आरपी नेगी। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा आयोजित गोरखा कल्याण बोर्ड की 15 वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर वर्ग का कल्याण और संवेदनशील एवं वंचितों के उत्थान पर विशेष बल देना प्रदेश सरकार का मुख्य ध्येय है। गोरखा समुदाय देश की सीमाओं की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि युद्धों और विभिन्न अभियानों के दौरान उनकी बहादुरी के किस्से युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग की पहचान के लिए हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। प्रदेश का कल्याण और विकास तभी संभव है, जब समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गोरखा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में शामिल किया गया है ताकि सरकारी सेवाओं में उनका पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। जयराम ठाकुर ने कहा कि क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये प्रति वर्ष की गई है ताकि विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को प्राप्त हो सके। इससे इस श्रेणी केे युवाओं के लिए बेहतर व्यवसाय और रोजगार के अवसर सुनिश्चित होंगे। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गोरखा समुदाय का विकास और कल्याण सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में जिन विषयों को उठाया गया और चर्चा की गई उनका शीघ्र समाधान किया जाएगा। धर्मशाला में शहीद राइफलमैन अंकित प्रधान की याद में एक स्मृति द्धार बनाने के अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी नौकरियों में प्रथम और द्वितीय श्रेणी के पदों में 12 प्रतिशत और तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए 18 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर रही है। जयराम ठाकुर ने गोरखा समुदाय से प्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों में से एक बनाने के लिए राज्य सरकार को अपना पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने जिला प्रशासन को लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि गोरखा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में रखा गया है और विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कई प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कृतिका कुलहारी ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। वन मंत्री राकेश पठानिया और विधायक विशाल नेहरिया ने धर्मशाला से और गोरखा कल्याण बोर्ड के सदस्यों ने भी अपने-अपने स्थान से वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, सचिव देवेश कुमार, संदीप भटनागर, अमिताभ अवस्थी और राजीव शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन डाॅ. सविता, आयुक्त उद्योग हंसराज शर्मा शिमला में बैठक में उपस्थित रहे।
शिमला। काेराेना काल के दाैरान आंगनबाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को डयूटी पर लगाया गया था, जिसमे सिर्फ चार ज़िलों की वर्कर्स काे ही मानदेय दिया गया। बिलासपुर, कांगडा, सोलन और सिरमौर में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को आशा वर्कर की तर्ज पर अतिरिक्त मानदेय दिया गया है, शेष जिलों में आंगनबाडी र्कायकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय दिए जाने का मामला स्वास्थ्य विभाग से उठाया गया है। यह बात सामाजिक न्याय एंव आधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने विधायक रमेश ध्वाला के एक सवाल के जवाब में कही।
शिमला। इस साल अक्तूबर महीने तक प्रदेश में लकडी के सभी खंबों को बदल दिया जाएगा, इसका लक्ष्य तय कर दिया गया। 31 मार्च 2021 तक एक हजार लकडी के खंबों को बदला जाएगा। यह बात उर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने विधायक विक्रमादित्य सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही। मंत्री ने बताया कि अभी तक प्रदेश में 27 हजार लकडी के खंबों को बदल दिया गया है। मूल सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि इस साल बर्फबारी के दौरान शोघी में 33 केवी जतोग-तारादेवी और कोट फीडर लाइन के प्रभावित होने से क्षेत्र में बीजली की आपूर्ति बाधित रही। भविष्य में यहां पर ऐसा न हो इसके लिए यहां पर 33-11 केवी सब स्टेशन का काम सितंबर 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।
शिमला। प्रदेश में पंचायत चौकीदारों को नियमित करने के लिए नीति बनाए जाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा, जिस पर सरकार अपना अंतिम निर्णय लेगी। फिलहाल रेगुलर नहीं हाे सकते हैं। यह बात मंत्री वीरेंद्र सिंह की गैरमौजूदगी में मंत्री बिक्रम सिंह ने विधायक वीरभद्र सिंह की गैरमौजूदगी में विधायक विक्रमादित्य सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहीं। मंत्री ने बताया की मौजूदा समय में चौकीदारों को 5300 रूपए मानदेय दिया जा रहा है।
शिमला। बिजली परियोजनाओं में लाडा का देरी से जमा किया जाने वाला पैसा भविष्य में ब्याज सहित वसूला जाएगा। साथ ही लाडा का पैसा खर्च करने के लिए संबंधित कमेटी की संस्तुति लेना अनिवार्य होगा। यह बात उर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने विधायक पवन नैययर के एक सवाल के जवाब में कही। पवन नैययर ने कहा कि चंबा में हाईडल प्रोजेक्ट के तहत यहां पर लाडा का पैसा जमा नहीं किया गया है और झूठी जानकारी दी जा रही है कि यहां पर 31.50 लाख रूपए खर्च किए गए है। इस पर मंत्री ने इस मामले की डीसी द्वारा एसडीएम की अध्यक्ष्ता में कमेटी द्वारा जांच किए जाने की बात कही है जो यह पता लगाएगी कि यहां पर लाडा का पैसा खर्च हुआ है या नहीं। जगतसिंह नेगी ने अपुपूरक सवाल में सरकार से जानना चाहा कि क्या सरकार पॉलिसी लाएगी की लाडा का पैसा खर्च करने से पहले कमेटी से मंजूरी लेना अनिवार्य किया जाएगा।
शिमला। विधानसभा बजट सत्र में बुधवार काे प्रश्नकाल के दौरान प्री-नर्सरी कक्षाओं के चलाने को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी व माकपा विधायक राकेश सिंघा के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। विधायक राकेश सिंघा ने आरोप लगाया कि मंत्री को अपने ही विभाग का पता नहीं हैं, ऐसे में वह क्या विभाग चला रही है। उनकी इस तल्ख टिप्पणी पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने सदस्य को अपनी जुबान पर लगाम लगाने की सलाह दी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विधायक संभवतः बाहर झंडा उठाकर बाहर उठाना चाहते हैं। इस तल्ख टिप्पणी के बीच विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने विधायक को सही शब्दों का प्रयोग करने की बात कही, जिस पर सिंघा ने मंत्री से माफी मांगी। सरवीण चौधरी ने कहा कि प्री-प्राइमरी कक्षाएं चलाना शिक्षा विभाग का काम है। उन्होंने कहा कि सरकार झंडा उठाने की बजाए काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में स्टेट लेबल टास्क फोर्स गठित की गई है। उन्होंने कहा कि प्री नर्सरी कक्षाओं को बंद करने की कोई योजना नहीं है।
हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने शिमला जिले के दो विकास खण्डों- टूटू व चैपाल और मंडी जिले के धर्मपुर विकास खण्ड तथा हाल ही में गठित पंचायतों में हुई आकस्मिक रिक्तियों के निर्वाचन के लिए आज अधिसूचना जारी कर दी है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 22, 23 व 24 मार्च को नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे जिनकी जांच पड़ताल 25 मार्च, 2021 को संबंधित रिटर्निंग/सहायक रिटर्निंग अधिकारी करेंगे। राज्य निर्वाचन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी कि इच्छुक प्रत्याशी 27 मार्च, 2021 को प्रातः 10 बजे से सांय 3 बजे तक अपना नामांकन पत्र वापिस ले सकते हैं। चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को 27 मार्च को ही नामांकन पत्रों की वापिसी के तुरन्त पश्चात् चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह चुनाव स्वतंत्र चुनाव चिन्ह के आधार पर होगा तथा किसी भी उम्मीदवार को उसकी पसन्द का चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं किया जाएगा। मतदान 7 अप्रैल को प्रातः 8 बजे से सायं 4 बजे तक करवाया जाएगा। प्रधान, उप-प्रधान एवं पंचायत सदस्य के पद की मतगणना मतदान के तुरन्त बाद पंचायत मुख्यालय पर की जाएगी। इस अधिसूचना के साथ ही प्रदेश के उन क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है जहां निर्वाचन प्रक्रिया प्रारम्भ की जा चुकी हप्रवक्ता ने कहा कि अगर किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ हो तो वह 15 मार्च, 2021 तक अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाने के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त को प्रपत्र-2 पर दोहरी प्रति में मात्र 2 रुपये का शुल्क अदा कर प्रस्तुत कर सकता है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के अंतर्गत सोलन जिला के चायल में जन औषधि केंद्र का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र क्षेत्र के लोगों को सस्ते दामों पर जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सभी लोगों को सस्ती दरों पर गुणात्मक दवाइयां उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग में जन औषधि योजना कार्यान्वित की गई है। इन जन औषधि केंद्रों में दवाइयां और अन्य उपकरण प्रतिष्ठित फार्मास्यूटिकल कंपनियों से खरीदी गई हैं। वर्तमान में देशभर में 7500 ऐसे केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जेनेरिक दवाइयां, सर्जिकल और अन्य मेडिकल उपचार संबंधी उपभोग्य उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इन सभी दवाइयों और चिकित्सीय उपकरणों के दाम बाजार में उपलब्ध दवाइयों और उपकरणों की तुलना में काफी हैं। इसके कारण विशेषकर गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जन औषधि योजना कार्यान्वित की जा रही है। प्रदेश सरकार लोगों को राज्य सरकार की निशुल्क दवा नीति के अंतर्गत 402 प्रकार की दवाइयां निशुल्क प्रदान कर रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के जिला अस्पतालों में 58 जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चायल में खोले गए जन औषधि केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध होंगी।
शिमला। विधानसभा बजट सत्र काे शांतिपूर्वक चलाने के लिए स्पीकर विपिन सिंह परमार ने एक बार फिर दाेनाें दलाें से पूर्ण सहयाेग मांगा। हालाँकि सत्र शुरु हाेने से एक दिन पहले यानी बीते 25 फरवरी काे भी सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बेनतीजा रही। ऐसे में आज फिर से मीटिंग हुई। विधानसभा स्पीकर विपिन सिंह परमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रेस की और से नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहाेत्री और आशा कुमारी, भाजपा विधायक दल की और से संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज, राकेश जम्वाल समेत अन्य विधायक माैजूद रहे। स्पीकर ने दाेनाें दलाें से जनहित के मुद्दाें पर सदन में शांतिपूर्वक चर्चा करने की अपील की।
शिमला। एसजेवीएन परिसर शिमला में आज रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे 140 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। इस अवसर पर सीएमडी नंद लाल शर्मा ने अपने संबाेधन में कहा कि समाज की बेहतरी में योगदान देने के लिए एसजेवीएन विभिन्न कल्याणकारी उपाय अपनाता रहा है तथा कोविड-19 महामारी की वर्तमान परिस्थिति में रक्तदान से बेहतर मानवता की सेवा नहीं हो सकती। कोविड-19 के कारण जो पाबन्दियां लागू की गई थीं उससे ब्लड बैंक में रक्त की कमी देखी गई। इस ब्लड डोनेशन कैंप से रोगियों की रक्त की जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी। रक्तदाताओं के महान प्रयत्नों का सम्मान करने उन्हें प्रशंसास्वरूप एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
शिमला। देश व प्रदेश में बढ़ रही महंगाई के खिलाफ अब कांग्रेस सड़काें पर उतरेगी। पीसीसी चीफ कुलदीप सिंह राठाैर से हिमाचल और केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कल 10 मार्च को चौड़ा मैदान स्थित अंबेडकर चौक पर सरकार के खिलाफ एक बड़ी जनसभा करने जा रही है, जिसमे प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। इस जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष सहित सभी कांग्रेस विधायक नेता और पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। राठौर ने कहा कि जनसभा में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था व जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। आज प्रदेश गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है और सरकार को इसकी कोई चिंता नही है। राठौर ने प्रदेश सरकार के बजट को केवल एक औपचारिकता बताते हुए कहा कि इस बजट की न तो कोई दिशा है और न ही इसकी कोई दशा। प्रदेश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था के सुधार को कोई भी पग नही है।बजट में लोगों को कोई राहत भी नही है।
आरपी नेगी, शिमला हिमाचल में सरकार के अधीन चल रहे बाेर्ड और निगम इस वक्त कराेड़ाें के घाटे में हैं। बावजूद इसके सरकार इनके चेयरमैन और वायस चेयरमैन के मानदेय में हर साल चार से पांच कराेड़ रूपए खर्च कर रही है। विधायक जगत सिंह नेगी द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीएम के लिए प्राधिकृत जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि यह चिंता का विषय है। उन्हाेंने कहा कि यह प्रथा आज की नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षाें से चल रही है। उन्हाेंने कहा कि वर्मान में 11 निगम और एक बाेर्ड घाटे में है। सबसे अधिक एचआरटीसी जाे 153370 लाख और दूसरे नंबर पर राज्य बिजली बाेर्ड 152059 लाख के घाटे में हैं। निगम और बाेर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मानदेय में अब तक यानी तीन साल में 15 कराेड़ से अधिक का खर्चा आंका गया। ये हैं घाटे वाले बाेर्ड/निगम बाेर्ड/निगम घाटा लाख में एचपीटीडीसी 5032.61 हिमऊर्जा 36199 एससी,एसटी निगम 2623.79 अल्पसंख्यक निगम 619.44 एचपीएमसी 11042.24 एचआरटीसी 153370.43 वित्त निगम 15348.29 एचपीएसआईडीसी 936.12 पावर ट्रांसमिशन 10836.88 बिजली बाेर्ड 152059.37
शिमला। स्वतंत्र भारत के प्रथम मतदाता 104 वर्षीय श्याम सरण नेगी ने आज कोविड का टीका लगाया। स्वास्थ्य विभाग के जिला निगरानी अधिकारी डाॅ. कविराज के नेतृत्व में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कल्पा में प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी को टीका लगाया गया। टीका लगाने के उपरान्त श्याम सरण नेगी ने कहा कि वे पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं तथा टीका लगाने से कोई भी तकलीफ नहीं हुई है और न ही कोई विपरीत असर पड़ा। उन्होंने देश वासियों से आग्रह किया कि आप सभी अपनी-अपनी बारी आने पर कोविड का टीका अवश्य लगाएं तभी कोरोना महामारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैने भी आज कोविड टीका लगाया है तथा में पूर्ण रूप से स्वस्थ हूँ। जिला निगरानी अधिकारी डाॅ. कविराज ने बताया कि आज स्वस्थ्य विभाग द्वारा भारत के प्रथम मतदाता मास्टर श्याम सरण नेगी को कोविड का टीका लगाया गया है। वे टीका लगाने के उपरान्त पूरी तरह से स्वस्थ हैं। विभाग द्वारा उनका ख्याल रखा जा रहा है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जयराम सरकार का बजट कोरोना जैसे संकट काल में भी आम जनता को राहत देने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि धराशाही हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जयराम सरकार के बजट से जनता को काफी उम्मीद थी। लेकिन वर्तमान बजट से युवा वर्ग, किसान व बागवान, कर्मचारी वर्ग, न्यू पेंशन कर्मचारी वर्ग, पत्रकारों व पर्यटन कारोबारियों को घोर निराशा ही हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि इस बजट से आम जनता चाहे वो पढ़े लिखे बेरोजगार हो या सरकारी कर्मचारी हो या मंहगाई की मार झेल रही घर चलाने वाली गृहणी हो, किसान व बागवान हो सभी को निराशा हाथ लगी है। नेगी ने कहा कि जयराम सरकार ने हिमाचल की आम जनता को पिछले तीन बजट में कुछ नही दिया पिछले एक वर्ष से कोरोना से आई आर्थिक मंदी और बेतहाशा महंगाई की मार झेल रही आम जनता को बजट में कोई राहत नही दी गई हैं। रोजगार के नाम पर ऊंट के मुॅंह में जीरा डालने जैसा है। हिमाचल में सरकारी आंकड़े के अनुसार 8 लाख ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का कोई प्रावधान और पैसा इस बजट में नही दिया गया। भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में हर साल तीस हजार सरकारी और गैर सरकारी नौकरी देने की बात की गई जो कि ऊंट के मुॅंह में जीरे के समान है। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि प्रदेश की सकल घरेलू आय में प्रमुख भूमिका निभाने वाले किसान व बागवानी क्षेत्र की बजट में अनदेखी हुई है। नए सी.ए., स्टोर, प्रोसैसिंग प्लांट के बारे में बजट में कोई प्रावधान नही हैं। प्रदेश की 65 प्रतिशत जनसंख्या का जीवन यापन कृषि और बागवानी पर टिक्का है। सरकार के बजट में इतनी बडी जनसंख्या को कुछ भी खास नही दिया गया। यहाॅ तक कि मोदी सरकार ने किसानों और बागवानों की आय 2022 में दौगुनी करने की बात कही थी अब 9 महीनों में 2022 आने वाला है जिस पर हिमाचल की भाजपा सरकार ने पिछले साढ़े तीन सालों में कुछ नही किया अब जाकर किसानों और बागवानों को बेवकूफ बनाने के लिए एक्सपर्ट ग्रुप के गठन की घोषणा की है ना ही इस बजट में किसानों के लिए एमएसपी का जिक्र किया गया और न ही बागवानी को सुदृढ़ बनाने के लिए कोल्ड स्टोर गुणवक्ता और उतपादकता बढ़ाने के लिए कोई अतिरिक्त धनराशि दी गयी है। नेगी ने कहा कि प्रदेश के सरकारी कर्मचारियो व न्यू पेंशन कर्मचारियो को भी इस बजट से काफी आशा थी लेकिन उन्हें भीे निराशा ही मिली है। इस बजट में प्रदेश के अढ़ाई लाख कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फिरा है। प्रदेश का एक बड़ा वर्ग अपने परिवार का भरण पोषण सरकारी नौकरी में काम करके करता है, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की अनदेखी करते हुए अपने चुनावी घोषणा पत्र में किये गए वादों को पूरा नही किया गया इस बजट में सरकारी कर्मचारियों का अनुबंध तीन साल से घटाकर दो वर्ष नही किया गया। साथ ही कर्मचारियों की पुरानी मांग यानि कि कर्मचारियों की नियुक्ति की तिथि वरिष्ठता और अनुबंध काल को सेवाकाल से जोड़ने और कर्मचारी वेतनमान 2016 से मांग रहें है और पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने वारे में इस बजट में कुछ नही किया गया। प्रदेश में न्यू पेंशन कर्मचारियों को भी इस बजट से काफी आशाएं थी लेकिन निराशा ही हाथ लगी है और उनकी मांगों पर भी जयराम सरकार ने इस बजट में कोई गौर नही किया।
आरपी नेगी। शिमला दिल्ली में पीएम से लेकर कई केंद्रीय मंत्रियाें से हिमाचल का पक्ष रखने के बाद शिमला लाैटने पर सीएम जयराम ठाकुर ने हिमाचल में भी छठे वेतन आयोग काे लागू करने का संकेत दिया। उन्हाेंने कहा कि पंजाब के बजट में छठे वेतन आयोग को लागू करने के बाद इसे अध्ययन के बाद इस पर लागू करने पर सरकार विचार करेगी। हिमाचल प्रदेश अपने खुद के पे कमीशन पर भी विचार कर रहा है।सदन की कार्यवाही के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर प्रदेश के विकास, फाइनेंसियल और विषयों को उनके सामने रखा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा हुई है और स्वर्णिम रथ यात्रा के शुभारंभ और 4 हजार करोड़ की 3 परियोजनाओं जिसमें एक परियोजना के उद्घाटन और 2 परियोजना के शिलान्यास होना है उसका प्रधानमंत्री को न्योता दिया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि दिल्ली में केंद्र के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत हुई है। जिसमें हिमाचल के विकास व सहयोग को के लेकर आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान वित्त मंत्री से भी बात हुई है। धर्मशाला के योल कैम्प की समस्या व नाहन की कुछ विकास परियोजना को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 15 अप्रैल को स्वर्णिम रथ यात्रा के सुभारम्भ करने का निमंत्रण दिया है। रेलवे मंत्री से प्रदेश में रेल के विषयों को लेकर बातचीत हुई। गृह मंत्री से मिलकर फारेस्ट क्लेरेंस में लंबित पड़े मामलों को क्लेरेंस करवाने के लिए आभार व्यक्त किया गया है।
आरपी नेगी। शिमला विधानसभा सदन में बजट पर चल रही चर्चा के दाैरान कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि राज्य का बजट तारीफाें के पुल बांधने से नहीं हाेता है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 49 हजार कराेड़ और इस बार 50 हजार 193 कराेड़ का बजट पेश किया, जाे हिमाचल के लिए कम है। राज्य की हालात काे देखते हुए भाजपा सरकार ने वित्तीय प्रबंधन के लिए काेई भी ठाेस कदम उठाने की बात तक नहीं की। आशा कुमारी ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वक्त करीब 85 हजार कराेड़ के ऋण में हैं। उन्हाेंने सत्तापक्ष की और इशारा करते हुए सरकार से पूछा कि आप हिमाचल काे कहां ले जा रहे हैं? इस बीच आशा कुमारी ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर पर तंज कसते हुए कहा कि आप आजाद आए थे और वहां तक पहुंच गए। यानी आशा कुमारी का कहना था कि आज सदन में मुख्यमंत्री की भूमिका महेंद्र सिंह ठाकुरअपना रहे हैं। उन्हाेंने बढ़ रही महंगाई के लिए प्रदेश और केंद्र दाेनाें सरकाराें काे दाेषी ठहराया।
आरपी नेगी। शिमला हिमाचल में एससी और एसटी छात्राें की स्काॅलरशिप डकारने में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज और कालेजाें ने काेई कसर नहीं छाेड़ी। हालाँकि मामला 2017 का है, जांच सीबीआई कर रही है। कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी द्वारा पूछे गए एक लिखित सवाल के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने 27 शिक्षण संस्थानाें की लिस्ट भी दे दी। शिक्षा मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक कुल छह गिरफ्तारी हाे चुकी है और सीबीआई जांच जारी है। उल्लेखनीय है की हिमाचल में करीब 350 कराेड़ की स्काॅलरशिप घाेटाला हुआ था। मामले की जांच हिमाचल पुलिस नहीं कर पाई ताे सरकार ने सीबीआई काे दाे साल पहले जांच का जिम्मा साैंपा था।
शिमला। हिमाचल में आज काेराेना से 3 लाेगाें की माैत हाे गई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर में 77 वर्षीय महिला, ऊना में 79 वर्षीय पुरुष और जिला कांगड़ा में 75 वर्षीय एक पुरुष की मृत्यु हुई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से काेराेना से माैत का आंकड़ा काफी कम था, लेकिन साेमवार काे तीन लाेगाें की जान चली गई। एनएचएम के मिशन डायरेक्टर डा.निपुण जिंदल ने बताया कि साेमवार काे प्रदेश में 79 लाेग काेराेना पाॅजिटिव पाए गए। जबकि 73 लाेग स्वस्थ भी हाे गए हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में अब तक काेराेना से 987 लाेगाें की जान चली गई। इस वक्त राज्य में 617 एक्टिव केस हैं।
शिमला। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने आज सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिमाचल प्रदेश निदेशालय महिला एवं बाल विकास द्वारा पीटरहाॅफ में आयोजित राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बदलते परिवेश में महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज की है, जिसकी बदौलत आज देश तथा प्रदेश की महिलाएं उच्च पदों में अपनी बेहतर सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने में पुरुषों का अहम योगदान रहा है। इस अवसर पर सरवीण चैधरी ने आज के समाज में महिलाओं की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज महिलाएं पुरुषों से अधिक कार्य कर रही हैं तथा समाज में महिलाओं की उन्नति उनके घर परिवार व अन्य कार्य क्षेत्रों में श्रेष्ठ सेवाओं के रूप में आंकी जा रही है। उन्होंने बताया कि देश तथा प्रदेश सरकार ने महिलाओं के उत्थान व सशक्तिकरण के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं आरम्भ की गई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं आरम्भ की जाएगी, जिसमें स्वर्ण जयंती नारी संबल योजना के अंतर्गत 65 से 69 वर्ष की वरिष्ठ महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यय की जाएगी वहीं शगुन नाम से नई योजना का शुभारंभ, जिसके अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के बीपीएल परिवार की बेटियों को विवाह के समय 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। हिमाचल गृहिणी सुविधा के अंतर्गत 3 लाख परिवारों को गैस रिफिल प्रदान की जाएगी, 136 पुलिस थानों में महिला सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे। बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए 250 महिलाओं को बैंक काॅरेसपोंडेंट सखी के रूप में अधिकृत किया जाएगा।
आरपी नेगी। शिमला प्रदेश के चार नगर निगमों में हाेने वाले चुनाव से पहले राज्य सरकार एक्ट में संशाेधन के लिए विधेयक लेकर आई ताे विपक्ष ने कुछ क्लाॅज पर आपत्ति जताई। हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशाेधन अधिनियम-2021 काे पारित करने से पहले साेमवार काे सदन में चर्चा हाेने लगी ताे विपक्ष ने इसे इलीगल करार दिया। इस बिल पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने सामने दिखा और नाराज विपक्ष ने वॉकआउट भी किया। इस बीच सरकार ने संशाेधित अधिनियम काे ध्वनीमत से पारित कर दिया। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने सरकार काे इस संशाेधित कानून के खिलाफ काेर्ट जाने की धमकी भी दी। साेमवार काे विधानसभाबजट सत्र में प्रश्नकाल के बाद हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशाेधन विधेयक-2021 को शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में विचार विमर्श एवम पारण के लिए रखा। जिस पर विपक्ष की तरफ से किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने सरकार द्वारा शक्तियां अपने पास रखने जैसे कई सवाल उठाए और इसमें संशाेधन की मांग उठाई। उन्होंने रोटेशन की शक्तियां डीसी को देना व आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाए इसलिए कानून को बनाने से पहले सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने विधेयक को जल्दबाजी में सदन में लाने की बात करते हुए बताया कि कानून जो लाया जा रहा है वह लीगल न होकर राजनीति से प्रेरित है। कानून को अंतिम माना जाता है लेकिन इस कानून में शक्तियां डीसी को दे दी। डीसी को सरकार प्रभावित कर सकती है। इसलिए ये कानून पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। यदि सरकार बहुमत का बल दिखाकर इस रूप में इस कानून को पारित करने की कोशिश करती है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से नही हिचकिचाएंगे। सदन में क्या बाेल शहरी विकास मंत्री शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि नगर निगम को लेकर कानून बनाने की ज़रूरत इसलिए पड़ी क्योंकि शिमला के अलावा अब 4 नई नगर निगम बन गई है। निगम के कानून में ये प्रावधान है कि राजनीतिक पार्टी चुनाव चिन्ह पर चुनाव करवाए जा सकते हैं। डीसी की शक्तियां इस लिए है कि क्योंकि यदि किसी को डिसक्वालीफाई करना है तो डीसी से नीचे का अधिकारी नही कर पाएगा इससे ऊपर का अधिकारी कर पाएगा ऐसा प्रावधान पहले से है। जहां तक आरक्षण का सवाल है वह एक्ट में प्रोविजन है। रोटेशन के आधार पर निगमों में चुनाव लड़ने का प्रावधान है।
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री को 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के अवसर पर प्रदेश के विकास की 50 वर्षों की शानदार विकासात्मक यात्रा को प्रदर्शित करती रथ यात्रा का उद्घाटन करने के लिए हिमाचल आने के लिए आमंत्रित किया। जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश सरकार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व का स्वर्ण जयंती समारोह मना रही है। सरकार के 50 वर्षों की विकासात्मक यात्रा को प्रदर्शित करती रथ यात्रा के साथ-साथ 15 अप्रैल को मंडी जिले में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान वर्तमान प्रदेश सरकार की पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों सेे भी लोगों को अवगत करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए विशेष रूप से अटल टनल जैसे तोहफे देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से 1796 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 111 मेगावाट की सावड़ा-कुड्डू जल विद्युत परियोजना के लोकार्पण के अलावा 210 मेगावाट के लुहरी चरण-एक जलविद्युत परियोजना और 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना की आधारशिलाएं रखने का भी आग्रह किया।
आरपी नेगी। शिमला कभी कैबिनेट मंत्री के लिए सरकार और संगठन से नाराज चलने वाले ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने अपनी ही सरकार काे घेरने से काेई गुरेज नहीं किया। साेमवार काे बजट सत्र में प्रशनकाल के दाैरान सरकार की हर घर काे नल याेजना पर कई सवाल खड़े कर दिए। उन्हाेंने कहा कि इस याेजना के तहत ज्वालामुखी से भेदभाव हाे रहा है। धवाला ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर काे अवगत करवाया कि प्रदेश में इस याेजना के तहत लाेगाें काे व्यक्तिगत पाइपें भी बंट रही है। मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किसी भी लाेगाें काे व्यक्तिगत ताैर पर पाइपें नहीं बांटी गई। उन्हाेंने कहा कि जुलाई 2022 तक प्रदेश में 17 लाख 626 नल खलाए जाने का लक्ष्य रखा है। एक अन्य सवाल के माध्यम से धवाला में प्रदेश में आवारा पशुओं के साथ प्राइवेट गाै सदन की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाई। उन्हाेंने पंचातीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर से पूछा कि प्राइवेट गाैसदनाें में काैन सा धंधा चल रहा है। जवाब में मंत्री ने कहा कि ऐसे गाै सदनाें पर हिमाचल प्रदेश गाै सेवा आयोग पूरी तरह से नजरें रख रहा है। सभी गतिविधयाें की ऑनलाइन रिकॉर्ड कर रहे हैं।
आरपी नेगी। शिमला प्रदेश में नगर निगमों के चुनाव अब पार्टी सिंबल पर करवाने के लिए जयराम सरकार ने कानून एवं नियमो के तहत कवायद शुरु कर दी है। हालाँकि हाल ही में कैबिनेट में इस प्रस्ताव काे मंजूरी दे दी थी, लेकिन जब तक विधेयक या अध्यादेश लागू नहीं हाेता तब तक पार्टी सिंबल पर चुनाव नहीं हाे सकते। इसके मद्देनजर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज साेमवार काे विधानसभा सदन में इस संदर्भ में विधेयक लाएंगे। वे हिमाचल प्रदेश नगर निगम एक्ट-1994 में संशाेधन करने के लिए सदन में हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम 2021 नामक विधेयक पेश करेंगे। इस बिल के पास हाेने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग चार नगर निगमों के चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। गाैरतलब है की हिमाचल में नगर निगम के चुनाव 1997 और 2012 में हुए थे। उस वक्त प्रदेश में एक मात्र एमसी शिमला ही था। अब पांच हाे गए है। अप्रैल माह में धर्मशाला, मंडी, साेलन और पालमपुर नगर निगम के चुनाव हाेंगे।
शिमला। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने शिमला भाजपा मंडल काे एकजुटता के साथ मिशन रिपीट का पाठ पढ़ाया। समरहिल में आयोजित कार्क्रम काे संबाेधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा की 2022 के चुनाव में भी प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। इसके लिए हमें अभी से ही मेहनत करने की आवशकता है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि दुनिया में हमारा संगठन सबसे मजबूत एवं शक्तिशाली है और भाजपा जैसे संगठित संगठन का अन्य कोई संगठन मुकाबला नहीं कर पाता। जो नेतृत्व भाजपा के पास है वह किसी राजनीतिक दल के पास नहीं है, जिस नेतृत्व पर जनता का विश्वास हो और जो वह नेतृत्व कहता है वह करके दिखाता है ऐसे हैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार ने एक शानदार बजट पेश किया है जिसमें हर वर्ग का ख्याल रखा गया है, स्वास्थ्य की दृष्टि से यह बजट ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा की पिछले 70 वर्ष में भाजपा ही एक ऐसा राजनीतिक दल है जिसने वास्तव में गरीबों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का कार्य किया। आज गरीब के पास पक्का मकान है ,बिजली है, जनधन खाता है जिसमे केंद्र सरकार सीधा पैसे डाल रही है ,हर घर नल योजना से भारत के हर घर में पानी पहुंचाने का कार्य कर रही है भारत सरकार जिसमें हिमाचल प्रदेश भी अच्छा कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले इज़ ऑफ लिविंग में शिमला 92 स्थान पर था आज पहले स्थान पर है यह हिमाचल सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हिमाचल में 2022 में पुनः एक बार भाजपा की सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में स्थापित करना है।
शिमला। प्रदेश में 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायती राज प्रतिनिधियों के लिए 327 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है, जिसके तहत नव निर्वाचित प्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास कर सकेंगे। ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने यह विचार आज शिमला ग्रामीण के सुन्नी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए नवीन योजना बनाई है, जिसके तहत वे अपने क्षेत्र के 5 नए काम जिसमें सड़क निर्माण, पेयजल, सिंचाई, महिला मण्डल अथवा युवक मण्डल भवन निर्माण, मोक्ष धाम निर्माण या वर्षा शालिका जैसे कार्य शामिल होंगे, जिसके लिए सरकार द्वारा 5 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने आज 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सुन्नी हरि गौसदन का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि जिला शिमला में यह पहला अत्याधुनिक गौसदन होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 90 दिन के भीतर इस सदन का कार्य पूर्ण करें ताकि मुख्यमंत्री जल्द से जल्द इसे लोगों को समर्पित कर सके। उन्होंने बताया कि हिमाचल मूल की पहाड़ी गाय जो 5 हजार अथवा इससे अधिक फीट की ऊंचाई पर रहती है के संरक्षण व संवर्धन के लिए केन्द्र को भेजी गई परियोजना की स्वीकृति भी प्राप्त हुई है, जिस पर 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। उन्होंने बताया कि इस स्वीकृति से हिमाचल की पहचान गौरी गाय का संरक्षण होगा। गाय के संवर्धन, नस्ल और दूध बढ़ौतरी में भी इस परियोजना के तहत सहयोेग मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सत्ता में आते ही प्रदेश में गौ सेवा आयोग की स्थापना की, जिसके संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 16 हजार आवारा गऊओं को गौसदनों में रखा गया है। उन्होंने बीज प्रज्जनन फार्म सुन्नी को सुचारू रूप से चलाने तथा इसका आधुनिकीकरण करने एवं भवन निर्माण व स्टाफ का प्रबंध करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए ताकि लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने पशु चिकित्सालय भवन सुन्नी के साथ अन्य भवन के निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की तथा अधिकारियों को इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर जल्द कार्य आरम्भ करने के आदेश दिए। उन्होंने बसन्तपुर सब्जी मण्डी के लिए वन भूमि की स्वीकृति प्राप्त कर जल्द निर्माण के भी आदेश अधिकारियों को दिए ताकि इसका आधुनिकीकरण कर लोगों को उपयोग के लिए समर्पित किया जा सके।
शिमला के प्रतिष्ठित राजकीय कन्या महाविद्यालय में पढ़ रहीं शालिनी, किरण, प्रिया और मोनिका हों या मुस्कान, इतिका, ज्योति, इंदू, संगीता, कुसुम, शगुन, अन्जना, निशा, पूनम, वीना, आशा, विद्या, सूमा और चन्द्र्मणी! खास बात यह है कि ये दृष्टिबाधित बेटियां अपनी प्रतिभा और लगन के पंखों के सहारे आसमान छूने की जद्दोजहद में लगी हैं। यह सभी कंप्यूटर पर टॉकिंग सॉफ्टवेयर के सहारे सभी काम कर लेती हैं। यही नहीं मोबाइल से फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ट्विटर भी चलाती हैं। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोहों के शोर में उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दे कहीं दब जाते हैं। उन्हें शिक्षण संस्थानों में दाखिले के साथ ही हॉस्टल और बाधा रहित वातावरण भी चाहिए। पढ़ाई के लिए उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण, लैपटॉप व टॉकिंग सॉफ़्टवेयर एक अनिवार्यता है। ताकि वे ई- बुक्स सुन कर पढाई कर सकें। अभी तक सरकार का ध्यान उनकी इस आवश्यकता की ओर नहीं गया है। राजकीय कन्या महाविद्यालय के हॉस्टल में रह कर बीए कर रही चार दृष्टिबाधित छात्राओं में से तीन शालिनी, मोनिका और प्रिया बीपीएल परिवार की हैं और पूर्णता दृष्टिहीन हैं। इन बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए उमंग फाउंडेशन आगे आई है। फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को उनकी संस्था पिछले 14 वर्षों से छात्रवृत्ति, लैपटॉप एवं अन्य उपकरण देकर पढ़ाई में मदद कर रही है। इनमें से अनेक दृष्टिबाधित बेटियां नौकरी में भी आ गई हैं। पोर्टमोर स्कूल से 84.60 प्रतिशत अंक लेकर 12वीं पास करने वाली चंबा के दूरदराज क्षेत्र की पूर्णतः दृष्टिहीन शालिनी ने आरकेएमवी शिमला में बीए में दाखिला लिया है। राजनीति विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाली इस छात्रा का सपना एचएएस अधिकारी बनना है। किन्नौर की मोनिका ने सुंदरनगर के विशेष विद्यालय से 63 प्रतिशत अंकों से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। वह इतिहास की सहायक प्रोफेसर बनना चाहती है। उधर सराहन के कुरुगू गांव की प्रिया भी प्राध्यापक बनने का सपना संजोए हुए है। जुब्बल के गांव बरठाटा की किरण की विकलांगता 75% है। वह स्कूल लेक्चरर बनना चाहती है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संगीत में पीएचडी कर रही मुस्कान हो या पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी की छात्रा इतिका चौहान, अथवा एमटेक की विद्यार्थी ज्योति नेगी, देख पाने में दिक्कत उनके जज़्बे को कमज़ोर नहीं कर पाई। इसी तरह रामपुर कॉलेज में चंद्रमणी, आशा, विद्या और सूमा देवी की हिम्मत उन्हें आगे बढ़ा रही है। हालांकि बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद कॉलेज प्रबंधक ने सुगम में पुस्तकालय बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। विश्वविद्यालय में दो वर्ष पूर्व सुगम्य में पुस्तकालय का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को कंप्यूटर पर काम करते देख हैरान रह गए थे। उन्होंने मंच से वादा किया था की हर स्कूल और कॉलेज में जहां दृष्टिबाधित विद्यार्थी पढ़ते हैं सुगम्य पुस्तकालय बनाए जाएंगे। लेकिन इस दिशा में आगे कुछ नहीं हुआ। प्रो अजय श्रीवास्तव का कहना है कि दृष्टि बाधित होने के बावजूद इन बेटियों ने हार नहीं मानी और जिंदगी में कुछ करके दिखाने की कोशिशों में लगी हुई हैं। उमंग फाउंडेशन हर कदम पर उनका साथ देता है। उससे जुड़ी हुई मुस्कान सभी के लिए एक मिसाल बन कर सामने आई है। वह बेहतरीन गायिका है, भारतीय चुनाव आयोग ने उसे वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था। एक फेलोशिप के माध्यम से वह अमेरिका तक में अपने सुरों के जादू से हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर आई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जन औषधि दिवस-2021 के अवसर पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के लाभार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। इस अवसर पर शिमला के रिज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और केन्द्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने जन औषधि परियोजना की लाभार्थी शिमला जिला के ठियोग उप-मण्डल के अन्तर्गत सरोग गांव की निवासी कृष्णा वर्मा से बातचीत के दौरान अपनी पुरानी यादें सांझा करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश का प्रत्येक परिवार देवदूत के समान है। हिमाचल वासियों का राष्ट्र की सेवा में सदैव ही सराहनीय योगदान रहा है। कार्यक्रम के उपरान्त पत्रकारों से बातचीत करते हुए जय राम ठाकुर ने कहा कि गरीब आदमी के लिए जन औषधि परियोजना संजीवनी के रूप में काम कर रही है। यह योजना प्रदेश में बहुत लोकप्रिय हुई है। राज्य में इस योजना में और तेजी लाई जाएगी तथा इसके विस्तार के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के 54 केन्द्र हैं। राज्य के राजकीय चिकित्सालयों में 14 जन औषधि केन्द्र स्थापित किए गए हैं। यह योजना स्थाई और नियमित आय के साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक अच्छा स्रोत भी उपलब्ध करवा रही है। इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत दवाएं औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए प्रस्तुत बजट बहुुत सराहनीय है। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, एपीएमसी के अध्यक्ष नरेश शर्मा, नगर निगम शिमला के पार्षद, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डाॅ. रजनीश पठानिया, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनक राज तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पेश किये गए बजट का स्वागत किया और इस बजट को सबका साथ सबका विकास नीति पर आधारित बताया। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ यूनियन ने बजट स्पीच में मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ हो रहें शोषण को रोकने के लिए कदम उठाने की बात का स्वागत किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा ने कहा की हमें उम्मीद है कि सरकार जल्दी हि ठोस कदम उठाते हुए ओउटसोर्स कर्मचारियों की जॉब की सुरक्षा और सम्मान जनक वेतन का विशेष ध्यान रखते हुए एक ठोस नीति बनाएगी। वंही, उन्होंने ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी का बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों के निलंबन को रोकने के सरकार द्वारा बोर्ड को आदेश के लिए धन्यवाद किया और मजदूर वर्ग के मानदेय बढ़ोतरी के जयराम सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए, उन्होंने हज़ारो परिवारों की ओर से मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहें आउटसोर्स कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी का सरकार से निवेदन कर शीघ्र हि स्थायी नीति के ऐतिहासिक फैसले के लिए समिति का गठन करने की मांग की।
आंगनबाड़ी वर्करज़ व हेल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू की राज्य कमेटी आंगनबाड़ी कर्मियों की प्री प्राइमरी में नियुक्ति व अन्य मांगों को लेकर नौ मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। इस दिन हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी शिमला में विधानसभा के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल के संदर्भ में यूनियन ने निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार शिमला को हड़ताल नोटिस भेज दिया है। आंगनबाड़ी कर्मियों ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्करज़ को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी न किये तो आंगनबाड़ी कर्मी नौ मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करके सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बन्द कर देंगे व इस दिन प्रदेशभर के हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 के आइसीडीएस बजट में की गई 30 प्रतिशत की कटौती को आंगनबाड़ी कर्मियों के रोज़गार पर बड़ा हमला करार दिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी वर्करज़ व हैल्परज़ के वेतन में पांच सौ व तीन सौ रुपये की बढ़ोतरी को क्रूर मज़ाक करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए तीन हज़ार रुपये पेंशन, दो लाख रुपये ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कर्मियों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष करने, नई शिक्षा नीति 2020 को खत्म करने, मिनी आंगनबाड़ी कर्मियों को बराबर वेतन देने की मांग की है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों को वर्ष 2013 का नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत किये गए कार्य की बकाया राशि का भुगतान तुरन्त करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं व नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा केवल आंगनबाड़ी वर्करज़ को दिया जाए क्योंकि वे काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इस संदर्भ में उनकी नियमित नियुक्ति की जाए तथा इसकी एवज़ में उनका वेतन बढाया जाए।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हिमाचल महिला पुलिस की अलग झलक शिमला के रिज मैदान में देखने को मिलेगी। 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पूरे हिमाचल प्रदेश में ट्रैफिक और कानून व्यवस्था को महिला पुलिस नियंत्रित करेगी। इसके पीछे का मकसद महिला सशक्तिकरण और महिला पुलिस को उनकी सेवाओं के प्रति सम्मान देना है। इसके अलावा हिमाचल के स्थापना दिवस के स्वर्णिम जयंती वर्ष व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला पुलिस हिमाचल प्रदेश में अपने 50 वर्ष के सफर की झलकी लोगों को दिखाएंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रिज मैदान में महिला पुलिस परेड, बाइक स्टंट और साहसिक कर्तव्य दिखाएगी। 1973 में हिमाचल प्रदेश में केवल 3 महिलाएं थी, लेकिन अब इनकी संख्या 2300 हो गई है। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि प्रदेश के स्थापना दिवस के स्वर्णिम जयंती वर्ष के मौके पर महिला पुलिस के योगदान व महिलाओं को सम्मान देने के मकसद से "women in hp police" कार्यक्रम किया जाएगा। जिसका शुभारंभ राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय करेंगे। सुमेधा द्विवेदी ने बताया कि महिला दिवस पर राजधानी शिमला में वीमेन परेड, महिला पुलिस कर्मियों द्वारा अभी तक के शौर्य को बताने वाली प्रदेशनी का आयोजन होगा। पुलिस में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई तरह के प्रयासों को शो केस ज़रिए दिखाया जाएगा। महिला सशक्तिकरण में योगदान देेने वाले देश के बड़े अभिनेताओं और बुद्धिजीवियों के बधाई और शुभकामनाएं संदेश भी प्रदेश महिला पुलिस को मिले हैं, जिसमें हेमा मालिनी, अमीर खान, अनुपम खेर, प्रकाश झा, हंसराज हंस जैसे फिल्मी दिग्गजों ने महिला दिवस पर महिला पुलिस के इस खास कार्यक्रम के लिए संदेश के ज़रिए उत्साह वर्धन किया है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। शिमला जिले के सिद्धपुर क्षेत्र में सुबह ताजा बर्फबारी हुई है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति में सुबह से बादल छाए है। शनिवार रात को लाहौल के कई इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रा में 10 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। जलोड़ी दर्रा में हुई पांच सेंटीमीटर बर्फबारी से बस सेवा बंद हो गई है। हाईवे-305 से फॉर बाई फॉर वाहन ही चल रहे हैं जिससे लोगों को पैदल सफर करना पड़ा। कुल्लू व लाहौल की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट आई है। तापमान लुढ़कने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। पिछले कई दिनों से घाटी में दिन के समय गर्मी महसूस की जा रही थी। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। वहीं किसानों व बागवानों को एक बार फिर अच्छी बारिश की उम्मीद जगी है।
योजना विभाग का नाम बदल कर अब निति विभाग होगा पहली अप्रैल से विधायकों को मिलेगी पूरी सैलरी , कोरोना महामारी में वेतन से 30 % का दिया था अंशदान गृहणियों को इस साल भी मुफ्त सिलेंडर रिफिल देगी सरकार , 20 करोड़ का बजट हिमाचल प्रदेश गृहणी सुविधा योजना के अंतर्गत अब तक लगबग 2, 92,000 गैस कनेक्शन दिए गए आईटीआई संस्थाओं में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सेवा शुरू की जाएगी बागवानों के लिए एंटी हेल नेट के लिए 60 करोड़ की सब्सिडी दूध का समर्थन मूल्य 2 रूपए बढ़ाया गया हिमाचल ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध 65 सेवाओं को बढ़ाकर 80 किया जाएगा किसानो की आय डबल करने के लिए बनेगा एक्सपर्ट ग्रुप पंचायत चौकीदारों के मानदेय में प्रतिमाह 300 रूपए की वृद्धि न्यू एजुकेशन पॉलिसी में पांचवी कक्षा से आगे टॉप 100 बच्चों को मिलेगी स्कॉलरशिप एसएमसी और आउटसोर्स कम्प्यूटर शिक्षकों के मानदेय में 500 रूपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में 300 रूपए की वृद्धि 20 करोड़ रूपए प्राकृतिक खेती खुशाल किसान योजना के लिए वाटर कैरियर का प्रति माह मानदेय 300 रूपए बढ़ाने की घोषणा ऑनलाइन पेयजल कनेक्शन के लिए तैयार होगी ऐप आशा वर्करों का वेतन 750 रूपए बढ़ाया जाएगा शिक्षा क्षेत्र के लिए 2021- 22 में 8024 करोड़ रूपए का प्रावधान नालागढ़ में बनेगा प्लास्टिक पार्क प्रदेश में बनेंगे 2 खिलौना क्लस्टर जून 2021 तक अटल टनल के पास बनेगी पार्किंग लाहौल के सिसु में बनेगा एक टूरिज्म इनफार्मेशन सेंटर सीएम के गृह क्षेत्र सिराज के जनझेली में बनेगा सांस्कृतिक केंद्र
शिमला। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग ने एनआईसी के सहयोग से एक साॅफ्टवेयर तैयार किया है जिसके माध्यम से इच्छुक आवेदक हिमाचल भवन एवं हिमाचल सदन नई दिल्ली, हिमाचल भवन चण्डीगढ एवं परिधि गृह विलिज पार्क, शिमला में कमरा आरक्षित करवाने के लिए अपने आवेदन ऑनलाइन माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आवेदक अपने स्मार्ट/एंड्राॅयड फोन से भी https//himatithi.nic.in लिंक पर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अब अन्य किसी लिखित आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। प्रार्थी को आरक्षण संबंधी जानकारी भी मोबाइल पर एसएमएस द्वारा उपलब्ध करवा दी जाएगी। यदि आवेदक सरकारी कर्मचारी है व उसे कमरा उपलब्ध न हो पाए और किसी स्थिति में वह विभाग से अनुपलब्धता प्रमाण पत्र (एनएसी) चाहते हैं तो वह भी उन्हें ऑनलाइन उपलब्ध करवा दिया जाएगा और पूर्व की भांति उन्हें एनएसी प्राप्त करने के लिए अलग से आवेदन प्रस्तुत करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। प्रवक्ता ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग ने सरकार की अनुमति प्राप्त होने के उपरान्त 25 फरवरी से इस सुविधा को आरम्भ कर दिया है। वर्तमान में वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव व रोकथाम तथा उचित दूरी बनाए रखने व अनावश्यक सम्पर्क से बचने के लिए आरक्षण के कार्य के लिए इस साॅफ्टवेयर का अधिकाधिक प्रयोग करने का आग्रह किया गया है।
शिमला। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों काेराेना केस में हाे रही वृद्धि काे देखते हुए राज्य सरकार आने वाले दिनों में अहम फैसला कर सकती है। पिछले एक सप्ताह के अंदर करीब तीन गुणा काेराेना केस बढ़ चुका है। इसके मद्देनजर आज विधानसभा सदन में माकपा विधायक राकेश सिंघा ने सरकार काे इस संदर्भ में एक्शन लेने की बात कही। जवाब में सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अभी काेराेना खत्म नहीं हुआ है। हमें सतर्क रहने की जरुरत है। सामाजिक दूरियां बनाए रखें और मास्क भी जरुरी है। सीएम ने सदन काे अवगत करवाया कि किसी भी शिक्षण संस्थान में काेराेना के केस बढ़ जाते हैं ताे उस संस्थान काे बंद करने के बारे में विचार करेंगे। उन्हाेंने कहा कि पिछले साल इन्हीं दाैरान यही हाल थे। उन्हाेंने कहा कि नाै मार्च को हाेने वाली कैबिनेट मीटिंग में काेविड प्राेटाेकाॅल समेत अन्य नियमों के संदर्भ में निर्णय लेंगे।
आरपी नेगी। शिमला सीएम जयराम ठाकुर कल अपने कार्यकाल का चाैथा बजट पेश करने जा रहे हैं। सरकार के आम बजट से सरकारी कर्मचारी, व्यापारी, व्यावसायियाें, गृहणियाें समेत हर सेक्टर के लाेगाेें काे उम्मीद जगी है कि इस बार भी खास ताेहफा देंगे। सीएम जयराम ठाकुर ने पिछले साल यानी वित्त वर्ष 2020-21 में 49 हजार 131 कराेड़ का बजट रखा था। इस िवत्त वर्ष यानी 2021-22 के लिए 51 हजार कराेड़ का बजट पेश कर सकते हैं। वर्ष 2020 का साल काेराेना संकट से गुजर गया ताे जयराम सरकार इस बार प्रदेश काे संकट से उभारने के लिए बजट में खास प्रावधान रख सकती है। दरअसल, हिमाचल विधानसभा में शनिवार काे सत्र नहीं चलता है, मगर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का 6 अंक लक्की माना जाता है इसलिए इस बार भी 6 मार्च काे बजट पेश करने जा रहे हैं।
शिमला। जयराम सरकार ने तीन वर्ष में मजदूराें की दिहाड़ी 65 रूपए बढ़ाई है। जाे 950 रूपए प्रति माह के हिसाब से बढ़ी है। माकपा विधायक राकेश सिंघा द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुखय्मंत्री जयराम ठाकुर ने सदन काे यह जानकारी दी। सीएम ने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से लेकर हर वित्त वर्ष में मजदूराें की दिहाड़ी बढ़ाई गई। उन्हाेंने कहा कि 2018 में दिहाड़ी 210 से बढ़ा कर 225, 2019-20 में 225 से 250 और 2020-21 में 250 से बढ़ा कर 275 किया गया। उन्हाेंने विधायक राकेश सिंघा काे बताया कि इसमें आक्रोश और राेष की बात नहीं हैं। प्रदेश सरकार आने वाले समय में मजदूराें की दिहाड़ी में बढ़ाैतरी करेगी।
शिमला। प्रदेश के तीन नए नगर निगमों के विकास के लिए राज्य सरकार ने पहले चरण में 886.87 लाख रुपए बजट का प्रावधान किया है। कांग्रेस विधायक अशीष बुटेल द्वारा पूछे गए एक लिखित सवाल के लिखित जवाब में शहरी विकास मंत्री ने यह जानकारी दी है। मंत्री सुरेश भारद्वाज द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पालमपुर नगर निगम के लिए 2 कराेड़ 76 लाख 68 हजार 488, साेलन के लिए 2 करेाड़ 85 लाख 81 हजार 779 और नगर निगम मंडी के लिए 3 कराेड़ 24 लाख 36 हजार 594 रूपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। आने वाले दिनों में इन नगर निगमों के विकास के लिए राज्य सरकार और अधिक बजट का प्रावधान भी करेगी।
31 दिसम्बर तक पूरा हाेगा एम्स बिलासपुर का निर्माण शिमला। हिमाचल के बिलासपुर में स्थापित हाे रही एम्स संस्थान का निर्माण कार्य इस साल के 31 दिसम्बर तक पूरा हाेगा। हालांकि यहां एमबीबीएस के पहले बैच की कक्षाएं जनवरी महीने से शुरु हाे चुकी है, लेकिन समेत अन्य सुविधाएं अभी नहीं हैं। एम्स काे पूरी तरह से संचालित करने के लिए प्रदेश सरकार ने 31 दिसम्बर 2021 तक का टारगेट रखा है। कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर के लिखित सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डा.राजीव सैजल ने यह जानकारी दी है। अपने जवाब में सैजल ने कहा की ओपीडी के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने की प्रक्रिया जारी है और तय समय सीमा पर एम्स का पूरा भवन बनकर तैयार हाेगा।
शिमला। बजट सत्र के पहले ही दिन उग्र रूप धारण कर राज्यपाल का रास्ता राेकने वाले कांग्रेस विधायकों का निलंबन पांच दिन बाद रद्द हाे गया। सरकार ने राज्यपाल से माफी मांगने के लिए विपक्ष पर दबाव डाला, लेकिन विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहा। अंतत: सरकार काे ही झुकना पड़ा और आज सस्पेंशन भी रद्द कर दिया गया। विधानसभा में चल रहे गतिरोध को लेकर स्पीकर के चैम्बर में बुलाई गई बैठक सार्थक रही है और गतिरोध को तोड़ने की सहमति बनी। इसके बाद बजट सत्र से निलंबित किए गए नेता प्रतिपक्ष सहित पांच विधायकों के निलंबन निरस्त कर दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में प्रस्ताव लाया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायकों और सत्तापक्ष के मंत्रियों के बीच वार्ता हुई है और सभी ने निलंबन को निरस्त करने की बात रखी है। इसके बाद कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर ने सूझबूझ से विवाद को खत्म करने का निर्णय लिया है जिसका विपक्ष स्वागत करता है क्योंकि लोकतंत्र पक्ष और विपक्ष से चलता है। प्रस्ताव पर ठाकुर रामलाल, कर्नल धनी राम शांडिल और सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलनी चाहिए और पक्ष और विपक्ष दोनों को इसमें सहयोग देना चाहिए।
शिमला।निलंबन रद्द करने के प्रस्ताव में चर्चा करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कभी- कभी पक्ष और विपक्ष में नोक-झोंक होती रहती है, लेकिन विवाद को बढ़ाना भी लोकतंत्र के लिहाज से सही नहीं है। विवाद का समाधान हमेशा संवाद होता है इसलिए आज पहल हुई और वार्ता सफल भी रही। लोकतंत्र में विपक्ष का सदन में होना जरूरी है। यह लोकतंत्र की खूबी है।विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित विधायकों के निलंबन को निरस्त करने के लिए लाए प्रस्ताव पारित किया, जिसमें सभी ने सहमति जताई और नेता प्रतिपक्ष सहित सभी पांच विधायकों का निलंबन निरस्त किया गया।विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित विधायको के निलंबन को निरस्त करने के लिए लाए प्रस्ताव पारित किया जिसमें सभी ने सहमति जताई और नेता प्रतिपक्ष सहित सभी पांच विधायकों का निलंबन निरस्त किया गया। विपक्ष की तरफ से पांच सदस्य, आशा कुमारी, सुखविंदर सिंह, जगत सिंह नेगी, रामलाल ठाकुर, कर्नल धनी राम शांडिल इस बैठक में शामिल रहे। इसके अलावा माकपा विधायक राकेश सिंघा भी मौजूद थे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के छठे दिन सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चला आ रहा गतिरोध आखिरकार टूट ही गया। विपक्ष के निलंबित विधायको की सदन में वापसी का रास्ता साफ हो गया है। गतिरोध को खत्म करने के लिए स्पीकर चैम्बर में गतिरोध टालने के लिए बैठक हुई। जिसमें सीएम के अलावा संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज, जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह, विपक्ष की तरफ से पांच संदस्य, आशा कुमारी सुखविंदर सिंह, जगत सिंह नेगी, रामलाल ठाकुर, कर्नल धनी राम शांडिल मौजूद रहे। इसके बाद इसके लिए सदन में प्रस्ताव लाया गया। जिसके बाद निलंबन को वापिस ले लिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि अभिभाषण पर हुए हंगामे के बाद पांच विधायकों को निलंबित कर दिया गया था। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र में वाद विवाद होता रहता है। विपक्ष निलंबन वापसी को लेकर लगातार बातचीत की पहल कर रहा था। मंत्री ने कहा कि आशा है कि अब सदन में सार्थक चर्चा होगी। बता दें कि इससे पहले बजट सत्र के छठे दिन शुक्रवार को भी विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने फिर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का कोई भी विधायक सदन में नहीं गया। 11 बजे शुरू हुई सदन की बैठक में प्रश्नकाल विपक्षी दल कांग्रेस के बगैर ही चलता रहा। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी थी। गौरतलब है कि विपक्ष नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री समेत पांच सदस्यों के निलंबन की कार्रवाई का विरोध कर रहा था।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज छठा दिन है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज विधानसभा में हिमाचल प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 प्रस्तुत किया। आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की मुख्य विशेषताओं में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2020-21 में हिमाचल का आर्थिक प्रदर्शन राज्य स्तर पर रहा। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद प्रचलित भाव पर वर्ष 2019-20 में 8.9 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ ₹1,62,816 करोड़ रहने का अनुमान है जो कि गत वर्ष 2018-19 में ₹ 1,49,422 करोड़ था। कोविड -19 प्रभाव के कारण प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद में 6.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में हिमाचल प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय प्रचलित भाव पर 7.9 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1,90,407 ₹ रहने का अनुमान है, जो कि वर्ष 2018-19 में पिछले वर्ष से 6.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹1,76,460 आंकी गई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 3.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹ 1,83,286 रहने की सम्भावना है । उन्होंने कृषि और संबद्ध क्षेत्र कृषि तथा पशुधन क्षेत्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कृषि और संबद्ध क्षेत्र कृषि तथा पशुधन क्षेत्र में वर्ष 2019-20 में स्थिर कीमतों ( 2011-12 ) के अनुसार 18.3 प्रतिशत की साकारात्मक वृद्धि ₹ 10,583 करोड़ सकल मूल्य वर्धित दर्शाता है जोकि वर्ष 2018-19 में ₹ 8,949 करोड़ थी। यद्यपि वर्ष 2020-21 के अन्तर्गत बागवानी उत्पादन में 43 प्रतिशत की कमी के कारण 3.1 प्रतिशत का संकुचन हुआ है। प्रचलित कीमतों पर राज्य के सकल मूल्य वर्धित ( GVA ) में कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों जोकि 60 प्रतिशत आबादी का प्रमुख क्षेत्र है , भागीदारी वर्ष 2015-16 में 15.89 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2020-21 में 13.62 प्रतिशत रह गई है। गैर कृषि क्षेत्रों के अपेक्षाकृत उच्च विकास प्रर्दशन के कारण राज्य के सकल मूल्य वर्धित ( GVA ) में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की भागेदारी कम हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल में पिछले 10 साल में 16,914 लोग लापता हुए। जिसमें से 15,144 का पता लगाया गया। इस साल बीते फ़रवरी माह में 531 लापता लोगों की पहचान कर उन्हें अपने घर भेज दिया गया। सीएम जयराम ठाकुर ने सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने पुलिस प्रशासन को बधाई भी दी।
आरपी नेगी। शिमला वित्त वर्ष 2021-22 के बजट भाषण को कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी है। आज विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद कैबिनेट मीटिंग हुई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 6 मार्च को पेश होने वाले बजट भाषण पर मुहर लग दी। ऐसे में जयराम ठाकुर अपने कार्यकाल का चौथा बजट छह मार्च को पेश करेंगे। प्रदेश की जनता, कर्मचारी, व्यवसायियों समेत हर क्षेत्र को जयराम सरकार के बजट से काफ़ी उम्मीदें हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ आज की कैबिनेट में ऊर्जा विभाग के साथ एसजेवीएन ने प्रेज़ेंटेशन भी दी। वहीं, कैबिनेट ने आबकारी और कराधान अधिकारी के चार पद भरने को मंजूरी प्रदान की है। इसमें तीन पद बैकलॉग सामान्य एक्स सर्विसमैन और एक पद सामान्य (PWD) से भरा जाएगा। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी की सम्मान राशि, प्रसुविधाएं तथा उससे संबंधित विषयों को उपलब्ध करने के लिए विधेयक बनाने और विधानसभा के वर्तमान सत्र में प्रस्तुतीकरण को मंजूरी दी गई। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में स्वर्णिम हिमाचल कार्याक्रमों व स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा के आयोजन को लेकर भी चर्चा की गई। जिला कुल्लू में पुलिस थाना कुल्लू के तहत पड़ती पंचायत जीया को पुलिस थाना भुंतर के अधीन करने को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा उचित मूल्य दुकानों खोलने की गाइडलाइन में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की गई है। विशेष भूमि अधिग्रहण इकाइयों बिलासपुर, पंडोह -1, पंडोह -2 और शाहपुर को एक साल के विस्तार की भी मंजूरी मिली है। 1 मार्च 2021 से 28 फरवरी 2022 तक विस्तार दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा 15 मार्च से पीजी कोर्सों व एलएलबी की परीक्षाओं के लिए डेट शीट तो जारी कर दी लेकिन अभी तक छात्रावासों को छात्रों के लिए नहीं खोला गया है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय ने अभी तक केवल विज्ञान संकाय के छात्रों के लिए ही होस्टल अलॉटमेंट की पहली लिस्ट निकाली गई है ऐसे में एनएसयूआई ने विवि प्रशासन पर नॉन साइंस स्टूडेंट्स के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। सभी संकाय के छात्रों के लिए समान रूप से होस्टल खोलने की मांग को लेकर एनएसयूआई प्रदेश संगठन महासचिव मनोज चौहान और प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता की अगवाई में छात्रों ने होस्टल के चीफ वार्डन अजय कुमार अत्री को ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर ये भी आरोप लगाए की पीजी छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी ने घर के नज़दीक परीक्षा केंद्र देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक सेन्टर बदलने के लिए कोई ऑनलाइन लिंक उपलब्ध नहीं किया। ऐसे में छात्रों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एनएसयूआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही विश्वविद्यालय सभी छात्रों के लिए छात्रावास नहीं खोलता तो छात्रहितों में एनएसयूआई उग्र आंदोलन करेगी। इस मौके पर अरविंद ठाकुर, डैनी पंगवल, प्रिंस बंसल सहित कई छात्र मौजूद रहे।
शिमला। प्रदेश में बंद पडे़ स्कूलों के भवनों में नई पंचायतों काे ठिकाना मिल सकता है। इसके अलावा अगर प्रदेश में कहीं पर भी महिला या युवक मंडल भवन खाली या बंद है तो वहां पर भी सरकार नई पंचायतों के कार्यालय को चलाने पर विचार कर रही है। विधायक हीरा लाल द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में ग्रामीण विकास व पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि 2020 में पंचायत चुनाव से पहले 412 नई पंचायतों का गठन किया था। इनमें से 23 ग्राम पंचायतें ऐसी थी जो नगर निगम व नगर पंचायतों में गई। इस प्रकार 389 पंचायतें नई बनी। अब इन पंचायतों के लिए कार्यालय की सुविधा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पंचायत के भवन की व्यवस्था होने तक पुरानी पंचायत में कार्यालय चलेगा। मंत्री ने कहा पंचायत भवनों के निर्माण के लिए जमीन देखी जा रही है और इनमें हाल भी बनेगा और अन्य सुविधाएं भी सृजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। कर्नल इंद्र सिंह के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यदि किसी भवन में बिना किराया देकर पंचायत कार्यालय खोलना हो तो, विभाग इसकी इजाजत देगा।
शिमला। सत्तासीन पार्टी के ही विधायक पवन नैय्यर ने चंबा में बेबी कीट खरीद मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सदन में प्रश्नकाल के दाैरान उन्हाेंने सामाजिक न्या एवं अधिकारिता मंत्री से इस मसले पर जांच की मांग भी की। पवन का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में घाेटाला हुआ है। पवन नैय्यर के सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने जानकारी दी कि चंबा जिले के लिए बेबी किट विशेष रूप से खरीदी गई थी। विभाग को बेबी किट्स और अन्यों की खरीद को छह लाख रुपए दिए गए थे। उन्होंने कहा कि कोविड के समय में छह लाख रुपए की किट्स खरीदी और 500 रुपए की किट 435 रुपए खरीदी और सारा काम डीसी की अध्यक्षता में हुआ है। उन्होंने कहा कि पांच लोगों ने इसमें भाग लिया था और न्यूनतम बोलीदाता को इसका काम आवंटित किया था। पवन नैय्यर ने विभाग द्वारा खरीदी गई बेबी किट, कंबल पोस्टर व पंपलेट बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के खरीद का मामला उठाया। उन्होंने इस खरीद में अनियमित्ताएं बरती जाने की बात कही और इसकी जांच की मांग की। मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा इसकी सारी सूची उपलब्ध करवाई जाएगी और कहां पर खामियां रही उसे फिर से देखूंगी।
आरपी नेगी। शिमला विधानसभा बजट सत्र के पांचवे दिन भले ही सदन की कार्यवाही शांतिपूर्क तरीके से चली, लेकिन बिना विपक्ष के वह माहाैल देखने काे नहीं मिला। विपक्ष आज पूरे दिनभर सदन के बाहर रह कर माैन रूप धारण कर बैठा रहा। राज्यपाल का रास्ता राेकने वाले पांच विधायकों की सस्पेंशन बहाली के लिए विपक्ष पिछले चार दिनों से अड़ा हुआ है, लेकिन सरकार इस जिद में हैं कि कांग्रेस के विधायक राज्यपाल से माफी मांगे। यहां तक कि आज के इस माैन धरने में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी शामिल हुए। वीरवार काे जब ठीक 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरु हुई ताे सबकी नजरें विपक्ष की सीटाें पर पड़ी, मगर यहां काेई भी सदस्य माैजूद नहीं थे। प्रश्नकाल चलता गया और जनहित के सवालाें पर जवाब मिलते रहे। हालांकि विपक्ष के सदस्याें के भी कई सवाल लगे थे, लेकिन उनकी गैर माैजूदगी में सारे के सारे सवाल यूं ही रह गए। आज राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा का अंतिम दिन भी था और सीएम जयराम ठाकुर ने जवाब भी दिया। ऐसे में जाहिर है कि सदन में बिना विपक्ष के जनहित के मुद्दाें पर काेई चर्चा नहीं हाे पाई। सदन में एक मात्र माकपा विधायक राकेश सिंह ने कुछ सवालाें के माध्यम से सरकार काे घेरने की काेशिश की। अब देखना है कि 6 मार्च काे हिमाचल का आम बजट क्या विपक्ष की गैर माैजूदगी में पेश हाेगा या सरकार पांच विधायकों की सस्पेंशन रद्द करवाएगी?
आरपी नेगी, शिमला पिछले चार दिनों से सत्तापक्ष और विपक्ष के मध्य चल रहे गतिराेध अभी तक भी नहीं थमा। सदन में विपक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि 26 फरवरी काे जाे भी प्रकरण सामने आया उसकी सीसीटीवी फुटेज सदन में दिखाई जाए और विपक्ष भी इसे देखें। ताकि दूध का दूध, पानी का पानी सामने आएगा। मुख्यमंत्री ने वीरभद्र सिंह के बयान पर कहा कि वीरभद्र सिंह वरिष्ठ नेता हैं और हम उनका सम्मान करते हैं। इस सारे प्रकरण में हमारी कोई गलती नही हैं। विपक्ष से गलती हुई है उसे स्वीकार करना चाहिए और राज्यपाल से माफी मांगनी चाहिए। विपक्ष ने ही सभी मर्यादाओं का उलंघन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वो दौर देखा है जब हमें यहां से उठाकर जंगल मे फैंक दिया गया था। राज्यपाल ने अपना अभिभाषण खत्म भी नही किया था इससे पहले ही अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा कह दिया।
राज्य बिजली बोर्ड से करीब 1500 आउटसोर्स कर्मियों को निकालने की तैयारी शुरू हो गई है। नवनियुक्त 1552 जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्परों के पद संभालते ही आउटसोर्स पर लगी मेंटेनेंस गैंग की छुट्टी करने का फैसला लिया है। वहीं बोर्ड प्रबंधन के इस फैसले का विरोध होना भी शुरू हो गया है। मजदूर संगठन सीटू इन कर्मचारियों की बहाली के लिए 17 मार्च को विधानसभा घेराव करेगा। बीते करीब सात-आठ वर्षों से बिजली बोर्ड ने स्टाफ की कमी के चलते आउटसोर्स पर कई कर्मचारी नियुक्त किए गए है। बीते दो-तीन वर्षों से इनकी सेवाएं बंद करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन बोर्ड में नई भर्तियां न होने से इन कर्मियों को सेवा विस्तार दिया जाता रहा। अब प्रबंधन की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्परों के पद संभालते ही मेंटेनेंस गैंग की सेवाएं समाप्त की जाएं। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुनी चंद ठाकुर व प्रदेश महामंत्री नेकराम ठाकुर ने भी बोर्ड के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी पिछले सात-आठ वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें निकालना न्यायसंगत नहीं है। संघ ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से इन आदेशों को तुरंत निरस्त करने की मांग की है।
हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के पांचवे दिन आज विधानसभा के बाहर पूरा विपक्ष धरने पर बैठ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री व अर्की के विधायक वीरभद्र सिंह वीरवार को विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने पहुंचे। इससे पहले वह सदन के बाहर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री व चार अन्य विधायकों को समर्थन में मौन धरने पर बैठ गए। वीरभद्र के आने के बाद कांग्रेस सदन में आक्रामक रुख अपना सकती है। वीरभद्र सिंह पहले ही कह चुके हैं कि सदन में जो गतिरोध चल रहा है वह समाप्त होना चाहिए। वीरभद्र सिंह के समर्थन के बाद कांग्रेस सदन में भी मजबूत दिख सकती है। बता दें कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर भी बुधवार निलंबित नेता प्रतिपक्ष सहित पांच विधायकों के समर्थन में विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे थे। उन्होंने निलंबन को सरकार की एकतरफा कार्रवाई बताते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने सरकार से निलंबन को तुरंत रद करने की मांग की अन्यथा कांग्रेस इसके विरोध में सड़क पर उतरेगी। अगर प्रदेश में व्यवस्था बिगड़ी तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस अवसर पर जिला शिमला शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, ग्रामीण अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा, कांग्रेस सचिव यशपाल तनाइक, सुशांत कपरेट, ब्लॉक अध्यक्ष ग्रामीण गोपाल शर्मा, कसुम्पटी ब्लॉक अध्यक्ष रामकृष्ण शांडिल, नरेंद्र ठाकुर, राजेश वर्मा उपस्थित थे।


















































