हिमाचल में डिपुओं के माध्यम से सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी नहीं करवाने की लापरवाही अब महंगी पड़ गई है। प्रदेश में सस्ते राशन के वितरण में पारदर्शिता लाने को राशन कार्ड धारकों को पिछले कई सालों से ई-केवाईसी करवाने का मौका दिया जा रहा था। प्रदेश में इसके लिए लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन लाखों उपभोक्ताओं ने आदेशों को हल्के से लेते हुए ई-केवाईसी नहीं करवाई है जिस कारण सरकार ने अब सख्ती दिखाते हुए प्रदेशभर में 2.65 लाख परिवारों के राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक कर दिया है। ऐसे में अब इन परिवारों को इस महीने से डिपुओं में सस्ता राशन मिलना बंद हो गया है। अब इन उपभोक्ता को ई-केवाईसी नहीं करने तक सस्ते राशन की सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। हिमाचल में राशन कार्डों को लेकर रोजाना समीक्षा हो रही है। राशन कार्ड धारकों की तरफ से ई-केवाईसी ना करने पर हर रोज राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक करने की प्रक्रिया लगातार जारी है जिसकी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग निदेशालय फील्ड से रोजाना की रिपोर्ट ले रहा है। प्रदेश में 2.65 लाख राशन कार्ड अस्थाई तौर पर ब्लॉक होने के बाद राशन कार्ड की संख्या अब घटकर 17 लाख के करीब रह गई है। प्रदेश में राशन कार्ड धारकों की संख्या 19.65 लाख के करीब थी। विभाग ने इन परिवारों को 31 दिसंबर तक हर हाल में ई-केवाईसी करने का आखिरी मौका दिया था, लेकिन राशन कार्ड धारकों ने इन आदेशों को भी पहले की तरह हल्के में लिया जिस कारण विभाग को मजबूरन 1 जनवरी से ई-केवाईसी न करवाने पर राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक करने का निर्णय लेना पड़ा है। ऐसे में पिछले 17 दिनों में प्रदेश में 2.65 लाख राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक किया जा चुका है। ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक परिवारों को ही सस्ते राशन की सुविधा का लाभ मिले। ये देखा गया है कि बहुत से परिवारों के राशन कार्ड की स्थिति विवाह होने और किसी सदस्य के निधन होने से बदल चुकी है इसलिए ई-केवाईसी काफी आवश्यक है, ताकि राशन कार्ड में दर्ज ऐसे सदस्यों के नामों को हटाए जा सके और वास्तविक लाभार्थियों को ही राशन उपलब्ध हो सके। इस तरह से अगर कोई भी राशन कार्ड में इन सदस्यों की जानकारी को अपडेट करवाना चाहते हैं तो इसके लिए उनको ई-केवाईसी करवानी पड़ेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह राठौर का कहना है "ई-केवाईसी नहीं करवाने पर 2.65 लाख राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक किया गया है। अब ऐसे राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी करने पर ही डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा का लाभ मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम के करवट बदलने की संभावना है। राज्य के कई भागों में आज से आगामी सात दिनों तक बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं राज्य के पांच स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। कई भागों में लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ रहा है। शिमला सहित आसपास भागों में आज सुबह से हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं। उधर, बीते दिनों हुई बर्फबारी से किन्नाैर चंबा व लाहाैल-स्पीति जिले में अभी भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। लाहाैल-स्पीति जिले में कई सड़कें अभी भी ठप हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 18 से 21 व 24 जनवरी को मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। जबकि 22 व 23 जनवरी को राज्य के कई स्थानों पर बारिश-बर्फबारी होगी। वहीं निचले पहाड़ी-मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार हैं। दो दिनों बाद राज्य के कई हिस्सों में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। शिमला में न्यूनतम तापमान 6.5, सुंदरनगर 5.2, भूंतर 2.5, कल्पा -1.8, धर्मशाला 4.0, ऊना 3.8, नाहन 7.0, केलांग -9.5, पालमपुर 5.0, मनाली 2.1, कांगड़ा 7.5, मंडी 6.1, बिलासपुर 6.6, हमीरपुर 6.4, चंबा 5.3, डलहाैजी 6.7, जुब्बड़हट्टी 6.4, कुफरी 4.6, कुकुमसेरी -5.9, नारकंडा 1.1, भरमाैर 3.3, रिकांगपिओ 1.5, बरठीं 5.5, समदो -7.3, कसाैली 7.9, सराहन 0.2, ताबो -11.9 व बजाैरा में 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों में कार्यरत 53 ग्रेड-2 अधीक्षकों के तबादले स्कूलों, जिला उपनिदेशक, ब्लॉक कार्यालयों और डाइट में कर दिए हैं। पांच दिन के भीतर सभी अधिकारियों को नए स्थानों पर पद ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ और गैर-शिक्षक कर्मचारी महासंघ ने उच्च शिक्षा निदेशालय के इस आदेश का विरोध किया है। महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह मेहता और महासचिव मनीष गुलेरिया ने इस निर्णय को अनुचित बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के अधिकारों और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अधीक्षक ग्रेड-2 के स्थानांतरण से कर्मचारियों की दक्षता और कार्यशैली बाधित होगी। इससे महाविद्यालयों की प्रशासनिक संरचना और शैक्षिक प्रक्रियाएं कमजोर पड़ेंगी। विशेष रूप से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान में संचालित महाविद्यालयों में इस निर्णय का प्रभाव शैक्षिक और प्रशासनिक कार्यों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। कुछ महाविद्यालयों में जहां 150 के लगभग शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की संख्या है और 3,000 से 4,000 तक छात्रों का नामांकन है, वहां इस आदेश से प्रशासनिक और शैक्षिक कार्यों की भारी कमी हो सकती है। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इन महाविद्यालयों में ग्रेड वन का कार्य केवल अधीक्षक को सुपरवाइज़ करने तक सीमित है और ग्रेड वन पर पदोन्नति तब होती है जब कर्मचारी सेवानिवृत्ति के पास होते हैं। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि इन स्थानांतरण को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। महासंघ ने आरोप लगाया है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी वर्ग ने सरकार को गुमराह कर यह आदेश जारी करवाया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों और उनकी गरिमा को नकारना है। महासंघ का कहना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनकी जिम्मेदारियां और महत्व कम कर दिए गए हैं।
हिमाचल में सीमेंट के दामों में एक बार फिर पांच रुपए की वृद्धि हो गई है। सीमेंट कंपनियों ने एक महीने के भीतर दूसरी बार दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। प्रमुख सीमेंट कंपनियां अंबुजा, एसीसी और अल्ट्राटेक ने प्रति बैग पांच रुपये कीमतें बढ़ा दीं। इससे भवन निर्माण कर रहे लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। बिलासपुर में एसीसी सीमेंट की फैक्ट्री होने के बावजूद यहां सीमेंट अन्य जिलों के मुकाबले महंगा बिक रहा है। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर ने बताया कि ऊना और हमीरपुर की तुलना में बिलासपुर में दाम अधिक हैं, जबकि इन जिलों का परिवहन खर्च ज्यादा है। कुछ ट्रक मालिक सीमेंट ऊना और हमीरपुर के लिए लोड कर यहीं बेच देते हैं, जिससे स्थानीय डीलरों को नुकसान हो रहा है। एसीसी सुरक्षा का दाम पहले 440 रुपए प्रति बैग था, जो अब 445 रुपए हो गया है। एसीसी गोल्ड का दाम 485 से बढ़कर 490 रुपये हो गया है। अंबुजा सीमेंट के विक्रेता रोहित ने बताया कि अब दाम 455 से बढ़कर 460 रुपए प्रति बैग कर दिए हैं। 18 दिसंबर को कंपनी ने डीलरों के डिस्काउंट बंद कर दिए थे, जिस कारण पहले ही कीमतों में 15 से 20 रुपए प्रति बैग का इजाफा हो चुका था।
-- मास्टर संजीव जोगु के नाम रही नलसुहा में आयोजित 25वें जागरण की रात जसवां:परागपुर के तहत पड़ते नलसुहा स्थित गांव भरवाडिया बजीर बस्ती में 25वें विशाल महामाई के जागरण का आयोजन बड़ी ही धूम धाम के साथ आयोजित हुआ। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह जागरण उक्त गाँव में पुजारी शमशेर शेर सुपुत्र स्वर्गीय हरि सिंह व उनके परिवार द्वारा आयोजित किया गया । बता दें कि इस जागरण देहरा उपमंडल के बीहन निवासी मास्टर संजीव कुमार जोगु ने खूब समा बांधा। इस दौरान गायक संजीव कुमार ने बाबा पहाड़िया ,बाबा बालक नाथजी,माता शेरावाली के भजन गाये व वहां उपस्थित सैंकड़ो भक्त थिरकने पर मजबूर हो गए । इस दौरान गायक संजीव कुमार ने बाबा पहाड़िया जी चढ़ गई मस्ती तेरे नाम दी,धारा हो धुरी पेयी मित्रा,राजे दे बागे मत जांदी गदनी सहित विभिन्न भजन गाकर खूब समा बांधा। ओस दौरान गुरु शमशेर सिंह ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित भी किया
जसवां:परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती पुलिस चौकी डाडा सीबा के अंतर्गत आरा चौक के समीप एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला सामने आया है मिली जानकारी के अनुसार वीरवार रात बाइक चालक डाडा सीबा से ढलियारा की ओर जा रहा था की अचानक आरा चौक के करीब बेसहारा पशुओं को बचाते हुए पेड़ से जा टकराई । हादसे में बाइक चालक को हल्की चोटें आई हैं। घायल व्यक्ति को 108 एंबुलेंस की सहायता से सिविल हॉस्पिटल डाडा सीबा में भर्ती करवाया गया। बाइक पेड़ से टकराने के कारण बाइक काफी क्षतिग्रस्त हुई है। बाईक के अगले दोनो शॉकर टेढ़े हो गए हैं।
** ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसर आईटीआई नैहरनपुखर में "प्रि/रूरल इन्क्यूबेटर सेंटर" का उद्घाटन रेंप स्कीम के तहत किया गया। इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। यह विशेष रूप से उन युवाओं को प्रशिक्षित करेगा, जो छोटे और मझोले उद्यमों की शुरुआत करना चाहते हैं, और साथ ही उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक कौशल में सुधार के लिए प्रशिक्षण प्रदान करेगा।उद्घाटन समारोह में प्रमुख रूप से परमजीत सिंह, निदेशक आर॰ सी॰ इ॰ डी॰, वीडीओ देहरा मुकेश ठाकुर, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तिलक राज, ललित मोहन, प्रिंसिपल आईटीआई नैहरनपुखर, इंडस्ट्री विभाग के अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।परमजीत सिंह ने इस पहल को ग्रामीण युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए क्षेत्रीय विकास की उम्मीद जताई। उन्होंने युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की, ताकि वे अपनी कौशल को निखार सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।"प्रि/रूरल इन्क्यूबेटर सेंटर" के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और व्यावसायिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
आईटीआई दिग्गल में सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसे गणपति एजुकेशनल सोसाइटी कुनिहार और संस्थान के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गणपति एजुकेशनल सोसाइटी के निदेशक डॉ. रोशन लाल शर्मा को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। उनके साथ रमा शर्मा और दामिनी ठाकुर भी कार्यक्रम में भाग लेने आईं। डॉ. रोशन लाल शर्मा ने सड़क सुरक्षा नियमों, सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी जानकारी और प्राथमिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को समझाया कि कैसे सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी से लोग अपनी जान और स्वास्थ्य को जोखिम में डालते हैं। उन्होंने दुर्घटनाओं की दर और उनके प्रभाव के बारे में जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों में इस विषय पर गहरी उत्सुकता उत्पन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान डॉ. शर्मा ने सड़क सुरक्षा के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की, जैसे कि हेलमेट का प्रयोग, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करना, और केवल 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को यह शपथ दिलवाई कि वे किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को देखे तो सबसे पहले उसे प्राथमिक चिकित्सा दें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।कार्यक्रम के अंत में, संस्थान प्रशासन ने डॉ. रोशन लाल शर्मा का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया। इसके अलावा, बच्चों द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला और नारा लेखन की गतिविधियों के लिए विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।
विधानसभा क्षेत्र जसवां परागपुर में सांसद खेल महाकुंभ 3.0 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अप्पर परागपुर स्थित इनडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदा विधायक बिक्रम ठाकुर ने हिस्सा लिया। यह आयोजन विशेष रूप से क्षेत्र के युवाओं के बीच खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया था। सांसद और पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा शुरू किया गया सांसद खेल महाकुंभ 3.0 का परागपुर में आगाज हुआ। विधायक बिक्रम ठाकुर ने इस अवसर पर कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस महाकुंभ से क्षेत्र के युवाओं को शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ खेलों में अपनी प्रतिभा को निखारने का बेहतरीन मंच मिलेगा। उनका कहना था कि यह कार्यक्रम न केवल खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विधायक बिक्रम ठाकुर ने विश्वास जताया कि इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महाकुंभ 3.0 के जैसी पहलों से युवाओं को खेलों में करियर बनाने के अवसर भी प्राप्त होंगे। यह कार्यक्रम न केवल क्षेत्र में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का एक मजबूत कदम साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के बीच जोश और उत्साह देखा गया और उन्होंने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने की इच्छा जताई। सांसद खेल महाकुंभ 3.0 से क्षेत्र में खेलों के प्रति एक नया दृष्टिकोण विकसित होगा, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को उनके सपनों को साकार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
जसवां:परागपुर के तहत पड़ते नलसुहा स्थित गांव भरवाडिया बजीर बस्ती में 25वें विशाल महामाई के जागरण का आयोजन बड़ी ही धूम-धाम के साथ आयोजित हुआ। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह जागरण उक्त गाँव में पुजारी शमशेर शेर सुपुत्र स्वर्गीय हरि सिंह व उनके परिवार द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें ज्वालामुखी से लोकगायक सौरव शर्मा ,मास्टर संजीव कुमार,हर्ष ठाकुर जोगु ने महामाई व बाबा पहाड़िया जी का गुणगान किया। 25वें विशाल जागरण में पंजाब सहित हिमाचल के विभिन्न स्थान से भक्तजनों ने यहां अपनी हाजरी लगाई । इस दौरान गुरु शमशेर सिंह द्वारा बाबा जी की कृपा से लोगो की समस्याओं का समाधान भी किया।
गायक हंसराज रघुवंशी ने वीरवार को माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में हाजिरी भरी। इस विशेष अवसर पर, चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारी रोहन कालिया ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ विधिवत पूजा अर्चना करवाई। पूजा के बाद, हंसराज रघुवंशी ने कहा, "मैं माता की कृपा से ही अपने गायन के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर पाया हूं। मैं माता का हमेशा आभारी रहूंगा, और उनकी कृपा से ही मैं अपने गायन को और आगे बढ़ा पा रहा हूं। मंदिर के पुजारी रोहन कालिया ने भी कहा, हमें गायक हंसराज रघुवंशी का मंदिर में स्वागत करके खुशी हो रही है। हम आशा करते हैं कि उनकी पूजा और श्रद्धा से माता चिंतपूर्णी की कृपा हम सभी पर बनी रहेगी। इसके बाद, हंसराज रघुवंशी ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं और प्रशंसकों के साथ फोटो खिंचवाई और उनके साथ बातचीत की। गायक ने माता चिंतपूर्णी के दरबार में अपना प्रसिद्ध भक्ति गीत 'चरण तेरी मां चिंतपूर्णी' भी भेंट किया, जिसे श्रद्धालुओं ने दिल से सराहा। इस प्रकार, हंसराज रघुवंशी का चिंतपूर्णी दरबार में हाजिरी भरना एक अविस्मरणीय और भावुक क्षण बन गया, जो श्रद्धालुओं और उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा रहेगा।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में मौसम शुष्क रहा। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बीते रोज बुधवार को धूप खिली रही। वहीं, 16 जनवरी को सुबह राजधानी शिमला समेत अन्य क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं, जिससे लोगों को गुरुवार सुबह से ही कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने 16 जनवरी को प्रदेश के निचले पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। वहीं, अगले 3 से 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है और न्यूनतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। वहीं, कुफरी, नारकंडा में गुरुवार सुबह से बर्फबारी शुरू हो गई है जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। खासकर ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर जिला में शीतलहर की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा , प्रदेश में बीती रात से मौसम ने करवट बदली है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। आगामी दो दिनों तक प्रदेश में मौसम इसी तरह से खराब बना रहेगा। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहेगा। बीते रोज बुधवार को ताबो प्रदेश का सबसे अधिक ठंडा स्थान रहा। ताबो का तापमान -13.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, ताबो का अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदेश में ऊना सबसे गर्म रहा। ऊना का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा ऊना का न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा शिमला का न्यूनतम तापमान 4.2, मनाली का -0.6, कुफरी का 2.2, भरमौर का न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 16 जनवरी यानी आज से 25 जनवरी तक शीतकालीन प्रवास के तहत कांगड़ा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम सर्किट हाउस धर्मशाला में रहेगा। आज मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर 2 बजकर 20 मिनट पर शिमला के अनाडेल मैदान से धर्मशाला के लिए उड़ान भरेगा। दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर धर्मशाला के सांई मैदान में उतरेगा। धर्मशाला पहुंचने पर मुख्यमंत्री का कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला धर्मशाला के सर्किट हाउस के लिए रवाना हो जाएगा। उसके बाद दोपहर 3 बजे मिनी सचिवालय धर्मशाला में मुख्यमंत्री बैठक में भाग लेंगे। 17 जनवरी को सुबह 11 बजकर 10 मिनट तक मुख्यमंत्री धर्मशाला में जिला परिषद भवन व मीटिंग हॉल का उद्घाटन और 11 बजकर 35 मिनट पर पुलिस लाइन में महिला पुलिस स्टेशन भवन का शुभारंभ करेंगे। सीएम इसके बाद रोड फूड स्ट्रीट मार्केट की आधारशिला और मैक्लोडगंज रीजनल मॉनिटरिंग सेंटर में हॉस्टल भवन का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी को मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर हरिपुर हेलीपैड पर सुबह साढ़े 11 बजे उतरेगा। उसके बाद दोपहर में जरोट हाई लेवल ब्रिज का भूमि पूजन किया जाएगा। सीएम नगरोटा सूरियां वाइल्ड लाइफ इन्फॉर्मेशन सेंटर का शुभारंभ करेंगे। ज्वाली में थांगर राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल की आधारशिला और 3 बजे ज्वाली अर्बन वाटर सप्लाई योजना का उद्घाटन, नगरोटा सूरियां में सीवरेज स्कीम की आधारशिला और अर्बन वाटर सप्लाई स्कीम का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री का कृषि मंत्री के आवास पर रात्रि भोजन होगा। 19 जनवरी को मुख्यमंत्री 11 बजकर 45 मिनट पर नूरपुर जिला फॉरेंसिक यूनिट का उद्घाटन करेंगे। 20 जनवरी को सुबह सीएम मनाली में पब्लिक मीटिंग, हडिम्बा मंदिर में पूजा, और कई योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन करेंगे। 20 जनवरी शाम 4 बजे सीएम धर्मशाला में जनता से मुलाकात करेंगे। 21 जनवरी को सीएम मटौर में एक परियोजना की आधारशिला रखेंगे। 24 जनवरी को धगवार मिल्क प्लांट का शिलान्यास और दाड़ी पब्लिक मीटिंग में भाग लेंगे। 25 जनवरी सुबह पालमपुर कृषि यूनिवर्सिटी साढ़े 10 बजे और 11 बजे बैजनाथ में हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत कार्यक्रमों के समापन के बाद मुख्यमंत्री शिमला के लिए रवाना होंगे।
हिमाचल प्रदेश में आज बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आ सकता है, जिससे 21 जनवरी तक मौसम खराब रहने की उम्मीद है। राज्य के मैदानी क्षेत्रों में कोहरे और ऊंचाई वाले इलाकों में शीतलहर से ठंड में इजाफा हो गया है। मंगलवार रात को राज्य के छह स्थानों पर रात का तापमान माइनस में दर्ज हुआ। बुधवार को राजधानी शिमला और राज्य के अन्य हिस्सों में धूप खिली रही, लेकिन आगामी दिनों में मौसम फिर से करवट ले सकता है। इसके साथ ही तीन दिन बाद अटल टनल रोहतांग से बस सेवा फिर से शुरू हो गई है। इससे यात्रियों को राहत मिली है, क्योंकि पहले यात्रा में 10 किलोमीटर पैदल चलने की परेशानी होती थी, अब यह दूरी केवल 5 किलोमीटर रह गई है। इसके अलावा, औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 पर भी निगम की बसें घियागी के बजाय सोझा तक चलने लगी हैं। प्रदेश के निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों, जैसे बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में बुधवार को सुबह और शाम के वक्त घना कोहरा छाया रहा। वीरवार को इन क्षेत्रों में घना कोहरा छाने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 16 से 21 जनवरी के बीच मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं, निचले पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3-4 दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और शिमला जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
** प्रदेश में लोहड़ी के अवसर पर कड़ाके की ठंड शिमला: इन दिनों उत्तर भारत समेत हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोहड़ी के पर्व पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई है। हाल ही में निचले पहाड़ी इलाकों और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी से तापमान में यह गिरावट आई है। मौसम विभाग ने 14 और 15 जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके कारण प्रदेश में मौसम में फिर से बदलाव हो सकता है। इस दौरान, मध्यम और ऊंचाई वाले कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। यह पश्चिमी विक्षोभ 19 जनवरी तक सक्रिय रहेगा। हालांकि, निचले पहाड़ी क्षेत्रों जैसे मंडी, बिलासपुर, ऊना और अन्य जगहों पर मौसम साफ रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरे को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। बीते 24 घंटों में, मंडी जिले के सुंदरनगर में अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, स्पीति घाटी के कुकुमसेरी में प्रदेश का सबसे कम तापमान -12.3 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य प्रमुख स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा: शिमला 2.4 डिग्री सेल्सियस, मनाली -1.1, भरमौर 0.3, कुफरी -0.8, पालमपुर 1.0, केलांग -8.7, बिलासपुर 5.4 और ऊना 3.6 डिग्री सेल्सियस।
** प्रदेश में चार मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार होगा मास्टर प्लानः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते कल भाषा एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा बालक नाथ, माता चिंतपूर्णी, नैनादेवी और ज्वालाजी मंदिर परिसरों के सौन्दर्यीकरण के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए विश्व स्तरीय सुविधाओं का सृजन किया जाएगा, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष से सभी जिलों में ‘जिला स्तरीय उत्सव’ आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में आयोजित किये जाने वाले मेलों एवं उत्सवों में कम से कम एक सांस्कृतिक संध्या स्थानीय कलाकारों के लिए आरक्षित की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कुल व्यय की 33 प्रतिशत राशि स्थानीय कलाकारों को दिए जाने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कलाकारों का मानदेय निर्धारित करने तथा मानदेय का युक्तिकरण करने के भी निर्देश दिए। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 107 मेले अधिसूचित किए गए हैं जिनमें 4 अन्तर्राष्ट्रीय स्तर, 5 राष्ट्रीय स्तर, 29 राज्य स्तर तथा जिला स्तर के 69 मेले शामिल हैं। प्रदेश सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 में अभी तक इन मेलों के आयोजन के लिए 1.10 करोड़ रुपये सहायता अनुदान राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि शिमला स्थित बैंटनी कैसल में डिजिटल संग्रहालय की स्थापना का कार्य इस वर्ष पूर्ण कर लिया जाएगा और अंतर्राष्ट्रीय रौरिक स्मारक ट्रस्ट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और शिमला विंटर कार्निवाल के आयोजन को अधिसूचित करने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, निदेशक भाषा एवं संस्कृति डॉ. पंकज ललित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार बड़े स्तर पर हरित ऊर्जा के दोहन का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 72 मैगावाट क्षमता की सात सौर ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनका कार्य शीघ्र ही सम्बन्धित कम्पनियों को आवंटित कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 325 मैगावाट की 8 परियोजनाओं का सर्वेक्षण एवं जांच का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि पहली बार सरकार राज्य की 200 पंचायतों को ‘हरित पंचायत’ के रूप में विकसित करने की ओर अग्रसर है जिसमें 200 केवी के ग्रांऊड माउंटेड सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे तथा इन संयंत्रों से प्राप्त आय को पंचायत के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में ऊना जिले में 32 मैगावाट की पेखुबेला सौर ऊर्जा परियाजना को 15 अप्रैल, 2024 को जनता को समर्पित किया गया था तथा अप्रैल से अक्तूबर 2024 तक साढ़े छः महीने की अवधि में इस परियोजना के माध्यम से 34.19 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया है, जिससे 10.16 करोड़ रुपये की आय हुई है। उन्होंने कहा कि इससे अतिरिक्त ऊना जिला के भंजाल में 5 मैगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को 30 नवम्बर 2024 को शुरू कर दिया गया है, जबकि 10 मैगावाट की अघलौर सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण कार्य भी इस माह पूर्ण होना अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार हिमाचल प्रदेश को 2026 तक देश का पहला ‘हरित ऊर्जा’ बनाने की दिशा में प्रयासरत है ताकि प्रदेश के पर्यावरण को किसी प्रकार का नुक्सान न हो। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा के दोहन से जहां पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, वहीं कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा स्रोत अक्षय हैं और समाप्त नहीं होते, जिससे भविष्य की पीढ़ियों को ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो पाएगी। यह जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, 2 टन प्रतिदिन की क्षमता के कम्प्रेस्ड बायो-गैस के प्लांट की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के बाल एवं बालिका आश्रमों तथा वृद्ध आश्रमों और राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों में ग्रिड से जुड़े रूफ टॉप सोलर प्लांट और वाटर हिटिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
नववर्ष के आगमन के साथ ही लोहड़ी का पर्व शुरू होता है, जो खास महत्व रखता है। इस अवसर पर डाडा सीबा, नंगल चौक, चनोर, बढ़ल, ढलियारा और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह देखने को मिला। यहां के बच्चे, युवाओं और युवतियों ने ठंड की परवाह किए बिना टोलियां बनाकर घर-घर जाकर लोहड़ी मांगी। वे "सुंदर मुंदरिये," "दुल्ला भट्टी वाला," "सेर शक्कर पाई हो" जैसे गीत गाते हुए लोहड़ी की खुशियां बांटते रहे। खासकर डाडा सीबा गांव में, जहां युवाओं ने नई शादी होने वाले घरों में लोहड़ी और बधाई गीत गाकर खुशी मनाई। यह पर्व समाज में सौहार्द, भाईचारे और खुशहाली का संदेश देता है ।
हिमाचल में महंगाई की मार झेल रहे लाखों उपभोक्ताओं को फरवरी माह राहत भरा रहने वाला है। केंद्र से सस्ते राशन का आवंटन हो गया है जिसके आधार पर प्रदेश सरकार ने भी फरवरी महीने में सरकारी डिपुओं के माध्यम से APL परिवारों को दिए जाने वाला आटे और चावल की मात्रा निर्धारित कर दी है। राहत की खबर ये है कि सरकार ने प्रदेशभर में 4500 से अधिक डिपुओं के माध्यम से एपीएल परिवारों को अगले महीने दिए जाने वाले आटे और चावल की मात्रा में कोई कटौती नहीं की है। ऐसे में फरवरी महीने में भी APL परिवारों को 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। प्रदेश में अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों को डिपुओं में मिलने वाले आटे और चावल की दी जाने वाली मात्रा में कोई कट नहीं लगा है। वहीं, इससे पहले हिमाचल में हर दो से तीन महीने में सस्ते राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता था, लेकिन 17 महीनों से APL परिवारों को दिए जाने वाले आटे और चावल की मात्रा में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। केंद्र से राशन का आवंटन होने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में डिपुओं के माध्यम से दिए जाने वाले आटे और चावल की मात्रा निर्धारित कर दी गई है। एपीएल परिवारों को आबादी के आधार पर 20 हजार 286 मीट्रिक टन राशन का आवंटन हुआ है। इसमें 14 हजार 131 मीट्रिक टन गेहूं और 6,155 मीट्रिक टन चावल की मात्रा शामिल है। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को जनवरी महीने के आखिर में परमिट जारी किया जाएगा ताकि डिपुओं में फरवरी के पहले ही सप्ताह से सस्ता राशन उपलब्ध हो सके। हिमाचल प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19 लाख 65 हजार 589 है। इसमें कुल एपीएल कार्डधारकों की संख्या 12 लाख 24 हजार 448 है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इसमें एपीएल टैक्स पेयर कार्डधारकों की कुल संख्या 72 हजार 445 है। वहीं, 11 लाख 52 हजार 3 नॉन टैक्स पेयर एपीएल कार्ड धारक हैं। हिमाचल में एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44 लाख 19 हजार 312 बनती है, जिसमें नॉन टैक्स पेयर एपीएल परिवारों की आबादी 41 लाख 26 हजार 583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2 लाख 92 हजार 729 है जिन्हें अगले महीने डिपुओं के माध्यम से 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड मिलेगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने कहा, फरवरी महीने के लिए राशन का आवंटन किया गया है। अगले महीने एपीएल परिवारों को पहले की तरह 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति कार्ड दिया जाएगा।
वीरभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में सेंट्रल गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम सीजीएचएस का वेलनेंस सेंटर धर्मशाला की रेडक्रॉस भवन में धरातल मंजिल में खोला जाएगा। केंद्र के कर्मचारियों व पेंशन भोगियों को अब पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इसके लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय दिल्ली की ओर से धर्मशाला में सेंट्रल गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम का एलोपैथिक वेलनेस सेंटर खोलने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। टीम व प्रशासन के संयुक्त दौरे के तहत रेडक्रॉस भवन धर्मशाला की धरातल मंजिल सेंटर खोलने की सहमति दी गई है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर जनवरी माह के अंत में सभी औपचारिक्ताएं पूरी कर फरवरी तक इलाज शुरू कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फैसले से हिमाचल में हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। जिला कांगड़ा में लगभग 20 से ज्यादा केंद्र सरकार के कार्यालय हैं, जिनमें लगभग दस हजार से अधिक सीजीएचएस का लाभ लेने वाले केंद्रीय कर्मचारी कार्यरत हैं, इसके अलावा आर्मी व अन्य पैरा मिलिट्री फोर्स में सेवा दे रहे जवान व उनके परिवार के सदस्य भी रहते हैं, उनके लिए भी सीजीएचएस की सुविधा लेना आसान हो जाएगा। इतना ही नहीं, रिटायर्ड कर्मियों की भी सबसे बड़ी संख्या कांगड़ा-चंबा, ऊना, हमीरपुर व आसपास के जिलों में ही रहती है। सेंटर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार के सदस्य, वर्तमान और पूर्व सांसद, पूर्व राज्यपाल और उपराज्यपाल, केंद्र सरकार के पेंशनर और उनके परिवार के पात्र सदस्य, स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व उपराष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के मौजूदा और पूर्व न्यायाधीश, केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, रेलवे बोर्ड के कर्मचारी व पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से धर्मशाला में सीजीएचएस के हेलोपैथिक वेलनेस सेंटर खोलने की रेडक्रॉस भवन धर्मशाला में प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के ग्रीन कॉरिडोर में सरकार ने 41 और इलैक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाने की स्वीकृति दे दी है। हिमाचल प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने के लिए सरकार जो प्रयास कर रही है उसके लिए सरकार ने एक हाई पावर कमेटी बनाई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में हाई पावर कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि ग्रीन कॉरिडोर में अधिक से अधिक संख्या में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। अभी तक 23 स्टेशन बना दिए गए हैं, लेकिन इस साल 41 और स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही हिमाचल में पेड़ कटान पर पहले से प्रतिबंध है और अभी सरकार ने कुछ और प्रजातियों के पेड़ों को काटने पर भी रोक लगाई है।सरकार ऐसे काम करना चाहती है, जिससे प्रदूषण न हो और हिमाचल ग्रीन स्टेट के रूप में जाना जाए। इससे हिमाचल को ग्रीन बोनस मिलने में भी आसानी होगी। परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी ने बताया कि जियो, बीपी कंपनी मंडी-जोगिंद्रनगर-पठानकोट के साथ कीरतपुर-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बना रही है। ईवीआई टेक्नोलॉजी कंपनी परवाणू-ऊना-संसारपुर टैरेस-नूरपुर और परवाणू- शिमला-रिकांगपिओ-लोसर ग्रीन कॉरिडोर पर इस कार्य को कर रही है। इलेक्ट्रो वेब कंपनी शिमला-हमीरपुर-चंबा ग्रीन कोरिडोर को विकसित करने का काम करेगी। दोनों चयनित कंपनियां 75 लाख रुपए प्रति वर्ष लीज मनी के रूप में सरकार को देगी। बीते 10 दिसंबर को इस संबंध में परिवहन विभाग ने दो कंपनियों के साथ चार ग्रीन कोरिडोर में सुविधाएं बढ़ाने के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया था। प्रदेश में अभी ईवी चार्जिंग स्टेशन की संख्या 23 है, जो दिसंबर महीने तक बढक़र 64 हो जाएगी। बीते 10 दिसंबर को इस संबंध में सरकार ने कंपनियों के साथ एमओयू साइन किया था। हाई पावर कमेटी की बैठक में इसको लेकर चर्चा की गई है। कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए जो भी औपचारिकताएं हैं, उन्हें जल्द पूरा करें। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम भी प्रदेश के सभी बस अड्डों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगा। उसने कुछ नए बस अड्डों पर इसकी सुविधा तैयार कर ली है। इसके लिए एचआरटीसी को नाबार्ड के तहत 100 करोड़ मंजूर हुए हैं। अभी शिमला, धर्मशाला, कुल्लू सहित कुछेक स्थानों पर ही इवी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा है, क्योंकि एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक व्हीकल बड़ी संख्या में आने वाले दिनों में शामिल होंगे, लिहाजा उनके लिए चार्जिंग स्टेशन भी सभी स्थानों पर चाहिए। फिलहाल ग्रीन कोरिडोर में लगभग सभी जगहों पर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश ने प्रदेशवासियों को कड़ी ठंड का सामना कराया। मौसम विभाग के अनुसार, 13 जनवरी से मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 15 जनवरी से फिर से बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में गोंडला में 6 सेंटीमीटर, कोठी, खदराला और नशल्लारू में 5 सेंटीमीटर, जोत और भरमौर में 4 सेंटीमीटर, हंसा में 2.5 सेंटीमीटर, कुफरी में 2 सेंटीमीटर, कल्पा में 0.8 सेंटीमीटर और कुकमसेरी में 0.5 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। शिमला के सराहन में 18.1 मिलीमीटर, रोहड़ू में 15 मिलीमीटर, पच्छाद में 5.1 मिलीमीटर और मनाली में 5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 13 और 14 जनवरी को मौसम साफ रहेगा, लेकिन 14 जनवरी रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद 15 जनवरी से प्रदेश के ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, निचले इलाकों में इसका असर कम रहेगा। प्रदेश में 12 जनवरी को सिरमौर जिले के धौला कुआं में 15.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि लाहौल-स्पीति का ताबो -5.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा।
** पूरे1 महीना चलेंगे माता जी के व्रत व कार्यक्रम रक्कड़ (पंजपीरी) स्थित श्री स्वस्थानी माता धाम में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी माता जी की विशाल शोभा यात्रा का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। स्थानीय और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्तों ने भारी संख्या में शोभा यात्रा में भाग लिया। माताजी की शोभा यात्रा स्वस्थानी माता मंदिर से शुरू होकर रक्कड़ बाजार से होते हुए कलोहा, गरली ब, प्रागपुर, नेहरनपुखर, सुनहेत से होते हुए नलेटी के शिव मंदिर पहुंची, जहां भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसके पश्चात नलेटी से कालेश्वर, कुहना, बसालग, चौली होते हुए शोभा यात्रा स्वस्थानी माता धाम पहुंची। स्वस्थानी माता धाम में पूरे एक महीने तक यह धार्मिक कार्यक्रम चलते हैं, जिसमें दूर-दूर से भक्त माता के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। 13 जनवरी से माता के व्रत की शुरुआत होती है, और भक्त पूरे एक महीने तक इस व्रत को करते हैं। 12 फरवरी को व्रत का समापन बड़े धूमधाम से होगा, जिसमें विशाल भंडारा और जागरण का आयोजन किया जाएगा।14 जनवरी को माता जी की 13वीं जयंती भी धूमधाम से मनाई जाएगी, जिसमें सुबह 9 बजे झंडा रसम और हवन, 10 बजे से 2 बजे तक माता की चौकी का आयोजन होगा, साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य शोभा यात्रा में मुकेश पंडित, नवीन पंडित, विनोद शर्मा, राजीव शर्मा, नरेश ठाकुर, नरेश कुमार, सुदर्शन, अनुज शर्मा, देवराज, अश्वनी, अरविंद, मनीष, राजीव, डॉ. सुनील, सोनू, विपन, राज कुमार, पाली, सुरजीत, सेंटी, विकी, अनन्या, अनाया, सोनिया शर्मा, श्यामा, रीना, इंदु, बबीता, पूनम, मंजू, अंजना, कमला देवी, रिशु, नीरू, यीशु, साक्षी और अन्य भक्त मौजूद रहे।
भूतपूर्व सैनिक यूनियन रक्कड़ की मासिक बैठक सदवां स्थित विश्राम गृह में सुबेदार मनजीत सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में कैप्टन सोमराज, कैप्टन सुजान सिंह, कैप्टन करनैल सिंह, नायब सुबेदार करनैल सिंह, सुबेदार मेजर अजमेर सिंह और 45 भूतपूर्व सैनिकों ने भाग लिया। बैठक में भूतपूर्व सैनिकों को मिलने वाली सुविधाओं, कैंटीन काउंटर की व्यवस्थाओं और 26 जनवरी के कार्यक्रम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
** कहा, अब दिल्ली में नहीं चलेगा केजरीवाल का जादू पूर्व मंत्री और जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को फर्जी वोटर कहकर अपमानित करने का आरोप लगाया है। विधायक बिक्रम ठाकुर ने यहां प्रेस बयान में कहा कि केजरीवाल ने हाल ही में चुनाव आयोग के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया था कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को लाकर फर्जी वोटर बनाए जा रहे हैं। इस बयान का भाजपा विधायक ने विरोध किया है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पिछले दस वर्षों से दिल्ली में भ्रष्टाचार और लूट मचाकर केजरीवाल को हार का डर सता रहा है, और इसी कारण वह बौखलाकर उत्तर प्रदेश और बिहार के हमारे भाई-बहनों के खिलाफ इस प्रकार की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। केजरीवाल ने यूपी-बिहार के लोगों को फर्जी वोटर कहकर उनका अपमान किया है, जिसे दिल्ली की जनता आगामी चुनावों में सत्ता से उखाड़कर इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल वर्षों से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों से नफरत करते हैं और पहले भी दिल्ली की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर बोझ होने की बात कह चुके हैं। पूर्वांचल के लोगों की दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, और वे इस चुनाव में केजरीवाल के अपमान का बदला जरूर लेंगे। विक्रम ठाकुर ने यह भी कहा कि केजरीवाल की हिम्मत अब उन पर उल्टी पड़ने वाली है। वह बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के वोट बनवाते हैं और पूर्वांचल के मेहनती लोगों को फर्जी वोटर कहकर अपमानित करते हैं। पूर्वांचलवासी दिल्ली में आकर परिश्रम करते हैं और अपनी आजीविका कमाते हैं, लेकिन कभी भी अपने आत्म-सम्मान से समझौता नहीं करते। 2019 में केजरीवाल ने कहा था कि बिहार के लोग 500 रुपये का टिकट लेकर दिल्ली आते हैं और पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज कराकर लौट जाते हैं। विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा कि जिस केजरीवाल को पूर्वांचलियों ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया, अब वे पूर्वांचलवासी आगामी विधानसभा चुनावों में अपने अपमान का बदला जरूर लेंगे। उनका जादू अब दिल्ली में नहीं चलेगा।
प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महामंत्री नीरज शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में विधायक संजय रतन ने ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के हर कोने में विकास के कार्य किए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलों, सड़कों, पेयजल और नए कार्यालयों के निर्माण के क्षेत्र में संजय रतन ने ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र को हिमाचल प्रदेश का आदर्श क्षेत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें वह पूरी तरह से सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक संजय रतन ने हमेशा राजनीति में सिद्धांतों, इंसानियत और विकास को प्राथमिकता दी है। जब से विधायक संजय रतन जनता के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य करवा रहे हैं, भाजपा के नेताओं में बुरी तरह से हलचल मच गई है। भाजपा वाले विकास कार्यों को देखकर तिलमिला गए हैं और उन्हें स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। नीरज शर्मा ने यह भी कहा कि ज्वालामुखी के भाजपा के कुछ छुटभैया नेता, जिन्हें जनता ने नकार दिया है, सोशल मीडिया और फेसबुक पर झूठी अफवाहें फैला कर और गलत टिप्पणियां कर विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि युवा कांग्रेस इस प्रकार की गलत हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और जल्द ही इन लोगों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया जाएगा।इस मौके पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष कपिल चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष रोहित काकू, सादिक मोहम्मद, विक्रमजीत सिंह, राज राणा, रिंकू, नीरज राणा, गौरव, शंकर, निखिल अगन, सुनील, कबीर, रसीद, संजीव, अरुण, अविनाश सहित अन्य युवा कांग्रेसी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल में मौसम ने फिर करवट बदली है। एक सप्ताह बाद प्रदेश का मौसम बिगड़ा है। नारकंडा और कुफरी समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार रात को बर्फबारी हुई है। इससे देश-विदेश से यहां घूमने के लिए आने वाले सैलानी चहक उठे हैं। बर्फबारी के कारण एनएच 5 पर वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध हो गई है। इस वजह से एनएच पर बसों की आवाजाही बंद रही। इसके अलावा चौपाल मार्ग भी बंद है। सड़कों को खोलने का कार्य जारी है। मौसम में आए अचानक बदलाव से शनिवार रात को चंबा के प्रसिद्द पर्यटन स्थल डलहौजी के लक्कड़मंडी, डायन कुंड और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई। रविवार कि सुबह बर्फ की सफेद चादर देख पर्यटक भी खुशी से झूम उठे। इस ताजा बर्फबारी से पर्यटन व्यवसायी भी खुश हैं। इस बर्फबारी से समूचा क्षेत्र ठंड की चपेट में हैं। वहीं, लाहौल सहित प्रदेश की ऊंची चोटियों पर शनिवार को बर्फबारी हुई, मैदानों में कोहरा छाया रहा। इससे प्रदेश में ठंड में इजाफा हुआ है। शनिवार को बदले मौसम के बीच अधिकतम पारे में शुक्रवार के मुकाबले आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। रविवार को बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा और मंडी के कई क्षेत्रों में शनिवार को सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहा। रविवार को भी कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। ऊना में शनिवार को ट्रेनें ढाई से तीन घंटे देरी से पहुंचीं। मैदानी जिलों में सुबह 11 बजे के बाद धूप खिली। अपराह्न चार बजे फिर कोहरा छा गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 13 से 16 जनवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। 17 को फिर बारिश- बर्फबारी के आसार हैं। लाहौल में रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। इससे कुल्लू से लेकर लाहौल तक ठंड व शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया। रोहतांग दर्रा के साथ कुंजम दर्रा, बारालाचा, शिंकुला व जलोड़ी दर्रा में फाहे गिरने से तापमान में कमी आई है। सोलंगनाला से आगे पर्यटक वाहनों के जाने पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। फोर बाई फोर वाहनों को ही जाने की अनुमति है। ऊना में शनिवार को ट्रेन नंबर 19307 तीन घंटे और दिल्ली एक्सप्रेस ढाई घंटा देरी से ऊना स्टेशन पहुंची। 12 जनवरी को मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश-बर्फबारी व निचले पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
**नशा तस्करी के मामले में पिछले दशक में 340 प्रतिशत की वृद्धि, स्थिति गंभीर हिमाचल सरकार ने पिछले तीन सालो में प्रदेश में नशा तस्करी करने वाले तस्करों की 16 करोड़ की अवैध संपत्ति को जब्त किया है। हिमाचल प्रदेश में बढ़ रहे नशा तस्करी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। पिछले एक दशक में तो बढ़ रहे इन मामलो में 340 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा आयोजित ‘नशीली दवाओं की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा’ पर क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सम्मेलन में नादौन से आभासी माध्यम से भाग लिया और बढ़ते नशे के संकट से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश की प्रतिबद्धता पर बल दिया। सम्मेलन में नशीले पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें आठ उत्तरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर विशेष ध्यान दिया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में 340 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2012 में लगभग 500 मामलों से बढ़कर वर्ष 2023 में 2,200 मामले हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, हेरोइन से जुड़े मामलों का प्रतिशत भी दोगुना हो गया है, जो वर्ष 2020 में 29 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024 में 50 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने सिंथेटिक दवाओं की चिंताजनक स्थिति का उल्लेख किया, जोकि दुष्प्रभावी होने के साथ-साथ इसकी रासायनिक संरचना के कारण नियंत्रित करना भी कठिन है। उन्होंने नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में, जो अवैध गतिविधियों का केंद्र बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी अक्सर संगठित अपराध और आतंकवाद का कारण बनती है, जो देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए बढ़ा खतरा पैदा करती है। उन्होंने कानून प्रवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पुनर्वास और न्यायिक सुधारों के समन्वयन से मादक पदार्थों को नियंत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश की बहुआयामी रणनीति को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत से पीड़ित लोग स्वभाव से अपराधी नहीं होते। उन्होंने कहा, ‘हमारा दृष्टिकोण दंडात्मक उपायों से आगे बढ़कर मज़बूत पुनर्वास ढांचा विकसित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य विधायिका ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 37 में संशोधन किया है, ताकि आदतन अपराधियों को जमानत हासिल करने की अनुमति देने वाली कानूनी खामियों को दूर किया जा सके। इस संशोधन से कानूनी ढांचा मज़बूत हुआ है, जिससे यह अधिक कठोर और निवारक बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस (पीआईटी-एनडीपीएस) अधिनियम को राज्य में लागू करने के बाद अवैध तस्करी की रोकथाम शुरू कर दी गई है। यह अधिनियम मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में लगातार शामिल अपराधियों को हिरासत में लेने में सक्षम बनाता है, जिससे सार्वजनिक हितों की रक्षा होती है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पिछले तीन वर्षों में 16 करोड़ रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त की है, जिसमें पिछले वर्ष जब्त किए गए 9 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य मादक पदार्थों और नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों के लिए समर्पित एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन करने जा रहा है, जिसके पास विशेष संसाधन, स्वायत्तता और समर्पित पुलिस स्टेशन होंगे, ताकि नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज़ किया जा सके। मुख्यमंत्री ने खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों को मज़बूत करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग के महत्व पर, खासकर सीमा पार नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों और केंद्र सरकार के साथ सहयोग क्षेत्रीय सीमाओं पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क को खत्म करने में महत्त्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमारे सामने चुनौतियां बहुत बड़ी हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों के अटूट समर्थन, हमारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समर्पण और पुनर्वास के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ, हम एक नशा मुक्त राज्य बना सकते हैं। हम सब मिलकर शांति, सद्भाव और सुरक्षा के मूल्यों की रक्षा करेंगे, जिन्हें हिमाचल प्रदेश ने हमेशा कायम रखा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते दिन हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड, ऊर्जा विभाग व अन्य उपक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि विद्युत बोर्ड को और अधिक दक्ष व व्यावसायिक बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। बोर्ड की गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए नवोन्वेषी प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में यह अवगत करवाया गया कि राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा उपभोक्ताओं की केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए अंतिम तिथि 15 फरवरी, 2025 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने सम्पन्न विद्युत उपभोक्ताओं से स्वैच्छिक तौर पर सब्सिडी छोड़ने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए । उन्होंने निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं की भी विस्तृत जानकारी ली। बैठक में विधायक संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** एक वर्ष में प्राकृतिक खेती पद्धति से जोड़े जाएंगे एक लाख किसान परिवार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते कल कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में प्राकृतिक खेती से गेहूं व मक्की उगाने वाले क्षेत्रों की मैपिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि विभाग के सभी फार्म को सिर्फ प्राकृतिक खेती पद्धति से ही खेती करने के लिए विकसित किया जाएगा। आगामी वर्ष से इन सभी में प्राकृतिक खेती की जाएगी। यहां प्राकृतिक खेती करने के लिए बीजों का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं व मक्का के भंडारण के लिए हाई एंड तकनीक से भंडारण केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में एक लाख परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। उन्होंने हमीरपुर के ताल में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाश करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का विकास खंड के आधार पर डेटा तैयार किया जाए और इसे हिम परिवार से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के दौरान यदि फसल किसी बीमारी से ग्रसित होती है तो उसका उपचार भी प्राकृतिक पद्धति से ही किया जाना चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती के बीजों का प्रमाणीकरण करने के लिए प्रक्रिया निर्धारित करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के दृष्टिगत भूमि व बीज की जांच के लिए प्रदेश में हाई-एंड प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने को विशेष अधिमान दे रही है। इसी दिशा में नीतियों एवं कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में हल्दी व अदरक के प्रसंस्करण के लिए प्रसंस्करण संयंत्र खोलने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर मंे डेयरी आधारित डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किये जाएंगे ताकि प्रदेश के युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती पद्धति के उत्पादों के प्रभावी विपणन के लिए ई-कामर्स वेबसाइट से समन्वय करने के निर्देश भी दिए। बैठक में यह अवगत करवाया गया कि प्रदेश मे खरीफ सीजन 2024-25 के दौरान प्राकृतिक खेती से उगाई गई 3989 क्विंटल मक्का की खरीद की गई है तथा आगामी रबी सीजन के दौरान प्राकृतिक खेती से उगाई गई 8050 क्विंटल गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव कृषि सी पालरासु, निदेशक डिजीटल प्रौद्योगिकी एवं नवाचार डॉ. निपुण जिंदल, निदेशक कृषि कुमुद सिंह, कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक हेमिस नेगी, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने उद्योगों के लिए बंद हुई एक रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी पर कोई राहत नहीं दी है। अदालत ने उद्योगों की ओर से अंतरिम राहत के लिए दायर अर्जी को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अब उद्योगों को बढ़े हुए बिजली बिल चुकाने होंगे। मुख्य याचिका अभी अदालत में लंबित है। इस मामले पर मार्च में सुनवाई होगी। उद्योगों की ओर से हाईकोर्ट के एकल जज के फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी गई थी। दलीलों में कहा था कि राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिना सोचे-समझे राज्य सरकार की ओर से जारी सब्सिडी बंद करने की अधिसूचना को लागू कर दिया। टैरिफ में सिर्फ साल में एक बार ही संशोधन किया जा सकता है, जबकि सब्सिडी को बिना टैरिफ संशोधन के बदलाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने अदालत से सरकार की ओर से 3 मार्च 2024 को जारी अधिसूचना को वापस लेने की गुहार लगाई थी। वहीं सरकार ने अदालत को बताया कि सरकार को किसी भी समय सब्सिडी वापस लेने का अधिकार है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने कहा कि टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सिर्फ सरकार की ओर से जारी सब्सिडी को वापस लिया गया है। उद्योगों का विवाद जारी किए गए बिल से है। बता दें कि एकल जज ने राज्य सरकार की ओर से उद्योगों को एक रुपये प्रति यूनिट मिलने वाली सब्सिडी को बंद करने के निर्णय को सही ठहराया था। सरकार ने उद्योगों को एक रुपये प्रति यूनिट मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर दिया था। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में स्थापित करीब 200 कंपनियां प्रभावित हुई हैं।
हिमाचल सरकार ने प्रचार और प्रसार के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और पीवीसी बैनर को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से जारी अधिसूचना के तहत 100 माइक्रोन से कम प्लास्टिक या पीवीसी बैनर के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। भारत सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए जारी निर्देशों पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस बाबत राजपत्र में अधिसूचना जारी की। पर्यावरण को बचाने के लिए पेडों पर बैनर लगाने पर कार्रवाई के प्रति चेताया गया है। डिजिटल होर्डिंग को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया गया है। सरकारी योजनाओं, विभागों के शिक्षाप्रद बैनर 200 माइक्रोन से कम नहीं होने चाहिए। सरकारी कार्यक्रम के लिए बैनर 100 माइक्रोन से कम नहीं होने चाहिए। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के कटआउट 200 माइक्रोन, चुनावी रैली के लिए 100 माइक्रोन से कम नहीं होने चाहिए। निजी विज्ञापन 30 दिनों के लिए 100 माइक्रोन से कम नहीं, 30 दिन से अधिक के लिए 200 माइक्रोन से कम नहीं होना चाहिए। बैनर और होर्डिंग स्थानीय निकाय की मंजूरी से ही लगाए जाएंगे। फ्लेक्स हटाने के बाद स्थानीय निकाय को रिसाइक्लिंग के लिए देना अनिवार्य होगा। बैनर पर विभाग का नाम, अवधि, प्रिंटर का नाम प्रकाशित करना होगा। केंद्र सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने पर पर्यावरण विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग जुर्माना वसूल सकेगा।
हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव आने का पूर्वानुमान है। इसके चलते कई क्षेत्रों में दो दिनों तक शीतलहर चलने का पूर्वानुमान भी है। 13 जनवरी से प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान धूप खिलने से तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है। शुक्रवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। प्रदेश के मैदानी जिलों में शुक्रवार को सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण ऊना में दो ट्रेनें और कालका-शिमला ट्रेन ढाई घंटे देरी से चली। हरियाणा में कोहरा पड़ने से कालका तक आने वाली शताब्दी ट्रेन तय समय से लेट पहुंची। इस कारण कालका से शिमला की ओर से आने वाली ट्रेन भी देरी से चली। ऊना तक भी कोहरे के चलते ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। उधर, जिला कुल्लू व लाहौल में शुक्रवार को मौसम साफ रहा। घाटी में बड़ी संख्या में सैलानी बर्फ का दीदार के लिए पहुंच रहे हैं। केलांग से मनाली-कुल्लू से केलांग के लिए अटल टनल रोहतांग होकर 13 दिन बाद बस सेवा शुरू हो गई है। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सैलानियों को संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की अपील की है। शुक्रवार को धर्मशाला में अधिकतम तापमान 22.0, मंडी में 21.3, भुंतर में 20.6, सुंदरनगर में 19.3, कांगड़ा-हमीरपुर में 18.7, बिलासपुर में 18.0, शिमला में 17.0, ऊना में 15.6, मनाली में 14.6, नाहन में 11.9 और कल्पा में 9.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर के कई क्षेत्रों में भी शुक्रवार सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहा। इन क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे के बाद धूप खिली। शाम चार बजे के बाद दोबारा कोहरा छा गया। शनिवार को बारिश और बर्फबारी की संभावना के चलते कोहरा पड़ने से कुछ राहत मिल सकती है।
तहसील रक्कड़ के अंतर्गत पड़ती पंचायत भरोली जदीद में शुक्रवार को भाजयुमो जिला अध्यक्ष रमन शर्मा व मंडल उपाध्यक्ष अनीश ठाकुर ने बाबा बालक नाथ यूथ क्लब भरोली जदीद द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला प्रागपुर और चपलाह के बीच हुआ। प्रागपुर ने 57 रनों से चपलाह को हराया। मुख्य अतिथि रमन शर्मा ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से गांव की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर यूथ क्लब आयोजक रोबिन राणा, निर्भय, अक्षित ठाकुर, विशु,पुष्कर, निखिल, अंकुश,अर्पित, ईशान और गुलशन साहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जिला कांगड़ा की तहसील फतेहपुर की पंचायत मच्छोट में दिसंबर 2023 में हुए युवक मुनीश राणा की आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के मेवात से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुनीश राणा गाड़ी चलाता था और दसबर 2023 में अचानक लापता हो गया था। उसके चाचा और पंचायत प्रधान हरपाल सिंह के अनुसार, मुनीश को किसी महिला की आवाज में फोन कर ब्लैकमेल किया जा रहा था और पैसे की मांग की जा रही थी। परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। 1 जनवरी 2024 को उसका शव घर से थोड़ी दूरी पर जंगल में मिला। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।पुलिस चौकी रे के प्रभारी विकास दीप शर्मा और उनकी टीम ने कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर आरोपियों सचिन और पंकज, निवासी अलवर, राजस्थान, को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को फतेहपुर लाकर पूछताछ जारी है। पुलिस की तत्परता से इस मामले में कार्रवाई हुई। आगे की जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं।
** शिमला समेत हिमाचल में बारिश और बर्फबारी की संभावना हिमाचल प्रदेश में 11 और 12 जनवरी को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और शिमला में बर्फबारी जबकि निचले इलाकों में बारिश हो सकती है। शिमला, मनाली और नारकंडा में भी बर्फबारी की उम्मीद है। आज मौसम साफ रहेगा, लेकिन मैदानी इलाकों में शीतलहर और कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक का संदीप ने कहा कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में मौसम साफ बना हुआ है हालांकि मैदानी इलाकों सोलन बिलासपुर मंडी के कुछ एक इलाकों में कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है और शनिवार को इन इलाकों में शीतलहर की चेतावनी भी है। मौसम विभाग ने कहा कि 11 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी छात्रों तक गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है और यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि सभी स्तरों पर अध्यापकों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। रोहित ठाकुर गत दिवस यहां नव नियुक्त प्रशिक्षित स्नातकों के लिए 15 दिवसीय प्रेरणा प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस 15 दिवसीय नव नियुक्त स्नातक प्रशिक्षिण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी ज़िलों के बैचवाईज भर्ती के माध्यम से नव नियुक्त 81 प्रशिक्षित स्नातक कला तथा 33 प्रशिक्षित स्नातक विज्ञान अध्यापकों ने भाग लिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों को भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं को अध्यापकों के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों का प्रशिक्षण जहां उन्हें तकनीक एवं पाठ्यक्रम की नवीनतम जानकारी प्रदान करता है वहीं शिक्षा विभाग की योजनाओं से अवगत भी करवाता है। उन्होंने सभी शिक्षकों का आह्वान किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राप्त ज्ञान को विद्यार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने आशा जताई कि प्रशिक्षण कार्यक्रम नव नियुक्त अध्यापकों के ज्ञानवर्धन में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रामीण बैंक में अंशकालिक कर्मियों के रूप में काम करने वालों पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि कर्मचारियों को बैंक नौकरी से नहीं निकाल सकता है। प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने वर्ष 29 मार्च 2019 में ग्रामीण बैंक में पार्ट टाइम काम करने वाले वर्करों को निकालने पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद ग्रामीण बैंक ने कुछ कर्मचारियों को सेवाओं से हटा दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में आवेदन दायर किया गया, जिसमें कहा कि अदालत की रोक के बाद भी अंशकालिक कर्मियों को हटाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आवेदन का निपटारा करते हुए बैंक कर्मियों को नहीं निकालने के आदेश दिए हैं। अगर कोई अधिकारी ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि सेली प्रोजेक्ट मामले में अपफ्रंट प्रीमियम समय पर जमा न करने में जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ जांच रिपोर्ट को अदालत के रिकॉर्ड में लाया जाए। उधर, हिमाचल सरकार की ओर से शुक्रवार को महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अगली सुनवाई से पहले इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सेली प्रोजेक्ट का 64 करोड़ रुपए का अपफ्रंट प्रीमियम जमा न करने पर अधिकारियों के विरुद्ध जांच के आदेश दिए थे। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सरकार को 29 करोड़ रुपए अतिरिक्त जमा करने पड़े। अफसरों की लापरवाही से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ, इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। इस मामले की सुनवाई अब मार्च में होगी। हाईकोर्ट ने छह न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर यजुविंद्र सिंह को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय-2 शिमला बदला गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष अदालत पोक्सो किन्नौर स्थित रामपुर हरमेश कुमार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर, वरिष्ठ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नेहा दहिया को पदोन्नति के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष अदालत पोक्सो किन्नौर स्थित रामपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ सीनियर सिविल जज पालमपुर उपासना शर्मा को वरिष्ठ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नाहन, जिला विधिक न्यायिक प्राधिकरण शिमला के सचिव उमेश वर्मा को वरिष्ठ सिविल जज शिमला में नियुक्ति दी गई है। एकांक्ष कपिल को सिविल जज द्वितीय ग्रेड के पद से पदोन्नत कर वरिष्ठ सिविल जज यानी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर दो में नियुक्त किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में बीपीएल सूचियों में व्यापक फेरबदल होने वाला है। अप्रैल से शुरू होने वाले बीपीएल सर्वेक्षण में कोठियों और गाड़ियों वाले कई परिवार सूचियों से बाहर होंगे। सूचियों में बदलाव के लिए ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग की ओर से तैयार किए गए दिशा-निर्देशों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। बीपीएल चयन में फर्जीवाड़ा पकड़ने का दायित्व एसडीएम और बीडीओ की दो सदस्यीय कमेटी को सौंपने की व्यवस्था की गई है। बीपीएल परिवारों की आय सीमा 2500 रुपये मासिक से बढ़ाकर 12,500 रुपये मासिक करने का फैसला लिया गया है। सरकार ने महिला मुखिया वाले परिवार, ऐसे परिवार जिनके मुखिया की विकलांगता 50 फीसदी या इससे अधिक है, ऐसे परिवार जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 100 दिन काम किया है और ऐसे परिवार जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी या थैलेसीमिया से पीड़ित हैं या जिसके कारण स्थायी विकलांगता हो सकती है, ऐसे सभी परिवार बीपीएल सूची में शामिल होंगे। प्रदेश में बीपीएल चयन में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बनने वाली एसडीएम और बीडीओ की कमेटी हर पंचायत में बीपीएल सूची फाइनल होने से पहले निरीक्षण करेगी। अब तक जो पंचायत प्रधान या ग्राम सभा तय करती थी, उन्हें बीपीएल सूचियों में शामिल कर दिया जाता था। सूची तैयार होने के बाद अपील की व्यवस्था थी, लेकिन गरीब लोग प्रभावशाली लोगों के खिलाफ एसडीएम के पास अपील में जाने का साहस नहीं कर पाते थे। एसडीएम ही अपात्र लोगों को सूची से हटा सकते थे। सरकार ने व्यवस्था में बदलाव कर अब सूची तय होने से पहले ही एसडीएम और बीडीओ को निरीक्षण का जिम्मा सौंपने का फैसला लिया है।
हिमाचल: गर्मियों के स्कूलों में वार्षिक समारोह कराने वाले प्रिंसिपलों पर होगी कार्रवाई, चेतावनी जारी
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की रोक के बावजूद वार्षिक समारोह करवा रहे ग्रीष्मकालीन स्कूलों के प्रिंसिपलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निदेशालय की ओर से इस संदर्भ में स्कूल प्रिंसिपलों को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं। 31 दिसंबर तक ही वार्षिक समारोह आयोजन करने की छूट दी गई थी। कई ग्रीष्मकालीन स्कूलों में आजकल भी समारोह हो रहे हैंश्र। इस पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित ना हो, इसके लिए समारोह करने पर रोक लगाई गई थी। पहले 20 दिसंबर 2024 तक आयोजन करने के निर्देश दिए थे फिर 31 दिसंबर 2024 तक इस बाबत छूट दी गई थी। उन्होंने बताया कि आज कल भी कई ग्रीष्मकालीन स्कूलों में वार्षिक समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। इस कारण स्कूलों में पढ़ाई का माहौल नहीं बन रहा है। शिक्षा निदेशक ने कहा कि रोक के बावजूद जिन-जिन स्कूलों में वार्षिक समारोह मनाए गए हैं, उनकी जानकारी जिला शिक्षा उपनिदेशकों के माध्यम से मांगी गई है। ऐसे स्कूलों के प्रिंसिपलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा निदेशक ने कहा कि अब किसी भी स्कूलों में वार्षिक समारोह आयोजित नहीं होना चाहिए। प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई के प्रति भी शिक्षा निदेशक ने चेताया है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ समय के दौरान बंद या मर्ज हुए 1094 स्कूलों में पढ़ने वाले 674 बच्चों ने अन्य जगह दाखिले ले लिए हैं। दाखिले नहीं लेने वाले 60 बच्चों की पहचान करने का काम जारी है। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह प्रवासियों के बच्चे थे, जो सर्दियों में अपने राज्यों में लौट गए हैं। इनमें अधिकांश बच्चे जिला शिमला में थे। जिला उपनिदेशक इस बारे में पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि यहां रहने वाले वाले हर बच्चे को शिक्षा का न अधिकार प्राप्त हो। राज्य सचिवालय में न मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व पूर्व की भाजपा सरकार के समय में प्रदेश में 3400 स्कूल सिर्फ एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे थे। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही ऐसे स्कूलों की पहचान कर शिक्षकों की नियुक्तियां की हैं। अब सिंगल टीचर वाले 2600 स्कूल रह गए हैं। पूर्व सरकार के समय में करीब 350 स्कूलों में स्थाई शिक्षक ही नहीं थे। अब ऐसे स्कूल 125 शेष रह गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के पदों को भरा जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही 700 स्कूल प्रवक्ताओं की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सरकार ने फैसला लिया है कि जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक है, वहां पर शिक्षकों की नियुक्ति करने को प्राथमिकता दी जाएगी। हर विषय का शिक्षक स्कूलों में देने के प्रयास जारी हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आउटसोर्स के माध्यम से प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले प्रशिक्षकों के मामले में हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। जल्द ही कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी आउटसोर्स भर्तियां कर रही है। उम्मीद है कि कोर्ट से राहत भरा फैसला आएगा।
** खाद्य आपूर्ति निगम प्रदेश सरकार को भेजेगा निविदाओं का प्रस्ताव ** सरकार से मंजूरी के बाद फाइनल होंगे रिफाइंड और सरसों तेल के टेंडर प्रदेश के राशन डिपुओं में मिलने वाले सरसों और रिफाइंड तेल के टेंडर के लिए छह अलग-अलग कंपनियों ने आवेदन किए हैं। खाद्य आपूर्ति निगम द्वारा तेल कंपनियों की निवादाओं की सूची फाईनल करने के लिए जल्द ही प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही प्रदेश के राशन डिपुओं में मिलने वाले सरसों और रिफाइंड तेल का सप्लाई ऑर्डर जारी किया जाएगा। पिछले कई माह से तेल कंपनियों के टेंडर में सरसों और रिफाइंड तेल के दामों को लेकर सहमती न बनने से टेंडर फाईनल नहीं हो पाए हैं। अब खाद्य आपूर्ति निगम ने फिर से तेल कंपनियों से निविदाए आमंत्रित की हैं, जिसमें छह तेल कंपनियों ने टेंडर के लिए आवेदन किया है। तेल कंपनियों में गोकुल एग्री इंटरनेशनल, शक्ति न्यूट्रेशन और श्री महावीर जनरल ऑयल कंपनी सरसों के तेल की सप्लाई के टेंडर के लिए आवेदन किए हैं। इसके अलावा रिफाइंड तेल के लिए अजनता सोया लिमटेड, गोकुल एग्री इंटर नेशनल और गोकुल एग्रो रिसोसिस लिमटेड ने आवेदन किए हैं। खाद्य आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल का कहना है कि सरसों और रिफादंड तेल के टेंडर को छह कंपनियों ने आवेदन किया है।
** बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर होगी नजर हयूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के देश में मामले सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सरकार के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और कफ के गंभीर लक्षण वाले मरीजों के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने को कहा है। साथ ही विशेष लैब शुरू करने की तैयारी है, जिसमें संक्रमण की पुष्टि नहीं होने पर अन्य टेस्ट होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन को इन्फ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन के संबंधित रोगियों की निगरानी रखने को कहा है। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले लोगों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में ऐसे रोगियों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था करने को कहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस वायरस से इंफेक्शन देश में पहले भी होते रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने मंगलवार को सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की। स्वास्थ्य सचिव ने इन्फ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन के संबंधित रोगियों पर नजर रखने को कहा है। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में सभी राज्यों व केंद्रशासित राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि यह एक सामान्य वायरस है, जो ज्यादातर बच्चों, व्यस्कों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों में फैलता है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। इसके मुख्य लक्षण खांसी, बुखार, नाक बंद होना, गंभीर मामलों में सांस का फूलना इत्यादि है। इससे ब्रोंकाइटिस और निमोनिया भी हो सकता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने व हाथ मिलाने आदि से फैलता हैं। उपरोक्त लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्देश भी दिए हैं कि जिन बच्चों को बुखार, खांसी के लक्षण हैं, उन बच्चों और उनके परिवार वाले मास्क जरूर पहनें।
नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में परिवहन मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई। इसमें हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य के परिवहन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने 7,000 से अधिक सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग पर राज्य को आने वाले वित्तीय बोझ का जिक्र करते हुए केंद्र से विशेष सहायता की मांग की। उन्होंने स्क्रैपिंग प्रक्रिया को सरल बनाने और समय सीमा को 31 मार्च 2025 तक बढ़ाने का आग्रह किया। इसके अलावा, उन्होंने राज्य में विकसित हो रहे 1,734.70 करोड़ के शहरी रोपवे नेटवर्क की जानकारी दी, जो भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। एआईटीपी बसों से राज्य परिवहन को हो रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई, और केंद्र से उचित नियम बनाने की मांग की गई। नितिन गडकरी ने हिमाचल के सभी मामलों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एफआईआर दर्ज करने के लिए पंजीकृत पुलिस चौकियों को अधिकृत करेंगे। इन चौकियों को अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली से जोड़ेंगे। ड्रग माफिया के खिलाफ प्रदेश में एंटी ड्रग एक्ट भी बनाया जाएगा। कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकार शीघ्र खाली पद भरेगी। इसके अलावा पुलिस विभाग में डाटा संग्रहण करने और व्यवस्थित करने के लिए डाटा वेयरहाउस और क्लियरिंग एजेंसी स्थापित की जाएगी। पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम ने कहा कि कार्यप्रणाली में सुधार और परिचालन कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर जनसेवा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस थानों को जनसंख्या, भौगोलिक कारक, ग्रामीण और शहरी आधार पर वर्गीकृत करेंगे। इनकी कार्य क्षमता बेहतर बनाने के लिए स्टाफ उपलब्ध करवाया जाएगा। सीएम ने कहा कि कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकार शीघ्र भर्तियां करेगी। अभी 1,226 पुलिस जवान और 30 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और अग्निशमन विभाग को सुदृढ़ कर रही है। गृह रक्षक के 700 पद भरे जा रहे हैं। सरकार 86 नियमित प्रतिक्रिया केंद्रों के डिजिटलीकरण के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। सीएम ने कहा कि सरकार कानून प्रवर्तन और आपातकाल सेवाओं को मजबूत बनाने के अलावा साइबर अपराध और आपदा प्रबंधन संबंधी चुनौतियों से लड़ने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न बोर्डों और निगमों में गृहरक्षक तैनात करेंगे। बिलासपुर जिले के मारकंड में एक गृह रक्षक बटालियन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगे, जिससे प्रशिक्षण सुविधाएं सुधरेंगी। आपदा या आपातकाल के दौरान राहत व पुनर्वास कार्यों के लिए जरूरी वाहन किराये पर लेने के लिए सक्षम प्राधिकारी को अधिकार देंगे। आपदा प्रतिक्रिया बल में स्थायी स्टाफ की भर्ती होने तक अस्थायी तौर पर गृह रक्षक तैनात होंगे। इसके अलावा अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाया जाएगा और इसके लिए 19.40 करोड़ की पहली किस्त शीघ्र जारी होगी। सीएम सुक्खू ने राज्य में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्ष 2024 में साइबर अपराध की 11,892 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 114.94 करोड़ की धोखाधड़ी शामिल है।
यह कार्यक्रम महिला एवम बाल विकास विभाग, बाल विकास परियोजना प्रागपुर के सौजन्य से खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय रक्कड़, जिला कांगड़ा के अधीन आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" योजना को बढ़ावा देना और इसके अंतर्गत महिलाओं और लड़कियों के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यशाला में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के प्रमुख उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा की गई, जैसे घटते लिंगानुपात को सुधारना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करना, लड़कियों की सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देना, और लड़कियों के व्यक्तिगत कौशल को बढ़ाना। सीडीपीओ प्रागपुर बलजीत सिंह ने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि शिक्षा के आरंभिक चरण से लड़कों और लड़कियों को बराबरी का दर्जा देना, और लड़कियों में नेतृत्व की क्षमता को विकसित करना भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुपरवाइजर प्रागपुर संदीप कुमार ने बताया कि "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" योजना में शिक्षा विभाग का योगदान अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला एवम बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को मिलकर काम करना होगा, ताकि एक बेहतर और समावेशी समाज का निर्माण किया जा सके। कार्यशाला में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, मिशन वात्सल्य, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा, मुख्यमंत्री कन्यादान, शगुन योजना, बेटी है अनमोल योजना और विधवा पुनर्विवाह पर भी जानकारी दी गई। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक सशक्तिकरण और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस प्रकार, यह कार्यशाला महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों और उनके विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
महर्षि विद्या मंदिर पाठशाला रक्कड़ में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह मंगलवार को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। वंदे मातरम तथा स्वागत गीत के साथ सरस्वती मां के आगे दीप प्रज्वलित कर हुआ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय तहसीलदार अनुजा शर्मा ने शिरकत की। स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल और स्कूल स्टाफ सदस्यों ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा हिमाचली, पंजाबी, हिन्दी गानों पर एक से एक बढ़कर रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों को बच्चों द्वारा प्रस्तुत डांस को सभी ने सराहा। बच्चों द्वारा पर्यावरण तथा नशा निवारण को लेकर भाषण प्रस्तुत किए3 गए। मुख्य अतिथि ने विद्यालय के होनहार छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा द्वारा विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी गई । प्रधानाचार्य ने कहा कि वर्ष दर वर्ष इस स्कूल में बच्चों की प्रतिभा में निखार आता जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक पढ़ाई ही है जिससे आप परिस्थितियों को बदल सकते है। इस अवसर पर ज़िला परिषद् अश्वनी, वी डी सी रेणु जांबला, स्थानीय प्रधान जीवनलता,एडवोकेट नरेश ठाकुर, प्रधान कुहना रामपाल , पूर्व प्रधान रतन सिंह राठौर, पिटीआई रिटायर्ड कश्मीर चंद ,भाजयुमो जिला अध्यक्ष संगठनात्मक जिला देहरा रमन शर्मा अन्य पंचायतों से आए प्रतिनिधि व अभिभावकों सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जयसिंहपुर/नरेंद्र डोगरा: जयसिंहपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले लोअर लंबागांव से संबंध रखने वाली 25 वर्षीय शिवांशी सूद ने की एचएएस की परीक्षा पास करने के बाद बनी असिस्टेंट रजिस्ट्रार। शिवांशी सूद की शिक्षा बाहरवीं कक्षा तक शिमला से हुई है, बीए, व एमए की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से हुई है, साथ में शिवांशी सूद ने यूपीएससी (सिविल सर्विसेज एग्जाम) की परीक्षा भी पास कर ली है, शिवांशी सूद की शादी दो वर्ष पहले लोअर लंबागांव के निवासी श्रय सूद के साथ हुई है, श्रय सूद मर्चेंट नेवी में कार्य करते हैं, श्रय सूद के पिता का नाम दिनेश सूद है, यह पिछले 40 वर्षों से लोअर लंबागांव में मेडिकल स्टोर चलाते हैं, श्रय सूद के माता ग्रहणी है,, शिवांशी सूद ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पति श्रय सूद, सास, ससुर, पिता व माता को दिया है।
राज्य लोकसेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2024 का परिणाम जारी किया है। उमेश ने एचएएस परीक्षा में टाॅप किया है। परीक्षा परिणाम के आधार पर हिमाचल को 20 नए अधिकारी मिले हैं। इनमें नौ एचएएस अफसर, तीन तहसीलदार, तीन अस्सिटेंट रजिस्ट्रार, तीन जिला कल्याण अधिकारी, एक जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति और एक जिला पंचायत अधिकारी शामिल हैं। नूरपुर विकास खंड की खैरियां पंचायत के वटनियाल गांव की तान्या कश्यप के एचएएस अधिकारी बनने की सूचना मिलते ही इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। तान्या कश्यप की कामयाबी से उनके परिवार के साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है। तान्या कश्यप ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने परिवार व विशेषकर अपनी बड़ी बहन रमीषा को दिया है। तान्या ने बताया कि उन्हें जो भी दायित्व मिलेगा, वह उसे पूरी ईमानदारी व निष्ठा से निभाएंगी। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनके मन से लोगों की सेवा करने का सपना था, जोकि भगवान व परिवार के आशीर्वाद से पूरा हुआ है। तान्या ने जमा दो तक की शिक्षा डीएवी स्कूल जयपुर से हासिल की है जबकि 2020 में उन्होंने सुबोध कॉलेज जयपुर से बीए की डिग्री हासिल की। तान्या ने स्वयं पढ़ाई करके यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कड़ी मेहनत कर अपने दूसरे प्रयास में परीक्षा पास कर एचएएस रैंक हासिल किया। तान्या के पिता कमल सिंह का निधन हो चुका है, जबकि उनकी माता नीलम गृहिणी हैं। तानिया की बड़ी बहन रमीषा सेना में नर्सिंग कैप्टन है जबकि उनका भाई हर्षित कश्यप पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से एमए कर रहा है। तानिया कश्यप की माता नीलम ने बताया कि वह बहुत खुश हैं कि उनकी दोनों बेटियों ने कड़ी मेहनत करके सफलता हासिल की है व वह इलाके की बेटियों के लिए एक उदाहरण बनी हैं। पूर्व मंत्री राकेश पठानिया, विधायक रणवीर सिंह निक्का व पूर्व विधायक अजय महाजन, खैरियां पंचायत की प्रधान विजय कुमारी व पूर्व प्रधान विक्रम सिंह ने तानिया कश्यप को एचएएस अधिकारी बनने पर बधाई दी है।
* प्रदेश के निचले क्षेत्रों में छाया रहेगा घना कोहरा हिमाचल प्रदेश में सोमवार को ऊंचे व मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश देखने को मिली। वहीं, प्रदेश के निचले क्षेत्रों में बादल छाए रहे जिससे की तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार से मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। निचले पहाड़ी क्षेत्रों में 7 और 8 जनवरी को अलग-अलग स्थानों पर घना कोहरा छाया रहेगा जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग ने 7 जनवरी से 10 जनवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर धूप खिली रहेगी। हालांकि प्रदेश के निचले पहाड़ी क्षेत्रों में कोहरे के कारण धूप देरी से निकलेगी जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने 10 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना जताई है जिसके कारण 11 जनवरी से एक बार फिर मौसम करवट लेगा. मौसम विभाग ने 11 जनवरी को प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। 6 जनवरी को लाहौल-स्पीति का जिला मुख्यालय केलांग सबसे ठंडा रहा. यहां न्यूनतम तापमान -2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इसके अलावा सुंदरनगर प्रदेश में सबसे गर्म रहा. यहां अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और सुंदरनगर में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। 6 जनवरी को बिलासपुर में घना कोहरा छाया रहा। इसके अलावा सुंदरनगर और मंडी में भी हल्का कोहरा छाया रहा।


















































