कुमार गांधी ने समेज त्रासदी में लापता लोगों के लिए चलाए गए सर्च ऑपरेशन को लेकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी और सीआईएसएफ की टीमों का विशेष आभार व्यक्त किया। डीसी अनुपम कश्यप ने कहा, "इस बड़े सर्च ऑपरेशन में सभी टीमों का काम काबिले तारीफ रहा है। 85 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन को चलाया गया। टीम के हर सदस्य ने सर्च ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है। अभी तक कई शवों को बरामद कर लिया गया है, जबकि कई शवों की शिनाख्त कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। बाकी बचे कुछ शवों का डीएनए मिलान जारी है। "इस दौरान डीसी शिमला अनुपम कश्यप और एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने एनडीआरएफ यूनिट के कोटला कैंप, सीआईएसएफ के झाकड़ी और आर्मी के अवेरीपट्टी कैंप में पूरी टीम के साथ बैठक करते हुए आभार जताया। उन्होंने सभी यूनिटों से भविष्य में आपदा के समय सतर्क रहने और सहयोग करने की अपील की। इस दौरान संबंधित यूनिट के आला अधिकारी भी बैठक मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने आज और आगामी दो दिनों के लिए भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार मंडी, कुल्लु, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिले में अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला और सोलन जिले में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम विभाग ने हल्की बारिश को लेकर आशंका जाहिर की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज 19 अगस्त और 20-21 अगस्त को प्रदेश में मौसम खराब रहेगा और अलग-अलग जगहों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश में आगामी दिनों में मैदानी और निचले पहाड़ी और मध्य पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। वहीं, इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी ज्यादा बदलाब दर्ज नहीं किया गया है। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान सामान्य रहा जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 9.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान धौलाकुआं में 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिमला में 24.0, कांगड़ा में 32.0, धर्मशाला में 29.4, सोलन में 30.0, नाहन में 28.7, सुंदरनगर में 32.9, कुल्लू में 34.6, मनाली में 27.7, बिलासपुर में 33.4 और ऊना में 34.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
घुमारवीं: बिलासपुर जिले के नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड-2 में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक नवजात बच्ची का सव खेत के साथ पानी की निकासी के लिए बनाई गई नाली में मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने बताया कि नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड-2 में एक किसान रविवार शाम करीब 4 बजे अपने मक्की के खेतों की ओर गया था। उस दौरान उसे खेत के किनारे पानी की निकासी के लिए खोदी गई नाली में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। किसान ने पड़ोस के एक व्यक्ति को फोन कर मौके पर बुलाया। इसके बाद कुछ और लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी पुलिस थाना घुमारवीं को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात बच्ची को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। किसान ने पुलिस को बताया कि बारिश बंद होते ही वो अपने खेतों में घास लेने के लिए आया था। जब वह अपने खेत में पहुंचा तो उसने एक नवजात बच्चे का शव पड़ा हुआ देखा। खेतों में शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई है। आज सोमवार को नवजात का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। हालांकि अस्पताल में जांच के दौरान पाया गया कि बच्चे की नाड़ी भी उसके साथ ही लगी हुई थी।
हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के 20 लाख कनेक्शन लगे हैं। अब इन्हें जल शक्ति विभाग की ओर से हर महीने पानी का बिल आएगा। जल शक्ति विभाग ने उपभोक्ताओं का आंकड़ा जुटा लिया है। 50 फीसदी ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास दो-दो कनेक्शन हैं। लोगों को अब इन दोनों कनेक्शनों के बिलों की अदायगी करनी पड़ेगी। प्रति कनेक्शन हर महीने 100 रुपये बिल आएगा। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद जल शक्ति विभाग ने बिल कैसे वसूलना है, इसे लेकर होमवर्क शुरू कर दिया है।उपभोक्ताओं ने पहले जल शक्ति विभाग से पानी के कनेक्शन ले लिए थे। इसके बाद जल जीवन मिशन के तहत भी पानी का अतिरिक्त कनेक्शन ले रखा है। सरकार ने बीपीएल, एकल नारी, विधवा महिला, दिव्यांग श्रेणी के लोगों को निशुल्क पानी देने का फैसला लिया है। ऐसे लोगों की पहचान स्थानीय स्तर पर ही होगी और इसका पूरा डाटा विभाग के बिलिंग सॉफ्टवेयर में फीड किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व जयराम सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले मई 2022 में ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क पानी देने का फैसला लिया था। जबकि सुक्खू सरकार ने प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति का तर्क देकर मुफ्त पानी देने की योजना को सीमित कर दिया है। राज्य सरकार की आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी के मीटर लगाने की योजना है। जल शक्ति विभाग गांवों में पानी के मीटर भी लगाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में होटल, होम स्टे, ढाबा और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही हैं, उनके लिए पानी का बिल व्यावसायिक होगा।
** 70 घरों के परिवारों ने समीर रस्तोगी का जताया आभार हिमाचल प्रदेश का अति दुर्गम क्षेत्र देमुल को जाइका वानिकी परियोजना ने थ्रेशिंग मशीनों की सौगात दी। काजा से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देमुल गांव के लोग दरअसल जौ की फसल को ताड़ने के लिए गदों का इस्तेमाल करते थे। इससे निजात दिलाने के लिए यहां के ग्रामीणों ने जाइका वानिकी परियोजना के समक्ष थ्रेशिंग मशीनों की मांग की थी, जिसे पूरी हो गई। देमुल 70 घरों वाला गांव है और जाइका वानिकी परियोजना ने डीजल से ऑपरेट होने वाली दो थ्रेशिंग मशीनें वितरित की। वण्य प्राणी मंडल स्पीति के एसीएफ चमन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में यहां के लोगों को थ्रेशिंग मशीनें बांटी। देमुल के ग्रामवासियों ने उनकी जटिल समस्या का समाधान करवाने के लिए जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी और जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा का आभार व्यक्त किया। बता दें कि समीर रस्तोगी बीते 1 मई को अपनी टीम के साथ देमुल गांव पहुंचे तो वहां के बाशिंदों ने थ्रेशिंग मशीनों की मांग की थी। मुख्य परियोजना निदेशक ने आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान करेंगे। ऐसे में अब यहां के लोगों की मांग पूरी हुई तो पूरे गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि जाइका वानिकी परियोजना के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा अक्तूबर 2023 को देमुल गांव के दौरे पर पहुंचे तो वहां के लोग गदों से जौ की थ्रेशिंग करते दिखे। उसी दिन वहां की जनता ने पहली बार डा. एसके काप्टा से थ्रेशिंग मशीनों की मांग थी। ऐसे में जाहिर है कि जाइका वानिकी परियोजना ने अति दुर्गम क्षेत्र की जनता के दर्द को समझते हुए दो थ्रेशिंग मशीनें भेंट की।
जिला मुख्यालय के साथ लगते खनियारा-खड़ौता सड़क मार्ग पर एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके चलते कार चालक की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों को हल्की चोटें आई हैं। मृतक पंजाब के जालंधर का रहने वाला था और परिवार सहित योल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था। जानकारी के अनुसार शनिवार रात को खनियारा-खड़ौता सड़क मार्ग अरुण कुमार उर्फ विपन पुत्र धर्मपाल निवासी मकान नंबर 987 अर्जुन नगर लाडोवाली रोड जालंधर सिटी पंजाब अपने परिवार सहित जा रहा था। इस दौरान जब वह गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सड़क से नीचे लुढ़क गई। इस कार में उसकी पत्नी, बच्चे और उसका पिता सवार था। दुर्घटना के बाद चालक अरुण कुमार की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि अरुण का पिता गाड़ी के बाहर ही था। इस दौरान अचानक से गाड़ी की हैंडब्रेक छूट गई, जिसके चलते गाड़ी सड़क से नीचे लढ़की है। अरुण कुमार अपने परिवार के साथ योल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने धर्मशाला में घूमने की योजना बनाई और वह खड़ौता की ओर जा रहा था कि रास्ते में यह हादसे पेश आ गया। वहीं मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी कांगड़ा हितेष लखनपाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुर्पुद कर दिया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।


















































