हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर कवरट ली है। मनाली और लाहौल की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है। शुक्रवार रात से पहाड़ों पर बर्फ के फाहे गिरने से तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को भी मैदानी और मध्य पर्वतीय दस जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 16 सितंबर तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी सड़क हादसे में बाल-बाल बचे हैं। घाटी के वालो पंजो में एक कार्यक्रम में शिरकत कर उपमंडल मुख्यालय बंजार लौट रहे विधायक अपने मित्र के वाहन में सवार थे कि इसी बीच सडक पर गीली मिटटी अधिक होने के कारण वाहन सड़क से नीचे लुढ़क गया। इस हादसे में विधायक सुरेंद्र शौरी को किसी भी तरह की चोटें नहीं आई है, जबकि वाहन चालक को हल्की चोटें आने की बात कही जा रही है। खबर लिखे जाने तक बंजार अस्पताल में विधायक सुरेंद्र शौरी व उनका दोस्त उपचार के लिए पहुंचे थे। उधर, बंजार अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि सड़क हादसे में विधायक व उनके मित्र को कहीं अंदरूनी चोट तो नहीं आई है इसकी जांच की जा रही है।
हरियाणा के करनाल में पिछले 6 दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने आज अपना प्रदर्शन खत्म करने का फैसला किया है। हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के चीफ गुरुचरण सिंह चढ़ूनी ने कहा है कि हम सभी ने प्रशासन से बातचीत के बाद उनसे मिले आश्वासन के बाद अपना धरना खत्म करने का फैसला किया है। करनाल में धरने पर बैठे किसानों ने प्रशासन के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है। किसानों ने धरना खत्म करने का फैसला किया है। 28 अगस्त को लाठीचार्ज वाली घटना की न्यायिक जांच होगी। इससे पहले किसानों ने प्रशासन को 11 सितंबर के बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी। बता दें कि गुरुवार से मिनी सचिवालय के बाहर किसानों का धरना जारी था।
मंडियों में सेब के रेट औंधे मुंह गिरने के बाद बागवानों ने अपनी फसल के विपणन के लिए नया तरीका निकाला है। शिमला जिले के कोटगढ़ के बागवान अपना प्रीमियम क्वालिटी का सेब ट्रायल के तौर पर एक किलो के पैक ऑफ सिक्स में बेचेंगे। इसके लिए बागवानों ने चंडीगढ़, दिल्ली और गुड़गांव के सुपर मार्केट और ग्रॉसरी स्टोर से संपर्क साधा है। बागवानों को उम्मीद है कि एक किलो का पारदर्शी डिब्बा150 से 200 रुपये में बिकेगा। इन दिनों मंडियों में बढ़िया क्वालिटी का सेब औसतन 1500 से 1800 रुपये प्रति पेटी बिक रहा है। 25 किलो की पेटी के बागवानों को प्रतिकिलो 60 से 70 रुपये मिल रहे हैं।
तेलंगाना में जल्द ही ड्रोन के माध्यम से दवाओं की होम डिलीवरी शुरू होने जा रही है। अपने मेडिसिन फ्रॉम द स्काई प्रोजेक्ट को तेलंगाना सरकार संभवत: शनिवार से शुरू कर देगी। यह प्रोजेक्ट वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, नीति आयोग और हेल्थनेट ग्लोबल के साथ साझेदारी से शुरू किया जा रहा है। इसके तहत बियॉन्ड विजुअल लाइन ऑफ साइट ड्रोन फ्लाइट्स का प्रयोग करके विकाराबाद जिले के चिह्नित हवाई क्षेत्र में टीकों व दवाओं का वितरण किया जाएगा। मेडिसिन फ्रॉम द स्काई प्रोजेक्ट वाला तेलंगाना पहला राज्य होगा। लंबी दूरी और भारी पेलोड पर ड्रोन की क्षमता आंकने के लिए अधिकारी टेस्ट कर रहे हैं।
चंद्रयान-2 ने कुछ महीने पहले ही सूर्य के आंतरिक भाग की तस्वीर ली थी, अब भारतीय वैज्ञानिकों ने सूर्य के वायुमंडल से विस्फोट के चुबंकीय क्षेत्र का मापा है। हमारे सोलर सिस्टम के सबसे चमकीले तारे सूरज के अंदर के कार्य को अध्ययन करने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने इंटरनेशनल वैज्ञानकों के साथ मिलकर सूर्य के अंदर की झलक पाने के लिए अध्ययन किया है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स यानि आईआईए के वैज्ञानिकों ने पहली बार विस्फोटित प्लाज्मा से जुड़े कमज़ोर थर्मल रेडियो उत्सर्जन का अध्ययन किया है, जो चुंबकीय क्षेत्र और विस्फोट की अन्य भौतिक स्थितियों को मापता है। टीम ने मई 2016 में हुई कोरोनल मास इजेक्शन का अध्ययन किया था। कोरोनल मास इजेक्शन सूर्य की सतह पर हुए सबसे बड़े विस्फोटों में से एक है। इसमें अंतरिक्ष में कई मिलियन मील प्रति घंटे की गति से एक अरब टन पदार्थ हो सकता है। सूर्य के यह पदार्थ इंटरप्लेनेटरी माध्यम से प्रवाहित होती है, जो किसी भी ग्रह को अंतरिक्ष यान से प्रभावित करती है। जब एक मजबुत सीएमई धरती के सतह के पास से गुजरती है तो यह हमारे कई इल्कट्रॉनिक्स सैटेलाइट और रेडियो कमनिकेशन को नुकसान पहुंचाती है। जियोफिजकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि कोरोनल मास इजेक्शन सूर्य के दूर की ओर, लेकिन उसके अंग के पास गतिविधि के कारण हुआ था। कर्नाटक के गौरीबिदनूर में IIA के रेडियो दूरबीनों की मदद से उत्सर्जन का पता लगाया गया, इसके साथ कुछ स्पेस बेस्ड टेलिस्कोप ने सूर्य के एक्सट्रीम अल्ट्रावॉयलेट और उजरी रौशनी को देखा। इसने शोधकर्ताओं को सीएमई में निकाले गए गैस के ढेर से थर्मल विकिरण नामक एक बहुत कमजोर रेडियो उत्सर्जन का पता लगाने की इजाजत दी। वह इस विस्फोट के पोलराइजेशन को मापने में सक्षम थे, जो उस दिशा का संकेत है जिसमें तरंगों के विद्युत और चुंबकीय घटक दोलन करते हैं। इन सीएमई का आमतौर पर दृश्य प्रकाश में अध्ययन किया जाता है, लेकिन क्योंकि सूर्य की डिस्क इतनी तेज होती है, हम इन सीएमई का पता लगा सकते हैं और उनका पालन तभी कर सकते हैं जब उन्होंने सूर्य की सतह से परे यात्रा की हो।
हरियाणा के करनाल में किसानों का धरना चौथे दिन भी जारी है। किसान 28 अगस्त को लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ मर्डर केस दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन लगातार किसानों को समझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन किसान समझण के लिए तैयार नहीं हैं। वंही पंजाब चुनाव को लेकर चंडीगढ़ में 32 किसान सगंठनों की बड़ी बैठक हो रही है। इस बैठक में बीजेपी को छोड़कर सभी दलों को न्योता दिया गया है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू समेत आप और शिरोमणी अकाली दल के कई नेता इस बैठक में पहुंच गए हैं। किसान चाहते हैं कि पंजाब चुनाव के औपचारिक एलान तक राजनीतिक दल प्रचार ना करें। किसानों का कहना है कि चुनावी रैलियों से उनका अंदोलन कमजोर पड़ेगा। गौरतलब है कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने दिल्ली और करनाल के बाद अब पंजाब की सियासी जमीन पर हलचल पैदा करने की तैयारी कर ली है। राजनीति से दूर रहने का दावा करने वाले किसान संगठनों ने राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने की नई रणनीति तैयार की है और आज इसी मुद्दे पर चंडीगढ़ में किसान संगठनों की बैठक हो रही है। बैठक के बाद शाम 4 बजे किसानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी।
बिलासपुर जिले के उपमंडल स्वारघाट के तहत ग्राम पंचायत स्वाहण के जाला देवी मंदिर में वीरवार सुब गुंबद पर बिजली गिरी है। इस हादसे में गुंबद को नुकसान पहुंचा है जबकि मूर्तियां भी खंडित हो गई हैं। हादसे के वक्त पुजारी पूजा-अर्चना के बाद बाहर निकल आए थे लेकिन बिजली का धमाका इतना जोरदार था कि वह बेहोश हो गए। पुजारी रामलाल ने बताया कि सुबह मौसम खराब होने के कारण गर्जना के साथ हल्की बारिश हो रही थी। लेकिन जब वह पूजा अर्चना करने के बाद मंदिर के बाहर आए तो बिजली गिर गई जिससे एक बड़ा धमाका हुआ और वह बेहोश हो गए। होश आया तो हादसे की जानकारी दी। मंदिर कमेटी के प्रधान दीप कुमार व सचिव कृष्ण दयाल ने बताया कि यह मंदिर करीब 600 साल पुराना है। यहां हर साल सायर का मेला लगता है। इस बार यह मेला 16 सितंबर से शुरू होना था। मेले की तैयारियां जोर-शोर से चली हुई थीं। उन्होंने बताया कि मंदिर खंडित हो गया है। इससे पहले भी ऐसे कई हादसे यहां हो चुके हैं। पंचायत प्रधान दीनानाथ ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और एसडीएम स्वारघाट को इसकी सूचना दी गई।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में प्रवेश करने के लिए बाहरी राज्यों के सैलानी वाहनों को अब टैक्स देना होगा। लाहौल स्पीति के प्रवेश द्वार पर स्थित अटल सुरंग रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल के समीप विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के तहत बैरियर स्थापित किया गया है। इसके तहत एकत्र की जाने वाली राशि स्थानीय क्षेत्र में विकास, साफ सफाई और सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। अटल सुरंग रोहतांग के बनने के बाद लाहौल-स्पीति में सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिससे पर्यटकों द्वारा इस्तेमाल कर फेंके जाने वाले कूड़े की साफ-सफाई तथा सभी को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हों, इसके लिए प्रशासन ने नॉर्थ पोर्टल के समीप साडा का बैरियर स्थापित किया है। बैरियर पर टैक्स लेना भी शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मंडी जिले में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण तथा शिमला, भुन्तर और कांगड़ा में हवाई अड्डों के विस्तारीकरण से संबंधित स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान करनेे का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक लोकप्रिय पर्यटन गंतव्य है और हवाई अड्डों के निर्माण और विस्तारीकरण से पर्यटकों के आगमन में वृद्धि होगी जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा व रोजगार सृजन की सम्भावनाएं भी बढ़ेगी। उन्होंने उड़ान योजना के तहत किराया घटाने के लिए केंद्रीय मंत्री तथा केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि उड़ानों को सस्ता करना सार्वजनिक हित में एक बड़ी पहल है। केंद्रीय मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को मामले में तेजी लाने के निर्देश दिए और इसकी प्रगति बारे जानकारी देने को कहा। उन्होंने राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह तथा प्रधान आवासीय आयुक्त एस.के. सिंगला भी बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द से भेंट की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को प्रदेश के राज्यत्व की स्वर्ण जयन्ती के उपलक्ष्य में विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए हिमाचल प्रदेश में आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने राष्ट्रपति को जानकारी दी कि इस वर्ष 25 जनवरी को राज्य के 50 वर्ष पूर्ण हुए हैं और स्वर्ण जयंती के अवसर पर राज्य में वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार तथा मुख्य सचिव राम सुभग सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से 100 मिलियन डाॅलर के एशियाई विकास बैंक के प्रथम चरण की परियोजना को पुनः आरम्भ करने का आग्रह किया। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में विश्व स्तर की अधोसंरचना का निर्माण कर राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि परियोजना के प्रथम चरण में 20 उप-परियोजनाएं शामिल हैं और कहा कि राज्य सरकार अटल टनल रोहतांग के दोनों छोर पर अधोसंरचना विकसित कर इस स्थल को बड़े पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना चाहती है। केंद्रीय मंत्री ने एशियाई विकास बैंक परियोजना को पुनः आरम्भ करने के पर विचार करने का आश्वासन दिया और शीघ्र इससे संबंधित प्रस्ताव भेजने को कहा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को विकास में गति के लिए शीघ्र निधि तथा स्वीकृति प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय अधोसंरचना पाइपलाईन का उपयोग करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री को कोविड टीकाकरण की प्रथम खुराक के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए बधाई दी। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने बैठक में बहुमूल्य सुझाव दिए। प्रधान आवासीय आयुक्त एस के सिंगला भी बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आइजीएमसी में इन दिनों चल रहे लंगर विवाद की सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए है। जांच का जिम्मा एडीएम लॉ एंड ऑर्डर शिमला राहुल चौहान को सौंपा गया है। एडीएम आगामी 15 दिनों में सरकार को जांच की रिपोर्ट सौंपेगे। शनिवार को आइजीएमसी प्रशासन ने ऑलमाइटी ब्लैसिंग संस्था का सामान अवैध बताकर बाहर निकलवा दिया था। जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। इस वाक्य के बाद अस्पताल प्रशासन ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की थी। मामले पर आगामी कदम उठाते हुए अब सरकार ने जिला प्रशासन को इसकी जांच का दायित्व सौंपा है। हालांकि अभी भी अस्पताल में संस्था की ओर से चलाया गया लंगर सुचारू रूप से चल रहा है।
अटल टनल रोहतांग होकर लाहौल जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस ने सुंरग के भीतर ओवरटेक कर दिया। हालांकि बस के आगे चल रहा ट्रक बस चालक को आगे निकलने का सिग्नल दे रहा था। इसके बाद भी बस चालक ने ओवरटेक कर दिया। डबललेन रोहतांग टनल के भीतर वाहनों को ओवरटेक करना मना है। गनीमत यह रही कि इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। बस को चालक प्रवीण चला रहा था जोकि एचआरटीसी केलांग डिपो से संबंध रखता है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है। निगम की बस का वीडियो पीछे से जा रही एक गाड़ी में सवार व्यक्ति ने बनाया है। वंही कुल्लू पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि अटल टनल के भीतर ओवरटेक करने पर एचआरटीसी पर 7500 रुपये का जुर्माना किया है। उन्होंने कहा कि टनल के भीतर ओवरटेक करना जोखिम भरा है। साथ ही इस पर कड़ा प्रतिबंध है।
हिमाचल प्रदेश में जहां इन दिनों सेब के रेट गिरने का मुद्दा गरमाया हुआ है, वहीं खरीद के कई मामलों में भी सेब बागवानों को पूरा भुगतान नहीं किया गया है। इस सीजन में भी कई बागवानों को आढ़तियों ने तय 15 दिन बाद भी उनका मेहनताना नहीं दिया है। ऐसे में इस साल की उपज की कमाई फंसने से भी वे आशंकित हैं। कई आढ़तियों को लदानियों ने बागवानों से खरीदे गए माल का पूरा भुगतान नहीं किया है। ऐसे में इस बार भी कई बागवानों का पैसा डूब सकता है। उन्हें एक तो रेट में गिरावट होने की मार पड़ रही है, वहीं कमाई का पैसा डूबने की आशंका सता रही है। आने वाले दिनों में सीआईडी के पास शिकायतें और भी बढ़ सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब 1.9 लाख विद्यार्थियों को 15 सितंबर से जेईई और नीट की कोचिंग मिलेगी। कोचिंग स्वर्ण जयंती विद्यार्थी अनुशिक्षण योजना के तहत दी जाएगी। सरकार हर घर पाठशाला के माध्यम से 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को योजना का लाभ दे रही है। विद्याथियों को ये कोचिंग हर हफ्ते शनिवार और रविवार को दी जाएगी। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की गणित और विज्ञान की सामग्री मिलेगी। हर सप्ताह 15 से 18 घंटे की कक्षाएं और संदेह समाधान भी किया जाएगा। योजना के सही कार्यान्वयन के लिए सरकार जिला स्तर पर निगरानी कमेटी गठित भी करेगी। इसमें डाइट के प्रधानाचार्य, उच्च शिक्षा उप निदेशक और स्कूलों के विज्ञान-गणित के पर्यवेक्षक शामिल किए गए हैं। यह कमेटी मेधावी छात्राओं की पहचान करने में भी मदद करेगी। बता दें कि योजना के तहत दो चरणों में कार्यक्रम का कार्यान्वयन होगा। पहले चरण में हर घर पाठशाला के माध्यम से भी छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली गणित और विज्ञान की सामग्री उपलब्ध होगी। दूसरे चरण में राज्य की 100 उच्च प्रदर्शन करने वाली छात्र-छात्राओं की पहचान करने के लिए चयन परीक्षा होगी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में देर रात एक सड़क हादसा पेश आया है। मंडी जिला के सुंदरनगर के बरोहकड़ी में बुधवार देररात हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर लटक गई। गनीमत रही कि बस गहरी खाई में नहीं गिरी, जिसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। दरअसल आधी बस का अगला हिस्सा सड़क से बाहर हवा में लटक गया था। हालाँकि बस में सवार करीब 24 यात्री बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार एचआरटीसी बस केलांग से रिकांगपिओ जा रही थी और बरोहकड़ी के पास अनियंत्रित होकर हवा में लटक गई। अभी हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया हैैै। वंही, सभी यात्रिंयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने आज यानि बुधवार को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बिक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को इलैक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए देश भर में माॅडल राज्य के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सत्त विकास की ओर अग्रसर होने में मदद मिलेगी और राज्य में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इलैक्ट्रिक वाहन नीति के कार्यान्वयन होने से लोग पुराने वाहनों के स्थान पर नए वाहन लेने के समय इलैक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रेरित होंगे। परिवहन मंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश में वाहनों के चार्जिंग स्टेशन और चार्जिंग प्वाईंट अधिक से अधिक संख्या में विकसित किए जाएंगे। यह सुविधा पैट्रोल पम्पों और अन्य स्थानों पर भी उपलब्ध होगी। इसके लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को नोडल एजेंसी के रूप में चिन्हित किया गया है। बैठक में नादौन में ट्रांसपोर्ट नगर तथा ड्राईविंग प्रशिक्षण और जांच केन्द्र स्थापित करने के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन जेसी शर्मा, हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक संदीप कुमार, परिवहन विभाग के निदेशक अनुपम कश्यप, अतिरिक्त आयुक्त घनश्याम चन्द तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
केन्द्रीय मंत्री ने टीकाकरण की दूसरी डोज का लक्ष्य हासिल करने के लिए वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन व उर्वरक मंत्री मनसुख एल मंडाविया से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से प्रदेश के लिए बल्क ड्रग फार्मा पार्क स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एशिया में फार्मा हब है और बल्क ड्रग फार्मा पार्क की स्वीकृति से प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रदेश में शत-प्रतिशत पात्र आबादी को कोविड-19 की पहली डोज प्रदान करने के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य में वैक्सीनेशन का 103 फीसदी प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसमें प्रवासी श्रमिक और पर्यटकों का टीकाकरण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य की शत-प्रतिशत पात्र आबादी को कोविड-19 की दूसरी डोज 30 नवम्बर तक पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है। केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश की इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश द्वारा निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए वैक्सीन की कमी नहीं होगी। उन्होंने प्रदेश को हर सम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रधान आवासीय आयुक्त एसके सिंगला और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा बैठक में उपस्थित थे।
शिमला: भाजपा सरकार हिमाचल प्रदेश व शिमला के अन्य सामाजिक संगठन 10 सितंबर को शिमला के रिज मैदान पर प्रातः 9:30 बजे एक रक्त दान शिविर का आयोजन करने जा रहे है। रक्त दान शिविर का आयोजन कम्पीटेंट फाउंडेशन के साथ किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन है। रक्त दान शिविर का शुभारंभ भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल करेंगे। शिविर का संचालन भाजपा के आई टी सेल द्वारा किया जाएगा। इस रक्त दान शिविर के मुख्य अततिथि हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले एवं पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री, प्रहलाद सिंह पटेल केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री और जल शक्ति मंत्री गेस्ट ऑफ ऑनर, दुष्यंत कुमार गौतम राष्ट्रीय महासचिव भारतीय जनता पार्टी इस शिविर की अध्यक्षता वर्चुअल माध्यम से करेंगे। कम्पीटेंट फाउंडेशन अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिल कर इस दिन 6 राज्यों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब एवं हिमाचल में 25 रक्तदान शिविरों का आयोजन करने जा रही है। जिसमें हिमाचल में रिज मैदान शिमला, ऊना में ब्लड बैंक, कसौली में होटल और मेरीडियन, बद्दी में बीबीएन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन एवं सिविल हॉस्पिटल पालमपुर में इन शिवरों का आयोजन होने जा रहा है। इन रक्त दान शिविरों को मिलाकर आज तक इस संस्थान ने 70 से अधिक रक्त दान शिवरों का आयोजन किया गया है। इस दिन भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन का 58वां जन्मदिन भी है।
हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिक मैनुफैक्चरज एंड सप्लायरज एसोसिएशन ने ई0 पंकज डडवाल को बिजली बोर्ड का प्रबन्धक निदेशक बनाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी का आभार जताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, महासचिव प्रवीण कुमार वैद्य, दीपकधीर, हर्ष सेठी, मनोज वैद्य, तरुण टण्डन व भारतभूषण ने ई0 पंकज डडवाल को बधाई दी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी का यह नियुक्ति करने के लिए धन्यवाद दिया। ई0 पंकज डडवाल ने विद्युत विभाग में सहायक अभियंता से अपनी सेवाएं प्रारम्भ की थी और पदोन्नत होकर आज इस उच्च पद पर पहुंचे है। उन्होंने प्रत्येक पद पर रहते उल्लेखनीय कार्य किए है। जिसके परिणामस्वरुप आज उन्हें इस पद स्थान मिला है ।
सुजानपुर मुख्य बाजार में आज सुबह यानि बुधवार को आगजनी की एक बड़ी घटना होने से टल गई। आग कैसे लगी इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। खंभों से शुरू हुई यह आग की लपटें विद्युत वायरिंग को भी जलाने लग पड़ी थी । इसी बीच स्थानीय दुकानदारों ने विद्युत विभाग को सूचित किया और विद्युत सप्लाई को बंद करवाया। इस क्रम में करीब 2 घंटे तक विद्युत सप्लाई मुख्य बाजार में बाधित रही। शहर में व्यापारी वर्ग अगर मुस्तैदी न दिखाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूजी और पीजी कोर्स करने वाले लाखों छात्र-छात्राओं को अब डिग्री की अंतिम परीक्षा के परिणाम घोषित होने के साथ ही समग्र अंक तालिका को प्रिंट करवा दिया जाएगा और संबंधित कॉलेजों को भेज दिया जाएग। इसकी फीस भी विद्यार्थियों से नहीं ली जाएगी । विद्यार्थियों को अब इसके लिए लम्बा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। उन्हें हाथों हाथ समग्र अंक तालिका दे दी जाएगी। पीजी कोर्स में भी इसी सत्र से यह निर्देश लागू कर दिया जाएगा। अंक तालिका की डिग्री पूरी करने वाले हर विद्यार्थी को आवश्यकता रहती है। इससे पूर्व विद्यार्थी जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय आकर इसे बनवाते रहे थे। यह सुविधा केवल पास और डिग्री पूरी करने वाले विद्यार्थियों को ही होगी। कंपार्टमेंट या फेल होने वाले विद्यार्थियों को यह सुविधा नहीं होगी। किसी भी डिग्री कोर्स के पूरा करने के बाद ही समग्र अंक तालिका जारी की जाती है। इसमें पूरी डिग्री में दी गई परीक्षा के प्राप्तांक और छात्र का पूरा ब्योरा, सेशन सब कुछ अंकित होता है। इसे विद्यार्थी कहीं भी आवश्यकता पड़ने पर डिग्री के स्थान पर दिखा या जमा करवा सकता है। जिससे उसे आगे प्रवेश लेने व नौकरी में कोई परेशानी पेश नहीं आएगी।
लाहौल के केलांग जिले में युवाओं ने हिमाचल का पहला मड हाउस संग्रहालय तैयार किया है। करीब 80 वर्ष पुराने मड हाउस को जीर्णोद्धार कर इसे संग्रहालय में तबदील किया गया है। इसमें दशकों पहले जनजातीय लोग जिन रोजमर्रा की वस्तुओं का इस्तेमाल करते थे, उन्हें संजो कर रखा गया। डुक्पा संप्रदाय के अवतारी लामा थुकसे रिंपोंछे ने इस संग्रहालय का शुभारंभ कर सैलानियों के लिए इसे खोल दिया है। युवाओं ने बाकायदा "लाइफ एंड हेरिटेज ऑफ लाहौल" नाम से एक संस्था भी पंजीकृत करवाई है। बताया जा रहा हैं कि इस संग्रहालय में आठ कमरे हैं। इस संग्रहालय को बनाने का उद्देश्य हिमालयन क्षेत्र में पर्यावरण और सांस्कृतिक व टूरिज़्म को बढ़ावा देना है।
भारतीय जनता पार्टी ने 2022 में होने वाले चुनावों में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री व हिमाचल के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर को सह प्रभारी पद पर नियुक्त किया है। वहीं चुनाव प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मंडी के धर्मपुर में ससुराल हैं। गौरतलब है कि नवंबर 2020 में भाजपा ने जम्मू-कश्मीर स्थानीय निकाय चुनावों के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को चुनाव प्रभारी बनाया था।
सुप्रीम हाई कोर्ट में अदालत ने कहा कि पूरे देश में वैक्सीनेशन सही तरीके के साथ चल रहा है, 60 फीसदी लोगों में कम से कम पहली डोज़ लगा चुके हैं। ईसिस बाबत सुप्रीम कोर्ट ने 'डोर टू डोर' कोविड वैक्सीनेशन की मांग पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि वैक्सीनेशन लिए अलग से आदेश की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर कोर्ट ने कोरोना से हुई हर मौत को मेडिकल लापरवाही मान कर परिवार को मुआवजा देने की मांग भी ठुकरा दी। कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में मौतें हुईं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि हर मौत मेडिकल लापरवाही का मामला है।
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सांसद अर्जुन सिंह के घर के बाहर बुधवार सुबह ज़ोरदार बम का धमाका हुआ। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल में प्रचंड हिंसा कम होने का नाम नहीं ले रही है। आज सुबह सांसद के आवास के बाहर बम विस्फोट यह काफी चिंताजनक बात है और राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है। इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की जाए। जानकारी के अनुसार बम विस्फोट के दौरान अर्जुन सिंह घर पर मौजूद नहीं थे। हालांकि उनके परिवार के सदस्य उस वक्त घर पर ही थे। हमले में किसी भी सदस्य को कोई चोट नहीं आई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बम फेंकने वालों का पता लगाया जा सके। वहीं इस मामले पर अब अर्जुन सिंह का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि- उपचुनाव से पहले मुझे जान से मारने की साजिश रची जा रही है, इस घटना की जांच भी बंगाल सरकार करेगी और पहले की तरह ही मामले को रफा-दफा कर देगी।
खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने शहीद रोशन लाल के शहीदी दिवस पर आज उनके पैतृक गांव पपलोल में शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा 10 सेवानिवृत सैनिकों को सम्मानित भी किया। पुरुषोत्तम गुलेरिया ने इस अवसर पर कहा कि अपने कार्य को ईमानदारी एवं समर्पण के साथ पूर्ण करना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश की रक्षा के लिए सदैव तैयार रहें। इस अवसर पर 10 सेवानिवृत्त सैनिकों को सम्मानित किया गया तथा पापलोल गांव में शहीद रोशन लाल जी के निवास को जाने वाली सड़क का शिलान्यास भी किया गया। भाजयुमो सोलन मण्डल के अध्यक्ष रोहित भारद्वाज ने कहा कि युवा मोर्चा समय-समय पर सैनिकों के सम्मान के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि युवाओं में देश प्रेम की भावना सदैव प्रज्जवलित रहे। शहीद रोशन क्लब पपलोल के निदेशक अरुण ठाकुर ने कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए युवा मोर्चा सोलन मण्डल का आभार प्रकट किया। भारतीय जनता पार्टी सोलन मंडल के अध्यक्ष मदन ठाकुर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र परिहार, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शीला, भाजपा कार्यकारिणी सदस्य तरसेम भारती, मंडल कोषाध्यक्ष योगेंद्र वर्मा, ग्राम पंचायत पौधना की प्रधान अनीता, उपप्रधान संजीव, भाजयुमो सोलन के अध्यक्ष रोहित भारद्वाज, शहीद रोशन क्लब पापलोल के सदस्य, युवा मोर्चा के मंडल महामंत्री अरुण ठाकुर, वैवभ ठाकुर, अरुण मेहता, राजेंद्र शर्मा, श्रीकान्त शर्मा, अमन शर्मा, अरुण कश्यप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
महत्वाकांक्षी मातृ वंदना योजना से सोलन जिले में 16440 महिलाओं को लाभान्वित करने पर 6.40 करोड़ रुपए व्यय हुए हैं। यह जानकारी आज यहां जिला स्तरीय मातृ वंदना सप्ताह के समापन अवसर पर प्रदान की गई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग सोलन द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राजन उप्पल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। डाॅ.उप्पल ने इस अवसर पर कहा कि गर्भवती व धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य का पूर्ण ध्यान रखकर हम भविष्य की सुदृढ़ नींव रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में मातृ वंदना योजना विशेष रूप से सहायक सिद्ध हो रही है। उन्होंने आग्रह किया कि इस योजना की जानकारी लक्षित वर्गों तक सरल भाषा में पहुंचाई जाए, ताकि वे इसका लाभ उठा सकें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मातृ वंदना योजना के प्रचार-प्रसार के लिए स्थापित हस्ताक्षर पट्ट पर हस्ताक्षर भी किए। समारोह में 03 सर्वश्रेष्ठ बाल विकास परियोजना अधिकारियों को सम्मानित किया गया। नालागढ़ बाल विकास परियोजना अधिकारी को प्रथम, बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मपुर को द्वितीय, बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। विभिन्न आंगबाड़ी केन्द्रों की पर्यवेक्षिकाओं एवं कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी वृत्त कुम्हारहट्टी की कार्यकर्ताओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी डाॅ. पदम देव शर्मा, पवन कुमार, कविता गौतम, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, लाभार्थी महिलाएं डिम्पल, ललिता, शिखा, भावना इस अवसर पर उपस्थित थीं।
सोलन: सोलन टमाटर के लिए सबसे बड़ा उत्पादक शहर माना जाता है। बावजूद इसके शुरुआती दौर में टमाटर का रेट ना के बराबर मिलने के कारण किसानों की रीढ़ की हड्डी टूटती नज़र आ रही थी। शुरूआती दौर में किसानों को 100 रुपए से लेकर 150 रुपए तक ही प्रति क्रेट टमाटर के दाम मिल रहे थे। जिसके चलते किसानों को आर्थिक चिंता सता रही थी। लेकिन टमाटरों के दाम में हल्का उछाल देखने को मिला है। हालाँकि, वर्तमान में टमाटर के बढ़ते दामों से आर्थिक नुकसानों की भरपाई तो नहीं हो सकती, परन्तु यह मरहम का काम अवश्य कर सकता हैं। रोज़ाना घटते-बढ़ते दामों में अब किसानों को 300 से लेकर 550 रूपए क्रेट मूल्य प्राप्त हो रहें है। गौरतलब है कि अगर मौसम साथ दे तो सोलन में करीब दो लाख टन टमाटर का उत्पाद प्राप्त होता है।
हिमाचल प्रदेश: जिला ऊना में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। अपर अंदोरा गाँव में गोली चलने से सात वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक बालक की पहचान समीर चौधरी पुत्र रामपाल के रूप में हुई है। वंही, आरोपी की पहचान नाम कुलदीप पुत्र शादीलाल के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को श्रद्धालुओं का जत्था अपर अंदोरा स्थित जठेरी माता मंदिर में दर्शन करने के लिए आया हुआ था। इस दौरान दोपहर के समय आरोपी मंदिर के नजदीक स्थित बाथरूम में गया। तो वहां पर बंदरों को मारने के लिए लोडिड गन रखी हुई थी। हड़बड़ाहट में आरोपी ने गन उठा ली। जिस कारण गन से निकली गोली बालक की छाती की में जा लगी। गोली लगने से बालक खून से लथपथ होकर गिर गया। गोली की आवाज़ सुनने पर सभी परिजन घटना स्थल पर पहुंचे। बालक जल्द ही हॉस्पिटल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामला दर्ज़ कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिक्षक पर्व’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सांकेतिक भाषा शब्दकोष, टॉकिंग बुक्स, निष्ठा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम और विद्यांजलि पोर्टल जैसी, शिक्षा क्षेत्र में नयी पहलों की शुरुआत की तथा कहा कि यह योजनाएं भविष्य के भारत को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ‘शिक्षक पर्व’ के पहले सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने नई - राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ‘भविष्य की नीति’ बताया और इसे नए स्तर तक ले जाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय सांकेतिक भाषा शब्दकोश (श्रवण बाधितों के लिए ऑडियो और अंतर्निहित पाठ सांकेतिक भाषा वीडियो, ज्ञान के सार्वभौमिक डिजाइन के अनुरूप), बोलने वाली किताबें (टॉकिंग बुक्स, नेत्रहीनों के लिए ऑडियो किताबें), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्डकी स्कूल गुणवत्ता आश्वासन और आकलन रूपरेखा, निपुण भारत के लिए ‘निष्ठा’ शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम और विद्यांजलि पोर्टल की शुरुआत की।
शिमला: हिमाचल में आपदा का दूसरा नाम है - सड़क दुर्घटना। एक दिन में औसतन के अनुसार तीन से चार लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहाड़ी प्रदेश की सड़कों पर सुरक्षित चलना कितना चुनौती भरा है। पिछले कई वर्षों से यह देखने में आया है कि हादसों का शिकार होने वालों में ज्यादातर संख्या युवाओं की है। प्रदेश में सड़क सुरक्षा और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्कूली स्तर पर बच्चे जागरूक होंगे, तभी वे युवावस्था में ज़िम्मेदारियों को सोच समझ कर सही फैसला ले सकेंगे। देखने में आया है कि लोग यातायात नियमों का पालन नहीं करते और हादसे का शिकार होते हैं। जिसके चलते दुर्घटना में उनकी मौत हो जाती है। ब्लैक स्पॉट यानी जहां हादसों की आशंका रहती है, उसे सुधारने की दिशा में उतनी तेजी से काम नहीं हो रहा, जितना अपेक्षित है। प्रदेश में हादसे रोकने के लिए सभी पक्षों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। सभी को समझना होगा कि यातायात नियमों का पालन, अपनी सुरक्षा के लिए करें न कि चालान के डर से। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में तीन हजार के करीब सड़क हादसे हर साल होते है। जिनमें 1000 के लगभग लोगों कि मौत सड़क कि दुर्घटनाओं से होती है। इससे यह कहा जा सकता है कि अगर पहाड़ी क्षेत्रों में रहना आसान है तो सड़कों पर सुरक्षित चलना उतना ही चुनौती भरा भी है। सरकार को जल्द ही हादसे से जुड़े पहलुओं पर जागरूकता की कमी, निगरानी की पुख्ता व्यवस्था न होना, खस्ताहाल सड़कें, दोषियों को सख्त सजा का प्रविधान न होना, तेजरफ्तार, अप्रशिक्षित चालक व वाहनों की फिटनेस एहतियात के लिए कदम उठाना चाहिए। जिससे इन हादसों से बचा जा सके।
जम्मू और कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा आज यानी मंगलवार को कश्मीरी पंडितों के लिए एक वेबसाइट लॉन्च करेंगे। इस ऑनलाइन पोर्टल की मदद से विस्थापित कश्मीरी पंडित अचल और सामुदायिक संपत्ति से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इस वेबसाइट पर आवेदन के बाद एक यूनिक आईडी मिलेगी। इसके बाद शिकायत संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को चली जाएगी जहां से कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही बताया गया है कि इस संबंध में किसी जानकारी के लिए राहत और पुनर्वास आयुक्त कार्यालय 0191-2586218 और 0191-2585458 पर संपर्क कर सकते हैं। बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार, राज्य में कश्मीरी विस्थापितों की वापसी को लेकर लगातार प्रयासरत है।
सरकार ने भारत में रह रहे अफगानिस्तान सहित सभी देशों के नागरिकों के सभी श्रेणी के वीजा को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि अफगानिस्तान के हालात को देखते हुए भारत में रह रहे किसी भी अफगान को बिना मंजूरी देश छोड़ने को नहीं कहा जाएगा। दरअसल एक पखवाड़ा पहले तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद नए शासकों के बदले की कार्रवाई से डरकर कई अफगान भारत आ गए थे। सरकार ने यह फैसला उस घटना के बाद लिया है, जिसमें एक अफगान महिला सांसद रंगीना कारगर को वैध दस्तावेज होने के बावजूद दिल्ली हवाईअड्डे से वापस इस्ताम्बूल भेज दिया गया था। सरकार ने हालांकि बाद में इसके लिए खेद जताया था।
शिमला: उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा सोमवार को प्रदेश के निजी और सरकारी कॉलेज प्रिंसिपलों को कॉलेजों में छह माह की एक साथ हॉस्टल और मेस फीस वसूल करने पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। कोरोना काल में अभिभावकों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने का हवाला देते हुए प्रिंसिपलों को विद्यार्थियों द्वारा मासिक या द्विमासिक आधार पर ही शुल्क लेने के लिए कहा गया है। उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा बताया कि प्रदेश के कई डिग्री, बीएड, लॉ और संस्कृत के निजी और सरकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों से छह माह या उससे अधिक समय की हॉस्टल और मेस फीस लेने की शिकायतें उन्हें मिली हैं। जिसके चलते उन्होनें बताया कि कोरोना काल के चलते बीते वर्ष से अभिभावकों की स्थिति अभी पटरी पर नहीं आ सकती। इस परिस्थिति के चलते अभिभावक छह माह की फीस चुकाने के लिए असमर्थ हैं। ऐसे मामलों के विद्यार्थियों से केवल एक या दो माह की हॉस्टल और मेस फीस ही वसूली जाए।
पहले मौसम की मार ने सेब की गुणवत्ता पर असर डाला, फिर रही सही कसर निजी कंपनियों ने सेब खरीद के कम दाम तय कर पूरी कर दी। इस पर कम दामों पर आयात हो रहे सेब से तो बाजार के सेंटीमेंट ही बिगड़ गए। निराश बागवानों को सरकार से हौंसला चाहिए था, पर मिले हताश करने वाले बयान। आखिर समस्या कहां है, कोई चूक हुई है, या खामी व्यवस्था की है ? इससे भी बड़ा सवाल ये है कि ये सिर्फ आज का मसला है या भविष्य के लिए एक चेतावनी है। गिरे सेब के दामों के मसले को फर्स्ट वर्डिक्ट ने हर पहलु से जानने-समझने का प्रयास किया, ताकि सही तस्वीर सामने आ सके। पेश है विशेष रिपोर्ट ..... हिमाचल सेब के दाम बाजार में गिर गए हैं जो बागवानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार सेब के दामों में करीब तीस फीसद की गिरावट दर्ज की जा रही है जिसका एक बड़ा कारण निजी कंपनियों द्वारा गिराए गए सेब के दाम बताया जा रहा है। अडानी कंपनी ने पिछले साल की तुलना में सेब के दाम प्रति किलो 16 रुपए कम तय किए है। बागवान मानते है कि कंपनी ने जैसे ही सेब खरीद मूल्य सार्वजनिक किये पूरे बाजार में सेब के दाम गिर गए। कंपनी 80 से 100 फीसदी रंग वाला एक्स्ट्रा लार्ज सेब 52 रुपए प्रति किलो जबकि लार्ज, मीडियम और स्मॉल सेब 72 रुपए प्रति किलो की दर पर खरीद रही है। बीते साल एक्स्ट्रा लार्ज सेब 68 जबकि लार्ज, मीडियम और स्मॉल सेब 88 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया था। अडानी के बाद मंडियों के रेट भी कम होने से बागवान नाराज हैं। इस सीजन में 60 से 80 फीसदी रंग वाला एक्स्ट्रा लार्ज सेब 37 रुपए किलो जबकि लार्ज, मीडियम और स्मॉल आकार का सेब 57 रुपए प्रति किलो की कीमत पर खरीदा गया। 60 फीसदी से कम रंग वाले सेब की खरीद 15 रुपए प्रति किलो की कीमत पर हो रही है, जबकि पिछले साल ऐसा सेब 20 रुपए किलो खरीदा गया था। बागवानों के अनुसार अडानी कंपनी ने इस साल 10 साल पुराने रेट खोले हैं। 2011 में अडानी ने 65 रुपये प्रति किलो रेट पर सेब खरीद की थी। बागवान लगातार ये आरोप लगा रहे है कि अडानी ने हिमाचल आकर पहले सेब के दाम बढ़ाए जिससे छोटे कारोबारी खत्म हो गए और अब जब कम्पटीशन कम हो गया और बागवानों के पास बहुत कम अन्य विकल्प बचे है, तो दाम घटा दिए गए। अडानी के बाद सेब खरीद करने आई देवभूमि कोल्ड चेन प्राइवेट लिमिटेड ने भी बागवानों को झटका दिया है। इस कंपनी ने भी बीते साल के मुकाबले सेब के रेट 14 रुपये तक कम किए हैं। प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट सेब की मौजूदा मार्केट, किसान के हालात और अदानी एग्री फ्रेश द्वारा खोले गए रेट का असर बताते हुए कहते है कि अगर कोई बागवान 1000 पेटी सेब पैदा करता है तो उसमें 300 पेटी सेब प्रीमियम होता है बाकी 400-500 अच्छी क्वालिटी का और बाकी सेब कटा फटा बोरी में बेचने वाला होता है। बिष्ट कहते हैं, "सबसे अच्छी क्वालिटी का रेट 72 रुपए और सबसे निचली क्वालिटी के सेब का रेट सिर्फ 12 रुपए किलो ही है। बाग में तो हर तरह का सेब निकलता है, ऐसे में पूरी फसल का औसत रेट 30-50 रुपए किलो का बैठता है।" वो आगे कहते हैं, "किसान से 50 रुपए औसत में खरीदे गए इसी सेब को अदानी 3-4 महीने बाद 150 से 200 रुपए में बेचता है। अगर प्रति किलो पर कोल्ड स्टोरेज का 20-25 रुपए किलो का खर्च भी मान ले तो कंपनी को दोगुना-तिगुना मुनाफा होता है। अडानी की कंपनी अगर सेब की खरीद के वक्त 4-5 रुपए का अच्छा रेट दे देती तो उसके मुनाफे पर फर्क नहीं पड़ता लेकिन बागवान के लिए ये रकम बड़ी हो जाती।" वैसे इसमें भी कोई संशय नहीं है कि इस बार सेब की कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण मौसम की मार भी है। सालभर सेब की फसल पर मौसम के विपरीत प्रभावों के बाद अब जब बाजार में बेचने का समय आया तो सीजन की शुरुआत तो अच्छे दामों से हुई, लेकिन फिर प्रति पेटी सेब के दामों में पांच सौ से हजार रुपये की कमी आ गई है। पहले सूखा और फिर अप्रैल में हुई बेमौसमी बर्फबारी व मई माह में हुई ओलावृष्टि व तूफान ने ऊपरी शिमला के अधिकतर स्थानों में सेब की फसल पर विपरीत असर डाला है, जिससे सेब की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ा है। वहीं इस साल ज्यादा फसल होने के साथ सेब का साइज भी छोटा है, जिससे मंडी में आ रही फसल में हर बागवान की खेप में अच्छी दर नहीं होने से सेब के दाम कम मिल रहे हैं। बागवान ये तो मानते है कि ओलावृष्टि से काफी फसल खराब हुई है, पर उनके अनुसार इसकी आड़ में आढ़तियों, व्यापारियों और कॉरपोरेट घरानों ने गुणवत्तापूर्ण सेब के भी रेट गिरा दिए। उधर, आढ़तियों का कहना है कि इस बार रेट कम मिलने का मुख्य कारण ओलावृष्टि से फसल का बहुत ज्यादा प्रभावित होना है। खराब सेब आ रहा है, ओलों का दागी सेब जो एचपीएमसी को बोरियों में जाना चाहिए, वह भी पेटियों में जा रहा है, जिस वजह से दाम गिरे है। ईरान और टर्की का सेब भी बना आफत हिमाचल की करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की सेब की आर्थिकी के लिए ईरान और तुर्की का सेब चुनौती बन गया है। पिछले साल की अपेक्षा सेब के दाम करीब तीस फीसदी तक कम मिलने का एक कारण ये भी है। बाजार में इस बार ईरान का सेब हिमाचली सेब को पछाड़ रहा है। ईरान का सेब रंग और स्वाद में श्रीनगर और किन्नौर की सेब की बराबरी करता है, जबकि वह एक हजार से 1500 रुपये प्रति पेटी तक उपलब्ध है। यह सेब मई से आना शुरू हो जाता है। वही मौसम की मार के चलते हिमाचल से आ रहा करीब 65 से 70 फीसदी सेब दागी और छोटे आकार का है। बड़े प्रदेशों और प्रमुख शहरों में बड़े आकार के सेब की मांग रहती है, इसलिए कम मांग के कारण भी दाम प्रभावित हुए हैं। बागवानों के अनुसार भारत में अफगानिस्तान के रास्ते ईरान और तुर्की से सेब का अनियंत्रित और अनियमित आयात हो रहा है जो बागवानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बागवान वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखकर ईरान और तुर्की से सेब आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी कर चुके है। इनका मानना है कि भारी मात्रा में इन देशों से सेब का आयात होने के बाद मार्केट में हिमाचली सेब की मांग कम हुई है। चिंता की बात यह है कि ईरान और तुर्की से आयात होने वाले सेब पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं है, जिसके चलते हिमाचल के सेब कारोबार पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है। दरअसल अफगानिस्तान साफ्टा (SAFTA) दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र का हिस्सा है और यहां से सेब के आयात पर कोई शुल्क नहीं लगता है। ईरान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और माना जा रहा है कि इसलिए ईरान अपना सेब अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते अटारी बॉर्डर से भारत भेजता हैं। ऐसा हो रहा है तो एक कंटेनर पर आठ लाख के करीब आयात शुल्क की चोरी हो रही है। इसके कारण ईरान का सेब सस्ता बिकता है। यदि ये सेब ईरान के रास्ते आए तो इसमें पंद्रह प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और 35 प्रतिशत सेस लगेगा। नैफेड से खरीद क्यों नहीं ? हिमाचल के बागवानों का मानना है की उनकी स्थिति इतनी बुरी नहीं होती अगर हिमाचल में भी कश्मीर की तरह नैफेड जैसी कोई केंद्रीय संस्था बागवानों का सेब खरीदती। दरअसल कश्मीर में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा जम्मू कश्मीर के सेब उत्पादकों और व्यापारियों की मदद के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआइएस) को मंजूरी दी गई है। एमआइएस के तहत नेशनल एग्रीकल्चर कोआपरेटिव मार्केटिग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नैफेड) किसानों और व्यापारियों से सीधे सेब खरीदती है। सेब की कीमत उसकी ग्रेडिंग के आधार पर होती है। इसका भुगतान सीधे बागवानों के बैंक खाते में होता है। इस योजना के तहत तीनों ग्रेड का सेब बागवानों से खरीदा जाता है। एमआइएस के तहत सेब खरीद की प्रक्रिया में ग्रामीण आबादी के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होते है। सेबों की पैकिंग, गाड़ियों में उनकी लदाई-ढुलाई और मंडियों तक पहुंचाने के काम में कई लोगों को रोजगार मिलता है और बागवानों को सेब के अच्छे दाम मिलते है। परन्तु हिमाचल में अब तक ऐसा कुछ भी नहीं है। इसीलिए हिमाचल के बागवान मांग कर रहे है कि जम्मू कश्मीर की तर्ज पर हिमाचल में भी सेब की खरीद की जाए। बागवानों ने सरकार काे तीन अलग अलग श्रेणियों में बांट कर अलग-अलग रेट भी सुझाएं है। बागवानों की मांग के बाद सरकार भी एक्शन में है। बागवानी विभाग ने नैफेड और जम्मू-कश्मीर के बागवानी विभाग से ग्रेड सिस्टम काे लेकर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। विभाग यह जानने में जुट गया है कि बाजार में सेब के दामों गिरावट आने के बाद कैसे उसे स्थिर किया जाए साथ ताकि बागवानाें काे नुकसान न हाे। साथ ही ग्रेड के आधार किस तरह से सेब की खरीद की जाए। मंडी मध्यस्थता योजना में सुधार की दरकार हिमाचल में एचपीएमसी द्वारा भी 'सी' कैटेगरी के सेब को पूरी तरह से बाजार से बाहर नहीं किया जा रहा। मार्किट इंटरवेंशन स्कीम के तहत जो 'सी' कैटेगरी का सेब उठाया जाता है उसे भी एचपीएमसी पूरी तरह इस्तेमाल करने के बजाए उसका ऑक्शन कर देता है। ऑक्शन के बाद जो लोग इस सेब को खरीद रहे है वो इसे फिर मार्किट में ले आते है जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। मौजूदा समय में 'सी' ग्रेड सेब भी मार्केट में पहुंच रहा है। इस कारण अच्छे सेब को भी बढ़िया रेट नहीं मिल पा रहे । बागवानों के अनुसार 'सी' ग्रेड सेब को मार्केट में जाने से रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। जब मार्केट में ‘ए' और 'बी’ ग्रेड सेब ही पहुंचेगा तो रेट में सुधार आएगा। मंडी मध्यस्थता योजना में सरकार 9.50 पैसे प्रति किलो की दर से सेब खरीद रही है। पर बागवानों की माने तो निम्न गुणवत्ता वाले इस सेब को परवाणू में बोली के बाद डेढ़ से ढाई रुपये प्रति किलो के दाम पर बेचा जाता है, जिसके बाद यह सेब दोबारा मार्केट में पहुंच जाता है। ऐसे में अच्छे सेब की मार्केट भी गिर रही है। बागवानों का सुझाव है कि इस सेब को बागवानों से खरीदने के बाद नष्ट कर दिया जाए और सी ग्रेड के सेब को बोरी के स्थान पर पेटी में पैक कर जूस और जैम बनाने के लिए प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाए तो फायदेमंद रहेगा। मौजूदा समय में बागवान सी ग्रेड सेब को पेटियों में पैक कर मंडियों में भेज रहे हैं। गुणवत्ता सही न होने के कारण मंडियों में ऐसे सेब को सही दाम नहीं मिल रहे साथ ही अच्छे सेब के रेट भी प्रभावित हो रहे हैं। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो सरकार का सी ग्रेड सेब स्टोर करने और ऑक्शन का खर्च भी बचेगा। अडानी और लदानी के बीच नेक्सस, तय हो दाम : विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य सिंह खुद एक बागवान भी है। विक्रमादित्य सिंह कहते है कि " सेब के दाम लगातार गिरने से प्रदेश के बागवान परेशान है। सरकार को इन बागवानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। सेब के दामों को नियंत्रित करने के लिए और बागवानों की मदद के लिए एक कमिटी का गठन किया जाना चाहिए। अडानी और लदानी के बीच में जो नेक्सस बना हुआ है, और जो बड़े निजी घराने है जो सेब को जमा करने में लगे है, इनके लिए भी दाम तय किये जाने चाहिए। इसके साथ सेब की विभिन्न ग्रेड की उचित तरीके से श्रेणियां बनाई जानी चाहिए। सेब हिमाचल की आर्थिकी का बड़ा हिस्सा है और हम इस मुसीबत के समय में किसानों बागवानों के साथ खड़े है।" लॉन्ग टर्म प्लानिंग की जरूरत : बरागटा भाजपा नेता चेतन बरागटा भी एक बागवान है और इनका कहना है कि इस बार हिमाचल का सेब ओलावृष्टि के कारण काफी अधिक प्रभावित हुआ है, जिसकी वजह से सेब की कीमतों में गिरावट आई है। परन्तु जो अच्छी गुणवत्ता का सेब है वो अब भी 2000 से अधिक कीमत पर बिक रहा है। बरागटा मानते है कि सेब के दामों पर नियंत्रण के लिए एक लॉन्ग टर्म प्लानिंग चाहिए, एक रात में कुछ भी नहीं बदलने वाला है। फ़ूड प्रोसेसेसिंग यूनिट्स चाहिए, सीए स्टोर्स चाहिए, सेब की प्रोडक्शन में गुणवत्ता का ध्यान रखने की ज़रूरत है, ऐसी बहुत सी चीज़ें है जिनके लिए किसी ने तैयारी नहीं की। अगर इन पर काम नहीं किया गया तो ये समस्या आने वाले कई सालों तक सामने आती रहेगी। तीन अलग क्षेत्र है जिन पर ध्यान देने की ज़रूरत है। पहला है सेब की प्रोडक्शन, दूसरा है सप्लाई चेन और तीसरा है मार्केटिंग। इन तीनों में ही बहुत सी खामियां है जिन्हें दूर करने की ज़रूरत है। बागवानों और सरकार को मिलकर काम करना होगा। कांग्रेस बार -बार कह रही है की सरकार की नाकामियों की वजह से दाम कम हो गए, पिछले साल जब सेब के दाम अच्छे थे तब क्या उन्होंने सरकार की सराहना की थी। अडानी के दाम गिराने से प्रभावित हुए दाम : मुंगटा बागवान एवं जिला परिषद् सदस्य कौशल मुंगटा मानते है कि हिमाचल में सेब के दाम गिरने का सबसे बड़ा कारण अडानी द्वारा कम किये गए सेब के दाम है। बीते साल के मुकाबले इस बार प्रति किलो के हिसाब से 16 रुपए कम रेट तय किए गए हैं। अडानी हिमाचल के सेब का सिर्फ 2 प्रतिशत ही खरीदता है, परन्तु फिर भी उनके दाम गिराने से हिमाचल में सेब के दाम प्रभावित हुए है। इनका आरोप है कि सेब मंडी में अडानी के इंटरफेरेंस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। हिमाचल में सेब पर एमएसपी भी नहीं है। कश्मीर में जिस तरह नैफेड के तहत सरकार सेब खरीदती है अगर ऐसी कोई व्यवस्था हिमाचल में भी हो तो बेहतर होगा। अफगानिस्तान के रास्ते बिना ड्यूटी भारत आ रहा सेब : बिष्ट प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकिन्दर सिंह बिष्ट के अनुसार इस बार सिर्फ बाजार के कारणों की वजह से ही सेब के दाम कम नहीं हुए है, बल्कि मौसम ने भी काफी काम बिगाड़ा है। इस साल शुरुआत में काफी सूखा पड़ा और बाद में ओला वृष्टि हुई ,जिसके कारण सेब की क्वालिटी प्रभावित हुई है। इस बार काफी छोटा सेब आया है। इसी का फायदा उठा कर आढ़तियों ने और बड़े कॉर्पोरेट्स ने सेब का दाम गिरा दिए। जहां दाम 400 से 500 तक गिराया जाना था वहां दाम 1000 रूपए तक गिरा दिया गया। इसके अलावा पिछले तीन सालों से तुर्की और ईरान का सेब भी भारत आ रहा है ये सेब उसी सीजन में आता है जब हिमाचल के सेब का पीक सीजन होता है। अफगानिस्तान के रास्ते ये सेब बिना ड्यूटी के भारत आ रहा है। ये सेब बहुत सस्ते दामों पर यहां आता है तो लदानी इसे खरीदते है जो हमारे सेब के दामों को प्रभावित करता है। बागवानों का खून चूस रही है निजी कंपनियां : पांजटा हिमालयन सोसाइटी फॉर हॉर्टिकल्चर एंड एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के अध्यक्ष डिंपल पांजटा मानते है कि जो दूसरे और तीसरे ग्रेड का सेब बाजार में जा रहा है वो सेब के दाम कम होने का बड़ा कारण है। सरकार या एपीएमसी को चाहिए कि वो इस सेब को खरीद कर फ़ूड प्रोसेसेसिंग यूनिट्स में या किसी भी तरह बाजार से बाहर भिजवा दे। पांजटा मानते है कि इसके अलावा जो निजी कंपनियां जैसे अडानी या कोई अन्य भी यदि अपने रेट्स कम निकालते है तो भी दाम गिरते है। इस बार भी अडानी ने दाम बहुत कम किये है। मंडियों में जिस तरह सेब के रेट गिरे हैं, यह पूरी तरह सरकारी तंत्र की विफलता है। बागवान भी जागरूक नहीं है। निजी कंपनियां बागवानों का खून चूस रही है, इनपर लगाम होनी चाहिए। इन पर भी एमएसपी लागू की जानी चाहिए। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बागवानों को निजी कंपनियों का बहिष्कार करना चाहिए। नैफेड के तहत हिमाचल का सेब भी खरीदा जाना चाहिए जिसकी कवायद हिमाचल सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है। मंडियों में रेट गिरे, रिटेल में जस के तस : सुरेंद्र सिंह यंग एंड यूनाइटेड ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह का कहना है कि संकट के समय में सेब बागवानों को राहत देने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। मंडियों में रेट गिर रहे हैं लेकिन रिटेल में रेट जस के तस हैं। एपीएमसी को बाहरी राज्यों की एपीएमसी के साथ तालमेल बैठा कर सेब के लिए सही मार्केट उपलब्ध कराना चाहिए। बागवानों को सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं है, कारण है बागवानी मंत्री का बेतुका बयान। मंत्री जी कहते है बोरियों में सेब ले जाओ, जिस मंत्री की ये मानसिकता हो उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। दूसरा सुरेश भारद्वाज जी के पास अगर किसान जाते है तो वे कहते है की मैं कुछ नहीं कर सकता, मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूँ। इन मंत्रियों को मार्किट इंटरवेंशन स्कीम का ही पता नहीं है। इन हालातों में मुझे नहीं पता कि क्या होगा। अच्छे माल को दाम मिलेंगे : हरीश ठाकुर पराला, ढली और भट्ठाकुफर आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं हरीश फ्रूट एजेंसी (एचएफए) के मालिक हरीश ठाकुर बिट्टू ने कहा कि रेट कम मिलने का मुख्य कारण ओलावृष्टि से फसल का बहुत ज्यादा प्रभावित होना है। खराब सेब आ रहा है। ओलों का दागी जो सेब एचपीएमसी को बोरियों में जाना चाहिए, वह भी पेटियों में जा रहा है। सेब के दाम मांग और आपूर्ति पर निर्भर करते हैं। रेट गिरे हैं, लेकिन अब लोग तुड़ान भी कम कर रहे हैं। लोग आढ़ती पर आरोप लगाते हैं। अडानी की बड़ी बातें हुईं, वह तो बढ़िया माल की पेटी भी 1400 रुपये ले रहे हैं, हम तो अच्छे माल के उससे भी ज्यादा दे रहे हैं। अच्छे माल को दाम मिलेंगे। आढ़ती और लदानी की सांठगांठ के आरोप गलत लगते हैं। पराला और भट्टाकुफर मंडियों की बात करें तो यहां ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर कोई आढ़ती ऐसा करता भी है तो किसान उसके पास नहीं जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों के सूचना बोर्ड पर पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की सूची होगी। इसके साथ ही प्रदेश राजस्व विभाग ने जिले के सभी पटवारियों, पंचायत सचिवों और नंबरदारों की कमेटी बनाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की वेरिफिकेशन के निर्देश दिए हैं। संबंधित क्षेत्र का पटवारी यह लिखकर देगा कि लाभार्थी के पास इस योजना का लाभ उठाने के लिए नियमों के तहत जोताई योग्य भूमि है या नहीं। इसके साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव भी लाभार्थियों का सत्यापन करेंगे। इन दोनों कर्मचारियों की ओर से तैयार रिपोर्ट तहसीलदार और उसके बाद जिला राजस्व विभाग के पास पहुंचेगी। ज़मीनी स्तर पर वेरिफिकेशन होने से इस योजना में हो रहे भ्रष्टाचार पर विराम लगेगा। जिला हमीरपुर में कुछ अपात्र लोगों ने भी पूर्व में इस योजना के तहत आवेदन कर दिया था। जांच हुई तो पाया कि ये लोग इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं थे। अपात्र लोगों के पास सरकार का 98.40 लाख रुपये फंसा हुआ है। इसमें से अभी करीब 42 लाख रुपये रिकवर हुए हैं। उधर, जिला राजस्व अधिकारी देवराज भाटिया ने बताया कि जिले के सभी पटवारियों और पंचायत सचिवों को फील्ड स्तर पर प्रधानमंत्री किसान योजना के लाभार्थियों की जांच के निर्देश दिए हैं। पंचायतों में पात्र लाभार्थियों की सूची भी लगेगी।
भाजपा प्रभारी एवं चीफ पैट्रन भारतीय पैरालंपिक संघ अविनाश राय खन्ना ने रविवार को दिल्ली में पैरालंपिक 2020 के खिलाड़ियों का वापिस भारत पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने पैरालंपिक मेडलिस्ट सुरेंद्र सिंह गुज्जर व भारत की भाविनाबेन पटेल जिन्होंने टेबल टेंनिस मुखाबले में रजत पदक जीत। उनके साथ इस अवसर पर भाजपा के कांगड़ा से सांसद कृष्ण कपूर भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पैरालंपिक 2020 में भारत का जोरदार प्रदर्शन रहा है अभी तक भारत ने कुल 19 पदक जीत आपने नाम किए है , हमारे सभी खिलाड़ियों ने इस प्रदर्शन के लिए कड़ी महेनत की है जिसके कारण भारत का यह प्रदर्शन रहा है। उन्होंने कहा हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी खिलाड़ियों के मनोबल बढ़ाने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी है। मैं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने भी पैरालंपिक 2020 में जीते खिलाड़ी के लिए 1 करोड़ की राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों एवं विभूतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह रविवार को चंडीगढ़ में 26 औद्योगिक घरानों के साथ वन टू वन रूबरू हुए और इस दौरान हिमाचल प्रदेश में इन औद्योगिक घरानों द्वारा 3307 करोड रुपए निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें करीब 15, 000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है । इस अवसर पर उद्योग निदेशक राकेश प्रजापति, उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, महाप्रबंधक ऊना एवम सिरमौर भी उपस्थित थे। जिन बड़ी कंपनियों के साथ आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, उनमें लुधियाना स्थित ट्राइडेंट कम्पनी द्वारा प्रदेश में टैक्सटाइल पार्क बनाने का प्रस्ताव दिया गया जिसमें करीब 800 करोड़ का निवेश होगा। उद्योग मंत्री द्वारा द्वारा टैक्सटाइल पार्क की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करने के लिए विभाग के अधिकारियों को शीघ्र समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए। भारत सरकार के आत्मनिर्भर अभियान के अंतर्गत पेट्रोल के आयात का खर्चा कम करने के लिए एथनॉल आधारित उद्योग स्थापित किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में लगभग एक हजार करोड़ निवेश के 6 एमओयू साइन किए गए। "बेटर टुमारो इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड" द्वारा प्रदेश में प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 490 करोड रुपए का निवेश किया जाएगा जिसमें करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा "माधव एग्रो " कंपनी द्वारा प्रदेश में 400 करोड रुपए की लागत से प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाना प्रस्तावित है जिसमें 2,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। हिमालयन ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा 150 करोड रुपए लागत की निजी क्षेत्र में हिमालयन स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी जिसमें 450 लोगों को रोजगार मिलेगा। मैटेफिजिकल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नालागढ़ क्षेत्र में डेढ़ सौ करोड रुपए की लागत से 250 बिस्तर का प्राइवेट हॉस्पिटल स्थापित किया जाना प्रस्तावित है जिसमें 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने इस अवसर पर उद्यमियों को हिमाचल प्रदेश में अधिकाधिक निवेश करने का खुला निमंत्रण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उद्यमियों को प्रदेश में निवेश के लिए हर संभव सुविधाएं, प्रोत्साहन व रियायते प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा 2 साल पहले राज्य सरकार द्वारा राज्य की पहली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया जिसकी बदौलत हमारा प्रदेश दूसरी औद्योगिक क्रांति का अग्रदूत बना। इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में दुनियाभर के निवेशकों ने भाग लिया और इस आयोजन के दौरान सरकार द्वारा 96 हजार करोड़ के प्रस्तावित निवेश के साथ सात सौ से अधिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए ।।इसके बाद 14500 करोड के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया जिसमें 28000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा इन्वेस्टर मीट के बाद किसी भी राज्य द्वारा आयोजित यह अब तक का सबसे तेज ग्राउंड ब्रेकिंग था। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अब दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी है ताकि बड़े औद्योगिक घराने प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने भविष्य के लिए प्रस्तावित औद्योगिक विकास व औद्योगिक पार्कों के लिए पिछले वर्ष के दौरान 3000 एकड़ से अधिक का भूमि बैंक बनाया है। उन्होंने कहा जल्दी ही प्रदेश को संभावित 8000 करोड निवेश का बल्क ड्रग पार्क मिलने की भी आशा है जिसमें 15000 लोगों को रोजगार देने की क्षमता होगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में दो नई पेपर मिल स्थापित होना भी प्रस्तावित है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सराहां प्रवास के दौरान हाटी समिति राजगढ़ इकाई ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल द्वारा सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देने की मांग की गयी। उन्होंने कहा कि लगभग पिछले पचास सालों से हाटी समुदाय अपनी माँग को लेकर लामबंद है। खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप और विधायक रीना कश्यप ने भी इस मांग को लेकर प्रतिबद्धता दिखाई है। हाटी समिति राजगढ़ तहसील के अध्यक्ष विकल्प ठाकुर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि करीब तीन लाख हाटियों की उम्मीदें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश सरकार से है। समिति का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और केंद्रीय जनजातीय मंत्री से भी मिल चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के समक्ष गिरिपार जनजातीय क्षेत्र का मुद्दा जोरदार ढंग से रखेंगे ताकि यथाशीघ्र हाटियों को उनका अधिकार मिल सके। इस प्रतिनिधिमंडल में हाटी समिति के महासचिव हरदेव भारद्वाज, रजनीश ठाकुर, अनिल ठाकुर, निशेष शर्मा और विशाल ठाकुर उपस्थित रहे।
छोटे पर्दे के मशहूर एक्टर और रिएलिटी शो बिग बॉस सीजन 13 के विनर सिद्धार्थ शुक्ला को लेकर चौंकाने वाली खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि 40 की उम्र में उनका दुखद निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सिद्धार्थ शुक्ला को मैसिव हार्ट अटैक आया था। जिसके बाद उनका निधन हो गया। सामने आई जानकारी के मुताबिक एक्टर को कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिद्धार्थ के निधन की खबर फैंस के साथ-साथ इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए बड़ा सदमा लेकर आई है। बीती रात ली थी दवाइयां सिद्धार्थ शुक्ला को मैसिव हार्ट अटैक आया था। जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने अस्पताल में बीती रात को ही दवाइयां ली थीं, वहीं आज गुरुवार को उनके निधन की दुखद खबर ने सभी को गहरा सदमा दिया। सिद्धार्थ टीवी शो 'बालिका वधू' में अहम किरदार में नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने बिग बॉस 13 भी जीता था। बताया जा रहा है कि उनके निधन की खबर की पुष्टि कूपर अस्पताल के ऑफिशियल ने की है। परिवार में मां और बहनें बता दें कि सिद्धार्थ के परिवार में उनकी मां और दो बहने हैं। सिद्धार्थ ने 2008 में शो 'बाबुल का आंगन छूटे ना' से एक्टिंग डेब्यू किया था। जिसके बाद 2014 में उन्होंने बॉलीवुड में 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' में सपोर्टिंग रोल भी किया था। वो बिग बॉस के अलावा रिएलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' में भी नजर आए थे।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में चार दिन बाद रॉयल सेब के दामों में उछाल आया है। मंगलवार को कुल्लू जिले की बंदरोल सब्जी मंडी में सुपर क्लास रॉयल सेब 60 रुपये प्रति किलो तक बिका है। इसके चलते बागवानों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है। इससे पूर्व इस सेब का 40 से 50 रुपये प्रति किलो भाव मिल रहा था। बंदरोल मंडी में दाम बढ़ने के बाद इसे प्रदेश की अन्य फल मंडियों में भी दाम अच्छे मिलने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।अच्छी पैदावार के बावजूद कम दाम के चलते ज्यादातर बागवानों ने तुड़ान रोक दिया है प्रदेश की बंदरोल सब्जी मंडी में अभी रोजाना 22 से 25 हजार सेब के क्रेट पहुंच रहे हैं। पहले 50 से 60 हजार क्रेट आ रहे थे। अब दाम में हल्का उछाल आने से बागवानों में आगामी दिनों में दाम बेहतर मिलने की उम्मीद जगी है।
टोक्यो पैरालंपिक में ऊंची कूद में सिल्वर मेडल जीतने वाले निषाद कुमार के भारत लौटने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में अपने आवास पर उनका स्वागत किया। अनुराग ने निषाद की सफलता पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि निषाद के प्रदर्शन से युवाओं में नए जोश का संचार हुआ है। वे प्रेरणा का नया स्रोत बनकर उभरे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निषाद का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने विकट परिस्थितियों में खुद को न केवल संभाल कर रखा बल्कि कुछ कर दिखाने के जज्बे को कायम रखा। इसी जोश के बलबूते उन्होंने टोक्यो में भारतीय तिरंगे का मान बढ़ाया। अनुराग ने निषाद को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रदेश सरकार ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कारों की सूची जारी कर दी है। सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के 17 शिक्षकों को इन पुरुस्कारों के लिए चुना है। 14 शिक्षकों का चयन किए गए आवेदनों में से किया है। इस चुनाव के लिए चयन कमेटी का गठन किया गया था। तीन शिक्षकों का चयन सरकार ने किया है। बता दें कि 5 सिंतबर को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर शिक्षकों को यह पुरस्कार देकर सम्मानित करंगे। इस मौके पर शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर भी मौजूद रहेंगे। रिकांगपिओ स्कूल प्रिसिंपल जिया लाल नेगी, रामपुर स्कूल के लेक्चरर प्रेम पाल दुल्टा, शिमला के संजौली स्कूल के लेक्चरर अजय कुमार वशिष्ठ, सोलन के बघेरी स्कूल के डीपीई सुमित सिंह, शिमला के अरहाल स्कूल के टीजीटी पंकज शर्मा, सिरमौर के गलांघाट स्कूल के टीजीटी विवेक कुमार कौशिक, सोलन के हरदेव, ऊना के बसाल स्कूल के सुभाष चंद, सोलन के बरोटीवाला स्कूल के पीईटी सुरिंदर कुमार मेहता, मंडी के खदूना स्कूल के जेबीटी इंद्रेश कुमार, बिलासपुर के बालट का घाट के संजीव कुमार, हमीरपुर के बीर बघेरा स्कूल के सुरेश कुमार, लाहौल स्पीति के केलांग स्कूल के छिम्मे आंगमो और कांगड़ा के टिहरी स्कूल के राजिंद्र कुमार का राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। वंही, कुल्लू के नग्गर स्कूल के लेक्चरर धर्म चंद, मंडी डडोह स्कूल टीजीटी कुंजन वर्मा और मंडी के थुनाग स्कूल के सीएचटी इंद्र सिंह ठाकुर का चयन सरकार द्वारा किया गया है।
जम्मू और कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के लगभग दो साल बाद, लद्दाख के प्रशासन ने हिम तेंदुए को राज्य पशु और काली गर्दन वाली क्रेन को केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्य पक्षी घोषित किया गया है। इस संबंध में केंद्र शासित प्रदेश के वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई थी। काली गर्दन वाला सारस, जो कि तत्कालीन राज्य जम्मू-कश्मीर का राज्य पक्षी भी था, भारत में केवल लद्दाख में पाया जाता है। काली गर्दन वाली क्रेन "कमजोर" के रूप में वर्गीकृत एक लंबा पक्षी है। इसकी ऊंचाई लगभग 1.35 मीटर है, पंखों का फैलाव लगभग 2-2.5 मीटर है और इसका वजन लगभग 6-8 किलोग्राम है! इसके सिर पर एक चमकदार लाल मुकुट है। आमतौर पर यह जोड़ियों में देखा जाता है, उनके प्रेमालाप नृत्य ने लद्दाख के प्रसिद्ध लोक नृत्यों में से एक-चार्ट्स को प्रेरित किया है। पश्चिमी और पूर्वी हिमालय का पहाड़ी क्षेत्र भारत में हिम तेंदुओं का निवास स्थान है। वे मुख्य रूप से लद्दाख, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में पाए जाते हैं। यह उल्लेख करना उचित है कि हंगुल पूर्ववर्ती राज्य जम्मू और कश्मीर का राज्य पशु था जिसमें लद्दाख भी शामिल था।
केलांग में आज यानि बुधवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन हुआ। इस दौरान पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह ने सरकार पर तंज कस्ते हुए कहा कि भाजपा नेता महेंद्र सिंह ठाकुर जयराम सरकार में सुपर चीफ मिनिस्टर बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल शक्ति विभाग की हालत तो ऐसी हो गई है कि जब तक मंत्री महोदय के आदेश उच्च अधिकारियों को नहीं होते हैं तब तक टेंडर तक नहीं करवाया जाता है। यही नहीं 'हर घर जल हर घर नल' योजना के तहत खरीदी गई पानी की पाइपों में भी जमकर गोलमाल किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग ने प्रदेश में इतनी पाइपे खरीदी है कि आगामी 15 सालों तक पाइपें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा है कि महेंद्र सिंह ठाकुर जयराम सरकार में सुपर चीफ मिनिस्टर बने हुए हैं। कभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के साथ उनका उलझना चर्चा का विषय बन जाता है, तो कभी कर्मचारियों व शिक्षकों का सार्वजनिक स्थल पर वह सरेआम मजाक उड़ा देते हैं। ऐसे में जयराम सरकार के सुपर चीफ मिनिस्टर हिमाचल को किस ओर ले जाना चाहते हैं यह समझ से परे है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान समय में जल शक्ति विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है जिस के पुख्ता सुबूत उनके पास है। कांग्रेस की सरकार सत्ता में आते ही जहां इस मामले की जांच करवाएंगे, वहीं उन्हें पूरा यकीन है कि जल शक्ति विभाग के कई बड़े अधिकारी भ्रष्टाचार में जांच के दौरान नपेंगे। पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि वह मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हैं कि अगर हिम्मत है तो उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले साबित व दर्ज करवा कर दिखाएं। ठाकुर कौल सिंह ने कहा है कि सुपर चीफ मिनिस्टर जल शक्ति विभाग में पूरे प्रदेश भर में सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों को रोजगार दे रहे हैं जो अन्य जिलों के लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर भी जनता के बीच जाएगी। कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश में विकास करवाने का प्रयास करें न कि हवा में घोषणाएं कर जनता को गुमराह करने का।
इस महीने की शुरुआत महंगाई के झटके के साथ हुई है। एलपीजी सिलेंडर और महंगा हो गया है। आज एक सितंबर से गैर सब्सिडी घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 25 रुपये बढ़ा दी गई है। इस बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर 884.50 रुपये हो गया है। इससे पहले 18 अगस्त को सिलेंडर का दाम 25 रुपये बढ़ा था। इससे पहले एक जुलाई को रसोई गैस की कीमतों में 25.50 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अब 14.2 किलो वाला गैर सब्सिडी LPG सिलेंडर दिल्ली-मुंबई में 884.5 रुपये, कोलकाता में 911 रुपये और चेन्नई में 900.5 रुपये बिक रहा है। इससे पहले सिलेंडर क्रमश: 859.5 रुपये, 886 रुपये और 875 रुपये बिक रहा था। घरेलू एलपीजी सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा हो गया है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 1618 रुपये की जगह अब 1693 रुपये बिक रहा है।
असम में लगातार बाढ़ से हालात बिगड़ रहे हैं। अब तक 21 से अधिक जिलों के 950 गांव बाढ़ की चपेट में हैं जिसके कारण करीब 3.63 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वंही अब तक दो मासूमों की बाढ़ में बहने से मौत हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि वह हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। वहां एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं। असम आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक राज्य के 21 से ज्यादा जिलों के 950 गांव में पानी घुस गया है। सरकारी तथ्यों के अनुसार बरपेटा जिले के चेंगा और मोरीगांव के मायोंग में एक-एक बच्चे की बाढ़ में बह जाने की वजह से मौत हो गई। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात की और हालात की जानकारी ली। प्रधानमंत्री मोदी ने सीएम को बाढ़ से निपटने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
हिमाचल सरकार कोविड के चलते बन्द किए गए जनमंच कार्यक्रम को फ़िर से शुरू करने जा रही है। 12 सिंतबर को 23 वाँ जनमंच रखा गया है। इसमें मंत्रियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। प्रदेश के 12 स्थानों पर ये जनमंच कार्यक्रम आयोजित किया जायेंगे। जिसको लेकर सरकार ने शेड्यूल जारी कर दिया है।


















































