हिमाचल प्रदेश राज्य विकास निगम समिति निदेशक मंडल की त्रै-मासिक बैठक आज विधानसभा परिसर में वन मंत्री राकेश पठानिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि निगम के कामकाज तथा इसके राजस्व को बढ़ाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे, जिसके तहत शंकुधार टिंबर और खरशु की लकड़ी से लकड़ी के पैनल टाइल्स का निर्माण किया जाएगा। हिम काष्ठ बिक्री डिपो में लकड़ी एवं वन्य उपज की खुदरा बिक्री की जाएगी। फिनाइल एवं ब्लैक जापान की खुदरा बिक्री की जाएगी, लकड़ी और अन्य वन्य उपज की बिक्री के लिए व्यापक प्रचार किया जाएगा। विपणन अनुसंधान सैल को मजबूत किया जाएगा औषधीय जड़ी बूटियों का विपणन किया जाएगा एवं अन्य प्रकार की योजनाओं को आरंभ कर निगम की आय में वृद्धि की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यालय तथा क्षेत्र में काम करने वालों की कमी को दूर करने के लिए आउट सोर्स आधार पर बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी जाएगी ताकि निगम के स्टाफ की कमी को दूर किया जा सके तथा बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके जिसके तहत लगभग 100 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि निगम के अंतर्गत राल तथा तारपीन के तेल की बिक्री की गई है जिसमें वित्त वर्ष 2020- 21 में 9 मार्च 2021 तक 30 करोड की राल तथा 16.4 करोड़ रुपए की तारपीन की बिक्री की गई है। निगम के अंतर्गत 4 सुरक्षाकर्मियों की भर्ती आउट सोर्स आधार पर की जाएगी। इस अवसर कार्य सूची की क्रमानुसार विस्तार से चर्चा की गई तथा निगम को बेहतर बनाने के लिए गहन विचार-विमर्श भी किया गया। बैठक में समिति उपाध्यक्ष सूरत नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन विभाग आर डी धीमान, प्रिंसपल सीसीएफ हॉफ डॉक्टर सविता, मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव, एडजेक्टिव डायरेक्टर लाल लूंग सांगा, समिती निदेशक विनय कुमार, राम कुमार, मानचंद ठाकुर, बलविंदर कुमार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
शिमला। कल यानी शुक्रवार काे फिर से कैबिनेट मीटिंग हाेगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हाेने वाली इस मीटिंग में सरकार कुछ अहम फैसले ले सकती है। विधानसभा बजट सत्र समाप्त हाेने के लिए अब दाे दिन शेष रह गए हैं और अंतिम दिन शनिवार काे बजट भी पास हाेना है। इस मसले पर भी कैबिनेट में चर्चा हाेनी है। साथ ही कुछ विभागों से संबंधित अध्यादेश पर काे भी कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। बताया गया कि शुक्रवार काे बजट सत्र के बाद मंत्रीमंडल की बैठक विधानसभा परिसर में ही हाेगी।
शिमला। विधानसभा बजट सत्र में आज विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने हिमाचल प्रदेश राजकाेषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन संशाेधन विधेयक पारित किया। नाराज़ विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन से वाॅकआउट किया। सदन में पास हुए हिमाचल प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक 2021 के विरोध को लेकर सरकार ने विपक्ष को आड़े हाथ लिया है। मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि यह संशोधन पुरानी गलती है, जोकि तत्कालीन वीरभद्र सिंह सरकार ने भी की है। हमने तो गलती को सुधारते हुए तुरंत संशोधन विधेयक विधानसभा में लाया है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि तत्कालीन वीरभद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट की अवहेलना की है। कर्ज लेने के लिए लिमिट बढ़ाने का है एफआरबीएम एक्ट यह एक्ट राज्यों द्वारा लिए जाने वाले कर्ज की लिमिट से संबंधित विधेयक है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2005 में संसद में एफआरबीएम एक्ट यानी राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट बना। सभी प्रदेशों को एक्ट बनाने के निर्देश दिए गए। इसके तहत सकल घरेलू उत्पाद का राजकोषीय घाटा तीन फीसदी से कम रहेगा। अगर किसी साल यह तीन फीसदी से अधिक हो तो संशोधन करना जरूरी होता है। 2012 में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी। 2012-13, 13-14, 14-15 में यह तीन फीसदी की लिमिट से ज्यादा हो गया। 2012-13 में 3.60, 2013-14 में 4.23, 2014-15 में 4.05 फीसदी रहा। यह एफआरबीएम एक्ट की अवहेलना थी और संशोधन लाने की जरूरत थी। पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह संशोधन एक साल के लिए है।
हिमाचल प्रदेश में लगातार सड़क हादसे पेश आ रहे हैं। ताजा मामला शिमला जिले के चौपाल से है। यहां कार हादसे में मामा भांजे की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बुधवार को उपमंडल चौपाल के अंतर्गत सरांह क्यारी मार्ग में घाट करनाली स्थान पर एक कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई, जिसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना की सुचना मिलते ही स्थानीय लोग घटना स्थल पर पहुंचे तथा मृतकों को गहरी खाई से निकाला। डीएसपी चौपाल राज कुमार ने दुर्घटना की पुष्टि की तथा कहा कि मामले में जाँच की जा रही है। एसडीएम चौपाल नरेंद्र चौहान ने कहा कि मृतकों के परिवारजनों को नियमानुसार फौरी राहत प्रदान करने के तहसीलदार को निर्देश दिए गए है। बताया जा रहा है कि हादसे में कार में सवार दोनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दो सवार रिश्ते में मामा-भानजा बताए जा रहे हैं। उनकी शिनाख्त वीरेंद्र उर्फ विक्कू (22) पुत्र श्याम सिंह आयु ग्राम गाहट डाकघर सरांह व बाबू राम (32) उर्फ नीटू, पुत्र धनी राम ग्राम सरी बांगड़ डाकघर पुलबाहल तहसील चौपाल जिला शिमला के तौर पर हुई है।
शिमला। प्रदेश के सरकारी विभागों में ऑउटसोर्स पर हाे रहीं नियुक्तियां सरकार नहीं करती हैं, बल्कि कंपनी ही तय करती है कि किसे नाैकरी दी जाए। विधायक कर्नल इंद्र सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डा.राजीव सैजल ने इसकी जानकारी सदन काे दी। उन्हाेंने कहा कि मेडिकल कालेज नेरचाैक मंडी में 549 कर्मचारियाें की नियुक्तियां ऑउटसोर्स आधार पर की गई। मंत्री ने कहा कि एमओयू और टेंडर प्रक्रिया में जाे शर्तें लागू हाेती है उसी आधार पर कंपनी नियुक्तियां करती हैं। इसमें सरकार हस्तक्षेप नहीं करती है। सरकार के पास शिकायतें मिल रही हैं कि ऐसी ऑउटसोर्स कंपनियां करम्चारियाें का शाेषण भी कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार उन कंपनियाें के खिलाफ जांच भी करवाएगी। चंबा के विधायक पवन नैयर ने कहा कि चंबा मेडिकल कालेज में ऑउटसोर्स कर्मचारियाें काे पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कंपनी के खिलाफ करवाई की जाएगी।
शिमला। पड़ाेसी राज्य पंजाब से ऊना में नशे की सप्लाई हाे रही है। पिछले तीन साल में 330 अपराधियाें काे गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन केस हर दिन आ रहे हैं। गगरेट से भाजपा विधायक राजेश ठाकुर ने प्रश्नकाल के दाैरान सरकार से इस संदर्भ में सवाल पूछा ताे चाैंकाने वाली जानकारी भी मिली। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अनुपस्थिति में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि बीते तीन साल में जिला ऊना में 146 आरोपी चिट्टे, 82 चरस, अफीम की तस्करी करने वाले 10 आरोपियों काे हिरासत में लिया गया। विधायक राजेश ठाकुर ने सरकार के ध्यान में लाया कि डमटाल क्षेत्र में कुछ महिलाएं चिट्टे का कराेबार कर रही हैं। यहां तक की उन क्षेत्राें के ऐसे लाेगाें के पास नई-नई गाड़ियां दिख रही हैं। उन्हाेंने सरकार से ऐसे लाेगाें की संपत्तियाें काे सील करने की अपील भी की। जवाब में सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ऐसे संदिग्ध लाेगेां की संपत्तियाें काे सील करने के लिए ईडी से भी मंजूरी मांगी जा रही है।
दिवंगत सांसद रामस्वरूप शर्मा को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रामस्वरूप शर्मा की पार्थिव देह सुबह पौने नौ बजे जोगेंद्रनगर पहुंची। सांसद का जोगेंद्रनगर के मछयाल स्थित श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। यहां मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, केबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर सहित अन्य नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आठ बजे जोगेंद्रनगर पहुंचने का कार्यक्रम था। लेकिन वह पौने 11 बजे के करीब जोगेंद्रनगर पहुंचे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी भी सांसद को श्रद्धांजलि देने पहुंची। इसके अलावा विधायक प्रकाश राणा, विनोद कुमार, जवाहर ठाकुर सहित अन्य नेता जोगेंद्रनगर पहुंचे। प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी छोटी काशी आज पूरी तरह गमगीन है, हर शख्स मौन है। एक तरफ छोटी काशी के सुदामा यानी दिवंगत सांसद रामस्वरूप शर्मा को अंतिम विदाई हो रही है, दूसरी और आठ दिन से अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने वाले 216 देवी-देवता भी एक साल के लिए इस गमगीन माहौल में विदाई ले रहे हैं। वंही, सांसद रामस्वरूप शर्मा के निधन पर व्यापार मंडल जोगेंद्रनगर के पदाधिकारियों ने शोक जताया है। शोकस्वरूप वीरवार को जोगेंद्रनगर बाजार बंद रहेगा। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय धरवाल व होटल, ढाबा, रेस्तरां यूनियन के अध्यक्ष समीर सूद ने व्यापारियों से सहयोग की अपील की है।
शिमला। हिमाचल में काेराेना के केस हर दिन बढ़ रहे हैं। बुधवार काे राज्य में 167 नए केस सामने आए हैं। जबकि 52 लाेग स्वस्थ हाे गए। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिला बिलासपुर में 13, हमीरपुर 18, कांगड़ा 33, किनौर 3, कुल्लू 2, मंडी 5, शिमला 15, सिरमौर 11, साेलन 25 और जिला ऊना में सबसे अधिक 42 नए केस आए हैं। ऐसे में अब हिमाचल में काेराेना के एक्टिव केस 935 हाे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने ऊना निवासी संजीव कुमार के अवशेषों को वापिस लाने के लिए केंद्रीय मंत्री से उठाया मामला
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय विदेश मंत्री डाॅ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर से ऊना जिले के मोहल्ला गुरुसर वार्ड नंबर 2 के निवासी संजीव कुमार के अवशेषों को वापस हिमाचल प्रदेश लाने के लिए निजी हस्तक्षेप का आग्रह किया है ताकि उनका अंतिम संस्कार हिंदू परंपराओं के अनुसार किया जा सके। केंद्रीय विदेश मंत्री को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि संजीव कुमार 1999 से सऊदी अरब में मैसर्स सलीम अब्दुल्ला साद-अल-साकर के साथ ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे और इस वर्ष 24 जनवरी को जद्दाह क्षेत्र के बेश अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद उनके परिवार ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया ताकि मृतक के शवों को हिंदू संस्कार के अनुसार दाह संस्कार के लिए भारत लाया जा सके। हालांकि 18 फरवरी, 2021 को कंपनी के मालिक ने शोक संतप्त परिवार को सूचित किया था कि उन्होंने कब्रिस्तान में संजीव कुमार के शरीर को दफन कर दिया है। उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र और दफनाने की एक प्रति भी परिवार को भेज दी जिसमें संजीव कुमार का धर्म गलत तरीके से मुस्लिम उल्लेखित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार के साथ-साथ राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय के साथ इस मामले में धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ शव दफनाने के बारे में जानकारी दी है और मंत्रालय से अनुरोध किया है कि संजीव कुमार के अवशेषों को वापस लाने के मामले में हस्तक्षेप करें ताकि हिंदू धर्म के अनुसार उनका दाह संस्कार किया जा सके।
स्विट्जरलैंड और हिमाचल प्रदेश में लगभग एक समान भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु है, जिससे स्विस उद्यमियों को पर्यटन, शीतकालीन खेल और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश करने के पर्याप्त अवसर प्राप्त होते हैं। ये विचार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने भारत में स्विट्जरलैंड के राजदूत डाॅ.राल्फ हेेकनर के साथ बातचीत के दौरान व्यक्त किए, जिन्होंने आज यहां मुख्यमंत्री से भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों को सुविधा प्रदान करने के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनेक कदम उठाये हैं और व्यापार में सुगमता के लिए भी कई बहुआयामी प्रयास किए हैं। राज्य में संभावित उद्यमियों के लिए बेहतरीन पारिस्थितिकी तंत्र और निवेशक अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। प्रदेश सरकार उद्यमियों की सुविधा के लिए आधारभूत ढांचे को विकसित करने पर भी निवेश कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की शांत जलवायु और शुद्ध वातावरण यहां वर्षभर लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते है। उन्होंने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश को आतिथ्य क्षेत्र में निवेश का आदर्श केंद्र बनाते हैं। एक बल्क ड्रग पार्क प्राप्त करने के लिए राज्य कड़ी मेहनत कर रहा है, जो कि फार्मा क्षेत्र के उद्यमियों को अंतर्राष्ट्रीय सुविधाएं प्रदान करेगा। राज्य सरकार केंद्र से मंडी में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए आग्रह किया है, जिससे निवेशकों, पर्यटकों और आम जनता को बेहतर हवाई संपर्क सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पन विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में भी विदेशी निवेश आकर्षित करने की अपार क्षमता है। राज्य में लगभग 27,000 मेगावाट पन विद्युत ऊर्जा क्षमता चिन्हित की है, जिसमें से 10,700 मेगावाट से अधिक का दोहन किया गया है। सरकार अगले कुछ वर्षों में अन्य 10,000 मेगावाट के दोहन के लिए प्रयास कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने सोलन जिले के वाकनाघाट के समीप एक आतिथ्य केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया है, जो राज्य सरकार के पर्यटन क्षेत्र में प्रयासों को बढ़ावा प्रदान करेगा। स्विटजरलैंड के राजदूत डाॅ. राल्फ हेकनर ने कहा कि स्विटजरलैंड भारत में 12वां सबसे बड़ा निवेशक है और यहां 300 से अधिक स्विस कंपनियां कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह स्विट्जरलैंड में 100 भारतीय कंपनियां भी काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन, आतिथ्य, स्वास्थ्य, यांत्रिक उपकरणों और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश के लिए एक आदर्श स्थान है। उन्होंने कहा कि राज्य की समान जलवायु परिस्थितियों से स्विट्जरलैंड के उद्यमियों को यहां और प्रोत्साहन प्राप्त होगा। मुख्य सचिव अनिल खाची ने राजदूत से हिमाचल प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक स्विट्जरलैंड के उद्यमियों को विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की क्षमता को दर्शाने के लिए आग्रह किया।
शिमला। मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद राम स्वरूप शर्मा की आकस्मिक निधन पर हिमाचल प्रदेश विधानसभ सदन ने उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दी। बुधवार कसे सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से हाेनी थी, लेकिन सांसद के निधन की सूचना मिलने पर शाेकाेद्धघार प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में शाेकाेद्धघार प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्याें ने भाग लेकर सांसद काे श्रद्धांजलि दी। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि रामस्वरूप शर्मा एक मिलनसार नेता थे। संगठन के लिए दिन-राम काम करना, लाेगेां से मिलना और लाेगाें के बीच रहना उनकी खासियत थी। उन्हाेंने कहा कि मुझे यकीन नहीं हाे रहा है कि सांसद राम स्वरूप शर्मा का निधन कैसे हुआ? नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहाेत्री ने कहा कि राम स्वरूप शर्मा ने हमेशा से ही दलगत राजनीति से उठ कर काम किया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, वन मंत्री राकेश पठानिया, विधायक राकेश जम्वाल और प्रकाश राणा ने शाेकाेद्धघार में भाग लिया। इस दाैरान सभी विधायकों ने दाे मिनट का माैन भी रखा।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कारोना के मामले फिर से बढ़ने लगे है। पंजाब में बढ़ रहे कारोना मामलों पर भी हिमाचल चिंतित है जिसको देखते हुए ऊना के मेढ़ी मेले में आने वाली भीड़ पर नज़र रखने के निर्देश जारी किए गए है। प्रदेश में फ़िर से बढ़ रहे कारोना मामलों के चलते सरकार 20 मार्च तक नज़र बनाने के बाद पाबंदियों पर विचार करेगी। देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वेक्सीनेशन को बढ़ाने, व गावों में टेस्टिंग को बढ़ाने कोरोना टीकाकरण को गंभीरता से लेने को कहा। पीएम ने दवाई भी और कड़ाई का भी प्रयोग करने को कहा है।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कोविड -19 वेक्सीनेशन व आरटीपीसीआर टेस्ट को बढ़ाने की बात कही है। वैक्सीन की वेस्टेज नही होनी चाहिए इस पर प्रधानमंत्री ने बल दिया। माइक्रो कंटेंमेंट जॉन बनाने को कहा गया है। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करने को भी कहा गया है ताकि कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके। प्रदेश में होने वाले मेलों में एसओपी का पालन किया जाएगा। पोलिटिकल व अन्य समारोह पर रोक को लेकर दो तीन दिनों के बाद कि स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि पंजाब में कारोना के मामलों को देखते हुए ऊना मेले में श्रद्धालुओं के आने पर सख़्ती बरती जाएगी। जिसको लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश योगासन खेल संघ की राज्य स्तरीय ऑनलाइन योगासन खेल प्रतियोगिता के फ़ाइनल राउंड में 31 प्रतिभागी पहुंचे हैं। संघ के महासचिव विनोद योगाचार्य ने आज यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को 6 वर्गों में बांटा गया है। सब जूनियर गर्ल्स वर्ग में निधि डोगरा, दिशा डोगरा, श्रद्धा, जयाना शर्मा, दीक्षा व शारदा ठाकुर चयनित हुई है। सब- जूनियर बॉयज में विश्वजीत, अभिषेक, तरुण ठाकुर, यशन, संदीप और प्रभव ठाकुर फाइनल में गए हैं। जूनियर गर्ल्स में पुरबा भाटी, श्रुति, नितिका, सानवी, दीक्षिता और अंजलि चयनित हुए हैं। जूनियर बॉयज में हितेश कुमार, हर्ष वर्धन व पीयूष मेहता चयनित हुए हैं। सीनियर गर्ल्स में कौशल्या देवी, वैशाली, भारती ठाकुर, कमलेश कुमारी, यामिनी व साक्षी ने फाइनल में जगह बनाई। सीनियर बॉयज में निकेतन पुंडीर, दीक्षित, ओंकार सिंह व अमित ठाकुर चयनित हुए हैं । प्रतियोगिता का फाइनल राउंड 21 मार्च को होगा। यह प्रतियोगिता योग गुरु प्रोफेसर जीडी शर्मा की देख रेख में व राष्ट्रीय योगासन खेल संघ के दिशा निर्देशानुसार करवाई जा रही है। प्रतियोगिता के संचालन में इंजीनियर पंकज डडवाल, डॉ विवेक सूद, गोपाल अत्री, हेतराम, रंजीत योगी, नवीन कुमार, शुभम शर्मा, ईशान चौहान, अनुपमा चंदेल, लीलाधर शर्मा, भूपेंदर देव, क्षमा शर्मा, डॉ ममता गौरा, दीपिका वर्मा, नेहा सूद, अमिता शर्मा, अंजना रांटा, रमेश चंद, सुनीता शर्मा, केसर सिंह, बबिता, अंजू कुमारी और चैतन्या ठाकुर ने सहयोग किया।
कोविड-19 पॉजिटिव विद्यार्थियों की परीक्षा अब नहीं रुकेगी। कोविड-19 पॉजिटिव भी अपनी परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इंतजाम कर लिए हैं। अप्रैल से शुरू हो रही वार्षिक परीक्षाओं में इस बार कोविड-19 के विशेष इंतजाम हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किए गए हैं। अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा की तय तिथियों में कोरोना संक्रमित होता है तो भी उसे परीक्षा से वंचित नहीं रखा जाएगा, इसके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। शिक्षा बोर्ड की ओर से पॉजिटिव परीक्षार्थी के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था की जाएगी। परीक्षा देने से पहले विद्यार्थियों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। इस दौरान यदि किसी बच्चे को बुखार या जुकाम लगता है तो उसकी भी परीक्षा उसी दिन ली जाएगी। परीक्षाएं कोविड-19 एसओपी गाइडलाइन के तहत होंगी। कैसे बच्चों की परीक्षा लेनी है, क्या सावधानियां इस दौरान अपनाई जाएंगी, इंविजलेटर को क्या सावधानियां बरतनी हैं, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। कोविड-19 संक्रमित विद्यार्थी की उत्तरपुस्तिका का पैकेट कैसे बनाना है तथा उसको सही तरीके से सैनिटाइज किया जाना है, संबंधी विभिन्न सुरक्षा उपायों को अपनाया जाएगा। लेकिन परीक्षा निर्धारित तिथि को ही होगी।
शोघी और सुन्नी में दो सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। पहला हादसा शोघी पास सलाना के पास हुआ, जिसमें तरुण शर्मा निवासी सलाना शिमला और रविंद्र कुमार निवासी सदर बिलासपुर की मौत हो गई। तरुण शर्मा सलाना में स्टोन क्रशर में ड्राइवर के तौर पर काम करता था। बताया जा रहा है कि तरुण शर्मा सुबह अपनी कार से घर के लिए निकला और इसके साथ ही रविंद्र भी था। तरुण शर्मा ने क्रशर वाली सड़क से गाड़ी मेन रोड पर निकाली, इसके बाद गाड़ी सड़क से करीब 300 मीटर नीचे खेत में जा गिरी। गाड़ी गिरते ही स्थानीाय लोग मौके पर इकठ्ठा हुए और गाड़ी में सवार दोनों लोगों को शोघी अस्पताल भेजा, जहां डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरा हादसा सुन्नी के करयाली में जीरो प्वांइट पर हुआ है। बताया जा रहा है कि कार नबंर एचपी 52 बी-7844 करायाली निवासी अकाश वर्मा चला रहा था। इस हादसे में आकाश वर्मा की मौत हो गई है। वहीं सन्नी नामक युवक घायल हो गया है, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
भाजपा सांसद रामस्वरूप शर्मा के आकस्मिक निधन पर हिमाचल प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। अब सिर्फ जलेब निकलेगी। प्रदेश विधानसभा में भी आज की कार्यवाही कल तक शोक में स्थगित कर दी गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रामस्वरूप के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया- हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद रामस्वरूप शर्मा की आकस्मिक मृत्यु के समाचार से व्यथित हूं। एक साधारण परिवार में जन्मे, रामस्वरूप का व्यक्तित्व बहुत सरल था। वे क्षेत्र के विकास के लिए सदैव समर्पित रहते थे। उनके परिवार-जनों व समर्थकों को मेरी शोक संवेदनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया- रामस्वरूप शर्मा जनता के प्रति एक समर्पित नेता थे। लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे। आकस्मिक निधन की खबर सुनकर बहुत दुःखी हूं। सीएम जयराम ठाकुर ने ट्वीट किया- छोटी काशी मंडी के लोकप्रिय, सरल स्वभाव व ईमानदार सांसद रामस्वरूप शर्मा के असामयिक निधन की खबर सुनकर बहुत दुःखी हूं। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब हिमाचल के प्रभारी थे तो रामस्वरूप शर्मा को संगठन महामंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। वे अनेक पदों पर काम करते रहे। मंच पर जाने से भी संकोच करते थे। संगठन मंत्री के नाते पीछे ही रहते थे, पर संगठन के लिए समर्पित थे।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो0 प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार, केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, सांसद किशन कपूर, इंदू गोस्वामी, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, कृपाल परमार, राम सिंह, पुरषोतम गुलेरिया, संजीव कटवाल, रतन सिंह पाल, कमलेश कुमारी, धनेश्वरी ठाकुर, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल, प्रदेश सचिव पायल वैद्य, बिहारी लाल शर्मा, विशाल चैहान, कुसुम सदरेट, सीमा ठाकुर, वीरेन्द्र चैधरी, जय सिंह, श्रेष्ठा चैधरी, कोषाध्यक्ष संजय सूद, कार्यालय सचिव प्यार सिंह, मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, प्रवक्ता बलदेव तोमर, प्रो0 राम कुमार, अजय राणा, विनोद ठाकुर, शशि दत शर्मा, उमेश दत शर्मा, मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा, सह मीडिया प्रभारी नरेन्द्र अत्री, करण नंदा, सुमित शर्मा, अमित सूद, रजत ठाकुर, पूर्व सांसद वीरेन्द्र कश्यप, बिमला कश्यप सहित समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने मण्डी से सांसद रामस्वरूप शर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि रामस्वरूप शर्मा सरल व्यक्तित्व, मिलनसार एवं पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता थे। उनके निधन से समस्त भाजपा परिवार सदमे में है। उन्होनें कहा कि रामस्वरूप शर्मा ने लम्बे समय तक पार्टी की सेवा की है और वे पहली बार वर्ष 2014 में मण्डी लोकसभा से सांसद निर्वाचित हुए थे उन्होनें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी को भारी मतों से हराया था। उसके बाद वर्ष 2019 में वे दूसरी बार मण्डी लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए थे। रामस्वरूप शर्मा दो बार जिला मण्डी के महामंत्री रहे। वे 2000-2003 तथा 2009-2012 तक भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री रहे। इसके अतिरिक्त वे वर्ष 2013 तथा 2015 में दो बार प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। इसके साथ-साथ उन्होनें संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन बखूबी किया था। रामस्वरूप शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य थे तथा संघ में रहते हुए भी उन्होनें विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया था। उन्होंने ने कहा कि संसद में उन्हें रामस्वरूप शर्मा के साथ काम करने मौका मिला और इस दौरान उनसे काफी कुछ सिखने को भी मिला। उन्होनें कहा कि रामस्वरूप शर्मा के साथ उनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं और अपने संसद सदस्य, संगठन के साथी एवं व्यक्तिगत मित्र को खोने की टीस सदा मन में रहेगी। उन्होनें कहा कि रामस्वरूप शर्मा ने संगठन के प्रति अपने सभी कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक पूरा किया था। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ एवं संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता के असामायिक निधन से पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में कर पाना अति कठिन होगा। उन्होनें रामस्वरूप शर्मा के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन एवं दुख की घड़ी में पार्टी उनके साथ खड़ी है। भाजपा नेताओं ने दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे व परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
विधानसभा बजट सत्र में कटाैति प्रस्ताव पर चर्चाएं हुई ताे विपक्ष ने सीएम जयराम ठाकुर और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर पर स्कीमाें काे बांटने का आरोप लगाया। सिंचाई, जलापूर्ति एवं सफाई पर अनुदान मांगों पर कांग्रेस के 11 विधायकों और माकपा विधायक राकेश सिंघा की ओर से रखे कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहाेत्री बोले। उन्होंने सरकार पर बजट आबंटन में भेदवाव का आरोप लगाया। इसके अलावा आशा कुमारी ने चर्चा में कहा कि प्रदेश में केवल दो ही विधानसभा क्षेत्रों में पैसे खर्च किए जा रहें है। आशा कुमारी ने आरोप लगाया कि पूरी योजना की 47 फीसदी राशि केवल सीएम जयराम ठाकुरऔर जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के चुनाव क्षेत्र में खर्च की जा रही है। सीएम के चुनाव क्षेत्र में 2600 करोड़ रुपए और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के चुनाव क्षेत्र में 1800 करोड़ की स्कीमें दी गई हैं जो कुल योजना का 47 फीसदी बैठता है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में बजट बंटवारे को लेकर हमलावर हुए। अग्निहोत्री ने हिमाचल सरकार से जल जीवन मिशन और अन्य योजनाओें के लिए बजट बंटवारे पर श्वेत पत्र मांग लिया। मुकेश ने कहा कि सरकार श्वेत पत्र जारी करे कि जल जीवन मिशन, दूसरे प्रोजेक्ट का और अन्य मसलों का कितना बजट आया है। इस बारे में सारी स्थिति साफ की जाए। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि दो-तीन हलकों में ही बजट बांट दिया गया है। कटौती प्रस्तावों और चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने जल जीवन मिशन में आज तक हुई टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। मुकेश ने कहा कि जल जीवन मिशन में प्रदेश के पूरे पैसे से केवल दो ही विधानसभा क्षेत्रों में ही काम किया गया है। मुकेश ने कहा कि सीएम के चुनाव क्षेत्र में सबसे ज्यादा स्कीमें और राशि आबंटित की गई है। जल जीवन मिशन में कुल कितने टेंडर करवाए गए।
मुख्य सचिव अनिल खाची ने प्रदेश में सड़कों से ब्लैक स्पाॅट्स हटाने से संबंधित आज यहां आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, सीमा सड़क संगठन और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सड़क निर्माण से संबंधित सभी एजैंसियों को प्रदेश में सड़कों पर ब्लैैक स्पाॅट्स हटाने केे निर्देश दिए ताकि इनके कारण संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सके। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान ब्लैक स्पाॅट्स की संभावनाओं को समाप्त करने के लिए अभियांत्रिकी में सुधार लाया जाना चाहिए। ब्लैक स्पाॅट्स को लेकर सभी फील्ड एजेंसियों को भी संवेदनशील बनाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान निष्पादन एजैंसियों को कार्य का समुचित निरीक्षण भी सुनिश्चित करना चाहिए. अनिल खाची ने कहा कि प्रदेश के राज्यत्व के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले स्वर्णिम हिमाचल कार्यक्रमों में सड़क सुरक्षा थीम भी लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को इससे संबंधित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए. बैठक में प्रधान सचिव परिवहन के.के. पंत, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य में जाईका परियोजना के अंतर्गत वानिकी और अन्य गतिविधियों तक पहुंच स्थापित करने के लिए जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाईका) परियोजना की वेबसाइट jicahpforestryproject.com का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जय राम ठाकुर ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य परियोजना क्षेत्र में पर्यावरणीय और सतत् सामाजिक आर्थिक विकास में योगदान करते हुए वन क्षेत्र पारिस्थितिकीय तंत्र में वृद्धि और प्रबंधन करना है। यह परियोजना जैव विविधता और जल स्त्रोतों के संरक्षण, भू-क्षरण को रोकने और स्थानीय समुदाय को स्थायी वैकल्पिक आजीविका स्थापित करने के लिए आवश्यक समर्थन के साथ पारिस्थितिकीय तंत्र में सुधार की दिशा में सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 800 करोड़ रुपये की यह परियोजना राज्य के छह जिलों - बिलासपुर, शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत सात वन वृत, 18 वन मंडल, 61 वन रेंज और 400 ग्राम वन विकास समितियां, 60 जैव विविधता प्रबंधन उप-समितियां, 920 स्वयं सहायता समूह और सामान्य हितधारक समूह शामिल हैं। यह परियोजना मार्च 2028 में पूरी हो जाएगी। वन मंत्री राकेश पठानिया, प्रधान मुख्य अरण्यपाल, वन डाॅ. सविता, मुख्य परियोजना निदेशक नागेश गुलेरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला । प्रदेश में चल रहे वेक्सीनेशन के बाद हमीरपुर जिला में एक महिला की माैत पर अभी सरकार काे पाेस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। माकपा विधायक राकेश सिंघा द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सैजल ने इसकी जानकारी सदन काे दी। मंत्री ने कहा कि हमीरपुर जिला की एक आगनबाड़ी हेल्पर काे जब काेराेना का टीका लगाया गया ताे उसके तीन दिन बाद कमजाेरी आई और इलाज के लिए टांडा मेडिकल कालेज भी ले जाया गया। जहां पर 23 दिन बाद उसकी माैत हाे गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनकी माैत किस कारण हुई, पाेस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। उन्हाेंने सदन काे अवगत करवाया कि हिमाचल में काे-वेक्सीन और काेविड शील्ड वेक्सीन लगाए जा रहे हैं। डा. सैजल ने कहा िक देशभर में वेक्सीनेशन प्रक्रिया केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक चल रही है।
शिमला। प्रदेश के प्राइवेट स्कूलाें में मनमानी फीस काे कंट्राेल करने के लिए जयराम सरकार कानून ताे लाएगी ही, लेकिन जल्दबाजी में नहीं। बीते दिन प्रदेश में प्राइवेट स्कूलाें की फीस पर लगाम लगाने के लिए तैयार विधेयक का ड्राफ्ट राज्य कैबिनेट ने वापस ले लिया है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि यह संवेदनशील मामला है। सरकार इसमें किसी जल्दबाजी में नहीं है। इस पर विचार विमर्श करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बिल की इस सत्र में ही उम्मीद की जा सकती है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए ठाेस कदम उठा रही है और कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है। कोरोना काल मे निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के मामले सामने आए हैं जिसके बाद सरकार ने निजी स्कूलों को रेगुलेट करने के लिए कानून लाने का निर्णय लिया है। सरकार कोशिश कर रही कि इसी सत्र के दौरान विधेयक सदन में लाया जा सके। इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों ने प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े है और छात्र भी चपेट में आए हैं। स्कूलों में आ रहे कोरोना के मामलों पर स्कूलों में सभी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमे मास्क सोशल डिस्टेंस, सेनेटाइसेशन के नियमो का पालन के निर्देश दिए है। कुछ दिनों तक स्थिति का जायजा लेने के बाद ही निर्णयों में सख्ती पर विचार किया जाएगा।
आरपी नेगी । शिमला दिल्ली में हिमाचल भवन और सदन के बाद अब अतिथि गृह का निर्माण हाेगा। इसके साथ ही गुजरात के केवडिया में भी ऐसा ही भवन तैयार किया जाना है। हालाँकि दिल्ली का प्राेजेक्ट काफी बड़ा है। बजट सत्र में प्रश्नकाल के दाैरान कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीएम जयराम ठाकुर ने सदन काे यह जानकारी दी। सीएम ने कहा कि दिल्ली में 80 कमराें वाला गेस्ट हाऊस का निर्माण किया जाना है। जिस पर करीब 3970.80 लाख की अनुमानित राशि तय की गई है। इसके लिए 3197.58 वर्ग मीटर जमीन 20 करेाड़ 90 लाख में खरीदी गई। उन्हाेंने कहा कि निर्माण कार्य के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरु की जाएगी। वहीं गुजरात के केवडिया में 2 हजार वर्ग मीटर जमीन 51 लाख में खरीदी गई। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के साथ ही यह जगमीन है। जहां पर देश के अन्य राज्याें ने भी भूमि खरीदी। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में हिमाचल के छात्राें काे ठहरने की सुविधा देने के लिए राज्य सरकार विचार कर रही है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीते तीन साल के अंतराल में कितने लाेगाें काे करुणामूलक आधार पर नाैकरियां दी, इस बारे सरकार के पास सूचना नहीं हैं। प्रश्नकाल के दाैरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहाेत्री, विधायक पवन काजल, प्रकाश राणा और इंद्रदत्त लखनपाल ने सरकार से सवाल किए, मगर सरकार अभी तक सूचना एकत्रित कर रही है। इन विधायकों के सवाल पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सूचना एकत्रित की जा रही है।
आरपी नेगी। शिमला प्रदेश में प्राइवेट स्कूलाें की फीस पर कंट्राेल करने के लिए तैयार विधेयक काे राज्य कैबिनेट ने वापिस ले लिया है। हालंकि इस बजट सत्र में ठाेस कानून सदन में पेश हाेने के बाद पारित भी हाेना था, लेकिन मंत्रीमंडल की बैठक में चर्चा के बाद वापिस ले लिया। साेमवार देर शाम तक विधानसभा सचिवालय में चली कैबिनेट मीटिंग में हिमाचल प्रदेश लैंड सीलिंग संशाेधन विधेयक काे भी वापिस लिया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में इसमें खामियाें काे दुरुस्त करने के बाद ही बिल आ सकता है। सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में पपराेला हाेली उत्सव काे जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने का निर्णय लिया है। हमीरपुर जिला के लंबलू और कांगड़ा जिला के राजा का तालाब सब तहसील काे तहसील बनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेश में बढ़ रहे काेराेना केस काे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कैबिनेट में प्रेजेंटेशन दी, लेकिन नियमों काे और सख्ती से लागू करने बारे अंतिम फैसला नहीं हुआ।
सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच व किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर मजदूर विरोधी लेबर कोडों, कृषि के निगमीकरण, बिजली विधेयक 2020, सार्वजनिक क्षेत्र, बैंक, बीमा, बीएसएनएल, बिजली, ट्रांसपोर्ट, रेलवे के निजीकरण आदि के खिलाफ शिमला के रेलवे स्टेशन पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर धरना दे दिया व केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी पर उतर आए। प्रदर्शन में विजेंद्र मेहरा, बाबू राम, बालक राम, किशोरी ढटवालिया, विनोद बिरसांटा, विकास, प्रेम चंद, देशराज, राम प्रकाश, सुरजीत, हिमी देवी आदि शामिल रहे। सीटू ने केंद्र सरकार को चेताया है कि मजदूर विरोधी लेबर कोडों, काले कृषि कानूनों, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण व बिजली विधेयक 2020 के खिलाफ आंदोलन तेज होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व जिला सचिव बाबू राम ने रेलवे स्टेशन पर हुए धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की निजीकरण की मुहिम से ऐतिहासिक शिमला-कालका रेल लाइन भी पूंजीपतियों के कब्जे में चली जाएगी। इस रेल लाइन का न केवल ऐतिहासिक व पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्व है अपितु इस से हिमाचल के लोगो की भावनाएं भी जुड़ी हैं। उन्होंने कहा है कि जनता इसका निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बैंक कर्मचारियों की अभूतपूर्व हड़ताल पर जनता को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सीटू 15-16 मार्च को बैंक, 17 मार्च को जनरल इंश्योरेंस,18 मार्च को लाइफ इंश्योरेंस की हड़ताल व 24-26 मार्च को क्रमिक भूख हड़ताल का समर्थन करती है क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह पूँजीपतियों के साथ खड़ी हो गई है व आर्थिक संसाधनों को आम जनता से छीनकर अमीरों के हवाले करने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हालिया बजट में बैंक, बीमा, रेलवे, एयरपोर्टों, बंदरगाहों, ट्रांसपोर्ट, गैस पाइप लाइन, बिजली, सरकारी कम्पनियों के गोदाम व खाली जमीन, सड़कों, स्टेडियम सहित ज़्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण करके बेचने का रास्ता खोल दिया गया है। ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के नारे की आड़ में मजदूर विरोधी लेबर कोडों को अमलीजामा पहनाया गया है। इस से केवल पूंजीपतियों, उद्योगपतियों व कॉरपोरेट घरानों को फायदा होने वाला है। इस से 70 प्रतिशत उद्योग व 74 प्रतिशत मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे।
शिमला।परिवहन विभाग हिमाचल प्रदेश के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा सभी पंजीयन एवं अनुज्ञापन प्राधिकरण, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों और मोटर वाहन निरीक्षकों को शैक्षणिक संस्थानों की बसों व वाहनों की शत् प्रतिशत फिटनेस/ पासिंग सुनिश्चित करते हुए तथा इनकी जांच के दौरान पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में शैक्षणिक संस्थान लगभग एक वर्ष के अंतराल के बाद खुल रहे हैं, इसलिए संभवतः कई मामलों में स्कूल बसों की पासिंग एवं मेकेनिकल फिटनेस भी लंबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत बसों/वाहनों के उचित रख-रखाव एवं संचालन के लिए सरकार द्वारा 12 अक्तूबर, 2018 को जारी अधिसूचना के अनुसार दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए है, ताकि वाहनों में छात्रों के सफर करते समय उनकी सुरक्षा में कोई चूक न हो।
शिमला। प्रदेश में काेराेना के मामले हर दिन बढ़ रहे हैं। आज राज्य में चार लाेगाें की माैत हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंडी में 62 वर्षीय महिला, मंडी में ही 70 वर्षीय महिला,सिरमौर में 61 वर्षीय पुरुष और जिला ऊना में 65 वर्षीय एक पुरुष की माैत हाे गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक साेमवार काे 75 नए केस आए हैं, जबकि 74 लाेग स्वस्थ भी हाे गए। ऐसे में अब हिमाचल में 757 एक्टिव केस हैं और अब तक 997 लाेगाें की माैत हाे चुकी है।
शिमला। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के हर घर काे 15 अगस्त 2022 तक नल देना प्रस्तावित है। विधायक रमेश चंद धवाला द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने यह जानकारी सदन काे दी। उन्हाेंने कहा कि इस मिशन के तहत 2024 तक हर नल तक पानी पहुंचाने की याेजना बनी है। उन्हाेंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 1328 पेयजल याेजनाएं शामिल हैं और 555 कराेड़ की राशि भी व्यय हाे चुकी है। उन्हाेंने कहा कि 31 मार्च 2021 तक प्रदेश काे केंद्र सरकार से 663 कराेड़ की राशि आएगी। विधायक अनिल शर्मा ने अनुपूरक सवाल में पूछा कि मंडी शहर का पानी बल्ह विधानसभा क्षेत्र तक कैसे जाएगा? जवाब में मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि अब तक तलीहाड क्षेत्र मंडी नगर निगम में आ गया है क्या आप यहां के लाेगाें काे पानी देना नहीं चाहते?
शिमला। किसानों का कल्याण और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करना राज्य सरकार का मुख्य ध्येय है। आगामी कुछ वर्षों में किसानों की आय को दोगुना करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं। यह बात आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने भाजपा किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में राज्य के विभिन्न भागों में एपीएमसी मार्केट यार्ड और 197 करोड़ रुपये लागत की मंडियों की आधारशिला रखी है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उनकी उपज का उनके घरों के नजदीक बेहतर मूल्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों का उद्देश्य किसान समुदाय का कल्याण और किसानों को बिचैलियों के हाथों शोषण से बचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों में किसानों के हित सुरक्षित है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश शर्मा बबली ने मुख्यमंत्री को किसानों की विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। इस अवसर पर शिमला, मंडी, हमीरपुर संसदीय क्षेत्रों के भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित थे।
काजा में हिमाचल प्रदेश गृहिणी सुविधा के तहत सिलेंडर और चूल्हा कनेक्शन लाभार्थियो को वितरित किया गया। सोमवार को एडीएम ज्ञान सागर नेगी ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही हिमाचल प्रदेश गृहिणी सुविधा योजना के तहत स्पीति के लाभार्थियोँ को सिलेंडर और चूल्हा वितरित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हर घर को धुआं मुक्त और पर्यावरण को बेहतर बनाया जा रहा है। गैस चूल्हे के इस्तेमाल से जहां महिलाओं को धुएं से निजात मिलता है बल्कि समय की बचत भी होती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य के वे सभी घर जिनके पास एलपीजी कनेक्शन नहीं है, साथ ही वे लोग जो प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ का लाभ लेने में असमर्थ थे| वे इस योजना का हिस्सा बनने के लिए योग्य हैं| परंतु उन लोगो का बीपीएल के दायरे मे होना आवश्यक हैं| हिमाचल प्रदेश की सरकार गरीब परिवारों को एलपीजी गैस एवं गैस स्टोव प्राप्त करने के लिए सुरक्षा राशि प्रदान करती है। इस दौरान एसडीएम जीवन सिंह नेगी, खाद्य आपूर्ति विभाग का स्टाफ और लाभार्थी विशेष तौर पर मौजूद रहे।
शिमला। पूर्व मंत्री एवं मंडी से भाजपा विधायक अनिल शर्मा अपनी ही सरकार से खफा हाे गए हैं। हालांकि 2019 के चुनाव के साथ ही सरकार के साथ उनका खास नाता नहीं रहा है, लेकिन इस बार कुछ ज्यादा ही हाे या है। विधानसभा परिसर में अनाैपचारिक बातचीत के दाैरान अनिल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार उनके क्षेत्र से भेदभाव कर रही है। यहां तक कि मंडी में अयाेजित हाेने वाले सभी कार्यक्रमाें से उन्हें इग्नाेर किया जा रहा है। अनिल शर्मा ने सरकार काे चेतावनी दी है कि नगर निगम चुनाव में देखूंगा और 2022 के चुनाव में मेरी राजनीति मैं स्वयं तय करुंगा।
शिमला। ऊना में आज सुबह सवेरे डकैतियाें ने वारदात काे अंजाम दिया ताे मामला सरकार तक पहुंच गया। सीएम जयराम ठाकुर ने विधानसभा सदन काे संबाेधित करते हुए कहा कि पूरे वारदात की जांच करने के लिए एसआईटी गठित की है जाे हर पहलुओं की तफतीश करेगी। सीएम ने कहा कि हथियारबंद चार डकैतियाें ने शराब के ठेके पर माैजूद व्यक्ति पर वार कर नाै लाख रूपये लूट कर फरार हाेने की सूचना मिली है। उन्हाेंने कहा कि वहां पर सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक जांच शुरु हाे चुकी है।
शिमला। प्रदेश सरकार ने आज विधानसभा में हिमाचल प्रदेश राजकाेषीय उत्तरदायित्व बजट प्रबंधन अधिनियम संशाेधन विधेयक -2021 पेश किया ताे विपक्ष ने सिरे से नकार दिया। इस बीच नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहाेत्री ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के माध्यम से कहा कि यह सरकार पूरी तरह से कर्ज की बैसाखियाें पर चल रही है। उन्हाेंने कहा कि जाे विधेयक सदन में पेश किया जा रहा है यह सरे आम कर्ज लेने की लिमिट पर आधारित है। मुकेश ने कहा कि पहले कर्ज लेने की लिमिट 3 प्रतिशत थी ताे अब उसे बढ़ा कर सरकार 5 प्रतशत करने जा रही है। उन्हाेंने सरकार काे सुझाव देते हुए अन्य खर्चे कम करने की सलाह दी। इस बीच माकपा विधायक राकेश सिंघा ने भी विरोध जताया।
आरपी नेगी। शिमला हिमाचल की राजनीति में देवनीति का मुद्दा इतना उछल चुका है कि आज विधानसभा सदन में भी गूंजा। बजट सत्र के दाैरान बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शहरी विकास मंत्री और फतेहपुर के एक भाजपा नेता पर तंज कसते हुए खूब चटकारे लिए। उन्हाेंने कहा कि भाजपा में ताे अब दाे-दाे अवतार वाले नेता विराजमान हैं। पीएम माेदी काे शिव ताे सीएम जयराम ठाकुर काे कृष्ण का अवतार बता रहे हैं। हालाँकि सुक्खू की इस प्रतिक्रिया पर सत्तापक्ष की ओर से किसी भी सदस्य ने टिप्पणी नहीं की। उल्लेखनीय है कि शिवरात्रि के दिन शिमला में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने पीएम माेदी काे शिव का अवतार बताया ताे बीते दिनों फतेहपुर में भाजपा नेता कृपाल परमार ने सीएम जयराम ठाकुर काे कृष्ण का अवतार बताया। हालाँकि सदन में बजट पर चर्चा चल रही थी। इस बीच सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने बजट में कर्मचारियाें और पुलिस कर्मियाें के साथ भेदभाव किया। उन्हाेंने हिमाचल के इस बजट काे खाेदा पहाड़, निकलनी चुहिया करार दिया ।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के 50 साल के सफर काे राज्य सरकार स्वर्णिम हिमाचल के रूप में मनाने जा रही है। हिमाचल दिवस यानी 15 अप्रैल से रथयात्रा निकलेगी जाे 51 दिनों तक चलेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां आयोजित स्वर्णिम हिमाचल समारोह और स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा की तैयारी से संबंधित उच्च स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्णिम हिमाचल समारोह का आयोजन वर्षभर धूमधाम से किया जाएगा, जो प्रदेश के पिछले 50 वर्षों की शानदार विकास यात्रा को प्रदर्शित करेगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस पूरे आयोजन को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले कार्यक्रम में स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा होगी, जो इस वर्ष 15 अप्रैल से आरम्भ होगी और 51 दिन तक चलेगी। दूसरे कार्यक्रम के अंतर्गत स्वर्णिम हिमाचल उत्सव मनाया जाएगा जिसके अंतर्गत वर्षभर प्रदेश के विभिन्न भागों में कई विभागों द्वारा 51 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा प्रत्येक हिमाचली के साथ संपर्क स्थापित करने का एक व्यापक माध्यम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट होना चाहिए कि राज्य के विकास और प्रगति में प्रत्येक प्रदेशवासी ने अपना योगदान दिया है। प्रदेश की इस विकास यात्रा में प्रत्येक किसान, इंजीनियर, सैनिक, शिक्षक, चिकित्सक और आम जनता ने अपना योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय उपलब्धियों और जिला स्तर के आंकड़ों को दर्शाती अलग-अलग पुस्तिकाएं तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण स्थानों पर पिछले 50 वर्षों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करते होर्डिंग्ज स्थापित किए जाने चाहिए। पर्याप्त प्रचार सामग्री तैयार कर प्रदेश के लोगों को उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत करते हुए राज्य के स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान वर्षभर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को विभिन्न विभागों से वर्षभर चलने वाले स्वर्णिम हिमाचल समारोह के दौरान 67 कार्यक्रम आयोजित करने के आग्रह प्राप्त हुए हैं। निदेशक ग्रामीण विकास और स्वर्णिम रथ यात्रा के संयोजक अरिंदम चैधरी ने कहा कि इस रथ यात्रा के माध्यम से लगभग 25 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन ने कहा कि रथ यात्रा का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त रथ यात्रा से सम्बन्धित सामग्री तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित व प्रसारित की जाएगी।
शिमला में उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ द्वारा लगातार 9 वें दिन धरना दिया गयाl धरने में सिरमौर जिले से कर्मचारियों ने जिला अध्यक्ष सिरमौर सुरेंद्र पुंडीर की अध्यक्षता में भाग लियाl राज्य महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि आज लगातार 9 दिन हो गए है कर्मचारी अपनी मर्यादा में रह कर चुपचाप शांतिपूर्ण ढंग से एनपीएस का विरोध कर रहा है परंतु सरकार ने एक बार भी कर्मचारियों की सुध नहीं ली। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ इसकी घोर निंदा करती है और मांग करती है कि जल्द कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाएl उन्होंने कहा कि हम अनेकों बार मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री, सभी विधायकों से मिले और सब ने आश्वस्त किया कि जल्द इस बारे कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, परन्तु ऐसा अब तक नहीं हुआ। हिमाचल प्रदेश सरकार बार बार ये कह कर अपना पल्ला झाड़ लेती है कि ये तो केंद्र का मामला है परंतु आरटीआई के जवाब में केंद्र ने साफ किया है कि यह राज्य सरकार का मामला हैl अगर राज्य चाहे तो वेस्ट बंगाल की तर्ज पर वो अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दे सकती है। केंद्र का अनुसरण करने वाली हिमाचल सरकार पुरानी पेंशन बहाली को तो केंद्र का मामला बताती है परंतु केंद्र द्वारा 5 मई 2009 में जारी की गई अधिसूचना जिसमें कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांग होने पर उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन का प्रावधान है संबंधित अधिसूचना को हिमाचल प्रदेश में 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी लागू नहीं कर रही हैl यदि सरकार कर्मचारियों की मांग पर ध्यान नहीं देती तो 17 मार्च को प्रदेश के हर एक कार्यालय में सभी कर्मचारी काली पट्टी बांधकर नई पेंशन व्यवस्था और सरकार का विरोध करेंगे ल शिमला CTO में जिला अध्यक्ष सिरमौर सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा हक हैl अगर नई पेंशन इतनी अच्छी योजना है तो सबसे पहले नेताओं को ये अपने लिए लागू करनी चाहिए l इस मांग को सरकार के समक्ष रखा गया है परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसलिए कर्मचारियों को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ा है और ये संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती।
हिमाचल में होने वाले चार नगर निगम चुनाव को लेकर आज वर्चुअल माध्यम से एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने की। इस बैठक में भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रुप से उपस्थित रहे। धर्मशाला, पालमपुर, मंडी एवं सोलन नगर निगम चुनाव का जायजा लेते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि भाजपा ने सभी 64 वार्डों के प्रभारियों की नियुक्ति कर ली है और जल्द ही सभी प्रत्याशियों की अधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों चुनाव का भाजपा एक विजन डॉक्यूमेंट भी बनाएगी जिस को जनता के बीच ले जाया जाएगा, उन्होंने बताया कि प्रत्येक नगर निगम क्षेत्र में एक चुनाव कार्यालय खोला जाएगा और उसके उपरांत वार्ड स्तर पर भी एक चुनाव कार्यालय खोला जाएगा। इन कार्यालयों में चुनाव को लेकर प्रतिदिन की गतिविधियों का ब्यौरा रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के मतभेदों को मिटाने के लिए भाजपा हर स्तर पर काम करेगी। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि सभी कार्यकर्ता जिनके पास पार्टी का दायित्व है या नहीं है इन चुनावों में धरातल पर काम करेंगे, उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह नवगठित नगर निगम बनने से स्थाई जनता को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस चुनाव में 100% वोटर तक घर-घर जाकर संपर्क करना होगा , साथ ही उन्होंने कहा कि वार्ड स्तर की बैठकों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा कि कार्यप्रणाली से डरती है जिसके कारण वह भयभीत होकर मीडिया में जाकर तथ्यहीन बयान बाजी कर रहे हैं। वंही, भाजपा से प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि भाजपा इन चुनाव को धरातल पर युद्ध स्तर पर लड़ेगी। सभी भाजपा के मोर्चे इस चुनाव में अग्रिम भूमिका में रहकर सभी 64 वार्डों में कार्य करेंगे उन्हें कहा कि जो विजन डॉक्यूमेंट भाजपा द्वारा बनाया जाएगा उसमें छोटे से छोटे मुद्दों का भी ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि भाजपा इस चुनाव में वार्ड स्तर पर कार्य करेगी और प्रत्येक मतदाता से घर घर जाकर संपर्क साधेगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव आने वाले 2022 के चुनाव की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। बैठक में प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर एवं सोलन नगर निगम चुनाव के प्रभारी डॉ राजीव बिंदल अपने सुझाव प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष रखें।
शिमला। विधानसभा बजट सत्र में चार दिन की ब्रेक के बाद आज से पूरा सप्ताह भर सदन की कार्यवाही चलेगी और 20 मार्च काे सत्र का समापन्न हाेगा। दाेपहर दाे बजे से शुरु हाेने वाले सत्र के दाैरान एक घंटे तक चलेगा प्रश्नकाल, जिसमें जनहित से जुड़े कई सवालाें के जवाब मिलेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 12 मार्च के लिए पहले से ही प्रस्तावित सवालाें काे 15 आज के बिजनेस में ही समायाेजित किया गया है। पिछले चार दिनों से चल रही बजट पर चर्चा का साेमवार काे अंतिम दिन हाेगा और सीएम जयराम ठाकुर सदन में जवाब भी देंगे। इसी बीच विपक्ष सरकार काे घेर सकता है और जवाब से असंतुष्ट हाेने की स्थिति में वाकआउट भी हाे सकता है। अब तक की परंपरा रही है कि जब-जब भी सीएम ने चर्चा का जवाब दिया ताे विपक्ष ने विरोध किया। बताया गया कि कांग्रेस विधायक दल सदन की कार्यवाही में शामिल हाेने से पहले विपक्ष लाॅज में रणनीति तैयार करेगा। आज ही कैबिनेट की मीटिंग हाेनी है, जिसमें प्राइवेट स्कूलाें की फीस पर कंट्राेल करने वाला नया कानून पर मुहर लग सकती है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट में कुछ अन्य विधायकों काे भी मंजूरी मिल सकती है। साथ ही काेराेना के बढ़ते मामलाें काे देखते हुए सरकार नियमों काे सख्ती करने की तैयारी में है।
शिमला। कोरोना संक्रमण काल में समाज के अन्य लोगों के साथ-साथ प्रदेश में विशेष रूप से सफाई कर्मचारियों ने कोरोना योद्धाओं के रूप में प्रथम पंक्ति में कार्य कर समाज के जीवन रक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। शहरी विकास आवास, नगर एवं ग्राम नियोजन, विधि, संसदीय कार्य तथा सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज सीड कंपनी द्वारा नगर निगम को 11 लाख रुपये की राशि से प्रदान कोरोना सुरक्षा कीट वितरण कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस कीट में सैनेटाइजर, पीपीई कीट, हेवी ड्यूटी ग्लव्स, मास्क, स्प्रे पम्प इत्यादि शामिल है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण संकट काल में देश व प्रदेश में केंद्र व प्रदेश सरकार के प्रयासों के साथ-साथ विभिन्न स्वेच्छिक संस्थाओं कॉरपोरेट व्यवसायिओं द्वारा सहायता उपलब्ध करवाई गई थी। देश में वैक्सीन बड़े स्तर पर लगाई जा रही है और देश की दो कम्पनियों ने यह वैक्सीन लगाई है, जो आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर होने का सराहनीय कदम है। उन्होंने सभी से निवेदन किया कि बिना मास्क के न चले, हाथों को निरंतर सैनेटाइज करते रहे तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि यह किट सीड संस्था जोकि पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी प्रदान करती है।
शिमला। पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया (पी.आर.एस.आई.) के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि रविवार को आयोजित शिमला चैप्टर की वार्षिक आम बैठक में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के संयुक्त निदेशक प्रदीप कंवर को सर्वसम्मति से सोसायटी का नया अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में अध्यक्ष के अतिरिक्त डा. तुलसी रमन को उपाध्यक्ष और डा. रणवीर वर्मा को महासचिव चुना गया है। वार्षिक आम बैठक के दौरान पी.आर.एस.आई. शिमला चैप्टर ने कई मुद्दों पी.आर.एस.आई. शिमला चैप्टर के बीते वर्ष की आय व व्यय की रिपोर्ट भी पेश की गई और इसे स्वीकृति प्रदान की गई। वार्षिक आम बैठक में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के साथ एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित करने को लेकर भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पी.आर.एस.आई. शिमला चैप्टर स्थानीय शिक्षण संस्थानों में महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित करेगा।
आरपी नेगी। शिमला विधानसभा बजट सत्र में चार दिन की ब्रेक के बाद साेमवार यानी कल से पूरा सप्ताह भर सदन की कार्यवाही चलेगी और 20 मार्च काे सत्र का समापन्न हाेगा। दाेपहर दाे बजे से शुरु हाेने वाले सत्र के दाैरान एक घंटे तक चलेगा प्रश्नकाल, जिसमें जनहित से जुड़े कई सवालाें के जवाब मिलेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 12 मार्च के लिए पहले से ही प्रस्तावित सवालाें काे 15 मार्च में ही समायाेजित किया गया है। पिछले चार दिनों से चल रही बजट पर चर्चा का साेमवार काे अंतिम दिन हाेगा और सीएम जयराम ठाकुर सदन में जवाब भी देंगे। इसी बीच विपक्ष सरकार काे घेर सकता है और जवाब से असंतुष्ट हाेने की स्थिति में वाकआउट भी हाे सकता है। अब तक की परंपरा रही है कि जब-जब भी सीएम ने चर्चा का जवाब दिया ताे विपक्ष ने विरोध किया। बताया गया कि कांग्रेस विधायक दल सदन की कार्यवाही में शामिल हाेने से पहले विपक्ष लाॅज में रणनीति तैयार करेगा।
आरपी नेगी। शिमला हिमाचल के प्राइवेट स्कूलाें की फीस पर कंट्राेल करने के लिए जयराम सरकार ने कानून तैयार कर दिया है। कल हाेने वाली कैबिनेट में इस विधेयक काे मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट बैठक में इस नए विधेयक को मंजूरी देकर विधानसभा के बजट सत्र में इसे पारित करने के लिए रखा जाएगा। नए कानून के तहत जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में बनाई जाने वाली कमेटी में निजी स्कूलों की फीस निर्धारित की जाएगी। कमेटी में निजी स्कूल प्रबंधन के अलावा पीटीए को शामिल किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कानून के विपरित फीस वसूली पर कम से कम पांच लाख रुपए का जुर्माना भी हाे सकता है। सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हाेने वाली कैबिनेट मीटिंग में भू राजस्व अधिनियम में संशाेधन समेत कुछ अन्य विधेयकों पर भी मुहर लग सकती है। प्रदेश में हर दिन बढ़ रहे काेराेना केस काे देखते हुए राज्य सरकार नियम सख्त करने की भी तैयारी में हैं। मंत्रीमंडल की बैठक बजट सत्र के बाद विधानसभा सचिवालय में हाेगी।
सीटू राज्य कमेटी की शिमला विधानसभा पर 17 मार्च को हज़ारों मजदूरों की प्रस्तावित रैली की तैयारियों के सिलसिले में शिमला, कुल्लू व हमीरपुर से प्रदेशभर के लिए चले तीन जत्थों का समापन हुआ। अंतिम दिन जत्थे बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, मंडी, धर्मपुर, सरकाघाट, बैजनाथ, टाण्डा, धर्मशाला पहुंचे। इस दौरान प्रदेशभर में दर्जनों जनसभाएं की गईं। इन जनसभाओं में हज़ारों लोग शामिल हुए। इन जनसभाओं को सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, राज्य महासचिव प्रेम गौतम, राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर ठाकुर, उपाध्यक्ष जगत राम, बिहारी सेवगी, भूपेंद्र सिंह, राजेश ठाकुर, रविन्द्र कुमार आदि ने सम्बोधित किया। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला व चेताया कि अगर मजदूर व किसान विरोधी कानून वापिस न लिए तो आंदोलन तेज होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों को खत्म कर बनाई गईं मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं के खिलाफ, न्यूनतम वेतन 21 हज़ार रुपये घोषित करने, वेतन को उपभोक्ता मूल्य अथवा महंगाई सूचकांक के साथ जोड़ने, आंगनबाड़ी, मिड डे मील व आशा वर्करज़ को सरकारी कर्मचारी घोषित करने ,हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन देने, प्री प्राइमरी में आंगनबाड़ी कर्मियों की नियुक्ति करने, फिक्स टर्म, ठेका, पार्ट टाइम, टेम्परेरी कॉन्ट्रैक्ट रोज़गार पर अंकुश लगाने,आठ के बजाए बारह घण्टे डयूटी करने के खिलाफ, कोरोना काल में हुई करोड़ों मजदूरों की छंटनी, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली, भारी बेरोजगारी, हर आयकर मुक्त परिवार को 7500 रुपये की आर्थिक मदद, हर व्यक्ति को दस किलो राशन की सुविधा, मजदूरों के वेतन में कटौती, ईपीएफ व ईएसआई की राशि में कटौती, किसान विरोधी तीन कानूनों व बिजली विधेयक 2020 के मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश के हज़ारों मजदूर सड़कों पर उतरेंगे व 17 मार्च को शिमला विधानसभा पर एकत्रित होकर सरकार पर हल्ला बोलेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भी मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार के हालिया बजट को मजदूर,कर्मचारी व मध्यम वर्ग विरोधी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा है कि मजदूरों के दैनिक वेतन में केवल पच्चीस रुपये,कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर चुकीं आंगनबाड़ी कर्मियों के वेतन में केवल पांच सौ व तीन सौ रुपये,आशा कर्मियों के वेतन में केवल साढ़े सात सौ रुपये,मिड डे मील कर्मियों के बजट में तीन सौ रुपये,चौकीदारों के वेतन में केवल तीन सौ रुपये, एसएमसी व आउटसोर्स आईटी शिक्षकों के वेतन में केवल पांच सौ रुपये, वाटर गार्ड के वेतन में केवल तीन सौ रुपये व सिलाई अध्यापिकाओं के वेतन में केवल पांच सौ रुपये की बढ़ोतरी मजदूरों व कर्मचारियों के साथ घोर मज़ाक है। इस बजट में एक बार पुनः एनपीएस कर्मियों को केवल सहानुभूति मिली है व एक रुपये की भी आर्थिक मदद नहीं मिली है। आउटसोर्स कर्मियों को भी बजट में निराशा ही हाथ लगी है। पर्यटन व ट्रांसपोर्ट सेक्टर की भी बजट में अनदेखी है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर वर्ष 2003 के बाद नियुक्त कर्मियों व कॉन्ट्रेक्ट कर्मियों से धोखा करने का आरोप लगाया है।
हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट में घोषणा के बाद अब कैसे किस तरह से लागू करना इसका प्लान तैयार किया जा रहा है। विभाग को निर्देश दिए हैं कि हर बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया जाए। उसे प्रदेश मंत्रिमंडल में लाकर मंजूरी ली जानी है। इसके बाद ही पढ़ाने से लेकर परीक्षाओं का पूरा तरीका बदला जा सकेगा। केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति को हिमाचल सरकार ने पिछले साल अगस्त में ही लागू करने का फैसला लिया था। अब इसे आगामी वित्तीय वर्ष में पूरी तरह से लागू करने की बात कही है। इसके बाद विभाग के काम में तेजी आ गई है। सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी में तीन साल की उम्र के बच्चे दिखेंगे। हालांकि हिमाचल ने कुछ स्कूलों में इसे पहले ही शुरू कर दिया था। लेकिन अब अलग से शिक्षकों से लेकर शिक्षा तक की व्यवस्था की जानी है। सचिव शिक्षा राजीव शर्मा ने कहा कि विभाग को इन सभी बदलावों को अलग-अलग प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। नई शिक्षा के अहम बदलाव नई नीति के तहत जमा एक से स्नातक स्तर तक संकाय सिस्टम खत्म हो जाएगा। विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय नहीं होगा। विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, आइटी और वोकेशनल विषयों को पढ़ाना अनिवार्य होगा। आइटी और वोकेशनल विषय छठी कक्षा से शुरू हो जाएंगे, जबकि संस्कृत विषय तीसरी कक्षा से पढ़ाया जाएगा। स्नातक में बीए, बीएससी और बीकॉम की डिग्री सिस्टम खत्म कर दोबारा रूसा की तर्ज पर क्रेडिट स्कोर सिस्टम लागू होगा। चार साल की डिग्री का विकल्प होगा। चार साल की डिग्री के बाद पीजी केवल एक वर्ष की ही होगी। एमफिल को खत्म कर दिया गया है, जबकि पीएचडी के लिए पूरे देश में एक ही टेस्ट होगा। राइट टू एजुकेशन एक्ट (आरटीई) तीसरी कक्षा से 14 साल तक के बच्चों पर लागू होगा।
शिमला। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के देहरा व धर्मशाला में बनने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा कुल 740.79 करोड़ रुपए की मंज़ूरी मिलने की जानकारी देते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि वे हिमाचल प्रदेश के छात्रों को प्रदेश के अंदर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए साल 2010 से ही प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रयासरत है। अब जल्द ही हिमाचल के छात्रों को अच्छी शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए राज्य से बाहर का रूख नहीं करना पड़ेगा क्योंकि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के देहरा विधानसभा एवं काँगड़ा के धर्मशाला में सी॰यू॰ निर्माण के लिए वित्त मंत्रालय ने प्रस्तावित 740.79 करोड़ रुपए की मंज़ूरी दे दी है। एक लंबे संघर्ष व इंतज़ार के बाद प्रदेश के लाखों छात्रों व हम सब का सपना साकार होने जा रहा है। इस मंज़ूरी के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 2020-21 से तीन वर्षों की टाईमलाइन अर्थात् 2022-23 प्रस्तावित है जिसकी लागत कुल 740.79 करोड़ रुपए की राशि प्रस्तावित थी। 740.79 करोड़ रुपए की इस राशि में 512.37 करोड़ रुपए देहरा व धर्मशाला में स्थायी कैम्पस के निर्माण के लिए व 210.55 करोड़ रुपए रखरखाव पर खर्च होंगे। 2020-21 से 2022-23 की अवधि के दौरान बजट अनुदान से विश्वविद्यालय को 512.37 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। हिमाचल प्रदेश की यह यूनिवर्सिटी भारत को एक कुशल कार्यबल और ज्ञान आधारित समाज के निर्माण में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र व हिमाचल प्रदेश की डबल इंजन की भाजपा सरकार प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए कटिबद्ध है और आपसी समन्वय से इस दिशा में कार्यरत हैं। हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण हो व छात्रों को प्रदेश के अंदर ही उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हो ये सभी की इच्छा है और यह मंज़ूरी इस स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
आरपी नेगी। शिमला प्रदेश के चार नगर निगमों में चुनावी बिगुल बज गया है और 7 अप्रैल काे सुबह 6 से दाेपहर 4 बजे तक वाेटिंग हाेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने आज यानी शनिवार की छुट्टी के दिन अधिसूचना भी जारी कर दी है। ऐसे में तीन नए नगर निगम साेलन, मंडी, पालमपुर में पहली बार और धर्मशाला में दूसरी बार चुनाव हाेना है। स्टेट इलेक्शन कमीशन की ओर से जारी नाेटिफिकेशन के मुताबिक 22, 23 और 24 मार्च काे सुबह 11 से दाेपहर 3 बजे तक नामांकन भरे जाएंगे, जबकि 25 मार्च काे सुबह 10 बजे से नामांकन पत्राें की छंटनी हाेगी। 27 मार्च काे सुबह 10 से दाेपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे। उसी दिन प्रत्याशियाें काे चुनाव चिन्ह वितरित किए जाएंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 22 मार्च काे पाेलिंग स्टेशन की लिस्ट जारी की जाएगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक चार नगर निगमों में 142 पाेलिंग स्टेशन हैं। 1 लाख 38 हजार वाेटर्स चार नगर निगम में हाेने वाले चुनाव के दाैरान 1 लाख 38 हजार 666 वाेटर्स लाेकतंत्र में भूमिक निभाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक नगर निगम मंडी में 32 हजार 533, नगर निगम पालमपुर में 33 हजार 333, नगर निगम धर्मशाला में 37 हजार 986 तथा नगर निगम साेलन में 34 हजार 814 मतदाता हैं। 69 हजार 69 महिला वाेटर्स चार नगर निगमों में इस बार 69 हजार 69 महिला मतदाता हैं। साेलन में 16 हजार 901 महिला और 17913 पुरूष मतदाता हैं। इसी तरह से एमसी मंडी में 16514 महिला और 16 हजार 19 पुरूष, पालमपुर में 16 हजार 703 मतदाता महिला और 16 हजार 630 पुरूष वाेटर्स हैं। जबकि नगर निगम धर्मशाला में 18 हजार 951 महिला और 19 हजार 35 पुरूष वाेटर्स हैं। सबसे अधिक मंडी में 38 पाेलिंग स्टेशन नगर निगम मंडी में सबसे अधिक 38 पाेलिंग स्टेशन हैं। जबकि साेलन में 36 और पालमपुर तथा धर्मशाला में 34-34 पाेलिंग स्टेशन हैं। जहां 7 अप्रैल काे सुबह 8 से दाेपहर 4 बजे तक वाेटिंग हाेगी और उसी दिन मतदात के तुरंत पश्चात काउंटिंग हाेगी।
शिमला। जिला शिमला में वर्ष 2021-22 में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 18 करोड़ 85 लाख 86 हजार रुपए की वार्षिक योजना तैयार की गई है, जिसके तहत लगभग 6066 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज जिला शिमला में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वर्ष 2021-22 के लिए वार्षिक कार्य योजना की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई योजना के लिए वार्षिक कार्य योजना तैयार की गई है जिस पर एक करोड 2 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे, तथा योजना के तहत लगभग 250 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष 125 हेक्टेयर भूमि को लाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में भारतीय प्रशासनिक अधिकारी स्मिथ संतोष लोधा, उप निदेशक बागवानी डॉक्टर देशराज शर्मा, जिला कृषि अधिकारी महेंद्र सिंह भवानी, बागवानी विकास अधिकारी देवराज कैथ, साइंटिस्ट आरएचआर मशोबरा डॉक्टर जसवीर सिंह वजीर, एसएमएस अंजना जस्ता एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
शिमला। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज आईजीएमसी शिमला में कोविड़-19 वैक्सीन की पहली खुराक ली। राज्यपाल ने राज्य के लोगों से आग्रह किया कि वे कोविड़-19 टीकाकरण अभियान में भाग लें और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी दिशा-निर्देशों के अनुसार मास्क लगाने, परस्पर दूरी और स्वच्छता से संबंधित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने के लिए राज्य सरकार, कोविड़-19 योद्धाओं और स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आईजीएमसी में टीकाकरण के उपरान्त डाक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के जागरूक लोगों ने कोविड़-19 के विरूद्ध जागरूकता का सन्देश दिया है और आशा व्यक्त की कि प्रदेश के लोग टीकाकरण अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। राजभवन के लिए रवाना होने से पहले राज्यपाल ने लोगों को इस टीकाकरण अभियान में भाग लेने का आग्रह किया।
राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हिमाचल प्रदेश के निजी और सरकारी स्कूलों में इस वर्ष पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जाएगा। कोरोना संकट के चलते सरकार ने लगातार दूसरे साल असेसमेंट के आधार पर ही विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का फैसला लिया है। वर्ष 2019 में पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम के आधार पर अगली कक्षा में भेजने का फैसला हुआ था। परीक्षा में 33 से कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में नहीं भेजने की बात कही गई थी। मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन हो देखते हुए सरकार ने इस फैसले को लागू नहीं किया था। अब सालभर स्कूल बंद रहने और नियमित कक्षाएं नहीं लगने के चलते शैक्षणिक सत्र 2020-21 के विद्यार्थियों को राहत देते हुए सरकार ने पुराने आदेश इस बार भी लागू नहीं किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक शुभकरण सिंह की ओर से इस संदर्भ में सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को बीते कई वर्षों से असेसमेंट के आधार पर प्रमोट किया जाता रहा है। हालांकि, इस वर्ष दोनों कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र स्कूल शिक्षा बोर्ड जारी करेगा। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा। इस वर्ष बोर्ड की ओर से इनकी उत्तर पुस्तिकाएं नहीं जांची जाएंगी। उधर, पहली से चौथी और छठी-सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों को इस नियम से बाहर ही रखा गया हैै। इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को असेसमेंट के आधार पर ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा।


















































