एसजेवीएन ने शिमला स्थित अपने कारपोरेट मुख्यालय तथा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार तथा पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान में स्थित अपने सभी परियोजना कार्यालयों में अपना 34वां स्थापना दिवस मनाया। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने निदेशक(कार्मिक), गीता कपूर, निदेशक (वित्त), ए.के.सिंह तथा निदेशक(विद्युत), सुशील कुमार शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में कंपनी का झंडा फहराया। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का ध्यान रखते हुए इस अवसर पर कर्मचारियों से संवाद किया। नन्द लाल शर्मा ने वर्चुअल प्लेटफार्म से कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा विश्व कोविड-19 की चुनौती का सामना कर रहा है और सरकारी दिशा-निर्देशों का ध्यान रखते हुए इस साल एसजेवीएन किसी समारोह गतिविधि का आयोजन नहीं कर रहा है। नन्द लाल शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन वर्तमान में एक साथ दस प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा है तथा इससे अबसभी स्तरों के कर्मचारियों की ज़िम्मेदारियाँ बढ़ गई हैं। इसलिए सभी को जवाबदेही और जिम्मेदारी दर्शाते हुए यह सुनिश्चित करना है कि इन प्रोजेक्ट्सको बिना किसी लागत वृद्धि के तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 रोगियों के लिए मेकशिफ्ट अस्पताल परौर का लोकार्पण किया मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से जिला कांगड़ा के पालमपुर उपमण्डल के परौर में कोविड-19 रोगियों के लिए मेकशिफ्ट अस्पताल का लोकार्पण किया। प्रथम चरण में अस्पताल में 250 बिस्तर क्षमता होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस मेकशिफ्ट अस्पताल के लिए प्रदेश सरकार को भूमि प्रदान करने के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास के स्वयंसेवी, रोगियों तथा उनके परिजनों को भोजन प्रदान करेंगे, जो कि मानवता की महान सेवा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के रोगियों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए इस मेकशिफ्ट अस्पताल के सभी बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन उपलब्ध करवाते है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार रोगियों को सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना में क्षमता निर्माण पर बल दे रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप केन्द्र सरकार ने प्रदेश का ऑक्सीजन कोटा 15 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 30 मीट्रिक टन किया है। प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से इस कोटे में 10 मीट्रिक टन की वृद्धि करने का आग्रह किया है, जिसके लिए केन्द्र सरकार ने सैद्धान्तिक मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार ने डी-टाइप सिलेंडरों की संख्या भी 2500 से बढ़ाकर लगभग 6300 कर दी है, जिससे ऑक्सीजन की भंडारण क्षमता 25 मीट्रिक टन तक बढ़ गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तर क्षमता को भी 1200 से बढ़ाकर लगभग 5000 कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 रोगियों का समय पर पता लगाने पर बल दे रही है ताकि उन्हें समय पर उपचार प्रदान किया जा सके। राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि रोगियों को कोविड अस्पतालों और कोविड देखभाल केन्द्रों में उचित और समय पर उपचार मिले। उन्होंने कहा कि यह संतोषजनक है कि गत दिनों के दौरान कोविड के रोगियों की स्वास्थ्य लाभ दर 83 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों से लगातार सम्पर्क बनाया जाए ताकि उनके स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की जा सके और उनका उचित उपचार किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड रोगियों का शीघ्र स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार मरीजों को होम आइसोलेशन किट भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह किट कोविड रोगियों को शीघ्र उपलब्ध हो। उन्होंने प्रदेश को इस महामारी से निपटने के लिए प्रदान की गई सहायता के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने इस अवसर पर कहा कि परौर में निर्मित मेकशिफ्ट अस्पताल विशेषकर कांगड़ा के लोगों को बेहतर कोविड उपचार प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस परोपकारी कार्य के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास का आभार व्यक्त किया और प्रदेश को इस कठिन समय से बाहर निकालने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की भी सराहना की। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश में कोविड से निपटने में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और गैर सरकारी संस्थाओं की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने कहा कि परौर में मेकशिफ्ट अस्पताल रिकार्ड समय में बनकर तैयार हुआ है। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे जबकि लोक सभा सांसद किशन कपूर व राज्य सभा सांसद इन्दु गोस्वामी इस अवसर पर परौर में उपस्थित थीं।
प्रदेश विधानसभा सदन में विपक्ष के विरोध और हल्ले का मूंह ताेड़ जवाब देने वाले संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज पिछले एक साल से शहराें का विकास करवाने में कृतसंकल्प हैं। हालांकि जयराम सरकार के कार्यकाल के दाे साल तक उनके पास शिक्षा विभाग का दायित्व भी था, लेकिन पिछले साल मंत्रीमंडल विस्तार में उनसे शिक्षा विभाग लेकर उन्हें शहरी विकास विभाग थमा दिया गया। ऐसे में अब उनकी प्राथमिकता प्रदेश के शहराें काे विकसित करना है। फर्स्ट वर्डिक्ट के साथ विशेष बातचीत में सुरेश भारद्वाज कहते हैं कि स्मार्ट सिटी और AMRUT मिशन शहरीकरण में आने वाले चुनाैतियाें का सामना करने में सक्षम हैं। इसके साथ-साथ सुरेश भरद्वाज के साथ अन्य मसलाें पर हुई चर्चा के विशेष अंश... सवाल: बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियां क्या हैं और उनके समाधान क्या हैं ? जवाब: हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है और शहरीकरण के चलते रहने के लिए मकान, आने - जाने के लिए संसाधन (ट्रांसपोर्ट) व अन्य मूलभूत सुविधाएं जुटाना अन्य राज्यों से मुश्किल काम हैं। स्मार्ट सिटी और अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन मिशन ( AMRUT ) के माध्यम से इन चुनौतियों से पार पाने के प्रयास किये जा रहे हैं। शिमला शहर का कायाकल्प हो रहा है तथा दूसरी स्मार्ट सिटी धर्मशाला पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य योजनाओं के माध्यम से मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है जिस से आने वाली चुनौतियों का सामना किया जा सके। देश में नरेंद्र मोदी और प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकारें इन चुनौतियों से निपटने के लिए काम कर रही है। सवाल: पूरे प्रदेश में ही निर्माण अव्यवस्थित सा है, उसे देखते हुए गावों से शहरों में बढ़ रही पलायन गतिविधियों को कैसे व्यवस्थित करेंगे ? जवाब: जैसे - जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है गाँव से शहर की और पलायन बढ़ रहा हैं। सभी चाहते है शहर या शहर के नज़दीक उनकी रिहाइश हो। ऐसी परिस्थिति में अव्यवस्थित निर्माण हुआ है। अब प्रयास यह है कि भविष्य में ऐसा न हो। जिन जगहों पर शहरीकरण हो रहा है, वो प्लानिंग एरिया के अधीन लाये जाते हैं ताकि सुव्यस्थित निर्माण सुनिश्चित कराया जा सके। दूसरी बात, अब गाँवों में भी पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध है। ऐसे में असुंतलन को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। सवाल: बढ़ते शहरीकरण के बीच शहरी विकास विभाग का स्वरूप, शक्तियां और आम बजट में वित्तीय आवंटन क्या बढ़ेगा ? जवाब: बढ़ते शहरीकरण के साथ-साथ विभाग की ज़िम्मेदारियाँ भी बढ़ी है। जहाँ तक स्वरूप और शक्तियों की बात है, इनको बदलने या बढ़ाने से पहने इनका सही उपयोग करना प्राथमिकता है और हम इस दिशा में काम कर रहे है। 15 वे वित्तायोग में शहरी निकायों के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान है है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट सिटी, AMRUT व अन्य योजनाओं में बजट का प्रावधान है। केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना प्राथमिकता रहेगी। सवाल: आगामी बजट में आप क्या क्या प्रस्ताव लाना चाहेंगे ? अब तक क्या नयी जरूरतें महसूस हुई हैं ? जवाब: आम जनता से, जन प्रतिनिधियों से फीडबैक लिया जा रहा है। आपके माध्यम से भी मैं अपील करता हूँ कि आम जनता अपने सुझाव दे। बजट में अभी समय है और लिए अभी चर्चा होनी है और लोकहित में कदम ज़रूर उठाये जाएंगे। जहाँ तक नयी ज़रूरतों की बात है, नए नगर निगम, नगर पंचायतों का गठन हुआ है, वहां भी लोगों को सुविधाएं मिले, योजनाएं सुचारू रूप से चले, इस पर ज़ोर होगा। सवाल: टीसीपी कानून को किस तरह और मजबूत करेंगे ? साडा एरिया टीसीपी का क्या प्रारूप और प्रक्रिया होगी ? जवाब: मैं समझता हूँ कानून को मज़बूत होने के साथ-साथ सरल भी होना चाहिए। यह तय है कि कानून को सख्ती से लागू किया जायेगा और यदि कोई जटिलताएं है तो उन्हें दूर किया जाएगा। मेरी प्राथमिकता एक पारदर्शी व्यवस्था बनाना है। इसके लिए तकनीक का सहारा लिया जायेगा और जनता को अपने काम लिए लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े इस पर काम होगा। जहाँ तक साडा एरिया की बात है इसके लिए सरकार नए सिरे से विचार करेगी। एक प्लानिंग क्षेत्रों के लिए एक केबिनेट सब कमेटी भी बनी है। सरकार आम जनता को राहत देने के पक्ष में है। सवाल: शहरों में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा कचरा प्रबंधन की है, इसका क्या समाधान होगा और इसके लिए क्या कर रहे हैं ? जवाब: कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के 30 शहरों के 5,000 स्ट्रीट वेंडर्स को ठोस कचरा प्रबंधन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त ठोस कचरा प्रबंधन से सम्बंधित एडवोकेसी और कम्युनिकेशन रणनीति भी तैयार कर की गयी है और सभी शहरी निकायों को इसका प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए है। नई तकनीकों का सहारा लेकर व्यवस्था को चाक चौबंद किया जा रहा है और आधुनिक कचरा संवर्धन प्लांट लगाने के प्रावधान किये जाएंगे। शहरों में कूड़ा उठाने की यंत्रीकृत व्यवस्था की गई है। काेराेना मुक्त के साथ-साथ कांग्रेस मुक्त राज्य बनेगा हिमाचल शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का कहां है कि पूरी दुनिया जहां काेराेना महामारी से लड़ रही है, वहीं कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दल सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की यदि बात करें ताे कांग्रेस ने पिछले साल से सिर्फ राजनीति ही की है। ऐसे दाैर में सभी दलाें काे साथ मिलकर काम करना चाहिए। केंद्र की माेदी और प्रदेश की जयराम सरकार ने हिमाचल की जनता काे काेराेना से मुक्त करवाने के लिए पहले दिन से ही लड़ाई लड़ी। केंद्र से हर संभव सहायता मिल रही है। स्वास्थ्य उपकरण से लेकर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, खाद्य सामग्री सहित हर क्षेत्र के लिए भरपूर सहयाेग मिल रहा है। यही नहीं, बल्कि वेक्सीनेशन में भी हिमाचल इस वक्त पूरे देश में पहले नंबर पर है। बावजूद इसके कांग्रेस वेक्सीनेशन पर भी राजनीति कर रही है। मैं साथ ही कहना चाहता हूं कि अगले साल हाेने वाले विधानसभा चुनावाें में कांग्रेस कहीं पर भी दिखाई नहीं देगी। यानी हिमाचल काेराेना मुक्त के साथ-साथ कांग्रेस मुक्त राज्य बनेगा। तीन नगर निगम और 6 नगर पंचायतों का किया गठन प्रदेश में नए नगर निगम बनाने की वर्षों पुरानी मांग राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते पूरी होती नहीं दिख रही थी, विशेषकर सोलन और मंडी। सुरेश भारद्वाज के शहरी विकास मंत्री बनते ही इस मामला आगे बढ़ा और प्रदेश सरकार ने तीन नए नगर निगम और 6 नई नगर पंचायतों के गठन को हरी झंडी दे दी। सोलन, मंडी और पालमपुर को नगर निगम का दर्जा मिल चूका है। जबकि कंडाघाट, अंब, आनी, निरमंड, नेरवा और चिड़गांव को नगर पंचायत बनाया जा चूका है।
पूछा कहाँ खो गयी CM द्वारा मुआवज़ा देने को बनाई कमेटी और उसकी रिपोर्ट सरस्वती नगर से ज़िला परिषद् सदस्य व ज़िला परिषद् शिमला बाग़वानी व उद्योग कमेटी के चेयरमन कौशल मुँगटा ने फिर एक बार सरकार को बागवानों की अनदेखी पर घेरा है, उनका कहना है की बेमौसमी बर्फ़बारी व ओलावृष्टि से हुए नुक़सान पर सरकार ने अभी तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई है और मुआवज़े की राशि किसी को नहीं मिली है, उन्होंने कहा की एक महीने से ज़्यादा का समय हो चुका है ना कोई मौक़े पर आया और ना ही कोई रिपोर्ट तैयार की जा रही है।उनका कहना है की सरकार ने जो इसके लिए कमेटी बनाई थी,वो,और उसकी रिपोर्ट दोंनो कहाँ ग़ायब है, बागवानों को हमेशा सरकार हल्के में लेती आयी है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा उन्होंने कहा की अगर यही हाल रहा तो वो ज़रूर बागवानों के हितों की रक्षा के लिये कोरोना के इस काल में सड़कों पर उतरेंगे। मूँगटा का कहना है की सरकार अपनी नाकामी को कोरोना की आड़ में छिपाना चाहती है लेकिन बागवान अपनी आवाज़ दबने नहीं देंगे सरकार को समझना चाहिए की 5000 करोड़ की सेब आर्थिकी प्रदेश के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। बागवानो से हर वर्ष इंश्योरेंस के नाम पर प्रीमियम काटा जाता है उसका भी कोई अता पता नहीं है सरकार ने स्पष्ट रूप से बागवानों को कई वर्षों से बर्बाद होने के लिए छोड़ रखा है। कोरोना काल में जहाँ हर राज्य अपने लोगों को सुविधा प्रदान कर रहे है वहीं हिमाचल सरकार आपदा से हुए नुक़सान तक की भरपाई करने में नाकाम है।मुँगटा का कहना है की सरकार केंद्र से आयी आवाज़ तो सुन लेती है लेकिन सत्ता में जिन लोगों ने लाया है उन्हें आज नज़रअन्दाज़ किया जा रहा है और बागवानों और किसानों के साथ कोरोना की आड़ में खिलवाड़ हो रहा है जिसका सरकार को ख़ामयाजा भुगतना पड़ेगा वहीं उन्होंने इस मामले पर गौर करने और जल्द मुआवज़ा देने का सरकार से आग्रह किया है।
कोरोना महामारी के साथ-साथ अब लोगों को महंगाई की मार भी झेलनी पड़ेगी। जून से लोगों को डिपुओं में 57 रुपये प्रतिलीटर सरसों का तेल महंगा मिलेगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने हरियाणा की सरकारी एजेंसी हैफेड के साथ एक महीने के लिए सरसों तेल का शार्ट टेंडर कर सप्लाई के लिए ऑर्डर भी जारी कर दिया है। 27 मई से एजेंसी सप्लाई भेजना शुरू कर देगी। प्रदेश के एपीएल राशनकार्ड उपभोक्ताओं को डिपुओं में अभी 103 रुपये प्रतिलीटर सरसों तेल दिया जा रहा है। अगले महीने 160 रुपये प्रतिलीटर चुकाने होंगे, जबकि बीपीएल राशनकार्ड धारकों को 155 रुपये चुकाने होंगे। कोरोना के चलते डिपुओं में दालें भी 5 से 15 रुपये तक महंगी हुई है। चना दाल बीपीएल के लिए 45 रुपये प्रति किलो, एपीएल के लिए 55 और आयकरदाता को 76 रुपये प्रतिकिलो मिलेगी। वहीं, मलका दाल बीपीएल के लिए 60 रुपये, एपीएल के लिए 70 और आयकरदाता को 88 रुपये प्रतिकिलो मिलेगी। दाम बढ़ने का कारण मालभाड़ा और लेबर की दिहाड़ी में इजाफा होना है।
हिमाचल प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर रही है। कोविड मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए राज्य में हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप सेवा आरम्भ की गई है। यह सेवा बिना कोविड लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले उन कोविड मरीजों के लिए बहुत लाभदायक होगी, जो अपने नामित डाॅक्टर की देखरेख में होम आईसोलेशन में रह रहे हैं। वे कोविड पाॅजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करेंगे और यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होगी तो वे तुरंत निर्णय ले सकेंगे। इस ऐप पर कोविड-19 मरीज अपने आपको पंजीकृत कर अपने नामित डाॅक्टर को लक्षणों के बारे में जानकारी दे सकते हैं। यह मोबाइल ऐप सभी आवश्यक सेवा प्रदाताओं और उपयोगकर्ताओं जैसे रोगियों, डाॅक्टरों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारियों आदि को एक साथ जोड़ेगा। जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी और राज्य के प्रशासनिक अधिकारी भी मरीजों की निगरानी करने के अलावा जिलों में गठित टीमों के कामकाज की निगरानी भी कर सकते हैं। चिकित्सक से संपर्क करने के लिए इस ऐप में सीधे फोन काॅल करने, एसएमएस और व्हाट्सएप का विकल्प भी दिया गया है। इस कोविड एप्लीकेशन को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है और इसे शीघ्र ही गूगल प्ले स्टोर पर होस्ट किया जाएगा। इसे वेबसाइट Himachal.nic.in और मोबाइल ऐप स्टोर में www.nrhmhp.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप में पहले स्क्रीन पर लाॅगइन करना होगा। लाॅगइन करने के बाद उपयोगकर्ता सही और वैध जानकारी भरेगा और रजिस्टर बटन पर क्लिक करेगा। ऐप पर सफल पंजीकरण के बाद उपयोगकर्ता को उसके डैशबोर्ड पर निर्देशित किया जाएगा, जहां वह अपने लक्षणों और लक्षणों का विवरण भर सकता है। चिकित्सक ऐप में लाॅग-इन करने के बाद मरीज द्वारा भरे गए विवरण को देख सकता है और दवाओं को निर्धारित करने के लिए मरीज के विवरण का आकलन कर सकता है। इसके बाद मरीज ऐप पर ही उसके लिए डाॅक्टर द्वारा निर्धारित दवाएं देख सकता है। मरीज के पास अपने नामित डाॅक्टर को फोन करने, एसएमएस या व्हाट्सएप करने का विकल्प भी होता है। हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप सेवा पर मरीज द्वारा तिथिवार दर्ज किए गए विवरण की स्थिति और उसे निर्धारित दवाओं के आधार पर मरीज की बीमारी की स्थिति की निगरानी भी ब्लाॅक, जिला और राज्य स्तर पर की जा सकती है। यह ऐप उपयोगकर्ता के लिए पूरी तरह से इको-फ्रेंडली ऐप है और होम क्वारंटीन कोविड पाॅजिटिव मरीजों के लिए घर पर नियमित उपचार, देखभाल और अस्पतालों में उनके समय पर रेफर सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप से न केवल मरीजों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी बल्कि महामारी कोे प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का किसानों को डायमोनियम फाॅस्फेट उर्वरक पर अनुदान में 140 प्रतिशत वृद्धि कर राहत प्रदान करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के लाखों किसान लाभान्वित होंगे। वर्तमान में किसानों को इस उर्वरक पर मिल रहे अनुदान को 500 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मूल्य में वृद्धि के बावजूद भी किसानों को यह उर्वरक 1200 रुपये प्रति बैग के पुराने मूल्य पर ही उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि डायमोनियम फाॅस्फेट भारत में दूसरा सबसे अधिक प्रयोग होने वाला उर्वरक है। हिमाचल प्रदेश में डायमोनियम फाॅस्फेट की वार्षिक खपत 1200-1500 मीट्रिक टन है। किसान इस उर्वरक को सामान्यतः रबी के मौसम में आलू और गेहूं की फसल में बुआई से ठीक पहले या बुआई के समय प्रयोग करते हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊना, कांगड़ा, पांवटा साहिब व नालागढ़ के कुछ क्षेत्रों में इस उर्वरक का प्रयोग किया जाता है। गत वर्ष डायमोनियम फाॅस्फेट का वास्तविक मूल्य 1700 रुपये प्रति बैग था, जिसपर केंद्र सरकार 500 रुपये प्रति बैग का अनुदान प्रदान कर रही थी। लेकिन हाल ही में डायमोनियम फाॅस्फेट में प्रयोग होने वाले फाॅस्फोरिक एसिड, अमोनिया इत्यादि के मूल्य में 60 से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिसके कारण डायमोनियम फाॅस्फेट की प्रति बैग कीमत 2400 रुपये हो गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अनुदान में वृद्धि कर इस समस्या का समाधान किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में उर्वरक की खपत 63 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 132 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है। उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरक वितरण प्रणाली सहकारिता नेटवर्क के अंतर्गत है और उर्वरक का वितरण 2143 सहाकारी सभाओं और डिपो धारकों के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने उर्वरक वितरण कार्य हिमफेड को सौंपा है और इफको को भी उसकी 620 सम्बद्ध सभाओं के माध्यम से आपूर्ति कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान की है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार वैक्सीनेशन के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। वैक्सीन की कमी की वजह से आज प्रदेश में अधिकतर वैक्सीनेशन केंद्र बंद रहें। वैक्सीनेशन के लिए युवाओं को इधर से उधर भटकाया जा रहा है। वैक्सीनेशन में भेदभाव के चलते विशेष विचार धारा के लोगों को अहमियत दी जा रही है। राठौर ने कहा कि सीमित अवधि में रजिस्ट्रेशन के लिए मात्र 15 मिनट में स्लॉट का पूरा हो जाना कोरोना से युवाओं की सुरक्षा का एक मज़ाक बन कर रह गया है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ प्रदेश में बढ़ता कोरोना का कहर और कोरोना कर्फ़्यू के समय उन्हें अपने घरों से दूर मजबूरी में वैक्सीनेशन के लिए आना-जाना उनका हाई रिस्क के साथ उनके स्वास्थ्य से साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा है कि युवाओं को वैक्सीन उनके घरों के नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। राठौर ने कहा कि कोरोना में सरकार की विफलताओं को लेकर प्रदेश में वैक्सीन और अस्पतालों में ऑक्सीजन व अन्य उपकरणों, दवाओं की भारी कमी के चलते उन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठ कर धरना देना पड़ा था। अगर सरकार ने वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में सुधार न किया व वैक्सीन की कमी को जल्द पूरा नही किया तो कांग्रेस को जनहित में फिर कोई कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना महामारी से देशवासियों को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान के तहत राज्यों को अब तक 21.80 करोड़ से ज़्यादा टीके निशुल्क दिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में 21.23 लाख जांच करने के साथ भारत ने एक दिन में सबसे अधिक जांच करने का एक बार फिर नया कीर्तिमान बनाया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी से देशवासियों को बचाने व राहत पहुँचाने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी ताक़त झोंक रखी है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है और इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है। 1 मई से कोविड-19 टीकाकरण की त्वरित चरण 3 रणनीति का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार ने अब तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 20.80 करोड़ से ज़्यादा वैक्सीन प्रदान की हैं। इसमें से अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार औसत आधार पर अपव्यय सहित कुल खपत 19,90,31,577 खुराकों का उपयोग हुआ हैI राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी 1.90 करोड़ कोविड वैक्सीन की खुराक मौजूद हैं, जिन्हें अभी लगाया जाना है। यह कोरोना से लड़ने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए बहु आयामी रणनीति अपनाकर राज्य को ‘ड्रग फ्री स्टेट’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने राज्य पुलिस को बड़े नशा तस्करों के अलावा छोटे तस्करों पर भी कार्रवाई करने केेे निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भांग और अफीम की अवैध खेती को नष्ट करने और नशा तस्करों की सम्पत्ति को अटैच करने के लिए कदम उठाए गए हैं। 1 जनवरी, 2020 से 30 अप्रैल, 2021 तक एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धारा के अंतर्गत कुल 2126 मामले दर्ज किए गए हैं और 2909 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस अवधि के दौरान विभिन्न खुफिया अभियानों के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध खेती का पता लगाकर इसे नष्ट किया गया है। इस दौरान 7917 बीघा भूमि में लगभग 12.52 लाख भांग के पौधे और 52 बीघा भूमि में 2.66 लाख अफीम के पौधे नष्ट किए गए हैं। भू-स्वामियों व अपराधियों के विरूद्ध 161 मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य पुलिस ने मंडी जिले के पधर की टिक्कन उप-तहसील के अंतर्गत चैहार घाटी में 66 बीघा भूमि पर 10 करोड़ रुपये मूल्य के 15 लाख अफीम के पौधे की अवैध खेती का पता लगाने में सफलता प्राप्त की है। एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराधियों द्वारा नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित चल और अचल सम्पत्तियों को अटैच करने के लिए वित्तीय जांच की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पिछले एक वर्ष में 19 विभिन्न मामलों में 11.37 करोड़ रुपये की सम्पत्ति अटैच और फ्रीज़ की गई, जिसमें जिला कुल्लू में 15 मामलों में 3.79 करोड़ रुपये की सम्पत्ति व जिला कांगड़ा में दो मामलों में 7.29 करोड़ रुपये की सम्पत्ति अटैच तथा जिला बिलासपुर के एक मामले में 18.31 लाख रुपये व जिला शिमला के एक मामले में 10.67 लाख रुपये के बैंक डिपोटिज फ्रीज़ किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा मादक द्रव्यों के खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा करते हुए पुलिस महा निदेशक संजय कुंडू और उनकी सम्पूर्ण टीम को उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस प्रवर्तन निदेशालय के सहयोग से ऐसे अपराधियों के विरूद्ध धन-शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत जांच करने पर विचार कर रही है।
कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य लोक सेवा आयोग ने नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग अब तृतीय श्रेणी के पदों के लिए जारी 15 अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया ऑनलाइन करेगा। इससे पहले लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक रूप से आयोग के परिसर में बुलाकर मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की जाती थी। ओटीआर पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए एक लिंक दिया जाएगा। जिन चयनित उम्मीदवारों को मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए उपस्थित होने के लिए स्क्रीन किया गया है, उन्हें डाक के साथ पंजीकृत ईमेल और मोबाइल नंबर पर उस तारीख के संबंध में जब दस्तावेजों को अपलोड करने के लिए पोर्टल सक्रिय करने के बारे में सूचित किया जाएगा। उसके बाद, उम्मीदवारों को पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए उचित समय दिया जाएगा। अपलोड लिंक मौजूदा ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका उपयोग उम्मीदवारों की ओर से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए किया गया था। इसके बाद उम्मीदवार अपने मौजूदा क्रेडेंशियल का उपयोग करके लॉगइन करने में सक्षम होंगे। कोई समस्या आने पर आयोग के हेल्प डेस्क से सहायता दी जाएगी। लेक्चरर स्कूल न्यू इतिहास, लेक्चरर स्कूल न्यू राजनीति शास्त्र और लेक्चरर स्कूल न्यू हिंदी के मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग ने बताया कि इन भर्तियों की स्क्रीनिंग परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है, अब अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को पोर्टल पर मूल दस्तावेजों की फोटो जेपीईजी या पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करनी होगी। अपलोड किए गए प्रत्येक दस्तावेज के संबंध में उम्मीदवार से इस आशय का एक घोषणा पत्र भी लिया जाएगा। किसी भी विसंगति के मामले में अभ्यर्थी की उम्मीदवारी को खारिज कर दिया जाएगा।
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूराे के एडीजी यानी जांच एजेंसी के हैड अनुराग गर्ग अब सेंट्रल डेपाेटेशन पर चले गए। उन्हाेंने नवंबर 2018 में एडीजी विजिलेंस का कार्यभार संभाला था और उससे पहले भी सेंट्रल डेपाेटेशन पर थे। बताया गया कि सरकार ने एडीजी विजिलेंस का जिम्मा एसपी सिंह काे साैंप दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनुराग गर्ग बीएसएफ में प्रमुख पद पर ज्वाइन करेंगे। वे आगामी अढ़ाई साल पर डेपाेटेशन पर रहेंगे। गाैरतलब है कि अनुराग गर्ग 1993 बैच के आईपीएस अफसर हैं। बता दें कि इस वक्त हिमाचल काडर के 6 आईपीएस डेपाेटेशन पर हैं। जिनमें 1988 बैच के तपन कुमार डेका,1989 बैच के एसआर ओझा, 1991 बैच के एपी सिदकी, 1993 के रिद्विक रुद्रा, 1994 के राकेश अग्रवाल, 2002 बैच के आसीफ जलाल शामिल हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद जगत प्रकाश नड्डा ने जिला आयुक्त बिलासपुर रोहित जम्वाल को चिट्ठी लिख एचपी कोविड -19 सॉलिडैरिटी रिस्पांस फंड: एमपीलैड के तहत जारी करने की सिफारिश की है। कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा 30 अप्रैल, 2021 के संदर्भ परिपत्र ई-4/2020-एमपीलैड्स (पीटी) जारी किया गया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अपने पत्र में दो करोड़ की राशि जारी करने की अनुशंसा की है । उन्होंने पत्र में लिखा है महामारी से लड़ने में उपयोग के लिए एमपीलैड फंड के तहत एचपी कोविद -19 सॉलिडैरिटी रिस्पांस फंड को 2 करोड़ दिए जाएं । इस धन राशि का उपयोग वित्तीय औचित्य के सिद्धांतों का अक्षरश: पालन करते हुए किया जाना चाहिए। मुझे इस दिशा में उठाए गए कदमों और की गई प्रगति के बारे में सूचित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज यहां संत निरंकारी मंडल के सी.पी.ए.बी. के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह ने संत निरंकारी मंडल की ओर से 50 कंसन्ट्रेटर भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस परोपकारी कार्य के लिए संत निरंकारी मंडल का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि यह सहायता कोविड-19 के रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रभाव से प्रभावित हुआ है तथा संत निरंकारी मंडल जैसी संस्था पीड़ित मानवता की सहायता करने में प्रंशसनीय सेवा कर रही है तथा अन्य लोगों को सहायता करने के लिए भी प्रेरित कर रही है। जय राम ठाकुर ने जिला सोलन के नालागढ़ में संत निरंकारी सत्संग भवन में 25 बिस्तर की क्षमता वाले कोविड केयर केन्द्र को स्थापित करने के लिए भी संत निरंकारी मंडल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा कांगड़ा स्थित सत्संग भवन में 25 बिस्तर की क्षमता वाला कोविड केयर केन्द्र सृजित किया जा रहा है जो क्षेत्र के कोविड-19 रोगियों को सुविधा प्रदान करेगा। संत निरंकारी मंडल के सी.पी.ए.बी. के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि संत निरंकारी मंडल ने प्रदेश के लिए 500 ऑक्सीमीटर भी दिए हैं जो एक दिन के भीतर प्रदेश को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 25 बिस्तर की क्षमता वाले दोनों कोविड केयर केन्द्र अगले सप्ताह क्रियाशील बना दिए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, संत निरंकारी मंडल के क्षेत्रीय संयोजक करनैल सिंह, स्थानीय समन्वयक एन.पी.एस. भुल्लर तथा आर.एस. भुल्लर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ऑनलाइन परामर्श के लिए बिलासपुर स्थित एम्स के साथ जोड़ने के लिए ई-संजीवनी ओपीडी का भी शुभारम्भ किया मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज पीटरहाॅफ शिमला से होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 के रोगियों के लिए होम आइसोलेशन किट का शुभारम्भ किया। उन्होंने ऑनलाइन परामर्श तथा उपचार के लिए बिलासपुर स्थित एम्स के साथ लोगों को जोड़ने के लिए हिमाचल कोविड केयर एप्लीकेशन तथा ई-संजीवनी ओपीडी का भी शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न भागों के लिए होम आइसोलेशन किट के 11 वाहनों को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जय राम ठाकुर ने कहा कि यह किट संबंधित विधायकों द्वारा होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 के रोगियों को वितरित की जाएगी। उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि रोगियों को शीघ्र यह किट उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। जय राम ठाकुर ने कहा कि ई-संजीवनी ओपीडी रोगियों तथा चिकित्सकों के मध्य प्रभावी संचार सुनिश्चित करेगी तथा उन्हें विशेषज्ञों से उचित सलाह लेने के लिए सक्ष्म बनाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड केयर ऐप आइसोलेशन में रह रहे रोगियों की निगरानी के लिए एक प्रभावी व्यवस्था प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश कोरोना महामारी के कारण गंभीर परिस्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के रोगियों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों का समय रहते पता लगाने के लिए कोरोना जांच में तेजी लाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 18 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई है तथा लगभग 1,75,000 लोग कोविड-19 पाॅजीटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण 2638 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रदेश में आठ आरटी-पीसीआर, 25 ट्रू-नाॅट तथा दो सीबीनाॅट प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस की जांच की जा रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर अधिक घातक है तथा कोरोना के मामलों में तीव्र वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में पाॅजीटिवीटी दर 5.53 प्रतिशत थी जबकि दूसरी लहर में यह दर बढ़कर 15.67 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने क्षमता निर्माण के लिए अथक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर लगभग 5000 किया गया है जो पहले 1200 थी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रदेश में ऑक्सीजन की भण्डारन क्षमता 25 मीट्रिक टन तक बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के उदार सहयोग के कारण आज प्रदेश में 6300 डी-टाइप तथा 2250 बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेण्डर हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में 1700 से अधिक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध करवाए गए हैं। सभी मेडिकल काॅलेजों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र हैं। प्रदेश में छः पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र कार्यशील कर दिए गए हैं जबकि दो अतिरिक्त पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र शीघ्र कार्यशील बनाए जाएंगे। लगभग एक वर्ष पूर्व प्रदेश में केवल 50 कार्यशील वेंटिलेटर थे जिनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 700 की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि रोगियों के उचित उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में 3100 नई भर्तियां की गई हैं। प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से प्रदेश के लिए ऑक्सीजन कोटे में 10 मीट्रिक टन की वृद्धि करने का मामला भी उठाया है। हिमाचल प्रदेश देश के राज्यों में पहला ऐसा प्रदेश है जहां वैक्सीन की वेस्टेज की प्रतिशतता शून्य है। प्रदेश के लोगों को लगभग 22.52 लाख वैक्सीन लगाई गई है तथा प्रदेश सरकार ने सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को 72 लाख वैक्सीन का ओडर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जुखाम जैसे लक्षणों वाले रोगियों को चिन्हित करने के लिए एक विशेष अभियान आरम्भ करने की योजना भी बना रही है ताकि उनकी शीघ्र जांच की जा सके। उन्होंने विधायकों, पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से ऐसे रोगियों को चिन्हित करने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस अभियान के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को सम्मानित भी करेगी। इससे न केवल कोविड के मामलों का शीघ्र पता लग सकेगा बल्कि इस वायरस के फैलने पर भी रोक लगेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के कारण माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बच्चों को प्रति बच्चा 2500 रुपये प्रतिमाह प्रदान करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ऐसे बच्चों की शिक्षा पर होने वाले व्यय को भी वहन करेगी। प्रदेश सरकार ने कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के मृत शरीर को उनके पैतृक स्थान पहुंचाने के वाहन खर्च को वहन करने के साथ-साथ अंतिम संस्कार के लिए निःशुल्क लकड़ी प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, सफाई कर्मचारियों जैसे कोरोना वाॅरियर का उनकी सेवाओं के लिए आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने इस स्थिति से निपटने में प्रदेश सरकार को सहायता प्रदान करने के लिए विभिन्न सामाजिक, धार्मिक तथा अन्य संगठनों की भी सराहना की। उन्होंने विशेषकर कोरोना रोगियों के उपचार के लिए मण्डी, परोर तथा सोलन स्थित परिसरों में लगभग 700 अतिरिक्त बिस्तर क्षमता सृजित करने के लिए राधा स्वामी सतसंग ब्यास का आभार व्यक्त किया। केन्द्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कोरोना वायरस के विरूद्ध लड़ाई में फ्रंटलाईन कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके प्रयासों के परिणामस्वरूप ही देश और प्रदेश कोविड-19 की स्थिति से सफलतापूर्वक निपट रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्तियों की सहायता के लिए केन्द्र सरकार ने लगभग 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान करने के लिए 26000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक देशवासियों के लिए 216 करोड़ वैक्सीन वायल उपलब्ध करवा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत ने महामारी के प्रथम चरण के दौरान लगभग 195 देशों को जीवन रक्षक दवाइयां प्रदान की थी। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश इस महामारी से प्रभावी रूप से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि सीमित साधनों के बावजूद पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश प्रभावी रूप से इस महामारी से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के मध्य समन्वय होना जरूरी है। उन्होंने कोरोना होम आइसोलेशन किट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस किट में होम आइसोलेशन में रहे रहे रोगियों के लिए निर्देशिका, थर्मामीटर, च्यवनप्राश, काढ़ा, सेनिटाइजर, मास्क, मल्टीविटामिन, कैल्शियम, विटामिन-सी तथा जिंक की गोलियां, आयुर्वेदिक दवाई कुदनीर, मुख्यमंत्री का पत्र, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ सन्देश का कार्ड और सभी वस्तुओं की सूची शामिल है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति और टीकाकरण अभियान की प्रगति पर प्रस्तुति दी। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, मंत्रीगण, विधायकगण, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया जबकि मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज यहां हिमाचल ड्रग निर्माता संघ की ओर से मनोज अग्रवाल ने एच.पी.एस.डी.एम.ए. कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फंड के लिए 41 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री को मोरपेन लैबोरेट्रीज लिमिटेड के निदेशक संजय सूरी ने सी.एस.आर. के तहत के.बी. सूरी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से इस फण्ड के लिए 21 लाख रुपये का चैक भेंट किया। एल्केम लैबोरेट्रीज लिमिटेड के प्लांट हैड राकेश भूषण त्रिपाठी तथा अजय भाटिया ने इस फण्ड के लिए कम्पनी की ओर से 20 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अंशदानकर्ताओं का इस पुनीत कार्य के लिए धन्यवाद किया और कहा कि इस प्रकार के सहयोग से समाज के दानी और सम्पन्न व्यक्तियों को इस कोष में उदारतापूर्वक दान करने के लिए प्रेरणा मिलती है जिसे आवश्यकता के समय जरूरतमंद व गरीब लोगों की सहायता के लिए उपयोग किया जा सकता है।
₹105 रुपये से बढ़ाकर ₹210 प्रतिमाह , 1.5 करोड़ से अधिक कामगार लाभान्वित केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय क्षेत्र में 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वैरिएबल डीए) 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना करने पर नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “ केंद्र सरकार नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में किसानों व कामगारों के कल्याण के लिए कार्यरत रही है । कोरोना आपदा के इस कठिन समय में कामगारों को आर्थिक रूप से समस्या ना आने पाए इस दिशा में मोदी सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र में 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वैरिएबल डीए) 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना करने का निर्णय लिया है । यह वृद्धि एक अप्रैल, 2021 से लागू होगी। इससे केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और कामगारों का न्यूनतम वेतन की दर में भी वृद्धि होगी जिस से केंद्र सरकार के विभिन्न अनुसूचित रोजगारों से जुड़े कर्मचारियों को लाभ मिल सकेगा। वैरिएबल डीए में बढ़ोतरी से उन्हें इस महामारी के मुश्किल वक्त में मदद मिलेगी और इस सराहनीय निर्णय के लिए मैं नरेंद्र मोदी जी का आभार प्रकट करता हूँ” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को सुव्यवस्थित तरीक़े से चलाने व इसके किए बढ़ाकर बजट देने का नतीजा है कि कोविड महामारी के बीच मई 2021 में अबतक मनरेगा के तहत 1.85 करोड़ लोगों को काम दिया मिला।ये मई 2019 की समान अवधि में दिये गए काम से 52 प्रतिशत ज्यादा है। वित्त वर्ष 2021-22 में 13 मई 2021 तक मनरेगा के तहत 2.95 करोड़ लोगों को काम दिया जा चुका है, जिसमें 5.98 लाख संपत्तियां पूरी हुईं और 34.56 करोड़ श्रमिक-दिवस कार्य उत्पन्न हुए। 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लॉकडाउन और इसकी वजह से लोगों, मशीनों और सामग्री की उपलब्धता में मुश्किलों के बावजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस साल अबतक बीते 3 साल की इसी अवधि की तुलना में सबसे ज्यादा सड़कों का निर्माण हुआ। यह दिखाता है कोरोना से उपजे मुश्किल हालतों में भी मोदी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रनिर्माण में समर्पित है”
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने यूजी डिग्री कोर्स की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं पर फैसला न होने के बावजूद पीजी में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन मांग लिए हैं। कोरोना महामारी से बने हालात और लगातार बढ़ रहे मामलों और पिछले सत्र में मेरिट आधार पर प्रवेश दिए जाने पर न्यायालय से लगी फटकार को ध्यान में रखकर ही इस बार पीजी प्रवेश का शेड्यूल जारी किया है। इस बार विवि ने प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांक की मेरिट आधार पर और यूजी की मेरिट के आधार पर प्रवेश के दोनों विकल्प खुले रखे हैं। कोरोना से बिगड़े हालात और कर्फ्यू, लॉकडाउन की संभावनाओं को देखते हुए प्रवेश परीक्षा करवाने या न करवाने पर फिलहाल फैसला नहीं लिया है। पीजी में प्रवेश को आवेदन करने की जारी अधिसूचना में अधिष्ठता अध्ययन ने साफ किया है कि प्रवेश परीक्षा आधारिक पीजी कोर्स में प्रवेश कैसे होगा, इस पर आने वाले समय में स्थिति को देखते हुए ही फैसला लिया जाएगा। इससे साफ है कि यदि कोरोना के कारण प्रवेश परीक्षा करवाना संभव नहीं हुआ, तो विवि क्वालिफाइंग एग्जाम की मेरिट को आधार मानकर कोर्स में प्रवेश देने का फैसला ले सकता है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षण संस्थान इक्डोल के छात्र-छात्राओं को हर जरूरी सूचना वेबसाइट पर मिलेगी। इक्डोल में वर्ष में दो बार होने वाले प्रवेश, परीक्षा फार्म भरने, पीसीपी और परिणाम जैसी हर जानकारी विद्यार्थियों को मिलेगी। वेबसाइट को अपग्रेड करने और इसे स्टूडेंट फ्रेंडली बनाने के लिए योजना तैयार करने के लिए शुक्रवार को इक्डोल निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया ने वर्चुअल बैठक की। इसमें मौजूद अधिकारियों से वेबसाइट में सुधार लाने और इसे हर छात्र के लिए जानकारी लेने के लिए उपयोगी बनाए जाने पर सुझाव लिए गए। पठानिया ने बताया कि वेबसाइट को छात्रों के लिए आसान और उपयोगी बनाया जा रहा है। बैठक में प्रो.नीलिमा कंवर, प्रो.कुलदीप अत्री, वरिष्ठ संपादक डॉ.दलेल ठाकुर, डॉ.सोमेश सूद, डॉ.संदीप, डॉ.अंकुश सूद और प्रोग्रामर विजयंत कुमार उपस्थित रहे।
देश के पश्चिमी राज्यों में चक्रवाती तूफान ताउते लोगों के लिए परेशानी बन कर साबित हुआ लेकिन उत्तर भारत में इसकी वजह से हुई बारिश के बाद पहाड़ों की सब्जियों की मांग में भारी इजाफा हुआ है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में हुई बारिश के बाद मैदानी इलाकों की सब्जियों की फसल खराब होने से पहाड़ों की सब्जियों की मांग बढ़ गई है। शिमला की ढली मंडी में मटर, फूलगोभी और फ्रांसबीन सीजन के रिकॉर्ड दामों पर बिके। हालांकि मंडी में सब्जियों की कम आवक को भी दामों में तेजी का कारण बताया जा रहा है। ढली मंडी में शुक्रवार को मटर अधिकतम 75 रुपये प्रति किलो, फूलगोभी 16 रुपये प्रति किलो और फ्रांसबीन 63 रूपये प्रति किलो के रिकॉर्ड रेट पर बिकी। लम्बे समय बाद किसानो को फसल का सही दाम मिलने पर किसान भी खुश नज़र आये। गोभी के रेट 3 से 8 रुपये प्रति किलो चल रहे थे, आज उनकी गोभी 12 से 15 रुपये प्रति किलो बिकी है। मंडी में मटर भी रिकॉर्ड 75 रुपये किलो के दाम पर बिका है। महाराष्ट्र और बंगलूरू में भी बढ़ी मांगढली मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि दिल्ली की गाजीपुर मंडी में पहाड़ की फूलगोभी और महाराष्ट्र, बंगलूरू की मंडियों में पहाड़ी मटर और फ्रांसबीन की मांग में इजाफा हुआ है।
आपके विधायक, आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान होम आईसोलेशन मरीजों की सहायता हेतु शिमला शहर में कोरोना पीड़ितों के घरद्वार निःशुल्क भोजन व दवाईयां उपलब्ध करवाई जाएगी। यह बात आज शहरी विकास, आवास, नगर नियोजना, संसदीय एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने टूटीकंडी के रिड़का क्षेत्र में होम आईसोलेशन में रह रहे प्रवासी मजदूरों को निःशुल्क मास्क, सैनेटाइजर तथा खाद्य सामग्री एवं रोजमर्रा में आने वाले सामान को वितरित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से जहां 2020 में सारा विश्व दरस्त वहीं भारत भी इस महामारी से अछुता नहीं रहा। इस महामारी से 2020 में लाखों लोग संक्रमित हुए थे वहीं हिमाचल प्रदेश के लोेग भी इस लहर में संक्रमित हुए। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर ने हिन्दुस्तान में लोगों को तेजी से संक्रमित किया है और हिमाचल प्रदेश में भी यह लहर तेजी से चली है और इससे बहुत लोग संक्रमित हुए है। उन्होंने कहा कि शिमला के आईजीएमसी में कोरोना मरीजों को मुश्किल का सामना न करना पड़े, इसके लिए बैडों की संख्या बढ़ाई गई है तथा दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भी क्षमता से ज्यादा लोगों के लिए बैडों का इंतजाम किया गया है एवं शिमला शहर में अन्य अस्पतालों को भी कोविड महामारी के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है। इस माहमारी से बचने के लिए जो भी उपकरण इस्तेमाल होते हैं उन उपकरणों को भारत सरकार द्वारा समय-समय पर प्रदेश सरकार को उपलब्ध करवाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के कोविड मरीजों को आॅक्सीजन की कमी से न जुझना पड़े, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा आॅक्सीजन प्लांट की क्षमता बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन इस महामारी से बचने का उपयुक्त साधन है तथा चिकित्सक से सम्पर्क में रहे और उनके द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें। घर में रह रहे अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखें, समय-समय पर सैनेटाइज का प्रयोग करें तथा मुंह को मास्क से ढक कर रखे। उन्होंने कहा कि आज इस कार्यक्रम के तहत टूटीकंडी के रिड़का क्षेत्र के लोग तथा जोगिन्द्र लाल सूद एवं जय चंद ठाकुर द्वारा जो 40 प्रवासी मजदूरों को राशन वितरित किया है यह एक सराहनीय कार्य है। इसी तरह हमारे कार्यकर्ता भी होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों को यह सुविधा मुहैया करवाएंगे। इसमें गगन, अजय, दीपक श्रीधर, हितेश शर्मा एवं सभी वार्डों में हमारे कार्यकर्ता होम आईसोलेशन लोेगों को निःशुल्क राशन तथा दवाईयां वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम के तहत सभी वार्डों में इनके नम्बरों को प्रदर्शित करेंगे, जिससे होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों को इनके द्वारा सुविधा दी जा सके। इस दौरान उनके साथ महापौर नगर निगम शिमला सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, महामंत्री शिमला मण्डल सुशील चैहान, महामंत्री शिमला मण्डल गगन लखनपाल, सचिव जिला शिमला अजय सरण, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी करण नंदा, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष शिमला हितेश शर्मा तथा जय चंद ठाकुर वार्ड अध्यक्ष टूटीकंडी भारतीय जनता पार्टी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के लिए वीआर मैरीटाइम सर्विसिज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक सोनिका पराशर तथा कैप्टन संजय पराशर द्वारा दान किए गए जीवनरक्षक उपकरणों के दो ट्रकों की खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इस परोपकारी कार्य के लिए कैप्टन सोनिका पराशर और कैप्टन संजय पराशर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योगदान से राज्य सरकार को प्रदेश में कोविड-19 महामारी से लड़ने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि समाज को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में राज्य सरकार की सहायता के लिए कई परोपकारी लोग आगे आए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार इस महामारी से लड़ने के लिए क्षमता निर्माण पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तर की क्षमता को बढ़ाकर लगभग 5000 करने में सफल रही है जो पहले 1200 थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के लिए ऑक्सीजन का कोटा 15 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 30 मीट्रिक टन कर दिया है और अब सरकार ने केंद्र सरकार से इसे 40 मीट्रिक टन तक बढ़ाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में डी-टाइप सिलेण्डरों की उपलब्धता 2500 से बढ़ाकर 6000 की है और ऑक्सीजन की भंडारण क्षमता को 25 मीट्रिक टन तक बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार राज्य में उपलब्ध वेंटिलेटर की संख्या लगभग 50 से बढ़कर 600 की गई है। उन्होंने कहा कि ऊना जिले में बिस्तर क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि रोगियों की जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि पंडोगा में 180 बिस्तर की अतिरिक्त क्षमता का निर्माण किया जा रहा है जिसे एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में 1800 रोगी होम आइसोलेशन में हैं इसलिए इन रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता है। जय राम ठाकुर ने आरोग्य भारती और सेवा भारती द्वारा कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ाई में दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने प्रदेश में मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए केन्द्रीय वित्त एवं कोरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश इस महामारी से प्रभावी ढंग से लड़ रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना महामारी से लड़ने में सहयोग के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने उन्हें ऊना जिले में कोविड-19 की स्थिति से अवगत करवाया। वी.आर. मैरीटाइम सर्विसिज़ प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर ने कहा कि उनके द्वारा जिला कांगड़ा व ऊना को भेजी जाने वाली जीवनरक्षक सामग्री की यह दूसरी खेप है। उन्होंने कहा कि इस खेप में 1500 ऑक्सीजन, 25 ऑक्सीजन कंसन्टेªटर, 3200 पी.पी.ई. किट, 500 फेस शील्ड, 10 ऑक्सीजन सिलेण्डर, 15000 सुरक्षा दस्ताने, 1000 एन-95 तथा 1000 एन.आर.बी. मास्क, 20000 सर्जिकल मास्क, 1600 लीटर सेनिटाइजर तथा अन्य रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयां शामिल है । आरोग्य भारती के डाॅ. हेमराज ने भी इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज शिमला से जबकि केन्द्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर तथा विधायक बलबीर चैधरी इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती भी इस अवसर पर ऊना से उपस्थित थे।
21 मई 2021 , हिमाचल प्रदेश : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद डीएपी खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपये प्रति बैग से, 140% बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग करने के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे मोदी सरकार द्वारा अन्नदाता को दी गई एक बड़ी राहत बताया है व इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “ कृषि व कृषक हितैषी मोदी सरकार के अन्नदाता के आर्थिक सशक्तिकरण व उनकी खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाए हैं। एक बार फिर मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। मोदी सरकार ने डीएपी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच इसपर सब्सिडी को बढ़ा दिया है। अब डीएपी खाद का एक बैग 2400 रुपये के बजाय 1200 रुपये में ही मिलेगा। मोदी सरकार ने डीएपी खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपये प्रति बैग से 140% बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। देश में प्रति बोरी सब्सिडी की राशि कभी भी एक बार में इतनी नहीं बढ़ाई गई है। अन्नदाता के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करता हूँ” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करेगी कि किसानों को मूल्य वृद्धि का दुष्प्रभाव न भुगतना पड़े। केंद्र सरकार हर साल रासायनिक खादों पर सब्सिडी पर करीब 80,000 करोड़ रुपये खर्च करती है। डीएपी में सब्सिडी बढ़ाने के साथ ही खरीफ सीजन में भारत सरकार 14,775 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी । पिछले साल डीएपी की वास्तविक कीमत 1,700 रुपये प्रति बोरी थी जिसमें केंद्र सरकार 500 रुपये प्रति बैग की सब्सिडी दे रही थी।इसलिए कंपनियां किसानों को 1200 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद बेच रही थी। इस प्रकार डीएपी की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों में वृद्धि के बावजूद इसे 1200 रुपये के पुराने मूल्य पर ही बेचे जाने का निर्णय लिया गया है जोकि मूल्य वृद्धि का सारा भार केंद्र सरकार उठाने जा रही है” अनुराग ठाकुर ने कहा” नरेंद्र मोदी में किसानों के हितों में जितने कदम उठाए हैं उतना पिछले 70 सालों में कोई सरकार नहीं कर पाई। हाल ही में मोदी ने बिना किसी भेदभाव के पीएम किसान सम्मान निधि की 8 वीं किस्त के रूप में 9.5 करोड़ लाभार्थी किसान परिवारों के लिए 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। इस योजना के तहत हर साल किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये की राशि तीन किस्तों में भेजी जाती है। इस तरह तीन किस्तों में किसानों के खातों में हर साल कुल 6,000 रुपये भेजे जाते हैं जिसका उपयोग हमारे अन्नदाता कृषि कार्यों में कर पाते हैं।मोदी सरकार बिना किसी बिचौलिये को लाए हुए सीधा किसानों के हाथों में पैसा पहुँचा रही है। ये एक बड़ा बदलाव है जिसे देश का अन्नदाता महसूस कर रहा है” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। यह किसानों के लिए अब तक की सबसे बड़ी योजना है जो अन्नदाता के लिए वरदान साबित हो रही है। पूरे देश में इस योजना के अंतर्गत लगभग 11 करोड़ किसानों के पास करीब 1 लाख 35 हजार करोड़ रूपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।इनमें से सिर्फ कोरोना काल में ही 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंचे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आवश्यकता, चिंताओं, जरूरतों को समझ कर योजनाओं को लागू करने का प्रयास किया है। हमने कृषि को टुकड़ों के बजाए पूरी समग्रता से देखा और चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर प्रयास किया है”
शिमला। कोरोना महामारी के दौर में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में रक्त की कमी के मद्देनजर उमंग फाउंडेशन अपने विशेष अभियान के अंतर्गत स्थानीय संगठनों के सहयोग से 23 मई को गुम्मा- नौटी खड्ड के पीएचसी में रक्तदान शिविर लगाएगा। पीएचसी की डॉ. प्रियंका भी शिविर के आयोजन में सहयोग कर रही हैं। उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी और शिविर के संयोजक विनोद योगाचार्य ने बताया कि रक्तदान शिविर में ग्राम पंचायत गुम्मा, ग्राम पंचायत मझिवड़, जनशक्ति युवा मंडल नौटी खड्ड, युवक मंडल जजेहड़, और कृषक विकास संघ सनोला, गुम्मा सहयोग कर रहे हैं। पिछले वर्ष भी गुम्मा में रक्तदान शिविर लगाया गया था। कोरोना संकट के दौरान ब्लड बैंक में रक्त की कमी को पूरा करने के लिए उमंग फाउंडेशन का यह 17 वां रक्तदान शिविर होगा। संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविरों का सिलसिला चलाने के साथ ही कोविड से बचाव के उपायों के बारे में भी लोगों को जागरूक कर रही है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों को लोगों के लिए समयवद्ध सुविधाएं प्रदान करने के अलावा लागत वृद्धि से बचने के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आज यहां पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जय राम ठाकुर ने कहा कि मण्डी जिले के जंजैहली में 25.75 करोड़ रुपये की लागत से सांस्कृतिक केन्द्र का कार्य पूरा कर लिया गया है और यह पीपीपी मोड़ पर संचालन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए प्री बिड बैठक अगले माह तीन तारीख को रखी गई है और बोली प्रस्ताव 25 जून, 2021 को जमा किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिमला में 12.15 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है और यह इस वर्ष जुलाई के अन्त तक पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 करोड़ रुपये की लागत से कांगड़ा हाट, 4 करोड़ रुपये की लागत से डल लेक और भलेई माता में 4 करोड़ रुपये की लागत से आर्ट एवं क्राॅफ्ट परियोजना का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के क्यारीघाट में 29.90 करोड़ रुपये की लागत से क्नवेंशन सेंटर का कार्य इस वर्ष के सितम्बर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मण्डी का शिव धाम एक महत्वकांक्षी परियोजना है, जिसका 36.12 करोड़ रुपये की लागत का प्रथम चरण का कार्य मैसर्ज जेनरिक इंजीनियरिंग कन्स्ट्रक्शन एंड प्रोजेक्टस लिमिटेड को दिया गया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस परियोजना की ओर जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि 25.45 करोड़ रुपये की लागत से बैंटनी कैसल शिमला का कार्य इस वर्ष सितम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के चांसल क्षेत्र में पीपीपी मोड़ पर रोपवे, स्की लिफ्ट, स्की रिजाॅर्ट, हेलीपेड, कैम्पिंग-स्की स्लोप विकसित की जाएगी, जिसके लिए ईओआई प्राप्त करने की अंतिम तिथि इस वर्ष 19 जून निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकार्पण के उपरान्त रोहतांग टनल एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस सुरंग के दक्षिण और उत्तर पोर्टल पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं को विकसित करने के अलावा विस्ता डोम पर्यटक बस शुरू करने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि सिस्सु झील को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला में वर्तमान फूड क्राफ्ट संस्थान को स्तरोन्नत करके 11.75 करोड़ रुपये की लागत से होटल प्रबन्धन संस्थान का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में लोगों को प्रशिक्षित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को मण्डी जिले में प्रस्तावित ग्रीनफिल्ड हवाई अड्डे का एलआईडीएआर सर्वेक्षण करने के अलावा बद्दी, रामपुर और कंगनीधार में हेलीपोर्ट का समयवद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में सभी शहरी स्थानीय निकायों मे कार्यरत सफाई कर्मचारियों को अप्रैल से जून, 2021 तक तीन माह के लिए 2000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। यह प्रोत्साहन राशि राज्य आपदा राहत कोष से विशेष सहायता के रुप में प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के 4082 सफाई कर्मचारियों को 2.45 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह राशि कोरोना योद्धा के रूप में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारी जो घर-घर कूड़ा एकत्रित करने,गलियों /नालियों की सफाई व डिसिन्फेक्टन्ट के छिड़काव कार्य मे लगे हुए हैं, को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में सभी शहरी स्थानीय निकायों में कोविड-19 महामारी के कारण मृतकों के दाह-संस्कार/दफनाने, शवों के परिवहन एवं अस्थायी दाह-संस्कार सुविधा के लिए 1.55 करोड़ रुपये की राशि भी राज्य आपदा राहत कोष से स्वीकृत की है। यह राशि सभी शहरी स्थानीय निकायों को प्रदान की जा रही है। भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के नगर निगम शिमला, धर्मशाला, मण्डी, पालमपुर व सोलन में कुल पांच शव वाहनों को वास्तविक खर्च के आधार पर आगामी दो माह जून व जुलाई, 2021 तक लेने को भी स्वीकृति प्रदान की है, जिसका खर्च राज्य आपदा राहत कोष से वहन किया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज वर्चुअल माध्यम से कॉन्फ्रेंस कर हिमाचल प्रदेश में कोरोना संकटकाल के चलते प्रदेश में सभी परिस्थितियों का फीडबैक लिया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में चल रहे सेवा ही संगठन भाग-2 के बारे में भी विस्तृत चर्चा की। इस वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हिमाचल में वर्तमान परिस्थितियों के बारे में विस्तृत चर्चा की और पूर्ण फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सेवा ही संगठन कार्यक्रम के बारे में भी चर्चा की और किस प्रकार से आगे कार्यक्रम चलना है उसके बारे में मार्गदर्शन भी दिया। पूरे देश में करोड़ों कार्यकर्ता और प्रदेश में लाखों कार्यकर्ता सेवा भी संगठन के माध्यम से इस संकट की घड़ी में जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कोरोना काल में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्यकर्ता, जनसेवा के कार्यक्रम को आगे ले जाने को प्रतिबद्ध हैं। भाजपा प्रदेश भर में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों से लगातार संपर्क में है और उनके मनोबल को बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है। प्रदेश में जहाँ भाजपा कार्यकर्ता राशन वितरण का कार्य कर रहा है वहीं मास्क और सैनिटाइजर वितरण भी कर जनता को इस महामारी से जागरूक करने का कार्य भी कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा खाद सब्सिडी बढ़ाने का किसान-हितैषी ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए धन्यवाद किया। डीएपी खाद पर सब्सिडी 140% बढ़ाई गई है। अब किसानों को डाइअमोनिया फास्फेट पर 700 ₹ प्रति बोरी अधिक सब्सिडी मिलेगी।अब खाद की एक बोरी 2400 ₹ की जगह सिर्फ़ 1200 ₹ में मिलेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह कोविड मरीजों केे परिवारों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक परिवार के सभी सदस्य संक्रमित हो जाते हैं तो इस स्थिति में स्वयं सहायता समूह ऐसे परिवारों को उनके पशुधन, कृषि गतिविधियों आदि कार्यों में सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा उनकी आय में वृद्धि के लिए की गई पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी ताकि उनके उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री एक बीघा योजना’ ग्रामीण महिलाओं की कृषि से आय बढ़ाने में वरदान सिद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की कोई भी महिला, जिनके पास मनरेगा जाॅब कार्ड हो, इस योजना के अन्तर्गत एक लाख रुपये तक का लाभ ले सकती है। उन्होंने कहा कि इस योजना के शुरू होने के उपरान्त अब तक महिलाओं के लिए 10364 कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिन पर 13.90 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान इस योजना से मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं को मदद मिली है। उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौरान स्वयं सहायता समूहों को प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए, क्योंकि कोरोना कर्फ्यू के कारण उन्हें रोजगार पाने में कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की लगभग आधी आबादी हैं, इसलिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में महिलाओं ने 60 प्रतिशत सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों ने न केवल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी को मजबूत किया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों को बढ़ावा देने और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी ताकि उन्हें उत्पादों के अच्छे दाम मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज कोविड के कठिन दौर से गुजर रहा है। इस संकट की घड़ी में हर नागरिक का यह कत्र्तव्य बनता है कि मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करें। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को कोविड मरीजों वाले परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी एसओपी और दिशा-निर्देशों के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं सामाजिक और धार्मिक समारोहों में लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से आग्रह किया कि वे लोगों को स्थानीय देवताओं और धार्मिक कार्यों से संबंधित समारोहों को स्थगित करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को संकट की घड़ी में जरूरतमंदों को फेसमास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करवाने चाहिए। मंडी जिले के सदर मंडी खण्ड के शिव शम्भू स्वयं सहायता समूह की कमलेश कुमारी, सिराज खण्ड की अपराजिता स्वयं सहायता समूह की सोमा देवी, जिला ऊना के हरोली खण्ड के आन्या स्वयं सहायता समूह की प्रोमिला कालिया, लाहौल स्पीति की मानदासी, हमीरपरु जिले के नादौन खण्ड की न्यू आजीविका की रीना चंदेल और जिला कुल्लू के नगर खण्ड के पंचवीर स्वयं सहायता समूह की उषा ने इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भी अपने विचार सांझा किए। निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ललित जैन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक का संचालन किया। मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संदीप भटनागर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शिमला से मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे।
शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज ठियोग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय राकेश वर्मा की पुण्यतिथि पर उनके परिवार जनों द्वारा ठियोग एवं कुमारसैन उपमंडल के अस्पतालों में डॉक्टरों एवं कोरोना पीड़ितों के लिए प्रदान की गई राहत सामग्री को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि यह सामग्री ठियोग अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मतियाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलोग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माहौरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटगढ में वितरित की जाएगी। इस सामग्री में 6 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 500 एन 95 मास्क, 20 ऑक्सीमीटर, 10 थर्मल स्कैनर, 100 पीपीई किट्स एवं 50 सैनिटाइजर इत्यादि शामिल है। उन्होंने बताया कि इससे अस्पतालों में कार्य कर रहे फ्रंटलाइन कर्मियों को सुरक्षा के साथ-साथ सुविधा भी प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि यह सामग्री काविड मरीजों के लिए वरदान साबित होगी तथा जरूरतमंद लोग इसकी उपयोगिता से लाभान्वित होंगे। स्वर्गीय राकेश वर्मा को पूरे ठियोग विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को सदैव प्राथमिकता के आधार पर करने वाले विधायक के रूप में जाने जाते थे। परिवार द्वारा उन्हीं की परम्पराओं को अपनाते हुए सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता प्रदान करते हुए उनका परिवार हमेशा समाज सेवा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनके परिवार द्वारा ठियोग अस्पताल को एंबुलेंस प्रदान की गई है तथा कोरोना काल के दौरान मास्क के साथ-साथ अन्य आवश्यक सामग्री भी वितरित की गई है ताकि आम जनता को उसका लाभ प्राप्त हो सके। इस अवसर पर स्वर्गीय राकेश वर्मा के पिता एवं पूर्व डीजीपी हिमाचल प्रदेश आरआर वर्मा, उनके सुपुत्र एकलव्य वर्मा, पार्षद बिट्टू पाना, सुशील चैहान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे विभागीय अधिकारियों के साथ कोविड-19 टीकाकरण के सम्बंध में बैठक का आयोजन किया। उपायुक्त ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि शिमला शहर में अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे प्रत्येक विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या सौ से अधिक होने के कारण उनके टीकाकरण के लिए अतिरिक्त विशेष कोविड-19 टीकाकरण केन्द्र स्थापित किए जा रहे है ताकि अग्रिम पंक्ति में कार्य करने वालों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी टीकाकरण की सुविधा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि शिमला शहर में हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक व परिचाल, दवा विक्रेता, बैंक व वित्तीय सेवाऐं दे रहे। कर्मचारियों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर विशेष टीकाकरण केन्द्र बनाए जा रहे है ताकि टीकाकरण के दौरान भीड़-भाड़ इकठी न हो। उन्होंने बताया कि शिमला शहर के अलावा जिला के अन्य क्षेत्रों में कर्मचारी भी अपने नज़दीकी टीकाकरण केन्द्र में विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र के साथ जाकर अपना टीकाकरण करवा सकते है । पूरे जिले के फ्यूल पम्प ऑपरेटर मंगलवार व शुक्रवार को अपने प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर टीकाकरण करवा सकते है, वहीं पीडीएस डिपों होल्डर तथा लोकमित्र केन्द्र का स्टाफ बुधबार तथा शनिवार को अपने प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर टीकाकरण करवा सकते है। बाल देखभाल संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में टीकाकरण कर सकते है। उन्होंने बताया कि अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए विभाग द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जिसमें हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक व परिचालकों को क्षेत्रीय प्रबन्धक हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा, फ्यूल पंप ऑपरेटर एवं पीडीएस डिपो होल्डरों को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निरीक्षक द्वारा, लोक मित्र केन्द्र के स्टाफ को सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा, बाल देखभाल केन्द्र कर्मचारियों को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिमला शहर के अन्तगर्त कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों की सूची जल्द से जल्द स्वास्थ्य विभाग को भेजने के निर्देश दिए है ताकि आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा सके ।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से कल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और उनके साथ तीन अन्य लोगों ने शिमला के रिज मैदान पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया वह सही नहीं था, हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि भगवान कांग्रेस के नेताओं को इस संकट की घड़ी में सद्बुद्धि प्रदान करे। उन्होंने कहा इस संकट की घड़ी में जहां पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सेवा ही संगठन भाग-2 के अंतर्गत जन सेवा में लगे है, वहीं कांग्रेस के यह नेता अपनी राजनीति चमकाने का कार्य कर रहे हैं परंतु अगर यह नेता फील्ड में कार्य कर जनता की सेवा कर रहे होते तो कोविड-19 से जिस प्रकार एक युद्ध चल रहा है उसको बल मिलता। कांग्रेस नेता रोजाना बेबुनियाद बयानबाजी करके जनता के मन में एक भय का वातावरण पैदा कर रहे हैं, और प्रदेश में जिस प्रकार से एक अच्छी व्यवस्था बनी है उसके बारे में जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल पब्लिसिटी पाने की प्रतिस्पर्धा के अंतर्गत कार्य कर रहे है और धरातल पर कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। वहीं भाजपा के कार्यकर्ता सेवा ही संगठन के मूल मंत्र को आधारशिला बना कर घर-घर जाकर कोरोना संक्रमितों से संपर्क कर रहे हैं, खाने के पैकेट पहुंचा रहे हैं, फेसशील्ड एवं सेनेटाईज़र वितरित कर रहे है। हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर सरकार कोविड-19 महामारी को लेकर अच्छा कार्य कर रही है, हिमाचल प्रदेश में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है चाहे वह ऑक्सीजन बेड या आईसीयू बेड हो, प्रदेश में ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। केंद्र ने हाल ही में हिमाचल का कोटा बढ़ाकर 50 एमटी किया है। सभी जिलों एवं मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन प्लांट बनाकर ऑक्सीजन की कमी को दूर किया गया है।
कोरोना काल में प्रदेश के युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य कार्यकारी समिति ने प्रदेश लोक सेवा आयोग शिमला और कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के कार्यालय को न्यूनतम स्टाफ क्षमता के साथ खोलने की अनुमति प्रदान कर दी है, ताकि भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए जा सकें। वहीं, कार्यालय खुलने के बाद राज्य लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा कंबाइंड कंपीटिटिव एग्जाम-2020 के पदों के लिए 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। समिति की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि कोविड दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करते हुए कार्यालय में काम किया जाए। आदेशों में कहा गया कि फिजिकल तौर पर कोई भी परीक्षा या इंटरव्यू अभी आयोजित नहीं होंगे। न्यायिक परीक्षा, तहसील कल्याण अधिकारी, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम के तकनीकी प्रबंधक, लेक्चरर न्यू स्कूल इतिहास और राजनीतिक शास्त्र के लिखित परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जबकि कोरोना के कारण इनके साक्षात्कार और मूल्यांकन न होने से भर्तियां अटकी पड़ी हैं। वहीं 22 नवंबर, 2020 को आयोजित हो चुकी राज्य पात्रता परीक्षा का परिणाम भी 6 माह से अटका पड़ा है। ऐसे में कार्यालय खुलने से 10 हजार अभ्यर्थियों को परिणाम घोषित होने की उम्मीद जग गई है। कर्मचारी चयन आयोग ने कार्यालय खुलने के साथ ही प्रयोगशाला सहायक और फार्मासिस्ट एलोपैथी का अंतिम परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिया है।
रानीताल मामले के मध्यनज़र हिमाचल प्रदेश सरकार ने अब प्रदेश आपदा प्रबंधन फंड से पांच नगर निगमों और 12 जिलों के लिए एक-एक शव वाहन खरीदने का निर्णय लिया है। सभी उपायुक्तों और नगर निगम के आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस बारे में डिमांड भेजें। इन वाहनों को शव वाहनों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। सभी डीसी और निगम आयुक्तों से कहा गया है कि अगर एक-एक अतिरिक्त शव वाहन की जरूरत हो तो वे इसे एसडीआरएफ से खरीद सकेंगे। इसके लिए सरकार को इसकी मांग भेजी जाए। मुख्य सचिव अनिल खाची ने इस तरह की व्यवस्था करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध पहले से प्रशासन को कहा गया है कि जहां भी शव वाहनों की जरूरत हो, वहां वाहन को हायर करके इसका खर्चा सरकार उठाएगी। अगर डीसी और निगम को एक-एक अतिरिक्त वाहन की जरूरत है तो वे डिमांड भेजें। एसडीआरएफ से इन वाहनों की खरीद होगी।
अरब सागर से सटे तटीय इलाकों में तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान ताउते का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में भी बुधवार और वीरवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दो दिन के लिए अलर्ट जारी किया है। केंद्र के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि ताउते के कारण प्रदेश के मौसम में आ रहे बदलाव के कारण दो दिन मौसम खराब रहेगा। हालांकि 23 मई तक पूरे प्रदेश में बादल बरसने का पूर्वानुमान है। 24 मई को मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। मंगलवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य से चार डिग्री की कमी दर्ज की गई है। मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 35.8, कांगड़ा में 34.6, बिलासपुर में 34.1, चंबा में 33.0, हमीरपुर में 32.8, भुंतर में 31.3, सुंदरनगर में 30.8, नाहन में 29.8, धर्मशाला में 27.2, सोलन में 26.7, शिमला में 22.6, डलहौजी में 21.1, कल्पा में 20.6 और केलांग में 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू की सख्त बंदिशों का असर दिखने लगा है। सूबे में कोरोना के रिकवरी रेट में सुधार दर्ज किया गया है। बीते सप्ताह जहां रिकवरी रेट 73 फीसदी था, वहीं अब 77 फीसदी हो गया है। हालांकि, डेथ रेट 0.1 की बढ़ोतरी के साथ 1.47 हो गया है। हिमाचल में अब तक 1,64,355 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं। इनमें 32913 सक्रिय मरीज हैं, जबकि अब तक प्रदेश में करीब 2447 मौतें हो चुकी हैं। विभाग का मानना है कि प्रतिदिन 4 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो रहे हैं। कोरोना के गढ़ बन चुके जिला कांगड़ा में भी एक्टिव मामले घटने लगे हैं। यहां एक्टिव मामलों का आंकड़ा साढ़े 12 हजार से घटकर 11 हजार के आसपास पहुंच गया है। सोलन, शिमला, मंडी में भी अब स्थिति सामान्य होने लगी है। हालांकि अभी प्रदेश में कोरोना से मौतों पर अंकुश नहीं लग रहा है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि इस महीने के अंत तक सुधार की संभावना है। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि प्रदेश में कोरोना से बढ़ती मौतें चिंता की बात है। उन्होंने कहा है कि लोग सेल्फ मेडिकेशन छोड़ें। थोड़े भी लक्षण हों तो तत्काल टेस्ट करवाकर उपचार शुरू करें। देरी से अस्पताल पहुंचना या इलाज में देरी होने से मौतें बढ़ रही हैं।
राज्य रेड क्राॅस सोसायटी, अस्पताल कल्याण शाखा हिमाचल प्रदेश की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर ने आज कोविड महामारी से निपटने के लिए जिला कांगड़ा को 250 पल्स ऑक्सीमीटर व 6000 मास्क तथा जिला मण्डी को 250 पल्स ऑक्सीमीटर व 4000 मास्क भेजे ताकि इस संकट की घड़ी में लोगों को इसकी कमी न हो। उन्होने कहा कि राज्य रेड क्राॅस सोसायटी जिला रेड क्राॅस शाखाओं के माध्यम से दवाइयां, उपकरण, मास्क तथा सेनिटाइजर इत्यादि उपलब्ध करवा रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य रेड क्राॅस ने मुख्यालय स्तर पर कोविड डाॅक्टर परामर्श सेवा भी शुरू की है। यह सुविधा होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों एवं उनकी देखभाल कर रहे लोगों के लिए सूचीबद्ध चिकित्सकों से परामर्श कर सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। डाॅ. साधना ठाकुर ने कहा कि जिला स्तर पर चल रहे हेल्पलाइन नंबरों को भी राज्य रेड क्राॅस की हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे लाभान्वित हो सकें।
पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ की साॅफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेन्टेशन फेसिलिटी (एसएआईएफ) के निदेशक डाॅ. गंगा राम चैधरी ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को इन्दिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला के लिए 40 एयर प्यूरीफायर यूनिट भेंट किए। यह एयर प्यूरीफायर पंजाब विश्वविद्यालय चण्डीगढ़ को माॅलिक्यूल इंक यूएसए द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने में सहायता प्रदान करने के दृष्टिगत प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए एसएआईएफ के निदेशक का आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, विधायक विनोद कुमार और आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनक राज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और ओलावृष्टि के अलर्ट के बीच मौसम बिगड़ना शुरू हो गया है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई अन्य भागों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में मंगलवार को अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं,19 और 20 मई को पूरे प्रदेश में भारी बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। 23 मई तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में यह बदलाव आ रहा है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिले के लिए येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर व लाहौल-स्पीति में कहीं-कहीं बर्फबारी होने की संभावना भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से देश भर के राज्य और जिला अधिकारियों के साथ कोविड-19 प्रबंधन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने स्थानीय कंटेनमेंट जोन, कोविड जांच में तेजी और लोगों को सही और पूरी जानकारी देने के महत्व पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने शिमला से और उपायुक्त राकेश प्रजापति ने भी धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से वीडियो काॅन्फ्रेंस में भाग लिया। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डाॅ. निपुण जिंदल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी की सजा पर सुनवाई अब 28 मई तक टल गई है। शिमला जिले के कोटखाई में साल 2017 में हुए गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड में सीबीआई की ओर से पेश चालान में चरानी अनिल उर्फ नीलू को जिला शिमला की विशेष अदालत ने 28 अप्रैल को दोषी करार दिया था, जिस पर दोषी को मंगलवार को सजा को लेकर सुनवाई होनी तय थी। लेकिन कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों के चलते शिमला की एक विशेष अदालत में अब सजा को लेकर इस मामले में 28 मई की तारीख तय की गई है। गौरतलब है कि जिला शिमला के कोटखाई की एक छात्रा 4 जुलाई, 2017 को लापता हो गई थी। 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीड़िता का शव मिला। जांच में पाया गया कि छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मंगलवार से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। पहली से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को नई कक्षा का सिलेबस पढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा। बीते दिनों हुई पिछली कक्षा के सिलेबस की रिवीजन के आधार पर तीस मई तक पहली से आठवीं कक्षा का एफए वन मूल्यांकन किया जाएगा। उधर, 31 मई तक स्कूलों में दाखिले देने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। बीते वर्ष की तर्ज पर ही अभी सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाएगी। व्हाट्सअप के माध्यम से शिक्षण सामग्री विद्यार्थियों को भेजी जाएगी। अब डाउट क्लीयर करने के लिए भी अलग से बच्चों को समय दिया जाएगा। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि सभी जिला अधिकारियों को नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने को कह दिया गया है। 18 मई से इसकी शुरूआत होगी। ऑनलाइन पढ़ाई में बदलाव किए जाने को लेकर मंथन जारी है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों का भविष्य जून में तय होगा। सीबीएसई के अंतिम फैसले के बाद प्रदेश सरकार परीक्षाओं को लेकर निर्णय लेगी। राज्य शिक्षा विभाग दोनों विकल्पों प्रमोट करने और परीक्षाएं करवाने के लिए तैयार है। सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक के साथ राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वर्चुअल बैठक में यह विचार साझा किए। केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान शिक्षा मंत्रालय ने कोविड काल में बदली शिक्षा प्रणाली को लेकर प्रस्तुति भी दी। राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बताया कि 12वीं कक्षा का एक पेपर हो चुका है। केंद्र सरकार आगामी दिनों में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए जो भी फैसला लेगी, उसका पालन किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अगर 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रमोट करना पड़ा तो प्री बोर्ड परीक्षाओं और फर्स्ट और सेंकेड टर्म की परीक्षाओं के अंकों के आधार पर ऐसा किया जा सकेगा। अगर परीक्षाएं लेने का फैसला होता है तो हिमाचल उचित बंदोबस्त अपनाते हुए परीक्षाएं लेने के लिए भी तैयार है।
राज्य में अब तक 1,24,434 व्यक्ति कोरोना महामारी से जंग जीतकर स्वस्थ हो चुके हैं और रिकवरी दर 75.5 प्रतिशत है। यह जानकारी राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक कुल 161072 लोग कोरोना पाॅजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि फरवरी माह में कोरोना मरीजों के सक्रिय मामलों की संख्या 200 तक सीमित हो गई थी, लेकिन दूसरी लहर आने के बाद इसमें तेजी से बढ़ौतरी हुई, जिसके चलते राज्य में अब कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 34258 हो गई है। प्रवक्ता ने बताया कि पिछले सप्ताह के दौरान राज्य में कुल 28817 पाॅजिटिव मामले सामने आए हैं और पाॅजिटिविटी दर 28.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि इस दौरान 439 लोगों की मृत्यु हुई और मृत्यु दर 1.52 प्रतिशत दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में विभिन्न जिलों में 99807 कोरोना परीक्षण किए गए, जिनमें से 28817 व्यक्ति पाॅजिटिव पाए गए। जिलों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में 10006 कोरोना टेस्ट किए गए जिनमें 2055 लोग पाॅजिटिव पाए गए। इसी प्रकार जिला चम्बा में कुल 11149 परीक्षणों में से 2003, हमीरपुर जिला में 7169 में से 2255, कांगड़ा जिला में 22824 में से 8686, किन्नौर जिला में 2287 में 248, कुल्लू में 3276 में 691, लाहौल-स्पीति में 2267 में 196, मण्डी जिला में 10896 मामलों में 3471, शिमला जिला में 7926 मामलों में 2418, सिरमौर जिला में 5948 मामलों में 2215, सोलन जिला में 7945 में 2624 तथा ऊना जिला में 8114 मामलों में 1955 व्यक्ति पाॅजिटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी सेे ठीक होने के बाद बहुत से लोग थकान, शरीर में दर्द, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई सहित अन्य कई तरह के लक्षण बता रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों को उचित देखभाल और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। प्रवक्ता ने बताया कि कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे मास्क का प्रयोग, हाथों को बार-बार धोना, सैनेटाईजर का प्रयोग तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे नियमों का निरन्तर पालन करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी पीना, इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाईयों का प्रयोग, रोजाना योगासन, प्राणायाम, ध्यान, श्वास प्रक्रिया, प्रातकालीन एवं सायंकालीन सैर, संतुलित आहार, पर्याप्त मात्रा में नींद एवं आराम करना भी आवश्यक है। इसके अतिरिक्त शराब पीने व धूम्रपान करने से भी बचना चाहिए। गले में कफ अथवा खराश की शिकायत होने पर भाप लेना तथा गरारे करना चाहिए। उन्होंने कोरोना रोगियों को सलाह दी कि वे स्वस्थ होने के उपरान्त अपने अनुभवों को सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों और अपने दोस्तों अथवा रिश्तेदारों के साथ सांझा करें ताकि समाज के अन्य लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक किया जा सके।
जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने विभाग के मुख्य अभियन्ताओं तथा अधीक्षण अभियन्ताओं के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक कर मुख्यमंत्री तथा जल शक्ति मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं एवं शिलान्यासों के अतिरिक्त जल जीवन मिशन तथा नाबार्ड वित्त पोषित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चल रही विभिन्न परियोजनाओं सहित अन्य कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए तथा सभी कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता पर बल दिया। महेन्द्र सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का प्रदेश को जल जीवन मिशन के अन्तर्गत उदार वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों से सम्भव हो पाया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चल रही हर घर नल से जल योजना में प्रदेश ने गत दो वर्षों के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्य को केन्द्र सरकार ने 1262.79 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है, जिसमें से 315.70 करोड़ की पहली किश्त मिल चुकी है। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष में 880 योजनाओं को पूरा किया जाना है और 2.26 लाख घरों में नल लगाये जाने प्रस्तावित हैं। चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश के लिए स्वीकृत 1262.79 करोड़ रूपये की वार्षिक योजना में चार गुणा वृद्धि हुई है। जल शक्ति मंत्री ने नवगठित पंचायतों में भी नल लगाने पर विशेष बल दिया तथा कहा कि वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरन्तर प्रयास किए जाने चाहिए ताकि इस वर्ष के अन्त तक लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन को पर्यटन के साथ जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए और राज्य के प्रवेशद्वारों के अतिरिक्त मनाली, शिमला, डलहौजी, धर्मशाला तथा कसौली आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों में चिन्हित जगहों पर इस मिशन को दर्शाने वाली जानकारी पर आधारित बैकग्राउंड के साथ नल लगाए जाने चाहिएं, जहां पर बाहर से आने वाले पर्यटकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। बैठक का संचालन जल शक्ति विभाग के सचिव विकास लाबरू ने किया। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख अभियन्ता नवीन पुरी, शिमला क्षेत्र के मुख्य अभियन्ता सुशील जस्टा बैठक में उपस्थित रहे, जबकि अन्य क्षेत्रों के मुख्य अभियन्ता तथा अधीक्षण अभियन्ता अपने-अपने स्थानों से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में 18 वर्ष से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को कोविड-19 वैक्सीन टीकाकरण के तहत कोविन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकृत 2800 में से 2673 लोगों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला में 27 स्वास्थ्य केन्द्र टीकाकरण के लिए स्थापित किए गए है जिनमें 31 मई तक कोविड प्रोटोकाॅल के तहत प्रत्येक सोमवार व गुरूवार को यह टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कोरोना संक्रमण के फेलाव को रोकने के लिए सभी से टीकाकरण करवाने की अपील की ताकि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में सफलता पाई जा सके। उन्होंने बताया कि आज विभिन्न केन्द्रों पर टीकाकारण के लिए युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतू ऐप पर ऑनलाइन पूर्व पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण करवाने के उपरान्त पात्र व्यक्ति को स्लाॅट बुक करवाना अवश्यक होगा तदोपरान्त एसएमएस के माध्यम से लाभार्थी को सूचना मिलने के उपरान्त ही टीकाकरण किया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भ्रष्टाचार के आरोपीयों, टीएमसी के दो मंत्री एवं एक विधायक को पूछताछ के लिए ले जाने पर टीएमसी गुंडो द्वारा सीबीआई कार्यालय के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमले की कड़ी निन्दा करती है और मानती है कि बंगाल में अराजकता को बढ़ावा देने में बंगाल की मुख्यमंत्री स्वयं ज़िम्मेदार है। तृणमूल नेताओं की गिरफ़्तारी के विरोध में टीएमसी के गुंडे सीबीआई के कार्यालय के सामने लॉकडाउन और कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियाँ उड़ाकर प्रदर्शन करने एकत्रित हुए। वहां उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा रोकने पर उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमला किया जो कि अत्यंत ही निंदनीय है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की "पश्चिम बंगाल में सत्ता का गलत इस्तेमाल कर हिंसा का वातावरण बनाकर ममता बनर्जी ने तानाशाही होने का प्रमाण दे दिया है। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल करते हुए जिस तरह ममता बनर्जी द्वारा पश्चिम बंगाल में हिंसा करने वाले गुंडों को सरंक्षण दिया जा रहा है और लोकतंत्र का चीरहरण करते हुए जिस तरह विपक्षी दलों के समर्थकों के ऊपर जानलेवा हमले और लूटपाट की जा रही है यह किसी भी प्रदेश के लिए बहुत शर्मनाक है तथा निंदनीय है।" अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री सप्तऋषि सरकार ने कहा कि ”बंगाल में चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद न्याय एवं क़ानून व्यवस्था हासिये पर पहुँच गई हैं। अभी तक तो विपक्षी पार्टी और राजनैतिक लोगों को निशाना बनाया जा रहा था आज केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमला करके टीएमसी गुंडो ने राज्य सरकार के संरक्षण को जग ज़ाहिर कर दिया है”। अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि," जिस राज्य में मुख्यमंत्री स्वयं महिलाओं के साथ हुए दुराचार, हत्या और शारीरिक शोषण की घटनाओं पर आँख मूँद कर बैठी रही आज भ्रष्टाचार के आरोपियों को बचाने के लिए स्वयं सीबीआई दफ़्तर पहुँच कर अपने पार्टी के लोगों से केंद्र बल पर हमला करवा रही है।
शिमला :शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां दीन दयाल उपाध्याय समर्पित कोविड अस्पताल में कोविड-19 के रोगियों के लिए तनाव से मुक्ति एंव साकारात्मक वातावरण उत्पन्न करने के उददेश्य से म्युजिक सिस्टम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि कोविड रोगियों की मनोदशा को सहज और साकारात्मक भाव उत्पन्न करने के लिए प्रत्येक वार्ड में इस प्रणाली के माध्यम से मनोरंजन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने संगीत सिस्टम के उपकरणों को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल प्रबनधन को साठ हजार रूपए की राशि प्रदान करने के लिए शशीबाला सूद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कोविड वार्ड के प्रत्येक कमरे में स्पीकर स्थापित किए गए है जिसके माध्यम से कोविड रोगी समयवद्ध तरीके से सुबह-शाम ध्यान, योग, मंत्रो का जाप कर सकेंगे। आर्ट ऑफ़ लीविंग संस्था इस सम्बन्ध में अस्पताल प्रबन्धन को सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने बताया कि इससे कोविड वार्ड में रोगी मानसिक अवसाद से बचने में सक्ष्म होंगे तथा सहज व साकारात्मक वातावरण में उन्हें जल्द स्वास्थ्य लाभ मिलेगा इसके अतिरिक्त मनोरंजन युक्त गीत संगीत का भी वे इसके माध्यम से लाभ उठा सकेगें। उन्होंने विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं व अन्य लोगों का भी कोविड वार्ड में सेवाऐं व सहयोग प्रदान करने के लिए भी आभार व्यक्त किया ।
शिमला स्मार्टसिटी परियोजना के तहत 968 करोड़ रूपये शिमला नगर में विभिन्न विकास कार्यों पर व्यय किए जाएगें जिसके तहत 600 करोड़ रू के विभिन्न कार्यो का क्रियान्वयन सक्रीयता से किया जा रहा है। यह जानकारी आज शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला नगर में स्मार्ट सिटी के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यो का निरीक्षण करने के उपरान्त दी। उन्होंने बताया कि यह निर्माण कार्य प्रदेश सरकार के विभिन्न विशेषज्ञ विभागों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यो के पूरा होने पर जहां लोगों को बेहतर सुविधाऐं मिलेगी वहीं सौन्दर्य व पर्यटन की दृष्टि से भी यह योजना अत्याधिक लाभदायक सिद्ध होगी । कोरोना संकट काल के कारण अवश्य कार्यों की पूर्ति में समय लगा है किन्तु विभागीय दक्षता एवं अधिकारियों की तत्परता से इन कार्यो को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके तहत जहां शिमला के विभिन्न क्षेत्रों में बुक कैफे, सड़कों को चैड़ा करने, यात्रियों को पैदल चलने के लिए आकर्षक पैदल मार्ग, ओवर हैड पुलों तथा रज्जू मार्गों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शिमला नगर के अलग अलग क्षेत्रों में किए जा रहे है। उन्होंने सब्जी मण्डी का दौरा कर वहां बन रही 109 दुकानों के निर्माण सम्बधी जांच व जानकारी भी ली । उन्होंने इन दुकानो के निर्माण कार्यो में तेजी लाने तथा दीवार आदि के निर्माण को शीघ्र पूर्ण करने के सम्बन्ध में भी अवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने घोड़ा अस्पताल के समीप आवासीय निर्माण कार्य के सम्बन्ध में इसके जल्द निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए तथा वहां बनने वाले रास्ते के निर्माण के सम्बन्ध में नगर निगम के अधिकारियों को भी शीघ्र निर्माण के लिए कहा । उन्होंने आज छोटा शिमला, टाॅलेंड, टिम्बर हाउस, लिफ्ट तथा अन्य क्षेत्रों का दौरा कर कार्यो का निरीक्षण किया । इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी शिमला स्मार्ट सिटी आबिद हुसैन, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली, अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सुरेश कपूर, संयुक्त आयुक्त नगर निगम अजीत भारद्वाज, प्रबन्ध निदेशक रोप वे काॅर्परेशन अजय शर्मा, अधीक्षण अभियन्ता हिमुडा अंजूरी कपूर , अधीशासी अभियन्ता रोपवे रोहित ठाकुर, अधीशासी अभियन्ता लोनिवि सुधीर गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए उन्हें होम आइसोलेशन में कोविड-19 रोगियों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि उनके स्वास्थ्य मानकों पर उचित निगरानी रखी जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में लगभग 90 प्रतिशत कोविड-19 रोगी होम आइसोलेशन में हैं और रोगियों तथा स्वास्थ्य विभाग के मध्य समन्वय स्थापित करने में आशा कार्यकर्ताओं की सेतु के रूप में कार्य करने की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कोविड रोगियों को होम आइसोलेशन से अस्पतालों में स्थानांतरित करने में देरी रोगियों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों के मापदंडों की नियमित रूप से निगरानी करनी चाहिए और यदि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता हो तो उन्हें तुरंत अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड-19 के प्रथम चरण के दौरान एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को सफलता दिलाने में आशा कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई। इस अभियान के कारण ही राज्य सरकार सह-रुग्णता वाले लोगों की पहचान करने और निवारण के उपाय करके उन्हें कोरोना वायरस से बचाने में सक्षम हुई। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को महामारी के दौरान क्या करें और क्या न करें, के बारे में आम जनता को शिक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि होम आइसोलेशन में मरीजों को पर्याप्त सेनिटाइजर, फेसमास्क और जरूरी दवाएं भी प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों को दवाओं के उपयोग करने और स्वच्छता बनाए रखने के बारे में भी परामर्श देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों को मनोबल बढ़ाने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए ताकि वह शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं होम आइसोलेशन में 200 से अधिक कोविड-19 रोगियों से बात की है और सभी ने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को लोगों को टीकाकरण का पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे देश के अन्य हिस्सों से अपने क्षेत्रों में आने वाले लोगों पर भी नजर बनाए रखने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को होम क्वारंटाइन में रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए और यदि उनमें कोई लक्षण हैं तो उनका परीक्षण अवश्य करवाया जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए इस महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि आम लोगों के साथ जमीनी स्तर पर संपर्क बनाए रखने के लिए आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने आशा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने बैठक का संचालन किया। बिलासपुर से आशा कार्यकर्ता सोनू, चंबा से दिनेश कुमारी, हमीरपुर से निर्मला देवी, मंडी से तरुना और उषा, किन्नौर से सोनम डोलमा, कुल्लू से दुर्गा देवी, कांगड़ा से शशिलता, शिमला से कोमल ठाकुर, सोलन से अनीता कुमारी और सिरमौर से समीम अख्तर ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ अपने विचार और अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला, कसुम्पटी में 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए 213 टीकाकरण केन्द्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से स्वयं का पंजीकरण करवा कर अपनी अपाॅइंटमेंट बुक करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से टीकाकरण केन्द्रों में अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए अपनी अपाॅइंटमेंट के अनुसार टीकाकरण केन्द्रों में आने को कहा। उन्होंने कहा कि अब तक 21090 लोगों ने अपनी सारिणी बुक करवा दी है। उन्होंने लोगों से टीकाकरण केन्द्रों में कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 18 से 44 वर्ग आयु के लोगों के लिए टीकाकरण की अगली तिथि 20 मई, 2021 निर्धारित की गई है, जिसके लिए 18 मई, 2021 को कोविन पोर्टल सत्र की जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण के अन्य सत्र 24, 27 और 31 मई, 2021 को आयोजित किए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश 31 प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण कर देश के अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक लोगों को वैक्सीन की 2150353 खुराकें दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं के लिए 16 जनवरी, 2021 को, अग्रणी पंक्ति के कार्यक्रर्ताओं के लिए 2 फरवरी, 2021, 60 से ऊपर की आयु वर्ग और 45-60 वर्ष की आयु वर्ग वाले गम्भीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए 1 मार्च, 2021 और 45 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए 1 अप्रैल, 2021 को टीकाकरण अभियान शुरू किया गया गया था। उन्होंने कहा कि कोविड-10 महामारी की रोकथाम के लिए अधिक संख्या में लोग टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं, जो हम सभी के लिए सन्तोष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वैक्सीन भंडार-1 और क्षेत्रीय वैक्सीन भंडार-2 सहित राज्य में 386 कोल्ड चेन प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से इन टीकों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्राॅनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ईवीआईएन) के आधार पर इन कोल्ड चेन प्वाईंट्स की निगरानी की जा रही है। जय राम ठाकुर ने लोगों से कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी मानक संचालन प्रक्रियों और दिशा-निर्देशों का पालन करने के अलावा फेस मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने का आग्रह किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।


















































