कोलकाता: कोलकाता में सोमवार को इतनी बारिश हुई जितनी पिछले 14 साल में सितंबर के महीने में नहीं हुई थी। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण से शुरू हुई भारी बारिश ने रविवार रात से कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों को काफी प्रभावित किया। सोमवार को शहर के बड़े हिस्से में पानी भर गया, जिस वजह से सर्कुलर रेल संचालन को निलंबित कर दिया गया व कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग कर दिया गया। सड़क यातायात में बाधित हो गया। हालांकि, नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा कि उड़ान सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। कई जिले जलमग्न हो गए, एक हजार से अधिक लोगों के साथ 577 राहत शिविर बनाए गए हैं और कुल 1 लाख 41 हज़ार लोगों को निकाला गया है। इस स्थिति में आपदा से निपटने के लिए हर जिला अधिकारी को आपातकालीन राशि दी गई है और नियंत्रण कक्ष 24 घंटे तैयार किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त क्षेत्रों को 6,000 कैनवस दिए गए हैं। गौरतलब है कि दीवारों और बिजली के करंट की चपेट में आने से 14 लोगों की मौत हो गई। साथ ही महीने की 14 से 18 तारीख के बीच इनमें से 6 की दीवार की चपेट में आने से मौत हो गई और आठ की डूबने से मौत हो गई। बाढ़ के कारण 3 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं। बता दें कि अब तक 47 ब्लॉक और आठ नगर पालिकाएं जलमग्न हो चुकी हैं। कुल 13 लाख 14 हजार 328 लोग पानी में कैद हैं। नबन्ना आपदा प्रबंधन कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार 1 लाख घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. कोलकाता में पिछले 14 सालों में सितंबर की सबसे भारी बारिश इस साल हो रही है।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को आदेश जारी करते हुआ कहा कि सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में समय के दौरान अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री चन्नी ने उन्हें सुबह 9 बजे तक कार्यालय पहुंचने और शाम को कार्यालय समय तक जनता के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में अनुशासन लाना हैं। सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री ने शपथ ली और राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए सीएम चन्नी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने का निर्देश दिया हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की आधिकारिक घंटों के दौरान कार्यालयों में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, प्रशासनिक सचिवों और विभाग प्रमुखों को सप्ताह में दो बार औचक निरीक्षण करना चाहिए। ताकि उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखी जा सके। इस बीच, दिन में चमकौर साहिब में गुरुद्वारा श्री कटलगढ़ साहिब में मत्था टेकने के बाद, सीएम चन्नी ने कहा कि 2015 की बेअदबी की घटनाओं में जल्द ही न्याय किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में, मुख्यमंत्री ने चमकौर साहिब निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये की घोषणा की, जिसका वह वर्तमान में विधानसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। सीएम चन्नी के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने सोमवार को सस्ती दरों पर रेत उपलब्ध कराने, अनुसूचित जाति, पिछड़ वर्ग और गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को 100 और बिजली यूनिट निशुल्क देने और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति निशुल्क करने पर चर्चा हुई। शाम को यहां सीएम चन्नी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक हुई। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र 5 साल बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। हालांकि, इस फैसले को लेकर डॉक्टरों के बीच कहीं खुशी कहीं गम जैसा माहौल है। डॉक्टरों का एक वर्ग इसका विरोध कर रहा है तो एक वर्ग इससे उत्साहित भी है। डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र फिलहाल 65 साल है। मुख्यमंत्री ने इसे 5 साल बढ़ाकर 70 साल करने का फैसला लिया है। इस फैसले के पीछे कोरोना काल में डॉक्टरों की संख्या में कमी को बड़ी वजह माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने से उनके अनुभव का ज़्यादा से ज़्यादा लाभ लिया जा सकेगा। वहीं, इस फैसले का विरोध करते हुए फोरम के सदस्यों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ ही कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ज्यादा उम्र के डॉक्टर मरीजों का बेहतर इलाज नहीं कर पाएंगे व इससे मरीज़ों का फायदा होने के बजाय नुकसान ही होगा। इसके अलावा अगर यह फैसला लागू होता है तो नए छात्रों के लिए फैकल्टी मेंबर की सीटें भी नहीं बढ़ पाएंगी जिससे नए डॉक्टरों को मौका नहीं मिल पाएगा।
पंजाब: मुख्यमंत्री की कमान संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चरणजीत सिंह चन्नी ने कई बड़े एलान किए हैं। चन्नी ने किसानों के पानी और बिजली के बिल माफ करने का एलान किया एवं रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निवेदन किया है। सीएम ने कांग्रेस आलाकमान का शुक्रिया अदा किया और कैप्टन अमरिंदर सिंह की तारीफ भी की। शपथ ग्रहण करने के बाद चन्नी ने सबसे पहले कांग्रेस आलाकमान का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने एक आम आदमी को पंजाब का सीएम बनाया है। जहां हम पैदा हुए थे, वहां छत नहीं थी। कांग्रेस पार्टी ने एक गरीब को मौका दिया है। उन्होंने कहा, 'ये किसानों की सरकार है, किसानों पर कोई आंच आएगी, तो मैं अपना गला काट कर दे दूंगा' अगर किसान डूबा, तो देश डूब जाएगा, अर्थव्यवस्था डूब जाएगी, अगर किसानी खुशहाल होगी तो ही पंजाब खुशहाल होगा। किसानों के लिए बिजली और पानी मुफ्त होना चाहिए। हमारी सरकार किसानों के बड़े बिजली के बिल माफ किए जाएंगे। अगर किसी की बिजली कटी है तो हम उसके घर बिजली बहाल करेंगे, ये पंजाब के आम लोगों की सरकार है। हम भरोसा दिलाते हैं कि किसी के साथ कुछ गलत नहीं होगा।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद आज चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हैं। उनके साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली हैं। चन्नी पंजाब में अनुसूचित जाति के पहले मुख्यमंत्री है। इसे कांग्रेस का मास्टस्ट्रोक माना जा रहा हैं। चमकौर साहिब से विधायक चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री हैं। वह रामदसिया समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उनकी नियुक्ति के साथ, कांग्रेस मार्च 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले 32 प्रतिशत दलित मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है। वह रूपनगर जिले के चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं ,इस क्षेत्र से साल 2007 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद लगातार जीत दर्ज की। वह शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन के शासनकाल के दौरान साल 2015-16 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से यह कहकर इस्तीफा दे दिया था कि वह 'अपमानित' महसूस कर रहे हैं। इससे पहले दिन में, कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम अगले मुख्यमंत्री के लिए सामने आया था ,लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में नहीं चुने जाने से नाराज रंधावा ने मीडिया से कहा, "यह आलाकमान का फैसला है, मैं इसका स्वागत करता हूं। चन्नी मेरे छोटे भाई की तरह हैं, मैं बिल्कुल भी निराश नहीं हूं।
2022 में देश के सात राज्यों में चुनाव होने है। ये राज्य है गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात। चुनावी अखाड़े में एक दूसरे को पटखनी देने के लिए राजनीतिक दलों ने अभी से कमर कस ली है। कहां किन राज्यों में किस पार्टी से हाथ मिलाना है, किन पुराने दुश्मनों को दोस्त बनाना है और किसे आखिरी वक्त पर झटका देना है, इन सारे मुद्दों पर पर्दे के पीछे खेल शुरू हो गया है। फिलहाल इन 7 में से 6 राज्यों में भाजपा की सरकार है। स्पष्ट है कि ये दबदबा कायम रखने के लिए बीजेपी हर संभव प्रयास करेगी। या यूँ कहे कि प्रयास और परिश्रम दोनों शुरू हो चुके है। दिलचस्प बात ये है कि हालहीं में इनमें से दो राज्यों में तो पार्टी मुख्यमंत्री बदल चुकी है। लग रहा है मानों एंटी इंकम्बैंसी ख़त्म करने के लिए चेहरे बदलने की रणनीति पर पार्टी आगे बढ़ने का मन बना चुकी है। हिमाचल प्रदेश : उपचुनाव पर टिकी सबकी नज़र हिमाचल में भी 2022 में विधानसभा चुनाव होने है। बीते 2017 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को जीतवा दिया लेकिन सीएम फेस प्रो प्रेमकुमार धूमल को हराकर नेतर्त्व परिवर्तन की राह प्रशस्त कर दी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री के तौर पर एंट्री हुई जयराम ठाकुर की। अब तक के अपने कार्यकाल में जयराम ठाकुर हर चुनौती का पूरी ताकत से सामना करते आए है। पहले मंत्रिमंडल और फिर धीरे धीरे संगठन पर भी मुख्यमंत्री ने नियंत्रण बना लिया। जो धूमल समर्थक मंत्री बनने का सपना देख रहे थे वो या तो कम में सेटलमेंट को राज़ी गए, या साइडलाइन कर दिए गए। कुछ समय पहले तक सब ठीक लग रहा था परन्तु अब प्रदेश में लगातार बढ़ रही धूमल की सक्रियता और केंद्र की सियासत में बढ़ रहे धूमल पुत्र अनुराग ठाकुर के कद ने समीकरण कुछ बदले जरूर है। भाजपाइयों की निष्ठा दो तबकों में बंटती नज़र आ रही है। पर ख़ास बात ये है कि विधानसभा चुनाव से पहले हिमाचल में उपचुनाव होने है, जिस पर सबकी नज़र है। उत्तर प्रदेश : यहाँ लगातार दूसरी बार कोई सीएम नहीं बना देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में आगामी फरवरी-मार्च में चुनाव संभावित है। 403 सीट वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा में साल 2017 के चुनाव में बीजेपी ने एकतरफा जीत दर्ज की थी। तब बीजेपी को 312 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि तब सत्तारूढ़ सपा और कांग्रेस में गठबंधन हुआ था पर जनता ने उस गठबंधन को तारे दिखा दिए थे। चुनाव के बाद भाजपा से योगी आदित्यनाथ के अलावा दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य भी सीएम पद के दावेदार थे, लेकिन आलाकमान का आशीर्वाद मिला योगी आदित्यनाथ को। अब योगी के चेहरे पर ही भाजपा फिर मैदान में है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी की कमान सौंपी गई है। इनके आलावा राज्य में सात सह प्रभारी नियुक्त किए गए है, जिसमें केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर भी शामिल है। उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में कोई भी मुख्यमंत्री लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री नहीं चुना गया है। हालाँकि योगी लगातार दावा कर रहे है की वो ही दूसरी बार मुख्यमंत्री चुने जाएंगे। पर उनकी राह आसान नहीं होनी। उत्तर प्रदेश में कई ऐसे कारण है जो योगी की मुश्किल बढ़ा सकते है, पहला है पार्टी के भीतर से उठ रहे विरोध के स्वर। हालांकि बाहरी तौर पर योगी आदित्यनाथ इन्हें साधने में कामयाब जरूर दिख रहे है पर जगजाहिर है की कुछ माह पूर्व तक उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन तक के कयास लग रहे थे। ब्राह्मण समुदाय की तथाकथित नाराज़गी भी उत्तर प्रदेश में एक प्रभावी फैक्टर हो सकता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बहुजन समाज पार्टी ने भी चुनाव अभियान की शुरुआत में ब्राह्मण समुदाय को साधने के लिए 'प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में विचार गोष्ठी' नामक आयोजन किया है। वहीं अन्य पार्टियां भी पीछे नहीं है। समाजवादी पार्टी अभी से मुस्लिम -यादव वोट को एकजुट रखने का प्रयास करती दिख रही है और यदि ऐसा हो पाया तो भाजपा की चुनौती जरूर बढ़ेगी। हालांकि ओवैसी अगर मुस्लिम वोट में सेंध लगा पाए तो भाजपा को इसका लाभ होना लाज़मी होगा। ऐसे में मुस्लिम वोट बंटता है या एकजुट रहेगा, इस पर सभी विश्लेषकों की नज़र रहेगी। किसान आंदोलन भी भाजपा के सामने बड़ी चुनौती है। किसान वर्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 60 से अधिक सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। भाजपा अभी से किसान और जाट वोट को साधने को प्रयासरत दिख रही है। बहरहाल दिल्ली की गद्दी का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है। ऐसे में भाजपा उत्तर प्रदेश में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। गोवा : चुनाव सिर पर हैं और पार्टी सचेत गोवा में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। छोटा राज्य होने के बावजूद गोवा में राजनीतिक उठापटक ज्यादा होती है। गोवा में बीजेपी के मौजूदा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ-साथ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे भी 2022 के सीएम पद के दावेदार के तौर पर अपने आपको पेश कर रहे हैं। कोरोना प्रबंधन को लेकर दोनों ही नेताओं के बीच खींचतान की खबरें भी आई थी। विश्वजीत राणे पूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह राणे के पुत्र हैं और कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी यहां बहुमत से दूर हो गई थी, लेकिन नंबर गेम के जरिए वो सरकार बनाने में सफल रही। बहरहाल गोवा में चुनाव सिर पर हैं और पार्टी सचेत। पिछले दिनों बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सियासी अनुमान लेने के लिए गोवा का दौरा भी किया था। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया था। प्रमोद सावंत के कोरोना प्रबंधन को लेकर खूब सवाल उठे थे। गोवा के अस्पतालों से जैसी तस्वीरें सामने आईं वैसी बीजेपी शासित किसी दूसरे राज्य में नहीं दिखीं। माहिर मानते है कि पार्टी आलाकमान सुनिश्चित करना चाहेगा कि इसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में न भुगतना पड़े। पंजाब : थोड़ी ही सही मौजूदगी तो हो पंजाब में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है। पिछली बार यहां बीजेपी गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत मिली थी। जबकि दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी रही थी। बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल गठबंधन को सिर्फ 15 सीटों पर जीत मिली थी। इस बार बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन टूट गया है। पंजाब में लंबे समय से अकाली दल के साथ छोटे भाई की भूमिका में रहने के चलते भाजपा अपना राज्य में विस्तार नहीं कर पाई है। अब जबकि अगले साल राज्य में चुनाव होने हैं तो अकाली दल से अलग होने के बाद उसके सामने अपने अस्तित्व का संकट खड़ा है। कोई भी नेता विश्वास के साथ यह नहीं कह सकता है कि भावी पंजाब विधानसभा में उनकी उपस्थिति कितनी होगी? पंजाब में भाजपा अब हरियाणा की तर्ज पर खुद को मजबूत करने की तैयारी में हैं, हालांकि इस काम में उसे बहुत लम्बा समय लगेगा। कोई बड़ा प्रयोग भी पंजाब में भाजपा की नैया पार करवाता नहीं दिख रहा। फिलवक्त पंजाब में भाजपा की और से गजेंद्र सिंह शेखावत को चुनाव प्रभारी बनने का मौका मिला है। यहां तीन सह प्रभारी भी बनाए गए हैं। इनमें हरदीप सिंह पुरी, मीनाक्षी लेखी और विनोद चावड़ा का नाम शामिल है। भाजपा की कोशिश शायद ये ही रहेगी कि थोड़ी ही सही विधानसभा में उनकी मौजूदगी तो रहे। उत्तराखंड : प्रदेश इसी साल में देख चूका है तीन सीएम उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले दूसरी बार प्रचंड बहुमत पाकर सत्ता में वापसी का दावा करने वाली बीजेपी के भीतर शह मात का खेल शुरू हो गया है। पार्टी दो धड़ों में विभाजित नज़र आ रही है। एक धड़ा जो कांग्रेस से आये लोगों का है तो दूसरा पुराना भाजपाइयों का। ऐसे में आपसी कलह फिर सामने आ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष हर महीने उत्तराखंड का दौरा कर रहे हैं, मगर स्थिति नियंत्रण में आती नहीं दिख रही है। गौरतलब है की उत्तराखंड में बीजेपी ने कुछ ही महीने के भीतर दो बार मुख्यमंत्री को बदला है। सबसे पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर उनकी जगह तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया। बीजेपी को लगा था कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में पार्टी अपना जनाधार खो देगी इसलिए नए सीएम के तौर पर तीरथ सिंह को सामने लाया गया था। पर तीरथ सिंह रावत मुश्किल से चार महीने ही कुर्सी पर रह पाए थे कि एक बार फिर केंद्रीय नेतृत्व के फरमान ने उनकी सीएम की कुर्सी ले ली। कारण चाहे संवैधानिक संकट बताया गया हो पर शायद पार्टी को लगा हो कि तीरथ सिंह को सीएम बनाने का फैसला गलत था। इसके बाद मार्च में कुर्सी संभालने वाले तीरथ जुलाई की शुरुआत में ही अपना पद खो बैठे। आलाकमान ने उनकी जगह पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड की कमान सौंप दी। मगर पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भी भाजपा में अंतर्कलह कम होती नहीं दिखाई दे रही। धामी के लिए पार्टी को सत्ता में लाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। गुजरात : पटेल वोट और एंटी इंकम्बेंसी, दोनों साधने की कवायद बीजेपी ने गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले ना सिर्फ सरकार का कप्तान बदला बल्कि पूरी टीम ही बदल डाली। गुजरात में बीजेपी ने फिर राजनीतिक प्रयोग की इबारत लिखते हुए मंत्रिमंडल के सिर्फ चेहरे ही नहीं बदले गए बल्कि जातिगत और क्षेत्रीय बैलेंस का भी बखूबी ख्याल रखा। पटेल मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि कैबिनेट में भी पटेल समुदाय को खूब जगह दी गई है। पटेल वोट का असर पार्टी 2017 के विधानसभा चुनाव में खूब देख चुकी है जहाँ कांग्रेस ने उसे कड़ी टक्कर दी थी। वहीँ कंप्लीट मेक ओवर करके पार्टी शायद संभावित सत्ता विरोधी लहर को भी समाप्त करना चाहती है। पार्टी का ये प्रयोग निकाय चुनाव में सफल भी रहा था। बेशक भाजपा पटेल समुदाय को तवज्जो देकर उनका दिल जीतना चाहती हो लेकिन बड़ा सवाल ये भी है कि कहीं ऐसा कर भाजपा अन्य की नाराज़गी तो मोल नहीं ले रही ? दूसरा, मुख्यमंत्री सहित जिन मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है कहीं उनकी नाराज़गी पार्टी को भारी तो नहीं पड़ेगी ? बहरहाल गुजरात खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गढ़ है, सियासत के चाणक्य अमित शाह का गृह राज्य है, और शायद ये ही कारण है कि भाजपा ने इतना बड़ा प्रयोग करने का जोखिम उठाया है। भाजपा के लिए मोदी है तो मुमकिन है। मणिपुर : यहाँ भी मिशन रिपीट आसान नहीं मणिपुर विधानसभा की 60 सीटों के लिए 2022 में चुनाव होने है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को मणिपुर का प्रभारी बनाया है। मणिपुर में भाजपा की सरकार है और एन बिरेन मुख्यमंत्री है । 2017 के चुनाव में भाजपा को 21 कांग्रेस को 19, एनपीपी को चार सीटें और एनपीएफ को 4 सीटें मिली थी। एनपीपी के सभी चार विधायकों ने भाजपा का समर्थन किया। बीरेन ने बारी-बारी से उन सभी को कैबिनेट मंत्री भी बनाया। हालांकि, नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के चार विधायक जिन्होंने बीरेन को समर्थन दिया था, वे इस बात से खुश नहीं है क्योंकि उनमें से सिर्फ दो को मंत्री बनाया गया था। बाद के घटनाक्रम में, एनपीपी के सभी चार विधायकों को हटा दिया गया और दो को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। परन्तु अब एनपीपी गठबंधन के मूड में नहीं दिख रहा। एनपीपी का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री एल जयंतकुमार ने कहा है कि किसी भी पार्टी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं होगा। इसके अलावा हाल ही में मणिपुर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गोविंददास कोंथौजैम भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं जो भाजपा के लिए अच्छी खबर है।
'अब बदला, तब बदला, कब बदला, समझो बदल ही गया ' जयराम विरोधी हिमाचल में ये ही गाना गा रहे है और मुख्यमंत्री हर बार दमखम के साथ पलटवार करते आ रहे है। अटकलों पर विराम भी लगा रहे है और कयासों को खारिज भी कर रह है। 'मैं था, मैं हूँ और मैं ही रहूँगा' ये कहते हुए मुख्यमंत्री विपक्ष को नसीहत भी दे रहे है और विरोधियों को सन्देश भी। पर सवाल ये है कि आखिर हंगामा बरपा क्यों है ? ऐसा क्या हो गया कि अचानक हिमाचल की राजनीति में ये नया शगूफा छिड़ गया। दरअसल, मिशन रिपीट के लिए सियासत की गुजरात प्रयोगशाला में भाजपा ने बड़ा प्रयोग किया है। सीएम तो बदला ही, विधानसभा स्पीकर सहित पूरी कैबिनेट बदल दी गई। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने इसी वर्ष हुए निकाय चुनाव का ये ट्राइड एंड टेस्टेड फार्मूला अपनाया है, ताकि संभावित सत्ता विरोधी लहर को साधा जा सके। इससे पहले कर्नाटक में मुख्यमंत्री को बदल दिया गया था और उत्तराखंड तो इसी वर्ष में तीन मुख्यमंत्री देख चूका है। असम में भी भाजपा बिना सीएम फेस के विधानसभा चुनाव में उतरी, पर प्रचार के दौरान ही हेमंत बिस्वा सरमा को मिल रही तवज्जो ने संकेत दे दिए थे कि परिणाम के बाद बदलाव मुमकिन है, और हुआ भी ऐसा ही। भाजपा आलाकमान का सन्देश स्पष्ट है, मिशन रिपीट के लिए कुछ भी किया जायेगा। जो सत्ता वापसी की गारंटी नहीं दे सकता वो चेहरा बदल दिया जायेगा। भाजपा के इस ट्रेंड ने ही हिमाचल के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सरकार विद्रोही हो या समर्थक सभी की धुकधुकी बढ़ गई है। कुछ चुप बैठे तमाशे का इंतज़ार कर रहे है तो कुछ ने नसीहतें बांटना शुरू कर दिया है। इसपर प्रदेश में प्रो. प्रेम कुमार धूमल की बढ़ती सक्रियता और केंद्र की सियासत में अनुराग के बढ़ते कद ने भी हिमाचल की सियासत में नए समीकरण पैदा कर दिए है। बहरहाल, राग कोई भी गाया जाए पर एक बात तय है, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की स्वच्छ छवि और सरल स्वभाव ने हमेशा ही सरकार की खामियों को छुपाने के लिए ढाल का काम किया है। इसे जयराम ठाकुर का तिलिस्म ही कहेंगे कि जब कोरोना काल में स्वास्थ्य घोटाला हुआ तब भी सीएम की स्वच्छ और ईमानदार छवि पर कोई दाग नहीं लगा, जबकि तब स्वास्थ्य महकमा खुद सीएम जयराम ठाकुर देख रहे थे। इसी तरह बेशक भाजपा में हावी होती गुटबाज़ी ने हमेशा उन्हें कुछ असहज रखा हो लेकिन हर मौके पर जयराम चौका मारते रहे, संगठन में भी उनकी दखल और पकड़ इसे साबित करते है। आज सरकार और संगठन को एक भी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। किन्तु मंत्रियों द्वारा दिए गए ऊल जलूल ब्यान और सरकार के निर्णय बदलने की छवि जरूर जयराम ठाकुर के सामने बड़ी चुनौती है। इसमें कोई संशय नहीं है कि कई बयानवीरों ने आम जनता के बीच सरकार की छवि खराब की है, वहीँ बैठे बिठाए विपक्ष को भी हल्ला बोलने के मौके दिए है। विशेषकर पिछले कुछ समय में निरंतर इस तरह के घटनाक्रम ने उपचुनाव से पहले सरकार की मुश्किलें बढ़ाई है। अगर वक्त रहते डैमेज कंट्रोल नहीं हुआ तो जाहिर है नतीजे प्रतिकूल हो सकते है। उपचुनाव हुए नहीं, शोर अभी से मचा है 2022 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में उपचुनाव होने है, जिन्हें सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। उपचुनाव में अच्छा परफॉर्म करने का प्रेशर भी जयराम सरकार पर है। उपचुनाव में यदि पार्टी अच्छा परफॉर्म करती है तो स्थिति 'सब चंगा', पर यदि भाजपा ने उपचुनाव में अच्छा नहीं किया तो आगे क्या होगा, इसे लेकर अभी से शोर मचा है। सियासी माहिर मानते है कि पार्टी तैयारियों को लेकर कितने ही दावे कर ले उपचुनाव भाजपा का कड़ा इम्तिहान लेंगे। कहीं मज़बूत प्रतिद्वंदी तो कहीं अपने ही पार्टी को डूबा सकते है। मंडी लोकसभा हो या जुब्बल कोटखाई, अर्की, और फतेहपुर विधानसभा हर निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के टिकट को लेकर होड़ मची हुई है। हर जगह पार्टी गुटों में विभाजित नज़र आ रही है जो पार्टी को भारी पड़ सकता है। इस अंतर्कलह को साधने की कवायद बोर्ड और निगम में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव से की जा रही है, पर कुछ ठीक होता नज़र नहीं आ रहा। अंतर्कलह से इतर मंडी लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस की तरफ से यदि प्रतिभा सिंह मैदान में उतरती है तो भाजपा की कठिनाइयां बढ़ने के आसार है। जाहिर है पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद सहानुभूति लहर कांग्रेस को फायदा दे सकती है। ऐसे में भाजपा को मजबूत प्रत्याशी देना होगा और कोई कैबिनेट मंत्री भी चेहरा हो सकता है। वहीं जुब्बल कोटखाई में सेब के गिरते दाम से माहौल कुछ खराब है। इस पर पार्टी के भीतर से परिवारवाद के खिलाफ आवाज भी उठ रही है। बात फतेहपुर की करें तो यहां भाजपा के सामने दोहरी चुनौती होगी, एक तरफ कांग्रेस प्रत्याशी तो दूसरी तरफ हमारी पार्टी हिमाचल पार्टी के संस्थापक और 5 बार के विधायक राजन सुशांत भी मैदान में हो सकते है। इस पर अबकी बार चक्की पार का नारा भी भाजपा की बेचैनी बढ़ा रहा होगा। अर्की में भी फिलवक्त भाजपा के लिए अंतर्कलह सबसे बड़ी चुनौती होगी।
कैप्टन अमरिंद सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। शाम 5 बजे पंजाब में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है, लेकिन उससे पहले अमरिंदर सिंह ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को अपना इस्ताफा सौंप दिया है। इस्तीफा देने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने खेमे के पार्टी विधायकों के साथ चंडीगढ़ में अपने आवास पर बैठक की। बैठक के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले नाराज़ अमरिंदर सिंह ने फोन पर कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से भी बातचीत की। सीएम अमरिंदर ने बिना रायशुमारी के विधायक दल की बैठक बुलाए जाने को अपमानजनक बताया था।
पंजाब कांग्रेस में फिर घमासान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ 40 विधायकों के मोर्चा खोलने के बाद पार्टी ने शनिवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 5 बजे होनी है ।कैप्टन अमरिंदर सिंह विधायक दल की बैठक में नहीं शामिल होंगे। बैठक से पहले शाम 4.30 बजे कैप्टन अमरिंदर सिंह राजयपाल से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे हैं और कुछ देर में पद से इस्तीफा दे देंगे। राजभवन से ही वह प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे।
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विरोधी दल एक-दूसरे दलों के नेताओं पर जमकर हमला कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी भी लगातार योगी सरकार पर हमलावर है। प्रियंका ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट का हवाला भी दिया है। प्रियंका ने शनिवार को एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने अपराध के मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर प्रहार किया। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, "एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं व दलितों के खिलाफ अपराध, हत्या व अपहरण के मामलों में और हिंसक अपराधों के मामले में उप्र टॉप पर है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में से 28,046 रेप की घटनाएं थी, जिनमें 28,153 पीड़िताएं हैं। पिछले साल कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लगाया गया था। उसने बताया कि कुल पीड़िताओं में से 25,498 वयस्क और 2,655 नाबालिग हैं। एनसीआरबी के गत वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में रेप के 32,033, 2018 में 33,356, 2017 में 32,559 और 2016 में 38,947 मामले थे। पिछले साल रेप के सबसे ज्यादा 5,310 मामले राजस्थान में दर्ज किए गए। इसके बाद 2,769 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए थे।
बेंगलुरू: राजधानी बेंगलुरू से शनिवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बेंगलुरू के ब्यादरहल्ली इलाके में एक ही परिवार के पांच लोग मृत पाए गए हैं। इनमें से चार लोग फंदे से लटके मिले, जबकि एक नौ महीने के बच्चे का शव बेड पर पड़ा हुआ मिला। शुरूआती जांच में ये मामला आत्महत्या का लग रहा था। बताया जा रहा है कि पांचों शवों के साथ घर में पांच दिन से एक ढाई साल की बच्ची रह रही थी, जिसे बाहर निकाल लिया गया है। वह लगभग अचेत अवस्था में मिली, पुलिस ने कहा है कि लोगों की मौत कैसे हुई, इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस को लड़की उसी कमरे में मिली, जहां मधुसागर को फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया। फिलहाल बच्ची को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सौमेंदु मुखर्जी ने कहा कि हमें घर से डेथ नोट नहीं मिला। घर के बड़े बुजुर्ग और बच्ची के दादा मधुसागर शंकर सदमे की स्थिति में है। शंकर ने कहा है कि उनकी बेटियां अपने पतियों से झगड़ कर घर आ गईं थी। इस मुद्दे को सुलझाने और उन्हें उनके पतियों के पास वापस भेजने के बजाय, उनकी पत्नी भारती ने उन्हें वापस रहने के लिए प्रोत्साहित किया। शंकर ने कहा, "मैंने अपनी बेटियों सिनचना और सिंधुरानी को शिक्षित करने के लिए कड़ी मेहनत की। बेटा मधुसागर भी एक इंजीनियरिंग स्नातक था और एक निजी कंपनी में काम करता था। उन्होंने छोटे मुद्दों पर यह घातक कदम उठाया."पुलिस ने कहा कि पड़ोसियों ने उन्हें सूचित किया है कि, शंकर और उसके बेटे मधुसागर के बीच लड़ाई हुई थी। मारपीट के बाद शंकर घर से बाहर चला गया था। इस घटना के बाद रविवार को ही परिवार ने आत्महत्या कर ली थी।
जयपुर: राजस्थान में शादियों के अनिवार्य पंजीकरण के लिए संशोधन विधेयक आज विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बिल पारित होने को लेकर राज्य में नया विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने कहा है कि इस विधेयक के बाद बाल विवाह वैध हो जाएगा। वहीं, सत्ताधारी कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी मुद्दे को तोड़ मरोड़कर कर पेश कर रही है। विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौर और बीजेपी विधायक अशोक लाहोटी ने संशोधन विधेयक को ‘‘काला कानून’’ बताया। उन्होंने कहा कि विधेयक बाल विवाह की अनुमति देता है। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के करीब पहुंच गए। लेकिन ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया गया। मत विभाजन की मांग स्वीकार नहीं किए जाने पर भाजपा सदस्यों ने बहिर्गमन किया और इसे ‘‘काला कानून’’ करार दिया। सदन में राजस्थान अनिवार्य विवाह पंजीकरण विधेयक, 2021 का बचाव करते हुए संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि प्रस्तावित कानून विवाह के पंजीकरण की अनुमति देता है, लेकिन कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि ऐसी शादियां अंततः वैध हो जाएंगी। मंत्री ने कहा कि यदि यह वास्तव में बाल विवाह है तो जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी परिवारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गोवा में स्वास्थ्य कर्मचारियों और कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम के लाभार्थियों से संवाद किया है। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कल मेरा जन्मदिन था, लेकिन आप सभी ने इस दिन को खास बना दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में कल रिकार्ड टीकाकरण हुआ है। जन्मदिन तो आएंगे और जाएंगे, लेकिन कल के दिन ने मेरे दिल को छू लिया है। कल देश में वैक्सीन की रिकॉर्ड 2.5 करोड़ से ज्यादा डोज़ दी गईं। पीएम मोदी ने कहा, ‘’मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, प्रशासन से जुड़े लोगों की भी सराहना करना चाहता हूं। आप सभी के प्रयासों से कल भारत ने एक ही दिन में ढाई करोड़ से भी अधिक लोगों को वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया है। जन्मदिन तो बहुत आए और बहुत गए, लेकिन मैं मन से हमेशा इन चीजों से अलिप्त रहा हूं। इन चीजों से मैं दूर रहा हूं। लेकिन मेरी इतनी आयु में कल का दिन मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला था।’’ बता दें कि देश में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर टीकाकरण अभियान को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए टीके की 2.50 करोड़ से ज्यादा खुराक देकर एक रिकॉर्ड बनाया है। देश में अब तक दी गई कुल खुराक मध्यरात्रि 12 बजे 79.33 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। इससे पहले दैनिक खुराक का रिकॉर्ड चीन ने बनाया था, जहां जून में 2.47 करोड़ टीके लगाए गए थे।
करीब डेढ़ साल के शोध के बाद कहलूर बायो साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर घुमारवीं को कॉर्डिसेप्स मशरूम से ग्रीन टी तैयार करने में कामयाबी मिली है। चाय तैयार करने में कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और इंग्लैंड की हेमकिशी लिमिटेड का सहयोग केंद्र को मिला है। अब यह ग्रीन टी यूरोपीय देशों में बिकने को तैयार है, जिसके लिए एक कंपनी के साथ करार भी हो गया है। इस चाय को बनाने के लिए कहलूर बायो साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के बनाए कॉर्डिसेप्स मिलिटरिस मशरूम और कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की आर्गेनिक ग्रीन टी का इस्तेमाल किया गया है। इस चाय में कई एंटी ऑक्सिडेंट्स और हेल्थी बायो मेटाबॉलिट्स है, जो कि हेल्थ के लिए लाभकारी है। सेंटर के डॉक्टर अमित ठाकुर ने बताया कि औषधीय मशरूम कॉर्डिसेप्स पारंपरिक चिकित्सा के मूल्यवान स्रोत हैं। कॉर्डिसेप्स मशरूम से बनी ग्रीन टी थकान मिटाती है और सहनशक्ति बढ़ाती है। अध्ययन के अनुसार यह कोरोना वायरस खत्म करने में भी लाभदायक होगी। यह मांसपेशियों की शक्ति को बढ़ाती है। मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड के स्तर को भी कम करती है। यह मांसपेशियों में ग्लूकोज के अलावा रक्त और यकृत ग्लाइकोजन स्तरों में इंसुलिन की उपलब्धता को बढ़ाती है। रक्त प्रवाह और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाकर व्यायाम के दौरान हृदय की कार्यक्षमता को बढ़ाती है। कॉर्डिसेप्स मशरूम से बनी चाय कैंसर के से बचाव में भी लाभदायक है। कॉर्डिसेप्स में पाया जाने वाला कॉर्डिसेपिन कई तरीकों से एक मजबूत एंटी कैंसर एजेंट के रूप में सामने आया है। कॉर्डिसेपिन मानव कैंसर कोशिकाओं के एपोप्टोसिस को प्रेरित करता है। रिसर्च सेंटर ने मशरूम के ऊपर रिसर्च को भी अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित किया है। यह चाय कंपनी के ऑनलाइन स्टोर, कॉरसेप स्टोर और अमेजन ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। भारत में इसकी मार्केटिंग अतिशा ट्रेडर्स मुरादाबाद द्वारा की जा रही है। एक डिब्बे में बीस टी बैग हैं, जिनकी कीमत आठ सौ रुपये है जो अभी बाजार में उतारी जाएगी। प्रोफेसर जय देव हेड डिपार्टमेंट ऑफ टी हसबेंडरी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर चौधरी सरवन कुमार हिमाचल कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर द्वारा इसे जल्द ही लांच किया जाएगा।
प्रदेश के चार हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती को आरएंडपी नियम बनाने का काम शुरू हो गया है। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों को 70 फीसदी और आंगनबाड़ी वर्करों को 30 फीसदी पद दिए जाएंगे। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक हुई। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही नर्सरी और केजी की कक्षाओं के लिए भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों में एनटीटी कोटे के 70 फीसदी पदों में से 35 फीसदी पद बैचवाइज और 35 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। एनसीटीई के नियमों के तहत भर्ती की जाएगी। शिक्षा विभाग इस बाबत प्रस्ताव बनाकर राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए लेकर जाएगा। मंत्रिमंडल शिक्षक भर्ती के कोटे में बदलाव भी कर सकता है। एनटीटी कर चुकी महिलाएं बीते लंबे समय से इन स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग कर रही हैं। उधर, आंगनबाड़ी वर्कर भी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। दोनों ही संगठनों की ओर से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन भी किए गए थे। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों के साथ आंगनबाड़ी वर्करों को भी भर्ती में शामिल करने का फैसला लिया है।
हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में नियुक्त नए कुलपतियों के भी दस्तावेज जांचे जाएंगे। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने सभी विवि प्रबंधनों से नई नियुक्तियों का रिकॉर्ड तलब किया है। आठ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को जांच के बाद आयोग ने इसी वर्ष अयोग्य करार दिया था। इनके स्थान पर अब निजी विश्वविद्यालयों ने नए कुलपति नियुक्त किए गए हैं। इस वर्ष जनवरी में आठ निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को अयोग्य करार दिया गया था। इनके पद छोड़ने के बाद नए कुलपतियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए थे। आयोग ने ऐसे विश्वविद्यालयों के चांसलरों को पत्र जारी कर सभी नियम पूरा करने वालों को कुलपति नियुक्त करने के लिए कहा था। अब नए कुलपतियों के सभी दस्तावेज भी आयोग में जमा करवाने के लिए कहा गया है। निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की जांच शुरू होने के समय ही कुछ कुलपतियों ने इस्तीफे देकर अपने पद छोड़ दिए थे। कुछ कुलपति जांच पूरी होने के बाद अपने पदों से हटे। कई माह तक कुछ विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नई नियुक्ति भी लटकी रही। अब सभी निजी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियां हो गई हैं। ऐसे में विनियामक आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों के प्रबंधनों को पत्र जारी कर सभी नई नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेज देने को कहा है। इन दस्तावेजों को देखकर पता लगाया जाएगा कि यूजीसी के नियमानुसार कुलपति बनने के लिए सभी शर्तें पूरी की गई हैं या नहीं। कुलपति पद पर नियुक्त होने वालों की शैक्षणिक योग्यता भी जांची जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वें जन्मदिन पर अलग-अलग जगहों से मिलने वाले उपहारों की नीलामी शुरू हो गई है। इन उपहारों में हाल ही में खत्म हुए ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के किट और उपकरण भी शामिल हैं। आज से शुरू हुई नीलामी 7 अक्टूबर तक चलेगी। पैरालंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीतने वाले और नोएडा के डीएम एल वाई सुहास अभी तक की नीलामी में बाजी मारते दिख रहे हैं। कुछ दिनों पहले 12 पैरालंपिक खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री की मुलाकात के दौरान सुहास ने जो बैडमिंटन रैकेट प्रधानमंत्री को उपहार स्वरूप दिया था, नीलामी में उसका बेस प्राइस 50 लाख रुपए रखा गया था। लेकिन नीलामी शुरू हुए चंद घंटे ही हुए हैं और सुहाग के बैडमिंटन रैकेट की बोली 10 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। ओलंपिक खेलों में जैकलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा के जैवलिन का बेस प्राइस एक करोड़ रुपए रखा गया था, लेकीन अभी तक की नीलामी में चोपड़ा के उस जैवलिन की कीमत 1.20 करोड़ तक पहुंची है। वहीं पैरालंपिक खेलों में जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतने वाले सुनील अंतिल के जैवलिन का भी बेस प्राइस एक करोड़ रुपए ही रखा गया है।ओलंपिक खेलों के महिला हॉकी खेल में सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रचने वाली महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल की हॉकी स्टिक का बेस प्राइस 80 लाख रुपया रखा गया है। इस हॉकी स्टिक पर हॉकी टीम की सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर भी हैं। हॉकी स्टिक की कीमत बोली अभी तक 1 करोड़ रुपए तक पहुंची है। नीलामी से प्राप्त होने वाली राशि को नमामि गंगे प्रोजेक्ट के लिए प्रयोग किया जाएगा।
राजधानी शिमला को निचले हिमाचल से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-205 घणाहट्टी के पास अवरुद्ध होने से अब दोनों वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही वन-वे रहेगी। शिमला की ओर आने वाले वाहन वाया बंगोरा-कालीहट्टी -घणाहट्टी होकर आएंगे। शिमला पहुंचने के लिए इन्हें 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा था, लेकिन अब 11 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। शिमला से मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा की ओर जाने वाले वाहन वाया घणाहट्टी -कोहबाग-गलोग रवाना होंगे।
चौरा पुल के साथ पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने से बंद एनएच-5 तीसरे दिन वीरवार को भी बहाल नहीं हो पाया। इस कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। एनएच-5 बंद होने से किन्नौर सहित लाहौल-स्पीति के लोगों का देश-दुनिया से संपर्क कट गया है। मंगलवार रात को करीब 9 बजे चौरा के पास पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण एनएच-5 बंद हो गया था। वाहनों में लदी बागवानों की नकदी फसलें रास्ते में फंस गई हैं।
हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते नेहरू कुंड के पास बुधवार रात हुए भारी भूस्खलन से मनाली-लेह हाईवे-3 पूरा दिन ठप रहा। मार्ग पर रात से सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं। लेह की तरफ जाने और आने वाले पेट्रोल-डीजल के टैंकरों के अलावा पर्यटक वाहन और सेब-सब्जियों से लदे ट्रक भी हाईवे बंद होने से रास्ते में फंस गए हैं। लाहौल की तरफ जाने वाली परिवहन निगम के कुल्लू डिपो की करीब 14 और केलांग डिपो की छह बसों के पहिये भी थम गए हैं। छोटे वाहन क्लब हाउस मनाली से वाया बुरूआ और शनाग होकर आर-पार हुए। हालांकि, सुबह तक नेहरू कुंड में जाम नहीं था, लेकिन दिन के समय दोनों ओर से लंबा जाम लगा रहा। लाहौल से आ रहे मटर व सब्जियों से लदे वाहन भी कुल्लू की मंडियों तक नहीं पहुंच पाए। भारी भूस्खलन और विशालकाय चट्टानें मार्ग पर आने से रात के समय बीआरओ के लिए हाईवे बहाल करना आसान नहीं था। वीरवार सुबह बीआरओ की एक टीम मशीनरी के साथ मलबा हटाने में जुटी रही, लेकिन चट्टानें होने से हाईवे बहाल करने में परेशानी हो रही है। बीआरओ के कमांडर उमा शंकर ने बताया कि चट्टानें ब्लास्ट कर तोड़ी जा रही हैं।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वें जन्मदिन पर शिवसेना ने भी पीएम मोदी को बधाई दी ,लेकिन साथ ही तंज भी कसा है। शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सासंद संजय राउत ने कहा है कि हम यह भी देखना चाहते हैं कि पीएम मोदी देश में महंगाई कम करने वाला केक कब काटेंगे। संजय राउत ने पीएम मोदी को बधाई संदेश देते हुए कहा, नरेंद्र मोदी बहुत ही लोकप्रिया नेता है। बीजेपी को शिखर पर लाने का काम अटल जी के बाद नरेंद्र मोदी ने ही किया है। उनके कार्यकाल में बीजेपी को बहुमत मिला है। इससे पहले तो बीजेपी ने सिर्फ गठबंधन की सरकार बनाई थी। ये मोदी की लीडरशिप का ही कमाल है। राउत ने आगे कहा, पीएम मोदी के कद का नेता अभी देश में नहीं है। राजनीति में बीजेपी से मतभेद को लेकर संजय राउत ने कहा कि पीएम मोदी से हमारे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन ये बात सच है कि पीएम मोदी देश में दूसरे नहीं हो सकते। देश में बढ़ रही महंगाई को ले कर पेट्रोल और डीजल के दामों को याद करते हुए कहा कि अब देखना ये है कि पीएम मोदी सभी को जन्मदिन का रिटर्न गिफ्ट क्या देने वाले हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचल विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। सत्र को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने शत-प्रतिशत आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। कोरोना की लड़ाई में प्रदेश चैंपियन बनकर सामने आया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सदन में आह्वान किया कि हिमाचल एक दिन देश का सिरमौर बने। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि यशवंत सिंह परमार, पंडित पदम देव जैसी शख्सियतों ने प्रदेश की आजादी के संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाया। प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों यशवतं सिंह परमार, ठाकुर राम लाल, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, कारगिल शहीद कैप्टन ब्रिकम बतरा को भी याद किया। वहीं अटल टनल रोहतांग का जिक्र करते हुए महामहिम कोविंद ने कहा कि इससे मनाली-लेह की दूरी कम हुई है। वहीं सेना को सालभर बॉर्डर तक रसद ले जाने में अब दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा। अटल टनल के बनने से लाहौल के लोगों का जीवन भी आसान हो गया है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति का प्रदेश में आने के लिए आभार जताया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी सदन को संबोधित किया। विशेष सत्र के दौरान खासकर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद किया गया। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल करने में जिन-जिन लोगों का योगदान रहा है, यह सत्र पूरी तरह से उनको समर्पित रहा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 करोड़ वैक्सीन डोज़ का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कोविन ऐप पर बाक़ायदा काउंटर भी चलाया जाएगा। यह डिजिटल काउंटर हर पल अपडेट होगा। इस डिजिटल काउंटर के ज़रिए आप जान सकेंगे कि देश में हर सेकेंड कितनी वैक्सीन लगाई जा रही हैं। दोपहर एक बजे तक 1 करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य रखा गया है और देर शाम तक 2 करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश होगी। बता दें कि अभी तक देश में अब तक 77 करोड़ 15 लाख 38 हज़ार 837 डोज़ लग चुकी हैं, इसमें से पहली डोज़ 58 करोड़ 29 लाख 86 हज़ार हैं और दूसरी डोज़ 18 करोड़ 85 लाख 52 हज़ार लगाई जा चुकी है। अब तक दो बार ऐसा हुआ है जब भारत में एक दिन में तक़रीबन एक करोड़ के आसपास डोज़ लगाई गयी है। दो करोड़ वैक्सिन के लक्ष्य को छूना दुनिया के लिए चौंकाने वाला लक्ष्य होगा। भारत ने वैक्सीन के मामले में दुनिया के 18 देशो को पीछे छोड़ दिया हैं, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन,फ़्रांस कनाडा, रूस, जापान सहित 18 देश रोज़ाना सिर्फ़ 8.17 मिलियन डोज़ लगा रहे हैं जबकि भारत अकेले इन सब पर भारी है और रोज़ाना 8.54 मिलियन वैक्सीन की डोज़ रोज़ दी जा रही है। स्वस्थ क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दो करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश के लिए सोने पर सुहागा जैसा कहा जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर 17 सितंबर को होने वाले विशेष सत्र के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। ज़्यादातर अथिति शिमला आ चुके हैं। मेहमानों के बैठने की व्यवस्था सिटिंग प्लान के अनुसार की गई हैं। वीरवार को तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज और सरकारी मुख्य सचेतक बिक्रम सिंह जरयाल के साथ परिसर का दौरा किया। बता दें, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 17 सितंबर को सुबह 11 बजे विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्रियों शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल समेत कुल 93 पूर्व विधायकों ने सत्र में आने की पुष्टि की है। हालांकि, शांता स्वास्थ्य कारणों के चलते कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। वहीं, 12 सांसद व पूर्व सांसद भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। सत्र के दौरान खासकर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद किया जाएगा। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल करने में जिन-जिन लोगों का योगदान रहा है, यह सत्र पूरी तरह से उनको समर्पित होगा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी भी शामिल हैं। विशेष सत्र के दौरान कोरोना एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाएगा। राज्यपाल, मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा राष्ट्रपति के संपर्क में आने वाले सभी अधिकारियों कर्मचारियों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जा चुका है।
मुंबई: साकिनाका में हुए महिला के साथ बलात्कार और हत्या मामले के बाद मुंबई पुलिस और भी सतर्क हो गई है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई स्कीम को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी विषय पर मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) विश्वास नागरे पाटिल ने बात की और बताया की निर्भया स्क्वाड में जिन महिला अधिकारी और टीम को नियुक्त किया है उन्हें विशेष तौर पर ट्रेनिंग दी जा रही है । पाटिल के मुताबिक, विशेष पुलिस बल, हर रीजन में नोडल अधिकारी, विशेष वाहन की तैनाती के साथ-साथ खुफिया कैमरे के इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी शामिल है। मुंबई के सभी पुलिस थानों में 'वूमेन सेफ्टी सेल' बनाए गए एवं प्रत्येक थाने में तैनात किए गए मोबाइल वैन में से एक मोबाइल वैन कार निर्भया पथक के लिए तैनात की जाएगी। जिस-जिस पुलिस स्टेशन के इलाके में बाल गृह, अनाथालय या महिला PG मौजूद है वहाँ पर पेट्रोलिंग करके गोपनीय जानकारी इकट्ठा करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को ख़ुफ़िया कैमरा हैंडल करने की ट्रेनिंग दिया जाए ताकि महिलाओं को घूरने या पीछा करने जैसे मामलों में सबूत इकट्ठा किया जा सके। इसी के साथ रोज़ाना जो कैमरे में रिकॉर्ड किया जाएगा व सब जानकारी को पुलिस स्टेशन कंप्यूटर में सेफ किया जाएगा। वंही, निर्भया पथक को आदेश दिए है कि जितने भी स्कूल, कॉलेज, महिलाओ के PG हो वहां जाकर महिलाओं को उनकी सुरक्षा को लेकर ट्रेनिंग दी जाए इसके अलावा हर जगह पर निर्भया पेटी रखी जाए जिसमे महिलाएं अपनी शिकायतें पेटी में डाल सके। जो भी पेट्रोलिंग के लिए जाएगा उसे उस पेटी को चेक करना होगाऔर शिकायत पर कारवाई भी करनी होगी।
नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से हर कोई परेशान है। लोकल सर्कल के सर्वे में 50 फीसदी लोगों ने महंगे पेट्रोल-डीजल की वजह से खर्च में कटौती की बात कही है। वहीं 77 फीसदी नागरिक चाहते हैं कि सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए, क्योंकि इससे नागरिकों के जीवन यापन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यहां तक कि 28 फीसदी जीएसटी दर पर पेट्रोल की कीमत लगभग 75 रुपये प्रति लीटर और डीजल 70 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। सर्वे के मुताबिक, 2021 में पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों की वजह से 2 में से 1 परिवार ने खर्च में कटौती की है। बता दें कि शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक होनी है। अगर लोगों की राय पर काउंसिल की मुहर लग जाती है तो लोगों को बढ़ते रेट से राहत मिल सकती है। जीएसटी का अधिकतम स्लैब 28 फीसदी है और फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर करीब 55 फीसदी टैक्स लगता है।
आईजीएमसी शिमला में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने कपड़े बदल रही एक महिला स्वास्थ्य कर्मी का वीडियो बना लिया। महिला कर्मी की शिकायत पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपी सफाई कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह घटना बीते कल की है। पुलिस के मुताबिक महिला स्वास्थ्य कर्मी आईजीएमसी के एक विभाग में तैनात है। आईजीएमसी पहुंचने के बाद ड्यूटी के लिए वह चेंजिंग रूम में जाकर अपनी ड्रेस बदल रही थी। इसी बीच महिला कर्मी ने पाया कि चेंजिंग रूम के बगल वाले कमरे की दीवार के ऊपर एक मोबाइल के जरिये उसका वीडियो बनाया जा रहा है। इस पर घबराई महिला कर्मी चेंजिंग रूम से बाहर निकली तो देखा कि अस्पताल का सफाई कर्मी मोबाइल को ऊपर कर उसका वीडियो बना रहा है। महिला कर्मी ने तुरंत लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी को सूचित किया और आरोपी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई। लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया और मोबाइल भी कब्ज़े में लिया है। डीएसपी हेड क्वार्टर कमल वर्मा ने इस मामले की पुष्टि की है।
झारखंड में बुधवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है , जिसमें बस और कार में जबरदस्त टक्कर हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में आग लग गई। आग की लपटें कार तक जा पहुंची, जिससे कार में सवार सभी पांच लोगो की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि हादसा रामगढ़ के पास रजरप्पा थाना क्षेत्र में हुआ। यहां बस और कार में आमने-सामने से टक्कर हो गई। ये दर्दनाक सडक हादसा मुरबंदा लारी के पास हुआ, जहां सामने से आ रही वैगन आर कार बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जरबरदस्त थी कि दोनों वाहनो में आग की लपटें उठनें लगीं , इससे पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद कई लोगों के वाहनों में भी फंसने की आशंका है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ने का भी डर है। वहीं, हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य कर दिया गया है।
हिमाचल के कुल्लू जिला में एक सड़क हादसा पेश आया है। कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार के चेत्थर में मंगलवार रात एक पिकअप सड़क से करीब 100 मीटर नीचे लुढ़क गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक युवक घायल हुआ है। दरअसल जीप बंजार से चेत्थर की तरफ जा रही थी। इस दौरान रास्ते में गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। जिसमें दो युवक घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए बंजार लाया जहां से एक युवक को प्राथमिक उपचार के बाद कुल्लू अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 27 वर्षीय तेज प्रकाश पुत्र मोहर सिंह निवासी बलाड बंजार के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो साल बाद पहली बार विदेश यात्रा के लिए निकलेंगे। वह अमेरिका में पहले क्वाड देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान उनका मकसद चीन की लगातार बढ़ रही मुखरता और दूसरी तरफ अफगानिस्तान में तख्तापलट के बाद आतंकवाद के प्रसार के बढ़े हुए खतरे की तरफ वैश्विक जनसमुदाय का ध्यान खींचना होगा। भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के क्वाड समूह का शिखर सम्मेलन 24 सितंबर को होगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की मेजबानी वाले इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के पीएम योशीहिदे सुगा वाशिंगटन पहुंचेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि व्हाइट हाउस में इस सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद जांएगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त एवं खुला तथा समावेशी सुनिश्चित करने के रास्तों सहित समसामयिक वैश्विक चुनौतियों पर आपस में मंथन करने की संभावना है। इस दौरान जहां अफगानिस्तान के हालात और वहां चीन की बढ़ती दिलचस्पी पर भी चर्चा होने की संभावना है, वहीं ये नेता 12 मार्च को ऑनलाइन हुए शिखर सम्मेलन के बाद साझा हितों की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 76वें सत्र में भी शिरकत करेंगे, जहां वे सत्र के एक उच्च स्तरीय खंड को संबोधित करेंगे। यूएनजीए की वार्षिक सभा में 100 से ज्यादा देशों और सरकार के प्रमुख नेता व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पति पत्नी पर कातिलाना हमले के मामले में घायल पति ने पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया है। घायल परस राम का 17 दिन से पीजीआई में इलाज चल रहा था। सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। मामले में अब पुलिस हत्या की धारा जोड़ेगी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी भाजपा के नेता केवल राम के अलावा, कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, कायस की पूर्व प्रधान युमा देवी तथा उसके पति परसराम पर 25 अगस्त 2021 को कुल्लू में रात को कातिलाना हमला हुआ था। घायल परसराम पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन था। जबकि उसकी पत्नी मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी। सोमवार को परस राम की मृत्यु के बाद पीजीआई से सूचना मिलने पर थाना कुल्लू से टीम भेज दी गई है। मंगलवार को पीजीआई में परस राम के शव का पोस्टमार्टम होगा।
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए छह आतंकियों को लेकर बड़ा खुलासा, भारत में त्योहार पर धमाके की थी योजना
दिल्ली पुलिस कि गिरफ्त में आए छह आतंकियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान से ट्रेनिंग करके लौटे दोनों आतंकियों को टारगेट सेलेक्ट करके धमाके करने थे। इसके लिए मुंबई धमाके की तर्ज पर डी कंपनी अपने पुराने और विश्वसनीय साथियों का इस साजिश में इस्तेमाल करना चाह रही थी। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए समीर पहले भी डी कंपनी के लिए काम कर चुका है। गिरफ्तार समीर ने ही रायबरेली के मूलचंद उर्फ लाला को हायर किया था। मूलचंद को विस्फोटक और हथियार इधर से उधर ले जाने के लिए रखा गया था। इससे पहले ये आतंकी किसी घटना को अंजाम देते सतर्क दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि करीब अट्ठाइस साल बाद देश में एक बार फिर धमाके की साजिश के तार अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़ रहा है। भारत में त्योहार पर धमाके के लिए दाऊद के भाई अनीस के पास फंडिंग और हथियार सप्लाई की जिम्मेदारी दी गई थी। गिरफ्तार आतंकियों ने पाकिस्तानी कनेक्शन का भी राज खोल दिया है। आतंकियों ने बताया कि पाकिस्तान की सेना में तैनात लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारी ने उन्हें ट्रेनिंग दी थी। दोनों आतंकियों ने पाकिस्तान जाकर ट्रेनिंग ली थी। बता दें कि दो आतंकी दिल्ली से मस्कट गए। उसके बाद मस्कट से बोट से जरिए पाकिस्तान पहुंचे. पाकिस्तान में 15 दिनों की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने ओसामा और जीशान को ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के दौरान गाजी में 2 जूनियर अधिकारी भी मौजूद थे। ओसामा, जीशान को ग्वादर पोर्ट के पास जियोनी गांव ले जाया गया। दोनों को पाकिस्तान के थट्टा में फॉर्महाउस पर ठहराया गया था।
पीएम मोदी ने कहा कि यूपी के लोग भूल नहीं सकते कि पहले यहां किस तरह के घोटाले होते थे, किस तरह राज-काज को भ्रष्टाचारियों के हवाले कर दिया गया था। आज योगी की सरकार पूरी ईमानदारी से यूपी के विकास में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि एक गंभीर दौर था, जब यहां शासन-प्रशासन, गुंडों और माफियाओं की मनमानी से चलता था। लेकिन अब वसूली करने वाले, माफियाराज चलाने वाले सलाखों के पीछे हैं। मोदी ने कहा कि मुझे आज ये देखकर बहुत खुशी होती है कि जिस यूपी को देश के विकास में एक रुकावट के रूप में देखा जाता था, वही यूपी आज देश के बड़े अभियानों का नेतृत्व कर रहा है। समाज में विकास के अवसरों से जिन्हें दूर रखा गया, ऐसे हर समाज को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में अवसर दिए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की चर्चा बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और बड़े फैसलों के लिए होती है। पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के हर छोटे-बड़े निवेशक के लिए बहुत आकर्षक स्थान बनता जा रहा है। ये तब होता है जब निवेश के लिए जरूरी माहौल बनता है एवं जरूरी सुविधाएं मिलती हैं। गौरतलब है कि यूपी डबल इंजन सरकार के डबल लाभ का एक बहुत बड़ा उदाहरण बन रहा है। कल तक जो अलीगढ़ तालों के जरिए घरों, दुकानों की रक्षा करता था, वो 21वीं सदी में हिंदुस्तान की सीमाओं की रक्षा करने का काम करेगा। वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट के माध्यम से यूपी सरकार ने अलीगढ़ के तालों और हार्डवेयर को एक नई पहचान दिलाने का काम किया है।
सावन के बाद झमाझम बरसते भादो ने देश भर में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। जिसके चलते देश के कई हिस्सों में हर तरफ जल ही जल दिखाई दे रहा है। जिसके बाद ऐसा लग रहा है मानो कि सड़कों पर गाड़ियां नाव के माफिक तैर रही हैं। दुर्भाग्यवश इस कारण लोगों को बाहर निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रिकॉर्डतोड़ बारिश के कारण कई गांवों के बीच का संपर्क टूट गया तो कहीं घरों में पानी घुसने के कारण लोगों ने मजबूरी में छतों का सहारा लिया। तत्पश्चात लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ के साथ-साथ एयरफोर्स की टीम तैनात की गई है। घरों में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम लगातार काम कर रही है। गौरतलब है कि वह लोगों को निकालने के लिए टेंपरेरी पुल का निर्माण कर रहे हैं और रस्सियों के सहारे अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को घरों से बाहर निकाल रहे हैं।
तेल कंपनियों की ओर से आज के लिए पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए गए हैं। तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 9वें दिन भी कोई बदलाव न करते हुए कीमत स्थिर रखी है। दिल्ली में पेट्रोल 101.19 रुपये प्रति लीटर और जबकि डीजल 88.62 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल की मौजूदा कीमत 107.26 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 96.19 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु की बात करें तो यहां पेट्रोल 104.7 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.04 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 101.62 रुपये है , जबकि डीजल की कीमत 91.71 रुपये प्रति लीटर है। पटना में पेट्रोल के दाम 103.79 रुपये है तो डीजल के दाम 94.55 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल की कीमत 98.52 रुपये है , तो डीजल की कीमत 89.21 रुपये प्रति लीटर है। वही गुलाबी शहर जयपुर में पेट्रोल की कीमत 108.13 पैस है , जबकि डीजल 97.76 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। भोपाल में पेट्रोल 109.63 पैसे तो वहीं इंदौर में 109.67 पैसे पेट्रोल बिक रहा है , दोनों शहरों में अगर डीजल की बात करें तो यहां क्रमशः 97.43 रुपये और 97.49 रुपये प्रति लीटर के दर से बिक रहा है. बता दें कि आखिरी बार 5 सितंबर को पेट्रोल और डीजल के दामों में बदलाव देखने को मिला था। उस दिन पेट्रोल और डीजल के दाम में 15 पैसे की कटौती की गई थी।
नई दिल्ली: आज मंगलवार का दिन हम हिंदी दिवस के रूप में मना रहे हैं। हिंदी उन भाषाओं में शुमार है जो दुनिया में सबसे ज्यादा बोली और समझी जाती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सभी के प्रयासों से यह भाषा वैश्विक मंच पर लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रही है। पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'आप सभी को हिंदी दिवस की ढेरों बधाई, हिंदी को एक सक्षम और समर्थ भाषा बनाने में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है, यह आप सबके प्रयासों का ही परिणाम है कि वैश्विक मंच पर हिंदी लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रही है"। हिंदी को 14 सितंबर 1949 को राजभाषा का दर्जा दिया गया, तत्पश्चात इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। महात्मा गांधी ने कहा था कि हिंदी जनमानस की भाषा है और इसे देश की राष्ट्रभाषा बनाने की सिफारिश भी की थी। लेकिन 1949 में 14 सितंबर के दिन संविधान सभा ने हिंदी को ही भारत की राजभाषा घोषित किया, हालांकि पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था। गौरतलब है कि आज के समय दुनिया में हिंदी चौथी सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है। दुनियाभर में हिंदी बोलने वालों की संख्या करीब 75-80 करोड़ है। बता दें कि बढ़ती चाहत का नमूना यह भी कि आज विश्व के करीब 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी एक विषय के तौर पर पढ़ाई जाती है।
छराबड़ा राष्ट्रपति निवास “द रिट्रीट’ के स्टाफ सदस्यों में से 3 कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। राष्ट्रपति अब शिमला स्थित राष्ट्रपति भवन ‘द रिट्रीट’ के बजाए ओबेरॉय सीसल में ठहरेंगे। वंही, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के पांच दिनों के लिए शिमला आने का कार्यक्रम में कुछ बदलाव हुआ है। अब उनकी यात्रा कार्यक्रम को घटाकर चार दिन का कर दिया गया है। वह 16 को शिमला पहुंचेंगे और 17 को विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति को तोहफे में फूल, शॉल देने पर पूरी तरह मनाही होगी। कोविड के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शिमला दौरे को लेकर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सभी पुलिस अधिकारियों और अतिथियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। कोविड प्रोटोकाल का हवाला देते हुए कहा गया है कि राष्ट्रपति के संपर्क में आने वालों को हर हाल में कोविड टेस्ट करवाना होगा। इसके लिए विशेष तौर पर जोर दिया गया है कि टेस्ट करवाने और निगेटिव आने के बावजूद अतिथियों व ड्यूटी पर तैनातअधिकारियों-कर्मचारियों को हर समय एन-95 मास्क लगाए रखना जरूरी होगा।
Chief Minister and Chief Patron, VMRT Jai Ram Thakur while expressing happiness over the services offered by Vivekanand Medical Research Trust (VMRT) to the public, extolled the efforts of Shanta Kumar, former Chief Minister and other trustees. He said that at present the trust has been offering two major services to the people at its campus. Shanta Kumar cherished a dream decades back to serve the people of the area, proving that nothing is impossible in this world if objectives are noble and decided with a pious heart, he added. He was speaking at a meeting of Vivekanand Medical Research Trust, Palampur organized at its campus today. The Yog, Naturopathy, Panchkarma and Physiotherapy were started under a cluster treatment system at the Kayakalp in 2005. But, it took a long time to start Vivekanand Hospital facing a lot of hurdles and difficulties and it could be started in the year 2012 only after putting in untiring efforts, he said. “I am pleased to know that Kayakalp is the first Aayush hospital in Himachal Pradesh recommended by the National Accreditation Board for Hospitals and Health Care Providers (NABH). It has earned a good name in and outside the nation in the treatment of lifestyle related diseases. A large number of lives have been saved in emergency situations as people are getting upgraded health services at their doorsteps. The trust has been successful in achieving its foundation goals,” he added. The Chief Minister said that he had come to learn about a new project oath taken by Shanta Kumar, the foundation of which had been laid. The Vayo Vrudh Seva Sahyog Kendra under the name ‘Vishranti’ is a new leaf. This centre would prove a boon to the aged under the medical emergency and geriatric care system. He wished for an early functioning of this Centre. The State Government is committed to the smooth functioning of this trust. All essential steps have been taken for the arrangement of MRI and all possible help will be extended as and when needed. Jai Ram Thakur hoped that the roadmap prepared by VMRT for setting up of cath lab within two months, Nursing College after Martyr Saurabh Kalia and Mount Kailash Block as desired by the Dalai Lama would usher in a new phase in the medical and health activities at the campus. Health Minister Dr. Rajiv Saizal speaking on the occasion said that the concept of integrated health facilities initiated by Prime Minister Narendra Modi was being realized at VMRT. He congratulated Chief Minister Jai Ram Thakur for achieving cent percent vaccination of the first dose of Corona vaccine for the eligible population in Himachal Pradesh. Former Chief Minister and Chairman, VMRT Shanta Kumar welcomed Jai Ram Thakur and others present in the meeting. Remembering the founding history of Vivekanand Medical Research Trust, he termed the ongoing meeting historical. He enumerated the difficulties faced during the foundation of this health institute. He said that the Vishranti, Vayovridh Seva Sahyog Kendra would house all basic and upgraded essential and health facilities. Founder Jai Prakash Sewa Sansthan JP Gaur shared his journey as an entrepreneur in Himachal Pradesh. He said the dream of Shanta Kumar had been realized. Manoj Gaur, Managing Trustee VMRT while conducting the meeting welcomed the Chief Minister and others on behalf of the trust. He said that the cath lab would start within the stipulated period at VMRT. Chief Secretary Ram Subhag Singh, Health Secretary Amitabh Awasthi, trustees B.B. Singh, Vinod Sharma, Lt. Gen. Dr. Manoj Luthra (Retd.), Rekha Dixit, K.C. Sharma, Sunil Sharma and Dr. Sanjeev Sood were present in the meeting.
Himachal Pradesh has been able to successfully vaccinate its 100 percent eligible population over the 18 year age group and has taken a lead in the country. Over 74 lakh doses have been administered to the people including the first and second dose so far. Today, there are only 1,500 active cases in the State as the State Government has been working 24x7 to overcome the threat of Corona. Earlier, the state had only 11 Dedicated Corona Health Centres with 440 beds and 32 ICU facilities. Today, the State has 80 such centres with 8,765 beds having 880 ICU beds, which can be enhanced up to 11,000 if required. This was stated by Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing a video conference organized here at Civil Hospital, Palampur. Earlier, he dedicated the newly installed PSA Oxygen Plant at Civil Hospital, Palampur under PM Care Fund which would support 100 beds. This plant has been built at a cost of Rs.2 crore. He dedicated the augmented PSA Oxygen plant at Zonal Hospital, Dharamshala, built at a cost of Rs. 1.5 crore through video conference. This Oxygen Plant already functioning at Zonal Hospital, Dharamshala since March this year with a capacity of 300 LPM has been upgraded to 800 LPM recently under CSR. It would support the 175 oxygen-supported indoor blocks of the Zonal Hospital. He also dedicated the newly established PSA Oxygen plants at Una, DCHC, Haroli and Palakwah in Una district through video conferences. PSA Oxygen Plant at DCHC, Palakwah donated by Union Minister of Information and Broadcasting Anurag Singh Thakur would support 34 beds and DCHC, Haroli donated by M/S Nestle India Private Limited would support 50 beds, with capacity of 500 LPM each, have been set up at a cost of Rs.1.5 crore respectively. The PSA Oxygen plant at Zonal Hospital, Una with capacity of 1,000 LPM installed under PM Care Funds and has been set up at a cost of Rs.2 crore which would support 144 beds. Taking a dig at the Opposition, he said that it believed in criticism only as it had been forgetting the state of the health sector during its various regimes extending over 50 years. There were only two Oxygen plants in the State at IGMC, Shimla and Rajendra Prasad Medical College, Tanda. But, today Himachal has raised its guard against this deadly virus and has over 2,200 oxygen concentrators at various health institutions in the State. The Chief Minister thanked Prime Minister Narendra Modi and the Union Govt. for extending all possible help to the State in the fight against Corona. He said that the task of achieving cent percent vaccination was not easy keeping in view the topography of the State. Lahaul and Spiti were the first districts in the State achieving 100 percent first dose at vaccination, followed by Kinnaur. But, the State Government made special arrangements for vaccination at Bara Bhangal by sending choppers. Malana is another difficult terrain, where special arrangements were sent. He thanked the Corona Warriors for rendering yeoman services during this critical period. Health Minister Dr. Rajiv Saizal said that the State under the stewardship of Jai Ram Thakur is forwarding leaps and bounds. The State has achieved 100 percent vaccination in the age group over 18 years and is leading the country at present. He congratulated the Chief Minister for enabling the State to cope with the third possible Corona wave. He also felicitated the persons from health sectors and other fields, who are fighting day and night to keep the public safe from the clutches of deadly Coronavirus. Secretary Health Amitabh Awasthi while welcoming the dignitaries made two presentations consisting of newly PSA Oxygen plants installed in Kangra and Una districts and steps taken by the State Government to overcome the Covid-19 threat. Earlier, Chairman, HP Wool Federation Trilok Kapoor welcomed the Chief Minister and other dignitaries. Rural Development Minister Virender Kanwar, MLAs Vishal Nehria, Arun Kuka and Mulkh Raj Premi, Chief Secretary Ram Subhag Singh, Chairman, 6th State Finance Commission Satpal Singh Satti, former MP Kripal Parmar and MLA Praveen Sharma, Vice Chairman HP State Industrial Development Corporation, Prof. Ram Kumar, Chairman APMC Balbir Bagga, Deputy Commissioner Kangra Dr. Nipun Jindal and Deputy Commissioner Una Raghav Sharma, Superintendent of Police Kangra Khushal Sharma and Superintendent of Police Una Arjit Sen, CMO, Kangra Dr. G.D. Gupta and CMO Una Dr. Raman Sharma, PRI representatives, BJP office bearers and other senior officers were present on the occasion.
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अब सरकार 30 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन चलाने की तैयारी में है, इसके लिए सरकार ने परिवहन विभाग को प्लान बनाने के लिए निर्देश जारी कर दिए है। सरकार ने विभाग को यह भी निर्देश दिए है कि सड़क के साथ दुकानों और पेट्रोल पंपों में चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने का खाखा तैयार करे। बता दें कि हिमाचल में सरकारी क्षेत्र में 120 छोटे-बड़े इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं। सरकारी क्षेत्र में भी पेट्रोल और डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर विचार चल रहा है। खाद्य आपूर्ति निगम ने इलेक्ट्रिक वाहन बेचने का फैसला लिया है। जिस किसी व्यक्ति को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना है, वह खाद्य आपूर्ति निगम के पास आवेदन कर सकता है। निगम कंपनी से संपर्क कर लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराएगा। शिमला में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा छोटे इलेक्ट्रिक वाहन भी दौड़ाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें कामयाब हुई हैं। इसके चलते धर्मशाला और अन्य शहरों के लिए भी इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं।
प्रदेश में चार दिनों से हो रही बारिश आम जन के लिए परेशानी बन गई है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे-5 पर स्थित उरनी पुल क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में वाहनों की आवाजाही के लिए पुल को बंद कर दिया गया है। जिला में रविवार रातभर से बारिश रही है। जबकि ताजा बर्फबारी व भूस्खलन से मनाली-लेह मार्ग अवरूद्ध हो गया है। वहीं रोहतांग के साथ बारालाचा व कुंजुम दर्रा की पहाड़ियां भी बर्फ से सफेद हो गई हैं। बरसात से कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। जिले में कई संपर्क सड़कें बारिश के चलते दलदल में तब्दील हो गई हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। बारिश के बाद ब्यास, पार्वती सहित सहायक नदी नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। कुल्लू जिले में लगातार बारिश बागवानी के लिए भी आफत बन गई है। 11 सितंबर से बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पाए हैं। सेब का तुड़ान पूरी तरह से रुका होने से मंडियों में भी सन्नाटा पसर गया है। नेशनल हाईवे 505 ग्रांफू-काजा मार्ग अवरूद्ध हो गया है।
प्रदेश के 11 जि़लों के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनमंच आयोजित किए गए। इन जनमंच में 1609 शिकायतें व मांगें प्राप्त हुई, जिनमें से अधिकांश मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। प्रशासन द्वारा जनमंच के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन किया गया। जिला मण्डी जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने जिला मण्डी के करसोग में आयोजित जनमंच कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कई कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं और विभागीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इन कार्यक्रमों और योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले। जनमंच के दौरान कुल 146 जन शिकायतें प्राप्त हुई, जिनका जल शक्ति, बागवानी, राजस्व व सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही निपटारा कर दिया। इसके अलावा कुल 186 मांगे भी प्राप्त हुईं जिन्हे आगामी निपटारे के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया गया। बेटी है अनमोल योजना तथा हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के लाभार्थियों को बांटी एफडीआर व गैस कनेक्शन जन मंच के दौरान जल शक्ति मंत्री ने बेटी है अनमोल योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों की पांच लाभार्थी बेटियों जिनमें सेरटी की तान्या, कोट की वैष्णवी, भनाच की पल्लवी ठाकुर, लोअर करसोग की परिधि तथा सानना गांव की अमायरा सिंह शामिल है को 12-12 हजार रूपये की एफडीआर वितरित कीं। जबकि हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के अंतर्गत सात लाभार्थियों को एलपीजी गैस कनेक्शन भी वितरित किये। प्री जनमंच की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए एसडीएम करसोग सन्नी शर्मा ने बताया कि इस दौरान लाभान्वित 13 ग्राम पंचायतों में से कुल 59 जन शिकायतें प्राप्त हुईं। साथ ही राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न तरह के 981 प्रमाणपत्र जारी किये गए तथा 145 म्यूटेशन अनुप्रमाणित की गईं। इस बीच 51 एफिडेविट, 65 आधार अपडेशेन, आठ निसानदेही तथा 378 विभिन्न तरह के फार्म को अनुप्रमाणित भी किया गया। प्री-जनमंच के दौरान ही 60 मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा 211 उद्यान कार्ड भी बनाए गए। पशुपालन विभाग के माध्यम से 142 पशुओं का पंजीकरण किया गया तथा 2 स्वास्थ्य शिविर भी लगाए। इसी दौरान विभिन्न विभागों के माध्यम से 37 साईट्स का भी निरीक्षण किया गया। इस बीच 111 विभिन्न मांगे भी प्राप्त हुईं। इस अवसर पर करसोग के विधायक हीरा लाल, सुंदरनगर संगठनात्मक जिलाध्यक्ष दिलीप ठाकुर, कुंदन ठाकुर, युवराज, रतन, चेतन गुलेरिया, सीमा ठाकुर, उपायुक्त अरिंदम चैधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, अतिरिक्त उपायुक्त जतिन लाल, एसडीएम सन्नी शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे। जिला शिमला जिला शिमला की जुब्बल-नावर-कोटखाई में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने जनमंच कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जनमंच में 76 समस्याओं के आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 73 समस्याओं का मौके पर निपटारा किया गया। लोक निर्माण विभाग से सम्बंधित 18 समस्याएं प्राप्त हुई जिसमें से 17 समस्याओं का मौके पर निपटारा किया गया, जबकि एक समस्या को शीघ्र कार्यवाही के लिए विभाग को भेजी गई। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग से सम्बंधित 27 समस्याएं, परिवहन विभाग की 2, जल शक्ति विभाग की 26, वन विभाग की 2 तथा ग्रामीण विभाग से सम्बंधित एक समस्या प्राप्त हुई, जिनका निपटारा मौके पर ही किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान 61 अन्य आवेदन व कुछ मांगे भी प्राप्त हुई है जिन्हें त्वरित कार्यवाही हेतु सम्बन्धित विभागों को भेजा गया है। जनमंच के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने 78 व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच की गई और आवश्यकतानुसार 30 मरीजों के टैस्ट करने के उपरांत दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की। इस अवसर पर 43 व्यक्तियों का कोविड वैक्सीन टीकाकरण किया गया। इसके अतिरिक्त राजस्व से सम्बंधित 07 विभिन्न प्रमाण पत्र, 06 इंतकाल भी मौके पर बनाए गए। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश आई.टी. सैल संयोजक चेतन बरागटा, जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा संजीव चैहान, जिला परिषद सदस्य कलबोग अनिल कालटा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, अतिरिक्त उपायुक्त किरण भड़ाना, एएसपी सुशील कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेखा चोपड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। जिला हमीरपुर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चैधरी ने जिला हमीरपुर के नादौन विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कांगू में जनमंच कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जनमंच में लोगों द्वारा कुल 16 शिकायतें एवं 37 मांगें प्रस्तुत की गई जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। क्षेत्रवासियों की ओर से 10 शिकायतें और 8 मांगें जनमंच से पहले प्राप्त की गई, जिनका निपटारा जनमंच से पूर्व ही कर दिया गया। जनमंच के दौरान स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग ने जांच शिविर भी लगाए। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने 133 लोगों, आयुष चिकित्सकों ने 110 और होम्योपैथिक चिकित्सकों ने 39 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। 31 लोगों के दांतों की भी जांच की गई। 25 कारीगरों को बांस-किट और 10 लड़कियों को दिए 31.31 हजार कार्यक्रम के दौरान सरवीन चैधरी ने 25 कारीगरों को उद्योग विभाग की ओर से बांस-किट प्रदान किए। उन्होंने 10 गरीब लड़कियों की शादी के लिए शगुन योजना के तहत 31.31 हजार रुपये, बेटी है अनमोल योजना की 5 लाभार्थी कन्याओं को 12.12 हजार रुपये की एफडी के दस्तावेज और चार महिलाओं को गृहिणी सुविधा योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किए। सरवीन चैधरी ने प्रधानमंत्री मत्स्य पालन योजना के 5 लाभार्थियों को मोटर साइकिल और आईस बाॅक्स भी भेंट किए। इस अवसर पर पूर्व विधायक बलदेव शर्मा, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री, जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वंदना योगी, ओबीसी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष रामलोक धनोटिया, उपायुक्त देबश्वेता बनिक, एसपी डाॅ. आकृति शर्मा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। जिला ऊना पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने जिला ऊना की कुटलेहड़ विधानसभा क्षेत्र मेें जनमंच अप्पर बसाल के राजकीय माध्यमिक पाठशाला की अध्यक्षता की। प्री-जनमंच में 17 समस्याएं प्राप्त हुई, जबकि जनमंच में 73 शिकायतें मिली। इसके अतिरिक्त क्लस्टर के बाहर की पंचायतों के 12 शिकायतें प्राप्त हुई। जन मंच में कुल 102 जन समस्याएं प्राप्त हुई। जिनमें से अधिकांश शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित बनाया गया। बसाल में जन मंच कार्यक्रम के दौरान वैक्सीनेशन कैंप भी लगाया गया, जिसमें 2 लाभार्थियों ने कोविड वैक्सीन की पहली डोज, 29 लाभार्थियों ने दूसरी डोज लगवाई। स्वास्थ्य विभाग ने 51 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और 28 मेडिकल टेस्ट किए। आयुष विभाग ने 77 लोगों का स्वास्थ्य जांचा। इसके अतिरिक्त 3 किसान प्रमाण पत्र, 12 बोनाफाइड प्रमाण पत्र, 6 बेरोजगारी तथा 3 ओबीसी प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। उन्होंने बेटी को गोद लेने वाले परिवारों को गरिमा योजना के तहत जनमंच में जिला प्रशासन की ओर से 21-21 हजार रुपए की एफडी भी प्रदान की। बेटी है अनमोल योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली 5 बच्चियों को उनकी उपलब्धियों के बोर्ड भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिला परिष्द उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा, बीजेपी जिला अध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा, मण्डलाध्यक्ष मास्टर तरसेम लाल, स्थानीय प्रधान, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, पुलिस अधिक्षक अर्जित सेन ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। जिला सोलन उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने जिला सोलन की दून विधानसभा क्षेत्र के बनलगी में जनमंच की अध्यक्षता की। उन्होंने निर्देश दिए कि आज के जनमंच के लिए नामित 11 ग्राम पंचायतों में इस सम्बन्ध में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं ताकि 90 दिन तक मनरेगा के तहत काम करने वाले कामगार अपना पंजीकरण कामगार कल्याण बोर्ड के साथ करवा सकें। जनमंच के दौरान 74 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 27 का निपटारा पूर्व जनमंच कार्यक्रमों में सुनिश्चित बनाया गया। शेष में अधिकांश का मौके पर ही निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त कुल 71 मांगें प्राप्त हुईं। जनमंच में 02 हिमाचली प्रमाण, 11 आय प्रमाण पत्र बनाए गए तथा 21 व्यक्तियों को परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध करवाई गई। 13 अन्य प्रमाण पत्र जारी किए गए। 14 लोगों का आधार के लिए नामांकन किया गया। 02 हल्फनामें भी बनाए गए। 21 इन्तकाल किए गए। हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत 05 पात्र परिवारों की कागजी कार्यवाही पूरी की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क जांच शिविर में 184 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 30 व्यक्तियों के नेत्र जांचे गए। 40 व्यक्तियों के एक्स-रे किए गए। 31 व्यक्तियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की गई। आयुष्मान भारत योजना के तहत 15 व्यक्तियों का नामांकन किया गया। जनमंच में कोविड-19 परीक्षण एवं बचाव टीकाकरण भी किया गया गया तथा 05 व्यक्तियों को पहली खुराक तथा 17 व्यक्तियों को दूसरी खुराक दी गई। कोरोना संक्रमण जांच के तहत 05 व्यक्तियों का रैट परीक्षण किया गया। आयुष विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 87 लोगों की जांच की गई। पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क जांच शिविर में दूध के 100 नमूने एकत्र किए गए। मल के 80 नमूने एकत्र किए गए। शिविर में 107 पशुओं की जांच की गई। दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, बीडीसी धर्मपुर की अध्यक्ष जमना ठाकुर, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य गोपाल ठाकुर, भाजपा तथा भाजयुमो के अन्य पदाधिकारी, उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हरी, पुलिस अधीक्षक सोलन वीरेन्द्र शर्मा, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। जिला कुल्लू शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने जिला कुल्लू के आनी विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नित्थर में जनमंच के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 34 का मौके पर निपटारा कर दिया गया। शिक्षा मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को शेष शिकायतों का समाधान शीघ्र करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर स्थानीय विधायक किशोरी लाल सागर, एपीएमसी अध्यक्ष अमर ठाकुर, भाजपा मंडलाध्यक्ष महेंद्र ठाकुर, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक सागर चंद्र, एसडीएम आनी कुलदीप पटयाल सहित उपस्थित रहे। जिला सिरमौर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल जिला सिरमौर की पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटी पधोग की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भडोली में आयोजित जनमंच की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों से संबधित कुल 47 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से अधिकतर मामलों का मौके पर ही निपटान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए संबधित विभागों के अधिकारियों निर्देश दिए गए। इस अवसर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को उपहार भेंट किए और बेटी है अनमोल योजना के अतंर्गत 12 नवजात बालिकाओं के परिजनों को 12-12 हजार रुपये की एफडीआर भेंट की। इसके अतिरिक्त विधवा पुनर्विवाह के अन्तर्गत अनीता को 50 हजार की एफडीआर दी गई। उन्होंने हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 200 पात्र महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन वितरित किए। इस अवसर पर राजस्व विभाग द्वारा 75 विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किये गए और हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा मौके पर 160 ग्रीन कार्ड, 8 स्मार्ट कार्ड और 11 सम्मान कार्ड वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग ने 20 लोगों को कोविड वैक्सीन डोज लगाया और 60 रोगियों की स्वाथ्य जांच की व आर्युवैदिक विभाग द्वारा 205 रोगियों के स्वास्थ्य की जांच तथा निःशुल्क दवाईयां वितरित की गई। इस अवसर पर विधायक पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र रीना कश्यप, अध्यक्ष कृषि विपणन राई बलदेव भण्डारी, उपायुक्त सिरमौर रामकुमार गौत्तम, पुलिस अधीक्षक सिरमौर ओमापति जम्वाल, अध्यक्ष बीडीसी पच्छाद सुरेन्द्र नेहरू, पूर्व अध्यक्ष राज्य सहकारी बैंक चन्द्र मोहन ठाकुर, उप-मंडलाधिकारी (ना.) राजगढ सुरेन्द्र मोहन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। जिला बिलासपुर ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी ने जिला बिलासपुर के श्रीनैना देवी विधानसभा क्षेत्र के जुखाला में आयोजित जनमंच की अध्यक्षता की। जनमंच में 123 शिकायतें और 48 मांगे रखी गई, जिसमें से प्री जनमंच में 123 शिकायतें और 55 मांगे रखी गई और अधिकतर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया और शेष शिकायतों को सम्बन्धित विभागों को त्वरित निपटारे के लिए भेजा गया। इस अवसर पर 30 हिमाचली प्रमाणपत्र, 13 अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र, 12 आय प्रमाण पत्र, 9 इंतकाल, 6 दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 70 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई, आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 100 व्यक्तियों तथा होमोपैथी द्वारा भी 90 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस अवसर पर ‘बेटी के अनमोल योजना’ के तहत 5 लाभार्थी बेटियों को 12-12 हजार रुपये की एफडीआर प्रदान की। इस अवसर पर श्रीनैना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, प्रदेश आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा, उपायुक्त पंकज राय, एडीसी तोरुल रवीश, एसडीएम योगराज धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। जिला कांगड़ा वन एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने जिला कांगड़ा की नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, सेराथाना मेें जनमंच कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जनमंच में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 62 मामले प्रेषित हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर निपटारा कर दिया गया। शेष सभी समस्याओं का निपटारा अगले 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम में यह भी अवगत करवाया गया कि जनमंच से पूर्व की अवधि में लोगों की 21 समस्याएं प्राप्त हुईं थीं, इनमें से 17 मामलों का निवारण जनमंच दिवस से पूर्व किया जा चुका है, जबकि शेष समस्याओं के निराकरण पर कार्यवाही जारी है। जनमंच के दौरान स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा शिविर में करीब 210 लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को कोविड वैक्सीन लगाने के लिए भी शिविर लगाया गया था। जिसमें 28 लोगों का टीकाकरण किया गया। आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर में भी लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों ने स्टाॅल लगाकर लोगों को संबंधित विभागीय सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों द्वारा भी उनके द्वारा तैयार उत्पादों के स्टाॅल लगाये गए थे। वन मंत्री ने नई मुहिम ‘‘एक बूटा बेटी के नाम’’ के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सेराथाना के नज़दीक सुषमा कुमारी के घर आम्रपाली का पौधा रोपित किया। जनमंच के दौरान छः पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत निःशुल्क गैस चुल्हे, बेटी है अनमोल योजना के तहत तीन लाभार्थी बच्चियों के परिजनों को 12-12 हजार रुपये की तथा शगुन योजना के तहत चार पात्र परिवारों को 31-31 हजार रुपये की एफडीआर भेंट की। उन्होंने रेडक्राॅस सोसायटी की तरफ से 20 दिव्यांगजनो को विभिन्न यन्त्र वितरित किये। इस अवसर पर स्थानीय विधायक अरूण मेहरा, जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण नाग, उपायुक्त कांगड़ा डाॅ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक खुशहाल शर्मा, एडीसी राहुल कुमार, एसडीएम नगरोटा बगवां शशिपाल नेगी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारी एवं पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जिला किन्नौर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने जिला किन्नौर के निचार में जनमंच की अध्यक्षता की। जनमंच में 78 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमे से 26 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया तथा 52 शिकायतों के विभिन्न विभागाधिकारियों को शीघ्र निपटारा सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए और इस संबंध में रिपोर्ट खाद्य नागरिक उपभोक्ता मामले के कार्यालय को प्रस्तुत करने को कहा। राजिन्द्र गर्ग ने इस अवसर पर 10 लाभार्थियों को हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने बेटी है अनमोल योजना के तहत सुंगरा, पौण्डा, निचार व बरी ग्राम पंचायतों में वर्ष 2019 से जन्मी पात्र बालिकाओं की मातओं को एफ.डी. प्रदान की। उन्होंने इस अवसर पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत निचार, सुंगरा, पौण्डा व बरी पंचायतों में वर्ष 2021 में जन्मी बालिकाओं की माताओं को प्रोत्साहन व बेबी किट भी प्रदान की। जनमंच के दौरान राजस्व विभाग द्वारा 9 इंतकाल, 6 हिमाचली प्रमाणपत्र, 9 जनजातीय प्रमाणपत्र, 3 आय प्रमाणपत्र, 2 चरित्र प्रमाणपत्र प्रदान किये गए। इस दौरान 145 विभिन्न प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 70 व्यक्तियों की जांच की तथा निःशुल्क दवा वितरित की गई। आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 176 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी, पंचायत समिति निचार की अध्यक्षा राजवंती नेगी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष निचार संजय नेगी, उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक, उपमण्डलाधिकारी निचार मनमोहन सिंह, उपमण्डलाधिकारी कल्पा स्वाति डोगरा, विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, परियोजना अधिकारी ग्रामीण विकास अभिकरण जयवंती ठाकुर, विभिन्न विभागाध्यक्ष व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष हंसराज ने जिला चम्बा के चुराह विधानसभा क्षेत्र भंजराड़ू में जनमंच की अध्यक्षता की। जनमंच कार्यक्रम के दौरान 11 पंचायतों के लोगों द्वारा 304 मांगों और समस्याओं को प्रस्तुत किया गया जिसमें से अधिकतर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र बनाने के लिए शिविर का आयोजन भी किया गया इसमें 14 लोगों के मौके पर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए गए जबकि आयुष और स्वास्थ्य विभाग द्वारा 396 लोगों की स्वास्थ्य जांच और निःशुल्क और दवाइयां वितरित की गई। कार्यक्रम में 30 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। आयुष्मान भारत के तहत 10 लोगों के स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए। इसी तरह चार राजस्व इंतकाल दर्ज किए गए जबकि चार आधार कार्ड भी बनाए गए। कार्यक्रम में 30 पात्र लोगों को विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत चयनित किया गया। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने जनमंच कार्यक्रम के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में शेष चार बचे लाभार्थियों को गृहिणी सुविधा योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन वितरित किए। महिला एवं बाल विकास द्वारा कार्यान्वित बेटी है अनमोल योजना के तहत 356 एफडीआर भी वितरित की। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष चुराह ताराचंद ठाकुर, उपायुक्त डीसी राणा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा, एसडीएम अर्पिता चंदेल, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सरदार सरबजीत सिंह यानी वेला बॉबी, वेला इसलिए कि यह असरदार सरदार केवल अपने लिए नहीं जीता बल्कि इनका जीवन मानवता की सेवा में समर्पित हैं। विशेषकर आईजीएमसी आने वाले मरीजों व तीमारदारों के लिए सरबजीत सिंह बॉबी नायक हैं। दरअसल बॉबी की संस्था ऑलमाइटी ब्लैसिंग्स बीते कई सालों से अस्पताल में निशुल्क लंगर का संचालन करती आई है, जहाँ रोज़ाना कम से कम तीन हजार लोग चाय-नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन पाते हैं। इसके अलावा सरबजीत की संस्था कैंसर और अन्य गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा का संचालन करती है और कोविड संकट में भी उनकी यह सेवा जारी रही। बॉबी की संस्था रोटी बैंक का संचालन भी करती है। सरबजीत सिंह ने अक्टूबर 2014 में कैंसर अस्पताल शिमला में मरीजों के लिए चाय-बिस्किट सेवा की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे मरीजों को सूप, दलिया देने लगे। लोगों का सहयोग मिला तो चावल, दाल, खिचड़ी का प्रबंध किया। फिर सुबह से लेकर रात तक तीन हजार से अधिक लोग निशुल्क भरपेट भोजन पाने लगे। प्रदेश के कोने-कोने से शिमला स्थित रीजनल कैंसर अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों से अगर कोई पूछे कि सरबजीत सिंह कौन है तो उन लोगों के भाव सारी कहानी कह देते हैं। इस संस्था से जुड़ा एक और बेहद सुखद पहलू है और वो है स्कूली बच्चों को मानव सेवा के इस अभियान से जोड़ना। दरअसल सरबजीत सिंह ने पीड़ित मानवता की सेवा के लिए कुछ साल पहले शहर के स्कूली बच्चों के सामने 'एक रोटी रोज' का मंत्र रखा। नतीजन शिमला के कई स्कूलों के बच्चे रोटियां एक्सट्रा लाने लगे। स्कूली बच्चों से यह रोटियां एकत्रित कर लंगर में दी जाती है। संस्था ने रोटियां गर्म करने के लिए खास मशीन खरीदी है। इसके अलावा स्कूली बच्चे घरों से एक मुट्ठी अन्न भी लाते थे, ये सिलसिला लगातार चला। पर बीते दिनों पुलिस बल का प्रयोग कर ये लंगर बंद करवाने की कोशिश की गई। आईजीएमसी प्रशासन ने इस लंगर को अवैध बताकर इसका बिजली व पानी का कनेक्शन काट दिया। इसके बाद प्रदेश के हर हिस्से के लोग सरबजीत सिंह बॉबी के साथ दिखे है। बेशक प्रशासन की कार्रवाई कानून और नियमों के दायरे में है, पर सवाल ये है कि क्या जरूरतमंदों की सहायता करने वाली इस संस्था के खिलाफ ऐसी कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प था ? यदि कोई अनियमितता थी भी तो क्या पहल कर उसे दूर नहीं किया जा सकता था ? जनता सवाल उठा रही है कि बॉबी की संस्था को अवैध बताकर कार्रवाई करने वाला प्रशासन सैकड़ों अवैध निर्माण के मामले में ऐसी इच्छाशक्ति क्यों नहीं दिखाता ? ये है आईजीएमसी का तर्क आईजीएमसी प्रशासन ने संस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने संस्था द्वारा लंगर के आयोजन के लिए इस्तेमाल हो रहे अस्पताल के बिजली और पानी को चोरी करार दिया और संस्था को आ रहे धन के स्त्रोतों पर भी सवाल खड़े कि ये हैं। एमएस डॉ जनकराज का कहना है कि 2014 में तत्कालीन सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि संस्था को ना कोई जगह दी जाए ना ही कोई अन्य गतिविधि की इजाज़त, केवल बनी हुई चाय और खिचड़ी को बाँटने की इजाज़त दी गयी थी। वर्ष 2016 में इस संस्था ने चाय बिस्कुट बांटने का कार्य शुरू किया था। उसके बाद इन्होने कैंसर अस्पताल के अंदर खाना बनाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने यह भी कहा की अस्पताल के पास बहुत सारी एनजीओ के आवेदन आते रहते है की हमे भी दान पुण्य करने के लिए जगह दी जाये। उन्होंने यह भी कहा कि भावनाओं से व्यवस्था नहीं चलती है, व्यवस्था को चलाने के लिए कानून और नियमों के अनुरूप कार्य करना होता है। सेवा के नाम पर अराजकता को नहीं पनपने दिया जा सकता। बताया जा रहा है कि जब आईजीएमसी की ओर से बॉबी को लंगर की परमीशन दी गई थी, तो उसमें केवल सर्व करने की ही परमीशन थी, लेकिन बॉबी ने वहां पर धीरे-धीरे किचन बना दिया। आरोप है कि अस्पताल में लंगर लगाते हुए सात साल बीत चुके हैं, लेकिन लंगर का टेंडर सिर्फ एक साल के लिए दिया गया था। यानी करीब छह सालों से यह लंगर अवैध रूप से चला हुआ है। सवाल ये है कि इन छ वर्षों तक प्रशासन कहाँ सोया रहा और अब अचानक ऐसी क्या परिस्थिति आ गई कि लंगर को पूरी तरह से बंद करवाना पड़ रहा है। बहरहाल आईजीएमसी प्रशासन जो भी कहे, भले ही कानून और नियमो का तर्क दे लेकिन जन भावनाएं बॉबी के साथ दिख रही है। सैकड़ों संस्थाएं और हज़ारों लोग बॉबी के समर्थन में उतर आये है और सोशल मीडिया पर इसकी झलक स्पष्ट दिख रही है। आमजन के बीच सरकार की भी इस मामले में खूब आलोचना हुई है। ऐसे में बढ़ते विवाद के बीच सरकार ने जांच बैठा दी है। राज्य सरकार के गृह विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई। इस मामले की जांच का ज़िम्मा शिमला जिला न्यायिक अधिकारी राहुल चौहान को सौंपा गया है और उन्हें पद्रंह दिन के अंदर इस पूरे प्रकरण पर अपनी रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
प्रदेश के अस्पतालों में मरीज़ों को बेहतर सुविधा के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी के चलते सोमवार को प्रदेश के पांच अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार को पालमपुर अस्पताल में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने के साथ वही से वर्चुअल तरीके से चार अन्य ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ करेंगे। जिसमें पालमपुर से ही जिला कांगड़ा के दो और जिला ऊना के तीन ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री विवेकानंद मेडिकल रिसर्च ट्रस्ट की बैठक में शिरकत करेंगे। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सहजल भी मौजूद रहेंगे। पालमपुर के साथ जिला कांगड़ा के जोनल अस्पताल , धर्मशाला और जिला ऊना के जोनल अस्पताल ऊना, सिविल अस्पताल हरोली व सीसीएस पालकवाह के पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पालमपुर से ही वर्चुअल तरीके से करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम को शिमला के लिए रवाना होंगे ।
हैली टैक्सी कंपनी द्वारा अपने यात्रियों की सुविधा के लिये किराये में भारी कटौती की गई है। अब धर्मशाला-चंडीगढ़ हवाई यात्रा के लिए यात्रियों को अब 5700 रुपये चुकाने होंगे वहीँ इससे पहले यात्रियों से कंपनी द्वारा 8000 रूपए किराया वसूल किया जाता था। इसके साथ ही अब धर्मशाला - शिमला रूट पर भी कंपनी किराया कम करने की योजना बना रही है। धर्मशाला-चंडीगढ़ वाया शिमला रूट पर यह हैली टैक्सी सप्ताह के मंगलवार, बुधवार और वीरवार को उड़ान भरती है। कंपनी प्रबंधक अनुसार कॅरोना काल में अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा और उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए हैली टैक्सी शिमला-धर्मशाला हवाई ट्रैक पर भी किराये में कमी करने की योजना बना रही है। इस समय में गगल एयरपोर्ट से राजधानी शिमला के लिए कंपनी की ओर से 5003 रुपये वसूले जाते हैं। हेली टैक्सी धर्मशाला से 12 बजे चलती है, एक बजे शिमला और एक बजकर 45 मिनट पर चंडीगढ़ पहुंचती है।
इस बार फिर से भाजपा ने पहली बार विधायक बने भूपेंदर पटेल को मुख्यमंत्री बना कर सब को चौका दिया है। मुख्यमंत्री पद से अचानक इस्तीफा देने वाले विजय रुपानी के बदले अब भूपेंद्र पटेल गुजरात के 17 वें नए मुख्यमंत्री होंगे। विधायक दल की रविवार को हुई बैठक में पाटीदार समाज से संबंध रखने वाले पटेल को सर्वसम्मति से नेता चुना गया तथा रविवार देर शाम उन्होंने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। पार्टी के शीर्ष नेताओं से विचार विमर्श के बाद नई कैबिनेट का गठन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री पद को लेकर विधायक दल की बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा कि पटेल सोमवार को मुख्यमंत्री के तौर पर अकेले शपथ ग्रहण करेंगे। पटेल के नाम का प्रस्ताव शनिवार को अचानक सीएम पद से इस्तीफा देने वाले विजय रूपाणी ने रखा, जिससे सर्वसम्मति से मंजूर किया गया। बैठक में पार्टी के 112 में से ज्यादातर विधायक मौजूद थे। विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर भूपेंद्र यादव, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद जोशी और पार्टी महासचिव तरुण चुघ भी मौजूद थे। खुद को सर्व सम्मति से विधायक दल का नेता चुने जाने बाद भूपेंदर पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया।
हिमाचल प्रदेश में बनी कोरोना पॉजिटिव मरीजों के उपचार में सहायक एक दवा समेत नौ दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। इनमें सात दवाएं सोलन और दो सिरमौर में बनी हैं। वहीं, प्रदेश की नौ समेत देश में बनी कुल 37 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन के अगस्त के ड्रग अलर्ट में ये दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। इन दवाओं में अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों को दी जाने वाली दवा, सूखी खांसी, अल्सर, कोलेस्ट्रोल, एलर्जी, सूजन, तनाव दूर करने की दवा शामिल है। अगस्त में कुल 1245 दवाओं के सैंपल लिए थे, जिनमें 1207 सैंपल मानकों पर खरे उतरे, जबकि 37 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं l सोलन जिले के आंजी स्थित मैक्स रिलीफ हेल्थ केयर में कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल में दी जाने वाली दवा फैवीमैक्स के दो सैंपल, कालाअंब स्थित डिजिटल विजन कंपनी के सूखी खांसी की दवा कपसेट सीरप, बरोटीवाला क्षेत्र की एक्टीनोवा कंपनी में अल्सर की दवा रेनीटीडाईन, बद्दी के थाना क्षेत्र में गल्फा लैबोरेटरी कंपनी की कोलेस्ट्रोल की दवा एटोरवेस्टाटिन टैबलेट, मानपुरा औद्योगिक क्षेत्र की अल्ट्रा ड्रग कंपनी में एलर्जी की दवा डोवल सेट एम, झाड़माजरी स्थित विनस बायोसाइंसेस में तैयार होने वाली सूजन दूर करने की दवा वेटनेकॉन, कालाअंब के खैरी स्थित पुष्कर फार्मा कंपनी की गाय व भैंस का दूध उतारने की दवा ओक्सीटोसिन और परवाणू की क्लीविस लाइफ साइंस कंपनी की तनाव दूर करने की दवा बुफिटिप-150 ईआर के सैंपल फेल हुए हैं। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि सैंपल फेल होने वाले उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। बाजार से स्टॉक हटाने के लिए निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
गुजरात में शनिवार को बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। विजय रुपाणी ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी आलाकमान को आभार प्रकट किया। रुपाणी ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात करके उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। गुजरात के मुख्यमंत्री पद से विजय रुपाणी के इस्तीफा देने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? गुजरात में अगले साल दिसंबर 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके पहले विजय रुपाणी का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया जाना काफी अहम माना जा रहा है। रुपाणी बतौर मुख्यमंत्री शनिवार को हुए एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मौजूद थे। हालांकि, यह कार्यक्रम वर्चुअल तरीके से हुआ था, लेकिन पीएम मोदी, विजय रुपाणी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल आदि ने कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने सरदारधाम भवन का लोकार्पण किया था।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में जलोड़ी दर्रा के पास सड़क पर एक ट्रक के पलट जाने से नेशनल हाईवे 305 बाधित हो गया है। हालांकि छोटे वाहन हाईवे से गुजर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक सामान से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। गनीमत यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। हाईवे प्राधिकरण कर्मचारी मार्ग को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री क्षय रोग निर्वान योजना के अंतर्गत अब टीबी के मरीज़ों का सीटी और एमआरआई निशुल्क होगा। इलाज के लिए कई मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई लिखा जाता है। लेकिन टेस्ट की कीमत कई बार मरीज़ को अदा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। लेकिन लोगों इस समस्या से निजात मिल गई है। इस योजना के तहत मरीज़ों को निशुल्क जाँच का लाभ मिल पाएगा।


















































