हिमाचल प्रदेश के कई भागों में मानसून की बारिश का दौर जारी है। राजधानी शिमला में भी सोमवार सुबह झमाझम बारिश हुई। राज्य में सुबह 10:00 बजे तक 70 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। इसके अलावा 84 बिजली ट्रांसफार्मर व 51 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में 14 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 11 व 12 जुलाई को कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल में बारिश जमकर हो रही है। हरियाणा में भी मानसून का आगमन हो चुका है। 1 जून से 7 जुलाई तक सामान्य से करीब 8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान 70.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 78.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। हरियाणा के केवल 10 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं अंबाला, चरखी दादरी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत व यमुनानगर में अभी भी लोगों को मानसून का इंतजार है। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून की वैसी सक्रियता देखने को नहीं मिल रही है। अभी भी खंड बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं 8 जुलाई यानी आज के मौसम की बात करें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश के पश्चिमी, दक्षिणी व उत्तरी हिस्सों पर देखने को मिल सकता है। लोगों को उमसभरी गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है। वहीं हिमाचल में मानसूनी बारिश के चलते पूरा मौसम बदल गया है। लोगों पर एक साथ दो-दो आफत टूट पड़ी हैं। एक तरफ तेज बारिश के कारण भूस्खलन देखने को मिल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में पानी की सप्लाई बंद हो गई है। बीते 24 घंटे के मौसम की बात करें तो कई जिलों में जमकर बारिश हुई तो कहीं केवल बूंदाबांदी ही देखने को मिली।
सेब सीजन के रफ्तार पकड़ने से पहले ही सेब के मालभाड़े की दरें प्रति क्विंटल, प्रति किलोमीटर तय करने से बागवानों को झटका लगा है। पिकअप से सेब की ढुलाई का मालभाड़ा बीते साल के मुकाबले करीब 20 फीसदी तक बढ़ा दिया है। प्रदेश सरकार ने इस सीजन में पहली बार सेब की ढुलाई की दरें प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के आधार पर तय की हैं। हिमाचल में सेब ढुलाई की दरें अब तक पेटी के आधार पर तय होती थीं। उपमंडल से प्रदेश और बाहरी राज्यों की बड़ी मंडियों तक प्रति पेटी के आधार पर प्रशासन ढुलाई की दरें अधिसूचित करता था। इस साल सरकार ने उपायुक्तों को ढुलाई की दरें प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के आधार पर तय करने के निर्देश दिए हैं। बागवानों का कहना है कि पिकअप के किरायों में अनुचित बढ़ोतरी की गई है। सेब उत्पादक क्षेत्रों से सड़कें संकरी होने के कारण 80 फीसदी सेब पिकअप गाड़ियों से ही लोकल मंडियों तक पहुंचाया जाता है। पिकअप के किराये बढ़ने से बागवानों की लागत और फसल को मंडियों तक पहुंचाने का खर्चा बढ़ जाएगा। संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि सेब सीजन के लिए पिकअप का प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर किराये का निर्धारण पुन: किया जाना चाहिए। बीते साल के मुकाबले दरों में करीब 20 फीसदी बढ़ोतरी से बागवानों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा। सोलन और परवाणू सेब मंडी में कारोबार की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। मंगलवार को पूजा-अर्चना के साथ यहां पर कारोबार भी शुरू हो जाएगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों से अर्ली किस्म का सेब पहुंचना भी शुरू हो गया है। जोकि अभी स्थानीय क्षेत्र में ही बिक रहा है। मंगलवार से बाहरी राज्यों के कारोबारी भी मंडी में पहुंचना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए मंडी समिति की ओर से सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। परवाणू सेब मंडी में मंगलवार को चौपाल, करसोग, कुमारसैन और ठियोग से सेब किस्म टाइडमैन और नाशपाती की पहली खेप पहुंचेगी। परवाणू मार्किट कमेटी के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि सेब सीजन को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली हैं।
जनजातीय क्षेत्र लाहौल की कोकसर पंचायत में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पंचायत में एक अगस्त से इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। ग्राम पंचायत की सभा में पांच महिला मंडलों की पहल के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल, पागलनाला, कोकसर, ग्रांफू, राक्षी ढांक, रोहतांग, डोहरनी, छतडु, बातल और चंद्रताल के अलावा पंचायत के अधिकार क्षेत्र में सभी व्यापारिक संस्थानों, दुकानों एवं गांवों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा। अटल टनल की सौगात के बाद कोकसर और सिस्सू पंचायत में पर्यटन कारोबार में भारी उछाल आया है। पंचायत की ओर से कचरा उठाने के लिए चार कर्मियों को से तैनात किया है जो नाकाफी हैं। रविवार को कोकसर पंचायत के महिला मंडलों की पहल पर ग्रामीणों की सभा में सहमति के बाद प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक जिसमें प्रमुख रूप से चिप्स, बिस्कुट, टॉफी, नमकीन के पैकेट, ग्लास, थाली, चम्मच और अन्य प्लास्टिक के प्रयोग पर एक अगस्त से प्रतिबंध रहेगा। कोकसर पंचायत के प्रधान सचिन मिरुपा ने कहा कि ग्राम सभा में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र में सफाई रखने के लिए जगह-जगह सूचना बोर्ड तथा कूड़ेदान लगाए जाएंगे। इसके बावजूद अगर कोई सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग अथवा बेचते हुए पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर बरसात में फिर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन में पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। बारिश से ये पत्थर कभी भी सड़क पर आ सकते हैं। इसके अलावा मलबा गिरने का खतरा भी हर समय रहता है। मलबा और पत्थरों के सड़क पर आने से हाईवे फिर बाधित होने की आशंका है। आने वाले दिनों में बारिश में हाईवे पर चलना खतरे से खाली नहीं है। हालांकि परवाणू से सोलन और सोलन से चंबाघाट तक फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की टीम की ओर से कर्मचारियों की तैनाती की है। यह कर्मचारी जैसे ही भूस्खलन होता है सड़क को सुचारु करेंगे, लेकिन इस बरसात में भी वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हैरत की बात तो यह है कि कई जगह सड़क किनारे बनी ड्रेनेज भी बंद हुई। वहीं, डक्ट में भी मिट्टी घुसी है जिसे अभी तक ठीक नहीं किया है। इस कारण पानी लोगों के घरों में जाने की भी आशंका है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन को लेकर पहाड़ियों की कटिंग की गई है। चक्कीमोड़ में भी पहाड़ी खिसक सकती है। यहां पर केवल पांच मीटर का डंगा लगाया गया है। यह डंगा बड़ी पहाड़ी के लिए नाकाफी है। इसके अलावा जाबली, सनवारा, पट्टामोड़, सोलन-बड़ोग बाइपास, दोहरी दीवार, चंबाघाट, सलोगड़ा, कंडाघाट समेत दर्जन भर ऐसे क्षेत्र है जहां पर पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। गौरतलब है कि हाईवे पर पिछली बरसात के दौरान भी काफी नुकसान हुआ था। चक्कीमोड़ में पूरी सड़क ढह गई थी। इसके अलावा सनवारा और तंबूमोड़ में एक तरफ सड़क ढह गई थी। इसके अलावा कई जगहों पर पहाड़ी से भूस्खलन के मामले भी सामने आए थे। दोहरी दीवार पर भूस्खलन के बाद डंगा भी टूटा था। बीते दिनों हुई बारिश के दौरान भी सड़क पर मलबा और पत्थर गिरे थे। हालांकि अभी बरसात की शुरुआत है। लेकिन पहाड़ियां दरकनी शुरू हो गई हैं। दोहरी दीवार में सुबाथू की ओर जाने वाले रास्ते में भूस्खलन हुआ था। यहां पर पहाड़ी से बड़ा पत्थर सड़क पर आ गया था। इसके अलावा पट्टामोड़ में भी भूस्खलन हाल ही में हुआ है। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर बीती बरसात में ढही सड़क एक वर्ष बाद भी वैसे ही पड़ी है। तंबूमोड़, चक्कीमोड़, सनवारा और पट्टामोड़ में एक लेन से दोनों ओर आवाजाही होती है। आगामी दिनों में यदि बारिश से भूस्खलन होता है तो यहां पर यह लेन भी बंद हो जाएगी। परवाणू-सोलन फोरलेन पर बरसात के मौसम से निपटने के लिए 120 कर्मचारी, छह जेसीबी की तैनात कर दी गई हैं। बरसात में यदि पहाड़ी से भूस्खलन होता है तो तुरंत वहां से मिट्टी हटा दी जाएगी। हाईवे बंद नहीं होने दिया जाएगा।
पिछले साल नौ जुलाई को ब्यास की जल समाधि से बाहर आए पंचवक्त्र मंदिर की सुरक्षा का इस बार कोई भी प्रबंध नहीं किया है। सिल्ट और रेत को भी पूरी तरह से नहीं हटाया जा सका है। मगर मंदिर की क्षतिग्रस्त दीवार और निकले पत्थरों को ठीक कर दिया गया है। मंदिर में नया दरवाज भी लगाया गया है। संबंधित विभाग और पुजारियों का कहना है कि मंदिर को ब्यास की तेजधारा से बचाने का कोई भी फार्मूला काम नहीं कर सकता क्योंकि जब बाढ़ आती है तो वह सब कुछ बहाकर ले जाती है। हालांकि पिछले साल यहां पर मंदिर के लिए बना पुल जो बह गया था वह इस शिवरात्रि को पूरी तरह से तैयार कर सभी की सुविधा के लिए लोकार्पित किया जा चुका है। वहीं मंडी के विश्वकर्मा मंदिर के पास पिछले साल ढही पहाड़ी पर भूस्खलन का खतरा नहीं टला है। इस पर कोई बड़ा डंगा नहीं लग पाया है। इस बार विभाग ने सुरक्षा के नाम पर यहां पर बस पूरी पहाड़ी को तिरपाल से ढक दिया है। पिछले साल नौ जुलाई को थुनाग बाजार में जलजला आया था। उस समय लकड़ी, पत्थर, मिट्टी आने से पूरा बाजार तहस-नहस हो गया था। सभी कारोबारी तबाह को गए थे, मगर अब यह बाजार दोबारा बस रहा है। नए भवनों का निर्माण हो रहा है। दुकानों का भी निर्माण किया जा रहा है। बेशक कारोबारियों और वहां के स्थानीय लोगों के जख्म अभी तक नहीं भरे हैं मगर यहां पर एक बार फिर से यह बाजार नए स्वरूप में नजर आ रहा है। अभी भी यहां पर बरसात में हालात खराब होने से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले साल 13 और 14 अगस्त को बल्ह क्षेत्र में सुकेती ने पूरी घाटी को जलमग्न कर दिया था। हालात इस बार भी नहीं बदले हैं। बरसात में सुकेती में बाढ़ आने की पूरी संभावना रहती है। पिछले साल सुकेती ने मनाली चंडीगढ़ फोरलेन को भी अपनी जलधारा में ले लिया था। उस समय फोरलेन एक नदी के जैसा ही प्रतीत हो रहा था, जबकि पूरी क्षेत्र में लोगों के घर डूब गए थे। इस बार भी कोई हालात नहीं बदले हैं न ही खड्ड का तटीकरण हुआ है।
हिमाचल के स्कूलों में नशे के खिलाफ एंटी ड्रग स्क्वायड बनेंगे। बच्चों को नशे से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नशा विरोधी दस्तों के गठन की घोषणा की है। यह पहल हिमाचल प्रदेश एकीकृत नशा निवारण नीति को लागू करने के प्रयास के हिस्से के रूप में की गई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने सभी उप निदेशकों को स्कूलों में एंटी ड्रग स्क्वायड का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नशा विरोधी दस्ते का नेतृत्व स्कूल के प्रिंसिपल करेंगे। इसमें 2-3 स्टाफ सदस्य और 2 से 3 छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे। छात्र प्रतिनिधियों को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी), अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) या पंचायतों (ग्राम परिषदों) जैसे निकायों से चुना जा सकता है। स्कूलों को ऐसी प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां छात्र-कर्मचारी गुमनाम रूप से किसी भी ड्रग से संबंधित रिपोर्ट कर सकते हैं। मासिक आधार पर जानकारी की एंटी-ड्रग स्क्वायड समीक्षा करेंगे। जरूरी हुआ तो स्क्वायड आगे की जांच और कार्रवाई के लिए पुलिस को जानकारी देंगे। छात्रों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में शिक्षित करने के लिए वाद-विवाद और निबंध लेखन प्रतियोगिता करवाई जाएगी। नशा विरोधी दस्तों को स्कूलों के भीतर, स्कूल आने-जाने के रास्तों और आसपास की दुकानों में संदिग्ध गतिविधि की निगरानी का काम सौंपा जाएगा। वहीं, दस्ते स्कूल समुदाय के भीतर संभावित ड्रग उपयोगकर्ताओं, विक्रेताओं या प्रभावित करने वालों के बारे में भी जानकारी एकत्र करेंगे। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे नशे के मामलों पर राज्यपाल भी चिंता जता चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि युवाओं को नशे की दलदल में डूबने से बचाने के लिए मिलकर सभी को प्रयास करने होंगे। युवा पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों को भी आगे आना होगा और सख्त नियम बनाने होंगे। उन्होंने पुलिस को नशा तस्करों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश भी दिए हैं और स्कूल, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के बाहर नशा बेचने वालों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।
मंडी के पंडोह डैम पर अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की तैयारी हो रही हैं। इससे फायदा यह होगा कि जैसे ही पानी छोड़ने के लिए डैम के गेट खुलेंगे तो बांध स्थल से लेकर मंडी शहर तक हूटर बजेंगे। बीबीएमबी के अधीक्षण अभियंता अजयपाल सिंह ने पंडोह डैम में बीएसएल परियोजना के 48वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, सेंसर आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम का टेंडर लगा दिया गया है। अगले दो महीने में इसे स्थापित किया जाएगा। डैम से लेकर मंडी शहर तक ब्यास नदी के किनारे 6 हूटर लगाए जाएंगे। हूटर न सिर्फ बजेंगे बल्कि इसमें आवाज के माध्यम से संदेश प्रसारित करने का भी प्रावधान होगा। हूटर चारों दिशाओं में सुनाई देगा। इससे पहले हूटर पंडोह डैम और बाजार के आसपास ही बजते थे। इससे उसे मैनुअली बजाना पड़ता था। अब ऑटोमेटिक सिस्टम लगाया जा रहा है। अजयपाल ने स्पष्ट किया, पंडोह कोई स्टोरेज डैम नहीं बल्कि डायवर्शन डैम है। यहां से बग्गी के लिए पानी भेजने के लिए जो टनल बनी है, उससे 8500 क्यूसेक पानी भेजा जाता है। बाकी पानी ब्यास नदी में छोड़ना पड़ता है। लोगों को बरसात के दौरान ब्यास नदी या अन्य सभी प्रकार के नदी नालों से दूर रहना चाहिए। जलस्तर कब बढ़ जाए, यह पता नहीं चलता।
ऑफ सीजन में दिल्ली से शिमला का हवाई जहाज से सफर अब टैक्सी से भी सस्ता हो गया है। गगल से दिल्ली तक करीब 470 किमी सफर हवाई जहाज में सवा से डेढ़ घंटे में पूरा हो रहा है और किराया 2909 से शुरू होकर 4500 रुपये तक है। वहीं, टैक्सी से धर्मशाला से दिल्ली तक का सफर 13 से 17 हजार में पड़ रहा है। ऑफ सीजन में हवाई किराया कम होने से पैसे और समय दोनों की बचत हो रही है। दूसरी तरफ टैक्सी में सफर भी महंगा और समय भी करीब 7-8 घंटे लगता है। निचले क्षेत्रों में स्कूलों में छुट्टियां खत्म होने व बारिश का मौसम शुरू होने के कारण पर्यटन कारोबार में मंदी छा गई है। यहां होटलों में 40 से 50% की छूट होने के बाद भी ऑक्यूपेंसी 30 से 35 % तक ही दर्ज की जा रही है। वहीं, इसी मंदी और ऑफ सीजन का असर हवाई उड़ानों पर भी पड़ा है। पर्यटन सीजन में 15 से 20 हजार रुपये तक रहने वाले दिल्ली-धर्मशाला हवाई रूट का किराया 2909 रुपये से शुरू हो रहा है। हालांकि, टैक्सी में 13 से 17 हजार रुपये में चार लोग दिल्ली पहुंच सकते हैं, लेकिन उसमें समय अधिक लगेगा, जबकि हवाई जहाज मात्र सवा से डेढ़ घंटे में ही दिल्ली पहुंचाएगा।
हिमाचल प्रदेश: तीन हलकों में होने जा रहे उपचुनाव के लिए आज चुनाव प्रचार थम जाएगा। 10 जुलाई को मतदान होना है और नतीजे 13 जुलाई को आएंगे। तीन विधानसभा सीटों के 2 लाख 59 हजार, तीन सौ चालीस मतदाता प्रत्याशियों के किस्मत का फैंसला करेंगे। आज अंतिम दिन है तो ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने फील्ड में सक्रियता बढ़ा दी है। इस समय देहरा हॉट सीट बनी है। इस विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश चुनाव मैदान में हैं। वहीं, भाजपा ने निर्दलीय विधायक होशियार सिंह को ही प्रत्याशी बनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को देहरा और हमीरपुर में मोर्चा संभालेंगे, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री विक्रमादित्य सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नालागढ़ में होंगे। कांग्रेस के केंद्रीय नेता सचिन पायलट भी सोमवार को नालागढ़ आ रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल देहरा, सांसद अनुराग ठाकुर हमीरपुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर नालागढ़ में डटेंगे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. श्रीकांत शर्मा तीनों उपचुनावों के प्रचार का मोर्चा संभाले हैं। हमीरपुर हलके में भाजपा के प्रत्याशी आशीष शर्मा और कांग्रेस के डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा चुनाव मैदान में हैं। वहीं, नालागढ़ विधानसभा सीट की बात करें तो भाजपा ने निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस के इंटक के प्रदेशाध्यक्ष रहे हरदीप सिंह बावा चुनाव मैदान में हैं। उधर, इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी हरप्रीत सैनी में चुनावी मैदान में है।
**कहा जनता ही बोल उठी, देहरा होशियार सिंह ही तेरा भाजपा के कद्दावर नेता, पांच बार के विधायक रहे व पूर्व में मंत्री ठाकुर रविंद्र सिंह रवि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि वे उपचुनावों में भाजपा प्रत्याशियों की फिक्र करने की बजाए अपनी सरकार की फिक्र करें जो जल्द गिरने वाली है। उन्होंने का कि कांग्रेस सरकार का गणित मुख्यमंत्री सुक्खू की वजह से बिगड़ चुका है। प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है तब से सुक्खू सरकार का गणित उल्टा ही चल रहा है। उन्होंने कहा कि देहरा विधान सभा क्षेत्र में सुक्खू व उनके विधायक घटिया भाषा शैली का प्रयोग कर रहे हैं। सुक्खू ने पत्नी की जीत को लेकर देहरा में जो आतंक का माहौल बनाया हुआ है उसे जनता देख व भुगत रही है। जनता इसका बदला 10 जुलाई को लेने के लिए तैयार बैठी हुई है। रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि देहरा से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह एक कद्दावर नेता के रुप में उभर कर जनता के सामने आए हैं। देहरा की जनता ने दो बार उन्हें भारी बहुमतों से अपना विधायक चुना है तथा देहरा उपचुनाव में होशियार सिंह की जीत फिर से तय है। देहरा की जनता सुक्खू सरकार के लालच में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सुक्खू प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने हैं जिनके उपर लगातार खतरा मंडराया हुआ है। उन्होनें कहा कि सुक्खू अपनी जनसभाओं में अपमानजनक भाषण दे रहे हैं। भाजपा नेता रवि ने कहा कि सुक्खू सरकार ने प्रदेश के विकास को पूरी तरह से ठप कर दिया है। सुक्खू अपनी मित्र मंडली को लाभ पहुंचाने में लगे हुए हैं। सुक्खू झूठ के ठेकेदार के रुप में उभरकर सामने आए हैं। वे लोेगों को ऐेसे सपने दिखा रहे हैं जो कभी पूरे होने वाले नहीं हैं। उन्होनें कहा कि होशियार सिंह देहरा की जनता के दिलों में राज करते हैं। देहरा की जनता जानती है होशियार सिंह ने देहरा के लिए किया तथा 15 माह में सुक्खू सरकार ने क्या किया । उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद न तो सुक्खू और न ही उनकी पत्नी कभी दजर आएंगी। इस लिए जनता बोल उठी है देहरा होशियार सिंह ही तेरा।
माँ शूलिनी सेवा ट्रस्ट, हंगर डिफेंस आर्मी और सोल फ्रोम हिल्स द्वारा 7 जुलाई,रविवार को सोलन शहर के आस पास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान में सौ से अधिक पेड़ लगाए गए। यह वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत सोलन शहर के मोहन पार्क से की गई जिसमें ट्रस्ट के स्वयंसेवकों द्वारा बान, देवदार और पीपल के पेड़ लगाए गए। शहर में देखा जा सकता हैं कि वनों की काफी कटाई की गई है जो की पर्यावरण में असंतुलन पैदा कर रहा है और उससे मानव जीवन को खासकर हमारी आगे आने वाली पीढ़ी के लिए खतरा काफ़ी बढ़ गया है। जिससे बचने के लिए लोगो को जागरूक होना पड़ेगा और अधिक पेड़ पौधे लगाने पड़ेंगे। इस वृक्षारोपण में ट्रस्ट के सभी सदस्य मौजूद रहे और लोगों से पेड़ लगाने की अपील की। और बताया की हमारे जीवन में और जंगल में रहने वाले जानवरों के लिए पेड़ो की क्या महत्वता है इसलिए सबको अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि पर्यावरण को सुंदर और रहने योग्य बनाया जाए।
आयुष विभाग के तत्वावधान में उपमंडलीय आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. शरद चंद्र त्रिवेदी के निर्देशानुसार वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जाँच हेतु एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सुरड़वां में किया गया। जिसमें डॉ. रेणुबाला शर्मा, ए.पी.ओ. प्रतिभा शर्मा, टहल सिंह, रमेश सिंह आदि की चिकित्सीय टीम ने वयोवृद्ध रोगियों के रक्तचाप, मधुमेह व रक्ताल्पता की नि:शुल्क जाँच की व उन्हें औषधि वितरित की। इस दौरान योग प्रशिक्षक रवि कुमार ने रोगानुसार सभी को यौगिक क्रियाएं व प्राणायाम करवाया। इस दौरान 21 रोगियों के स्वास्थ्य की जाँच की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने देहरा, हमीरपुर व नालागढ़ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उप-चुनावों के दृष्टिगत 10 जुलाई, 2024 को प्रातः 7 से सायं 6.30 बजे तक किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल के आयोजन, प्रकाशन तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने बताया कि मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व की अवधि के दौरान किसी भी चुनाव संबंधी सामग्री, ओपिनियन पोल के परिणाम अथवा अन्य किसी भी प्रकार के सर्वेक्षण के प्रसारण पर भी प्रतिबन्ध रहेगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने द टाईम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सहायक सम्पादक आनन्द बोध के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ। राज्यपाल ने कहा कि आनन्द बोध ने पत्रकारिता के क्षेत्र में समर्पण से कार्य किया तथा समाज से जुड़े अहम् मुद्दों को समाचार पत्र के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि बोध राज्य के विभिन्न समाजहित से जुड़े मुद्दों एवं राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में गहन समझ रखते थे। पत्रकारिता जगत में उन्हें तथ्य आधारित पत्रकारिता के लिए सदैव याद रखा जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि आनन्द बोध का निधन समाज के लिए विशेष तौर पर मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आनन्द बोध के आकस्मिक निधन को मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि बोध हिमाचल से संबंध रखते थे तथा उन्होंने राज्य में पत्रकारिता के क्षेत्र में लम्बी सेवाएं दी हैं, इस कारण उन्हें हिमाचल से जुड़े मुद्दों की गहन समझ थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोध ने हिमाचल के हितों से जुड़े अनेकों मुद्दों को समाचार पत्र के माध्यम से लोगों के बीच रखा, जिससे उनका हिमाचल के विकास के प्रति समर्पण दिखता है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
**ओपीएस के लिए जयराम ने कर्मचारियों को दी थी चुनाव लड़ने की चुनौती **भाजपा ने नोट के दम पर रची चुनी हुई सरकार को गिराने की साज़िश **मुख्यमंत्री ने देहरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के लिए प्रचार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा ने धनबल के अहंकार में जनता की ताक़त को कुछ नहीं समझते। पहले उन्होंने पुरानी पेंशन प्राप्त करने के लिए सरकारी कर्मचारियों को चुनाव लड़ने की चुनौती थी और फिर विधानसभा में कहा कि इस सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार गिराने की साज़िश में कांग्रेस पार्टी के छह बागी विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा का साथ दिया, लेकिन जनता ने धनबल की राजनीति को नकार कर कांग्रेस विधायकों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार निर्दलीय विधायक अपना इस्तीफ़ा स्वीकार कराने के लिए धरने पर बैठे और कोर्ट गए। इसकी असली वजह भाजपा से डील की रुकी हुई दूसरी किश्त थी। इस्तीफ़ा स्वीकार होने के बाद अब होशियार सिंह समेत तीनों निर्दलीय विधायकों को अटैची मिल चुकी है। होशियार सिंह ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के सम्मान को भाजपा के पास गिरवी रखा और अब देहरा की जनता इस अपमान का बदला लेने को तैयार है। उन्होंने कहा कि देहरा से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह अब उस धन से जनता को वोट ख़रीदने का प्रयास करेंगे, लेकिन जनता विकास को चुनेगी और कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर को भारी मतों से विजयी बनाएँगे। मुख्यमंत्री आज देहरा विधानसभा क्षेत्र के खैरियां, बौंगता, बाड़ी, शिवनाथ, ध्वाला, ठाकुरद्वारा, मूहल, रजोल और देहरा में कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा देहरा में होशियार सिंह सिर्फ वोट की राजनीति करने में व्यस्त रहे और क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया। होशियार सिंह की अपनी गृह पंचायत के लोग भी विकास को तरस रहे हैं। उनकी प्राथमिकता अपने रिजॉर्ट को काम पूरा करना है और विकास से उनका कोई लेना देना नहीं है। छह महीने पहले जब वह हरिपुर आए तो निर्दलीय विधायक की हर माँग को पूरा किया, लेकिन काम न होने का आरोप लगाकर वह भाजपा की साज़िश में शामिल होकर अपनी विधायकी बेच डाली। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार से निर्दलीय विधायक को दिक्कत थी तो भाजपा के साथ बैठ जाते, उप-चुनाव का बोझ जनता पर क्यों डाला। विपक्ष में बैठ कर होशियार सिंह कैसे अपने क्षेत्र का विकास कैसे करवाएँगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ता भी होशियार सिंह का साथ नहीं देंगे क्योंकि विधायक रहते हुए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि होशियार सिंह ने देहरा की जनता से बिना पूछे इस्तीफ़ा दिया और अब दोबारा साढ़े तीन साल के लिए विधायक बनने को वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और देहरा की समस्याओं का समाधान भी करेगी। होशियार सिंह की बुद्धि भ्रष्ट होने से देहरा की तक़दीर बदल गई है और एक साल के भीतर देहरा की तस्वीर कांग्रेस सरकार बदल देगी। पौंग बांध विस्थापितों की मदद के लिए अगर क़ानून भी बदलना पड़ा तो क़ानून भी बदल देंगे। देहरा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा एसई (लोक निर्माण विभाग) का कार्यालय भी खोला जाएगा, जिसकी अधिसूचना चुनाव के बाद जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली बार कांग्रेस पार्टी ने निचले क्षेत्र से एक आम परिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही कांग्रेस सरकार ने राज्य के संसाधनों की लूट को बंद करने के लिए प्रयास किए और एक वर्ष में ही 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये पेंशन प्रदान कर रही है और इस योजना के तहत अब तक तीन किश्तों के 4500 रुपए वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत गरीब विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर 20 लाख रुपये का कर्ज़ उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अनाथ बच्चों की देखभाल तथा उनकी शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना आरंभ की है और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि विधवा महिलाओं के 27 वर्ष के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार ही वहन कर रही है। गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है और प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले गेहूं को 40 रुपए तथा मक्की को 30 रुपए प्रति किलो की दर से ख़रीदा जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक संजय रतन, अजय सोलंकी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कांगड़ा: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने देहरा विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में बीजेपी पार्टी प्रत्याशी होशियार सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने सीएम सुक्खू पर जमकर हमला बोला। सांसद ने कहा देहरा में कांग्रेस आपसी अंतर्कलह से जूझ रही है। कांग्रेस के देहरा से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राजेश शर्मा ने जो आरोप सीएम सुक्खू पर लगाए हैं वह बहुत गंभीर हैं। कांग्रेस को जब देहरा में चुनाव लड़ने के लिए कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला तो कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार को यहां से टिकट देने का काम किया। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा जिसको नादौन ने नकारा उसे देहरा भी कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव में सीएम के गृह विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी को लीड मिली थी और यही कुछ देहरा उपचुनाव में होगा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी का देहरा से कोई संबंध नहीं है। प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा लिए गए कर्ज पर सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कांग्रेस ने डेढ़ साल में 25 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर प्रदेश पर कर्ज का बोझ 95 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। कांग्रेस ने प्रदेश को कुछ नहीं दिया बल्कि यहां चल रहे संस्थानों व अन्य सुविधाओं को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कांग्रेस ने अपने मित्रों को लाभ पहुंचाने के अलावा बीते 18 महीनों में कुछ नहीं किया। इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने कहा बीते साल हिमाचल में आपदा आई थी तब लोगों ने कांग्रेस का असल चरित्र देखा था। मोदी सरकार ने राहत के लिए तुरंत ₹1762 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश के लिए मुहैया करवाए थे। मनरेगा के तहत हजारों करोड़ रुपये दिए गए। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 2700 करोड़ रुपये दिए गए। इसके साथ करीब 20 हजार ग्रामीण आवास भी दिए गए लेकिन कांग्रेस की सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने की जगह भाई-भतीजावाद की राजनीति की।
2008 बैच के एचएएस अधिकारी श्रवण मांटा, जो वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक के रूप में सेवारत हैं, को हिमाचल प्रशासनिक अधिकारी संघ (एचएएस) का अध्यक्ष चुना गया तथा प्रशांत सिरकेक, जो कि हिपा के अतिरिक्त निदेशक के रूप में सेवारत हैं, को शनिवार को हाइब्रिड मोड के माध्यम से आयोजित संघ की वार्षिक आम सभा की बैठक में महासचिव चुना गया। एचएएस संघ एचएएस अधिकारियों का एक पंजीकृत निकाय है, जो सेवा के मानक और सेवा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सुझावात्मक भूमिकाओं के साथ-साथ सेवा अधिकारियों की सेवा शर्तों, कैरियर की प्रगति और कल्याण की देखभाल करता है। एचएएस अधिकारी राज्य के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आपदाओं के दौरान अधिकारियों की भूमिका अनुकरणीय थी। पिछले साल हुई आपदा के दौरान सेवा अधिकारियों द्वारा 20 लाख से अधिक का योगदान दिया गया था।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने द टाईम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सहायक सम्पादक आनन्द बोध के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री बोध ने अपना जीवन पत्रकारिता के उच्च सिद्धान्तों को बनाए रखने के लिए समर्पित किया है। आज श्री बोध का इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पत्रकार के नाते उन्हें भी आनन्द बोध सहित वरिष्ठ एवं समर्पित पत्रकारों के साथ काम करने का मौका मिला, जिससे उन्हें पत्रकारों द्वारा जनता को जागरूक करने के प्रयासों के पीछे के संघर्ष को जानने का अवसर भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि बोध ने बतौर पत्रकार हिमाचल के महत्त्वपूर्ण मुद्दों को बखूबी जनता के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आनन्द बोध सदैव तथ्य पर आधारिता पत्रकारिता के पक्षधर रहें, जिसके कारण उन्होंने पत्रकारिता क्षेत्र में सम्मान पाया। उनका जाना पत्रकारिता क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर तथा निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क राजीव कुमार ने द टाईम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सहायक सम्पादक आनन्द बोध के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बोध को हिमाचल के पत्रकारिता जगत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा। आज उनका इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ। उन्होंने कहा कि आनन्द बोध को तथ्य आधारित पत्रकारिता एवं हिमाचल के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए सदैव याद किया जाएगा। उनका जाना पत्रकारिता क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश की तीनों विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत हासिल कर रही है। हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के मतदाताओं का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और लोग प्रदेश में कांग्रेस सरकार को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। तीन उपचुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 41 होने जा रही है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि भाजपा का कोई भी राजनीतिक दांव अब प्रदेश में चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में उपचुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है और इससे वह कभी भी दोषमुक्त नहीं होगी। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि तीनों पूर्व निर्दलीय विधायकों ने अपने मतदाताओं के उस भरोसे को तोड़ा है, जिसके लिए उन्होंने उन्हें चुना था। इसलिए उन्हें अब क्षेत्र के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि इन तीनों पूर्व विधायकों को लोगों से अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा है कि अब चुनाव के तीन दिन शेष हैं। मतदाताओं को सचेत करते हुए पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करना है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस बहाल कर व महिलाओं को 1500 रुपए की सम्मान राशि जारी कर अपनी गारंटी को पूरा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस जनहित के प्रति पूरी तरह समर्पित है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि भाजपा झूठी बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। लोग भाजपा की नीति व नियत से भली भांति परिचित है। सत्ता हथियाने के लिए प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस सरकार को जिस प्रकार से अस्थिर करने की कोशिश की गई थी वह प्रदेश के लोकतंत्र व जनमत का अपमान था जिसे कभी सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह मजबूत है जो अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार शाम हमीरपुर में कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा को पूरा मान-सम्मान दिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली रैली हमीरपुर में की, उनके घर सुबह का नाश्ता किया। उनके काम किए, हमीरपुर बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू करवाया। हमीरपुर में चीफ इंजीनियर इलेक्ट्रिकल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय, परिवहन अपीलेट प्राधिकरण का कार्यालय खोला। गांधी चौक का सौंदर्यीकरण किया, हमीरपुर शहर में बिजली की तारों को हटाने के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए। बावजूद इसके आशीष शर्मा बिक गए। सुक्खू ने कहा कि हमीरपुर के तीन विधायकों ने हमीरपुर जिला के मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार को हटाने का षड्यंत्र भाजपा के साथ मिलकर रचा। यह वही लोग हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को सुजानपुर में हराने की साजिश रची थी। ये लोग हमीरपुर विरोधी हैं, अपने जिला का मुख्यमंत्री नहीं चाहते। दुख होता है जब अपने जिले के तीन विधायक गद्दारी करें और अन्य जिलों के विधायक कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। 34 विधायकों की ताकत से आगे बढ़े और आज हमारे विधायकों की संख्या बढ़कर 38 हो चुकी है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार अभी साढ़े तीन साल और है। पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा बहरूपिया हैं, उन्होंने जनता के स्वाभिमान व अपने ईमान को भाजपा की राजनीतिक मंडी में बेचा है। उन्होंने अपने जिले के मुख्यमंत्री को धोखा दिया। वह सच्चा जनसेवक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 महीने में क्षेत्र का विकास नहीं किया, अपने लिए 140 करोड़ के ठेके लिए। सारा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जा चुका है, कोई भी आरटीआई ले सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने देहरा में कहा कि होशियार सिंह विधायक बनने के लिए नहीं, अपने अधूरे रिजॉर्ट का काम पूरा कराने के लिए वोट मांग रहे हैं। छह महीने पहले उन्होंने देहरा आकर क्षेत्र के लिए घोषणाएं कीं और अब कह रहे हैं कि उनके काम कांग्रेस सरकार में नहीं हो रहे थे। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने देहरा के मतदाताओं से एक बार पूछा तक नहीं। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में 20 प्रतिशत का सुधार लाकर 2200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है।
जिला पुलिस नूरपुर ने थाना जवाली के अधीन ताहलियां में एक ट्राले से अवैध शराब की खेप पकड़ी है। प्राप्त जानकारी अनुसार ट्राला 32 मील से जवाली की तरफ आ रहा था कि हेड कांस्टेबल सुग्रीव सिंह व केवल सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा लगाए गए नाके में बीती रात ताहलियां में एक ट्राले को रोका गया तो ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। ट्राले में करीबन 33 पेटी देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने ट्राला व शराब को कब्जे में ले लिया है और चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने ट्राला से ताहलियां में 33 पेटी अवैध शराब पकड़ी है। चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
मंडी शहर में शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी पेयजल के लिए हाहाकार मचा रहा। हालात यह है कि प्राकृतिक जल स्रोतों पर लोगों की भीड़ लग रही है। सुबह-शाम लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। मानसून की पहली ही बारिश से मंडी शहर की करीब 84 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई ऊहल पेयजल योजना हांफ गई है। करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद बरसात में गाद भरने जैसी स्थिति से निपटने और निर्बाध पेयजल मुहैया करवाने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए जा सके हैं। बरसात की शुरूआत में ही महत्वपूर्ण पेयजल योजना के हांफने से मंडी शहर के लोगों में भारी आक्रोश है। योजना के ठप होने से लगातार तीसरे दिन भी पेयजल की सप्लाई न मिलने से शहर में स्थिति बिगड़ने लगी है। लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। इससे दिनचर्या के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, ऐसे में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। बावड़ियों और अन्य स्रोतों पर भी पानी के लिए लोगों की कतारें लग रही हैं। मंडी शहर के जैंचू नौण, शिवा बावड़ी, स्कूल बाजार, पैलेस कालोनी, पुलघराट आदि स्थानों पर शनिवार को दिनभर पानी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। शहरवासियों में अशोक कुमार, रचना, रीता देवी, राजेश ठाकुर, नरेंद्र सैणी, राकेश, संजीव कुमार, निशांत, ओम प्रकाश, शिवम, धर्मचंद, रेखा आदि ने बताया कि पेयजल के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। विभाग को चाहिए कि बरसात में पेयजल के लिए पुख्ता इंतजाम करें। बारिश के कारण बरोट से लगातार पानी ऊहल नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी के आर-पार बनी ट्रेंच वीयर में बार-बार गाद भर रही है। ट्रेंच वीयर में लगा ट्रैश रैक बंद हो रहा है। इसे साफ करने के लिए कर्मचारी को ट्रेंच वीयर में उतरना पड़ेगा, जिसकी इस समय गहराई 4 से 5 फीट है। इसके ऊपर तीन से चार फीट पानी की गहराई है। ऐसे में इसकी अभी सफाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। शहर के कुछ इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था से पेयजल सप्लाई देने का प्रयास किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना को लेकर युवतियां और महिलाएं उत्साहित हैं। योजना के तहत 1500 रुपये के फार्म जमा करवाने के लिए इन दिनों जिला कल्याण कार्यालय (डीडब्लयूओ) में महिलाओं की लाइनें लग रही हैं। जिला कल्याण कार्यालय में शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी के तहसील कल्याण कार्यालय हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करवाने पहुंच रही हैं। कई बार महिलाओं की संख्या अधिक होने से लाइनें कार्यालय के बाहर तक पहुंच रही हैं। जिला कल्याण विभाग के मुताबिक 17 मार्च से 30 जून तक जिलाभर से करीब 70,532 आवेदन मंजूरी के लिए पहुंचे हैं। इसमें चौपाल से सबसे ज्यादा 11,891, ठियोग से 9,377 और रोहड़ू से 7,167 आवेदन आए हैं। इसके अलावा रामपुर से 7,093, चिड़गांव से 5,724, कुमारसैन से 5,707, शिमला ग्रामीण से 5,652, कोटखाई से 4,500, जुब्बल से 4,189, सुन्नी से 3,779, ननखरी से 3,625, शिमला शहरी से 1,281 और डोडरा-क्वार से 547 आवेदन आए हैं। अब आवेदनों की छंटनी की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें भी लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी केआर चौहान के मुताबिक योजना के तहत महिलाओं के आवेदनों की छंटनी प्रक्रिया जारी है। सुख सम्मान निधि योजना के तहत जिले में करीब 2,569 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। महिलाओं को अप्रैल से जून तक के प्रतिमाह 1500-1500 रुपये जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने 14 जून को जिले में करीब 2,569 महिलाओं को योजना के तहत तीन माह की राशि एकमुश्त जारी कर एक करोड़ 15 लाख 60 हजार 500 रुपये की धनराशि वितरित की थी। विभाग के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले (16 मार्च तक) फॉर्म जमा करवाने वाली महिलाओं को यह राशि जारी की है।
मंडी: शनिवार को मंडी शहर के टाउन हॉल में दो दिवसीय सातवां नेशनल स्वात फेडरेशन कप शुरू हो गया है। इस फेडरेशन कप का शुभारंभ नगर निगम के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने किया। स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में 12 राज्यों हिमाचल, पंजाब, बिहार, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, चंडीगढ़, राजस्थान और दिल्ली के 250 महिला व पुरुष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में अवल्ल रहने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दमखम दिखाने का मौका मिलेगा। इस मौके पर नगर निगम मेयर ने मंडी में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता करवाने के लिए स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन का शुक्रिया अदा करते हुए इंडोनेशिया में कांस्य पदक जीतने वाले मंडी के वरुण वालिया को भी बधाई दी। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की। वहीं, प्रेसिडेंट ऑल इंडिया स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग हंसराज ने बताया कि वह पिछले 8 सालों से पूरे देश में 6 लाख बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखा चुके हैं। इस प्रतियोगिता के बाद नेशनल चैंपियनशिप करवाई जाएगी, जिसमें अवल्ल रहने वाले खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता के पहले दिन आयोजित मुकाबलों में हिमाचल के मंडी जिला के 3 बॉक्सर, 2 महिला खिलाड़ी होमानी और वरूणिका और एक पुरुष खिलाड़ी वरुण सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों ने भी बॉक्सिंग रिंग पर खूब पसीना बहाया। इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद वीरेंद्र सिंह आर्य, स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन के संस्थापक सुखविंद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष हंस राज, राष्ट्रीय महासचिव परमजीत कौर व हिमाचल राज्य के महासचिव संतोष कुमारी व अन्य मौजूद रहे।
पुलिस थाना इंदौरा के तहत एक अज्ञात व्यक्ति का श*व बयास नदी स्थित घण्डरां में मिला है। पंचायत प्रधान जुगल किशोर ने इस संदर्भ में पुलिस को सूचित किया, जिस पर अतिरिक्त प्रभारी पुलिस थाना इंदौरा नरेश कुमार पुलिस दल सहित घटनास्थल पर पहुँचे व श*व को कब्जे में लेकर छानबीन शुरु कर दी। जानकारी के मुताबिक श*व निर्वस्त्रअवस्था में नदी में पड़ा हुआ था, ऐसे में उसकी ह*त्या कर श*व फेंके जाने के भी अनुमान लगाए जा रहे हैं। वहीं डी.एस.पी. विशाल वर्मा ने बताया कि पुलिस ने श*व को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल नूरपुर भेज दिया है। श*व की शिनाख्त नहीं हो पाई है। श*व को पहचान हेतु सिविल अस्पताल नूरपुर में अगले 72 घण्टों के लिए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच कर रही है।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के दृष्टिगत मतदान केन्द्र 87 दत्तोवाल-2 जो राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल (पश्चिमी भाग) में जर्जर हालत में स्थित था, स्कूल प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया है। अब इस मतदान केन्द्र को राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल के परिसर में ही स्थित दूसरे भवन (दक्षिण भाग) में परिवर्तित किया गया है। इस बारे में ज़िला निर्वाचन अधिकारी की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा आज के समय की मांग है और इसके संवर्धन के लिए आने वाले समय प्रदेश सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। ज्वालामुखी में आज शनिवार को आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने यह बात कही। आयुष मंत्री ने बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए विभाग के बेहतर संचालन हेतु अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस दौरान ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन भी उपस्थित रहे। यादविंद्र गोमा ने कहा कि आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार आने वाले समय में आवश्यक कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक प्रशासनिक उपमंडल में आयुष विभाग का उपमंडल है। वहीं ज्वालामुखी उपमंडल फिलहाल देहरा आयुष उपमंडल के अन्तर्गत ही आता है। गोमा ने कहा कि ज्वालामुखी को आयुर्वेदिक उपमंडल बनाने की दिशा में विचार किया जा रहा है और इस दिशा में सरकार द्वारा जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद यहां उपमंडलीय आयुष अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी। यादविंद्र गोमा ने कहा कि आज केवल भारत ही नहीं अपितु पूरा विश्व आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बड़ी आशा की दृष्टि से देख रहा है। आयुर्वेद आज के युग में दुनिया के लिए बड़ा वरदान साबित हो सकता है, इसके लिए इससे जुड़े लोगों को अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश पर प्रकृति की अनंत कृपा होने की वजह से यहां आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के संवर्धन की भरपूर संभवानाएं हैं। इसके लिए सरकार हर क्षेत्र में आयुष विभाग से जुड़े संस्थानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। आयुर्वेदिक संस्थानों में व्यवस्थाओं को दुरुस्थ करने का कार्य किया जाएगा, जिससे प्रदेश में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा। आयुष मंत्री ने इस दौरान विभागीय अधिकारियों की समस्याओं और सुझावों को सुनते हुए, इन पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सीएम सुक्खू विभाग की आवश्यकताओं को बखूबी समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आने वाले समय में विभाग में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में काम हो रहा है। आमजन के प्रति आयुष विभाग की जिम्मेदारियों सहित विभाग के चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की अपेक्षाओं को लेकर भी सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाएगी। इस अवसर पर ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन ने कहा कि आज के समय में आयुर्वेद के प्रति लोगों का रूझान बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों को और अधिक अनुसंधान करके लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में बहुत सी दुर्लभ जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को इनका दोहन कर प्रदेश में ही आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण के दिशा में कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मंत्री यादविंद्र गोमा के सहयोग से ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में भी आने वाले समय में आयुर्वेदिक संस्थानों के निर्माण और सुधारिकरण की दिशा में तेज गति से कार्य होगा। इस दौरान आयुष विभाग में ओएसडी डॉ. सुनीत पठानिया, जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजीव भारद्वाज, एसडीएएमओ देहरा डॉ. अरूण शर्मा, डॉ. सोनिका शर्मा, अध्यक्ष नगर परिषद ज्वालामुखी धर्मेंद्र शर्मा सहित विभाग के अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज देहरा विधानसभा क्षेत्र के लुदरेट, नंदपुर भटोली, जलरियां, गुलेर, गठूटर तथा भटोली फकोरियां में कांग्रेस पार्टी के पक्ष में ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार किया और पार्टी प्रत्याशी कमलेश ठाकुर के पक्ष में वोट माँगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसी भी पौंग बांध विस्थापित परिवार को भूमिहीन नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस मामले को देखेंगे और क़ानून भी बदलना पड़ा तो क़ानून बदल देंगे, लेकिन विस्थापितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 से 20,722 प्रभावित परिवार न्याय की आस में दर-दर भटक रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ लेकिन अब कांग्रेस सरकार उनकी समस्याओं को सुलझाएगी। उन्होंने कहा कि देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह केवल छह साल तक अपने विकास में लगे रहे और देहरा की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। कभी कल्पना भी नहीं की कि देहरा इतना पिछड़ा होगा और लोगों को बिजली, पानी और सड़क की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देहरा अब हमारा हो चुका है और यहां की समस्याओं का समाधान करना मेरा दायित्व है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता होशियार सिंह अपना इस्तीफ़ा मंज़ूर कराने को धरना देने की बजाय देहरा की समस्याओं के लिए धरना प्रदर्शन करते। लेकिन पूर्व विधायक एक चुनी हुई सरकार को गिराने की षड्यंत्र में शामिल हो गए और भाजपा की राजनीतिक मंडी में बिक गए। एक महीने तक होशियार सिंह पंचकूला, गुड़गाँव तथा हरिद्वार के महँगे होटलों में देहरा से बाहर रुके रहे। उन्होंने कहा कि इस्तीफ़ा मंज़ूर न होने के कारण भाजपा से मिलने वाली उनकी दूसरी किश्त रुकी हुई थी और अब दूसरी किश्त का अटैची उनके पास पहुँच गया है, लेकिन राज्य सरकार की इस धन पर पूरी नज़र है और होशियार सिंह यह पैसा वोट ख़रीदने के लिए इस्तेमाल करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जनता पूर्व विधायक से डबल-ट्रिपल पैसा ले क्योंकि यह जन भावनाओं का सौदा कर कमाया हुआ धन है, लेकिन वोट कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को दे। सीएम सुक्खू ने कहा कि जब देहरा की जनता से पांच वर्ष के लिए होशियार सिंह को निर्दलीय विधायक के रूप में चुना था, तो उन्हें डेढ़ साल में ही त्यागपत्र देने की क्या आवश्यकता थी। अब विधायकी छोड़कर साढ़े तीन वर्ष के लिए दोबारा विधायक बनने के लिए वोट मांग रहे हैं। विधायक पद से इस्तीफ़ा देने से पहले उन्होंने देहरा के मतदाताओं से एक बार पूछा तक नहीं कि वह इस्तीफ़ा दें या न दें। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह विधायक बनने के लिए वोट नहीं मांग रहे, बल्कि अपने अधूरे रिजॉर्ट का काम पूरा कराने के लिए वोट मांग रहे हैं। छह महीने पहले मैंने देहरा आकर क्षेत्र के लिए घोषणाएँ की और होशियार कह रहे हैं कि मेरे काम कांग्रेस सरकार में नहीं हो रहे। सत्य यह है कि विधायक रहते हुए भी होशियार सिंह अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कभी नहीं आए। विधायक को प्रति वर्ष क्षेत्र के विकास के लिए दो करोड़ मिलते हैं, होशियार सिंह बताएँ छह साल के 12 करोड़ रुपए कहां गए। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक अब जनता के सामने बेनक़ाब हो चुके हैं और बिके हुए विधायक को सबक़ सिखाने के लिए तैयार है। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस विधायकों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी है। यह देहरा का भाग्य ही होगा कि उनकी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को कांग्रेस आलाकमान ने एक सर्वे के आधार पर पार्टी का प्रत्याशी बनाकार चुनाव मैदान में उतारा है और अब क्षेत्र का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता सँभालने के पहले ही दिन से लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत 4000 अनाथ बच्चों को अपनाया है। विधवाओं और एकल महिलाओं को घर बनाने के लिए 3 लाख रुपए आर्थिक मदद के साथ-साथ उनके 27 वर्ष तक के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठा रही है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के इलाज का खर्च कांग्रेस सरकार वहन कर रही है। गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है। मनरेगा की दिहाड़ी 240 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए की गई है। महिलाओं को 1500 रुपए पेंशन प्रदान कर रही है और देहरा की 1045 महिलाओं को तीन महीने के 4500 रुपए उनके खाते में डाल दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा में कांग्रेस सरकार ने बिना केंद्र सरकार की सहायता के प्रभावित 22 हजार परिवारों को फिर से बसाया और उनके पुनर्वास के लिए 4500 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाज़े बंद कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में 20 प्रतिशत का सुधार लाकर 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है, जिससे जन कल्याण की योजनाएँ बनाकर लोगों में बाँटा जा रहा है। इस अवसर पर कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, जिलाध्यक्ष कर्ण पठानिया, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, मनमोहन कटोच सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि 220 केवी कुनिहार जाबल जमरोट से निकलने वाले 33 केवी कुनिहार फीडर के नियमित रखरखाव और मुरम्मत तथा 33 केवी सबस्टेशन कुनिहार, 11 केवी यार्ड, 33 केवी यार्ड के रखरखाव और 33 केवी जाबल जमरोट से कुनिहार लाइन पर आने वाले पेड़ों/झाड़ियों टहनियों की कटाई-छंटाई के कारण 8 जुलाई सोमवार को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। जिसके कारण खंड कुनिहार व पट्टाबरारी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों अर्थात कुनिहार, उचागांव, बेहली, आँजी, पट्टाबरारी, कोटी, देलगी कन्यारा, स्यांवा, नमोल, प्लासी, खाड़ी, हरिपुर, दोची, बांवा, जेएनवी, कंडला, कोठी, बडोरी, जाडली, टुकाडी, बानी, झांडी, भटयूएन, चाकलू, भरोल, रिवीं, बिल आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके अलावा 11 केवी डूमेहर फीडर पर भी विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं होगी, जिसके कारण डूमेहर, भूमती, बलेरा, जयनगर, कुन्हार आदि क्षेत्र बंद रहेंगे। यह जानकारी इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता, विद्युत उपखंड एचपीएसईबीएल कुनिहार द्वारा साझा की गई है और उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग का अनुरोध किया है।
जिला श्रम विभाग किन्नौर द्वारा पूह विकास खण्ड में सीमा सड़क संगठन के श्रमिकों के लिए रेताखान में भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जिला श्रम कल्याण अधिकारी सपन जसरोटिया ने बताया कि इस शिविर में सीमा सड़क संगठन के 90 श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा निःशुल्क दवाईयां वितरित की गई। उन्होंने बताया कि इस चिकित्सा शिविर का मकसद वर्तमान राज्य सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए समावेशी योजनाओं का लाभ पहुँचाना तथा प्रदेश सरकार की श्रमिकों के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है ताकि धरातल पर जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में वंचित वर्गों को लाभ मिल सके। जिला श्रम कल्याण अधिकारी ने बताया कि श्रम विभाग समय-समय पर चिकित्सा शिविरों का आयोजन करेगा ताकि श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की श्रमिकों के लिए कार्यान्वित कल्याण योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए दूरभाष नम्बर 01786-223903 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
04 जुलाई से 30 सितम्बर तक आयोजित होने वाले सम्पूर्णता अभियान का उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आज जनजातीय जिला किन्नौर के अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कार्यालय पूह से शुभारम्भ किया तथा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उपायुक्त ने इस अवसर पर जिला किन्नौर में आरंभ किए गए सम्पूर्णता अभियान के अन्तर्गत 06 मुख्य कार्यक्रम सूचकों को 30 सितम्बर, 2024 तक पूर्ण करने की शपथ दिलाई। इसके अतिरिकत सभी विभागों से शेष 34 मुख्य कार्यक्रम सूचकों पर निरंतर कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान मैराथॉन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें पूह खण्ड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के विद्यार्थियों ने भाग लिया। छात्रों की मैराथॉन दौड़ में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिब्बा के मुन्ना ने प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पूह के प्रेम ने द्वितीय तथा कुन्जंग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की मैराथॉन दौड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कानम की विपाशा ने प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मूरंग की करिशमा ने द्वितीय स्थान तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कानम की चन्द्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पूह विनय मोदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, अधिशाषी अभियन्ता जल शक्ति विभाग मण्डल पूह अभिषेक शर्मा, सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
सचिव, जिला विधिक सेवा एवं प्राधिकरण एवं वरिष्ठ न्यायाधीश किन्नौर जितेंद्र कुमार ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांग पिओ में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने इस अवसर पर पौधा रोपित कर अभियान का शुभारंभ किया तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर जानकारी प्रदान की तथा जलवायु परिवर्तन की ज्वलंत समस्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पौधारोपण अभियान के तहत जिला के विद्यालयों में पौधारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है,जिसके माध्यम से युवा पीढ़ी को पर्यावरण के संरक्षण की महत्ता बारे जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पानी के बचाव व इसके सदुपयोग बारे जागरूक किया गया, जिसमें वर्षा के जल संग्रहण के विभिन्न पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया। इसके अलावा विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया गया ताकि प्रकृति के प्रति विद्यार्थियों का संजीदा रवैया उत्पन्न हो सके।
अधिशाषी अभियंता (विद्युत) किन्नौर टाशी नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 के.वी. पूह-काजा फीडर में मरम्मत कार्य के चलते चांगो, शलखर व स्पीति खण्ड में 7 जुलाई, 2024 को प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि यदि खराब मौसम के कारण कार्य पूर्ण नहीं होता है तो अगले दिन भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की असुविधा के चलते जनसाधारण से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला शहर में शौचालय का प्रयोग करने पर महिलाओं से अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने शौचालय का रखरखाव करने वालों को निर्देश दिए हैं कि शौचालय के भीतर शिकायत पत्र में मोबाइल नंबर लिखा जाए। अगर किसी महिला से यूरिन के लिए 5 या कोई पैसे मांगे जाएं तो उसकी शिकायत दर्ज कराई जाए। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने कहा कि अदालत के आदेशों के बावजूद भी अगर वसूली की जाएगी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में शौचालय की खस्ता हालत पर हाईकोर्ट ने विभाग के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पार्टी बनाया है। इस मामले में अदालत की ओर से नियुक्त किए गए न्याय मित्र देवेन खन्ना ने अदालत को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि वे आईजीएमसी के यूरोलॉजी विभाग में दाखिल हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए यहां पर कोई अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को इन्फेक्शन की संभावना बनी रहती है। टॉयलेट की हालत भी बहुत बदत्तर है। मरीजों को इससे काफी परेशानी हो रही है। अदालत ने आईजीएमसी विभाग के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और प्रदेश स्वास्थ्य सचिव को इस मामले में अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण योजना में पौधारोपण के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस राशि का उद्देश्य राज्य में हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। इस परियोजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये राज्य वन विभाग को आवंटित किए गए हैं। यह राशि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण और वन संरक्षण के कार्यों के लिए प्रयोग की जाएगी। वन विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1.8 करोड़ पौधों के रोपण की योजना बनाई है, जो 76 वन बीटों में फैले होंगे। करीब 1,500 हेक्टेयर में पौधारोपण किया जाएगा। इस वनीकरण अभियान के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य है कि वन आवरण को बढ़ाकर पर्यावरणीय संतुलन को बहाल किया जा सके और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम किया जा सके। प्रदेश में पिछले साल आपदा के कारण पौधरोपण नहीं हो पाया था। विभाग का इस साल उस टारगेट को भी पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) को आवंटित की गई है। कैंपा का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में पौधरोपण करना है, जहां वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है। यह राशि विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं के माध्यम से वनों के पुनर्वास के लिए प्रयोग की जाएगी। कैंपा के माध्यम से राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वन क्षेत्र के नुकसान की भरपाई की जा सके और जैव विविधता की रक्षा की जा सके। प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार ने बताया कि प्रदेश में पौधरोपण के जिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अभियान राज्य के पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान न केवल वन आवरण को बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। जंगलों में आग के खतरे को देखते हुए वन विभाग ने चीड़ के पौधे नहीं लगाने का निर्णय लिया है। विभाग ने देवदार, अखरोट, कवार, चमेली, बान, शहतूत और ब्रास के पौधे तैयार किए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में विभिन्न प्रकार के स्थानीय और दुर्लभ प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल कैंपा गिरिश होसुर ने बताया कि निर्माण कार्यों के लिए काटे गए सभी पौधों की भी भरपाई की जाएगी। कैंपा में 3,000 हेक्टेयर में नेट प्रेसेंट के लिए, 900 हेेक्टेयर में साइट के हिसाब से और 1,000 हेक्टेयर में निर्माण कार्यों के कारण नष्ट हुए जंगलों की भरपाई के लिए पौधे लगाए जाएंगे। कैंपा को अप्रैल में पेड़ लगाने की अनुमति मिल गई थी और पेड़ लगाने के लिए योजना बना ली गई है।
हिमाचल में सेब कारोबार से जुड़े लाखों लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए एचपीएमसी आज से कार्टन की सप्लाई शुरू कर देगा। इसके लिए पहले चरण में करसोग सहित कम ऊंचाई वाले ऐसे क्षेत्रों में सप्लाई भेजी जाएगी, जहां सेब की फसल तैयार है। इसके बाद बागवानों की मांग के मुताबिक प्रदेश के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में एचपीएमसी विक्रय केंद्रों में कार्टन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में शिमला, रोहड़ू, जुब्बल, गुम्मा, रिकांगपिओ, रामपुर, चैल चौक व चिंडी आदि सेब उत्पादन करने वाले क्षेत्रों में एचपीएमसी के कुल 12 फंक्शनल विक्रय केंद्र हैं। जहां पर सेब सीजन में कार्टन की अधिक मांग रहती है। ऐसे में बागवानों को इन सभी विक्रय केंद्रों में डिमांड के मुताबिक कार्टन उपलब्ध होगा। इसके लिए सरकारी उपक्रम एचपीएमसी ने शॉर्ट लिस्ट की गई तीन कंपनी शिवालिक कंटेनर्ज, जेज पैकर्स और जसमेर मेकर्स को पहले ही सप्लाई आर्डर जारी किया है। वहीं, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के मुताबिक बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन की कोई कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। बागवानी पर हर साल लागत बढ़ने से परेशान बागवानों के लिए राहत की बात है कि इस बार कार्टन पिछले साल की तुलना में 7 रुपए तक सस्ता मिलेगा। जीएसटी काउंसिल ने कार्टन पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी तय किया है। ऐसे में इस साल कार्टन पर जीएसटी पिछले साल के मुकाबले में 6 फीसदी कम लागू होगा, जिसका फायदा हिमाचल में लाखों बागवानों को होगा। एचपीएमसी ने यूनिवर्सल कार्टन के दाम फाइनल कर दिए हैं। इसके मुताबिक बागवानों को अलग-अलग कीमत में ब्राउन और सफेद कार्टन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसका न्यूनतम मूल्य 47.75 रुपए और अधिकतम मूल्य 56 रुपए तय किया गया है। जिस पर जीएसटी अलग से वसूला जाएगा। ऐसे में इस बार बागवानों को दोहरी राहत मिलने वाली है। एक तो इस बार मंडियों में यूनिवर्सल कार्टन में 20 किलो पैकिंग में सेब बिकेगा। जिससे बागवानों को अब पहले की तरह अधिक पैकिंग में सेब बेच कर नुकसान नहीं उठाना होगा। वहीं, इस बार बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन पिछले सालों के मुकाबले में 3.50 से 7.50 रुपए सस्ता मिलेगा। यूनिवर्सल कार्टन में अब 20 किलो सेब ही भरा जाएगा। इससे पहले टेलीस्कोपिक कार्टन में प्रति पेटी 7 से 8 ट्रे सेब भरा जाता था, जिसका प्रति पेटी वजन भी 30 किलो के करीब रहता था, लेकिन मंडियों में बागवानों को 24 किलो पेटी के हिसाब से ही सेब की कीमत दी जाती थी। इस कारण अधिक पैकिंग होने से बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। बागवानों को नुकसान न हो इसके लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य किया गया है। ये कार्टन सिंगल बॉक्स का होगा। इसका साइज लंबाई में 500 एमएम, चौड़ाई में 300 एमएम और ऊंचाई में 310 एमएम होगा, जिसे घटाया और बढ़ाया नहीं जा सकता है। जिस कारण इसमें 20 किलो ही सेब भरा जाएगा। इससे मंडियों में वजन को लेकर इस बार विवाद होने से बचा जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में आनी के ब्रौ पुलिस थाना के तहत ग्राम पंचायत कुशवा के किंचा गांव में घास काटने गए एक दंपती की पैर फिसलने के कारण गहरी खाई में गिरने से दर्दनाक मौ*त हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर जाकर श*वों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा। पुलिस से मिली जानकारी के इस घटना से एक दिन पहले मृत*क दंपती की बेटी का जन्मदिन था और रात को अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर धूमधाम से मनाया था। बेटी के जन्मदिन के दूसरे शुक्रवार को यह दर्दनाक हादसा घटित हो गया। पुलिस ने इस घटना को लेकर भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मृत*क दंपती की पहचान कींचा निवासी भगवान दास(26 ) पुत्र दया राम और कपिला(24) के रूप में हुई है। दंपती अपने पीछे एक तीन वर्ष की मासूम बच्ची को छोड़ गए हैं। उधर, डीएसपी आनी चंद्र शेखर कायथ ने बताया कि दंपती की मौ*त पहाड़ी पर घास काटते समय पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरने से हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस गहनता से जांच में जुटी है।
हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते राजधानी शिमला की मंडियों में सब्जियों की आवक घट गई है। इसके कारण सब्जियों के दामों में उछाल आ गया है। एक दिन में ही सब्जियां 10 से 20 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई हैं। शुक्रवार को लोअर बाजार सब्जी मंडी में जो टमाटर 40 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, शनिवार को उसकी कीमत 60 से 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। इसके अलावा 80 रुपये में बिकने वाली फूलगोभी 100, 30 से 40 में बिकने वाली भिंडी 40 से 50 और 30 से 40 में रुपये में बिकने वाली लौकी के दाम 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हालांकि मटर, प्याज और आलू के दाम स्थिर है। लोअर बाजार सब्जी मंडी में मटर 120 से 160, प्याज 50 और आलू 35 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं। सब्जियों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। सब्जी विक्रेता बोले कि सब्जी मंडी में मांग के अनुसार कम सब्जियां आ रही हैं। बरसात की वजह से फसल खराब हो रही है, जिसके चलते सब्जियों के दाम बढ़ना शुरू हो गए हैं।
**कई जगह जलभराव की स्थिति उत्पन हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक एक नेशनल हाईवे व 150 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी व सिरमौर जिले में ठप हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 334 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। वहीं 55 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। जिला सिरमौर में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा टल गया है। जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र में रेणुका-संगड़ाह सड़क पर कालथ के समीप बस पर एक चट्टान गिर गई। हादसे में बस चालक और एक महिला को चोटें आई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के संगड़ाह उपमंडल के कालथ के समीप शनिवार को एक निजी बस पर चट्टान गिरने के बाद बड़ा हादसा होने से टला है। जिला कुल्लू व लाहौल में तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। वहीं, जिला कुल्लू के साथ लाहौल घाटी में रातभर जमकर बारिश हुई। 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा में फाहे गिरने से मौसम कूल-कूल हो गया है। ब्यास के साथ चंद्रा, पार्वती नदी सहित नाले भी उफान पर हैं। बारिश से कुल्लू जिले में आठ सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बारिश के बाद बंजार बस स्टैंड तालाब बन गया है। बस स्टैंड में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से यहां पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर किसान व बागवान बारिश के बाद गदगद हैं। बारिश ने किसानों व बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीरों को मिटा दिया हैं। अब जहां बिजाई का कार्य शुरू होगा। वहीं सेब, नाशपाती, जापानी फल, मेरीपोजा, प्लम आदि के लिए बारिश लाभकारी साबित होगी। मंडी जिले में भारी बारिश से तबाही हुई है। भूस्खलन से जगह-जगह 112 सड़कें बंद हैं। मंडी-पठानकोट-हाइवे पर गलू के समीप पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। चंडीगढ़-मनाली एनच पर मंडी-पंडोह, छह मील के पास पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। सुबह सात मील के पास एनएच ठप रहा। भूस्खलन के बीच मंडी-पंडोह का सफर जोखिम भरा हो गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कांगड़ा जिले के शाहपुर में नेशनल हाईवे को भारी बारिश के काफी नुकसान हुआ है। हाईवे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं कई जगह जलभराव हुआ है।
**परिणाम के आधार पर मिलेंगे शिक्षक पुरस्कार हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज किए जाएंगे। ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां आसपास में भी स्कूल स्थित होंगे। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए यह फैसला लेना जरूरी हो गया है। शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि अब राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन का मुख्य आधार परीक्षा परिणाम रहेगा। अन्य गतिविधियों को भी देखा जाएगा, लेकिन प्राथमिकता सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले शिक्षकों को ही दी जाएगी। बैचवाइज आधार पर चयनित करीब 2000 जेबीटी और टीजीटी को इसी माह नियुक्तियां देने के शिक्षा मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर ही नवनियुक्त शिक्षकों को स्टेशन अलॉट कर दिए जाएंगे, जिन स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक हैं और विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां नए शिक्षकों को पहली नियुक्ति दी जाएगी। बैठक के दौरान एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के लिए पुराने नियमों में संशोधन करने के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए गए। राज्य सरकार ने एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने को फैसला लिया है। एसएमसी शिक्षक पहले सीधी सीमित भर्ती (एलडीआर) से अनुबंध पर आएंगे और फिर दो साल बाद नियमित होंगे। बैठक के दौरान प्रिंसिपलों की पदोन्नति सूची जल्द जारी करने पर भी सहमति बनी। रोहित ने कहा कि वर्ष 2022 के अंत तक शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार पद रिक्त थे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने 6 हजार पद भरने को मंजूरी दी है। 2000 पद एक सप्ताह में भर दिए जाएंगे। बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
**गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट हुआ जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है। बीते दिनों जहां बारिश के कम होने की संभावना जताई गई थी, तो अब वहीं बारिश को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 3 जुलाई की रात से मौसम ने करवट ली है और बारिशों का दौर एक बार फिर शुरू हुआ। बारिश के कारण प्रदेश के कई स्थानों में तबाही का मंजर भी देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार, 115 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। कई जगह सड़कें धंस गई हैं। कई स्थानों पर बारिश से भूस्खलन हुआ है। राज्य में 212 ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद मौसम के सामान्य रहने के आसार है। इस दौरान बारिशों का दौर थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन अधिकतर स्थानों ने बादल छाए रहेंगे।
**शिलाई विधानसभा क्षेत्र की टिटियाना पंचायत का मामला **महिलाओं ने नशे के खिलाफ खोला मोर्चा **शादी समारोह और दूसरी पार्टियों में शराब परोसे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया महिलाओं ने नशे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिलाई विधानसभा क्षेत्र की कमरऊ तहसील के विकास खंड तिलौरधार की टिटियाना पंचायत में शादी समारोह और दूसरी पार्टियों में शराब परोसे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। क्षेत्र की महिलाओं ने निर्णय लिया है कि ऐसा करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उस कार्यक्रम का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा, जहां पर शराब परोसी जाएगी। इसके अलावा महिलाओं ने पंचायत में जुआ खेलने, नशा बेचने वालों के खिलाफ पांच हजार रुपये जुर्माने की भी बात कही है। उनका कहना है कि यदि जुर्माने के बाद भी लोग नहीं सुधरे तो उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाएगा। टिटियाना पंचायत की महिलाओं की एक बैठक शाठी-पाशी का चौतरा महासु देवता के मंदिर प्रांगण में हुई। इसकी अध्यक्षता पंचायत प्रधान पार्वती शर्मा ने की। बैठक में गांव की करीब 120 महिलाएं मौजूद रहीं। बैठक में 15 साल पहले पंचायत में नशाबंदी पर लिए गए फैसलों पर चर्चा की गई। इसमें सामने आया कि लोग पूर्व में नशाबंदी के खिलाफ लिए गए फैसलों की चोरी छिपे अवहेलना कर रहे हैं। इससे पंचायत में नशाबंदी के खिलाफ बनाए गए नियम टूटने लगे हैं। इसके बावजूद पंचायत में बहुत सुधार है। लोग और विशेषकर युवा वर्ग नशे से दूर ही हैं। इसके बावजूद जिस तरह से नशा समाज में फैल रहा है, इससे पंचायत में भी नशे की जड़े फैलने के आसार हैं। ऐसे में बैठक में पंचायत को नशे से दूर रखने के लिए और कड़े फैसले लेने का निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि पंचायत में होने वाली शादी और दूसरी पार्टियों में शराब व दूसरा नशा नहीं परोसा जाएगा। कोई व्यक्ति यदि ऐसा करता है तो उस कार्यक्रम का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, प्रज्ञा समिति के उपाध्यक्ष मायाराम शर्मा, महिला मंडल अध्यक्ष मनसो देवी, बबिता देवी, इंदिरा देवी, सत्या देवी, पूर्व प्रधान जयंती शर्मा, कौशल्या देवी, सुखा देवी, रीना शर्मा, आशा देवी, निर्मला देवी, नीमा देवी, नीलम देवी, सुमित्रा देवी समेत मंदिर समिति, प्रज्ञा समिति व नवयुवक मंडल के सदस्य मौजूद रहे।
सिरमौर जिला के संगड़ाह उपमंडल में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होने से टल गया है। जानकारी के अनुसार रेणुका-संगड़ाह सड़क पर कालथ के समीप पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान निजी बस पर आ गिरी, जिससे बस चालक और एक महिला को चोटें आई हैं जबकि अन्य यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। चालक व यात्रियों के अनुसार बस रेणुका विधानसभा क्षेत्र के बड़ग से नोहराधार की तरफ जा रही थी, जैसे ही बस कालथ के पास पहुंची तो अचानक पहाड़ी से एक चट्टान बस पर आ गिरी। गनीमत रही कि चट्टान गिरने के बाद बस अनियंत्रित नहीं हुई और खाई में जाने से बच गई। यदि ऐसा होता तो हादसे का मंजर कुछ और ही हो सकता था।
नालागढ़ : नालागढ़ में भाजपा के प्रत्याशी केएल ठाकुर के प्रचार अभियान में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के घोटाले सामने आने शुरू हो गए हैं। हर दिन नए नए मामले उजागर हो रहे हैं। ये तो अभी शुरुआत है। कांग्रेस सरकार प्रदेश में घोटालों का रिकॉर्ड बनाने वाली है। हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में 60 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले का मामला सामने आया है। सरकार ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए 175 करोड़ के टेंडर को 240 करोड़ रुपए में आवंटित किया है। 60 करोड़ रुपए का यह घोटाला किसे लाभ पहुंचाने के लिए, किसके इशारे पर किया गया। सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। ये कांग्रेस सरकार का कोई पहला घोटाला नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कई घोटाले सामने आ चुके हैं। जहाँ अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने नियमों की अनदेखी की और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की। मुख्यमंत्री को इन सवालों के जवाब देना चाहिए। सरकार प्रदेश के विकास की बजाय प्रदेश को पीछे ले जाने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार की रूचि सिर्फ घोटालों में है सरकार का प्रदेश के लोगों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ इकाई जयनगर की मासिक बैठक इकाई अध्यक्ष सोहन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच के राज्य कार्य कारिणी अध्यक्ष बृजलाल ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सरकार द्वारा सेवानिवृत कर्मचारियों जो कि 1-1-16 से जनवरी 2022 तक सेवानिवृत हुए है को संशोधित पेंशन, लीव इनकेशमेंट, कम्यूटेंशन व संशोधित वेतन का बकाया नही देने पर भारी रोष व्यक्त किया गया। साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों को संशोधित वेतन के बकाया राशि की कोई भी किश्त न देने व समय पर पेंशन न मिलने के प्रति भी रोष प्रकट किया गया। इसके अलावा 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते के किश्त जारी न करना व लंबित मैडिकल बिलों का भुगतान न होने पर भी सरकार को जमकर घेरा । बृजलाल ठाकुर ने बताया कि बैठक में परिवहन निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित धरना प्रदर्शन का महासंघ ने समर्थन करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि सरकार की हठ को देखते हुए भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ ने सभी सेवानिवृत अधिकारियों व कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि प्रदेश में होने वाले उप चुनाव में सरकार के विरुद्ध मतदान करे। इस बैठक में सोहन लाल ठाकुर,बाल कृष्ण ठाकुर, दीपराम ठाकुर, रतिराम, रामलाल, श्याम लाल ठाकुर,लच्छी राम , संतराम सहित काफी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
शिमला ज़िला के जुब्बल तहसील के अंतर्गत सोलंग पंचायत में देवता कैलाथ का नया मंदिर बनने के बाद भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलश लगने और शिखा पूजन के साथ ही कैलाथ देवता अपने नए मंदिर में विराजमान हुए। कैलाथ देवता पबासी महासू के साथ सालंगित पूजित वीर है। कैलाथ महाराज को तीव्र वेग का देवता भी कहा जाता है तथा पांशबील व जौनसार बावर के देवघार क्षेत्र में हजारों लोग महाराज को मानते है। कैलाथ के नए मंदिर में विराजमान होने के बाद देवता के गुर एम०आर मूंगटा ने बताया की महाराज अत्यंत शक्तिशाली व भक्त वत्सल है। उन्होंने कहा की इस क्षेत्र में ये महाराज का पहला मंदिर है, कैलाथ चार महासू के एक भाई पबासी के पालकी से आगे चलते हैं। कैलाथ की पौंड सभी वीर,नौड़ तथा भौड़ से तीव्र है और कैलाथ पहले देऊबन के प्राचीन राजा भी रहे हैं।गौरतलब है की हिमाचल के जुब्बल व कई अन्य क्षेत्रों के अलावा जौनसार बावर व कश्मीर से लेकर दूर-दूर तक महासू महाराज की ख्याति है। महासू महाराज के मंदिर के लिये भारत के राष्ट्रपति भवन से भी नमक का चढ़ावा आता है ।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2024-26 के लिए एमबीए कोर्स में प्रवेश के लिए ली एचपीयू मेट-2024 के प्राप्तांक के आधार पर सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटों के लिए ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू का शेड्यूल तय कर जारी कर दिया गया है। बिजनेस स्कूल के निदेशक प्रो. दिनेश कुमार ने इस शेड्यूल को जारी किया है। सब्सिडाइज्ड श्रेणी की तय की गई सीटों के लिए आठ से 11 जुलाई संस्थान में जीडी और इंटरव्यू होगा। इसके लिए 203 पात्र विद्यार्थियों की सूची जीडी इंटरव्यू की तिथि और अलग-अलग बनाए गए समूहों के साथ विवि की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इस प्रक्रिया में भाग लेने आने वाले विद्यार्थियों को आवेदन फार्म की प्रति, सभी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण और उसकी प्रति, मूल हिमाचली प्रमाण पत्र क अलावा अलावा एससी, एसटी, ईडब्लू एस, दिव्यांग श्रेणी, सिंगल गर्ल्स चाइल्ड और अन्य आवेदन फार्म में भरी गई श्रेणी के दस्तावेज भी साथ लाने होंगे। एमबीए की नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटों के लिए 15 से 20 जुलाई तक संस्थान में ग्रुप डिस्कशन और साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। इसके लिए कुल 600 विद्यार्थियों को जीडी इंटरव्यू के लिए नाम और रोलनंबर के साथ लिस्ट किया गया है। छात्र इसे विवि की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
हमीरपुर जिले के नादौन में आयकर विभाग की तीन कारोबारियों के घरों और अन्य ठिकानों पर छापामारी दूसरे दिन भी जारी है। टीम ने आभूषणों को जांचने के लिए जौहरी बुलाए गए हैं। नादौन में पिछले 30 घंटों से अधिक समय से आयकर विभाग की छापामारी जारी है। अन्य दस्तावेज और जमीन तथा ठेकों का ब्यौरा कब्जे में लिया गया है। बता दें कि कल यानी गुरुवार को विभाग के अधिकारी जेसीबी में सवार होकर धनोट में ब्यास नदी के साथ लगती खड्ड पार कर एक कारोबारी के क्रशर पर भी पहुंची। इस दौरान क्रशर से जुड़ी संपत्तियों की सख्ती से जांच की। इस दौरान कारोबारियों और उनके परिवार के सदस्यों के फोन, लैपटॉप कब्जे में ले लिए गए। देर शाम तक रेड जारी रही। वहीं टीम के सदस्य आज सुबह फिर से जाँच पड़ताल में जुटे। हालाँकि अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौके से क्या बरामद किया है। सूत्रों के मुताबिक ईडी की रडार पर और भी कई लोग है।


















































