हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बीती रात से बादल झमाझम बरस रहे है । मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार दौरान मानसून की गतिविधि की तीव्रता और वितरण में वृद्धि होने की संभावना है। इस दौरान ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 8 जुलाई से वर्षा की गतिविधि में कमी आने की संभावना है। इस अवधि के दौरान औसत न्यूनतम व अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। आज भी प्रदेश के कई भागों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में भी मौसम खराब बना हुआ है। राज्य में 11 जुलाई तक मौसम खराब रहने के आसार हैं।भारी बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन से शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 77 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। सबसे अधिक सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। वहीं राज्य में 236 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं। इसके अतिरिक्त 19 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप चल रही हैं।
**उपचुनाव में भाजपा की जीत के बाद हिमाचल की राजनीति में भूचाल तय **डेढ़ साल से सिर्फ़ आश्वासन दिये जा रही है सुक्खू सरकार, कब होंगे काम **जनसभा में मुख्यमंत्री के सामने ही लोग कह रहे हैं 1500 नहीं मिले हमीरपुर : विधानसभा उपचुनाव में हमीरपुर के भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा के समर्थन में आयोजित जनसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने डेढ़ सालों में झूठ बोलने का रिकॉर्ड बनाया है। सरकार सिर्फ़ झूठ पर झूठ बोले जा रही है। डेढ़ साल से सरकार सिर्फ़ आश्वासन दिए जा रही है। इस सरकार के पास बताने के लिए एक काम नहीं हैं, जिसके दम पर वोट माँग सके। नालागढ़ में जाएंगे तोड़ कहेंगे देहरा में मिल गई सम्मान निधि, देहरा जाएँगे तो कहेंगे हमीरपुर में मिल गई सम्मान निधि। आज तो देहरा के लोगों ने मंच पर मुख्यमंत्री के सामने ज़ोरदार आवाज़ में कहा कि उन्हें कोई सम्मान निधि नहीं मिली है। किस तरह के झूठ से सरकार कितने दिन बची रहेगी। अब बहत हो गया प्रदेश के लोग सरकार के झूठ का काम तमाम करने के लिए बैठे हैं। इस उपचुनाव में जनता ही सुक्खू सरकार का फॉर्म भरने वाली है। जयराम ठाकुर ने कहा कि चारों लोक सभा सीटों की तरह इस बार के उपचुनाव भी भाजपा जीतेगी। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के जीतते ही प्रदेश की राजनीति में भूचाल आना तय है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार ज़्यादा दिन की मेहमान नहीं है। प्रदेश में सरकार की तानाशाही का दौर बीतने वाला है। अब प्रदेश के लोग कांग्रेस सरकार की जोर-ज़बरदस्ती के ख़िलाफ़ अवाम उठा रहे हैं, एक जुट हो रहे हैं। इस उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को मिल रहा समर्थन इस बात की गवाही दे रहा है कि कांग्रेस सरकार को प्रदेश के लोगों ने पूरी तरह से नकार दिया है। लोकसभा चुनाव में मंत्री तो मंत्री मुख्यमंत्री भी अपना हलका नहीं बचा पाए। इस बार भी यही हाल होगा, सभा भाजपा प्रत्याशी रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर हैं और क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। सरकार के संरक्षण में माफिया पैर पसार है। आये दिन घोटाले सामने आ रहे हैं। घोटालों की फ़ेहरिस्त बढ़ने वाली है। प्रदेश का सारा तंत्र भाजपा के नेताओं और प्रत्याशियों के ख़िलाफ़ लगा दिया गया है। सरकार व्यवस्था सुधारने के बजाय भाजपा के नेताओं के घर गिराने, डंगे गिराने, रास्ता बंद करने, बिज़नेस बंद करने, गाड़ियाँ बंद करने, झूठे मुक़दमों में फ़सानें में व्यस्त है। अब तानाशाही का यह दौर बस ख़त्म होने वाला है। नेता प्रतिपक्ष ने हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के सासन, धनेड़, बलोह, डीडवीं टिक्कर में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। इस मौक़े पर उनके साथ विधायक रणधीर शर्मा, त्रिलोक जंवाल, दिलीप ठाकुर, इन्द्र दत्त लखनपाल और हमीरपुर कि पूर्व विधायक नरेंद्र ठाकुर समेत स्थानीय पदाधिकारी और हज़ारों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
** कृषि तथा शिक्षा क्षेत्र में ऋण देने की प्राथमिकता तय करें ** किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना भी करें सुनिश्चित उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सभी बैंकर्स से जमा-ऋण अनुपात में बढ़ाने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके साथ ही सभी बैंक अधिकारियों को शिक्षा तथा कृषि ऋण बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस बाबत वीरवार को डीआरडीए के सभागार में अग्रणी बैक द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समिति की अध्यक्षता करते हुए जिले में कार्यरत सभी बैंकों द्वारा क्रियान्वित की जा रही सरकार की गरीबी उन्मूलन योजनाओं के अन्तर्गत हुई प्रगति तथा वार्षिक ऋण योजना 2023 -24 के के लक्ष्यों तथा उपलब्धियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने समीक्षा करते हुए कहा कि जिला काँगड़ा के ऋण वितरण में बैंकों का वार्षिक ऋण योजना 2023 का लक्ष्य 6898 करोड़ रुपये था, जिसे मार्च तिमाही के अंत तक बैंकों ने 6916 करोड़ रुपये के ऋण वितरण करके 100.26 प्रतिशत की दर से अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की है। जिले में वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में बैंकों ने 68.50 प्रतिशत की दर से तथा गैर प्राथमिकता क्षेत्र में 359.24 प्रतिशत की दर से लक्ष्यों की प्राप्ति की है। उन्होने बैंको से आशा जताई कि वे जिले के आर्थिक विकास में अपने दायित्वों को समझते हुए ज्यादा से ज्यादा ऋण प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को देंगे व लोगों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने में सहयोग करेंगे। इससे पहले मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक तिलक राज डोगरा ने बताया कि जिले में वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक कृषि क्षेत्र में 1364 करोड़ रुपये, सूक्ष्म मध्यम व लघु उद्यमों में 2549.73 करोड़ रुपये तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्र में 290.73 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए है। जिले के बैंको ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत लगातार वृद्धि दर्ज की है तथा वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक कुल 93290 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं। उन्होने आगे बताया कि जिला में कार्यरत सभी बैंक शाखाओ को इस आशय के निर्देश भेजे जा चुके हैं कि वे शेष बचे किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 5 जुलाई, 2024 को अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 5 जुलाई, 2024 को प्रातः 11.15 बजे उपमण्डलाधिकारी अर्की के कार्यालय में अर्की विधानसभा क्षेत्र के चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदोपरांत दोपहर 02.30 बजे ग्राम पंचायत जलाणा के राहु गांव में वन महोत्सव में भाग लेंगे।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग (एस.जी.एल.आर.) के कार्यान्वयन ज़िला के लिए खुले में शौच मुक्त प्लस मॉडल स्थिति प्राप्त करने के लिए पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला में स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए आयोजित प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग पहल शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पर्यटन उद्योग में स्वच्छता मानकों को और बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि एस.जी.एल.आर. का उद्देश्य पर्यटन इकाइयों के संयुक्त प्रयासों से सौंदर्यकरण और स्वच्छता में सुधार करके पर्यटन स्थलों की प्रतिष्ठा में भी सुधार करना है। इसके अतिरिक्त, पर्यटन क्षेत्र में विश्वस्तरीय स्वच्छता और सफाई को बढ़ावा देना, जल निकायों में प्रदूषण की रोकथाम के साथ-साथ पर्यटन उद्योग में स्वच्छता मानकों को उन्नत करने के साथ पर्यावरण को स्वच्छ रखना भी एस.जी.एल.आर. का मूल उद्देश्य है। इसके अतिरिक्त एस.जी.एल.आर. का लक्ष्य स्वच्छता मानकों तक पहुंच बनाना भी है, जैसे कचरा प्रबंधन पद्धतियां, स्वच्छता, कूड़ेदानों की उपलब्धता और पर्यटन उद्योग में लागू की जा रही स्वच्छता और स्थिरता पर सार्वजनिक अभियान चलाना है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि पर्यटन और स्वच्छता के स्तर को बढ़ाने के लिए ज़िला के पांचों उपमंडल स्तर पर उपमण्डलाधिकारी की अध्यक्षता में एस.जी.एल.आर. समिति का गठन किया जाएगा। एस.जी.एल.आर. के तहत आतिथ्य क्षेत्र की इकाइयों को उनके प्रदर्शन के आधार पर एक से पांच के पैमाने पर रेटिंग दी जाएगी। उन्होंने ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण व पर्यटन विभाग को स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग बारे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी ओम प्रकाश ठाकुर ने बैठक का संचालन किया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, पुलिस उपाधीक्षक बद्दी खजाना राम सहित ज़िला के होटल व होमस्टे के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
**देहरा अब मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र, विकास का पैसा होशियार ने रिजॉर्ट बनाने में लगाया **ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देहरा में पार्टी प्रत्याशी के लिए किया धुआँधार प्रचार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को देहरा विधानसभा क्षेत्र के त्रिपल, दरकाटा, डोहग पलोटी, नौशहरा, पाईसा, सियोटी खुर्द, मयोली, बनखंडी, शेर लोहारा और घेड़ मानगढ़ में नुक्कड़ सभाएं की। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी और अपनी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर के लिए देहरा में धुआँधार प्रचार किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि देहरा की समस्याओं का समाधान अब मेरा दायित्व है क्योंकि देहरा अब मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण वह अभी कोई घोषणा नहीं करेंगे, लेकिन आने वाले समय में देहरा की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता आए दिन तरह तरह के बयान दे रहे हैं, जबकि यह उपचुनाव प्रदेश की जनता पर भाजपा ने ही थोपे हैं। निर्दलीय विधायकों और कांग्रेस के छह विधायकों ने भाजपा के साथ मिलकर चुनी हुई कांग्रेस सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा नेता बार-बार चार जून को हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा करते रहे, लेकिन पिछले उपचुनाव में प्रदेश की जनता ने बिकने वाले विधायकों को कड़ा सबक़ सिखाया है और विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी निर्दलीय विधायक ऐसे ही अपना विधायक पद नहीं छोड़ता। पैसे का गुरूर होशियार सिंह के सिर चढ़कर बोल रहा है। भाजपा के साथ हुई डील के चलते पूर्व विधायक होशियार सिंह ने इस्तीफ़ा दिया और डील की दूसरी किश्त प्राप्त करने के लिए इस्तीफ़ा मंज़ूर करने का दबाव बनाया। भारत के इतिहास में पहली बार कोई निर्दलीय विधायक अपना इस्तीफ़ा स्वीकार करने के लिए धरने पर बैठा और हाई कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाया। उन्होंने कहा कि दूसरी केस के धन पर सरकार की पूरी नज़र है। उन्होंने कहा कि बिके हुए विधायक पैसा लेकर वोट ख़रीदने के लिए आएंगे, जनता उनसे डबल धन ले लेकिन वोट कांग्रेस के पक्ष में ही डालें क्योंकि यह आपका ही पैसा है। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक के तौर पर अपना पद छोड़ने के बाद अब साढ़े तीन साल के लिए दोबारा विधायक बनने को वोट माँगने के लिए आ रहे हैं। धन के अहंकार में आकर उन्होंने अपना विधायक पद को छोड़ा है क्योंकि उन्हें लगता है कि देहरा की जनता मेरी जेब में है। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह को टिकट देने से भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ता भी नाराज़ हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एक विधायक को अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपए की धनराशि मिलती है और छह वर्षों में होशियार सिंह को 12 करोड़ रुपए मिले। लेकिन उन्होंने यह पैसा जनता के विकास पर न खर्च कर अपना रिज़ॉर्ट बनाने में लगाया। वह स्वयं कहते हैं कि उनका हर महीने का ख़र्चा 15 करोड़ है, अगर ऐसा है तो देहरा विधानसभा क्षेत्र अब तक पिछड़ा हुआ क्यों है। उन्होंने कहा कि देहरा की जनता अपने स्वाभिमान से कभी भी समझौता नहीं करेगी और राजनीतिक मंडी में बेचने वालों को सबक़ सिखाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिपुर में नए बस अड्डे को पूरा करने के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने धन उपलब्ध करवाया तथा क्षेत्र की अन्य समस्याओं का समाधान करने के लिए भी अन्य विकास परियोजनाओं को गति प्रदान की। होशियार सिंह के आरोपों को नकारते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अगर वर्तमान सरकार में उनके काम नहीं हो रहे थे तो वे भाजपा के साथ बैठ जाते लेकिन उप चुनाव का ख़र्च जनता पर थोपने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने पूछा कि ऐसा क्या हुआ कि 14 महीने में ही उन्हें अपना इस्तीफ़ा दे दिया और अब साढ़े तीन साल का विधायक बनने के लिए फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र की 1046 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि के अंतर्गत पंद्रह सौ रुपये की आर्थिक सहायता की तीसरी किस्त भी प्राप्त हो गई है तथा अब उन्हें 4500-4500 रुपए प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देहरा के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। देहरा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा एसई पीडब्ल्यूडी का कार्यालय खोला जा रहा है और यहाँ की समस्याओं का अगले साढ़े तीन वर्षों में समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार देहरा के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि देहरा के बनखंडी में 650 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का ज़ू बनाया जा रहा है जिसमें दो हज़ार स्थानीय लोगों को रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के 1 लाख 36 हज़ार सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की है, मनरेगा के दिहाड़ी 240 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये की गई है। विधवाओं को घर बनाने के लिए तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनके 27 वर्ष तक के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने का पूरा ख़र्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को राज्य सरकार 25 लाख तक का इलाज भी निशुल्क प्रदान कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए गाय का दूध 45 रुपए प्रति लीटर जबकि भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है। प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले गेहूं को राज्य सरकार 40 रुपए प्रति किलो तथा मक्की को 30 रुपए प्रति किलो की दर से ख़रीद रही है। साथ ही बेसहारा पशुओं के किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बाड़बंदी के लिए भी राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा से कोई भी मदद न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने पिछले साल आई आपदा में प्रभावित हुए 22 हजार परिवारों को फिर से बसाया है और उनके लिए मुआवज़ा राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। भाटी दरकाटा निवासी रिटायर्ड नायब तहसीलदार प्रेम लाल कौंडल तथा आईटीबीपी के रिटायर्ड इंस्पेक्टर भूमि सिंह ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आस्था व्यक्त करते हुए कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस का पटका पहनाकर उनका स्वागत किया और कहा कि पार्टी में उन्हें उचित मान-सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक संजय रत्न, विवेक शर्मा, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रघुबीर सिंह बाली, पूर्व विधायक अजय महाजन, प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश कामगार एवं सन्निर्माण कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, देहरा मंडल के कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पिंदर ठाकुर सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित किए जा रहे 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित, को समृद्ध और आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला द्वारा चिह्नित किया गया था, शिविर ने प्रश्नोत्तरी, व्याख्यान और व्यावहारिक शिक्षण सत्रों के मिश्रण के साथ युवा दिमागों को प्रेरित और शिक्षित करना जारी रखा। दिन की शुरुआत एक आकर्षक जीवविज्ञान और गणित प्रश्नोत्तरी के साथ हुई, जिसका संचालन स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल एंड एनवायर्नमेंटल साइंसेज में सहायक प्रोफेसर डॉ. धृति कपूर और शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. नीरज गंडोत्रा ने किया। प्रश्नोत्तरी के बाद, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर, पंजाब में प्रोफेसर और अनुसंधान निदेशक डॉ. रेनू भारद्वाज ने दिन का पहला व्याख्यान दिया। डॉ. भारद्वाज, 500 से अधिक प्रकाशनों, पांच पेटेंट, 15 प्रमुख अनुसंधान परियोजनाओं और 41 पीएच.डी. के साथ एक शोधकर्ता है । उनके मार्गदर्शन में छात्रों ने "फाइटोरेमीडिएशन: प्रकृति की हरित स्वच्छ प्रौद्योगिकी" विषय पर अपनी बात से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल प्रदूषण और नदी प्रदूषण जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में फाइटोरेमेडिएशन के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. भारद्वाज ने पारिस्थितिकी तंत्र को बाधित किए बिना प्रदूषकों से निपटने के लिए पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके व्याख्यान को खूब सराहा गया, छात्रों ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया। दूसरा व्याख्यान, "बीजगणित और क्रिप्टोग्राफी," प्रोफेसर आर.के. द्वारा प्रस्तुत किया गया था। शर्मा, कंसेंसिस ब्लॉकचेन चेयर प्रोफेसर और आईआईटी दिल्ली में गणित विभाग के पूर्व प्रमुख। प्रो. शर्मा ने क्रिप्टोग्राफी में बीजगणित के अनुप्रयोगों और सुरक्षित संचार और डेटा सुरक्षा में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। इस बौद्धिक रूप से प्रेरक व्याख्यान ने छात्रों को गणित और प्रौद्योगिकी के अत्याधुनिक अंतर्संबंधों से अवगत कराया। फार्मास्युटिकल साइंसेज संकाय के प्रोफेसर डॉ. रोहित गोयल के सत्र के दौरान व्यावहारिक सीखने के लिए समर्पित था। छात्रों ने सॉक्सलेट निष्कर्षण जैसी पादप औषधि निष्कर्षण तकनीकों, उच्च-प्रदर्शन तरल क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी) का उपयोग करके फाइटोकॉन्स्टिट्यूएंट्स की मात्रा निर्धारित करना, गोलियों के लिए विघटन और भुरभुरापन परीक्षण करना, काम्बर्ट पंचिंग मशीन का उपयोग करके गोलियां तैयार करना, ठोस खुराक रूपों के विघटन की दर का अध्ययन करना सहित प्रयोग किए। और अनुसंधान में प्रयुक्त जानवरों की सामान्य विशेषताओं का अवलोकन करना। इन व्यावहारिक अभ्यासों ने वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों के साथ सैद्धांतिक ज्ञान को मजबूत करते हुए, अमूल्य व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। शिविर में विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का भी अवसर मिला। इनमें डॉ. पीयूष सेवल के नेतृत्व में कंप्यूटर-एआई कक्षाएं, अमित कुमार द्वारा प्रबंधित एक विज्ञान वृत्तचित्र सत्र, विक्रांत चौहान द्वारा पर्यवेक्षण किए गए इनडोर खेल और डॉ. राधा द्वारा आयोजित योगानंद पुस्तकालय का दौरा शामिल था। इसके अतिरिक्त, फिल्म "12वीं फेल" की स्क्रीनिंग ने लचीलेपन और दृढ़ संकल्प पर एक प्रेरक कहानी प्रदान की।
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लि पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन उप इकाई कुनिहार की मासिक बैठक का आयोजन इकाई अध्यक्ष ई रत्तन तनवर की अध्यक्षता में कुनिहार के एक निजी होटल में किया गया। बैठक में एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष ई जे सी शर्मा विशेष रूप से उपस्थित हुए । बैठक का शुभारंभ करते हुए इकाई महासचिव आर एन कश्यप ने बोर्ड द्वारा एक महीने में किए गए विभिन्न आदेशों से सभा को अवगत करवाया । सभा अध्यक्ष ई रत्तन तनवर ने बोर्ड की निष्क्रियता पर सबकी ओर से अफसोस व्यक्त किया। उन्होंने बोर्ड से मांग की कि 1.1.2016 के बाद रिटायर्ड पेंशनर्स संशोधित वेतनमान में पे फिक्सेशन अविलंब की जाए, उनके ग्रेच्युटी - लीव एंकेशमेंट - कॉम्युटेशन का भुगतान जल्दी किया जाए । बीमार पेंशनर्स के मेडिकल बिलों का भुगतान, सभी पेंशनर्स के एरियर के भुगतान,1.7.2022 से 31.3.2024 तक के 4% डी आर के एरियर का भुगतान तथा देय 12% बकाया महंगाई भत्ते को जारी करने आदि के आदेश जल्द किए जाए। जो एरियर की एक किश्त जारी करने के आदेश चुनाव के दौरान किए थे उसका भुगतान पेंशनर्स को आज तक नहीं हो पाया है वह भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए । 1.1.2016 से पहले के पेंशनर्स की नोशनल पे फिक्सेशन में फैक्टर को एसोसिएशन के राज्य महासचिव के सुझाव अनुसार लगा कर पे फिक्सेशन संशोधित की जाए । इसके उपरांत ई जे सी शर्मा राज्य उपाध्यक्ष ने पेंशनरों को भविष्य की चुनौतियों से सावधान करते हुए कहा कि सभी को एकजुटता से रह कर उन चुनौतियों से लड़ने के लिए प्रतिक्षण तैयार रहने की आवश्यकता है। सरकार बिना लड़े कुछ भी देने को राजी नहीं है। इसलिए इसका एक ही सूत्र है हम सबकी एकता ।उन्होंने आशा व्यक्त की कि बोर्ड जल्द ही हमारी एसोसिएशन को बातचीत के लिए आमंत्रित करेगा और उस मीटिंग में सभी मांगों का हल निकल जाएगा, उन्होंने 1 जुलाई 2024 को चंबा में राज्य कार्यकारणी की बैठक में लिए गए निर्णयों से भी विस्तार पूर्वक सभी को अवगत करवाया। इस बैठक में कुनिहार के अलावा अन्य दूर-दूर क्षेत्रो से लगभग 60 पेंशनरों ने पहुंच कर बैठक में भाग लिया।
छावनियों के सिविल क्षेत्रों को स्थानीय निकायों में मिलाने को लेकर रक्षा मंत्रालय ने नई शर्त तय की है। मंत्रालय छावनियों से सिविल क्षेत्रों को बाहर करने को तैयार है, लेकिन इसमें राज्य सरकारों को छावनियों की सभी देनदारियां भी लेनी होंगी। तभी छावनियों से सिविल क्षेत्र बाहर होंगे। मंत्रालय की संपदा शाखा ने शहरी विकास (यूडी) सचिवों को नई शर्त से संबंधित पत्र भेज दिए हैं। छावनियों में पुरानी और लीज पर दी गई सभी संपत्तियां भी राज्य सरकार को मिलेंगी। मंत्रालय सिविल क्षेत्रों को निशुल्क बाहर करने को भी तैयार है। छावनी से सिविल क्षेत्र बाहर आने के बाद इसमें टैक्स लगाना, सुविधाएं देना राज्य सरकार का निर्णय होगा। हालांकि इसमें यह भी तय किया है कि जो क्षेत्र सेना के लिए जरूरी हैं, उन्हें बाहर करने पर दोबारा विचार होगा, चाहे वह कृषि भूमि ही क्यों न हो। बीते दिन हुई छावनियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। रक्षा मंत्रालय की संपदा शाखा के दक्षिण कमान के उप निदेशक हेमंत यादव ने फिलहाल देश की 13 छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजे हैं। संपदा शाखा ने यह पत्र देश की 13 छावनी अधिकारियों को भेजे हैं। इनमें सैन्य स्टेशन भी हैं। इनमें महाराष्ट्र में अहमदनगर, कामठी, औरंगाबाद, खड़की, पुणे व मध्य प्रदेश में मोरार, सागर, राजस्थान में अजमेर, नसीराबाद, केरल में कन्नूर देवलाली, उत्तर प्रदेश में बबीना, कर्नाटक में बेलगाम व तेलंगाना में सिकंदराबाद शामिल है। रक्षा मंत्रालय से आई शर्तों के बाद राज्य सरकारों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें जल्द शहरी विकास विभाग के सचिव संबंधित छावनियों के उपायुक्तों के साथ बैठक कर दोबारा रिपोर्ट बनाई जाएगी। आचार संहिता से पहले संबंधित उपायुक्त इसकी एक रिपोर्ट सौंप चुके हैं। रक्षा मंत्रालय से नए निर्देश जारी हुए हैं। दोबारा रिपोर्ट तैयार कर सरकार के माध्यम से रक्षा मंत्रालय की संपदा शाखा को भेजेंगे। हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले में बकलोह और डलहौजी, सोलन में सपाटू, कसोल, डगशाई और शिमला में जतोग छावनी क्षेत्र हैं।
करसोग: मंडी जिले में बारिश ने पिछले साल की तरह इस बार भी अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। करसोग के तलेहन में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से फ्लैश फ्लड जैसे हालात पैदा हो गए, जिसके कारण तलेहन में एचआरटीसी की बसें मलबे में दब गई हैं। वहीं, बसों के साथ अन्य गाड़ियां भी मलबे में फंसी हुई हैं। जानकारी के अनुसार रात्रि ठहराव के लिए तलेहन में सड़क किनारे एचआरटीसी की बसों को पार्क किया गया था। बस के ड्राइवर गुरदेव शर्मा ने बताया कि सुबह 4 बजे के करीब उन्हें पहाड़ी से एकाएक भारी मात्रा में पानी व पत्थर गिरने के आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही वे थोड़ी देर बाद जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि भारी मात्रा में मलबा आने के कारण उनकी बसें व अन्य गाड़ियां मलबे में फंस गई हैं। एचआरटीसी की ये बसें तलेहन से शिमला व ततापानी रुट पर चलती हैं। करसोग में रात्रि दो बजे से लगातार बारिश हो रही थी और सुबह 4 बजे के करीब पहाड़ी से यह मलबा आया है। एचआरटीसी की इन बसों सहित कार व जीप भी मलबे में फंसे हुई हैं। सड़क किनारे जिस जगह यह गाड़ियां पार्क की गई थीं, वहां से सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। वहीं, एमआर करसोग उमेश कुमार ने बताया कि बसों को निकालने के लिए विभाग की मशीनरी मौके पर रवाना हो गई है। बसों के टायर ही मलबे में फंसे हुए हैं, जिससे बसों को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा है। हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री अपने साथ तबाही लेकर आई है। पिछले साल की तरह इस साल भी मंडी में बारिश राहत से ज्यादा मुसीबत बन गई है। भारी बारिश के कहर के चलते मंडी जिले में 107 सड़कें बाधित हैं। वहीं, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर सड़क जगह-जगह धंस गई है, डंगे ढह गए हैं, जिससे हाईवे बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। सराज में भी बीते रोज बरसाती नाले से आए मलबे में एक गाड़ी और बाइक फस गए थे, कई घरों को नुकसान पहुंचा था। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 1 सप्ताह तक प्रदेश में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआती बारिश के साथ ही तबाही की दस्तक होने लगी है। पिछले हफ्ते हल्की फुहारों के साथ आए मानसून के बाद प्रदेशभर में नदी नाले उफान पर हैं। उधर मौसम विभाग की ओर से चार दिन भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। प्रदेश में पहली बरसात के बाद ही आम जनजीवन पर असर पड़ा है। कई सड़कें बंद हैं तो कई जगह बिजली-पानी की किल्लत शुरू हो गई है। शुरूआती बारिश के बाद हिमाचल प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के आंकड़े सामने आए हैं। मानसून की पहली बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में दिख रहा है। प्रदेशभर में कुल 115 सड़कें बंद हैं। इनमें से मंडी जिले में 107 सड़कें बंद हैं। मंडी जिले के सराज में सबसे ज्यादा 39 सड़कें बंद हैं। वहीं करसोग में 28, थलौट में 22, सुंदरनगर में 9, नेरचौक में 5 और मंडी, गोहर सब डिविजन में 2-2 सड़कें बंद हैं। मंडी में ही चंडीगढ़-मनाली हाइवे का एक हिस्सा धंस रहा है। पंडोह डैम के पास हाइवे पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे हाइवे पर खतरा मंडरा रहा है। मंडी के अलावा चंबा जिले में 4, सोलन जिले में 3 और कांगड़ा के इंदौरा में एक सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद है। बारिश के बाद प्रदेशभर के कई इलाकों में बिजली की समस्या हो गई है। हिमाचल प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक प्रदेशभर में गुरुवार सुबह तक 212 ट्रांसफार्मर बाधित हुए इनमें से सबसे ज्यादा 147 मंडी जिले में हैं। इसके अलावा कुल्लू में 42, चंबा में 16, सोलन में 7 ट्रांसफार्मर्स पर असर पड़ा है और इन इलाकों में बिजली बाधित हुई हैं। पहली बारिश से पेयजल सप्लाई योजनाओं पर भी असर पड़ा है। प्रदेशभर में 17 योजनाएं बाधित हुई हैं और ये सभी शिमला जिले में है। ठियोग सब डिविजन में 10 और कुमारसैन सबडिविजन में 7 पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। गौरतलब है कि पिछले साल आई आपदा का दंश सबसे ज्यादा मंडी जिले ने ही झेला था। इस बार भी अब तक मानसून की शुरूआती बारिश में मंडी जिले में भूस्खलन से लेकर बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले हैं। मंडी जिले के सराज में मंगलवार रात आई तेज बारिश के बाद बुधवार सुबह जो नजारा दिखा उसने लोगों को पिछले साल की यादें ताजा करवा दी थी।यहां अनाह ग्राम पंचायत में तेज बारिश के बाद नाले में बाढ़ आ गई जिसके कारण गाड़ियां मलबे में दब गई और कई घरों को भी नुकसान हुआ। पहली बारिश के बाद नाले में आई बाढ़ के कारण कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है। उधर करसोग में बीती रात मूसलाधार बारिश के बाद फ्लैश फ्लड जैसे हालात हो गए। बाढ़ के साथ आए मलबे ने एचआरटीसी की बसों से लेकर, पार्किंग में खड़ी कार और जीप को भी जद में ले लिया। कई वाहन मलबे में फंस गए, जिससे वाहनों और सड़क को भी नुकसान हुआ है। बीती रात को हुई जमकर बारिश के बाद राजधानी शिमला में भी चक्कर क्रॉसिंग पर भारी मलबा सड़क पर आ गया, जिसके कारण दोनों तरह से वाहनों की आवाजाही घंटों तक बंद रही। PWD विभाग के मुताबिक जेसीबी की मदद से जल्द ही मलबे को हटा लिया जाएगा। इसके अलावा हिमलैंड-खलीणी लिंक रोड़ पर भी पेड़ टूटकर आ गिरा, जिससे सड़क पर आवाजाही बाधित हो गई। मौसम विभाग की ओर से बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक बारिश की चेतावनी जारी की है। खासकर 7 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट है और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को नदी नालों के किनारे ना जाने की अपील की गई है। शुरुआती बारिश से ही इस बार लोग डरे हुए हैं क्योंकि बीते साल हिमाचल ने बीते 5 दशक से सबसे भयानक आपदा देखी थी, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों की मौ*त हुई थी, जबकि हजारों लोगों ने अपने आशियाने गंवाए थे। हिमाचल सरकार के मुताबिक पिछले साल हुई तबाही से प्रदेश को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ था।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन में आयकर विभाग ने दबिश दी है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम ने तीन कारोबारी के घरों और व्यापारिक ठिकानों पर दबिश दी है। टीम रिकॉर्ड खंगाल रही है। कार्रवाई से जिले के कारोबारियों में हड़कंप मच गया। इस संबंध में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है। हमीरपुर में 29 जून को भी आयकर विभाग की टीम ने पांच जगहों पर सराफा और शराब कारोबारियों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों पर रेड कर रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया था। 15 घंटे की कार्रवाई में टीम ने आयकर से जुड़े विभिन्न दस्तावेज कब्जे में लिए । कार्रवाई के दौरान व्यापारी, उनके कर्मचारी और परिवार के सदस्य भी घरों, कार्यालय और दुकानों में बंद रहे।
**मंडियों में पहली बार कंपटीशन में बिकेगा सेब हिमाचल की फल मंडियों में बाहरी राज्यों के लदानी (खरीदार) भी सीधे बागवानों से सेब की खरीद कर सकेंगे। सरकार मंडियाें में आढ़तियों का एकाधिकार खत्म करने जा रही है। लदानियों को मंडियों में दुकानें उपलब्ध करवाने की तैयारी की जा रही है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के निर्देशों पर कृषि उपज विपणन बोर्ड ने यह व्यवस्था बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी हफ्ते बागवानी सचिव के साथ इसे लेकर बैठक आयोजित होनी है। लदानियों को दुकानें मिलने पर आढ़तियों और लदानियों में प्रतिस्पर्धा से बागवानों को सेब के ऊंचे दाम मिलेंगे। मौजूदा समय में कृषि विपणन बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश में चल रही 10 एपीएमसी की मंडियों में सेब कारोबार के लिए आढ़तियों को दुकानें उपलब्ध करवाई गई हैं। आढ़तियों को एपीएमसी एक्ट के तहत लाइसेंस जारी किए जाते हैं, जिसका सालाना नवीकरण करना अनिवार्य होता है। मंडियों के बाहर कारोबार के लिए निदेशक कृषि विभाग की ओर से लाइसेंस जारी होते हैं। आढ़ती बागवानों का सेब लदानियों को बेचते हैं और इसके एवज में कमीशन वसूलते हैं। कुछ सेब खरीदार मंडियों के बाहर सड़क किनारे कारोबार कर रहे हैं। इन्हें भी मंडियाें में दुकानें दी जाएंगी। इतना ही नहीं, बाहरी राज्यों से सेब खरीदने के लिए आने वाले लदानी भी अगर मंडियों में सेब खरीद के लिए दुकानें लेने को आवेदन करेंगे तो उन्हें भी दुकानें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
** 9 जुलाई को स्टेडियम में फाइनल खेला जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम धर्मशाला में अब प्रदेश के खिलाड़ी भी फ्लड लाइट की रोशनी में खेलते नजर आएंगे। इसके लिए एचपीसीए की ओर विशेष योजना तैयार की गई है ताकि खिलाड़ियों को फ्लड लाइट की रोशनी में खेलने का अनुभव हो। प्रदेश में चल रहे सीनियर अंतर जिला टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल धर्मशाला में खेले जाएंगे। फाइनल 9 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय टी-20 की तर्ज पर रात को दुधिया रोशनी में शाम सात बजे से खेला जाएगा। सेमीफाइनल 8 जुलाई को सुबह और दोपहर के सत्र में खेले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से पहली बार किसी अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल फ्लड लाइट में करवाया जा रहा है। अंतर जिला टी-20 टूर्नामेंट के आजकल बिलासपुर और नादौन के अमत्तर मैदान में लीग मुकाबले खेले जा रहे हैं। पूल-ए से ऊना और मंडी सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। पूल-ए के लीग मुकाबले 6 जुलाई तक चलेंगे। छह जुलाई को सेमीफाइनल के मैच भी तय होंगे। एसोसिएशन प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविधाएं प्रदान कर रही है। इस कड़ी में अब खिलाड़ी फ्लड लाइट की रोशनी में खेलने का अनुभव ले सकेंगेे। 9 जुलाई को स्टेडियम में फाइनल खेला जाएगा। आठ को सुबह और दोहपर के सत्र में सेमीफाइनल खेले जाएंगे।
मंडी में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा 7 जुलाई तक मंडी जिला के कई स्थानों पर भारी वर्षा, तेज हवाएं चलने की येलो चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के दृष्टिगत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी से प्राप्त सूचना के अनुसार 7 जुलाई तक सभी नागरिकों व पर्यटकों से नदी नालों, भू-स्खलन वाले क्षेत्रों तथा अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से परहेज करने एवं अपने घर में सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला के पंचायत प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, ट्रेकर्स एवं नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे इस बारे में लोगों को जानकारी प्रदान करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। आपदा की स्थिति में सहायता के लिए पर्यटक व आम नागरिक जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र के दूरभाष नम्बर 1905- 226201, 202, 203, 204 अथवा टोल फ्री नम्बर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं।
मंडी जिले के सुंदरनगर में देर रात से हो रही बारिश के कारण कुछ सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसे लेकर उपमंडल अधिकारी ने इन सड़क मार्ग से सफर नहीं करने की अपील की है। उपमंडल अधिकारी नागरिक सुंदरनगर गिरीश समरा ने कहा कि सलापड़-सेराकोठी मार्ग, पंडार-तातापानी मार्ग, मलोह-कटेरु मार्ग, खुराहाल-कंदार मार्ग, कटेरू-सलापड़-पोड़ाकोठी मार्ग, करंगल-किंदर मार्ग, सलापड़-तातापानी मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। उपमंडल अधिकारी ने कहा कि भारी बरसात से मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने से परहेज करें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला प्रशासन सहित उपमंडल प्रशासन के दिए गए नंबर 01907-266001 पर संपर्क करें। वहीं, सरकाघाट-मसेरन सड़क मसेरन गलू के पास भूस्खलन के कारण बाधित है।
** 6 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे कई जगह भूस्खलन व मलबा आने से सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 115 सड़कों पर आवाजाही ठप थी। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में बाधित हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 212 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। गाद आने से 17 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हो गई हैं। बीती रात को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य भागों में झमाझम बारिश हुई। मंडी जिले के सुंदरनगर में देर रात से हो रही बारिश के कारण कुछ सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसे लेकर उपमंडल अधिकारी ने इन सड़क मार्ग से सफर नहीं करने की अपील की है। उपमंडल अधिकारी नागरिक सुंदरनगर गिरीश समरा ने कहा कि सलापड़-सेराकोठी मार्ग, पंडार-तातापानी मार्ग, मलोह-कटेरु मार्ग, खुराहाल-कंदार मार्ग, कटेरू-सलापड़-पोड़ाकोठी मार्ग, करंगल-किंदर मार्ग, सलापड़-तातापानी मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। उपमंडल अधिकारी ने कहा कि भारी बरसात से मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने से परहेज करें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला प्रशासन सहित उपमंडल प्रशासन के दिए गए नंबर 01907-266001 पर संपर्क करें। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में गुरुवार व शुक्रवार के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 6 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। आज भी शिमला व आसपास भागों में मौसम खराब बना हुआ है। बीती रात से गुरुवार सुबह तक हुई भारी बारिश से शिमला के विकासनगर में मलबा आने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, हिमलैंड के समीप एक पेड़ गिरा है। शिमला-चक्कर-बिलासपुर मार्ग पर बारिश होने के कारण काफी ज्यादा मलबा आ गया। सड़क पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही दोनों तरफ रुक गई। हालांकि, अब मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
पठानकोट-मंडी हाईवे पर उपमंडल पालमपुर के भट्टू के पास एक सड़क हादसे में युवक की मौ*त हो गई है। युवक की मौ*त कार और बाइक की टक्कर से हुई है। मृत*क की पहचान अविनाश राणा (24) पुत्र अनिल राणा निवासी भट्टू के रूप में हुई है। मृत*क युवक सुलह विधानसभा के भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष मोनिका राणा का बेटा था। पुलिस ने श*व को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार भट्टू के पास एक कार और बाइक की टक्कर हो गई। इसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर रूप से घाय*ल हुए युवक को पालमपुर ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके बाद अविनाश राणा की रास्ते में मौ*त हो गई। युवक की मौ*त के बाद सुलह भाजपा में मातम छा गया है। सुलह के भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने युवक की मौ*त पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी सुलह भाजपा उनके साथ खड़ी है। बताया जा रहा है कि कार मुख्य सड़क से लिंक रोड की ओर मुड़ रही थी, इसी दौरान हादसा हुआ। उधर, थाना प्रभारी भवारना केहर सिंह ने कहा कि पुलिस ने श*व को पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी पोस्ट कोड 817 का नतीजा 20 जुलाई से पहले घोषित कर दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब चयनित अभ्यर्थियों को मेरिट और उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर पसंदीदा विभागों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। हिमाचल में पोस्ट कोड 817 के तहत 74 विभागों, बोर्ड और निगमों में करीब 1,867 पद भरे जाने हैं, लेकिन पेपर लीक प्रकरण और कर्मचारी चयन आयोग के भंग होने से 12 पदों पर फिलहाल भर्ती नहीं होगी। भंग आयोग के पांच पद फिलहाल रिक्त रखे जाएंगे, जबकि सात पदों पर पेपर लीक प्रकरण की वजह से नतीजा घोषित नहीं होगा। दस्तावेजों की मूल्यांकन प्रक्रिया को पिछले माह पूरा कर लिया गया है। इस काम के लिए राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने चार टीमें गठित की है। इसमें शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को शामिल किया गया है ताकि जल्द से जल्द कार्य को पूरा किया जा सके। चार-चार टीमों में काम करते हुए 20 कर्मियों ने अंतिम परिणाम तैयार कर दिया है। आयोग के करीब 12 कर्मचारी अब मेरिट और प्राथमिकता के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के विभागों का आवंटन कर रहे हैं। अभ्यर्थी सालों से चयन की उम्मीद लगाए हैं। दरअसल पोस्ट कोड 817 के तहत पहले 1,388 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया हुई। इसके लिए चार हजार के करीब विद्यार्थियों को मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए चयनित किया गया। इस बीच मामला कोर्ट में पहुंच गया। इसके बाद पोस्ट कोड में 479 और पद जोड़े गए। अब सभी अभ्यर्थियों का एक साथ अंतिम परिणाम विभागों के आवंटन के साथ घोषित किया जाएगा। 73 विभागों, बोर्ड, निगमों में लिपिकीय स्टाफ की कमी परीक्षा परिणाम के घोषित होने से कुछ हद तक पूरी होगी। पोस्ट कोड के तहत शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड में सबसे अधिक पद भरे जाएंगे। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया चर्चित रही है जिसमें एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अपना भविष्य आजमाया था। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने 21 सितंबर 2020 में जेओए पदों के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। 21 अक्तूबर 2020 और 22 जनवरी 2021 को विभिन्न पदों से आ रही मांग के अनुसार 1,867 पदों पर भर्ती शुरू की थी। अब 479 पदों के लिए ली लिखित परीक्षा और टाइपिंग परीक्षा के आधार पर 1,375 अभ्यर्थियों को मूल्यांकन परीक्षा के लिए चयनित किया है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र सांजटा ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर परिणाम तैयार कर लिया गया है। मेरिट और चयनित अभ्यर्थियों की प्राथमिकता के आधार पर विभागों का आवंटन किया जा रहा है। विभागों का आवंटन मेरिट के आधार पर होगा। मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सभी अभ्यर्थियों से विभागों को लेकर प्राथमिकता वैकल्पिक रूप से लिखित तौर पर ली गई है। अब मेरिट के आधार पर विभाग आवंटित किए जा रहे हैं। एक विभाग में पद भर जाने पर अभ्यर्थी की अन्य प्राथमिकताओं पर विभाग आवंटित होंगे।
**कहा, लोग समझ चुके हैं सीएम और कांग्रेस सरकार के झूठ को ** जनता 10 जुलाई को कांग्रेस को देगी मुंहतोड़ जवाब विधानसभा क्षेत्र सदर से भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा ने बुधवार को ग्राम केंद्र अमरोह के अमरोह और सासन पंचायत में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया। इन सभाओं के दौरान स्थानीय लोगों ने आशीष शर्मा को भरपूर आशीर्वाद दिया और भारी मतों से उन्हें विजय बनाकर विधानसभा पहुंचने का एकमत आश्वासन दिया। इस दौरान प्रत्याशी आशीष शर्मा ने कहा कि लोग मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार के झूठ को समझ चुके हैं और अब भाजपा के पक्ष में भारी संख्या में मतदान कर इसका जवाब देंगे। मुख्यमंत्री एक माह पहले लंबलू में जनसभा के दौरान कह गये थे कि आशीष ने 100 करोड़ रुपए के ठेके के लिए। अब मंगलवार को विधानसभा क्षेत्र पधारे मुख्यमंत्री ने यह आंकड़ा 135 करोड़ पर पहुंचा दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि अगर झूठ ही बोलना है तो कम से कम आंकड़े तो एक जैसे रखिए। आनन फानन में जो आंकड़ा मुंह में आता है वह बोल देते हैं, जबकि सभी को पता है कि टेंडर मुख्यमंत्री नहीं देते हैं, यह ऑनलाइन डाले जाते हैं। आशीष शर्मा ने कहा कि ह सरकार केवल झूठी और लॉलीपॉप देने वाली है। कई दिनों तक जब सचिवालय के बाहर आशीष शर्मा को बैठाया गया तो सचिवालय में मौजूद लोग यह कहते थे कि यह हमीरपुर का विधायक है, जिसे बाहर बैठाया गया है। मुख्यमंत्री ने आशीष शर्मा की नहीं बल्कि हमीरपुर की जनता की तौहीन की है। हमीरपुर के आत्म सम्मान के लिए वह यह लड़ाई लड़ रहे हैं और जनता उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। कांग्रेस परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देती रही है। मुख्यमंत्री ने जहां एक तरफ अपनी धर्मपत्नी को टिकट दिया, वहीं हमीरपुर से नेता पुत्र को टिकट दिया गया। हमीरपुर से कांग्रेस प्रत्याशी बताएं कि उनके पिता ने उद्योग मंत्री रहते हुए हमीरपुर के लिए कौन सी नई इंडस्ट्री लाई। जिससे रोजगार के अवसर पैदा हुए हों। उद्योग तो कोई नहीं लाया, लेकिन भ्रष्टाचार बहुत किया। आशीष शर्मा ने कहा कि चुनावों के दौरान दिखने वाले बरसाती मेंढक महज छह दिन और विधानसभा क्षेत्र में नजर आएंगे और उसके बाद जानता की कोई सुध नहीं ली जाएगी। लेकिन उसके बाद अगर हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र की देवतुल्य जनता के सुख दुख में कोई शामिल होगा तो वह आपका बेटा ही है। उन्होंने कहा कि शांता कुमार पानी वाले मुख्यमंत्री, प्प्रेम कुमार धूमल सड़कों वाले मुख्यमंत्री और वीरभद्र सिंह हिमाचल के जननायक के रूप में जाने जाते हैं लेकिन सुक्खू झूठे और फरेबी मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाएंगे। जनता कांग्रेस सरकार की इस झूठ की राजनीति को समझती है और आने वाले 10 जुलाई को भाजपा के पक्ष में भारी मतदान कर कांग्रेस को इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आयोजित किए जा रहे 1 एचपी गर्ल्स बटालियन के वार्षिक एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन अनुशासन स्थापित करने और फिटनेस बढ़ाने के लिए कई सत्र और गतिविधियां आयोजित की गई। शिविर में 22 संस्थानों के लगभग 719 कैडेट भाग ले रहे हैं। तीसरे दिन की शुरुआत जोरदार शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) सत्र के साथ हुई, जिसमें कैडेटस ने बहुत उत्साह और अनुशासन का प्रदर्शन किया और अपनी शारीरिक फिटनेस और टीम वर्क को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न अभ्यासों में भाग लिया। पीटी सत्र के बाद, कैडेट्स ने ड्रिल प्रशिक्षण में भाग लिया। इस सत्र में उनकी मार्चिंग कौशल, समन्वय और अनुशासन को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया गया। कैडेट्स ने महत्वपूर्ण सुधार और समर्पण दिखाया, जो उनके प्रशिक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कैंप कमांडेंट कर्नल संजय शांडिल के प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया कि कैडेट्स फायरिंग अभ्यास कर सकें। कर्नल शांडिल की देखरेख में एक नया फायरिंग रेंज पहचाना और तैयार किया गया। तृतीय अधिकारी कृष्णा मेहता ने आपदा प्रबंधन पर एक सूचनात्मक व्याख्यान दिया। व्याख्यान का उद्देश्य कैडेट्स को आपात स्थितियों और आपदाओं को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए ज्ञान और कौशल से लैस करना था। सत्र अत्यंत जानकारीपूर्ण था और कैडेट्स को संकट के समय में आत्मविश्वास से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया। चिकित्सा पेशेवरों द्वारा कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) पर एक व्यापक व्याख्यान और प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह सत्र अमूल्य था क्योंकि इसने कैडेट्स को जीवन रक्षक कौशल से सशक्त बनाया। कैडेट्स ने प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया, सीपीआर करने में शामिल महत्वपूर्ण कदमों को समझा। इस अवसर पर एक समूह गीत प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी भाग लेने वाले संस्थानों ने हिस्सा लिया। कैडेट्स ने अपनी संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभाओं और टीम भावना का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने सौहार्द को बढ़ावा दिया और कैडेट्स को रचनात्मक रूप से खुद को व्यक्त करने के लिए एक मंच प्रदान किया। दिन का समापन एक ऊर्जावान खेल वर्ग के साथ हुआ। सभी कैडेट्स ने पूरी ऊर्जा के साथ विभिन्न खेलों में भाग लिया। इस सत्र ने न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया बल्कि कैडेट्स के बीच टीमवर्क और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहित किया।
निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में उप-चुनाव के लिए पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान प्रक्रिया पूर्ण करवा दी गई है। दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव में कुल 359 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से घर से ही मतदान किया। इनमें 85 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 257 मतदाताओं तथा 102 दिव्यांग मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान किया। उन्होंने बताया कि इन सभी मतदाताओं के लिए 14 पोलिंग टीमें गठित की गई थीं, और इन मतदान दलों द्वारा घर-घर जाकर मतदान प्रक्रिया पूर्ण करवाई गई।
** देहरा विस में 100 पोलिंग बूथ होंगे स्थापित जिला निर्वाचन अधिकारी उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 84491 है, जिनमें 42000 पुरूष तथा 42491 महिला मतदाता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि देहरा विस क्षेत्र में मतदान के लिए कुल 100 पोलिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने सभी बूथों पर स्थायी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिसमें उचित संकेतक, पेयजल की सुविधा, उचित रोशनी, रैंप व शौचालय की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशतता बढ़ाने के लिए मतदाताओं को जागरूक भी किया जाए ताकि कोई भी मतदाता वोट डालने के अधिकार से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव संबंधी कोई भी शिकायत सी विजिल पर की जा सकती है, सी विजिल पर सौ मिनट के भीतर शिकायत का समाधान करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि उड़नदस्तों तथा स्थायी नाकों को 24 घंटे सक्रिय करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं, इसके साथ ही आबकारी विभाग को जिला भर में शराब इत्यादि की बिक्री तथा अवैध तौर पर शराब जब्त करने की प्रतिदिन रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही नाकों पर सुचारू चेकिंग भी करने के लिए कहा गया है।
एल आर इंस्टीट्यूट सोलन ने आज अपने कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव समारोह का भव्य आयोजन किया। ड्राइव में पॉलिटेक्निक ,एमबीए ,बीबीए, बीसीए ,बी फार्मेसी ,एम फार्मा, होटल मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के 118 छात्रों ने भाग लिया। कैंपस चयन में एक्मे जेनेरिक प्रा॰, क्लब महिंद्रा, आनन्द टोयटा, निचर वेलूयर, डेकरेको कारपोरेशन, क़ोरोना , विहास डिज़ाइन एवं अन्य 10 कंपनियों ने हिस्सा लिया। केंपस प्लेसमेंट पाने वाले बहुत से विद्यार्थी तो ऐसे हैं, जिन्हें एक से अधिक कंपनियों में नौकरी का ऑफर मिला, जिसके लिए एल आर के विद्यार्थियों ने प्रबंधन का धन्यवाद किया है और उनके प्रयासों को सराहा है। केंपस प्लेसमेंट ड्राइव में डायरेक्टर डॉक्टर नेंटा ने बताया कि इस वर्ष का शानदार प्लेसमेंट हमारे छात्रों को मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता और समग्र विकास का सबूत है। वर्तमान में चुनौती पूर्ण माहौल के बावजूद छात्र-छात्राओं ने शीर्ष कंपनियों में पद हासिल किया जो उनकी योग्यता और हमारे संस्थान पर इंडस्ट्रीज के भरोसे के बारे में बताता है। इस आयोजन में पॉलिटेक्निक के 45 मनेजमेंट के 40, फार्मेसी के 21 और बी टेक के 12 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। संस्थान के सभी 118 छात्रों को अच्छे पैकेज के साथ नौकरी के प्रस्ताव मिले। पहले कैंपस सिलेक्शन में ही छात्रों के चेहरे खिल उठे। नियोक्ताओं ने सालाना अधिकतम 5,50,000 और न्यूनतम 3 लाख का सालाना पेकेज के साथ जॉब आफ़र किया। एलआर कॉलेज के प्रिन्सिपल डा पी पी शर्मा, कंचन बाला जसवाल ,श्वेता गुप्ता और प्रिया ठाकुर ने बताया कि आगामी सत्र में छात्र-छात्राओं की ट्रेनिंग पर विशेष फोकस रहेगा, जिसमें की प्लेसमेंट के साथ-साथ पैकेज भी बड़े। साथ ही उन्होंने बताया कि पहले भी कई कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए हैं और भविष्य में भी विभिन्न नामी कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए जाएंगे।
शूलिनी विश्वविद्यालय में योगानंद स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कंप्यूटर और डेटा साइंसेज एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एएआई) पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य कंप्यूटर विज्ञान, डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुरक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी में वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना है, साथ ही शोधकर्ताओं, छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला, प्रो चांसलर विशाल आनंद, वाइस चांसलर प्रोफेसर अतुल खोसला और इनोवेशन एंड मार्केटिंग के निदेशक प्रोफेसर आशीष खोसला जैसे विश्वविद्यालय प्रबंधन के संबोधन शामिल थे। सम्मेलन में साउथ डकोटा विश्वविद्यालय से डॉ. केसी संतोष, कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय से डॉ. रवींद्र हेगड़ी, शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस और टेलर यूनिवर्सिटी से डॉ. बालामुरुगन बालुसामी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से डॉ. मंजू खारी और इमाम मोहम्मद इब्न सऊद इस्लामिक यूनिवर्सिटी से डॉ. साकिर खान मुख्य वक्त क रूप में भाग ले रहे है। पहली मुख्य वक्ता प्रोफेसर मंजू खारी ने "साइबर सुरक्षा और सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता" शीर्षक से एक जानकारीपूर्ण सत्र दिया, उन्होंने डिजिटल परिवेश की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर बालामुरुगन बालुसामी ने "टिकाऊ शहरों, गांवों और समाज के लिए शहरी एआई और सूचना विज्ञान" शीर्षक से एक मुख्य व्याख्यान दिया, जिसमें शहरी स्थिरता को बढ़ाने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। प्रोफेसर राहुल कटार्या ने "ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लिए एआई की शक्ति को अनलॉक करना" नामक एक सत्र का नेतृत्व किया, जिसमें ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों के लिए नए एआई अनुप्रयोगों की खोज की गई। दिन भर तकनीकी सत्रों की श्रृंखला जारी रही, जिससे प्रतिभागियों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान में वृद्धि हुई। प्रदीप चिंताले को योगानंद लाइब्रेरी में पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के लिए विशेष आभार मिला , जो एआई नवाचार में एक और मील का पत्थर साबित हुआ। इनोवेशन और मार्केटिंग के निदेशक प्रोफेसर आशीष खोसला ने कहा, एएआई 2024 ने पूर्ण प्रस्तुतियों, कार्यशालाओं और तकनीकी सत्रों सहित गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश की। इन प्रस्तुतियों में डेटा विज्ञान, मशीन लर्निंग और वास्तविक समय कंप्यूटिंग में नवीनतम प्रगति पर प्रकाश डाला गया, जिसमें कठिन सामाजिक और आर्थिक चिंताओं को दूर करने के लिए इन प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने पर जोर दिया गया।
**खुद को भाजपा को बेचने वाले पूर्व विधायक नहीं चाहते हमीरपुर जिला का मुख्यमंत्री **आशीष व्यापारी व अहंकारी, सोच रहे नोटों के दम पर फिर खरीद लेंगे जनता के वोट हमीरपुर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रेम कुमार धूमल के हारने का हमीरपुर जिला को बड़ा नुकसान हुआ। बीते 5 साल जिला में विकास कार्य नहीं हुए। जयराम ने धूमल को कमजोर करने के लिए हमीरपुर में विकास रोक दिया। हमीरपुर से कोई मंत्री नहीं बनाया। धूमल 2017 में घोषित मुख्यमंत्री थे, उन्हें साजिश के तहत हराया गया। इसमें भाजपा के साथ वे लोग शामिल थे, जिन्होंने वर्तमान सरकार को गिराने की साजिश रची। किसी ने सोचा नहीं होगा कि हमीरपुर जैसे छोटे जिला को दोबारा मुख्यमंत्री मिलेगा। लेकिन, कांग्रेस ने पहली बार निचले हिमाचल से मुख्यमंत्री बनाया। मेरे ही जिला के तीन विधायक सरकार गिराने के षड़यंत्र में शामिल हुए। दूसरे जिलों के विधायक व लोग अपने जिले का मुख्यमंत्री चाहते हैं और हमीरपुर जिला के तीन विधायक मुख्यमंत्री को हटाने में ही लग गए। ये वही लोग हैं जिन्होंने धूमल को हराने की भी साजिश रची। मुख्यमंत्री ने ये बातें हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के बल्ह, बलोह, अग्घार, दरोग, खग्गल व धनेड में कांग्रेस उम्मीदवार डॉ पुष्पिंदर वर्मा के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि जब सरकार गिराने की कोशिश हुई तो शिमला, कांगड़ा, सिरमौर, कुल्लू, ऊना के दो, चंबा इत्यादि जिलों के 34 विधायक चट्टान की तरह मेरे साथ खड़े रहे, लेकिन हमीरपुर जिला के तीन विधायकों ने गद्दारी की। उनमें शामिल आजाद विधायक आशीष शर्मा पैसे के अहंकार में हैं। उन्होंने अहंकार में ही 14 महीने में इस्तीफा दिया और सोचा कि पैसे के दम पर वोट खरीदकर साढ़े तीन साल के लिए दोबारा विधायक बन जाएंगे। मेरा हमीरपुर की जनता से अनुरोध है कि धनबल की राजनीति करने वालों को कड़ा सबक सिखाएं। आशीष शर्मा भाजपा की राजनीतिक मंडी में बिके हैं, उन्होंने हमीरपुर के लोगों के वोट व भावनाओं को बेचा है। खरीद फरोख्त की यह राजनीतिक बुराई जो भाजपा व निर्दलीय विधायकों ने हिमाचल में शुरू की है, जनता ही उसका अंत कर सकती हैं। यह चुनाव जनता के वोट की कीमत को बचाने का भी है। क्योंकि, अगर नोट से वोट खरीदने वाले दोबारा जीत गए तो वोट का मूल्य ही खत्म हो जाएगा। आशीष शर्मा व्यापारी हैं और वोटों का व्यापार करने वालों की राजनीति में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। ठाकुर सुखविंदर सिंह ने कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक ने जनता की खनिज संपदा को लूटकर संपत्ति बनाई है। वह निर्दलीय विधायक थे, अगर कांग्रेस सरकार काम नहीं कर रही थी तो भाजपा के साथ विपक्ष में बैठ जाते, इस्तीफा देने की जरूरत क्या थी। लेकिन, भाजपा से मिले सामान से भरे अटैची का दबाव था व दूसरी क़िस्त भी लेनी थी। अब भी वह विधायक बनने का चुनाव लड़ रहे हैं। अगर पहले काम नहीं हो रहे थे तो अब किससे उम्मीद है कि काम हो जाएंगे। मुख्यमंत्री तो मैं ही हूं, साढ़े तीन साल हमारी सरकार है, अगर गलती से विधायक बन गए तो काम फिर भी नहीं होंगे, क्योंकि काम तो मैंने ही करने हैं। इसलिए कांग्रेस उम्मीदवार डॉ पुष्पिंदर वर्मा को वोट दें। पुष्पिंदर ईमानदार व्यक्ति हैं और आपकी सेवा कर रहे हैं। इन्हें एक मौका दीजिए, यह जो भी काम बताएंगे, मैं सारे काम करूँगा। लोगों की पानी, बस व सड़क इत्यादि की सारी समस्याएं हल हो जाएंगी। बिकाऊ आशीष की जगह टिकाऊ पुष्पिंदर को चुनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार में हमीरपुर अधीनस्थ चयन बोर्ड में पेपर बिकते रहे और जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री रहते चैन की नींद सोए रहे। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद चयन बोर्ड को भंग किया और पेपर बेचने वालों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा। जयराम ने प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनके समय की सारी भर्तियां कोर्ट में लटकी रहीं, हमारी सरकार ने सही तरीके से कोर्ट में पैरवी कर रिजल्ट निकालने व नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू की है। हमने 14 महीने में 22 हजार सरकारी भर्तियां निकाली हैं, जयराम सरकार ने 5 साल में मात्र 20000 हजार सरकारी नौकरियां दी। हमीरपुर में 15 साल से अधर में अटके बस स्टैंड का काम शुरू करवाया। परिवहन अपीलेट प्राधिकरण, चीफ इंजीनियर इलेक्ट्रिकल, सौर ऊर्जा का मुख्यालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय दिया। गांधी चौक की सूरत बदली, पूरे शहर की बिजली की तारों को हटाकर सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा करोड़ों रुपये के बिजली, पानी व सड़कों के काम जारी हैं। जनता जिला के मुख्यमंत्री व विकास के लिए पुष्पिंदर को वोट दे। इस दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक सुरेश कुमार, केसीसी बैंक चेयरमैन कुलदीप पठानिया, पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार, जिलाध्यक्ष सुमन भारती, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश ठाकुर, जिला परिषद उपाध्यक्ष नरेश कुमार, पंचायत प्रधान, बीडीसी व जिला परिषद सदस्य इत्यादि मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत प्राकृतिक वादियों के लिए पूरे विश्व भर में खासा पहचान रखता है। यही वजह है कि हर साल यहां के हसीन वादियों को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों सैलानी खींचे चले आते हैं। वहीं, इस साल देश के मैदानी राज्यों में पड़ी भीषण गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों ने हिमालय की गोद में बसे पहाड़ी राज्य हिमाचल का रुख किया, जिसकी वजह से महज 6 महीनों में ही प्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या 1 करोड़ के पार जा पहुंची। देश के मैदानी राज्यों में इस साल भीषण गर्मी पड़ी। इस साल पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने से हिमाचल का पर्यटन कारोबार गुलजार हो गया। बीते 6 माह की बात करें तो हिमाचल में जनवरी से लेकर जून माह तक एक करोड़ से अधिक सैलानियों ने प्रदेश के विभिन्न इलाकों का रुख किया है, जिससे यहां का पर्यटन कारोबार अपने चरम पर रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार को इस बात की भी उम्मीद है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा 2 करोड़ पार कर जाएगा। पर्यटन विभाग लगातार पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा का ख्याल रख रहा है। हिमाचल प्रदेश की अगर बात करें तो जनवरी से लेकर मई माह तक जिला कुल्लू में 14 लाख 94 हजार 104 देसी सैलानी पहुंचे थे और 3 हजार 819 विदेशी सैलानियों ने भी कुल्लू जिला का रुख किया। वहीं, प्रदेश में दूसरे नंबर पर शिमला जिला रहा। यहां पर मई माह तक 9 लाख 86 हजार 467 देसी सैलानी पहुंचे और 12 हजार 598 विदेशी सैलानियों ने शिमला की वादियों का रुख किया था। ऐसे में जून माह में भी 25,000 से अधिक पर्यटकों की गाड़ियां हिमाचल में रोजाना आते रहे और जून माह में भी लाखों सैलानी प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पहुंचे थे। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन कारोबार की अगर बात करें तो साल 2019 में सबसे अधिक 1 करोड़ 72 लाख 12 हजार 107 सैलानी आये थे. साल 2020 में यह आंकड़ा 32 लाख 13 हजार 379 रहा था। साल 2021 में 56 लाख 37 हजार 102 सैलानी आए थे। साल 2022 में यह आंकड़ा 1 करोड़ 51 लाख 227 रहा था और साल 2023 में यह आंकड़ा 1 करोड़ 60 लाख 4 हजार 924 तक पहुंचा था। पर्यटन नगरी मनाली के होटल कारोबारी चमन कपूर और जसवंत ठाकुर का कहना है कि हिमाचल के पर्यटन स्थल इस साल सैलानियों से गुलजार रहे। हर साल लाखों सैलानी बर्फबारी को देखने के लिए भी विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं। होटल कारोबारी भी सैलानियों की सुविधा का खास ख्याल रखते हैं और सरकार द्वारा भी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। ऐसे में सैलानियों की लगातार बढ़ रही संख्या एक अच्छा संकेत है। क्योंकि इससे प्रदेश के लाखों लोगों को भी घर द्वार पर रोजगार मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ने बताया कि प्रदेश में इस साल सैलानी काफी संख्या में आए है और बरसात के बाद भी सैलानी प्रदेश के विभिन्न इलाकों का रुख करते है। विभाग को उम्मीद है कि इस साल यह आंकड़ा 2 करोड़ पार कर जाएगा।
हिमाचल में दूध के साथ-साथ अब घी,पनीर,बटर भी महंगा हो गया हैं। मिल्क फेडरेशन की ओर से दूध के दामों में की गई बढ़ोतरी के बाद कीमतों में ये उछाल देखने को मिला है। फरवरी माह में दूध के दामों में 2 रुपए की बढ़ोतरी करने के बाद अब मिल्क फेडरेशन ने मिल्क प्रोडक्ट्स के भी दाम बढ़ा दिए हैं। दाम बढ़ने से लोगों को अब अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। वहीं, घी के दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। घी की कीमत पहले 620 रुपये थी, नई कीमत पर अब घी 670 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलेगा। वहीं, पनीर 360 रूपए प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। पहले पनीर 340 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलता था। इसमें भी 20 रुपये का इजाफा किया गया है। इसके साथ ही बटर 580 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलना शुरू हो गया है। पहले इसकी कीमत 540 रुपये प्रति किलो थी। बटर की कीमतों में भी 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है। कीमतें 20 जून से लागू कर दी गई हैं। हिमाचल में मिल्क फेडरेशन के छह प्लांट हैं। मुख्य प्लांट शिमला के दतनगर में स्थित है। इस प्लांट में चिलिंग सेंटर से दूध एकत्रित किया जाता है। यहां से प्रतिदिन दूध, घी , पनीर और बटर प्रोसेस कर लोगों को उपलब्ध करवाया जाता है। वहीं, अब दूध, घी, पनीर,बटर के दामों में बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर महंगाई की मार जरूर पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'फेडरेशन ने पिछले वर्ष मार्च माह में दूध के दाम बढ़ाए थे, लेकिन इस बार तो फरवरी माह में ही दूध के दामों में वृद्धि कर दी थी। अब घी,पनीर, बटर के दाम भी बढ़ा दिए हैं। दाम के साथ दूध की गुणवत्ता को भी बढ़ाना चाहिए।
** प्रदेश में अब प्री प्राइमरी टीचर के भरे जाएंगे 6297 पद हिमाचल में सरकारी स्कूलों में नौकरियों का पिटारा खुलने जा रहा है। प्रदेश में दो साल की नर्सरी टीचर की ट्रेनिंग (NTT) का डिप्लोमा करने वालों को सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिलने वाला है। प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी टीचरों के 6,297 पद भरने जा रही है। ये भर्ती राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन के माध्यम से की जाएगी। इस बारे में सरकार की तरफ से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी किया जा चुका हैं। ऐसे में अब जल्द ही जरूरी प्रक्रिया को पूरी कर प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती की जाएगी। हिमाचल में अब नर्सरी टीचर की ट्रेनिंग करने वालों का इंतजार खत्म होने वाला है। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में करीब 60 हजार विद्यार्थी रजिस्टर हैं, लेकिन अभी तक प्री प्राइमरी स्कूलों में टीचर नहीं है। पिछले करीब डेढ़ सप्ताह पहले संपन्न हुई कैबिनेट मीटिंग में प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती को हरी झंडी दी गई थी, जिसके बाद अब शिक्षा विभाग ने भी इनकी भर्ती को लेकर आदेश जारी कर दिए है। सरकारी स्कूलों में भर्ती होने वाले प्री प्राइमरी टीचरों को 10 हजार रुपए मासिक मानदेय मिलेगा। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन वर्तमान में 5 फीसदी एजेंसी चार्ज लेता है। वहीं, 10 फीसदी की कटौती ईपीएफ के लिए होती है। आउटसोर्स भर्ती पर जीएसटी 18 फीसदी है। ऐसे में प्री प्राइमरी टीचरों को हर महीने करीब 7 हजार कैश इन हैंड मिलेगा। बता दें कि प्रदेश में दो सालों से प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती लटकी हुई थी। प्रदेश में अधिकतर युवाओं ने एनटीटी का एक साल का डिप्लोमा किया है, लेकिन नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के मुताबिक एनटीटी के लिए 2 साल का डिप्लोमा जरूरी है।अब इसे लेकर स्पष्टीकरण मिलने के बाद प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती में अटका रोड़ा हट गया है।
हिमाचल में इन दिनों नशा तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। नशा हिमाचल प्रदेश के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। अब महिलाएं भी इस काले कारोबार में उतर गई हैं। राजधानी में शिमला पुलिस ने नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए मुस्तैदी से काम कर रही है, लेकिन पुलिस और सरकार के ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। ताजा मामले में शिमला पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने क्रॉसिंग के पास एक गाड़ी को रोका। जांच के दौरान गाड़ी में सवार अजय कुमार और महिला कुमारी अचला के कब्जे से 12.24 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को पहले ही गुप्त सूचना मिल गई थी कि क्रॉसिंग के समीप एक गाड़ी में एक महिला और पुरुष चिट्टा तस्करी कर रहे हैं। पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने टूटीकंडी क्रॉसिंग के पास गाड़ी सवार दोनों को चिट्टे के साथ पकड़ा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है कि वह चिट्टा कहां से लाए थे और किसे सप्लाई करने जा रहे थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को चिट्टा सप्लाई किया है और कौन-कौन लोग उनके साथ इस नशा तस्करी के धंधे में शामिल हैं। शिमला के एसपी संजीव गांधी के अनुसार नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। नशा तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में पुलिस को कई मामलों में सफलता मिली है। किसी भी नशा तस्कर को पुलिस बख्शेगी नहीं। पुलिस ऐसे मामलों को लेकर हर समय चौकसी बरत रही है।
**एक हफ्ते तक भारी बारिश की दी चेतावनी **लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की दी हिदायत **शिमला, सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग केंद्र शिमला की ओर से जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के तहत प्रदेश में 8 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, चंबा, कुल्लू, मंडी व शिमला के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है। बारिश की संभावना के चलते पर्यटकों सहित आम लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की हिदायत दी गई है। बारिश के बाद जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं तो वहीं बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप है। इसके अलावा शिमला सहित सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी है।
**राज्य सरकार ने मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में किया बदलाव हिमाचल प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों के 10,000 मेधावी इस बार अपनी पसंद का कोई भी एक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले सकेंगे। दसवीं, बारहवीं और कॉलेजों के मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में राज्य सरकार बदलाव करने जा रही है। चयनित दुकानों से 15 से 18 हजार रुपये तक के पसंदीदा गैजेट लेने को मेधावियों को कूपन दिए जाएंगे। कौन-कौन से गैजेट योजना में शामिल होंगे, इस पर उच्च शिक्षा निदेशालय विचार कर रहा है। राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन के माध्यम से गैजेट्स की कॉन्फ़िगरेशन तय करवाई जाएगी। योजना के तहत टैबलेट, स्मार्टफोन, आईपैड और किंडल देने का अभी प्रारंभिक स्तर पर विचार चल रहा है। एक माह के भीतर योजना तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के नतीजों में अव्वल रहने वाले दसवीं और बारहवीं कक्षा तक और कॉलेजों में फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड ईयर के 10 हजार विद्यार्थियों को सरकार हर साल पुरस्कृत करती है। वर्ष 2007 में तत्कालीन धूमल सरकार के समय में लैपटॉप देने के साथ इस योजना को शुरू किया गया था। 2012 में वीरभद्र सरकार ने इस योजना को जारी रखते हुए विद्यार्थियों की संख्या का दायरा इस योजना में बढ़ाया। 2017 में जयराम सरकार योजना को बंद करने और जारी रखने की पसोपेश में फंसी रही। बाद में सरकार ने योजना जारी रखते हुए लैपटॉप दिए। बाद में टैबलेट दिए गए। अब सुक्खू सरकार योजना में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट्स की एक बास्केट तैयार करने का फैसला लिया गया है। इस बास्केट के तहत कई गैजेट्स शामिल किए जाएंगे। मेधावी विद्यार्थियों को सरकार सम्मानित करते हुए एक कूपन देगी। इस कूपन के माध्यम से मेधावी अपनी पसंद की कंपनी का गैजेट ले सकेंगे। इसके तहत कंपनियों और दुकानों को चयनित किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय इन दिनों गैजेट्स की बास्केट में शामिल करने वाली चीजों को चुनने में जुटी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और इलेक्टानिक्स कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने बताया कि जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सरकार की मंजूरी को भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 15 से 18 हजार की कीमत के गैजेट्स देने पर विचार चल रहा है। क्या राशि तय होगी, इसको लेकर मंथन जारी है। अगर कोई मेधावी तय राशि से अधिक कीमत का गैजेट लेना चाहेगा तो इसकी मंजूरी मिलेगी। कूपन के तहत तय राशि के अलावा शेष राशि मेधावी को स्वयं दुकानदार को देनी होगी।
**सड़क सुरक्षा नियमों की सख्ती से अनुपालना हो सुनिश्चित: एडीसी धर्मशाला: अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि जिला में सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि प्रतिदिन जिला में होने वाली दुर्घटनाओं को और कम किया जा सके। उन्होंने संबन्धित विभागों से युवा पीढ़ी को सड़क सुरक्षा तथा नशे की बुराईयों के बारे में जागरूक करने हेतु विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। बीते रोज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता हुई। और सड़क हादसों को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है, इस के लिए नियमित तौर पर चालकों के आंखों के चेकअप कैंप, ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था के साथ साथ युवक मंडलों को यातायात नियमों की जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ओवर स्पीड की पूरी तरह से निगरानी की जाए। पंपलेंट्स के माध्यम से सरकारी तथा निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को भी यातायात नियमों के बारे में अवगत करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर यातायात से संबंधित साइन बोर्ड भी जगह जगह प्रदर्शित किए जाएं इस के साथ दुर्घटना संभावित जगहों की शिनाख्त कर वहां पर भी साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि किसी भी स्तर पर दुर्घटनाओं की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘गुड स्मार्टियंस’ नामक योजना आरंभ की गई है। इसमें सड़क दुर्घटना में पीड़ित को हादसे के तुरंत बाद शुरुआती एक घंटे के भीतर ‘गोल्डन आवर’ में अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाने का प्रयास करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र तथा नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इससे पहले आरटीओ प्रदीप कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए रोड सेफ्टी को लेकर कांगड़ा जिला में उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितेश लखनपाल तथा लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
हिमाचल के मंडी जिले में सराज विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अनाह में मूसलाधार बारिश के कारण नाले में बाढ़ आ गई। लोग खुद ही मलबा हटाने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार बीती रात को हुई मूसलाधार बारिश के कारण अनाह के एक नाले में बाढ़ आने से मलबा एक घर को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ कार और कुछ बाइकों को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने कहा कि नाले के साथ लगते कुछ अन्य घरों पर भी खतरा बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंडोह डैम के पास लगभग 40 करोड़ की लागत से डंगा लगाकर करीब आठ महीने बाद बहाल हुए चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर एक बार फिर से खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। डंगा लगाकर तैयार किया गया नेशनल हाईवे एक बार फिर से धंसने की कगार पर आ गया है। हाईवे पर दरारें पड़ना शुरू हो गई हैं, जोकि धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं। हालांकि अभी यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। जहां-जहां दरारें आई हैं, वहां-वहां स्थानीय लोगों ने पत्थर रखकर खतरे के संकेत चिहिन्त कर दिए हैं। पंडोह डैम के पास बीती बरसात में यह हाईवे पूरी तरह से जमींदोज हो गया था, जिसे बहाल में करने में करीब आठ महीनों का लंबा समय लग गया था। इस दौरान ट्रैफिक पंडोह डैम के पास से एक अन्य वैकल्पिक मार्ग से गुजारा गया। यदि यहां पर यह सड़क क्षतिग्रस्त होती है तो दोबारा से इसी सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ सकता है। बरसात की पहली बारिश में ही इतने बड़े डंगे के धंसने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। निर्माण कार्य और डंगे की गुणवता पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। एनएच पर कैंची मोड़ के पास भूस्खलन हो गया। इसकी जद में एक ट्रक आ गया है। यह ट्रक खराब होने के चलते यहां खड़ा किया गया था। मलबे की चपेट में आने से ट्रक को नुकसान पहुंचा है। डंगा धंसने के कारण हाईवे के बंद होने का खतरा भी मंडराने लगा है। हालांकि, अभी यहां पर एकतरफा यातायात बहाल है लेकिन सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिस कारण हाईवे के और ज्यादा क्षतिग्रस्त होने की सम्भावना बन गई है। यदि हाईवे यहां बंद होता है तो एक बार फिर कुल्लू मनाली आने जाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में वैकल्पिक मार्गों के अलावा और कोई विकल्प शेष नहीं रह जाएगा। लेकिन पंडोह और इसके साथ लगते इलाकों के लोगों को मंडी तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। यहां के बहुत से लोग रोजमर्रा के कार्यों के लिए मंडी आते-जाते हैं। स्कूल और कॉलेज के बच्चे बड़ी संख्या में रोज इस हाईवे पर सफर करते हैं।
भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा ने आज मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर बयान दिया कि मुख्यमंत्री का हमीरपुर में स्वागत करते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हमें यह बताएं कि उन्होंने पिछले 16 महीने में हमीरपुर के लिए क्या किया। अब उपचुनावों में उन्हें हमीरपुर की याद आई और अब दिन में चार चार जनसभाएँ कर रहे हैँ, लेकिन इससे पहले मुख्यमंत्री महज दो से तीन बार ही हमीरपुर आए पर विकास के नाम पर हमीरपुर को कुछ नहीं दिया। शर्मा ने कहा कि जिस बस अड्डा का रोना वह हर जगह रो रहे हैं उसका शिलान्यास भी तब किया जब राज्यसभा के चुनाव वाला एपिसोड हुआ। आशीष शर्मा ने पूछा है कि पिछले 16 महीने में जितने भी हमीरपुर विधानसभा के विकास के हित में काम किए वो बताएं ? जो घोषणाएं की उनमें से एक भी काम को मुख्यमंत्री ने पूरा नहीं किया और अब किस मुंह से वह हमीरपुर में आ रहे हैं और लोगों से वोट मांग रहे हैं। इन 16 महीने में जो काम बीजेपी ने शुरू किए हैं या जो योजनाएं भाजपा ने पहले से चला रखी हैं उनके अलावा कांग्रेस ने कौन सी योजना या विकास कार्य हमीरपुर विधानसभा में शुरू किए हैं। आशीष शर्मा ने कहा मुख्यमंत्री आज जनसभा को संबोधित करते हुए जो अपने वक्तव्य दे रहे हैं वह सब झूठ का पुलिंदा है।आशीष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री हमीरपुर की जनता को बस गुमराह कर रहे हैं और इसके अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। आशीष शर्मा ने मंगलवार को हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम केंद्र धनेड के तहत बलोनी, किरवीं, चंगर आदि क्षेत्रों में नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए बताया की मुख्यमंत्री ने सिर्फ हमीरपुर की जनता को गुमराह किया है इसके अलावा कुछ नहीं किया है और इसका जवाब जनता पूरे जोर-शोर से इस इलेक्शन में देगी।
ज़िला सोलन में फसलों का बीमा करवाने के लिए पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्रियान्वित की जा रही है। मक्की व धान की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 15 जुलाई, 2024 निर्धारित की गई है। यह जनाकरी कार्यकारी कृषि उप निदेशक सोलन डॉ. सीमा कंसल ने दी। उन्होंने बताया कि टमाटर की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2024 निर्धारित की गई है। डॉ. सीमा कंसल ने बताया कि इच्छुक किसान फसलों का बीमा अपने नज़दीकी लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से करवा सकते हैं। किसान अपनी जमाबन्दी, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, बिजाई प्रमाण पत्र आदि लेकर लोकमित्र केन्द्रों में जा कर बीमा करवा सकते है। किसान ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से भी फसल आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मक्की व धान की फसल के लिए 60 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। मक्की तथा धान की फसल का बीमा करवाने के लिए किसानों को 96 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। इसके अलावा टमाटर की फसल के लिए 02 लाख रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसानों को टमाटर की फसल के लिए 800 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरांत दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीयकृत आपदा को कवर किया जाता है। उन्होंने बताया कि ऋणी किसानों के लिए यह योजना ऐच्छिक की गई है। उन्होंने आग्रह किया कि किसान अपनी मक्की, धान व टमाटर की फसल का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने की स्थिति में उन्हें कृषि बीमा कम्पनियों से मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नज़दीकी खण्ड के कृषि विषय वाद विशेषज्ञ तथा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि से सम्पर्क कर सकते है।
** धर्मशाला के डीसी कार्यालय के सभागर में दिया प्रशिक्षण देहरा विस उपचुनाव के दृष्टिगत मतदान प्रक्रिया को लेकर माइक्रो आब्सर्जवर्स को धर्मशाला के डीसी कार्यालय के सभागार में प्रशिक्षण दिया गया इसमें सामान्य पर्यवेक्षक इजरायल वात्रे इंगटी, एडीएम डा हरीश गज्जू, नोडल आफिसर प्रशिक्षण संदीप शर्मा, नायब तहसीलदार संजय कुमार, अधीक्षक सुरेंद्र सिंह सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर ने सामान्य पर्यवेक्षक इजरायल वात्रे इंगटी ने बताया कि निष्पक्ष तथा स्वतंत्र निर्वाचन के लिए मतदान तथा मतगणना के दौरान पोलिंग बूथों पर माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए जाएंगे जो कि पूरी मतदान एवं मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि माइक्रा आब्जर्सवर को मतदान के कम से कम एक घंटे पहले पोलिंग बूथ पर पहुंचना जरूरी होगा तथा मॉक पोल में भी उपस्थिति जरूरी है। इसके साथ ही कम्यूनिकेशन प्लान भी तैयार करना होगा ताकि पोलिंग बूथों में मतदान प्रक्रिया की सही जानकारी समयबद्व दी जा सके। इस अवसर पर माइक्रो आब्सर्जवर को वीपीपैट तथा ईवीएम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इससे पहले नायाब तहसीलदार इलेक्शन ने विस्तार से माइक्रो आब्सर्जवर की मतदान प्रक्रिया में भूमिका तथा चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर दस माइक्रो आब्जर्बर को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और कोयला मंत्रालय में सदस्य डॉ. रीता सिंह ने आज यहां राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में पुरानी लिपियों और साहित्य के उन्नयन और संरक्षण के संदर्भ में राज्यपाल से विचार-विमर्श किया। उन्होंने राज्यपाल को ‘साहित्य का धर्म’ पुस्तक भी भेंट की।
देहरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू, देहरा उपचुनाव में जनता को सब्जबाग दिखा रहे हैं, चुनावी बेला में लोक लुभावने वादे करने वाले सीएम बताएं कि इससे पहले उन्हें देहरा की याद क्यों नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार में आजाद और भाजपा विधायकों के तो छोड़िये, पार्टी के अपने कांग्रेस विधायकों के भी काम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पति-पत्नी और मित्रों की सरकार चल रही है। चहेतों को रेवड़ियां बांटी जा रही हैं और जरूरतमंदों को अनदेखा किया जा रहा है। होशियार सिंह ने कहा कि सीएम सुक्खू तो झूठ पर झूठ बोल ही रहे थे, अब देहरा से कांग्रेस प्रत्याशी एवं सीएम की धर्मपत्नी भी उनसे पीछे नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी देहरा की ध्याण की बात कहकर देहरा की जनता को भ्रमित कर रही हैं, लेकिन देहरा की जनता ने पिछले दो चुनावों में धरती पुत्र का साथ दिया है और इस बार भी देगी। उन्होंने कहा कि सीएम ने तमाम कांग्रेस नेताओं की फौज को देहरा में तैनात कर दिया है। यही नहीं अधिकारियों से पल-पल की खबर ली जा रही है कि भाजपा का प्रचार कैसा चल रहा है। यदि सीएम को लगता है कि वे पंद्रह महीने में ही लोकप्रिय हो चुके हैं तो फिर क्यों खुद बार-बार देहरा के चक्कर लगा रहे हैं और क्यों वरिष्ठ नेताओं का डेरा, देहरा में जमा दिया है। होशियार सिंह ने कहा कि देहरा कोई नहीं तेरा का नारा पूर्व में दिया जाता था, जिसे मैंने तोड़ते हुए देहरा को अपनाया और विकास को गति दी, लेकिन वर्तमान सरकार ने देहरा के विकास को विराम लगा दिया है, जिसका बदला, देहरा की जनता उपचुनाव में जरूर लेगी।
**107 वर्षीय मिल्खी राम ने डाला वोट, युवाओं को किया प्रेरित देहरा में विधानसभा उपचुनावों के मध्यनजर निर्वाचन आयोग की टीमें पिछले चार दिन से लगातार बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के घरों में जाकर उनका वोट डलवा रही है। रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा ने बताया कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में अभी तक 570 मतदाताओं ने घर से मतदान किया है। घर से मतदान करने वालों में 85 वर्ष से अधिक आयु के 491 मतदाता और 79 दिव्यांग मतदाताओं ने अभी तक अपना वोट डाला है। इसके लिए चुनाव आयोग की दस टीमें घर-घर जाकर पूरी गोपनीयता से होम वोटिंग करवा रही हैं। 64 प्रतिशत पात्र मतदाताओं ने डाला वोट रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि 6 जुलाई तक चलने वाले होम वोटिंग के इस अभियान में अभी तक 64 प्रतिशत से अधिक पात्र मतदाताओं ने अपना वोट डाल दिया है। उन्होंने बताया कि देहरा निर्वाचन क्षेत्र में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की कुल संख्या 2042 है। क्षेत्र में फॉर्म 12 (डी) के माध्यम से 947 लोगों ने होम वोटिंग का विकल्प चुना था, जिनमें से 889 के फॉर्म वैध पाए गए। इनमें 742 बुजुर्ग और 147 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं। बुजुर्ग भर रहे युवाओं में उत्साह होम वोटिंग का विकल्प चुनने वाले पात्र मतदाता वोट डालने के लिए खासे उत्साहित दिख रहे हैं। 742 पात्र बुजुर्ग मतदाताओं में से 491 ने अपना वोट डाल दिया है। बड़ी संख्या में मतदान करके बुजुर्ग मतदाता युवाओं को वोट डालने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस दौरान निर्वाचन आयोग की टीम ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के घरथेड़ू में 107 वर्षीय मिल्खी राम के घर में जाकर पूरी गोपनियता से उनका मतदान करवाया। मिल्खी राम ने जहां एक तरफ चुनावों में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग के प्रयासों की सराहना, वहीं सभी लोगों विशेषकर युवाओं को बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए प्रेरित किया।
शिमला की मंडियों में सेब ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। अर्ली वैरायटी का मंडी में पहुंचना शुरू हो गया है । मंगलवार को रेड जून और टाइडमैन सेब लेकर बागवान भट्टाकुफर फल मंडी पहुंचे। हालांकि सेब कच्चा होने के चलते बागवानों को सेब के अच्छे दाम नही मिल रहे है। मंडी में आठ बॉक्स सेब के पहुचे जहां हाफ बॉक्स 350 रुपए में बिका। इसके अलावा नाशपाती सहित अन्य स्टोन फ्रूट भी मंडी में आ रहे है जिसके अच्छे दाम बागवानों को मिल रहे है। आने वाले दिनों में सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा। 15 जुलाई के बाद ही सेब सीजन पूरी तरह से शुरू होता है। और इस साल से सरकार द्वारा इस बार यूनिवर्सल कार्टन में सेब बेचने के निर्देश जारी किए है और अन्य किसी बॉक्स में बागवान सेब नही बेच पाए है। लेकिन अभी तक बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन बाजार में नही पहुंचा है ओर न ही सरकार इसको लेकर कोई व्यवस्था कर पाई है। ऐसे में बागवान परेशान हो रहे है। अभी बागवान टेलीस्कोपी कार्टन में ही सेब मंडियों में लेकर आ रहे है। भट्टाकुफर फल मंडी के आढ़ती ज्ञान चन्द ने कहा कि नाशपाती और सेब ने मंडी में दस्तक देना शुरू कर दिया और आज मतियाणा से बागवान सेब लाकर पहुंचे हैं लेकिन बागवानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर प्रदेश सरकार द्वारा यूनिवर्सल कॉटन में सेब बेचने की व्यवस्था करने के फरमान तो जारी कर दिए लेकिन यूनिवर्सल कार्टन अभी फिलहाल बागवानों को नहीं मिल रहे हैं। बागवान फ्रूट अभी टेलीस्कोपी कार्टन में ही ला रहे है। जिला में एक दो दुकानों पर ही यूनिवर्सल कार्टन का दाम तय नही किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द यूनिवर्सल कार्टन बागवानों को उपलब्ध करवाया जाए और इसके दाम तय करवाए जाएं ताकि बागवानों को परेशान ना होना पड़े। बागवानों ने यूनिवर्सल कार्टन के सरकार के फैसले का स्वागत को तो किया लेकिन अभी मार्किट में यूनिवर्सल कार्टन न मिलने से बागवान निराश है। बागवानों का कहना है कि सरकार का ये फैसला अच्छा है लेकिन बाजार में कही ये कार्टन नही मिल रहा है। जिसके चलते उन्हें पुराने कार्टन में ही नाशपाती, सेब लेकर आना पड़ रहा है। बागवानों ने सरकार से जल्द यूनिवर्सल कार्टन की व्यवस्था करने की मांग सरकार से की।
इनर व्हील क्लब सोलन द्वारा दयानन्द आदर्श विद्यालय के कनिष्ठ विभाग में आज हाइजीन चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में डॉक्टर्स क्लब सदस्यों के साथ मिलकर छात्र व छात्रों की दाँतो की जाँच की व उनको ओरल हेल्थ के बारे में जानकारी दी। इस कैंप में विद्यालय की प्रधानाचार्य उमा मित्तल ने भाग लिया और बच्चो को इस कैंप की महत्ता बताई और इनर व्हील क्लब सोलन के सदस्यों का धन्यवाद किया।
**धर्मशाला के युवक को दिया शादी का झांसा **दुल्हन पहले से ही एक बच्चे की है माँ झालंधर की महिला ने धर्मशाला के एक युवक को पहले शादी के झांसे में फसाया और उसके बाद गहने और पैसे लेकर दुल्हन फरार हो गई| इतना ही नहीं लुटेरी दुल्हन के साथ पंजाब का एक गिरोह भी पूरी तरह से सक्रिय था, जो शादी करवाने के के नाम पर पहले ही युवक और उसके परिवार से डेढ़ लाख रुपए हड़प रफूचक्कर हो गया। पंजाब के लुधियाना में फ्रॉड शादी हुई, जबकि महिला पहले से ही शादीशुदा है और एक बच्चे की मां है। मिली जानकारी के अनुसार धर्मशाला के सकोह के युवक और उसका परिवार शादी के लिए रिश्ते तलाश कर रहा था। रिश्ते की तलाश करते करते युवक पंजाब के कुछ शातिरों के संपर्क में युवक आ गया, शातिरों ने उन्हें एक युवती से विवाह करवाने की बात कही। साथ ही कहा कि लड़की गरीब परिवार से हैं तो शादी का सभी खर्च भी आपको ही देना होगा। इसके बाद युवक व उनके परिवार ने डेढ़ लाख रुपए शादी से पहले ही दे दिए। युवक की पंजाब के लुधियाना में फ्रॉड मैरिज भी करवाई और इसी दौरान ही महिला व शातिर लोग गायब हो गए। कांगड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है|
**पूर्व निर्दलीय विधायक ने किया कलंकित, मुख्यमंत्री से करवाना चाहते थे गलत काम **प्रदेश के मुखिया से घर में रोज पूछा करूंगी देहरा के लिए क्या किया कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश ठाकुर ने कहा कि देहरा की जनता पूर्व निर्दलीय विधायक होशियार सिंह के राज और राग जानती है। उन्होंने देहरा को कलंकित किया है। उन्होंने विधायकी से इस्तीफा देकर ऐसा कलंक लगाया है, जिसे दस जुलाई को मिटाना जरूरी है। होशियार सिंह मुख्यमंत्री से गलत काम करवाना चाहते थे, लगातार अपने निजी कामों के लिए मिलते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री ने जब मना कर दिया कि प्रदेश के साथ धोखा नहीं करूंगा तो पूर्व विधायक सरकार गिराने की साजिश रचने में जुट गए। कमलेश ठाकुर ने विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न जगह नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के भविष्य को संवारने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन पूर्व निर्दलीय विधायक कौन सा राग लगातार अलाप रहे थे देहरा की जनता भलीभांति जानती है। उनके राज भी लोगों से छिपे नहीं हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश की युवा पीढ़ी व हितों से खिलवाड़ करने वाले काम कभी नहीं करते। होशियार सिंह ने अगर 14 महीने में निजी हित के बजाय जनहित को सर्वोपरि रखा होता तो देहरा आज कहां का कहां पहुंच गया होता। सड़कों की हाल दयनीय नहीं होती, अधूरे पूल पूरे होते, लोग पानी के लिए नहीं तरसते, लो वोल्टेज की समस्या हल हो चुकी होती। कमलेश ठाकुर ने कहा कि अब देहरा विकास में पीछे नहीं रहेगा। आपकी ध्याण रोज घर में मुख्यमंत्री से पूछेगी कि देहरा के लिए क्या किया। अब घर में देहरा, देहरा ही गूंजा करेगा। पूर्व निर्दलीय विधायक को अपने साढ़े छह साल के कार्यकाल का हिसाब जनता को देना होगा। साथ ही यह भी बताना पड़ेगा कि किस मजबूरी में 14 महीने में विधायक पद से इस्तीफा देकर दोबारा विधायक बनने का चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी नाकामियों का पूरा हिसाब किताब जनता के सामने हैं। क्षेत्र की जनता बदलाव चाहती है और अपनी ध्याण को जिताकर विधानसभा भेजेगी। उन्होंने कहा, लोगों को पूरा विश्वास है कि देहरा की बेटी ही क्षेत्र का विकास करवा सकती है। इसलिए सभी मतदाताओं से उनकी अपील है कि 10 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में कांग्रेस के पक्ष में मतदान करें। यह चुनाव साढ़े तीन साल के लिए हो रहा है। जनता के पास कांग्रेस को परखने का मौका है। सरकार के साथ चलने से देहरा की तस्वीर बदल जाएगी। यह चुनाव कमलेश ठाकुर का नहीं देहरा की समस्त जनता का है। जनता ही यह चुनाव लड़ रही है, चूंकि उनके पास जनबल की ताकत है। अपनी ध्याण को वोट के रूप में इतना शगुन दें कि मायके का सिर ससुराल और प्रदेश में गर्व से ऊंचा हो।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के दृष्टिगत एक मतदान केन्द्र में परिवर्तन करने को लेकर विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की गई। नालागढ़ निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केन्द्र 87 दत्तोवाल-2 जो राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल (पश्चिमी भाग) में जर्जर हालत में स्थित था, स्कूल प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया है। ऐसे में अब इस मतदान केन्द्र को राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल के परिसर में ही स्थित दूसरे भवन में परिवर्तित करने पर राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श कर सहमति जताई गई। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर उप-चुनाव को पारदर्शी व निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए राजनीतिक दलों से सहयोग का आग्रह भी किया। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की संधीरा सीनु सिंह, भारतीय जनता पार्टी के चन्द्र कांत शर्मा, बहुजन समाज पार्टी के राकेश बराड़, आम आदमी पार्टी के भरत ठाकुर सहित तहसीलदार निर्वाचन सोलन ऊषा चौहान एवं निर्वाचन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों एवं क्षेत्र की लम्बित मांगों के दृष्टिगत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित करना उनकी प्रतिबद्धता है तथा अधिकारियों को सभी लम्बित कार्य को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं पर कार्य पूर्ण होने के करीब हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो ठेकेदार कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने में असमर्थ हैं या जिनके कार्यों की गुणवत्ता तय मानकों से कम पाई गई है, उन्हें विभाग द्वारा ब्लैक लिस्ट में डाला जाए तथा तब तक पुनः कार्य आवंटित न किया जाए जब तक वे कार्य की गुणवत्ता में आशातीत सुधार नहीं लाते। उन्होंने शिमला ग्रामीण क्षेत्र में निर्माणाधीन विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। इनमें मुख्य तौर पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत कार्य, सम्पर्क मार्ग, स्कूल भवन, विज्ञान प्रयोगशाला, आयुर्वेदिक डिस्पैंसरी, पॉलिटेक्निक कॉलेज, पुस्तकालय भवन, विभिन्न सड़कों का निर्माण एवं टारिंग, प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थान, सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थान सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं। लोक निर्माण मंत्री ने क्षेत्र में जलशक्ति विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण क्षेत्रों में पानी छोड़ने की समयसारिणी से उन्हें अवगत करवाया जाए। उन्होंने जलशक्ति विभाग की उठाऊ पेयजल योजनाओं, सिंचाई योजनाओं, कूहलों के निर्माण एवं रखरखाव व वर्षा जल संग्रहण बांध के सम्बन्ध में भी चर्चा की। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों से चर्चा के दौरान शिमला ग्रामीण के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दर्शाई। उन्होंने शिमला ग्रामीण के विभिन्न क्षेत्रों में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवाएं आरम्भ करने, बसों के मौजूदा रूटों का दायरा बढ़ाने, सुन्नी बस अड्डे को नई बसें प्रदान करने, धामी बस अड्डे के नए भवन के निर्माण आदि को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। विक्रमादित्य सिंह ने नगर निगम शिमला के तहत आने वाले शिमला ग्रामीण विधानसभा के क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों एवं मांगों को लेकर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक में सीवरेज पाईप बिछाने, पार्किंग एवं एम्बुलेंस सड़क के निर्माण आदि कार्यों पर भी चर्चा की। बैठक में नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेन्द्र अत्री और लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, परिवहन विभाग, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
**पूरी तरह मुस्तैद निगरानी और सुरक्षा में तैनात कर्मचारी: एसडीएम देहरा निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा उपचुनावों के मद्देनजर सकरी चैक पोस्ट पर फ्लाइंग स्क्वाड की एक टीम ने एक गाड़ी से 1 लाख 37 हजार 220 रूपये कैश बरामद किया है। गाड़ी पंजाब की है और मामले में आगे तफ्तीश जारी है। यह जानकारी देते हुए रिटर्निंग अधिकारी (एसडीएम) देहरा शिल्पी बेक्टा ने बताया कि देहरा के सकरी चैक पोस्ट पर आज सोमवार को फ्लाइंग स्क्वाड टीम-2 के इंचार्ज अनिल वर्मा, एएसआई राम चंद और उनके दल ने गाड़ियों की जांच के दौरान यह कैश पकड़ा। शिल्पी ने बताया कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनावों को देखते हुए निगरानी दलों द्वारा जगह-जगह नाके लगा कर गाड़ियों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। उड़न दस्ते, स्टेटिक निगरानी दल और पुलिस टीमें विभिन्न जगहों पर गाड़ियों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। सभी संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नियमित गश्त के साथ-साथ हर प्रकार की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। एसडीएम ने बताया कि देहरा निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव संबंधित प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग के निर्देशानुसार उपयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि देहरा में विधानसभा उपचुनावों के लिए दो सेक्टर मजिस्ट्रेट, 10 सेक्टर ऑफिसर, एक सहायक व्यय पर्यवेक्षक, एक अकांउटिंग टीम, 6 फ्लाइंग स्क्वाड टीमें, 6 स्टेटिक निगरानी दल, दो वीडियो सर्विलांस टीम और एक वीडियो व्यूइंग टीम तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा देहरा विधानसभा क्षेत्रों में तैनात स्टेटिक निगरानी टीमों द्वारा लगाए नाकों का औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है। क्षेत्र में निगरानी दल पूरी मुस्तैदी से अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगरानी दलों में तैनात कर्मचारियों को गाड़ियों के दस्तावेज जांचने के साथ पूरी सतर्कता से काम करने तथा हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उपचुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए प्रशासन ने पूरी व्यवस्था चाक चौबंद कर रखी है। क्षेत्र में अर्धसैनिक बल और पुलिस की टुकड़ियों द्वारा फ्लैग मार्च निकाल कर जनता को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आश्वस्त किया जा रहा है। इसके साथ लोगों को भयमुक्त होकर मतदान करने का संदेश भी दिया जा रहा है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आज पूरे राष्ट्र सहित जनजातीय जिला किन्नौर में भी आरंभ किए गए स्टॉप डायरिया अभियान-2024 का क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ से शुभांरभ किया। उन्होंने इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को सफल बनाने के हर संभव प्रयास करें तथा गांव-गांव जाकर लोगों को डॉयरिया के प्रति जागरूक करें। उन्होंने विशेषकर बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने पर बल दिया ताकि वे जल जनित रोगों से ग्रस्त न हों। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी ने इस अवसर पर उपायुक्त का क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचने पर स्वागत किया और उन्हें स्टॉप डायरिया अभियान के संदर्भ में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविराज नेगी, प्रधानाचार्य डाईट कुलदीप नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
किन्नौर जिला के कल्पा विकास खण्ड की ग्राम पंचायत छितकुल स्थित देवी माता मंदिर परिसर में 09 जुलाई, 2024 को आयुष विभाग द्वारा एक दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां जिला आयुष अधिकारी डॉ. इंदु शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिविर में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ का एक दल स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रकार की ब्याधियों जिनमें नेत्र रोग, आमवात, बावासीर, जटिल, जीर्ण व असाध्य रोग शामिल रहेंगे की निःशुल्क चिकित्सा प्रदान करेगा। इसके अलावा लोगों को मुफ्त आयुर्वेदिक औषधियां भी वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित विभागीय कैलेण्डर के अनुरूप किया जा रहा है। उन्होंने सभी लोगों से इन निःशुल्क शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया।


















































