भुंतर: पुलिस थाना भुंतर की टीम ने बजौरा फॉरलैन में नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक न० PB03BH1683 से 1800 बोतलें बियर मार्का थंडर बोल्ट व 960 बोतलें बियर मार्का टुबोर्ग, कुल 2760 बोतलें बियर बरामद की गई है। इस संदर्भ में चालक बलविंदर सिंह निवासी शालुवाल तहसील नाभा जिला पटियाला (पंजाब) के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत पुलिस थाना भुंतर में प्रकरण दर्ज किया गया है तथा अभियोग में आगामी अन्वेषण जारी है।
ज्वालामुखी: एलीट इंटरनेशनल सर्विसेज एंड कॉन्ट्रैक्टिंग एलएलसी अपशिष्ट प्रबंधन स्टार्ट-अप के ससंस्थापक ज्ञान चंद सूद एक दूरदर्शी उद्यमी हैं, जिनका जी.सी.सी. और ओमान सल्तनत में उद्योग में 35 वर्षों से अधिक का उल्लेखनीय करियर रहा है। देव भूमि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी से निकलकर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी। सूद की यात्रा उन्हें कुवैत, कतर और अंत में ओमान ले गई, जहाँ उन्होंने खतरनाक और गैर खतरनाक दोनों तरह के रासायनिक अपशिष्टों को संभालने में अपनी विशेषज्ञता को बढ़ाया। खासकर ओयल और गैस क्षेत्र। 2007 में ज्ञान चंद सूद ने अपने अनुभव और अंतर्दृष्टि का लाभ उठाकर एलीट एंटरप्राइजेज वर्ल्डवाइड एलएलसी की स्थापना की। वर्षों से, उत्कृष्टता और उद्योग-अग्रणी प्रथाओं के कार्यान्वयन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने कंपनी की प्रतिष्ठा को बढ़ाया। 2019 में, उनके सुपुत्र शिव सूद ने एलीट इंटरनेशनल सर्विसेज एंड कॉन्ट्रैक्टिंग एलएलसी की स्थापना करके अपने पिताजी के दूरदर्शी प्रयासों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो को व्यापक बनाते हुए इसमें लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित भंडारण और ओयल और गैस क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले खतरनाक और गैर खतरनाक रासायनिक अपशिष्टों का ओमान सरकार के नियमों के अधीन अपशिष्टों के पुनर्चक्रण, उपचार और निपटान को शामिल किया गया। इसी व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए उनके सुपुत्र शिव सूद ने 15 जुलाई 2024 को अभिजात वर्ग खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन समाधान एफ जेड सी एल एल सी का सोहार (ओमान) में 3.5 मिलियन डॉलर की लागत के खतरनाक अपशिष्ट उपचार संयंत्र का शिलान्यास किया। यह परियोजना, रणनीतिक रूप से सोहार फ्रेज़ॉन में है, ओमान में संचालित विभिन्न उद्योगों द्वारा उत्पन्न विभिन्न औद्योगिक केमिकल अपशिष्टों के पुनर्चक्रण, उपचार और निपटान में विशेषज्ञ होगी। 10 हजार वर्ग मीटर में फैली और 3.5 मिलियन अमरीकी डॉलर (1.3 मिलियन ओएमआर) के कुल निवेश वाली नई सुविधा, कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल तकनीक का उपयोग करेगी। इसमें अग्रणी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण शामिल होंगे, जो ऑयली स्लज, कॉन्टैमिनेटेड सोईल, यूज्ड ऑयल, पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक, टायर्स जैसे औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थों का सुरक्षित उपचार सुनिश्चित करेंगे। इस प्रकिया के अंत में हैवी ऑयल, वायर्स और कार्बन निलेगी। हैवी ऑयल का उपयोग कृषि उपकरणन, समुद्री जहाजों इत्यादि, कार्बन का उपयोग सड़कों का निर्माण करने के लिए, सीमेंट कारखानों, वायर्स का उपयोग स्टील इंडस्ट्रीज़ में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अल बातिनाह सोहार के गवर्नर- शेख मुहम्द सुलेमान अल किन्दी, पर्यावरण अधिकारी, ऑयल और गैस क्षेत्र के बिज़नेस हेड्स, अन्य प्रमुख अधिकारी, एलीट के फाउंडर - ज्ञान चंद सूद, को फाउंडर - शिव सूद, कैमिकल इंजीनियर- मोहमद् शाकिर, एलीट के (सी.ओ.ओ )- इंजीनियर मोहमद सालिम साइद् हरदान, फाइनेंस हेड - नवीन कुमार, बिज़नेस मैनेजर - अविनाश भाटिया और टीम एलीट की उपस्थिति में यह शिलान्यास संपन्न हुआ।
शिमला शहर के जिन क्षेत्रों में एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाती है वहां अब स्ट्रेचर और व्हील चेयर की सुविधा नगर निगम देने जा रहा है। नगर निगम ने 40 स्ट्रेचर और 40 व्हील चेयर खरीदे है जोकि शुक्रवार को नगर निगम महापौर कार्यालय पहुंचे और अब इन्हें हर वार्ड में रखा जाएगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ आपातकाल या मरीजों को सड़क तक लाना मुश्किल होता है। नगर निगम द्वारा एसजेवीएल के माध्यम से इसकी खरीदारी की है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने जानकारी देते हुए कहा कि शिमला शहर एक पहाड़ी क्षेत्र है और हर जगह सड़क की सुविधा नहीं है इसको देखते हुए पार्षदों द्वारा स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की डिमांड की गई थी |अभी पहले चरण में 40 स्ट्रेचर और 40 व्हील चेयर खरीदी गई है इसके अलावा भी यदि कहीं से डिमांड आती है तो उस वार्डस में फिर से स्ट्रेचर और व्हील चेयर मुहैया करवाए जाएगें। इसे खासकर मरीजों को सड़क तक लाने के लिए आसानी होगी और यह वार्डों में पार्षद कार्यालय में रखा जाएगा जहां से लोग इन्हें किसी भी समय ले सकते हैं। इसके अलावा शहर में सभी वार्डों में लोगों को नए 350 बेंच की सुविधा मिलने वाली है। इन्हें वार्डों में विभिन्न स्थानों पर लगाया जाएगा। इन बेंचों को ऐसे स्थानों पर लगाया जाएगा जिससे इनकी सुविधा आम लोगों को मिल सके। वार्ड के पार्षदों द्वारा बेंच लगाने के लिए स्थान को चिन्हित किया जाएगा। इससे वार्ड के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। जिन वार्डों में बेंच की ज़रुरत नहीं होगी तो वार्डों को ज़्यादा बेंच दिए जाएंगे।
सोलन: आज सारथी सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित पोधरोपण कार्यक्रम की आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता उप-पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धोलटा ने की| इस दौरान अनिल धोलटा ने कहा कि प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए तथा अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। पेड़ पर्यावरण को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वायु की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं। जो की मनुष्यों और अन्य जीवित प्राणियों के लिए आवश्यक हैं। वृक्षारोपण से प्रदूषण के स्तर में भी कमी आती है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का जीवन अधिक सुरक्षित होता सकता है। पौधे कई तरह से पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस अवसर पर देवदार के पौधे का पौधरोपण किया। सारथी संस्था के अध्यक्ष सुभाष सकलानी ने इस अवसर पर मुख्यातिथि का स्वागत किया और उन्हें एक पौधा भी भेंट किया। भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत्त डॉक्टर जी.आर. साहिबी ने संस्था द्वारा सामाजिक क्षेत्र व पर्यावरण के विषय पर संस्था द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों से अवगत करवाया। पौधरोपण अभियान में आंवला, जामुन, देवदार, रीठा, बेहड़ा, टिकोमा, शीशम, केमेलिया, बांस इत्यादि के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनयाल, संस्था के सचिव अनिल भनोट, महाविद्यालय व विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित थे।
ज़िला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने ज़िला परिषद सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियां एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए बेहतर समन्वय स्थापित कर गति प्रदान करें ताकि समय पर परियोजनाओं का लोगों को लाभ मिल सके। रमेश ठाकुर आज यहां ज़िला परिषद की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। ज़िला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि ज़िला परिषद सदस्य प्रदेश सरकार, ज़िला प्रशासन एवं आम-जन के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और सभी के सहयोग से ही समयबद्ध विकास सुनिश्चित हो सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह प्रयास रहना चाहिए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सकारात्मक सहयोग से जनता की समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जा सके। रमेश ठाकुर ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों को ज़िला परिषद की बैठक में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं बैठक से पूर्व प्रेषित करें ताकि इनका उचित समाधान किया जा सके। उपमण्डलाधिकारी (ना.) सोलन डॉ. पूनम बंसल ने विश्वास दिलाया कि ज़िला प्रशासन चुने हुए प्रतिनिधियों के समन्वय के साथ जन समस्याओं के निवारण के लिए प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि विकासात्मक कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ गतिशीलता लाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के अनुभव एवं बेहतर निर्णय आमजन की समस्या को कम करने में सहायक बनते हैं। बैठक में 59 पुराने मद व 18 नए मद पर चर्चा की गई। आज की बैठक में सड़क, बस रूट, विद्युत, पेयजल, राजस्व सहित अन्य समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ज़िला परिषद के सदस्यों को 12 दिसम्बर, 2023 से 18 जुलाई, 2024 तक के आय-व्यय का ब्यौरा दिया गया। ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिंदर राणा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में ज़िला परिषद उपाध्यक्ष कमलेश कंवर, विभिन्न ज़िला परिषद सदस्य, उपमण्डलाधिकारी (ना.) कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
भारत सरकार के महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आरंभ की गई मिशन शक्ति योजना के तहत जनजातीय जिला किन्नौर में महिलाओं के कल्याण के लिए 100 दिन विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी किन्नौर संजोक सिंह मैहता ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिला के निचार उपमण्डल की कटगांव पंचायत के विभिन्न गांव में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया गया। इस दौरान महिलाओं का चैक-अप भी किया गया तथा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। शिविर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सैन्टर तथा महिलाओं के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए हैल्पलाईन नम्बर बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के लिए आरंभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल व विधवा पुनर्विवाह योजनाओं की भी उपस्थित महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न के मामलों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
भारत सरकार के महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आरंभ की गई मिशन शक्ति योजना के तहत जनजातीय जिला किन्नौर में महिलाओं के कल्याण के लिए 100 दिन विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी किन्नौर संजोक सिंह मैहता ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिला के निचार उपमण्डल की कटगांव पंचायत के विभिन्न गांव में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया गया। इस दौरान महिलाओं का चैक-अप भी किया गया तथा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। शिविर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सैन्टर तथा महिलाओं के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए हैल्पलाईन नम्बर बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के लिए आरंभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल व विधवा पुनर्विवाह योजनाओं की भी उपस्थित महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न के मामलों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि में उन्नत तकनीक व अनुसंधान का लाभ सुनिश्चित कर रही प्रदेश सरकारः डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना’ के तहत एक बिक्री केन्द्र (आउटलेट) का शुभारंभ किया, जिसमें प्राकृतिक खेती से निर्मित लगभग 100 से अधिक उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ उन्नत कृषि ही किसानों की आर्थिकी को बेहतर बनाने का उचित माध्यम है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय में आशातीत वृद्धि करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के लिए कृत संकल्प है। प्राकृतिक उपज के उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं उपज का बेहतर मूल्य दिलवाने के लिए योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग और अनुसंधान को खेत तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने इससे पूर्व विश्वविद्यालय के पुस्तकालय परिसर में पुतरन्जीवा तथा रोकसब्रगाई पौधों का पौधरोपण भी किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव ठाकुर, संधीरा दुल्टा, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, उपमण्डलाधिकारी (ना.) डॉ. पूनम बसंल, डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल, कमांडिंग ऑफिसर प्रथम हिमाचल प्रदेश गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन कर्नल संजय शांडिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित इस अवसर पर थे।
कुनिहार:-आज कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम सहित सभा के सदस्यों ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सरकार से अपने संयुक्त बयान में मांग कि है कि कुनिहार सिविल अस्पताल की भी सुध लें| वहां की कमियों के बारे में भी जानकारी हासिल करें कि यहां के लोग किस प्रकार से स्वास्थ्य सुविधा पूरी न होने के कारण कितने परेशान व आक्रोश में है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्वास्थ्य मंत्री महोदय भी कभी भी इस अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधा या कमियों के बारे निरीक्षण करने के लिए नहीं आए उन्होंने कभी भी जानने का प्रयास नहीं किया कि यहां पर लोगों की समस्याएं है| लोग किस प्रकार से अपने इलाज करवाने हेतु सोलन व शिमला जाने को मजबूर है जबकि स्वास्थ्य मंत्री जी के निवास स्थान ममलीग और सायरी से यह हॉस्पिटल करीब सात आठ किलोमीटर की दूरी पर है|यहाँ तो लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिओए लेकिन यहाँ तो आपसी राजनीति के कारण यहां के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है| पहले भी स्वास्थ्य मंत्री और संजय अवस्थी से जुबानी और लिखित तौर पर अनुरोध किया जा चुका है| बता दे कि यहां पर करीब 14 पंचायत के लोग स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करते हैं| स्थानीय लोग एक एमडी मेडिसिन की नियुक्ति के बारे में भी आग्रह कर चुके हैं लेकिन इस मांग को भी पूरा ना किया गया और न ही यहां स्वास्थ्य सुविधा के उपकरण व स्टाफ पूरा है। उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि नागरिक अस्पताल सायरी स्वास्थ्य मंत्री जी के विधानसभा क्षेत्र में आता है जहां पर वह कई बार निरीक्षण कर चुके हैं मगर विधायक होने के साथ वह पूरे प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य मंत्री भी है और कुनिहार भी इसी प्रदेश का हिस्सा है। कुनिहार विकास सभा जनहित में प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री व विधायक अर्की विधानसभा क्षेत्र से आग्रह करती है कि सिविल हॉस्पिटल कुनिहार का भी निरीक्षण करके यहां की कमियों को दूर किया जाए व वरिष्ठ नागरिक और लोगों से भी इस अस्पताल की सुविधाओं के बारे विचार विमर्श किया जाए ताकि सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य संबंधित लाभ यहीं पर प्राप्त हो। इस मामले में प्रधान धनीराम तंनवर सहित गोपाल पवंर, भागमल तनवर, ज्ञान ठाकुर, हेमसिंह पवंर ,दीप राम ठाकुर ,नागेंद्र ठाकुर, जगदीश ठाकुर ,बलबीर चौधरी, बाबूराम तनवर, संतराम ,ओम प्रकाश ठाकुर, सनी राघव ,विनोद ,ज्ञान गर्ग और प्रेम राज चौधरी ने भी सरकार से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और समस्याओ का जल्द से जल्द हल निकालने का आग्रह किया|
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्यों की संख्या सोमवार को पूरी 68 होने वाली है| 22 जुलाई को तीन नवनिर्वाचित विधायक पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे| हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तीनों नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाएंगे| यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे विधानसभा परिसर में बनी लाइब्रेरी में होगा| इनमें देहरा से मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, नालागढ़ से बावा हरदीप सिंह, दोनों ही कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीतकर आये है वही हमीरपुर से आशीष शर्मा भी शामिल है जो बीजेपी टिकट पर चुनाव जीतकर एक बार फिर विधानसभा पहुँचेगे| तीन नव निर्वाचित विधायकों की शपथ के बाद क्या होगा आंकड़ा: विधानसभा में कुल सदस्य- 68 बहुमत का आंकड़ा- 34 कांग्रेस- 40 विपक्षी बीजेपी- 28
**प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट **अगस्त में मानसून के रफ्तार पकड़ने की संभावना प्रदेश में बरसात की गति धीमी बनी हुई है। बरसात में अभी तक सामान्य से 40 फीसदी तक कम बादल बरसे हैं मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान बरसात में बढ़ोतरी के आसार जताए हैं और 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उसके बाद जुलाई के अंत तक मानसून में कमी देखने को मिलेगी मौसम विभाग के अनुसार अगस्त माह की शुरुआत में मॉनसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में वर्षा में तेजी आने की संभावना है इसके लिए विभाग ने अलर्ट जारी किए हैं। उन्होंने बताया के प्रदेश के चार जिला शिमला, मंडी, कांगड़ा और बिलासपुर मे सामान्य के आसपास वर्षा हुई है जबकि बाकी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति, सिरमौर, सोलन और ऊना मे हुई है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में मानसून कम ही असरदार रहेगा जबकि अगस्त माह की शुरुआत में मानसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं में इस बार कमी पाई गई है जिसके चलते पहाड़ों में बारिश कम हो रही है।
सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज इन्नरव्हील क्लब सोलन द्वारा मेडिकल अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस कैंप में प्रेसिडेंट प्रियंका अग्रवाल, ट्रेजर नीलम साहनी, आईएसओ मधु तंवर भी शामिल रही। इस अवेयरनेस कैंप में कक्षा छठी से आठवीं तक की सभी लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूक करवाया। इस दौरान डॉक्टर नीतू सिंगल जो कि एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ है उन्होंने एचपीवी वैक्सीन के बारे में जानकारी दी और उन्होंने कहा कि 9 वर्ष से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को यह जरूर लगवाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। इस दौरान बच्चों को बाहर की चीजों को कम से कम खाने की सलाह दी गई।
** पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने चुराग में 4.52 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले खंड विकास कार्यालय की रखी आधारशिला **ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए भरे जा रहे हैं 4 हजार पद, भर्ती प्रक्रिया जारी देवता दानवीर कर्ण मूल माहूंनाग बखारी कोठी का दो दिवसीय जन्मोत्सव धूमधाम से संपन्न हो गया। समापन समारोह में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवता दानवीर कर्ण मूल माहूनाग की पूजा अर्चना कर देवता का आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने करसोग के चुराग में 4.52 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले खंड विकास कार्यालय चुराग की आधारशिला भी रखी। पहली बार मूल मांहुनाग मंदिर पहुंचे ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि देवता के आशीर्वाद और कृपा दृष्टि से आज यहां आना हुआ है। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घर द्वार पर बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने कहा ग्राम पंचायतों में एक करोड़ 14 लाख से पंचायत घर बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक लगभग 47 करोड़ रूपए की राशि प्रदेश में पंचायतों को पंचायत घर निर्माण के लिए उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। ग्रामीण विकास एवम पंचायती राज मंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए विभाग में लगभग 4 हजार पदों को भरा जा रहा हैं। जिसकी भर्ती प्रक्रिया चल रही हैं। उन्होंने पंचायत भवन मांहुनाग निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, खेल मैदान के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए और मंदिर समिति को 50 हज़ार रुपए देने की घोषण की। चुराग पंचायत में गेस्ट हाउस निर्माण करने के लिए उचित धन राशि उपलब्ध करवाने का भीं आश्वासन दिया। इसके अलावा, चुराग में महिला मंडल को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए 10 हज़ार रुपए देने की भी घोषणा की। प्रशासन की ओर से मुख्यातिथि को शॉल, टोपी व समृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री को पंचायती राज विभाग से संबंधित विभिन्न संगठनों ने भी सम्मानित किया। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी महेश राज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरि ओम शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक युवा कांग्रेस डॉ केवल शर्मा, कार्यवाहक एसडीएम करसोग कैलाश कौंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुवार के दिन एन.एस.एस. यूनिट द्वारा "फूड प्लैनेट हेल्थ "विषय पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें ऑनलाइन माध्यम से गुजरात के बड़ौदा स्थित एक एन. जी.ओ. की कुमारी निज़्ज़ा ने विशेष रूप से भाग लिया। वहीं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एस. यू. की निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी ने की। इस ऑनलाइन सत्र में परिसर के एन. एस. एस. यूनिट के समस्त वॉलंटियर्स छात्र छात्राओं ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस जागरूकता सत्र का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष परिसर निदेशक व एन एस एस यूनिट के सदस्यों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उसके पश्चात एक छात्र द्वारा वैदिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। इस समस्त कार्यक्रम का संचालन परिसर की एन. एस. एस. इकाई के सदस्य एवं व्याकरण विषय के विद्वान डॉ. भूपेंद्र ओझा द्वारा किया गया। सत्र के दौरान कुमारी निज़्जा ने नॉन वेज (मांसाहार) खाने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया व यह भी बताया कि इसका ग्लोबल वार्मिंग से सीधा संबंध है। यानि ग्लोबल वार्मिंग का सीधा सीधा कारण नॉन वेज और डेयरी प्रोडक्ट्स हैं। उन्होंने सबको "वीगन डाईट" लेने की सलाह दी। वहीं कार्यक्रम के दौरान परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने भी अपने विचार सांझा किए। कार्यक्रम के अंत में परिसर की एन. एस. एस. यूनिट के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित शिक्षाशास्त्री विभाग के अध्यक्ष प्रो. शीशराम, एन एस एस यूनिट के संयोजक कवि पंकज, प्रोग्राम ऑफिसर अमित वालिया, यूनिट के सदस्य डॉ. मनीष कुमार,डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. संतोष गोडरा, तकनीकी सहायक विजय शंकर सहित एन.एस. एस. वॉलंटियर्स छात्र -छात्राएं मौजूद रहे।
**पक्का टियाला, कंडवाल, बरंडा के श्रावण मास मेले 20 जुलाई से होंगे शुरू उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों में शामिल नागनी माता मंदिर प्रबंधक कमेटी (रजि) पक्का टियाला, कंडवाल ,बरंडा (ज़िला कांगड़ा ,हिमाचल प्रदेश) की ओर से वार्षिक श्रावण मास मेलों की शुरुआत दिन शनिवार 20 जुलाई 2024 से हो रही है । इन श्रावण मास मेलों का आयोजन 14 सितंबर तक किया जाएगा । उक्त जानकारी मन्दिर प्रबधंक कमेटी के अध्यक्ष हरि सिंह, उपाध्यक्ष सुरिंदर सिंह, उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह, खजांची ओम प्रकाश और मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय कुमार शर्मा ने संयुक्त तौर दी। उन्होंने बताया कि आज मंदिर प्रांगण में रामायण का पाठ आरंभ किया गया है। शुक्रवार को कथा का समापन होगा। वहीं शनिवार को मेलों की शुरुआत के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री चन्द्र कुमार, नुरपुर क्षेत्र से विधायक रणबीर सिंह और प्रशासन की ओर से एसडीएम गुरसिमर सिंह भी मौजूद रहेंगे। उंन्होने बताया कि पहले मेले में ट्रक यूनियन जसुर की ओर से विशाल भण्डारे का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होने बताया कि इन मेलों में पंजाब, हिमाचल, जम्मू व कश्मीर,हरियाणा ,दिल्ली ,राजस्थान और उत्तराखंड के अतिरिक्त अन्य राज्यों से श्रद्धालु बड़ी सँख्या में माता के दर्शन करने के लिए आते हैं l अध्यक्ष हरि सिंह ने बताया कि मेलों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर कमेटी की ओर से गेट से लेकर मन्दिर परिसर तक कुल 31 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं साथ ही जिला पुलिस को लिखिति तौर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की तैनाती के लिए आवेदन किया है । उन्होंने बताया कि हमारे क़रीब 34 वालंटियर और सीसीटीवी कैमरों से मेले में जेबकतरे और चोरों पर विशेष नज़र रखी जाएगी। उंन्होने बताया कि मंदिर प्रबंधन कमेटी 1976 में गठित हुई थी, जिसके बाद से ही मन्दिर के विकास में तेज़ी आई है। उंन्होने बताया कि कमेयटी की ओर से इस बार मन्दिर परिसर में भगवान हरि विष्णु परिवार, भगवान राम परिवार और राधा कृष्ण का भव्य विशाल मंदिर बनाने की योजना है। उन्होंने बताया कि पिछली बार पुल क्षतिग्रस्त होने के चलते वाहनों पर पाबंधी के कारण मन्दिर कमेटी को 20 लाख रुपये चढ़ावे का घाटा उठाना पड़ा था। इस बार पुल खुला होने पर मंदिर कमेटी को चढ़ावे में इज़ाफ़ा होने की उम्मीद है। वहीं मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय कुमार शर्मा ने मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खुल जाते हैं। श्रद्धालु चार बजे के बाद आकर कभी भी खुले दर्शन कर सकते है। उन्होने मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह लोग मंदिर की मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखें और मंदिर परिसर में साफ़ सफाई की व्यवस्था बनाए रखते हुए प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करें । इस मौके पर प्रताप सिंह ,जगदीश सिंह, रघुनाथ सिंह, बिशन सिंह, ओम प्रकाश आदि कमेटी के सदस्य उपस्थित थे।
गगल पुलिस ने ड्रग तस्करी के आरोप में पुलिस स्टेशन के सामने एक वोल्वो बस में सवार युवक को पकड़ा है। युवक की पहचान मसूर उम्र 24 वर्ष निवासी बिद्रावन पालमपुर के रूप में हुई है। डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा ने बताया कि ड्रग्स तस्करी के लिए तस्करों द्वारा वोल्वो बस का उपयोग वर्षों से किया जा रहा है। इसी कड़ी में गगल पुलिस स्टेशन के पास नियमित जांच के वोल्वो बस को रोका गया। बस में सवार युवक मसूर, जो कि अपनी चार साल की बेटी के साथ यात्रा कर रहा था, के कब्जे से 14 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अमृतसर से मादक पदार्थ खरीदा था और उसे पालमपुर के बिंद्रावन में विभिन्न उपभोक्ताओं को बेचने वाला था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा का आयोजन 20 से 23 जुलाई 2024 तक किया जा रहा है। जानकारी देते हुए डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज अपनी मधुर वाणी से व्यास पीठ से सभी भक्तों को कृष्ण भगवान की लीलाओं का विस्तृत गुणगान करेंगे। 20 जुलाई 2024 को दोपहर 3 बजे कलश यात्रा से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा तथा पंडाल में विधिवत रूप से पूजा अर्चना के उपरांत कलश स्थापित किए जाएंगे। कलश स्थापना के उपरांत कृष्ण कथा का शुभारंभ होगा। प्रतिदिन प्रवचन का समय 1 बजे से 4 बजे तक रहेगा उसके बाद भंडारे की व्यवस्था रहेगी। अमर सिंह कौशल वरिष्ठ सदस्य बांके बिहारी मंदिर निर्माण कमेटी, देविंदर शर्मा, व ख्याली राम ने कहा कि मूल पाठ प्रतिदिन 6 बजे से 9 बजे प्रातः होगा। 23 जुलाई 2024 को 11 बजे पूर्ण आहुति के साथ गुरु पूर्णिमा उत्सव विश्राम की ओर अग्रसर होगा तथा कृष्ण कथा को करीब 2 बजे विराम दिया जाएगा। डीडी कशयप विश्व मंगलम सेवा धाम के मीडिया प्रभारी ने हरिजी महाराज के समस्त शिष्यों से आग्रह किया है कि गुरु पूर्णिमा उत्सव 20 से 23 जुलाई तक निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर पट्टाबरौरी में पहुंचकर कृष्ण भगवान की कथा का श्रवण करे व परम हरी जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करे।
** निर्माण कंपनी पर फूटा लोगों का गुस्सा मंडी: मनाली-जालंधर नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण कार्य के चलते मंडी शहर के साथ लगते तल्याहड़ के पास की जा रही कटिंग अब लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इस कटिंग से 8 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। इन 8 घरों के लोग बीते एक महीने के डर के साए में जीने को मजबूर हो गए हैं। लोग प्रशासन के आगे उनकी ओर ध्यान देने की गुहार लगा रहे हैं, जिनके घरों के पास कटिंग की गई है, उनमें रिटायर सूबेदार खेम सिंह सेन, नेत्र सिंह, हेम सिंह, जगत सिंह, कश्मीर सिंह, कुशमैहद सिंह और भूतेश्वरी देवी समेत अन्यों के घर शामिल हैं। प्रभावितों का आरोप है कि उन्होंने यहां कटिंग का काम कर रही कंपनी को बरसात से पहले कटिंग करके समय रहते डंगे लगाने के लिए कई बार कहा, लेकिन कंपनी ने बरसात से ठीक पहले यहां पर कटिंग का काम शुरू कर दिया है। प्रभावित रिटायर सूबेदार खेम सिंह सेन ने बताया कि जब कंपनी कटिंग कर रही थी, तब भी लोगों ने कंपनी प्रबंधन से घरों के पास वाली जगह को छोड़कर कटिंग करने को कहा, लेकिन कंपनी तब भी नहीं मानी और कटिंग करने के बाद डंगे लगाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। अब नतीजा यह निकला कि यहां बार-बार लैंडस्लाइड होने से 8 घरों पर खतरा मंडरा गया है। लोग दिन-रात डर के साए में जी रहे हैं। वहीं, प्रभावित परिवारों ने प्रदेश सरकार, मंडी जिला प्रशासन और निर्माण कार्य में लगी कंपनी से घरों के पास वाली जगह पर तुरंत प्रभाव से डंगे लगाने की गुहार लगाई है, ताकि घरों को गिरने से बचाया जा सके। प्रभावितों ने बताया कि अभी इन सभी ने अपने पैसों से तिरपाल खरीदकर लैंडस्लाइड वाले एरिया को कवर किया हुआ है। इनका आरोप है कि कंपनी एक तो यहां पर डंगे लगाने के कार्य में कोताही बरत रही है और दूसरा निर्माण कार्य भी गुणवत्ता के साथ नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की है कि इस कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ करवाया जाए। वहीं, जब इस बारे में एडीएम मंडी डॉ. मदन कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ये मामला प्रशासन के ध्यान में है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एसडीएम और निर्माण कार्य में लगी कंपनी के साथ बैठक करके इसपर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
** परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मंडी: सुंदरनगर के तहत आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। मंडी जिले के बीएसएल पुलिस थाना के तहत कंट्रोल गेट के पास एक ट्रक की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौ*त हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मंडी पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आर्मी से रिटायर्ड फौजी हर रोज की तरह गुरुवार सुबह भी सैर करने के लिए घर से निकले थे, जैसी ही वो कंट्रोल गेट के पास हडेटी की ओर जाने वाले रास्ते पर पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक ट्रक की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौ*त हो गई। हालांकि घटना के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और श*व को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल सुंदरनगर भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे की असल वजह जानने के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। मृत*क की पहचान 74 वर्षीय अभिमन्यु सिंह निवासी सुंदरनगर के रूप में हुई है। मृत*क के पिता नक्कबीनु राम 60 के दशक में सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वहीं, इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
**मानसून में अब तक 186 करोड़ का हुआ नुकसान, 31 लोगों की हुई मौ*त हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून की एंट्री हुई थी। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई थी, मगर प्रदेश में अभी भी ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से भी कम रही है। मौसम विभाग शिमला द्वारा तीन दिनों तक बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश में 23 जुलाई तक बारिश को लेकर संभावना जताई है। 18, 19 और 20 जुलाई को हिमाचल में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि प्रदेश के अधिकतर हिस्से में बारिश की कमी दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा असर कृषि और बागवानी पर पड़ रहा है। वहीं, कई जगहों पर मानसून तबाही बन कर बरसा है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए प्रदेश में बारिश से बागानों, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं और बारिश के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को मामूली नुकसान की आशंका जाहिर की है। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या, निचले इलाकों में पानी भरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक 27 जून को मानसून की एंट्री से लेकर 17 जुलाई तक प्रदेश को बरसात से 186 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि बारिश से संबंधित घटनाओं में 31 लोगों की अब तक मौ*त हो गई है।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बीते 24 घंटों के दौरान बादल झमाझम बरसे। धर्मशाला में 142.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उधर, किन्नौर जिले में पोवारी के समीप पहाड़ी से भूस्खलन के कारण मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया। लोग पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं। मार्ग बहाली का काम चल रहा है। वहीं निगुलसरी में नेशनल हाईवे पांच पर सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है। गमरूर 53.0, बैजनाथ 36.0, ओलिंडा 32.2,पालमपुर 22.4 व कांगड़ा में 19.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
NEET में गड़बड़ी से जुड़ी 38 याचिकाओं पर CJI की बेंच के सामने आज तीसरी सुनवाई होनी है। CJI चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। बेंच ने मामले पर पहली सुनवाई 8 जुलाई को की थी। इसके बाद कोर्ट ने NEET से जुड़े चारों स्टेकहोल्डर्स - NTA, केंद्र सरकार, CBI और रीएग्जाम की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं को हलफनामा दायर करने के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया था। NEET पर दूसरी सुनवाई 11 जुलाई को हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने मामले को 18 जुलाई तक के लिए टाल दिया था। CJI की बेंच ने कहा था कि NTA और केंद्र सरकार के हलफनामे सभी लोगों तक नहीं पहुंचे हैं। इस वजह से सुनवाई की डेट बढ़ा दी गई। NTA ने 17 जुलाई को कोर्ट में रिटन सबमिशन में कहा कि याचिकाकर्ताओं की ये दलील कि व्यवस्थागत तरीके से परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, ये बिल्कुल गलत है।
बीते वर्ष बरसात के दौरान हुई आपदा से बीबीएमबी प्रबंधन ने बड़ा सबक लिया है। इस बार अब बरसात में डैम और पावर हाउस समेत मुख्य जगहों पर सैटेलाइट फोन से आपस में संपर्क रहेगा। ताकि किसी भी तरह की स्थिति पर तुरंत संपर्क किया जा सके। मोबाइल नेटवर्क और लैंडलाइन सेवा ठप होने की सूरत पर यह सैटेलाइट फोन अहम भूमिका निभाएंगे। भारी बरसात के दौरान पंडोह डैम लबालब भरता है। यहीं से ब्यास में पानी छोड़ा जाता है। लारजी बांध से पानी छोड़ने पर पंडोह डैम से पानी छोड़ा जाता है। बरसात के दौरान पंडोह डैम के जल स्तर पर अधिकारियों की निगरानी रहती है। पंडोह डैम से ही बग्गी को भी टनल से होकर पानी भेजा जाता है। इसी टनल का पानी बग्गी में निकलकर बीएसएल जलाशय तक पहुंचता है। इसके बाद यह डैहर पावर हाउस तक पहुंचता है। ऐसे में पंडोह डैम, बग्गी और डैहर पावर हाउस तीनों ही प्रमुख स्थल हैं, जहां बीबीएमबी की निगरानी रहना बेहद जरूरी रहता है। बीते वर्ष बरसात में आपदा के दौरान पंडोह में कनेक्टिविटी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी। सात से दस दिन के भीतर फोन मिलने की उम्मीद है। बीबीएमबी सुंदरनगर के अधीक्षण अभियंता अजय पाल ने बताया कि फोन जल्द उपलब्ध होंगे। चौहारघाटी में अब अर्ली वार्निंग सिस्टम से बाढ़ के संभावित खतरे को शानन प्रोजेक्ट भांपेगा। इसके लिए बरोट स्थित शानन परियोजना से 20 किलोमीटर दूर बड़ा गांव के गड़सा ब्रिज के समीप आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित होगा। वहीं, लंबाडग नदी की भी मॉनिटरिंग के लिए लोहारडी में इसी तकनीक के आधुनिक सेंसर स्थापित होंगे। करीब एक करोड़ से अधिक की धनराशि अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने के लिए खर्च की जाएगी। प्राकृतिक आपदा से किसी भी प्रकार का जानी नुकसान न हो, इसके लिए पहली बार चौहारघाटी में इस आधुनिक तकनीक को अपनाया जा रहा है। इसके स्थापित होने के बाद किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के संभावित खतरे पर पहले ही घंटी बजना शुरू हो जाएगी। शानन प्रोजेक्ट की बरोट स्थित उहल परियोजना की पुरानी और नई रेजरवायर में जब अचानक जलस्तर बढ़ जाता है तो बरोट वैली में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। शानन प्रोजेक्ट के आरई सतीश कुमार ने बताया कि सिस्टम स्थापित होने के बाद कंट्रोल रूम में जैसे ही खतरे की घंटी बजेगी तभी बड़ागांव से टिक्कन तक हुटर बजना शुरू हो जाएंगे। सैटेलाइट के माध्यम से भी आपदा के संभावित खतरे को भांपने में आसानी मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज करने के फैसले से जेबीटी नियुक्तियां लटक गई हैं। बीते दिनों 1161 नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित किए गए स्कूल बदलने को प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सरकार से मंजूरी मांगी है। पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल प्रदेश में मर्ज किए जाने हैं। कुछ जिलों में बैचवाइज आधार पर चुने शिक्षकों की सूची जारी हो चुकी है। इन सूचियों में ऐसे स्कूलों में भी जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी गई हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते मर्ज किया जाना है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने आगामी फैसला होने तक अन्य जिलों में बैचवाइज भर्तियों का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीते दिनों तैयार की गई नियुक्तियों की सूची को अब नए सिरे से बनाया जाएगा। देखा जा रहा है कि जिन स्कूलों में नियुक्तियां की गई हैं वहां कितने विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन स्कूलों में कितने शिक्षक पहले से नियुक्त हैं। इस जानकारी को जुटाने के बाद बैचवाइज आधार पर चुने गए शिक्षकों को आवंटित किए जाने वाले स्कूलों में फेरबदल किया जाएगा। ऐसे में जेबीटी की नियुक्तियां होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रहा है। इन स्कूलों में नए जेबीटी शिक्षक तैनात किए जाएंगे या फिर वरिष्ठ शिक्षकों को बदला जाता है इस पर फैसला किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने की फाइल सरकार की मंजूरी के लिए भेजी गई है। जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
प्रदेशभर में पिछले तीन दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस सहित कई प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे जिसके कारण जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा है। ये ही नहीं लोगों के अब ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी नहीं हो रहे है। वहीं, तहसीलदार और एसडीएम की ओर से लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप्स से भी पटवारी और कानूनगो एग्जिट हो गए है। इन सभी असुविधाओं के पीछे कारण है पटवारियों और कानूनगो की सरकार से नाराजगी दरसअल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं. इसी नाराज़गी के चलते हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से प्रदेश भर में लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देने की सुविधा बंद कर दी है। नाराज़गी सरकार से है और जनता को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब सरकार ने ये फैसला लिया हो। पिछले साल 18 नवंबर को भी ये अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया थ। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया है। बता दें कि ऑनलाइन सुविधा बंद किए जाने से महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए फॉर्म जमा नहीं कर पा रही है क्यूंकि इसके लिए हिमाचली प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इस सबसे जनता परेशान है मगर सरकार सुध नहीं ले रही। वहीँ हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी का कहना है कि स्टेट कैडर के फैसले को वापस नहीं लिए जाने तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश महासंघ की बैठक में आगामी रणनीति भी तैयार की जाएगी।
बाहरी राज्यों के पर्यटकों को पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में हुड़दंगबाजी करना महंगा साबित हुआ है। तेज रफ्तार वाहन के बाहर लटकर सफर करने पर पुलिस ने 4,500 रुपये का चालान थमाया है। दरअसल, बुधवार को हरियाणा नंबर का एक लग्जरी वाहन धर्मशाला से मैक्लोडगंज की तरफ जा रहा था। इस वाहन के सनरूफ पर दो युवक खड़े थे, जबकि तीन लोग वाहन के दाहिनी और बाईं तरफ लटके हुए थे। इस वाहन की रफ्तार भी अधिक थी। धर्मशाला से मैक्लोड़गंज सड़क मार्ग पर कई तीखे मोड़ हैं और सड़क के किनारे झाड़ियां भी हैं। वहीं सैन्य क्षेत्र में कंटीली तारें भी हैं। ऐसे में यहां कोई हादसा हो सकता था। mमैक्लोडगंज पहुंचते ही पुलिस ने इस वाहन को अपने कब्जे में लिया और वाहन का 4500 रुपये का चालान काटा। साथ ही भविष्य में इस तरह की हुड़दंगबाजी न करने बारे चेतावनी दी। हिमाचल प्रदेश शांतिप्रिय प्रदेश है, यहां पर हुड़दंगबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। पर्यटक जिस तेज रफ्तार वाहन से लटकर कर सफर कर रहे थे, उसका 4500 रुपये का चालान काटा गया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की गलत न करने की चेतावनी भी दी गई है।
पुलिस थाना कुल्लू व बंजार में मादक पदार्थ अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत हुए हैं। प्रथम मामले में पुलिस थाना कुल्लू की टीम ने ढालपुर समीप जीप युनियन में गश्त के दौरान गोविंद (23 वर्ष) पुत्र चेत राम निवासी चौकी डोभी डाकघर पुईद के कब्ज़ा से 4.66 ग्राम चिट्टा बरामद किया । वहीं दूसरे मामले में पुलिस थाना बंजार की टीम ने फागू पुल के पास गश्त व नाकाबंदी के दौरान राजेंद्र सिंह (48 वर्ष) पुत्र कर्म सिंह निवासी सनाड़ डाकघर मंगलौर के कब्ज़ा से 48 ग्राम चरस बरामद की है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध क्रमश: पुलिस थाना कुल्लू में धारा 21 व पुलिस थाना बंजार में धारा 20 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। अभियोगों में अन्वेषण ज़ारी है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बारिश होने से एक बार फिर से निगुलसरी में भूस्खलन होना शुरू हो गया है। निगुलसरी में बुधवार सुबह के समय पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक व्यक्ति घाय*ल हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने घाय*ल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। भूस्खलन से जेसीबी मशीन को नुकसान पहुंचा है। सुबह एनएच पांच निगुलसरी के पास बंद रहा, लेकिन अब बहाल कर दिया गया है।
**स्वास्थ्य मंत्री ने पाठशाला सायरी में चारदीवारी और मंच निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की पहली किश्त देने की घोषणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि खेलों से जहां हम शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, वहीं मानसिक तौर पर यह हमें एकाग्र बनाती हैं। डॉ. शांडिल आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में लड़कों की अंडर-14 क्षेत्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक युवा को भविष्य का प्रतिभा सम्पन्न नागरिक बनाने में पुस्तकें और खेलें बराबर भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ खेलों और व्यायाम को भी नियमित समय दें। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि समाज के बेहतर निर्माण के लिए युवा पीढ़ी का नशे से बचाव महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर युवाओं को नशे से दूर रखना होगा। डॉ. शांडिल ने कहा कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण परिवेश के छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में भी राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने के लिए स्थान चिन्हित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्कूल शिक्षा क्षेत्र को और बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा भविष्य में बेहतर रोज़गार का आधार है। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए राज्य के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहन, मैकेनिक, रखरखाव मैकेनिक, सौर ऊर्जा तकनीशियन, ड्रोन तकनीशियन, मेकैट्रॉनिक्स तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीशियन जैसे भविष्योन्मुखी पाठयक्रम आरम्भ किए जा रहे हैं। इस अवसर पर डॉ. शांडिल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में चारदीवारी और मंच निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की पहली किश्त तथा मिड-डे मील शैड निर्माण के लिए 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने खेल-कूद प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कण्डाघाट ब्लॉक के स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के वस्त्र क्रय करने के लिए 30 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने इस अवसर पर खेलकूद प्रतियोगिता में विजय रही टीमों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूलों बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। क्षेत्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता में कण्डाघाट ब्लॉक के 14 स्कूलों के 186 बच्चों ने भाग लिया। वॉलीबॉल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल प्रथम तथा राजकीय उच्च विद्यालय पपलोल द्वितीय स्थान पर, कबड्डी में राजकीय उच्च विद्यालय धंगील विजयी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल रनरअप, खो-खो में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुमैहर (के) प्रथम तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छावशा द्वितीय स्थान पर, बैडमिंटन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल विजयी तथा राजकीय माध्यमिक पाठशाला सायरीघाट रनरअप रही और मार्च पास्ट में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी प्रथम तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल द्वितीय स्थान पर रही। स्वास्थ्य मंत्री ने तदोपरांत नागरिक अस्पताल सायरी तथा सायरी के वरिष्ठ नागरिक कार्यालय का दौरा किया और वहां विभिन्न व्यवस्थाएं जांची। उन्होंने निखिल नामक रोगी को हर सम्भव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। ब्लॉक कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत सायरी की प्रधान अंजू राठौर, ग्राम पंचायत चनोग के प्रधान मनोज कुमार, ग्राम पंचायत कहाला की प्रधान रीटा कोनडल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अल्पना कौशल, एस.एम.सी. प्रधान पवन ठाकुर, डाइट के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी की प्रधानाचार्य इंदु शर्मा सहित अध्यापक व विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित थे।
**गत बरसात में क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपए जारी करने का अनुरोध मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से प्रदेश की 39.20 किलोमीटर लम्बी रानीताल-कोटला और 41.50 किलोमीटर लम्बी घुमारवीं-जाहू-सरकाघाट सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों का निर्माण पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग के मानकों के अनुसार किया जा चुका है और सैद्धांतिक रूप से इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कें परिवहन का मुख्य साधन हैं और पिछले 8 वर्षों के दौरान राज्य के लिए कोई भी नया राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने राज्य आपदा-2023 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ लगते विभिन्न राज्य मार्गों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों में कुल्लू-मनाली, मंडी-कमांद-कटोला-बजौरा सड़क और चैल-गोहर-पंडोह सड़क शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले मानसून में प्राकृतिक आपदा के बाद केंद्रीय मंत्री द्वारा राज्य के दौरे के दौरान घोषणा की गई थी कि केंद्र राष्ट्रीय राजमार्गों से एक किलोमीटर के दायरे में क्षतिग्रस्त राज्य सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार धनराशि प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ये सड़कें राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण हैं और पिछले मानसून के दौरान कुल्लू-मनाली राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर वाहनों की आवाजाही में सहायक सिद्ध हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य का एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है जो 8 ज़िलों को प्रदेश की राजधानी और समीपवर्ती राज्यों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न मानकों के अनुसार राजमार्गों का निर्माण उचित नहीं है और अधिकारियों को राजमार्गों का दो लेन मानकों के बजाय चार लेन मानकों के अनुसार उन्नयन करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि उनके द्वारा 69 सैद्धांतिक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए गए थे, जिनमें से वर्ष 2018-19 में 58 राष्ट्रीय राजमार्ग की अलाइनमेंट रिपोर्ट को अनुमोदन के लिए मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन अलाइनमेंट रिपोर्टों के लिए अनुमोदन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने मामले पर शीघ्र कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक मामले पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने ठेकेदारों को सभी परियोजनाएं समयबद्ध पूरा करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, राज्य तथा केंद्र के संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
***आपदा उपरांत आकलन के तहत 9042 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने का किया आग्रह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश की संवेदनशीलता से अवगत करवाते हुए प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए मंत्रालय के पास लम्बित धनराशि को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य आपदा-2023 के दौरान केंद्रीय टीम द्वारा किए गए आपदा उपरांत आकलन के अंतर्गत 9042 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह मामला अभी भी मंत्रालय के पास लम्बित है तथा इस वर्ष बरसात का मौसम शुरू होने के दृष्टिगत राज्य को इस धनराशि की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए राज्य को राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (एसडीआरएफ) के अंतर्गत मिलने वाली 61.07 करोड़ रुपये की राशि लम्बित है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार पहाड़ी राज्यों में भू-स्खलन तथा भूकम्प के प्रभावी प्रबंधन के लिए प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2021-2026 के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि मिलनी है। उन्होंने एनडीआरएफ के अंतर्गत लम्बित 60.10 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत मंत्रालय को प्रस्तुत 125.84 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य में एनडीआरएफ परिसरों की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया तथा मंडी, रामपुर और नालागढ़ में परिसरों का निर्माण कार्य आरंभ करने का अनुरोध किया। उन्होंने लाहौल-स्पीति में अंतरराज्यीय सीमा पर सरचू और शिंकुला में सरकारी भूमि पर अनाधिकृत कब्जे पर उचित कार्रवाई की भी मांग की। इस अवसर पर प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती भी उपस्थित थीं।
कुल्लू: उपमंडल आनी के राणा बाग में एक कार सड़क से नीचे करीब 50 फीट लुढ़क कर खड्ड में गिर गई। हादसे में कार चालक की मौ*त हो गई। आनी पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच श*व को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने श*व को पोस्टमार्टम के लिए आनी अस्पताल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृत*क की पहचान अनिल कुमार उम्र 24 साल निवासी गांव सैरणी डाकघर छतरी जिला मण्डी के तौर पर हुई है। एसपी कुल्लू ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कर श*व परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के मलाणा सड़क मार्ग पर पर्यटक की चलती कार में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि कार सवार पति-पत्नी ने वक्त रहते बाहर निकल गए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, आग लगने के कारण कार पूरी तरह से जलकर राख हो गई। सूचना पर पहुंचे अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। पुलिस कार में आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा से पर्यटक अपनी कार से मणिकर्ण घूमने आए थे। रास्ते में पर्यटक मणिकर्ण घाटी के सुमा रोपा में रुके हुए थे। बीती शाम पर्यटक अपनी कार से मलाणा की ओर घूमने के लिए निकले। लेकिन फॉर ब्रिज के आगे सड़क की खराब हालत को देखते हुए वह वापस मुड़ गए। जब वह वापस मुड़ रहे थे तभी अचानक कार में आग लग गई। गनीमत रही कि वक्त रहते सैलानी कार से बाहर निकल गए और उन्होंने इस बारे पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही जरी पुलिस अग्निशमन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंची और उन्होंने आग पर काबू पाया। हालांकि, अभी तक कार में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लेकिन इसमें किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है, जबकि आग के कारण कार पूरी तरह से जलकर राख हो गई है। जानकारी के अनुसार इस कार में हरियाणा के अनुराग अपनी पत्नी के साथ कार से कुल्लू घूमने आये थे। अनुराग हरियाणा के एकता नगर पंचवटी चौक के पास रहते हैं। जब दोनों कार से मणिकर्ण के मलाणा सड़क मार्ग पर पहुंचे तो कार में अचानक आग लग गई।हादसे में दोनों बाल-बाल बचे। एसपी कुल्लू डॉक्टर गोकुल चंद्रन कार्तिकेयन ने बताया कि मणिकर्ण में मलाणा सड़क पर एक कार में आग लगने की सूचना मिली है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया है। पुलिस की टीम मामले की जांच में जुटी है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 1029 टीजीटी को स्कूलों में नियुक्ति दे दी है। विभाग के निदेशक की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। नवनियुक्त शिक्षकों को 10 दिन में स्कूलों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने नवनियुक्त शिक्षकों की डाईट में 15 दिन की इंडक्शन ट्रेनिंग को लेकर भी शैड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरान टीजीटी आर्ट्स में 416, टीजीटी नॉन-मेडिकल में 300, टीजीटी मेडिकल में 170, स्पोर्ट्स कोटा में 48, वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन मेडिकल में 20 और वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन नॉन-मेडिकल में 19 और एक्स-सर्विसमैन कोटा में 56 को नियुक्ति दी गई है। शिक्षकों को ज्वाइन करने के बाद शैड्यूल के तहत एलोट किए गए डाईट सैंटर में रिपोर्ट करने को कहा गया है। इस दौरान एक सैंटर को 2 से 3 जिले दिए गए हैं। ट्रेनिंग लेने के बाद ही शिक्षक स्कूलों में छात्रों को पढ़ाएंगे। इस दौरान छात्र संख्या को देखकर शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती दी गई है। अधिकतर नवनियुक्त शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात किया गया है। बता दें कि इसके लिए बीते नवम्बर महीने में काऊंसलिंग की गई थी और अब जाकर इसका रिजल्ट घोषित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में पटवारियों व कानूनगो का विरोध जारी रहा हैं। इससे लोगों को विशेषकर प्रमाण पत्र बनाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश के उन सभी उपमंडल क्षेत्रों में पटवारियों ने संबंधित उपायुक्त व एसडीएम के माध्यम से सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा। राजधानी शिमला में संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ जिला शिमला के बैनर तले पटवारियाें व कानूनगो ने जिला शिमला अध्यक्ष चमन ठाकुर की अध्यक्षता में पहले डीसी शिमला अनुपम कश्यप तथा बाद में एसडीएम ग्रामीण को ज्ञापन सौंपा। अपने ज्ञापन में पटवारियों व कानूनगो ने प्रदेश सरकार के उस निर्णय का विरोध किया है, जिसमें पटवारियों व कानूनगो के जिला काडर को स्टेट काडर बनाया गया है। महासंघ के जिला अध्यक्ष चमन ठाकुर ने कहा कि इस निर्णय से कई तरह की परेशानियां खड़ी होंगी। ऐसे में प्रदेश सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे तथा इसे वापस ले। राज्य सरकार द्वारा जिला काडर को स्टेट काडर बनाने के विरोध में उतरे पटवारी व कानूनगो बुधवार यानी 17 जुलाई कुल्लू में रणनीति बनाएंगे। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ की बैठक कुल्लू में होगी। इस बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा कि भविष्य में किस तरह से विरोध किया जाए, जिससे सरकार पर दबाव डाला जा सके। इसके तहत पटवारी व कानूनगो पैन डाऊन स्ट्राइक भी कर सकते हैं।
**बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा बन रही हैं सिरदर्द हिमाचल में पथ परिवहन निगम की बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा सिरदर्द बनती जा रही है। बीते तीन दिनों से यात्रियों को कार्ड के अलावा ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे मजबूरी में यात्रियों को नकदी देकर ही यात्रा करनी पड़ रही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदेशभर में ही ई-टिकटिंग का सर्वर बंद हो गया है। निगम की ओर से ई-टिकटिंग मशीनें यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में परिचालकों को दी गई हैं, लेकिन तीन दिन से सर्वर न चल पाने से टिकट ही जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण यात्री गुगल-पे, फोन-पे या अन्य एप से पेमेंट की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। यदि कोई यात्री स्कैन कर पैसे अदा भी कर रहा है तो भी उसे टिकट नहीं मिल पा रहा है। स्कैन से भुगतान करने के बाद यात्रियों के पास पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन मशीन में भुगतान अपडेट नहीं हो रहा है। ऐसे में टिकट जनरेट नहीं हो पा रहा है। इससे परिचालक भी परेशान हो रहे हैं। निगम ने परिचालकों को कार्ड के अलावा ऑनलाइन भुगतान लेने से आगामी दिनों तक मना कर दिया है ताकि लड़ाई-झगड़े जैसी स्थिति न बने। बीते कुछ दिनों से पथ परिवहन निगम ने बसों में ऑनलाइन टिकट मशीन की सुविधा शुरू कर दी है। इससे यात्री ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कर बसों में टिकट ले पा रहे थे। ऑनलाइन पेमेंट से यात्रियों को खुले रुपयों को लेकर भी परेशान नहीं होना पड़ रहा था। इन दिनों फिर से बसों में ऑनलाइन भुगतान जी-का-जंजाल बन गया है। ऑनलाइन भुगतान के बाद टिकट न मिलने पर यात्री परिचालकों से उलझ भी रहे हैं।ऑनलाइन टिकट जनरेट करने के लिए सर्वर में कुछ तकनीकी खराबी आई है। समस्या का निदान करने में टीम लगी हुई है। जल्द सुविधा का लाभ यात्रियों को मिलने लगेगा।
जम्मू के डोडा जिले में आतंकी हमले के बाद पुलिस मुख्यालय ने चंबा जिला के सीमांत क्षेत्रों में पुलिस बलों को अलर्ट कर दिया है। जम्मू की सीमा पर स्थापित बैरियर पर हर वाहन की गहनता से जांच करने को कहा है। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि चंबा जिला की करीब 216 किलोमीटर लंबी सीमा जम्मू-कश्मीर के डोडा, कठुआ व किश्तवाड़ से सटी हुई है। बता दें, जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के देसा के जंगलों में हथियारों से लैस आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक कैप्टन व नायक समेत चार सैन्यकर्मी बलिदान हो गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष ग्रुप का एक जवान घायल है। सुरक्षाबल इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। दहशतगर्दों को खोजने के लिए पैरा कमांडो, डॉग स्क्वायड के साथ हेलिकॉप्टर व ड्रोन की मदद ली जा रही है। दार्जिलिंग निवासी कैप्टन बृजेश थापा, आंध्र प्रदेश के नायक डी राजेश, राजस्थान के झूंझनू के सिपाही बिजेंद्र व अजय सिंह सोमवार देर रात मुठभेड़ में घायल हुए थे, मगर इन्हें बचाया नहीं जा सका। बलिदानियों के पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके गृह प्रदेश के लिए रवाना कर दिए गए।
** कृषि के लिहाज से यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं हिमाचल प्रदेश के कई भागों में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में भी आज सुबह से धुंध छाई हुई है। वहीं ऊना में दोपहर करीब 12:00 बजे झमाझम बारिश हुई। बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बुधवार सुबह भारी उमस के बीच जनजीवन प्रभावित रहा। लेकिन दोपहर होते ही बारिश शुरू हुई, जिससे करीब 15 दिन का सूखा खत्म हुआ। लोगों ने भी बाहर निकलकर कई दिन बाद हुई बारिश का आनंद लिया। वहीं कृषि के लिहाज से भी यह बारिश किसी वरदान के कम नहीं मानी जा रही। गैर सिंचित इलाकों में मक्की की बिजाई के बाद से बारिश नहीं हुई। बुधवार को बारिश होने से फसलों की वृद्धि में भी तेजी आएगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 18 से 21 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार राज्य के कई भागों में 23 जुलाई तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल ट्रैफिक टूरिस्ट रेलवे पुलिस शिमला ने बरसात में पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार बरसात के चलते कुल्लू, मनाली, रोहतांग जाने वाली सड़कों में धुंध, जगह-जगह भूस्खलन से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी के बाहर मरीज कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर व डायरिया के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। डायरिया और वायरल ने ऊना को जकड़ लिया है। 100 मामले एक ही दिन में डायरिया और वायरल के सामने आए हैं। मंगलवार को अस्पताल में वायरल फीवर से ग्रस्त 80 व डायरिया से पीडि़त 20 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। क्षेत्रीय अस्पताल में जहां औसतन रोजाना ओपीडी 400 से 500 के बीच रहती थी। अब बीते कुछ दिनों से ओपीडी 600 से अधिक रह रही है। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में डायरिया और वायरल फीवर के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। इस दौरान सबसे अधिक मरीज मेडिसन ओपीडी में सबसे अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
भारतीय मजदूर संघ की इकाई हमीरपुर ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय गांधी चौक पर विरोध प्रदर्शन किया और एडीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष तिलक राज शर्मा ने कहा कि जून में भारतीय मजदूर संघ का मंडी में अधिवेशन हुआ था। इसमें मांगों को लेकर ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया था।। उन्होंने मांग की है कि भारतीय मजदूर संघ के सभी विभागों के कर्मचारी, मिड-डे मील वर्कर, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जल शक्ति विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए। आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए। अन्य प्रदेशों के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जाए। सभी मिड-डे मील वर्करों को न्यूनतम मजदूरी लागू की जाए तथा उनके नियमतिकरण के लिए नियम बनाए जाएं। सरकार की ओर से बोर्ड, निगम एवं स्थानीय निकायों के कर्मचारियों के लिए जारी की गई पेंशन की अधिसूचना को बहाल किया जाए। जिन बोर्डोंं, निकायों और निगमों के कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के अंतर्गत लाया है उनके लिए भी पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। तिलकराज शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर की शैक्षणिक परिषद (अकादमिक काउंसिल) की 34वीं बैठक कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत तकनीकी विवि की शैक्षणिक परिषद ने आने वाले समय में 15 से 18 क्रेडिट के सात लघु डिग्री कोर्स (माइनर डिग्री डिग्री) शुरू करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें किसी भी बीटेक ब्रांच का विद्यार्थी माइनर कोर्स की डिग्री कर सकता है। शैक्षणिक परिषद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा, डाटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, वर्चुअल एंड ऑगमेंटेड रियलिटी में माइनर डिग्री कोर्स शुरू करने की योजना का प्रस्ताव रखा है, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञों ने सुझाव रखे। इसके अलावा शैक्षणिक परिषद ने तकनीकी विवि और संबंधित शिक्षण संस्थानों में एमटेक में प्रवेश के लिए नई पात्रता निर्धारित की है। इसके तहत स्नातक में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 60 फीसदी और अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के 55 फीसदी अंक अनिवार्य किए गए हैं। इस दौरान शैक्षणिक परिषद ने स्नातकोत्तर और पीएचडी की थीसिस के मापदंडों पर भी चर्चा की। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शुरू किए गए भारतीय ज्ञान परंपरा और सार्वभौमिक मानवीय मूल्य विषय के प्रश्न पत्र को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में हल करने का प्रावधान करने का प्रस्ताव का पारित किया। शैक्षणिक परिषद ने आगामी अक्तूबर माह में प्रस्तावित पांचवें दीक्षांत समारोह को आयोजित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। बैठक में तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जयदेव, एनआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. अजय शर्मा, डॉ. दीपक बंसल, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रो. मनोज कुमार शर्मा, डॉ. एमएस अशावत उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान ने कहा कि शैक्षणिक परिषद ने छात्रों के लिए तकनीकी विवि परिसर में स्टूडेंट्स इंटरनेशनल रिलेशंस सेल (एसआईआरसी) स्थापित करने को स्वीकृति दी है। आने वाले समय में विवि छात्रों को विदेशों के विश्वविद्यालयों में विदेशी प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने में भूमिका निभाएगा। सेल विदेशी विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संगठनों के साथ अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग को गति देगा। साथ ही छात्र और संकाय आदान-प्रदान और गतिविधियों के साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से अकादमिक समुदायों के बीच संबंधों को नवीनीकृत और मजबूत करने का काम करेगा।
सिरमौर: जिला मुख्यालय नाहन में अलग-अलग तरह के नशीले पदार्थों की खेप और 24.40 लाख रुपये की भारतीय करेंसी के साथ दबोचे गए एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी चर्चा का विषय बनी हुई है। पकड़े गए तीनों आरोपी रिश्ते में दादा-पोता और बेटा हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों में से एक आरोपी सागर शहर के बीचों-बीच पक्का तालाब के किनारे अपना जिम चलाता है। सागर व उसका आरोपी बेटा संग्राम दोनों भी जिम करते हैं और दोनों की अच्छी खासी बॉडी है। एक तरफ ये लोग जिम खोलकर लोगों को स्वस्थ रहने का संदेश दे रहे थे। वहीं, दूसरी तरफ अपने घर से मौ*त का सामान यानी नशा तस्करी का काम भी करते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में वाल्मीकि नगर से दबोचे गए एक अन्य नशा तस्कर सम्राट भी सागर की रिश्तेदारी में है। हालांकि सम्राट को जमानत मिल चुकी है। यह पूरा मामला शहर में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस भी इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी नशा तस्करों से कई बड़े राज खुल सकते हैं। फिलहाल आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की भी जांच की जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। बता दें कि रविवार देर रात सिरमौर पुलिस की डिटेक्शन सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर वाल्मीकि नगर नाहन में प्रेम चंद के रिहायशी मकान पर दबिश दी थी। यहां से पुलिस ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों दादा-बेटे और पोते को एक साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में 336 स्पासमैक्स ट्रामाडोल कैप्सूल्स, 159.80 ग्राम चरस, 38.10 ग्राम अफीम, 23.34 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) सहित बड़ी मात्रा में भारतीय करंसी 24.40 लाख रुपये कैश बरामद किया गया जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था।
सोलन पुलिस द्वारा जिला सोलन में नशा तस्करी करने वाले तस्करों पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है| आज पुलिस थाना दाड़लाघाट की पुलिस टीमने जब गश्त के दौरान दाड़लाघाट क्षेत्र के कराडागली में मौजूद थी तो टीम को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि एक गाड़ी चिटटा/हैरोईन लेकर कराड़ाघाट की तरफ आ रहे है। सूचना पर थाना दाड़लाघाट की पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए नाकाबन्दी कर उस गाड़ी को रोककर उसमें बैठे दो युवकों जिनके नाम अनिल कुमार पुत्र हुक्म चन्द निवासी गांव चमरोल डा० शालाघाट तह० अर्की जिला सोलन हि०प्र० उम्र 34 वर्ष व भरत कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी गांव जलाणा डा०खा० पलोग तह० अर्की जिला सोलन, उम्र 23 वर्ष है को पुलिस ने 03 ग्राम चिटटा / हैरोईन के साथ गिरफ्तार किया है| जिस पर पुलिस थाना दाड़लाघट में अभियोग अधीन धारा 21,29 एन०डी०एण्डपी०एस० एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में जांच के दौरान पाया गया है कि दोनों आरोपी पहले भी अपराधिक वारदातों में संलिप्त रहे हैं जिनमें आरोपी अनिल कुमार के विरूद्ध 04 मामले मादक पदार्थ अधिनियम के तहत पुलिस थाना अर्की व पुलिस थाना कण्डाघाट में दर्ज हैं जिनमें आरोपी से 88.35 ग्राम चिटटा / हैरोईन व 900 ग्राम चरस बरामत की गई थी। इसी तरह आरोपी भरत कुमार के विरूद्ध मादक पदार्थ अधिनियम के तहत 01 मामला पुलिस थाना अर्की में पंजीकृत है जिसमें उक्त आरोपी से 13.08 ग्राम हैरोईन / चिटटा ब्रामद किया गया था। मामले की आगामी जांच जारी है ।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जवाहर नवोदय स्कूल ठियोग में रैगिंग का मामला सामने आया है| जवाहर नवोदय स्कूल में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों की रैगिंग 5 छात्रों की रैगिंग की गई। बीती 13 जुलाई की रात करीब 11 बजे 12वीं के पांच छात्र हॉस्टल में 10वीं के छात्रों के कमरे में गए और उन्हें कपड़े धोने को कहा और जब छात्रों को कपड़े धोने के लिए कहा और इस दौरान जब 10वीं कक्षा के छात्रों ने कपड़े धोने से इंकार कर दिया तो सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों को पीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके कान, आंख व मुंह पर चोटें भी आई हैं। पीड़ित छात्रों ने सीनियर छात्रों पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाए है। ये पूरी घटना के दौरान करीब 11 बजे 2 छात्र होस्टल से भाग निकले और स्कूल परिसर में लगे टैलीफोन से एक छात्र ने अपने परिजनों को पूरी घटना से अवगत करवाया। बेटे का फोन काटते ही परिजनों ने इसकी जानकारी हाउस टीचर को दी। मगर हाउस टीचर छुट्टी पर थे।जिसके बाद परिजनो ने इसकी जानकारी स्कूल प्रिंसिपल संजीता शौनिक को दी और फिर प्रिंसिपल ने खुद हॉस्टल पहुंचकर लड़ाई को रोका| रैगिंग और मारपीट की घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं| परिजनों का कहा है कि जब आधी रात को 12वीं के छात्र 10वीं क्लास के हॉस्टल में आए तो हाउस टीचर और हॉस्टल वार्डन कहां थे? अगर किसी छात्र ने रात में अपने पिता को इस बारे में जानकारी नहीं दी होती तो इस मारपीट के परिणाम और भी गंभीर हो सकते थे।परिजनों की शिकायत के बाद स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। तहसीलदार ठियोग ने खुद स्कूल पहुंचकर प्रबंधन व छात्रों के परिजनों के साथ मीटिंग की और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के सदस्यों ने मंगलवार को देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उन्हें स्टेट केडर में शामिल करने का फैसला वापस न लिया तो वे आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे। महासंघ के वरिष्ठ सलाहकार शशि राणा और बलविंदर सिंह ने बताया कि इस मौके पर सुनील कुमार, अशोक कुमार, अखिलेश भारती, अश्विनी कुमार, आशीष गर्ग, किरण देवी, अनिता कुमारी, सुषमा लता, पंकज दीपक, शिवानी, रजनी, ज्योति, अमिता कुमारी, शिवानी और रीना कुमारी आदि मौजूद रहे।
**कुल्लू के जाणा में भी खुलेगा मार्केटिंग आउटलैट: समीर रस्तोगी हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आर्थिकी में बहतरीन सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश वानिकी परियोजना ने हैंडलूम सेक्टर में स्वरोजगार की उड़ान भर दी। यानी हिमाचल की पारंपरिक परिधानों को अच्छी-खासी कीमत मिल रही है। हिमाचल प्रदेश वानिकी परियोजना से जुड़े कुल्लू के विभिन्न स्वयं सहायता समूह आज कुल्लवी शॉल, स्टाल, पट्टी, टोपी समेत अन्य पारंपरिक परिधान तैयार कर रहे हैं। इसके मद्देनजर परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने मंगलवार को वन मंडल कुल्लू के अंतर्गत ग्राम वन विकास समिति जाणा एक और जाणा दो का दौरा किया। उन्होंने यहां पांच स्वयं सहायता समूहों के हरेक सदस्यों से संवाद कर उनकी समस्याएं पूछी। रिगन स्वयं सहायता समूह और वीरभूमि स्वयं सहायता समूह जाणा हैंडलूम सेक्टर में काम कर रहे हैं, जबकि लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह बुनाई और ठाकुर स्वयं सहायता समूह जाणा मधुमक्खी पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि हैंडलूम के साथ-साथ मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में भी बहतर काम कर रहे हैं। मुख्य परियोजना निदेशक ने कहा कि वानिकी परियोजना से जुड़े विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार हो रहे हथकरघा एवं बुनकर उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। उल्लेखनीय है कि कुल्लू जिले में 106 स्वयं सहायता समूह हैंडलूम सेक्टर से जुडे़ हैं, जिनमें 72 ग्रुप एक्टिव तरीके से काम कर रहे हैं। यह परियोजना विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए भी कार्य कर रही है। हिम ट्रेडिशन नामक ब्रांड से उत्पादों की ब्रिकी की जाती है। इसके लिए आने वाले दिनों में कुल्लू के जाणा में भी मार्केटिंग आउटलैट खोला जाएगा। मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने वन विभाग और वानिकी परियोजना के अधिकारियों के साथ जैव विविधता प्रबंधन उप समिति फार्मी का भी दौरा किया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा, वन मंडलाधिकारी कुल्लू एंजल चौहान, अतिरिक्त परियोजना निदेशक हेमराज भारद्वाज समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
* पीड़ित ने बैंक मैनेजर को बताई आप बीती हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सेंट्रल आर्म फोर्स से रिटायर व्यक्ति के साथ 54 लाख रुपए की ठगी हुई है। पीड़ित के मोबाइल पर किसी अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले शातिर ने खुद को मुंबई पुलिस विभाग का अधिकारी बताया और पीड़ित पर आरोप लगाया कि आपके मोबाइल से लोगों को अश्लील फोटो भेजा गया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा जिला कांगड़ा के एक सेंट्रल आर्म फोर्स से रिटायर एक व्यक्ति के फोन पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले शातिर ने बुजुर्ग से कहा कि आपके फोन से कई लोगों को अश्लील फोटो भेजे गए हैं। शातिर ने पीड़ित को डरा-धमकाकर 54 लाख रुपए ठग लिए। यह राशि पीड़ित ने अपने खाते से दो बार ट्रांजेक्शन कर शातिर के बताए गए बैंक खातों में डाली। वहीं, तीसरी ट्रांजेक्शन के लिए पीड़ित अपनी बैंक की एफडी सहित अन्य व्यवस्था में लगा था कि बैंक मैनेजर ने ऐसा करने से उसे रोक लिया और साइबर पुलिस थाना धर्मशाला में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित पैसों की व्यवस्था के लिए अपनी बैंक एफडी को इकट्ठा कर शातिरों को भेजने जा रहा था। इस दौरान बैंक मैनेजर को शक हुआ तो उसने पीड़ित से इतनी राशि को इकट्ठा करने और अज्ञात खाते में भेजने की वजह पूछी, जिस पर शिकायतकर्ता ने पूरी बात मैनेजर को बताई, इस पर मैनेजर ने राशि भेजने से मना कर दिया और ट्रांजेक्शन रोक दी। एएसपी साइबर पुलिस थाना नॉर्थ रेंज धर्मशाला प्रवीण धीमान ने कहा, "जिला कांगड़ा के निवासी पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने फर्जी पुलिस अधिकारी के नाम पर कॉल करके उससे 54 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही हैं।
**सांई इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित प्रिंस-प्रिंसैस प्रतियोगिता के विजेता बच्चे सांई इंटरनेशनल स्कूल में प्रिंस-प्रिंसैस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी के कृषिव ठाकुर और एल के०जी० के सानिध्य ठाकुर को प्रिंस और पूर्वांशी भगनाल और निमरत भट्टी को प्रिंसैस के खिताब से नवाजा गया। पहले रनरअप नर्सरी के रुतविक ठाकुर और राशिका शर्मा रहे। प्रतियोगिता में कक्षा नर्सरी एवं कक्षा एल केजी के छात्र- छात्राओं ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। सभी छात्र-छात्राओं से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे गए। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक रमिंदर बावा जी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की।
मंडी जिले के लडभड़ोल क्षेत्र की ग्राम पंचायत दलेड़ के गांव कुफरु में विवाहिता के ढांक से गिरकर मौ*त होने का मामला सामने आया हैं। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के गांव कुफरु निवासी मनु देवी पत्नी हरनाम सिंह 36 वर्षीय मंगलवार को जब घर के कार्य के लिए जा रही थी तो, उस दौरान वह घर के साथ लगती ढांक से गिर गई और जहां महिला को काफी चोटें भी आई और परिजनों द्वारा निजी गाड़ी के माध्यम से नागरिक अस्पताल लडभड़ोल लाया जा रहा था तो रास्ते में ही महिला की मौ*त हो गई। जहां ड्यूटी तैनात डॉक्टर ने उसे मृ*त घोषित कर दिया। लडभड़ोल पुलिस को इस घटना की जानकारी दी गई और मौके पर पहुंची पुलिस ने श*व को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। लडभड़ोल पुलिस महिला के श*व को पोस्टमार्टम हेतु जोगिंदरनगर भी ले जाया गया हैं। डीएसपी पधर दिनेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस श*व अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि मामले की छानबीन की जारी है।
पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबरावरी -हरिपुर कार्यकारिणी की मासिक बैठक का आयोजन पेंशनर्ज कार्यालय पट्टाबरावरी में इकाई अध्यक्ष डीडी कश्यप की अध्यक्षता में हुआ। इकाई अध्यक्ष कश्यप ने कहा कि वर्तमान पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन पट्टाबरावरी -हरिपुर इकाई का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। बैठक में चर्चा के उपरांत आगामी माह अगस्त की 11 तारीख को नई कार्यकारिणी गठित करने के लिए जनरल हाउस रखने का निर्णय लिया गया। अधिवेशन 11 अगस्त को पेंशनर्ज भवन नजदीक दुर्गा माता मंदिर पट्टाबरावरी में सुबह 11 बजे होगा व इस अधिवेशन में इकाई के सभी सदस्य समय पर पहुंचे ,ताकि नई कार्यकारिणी का गठन किया जा सके। इसके अलावा पेंशनरो की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमे सरकार से लिव इन केशमेंट, बकाया एरियर,मेडिकल बिलो के भुगतान के लिए सरकार जल्द बजट का प्रावधान करे, क्योंकि प्रदेश के बहुत से पेंशनर्ज अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर है व इस दौरान दवाइयों के सहारे ही जीवन चल रहा होता है। अतः मेडिकल बिलो के भुगतान के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाए। कशयप ने कहा,कि पेंशनर्ज सरकार को भरपूर सहयोग करते है, परन्तु सरकार अपने करीब 2 वर्ष के कार्यकाल में पेंशनरो की समस्याओं पर गौर नही कर रही है।उन्होंने सरकार से सयुंक्त सलाहकार समिति गठित करने की मांग की है, ताकि पेंशनरो की समस्याओं को समय पर हल किया जा सके। इस दौरान बैठक में जगदेव गर्ग, ख्याली राम, केशव राम, बिशन दास कश्यप, नेक राम कौशल, बीरबल परिहार, चेत राम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।


















































