**लंबित पड़े परीक्षा परिणामों को जल्दी जारी करे सरकार **रोज़गार देने के नाम सत्ता में आई कंग्रेस हर दिन रोज़गार के रास्ते बंद कर रही है नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि सुक्खू सरकार की स्टार्टअप योजना का क्या हुआ? सरकार बने डेढ़ साल से ज़्यादा का समय हो गया, अब तक इस योजना से प्रदेश के कितने युवाओं को इसका लाभ मिला? इस योजना का लाभ कब से प्रदेश के युवाओं को मिलना शुरू होगा। चुनाव के समय कांग्रेस ने गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फण्ड का प्रबंध करेगी। जिससे युवा अपने लिए रोज़गार के साधन जुटाए और अन्य लोगों को रोज़गार भी देंगे। कांग्रेस के नेताओं ने स्टार्टअप के लिए लाभार्थी चुनने के लिए लिए चुनाव से पूर्व ही युवाओं से फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव बीते डेढ़ साल से ज़्यादा का समय हो गया है। लेकिन अभी तक इस योजना के तहत एक भी व्यक्ति को एक पाई नहीं दी गई है। उल्टे पहले से चल रही स्वावलंबन योजना को ही बंद कर दिया गया है और उसके अन्तर्गत स्वीकृत किए गए प्रोजैक्ट्स भी रोक दिए गए हैं। जिससे युवाओं को भारी नुक़सान उठाना पड़ा। कुछ ऐसे भी युवा व्यवसाई हैं जिन्हें कुछ किश्तें मिली है लेकिन बाक़ी की किश्तें नहीं दी जा रही हैं। ऐसे में युवाओं को सरकार ने जानबूझकर अधर में लटका दिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार युवाओं को लाखों की संख्या में रोज़गार देने का वादा करके सत्ता में आई थी लेकिन सरकार न ख़ुद ही लोगों को रोज़गार दे रही है न ही उद्यमशील युवाओं को लोगों को नौकरी देने दे रही है। पूर्व सरकार में स्वावलंबन योजना के तहत प्रदेश में कुल 721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सरकार की ओर से इस योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसमें कुल 4377 ईकाइयां मंज़ूर हुई। जिनसे 11 हजार 674 लोगों को रोजगार मिला। यदि इस योजना राजनीतिक द्वेष की वजह से बंद नहीं किया गया होता तो प्रदेश में रोज़गार के हज़ारों साधन और राजस्व पैदा होता। लेकिन सूक्खू सरकार की अदूर्रशिता और बदले की भावना से काम करने की वजह से प्रदेश के युवाओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा अब बहुत समय हो गया है, सुक्खू सरकार सालों से लंबित पड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम घोषित करें और उन्हें रोज़गार दें। सरकारइस तरह से युवाओं के भविष्य की अनदेखी नहीं कर सकती है। अब तक झूठे वादे बहुत हो गये, इधर-उधर की बातें बहुत हो गई। अब सरकार बने डेढ़ साल से ज़्यादा का समय हो गया है। अब सुक्खू सरकार जल्दी से जल्दी स्टार्टअप फंड का बजट जारी करे।
उप मुख्य सचेतक ने पौधारोपण अभियान का भी किया शुभारंभ शाहपुर के धारकंडी क्षेत्र के सभी पंचायतों को सड़क सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि धारकंडी क्षेत्र का विकास सुनिश्चित हो सके। उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के भलेड से दुल्ली सड़क भूस्खलन आपदा शमन कार्य के भूमि पूजन करने के उपरांत व्यक्त किए। इसके साथ ही भलेड़ में पौधा रोप कर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निरंतर विकासात्मक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा चंगर और पिछड़े क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा भलेड से दुल्ली सड़क आपदा के कारण कई वर्षों से दयनीय स्थिति में थी भूस्खलन आपदा शमन कार्य के होने से यहां के हजारों लोगों को इससे सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा इस कार्य के लिए लगभग 8.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं जिसमें से 2.40 करोड़ रुपये का कार्य शुरू हो गया है।उन्होंने कहा इस क्षेत्र में बिजली की समस्या को दुरुस्त करने के लिए नए पावर प्रोजेक्ट और नए ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी से निरंतर पेड़ लगाने की अपील की।उन्होंने कहा भविष्य की पीढ़ी के लिए पर्यावरण को संरक्षित करना है तो पेड़ों को बचाना होगा। उन्होंने कहा सरकार पेड़ लगाने की अनेकों योजनाएं चला रही है परंतु यह कार्य जनसहयोग के बिना सम्भव नहीं है अतः सभी इस कार्य में सहयोगी बने। उन्होंने जायका के सहयोग से ट्रेनिंग कर चुके रोशनी स्वयं सहायता समूह को 7 सिलाई मशीनें वितरित कीं। इन मशीनों की सहायता से गांव की महिलाओं को आजीविका कमाने में मदद मिलेगी। उन्होंने जायका और फॉरेस्ट विभाग के कार्य की प्रशंसा की जो मिलकर 20 पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मौके पर उपस्थित लोगों की शिकायतों को भी सुना और अधिकतर शिकायतों का मौके पर निदान किया। उन्होंने खोली स्थित पावर प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित डीएफओ दिनेश शर्मा, डीपीओ नरेंद्र सिंह, एक्सन पीडब्ल्यूडी अंकज सूद, डीएम फॉरेस्ट नरेश शर्मा, एक्सन आईपीएच अमित डोगरा, विनय कुमार सोशल मीडिया ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष एवं सलाहकार उप मुख सचेतक, एक्सन इलेक्ट्रिसिटी अमित शर्मा, एसडीओ आईपीएच रजाक मोहम्मद, पूर्व प्रधान निर्मल सिंह, धारकंडी कॉंग्रेस कमेटी अध्यक्ष शशि पाल शर्मा, पूर्व प्रधान पवन कुमार, जिला परिषद सदस्य रितिका शर्मा, पूर्व बीडीसी अक्षय कुमार, पूर्व प्रधान कनोल निर्मल सिंह, किशन लाल शर्मा, नवनीत शर्मा, सुशील शर्मा और लोग मौजूद रहे।
** कहा, जनता ने सरकार की नीतियों में जताया विश्वास उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कांगड़ा जिला के देहरा में जनबल की जीत हुई जबकि धनबल हार गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीन उप चुनावों में से दो कांग्रेस प्रत्याशियों के जीतने पर कांग्रेस के नव निर्वाचित विधायक कमलेश ठाकुर एवं नालागढ़ के नव निर्वाचित बाबा हरदीप सिंह सहित देहरा ओर नालागढ़ की जनता को दी बधाई। पठानिया में कहा 2022 के विधानसभा के चुनावों में जिला कांगड़ा की जनता ने काँग्रेस को भरपूर समर्थन दे कर 10 सीटो पर काँग्रेस प्रत्याशी जीताकर भेजे थे। इसी बीच मे कांगड़ा से दो विधायकों के इस्तीफे के कारण काँग्रेस विधायकों की संख्या 9 रह गई थी। देहरा उपचुनाव में काँग्रेस प्रत्याशी के जीतने से काँग्रेस विधायको की संख्या दस हो गई है। उप चुनाव होने पर जिला कांगड़ा के जनता ने फिर से काँग्रेस पर विश्वास व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह की कुशल नेतृत्व एवं कुशल कार्य प्रणाली को देखते हुए फिर से कांग्रेस की दस सीटे काँग्रेस की झोली में दी है।काँग्रेस पार्टी पर हमेशा से कांगड़ा जिला की जनता ने विश्वास जताया है।
**उपमुख्यमंत्री ने ज्वालाजी मंदिर में नवाया शीश राज्य के शक्तिपीठ हर वर्ष लाखों श्रद्वालुओं को आकर्षित करते हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रमुख मंदिरों को ई-कनेक्ट करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है, जिससे भक्तों को घर बैठे ही दर्शन की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को ज्वालामुखी मंदिर में पूजा अर्चना करने के उपरांत दी। इस दौरान उनकी बेटी डॉ. आस्था अग्निहोत्री भी साथ मौजूद रहीं उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के मंदिरों, शक्तिपीठों में हवन, भंडारा और जागरण समारोहों के लिए आनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए एक पायलट योजना आरंभ की है। इस डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से श्रद्वालु मंदिर के पुजारियों से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों के अनुभवों को और सुखद बनाने के लिए सरकार प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर भी कार्य कर रही है। श्रद्वालुओं को मंदिरों में विश्राम के लिए भी बेहतर सुविधाओं पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के तीर्थ स्थान पर्यटन का केंद्र बिंदु है तथा इसी दृष्टि से मंदिरों को विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है ताकि तीर्थाटन के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। उन्होंने कहा कि ज्वालाजी मंदिर हिमाचल का एक प्रमुख शक्तिपीठ है तथा इसे सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्वालुओं को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कला तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए भी सरकार कारगर कदम उठा रही है इस बाबत हिमाचल की विभिन्न कलाओं को देश भर में पहचान दिलाने के लिए सार्थक पहल की है।
**मुख्यमंत्री ने पर्यटन परिसर को जलक्रीड़ा गतिविधियों के साथ एकीकृत करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला बिलासपुर के औहर में एक नए पर्यटक परिसर की आधारशिला रखी। 33.75 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले और आधुनिक सुविधाओं से लैस इस परिसर में होटल ब्लॉक, फूड कोर्ट और मनोरंजन क्षेत्र शमिल होंगे। इस परियोजना का कार्य दो वर्ष के भीतर पूरा होने की सम्भावना है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परिसर के होटल में स्वागत व प्रतीक्षा क्षेत्र, 60 लोगों की क्षमता वाला रेस्टोरेंट, 30 लोगों की क्षमता वाला कांफ्रैंस कक्ष, 400 लोगों के लिए धाम हॉल, 300 लोगों की क्षमता वाला बेंक्वेट हॉल तथा आराम कक्ष, रसोई व शौचालय की सुविधाएं होंगी। होटल में 40 अतिथि कक्ष और फूड कोर्ट जिसमें 214 लोगों के भोजन की व्यवस्था के लिए 8 स्टॉल, एक पिकअप क्षेत्र, महिलाओं व पुरूषों के लिए शौचालय तथा बच्चों के खेलने का क्षेत्र सहित ग्रीन एरिया की सुविधा भी होगी। उन्होंने कहा कि मनोरंजन क्षेत्र में स्वीमिंग पूल, जिम व स्पा, पेंटरी, स्टोर, बैक ऑफिस और धरातल में शौचालय सुविधा होगी। पहली मंजिल में पूल इण्डोर खेल कक्ष, लॉबी क्षेत्र, चार मसाज कक्ष और अतिरिक्त शौचालय की सुविधा होगी। इसके अलावा, इस परिसर में 50 केएलडी क्षमता वाला मल निकासी संयंत्र भी प्रस्तावित है और परिसर में हरी घास, रॉयल पाम वृक्ष भी विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण यह नया परिसर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने पर्यटक परिसर को गोबिंदसागर झील में जल क्रीड़ा गतिविधियों के साथ जोड़ने के निर्देश दिए ताकि आगुंतकों का भरपूर मनोरंजन हो और इस क्षेत्र में पर्यटकों की आमद में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि परिसर का दूसरा चरण सड़क की विपरीत दिशा में बनाया जाएगा और दोनों खण्ड आपस में जुड़ें होंगे। इस चरण में बच्चों के लिए एक मनोरंजन पार्क, एक फूड कोर्ट और अन्य आवश्यक सुविधाएं होंगी। इस पूरी परियोजना पर 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पर्यटन के बुनियादी ढांचें में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है जिससे युवाओं को रोजगार और स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में हर सम्भव प्रयास जारी हैं। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं पर फिर भरोसा जताने के लिए प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विधानसभा उप-चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देकर विधानसभा में एक बार पुनः कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 तक पहुंचाने के लिए भी लोगों का आभार जताया। उन्होंने निर्वाचित सरकार को गिराने का षड़यंत्र रचने के लिए भाजपा के प्रयासों की निंदा की। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर निरंतर प्रदेश और केंद्र में दो सरकारें बनाने का दावा कर रहे थे, जो कभी भी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों ने धनबल की राजनीति को नकार कर, भाजपा के ऑप्रेशन लोटस को पूरी विफल किया है जो भाजपा के षड़यंत्र के लिए करारा जवाब है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के अन्य नेताओं को इस करारी हार से सबक लेने और जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने भाजपा नेताओं से केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल के हितों के पैरवी करने का भी आह्वान किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के कारण प्रदेश में विकासात्मक कार्य प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब कांग्रेस सरकार राज्य के हितों के लिए तेजी से कार्य करेगी और राज्य के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित करेगी। उन्होंने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं भी सुनीं। लम्बरदार जल कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 31 हजार रुपये का चेक भेंट किया। नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व विधायक बाबू राम गौतम और तिलक राज, कांग्रेस नेता विवेक कुमार और डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, उपायुक्त आबिद हुसैन सदिक और अन्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विवि में दो दिन तक छात्र किसी भी तरह के फॉर्म, फीस जमा करवाने के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि मैंटेनेंस वर्क के चलते 14 जुलाई को वेबसाइट पूरी तरह से बंद रहेगी। इस दौरान किसी भी तरह का ऑनलाइन वर्क नहीं हो सकेगा। सोमवार से वेबसाइट एक्टिव कर दी जाएगी। गौर रहे कि इन दिनों हिमाचल प्रदेश विवि में पीजी कक्षाओं की काउंसिलिंग चली है जिसके लिए छात्र फीस और दस्तोवज ऑनलाइन ही अपलोड कर रहे हैं। ऐसे में दो दिन तक किसी भी तरह का ऑनलाइन वर्क नहीं हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर के औहर में कहा कि भाजपा द्वारा वोट की सरकार को नोट से गिराने के लिए जो प्रयास किए हैं, वह असफल रहे हैं। भाजपा का षड्यंत्र सफल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता को गुमराह करने का ही कार्य किया है। अब उपचुनाव के बाद आचार संहिता हटते ही प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर कार्य किया जाएगा, ताकि प्रदेश की जनता को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा का भाजपा का चेहरा जनता के समक्ष बेनकाब हुआ है। उन्होंने कहा कि 14 माह पहले जो लोग विधायक थे, उन्हें जनता ने अब घर बिठाया है। जनता ने भाजपा को करारा जबाव दिया है। साथ ही भाजपा नेता अब महज बयान ही देंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री का पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उन्होंने औहर में पर्यटन विकास निगम के होटल का शिलान्यास भी किया।
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के थाना बड़सर के तहत बणी के नशा मुक्ति केंद्र में टौणी देवी क्षेत्र के एक युवक की ह*त्या का मामला सामने आया है। मामले में रविवार सुबह बड़सर थाना को सूचना मिली इसके बाद पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ने भी मौके का निरीक्षण किया है। श*व कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में यह पता चला है कि युवक के साथ शुक्रवार को मारपीट हुई। शनिवार के रात को उसकी मौ*त हो गई थी। नशा मुक्ति केंद्र के संचालक फरार है। मृत*क की पहचान अमित कुमार निवासी टौणी देवी के रूप में हुई है। नशा मुक्ति केंद्र के संचालक की पहचान तुषार निवासी भोरंज के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि पंजाब निवासी एक युवक भी यहां पर नशा छुड़ाने के लिए आया था, लेकिन अब उसे जाहू स्थित नशा मुक्ति केंद्र में शिफ्ट किए जाने की बात सामने आ रही है। पंजाब के इस युवक का नाम अमनप्रीत है। हालांकि अभी तक यह लापता है। जाहू स्थित नशा मुक्ति केंद्र में पुलिस टीम जांच के लिए रवाना हो गई है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ने कहा कि मामले में छानबीन की जा रही है।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में माता ज्वाला का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। रविवार सुबह से ही लंबी लाइनों में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। मंदिर में भजन कीर्तन, चौकी का आयोजन हो रहा है। स्थानीय लोग, पुजारी वर्ग तरह तरह के भंडारे माता ज्वाला के दरबार में लगा रहे हैं। ज्वालामुखी मंदिर गर्भ गृह को सुंगधित रंग बिरंगे पांच लाख फूलों से सजाया गया है। मंदिर में हजारों श्रद्धालु रविवार को पहुंचे और माता ज्वाला की दिव्य ज्योतियों का आशिर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में विशेष पुलिस कर्मी तैनात किए गए, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। शनिवार देर रात भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर रात 11 बजे बंद किया गया। मंदिर पुजारी व न्यास सदस्य अविनेद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार को गुप्त नवरात्र का समापन होगा और विशाल यज्ञ व पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा और इसी दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। माता ज्वाला के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर मंदिर में पुजारी वर्ग द्वारा विशेष देसी घी के हलवे के प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। वहीं, देवी भागवत कथा का भी समापन पूर्णाहुति के साथ सिंवर नवमी को किया जाएगा। उन्होंने बताया माता ज्वाला का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है और मंदिर प्रसाशन की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शनों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। माता ज्वाला सभी भक्तों को आशीर्वाद दे और सभी की अभीष्ट मनोकामनाओं को पूर्ण करें। वर्ष में प्रकटोत्सव का यह सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण दिन होता है। इस उपलक्ष्य पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में रविवार को ज्वाला माता का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। आज प्रदेश सरकार उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री अपनी बेटी आस्था सहित ज्वालामुखी में दर्शनों के लिए पधारे। पुजारी नितिन शर्मा द्वारा उन्हें विधिवत पूजा अर्चना करवाई गई और डिप्टी सीएम ने दिव्य ज्योतियों का आशीर्वाद प्राप्त किया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मोदी भवन, योगिनी कुंड व शयन भवन में भी दर्शन किए । मंदिर न्यास की तरफ से उन्हें माता की चुनरी व सिरोपा भी भेंट किया गया। उपमुख्यमंत्री थोड़ी देर के लिए मंदिर में रुके और माता ज्वाला का गुणगान किया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि मां ज्वाला के जन्म दिवस पर वह अपनी बेटी सहित मां ज्वाला के दर्शनों को यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि माता ज्वाला का आशीर्वाद हमेशा ही ऐसे ही सभी पर और प्रदेश की जनता पर बना रहे। यहां पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और आस्था का और विश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक है। हिमाचल देवभूमि है और यहां देवी देवताओं के वास से अलौकिक पवित्रता है। उपचुनाव में हुई जीत पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जताया है और दो सीटें देहरा व नालागढ़ बड़े अच्छे मार्जिन से जीते हैं। देहरा से मुख्यमंत्री की पत्नी ने बड़े अंतर से जीती हैं और काफी अर्से के बाद कांग्रेस ने देहरा में अपना अस्तित्व कायम किया है। प्रदेश की जनता ने जो कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जताया है वे उसके आभारी हैं और प्रदेश सरकार जनता के साथ किये गए वायदे को पूर्ण करने के लिए हमेशा तत्पर रहेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बीजेपी का लोटस ऑपरेशन पूरी तरह से विफल हो गया है। भाजपा ने राजनीतिक अराजकता फैलाने की कोशिश की। पिछले चार महीनों से उपचुनावों के चक्कर में कई प्रकार के दुष्परिणाम देखने को मिले पर बीजेपी अपने मनसूबों में कामयाब नही हुई। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश सरकार में पहले भी 40 सीटें कांग्रेस की थी और अब मजबूती से फिर 40 सीटें हो गई हैं। बीजेपी ने जो षड्यंत्र रचा था वह पूरी तरह से असफल हो गया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। वह प्रदेश को वित्तीय क्षेत्र में उभारने व विकास की दृष्टि से उभारने के लिए मददगार साबित होना चाहिए। जनता ने बीजेपी को पूरी तरह से नकार दिया है और विपक्ष में बिठाया है।
शिमला: हिमाचल में बाहरी राज्यों के लोगों की ओर से धारा 118 की मंजूरी लेकर खोले गए होम स्टे को बंद करने पर सरकार आने वाले दिनों में बड़ा फैसला ले सकती है। प्रदेश में बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार ने विकल्प के तौर पर स्टे खोलने की योजना शुरू की थी, लेकिन हिमाचल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों के बहुत से लोगों ने सरकार से अनुमति लेकर धारा 118 के नियमों का दुरुपयोग कर होम स्टे खोल दिए हैं। शिमला में हिमाचल प्रदेश होमस्टे नियम-2024 का प्रस्ताव तैयार करने के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें इस तरह कड़े फैसले लिए जाने को लेकर चर्चा की गई। जिस पर अब अगली बैठक में अंतिम निर्णय होना है। प्रदेश में बिना पंजीकरण चल रहे होम स्टे और बीएंडबी को बंद करने पर भी चर्चा हुई। उप-समिति के सदस्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रस्तावित प्रारूप तैयार करने के लिए भी बहुमूल्य सुझाव दिए। इस दौरान पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग प्रारूप नियमों को संशोधित कर आगामी बैठक में उप-समिति के समक्ष लाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 के तहत हिमाचल के लोगों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष प्रावधान किया गया है। इस एक्ट में धारा 118 के तहत गैर-कृषकों को जमीन ट्रांसफर करने पर प्रतिबंध होगा, यानी हिमाचल का गैर-कृषक भी यहां पर जमीन नहीं खरीद सकता है. हिमाचल में धारा 118 की जरूरत इसलिए पड़ी कि प्रदेश को साल 1971 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। देश के 18वें राज्य के रूप में हिमाचल अस्तित्व में आया तो एक साल बाद ही भूमि सुधार कानून लागू हो गया। कानून की धारा 118 के तहत कोई भी बाहरी व्यक्ति कृषि की जमीन निजी उपयोग के लिए नहीं खरीद सकता है। फिर लैंड सीलिंग एक्ट में कोई भी व्यक्ति 150 बीघा जमीन से अधिक नहीं रख सकता। भौगोलिक दृष्टि से हिमाचल के ज्यादातर क्षेत्र देश के दुर्गम इलाकों में आते हैं। हिमाचल के पास सीमित भूमि है और पहाड़ी पर्यटन राज्य होने के नाते निर्माताओं ने पहले से भविष्य को भांपते हुए हिमाचल के छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा के लिए ये कदम उठाया है। धारा 118 के तहत प्रदेश का कोई भी जमीन मालिक किसी भी गैर कृषक को किसी भी जरिए से जमीन नहीं दे सकता। भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 2(2) के मुताबिक जमीन का मालिकाना हक उसका होगा जो हिमाचल प्रदेश में अपनी जमीन पर खेती करता है। जो व्यक्ति किसान नहीं है और हिमाचल में जमीन खरीदना चाहता है उसे प्रदेश सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। सरकार से अनुमति लेने पर मालिकाना हक मिल सकता है। उद्योग या पर्यटन विकास से जुड़े मामलों में ही सरकार हर मसले और जानकारी की पूरी तरह से जांच परख के बाद जमीन पर फैसला लेती है। जमीन का CLU यानी चेंज लैंड यूज भी नहीं किया जा सकता। यानी जमीन जिस उद्देश्य के लिए ली गई, उस पर केवल वही नियम लागू होंगे। इस पर अन्य व्यावसायिक गतिविधियां नहीं की जा सकती हैं, लेकिन बाहरी राज्यों के लोगों ने हिमाचल में धारा 118 के तहत उद्योग और मकान बनाने की अनुमति लेकर होम स्टे खोल दिए हैं। बता दें कि प्रदेश में पर्यटन विभाग के पास 4 हजार से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में गैर पंजीकृत होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां भी प्रदेश में संचालित हो रही हैं। ऐसे में होम स्टे के साथ बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों को भी पर्यटन विभाग की कार्रवाई के दायरे में लाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
शिमला में स्थित ऐतिहासिक मंदिर तारादेवी में 14 जुलाई रविवार से लंगर हरी पत्तल में श्रद्धालुओं को परोसा जाएगा। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और धरोहर को सहेजने की दिशा में संतुलित पर्यावरण के लिए मंदिरों में टौर के पत्तों से तैयार पत्तल में लंगर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण के आधीन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सुन्नी खंड में कार्य कर रहे सक्षम क्लस्टर लेवल फेडरेशन को ये पत्तल बनाने का जिम्मा दिया गया है। उन्हें प्रथम चरण में पांच हजार पत्तल बनाने का ऑर्डर दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रयास कर रहा है । उक्त फेडेरशन में 2900 से अधिक महिलाएं पत्तल बनाने का काम करती है, लेकिन पत्तलों की डिमांड कम होने के कारण उत्पादन अधिक नहीं करते थे। इस दिशा में अब प्रशासन ने फैसला लिया है कि जिला के सभी मंदिरों में हरी पत्तल में लंगर परोसे जाएंगे। ऐसे में प्रथम चरण में तारादेवी मंदिर से शुरूआत की जा रही है। सक्षम कलस्टर लेवल फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को पत्तलों के उत्पादन के बारे में जानकारी दी और स्वयं बनाए पत्तल भी भेंट किए। फेडरेशन ने कहा कि उक्त क्षेत्र में टौर के पेड़ बहुत कम है। इस विषय पर उपायुक्त ने कहा कि वन विभाग के सहयोग से आगामी होने वाले पौधारोपण अभियान में टौर के पौधे भी लगाए जाएंगे ताकि भविष्य में टौर के पत्तों की कमी न हो पाए। हिमाचल की संस्कृति में निचले हिमाचल में धाम के दौरान लजीज व्यंजन परोसने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली हरी पत्तल का महत्व सबसे ऊपर है। धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को समेटे देवभूमि हिमाचल के कई इलाकों में यह परंपरा आज भी जारी है। टौर से बनने वाली इस पत्तल में सामाजिक समरसता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। पहाड़ की यह पत्तल टौर नामक बेल के पत्ते से बनती है। यह बेल मध्यम ऊंचाई वाले शिमला, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिले में ही पाई जाती है।
**17 से 19 जुलाई तक कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान हिमाचल प्रदेश में मॉनसून फिर कमजोर हो गया है। रविवार और सोमवार को भी हल्की बारिश होने के आसार हैं। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। बारिश नहीं होने से मौसम में उमस बढ़ गई है। 17 से 19 जुलाई के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में 12 सड़कें और 6 बिजली ट्रांसफार्मर अभी भी ठप हैं। मंडी जिले में पांच, शिमला में चार और कांगड़ा में तीन सड़कें शनिवार शाम तक बंद रहीं। चंबा जिले में पांच और मंडी में एक बिजली ट्रांसफार्मर बंद है। राजधानी शिमला में कई दिनों के बाद शनिवार को दिनभर धूप खिली रही। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में मानसून कुछ कमजोर हो गया है। आगामी दो-तीन दिनों के दौरान मानसून की सक्रियता कम रहने की संभावना है। 16 जुलाई की रात से बारिश के आसार हैं। 17 से 19 जुलाई तक सभी क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
**हाजिरी और अवकाश के नियम हुए तय अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि ने हाजिरी और अवकाश के नियम तय कर लिए हैं। आने वाले नए सत्र से विवि समेत इससे संबद्ध छह सरकारी-निजी मेडिकल कॉलेजों में ये नियम लागू कर दिए जाएंगे। नियमों के तहत अब एमडी, एमएस और एमडीएस कोर्स के अभ्यर्थियों के लिए संस्थानों में 80 प्रतिशत हाजिरी जरूरी है। अगर कोई अभ्यर्थी अधिक अवकाश करता है तो उस स्थिति में उतने ही दिन उसके कोर्स की अवधि बढ़ाई जाएगी। तीन साल के कोर्स में 751 दिन और दो साल के कोर्स में 501 दिन संस्थान आना आवश्यक है। अवकाश और न्यूनतम उपस्थिति के नियम लागू करने के लिए विवि के प्रबंधन बोर्ड की बैठक मे मंजूरी मिल गई है। नियमों के मुताबिक अंतिम परीक्षा तक तीन वर्षीय कोर्स में साप्ताहिक एक दिन की छुट्टी की जाएगी, वह भी कार्य की आवश्यकता में ही। 25 दिन की सवेतन आकस्मिक छुट्टियां कर सकते हैं। एक छात्र 52 साप्ताहिक अवकाश का भी हकदार है। इसमें महिला स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को मौजूदा नियमों के अनुसार मातृत्व अवकाश की अनुमति दी जाएगी। सरकारी नियम और कानून के अनुसार पुरुष स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को भी पितृत्व अवकाश मिलेगा। प्रसूति या पितृत्व के लिए प्रशिक्षण को उतने ही दिनों तक बढ़ाया जाएगा जितनी छुट्टियां की गई हो। अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि नेरचौक के परीक्षा नियंत्रक एवं डीन प्रशासनिक मामले डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि अवकाश-हाजिरी के नियम तय कर दिए हैं। अधिक अवकाश करने वालों के कोर्स की अवधि उतने ही दिन बढ़ाई जाएगी, जितने दिन छुट्टी पर रहेंगे। तीन साल के कोर्स में कुल दिन 1,095 दिन होंगे। इसमें 939 दिन कार्य दिवस होंगे। इनमें से 751 दिन यानी की 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होगी। वहीं, दो साल के कोर्स में कुल दिन 730 दिन होंगे इनमें कुल कार्य दिवस 626 होंगे। साप्ताहिक अवकाश काटने के बाद 501 दिन यानी 80 प्रतिशत उपस्थिति होना जरूरी होगा। हाजिरी और छुट्टियों के नियम अटल विवि समेत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट कॉलेज कांगड़ा, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक, डॉ. वाईएस परमार गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नाहन, डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, पंडित जवाहर लाल नेहरू गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज चंबा के अलावा महर्षि मार्कंडेश्वर निजी विश्वविद्यालय कुनिहार सोलन में लागू होंगे।
केंद्र सरकार की ओर से कार्टन पर जीएसटी की दरों में 6 फीसदी कटौती का लाभ बागवानों को नहीं मिल पा रहा है। बाजार में बागवानों से कार्टन पर 18 फीसदी जीएसटी की वसूली हो रही है। प्रदेश सरकार ने इस साल से यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य तौर पर लागू किया है। बागवानों को उम्मीद थी कि जीएसटी में कटौती के बाद यूनिवर्सल कार्टन की कीमत घट जाएगी, लेकिन कुछ रिटेलर कार्टन पर अब भी 18 फीसदी जीएसटी वसूल रहे हैं। इसको लेकर बागवानों ने सरकार से शिकायत भी की है। जून में जीएसटी परिषद की बैठक में सेब कार्टन बॉक्स पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी करने का फैसला लिया गया था। परिषद की 53वीं बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह मामला उठाया था। बीते साल भी हिमाचल ने कार्टन पर जीएसटी की दर घटाने की मांग उठाई थी, जो सिरे नहीं चढ़ पाई। जीएसटी छह फीसदी कम होने के बाद बागवानों को उम्मीद थी कि अब सेब कार्टन तीन से चार रुपये तक सस्ता मिलेगा। संयुक्त किसान मंच ने कार्टन पर जीएसटी के एवज में हो रही मनमानी वसूली पर कड़ी नाराजगी जताई है। मंच के संयोजक संजय चौहान का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में रिटेलर कार्टन पर 18 फीसदी जीएसटी वसूल रहे हैं। 500 पीस कार्टन खरीदने वाले बागवान को 5,400 रुपये जीएसटी चुकाने पड़ रहे हैं। संयुक्त किसान मंच सभी कृषि लागत वस्तुओं पर जीएसटी खत्म करने की मांग उठाता रहा है और भविष्य में भी बागवानों के हित में यह मांग जोर-शोर से उठाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में जल्द ही लोकसेवा आयोग के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षा के 769 प्रवक्ता भर्ती होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने लोकसेवा आयोग को पत्र लिखकर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है। प्रवक्ता स्कूल न्यू के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत ही कंप्यूटर साइंस प्रवक्ताओं के 769 पद भरे जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि लोकसेवा आयोग के सचिव को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में पत्र भेजा गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रवक्ता कंप्यूटर साइंस के 985 पदों को भरा जाना है। मार्च 2024 में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इन पदों को भरने की मंजूरी दी गई थी। कुल 985 पदों में से लोकसेवा आयोग के माध्यम 769 पद भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग की मांग पर अब लोकसेवा आयोग की ओर से भर्ती से संबंधित विज्ञापन जारी किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत करीब 1300 कंप्यूटर शिक्षक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के तहत काम कर रहे हैं। सरकार ने बीते वर्ष नाइलेट कंपनी से नाता तोड़ लिया था। अब कॉरपोरेशन के माध्यम से चयनित कंपनियों के माध्यम से शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। अब लोकसेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती होने से कई बेरोजगारों का सरकारी नौकरी पाने का सपना पूरा होगा।
**श्रीखंड महादेव यात्रा आज से शुरू महादेव के पंच कैलाशों में से एक और उत्तर भारत की सबसे कठिनतम धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा आधिकारिक तौर पर आज यानि रविवार से शुरू हो गई है। आज से 27 जुलाई तक चलने वाली इस यात्रा के शुभारंभ के लिए पिछले कल 13 जुलाई को यात्रा ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश ने जाओं, बड़ींगचा से 3 किलोमीटर पैदल चलकर बेस कैंप सिंह गाड़ देर शाम पहुंची। बेस कैंप सिंह गाड़ में उन्होंने श्रीखंड सेवा समिति अरसू, रामपुर, हमीरपुर, के पंडाल में शिव भक्तों के साथ संध्याकाल की शिव आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ट उपाध्यक्ष एवं यात्रा ट्रस्ट के संस्थापक बुद्धि सिंह ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू पंकज परमार, यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह, तहसीलदार निरमंड जयगोपाल शर्मा, डीएसपी चंद्र शेखर कायथ, ट्रस्ट, सदस्य गोविंद शर्मा, जिला परिषद सदस्य पूर्ण ठाकुर, स्थानीय पंचायत की प्रधान सुषमा कटोच उप प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर, जुआगी के उप प्रधान रणजीत ठाकुर,मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने लंगर का विधिवत उद्घाटन भी किया और अपने हाथों से शिव भक्तों को लंगर का स्वादिष्ट खाना भी परोसा। आज सुबह करीब 5 बजे डीसी ने महादेव के पवित्र धाम श्रीखंड कैलाश पर्वत के लिए हरी झंडी दिखाकर 70 श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना किया। 8 बजे तक करीब 1100 शिव भक्त श्रीखंड कैलाश पर्वत के लिए रवाना हो गए हैं। डीसी ने बताया कि इस बार की श्रीखंड यात्रा के लिए प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। यात्रा से पूर्व श्रीखंड के रास्ते बनकर तैयार किए हैं और रास्ते में पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से तैयार कर दी गई है। यात्रा में पुलिस, रेस्क्यू, एसडीआरएफ, मेडिकल, रेवन्यू, की टीमें हर बेस कैंप पर तैनात की गई है। उन्होंने शिव भक्तों से यात्रा में द्रव्यों मादक पदार्थों का सेवन न करें और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील भी की है।
शिमला पुलिस ने जिले में नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में लोगों की मदद से बड़ी कामयाबी हासिल की है। पंद्रह महीने में 600 से अधिक केस दर्ज कर 1,000 से अधिक नशा तस्करों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचाया है। इसमें कई बड़े तस्करी के मामले भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इससे निपटने के लिए सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार किया है। लोग, युवा पुलिस को व्हाट्सएप, ईमेल, फोन, पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से सूचनाएं दे रहे हैं। सूचनाएं देने वालों में स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी, टैक्सी चालक, होटल कर्मचारी, महिला मंडल की सदस्य और ऐसे युवा शामिल हैं जोकि पहले किसी कारणवश नशे के आदी हो चुके थे लेकिन अब इसे छोड़ चुके हैं। नेपाल से चल रहे अफीम तस्करी के बड़े रैकेट का भी भंडाफोड़ किया है। इसमें पुलिस ने नारकंडा से तस्करी के सरगना रवि गिरि को गिरफ्तार किया है। मतियाना में नेपाल से लाई डेढ़ किलो अफीम और टुटीकंडी क्रॉसिंग में पुलिस ने 3.50 किलो अफीम पकड़ी है। चलौंठी में पंजाब के चार युवकों से 169 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। एसपी संजीव गांधी ने जब कार्यभार संभाला था तो उन्होंने नशा माफिया के खात्मे के लिए सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया था। अब इसके परिणाम सामने आने लगे हैं। नशा तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार किया है। इसकी मदद से पुलिस नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इस लड़ाई में आम जनता को आगे आने की जरूरत है
** सैनी को हल्के में लेना भाजपा को पड़ा भारी **किसके पाले से खिसके 13025 मत नालागढ़ में एक बार फिर भाजपा को बगावत ले डूबी है। इस सीट पर भाजपा के बागी हरप्रीत सैनी मैदान में ना होते तो शायद तस्वीर कुछ और भी हो सकती थी। शुरुआत से ही माना जा रहा था कि सैनी इस क्षेत्र में भाजपा के समीकरण बिगाड़ सकते है और हुआ भी बिलकुल ऐसा ही... हरप्रीत सैनी को इस चुनाव में कुल 13025 वोट मिले है तो वहीँ भाजपा प्रत्याशी के एल ठाकुर को 25618 मत प्राप्त हुए है। ज़ाहिर है अगर इस सीट पर बगावत साध ली जाती तो तस्वीर कुछ और भी हो सकती थी। अपनों की नाराज़गी ने पिछले 6 उपचुनावों में भी भाजपा को सैट बैक दिया था और इन उपचुनावों में भी ये हार का बड़ा कारण बना है। शायद नालागढ़ की जनता ने सत्ता के साथ चलना उचित समझा है और इस सीट पर होलीलोज और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के करीबी हरदीप बावा की जीत दिलाई है।
नालागढ़ का प्रतिनिधित्व हरदीप सिंह बावा करेगें। नालागढ़ में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के करीबी बावा हरदीप 8990 वोट से चुनाव जीत गए हैं। इस चुनाव में हरदीप बावा को 31298 मत मिले हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी केएल ठाकुर को 24428 वोट पड़े हैं। बता दें की शुरुआत से ही कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप बावा के खिलाफ इस क्षेत्र में भाजपा ने बाहरी का नारा बुलंद किया था मगर भाजपा के किसी भी दाव का असर यहाँ नहीं हो पाया है। इस बार बावा तीसरी बार चुनावी मैदान में थे। इससे पहले वे एक बार निर्दलीय और एक बार बतौर कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में उतरे थे मगर दोनों ही बार हरदीप बावा की हार हुई। इस बार बावा को नालागढ़ की जनता ने अपना आशीर्वाद दे दिया है। इस चुनाव में कांग्रेस लगातार कृष्ण लाल ठाकुर से सवाल पूछ रही थी कि उनके इस्तीफे का कारण क्या है। क्यों उन्होंने इस्तीफा दिया और शायद केएल ठाकुर इसका जवाब जनता तक नहीं पहुंचा पाए। नतीजों से स्पष्ट हो गया है की केएल का निर्दलीय विधायक के पद से इस्तीफा दे कर भाजपा टिकट से चुनाव लड़ना जनता को रास नहीं आया। वहीँ निर्दलीय प्रत्याशी हरप्रीत सैनी भी केएल की हार का बड़ा कारण बने है। बतौर निर्दलीय उम्मीदवार हरप्रीत सिंह सैनी भी 13025 वोट हासिल करने में कामयाब रहे हैं।
गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश द्वारा यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डायरेक्टर ए जे सिंह को ज्ञापन सोपा गया, जिसमें गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश के कार्यकारिणी सदस्य एवं यूआईटी हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के सदस्य भी शामिल रहे इस ज्ञापन के माध्यम से हमने यूआईटी डायरेक्टर व प्रशासन का ध्यान उन ट्राइबल छात्रों की और आकर्षित किया जिसमे वह अध्यनरत है। आपको एक बात बता दी जाए कि यूआईटी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का एक अभिन्न अंग है परंतु इस बात से हैरानी है कि यूआईटी में पढ़ रहे छात्रों को हॉस्टल की सुविधा से वंचित रखा जा रहा है । संघ द्वारा इस मुद्दे को कई बार प्रशासन के सामने रखा है और आगे भी गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश इसी भांति इन मुद्दों के लिए प्रशासन के खिलाफ लड़ते रहेंगे और इन्हें सुलझाने के लिए हर सार्थक प्रयास करते रहेंगे। अनुसूचित जनजाति के छात्र हिमाचल प्रदेश के उन क्षेत्रों से आते है जो मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रहते हैं और उनके पास फीस को भरने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं वह अपना जीवन यापन अनेक कठिनाइयों से करते हैं परंतु शिमला में पहुंचकर उन्हें भारी भरकम बोझ जिसमें रूम रेंट व पीजी में रह रहे छात्रों को एक आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है जो की उन अनुसूचित जनजाति के छात्रों लिए सम्भव नही दिखता है आपको ये बात भी बता दी जाए की जो विश्वविद्यालय का जो ट्राईबल हॉस्टल है वह ट्राइबल छात्रों के लिए आरक्षित हैं परंतु विश्वविद्यालय यहां सामान्य वर्ग के छात्रों को भी भरने का काम कर रहा है परंतु यह अनुचित है क्योंकि जब तक विश्वविद्यालय में ट्राइबल छात्र किराए के रूम में रह रहे हैं तब तक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ट्राईबल हॉस्टल को सामान्य वर्ग के छात्रों को नहीं भरना चाहिए। विश्व विद्यालय कई बार इस बात का हवाला देता है की यह सिर्फ पोस्टग्रेजुएट (PG) व उससे ऊपर के छात्रों के लिए है परंतु यहां बीएड डिग्री के छात्र भी रहते है अत: गद्दी छात्र कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश सदैव छात्र कल्याण के पक्ष में खड़ा है और इसी भांति छात्र हित कार्य में लगा है और लगा रहेगा ।
** अपनी पत्नी को एक्टिव पॉलिटिक्स में शामिल करने वाले तीसरे मुख्यमंत्री बने सीएम सुक्खू डॉ. यशवंत सिंह परमार और स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की फेहरिस्त में अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हो गए। इन दोनों के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ऐसे तीसरे मुख्यमंत्री है जिनकी पत्नी एक्टिव पॉलिटिक्स शामिल हो गई है। इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश के ऐसे दो मुख्यमंत्री रहे है जिनकी पत्नियां भी राजनीति में ही रही है। हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय डॉ. यशवंत सिंह परमार की पत्नी भी राजनीति में ही थी। हालाँकि उनकी पत्नी शादी से पहले ही राजनीति में आ चुकी थी और शायद ये बात बेहद कम लोग जानते होंगे कि डॉ. यशवंत सिंह परमार की वो दूसरी पत्नी थी। 65 साल के डॉ. परमार को 55 साल की महिला राज्यसभा सांसद सत्यवती डांग से प्यार हो गया था और उन्होंने तब दूसरी शादी की थी। सत्यवती डांग 1964 से 1969 तक हिमाचल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहीं है। दूसरे मुख्यमंत्री थे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह। वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री रहते ही प्रतिभा सिंह भी पॉलिटिक्स में आ गई थी और अभी प्रतिभा सिंह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाल रही है। अब सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के सातवें मुख्यमंत्री है और अपनी पत्नी को पोलटिक्स में लाने वाले तीसरे मुख्यमंत्री।
**कांग्रेस के पास 40 का आकड़ा कायम **आखिर उपचुनावों से हासिल हुआ क्या ? 23 मार्च 2024 वो तारिख जब कांग्रेस के 6 विधायक रूठ कर भाजपा के खेमे में शामिल हो गए थे । 13 जुलाई 2024 वो तारिख है जब प्रदेश कांग्रेस के पास उनकी जगह पर 6 नए विधायक है। तीन उपचुनावों के नतीजों के बाद अब हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के कुल 40 और भाजपा के कुल 28 विधायक बैठेंगे। 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद की तस्वीर भी इससे ज़्यादा इतर नहीं थी, तब भी कांग्रेस के 40 ही विधायक विधानसभा की दहलीज़ तक पहुंचे थे यानि कांग्रेस के 6 विधायक अगर छिटके तो जनता ने 6 अन्य विधायकों को जितवा कर विधानसभा पहुंचा दिया। हां मगर तब भाजपा के महज़ 25 ही विधायक सदन तक पहुंचे थे और अब ये आकड़ा 28 का हो गया है। अब आप पूछेंगे की ये आकड़ा तो भाजपा निर्दलीय विधायकों को अपने साथ मिलाकर भी प्राप्त कर सकती थी फिर 3 विधानसभा सीटों की जनता पर उपचुनाव थोपने का आखिर क्या अर्थ निकला। ये सवाल जनता अब भाजपा से पूछेगी और पूछेगी उन निर्दलीय विधायकों से जिन्होंने विधायक होने के बावजूद भी पद से इस्तीफ़ा दे दिया। पुछा जाएगा की आखिर इन 3 उपचुनावों से भाजपा को हासिल क्या हुआ। सवाल तो भाजपा हाईकमान भी पूछेगा, प्रदेश के उन भाजपा नेताओं से जिनके काँधे पर भाजपा को चुनाव जितवाने की ज़िम्मेएदारी सौंपी गई थी। सवाल जवाब अब चलते रहेंगे मगर फिलवक्त इन चुनावों का लब्बोलुबाब ये है की अभी के लिहाज़ से प्रदेश की 40 विधायकों वाली कांग्रेस सरकार बिलकुल सुरक्षित है। वहीँ प्रदेश की जनता ने ये सन्देश भी सांझा कर दिया है कि हिमचाल प्रदेश की जनता दल-बदल की राजनीति से ज़्यादा इत्तेफ़ाक़ नहीं रखती।
**सरकार गिराने के दावे फेल **अपनों ने डूबोई भाजपा की नाव कोशिश तो बहुत की मगर हासिल कुछ नहीं हुआ। भाजपा के तथाकथित ऑपरेशन लोटस को हिमाचल प्रदेश में मुँह की खानी पड़ी है। प्रदेश में पांच-छह महीने से सरकार बनाने का दावा कर रही भाजपा के लिए ये नतीजे बड़ा झटका है। पहले छह और अब तीन, कुल नौ उपचुनाव में से भाजपा 6 पर चुनाव हार गई है। न बिंदल का जादू चला न जयराम ठाकुर अपनी साख बचा पाए। हां सांसद अनुराग ठाकुर ज़रूर हमीरपुर में जीत दिलवाने में कामयाब रहे मगर इसका मार्जिन इतना कम है की 'यहाँ कुछ भी हो सकता था। वहीँ इस बार भले ही बाल-बाल जीत गए मगर इससे पहले अनुराग के संसदीय क्षेत्र के तहत हुए 4 में से पार्टी 3 चुनाव हार गई थी। यहां तक की प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के गढ़ में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा को भी हार मिली। यानि इन नेताओं में से किसी एक के भी रिपोर्टकार्ड पर स्टार नहीं लग पाए। ज़ाहिर है अब भाजपा आलाकमान की कचेहरी में प्रदेश के दिग्गज भाजपा नेताओं की पेशी होगी और इन्हें हार स्वीकारनी भी होगी और जो संभावित नतीजे होंगे उन्हें गले भी लगाना होगा। सूची तो उनकी भी बनेगी जो साथ दिख तो रहे थे मगर साथ दे नहीं रहे थे। इन चुनावों में भाजपा की लुटिया भाजपा के अपने ही नाराज़ नेताओं ने डूबोई है। अब देखना ये होगा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा इस हार पर क्या एक्शन लेती है और क्या सबक ।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने कैडेट्स के बीच अनुशासन, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की सराहना की। विश्वविद्यालय परिसर में 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (एटीसी 197) के दौरान कैडेट्स को संबोधित करते हुए प्रोफेसर चंदेल ने व्यक्तिगत विकास में एनसीसी की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला। शिविर में 684 कैडेट भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों, 11 कॉलेजों और नौ स्कूलों के वरिष्ठ और कनिष्ठ एनसीसी डिवीजनों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एनसीसी कैडेट्स के व्यापक विकास के उद्देश्य से शिविर का आयोजन 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संजय शांडिल की देखरेख में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सेना और नागरिक कर्मचारियों की टीम, एनसीसी अधिकारी और विभिन्न शिक्षक भी इस शिविर का हिस्सा है। इस कैंप में कैडेट शारीरिक और हथियार प्रशिक्षण, अभ्यास, सांस्कृतिक और कौशल विकास गतिविधियों, प्रेरक व्याख्यान, आपदा और स्वास्थ्य प्रबंधन सत्र, सामाजिक जिम्मेदारी पहल और विभिन्न खेल आयोजनों सहित कई गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर कर्नल संजय शांडिल ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर चंदेल और छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. केके रैना का स्वागत किया। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र कर्नल संजय शांडिल ने वार्षिक प्रशिक्षण शिविरों की मेजबानी के लिए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया और शिविर के दौरान आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कैडेट्स को अपने संबोधन में प्रोफेसर चंदेल ने अभ्यास के दौरान दिखाए गए अनुशासन के लिए गर्ल्स बटालियन टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कैडेट्स को शिविर से सीखे गए सबक और अनुशासन को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। अच्छे नागरिक के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने प्रतिभागियों से जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने और मोबाइल स्क्रीन समय को कम करते हुए प्रौद्योगिकी का कुशलतापूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया। प्रोफेसर चंदेल ने जीवन कौशल सीखने के महत्व पर भी जोर दिया और प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे खुद को औपचारिक शिक्षा तक ही सीमित न रखें बल्कि अपने जुनून की खोज करें और कौशल विकास पर ध्यान दें। उन्होंने प्रेरणा के रूप में विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं के उदाहरणों का हवाला देते हुए कैडेट्स को एक दिन की सफलता या विफलता से परे बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों को इन रोल मॉडलों से सीखने और सफलता के लिए अपना रास्ता खुद बनाने के लिए प्रेरित किया।
**आशीष शर्मा ने बचाई भाजपा की लाज **गृह जिले में सीएम की लोकप्रियता पर सवाल हिमाचल की तीन में से दो सीटों पर हुए उपचुनाव में तो सत्तारूढ़ कांग्रेस जीत गई मगर मुख्यमंत्री के अपने जिले की सीट हमीरपुर में पार्टी को हार का मुँह देखना पड़ा है। आपको याद होगा कि इस सीट पर कांग्रेस द्वारा एक नारा बुलंद किया गया था। मुख्यमंत्री भी अपना और विधायक भी अपना, मगर हमीरपुर की जनता ने इस नारे को सिरे से नकार दिया है। इन चुनावों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मजबूत नेता के तौर पर जरूर उभरे हैं मगर उनके घर व गृह जिला हमीरपुर में कांग्रेस की हार सीएम की अपने क्षेत्र की लोकप्रियता पर कुछ प्रश्न खड़े कर रही है। यहाँ ये तक कहा गया की जो लोग प्रो. प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री नहीं रहने देना चाहते थे आज वहीँ लोग सीएम सुक्खू को मुख्यमंत्री नहीं रहने देना चाहते हैं। ये वो लोग है जो सीएम को मुख्यमंत्री नहीं रहने देना चाहते मगर इस बात का भी कोई असर नहीं हुआ। वहीँ हमीरपुर की जनता ने इस्तीफे के बावजूद एक बार फिर आशीष शर्मा को अपना विधायक चुन लिया है। अब आशीष उन तीन विधायकों की फेहरिस्त में शामिल हो गए है जो एक बार फिर से विधानसभा की दहलीज़ लगेंगे। हालांकि आशीष की जीत का मार्जिन इस बार पिछली बार के मुकाबले काफी घटा है। पिछली बार आशीष शर्मा 12,899 के मार्जिन से जीते थे जो अब घट कर 1,571 ही रह गया है।
** पति मुख्यमंत्री और पत्नी विधायक .... **सीएम सुक्खू की पत्नी कमलेश ने जीता देहरा का उपचुनाव कांग्रेस का एक अनोखा प्रयोग अब सियासी संयोग बन चूका है। देहरा से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीत चुकी है। सत्ता की गाड़ी में सवार हो कर अब पति पत्नी दोनों ही विधानसभा में नज़र आएंगे। उपचुनाव के नतीजों के साथ ही ये तो स्पष्ट हो चूका है कि आखिरकार ससुराल वालों ने सीएम सुक्खू को जीत का शगुन दे कर कमलेश ठाकुर को देहरा का विधायक बना ही दिया। अब कमलेश बार-बार अपने मायके वालों से यही गुज़ारिश कर रही थी कि ससुराल में उनका मान रहे इसके लिए देहरा की जनता से उन्हें प्यार मिलना बेहद ज़रूरी है। हुआ भी कुछ ऐसा ही अब मायके वालो ने तो अपना धर्म निभा दिया है अब बारी है देहरा की बेटी की। जो बाते, जो वादे कमलेश और सीएम सुक्खू ने देहरवासियों से किये थे क्या वो पुरे होंगे ये देखना दिलचस्प होगा। राज्यों की राजनीति में पति पत्नी की विधानसभा में एक साथ एंट्री के उदाहरण न के बराबर ही देखने को मिले है, हां सिक्किम में एक बार ऐसा देखने को ज़रूर मिला था जब पति मुख्यमंत्री बने और पत्नी विधायक, लेकिन तब सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग की पत्नी कृष्ण कुमारी राई ने शपथ ग्रहण करने के एक दिन बाद ही विधायक पद से त्याग-पत्र दे दिया था। अब राज्यों की सियासत में ये दूसरा मौका है जब पति प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे और पत्नी विधायक।
मुख्यमंत्री बोले, हिमाचल प्रदेश की जनता ने देश भर की राजनीति को दिया संदेश हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा क्षेत्रों में हुए उप-चुनाव में दो सीटों पर जीत हासिल करने पर भारी संख्या में जश्न मनाने ओक ओवर पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जनता ने धनबल को हराया है और जनबल की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के मतदाताओं के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के मेहनती कार्यकर्ताओं की जीत है। प्रदेश की जनता ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को नकार कर अपना वोट राज्य में राजनीतिक पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए दिया है। उन्होंने कहा कि देहरा में 25 वर्षों के बाद कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हुई है और नालागढ़ में भी कांग्रेस प्रत्याशी बड़े अंतर से जीते हैं। हिमाचल प्रदेश में अब कोई भी पार्टी आने वाले 50 साल में खरीद-फरोख्त की राजनीति करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगी और प्रदेश से यह संदेश पूरे देश की राजनीति में जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 28 फरवरी, 2024 को प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र रचा गया, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या एक बार फिर 40 हो गई है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बार-बार भाजपा की दो सरकारें बनाने की बातें करते थे, लेकिन उनका ऑपरेशन लोट्स विफल हो गया है। जनता से सबक मिलने के बावजूद नेता प्रतिपक्ष प्रदेश के लोगों को ठगने और गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों ने यह उप-चुनाव प्रदेश की जनता पर थोपे, अगर वह प्रदेश सरकार से नाराज थे तो विधानसभा में भाजपा के साथ बैठकर विपक्ष को अपना समर्थन देते। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक सरकार को गिराने के षडयंत्र के तहत एक माह तक प्रदेश से बाहर रहे और अपना इस्तीफा स्वीकार करवाने के लिए धरने पर बैठे। उनके इसी रवैये के कारण उप-चुनाव हुए, लेकिन जनता ने अब उन्हें करारा जवाब दिया है। यह जीत उन सभी के लिए भी एक सबक है जिन्होंने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि देश में 13 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उप-चुनावों में भाजपा ने केवल दो सीटें बहुत कम मार्जन से जीती हैं, जिससे यह साबित होता है कि देश के लोगों ने भाजपा के एकछत्र राज और उनकी गुमराह करने वाली नीतियों व विचारधारा को पूरी तरह से नकार दिया है।
**इनमे ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चम्बा, कागंड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर शामिल **19 जुलाई तक प्रदेश में मौसम रहेगा खराब हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आगामी एक सप्ताह तक मानसून की बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई हिस्सों में 19 जुलाई तक मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई गई है। 16 व 17 जुलाई के लिए कुछ भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी शिमला में आज हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं।
शिमला में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों में 1,093 पदों को भरने की मंजूरी दी गई। इनमें शिक्षा विभाग में लेक्चरर शारीरिक शिक्षा के 486 पद और प्रधानाचार्य स्कूल कैडर के 157 अतिरिक्त पद सृजित करने, शिक्षा विभाग में ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्पेशल एजूकेटर के 245 पद भरने का भी निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने गृह विभाग में अग्निशमन अधिकारियों व कर्मचारियों के विभिन्न श्रेणियों के 53 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। पुलिस कर्मियों के विभिन्न श्रेणियों के 60 पद सृजित कर इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की गई, जिन्हें प्रदेश के हेलीपोर्ट पर तैनात किया जाएगा। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 30 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई। लोक निर्माण विभाग में जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी) के 30 पद भरने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि खंड विकास अधिकारी के 27 अतिरिक्त पद भरे जाएंगे, जिससे कैडर की क्षमता 123 हो जाएगी। डॉ. राधाकृष्णन चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में पृथक कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रोफेसर, अस्सिटेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों के तीन पद सृजित कर भरे जाएंगे। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के दो पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की मंजूरी प्रदान की गई। जेओए पोस्ट कोड-903, 939 के परिणामों को घोषित करने का निर्णयबैठक में मंत्रिमंडलीय उप-समिति के सिफारिशों को स्वीकार करते हुए जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट के पोस्ट कोड-903 और 939 के लंबित परिणामों को घोषित करने का निर्णय लिया गया। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर को दोनों पोस्ट कोड के अंतिम परिणाम घोषित करने का कार्य सौंपा गया है। 18 ग्रामीण विद्या उपासकों को जेबीटी के रूप नियमित करने का निर्णयशिक्षा विभाग में तीन वर्षों का सेवाकाल पूर्ण करने वाले एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मापदंडों को पूरा करने वाले 18 ग्रामीण विद्या उपासकों को जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) के रूप नियमित करने का निर्णय लिया गया है।
**शायद नालागढ़ की जनता को केएल नहीं समझा पाए इस्तीफे का कारण नालागढ़ विधानसभा सीट पर इस बार केएल ठाकुर का जादू नहीं चला। वहीं केएल ठाकुर जिनको बतौर निर्दलीय पिछले विधानसभा चुनाव में नालागढ़ की जनता ने सरआंखों पर बैठाया था, अब राजनैतिक विश्लेषक उनकी इस हार का कारण तलाशने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि केएल ठाकुर को विधायक पद से इस्तीफ़ा देना जनता को रास नहीं आया। वहीँ इस बार हरदीप सिंह बावा को नालागढ़ की जनता ने जीत का हार पहनाया है और ये उनकी पहली जीत है| इससे पहले भी हरदीप सिंह बावा 2 बार चुनावी मैदान में उतरे थे। पहली बार बतौर निर्दलीय और दूसरी बार कांग्रेस टिकट पर लेकिन दोनों बार उन्हें हार का मुँह ही देखना पड़ा। इस बार बावा पर नालागढ़ की जनता ने एतबार किया और नालागढ़ का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया।
**हिमाचल विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या बढ़ी हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कमलेश ठाकुर कांग्रेस की दूसरी महिला विधायक होगी। इससे पहले लाहौल स्पीति की अनुराधा राणा ने कांग्रेस की पहली महिला विधायक के तौर पर जीत हासिल की है, जबकि भाजपा की एक मात्र महिला विधायक रीना कश्यप के साथ अब कुल महिला विधायकों की संख्या अब तीन हो गयी है। वहीं यह पहली दफा हिमाचल की सियासत में होगा कि जब एक ही सदन में पति और पत्नी सदस्य के तौर पर पहुंच रहे हैं। इससे पहले आज तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा में एक ही सदन में पति-पत्नी एक साथ कभी एक ही सदन के सदस्य नहीं रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे सामने आए है। प्रदेश की हमीरपुर सीट में उपचुनाव को लेकर आए नतीजों के तहत भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा जीत गए हैं। आशीष शर्मा ने कांग्रेस के डॉ. पुष्पिंद्र वर्मा को 1571 मतों से हरा दिया है। हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई है। प्रचार के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के आंसू भी काम नहीं आए हैं। आशीष शर्मा लगातार दूसरी बार यहां से विधायक चुने गए हैं। आशीष शर्मा ने 1571 वोटों से जीत हासिल की है। आशीष शर्मा ने दूसरी बार यहां से जीत हासिल की है। 2022 में वह आजाद चुनाव जीते थे। लेकिन राज्यसभा चुनाव के बाद हुई सियासी हलचल के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और फिर यहां पर उपचुनाव तय हुए। हमीरपुर विधानसभा सीट पर बीते कई दशक से चल रहा भाजपा का दबदबा कायम रहा है। अब तक यहां पर 11 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें कांग्रेस केवल एक बार ही चुनाव जीत पाई है। भाजपा को 9 बार जीत मिली है। एक बार इस सीट पर 1967 में जनसंघ का कब्जा यहां पर रहा था। कांग्रेस की अनीता वर्मा एक बार 2003 में चुनाव जीती थी। 1967 में यहां पर पहली बार चुनाव हुए थे।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की सुन्नी तहसीन के तहत आने वाले डिमार्केटिड प्रोटेक्टिड फॉरेस्ट एरिया यानी सीमांकित संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ काटने व सड़कें बनाने के मामले में हाईकोर्ट ने हिमाचल एवं केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। इस मामले में हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। याचिका में संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से बनी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोकने की गुहार लगाई गई है। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। तहसील सुन्नी की ग्राम पंचायत हिमरी के तहत ये वन क्षेत्र आता है। याचिका कर्ताओं ने इस वन क्षेत्र को रिजर्व फॉरेस्ट एरिया घोषित करने के आदेश जारी करने की भी हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव व न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की खंडपीठ कर रही है। मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने ग्राम पंचायत हिमरी निवासी विजयेंद्र पाल सिंह, देवी राम और देव राज की तरफ से दाखिल की गई जनहित याचिका की सुनवाई के बाद सभी प्रतिवादियों से चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। प्रार्थियों ने वन, राजस्व और लोक निर्माण विभाग के सचिव सहित प्रधान मुख्य अरण्यपाल, डीएफओ शिमला, डीसी शिमला, उद्योग विभाग के निदेशक को प्रतिवादी बनाया है। प्रार्थियों का कहना है कि हिमरी ग्राम पंचायत में हिमरी, बागरी, बनुना, गड़ाहू, गढ़ेरी और रियोग गांव आते हैं। इस क्षेत्र में छप्परानी, दबका, फुलगलानी इत्यादि सीमांकित संरक्षित वन क्षेत्र के तहत हैं। वर्ष 2011 से इन वन क्षेत्रों में कई सड़कें अवैध रूप से बनाई गई। इन सड़कों में हिमरी-दोहरा ग्लां-भरैल, दोहरा ग्लां-छप्परानी, दोहरा ग्लां-ग्लाह और हिमरी-रियोग सडक़ें शामिल हैं। ये सभी अवैध रूप से बनाई गई हैं। इस डिमार्केटिड प्रोटेक्टिड फॉरेस्ट यानी डीपीएफ से बाहर भी कुछ सड़कें बिना अनुमति के बनाई गई हैं। उनमें हिमरी-झुटनू, खनेरी बागरी, हिमरी सड़क और कंधारटी सड़क बिना अनुमति बनाई गई है। इन सड़कों के निर्माण के बाद पूरे क्षेत्र में पेड़ों के कटान और तस्करी से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। वन माफिया के सक्रिय होने से पेड़ों का कटान तेज हो गया। अवैध खनन के मामले भी इस क्षेत्र में बढ़ गए हैं। प्रार्थियों ने इन सड़कों में गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। प्रार्थियों ने मांग की है कि हिमरी-नल्लाह सड़क के निर्माण के लिए 657 पेड़ों को काटने की एफसीए (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) दी गई है। इसलिए 657 पेड़ों को कटने से बचाया जा सके। मामले पर सुनवाई 12 अगस्त को निर्धारित की गई है।
मंडी: सुंदरनगर में फोरलेन पर एक स्कूटी ने आगे जा रही कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में स्कूटी सवार दो युवक घाय*ल हो गए। इनका नागरिक अस्पताल में उपचार कराया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार फोरलेन पर सुंदरनगर की ओर आ रही एक स्कूटी ने आगे जा रही कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के कारण स्कूटी सड़क पर गिर गई और उसमें सवार चालक अंकित पुत्र बहादुर निवासी सोलन और मुकेश, जो सुंदरनगर के एक कैफे में काम करता है, घायल हो गए। डीएसपी भारत भूषण में बताया पुलिस थाना सुंदरनगर में हादसे को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पीएचडी और नेट पास युवाओं के पास सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) मंडी में गेस्ट टीचर बनने का सुनहरा अवसर है। यहां पर 35 गेस्ट टीचरों की भर्ती की जाएगी। उन्हें 35,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। एसपीयू ने पीएचडी और नेट पास युवाओं के लिए 23, 24 और 25 जुलाई को वॉक इन इंटरव्यू रखे हैं। प्रो. कुलपति कार्यालय में होंगे। विवि में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी, योग, ईवीएस, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, बॉटनी, जूलॉजी, पर्यावरण विज्ञान मैनेजमेंट, हिस्ट्री और पब्लिक में गेस्ट टीचर रखे जाएंगे। विवि के मुताबिक इसके लिए यूजीसी के नियमों के मुताबिक ही सभी योग्यताएं रखी गई हैं। परीक्षा नियंत्रक सुनील वर्मा ने बताया कि योग्यता पूरी करने वाले युवा साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। 23 जुलाई को सुबह 11 बजे केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी और योग, ईवीएस के साक्षात्कार होंगे। 12 बजे केमिस्ट्री, 1 बजे इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री और 3 बजे कंप्यूटर साइंस के लिए साक्षात्कार होंगे। 24 जुलाई को सुबह 11 बजे बाॅटनी, 12 बजे जूलॉजी, 1 बजे एनवायरनमेंट साइंस के साक्षात्कार होंगे। 25 को सुबह 11 बजे मैनेजमेंट, 12 बजे इतिहास और एक बजे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लिए साक्षात्कार होंगे। आवेदन पत्र के साथ मार्कशीट, प्रमाण पत्र, डिग्री और अन्य दस्तावेज लाने होंगे। गेस्ट टीचर की नियुक्ति पूरी तरह से अस्थायी आधार और एक सेमेस्टर के लिए है। गेस्ट टीचर किसी भी स्तर पर नियमितीकरण, स्थायी पद का कोई अधिकार नहीं है। योग्यता यूजीसी के अनुसार होगी।
हिमाचल प्रदेश की देहरा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीत गई हैं। देहरा सीट पर उन्होंने बीजेपी के होशियार सिंह को हराया है। देहरा में 10 राउंड की गिनती हुई, जिसमें कमलेश ठाकुर को 32737, होशियार सिंह को 23338 वोट मिले। इस तरह कमलेश ठाकुर 9399 वोटों से जीत गईं। उधर, हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा 1433 वोट से चुनाव जीत चुके है जबकि नालागढ़ सीट पर हरदीप बावा 8990 मतों से जीते। बता दें कि आज हिमाचल प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, नालागढ़, हमीरपुर में हो रहे उपचुनाव के लिए आज मतगणना हुई। 10 जुलाई को हुए मतदान के बाद सभी आज के दिन का इंतजार कर रहे थे। BIG BREAKING : नालागढ़ से हरदीप बावा 8990 मतों से जीते नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 34608 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 25618 हरप्रीत सैनी : 13025 BIG BREAKING : आशीष शर्मा जीते, सीएम के गृह जिला में कांग्रेस को झटका ** सभी 9 राउंड की गिनती के बाद 1433 वोट ज्यादा मिले आशीष शर्मा , बीजेपी: 26617 पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 25184 BIG BREAKING : सीएम की पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से जीती चुनाव ** 9 हजार से अधिक अंतर से होशियार सिंह को हराया ** दो बार के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह को भारी पड़ा इस्तीफा देकर फिर चुनाव लड़ना LIVE UPDATE: 12.03 PM (8th Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 31298 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 24428 हरप्रीत सैनी : 11614 ( जीत की ओर अग्रसर हरदीप बावा मात्र एक राउंड शेष ) LIVE UPDATE: 11.50 AM (7th Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 26785 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 22207 हरप्रीत सैनी : 8663 LIVE UPDATE: 11.30 AM (6th Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 23038 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 18901 हरप्रीत सैनी : 7393 UPDATE: 11.25 AM (9th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 28641 (+ 7860) होशियार सिंह, बीजेपी: 20781 LIVE UPDATE: 11.13 AM (6th Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... आशीष शर्मा , बीजेपी: 18319 (+ 743) पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 17576 LIVE UPDATE: 11.00 AM (8th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 24957 (+ 6115) होशियार सिंह, बीजेपी: 18842 LIVE UPDATE: 11.00 AM (5th Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... आशीष शर्मा , बीजेपी: 15120 (+ 67) पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 15053 LIVE UPDATE: 10.42 AM (4th Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 15253 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 12275 हरप्रीत सैनी : 5141 LIVE UPDATE: 10.42 AM (7th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 21723 होशियार सिंह, बीजेपी: 16694 LIVE UPDATE: 10.35 AM (3rd Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 10767 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 8573 हरप्रीत सैनी : 3536 नोटा : 157 LIVE UPDATE: 10.30 AM (4th Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 12021 आशीष शर्मा , बीजेपी: 11138 LIVE UPDATE: 10.17 AM (6th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 16984 होशियार सिंह, बीजेपी: 15169 LIVE UPDATE: 10.17 AM (2nd Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... डॉ पुष्पेंद्र वर्मा 6750 आशीष शर्मा 5046 नंद लाल शर्मा 13 LIVE UPDATE: 10.12 AM (2nd Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा, कांग्रेस: 7577 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 6006 हरप्रीत सैनी : 2342 डॉ केे एल शर्मा : 132 विजय सिंह : 65 नोटा : 103 LIVE UPDATE: 9.50 AM (5th Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 13300 होशियार सिंह, बीजेपी: 12664 LIVE UPDATE: 9.40 AM (1st Round) नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव... हरदीप बावा , कांग्रेस: 3358 कृष्ण लाल ठाकुर, बीजेपी: 2712 LIVE UPDATE: 9.40 AM (4th Round) कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 2655 होशियार सिंह, बीजेपी: 2135 LIVE UPDATE: 9.00 AM (1st Round) हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव... पुष्पिंदर वर्मा, कांग्रेस: 3004 आशीष शर्मा , बीजेपी: 2804 LIVE UPDATE: 9.00 AM (2nd Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 2530 होशियार सिंह, बीजेपी: 2629 LIVE UPDATE: 8.50 AM (1st Round) देहरा विधानसभा उपचुनाव... कमलेश ठाकुर, कांग्रेस: 2530 होशियार सिंह, बीजेपी: 2629 ❝नालागढ़ सीट से पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। कांग्रेस से हरदीप सिंह बावा, भाजपा से केएल ठाकुर, स्वाभिमान पार्टी से किशोरी लाल शर्मा, निर्दलीय हरप्रीत सिंह और विजय सिंह मैदान में हैैं। उधर ,हमीरपुर में तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच में है। हमीरपुर से भाजपा के आशीष शर्मा, कांग्रेस के डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा और निर्दलीय प्रत्याशी नंद लाल शर्मा मैदान में हैं। साल 2022 में भी कांग्रेस के डॉ. पुष्पेंद्र और आशीष शर्मा आमने-सामने थे। आशीष ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीते थे। भाजपा के प्रत्याशी नरेंद्र ठाकुर थे। इस उपचुनाव में सबसे हॉट सीट देहरा सीट है जहाँ से पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस से कमलेश ठाकुर चुनावी मैदान में है जो सीएम सुक्खू की धर्मपत्नी है जबकि भाजपा से होशियार सिंह चुनावी मैदान में है। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर सुलेखा देवी, अंकेश सायल और एडवोकेट संजय शर्मा किस्मत आजमा रहे हैं। ❞
देहरा, 12 जुलाई। देहरा विधानसभा उपचुनाव को लेकर काउंटिंग का काउंटडाउन शुरु हो गया है। 13 जुलाई, 2024 (शनिवार) सुबह 8 बजे राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में बने काउंटिंग सेंटर में मतगणना का कार्य शुरु हो जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी हेमराज बैरवा ने आज शुक्रवार को ढलियारा कॉलेज में स्थापित स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्र का निरीक्षण कर यहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बकौल जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त) हेमराज बैरवा, देहरा में मतगणना को लेकर प्रशासन द्वारा सभी बंदोबस्त कर दिए गए हैं। मतगणना कर्मियों से लेकर, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा कर्मियों तक सब व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं। 20 टेबलों पर होगी काउंटिंग, डाक मतपत्रों से होगी शुरुआत जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि देहरा विधानसभा उपचुनाव के वोटों की गिनती के लिए कुल 20 टेबल स्थापित किए जाएंगे। इनमें ईवीएम के लिए 10 टेबल, डाक मतपत्रों के लिए 5, वहीं 5 टेबलों में ईटीपीबीएस (सर्विस वोटर्स) के वोटों की गिनती की जाएगी। मतगणना केंद्र पर 13 जुलाई सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती आरंभ होगी। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गणना की जाएगी तथा इस प्रक्रिया के आरंभ होने के आधे घंटे बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। सुबह 8 बजे तक स्वीकार होंगे डाक मतपत्र उपायुक्त ने कहा कि सर्विस वोटर्स के डाक मतपत्र 13 जुलाई सुबह 8 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। प्रशासन ने डाक विभाग को निर्देश दे दिए हैं कि डाक मतपत्र प्राप्त होते ही उन्हें तुरंत रिटर्निंग अधिकारी तक पहुंचाया जाए। प्रत्येक टेबल पर तीन कर्मचारी, एक एजेंट उपायुक्त ने बताया कि प्रत्येक टेबल में मतगणना के लिए तीन कर्मचारी होंगे। इनमें एक माईक्रो ऑब्जर्वर, एक मतगणना पर्यवेक्षक और एक मतगणना सहायक मतगणना करेंगे। इनके अलावा प्रत्येक टेबल पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी या राजनीतिक पार्टी का एक एजेंट रहेगा। मतों की गिनती के लिए करीब 60 कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। 10 राउंड में होगी मतगणना डीसी ने बताया कि वोटों की गिनती दस राउंड में की जाएगी तथा दसवें राउंड के बाद अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। सुरक्षा में तैनात रहेंगे लगभग 100 जवान उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना केंद्र और उनके आस-पास सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। मतगणना केंद्र और उसके आस-पास 100 से अधिक पुलिस जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा मतगणना स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मतगणना केंद्र के 100 मीटर की परिधि में केवल पैदल आवाजाही की ही अनुमति होगी। मतगणना केंद्रों के 100 मीटर घेरे के अंदर वाहन की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी। अधिकृत लोगों को ही मिलेगा प्रवेश बकौल जिला निर्वाचन अधिकारी, मतगणना स्थल पर सिर्फ अधिकृत पास धारी व्यक्ति ही प्रवेश पा सकेगें। इसके लिए निर्वाचन आयोग और रिटर्निंग अधिकारी द्वारा ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मियों को पास जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मतगणना केंद्र पर मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी, पार्टी के उम्मीदवार, एजेंट, आदि मतगणना हॉल में अपने साथ मोबाइल व अन्य अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साथ नहीं ले जा सकेंगे। कॉलेज कॉन्फ्रेंस हॉल में स्थापित मीडिया सेंटर विधानसभा उपचुनाव में मतगणना के दौरान ढलियारा कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में मीडिया सेंटर स्थापित किया गया है। डीसी ने बताया कि मतगणना केंद्र पर मीडिया के लिए अलग से केंद्र बनाया गया है, जहां सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मीडिया सेंटर में पत्रकारों को राउंड वार मतगणना शीट उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मतगणना के प्रत्येक राउंड के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा उम्मीदवार को प्राप्त मतपत्रों की संख्या की घोषणा की जाएगी। मतगणना अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण हेमराज बैरवा ने बताया कि वोटों की गिनती के लिए मतगणना कार्य में लगे मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक तथा माइक्रो ऑब्जर्वरों को मतगणना पूर्वाभ्यास भी आज करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि डाक मतपत्र की गिनती तथा ईवीएम द्वारा मतगणना में लगे कर्मचारियों की अलग से रिहर्सल प्रशासन द्वारा करवाई गई है। उन्होंने कहा कि ढलियारा कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण में आज 70 के करीब निर्वाचन कर्मचारियों को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का हो पालन जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मतगणना करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को सुबह कड़ी सुरक्षा निगरानी में ईवीएम मशीनों को स्ट्रांग रूम से निकालकर बूथ वाईज मतगणना अधिकारियों के टेबल पर पहुंचाई जाएंगी। मतगणना अधिकारी ईवीएम को एजेंटों की उपस्थिति में सबसे पहले कंट्रोल यूनिट सील को चौक कराएंगे। बाद में रिजल्ट का बटन दबाकर उम्मीदवार के नाम सहित मशीन में दर्शाए जाने वाले मतों का रिजल्ट दिखाएंगे। उन्होंने बताया कि मतगणना प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी की जाएगी। यह रहे उपस्थित इस दौरान रिटर्निंग अधिकारी (एसडीएम) शिल्पी बेक्टा, तहसीलदार देहरा कर्मचंद कालिया, नायब तहसीलदार निर्वाचन महेश्वर चौधरी सहित विभिन्न अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई| राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार से प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की घोषणा को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए पूंजीगत लागत का राज्य हिस्सा प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया और इसकी निविदा बुलाने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने रिट्रीट, मशोबरा, बैंड टुकड़ा आंद्री, शिव मंडी आंद्री, ताल और गिरी के अतिरिक्त क्षेत्रों को डी.पी.एफ. खलिनी, बी.सी.एस. शिमला विकास योजना में मिस्ट चैंबर और परिमहल ग्रीन एरिया के दायरे में। इसने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट से संबंधित पोस्ट कोड 903 और 939 के लंबित परिणामों पर कैबिनेट उप-समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया और दोनों पोस्ट कोड के लिए अंतिम परिणाम घोषित करने का कार्य एच.पी. को सौंपा। राज्य चयन आयोग हमीरपुर। बैठक में शिक्षा विभाग में लेक्चरर फिजिकल एजुकेशन के 486 पद और प्रिंसिपल स्कूल कैडर के 157 अतिरिक्त पद सृजित करने और भरने को मंजूरी दी गई। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षकों के 245 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने राज्य में हेलीपोर्टों पर तैनाती के लिए गृह विभाग में अग्निशमन अधिकारियों और अधिकारियों की विभिन्न श्रेणियों के 53 पद और विभिन्न श्रेणियों के पुलिस कर्मियों के 60 पदों को बनाने और भरने की मंजूरी दी। हिमाचल प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों के 30 पद भरने का निर्णय लिया गया। इसके सुचारू संचालन के लिए राज्य चयन आयोग हमीरपुर। मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में जेओए (आईटी) के 30 पद भरने को मंजूरी दी। इसमें खंड विकास अधिकारी के 27 अतिरिक्त पद सृजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे कुल कैडर की संख्या 123 पदों तक बढ़ जाएगी। कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में जूनियर बेसिक शिक्षकों के रूप में 18 ग्रामीण विद्या उपासकों की सेवाओं को नियमित करने का निर्णय लिया, जिन्होंने तीन साल की सेवा पूरी कर ली है और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मानदंडों को पूरा करते हैं। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में कार्डियोलॉजी विभाग बनाने का निर्णय लिया गया और तीन पद सृजित करने और भरने का निर्णय लिया गया। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर। मंत्रिमण्डल ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के दो पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने राजस्व विभाग में पटवारी, कानूनगो के जिला कैडर और नायब तहसीलदार के संभागीय कैडर को राज्य कैडर घोषित करने का निर्णय लिया। हिमाचल विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद के तत्वावधान में आर्यभट्ट भू-सूचना विज्ञान और अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र में कार्यरत पदधारियों को तीन प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ परिलब्धियां देने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने 40 प्रतिशत की न्यूनतम विकलांगता के साथ अपने बच्चों की देखभाल के लिए एक महिला सरकारी कर्मचारी को उसकी पूरी सेवा के दौरान अधिकतम 730 दिनों की बाल देखभाल छुट्टी देने का भी निर्णय लिया।
कहा, मैंने पहले आगाह किया था, ओपीएस में भी सरकार करने वाली है खेल चुनावी गारंटियों के नाम पर प्रदेश के लोगों को ठग रही सुक्खू सरकार शिमला : नेता प्रतिपक्ष ने शिमला से वक्तव्य जारी कर हिमाचल सरकार द्वारा मुफ़्त बिजली योजना की सब्सिडी बंद करने की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसी तरह की तानाशाही के लिए जानी जाती है। प्रदेश के लोगों को मुफ़्त मिल रही बिजली को सुक्खू सरकार ने छीन लिया। प्रदेशवासियों के साथ की गई यह तानाशाही दुर्भाग्यपूर्ण हैं। चुनाव में जो पार्टी सरकार बनने पर 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा करके सत्ता में आई हो वह सरकार में आने पर पहले से मिल रही 125 यूनिट की सब्सिडी को भी छीन ले। यह प्रदेश के लोगों के सिर्फ़ एक ठगी है। चुनाव के ठीक एक दिन बाद द्वारा यह फ़ैसला लेना सरकार की शातिराना नीयत को दिखाता है। प्रदेश सरकार इसी तरह से फिर काम करेगी। उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस द्वारा जारी की गई गारंटी पर कहा था कि कांग्रेस सरकार दस जन्म में भी यह पूरी नहीं कर पाएगी। वही पहले दिन से ही हो रहा है। झूठ बोलकर सत्ता में आना और झूठ बोलकर सत्ता चलाना ही कांग्रेस की फ़ितरत है और वह वही कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मैंने प्रदेश के लोगों को दो हफ़्ते पहले ही आगाह कर दिया था कि सरकार फ्री बिजली की सब्सिडी बंद करने जा रही है। बस उप-चुनाव ख़त्म होने का इंतज़ार है। आगे चलकर यह सरकार ओपीएस पर भी ऐसा ही करने वाली है। सुक्खू सरकार ओपीएस के मूल ढाँचे में बदलाव करके पेंशन के रूप में अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत करने वाली है। इसके बारे में भी मैंने पहले ही आगाह किया है। सरकार की इस तानाशाह की क़ीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। भाजपा इस तानाशाही के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरेगी और कांग्रेस के मनवाने और झूठ बोलने के रवैये के ख़िलाफ़ जनान्दोलन करेगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले दिन से ही सरकार की योजना विकास करने की नहीं थी। सिर्फ़ झूठ बोलकर प्रदेश के लोगों से ठगी करके उन्हें सत्ता हथियानी थी। जिस तरह से चुनाव में उन्होंने बढ़ चढ़कर प्रदेश के लोगों को 10 गारंटिया दी थी उसी दिन हमने कहा कांग्रेस इसे 10 जन्मों में भी पूरा करने वाली नहीं है। अब एक-एक कर सब कुछ सामने आ रहा है। एक लाख युवाओं को हर साल रोजगार देने की गारंटी थी और सत्ता में आते ही 10 हज़ार से ज्यादा आउटसोर्स कर्मी को बाहर कर दिया। स्टार्टअप योजना के तहत युवाओं को रोजगार देने की गारंटी दी थी लेकिन पहले से चल रही स्वावलंबन योजना को बंद कर दिया। प्रदेश के विकास का वादा था लेकिन डेढ़ साल में धेले भर का काम सुक्खू सरकार ने नहीं किया। नई संस्थान खोलने के बजाय पहले से चल रहे लगभग डेढ़ हज़ार संस्थानों को बंद कर दिया। हिमाचल में सुक्खू सरकार का मतलब झूठ की सरकार, फ़रेब की सरकार, ठगी की सरकार। प्रदेश में अब ऐसी सरकार की ज़रूरत नहीं रह गई है।
कुल्लू: देवभूमि में एक बार फिर मां की ममता शर्मसार हुई हैं। खड़ी गाड़ी में नवजात शिशु कम्बल में लपेटे हुए मिला, इस घटना से कुल्लू में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार पुलिस थाना कुल्लू में सूचना प्राप्त हुई कि शीतला मन्दिर के पास मुख्य सड़क के साथ एक खड़ी गाड़ी के नीचे किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा नवजात शिशु (बालक) को कम्बल में लपेट कर रखाकर छोड़ दिया। जिस पर पुलिस थाना कुल्लू की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर पहुंच कर पुलिस ने नवजात शिशु को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में ईलाज हेतु दाखिल किया। चिकित्सा अधिकारी ने नवजात शिशु को स्वस्थ बतलाया है। उक्त मामले के सन्दर्भ में पुलिस थाना कुल्लू में नामालूम व्यक्ति के विरुद्ध अभियोग संख्या 197/24 अन्तर्गत धारा 93 भारतीय न्याय संहिता के पंजीकृत किया गया है। अभियोग में आगामी अन्वेषण जारी है। बता दें पिछले वर्ष की बात हैं भुंतर में एक निजी बस में कोई दो दिन की बच्ची को छोड़ कर चला गया था इस बात का खुलासा तब हुआ जब बस बजौरा पहुंची थी। एक साल के बाद फिर ऐसी ही घटना कुल्लू में पेश आई जो बेहद शर्मनाक है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में युवाओं को तनाव प्रबंधन पर जागरूक एवं शिक्षित करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश सरकार के साथ ही गैर सरकारी संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उन्होंने आज सोलन में स्थापित पूजा काउंसलिंग सेंटर की ’सुकून वेबसाइट’ के शुभारंभ के उपरांत व्यक्त किए। उपाध्यक्ष ने कहा कि ‘सुकुन वेबसाईट’ युवाओं के समग्र विकास एवं उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह वेबसाइट उनके मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास के लिए सुलभ और समावेशी संसाधन, सहायता और सेवाएँ प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव आज का युवा हर क्षेत्र में महसूस कर रहा है और ऐसे में कई बार वह मानसिक तनाव से भी गुजरता है। युवाओं को करियर तथा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित परामर्श उनकी ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ने में कारगर साबित होते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं को परामर्श सहित व्यापक व उपयोगी जानकारी सुकून वेबसाइट के माध्यम से मिलती रहेगी। इससे पहले सुकून वेबसाइट की प्रभारी पूजा साहनी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और सुकून वेबसाइट के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि इसमें परामर्श सेवाओं, कार्यशालाओं और कार्यक्रमों के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान करने के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर विशेषज्ञ लेख और ब्लॉग पोस्ट इत्यादि भी उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी सोलन डॉ० पूनम बंसल तथा ज्योति साहनी सहित ‘सुकून’ से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।
अब धर्मशाला में जिन लोगों ने लंबे समय से विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काट दिए जाएंगे। ये जानकारी विद्युत उपमंडल सहायक अभियंता रमन भरमौरिया ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए कही। इन्होने कहा कि इस के लिए अलग से नोटिस नहीं भेजे जा रहे हैं। उन्होंने ऐसे उपभोक्ताओं से विद्युत बिल के शीघ्र भुगतान का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि विद्युत मीटर का कनेक्शन कटने पर दोबारा जोड़ने के लिए 150 से लेकर 1500 रूपये वसूल किए जाएंगे।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी 13 से 22 जुलाई, 2024 तक किन्नौर जिला के प्रवास पर होंगे। इस दौरान वह जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न बैठकें करेंगे। यह जानकारी सरकारी प्रवक्ता ने देते हुए बताया कि जगत सिंह नेगी 13 जुलाई को सायं 05 बजे कल्पा पहुंचेंगे तथा रात्रि ठहराव कल्पा में करेंगे। 14 जुलाई को उनका ठहराव कल्पा में रहेगा तथा 15 जुलाई को रिकांग पिओ में प्रातः 11 बजे जल शक्ति विभाग के पूह मंडल के अधिशाषी अभियन्ता, सहायक अभियन्ताओं एवं कनिष्ठ अभियन्ताओं के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। राजस्व मंत्री 16 जुलाई को रिकांग पिओ में प्रातः 10 बजे लोक निर्माण विभाग के कल्पा मंडल के अधिशाषी अभियन्ता, सहायक अभियन्ताओं एवं कनिष्ठ अभियन्ताओं के साथ समीक्षा बैठक करेंगे तथा 17 जुलाई को कल्पा में ठहराव करेंगे। कैबिनेट मंत्री 18 जुलाई को प्रातः 11 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांग पिओ के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। 19 जुलाई को वह रिकांग पिओ में चल रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों का निरीक्षण करेंगे तथा दोपहर 12 बजे के उपरान्त लोक निर्माण विभाग के करच्छम मंडल के अधिशाषी अभियन्ता, सहायक अभियन्ताओं एवं कनिष्ठ अभियन्ताओं के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। 20 व 21 जुलाई को कैबिनेट मंत्री कल्पा में ठहराव करेंगे। 22 जुलाई को राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी कटगांव में आयोजित की जा रही अंडर-14 (छात्र व छात्राओं) खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगे तथा सायं 04 बजे नारकंडा के लिए रवाना होंगे।
कुनिहार: हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की अतिआवश्यक बैठक शनिवार 15 जुलाई को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अतिआवश्यक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 15 जुलाई को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो चुका है ऐसे में शिमला जिला की कृषि बाग़वानी व उद्योग समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज शिमला में आयोजित की गई। बैठक में सेब सीजन के दौरान उचित व्यवस्था बनाने और बागवानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार के विभिन्न बागवानी योजनाओं को जमीनी स्तर पर अधिक सफल बनाने , सेब सीजन के दौरान मंडियों और सड़कों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और बाग़वानों को यूनिवर्सल कार्टन से संबंधित आ रही दिक्कतों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई जिसमें संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा। कृषि बागवानी व उद्योग समिति के अध्यक्ष कौशल मुंगटा ने बताया कि बागवानों को विभिन्न योजनाओं से लाभ पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर समीक्षा की गई और पेश आ रही दिक्कतों पर चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि सेब सीजन के दौरान सेब ढुलाई के लिए यातायात सुचारू बनाए रखना , मंडियों में उचित व्यवस्था और आढ़तियों की रजिस्ट्रेशन व सिक्योरिटी फीस सुनिश्चित करने के साथ ही यूनिवर्सल कार्टन संबंधी परेशानियां को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए हैं। जिन्हें बागवानी मंत्री और सरकार के समक्ष गंभीरता से रखा जाएगा ताकि बागवानों की हर एक समस्या का समाधान जल्द से जल्द सुनिश्चित हो सके।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग (उच्च शिक्षा) द्वारा हाल ही में हुई हिमाचल प्रदेश स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन की बैठक में पारित करके एक प्रस्ताव सरकार को ऐसा भेजा गया कि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से खेलों में भाग ले रहे खिलाड़ियों की डाइट मनी 120 रूपये से 400 रूपये की जानी चाहिए। जबकि पहले डाइट मनी 60 रूपये थी जिसे 3-4 वर्ष पहले ही 120 रूपये किया गया है और इस डाइट मनी में भी खिलाड़ियों को पहले की अपेक्षा और अधिक अच्छा भोजन मुहैया करवाया जा रहा है।जबकि विद्यालय जो विद्यार्थियों से फीस ले रहा है वो फीस स्ट्रक्चर पुराना ही है। विद्यालयों पर इतनी डाइट मनी का भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जिसके कारण बहुत सारे विद्यालय खेल कूद गतिविधियों में भाग ही नहीं ले पा रहे हैं। अगर फीस बढ़ाते हैं तो प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जबकि सरकार को विभाग द्वारा ये सभी नही बताया गया है, सरकार इससे अनभिज्ञ है। ऐसे निर्णयों से सरकार के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के दावों पर भी ग्रहण लगता नज़र आ रहा है। डाइट मनी में लगभग साढ़े तीन गुना की बढ़ोतरी करना कहीं भी तर्कसंगत नहीं लग दिख रहा है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिला सिरमौर के जिला अध्यक्ष कपिल मोहन ठाकुर ने एक प्रैस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिला सिरमौर ईकाई इसका कड़े शब्दों में विरोध करती है। कपिल मोहन ठाकुर ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से निवेदन किया है कि शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव पर गौर किया जाए और डाइट मनी या तो 120 रूपये ही रखी जाए या इसमें आंशिक रूप से ही बढ़ोतरी की जाए अन्यथा इसका प्रदेश की जनता और सरकारी विद्यालयों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा|
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज बताया कि हिमाचल प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नवोन्मेषी पहल व उल्लेखनीय कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार ‘एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप’ द्वारा आयोजित ‘एग्रीकल्चर लीडरशिप कॉन्क्लेव’ में केन्द्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदान किया। हिमाचल प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती ने प्राप्त किया। उद्योग मंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों व नीतियों के सफल कार्यान्वयन से प्रदेश के लाखों किसानों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं और उनकी आर्थिकी सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य ने अपने खाद्य प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया है, जिसमें 23 नामित खाद्य पार्क, एक समर्पित मेगा फूड पार्क, जिला कांगड़ा और सोलन में 2 कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर, 18 कोल्ड चेन परियोजनाएं, जिनमें राज्य खाद्य प्रसंस्करण योजना और प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां शामिल है। गत वर्ष भी प्रदेश को भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित विश्व खाद्य भारत कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में पुरस्कृत किया था। इस योजना के तहत 1320 व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को 30 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्वीकृत और वितरित तथा 13427 स्वयं सहायता समूहों सदस्यों को 50.31 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ाने के लिए राज्य में 3 इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण राज्य के लिए प्रमुख क्षेत्र है, क्योंकि यह मूल्य संवर्द्धन की दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों के लिए आधुनिक मशीनरी और उपकरण खरीदने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को घरद्वार के निकट गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत आधुनिक तकनीक और उपकरणों के उपयोग पर विशेष अधिमान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मशीनरी और उपकरणों की खरीद में तेजी लाने के लिए खरीद संबंधी तकनीकी वशिष्टताओं को एम्स और पीजीआई की तर्ज पर रखा जाए। इससे खरीद में गुणवत्ता सुनिश्चित होने के अलावा खरीद प्रक्रिया, समय और धन की बचत होगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने यह बात आज यहां स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की विशेष उच्च स्तरीय क्रय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को समय पर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। चिकित्सा क्षेत्र में सुधार के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण प्रदान किये जा रहे हैं, ताकि राज्य के लोगों को उपचार के लिए अन्य राज्यों में न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं के लिए बेबी केयर किट खरीदने के दृष्टिगत निविदा जारी करने की मंजूरी दे दी गई है। प्रत्येक किट की लागत लगभग 1500 रुपये होगी। राज्य मेें एक वर्ष में लगभग एक लाख संस्थागत प्रसव होने का अनुमान है और प्रदेश सरकार ने बेबी किट के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस किट में 20 वस्तुएं शामिल होंगी, जिनमें डिजिटल थर्मामीटर, नेल कटर, टोपी, सॉफ्ट ब्रिस्टल हेयर ब्रश, बिब, बच्चे के लिए वॉश क्लॉथ और मां के लिए सेनिटरी नैपकिन जैसी आठ नई वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा इसमें बच्चे के लिए वन पीस स्लिप-ऑन आउट फिट, बेबी वेस्ट (दो), बेबी मिटनस, और बुटिस, बच्चों की मालिश का तेल, तौलिया, कपड़े के नेपी, हेंड सेनेटाईजर, मछरदानी, मिंक कम्बल, रेटल टॉय, मलमल/फूलालैन (दो) तथा मां के लिए टूथ ब्रश, पेस्ट, नहाने का साबुन और वैसलीन इत्यादि भी शामिल होंगे। इसके उपरांत स्वास्थ्य मंत्री ने हिमाचल प्रदेश चिकित्सा सेवाएं निगम लिमेटिड (एचपीएमएससीएल) के बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता भी की। बैठक में विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न संस्थानों के लिए मशीनरी, वाहन, अस्पताल के फर्नीचर आदि की खरीद प्रक्रिया शुरू करने को भी मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. अश्वनी शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डॉ. राकेश शर्मा, मिशन निदेशक एनएचएम प्रियंका वर्मा और हिमाचल प्रदेश चिकित्सा सेवाएं निगम के महाप्रबंधक राजीव कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। यह प्रारंभिक बैठक 16 जुलाई, 2024 को केन्द्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई। लोक निर्माण मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें तुरंत ठीक करवाया जाए। उन्होंने भुभू जोत टनल के निर्माण कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करवाने के निर्देश दिए, ताकि इसे जन कल्याण के लिए शीघ्र समर्पित किया जा सके। भारत सरकार के सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ होने वाली बैठक में प्रदेश के विभिन्न राजमार्गों और परियोजनाओं पर की जाने वाली कार्यवाही एवं उनसे जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर प्रधान सचिव देवेश कुमार, विशेष सचिव हरबंस सिंह ब्रसकोन एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी संजय वाघचुरे एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


















































