सात महीनों के लम्बे इंतज़ार के बाद सोमवार को प्रदेश भर में 10 वीं और 12 वीं के बच्चे स्कूल पहुंचे। शिक्षा विभाग द्वारा जारी एसओपी के मुताबिक स्कूल आ रहे बच्चों के लिए तमाम सावधानियां बरती जा रही हैं। छात्रों को थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइज करने के बाद ही स्कूलों में एंट्री मिल रही है। अभिभावकों के सहमति पत्र के साथ स्कूल आने वाले छात्रों को शिक्षक कक्षाओं में नियमित रूप से पढ़ाएंगे। कोरोना वायरस के चलते बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने शिक्षकों से गाइडेंस लेने स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को कक्षाओं में बिठाकर पढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक शिक्षक छात्रों पर स्कूल आने का दबाव नहीं डाल सकते। विद्यार्थियों की अटेंडेंस नहीं लगेगी। केंद्र की एसओपी का सख्ती से पालन किया जाएगा। अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं तो उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी।
नीट 2020 परीक्षा परिणामों में शिमला स्थित एस्पायर संस्थान ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आज तक हिमाचल की किसी भी विद्यार्थी ने इतने अंक हासिल नहीं किए थे जितने अंक संस्थान की भाव्या शर्मा ने प्राप्त किए हैं। रिकॉर्ड 685 अंक प्राप्त कर भाव्या शर्मा ने हिमाचल में पहला स्थान प्राप्त किया है और राष्ट्रीय स्तर पर 400 वा स्थान हासिल किया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करने वाला यह राज्य का पहला संस्थान है। भाव्या शर्मा इस संस्थान में दसवीं कक्षा से ही शिक्षा प्राप्त कर रही थी। संस्थान के 9 छात्रों ने 600 से ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं जिसमें भव्य शर्मा 685 अंक प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही सौरव कटोरिया ने 631, अनमोल ने 623, आस्था ठाकुर ने 616, प्रांशु शर्मा ने 615, निपुण ने 607, प्रियंका ठाकुर ने 607, आशीष ने 605, दिव्य ज्योति ने 605, अंक प्राप्त कर संस्थान और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। इतना ही नहीं इस बार संस्थान के 105 से ज्यादा बच्चों का एमबीबीएस के लिए सिलेक्शन होना लगभग तय है। संस्थान के निदेशक योगेंद्र कुमार मीणा का कहना है कि बच्चों को भावनात्मक और मानसिक रूप से प्रेरित करने की आवश्यकता है हिमाचल के बच्चों में हुनर की कमी नहीं है आवश्यकता है तो बस उसे निखारने की। योगेंद्र कुमार मीणा ने सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
हिम सिने सोसायटी एक सोच हिमाचल प्रदेश एवं भारतीय चित्रसाधना के संयुक्त तत्वाधान में लघु मोबाइल फिल्म निमार्ण प्रतियोगिता का ऑन लाईन आयोजन किया जा रहा है। हिम सिने सोसायटी की उपाध्यक्ष भारती कुठियाला ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में केवल मोबाइल से निर्मित फिल्में ही आमंत्रित है जिसकी अवधि 3 से 5 मिनट रहेगी। उन्होंने बताया कि प्राप्त फिल्मों की सिक्रिनिंग अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फिल्म निर्देशक सुदिप्तो सेन, यदुविजय कृष्णन, ध्वनि देसाई, विजेन्द्र मनी द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिल्म निमार्ण के लिए रखे गए विषयों में ‘‘(कोरोना एण्ड क्रिएटिविटीद्) कोरोना एवं रचनात्मकता’’, "(ड्रग मिनेंस) नशे के दुष्प्रभाव’’,"(एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन) पर्यावरण संरक्षण'', "(वाटर एण्ड फ्यूचर) जल और कल" अथवा "पानी एवं भविष्य" विषयों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि सोसायटी द्वारा कलाकर्म, रंगमंच एवं फिल्म निमार्ण से जुड़े लोगों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रथम द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को आकर्षक नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी 30 अक्तुबर, 2020 hcshimachal@ gmail.com पर भेज सकते है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के परिणाम नवंबर माह के पहले सप्ताह में घोषित किए जाएंगे। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।
शिमला के ठियोग में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। बीती रात ठियोग के सैंज क्षेत्र में ईंट से भरा एक ट्रक खाई में जा गिरा। इस हादसे में 2 मासूमों की दर्दनाक मौत हो गई जभी ट्रक में सवार अन्य 8 मजदूर बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक ईंट से लड़ा एक ट्रक चंडीगढ़ से अप्पर शिमला की ओर जा रहा था। इस ट्रक में चालक ने राजस्थान से 8 मजदूर बिठाए थे जिनके साथ 2 बच्चे भी थे। सैंज के पास ट्रक चढ़ाई में बैक हो गया और अनियंत्रित होकर रोड पर पलट गया। इस हादसे में दो बच्चे, एक दो साल और दूसरा 3 साल, की मौत हो गई। वहीँ ट्रक में सवार 8 मजदूर भी चोटिल हुए हैं। ट्रक चालक की लापरवाही को मुख्यतः इस हादसे की वजह बताया जा रहा है।
प्रदेश सरकार की तरफ से बड़े आयोजनों को लेकर एसओपी जारी की गई है। नई एसओपी के मुताबिक अब प्रदेश में अनिश्चित भीड़ को इक्कठा होने की छूट दे दी गई है। अब दो गज की दूरी और मास्क के साथ बड़े आयोजन किए जा सकते हैं। शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जनरल एसओपी जारी कर सभी वर्गों को राहत दी है। इसके तहत अब इन विल्ट अप एरिया में प्रदेश में सांस्कृतिक, धार्मिक, खेलकूद, राजनीतिक कार्यक्रमों में अधिकतर 200 लोग आ सकेंगे। हालांकि कंटेनमेंट जोन वाली जगहों पर अभी भी पाबंदियां लगाई गई हैं। इस बीच सरकार द्वारा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि अगर हॉल में कोई कार्यक्रम आयोजित होता है, तो उसमें कैपेसिटी के आधार पर 50 प्रतिशत लोगों को ही रुकने की अनुमति होगी। इसी तरह अगर खुले में कोई आयोजन होता है, तो उसमे भी अगर एक हजार लोगों के खड़े होने की जगह है, तो उसमें मात्र 500 लोग ही रह सकेंगे। इसके अलावा मंदिरों में पूजा-पाठ रामलीला के आयोजन को लेकर भी सरकार ने छूट दे दी है। हालांकि इसके लिए सरकार ने सख्ती से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा है, वहीं सिनेमा व थियेटर आर्टिस्ट को भी आवेदन करने का जिक्र किया गया है। त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने एसओपी में बहुत सी रियायतें तो दी हैं, लेकिन गाइडलाइन में साफ किया गया है कि मास्क, सेनेटाइजर, और थर्मल स्कैनिंग अभी भी सख्ती से लागू किया जाए। बता दें कि प्रदेश में सभी प्रकार की खेल गतिविधियों को लेकर भी अनुमति दे दी गई है। हालांकि इस दौरान यह भी कहा गया है कि भीड़-भाड़ और कम जगहों पर किसी भी तरह की खेल गतिविधियों का आयोजन नहीं हो सकता है। इसके अलावा 65 साल से ज्यादा वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, 10 साल से छोटे बच्चों को अभी भी भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
चिढगांव थाना के तहत दली गांव में एक नेपाली युवक ने तेजधार हथियार से हमलाकर घायल कर दिया जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया। इस हमले में पीडित युवक को गहरी चोटे आई है। जिसे रोहडू मे प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी रैफर किया गया हैं। प्राप्त जानकारी के मुताविक अमर सैन के पास लेबर का काम करने वाले दो नेपाली लोकेश व अजय बहादुर आपस में लड़ाई-झगड़ा कर रहे थे तो उस समय उनके अन्य साथी प्रदीप, भानू और कमलेश द्वारा इन दोनों को अलग किया गया था लेकिन कुछ देर बाद समय करीब 10 बजे रात अजय बहादुर दोबारा लोकेश के कमरे में आया। जिस दौरान आरोपी युवक ने लोकश की गर्दन व बाजू पर तेज़ धार हथियार से हमला कर दिया। जिसके बाद वह मौका से फरार हो गया। इसके उपरान्त पीड़ित को उपचार के लिए सिविल अस्पताल रोहडू लाया गया जहाँ से पीड़ित को आगामी उपचार हेतु आईजीएमसी रैफर किया गया है। डीएसपी रोहडू सुनील नेगी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना चिड़गाँव में मामला धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया हैं। उन्होने बताया कि आरोपी मौका से फरार है जिसे खोजने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका फोटो शेयर किया गया है, यदि किसी को यह नेपाली कहीं पर भी नज़र आये तो नज़दीकी थाना, चौकी व डीएसपी रोहड़ू के मोबाईल नम्बर 8894728010 या एसएचओ चिड़गांव के मोबाइल नम्बर 8894728027 पर सूचित करें, सूचना देने वाले को इनाम व प्रशंसा पत्र दिया जायेगा।
रोहड़ू उपमंडल के अतर्गत चिड़गांव थाना क्षेत्र के कुलगांव में 11 वर्षीय बालिका की फंदा लगने से मौत हो गई। पुलिस के मुताविक 11 साल की आंचल झूला झूल रही थी। इस दौरान अचानक झूले मे चुन्नी की रस्सी उसके गले में फंस गई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के मुताविक अपने घर के पास लगे झूले में बालिका आंचल अकेली झूल रही थी। इसी बीच गले में रस्सी फंस जाने से उसका दम घुटा और वह बेहोश हो गई। परिजनों को जब पता चला, तो वह अचेत थी। घर के पास लगे झूले में आंचल अकेली झूल रही थी. इसी बीच गले में रस्सी फंस जाने से उसका दम घुटा और वह बेहोश हो गई। परिजनों को जब पता चला, तो वह अचेत थी। परिजनों ने उसे संभाला और बेहोशी की हालत में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दिया। डीएसपी रोहड़ू सुनील नेगी ने बताया कि पुलिस नें धारा 174 सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज कर कारवाही शुरू कर दी है। वही मृत बालिका के शव का पोस्टमार्टम करवाने के उपरान्त इसके परिजनों को सौंपा गया। उन्होने बताया कि बालिका अपने घर के साथ ही चुन्नी का झूला बनाकर खेल रही थी तो इसी दौरान यह चुन्नी से उसके गले में गाँठ लग गई तथा बालिका की मौका पर ही दुःखद मृत्यु हो गई थी। मृतिका के परिजनों की ओर से किसी भी प्रकार का शक जाहिर नहीं किया गया है।
रोहड़ू। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगों संघ तहसील रोहडू इकाई की बैठक कार्यालय कानूनगों रोहडू की अध्यक्षता मे रोहड़ू के एसडीएम कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसहमती से संघ के चुनाव कर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया,जिसमें मंजीत ठाकुर को प्रधान, दिपेंदर शर्मा को नरिष्ठ उपप्रधान, पंकज मोजटा को उपप्रधान,पृथ्वी राज शर्मा को महासचिव, निशा शर्मा को कोषाध्यक्ष,थुगपन गैसो नेगी को प्रेस सचिव, दयानंद शर्मा व सुरेंदर दाउटू को मुख्य सलाहकार एवं सीना, अनू ठाकुर, रोहित ठाकुर, शुभम भारदवाज व अभिषेक कश्यप को सदस्य कार्यकारिणी के रूप में मनोनित किया गया। वहीं कृष्ण चंद चौहान व मेहर चंद फिष्टा को बतौर सदस्य जिला कार्यकारिणी मनोनित किया गया हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज नई दिल्ली में खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करने के लिए बधाई दी। यह भारत के एफएओ के साथ लम्बे समय से चले आ रहे सम्बन्धों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में विकसित आठ फसलों की 17 बायोफोर्टीफाईड किस्में भी राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र सरकार की भुखमरी, कुपोषण को पूर्णतः समाप्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है
प्रदेश में छात्र हित के मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है जिसमें एबीवीपी अपने आंदोलन को अलग-अलग तरीके से आगे बढ़ाएगी। उसी के तहत आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला शिमला द्वारा शैक्षणिक जगत से जुड़ी विभिन्न माँगों को लेकर उपयुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अभाविप इस धरने के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के छात्र युवाओं व शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को ध्यान में रख कर उचित समाधान की मांग करती हैं। राहुल राणा ने कहा कि यदि उनकी मागों को लेकर सकारात्मक कदम जल्द से जल्द प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं उठता है तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन खड़ा करने में विद्यार्थी परिषद पीछे नहीं हटेगी। यदि इसके पश्चात भी इन मांगों पर कोई भी संज्ञान न लिया जाता है और केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण नहीं किया जाता है तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।
हुली के अमानडा होटेल में भारतीय जनता पार्टी के एक दिवसीय ग्राम ई विस्तारक शिविर का आयोजन किया गया जिसमें भाजपा बूथ समिति के समस्त पदाधिकारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षित किया गया। मंडल ठीयोग, कुमारसैन व चौपाल मंडल के समस्त उपस्थित पदाधिकारियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग कैंप में बताया गया की भविष्य में किस तरीके से पार्टी के कार्यक्रम को कैसे आगे बढ़ाकर नवीन तकनीक का इस्तेमाल करना है। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप का सभी को मार्गदर्शन मिला। इस प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा प्रदेश सचिव एवं जिला महासू भाजपा प्रभारी बिहारी लाल शर्मा, भाजपा प्रदेश सचिव एवं सह प्रभारी कुसुम सद रेट, चौपाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक बलवीर सिंह वर्मा, मंडी संसदीय क्षेत्र के पूर्णकालिक विस्तारक सुरेश शर्मा, आईटी विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन ब्रागटा, जिला अध्यक्ष अजय श्याम, चौपाल ठियोग के मंडल अध्यक्ष व मंडल विस्तारको ने भी भाग लिया।
रासायनिक आपदाओं का मानव जीवन, बुनियादी ढांचे, परिसंपत्तियों और पारिस्थितिकी पर हानिकारक प्रभाव हो सकता है। एक वेब आधारित रासायनिक दुर्घटना की सूचना और रिपोर्टिंग प्रणाली (सीएआईआरएस) को उद्योगों आपदा प्रबंधन सेल द्वारा एनआईसी की सहायता से विकसित किया जाना चाहिए, जिसमें हानिकारक रासायनों, स्थान मानचित्रण, प्रक्रियाओं, भंडारण, परिशोधन, दुर्घटनाओं और उत्कृष्ट कार्यों आदि को भविष्य के संदर्भ के लिए संरक्षित रखा जा सकेगा। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने रासायनिक आपदाओं पर एक ऑनलाइन टेबल-टाॅप प्रशिक्षण की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि रासायनिक आपदाओं पर यह टेबलटाॅप प्रशिक्षण, मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्र जिनमें पांच जिले- कांगड़ा, कुल्लू, सोलन, सिरमौर और ऊना शामिल हैं जिससे औद्योगिक खतरों के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित आपदाओं से निपटने के लिए हमारी तैयारियों का पता चल सकेगा। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसलिए यह अधिक अनिवार्य हो जाता है कि हमें रासायनिक (औद्योगिक) जोखिमों की गम्भीरता की जानकारी हो और इसे कम करने के लिए तैयारी करनी चाहिए। राज्य में नए उद्योगों की स्थापना और औद्योगिक कस्बे बनने के साथ, रासायनिक (औद्योगिक) जोखिमों का भी संज्ञान लेने की आवश्यकता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव पूरे क्षेत्र की वनस्पति पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक जोखिमों को कम करने के लिए बनाए गए विभिन्न अधिनियमों को पूर्णतः लागू करने की आवश्यकता है। विभिन्न विभागों की गतिविधियों में तालमेल सुनिश्चित करने के लिए बेहतर और प्रभावी संस्थागत प्रणाली, समन्वय और रणनीतियों पर कार्य करने की आवश्यकता है। अनिल खाची ने राज्य में औद्योगिक घटनाओं और रासायनिक भंडारण के लिए उचित रिपोर्टिंग प्रणाली और व्यापक आम प्रारूप में दुर्घटनाओं के साथ उचित डेटा संरक्षित की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने ऑफ़-साइट आपातकालीन योजना की समीक्षा करने, दुर्घटना के बाद की स्थिति की निगरानी करने आदि के लिए राज्य, जिला और स्थानीय संकट समूहों की नियमित बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। बैठक की रिपोर्ट को आपदा प्रबन्धन सैल के साथ साझा कर आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। अग्निशमन विभाग द्वारा विशेषकर उन अग्निशमन केन्द्रों की क्षमता को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है जो औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास हैं। सदस्य राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, वरिष्ठ सलाहकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. नायक, सलाहकार (आॅप्स एंड कम्युनिकेशन) राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ब्रिगेडयर अजय गंगवार, राज्य कार्यकारी समिति एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के अधिकारी, घटना प्रतिक्रिया टीम (आईआरटी) के सभी सदस्य, उपायुक्त, विभागाध्यक्ष, जिलों के प्रतिनिधि और विभागों और विभिन्न हितधारक एजेंसियों के प्रतिनिधि भी टेबल-टाॅप प्रशिक्षण में अन्य लोगों के साथ उपस्थित थे।
बीती रात चौपाल थाना से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर रियुनी नामक स्थान पर मारुति कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मारुति कार में 5 लोग सवार थे जो ठियोग, सैंज से चौपाल की ओर आ रहे थे। कार में सवार 5 व्यक्तियों में से एक ने सिविल हॉस्पिटल चौपाल में दम तोड़ दिया 3 को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया व चालक को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। मृतक की पहचान मोहन सिंह पुत्र चौकिया डाकघर तहसील चौपाल जिला शिमला उम्र 42 वर्ष के रूप में की गई। अन्य चार घायलों में जितेंद्र, पुत्र स्वर्गीय मोहन सिंह गांव डाकघर चौकिया आयु 18 से 20 वर्ष के मध्य, अक्षय, पुत्र मोहर सिंह गांव बोधना आयु 18 से 20 वर्ष के मध्य, सुनील, नेगी गांव बोधना आयु 35 वर्ष व भरत भूषण पुत्र रंजीत गांव शानग डाकघर झिकनीपुल तहसील चौपाल जिला शिमला उम्र 26 वर्ष जो गाड़ी मालिक बताया गया है को दुर्घटना में हल्की चोटें आई हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर कर मामला दर्ज कर और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए 16 अक्तूबर, 2020 से 90 और अंतरराज्यीय रूटों पर राज्य परिवहन निगम की बसों के परिचालन का निर्णय लिया है। इनमें चंडीगढ़, लुधियाना, हरिद्वार, जालन्धर, अमृतसर, होशियारपुर, पठानकोट, रोपड़, सनवाल, देहरादून, अम्बाला केंट इत्यादि शामिल हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने 14 अक्तूबर से 25 अंतरराज्यीय रूटों पर बसों की सेवाएं बहाल की थीं और 15 अक्तूबर को इसमें 35 और अंतरराज्यीय रूट सम्मिलित किए गए। नवरात्रों और आगामी त्योहारों के दृष्टिगत प्रदेशवासियों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय की सराहना की है। दो दिनों के दौरान पथ परिवहन निगम के अंतरराज्यीय रूटों की बसों में काफी तादाद में लोगों ने यात्रा की। परिवहन मन्त्री ने बताया कि निगम ने कोरोना वायरस से बचाव के दृष्टिगत बसों में सभी एहतियाती उपाय किए हैं। निगम द्वारा सिर्फ नाॅन-एसी बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें परस्पर दूरी और सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। निगम के कर्मचारियों द्वारा लोगों को यात्रा के दौरान मास्क के सही प्रयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। परिवहन निगम की बसों के संचालन के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
रोहड़ू विद्युत उपमंडल जुब्बल व सरस्वती नगर के तहत 22 केवी एचटी लाइन में जरूरी मुरम्त के चलते हाटकोटी आंटी, पंद्राणू, मांदल, जुब्बल, शीलघाट, खढ़ापत्थर, बटारगलू, अनुभागों के तहत आने वाले क्षेत्रों में 18 अक्तूबर को सुबह 9 से 5 तक बिजली बाधित रहेगी। सहायक अभियंता जे एस काल्टा ने लोगों से सहयोग की अपील की है।
रोहड़ू। सीटू से संबंधित मिड डे मील वर्करज यूनियन क्षेत्रिय कमेटी रोहड़ू अपनी मांगों को लेकर वीरवार को तहसीलदार रोहड़ू डॉ. वरूण गुलाटी से मिला। उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग को मांग पत्र भी भेजा। यूनियन ने मांग उठाई है कि मिड डे मील वर्करज को 8250 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। 31 अक्तूबर 2019 के उच्च न्यायालय के 12 माह का वेतन देने के लिए फैसले को लागू किया जाए। मिड डे मील वर्करज को नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त को हटाया जाए। सभी स्कूलों में दो मिड डे मील वर्करज को भरती किया जाए। मिड डे मील वर्करज को सरकारी कर्मचारी घोषित किया तथा उन्हें नियमित किया जाए। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के मुताबिक मिड डे मील वर्करज के लिए पैंशन व ग्रेच्यूटी की सुविधा शुरू की जाए। प्रदेश सरकार द्धारा बजट में एक अप्रैल 2020 से मिड डे मील वर्करज की तीन सौ रुपये की वेतन बढोतरी को लागू किया जाए। सभी वर्करज के परिवार को प्रति व्यक्ति दस किलो राशन दिया जाए। कोराना महामारी के दौरान वर्करज को प्रति माह 7500 रुपये दिए जाए। प्रसुति अवस्था में महिला वर्कर को छह माह के वेतन सहित अवकाश देने की मांग उठाई है। इस मौके पर मिड डे मील वर्करज यूनियन रोहड़ू की महासचिव रमा चौहान, सुलक्षणा ठाकुर, गीता राज्टा, गीता कोटवी, चंपा, रीना भी उपस्थित रही ।
हिमाचल प्रदेश में आए दिन कोरोना के मामलों में इज़ाफ़ा हो रहा है। आलम ये है की अब हिमाचल सरकार भी इस से अछूती नहीं रही है। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार कोरोना संक्रमित पाए गए है। परमार के अलावा प्रदेश भर में 234 नए मामले आए। इन मामलो में शिमला से 46, कुल्लू से 34, मंडी से 31, सिरमौर से 27, बिलासपुर से 23, सोलन से 22, काँगड़ा से 17, हमीरपुर से 16, चम्बा 9, लाहौल 5 और ऊना में 4 केस सामने आए हैं। वहीं नेरचौक में उपचारधीन दो लोगों की मौत भी हुई है। बुधवार को परमार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनसे पहले मुख्यमंत्री, बंजार के विधायक और शहरी विकास मंत्री भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। बंजार के विधायक सुरेंदर शौरी के साथ सरकार के नुमाइंदों में कोरोना संक्रमितों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। विधायक के प्राथमिक संपर्क में आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले पॉजिटिव पाए गए और फिर कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। हालाँकि अब उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। मुख्यमंत्री से पहले शहरी विकास मंत्री सुरेश भरद्वाज भी परिवार समेत कोरोना की चपेट में आए थे। वहीं, उनसे पहले बिजली मंत्री सुखराम चौधरी, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर भी कोरोना संक्रमित हुए थे। हिमाचल प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल मामले 18008 पहुंच गए हैं। वहीं, अब तक सूबे में 250 लोगो की कोरोना से मौत हो चुकी है। हालांकि, बीते कुछ दिन से सूबे में कोरोना के मामलों में गिरावट देखी गई है। अब 200 से नीचे केस रिपोर्ट हो रहे हैं, जबकि इससे पहले 300 से 400 लोग संक्रमित प्रतिदिन आ रहे थे।
कोरोना कल के बिच महीनो से बंद पड़ी अंतर्राज्यीय बस सेवा आखिरकार बुधवार को बहाल कर दी गई। 25 रूटों पर शुरू हुई बसों में पहले ही दिन से यात्रियों का जमावड़ा देखने को मिला। पेहले ही दिन बसों में 70 से 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी रही। यात्रियों के is रिस्पांस को देखते हुए HRTC ने 35 और नए रुटों पर बस सेवा बहाल करने का फैसला लिया है। साथ ही इंटरस्टेट बस सेवा के लिए आज से यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी। बुधवार को ऑनलाइन पोर्टल न खोलने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हुई थी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ई-विस्तारक योजना को लेकर कार्यकर्ता बहुत उत्साहित है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर कांगड़ा एवं मंडी क्षेत्र की विस्तारक योजना संपन्न हो गई है जिसमें 100 प्रतिशत सत्यापन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा किया गया है। आज से शिमला संसदीय क्षेत्र की ई विस्तारक योजना का आगाज हो गया है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने जुब्बल कोटखाई एवं रोहडू मंडल की ई विस्तारक बैठक की अध्यक्षता जुब्बल में की, उनके साथ इस बैठक में जुब्बल कोटखाई के विधायक एवं प्रदेश सरकार के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा विशेष रूप में उपस्थित रहे। साथ ही महासू जिला के प्रभारी एवं प्रदेश सचिव बिहारी लाल शर्मा, सह प्रभारी कुसुम सदरेट और जिला अध्यक्ष अजय श्याम भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी डिजिटल युग की ओर बढ़ रही है जिस प्रकार से धरातल पर कार्य चल रहा है भारतीय जनता पार्टी जल्द ही पेपरलेस पार्टी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर तक शिमला संसदीय क्षेत्र की ई विस्तारक योजना पूर्ण हो जाएगी जिसमें सभी ग्राम केन्द्रों, बूथ अध्यक्ष, पालक, बी एल ए, पन्ना प्रमुखों तक का सत्यापन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले पंचायतीराज संस्थाओं व स्थानीय निकायों के चुनाव में भी इस योजना का बहुत बड़ा लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी ने इन चुनावों की तैयारी आज से ही शुरु कर दी है और यह कार्यकर्ताओं की मेहनत है कि जिस प्रकार से वह काम कर रहे हैं आने वाले पंचायत चुनावो में भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के पूर्ण होने के बाद सभी मोर्चों की भी ई विस्तारक योजना पूरे प्रदेश में चलाई जाएगी।
धर्मगुरू दलाई लामा ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है, जो कोविड-19 संक्रमित पाए जाने के बाद होम-क्वारंटीन हैं। मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में धर्मगुरू दलाई लामा ने कहा है कि वह उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि हम कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों का शीघ्र अंत देखेंगे जिसने विश्व के सभी देशों के सामने एक बड़ा खतरा पैदा किया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए धर्मगुरू दलाई लामा का आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश में छात्र हित के मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है जिसमें एबीवीपी अपने आंदोलन को अलग-अलग तरीके से आगे बढ़ाएगी। उसी के तहत आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला शिमला द्वारा शैक्षणिक जगत से जुड़ी विभिन्न माँगों को लेकर शिमला और सुन्नी में हस्ताक्षर अभियान चलाया। अभाविप इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के छात्र युवाओं व शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को ध्यान में रख कर उचित समाधान की मांग करती हैं। विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगे - 1.केंद्रीय विवि के स्थाई परिसर का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर पूरा किया जाए। 2. कलस्टर विवि, हि.प्र विवि, तकनीकी विवि में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र की जाए। 3. नौणी विवि के भ्रष्ट कुलपति को बर्खास्त किया जाए। 4. निजी विश्वविद्यालयों में छात्रों का शोषण बंद किया जाए। 5. प्रदेश में चरमराई चिकित्सा व्यवस्था एवं मेडिकल महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे को सुधारा जाए। 6. छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाए। 7. एससी एसटी छात्रवृति जल्द जारी की जाए। 8. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम में आ रही अनियमितताओं को शीघ्र सुधारा जाए। 9.जेबीटी कमिशन में जेबीटी छात्रों को प्राथमिकता दी जाए। जिला संयोजक सचिन ने कहा कि यदि उपरोक्त मागों को लेकर सकारात्मक कदम जल्द से जल्द प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं उठता है तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन खड़ा करने में विद्यार्थी परिषद पीछे नहीं हटेगी। यदि इसके पश्चात भी इन मांगों पर कोई भी संज्ञान न लिया जाता है और केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण नहीं किया जाता है तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन पूरे प्रदेश में करेगी।
7 महीने से अन्तर्राजीय बस बुधवार से शुरू हो गई हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम की इंटर स्टेट बस सेवा आज से बहाल हो गई है। पहले चरण में प्रदेश से 25 रूटों पर अन्तर्राजीय बस सेवा शुरू कर दी गई है जिसमें चंडीगढ़, पठानकोट, होशियारपुर, लुधियाना और अंबाला के लिए बसें शुरू कर दी गई हैं। इन रूटों पर फिलहाल केवल नॉन AC बसें ही चलेंगी। नवरात्रों से पहले अन्तर्राजीय बसों की शुरुआत न केवल हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए बल्कि बाहरी लोगों के लिए भी बड़ी राहत है। बाहरी राज्यों के लिए बसें शुरू होने से पर्यटन को भी और अधिक बढ़ावा मिलने की संभावना प्रबल हुई हैं। हिमाचल प्रदेश में इंटर स्टेट बसों के रूटों का विस्तार भी जल्द किया जाएगा। इंटर स्टेट रूटों पर बसों के परिचालन के लिए कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा जिसमें मास्क पहनना, शारीरिक दूरी और सैनिटाइजेशन सबसे अहम है। राजधानी शिमला के नया बस अड्डा से आज बसों की शुरुआत हो गई जिसमें रूट पर जाने से पहले बसों को सैनिटाइज किया गया। इंटर स्टेट बस सेवा शुरू होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। इससे पहले लोगों को हिमाचल प्रदेश से बाहर जाने के लिए निजी वाहन या टैक्सी का इस्तेमाल करना पड़ता था लेकिन अब वह एचआरटीसी में सफर का आनंद ले सकेंगे।
हिमाचल प्रदेश में तीन सीमेंट कंपनियों ने कोरोना काल में सीमेंट बोरी की कीमत को 10 रुपए प्रति बोरी बढ़ा दिया। कंपनियों ने सीमेंट के दाम बढ़ाने से पहले न सरकार को अवगत करवाया और न ही इस संबंध में सूचित किया है। अब इसको लेकर हिमाचल उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर की स्टेटमेंट सामने आई है। उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार ने सीमेंट के दाम बढऩे के मामले में विभाग से रिपोर्ट मांगी है। तीनों सीमेंट कंपनियों के प्रतिनिधियों को तलब करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद सीमेंट कंपनियों से जवाब मांगा जाएगा। बता दें चार महीने पहले तीनों कंपनियों का सीमेंट प्रति बोरी 400 रुपये से कम था। पिछले साल अगस्त में सीमेंट की एक बोरी 370 रुपये से 385 रुपये तक मिलती थी। इस साल मई में सीमेंट के दाम बढ़ते ही निर्माण सामग्री के मूल्य भी क्रशर मालिकों ने बढ़ा दिए थे।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रोहतांग टनल के लोकार्पण के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के शिलान्यास की पट्टिका गायब करने को लेकर हिमाचल में सियासत गरमा गई है। लाहौल-स्पीति कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञालछन ठाकुर ने इस मामले को लेकर केलांग थाना में शिकायत दर्ज करवाई है। ज्ञालछन ठाकुर ने कहा कि 3 अक्तूबर से सामरिक महत्व की सुरंग अटल टनल रोहतांग आम जनता के लिए खुल चुकी है। 28 जून 2010 में तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने धुंधी में इसका शिलान्यास किया था। लेकिन धुंधी में सोनिया गांधी की ओर से किए गए शिलान्यास की पट्टिका गायब है। शिलान्यास पट्टिका को गायब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शिलान्यास पट्टिका को गायब करना भाजपा की सोची-समझी चाल है, जिसे कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। शिलान्यास पट्टिका गायब करना भाजपा की छोटी मानसिकता को दर्शाता है।
शिमला। परिवहन मन्त्री बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 14 अक्तूबर, 2020 से हिमाचल पथ परिवहन निगम की अंतरराज्यीय बस सेवाओं के परिचालन का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में 25 रूटों पर अंतरराज्यीय बस सेवाएं आरम्भ की जाएंगी। इनमें चंडीगढ़, पठानकोट, बद्दी, होशियारपुर, लुधियाना, अम्बाला, हरिद्वार इत्यादि प्रमुख हैं। अंतरराज्यीय रूटों पर सिर्फ गैर-वातानुकूलित (नाॅन-एसी) बसें ही चलाई जाएंगी। अंतरराज्यीय बस रूटों में रात्रि बस सेवाएं भी सम्मिलित की गई हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रों और त्यौहारों के मद्देनजर लोगों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है। पिछले कुछ समय से आम लोग भी अंतरराज्यीय बस सेवाएं आरम्भ करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही अन्य राज्यों के लिए भी अंतरराज्यीय बस सेवाओं का परिचालन आरम्भ किया जाएगा। परिवहन मन्त्री ने कहा कि अंतरराज्यीय रूटों पर बसों के परिचालन के लिए कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी दिशा-निर्देशों का सख़्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
शिमला। प्रदेश सरकार नवरात्रों के लिए अपने सभी प्रदेशवासियों और प्रदेश के बाहरी लोगों के लिए जल्द ही अंतर राज्य बस सेवा की शुरुआत करने पर विचार कर रही है इसके लिए हिमाचल प्रदेश सरकार का परिवहन मंत्रालय और विभाग जरूरी दिशा निर्देश और मापदंड तय कर रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर ने कहा है कि फेस्टिवल सीजन से पहले यह गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी और नवरात्रि के लिए हिमाचल प्रदेश अपने पड़ोसी और बाहरी राज्यों के लिए परिवहन सेवा शुरू कर सकता है। परिवहन मंत्री ने बताया कि इस बाबत कैबिनेट ने पहले ही मंजूरी दे दी थी लेकिन विभाग इस पर अब जरूरी गाइडलाइंस और एस ओ पी के हिसाब से काम कर रहा है। परिवहन मंत्री ने उम्मीद जताई कि इस बार नवरात्रि के लिए हिमाचल प्रदेश आने वाले तमाम श्रद्धालु के लिए प्रदेश में अंतर राज्य बस सेवाएं शुरू कर दी जाएगी और देशभर से श्रद्धालु अब हिमाचल प्रदेश आ सकेंगे। हिमाचल प्रदेश के परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर ने यह भी कहा कि फिलहाल नियमों के मुताबिक प्रदेश में नॉन एसी बसें चलाने पर सहमति दी जाएगी और प्रदेश में नवरात्रों के लिए अंतर राज्य बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। विक्रम ठाकुर ने उम्मीद जताई कि अंतर राज्य बस सेवा शुरू होने से प्रदेश के हजारों लाखों लोगों को लाभ होगा और साथ ही हिमाचल प्रदेश भ्रमण करने आने वाले सैलानियों और श्रद्धालुओं को भी लगभग 6 महीने से ज्यादा वक्त से आ रही परेशानियों का भी अंत हो जाएगा। विक्रम ठाकुर ने कहा कि इस बारे में जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और नवरात्रि के लिए यह सेवा शुरू हो जाएगी।
आज पूरा देश व प्रदेश कोरोना की चपेट में है, लेकिन कई महीनो बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो चुकी है। ऐसे में अब पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा है की प्रदेश में पंचायत चुनाव नहीं टलेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही पंचायत चुनावों की तिथि प्रदेश चुनाव आयोग द्वारा घोषित की जाती है वैसे ही पंचायत चुनाव करवाने के लिए पंचायती राज विभाग पूरी तरह से तैयार है। कंवर ने जानकारी देते हुए कहा कि पंचायती चुनावों से पहले जनसंख्या के आधार पर नई पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। गौरतलब है कि लगभग 3770 पंचायतों में दिसंबर तथा जानवरी में पंचायती चुनाव करवाए जाएंगे। तिथियां प्रदेश चुनाव आयोग पर निर्भर रहेंगी।
प्रदेश में छात्र हित के मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है जिसमें एबीवीपी अपने आंदोलन को अलग-अलग तरीके से आगे बढ़ाएगी। उसी के तहत आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला शिमला द्वारा शैक्षणिक जगत से जुड़ी विभिन्न माँगों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश एवं संसद शिमला सुरेश कश्यप को सौंपा ज्ञापन। एबीवीपी इस ज्ञापन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के छात्र युवाओं व शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को ध्यान में रख कर उचित समाधान की मांग करती हैं। एबीवीपी शिमला जिला संयोजक सचिन ने जानकारी देते हुए कहा कि जिस प्रकार पिछेल 11 सालों से राजनितिक भेंट के कारण केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अभी तक आरम्म नहीं हुआ है, प्रदेश भर के लगभग सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की कमी के कारण इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है और प्रदेश में चरमराई चिकित्सा व्यवस्था एवं मेडिकल महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे को सुधारा की भी माँग विद्यार्थी परिषद ने की है। विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगे- 1.केंद्रीय विवि के स्थाई परिसर का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर पूरा किया जाए। 2. कलस्टर विवि, हि.प्र विवि, तकनीकी विवि में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र की जाए। 3. नौणी विवि के भ्रष्ट कुलपति को बर्खास्त किया जाए। 4. निजी विश्वविद्यालयों में छात्रों का शोषण बंद किया जाए। 5. प्रदेश में चरमराई चिकित्सा व्यवस्था एवं मेडिकल महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे को सुधारा जाए। 6. छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाए। 7. एससी एसटी छात्रवृति जल्द जारी की जाए। 8. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम में आ रही अनियमितताओं को शीघ्र सुधारा जाए। 9.जेबीटी कमिशन में जेबीटी छात्रों को प्राथमिकता दी जाए। सचिन ने कहा कि यदि उपरोक्त मागों को लेकर सकारात्मक कदम जल्द से जल्द प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं उठता है तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन खड़ा करने में विद्यार्थी परिषद पीछे नहीं हटेगी।
बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा मंगलवार सुबह मां चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाने पहुंची हैं। उन्होंने आज माता के दर्शन किए और अपने परिवार के कुशलक्षेम के लिए मन्नत मांगी। सुनीता आहूजा ने बताया कि वह माता चिंतपूर्णी के दरबार में लंबे समय से आना चाह रही थी लेकिन देश भर में चल रहे लॉकडाउन के चलते वे यहां नहीं पहुंच पाई। अब जैसे जैसे परिस्थितियों सामान्य हो रही हैं वैसे ही उन्होंने मां चिंतपूर्णी के दरबार पहुंच शीश नवाया है। मंदिर के पुजारियों ने सुनीता आहूजा से मंदिर में पूजा अर्चना करवाई। वहीं उन्हें माता की चुनरी और चित्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया। बता दें गोविंदा का परिवार पहले भी कई बार माता के दर्शन करने आ चूका है।
शिमला। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल शिमला की रोगी कल्याण समिति की शासकीय निकाय की 11वीं बैठक आज स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं आयुर्वेद मंत्री डाॅ. राजीव सैजल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए 69 करोड़ 40 लाख रुपये के बजट व्यय को अनुमोदित किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णयों के तहत 50 रुपये से कम यूजर्ज चार्जिज में 5 रुपये की बढ़ौतरी की गई है। आईजीएमसी में चल रहे दवाईयों के एवं अन्य विभिन्न एक्सटेंशन काउंटर को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाया गया है, जिसके उपरांत नए टेंडरों के माध्यम से कांउटर प्रदान किए जाएंगे, जोकि 1 अप्रैल, 2021 से कार्य करना आरम्भ करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में तय किया गया है कि संस्थान परिसर में विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं को सेवाएं प्रदान करने के लिए आवश्यकता एवं जगह की उपलब्धता के उपरांत ही अनुमति प्रदान की जाएगी। संस्थान की रसोई सेवा को आउटसोर्स करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी बैठक में प्रदान की गई। आयुष्मान मित्र एवं हिम केयर साथी योजना को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से 10 आयुष्मान मित्र एवं हिम केयर साथी की नियुक्ति के लिए मंजूरी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक है जिसे निश्चित समयावधि पर किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने गैर सरकारी सदस्यों को बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, जिनके सुझाव सदैव आपेक्षित है। उन्होंने कहा कि इन सदस्यों का जुड़ाव सीधा जनता से होता है, जिससे लोगों की मांग के प्रति जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान का मानव संसाधन जीवंत पक्ष है और उसकी बेहत्तरी के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी समन्वय स्थापित कर एकजुट होकर संस्थान की प्रगति एवं रोगियों के कल्याण व सुविधा प्रदान करने के लिए कार्य करें। उन्होंने बैठक के दौरान संस्थान के विभिन्न अन्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उसे प्रदेश सरकार के समक्ष रखने तथा उन पर जल्द निर्णय लेकर क्रियान्वित करने का आश्वासन् दिया। बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रवि शर्मा, प्रधानाचार्य आईजीएमसी डाॅ. रजनीश पठानिया, चिकित्सा अधीक्षक आईजीएमसी डाॅ. जनक राज, चिकित्सा अधीक्षक कमला नेहरू अस्पताल डाॅ. अंबिका चैहान, संयुक्त निदेशक आईजीएमसी डाॅ. आर.एन. शर्मा, सेम डिकाॅट के अध्यक्ष डाॅ. यू.के. चंदेल, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सुरेश कपूर, कर्मचारी यूनियन के प्रदान सुखदेव वर्मा, वित्त अधिकारी देवेन्द्र पाल, एसीएफ प्रणव नेगी तथा चिकित्सा अधिकारी स्टोर डाॅ. साद रिजवी भी उपस्थित थे।
हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने खुद अपने सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने लिखा की "कुछ दिनों पहले मैं किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने से अपने आवास पर क्वारंटाइन था। गत दो दिनों से कोरोना के कुछ लक्षण आने के कारण आज कोरोना टेस्ट करवाया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।" कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से मुख्यमंत्री अपने आवास में ही आइसोलेट हो गए हैं। बता दें मुख्यमंत्री 3 अक्टूबर को हुए रोहतांग टनल उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे जिस का उद्घटान प्रधान मंत्री मोदी ने किया था। तत्पश्चात समारोह में शामिल बंजार के विधायक अरुण शौरी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और मुख्यमंत्री सहित अन्य नेता विधायक के प्राथमिक संपर्क में आए थे। जिस के बाद सीएम व अन्य नेता सेल्फ आइसोलेट हो गए थे। आज मुख्यमंत्री की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है।
आज से हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में 100 फीसदी शिक्षक व गैर शिक्षक लौट आएं हैं। सरकार द्वारा 12 अक्टूबर से सभी स्कूलों में नई व्यवस्था लागु कर दी है। वहीं स्कूलों को स्कूल आने वाले विद्यार्थियों की संख्या और कमरों के हिसाब से माइक्रो प्लान बना कर 17 अक्टूबर तक शिक्षा उपनिदेशकों को भेजने को खा गया है। साथ ही 15 से 17 अक्टूबर तक ई-पीटीएम कर अभिवावकों के साथ भी संवाद स्थापित करने कोख गया है। हालांकि विद्यार्थियों के स्कूलों में नियमित तौर पर बुलाने के फैसले का अभी इंतज़ार रहेगा। केंद्र सरकार द्वारा 15 अक्तूबर के बाद शिक्षण संस्थान खोलने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ा गया है। हिमाचल में इसको लेकर कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जाना था पर BJP के विधायक के पॉजिटिव आने के मुख्यमंत्री क्वारंटाइन हो गए। कारणवश कैबिनेट की बैठक स्थगित करनी पड़ी। ऐसे में शिक्षा विभाग अपने स्तर पर फैसला लेते हुए अब स्कूलों को छात्रों के लिए खोलने से फ़िलहाल इनकार किया है। केंद्र की एसओपी को लागू करते हुए शिक्षा विभाग ने फिलहाल सोमवार से सौ फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को बुलाने का फैसला लिया है। 12 से 16 अक्तूबर तक विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने का माइक्रो प्लान बनाया जाएगा।
चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में आवश्यक कृषि वस्तुओं का निर्यात 43.4 प्रतिशत से बढ़कर 53,626.6 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इस अवधि में 37,397.3 करोड़ रुपये था: कश्यप भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत ने कोविड-19 के संकट काल के समय भी अच्छा कार्य किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ निश्चय और सकारात्मक नीतियों के कारण भारत विश्व में सशक्त छवि वाला देश बनकर उभरा। पिछले छह महीनों में भारत का कृषि निर्यात फल-फूल रहा है, जबकि अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को कोविड -19 महामारी के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होनें कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में आवश्यक कृषि वस्तुओं का निर्यात 43.4 प्रतिशत से बढ़कर 53,626.6 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले इस अवधि में 37,397.3 करोड़ रुपये था। प्रमुख कमोडिटी समूह में गैर बासमती चावल निर्यात में 105 प्रतिशत की छलांग लगाई है। इसी तरह बासमती चावल 13 प्रतिशत, जमीनी अखरोट 35 प्रतिशत, परिष्कृत चीनी 104 प्रतिशत और गेहूं में 206 प्रतिशत की बढ़ौतरी दर्ज की गई हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि महीने-दर-महीने आधार पर, सितंबर, 2020 के दौरान आवश्यक कृषि वस्तुओं के निर्यात में सितंबर में 81.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 9,296 करोड़ रुपये है, जबकि 2019 में 5,114 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। उन्होंने कहा निर्यात में छलांग नई कृषि निर्यात नीति का परिणाम है, जिसे 2018 में लॉन्च किया गया था। उन्होंने कहा कि हाल ही में, सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये की एग्री इंफ्रा फंड की भी घोषणा की है। इससे देश और प्रदेश के कृषकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर प्रदेश की बालिकाओं और महिलाओं को बधाई दी और राज्य के लोगों से सामूहिक रूप से समाज में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि हम अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर लड़कियों को एक ऐसा विश्व प्रदान करने का संकल्प लें, जो सुरक्षित, समरूप, प्रगतिशील और अवसरों से भरपूर हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालिकाओं के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के अन्तर्गत लड़की के जन्म पर बीपीएल परिवारों को दी जाने वाली एकमुश्त सहायता राशि को 10,000 रूपए से बढ़ाकर 12,000 रूपए किया गया है। मदर टैरेसा असहाय मातृ सम्बल योजना के अन्तर्गत दो बच्चों के पालन-पोषण के लिए प्रदान की जाने वाली सहायता राशि को 4000 रूपए से बढ़ाकर 6000 रूपए प्रति वर्ष प्रति बच्चा किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत निराश्रित लड़कियों की शादी के लिए सहायता अनुदान को 40000 रुपये से बढ़ाकर 51000 रुपये किया गया है, जिससे लगभग दस हजार लड़कियां लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लड़कियों और किशोरियों को सशक्त बनाने और उनके खिलाफ अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से सक्षम गुड़िया बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 साल से 45 साल के मध्य की किशोरियों और महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने, उनका कौशल विकास करने और उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य में सशक्त महिला योजना लागू की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और संरक्षण हेतु नीतियों के सुझाव के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में महिला कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना के अन्तर्गत दूसरी कक्षा से आठवी कक्षा में प्रथम दो स्थान प्राप्त करने वाले बाल एवं बालिका आश्रमों के बच्चों को वित्तीय वर्ष 2019-20 में 10000 रूपए की वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।
हिमाचल प्रदेश वर्ष भर मछली की विभिन्न किस्मों को जुटाने के लिए प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत आरएएस तकनीक का उपयोग कर भूमि आधारित मछली पालन शुरू करेगा। राज्य इस योजना के तहत आरएएस तकनीक का उपयोग करते हुए वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच 15 मछली तालाब स्थापित करेगा। मछली किसानों के पहले बैच को आरएएस प्रौद्योगिकी का उपयोग करके ठंडे पानी की मछली पालन के तहत नवीनतम एक्वाकल्चर तकनीकों में प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड, हैदराबाद भेजा जाएगा। आरएएस तकनीक मछली की खेती करने का एक नया तरीका है, जिसके अंतर्गत पानी के जलाशयों, खुले टैंकों, तालाबों और नदियों में मछली पालन की पारंपरिक विधि के बजाय नियंत्रित वातावरण में पानी के सीमित उपयोग के साथ इन्डोर टैंकों में मछलियों को पाला जाता है। स्वच्छ पानी की सीमित मात्रा की नियमित आपूर्ति एक नियंत्रित तापमान पर सुनिश्चित की जाती है जो एक बंद और सुव्यवस्थित प्रणाली में विकास के लिए उचित है। यह विधि गर्मियों में पानी की कमी के दौरान राज्य के मछली किसानों के लिए आदर्श है क्योंकि किसान आरएएस प्रौद्योगिकी का उपयोग करके अंतर्देशीय मत्स्यपालन के माध्यम से पानी के कम उपयोग के साथ अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। कुल 15 मछली फार्मों में से पांच मछली फार्म ऊना, मंडी, कांगड़ा (पालमपुर और पोंग बांध) और सिरमौर जिलों में सामान्य पानी में और दस किन्नौर, सिरमौर, शिमला, मंडी में आरएएस तकनीक के तहत ठंडे पानी के मत्स्य केंद्रों में स्थापित किए जाएंगे। अगले पांच वर्षों के दौरान चंबा और कुल्लू जिलों में एकीकृत और समग्र रूप से राज्य में मछली उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य है। यह अनुमान है कि कुल 40 टन प्रति यूनिट वार्षिक मछली उत्पादन सामान्य आरएएस इकाई में प्राप्त किया जाएगा, जबकि ठंडे पानी के आरएएस में चार टन और 10 टन उत्पादन क्षमता इकाइयां हैं, जो महानगरीय शहरों में ट्राउट मछली की बढ़ती मांग को पूरा करेगा और संबंधित क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को सृजित करेगा। मत्स्य मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जब आरएएस प्रौद्योगिकी के तहत सभी 15 मछली फार्मों का संचालन किया जाएगा, राज्य में इस प्रौद्योगिकी के अंतर्गत हर साल लगभग 270 टन मछली का उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इंद्रधनुष ट्राउट को ठंडे पानी के आरएएस में जबकि सामान्य पानी में आरएएस पंगासियस, तिलापिया और काॅमन कार्प को पाला जाएगा। प्रारंभ में, कुल्लू, मंडी, चंबा, सिरमौर, शिमला, और किन्नौर जिलों में ठंडे पानी के क्षेत्रों में भूमि आधारित मछली फार्म स्थापित किए जाएंगे और जिला कुल्लू और किन्नौर में दो नए मछली फार्म आरएएस प्रौद्योगिकी के दौरान स्थापित किए जाएंगे। अनुमान है कि पीएमएमएसवाई के तहत अगले पांच वर्षों में राज्य में आरएएस प्रौद्योगिकी के तहत नई भूमि आधारित मछली फार्म स्थापित करने के लिए ढांचागत विकास के लिए 5 करोड़ निजी निवेश प्राप्त होगा। राज्य सरकार आरएएस प्रौद्योगिकी के तहत मछली फार्म स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करेगी, जिसके तहत सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत की दर से वित्तीय सहायता दी जाएगी जबकि अनुसचित जाति एवं जनजाति और महिलाओं को 60 प्रतिशत सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहाड़ी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की स्थलाकृति और भूगोल को ध्यान में रखते हुए पीएमएमएसवाई के तहत 50 लाख रुपये और 20 लाख यूनिट लागत के आरएएस प्रौद्योगिकी मछली फार्म स्थापित करने का प्रस्ताव है। राज्य में मछली को पूरे वर्ष भर पाला जाता है, हालांकि गर्मियों का मससैम मछलियों की वृद्धि के लिए सबसे अनुकूल है। मौसम की स्थितियों के बावजूद आरएएस प्रौद्योगिकी से पूरे वर्ष मछली की वृद्धि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आरएएस तकनीक के तहत नए मछली फार्मों से किसानों को पानी के कम इस्तेमाल से साल भर विभिन्न किस्मों की मछलियों के उत्पादन में मदद मिलेगी और साथ ही वे कृषि,घरेलू और सिंचाई के लिए अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग भी कर सकेंगे। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि नियमित रूप से मछली पालन के दौरान तालाबों या टैंकों से पानी को पूरी तरह से पंप करके फेंकने की जरूरत होती है क्योंकि यह विषाक्त अमोनिया से संतृप्त हो जाता है।
जन कल्याण समिति मांझू पलोग राहू का एक प्रतिनिधि मंडल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप से प्रदेश कार्यालय दीप कमल चक्कर शिमला में मिला उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप को अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत करवाया और साथ ही पुणे एक ज्ञापन भी सौंपा। इस प्रतिनिधि मंडल की अध्यक्षता जन कल्याण समिति के महासचिव कृष्ण चंद्र शर्मा ने की उन्होंने बताया कि पलोग पंचायत अर्की से मंजू गांव तक जो रास्ता जाता है वहां कमेटी स्वयं ही कचरा फेंक देती है जिससे वहां की जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में मेट्रो नाला में काफी सीवरेज की समस्या भी है जिसके कारण पीलिए की गंभीर समस्या हल लोगों को गिरफ्तार कर सकती है पहले एक बार जब हेपेटाइटिस के मामले बढ़े थे तब आईपीएच महकमे ने नई पाइप लाइन यहां डाली थी पर फिर भी उसके टूटने का भाई जनता को लगता है। समिति ने मांग की कि मटरू नाला में एक चेक डैम लगाया जाए जिससे जनता आने वाले समय में सुरक्षित रहें। साथ ही समिति ने बथालंग से पलोग तक का जो संपर्क मार्ग है जो हर चीज से मिलता है उसको पीडब्ल्यूडी के हवाले कर दिया जाए जिसकी आने वाले समय में रखरखाव पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट करें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि इन सभी समस्याओं पर शीघ्र ही कार्यवाही की जाएगी।
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में स्थापित पेन एण्ड पैलीएटिव इकाई को और विकसित करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी ताकि रोगियों के अंतिम समय में परामर्श व अन्य सहयोग प्रदान कर उनके दुख और दर्द को कम करने में सक्षम हो सके। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान शिमला में विश्व हाॅस्पिटल एवं पैलिएटिव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में नई विद्या देश में विकसित हो रही है, जिस पर आज सार्थक चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इस इकाई का गठन इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में अभी हाल ही में हुआ है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इस इकाई को और अधिक विकसित किया जाएगा ताकि यह पूर्ण विकसित विभाग के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर सके। उन्होंने बताया कि कई रोगों में रोगी की अवस्था ऐसी आ जाती है जब किसी भी चिकित्सा से लाभ नहीं मिलता और रोगी के अंतिम क्षण दुख और दर्द भरे होते हैं तब इस विद्या के माध्यम से रोगी के दुख-दर्द को कम करने तथा चिकित्सा दृष्टि से रोगी को मानसिक सहारा प्रदान कर परिवार वालों के परामर्श से विभिन्न दवाइयों और प्रयोगों के माध्यम से रोगी का उपचार किया जाता है। इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों ने विभाग के विस्तार के लिए विभिन्न सुझाव एवं मांगे प्रस्तुत की। डॉ. सैजल ने कहा कि विभिन्न मांगों व सुझावों पर जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानाचार्य आईजीएमसी डॉ. रजनीश पठानिया, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज, डॉ. राकेश शर्मा (नेशनल फाउंडर चेयर पर्सन ऑफ पेन एंड पिलीएटिव) तथा डॉ. विनय सौम्या भी उपस्थित थे।
रोहड़ू। रोहड़ू उपमंडल की रोहल पंचायत के जतवानी गांव ने स्थानीय महिला मण्डल ने गांव मे दो सोलर लाइट स्थापित की है। महिला मण्डल जतवानी की प्रधान मनोरमा ज़िंटा ने बताया की ये दोनों सोलर लाइट समोली गांव की समाज सेविका उर्मिला ब्राक्टा ने अपने निजी कोष से प्रदान की है जिसकी कीमत करीब 12 हज़ार है। उन्होंने बताया कि इन पैनल के लगने से गांव मे सार्वजनिक स्थानों पर अँधेरे की समस्या ख़त्म हों चुकी है। उर्मिला ब्राक्टा की ओर से गांव को दी गई इन सोलर लाइट्स के लिए महिला मंडल की उप प्रधान सपना ज़िंटा, सचिव मनोरमा, कोषाध्यक्ष छोटी देवी व सदस्य प्रिया, आशा, रुमा देवी, मज़ल देवी, विजय ज़िंटा ने उनका आभार व्यक्त किया है।
रोहड़ू। आम आदमी पार्टी रोहड़ू की बैठक अध्यक्ष वीर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता मे रिवर व्यू होटल मे हुई। इस बैठक मे पार्टी के ऑक्सीमीटर अभियान को विधान सभा के हर घर ले जाने को लेकर रणनीति तैयार की गई। वहीं युथ हिमाचल के नामो पर भी चर्चा की गई। इस बैठक के दौरान चार नए लोग आप मे शामिल हुए जिनमें रणसार के कुतरा गांव से सुन्नी जेहटा, सचिन, नरेश व देवीधार से दया नन्द ठाकुर शामिल हुए। इस मौके पर उपाध्यक्ष नवीन चौहान, सुनील नेकटा, मेशर सिंह, सितेन्दर शोंगी, गोविन्द व प्रेम लाल पुहारता उपस्थित रहे।
स्कैंडल पॉइंट......शिमला आए हर व्यक्ति ने ये नाम तो सुना ही होगा, इस पॉइंट से गुज़रे भी होंगे लेकिन इस जगह पर ऐसा क्या स्कैंडल हुआ की इसका नाम स्कैंडल पॉइंट रख दिया गया, ये सवाल भी बहुचर्चित है। बात बहुत पुरानी है तो कहानियां भी बहुत सी बन गईं है। कुछ कहते की इस जगह पर हिंदुस्तान का पहला लव स्कैंडल हुआ था तो कुछ इस तथ्य को मानने से इंकार करते है। स्कैंडल पॉइंट से जुड़ी कहानियों में से एक कहानी है पाटियाला के महाराजा भूपेंदर सिंह की। बात 1892 की है, ब्रिटिश शासन में शिमला के वाईस रॉय और पाटियाला के महाराजा भूपेंदर सिंह अच्छे दोस्त हुआ करते थे और अक्सर वाइसराय के घर पर आया जाया करते थे। उसी समय पटियाला के राजा को वाईसरॉय की बेटी से महब्बत हो गई और दोनों ने शादी करने का फैसला किया लेकिन वाईस रॉय को ये रिश्ता मंज़ूर नहीं था और उन्होंने इसका विरोध भी किया। लेकिन दोनों प्रेमी अपना मन मना चुके थे। ब्रिटिश काल में शिमला के मालरोड पर शाम के समय ब्रिटिश अधिकारी अपने परिवार के साथ टहलने आया करते थे मगर यहां हिन्दुस्तानियों को आने की अनुमति नहीं थी। एक दिन शाम जब सब मॉलरोड पर टहल रही थे तो पटियाला के महाराजा ने अंग्रेज वाइसराय की बेटी को उठा लिया था। इसे पहला लव स्कैंडल कहा जाता है और जिस जगह पर यह कथित वारदात हुई उसे आज स्कैंडल प्वाइंट के नाम से जाना जाता है। महाराजा भूपिंद्र सिंह ने वाइसराय लार्ड कर्जन की बेटी को उठाया था। कहा जाता है कि महाराजा भूपिंद्र सिंह घोड़े पर सवार होकर आए और मालरोड पर टहल रही लार्ड कर्जन की बेटी को उठा ले गए। गुस्से में वायसराय ने उनका शिमला आने पर प्रतिबंध लगा दिया। महाराजा ने भी अपनी आन-बान और शान के लिए शिमला से भी ऊंचा नगर बसाने की ठान ली और चायल का निर्माण कर डाला। पटियाला के महाराजा भूपिंद्र सिंह का जन्म 12 अक्टूबर 1891 में हुआ। वर्ष 1900 में उन्होंने राजगद्दी संभाली और 38 साल तक राजपाट किया। उन्होंने ऑनरेरी लेफ्टीनेंट कर्नल के तौर पर प्रथम विश्व युद्ध में भाग लिया था। लीग ऑफ नेशंज में 1925 में भूपिंद्र सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। महाराजा क्रिकेट के शौकीन थे। वर्ष 1911 में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान भी वही थे। यहां हुआ था हिंदुस्तान का पहला लव स्कैंडल हालांकि कुछ इतिहासकार इस बात से इत्तफाक नहीं रखते। उनका दावा है कि लार्ड कर्जन साल 1905 तक वाइसराय रहे। उनकी तीन बेटियां थीं। देखा जाए तो 1905 में महाराजा की आयु 14 साल की थी। लार्ड कर्जन की बड़ी बेटी आइरिन की उम्र उस समय महज 9 साल थी।पंजाब यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर रह चुकी मंजू जैदका अपनी किताब स्कैंडल पॉइंट में लिखती है की इस जगह से उनकी बहुत सी यादें जुडी है, उन्होंने इसपर काफी शोध भी किया है लेकिन महाराजा भूपेंदर सिंह की उम्र का तकाज़ा रखते हुए ये कहानी सच नहीं हो सकती। लेखिका का मानना है की इस कहानी में भूपेंदर सिंह के पिता राजेंदर सिंह को होना चाहिए क्यूंकि उनकी एक अँगरेज़ बीवी और बेटा था। हलाकि सच क्या है ये तो एक रहस्य ही रहेगा जो इतिहास में दफ़न हो चूका है।
रेलवे स्टेशन शिमला में तैनात कांस्टेबल पूर्णानंद को रेलवे मिनिस्टर्स मेडल फॉर ब्रेवरी अवार्ड से नवाजा गया है। पुरस्कार स्वरूप पूर्णानंद को रेलवे की ओर से नकद एक लाख रुपये की राशि दी गई है। रेल प्रबंधक गुरिंद्र मोहन सिंह ने कांस्टेबल पूर्णानंद के लिए सराहना स्वरूप पुरस्कार के लिए उच्च अधिकारियों को अनुशंसा की थी। शिमला रेलवे स्टेशन के आरपीएफ प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि साल 2019 में कांस्टेबल पूर्णानंद रात्रि ड्यूटी पर स्टेशन परिसर में तैनात थे। इस बीच, एक चोर रेलवे स्टेशन परिसर में चोरी के इरादे से दाखिल हुआ। कांस्टेबल ने उसे देखा तो पकड़ने के लिए पीछे दौड़ लगाई। चोर ने चाकू से पूर्णानंद की छाती पर तीन वार किए। लहूलुहान हालत में भी कांस्टेबल ने करीब 50 मीटर तक चोर का पीछा किया। अंधेरे का फायदा उठाकर चोर भागने में कामयाब रहा, लेकिन कांस्टेबल ने उसका चेहरा पहचान लिया था। इसी बिनाह पर चोर को पकड़ने में कामयाबी मिली। अपनी जान की फिक्र किए बिना रेलवे संपत्ति की रक्षा करने पर कांस्टेबल पूर्णानंद को ब्रेवरी अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
शिमला। राजधानी के ढली क्षेत्र में पेट्रोलपंप के पास पुलिस ने तीन युवकों को चिट्टा संग धर दबोचा है। युवकों के पास से 4 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है। पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफतार कर लिया है। युवकों की पहचान 19 वर्षीय अरीन चौहान इंदर नगर ढली, 23 वर्षीय सीधांशु गांव मेल्थी तहसील टिक्कर रोहड़ू, 19 वर्षीय क्षितिज वर्मा गांव शाहनी तहसील आनी जिला कुल्लु के तौर पर हुई है। पुलिस को यह कामयाबी गश्त के दौरान मिली है। पुलिस की टीम जब ढली क्षेत्र में गश्त पर थी तो इनकी शक के आधार पर तलाशी ली। यह तीनों युवक गाड़ी में बैठे हुए थे, तभी इनके पास से यह चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस की तीनों युवकों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इन युवकों ने चिट्टा कहां से लाया था और इसकी सप्लाई कहा करनी थी। पुलिस इस मामले को लेकर गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। पुलिस को शक है कि इनके पिछे कोई बड़ा तस्कर तो नहीं है। पुलिस जल्द ही इन्हें कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस ने युवकों को चिट्टा संग पकड़ा है। तीनों युवकों से पुलिस की पूछताछ जारी है। जल्द ही इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है।
कंडक्टर भर्ती को लेकर कोर्ट गए 44 अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर आई है। अब ये अभ्यर्थि पथ परिवहन निगम की बस कंडक्टर की भर्ती परीक्षा दे सकेंगे। बता दें कर्मचारी चयन आयोग ने एचआरटीसी बंस कंडक्टर पोस्ट कोड 762 के अंतर्गत 568 पदों को भरने के लिए दिसंबर 2019 में ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। नियमों के अनुसार बस कंडक्टर के लिए 12वीं पास होना व वैध बस कंडक्टर लाइसेंस होना अनिवार्य है। आयोग के पास करीब 65,000 आवेदन पहुंचे जिसमें से 5,000 आवेदन अपात्र पाए जाने के बाद रद्द कर दिए गए। भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की शर्त के कारण पूर्व में एचआरटीसी में कौशल विकास योजना में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके करीब 44 अभ्यर्थी इस परीक्षा से बाहर हो गए। आरएंडपी रूल से नाखुश यह अभ्यर्थी प्रदेश उच्च न्यायालय में चले गए। हाल ही में न्यायालय ने कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिए कि एचआरटीसी में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके दसवीं पास युवाओं को बस कंडक्टर के लिए आवेदन करने की अनुमति दी जाए। चयन आयोग ने इन सभी 44 अभ्यर्थियों से 7 दिन के भीतर ऑफलाइन आवेदन परीक्षा शुल्क सहित मांगे हैं। इन अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड भी ऑफलाइन ही प्रदान किए जाएंगे।
भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के उपायुक्तों के साथ आगामी नवरात्री की तैयारियों संबंधी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को नवरात्रों में प्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि सभी उपायुक्त अपने संबंधित जिलों की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 के दृष्टिगत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर श्रद्धालुओं को सुविधाजनक दर्शन की सुविधा उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि इस दौरान शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर को अधिक समय तक खुला रखने की व्यवस्था भी स्थापित की जाएं। उन्होंने कहा कि नवरात्री के दौरान मंदिरों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जाए। कोविड-19 से संबंधित स्वच्छता संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ पुजारियों, दुकानदारों आदि को भी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की अपनी एक समृद्ध धार्मिक संस्कृति है जिसका वृत्तचित्र के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से सभी मंदिरों से जुड़े वृत्तचित्र का दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारित करके प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को देश के कोने-कोने में पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों के परिसरों में नवग्रह वाटिका का निर्माण कर संबंधित मंदिर न्यास और ग्रामीण लोग इसका रख-रखाव करें। मंदिर न्यास अपने साथ स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर मंदिर में चढ़ने वाले फूलों से अग्रबत्ती या धूप तैयार कर महिलाओं को आर्थिक लाभ प्रदान करने के प्रयास करें। श्रद्धालुओं को मंदिरों से जुड़ी जानकारी से अवगत करवाने के लिए जिलों में सांस्कृतिक केन्द्रों को भी स्थापित किया जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति आरडी धीमान, निदेशक भाषा, कला एवं संस्कृति कुमुद सहित सभी संबंधित जिलों के उपायुक्त इस बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश सर्कल की चीफ पोस्ट मास्टर जनरल नीरा रंजन शेरिंग ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। विश्व डाक दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि डाक कर्मी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हुए अपने जीवन को जोखिम में डालकर न केवल पत्र, बल्कि आवश्यक वस्तुओं, दवाओं, भोजन और सुरक्षा किटों को कोरोना योद्धाओं की लड़ाई के लिए वितरित किया है। उन्होंने कहा कि आज डाक सेवाओं में आम आदमी का भरोसा बढ़ा है और अधिक से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने इन सेवाओं में अधिक प्रौद्योगिकी शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कोरोना महामारी की अवधि के दौरान पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने में डाक कर्मियों की सेवाओं की सराहना की। उन्होंने वाययुमार्ट नामक ई-काॅमर्स कंपनी की मदद से चुनिंदा शहरों में पोस्ट ऑफिस के माध्यम से सेब के वितरण और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए हिमाचल प्रदेश पोस्टल सर्कल की पहल की सराहना की। राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के पक्षियों पर बीस चित्र पोस्टकार्डों का एक सेट जारी किया और हिमाचली गुड़िया पर आधारित एक चित्र पोस्टकार्ड का भी विमोचन किया। नीरा रंजन शेरिंग ने राज्य में डाक सेवाओं की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश डाक मंडल अपने 2795 डाकघरों के माध्यम से पूरे राज्य में डाक सेवाएं प्रदान कर रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत राज्य के लगभग 3.65 लाख पेंशनरों को पोस्ट आॅफिस के माध्यम से हर तिमाही में पेंशन वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सभी डाकघरों में लगभग 51.9 लाख विभिन्न प्रकार के बचत खाते हैं। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के नए पद के साथ लगभग 3.5 लाख खाते खोले गए हैं। निदेशक, डाक सेवाएं दिनेश कुमार मिस्त्री भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शिमला जिले के चौपाल पुलिस थाना को देश के शीर्ष दस पुलिस थानों में स्थान दिया है। यह निर्णय अपराध की रोकथाम, सक्रिय उपायों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मापदंडों के आधार पर किया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय के रैंकिंग इंटेलिजेंस ब्यूरो ने विभिन्न मापदंडों के आधार पर देश के शीर्ष पुलिस थानों का चयन किया है। पुलिस थानों की उपलब्धि का आकलन करते हुए मामलों के निपटान, मामलों की खोज, सामुदायिक पुलिस, बैक एंड वर्क और कानून व्यवस्था के रख-रखाव को भी पुलिस थानों की उपलब्धियों में मद्देनजर रखा गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नई दिल्ली में नवंबर अथवा दिसंबर महीने के दौरान होने वाले सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपनी उपलब्धियों के बारे में एक छोटी प्रस्तुति देने के लिए देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले थानों के एसएचओ/प्रभारी को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू और पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी है और आशा व्यक्त की है कि वे अपना अच्छा काम जारी रखेंगे और हिमाचल को गौरवान्वित करते रहेंगे।
आज प्रदेश में कोरोना से दो मौते हो गई हैं। बता दें नेरचौक मेडिकल कॉलेज में बिलासपुर के एक व्यक्ति और एक कुल्लू के व्यक्ति की मृत्यु हो गई हैं। बिलासपुर निवासी मृतक 58 वर्ष का था और कई अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित था। कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से देर रात उसने दम तोड़ दिया। वहीं कुल्लू निवासी मृतक ने शुक्रवार सुबह दम तोडा। वह 55 वर्षीय थे व कुल्लू के भुंतर से ताल्लुक रखते थे।
शिमला। पिछले कुछ समय से हिमाचल के चम्बा, मंडी, शिमला, किन्नौर में लगातार भूकम्प के झटके महसूस किए जा रहे हैं। अब स्पीति जिला में भी भूकम्प के झटके महसूस किए गए हैं। शुक्रवार रात 2 बजकर 43 मिनट पर स्पीति में भूकंप का झटके महसूस किया गया। भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.3 आंकी गई है। भूकंप का केन्द्र जमीन के भीतर 5 किलोमीटर भीतर लाहौल स्पीति में ही था। फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई ख़बर नहीं है।
एक तरफ प्रदेश के लोग कोरोना नामक महामारी का दंश झेल रहे हैं तो वहीं दूसरी मार केंद्र सरकार ने किसान बिल को लागू करके किसानों पर डाल दी है। यह बात आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में पूर्व मंत्री एवं सचिव AICC सुधीर शर्मा ने कही। पहले तो प्रदेश के लोगों ने कोरोना काल में बमुश्किल खेती-बाड़ी कर खाद्यान्न का उत्पादन किया लेकिन अब जब उनकी फसल तैयार होकर बाजार में आ रही है तो उन्हें अपनी फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। प्रदेश के किसानों को मक्की व धान का वाजिब दाम तक नहीं मिल रहा। जिस किसान बिल को केंद्र व राज्य सरकार किसान हितैषी बता रही है उसके शुरुआती परिणामों से पता चल रहा है कि किसान बिल के दूरगामी परिणाम क्या होंगे। केंद्र सरकार ने इस बार मक्की का एमएसपी 1,850 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है लेकिन प्रदेश के किसानों से कोई भी सरकारी ऐजेंसी मक्के की खरीद नहीं कर रही परिणामस्वरूप किसानों को अपनी फसल 800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से व्यापारियों को बेचनी पड़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2630 एसएमसी शिक्षकों को राहत पहुंचाई है। बता दें SC ने हिमाचल हाईकोर्ट के एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी के माध्यम से हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले शिक्षक संघ अध्यक्ष मनोज रोंगटा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई है। मनोज रोंगटा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर का SC में प्रदेश सरकार की ओर से एसएलपी दायर करने और शिक्षकों के हित में खड़े होने के लिए आभार जताया है। बता दें की हिमाचल प्रदेश HC ने बीते महीने 2630 एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने का फैसला सुनाते हुए इनकी जगह छह माह में नियमित शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला दिया था। ये एसएमसी शिक्षक प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों में काफी वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अस्थाई तौर पर इनकी तैनाती की थी। एसएमसी शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को लेकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए शिक्षकों के साथ प्रदेश सरकार ने भी एसएलपी दायर की थी।


















































