विधायक के मसरूर पहुंचने पर गदगद हुए क्षेत्रवासी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत देहरा: युवाओं के लिए घर के नजदीक रोजगार के संसाधान उपलब्ध हों, इसके लिए मसरूर मंदिर क्षेत्र को आने वाले समय में विकसित किया जाएगा। मसरूर मंदिर क्षेत्र में पर्यटन के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं। इस दृष्टि से सरकार आने वाले समय में इस स्थान को विकसित करेगी। विधायक बनने के बाद आज पहली बार मसरूर पहुंचने पर कमलेश ठाकुर ने यह बात कही। चुनाव जीतने के बाद पहली दफा मसरूर पहुंची विधायक बेटी को देखकर क्षेत्रवासी गदगद हो गए। स्थानीय लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर, ढोल-नगाड़ों के साथ कमलेश ठाकुर का गर्मजोशी से स्वागत किया। मसरूर पहुंचने पर कमलेश ठाकुर ने सबसे पहले प्रसिद्ध मसरूर मंदिर में शीश नवाकर अपने दौरे की शुरुआत की। क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मसरूर का ऐतिहासिक मंदिर हमारी प्रसिद्ध धरोहर होने के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। इसको देखते हुए मसरूर मंदिर और उसके साथ लगते क्षेत्र को भी सरकार योजनाबद्ध तरीके के विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और उसके अनुरूप व्यवस्थाओं को खड़ा करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में पौंग के साथ लगता क्षेत्र, मसरूर मंदिर सहित अनेक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान हैं जिन्हें योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जाए तो पर्यटन और रोजगार के अपार अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। कमलेश ठाकुर ने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए देहरा विधानसभा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करते हुए युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में वे काम करेंगी। विधायक कमलेश ठाकुर से बड़ी संख्या में मिलने आए स्थानीय लोगों ने जहां उनका स्वागत कर उनके विचारों को सुना, वहीं अपनी समस्याओं को भी उनके समक्ष रखा। लोगों की समस्याओं को सुनते हुए कमलेश ठाकुर ने मौके पर ही अधिकतम का निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में लोग सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष विशाल चम्बियाल, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश वालिया, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर, आरएम देहरा कुशल कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत मसरूर प्रवेश, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष हरिओम शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
आज सोलन के एक नीजी होटल मे हुई बैठक मे शेयर होलडर और बैंक को लेकर बहुत से मुद्दो पर विचार विमर्श हुआ। आज शेयर होलडर की पुरानी बनी अस्थायी बॉडी को सर्वसम्मति से रद्द किया गया और नई रैगुलर बॉडी का चायन भी किया गया जिसमें सोम प्रकाश गुप्ता को प्रधान, शशी कांत गुप्ता को उपप्रधान, विजेंदर गुप्ता को फाईनैस सैकटरी, जय प्रकाश शर्मा को जरनल सैकटरी,महेंद्र नाथ सोफात और जगन नाथ निराला को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया। बैठक मे ये निर्णय लिया गया कि जल्द ही बॉडी का विस्तार किया जाएगा तथा बॉडी को पंजीकृत करवाया जाएगा।बैठक मे विशेष रूप से अरूण गोयल, प्यारेलाल गुप्ता, सुखदेव रतन ,सीजे कपूर, बृजमोहन शर्मा, ज्ञानचंद गुप्ता, रमेश अग्रवाल, डाक्टर ओम प्रकाश अत्री व अन्य शेयर धारक मौजूद रहे|
** प्रदेश सरकार के 18 माह के कार्यकाल में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सत्ता में आने के बाद से हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। राज्य में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2022 की पहली छमाही में राज्य ने 86.42 लाख पर्यटकों का स्वागत किया, जबकि जून 2024 के अंत तक यह संख्या बढ़कर 1,00,87,440 हो गई। प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर नवोन्मेषी प्रयास कर रही है। सरकार के प्रयासों से राज्य में पर्यटन को पंख लगे हैं। पर्यटकों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का श्रेय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई सफल पहलों और प्रयासों को जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन उद्योग के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के साथ कई कदम उठाए हैं। सड़क नेटवर्क और हवाई सम्पर्क सुविधा को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण जारी है, जबकि बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए राज्य के हर जिला मुख्यालय में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। पांच हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। शिमला से बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए संजौली हेलीपोर्ट को जल्द ही कार्यशील किया जाएगा। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2018 की पहली छमाही में 89 लाख पर्यटक, 2019 में 99.57 लाख, 2020 में 22.04 लाख, 2021 में 19.75 लाख और 2022 में 86.42 लाख पर्यटकों ने प्रदेश का भ्रमण किया। दिसंबर 2022 में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी है। लाहौल-स्पीति के चंद्रताल, काजा और तांदी व किन्नौर के रकछम, नाको, चांगो और खाब में नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा कुफरी के समीप हसन वैली में स्काई वॉक ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का वार्षिक 5 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य है, इसके लिए सरकार साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन सैलानियों के अनुभव को चिरस्मरणीय बना रहा है। वर्ष 2024-25 के बजट में मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को अगले 10 वर्षों में समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया है, जिसमें प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह दृष्टिकोण एक खुशहाल, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, स्वस्थ, सक्षम, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश के लक्ष्य को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। पर्यटकों के अनुभव को अविस्मरणीय बनाने के लिए यहां अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। बिलासपुर के गोबिंद सागर और ऊना के अंदरौली में जलक्रीड़ा पर्यटन गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। स्थानीय लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए पौंग बांध में गर्म हवा के गुब्बारों से पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की तैयारी है। पर्यटकों की आमद को ध्यान में रखते हुए, पर्यटन के चरम सीजन के दौरान दुकानों को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने मधुर कुंजड़ी-मल्हार गीतों की धुनों के बीच मिंजर ध्वज फहराकर मेले का औपचारिक शुभारम्भ किया। इस मौके पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध मिंजर मेला हिमाचल प्रदेश की अनूठी संस्कृति को प्रदर्शित करता है और भाईचारे और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देता है। राज्यपाल ने मिंजर उत्सव को प्राचीन लोक परंपराओं, विश्वासों और आस्थाओं के साथ गहरे संबंधों का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रदेश में बढ़ रही नशे की लत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बुराई के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि सभी को बुराई का एकजुट होकर सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सामाजिक संरचना नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों का मुकाबला करने के लिए संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों को उनकी अनुकरणीय सेवाओं तथा वीर-नारियों को भी सम्मानित किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं जिला चंबा के उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने आयोजन समिति की ओर से राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने मिंजर मेले के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में भी विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के नाम समर्पित की गई है। पुलिस अधीक्षक और मिंजर मेला खेल कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक यादव ने भी कमेटी की ओर से राज्यपाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल और लेडी गवर्नर को मिंजर भेंट की गई। मेला कमेटी की ओर से उपायुक्त ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और विधायक नीरज नैय्यर तथा डीएस ठाकुर को भी समानित किया। इससे पहले राज्यपाल ने प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में मिंजर अर्पित कर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों द्वारा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। राज्यपाल ने मिंजर मेला खेल प्रतियोगिता के शुभारम्भ की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने लड़कियों की टीमों के बीच खेला गया कबड्डी मैच भी देखा। उन्होंने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से जरूरतमंदों को स्वास्थ्य उपकरण वितरित किए तथा रक्तदाताओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
**नगरोटा में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का ऐलान धर्मशाला बस अड्डे की घोषणा स्व. जीएस बाली ने की थी उस निर्माण को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पूरा करेंगें । यह शब्द शनिवार को नगरोटा में स्व. जीएस बाली की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहे । उन्होंने कहा कि जीएस बाली ने राज्य के विकास में अमूल्य योगदान दिया है तथा सरकार में काबीना मंत्री रहते हुए अपने से संबंधित विभागों के आधुनिकीकरण के लिए पहल की है। मैं यह घोषणा करता हूं कि धर्मशाला बस अड्डे का नाम स्व. जीएस बाली के नाम पर रखा जाएगा । उन्होंने कहा कि अगर बाली न होते तो टांडा में शिमला के बराबर टांडा मेडिकल कालेज न होता और न ही राजीव गांधी इंजीनियरिंग कालेज होता। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना लागू की है। इस योजना के तहत परिवहन विभाग ने ई-टैक्सी स्कीम लागू की है, जिसमें ई-टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वाहन पंजीकरण के नंबरों को आम जनता के लिए खोल दिया गया है, विभिन्न विशेष पंजीकरण नंबरों के लिए ई-नीलामी के माध्यम से 11 करोड़ से भी ज्यादा खजाने में जमा हुआ है। एचआरटीसी बसों के रखरखाव से संबंधित खर्चों को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीयकृत इनवेंटरी प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। परिवहन निगम ने गत वर्ष अपने बेड़े में 210 नई बसें, 11 वोल्वो बसें, 18 इनोवा क्रिस्टा तथा 12 टैम्पों शामिल किए हैं। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, सीपीएस किशोरी लाल, सीपीएस आशीष बुटेल, विधायक मलेंद्र राजन, जगजीवन पाल, भवानी पठानिया , राकेश कालिया, प्रकाश चौधरी व अजय महाजन सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी स्व. जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि जीएस बाली एक दूरदृष्टा नेता थे, जो हमेशा आम जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते थे । इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी जीएस बाली को नमन करते हुए उनके कार्यों को याद किया।
**62 हजार के स्टॉक में से अब तक मात्र दस हजार बिके **मार्केट से कम दरों पर कार्टन खरीद रहे बागबान, क्वालिटी घटिया **एचपीएमसी ने सभी स्थानों पर पहुंचा दिए हैं बॉक्स हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है और यूनिवर्सल कार्टन में ही सेब मंडियों में लाया जाने लगा है। सेब सीजन की शुरुआत में ही बागबान कार्टन खरीदकर रखते हैं, ताकि जैसे-जैसे तुड़ान शुरू हो उसे कार्टन में भरना शुरू कर दें। सरकार ने अच्छी क्वालिटी का कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए एचपीएमसी को निर्देश दे रखे हैं, जिसने कार्टन मंगवा भी लिया और नजदीक के स्थानों तक पहुंचा भी दिया है, मगर उनसे कार्टन खरीदने के लिए कोई नहीं आ रहा। जानकारी के अनुसार एचपीएमसी ने बागबानों को यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए 62 हजार कार्टन जुटाए हैं। जिन कंपनियों को टेंडर के बाद एचपीएमसी ने काम दिया है उनसे कार्टन की खरीद की जा रही है और बढिय़ा क्वालिटी का कार्टन लिया है। इन कंपनियों से आने वाले कार्टन की बाकायदा टेस्टिंग करवाई जा रही है और यह टेस्टिंग बागबानी विभाग अपनी लैब में कर रहा है। टेस्टिंग के बाद पहुंच रहे कार्टन को लेने के लिए बागबान तैयार नहीं है, जिसकी जगह वह मार्केट से यूनिवर्सल कार्टन खरीद रहे हैं। बताया जाता है कि एचपीएमसी ने जो 62 हजार कार्टन मंगवाया है उसमें से केवल 10 हजार के करीब कार्टन ही बिक पाया है। इससे साफ है कि बागबान किसी भी तरह का रूझान नहीं दिखा रहे हैं। यहां तक की नजदीक के क्षेत्रों में एचपीएमसी ने कार्टन पहुंचा दिया है। मार्केट से एचपीएमसी का कार्टन डेढ़ रुपए महंगा मिल रहा है मगर इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी खुद एचपीएमसी की है। मार्केट के कार्टन की गुणवत्ता को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि यदि बागबान कार्टन एचपीएमसी से लेंगे तो उसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी एचपीएमसी की होगी। अब मार्केट से किस क्वालिटी का ले रहे हैं इसमें कुछ नहीं किया जा सकता। इसे लेकर चाहे कोई जितनी भी शिकायत करे सरकार कुछ नहीं कर सकती है। सेब पेटियों की गुणवत्ता को लेकर विपक्षी दल भाजपा के नेता भी सवाल उठा रहे हैं, परंतु जब एचपीएमसी से लोग कार्टन ले ही नहीं रहे तो इसमें सरकार क्या कर सकती है। सरकार बागबानों को कार्टन मुहैया करवाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन बागबान अपनी मर्जी से कार्टन ले रहे हैं। ऐसे में विपक्ष के सवाल भी सरकार गंभीरता से नहीं ले रही। बता दें कि एचपीएमसी का कार्टन 53 रुपए से लेकर 65 रुपए तक मिल रहा है। यह अलग-अलग श्रेणी का कार्टन है, जिसमें व्हाइट और ब्राउट कार्टन अलग-अलग क्वालिटी का है। इसमें एचपीएमसी डेढ़ रुपए ज्यादा वसूल रही है, लेकिन गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी ले रही है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा ने आज किन्नौर जिले के 40 बागवानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग जिला के बाहर उच्च बागवानी संस्थानो में बागवानों का प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करता रहता हैं, जिसके तहत जनजातीय जिला किन्नौर के 40 बागवानों का दल 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर जो कि 29 जुलाई 2024 से 2 अगस्त 2024 तक शीतोष्ण फलों के उत्पादन एवं प्रबंधन पर डॉ यंशवन्त सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर महिला बागवानों के लिए आयोजित किए जाएंगे ताकि जिला में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल सके।
हिमाचल प्रदेश की एक बड़ी आबादी कृषि और कृषि संबंधित कार्यों से आजीविका अर्जित करती है। मेहनतकश किसान खून-पसीना बहाकर खेतों से सोना उगाते हैं। अन्नदाता को उनकी मेहनत का वाजिब दाम मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अनेक महत्त्वकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। प्रदेश सरकार की राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना किसानों की आय में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त करेगी। योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक पंचायत से 10 किसानों को रसायनमुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत लगभग 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना से जुड़ने वाले किसानों द्वारा प्राकृतिक रूप से तैयार गेहूं को 40 रुपये और मक्की को 30 रुपये प्रति किलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। देश में गेहूं और मक्की पर दिया जाने वाला यह सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य होगा। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की प्रदेश सरकार की मुहिम रंग ला रही है। वर्तमान में प्रदेश के 1,78,643 किसान-बागवान परिवारों ने प्राकृतिक खेती पद्धति को अपनाया है। प्रदेश में 24,210 हेक्टेयर भूमि पर इस विधि से खेती की जा रही है और चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 9.61 लाख किसान परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2023-2024 में 1275.31 लाख रुपये व्यय कर 37,087 किसानों को लाभान्वित किया गया और 13,176 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक भूमि के अधीन लाया गया है। प्राकृतिक खेती उत्पादों की बिक्री के लिए 10 मंडियों में स्थान निर्धारित कर आधारभूत अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। किसान एवं उपभाक्ताओं के मध्य पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु नवोन्मेषी पहल की गई है। पर्यावरण संरक्षण, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और फसल उत्पादन लागत को कम करने में प्राकृतिक खेती योजना मील पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सभी वर्गों व क्षेत्रों का समग्र और समान विकास करने के लिए समुचित प्रयास कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इस क्षेत्र को बढ़ावा प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजनाओं के सकारात्मक परिणाम धरातल पर देखने को मिल रहे हैं।
** पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व: अरविंद मल्होत्रा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज सोलन जिला की ग्राम पंचायत सेरी के गांव कालाघाट (शिल्ली) में पौधरोपण अभियान एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन अरविंद मल्होत्रा ने की। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व है। वर्तमान में पर्यावरण की सुरक्षा ही भविष्य को हरा-भरा बना कर रख सकती है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करें ताकि भविष्य में यह पौधे, पेड़ बनकर सभी के लिए लाभदायक बन सकें। इस जागरूकता कार्यक्रम में हिमगिरी कल्याण आश्रम शिल्ली के बच्चों द्वारा पौधारोपण किया गया। इस दौरान देवदार, बान, अमलोक और पाज़ा के 100 पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सोलन रमणीक शर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन आकांक्षा डोगरा, कनिष्ठ मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर 2 सोलन आर.मेहुल शर्मा, रेंज ऑफिसर सोलन एल.आर. चौहान, डिप्टी रेंजर नीलम ठाकुर, प्रधान बार एसोसिएशन सोलन आलोक भारद्वाज, सचिव बार एसोसिएशन सोलन अंकुश शर्मा अधिवक्ता उमेश शर्मा सहित हिमगिरी कल्याण आश्रम शिल्ली के बच्चे उपस्थित थे।
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। युवा पीढ़ी नशे के दलदल में धंसती जा रही है। पुलिस नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। आय दिन पुलिस नशा तस्करों को गिरफ्तार भी कर रही है। इसके बाद भी नशा तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब युवा पीढ़ी भी नशा तस्करी में संलिप्त होती जा रही है। कुल्लू में नशा तस्करों पर कुल्लू पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और आए दिन नशा तस्करी से जुड़े हुए लोगों को गिरफ्तार भी किया जा रहा है। बीते दिन भी कुल्लू पुलिस की टीम ने चरस-हेरोइन की तस्करी के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं, अब सैंज घाटी में अफीम की तस्करी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है । पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, आरोपी से इस बात की पूछताछ की जा रही है कि वह कहां से यह अफीम लेकर आया था और आगे किसे बेचने के लिए जा रहा था । पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाना सैन्ज की टीम ने भलान में गश्त के दौरान छापे राम (35 वर्ष) निवासी जौली डाकघर भलान तहसील सैन्ज के कब्जे से 273 ग्राम अफीम बरामद की है। आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना सैन्ज में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 18 के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। वही, इस अभियोग में जांच जारी है।
जवाली-जसूर मार्ग पर बस और स्कूटी की टक्कर में घाय*ल स्कूटी चालक नीरजा (45) पत्नी प्रदीप कुमार निवासी भरमाड़ की देर शाम अस्पताल में मौ*त हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार नीरजा शनिवार सायंकालीन अपनी स्कूटी से मायके राजा का तालाब की तरफ जा रही थी कि जवाली की तरफ आ रही बस ने हरनोटा फाटक के नजदीक स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर होने पर महिला घाय*ल हो गई। घाय*ल महिला को साथ के निजी अस्पताल लाया गया और वहां से परिजन उसको पठानकोट के निजी अस्पताल ले गए लेकिन देर रात को महिला ने दम तोड़ दिया। नीरजा जिला चंबा के सरकारी स्कूल में बतौर टीजीटी कार्यरत थी। जवाली पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज करके श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने बताया कि पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज करके श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
**अस्वस्थता के चलते थे अस्पताल में भर्ती, इलाज के दौरान ही हो गया निधन पंचरुखी : ग्राम पंचायत भरवाना के वार्ड भुआणा नरेलू के 26 वर्षीय सैनिक अजय राणा की बीमारी के कारण मौ*त हो गई। पंचायत के उपप्रधान आदर्श सूद ने बताया कि अजय 2018 में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में अजय 8 डोगरा रैजीमैंट जम्मू के बड़ी ब्राह्मणा में तैनात थे। पिछले एक माह के करीब अजय पीलिया की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार आर्मी अस्पताल आरआर दिल्ली में हो रहा था, जहां उनकी मौ*त हो गई। इनके पिता भी फौजी थे। उनकी मौ*त भी ड्यूटी के दौरान किसी हादसे में हो गई थी। अजय की सगाई भी हो चुकी थी। अजय का पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव पहुंचेगा। अजय के परिवार में उनकी दो बहने थी जिनकी शादी हो चुकी है। बुजुर्ग मां का इकलौता सहारा भी छिन गया। अभी कुछ महीने पहले ही अजय राणा की रिंग सरमनी हुई थी और ग्राम पंचायत भरवाना के उप प्रधान आदर्श सूद ने बताया कि जनवरी 2025 में ही उनकी शादी होना तय हुई थी। रविवार को अजय राणा का अंतिम संस्कार भरवाना में किया जाएगा।
** स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा शिव गुफा में करेगा भोले का गुणगान सावन मास के दूसरे सोमवार 29 जुलाई को स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा द्वारा कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा में भोले का गुणगान किया जाएगा। गुफा विकास समिति के मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने बताया कि सावन के हर सोमवार गुफा विकास समिति व शंभू परिवार के सौजन्य से शिव भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस सोमवार 29 जुलाई को भी यह आयोजन होगा। इसके अलावा इस दिन स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा के कलाकारों द्वारा भोले की चौकी लगाकर भोले का गुणगान किया जाएगा। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन कर भोले की चौकी में हाजरी भरने व भंडारा ग्रहण करने की अपील की है। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने बताया कि समिति व शंभू परिवार के सदस्यों के सहयोग से कार्यक्रम की सभी तयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने शिव भक्तों से अपील की है कि कोई भी भक्त गुफा के अंदर धूप न जलाएं व कतार बध होकर गुफा में प्रवेश कर शिवलिंग के दर्शन करें।
सिरमौर: हरियाणा और उत्तराखंड की सीमाओं के साथ सटी सिरमौर जिले की पांवटा साहिब घाटी में अब एनाइडर सिस्टम जंगली जानवरों से लोगों की सुरक्षा करेगा। शुरुआती चरण में वन्य प्राणी विभाग ने जंगली जानवरों विशेषकर हाथियों के हमले से प्रभावित बहराल और पलहोड़ी गांवों के पास आधुनिक सुविधाओं से लैस यह दो उपकरण स्थापित किए है। अपनी तरह के इस विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की खास बात यह है कि इससे जंगलों के पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं, इस सिस्टम से जंगली जानवर भी दूर भागेंगे। दरअसल उपमंडल पांवटा साहिब में कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क सिम्बलवाड़ा मौजूद है। 28 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस नेशनल पार्क में पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के राजा जी नेशनल पार्क और हरियाणा के कलेसर नेशनल पार्क से अक्सर जंगली जानवरों का आवागमन होता है। इसका बड़ा कारण यह है कि कलेसर पार्क के साथ सिम्बलवाड़ा नेशनल पार्क की सीमाएं भी लगती है। विशेष तौर पर एक लम्बे अरसे से यमुना नदी पार कर बहराल से होते हुए हाथियों का यहां आवागमन हो रहा है। सिम्बलवाड़ा के साथ बहराल और पलहोड़ी रिहायशी इलाके है। लिहाजा अक्सर इन क्षेत्रों में हाथी खेतों में फसलों इत्यादि को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। यही नहीं पूर्व में सिम्बलवाड़ा पार्क में टाइगर की चहलकदमी भी हो चुकी है। बहराल और पलहोड़ी ही नहीं बल्कि पांवटा साहिब घाटी के कई इलाकों में हाथियों का आवागमन होता है। हाथियों द्वारा रिहायशी इलाकों में जानमाल के नुकसान की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। हाथियों की रिहायशी इलाकों में दस्तक देने जैसी इसी गंभीर समस्या को देखते हुए वन्य प्राणी विभाग शिमला द्वारा लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर उचित व कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नेशनल पार्क सिम्बलवाड़ा के साथ लगते हाथी प्रभावित क्षेत्रों बहराल और पलहोड़ी गांवों के पास वन्य प्राणी विभाग द्वारा यह दो एनाइडर सिस्टम स्थापित किए गए हैं, ताकि जंगली जानवरों विशेषकर हाथियों से लोगों के जान-माल की सुरक्षा की जा सके। सिम्बलवाड़ा नेशनल पार्क के आरएफओ सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि एनाइडर सिस्टम यानी एनिमल इंट्रूजन डिटेक्शन एंड रेपेलेंट सिस्टम। यह एक ऐसा वार्निंग एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए बेहद कारगर माना जाता है। यह उपकरण अपनी रेंज में आने वाले जंगली जानवरों की आहट को दूर से ही भांप लेता है। यह उपकरण सोलर लाइट पर आधारित है, जो दिन के साथ-साथ रात में भी काम करता है। 30 मीटर की दूरी तक सेंसर के जरिए किसी भी जंगली जानवर को सेंस करके यह उपकरण एलईडी फ्लैश से उन्हें चौंकाकर अलग-अलग तरह की आवाजें निकालते हुए अलार्म बजाता है। इससे डरकर जंगली जानवर गांव की तरफ न आकर जंगलों की तरफ भाग जाते हैं। सिम्बलवाड़ा नेशनल पार्क के रेंज फॉरेस्ट आफिसर सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पार्क के साथ लगते गांव के लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पार्क के साथ लगते गांव बहराल और पलहोड़ी में दो एनाइडर सिस्टम स्थापित किए गए हैं, ताकि जंगली जानवरों विशेषकर हाथियों से लोगों की सुरक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि जंगली जानवर के आगमन की सूरत में इस उपकरण में जोरदार अलार्म बजता है, जिससे जानवर गांव की तरफ न आकर दूर जंगल की तरफ भाग जाते हैं।
** करसोग में करसोग-चामुंडा जी बस सेवा सहित लगभग एक दर्जन रूटों पर फिर चलेगी एचआरटीसी की बसें राज्य सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के संबंध में लिए जा रहे निर्णयों से युवा वर्ग को रोेजगार मिलने के साथ-साथ आमजन को भी सुविधा मिलने लगी है। हिमाचल पथ परिवहन निगम में हाल ही में हुई परिचालकों (कंडक्टरों) के पदों पर भर्तियों से, जहां सैंकड़ों युवाओं को रोजगार मिला है, वहीं इन भर्तियों से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों का हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से आवागमन भी आसान हुआ है। हिमाचल पथ परिवहन निगम में हुई नई बस कंडक्टर भर्ती से करसोग क्षेत्र भी लाभान्वित हुआ है। इस भर्ती में निगम के करसोग डिपो को भी 16 नए परिचालक मिले है। इनके आने से करसोग बस डिपो में लंबे समय से बंद चल रहे अनेक बस रूट फिर से बहाल हो गए है। करसोग विधानसभा क्षेत्र के अतिरिक्त, साथ लगते सुंदरनगर, सराज विस क्षेत्र के लोगों को भी इस भर्ती से लाभ पंहुचा है। इन विस क्षेत्रों के लिए करसोग से चलने वाली विभिन्न बस सेवाओं ही बहाली होने से ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों का आवागमन आसान हुआ है। प्रदेश में एचआरटीसी में हाल ही में कंडक्टरों के लगभग 400 पदों पर हुई नई भर्ती में से करसोग बस डिपो को 16 कंडक्टर मिले हैं। इनमें 15 पुरुष और एक महिला कंडक्टर शामिल है। इनके आने से वर्तमान में परिचालकों की कमी के कारण करसोग क्षेत्र व इसके साथ लगते सुंदरनगर क्षेत्र व सराज क्षेत्र के बंद चल रहे बस रुटों पर फिर से एचआरटीसी की बसें दौड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग लाभान्वित होंगे। कंडक्टर्स के लिए निर्धारित आवश्यक 15 दिन का प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत बंद चल रहे सभी रूटों को क्रमवार शुरू करने की एचआरटीसी की योजना है। जिससे की तीन विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बस सुविधा प्राप्त होगी। परिचालकों की कमी के कारण एचआरटीसी के करसोग डिपो में लंबे समय से बंद चल रही करसोग चामुंडा जी बस सेवा, करसोग मंडी बस सेवा फिर बहाल होने से लोगों को इन स्थानों के लिए आवगमन की सुविधा प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में करसोग क्षेत्र की करसोग जरल बस सेवा, पांगना फेगल लोकल बस सेवा, करसोग जंजैहली बस सेवा, छतरी मुद्रिका बस सेवा, करसोग से गाड़ागुशैणी बस सेवा सहित अन्य स्थानों के लिए फिर से बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। कंडक्टरों की नियुक्ति के उपरांत सभी रूटों पर बस सेवाओं के बहाल होने से जरल, पंडार, जाच्छ, सोरता, पांगणा, सरही, फेगल, छतरी, मिहाच, गाड़ागुशैणी, मगरू, जंजैहली इत्यादि क्षेत्रों के हजारों लोगों को आवागमन ही सुविधा मिलने से लाभान्वित होंगे। एचआरटीसी करसोग के आरएम हुमेश कुमार का कहना है कि सभी 16 कंडक्टरों को 29 जुलाई, 2024 को क्षेत्रीय कार्यालय करसोग में डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया है। डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद सभी परिचालकों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे व उनकी ज्वाइनिंग ली जाएगी। ज्वाइनिंग के उपरांत परिचालकों को 15 दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद परिचालकों को बसों के साथ रूट पर तैनात किया जाएगा।
आईटीआई नैहरनपुखर में डिजिटल साक्षरता को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस जागरूकता शिविर मे साइबर क्राइम, सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमता,(एआई) , साइबर पूलिंग, ऑनलाइन ठगी, धोखाधड़ी वाली फोन कॉल्स बारे संस्थान प्रशिक्षणार्थिओं को जागरूक किया गया । इस मौके पर नाइब तहसीलदार अश्वनी कुमार व उनके साथ आए आईटी एक्सपर्ट राहुल चौधरी, संस्थान प्रधानाचार्य ई॰ ललित मोहन, आईटी एक्सपर्ट रवि गुलेरिया, व संस्थान के अनुदेशक उपस्थित रहे। आईटी एक्सपर्ट रवि गुलेरिया साइबर क्राइम के सभी विषयों पर बारीकी से जानकारी दी। इस मौके पर नाइब तहसीलदा अश्वनी कुमार जी ने बताया की साइबर क्राइम और ग्राहकों के साथ बैंक धोखाधड़ी के साथ साथ अन्य ऑनलाइन व सोश्ल आपराधिक गतिविधियां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं व इस प्रकार के जागरूकता शिविरों से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर संस्थान प्रधानाचार्य ई॰ ललित मोहन ने इस डिजिटल साक्षारता को लेकर जागरूकता शिविर के सफल आयोजन को लेकर सभी संस्थान प्रशिक्षणार्थिओं को जागरूक रहकर सपने आस पास भी सभी को जागरूक रहने को कहा व इस शिविर के आयोजन मे आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।
जयसिंहपुर: हिमाचल में रोजगार देने के नाम पर कांग्रेस हर दिन युवाओं के रोजगार के रास्ते बंद कर रही है। सरकार की स्टार्टअप गारंटी पूरी तरह फ्लॉप हो चुकी है। जयसिंहपुर भाजयुमो अध्यक्ष शिवा कटोच ने सुक्खू सरकार पर सवाल उठते हुए कहा कि सरकार की स्टार्टअप योजना का क्या हुआ? सरकार बने डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है पर अब तक इस योजना से प्रदेश के कितने युवाओं को लाभ मिला। चुनाव के समय कांग्रेस ने जो गारंटी दी थी कि हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड का प्रबंध कर दिया जाएगा, जिससे युवा अपने लिए रोजगार के साधन जुटाएंगे और अन्य लोगों को रोजगार भी देंगे। कांग्रेस के नेताओं ने स्टार्टअप योजना के लिए युवाओं से चुनाव से पूर्व ही फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव हुए डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक इस योजना के तहत एक भी व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा पाया है। अब बहुत समय हो गया है सुक्खू सरकार सालों से लंबित पड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम घोषित करें और उन्हें रोजगार दे। सरकार इस तरह से युवाओं के भविष्य की अनदेखी नहीं कर सकती। पहले से चल रही स्वावलंबन योजना को बंद कर स्वीकृत प्रोजैक्ट रोक दिए गए हैं। पूर्व मे जयराम सरकार ने स्वावलंबन योजना के तहत प्रदेश में कुल 721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सरकार की इस योजना के अंतर्गत ₹200 करोड़ की अनुदान राशि प्रदान की गई है। इसमे कुल 4377 इकाइयां स्वीकृत हुई, इनमे 11674 लोगो को रोजगार मिला।अगर इस योजना को बंद नहीं किया जाता तो प्रदेश में रोजगार के हजारों साधन और राजस्व पैदा होते, लेकिन सुक्खू सरकार की बदले की भावना से काम करने की वजह से प्रदेश के युवाओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
**राष्ट्रपति निवास घूमने के इच्छुक लोगों के लिए होगी सुविधा शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास में अब हिमाचल पथ परिवहन की बस में फ्री टूर करवाया जाएगा। दरअसल 25 जुलाई को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपना दो साल का कार्यकाल पूरा किया। इस मौके पर हिमाचल के छराबड़ा स्थित राष्ट्रपति निवास की ओर से लोगों को विशेष सुविधा दी जा रही है। राष्ट्रपति निवास घूमने के इच्छुक पर्यटकों और लोगों को एचआरटीसी की मुफ्त बस सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। एचआरटीसी की ये बस शिमला की लिफ्ट के पार्किंग के नजदीक से छराबड़ा तक चलाई जा रही है। एचआरटीसी की इस बस में आवाजाही पूरी तरह फ्री है। राष्ट्रपति निवास घूमने के इच्छुक लोग इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। फिलहाल, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को लोगों को ये फ्री बस सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। अप्रैल, 2023 में शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास को आम जनता के दीदार के लिए खोला गया था। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला ऐतिहासिक इमारतों का शहर है। ब्रिटिश काल के दौरान यहां बनी हर एक इमारत खुद में एक कहानी समेटे हुए खड़ी है। साल 1850 में भी कोटी के राजा ने एक ऐसी इमारत का निर्माण करवाया था, जिसे मौजूदा दौर में राष्ट्रपति निवास के तौर पर जाना जाता है। साल 1850 में इस ऐतिहासिक इमारत में सिर्फ एक ही मंजिल थी। साल 1860 में एमसी कमिश्नर लॉर्ड विलियम ने कोटी के राजा से इस इमारत को लीज पर लिया था। उस वक्त उन्होंने इस भवन को लीज पर लेने के लिए 2 हजार 825 रुपए की भारी-भरकम राशि चुकाई थी। साल 1890 में इस इमारत में दो मंजिल बनवाई गई। ये ऐतिहासिक इमारत 10 हजार 628 वर्ग फीट में फैली है। आजादी से पहले इस ऐतिहासिक इमारत में वायसराय रहा करते थे। वे ऑब्जर्वेटरी हिल पर बने वायसराय लॉज की इमारत से वीकेंड पर यहां आया करते थे। वायसराय लॉज की इस इमारत को आज इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी के नाम से जाना जाता है, जो कि साल 1888 में बन कर तैयार हुई थी।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर द्वारा सांगला और काशंग कण्डों में बनी ग्लेशियर झीलों के सर्वेक्षण को लेकर उपायुक्त कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिला के सांगला और काशंग कण्डों में बनी ग्लेशियर झीलों का सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसके लिए 1 अगस्त 2024 से केन्द्रीय एजेंसी सी० डेक० का एक दल किन्नौर पहुंचेगा उसके साथ एन० डी० आर० एफ० , एस० डी० आर० एफ० , पुलिस, गृह रक्षा, डोगरा स्काउड, आईटीबीपी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और प्रशासन के सदस्य भी इस सर्वे टीम के साथ जाऐगें। उन्होंने बताया कि इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य इन झीलों का विभिन्न पहलुओं से गहन अध्ययन करना है। इस सर्वे में यह अनुमान लगाया जाएगा कि इन झीलों से भविष्य में आसपास के क्षेत्रों को कोई खतरा उत्पन्न न हो। उन्होंने ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों को उचित कदम उठाने के दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस, आईटीबीपी कमांडेंट बसंत नोगल, उपमंडलाधिकारी कल्पा डॉ मेजर शशांक गुप्ता, आदेशक गृह रक्षा पंकज शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वास्थ्य डॉ.अनवेशा नेगी, जिला आपदा प्रबंधन से कुलदीप सिंह व नरेंद्र कायथ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
युवा कांग्रेस ने विकास पुरुष जी.एस.बाली की जयंती पर दी श्रद्धांजलि प्रदेश में विभिन्न ज़िलों में युवा कांग्रेस ने पूर्व मंत्री स्व. जी.एस.बाली की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की I इस दिन जगह-जगह रक्तदान शिविर, अस्पतालों और बाल आश्रमों में फल वितरण, स्कूली छात्रों में एजुकेशन किट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए I हिमाचल के दिग्गज नेता रहे स्व. जी.एस.बाली के जन्मदिन पर हर वर्ष कांगड़ा में बाल मेला मनाया जाता रहा है, जहां बड़े स्तर पर रोज़गार मेला आयोजित किया जाता रहा है I उनके स्वर्गवास के बाद भी उनके सपुत्र एवं केबिनेट रेंक पर्यटन कार्पोरेशन के चेयरमेन रघुवीर सिंह बाली ने इस परम्परा को जारी रखते हुए इस वर्ष भी नगरोटा में बाल रोज़गार मेला आयोजित किया है I युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने कहा कि स्व जी.एस बाली का हिमाचल और हिमाचल के युवाओं के लिए योगदान हमेशा याद किया जाएगा I सरकार में केबिनेट मंत्री रहते हुए बाली हमेशा युवा कांग्रेस के युवाओं के कामों को तरजीह देते थे I निगम भंडारी ने बताया कि समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने बाली का समाजिक जीवन में अविस्मरणीय योगदान रहा है I कोविड महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बगैर भी जी.एस.बाली ने पूरे प्रदेश में कोरोना किट बाँट कर सैंकड़ों परिवारों की सेवा की I
**माता नैना का धूमधाम से मनाया गया जाग उत्सव हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के पीपलागे गांव में दहकते अंगारों पर भक्तों ने देव नृत्य किया। वहीं, माता नैना का जाग उत्सव भी धूमधाम के साथ मनाया गया। इस उत्सव को देखने के लिए जिला कुल्लू के अलावा प्रदेशभर से श्रद्धालु उमडे़। इस जाग उत्सव में माता भद्रकाली,माता कोयला,माता शीतला,माता नागराणी अपने कारकूनों ओर हारियानों सहित विशेष रूप से शामिल हुई। माता के पुजारी अमित महंत ने बताया कि इस मौके पर भजन मंडली ने भजन कीर्तन के माध्यम से माता की महिमा का बखान कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। रात्रि एक बजे माता नैना, भद्रकाली अपने, कारकूनों, हारियानो सहित ढोल नगाड़े के साथ मंदिर में प्रवेश किया और अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। माता की शक्ति के आगे श्रद्धालु भी नतमस्तक हो गए। इस धार्मिक कार्यक्रम को देखने के लिए जिला कुल्लू व मंडी ,क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। लगभग 2:00 बजे माता नैना और भद्रकाली ने अपने कारकूनों, हारियानों व देवलुओं के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर मंदिर में प्रवेश कर देवालय के साथ अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। इसके बाद जलते अंगारों के बीच हुए नृत्य का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।भद्रकाली माता के पुजारी अमित महंत ने बताया कि इस जाग की अद्भुत बात यह है कि यहां पर माता के गुरु, चेलियां आग के अंगारों पर चलते हैं और माता रानी की कृपा से किसी के भी पैर में आंच तक नहीं आती। उन्होंने बताया कि जाग के दिन माता ने सभी भक्तों के दुखों का निवारण किया और सभी को मनवांछित फल प्रदान किया। वही, माता रानी जाग उत्सव में नारियल के माध्यम से सभी भक्तों के ग्रहों का निवारण करती हैं।
शिमला: पुरुष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई 2024 को तीन केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में परीक्षा का आयोजन होगा। जिला मंडी, कांगड़ा, चंबा और ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन होगा। कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के डीजीपी एसआर ओझा ने बताया कि बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट https://hpprisons.nic.in/ से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की सख्त मनाही है। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, वायरलेस डिवाइस, ब्लूटुथ, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स और बैग इत्यादि ले जाने की भी अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र परिसर में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है। बत दें कि जेल वॉर्डर के 91 पदों (पुरुष 77, महिला 14) पर 23-11-2-23 के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी की थी। इसके लिए 22 दिसंबर 2023 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। फ़िज़िकल टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा रविवार को आयोजित होगी। लिखित परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है।
मंडी: चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर आज यानी 27 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक मंडी से पंडोह के बीच रोजाना दो घंटे गाड़ियों के पहिए थमे रहेंगे। नेशनल हाईवे पर 4 मील से 9 मील तक पहाड़ी पर हवा में लटके बड़े-बडे बोल्डरों व चट्टानों को हटाने के लिए हाईवे को बंद किया जा रहा है। इन बोल्डरों व चट्टानों से नेशनल हाईवे पर लगातार लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है, जिसके लिए हाईवे पर रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रहेगी। छोटे वाहन आने जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकेंगे, जबकि बड़े वाहनों को एनएच खुलने का इंतजार करना होगा। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि एनएचएआई की तरफ से प्रशासन को निवेदन प्राप्त हुआ था कि मंडी से पंडोह के बीच कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पर लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। खासकर कुछ स्थानों पर बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें पहाड़ी पर लटकी हुई हैं जो कभी भी गिरकर तबाही मचा सकती हैं। ऐसे में इन पत्थरों और चट्टानों को हटाना जरूरी है। वहीं, कुछ स्थानों पर लैंडस्लाइड के कारण मलबा गिरा हुआ है जिसे भी हटाना जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को तुरंत प्रभाव से करने के निवेदन को स्वीकार करते हुए 5 दिनों तक हाईवे को रोजाना दो घंटों तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस दो घंटे की ब्रेक के दौरान मंडी से कुल्लू-मनाली की तरफ जाने वाले वाया कमांद-कटौला-बजौरा होते हुए जा सकेंगे। अगर कोई कुल्लू से आ रहा है तो वे पंडोह से वाया गोहर-चैलचौक-डडौर होते हुए जा सकेंगे। वैकल्पिक मार्गों से सिर्फ छोटे वाहनों को जाने की अनुमति होगी।
सिरमौर: जिला सिरमौर की 2 पंचायतों के प्रधानों को विकास कार्यों में अनियमितताएं बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में दोनों पंचायत प्रधान दोषी पाए गए हैं। निलंबन की यह गाज शिलाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास खंड तिलोरधार की ग्राम पंचायत कठवाड़ के प्रधान महेंद्र सिंह और ग्राम पंचायत नाया पंजौड़ के प्रधान लायक राम पर गिरी है। इस संबंध में जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर की तरफ से लिखित आदेश भी जारी किए गए है। जांच कमेटी ने एक पंचायत प्रधान से विकास कार्यों में धांधली की एवज में लाखों रुपए की राशि वसूलने की सिफारिश की है, तो वहीं दूसरे मामले में करीब 6.43 लाख रुपए की राशि वसूली योग्य पाई गई। जानकारी के अनुसार पहले मामले में कठवाड़ पंचायत के कुछ ग्रामीणों ने इस संबंध में लिखित शिकायत की थी, जिसमें पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितताएं और धन के दुरूपयोग के कथित आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच कर रही कमेटी ने प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट जिला पंचायत कार्यालय को भेजी। इस रिपोर्ट में 15वें वित्तयोग मद के तहत निर्मित सिंचाई टैंक, फुट ब्रिज महोली खड्ड, मनरेगा के तहत निर्मित अमृत सरोवर घुंडाना खाला, श्मशानघाट घुंडाना खड्ड, मरम्मत सिंचाई कूहल गडोली खड्ड, ग्राम पंचायत के बिल/बाउचरों अनुसार सामग्री प्रदाता के तौर पर अनियमित अदायगी, एक महिला को 4125 रुपए की राशि अनियमित दोहरी अदायगी समेत ग्राम पंचायत कठवाड़ द्वारा सामग्री प्रदाता को चिन्हित करने से पहले औपचारिकताएं पूरी न करने के आरोपों में अनियमिताएं पाई गई। जांच कमेटी ने विभिन्न विकास कार्यों में लाखों रुपए की राशि वसूलने की भी सिफारिश की है, जो करीब साढ़े 7 लाख रुपए के आसपास बताई जा रही है। वहीं, दूसरे मामले में नाया पंजौड़ पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त निदेशक एवं संयुक्त सचिव ने गत 5 वर्षों का विशेष विभागीय अंकेक्षण एक महीने के अंदर करने और अंकेक्षण रिपोर्ट भेजने के निर्देश जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर के कार्यालय को दिए। इन निर्देशों पर एक अंकेक्षण कमेटी गठित की गई। जांच कर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत कार्यालय को भेजी, जिसमें विकास कार्यों में अनियमितताओं पाई गई। इसमें मनरेगा मद में किए गए विकास कार्यों में 19,31,908 रुपए राशि के दुरुपयोग को लेकर अनियमितताएं सामने आई। साथ ही पंचायत प्रधान से 6,43,969 रुपए की राशि वसूली योग्य पाई गई। जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर अभिषेक मित्तल ने बताया कि प्रथम दृष्टि में विकास कार्यों में अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरूपयोग में दोषी पाए जान पर कठवाड़ और नाया पंजौड़ पंचायत के दोनों प्रधानों को अपना पक्ष रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। दोनों की तरफ से जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। ऐसे में दोनों मामलों में सत्यता को जानने के लिए नियमों के मुताबिक नियमित जांच करवाई जानी है। लिहाजा संबंधित पंचायत प्रधान अपने पद पर रहते हुए जांच को प्रभावित और रिकार्ड से छेड़छाड़ कर सकते हैं। इसको देखते हुए हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए अपने कर्तव्यों के निर्वहन में अवचार का दोषी पाए जाने पर दोनों पंचायत प्रधानों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों पंचायत प्रधानों को ये भी आदेश जारी किए गए हैं कि अगर उनके पास ग्राम पंचायत की कोई भी चल/अचल संपत्ति हो, तो उसे वह तुरंत संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को सौंप दें।
हिमाचल में निजी स्कूलों को अपने परीक्षा केंद्र का अब हर वर्ष नवीकरण करना होगा। अगर ऐसा न किया तो इसके लिए नए सिरे से सभी औपचारिक्ताएं पूरी करनी होंगी। उसके बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र उपलब्ध करवाया जाएगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के सृजन के नियमों में फेरबदल किया है। शिक्षा बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर दी है। जानकारी के अनुसार अब वार्षिक परीक्षाओं के लिए स्कूलों को अपने स्कूल में परीक्षा केंद्र सृजन करने के लिए भारी भरकम फीस बोर्ड को देनी होगी। नए नियमों के मुताबिक अब नए परीक्षा केंद्र निरीक्षण फीस सभी सरकारी और बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए पांच हजार रुपये रहेगी। पहले यह फीस नहीं होती थी। वार्षिक परीक्षाओं के लिए नए परीक्षा केंद्र, अपग्रेड, बनाए रखने, नवीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान बोर्ड की ओर से तय नियमों के अनुसार ही स्कूलों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन लिंक के माध्यम से ही एक से 31 अगस्त तक किया जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी संस्थान के एक बार परीक्षा केंद्र बन जाने के बाद उस संस्थान को आगामी सत्र से यह निर्धारित तिथियों में ही नवीनीकरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि यदि बोर्ड से संबद्धता प्राप्त किसी निजी संस्थान द्वारा अपने संस्थान से सृजित परीक्षा केंद्र के नवीकरण के लिए आवेदन प्रेषित नहीं किया जाता है तो ऐसे संस्थान को आगामी सत्र के लिए पुन: नए सिरे से औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और उन्हें शुल्कों सहित केंद्र सृजन के लिए आवेदन करना होगा। बताया कि अधिसूचना तुरंत प्रभाव से लागू होगी। पहली से 15 सितंबर तक नए परीक्षा केंद्र सृजन, अपग्रेड करने के लिए आवेदन पांच हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ होगा। परीक्षा केंद्र के नवीकरण आवेदन के लिए विलंब शुल्क 1000 लिया जाएगा। यदि संबंधित अथॉरिटी के द्वारा 15 सितंबर के बाद आवेदन की तिथि बढ़ाई जाती है तो परीक्षा केंद्र सृजन व अपग्रेड के लिए 10 हजार रुपये विलंब शुल्क रहेगा। केंद्र नवीकरण के लिए विलंब शुल्क दो हजार रुपये रहेगा। बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए यह आवश्यक किया गया है कि 10 हजार रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाए जाएंगे। ये रुपये जब तक जमा रहेंगे, जब तक संबंधित स्कूल परीक्षा केंद्र चाहेगा। अगर परीक्षा केंद्र को अधिक नकल करने के चलते रद्द किया जाता है तो सिक्योरिटी राशि जब्त की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आठ नए क्षेत्र ग्रीन एरिया (हरित क्षेत्र) घोषित कर दिए हैं। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसे राजपत्र में प्रकाशित करने के भी आदेश भी जारी हो गए हैं। इन इलाकों में अब भवन निर्माण के नियम भी बदल जाएंगे। टीसीपी के अनुसार इन क्षेत्रों में भवन निर्माण की शर्तें सबसे सख्त रहेंगी। शिमला शहर में अभी तक 17 हरित क्षेत्र चिह्नित किए थे। अब आठ नए क्षेत्र शामिल होने से इनकी संख्या 25 हो गई है। शहर के रिट्रीट, मशोबरा, बंद टुकड़ा आंदड़ी, शिवमंदिर आंदड़ी, ताल एंड गिरि, डीपीएफ खलीनी, बीसीएस मिस्ट चैंबर और परिमहल के कुछ क्षेत्र को हरित क्षेत्र घोषित किया है। हरित क्षेत्र में पेड़ से दो मीटर की दूरी पर ही निर्माण की मंजूरी होगी। साथ ही वन भूमि से करीब पांच मीटर की दूरी होनी चाहिए। इसके लिए भी निर्माण कार्य के लिए सरकार से मंजूरी जरूरी होगी। रिट्रीट हरित क्षेत्र में किसी भी तरह के निजी निर्माण की मंजूरी नहीं दी जाएगी। यदि किसी पुराने भवन का दोबारा निर्माण करना है तो ओल्ड लाइन पर ही मंजूरी मिलेगी। इस पर भी सरकार अंतिम फैसला लेगी। टीसीपी विभाग ने शिमला प्लानिंग एरिया के डेवलपमेंट प्लान में इन क्षेत्रों को शामिल करने के लिए पहले आम लोगों की आपत्तियां और सुझाव भी लिए थे। आपत्तियां और सुझाव दर्ज करवाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। कुल छह आपत्तियां और सुझाव आए थे जिन पर सुनवाई पूरी करने का दावा किया गया है।
श्रीखंड ट्रस्ट के अंतर्गत 2014 से शुरू श्रीखंड महादेव यात्रा के 11 सालों में पहली बार देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का आंकड़ा 8,500 पार पहुंच गया है। यह धार्मिक यात्रा शनिवार को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो जाएगी। शनिवार को यात्रा के अंतिम दिन यात्रियों का अंतिम जत्था रवाना किया जाएगा, जो बेस कैंप सिंहगाड में 30 जुलाई तक लौटेगा। बीते 13 दिनों में 8,509 यात्री पंजीकरण के बाद महादेव के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, यह आंकड़ा अभी और बढ़ेगा। इस वर्ष श्रीखंड महादेव यात्रा सबसे सफल यात्राओं में से एक रही है। प्रशासन की ओर से किए गए पुख्ता इंतजाम भी इसका प्रमुख कारण रहा। प्रशासन की तैयारियों से श्रद्धालुओं को कोई परेशानी पेश नहीं आई। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली ने नैन सरोवर से श्रीखंड महादेव तक की चढ़ाई तक रस्से लगाए। इनकी मदद से सभी श्रद्धालुओं ने ग्लेशियर पार किए। एसडीआरएफ की टीम ने कई श्रद्धालुओं को आपात सेवाओं में सहयोग दिया। पांच सेक्टरों में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट की पूरी टीम दिन-रात श्रद्धालुओं की मदद के लिए जुटी रही, जिसमें मेडिकल टीम का अहम योगदान रहा है। पहली बार दो निजी संस्थानों ने दो बेस कैंप में निशुल्क ओपीडी की सेवा प्रदान की। इसमें विश्व मानव रूहानी केंद्र ने सबसे कठिन बेस कैंप भीमडवारी में दो बिस्तर की ओपीडी की सेवाएं उपलब्ध करवाईं। सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड संस्थान ने सिंहगाड में मेडिकल सेवाएं देकर श्रद्धालुओं की मदद की। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने श्रीखंड महादेव तक चलकर स्वयं इंतजामों और रास्तों का जायजा लिया, जिसकी रिपोर्ट उपायुक्त कुल्लू को भेजी। उन्होंने कहा कि काली टाॅप से बराहटी नाला तक के 12 किमी ट्रैक पर श्रद्धालुओं को पेयजल का सामना करना पड़ा। जलशक्ति विभाग से यहां पेयजल लाइनों की मरम्मत कर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। रास्तों में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए और पब्लिक टाॅयलेट बनाए जाएंगे। इसके अलावा जो कमियां रही हैं, उन्हें सुधारने के लिए उपायुक्त कुल्लू को पूरी रिपोर्ट भेजी गई है। श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान कई भक्तों और समाजसेवी संस्थानों ने लंगर सेवाएं प्रदान कीं, जिनमें तरह-तरह के व्यंजनों का श्रद्धालुओं ने स्वाद चखा। वहीं क्षेत्र के स्थानीय लोगों का यात्रा के दौरान कारोबार खूब चमका। इससे स्थानीय लोगों में भी यात्रा को लेकर बेहद उत्साह दिखा।
देश में सबसे ऊंचाई पर शिंकुला सुरंग के बन जाने से लेह-केलांग-मनाली-दिल्ली की कनेक्टिविटी सालभर बनी रहेगी। सेना के काफिले की आवाजाही भी बर्फबारी के बीच सर्दी के कुछ दिन छोड़कर होती रहेगी। वहीं लाहौल के पर्यटन में भी उछाल आएगा। सामरिक दृष्टि से मनाली-लेह सड़क महत्वपूर्ण है। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध ने इस सड़क का महत्व दर्शा दिया है। उन दिनों सेना के काफिले को 13,050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा के रास्ते आवाजाही करनी पड़ती थी। अब अटल टनल रोहतांग बनने से लेह के लिए सफर काफी कम और सुगम हो गया है। शिंकुला सुरंग बन जाने से यह सफर खासकर सेना के लिए वरदान से कम नहीं होगा। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख के द्रास-कारगिल में कारगिल विजय दिवस रजत जयंती समारोह की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी मौके पर प्रधानमंत्री ने शिकुला सुरंग की आधारशिला भी रखी। नरेंद्र मोदी ने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के नायकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए युद्ध स्मारक द्रास में उपस्थित होने का सौभाग्य महसूस कर रहा हूं। पीएम ने वर्चुअल माध्यम से लद्दाख के लिए एनपीडी रोड पर रणनीतिक शिंकुला सुरंग की आधारशिला रखी और शिंकुला में पहला विस्फोट किया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से निम्मू-पदम-दारचा सड़क पर 15,800 फुट की ऊंचाई पर शिंकुला दर्रे पर 1,681 करोड़ रुपये की लागत से 4.1 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। यह सुरंग हिमाचल के लाहौल और लद्दाख के जांस्कर क्षेत्र को आपस में जोड़ेगी। वर्ष 2023 में सुरक्षा पर पीएम की अगुवाई वाली कैबिनेट समिति ने इस टनल को मंजूरी दी थी। जांस्कर के लोगों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वारी केंद्र सरकार का आभार जताया है। इधर, लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि शिंकुला सुरंग के निर्माण से जांस्कर के साथ लाहौल के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि अटल टनल रोहतांग से पहले लाहौल में गिने चुने ही विदेशी पर्यटकों की आवाजाही रहती थी। अटल टनल बनने के बाद यहां विदेशी पर्यटकों के साथ भारत के कोने-कोने से पर्यटक पहुंच रहे हैं। अधिकतर पर्यटक लाहौल के रास्ते लेह लद्दाख को भी निहारना चाहते हैं, लेकिन सफर लंबा होने के कारण मनाली से आगे बहुत कम आते हैं। शिंकुला सुरंग बनने से लेह लद्दाख के लाहौल, कुल्लू, मनाली के साथ संबंध और मजबूत रहेंगे, वहीं पर्यटन कारोबार में भी गति आएगी।
प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को मिलने वाले खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता की जांच की जाएगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को आदेश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी हर आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर खाद्य पदार्थों के सैंपल भरेंगे। सैंपल भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से प्रमाणित लैब में भेजे जाएंगे। राशन की गुणवत्ता के साथ अन्य चीजों का पता लगाया जाएगा। अगर खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल होते हैं तो कंपनी के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। प्रदेशभर में आईसीडीएस के तहत आंगबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए राशन और अन्य खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जाते हैं। इन खाद्य पदार्थों से बच्चों की सेहत पर कोई प्रभाव न पड़े इसको ध्यान में रखते हुए विभाग ने सैंपल भरने का निर्णय लिया है। इसी के साथ राशन भंडारण की भी जांच की जाएगी। राशन को रखने का तरीका और स्वच्छता के बारे में भी पता लगाया जाएगा। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी राशन को किस प्रकार से रखा गया है, कैसे राशन को तैयार किया जाता है, इसके बारे में टीम निरीक्षण करेगी। साथ ही कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों के सैंपल भरेगी। जिलों में टीमों का गठन किया गया है। जिला सोलन में अब तक आईसीडीएस राशन के 17 सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आगामी 15 दिनों में आने की उम्मीद है। एफएसओ दीक्षा कपिल की टीम ने धर्मपुर समेत अन्य जगहों में सैंपल भरे हैं। एफएसओ अनुज शर्मा की टीम ने अर्की समेत बीबीएन में सैंपल भरे हैं। टीम की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों से दाल, राजमा, चना, दाल चना, शक्कर, न्यूट्रीमिक्स बिस्कुट समेत अन्य 17 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने शुरू कर दिए हैं। अब तक 17 सैंपल भरे गए हैं। इन्हें जांच के लिए भेज दिया है। प्रत्येक माह आंगनबाड़ी केंद्रों से सैंपल भरे जाएंगे ताकि गुणवत्ता का पता चल सके।
राज्य मुक्त विद्यालय से 12वीं कक्षा की पढ़ाई करने वाले 1,854 अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रद्द हो सकता है। अगर अभ्यर्थियों ने 15 दिन के भीतर अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए तो उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दस्तावेज जमा न करवाए जाने के कारण शिक्षा बोर्ड के पास 2013 तक से अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम आरएलई पड़ा हुआ है, जिन्हें बोर्ड ने अंतिम मौका दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जमा दो की सत्र मार्च, 2023 से सितंबर, 2023 तक की परीक्षाओं के उन अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेज जमा करवाने का एक मौका दिया है, जिनका परीक्षा परिणाम पात्रता दस्तावेजों के कारण लंबित पड़ा है। शिक्षा बोर्ड के पास ऐसे करीब 1854 अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने पात्र दस्तावेजों का अभी तक जमा नहीं करवाया है, जिसके चलते उनका परीक्षा परिणाम आरएलई घोषित हुआ है। शिक्षा बोर्ड ने ऐसे अभ्यर्थियों को अपने पात्र दस्तावेजों को संबंधित अध्ययन केंद्रों को औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन अभ्यर्थियों ने दस्तावेज जमा नहीं करवाए। इसके चलते उनका परीक्षा परिणाम आरएलई घोषित हुआ है। अब शिक्षा बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम को रद्द करने का मन बनाया लिया है। इससे पहले शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर अपने वांछित दस्तावेजों को डाक के माध्यम या दस्ती तौर पर बोर्ड कार्यालय में जमा करवाने का अवसर दिया है। अगर निर्धारित समय तक बोर्ड के पास दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए तो बोर्ड प्रशासन नियमानुसार परीक्षा परिणाम को रद्द कर देगा। हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि 1854 अभ्यर्थियों का परिणाम पात्रता दस्तावेजों के न होने के कारण लंबित पड़ा हुआ है। अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर अपने दस्तावेज जमा करवाने का अंतिम अवसर दिया गया है, अगर इस दौरान अभ्यर्थी दस्तावेज जमा नहीं करवा सके तो परिणाम को नियमानुसार रद्द कर दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जनपद के उपमंडल ज्वालामुखी में एक दर्दनाक सड़क हाद*सा हुआ है। हादसे में 24 वर्षीय युवक की मौ*त हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब एक निजी बस ने युवक की बाइक को टक्कर मार दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बता दें बाइक चालक 24 वर्षीय अतुल सुपुत्र रणवीर सिंह निवासी सलियार जो कि अपनी बाइक से सुरानी की तरफ से आ रहा था और एक निजी बस जो कि लगड़ू की तरफ जा रही थी,अचानक दोनो के बीच में जोरदार भिड़त हो गई, जिसमें युवक की मृ*त्यु हो गई है। हादसे के उपरांत युवक को ज्वालामुखी सिविल अस्पताल लाया गया लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृ*त घोषित कर दिया। मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी खुंडिया रणजीत परमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाई शुरू कर दी है।
भारतीय डाक विभाग के डाक मंडल देहरा के अधीन ज्वाली उप डाकघर में बलबीर चंद अधीक्षक डाकघर देहरा मण्डल, देहरा व अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किए हुए ' एक पेड़ माँ के नाम ' अभियान के तहत पेड़ लगाए। इस मौके पर अधीक्षक डाकघर देहरा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी माताओं के प्रति सम्मान प्रकट करना है। इस पहल के तहत उन्होंने देहरा डाक मण्डल के सभी कर्मचारियों व आम जनता को अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया।
जसवां परागपुर व देहरा में में एसपी ऑफिस, एस ई लोक निर्माण, आईपीएस, डाडा सीबा में पुलिस थाना,, (चिंतपूर्णी) , मोईन (जसवां प्रागपुर ) में पुलिस चौकी तथा रक्कड़ थाना को डीएसपी देहरा क़े अधीन करने पर पूर्व कामगार एवम कर्मचारी कल्याण बोर्ड के बाईस चैयरमैन सुरेन्द्र सिह मनकोटिया, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिमला में मिले और उनका धन्यवाद किया। उधर जसवां परागपुर विधानसभा के अंतर्गत भिन्न भिन्न इलाको मे चिरकाल से चली आ रही मांगों पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने से स्थानिय ग्रामीणों ने पूर्व कामगार एवम कर्मचारी कल्याण बोर्ड के वाइस चैयरमैन सुरेन्द्र सिह मनकोटिया का धन्यवाद किया वहीं इस दौरान सुरेन्द्र सिह मनकोटिया ने बताया कि जस्वां परागपुर भर मे विकास की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी ।
**सीपीएस संजय अवस्थी होंगे मुख्य अतिथि छात्र विद्यालय कुनिहार के मैदान में विकास खंड कुनिहार द्वारा विकास खंड के स्वयं सहायता समूहों के लिए 9 अगस्त को अलंकार महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, यह जानकारी बीडीओ कुनिहार तन्मय कंवर ने दी। उन्होंने बताया कि इस अलंकार महोत्सव में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए कब्बड़ी, रस्साकसी सहित सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं रखी गई है, जिसमें विकास खंड की 56 पंचायतों के विभिन्न स्वयं सहायता समूह भाग लेकर अपना हुनर दिखाएंगे। उन्होंने बताया कि कब्बड्डी प्रतियोगिता के विजेता को 11हजार व उपविजेता को 51सौ रुपए का पुरस्कार तथा अन्य प्रेतियोगिता के लिए पहला पुरस्कार 31 हजार व दूसरा पुरस्कार 21हजार तीसरे व चौथे स्थान के समूह की टीम को 55-55 सौ के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। साथ ही विजेताओं को सरकार की तरफ से एक फ्री एजुकेशनल टूर करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस महोत्सव में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार विभिन्न खाद्य उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ महिलाओं द्वारा अपने हाथो से निर्मित घरों में काम आने वाले उत्पादों की प्रदर्शनी लोगो के लिए लगाई जाएगी, जिसकी लोग प्रदर्शनी में खरीददारी कर सकते है। उन्होंने बताया कि महोत्सव में विशेष बच्चो व मानसिक रूप से अक्षम महिलाओं की संस्थाओं के लिए डोनेशन कैंप भी लगाए जाएंगे। जिसमे दानी सज्जन किसी भी तरह की मदद इन विशेष बच्चो व अक्षम महिलाओ की कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जे एन वी के बच्चो द्वारा आर्ट एग्जीवेशन तथा कृषि व होल्टिकल्चर विभाग द्वारा भी अपनी प्रदर्शनियां इस महोत्सव में लगाई जाएगी, जिसका लोग लाभ उठा पाएंगे। तन्मय कंवर ने बताया कि इस महोत्सव में सीपीएस संजय अवस्थी मुख्यातिथि के तौर पर मौजूद होंगे जो प्रदर्शनियों के अवलोकन के साथ विजेता व उपविजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में शुक्रवार को कारगिल दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि निकटवर्ती लोअर सुनहेत के शहीद सुरजीत सिंह डढवाल के पिता हुकम सिंह उपस्थित रहे व वशिष्ठ तिथि के रूप में निकटवर्ती गांव मसोट के सेवानिवृत कर्नल मस्तान सिंह ने इस कार्यक्रम में शिरकत की। वेदव्यास परिसर के सभागार में हुए कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत कर्नल मस्तान सिंह ने 1997 को कारगिल में हुए युद्ध के बारे में विस्तार पूर्वक बताया, उन्होंने बताया कि कैसे-कैसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान सेना द्वारा अपने कब्जे में लिए कारगिल के कुछ इलाकों को कैसे अपने कब्जे में लेकर जीत का झंडा फहराया था। उस समय देश के 500 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे। इस अवसर पर परिसर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर शीशराम ने भी अपने विचार रखे। मूलत राजस्थान के रहने वाले प्रोफेसर शीशराम ने बताया कि देशभर में सबसे ज्यादा भारतीय सेना के जवान राजस्थान के झुनझुनू जिला के हैं व दूसरे नंबर पर हिमाचल के कांगड़ा जिला के हैं । इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व वशिष्ठ अतिथि को परिसर प्रशासन द्वारा शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के अंत में वेदांत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मंजूनाथ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। वहीं इस मौके पर परिसर की एनएसएस यूनिट व पर्यावरण कमेटी ने कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया व संयोजक कवि पंकज की उपस्थिति में पौधारोपण भी किया। इसके अंतर्गत परिसर के इर्द गिर्द कई फलदार व औषधीय पौधे रोपे गए। इस अवसर पर परिसर के समस्त शिक्षक,कर्मचारी व छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
जयसिंहपुर : आज कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर सैनिक भवन लोअर खैरा में पूर्व विधायक रविंद्र धीमान व पूर्व सैनिकों के द्वारा शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रविंद्र धीमान ने इस अवसर पर कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के वीर जवानों की बहादुरी, शौर्य और पराक्रम को याद करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि यह दिवस असंख्य वीरों के सर्वोच्च बलिदान एवं साहस से प्राप्त कारगिल विजय की स्मृति दिलवाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को पूरे विश्व में अपनी बहादुरी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति कैप्टन कृष्ण जिन्होंने कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया था उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए विस्तार में सारी बातें सभी से सांझा की। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति कर्नल डी. सी. राणा, सेवानिवृत्ति कर्नल करतार चन्द, अशोक कटोच, भाजपा मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र राणा, शिवा कटोच सहित वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा पूर्व सैनिक इस अवसर पर उपस्थित थे।
सिरमौर: जिला के उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह से अरट व शिवपुर होकर नौहराधार जाने वाली सड़क पर मौजूद दलदल में फंसी HRTC की लोदियाघाटी-नाहन बस को ड्राइवर ने आज सवारियों से धक्का लगवाकर बड़ी मुश्किल से निकला। स्थानीय लोगों व संबंधित विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार लजवा गांव के समीप उक्त स्थान पर लोगों ने अपने भवन निर्माण का मलवा अथवा मिट्टी फैंकी थी, जो बारिश के बाद दलदल में तब्दील हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार छोटी गाड़ियों व दो पहिया वाहन को यहां से निकालना बस अथवा बड़ी गाड़ियों से ज्यादा मुश्किल है। गौरतलब है कि, हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र रेणुका जी अथवा लोकनिर्माण डिवीज़न संगड़ाह अब तक नेशनल हाईवे तो दूर राज्य के हाईवे से भी नहीं जुड़ सका। क्षेत्र की अधिकतर सड़क की हालत ऐसी ही है और विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले यहां के नेताओं ने आज तक सड़कों का मुद्दा प्रभावशाली ढंग से विधानसभा अथवा सरकार के समक्ष नहीं उठाया।
हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों को लेकर शिमला में अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ (त्रिलोक गुट) की एक बैठक प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। संगठन के अनुसार इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिला व विभागीय कर्मचारी संगठनों के लगभग 280 प्रतिनिधियों ने भाग लिया l बैठक में सभी जिला व विभागीय संगठनों के अध्यक्षों व महासचिवों ने कर्मचारियों के मुद्दों पर अपने सुझाव व विचार व्यक्त किये l बैठक में कर्मचारियों के विभिन्न मसले जैसे, संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन शीघ्र कराने, संशोधित वेतनमान 2016 की लंबित देनदारियों का शीघ्र निपटारा करने, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों का निपटारा करने जैसी मांगों पर चर्चा की गई। इस मौके पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने बताया कि विभागों में कर्मचारियों के काफ़ी रिक्त पद चल रहे हैं। कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय लाभ नही मिल रहे है। जेसीसी की बैठक सरकार बुला नही रही है। उनकी मांग हैं की सरकार जल्द जेसीसी की बैठक आयोजित कर कर्मचारियों की मांगो को पूरा करे। अन्यथा कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली डीएलएड (सीईटी) तथा सभी विषयों की अध्यापक पात्रता परीक्षाओं के आवेदन शुल्क में बढ़ौतरी की है। अब परीक्षार्थियों को इन दोनों ही परीक्षाओं में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय पहले के मुकाबले अधिक शुल्क देना पड़ेगा। बोर्ड ने दोनों ही परीक्षाओं के आवेदन शुल्क को दोगुना कर दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मानें तो प्रदेश के नजदीकी राज्यों के बोर्डों एवं संस्थानों तथा देश के अन्य बोर्डों आदि द्वारा निर्धारित शुल्कों की तुलना करने के उपरांत करीब 11 वर्ष पूर्व निर्धारित आवेदन शुल्कों को पुन: निर्धारित किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड अधिनियम 1968 की धारा 19 (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली डीएलएड (सीईटी) तथा सभी विषयों की टैट परीक्षाओं के शुल्क को पुन: निर्धारित करने के सहर्ष आदेश प्रदान किए हैं। विदित रहे कि बोर्ड द्वारा साल में 2 बार अध्यापक पात्रता परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है, जबकि एक बार डीएलएड (सीईटी) परीक्षा करवाई जाती है। इस तरह रहेगा ऑनलाइन आवेदन शुल्क अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान सामान्य कैटेगरी के अभ्यर्थियों को जहां पहले 800 रुपए शुल्क देना पड़ता था, अब उन्हें 1600 रुपए देना पड़ेगा। वहीं ओबीसी, एससी, एसटी एंड पीएचएच (दिव्यांग) अभ्यर्थियों को पहले आवेदन के लिए 500 रुपए देने पड़ते थे, अब उन्हें 1000 रुपए देने पड़ेंगे। वहीं विलंब शुल्क पहले जहां 300 रुपए था, अब 600 रुपए रहेगा। इसी तरह डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पहले सामान्य कैटेगरी के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान 600 रुपए देने पड़ते थे, अब उन्हें 1200 रुपए देने पड़ेेंगे। इसी तरह ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आवेदन करने के दौरान पहले जहां 400 रुपए लगते थे, अब उन्हें ऑनलाइन आवेदन शुल्क 800 रुपए देना पड़ेगा। वहीं विलंब शुल्क पहले जहां 300 रुपए था, उसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है।
कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि पुरूष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई, 2024 को तीन परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला शिमला, सोलन, सिरमौर व किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी, जिला मंडी और जिला कांगड़ा, चंबा व ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि अभ्यर्थी निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट admis.hp.nic.in/hpprisons से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉचिज़, वायरलेस डिवाइसिज, ब्लूटुथ डिवाइसिज, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स तथा बैग इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
सिरमौर जिला के पच्छाद (सराहां) उपमंडल में एस.डी.एम रहे डॉ संजीव धीमान अब पी.जी.ई.आई चंडीगढ़ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होंगे। उनके सराहनीय कार्यों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ धीमान ने बताया कि सराहां से उनका तबादला पी. जी .आई चंडीगढ़ में बतौर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के लिए हुआ है। उन्होंने यहां पदभार संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि यहां काम करना अपने आप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है इसे वे ईमानदारी और तत्परता के साथ निभाएंगे।
बद्दी, 26 जुलाई, 2024, जिला सोलन स्थित आईईसी विश्वविद्यालय में कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की याद में 'कारगिल विजय दिवस' उत्साह के साथ मनाया गया। इस साल कारगिल युद्ध की 25वीं वर्षगांठ पर देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की कुर्बानियों को याद किया और शहीद वीरों को श्रद्धांजलि दी। इस दिन को छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया और विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर एक समारोह भी आयोजित। इस अवसर पर आईईसी यूनिवर्सिटी की सीनियर मैनेजमेंट ने कहा कि, 'कारगिल विजय दिवस पर, हम देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी।इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की एनएसएस यूनिट ने कहा किया और छात्रों को इस कार्यक्रम के माध्यम से बताया कि हमारे देश की सेना की बहादुरी और बलिदान को याद करने के लिए यह दिन कितना महत्वपूर्ण है।
हिमाचल प्रदेश के मनाली में हाल ही में एक भीषण सड़क दुर्घटना घटित हुई है। इस दुर्घटना में यात्रियों की एक बस ब्यास नदी के किनारे गिर गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना उस समय हुई जब बस मनाली से पठानकोट की ओर जा रही थी। बस में कुल 12 यात्री सवार थे। हादसे के दौरान, बस सड़क से फिसलकर ब्यास नदी के किनारे जा गिरी। इस दुर्घटना में आठ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी की मृत्यु की सूचना नहीं है, लेकिन एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है। घायल यात्रियों के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और लोग घायल यात्रियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
**दसौरा माजरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए पांच लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा दून: उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने आज दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भटोली कलां में राजकीय प्राथमिक पाठशाला दसौरा माजरा के भवन नवीनीकरण उद्घाटन करने के उपरांत उपस्थितजनों को सम्बोधित कटे हुए कहा कि बच्चों को गुणात्मक व रोज़गारन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश का उद्देश्य हैं। हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश के बच्चे संविधान की मूल भावना के अनुरूप एक स्वस्थ जीवन दृष्टि विकसित करें तथा मूलभूत साक्षरता तथा संख्या ज्ञान से लेकर कृत्रिम मेधा के प्रयोग तक हर कौशल में सर्वश्रेष्ठ बनें। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में यह स्कूल स्थापित कर बच्चों को घर-द्वार पर ही आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में क्लस्टर प्रणाली आरम्भ की गई है। इसके अंतर्गत स्मार्ट कक्षाएं बनाई जा रही है जिसमें ऑडियो-विजुअल टीचिंग ऐड, लर्निंग सॉफ्टवेयर, बैठने की उचित व्यवस्था, खेल मैदान, स्वच्छ शौचालयों जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पाठशाला भवन के नवीनीकरण पर सन फार्मा द्वारा सामुदायिक सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत लगभग 12 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय को आठवीं तक स्तरोन्नत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने स्कूल के प्रांगण में पौधारोपण किया और सभी लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आग्रह भी किया। हर्षवर्द्धन चौहान ने दसौरा माजरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 05 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी ने इस अवसर पर भी उपस्थितजनों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, दून विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुलतार सिंह, ग्राम पंचायत भटोली कलां के उप प्रधान बिल्लू खान, बीबीएनडीए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोनाक्षी सिंह तोमर, उपमण्डलाधिकारी (ना.) नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, पुलिस उपाधीक्षक बद्दी खजाना राम, सन फार्मा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ए.एच. खान, प्लांट हैड अमित कुमार सहित अन्य गणमान्य एवं विद्यार्थी व अध्यापक उपस्थित थे।
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी नगर निगम एवं उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में उन शहरी निकायों की मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (स्पेशल रिविजन) किया गया है जहां शीघ्र ही चुनाव होने वाले है। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित मतदाता नगर निगम व नगर पंचायत तथा उपमण्डलाधिकारी (ना.) कार्यालय में अपना नाम मतदाता सूची में जांच सकता है। राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। डॉ. पूनम बसंल ने कहा कि मतदाता विधानसभा व लोकसभा चुनावों के वोटर कार्ड के आधार पर नगर निगम व नगर पंचायत के वोट नहीं दे सकते हैं। मतदान करने के लिए मतदाता का नाम सम्बन्धित शहरी निकाय की मतदाता सूची में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता का नाम सम्बन्धित वार्ड में दर्ज नहीं है अथवा किसी व्यक्ति के मतदाता सूची में दर्ज होने पर आपत्ति है या नाम सम्बन्धित शुद्धि करवानी है तो फॉर्म 04 पर सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी (ना.) के पास आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह फॉर्म राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। डॉ. पूनम बसंल ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने, नाम स्थानांतरित करने, किसी के नाम पर आपत्ति या प्रविष्टि में शुद्धि के लिए नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि से 08 दिन पूर्व तक 50 रुपए का शुल्क देकर आवेदन किया जा सकता है।
जोगिंदर नगर: विधायक प्रकाश राणा ने 'कारगिल विजय दिवस' के अवसर पर शहीद नायक मेहर सिंह के स्मारक पर पहुंचकर कारगिल युद्ध के महानायक, मां भारती के वीर सपूत को श्रृद्धांजलि अर्पित की और शहीद नायक की धर्मपत्नी को समानित किया। साथ में इस युद्ध में खुद घायल हो कर,गोली लगने के बाद भी विजय फतह कर भारत का झंडा बुलंद करके आए कैप्टन विनोद कुमार को भी समनित किया। उन्होंने कहा कि हमारा झंडा हवा के चलने से नहीं फहराता, बल्कि यह हर उस सैनिक की आखिरी सांस से फहराता है, जो इसकी रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं। मातृभूमि पर जान न्योछावर करने वाले अमर बलिदानी जवानों को शत शत नमन!
हिमाचल देवभूमि ही नहीं वीर भूमि भी है। हिमाचल के वीर सपूतों ने जब-जब भी जरूरत पड़ी देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। बात चाहे सीमाओं की सुरक्षा की हो या फिर आतंकवादियों को ढेर करने की, देवभूमि के रणबांकुरे अग्रिम पंक्ति में रहे। सेना के पहले परमवीर चक्र विजेता हिमाचल से ही सम्बन्ध रखते है। कांगड़ा जिला के मेजर सोमनाथ शर्मा ने पहला परमवीर चक्र मेडल हासिल कर हिमाचली साहस से दुनिया का परिचय करवाया था। मेजर सोमनाथ ही नहीं, पालमपुर के कैप्टन विक्रम बत्रा, धर्मशाला के लेफ्टिनेंट कर्नल डीएस थापा और बिलासपुर के राइफलमैन संजय कुमार समेत प्रदेश के चार वीरों ने परमवीर चक्र हासिल कर हिमाचलियों के अदम्य साहस का परिचय दिया है। देश में अब तक दिए गए कुल 21 परमवीर चक्रों में से सबसे अधिक, चार परमवीर चक्र हिमाचल प्रदेश के नाम हैं। 1. मेजर सोमनाथ शर्मा भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी-कमांडर मेजर सोमनाथ शर्मा ने 1947 में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत उनकी वीरता के लिए परमवीर चक्र से नवाजा गया। परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा का जन्म 31 जनवरी 1923 को कांगड़ा जिले में हुआ था। मेजर शर्मा मात्र 24 साल की उम्र में तीन नवंबर 1947 को पाकिस्तानी घुसपैठियों को बेदखल करते समय शहीद हो गए थे। युद्ध के दौरान जब वह एक साथी जवान की बंदूक में गोली भरने में मदद कर रहे थे तभी एक मोर्टार का गोला आकर गिरा। विस्फोट में उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। मेजर शर्मा सदैव अपनी पैंट की जेब में गीता रखते थे। जेब में रखी गीता और उनकी बंदूक के खोल से उनके पार्थिव शरीर की पहचान की गई थी। 2. कैप्टेन विक्रम बत्रा विक्रम बत्रा भारतीय सेना के वो ऑफिसर थे, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की। इसके बाद उन्हें भारत के वीरता सम्मान परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया। ये वो जाबाज़ जवान है जिसने शहीद होने से पहले अपने बहुत से साथियों को बचाया और जिसके बारे में खुद इंडियन आर्मी चीफ ने कहा था कि अगर वो जिंदा वापस आता, तो इंडियन आर्मी का हेड बन गया होता। परमवीर चक्र पाने वाले विक्रम बत्रा आखिरी हैं। 7 जुलाई 1999 को उनकी मौत एक जख्मी ऑफिसर को बचाते हुए हुई थी। इस ऑफिसर को बचाते हुए कैप्टन ने कहा था, ‘तुम हट जाओ. तुम्हारे बीवी-बच्चे हैं’। 3. मेजर धनसिंह थापा मेजर धनसिंह थापा परमवीर चक्र से सम्मानित नेपाली मूल के भारतीय सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान वर्ष 1962 मे मिला। वे अगस्त 1949में भारतीय सेना की आठवीं गोरखा राइफल्स में अधिकारी के रूप में शामिल हुए थे। भारत द्वारा अधिकृत विवादित क्षेत्र में बढ़ते चीनी घुसपैठ के जवाब में भारत सरकार ने "फॉरवर्ड पॉलिसी" को लागू किया। योजना यह थी कि चीन के सामने कई छोटी-छोटी पोस्टों की स्थापना की जाए। पांगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर 8 गोरखा राइफल्स की प्रथम बटालियन द्वारा स्थापित एक पोस्ट थी जो मेजर धन सिंह थापा की कमान में थी। जल्द ही यह पोस्ट चीनी सेनाओं द्वारा घेर ली गई। मेजर थापा और उनके सैनिकों ने इस पोस्ट पर होने वाले तीन आक्रमणों को असफल कर दिया। थापा सहित बचे लोगों को युद्ध के कैदियों के रूप में कैद कर लिया गया था। अपने महान कृत्यों और अपने सैनिकों को युद्ध के दौरान प्रेरित करने के उनके प्रयासों के कारण उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। 4. राइफल मैन संजय कुमार परमवीर राइफलमैन संजय कुमार, वो जांबाज सिपाही है जिन्होंने कारगिल वॉर के दौरान अदम्य शौर्य का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को उसी के हथियार से धूल चटाई थी। लहूलुहान होने के बावजूद संजय कुमार तब तक दुश्मन से जूझते रहे थे, जब तक प्वाइंट फ्लैट टॉप दुश्मन से पूरी तरह खाली नहीं हो गया। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से भारतीय सेना में भर्ती हुए सूबेदार संजय कुमार की शौर्यगाथा प्रेरणादायक है। 4 जुलाई 1999 को राइफल मैन संजय कुमार जब चौकी नंबर 4875 पर हमले के लिए आगे बढ़े तो एक जगह से दुश्मन ऑटोमेटिक गन ने जबरदस्त गोलीबारी शुरू कर दी और टुकड़ी का आगे बढ़ना कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में गंभीरता को देखते हुए राइफल मैन संजय कुमार ने तय किया कि उस ठिकाने को अचानक हमले से खामोश करा दिया जाए। इस इरादे से संजय ने यकायक उस जगह हमला करके आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानियों को मार गिराया। अचानक हुए हमले से दुश्मन बौखला कर भाग खड़ा हुआ और इस भगदड़ में दुश्मन अपनी यूनिवर्सल मशीनगन भी छोड़ गए। संजय कुमार ने वो गन भी हथियाई और उससे दुश्मन का ही सफाया शुरू कर दिया।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता मे राज्य सचिवालय में हुई। बैठक में आज निर्णय लिया गया कि अब शराब के ठेके में शराब विक्रेता शराब के निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसे नही वसूल पाएंगे। क्योंकि अगर कोई ऐसा करता है तो उस व्यक्ति पर सीधा एक लाख का जुर्माना लगेगा। यह निर्णय आज केबिनेट की बैठक में लिया गया है। जानकारी देते हुए इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि शराब के ठेकों से ये शिकायते आ रही थी कि दुकानदार तय दरों से ज्यादा रेट पर शराब बेचते है। इसे देखते हुए कैबिनेट ने ज्यादा रेट वसूली पर पेनल्टी का प्रावधान किया है। पहली बार अधिक रेट पर बेचते हुए पकड़े जाने पर 15 हजार रुपए, दूसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार, तीसरी बार 50 हजार और चौथी बार सीधी एक लाख रुपए पैनल्टी लगने वाली है। और अगर इसके बाद भी कोई महंगी शराब बेचते हुआ पकड़ा गय तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (सी.एस.यू.) नई दिल्ली के तत्वाधान में हिमाचल के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर की एन एस एस (राष्ट्रीय सेवा योजना) इकाई की वार्षिक बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। जिसमें एन. एस. एस.यूनिट वेदव्यास परिसर के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया व संयोजक कवि पंकज विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में इस वर्ष हेतु एन. एस. एस. की परिसरीय कई गतिविधियों को लेकर निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार इस वर्ष कुल 200 एन. एस. एस. स्वयंसेवियों में से 50 एस सी व 11 एस टी और 139 अन्य वर्गों से स्वयंसेवी छात्र छात्राएं को वेदव्यास परिसर की एन. एस. एस. यूनिट में रखा जाएगा।वहीं निर्णय लिया गया कि इस वर्ष परिसर से कम से कम 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित किसी भी इलाके में स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।वहीं बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही 8000 रुपए के नए उपकरण भी एन. एस. एस. यूनिट की तरफ से खरीदे जाएंगे। वहीं कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया ने बताया कि इस वर्ष परिसर की एन. एस. एस. टीम में शामिल होने के लिए कल यानी 26 जुलाई से गूगल फॉर्म के माध्यम से सभी छात्र - छात्राओं को लिंक भेज दिया जाएगा, जिसके तहत इच्छुक छात्र छात्राएं आगामी 15 अगस्त तक इस फॉर्म को भर कर जमा करवा सकते हैं। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर की एन. एस. एस. यूनिट के संयोजक कवि पंकज कुमार व कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया सहित सदस्य डॉ. मनीष कुमार, डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. राजन मिश्र, डॉ. संतोष गोडरा व प्रमोद कुमार भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू वन क्षेत्र की भूमि पर किए अवैध कब्जे से जुड़े एक मामले का निपटारा करते हुए वन भूमि को तुरंत खाली करने के आदेश जारी किए है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि मंडलीय आयुक्त व कलेक्टर-सह-मंडलीय वन अधिकारी, आनी वन मंडल, लुहरी, जिला कुल्लू के आदेशों से प्रार्थी द्वारा सरकारी वन भूमि पर किए अवैध कब्जे की पुष्टि हो गई है। इसलिए संबंधित तहसीलदार, राजस्व अधिकारियों, डीएफओ सहित अन्य वन अधिकारियों को सरकारी वन भूमि की स्थायी सीमा तय करने के बाद प्रार्थी द्वारा कब्जाई तमाम वन भूमि का कब्जा वापस लेने के निर्देश दिए गए है। कोर्ट ने उक्त अधिकारियों को इस बाबत 31 अगस्त 2024 तक का समय दिया है। कोर्ट ने मौके से कब्जा वापस लेने के संबंध में अनुपालना शपथ पत्र संबंधित प्रभागीय वन अधिकारी द्वारा दाखिल करने के आदेश भी जारी किए है। संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह अगर उक्त भूमि के सीमांकन के दौरान अन्य अतिक्रमणों को मौके पर पाते है तो उन्हें भी समयबद्ध तरीके से वन भूमि से कानून के दायर में रहकर उचित कार्रवाई करके छः माह में हटा दें। कब्जाई वन भूमि पर यदि कोई निर्माण किया गया है तो वह हिमाचल प्रदेश सरकार या वन विभाग में निहित होगा और उसका राज्य सरकार या वन विभाग द्वारा उपयोग किया जाएगा। कोर्ट ने प्रार्थी को छूट दी है कि यदि वह निर्माण से जुड़ी सामग्री उक्त वन भूमि से खुद ही हटाकर ले जाना चाहे तो वह 30 अक्टूबर 2024 से पहले यह कार्य कर सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त निर्देशों की अनुपालना में किसी भी लापरवाही या ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ परिणामी प्रतिकूल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कोर्ट ने संपूर्ण कार्यवाही की वीडियोग्राफी करने और वीडियोग्राफी की प्रति शपथ पत्र के साथ रिकॉर्ड पर रखने के आदेश भी दिए। महाधिवक्ता को समय पर अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए इन आदेशों को हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के ध्यान में लाने का निर्देश दिया गया है। मामले को अनुपालना के लिए 23 सितंबर को सूचीबद्ध किया गया है। प्रार्थी के खुद के दावे के अनुसार वह सरकारी वन भूमि का उपयोग पिछले 20-25 वर्षों से फलदार पेड़ उगाने के लिए कर रहा है। राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में भूमि का सीमांकन किया गया था, लेकिन प्रार्थी के अनुसार, वह सीमांकन के समय उपस्थित नहीं था। लेकिन उसने लिखित में दिया था कि उसकी उपस्थिति में भूमि के सीमांकन पर यदि कोई सरकारी भूमि उनके कब्जे में पाई जाती है, तो वह उसे खाली करने के लिए तैयार है।


















































