जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के अंतर्गत 8 मई को पुलिस द्वारा थाना डमटाल के चक्की खड्ड नजदीक गौशाला में गुप्त सूचना के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई थी, जिसमें कर्ण कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी विष्णुनगर लमीणी तहसील जिला पठानकोट के कब्जे से तलाशी के दौरान 8.45 ग्राम चिट्ठा बरामद किया गया था , जिस पर उपरोक्त आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर अभियोग की धारा 21 एनडीपीएस पंजीकृत किया गया था। जिला पुलिस नूरपुर द्वारा इस अभियोग में पेशेवर ढंग से कारवाई करते हुए 12 जून को इस अभियोग के एक अन्य आरोपी गौरव पुत्र सुभाष चंद निवासी पठानकोट को जो कि उपरोक्त वरामदशूदा चिट्टे की तस्करी में शामिल था, उसको पठानकोट से गिरफ्तार किया गया था। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रत्न ने बताया कि जिला पुलिस नूरपुर द्वारा उपरोक्त अभियोग में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से की गई पूछताछ के आधार पर तथा लाई गई आगामी जांच में पाया गया था कि इस अभियोग में दो अन्य आरोपी विशाल कुमार पुत्र सोहन लाल व अभिषेक पुत्र अश्वनी कुमार दोनों निवासी छन्नी तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा जो कि चिट्टा तस्करी में शामिल थे, जिन दोनों आरोपियों की तलाश जारी थी जिन्हे पुलिस द्वारा चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पुलिस द्वारा उपरोक्त अभियोग के तहत नियमानुसार आगामी कारवाई अमल में लाई जा रही है।
** रात 12 बजे निकाली जाएगी कृष्ण भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी ठाकुर द्वार मन्दिर कुनिहार में मंदिर कमेटी द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि मन्दिर में रात 9 बजे से 12 बजे तक भजन संध्या का आयोजन होगा व हर वर्ष की भांति रात ठीक 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव के समय कृष्ण भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी निकाली जाएगी, जिसमे समस्त क्षेत्र वासी झूमते ,नाचते गाते हुए बाल गोपाल के दर्शन कर इस क्षण का भरपूर आनंद लेंगे। उन्होंने बताया कि मन्दिर परिसर में आयोजित की जा रही सात दिवसीय भागवत कथा में प्रतिदिन सैंकड़ों लोग कथा श्रवण करने पहुंच रहे है। 27अगस्त को इस कथा का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक रहेगा, उसके उपरांत हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विराम दिया जाएगा। 27अगस्त को क्षेत्र वासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी क्षेत्र वासियों से इन कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील की है।
** 15 घंटे ट्रैफिक जाम में फंसे श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश में सोमवार, 26 अगस्त से आधिकारिक तौर पर उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा शुरू हो रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग मणिमहेश यात्रा के लिए चंबा जिले के भरमौर पहुंच रहे हैं। वहीं, यात्रा के अधिकारिक तौर पर शुरू होने से भरमौर नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की मानों बाढ़ आ गई हो। नेशनल हाईवे पर पिछले करीब 15 घंटो से मणिमहेश यात्री ट्रैफिक में फंसे हुए हैं। लूणा से लेकर दुनाली, खड़ा मुख से भरमौर तक जगह-जगह जाम लगा हुआ है। इस जाम में सैकड़ों के हिसाब से गाड़ियां व मोटरसाइकिल फंसे हुई हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा भी मौके पर लगातार ट्रैफिक को बहाल किए जाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हाईवे पर गाड़ियां इतनी ज्यादा तादाद में हैं कि अभी तक जाम की स्थिति बनी हुई है, जिसमें यात्री भी खासे परेशान हो रहे हैं। बता दें कि मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी पर्व पर उम्मीद से कहीं ज्यादा यात्री भरमौर की ओर पहुंच रहे हैं। पहाड़ी इलाका, सड़क के कई हिस्से तंग होने और दोनों तरफ से बड़े वाहनों की आवाजाही के कारण यहां पर पिछले तीन दिन से लोग यूं ही जाम की समस्या का सामना कर रहे हैं। मगर शनिवार शाम को नेशनल हाईवे पर जो जाम लगा वो अभी तक बहाल होने का नाम नहीं ले रहा है। जन्माष्टमी के पहले ही जाम को बहाल करने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। आलम ये है कि यहां पर लोग अपनी गाड़ियों को छोड़कर पैदल ही मणिमहेश की ओर रुख करने को मजबूर हो गए हैं। हर साल मणिमहेश यात्रा के सफल आयोजन को लेकर कई बैठकें की जाती हैं, जिसमें सड़कों की दशा को सुधारने की ओर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है, लेकिन पिछले करीब 10 सालों से यहां पर एनएच द्वारा सड़क चौड़ीकरण का काम चला हुआ है, जो कि कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है। सरकार और प्रशासन द्वारा भी अभी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिसके कारण हर साल यहां पर श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बग्गा से लेकर भरमौर तक सड़क की खराब दशा यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को परेशानी में डाल रहा है।
सांईं इंटरनेशनल स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी का एक भव्य और रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नन्हें मुन्हें बच्चों ने राधा और कृष्ण की वेशभूषा में सजीव होकर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।कक्षा प्री-नर्सरी , नर्सरी केजी और कक्षा प्रथम के बच्चे पारंपरिक रूप से राधा और कृष्ण के वेश में आए। बच्चों द्वारा नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। इस अवसर की शोभा बढ़ाने के लिए 'दही हांडी' का भी आयोजन किया गया। स्कूल चेयरमैन रमिंदर बावा ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी।
**पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा यूपीएस के उपरान्त कर्मचारियों के मन से सेवानिवृति के बाद आर्थिक असुरक्षा की शंका का भाव हुआ समाप्त ** धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को यूनिफाइड पेंशन स्कीम की मंजूरी पर धन्यवाद व्यक्त किया वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी देने के फैसले का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय को कर्मचारियों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया, जिससे सरकारी कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित और संरक्षित रहेगा। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चात यूनिफाइड पेंशन स्कीम द्वारा मिलने वाले वित्तीय सुरक्षा लाभों से कर्मचारी और अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा। 25 वर्ष नौकरी करने के पश्चात कर्मचारियों को उसकी एवरेज बेसिक पे का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा और यदि कर्मचारी 10 साल नौकरी करता है तो उसको कम से कम ₹10000 पेंशन प्रतिमाह जरूर मिलेगी यही नहीं सेवानिवृत कर्मचारियों की मृत्यु के पश्चात उसकी पत्नी को 60% पेंशन मिलेगी। यूनिफाइड पेंशन स्कीम आने के उपरांत जो कर्मचारी और अधिकारियों के मन में सेवा निवृत्ति के पश्चात आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक शंका का माहौल बना हुआ था वह समाप्त होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि UPS के तहत कर्मचारियों के भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस योजना के अंतर्गत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों द्वारा अंशदान किया जाएगा, जो एक केंद्रीय कोष में जमा होगा। इस कोष का सुरक्षित और पारदर्शी निवेश किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को उनकी सेवा के बाद पेंशन के रूप में एक स्थिर आय प्राप्त होगी। यह स्थिरता कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा का आधार बनेगी। प्रो धूमल ने कहा कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम में पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी और स्थिर बनाया गया है। सरकार द्वारा कोष का प्रबंधन किया जाएगा, जिससे पेंशन की राशि का निर्धारण निष्पक्ष और संतुलित तरीके से होगा। इससे कर्मचारियों को पेंशन के मामले में किसी भी तरह की असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि UPS ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बीच के अंतर को समाप्त कर दिया है। यह समायोजन सभी कर्मचारियों को एक समान पेंशन का अधिकार देता है, जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी असमानता का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह समायोजन विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जो पुरानी और नई पेंशन योजनाओं के बीच भ्रमित थे। उन्होंने कहा कि UPS के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। पेंशन की राशि को इस प्रकार से निर्धारित किया गया है कि वह कर्मचारियों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो। इससे कर्मचारियों को वित्तीय स्वतंत्रता मिलेगी और वे सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने जीवन को सम्मानजनक तरीके से जी सकेंगे। प्रो धूमल ने कहा कि यह योजना न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी। UPS के माध्यम से कर्मचारियों को पेंशन की गारंटी मिलने से उनके परिवार के सदस्य भी सुरक्षित और संरक्षित महसूस करेंगे। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह योजना कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि UPS न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें उनके योगदान को उचित सम्मान देने में भी सहायक होगी। प्रो. धूमल ने आशा व्यक्त की कि इस योजना से कर्मचारियों को आत्मविश्वास मिलेगा और वे अपनी सेवाओं को और भी अधिक समर्पण और उत्साह के साथ निभा सकेंगे।
हमीरपुर: पूर्व विधायक राजेंद्र राणा द्वारा सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जुबानी हमला बोलने के बाद अब सुजानपुर के विधायक रंजीत राणा ने पलटवार किया है। विधायक रंजीत राणा ने कहा, "पूर्व विधायक राजेंद्र राणा अपने कद के अनुसार ही बयानबाजी करें। वो पहले भी प्रधानमंत्री पर सवाल उठाते आए हैं और अब मुख्यमंत्री पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के बारे में ही बोलना चाहिए."विधायक रंजीत राणा ने राजेंद्र राणा पर तंज कसते हुए कहा कि सुजानपुर के पूर्व विधायक के पास अभी ऐसी कोई जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने अपने ऊपर ऐसे ही पूरे जिले और प्रदेश का बोझ उठा लिया है कि मैं ऐसा करने वाला हूं और मेरे संपर्क में इतने विधायक हैं। यह सब झूठा सोशा डालने के लिए और लोगों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। विधायक रंजीत राणा ने कहा, "राजेंद्र राणा की राजनीति अभी जमीन में काफी नीचे चली गई है। लोगों को जो पहले झूठे आश्वासन देते थे, उनसे लोगों का पूरा भरोसा उठ गया है। अभी उन्हें जो हार मिली है, उसी की यह बौखलाहट है कि वह मीडिया में छाए रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर अपने से ऊपर वालों को टारगेट कर रहे हैं। "विधायक ने कहा कि 15 सालों से जो काम सुजानपुर में नहीं हुए हैं वह दो महीने में शुरू हो गए हैं। इनमें टौणी देवी में डिग्री कॉलेज बन रहा है। ऊटपुर में करोड़ों रुपए की आईटीआई बन रही है। सुजानपुर शहर में सामुदायिक भवन (टाउन हॉल) बन रहा है। ख्याह-धंगोटा करोड़ों रुपए की पानी की स्कीम का उद्घाटन मुख्यमंत्री जल्द करने वाले हैं। इसके अलावा लौंगणी पानी की स्कीम भी जल्द चालू होने वाली है। पांच सड़कों के काम इस टाइम सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में जोरों पर लगे हुए हैं। करोड़ों रुपए में सुजानपुर से संधोल डबल लेन सड़क बनेगी, जिसकी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और टेंडर लग चुके हैं। रंजीत राणा ने कहा कि यही नहीं हमीरपुर में भी विकास की कोई कमी नहीं रही है। 620 करोड़ रुपए का कैंसर अस्पताल हमीरपुर में बन रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने जहां हमीरपुर बस स्टैंड का पत्थर रखा था, बीजेपी सरकार ने इसमें एक ईंट तक नहीं लगाई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सबसे पहले हमीरपुर बस स्टैंड का काम शुरू करवाया है। शहर की बिजली की तार अंडर लाइनों के टेंडर भी जल्द ही नगर परिषद में होने जा रहे हैं। इसके अलावा शहर के गांधी चौक व शौचालयों को भी सुंदर ढंग से बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के लक्कड़ बाज़ार में स्थित IGMC डॉक्टर हॉस्टल (ब्लॉक A) के साथ तेंदुए का एक मारा हुआ शावक मिला है। शावक मिलने से आस-पास रहने वालों में डर का माहौल बना हुआ है। रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिलो कि लक्कड़ बाजार में डॉक्टर हॉस्टल के साथ तेंदुए का एक शावक मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग को भी सूचित कर दिया। वन विभाव की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने मरे हुए शावक को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। तेंदुआ का मरा हुआ शावक मिलने से आस-पास डर का माहौल बना हुआ है। डॉक्टर देर रात तक ड्यूटी के लिए आईजीएमसी आते जाते हैं। आस पास क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी यहां से गुजरते हैं। इससे लोगों के मन में अब तेंदुआ का डर बैठा हुआ है। गौरतलब है कि शिमला में कई जगहों पर तेंदुआ देखा जा चुका है। अब कई वार्डों में भी तेंदुआ दिख रहा है। संजौली,छोटा शिमला, कनलोग, चक्कर में तेंदुआ कई बार दिख चुका है। बीते सप्ताह तारा देवी के आईटीबीपी कैंप में तेंदुआ आया था, जो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ था। यही नहीं तेंदुआ दो बच्चों को अपना शिकार भी बना चुका है। तेंदुआ डाउन डेल और कनलोग में एक बच्ची को उठा कर ले गया था। इसके बाद लोगों में दहशत का माहौल था। अब लक्कड़ बाजार में शावक का शव मिलने से लोगों में फिर डर बैठ गया है। वहीं, अब इस मामले में वन विभाग जांच में जुट गया है कि शावक मौत कैसे हुई है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि, 'लक्कड़ बाज़ार में एक मृतक शावक मिला है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल में प्रदेश सरकार जहां करोड़ों के बल्क ड्रग फार्मा पार्क के निर्माण के लिए प्रयासरत है, वहीं हर महीने फेल हो रहे दवाओं के सैंपल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हिमाचल में बन रही दवाओं के लगातार फेल हो रहे सैंपल से फार्मा हब के नाम से मशहूर हिमाचल का नाम खराब हो रहा है। हिमाचल में करीब 600 फार्मा कंपनियां सालाना 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करती हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में एक के बाद एक हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल फेल हो रहे हैं। इस साल अब तक प्रदेश में बनी 85 से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। बीते साल भी जनवरी से लेकर जुलाई तक 107 दवाओं के सैंपल फेल हुए थे। इसके बाद सरकार ने टास्क फोर्स गठित कर दोषियों पर कार्रवाई करने का दावा किया था, बावजूद इसके दवाओं के सैंपल फेल होने का सिलसिला लगातार जारी है। दवा निर्माता कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए सब स्टैंडर्ड दवाएं बना रही हैं। हिमाचल में बीबीएन, पांवटा साहिब, कालाअंब, सोलन, संसारपुर टैरेस, गगरेट, मेहतपुर व कुमारहट्टी औद्योगिक क्षेत्र हैं। जीवन रक्षक दवाओं के अलावा हार्ट, किडनी, बुखार, मधुमेह, एलर्जी, दर्द, सर्दी-जुकाम, बीपी, गैस, उल्टी, हड्डियों के दर्द, कान, आंख व दांतों के दर्द जैसी दवाओं के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं। केंद्रीय दवा मानक एवं नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने प्रदेश में बनने वाली दवाओं के सैंपल फेल होने पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएसओ) हर महीने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रग अलर्ट जारी करता है। इसमें जिन दवाओं के सैंपल फेल होते हैं, उनकी सूची जारी की जाती है। बाजार में ये दवाएं उपलब्ध होने के कारण लोग इन दवाओं का सेवन कर लेते हैं क्योंकि सैंपल फेल होने के बाद ही इन दवाओं का स्टॉक वापस मंगवाया जाता है। इससे पहले यह दवाएं बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होती हैं। प्रदेश में अगस्त में 20 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इन सभी दवाओं के स्टॉक को बाजार से वापस मंगवा लिया है। सभी दवा उत्पादकों को नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। एक सप्ताह में सभी दवाएं वापस कंपनी में पहुंच जाएंगी। जिन कंपनियों में दवाओं के अधिक सैंपल फेल हुए हैं, अब वहां के कर्मचारियों को एक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं दवा नियंत्रक अधिकारियों का कहना है कि सैंपल फेल होने के कारण गुणवत्ता ही नहीं कई अन्य कारण भी होते हैं। कई बार लेबल सही नहीं होता है। यही नहीं जहां पर स्टोर में दवा रखी होती है वहां पर तापमान की कंडीशन क्या है, इससे भी सैंपल फेल होना निर्भर करता है। अधिकारियों के अनुसार हिमाचल में दवाओं के सैंपल फेल होने की रेशो अन्य राज्यों से कम है। प्रदेश में केवल एक फीसदी दवाओं के ही सैंपल फेल हुए हैं जोकि अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम हैं। हिमाचल में दवा कंपनियों के 90 फीसदी सैंपल लिए जाते हैं जबकि देश के अन्य राज्यों के केवल दस फीसदी ही सैंपल लिए जाते हैं। हिमाचल की कंपनियों की बनी दवाओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है। यही कारण है कि हिमाचल की 250 दवा कंपनियों को विदेशी एजेंसियों ने अप्रूवल दी है। प्रदेश में दवाओं के सैंपल लेने की रेशो अन्य राज्यों से 9 गुणा अधिक है। 90 फीसदी सैंपल प्रदेश से उठाए जाते हैं। केवल 10 फीसदी सैंपल अन्य राज्यों से लिए जाते हैं। सैंपल फेल होने के बाद सभी दवाइयां बाजार से वापस मंगवाई जाती हैं। फेल होने के कारणों का पता लगाया जाता है। दोबारा सैंपल फेल न हों इसके लिए विभाग की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय प्रभारी व पूर्व में उद्योग मंत्री रहे विधायक बिक्रम ठाकुर ने NPS औऱ OPS के बीच का संशोधित रास्ता निकाल प्रधानमंत्री द्वारा एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू करने के लिए आभार व्यक्त किया है। पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लाई गई एकीकृत पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए एक वरदान है। इस योजना से 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें सुरक्षित भविष्य की गारंटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) की तरह ही है, जिसमें सरकारी कर्मियों को रिटायरमेंट के बाद औसत मूल वेतन की 50 फीसदी राशि मिलेगी। ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता के कारण ही ऐसी योजनाएं संभव हो पा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस योजना के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि भाजपा पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए बल्कि देश के विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी पार्टी ने हमेशा सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा की है और आगे भी करती रहेगी।
हिमाचल परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर व अर्की इकाई के अध्यक्ष बलबीर चौधरी ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि कल्याण मंच , सचिवालय कर्मचारी महासंघ द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों का पुरजोर समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि सरकार 1जनवरी 2016 से नए वेतनमान की बकाया राशि व महंगाई भत्ते की बकाया राशि, शेष बची महंगाई भत्ते की 12 प्रतिशत किस्तों को जल्द जारी करे। परिवहन से सेवा निवृत कर्मचारियों की बकाया देनदारियों का भुगतान शीघ्र कर अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो कल्याण मंच, सचिवालय कर्मचारी महासंघ के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ा है। और कल्याण मंच अपनी लंबित मांगों के लिए आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने सरकार को चेताया कि समय रहते पेंशनरों की सभी देनदारियां व मांगे पूरी की जाए अन्यथा परिणाम गंभीर होगें, जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
जिला शिमला के अंटी के पास लापता डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था का शव बरामद हो गया है। 22 अगस्त को जुब्बल तहसील के अंटी भालू क्यारी घेली के पास एक स्विफ्ट कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था लापता हो गई थी, जिसे रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार ढूंढा जा रहा था। शनिवार को सुंदरनगर से गोताखोर टीम आई और उन्होंने नदी से बच्ची के शव को ढूंढ निकाला। गौरतलब है कि बीते गुरुवार शाम को करीब 6:10 पर जुब्बल क्षेत्र के अंटी भालू क्यारी घेली प्रोजेक्ट सड़क पर एक स्विफ्ट कार (नंबर HP N10 9397) गाड़ी नदी में गिर कर हादसे का शिकार हो गई। स्थानीय लोगों ने नदी में जोर से कुछ गिरने की आवाज सुनी। लोग घटना स्थल की तरफ दौड़े तो देखा एक स्विफ्ट कार पब्बर नदी में गिरी है। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और खुद भी रेस्क्यू करने लगे। गाड़ी में सुशील कपरेटा (उम्र 29 साल) और उनकी पत्नी ममता (उम्र 27 साल) और डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था सवार थी। हादसे में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी और उनका शव भी बरामद हो गया था, लेकिन उनकी बच्ची लापता हो गई थी। पुलिस ने पानी में भी सर्च किया लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं लगा। अंधेरा होने के चलते सर्च ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहा था।
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक आज संडे को होने जा रही है। प्रदेश सचिवालय में दोपहर 12 बजे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले 8 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों में सैकड़ों पदों को भरने का निर्णय मुहर लगी थी। अब मानसून सत्र से ठीक दो दिन पहले होने जा रही मंत्रिमंडल की बैठक में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान बैठक में विभिन्न विभागों के कई एजेंडे लाए जा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार वर्तमान में खराब वित्तीय हालत से जूझ रही है। सरकार का खजाना खाली है, जिससे सरकार के पास कर्मचारियों का डीए और एरियर के भुगतान तक पैसे नहीं हैं। ऐसे में 15 अगस्त को कर्मचारियों को डीए की किस्त जारी न होने से कर्मचारी नाराज चल रहे हैं, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी परिसंघ सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ डीए और एरियर के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कर्मचारी नेता अफसरशाही और नेताओं की फिजूलखर्ची को लेकर उठा सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सरकार का तर्क है कि वित्तीय संकट के कारण डीए और एरियर के भुगतान को अभी खजाने में पैसे नहीं है। ऐसे में आज होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में खराब वित्तीय हालातों से पार पाने पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान कैबिनेट में कई कड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं, ताकि कर्मचारियों को देनदारियां को कम किया जा सके। प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की देनदारी के साथ बेरोजगारी भी एक बहुत बड़ी समस्या है, जिससे निपटने के लिए कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नए पद सृजित करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, विभिन्न विभागों में खाली चल रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के खाली पदों को भरने के लिए भर्तियां करने पर फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस बीच कैबिनेट की बैठक मानसून सत्र से दो दिन पहले होने जा रही है, जिसमें मानसून सत्र में विपक्ष के सवालों को लेकर रणनीति तैयार की जा सकती है।
जयसिंहपुर: जल शक्ति विभाग उप मंडल पंचरुखी के अंतर्गत ग्राम पंचायत वयाडा में एक विशाल पानी का टैंक विभाग के द्वारा निर्मित किया गया है। टैंक को बने हुए 2 वर्ष से ज्यादा समय बीत चुका है परंतु विभाग टैंक में पानी डालना भूल गया है । ग्रामीणों ने बताया कि टैंक में पानी का स्रोत क्या होगा यह अभी तक पता नहीं है जब टैंक का प्रपोजल बना था उसमें विभाग ने बताया था कि कोई बड़ी बोरिंग की जाएगी मगर अभी तक ना कोई बोरिंग हुई ना ही अन्य पानी का स्रोत देखने को मिला । ऊपर से इस खंडहर होते हुए विशाल टैंक को बदरो ने अपना घर बना कर रखा है तथा रास्ते से गुजरने वाले बच्चों व महिलाओं पर हमला बोल देते हैं, जिससे आम जनता परेशान है। मौके पर पहुंचे किसान नेता एवं समाजसेवी मनजीत डोगरा ने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से बने इस विशाल टैंक में पानी नहीं डालने से जनता को तो पानी की दिक्कत का सामना करना ही पड़ रहा है ऊपर से जनता के पैसों का भी सही इस्तेमाल नहीं होने के कारण क्षेत्र की जनता में रोष व्याप्त है। मनजीत डोगरा ने कहा कि अगर विभाग ने तुरंत इस वाटर टैंक में पानी डालने तथा इस टैंक को सुचारु नहीं किया तो आम जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी ।
*अश्वगंधा अभियान में आयुष मंत्री ने बांटे पौधे जयसिंहपुर : राष्ट्रीय अश्वगंधा अभियान के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बालकरूपी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में अश्वगंधा का पौधा रोपित किया और उपस्थित लोगों को अश्वगंधा के पौधे वितरित किए। उन्होंने कहा कि लोगों को अश्वगंधा के औषधीय गुणों, महत्व और लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेश भर में आयुर्वेदिक उपमंडल कार्यालयों के स्तर पर यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य उप केंद्र स्तर तक इस जागरूकता अभियान को ले जाया जाएगा, ताकि जन-जन तक अश्वगंधा को पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार, प्रदेश के हर समाज के हर वर्ग के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित कर रही है, ताकि इनका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद उपचार की सबसे प्राचीनतम पद्धति है और पूरा विश्व इसे उपचार के लिए अपना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी आयुर्वेद को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही होम्योपैथी चिकित्सकों के 22 पद भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में 155 हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए गए हैं, ताकि लोगों को अच्छी उपचार सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि कांगड़ा में छह: आयुर्वेद अस्पताल कार्यशील है और शीघ्र ही जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के आलमपुर में 10 बिस्तरों का आयुर्वेद अस्पताल निर्मित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेड़ी को स्तरोन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पिछली बरसात में इस क्षेत्र का पपरोला गांव बाकी क्षेत्रों से कट गया था। इसे जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने पुल निर्मित करने के लिए सहमति दी थी और इसके लिए एक करोड रुपए जारी कर दिए गए हैं। यह कार्य बरसात के उपरांत आरंभ कर दिया जाएगा । गोमा ने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जयसिंहपुर के विकास के लिए गांव-गांव का दौरा कर इलाके की मांग और जरूरत के अनुसार विकास कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई है। उन्होंने लोगों अस्वस्थ किया कि क्षेत्र की जो भी मांगे हैं, इन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष जसवंत डाढ़वाल, ओएसडी आयुष डॉ. सुनीत पठानिया, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. हरीश भारद्वाज, सिकंदर कुमार, सुरिंदर सिंह, राजिन्दर कुमार, एसडीएएमो डॉ अनीता शर्मा, प्रधानाचार्य राजिंदर कुमार, बीडीओ सिकंदर कुमार, नायाब तहसीलदार राजीव शर्मा, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।
कुनिहार के 108 सेवा में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस में एक महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरेश कुमार की पत्नी सीता देवी (20) को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वालों ने 108एंबुलेंस को बुलाया। सूचना मिलते ही कुनिहार से एंबुलेंस गांव पहुंची और एंबुलेस गर्भवती सीता देवी को लेकर गांव से कुछ ही दुरी पर पहुंची थी कि तभी सीता देवी की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई। महिला की अत्याधिक प्रसव पीड़ा को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने एंबुलेंस रुकवा कर एंबुलेंस में ही डिलीवरी करवाने का फैसला लिया। एंबुलेंस 108 के ईएमटी अनिता और चालक सुरेश कुमार ने रास्ते में गाड़ी रोककर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई। सीता ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस कर्मियों ने उनको सिविल अस्पताल कुनिहार में भर्ती कराया। एंबुलेंस चालक सुरेश कुमार और ईएमटी अनिता ने बताया कि जरा भी देर हो जाती तो महिला व बच्चे की जान पर बन सकती थी। अधिक प्रसव पीड़ा देखकर सड़क किनारे एंबुलेंस खड़ी कर आशा वर्कर रंजना के साथ मिलकर महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया। सिविल अस्पताल कुनिहार में भर्ती जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य और सुरक्षित हैं। सीता देवी का यह पहला बेटा है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा 108गाड़ी में ही सुरक्षित डिलीवरी करवाने के लिए लोग स्वास्थ्य कर्मियों की भूरी भूरी प्रसंसा कर रहे हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोगटाली विद्यालय से सत्र मार्च 2011 में विद्यालय में टॉपर रह कर दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नीतीश ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रवक्ता भौतिक शास्त्र ( विद्यालय संवर्ग) की परीक्षा उत्तीर्ण की। छोग टाली विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी नीतीश ठाकुर भीतिक शास्त्र के प्रवक्ता बने। विद्यालय शिक्षकों के लिए इससे ज्यादा ख़ुशी का अवसर और क्या हो सकता हैं कि उन्ही के द्वारा पढ़ाया गया छात्र आज उसी स्कूल में प्रवक्ता बनकर आए हैं। छोगटाली गांव में वेद प्रकाश ठाकुर एवं पवन देवी के घर जन्में नीतीश ठाकुर अपनी सफलता को विद्यालय के छात्रों के साथ सांझा करने तथा अपने समय के शिक्षको का आभार व्यक्त करने छोगटाली विद्यालय पहुंचे तथा नवनियुक्त प्रवक्ता नीतीश ठाकुर ने कहा कि तत्कालीन उच्च विद्यालय छोगटाली के शिक्षकों का उनकी आधारभूत शिक्षा में अहम योगदान रहा है। छोगटाली विद्यालय के तत्कालीन गणित शिक्षक सुरेश ठाकुर ने कहा कि नीतीश ठाकुर प्रारंभ से ही सदैव अपनी कक्षा में प्रथम आता रहा एवं उनका व्यक्तित्व अत्यंत गंभीर प्रवृति के साथ कर्मठ एवं अनूठी प्रतिभा का संयुक्त मिश्रण है। विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य सुरेंद्र पुंडीर, वरिष्ठ प्रवक्ता भूपेंद्र चौहान, रामानंद सागर, राजू राम शर्मा, अलका भलेइक, प्रोमिला कुमारी, राम लाल ठाकुर, रामलाल सूर्या, प्राची पंवार, ललिता कुमारी,मीरा वर्मा , राजेंद्र चौहान विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत अंजना ठाकुर, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष परीक्षा चौहान आदि ने नीतीश ठाकुर को बधाई देते हुए विद्यालय के शिक्षको की भी प्रशंशा की। गौरतलब है कि इस विद्यालय की पूर्व छात्रा कृतिका भी इसी वर्ष भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी है। कार्यकारी प्रधानाचार्य ने कहा कि पूर्व विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार अत्यंत प्रसन्न एवं गौरवान्वित है तथा आशा व्यक्त करता है कि भविष्य में इन प्रतिभाओं से प्रेरित होकर विद्यालय के विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होंगे। विद्यालय परिवार का प्रयास होगा कि विद्यालय के पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सभी प्रकार की प्रतियोगी पत्रिकाओं आदि को उपलब्ध करवाएं।
**आचार्य हेमन्त गर्ग बोले, संस्कार अच्छे न होने से बिगड़ता हैं व्यक्ति कुनिहार में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक आचार्य हेमन्त गर्ग ने उपस्थित जन समूह को अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्याम से जिसका संबंध होता है उसके जीवन में घनश्याम की कृपा हमेशा रहती हैं और जहां संस्कार अच्छे नहीं होते वहां मनुष्य बिगड़ जाता है। आचार्य ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति संस्कारित नहीं है उसमे उसके माता का दोष पाया जाता है और यदि कृपणता है तो वह वंश दोष से आती है यदि व्यक्ति के पास धन का अभाव है तो वह मनुष्य का खुद का दोष होता है। इसलिए अगर इन दोषो का नाश करना हो तो सिर्फ और सिर्फ भगवान के नाम का सहारा लेना चाहिए, उन्होंने कहा कि प्रह्लाद ने एक राक्षस कूल में जन्म लेकर भगवान को इसलिए प्राप्त किया क्युकि उसे विश्वास था कि कैसी भी अवस्था हो भगवान हर समय हमारा साथ देंगे। परन्तुं आजकल व्यक्ति हरकिसी व्यक्ति पर भरोसा कर लेता हैं परन्तुं भगवान पर भरोसा नहीं करता। यही उसके पतन का कारण बनता है । उन्होंने कहा कि भक्त के जीवन में हमेशा मीरा की जैसी भक्ति, शबरी की तरह भगवान को पाने की इच्छा और ध्रुव की तरह दृढ़ निश्चय होना चाहिए तब जीवन में सफलता प्राप्त होती हैं। इसके साथ ही उन्होंने आज कि कृष्ण जन्म की कथा का विस्तृत सार सुनाया, जिसे सुनकर सभी लोग खूब आनंदित हुए।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय की छात्राओं ने सुंदर व आकर्षक परिधानों में कृष्ण व राधा रानी बनकर एक से एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सभी ने बच्चो द्वारा पेश की गई प्रस्तुतियों को खूब सराहा। प्रधानाचार्या दीपिका शर्मा ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी पर्व की बधाई व शुभकामनाएं दी और जन्माष्टमी पर्व के बारे में जानकारी साझा की । इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ और बीएड प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
** प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मिनी JCC अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक आज मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई । महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री से जल्द संयुक्त सलाहकार समिति (JCC) की बैठक के लिए आग्रह किया गया ताकि कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का निपटारा हो सके l बैठक में कर्मचारियों की मुख्य मांगों के रूप में विभिन्न विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द भरने, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम, जिला परिषद तथा अन्य छूटे विभागों के लिए पुरानी पेंशन का प्रावधान, अनुबंध कर्मचारियों को पूर्व की भांति वर्ष में दो बार नियमित करने, 12 प्रतिशत मंहगाई भते की अदायगी, वर्ष 2016 के वेतन आयोग के अनुसार बकाया राशि का तुरंत भुगतान, वेतन विसंगति दूर करने, पुलिस विभाग के साथियों को रियायती यात्रा सुविधा का प्रावधान पूर्व की तरह ही रखा जाने, सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु को 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना, ज़िला परिषद के कर्मचारियों का ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में विलय करने, विभागीय पदोन्नतियों को समय पर करने, पेंशन पात्रता सेवा को 10 वर्ष से घटकर 05 वर्ष करने, मल्टी टास्क वर्कर्स, आंगनवाड़ी अध्यापिका एवं सहायिका, जल रक्षक, मिड-डे-मिल कार्यकर्ता वि अन्य सभी समरूप कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति का निर्माण, करुणामुल्क भर्ती में एकमुश्त राहत देना, आउटसोर्स कर्मचारी के लिए स्थाई नीति, मल्टी टास्क कर्मी के लिए स्थाई नीति, सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे सम्मिलित रहेंगे। उपरोक्त मांगों में मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए सहमति दी, पुलिस की यात्रा को पहले की तरह रखने के लिए सहमति दे तथा इसके लिए कल की कैबिनेट में मंजूरी देने के संकेत दिए, कॉन्ट्रैक्ट के साथियों को सितंबर में रेगुलर करने को कहा, डी ए और एरियर को जल्द देने के लिए भी सहमति दी, करूनामुल्क के साथियों को एक मुशत राहत देकर सरकारी नौकरी के लिए सहमति दी, अन्य मुद्दों के लिए एक महीने के अंदर दोबारा बैठक करने के लिए कहा। इस बैठक में जल्द ही संयुक्त सलाहकार समिति (JCC) की बैठक बुलाने का भी अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र करवाने का भरोसा दिया है। इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए महासंघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर व महासचिव भरत शर्मा तथा अन्य साथियों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर एवं महासचिव भरत शर्मा ने बताया कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के 128 ब्लॉक में कार्यकारिणी गठित हो चुकी है जो कर्मचारी मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रख कर सुलझा रही है l महासंघ में 135 विभिन्न विभागों के 2,50,000 से ज़्यादा कर्मचारी हमारे सदस्य है l इस बैठक में राज्य कार्यकारिणी के मुख्य संरक्षक स्नाईक एम० आर० वर्मा, मुख्य सलाहकार शमशेर ठाकुर, मुख्य राज्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा, संगठन सचिव विजय ठाकुर, कार्यालय सचिव देव नेगी, ज़िला सोलन प्रधान मनदीप ठाकुर, महासचिव हरचरण सिंह, अतिरिक्त महासचिव सत्य देव रतूड़ी एवं वित सचिव मोहन राठौर, ज़िला मंडी प्रधान लेख राज एवं उनकी कार्यकारिणी, ज़िला शिमला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद मेहता, महासचिव नारायण सिंह हिमराल एवं कार्यकारिणी, उपाध्यक्ष मोहित शर्मा, ज़िला बिलासपुर महासचिव सुधीर चंदेल एवं कार्यकारिणी, खंड कसुम्पटी/ जुन्गा के वरिष्ठ सलाहकार मोहन लाल वर्मा व मोहन सिंह नेगी, सलाहकार मीरा शर्मा, संगठन सचिव देवेंद्र शर्मा, कार्यकारी सदस्य नीरज शर्मा एवं अन्य राज्य, ज़िला एवं खंड के अन्य सदस्य भी इस मिनी JCC की बैठक में शामिल रहे।
प्राचार्य डॉ. अमरजीत लाल के मार्गदर्शन में राजकीय महाविद्यालय खुंडिया के वाणिज्य विभाग ने 24 अगस्त को महाविद्यालय परिसर में अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर उत्पाद प्रदर्शनी प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता में बीए/बीएससी/बीकॉम के सभी छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में कुल 10 टीमों ने अपशिष्ट पदार्थों से बने अपने उत्पादों के साथ भाग लिया और उनके उपयोग को भी प्रस्तुत किया। प्रो शिव कुमार, प्रो राजेश कुमार, प्रो. चेतना नेगी और प्रोफेसर स्मृति ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में बीकॉम तृतीय वर्ष से अरुण कुमार प्रथम, बीकॉम तृतीय वर्ष से दीक्षा और पूजा दूसरे स्थान पर और बीकॉम प्रथम वर्ष से काजल और पल्लवी तीसरे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में समस्त स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। राजकीय महाविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों को उनकी भागीदारी के लिए बधाई दी ।
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों कर्मचारियों ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कर्मचारी पेंडिंग डीए और एरियर की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते कर्मचारी में भारी गुस्सा है। इसी बीच कर्मचारियों सड़क पर उतरे तो हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने सरकारी कर्मचारियों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि सरकार के पास कोई नोट छापने की मशीन नहीं है। अगर कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें वर्तमान में मिलने वाली सुविधाएं मिलती रहें तो उन्हें सरकार के साथ खड़े होना होगा। मंत्री के इस बयान से कर्मचारियों में खासा रोष है। हिमाचल प्रदेश सचिवालय परिसंघ के चेयरमैन संजीव शर्मा ने मंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि बिलासपुर से बाहर चुनाव लड़ कर दिखाएं, उनके खिलाफ मेरा कर्मचारी खड़ा होगा। इतना ही नहीं संजीव शर्मा ने कहा कि राजेश धर्माणी मंत्री बनने के लायक ही नहीं थे, उन्हें तो जबरदस्ती मंत्री बनाया गया है।
जिला मंडी के बल्ह क्षेत्र की सबसे बड़ी सब्जी मंडी डडौर में आढ़ती बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। बीती देर शाम कुछ युवक कुल्हाड़ी लेकर सब्जी व फल आढ़ती की दुकान में घुसे और वहां पर मौजूद पल्लेदार व अन्य काम करने वाले व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी। ये पूरी घटना सब्जी मंडियों में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक कुल्हाड़ी लेकर अंदर की ओर आ रहा है और उसके साथ पीछे से कुछ अन्य युवक आ रहे हैं। आढ़ती पारस फ्रूट कंपनी के मालिक लेख राज ने बताया,"शुक्रवार शाम के समय एक युवक कुछ गुंडों के साथ आया और कुल्हाड़ी को लहराता हुआ सीधा अंदर आकर पल्लेदार को पकड़कर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से सभी फल सब्जी आढ़ती डरे हुए हैं। " उन्होंने कहा की यहां कभी भी कोई जान से मरने की धमकी दे जाए या फिर तेजधार हथियार लेकर मारने ही लग जाए, क्योंकि यहां पर कोई सुरक्षा नहीं है। सभी आढ़तियों ने पुलिस व प्रशासन से इस घटना में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इनके हौसले और भी बुलंद होंगे और जिससे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सब्जी मंडी डडौर के प्रधान महेंद्र पाल ने बताया कि घटना की शिकायत पुलिस थाना बल्ह में करवाई गई है। इन गुंडा तत्वों ने सब्जी मंडी के आढ़ती जितेंद्र के साथ हाथापाई की है, जिसमे जितेंद्र को चोटें आई हैं। आरोपियों के खिलाफ जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए। आढ़ती डिंपल सैनी ने बताया,"ये घटना बिल की गलतफहमी को लेकर हुई है जो कि गलत है। इस तरह की गुंडागर्दी से सभी आढ़ती डरे हुए हैं। इस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई नहीं करती है तो सभी आढ़ती मिलकर हड़ताल पर जाएंगे।" उन्होंने कहा कि हमारी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यहां पर रोजाना लाखों का सब्जी फल का कारोबार होता है। ऐसे तो कोई भी गुंडा हथियार लेकर आएगा पर आढ़तियों को लूट लेगा। इस से पहले भी सब्जी मंडियों 6 लाख की चोरी हो चुकी है, जिसका आज तक कोई अता पता नहीं लगा पाया है। वहीं, इस घटना पर थाना प्रभारी बल्ह पुरुषोत्तम धीमान ने बताया,सब्जी मंडी में हुई घटना की शिकायत आढ़तियों द्वारा थाने में दर्ज करवाई गई है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पच्छाद उपमंडल में एक भालू ने घर में घुसकर एक बुजुर्ग महिला पर हमला कर उसे बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। गंभीर हालत में बुजुर्ग महिला को सोलन अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। महिला के सिर पर 50 से ज्यादा टांके लगे हैं। इस घटना के बाद इलाके में ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल बना है। भालू के हमले की यह घटना पच्छाद उपमंडल की द्राबिल पंचायत के भझेड़ गांव की है। यहां एक परिवार बीते वीरवार रात खाना खाकर सो गया। इसी बीच वो घर के दरवाजे की कुंडी लगाना भूल गए, जिसके चलते रात करीब 3 बजे एक भालू घर में आ घुसा और घर में सो रही 83 वर्षीय बुजुर्ग कलावती पर हमला बोल दिया। शोर सुनकर साथ के कमरे में सो रहा बुजुर्ग का बेटा उठा और तुरंत घर की लाइट ऑन की। लाइट ऑन होते और घर में हलचल होते ही भालू मौके से भाग खड़ा हुआ, लेकिन तब तक भालू कलावती को गंभीर रूप से घायल कर चुका था। परिजन तुरंत बुजुर्ग को सोलन अस्पताल ले गए, जहां बुजुर्ग के सिर पर 50 से ज्यादा टांके लगे हैं और वो अस्पताल में भर्ती है। वहीं, अब भालू के हमले के बाद लोगों में डर का माहौल है। भालू के हादसे की पुष्टि द्राबिली पंचायत के उप प्रधान जय प्रकाश शर्मा ने करते हुए बताया, "कुंडी न लगाए जाने के कारण भालू आधी रात को घर में घुसा और बुजुर्ग महिला पर अटैक कर दिया। गंभीर हालत में बुजुर्ग सोलन अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है। हमला इतना जोरदार था और महिला इस कदर गंभीर रूप से घायल हैं कि सिर पर 50 से ज्यादा टांके लगाने पड़े। "दूसरी तरफ शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने दो भालू को करीब 9 बजे गांव की सड़क पर चहल कदमी करते हुए देखा, जिसकी जानकारी वन विभाग को दी गई। वन विभाग के कर्मचारियों ने दोनों भालुओं को जंगल की तरफ भगाया। वहीं, नारग वन परिक्षेत्र के कार्यवाहक रेंज ऑफिसर दिनेश ठाकुर और वन रक्षक सुधीर शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि भालू ने देर रात घर में घुसकर बुजुर्ग महिला को घायल कर दिया। महिला का सोलन अस्पताल में चल रहा है। महिला के उपचार में जो भी खर्च होगा, वन विभाग के नियमों के अनुसार विभाग उसकी अदायगी करेगा। इसके साथ ही घायल महिला के परिजनों को प्रदेश सरकार से मिलने वाली सहायता भी दी जाएगी।
** राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने मनमोहा बी एल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया I इस समारोह में मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की I मंच का संचालन करते हुए शिवानी ठाकुर ने मुख्यातिथि का भव्य स्वागत किया I मुख्यातिथि ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कियाI इस पर्व में विद्यालय के नन्हे मुन्हे बच्चों द्वारा भगवान् कृष्ण, राधा रानी और गोकुल की गोपियाँ बन कर रंगा रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने बताया की नन्हे मुन्हे बच्चों ने राधा कृष्ण के वेश भूषा में उनके भजनों पर नृत्य किया और सबका मन मोह लिया I विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने भी सभी बच्चों ,अध्यापकों और अभिभावकों को जन्माष्टमी की बधाई दी I इस अवसर पर सभी अद्यापक वर्ग और बच्चे मौजूद रहे I कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को मिठाई बांटी गई।
जिला कुल्लू के भुंतर के साथ लगते हाथी थान में बीते कुछ दिनों से एक तेंदुए को खुले में घूमते हुए देखा गया। वन विभाग की टीम ने अब खुले में घूम रहे तेंदुए को आखिरकार काबू में कर लिया है। वहीं, अब तेंदुए का डॉक्टर के द्वारा चेकअप भी किया जा रहा है। तेंदुए के चेकअप के बाद वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा उसे चिड़ियाघर भेज दिया जाएगा। शुक्रवार को वन विभाग की टीम को जैसे ही सूचना मिली कि तेंदुआ हाथी थान में अनार के बगीचे में घूम रहा है, तो पहले उन्होंने उसे पकड़ने के लिए पिंजरे की व्यवस्था की, लेकिन दोपहर बाद गन के जरिए से तेंदुए को बेहोश किया गया और उसके बाद वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के द्वारा उस पर जाल डालकर अपने कब्जे में लिया गया। तेंदुए को मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया और डॉक्टर के द्वारा उसके स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है, क्योंकि स्थानीय लोगों ने बताया था कि तेंदुए के पैर में चोट लगी है और वह लंगड़ा कर चल रहा है। वन विभाग भुंतर के आरओ भूपेंद्र ठाकुर ने बताया, "तेंदुए को वन विभाग की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है और इस मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।" वहीं, इस दौरान स्थानीय लोगों ने वन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वह अपने खेतों और बगीचे का रुख कर सकेंगे। गौरतलब है कि 22 अगस्त को हाथी थान के अनार के बाग में लोगों ने खुलेआम तेंदुए को घूमते हुए देखा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में आ गए। ये तेंदुआ कुछ पालतु कुत्तों को भी अपना शिकार बना चुका है। ऐसे में लोग अपने खेतों में जाने से भी डर रहे थे, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम को इसकी जानकारी दी और शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़ने में सफलता हासिल की।
जिला हमीरपुर में सुजानपुर मार्ग पर मृदुल चौक पर आधी रात को एक तेज रफ्तार ट्रक द्वारा बिजली के खंभे को टक्कर मारने का मामला सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक ने अनियंत्रित होकर शाहिद मृदुल शर्मा स्मारक के साथ बिजली के खंभे को टक्कर मार दी, जिससे बिजली का खंभा टूट गया है. वहीं जिस समय ये टक्कर हुई तो वहां एक बड़ा धमाका हुआ, जिससे आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। वहीं, बिजली का खंभा टूट जाने से हमीरपुर से सुजानपुर वाया अणु जाने बाला मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया है। सिर्फ टू व्हीलर गाड़ियां ही इस रोड से गुजर पा रही हैं, क्योंकि बिजली का खंभा टूट जाने के चलते सड़क के दोनों और तारे गिरी पड़ी हैं। हालांकि आधी रात को हुए इस हादसे के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ट्रक ड्राइवर ट्रक समेत वहां से फरार हो चुका था। वहीं, बिजली का खंभा टूट जाने से आधी रात से ही मृदुल चौक के आसपास की बिजली बाधित रही। मिनी सचिवालय की बिजली भी गुल रही। बिजली विभाग के मुताबिक दोपहर बाद तक बिजली बहाल कर दी जाएगी। बिजली के टूटे खंभे को बदलने के लिए आज शनिवार को विभाग को समय लगेगा और दोपहर बाद तक ही बिजली बहाल हो पाएगी। ऐसे में मिनी सचिवालय में भी बिजली न होने से आज कामकाज ठप रहेगा, जिससे दिनचर्या के कामों को निपटाने में और मिनी सचिवालय आने वाले लोगों को आज परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 24 व 25 अगस्त, 2024 को अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 24 अगस्त को प्रातः 11.15 बजे उपमण्डलाधिकारी कार्यालय अर्की में सायर मेले की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदोपरांत दोपहर 02.00 बजे से 04.00 बजे तक अर्की स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनेंगे। संजय अवस्थी 25 अगस्त को दोपहर 12.15 बजे ग्राम पंचायत सूरजपुर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय, पथेड़ में स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का शुभारम्भ करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तत्पश्चात दोपहर 02.00 बजे शिवा क्लब धुन्धन द्वारा आयोजित वॉलीबॉल तथा कबड्डी प्रतियोगिता की अध्यक्षता करेंगे।
** 38 उड़ानें, 389 भक्तों ले किया सफर मणिमहेश यात्रा की हेलिटैक्सी सेवा के तहत शुक्रवार को दोनों तरफ कुल 38 उड़ानें ही हो पाई है, जबकि बीच में मौसम खराब होने के चलते कुछ समय के लिए उड़ाने भी नहीं हुई और तीन से चार मर्तबा हेलिकाप्टर को भी बीच राह से लौटना पड़ा है। प्रशासन से मिले आंकड़ों के तहत थुम्बी एविएशन के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 389 यात्रियों ने सफर किया है, जबकि सेवा प्रदान करने वाली अन्य कंपनी का आंकड़ा अभी तक एडीएम कार्यालय को नहीं मिल पाया था। उल्लेखनीय है कि मणिमहेश हेलिटैक्सी सेवा 22 अगस्त से आरंभ हुई है। शुक्रवार को भरमौर से गौरीकुंड के लिए हवाई उड़ानों का दूसरा दिन रहा। लिहाजा शुक्रवार को थुम्बी एविएशन की कुल 21 उड़ानें हुई, जिसमें 115 यात्रियों ने भरमौर से गौरीकुंड के लिए उडान भरी, जबकि 98 श्रद्धालुओं ने डल झील में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गौरीकुंड से भरमौर की राह पकड़ी है। एडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हेलिटैक्सी सेवा प्रदान कर रही दूसरी कंपनी राजस एयरो स्पोट्र्स के हेलीकाप्टर से भरमौर से गौरीकुंड के लिए 86 उड़ानें भरी, जबकि गौरीकुंड से भरमौर के लिए 90 यात्रियों ने सफर किया। इस तरह इस कंपनी के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 176 ने सफर किया है। मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे के साथ ही चौरासी मंदिर परिसर में भी पूरी तरह से रौनक आ गई है। भगवान भोले नाथ के भजनों और उद्घोषों से पूरा भरमौर कस्बा शिवमयी हो गया है। श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने से यहां के कारोबारियों को भी बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है। उपमंडल मुख्यालय भरमौर समेत आसपास के हिस्सों के कारोबारियों को मणिमहेश यात्रा कारोबार के लिहाज से बड़ी लाभदायक रहती है। यात्रा के दिनों में स्थानीय लोगों द्वारा स्थानीय फसलों को बेचने के लिए सडक़ किनारे अस्थायी रूप से दुकानें लगाई जाती है।
प्रदेश के कॉलेजों के शिक्षकों को भी राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों के प्रोत्साहन के लिए शिक्षा विभाग नई योजना बना रहा है। अभी तक स्कूल स्तर के शिक्षकों को ही हर साल पांच सितंबर को सम्मानित किया जाता है। इसी वर्ष से कॉलेजों के शिक्षकों से भी आवेदन मांगकर पुरस्कार देने की योजना बनाई गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई विभागीय बैठक में इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से इस बाबत विस्तृत योजना बनाने को कहा है। योजना से मुख्यमंत्री को अवगत करवाकर लागू किया जाएगा। हर साल शिक्षक दिवस पर स्कूलों में पढ़ाने वाले 30 शिक्षकों को सरकार सम्मानित करती है। कॉलेजों के शिक्षकों को इस योजना से अभी तक अलग रखा गया था। अब कॉलेज शिक्षकों के प्रोत्साहन के लिए अलग से योजना बनाकर सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार से इस योजना को मंजूरी मिलते ही प्रयास रहेंगे कि इसी वर्ष से सम्मानित किया जाए। स्कूली शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए चयनित करने के लिए 27 सितंबर से दूसरे चरण की छंटनी प्रक्रिया शुरू होगी। शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली चयन कमेटी इन शिक्षकों के साक्षात्कार लेगी। बीते दिनों ही शिक्षा विभाग ने पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के स्कूलों में जाकर उनकी उपलब्धियों का मूल्यांकन किया है। स्कूली बच्चों की परीक्षाएं भी ली गई हैं। बच्चों को प्राप्त होने वाले अंकों के आधार पर शिक्षकों का चयन राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में एसीसी, अंबुजा व अल्ट्राटेक कंपनियों ने प्रति बैग दस रुपये सीमेंट के दाम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार से नए दाम पर सीमेंट बेचना शुरू कर दिया है। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर के मुताबिक एसीसी गोल्ड का दाम 460 रुपये प्रति बैग से बढ़कर 470 हो गया है। एसीसी सुरक्षा 430 रुपये में मिलेगा। अल्ट्राटेक सीमेंट विक्रेता सतपाल ने बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट का बैग 430 में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट विक्रेता रोहित के मुताबिक 425 रुपये प्रति बैग बिकने वाला सीमेंट अब 435 में मिलेगा। सूत्रों के अनुसार जल्द 10 से 20 रुपये प्रति बैग दाम और बढ़ेंगे। राहत की बात यह है कि पिछले एक माह में सरिये के दाम 600 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए हैं। बाजार में सरिया 5,500 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
जसवां- परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती पुलिस चौंकी डाडा सिबा के अंतर्गत पड़ते पक्का परोह के पास मोड़ पर एक बाइक व स्कूटी के बीच में भिडंत हो गई, जिसमें स्कूटी नम्बर एचपी 36डी 9118 पर सवार व्यक्ति एक्सीडेंट की वजह से जख्मी हो गया है। बताया जा रहा है दूसरी ओर शीतला मन्दिर की तरफ से आ रही मोटरसाइकल नम्बर पीबी29AG-3372 के चालक सुखदीप सिंह द्वारा स्कूटी चालक को टक्कर मार दी है। बताया जा रहा है कि मौके से मोटरसाईकल चालक व उसके अन्य साथी मोटरसाईकल को लेकर चन्नौर की तरफ भाग गए थे, जिन्हें वहां पकड़ लिया गया। वहीं मामले की पुष्टि थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने की उन्होंने कहा कि पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाई शुरू कर दी है।
केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने वीरवार सायं चंडीगढ़ में उत्तरी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली और पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर ने इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों को विकसित करने के लिए वैकल्पिक स्थलों की खोज करने और पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा, सम्पर्क एवं सुविधाएं बढ़ाने पर बल दिया गया। सम्मेलन में निजी क्षेत्रों से निवेश आकर्षित करने के लिए रणनीति साझा करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में विभिन्न पहल की गई हैं और निवेशकों को अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। केन्द्रीय राज्य पर्यटन मंत्री सुरेश गोपी, पर्यटन सचिव, पर्यटन महासचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 231वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, बोर्ड ने राज्य सरकार को वित्त वर्ष 2022-23 के सात प्रतिशत लाभांश 50,06,978 रुपये के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की। यह लाभांश राज्य सरकार के पांच प्रतिशत के मानक से दो प्रतिशत अधिक है। उद्योग मंत्री ने अप्रैल से मई 2024 के दौरान निगम के बेहतर प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि निगम ने लगभग 2.85 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2022-23 के वार्षिक खातों को मंजूरी देने के अलावा, बोर्ड ने इस अवधि के लिए निगम के 1.33 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट को भी मंजूरी दी, जिससे निगम को लगभग 10 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद है। निगम के प्रबंध निदेशक अरिंदम चौधरी ने बोर्ड को निगम द्वारा की जा रही प्रमुख गतिविधियों से अवगत कराया। बैठक में प्रधान सचिव उद्योग आर.डी. नज़ीम और निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की हितैषी है। सरकार ने अपनी गारंटी को पूरा करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाल की और 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को उनका हक दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने पांच साल में एक बार भी कर्मचारियों की ओपीएस की मांग पर गौर नहीं किया बल्कि कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया। पुरानी पेंशन बहाल होने से पहले जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों 3,700 रुपये मिल रहे थे वहीं अब उन्हें 37,000 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। लाखों कर्मचारियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और एरियर की जवाबदेही को लेकर मीडिया के सामने भी और विधानसभा में श्वेत पत्र लाकर भी बताया जा चुका है। 75 हजार करोड़ का बोझ अलग है, लोन अलग हैं। इसके अलावा पिछली सरकार कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ कर गई है। नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया है और उन्हें सारे भुगतान इस वित्त वर्ष में किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जिस तरह का रुख अपनाया इस पर उन्हें बहुत अफसोस है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांग रखने का अधिकार है लेकिन मांग के साथ सरकार के खिलाफ आरोप-प्रत्योराप लगाकर आलोचना करना भी गलत है। उन्होंने कहा कि सचिवालय के कर्मचारी अन्यों के मुकाबले सरकार की आर्थिक स्थिति को बहुत ही बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कड़े फैसले ले रहे हैं। बिजली बोर्ड, एचआरटीसी, अन्य बोर्ड व निगम जो घाटे में चल रहे हैं और संभावनाएं तलाशी जा रही हैं कि उन्हें किस तरह घाटे से उबारा जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने जिस तरह का रवैया अपनाया उसकी सरकार को कभी उम्मीद नहीं थी। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार को हर वर्ग के लिए काम करना है। किसानों, बागवानों बेरोजगारों हर वर्ग के लिए योजनाएं बनानी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बातचीत के जरिए सरकार के समक्ष अपनी मांग रखें तभी मिल बैठकर यह मसला सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में सरकार ने कर्मचारी हित में बहुत सारे फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि कर्मचारी किसी भी तरह के बहकावे में न आएं।
** 10 लाख 50 हजार रुपये की लागत से निर्मित महिला मंडल भवन मूरंग का किया लोकार्पण राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने गत शाम पूह खण्ड के ग्राम पंचायत मूरंग का दौरा कर 10 लाख 50 हजार रुपये की लागत से निर्मित महिला मंडल भवन मूरंग (गा्रमंग) का लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री ने ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के हर एक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है और समावेशी विकास के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार की देन है जिससे जनजातीय लोगों को वनों में सामुदायिक भागीदारी का अधिकार प्राप्त हुआ है और ग्रामीण लोगों को वनों से जीवन यापन करने में सहायता प्राप्त हुई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेत्तृव में प्रदेश सरकार विकास की दृष्टि से नए आयाम स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने का कार्य कर रही है ताकि सरकारी कार्य प्रणाली और अधिक शीघ्रता से आगे बढ़े और प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ हो सके। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के ढांचे को मज़बूत करने के लिए 6 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई है जिससे अब निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों के बच्चों को उनके घर-द्वार के निकट बेहतर शिक्षा उपलब्ध होगी। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बागवानों के उत्थान एवं विकास के प्रति निरंतर प्रयासरत है और जनजातीय जिला किन्नौर में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दृष्टिगत सेब की उन्नत किस्मों को विकसित किया जा रहा है ताकि बागवानों को अपनी उपज के उचित दाम मिल सके तथा युवा पीढ़ी भी बागवानी की ओर आकर्षित हो सके। बागवानी मंत्री ने बताया कि प्रदेश के लघु एवं सीमांत बागवानों को लाभ पहुंचाने तथा उनकी आय में वृद्धि करने के मद्देनजर पूरे प्रदेश में यूनिवर्सल कार्टन इस वर्ष से आरंभ कर दिया गया है। इसके अलावा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए सभी संपर्क मार्गों को सेब सीजन से पूर्व दुरुस्त किया जा रहा है ताकि किसानों व बागवानों को उनकी नकदी फसलों को मंडी तक पहुंचाने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। राजस्व मंत्री का ग्राम पंचायत मूरंग पहुंचने पर स्थानीय ग्रामवासियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया तथा उनके समक्ष क्षेत्र की समस्याओं को रखा तथा कैबिनेट मंत्री ने प्राप्त हुई सभी उचित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन दिया तथा महिला मंडल मूरंग (गा्रमंग) की महिलाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने पर 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर इस अवसर पर किनफैड के अध्यक्ष चंद्र गोपाल नेगी, गा्रम पंचायत मूरंग के प्रधान अनूप कुमार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष उमेश नेगी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पूह के अध्यक्ष प्रेम नेगी, सहित कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
चन्द्रयान-3 की चन्द्रमा पर सफल लैंडिंग की प्रथम वर्षगाँठ पर राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस के शुभ ऐतिहासिक अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 'राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस' से सम्बन्धित भाषण, प्रश्नोत्तरी तथा कला प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को विज्ञान तथा विशेष तौर पर अन्तरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि तथा ज्ञान में वृद्धि का अवसर प्राप्त हुआ। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक छात्र ने इन स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। इस अवसर पर भारती फांउडेशन के सौजन्य से 'राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस से सम्बन्धित छठी से बारहवीं कक्षा तक छात्रों की ऑनलाईन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी करवाई गई, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या इंदु शर्मा ने अपने संबोधन में इस अविस्मरणीय उपलब्धि हेतु भारतीय वैज्ञानिकों को साधुवाद दिया तथा बच्चों को अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ने व इसका गहन अध्ययन करने हेतु प्रेरित भी किया।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार चंडीगढ़-kullu -धर्मशाला को जोड़ने वाले नए हवाई रूट का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है, जिसके लिए संबंधित एयरलाइंस कंपनी और अन्य एजेंसियों के साथ चर्चा की जा रही है। इसमें कुल्लू और धर्मशाला के बीच नई सीधी हवाई सेवा के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 'राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुविधा संपन्न पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं और इस दिशा में हवाई सेवा को सुदृढ़ किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश अलौकिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है और यहां पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। प्रदेश सरकार बेहतर पर्यटन अधोसंरचना का विकास कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित कर रही है जिससे क्षेत्रीय आर्थिकी को बल मिलेगा.प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी। प्रदेश सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों के फलस्वरूप राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों को देश के अन्य भागों से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। लोगों को दिल्ली-शिमला-दिल्ली, शिमला-धर्मशाला-शिमला हवाई सेवा प्रतिदिन और अमृतसर-शिमला-अमृतसर और अमृतसर-कुल्लू-अमृतसर हवाई सेवा सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश में हवाई यात्रा सुविधा में वृद्धि करने के साथ-साथ राज्य सरकार नए हेलीपोर्ट भी विकसित कर रही है। प्रदेश की पर्यटन राजधानी जिला कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, चम्बा और किन्नौर जिला के रिकांगपिओ में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 13 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी भौगोलिक क्षेत्र में हेलीपोर्ट पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी यात्रा सुगम बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में यह हेलीपोर्ट स्थानीय लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने में मददगार होंगे। इनके महत्त्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट निर्मित कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा को हिमाचल की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए जिला में आवश्यक पर्यटन अधोसंरचना को स्तरोन्नत किया जा रहा है। इस दिशा में कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से यहां बड़े विमान उतर सकेंगे और इससे हवाई यात्रा की लागत में भी कमी आएगी। प्रदेश सरकार के इस कदम से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
हिमाचल में युवा पीढ़ी नशे के जाल में धंसती जा रही है। नशे का प्रचलन अब हिमाचल की जड़ों को खोखला कर रहा है। सरकारें और प्रशासन नशे पर लगाम लगाने के दावे तो करते हैं, लेकिन धरातल पर सब शून्य है। पुलिस और सरकारो के प्रयास इस दिशा में नाकाफी ही साबित हो रहे हैं। कई युवा नशे की ओवरडोज के कारण मौत के मुंह में समा चुके हैं। जिला पुलिस ने दो और नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता हासिल की है। मंडी जिला के सरकाघाट थाना की टीम ने 2 तस्करों को अढ़ाई किलो के करीब चरस के साथ दबोचा है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है। मिली जानकारी के अनुसार सरकाघाट थाना की टीम ने गत रात्रि गुप्त सूचना के आधार पर एएसआई राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में मंडी-हमीरपुर जिला की सीमा पर चंदरूही के पास नाका लगाया था। नाके के दौरान करीब दो बजे पुलिस टीम ने ऑल्टो कार में सवार दो लोगों को तलाशी के रोका, जिसके बाद पुलिस टीम ने गाड़ी की तलाशी ली और कार से 2 किलो 43 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफतार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शरू कर दी है।
**तीन बार गुस्ताखी माफ़, चौथी बार रद्द होगा लाइसेंस शराब के शौकीनों के लिए यह खबर अच्छी है। अब शराब कारोबारी शराब के तय दरों से अधिक दाम वसूल नहीं पाएंगे। और अगर ऐसा कोई करता है तो आप इसकी शिकायत व्हाट्सप्प के जरिए कर सकते है। मनमानी दाम पर शराब बेचने वाले ऐसे कारोबारियों पर हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 व इसके तहत बनाए गए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के जाँच में यदि कारोबारी ओवर चार्जिंग में दोषी पाए जाने पर ठेकेदार को पहले उल्लंघन पर 15000 रुपये, दूसरे उल्लंघन पर 25000 रुपये, तीसरे उल्लंघन पर 50000 रुपये और चौथे उल्लंघन पर एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अगर कोई ठेकेदार ओवर चार्जिंग करते हुए चार बार से अधिक दोषी पाया जाता है तो संबंधित आबकारी अधिकारी तुरन्त जोनल कलेक्टर को ठेकेदार के विरूद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 29 के अंतर्गत कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। जिसके तहत ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या रद्द हो सकता है। आबकारी आयुक्त डॉ यूनुस खान ने बताया कि आबकारी नीति के तहत बॉटल्ड इन ओरिजिन (सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोदका, बायो बीयर/बायो वाइन, साइडर) पर 10 प्रतिशत लाभांश और भारत में निर्मित सभी बीयर ब्रांड पर 30 प्रतिशत लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश, देश में बनी लो ब्रांड अंग्रेजी शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया है। न्यूनतम विक्रय मूल्य से 10 से 30 फीसदी लाभांश से अधिक शराब के विक्रय से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। वाट्स-एप नम्बर 94183-31426 पर शिकायतकर्ता शिकायत कर सकते हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधि मंडल बीते कल प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा की अध्यक्षता में विद्युत बोर्ड प्रबंधक वर्ग से मिला, जिसमे नॉन आईटीआई टी मेट एवं नान आईटीआई ALM को एकमुश्त पदोन्नत करने जनरेशन विंग में फिटर से फोरमैन एवं कनिष्ठ अभियंता पदोन्नत करने बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा हुई, जिसमे बोर्ड प्रबंधक वर्ग ने इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कर्मचारियों के हित में फैसला लेने का आश्वासन दिया। उसके उपरांत संघ का प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी से राज्य सचिवालय में मिला। राजेश धर्माणी को सरकार द्वारा बिजली बोर्ड के संदर्भ मे कैबिनेट सब कमिटी का अध्यक्ष बनाया गया है । इसी संदर्भ में तकनीकी कर्मचारी संघ ने मंत्री को विद्युत बोर्ड में फील्ड की वर्तमान वास्तविक स्थिति के बारे में अवगत करवाया गया, जिसमे तकनीकी संघ ने बोर्ड में खाली चल रही तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी की वजह से बढ़ रहे वर्क लोड और हादसों पर भी चर्चा की गई । तकनीकी कर्मचारियों की संख्या कम होने पर भी 26 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को तकनीकी कर्मचारी पूरे प्रदेश विद्युत आपूर्ति सुचारु रुप से दे रहा है। बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए जल्द पुरानी पेंशन सरकार की तर्ज़ पर बहाल हो , जो कर्मचारी 12- 14 वर्ष से विभिन्न एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्स पर कार्य कर रहे है उन के लिए नीति बनाकर बोर्ड में मर्ज किया जाए । बिजली बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की जल्द भर्ती हो। विद्युत को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्टोर में आवश्यक सामान जैसे फ्यूज वायर, टेप , mccb , किट कैट, केबल, की उपलब्धता सुनिश्चित करना। मंत्री ने उपरोक्त सभी मांगों को सब कमिटी में चर्चा के उपरांत पूरी करने का आश्वासन दिया है ।
हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है। 24 अगस्त तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। 25 से 27 अगस्त तक बादल बरसने की संभावना जताई गई है। वीरवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। प्रदेश में अभी भी 56 सड़कें, 10 बिजली ट्रांसफार्मर और 5 पेयजल योजनाएं ठप हैं। बारिश का दौर थमते ही मैदानी जिलों में उमस बढ़ गई है। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया। शुक्रवार और शनिवार को भी प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से बारिश के आसार हैं। बुधवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 15.8, कल्पा में 15.0, धर्मशाला में 18.5, ऊना-कांगड़ा-मंडी में 22.5, नाहन में 23.3, केलांग में 9.8, सोलन में 19.5, मनाली में 18.8, बिलासपुर में 24.8, हमीरपुर में 23.1 और चंबा में 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रोहड़ू उपतहसील सरस्वती नगर के अंतर्गत अंटी घेली सड़क पर वीरवार को कार दुर्घटना में दंपती की मौत हो गई। कार पब्बर नदी में गिरने के बाद एक साल की बेटी लापता है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर लापता बेटी की तलाश शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, अंटी घेली सड़क पर हादसा करीब पांच बजे हुआ। सावरा कुड्डू परियोजना के घेली सड़क पर एडिट के पास से कार करीब दो सौ मीटर नीचे पब्बर नदी में गिर गई। हादसे में कार में दंपती एक साल की बेटी के साथ सवार थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने पब्बर नदी से शवों को निकाला। दुर्घटना में मृतक दंपती की पहचान झाल्टा गांव निवासी 34 वर्षीय सुशील पुत्र स्व सहाबू राम और उसकी 25 वर्षीय पत्नी ममता के रूप में हुई है। डीएसपी रोहडू रविंद्र नेगी ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने कहा दंपती के शवों को कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस की टीम मौके पर पहुंच कर लापता बच्ची की तलाश कर रही है। वहीं इस घटना के बाद झाल्टा गांव में मातम पसरा हुआ है। दुर्घटना का पता चलते ही लोग पीड़ित परिवार के यहां ढांढ़स बंधाने के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। पीड़ित परिवार की दर्दनाक चीखें सुनकर हर किसी की आंख नम थीं।
स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रत्न राजकीय डिग्री कॉलेज, ज्वालाजी ज्वालामुखी और साई विश्वविद्यालय पालमपुर के बीच सोमवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के दस्तावेजों के लागू होने से छात्रों को शैक्षणिक, करियर संबंधी और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। ये दस्तावेज 5 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम करेगा, जिसमें संकाय विकास, रोजगार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शोध को बढ़ावा मिलेगा। एम.ओ.यू. साइन करने के दौरान ज्वालाजी कॉलेज के प्राचार्य व साई यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर उपस्थित रहे। इस दस्तावेज पर ज्वालाजी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार बस्सी और प्रोफैसर वी.पी. पटियाल, डीन साइं विश्वविद्यालय पालमपुर ने हस्ताक्षर किए। प्राचार्य डा. सुशील कुमार बस्सी ने इस दस्तावेज को महाविद्यालय के विकास के लिए मील का पत्थर बताया।
आज बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल कुनिहार के विद्यार्थियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौध रोपण किया। जानकारी देते हुए विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने बताया कि वन विभाग कुनिहार के उचित मार्गदर्शन में कुनिहार के गांव नगर सेहाँवा के वन क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के उपयोगी एवं औषधिय पौधों का रोपण किया गया l उन्होंने बताया कि इस पौधरोपण के पुनीत कार्य में स्कूल के चारों इकाइया, इको क्लब, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड एवं एनएसएस के 30 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के 100 पौधों का रोपण किया, जिनमें वीभिन्न प्रजातियों की औषधियां और आमला, बेहडा,जामुन, बांस, अनार, दाडु , पाजा के पौधों को रोपित किया गया l इस अवसर पर विभिन्न इकाइयों के प्रभारी, जिसमे इको क्लब की दीनाक्षी ठाकुर, एनएसएस की प्रभारी पूनम शर्मा, एनसीसी के प्रभारी अमरदेव एवं स्काउट एन्ड गाइड के प्रभारी पिंकी ठाकुर ने भी विद्यार्थीयों के साथ इस पौधरोपण कार्य में अपना सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया। विद्यालय अध्यक्ष ने सभी इकाइयों के विद्यार्थियों द्वारा पौधरोपण करने पर सभी बच्चों को और अध्यापकों की प्रशंसा की है I इस अवसर पर वन विभाग कुनिहार रेंज के अधिकारी साहिल चंदेल ,वरिष्ठ फॉरेस्ट गार्ड संजीव कुमार, बीट गार्ड रीता दास भी उपस्थित रहे l
**प्रदेश सरकार ने लिया फैसला **मेडिकल कॉलेजो में रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी शाम 7 बजे से पहले होगी चेंज हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देंगे। इसमें ऑन काल ड्यूटी भी शामिल होगी। सरकार की ओर से वीरवार को यह निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं आदेश संबंधी कॉपी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य को भी भेजी गई हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नए रोस्टर के हिसाब से रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए। इसके अलावा इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सरकार को भेजी जाए। अभी तक आईजीएमसी, चमियाना, टांडा समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते हैं। लगातार ड्यूटी देने और काम के बोझ के चलते मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। ऐसे में अब रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सरकार ने काम के घंटे निर्धारित किए हैं। इसके अलावा सरकार ने नए आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाजा से शाम 7:00 बजे से पहले ही रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी चेंज हो जानी चाहिए। बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम के घंटे और सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद बाद सरकार हरकत में आई और वीरवार को यह फैसला सरकार ने लिया हैं। अस्पतालों में सेवाएं देने वाले चिकित्सक, जो आज काफी ऊंचे ओहदों पर पहुंच गए हैं, उनका भी कहना है कि यह सिस्टम सदियों पुराना था। लिहाजा अब इस सिस्टम के बदलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों को राहत मिलेगी। वहीं काम को लेकर मानसिक रूप से बोझ बना रहता था, वह भी कम होगा।
जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल में जंगलों में हरे पेड़ों के कटान को लेकर अब वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। हरे पेड़ों का कटान करने वालों पर अब विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत वन विभाग की टीम ने नाकाबंदी के दौरान कैंची मोड़ के पास देवदार के 54 अवैध स्लीपर बरामद किए । वन रक्षक की शिकायत पर पुलिस थाना बंजार ने मामला दर्ज कर जांच करना शुरू कर दिया है। बंजार डिवीजन के डीएफओ मनोज कुमार ने बताया कि वन रक्षक सोझा गुड्डू राम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वन विभाग की टीम ने बुधवार रात को सोझा से जिभी तक नाकाबंदी की थी। इस दौरान कैंची मोड़ के पास से जैसी ही वन विभाग की टीम निजी गाड़ी में वहां पहुंची तो पाया कि सड़क किनारे देवदार के स्लीपर रखे गए हैं। जिसपर टीम ने जांच की तो पता चला कि वहां पर अवैध कटान हुआ है। इसके बाद टीम सड़क से करीब 25 मीटर अंदर की ओर गई तो वहां पर देवदार के हरे भरे पेड़ों का अवैध रूप से कटान पाया गया। इन्हीं से स्लीपर निकालकर वहां पर छुपा कर रखे गए थे। कुछ स्लीपर पर हरी घास रखी गई थी, ताकि किसी को भी पता न चले, जबकि कुछ स्लीपर खुले में पड़े हुए थे। वन विभाग की टीम ने जब इन स्लीपर की गिनती की तो ये 54 अवैध स्लीपर पाए गए। डीएफओ मनोज कुमार ने बताया कि इन स्लीपरों की कीमत 3 लाख 6 हजार 721 रुपए आंकी गई है। इसी आधार पर पुलिस थाना बंजार में अवैध कटान की शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि बंजार में विधायक सुरेंद्र शौरी ने भी अवैध कटान का मामला उजागर किया था, जिसके बाद से वन विभाग हरकत में आया है।
**हिमाचल सचिवालय में कर्मचारियों का जनरल हाउस आज हिमाचल में डीए और एरियर समेत अन्य मांगों को लेकर आज सरकार पर फिर से कर्मचारियों का गुस्सा फूटेगा। शिमला स्थित सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में 21 अगस्त को हुए जनरल हाउस में कर्मचारी संगठनों ने सरकार को वार्ता के लिए गुरुवार तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के क्लास वन से लेकर क्लास फोर तक के सभी कर्मचारी शुक्रवार को फिर से सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में एकत्रित होकर सरकार खिलाफ अपना गुबार निकालेंगे। हिमाचल में डीए और छठे वेतनमान का संशोधित एरियर न मिलने से कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। ऐसे में कर्मचारी संगठनों दो टूक चेतावनी दी है कि अब भी अगर सरकार की नींद नहीं टूटी तो विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होते ही कर्मचारी कैजुअल लीव पर चले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण होने जा रहे जनरल हाउस में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन शामिल होंगे। जो डीए और एरियर की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। इसमें हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्पलाईज यूनियन, लोकायुक्त कार्यालय कर्मचारी संगठन, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय संगठन, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ, हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट( आई टी) ने लिखित तौर पर जनरल हाउस का समर्थन किया है। ऐसे में आज ये सभी कर्मचारी संगठन भी आम सभा में शामिल होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार पर कर्मचारियों की देनदारी लगातार बढ़ रही है। इसमें पूर्व हिमाचल दिवस, स्वतंत्रता दिवस या दिवाली के मौके पर कर्मचारियों की देनदारियों को निपटाया जाता रहा है, लेकिन अब कर्ज के बोझ से दबी सरकार का खजाना कर्मचारियों के लिए खाली है। हालत ये है कि प्रदेश सरकार को डीए की तीन किस्त देनी है, जिसमें पहली किस्त 1 जनवरी 2023, दूसरी 1 जुलाई 2023 और तीसरी किस्त 1 जनवरी 2024 से दी जानी अभी बाकी है। इस पर अब 1 जुलाई 2024 से चौथी किस्त भी देय हो गई है। यही नहीं कर्मचारियों को अभी छठे वेतनमान का संशोधित एरियर नहीं मिला है, जिससे प्रदेश भर में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन अब सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतर गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मामलों ने डॉक्टर्स की नींद उड़ाकर रख दी है। इस सीजन में अब तक जिले में रिकॉर्ड केस 1300 के पार पहुंच चुके हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है, लेकिन जिले के अस्तपालों, खासकर मेडिकल कॉलेज नाहन में डेंगू से पीड़ित मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। बता दें कि जिला मुख्यालय नाहन शहर में डेंगू का डंक तेजी से फैला है। खासतौर पर शहर का अमरपुर मोहल्ला, जहां से डेंगू के अधिकतर मरीज सामने आ रहे हैं। विभाग लगातार इस दिशा में लोगों को जागरूक भी कर रहा है, लेकिन डेंगू के बढ़ते मामलों ने विभाग की अच्छी खासी कसरत करवा रखी है। सिरमौर जिले में पिछले दो सालों में इस बार ज्यादा मामले डेंगू के दर्ज किए जा रहे हैं। सीएमओ सिरमौर डॉ. पाठक ने बताया कि आमतौर पर डेंगू जुलाई से नवंबर माह के बीच में तेजी से फैलता है। जिले में इस सीजन में अभी तक 1322 मामले डेंगू के दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि पिछले दो सालों के आंकड़ों पर नज़र दौड़ाएं तो जिला सिरमौर में साल 2022 में 852 मामले और साल 2023 में 1044 डेंगू के मामले दर्ज हुए थे। वहीं, इस बार ये आंकड़ा अब तक 1300 को पार कर चुका है और डेंगू के मरीजों के आने का सिलसिला फिलहाल अभी जारी है, जिस तरीके से जिले में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, उससे अनुमान लगाया जा रही है कि जल्द ही मरीजों का आंकड़ा 2000 को भी पार कर सकता है। डॉ. पाठक ने बताया कि सिरमौर जिले में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग है। चूंकि अधिकतर मामले नाहन शहर से सामने आ रहे हैं, तो शहर में सप्ताह में एक बार ड्राई दे करवा रहे हैं। इसके तरह पहले एक रैली का आयोजन किया जाता है और फिर विभाग द्वारा बनाई गई 20 टीमें लोगों के घर जा-जाकर जागरूक कर रही हैं। साथ ही ये भी चेक कर रही हैं कि अगर कहीं कई दिनों तक पानी स्टोर हो रहा है, तो उसे खाली भी करवा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक लोग खुद को बचाने के लिए आगे नहीं आएंगे, तब तक बीमारी को रोकने के प्रयास अधूरे ही रहेंगे। डेंगू एक ऐसी बीमारी है, जिससे बड़े आराम से बचा जा सकता है। बस कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है।
** रिसेप्शन पर पहले आएगी मेल, तभी मिलेगी मंजूरी हिमाचल में अगर आम लोगों को मुख्यमंत्री से कोई काम है तो वे सचिवालय आने के कार्यक्रम को स्थगित कर दें। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आधिकारिक व्यस्तताओं के कारण आज आम जनता की समस्याएं नहीं सुन पाएंगे। ये जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी की गई है। सीएम सुक्खू हर शुक्रवार को आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। ऐसे में इस दिन प्रदेश भर के लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सचिवालय आते हैं। बता दें कि सीएम कार्यालय में सप्ताह भर लोगों की भीड़ न जुटे, इसलिए लोगों की सुविधा के लिए सचिवालय में बुधवार और शुक्रवार को खुला दरबार लगाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस संगठन से जुड़े लोगों से मिलते हैं और शुक्रवार को सीएम आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आम जनता के प्रवेश के नियम बदल गए हैं। सचिवालय में रोजाना जुटने वाली अत्याधिक भीड़ को देखते हुए अब मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों से कार्यालयों में मिलने के लिए लोगों को पहले अनुमति लेनी होगी। इसके लिए मिलने आने वाले लोगों को पहले रिसेप्शन से संबंधित मंत्री या सीपीएस व अन्य अधिकारियों की शाखा को फोन करना होगा। इस दौरान अगर किसी से मिलना जरूरी होगा तो प्रवेश के लिए संबंधित कार्यालय से ईमेल भेजी जाएगी। इस औपचारिकता को पूरा करने के बाद ही सचिवालय में प्रवेश के लिए पास जारी किया जाएगा। ये व्यवस्था सुबह 10 से दोपहर बाद 1 बजे तक लागू रहेगी। इसके बाद मिलने वाले लोगों के लिए पहले की तरह ही पास बनेंगे। प्रदेश सचिवालय में लोगों की रोजाना अत्यधिक भीड़ जुटती है। इसमें बहुत से लोग तो मंत्रियों और सीपीएस से जरूरी काम होने पर ही सचिवालय आते हैं, लेकिन ऐसे भी कई लोग हैं जो रोजाना अनावश्यक ही सचिवालय के अंदर और बाहर चक्कर काटते हैं। ऐसे में बेकार ही सचिवालय की शाखाओं में घूमने से काम प्रभावित होता है। इसको देखते हुए सचिवालय प्रशासन विभाग ने नई व्यवस्था को लागू किया है, जिसमें रिसेप्शन से फोन कर पहले प्रवेश के लिए मंजूरी लेना जरूरी है। मुख्यमंत्री के सलाहकारों, ओएसडी से भी मुलाकात के लिए भी नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रवेश दिया जाएगा।
** पंचायत कार्यो में इस्तेमाल किया जा रहा था अवैध रेत व पत्थर ब्लाक खंड परागपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बठरा में गुरुवार को अचानक खनन विभाग की हुई बड़ी कार्यवाई ने यहां इलाके भर मे खलबली मचा दी है। मसलन इन दिनो ग्राम पंचायत बठरा के तहत चल रहे मनरेगा के निर्माण कार्य पर सरकारी नियमों को ताक पर रख कर अवैध रुप से रेता व पत्थर खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसपर खनन विभाग ने मौके पर पहुंचकर बडी कार्यवाई करते हुए वहां माजूद करीब 20 टन से भी ज्यादा अवैध खनन से इकट्ठी की गई सामग्री को भी कब्जे मे लिया है। ऐसे मे उपरोक्त ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है, जानकारी देते हुए माइनिंग इंस्पेक्टर ब्लॉक परागपुर अश्वनी कौंडल ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि बठरा पचायत मे हो रहे मनरेगा के निर्माण कार्यों पर कुछ समय से लगातार गलत मटेरियल लगाया जा रहा है, जिसपर विभाग ने अब कार्यवाई अमल में लाई है। विभाग को मौके पर 20 टन के लगभग ऐसी सामग्री मिली है जो कि सरकारी मापदन्डो के अनुसार इस्तेमाल नहीं की जा सकती है। बताया जा रहा है कि यहां मनरेगा के निर्माण कार्य पर नजदीकी खड्ड के पत्थर व समीपवर्ती डैम का रेता लाकर लगाया जा रहा था, जिसकी शिकायत स्थानिय ग्रामीणो ने माईनिग विभाग से की है और विभाग ने तुरंत कार्यवाई करते हुए उपरोक्त पचायत पर नियमो अनुसार कार्यवाई की है। गौरतलब रहे बठरा पंचायत इससे पहले भी सवालो के घेरे मे आ चुकी है। यहां मनरेगा मे फर्जी हाजरी लगाने का मामला भी सामने आया था, जिसको लेकर विभागीय अधिकारी नियमो अनुसार कार्यवाई कर चुके है। उधर,इस संबंध में बठरा पंचायत की प्रधान सुनीता कुमारी से बात की गई तो उन्होंने बताया जो निर्माण कार्य के लिए पत्थर लगाया जा रहा है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है, इसके बारे में उप प्रधान से पूछा जाए और जो रेता निर्माण कार्य में लगाया जा रहा है इस बारे में ट्रैक्टर वाले को हमने क्रेशर से रेता लाने के लिए कहा था। उसने खड्ड का रेता निर्माण कार्य के लिए भेजा है उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा रही है।


















































