एल.आर. इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ ने विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर कई गतिविधियों और एक महत्वपूर्ण अतिथि संबोधन का आयोजन किया। यह कार्यक्रम जनसंख्या के मुद्दों के महत्व को रेखांकित करता है और छात्रों और शिक्षकों को प्रेरणादायक चर्चाओं में शामिल करता है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा द्वारा दिया गया अतिथि संबोधन था। सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और गहरी समझ के लिए जानी जाने वाली डोगरा ने विभिन्न जनसंख्या संबंधी चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की। उनके कानूनी दृष्टिकोण और उनके व्यावहारिक पहलुओं पर दिए गए सुझाव उपस्थित भावी विधि पेशेवरों के लिए बहुत मूल्यवान साबित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता से हुई, जिसमें छात्रों ने जनसंख्या से संबंधित मुद्दों पर अपनी रचनात्मकता और जागरूकता का प्रदर्शन किया। रंगीन और सूचनात्मक पोस्टरों ने छात्रों की समझ और विषय के प्रति उनकी भागीदारी को दर्शाया। अतिथि संबोधन के अलावा, अन्य कई गतिविधियों ने दिन की घटनाओं को समृद्ध बनाया। एल.आर. इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ के शिक्षकों ने जनसंख्या संबंधी विभिन्न विषयों पर भाषण दिए, जिनमें जनसांख्यिकी रुझान और सतत विकास जैसे विषय शामिल थे। इन सत्रों ने छात्रों को जनसंख्या के मुद्दों की जटिलताओं को समझने में मदद की। एक नाटक का भी मंचन किया गया, जिसमें जनसंख्या विस्फोट और उसके परिणामों को दर्शाया गया, जिसने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया। नाटक ने समस्याओं को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे जनसंख्या नियंत्रण के उपायों की आवश्यकता को बल मिला। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने जनसंख्या संबंधित प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जानकारी को परखा और पुरस्कृत हुए। यह सत्र न केवल ज्ञानवर्धक था बल्कि छात्रों की भागीदारी को भी बढ़ावा देता था। एल.आर. समूह के संस्थानों के प्रधान निदेशक प्रोफेसर डॉ. आर.पी. नैण्टा ने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उनके प्रेरक भाषण ने जनसंख्या चुनौतियों का समाधान करने में शिक्षा और जागरूकता के महत्व पर जोर दिया और छात्रों को भविष्य के नेता और कानूनी विशेषज्ञ बनने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम बड़ी सफलता थी, जिसने छात्रों के बीच जनसंख्या के मुद्दों के प्रति जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की भावना को बढ़ाया। रचनात्मक गतिविधियों और विशेषज्ञ मार्गदर्शन ने विश्व जनसंख्या दिवस के उत्सव को सभी के लिए एक यादगार और प्रभावशाली अनुभव बना दिया। जैसे ही दिन का समापन हुआ, छात्रों और शिक्षकों ने विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व की नई समझ और समाज में सकारात्मक योगदान करने के दृढ़ संकल्प के साथ विदाई ली। एल.आर. इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ शैक्षिक उत्कृष्टता और सामाजिक जागरूकता में उच्च मानक स्थापित करना जारी रखता है, जिससे इस प्रकार की घटनाएँ इसके समग्र छात्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता का एक अभिन्न अंग बन जाती हैं।
पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बराबरी हरिपुर की मासिक बैठक सोमवार 15 जुलाई को पेंशनर भवन पट्टा बराबरी में आयोजित होगी। जानकारी देते हुए इकाई अध्यक्ष डी डी कश्यप व महासचिव जगदेव गर्ग ने बताया कि वर्तमान इकाई की कार्यकारणी का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है और नई कार्यकारणी के गठन के लिए इस बैठक में चर्चा की जाएगी तथा आगामी पेंशनर्ज संघ का अधिवेशन बुलाने के लिए तिथि व समय तय किया जाएगा। अध्यक्ष व महासचिव ने सभी इकाई पदाधिकारियों से अपील की है कि सोमवार 15 जुलाई को सुबह ठीक 11 बजे पेंशनर भवन में पंहुचकर बैठक की शोभा बढ़ाएं तथा अपने - अपने विचार साझा करें।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए आज समय के अनुसार बदलाव की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि करीब 2200 शिक्षकों की बैचवाइज भर्ती की जा रही है और जल्द इनकी तैनाती होगी। कहा कि शिक्षकों की तैनाती के लिए भी पैरामीटर तय किए गए हैं। राज्य में बिना शिक्षक 350 स्कूल चल रहे हैं। 3200 स्कूल एक शिक्षक के सहारे हैं और करीब 800 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती प्राथमिकता रहेगी। कहा कि सरकार चाहती है कि प्री प्राइमरी स्कूल जल्द शुरू किए जाए। इसके लिए करीब 6100 एनटीटी शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। कम संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने के सवाल पर रोहित ने कहा कि वित्त आयोग के हिमाचल दौरे के दौरान पर भी इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। आयोग से भी सुझाव आया है कि जहां बच्चों की संख्या कम है, ऐसे स्कूलों को मर्ज किया जाना चाहिए। सरकार के ध्यान में यह मामला पहले से ही है। स्कूलों में एनरोलमेंट में भी कमी आई है। बीते वर्ष भी दो या दो से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया गया था। जहां बच्चों की संख्या दो या दो से कम है, ऐसे करीब 700-800 स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। प्रथम चरण में उन्हीं स्कूलों को चिन्हित करेंगे, जिनकी अधिक बच्चों की संख्या वाले स्कूल से दूरी डेढ़ से दो किलोमीटर है। शिक्षा निदेशालय इस संबंध में प्रारूप तैयार कर रहा है, जल्द निर्णय लेंगे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय बीएससी द्वितीय वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड़ कर दिया गया है। विद्यार्थी अपना लॉगइन आईडी के जरिये परिणाम देख सकते हैं। बीएससी द्वितीय वर्ष का परीक्षा का परिणाम 47.06 फीसदी रहा है। कुल 2533 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 936 ने परीक्षा पास की है। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि बीएससी द्वितीय वर्ष का परिणाम घोषित कर दिया है। बीते दिनों ही एचपीयू ने बीकॉम, बीए व बीसीए अंतिम वर्ष का परीक्षा घोषित किया था।
हिमाचल: HRTC कर्मचारियों के वेतन से क्वालिटी ड्रेस बनाने के लिए काटे 748 रुपए, कर्मचारी कर रहे विरोध
राज्य सरकार के उपक्रम हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने अपने कर्मचारियों से 67 लाख रुपये वसूले हैं। निगम के सभी चालकों, परिचालकों और मैकेनिकल स्टाफ के वेतन से 748 रुपये काटे गए हैं। कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। दरअसल, एचआरटीसी अपने कर्मचारियों को हर साल दो वर्दी देता है। इसके एवज में उन्हें 2000 रुपये भत्ता दिया जाता है। लेकिन इस साल वर्दी खरीदने से पहले एचआरटीसी कर्मचारियों ने तर्क दिया कि कपड़ा महंगा हो गया है, इसलिए वर्दी भत्ता बढ़ाया जाना चाहिए। कर्मचारिओं ने पिछले साल खरीदी गई वर्दी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए थे। इसलिए इस साल वर्दी खरीदने से पहले यूनियन पदाधिकारियो की ड्रेस खरीद समिति के साथ बैठक हुई। इस बैठक की कार्यवाही विधिवत तैयार की गई, जिस पर कर्मचारी नेताओं के हस्ताक्षर हैं। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद इस बार एचआरटीसी ने 2000 रुपये की जगह 2748 रुपये की ड्रेस खरीदकर अपने कर्मचारियों को दी। इस बार जब जून महीने का वेतन आया तो सभी कर्मचारियों के वेतन में 748 रुपये कम थे। इसके बाद सभी कर्मचारी परेशान हो गए। जब एचआरटीसी प्रबंधन से इस बारे में पूछा गया तो पता चला कि वर्दी के पैसे काट लिए गए हैं। इससे कर्मचारी भड़क गए हैं। मगर खुलकर बोल भी नहीं पा रहे, क्योंकि इनके कर्मचारी नेताओं ने क्वालिटी ड्रेस खरीदने की बात मीटिंग में कही थी। बोर्ड प्रबंधन ने क्वालिटी ड्रेस तो दे दी, लेकिन इनका वर्दी भत्ता नहीं बढ़ाया गया। HRTC में यह ड्रेस फील्ड स्टाफ को दी जाती है। इनकी संख्या 8500 से ज्यादा है। सभी कर्मचारियों से रिकवरी की गई है। HRTC के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया, निगम ने कर्मचारियों के लिए अच्छी क्वालिटी की ड्रेस खरीदी है। यह कर्मचारियों के साथ हुई मीटिंग में तय हुआ था। इसमें सभी यूनियन के पदाधिकारी मौजूद थे। सभी की सहमति के बाद ही वर्दी खरीदी है।
हिमाचल प्रदेश में पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल मर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। मर्ज होने वाले स्कूलों के साथ लगते स्कूलों से दूरी की मैपिंग करने में शिक्षा विभाग जुट गया है। इसी माह इस बाबत प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। बीते दिनों शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल मर्ज करने के निर्देश दिए थे। ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां आसपास में भी स्कूल स्थित होंगे। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम है। ऐसे स्कूल करीब 700 हैं। इनमें करीब 80 स्कूल ऐसे भी हैं, जहां एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया है। दूसरे चरण में दस विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। वर्ष 2023 में 2022 के मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या करीब 50 हजार कम भी हुई है। यू डाइस की वर्ष 2023 की रिपोर्ट में इसका उल्लेख हुआ है। कोरोना संकट के बाद सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में यह बहुत बड़ी गिरावट देखी गई है। इसके चलते ही प्रदेश सरकार ने अब ऐसे स्कूलों को मर्ज करने का फैसला लिया है जहां विद्यार्थियों की संख्या नाममात्र है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऐसे स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों को ऐसे अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां बच्चों की संख्या अधिक है और शिक्षक कम हैं। मर्ज किए जाने वाले स्कूलों के बच्चों को भी साथ लगते स्कूलों में दाखिले दिलाए जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए स्कूलों को मर्ज करने का फैसला लिया गया है। विभागीय अधिकारियों से इसी माह में इस संदर्भ में रिपोर्ट देने को कहा गया है। मर्ज होने वाले स्कूलों से विद्यार्थियों को नजदीक के स्कूलों में दाखिले दिए जाएंगे
**तीन दिन प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी **लाहौल स्पीति और किन्नौर में बारिश का अलर्ट नहीं हुआ जारी हिमाचल प्रदेश में मानसून के आज से फिर सक्रिय होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से 11 से 13 जुलाई तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई भागों में 17 जुलाई तक मानसून की बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में भी मौसम खराब बना हुआ है। उधर, गुरुवार सुबह तक राज्य में 12 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। मानसून सीजन के दौरान अब 17,199 लाख रुपये की संपत्ति नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 10,177 लाख और जल शक्ति विभाग को 6,733 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। किन्नौर व लाहौल-स्पीति जिले के लिए किसी तरह का अलर्ट नहीं है।
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने नीट यूजी पेपर लीक मामले पर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। अब सुप्रीम कोर्ट आज नीट मामले पर सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ मेडिकल की प्रवेश परीक्षा नीट यूजी के कथित लीक मामले पर अहम फैसला सुना सकती है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें नीट यूजी परीक्षा फिर से कराने की मांग की गई है। बीती 8 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना था कि नीट यूजी परीक्षा की सत्यनिष्ठा से समझौता हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नीट परीक्षा कराने वाली एजेंसी एनटीए और केंद्र सरकार से हलफनामा दायर करने को कहा। साथ ही सीबीआई से भी स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी, जिसे सीबीआई द्वारा सुप्रीम कोर्ट को बंद लिफाफे में सौंप दिया गया है। केंद्र सरकार ने 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में बताया कि उन्होंने आईआईटी मद्रास से नीट यूजी परीक्षा में हुई कथित अनियमितता की जांच करने की अपील की है। हालांकि केंद्र सरकार ने कहा कि नीट यूजी का बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग के समक्ष एक टारगेट रखा गया है। ये टारगेट सरकारी स्कूलों में बारहवीं तक शत-प्रतिशत एनरोलमेंट का है। इस संदर्भ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हिमाचल सरकार के शिक्षा सचिव की बैठक में टारगेट पर चर्चा हुई। हालांकि हिमाचल में सरकारी स्कूलों में बारहवीं तक छात्रों की एनरोलमेंट का रिकॉर्ड करीब 95 प्रतिशत है, लेकिन इसे शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया गया है। नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी व हिमाचल सरकार के शिक्षा सचिव आईएएस राकेश कंवर व अन्य अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें हिमाचल को ये लक्ष्य दिया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सभी मंत्रियों को तीसरी टर्म में 100 दिन का रोडमैप पेश करने के लिए कहा है. कैबिनेट मंत्रियों का अपने विभागों में 100 दिन का क्या एजेंडा व रोडमैप है, इस पर पीएम नरेंद्र मोदी सभी से रिपोर्ट लेंगे। इसी के तहत अन्य मंत्रियों के साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी राज्य के शिक्षा विभागों के अधिकारियों व प्रतिनिधियों से बैठकें कर रहे हैं। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि सभी राज्यों में बारहवीं तक शत-प्रतिशत एनरोलमेंट का लक्ष्य पूरा करना चाहिए। शत-प्रतिशत एनरोलमेंट से तात्पर्य ये है कि जो बच्चा प्राइमरी स्कूल में पहली कक्षा में एडमिशन ले, वो बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी करके ही स्कूल से निकले। इससे ड्रॉप आउट की समस्या दूर होगी। शत-प्रतिशत एनरोलमेंट के रास्ते में जो बाधाएं हों, उन्हें राज्य सरकार के अधिकारी मिलकर दूर करें। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी जिले भी हैं और मैदानी जिले भी हैं। यहां हर जिला की अपनी-अपनी दिक्कतें हैं। ग्रामीण इलाकों में स्कूल दूर होने से कई बार बेटियों को पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। कहीं, अभाव व गरीबी के कारण अभिभावक बच्चों की पढ़ाई पूरी नहीं करवा पाते। कई जगह शिक्षकों की कमी कारण होता है। ऐसे में सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रयास की जरूरत है। कई जगह कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्कूलों की संख्या पर्याप्त से अधिक है। ऐसे में स्कूलों को मर्ज किया जा सकता है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने आर्बिट्रेशन अवार्ड की अनुपालना न करने पर लोक निर्माण विभाग के भावानगर, जिला किन्नौर स्थित कड़छम डिवीजन के कार्यकारी अभियंता कार्यालय का फर्नीचर कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने मैसर्स गर्ग संस एस्टेट प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड की अनुपालना याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किए। कोर्ट ने अपने आदेशों में कहा समय पर अवार्ड पर अमल ना करने के पीडब्ल्यूडी के इस रवैये को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। इसका कारण यह भी है कि अवार्ड की अनुपालना का जिम्मा सरकारी विभाग हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग का है। अवार्ड का पालन न करने पर ब्याज का भुगतान करना पड़ता है। यह ब्याज स्पष्ट रूप से सामान्य करदाताओं की जेब से भरना होता है क्योंकि संबंधित विभाग के अधिकारी अवार्ड के कार्यान्वयन में देरी के लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह नहीं हैं इसलिए कोर्ट ने अवार्ड की अनुपालना के लिए बार-बार दिए समय के बावजूद फिर से समय की मांग को खारिज करते हुए उपरोक्त आदेश जारी किए। उपरोक्त कार्यालय की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि मामला वित्त विभाग और योजना विभाग के पास धनराशि की मंजूरी के लिए लंबित है। लोक निर्माण विभाग के सम्बन्धित कार्यालय ने अदालत में कहा इसमें कुछ समय लगने की संभावना है और इस कारण से धनराशि जमा नहीं की जा सकी है। कार्यालय की ओर से अधिक समय की प्रार्थना की गई थी। हाई कोर्ट ने इसे नकार दिया और ऑफिस का फर्नीचर कुर्क करने के आदेश जारी किए।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जिला कांगड़ा के ढगवार में दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने के लिए 201 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं। यह संयंत्र राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से निर्मित किया जाएगा, जिसका कार्य शीघ्र ही आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र की प्रारम्भिक क्षमता 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन होगी, जिसे 3 लाख लीटर प्रतिदिन बढ़ाया जा सकता है। पूर्ण रूप से स्वचालित इस संयंत्र में दहीं, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, खोया, फ्लेवर्ड मिल्क और मिज़ोला चीज़ जैसे दूध के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यह संयंत्र कांगड़ा, हमीरपुर, चम्बा और ऊना जिलों के किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने में मील पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के पशुपालकों की आर्थिकी मज़बूत बनानेे में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस परियोजना के साकार होने से पशुपालन क्षेत्र से जुड़े लोगों के जीवन में समृद्धि आएगी और किसानों को उनकी मेहनत के बेहतर दाम मिलेंगे। यह संयंत्र कृषि और पशु पालन समुदाय से जुड़े किसानों की आजीविका में सुधार लाने की दिशा में प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि परियोजना का संचालन शुरू होने के उपरांत इस संयंत्र में मिल्क पाउडर, आइसक्रीम व पनीर के विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की उन्नति और समृद्धि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार ने गाय के दूध के खरीद मूल्य को 32 रुपये से बढ़ाकर 45 रुपये और भैंस के दूध को 55 रुपये प्रति लीटर किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 95 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार भविष्य में कई और नई योजनाएं शुरू करेगी। प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर आत्मनिर्भर हिमाचल की संकल्पना को साकार करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस थाना इंदौरा के अंतर्गत जमीनी विवाद को लेकर एक महिला से मारपीट कर उसे ज़ख्मी करने का मामला प्रकाश में आया है। महिला का आरोप है कि गाँव के ही दो व्यक्तियों ने जबरन उसकी मलकीयती भूमि में ट्रैक्टर से हल चलाकर बिजाई करना शुरु कर दिया और मना करने पर न केवल उससे बल्कि महिला को बचाने के लिए आए अन्य लोगों से भी डंडों, तेजधार हथियार व अन्य उपकरणों से मारपीट कर ज़ख्मी कर दिया। मामले के संदर्भ में जानकारी देते हुए पुलिस थाना इंदौरा प्रभारी आशीष पठानिया ने बताया कि पुलिस को सिविल अस्पताल इंदौरा से सूचना मिली कि कुछ लोग घायलावस्था में अस्पताल पहुँचे हैं, जिस पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। इस दौरान एक 50 वर्षीय विधवा सुषमा देवी पत्नी स्व. शांता कुमार, निवासी गाँव बडुखर, डाकघर बहादपुर, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा ने अपना ब्यान दर्ज करवाते हुए बताया कि उसकी मलकीयती भूमि जो रियाली में है, वहाँ वह मक्की की बिजाई कर रही थी तथा आसपास के खेतों में भी अन्य लोग अपने-अपने खेतों में बिजाई कर रहे थे। इस दौरान बलदेव सिंह, जो कि रियाली बडुखर का रहने वाला है, ट्रैक्टर चलाकर उसके खेत में आ घुसा तथा उसका भाई सुरमी लठ लेकर ट्रैक्टर के आगे पैदल चला हुआ था, खेत में घुसते ही बुआई करने लगे, जिस पर उसने उन्हें उसके खेत में बिजाई करने से मना किया तो सुरमी ने ट्रैक्टर में लगी लोहे की संगल से उस पर वार कर दिया व बलदेव ने दराटी से उसके सिर पर वार किया, जिससे उसके बाजू, सिर व कान पर गहरी चोटें आई। लड़ाई झगड़ा देखकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य लोग भी उक्त महिला को बचाने पहुँचे तो उक्त दोनों भाईयों ने उनसे भी मारपीट की, जिस पर मौका पर बचाने आए 6 लोगों को भी गंभीर चोटें आई हैं। उनसे बचने व अपनी हालत को देखते हुए उक्त सभी सिविल अस्पताल इंदौरा पहुँचे, जहाँ से पुलिस को सूचित किया गया। मामले की पुष्टि करते हुए डिप्टी एस. पी. विशाल वर्मा ने बताया कि महिला के ब्यानों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी घायलों का मेडिकल करवाया गया है, जिनमें से कुछ को एक्स रे के लिए सिविल अस्पताल नूरपुर रैफर किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार 12 जुलाई, 2024 को सोलन ज़िला के प्रवास पर आ रहे हैं। विनय कुमार 12 जुलाई को दोपहर 01.00 बजे पूजा काउंसलिंग सेंटर सोलन में ‘सुकुन वेबसाईट’ के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लेंगे।
**बाइक में सवार होकर पति पत्नी जा रहे थे माथा टेकने **लेकिन बिच में ही हो गया बड़ा हाद*सा **हाद*से में बाइक में सवार महिला की हो गई मौके पर मौ*त हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की दौलतपुर चौक-गगरेट सड़क पर आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया हादसा तब हुआ जब पंजाब नंबर की बाइक सवार होकर पति और पत्नी गगरेट माथा टेकने जा रहे थे। इसी दौरान आंबेडकर भवन के समीप, बीच सड़क पर अचानक एक गाय उनकी बाइक के आगे आ गई । बाइक सवार ने गाय को बचाने की कोशिश की लेकिन उसे क्या पता था कि पीछे से भी कोई गाड़ी आ रही है। हादसा इतनी जल्दी हुआ कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। हादसे में गाड़ी, बाइक और गाय तीनो में जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक व कार सड़क से नीचे एक नाले में जा गिरी इस हादसे में बाइक में सवार महिला की मौके पर ही मौ*त हो गई, जिस गाय को बचाने की कोशिश की थी वो गाय भी हादसे का शिकार हो गई, जिसके कारण उस गाय की भी मौ*त हो गई। वही बाइक चला रहा मृत*क महिला का पति भी गभीर रूप से घायल हुआ है। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया हैं। वही गाड़ी चालक को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आगामी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने श*व को कब्जे में ले लिया है।
सोरिग बुमझी मेन्रिलिंग, डोलनजी के मेडिकल कॉलेज के सहयोग से योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस द्वारा आयोजित पारंपरिक उपचार पर दो दिवसीय मुफ्त चिकित्सा शिविर बुधवार को शुरू हुआ। शिविर का आयोजन 14वें दलाई लामा के जन्मदिन सप्ताह के उपलक्ष्य में किया गया है। पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा के विशेषज्ञ, डोलनजी मठ के डॉ. यंगड्रुंग वोसर गुरुंग ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने में इसके महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया। शिविर में एक्यूपंक्चर, मोक्ष, मालिश और अन्य पारंपरिक उपचारों सहित विभिन्न सेवाएं निःशुल्क प्रदान की गईं। डॉ. यंग ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन सदस्यों को चिकित्सा सेवाएँ भी प्रदान कीं। योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस, शूलिनी यूनिवर्सिटी के निदेशक डॉ. समदु छेत्री ने कहा, हम डॉ. यंगड्रंग वोसर गुरुंग के बहुमूल्य योगदान और हमारे समुदाय को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए उनके आभारी हैं। पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा में उनकी विशेषज्ञता, नेपाल के उच्च ऊंचाई वाले तिब्बती डोलपो क्षेत्र में उनके हालिया अभियान से उजागर हुई, इस आयोजन में एक अनूठा और अमूल्य अनुभव लाई है।
भारत मानक ब्यूरो द्वारा उपायुक्त कार्यालय के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यशाला में भारत मानक ब्यूरो द्वारा मानकीकरण प्रक्रिया एवं सोना एवं चांदी में हॉलमार्क चिन्ह पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परस्पर संवाद के माध्यम से उनके संशय दूर किए गए एवं उत्पादों की गुणवत्ता तथा अधिनियम में सजा के प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया। इसके अतिरिक्त कार्यशाला में आई.एस.आई चिन्ह तथा उपभोक्ता के अधिकारों एवं जौहरियों से उत्पादों के सत्यापन पर विस्तृत चर्चा की गई तथा भारत सरकार द्वारा समय-समय पर उपभोक्ताओं को मानक सुरक्षा पर जागरूक करने की गतिविधियों से अवगत करवाया गया ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के युग में उपभोक्ताओं के संवेदीकरण से सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सके। इस अवसर पर उपायुक्त ने कार्यशाला के आयोजकों को लोगों को जागरूक करने के लिए बधाई दी तथा समय-समय पर इन कार्यशालाओं से उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त विजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, जिला कल्याण अधिकारी बलबीर ठाकुर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निरीक्षक चंदू लाल नेगी एवं अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जुलाई, 2024 को 33 के.वी उप-केन्द्र कण्डाघाट में किए जाने वाले आवश्यक रखरखाव को अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत स्थगित कर दिया गया है। इस कारण 11 जुलाई को उप-केन्द्र से संचालित कुछ क्षेत्रों में अब विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगी। यह जानकारी आज यहां विद्युत मण्डल सोलन के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में बाधित होने वाली विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में पूर्व में सूचित किया जाएगा।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इंदौरा नगर इकाई द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 76वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि पुष्पेंद्र , मुख्य वक्ता जिला संगठन मंत्री अभिषेक राणा व कार्यक्रम अध्यक्ष लखन मुख्य रूप से उपस्थित रहें। मुख्य वक्ता अभिषेक राणा ने बताया कि विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही छात्र हित और राष्ट्रहित में कार्य करती आई है, जब जब इस देश के अंदर कोई भयंकर संकट आया है तो विद्यार्थी परिषद देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चली है। अभिषेक राणा ने विद्यार्थी परिषद के इतिहास विकास के बारे में विद्यार्थियों को बताया कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कैसे कोविड काल मैं अपनी जान की परवाह किए बिना निस्वार्थ भाव से कार्य किया, उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के बीच काम करता है और पढ़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों के अंदर देशभक्ति का भाव भी भरता है।
** लंबे समय से सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री मौन क्यों है? **तानाशाही की सीमा लांघ चुके हैं मुख्यमंत्री, प्रतिशोध की भावना के साथ कर रहे हैं काम **विपक्ष के नाते हमारा काम है सरकार की तानाशाही के ख़िलाफ़ आवाज उठाना शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में खनन से जुड़े कारोबारियों के यहां हुई छपेमारी में घपले की पुष्टि हुई है। लेकिन इन कारोबारियों की मुख्यमंत्री से नज़दीकी की बातें समाने आ रही हैं। मुख्यमंत्री को इस मामले में प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए कि जांच एजेंसियां जिनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। उनका मुख्यमंत्री से क्या संबंध है? कांग्रेस सरकार ने विकास के बजाय घोटालों को तरजीह दी है। जनता के मुद्दे से सरकार को कोई सरोकार नहीं है। सरकार तानाशाही से विपक्ष की आवाज़ को दबाने का काम कर रही है। उपचुनाव जीतने के लिए सरकार ने सत्ता का जितना दुरुपयोग कर सकती थी, वह कर चुकी है। सरकार की तानाशाही के ख़िलाफ़ जनता में रोष है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस समय प्रदेश में भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। घोटालों से प्रदेश की छवि ख़राब हो रही है, माफिया सक्रिय हैं। क़ानून व्यस्था ध्वस्त है लेकिन मुख्यमंत्री अपनी सरकार बचाने में व्यस्त हैं। हाल ही में आयकर और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा हिमाचल प्रदेश के कुछ कारोबारियों पर अनियमितता की जाँच के लिए कार्रवाई की गई। समाचारों की मानें तो वहां पर भारी धांधली का मामला सामने आया है। ये जांच खनन कारोबारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर, शिकायतों और फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई है। शुरुआती जांच में ही ईडी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिससे पता चलता है कि ये दोनों सैकड़ों करोड़ के स्कैम में शामिल हैं। इतने गंभीर मामलों के आरोपी की हिमाचल के मुख्यमंत्री के साथ नज़दीकी की बात भी मीडिया के माध्यम से सामने आ रही है। इसके पहले भी अपने चहेतों के लिए नियमों में फेर बदल के आरोप भी उन पर लगते रहे हैं। किसी भी आरोप पर मुख्यमंत्री ने अपनी सफ़ाई नहीं दी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए मित्रों की टोली ही सब कुछ है, वह उन्हीं के हित के लिए काम कर रहे हैं। प्रदेश के लोगों के जनहित के मुद्दे प्राथमिकता में है ही नहीं। जो सरकार जनहित के मुद्दों से हट जाए उसे सत्ता में रहने का हक़ नहीं है। यह सरकार बदलनी चाहिए। हम विपक्ष में हैं, हमारा काम है तानाशाह होती सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना। जनता के हितों के लिए काम न करने वाली सरकार से सवाल पूछना। जनहित के काम करने के लिए सरकार को बाध्य करना। वह हम करते रहेंगे। इस बार प्रदेश के लोग भी घोटाले, भ्रष्टाचार और उसमें मुख्यमंत्री कार्यालय की संबद्धता के बारे में जवाब मांग रहे हैं। मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए।
मंडी से सांसद व अभिनेत्री कंगना रणौत ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनते रूके हुए प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू होगा। मंडी शहर का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार ने रोक रखा है। हालांकि किस तरह प्रोजेक्ट रोका गया है यह वह साफ नहीं कर पाईं। उन्होंने भाजपा सरकार बनने पर यह बात साफ होने का तर्क दिया। उन्होंने बुधवार को मंडी में अपने कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। कंगना रणौत ने कहा कि एक काम पकड़ कर उसे पूरा करवाया जाएगा। इसके लिए जी जान उसके पीछे लगकर काम होगा। कंगना ने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र में अब उनके तीन कार्यालय हो गए हैं। एक कार्यालय मनाली स्थित निवास पर है, जबकि दूसरा सरकाघाट वाले निवास पर है। तीसरा कार्यालय मंडी शहर में खुला है। लोग अपनी सुविधा के अनुसार उनसे इन कार्यालयों में आकर मिल सकते हैं। यदि वह कार्यालय में नहीं मिलती तो लोग यहां तैनात स्टाफ के पास भी अपनी बात लिखित में दे सकते हैं, उसका समाधान किया जाएगा। इस मौके पर कंगना ने लोगों से मुलाकात भी की और उनकी समस्याओं को भी सुना।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन चोर हर बार की तरह पुलिस की पहुंच से बाहर है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में सुंदरनगर थाना के तहत ग्राम पंचायत जुगाहन के जरल गांव में चोरों ने मंगलवार रात को करीब छह लाख के आभूषण और 11 हजार रुपये नकदी पर हाथ साफ कर दिया । चोरों ने ग्रिल उखाड़कर घर में प्रवेश कर वारदात को अंजाम दिया। वारदात की रात मकान मालिक महिला घर पर अकेली थी। सुबह जब महिला जागी तो एक कमरे को अंदर से बंद पाया। जब महिला बाहर आंगन में गई तो देखा कि कमरे की ग्रिल किसी ने निकाल कर बाहर रखी हुई है और अंदर झांकने पर कमरे में सामान बिखरा पाया। इसके बाद पड़ोसियों को जगाया। कमरे में जाकर जांच करने पर अलमारी के लॉकर से सोने व चांदी के आभूषण और नकदी गायब थी। सूचना मिलने पर सुंदरनगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि जुगाहन पंचायत के जरल निवासी प्रेम चौधरी के घर पर चोरों ने मंगलवार रात को सेंध लगा दी। चोरों ने घर के बाहर खिड़की को लगी ग्रिल को खोलकर कमरे में प्रवेश किया और भीतर से दरवाजे को कुंडी लगा दी। डीएसपी भारत भूषण ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
उपमंडल घुमारवीं के तहत पड़ने वाले एक गांव में आग लगने से दो मंजिला घर जलकर राख हो गया। आग लगने की यह घटना बाड़ी करंगोडा पंचायत के गांव बाड़ी मझेडवां में सामने आई है। यहां चार कमरों का दो मंजिला स्लेट का मकान आग की भेंट चढ़ गया। मकान के दो कमरों में रिहायश थी और दो कमरे गौशाला के थे। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगने से करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया । पटवारी ने मौके पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया है। जानकारी के मुताबिक आग लगने की यह घटना सुबह करीब 4 बजे पेश आई। आग लगने के वक्त परिवार के सदस्य सो रहे थे। पड़ोसियों ने मकान से धुआं निकलते हुए देखा। पड़ोसियों ने देखा कि साथ लगते घर की दूसरी मंजिल से आग की लपटें निकल रही हैं। ऐसे में पड़ोसियों ने शोर मचाते हुए घर में सो रहे लोगों को उठाया। लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग पर काबू नहीं पाया गया। इसके बाद लोगों ने दमकल विभाग को मामले की सूचना दी। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं, मकान के अंदर रखे घर के सामान को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार ने परिवार को फौरी राहत के तौर पर पांच हजार रुपये सहायता राशि दी है।
जिला कुल्लू के मुख्यालय रामशिला में बीती रात एक सड़क हादसा पेश आया है। यहां पर एक बाइक और कार की टक्कर हुई है। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौ*त हो गई। वहीं, एक अन्य युवक घाय*ल हुआ है। जानकारी के मुताबिक बाइक चालक तेज गति से आ रहा था। वहीं, दूसरी साइड से कार आ रही थी। इस दौरान दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक युवक को मृ*त घोषित कर दिया। वहीं, घायल का इलाज कुल्लू के ढालपुर अस्पताल में चल रहा है। मृत*क की पहचान कृष्णा के तौर पर हुई है जो अखाड़ा बाजार का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने मृत*क युवक के श*व को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। श*व का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस सड़क हादसे के कारणों की जांच कर रही है। बुधवार को मृत*क युवक के श*व का पोस्टमार्टम करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया "सड़क हादसे में एक युवक की मौ*त हुई है। वहीं, एक अन्य युवक घाय*ल हुआ है। फिलहाल कुल्लू पुलिस सड़क हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश राज्य मिल्क फेडरेशन ने देसी घी, मक्खन समेत अन्य उत्पादों के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। अब उपभोक्ताओं को हिम घी प्रति लीटर 50 रुपये और हिम मक्खन प्रति किलो 30 रुपये महंगा मिलेगा। इस तरह अब घी 700 और मक्खन 580 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा। दूध के दामों में बढ़ोतरी के बाद प्रबंधन ने अन्य उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। बढ़ी हुई दरें प्रदेशभर में लागू कर दी गई हैं। मिल्क फेडरेशन की ओर से कुल पांच उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। हिम पनीर अब 370 के बजाय 390 रुपये में मिलेगा। खुला पनीर प्रति किलो 340 के बजाय 360 रुपये में मिलेगा। पनीर में 20 रुपये प्रतिकिलो बढ़ोतरी हुई है। खुला दूध प्रति लीटर में दो रुपये बढ़ोतरी के साथ अब दाम 49 रुपये तय किए गए हैं। प्रबंधन की ओर से हिम खोया, बटर मिल्क, हिम दही, खुला दही, दूध पैकेट, फ्लेवर वाला दूध उत्पाद के दाम में बढ़ोतरी नहीं की गई है। हिम खोया 340 रुपये प्रति किलो, बटर मिल्क 20 रुपये, हिम दही 70 रुपये, खुला दही 65 रुपये, दूध 60 रुपये, फ्लेवर वाला दूध 30 रुपये प्रतिलीटर मिलेगा। बता दें कि प्रदेशभर में मिल्क फेडरेशन के 150 से अधिक बिक्री केंद्र हैं।
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर से संबंध रखने वाले वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी और पूर्व जिलाधीश कुल्लू आशुतोष गर्ग को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का निजी सचिव नियुक्त किया गया है। आईएएस अधिकारी आशुतोष गर्ग के पास वर्तमान में विशेष सचिव कार्मिक का अतिरिक्त जिम्मा है। कुल्लू के उपायुक्त पद से स्थानांतरण के बाद आशुतोष गर्ग को विशेष सचिव वित्त नियुक्त किया गया था। बाद में कार्मिक विभाग भी दिया गया। इसके अलावा प्रबंध निदेशक सामान्य उद्योग निगम भी नियुक्त किए गए।
यूनिवर्सल कार्टन में वजन के हिसाब से किलो के रेट पर सेब बिकेगा। आढ़तियों को फड़ (ऑक्शन यार्ड) पर अनिवार्य तौर पर इलेक्ट्राॅनिक कांटे लगाकर पेटियों का वजन कर एवरेज के हिसाब से किलो की बोली लगा कर सेब बेचना होगा। बागवान भी बढि़या किस्म के यूनिवर्सल कार्टन में सेब की पैकिंग करें ताकि आढ़तियों और खरीदारों को नुकसान न हो। नियमों का उल्लंघन बागवान करे या आढ़ती सबके लिए कानून एक समान लागू होगा। यूनिवर्सल कार्टन को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति पर मंगलवार को बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सचिवालय में सभी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट की। नेगी ने कहा कि जिन बागवानों के पास पिछले साल का कार्टन बचा है वह नाशपाती टेलिस्कोपिक कार्टन में पैक कर बेच सकते हैं। नाशपाती पर कोई रोक नही है। सेब के लिए यूनिवर्सल कार्टन की कोई कमी पेश नहीं आने दी जाएगी। एचपीएमसी के बिक्री केंद्रों पर यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया गया है। निजी कंपनियों का कार्टन भी बाजार में उपलब्ध है। 99 फीसदी बागवान यूनिवर्सल कार्टन से संतुष्ट हैं सिर्फ एक फीसदी परेशान हैं। पिछले सीजन में जब किलो के हिसाब से सेब बिक्री शुरू की थी तब भी कुछ लोगों को समस्या थी, सरकार ने सख्ती की तो व्यवस्था लागू हो गई। बागवानों से ठगी के मामलों में एसआईटी कार्रवाई करती थी लेकिन इस सीजन से एसआईटी के साथ एपीएमसी को सक्रिय किया जाएगा। बागवानों की शिकायत आते ही एपीएमसी पुलिस में मुकद्दमा दर्ज करवाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बागवान भी अगर चैक से फसल का पैसा ले रहे हैं और चैक बाउंस हो जाता है तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करें। सेब सीजन में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम और तहसीलदारों को भी कार्रवाई की शक्तियां दी जाएंगी। सेब सीजन के दौरान ग्रामीण और मुख्य सड़कें बंद न होे इसका जिम्मा संबंधित डीसी और एसपी को सौंपा गया है। पराला मंडी की सड़क बन कर तैयार हो गई है। पीडब्ल्यूडी के साथ बैठक कर हर जगह मशीनें रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हरित भारत संकल्प के तहत हिमाचल प्रदेश राजमार्ग प्राधिकरण प्रदेश में 50,000 पौधे रोप रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित के नेतृत्व में शिमला-चंडीगढ़ हाईवे किनारे एक बूटा मां के नाम पौधारोपण अभियान शुरू किया। इस दौरान फोरलेन के किनारे विभिन्न प्रजातियों के पौधे रौपे गए। उल्लेखनीय है कि एनएचएआई ने संपूर्ण पौधरोपण परियोजना के अंतर्गत अपनी फील्ड इकाई के प्रत्येक पौधे के स्थान, उसकी वृद्धि, प्रजातियों के विवरण, रखरखाव गतिविधियां, लक्ष्य और उपलब्धियों की निगरानी के लिए 'हरित पथ' नाम का एक मोबाइल एप विकसित किया है। क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता को बढ़ाने के लिए पौधारोपण अभियान शुरू किया गया है। लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक पेड़ मां के नाम महिम शुरू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी राजमार्गों पर पौधे लगाए जा रहे हैं।
कांगड़ा जिले के थुरल के गांव हटनाला में मंगलवार रात को चोरों ने दो घरों के ताले तोड़कर लाखों के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। जानकारी के अनुसार शहीद हवलदार अमित कुमार और चंपा देवी के घर में रात को शातिर घरों के ताले तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण और 45 हजार की नकदी उड़ा ले गए। बुधवार सुबह जब शहीद की माता कुशमा देवी घर पहुंचीं तो देखा कि ताले टूटे हुए थे। घर के अंदर अलमारियों और बैड बॉक्स का सारा सामान बिखरा हुआ था। उसके अंदर रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी गायब थी। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस चौकी थुरल को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आगामी कारवाई शुरू की। पुलिस मामले की गहनता से जांच करने में जुट गई है। पुलिस थुरल बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाल रही है।
**कल- परसों प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी **लाहौल स्पीति और किन्नौर में बारिश न होने की संभावना **प्रदेश के 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश के कई भागों में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में 16 जुलाई तक मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा। 11 व 12 जुलाई को कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में मौसम खराब बना हुआ है। उधर, बुधवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 28 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अलावा 19 बिजली ट्रांसफार्मर व 16 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने 11 व 12 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति व किन्नौर जिले के लिए किसी तरह का अलर्ट नहीं हैं।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान धर्मशाला में आयोजित राष्ट्रीय अप्रैटिशिप मेला में 16 प्रशिक्षुओं में 04 संस्थानों ने अप्रैटिशिप पोर्टल पर नाम रजिस्ट्रर करवाया। इस अवसर पर बतौर मुख्यातिथि अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार की दिशा में कदम आगे बढ़ाने चाहिए इस के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ भी उठाना चाहिए ताकि स्वरोजगार आरंभ करके अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें। उन्होंने कहा कि अप्रैटिशिप पोर्टल आईटीआई प्रशिक्षुओं के लिए बेहतर विकल्प है जिसके माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण में मदद मिलेगी। इससे पहले प्रिंसिपल आईटीआई दाड़ी राजेश पुरी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय अप्रैटिशिप मेला के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राजकीय औ0 प्र0 स0 शाहपुर, प्रधानाचार्य राजकीय औ0 प्र0 स0 पालमपुर, अभिनन्दन कालिया, हि0प्र0 तकनीकी शि़क्षा बोर्ड धर्मशाला, महाप्रबन्धकए जिला उघोग निगम धर्मशालाए होटल धौलाधार हील्स श्यामनगर, माँ चामुण्डा प्राइवेट आई.टी.आई. डाढ पालमपुर, बज्रेश्वरी मोटर घुरकडी कांगडा और स्केयर वन डी0 पोलो होटल शीला चौंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र सदर से भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा ने मतदान से एक दिन पहले ग्राम पंचायत नाल्टी के डकोल और पटियाहु में डोर टू डोर पहुंचकर स्थानीय लोगों से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। क्षेत्र के लोगों ने आशीष शर्मा को खुले दिल से समर्थन देते हुए भारी बहुमत से जीत होने का आशीर्वाद दिया। आशीष शर्मा ने कहा कि महज दुष्प्रचार कर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी व सरकार के नुमाइंदे चुनाव के दिनों में सरकार की कोई भी उपलब्धि नहीं बता सके हैं। हमीरपुर के लिए कांग्रेस सरकार ने पिछले डेढ़ साल में क्या किया, यह बताने में भी कांग्रेस प्रत्याशी नाकाम रहे हैं और बताते भी क्या? जब बीते डेढ़ साल में हमीरपुर के लिए कोई उपलब्धि है ही नहीं। आशीष शर्मा ने कहा कि अनाप-शनाप बयान बाजी कर और दुष्प्रचार कर मेरी छवि को खराब करने की कोशिश इन लोगों ने की है, जिसका जवाब जनता उन्हें भाजपा के पक्ष में भारी संख्या में मतदान कर देगी। जो अनाप-शनाप और तथ्यहीन बयानबाजी इन लोगों ने की है उसके खिलाफ माननीय अदालत में भी याचिका दायर कर मानहानी का मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। झूठे आरोप लगाकर इन्होंने छवि खराब करने की कोशिश की है। आशीष शर्मा ने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री गांधी चौक पर हुई जनसभा में कहते थे कि आशीष शर्मा रात को 12-12 बजे तक सचिवालय में रहकर लोगों के कामों को करवाने के लिए मेरे पास आते थे। लेकिन अब मुख्यमंत्री दुष्प्रचार व तथ्यहीन ब्यानबाजी कर रहे हैं। मेरे विधानसभा क्षेत्र की जनता मेरा चरित्र भलीभांति जानती। मैनें ईमानदारी के साथ जनता की सेवा के लिए कार्य किया है। सत्ता के लोभ में कांग्रेस प्रत्याशी सरकारी कर्मचारीयों वह मशीनरी का दुरुपयोग कर शराब व अन्य लुभावनी सामग्री क्षेत्र में बांट रहे हैं। प्रोपेगेंडा करने के लिए तरह-तरह की भ्रांतियां लोगों में फैला रहे हैं। विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मोबाइल कॉल कर बरगलाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन मेरे पास जनता का साथ और भगवान का आशीर्वाद है। दुष्प्रचार कर रहे इन लोगों को जनता और कानून की अदालत सजा देगी। आशीष शर्मा ने कहा है कि 5 सालों से उन्होंने जनता की सेवा की है और अब जनता की बारी है कि हमीरपुर का आत्म सम्मान और स्वाभिमान बचाना है। जो मेरे विधायक बनने के बाद इन लोगों ने मेरे साथ किया है, उसके खिलाफ मेरे हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता ही इन लोगों को करारा जवाब 10 जुलाई को भाजपा के पक्ष में भारी संख्या में मतदान कर देगी। उन्होंने पूरे चुनाव के दौरान दिन रात मेहनत करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर इन चुनावों में मेरे साथ खड़े रहे और इसी ताकत की बदौलत भाजपा क्षेत्र में जीत का परचम लहराएगी। झूठ, फरेब और भ्रम की राजनीति करने वालों को हमीरपुर की देवतुल्य जनता 10 जुलाई को सबक सिखाएगी। उन्होंने विधानसभा परिवार के सभी सदस्यों से भाजपा के पक्ष में दिल खोलकर मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में विधायक बननेे के बाद भी आपका बेटा डेढ़ साल आपके बीच में रहा और आगे भी विधायक बनने के बाद आपके बीच रहकर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को विधानसभा क्षेत्र में लागू कर नई-नई परियोजनाएं यहां पर शुरू करवाई जाएगी। डोर टू डोर अभियान के दौरान उनके साथ भाजपा नेता नवीन शर्मा, मंडल महामंत्री सुरेश सोनी सहित अन्य मौजूद रहे।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आज जिला के रिकांग पिओ स्थित फल संतति एवं प्रदर्शन उद्यान केंद्र बोक्टू का निरीक्षण किया तथा उद्यान केंद्र में तैयार की जा रही फलों की उन्नत किस्म के पौधों का जायजा लिया। उन्होंने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वह अनुसंधान को लोगों के खेतों तक पहुंचाने की पहल करें। इस दौरान उन्होंने उद्यान केंद्र बोक्टू के अंतर्गत आने वाली लगभग 60 बीघा जमीन में हो रहे भू-धसाव का भी निरीक्षण किया तथा इसके लिए एहतियाती कदम उठाने बारे अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि उद्यान केंद्र का तभी फायदा है यदि वह किसानों व बागवानों के खेतों व बागीचों तक पहुंचे। उन्होंने वैज्ञानिकों से सेब व अन्य फल/पौधों की नई किस्मों के बारे में बागवानों को जागरूक करने का भी आग्रह किया ताकि बागवान परम्परागत फलों की किस्मों के स्थान पर नई किस्में उगाकर फलों का और अधिक उत्पादन कर अपनी आय को बढ़ा सके। उन्होंने फसल विविधिकरण पर भी जोर दिया तथा कहा कि इससे बागवानों की आर्थिकी सुदृढ़ होने में सहायता मिलेगी। उपायुक्त ने जिले में फल आधारित प्रसंस्करण औद्योगिक इकाई लगाने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला की जलवायु सेब, नाशपति सहित स्टोन फ्रूट उगाने के लिए उपयुक्त है। ऐसे में बागवानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक व उन्नत किस्मों को उगाने के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि कम भूमि में भी किसान अधिक से अधिक उत्पादन कर अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर सकें। उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न जागरूकता शिविरों में लोगों को नवीनतम किस्मों के पौधों व तकनीकों से अवगत करवाया जाए। इस अवसर पर उपनिदेशक बागवानी डॉ. भूपेन्द्र सिंह नेगी ने उपायुक्त को उद्यान केंद्र बोक्टू में तैयार की जा रही फलों की नवीनतम किस्मों से अवगत करवाया। इस अवसर पर उद्यान विभाग के वैज्ञानिकों सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा की बैठक 9 जुलाई 2024 को ज्वालामुखी में संपन्न हुई, जिसके मुख्य अतिथि शिक्षा निदेशक डॉक्टर अमरजीत शर्मा रहे । इस बैठक में अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा हरीश कुमार व सभी जिला के उप शिक्षा निदेशकों के अलावा सभी जिलों के एडीपीओ के साथ साथ विभिन्न खेलों से जुड़ें शिक्षक व कोच शामिल हुए । बैठक में वर्ष 2023 - 24 का लेखा जोखा व वार्षिक रिपोर्ट संतोष चौहान आएडीपीइओ हेडक्वार्टर ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रदेश स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमे नए सदस्यों के तौर पर सुशील कुमार उप शिक्षा निदेशक मण्डी, राजेंद्र कौशल उप शिक्षा। द निदेशक उना, अजीत चौहान उप शिक्षा निदेशक सिरमौर, जगदीश नेगी उप शिक्षा निदेशक सोलन व लेख राम भारद्वाज उप शिक्षा निदेशक शिमला के साथ-साथ सुखदेव एडीपीओ मंडी किशन राणा एडीपीओ कुल्लू, अतुल कटोच एडीपीओ कांगड़ा,राजकुमार एडीपीओ बिलासपुर ,पवन कुमार एडीपीओ किन्नौर ,विनोद कुमार एडीपीओ लाहूल स्पिती के साथ जगदीश चंद डीपी बिलासपुर अजय पांटा डीपीई शिमला व मान सिंह डीपीई मंडी को सर्वसम्मति से स्पोट्स काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश उसका मैंबर चुना गया। बैठक में डॉक्टर हरीश की अध्यक्षता में एक टेक्निकल कमिटी का भी गठन किया गया, जिसके सदस्यों के रूप में संतोष चौहान राजकुमार राजेश ठाकुर, राजेश शर्मा ,बलवंत डाटा व लोकपाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने बताया कि खंड व जिला स्तर पर खिलाड़ियों का डाइट मनी 120 से बढ़ाकर ₹400 व राज्य स्तर पर भी यह डाइट मनी ₹400 कर दिया जाएगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वाले खिलाड़ियों को ₹500 प्रति खिलाड़ी डाइट मनी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द हिमाचल प्रदेश में एसजीएफआई के बाईं लॉज बनाने के लिए एक टेक्निकल कमिटी का गठन किया जाएगा और इस कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कोरस व ठोड़ा जैसे खेलों को भी राज्य स्तर पर शामिल करने का विचार किया जाएगा । एक स्पोर्ट्समैन में स्पोर्ट्समैनशिप होनी चाहिए और ऑलवेज रेडी के सिद्धांत का अनुसरण करें। उन्होंने बताया कि एक बार कुछ ठान ले तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता । स्पोर्ट्स और कल्चर हमें एक दूसरे से जोड़ते हैं और बच्चों को स्कूल स्काउट के द्वारा हम ड्रग एडिक्शन से दूर रख सकते हैं इस अवसर पर राज्यस्तरीय माइनर, मेजर ,इनडोर एथलेटिक्स तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल का भी सदन में प्रस्ताव रखा गया और उन्होंने कहा कि शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर इच्छुक जिलों को दी जाने वाली राज्य स्तरीय स्पर्धाओं का विस्तृत विवरण शिक्षा निदेशालय जारी करेगा ।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जुलाई, 2024 को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 33 के.वी. उप-केन्द्र कण्डाघाट से संचालित कुछेक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत मण्डल सोलन के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई, 2024 को प्रातः 09.00 बजे से सायं 06.00 बजे तक कण्डाघाट, सिरीनगर, धाली, पलेच, सलुमणा, जदारी, डोलग, परोंथा, देढ़घराट, मेहली, माही, सनेच, कोहारी, वाकनाघाट, क्यारीघाट, कवारग, शालाघाट, कैथलीघाट, बीशा, छोवशा, डुमैहर, बाशा, कदौर, गरू, पावघाट, कून, आंजी, सुनारा, साधुपुल, कलहोग, दोची, सोनाघाट, सैंज, कोटला, चायल, नगाली, हिन्नर, कुरगल, झाझा, दधील, आल्मपुर, जनेड़घाट, टिक्कर एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किन्हीं अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
शिमला: फल मंडी में सेब की दस्तक के साथ अब आवक बढ़ने लगी है। भट्टाकुफर फल मंडी में सोमवार को टाइडमैन सेब किलो के हिसाब से बिका। यूनिवर्सल कार्टन में करीब हजार पेटियां बिकने के लिए पहुंचीं। वहीं, आने वाले समय में सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा। शुरुआती दौर में कम संख्या में सेब की पेटियां फल मंडी पहुंच रही थीं। वहीं, अब सेब की आवक में बढ़ोतरी हुई है। सभी पेटियां मंडी में यूनिवर्सल कार्टन में ही पहुंच रही हैं। शुरुआती दौर में सेब का साइज छोटा है इसलिए कम दाम पर मंडियों में सेब बिक रहा है। फिलहाल 700 से 1500 रुपये प्रति पेटी मंडी में बिक रही है। वहीं, इस बार गर्मियों में बारिश ना होने के कारण सेब का आकर छोटा और रंग फीका भी है। इस वजह से बागवानों को सेब के दाम कम मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर सेब का साइज व रंग बेहतर हुआ तो बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा स्टोन फ्रूट व नाशपाती भी फल मंडी में पहुंच रही है। भट्टाकुफ़्फ़र फल मंडी के आढ़ती जयकुमार ने कहा "फल मंडी में अब सेब की आवक में बढ़ोतरी हो रही है। स्टोन फ्रूट के साथ नाशपाती भी मंडी में पहुंच रही है। उन्होंने कहा इस बार सूखे की मार सेब पर पड़ी है जिस वजह से सेब का साइज छोटा है। वहीं, अभी मार्केट में स्टोरेज किया हुआ सेब बिक रहा हैं। इस कारण भी बागवानों को दाम कम मिल रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में सेब के दाम में बढ़ोतरी होने की संभावना कम है। भट्टाकुफर फल मंडी में पहुंचा करसोग का सेब 50 से 70 रुपये प्रतिकिलो बिका। वहीं, नाशपाती भी 70 से 80 रुपये प्रतिकिलो बिकी। देहा बल्सन से नाशपाती बेचने पहुंचे बागवान शशिकांत ने कहा इस बार फसल कम है और नाशपाती के दाम सामान्य ही मिल रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा यूनिवर्सल कार्टन के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा अभी शुरुआती दौर है। इन कार्टनों में फ्रूट की पैकिंग किस तरह की जानी चाहिए ये अभी बागवानों को समझना पड़ेगा। बागवान ने कहा पहले एक पेटी में 35 किलो तक सेब भर दिया जाता था। अब यूनिवर्सल कार्टन लागू होने से यह नहीं होगा जो एक बेहतर पहल है। इससे सभी बागवानों को फायदा होगा। बागवान ने एक पेटी पर ढुलाई व स्पलाई के खर्च को लेकर बोला "पहले एक पेट्टी पर करीब 300 रुपये का खर्च आता था लेकिन अब यह देखना होगा कि गाड़ी में ढुलाई पेट्टी के हिसाब से होती है या वजन के हिसाब से अगर पेटी के हिसाब से ढुलाई होती है तो बागवानों को इसका नुकसान होगा और अगर वजन के हिसाब से ढुलाई की जाती है तो बागवानों को इसका लाभ मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को पोलिंग पार्टियां अपने-अपने बूथों के लिए ईवीएम को लेकर रवाना हुईं। पुलिस कर्मियों और सीआईएफ जवानों की कड़ी सुरक्षा में हमीरपुर के 94 मतदान केंद्रों पर बुधवार को मतदान होगा। मंगलवार को राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर के खेल मैदान में पोलिंग पार्टियों के लिए परिवहन निगम की 13 बसें लगाई गईं। सुबह 11:00 से लेकर दोपहर 1:00 तक पोलिंग पार्टियां पुलिस कर्मियों और सीआरपीएफ जवानों के साथ मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुईं। वहीं खेल मैदान में बारिश से जमा हुए पानी के कारण कर्मचारियों के वाहन मैदान में पड़े गड्ढों में फंसे रहे। आपसी सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने वाहनों को निकाला। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के एसडीएम मनीष सोने की अगुवाई में पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया।
भारतीय सेना में अग्निवीर योजना के तहत वर्ष 2024-25 के लिए हिमाचल प्रदेश के सोलन, शिमला, सिरमौर और किन्नौर के ऑनलाइन संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सी.ई.ई.) पास किए उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर सेना भर्ती का आयोजन 03 सितम्बर से 09 सितम्बर, 2024 के मध्य किया जाएगा। यह जानकारी भर्ती निदेशक शिमला ने दी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा में सफल हुए सभी उम्मीदवार अपने सिविल दस्तावेजों के सत्यापन जैसे कि दसवी एवं बारहवीं पास की अंकतालिका, मूल निवास स्थायी प्रमाणपत्र, डोगरा/माइनॉरिटी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र (तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन जारी हुआ) एवं एन.सी.सी, खेल प्रमाणपत्र अवश्य साथ लाएं। भर्ती निदेशक ने कहा कि अग्निवीर सामान्य प्रवेश परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को भर्ती के दौरान शारीरिक दक्षता और मापदंड से होकर गुजरना होगा। शारीरिक दक्षता और मापदंड के तहत उम्मीदवारों को 05 मिनट 30 सेकंड में 1.6 किलोमीटर दौड़ना होगा। इसके लिए कुल 60 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके उपरांत उम्मीदवारों को 10 पुल अप्स करने होंगे और इसके लिए 40 अंक निर्धारित किए गए हैं। उम्मीदवारों को 09 फीट लम्बी छलांग और जिग-ज़ैग बैलेंस टेस्ट भी पास करना होगा। उन्होंने कहा कि जो उम्मीदवार 1.6 किलोमीटर दौड़ को 05 मिनट 45 सेकंड के न्यूनतम समय में पास करेंगे, वही उम्मीदवार भर्ती रैली के अगले चरण के लिए चयनित होंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए अधिकारिक अधिसूचना अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना उम्मीदवारों के मोबाइल पर एस.एम.एस. या उनके पंजीकृत ईमेल आई.डी. पर भी भेजी जाएगी।
कुल्लू की राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंगलौर में बच्चे पानी से तालाब बने कमरों में पढ़ने को विवश हैं। दो साल पहले स्कूल के नए भवन का निर्माण किया गया है, लेकिन इस भवन में हल्की बारिश होते ही छत टपकने के कारण जलभराव होने लगता है। बारिश का पानी सीधे आंगन और कमरों में पहुंच जाता है, जिसके कारण भवन की दूसरी मंजिल तालाब बन जाती है। इससे 190 अध्ययनरत बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि स्कूल प्रबंधन समिति कई बार शिक्षा और लोक निर्माण विभाग से समस्या को हल करने की मांग कर चुकी है, लेकिन दोनों विभाग समस्या हल करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अभिभावकों ने नए भवन की छत से पानी टपकने को विभागीय कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश के येलो और ऑरेंज अलर्ट ने मनाली आने के लिए पर्यटकों के कदम रोक दिए हैं। अब पर्यटन कारोबार में लगभग 80 प्रतिशत तक कमी दर्ज की जा रही है। लेह की ओर जाने वाले पर्यटक लाहौल घाटी का रुख कर रहे हैं। रोहतांग में भी एक तरह से सन्नाटा पसर गया है। सोमवार को महज 191 पर्यटक वाहन रोहतांग दर्रा गए। हिमाचल पथ परिवहन निगम की इलेक्ट्रिक बस सेवा भी बंद हो गई है। निगम ने यात्री नहीं मिलने के कारण अपनी सेवा बंद कर दी। मनाली आने वाले पर्यटक वाहनों की संख्या भी लगभग 80 प्रतिशत घट गई है। ग्रीन टैक्स बैरियर के आंकड़ों को लें तो जून तक मनाली में रोजाना 3300 से 3500 पर्यटक वाहन आ रहे थे। वीकेंड में यह आंकड़ा 4,000 भी पहुंच रहा था। जुलाई में मानसून की दस्तक के साथ ही पर्यटकों के आने क्रम थम सा गया। होटलों में 20 से 30 प्रतिशत कमरे ही बुक हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि रोहतांग के लिए जून तक रोजाना बसें भेजी जा रही थीं। जुलाई के शुरू होते ही मंदी शुरू हो गई। सवारियां न मिलने के कारण निगम ने अपनी बस सेवा बंद कर दी है। एसोसिएशन ऑफ हिमाचल होटल एवं रेस्टोरेंट के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि पर्यटकों कि संख्या घट गई है। पर्यटन निगम के उप महाप्रबंधक बीएस औक्टा ने बताया कि पर्यटन कारोबार में भारी कमी दर्ज की जा रही है। पर्यटन निगम को भी यात्री नहीं मिल रहे हैं। पर्यटन सीजन में मनाली से कोकसर, सिस्सू और त्रिलोकीनाथ के लिए चलने वाली निगम की बस सेवा बंद कर दी गई है। बारालाचा के लिए जाने वाली बस की सवारियां कम होने के कारण दो या तीन दिन बाद भेजी जा रही है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इसके लिए दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की टीम निरीक्षण के लिए बिलासपुर भी पहुंची थी। केंद्र सरकार ने एम्स बिलासपुर प्रबंधन को निर्देश दिए थे कि वह किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को शुरू करे। इसके बाद प्रबंधन ने दिल्ली एम्स से निरीक्षण के लिए आग्रह किया था। टीम ने निरीक्षण के बाद किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के सभी मानकों को सही पाया है। हालांकि टीम ने लिखित में अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं दी है, जिसका बिलासपुर एम्स प्रबंधन इंतजार कर रहा है। एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए यहां के विशेषज्ञों, नर्सिंग ऑफिसर की टीम दिल्ली एम्स में डेढ़ माह की ट्रेनिंग कर रही है। इसके साथ ही अन्य औपचारिकताओं को भी पूरा किया जा रहा है। जैसे ही एम्स दिल्ली की टीम लिखित में अपनी रिपोर्ट देगा, उसके बाद सुझावों पर कार्य करते हुए बिलासपुर में इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। बताते चलें कि नेफ्रोलॉजी विभाग में सीनियर और जूनियर रेजिडेंट के पद भी भरे जा चुके हैं। किडनी से संबंधी सभी रोगों का उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में यहां पांच डायलिसिस मशीनें काम कर रही हैं। नेफ्रोलॉजी सेवाओं में किडनी बायोप्सी, टनल्ड हेमोडायलिसिस कैथेटर की भी सुविधा मिल रही है। यहां रेडियोथेरेपी ब्लॉक भी शुरू किया जा चुका है। जहां पर अब प्रदेश के कैंसर मरीजों को उच्च स्तरीय रेडियोथेरेपी की सुविधाएं दी जा रही हैं। एम्स बिलासपुर में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार की टीम भी निरीक्षण कर चुकी है। किडनी ट्रांसप्लांट केंद्र के लिए उनकी मंजूरी भी मिल चुकी है। एम्स करेगा डोनर प्रोग्राम शुरू किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एम्स बिलासपुर डोनर प्रोग्राम भी शुरू करेगा। प्रोग्राम के तहत ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए विशेष ओपीडी में मरीजों को चिह्नित किया जाएगा। इसमें मरीज और किडनी देने वाले दोनों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद सभी जांच कराई जाएंगी। सब कुछ सही मिलने पर ही ट्रांसप्लांट हो सकेगा। एम्स बिलासपुर किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी में है। बड़ी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। दिल्ली एम्स की टीम की लिखित रिपोर्ट का इंतजार है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के दिशा निर्देश पर सभी बाकी बची औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। जल्द ही प्रदेश के लोगों को एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी।
अल्ट्राटेक के बागा सीमेंट प्लांट में क्लींकर की ढुलाई कार्य में लगे 3500 में से 1800 ट्रक ऑपरेटर काम बंद कर हड़ताल पर उतर गए हैं। सीमेंट कंपनी ने ऑपरेटरों को पंजाब के राजपुरा तक का ढुलाई भाड़ा 30 प्रतिशत तक कम करने को कहा था, इस पर ऑपरेटर तैयार नहीं हुए और हड़ताल शुरू कर दी। करीब 1800 ऑपरेटरों के हड़ताल पर उतरने पर अब कंपनी ने भी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई बंद कर दी। राजपुरा के लिए क्लींकर राजस्थान से मंगवाया जा रहा है। दूसरी ओर, अल्ट्राटेक ने हिमाचल में सीमेंट की सप्लाई पंजाब के बघेरी प्लांट से जारी रखी है। उधर, ऑपरेटरों ने कहा कि कंपनी को माल की ढुलाई सीधी डीलरों को करनी चाहिए या डंप कम से कम 150 किलोमीटर दूर बनाने चाहिए। कंपनी ने राजपुरा के लिए क्लींकर का भाड़ा कम करने को कहा है, यह मांग नहीं मानी जाएगी। कंपनी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई वर्तमान भाड़े पर फिर से शुरू करे। हड़ताल पर जाने एक अन्य वजह सीमेंट के डंपों को बंद न करना है। ट्रक ऑपरेटरों की मांग है कि नेरचौक, पधर, भोटा, नादौन और धर्मपुर में चल रहे सीमेंट डंपों को बंद किया जाए। कंपनी ने ऑपेटरों की मांग मानने से इन्कार कर दिया। हालांकि, ऑपरेटरों ने दो महीने पहले ही इन डंपों के लिए माल ढुलाई बंद कर दी है।बिलासपुर और सोलन के ट्रक ऑपरेटरों ने खारसी में सोमवार को सभा की। खारसी परिवहन सभा के महासचिव दौलत राम ठाकुर ने कहा कि 70 प्रतिशत सीमेंट ढुलाई नेरचौक और बाकी भोटा डंप पर की जाती है। फोरलेन बनने के बाद अन्य डंपों की औसतन दूरी मात्र 60 किमी रह गई है। डंप पर ट्रक चालक एक से डेढ़ घंटे में पहुंच जाता है, लेकिन माल को ट्रक में भरने में दो दिन और उतारने में दो दिन लगते हैं। मालभाड़ा एक हजार से कम बनता है। ऑपरेटर पांच दिन में 1000 रुपये से कम कमाएगा तो खाएगा क्या।
सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट के लुहरी प्रोजेक्ट की नदी डायवर्जन टनल के आउटलेट के ऊपर जमीन धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया है। घटना रविवार सुबह करीब सात बजे की है। राहत की बात यह है कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय वहां कोई कामगार नहीं था। बता दें कि करीब 20 दिन पहले डायवर्जन टनल के आउटलेट पर जमीन धंसने से भारी मलबा आ गया था और टनल बंद हो गई। अब टनल के ऊपर बड़ा गड्ढा होने से जहां प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वहीं, टनल के ऊपर बसे देहरा पंचायत के आनस, जानस और बेईबील गांव के लोग दहशत में हैं। लोगों ने एसजेवीएन प्रबंधन से सुरक्षा की दृष्टि से ठोस शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की है। नदी डायवर्जन टनल सतलुज के बहाव को मोड़ने के लिए बनाई गई ताकि प्रोजेक्ट के डैम का निर्माण किया जा सके। उधर, देहरा पंचायत के उपप्रधान यशपाल कटोच ने कहा कि इस संबंध में परियोजना प्रमुख से बात हुई है और विशेषज्ञों से निरीक्षण करवाने की मांग की गई है। घबराने की बात नहीं है। टनल के पोर्टल के पास बरसात का पानी घुस गया था, जिससे वहां पर छेद हो गया और कुछ हिस्सा धंस गया है, जो जल्द ठीक हो जाएगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित और भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर ने राज्य भर के विभिन्न स्कूलों के 150 से अधिक युवा छात्रों में विज्ञान के प्रति जुनून जगाया। शिविर के दौरान, जो शनिवार को संपन्न हुआ, प्रोफेसर आर.सी. सोबती. द्वारा एक भौतिकी प्रश्नोत्तरी और जैविक विज्ञान में कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। प्रोफेसर सविता भटनागर ने "मैजिक स्क्वेयर" पर एक कार्यशाला का नेतृत्व किया। डॉ. परवीन कुमार रासायनिक विज्ञान में व्यावहारिक कक्षाओं का नेतृत्व किया और साथ ही ओपन एयर थिएटर (ओएटी) में कविता, गायन और पारंपरिक लोक नृत्यों के छात्र प्रदर्शन के साथ एक सांस्कृतिक रात्रि का नेतृत्व भी किया डॉ. आशू खोसला द्वारा एक आलोचनात्मक सोच अभ्यास आयोजित किया गया और इसमें डॉ. महावीर सिंह की "तकनीकी अनुप्रयोगों के लिए चुंबकीय नैनोकणों" और उन्नत रसायन विज्ञान विषयों पर प्रोफेसर के.के. भसीन की बातचीत शामिल थी। छात्रों को जटोली मंदिर की शैक्षिक यात्रा, एक प्रतिस्पर्धी रसायन विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेमिनार और एक वृत्तचित्र ने बौद्धिक और आनंददायक गतिविधियों का संतुलन प्रदान किया गया। अंतिम दिन प्रतिभागियों ने फीडबैक दिया, और डॉ. रितेश बनर्जी के नेतृत्व में शूलिनी विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर एक मौखिक प्रश्नोत्तरी में भाग लिया, इसके अलावा डीएसटी इंस्पायर प्रबंधन के साथ बातचीत भी शामिल है । "जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ" पर डॉ. आनंद नारायण सिंह की प्रस्तुति अकादमिक आकर्षण थी। शिविर का समापन प्रोफेसर प्रेम कुमार खोसला के समापन भाषण के साथ हुआ, प्रतिभावान छात्रों को भागीदारी और उपलब्धियों के लिए छात्रवृत्ति और डिप्लोमा से सम्मानित किया गया। शूलिनी विश्वविद्यालय में 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर ने छात्रों के वैज्ञानिक ज्ञान और कौशल में सुधार किया, साथ ही समुदाय और सहयोग की भावना भी पैदा की गयी । प्रोफेसर खोसला ने कहा कि शिविर की विविध गतिविधियाँ, जिनमें अकादमिक व्याख्यान और व्यावहारिक सत्र के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजक गतिविधियाँ शामिल थीं, ने सभी प्रतिभागियों को एक आकर्षक और प्रेरक अनुभव प्रदान किया, जिससे उन्हें अपने वैज्ञानिक सपनों को आगे बढ़ाने और भारतीय विज्ञान के भविष्य को आकार देने के लिए प्रेरणा मिली।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं और आम लोगों को स्वरोजगार अपनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना बहुत लाभकारी है। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए पात्र व्यक्तियों को चिन्हित करने को भी कहा। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जिला में अधिक से अधिक लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए लंबित मामलों को औपचारिकताएं पूर्ण कर जल्द निपटाएं। उन्होंने पात्र व्यक्तियों से आह्वान किया कि अपना स्वरोजगार शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत अपने नजदीकी बैंक शाखाओं में जाकर टैंट हाउस, साउंड सिस्टम, आटा-चक्की, पिक-अप वाहन, रेस्तरां, कैफे इत्यादि व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण के लिए आवेदन करें जिस पर सरकार द्वारा सस्ती ब्याज दर तथा अनुदान राशि का भी प्रावधान है। उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत जनजातीय जिला किन्नौर की महिलाओं को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है जिसके अंतर्गत महिलाओं को उनके व्यवासय आरंभ करने के लिए ऋण पर 35 प्रतिशत का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने जिला की महिलाओं से आह्वान किया कि वे व्यवसाय आरंभ करने के लिए आगे आएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने जिला के युवाओं से भी आग्रह किया कि वह मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का लाभ उठाएं तथा अपना व्यवसाय शुरू कर स्वरोजगार सहित अन्य को भी रोजगार का अवसर प्रदान करें। बैठक में जिला किन्नौर के 20 आवेदकों की प्रस्तावित परियोजनाओं को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया तथा समिति द्वारा सभी परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत परियोजनाओं में छोटे मालवाहक वाहन, डी.जे व टैंट हाउस, बैंक्वेट हॉल, होटल एवं रेस्तरां, खुदरा दुकानें शामिल हैं। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गरू लाल नेगी ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया तथा विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से उपस्थित जनों को अवगत करवाया। इस अवसर पर अग्रणी पजाब नैशनल बैंक के प्रबंधक रोहित सांगवान सहित उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
**पूर्व निर्दलीय विधायक जनता से बोलते रहे कोरा झूठ **मैं काम करूंगी तो मिलेंगे ए वन सर्टिफिकेट, नहीं करूंगी तो डैश-डैश कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश ठाकुर ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन ताबड़तोड़ नुक्कड़ सभाएं की। जनता का उन्हें अपार समर्थन मिला। नुक्कड़ सभाओं में कमलेश ठाकुर ने कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक होशियार सिंह देहरा की जनता के साथ साढ़े छह साल से कोरा झूठ बोलते आ रहे हैं। पूर्व विधायक ने जनता के साथ वादा किया था कि विधायक के तौर पर मिलने वाला वेतन जनता में बांटूंगा, लेकिन उन्होंने फूटी कौड़ी लोगों को नहीं दी। उनका वादा देहरा की जनता को बरगलाकर वोट लेने के लिए ही था। पूर्व विधायक जनता से और भी कई झूठे वादे किए हैं। वह वोट बटोर कर मुंबई और कनाडा ही रहते थे। कमलेश ठाकुर ने कहा कि मेरा और मुख्यमंत्री का कोई बिजनेस नहीं है। हमने कनाडा व मुंबई भी नहीं जाना। मेरा पता कमलेश ठाकुर पत्नी मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश है। देहरा मेरा घर है, सब कुछ यहीं हुआ। देहरा में मुख्यमंत्री कार्यालय खुलेगा, नादौन की तरह सरकारी स्टाफ बैठेगा। लोगों को काम करवाने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। पूर्व निर्दलीय विधायक ने अपने रिजॉर्ट के निर्माण में सरकारी धन लगाया और लोगों के लिए आए बिजली के खम्भे भी अपने यहां लगवा लिए। उन्होंने कहा कि मैं अगर काम करूंगी तो ए वन सर्टिफिकेट मिलेंगे और नहीं करूंगी तो डैश-डैश। इसलिए मेरा आपसे वादा है कि देहरा की सूरत बदल दी जाएगी। विकास में पिछड़ापन 15 जुलाई के बाद खत्म हो जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जितनी भी समस्याएं बताई हैं, उन्हें अधिकारी घर-घर जाकर हल करेंगे। अब देहरा में विकास का अंधेरा छंट चुका है। मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र बनने के बाद हर काम रफ्तार पकड़ेगा। जल्दी खस्ताहाल सड़कें चकाचक नजर आना शुरू होंगी। बिजली व पानी की समस्या नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगले 35 दिन में देहरा का कायाकल्प हो जाएगा। लोग महसूस करेंगे कि वास्तव में ही यह भी मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र है। कमलेश ठाकुर ने कहा कि देहरा की जनता विकास के लिए मुख्यमंत्री के साथ चले और मुझे वोट दे। आपकी ध्याण के विधायक बनने से देहरा का मान बढ़ेगा। क्षेत्र की जनता खुद को ठगा महसूस नहीं करेगी। झूठ की राजनीति का अंत करना जरूरी है, इसलिए विधानसभा क्षेत्र की जनता 10 जुलाई को सोच समझकर अपने मताधिकार का प्रयोग करे। यह चुनाव देहरा के भविष्य के लिए बेहद अहम है।
भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा जिला स्तरीय पंडित चंद्रधर गुलेरी शर्मा जयंती समारोह धर्मशाला के विकास खंड कार्यालय के सभागार में आयोजित किया। इस दौरान पंडित चंद्रधर गुलेरी की कालजयी उसने कहा था पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया। यह जानकारी देते हुए जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरी ने बताया कि गुलेरी जयंती पर कहानियों में मानवीय संवेदना, व्यंग्य की प्रासंगिकता विषय पर साहित्यकारों ने अपने अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि डा सुशील कुमार फुल्ल ने गुलेरी की सुप्रसिद्व कालजयी रचना उसके कहा था की समीक्षा के साथ अपना व्यक्तव्य प्रस्तुत किया। इससे पहले जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा राजेश गुलेरी ने बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साहित्यकारों ने गुलेरी के जीवन और उनके साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया जिसमें कुशल कटोच, युगल डोगरा, भूपिंद्र, राजीव त्रिगर्ती, कंवर करतार, आनंद धीमान, राजेंद्र पालमपुरी, हरिकृष्ण मुरारी, अश्वनी कुमार, त्रिलोक मेहरा सहित विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में होने वाले उप-चुनावों के लिए 10 जून, 2024 से लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस, आबकारी और अन्य सम्बंधित विभागों द्वारा 3.31 करोड़ रुपये की अवैध शराब, नकदी, आभूषण जब्त किए गए हैं। यह जानकारी आज यहां निर्वाचन विभाग के प्रवक्ता ने दी। उन्होंने बताया कि राज्य कर एवं आबकारी तथा पुलिस विभाग ने 14.12 लाख रुपये मूल्य की 10358 लीटर अवैध शराब जब्त की। इसके अतिरिक्त आयकर विभाग ने 2.13 करोड़ रुपये मूल्य के 3.13 किलोग्राम आभूषण व कीमती धातुओं को जब्त किया है। प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस व आयकर विभाग ने अब तक 93.66 लाख रुपये की नकदी जब्त की है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा 2.65 लाख रुपये मूल्य की 1.06 किलोग्राम चरस, 3.82 लाख रुपये मूल्य की 19 ग्राम हेरोइन, 91,800 रुपये मूल्य की 4.59 ग्राम स्मैक और 19,890 रुपये मूल्य की 1.32 किलोग्राम चूरा पोस्त जब्त की गई है। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान उद्योग विभाग द्वारा खनन अधिनियम के तहत दर्ज 74 मामलों में 2.67 लाख के जुर्माने लगाए गए।
**कहा सुक्खू देहरा की जनता को ठगने में लगे हुए देहरा हाॅट सीट में भाजपा ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झौंक दी है। भाजपा प्रत्याक्षी होशियार सिंह ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि राजा अगर प्रजा के साथ न हो उस राजा को घर बैठा देना चाहिए। उन्होंने कहा सुक्खू जिनका विरोध कर रहे है वे खुद अपने ही विरोध का शिकार हो गए हैं। डेढ माह के दौरान सुक्खू ने प्रदेश को परेशान करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि देहरा में चुनावी रुझान भाजपा के पाले हैं तथा देहरा की जनता ने उनकी जीत को पहले से ही तय किया हुआ है। उन्होंने कहा अगर सुक्खू प्रदेश में विकास को लेकर कार्य करते तो आज उपचुनावों की नौबत न आती। उन्होंने कहा कि पत्नी की खातीर सुक्खू देहरा में झूठ पर झूठ बोलते आ रहे हैं। सुक्खू ने सत्ता में आते ही कई सस्थानों को बंद कर दिया तथा अब कह रहे हैं मैं देहरा का विकास करुंगा। उन्होंने कहा कि सुक्खू देहरा की जनता के साथ फायदे की राजनीति कर रहे हैं, जबकि मतदान के बाद न तो सुक्खू और न ही उनकी पत्नी यहां दिखाई देगी। होशियार सिंह ने कहा कि सुक्खू ने राजनीति के स्तर को भी गिरा दिया है। उन्होंने कहा कि तरह तरह से हथकंडे अपना कर सीएम पहले विधायकों को तोड़ रहे हैं तथा फिर जनता पर उप चुनावों का बोझ डाल रहे हैं यह सुकखु की आदत बनती जा है। उन्होंने कहा कि देहरा की जनता सुक्खू से हर बात का हिसाब लेने के लिए तैयार बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सयंम रखे क्योंकि 13 जुलाई को उनका झूठा वहम भी दूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कांग्रेस ने चुनावों से पहले भी जनता को ठगा था तथा अब सुक्खू मुख्यमंत्री बनकर देहरा की जनता को ठगने में लगे हुए है, परंतु जनता उनके झांसे में आने वाली नही है।
मंडी: बग्गी स्थित निजी कॉलेज के पास बाइक और ट्रक की टक्कर में बाइक सवार युवक की मौ*त हो गई है। बाइक सवार युवक की पहचान इंद्रजीत कुमार उम्र 32 साल के तौर पर हुई है। युवक सुंदनरगर में पंजाब नेशनल बैंक का कर्मी था। सोमवार सुबह युवक घर से ड्यूटी के लिए जा रहा था। इस दौरान यह हादसा पेश आया। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू दी है। वहीं, श*व को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ की वार्षिक आम बैठक का आयोजन धर्मशाला में जिलाध्यक्ष सुनील मनोचा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष से जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में अंडर-9 वर्ग की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। हिमाचल में कांगड़ा पहला जिला होगा, जो इस प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। बैठक में बताया गया कि अंडर-15 आयु वर्ग और अंडर 17 आयु वर्ग जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता धर्मशाला में 13 और 14 जुलाई को आयोजित की जाएगी। इस वर्ष से जिला स्तर पर हर एक वर्ग की कैश प्राइज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। बैठक में जिला युवा एवं खेल सेवाएं विभाग कांगड़ा स्थित धर्मशाला की तरफ से सीनियर कोच सतिंद्र शर्मा और अंकित चंबियाल भी पहुंचे। संघ के कोषाध्यक्ष विशाल मिश्रा ने बैठक में पिछले वर्ष 2023-2024 स्पोर्ट्स कैलेंडर का सारा लेखा-जोखा बैठक में प्रस्तुत किया। इस बैठक में जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के पदाधिकारी सर्व चंद धीमान, मालविका पठानिया, पंकज शर्मा, गौरव चड्ढा, सतपाल शर्मा, रविंद्र कपूर, कर्म चंद राठौर, अनुभव वालिया, संदीप ढींगरा, विक्रम चौधरी, पवन चौधरी, अनिल राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित अतिथि संजय आचार्य एवं विश्वनाथ मलकोटिया उपस्थित रहे।


















































