महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर जनआशीर्वाद यात्रा में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले को लेकर शिवसेना के कार्यकर्ता जोरदार हंगामा कर रहे हैं। नारायण राणे के घर के बाहर बीजेपी-शिवसेना समर्थक आपस में भिड़ गए। इसी बाबत मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बता दें कि इस हंगामे में कई लोग घायल हो गए हैं। वंही इससे पहले केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए हैं। ये आदेश नासिक पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जारी किए है। नारायण राणे पर आरोप है कि उन्होंने सीएम उद्धव को अपशब्द कहे थे। जिसके बाद शिवसेना ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दरअसल, जब से नारायण राणे की जनआशीर्वाद यात्रा शुरू हुई है, तब से शिवसेना उनपर एग्रेसिव रही है। इससे पहले मुंबई पुलिस ने जनआशीर्वाद निकाल रहे कार्यकर्ताओं के खिलाफ करीब 22 मामले दर्ज किए थे। कल जनआशीर्वाद यात्रा कोकड़ के महाड़ इलाके में पहुंची। यहां नारायण राणे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इसी दौरान उन्होंने सीएम उद्धव को अपशब्द कहे। ये इलाका शिवसेना का गढ़ माना जाता है।
इंटरनेशनल मार्केट में आज गोल्ड के रेट में गिरावट का असर देश में भी देखा गया है। आज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर गोल्ड का रेट 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 47,499 रुपये प्रति दस ग्राम दर्ज किया गया है। वहीं चांदी के रेट में भी 0.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और ये 62,792 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो आज यहां स्पॉट गोल्ड के प्राइस में 0.2 फीसदी की मामूली गिरावट देखी गई है। स्पॉट गोल्ड 1,801.78 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। वहीं यूएस गोल्ड फ़्यूचर में आज ज्यादा बदलाव नहीं देखने को मिला और ये 1,804.90 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ था। इंटरनेशनल मार्केट में पिछले कुछ दिनों से सोने के दामों में लगातार तेजी देखने को मिल रही थी।
प्रदेश में समुद्रतल से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर कुल्लू जिले की पिन पार्वती घाटी में हिमखंड गिरने से करीब 15 हजार भेड़-बकरियां और 150 से अधिक घोड़े फंस गए हैं। 2014 में पार्वती नदी पर बना पुल बहने के बाद अब हिमखंड गिरने से वैकल्पिक मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। मानतलाई चरागाह में प्रदेश भर से 50 से अधिक भेड़पालक भेड़-बकरियां चराने गए थे। अब मौसम का मिजाज बदलने से यहां कभी भी बर्फबारी हो सकती है। इससे भेड़पालकों की चिंता बढ़ गई है। भेड़पालक पिछले सात सालों से टुंडाभुज नामक पर टूटे हुए लकड़ी के पैदल पुल की मरम्मत करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार, प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय पंचायत ने इस ओर कोई पहल नहीं की है। कुछ साल पूर्व वन विभाग कुल्लू ने यहां पुल बनाने की कवायद शुरू की थी, लेकिन विभागीय लापरवाही से इसका निर्माण नहीं हो सका।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज यानि मंगलवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सुबह 10:30 बजे शुरू हो गई है। बैठक में सरकार कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते बंदिशे बढ़ाने को लेकर फैसला ले सकती है। वंही बैठक में स्कूल-कॉलेजों में नियमित कक्षाओं को लेकर फैसला ले सकती है। गौरतलब है कि कोरोना के मामलों में वृद्धि के चलते स्कूल-कॉलेज में विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं लगने के आसार कम हैं। कोरोना के मामले बढ़ने पर ऑनलाइन पढ़ाई को ही जारी रखने का सरकार फैसला ले सकती है। शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के आने पर लगाई गई रोक के फैसले की बैठक में समीक्षा होगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों और कॉलेजों में सप्ताह में तीन-तीन दिन के लिए विद्यार्थियों को बुलाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अब मंत्रिमंडल तय करेगा कि विद्यार्थियों को बुलाना है या नहीं।
लगातार महंगे पेट्रोल डीजल की मार झेल रहे आम आदमी को आज बेहद मामूली राहत मिली है। पेट्रोल और डीजल की दोनों कीमतों में आज 15 पैसे की कटौती हुई है। इससे पहले सोमवार को तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। वहीं रविवार को पेट्रोल की कीमत में बीस पैसे की कटौती हुई थ। लगातार हो रहे विरोध के बीच पेट्रोल के दामों में यह कटौती 35 दिनों के बाद हुई है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 101.49 रुपये प्रति लीटर है तो वहीं डीजल का दाम भी 88.92 रुपये प्रति लीटर पर आ गया। मुंबई में पेट्रोल 107.52 रुपये प्रति लीटर पर खरीदा जा सकता है। और डीजल की कीमत 96.48 रुपये प्रति लीटर है।
जम्मू कश्मीर के सोपोर सुरक्षा बलों की आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ चल रही है पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है। आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि सोपोर में एनकाउंटर शुरू हुआ है।सुरक्षाबल अपना काम कर रहे है। बता दें कि सोमवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक संगठन 'द रेसिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ)' के दो शीर्ष कमांडरों को मार गिराया था। ये शहर में कई लोगों की हत्या और युवाओं को हथियार उठाने के लिए गुमराह करने में शामिल थे। सबसे लंबे समय तक सक्रिय आतंकवादियों में से एक तथा टीआरएस का प्रमुख अब्बास शेख और उसका सहयोगी (डिप्टी) शाकिब मंजूर शहर के अलोची बाग इलाक़े में पुलिस के साथ संक्षिप्त मुठभेड़ में मारे गए।
सोमवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा की नई राष्ट्रिय कार्यकारिणी का गठन भाजपा राष्ट्रिय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की सहमति से किया गया |इस नई कार्यकारिणी में देश के विभिन राज्यों से युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया। इस कार्यकारिणी में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के रहने वाले साकेश कुमार को भी शामिल किया गया है। साकेश कुमार पूर्व में हिमाचल प्रदेश भाजयुमों के प्रदेश सचिव व शिमला जिला के प्रभारी रहे चुके है इसी के साथ साकेश कुमार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् में कार्य कर चुके है। साकेश कुमार को राष्ट्रिय कार्यकारिणी में शामिल होने पर हिमाचल युवा मोर्चा द्वारा बधाई दी गयी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एंव हिमाचल कांग्रेस मामलों के सह प्रभारी संजय दत्त ने सोमवार को 23 अगस्त 2021 को जोगिन्द्र नगर में हिमाचल के पूर्व सांसद राम स्वरूप के परिवार से मुलाकात की एंव उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और उनकी धर्मपत्नी चम्पा शर्मा स्वरूप से मिले। संजय दत्त ने राम स्वरूप के 3 पुत्रों शांति स्वरूप, आन्नद सवरूप और क्रांति स्वरूप से फोन पर बात कर अपनी संवेदनायें व्यक्त की। संजय दत्त ने कहा कि राम स्वरूप एक नेक सरल सज्जन एंव लोकप्रिय नेता थे जिन्हें मण्डी की जनता ने भारी बहुमत से लोक सभा में सांसद चुनकर भेजा था। दुख की इस घडी में कांग्रेस पार्टी उनके परिवार के साथ खडी है। पिछले कल ही संजय दत्त ने पूर्व सांसद राम स्वरूप शर्मा की मृत्यु पर सीबीआई या रिटार्यड जज की निगरानी में जांच की मंडी में मांग की तथा आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार उनकी मृत्यु के कारणों को छुपाने का प्रयास कर रही है, जबकि उनके परिवार एंव मण्डी की जनता को उनकी मृत्यु के असली कारण जानने का हक है। पूर्व में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सार्वजनिक रूप में कह चुके हैं कि यदि परिवार मांग करेगा तो इस पर सीबीआई की जांच करवाई जाएगी परन्तु अब सरकार ऐसा करने से गुरेज कर रही है। आज परिवार से बात करने पर संजय दत्त को उनकी बातों में वेदना का अहसास हुआ। संजय दत्त ने मौत के कारणों को जानने के लिए सीबीआई या रिटार्यड जज की निगरानी में जांच करवाने की मांग की है।
ताबो : डा यशवंत सिंह परमार औद्योगिकी एवम वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के लाहुल स्पीति कृषि केंद्र ताबो के वैज्ञानिकों की ओर से रंगरिक गांव में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि की नई तकनीकों के बारे में जागरूक करना है। कृषि विज्ञान केंद्र ताबो की वैज्ञानिक डा मीना ( फल विभाग) ने किसानों को संरक्षित खेती के लाभ और उससे जुड़ी सभी आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे 25 किसानों को स्ट्रॉबैरी के रनर भी वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करे तो उनका मुनाफा दोगुना होने में अधिक समय नहीं लगेगा। इसके साथ फसल तैयार करने में लागत भी कम आएगी। शिविर में किसानों को संबोधित करते हुए डा सविता ने किसानों, स्वयं सहायता समूहों को फलों और सब्जियों से बनने वाले खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। इन खाद्य पदार्थों में चटनी, आचार, जैम, मुरब्बा, जूस आदि बनाया जा सकता है। इसके माध्यम से आत्म निर्भर बनेंगे। इसके साथ स्वरोजगार के साधन भी घर में विकसित हो सकेंगे।
ज्वालामुखी : प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार राणा की अध्यक्षता में शनिवार को 'रक्षाबंधन दिवस' के उपलक्ष्य पर विभिन्न स्तरों पर मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जहाँ एक ओर एल०के०जी० व यू०के०जी० की कक्षाओं के लिए 'कलर राखी' पहली और दूसरी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए ' ड्रा राखी' और तीसरी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए 'मेक राखी' शीर्षक के अंतर्गत गतिविधियाँ करवाईं गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में अपने त्योहारों को लेकर मन में तरंगे उत्पन्न होती हैं और अपनी संस्कृति के प्रति भी निश्छल प्रेम उत्पन्न होता है। स्कूल के लगभग सभी बच्चों ने बढ़-चढ़कर इन गतिविधियों में भाग लिया। कनिका, आर्यन, आयुष, कनिष्का, प्रणव, कौशिक, मान्या, हर्षित, सिमरन, कंचन, ओजस, शिवेन,प्रणव, शाइना, काव्या आदि कई बच्चों ने हर्षोल्लास के साथ अपनी गतिविधियाँ प्रस्तुत कीं। सभी बच्चों के प्रयास बहुत ही सराहनीय रहे। प्रधानाचार्य ने भी सभी बच्चों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और रक्षाबंधन संदेश देते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पर्व से भाई-बहन की कई भावनाएँ जुड़ी हैं। यह त्योहार भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक है। त्याग, प्रेम और कर्तव्य का यह बंधन है। राखी का रंग- बिरंगा धागा भाई-बहन के प्रेम के बंधन को और भी मजबूती प्रदान करता है।
जसवां-परागपुर : केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, युवा एव खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा आशीर्वाद यात्रा में रक्कड़ जनसभा में युवा नेता सुधीर शर्मा के नेतृत्व में युवाओं ने मंत्री अनुराग ठाकुर को रक्कड़ में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए ज्ञापन सौंपा। इस पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि रक्कड़ में केंद्रीय विद्यालय पर जल्द ही विचार किया जाएगा। जानकारी के अनुसार बीते बर्ष पहले रक्कड़ जनसभा में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विद्यालय खोलने की घोषणा की थी। इस विषय पर सुधीर शर्मा ने कहा कि मंत्री अनुराग ठाकुर ने हमारी मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
जसवां-परागपुर : पूर्व कामगार एवम कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कहते है कि शादियों आदि कार्यक्रमो से कोरोना बढ़ता है और दूसरी तरफ अनुराग ठाकुर की रैली में खुलेआम कोरोना नियमो की धज्जियाँ उड़ाई गयी। जिला कांगड़ा मे ही नही बल्कि हिमाचल के कई जिलों मे आयोजित हुए केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर के कार्यक्रमो मे सोशल डिस्टैन्सिंग तो दूर, अनुराग ठाकुर सहित अन्य जनता भी बिना मास्क के देखी गई। सुरिंद्र मनकोटिया ने कहा कि जहां हिमाचल पुलिस बिना मास्क घूमने वालो के चालान काट रही है और उक्त रैली मे सबको मास्क न पहने की छूट दे रखी थी। उन्होंने एक फ़ोटो शेयर करते पूछा क्या नियम सिर्फ जनता के लिए ही है। एक तरफ जहां बिलासपुर के झंडूता में तहसीलदार ओर थाना प्रभारी ने बिना मास्क घूम रहे लोगो के चालान काट दिए वही अनुराग ठाकुर की रैली में नियमो को ताक पर रख दिया गया। उन्होंने अनुराग ठाकुर से ये भी पूछा कि महंगाई कम तो हो नही रही मोदी सरकार से ? डीजल तेल पेट्रोल गेस बेरोजगारी चरम सीमा पर है अब तो सरसो का तेल भी इतना महंगा हो गया है कि युवा पकोड़े भी तल नही सकता। निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। अम्बानी ओर अडानी को फायदा पहुचाया जा रहा है। मोदी सरकार और अनुराग सिर्फ एक बात का उत्तर दे कि पुलवामा हमले में आजतक किसको गिरफ्तार किया है और इतना आरडीएक्स आया कहां से ? देश प्रदेश की जनता जानना चाहती है पुलवामा हमले के गुनहगार अभी तक पकड़े क्यों नही गए ।
कुल्लू : जिला मुख्याल्य स्थित सुल्तानपुर गंगेड़ी के देवता गुगा जाहरपीर ने कुल्लू शहर की परिक्रमा शुरू कर दी है। रक्षाबंधन के बाद देवता द्वारा शहर की परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। वहीं श्रद्धालु बेस्ब्री से देवता द्वारा की जाने वाली परिक्रमा का हर साल इंतजार करते हैं और देवता का आशीर्वाद लेते हैैं। वहीं कारदार मनोज शर्मा ने बताया कि गुगा देवता जाहरवीर का (अष्टमी) रक्षा बंधन के दिन मन्दिर परिसर में देर शाम को छत्रढाल सजाया जाता है। रक्षा बंधन के अगले दिन गुगा देवता जाहरवीर शहर की परिक्रमा कर जन्माष्टमी से एक दिन पहले हारियान के साथ अपने परिसर पर लौटते हैं व रात्रि को मंदिर में गुगा देवता जाहरवीर का छत्र ढाल सजाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिन देवता शहर व गांव की परिक्रमा कर लोगों को आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने बताया कि देवता की परिक्रमा रक्षाबंधन के अगले दिन मंदिर से शुरू होती है व शहर के साथ लगते गांव के साथ माता भेखली के मंदिर होते हुए सात दिन तक परिक्रमा करने के बाद देवता अपने मंदिर में लौटते हैं। मनोज शर्मा ने बताया कि मंदिर में नवमी के अवसर पर गुगा नवमी मनाई जाती है। इस दौरान दूर दूर से हजारों की संख्या में श्रृद्धालु देवता के मंदिर में शीश नवाकर आर्शिवाद लेते हैं। इस अवसर पर कारदार मनोज शर्मा, धीरज शर्मा, गोपाल शर्मा सहित समस्त हरियान सात दिन तक देवता की परिक्रमा के दौरान शरीक हुए।
जिला कांगड़ा के चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर का 16वां दीक्षांत समारोह सोमवार को आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने की, जबकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित हुए।राज्यपाल ने अपने संबोधन में युवा विज्ञानियों और डिग्रीधारकों से अपील की कि वे रोजगार की तलाश के बजाय रोजगार प्रदात्ता बनें। इसके लिए उन्हें स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ना चाहिए। उनके ज्ञान का लाभ समाज, विशेषकर कृषि समुदाय को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक योगदान के अलावा, वे राज्य के कृषि क्षेत्र में भी योगदान दें। युवा देश की सम्पदा हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। राष्ट्र तभी विकसित हो सकता है जब युवा केंद्रित, अनुशासित और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाएं। उन्होंने युवाओं से अपने जीवन में अनुशासन, देशभक्ति, ईमानदारी और समर्पण जैसे मूल्यों को विकसित करने का आग्रह किया। श्री आर्लेकर ने कहा कि अनुसंधान और तकनीक के माध्यम से नवाचार बड़े पैमाने पर कृषि समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगा। राज्यपाल ने स्वर्ण पदक विजेताओं, सभी डिग्रीधारकों और पूर्व विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार द्वारा 1 नवम्बर, 1978 को विश्वविद्यालय के रूप में रोपा गया यह पौधा आज देश में उच्च शिक्षा का केंद्र बन गया है। शांता कुमार की इस परिकल्पना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है और इस दिशा में योगदान देना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार की दिशा में अपनी भूमिका बखूबी निभा रहा है। पिछले साल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् ने इस विश्वविद्यालय को देश के सभी कृषि विश्वविद्यालयों और समकक्ष कृषि संस्थानों में 14वें स्थान पर आंका, जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन बधाई का पात्र है। उन्होंने विश्वविद्यालय को और अधिक कार्य करने की सलाह दी ताकि यह विश्वविद्यालय देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके। राज्यपाल ने कहा कि स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थी समाज, राष्ट्र और राज्य के लिए समर्पण की भावना से कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय से अर्जित शिक्षा और ज्ञान का भरपूर उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय देश के हिमालयी राज्यों के कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी विश्वविद्यालयों में एक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की 90 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती जिसका मुख्य व्यवसाय कृषि है। इसलिए प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के बिना प्रदेश के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। कृषि के इस योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने उत्पादन में सुधार, रोजगार के अवसर सृजित करने और परिवार की आय को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं।जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी कृषि क्षेत्र ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस महामारी का वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है लेकिन कृषक समुदाय ने यह सुनिश्चित किया कि देश की घटती अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सशक्त नेतृत्व मिल रहा है और उन्होंने इस संकट की घड़ी से देश को सफलतापूर्वक बाहर निकाला है। विभिन्न बाधाओं के बावजूद प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि देश पीपीई किट्स, वेटिंलेटर और दवाई जैसी आवश्यक वस्तुओं में आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि आज देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के कृषक समुदाय के कल्याण के लिए चिन्तित हैं और महामारी के दौरान विशेषकर किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। इस योजना के अन्तर्गत राज्य के 9.32 लाख किसानों को 1 हजार 350 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश सरकार रसायनों के न्यूनतम प्रयोग व कम निवेश से किसानों की आय को बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना का क्रियान्वयन कर रही है। प्रदेश के सभी जिलों में जिका परियोजना क्रियान्वित की जा रही है जिससेे फलों और सब्जियों के अंतर्गत क्षेत्र बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने फसलों को बन्दरों, जंगली जानवरों और बेसहारा पशुओं से बचाने के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने पूर्ण राज्यत्व के 51वें वर्ष में प्रवेश किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय को कृषि क्षेत्र में प्रदेश की यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों की पैदावार बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों का अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कृषि उत्पादन तकनीकों, विभिन्न फसलों की किस्मों, भूमि और जल प्रबंधन, जैविक संसाधनों के उपयोग व संरक्षण, जल भण्डारण, रोग और कीट नियंत्रण तकनीकों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान न केवल अतिआवश्यक है, बल्कि यह किसानों की आर्थिकी को भी सुदृढ़ करेगा। यह विश्वविद्यालय देश में अग्रणी और प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय बनकर उभरा है जिसका श्रेय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों की मेहनत और समर्पण को जाता है। उन्होंने मेडल और अवार्ड विजेता विद्यार्थियों के उज्जवल और सफल भविष्य की कामना की। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के डिजी-लाॅकर और वेबसाइट के अपडेटड वर्जन का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के जैनेटिक्स एण्ड प्लांट ब्रिडिंग विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. राजन कटोच द्वारा लिखित पुस्तक राइसबीनः एक्सप्लाॅयटिंग द न्यूट्रिशनल पोटेंशियल आॅफ एन अण्डरयूटिलाइजड लैग्यूम, आर.एस. चन्देल द्वारा लिखित पुस्तक पेस्ट्स आॅफ फ्रूट एण्ड प्लांटेशन क्राॅप्स, डाॅ. आर.के. राजू द्वारा लिखित मेज-गोल्डन ग्रेन आॅफ हिमाचल प्रदेश और विश्वविद्यालय की संयुक्त रिपोर्ट का भी इस अवसर पर विमोचन किया गया। इससे पूर्व, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में 1.13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हरित अतिथि गृह का लोकार्पण किया। पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार ने इस अवसर पर कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि 43 वर्ष पूर्व उनके मुख्यमंत्रीत्व काल के दौरान इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। इन वर्षों में इस विश्वविद्यालय ने देश के कृषि विश्वविद्यालयों के मध्य अपना एक विशेष स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों के विज्ञानियों के परिश्रम और अनुसंधान का ही परिणाम है कि आज भारत अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, जिसके परिणामस्वरूप कोरोना महामारी के दौरान देश के 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान करवाया गया। उन्होंने कहा कि कत्र्तव्य के प्रति समर्पण बलिदान नहीं बल्कि हमारे जीवन का भाग है इसलिए हमें दूसरों तथा समाज के लिए जीना चाहिए ताकि अपने जीवन को सार्थक बना सकें। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने मेडल विजेताओं और डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि यह उनकी मेहनत और समर्पण का फल है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र द्वारा सुदृढ़ आधार प्रदान करने के फलस्वरूप कोरोना महामारी के दौरान भी प्रदेश की आर्थिकी स्थिर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुना करने की परिकल्पना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय देश में कृषि क्षेत्र के विश्वविद्यालयों मेें अग्रणी है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरिन्दर कुमार चौधरी ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह में 393 विद्यार्थियों को डिग्रियां आबंटित की गईं हैं जिनमें से 262 स्नातक, 110 स्नातकोत्तर और 21 पीएचडी धारक हैं। विश्वविद्यालय के आठ विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए जबकि दो पूर्व विद्यार्थियों नन्द लाल शर्मा और तिलक राज शर्मा को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अनुसंधान व शैक्षणिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस स्वर्ण जयंती वर्ष से विश्वविद्यालय विभिन्न राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ हिमाचल के 51 स्थानीय उत्पादों के पंजीकरण का कार्य आरम्भ करेगा। कृषि मंत्री वीरेन्द्र कंवर, विधायक अरूण मेहरा, मुल्ख राज प्रेमी व रविन्द्र कुमार, अध्यक्ष वूलफेड त्रिलोक कपूर, अध्यक्ष मिल्कफेड निहाल चन्द शर्मा, पूर्व विधायक प्रवीण कुमार, डाॅ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति प्रो. परविन्दर कौशल, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक नन्द लाल शर्मा, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, विद्यार्थी और पुरस्कार विजेता विद्यार्थियों के अभिभावक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हमीरपुर जिला को जिला कांगड़ा से जोड़ने वाले व्यास नदी के पुल पर एक युवक के कपड़े, मोबाइल और चप्पल मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि उक्त युवक ने नदी में छलांग लगा दी है। पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच करने में जुटी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भलेठ निवासी एक 21 वर्षीय युवक के कपड़े और अन्य सामान व्यास नदी के पुल पर बरामद हुए हैं। सुजानपुर एसएचओ सतपाल शर्मा ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली कि पुल पर एक युवक के कपड़े मिले हैं। जांच करने पर पाया कि उक्त कपड़े और मोबाइल भी भलेठ निवासी एक युवक के हैं जो कि रविवार रात्रि अपने घर से चला गया था। सुबह जब लोग व्यास नदी के पुल पर सैर करने के लिए निकले तो उन्हें पुल पर कपड़े मोबाइल और चप्पल दिखे जिसकी सूचना उन्होंने अन्य लोगों को दी। मामले की जानकारी मिलते ही सुजानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई है। एसएचओ सतपाल शर्मा ने बताया कि पुलिस हर एंगल से छानबीन कर रही है। उन्होंने बताया कि युवक के घर से पुल तक जाने वाले रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीम को भी सूचना दे दी गई है।
हमीरपुर : जन आशीर्वाद यात्रा सोमवार को हमीरपुर में गांधी चौक पहुंची जहाँ केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल, मंत्री वीरेंद्र कंवर, विक्रम ठाकुर, राजिंद्र गर्ग, उप सचेतक कमलेश कुमारी, विधायक नरेंद्र ठाकुर, संजीव कटवाल, अजय राणा, सुमित शर्मा, नरेंद्र अत्रि, नवीन शर्मा, वंदना विशेष रूप में उपस्थित रहें । सुरेश कश्यप ने सम्मेलम को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमीरपुर के लिए खुशी का दिन है, हमीरपुर का बेटा अनुराग ठाकुर आज हमीरपुर के प्रवास पर है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल को बधाई देते हुए कहा कि जिस प्रकार से अनुराग ठाकुर को केंद्र में इतने विशेष मंत्रालय से नवाजा गया है उससे पूरे देश और दुनिया मे हिमाचल का नाम रोशन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल को इस बड़े मान सम्मान के लिए धन्यवाद किया। अनुराग ठाकुर ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा की आपके आशीर्वाद से ही मैं केंद्र में अच्छा काम कर सका, आपने मुझे बल दिया तो मैंने काम किया। आप सबने मुझे 4 बार का सांसद बनाया और मुझे मेरी नई पहचान दी। जब मैं भाजपा युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष था तब आप नौजवानो ने मुझे ताकत दी जब लाल चौक की यात्रा बुलाई तब भी आप आए। उन्होंने कहा कि हमारी बहनों ने दिन रात पार्टी के लिए काम किया और मुझे जिताया। यात्रा के चलते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रक्षा बंधन पर घर नहीं गए, जो हमारे पार्टी के कार्यकर्ता नही है वो भी आगे आकर हाथ हिला कर हमें आशीर्वाद दे रहे है। उन्होंने कहा जन आशीर्वाद यात्रा ने एक जन आंदोलन का रूप लिया है, आज बज़ुर्गों ने भी यात्रा का इंतज़ार किया, अपने आर्शीवाद दिया गले भी लगाया। उन्होंने कहा अनुराग ठाकुर को यह बड़ी जिम्मेदारी, मान सम्मान नही पूरे हिमाचल को मिला है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर क्षेत्र का सांसद होना मेरा सौभग्य है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल की मेहनत है की पूरे प्रदेश में 40 साल पूर्व के कार्यकर्ता भी हमें मिले रहे है और आशीर्वाद दे रहे है। आज हमारे बुजुर्ग खुश है की केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है और डबल इंजन की सरकार प्रदेश में चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को पूरे विश्व मे सशक्त बनाया है। कोविड के समय आज पूरे देश मे 55 करोड़ लोगों को वैक्सीनशन लग चुकी है यह बहुत तेज गति है। उन्होंने कहा मैं एक चीज आपसे मांगने आया हूं कहीं पर मेरे कदम डगमगा जाए तो मुझे बता देने की प्रदेश की सेवा में मेरी ओर से कोई कमी ना आए।उन्होंने कहा की हिमाचल को देव भूमि के साथ-साथ खेल भूमि भी बनाएंगे। प्रेम कुमार धूमल ने मंत्री अनुराग ठाकुर को आशीर्वाद देते हुए यात्रा को शुभकामनाएं देकर रवाना करवाया।
पश्तो जुबान में छात्रों को तालिबान कहा जाता है। नब्बे के दशक की शुरुआत में जब सोवियत संघ अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुला रहा था, उसी दौर में तालिबान का उभार हुआ। माना जाता है कि पश्तो आंदोलन पहले धार्मिक मदरसों में उभरा और इसके लिए सऊदी अरब ने फंडिंग की। इस आंदोलन में सुन्नी इस्लाम की कट्टर मान्यताओं का प्रचार किया जाता था। जल्दी ही तालिबानी अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच फैले पश्तून इलाके में शांति और सुरक्षा की स्थापना के साथ-साथ शरिया क़ानून के कट्टरपंथी संस्करण को लागू करने का वादा करने लगे। इसी दौरान दक्षिण पश्चिम अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का प्रभाव तेजी से बढ़ा। सितंबर, 1995 में तालिबान ने ईरान की सीमा से लगे हेरात प्रांत पर कब्ज़ा किया। इसके ठीक एक साल बाद तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा जमाया। 1996 में तालिबान ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति रहे बुरहानुद्दीन रब्बानी को सत्ता से हटाया था। रब्बानी सोवियत सैनिकों के अतिक्रमण का विरोध करने वाले अफगान मुजाहिदीन के संस्थापक सदस्यों में थे। साल 1998 आते-आते करीब 90 प्रतिशत अफगानिस्तान पर तालिबान का नियंत्रण हो गया था। धारणा हैं कि सोवियत सैनिकों के जाने के बाद अफगानिस्तान के आम लोग मुजाहिदीन की ज्यादतियों और आपसी संघर्ष से ऊब गए थे इसलिए पहले पहल तालिबान का स्वागत किया गया। भ्रष्टाचार पर अंकुश, अराजकता की स्थिति में सुधार, सड़कों का निर्माण और नियंत्रण वाले इलाके में कारोबारी ढांचा और सुविधाएं मुहैया कराना- इन कामों के चलते शुरुआत में तालिबानी लोकप्रिय भी हुए। पर इसी दौरान तालिबान ने सज़ा देने के इस्लामी तौर तरीकों को लागू किया जिसमें हत्या और व्याभिचार के दोषियों को सार्वजनिक तौर पर फांसी देना और चोरी के मामले में दोषियों के अंग भंग करने जैसी सजाएं शामिल थीं। पुरुषों के लिए दाढ़ी और महिलाओं के लिए पूरे शरीर को ढकने वाली बुर्क़े का इस्तेमाल जरूरी कर दिया गया। तालिबान ने टेलीविजन, संगीत और सिनेमा पर पाबंदी लगा दी और 10 साल और उससे अधिक उम्र की लड़कियों के स्कूल जाने पर रोक लगा दी। तालिबान पर मानवाधिकार के उल्लंघन और सांस्कृतिक दुर्व्यवहार से जुड़े कई आरोप लगने शुरू हो गए थे। इसका एक बदनामी भरा उदाहरण साल 2001 में तब देखने को मिला जब तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध के बाद भी मध्य अफ़ग़ानिस्तान के बामियान में बुद्ध की प्रतिमा को नष्ट कर दिया। तालिबान को बनाने और मजबूत करने के आरोपों से पाकिस्तान लगातार इनकार करता रहा है लेकिन इस बात में कोई संदेह नहीं है कि शुरुआत में तालिबानी आंदोलन से जुड़ने वाले लोग पाकिस्तान के मदरसों से निकले थे। अफ़ग़ानिस्तान पर जब तालिबान का नियंत्रण था तब पाकिस्तान दुनिया के उन तीन देशों में शामिल था जिसने तालिबान सरकार को मान्यता दी थी। पाकिस्तान के अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने भी तालिबान सरकार को स्वीकार किया था। इस बीच तालिबान के राज में अफगानिस्तान अल क़ायदा का ठिकाना बना गया। 11 सितंबर, 2001 को न्यूयार्क वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद दुनिया भर का ध्यान तालिबान पर गया। हमले के मुख्य संदिग्ध ओसामा बिन लादेन और अलकायदा के लड़ाकों को शरण देने का आरोप तालिबान पर लगा। सात अक्टूबर, 2001 को अमेरिका के नेतृत्व में सैन्य गठबंधन ने अफगानिस्तान पर हमला कर दिया और दिसंबर के पहले सप्ताह में तालिबान का शासन खत्म हो गया। हालांकि दुनिया के सबसे बड़े तलाशी अभियान के बाद भी ओसामा बिन लादेन और तब तालिबान प्रमुख रहे मुल्ला मोहम्मद उमर और उनके दूसरे साथी अफ़ग़ानिस्तान से निकलने में कामयाब रहे। तालिबान गुट के कई लोगों ने पाकिस्तान के क्वेटा शहर में पनाह ली और वे वहां से लोगों को निर्देशित करने लगे थे। हालांकि पाकिस्तान सरकार क्वेटा में तालिबान की मौजूदगी से हमेशा इनकार करती आई है। इस बीच अफगानिस्तान में भारी संख्या में विदेशी सैनिकों की मौजूदगी के बाद भी तालिबान ने धीरे-धीरे खुद को मजबूत किया और अफगानिस्तान में अपने प्रभाव को बढ़ाया। साल 2001 से शुरू हुई अमेरिकी और मित्र सेनाओं की कार्रवाई में पहले तालिबान सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक धकेल दिया गया लेकिन 2012 में नाटो बेस पर हमले के बाद फिर तालिबान का उभार हुआ। सितंबर, 2012 में तालिबान लड़ाकों ने काबुल में कई हमले किए और नाटो के कैंप पर भी धावा बोला। साल 2013 में शांति की उम्मीद तब जगी जब तालिबान ने कतर में दफ्तर खोलने का ऐलान किया। हालांकि तब तालिबान और अमेरिकी सेना का एक दूसरे पर भरोसा कमजोर था जिसके चलते हिंसा नहीं थमी। 2015 में तालिबान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कुंडूज के इलाके पर कब्जा कर फिर से वापसी के संकेत दे दिए। ये ऐसा वक्त था जब अमेरिका में सेनाओं की वापसी की मांग जोर पकड़ रही थी। अफगानिस्तान से अमेरिका की रुचि कम होती गई और तालिबान मजबूत होता गया। इसी के साथ पाकिस्तानी आतंकी संगठनों, पाकिस्तान की सेना और आईएसआई की खुफिया मदद से पाक सीमा से सटे इलाकों में तालिबान ने अपना बेस मजबूत किया। अगस्त, 2015 में तालिबान ने स्वीकार किया कि संगठन ने मुल्ला उमर की मौत को दो साल से ज़्यादा समय तक जाहिर नहीं होने दिया। मुल्ला उमर की मौत कथित स्वास्थ्य समस्याओं के चलते पाकिस्तान के एक अस्पताल में हुई थी। इसी महीने समूह ने मुल्ला मंसूर को अपना नया नेता चुने जाने की घोषणा की। मुल्ला मंसूर की हत्या अमेरिकी ड्रोन हमले में मई, 2016 में हुई और उसके बाद संगठन की कमान उनके डिप्टी रहे मौलवी हिब्तुल्लाह अख़ुंज़ादा को सौंपी गई, अभी इन्हें के हाथों में तालिबान का नेतृत्व है। फरवरी, 2020 में अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौता हुआ। कई दौर की बातचीत के बाद ये समझौता हुआ था। इसके बाद तालिबान ने शहरों और सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद कुछ ख़ास तरह के लोगों को निशाना बनाने की शुरुआत की और ऐसे हमलों से उसने अफगानिस्तान की जनता को आतंकित कर दिया। अप्रैल 2021 में अमेरिकी सेनाओं की वापसी के बाइडेन के ऐलान के बाद तालिबान ने मोर्चा खोल दिया और करीब 90 हजार लड़ाकों वाले तालिबान ने 3 लाख से अधिक अफगान फौजों को सरेंडर करने को मजबूर कर दिया। अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी, उनके प्रमुख सहयोगियों, तालिबान से लड़ रहे प्रमुख विरोधी कमांडर अब्दुल रशीद दोस्तम और कई वॉरलॉर्ड्स को ताजिकिस्तान और ईरान में शरण लेनी पड़ी। अब फिर अफगानिस्तान पर तालिबान का राज हैं। तालिबान राज में नर्क थी महिलाओं की ज़िंदगी, अब फिर खौफ तालिबानी राज में महिलाओं के लिए ऐसे कठिन नियम-कानून बनाए जाते हैं, जो मानवाधिकारों का भी सीधा हनन हैं। शरिया कानून का हवाला देकर महिलाओं के तमाम अधिकार छीन लिए जाते हैं।पूर्व में जब अफगानिस्तान में तालिबान का शासन था, अफगान महिलाओं ने बहुत कुछ सहा है। अब एक बार फिर रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महिलाओं और लड़कियों को उन्हीं नियमों के मुताबिक रहना पद सकता हैं। तालिबान अपनी खौफनाक सज़ाओं के लिए भी काफी कुख्यात रहा है। नियम तोड़ने पर क्रूर सज़ा दी जाती हैं। तालिबान राज में महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत किया जाना और पीट-पीटकर मार दिया जाना आम सज़ा थी। अवैध संबंधों के लिए महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर मार दिया जाता है। इसी तरह कसे कपड़े पहनने पर भी यही सज़ा दी जाती है। कोई लड़की अगर अरेंज मैरिज से भागने की कोशिश करती है तो उसकी नाक और कान काटकर मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। अगर महिलाएं नेल पेंट कर लें तो उनकी उंगलियां काट देने तक की क्रूर सजा दी जाती है। हालांकि अफगानिस्तान में दोबारा कब्जे के बाद तालिबान कुछ रियायत देने के संकेत तो दे रहा है, पर उसका इतिहास इसकी तस्दीक नहीं करता। तालिबान पर भरोसा किये जाने का कोई ठोस कारण नहीं हैं। महिलाओं की जिंदगी नर्क बनाने वाले कुछ नियम - महिलाएं सड़कों पर किसी भी करीबी रिश्तेदार के बगैर नहीं निकल सकतीं। - महिलाओं को घर के बाहर निकलने पर बुर्का पहनना ही होगा। - पुरुषों को महिलाओं के आने की आहट न सुनाई दे, इसलिए हाई हील्स नहीं पहनी जा सकती। - सार्वजनिक जगह पर अजनबियों के सामने महिला की आवाज सुनाई नहीं देनी चाहिए। - ग्राउंड फ्लोर के घरों में खिड़कियां पेंट होनी चाहिए, ताकि घर के अंदर की महिलाएं दिखाई न दें। - महिलाएं तस्वीर नहीं खिंचवा सकती हैं, न ही उनकी तस्वीरें अखबारों, किताबों और घर में लगी हुई दिखनी चाहिए। - महिला शब्द को किसी भी जगह के नाम से हटा दिया जाए। - महिलाएं घर की बालकनी या खिड़की पर दिखाई नहीं देनी चाहिए। - महिलाएं किसी भी सार्वजनिक एकत्रीकरण का हिस्सा नहीं होनी चाहिए। - महिलाएं नेल पेंट नहीं लगा सकती हैं, न ही वे मर्जी से शादी करने का सोच सकती हैं। शरिया क़ानून के मुताबिक हक़ के मायने क्या हैं ? दावा किया जा रहा है कि आज का तालिबान बदल गया है, पर ये फिलवक्त पुख्ता तरीके से नहीं कहा जा सकता है। ये भी तय है कि उनकी विचारधारा नहीं बदली है। अब तालिबान शरिया कानून के मुताबिक़ ही महिलाओं को हक़ देने की बात कर रहा हैं। पर इसके मायने क्या हैं इस पर स्पष्ट नहीं बोल रहा। पर आज के अफगानिस्तान में पहले के मुक़ाबले महिलाएं साक्षर है, आज के अफगानिस्तान में महिलाएं नौकरी कर रही हैं। क्या तालिबान इन लड़कियों और महिलाओं को बुर्का पहना कर दोबारा घर में बैठने पर विवश करेगा, या इन्हें इनके अधिकार देगा, इसका जवाब कोई नहीं जानता। सवालों के घेरे में अमेरिका, आखिर कहाँ हुई चूक ? अफगानिस्तान पर तालिबान का राज कायम हुआ तो सवालों के घेरे में सबसे पहले अमेरिका आया। हर तरफ से आवाज उठने लगी अमेरिका ने अफगानिस्तान से सेना को वापस क्यों बुलाया। आलोचनाओं का जवाब देने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन खुद सामने आए और साफ कह दिया कि हम फेल नहीं हुए हैं, अफगान लीडरशिप और सेना ने हाथ खड़े किए हैं। बाइडेन ने ये भी कहा कि हमने तो अफगान सेना पर बड़ा खजाना खर्च किया, उन्हें ट्रेनिंग दी, हथियार दिए। बाइडेन ने अफगान सेना को जो हथियार देने की बात की है, वो हथियारों का जखीरा भी अब तालिबान के काम आ रहा है। इसका नतीजा ये हुआ है कि बैठे-बिठाए तालिबान अब कई गुना ताकतवर हो गया है। अमेरिकी फौज अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा अफगानिस्तान में छोड़कर चली गई थी। अब सब कुछ तालिबान के हाथ में है। टैंक से लेकर बख्तरबंद गाड़ियां और तोप, हेलिकॉप्टर से लेकर राइफलें तक, तमाम अत्याधुनिक वेपंस अब तालिबान के लोग इस्तेमाल करेंगे। तालिबान को मिले ये हथियार - 44 दमदार टैंक - 1016 बख्तरबंद गाड़ियां - कम से कम 775 तोपें - लैंडमाइन से बचाने वाले 20 वाहन यानी सैकड़ों बख्तरबंद गाड़ियां और मशहूर हम्वीज़ तालिबानियों के हाथ में आ चुकी हैं। इसका मतलब ये है कि तालिबानी बिलकुल उसी तरह से मूवमेंट कर जिस तरह की मूवमेंट सेनाएं करती हैं। तालिबान के हाथ जो तोपें आई हैं उनमें अमेरिका की US 155mm M114A1 होइटसर तोपें हैं। ऐसी 24 तोपें अमेरिका ने अफगान सेना को दी थी। अमेरिका की मैक्सप्रो माइन प्रोटेक्टेड गाड़ियां भी तालिबान के लड़ाकों को मिल गई हैं जिनकी मदद से तालिबान पहले के मुकाबले और ज़्यादा खतरे उठा सकते है। इस तरह अमेरिका फौज जाते-जाते तालिबान की झोली में ऐसे हथियार डाल गई है जो उसकी सैन्य ताकत को पहले से कई गुना बढ़ा देंगे। भारत पर भी पड़ेगा असर अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद भारत के कूटनीतिक गलियारों में गंभीर चिंता नजर आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि तालिबान का पूर्ण शासन भारत सहित पूरे इलाके के लिए आतंकवाद की बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। इसके अलावा भारतीय व्यापार व निवेश पर भी प्रतिकूल असर पड़ता दिख रहा है। तालिबान ने अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण बनाने के साथ ही भारत के साथ व्यापार रोक दिया है। अब न तो काबुल को कुछ निर्यात किया जा सकता है और न ही वहां से किसी चीज का आयात संभव है। इसके चलते बाजार में ड्राईफ्रूट्स आदि के महंगा होने की संभावना जताई जा रही है। चीन व पाकिस्तान का तालिबान पर असर रणनीतिक संबंधों के लिहाज से भी भारत के लिए चुनौती पेश कर सकता है। जानकारों का कहना है कि भारत ने तीन बिलियन डॉलर का निवेश अफगानिस्तान में किया है, उसकी सुरक्षा और चाबहार के विस्तार जैसे मसलों पर नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ेगी। तालिबान के साथ मिलकर चीन और पाकिस्तान क्या रुख अपनाते हैं , ये भी देखना होगा। इस बीच भारत ने अफगानिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों ( हिन्दू व सिखों ) को शरण देने का एलान किया हैं।
जो अपेक्षित था, वो ही हुआ। कैबिनेट में प्रमोशन के बाद पहली बार हिमाचल पहुंचे अनुराग ठाकुर की जन आशीर्वाद यात्रा में शक्ति और भक्ति दोनों दिखे। धूमल पुत्र के स्वागत सत्कार में उमड़ी भीड़ से फिर साबित हो गया की हिमाचल भाजपा के सबसे बड़े धड़े की आस्था अब भी समीरपुर दरबार में ही है। इसे सियासी मजबूरी समझे या कुछ और, मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री तक हर कोई अनुराग के स्वागत के लिए तत्पर रहा। इस यात्रा में कई रोचक झलकियां दिखी। कहीं पुराने विरोधियों ने अनुराग के समर्थन में नारे लगाए तो कहीं अपनों के चेहरों पर भी नूर कुछ कम सा दिखा। 2017 में प्रो. प्रेम कुमार धूमल के चुनाव हारने के बाद से जो निष्ठावान कोप भवन में दिख रहे थे, वे अब नई ऊर्जा के साथ मैदान में है। जो सियासी परिस्तिथि देख पाला बदल गए थे उन्हें भी अब दोबारा सोचना पड़ रहा है। तो कुछ ऐसे भी है जो कहीं के नहीं रहे थे, अब फिर से धूमल परिवार की छत्रछाया में पहुँचते दिख रहे है। ये ही राजनीति है, हर पल बदलती सियासी ग्रह दशा कब क्या करवा दे, कोई नहीं जानता। बहरहाल, सियासी क्षितिज में अनुराग का सितारा खूब चमक रहा है। केंद्र में अनुराग के बढ़े कद और हिमाचल में धूमल की बढ़ती सक्रियता ने हिमाचल भाजपा की सियासी गणित पूरी तरह बदल दी है। इसका असर कई कुंडलियों पर पड़ना तय है। उधर, प्रो धूमल के निष्ठावान अब अनुराग ठाकुर में भविष्य देख रहे है। फिलवक्त इन निष्ठावानों की तमन्ना ये ही है कि 2017 में जो नहीं हुआ वो 2022 में हो जाए। जो कहीं के नहीं रहे वो भी अब यहां के होंगे 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रेम कुमार धूमल के चुनाव हारने के बाद धूमल के कई समर्थकों को जयराम मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। पर दिलचस्प बात ये है कि धूमल की कोप दृष्टि से चलते भी कई नाम मंत्रिमंडल से कट गए थे। माना जाता है इनमें एक ऐसे नेता भी थे जो जयराम और शांता कुमार की गुड बुक्स में तो कभी थे ही नहीं, पर विधानसभा चुनाव से पहले धूमल के प्रति भी निष्ठावान नहीं थे। सो धूमल के असर ने इन्हें पूरी तरह बेअसर कर दिया। प्रो धूमल के लिए नारे लगाने वाले ये नेता अब अनुराग का राग अलापने लगे है। बदली स्थिति - परिस्थिति में जानकार मानते है कि जो कहीं का भी नहीं था, वो भी अब यहीं का होना चाहता है, यानी समीरपुर दरबार में शरण चाहता है। पर अब सिर्फ इनके चाहने से क्या होगा कौन इधर, कौन उधर, कौन किधर...सब कंफ्यूज कितने चेहरे लगे हैं चेहरों पर, क्या हक़ीक़त है और सियासत क्या...कौन इधर है, कौन उधर है, कौन किधर है, हिमाचल भाजपा में सब कंफ्यूजन है। दरअसल, जयराम राज में धूमल कैंप के कई नेता हालात से समझौता कर पाला बदल गए और जिन्होंने नहीं बदला वो हाशिये पर ही रहे। हालांकि चंद ऐसे भी है जिन्हें संतुलन साधने के लिए सरकार में एडजस्ट किया गया। माहिर मानते है कि अब भाजपा के भीतर फिर से हावी होती दिख रही धूमल-अनुराग लहर में निष्ठा बदल चुके नेताओं को सोचना पड़ सकता है। वहीँ सरकार में बैठे कुछ नेता भी तेवर के जेवर पहन सकते है। इन सबके बीच आम कार्यकर्त्ता कंफ्यूज है। धूमल कैंप की शक्ति का सूचकांक बढ़ता जायेगा या सीएम गुट का मास्टर स्ट्रोक अभी बाकी है, ये फिलवक्त सबसे बड़ा सवाल है। धूमल विरोधियों को सत्य तो स्वीकारना होगा सियासी चश्मे से देखे तो अनुराग ठाकुर की जन आशीर्वाद यात्रा धूमल गुट का शक्ति प्रदर्शन भी था। विरोधियों को ये सत्य स्वीकारना होगा कि धूमल गुट का जो जलवा इस जन आशीर्वाद यात्रा में दिखा वैसा क्रेज 2017 के बाद कभी नहीं दिखा। अब कारण चाहे बेहतर इवेंट मैनेजमेंट हो या जन समर्थन, ये विश्लेषण का विषय है। ज्यादा पुरानी बात नहीं है, अप्रैल में हुए नगर निगम चुनाव में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वार्ड -वार्ड घूमकर प्रचार किया था और कई स्थानों पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों का हाल किसी से छिपा नहीं है। जानकार मानते है कि उस चुनाव में सीएम को सीधे तौर पर वार्डों की गलियों में घुमाकर रणनीतिकारों ने बना बनाया भ्रम ध्वस्त कर दिया। और तभी से आम कार्यकर्ता के मन में भी संशय उत्पन्न हुआ। जयराम अब तक हिट, अब होगा असल इम्तिहान 2017 में जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री जरूर बने लेकिन अब तक का उनका कार्यकाल चुनौतियों से भरा रहा है। कभी भाजपा में हावी गुटबाजी, तो कभी कोरोना काल ने उनका जमकर इम्तिहान लिया। इस पर खुद को सर्वमान्य नेता साबित करने की उनकी जद्दोजहद अब भी जारी है। पर तमाम चुनौतियों के बावजूद अब तक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अधिकांश मोर्चों पर हिट साबित हुए है। पहले 2019 के आम चुनाव में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया। तदोपरांत पच्छाद और धर्मशाला में हुए उपचुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की। फिर इसी साल जनवरी में हुए पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव में भी भाजपा इक्कीस रही। हालांकि इसके बाद हुए चार नगर निगम चुनाव में उन्हें पहला झटका लगा, जहाँ कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया। पर असल परीक्षा तो अभी शेष है। चार अनचाहे उपचुनाव भाजपा के साथ -साथ खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी इम्तिहान लेंगे। जानकार मानते है कि यहाँ परिणाम प्रतिकूल रहा तो पार्टी के भीतर भी खुलकर विरोध की स्थिति आ सकती है। सत्ता-संगठन में जयराम की जय बीते साढ़े तीन साल में तीन नेता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुके हैं। पहले थे सतपाल सिंह सत्ती जिनका कार्यकाल 2019 में पूरा हुआ। इसके बाद माननीय विधानसभा अध्यक्ष बना दिए गए डॉ राजीव बिंदल किसी तरह 2019 के अंत में प्रदेश अध्यक्ष बनने में कामयाब हुए। पर कोरोना काल में स्वास्थ्य घोटाले के बाद नैतिकता के आधार पर बिंदल को पड़ छोड़ना पड़ा। फिर कमान मिली शिमला सांसद सुरेश कश्यप को। माहिर मानते है की बतौर प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की तैनाती सीएम जयराम ठाकुर का मास्टर स्ट्रोक रहा है। अब सत्ता के साथ -साथ संगठन की डोर भी अप्रत्यक्ष तौर पर जयराम ठाकुर के हाथ में ही है। कोई इसे बेहतर तालमेल के तौर पर देखता है, तो कोई सत्ता द्वारा संगठन के हाईजैक के तौर पर। पर जो भी हो संगठन में सीएम जयराम ठाकुर का भरपूर असर दिखता है। शांता गुट अब एक किस्म से जयराम गुट मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्णय लेनी की क्षमता को लेकर भी सवाल उठते रहे है और उनके कैबिनेट में तथाकथित सुपर सीएम होने पर भी विरोधी चुटकी लेते रहे है। पर उनका अब तक का कार्यकाल बेदाग़ रहा है। एकाध मामलों को छोड़ दे तो सरकार भी बेदाग़ है, कोई बड़ा आरोप न तो सरकार पर है और न ही खुद सीएम पर। आम जन के बीच मुख्यमंत्री का ये सरल व्यक्तित्व और ईमानदार छवि उनकी असल ताकत है जिसका तोड़ विरोधियों के पास नहीं है। इस पर हिमाचल भाजपा का शांता गुट अब एक किस्म से जयराम गुट हो चूका है। जयराम ठाकुर बेशक अपना अलग मजबूत धड़ा बनाने में कामयाब नहीं हो सके लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के निष्ठावानों के बुते उनकी ताकत कमतर भी नहीं है।
जम्मू संभाग के अरनिया सेक्टर में सोमवार सुबह एक संधिग्द ड्रोन देखा गया है। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस और बीएसएफ की टीम तलाशी अभियान चला रही है। अभी तक किसी प्रकार की बरामदगी नहीं की गयी है। एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अरनिया सेक्टर में सैनिकों द्वारा आसमान में लाल और पीली रोशनी देखी गई। जिसको निशाना बनाते हुए सैनिकों ने 25 राउंड फायरिंग की। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान की ओर चला गया। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद और विशेषकर इसी साल फरवरी महीने में हुए सीजफायर समझौते के बाद से ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। घाटी में अमन बहाली से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसी के चलते सीमा पार से आतंकी वारदातों को अंजाम देने और आतंकियों तक हथियार पहुंचाने के लिए ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है।
दाड़लाघाट : भारतीय जनता पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक करनैल राणा द्वारा दाड़लाघाट के निवासी ओमप्रकाश गौतम को सोलन जिला का सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का संयोजक बनाए जाने पर क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। एक सादे समारोह में ओम प्रकाश गौतम का इस नियुक्ति पर फूल मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस नव नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए तथा अभिनंदन करते हुए क्षेत्र के भाजपा जिला सचिव राकेश गौतम,अर्की भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष जगदीश्वर शुक्ला, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओपी गांधी, जयनंद शर्मा, ओबीसी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र चौधरी, बंटू शुक्ला, कृष्ण चंद भट्टी, प्रेम शर्मा, पवन गौतम, नरेश गौतम, धनीराम चौहान, नरेश गिट्ठू, खेम चंद भोला इत्यादि ने अर्की भाजपा मंडल अध्यक्ष डीके उपाध्याय एवं प्रदेश के हिमको फेडरेशन के चेयरमैन रतन सिंह पाल का धन्यवाद किया है।
अशोका चक्र से सम्मानित शहीद मेजर सुधीर वालिया की बहन के लिए रविवार को रक्षाबंधन का दिन एक भावुक पल था। 20 सालों के लंबे इंतजार के बाद यह पहला मौका था की शहीद मेजर सुधीर वालिया की बहन आशा वालिया ने पालमपुर में शहीद भाई की प्रतिमा स्थापित होने के बाद पहली बार आज प्रतिमा पर भाई को राखी बांधी और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर शहीद मेजर सुधीर वालिया की बहन आशा वालिया ने देश की सुरक्षा में डटे भारतीय जवानों और हर भाई की लंबी उम्र की कामना की और रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस मौके पर शहीद की बहन आशा वालिया के साथ ऋषिका, जैस्मिन तथा बहनोई परवीन आहलूवालिया प्रतिमा स्थल पर उपस्थित रहे।
पालमपुर : हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला कांगड़ा इकाई के नवनिर्वाचित अध्यक्ष हर्षवर्धन राणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार से भेंट की। हिमाचल प्रदेश प्रवक्ता संघ ने विपिन सिंह परमार के निवास ननाओं में उनसे भेंट की। विधान सभा अध्यक्ष ने प्रवक्ता संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष हर्षवर्धन राणा को अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर्षवर्धन राणा के नेतृत्व में प्राध्यापक संघ और मजबूत होगा। उन्होंने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को सम्मनित करते हुए संघ के पदाधिकारियों को उनकी समस्याओं और मांगों को सुलझाने के लिये हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मी सरकार की रीढ़ के रूप में कार्य करते हुए सरकार की कल्यणकारी योजनाओं और नीतियों को आम आदमी तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार समय समय पर सरकारी कर्मियों की यथासंभव मांगों को पूर्ण किया है और करोड़ों रुपये वितीय लाभ भी समय समय उपलब्ध करवाए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने संघ को भरोसा दिलाया कि अध्यापकों की जो भी समस्याएं और मांगे हैं, उन्हें सुलझाने में सहयोग किया जाएगा तथा सरकार के समक्ष उनकी समस्याओं को पुरजोर तरीके से रखकर हल करवाया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनिल नाग, विजय शर्मा निवर्तमान अध्यक्ष राकेश भढ़वाल, धीरज व्यास, विजय राणा, सतीश स्याल, सतीश कटोच, लेखराज, मिलाप, संजय सूद, अकाश दीप शर्मा ,सिकंदर मिन्हास , राजकुमार, सुधीर गुलेरिया सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।
शिमला : भाषा एवम संस्कृति विभाग जिला शिमला द्वारा संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत श्रावणी पूर्णिमा व संस्कृत दिवस की पूर्व संध्या पर गेयटी थियेटर के कांफ्रेंस हॉल मे संस्कृत विद्वानों की लेखक गोष्ठी व कवि सम्मेलन का आयोजन करवाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ संस्कृत विद्वान डा मदन मोहन शर्मा ने की तथा जगत प्रसाद शास्त्री विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डा नंद लाल भारद्वाज ने संस्कृत भाषा मे मंच संचालन कर कार्यक्रम मे खूब तालियां बटोरी। इस अवसर पर डा मस्त राम शर्मा ने हिमाचल प्रदेशे संस्कृत भाषाया: उपदेयता विषय पर अपना पत्र वाचन किया। जिस पर उपस्थित विद्वानों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कवि गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। महेश्वर शर्मा ने संस्कृत भाषा की महत्ता पर सुंदर गीतिका प्रस्तुत की, आचार्य किशोरी लाल ने ज्योतिष व संस्कृत भाषा के संबध पर अपने विचार व्यक्त किए। डा नंदलाल भारद्वाज ने गौ माता विश्व माता पर मार्मिक काव्य पाठ किया। राजेश ठाकुर ने मैं कवि नहीं हूं व्यंग्यात्मक कविता प्रस्तुत की। युवा कवि नरेश कुमार ने विकास के नाम पर किए जा रहे अंधाधुंध वनों के कटान पर वृक्ष की व्यथा पर मार्मिक काव्य पाठ कर वनों को बचाने का संदेश दिया। डा मस्त राम शर्मा ने संस्कृत भाषा की महिमा में संस्कृत भाषा को वेद वाणी, देव वाणी, सभी भाषाओं की जननी, जन्म से मृत्यु तक के सभी संस्कारों की भाषा के साथ -साथ संस्कृति जैसी लिखी जाती है वैसी ही बोली भी जाती है। उन्होंने संस्कृत भाषा में शंकर की स्तुति भी प्रस्तुत की। जगत प्रसाद शास्त्री ने संस्कृत भाषा के वर्चस्व को बचाए रखने के लिए संस्कृत व हिन्दी भाषा को एक -दूसरे का पूरक मानते हुए मां बेटी का संबध बताया तथा हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में अपनाए जाने पर ही संस्कृत भाषा का वर्चस्व बनाए रखने पर बल दिया। इन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर कुठाराघात करते हुए शानदार काव्य के माध्यम से अपने मत को रखा। डा मदन मोहन शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिए आयोजित किए जाने वाले ऐसे आयोजनों से इस विषय के विद्वानों, युवा लेखकों, चिंतकों को अपने विचार सांझा करने के लिए मंच मिलता है। ऐसे आयोजन संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों की छुपी प्रतिभा मे निखार लाने में सहायक होगे। उन्होंने संस्कृत भाषा को सबसे मधुर भाषा कहा तथा विकास के नाम पर प्रकृति के साथ हो रहे अत्यधिक दोहन के कारण हो रही भूस्खलन की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस अवसर पर सभी को श्रावणी पूर्णिमा, संस्कृत दिवस व रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जिला के दर्जन भर साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में जिला भाषा अधिकारी शिमला अनिल हारटा ने कार्यक्रम मे उपस्थित विद्वानों का धन्यवाद किया।
कोटखाई : रविवार के दिन कोटखाई पुराना बस अड्डा में अपनी दुकान चला रहे व्यापारी ओम दत्त शर्मा जो एक ढाबा मालिक हैं। ओम दत्त शर्मा अपना रोजाना का कार्य कर रहे थे और अचानक दुकान के बाहर पड़े एक बैग पर उनकी नजर पड़ी, पहले उन्होंने पूछताछ की कि यह किसका है जब कुछ पता ना चला तो सबसे पहले उन्होंने, कोटखाई से पत्रकार भरत ठाकुर को सूचित किया तथा वे दोनों पुलिस स्टेशन पहुंचे जहां उन्होंने प्राप्त हुए 15000 रुपय और कुछ कागजात की जानकारी पुलिस स्टेशन में दी, पुलिस अधिकारियों ने भी ओम दत्त शर्मा के इस सराहनीय कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की तथा अन्य के लिए भी उन्हें एक प्रेरणा का स्त्रोत बताया। बता दें कि इस तरह के मामले कहीं ना कहीं समाज में एक अच्छी प्रेरणा लेकर आते हैं और लोगों को ईमानदारी की राह पर चलने की सीख देते हैं।
रोहड़ू : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही छात्र हित व समाज हित में कार्य करने वाला विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। अपनी संस्कृति को बनाए रखने के लिए भारत में अनेकों त्योहार मनाये जाते है जिसे विद्यार्थी परिषद बड़े धूमधाम से मनाती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सीमा इकाई ने आज रक्षाबंधन का पावन त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया। सीमा इकाई के कार्यकर्ताओं ने आज रोहड़ू में पुलिस विभाग के जवानों व एचआरटीसी के कर्मियों के साथ रक्षाबंधन मनाया। सीमा इकाई के उपाध्यक्ष भारती ने कहा कि रक्षाबंधन एक पावन व पवित्र त्योहार है। पुलिस के जवान जो हमारी सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर तैनात रहते हैं उन सबको आज हमने रक्षा सूत्र बांधकर इस त्यौहार को बड़ी धूम-धाम से मनाया। साथ ही एचआरटीसी के कर्मियों को भी राखी बांधी।
हिमाचल : राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में राज्यपाल ने कहा कि सिंह वरिष्ठ राजनेता, दूरदृष्टा और कुशल प्रशासक थे। मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने गरीब, पिछड़े और समाज के सबसे निचले वर्ग के लिये बहुत काम किया। कठिन परिस्थितियों का सामना करने की उनमें अदभुत क्षमता थी और वह सच्चे धर्मानुयायी थे। जब वह राज्यस्थान के राज्यपाल थे तो कुछ समय के लिये उनके पास हिमाचल के राज्यपाल का भी अतिरिक्त कार्यभार रहा। समाज को दिये गए उनके योगदान को कभी बुलाया नहीं जा सकता। आर्लेकर ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की है और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
शिमला : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को प्रसिद्ध लेखिका, कहानीकार और फिल्म निर्माता डाॅ. देव कन्या ठाकुर द्वारा लिखित पुस्तक ‘मोहरा’ का विमोचन किया। पुस्तक हिमाचल प्रदेश में प्रचलित परम्पराओं को उजागर करने वाली दस कहानियों का एक सुन्दर संग्रह है। मुख्यमंत्री ने लेखिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह अपनी कहानियों के माध्यम से पहाड़ी महिलाओं के संघर्षों और मनोदशाओं को चित्रित करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि सभी कहानियां अच्छी तरह से रचित हैं, जो भाषा, शैली और स्वर में सरल हैं। इस अवसर पर बी.डी.सी. अध्यक्ष संगडाह मेला राम शर्मा सहित अन्य भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को रविवार को उनके सरकारी आवास ओक ओवर में भाजपा महिला मोर्चा की सदस्यों ने अध्यक्ष रश्मि धर सूद की अध्यक्षता में रक्षा बन्धन के अवसर पर राखी बांधी। इस अवसर पर वन्दना गुलेरिया और मोर्चा की अन्य सदस्य भी उपस्थित थीं। ब्रह्मकुमारी व शिमला में रहने वाले तिब्बती समुदाय की प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को उनके सरकारी आवास पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बन्धन एकता का पवित्र पर्व है, जो भाई और बहन के बीच प्रेम को और अधिक प्रगाढ़ करता है।
कांगड़ा, मंडल ने जन आशीर्वाद यात्रा का स्वागत किया, जहाँ प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, मंत्री विक्रम ठाकुर, विधायक रमेश धवला, पूर्व विधायक रविन्द्र रवि एवं महामंत्री त्रिलोक जम्वाल उपस्थित रहे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मैं माँ ज्वाला के आशीर्वाद से आज इस पद पर हूं। उन्होंने कहा इस रक्षा बंधन के पावन त्योहार पर आशीर्वाद देने आए आप सब बहनों का दिल से धन्यवाद, मैं हमेशा इस पल को याद रखूंगा। उन्होंने कहा की भाजपा की धूमल सरकार ने रक्षा बंधन पर मुफ्त बस सेवा दी थी आज बसों में बड़ी संख्या में बहने अपने भाइयों को राखी बांधने जा रही है। उन्होंने कहा जब यह जन आशीर्वाद यात्रा प्रारंभ हुई तब हिमाचल भवन में 3 हज़ार लोगों ने हमारा स्वागत किया था। जिस प्रकार से यात्रा आगे बढ़ रही है, यात्रा का स्वरूप कल्पना से बढ़कर निकल कर आया है। उन्होंने कहा बारिश में इतनी बड़ी तादात में नौजवान निकल कर आए जो पूरी तरह भीग गए और छोटे छोटे बच्चे भी इस यात्रा में नारे लगा रहे थे। ऐसा मैन पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा ज्वालामुखी मंडल ने मुझे मेरे चुनावों में रिकॉर्ड लीड दी थी। आज नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल को देने में कोई कमी नही छोड़ी है और आगे भी कोई कमी नही आने देंगे। उन्होंने कहा हिमाचल देव भूमि है और हिमाचल को हम खेल भूमि भी बनाएंगे, जल्द नए खेल मैदानों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा लाभ दिया है। हिमाचल में डबल इंजन की चाल रही है और जल्द ही हम हिमाचल को देश का नंबर 1 राज्य बनाएंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार एवं पर्यटन को बढ़ावा देने का कार्य भी किया जाएगा, हमने धर्मशाला का स्टेडियम बनवाया जिससे कांगड़ा में पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा विकास हुआ था। उन्होंने कहा हम हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को पूरे विश्व मे ले जाने का काम करेंगे। हमारे पास कला एवं संस्कृतिक क्षेत्र में आपार संभावनाएं है बस हमें मिल कर एक टीम की तरह काम करना है
दाड़लाघाट : राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद व संस्कृत अकादमी के सौजन्य से 19 अगस्त से 25 अगस्त तक संपूर्ण प्रदेश के विद्यालय में संस्कृत सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान संस्कृत से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में राजकीय उच्च पाठशाला बैरल में भी संस्कृत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर ग्रीटिंग कार्ड निर्माण प्रतियोगिता में हिमेश ने प्रथम स्थान व सुशील शर्मा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सूशील व द्वितीय स्थान भरत ने प्राप्त किया। शलोक लेखन प्रतियोगिता में सुशील ने प्रथम स्थान तथा भरत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग में संदीप कुमार ने नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं राजकीय संस्कृत परिषद व संस्कृत अकादमी ने ऑनलाइन माध्यम से जिला स्तर पर संस्कृत गितीका तथा श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जिसमें राजकीय उच्च पाठशाला बैरल के छात्रों सुशील, मनीषा, ज्योति तथा हिमानी ने भाग लिया। जिसका परिणाम 25 अगस्त को आएगा। विद्यालय के मुख्य अध्यापक अशोक कुमार ने विजेता बच्चों को तथा संस्कृत अध्यापक देवराज को संस्कृत के प्रति बच्चों को प्रेरित करने के लिए बधाई दी।
सीमाओं पर डटे रह कर हमारे देश के असंख्य भाई-बहनों की रक्षा में तत्पर है आईटीबीपी के हमारे सैनिक भाई न केवल बाह्य बल्कि आंतरिक सुरक्षा प्रदान कर देश में शांति का वातावरण बनाए रखने में अपना बहुमूल्य योगदान प्रदान करते हैं। यह विचार आज राष्ट्र सेविका समिति हिमाचल प्रदेश की प्रांत संचालिका राज कुमारी सूद ने आईटीबीपी शोघी में अधिकारियों एवम् जवानों को रक्षासूत्र बांधने के उपरांत अपने संबोधन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा आपदा में भी बचाव व राहत के माध्यम से प्राथमिकता प्रदान करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सेवारत रहते हैं हमारे सैनिक भाई। विगत कई दशकों से राष्ट्र सेवा में लीन आईटीबीपी के जवानों ने अन्य सैनिकों के साथ-साथ देश सेवा के लिए अनेकों बलिदान दिए हैं, जिसके कारण आज हमारे देश में एकता, अखण्डता, प्रभुसत्ता व अक्षुणता बनी हुई है। राष्ट्र सेविका समिति की सभी बहनें अपने इन भाईयों को राखी बांधकर अपने आपको गौरवान्वित अनुभव कर रही है। उन्होंने कहा कि मां भारती की सेवा का सच्चा श्रेय देश के सैनिकों को जाता है, जो सभी भावों से भरकर मातृ भूमि की रक्षा के लिए सदैव अग्रसर है। आज हम देश की सीमाओं की स्थिति पर नजर डाले तो लगभग सभी दिशाओं से देश की सीमाओं को खतरा है किंतु आईटीबीपी के साथ-साथ सेनाओं के तीनों अंगों के सैनिकों के दृढ़ निश्चय और भारत भूमि की रक्षा के कृत संकल्प से भारतवासियों में सुरक्षा भाव भरा हुआ है। आईटीबीपी के हमारे यह सैनिक भाई रक्षा और सुरक्षा कार्य से इत्तर विकासात्मक गतिविधियों तथा बुनियादी चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए भी व्यापक अभियान छेड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त समाज में सार्वजनिक स्वच्छता, प्रौढ़ शिक्षा और बच्चों को शिक्षा प्रदान करने अथवा स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत चिकित्सा जांच शिविरों का आयोजन, लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्धता एवं अन्य सामाजिक समरसता के कार्यों में भी योगदान प्रदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन इनके द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी के जवानों रक्षा सूत्र बांधने के इस पावन अवसर पर सह संचालिका कमलेश शर्मा प्रांत निधि प्रमुख सुरेखा शर्मा सह सेवा प्रमुख डॉक्टर अनुपम ठाकुर तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की बहने तथा आइटीबीपी के डीआईजी प्रेम सिंह, कमांडेंट केदार सिंह रावत बड़ी संख्या में सैनिक जवान वा अधिकारी उपस्थित थे।
शिमला : आज भाई बहन के स्नेह प्यार का प्रतीक रक्षा बंधन पर्व है आज के दिन बहन अपने भाइयों के हाथों में रक्षा डोर बांधकर भाई की दीर्घायु और रक्षा की कामना करती है इसी कड़ी में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रा कार्यकर्ताओं के साथ बालूगंज पुलिस के जवानों की कलाइयों में राखी बांध रक्षा बंधन मनाया। मीडिया को जानकारी देते हुए इकाई मंत्री आकाश नेगी ने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने में पुलिस के जवान देश भर में पहली पंक्ति में खड़े रहे है। उन्होंने कहा कि पूरे देश भर में आज रक्षा बन्धन को धूमधाम से बनाया जा रहा है। ये त्यौहार भाई बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है, एबीवीपी का हमेशा ही देश समाज के लिए कार्यरत लोगों के प्रति सम्मान भाव रहा है, पिछले लंबे अरसे से पुलिस के जवान कारोना महामारी से निपटने के लिए मुख्य धारा में काम कर रहे है। ऐसे में बहुत से पुलिस कर्मी आज के दिन भी घर नहीं जा पाए है, उन्होंने कहा कि पुलिस के जवान देश सेवा में समर्पित रहे है, विद्यार्थी परिषद पूरे देश भर में आज सेना और पुलिस के जवानों के साथ रक्षा बंधन मना रही है, ताकि सेना और पुलिस के वे जवान जो रक्षा बन्धन के पावन अवसर पर घर नहीं जा पाए है उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में अपने परिवार कि कमी ना खले। विद्यार्थी परिषद् की छात्रा कार्यकर्ताओं ने आज देश भर में सेना और पुलिस के जवानों के हाथो में राखी बांध कर उनकी रक्षा की प्रार्थना की है। इस दौरान थाना प्रभारी लक्ष्मण ने मीडिया को बताया कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा राखी के इस त्यौहार में पुलिस प्रशासन को भाई मानते हुए इस विशेष दिन में रक्षा डोर बांधते हुए ये एहसास करवाया है कि वे घर से दूर नहीं है बल्कि समाज में पुलिस की सराहना और रक्षा बंधन और भारतीय संस्कृति को संजोए रखने की पहल भी की है पुलिस प्रशासन विद्यार्थी परिषद की इस मुहिम को बधाई देती है तथा सराहना करती है।
सोलन :रविवार को कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर जाबली के समीप क्रशर मोड़ पर निजी बस के सड़क में पलटने से कई सवारियां घायल हो गईं। घटना दोपहर बाद की बताई जा रही है, दरअसल कालका की ओर जा रही निजी बस को सेब से लदे ट्रक ने टक्कर मार दी। बताया जा रहा है की ट्रक की ब्रेक फेल हो गई थी। इसके बाद अनियंत्रित ट्रक सवारियों से भरी निजी बस से जा टकराया। टक्कर से ट्रक और बस दोनों हाईवे पर पलट गए। जिससे बस क्रशर मोड़ के पास सड़क में ही पलट गई। उसके बाद ट्रक भी सड़क में ही पलट गया। सूचना पाते ही धर्मपुर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रारंभिक सूचना के अनुसार हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं। लगभग 20 घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी धर्मपुर ले जाया गया जिसमें से 6 घायलों को सोलन रेफ़र कर दिया गया है और 2-3 घायलों को फ़्रैक्चर बताया जा रहा है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रक्षाबंधन के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी। ट्वीट कर प्रधानमंत्री ने कहा, "देशवासियों को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शुभकामनाएं." केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देश को इस पावन त्योहार की बधाई दी। ट्वीट के माध्यम से घर मंत्री ने कहा , "रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं" इसी के साथ अन्य नेताओं ने भी देशवासिओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी।
कुल्लू : हिमाचल प्रदेश में होने वाले उपचुनावों में चारों सीटें कांग्रेस पार्टी जीतेगी और भाजपा को इन चुनावों में पूरी तरह से शिकस्त दी जाएगी। यह बात कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने जिला मुख्यालय कुल्लू में पत्रकारों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक लोकसभा सीट और 3 विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं जिसके लिए कांग्रेस पार्टी पूरी रणनीति बनाने में जुट गई है। उन्होंने कहा कि चुनावों के दृष्टिगत वह मंडी जिला का दौरा कर चुके हैं और अब कुल्लू जिला का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान आनी बंजार विधानसभा क्षेत्रों में वह कार्यकारिणी की बैठक ले चुके हैं और रविवार को जिला मुख्यालय कुल्लू में कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उप चुनावों को जीतने के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ चर्चा की गई और पार्टी को मजबूत करने पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से चुनाव जीतने में सक्षम है और भाजपा को इन चुनावों में पूरी तरह से पछाड़ा जाएगा। राठौर ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार से आम जनमानस पूरी तरह से तंग आ चुके हैं। मंहगाई आसमां छू रही है डिपो से राशन गायब हो रहा है और जनता को राहत देने के लिए यह सरकार कुछ नहीं कर रही है ऐसे में इन उपचुनाव में भाजपा का जीतना नामुमकिन है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद यह सरकार अपना वादा भूल गई है। लिहाजा कांग्रेस पार्टी इन उप चुनावों में भाजपा को हर मोर्चे पर गिराने वाली है। प्रदेश अध्यक्ष से बात करना हर कार्यकर्ता का हक : प्रदेश कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने आनी दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रदेश अध्यक्ष से बात कर सकता है लेकिन इस प्रकरण में गुटबाजी जैसा कोई भी पहलू नहीं है। उन्होंने कहा कि काग्रेस पार्टी एकजुट है और हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का आवाहन करते हुए कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करें ताकि कांग्रेस पार्टी और मजबूत होकर आगे बढ़ सके। इस मौके पर उनके साथ कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर सहित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अफगानिस्तान में तालिबान से बचाने के लिए काबुल से रविवार सुबह 168 भारतियों को भारत लाया गया। इसमें 24 सिखों में दो अफगान सीनेटर भी शामिल हैं। उनमें से एक सीनेटर थे जिनका नाम था नरेंद्र सिंह खालसा। उनकी आँखों में भारत पहुंचते ही आँसू आ गए। उन्होंने भारत लाए जाने प भारत सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि वो यहां सुरक्षित पहुंच गए। उन्होंने कहा की "हमने 20 सालों में जो बनाया, सब खत्म हो गया"। काबुल में एयरपोर्ट तक पहुंचना ही बहुत मुश्किल था। C17 विमान 107 भारतीयों सहित 168 यात्रियों को लेकर रविवार सुबह करीब 10 बजे हिंडन एयरबेस पर पहुंचा। काबुल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए भारत को एक दिन में दो उड़ानें संचालित करने की अनुमति दी गई है। रविवार को अफगानिस्तान से तीन अलग-अलग अन्य उड़ानों से भी भारतीय वापस लाए गए। इनमें एयर इंडिया, इंडिगो और विस्तारा द्वारा संचालित- विमान शामिल हैं जो ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे और कतर के दोहा से होते हुए दिल्ली पहुंचे।
शिमला : सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा आयोजित 10 दिवसीय योग शिविर का समापन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में हुआ। 10 दिनों तक चले इस योग शिविर में योगाचार्य रिंकू द्वारा विभिन्न योगाभ्यासों के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखने की विधियां बताई गई। योग शिविर के समापन समारोह में डॉ नागेश ठाकुर व डॉ बीआर ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉक्टर नागेश ठाकुर ने लोगों को बताया की किस प्रकार से कोरोना महामारी के इस दौर में योग ने एक औषधि के रूप में अपनी व्यापकता सिद्ध की है। साथ ही डॉक्टर बीआर ठाकुर ने इस अवसर पर सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए सभी से आग्रह किया की योग को सभी लोग अपने जीवन का एक अभिन्न अंग बनाएं। योग शिविर के समापन समारोह में ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा द्वारा बताया गया की कोरोना के इस विकट दौर में सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट विभिन्न माध्यमों से समाज में सेवा कार्य कर रहा है। चाहे वह जरूरतमंदो को राशन सामग्री बांटने की बात हो या फिर इस दौर में योग शिविरों के माध्यम से लोगों की शारीरिक क्षमता को बढ़ाने तथा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की बात हो। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट अपनी सामाजिक जिम्मेवारी बखूबी निभा रहा है तथा आने वाले समय में भी सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट समाज में ऐसे कार्य करती रहेगी।
दाड़लाघाट : पठानकोट से शिमला जा रही एचआरटीसी बस एचपी-38डी-0539 जब कराडाघाट की उतराई में थोड़ी दूर पहुँची तो बस के पट्टे टूट जाने से एक बड़ा हादसा होते टल गया। हादसा शनिवार को पेश आया लेकिन चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के मुताबिक एचआरटीसी की बस पठानकोट से शिमला जा रही थी इस दौरान शाम करीब 4:45 बजे के आसपास कराडाघाट की उतराई में बस सड़क से नीचे पैराफिट में टकरा गई और बस का एक तरफ का टायर झूल गया। गनीमत यह रही कि चालक की सूझभबूझ से बस में बैठी सभी सवारियों की जान बच गयी। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार गाड़ी के पट्टे टूटने की वजह से यह हादसा हुआ। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को नियंत्रित कर लिया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे में किसी भी सवारी को कोई चोट नहीं पहुंची लेकिन बस का एक टायर पैराफिट में झूलने से सबके हाथ पांव फूल गए। अगर बस सड़क से नीचे लुढ़क जाती तो जान माल का भारी नुकसान हो सकता था। हादसे के समय बस में 25 से 30 सवारियां सफर कर रही थीं। यात्रियों को बाद में दूसरी बस में भेजकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
शिमला : समस्त उपमण्डलाधिकारी अपने अपने क्षेत्र में कम लागत के छोटे-छोटे कार्यों की सूची बनाए जिसका लाभ जन सामान्य के व्यापक वर्ग को सुनिश्चित किया जा सके। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने शनिवार को यह निर्देश जिला के सभी उप मण्डलाधिकारियों से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परस्पर विमर्श के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि यह सूची सोमवार तक बनाकर उपायुक्त कार्यालय को भेजी जाए ताकि इस पर तुरन्त कार्य आरम्भ कर आगामी छः महीने के भीतर इन कार्यो को पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्थानीय नागरिकों, पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा सदस्यों या फिर निर्वाचित प्रतिनिधियों से भी विचार विमर्श किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खण्ड विकास अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों के बातचीत कर सूचना एकत्रित कर सूची तैयार कर सकते है। उन्होंने कहा कि यह सूची लोगों की मांग के अनुरूप तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यो में निर्माण, सड़क तथा अन्य कार्यो के अतिरिक्त छोटे छोटे कार्य शामिल होने चाहिए। उन्होंने जिला में विभिन्न क्षेत्रों में लगने वाले ऑक्सीजन प्लांटस की स्थिति का जायजा लेते हुए इसे 29 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस सम्बधं में 25 अगसत को समीक्षा बैठक कर स्थिति से अवगत करवाने के सम्बन्ध में भी उप मण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सम्बंधित खण्ड चिकित्सा अधिकारी तथा सम्बद्ध एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर ऑक्सीजन प्लांट के कार्य को समय अवधि के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुरूप सभी उप मण्डलाधिकारी तथा खण्ड विकास अधिकारी अपने अपने क्षेत्र की पंचायत टास्क फोर्स को पुनः क्रियाशील करें ताकि पंचायत में प्रधान की देखरेख में वैक्सीनेशन, टेस्टिंग तथा कोविड मामलों के रोगियों की पहचान में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि खण्ड विकास अधिकारी प्रधानों के साथ बैठक कर इस संबंध में व्यापक कार्य योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि शादी समारोह, सामाजिक समारोह अथवा देव अनुष्ठान में लोगों की भीड़ न लगने दें। कोविड मानक संचालन नियमों की अनुपालना का कड़ाई से पालन करवाना सुनिश्चित करें। नियमों की अवहेलना करने वालों के प्रति कठोर दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी उपमण्डलाधिकारी आगामी चार-पांच दिनों में अपने क्षेत्र में 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को शत प्रतिशत वेक्सिनेशन लगाना सुनिश्चित करें ताकि पांच दिन के भीतर शत प्रतिशत वेक्सिनेशन रिपोर्ट सरकार को प्रेषित की जा सके। उन्होंने कहा कि पंचायतों के परिवार रजिस्ट्रर के आधार पर 18 वर्ष की आयु के आंकड़ों से चिन्हित कर शत प्रतिशत वेक्सिनेशन कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने जिला की देहां, जांगला, सरस्वती नगर, ननखड़ी, सराहन, तकलेच, कुपवी, नेरवा, जलोग तथा कलबोग पंचायतों में पंचायत भवनों के निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की। इस अवसर पर सहायक आयुक्त उपायुक्त डा0 पूनम तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।
शिमला : जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 25 के अंतर्गत 4-शिमला संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत 60-चौपाल, 61-ठियोग, 62-कुसुम्पटी, 63-शिमला, 64-शिमला ( ग्रामीण), 65-जुब्बल कोटखाई व 67-रोहड़ू (अ.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र तथा 2-मंडी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत 66-रामपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्रों की सूची को प्रारूप प्रकाशन के लिए तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त सूची की एक प्रति जिला निर्वाचन कार्यालय शिमला में कार्यालय समय के दौरान 21 अगस्त 2021 से 27 अगस्त 2021 तक निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि सूची की स्थापना तथा समायोजन हेतु आपत्ती एवं सुझाव के लिए व्यक्तिगत अथवा डाक के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय में 27 अगस्त 2021 को सायं 5:00 बजे से पूर्व लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों की प्रस्तावना के प्रारूप पर प्राप्त हुई आपत्तियां एवं सुझाव के संबंध में 4 सितंबर 2021 को प्रातः 11:30 बजे संसद एवं विधानसभा सदस्य व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति द्वारा इस विषय पर सुझाव दिए जाते हैं तो वह निर्धारित बैठक में उपस्थित हो सकते हैं।
शिमला : कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशवासियों विशेष तौर पर महिलाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। राठौर ने कहा कि भाई बहन के आपसी प्रेमभाव और बहनों की रक्षा का प्रतीक राखी का यह त्यौहार भाई बहन के प्यार का अटूट विश्वास है जो हमारी समृद्ध संस्कृति को संजोय हुए है।
दाड़लाघाट : ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में एक बड़ा खेल मैदान बनेगा, बशर्ते उसके लिए पंचायत पर्याप्त भूमि उपलब्ध करवाएगी। भारत सरकार के सूचना प्रसारण एवं युवा मामले व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ये शब्द जन आशीर्वाद रैली के दौरान दाड़ला पंहुचने पर उस समय कहे जब ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के प्रधान बंसी राम भाटिया, उपप्रधान हेमराज व पंचायत सदस्यों ने उन्हें इस बाबत एक मांग पत्र सौंपा। पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया ने बताया कि दाड़ला पंचायत में खेल मैदान हेतु कई दिनों से लोगों की मांग चल रही थी, इसे लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया था कि इस पंचायत में कोई ऐसा खेल मैदान बनवाया जाए जिसमें पंचायत अपने मेलों का आयोजन या नवयुवाओं की खेल प्रतियोगिताएं समुचित प्रकार से करवा सके। इसलिए उन्होंने इस मांग पत्र को युवा मामले एवं खेल मंत्री भारत सरकार के सम्मुख रखा, ऐसा सुनते ही मंत्री ठाकुर ने कहा कि आप भूमि उपलब्ध कराओ आपको खेल मैदान जरूर मिलेगा।
सोलन : जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हरी ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला में आवासीय विद्यालयों के अतिरिक्त अन्य सभी विद्यालय 28 अगस्त, 2021 तक बन्द रहेंगे। अध्यापक एवं गैर अध्यापन वर्ग पूर्व की भान्ति विद्यालय आएंगे। कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए आवासीय विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा विकसित मानक परिचालन प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएंगे। जिला दण्डाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि सभी विभाग एवं सरकारी संगठन, पुलिस अधिकारी एवं कर्मी तथा स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि राज्य कार्यकारी समिति एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा कोविड-19 से बचाव के लिए जारी सभी आदेशों की अनुपालना हो। पुलिस अधीक्षक सोलन एवं बद्दी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन तथा सभी उपमण्डलाधिकारी पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय शहरी निकायों की सहायता से इन आदेशों का पूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित बनाएंगे। इन आदेशों की अवहेलना तथा कोविड-19 से बचाव के लिए उपयुक्त व्यवहार की अनुपालना न करने पर दोषी के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे।
दाड़लाघाट : ग्राम पंचायत सुधार सभा दाड़लाघाट की महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष एवं पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। महासचिव प्रेम केशव ने बताया कि बैठक में सुधार सभा के पूर्व उपप्रधान हरि सिंह ठाकुर व उनकी धर्मपत्नी के निधन पर एक साथ शोक प्रकट करते हुए उनके परिवार को संवेदना जाहिर करते हुए 2 मिनट का मौन रखा। सभा में जगदीश ठाकुर, हेतराम ठाकुर, हरिराम, भगतराम, लेखराम, पींकू, हरिचंद, बाबूराम शर्मा, प्रेमलाल ठाकुर, लोक राम, सुखराम, प्रेम केशव, हीरालाल ठाकुर, मीना ठाकुर, मोना देवी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कुनिहार : शुक्रवार को सोलन में प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई टिप्पणी पर जिला भाजपा ने पलटवार करते हुए कड़ी निन्दा की है। एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भाजपा जिला सह मीडिया प्रभारी इंदरपाल शर्मा ने कहा कि कल सोलन में कांग्रेस के नेताओ द्वारा अनुराग ठाकुर की जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर प्रेस वार्ता में की गई टिप्पणी की भाजपा जिला सोलन कड़ी निन्दा करती है। शर्मा ने कहा कि अनुराग ठाकुर के स्वागत में जिला सोलन के हर स्थान पर उनके स्वागत में उमड़े जन सैलाब को देखकर कांग्रेस वालो के होश उड़ गए है। उन्होंने कहा कि गुटबाजी भाजपा में नही बल्कि उनकी अपनी पार्टी में है जो जग जाहिर है इसलिए वे भाजपा की चिंता छोड़ अपनी पार्टी की चिंता करे जिसमे मुख्यमंत्री पद के लिए अभी से ही होड़ लगी हुई है और एक नही आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार है। शर्मा ने कहा कि भाजपा अर्की उप चुनाव सहित प्रदेश के सभी उप चुनाव जीतेगी।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन जिला के सभी 05 निर्वाचन क्षेत्रों 50-अर्की, 51-नालागढ़, 52-दून, 53-सोलन (अनुसूचित जाति) तथा 54-कसौली (अनुसूचित जाति) के मतदान केन्द्रों की सूचियों का प्रारूप प्रकाशन शनिवार को कर दिया गया है। यह जानकारी शनिवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हरी ने दी। कृतिका कुल्हरी ने कहा कि जिला के सभी 05 निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों की सूचियां जन साधारण की जानकारी एवं निरीक्षण के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय सोलन सहित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी अर्की, नालागढ़ एवं सोलन के कार्यालयों में उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्रों की सूचियों के सम्बन्ध में आक्षेप एवं प्रस्तावनाएं सम्बन्धित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालयों में 27 अगस्त, 2021 तक दाखिल की जा सकती हैं। प्राप्त दावों एवं प्रस्तावनाओं पर सुनवाई सांसद, विधायकों एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में की जाएगी।
ज्वालामुखी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दीपक चौहान ने प्रेस के जारी बयान में कहा की पूर्व विधायक संजय रतन के विकास कार्य से प्रभावित होकर ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से 15 लोगो ने भाजपा को छोड़कर ज्वालामुखी कांग्रेस पार्टी का दामन थामा है जिनमे अधवानी पंचायत से बलवंत चौधरी, सतीश कुमार, सुभाष चंद, राम स्वरुप्प, कुलदीप कुमार, दिलीप कुमार, राकेश कुमार, ईश्वर दास, युवाओं में सौरव कौडल गुम्मर, मुनीश कुमार, सौरव वर्मा, रवि कुमार, जगदीश कुमार दरंग, रोहित, सक्षम जागोत्रा कथोग ने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। इस मोके पर पूर्व विधायक संजय रतन ने कहा की ज्वालामुखी कांग्रेस में शामिल हुए सभी भाइयों का कांग्रेस पार्टी में स्वागत है, पार्टी में हर व्यक्ति पूरा मान सम्मान दिया और जिम्मेदारियां दी जाएगी। उन्होने कहा ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र से कोई भी व्यक्ति कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चाहेगा तो सभी के लिए हर वक़्त कांग्रेस पार्टी के दरवाजे खुले है। पूर्व विधायक संजय रतन ने कहा की ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र को विकास की बुलंदियों पर ले जाना ओर विधानसभा क्षेत्र के हर मतदाता के हितो की रक्षा करना ही मेरा लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर समाज के कमजोर वर्गों को आवश्यक वस्तुओं पर उचित अनुदान प्रदान कर राहत प्रदान की जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के उपभोक्ताओं को 32 लाख लीटर खाद्य तेल प्रदान कर रही है। राज्य सरकार उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए खाद्य तेलों में बी.पी.एल. परिवारों को 10 रुपये प्रति लीटर और ए.पी.एल. परिवारों को पांच रुपये प्रति लीटर रुपये की सब्सिडी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उपभोक्ताओं को और अधिक राहत प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने बी.पी.एल. परिवारों के लिए खाद्य तेलों पर आगामी चार महीनों के लिए अनुदान राशि दस रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये प्रति लीटर और ए.पी.एल. परिवारों के लिए पांच रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से अगले चार महीनों में उपभोक्ताओं को 13 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्राप्त होगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के 18.71 लाख कार्ड धारक लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है और उन्हें लाभान्वित करने के लिए समय-समय पर कई कदम उठाए हैं।
जम्मू-कश्मीर : पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने अज्ञात आतंकवादियों को ढेर कर दिया। ये मुठभेड़ शनिवार सुबह नागबेरन त्राल के वन क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में हुई। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि मारे गए सभी आतंकवादी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। आतंकियों को ढूंढ़ने के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। दो दिनों में इस जिले में मुठभेड़ की यह दूसरी घटना है। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन हंगलमर्ग के तहत, विक्टर फोर्स 17 अगस्त से ही नागबेरन और दाचीगाम वनों के ऊपरी इलाकों में तलाशी अभियान चला रहा है। इस दौरान शनिवार को सुबह 6:45 पर आतंकवादियों के साथ संपर्क स्थापित हुआ और ऑपरेशन में तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। उनके पास दो एके 47, एक एसएलआर और अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। आतंकियों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। गौरतलब है कि पुलवामा हमले में शामिल सैफुल्लाह लंबो को भी इसी इलाके में 31 जुलाई को मारा गया था। सुरक्षा बलों के इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया है कि सुरक्षा बल घाटी में कश्मीरी लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने में सक्षम होने के लिए अथक अभियान चलाने को प्रतिबद्ध हैं।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अब अफगानिस्तान की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। तालिबानी लड़ाके हर रोज हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी का भाई हशमत गनी तालिबान में शामिल हो गया है। हशमत गनी ने तालिबान को समर्थन करने का एलान किया है। हशमत गनी के तालिबान में शामिल होने की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तालिबान के साथ हशमत गनी के आने से आतंकी संगठन को मजबूती मिलने के आसार हैं। इस बीच तालिबान का सह-संस्थापक बरादर काबुल पहुंच गया है। मिली जानकारी के अनुसार बरादर यहां सरकार बनाने को लेकर बातचीत करने पहुंचा है। हशमत गनी अशरफ गनी का भाई है और वह अफगानिस्तान की राजनीति और कूटनीति को काफी अच्छी तरह से जानता है और समझता है और इसका सीधा फायद तालिबान को मिलेगा। बताया जा रहा है कि हशमत गनी पहले से ही तालिबान को समर्थन देने का फैसला कर चुका था और जैसे ही अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हुआ और वह आतंकी संगठन के साथ जुड़ गया। हालांकि, अफगानिस्तान का अगला राष्ट्रपति कौन होगा इसको लेकर तालिबान के नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। बताया जा रहा है कि मुल्ला बरादर को पहले तालिबान राष्ट्रपति बनाना चाहता था, लेकिन आतंकी संगठन के भीतर ही बरादर के खिलाफ आवाज उठने पर उसे राष्ट्रपति नहीं बनाया गया।


















































