-कोरोना से कैसे निपटेगी सरकार, अस्तपालों में न पूरी व्यवस्था न ही कांउसलिंग का प्रावधान -धरातल पर नजर नही आ रही सरकार, 6 माह बाद भी व्यवस्थाओं के नाम पर केवल दावे पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि हिमाचल में कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस के साथ ही अब कोरोना संक्रमण से आय दिन होती मौतो से लोगों में भय का मौहाल व्याप्त होने लगा है। उन्होंने कहा है कि राज्य में अब तक 133 लोगों की कोरोना सक्रमण की चपेट में आने से मौंत हो चुकी है, बावजूद सरकार की तैयारियां धरातल पर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि शिमला स्थित कोविड अस्पताल डी.डी.यू में कोरोना संक्रमित एक महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने के सामने आए मामले ने सरकारी तंत्र की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ कर दिया है। कोविड अस्पतालों में स्वास्थओं सुविधाओं का अभाव है। सुधीर शर्मा ने कहा है कि कोरोना संकट काल को शुरु हुए 6 माह से अधिक की अवधि से ज्याया का समय हो चुका है बावजूद जमीनी स्तर पर सरकार कोरोना से लडऩे के लिए कुछ भी नहीं कर पाई है। नतीजा यह है कि प्रदेश में अब कोरोना संक्रमित महिला सरकारी तंत्र से हारकर आत्महत्या करने को विवश हुआ है, जो प्रदेश सरकार की नाकामी को उजागर करती है। सुधीर शर्मा ने कहा कि अब रोजाना 300 से अधिक लोगों प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे है लेकिन कोविड अस्तपालों के नाम तय करने के अलावा सरकार ने उन अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने को लेकर कोई पग नहीं उठाए है। बढ़ते मामलों और सरकार के गलत फैसलों से लोगों के जहन में कोरोना का डर बैठने लगा है जबकि सरकरी ने अभी तक अस्तपालों में कांउसलिंग तक का प्रावधान नहीं किया है। उन्होंने कह कि बिना तैयारियों से कोरोना के साथ लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती है, ऐसे में सरकार अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अस्पताओं में व्यवस्थाओं को सुधारे। मंत्री से लेकर विधायक आ चुके पॉजिटिव सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में मंत्री से लेकर आला अधिकारी संक्रिमत आ चुके है। सरकार भी कोविड-19 के सामुदायिक संक्रमण के प्रसार से इनकार नहीं कर रही है, ऐसे में परिणाम ज्यादा घातक हो सकते है। उन्होंने कहा कि यह समय जनता को राहत और सुविधाएं देने है। सरकार को स्वास्थय सेवाओं को बेहतर करने के लिए जमीनी कदम उठाने होगें।
हिमाचल प्रदेश के राजभवन में कोरोना ने दस्तक दे दी है। राजभवन में राज्यपाल के एडीसी कुमार गौरव कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। एडीसी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने खुद को आईसोलेट कर लिया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर, एडीसी का पूरा निजी स्टाफ आईसोलेट हो गया हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी के कोरोना सैंपल लेने की तैयारी कर रहा है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच आत्महत्या का पहला दुखद मामला सामने आया है। यहां शिमला के डीडीयू में आधी रात को एक संक्रमित महिला ने आत्महत्या कर ली है। महिला चौपाल की रहने वाली बताई जा रही है। मामले की पुष्टि पुलिस अधीक्षक शिमला मोहित चावला ने की। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया की चौपाल निवासी 54 वर्षीया महिला के कोरोना पॉजिटिव आने पर उसे 18 सितम्बर को चौपाल से डीडीयू रेफर किया गया था। महिला तब से डीडीयू के आइसोलेशन वार्ड में एडमिट थी। महिलान ने पिछली रात वार्ड के बाहर बनी गैलरी में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने भाजपा पर तीखा हमला किया है। जारी प्रेस बयान में राणा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा की बीजेपी जनादेश से विश्वासघात कर रही है व जनादेश के बहुमत का भी लगातार दुरुपयोग कर रही है। राणा ने खुलासा किया है कि केंद्र की तर्ज पर सत्ता को कारोबार का जरिया मान चुकी बीजेपी प्रदेश के संसाधनों को भी दोनों हाथों से लूटने में लगी है। राणा ने कहा कि केंद्रीय कांगड़ा बैंक में हुए खुलासे के मुताबिक बैंक के चेयरमैन को नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कागजों के हेरफेर के तिकड़मों के चलते लाखों रुपए का लाभ दिया जा रहा है। राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कॉर्पोरेशन एक्ट 1968 तथा नियम 1971 की धारा 41एफ के चलते किसी ऐसे व्यक्ति को बैंक का निदेशक नहीं बनाया जा सकता है, जो कि बैंक से कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ ले रहा हो। यही प्रावधान बैंक के उपनियमों की धारा 29सी में भी रखा गया है, लेकिन केंद्रीय कांगड़ा बैंक की कलाकारी का नमूना यह रहा कि बैंक के चेयरमैन को लाखों का लाभ देने के लिए 1 मार्च 2018 को एफिडेविट दायर करवाया गया कि वह अपने पारिवारिक जसूर स्थित भवन के अपने हिस्से का किराया नहीं लेंगे। यह भवन केंद्रीय कांगड़ा बैंक को किराए पर दिया गया है। इतना ही नहीं परोक्ष लाभ की इस जुगाड़बंदी में किराया न लेने व अन्य कार्य करने का अधिकार बैंक के चेयरमैन ने अपने चाचा को दे दिया। 3890 रुपए से शुरू हुए इस बैंक के किराए को यकायक बढ़ाकर 1 मार्च 2019 को 28 हजार रुपए कर दिया और गजब यह रहा कि किराए की बढ़ोतरी का फैसला बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में किया गया। जिसके चेयरमैन खुद केंद्रीय कांगड़ा बैंक के चेयरमैन रहे, तथा बैंक के प्रबंधक निदेशक भी इस बैठक में मौजूद रहे। इतना ही नहीं 1 मई 2007 से 30 अप्रैल 2012 तक 32280 रुपए किराए की बढ़ोतरी 22 मार्च 2019 को की गई। फिर 1 मई 2012 से लेकर 28 फरवरी 2019 तक फिर से किराए की बढ़ोतरी करके 48544 कर दी, जिसका भुगतान भी आनन-फानन में 22 अप्रैल 2019 को बैंक द्वारा कर दिया गया। राणा ने कहा कि बीजेपी का यह कारनामा यह बताने के लिए काफी है कि लोग इस पार्टी में सत्ता का कारोबार करने के लिए पद हासिल करते हैं व संसाधनों की लूट के लिए नियमों को ताक पर रखते हैं। वहीं, आम आदमी को महंगाई व बेरोजगारी की सौगात देते हैं।
इंडो-तिब्बत-बार्डर-पुलिस बल भारत तिब्बत सीमाओं की रक्षा करने के अलावा बचाव कार्य, सीमा सुरक्षा, आतंकवाद रोधी कार्यों जैसे अनेक कार्यों से राष्ट्र की सेवा कर रहा है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के सेक्टर हेडक्वाटर शिमला में फ्लैग इन सेरेमनी की अध्यक्षता करते हुुए कही। उन्होंने इस अवसर पर गार्ड ऑफ़ ऑनर की सलामी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र आईटीबीपी के बलिदान और बहादुरी का ऋणी है उन्होंने कहा कि आईटीबीपी देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आइटीबीपी को हर सम्भव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आइटीबीपी के पास एक विशेष पर्वतारोही बल है और यह बल विशेषकर अधिकारियों और जवानों को पर्वतारोहण और स्कीइंग में प्रशिक्षित करता है। उन्होंने आईटीबीपी की उस टीम को बधाई दी जिसने 22,222 फीट की ऊँचाई पर पर्वतारोहण अभियान ‘लियो पारगिल चोटी-2020’ कोड ‘नाम-योद्धा’ को फतह किया था। यह अभियान 17वीं वाहिनी रिकांगपिओं द्वारा 20 अगस्त 2020 से 5 सितम्बर 2020 तक चलाया गया था। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस तरह के अभियानों से जवानों में नेतृत्व अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित होता है। इसके अतिरिक्त बहादुरी और साहस के साथ अनिश्चित और विशेष परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता में वृद्धि होती है। मुख्यमंत्री ने अभियान के दौरान आईटीबीपी के स्वच्छता अभियान की सराहना की, जिस दौरान बल ने लगभग 50 किलोग्राम नाॅन बायोडिग्रेडेबल कचरा एकत्र किया और वहां की स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दिया। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय लोगों और सशस्त्र बलों की सुविधा के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों के बुनियादी ढांचे और संचार के अन्य साधनों को मजबूत करने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश की चीन के साथ 260 किलोमीटर सीमा लगती है, जिसकी सुरक्षा का महत्वपूर्ण कार्य आईटीबीपी कर रहा है। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर आईटीबीपी द्वारा लियो पारगिल ध्वज व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। बाद मेें मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी दौरा किया। सैक्टर हैड क्वाटर शिमला के उप महानिरीक्षक प्रेम सिंह ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत कर उप कमाण्डेंट कुलदीप सिंह और धर्मेन्द्र ठाकुर की अगुवाई में सफलतापूर्वक पूरे किए गए माउंट लियो पारगिल अभियान के बारे में अवगत करवाया। इस अभियान में हेड कांस्टेबल प्रदीप नेगी, काकू कदरेटा, कांस्टेबल आशीष नेगी और अन्य भी टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने आईटीबीपी की विभिन्न गतिविधियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि आईटीबीपी भविष्य में युवाओं में इस प्रकार के अभियानों के प्रति रूचि उत्पन्न करने के उद्देश्य से ऐसे साहसिक खेलों का आयोजन करता रहेगा। 50वीं आईटीबीपी बटालियन के कमाण्डेंट विजय देशवाल ने इस अवसर पर आभार व्यक्त किया।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि भारत स्काउट्स और गाइड्स हिमाचल प्रदेश का शान्ति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। यह युवाओं को सक्रिय नागरिक बनाने, क्षमता विकसित करने और शान्ति के प्रसार की दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। राज्यपाल ने यह बात राजभवन से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस के अवसर पर कही। राज्यपाल ने भारत स्काउट्स और गाइड्स द्वारा किए गए शान्ति के प्रयासों और हर वर्ष मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस कार्यक्रम के आयोजन में भागीदारी के लिए संगठन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘जब हम शान्ति के लिए शिक्षा की बात करें, तो हमें समझना होगा कि हम केवल बच्चों के बारे में नही सोच रहे है। शान्ति की शिक्षा में हम सभी छात्र हैं और हम सभी को अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए’। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जब शान्ति को अधिक खतरा है, तब इसके महत्व को समझने की और अधिक जरूरत है। विश्व शान्ति का प्रसार व रक्षा करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शान्ति का तात्पर्य मन की स्थिरता से है। ऐसा कोई भी कार्य जो स्वयं के हित में हो, दूसरे के हित में हो, प्रकृति के हित में हो और हमारा मन उस कार्य को करने के बाद स्थिर हो जाए और चेहरे पर मुस्कान आए वही शान्ति है। इस वर्ष के थीम शेपिंग पीस टूगैदर का अर्थ है कि हम सब मिलकर शान्ति को स्थापित करें और विश्व शान्ति के लिए दया, करूणा और आशा के साथ कार्य करे। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस हमें शान्ति के लिए अपनी प्रगति का आंकलन करने और संकल्प को दोहराने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि वर्तमान समय की वैज्ञानिक प्रगति और वैश्विक विकास के दौर में शान्ति अभी भी नाजुक स्थिति में है, जिसकी और अधिक देखभाल व सुरक्षा की आवश्यकता है। वैश्विक क्रान्ति के दृष्टिगत अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस का महत्व और अधिक है। उन्होंने कहा कि हम सभी को शान्ति के स्कूल में बेहतर छात्र बनने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए ताकि हम अपने घरों, आसपास और अपने देश में शान्ति कायम कर सके। इससे पहले निदेशक उच्च शिक्षा और भारत स्काउट्स और गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त अमरजीत कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और समाज में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए संगठन के कार्यों की सराहना की। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने डाॅ. विजय सिंह और आस्था अग्निहोत्री की पुस्तक ‘न्यू रेडिकल अप्रोच इन इन्टरडिस्पिलिनरी रिसर्च’ का विमोचन किया। पुस्तक का फोकस इन्टरडिस्पिलिनरी अप्रोच आॅफ रिसर्च है, यह पुस्तक शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की पुस्तक विभिन्न विषयों के साथ सहयोग करने के लिए शोर्धकर्ताओं को एक मंच प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। डाॅ. विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को पुस्तक में उपलब्ध विभिन्न जानकारियों से अवगत करवाया।
हिमाचल में कोरोना से हो रही मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार को भी प्रदेश में कोरोना से 2 मौते हुई है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मनाली की 66 वर्षीय बुजुर्ग महिला की कोरोना से मौत हो गई। महिला को कुल्लु से नेरचौक रेफर किया गया था। समखेतर बाजार के 80 वर्षीय बुजुर्ग की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। हिमाचल में कोरोना का कहर जारी है। प्रदेश में प्रतिदिन सैंकड़ों लोग कोरोना संक्रमित पाए जा रहा है। हिमाचल में आम लोगों के साथ नेता भी कोरोना की चपेट में आ रहे है। खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं शिमला संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रभारी पुरूषोतम गुलेरिया व उनकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद इसकी जानकारी दी है।
भाजपा की तेज़तर्रार नेता व पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा ने सोमवार को पंचकूला के एक निजी अस्पताल में आखिरी सासें लीं। उनके आकस्मिक निधन से पुरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। बता दें श्यामा पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। सोमवार को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और उन्हें नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ से उन्हें चंडीगढ़ PGI रेफेर कर दिया गया पर श्यामा ने बीच रस्ते में ही दम तोड़ दिया। पूर्व मंत्री श्यामा ने 16 सितम्बर को ही प्रधानमंत्री मोदी को फेसबुक पर शुभकामनाएं प्रेषित की थीं, पर उस समय कौन जनता था वह चंद रोज़ में दुनिया को अलविदा कह देंगी। श्यामा अपनी आखिरी समय तक राजनीती व समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहीं। उनका राजनितिक करियर 42 सालों का रहा। वह तीन बार विधायक और एक बार मंत्री भी रहीं। उन्होंने भाजपा को जिला सिरमौर में पहचान दिलाई व संगठन के लिए कई बड़े कार्य किए। उन्होंने छात्र राजनीती से अपना करियर शुरू किया। उन्होंने पहली बार 1977 में नाहन विधानसभा से चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की। श्यामा शर्मा नाहन से तीन बार विधायक 1977, 1982 व 1990 में रही। 1977 में वह तात्कालीन सरकार मेें पंचायती राज, खाद्य एवं आपूर्ति तथा विधि मंत्री रही। इसके बाद प्रेम कुमार धूमल की सरकार में राज्य योजना बोर्ड की उपाध्यक्ष भी रही। मुख्यमंत्री ने जताया शोक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा के निधन पर शोक जताया है। सीएम ने कहा श्यामा शर्मा ने पार्टी और जनता की निस्वार्थ एवं समर्पण भाव से सेवा की है। भगवान उनकी दिवंगत आत्मा काे शांति प्रदान करे व परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।
प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी इत्यादि हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह बात खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने घुमारवीं में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आईपीडी ब्लाॅक का भूमि पूजन करने के उपरांत उपस्थित जन समूह को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल का यह भवन दो वर्ष के भीतर तैयार करके जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लोगों को अपने इलाज के लिए अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा यहीं पर उन्हें हर प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों को घर-द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की सरकार के कुशल नेतृत्व में इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणवत्तायुक्त सुविधाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में नियमित रूप से सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं अस्पताल में वर्तमान में 10 डाॅक्टर कार्यरत है जिनमें से 9 विशेषज्ञ डाॅक्टर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में 2 हजार से भी अधिक चिकित्सकों के पद भरे हैं। जिला में सभी पीएचसी में डाॅक्टर कार्यरत है। पैरा मेडिकल स्टाॅफ को भी पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र में एचपी शिवा प्रोजेक्ट प्रदेश में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सरकार किसानों को सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से किसान हर बैठे ही लाखों रुपये की आय अर्जित कर अपने जीवन स्तर को सुधार सकते है। उन्होंने युवा पीड़ी सही रास्ता दिखाते हुए कहा कि पारम्परिक खेती प्रधान कार्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं तथा अन्यों को पारम्परिक खेती करने के लिए प्रेरित करें ताकि किसानों की आय में दोगुना बढ़ौतरी हो और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो और उन्हें रोजगार के लिए बाहर का रूख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कोविड-19 कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए लोगों को न केवल प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा अपितु दूसरों को भी नियमों के पालन करने के लिए जागरूक बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव के लिए सभी लोग सही ढंग से मास्क पहने तथा दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम दो गज की दूरी का पालन करें और नियमित तौर पर बार-बार अपने हाथ साबुन से धोएं। सभी लोग अनुशासन में रहकर दिशा निर्देशों का पालन करेंगे तभी संकट की घड़ी में सुरक्षित रहकर कोरोना महामारी से एकजुट होकर निपट सकते है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थिति लोगों की समस्याएं सुनी और इनका मौके पर समाधान सुनिश्चित किया तथा कुछ समस्याओं को निपटाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दरोच ने मुख्यातिथि तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। नगर परिषद अध्यक्ष घुमारवीं राकेश चैपड़ा ने भी अपने विचार रखें। इस अवसर पर एसडीएम शशिपाल शर्मा, बीएमओ अवनीश शर्मा, मण्डल महामंत्री राजेश शर्मा, राजेश ठाकुर, युवा मोर्चा से पंकज चंदेल, जिला परिषद सदस्य पुरूषोतम शर्मा के अतिरिक्त महेन्द्र पाल रतवान, हेम राज सांख्यान, धनी राम सोंखला, प्रधान ग्राम पंचायत घुमारवीं किशोरी लाल शर्मा उपस्थित रहे।
कांग्रेस मंडल रोहड़ू के अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री अपने परिवार के साथ सिर्फ चांशल पर सेर सपाटा करने आते हैं। चांशल को विकसित करने के नाम पर बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती हैं। मुख्यमंत्री स्वंय चांशल को सौ करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने घोषणा कर चुके हैं, लेकिन आज तक धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ है। कुल्ला ने कहा कि शनिवार को वन एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया अपने परिवार के साथ चांशल घाटी घुमने आए थे। बीते ढाई साल में सरकार के कई मंत्री चांशल घाटी घुमने आ चुके हैं। इन मंत्रियों ने क्षेत्रवासियों को कई बड़े स्वप्न दिखाए। प्रदेश सरकार का आधे से अधिक कार्यकाल समाप्त हो चुका है। अभी तक चांशल व रोहड़ू क्षेत्र को विकसित करने की योजनाएं घोषणाओं से आगे नहीं बढ सकी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में विकास के नाम पर एक भी नया पत्थर नहीं लगाया, रोहड़ू में भाजपा के नेताओं ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। कांग्रेस कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के रिब्बन काटने का कार्य भाजपा के मंत्री कर रहे हैं।
कांग्रेस ब्लाक जुब्बल कोटखाई ने जुब्बल तहसील के पशु चिकित्सालयों में रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है। जुब्बल तहसील मुख्यालय के पशु चिकित्सालय में बीते तीन वर्षों से पशु चिकित्सक सहित अधिकतर कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं जिससे स्थानीय जनता को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। आए दिन कार्यालय में कूड़े का अंबार लगा रहता है। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सीपीएस रोहित ठाकुर ने पशु चिकित्सालय जुब्बल के नए भवन का शिलान्यास किया था। भवन निर्माण के लिए लगभग 41 लाख रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई थी। उन्होंने कहा कि ठेकादार को भवन निर्माण का कार्य आबंटित हो चुका था, लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में तीन वर्ष बीत जाने के बाद पशु चिकित्सालय जुब्बल का कार्य रुका पड़ा हैं। स्थानीय विधायक सबकुछ देखकर भी लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। क्षेत्र की जनता ने पशु पालन मंत्री से मांग की हैं कि जनता की समस्याओं को देखते हुए शीघ्र ही पशु चिकित्सालय जुब्बल में रिक्त पड़े पदों को भरा जाए और रुके हुए भवन निर्माण को तुरन्त शुरू किया जाए। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, राजिन्दर मांटा, अनीता चौहान, लोकपाल शरकोली, अनिल चौहान, चंदर घेजटा, विनोद मोखटा,नरेश वर्मा, विनोद शर्मा, सतीश चौहान, उमेश कुमार, हरीश तेजटा, इंदर तेजटा रोहित शर्मा, राकेश ख़ोख्टा, राजिन्दर मलोकटा, पिंकू तांटा, दीपू पीरटा ने कहा कि जुब्बल क्षेत्र में मंढोल, भोलाड़, सरस्वतीनगर पशु चिकित्सालय में चिकित्सक पद रिक्त हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 2008 से लेकर लगातार फर्जी डिग्रियों के मामले में बोलता आ रहा है और प्रदेश में जिस प्रकार से प्राइवेट यूनिवर्सिटी द्वारा अपने कैंपस में यह गोरखधंधा अपनाया गया है उसका विद्यार्थी परिषद लंबे समय से विरोध करती आ रही है उसी के परिणाम स्वरूप अब जाकर मानव भारती यूनिवर्सिटी पर गाज गिरी है। बहुचर्चित चार लाख फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) ने इन्फोर्समेंट केस इन्फॉरमेशन रिपोर्ट ( ईसीआईआर ) दर्ज कर ली है । ईसीआईआर दर्ज करने के साथ ईडी ने मामले की नियमित जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि विवि प्रबंधन की ओर से फर्जी डिग्री बेचकर अकूत संपत्ति अर्जित करने और उस काले धन को कानूनी रूप देने के लिए कई जगह निवेश करने के इंडी को प्रारंभिक जांच में साक्ष्य मिले हैं । जल्द विवि ईडी धन शोधन की जांच पूरी कर विश्वविद्यालय के हिमाचल और एडीजी राजस्थान समेत कई राज्यों में काले धन वेणुगोपाल से खरीदी गई संपत्तियों को सीज कर सकता है। हिमाचल पुलिस ने फर्जी डिग्री का गोरखधंधा चलाने के आरोप में विवि के खिलाफ सोलन जिले में तीन एफआईआर दर्ज की थीं इन मामलों की जांच सोलन पुलिस की एक एसआईटी को दी थी, जिसने विवि का संचालन करने वाले राजकुमार राणा, विवि रजिस्ट्रार अनुपमा , सहायक रजिस्ट्रार मनीष गोयल, डाटा ऑपरेटर प्रमोद कुमार के अलावा विवि के नशा मुक्ति केंद्र के संचालक जतिन नागर को गिरफ्तार कर रही जेल भेज दिया था। प्रांत मंत्री राहुल राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से इस प्रकार के काले धंधे के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करता आया है जिसके परिणाम स्वरूप आज एक विश्वविद्यालय के खिलाफ केस दर्ज किया गया है उसी प्रकार पूरे हिमाचल प्रदेश में ऐसे बहुत से निजी विश्वविद्यालय है जहां पर अभी भी इस प्रकार की हेरा फेरी और फर्जी डिग्रियां बेची जाती है और शिक्षा क्षेत्र में यह बहुत बड़ा खिलवाड़ है। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि आने वाले समय में प्रदेश केअनियमिताएं पाए जाने वाले सभी निजी विश्वविद्यालयों की पूर्ण तह जांच की जाए और जो जो विश्वविद्यालय ऐसी गतिविधियों में सम्मिलित पाया जाता है उन सभी को गिरफ्तार किया जाए और ऐसी विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द की जाए।
चांशल क्षेत्र को शीतकालीन खेलों की राष्ट्रीय स्पर्धाओं के आयोजन के लिए विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के आदेशानुसार गंभीरता पूर्वक विचार किया जा रहा है। वन युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने चांशल क्षेत्र का दौरा कर स्थिती का जायजा लिया। उन्होनें कहा कि चांशल क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को विकसित करने की अपार संम्भावनाएं है जिसके तहत पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग, सकिंग, कैंपिंग साइट तथा ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि पर्यटन विकास के साथ साथ स्थानीय लोंगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होनें कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटकों के आने से जहाँ लोगों को आर्थिक तौर पर लाभ मिलेगा वहीं अतराष्ट्रीय स्तर पर चांशल व इसके आस पास के क्षेत्र विकसित होंगे। उन्होनें आज छवारा ब्लाॅक के करशाली में नई मंजिल नई राहें योजना के तहत करशाली माता मंदिर के समीप 32 लाख रुपए से मानव निर्मित झील का उद्घाटन भी किया। उन्होनें कहा कि नैसर्गिक सौन्दर्य से भरपूर खरशाली क्षेत्र में ट्रैकिंग टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके तहत 29 लाख रुपए की राषि खर्च कर सरुलेख चांशल तक ट्रैकिंग मार्ग को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र की सड़कों को शीघ्र ही दुरुस्त किया जाएगा। ताकि विभिन्न क्षेत्रों से संबधित राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाएं इन क्षेत्रों में आयोजित की जा सकें। इस दौरान उन्होनें खरशाली में देवदार का पौधा भी रोपित किया। उन्होनें आज रोहडू इनडोर स्टेडियम का दौरा भी किया और स्टेडियम में पायी गई विभिन्न खामियों को जल्द दूर करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होनें आज रोहडू क्षेत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक भी ली तथा क्षेत्र के विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होनें कहा कि नालदेरा, कूफरी से चांशल क्षेत्र को शीतकालीन राष्ट्रीय खेलों एवं साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा। उन्होनें कोरोना संक्रमण काल से बचाव के लिए सभी आवश्यक मानकों को अनिवार्य रुप में दो गज की दूरी, माॅस्क को प्रयोग करना तथा सेनेटाइजर का प्रयोग करना अनिवार्य होगा, जिससे महामारी के बचाव में सभी जनमानस को सहयोग मिलेगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास भूमि एवं बंधक बैंक तथा रोहडू विधानसभा की भाजपा प्रत्याशी शशि बाला, प्रधान मुख्य अरण्यपाल प्रदेश, डाक्टर सविता शर्मा, भाजपा महासचिव व प्रभारी जिला महासू बिहारी लाल शर्मा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदिपनी भारद्वाज, मंडल अध्यक्ष रोहडू बलदेव रांटा, जिला उपाध्यक्ष जिला महासू भाजपा दिनेश रतवान, जिला उपाध्यक्ष अनूसूचित मोर्चा
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संजौली महाविद्यालय इकाई द्वारा शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर को को ज्ञापन सौंपा। इकाई उपाध्यक्ष सुशान्तिका वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थी परिषद काफी लंबे समय से इन मांगों को प्रशासन के सामने रखती आई है लेकिन इस पर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इसमे हमारी मांग इस प्रकार से है : महाविद्यालय में छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण जल्द से जल्द किया जाए। महाविद्यालय में छात्रों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। अंग्रेजी, इतिहास, इकनॉमिक, B.sc, सोशियोलॉजी में ऑनर्स कोर्स शुरू किए जाए। सेल्फ फाइनेंस कोटा के तहत प्रत्येक विषय में न्यूनतम पांच प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाए। महाविद्यालय के मास्टर प्लान के तहत जल्द काम शुरू किया जाए। महाविद्यालय में स्टेडियम का निर्माण जल्द किया जाए। जिला संयोजक सचिन ने बताया कि केंद्रीय उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली एक मात्र ऐसा महाविद्यालय है जिसको उत्कृष्ट की उपाधि मिली है परंतु अभी भी यहाँ पर छात्राओं के लिए छात्रावास नहीं बना है और न इस महाविद्यालय का मास्टर प्लान अभी भी पूर्ण है। एक मात्र उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र होने पर प्रवेश प्रक्रिया में काफी होड़ इस महाविद्यालय में होती है और बहुत मेरिट इस महाविद्यालय में जाति है जिसके चलते यहाँ पर सभी को प्रवेश नहीं मिल पाता। अतः ऐसी परिस्थिति में यहां पर सेल्फ फाइनांस के रूप में भी पांच प्रतिशत सीटे हो जिससे महाविद्यालय के लिए भी आर्थिक तौर पर भी लाभदायक रहेगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी देते हुए बताया कि अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने आश्वासन देते हुए कहा कि इन मांगों को ध्यान में रख कर इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
रोहड़ू उपमंडल के मंढारली गांव मे एक 45 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजेटीव पाया गया है। वहीं उपतहसील सरस्वतीनगर के गिलटाडी से भी दो महिलाए पॉजेटीव पाई गई हैं। इनमें एक व्यकित को कोविड केयर सेंटर रोहड़ू शिफ्ट किया गया है। गिलटाडी से संबधित दोनों महिलाओं का टेस्ट शिमला में लिया गया था, जो 12 सितम्बर से शिमला में ही रखा गया है।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने प्रेस बयान में कहा है कि बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत हिमाचल की प्रतिभावान बेटी हैं। उन्हें अगर धमकी मिली है तो उस धमकी को गंभीरता से लेते हुए उनकी रक्षा-सुरक्षा करना देश और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। कंगना को जो सुरक्षा दी गई है, उसका विपक्षी पार्टी होने के नाते वह स्वागत करते हैं लेकिन देश का ध्यान असली मुद्दों से भटका कर कंगना के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना गलत बात है। बीजेपी वर्तमान में ऐसा ही कुछ कर रही है। राणा ने कहा कि अब इस मुद्दे को लेकर देश की सत्तासीन राजनीति जनता का ध्यान भटकाने में लगी है जबकि देश में हर मामले को लेकर त्राही-त्राही मची हुई है। छोटे कारोबारियों के कारोबार बंद होने को हैं जबकि अधिकारी व कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। देश में लगातार बेरोजगारी बढ़ रही है। चारों ओर भ्रष्टाचार व अराजकता का बोलबाला सिर चढ़ कर बोल रहा है। सरकार व सिस्टम पर दलाल माफिया हावी व प्रभावी है। विकास की जीडीपी शुन्य से रसातल की ओर चलती हुई माइनस 24 फीसदी तक पहुंच चुकी है। राणा ने कहा कि यह आंकड़ा झूठ की राजनीति कर रही सरकार का है। ऐसे में इस पर भरोसा करना वर्तमान दौर में कोई अक्लमंदी नहीं होगी। ऐसे में स्वार्थ की राजनीति से ओतप्रोत बीजेपी ने अब अपनी राजनीति के लिए अभिनेत्री कंगना रनौत को टूल बनाया है, ताकि देश के लोग असली मुद्दों पर सवाल ही न उठा सकें। उन्होंने कहा कि बीजेपी कंगना की सुरक्षा के मुद्दे पर लोगों का ध्यान फोक्स करवाकर अपनी नाकामी व नालायकी से बचने का असफल प्रयास कर रही है।
रोहड़ू। रोहड़ू उपमंडल में बढ़ती वाहन दुर्घटनाएं चिंता का विषय है। उपमंडल में पिछले दो दिनों में घटी दो दुर्घटनाओं में 4 लोगों ने जान गंवाई है। रोहड़ू पुलिस ने याता यात नियमों मे कोताही बरतना इन घटनाओं का कारण बताया है। डीएसपी रोहड़ू सुनील नेगी ने बताया कि अधिकतर दुर्घटनाएं मानवीय भूल के कारण घटती हैं। यह बड़े खेद की बात है कि हम लोग अपने बहुमूल्य जीवन को हर पल खतरे में डाल कर चलते हैं। वाहनों को अप्रशिक्षित हाथों में देना, शराब पीकर वाहन चलाना, वाहन चलाते हुए मोबाइल सुनना, तेज़ रफ्तारी से चलना, ओवरलोड होना, गलत तरीके से ओवरटेक करना, रात को हाई बीम का प्रयोग करना, अत्यधिक थके व नींद में वाहन चलाना, दुपहिया वाहनों पर हेलमेट न पहनना, गाड़ी को समय पर मेंटेनेंस व चेक न करना, खराब सड़कों पर वाहन चालन का रिस्क लेना व सड़क पर स्टंट करना आदि दुर्घटना के कुछ मुख्य कारण हैं। उन्होने बताया कि यह आपके हाथ में है कि आपको अपनी ज़िंदगी पसंद है या मौत या फिर एक अपंग जीवन दुर्घटनाओं का परिणाम हम जब जानते हैं लेकिन दुर्भाग्य यह कि हम सबक नहीं ले रहें हैं। मेरी यह हिदायतें है कि सबी वाहव चालक व मालिक यातायात के नियमों की अनुपालना करते हुए एक ज़िम्मेवार नागरिक होने का परिचय दें जिसमें आपकों ध्यान रहें कि वाहनों को ओवरलोड न करें, शराबी, नशेड़ी व अप्रशिक्षित को गाड़ी न दें, अन्यथा दुर्घटना होने पर वाहन मालिक भी आरोपी बनेगा। नशा करके न तो वाहन चलाएं न ऐसे वाहन में बैठें जिसे कोई नशा करके चला रहा हो, सीट बेल्ट का प्रयोग करें। इन बातों का ध्यान रखना भी ज़रूरी है कि सदैव सुरक्षित वाहन चलाएं व ट्रैफिक नियमों का पालन करें। मात्र पुलिस के चालान से बचने के लिए सुरक्षा अपनाने का दिखावा न करें। अनुशासन, सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक नियमों को अपने जीवन मे उतारें व सड़क पर स्वयं सुरक्षित होकर दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें।
रोहड़ू। रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा नें अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन रोहड़ू विकास खण्ड के भलाडा पंचायत के पड़छना (धारा) गाँव का दौरा किया। वहां के महिला मंडल की महिलाओ व स्थानीय लोगों ने विधायक मोहन लाल ब्राक्टा का फूल मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया। महिला मण्डल की महिलाओ ने विधायक के समक्ष अपनी समस्याओं से अवगत कराया। वहीं विधायक ने समस्याओं को सुना व हर प्रकार की सहायता करने का आश्वसन भी दिया। इस दौरान विधायक के साथ कांग्रेस मण्डल रोहड़ू से रमेश दिवांटा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, अमृत फिष्टा, महासचिव रविन्द्र जोरटा राजिंदर फिश्टा, राजेश फिश्टा, रंजीत गेदटा सचिव कांग्रेस मण्डल रोहड़ू, विजय दिवान्टा, अशोक डांडा जिला प्रवक्ता शिमला युवा कांग्रेस, रविन्द्र फिश्टा, प्रधान महिला मण्डल पूनम फिष्ठा, सदस्य महिला मण्डल पड़चना धारा बिना, ममता फिष्टा, लक्षमी फिष्टा, उषा फिश्टा, पार्वती, सकीना, रेखा, पिमा, संधिरा, प्रोमिला, रचना, श्यामा, राधा, सलोचना, कल्पना व समस्त महिला मण्डल की सदस्यों के इलावा स्थानीय लोग भी मौजूद रहें।
मजदूर संगठन सीटू 15 सितम्बर को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किए गए पांच मजदूर विरोधी अध्यादेशों के खिलाफ विधानसभा पर हल्ला बोलेगा। सीटू ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर उसने इन अध्यादेशों को वापिस न लिया तो मजदूर सड़कों पर उतरेंगे। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि वे मजदूर विरोधी कदमों से हाथ पीछे खींचें अन्यथा मजदूर आंदोलन तेज होगा। उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के इस संकट काल को भी शासक वर्ग व सरकारें मजदूरों का खून चूसने व उनके शोषण को तेज करने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान में श्रम कानूनों में बदलाव इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार भी इन्हीं नीतियों का अनुसरण कर रही है। कारखाना अधिनियम 1948 में तब्दीली करके हिमाचल प्रदेश में काम के घण्टों को आठ से बढ़ाकर बारह कर दिया गया है। इस से एक तरफ एक-तिहाई मजदूरों की भारी छंटनी होगी वहीं दूसरी ओर कार्यरत मजदूरों का शोषण तेज़ होगा। फैक्टरी की पूरी परिभाषा बदलकर लगभग दो तिहाई मजदूरों को चौदह श्रम कानूनों के दायरे से बाहर कर दिया गया है। उद्योगपतियों द्वारा कानूनों की अवहेलना करने पर उसका चालान नहीं होगा व उन्हें खुली छूट दी जाएगी। मजदूरों को ओवरटाइम काम करने के लिए बाध्य करने से बंधुआ मजदूरी की स्थिति पैदा होगी। ठेका मजदूर अधिनियम 1970 में बदलाव से हजारों ठेका मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे। इस से ठेकेदारों व स्थापनाओं को खुली छूट मिल जाएगी। औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में परिवर्तन से जहां एक ओर अपनी मांगों को लेकर की जाने वाली मजदूरों की हड़ताल पर अंकुश लगेगा। हड़ताल करने पर उन्हें दण्डित किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर मजदूरों की छंटनी की पक्रिया आसान हो जाएगी व उन्हें छंटनी भत्ता से भी वंचित होना पड़ेगा। तालाबंदी, छंटनी व ले ऑफ की प्रक्रिया भी मालिकों के पक्ष में हो जाएगी। इन बदलावों से हिमाचल प्रदेश के 73 प्रतिशत मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे क्योंकि यहां पर ज़्यादातर उद्योग माइक्रो, स्मॉल व मीडियम एंटरप्राइज हैं। मॉडल स्टेंडिंग ऑर्डरज़ में तब्दीली करके फिक्स टर्म रोज़गार को लागू करने से मजदूरों को केवल तीन अथवा छः महीने तक नौकरी पर रखा जाएगा व उनके 240 दिन पूरे न होने के कारण उन्हें मजदूर का दर्ज़ा देने से ही महरूम कर दिया जाएगा। इस से मजदूर छंटनी भत्ता, ग्रेच्युटी, नोटिस पे, श्रम विभाग के तहत समझौता वार्ता जैसी प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 की धारा 18 के तहत मेंटेनेंस ऑफ रिकोर्डज़ एन्ड रेजिस्टर्ज़ को कमज़ोर करने से श्रमिकों की पूरी सामाजिक सुरक्षा खत्म हो जाएगी व मालिक मजदूरों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखेंगे व किसी भी हादसे की स्थिति में उनसे अपना पल्ला झाड़ लेंगे। उन्होंने मजदूर विरोधी कदमों व श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलावों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने सरकार को चेताया है कि अगर पूंजीपतियों व उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाकर मजदूरों के शोषण के कदमों को रोका न गया तो मजदूर सड़कों पर उतरकर सरकार का प्रतिरोध करेंगे।
डाइट शिमला कोरोना काल में अध्यापकों के लिए समय समय पर क्षमताओं को निखारने के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करती रहती हैI इसी कड़ी में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान डाइट शिमला की तरफ से हिमाचल प्रदेश स्टेट रामानुजन मैथ क्लब के साथ मिलकर 'विज्ञान को सरलता से जानिए' पर दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबनार का आयोजन किया जा रहा हैI इस वेबनार में देश के जाने-माने शिक्षाविद तथा वैज्ञानिक विभिन्न विषयों पर अपना व्यक्तव्य पेश करेंगेI कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ यशवंत सिंह परमार नौनी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर के आर धीमान करेंगेI अन्य स्त्रोत व्यक्तियों में विज्ञान प्रसार, भारत सरकार के वरिष्ठ वैज्ञानिक कपिल त्रिपाठी, इसरो के पूर्व वैज्ञानिक भरत चनियारा, ए पी जे के वाय एस हरियाणा के डायरेक्टर दर्शन लाल, एनसीटीएस के डायरेक्टर एस वी बुरली तथा ऑल इंडिया रामानुजन मैथ क्लब के डायरेक्टर चंद्रमौली जोशी होंगेI डाइट के प्रधानाचार्य जयदेव नेगी ने बताया कि यह कार्यशाला सभी अध्यापकों के लिए, खासकर विज्ञान अध्यापकों के लिए अत्यंत रुचिकर होने वाली हैI इस वेबिनार के संयोजक डाइट शिमला के प्रवक्ता डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि यह वेबिनार यूट्यूब चैनल-'हिमाचल प्रदेश स्टेट रामानुजन मैथ्स क्लब' पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। हमारे अध्यापक साथी इस चैनल पर जाकर इसका लाभ उठा सकते हैं। राष्ट्रीय वेबिनार का समापन 15 सितंबर को समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के निदेशक आशीष कोहली द्वारा किया जाएगाI इस वेबिनार में देश भर के शिक्षक भाग ले रहे हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान शिक्षण को प्रोत्साहित करने वाला यह पहला आयोजन है।
शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाने को लेकर अगले सप्ताह एसओपी जारी होगी। केंद्र सरकार से जारी अनलॉक-4 की गाइडलाइन के अनुसार 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 21 सितंबर से स्कूलों में बुलाने को हरी झंडी मिल गई है। केंद्र ने अभिभावकों के सहमति पत्र पर बच्चों को स्कूलों भेजने को मंजूरी दी है। केंद्र ने इसका अंतिम फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ा है। केंद्र की ओर से बीते दिनों एसओपी भी जारी की गई है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी एसओपी तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए फाइल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को भेज दी है। केंद्र से जारी गाइडलाइन में 30 सितंबर तक स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने राज्यों को अपने स्तर पर फैसले लेने के लिए कुछ छूट भी दी है। प्रदेश शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन से बाहर वाले स्कूलों में नवीं से जमा दो कक्षा को शुरू करने के लिए एसओपी जारी कर दी है। हिमाचल ने भी अपनी एसओपी तैयार कर ली है। केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से 50 फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को भी स्कूल बुलाने को कह दिया है। ऐसे में पहली से आठवीं कक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई की मानीटरिंग 21 सितंबर से शिक्षक स्कूल आकर ही करेंगे। एसओपी में शिक्षकों और विद्यार्थियों के आने-जाने को लेकर सभी नियम तय किए जाएंगे।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने जारी एक प्रैस बयान में कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितम्बर को जन्मदिवस है तथा पार्टी प्रत्येक वर्ष प्रधानमंत्री का जन्मदिवस "सेवा सप्ताह’’ के रूप में मनाती है। प्रत्येक वर्ष पार्टी के सभी कार्यकर्ता विभिन्न प्रकार के सेवा के कार्यक्रम पूरे सप्ताहभर करके प्रधानमंत्री की दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। यह सेवा सप्ताह 14 सितम्बर से 20 सितम्बर, 2020 तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा जिसके लिए प्रदेश उपाध्यक्ष राम सिंह को प्रभारी बनाया गया है। सुरेश कश्यप ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का 70वां जन्मदिवस है इसलिए इस सेवा सप्ताह में प्रत्येक मण्डल में कम से कम 70 दिव्यांगों को विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग एवं उपकरण प्रदान करने का पार्टी ने निर्णय लिया है। इसी प्रकार गरीब भाईयों एवं बहनों को आवश्यकतानुसार चश्में प्रदान किए जाएंगे। उन्होनें कहा कि प्रत्येक जिले में गरीब बस्ती एवं अस्पतालों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फल वितरण के कार्यक्रम किए जाएंगे तथा कोविड-19 से प्रभावित 70 लोगों को स्थानीय आवश्यकतानुसार एवं अस्पताल के माध्यम से प्लाजमा डोनेट किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा को प्रभारी बनाया गया है।
रोहड़ू। उपमंडल के अंतर्गत सुंगरी शरमाली सड़क पर शुक्रवार को पिकअप गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई है। हादसे में तीन व्यक्ति की मौत हुई है। दो व्यक्ति घायल हुए हैं। घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिकअप गाड़ी देर शाम सुंगरी शरमाली मार्ग पर नाला में दुर्घटनाग्रस्त हुई। गाड़ी सुंगरी से रोहड़ू की ओर जा रही थी। गाड़ी में कुल पांच लोग स्वार थे। सभी सेब की ग्रेडिंग पैकिंग का कार्य कर रहे थे। स्थानीय लोगों से हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगो के सहयोग से घायलों को घटनास्थल से निकाला गया। हादसे में दो की मौत मौके पर हुई है। एक व्यक्ति की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई है। जबकि दो व्यक्ति घायल हुए हैं। मृतकों की पहचान गौरव चौहान(26) पुत्र ओम प्रकाश, विजय कुमार(23) पुत्र सुनील कुमार, निखिल(26) पुत्र रवि कुमार गांव खेड़ा डाकघर कालका, जिला पंचकुला(हरियाणा) के रुप मे हुई है। घायलों में गौरव चौहान पुत्र ओम प्रकाश तथा विनोद सिंह पुत्र भरत सिंह गांव खेड़ा डाकघर कालका, जिला पंचकुला(हरियाणा) शामिल है। डीएसपी रोहड़ू सुनील नेगी ने बताया कि हादसे में तीन व्यक्तियों की मौत हुई है। दो घायल हुए हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल कांग्रेस को नया प्रदेश प्रभारी दिया है। अब तक हिमाचल कांग्रेस की कमान रजनी पाटिल के हाथों में थी। हाईकमान ने अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला को हिमाचल कांग्रेस की ज़िम्मेदारी सौंपी है। बता दें की शुक्रवार देर रात कांग्रेस ने पार्टी में बड़ा फेरबदल किया है। हिमाचल का प्रभार संभाल रही रजनी पाटिल को जम्मू -कश्मीर कांग्रेस की कमान दी है। हाईकमान ने शुक्रवार को महासचिवों और प्रभारियों की तैनाती की है। बताया जा रहा है की हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष व रजनी पाटिल के बीच अच्छा तालमेल बैठा हुआ था, लेकिन अब नए प्रभारी आने के बाद राठौर को तालमेल बनाने में समय लग सकता है। वहीं कांग्रेस वर्किंग कमेटी(सीडब्ल्यूसी)में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा को स्थान मिला है। इससे प्रदेश में आनंद शर्मा के समर्थकों काफी गदगद हैं। पंजाब की छह साल तक प्रभारी रही आशा कुमारी के बदले अब प्रभारी हरीश रावत बनाए गए हैं।
दलित शोषण मुक्ति मंच की बैठक रोहड़ू में हुई। बैठक में जिला संयोजक विवेक कश्यप मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर विवेक कश्यप ने दलित शोषण मुक्ति मंच के बारे में बताते हुए कहा कि दलित शोषण मुकित मंच कोई विशेष जाति का संगठन ने होकर सभी अनुसूची जाति व अनुसूचित जनजाति का मंच है। इस मंच से हम दलितों से जुड़े मुद्दों को उठाते है। ये किसी राजनीतिक पार्टी का पिछलगगू संगठन नहीं होते हुए दलित का संगठन है। इस बैठक में दलितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई की सरकार द्वारा दलितों को दी जाने वाली राहत से अपने हाथ पीछे खींच रही है जिससे प्रदेश में लगातार दलितों पर हमले बढ़ रहे है। केदार जिंदन, नेरवा से रजत, करसोग से बिमला देवी इसके उदाहरण है जिन्हे दलित होने की वजह से मार दिया गया है। लगातार दलितों को मिलने वाली आरक्षण में कटौती की जा रही है। कई जगह तो बिल्कुल भी आरक्षण नहीं है। एस सी व एस टी उपयोजना के तहत जो बजट आता है वो दलित बस्तियों तक पहुंचता ही नहीं है। दलित शोषण मुकित मंच ने तय किया है कि 16 सितंबर को विधानसभा के बाहर होने वाले प्रदर्शन में रोहड़ू से भी भारी संख्या में लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा लेगे और सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे। बैठक में मीर सुख, बबलू, पदम चंद, विनोद, सरण दास मनोज, देसराज, विनोद, बबलू ब्रागता, निशु, विशाल, प्रेम राज, सिंह नाथ आदि मौजूद रहे।
Rohru : लगातार सेब के गिरते दाम बागवानों की चिन्ता का कारण बन रहे है। इस वर्ष सेब की फसल पिछले साल की अपेक्षा आधी बताई जा रही है और आजकल जो सेब के दाम बागवानों को मिल रहे है वह करीब 8 से 10 साल पहले के मुकाबले है। हालांकि अब मार्केट मे सेब की क्वालिटी पहले की अपेक्षा काफी ज्यादा अच्छी है, बाबजूद इसके भी बागवानों को लगातार गिरते दाम के कारण चिन्ता सताए जा रही है। इसे आढतियों व खरीददारों की मिलिभगत कहे या बिचोलियों की लुकाछिपी कहे। आखिर पता लगाना आवश्यक है नहीं तो बागवान हर वर्ष इसी तरह पिसता जाएगा। आम आदमी पार्टी महासू के जिलाध्यक्ष लक्ष्मन नेगी बताया कि किसान बागवानों के हित के लिए आम आदमी पार्टी हर समय हर परिस्थिति मे खड़ी है। उनके हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि इस साल बाहर से 1पेटी का भी आयात नहीं हुआ है जबकि हर साल 10 से 15 करोड़ सेब कि पेटिया मंगाई जाती थी। आयात के द्वारा देश में इतनी मांग के बावजूद भी बिचोलियों ने सेब के दाम गिरा दिए है। अब सस्ते में खुद खरीद कर स्टोर कर आगे मुनाफा कमाएंगे। क्योंकि इस साल सेब का आयात नहीं हो पाया तो बिचोलियों और सटोरियों पर नकेल कसने का सही मौका है। अभी तक बाजार में केवल सवा करोड़ के करीब सेब पेटी बाजार में गया है, फिर भी मार्केट डाउन कर दी गई है। आम आदमी पार्टी सरकार से मांग की है कि जल्द इस स्थिति को सुधारने के लिए हस्तक्षेप करें। बागवानों के साथ खिलवाड़ बंद न हुआ तो मजबूरन जनता को सड़क पर उतरने के लिए विवश होना पड़ेगा।
भाजपा मंडल रोहडू ने गुरूवार को विवादित कंगना रणौत मामले को लेकर एसडीएम रोहडू बी आर शर्मा के माध्यम से राष्ट्रपती को ज्ञापन सौंपा। भाजपा मंडल ने महाराष्ट्र में कांग्रेस समर्थित सरकार, संजय राउत व अन्य शिव सेना नेताओं की ओर से दी गई टिप्पणियों व वक्तव्यों के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया। भाजपा मंडल ने महाराष्ट्र सरकार की इस गतिविधि को असवैंधानिक करार देते हुए तुरंत बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। भाजपा मंडल रोहडू के अध्यक्ष बलदेव रांटा ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने जिस तरह कंगना रणौत के घर को गिरा कर गुडागर्दी का परिचय दिया है, यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के लिए मातृ शक्ति का सम्मान प्राणो से अधिक प्रिय था, उनके नाम व विचारों पर राजनीति करने वाली कांग्रेस समर्थित सरकार ने देश की बेटी के खिलाफ पक्षतापुर्ण व्यवहार व अभद्र टिप्पणी करके समस्त महिलाओं के आत्म सम्मान को चोट पहुंचाई है, कंगना रणौत देश की सम्मानित नागरिक है और उन्हें किसी भी हिस्से में रहने का पुर्ण अधिकार है मुंबई शिवसेना व कांग्रेस की पैतृक संपती नहीं है। इस मौके पर महामंत्री शशि रावत, उपाध्यक्ष पींकू डंडा, सचिव दिनेश, गोपाल नेगी, बलवंत झोगटा, मीडिया प्रभारी सुमेश चौहान, अनुसूचित जाति जिला अध्यक्ष विनोद बुशैहरी, जिला सचिव बिज्जू मेहता, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष चमन शर्मा, अनुसूचित जाति मोर्चा रोहडू अध्यक्ष बिशन लाल, किसान मोर्चा रोहडू अध्यक्ष राज कुमार शरवाण, प्रदेश कार्य समिति सदस्य अनिता नाथटा, प्रदेश अनुसूचित जाति सदस्य सुहाग मल रूपटा, महिला मोर्चा रोहडू अध्यक्ष आशा रिठवाण सहित अन्य मौजूद रहे।
भाजपा प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री राकेश डोगरा ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें जो ज़िम्मेदारी दी है वह उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। डोगरा ने अपनी इस नियुक्ति के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर व मुख्य सचेतक व पूर्व कैबिनेट मंत्री नरेन्द्र बरागटा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद सुरेश कश्यप, प्रदेश के संगठन मंत्री पवन राणा, शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी व खाधि ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुलेरिया सहित अन्य नेताओं का आभार जताया। डोगरा ने कहा कि ये अनुसूचित जाति के लिए बेहद गौरव की बात है और ये सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि उनके मण्डल जुब्बल नावर कोटखाई सहित समूचे प्रदेश के अनुसूचित समाज का है ।
सरकार ने 4 सितंबर को कैबिनेट बैठक में धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्णय लिया था जिसके बाद आज प्रदेश में धार्मिक स्थलों को खोल दिया गया है। इसे ले कर एसओपी जारी किए गए। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भी आज सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। शिमला स्थित प्रसिद्ध तारादेवी मंदिर , जाखू मंदिर एवं संकटमोचन मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं ने दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दरशन किए। एसओपी के तहत मंदिर परिसरों में सभी तैयारियां की जा चुकी हैं। सराहन स्थित प्रसिद्ध मां भीमाकाली मंदिर में सुबह सात से शाम साढ़े छह बजे तक भक्तों को माता के दर्शन करने की अनुमति रहेगी। शाम सात बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे। मां चिंतपूर्णी का दरबार सुबह 9 से शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। श्रद्धालु प्रसाद ले जा सकेंगे, लेकिन इसे चढ़ाने पर मनाही रहेगी। श्री नयना देवी जी मंदिर में रोजाना एक हजार श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे। मंदिर में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक रहेगी। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मां के दर्शन भक्त सुबह सात से शाम सात बजे तक करेंगे। मां चामुंडा के दर्शन भी इसी समय हो सकेंगे। हरियाणा और हिमाचल की सीमा पर त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर, पांवटा साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में सुरक्षा के विशेष इंतजाम हैं। दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ई-पास बनवाना होगा। मंदिर प्रतिदिन सुबह छह बजे खुलेगा और शाम 7 बजे बजे बंद होगा। प्रतिदिन लगभग 500 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
मेष आज के दिन आत्ममथंन कई मुश्किलों से बाहर निकालने में आपकी मदद करेंगे। ऑफिशियल कार्यों में भी जल्दबाजी के चलते गलती होने की प्रबल आशंका बनी हुई है, हो सकता है पिछला कार्य पुनः करना पड़ जाए। कारोबार को बढ़ाने के लिए अपनी क्षमता व योग्यता का पूरा प्रदर्शन करेंगे जिसमें सफलता भी मिलेगी। युवाओं के कुछ सपने अधुरे रहने से मन उदास रहेगा। सेहत में शारीरिक कमजोरी महसूस होगी जो किसी स्वास्थ्य संबंधित बीमारी का कारण बन सकती है, थैरपी लेने के लिए समय उपयुक्त चल रहा है। घर पर रहते हुए सदस्यों के साथ फैमली डिनर की प्लानिंग कर सकते हैं। वृष आज के दिन मन में द्वंद की स्थिति रहेगी जो कार्यों में अनेक अवरोध डाल सकती है। जिस पर आप सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं, वहीं अविश्वास का कारण बन सकता है। कर्मक्षेत्र में सहकर्मियों से संपर्क को कमजोर न होने दें, वर्तमान समय में यह बेहद जरूरी है। व्यावसायिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से चलती रहेंगी, साथ ही छोटे-मोटे निवेश करने के लिए दिन उपयुक्त है। हेल्थ की बात करें तो आंखों में दर्द या इंफेक्शन की समस्या उत्पन्न हो सकती है इसका तुरंत इलाज करना ही सही रहेगा, अन्यथा भविष्य में परेशानियां झेलनी पड़ेगी. संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना मिलने की संभावना है। मिथुन आपके मूड में बारंबार परिवर्तन आने के कारण मन में अनिश्चितता रहेगी । परिणामस्वरूप मानसिक अस्वस्थता अनुभव करेंगे। पारिवारिक सदस्यों के साथ बातचीत करके और आवश्यक लगे तो विशेषज्ञों की सलाह लेकर बेचैनी कम कर सकेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखने की गणेशजी की सलाह है। कर्क गणेशजी की कृपा से आज आप जो कुछ भी विचार करेंगे और युक्ति-प्रयुक्तियों को अजमाएँगे उसमें आपको सफलता मिलेगी। विद्यार्थी अध्ययन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तथा अधूरे कार्य पूरे होंगे। आप अपनी कल्पनाशक्ति का अच्छा चमत्कार दर्शा सकेंगे। संक्षेप में आज का दिन आपके लिए खुशी का और विविधतापूर्ण रहेगा सिंह आज के दिन आध्यात्मिकता की तरफ भी थोड़ा रूझान बढ़ाना चाहिए, जिससे आप प्रसन्नता व आत्मिक शांति का अनुभव करेंगे। ऑफिशियल कार्य समय रहते पूर्ण होंगे जिससे अन्य कार्यों के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा। व्यापारियों का बैंकिग संबंधित कार्य में रुकावट आने की वजह से मन में झुंझलाहट रहने की आशंका है। युवाओं को मनपसंद विषयों में अच्छे परिणाम मिलने से वह प्रसन्न रहेंगे। मुंह में छालें हो सकते हैं, यह समस्या पेट की गर्मी की वजह से होगी। संतान की हैबिट्स पर ध्यान रखें. अगर आपकी संतान छोटी है तो खेलते समय उसका विशेष ध्यान रखें, गिर कर चोट लग सकती है। कन्या आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। भविष्य में अगर आपको आर्थिक रुप से मजबूत बनना है तो आज से ही धन की बचत करें। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा करेगा। आप अपने प्रिय की बांहों में आराम महसूस करेंगे। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। यदि आपको व्यस्त दिनचर्या के बाद भी अपने लिए समय मिल पा रहा है तो आपको इस समय का सदुपयोग करना सीखना चाहिए। ऐसा करके अपने भविष्य को आप सुधार सकते हैं। आप और आपका हमदम एक-दूसरे से आज एक-दूसरे की ख़ूबसूरत भावनाओं का इज़हार कर सकेंगे। तुला ससुराल वालों से नाराजगी और किसी बात को लेकर लड़ाई हो सकती है। बात करते समय अपना संयम न खोए किसी पेचीदा बात को रखते समय ना सीमा का उल्लंघन करें, ना होने दें। वरिष्ठ व्यक्ति की जिद के आगे आज आपको झुकना पड़ेगा। अहंकार आपका सबसे बड़ा शत्रु होगा। बहुत कष्ट से किए हुए काम में असफलता मिल सकती है। लेकिन, अपना आत्मविश्वास कम ना होने दें। अगर बात किसी जमीन से जुड़े मुद्दे की है, तो अपनी बात पर कायम रहें। वृश्चिक शारीरिक बीमारी के सही होनी की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। अपने जीवन-साथी के साथ प्यार, अपनापन और स्नेह महसूस करें। मुहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। आपके पास समय तो होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप कुछ ऐसा नहीं कर पाएंगे जो आपको संतुष्टि दे। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। धनु आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहेगा। आपको अपने विरोधियों से कुछ परेशानी हो सकती है। घर परिवार के लोग किसी बात को लेकर वाद-विवाद कर सकते हैं। आप एक बुद्धिमान व्यक्ति की तरह उन्हें कोई काम की सलाह देंगे जो बहुत काम आएगी। शादीशुदा लोगों के गृहस्थ जीवन के लिए दिनमान अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोग रिश्ते में कुछ दिक्कतें महसूस करेंगे। आपका प्रिय गुस्से में आकर आपको उल्टा सीधा बोल सकता है। इनकम सामान्य रहेगी और सेहत बढ़िया रहेगी। काम के सिलसिले में दिनमान आपके पक्ष में रहेगा। मकर अच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को आज धन की बहुत आवश्यकता पड़ेगी लेकिन बीते दिनों में किये गये फिजुलखर्च के कारण उनके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। कोई ऐसा रिश्तेदार जो बहुत दूर रहता है, आज आपसे संपर्क कर सकता है। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। दफ़्तर की राजनीति हो या फिर कोई विवाद, चीज़ें आपके पक्ष में झुकी नज़र आएंगी। खेलकूद जीवन का जरुरी हिस्सा है लेकिन खेलकूद में इतने भी व्यस्त न हो जाएं कि आपकी पढ़ाई में कमी आ जाए। मुमकिन है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा। कुंभ आपके लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाएंगे और सेहत को लेकर थोड़े चिंतित हो सकते हैं लेकिन परिवार वालों का सहयोग हर काम में आपको मिलेगा जिससे काम के सिलसिले में आपको अच्छे नतीजे मिलेंगे। आपके मित्र और आपके साथ काम करने वाले लोग आपको सपोर्ट करेंगे। प्रेम जीवन बिता रहे लोगों के लिए दिनमान अच्छा रहेगा। शादीशुदा लोगों के गृहस्थ जीवन में तनाव दिखाई देगा। मीन ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो रोमांचक हों और आपको सुकून दें। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए अच्छा समय है। आज के दिन रोमांस के नज़रिए से कोई ख़ास आशा नहीं की जा सकती है। कामकाज के मोर्चे पर आपकी कड़ी मेहनत ज़रूर रंग लाएगी। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आज आप ख़ुशी महसूस करेंगे। आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी शिमला द्वारा ‘‘स्वतंत्रता आंदोलन एवं राष्ट्रीय राजनीतिक विचार’’ विषय पर ऑनलाइन विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता का विशेष ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि इस इतिहास के फलस्वरूप हम राजनीतिक तौर पर आजाद हुए और हमने लोगों के दिल और दिमाग में राष्ट्रीयता का विचार पैदा करना शुरू किया। अगर ऐसा न होता तो लोग अपनी जाति, समुदाय व धर्म आदि के आधार पर ही सोचते रह जाते। हालांकि भारतीय होने का यह गौरव केवल एक भौगोलिक सीमा के ऊपर खड़ा था। उन्होंने कहा कि भारत का असली व पूरा गौरव इसकी सीमाओं में नहीं बल्कि इसकी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक मूल्यों तथा सार्वभौमिकता में है। यहां के निवासी हजारों सालों से बिना किसी बड़े संघर्ष के रहते आ रहे हैं। दत्तात्रेय ने कहा कि भारत में लंबे अरसे से स्थिर समाजों का उदय हुआ और नतीजतन आध्यात्मिक प्रक्रियाएं विकसित हुई। इंसान बुनियादी रूप से क्या है, इस मुद्दे पर इस धरती की किसी भी दूसरी संस्कृति ने उतनी गहराई से विचार नहीं किया जैसा हमारे देश में किया गया। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों को उन महान आदर्शों का ध्यान रखते हुए पालन करना चाहिए, जो हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन की प्रेरणा का स्त्रोत बने। उन्होंने कहा कि एक समाज का निर्माण और स्वतंत्रता, सम्मानता, अहिंसा, भाईचारा और विश्व-शांति के लिए एक संयुक्त राष्ट्र का निर्माण हमारे आदर्श हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कारगिल युद्ध के वीर योद्धा कैप्टन विक्रम बत्रा के जन्म दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेश के इस वीर सपूत ने कारगिल युद्ध के दौरान वर्ष 1999 में देश की सरहदों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश उनके बलिदान की भावना और राष्ट्र की अखण्डता के लिए उनके समर्पण पर हमेशा ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा ने सदैव अदम्य साहस का परिचय देते हुए प्वाइंट 4875 चोटी पर कब्जा करने में सफलता पाई। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया, जो बहादुरी के लिए भारत का सर्वोच्च एवं प्रतिष्ठित सम्मान है।
हिमाचल प्रदेश नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बीते रोज केंद्र द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति को हिमाचल में तत्काल प्रभाव से लागू करने के सरकार को निर्देश दिए थे जिस पर शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी। कैबिनेट ने पहले ही नई शिक्षा नीति को लागू करने की अनुमति दे दी है। शिक्षा मंत्री का बयान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा है कि नई शिक्षा नीति को प्रदेश में लागू कर दिया है और इसके लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है जिसके साथ बैठक रखी गई है ताकि उसके सुझावों को शामिल कर शिक्षा नीति लागू किया जा सके। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा टास्क फोर्स और सब कमेटी के नई शिक्षा नीति के प्रारूप को लेकर जो सुझाव होंगे उन्हें नई शिक्षा नीति में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा 9-12वीं तक के छात्रों के स्कूल खोलने को लेकर गृह मंत्रालय ने एसओपी जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग प्रदेश के कोरोना के हालातों को देख कर इस पर फैसला लेगा।
BMC और महाराष्ट्र सरकार के साथ चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री कंगना रनौत मुंबई पहुँच गई हैं। मुंबई पुलिस पर उनकी टिप्पणी को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन किया। शिवसेना कार्यकर्ता हवाईअड्डे के बाहर काले झंडे के साथ कंगना खिलाफ नारे लगाते हुए देखे गए। आरपीआई (ए) और करणी सेना के कार्यकर्ता भी अभिनेता के समर्थन में एकत्र हुए। आरपीआई (ए) नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता मुंबई में रहते हुए कंगना की रक्षा करेंगे। क्या बोले मुख्यमंत्री जयराम मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महाराष्ट्र में कंगना के ऑफिस को शिव सेना द्वारा तोड़े जाने पर कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम ने कहा की शिव सेना का गठन जिस चीज़ के लिए हुए था वह मूल को ख़त्म कर दिया गया है। जब से शिव सेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है शिव सेना का वजूद खत्म है। शिव सेना की हालात भी कांग्रेस जैसी होने वाली है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महाराष्ट्र में कंगना के ऑफिस को शिव सेना द्वारा तोड़े जाने पर कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम ने कहा की शिव सेना का गठन जिस चीज़ के लिए हुए था वह मूल को ख़त्म कर दिया गया है। जब से शिव सेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है शिव सेना का वजूद खत्म है। शिव सेना की हालात भी कांग्रेस जैसी होने वाली है।
शिमला, विधानसभा मॉनसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुए। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को 67 स्थगन प्रस्ताव की चर्चा पर जबाब देने के लिए इजाज़त दी लेकिन विपक्ष फ़िर कल वाली चार सदस्यों को बोलने की मांग पर अड़ गया। यहां तक कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर उनकी आवाज़ दबाने का आरोप लगाया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जब अधिकतर सदस्य बोल चुके है तो फ़िर विपक्ष क्यों अड़ रहा है। इस पर भी विपक्ष अपने 4 सदस्यों को बोलने का मौका देने पर अड़ा रहा। इस बीच मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि पहले मंगलवार 3 बजे तक चर्चा तय हुई थी। उसके बाद 5 बजे तक सदन को बढ़ाया गया। अब विपक्ष क्यों शोर शराबा कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी यही कहा कि विपक्ष की सहमति से ही चर्चा का समय तय हुआ। सदन में विपक्ष की हर बात को माना, 6 घण्टे से ज्यादा दो दिन तक स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री चर्चा का जबाब देंगे। इस पर भी विपक्ष नही माना और सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने मांग उठाई की विपक्ष के 4 सदस्यों को 5-5 मिनट बोलने का मौका दिया जाए। विपक्ष ने नारा लगाया कि "लोकतंत्र की हत्या बन्द करो, चर्चा का प्रबंध करो।" मुख्यमंत्री बोलते रहे, विपक्ष करता रहा वेल में नारेबाज़ी विपक्ष की नारेबाज़ी के बीच विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने मुख्यमंत्री को चर्चा का जबाब देने की इजाज़त दे दी। मुख्यमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए तो नाराज़ विपक्ष के सभी सदस्य स्पीकर की वेल में आकर नारेबाज़ी करने लगें। सत्ता की तरफ़ से मुख्यमंत्री बोलते रहे जबकि विपक्ष की नारेबाज़ी जारी रही। यहां तक विपक्ष के सदस्य वेल में बैठकर नारेबाजी करने लगे। सदस्य 'पीपीई किट घोटाले', 'सरकार की तानाशाही', 'हो गया जय राम तेरा काम कुर्सी छोड़ो करो आराम', 'कारोना काल में घपले' जैसे नारेबाज़ी लगाते रहे। मुख्यमंत्री डेढ़ घण्टे बोलते रहे विपक्ष वेल में नारेबाज़ी करता रहा, मुख्यमंत्री ने अपना जबाब पूरा किया व विपक्ष को प्रस्ताव वापिस लेने की बात की इसी नाराज़गी में विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैए पर जताई नाराज़गी विपक्ष के रवैये से नाखुश मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार नियम 67 के तहत कारोना को लेकर चर्चा दी। विपक्ष से उम्मीद थी कि उनकी तरफ से कोई सुझाव आएगा लेकिन दुर्भाग्य है विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। कांग्रेस नेतृत्वहीन है इसलिए बेवजह शोर कर रही है। विपक्ष को सदन में बोलने का पूरा मौका दिया गया। अढ़ाई दिन तक स्थगन प्रस्ताव की चर्चा में विपक्ष के 13 सदस्यों ने भाग लिया। बाबजुद इसके विपक्ष खुश नहीं था और सदन में हल्ला कर वाकआउट कर दिया।
नारेबाजी के बीच ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपना जवाब शुरू किया। नारेबाजी करते हुए विपक्ष के सदस्य वेल में आ गए और यहां भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस के विधायक वेल में नीचे फर्श पर बैठ गए। स्पीकर स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए सीएम को बुला रहे थे तो नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मंगलवार को सदन की बैठक को मंत्री के लिए बढ़ा दिया गया, जबकि सदस्यों के लिए नहीं बढ़ाया जा रहा है।
प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा थमने का नाम नही ले रहा है। मंगलवार को आइजीएमसी में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि संक्रमित व्यक्ति को सिरमौर से आज ही रैफ़र करके शिमला लाया गया था। कोरोना से जंग लड़ते हुए 8 बजे सुबह व्यक्ति ने आईजीएमसी अस्पताल में दम तोड़ा दिया । व्यक्ति की उम्र 40 वर्ष बताई जा रही है और वह सिरमौर के पौंटा साहिब का रहने वाला था। हिमाचल में कोरोना से मरने वालों कि संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में अब तक कोरोना से 63 लोगों कि जान चली गई है।
हिमाचल विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक का दौर जारी रहा। सदन में तीखी नोकझोक के बाद विपक्ष ने वाकआउट भी कर दिया। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी की ओर से सरकार के खिलाफ सदन में कहे एक शब्द पर सीएम ने एतराज़ जताते हुए तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कहा कि अगर आज कांग्रेस की सरकार होती तो हिमाचल बरबाद हो जाता। इस पर विपक्ष के सदस्य आक्रामक हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके चलते प्रश्नकाल नहीं चल सका और सारा काम रोक कर कोरोना काल की अव्यवस्था और दिक्कतों पर चर्चा चलती रही। इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि जैसे शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष के सदस्य सदन में कर रहे हैं, वह सही नहीं है। वह कांग्रेस का दौर था, जब हालात खराब थे। प्रदेश आज तबाह हो गया होता यदि कांग्रेस की सरकार होती। स्पीकर ने जब एक सदस्य को बोलने के लिए कहा तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। सीएम बोले- चर्चा लंबी खींचनी है तो कल का प्रश्नकाल भी जाएगा। ऐसे में जवाब आज नहीं आ पाएगा। शाम को स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल को अपनी बात रखने को उठाया गया तो विपक्ष ने इसका विरोध किया। मुकेश अग्निहोत्री ने मांग उठाई कि चर्चा के लिए अन्य विधायकों को भी बुलाया जाए।
पहाड़ों की वादियों के बीच बसे चंबा शहर का सौंदर्य और इतिहास बहुत ही निराला है। यहां की वादियां और इमारतें बहुत सी कहानियां सुनाती हैं। ऐसे ही एक कहानी है रानी सुनैना की। रानी सुनैना यानी बलिदान और साहस कि मूर्ति। ये चंबा रियासत की वो रानी है जिन्होंने अपनी प्रजा और राज्य के उत्थान के लिए बिना किसी हिचकिचाहट के अपना बलिदान दे दिया। यूं तो चंबा शहर रावी और साल नदी के मध्य में बसा है पर एक समय ऐसा भी था जब यह शहर पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहा था। दो नदियों के बीच बसे होने के बावजूद भी यहां पीने के लिए पानी की एक बूंद नहीं थी। उस समय चम्बा रियासत के राजा साहिल वर्मन हुआ करते थे। राजा भी इस समस्या से पूर्णतः वाकिफ थे पर वो करते भी क्या। एक रात उनकी पत्नी, रानी सुनैना को उनकी कुल देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि राज घराने में से किसी को बलिदान देना होगा तभी पानी की कमी पूरी होगी। जब राजा साहिल वर्मन को रानी सुनैना ने पूरी कहानी सुनाई तो राजा वर्मन बलिदान देने के लिए तैयार हो गए। फिर रानी सुनैना ने सोचा यदि राजा बलिदान देंगे तो उनका सुहाग छिन जाएगा और राज्य के सर से भी साया उठ जाएगा, और यदि उनके पुत्र राजकुमार युगाकर बलिदान देते है तो कुल का दीपक बुझ जाएगा और वंश को आगे कौन बढ़ाएगा। ये सब सोचकर रानी सुनैना ने स्वयं बलिदान देने का फैसला लिया। इस निर्णय से पुरी चंबा रियासत में शोक व विस्मय की लहर दौड़ गई। आखिरकार रानी सुनैना बलिदान देने के लिए महल से निकल पड़ीं। आंखों में आंसू लिए उनके इस काफिले में चंबा की जनता भी शामिल थी। रास्ते मे सूही के मढ़ से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा शहर पर नज़र डाली और फिर आगे बढ़ते हुए ये काफिला मलून नामक स्थान पर रुक गया। ममता और बलिदान की मूरत रानी सुनैना बलिदान देने से पहले कहा 'मेरी इच्छा है कि मेरी याद में हर वर्ष मेला लगे। इस मेले को सिर्फ स्त्रियां मनाएं और पुरुष इस में भाग न लें और न ही राज परिवार की बहुएं इस में भाग लें। इस मेले में पूजा केवल राज परिवार की कुंवारी कन्या के हाथों करवाई जाए।' बस इतना कहकर रानी सुनैना ने जिंदा समाधि ले ली। उसी समय पानी की धार फूट पड़ी और रानी सुनैना का बलिदान चंबा के लोगों के लिए अमृत बन कर बहने लगा। रानी सुनैना के बलिदान को याद करते हुए राजा साहिल वर्मन ने जिस स्थान से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा को देखा था उसी सूही के मढ़ नामक स्थान पर उनके मंदिर का निर्माण करवाया। हर वर्ष इस जगह सूही के मेले का भी आयोजन किया जाता है। ये मेला 3 दिन तक चलता है और यहां केवल बच्चे और महिलाएं ही उपस्थिति दर्ज करवाते है। महिलाएं रानी की प्रशंसा में लोकगीत गाती हैं और समाधि तथा प्रतिमा पर फूल की वर्षा की जाती है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। वहीं, मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह कोरोना से एक और मौत का मामला सामने आया है। बिलासपुर की 57 वर्षीय महिला ने आईजीएमसी में दम तोड़ दिया है। वहीं, एक सरकाघाट और तीसरा शिमला के व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 60 पहुंच गया हैै। प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 7660 पहुंच गया है। 2234 सक्रिय मामले हैं। 5359 मरीज ठीक हो गए हैं। बता दें सोमवार को 262 कोरोना पॉजिटिव मामले आए थे।
SFI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में हो रही प्रोफेसर तथा सहायक प्रोफेसर की भारतियों में रोसस्टर सिस्टम को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। जो 200 पॉइंट रोसस्टर सिस्टम इस बार लागू किया जा रहा उसमे पूरी तरह से कई विभागों में सारी की सारी सीट्स आरक्षित रखी गई है और कई विभागों में एक भी सीट्स आरक्षित नहीं रखी गई है। फॉर्म्स के छँटनी के लिए भी किसी कमिटी का गठन नहीं किया गया है बल्कि वहां पर सीधे तौर पर नियमों की अवहेलना की जा रही है। SFI ने माँग की है कि फॉर्म्स की छँटनी सेवानिवृत्त प्रोफेसरों के बजाय विभागों के प्रोफेसर को शामिल करते हुए की जाए। SFI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय अध्यादेश के अनुसार जब भी आप किसी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित करते हैं तो विश्वविद्यालय को उसको कम से कम 3 हिंदी व अंग्रेजी के समाचार पत्रों के साथ साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित करना होता है जबकि इस कोरोना के दौर में वो सिर्फ एक ही पत्र में प्रकाशित किया गया ताकि सरकार व कुलपति के चहेते लोग जो पहले इन नियुक्तियों के लिए काबिल नहीं थे अब योग्यता पूरी कर रहे है उन्हें मौका मिल सके। इसलिए ये साफ तौर पर दर्शाता है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार किया जा रहा है औऱ अपने चहेतों को भर्ती करवाने की मंशा से भर्तियां की जा रही है अगर एक दिन के अंदर विश्वविद्यालय अपना पक्ष नही रखता तो SFI आने वाले समय मे इस के खिलाफ़ सड़कों पर उतरेगी तथा ये जो भर्ती के नाम पर धांधली हो रही है उसको कतई भी बर्दाश्त नहीं करेगी। SFI राज्य सचिव अमित ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त को जारी अधिसूचना के मुताबिक किसी भी विश्वविद्यालय में जब तक इस महामारी के दौरान स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है कोई भी भर्ती प्रक्रिया नहीं की जाएगी लेकिन हमारा विश्वविद्यालय इन नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में इस महामारी को अवसर बनाते हुए अपने लोगो को भर्ती करने के लिए इस भर्ती प्रक्रिया को आयोजित कर रहा है। इस भर्ती प्रक्रिया में बहुत सारी खमिया है जिन्हें समय रहते दुरुस्त किया जाना जरूरी है अन्यथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता व भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शोकोदगार के खत्म होते ही विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने नियम 67 के स्थगन प्रस्ताव तहत चर्चा की मांग की। विपक्ष के नेता सदन में कहा कि कोरोना काल मे सरकार पूरी तरह असफल रही है पहले इस पर चर्चा हो। इस पर मुख्यमंत्री बोलने के लिए उठे लेकिन विपक्ष ने शोर शराबा शुरू कर दिया। विपक्ष के नेता ने कहा कोरोना काल मे भ्रष्टाचार हुआ, लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया, यहां तक कि सरकार की पूरी मशीनरी फ़ेल हो गई है इसलिए मुख्यमंत्री और मंत्री अपने पद से इस्तीफ़ा दें। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष नियमों पर धज्जियां उड़ा रहा है ओर जो प्रस्ताव दिया है उस पर बोलें। इस बीच सत्ता पक्ष की तरफ से भी विपक्ष के रवैये का विरोध हुआ। दोनों ही दलों के नेता अपनी-अपनी कुर्सियों से खड़े हो गए औऱ शोर शराबा शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने फ़िर कहा कि जो प्रस्ताव दिया गया है विपक्ष उस पर बोले। इस बीच मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर उठे लेकिन विपक्ष ने उन्हें बोलने नहीं दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को 67 स्थगन प्रस्ताव के तहत बोलने को कहा ओर विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को चर्चा के लिए इजाज़त दे दी। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि विपक्ष ने कोरोना काल को लेकर 67 के तहत प्रस्ताव लाया। इसी विषय पर अन्य सदस्यों ने भी चर्चा मांगी है। इस पर 130 पर भी चर्चा दी गई है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बोलने की इजाज़त दी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना को लेकर व्यक्तव्य देना ही था। सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है। आजतक ऐसा कभी नहीं हुआ कि नियम 67 के अंतर्गत स्थगन प्रस्ताव लाया गया औऱ उसे स्वीकार किया हो। बावजूद इसके सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी को गंभीरता से नहीं ले रही है। फिर भी सरकार 67 के तहत चर्चा को तैयार है। इस पर एक बार फ़िर दोनों पक्षों में सदन के अंदर नारेबाजी शुरू हो गई। सत्ता पक्ष कहने लगा कि विपक्ष अपने जाल में फंस गया। उधर विपक्ष "चोर मचाए शोर" की नारेबाज़ी करने लगा। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष ने 67 नियम के तहत ही चर्चा की इजाज़त दे दी गई। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने 3 नए मंत्रियों राकेश पठानियां, सुखराम चौधरी औऱ राजेन्द्र गर्ग का भी सदन में परिचय दिया। इसी के साथ इतिहास में पहली बार नियम 67 स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा शुरू हुई जो अभी चल रही है।
जुब्बल नावर कोटखाई में सेब सीजन जोरों पर चल रहा है वहीं बिजली के अघोषित कटों से बागवानों में भारी आक्रोश है। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने रोहड़ू में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि एक तो पहले ही श्रमिकों की भारी कमी के चलते अधिकतर जगहों पर सेब ग्रेडिंग व पैकिंग मशीनों के माध्यम से पैक हो रहा हैं ऐसे में बार-2 बिजली के अनगिनत कटो से बागवानों को प्रतिदिन आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ रहा हैं जिसका जीता-जागता उदाहरण हैं कि गत तीन दिनों तक जुब्बल-नावर सहित पूरे रोहड़ू उपमंडल में मौसम साफ़ होने के बावजूद भी विद्युत आपूर्ति से बाधित रहीं। बिजली के अघोषित कटों के चलते सरकारी कार्यालयों में जनता को रोजमर्रा के काम करवाने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली की आंख मिचौली के चलते छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। डेरटा ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में मूलभूत सुविधाएं चरमरा गई हैं और सरकार के सेब सीज़न से पूर्व किए गए सभी दावें हवा हो चुके हैं। कोरोना काल मे जहां सरकार को चाहिए था कि बागवानो को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाएं वहीं सरकार की उदासीनता के चलते जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा हैं। बागवानों की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही और जुब्बल-नावर-कोटखाई लावारिस हो चुका हैं। ब्लॉक युवा कांग्रेस जुब्बल के अध्यक्ष संदीप सेहटा की अध्यक्षता में बिजली विभाग के वृत कार्यालय रोहड़ू में युवा कांग्रेस ने सांकेतिक धरना देते हुए चेताया कि यदि बिजली के अघोषित कटो को नहीं रोका गया तो युवा कांग्रेस बागवानों को साथ लेकर विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी। डेरटा की अगुआई में उपमंडलाधिकारी रोहड़ू के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा गया। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से अनुरोध किया हैं कि बिजली की व्यवस्था को सुधारने बारें गंभीरतापूर्वक आवश्यक कदम उठाएं जाएं जिससे बागवानों, छात्रों और आम जनता को राहत मिल सकें। इस मौके पर संदीप सेहटा, अर्पित राठौर, हरीश तेजटा, धर्मेंदर बचटा, सन्नी रोल्टा, संदीप शर्मा, मुखबर शेख़, मंजीत डोगरा, कांता, वीरपाल पनाटु दिनेश चौहान, राकेश, रोहित शर्मा, इंदर तेजटा व राहुल शान्टा आदि भी मौजूद रहें।
Himacahal Pradesh Chief Minister on Sunday said the state government will be providing security to actress Kangana Ranaut. He quoted, “This is our duty to provide her security as she is too a daughter of Himachal Pradesh and a celebrity.” The state is considering providing her security in the state and extending it to her upcoming visit to Mumbai. The CM disclosed it while addressing media after a BJP legislature meeting in Shimla. He said, “Kangana Ranaut's sister called me on Saturday and her father too formally wrote to the state police seeking security for his daughter, so I have asked DGP to take steps accordingly". He also mentioned that Kangana has a plan to visit Mumbai on 9th September and the government is considering providing her security during that visit also. However, the CM refused to say anything on Kangana Ranaut's recent remarks on actor Sushant Singh Rajput's death case, stating that the matter is being investigated.
प्रदेश सरकार 133 आईएनएफ बीएन (टीए) ईको डोगरा के बटालियन मुख्यालय को मार्च 2021 तक विस्तार देने के अनुरोध पर सहानुभूतिवूर्पक विचार करेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने एकीकृत मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय की प्रादेशिक सेना महानिदेशक लै. जनरल डीपी पांडे, एवीएसएम, वीएसएम से चर्चा के दौरान यह बात कही। लै. जनरल पांडे ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि ईको टास्क फोर्स का उद्देश्य हिमाचल में वन विभाग द्वारा आवंटित की गई भूमि पर पौध रोपण करना है। उन्होंने बताया कि यह बल प्रति वर्ष औसतन चार सौ हैक्टेयर भूमि पर वन रोपण कर रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता एवं प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
महान शिक्षाविद्, दुरदर्शी और पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राजभवन में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। डाॅ. राधाकृष्णन का जन्म दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने हमारी शिक्षा व्यवस्था को बहुत प्रभावित किया है। पूरे विश्व में विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय बंद हैं। पिछले छः माह की अवधि में शैक्षणिक गतिविधियों में पूर्ण परिर्वतन हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन लर्निंग हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का संबंध केवल दिशा-निर्देश देने तथा परीक्षा लेने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह शैक्षणिक संबंधों के बजाय एक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रिश्ता है। राज्यपाल ने कहा कि मेरा विश्वास है कि जब तक विद्यार्थी अपने शिक्षक के प्रति सम्मान महसूस नहीं करते ऐसी स्थिति में वह न कुछ सीख सकते हैं और न ही शिक्षक उन्हें कुछ सीखा सकते हैं। यह सम्मान तभी पैदा होता है जब शिक्षक पूरे समर्पण भाव से अपना कार्य करते हैं और वह नई पीढ़ी और समाज को सही दिशा देने का प्रयास करते हैं।
भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां वीडियों काॅन्फ्रेंस के माध्यम से द्वितीय राजभाषा संस्कृत राज्य समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा अपनी शब्दावली, साहित्य, विचारों, भावों और मूल्यों में समृद्ध है और इस भाषा को व्यवहारिक रूप से जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि संस्कृत को दूसरी राजभाषा का दर्जा देने वाला हिमाचल प्रदेश उत्तराखण्ड के बाद दूसरा राज्य है। संस्कृत भाषा समाज को एक सूत्र में बांधती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की बोलियां संस्कृत भाषा से मिलती-जुलती हैं। क्षेत्रीय बोलियों के शब्दों का उच्चारण संस्कृत भाषा से मिलता है। प्रदेश में संस्कृत को स्थापित करने के साथ हम क्षेत्रीय भाषाओं को भी संरक्षण प्रदान कर सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी क्षेत्रीय बोलियों की शिक्षा प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया है। भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि संस्कृत को प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ाने की आवश्यकता है ताकि आगे चलकर विद्यार्थी संस्कृत को व्यावहारिक रूप से प्रयोग कर सकें। विद्यालयों में भी इस प्रकार की शिक्षा व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए जिसमें विभिन्न स्तरों पर विद्यार्थी ऐच्छिक रूप से संस्कृत विषय की शिक्षा ग्रहण कर सकें। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर संस्कृत के बहु-विषयक उपयोग पर भी विशेष बल देना चाहिए। सामाजिक क्षेत्र में भी संस्कृत को लोकप्रिय बनाने के लिए एक व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को संस्कृत भाषा को और सरल तथा व्यावहारिक बनाने के लिए एक प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। इस प्रारूप को तैयार करने के लिए संस्कृत भाषा से जुड़े हुए विद्वानों, विद्यार्थियों और प्रदेश के लोगों से भी सुझाव लिए जाएं।


















































