लखीमपुर खीरी में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद से राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जहां इस मुद्दे पर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके योगी और केंद्र सरकार पर हमला बोला तो वहीं अब भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि लखीमपुर खीरी में जो कुछ भी हुआ है, वो दुःखद है। हमने उसके पश्चात देखा है कि चाहे किसान संगठन हो, चाहे प्रशासन दोनों ने मिलकर बातचीत की, दोनों के बीच में समन्वय हुआ, दोनों ने बातचीत करके कुछ निष्कर्ष निकाले। मुख्यत: जो निष्कर्ष था वो एक निष्पक्ष जांच का था। उन्होंने कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि राहुल गांधी ने एक बार फिर से वही किया जो उनसे उम्मीद की जा रही थी। संबित ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा संवेदनशील घटना पर राजनीति करते हैं। उन्हें किसानों से कोई मतलब नहीं है केवल वे अपनी राजनीति चमका रहे हैं।
लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को आज तीन दिन हो गए हैं। विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर हमलावर है। हिंसा के बाद किसानों और प्रशासन के बीच चार मुद्दों पर समझौता हुआ था। इस समझौते की अगुवाई किसान नेता राकेश टिकैत ने की थी। इन चार मुद्दों में एक बड़ा मुद्दा था कि आठ दिन के भीतर हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार करना भी था। घटना के तीन दिन बीत गए हैं लेकिन इस मामले में अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। राकेश टिकैत ने आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी और अजय मिश्रा की मंत्री पद से बर्खास्तगी की मांग की थ। किसानों और प्रशासन के बीच हुए समझौते के मुताबिक हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज इस मामले की जांच करेंगे। पीड़ित परिवारों को 45-45 लाख मुआवजा और आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का फैसला हुआ था। इसके साथ ही घायलों को 10 लाख रुपये की मदद का भी एलान किया गया था। इस पूरे मामले पर मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी के लिए सरकार को एक हफ्ते का समय दिया गया है। उन्होंने कहा, ''मारे गये किसानों के भोग (क्रिया) के दिन हम सब यहां फिर इकट्ठा होंगे और तभी आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। '' टिकैत लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए किसान गुरविंदर सिंह घर पहुंचे थे।
बरसात के कारण एनएच की कई जगह से टारिंग उखड़ गई है। सड़क पर गड्ढे पड़ने से वाहन चालको को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी तरह शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर सफर करना जोखिम भरा है। प्रदेश सरकार ने नेशनल हाईवे की दशा सुधारने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर इसे सुधारने की मांग की है। सरकार ने नेशनल हाईवे के अधीक्षक अभियंता को भी एनएचईआई से लगातार संपर्क करने को कहा है। हाईवे पर दिन-रात छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क के किनारे बारिश के पानी के लिए बनाई गई नालियां भी मिट्टी से भरी हैं। कई जगह क्रैश बैरियर टूटे हैं। बरसात के चलते सड़क के किनार गिरा मलबा तक नहीं हटाया गया है। एनएच घंडल के पास क्षतिग्रस्त है। लोक निर्माण विभाग की ओर से इस एनएच पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण का दावा है कि सप्ताह के भीतर इस एनएच से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर में भाजपा की ओर से रैहन क्षेत्र में खोले गए कार्यालय के बाहर बीती रात लगाए गए पोस्टरों ने फतेहपुर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। पोस्टरों में भाजपा की टिकट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल परमार की फोटो के साथ साफ शब्दों में लिखा है कि फतेहपुर की जनता करे पुकार, अब की बार चक्की पार, चक्की पार। ऐसे पोस्टर कुछ समय पहले भी रैहन क्षेत्र में लगाए गए थे। अब रातों रात लगाए गए पोस्टरों से कुछ लोगों का दिन का चैन जरूर उड़ा रखा है। रंगीन पोस्टर में प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल परमार के फोटो के साथ लिखा है कि कृपाल परमार गो बैक, गो बैक बाहरी व्यक्ति नहीं चलेगा - नहीं चलेगा, अबकी बार चक्की पार, चक्की पार। लेकिन इस पोस्टर के साथ किसी भी संस्था, संगठन या व्यक्ति ने अनपा नाम नहीं दिया है। न ही इन पोस्टरों में प्रिंटिंग करने वाली प्रेस का कोई नाम है। रातों रात लगे पोस्टर लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। पोस्टर ठीक उस वक्त लगे हैं जब भाजपा में टिकटों की घोषणा होनी है और कृपाल परमार भाजपा की टिकट सूची में सबसे आगे माने जा रहे हैं। विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में लगे इन पोस्टरों से एक राजनीतिक हलचल व उबाल पैदा हो गया है।
शिमला :कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल प्रदेश में मंडी लोकसभा व तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। मंडी लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को मैदान में उतारा गया है। वहीं, अर्की विधानसभा सीट से संजय अवस्थी, जुब्बल-कोटखाई से रोहित ठाकुर और फतेहपुर सीट से भवानी सिंह पठानिया को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की मंजूरी के बाद पार्टी महासचिव व केंद्रीय चुनाव समिति के प्रभारी मुकुल वासनिक ने उम्मीदवारों की सूची जारी की है।
प्रदेश में नवरात्रों के चलते श्रद्धालुओं को मंदिरों में एंट्री नहीं मिल पाएगी। हिमाचल सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते यह निर्देश जारी किये हैं। इसके चलते ज्वालामुखी, चिंतपूर्णी व अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं को इस बार बाहर से ही दर्शन करने पड़ेंगे। श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में आने की अनुमति होगी, लेकिन मंदिर गर्भ गृह में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन कर वापस लौटाए जाएंगे, ताकि लाइनें लगने की नौबत न आए व भीड़ न जुटे। शक्तिपीठों में खुला प्रसाद नहीं दिया जाएगा व भंडारों का भी आयोजन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिला शिमला में भंडारे व भगवती जागरण के लिए भी अनुमति नहीं मिल पाएगी। आगामी कुछ दिनों में नवरात्र शुरू हो रहे हैं। पिछले साल की तर्ज पर इस साल भी मंदिरों में इन आयोजनों पर रोक लगी रहेगी।
उत्तराखणड हाईकोर्ट ने मंगलवार को श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा पर राहत का ऐलान किया है। कोर्ट ने चारों धाम में प्रतिबंध के साथ यात्रियों की निर्धारित से अधिक को जाने व दर्शन करने पर लगी रोक को हटा दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब श्रद्धालु बेरोकटोक चारधाम दर्शन के लिए जा सकेंगे। कोर्ट ने साफ किया कि शासन को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित कराना होगा। कोर्ट के आदेश से सरकार को बड़ी राहत मिली है।सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि चारधाम यात्रा करने के लिए कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी थी, लेकिन वर्तमान समय मे प्रदेश में कोविड के केस न के बराबर आ रहे हैं, इसलिए चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या के आदेश में संशोधन किया जाए। महाअधिवक्ता द्वारा कोर्ट के सम्मुख यह भी कहा कि धराधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा हुआ है, इसलिए जितने भी श्रद्धालू आ रहे हैं, सबको दर्शन करने की अनुमति दी जाए। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने हेतु रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। वह नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों पर रोज़ी रोटी का खतरा उत्पन्न हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में कोरोना को देखते हुए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का पालन देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं और आम लोगों को करना अनिवार्य होगा। रथ यात्रा या दशहरा उत्सव में आने वाले सभी लोगों को हर समय मास्क लगाना अनिवार्य होगा। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। देवताओं के अस्थायी शिविर में दर्शन के लिए निर्धारित स्थान से ही दर्शन करने होंगे। मूर्ति अथवा देवरथ को छूना वर्जित होगा। दर्शन के लिए कतार में चिन्हित स्थानों पर खड़े रहना होगा। सभी देवलू/श्रद्धालु मेला मैदान में प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर तापमान की जांच करवाना सुनिश्चित करेंगे। उत्सव स्थल तथा आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में थूकना तथा उपयोग में लाए हुए मास्क इत्यादि को इधर-उधर फेंकना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि दशहरा में आने वाले देवलुओं, हारियान वैक्सीन दोनों टीके दशहरा उत्सव से पूर्व लगवा लें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस अभी भी तेजी से फैल रहा है। सरकार इस वायरस को रोकने के लिए समय-समय पर दिशा निर्देश जारी कर रही है। सामाजिक दुरी व स्वच्छता को इस महामारी के संक्त्रस्मण को तेजी से फैलने से रोकने में एक कारगार उपाय माना गया है।
बिजली बिल में गड़बड़झाला आरोप में अधिशासी अभियंता समेत तीन अफसरों को निलंबित किया गया है। बताया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब, बद्दी, नालागढ़ और पांवटा साहिब में कुछ उद्योगपतियों को बिजली बिल में फायदा पहुंचाने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों के निरीक्षण पर कि गई आईटी टीमों की रिपोर्ट के आधार पर 10 सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं पर बोर्ड ने जांच बैठा दी है। बोर्ड ने दो वरिष्ठ सहायकों सहित तत्कालीन सहायक अभियंता, जो अब अधिशासी अभियंता बन गए हैं, उन्हें निलंबित किया है। बोर्ड की कामर्शियल कार्यालय आईटी कार्य निरीक्षण टीम ने पिछले दिनों औद्योगिक क्षेत्रों कालाअंब, बद्दी, नालागढ़ और पांवटा साहिब में विद्युत बिलिंग प्रणाली में अनियमितताएं पाई थीं। इस पर बैठाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। इन सभी अधिकारियों पर कुछ उद्योगों को अनावश्यक लाभ देने की कोशिश करने और बिजली बोर्ड को हानि पहुंचाने की आशंका का आरोप है। बोर्ड के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को पूरी ऊर्जा से अपना कार्य करना चाहिए। बोर्ड का कार्य प्रदेश की जनता को सभी सुविधाएं प्रदान करना है। इस कार्य में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए।
सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। इंडियन मार्केट में सोना-चांदी आज सस्ता हो गया है। MCX पर गोल्ड फ्यूचर 0.23 फीसदी की गिरावट के साथ 46.779 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा सिल्वर फ्यूचर 0.5 फीसदी की गिरावट के साथ 60,651 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर है। वहीं, पिछले कारोबारी सत्र में सोने का भाव 0.8 फीसदी बढ़े थे और चांदी में 0.65 फीसदी का उछाल देखा गया था। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट की बात करें तो यहां स्पॉट गोल्ड का भाव 0.4 फीसदी की गिरावट के साथ 1,761.69 डॉलर प्रति औंस था वहीं, पिछले कारोबारी सत्र में यहां गोल्ड का भाव 1,770.41 डॉलर प्रति औंस था। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स 0.22 फीसदी की तेजी के साथ 93.990 पर था। साल 2020 अगस्त में MCX गोल्ड का भाव 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया था। इस हिसाब से आज भी गोल्ड की कीमतों में 9490 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखने को मिल रही है।
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के पास कुछ निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में पैसा लेकर नकल करवाने और विद्यार्थियों से निजी काम करवाने की शिकायतें पहुंचीं हैं। प्रदेश के 451 निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की मंगलवार से जांच होगी। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग ने प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता को जांचने का फैसला लिया है। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने एक्ट में मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। शिकायतकर्ताओं ने संस्थानों के नाम और पते सहित कई अन्य तथ्य भी आयोग के समक्ष पेश किए हैं। मंगलवार से आयोग की जांच कमेटी निजी संस्थानों का दौरा करेगी। इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार चल रहे कोर्सों को जांचा जाएगा। किस कोर्स में कितने विद्यार्थी दाखिल हैं, शिक्षकों की योग्यता क्या है। कोर्स सरकार से मंजूर हैं या नहीं। कितने संस्थानों को नैक से मान्यता मिली है। राष्ट्रीय रैकिंग में संस्थानों की स्थिति कैसी है। ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है। संस्थानों के आधारभूत ढांचे को भी जांचा जाएगा। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आयोग के अध्यक्ष सरकार और राज्य विश्वविद्यालय व तकनीकी विश्वविद्यालय को अपनी रिपोर्ट देंगे। डिग्री कॉलेजों सहित बीएड कॉलेजों, तकनीकी कॉलेजों, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों, फार्मेसी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा।
सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। देश की राजधानी समेत सभी महानगरों में ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। IOCL की वेबसाइट के मुताबिक, राजधानी में 1 लीटर पेट्रोल के भाव में 25 पैसे और डीजल की कीमतों में 30 पैसे का इजाफा हुआ है। इस इजाफे के बाद देश की दिल्ली में पेट्रोल का भाव 102.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 91.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, सोमवार को कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया गया था। इसके अलावा इंटरनेशनल मार्केट में भी कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है. हालांकि सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली थी। ब्रेंट क्रूड का भाव 0.13 फीसदी घटकर 79.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। देश की तीनों ऑयल मार्केटिंग कंपनी HPCL, BPCL और IOC आप सुबह 6 बजे के बाद पेट्रोल डीज़ल के नए रेट जारी करती है। लेटेस्ट रेट्स के लिए एसएमएस के अलावा IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट भी चेक कर सकते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ने छह घंटे से ज्यादा समय तक डाउन रहने के बाद फिर से काम करना शुरू कर दिया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप की वेबसाइट फिर बहाल हो गई है। हालांकि साइट अभी धीमी है। कंपनी का कहना है कि इस समस्या को पूरी तरह से ठीक होने में थोड़ा और समय लग सकता है। फेसबुक ने ट्विटर पर कहा, 'हमें खेद है। दुनियाभर के लोग और व्यापार हम पर निर्भर हैं। हम अपने ऐप्स और सेवाओं को पूरी तरह से बहाल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यह बताते हुए हमें खुशी हो रही है कि वे दोबारा ऑनलाइन वापस आ रहे हैं। हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद' वहीं इंस्टाग्राम की ओर से ट्वीट कर कहा गया, 'इंस्टाग्राम धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से अब वापस आ रहा है। हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद और इंतजार कराने के लिए खेद है। 'दरअसल, सोमवार रात करीब सवा नौ बजे भारत समेत दुनियाभर के तमाम देशों में फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप डाउन हो गया था। भारतीय समयानुसार, मंगलवार तकरीबन तड़के करीब चार बजे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप की सेवा फिर से शुरू हो गई। यानी कि छह घंटे से ज्यादा सेवा बाधित रही। दरअसल इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के डाउन होने की वजह BGP या 'बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल' वजह रही होगी। BGP एक तरह के इकाई होती है, जिस पर मैप को बनाने के साथ अपडेट रखने की जिम्मेदारी होती है। यह एक तरह से साइट जैसे गूगल, व्हाट्सप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब को लीड करने का काम करता है। लेकिन अगर इसमें कोई गड़बड़ी हो जाती है, तो यूजर्स तक सही इन्फॉर्मेंशन नहीं पहुंचती है, जिससे सोशल नेटवर्किंग साइट काम करना बंद कर देती है। रिपोर्ट के अनुसार BGP अपडेट मैसेज एक राउटर को कई तरह के बदलाव को लेकर अपडेट करता है। पिछली रात फेसबुक की तरफ से कई सारे राउटर्स को बदला गया। उस वक्त कई सारे DNS राउटर ऑफलाइन हो गये, जिसकी वजह से फेसबुक डाउन हो गया था। बता दें कि DNS एकक डोमेन नेम है।
ड्रग्स केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को 7 अक्टूबर तक NCB की ही कस्टडी में रहना होगा। मुंबई के किला कोर्ट में सुनवाई के दौरान NCB ने 11 अक्टूबर तक आर्यन समेत सभी 8 आरोपियों की कस्टडी मांगी थी। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 7 अक्टूबर तक रिमांड पर भेज दिया है। अदालत में सुनवाई के दौरान NCB ने आर्यन के ड्रग्स रैकेट के बारे में कई सनसनीखेज दावे भी किए हैं। वहीं क्रूज़ मामले में अब 11वीं गिरफ्तारी भी की गयी है। गिरफ्तार शख्स ओडिशा का नागरिक बताया जा रहा है। इसके साथ ही एनसीबी ने क्रूज़ पार्टी के चार आयोजकों को भी हिरासत में लिया है। एनसीबी को शक है कि कुछ पैसेंजर्स ने बीच समंदर में नशीली दवाओं का सेवन किया और क्रूज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। वहीं ड्रग्स केस में क्रिप्टो करेंसी के ज़रिए पेमेंट की बात सामने आ रही है। इसी केस में जांच आगे बढ़ाते हुए एनसीबी आज अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को आज अलग-अलग जगहों पर ले जा सकती है। अरबाज मर्चेंट को एनसीबी रविवार को कई जगहों पर ले गयी थी। एनसीबी ने सुनवाई के दौरान आर्यन के फोन से आपत्तिजनक कंटेंट मिला है, आर्यन ड्रग्स पेडलर से कोड में बातें करता था, आर्यन की चैट से ड्रग्स की खरीद-फरोख्त के सुराग, आर्यन के ड्रग्स सप्लायर से जुड़े होने के सुराग व चैट से ड्रग्स के लिए कैश ट्रांजैक्शन के सबूत के दावें कोर्ट में पेश किए।
आईफ़ोन 12 और आईफ़ोन 12 मिनी पर बंपर डिस्काउंट दिया जा रहा है। ये डिस्काउंट फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज़ सेल में दिया जा रहा है। सेल की शुरूआत सभी के लिए 3 अक्टूबर से हो चुकी है। ये सेल 10 अक्टूबर तक चलेगी। सेल में आईफ़ोन 12 मिनी के बेस मॉडल को केवल 38,999 रुपये में बेचा जा रहा है। बेस मॉडल में 64GB स्टोरेज दिया गया है। इसकी ओरिजिनल कीमत 59,900 रुपये है। इसके 128GB मॉडल को 43,999 रुपये में बेचा जा रहा है। इस मॉडल की ओरिजनल कीमत 64,900 रुपये रखी गई है। आईफ़ोन 12 मिनी के टॉप मॉडल में 256GB स्टरेज ऑप्शन दिया गया है। इसे 74,900 रुपये की बजाय 53,999 रुपये में बेचा जा रहा है। फोन ब्लैक, ब्लू, ग्रीन, पर्पल, रेड और व्हाइट कलर ऑप्शन्स में आता है।आईफ़ोन 12 को भी इस सेल में काफी कम कीमत पर बेचा जा रहा है। आईफ़ोन 12 मिनी (64GB) की कीमत इस सेल में 49,999 रुपये रखी गई है। इसकी ओरिजिनल कीमत 65,900 रुपये है। इसके 128GB स्टोरेज ऑप्शन को 55,999 रुपये में बेचा जा रहा है, जिसकी ओरिजिनल कीमत 70,900 रुपये है।
हिमाचल की ठंडी फिजाओं में उपचुनाव की गर्माहट है। आगामी 30 अक्टूबर को प्रदेश की एक लोकसभा सीट और तीन विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। सियासत शबाब पर है और दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों में टिकट आवंटन पर माथापच्ची भी हो रही है, साथ ही बगावत साधने की कवायद भी शुरू हो गई है। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले ये दोनों मुख्य राजैनतिक दलों के लिए बड़ा इम्तिहान होगा। मंडी संसदीय सीट के तहत 5 ज़िलों के 17 विधानसभा क्षेत्र आते है, यानी राजनैतिक दलों के लिए ये चार उपचुनाव कुल 8 ज़िलों के 20 विधानसभा क्षेत्रों की नबज टटोलने का मौका भी है। इसीलिए इसे सत्ता का सेमीफइनल भी कहा जा रहा है। मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद रामस्वरूप शर्मा की आत्महत्या के बाद वहां उपचुनाव होना है। वहीँ फतेहपुर विधायक सुजान सिंह पठानिया, जुब्बल कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा और अर्की के विधायक वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उक्त सीटें रिक्त हुई है। मंडी लोकसभा सीट और जुब्बल कोटखाई विधानसभा सीट पर जहाँ भाजपा का कब्ज़ा था, वहीँ सुजानपुर और अर्की विधानसभा सीट पर कांग्रेस काबिज थी। मंडी : भाजपा के लिए नाक का सवाल तो एकजुटता कांग्रेस की जीत का मंत्र ! मंडी संसदीय क्षेत्र का उपचुनाव न सिर्फ प्रदेश सरकार का इम्तिहान है बल्कि केंद्र सरकार की कार्यशैली को भी इसके नतीजे से जोड़कर देखा जायेगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी हिमाचल से ताल्लुख रखते है, साथ ही मंडी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी गृह क्षेत्र है। जाहिर है ऐसे में मंडी उपचुनाव भाजपा के लिए नाक का सवाल है। मंडी में भाजपा इक्कीस दिख भी रही थी लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उपजी सहानुभूति से यकायक स्थिति में बदलाव आया। इस पर प्रतिभा सिंह के मंडी के चुनाव लड़ने पर यक़ीनन भाजपा की मुश्किलों में इजाफा होगा। पहले जो पलड़ा भाजपा की तरफ झुका सा माना जा रहा था अब संतुलित दिख रहा है। मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा के लिए प्रत्याशी का चयन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। पूर्व सांसद महेश्वर सिंह चुनाव लड़ने की इच्छा जताते रहे है। सैनिक कल्याण बाेर्ड के चेयरमैन ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर का नाम भी शुरू से चर्चा में है। दावेदारों में पंडित रामस्वरूप के पुत्र शांति स्वरूप, अजय राणा, पायल वैद्य भी रहे है। पर प्रतिभा सिंह फैक्टर के चलते पार्टी मंत्री महेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाने की इच्छुक दिखी है। दूसरा विकल्प मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर में देखा जा रहा है। कांग्रेस की बात करें तो बेशक प्रतिभा सिंह के लिए प्रदेश कांग्रेस लगभग एकजुट दिखी हो लेकिन मंडी में गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है। पिछले चुनाव में पार्टी प्रत्याशी और पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा भी टिकट मांगते रहे है, हालंकि स्थिति परिस्थिति देख कर अब आश्रय टिकट से ज़्यादा सम्मान कि मांग कर रहे है । वहीं वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर यूँ तो प्रतिभा सिंह को मजबूत दावेदार मानते रहे है लेकिन उनके नपे -तुले बयानों का माहिर अपने -अपने हिसाब से मतलब निकालते है। ये भी याद रखना होगा की 2012 में कौल सिंह के मुख्यमंत्री बनने के स्वप्न पर वीरभद्र सिंह ने पानी फेर दिया था। इसी तरह युवा कांग्रेस अध्यक्ष और सुखविंद्र सिंह सुक्खू के करीबी निगम भंडारी भी टिकट के लिए दावा ठोकते रहे है। ऐसे में प्रत्याशी कोई भी हो पर इस चुनावी समर को जीतने के लिए कांग्रेस को सुनिश्चित करना होगा कि पार्टी एकजुट होकर लड़े। 17 में से 13 विस क्षेत्रों में भाजपा काबिज मंडी संसदीय क्षेत्र के 17 विधानसभा क्षेत्रों पर गौर करें तो वर्तमान में 13 विधानसभा सीटों पर भाजपा, 3 पर कांग्रेस और एक सीट पर निर्दलीय विधायक हैं। किन्नौर, कुल्लू और रामपुर सीट पर कांग्रेस, जबकि जोगिंदर नगर सीट पर निर्दलीय विराजमान हैं। शेष अन्य 13 सीटों पर भाजपा काबिज है। इस संसदीय क्षेत्र के पांच हलके बल्ह, नाचन, करसोग, आनी व रामपुर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। जबकि किन्नौर, लाहौल-स्पीति और भरमौर सीट एसटी के लिए आरक्षित हैं। पांच साल में दस गुना बढ़ा था हार का अंतर 2014 के लोकसभा चुनाव में मंडी संसदीय सीट से वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह कांग्रेस उम्मीदवार थी और उस चुनाव में उन्हें करीब 40 हज़ार वोटों से शिकस्त मिली थी। जबकि 2019 में आश्रय शर्मा 4 लाख से भी अधिक वोटों से हारे थे। यानी 2014 में जो अंतर करीब 40 हज़ार था वो पांच साल में 10 गुना बढ़कर करीब चार लाख हो गया। बेशक इस मर्तबा कांग्रेस प्रतिभा सिंह के रूप में एक मजबूत प्रत्याशी के साथ मैदान में हो लेकिन इस अंतर को पाटना आसान नहीं होने वाला। जुब्बल-कोटखाई : भाजपा के समक्ष सीट बरकरार रखने की चुनौती जिला शिमला की जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीट को बरकरार रखने के लिए प्रदेश भाजपा हर संभव प्रयास करेगी। जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा का निधन बीते 5 जून को हुआ। ऐसे में अब यहां उपचुनाव हो रहा है। जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीट की बात करें तो नरेंद्र सिंह बरागटा के निधन के बाद कई नेताओं की निगाहें उपचुनाव टिकट पर टिकी हुई है, जिनमें स्व. बरागटा के पुत्र और प्रदेश भाजपा आईटी सेल के प्रमुख चेतन सिंह बरागटा भी शामिल हैं। वहीँ भाजपा की ओर से दूसरा प्रमुख चेहरा नीलम सरैक का है जो परिवारवाद के खिलाफ आवाज बुलंद कर अपना दावा ठोक रही है। जानकार ये तो मान रहे है कि टिकट की दौड़ में चेतन कुछ आगे है पर नीलम को साधना पार्टी के आसान नहीं होने वाला। यानी निर्णय मुश्किल भरा है। यहाँ भाजपा को सुनिश्चित करना होगा कि चेहरा कोई भी हो लेकिन पार्टी में न बगावत हो और न किसी तरह का भीतरघात, अन्यथा राह मुश्किल होगी। मंत्री सुरेश भारद्वाज जुब्बल कोटखाई उपचुनाव के लिए भाजपा के प्रभारी है। यदि चेतन को टिकट मिलता है तो ज़ाहिर तौर पर चेतन और भारद्वाज के आपसी तालमेल से भी समीकरण बन बिगड़ सकते है। उधर कांग्रेस की बात करें तो रोहित ठाकुर अपना पांचवा विधानसभा चुनाव लड़ने को तैयार है और पार्टी में भी उन्हें कोई ख़ास चुनौती मिलती नहीं दिख रही। ठाकुर बीते कई महीनो से मैदान में डटे है और एक किस्म से टिकट की औपचारिक घोषणा से पहले ही प्रचार शुरू कर चुके है। इससे पहले रोहित ने चारों बार स्व. नरेंद्र बरागटा के सामने चुनाव लड़ा है जिसमे से दो में उन्हें जीत मिली और दो में हार का सामना करना पड़ा। दो मुख्यमंत्री देने वाला इकलौता निर्वाचन क्षेत्र जुब्बल कोटखाई हमेशा से कांग्रेस का गढ़ रहा है और नरेंद्र बरागटा ही इकलौते ऐसे नेता है जिन्होंने यहां भाजपा को जीत दिलाई। दिलचस्प बात ये है कि इस सीट से कांग्रेस के दो मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह भी विधायक रह चुके है। ये प्रदेश की इकलौती सीट है जिसने दो मुख्यमंत्री दिए है। ठाकुर रामलाल दो बार मुख्यमंत्री रहे है और दोनों बार वे जुब्बल कोटखाई से ही विधायक थे। वहीं 1985 में मुख्यमंत्री बने वीरभद्र सिंह भी जुब्बल कोटखाई विधानसभा सीट से जीतकर ही विधानसभा पहुंचे थे। 2003 से सत्ता के साथ जुब्बल-कोटखाई जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की जनता 2003 से ही सत्ता के साथ चलती आ रही है। वर्तमान में भाजपा की सरकार है तो भाजपा के नरेंद्र बरागटा जीते, 2012 में कांग्रेस की सरकार में कांग्रेस के रोहित ठाकुर और उससे पहले 2007 में भाजपा की सरकार थी ताे भाजपा के नरेंद्र बरागटा जीते थे। इसी तरह 2003 के चुनाव में रोहित ठाकुर को जनता का आशीर्वाद मिला था। फतेहपुर : बगावत थामने की होगी चुनौती, राजन सुशांत पर भी निगाहें फतेहपुर विधानसभा उपचुनाव का नतीजा 15 सीट वाले जिला कांगड़ा की सियासी आबोहवा को रुख दे सकता है। कांगड़ा जीते बिना मिशन रिपीट संभव नहीं है, ऐसे में सत्ता पक्ष हो या विपक्ष दोनों पर फतेहपुर उपचुनाव में बेहतर करने का दबाव है। सत्ता पक्ष भाजपा की बात करें तो जाहिर है ये उप चुनाव पार्टी के लिए बेहद ख़ास है। दरअसल, यहाँ जीत मिल गई तो सरकार का दमखम बड़े -बड़ों को मानना पड़ेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि 2009 के उपचुनाव सहित भाजपा फतेहपुर में लगातार तीन चुनाव हार चुकी है। फतेहपुर में भाजपा की ओर से 2017 में पूर्व राज्यसभा सांसद कृपाल परमार प्रत्याशी थे तो 2012 में भाजपा ने बलदेव ठाकुर को टिकट दिया था। 2017 के चुनाव में बलदेव ने बतौर बागी चुनाव लड़ा और 13 हज़ार से अधिक वोट लेकर भाजपा का खेल बिगाड़ दिया। अब उपचुनाव में टिकट का फैसला फिर भाजपा के लिए कठिन होने वाला है। हालांकि परमार की तरफ पार्टी के बड़े नेताओं का रुख जरूर दिख रहा है लेकिन बलदेव का दावा ओर सियासी वजन भी कमतर नहीं है। ऐसे में प्रत्याशी जो भी हो पर पार्टी को सबको एकजुट रखकर मैदान में उतरना होगा। उधर कांग्रेस से पूर्व विधायक सुजान सिंह पठानिया के पुत्र भवानी पठानिया की सियासत में एंट्री के बाद से ही टिकट पर उनकी दावेदारी मजबूत रही है। हालांकि परिवारवाद के खिलाफ पार्टी के भीतर से आवाज बुलंद है। बाकायदा पार्टी से जुड़े लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किये, वो भी उपचुनाव की घोषणा से पहले। इसके मायने साफ़ है कि पार्टी का झुकाव भवानी की तरफ है। बहरहाल राजनीति में कुछ भी मुमकिन है सो औपचारिक घोषणा तक भवानी के विरोधियों को उम्मीद जरूर रहेगी। भाजपा और कांग्रेस के साथ ही फतेहपुर विधानसभा उपचुनाव हमारी पार्टी हिमाचल पार्टी के संस्थापक डॉ राजन सुशांत के लिए भी खास है। पांच बार के विधायक और एक मर्तबा सांसद रहे डॉ राजन सुशांत का राजनीतिक सफर भाजपा से राह अलग करने के बाद हिचकोले खा रहा है। भाजपा से राह अलग करने के बाद राजन सुशांत पहले आम आदमी पार्टी में गए और अब हमारी पार्टी हिमाचल पार्टी के संस्थापक है। संभवत अपने गृह क्षेत्र फतेहपुर के इस उप चुनाव में वे खुद मैदान में होंगे। जाहिर है डॉ राजन सुशांत को पहले खुद को घर में साबित करना होगा। 7 बार विधायक रहे पठानिया पूर्व मंत्री और 7 बार विधायक रह चुके सुजान सिंह पठानिया कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक थे। पठानिया वीरभद्र सरकार में दो बार प्रदेश के मंत्री भी रहे हैं। 1977 में सुजान सिंह पठानिया ने जनता पार्टी में शामिल होने के लिए सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। 1980 में सुजान सिंह पठानिया कांग्रेस में शामिल हो गए। 1990, 1993, 2003, 2009 (उपचुनाव) में जवाली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से और 2012 में फतेहपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए। 2007 में परिसीमन से पहले फतेहपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र को जवाली के रूप में जाना जाता था। 2009 (उपचुनाव) , 2012 व 2017 विधानसभा चुनाव में सुजान सिंह पठानिया ने लगातार जीत की हैट्रिक लगाई। अर्की : न्यूनतम अंतर्कलह ही जीत की कुंजी अर्की उपचुनाव की बात करें तो यहां सही टिकट वितरण और न्यूनतम अंतर्कलह ही जीत की कुंजी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में एक से अधिक टिकट के दावेदार है और दोनों दलों को टिकट वितरण के लिए माथापच्ची करनी पड़ रही है। मसला सिर्फ टिकट वितरण तक का नहीं है, कहीं बगावत का डर है तो कहीं भीतरघात का। भाजपा की बात करें तो पिछले चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को टक्कर देने वाले रतन सिंह पाल फिर टिकट के दावेदार है। किन्तु दो बार के विधायक गोविंद राम शर्मा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है और वे भी टिकट के लिए दावा पेश कर चुके है। गोविन्द राम को कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं का साथ भी है। ऐसे में टिकट के लिए भाजपा को न सिर्फ किसी एक का चयन करना है बल्कि दूसरे को खामोश भी रखना है। अगर बगावत हुई तो जीत की राह भी मुश्किल होगी। कांग्रेस की बात करें तो मोटे तौर पर टिकट के लिए दो नाम चर्चा में है, संजय अवस्थी और राजेंद्र ठाकुर। 2012 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने संजय अवस्थी को उम्मीदवार बनाया था। पर तब अंदरूनी खींचतान और बगावत पार्टी को भारी पड़ी। दरअसल उस चुनाव में पार्टी के ही अमर चंद पाल बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे और 10 हजार से ज्यादा वोट लेकर कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया। नतीजन संजय अवस्थी करीब दो हजार वोट से चुनाव हार गए, पर तब से संजय अवस्थी ही स्थानीय कांग्रेस का मुख्य चेहरा बने हुए है। वहीं दूसरे दावेदार राजेंद्र ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी रहे है और लगातार क्षेत्र में सक्रिय है। राजेंद्र ठाकुर ने भी टिकट के लिए दावा किया है और यदि टिकट वितरण में होलीलॉज की अहम भूमिका रही तो उनका दावा भी कमतर नहीं है। निकाय चुनाव में खरे नहीं उतरे पाल इसी वर्ष हुए स्थानीय निकाय चुनाव के टिकट वितरण में रतन सिंह पाल की चली थी। पर जिला परिषद् में अमर सिंह ठाकुर और आशा परिहार जैसे दिग्गजों के टिकट काटने का खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा। हालाँकि अंत में इन्हीं दिग्गजों के सहारे जैसे तैसे जिला परिषद् पर भाजपा का कब्ज़ा तो हो गया लेकिन तब से ही रतन सिंह पाल के खिलाफ खुलकर आवाज उठने लगी। वहीँ अर्की नगर पंचायत चुनाव में भी भाजपा को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। बीडीसी पर भी कांग्रेस का कब्ज़ा रहा। हालांकि ये चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए थे। 2017 में वीरभद्र ने रोकी थी हैट्रिक 2017 विधानसभा चुनाव से कई माह पहले से ही अर्की विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कई सौगातें दी। वीरभद्र सिंह के लगातार दौरों ने संकेत दे दिए थे कि खुद वीरभद्र सिंह अर्की से मैदान में उतर सकते है और हुआ भी ऐसा ही। वीरभद्र सिंह ने पुत्र विक्रमादित्य के लिए शिमला ग्रामीण सीट छोड़ दी और खुद अर्की से मैदान में उतर गए। तब दस साल बाद अर्की सीट वापस कांग्रेस के कब्जे में आ गई और भाजपा की जीत की हैट्रिक।
हिमाचल प्रदेश में कॉलेजों की स्थिति क्या है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की 132 सरकारी कॉलेजों में से कम से कम 67 में कोई प्रधानाचार्य नहीं है। कारण: विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) पिछले कुछ वर्षों में शिक्षकों की प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति हेतु एक भी बैठक आयोजित करने में विफल रही है। कई पात्र शिक्षक बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त भी हो गए हैं, परन्तु अब तक बैठक नहीं हुई। इन कॉलेजों में उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा कॉलेजों के कुछ वरिष्ठ शिक्षकों को केवल स्वयं और साथी सहयोगियों के मासिक वेतन को निकालने और वितरित करने के लिए डीडीओ की शक्तियां प्रदान की गई हैं। डीडीओ के रूप में एक वरिष्ठ सहयोगी को ही अपने साथी सहयोगियों के कामकाज को नियंत्रित करना पड़ रहा है। नियमित प्रधानचार्य न होने से कॉलेज स्तर पर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता दांव पर है। राज्य के इतिहास में पहली बार कॉलेज स्तर पर ऐसी स्थिति पैदा हुई है। हिमाचल प्रदेश के कॉलेजों में नियुक्त शिक्षकों और छात्रों का कहना है कि हिमाचल के इन कॉलेजों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार प्राचार्यों (कॉलेज कैडर) के लिए जुलाई, 2018 से एक भी डीपीसी की बैठक बुलाने में विफल रही है। यहां तक कि कई योग्य शिक्षक अपने पदोन्नति प्राप्त किए बिना ही सेवानिवृत्त हो गए हैं और पहले से पद पर आसीन प्रधानाचार्य भी हर महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग में कॉलेज स्तर पर प्रधानाचार्य का पद वरिष्ठ एसोसिएट प्रोफेसरों के लिए केवल एक सम्मानजनक पदोन्नति है, वह भी 25 वर्षों से अधिक की निरंतर सेवा के बाद। परन्तु विभाग के पात्र वरिष्ठ एसोसिएट प्रोफेसर इस पदोन्नति से वंचित है । कॉलेजों में प्रधानाचार्य का न होना न केवल शिक्षा की गुणवत्ता पर असर डाल रहा है बल्कि, राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) से मान्यता प्राप्त करने में भी बाधा पैदा कर रहा है। NAAC से मान्यता प्राप्त करना किसी भी छह या अधिक साल पहले स्थापित हुए कॉलेज =के लिए अनिवार्य होता है। NAAC की मान्यता मिलने के बाद ही कॉलेज एमएचआरडी से मिलने वाले करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास अनुदानों के लिए भी पात्र हो पाते हैं। परन्तु प्रधानाचार्य न होने के कारण हिमाचल के कई कॉलेजों को ये लाभ नहीं मिल रहे। शिक्षकों के अनुसार डीपीसी की बैठक नहीं होने पर पिछले 3 साल से अधिक समय से सरकार यह तर्क दे रही है कि उच्च न्यायालय में शिक्षकों की नियुक्ति और वरिष्ठता को चुनौती देते हुए एक मामला दायर किया गया है इसी के साथ एक अन्य मामले में प्रिंसिपल कॉलेज कैडर के आर एंड पी नियमों को भी अदालत में चुनौती दी गई है, जिससे प्रधानाचार्यों की पदोन्नति पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। शिक्षकों का कहना है कि पात्र सीनियर एसोसिएट प्रोफेसर को प्रिंसिपल (कॉलेज कैडर) के पद पर पदोन्नत करना सरकार का कर्तव्य है। सरकार अदालत में विशेष अनुमति याचिका दायर करे, ताकि उच्च न्यायालय से पात्र एसोसिएट प्रोफेसरों के लिए नियमित डीपीसी बैठक आयोजित की जा सके।
सिर मुंडवाया और ओले पड़ गए, पंजाब में कांग्रेस के साथ ऐसा ही हुआ है। कॉमेडी का सरदार जब असरदार दिखने लगा तो पार्टी ने सियासत के पुराने सरदार को साइडलाइन कर दिया। पर असल कॉमेडी कांग्रेस के साथ हो गई। कैप्टेन को सीएम पद से हटाने के बाद भी सिद्धू खुश नहीं हुए और प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। साथ में समर्थकों के इस्तीफे भी आ गए। यानी नए नवेले सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी सिद्धू को नहीं भाये। चन्नी को सीएम बने जुम्मा -जुम्मा चार दिन भी नहीं बीते और सिद्धू की प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू हो गई। अब माहौल कुछ ऐसा है कि जो कांग्रेस आसानी से मिशन रिपीट का ख्वाब संजोय बैठी थी फिलहाल अपनों के मक्कड़ जाल में ही उलझ कर रह गई है। अस्थिर पंजाब कांग्रेस में कब क्या होगा, कौन आएगा-कौन जायेगा, फिलवक्त कोई नहीं जानता। वहीँ इस स्थिति में आम आदमी पार्टी को जरूर सत्ता नजदीक दिख रही होगी। पंजाब की सियासत में इस वक्त सबकी नज़रें कैप्टेन अमरिंदर सिंह पर टिकी है। कैप्टेन ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया है, दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर चुके है, पर भाजपा में जाने से भी इंकार कर रहे है। ऐसी स्थिति में क्या कैप्टेन अपनी अलग पार्टी बनाएंगे या कोई नया ट्विस्ट अभी बाकी है, ये बड़ा सवाल है। दरअसल भाजपा और कैप्टेन के बीच किसान आंदोलन की खाई है, ऐसे में नई पार्टी बनाने की अटकलें तेज है। वहीँ कैप्टेन के समर्थन में जी 23 सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उतरे है, जिसके बाद ये भी कयास है कि क्या कांग्रेस में कुछ बड़ा बदलाव मुमकिन है। बहरहाल पंजाब के मुख्यमंत्री बने चन्नी लगातार हर वर्ग को साधने के लिहाज से लुभावने वादे कर रहे है। सरकारी खजाना खाली सही लेकिन चन्नी दिल बड़ा रखे हुए है। कहते है न जब उधार का ही खाना है तो देसी घी क्यों न खाया जाए। सत्ता रही तो वित्तीय घाटा भी देखा जायेगा। पंजाब के पहले दलित सीएम चन्नी को करीब 32 प्रतिशत दलित वोट से बड़ी आस होगी। पर चुनाव सरकार और संगठन मिलकर लड़ते है, ऐसे में चन्नी के सामने अस्थिर संगठन भी एक चुनौती है। क्या सुलह की बिसात तैयार कर सिद्धू पर पार्टी पहले सा भरोसा जता पायेगी या संगठन में व्यापक बदलाव होगा, ये देखना दिलचस्प होने वाला है। पार्टी में उठी आवाज, जल्द हो सीडब्ल्यूसी की बैठक कांग्रेस की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई सीडब्ल्यूसी की बैठक जल्द बुलाने की मांग जोर पकड़ रही है। गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता बैठक की मांग कर रहे है। ये लोग चाहते है कि पार्टी से कई नेताओं के अलग होने के मद्देनजर आंतरिक रूप से चर्चा की जाए। साथ ही संगठन के चुनाव के रास्ते पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग भी पार्टी के भीतर उठ रही है। पंजाब इकाई में मचे घमासान को लेकर भी कई नेता मुखर होते दिख रहे है। जाहिर है ऐसे में गांधी परिवार पर जल्द सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने का दबाव बढ़ा है। कोरोना के बहाने मई माह में ये बैठक टाल दी गई थी।
क्रूज ड्रग्स पार्टी के आरोप में गिरफ्तार आर्यन खान की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। एनसीबी आर्यन खान से लगातार इस मामले में पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि आर्यन खान को एक रात और एनसीबी की कस्टडी में बितानी पड़ सकती है। कोर्ट में पेशी के बाद एनसीबी की टीम आज दोबारा आर्यन की कस्टडी की मांग करेगी। बता दें कि मामला सामने आने के बाद एनसीबी की टीम ने बीती रात कई जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान एनसीबी को कुछ ऐसे लिंक मिले जिससे जुड़ी जानकारी और पूछताछ आर्यन से करनी है। इस दौरान कई पेडलर को हिरासत में लिया गया। हिसासत में लेने के बाद एनसीबी ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
सिद्धू के पाकिस्तान जाने पर सीएम चन्नी ने कहा कि अमरिंदर ने कहा सिद्धू ने वहां सेना प्रमुख को गले लगाया। क्या अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान नहीं गए थे ? क्या वे वहां के लोगों से गले नहीं मिले थे ? भारत के लोगों की रिश्तेदारी वहां है और वहां के लोगों की रिश्तेदारी यहां है। सिद्धू ने कुछ गलत नहीं किया। इस मामले को बार-बार उठाना गलत है। कांग्रेस की फजीहत के सवाल पर सीएम चन्नी ने कहा कि हम कांग्रेस और लोगों को आगे लेकर जाएंगे। सीएम चन्नी ने कहा कि हमने सीएम अमरिंदर के खिलाफ कुछ नहीं बोला बल्कि मुद्दों को लेकर बोला था। हमें पहले से ही पता था कि अमरिंदर मुद्दे नहीं सुलझा रहे हैं। बात जब हद से ज्यादा बढ़ गई, तब आलाकमान ने अमरिंदर सिंह को हटाया। चन्नी ने कहा कि दिल्ली से जो पैनल आएगा, उसी में से डीजीपी चुना जाएगा। नवजोत सिंह सिद्धू की नाराजगी पर सीएम चन्नी ने कहा कि अब कोई नाराजगी नहीं है। सिद्धू हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष है। पंजाब के डीजीपी को लेकर कोई झगड़ा नहीं है। सब कुछ प्रोसिज़र के तहत होगा। चन्नी ने कहा कि सिद्धू मेरे बड़े हैं और आलाकमान ने सिद्धू को चुना है। सीएम चन्नी ने कहा कि पार्टी ने मुझे जो काम सौंपा है, मैं उसे अच्छी तरह करुंगा, अब लोगों के अच्छे दिन आएंगे।
प्रदेश में पुलिस कर्मियों के भरे जाने वाले पदों के लिए 1 अक्तूबर से आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। भरे जाने वाले 1334 पदों में से अभी तक पोर्टल पर 12569 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया है। जिनमें से 7411 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। पुलिस भर्ती के लिए प्रदेशभर में आठ हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इसमें सात हेल्प डेस्क पुलिस बटालियन और एक हेल्प डेस्क पुलिस ट्रेनिंग कालेज डरोह में स्थापित किया गया है। पुलिस भर्ती के लिए स्थापित किए गए हेल्प डेस्क के माध्यम से अब तक 101 अभ्यर्थियों ने पुलिस भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए पेश आ रही दिक्कतों को हल करने के लिए सहायता मांगी। वहीं, पुलिस विभाग द्वारा स्थापित किए गए हेल्प डेस्क के माध्यम से युवओं को पेश आ रही दिक्कतों का सामाधान किया गया। पोर्टल पर 12569 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया है जिसमें से 7411 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस में कांस्टेबलों की भर्ती के संबंध में ऑनलाइन आवेदन फार्म भरने की प्रक्रिया 31 अक्तूबर 2021 तक जारी रहेगी।
हिमाचल में पर्यटकों की लगतार बढ़ोतरी होने लगी है। पर्यटन नगरी मनाली में इस बार पर्यटकों की भारी संख्या देखने को मिल रही है। जानकरी के मुताबिक शनिवार को अन्य राज्य से 700 से अधिक पर्यटक वाहन ने मनाली पहुंचे है। पर्यटकों की आमद बढ़ने से होटलों सहित पर्यटन स्थलों में भी रौनक लौटने लगी है। अटल टनल रोहतांग व रोहतांग दर्रा सैलानियों की पहली पसंद बन रहे हैं। सोलंगनाला में भी पर्यटक साहसिक खेलों का लुफ्त ले रहे हैं। सुहावने मौसम के बीच मनाली-लेह व मनाली-काजा मार्ग पर भी पर्यटकों की आवाजाही सुचारू है। लेह व काजा की ओर से भी पर्यटकों का मनाली आ रहे है। शनिवार शाम को मनाली माल रोड में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी है। वीकेंड मनाने देर शाम तक पर्यटकों का मनाली आना लगा रहा। बताया जा रहा है कि मार्च-अप्रैल के बाद अक्टूबर में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिली है। दशहरा सीजन के लिए एडवांस बुकिंग शुरु हो गई है, जिससे दशहरा व दीवाली में पर्यटन कारोबार बेहतर रहने की उम्मीद जगी है। होटल एसोसिएशन द्वारा बताया जा रहा है कि होटल संचालकों की ओर से पर्यटकों के स्वागत को बेहतर तैयारियां की गई है। होटलों में अपने-अपने स्तर पर आकर्षक पैकेज भी दिए जा रहे हैं। एसोसिएशन की ओर से मनाली आने वाले पर्यटकों की हर सुविधा का ख्याल रखने के प्रयास किए जाएंगे।
पर्यटन विभाग जिला हमीरपुर की ओर से नादौन में राष्ट्रीय रिवर राफ्टिंग प्रतियोगिता करवाई जा रही है। पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश में मनाए जा रहे स्वर्ण जयंती समारोह में पर्यटन विभाग जिला हमीरपुर की ओर से नादौन में राष्ट्रीय रिवर राफ्टिंग प्रतियोगिता करवाई जा रही है। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से 28 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। नादौन-चंबापत्तन रिवर राफ्टिंग ट्रैक पर पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। चैंपियनशिप में देशभर के विभिन्न राज्यों से 100 से भी अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में 25 टीमें भाग लेंगी, जिसमें हिमाचल की पांच राफ्टिंग टीमें भी शामिल हैं। हमीरपुर के नादौन से कांगड़ा के देहरा तक रिवर राफ्टिंग को हाल ही में सरकार ने अधिसूचित किया है। राष्ट्रस्तरीय आयोजन से न केवल राफ्टिंग की यह साइट देश दुनिया की नजर में आएगी, अपितु यहां पर साहसिक पर्यटन के लिए भी पर्यटकों का जमावड़ा लगेगा।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को हुय हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गयी है। किसान नेता राकेश टिकैत की ओर से पहली मांग की गयी थी घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। किसानों की पहली मांग मानते हुए आशीष मिश्रा के खिलाफ हत्या, गैर इरादतन हत्या, दुर्घटना और बलवे की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। वहीं इस मामले पर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि जब तक दोषी गिरफ्तार नहीं होंगे तब तक अन्तिम संस्कार नहीं करेंगे। कल हुए बवाल में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। किसान नेताओं के साथ बैठक के बाद लखीमपुर के ज़िलाधिकारी अरविंद चौरसिया ने कहा कि कई चीजों पर चर्चा हुई, मांग पत्र प्राप्त हुआ है। गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने, FIR दर्ज़ करने और मृतकों को मुआवज़ा धनराशि, एक-एक सरकारी नौकरी देने और पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।उन्होंने कहा कि हमने इसे उच्चस्तर पर भेजा है, हम एक दौर की वार्ता और करेंगे। दरअसल यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लखीमपुर खीरी में आयोजित कुश्ती कार्यक्रम में आना था। डिप्टी सीएम के पहुंचने से पहले किसान, कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे अशीष मिश्रा और उसके समर्थकों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं। इससे बाद गुस्साए किसानों ने 2 SUV कार को आग के हवाले कर दिया। इस पूरे मामले में अब तक कई लोगों की मौत हो गई है। हिंसा की खबर के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपना लखीमपुर दौरा रद्द कर दिया। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने ट्विटर पर लिखा, ''घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, हम तह तक जाएंगे और हिंसा में शामिल सभी को बेनकाब करेंगे, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।'' लखीमपुर हिंसा पर योगी सरकार ने बड़ी बैठक भी की। वंही इस मामले में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा का कहना है कि किसानों के रूप में उपद्रवी तत्वों ने पूरा हंगामा किया। उन्होंने कहा, ''किसानों के बीच छुपे हुए कुछ उपद्रवी तत्वों ने उनकी (भाजपा कार्यकर्ताओं) गाड़ियों पर पथराव किया, लाठी-डंडे से वार करने शुरू किए। फिर उन्हें खींचकर लाठी-डंडों और तलवारों से मारापीटा, इसके वीडियो भी हमारे पास हैं।' अजय मिश्रा ने कहा, ''उन्होंने गाड़ियों को सड़क से नीचे खाई में धक्का दिया. उन्होंने गाड़ियों में आग लगाई, तोड़फोड़ की। मेरा बेटा कार्यक्रम खत्म होने तक वहीं था, उन्होंने जिस तरह से घटनाएं की हैं अगर मेरा बेटा वहां होता तो वो उसकी भी पीटकर हत्या कर देते। हमारे कार्यकर्ताओं की दुखद मृत्यु हुई है। हमारे तीन कार्यकर्ता और ड्राइवर मारा गया है। हम इसके खिलाफ एफआईआर कराएंगे, इसमें शामिल सभी लोगों पर धारा 302 का केस लगाया जाएगा।''
पश्चिम बंगाल की हाईप्रोफाइल सीट भवानीपुर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारी मतों से जीत हासिल की है। ममता बनर्जी ने प्रतिद्वंदी भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल को 58,832 मतों से हरा दिया है। वहीं प्रियंका टिबरेवाल ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। अब इस जीत पर ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने निर्वाचन क्षेत्र के हर वार्ड में जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि यहां लगभग 46 फीसदी लोग गैर-बंगाली हैं और उन सभी ने मुझे वोट दिया है। पश्चिम बंगाल के लोग भवानीपुर की ओर देख रहे हैं, जिसने मुझे प्रेरित किया है।
क्रूज़ पर चल रही ड्रग्स पार्टी में एनसीबी की छापेमारी में हिरासत में लिए गए आठ लोगों में से तीन को एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार होने वालों में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान भी शामिल है। इन तीनों आरोपियों को एनसीबी फिलहाल मेडिकल के लिए जेजे अस्पताल ले गई है। इसके बाद इन्हें अदालत में पेश किया जाना है। क्रूज़ पर एनसीबी ने शनिवार रात को छापेमारी की थी और वहां से आठ लोगों को हिरासत में लिया था। तमाम लोगों से गहराई से करीब 16 घंटे पूछताछ की गई और उनमें से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों से हुई पूछताछ में एनसीबी को जानकारी मिली की उन्हें जिनसे ड्रग्स मिली वो नवी मुंबई के बेलापुर में रहता था। आपको बता दें कि गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी की एक टीम ने क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के नेतृत्व में शनिवार शाम को गोवा जाने वाले कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर छापा मारा था और पार्टी कर रहे कुछ यात्रियों के पास से ड्रग्स भी बरामद किया।
महिलाओं के उत्थान और नारी शिक्षा के लिए अहम योगदान देने वाली भारत की पहली महिला डॉक्टर कादंबिनी गांगुली की आज पुण्यतिथि है । इस मौके पर आज पूरा देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। मिनिस्ट्री ऑफ इनफार्मेशन एंड ब्राडकास्टिंग (MIB) ने भी ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की श्रृंखला में आज कादंबिनी गांगुली को याद किया है। कादंबिनी गांगुली 1886 में दक्षिण एशिया में यूरोपीय मेडिसिन में ट्रेंड होने पहली महिला डॉक्टर बनी। तीन साल बाद वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सत्र के मंच पर आने वाली पहली महिला थी। कादंबिनी गांगुली का जन्म बिहार के भागलपुर में 18 जुलाई 1861 को हुआ था। कादंबिनी कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने वाली पहली महिला थीं। वह पूरे दक्षिण एशिया में पश्चिमी चिकित्सा की पहली महिला डॉक्टर थीं। कादंबिनी गांगुली महिलाओं के उत्थान और नारी शिक्षा के लिए अहम योगदान दिया। उनका तीन अक्टूबर 1923 को निधन हो गया था। गांगुली 1892 में यूनाइटेड किंगडम (यूके) गई और डबलिन, ग्लासगो और एडिनबर्ग से आगे ट्रेनिंग प्राप्त की। वहां से लौटने पर उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में अपना करियर शुरू किया। वे कोलकाता के लेडी डफरिन अस्पताल में काम करने लगी और वहां उन्होंने अंतिम दिनों तक अपनी प्रैक्टिस जारी रखी।
पाकिस्तान लगातार अपने नापाक साजिश को अंजाम देने में लगा हुआ है। जम्मू के सतवारी इलाके के फ्लाई मंडाल में पाकिस्तान ने फिर से ड्रोन के जरिए हथियार गिराए गए है। बीती रात अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे फ्लाई मंडाल इलाके में ड्रोन से एक एम 4 राइफल, कुछ मैग्जीन और अन्य विस्फोटक गिराए गए। इससे पहले, जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने शनिवार शाम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक बंकर पर ग्रेनेड फेंका, लेकिन इस विस्फोट में कोई नुकसान होने की खबर नहीं है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शाम लगभग 6:50 बजे हुई। आतंकवादियों ने अनंतनाग जिले में केपी मार्ग स्थित सीआरपीएफ के बंकर की तरफ ग्रेनेड फेंका। उन्होंने कहा कि ग्रेनेड बंकर पर नहीं गिरा और इसके पास फटा जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह हमला ऐसे समय हुआ जब श्रीनगर में आतंकवादियों ने एक आम नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने माजिद अहमद नाम के व्यक्ति को गोली मार दी जिसे गंभीर हालत में एसएमएचएस अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कल देर रात मुंबई में एक क्रूज पर छापा मारकर ड्रग्स पार्टी कर रहे 8 लोगों को हिरासत में लिया है। इन 8 लोगों में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान भी शामिल हैं। सभी लोगों से एनसीबी के दफ्तर में पूछताछ की जा रही है। एनसीबी के अधिकारी ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। एनसीबी के अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में आर्यन खान के अलावा अन्य की पहचान मुनमुन धमेचा, नुपुर सारिका, इसमीत सिंह, मोहक जसवाल, विक्रांत छोकर, गोमित चोपड़ा और अरबाज मर्चेंट के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम हुई छापेमारी के दौरान एमडीएमए, एक्स्टेसी, कोकीन, एमडी (मेफेड्रोन) और चरस जैसे मादक पदार्थ बरामद किए गए। बता दें कि गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी की एक टीम ने क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के नेतृत्व में शनिवार शाम को गोवा जाने वाले कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर छापा मारा था और पार्टी कर रहे कुछ यात्रियों के पास से ड्रग्स भी बरामद किया। एनसीबी ने बताया है, ‘‘अभियान के दौरान संदिग्धों की तलाशी ली गई और उनके पास से अलग-अलग मादक पदार्थ बरामद हुए, जिसे उन्होंने अपने कपड़ों, अंत:वस्त्रों और (महिलाओं ने) पर्स में छिपा रखा था। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को अब कोर्ट में पेश किया जाएगा।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 117वीं जयंती के अवसर पर आज राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने विजयघाट जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस से पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने ट्वीट करके शास्त्री जी की जयंती पर उनको नमन किया। उन्होंने लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनकी स्मृति को नमन। वे देश के एक महान सपूत थे जिन्होंने पूर्ण निष्ठा, समर्पण तथा लगन के साथ राष्ट्र की सेवा की। उनकी सादगी, सदाचार और सत्यनिष्ठा आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।" बात दें कि इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। पीएम ने इस अवसर पर अपने ट्वीट में लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित उनका जीवन देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा। " गौरतलब है कि देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद शास्त्री जी 9 जून, 1964 से 11 जनवरी, 1966 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। देश को ‘‘जय जवान, जय किसान’’ का नारा देने का श्रेय शास्त्री जी को ही जाता है। उन्हें साल 1966 में मरणोपरांत 'भारत रत्न’’ से सम्मानित किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त, 2019 में जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। इस मिशन का उद्देश्य हर घर में पानी की सप्लाई पहुंचाना है। इसी संधर्व में शुक्रवार को ग्राम पंचायतों से संवाद के बाद जल जीवन मिशन के मोबाइल ऐप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष को लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने पानी समितियों से भी वर्चुअली संवाद किया। पीएम मोदी ने कहा, जल संरक्षण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए हमें युद्ध स्तर पर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि पानी को हमें प्रसाद की तरह इस्तेमाल करना होगा। हमें पानी को लेकर आदतें बदलनी होंगी। ये विकेंद्रीकरण का भी बहुत बड़ा अभियान है। ये गांव और महिलाओं द्वारा आगे बढ़ाया जाने वाला मिशन है। इसका मुख्य आधार, जनआंदोलन और जनभागीदारी है। मोदी ने कहा कि गांव की महिलाओं का सशक्तीकरण हमारी सरकार की प्राथमिकताओं मे से एक है। लड़कियों के स्वास्थ्य पर हमारी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय जल जीवन कोष के तहत ग्रामीण इलाकों में घरों, स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों पर जल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी और नल लगवाए जाएंगे। इस कोष में कोई भी व्यक्ति, संस्थान, कंपनी व एनजीओ दान कर सकता है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इसको लेकर ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा कि दो अक्टूबर को 11 बजे वे जल शक्ति और ग्राम विकास के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे ग्राम पंचायतों और पानी समितियों से वर्चुअली संवाद कर उन्हें पानी के प्रति जागरूक करेंगे और इस मिशन के फायदे बताएंगे। साथ ही जल जीवन मिशन ऐप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष को भी लॉन्च किया जाएगा।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 152वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें राजघाट जाकर श्रद्धांजलि दी। इससे पहले पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हर पीढ़ी को प्रेरित करेगा। पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर नमन किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘’राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जन्म-जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। पूज्य बापू का जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।’’ इसके बाद पीएम मोदी राजघाट पहुंचे। बता दें कि पीएम मोदी के अलावा कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। राजघाट पर सर्व-धर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया है। हर साल की तरह कार्यक्रम में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहें।
देशभर में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 152वीं जयंती मनाई जा रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था, उनका जन्म गुजरात के पोरबंदर में शुक्रवार 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था। महात्मा गांधी ने पूरे जीवन सत्य और अहिंसा की राह चुनी. उन्होंने भारत की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान निभाया था। महात्मा गांधी ने अपने जीवन के आदर्शों के पथ पर चलते हुए अहिंसा को अपना कर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति महान पैदा नहीं होता है, उसे उसके आदर्श, विचार और सरलता ही महान बनाते हैं। महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलकर हम भी अपने जीवन में कई अच्छे कार्य कर सकते हैं। पढ़िए महत्मा गाँधी के दस आदर्श विचार जिनसे जीवन को बनाया जा सकता है आदर्श अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है, वहीं जिंदगी का एक रास्ता है। जब तक गलती की स्वतंत्रता नहीं होती, तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं होता है। पाप से घृणा करो और पापी से प्रेम करो। जब भी आपका सामना किसी विरोधी से हो तो उसे प्रेम से जीतने की कोशिश करें। अगर मनुष्य कुछ सीखना भी चाहे तो अपनी हर गलती से कुछ शिक्षा जरूर मिलती है। खुद वो बदलाव बनिए, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं। भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज आप क्या कर रहे हैं। किसी भी व्यक्ति के विचार ही सबकुछ होते हैं, वह जैसा सोचता है वैसा बन जाता है। खुद को खोजना का सबसे अच्छा तरीका है, खुद को दूसरों की सेवा में खो देना। शांति का कोई दूसरा रास्ता नहीं है, इसका एकमात्र रास्ता शांति ही है।
नियंत्रण रेखा LAC पर पहली K9-वज्र स्वचालित होवित्जर रेजिमेंट को तैनात किया है। K9-वज्र लगभग 50 किमी की दूरी पर दुश्मन के ठिकानों पर हमला कर सकती है। तोप की तैनाती पूर्वी लद्दाख के फॉरवर्ड एरिया में की गई है। K9-वज्र की तैनाती ऐसे वक्त की गई है, जब LAC से सटे इलाकों में चीनी सेना जमकर ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। बता दें कि K-9 वज्र का निर्माण भारत में ही किया जा रहा है। इसको मुंबई की फर्म लॉर्सन एंड ट्रूबो और दक्षिण कोरियाई फर्म मिलकर बना रही हैं। भारतीय सेना ने दक्षिण कोरिया की एक फर्म से 100 तोपों के लिए ऑर्डर दिया था, जिसके बाद इन तोपों को अलग-अलग रेजीमेंट में शामिल किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर आज लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर ने गांधी जयंती के मौते पर लेह में दुनिया के सबसे बड़े खादी राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन कर उसे लगाया। इस दौरान सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे भी मौके पर मौज़ूद रहें।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र भरमौर की कुगति पंचायत में गुरुवार रात बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। बाढ़ में लोक निर्माण विभाग की मशीनरी बह गई। शुक्रवार को धर्मशाला और पालमपुर के अलावा कांगड़ा जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई। राजधानी शिमला में बादल छाए रहे। शनिवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 5 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना है। वहीं, अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में प्रदेश से मानसून विदा होने का पूर्वानुमान है। जनजातीय क्षेत्र भरमौर की कुगति पंचायत में गुरुवार रात बादल फटने से हलाणी नाले में बाढ़ आ गई। लोक निर्माण विभाग और कुगति मार्ग को चौड़ा करने वाली कंपनी की मशीनरी बाढ़ में बह जाने से लाखों का नुकसान बताया जा रहा है। बाढ़ से क्रैश बैरियर और सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हड़सर-कुगति मार्ग पर यातायात ठप हो गया है। शनिवार शाम तक मार्ग बहाली की उम्मीद है।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी हिमाचल प्रदेश में होने जा रहे मंडी संसदीय सीट सहित फतेहपुर, अर्की और जुब्बल कोटखाई के उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारेगी। शुक्रवार को शिमला में हुई पार्टी के राज्य सचिवालय मंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। माकपा ने उपचुनावों में भाजपा के प्रत्याशियों को हराने के लिए प्रचार और प्रसार करने की रणनीति बनाई है। माकपा के राज्य सचिव डॉ.ओंकार शाद ने कहा कि पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने आपसी सहमति से उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है। केंद्रीय पदाधिकारियों को भी इस बाबत सूचित कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां जन विरोधी है। आम जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है। महंगाई, बेरोजगारी रोजाना रिकार्ड तोड़ रही है।
हिमाचल प्रदेश में उपचुनावों के लिए नेताओं की रैलियों में शामिल होने वाले लोगों की रैंडम सैंपलिंग होगी। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले न बढ़ें, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है। रैली स्थल के बाहर स्वास्थ्य विभाग का काउंटर स्थापित किया जाएगा। इसमें डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट तैनात होंगे और रैली में आने वाले ग्रुपों में से किसी एक व्यक्ति का कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेंगे। मंडी संसदीय क्षेत्र के साथ जुब्बल-कोटखाई, फतेहपुर और अर्की विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। अब प्रत्याशियों के नाम फाइनल होने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की रैलियां होंगी। इनमें लोगों की भीड़ उमड़ना स्वाभाविक है। पार्टी प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर वोट भी मांगेंगे। ऐसे में कोरोना के मामले बढ़ने की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। वंही उपचुनावों की घोषणा के बाद प्रदेश के आठ जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इन जिलों में सैंपलिंग बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। सरकार ने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि जिन-जिन क्षेत्रों से यह मामले आए हैं, वहां कांटेक्ट ट्रेसिंग करवाएं। जिले में सैंपलिंग बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।
भाषा कला एवं संस्कृति विभाग ने हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्था और पूर्त विन्यास अधिनियम - 1984 की धारा 27 के तहत मंदिर आयुक्तों को आदेश जारी किए हैं। हिमाचल के मंदिरों-शक्तिपीठों, धार्मिक संस्थाओं को चढ़ावे के तौर पर मिलने वाला पैसा और सोना, चांदी गैर हिंदुओं पर खर्च नहीं होगा। साथ ही मंदिरों में सुरक्षा से संबंधित कामों समेत समस्त तैनात या नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी भी केवल हिंदू धर्म को मानने वाले ही होंगे।अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान की ओर से इसको लेकर अधिसूचना जारी की गई है। बता दें कि प्रदेश में कई बड़े मंदिर हैं और इनमें हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। मंदिरों का सोना और चांदी खजाने में जमा किया जाता है, जबकि धनराशि को बैंकों में एफडी बनाकर रखा जाता है। अधिकांश मंदिरों में यह सोना और चांदी वर्षों से खजाने में पड़ा है। इसका सही इस्तेमाल नहीं हो पाया है। प्रदेश के मंदिरों में चढ़ावा राशि से पुजारियों और अन्य कर्मचारियों को वेतन और भत्ते दिए जाते हैं। इसके अलावा यह राशि मंदिरों के रखरखाव, मूर्तियों-मंदिरों की सजावट, मंदिरों के अधीन स्कूलों-कॉलेजों और संस्कृत कॉलेज खोलने, सराय बनाने, सड़कों को तैयार करने पर भी खर्च की जाती है। चढ़ावे की शेष राशि बैंक में मंदिरों के नाम एफडी के रूप में जमा की जाती है। यह पैसा विकास कार्यों समेत कई अन्य प्रशासनिक कार्यों पर खर्च होता है। मंदिरों के खजाने में सालों से क्विंटलों के हिसाब से पड़े सोने-चांदी को पिघलाकर श्रद्धालुओं को सिक्के देने की योजना थी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई।
एक अक्टूबर से देशभर में कई बदलाव हो गए हैं। आज से बैंक, पेंशन, चेकबुक, एटीएम और निवेश से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव हो रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ेगा। देश में आज से नया ऑटो डेबिट पेमेंट सिस्टम लागू हो गया है। इसके अलावा इलाहाबाद, OBC और यूनाइटेड बैंक की पुरानी चेक बुक काम नहीं करेंगी। नया ऑटो डेबिट पेमेंट सिस्टम हुआ लागू एक अक्टूबर से नया ऑटो डेबिट पेमेंट सिस्टम लागू हो गया है। ऑटो डेबिट का मतलब है कि आपने मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग में बिजली, LIC या अन्य किसी खर्च को ऑटो डेबिट मोड में डाला है तो एक निश्चित तारीख को पैसा बैंक अकाउंट से अपने आप कट जाएगा। नए ऑटो डेबिस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य फ्रॉड को रोकना है। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म या बैंक ग्राहक से एक बार अनुमति लेने के बाद हर महीने बिना किसी जानकारी दिए ग्राहक के खाते से काट लेते हैं। इस से फ्रॉड होने की संभावना रहती है। इस समस्या को खत्म करने के लिए यह महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। 3 बैंकों की चेकबुक इनवैलिड आज से इलाहाबाद बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और यूनाइटेड बैंक की पुरानी चेक बुक बेकार हो गई है। OBC और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ मर्जर किया गया है। वहीं इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हो गया है। ऐसे में इन बैंक के ग्राहकों को नई चेक बुक लेनी होगी। फूड सेफ्टी के लिए नए नियम खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने खाद्य व्यापार परिचालकों (फूड बिजनेस ऑपरेटर्स) के लिए 1अक्टूबर से नकद रसीद या खरीद चालान पर FSSAI लाइसेंस नंबर या पंजीकरण संख्या का उल्लेख करना जरूरी किया है। पेंशन नियम डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से जुड़े नियम आज से लागू हो गए हैं। अब देश के सभी बुजुर्ग पेंशन भोगी जिनकी उम्र 80 साल या उससे अधिक है, तो वे देश के सभी प्रधान कार्यालयों के जीवन प्रमाण केंद्र में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके लिए 30 नवंबर तक का समय भी दिया गया है। ATM ट्रांजैक्शन पर बदल गए चार्जेज़ पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट के एक महीने में ATM पर किए जाने वाले फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर लगने वाला चार्ज बदल गया है । अब कस्टमर्स को अपने ATM/डेबिट कार्ड पर 125 रुपये प्लस जीएसटी एनुअल मेंटेनेंस चार्ज देना होगा। ये चार्ज 1 अक्टूबर से 30 सितंबर 2022 तक लागू रहेंगे। वहीं, SMS अलर्ट पर कस्टमर्स को 12 रुपये प्लस जीएसटी देना होगा। नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए बैंक के एटीएम में महीने में पांच बार के बाद हर ट्रांजैक्शन पर पांच रुपये लगेंगे। डीमैट अकाउंट की KYC जरूरी मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने नया ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खुलवाने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इसके अनुसार अब ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट की KYC को अनिवार्य किया गया है। अगर KYC नहीं होती है तो डीमैट अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा।
किसान महापंचायत द्वारा सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर पर सत्याग्रह के लिए अनुमति मांगी गई है। जिसको लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आप पहले ही शहर का गला घोंट चुके हैं और अब आप शहर के अंदर आना चाहते हैं। रेल एवं सड़क मार्ग बाधित करने और ट्रैफिक में बाधा पहुंचाने के मुद्दे पर भी किसान महापंचायत को फटकार लगाई और कहा, 'प्रदर्शन कर रहे किसान यातायात में बाधा पहुंचा रहे हैं और ट्रेनों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध करके विरोध प्रदर्शन जारी रखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आपने पूरे शहर का गला घोंट रखा है और अब शहर के अंदर आना चाहते हैं। क्या शहर के लोग अपना बिजनेस बंद कर दें? आप ट्रेन रोकते हैं, सड़क रोकते हैं। अगर आप कोर्ट आए हैं तो कोर्ट पर विश्वास करें। कोर्ट ने किसान महापंचायत से कहा, अगर आप कोर्ट आए हैं तो प्रोटेस्ट का क्या मतलब है। जब किसानों के वकील की तरफ से कहा गया कि हाईवे उन्होंने बंद नहीं किया है, पुलिस ने बंद किया हैं। तो इस पर कोर्ट ने उनसे हलफनामा दायर करने को कहा कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध करने वाले किसानों के विरोध का हिस्सा नहीं हैं। अब मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल के 1334 पदों के लिए प्रस्तावित भर्ती पर भारत निर्वाचन आयोग की अनापत्ति के बाद शुक्रवार से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भर्ती में भाग लेने के इच्छुक आवेदक www.recruitment.hppolice.gov.in पर सुबह आठ बजे से आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन के अलावा इस बार ऑफलाइन भी आवेदन शुल्क जमा किया जा सकेगा। गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में एक बैठक हुई, जिसमें चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र पर आपत्ति न आने के बाद जिलों से अलग से अधिसूचना कराने की बजाय सीधे आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया है। पहले पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी भर्ती आदेश में संबंधित जिले की जिला भर्ती कमेटी को अलग से अधिसूचना जारी करने के लिए कहा गया था। लेकिन गुरुवार को तय हुआ कि चूंकि भर्ती को लेकर पुलिस मुख्यालय ने पहले ही अधिसूचना कर दी है, ऐसे में अलग से अधिसूचना नहीं निकाली जाएगी। उल्लेखनीय है कि पहले अलग से अधिसूचना जारी करने के चक्कर में आदर्श आचार संहिता की वजह से भर्ती पर पेंच फंस गया था। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय को भर्ती के संबंध में पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि अधिसूचना पहले जारी हो चुकी है। साथ ही जिस एक महीने में चुनाव की प्रक्रिया पूरी होनी है, उस मियाद के दौरान पुलिस की भर्ती के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन लिए जाने हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से चुनावों की तैयारियों में कोई दिक्कत नहीं होगी। अब सीईओ कार्यालय के आपत्ति न जताने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो जाएगी।
पिछले दिनों पंजाब सरकार में हुए फेरबदल के बाद कांग्रेस छोडऩे की बात कह चुके कांग्रेस वरिष्ठ नेता एवं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सूत्रों के मुताबिक नई पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है की नई पार्टी में वह उन नेताओं को शामिल करेंगे, जो पंजाब कांग्रेस में पार्टी से खफा चल रहे हैं। गौरतलब रहे की पंजाब में ऐसे नेताओं का बड़ा कुनबा है अब कैप्टन उन्हीं को साथ लाकर पार्टी खड़ी करना चाहते हैं। यहां जान लें कि पंजाब की अफसरशाही में कैप्टन की खासी पकड़ है, वहीं सरकार के साथ-साथ उन्होंने संगठन पर भी अपना कब्जा हमेशा बरकरार रखा। इसके अलावा उन्हें राजनीति का लंबा-चौड़ा अनुभव है, जो उन्हें नेताओं की अग्रणी पंक्ति में रखता है। अब आने वाले समय में कैप्टन किन नेताओं के साथ कौन सी पार्टी का गठन करते हैं, यह देखने लायक होगा।
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया है। सुरक्षाबल के जवानों और आतंकियों के बीच आज सुबह ये मुठभेड़ हुई। मारा गया आतंकी किस संगठन का है इसकी फिलहाल पहचान नहीं हो पाई हैं। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा बल के जवानों का इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बलों ने शोपियां जिले के रखमा गांव में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलन के बाद यह यहां सर्च ऑपरेशन चलाया। शोपियां जिले के रखमा गांव में सुरक्षा बलों को आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद आज सुबह उन्होंने यहां एक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान यहां छिपे बैठे आतंकियों ने सुरक्षा बल के जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबल के जवानों की जवाबी फायरिंग में अब तक एक आतंकी मार गिराया गया है। फिलहाल अन्य आतंकियों को पकड़ने के लिए यहां अब भी ये सर्च ऑपरेशन जारी है।
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में जवानों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जवानों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उसके पास से पिस्टल और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पुलवामा के निकलूरा गांव के बागों में एक आतंकी छुपा हुआ है और उसके पास भारी मात्रा में गोला-बारूद भी है। जैसे ही जवानों को यह सूचना मिली तुरंत इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। इस दौरान जवानों से सफलात हासिल करते हुए एक आतंकी को गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन में पुलवामा पुलिस और सेना के 55 आरआर के अलावा 182 सीआरपीएफ के जवानों ने मिलकर गांव निकलूरा के बागों में शुरू एक संयुक्त अभियान की शुरुआत की। आतंकी की पहचान निकलुरा निवासी शमीम सोफी के रूप में हुई है और वह लश्कर से जुड़ा बताया जा रहा है। शमीम सोफी इसी साल जुलाई में सक्रिय हुआ था। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
टाटा ग्रुप एयर इंडिया का नया मालिक होगा, जिसकी आने वाले दिनों में एक आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। टाटा संस द्वारा घाटे में चल रही सरकारी विमान कंपनी ने एयर इंडिया के लिए बोली जीत ली है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार मंत्रियों के एक पैनल ने एयरलाइन के अधिग्रहण के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। यानी टाटा के साथ सरकार का सौदा पक्का होने से विमान कंपनी की 67 साल बाद 'घर वापसी' होगी। टाटा समूह ने अक्तूबर 1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से एयर इंडिया की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार ने 1953 में अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया था। डील के तहत एयर इंडिया का मुंबई में स्थित हेड ऑफिस और दिल्ली का एयरलाइंस हाउस भी शामिल है। मुंबई के ऑफिस का बाजार मूल्य 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। मौजूदा समय में एयर इंडिया 4400 घरेलू उड़ानें और विदेशों में 1800 लैंडिंग और पार्किंग स्लॉट को कंट्रोल करती है। इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप की बोली सरकार द्वारा तय किए गए रिजर्व प्राइस से करीब 3,000 करोड़ रुपये ज्यादा है। टाटा की बोली स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह द्वारा लगाई गई जो बोली से लगभग 5,000 करोड़ रुपये अधिक है। आगे रिपोर्ट में कहा गया कि सरकारी सूत्रों ने उन रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है, जिसमें रिजर्व प्राइस को 15,000 - 20,000 करोड़ रुपये बताया गया है। बता दें कि एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया जनवरी 2020 में ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसमें लगातार देरी हुई। अप्रैल 2021 में सरकार ने एक बार फिर योग्य कंपनियों से बोली लगाने को कहा। 15 सितंबर बोली लगाने का आखिरी दिन था। साल 2020 में भी टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के अधिग्रहण को लेकर रुचि पत्र दिया था। दरअसल सरकार ने 2017 से ही एयर इंडिया की नीलामी के प्रयास शुरू कर दिए थे, लेकिन तब कंपनियों ने रुचि ही नहीं दिखाई थी। इसके बाद सरकार ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के नियमों में ढील दी। जिसके बाद कर्ज में डूबे एयर इंडिया को खरीदने में कुछ कंपनियों ने रुचि दिखाई। नए नियमों के तहत ही कर्ज के प्रावधानों में नरमी बरती गई, ताकि स्वामित्व वाली कंपनी को पूरा कर्ज न वहन करना पड़े।
दिल्ली सरकार ने आज से दिल्ली में धार्मिक स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोलने की इजाजत दे दी है। राजधानी में कोविड-19 के मामलों में कमी को देखते हुए ये फैसला किया गया है। हालांकि इस दौरान लोगों को इन धार्मिक स्थलों पर कोविड नियमों और गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा। साथ ही यहां पर किसी भी तरह से भीड़ लगाने की भी इजाजत नहीं होगी। इससे पहले गुरुवार को DDMA ने दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर छठ पर्व मनाने पर रोक का फैसला किया था। बता दें कि, कोविड की दूसरी लहर के दौरान लॉकडाउन के चलते देश के अन्य राज्यों की तरह दिल्ली में भी धार्मिक स्थलों में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। हालांकि अब DDMA ने अपने आदेश में आज से धार्मिक स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए खोलने का एलान किया है।
अक्टूबर महीने के शुरूआत के साथ ही आम लोगों को महंगाई की मार पड़नी शुरू हो गई है। दरअसल सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर के रेट्स का मूल्यांकन कर उसके कीमत को अपडेट करती है। इस महीने के गैस सिलेंडर के रेट्स को अपडेट करते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने लोगों को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, सरकारी तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस की कीमत में वृद्धि की है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस की कीमत में प्रति सिलेंडर 43.5 रुपये की वृद्धि की है। दिल्ली में पहले 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत पहले 1693 रुपये थी जो अब बढ़कर 1736.5 रुपये हो गई है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद दिल्ली में इसके रेट 1736.5 रुपये, कोलकाता में 1805.5 रुपये, मुंबई में 1685 रुपये और चेन्नई में 1867.5 रुपये प्रति गैस सिलेंडर पहुंच गई है। कमर्शियल गैस के बढ़े दाम आज यानि 1 अक्टूबर से पूरे देश में लागू हो जाएंगे। कमर्शियल गैस के दाम में इस महीने के पहले भी बढ़ोत्तरी हुई। इसमें पिछले महीने 75 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई ईथ। उसके पहले अगस्त में भी कमर्शियल गैस के दाम में दो बार बढ़ोत्तरी हुई थी। इस साल की शुरूआत से बात करें तो अबतक इस साल में कमर्शियल गैस के दाम 404.50 रुपये तक बढ़ गई है। पिछले साल दिसंबर तक कमर्शियल गैस की कीमत 1332 रुपये प्रति सिलेंडर थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। मिशन के दूसरे हिस्से में सबसे ज़्यादा ज़ोर देश के शहरों को पूरी तरह कचरा मुक्त करने पर दिया जाएगा। गांधी जयंती से एक दिन पहले शहरों को कचरा मुक्त करने की दिशा में मोदी सरकार एक बड़े कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रही है। ग़ाज़ीपुर के पास दिल्ली - यूपी बॉर्डर से गुज़रते हुए सबकी नज़र सहसा ही एक पहाड़ी पर जाती है। ये पहाड़ी प्राकृतिक नहीं, बल्कि सालों से वहां फेंके जाने वाले कचरे के ढ़ेर से खड़ा हुआ है। बड़े बड़े शहरों में ऐसे छोटे बड़े बदबूदार पहाड़ अक्सर दिख जाया करते हैं। लेकिन अब अगर मोदी सरकार के स्वच्छ भारत मिशन का दूसरा चरण सफ़ल होता है तो ऐसे पहाड़ देखने को नहीं मिलेंग। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण का सबसे प्रमुख हिस्सा शहरों के कचरे को रिसाइकिल करके उनका प्रबंधन करना है। कचरे के ढ़ेर शहरों में इसलिए तैयार होते हैं क्योंकि उन्हें ज़्यो का त्यों फेंक दिया जाता है। मिशन के दूसरे हिस्से में अगले पांच सालों में शहरों के 100 फ़ीसदी कचरे का ट्रीटमेंट कर उनके प्रबंधन का लक्ष्य रखा गया है ताकि घरों और अन्य जगहों से निकलने वाले कचरे का निस्तारण हो सके।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को भी पीछे छोड़ अडाणी ग्रुप के मालिक गौतम अडाणी रोजाना कमाई के मामले में एशिया के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी बन गए हैं। IIFL वेल्थ हुरून इंडिया ने एशिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट जारी की है। इसके अनुसार, पिछले एक साल में मुकेश अंबानी की रोजाना कमाई 163 करोड़ रुपये थी और जबकि इसी दौरान गौतम अडाणी ने रोजाना 1002 करोड़ रुपये कमाए। गौतम अडाणी की संपत्ति पिछले एक साल में एक हजार करोड़ रुपये प्रति दिन के हिसाब से 3,65,700 करोड़ रुपये बढ़ गई। भारत की सबसे अमीर फैमिली में मुकेश अंबानी का परिवार ही है। रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी 7,18,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ लगातार दसवें साल सबसे शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। उनकी संपत्ति में 2020 से 9 फीसदी बढ़ी है। अडाणी परिवार की संपत्ति 1,40,200 करोड़ रुपये से 261 फीसदी बढ़कर 5,05,900 करोड़ रुपये हो गई। इसी के साथ गौतम अडाणी एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। पिछले साल की तुलना में उनकी संपत्ति 3,65,700 करोड़ रुपये बढ़ी है।
पंजाब में जारी घमासान के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़ने की बात साफ कर दी है। पंजाब में जारी राजनीतिक दंगल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बड़ा बयान दिया है, उन्होंने साफ कर दिया है कि वह अब कांग्रेस पार्टी में नहीं रहेंगे। अपनी स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा कि वह इस तरह का अपमान नहीं सह सकेंगे, जिस तरह से मेरे साथ बर्ताव किया गया है, वह ठीक नहीं है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि वह अभी बीजेपी ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जिस तरह से विधायक दल की बैठक बुलाकर ऐन मौके पर मुझे जानकारी दी गई, मैंने तभी साफ कर दिया था कि मैं पद छोड़ रहा हूं। अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर किसी को मेरे ऊपर विश्वास नहीं है, तो मेरे रहने का क्या फायदा। नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह टीम प्लेयर नहीं हैं, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए टीम प्लेयर की जरूरत है। अमरिंदर सिंह ने इस बात को स्वीकारा कि पंजाब में कांग्रेस की लोकप्रियता घट रही है और आम आदमी पार्टी का ग्राफ ऊपर जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब का चुनाव इस बार काफी अलग होगा, कांग्रेस-अकाली दल पहले से ही हैं और अब आम आदमी पार्टी भी वहां पर आगे बढ़ रही है।


















































