सरकार का चाबुक चलते ही ठेकेदारों ने लंबित सड़कों और भवनों के कार्य तेज रफ्तार से शुरू कर दिए हैं। 150 में से 80 ठेकेदारों ने ब्लैकलिस्ट के डर से लंबित कार्य निपटाए हैं। शेष को लोक निर्माण विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब लोक निर्माण विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग की ओर से सड़कों और भवनों के गुणवत्ता की जांच की जा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) चरण-1 और 2 के तहत हिमाचल प्रदेश में 170 सड़कों, पुलों और भवनों, डंगों का काम पूरा नहीं किया गया था। ऐसे में लोक निर्माण विभाग ने लापरवाह ठेकेदारों को डिफाल्टर सूची में डाल दिया। अब इन्हें चरण-3 में सड़क निर्माण के कार्य भी नहीं दिए जा रहे थे। वर्ष 2005 से 2023 तक पीएमजीएसवाई के दो चरण पूरे हो गए हैं। इनमें कई सड़कों का कार्य संतोषजनक नहीं रहा है। हिमाचल में चरण-3 के तहत 2,600 करोड़ रुपये की सड़कों का काम हो गया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पहले ही कह चुके हैं कि नाबार्ड के तहत विधायक प्राथमिकता की कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका काम समय पर पूरा नहीं हुआ है या फिर धीमी गति से किया जा रहा है। ऐसे ठेकेदारों पर भी पेनल्टी लगाई जाएगी। ठेकेदारों की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की सख्ता का असर दिखना शुरू हो गया है। कई लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अधिकांश ठेकेदारों ने लंबित कार्य निपटाए हैं। सड़कों और भवन निर्माण पूरा करने के लिए समय अवधि तय होती है। उसी अवधि के बीच काम को पूरा करना होता है।
डिजिटल लिटरेसी कैंप का आयोजन ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत खुंडिया में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया । मुख्य अतिथि के तौर पर तहसीलदार खुंडिया राहुल शर्मा ने भाग लिया। वह इस कैंप में एसएचओ खुंडियां प्रधान, ग्राम पंचायत खुंडिया, प्रधान ग्राम पंचायत छिलग, प्रधान व्यापार मंडल , शाखा बैंक प्रबंधक यूको बैंक खुंडिया व स्थानीय लोगों द्वारा भाग लिया गया व विभिन्न वक्ताओं ने साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, साइबर ठगी इत्यादि पर लोगों को जागरूक किया। कैंप में तहसीलदार खुंडिया राहुल शर्मा शाखा प्रबंधक यूको बैंक खुंडिया अनिल कुमार, एसएचओ खुंडिया रणजीत सिंह परमार ,कानूनगो बलवीर सिंह द्वारा डिजिटल लिटरेसी बारे उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया व सबसे महत्वपूर्ण युवा वर्ग से शिवम राणा आईटी साइबर के बारे में बहुत ही बेहतर ढंग से उपस्थित सभा को जागरूक किया, जिनके अभिभाषण से प्रसन्न होकर सुनील कुमार द्वारा 500 शिवम राणा को उपहार स्वरूप दिया गया ।
भाजपा युवा नेता आश्रय शर्मा ने आज जारी बयान में कहा कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह हिमाचल की सीमा से बाहर जाते और वापिस हिमाचल आते समय अपने ही बयानों से पलट जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लेकर बयान दिया कि हिमाचल की जनता ने उन्हें जवाब दिया है, वो शायद यह भूल गए हैं कि हिमाचल की और विशेषकर मंडी लोकसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपने जनादेश देकर नकार दिया है। आश्रय ने कहा कि जब लोक निर्माण मंत्री कुछ मांगने दिल्ली जाते हैं तो भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों की तारीफ करते हैं और वापिस आते ही उनको देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों में कमियां दिखाई देने लगती हैं, जिससे उनके पूर्व बयानों का वह स्वयं ही कटाक्ष कर देते हैं। आश्रय ने कहा कि वह उनको याद दिलाना चाहते हैं कि पिछले छह महीनों में वह एक बार इस्तीफा देकर फिर शाम को इस्तीफा वापिस ले चुके हैं और अगर वह इस दौरान अपने बयानों का आकलन करें तो उनमें ही विरोधाभास साफ नजर आता है। आश्रय ने कहा कि देवभूमि की जनता ने भाजपा पर पूरा विश्वास जताया है और चारों लोकसभा सीट भाजपा की झोली में डालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कांग्रेस को 61 विधानसभा में जनता ने नकार दिया है, तो बेहतर होगा कि लोक निर्माण मंत्री जिनके अपने विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में लीड नहीं मिल पाई, वो आत्मचिंतन करें।
ज़िला रोज़गार अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि मैसर्ज़ वर्मा ज्वैलर्स सोलन में 23 पदों की भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 26 जुलाई, 2024 को ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिक्योरटी गार्ड के एक पद के लिए भी कैंपस इंटरव्यू 26 जुलाई, 2024 को आयोजित किया जाएगा। जगदीश कुमार ने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता दसवीं, ग्रेजुएट, एम.बी.ए., एम.बी.ए. (एच.आर.), कम्प्यूटर आई.टी., कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग एसीस्टैंट (कोपा) पास होनी चाहिए तथा आयु 20 से 59 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उक्त पदों की विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर लॉगइन कर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए उम्मीदवारों को ई.ई.एम.आई.एस. पर कैंडीडेट लॉगईन टैब के माध्यम से पंजीकृत करने के उपरांत अपनी रजिस्ट्रेशन प्रोफाईल पर अधिसूचित रिक्तियों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है। ज़िला रोज़गार अधिकारी ने कहा कि उपरोक्त पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में 26 जुलाई, 2024 को प्रातः 10.30 बजे से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-227242 तथा मोबाईल नम्बर 78768-26291 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।
शूलिनी विश्वविद्यालय में "एचआर उत्कृष्टता के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति का दोहन" शीर्षक से दो दिवसीय एचआर कॉन्क्लेव का समापन कार्य, रचनात्मकता और एआई प्रगति के भविष्य पर चर्चा के साथ हुआ। कॉन्क्लेव के दौरान, शूलिनी यूनिवर्सिटी के सह-संस्थापक और अध्यक्ष इनोवेशन एंड मार्केटिंग, आशीष खोसला और शूलिनी ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग के निदेशक प्रो. अमर राज सिंह ने "अनलीशिंग क्रिएटिविटी एंड लर्निंग विद जेनेरेटिव एआई: द" शीर्षक से एक सत्र आयोजित किया। पैनल चर्चा, "गिग इकोनॉमी एंड द फ्यूचर ऑफ वर्क: मैनेजिंग ए हाइब्रिड वर्कफोर्स" का नेतृत्व डॉ. पूजा वर्मा ने किया। पैनलिस्टों में डिजीमंत्रा में ग्लोबल ऑपरेशंस के वीपी बिक्रमजीत सिंह और सोनालिका ग्रुप में एचआर मैनेजर उत्कर्ष कुमार, सोपरा स्टेरिया में टैलेंट एक्विजिशन के प्रमुख प्रसून प्रभजन और निवा बुपा हेल्थ में मानव संसाधन के महाप्रबंधक स्वर्णप्रीत सिंह शामिल थे , जिन्होंने लचीलेपन को संतुलित करने पर चर्चा की और गिग अर्थव्यवस्था में स्थिरता, साथ ही व्यवसायों को हाइब्रिड कार्यबल मॉडल को अपनाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया । दूसरे दिन की शुरुआत शूलिनी विश्वविद्यालय के मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशू खोसला की ज्ञानवर्धक बातचीत से हुई, जिन्होंने रचनात्मकता और एआई के अभिसरण के बारे में बात की। डॉ. आशु ने कहा, रचनात्मकता विचारों से शुरू होती है और नवाचार की ओर ले जाती है, जो सहयोगात्मक वातावरण में पनपती है। उन्होंने अलग-अलग सोच का प्रदर्शन करते हुए "30 सर्कल चैलेंज" में प्रतिभागियों को शामिल किया, और प्रवाह, लचीलेपन, मौलिकता और विस्तार को मापने के लिए क्रिएटिव थिंकिंग (टीटीसीटी) के टोरेंस टेस्ट की शुरुआत की।"अकादमिक क्षेत्र में उद्योग की भूमिका," भारत में केपीएमजी के एसोसिएट निदेशक सचिन शर्मा, शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विज्ञान संकाय के डीन मुनीश सहरावत और प्रोफेसर प्रदीप शर्मा के साथ एक दंडात्मक चर्चा की गई। प्रसून प्रभजन, हेड टैलेंट एक्विजिशन सोप्रा स्टेरिया, गौरव सैनी, ग्लोबल सीएचआरओ वाधवानी फाउंडेशन सभी ने कॉर्पोरेट करियर के लिए छात्रों को तैयार करने में लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, सीएसआर गतिविधियों और एआई-संचालित टूल की प्रासंगिकता पर जोर दिया। दूसरे पैनल चर्चा, "एचआर में एआई को लागू करना: सर्वोत्तम अभ्यास," का संचालन शूलिनी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मामलों के प्रोफेसर निदेशक डॉ. प्रोफेसर मंजूनाथ बी.आर. ने किया और इसमें पैनलिस्ट आनंद पचौरी, हेड एल और ओडी जिंदल स्टेनलेस, गौरव सैनी शामिल थे। ग्लोबल सीएचआरओ वाधवानी फाउंडेशन, डॉ. नायपाल, और प्रो. तरुण गुप्ता, निदेशक संचालन, शूलिनी ऑनलाइन। उन्होंने मानव क्षमताओं का विस्तार करने, उत्पादकता बढ़ाने और दैनिक गतिविधियों को सरल बनाने में एआई के महत्व पर चर्चा की। कॉन्क्लेव में प्रोफेसर आशीष खोसला और डॉ. पूजा वर्मा द्वारा संपादित और अदिति शर्मा द्वारा डिजाइन की गई पुस्तक "स्मार्ट एचआर विद एआई: लीवरेजिंग एआई फॉर वर्कफोर्स एक्सीलेंस" का विमोचन भी हुआ। पुस्तक में मानव संसाधन नेताओं, शूलिनी विश्वविद्यालय और एसआईएलबी संकाय के योगदान शामिल हैं। पुस्तक समय प्रबंधन को बढ़ाने और संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए एआई-संचालित समाधानों के महत्व पर प्रकाश डालती है। कार्यक्रम का समापन डॉ. पूजा वर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने सभी आयोजकों, टीम के सदस्यों, स्वयंसेवकों और प्रबंधन को उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. वर्मा ने संस्थान के विकास के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज संकटमोचन हनुमान मंदिर में धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर व परिवार के अन्य सदस्यों सहित माथा टेका और पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर भोरंज से विधायक सुरेश कुमार और कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) शिमला-किन्नौर के अध्यक्ष देवानंद वर्मा भी उपस्थित रहे।
**सुबह 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें कांगड़ा, ऊना व चम्बा के अभ्यर्थी कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग हिमाचल प्रदेश में वार्डरों के पदों की भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके जिला कांगड़ा, ऊना व चम्बा के अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा 28 जुलाई, 2024 (रविवार) को निर्धारित की गई है। अधीक्षक कारागार, लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह धर्मशाला विकास भटनागर ने बताया कि जेल वार्डर की लिखित परीक्षा का केंद्र राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई दोपहर 12 बजे से लिखित परीक्षा प्रारंभ हो जाएगी। बकौल अधीक्षक कारागार, लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से दो घण्टे पूर्व (प्रातः 10 बजे) निर्धारित परीक्षा केंद्र में पहुंचना सुनिश्चित करें। अभ्यर्थी जेल वार्डर की लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) कारागार विभाग की वेबसाइट एचपीपीआरआईएसओएनएस डॉट एनआईसी डॉट आईएन या अपनी पंजीकृत ई-मेल से दिनांक 23 जुलाई, 2024 के बाद डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए चयन बोर्ड द्वारा यही प्रवेश पत्र मान्य होगा। उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी अपने साथ काला व नीला बॉल पेन तथा कार्डबोर्ड लेकर आएं।
जिला शिमला के आदर्श केन्द्रीय कारागार कण्डा के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि 17 जनवरी से 20 जनवरी, 2024 तक पुलिस लाइन भराड़ी में पुरूष और महिला वार्डर के पदों पर उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा 28 जुलाई, 2024 को दोपहर 12 बजे राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला) में निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी निर्धारित परीक्षा केन्द्र में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घण्टे से पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वैबसाइट admins.hp.nic.in//hpprisons से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से 23 जुलाई, 2024 के बाद डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रानिक उपकरण तथा परीक्षा केन्द्र में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी अपने साथ कार्ड बोर्ड, काला एवं नीला बॉलपैन लाना सुनिश्चित करें। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों कमलेश ठाकुर, हरदीप सिंह बावा और आशीष शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित विधायकों को शुभकामनाएं दीं। नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रीगण और विधायकगण भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की जनता ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को सिरे से नकार दिया है। भाजपा ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिराने का षड़यंत्र रचा जिसके फलस्वरूप प्रदेश में विधानसभा उप-चुनावो की स्थिति उत्पन्न हुई। कांग्रेस पार्टी ने जनता के सामने भाजपा के षड़यंत्र का पर्दाफाश किया जिसके कारण कांग्रेस पार्टी को जनादेश मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों का संख्या बल एक बार फिर 40 हो गया है। भाजपा के षड़यंत्र के कारण प्रदेश में चार माह तक विकासात्मक कार्य बाधित हुए। उन्होंने भाजपा के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें नकारात्मक राजनीति त्यागकर प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को सहयोग देना चाहिए। भाजपा नेताओं को प्रदेश और यहां के लोगों के हितों के लिए केंद्रीय सरकार की परियोजनाओं में अड़ंगे नहीं डालने चाहिए। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया। वर्तमान प्रदेश सरकार ने सरकारी क्षेत्र में 28 हजार नौकरी के अवसर सृजित किए हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार ने 5 वर्षों के कार्यकाल के दौरान केवल 20 हजार नौकरियां सृजित की थीं, जिनमें से अधिकतर मामले कानूनी दाव-पेच में फंस गए थे। मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार द्वारा अत्याधिक ऋण लेने की आलोचना करते हुुए कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश के विकास कार्यों में निवेश करने की बजाय ऋण लेने का कार्य किया। वर्तमान प्रदेश सरकार विरासत में मिली देनदारियों को पूरा करने के लिए ऋण ले रही है। उन्होंने कहा कि गत एक वर्ष के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के फलस्वरूप राज्य की आर्थिक स्थिति में 20 प्रतिशत सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश और प्रदेश के लोगों के हितों के लिए निरन्तर कार्य कर रही है और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
हिमाचल में दूध खरीद मूल्य बढ़ने का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। महिलाएं घर में खेती बाड़ी के काम में पुरुषों का सहयोग करने के साथ दुग्ध कारोबार से जुड़ कर आर्थिक तौर पर भी आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसका बड़ा उदाहरण प्रदेश में 1148 ग्राम दुग्ध सहकारी समितियां हैं, जिनके कुल सदस्यों की संख्या 47,905 हैं। इनमें अकेले महिलाओं की संख्या 19,388 तक पहुंच गई है। प्रदेश सरकार ने दूध कारोबार को ऊंचाई देने के लिए राज्य में 11 दुग्ध संयंत्र और 116 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित किए हैं। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसे बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में एक मुश्त भारी बढ़ोतरी की है। प्रदेश में गाय के दूध का खरीद मूल्य 45 रुपए और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 55 रुपए प्रति लीटर तय किया गया है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की पशुपालन में रुचि बढ़ी है। प्रदेश में पशुपालन से जुड़ी महिला घर द्वार पर दूध बेच कर हर महीने औसतन 12 हजार से 15 हजार की कमाई कर रही हैं। इसके अलावा महिलाएं कृषि और बागवानी के क्षेत्र में भी पुरुषों का सहयोग कर रही हैं। प्रदेश सरकार दुग्ध प्रसंस्करण और इसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जिसके लिए प्रदेश में दुग्ध संयंत्रों का भी चरणबद्ध तरीके से उन्नयन किया जा रहा है। हिम-गंगा योजना के तहत जिला कांगड़ा स्थित ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस संयंत्र की क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इस संयंत्र में अत्याधुनिक तकनीक से दूध का पाउडर बनाया जाएगा, जिसमें मांग से अधिक दूध को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त दही, खोया, घी, आइसक्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क, पनीर और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र में अल्ट्रा हीट तकनीक से पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में दूध कारोबार को उद्योग के तौर पर स्थापित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए स्थानीय युवाओं को किसानों व एकत्रीकरण केंद्रों से दूध प्रसंस्करण संयंत्रों तक दूध ले जाने के लिए 200 रेफ्रिजरेटर मिल्क वैन उपलब्ध करवाने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने दुग्ध संयंत्र कुल्लू, हमीरपुर, नाहन और दुग्ध संयंत्र ऊना की क्षमता 20-20 हजार लीटर करने की योजना भी बनाई है। दुग्ध विपणन प्रक्रिया और इसके परिवहन का युक्तिकरण भी किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन समितियों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाई है, इसके लिए समितियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं मिल्कफेड के ट्रेडमार्क ‘हिम’ का केंद्र सरकार से पंजीकरण करवाया गया है। प्रदेश मिल्कफेड की ओर से राज्य में 102 ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट स्थापित किए गए हैं और दूर-दराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दूध एकत्र करने के लिए 320 लीटर क्षमता के 55 मिल्क कूलर छोटी समितियों को उपलब्ध करवाए गए हैं।
किन्नौर के कल्पा ब्लॉक में निर्माणाधीन 450 मेगावाट कड़छम शोगंटोंग जल विद्युत परियोजना समय पर तैयार न होने से सरकार को प्रतिवर्ष 60 करोड़ रुपये की क्षति पहुंच रही है। सूत्रों के अनुसार इस परियोजना का निर्माण होने से हिमाचल सरकार को विद्युत उत्पादन की 12 प्रतिशत रॉयल्टी मिलनी है। 2017 में तैयार होने वाली परियोजना का समय काफी लंबा खिंच गया है। इसके चलते सरकार को अब तक अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार के साथ-साथ जिले की छह पंचायतों के ग्रामीणों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश पावर कोरपोरेशन लिमिटेड की 450 मेगावाट कड़छम शोगंटोंग जल विद्युत परियोजना के निर्माण कार्य की मुख्य ठेकेदार पटेल कंपनी है, जबकि पटेल कंपनी ने आगे 27 ठेकेदारों को काम दिया है। पटेल कंपनी ने इस परियोजना के निर्माण कार्य को वर्ष 2012 में शुरू किया था, जो करीब 12 वर्ष की लंबी अवधि गुजर जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। परियोजना के निर्माण कार्य का लक्ष्य 2017 निर्धारित किया गया था, लेकिन एचपीपीसीएल और पटेल कंपनी की लेटलतीफी के चलते सरकार ने 2026 तक परियोजना का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में हो रहे कार्यों को देखकर लगता नहीं कि 2026 तक भी इस परियोजना का कार्य पूरा हो पाएगा। एचपीपीसीएल और पटेल कंपनी के ढुलमुल रवैये को देखते हुए सरकार को अभी करोड़ों रुपये का और नुकसान होगा। वहीं, समय के साथ-साथ पावर प्लांट बनाने की लागत भी बढ़ती जाएगी। गौर रहे कि एचपीपीसीएल प्रबंधन की फरवरी से बैठक नहीं हो पाई है। इसके चलते पटेल कंपनी को बजट के अभाव से जूझना पड़ रहा है और परियोजना का कार्य धीमी गति से चल रहा है। बजट की कमी के कारण कंपनी ने मई से पावर हाउस, नहर का काम, सर्च कर्क्स का काम शुरू किया है। सिर्फ डैम का काम शुरू नहीं हो पाया है। बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा- बीरेंद्र शर्मा, महाप्रबंधक, पटेल कंपनी दिसंबर 2026 तक 450 मेगावाट कड़छम शौंगटों परियोजना का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बैराज के लिए 7 हेक्टेयर जमीन का जल्द ही अधिग्रहण किया जाएगा- खेम सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक, पावर कॉरपोरेशन, हिमाचल प्रदेश 450 मेगावाट कड़छम शौंगटों परियोजना का कार्य एचपीपीसीएल ने पटेल कंपनी को दिया है। इन दोनों की आपसी लड़ाई के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में सोमवार से यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी चलेगी। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज की न्यू ओपीडी में अब पहले की तरह मरीजों को उपचार नहीं मिलेगा। लिहाजा ऊपरी शिमला के अलावा सिरमौर, सोलन, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा और ऊना जिला से आने वाले मरीजों को न्यू आईएसबीटी से चलने वाली बस सेवा से सीधा भट्ठाकुफर पहुंचना होगा। यहां से चलने वाली बस से मरीज अस्पताल पहुंच सकेंगे। अटल सुपर स्पेशलिटी आर्युविज्ञान संस्थान (चमियाना) में यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी सुबह 9:30 से शाम 4:00 बजे तक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी। हालांकि अस्पताल पहुंचने के लिए मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए मरीज आईजीएमसी से सुबह 9:00 बजे जाने वाले टेंपो ट्रेवलर से चमियाना अस्पताल पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से आग्रह किया है कि परिवहन विभाग को निर्देश जारी करवाएं कि अटल सुपर स्पेशलिटी आर्युविज्ञान संस्थान (चमियाना) के लिए आईजीएमसी से नियमित टेंपो ट्रेवलर चलाएं। इसके अलावा निचले क्षेत्रों से जो मरीज भट्ठाकुफर पहुंचते हैं उन्हें यहां से अस्पताल पहुंचने के लिए शटल बस सेवा आरंभ करवाएं। मरीजों को परेशानी पेश न आए इसलिए परिवहन विभाग से टेंपो ट्रेवलर के अतिरिक्त चक्कर लगाने के लिए चिट्ठी के माध्यम से अवगत करवाया गया है।
फोरलेन शमलेच टनल में एक बाइक दीवार से टकरा गई। जिसमें बाइक चालक की मौ*त हो गई है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार तेज रफ्तार में था, जिस कारण यह हाद*सा हुआ है। इसकी सूचना पुलिस को स्थानीय लोगों ने दी, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृत*क की पहचान 19 वर्षीय राहुल पुत्र राकेश कुमार निवासी गांव बठोल धर्मपुर के रुप में की है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि की है।
हिमाचल सरकार ने प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शिमला विकास योजना में संशोधन किया है, जिसका उद्देश्य राज्य की राजधानी में हरित पट्टी क्षेत्र का विस्तार करना है, जिसमें शहर और उसके उपनगर दोनों शामिल हैं। शिमला विकास योजना 2041 के अनुसार, हरित पट्टी क्षेत्र में आवासीय निर्माण को सख्ती से विनियमित किया जाएगा। निर्माण केवल उन भूखंडों पर ही अनुमति दी जाएगी, जिनमें पेड़ नहीं हैं। पेड़ वाले किसी भी भूखंड को, चाहे वह हरा हो या सूखा, हरित भूखंड के रूप में नामित किया जाएगा, जिससे किसी भी निर्माण गतिविधि पर रोक लगेगी। वर्तमान में हरित पट्टी के रूप में नामित क्षेत्रों में बाईपास और कार्ट रोड, नाभा वन, फागली और लालपानी वन, बेमलो वन, हिमलैंड वन, खलिनी और छोटा शिमला वन क्षेत्र और योजना में विस्तृत कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने हरित पट्टी पदनाम के तहत नए क्षेत्रों को शामिल करने का निर्णय लिया है। ये क्षेत्र हैं रिट्रीट, मशोबरा बैंड, टुकडा एंड्री, शिव मंदिर एंड्री, ताल और गिरी, डीपीएफ खलिनी, बीसीएस मिस्ट चैंबर और परिमहल, इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा ।
हिमाचल प्रदेश में रोजगार का सपना देख रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। सरदार पटेल विश्वविद्यालय में गेस्ट टीचर के लिए साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे है। यह साक्षात्कार 23 जुलाई से सरदार पटेल विश्वविद्यालय में ही होंगे। एसपीयू में 35 गेस्ट टीचर्स की भर्ती की जानी है। ऐसे युवा जिन्होंने पीएचडी या नेट क्वालीफाई किया है, वह इन पदों के लिए एलिजिबल होंगे। चयनित होने पर इन युवाओं को 35 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाएगा। उम्मीदवारों का चयन वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से होगा। एसपीयू ने पीएचडी और नेट पास युवाओं के लिए 23, 24 और 25 जुलाई को वॉक इन इंटरव्यू रखे हैं। साक्षात्कार प्रो. कुलपति कार्यालय में होंगे। यूनिवर्सिटी में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी, योग, ईवीएस, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, बॉटनी, जूलॉजी, पर्यावरण विज्ञान मैनेजमेंट, हिस्ट्री और पब्लिक में इन टीचर्स की भर्ती होगी। 23 जुलाई को सुबह 11 बजे केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी और योग, ईवीएस गेस्ट फैकल्टी के इंटरव्यू होंगे। 12 बजे केमिस्ट्री, 1 बजे इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री और 3 बजे कंप्यूटर साइंस गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू होगा। 24 जुलाई को सुबह 11 बजे बॉटनी, 12 बजे जूलॉजी, 1 बजे एनवायर्नमेंटल साइंस गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू होगा। 25 जुलाई को सुबह 11 बजे मैनेजमेंट, 12 बजे की इतिहास और एक बजे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लिए इंटरव्यू में लिया जाएगा। उम्मीदवारों को अपने आवेदन पत्र के साथ मार्कशीट, प्रमाण पत्र, डिग्री और अन्य दस्तावेजों लाने होंगे। गेस्ट टीचर की नियुक्ति पूरी तरह से अस्थायी आधार और एक सुख सेमेस्टर के लिए है। यहां इन्हें किसी भी स्तर पर नियमितीकण, स्थायी पद नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून भले ही 27 जून को दस्तक दे दी हो, लेकिन राज्य में मानसून सीजन में बारिश उम्मीद से काफी कम हुई है। प्रदेश में कम हुई बारिश को देखते हुए मानसून को कमजोर माना जा रहा है। इस मानसून सीजन में 1 जून से अब तक 43 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 27 जून को हिमाचल प्रदेश में पहुंचे दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर और अनिश्चित बने रहने के कारण अब तक प्रदेश में 43 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 1 जून से 21 जुलाई के बीच सामान्य बारिश 266.4 मिमी की के मुकाबले सिर्फ 151.6 मिमी ही बारिश हुई। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के बावजूद, राज्य के सभी 12 जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई। जुलाई माह में 21 जुलाई रविवार तक प्रदेश में 36 प्रतिशत बारिश में कमी दर्ज की गई है, जिसमें प्रदेश भर में 165.3 मिमी बारिश के मुकाबले महज 105.1 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग शिमला कार्यालय ने प्रदेश में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सोमवार और मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार और मंगलवार को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले 2 से 3 दिनों में मानसून की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में मध्यम तीव्रता की व्यापक वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस सोमवार और मंगलवार को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और बागवानों को बागवानी और खड़ी फसलों के नुकसान होने, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को नुकसान होने की आशंका जताई है। वहीं, मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए यातायात में व्यवधान और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर लोगों को आगाह किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून के एंट्री से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 40 लोगों की मौ*त हो चुकी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बारिश के कारण राज्य को 329 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर सहित तीन नवनिर्वाचित विधायक आज शपथ लेंगे। विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। सीएम की पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से चुनाव जीती हैं। इसी तरह से नालागढ़ विधानसभा सीट से हरदीप सिंह चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। हमीरपुर विधानसभा सीट पर आशीष शर्मा भाजपा टिकट पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार विधायक पद की शपथ लेंगे। ऐसे में अब विधानसभा सदस्यों की संख्या 68 हो जाएगी। हिमाचल विधानसभा में अब सदस्यों की संख्या 68 हो जाएगी। इसमें कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 होगी। प्रदेश में 27 फरवरी को घटे राजनीतक घटनाक्रम से पहले भी कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 थी। इसी तरह से भाजपा विधायकों की संख्या अब बढ़कर 28 तक पहुंच गई है। पहले यही संख्या 25 थी। वहीं, अब विधानसभा में एक भी निर्दलीय विधायक नजर नहीं आएगा। इससे पहले तीन निर्दलीय विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन तीनों निर्दलीय विधायकों ने 22 मार्च को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने 3 जून को स्वीकार किया। ऐसे में खाली हुए तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, नालागढ़ व हमीरपुर में 10 जुलाई को मतदान हुआ, जिसमें देहरा से कांग्रेस के टिकट पर कमलेश ठाकुर और नालागढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप सिंह बावा ने चुनाव जीता। वहीं, हमीरपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा चुनाव जीतकर दूसरी बार विधायक बने हैं। हिमाचल विधानसभा के सदन में अब इतिहास बनने जा रहा है। वह ऐसे कि इस बार विधानसभा में पहली बार पति और पत्नी की जोड़ी एक साथ नजर आएगी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू नादौन से और उनकी धर्म पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से उपचुनाव जीतकर पहली विधायक बनी हैं। ये जोड़ी अब मानसून सत्र में विधानसभा के एक साथ नजर आएगी। इससे पहले सदन में पिता-पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह की जोड़ी नजर आ चुकी है। जो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद सदन में एक साथ दिखे थे। हिमाचल विधानसभा में एक और इतिहास बन गया है। यहां पहली बार ऐसा हुआ है कि पांच साल के कार्यकाल के लिए चुने गए तीन विधायक अलग अलग पार्टी चिन्ह पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार विधायक विधायक बने हैं। इसमें धर्मशाला से वर्ष 2022 में कांग्रेस टिकट पर सुधीर शर्मा चुनाव जीतकर विधायक बने थे और अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद फिर से विधायक बने हैं। इसी तरह से बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्ह पर विधायक बने थे, अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा टिकट पर चुनाव जीत कर फिर से विधायक बन गए हैं। इन दोनों ही विधायकों को शपथ दिलाई जा चुकी है। वहीं हमीरपुर सीट से आशीष शर्मा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़े और पहली बार विधायक बने थे। अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर फिर से विधायक बने हैं, जो आज विधायक पद की शपथ लेंगे।
कांगड़ा जिले के पालमपुर सिविल अस्पताल के क्रश्ना टेस्टिंग लैब में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक महिला को दूसरे डायबिटीज मरीज की रिपोर्ट थमा दी गई, जिसके बाद महिला को मजबूरन 5 दिन तक डायबिटीज की दवा खानी पड़ गई । मिली जानकारी के अनुसार एक महिला उपचार के लिए सिविल अस्पताल आई तो डॉक्टर ने उन्हें कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहा तो उन्होंने सरकार की ओर से अधिकृत क्रश्ना लैब में 16 जुलाई को सैंपल दिए। जब रिपोर्ट मिली तो महिला ने डॉकटर को रिपोर्ट दिखाई। डॉक्टर ने भी महिला का शुगर लेवल ज्यादा होने पर एक हफ्ते की दवाई दे दी। लेकिन पांच दिन की दवाई खाने के बाद महिला की तबियत बिगड़ी और वो डॉक्टर के पास पहुंची तो डॉकटर ने देखा कि वो रिपोर्ट जिसे देखकर महिला को दवाई दी थी ये रिपोर्ट 62 वर्षीय मरीज किसी पुरुष की है, जिनका शुगर लेवल 300 से ज्यादा था। इसके बाद पीड़ित महिला क्रश्ना लैब गई जब महिला को असली रिपोर्ट दी तो इसमें महिला का शुगर स्तर सामान्य था। उन्होंने अस्पताल प्रशासन सहित सरकार से इस पर कार्रवाई की मांग की है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुपूर्णिमा महोत्सव का सफल आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निवासवरखेड़ी ने की। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से छात्रों का मार्गदर्शन किया । इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि के रूप में आई आई टी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा उपस्थित रहे। उन्होंने मद्भगवद्गीता के व्यवहारिक पक्ष को छात्रों के सामने रखा और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाले गुरु की महिमा का गुणगान किया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी परिसरों ने अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत की। जिससे विविध राज्यों की संस्कृति एवं भव्य भारत का दर्शन सम्भव हो पाया। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रूप में होशियारपुर स्थित साधु आश्रम से प्रो. रितु बाला उपस्थित रही। साथ ही स्वामी परमानन्द महाराज की पूजा अर्चना से वेदव्यास परिसर पावन हुआ एवं गुरु महिमा की परम्परा का भी परिपालन किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए वेदव्यास की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन से हमारा परिसर स्वयं का धन्य मानता है। इस अवसर पर परिसरीय छात्रों ने विविध उपहारों के द्वारा प्राध्यापकों को सम्मानित किया। इस दौरान परिसरीय प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जसवां - प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के दोदूँ स्थित माता चामुंडा के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर स्थानीय लोगों ने पीपल एवं बरगद के पेड़ सामूहिक रूप से रोपे और वहीं ग्रामीणों ने सभी से निवेदन भी किया कि इस बरसात में ज़्यादा से ज़्यादा धरती पर पोधारोपण करें व उससे भी ज़्यादा है बच्चों की तरह जब तक ये पेड़ वृक्ष का रूप धारण नहीं कर लेते इन्हें जंगली जानवरों व आग से जलने से बचाने का भरसक प्रयास भी सुनिश्चित करें। वहीं इस पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्थानीय निवासी विनोद शर्मा ने कहा कि दिखावे के लिए पेड़ों का लगाना ही नहीं अपितु इन्हें संजोना भी हमारा प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पौधे और पेड़ जलवायु परिवर्तन से लड़ते हैं जो पृथ्वी को नष्ट कर रहे हैं। वे हमारे द्वारा साँस ली जाने वाली हवा को भी फ़िल्टर करते हैं और पर्यावरण से सभी हानिकारक रासायनिक गैसों और गंधों को अवशोषित करते हैं। इसके अलावा, वे हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर विभिन्न जीव-जंतु पौधों के कारण ही हम जीवित रह पाते हैं। यदि हम एक दिन के लिए भी पृथ्वी से पौधों को हटा दें तो मनुष्य का जीवित रहना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे हम सब को पेड़ की महत्वता समझनी होगी ।
जिला कुल्लू के खोखन गांव में मेला देखने गए एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौ*त हो गई है। भुंतर पुलिस की टीम ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए हैं। वहीं, भुंतर पुलिस ने श*व का पोस्टमार्टम करवाने के बाद श*व मृत*क के परिजनों को सौंप दिया है। भुंतर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृत*क का नाम रमेश था। वो कुल्लू जिले के टेहनसेरी मौहल का रहने वाला था। रमेश खोखन गांव में मेला देखने के लिए आया हुआ था। रात के समय वो अपने किसी रिश्तेदार के घर सोने के लिए चला गया था, लेकिन सुबह ग्रामीणों ने देखा कि वो किसी के घर के बाहर पड़ा हुआ है। ऐसे में उन्होंने तुरंत इस बारे में भुंतर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और श*व को अपने कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए कुल्लू अस्पताल में भेज दिया। भुंतर पुलिस के मुताबिक रमेश की मौ*त कैसे हुई है, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस ने मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने की है।
जिला कुल्लू के थाने के तहत स्कूटी और इनोवा कार की टक्कर हुई थी। इस सड़क हादसे में स्कूटी सवार की मौ*त हो गई है। यह हादसा 19 दिन पहले हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृत*क की पहचान धर्मेंद्र कुमार के तौर पर हुई है जो कुल्लू जिले के जाणा का रहने वाला है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पतलीकूहल थाने में सड़क हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। इस हादसे में स्कूटी सवार शख्स घाय*ल हुआ था। घाय*ल को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला लाया गया था जहां उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान घाय*ल की मौ*त हो गई। यह सड़क हादसा बीती दो जुलाई को पेश आया था। धर्मेंद्र स्कूटी लेकर पतलीकूहल की तरफ आ रहा था। पतलीकूहल से कुछ दूरी पर इनोवा गाड़ी नंबर एचपी 66-8523 के साथ उसकी टक्कर हो गई। इसके बाद स्कूटी सवार युवक को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल लाया गया जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर किया गया। यहां पर आज सुबह शख्स की मौ*त हो गई।
हिमाचल के वन आच्छंदित क्षेत्रों को विस्तार प्रदान करने और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत प्रदेश सरकार निरंतर प्राथमिकता से कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने शिमला नियोजन क्षेत्र के अंतर्गत शिमला शहर और उप नगरों के लिए शिमला विकास योजना में संशोधन किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार शिमला के सतत विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार की इस पहल से भूमि कटाव को कम करने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। शिमला विकास योजना 2041 के अंतर्गत हरित क्षेत्र में आवासीय निर्माण को नियोजित किया जाएगा। इसके तहत वृक्ष रहित भूखंडों पर ही निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदान की जाएगी। हरे या सूखे पेड़ों वाली भूमि को हरित भूखंड के रूप में नामित किया जाएगा, जिस पर निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। वर्तमान में ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बाई-पास और कार्ट रोड़, नाभा वन, फागली और लालपानी वन, बेम्लोई वन, हिमलैंड वन, खलीनी और छोटा शिमला वन क्षेत्र तथा कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्रीन बेल्ट के अंतर्गत नए क्षेत्रों में रिट्रीट, मशोबरा बंद, टुकदा आंदरी, शिव मंदिर आंदरी, ताल और गिरी, डीपीएफ खलीनी, बीसीएस मिस्ट चैम्बर और परिमहल को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस पहल का लक्ष्य शिमला के नैसर्गिक सौंदर्य को संरक्षित रखना है और आने वाली पीढ़ी के लिए हरा भरा भविष्य सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर सतत विकास को अधिमान दिया जा रहा है। हिमाचल भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार अवैध निर्माण पर रोक लगाकर शिमला में नियोजित निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि शिमला का प्राकृतिक सौंदर्य बरकरार रहे और अधिक से अधिक संख्या में पर्यटक शिमला की ओर रूख करें। शिमला का हरित आवरण शिमला शहर सहित उत्तर भारत को प्राण वायु प्रदान करता है। हरे भरे क्षेत्र तापमान को नियंत्रित करने का कार्य करते हैं। शिमला के हरित क्षेत्र में वृद्धि कर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और यहां भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी कार्य कर रही है, ताकि वह यात्रा का अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त कर सकें।
सोलन : दो प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग संगठनों - टाइम्स हायर एजुकेशन और क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) की सूची में शीर्ष पर रहने के बाद - शूलिनी विश्वविद्यालय यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट द्वारा घोषित रैंकिंग में शीर्ष युवा निजी विश्वविद्यालय के रूप में उभरा है। यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट द्वारा 2024-2025 की सर्वश्रेष्ठ वैश्विक विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में 47.2 के उल्लेखनीय स्कोर के साथ विश्वविद्यालय को विश्व स्तर पर 769वां स्थान दिया गया है। भारत के भीतर, शूलिनी विश्वविद्यालय सभी भारतीय विश्वविद्यालयों और आईआईटी जैसे संस्थानों में 12वें स्थान पर है। भारत के कुल 140 संस्थानों को रैंकिंग दी गई, जिसमें आईआईएससी बेंगलुरु 51.2 के स्कोर के साथ 612वें नंबर पर है, इसके बाद आईआईटी बॉम्बे 50.3 के स्कोर के साथ 635वें स्थान पर है। शूलिनी विश्वविद्यालय के संस्थापक और चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि "यह मान्यता वैश्विक स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान प्रभाव के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है"। शोधकर्ताओं, संकाय और छात्रों को बधाई देते हुए, कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि अग्रणी वैश्विक रैंकिंग संगठनों से मान्यता विश्वविद्यालय में अनुसंधान और शिक्षाविदों पर दिए गए जोर का प्रमाण है, उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान और नवाचार में उच्च प्राथमिकता देना जारी रखेगा। 2024-2025 रैंकिंग में 104 देशों के 2,250 शीर्ष संस्थान शामिल हैं, जो पिछले वर्ष 95 देशों के 2,000 संस्थानों से अधिक है। इन रैंकिंग को निर्धारित करने के लिए, यू.एस. न्यूज़ और वर्ल्ड रिपोर्ट ने 2,271 विश्वविद्यालयों का एक पूल बनाया। इस पूल में क्लैरिवेट के वैश्विक प्रतिष्ठा सर्वेक्षण के शीर्ष विश्वविद्यालय और 2018 से 2022 तक कम से कम 1,250 पेपर प्रकाशित करने वाले संस्थान शामिल थे। इन मानदंडों ने अंतिम रैंकिंग पूल तैयार किया, जिसमें से शीर्ष 2,250 विश्वविद्यालयों का चयन किया गया। वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एक निजी डीम्ड यूनिवर्सिटी, जिसकी स्थापना 40 साल पहले 1984 में हुई थी, को देश में छठे स्थान पर रखा गया है।
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार और उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज जारी संयुक्त प्रेस बयान में ऊना में हुई भाजपा वर्किंग कमेटी की बैठक को ‘महज गुणगान’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष शायद यह भूल गया है कि लोकसभा निर्वाचन के नतीजों के बाद भाजपा की लोकप्रियता में गिरावट आई है और उसके 400 पार के दावों को जनता ने धूल चटाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी दयनीय हालत में पहुंच गई कि उसे सरकार बनाने के लिए क्षेत्रीय दलों का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार ने कीटनाशकों पर मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर किसानों-बागवानों के हितों के साथ खिलवाड़ किया। यही नहीं कर्मचारियों को दिए जाने वाले वित्तीय लाभ न देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार से वंचित कर उनका शोषण किया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को एरियर का भी भुगतान नहीं किया। पूर्व भाजपा सरकार ने कर्मचारियों को अपमानित करने के लिए कहा कि पेंशन चाहिए, तो कर्मचारी चुनाव लड़ें। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देकर उन्हें सम्मानजनक जीवनयापन करने का अधिकार लौटाया साथ ही लंबित एरियर और अन्य लाभों को भी समय-समय पर भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा कर्मचारी हितैषी होने के दावे कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों को आंदोलन को कुचलने और दमन का काम भी भाजपा ने ही किया है और भाजपा के शासन में यह काला धब्बा है। प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने अपने अंतिम छह माह के शासन के दौरान अनावश्यक संस्थान खोले। अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए रैलियों पर बेतहाशा खर्च किया गया। प्रदेश की पटरी से उतरी हुई अर्थव्यवस्था को ट्रैक पर लाने के लिए कांग्रेस सरकार को कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े। सत्ता के लोभ में डूबी हुई भाजपा ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को अस्थिर को करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने प्रदेश के लाखों युवाओं के साथ धोखा कर कर्मचारी चयन आयोग जैसी संस्थानों में परीक्षा के प्रश्न पत्र पेपर बेचने के व्यापार को संरक्षण दिया। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में कर्मचारी चयन आयोग भ्रष्टाचार का गढ़ था। प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार ने 680 करोड़ की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना शुरू की है। वहीं प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए 100 से 500 किलोवाट क्षमता की परियोजनाओं पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। वहीं किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। इस योजना में रसायन मुक्त खेती करने के लिए हर पंचायत से किसानों को जोड़ा जाएगा। सरकार का 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा कि इलेक्टोरल बॉन्ड योजना का पर्दाफाश हुआ है और सर्वोच्च न्यायालय ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया है। भाजपा की इस योजना से पारदर्शिता और जवाबदेही धूमिल हुई व लोगों के हितों के साथ खिलवाड़ किया गया है। वहीं नीट परीक्षा में हुए घोटाले ने प्रदेश के युवा वर्ग के सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने कहा कि कांवड यात्रा में भाजपा शासित राज्यों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों को लेकर पार्टी को अपने ही सहयोगी दलों ने आड़े हाथ लिया है। भाजपा वसुधैव कुटुम्बकम् की बात करती है लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि उपचुनावों में प्रदेश की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है और कांग्रेस के विधायकों को संख्या एक बार फिर 40 हो गई है। जबकि आए दिन भाजपा की सरकार बनने के दावे करने वालों को सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को आपदा प्रभावितों से जाकर पूछना चाहिए कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने उनकी कितनी मदद की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिखावे की राजनीति कर बेतहाशा खर्च किया और प्रदेश के लोगों के हितों को नजरअंदाज कर ठाठबाठ की जीवनशैली अपनाई। वर्तमान कांग्रेस सरकार वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारियों को वित्तीय स्थिरता, कानून व्यवस्था, किसानों और बागवानों को सब्सिडी और राज्य के विकास और कल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित और प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल 22 जुलाई, 2024 को सोलन ज़िला के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 22 जुलाई, 12.30 बजे वकनाघाट स्थित बहरा विश्वविद्यालय में सितारे हिमाचल के सम्मान 2024 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल होंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अनेक महत्त्वाकांक्षी योजनाएं व कार्यक्रम सफलतापूर्वक कार्यान्वित किए जा रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थिकी से जुड़े हितधारकों को सशक्त करने पर विशेष अधिमान दे रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि दुग्ध उत्पादन रोजगार सृजन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण की सम्भावनाओं का रास्ता प्रशस्त करने वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र में सहकारी समितियां भी सराहनीय कार्य कर रही हैं। प्रौद्योगिकी के युग में नवीन तकनीक और नवोन्मेषी पहल अपनाना नितांत अनिवार्य है। प्रदेश सरकार द्वारा दुग्ध प्रसंस्करण और इसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान केेन्द्रित किया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध संयंत्रों का भी चरणबद्ध तरीके से उन्नयन किया जा रहा है। हिम-गंगा योजना के तहत जिला कांगड़ा स्थित ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस संयंत्र की क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इस संयंत्र में अत्याधुनिक तकनीक से दूध का पाउडर बनाया जाएगा, जिसमें मांग से अधिक दूध को लम्बे समय तक संरक्षित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त दही, खोया, घी, आईसक्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क, पनीर और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र में अल्ट्रा हीट तकनीक से पैंकिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय युवाओं को किसानों व एकत्रीकरण केंद्रों से दूध प्रसंस्करण संयंत्रों तक दूध ले जाने के लिए 200 रेफ्रिजरेटिड मिल्क वैन उपलब्ध करवाने का बजट में प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने दुग्ध संयंत्र कुल्लू, हमीरपुर, नाहन और दुग्ध संयंत्र ऊना की क्षमता 20-20 हजार लीटर करने की योजना भी बनाई है। दुग्ध विपणन प्रक्रिया और इसके परिवहन का युक्तिकरण भी किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन समितियों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाई है इसके लिए समितियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है।सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य दुग्ध उत्पादक प्रसंघ (मिल्कफेड) के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मिल्कफेड के ट्रेडमार्क ‘हिम’ का केंद्र सरकार से पंजीकरण करवाया गया है। हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड द्वारा राज्य में 102 ऑटोमैटिक मिल्क कलैक्शन यूनिट स्थापित किए गए हैं और दूर-दराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दूध एकत्र करने के लिए 320 लीटर क्षमता के 55 मिल्क कूलर छोटी समितियों को उपलब्ध करवाए गए हैं। प्रदेश में वर्तमान में 1148 ग्राम दुग्ध सहकारी समितियां हैं, जिनके 47,905 सदस्य हैं। इनमें महिलाओं की संख्या 19,388 है। राज्य में 11 दुग्ध संयंत्र और 116 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित हैं। प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 360 डिग्री विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है ताकि ग्रामीण व अन्य क्षेत्रों की आर्थिकी को संबल प्रदान किया जा सके।यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों और पशुपालकों को न केवल दूध उत्पाद का लागत आधारित मूल्य सुनिश्चित हो बल्कि उन्हें गुणवत्ता बोनस भी प्राप्त हो। सरकार इसी ध्येय के साथ निरंतर कार्य कर रही है। पशुपालन तथा दूध उत्पादन को प्राकृतिक खेती से जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। गाय तथा भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर क्रमशः 45 और 55 रुपये किया गया है। भारतवर्ष में यह पहल करने वाला हिमाचल प्रदेश एकमात्र राज्य है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि दुग्ध क्षेत्र के विकासोन्मुखी कार्यक्रमों में आधुनिक प्रौद्योगिकी का समावेश कर हिमाचल को इस क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाया जाए। सरकार के यह महत्त्वाकांक्षी प्रयास निश्चित तौर पर हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की परिकल्पना को साकार करने में संबल प्रदान करेंगे।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर शनिवार से चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 20 से 23 जुलाई 2024 तक किया जा रहा है। जानकारी देते हुए डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज व भागवत ग्रंथ का स्थानीय महिलाओं द्वारा फूलमालाओं के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कथा पंडाल में पहुंचने पर मंत्रो उच्चारण के साथ विधिवत रूप से कलश स्थापना की गई। तदुप्रांत हरीजी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से व्यास पीठ से सभी भक्तों को कृष्ण भगवान की विभिन्न लीलाओं का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने वेदों व शास्त्रों के अनुसार गुरु की महिमा भक्ति का अपने प्रशंग में उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु की भक्ति करने से शिष्य घोर पापों से मुक्त हो जाता है। भागवत कथा को दिल से श्रवण करने वाला व्यक्ति हर कष्ट से छूट जाता है। शिष्य को हमेशा गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए। कभी गुरु की निंदा नही करनी चाहिए। हरिजी महाराज ने कहा कि निर्माणाधीन बांके बिहारी जी के मंदिर का कार्य प्रगति पर है जो शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। मंदिर में बांके बिहारी की मूर्ति के साथ एक ओर भगवान भोलेनाथ व एक ओर मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की जाएगी। डी डी कश्यप ने बताया कि कथा का समय प्रतिदिन 1 से 4 बजे तक रहेगा, 23 जुलाई को हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विराम दिया जाएगा। कथा के बाद प्रतिदिन भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन भी रखा गया है। इस अवसर पर मंदिर निर्माण कमेटी के सदस्य देविंद्र शर्मा, अमर सिंह कौंडल,ख्यालीराम, कन्हैया राम, संतराम, नेकराम कौंडल सहित महिला व पुरुष मौजूद रहे।
** बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड गाड़ियों पर चलेगा नियमों का डंडा शिमला: देश के अन्य राज्य में पंजीकृत वाहनों के हिमाचल में प्रवेश करने पर सरकार सख्त हो गई है। इसके लिए अब सरकार ने हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1972 की धारा 17(4) के प्रावधानों आंशिक संशोधन किया है। हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इसके मुताबिक बाहरी राज्य में पंजीकृत वाहन बिना टैक्स चुकाए हिमाचल प्रवेश करता है या ऐसा वाहन जो परमिट के विपरीत अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। इस तरह की लापरवाही को लेकर सरकार ने सख्ती बरतते हुए जुर्माना राशि को बढ़ा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन मालिकों से तुरंत प्रभाव से वसूली शुरू की जाएगी। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले वाहन अगर हिमाचल में देय टैक्स का भुगतान किए बिना या परमिट में निर्धारित शर्तों के अवहेलना करते हुए पाए जाते हैं, तो वाहन मालिक को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। पहली बार में हल्के वाहन को नियम तोड़ने पर 20 हजार रुपये और अन्य मोटर वाहनों के मामले में 50 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके बाद भी अगर वही वाहन मालिक फिर से लापरवाही बरतता हुआ पाया जाता है तो हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1972 की धारा 17(4) के प्रावधानों के तहत दूसरे अपराध के लिए हल्के मोटर वाहनों पर 40 हजार रुपये और अन्य मोटर वाहनों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ये आदेश प्रदेश में तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। देश के बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में कॉमर्शियल वाहन हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में रोजाना प्रवेश करते हैं। इस दौरान परिवहन विभाग के सामने नियमों के उल्लंघन के बहुत से मामले भी सामने आए हैं, जिसमें वाहन मालिक राज्य का देय टैक्स चुकाए बिना प्रदेश की सीमा के अंदर प्रवेश करते हैं। ऐसे में टैक्स का भुगतान न होने से राज्य सरकार को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसके चलते सरकार ने सख्ती बरतते हुए ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ नियमों का डंडा चलाना शुरू कर दिया है, जिसमें बिना टैक्स भुगतान के परमिट की शर्तों की अवहेलना पाए जाने पर पहले से अधिक जुर्माना वसूला जाएगा। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव आरडी नजीम ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं।
जिला शिमला में चिट्टे के साथ गिरफ्तार किए गए 3 आरोपियों को एलडी विशेष न्यायाधीश शिमला भूपेश शर्मा की अदालत ने दोषी करार देते हुए 4 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों पर 25 हजार रुपए जुर्माना भी ठोका गया। जुर्माना अदा न कर पाने की सूरत में दोषियों को तीन महीने अतिरिक्त साधारण कैद की सजा भुगतनी होगी। सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला न्यायवादी मुक्ता कश्यप और उप जिला न्यायवादी भगवान सिंह नेगी ने की है। मामले के अनुसार 22 जनवरी 2023 को एसआईयू की टीम डेली गश्त और कानून व्यवस्था पर ड्यूटी पर टुटू, घणाहट्टी, सुन्नी आदि की ओर गश्त पर निकली हुई थी। रात करीब 11.50 बजे जब पुलिस टीम मांदरी में मौजूद थी, तभी धामी की ओर से एक गाड़ी (नंबर HP 06B 1203) आई। पुलिस ने गाड़ी तो चेकिंग के लिए रोका। गाड़ी में तीन लोग सवार थे। गाड़ी को सुंदर सिंह चला रहा था, जबकि ओमप्रकाश आगे की सीट पर बैठा था और प्रदीप पीछे की सीट पर बैठा था। तीनों रामपुर उपमंडल के रहने वाले हैं। पुलिस ने जब रूटीन चेकिंग के दौरान गाड़ी की तलाशी ली तो फ्रंट सीट के फुट मैट के नीचे एक प्लास्टिक की थैली पाई गई, जबकि पिछली सीट के फुट मैट के नीचे से भी एक और प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। जिन्हें खोलकर देखने पर थैलियों में चिट्टा पाया गया। इसका वजन 30.98 ग्राम था, जिसके बाद पुलिस थाना सुन्नी ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मामले में जांच पूरी कर चालान कोर्ट में पेश किया गया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों से पूछताछ की और वकीलों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों को एलडी विशेष न्यायाधीश शिमला भूपेश शर्मा की अदालत ने दोषी करार दिया और तीनों आरोपी व्यक्तियों पर धारा 21, 29 के तहत अपराध करने पर 4 साल कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।
कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (कीपस) सनवारा में शनिवार को शपथ व अलंकरण समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कक्षा 12वीं के विद्यार्थी सूर्यांश कश्यप को स्कूल कैप्टन, उदयवीर सिंह को खेल कप्तान, पियूष गाबा को वीनस सदन का कप्तान, हर्ष को नेपच्यून सदन का कप्तान, दक्ष चोपड़ा को मार्स सदन का कप्तान, जबकि सुमन पायकरा को अर्थ सदन का कप्तान बनाया गया। इसके साथ-साथ छात्रावास एक का कप्तान दिव्यांशु शुक्ला, जबकि उप-कप्तान तेजबीर सिंह को बनाया गया। छात्रावास दो का कप्तान अभय, जबकि उप-कप्तान शिवम् कौशल को बनाया गया। छात्रावास तीन का कप्तान देवांक कुंडलस, जबकि उप-कप्तान नमन शर्मा को बनाया गया। छात्रावास चाद का कप्तान जतिन ठाकुर और उप-कप्तान मयंक को बनाया गया। छात्रावास पांच का कप्तान सार्थक सूद, जबकि उप-कप्तान पीयूष गाबा को बनाया गया। कनिष्ठ कन्या छात्रावास एक की कप्तान तन्वी ठाकुर और उप-कप्तान प्रियांशी अरोड़ा को बनाया गया। वरिष्ठ कन्या छात्रावास एक की कप्तान गुंताज़ कौर और उप-कप्तान दिव्यांशी खन्ना को बनाया गया। इसी क्रम में जसलीन, रियांश, कुंजल यादव, तनु, पुरंजय, सोनाक्षी पठानिया, अभय, तन्वी ठाकुर, वीरेन गुलिया, जतिन ठाकुर, अमीषी, सूर्यांश कश्यप, मिथिल चंदेल और उदयवीर सिंह को अपनी-अपनी कक्षा का मॉनिटर चुना गया। इसके बाद सभी छात्रों को बैज, टोपी, सैशे आदि से सम्मानित कर शपथ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंत में विद्यालय के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद और उप-प्रधानाचार्या पूनम ठाकुर ने सभी विद्यार्थियों को उनके कर्तव्यों से अवगत करवाते हुए उनको बेहतर परफॉरमेंस के लिए शुभकामनाएं दी।
जिला कुल्लू की लग घाटी के दड़का में एक कार नदी में गिर कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वहीं, इस सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौ*त हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घाय*ल हुए हैं। गंभीर रूप से घाय*ल हुए युवकों का ढालपुर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की छानबीन की जा रही है। कार सवार सभी युवक लग घाटी के रहने वाले हैं। कुल्लू पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार लग घाटी के शालंग से कुल्लू की ओर आ रही थी। तभी अचानक दड़का के पास ड्राइवर का कार पर से नियंत्रण खो गया और कार नदी में जा गिरी। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सभी लोगों को कार से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक एक युवक की मौके पर ही मौ*त हो चुकी थी और तीन युवक गंभीर रूप से घाय*ल हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा इस बारे में पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया गया। घाय*ल युवकों को एंबुलेंस से ढालपुर अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां पर अब घाय*ल युवकों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा मृत*क युवक का श*व को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और अब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर नौ मील के पास बीते शनिवार रात 11:30 बजे एचआरटीसी की चलती बस पर पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान गिर गई। चट्टान बस के अगले हिस्से से टकराई। जिस कारण बस सवार 3 सवारियों को हल्की चोटें आई हैं। इस कारण करीब एक घंटे तक हाईवे बाधित रहा। जानकारी के अनुसार केलांग डिपो की यह बस मनाली से शिमला जा रही थी। भारी बारिश के बीच रात करीब 11:30 बजे नौ मील के पास यह घटना घट गई। बस सवारियों से भरी हुई थी। बता दें कि मंडी से पंडोह के बीच कई जगह भूस्खलन व खतरनाक बिंदु हैं जहां चट्टाने लटकी हुई है।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के इग्नू अध्ययन केंद्र -1140 में जनवरी-2024 सत्र के छात्रों के लिए 22 जुलाई को 3 बजे इंडक्शन मीटिंग का आयोजन होगा। इग्नू अध्ययन केंद्र 1140 के सह-समन्वयक डॉ. संजीव कुमार ने ने बताया कि सत्र जनवरी 2024 में प्रवेश लेने वाले नए छात्रों को इस इंडक्शन मीटिंग में उनके प्रोग्राम एवं कोर्सेज के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी । उन्होंने बताया कि इग्नू की शिक्षण सामग्री विश्वस्तरीय है एवं इसकी डिग्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार की जाती है। इस इंडक्शन मीटिंग में नए पंजीकृत छात्रों को अधिकाधिक संख्या में उपस्थित रहने को कहा है ताकि उन्हें आगे के अध्ययन में किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पडे़। इग्नू एडमिशन 2024 जुलाई सत्र के लिए भी रजिस्ट्रेशन और रि-रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख अब 31 जुलाई है। उम्मीदवार रि-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया onlinerr.ignou.ac.in/ पर जाकर पूरी कर सकते हैं।
प्रदेश के साथ - साथ देहरा विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाएँ बिलकुल चरमरा गई है। फिर बात सिविल अस्पताल देहरा की करें या सी एएच सी हरिपुर की या फिर इसके साथ अन्य किसी पी एच सी की। देहरा में स्वास्थ्य सुविधाएँ अपने निम्न स्तर पर है तथा देहरा में प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति ऐसी बेरुख़ी बहुत पीड़ादायक है यह कहना है भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉ. सुकृत सागर का. डॉ सुकृत ने कहा कि बीते दिन देहरा विधानसभा की सकरी पंचायत के एक नौजवान युवा साथी की सड़क दुर्घटना के उपरांत सी एच सी हरिपुर में समय पर उपयुक्त इलाज न मिलने के कारण मृ*त्यु हो गई जोकि मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक रहा। ऐसी आपातकाल स्थिति में अगर सरकार के स्वास्थ्य संस्थान ऑक्सीजन व अन्य प्राथमिक उपचार ही न उपलब्ध करवा सके तो ऐसे संस्थानों का क्या फ़ायदा। युवक के उपचार में कोई देरी या लापरवाही हुई है तो मैं प्रशासन से इसकी जाँच की माँग करता हूँ। दूसरी तरफ़ विधानसभा के सबसे बड़े अस्पताल देहरा में भी आपातकाल के लिए सुविधाएँ न के बराबर हैं। इस अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर तक नहीं है लोगों को अल्ट्रा साउंड की सुविधा तक नहीं मिल रही है। डॉ सुकृत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर देहरा में लोगों के साथ दोखा किया है।
सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज कक्षा छठी A के छात्रो के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रिंसिपल उषा मित्तल जी ने बताया कि इस प्रतियोगिता के आयोजन में गतिविधि प्रभारी श्रीमती अंजना के मार्गदर्शन में इस प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया| इस प्रतियोगिता के निर्णायक उषा मित्तल, श्री बीर सिंह और श्रीमती सुमिति चंदेल थे| कक्षा छठी के 24 प्रतिभागियों ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में भाग लिया | कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व वैदिक मंत्रों के उच्चारण सहित किया गया l लड़कों में छत्रपति शिवाजी के रूप में मेधांश, मानद संस्थापक प्रबंधक मित्तल सर के रूप में देवांश प्रथम और श्रीराम के रूप में अरमान तथा उधम सिंह के रूप में कृतज्ञ दूसरे स्थान पर रहा| वही कार्तिक, निमित और राजवीर तीसरे स्थान पर रहे। प्रथम - प्रकृति के रूप में पृषा, प्रिंसिपल मैम के रूप में काव्या प्रथम, जीजा बाई के रूप में शमिस्ता, पंजाबन के रूप में वैभव प्रथम स्थान पर रहे। दूसरे स्थान पर प्रांजल एयर होस्टेस के रूप में, अदिति पुलिस अधिकारी के रूप में तीसरे स्थान पर रहे| अर्णव अथवा पूर्णिमा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सर्वश्रेष्ठ संवाद का पुरस्कार तन्वी को दिया गया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताओं के आयोजन से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का अवसर व उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के द्वारा किया गया।
आईटीआई नैहरनपुखर में एक बार फिर युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। आगामी 24 जुलाई को जी.ऍम.पी टेक्निकल मोहाली, ऍम. टी. ऑटोक्राफ्ट परवाणू व नयूरेका टेक्निकल प्राइवेट लिमिटेड मोहाली के लिए अलायन्स जॉब्स द्वारा आई॰टी॰आई॰ नैहरनपुखर में लिखित परीक्षा व कैम्पस इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। कंपनी के एच॰आर॰ विभाग के अधिकारी ने बताया कि 24 जुलाई को होने वाली लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के लिए एन॰सी॰वी॰टी॰ और एस॰सी॰वी॰टी॰ से फिटर, वेल्डर, मोटर मैकेनिक, डीज़ल मैकेनिक, टर्नर, मशीनिस्ट ,ट्रैक्टर मैकेनिक और सभी व्यवसाय मे कोर्स पूरा कर चुके सभी अभ्यर्थी पात्र होंगे। उन्होने बताया कि अलायन्स जॉब्स की तरफ से यह निशुल्क जॉब फेयर है और किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा I कंपनी द्वारा चयनित युवाओं को 12000/- से 22000/- रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। कैम्पस इंटरव्यू में पात्र युवा 24 जुलाई को सुबह नौ बजे अपने मूल प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, आधार कार्ड, पैन कार्ड की प्रतिलिपियों के साथ आई॰टी॰आई॰ नैहरनपुखर कैम्पस में पहुँच जाने चाहिए। इस विषय बारे संस्थान प्रधानाचार्य ई. ललित मोहन ने बताया कि युवाओं की चयन प्रक्रिया में पहले एक लिखित परीक्षा होगी और उसके बाद साक्षात्कार लिया जाएगा। उन्होने बताया कि इस कैम्पस इंटरव्यू में प्रदेश भर के सरकारी व निजी आई॰टी॰आई॰ के छात्र हिस्सा ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संस्थान के ट्रेनिंग व प्लेसमेंट अधिकारी मुकेश कौशल से दूरभाष 01970-292604 व 9418162333 पर संपर्क कर सकते हैं ।
कुल्लू: हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी अब अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। एचआरटीसी रिटायर्ड पेंशनर्स का कहना है कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर बिल्कुल भी गौर नहीं कर रही है, जिसके चलते उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर आज एचआरटीसी रिटायर्ड पेंशनर्स ने ढालपुर में रोष प्रदर्शन किया और डीसी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। एचआरटीसी पेंशनर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सूद ने बताया कि फरवरी माह में भी एक मांग पत्र परिवहन मंत्री को दिया गया था। उस पर भी कोई गौर नहीं किया गया। परिवहन निगम से अब तक 8 हजार सेवानिवृत कर्मचारियों के द्वारा 8 हजार करोड़ रुपए की वित्तीय लेनदारी बाकी है, लेकिन सरकार इस पर बिल्कुल भी गौर नहीं कर रही है। वहीं, कई अन्य विभागों से रिटायर्ड कर्मचारियों को साल 2016 के वेतन मानों के तहत एरियर की पहली किश्त मिल चुकी है, लेकिन परिवहन निगम के पेंशनर अभी तक वित्तीय समस्या से जूझ रहे हैं। अध्यक्ष सुरेंद्र सूद ने बताया कि अब एक बार फिर से सरकार को मांग पत्र भेजा गया है और मांग रखी गई है कि नए वेतनमान का एरियर 5, 10, 15 प्रतिशत क्रमशः 65 वर्ष, 70 वर्ष, 75 वर्ष पूर्ण करने वाले पेंशनर्स को जल्द दिया जाए। पेंशनर को मेडिकल बिलों का भुगतान भी जल्द किया गया जाए और प्रत्येक पेंशनर को अब तक मिलने वाले एरियर की राशि की जानकारी दी जाए. सुरेंद्र सूद ने कहा कि इसके अलावा न्यायालय द्वारा लिए गए फैसलों को लागू करके पेंशनर्स की राशि का भुगतान किया जाए। अगर उसके बाद भी सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो पेंशनर 25 जुलाई के बाद आगामी रणनीति के तहत कार्य करेंगे।
**परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप जिला हमीरपुर में थाना नादौन के तहत तेलकड़ गांव में व्यक्ति की संदिग्ध मौ*त का मामला सामने आया है। मृत*क की पहचान तेलकड़ निवासी रघुवीर सिंह के तौर पर हुई हैं। पिछली रात ही पुलिस ने रघुवीर सिंह के घर पर छापेमारी की थी। रघुवीर के खिलाफ उसके पड़ोसी ने पुलिस में ये शिकायत दी थी कि उसके घर में बंदूक है, जिससे उन्हें जान का खतरा है। हालांकि पुलिस को छापेमारी के दौरान घर से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ हैं। मृत*क के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना किसी सर्च वारंट के उनके घर में छापेमारी की है, जबकि शिकायतकर्ता पहले भी ऐसी कई झूठी शिकायत पुलिस में कर चुका है। परिजनों ने बताया कि बीते देर शाम सात से 9 बजे के बीच में पुलिस ने घर में जांच की, जिसके बाद शुक्रवार रात 9 बजे के करीब रघुवीर ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और जब 15 मिनट बाद परिजनों ने देखा तो वो संदिग्ध अवस्था में मर चुका था। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस रात में 12:30 बजे मौके पर पहुंची। परिजनों का ये भी कहना है कि एसडीएम और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आने के बाद ही श*व को पोस्टमार्टम के लिए सौंपा जाएगा। वहीं, मृत*क के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना सर्च वारंट के उनके घर में छापेमारी की है, जबकि इससे पहले भी कई बार शिकायतकर्ता इस तरह की झूठी शिकायत कर चुका है। परिजनों का कहना है कि पुलिस की छापेमारी से आहत होकर ही रघुवीर ने आत्महत्या की है। हालांकि पुलिस की ओर से आत्महत्या की पुष्टि नहीं की गई है। इस पूरे मामले की पुष्टि हमीरपुर एसपी भगत सिंह ठाकुर ने की और कहा कि आगामी कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू में बने हवाई अड्डों का दृश्य उड़ान नियम यानि विजुअल फ्लाइट रूल्स(वीएफआर) विमानन कंपनियों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। इन हवाई अड्डों पर लैंड करने के लिए पायलटों को 5,000 मीटर की दृश्यता की आवश्यकता होती है, लेकिन खराब मौसम में विजिबिलिटी न मिलने के कारण उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। इसका खामियाजा विमानन कंपनियों और हवाई जहाज से सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में खराब मौसम के कारण शिमला और कुल्लू के लिए एलायंस एयर की ओर से उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों ही एयरपोर्ट वीएफआर हवाई अड्डे हैं, जहां पर 5000 मीटर की दृश्यता की आवश्यकता होती है। लेकिन खराब मौसम के बीच पायलटों के लिए यह दृश्यता नहीं मिल पाती। इसके चलते विमानन कंपनियों को अपनी उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। वहीं इस सदंर्भ में एलायंस एयर विमानन कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि विमानन कंपनी मौसम के आधार पर प्रतिदिन प्लाइट का संचालन और उन्हें रद्द करने की योजना बनाती है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए पहले है, जिसके चलते खराब मौसम के बीच उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया मौसम साफ होते ही इन हवाई अड्डों के लिए नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून बेशक रूठा हुआ है, लेकिन कुछ इलाकों में भारी बारिश हो रही है। ऐसे ही सिरमौर जिले के पावंटा साहिब में गिरिपार इलाके में भारी बारिश हुई है। यहां पर भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड आ गया और बेटी को बचाते- बचाते पिता की मौ*त हो गई। फ्लैश फ्लड में पिता बह गया और उसकी ला*श 10 किमी दूर टौंस नदी में मिली। फिलहाल, पुलिस ने ला*श को कब्जे में ले लिया है। फ्लैश फ्लड में ला*श के चेहरे का कुछ हिस्सा गायब हो गया है। सिरमौर पुलिस ने ला*श मिलने की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र में गिरिपार की डांडा पंचायत का यह मामला है। यहां पर रात को 11 बजे यह घटना पेश आई है। दरअसल, भारी बारिश से रेतुआ गाँव में फ्लैश फ्लड आया और 48 साल का शख्स बह गया। घटना के दौरान शख्स की बेटी साथ थी और किसी तरह पिता ने बेटी को बचा लिया। फ्लैश फ्लड और बारिश की आवाज के बाद पिता और बेटी टॉर्च लेकर घर से निकले थे। पिता की पहचान अमन सिंह पुत्र तेलुराम, डांडा, कालाअंब के रूप में हुई है। पिता यह देखने के लिए घर से निकला था कि कहीं बारिश की वजह से घर और गौशाला को खतरा तो नहीं है। फिलहाल, पिता का श*व 10 किमी दूर टौंस नदी से बरामद किया गया है। पुरुवाला थाने के एसएचओ ने बताया कि पुलिस टीम ने श*व को कब्जे में लिया है। उन्होंने बताया की भारी बारिश के बाद इलाके में फ्लैश फ्लड आया था। पुलिस ने बताया कि श*व की शिनाख्त परिजनों ने की है। उधर, शिमला के मौसम विज्ञान के केंद्र ने बताया कि सिरमौर के नाहन में बीती रात को 60 एमएम बारिश हुई है। पूरे मामले के बाद लोगों में दहशत और रोष है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में बीते कुछ महीनों से अंधाधुंध पेड़ कटान हो रहा है और ठेकेदारों ने जगह-जगह ट्रेक्टर निकालने के लिए बनाई सड़कें बनाई हैं और इस कारण कई जगह खाईनुमा जमीन बन गई और इस कारण लैंड स्लाइड और छोटे छोटे नालों का निर्माण हो गया है।
ट्रैफिक टूरिस्ट एंड रेलवे पुलिस कंदरोड़ी द्वारा नाबालिग वाहन चालकों पर अब शिकंजा कसा गया है । बता दें कि कंदरोड़ी रेलवे चौंकी के प्रभारी विक्रांत ने स्टाफ के साथ इंदौरा डमटाल थाना के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर यातायात चैकिंग नाका लगाकर वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में व सशोदित मोटर वाहन अधिनियम में वर्णित जुर्माने के प्रावधान के बारे में अवगत करवाया तथा बिगड़ैल नवयुवक बाइकराइडर जो बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाते हैं उनके चालान किए गए तथा एल्कोहॉलसेन्सर के साथ देर रात तक वाहनों की चेकिंग की गई ताकी शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके, वही ए.एस.आई विक्रांत ने अभिवावकों से मीडिया के माध्यम से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें अन्यथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199 ( A ) के तहत 25000 रुपए जुर्माना व नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने वाले अविभावक को तीन वर्ष तक सजा का प्रावधान है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में मशहूर श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान लंगर सेवा के लिए जा रहे एक सेवादार की पहाड़ी में गिरने से मौ*त हो गई। मृत*क की पहचान रामपुर के रहने वाले सिद्धार्थ शर्मा (31) के रूप में हुई है। सिद्धार्थ शर्मा अपने पीछे 5 साल की बेटी, गर्भवती पत्नी, माता-पिता और बहन को छोड़ गए हैं। परिजनों का घर पर रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने श*व कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान सिद्धार्थ शर्मा(31) पुत्र विजय शर्मा, निवासी मुख्य बाजार रामपुर भीमडवारी के समीप बराहटीनाला में गिरने से घाय*ल हो गया। इसके बाद घाय*ल को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला ले जाया गया। लेकिन आईजीएमसी में डॉक्टर ने उसे मृ*त घोषित कर दिया। स्थानीय पुलिस की ओर से आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। परिवार के मुताबिक सिद्धार्थ शर्मा श्रीखंड यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए लंगर सेवा के लिए घर से निकला था। सामान ले जाते वक्त गुरुवार दोपहर चढ़ाई चढ़ते वक्त बराहटी नाला के समीप पैर फिसलने के बाद करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घाय*ल हो गया। इसके बाद सिद्धार्थ को सिंहगाड बेस कैंप तक पहुंचाया गया। यहां से गुरुवार रात करीब ढाई बजे उसे घायल अवस्था में निरमंड अस्पताल लाया गया। हालत खराब होने की वजह से डॉक्टरों ने उसे खनेरी अस्पताल भेज दिया। यहां भी जब सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ तो शिमला IGMC रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मृ*त्यु हो गई
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंदरोल सब्जी मंडी में रेडलम, डार्क बेरॉन गाला सेब ने दस्तक दी है। सब्जी मंडी में गाला सेब 221 रुपये प्रति किलो बिका है। गाला सेब को व्यापारी हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। सेब के उम्दा दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। अगस्त के पहले सप्ताह से रॉयल सेब भी मंडियों में आएगा। प्लम, नाशपाती के बाद अब बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। सब्जी मंडी बंदरोल में दुकान नंबर 140 के आढ़ती मोहन ठाकुर ने कहा कि गाला किस्म के सेब की व्यापारियों में खूब डिमांड है। इसके चलते बागवानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पास हुए अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात है। बोर्ड अपनी स्थापना के समय से लेकर अब तक के सभी सर्टिफिकेटों को डिजी लॉकर पर उपलब्ध करवाएगा। इससे अभ्यर्थियों को पुराने सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए बोर्ड कार्यालय के चक्कर काटने से भी छुटकारा मिलेगा। इस संदर्भ में शिक्षा बोर्ड ने एक प्रपोजल तैयार किया है, अगर यह प्रपोजल सिरे चढ़ता है तो सूबे के अभ्यर्थियों को खासी राहत मिलेगी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से 2012 के बाद के सभी सर्टिफिकेटों को डिजी लॉकर पर उपलब्ध करवाया गया है। इससे पहले के कुछ दस्तावेजों की शिक्षा बोर्ड के पास डिजिटल काॅपी है, जबकि अधिकतर दस्ती तौर पर रखे गए हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड 1969 में अस्तित्व में आया। पहले इसका मुख्यालय शिमला में था। जनवरी 1983 में धर्मशाला में स्थानांतरित कर दिया गया। शिक्षा बोर्ड हिमाचल प्रदेश में स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम, निर्देशों के पाठ्यक्रम और पाठ्य पुस्तकें निर्धारित करता है और सूचीबद्ध पाठ्यक्रमों के आधार पर परीक्षाएं आयोजित करता है। वर्तमान में स्कूल शिक्षा बोर्ड 8वीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं और डीएलएड के अलावा एसओएस सहित अन्य कई परीक्षाएं करता है। शिक्षा बोर्ड की ओर से करवाई जाने वाली परीक्षाओं में हर वर्ष ढाई से तीन लाख अभ्यर्थी बैठते हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने डिजी लॉकर पर वर्ष 2012 के बाद सभी सर्टिफिकेट अपलोड किए गए हैं। शिक्षा बोर्ड ने योजना बनाई है कि डिजी लॉकर पर स्थापना के समय से पासआउट हुए अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेटों को भी उपलब्ध करवाया जाए, इसके लिए प्रपोजल भेजा गया है। प्रपोजल के मंजूर होते ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जिला कांगड़ा के ज्वाली के अंतर्गत सिटी केयर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लब का शुभारंभ हुआ, जिससे अब जनता को दूरदराज के अस्पतालों में जाने से निजात मिलेगी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे सहित समस्त टेस्टों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा हिमकेयर व आयुष्मान कार्ड भी अस्पताल में चलेंगे, जिसका मरीजों को पूरा लाभ मिलेगा। अस्पताल में एमडी मेडिसिन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, जनरत्त सर्जन और यूरोलोजिस्ट तैनात हैं, जिनकी मरीजों को 24 घण्टे चिकित्सा सुविधा मिलेगी। अस्पताल में डॉ. एसपी सिंह (एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन), डॉ. दीपक सिंह (एमवीवीएस-एमडी रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. प्रभजोत कौर व डॉ. रोहीन कुमार (एमबीबीएस, एमडी गायनी), डॉ. जसविंदर सिंह (एमवीवीएस इंटरनल मेडिसिन), डॉ. जावेद अहमद भट (एमवीवीएस एमएस), डॉ. आदिल लोन (हड़ी रोग विशेषज्ञ) ने कार्यभार संभाल लिया है। अस्पताल संचालक नीरज यकुर ने बताया कि मरीजों को हर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी । अब दूरदराज के अत्यतात्तों में भटकने से भी निजात मिलेगी तथा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सहित सभी टेस्ट की सुविधा मिलेगी। हिमकेयर सहित आयुष्मान कार्ड की भी सुविधा मिलेगी। हिमाचल सरकार के पेंशनरों व सरकारी कर्मियों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।
शिमला में लोग अब 12 महीने आइस स्केटिंग का रोमांच उठा पाएंगे। जल्द शिमला में ऑल वेदर अत्याधुनिक आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जाएगा। मौजूदा समय में शिमला में आइस स्केटिंग केवल सर्दियों में 3 महीने ही हो पाती है। इस रिंक में प्राकृतिक तौर पर बर्फ जमाई जाती है। ऐसे में यहां आइस स्केटिंग का होना पूरी तरह से मौसम पर निर्भर करता है, लेकिन, अत्याधुनिक आइस स्केटिंग के निर्माण से यहां 12 महीने मशीनों के माध्यम से बर्फ जमाई जाएगी और लोग वर्ष में किसी भी समय आइस स्केटिंग का लुत्फ उठा पाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, टेंडर भरने की आखरी तिथि 8 अगस्त रखी गई है। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि शिमला में अत्याधुनिक आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जाना है। यह निर्माण 42 करोड़ की लागत से होना है। इससे पर्यटक 12 महीने आइस स्केटिंग का लुत्फ उठा पाएंगे। उपायुक्त ने इस संदर्भ में आइस स्केटिंग क्लब के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की। आल वेदर रिंक अत्याधुनिक तकनीक से बनकर तैयार होगा और इसमें बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। रिंक में आईस हाॅकी के अलावा अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। आइस स्केटिंग रिंक पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा आइस स्केटिंग क्लब के आसपास पौधारोपण भी किया जाएगा। वहीं, नई आइस स्केटिंग रिंक में चेंजिंग रूम, रिंक, रोलर रिंक, रेस्तरां, फायर अलार्मिंग सिस्टम, कांफ्रेंस हाॅल, सर्विलांस सिस्टम सहित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्केटिंग सुविधा मुहैया करवाए जाने की योजना प्रस्तावित है।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के लाहलड़ी गांव के अग्निवीर निखिल डडवाल का सैन्य सम्मान शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें नम आंखों के साथ ग्रामीण और सैन्य जवानों ने विदाई दी। सैनिकों ने निखिल को मार्च पास्ट की सलामी दी और फिर श्रद्वाजंलि अर्पित की। हमीरपुर शहर के वार्ड-11 के लाहलड़ी का अग्नवीर निखिल डडवाल कश्मीर के अखनूर में ड्यूटी पर तैनात था। बुधवार को ड्यूटी के दौरान उसकी संदिग्ध मौ*त हो गई थी। पहले परिवार को सेना ने सूचना दी कि निखिल के सिर पर गहरी चोट लगी है, लेकिन बाद में कुछ और बताया। शुक्रवार दोपहर बाद अग्निवीर निखिल का श*व गांव लालहड़ी पहुंचा और कोहराम मच गया। अग्निवीर निखिल डडवाल के पिता और भाई ने पीएम मोदी, राष्ट्रपति से मामले की जांच करने की गुहार लगाई है। पिता दलेर सिंह ने बताया कि फोन पर पता चला कि निखिल को चोट लगी है। उन्होंने यह बताया कि चोट तो लगती रहती है, लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि निखिल की मौ*त हो गई। उन्होंने कहा कि निखिल बहुत मेहनती था। निखिल के पिता ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की जांच और न्याय दिलाया जाए।
मंडी: जल जीवन मिशन यानी इस योजना के तहत हर घर में नल योजना के तहत नल तो लगे लेकिन योजना के अंतर्गत आवंटित पाइपें अब रेलिंग लगाने के काम भी आ रही हैं। ये हैरतअंगेज मामला मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल से सामने आया है। धर्मपुर उपमंडल के तहत कलस्वाई गांव में एक व्यक्ति ने सरकारी पानी योजना में इस्तेमाल होने वाली पाइपों से अपने घर की रेलिंग ही बना डाली। विजिलेंस को जब इस बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई तो टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। व्यक्ति ने अपने घर पर डेढ़ इंच, एक इंच और आधा इंच की करीब 40 मीटर सरकारी पाइपों से रेलिंग लगा रखी थी। प्रारंभिक जांच में विजिलेंस ने चोरी का मामला दर्ज किया है और ऐसा माना जा रहा है कि इन पाइपों को चुराकर इस तरह से इस्तेमाल किया गया है, लेकिन विजिलेंस इसमें कहीं न कहीं विभागीय संलिप्तता को भी नकार नहीं रहा है। ऐसे में हर नजरिए से मामले की जांच की जा रही है। विजिलेंस की टीम अब मामला दर्ज करने के बाद यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि व्यक्ति ने यह पाइपें चुराई थी या फिर किसी विभागीय अधिकारी की मिलीभगत से इन्हें हथियाकर घर में रेलिंग बनाने में इस्तेमाल किया था। वहीं, डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि की है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है। तथ्यों के अनुसार जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। मामले में विभागीय संलिप्तता को लेकर भी जांच पड़ताल की जाएगी। बता दें कि पूर्व प्रदेश सरकार में कद्दावर जल शक्ति मंत्री रहे महेंद्र सिंह ठाकुर धर्मपुर क्षेत्र से संबंध रखते हैं। बतौर मंत्री उन्होंने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल तो पहुंचा ही साथ ही ऐसी-ऐसी योजनाएं बना दी जो कई दशकों तक लोगों को पानी उपलब्ध करवाती रहेंगी। हालांकि उस वक्त विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने यहां पर योजना को लेकर बंदरबांट के भी कई गंभीर आरोप लगाए थे।
पांवटा साहिब: सतौन सड़क पर शुक्रवार शाम सिरमौरी ताल के पास दो बाइक की आपस में टक्कर हो गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौ*त हो गई, जबकि दो घायल हो गए, जिनका पांवटा साहिब अस्पताल में इलाज चल रहा है। 46 वर्षीय धर्म सिंह सतौन से पांवटा साहिब की तरफ आ रहा था और सामने से अन्य बाइक पर 29 वर्षीय निकेश और उसके 63 वर्षीय पिता मदन सिंह आ रहे थे। सिरमौरी ताल के पास दोनों बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में धर्म सिंह की मौ*त हो गई। मामले की पुष्टि डीएसपी अदिति सिंह ने की है।


















































