शिमला। राज्य चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने बताया कि 8-फतेहपुर निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित उपचुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय शिमला में चुनाव व्यय निगरानी प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। यह प्रकोष्ठ चुनाव आयोग के साथ व्यय निगरानी, कर्मियों और राजनैतिक पार्टियों के पदाधिकारियों के प्रशिक्षण व्यय से संबंधित जानकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी, कांगड़ा तथा प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। प्रवक्ता ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य निवार्चन अधिकारी डाॅ. सोनिया ठाकुर को इस निगरानी प्रकोष्ठ का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी कार्यालय को दूरभाष नंबर 0177-2623407 तथा मोबाईल नंबर- 94180-80520 पर सम्पर्क कर सकते है।
सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच व किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सीटू व हिमाचल किसान सभा ने मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों, तीन कृषि कानूनों, कृषि के निगमीकरण, बिजली विधेयक 2020, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण आदि के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किए। ये प्रदर्शन शिमला, रामपुर, रोहड़ू, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, धर्मशाला, चम्बा, ऊना, सोलन, सिरमौर व किन्नौर में किए गए। इन प्रदर्शनों में हज़ारों मजदूर-किसान शामिल रहे। सीटू व हिमाचल किसान सभा ने केंद्र सरकार से मजदूर, किसान व कर्मचारी विरोधी नीतियों पर रोक लगाने की मांग की है। सीटू ने ऐलान किया है कि 28 मार्च को होली के दिन मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों, कर्मचारी व जनता विरोधी बिजली विधेयक 2020 की प्रतियों को जलाकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश ज़ाहिर किया जाएगा। इस आह्वान के तहत शिमला के उपायुक्त कार्यालय पर मजदूरों व किसानों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव बाबू राम, हिमाचल किसान सभा राज्य कोषाध्यक्ष सत्यवान पुंडीर, जिला कोषाध्यक्ष जयशिव ठाकुर, बालक राम, विनोद बिरसांटा, किशोरी ढटवालिया, कपिल शर्मा, सुरेश बिट्टू, सुरेंद्र बिट्टू, दलीप, मदन, राम प्रकाश, पूर्ण चंद, सतपाल बिरसांटा, विक्रम, रंजीव कुठियाला, हिमी देवी, निर्मला, जगत राम व संगीता देवी आदि शामिल रहे। सीटू व हिमाचल सभा ने केंद्र सरकार को चेताया है कि मजदूर विरोधी लेबर कोडों, काले कृषि कानूनों, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण व बिजली विधेयक 2020 के खिलाफ आंदोलन तेज होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव बाबू राम, किसान सभा जिलाध्यक्ष सत्यवान पुंडीर व कोषाध्यक्ष जय शिव ठाकुर ने धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह पूँजीपतियों के साथ खड़ी हो गई है व आर्थिक संसाधनों को आम जनता से छीनकर अमीरों के हवाले करने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड, तीन कृषि कानून, कृषि का निगमीकरण, बिजली विधेयक 2020 व सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से ही किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालिया बजट में बैंक, बीमा, रेलवे, एयरपोर्टों, बंदरगाहों, ट्रांसपोर्ट, गैस पाइप लाइन, बिजली, सरकारी कम्पनियों के गोदाम व खाली जमीन, सड़कों, स्टेडियम सहित ज़्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण करके बेचने का रास्ता खोल दिया गया है। ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के नारे की आड़ में मजदूर विरोधी लेबर कोडों को अमलीजामा पहनाया गया है। इस से केवल पूंजीपतियों,उद्योगपतियों व कॉरपोरेट घरानों को फायदा होने वाला है। इस से 70 प्रतिशत उद्योग व 74 प्रतिशत मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे। खेती को कॉरपोरेट कम्पनियों व पूंजीपतियों के हवाले करने के दृष्टिकोण से ही किसान विरोधी तीन कृषि कानून लाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की छुट्टियों पर सख्ती कर दी है। अब विभाग ने डॉक्टरों को फील्ड में ही रहने के निर्देश दिए हैं। आपात स्थिति में ही डॉक्टरों को छुट्टी मिल सकेगी। प्रदेश के चार जिलों ऊना, सोलन, सिरमौर और कांगड़ा में कोरोना विकराल रूप धारण कर रहा है। बीते एक सप्ताह से इन चार जिलों में कोरोना के सौ से अधिक मामले दर्ज किए हैं। डेढ़ महीना पहले प्रदेश में सक्रिय मामले सौ से नीचे थे, लेकिन आज प्रदेश में इनकी संख्या 1700 के पास पहुंच गई है। मौत का आंकड़ा भी एक हजार पार हो गया है। स्वास्थ्य विभाग इन जिलों के सीएमओ के साथ संपर्क बनाए हुए है। सीएमओ और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा जा रहा है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में अब तक 1.98 लाख के करीब लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार अपने कर्मचारियों को पंजाब सरकार के छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर नया वेतनमान देने की तैयारी में है। अगले चुनावी वर्ष को देखते हुए सरकार पर इसे इसी साल देने का दबाव है। ऐसे में इसे आगे टालना भी कर्मचारियों की नाराजगी को मोल लेना होगा। एक अनुमान के अनुसार सरकार पर इससे एक साथ 3000 करोड़ रुपये या इससे अधिक का आर्थिक बोझ पड़ सकता है। प्रदेश सरकार वेतनमान देने के मामले में पंजाब सरकार का अनुसरण करती है। अब पंजाब सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन देने का निर्णय लिया है। इसलिए प्रदेश सरकार पर भी इसे देेने की बाध्यता होगी। अगर इस साल यानी एक अप्रैल से शुरू होने जा रहे नए वित्तीय वर्ष की जगह सरकार इसे अगले वित्त वर्ष के लिए टाल देती है तो भी अगले साल एरियर देने का दबाव होगा। छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के मामले में सीएम जयराम ठाकुर की अधिकारियों से कई दौर की मंत्रणा हो चुकी है।
शिमला। प्रशासनिक अधिकारियों की चुनाव में ड्यूटी के चलते सरकार ने उनके विभागों का अतिरिक्त कार्यभार अन्य अधिकारियों को दे दिया है जिसमें आईएएस दोरजे छेरिंग नेगी को निदेशक आयुर्वेद विभाग,महेंद्र पाल गुजर को जॉइंट चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्दी,एचपीएएस अधिकारी मनोज कुमार चौहान को जॉइंट सचिव सोसाइटी,सुष्मता वत्स सचिव राज्य सूचना आयोग, संजय कुमार धीमान आरटीओ कांगड़ा, तशि संदूप रजिस्ट्रार नौनी विश्वविद्यालय, नीरज गुप्ता को एडिशनल डायरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन, संजीव सूूद को जनरल मैनेजर कौशल विकास निगम, अनुपम कुमार को अडिशनल डायरेक्टर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, रमया चौहान को जिला पर्यटन विकास अधिकारी चंबा, प्रवीण टाक को जॉइंट सचिव राजस्व सरकार और अरुण कुमार को असिस्टेंट कमिश्नर को डिप्टी कमिश्नर कांगड़ा का जिम्मा दिया गया हैै।
जुब्बल जुब्बल थाना के तहत कटिंडा में पांगला पुल के समीप एक ढारे में परिजनों के साथ रहने वाली नेपाली मूल की एक युवती के साथ उसके पड़ोसियों ने ही दुराचार किया है। परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार पीडि़ता का परिवार कटिंडा में एक बागवान के पास मजदूरी के लिए ढारे में रहता है। पीडि़त युवती की मां ने पुलिस को बताया कि उसकी तीन बेटियां एक कमरे में ताला लगाकर सोती हैं। बुधवार सुबह जब उसने कमरे में प्रवेश किया तो घर में ताला बदला हुआ मिला। तीन बेटियों में सबसे बड़ी 12 साल की बेटी ने बताया कि रिश्ते में चाचा डफ्तार रात को कमरे में आया और उसको निचली मंजिल में ले गया। वहां पर आइका बहादुर और रूप लाल पहले से मौजूद थे। तीनों लोगों ने उसके साथ जबरन शरीरिक सबंध बनाए। पीडि़ता ने बताया कि वे तीन चार दिन से उसके साथ इसी तरह शारीरिक सबंध बना रहे हैं। डीएसपी सुनील नेगी ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। आरोपी पीडि़ता के दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज जिला मंडी के सुंदरनगर में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति से भली-भांति अवगत हैं और इस महामारी को फिर से फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मंडी में कोविड के लिए अब तक 125811 नमूनों की जांच की गई है जिनमें 10381 मामले पाॅजिटिव पाए गए। इनमें 10197 स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 129 लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि जिले में प्रत्येक सैंपल पाॅजिटिविटी दर 8.25 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.24 प्रतिशत है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिले में कोविड-19 मरीजों के लिए 583 बिस्तरों की क्षमता है जिनमें श्री लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक में 150 बिस्तर शामिल हैं। अब तक कोविड वैक्सीन की 69483 खुराकें दी जा चुकी हैं। कोविड-19 संबंधी सामग्री जैसे एन-95 मास्क, तीन परत वाले मास्क, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स आॅक्सिमीटर व हैंड सेनेटाइजर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। नेर चैक में प्री-फेबिकेटिड कोविड-19 अस्पताल के निर्माण का कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा और 15 अप्रैल के उपरांत इस अस्पताल में मरीजों की भर्ती शुरू कर दी जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों का टीकाकरण करने वाले जिलों में मंडी शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने कहा कि अब तक 37949 वरिष्ठ नागरिकों का टीकाकरण किया जा चुका है। जयराम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों से हाल ही में जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करने का आग्रह किया ताकि कोविड-19 के मामलों को बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने लोगों से इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए फेस मास्क और हैंड सेनेटाइजर का नियमित उपयोग करने का भी आग्रह किया। उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने जिले में कोविड-19 की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, नगर परिषद् सुंदरनगर के अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.देवेन्द्र शर्मा, श्री लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सा महाविद्यालय नेर चैक के प्रधानाचार्य डाॅ.आरसी ठाकुर, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.जीवानन्द, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, उपमंडलाधिकारी सुंदरनगर राहुल चैहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला। भारत सरकार ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत राज्यों के कार्यक्रम संबंधी मध्यक्षेप (प्रोग्रेमेटिक इंटरवेंशन्स) की रैंकिंग की है जिसमें हिमाचल प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार 50 लाख से अधिक आबादी वाले राज्यों की श्रेणी में प्रदान किया गया है। हिमाचल प्रदेश को यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन ने प्रदान किया। प्रदेश की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन डायरेक्टर डा. निपुण जिंदल और एसटीओ डा. गोपाल बेरी ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार ने क्षय रोग उन्मूलन के लिए राज्य और जिला स्तरीय उप राष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसके अंतर्गत फरवरी 2021 में एक सर्वेक्षण किया गया था जिसमें हिमाचल प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिए ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों ने आवेदन किए थे। इसका परिणाम आज विश्व टीबी दिवस के अवसर पर घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि उप राष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रम के लिए जिला लाहौल-स्पीति को क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए रजत पदक जबकि जिला किन्नौर, हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा को कांस्य पदक प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार वर्ष 2030 तक क्षय रोग उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश ने मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना भी शुरू की है। इस वर्ष दि क्लाॅक इज टिकिंग विषय पर राज्य स्तरीय क्षय उन्मूलन दिवस का आयोजन किया गया। उन्होंने इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन पर संतोष जताया और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि क्षय रोग उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य इसी तरह प्रतिबद्धता से कार्य करता रहेगा।
शिमला। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयराम सरकार काे कर्जे उठाने वाली सरकार का ख़िताब मिलना चाहिए। उन्हाेंने कहा है कि प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश के विशेष राज्य के दर्जे बारे स्पष्ट करे कि क्या यह समाप्त हो गया है? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सदन में साफ़ तौर पर कहा है कि अब देश में कोई भी राज्य विशेष दर्जा प्राप्त राज्य नहीं रहा है। उन्होंने दलील दी कि प्रदेश सरकार को हक़ीक़त जनता के दरबार में रखनी चाहिए। बजट के दौरान भाजपा विधायक लगातार दुहाई दे रहे थे की प्रधानमंत्री ने हिमाचल को विशेष तौर पर दर्जा दिया ताकी 90:10 के आधार पर फ़ंडिंग हो सके, लेकिन अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने दो टूक कहा है कि 14वें वित्त आयोग के बाद अब कोई राज्य विशेष राज्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि फ़ंडिंग पेट्रन बदले जाने की बजह से ही सरकार क़र्ज़ों पर आश्रित होती जा रही है और जयराम सरकार ने प्रदेश को आर्थिक दिवालियेपन की तरफ़ धकेला है। यही नहीं मौजूदा सरकार सब से ज़्यादा क़र्ज़े उठाने वाली सरकार का ख़िताब हासिल करेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों को तो पैसा ही नहीं दिया गया। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र के इस व्यवहार की बजह से ही प्रदेश को क़र्ज़ा लेने की लिमिट बढ़ाने का क़ानून पास करना पड़ा। जबकि यह देनदारी केंद्र की थी और उसे क़र्ज़ उठा कर राज्य को राशि मुहैया करवानी थी। उन्होंने कहा कि जय राम सरकार अपने अंत तक 35 हज़ार करोड़ के क़र्ज़े उठा चुकी होगी, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय पैकेज भी नहीं जुटा पाई। फ़ोरेन फ़ंडिंग प्राजेक्ट्स जिन्हें बीत्ते साल बजट में आधार दिखाया था ओंधे मुँह गिरे। जयराम सरकार वित्तीय कुप्रबंधन का शिकार हो गई है। अगले साल जुलाई से जीएसटी का पैसा मिलना भी बंद होगा। उन्होंने कहा सरकार कर्मचारियों के वेतन आयोग की सिफ़ारिशें भी टाल रही है जबकि मुख्यमंत्री दो गज भी विना हेलीकाप्टर के नहीं चलते।
शिमला। प्रदेश के चार नगर निगम, 6 नगर पंचायत और तीन ब्लाॅक में पंचायत चुनाव के लिए एक हजार 73 प्रत्शायी मैदान में हैं। सात अप्रैल काे हाेने वाले मतदान के लिए आज नामांकन का अंतिम दिन था। राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक नगर निगम धर्मशाला की 17 सीटाें के लिए 86, पालमपुर की 15 सीटाें के लिए 89, मंडी की 15 सीटाें के लिए 96 और नगर निगम साेलन की 17 सीटाें के लिए 48 उम्मीदवार रणभूमि में उतर गए हैं। सबसे अधिक मंडी नगर निगम में 96 प्रत्याशी हैं, जबकि नगर निगम साेलन में सबसे कम 48 उम्मीदवार। इसी तरह से कंडाघाट नगर पंचायत में 20, चिड़गांव में 23, नेरवा में 22, आनी में 20, निरमंड में 24 और नगर पंचायत अंब के लिए 33 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
शिमला। प्रदेश के चार नगर निगमों में 7 अप्रैल को हाेने वाले चुनाव के लिए प्रमुख राजनीतिक दलाें कांग्रेस और भाजपा के साथ-साथ आज़ाद प्रत्याशी भी मैदान में उतर चुके हैं। आज नामांकन भरने की अंतिम तारीख थी। कुल मिला कर चार नगर निगमों की 64 सीटाें के लिए 319 प्रत्याशियाें में चुनावी जंग हाेगी। हालंकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 27 मार्च है, लेकिन जाे मैदान में उतर चुके हैं वे डटे भी रहेंगे। राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक धर्मशाला की 17 सीटाें के लिए 86, पालमपुर की 15 सीटाें के लिए 89, मंडी की 15 सीटाें के लिए 96 और नगर निगम साेलन की 17 सीटाें के लिए 48 उम्मीदवार रणभूमि में उतर गए हैं। सबसे अधिक मंडी नगर निगम में 96 प्रत्याशी हैं, जबकि नगर निगम साेलन में सबसे कम 48 उम्मीदवार। जिस तरह से उम्मीदवाराें ने नामांकन भरने में रूचि दिखाई है, इससे साफ जाहिर है कि चाराें नगर निगमों के चुनाव में मुकाबला काफी राेचक हाेने वाला है।
शिमला। प्रदेश सरकार लोक गीतों, एकांकी, और लघु नाटकों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व की 50 साल की शानदार यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए स्थानीय लोक गायकों और लोक कलाकारों को शामिल करने पर विचार कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के लोक कलाकारों के साथ बातचीत करते हुए कही। यह पहला अवसर था कि सरकार ने प्रदेश की संस्कृति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से पूरे राज्य के लोक कलाकारों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्षों के समारोह को शानदार तरीके से आयोजित कर रही है। प्रदेश भर में लोगों को राज्य की उपलब्धियों और विकासात्मक गतिविधियों के बारे में अवगत करवाने के लिए 51 राज्यस्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 15 अप्रैल को स्वर्णिम रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा जो प्रदेश के सभी क्षेत्रों में राज्य की विकासात्मक यात्रा की झलक प्रस्तुत करेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वर्णिम रथ यात्रा को आकर्षक बनाने और प्रदेश की पिछले 50 साल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए लोक कलाकारों को शामिल किया जाएगा। प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं। इसलिए जिस क्षेत्र से स्वर्णिम रथ गुजरेगा उस संबंधित क्षेत्र के कलाकारों की सेवाएं लेने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल स्वर्णिम रथ यात्रा की ओर अधिक लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सहायता मिलेगी बल्कि प्रदेश की उपलब्धियों के बारे में भी लोगों को जानकारी पहुंचाई जा सकेगी। इसी प्रकार, लोक कलाकारों को स्थानीय भाषा में नाटकों में शामिल किया जाएगा जिसके माध्यम से पिछले 50 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश की उपलब्धियां प्रदर्शित की जाएंगी। जयराम ठाकुर ने प्रदेश के लोक कलाकारों से स्थानीय भाषा में गीत और नाटक तैयार कर 5 अप्रैल, 2021 तक सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग को प्रस्तुत करने का आग्रह किया। इससे सरकार को प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को बढ़ावा देने के अलावा इस पूरे कार्यक्रम को अधिक आकर्षक बनाने में सहायता मिलेगी।
शिमला। पेटाॅनिक इन्फोटेक के सह-संस्थापक यशराज भारद्वाज और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय बर्कले के गारवुड सैंटर फाॅर काॅरपोरेट इन्नोवेशन के कार्यकारी निदेशक सोलोमन डार्विन ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के समक्ष नीति आयोग के साथ रिबिल्डिंग इंडिया इनिशियेटिव से संबंधित प्रस्तुति दी। इस दौरान मुख्यमंत्री को सोलोमन डार्विन और यशराज भारद्वाज द्वारा लिखित रिसेटिंग दि ज्वेल इन द क्राउन पुस्तक भी भेंट की। जय राम ठाकुर ने इस पुस्तक के प्रकाशन के लिए डार्विन और भारद्वाज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक आर्थिक विकास और रणनीतियों के पुनर्निर्माण में सहायक सिद्ध होगी। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, प्रधान सचिव ओकार चंद शर्मा और रजनीश, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर और अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का एक शिष्टमंडल प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में निवेशक उच्च अमरजीत शर्मा एवं निदेशक प्रारंभिक से निदेशालय में मिला। शिष्टमंडल में संघ के राज्य मुख्यालय सचिव ताराचंद शर्मा एवं जिला शिमला के अध्यक्ष महावीर कैंथला शामिल थे। शिष्टमंडल ने निदेशक उच्च शिक्षा को लिखित में धरने का ज्ञापन सौंपा। जिसमें संघ ने 28 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शिक्षा विभाग को पदोन्नति का 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया था और कहा गया था कि अगर शिक्षा विभाग शिक्षकों की पदोन्नति एवं अन्य मुद्दों का निपटारा नहीं करता है तो 31 मार्च के बाद संघ शिक्षा निदेशालय का घेराव करने पर विवश होगा। इसी संदर्भ में आज शिष्टमंडल ने निदेशक से मिलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहां कि यदि 31 मार्च तक शिक्षकों की पदोन्नति सहित अन्य मुद्दों पर विभाग कार्रवाई नहीं करता है तो अप्रैल के पहले हफ्ते में प्रदेश के हजारों शिक्षक शिक्षा निदेशालय का घेराव करेंगे। साथ ही संघ ने निदेशक प्रारंभिक को मिलकर टीजीटी वर्ग की वारिष्ठता सूची जारी करने एवं पीटीआई शिक्षकों की पदोन्नति सूची में संशोधन करने के लिए भी 1 हफ्ते का समय दिया है। अन्यथा संघ दोनों निदेशालय के खिलाफ अप्रैल माह में हल्ला बोलने पर विवश होगा। साथ ही संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो इसका पूरा उत्तरदायित्व विभाग और सरकार का होगा। इसी संदर्भ में संघ शिक्षा सचिव एवम शिक्षा मंत्री से मिलकर भी अपने धरने का ज्ञापन सौंपेगा। संघ के शिष्टमंडल ने प्रवक्ताओं एवं प्रधानाचार्य के दो टाइम अटेंडेंस लगाने पर भी आपत्ति दर्ज की और इस अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग की। जिस पर निदेशक ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही उन्होंने पदोन्नति को शीघ्र करने पर विचार करने की बात भी स्वीकार की।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज इन्दिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला पहुंचकर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग का कुशलक्षेम जाना। राजेन्द्र गर्ग किन्हीं स्वास्थ्य कारणों से सोमवार सांय से अस्पताल में भर्ती हैं। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ थे।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज एक बार फिर से काेराेना ने डेढ़ शतक मार दिया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार काे 157 नए केस सामने आए हैं और 4 लाेगाें की माैत हुई। जिला ऊना और जिला कांगड़ा से 2-2 लाेगाें की माैत हाे गई। काेराेना पाॅजिटिव रिपोर्ट पर गाैर करें ताे जिला ऊना में 57, साेलन में 7, सिरमौर में 9, शिमला 21, मंडी 6, कुल्लू 2, कांगड़ा 22, हमीरपुर 27 और जिला चंबा में 4 लाेग काेराेना पाॅजिटिव पाए गए। जबकि प्रदेश में आज 83 लाेग स्वस्थ भी हाे गए हैं। ऐसे में अब हिमाचल में 1455 एक्टिव केस हाे गए हैं और मृतकाें की संख्या 1012 पर पहुंच गई।
शिमला। नवनिर्वाचित प्रतिनिधि अपने अधिकारों और कर्तव्यों में समन्वय स्थापित कर विकास की दृष्टि से अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन तालमेल कर स्थापित करें। शहरी विकास,आवास, नगर नियोजन, विधि, संसदीय कार्य एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (हिप्पा) फेयरलाॅन शिमला में प्रदेश के विभिन्न जिला परिषदों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विकेन्द्रिकृत शासन हेतु नेतृत्व का उद्घाटन कर अपने संबोधन में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरे इसके लिए उन्हें तत्परता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने आर्थिक दृष्टि से जिला परिषद की शक्तियां बहाल की है। उन्होंने कहा कि सदस्य विवेकानुरूप क्षेत्र के विकास के लिए निधि खर्च करें। उन्होंने कहा कि पंचायती राज नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ाना तथा सशक्तिकरण करना था, जिसके परिणामस्वरूप आज अधिक से अधिक महिलाएं इस क्षेत्र में चुन कर आई है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का 73वां संशोधन कानून देश में लोकतंत्र की जड़ों का मजबूत करने की दृष्टि से मील पत्थर साबित हुआ है, जिसके तहत पंचायती राज संस्थाओं को स्थानीय स्वशासन इकाई के रूप में सशक्त भूमिका प्रदान करता है, जिसमें वे समाज में आर्थिक विकास एवं सामाजिक न्याय को बढ़ावा दे सकते हैं।
शिमला। पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण लोकतंत्र की नींव है तथा ग्रामीण स्तर में लोगों को सुविधाएं प्रदान करने में पंचायत प्रतिनिधियों का मुख्य योगदान रहता है। यह बात मुख्य सचेतक एवं जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के विधायक नरेन्द्र बरागटा ने आज कोटखाई क्षेत्र में ग्राम पंचायत क्यारी व बगाहर में 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल योजना का उद्घाटन करने के उपरांत ग्राम पंचायत क्यारी में नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं लोगों की समस्याएं सुनते हुए कही। उन्होंने बताया कि आज इस पेयजल योजना के उद्घाटन से क्षेत्र के क्यारी, बगाहर, कनेटा एवं जोल गांव के 300 परिवार के लगभग 1200 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 4 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से चकांउटी खड्ड उठाऊ पेयजल योजना का शिलान्यास किया गया था, जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर है। योजना के माध्यम से घयाल क्षेत्र की जनता को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। पब्बर उठाऊ पेयजल योजना जो 41 करोड़ रुपये से निर्मित होगी, इस योजना के माध्यम से 27 पंचायतें एवं 194 गावं के लगभग 20 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। यह इस क्षेत्र की जनता के लिए माननीय मुख्यमंत्री द्वारा एक बहुत बड़ी योजना जुब्बल-कोटखाई निवासियों के लिए समर्पित की है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए तथा प्रशिक्षण के दौरान सभी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे ताकि नव निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवा सके। उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों को नागडू एंटीहेल गन के समुचित रख-रखाव के आदेश दिए, जिससे ओलावृष्टि को एंटीहेलगन प्रभावित कर बागवानों को राहत प्रदान की जा सके। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग एक कार्यशाला का आयोजन करें, जिसमें 4-5 पंचायतों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न पंचायत के लोगों को एकत्रित कर विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक तकनीकी से युक्त प्रोसेसिंग प्लांट, सीए स्टोर एवं ग्रेडिंग पैकिंग सेंटर सभी सुविधाओं से युक्त पराला मण्डी के लिए स्वीकृत किया है। इस प्लांट से जहां क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान होंगे वहीं बागवानों की आर्थिकी में वृद्धि होगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में सड़कों तथा सम्पर्क मार्गों को दुरुस्त करने के आदेश दिए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को वर्ष 2021 के अंत तक सभी सड़कों को पक्का करने के भी निर्देश दिए, जिससे की इस क्षेत्र के लोगों को बागवानी उत्पाद एवं आवाजाही में बाधा उत्पन्न न हो।
शिमला । हिमाचल में आज काेराेना के 200 नए केस सामने आए हैं, जबकि 3 लाेगाें की माैत भी हाे गई। सबसे अधिक जिला ऊना में 96 लाेग काेराेना पाॅजिटिव पाए गए। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर में 7, हमीरपुर 1, कांगड़ा 41, किन्नौर 3, मंडी 3, शिमला 6, सिरमौर 17, साेलन 26 और जिला ऊना में 96 नए केस आए हैं। आज प्रदेश में 68 लाेग स्वस्थ भी हाे गए। ऐसे में राज्य में अब काेराेना के 1385 केस एक्टिव हैं और अब तक 1 हजार 8 लाेगाें की माैत हाे चुकी है।
शिमला। जिला शिमला में स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा 8 निर्वाचन क्षेत्र, 12 विकास खण्ड, 11 शहरी स्थानीय निकाय, 412 पंचायतें व 1500 गांव से होकर गुजरेगी, जो प्रदेश तथा जिले के पिछले 50 वर्षों की शानदार विकास यात्रा को प्रदर्शित करेगा। यह बात आज शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, संसदीय कार्य एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा की जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने बताया कि स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा के लिए जिला में जिला स्तरीय, निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर, पंचायत स्तर व स्वागत समितियों का गठन किया जाएगा, जो रथ यात्रा के दौरान विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को संचालित करेगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान समस्त विभागों द्वारा 50 वर्षों से अब तक किए गए विकास कार्यों के बारे में लोगों को अवगत करवाएंगे तथा विभागों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि जिला को दो रूट के माध्यम से कवर किया जाएगा, जो शिमला शहर से शुरू होकर जिला शिमला को कवर करके वापिस शिमला में ही खत्म किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रथम रूट 50 दिनों मंे 170 ग्राम पंचायतें, 59 वार्ड व 4 शहरी स्थानीय निकाय व द्वितीय रूट 52 दिनों में 242 ग्राम पंचायतें, 49 वार्ड व 7 शहरी स्थानीय निकाय को कवर करेंगे। उन्होंने बताया कि अधिकारी रथ यात्रा का न्यूनतम मार्ग व लोगों की अधिकतम कवरेज करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि रथ यात्रा के दौरान क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यक्रमों के दौरान क्षेत्र के प्रमुख व प्रसिद्ध व्यक्तित्व को शामिल किया जाना आवश्यक है तथा कार्यक्रम के दौरान महिला मण्डल, स्वयं सहायता समूह, युवक मण्डल, ग्राम पंचायत सदस्य एवं समस्त जनता की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने बताया कि रथ यात्रा के दौरान 1971 का हिमाचल व आज के हिमाचल की स्थिति को दर्शाना अत्यंत आवश्यक है।
शिमला हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) धर्मवीर सिंह राणा ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान आयोग ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। आयोग द्वारा विभिन्न पदों के लिए आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और तीव्रता आई है। ऑनलाइन परीक्षा पद्धति को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। आज यहां एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मई, 2020 में एक ऐतिहासिक निर्णय लेकर आयोग ने केवल व्यक्तिगत साक्षात्कार आधार पर चयन प्रक्रिया को समाप्त कर इसमें एक विशेष बदलाव लाया अब अभ्यर्थी के अंतिम चयन के लिए छंटनी परीक्षा में प्राप्त अंकों का 65 प्रतिशत जो पद के विषय से संबंधित होगी तथा व्यक्तिगत साक्षात्कार में प्राप्त अंकों का 35 प्रतिशत को अधिमान दिया गया है। ऐसा करना इसलिए अनिवार्य किया गया है ताकि अभ्यर्थी के चयन में निष्पक्षता एवं योग्यता का मापदंड स्थाई तौर पर स्थापित किया जा सके। डीवीएस राणा ने कहा कि आॅनलाइन परीक्षा पद्धति को भी प्रभावी ढंग से लागू किया गया है जिसके परिणामस्वरूप भर्ती प्रक्रिया में तीव्रता आई है। उन्होंने कहा कि 2012 से 2016 तक चार वर्षों में औसतन 374 भर्तियां की गई, जबकि 2017 के बाद इसमें तीव्रता आई है। वर्ष 2017 में 754, वर्ष 2018 में 1174, वर्ष 2019 में 1892 तथा कोरोना काल के दौरान वर्ष 2020 में भी 850 भर्तियां की गई हैं।
शिमला। राज्य वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आईटीबीपी जवानों के साथ मिल कर विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर शिमला के पास तारादेवी जंगल में सफाई की। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पीसीसीएफ डा. सविता ने की। आईटीबीपी के डीआईजी प्रेम सिंह भी उपस्थित थे। करीब 6 किलो मीटर पैदल चल कर वन विभाग के अधिकारियाें और आईटीबीपी के जवानाें ने जंगल में प्लास्टिक व अन्य ज्वलनशील सामग्री को साफ किया। इस अवसर पर फायर लाइन की भी सफाई की तथा पीसीसीएफ डा.सवीता ने पौधे भी रोपित किए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता व हेल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू की हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। राज्य कमेटी बैठक में आंगनबाड़ी कर्मियों की प्री प्राइमरी में नियुक्ति व अन्य मांगों को लेकर गम्भीर चिन्तन मंथन हुआ व आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। कर्मियों की मांगों को लेकर ग्यारह से तीस मई तक प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत मंडी, जोगिन्दरनगर, सरकाघाट, धर्मशाला, पालमपुर, देहरा, शिमला, रामपुर, रोहड़ू, ठियोग, अर्की, नालागढ़, पच्छाद, संगड़ाह, शिलाई, पौण्टा साहिब, नाहन, चम्बा, हमीरपुर, बंजार, बिलासपुर व ऊना में कर्मियों द्वारा धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। बैठक में सीटू राष्ट्रीय सचिव कश्मीर ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, यूनियन प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल, महासचिव वीना देवी, सुमित्रा देवी, सुलोचना देवी, किरण कुमारी, बिमला देवी, स्वर्चा देवी, शशि किरण, हरदेई देवी, हिमी देवी, राजकुमारी, बिम्बो देवी, कौशल्या देवी, वीना देवी, मीना देवी, सुदेश कुमारी, रंजना देवी, नीलम रानी, ममता देवी, रीना देवी, मधुबाला, अंजुला कुमारी आदि शामिल रहे। यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव वीना शर्मा ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्करज़ को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी न किए तो आंदोलन तेज होगा। उन्होंने केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने की मांग की है क्योंकि छः वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य पिछले पैंतालीस वर्षों से आंगनबाड़ी कर्मी ही कर रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति को वापिस लेने की मांग की है क्योंकि यह न केवल छात्र विरोधी है अपितु आइसीडीएस विरोधी भी है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 के आइसीडीएस बजट में की गई 30 प्रतिशत की कटौती को आंगनबाड़ी कर्मियों के रोज़गार पर बड़ा हमला करार दिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी वर्करज़ व हैल्परज़ के वेतन में पांच सौ व तीन सौ रुपये की बढ़ोतरी को क्रूर मज़ाक करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए तीन हज़ार रुपये पेंशन, दो लाख रुपये ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है। है। उन्होंने कहा कि सरकार आइसीडीएस के निजीकरण का ख्याली पुलाव बनाना बन्द करे। देश के अंदर चलने वाली सभी योजनाओं से देश की लगभग एक करोड़ महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है। केंद्र सरकार लगातार इन योजनाओं को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। इस से केंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण व नारी उत्थान के नारों की पोल खुल रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों को वर्ष 2013 का नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत किये गए कार्य की बकाया राशि का भुगतान तुरन्त करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं व नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा केवल आंगनबाड़ी वर्करज़ को दिया जाए क्योंकि वे काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इस संदर्भ में उनकी नियमित नियुक्ति की जाए तथा इसकी एवज़ में उनका वेतन बढाया जाए।
हिमाचल प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को बंद करने या खुले रखने पर मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला होगा। 31 मार्च से पहले कोरोना संक्रमण की स्थिति का जायजा लेकर ही मंत्रिमंडल इस बाबत आगामी फैसला लेगी। अभी प्रदेश भर में पांचवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के स्कूल खोले गए हैं। पहली से चौथी कक्षा के विद्यार्थियों की घरों से ऑनलाइन पढ़ाई जारी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर मंत्रिमंडल बैठक होने की संभावना है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए सरकार अप्रैल में शिक्षण संस्थानों के लिए कोई फैसला लेगी। नॉन बोर्ड कक्षाओं के लिए एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होना है। पहली से नवीं और जमा एक कक्षा का 31 मार्च तक परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। पहली से चौथी कक्षा के स्कूल 31 मार्च तक बंद रखे गए हैं। ऐसे में इन स्कूलों की पढ़ाई को लेकर आगामी क्या निर्णय लिया जाना है, इसको लेकर स्थिति मंत्रिमंडल की बैठक में साफ होगी। इसके अलावा मिड डे मिल को भी 31 मार्च तक नहीं परोसा जा रहा है। विद्यार्थियों को राशन ही उपलब्ध करवाया जा रहा है। मंत्रिमंडल की बैठक में मिड डे मिल को लेकर भी फैसला होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग-3 कुल्लू-मनाली के बीच हुए भूस्खलन से घंटों अवरूद्ध रहा है। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे डोलहूनाला के पास पहाड़ी दरकने से चट्टानें व मलबा सड़क पर आ गया। इस दौरान किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रविवार का दिन होने के कारण सुबह के समय पर्यटक मनाली की ओर जा रहे थे। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने से यहां वाहनों की रफ्तार थम गई। पर्यटक वाहनों के साथ कई बसें व निजी वाहनों के फंसने से लोगों को परेशान होना पड़ा। सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे की टीम ने मशीनरी के साथ मौके पर पहुंचकर सड़क को कड़ी मशक्कत से वाहनों के लिए बहाल किया गया। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग कुल्लू-मनाली वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य में कोविड-19 महामारी की स्थिति को लेकर आज वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कुछ जिलों में कोविड के मामलों में अचानक वृद्धि होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुए तत्काल प्रभाव से प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में टीकाकरण में तेजी लाई जाए क्योंकि केन्द्र सरकार ने प्रदेश के लिए कोविड-19 की 1.80 लाख और खुराकें स्वीकृत की हैं जो आगामी दो दिनों में यहां पहुंच जाएंगी। उन्होेंने यह सुनिश्चित बनाने के भी निर्देश दिए कि लोग फेस मास्क और हैंड सेनेटाईजर का नियमित रूप से प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त घरों में आइसोलेशन में रखे गए लोगों के लिए भी सभी मापदण्डों का पालन अनिवार्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों पता लगाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। दुकानदारों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को मास्क नहीं तो सेवा नहीं की रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी अधिकारिक मेलों का आयोजन नहीं होगा ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके हालांकि जो मेले चल रहे हैं वो जारी रहेंगे लेकिन मानक संचालन प्रणाली को अपनाते हुए सभी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के सामाजिक समारोहों में घरों के अन्दर और बाहर केवल 50 प्रतिशत और अधिकतम 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बैठक में कहा कि सभी फील्ड अधिकारियों को इस महामारी की रोकथाम के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न कदमों की जानकारी है, इसलिए उन्हें यह निश्चित करना चाहिए कि ऐसे सभी सामाजिक समारोहों पर प्रतिबन्ध हो जहां लोग उचित परस्पर दूरी बनाकर नहीं रख रहे हों। उन्होंने परीक्षणों, वायरस प्रभावित लोगों का पता लगाने और उपचारकी रणनीति प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त आरटीसीपीआर परीक्षणों को बढ़ाया जाना चाहिए और कंटेन्मेंट जोन की पद्वति को कड़ाई के साथ लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़े हैं, वहां लोगों के टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों को दवाई भी, कड़ाई भी की रणनीति अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके अलावा सूचना, शिक्षा और प्रचार पर भी ध्यान दिया जाए ताकि इस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोगों को सरकार की मदद करने के लिए प्रेरित किया जा सके। मुख्य सचिव अनिल खाची ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई का समुचित ध्यान रखा जाए। प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने कहा कि फेस मास्क के उपयोग और मानक संचालन प्रणाली के अन्तर्गत अन्य उपायों को नहीं अपनाने वाले लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्तों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कोविड-19 की स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान एवं जे.सी. शर्मा, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग हरबंस सिंह ब्रसकोन भी इस बैठक में उपस्थित थे।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में काेराेना के केस में हर राेज बढ़ रहें है। आज यानी शनिवार काे 148 नए केस सामने आए हैं, जबकि एक व्यक्ति की माैत हाे गई और 67 लाेग ठीक भी हाे गए। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अब 1199 एक्टिव केस हाे गए और 1 हजार 4 लाेगाें की माैत हाे चुकी है। जिला बिलासपुर में 12, चंबा में काेई नहीं, हमीरपुर में 10, कांगड़ा में 30, किनौर1, कुल्लू 6, लाहाैल-स्पीति काेई नहीं, मंडी 11, शिमला 20, सिरमौर 6, साेलन 14 और जिला ऊना में 38 नए लाेग काेराेना पाॅजिटिव पाए गए।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डीवीएस राणा ने आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को आयोग की वर्ष 2019-20 की रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोग की सदस्य डाॅ. रचना गुप्ता भी उनके साथ उपस्थित थीं। आयोग के अध्यक्ष ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि आयोग ने आधुनिक तकनीक के साथ ऑनलाइन प्रणाली शुरू की है जिसके कारण यह संस्थान देश के श्रेष्ठ संस्थानों में एक बन गया है। इसके अतिरिक्त आयोग ने साक्षात्कार और अन्य परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए भी कई सुझाव और प्रस्ताव दिए हैं। डीवीएस राणा ने पहली अपै्रल 2019 से 31 मार्च, 2020 की अवधि के दौरान आयोग की कार्यप्रणाली पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस दौरान आयोग ने 10 प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षाएं और विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 36 सक्रीनिंग टेस्ट आयोजित करवाए तथा विभिन्न भागों में हिमाचल प्रशासनिक सेवा, प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के 738 उम्मीदवारों को संस्तुति प्रदान की गई। आयोग ने इस अवधि के दौरान 18 भर्ती एवं पदोन्नति नियमों और नियमों में 61 संशोधन करने को भी स्वीकृति प्रदान की। राज्यपाल ने आयोग के प्रयासों की सराहना की और आयोग में बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने के लिए अध्यक्ष को सम्मानित किया।
शिमला। कांगड़ा जिला के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार उपचुनाव हाेना है और गलत अफवाहें यह भी थी कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल काे भाजपा प्रत्याशी घाेषित कर सकती है। इस सब चर्चाओं और अफवाहाें पर प्रेम कुमार धूमल ने विराम लगा दिया। शिमला में बीते शुक्रवार काे भाजपा चुनाव समिति की बैठक के बाद मीडिया से अनाैपचारिक बातचीत के दाैरान पूर्व सीएम ने सपष्ट कह दिया कि फतेहपुर निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के कई चेहरे हैं, मैं अपने क्षेत्र से वहां नहीं जाऊंगा। ऐसे में जाहिर है कि प्रेम कुमार धूमल फतेहपुर से उपचुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं। धूमल ने यह भी कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी हाईकमान के आदेशों का पालन करुंगा। प्रेम कुमार धूमल ने दावा किया कि प्रदेश के चार नगर निगम में हाेने वाले चुनाव और फतेहपुर उपचुनाव में भी भाजपा की जीत हाेगी।
शिमला। पूर्व सैनिक सामाजिक कल्याण, युवा सशक्तिकरण एवं कृषि विकास संस्था जिला शिमला भी एन.पी.एस. कर्मियों के समर्थन में उतर आई है। संस्था के जिलाध्यक्ष मोहन शर्मा ने बताया कि जब विधायक और सांसद पेंशन ले रहे है, तो कर्मचारियों को इससे वंचित रखना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने बताया कि अधिकतर नेता पांच या दस साल तक विधायक या सांसद चुने जाते है, वह तो पेंशन के लिए पात्र हो जाते है लेकिन जो कर्मचारी अपना पूरा जीवन सरकारी सेवा में समर्पित करता है, उसे पेंशन से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी ऐसे वक्त में रिटायर होता है, जब उसे चिकित्सीय सेवाओं की जरूरत रहती है। इस पर लाखों रुपए तक खर्च हो जाता है। ऐसे में पेंशन न मिलने की वजह से कर्मचारी उपचार से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने सरकार से सभी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने का आग्रह किया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि 2 दिन के भीतर भाजपा 4 निगम निगम चुनावों में अपने 64 उम्मीदवारों की घोषणा करने जा रही है। उन्होंने कहा की चुनाव समिति की बैठक में पूर्ण समन्वय बनाकर उम्मीदवारों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि चार नगर निगम चुनावों के चुनाव, पार्टी चुनाव चिन्ह पर होने जा रहे हैं जो कि कार्यकर्ताओं की मांग थी। भाजपा के पास केंद्र में व प्रदेश में एक सशक्त नेतृत्व है जो धरातल पर हर वर्ग के लिए काम कर रहा है, वर्तमान में जिस प्रकार से जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में जनकल्याण के लिए योजनाएं बनाई है उससे समस्त नागरिक खुश है। केंद्र में जिस प्रकार से नरेंद्र मोदी सरकार कार्यरत है और पूरे विश्व में एक सशक्त शक्ति के रूप में उभर कर आ रही है आज से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कांग्रेस केवल भ्रष्टाचार के लिए जानी जाती है और अब कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है, आज कांग्रेस एक बिखरता हुआ कुनबा है जिसके पास ना तो नियत है और न नीति है। आज कांग्रेस का हर विधानसभा क्षेत्र में वर्चस्व खत्म होता दिखाई दे रहा है, जब से जयराम ठाकुर सरकार हिमाचल प्रदेश में बनी है तब से चाहे वह लोकसभा का चुनाव हो धर्मशाला या पच्छाद का उपचुनाव हो भाजपा को ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है। 2019 के लोकसभा चुनावों में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को ऐतिहासिक बढ़त मिली है और जिस प्रकार से पंचायती राज चुनावों के परिणाम सामने आए हैं उसमें भी भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला है।उन्होंने कहा कि भाजपा की आंधी के आगे कांग्रेस टिक नहीं पाएगी इन चार नगर निगम चुनावों पर भाजपा का परचम लहराना तय है।
डीएवी महाविद्यालय कोटखाई में एनएसएस व स्वस्थ्य विभाग कोटखाई के सौजन्य से एड्स विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिमसें बतौर मुख्यातिथि गुरुदेव सिंह ने शिरकत की। मुख्यवक्ता ने अपने संभाषण में एड्स की जानकारी देते हुए बताया कि एड्स का पहला रोगी 1986 में चेन्नई में पाया गया। वर्तमान समय में विश्व में कुल 2.1 मिल्लियन एड्स से ग्रस्त है। ये एक संक्रमित बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे को फैलता है। इसके लक्षण 10 वर्ष के बाद दिखाई देते है जो इस बीमारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने बताया कि ये बीमारी असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढाने, संक्रमित सुई का प्रयोग करने त्तथा माँ से बच्चे को होता है। बचाव का सबसे उपयुक्त तरीका सुरक्षित यौन संबंध और रक्त कोश का रक्त ही उपयोग में लाये। वर्तमान शोध से पता चला है कि युवाओं में यह बीमारी तीव्र गति से फैलता है। इम्युनिटी क्षमता को बढ़ा कर संक्रमित बीमारी से बचाव किया जा सकता है। इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमे श्रेया, पीयूष, आनंद, सारिका, सूरज, अभिषेक, निकिता ,निशा आदि ने भाग लिया तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज कार्यालय परिसर में ई स्वीकृति मोबाइल ऐप का शुभारंभ कियाl इस अवसर पर उन्होंने बताया कि इस ऐप द्वारा स्वचालन की प्रक्रिया एवं सत्यापन को बल मिलेगा तथा उपायुक्त द्वारा प्रदान की गई धरना, रैली, धार्मिक व स्कूल के आयोजनों द्वारा सविकृतियों का लेखा जोखा उपलब्ध होगा। जिला सूचना केंद्र शिमला द्वारा यह ऐप विकसित किया गया हैl उन्होंने बताया कि आवेदन करने वालों को 48 घंटे पहले आवेदन करना होगा और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली जाएगीl आदित्य नेगी ने बताया कि इस प्रक्रिया से आवेदन करने वालों को उपायुक्त कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी तथा स्वचालन व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहेगीl इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था प्रभा राजीव एवं जिला सूचना अधिकारी पंकज गुप्ता भी उपस्थित थेl
आरपी नेगी। शिमला हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज संपन्न हुआ। कुछ 16 बैठकाें के दाैरान 55 घंटे 32 मिनट तक कार्यवाही चली। हालाँकि बजट सत्र का आगाज़ विपक्ष ने हंगामेदार तरीके से किया, लेकिन धीरे-धीरे शांत स्वभाव में सदन की कार्यवाही में भाग लिया। इस बार का बजट सत्र भले ही छाेटा रहा, सरकार ने 5 विधेयकों के साथ बजट भी पारित किया। राज्यपाल अभिभाषण के दिन से ही विपक्ष ने राैद्र रूप दिखाया और राज्यपाल के काफिले काे भी राेका गया ताे नतीजा कांग्रेस के पांच एमएलए काे पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया। लगातार पांच दिनों तक सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तकरार चलती रही, बाद में सरकार काे भी जुकना पड़ा। पांच मार्च से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलती रही। सत्र के समापन्न अवसर पर विधानसभा स्पीकर विपिन सिंह परमार ने सदन काे संबाेधित करते हुए कहा कि इस दाैरान 530 तारांकित और 218 अतारांकित सवाल पूछे गए। चार दिनों तक बजट पर चर्चा हुई ताे सीएम जयराम ठाकुर ने एक घंटा 15 मिनट तक जवाब भी दिया। उन्हाेंने सभी सदस्याें काे काेराेना से बचाव में आगे आने काे कहा। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट सत्र के शुरुआती दिनों काे छाेड़ विपक्ष का पाॅजिटिव सहयाेग मिला। उन्हाेंने कहा कि लाेकतंत्र में सबकाे अपनी बात रखने का पूरा अधिकार हाेता है। छाेटा बजट सत्र हाेने के बावजूद बजट पारित हुआ। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहाेत्री ने सदन काे संबाेधित करते हुए कहा कि हमारा दिल बहुत बड़ा है। हमने लाेकतंत्र की लड़ाई लड़ी ताे एफआईआर भी दर्ज करवाई गई, जाेकि ऐसा पहली बार हुआ। उन्हाेंने कहा कि कभी आप उधर ताे कभी हम उधर हाेते हैं।
शिमला। विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन भाजपा विधायक विनोद कुमार के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आईजीएमसी अस्पताल में मार्च 2020 से 18 मार्च 2021 तक 728 डॉक्टरों ने कोरोना काल के दौरान अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान 225 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए हैं। कोरोना काल के दौरान विशेष कोविड सेंटर में 205 डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दी। डॉ. सैजल ने कहा कि कोरोना संक्रमण से लड़ाई में डाक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मियों ने भी सेवाएं दी हैं। सभी कर्मचारियों को सरकार सम्मानित करेगी। उन्होंने कहा कि कोविड काल में सभी श्रेणियों ने सराहनीय कार्य किया है। वहीं, मुकेश अग्निहोत्री के अनुपूरक सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 60207 हैं और अभी 1024 एक्टिव केस हैं। वहीं कोरोना संक्रमण से 1003 लोगों की मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 1.90 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन लगी हैं और यह कार्य केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत हो रहा है। डॉ. सैजल ने सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अनुपूरक सवाल पर कहा कि कोरोना काल में एक ही चिकित्सक की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। इसके अलावा किसी अन्य स्टाफ की इस संक्रमण से मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का कोरोना सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को इंसेंटिव देने का अभी सरकार कोई विचार नहीं रखती है।
हिमाचल दिवस समारोह के तैयारियों का जायजा लेेने के लिए उपायुक्त आदित्य नेगी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। उन्होनें बताया कि इस दौरान आकर्षक मार्चपास का आयोजन किया जाएगा जिसमें जिला पुलिस, होम गाॅर्ड, यातायात पुलिस, एनसीसी व एनएसएस के महिला पुरुष टुकड़ियां तथा स्काउट व गाइड के छात्र छात्राएं परेड में भाग लेगें। उन्होनें विभागीय अधिकारियों से कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समन्वय स्थापित कर कार्य करने के आदेश दिए। उन्होनें कहा कि कार्यक्रम में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। संम्पूर्ण कार्यक्रम स्वर्णिम हिमाचल की तर्ज पर प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान कार्यक्रम के लिए की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं के सम्बध में सम्बद्ध विभाग सक्रिय सहयोग प्रदान करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन सहायक आयुक्त डा0 पूनम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा, उपमण्डलाधिकारी मंजीत शर्मा, कंमाडेट होमगार्ड आरपी नेप्टा, अनिल हार्टा जिला भाषा अधिकारी, जीडी काल्टा जिला पर्यटन अधिकारी, उप निदेशक उच्च शिक्षा डीएन आजाद अशोक शर्मा, उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा भागचंद चैहान, जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी राकेश डांटा, सूबेदार विजय सिंह, एनसीसी परियोजना समन्वयक नगर निगम डा0 डीबी सिंह भी उपस्थित थे।
- हिमाचल में कारोना को लेकर बढ़ते मामलों को लेकर नो मास्क नो सर्विस नियम लागू - कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर हिमाचल सरकार हुई सख्त, प्रदेश में एक सप्ताह तक रहेगा मेलों एयर लंगर पर पूर्ण प्रतिबन्ध। 23 मार्च से लागू होगा ये नियम । - सार्वजनिक समारोह में 50 फीसदी और तक रहगी लोगों की मौजूदगी। -कारोना प्रभावित क्षेत्रों को बनाया जाएगा कंटेन्मेंट जोन। - शिक्षण संस्थानों में मामले आने पर बनाया जाएगा कंटेन्मेंट जोन
शिमला। हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पंचायतों में हुए घपले की विजीलेंस छानबीन चल रही है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर प्रधान, उप-प्रधान और पंचायत सदस्यों से 5.39 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। वसूली की प्रक्रिया 85.28 लाख रुपये पहले ही हो चुके थे और बाकी राशि की वसूली की प्रक्रिया की जा रही है। इससे पहले कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि आनी उपमंडल के कुंगथ पंचायत में हुए घपले में अभी 23 कामों की ही जांच चल रही है। जिसमें 17 लाख रुपए का घपला सामने आ गया है। वहां पर कम से कम दो सौ काम हुए है। जबाव में वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जो भी हुआ होगा सब सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि कुगंस पंचायत में गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत प्रधान और अन्य प्रतिनिधियों की संपत्तियों को संलग्न किया जा सकता है। अगर जमा नहीं किया तो एचपी ग्राम पंचायत अधिनियम के तहत 12.50 प्रतिशत ब्याज दर से गबन की राशि वसूली जाएगी।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज 182 लाेग काेराेना पाॅजिटिव पाए गए। जबकि तीन लाेगाें की माैत भी हाे गई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आज 98 लाेग स्वस्थ भी हुए। ऐसे में अब राज्य में काेराेना के 1124 एक्टिव केस हाे गए। अब तक हिमाचल में 60 हजार 389 केस सामने आ चुके हैं।
शिमला। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा है कि चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन को विशेष रेल परियोजना घोषित किया गया है। इस परियोजना की लागत को केंद्र और प्रदेश सरकार 50:50 फीसदी की हिस्सेदारी के रुप में वहन करेगी। परियोजना के लिए 232 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है, जिसमें 177 करोड़ रुपए से अधिक रेलवे और 54.50 करोड़ रुपए प्रदेश सरकार ने जारी किए हैं। उन्होंने यह जानकारी विधायक रामलाल ठाकुर की तरफ से प्रदेश में रेलवे के विस्तारीकरण को सुदृढ़ करने के लिए नियम-101 के तहत लाए गए संकल्प पर हुई चर्चा के उत्तर में दी। बाद में सदन ने इस संकल्प को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इस संकल्प पर हुई चर्चा में पक्ष-विपक्ष ने रेल विस्तार को लेकर हिमाचल प्रदेश की अनदेखी करने पर इच्छा जताई। बिक्रम िसंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 54.1 किलोमीटर लंबी ऊना-हमीरपुर नई ब्राडगेज लाइन और 475 किलोमीटर लंबी बिलासपुर-मंडी-लेह नई ब्राडगेज रेललाइन का मामला केंद्र सरकार से उठाया है। ये दोनों मामले केंद्र सरकार के विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रगति पर है, जिसके लिए रेल मंत्रालय ने 731 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी कर दी है।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज जिला स्तरीय मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की 10वीं बैठक अध्यक्षता की। उन्होंने जानकारी दी कि बैठक में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 67 नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिस पर लगभग 10 करोड़ 60 लाख रुपये का निवेश प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत 2 करोड़ 80 लाख रुपये का पूंजी निवेश उपदान प्रदान किया जाएगा। इन 67 परियोजनाओं में विनिर्माण क्षेत्र के 6, ट्रैडिंग के 8, एप्पल ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग के 9, पर्यटन व्यवसाय 5, सेवा क्षेत्र के 14, छोटे मालवाहक वाहन के 10 तथा जेसीबी की 11 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस वित्तिय वर्ष योजना के तहत 200 उद्यमी स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित है जिसके अंतर्गत अभी तक 190 उद्यम स्थापित हो चुके हैं, जिस पर राज्य सरकार द्वारा 4 करोड़ 26 लाख रुपये का उपदान प्रदान किया जा रहा है। शेष लक्ष्य को इसी वित्तिय वर्ष में पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर बैंकों में लंबित मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होनें कहा कि इस योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को लाभ प्रदान करने के लिए योजना का समुचित प्रचार प्रसार किया जाना आवश्यक है। उन्होनें कहा कि जनमंच पूर्व गतिविधियां तथा इस दौरान इस संबध में जानकारी प्रदान करने के लिए विभाग कार्य करें। उन्होंने बैंक के जिला समन्वयकों से इस योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया ताकि योजना का अधिक से अधिक लोगों को लाभ प्रदान किया जा सके। बैठक में महा प्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र योगेश गुप्ता, एलडीएम ए.के. सिंह, जिला समन्वयक सहकारी बैंक संजय शर्मा, जिला समन्वयक पंजाब नैशनल बैंक संजय रथवान तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
शिमला। हिमाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए प्रस्तावित आय 125 करोड़ 52 लाख रुपए तथा विभिन्न मदों पर 115 करोड़ रुपए व्यय का बजट बैठक में पारित किया। जिसे जल्द प्रदेश सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव सिंह भण्डारी ने हि0 प्र0 राज्य कृषि विपणन बोर्ड की बजट बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये जानकारी दी। उन्होनें बताया कि इस बैठक के अंतर्गत प्रदेश की 10 कृषि उत्पाद मण्डी समितियों का वर्ष 2021 के लिए 129 करोड़ 36 लाख प्रस्तावित आय एवं 114 करोड़ 56 लाख विभिन्न प्रस्तावित मदों को व्यय का बजट भी बैठक में पारित किया। उन्होनें बताया कि जायका परियोजना के तहत 31 करोड़ 70 लाख का बजट भी पारित किया गया है। उन्होनें बताया कि प्रदेश में मार्किटिंग यार्ड के सुदृढ़ीकरण तथा विभिन्न निर्माण कायों के लिए 14 करोड़ 10 लाख के बजट को भी पारित किया गया। विश्व बैंक की परियोजना के तहत मण्डियों को बढ़ाने के लिए 95 करोड़ प्राप्त हुआ है। उसके अन्तर्गत निर्मित विभिन्न विकास कार्यों से किसानों बागवानों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए अच्छी सुविधा मिलेगी।
शिमला। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा है कि फसल बीमा योजना के तहत बागवानों को बीते तीन सालों में 128 करोड़ रुपए का लाभ दिया गया है, जबकि इस अवधि के दौरान किसानों और केंद्र व राज्य सरकार ने बीमा के प्रीमियम के रूप में कुल 248.88 करोड़ रुपए जमा करवाए हैं। बागवानी मंत्री ने कहा कि इस योजना में कई खामियां हैं और व खुद ही इसे लेकर स्पष्ट नहीं है। ऐसे में इस संबंध में सभी संबंधितों के साथ बैठक कर खामियों को दूर किया जाएगा। वे शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा के मूल और कांग्रेस सदस्य जगत सिंह नेगी के अनुपूरक सवाल का जवाब दे रहे थे। महेंद्र सिंह ठाकुर ने माना कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि बागवानों से कंपनियों ने 101.08 करोड़ रुपए से अधिक का प्रीमियम कैसे वसूल लिया, जबकि फसल बीमा योजना के तहत कुल प्रीमियम का सिर्फ 5 फीसदी हिस्सा ही बागवानों को देना था तथा शेष हिस्सा केंद्र और प्रदेश सरकार को आधा-आधा चुकता करना था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से 2020 के दौरान प्रदेश सरकार ने फसल बीमा के एवज में इन कंपनियों को 74.02 करोड़ रुपए, जबकि भारत सरकार ने 73.77 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रीमियम के रूप में दी है। उन्होंने कहा कि कंपनियों द्वारा वसूले जा रहे प्रीमियम को लेकर वे खुद स्पष्ट नहीं है। इसलिए वे कंपनियों और केंद्र सरकार के अफसरों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना प्रदेश में पहली अप्रैल 2016 को लागू हुई थी और इस योजना के तहत वर्ष 2016 से 2020 के बीच 424311 बागवान पंजीकृत हुए थे। इस योजन के तहत उद्यान विभाग रबी की फसल का ही बीमा करता है। इस कार्य के लिए एआईसी, इफको टोक्यो, आईसीआईसीआी लम्बार्ड, एचडीएफसी एरगो और रिलायंस जीआईसी इत्यादि कंपनियों से अनुबंध है।
शिमला। चीफ व्हिप एवं भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने कहा कि यह दुख का विषय है कि प्रकृति की मार किसानों व बागवानों पर पड़ रही है। इस कारण हजारों करोड़ का नुकसान हो चुका है। क्या यह सत्य है कि 2009-10 में पायलट योजना के तहत फसल आधारित बीमा योजना शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि फसल का बीमा कई सालों से नहीं मिल रहा है, जबकि प्रीमियम खाते से पहले ही कट जाता है। जो कंपनियां बीमा राशि जारी नहीं कर रही, क्या उन्हें ब्लैक लिस्ट किया गया है। ड्रोन के माध्यम से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया जाए। वहीं, कांग्रेस सदस्य जगत सिंह नेगी ने कहा कि सेब किस फसल में आता है, जबकि फसल बीमा योजना रबी फसल की है। सेब तो खरीफ में आता है। महेंद्र सिंह ने कहा कि सेब की फसल को रबी की फसल के दौर में ही नुकसान होता है। इसलिए यह इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि ऊंची चोटियों में बाद में नुकसान होता है और इस कारण वे योजना के लाभ से वंचित होते हैं और वे इसका प्रावधान इसमें शामिल करने पर विचार करेंगे।
शिमला। ज्वालामुखी से भाजपा विधायक रमेश चंद धवाला अपनी ही सरकार से एक बार फिर मुखर हुए। प्रश्नकाल के दाैरान उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में निर्माणधीन स्कूल भवनाें की स्थिति पर जवाब मांगा। शिक्षा मंत्री गाेविंद सिंह ठाकुर ने पूरी स्थिति के बारे अवगत भी करवाया, लेकिन धवाला संतुष्ट नहीं दिखे। उन्हाेंने शिक्षा विभाग काे गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। धवाला ने कहा कि जब पैसे ही नहीं थे ताे टेंडर आरोप लगाया। जब शिक्षा मंत्री गाेविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि भवनाें के निर्माण कब तक हाेंगे इसकी तय तिथि नहीं दे सकता हूं, मगर थाेडा सा इंतजार कराे। शिक्षा मंत्री के जवाब से असंतुष्ट रमेश धवाला ने कहा कि मैं पिछले तीन साल से इंतजार ही कर रहा हूं।
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा विधायक दल के सदस्यों ने आज विधानसभा परिसर में सांसद स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा को पुष्पांजलि अर्पित की। दिवंगत आत्मा के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, मंत्रियों और विधायकों ने भी स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला किन्नौर के बटसेरी गांव के युवा अमित कुमार नेगी को राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया। अमित कुमार नेगी आईएमएफ एवरेस्ट मैसिफ ऐक्सपीडिशन 2021 के लिए चयनित पहले नागरिक हैं। उन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी से बेस कोर्स और राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबंध खेल संस्थान अरूणाचल प्रदेश से एडवांस कोर्स किया है। मुख्यमंत्री ने अमित कुमार नेगी के प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि अमित कुमार नेगी की यह उपलब्धि राज्य के युवाओं को प्रेरित करने में सहायक सिद्ध होगी। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, वन मंत्री राकेश पठानिया और विधायक जगत सिंह नेगी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला। पिछले साल काेविड-19 के दाैरान लाॅकडाउन के बीच बाहरी राज्याें में फंसे 23 हज़ार हिमाचलियों काे राज्य सरकार द्वारा वापिस लाया गया। जबकि 70 देशाें में फंसे 3 हजार 445 लाेगाें काे भी अपने क्षेत्राें में पहुंचाया गया। विधायक विशाल नैहरिया द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि पिछले साल 24 मार्च काे पूरे देश में लाॅकडाउन लगा था और इसी दाैरान जयराम सरकार ने बाहरी राज्याें और विदेशों में फसें हिमाचलियों काे अपने घराें तक पहुंचाने के ऐसा लिए कदम उठाया था।
शिमला। विधानसभा बजट सत्र के दाैरान आज सदन में सांसद रामस्वरूप के निधन का मामला भी गूंजा। प्रश्नकाल समाप्त हाेते ही नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहाेत्री ने इस मसले काे उठाया। उन्हाेंने कहा कि सांसद रामस्वरूप शर्मा एक नेक इंसान और साफ छवी के नेता थे। उनके निधन काे लेकर साेशल मीडिया में कई सवाल उठ रहे हैं। उन्हाेंने सरकार सांसद के निधन की जांच सीबीआई से करने काे कहा। मुकेश ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने एक सांसद खाेया है। जब फिल्म स्टार सुशांत राजपूत की जांच सीबीआई कर सकती है ताे हमारे सांसद के निधन की जांच क्याें नहीं? जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अभी काेई जल्दबाजी नहीं करेंगे। दिल्ली पुलिस जांच कर रही है और पाेस्टमार्ट रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। सीएम ने कहा कि सांसद के परिवार से भी वह मिलकर आए हैं और बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। ऐसे में हमें पाेसटमार्ट रिपोर्ट आने तक थाेड़ा इंतजार करना हाेगा।
विद्यार्थियों को इसी सप्ताह प्रमोट करेगा एचपीयू शिमला, हजारों यूजी विद्यार्थियों का इंतजार होगा खत्म
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के हजारों यूजी विद्यार्थियों का प्रमोट होने का इंतजार इसी सप्ताह समाप्त हो जाएगा। प्रमोट करने का कार्य लगभग पूरा है। जल्द विश्वविद्यालय यूजी प्रथम और द्वितीय वर्ष के करीब एक लाख विद्यार्थियों को प्रमोट कर उनका रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड करेगा। इसके बाद छात्र लॉगइन आईडी से रिजल्ट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। यूजी परीक्षाओं से पहले विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को प्रमोट कर देगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी माना कि कोविड-19 के कारण बीते वर्ष बने हालात के कारण यूजी प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं न होने के कारण स्नातक डिग्री कोर्स के प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को प्रमोट करने का फैसला लिया था। छात्रों के कॉलेजों से भेजे गए इंटरनल असेसमेंट और परिणाम संबंधित रिकार्ड के आधार पर छात्रों को प्रमोशन का कार्य पूरा कर दिया गया है। इसकी टेस्टिंग सफल होते ही इसी सप्ताह परिणाम अपलोड कर दिया जाएगा। 2018 और 2019 सत्र के यूजी छात्रों को प्रथम और द्वितीय वर्ष में प्रमोशन दिया जाना है। कॉलेजों से इंटरनल असेसमेंट व परीक्षा फार्म न भरने पर नहीं होगी प्रमोशन यूजी डिग्री कोर्स के सिर्फ उन्हीं छात्रों को विश्वविद्यालय प्रमोट करेगा, जिनकी कॉलेजों से इंटरनल असेसमेंट विवि को मिली होगी और जिन्होंने पिछली कक्षा के परीक्षा फार्म भरे होंगे। अगली कक्षा की परीक्षा देने के लिए भी प्रमोशन और परीक्षा फार्म भरना अनिवार्य होगा। जिन छात्रों की इंटरनल असेसमेंट नहीं आई होगी और जिन्होंने परीक्षा फार्म नहीं भरे होंगे, उन्हें प्रमोट नहीं किया जाएगा। उनका रिजल्ट कार्ड जेनरेट नहीं होगा। विवि ने यूजी के परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 25 मार्च तक बढ़ाई है। पिछले सत्र में नहीं हुई थी यूजी प्रथम, द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं पिछले साल लॉकडाउन के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहने से यूजी की प्रथम और द्वितीय वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं नहीं करवाई गई थीं। इस कारण सरकार के आदेशों पर नवंबर में हुई ईसी की बैठक में इन दो बैच के छात्रों को प्रमोट करने का फैसला लिया गया था। प्रमोशन प्रथम वर्ष की इंटरनल असेसमेंट और द्वितीय वर्ष के छात्रों को पिछली कक्षा के प्राप्तांक और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर प्रमोट करने का फार्मूला निकाला गया था।


















































