प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष में समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण और उत्थान को सुनिश्चित करने के लिए अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत 1990 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने रविवार को शिमला से अनुसूचित जाति मोर्चा संगठन जिला पालमपुर की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि समाज के इन वर्गों का सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, ताकि परिवार की कमजोर आर्थिकी के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018-19 के दौरान प्रदेश के अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, पेयजल सुविधा और कौशल विकास तथा विभिन्न सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए 1317.71 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 662 कोरोना पाॅजिटिव मामले हैं, जिनमें 406 स्वस्थ हो चुके हैं और अब केवल 237 व्यक्ति उपचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार के समय रहते उठाए गए कदमों के कारण संभव हो पाया है। प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की न केवल केंद्र सरकार बल्कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा भी सराहना की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि देश और प्रदेश के लोग भाग्यशाली है कि इस संकट की घड़ी में राष्ट्र का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे सशक्त व्यक्तित्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री द्वारा समय रहते लिये गए निर्णय के कारण ही संभव हो पाया है कि कोरोना के कारण देश में 13254 लोगों की मृत्यु हुई है, जो विश्व के 142 करोड़ की आबादी वाले 15 विकसित देशों में हुई 4.50 लाख लोगों की मृत्यु की तुलना में बहुत कम है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके द्वारा समय पर लिए गए लाॅकडाउन के निर्णय को जाता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों से घर से बाहर जाते समय मास्क का उपयोग और सामाजिक दूरी के नियम की अनुपालना सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक कारणों से घर से बाहर न निकलने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि योग न केवल हमें शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखता है। उन्होंने कहा कि यह अनुशासित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि योग को विश्वभर में लोकप्रिय बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है, जिन्होंने विश्वभर के लोगों को उनकी दिनचर्या में योग की महत्ता का आभास करवाया है। सांसद एवं हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में समृद्धि और उन्नति के पथ पर निरंतर अग्रसर है। सांसद इंदु गोस्वामी, विधायक रवि धीमान व मुल्क राज प्रेमी तथा राज्य महासचिव और प्रभारी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र त्रिलोक कपूर ने भी इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए।
शिमला जिला में तीन कोरोना पोसिटिव मामले आए हैं। जिला में आईटीबीपी के जवान सहित तीन लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें राजस्थान से अपने तीन अन्य साथियों के साथ पहले चंडीगढ़ और वहां से टैक्सी के ज़रिये सराहन पहुँचे थे। यहां इन सभी को होम क़वारन्टीन कर दिया गया था। इनमे से शनिवार को आईटीबीपी का 32 वर्षीय जवान पॉजिटिव पाया गया है। इसके अलावा राजधानी के इंस्टिट्यूशनल क़वारन्टीन ग्रांड होटल में गुड़गांव व दिल्ली से लौटे 31 व 24 वर्षीय एक महिला व एक पुरुष भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। इन सभी को डेडिकेटिड कोविड केअर सेंटर मशोबरा शिफ्ट किया जा रहा है। आईटीबीपी का 32 वर्षीय जवान पॉजिटिव सराहन बुशहर में एक ITBP का जवान कोरोना पॉजिटिव पाया गया। दो दिन पूर्व भेजे गए 61 सेम्पल की रिपोर्ट में से 3 लोगों की रिपोर्ट क्लियर न होने के चलते फिर से सेंपल भेजे गए थे जिसकी शनिवार रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। अब प्रशासन इसे उपचार के लिए भेज रहा है। गौर हो कि ITBP कैम्प बोंडा सराहन में कुछ दिन पूर्व कुछ जवान बस से पहुंचे थे। इनमे से एक जवान दो दिन कैम्प में बिताने के बाद छुट्टी लेकर जब लखनपुर बॉर्डर पहुंचा तो वहां टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद सराहन में उनके कैम्प के 61 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए। जिसमे अब एक जवान पॉजिटिव आया है। अब जवान के सम्पर्क में आए सभी लोगों पर नजर रखी जा रही है। एसडीएम रामपुर बुशहर नरेंद्र चौहान ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि सेम्पल की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है।
शनिवार, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के छात्र नेता रजत राणा ने कांगड़ा जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने 19 फरवरी 2020 को हुई एक मोटरसाइकिल दुर्घटना, जिसमे अभिषेक पुत्र रवि कुमार की दर्दनाक मृत्यु हो गई, की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। रजत ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव और पुलिस की मिलीभगत से इस मामले की सही जांच नहीं की गई। उन्होंने बताया कि गाड़ी चालक अनीश कुमार सहित गाड़ी में एक राजनीतिक नेता भी मौजूद था। उस समय उपस्थित लोगों का कहना है कि गाड़ी चालक ने शराब पी रखी थी। तेज रफ्तार k-10, गाड़ी नंबर HP 54 C - 6230 , ग्राम बग्गा ( तहसील ज्वाली) के पास मोटर साइकिल को टक्कर मार दी। मोटर सईकिल सवार युवकों की मदद करने के बजाए वह उसे अधमरी हालात में गाड़ी छोड़ के भाग गए। पुलिस ने इनमें से किसी भी संधिग्ध की मेडिकल करवाना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा पुलिस लोगो की मदद के लिए होती है, उल्टा इस केस में अभिषेक के परिवार को उन्हीं के द्वारा डराया धमकाया गया। उन्होंने कहा की कोटला चौकी प्रभारी ASI ने न तो ड्राइवर की मेडिकल जांच करवाई और जब दो दिन बाद 21 फरवरी 2020 अभिषेक का परिवार उक्त चौकी FIR बारे पूछने गए तो उनको डराया धमकाया गया। इस दुखद घड़ी में जहां इस परिवार को मदद की उम्मीद थी उनके साथ राजनीतिक दबाव के कारण इस तरह का बुरा बर्ताव किया गया। पुलिस द्वारा बार बार एक ही जवाब दिया गया कि " हमें कानून ना सिखाओ।" भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन हिमाचल प्रदेश ने मांग की है की उक्त विषय पर विचार किया जाए व इस मामले के सही और निष्पक्ष जांच हो। गाड़ी छोड़कर भागने वाले से लेकर पुलिस के अधिकारी जिसने भी लापरवाही बरती है सब पर कार्यवाही हो।
वैश्विक महामारी की आड़ में हुए स्वास्थ्य घोटाले ने भाजपा के बड़े-2 दावों की पोल खोल कर रख दी हैं जिसकी जितनी निंदा की जाए उतनी ही कम हैं। यह बात ब्लॉक युवा कांग्रेस नावर के अध्यक्ष अर्पित राठौर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षो के कार्यकाल में भाजपा सरकार में अफसरशाही बेलगाम हो गई है और भाजपा नेताओं की मिलीभगत से भ्रष्टाचार करने में मशगूल हैं। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की कथित संलिप्तता से भाजपा की असलियत से पर्दा हट गया हैं। एक ओर जहां पूरा विश्व कोरोना के खिलाफ़ लड़ने के लिए आगे आया हैं वही प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के घोटाले ने मानवता को शर्मसार किया हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री में थोड़ी भी नैतिकता बची हैं तो वे तुरंत अपने पद से इस्तीफ़ा दे। जुब्बल कोटखाई के वर्तमान विधायक सरकारी ठेकेदारों और मंदिरों से कोरोना के नाम पर उगाही कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा के आला के नेता कोरोना महामारी की आड़ में करोड़ों रुपए का घोटाला कर रहे हैं। युवा कांग्रेस ने कथित स्वास्थ्य घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने हेतु नायाब तहसीलदार टिक्कर रणबीर ठाकुर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। टिक्कर तहसील की 8 पंचायतों से युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने चीन के राष्ट्रपति का पुतला फूंका। अर्पित राठौर ने भारत-चीन सीमा पर शहीद 20 सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और नावर की जनता से अनुरोध किया कि चीन की वस्तुओं का बहिष्कार करें।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती का विस्तार करने और प्राकृतिक उत्पादों के विपणन को सरल बनाने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों को स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया है। राज्यपाल सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती परियोजना के अधिकारियों के साथ प्रदेश में कार्यान्यवन रणनीति, लक्ष्य आदि पर बात कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए शिक्षित ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है, ताकि प्रशिक्षित युवा अपने ज्ञान को किसानों तक पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उत्साहित किया जाना चाहिए तथा उनके लिए कुछ प्रोत्साहन राशि भी प्रस्तावित की जानी चाहिए। राज्यपाल ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि प्रदेश में 55 हजार किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है तथा प्रदेश में 2,579 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लोग अपने स्वास्थ्य और खान-पान के प्रति और अधिक जागरूक हो गए हैं तथा प्राकृतिक उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी विभाग को इस दिशा में समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की आय को दोगुना करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती परियोजना के निदेशक राकेश कंवर ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती की कार्ययोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस खेती के अंतर्गत 72 हजार किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है और 2934 पंचायतों तक इसकी पहुंच सुनिश्चिित की गई है। परियोजना के कार्यकारी निदेशक डाॅ. राजेश्वर चंदेल ने भी इस अवसर पर प्राकृतिक खेती पर प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शनिवार को हमीरपुर जिला के भोरंज क्षेत्र के करोहता गांव के शहीद अंकुश ठाकुर के पैतृक गांव जाकर उन्हें भावभीनी पुष्पांजली अर्पित की। शहीद अंकुश ठाकुर ने भारत और चीन के मध्य 15-16 जून की रात को लद्दाख घाटी के गलवान में हुए संघर्ष में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। मुख्यमंत्री शहीद अंकुश ठाकुर के पिता अनिल कुमार से मिले और उन्होंने पिता सहित पूरे शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर परिवार को 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने की घोषणा की तथा कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने शहीद अंकुश ठाकुर के सम्मान में करोहता में द्वार बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करोहता को भी सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव को जाने वाले सड़क मार्ग को भी बेहतर बनाया जाएगा। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद अंकुश का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा तथा प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में देश दुश्मन के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देगा। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर, वन मंत्री गोविन्द ठाकुर, सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक कमलेश कुमारी, कर्नल इन्द्र सिंह, नरेन्द्र ठाकुर, राकेश जम्वाल और राजेन्द्र गर्ग, संगठन सचिव पवन राणा, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री, उपायुक्त हरिकेश मीणा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण रोज़गार अभियान से करोड़ों प्रवासियों को आय के अवसर मिलने व उनका आर्थिक सशक्तिकरण होने की बात कही है व इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा है कि "कोरोना आपदा ने जब से देश में दस्तक दी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने तभी से देशवासियों को इस संकट से बचाने व इस कठिन समय में उन्हें सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसम्भव उपाय किए हैं। कोरोना संकट काल में बड़े पैमाने पर प्रवासी मजदूरों ने घर वापसी की है। ऐसे में मजदूरों के पास रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इस हालात के बीच मोदी सरकार ने प्रवासी मजदूरों को उनके गांव और जिले में ही रोजगार देने लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू करने का फैसला लिया। इस अभियान को देश के छह राज्यों के 116 जिलों में शुरू किया गया है। 50 हजार करोड़ रुपये की राशि वाली गरीब कल्याण रोजगार अभियान का उदेश्य कामगारों को उनकी रुचि और कौशल के तहत रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। इस राशि से गांवों में रोजगार के लिए, विकास के कामों के लिए करीब 25 कार्यक्षेत्रों की पहचान की गई है जिसका वृहद् स्तर पर लाभ स्थानीय इन्फ़्रास्ट्रक्चर व जनता को मिलेगा। मैं इस कल्याणकारी योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को लाभान्वित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के लिए उनका आभार प्रकट करता हूँ।” अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है। इस आपदा की विभिषिका से देशवासियों को राहत पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज दिया था। अब तक इस पैकेज से 43 करोड़ से अधिक लोगों को 70000 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता पहुँचाई जा चुकी है। महिला जनधन खाताधारकों की 20 करोड़ महिलाओं को 31000 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। 2.81 करोड़ वृद्ध,विधवा,दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को 2807 करोड़,8.19 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 16394 करोड़,2.3 करोड़ बिल्डिंग एवं निर्माण श्रमिकों को 4313 करोड़, 59.43 लाख कर्मचारियों के ईपीएफ़ का 24% सहयोग 895 करोड़, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लगभग 9000 करोड़ रुपए का लाभ इन योजनाओं के लाभार्थीयों को दिया जा चुका है। केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़े दो नए अध्यादेशों को मंजूरी व एक अध्यादेश में संशोधन की मंजूरी दी है। फार्मिंग प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स ऑर्डिनेंस-2020 को मंजूरी मिलने से किसानों को अपनी फसल अपने हिसाब से बेचने की आजादी मिलेगी।अब किसान जहां चाहेगा और जिसे चाहेगा अपनी फसल बेच सकेगा व ई-ट्रेडिंग के जरिए खरीद-बिक्री हो सकेगी। किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिल पाएगी। एक देश, एक बाजार की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। फार्मर्स एग्रीमेंट प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज ऑर्डिनेंस-2020 को मंजूरी मिल जाने से किसान और व्यापारी अब एग्रीमेंट कर सकेंगे।इसमें न्यूनतम मूल्य पहले ही तय होगा। ऐसे में किसानों को नुकसान होने का कोई ख़तरा नहीं रहेगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन की मंजूरी मिल गई है व अनाज, तेल, तिलहन, दाल, आलू और प्याज को इस एक्ट के दायरे से बाहर किया गया है।
भूतपूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन तथा वैटरन इंडिया जिला शिमला हिमाचल प्रदेश इकाई ने गलवान घाटी में देश के सैनिकों की शहादत पर गहरा शोक प्रकट किया। इकाई अध्यक्ष वैटरन पवन चौहान, कैप्टन शाम लाल शर्मा, कैप्टन मोहन शर्मा, वैटरन दयाल चन्द, यूथ विमेन प्रेसिडेंट पूजा शर्मा, उर्मील शर्मा, वीर नारी सुमन शर्मा व अन्य सदस्यों ने 20 शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं होगा। चीन को 1 इंच भी जमीन नहीं लेने देंगे। हमारे सैनिकों ने उन के छक्के छुड़ाए तथा पूर्ण रूप से आर पार करने को तैयार हैं। भूतपूर्व वेटरन कभी भी अपना बलिदान देने को पीछे नहीं हटेंगे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राजभवन में बागवानी विभाग के अधिकारियों से बातचीत करते हुए राज्य में कोल्ड स्टोर श्रृंखला को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि फल उत्पादकों और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके। राज्यपाल ने अधिकारियों को कोल्ड स्टोर श्रृंखला में सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीई) को विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फल उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर-सेब उत्पादक पड़ोसी जिलों से मज़दूरों को स्थानान्तरित किया जा सकता है। उन्होंने लदानियों और आढ़तियों के साथ सम्पर्क बनाए रखने और स्थानीय क्षेत्र के अनुसार योजना पर काम करने का परामर्श दिया। दत्तात्रेय ने उप-विपणन यार्ड विकसित करने का सुझाव दिया और कहा कि इससे कोरोना महामारी के दौरान शारीरिक दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्पादकों को पैकिंग सामग्री की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हर जिला में हेल्पलाइन और केंद्रीकृत सम्पर्क सहायता नंबर प्रदान करने के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने पिछले वर्ष के अनुभव के आधार पर चेरी, स्ट्राॅबेरी और अन्य गुटलीदार फलों के लिए विभाग द्वारा बेहतर प्रबंध करने पर संतोष व्यक्त किया। सचिव बागवानी अमिताभ अवस्थी ने राज्यपाल को आगामी सेब सीजन के लिए विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 30 लाख सेब की पेटीयों के उत्पादन तथा अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 5-6 लाख मीट्रिक टन अधिक उत्पादन होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सेब को मंडियो तक ले जाने के लिए लगभग 68 हज़ार ट्रकों की तथा अगस्त और सितम्बर के महीनों में 75 हजार अधिक ट्रकों की आवश्यकता होगी। परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा ट्रकों की व्यवस्था के लिए सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने सेब सीजन को लेकर विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की जा रही तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर एचपीएमसी की प्रबंध निदेशक देव श्वेता बनिक, हिमाचल प्रदेश एपीएमसी के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर और निदेशक बागवानी एमएम शर्मा ने भी राज्यपाल को विभाग की गतिविधियों से अवगत करवाया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य के लोगों विशेषकर सोलन जिला के लोगों को 19 से 21 जून तक प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय शूलिनी मेले के अवसर पर बधाई दी है। कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष लोग इस मेले में भाग नहीं ले पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए माता शूलिनी की आरती और आॅनलाइन दर्शन की समुचित व्यवस्था की है। उन्होंने लोगों से माता शूलिनी के आॅनलाइन माध्यम से दर्शन करने का आग्रह किया।
हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी बचत सहकारी सभा की मासिक बैठक शिमला में सभा के चेयरमैन राजेश भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कोरोना महामारी के दृष्टिगत सभा के विभिन्न गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर राजेश भारद्वाज ने कहा कि आगामी दिनों में इस सहकारी सभा द्वारा देश की नामी कम्पनी के सहयोग से सचिवालय परिसर में पुलिस विभाग की तर्ज पर डिपार्टमेंटल स्टोर खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बचत सहकारी सभा द्वारा कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। वर्तमान में कोरोना महामारी के दृष्टिगत सभा द्वारा ब्याज दर 13.25 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दी गई है। यह बैंकों की तुलना में बहुत कम है। इससे कर्मचारियों को बहुत लाभ होगा। राजेश भारद्वाज ने कहा कि सहकारी सभा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रयासरत रही है और इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। बैठक में वाइस चेयरमैन सुरेन्द्र मोहन, महाप्रबन्धक पवन धारटा और बी.ओ.डी. के अन्य सदस्य उपमन्यू वर्मा, नरेश रतन और दीपक गुलेरिया और उमेश उपस्थित थे।
21 जून, 2020 को हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वार्षिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। ग्रहण सुबह 10.23 मिनट पर आरम्भ होगा तथा यह अधिकतम 12.03 मिनट पर होगा और दोपहर 1.48 मिनट पर समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण दोपहर के आसपास 95 प्रतिशत होगा। हिमाचल प्रदेश में 25 साल बाद ऐसी खगोलीय घटना होने जा रही है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद् (हिमकोस्ट) एलर्ज़ली बिल्डिंग, सचिवालय शिमला की पार्किंग के पास और पदम देव काॅम्पलेक्स, रिज शिमला में सीमित दर्शकों के लिए सूर्य ग्रहण देखने की व्यवस्था कर रहा है। इसका उद्देश्य विज्ञान को बढ़ावा देना व लोकप्रिय बनाना है, जिससे इस तरह की खगोलीय घटनाओं से जुड़ी भ्रांतियों और अंधविश्वासों को दूर किया जा सके। हिमकोस्ट ने खगोलीय घटना को देखने के अपने अनुभवों पर, इस घटना के साक्षी बने विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों से राइट-अप/पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन लेने का निर्णय किया है। तीन पेजों का राइट अप या पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन में अधिकतम 10 स्लाइड होनी चाहिए। विद्यार्थी 23 जून, 2020 तक अपनी प्रविष्टियां dhar_shashi2000@yahoo.com पर भेज सकते हैं। सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को उपयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा। हिमकोस्ट ने संबंधित जिलों के प्राथमिक शिक्षा उपनिदेशकों से सोलर फिल्टर की व्यवस्था करने को कहा है, ताकि इस अद्वितीय घटना को आम लोग देख सके। आम लोग अपने संबंधित जिलों में उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा कार्यालय द्वारा निर्दिष्ट स्थान पर सूर्य ग्रहण देख सकते हैं।
आयुर्वेद विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस ‘अपने घर पर रहकर अपने परिवार के साथ योगाभ्यास’ की विषय वस्तु पर आधारित है। प्रवक्ता ने अनुरोध किया है कि सभी लोग अपने परिवार सहित 21 जून, 2020 को प्रातः 7 बजे से 7ः45 बजे तक सामान्य योगाभ्यास क्रम को करें। सामान्य योगाभ्यास क्रम से सम्बन्धित प्रशिक्षण का वीडियो योग पोर्टल, आयुष मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाईट yoga.ayush.gov.in के अतिरिक्त सोशल मीडिया पर भी उपलब्ध है। प्रवक्ता ने बताया कि यह वीडियो 21 जून, 2020 तक विभिन्न टीवी चैनलों पर भी लगातार चलाए जाएंगे। अपनी भाषा में सामान्य योगाभ्यास क्रम का प्रशिक्षण वीडियो आयुष मंत्रालय, भारत सरकार की वेबसाईट पर दिए गए यू-ट्यूब लिंक पर भी देखा जा सकता है। प्रवक्ता ने बताया कि लोग अपने योगाभ्यास के चित्र आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग पोर्टल की सोशल वाॅल पर अपलोड भी कर सकते है। अपने योगाभ्यास के वीडियो को लाईवस्ट्रीम करने के साथ-साथ यू-ट्यूब पर अपलोड करके आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल पर भी शेयर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्रीय योग व प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित वीडियो व्लाॅगिंग प्रतियोगिता में भी भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता से सम्बन्धित अन्य जानकारी मंत्रालय की वेबसाईट व योग पोर्टल के प्रतियोगिता अनुभाग में उपलब्ध है। प्रवक्ता ने बताया कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस से सम्बन्धित अधिक जानकारी के लिए www.instagram.com/ministryofayush,twitter.com/moayush, www.youtube.com/channel/UCqRR2gs-13zrNcE4so4TpgQ, www.facebook.com/moayush, www.facebook.com/Ayurveda-Department-Himachal-Pradesh पर लाॅगइन करें।
शिमला, शहर के प्रतिष्ठित पोर्टमोर स्कूल की दो दृष्टिबाधित छात्राओं - शालिनी और रजनी नेगी ने बहुत अच्छे नम्बरों से जमा दो की परीक्षा पास की। शालिनी ने 84.80 प्रतिशत और रजनी ने 82.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दोनों कम्प्यूटर से पढ़ाई करने में सक्षम हैं। एक एचएएस ऑफिसर तो दूसरी म्यूजिक टीचर बनना चाहती है। उमंग फाउंडेशन उनके सपनों को साकार करने के लिए उन्हें छात्रवृत्ति देगा। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि चम्बा की पंचायत चैला के गांव बेहीलोला की रहने वाली शालिनी को फाउंडेशन द्वारा दिए गए लैपटॉप से पढ़ाई में मदद मिली। उसने सुन्दर नगर स्थित सीआरसी से एक महीने का कम्प्यूटर कोर्स भी किया है। उसका सपना हिमाचल प्रशासनिक सेवा में जाना है। उधर कुमारसेन की रहने वाली रजनी नेगी म्यूजिक टीचर बनना चाहती है। वह कंप्यूटर में दक्ष है और उसने भी सीआरसी सुंदर नगर से कंप्यूटर का कोर्स किया है। उन्होंने सुंदरनगर स्थित दृष्टिबाधित छात्राओं के विशेष विद्यालय से दसवीं की परीक्षा भी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। उमंग फाउंडेशन से जुड़ी दोनों दृष्टिबाधित बेटियां अब आरकेएमवी कॉलेज से बीए करना चाहती हैं। श्रीवास्तव ने बताया कि कि फाउंडेशन उन्हें उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति देगा ताकि वे अपने सपने पूरे कर सकें।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने 15-16 जून की रात को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर शहीद हुए पंजाब रेजीमेंट के सिपाही अंकुश ठाकुर की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। शहीद अंकुश ठाकुर हमीरपुर जिला की तहसील भोरंज के करोहता गांव से सम्बन्ध रखते थे। उन्होंने कहा कि देश के सैनिकों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। राज्यपाल ने परम पिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए स्थानीय माॅडयूल को बढ़ावा देकर स्थानीय उत्पादों को नवाचार के साथ जोड़कर स्टार्टअप की ओर बढ़ने पर बल दिया है। राज्यपाल छः विश्वविद्यालयों जिसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, बागवानी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन, चैधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर, क्लस्टर विश्वविद्यालय मण्डी और अटल मैडिकल एवं रिसर्च विश्वविद्यालय नेरचैक मण्डी के उप-कुलपतियों के साथ राजभवन शिमला में आज वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर रहे थे। राज्यपाल ने मनोरंजन, शिक्षा और रोजगार पर बल दिया तथा उप-कुलपतियों से अपने अनुभवों को संाझा करने के साथ-साथ उनसे ऑनलाइन शिक्षा पर सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने आॅनलाइन शिक्षा में अध्यापकों और संस्थाओं को पेश आ रही दिक्कतों के बारे में भी पूछा। उन्होंने नवीन माॅडयूलों और पाठ्य सामग्री के अतिरिक्त इनके स्त्रोत की जानकारी को भी सांझा करने को कहा। उन्होंने स्थानीय शैक्षणिक सामग्री विकसित करने पर बल देने के साथ-साथ इसे साझा करने को भी कहा। दत्तात्रेय ने अध्यापकों और प्रोफेसरों को आॅनलाइन सामग्री पर प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी बल दिया। उन्होंने उप-कुलपतियों को ऐसे छात्रों जो 3 से 4 घण्टे फोन तथा कम्प्यूटर पर प्रतिदिन आॅनलाइन पढ़ाई करते हैं तथा इसके अतिरिक्त टीवी और कम्प्यूटर पर भी अपना समय व्यतीत करते हैं पर पढ़ रहे प्रभावों पर भी अपने विचार रखने को कहा। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा समेस्टर और वार्षिक परीक्षाओं के आयोजन पर बनाई गई योजना की भी जानकारी ली। लाॅकडाउन और शैक्षणिक संस्थानों के बन्द होने के कारण छात्रों और अभिभावकों को जो समस्याएं पेश आ रही हैं उन्हें दूर करने के लिए अध्यापकों द्वारा की जा सकने वाली सहायता की भी जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के कठिन और जनजातीय क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों का सर्वे तथा छात्रों का डाटा एकत्रित करने के अतिरिक्त ऐसे छात्रों के लिए वैकल्पिक योजना सुझाने पर बल दिया ताकि इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने इस विषय पर रिपोर्ट देने को भी कहा। बातचीत के दौरान उप-कुलपतियों ने कहा कि उन्हांेने आॅनलाइन सुविधा के माध्यम से शत-प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा कर लिया गया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के उप-कुलपति प्रो. सिकन्दर कुमार ने कहा कि परीक्षाएं करवाने के लिए सम्भावित योजना बना ली गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं की जाॅंच उन्ही काॅलेजों में की जाएगी, जहां पर परीक्षाएं आयोजित होगी। उन्होेंने बताया कि शारीरिक दूरी के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्नातक स्तर की परीक्षाएं दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में बाहर से आने वाले व्यक्तियों के लिए रजिस्टर बनाया गया है तथा विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए रोस्टर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में एक कोविड-19 सैल भी गठित किया गया है। उन्होंने अवगत करवाया कि विश्वविद्यालय में सूचना तकनीकी का आधारभूत ढांचा 20 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा तथा इसके लिए एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके अन्तर्गत वर्चुअल क्लासरूम और कम्प्यूटर प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाएगा। वानिकी और औद्यानिकी विश्वविद्यालय नौणी जिला सोलन के उप-कुलपति डाॅ. परमिन्दर कौशल ने नए पाठ्यक्रमों, वर्चुअल क्लासरूम तथा नए सत्र में आयोजित होने वाली परीक्षाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इनक्यूबेशन सेन्टर पर कार्य जारी है तथा स्टार्टअप गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग विभाग के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के उप-कुलपति प्रो. अशोक सरैल ने कहा कि ऑनलाइन डिग्रियों के पाठ्यक्रम पूरे कर लिए गए हैं तथा सलाहकारों ने ऑनलाइन थिसीज़, लेखन को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय ऑनलाइन सामग्री भी विकसित कर रहा है। उन्होेंनेे कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने में कोई समस्या नहीं है, क्योंकि वे कृषि विज्ञान केन्द्र में उपलब्ध इन्टरनेट सेवा का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा पर अध्यापकों को भी प्रशिक्षण प्रदान करने का सुझाव दिया तथा कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों की काॅउसलिंग पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में दो इनक्यूबेशन केन्द्र है तथा गत वर्ष इनमें चार विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के उप-कुलपति प्रो. एस.पी. बन्सल ने कहा कि विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा के पुनः अभिविन्यास पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के लिए नए डिप्लोमा कोर्स आरम्भ किए जा रहे हैं, जिनसे रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कौशल विकास केन्द्र स्थापित किया गया है तथा विश्वविद्यालय पर्यटन प्रोत्साहन पर बल दे रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में स्टार्टअप गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए उद्यम सैल का भी निर्माण किया गया है। क्लस्टर विश्वविद्यालय मण्डी के उप-कुलपति प्रो. सी.एल. चन्दन ने आॅनलाइन शिक्षा तथा नए पाठ्यक्रमों पर भविष्य की रणनीतियों की चर्चा की। अटल मैडिकल और रिसर्च विश्वविद्यालय मण्डी के उप-कुलपति डाॅ. सुरेन्द्र कश्यप ने ऑनलाइन शिक्षा पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय फार्मा सैक्टर पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रहा है क्योंकि इस क्षेत्र में रोजगार की अपार सम्भावनाएं मौजूद है। राज्यपाल ने सभी उप-कुलपतियों का ऑनलाइन शिक्षा, नए पाठ्यक्रमों और रोजगार सृजन पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए धन्यवाद किया।
ग्रीनबेरी आर के जी ग्रुप वह ग्रीनबेरी वेल्फ़ेयर फ़ाउण्डेशन के संस्थापक राजेश कुमार गुप्ता द्वारा पुनः हिमाचल प्रदेश के लिए सैनिटाइजर और फ़ेस मास्क दिए गए हैं। ग्रीनबेरी संस्था द्वारा अगले दो दिन में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में यह बाँटे जाएँगे। एक लाख मास्क और पचास हजार सैनिटाइजर आज ठेओग एवं नारकंडा ब्लॉक की सभी पंचायतो में बाँटे गए और प्रदेश के सभी विभागों के दफ्तर राज भवन ऑफिस, डी सी ऑफिस, मेयर ऑफिस, डी जी पी ऑफिस के लिए भी संस्था ने सैनिटाइजर और फ़ेस मास्क दिए है। बता दें की संस्था पहले भी दो लाख मास्क का वितरण कर चुकी है और प्रदेश सरकार को 21 लाख की रकम मुख्य मंत्री राहत कोष और 11 लाख प्रधान मंत्री केयर फंड के लिए दे चुकी है। राजेश गुप्ता ने बताया की संस्था इस हफ्ते सीएम ऑफिस के लिए 5000 मास्क, 1000 सैनिटाइजर और 5 वेंटिलेटर्स मेडिकल कॉलेज के लिए भी देगी। सारी राहत सामग्री संस्था के लीगल ऑफिसर अरुण भोयल द्वारा सौपी गई।
बुधवार, एसएफआई जिला कमेटी शिमला ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर भारतीय व चीनी सैनिकों के मध्य हुई झड़प में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि दी। एसएफआई शिमला जिला कमेटी ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि कुछ समय से भारत व चीन के मध्य चल रहे सीमा विवाद सुलझने का नाम नही ले रहा। दोनों देशों के मध्य अधिकारी स्तर की वार्ता होने के बाद चीन अपने सैनिकों को पीछे करने के लिए तैयार हो गया था लेकिन असलियत में चीन ने ऐसा नही किया। पिछले कल दिनों सेनाओं के मध्य झड़प हुई जिसमें भारत के एक सैन्य अधिकारी के समेत तीन जवान शहीद हो गए थे और 17 और जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे लेकिन देर रात उनकी शहादत की आधिकारिक पुष्टि हुई। एसएफआई जिला अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि इस तरह का सिमा विवाद कई सालों के बाद दोनों देशों के बीच देखने को मिला है जिसका कारण दोनों देशों का आपसी मतभेद को दर्शाता है। इस तरह के मामले को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बैठक होनी चाहिए जिसे इसका हल निकाला जा सके। एक तरफ कोविड-19 से देश में संकट गहराया है दूसरी तरफ सीमाओं पर इस तरह का तनाव पैदा हो रहा है। एसएफआई शिमला जिला कमेटी ने सेना के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि देश की मोदी सरकार इस पसंकट के दौर में पूरी तरह से नाकाम हो गई है ।
ग्रीनबैरी आरकेजी समूह के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की तथा राज्य सरकार को कोविड-19 से लड़ाई के लिए एक सेनेटाईजर मशीन तथा मास्क भेंट किए। राजेश कुमार गुप्ता ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि आरकेजी समूह ने इससे पूर्व भी एचपीसीएम रिलीफ फंड में 21 लाख रुपये, पीएम केयर्स में 11 लाख रुपये तथा यूपी सीएम रिलीफ फंड में पांच लाख रुपये का अंशदान दिया है। उन्होंने बताया कि आरकेजी समूह ने पिछले माह शिमला जिला के ठियोग और नारकण्डा खण्डों की सभी पंचायतों में लगभग 1.5 लाख मास्क वितरित किए। राज्यपाल ने समूह के प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि इस मुश्किल समय में सेनेटाईजर और मास्क लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र द्वारा कोविड-19 से लड़ने में सरकार की सहायता करना एक सराहनीय कार्य है। इसके उपरान्त, शिमला के अधिवक्ता अरूण भूल ने भी राजभवन के कर्मचारियों को मास्क और सेनेटाईजर दिए।
हिमाचल प्रदेश इको-टूरिज़्म सोसाईटी की कार्यकारी समिति की बैठक का आयोजन प्रदेश सचिवालय में किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन संजय गुप्ता ने की। अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल (ईको टूरिज़्म) व सोसाईटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय सूद ने ईको-टूरिज़्म के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में प्रदेश में ईको-टूरिज़्म क्षमता के भरपूर दोहन के लिए वन विभाग व पर्यटन विभाग के आपसी सामन्जस्य पर बल दिया गया। इस अवसर पर डाॅ. संजय सूद एवं सहायक अरण्यपाल (प्रचार एवं ईको-टूरिज़्म) डाॅ. सरोज वर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘वन विभाग के विश्राम गृह’ का भी विमोचन किया गया। पुस्तक में वन विभाग के दूर-दराज़ एवं रमणीक स्थलों पर स्थित विश्राम गृहों तथा उनके इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इस अवसर पर प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय कुमार प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्य प्राणी डाॅ. सविता, संयुक्त निदेशक पर्यटन रोबिन जाॅर्ज तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
राज्य सरकार किसानों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को नाबार्ड के सहयोग से बहुउद्देश्य सेवा केंद्र बनाने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता आंदोलन को जन आंदोलन बनाना महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र में रोज़गार और स्वरोज़गार की अपार संभावनाएं हैं। सहकारिता आंदोलन का ज़मीनी स्तर पर विस्तार होना चाहिए ताकि यह ग्रामीण लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 4,843 सहकारी सभाएं कार्य कर रही हैं जिनमें 17.35 लाख सदस्य हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में 2,132 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां कार्य कर रही हैं जिनके सदस्यों की संख्या 12.56 लाख तथा कुल जमा राशि 5401.96 करोड़ रुपये है। इन समितियों में 1914 उचित मूल्य की दुकानें व 1374 खाद के डिपो शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन समितियों को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जाने चाहिए ताकि राज्य के किसान लाभान्वित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलन व मंडी ज़िलों में क्रमशः 73.15 करोड़ रुपये और 89.58 करोड़ रुपये की ब्लाॅक लागत से दो आईसीडीपी परियोजनाएं लागू की जा रही हैं। मंडी ज़िले की परियोजना को हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक द्वारा लागू किया जा रहा है। इस योजना के प्रथम वर्ष के कुल व्यय में से 33.64 करोड़ रुपये तथा 164 सहकारी समितियों को व्यापार विकास के लिए 12.40 करोड़ रुपये स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा स्वीकृत किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलन ज़िले की आईसीडीपी परियोजना जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक सोलन द्वारा लागू की जा रही है। प्रथम वर्ष के 23.47 करोड़ रुपये के कुल बजट में से 14 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सहकारी समितियों के व्यापार विकास के लिए स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा 37 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई है। 46.47 करोड़ रुपये की ब्लाॅक लागत से ऊना ज़िला के लिए आईसीडीपी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट राष्ट्रीय सहकारिता विकास कमेटी की स्वीकृति के लिये भेजी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश सहकारी समिति एक्ट, 1968 को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए इस कानून में संशोधन करने के लिये कैबिनेट मंत्रियों की समिति बनाने पर विचार कर रही है। जय राम ठाकुर ने गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) विशेषकर कांगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक पर भी चिंता व्यक्त की। सहकारिता मंत्री डा. राजीव सैजल ने सहकारिता आन्दोलन को सुदृढ़ बनाने में अपनी गहरी रुचि दिखाने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। मुख्य सचिव अनिल खाची, प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव सहकारिता अक्षय सूद, पंजीयक सहकारिता समिति डाॅ. अजय शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बैठक में भाग लिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला से कांगड़ा जिला के भाजपा मण्डल जसवां परागपुर की वर्चुअल रैली को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी राजनीतिक दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति को एक बार फिर साबित किया है जबकि विश्व के सबसे ताकतवर देश इस समय इस महामारी से निपटने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा समय रहते लिये गए निर्णयों के कारण भारत की स्थिति दूसरे देशों से कहीं बेहतर है। जय राम ठाकुर ने कहा कि पूरा विश्व कोरोना संक्रमण के कारण प्रभावित हुआ है तथा भारत भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण ने हमें विकासात्मक नीतियों, कार्यक्रमों और रणनीतियों को नए सिरे से सोचने और बनाने पर विवश किया है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के प्रथम चरण में देश के विभिन्न भागोें में फंसे राज्य के लोग विशेषकर विद्यार्थी मुसीबत में थे। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों को राज्य में वापिस लाना राज्य सरकार की नैतिक जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को राज्य सरकार द्वारा 13 विशेष रेलगाड़ियों एवं बसों के द्वारा वापिस लाया गया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों के वापिस आने के कारण राज्य में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़े हंै परन्तु हम राज्य के लोगों को उनके भाग्य के सहारे नहीं छोड़ सकते। जय राम ठाकुर ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले सभी लोगों को संस्थागत या घरों पर ही क्वारंटीन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को स्थानीय लोगों के साथ घुलने-मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। कोविड-19 के सभी मामले ऐसे है जो या तो प्रदेश के बाहर से आए हैं या संक्रमित व्यक्तियों के सीधे संपर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य कि स्थिति पड़ोसी राज्यों से कहीं बेहतर हैै। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गई छोटी पहलो की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी प्रशंसा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरम्भ किए गए एक्टिव केस फाइडिंग अभियान से राज्य में इन्फलुएंजा लक्षणों तथा अन्य दीर्घकालीक बीमारियों को चिन्हित करने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने जसवां परागपुर क्षेत्र के लोगों का एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिज़ास्टर रिस्पोंस फंड में 35 लाख रुपये का अंशदान देने के लिये उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ज़रूरतमंद लोगों को 1800 मोदी किट वितरित करने के अलावा इस क्षेत्र के लोगों ने 65 हज़ार माॅस्क भी बनाये एवं वितरित किये हैं। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि धन का अभाव क्षेत्र के विकास में आड़े नही आयेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को पर्याप्त धन प्रदान किया जायेगा ताकि विकासात्मक परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज राज्य की आर्थिकी को पुनः सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा। केंद्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के छः वर्ष के कार्यकाल से एक नये, मज़बूत और जीवंत भारत का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा आर्थिक पैकेज है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज से समाज के सभी वर्गों के आर्थिक पुनःउत्थान में सहयोग मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न विकासात्मक कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार में बताया। उद्योग मंत्री और परागपुर जसवां के स्थानीय विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल के दौरान जसवां परागपुर क्षेत्र में विकास और समृद्धि का नया युग आरम्भ हुआ है जिसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को जाता है। जिला भाजपा संगठन देहरा के अध्यक्ष संजीव शर्मा और भाजपा जसवां परागपुर मंडल के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने कहा कि जयराम सरकार की वर्चुअल रैली से कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से बौखला चुकी है। हर बात पर राजनीति करने वाली कांग्रेस पार्टी अब इस वर्चुअल रैली को लेकर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता इस बात से दुखी है कि किस तरह से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कोरोना महामारी के बीच भी आम जनता और अपने कार्यकर्ताओं के साथ डिजिटल तरीके से पूरी तरह से संपर्क में है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्चुअल रैली के माध्यम से अभी तक लाखों लोगों के साथ सीधा संपर्क साध लिया। उन्होंने कहा यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी बौखलाई हुई है मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना महामारी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ना सिर्फ हर जिला के प्रशासन से संपर्क साधे रखा बल्कि हर पंचायत प्रतिनिधि से भी इस दौरान वह चर्चा करते रहे ओर कोरोना के चलते किस तरह पंचायतें सहयोग कर रही हैं उसे लेकर भी पूरी अपडेट उनसे प्राप्त करते रहे। जयराम सरकार ने टेक्नोलॉजी के माध्यम से इस कोरोना महामारी के बीच भी प्रदेश की जनता के साथ संपर्क बनाए रखा तो इसमें बुरा क्या है ? सवाल यह है कि अगर कांग्रेस वालों में यह काबिलियत नहीं है तो इसमें भाजपा की क्या गलती है? गलती तो सारी कांग्रेस वालों की है विपक्ष में रहकर भी पार्टी का कर्तव्य बनता था कि वह आम जनता के साथ संपर्क बनाए रखती। आज के समय इतनी सारी एप्लीकेशन है जिनके माध्यम से जनता के साथ सीधी बातचीत हो सकती थी लेकिन कांग्रेस ने इस महामारी के बीच सिर्फ राजनीति करने का काम किया और उसके अलावा वह कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री द्वारा हर क्षेत्र में की जा रही वर्चुअल रैली को लेकर ना सिर्फ कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा है जो कि इस दौरान एक कोरोना योद्धा की तरह ही लोगों की सेवा में कार्य कर रहे हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि एक नेता कोंग्रेस में ऐसे है जो मुख्यमंत्री जी को सलाह देते है अपने कार्यालय से निकल कर इन वेर्चुअल रैल्लियों को छोड़ कर जनता के बीच जाएँ और कहते है की मुख्यमंत्री आइसोलेशन से निकल कर जनता में जाएँ लेकिन दूसरे को सलाह देने वाले नेता आज स्वयं आइसोलेशन में चले गए है। करोना महामारी के बीच जरूरी नहीं है हर काम सड़क में उतर कर ही हो सब अपने दिमाग की बात है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का जो कर्तव्य था जो उन्हें करना चाहिए था वह कार्य उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ किया है। यही वजह है कि आज पूरे देश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उस कार्य की चर्चा भी हुई है जिसमें वह हर जिला की पंचायती राज प्रतिनिधि से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर चुके हैं। आज दिल्ली में सबसे खराब हालत है और दूसरे कई राज्य है जिनमें हालत बहुत खराब है। उन सभी राज्यों से लाखों लोगों को निकालकर मुख्यमंत्री उनके प्रदेश उनके घर तक पहुंचा चुके हैं ये अपने आप में दिखाता है कि एक मुख्यमंत्री को जो कार्य करना चाहिए था उन्होंने वह कार्य बहुत अच्छे से निभाया है खैर कांग्रेस ने तो इस मुद्दे पर भी राजनीति ही की थी। उन्होंने कहा कि उम्मीद करते हैं कांग्रेस राजनीति करना बंद करके प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इस महामारी के खिलाफ लड़ने में अपना सहयोग दें वही जनता के लिए भी बेहतर है।
नाहन विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं के साथ वर्चुअल रैली के माध्यम से डॉ राजीव बिंदल ने संवाद किया, हजारों भाई बहनों ने इस संवाद को सुना डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि नरेंद्र भाई मोदी की सरकार को बने 1 वर्ष पूर्ण हुआ है, इस 1 वर्ष के अंदर वर्षों से रुके हुए फैसले उन को अंजाम दिया गया। मेरे देश की एकता और अखंडता को अक्षुण बनाए रखने के लिए कश्मीर से धारा 370 को हटाना 35ए को हटाना और देश की एकता को मजबूत करना यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण फैसला है। उन्होंने कहा श्री राम घट-घट में राम घर-घर में राम हमारे आराध्य श्री राम उनका भव्य मंदिर निर्माण हो यह करोड़ों देशवासियों की बरसों से मनोकामना थी, श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य वह शुरू हुआ इसके लिए हम मोदी जी को बधाई देते है, तीन तलाक का मामला हो या फिर गरीबों के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज देने की बात, छोटा व्यापारी, छोटा उद्योगपति, छोटा दुकानदार, रेडी लगाने वाला, फड़ी लगाने वाला, मजदूर उसके लिए भारत के इतिहास में पहली बार 20 लाख करोड रुपए का पैकेज दिया गया। यह 1 वर्ष का कार्यकाल स्वर्णिम कार्यकाल है हिमाचल प्रदेश की सरकार ढाई वर्षो से जयराम ठाकुर के नेतृत्व में विकास के नए आयाम छू रहा है। नाहन विधानसभा क्षेत्र विकास की नई मंजिलें तय करता हुआ दिखाई देता है वह विधानसभा जहां पुलों के लिए, सड़कों के लिए, पीने के पानी के लिए, अस्पताल के लिए लंबे संघर्ष किए गए 25-25 किलोमीटर की यात्राएं की गई, 3-3 दिन की भूख हड़ताल की गई, धरने किए गए, प्रदर्शन किए गए, परंतु पूर्व कांग्रेस की सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने कहा आज उस विधानसभा क्षेत्र में 25 पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है 90 करोड़ के पुल जनता को समर्पित किए जा रहे हैं, इसी प्रकार लगभग 190 करोड रुपए की सड़कों का निर्माण कार्य स्वीकृत किया जा चुका है, 191 करोड रुपए विद्युत सप्लाई का काम अपने आप में एक कीर्तिमान से कम नहीं है। नाहन में पिछले 40-50 सालों से पीने के पानी की परेशानी को लेकर लोग नाहन छोड़ने पर मजबूर थे आज गिरी पेयजल योजना का कार्य लगभग 60 करोड़ की लागत से पूरा होता हुआ दिखाई देता है, घाटी के लोगों को पीने के पानी तथा सड़कों की भयानक समस्या से लगातार जूझना पड़ रहा था । निचले क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था, तराई के इलाके में सड़कों तथा पेयजल की व्यवस्था अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। नाहन का हस्पताल 12 डॉक्टरों के सहारे चलता था आज 14 अस्पताल में सेवाएं देते हुए 100 से अधिक डॉक्टर जनता की सेवा कर रहे है। उन्होंने कहा कि 261 करोड़ रुपए का नया अस्पताल और मेडिकल कॉलेज आने वाले दिनों में बनकर तैयार होगा 4 नए प्राइमरी हेल्थ सेंटर स्वीकृत करके कार्य शुरू किए गए। काला आम का क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा एक बात निश्चित है कि इन 5 वर्षो के अंदर नाहन विधानसभा क्षेत्र हिमाचल के अग्रणी विधानसभा क्षेत्रों में खड़ा होगा नाहन की जनता का आभार व्यक्त करते हुए मैं उनके प्रति कृतज्ञ रहते हुए स्मरण करता हूं।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की शिमला इकाई ने कोविड-19 महामारी के चलते प्रदेश के सभी छात्र छात्राओं की समस्याओं को लेकर एनएसयूआई पूर्व जिला महासचिव विनेश बंटा की अध्यक्षता में तहसीलदार जुब्बल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एनएसयूआई ने प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के सभी छात्र छात्राओं को बिना परीक्षा दिए अगली कक्षा में प्रमोट करने की मांग की है। एनएसयूआई पूर्व जिला महासचिव विनेश बंटा का कहना है कि कोविड-19 महामारी के चलते हुए प्रदेश के महाविद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं कराना संभव नहीं है एनएसयूआई प्रदेश सरकार से मांग करती है कि सभी महाविद्यालयों के पहले और दूसरे सत्र के सभी छात्र छात्राओं को बिना परीक्षाओं के प्रमोट किया जाए और अंतिम सत्र के सभी छात्र छात्राओं को उनकी पिछली परफॉर्मेंस के मध्य नजर रखते हुए 10% अतिरिक्त अंकों के साथ प्रमोट किया जाए और प्रदेश सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रदेश के सभी महाविद्यालयों से फीस के नाम पर 18% जीएसटी टैक्स वसूली के फैसले को जल्द से जल्द वापस लिए जाने की मांग की। विनेश बंटा का कहना है कि प्रदेश सरकार छात्रों के जेब में डाका डाल रही है जहां एक और उनको छात्र-छात्राओं की एक सत्र की फीस माफ करने चाहिए प्रदेश सरकार छात्रों को लूटने का काम कर रही है। एनएसयूआई इसका विरोध करते हुए सरकार को चेतावनी देती है अगर जल्द से जल्द यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन करेगी। ज्ञापन को सौंपते हुए एनएसयूआई जिला महासचिव निखिल केस्टा, आयुष, रजत, आशीष सोहटा, कृतिका आदि कार्यकर्ता शामिल थे ।
लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश से पड़ोसी राज्यों को भेजी 6.82 लाख क्विंटल हरे मटर व अन्य ऑफ सीजन सब्जियां किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने किसान रथ एप्प किया लाॅन्च, प्रदेश भर में लगभग 35164 क्विंटल धान, मक्की, चहरी और बाजरा इत्यादी के बीज अनुदान दरों पर करवाया उपलब्ध राज्य सरकार द्वारा लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश के किसानों को सुविधा उपलब्ध करवाने व आर्थिक नुकसान से बचाने को प्राथमिकता दी गई है जिसके अन्तर्गत किसान हित में अनेक कदम उठाए गए है ताकि कृषि कार्य निरंतर चलते रहें और किसानों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सके। प्रदेश में लाॅकडाउन लगाए जाने के बाद किसानों द्वारा प्रदेश में तैयार की गई 6.82 लाख क्विंटल हरे मटर, गोभी और अन्य विभिन्न प्रकार की ऑफ सीजन सब्जियां प्रदेश से बाहर पडोसीे राज्यों में भेजी गई हैं। इन सब्जियों को बाहरी राज्यों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के अधिकारियों ने पड़ोसी राज्यों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और किसानों कीे सब्जियों को पड़ोसी राज्यों में पहुंचाने और मार्केट उपलब्ध करवाने में हर संभव सहयोग किया। जिसके परिणाम स्वरूप कृषकों को उनके उत्पाद के अच्छे दाम मिल सके। सरकार द्वारा कोरोना महामारी के दृष्टिगत किसानों व व्यापारियों की सुविधा के लिए किसान रथ मोबाइल एप्प भी लाॅन्च किया गया। जिसके माध्यम से किसानों व व्यापारियों को लगभग 5 लाख ट्रकों व 20 हजार ट्रैक्टरों की जानकारी उपलब्ध करवाई गई ताकि इस एप्प का उपयोग कर प्रदेश के किसान व व्यापारी अपनी कृषि उपज व अन्य विभिन्न प्रकार के सब्जी उत्पादों को राज्य के अंदर व राज्य के बाहर की विभिन्न मंडियों तक आसानी से पहुंचा सकें।राज्य सरकार द्वारा किसानों को प्रदेश भर में लगभग 35164 क्विंटल धान, मक्की, चहरी और बाजरा सहित अन्य प्रकार के बीज विभिन्न कृषि योजनाओं के माध्यम से अनुदान दरों पर कृषि विक्रय केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा चुका है और बीज की मांग के अनुसार बीज की सप्लाई विभिन्न जिलों में कृषि विभाग के माध्यम से निरंतर जारी है ताकि बीज के लिए किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न उठानी पड़े। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा किसानों को विभिन्न सब्जियों के बीज भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं जिसके अन्तर्गत लगभग 11315 क्विंटल सब्जियों का बीज विभिन्न जिलों को उपलब्ध करवाया गया है। किसानों को पौध सुरक्षा सामग्री और कृषि औजार भी प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान दरों पर उचित मात्रा में उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि किसानों को कृषि कार्य करने में असुविधा न हो। कृषि विभाग द्वारा कृषकों की सुविधा व सहायता हेतु कृषि समर्पित रूम भी स्थापित किया है। प्रदेश के किसानों द्वारा तैयार किए जाने वाले कृषि उत्पादों के क्रय-विक्रय के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश भर में बनाए गए 60 मार्केट यार्ड और 41 कलेक्शन सेंटर संकट के इस समय में लगातार क्रियाशील रहे और किसानों को उनके विभिन्न कृषि उत्पादों के क्रय-विक्रय की सुविधा उपलब्ध करवाई गई जिससे किसान अपने कृषि उत्पादों को आसानी से बेच सके। राज्य में कृषि मार्केट यार्डो व कृषि उत्पाद कलेक्शन सेंटरों के लगातार क्रियाशील रहने से प्रदेश में फल व सब्जियों की कोई कमी नहीं रही और किसानों को इस वैश्विक संकट के दौरान होने वाले आर्थिक नुकसान से बचानेे में भी मदद मिली है। कृषि विभाग के निदेशक डाॅ. आर.के. कौंडल ने बताया कि प्रदेश के मध्य व निचले क्षेत्रों में गेंहू कटाई का कार्य लगभग पूरा हो गया है, और विभाग द्वारा किसानों से गेंहू बीज प्रक्योरमेंट का कार्य भी किया जा रहा है जिसके अन्तर्गत अब तक 14030 क्विंटल गेंहू बीज का भंडारण भी एफसीआई के माध्यम से किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार समय-समय पर विभिन्न कदम उठाए गए हैं ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके और कृषि संबंधी कार्य निरंतर चलते रहे।
शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव की मौत होने से हडकंप मच गया है। बता दें कि देर रात के समय आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए एक ट्रक किसी ठेकेदार का समान लेकर दिल्ली से शिमला आया था। जानकारी के अनुसार इस ट्रक में पुलिस विभाग की गुमटियां लोड थी। वहीं एडवांस स्टडी के समीप अनलोडिंग के दौरान गुमटी इस ट्रक चालक के ऊपर गिर गई, जिससे चालक को गंभीर चोटें आने के बाद इसे तुरंत आईजीएमसी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। वहां पर उसके टेस्ट लिए गए, इसके साथ ही कोरोना का सैंपल भी लिया गया। वहीं इलाज के दौरान चालक की मौत हो गई। वहीं सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद यह चालक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है । इस चालक की मौत के बाद आईजीएमसी अस्पताल में हडकंप मच गया है। अस्पताल के जिस स्टाफ ने उसे अटेंड किया था उन्हें क्वांरटीन कर लिया गया हैं। वहीं जो लोग इसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे उन्हें भी क्वांरटीन होने के लिए कहा गया हैं ।
प्रदेश की राजधानी शिमला में एक ही परिवार के 4 सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। वहीं दो दिन पहले संजौली हाउसिंग बोर्ड कोलोनी का एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। वह होमक्वारेंटाइन चल रहा था। इस घर को जिला प्रशासन ने पहले ही सील कर दिया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने इस परिवार के अन्य लोगों के टेस्ट लिए थे जिसमें व्यक्ति के परिवार में पत्नी, दो बच्चे व सास भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमें इस व्यक्ति की पत्नी की उम्र 58 साल , बच्चों की 30 व 24 साल उम्र हैं। जबकि सास की उम्र लगभग 82 साल हैं। इनकी ट्रैवल हिस्ट्री ये दिल्ली हैं। अब इन 4 लोगों को दीन दयाल अस्पताल शिफ्ट किया हैं। बता दें कि दीन दयाल अस्पताल को कोविड हॉस्पिटल बनाया गया हैं। शिमला में भी अब कोरोना का आंकड़ा लगातार बढ़ते जा रहा हैं। यहां पर कुल 19 मामले आ चुके है। वहीं 8 एक्टिव केस हैं। वहीं 9 संक्रमित ठीक होकर अपने घर चले गए हैं।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the virtual rally of Dharampur BJP Mandal through video conferencing from Shimla said that the state government has launched various schemes to revive the economy of the state which has been badly affected due to Covid-19 pandemic. The Chief Minister said that 5.90 lakh eligible women of the State have been benefitted under Jan Dhan Yojna while under the Kisan Samman Nidhi Yojana Rs 2000 each was transferred in the accounts of farmers. He said that Himachal Pradesh has become the first state in the country to launch ‘one nation one ration card’ to provide ration at subsidized rates from fair price shops anywhere in the country. Rs. 20 lakh crore economic package announced by the union government would help the country to revive the economy and provide much need relief to the people of the country. The Chief Minister said that each and every party worker has done a commendable job in fighting COVID in the state. The people not only generously donated towards the HP COVID fund and PM CAREs, but also provided food, ration, and face masks to the needy and the poor. He said that BJP party workers also played a major role in sensitizing the people regarding the importance of social distancing to check the spread of this virus. He said that the workers of the Dharampur area have also done wonderful work in this direction. Jai Ram Thakur said that the state government has effectively fought the COVID pandemic and even Prime Minister Narendra Modi has appreciated the active case finding campaign launched by the state government. He said that the Prime Minister has asked the other states to follow the footsteps of Himachal Pradesh in fighting the pandemic, which was an honor to the State. The Chief Minister said that the death rate of India due to COVID was much less than most of the developed countries of the world. He said that credit for this goes to timely and appropriate decisions taken by the Prime Minister. He said that people of the country seriously followed the guidelines and advisories issued by the Prime Minister. He said that although the state has witnessed a sharp spike in the number of COVID cases, the people need not worry as the people found positive were under institutional quarantine or home quarantine. He said that at the same time the people need to take precautions so that we could come out from the crisis. Union Minister of State for Finance and Corporate Affairs Anurag Thakur said that under the able leadership of Prime Minister, the union government has taken various historic decisions such as abrogation of 370, Triple Talaq, paving way for construction of Lord Ram temple, bringing in Citizen Amendment Act, etc. He said that crores of rupees have been transferred to the accounts of the poor and the needs of the country. Jal Shakti Minister Mahender Singh Thakur while addressing the virtual rally said that the State of Himachal Pradesh under the leadership of Chief Minister Jai Ram Thakur has ensured equitable and balanced development of the State. The government was adopting a policy of zero-tolerance against corruption. He said that Chief Minister Jai Ram Thakur has been adjudged as the best Chief Minister of the country. Mandal BJP President Puran Chand Sharma, media in-charge Rajat Thakur also shared their views on the occasion.
The state government is committed to the balanced and equitable development of the state with special preference to those areas which have neglected so far, due to one reason or another. Chief Minister Jai Ram Thakur stated this while addressing the virtual rally of Indora BJP Mandal of Kangra district through video conferencing from Shimla. The Chief Minister said that the people of Indora has indeed done commendable work in providing people of the area adequate masks, food packets for needy, and even dry ration to the migrant laborers stranded in the area during the curfew imposed in the State in wake of Corona epidemic. He said that the people also generously contributed towards to PM CAREs and CM COVID FUND. He said that the State Government has also ensured that no one in the State sleeps without food and also provided masks and sanitizers to the needy. Jai Ram Thakur said that the State has witnessed a steep hike in the number of COVID cases due to the arrival of people stranded in different parts of the country. He said that thousands of students were strained at Kota, Mumbai, Goa, Pune, Bengaluru, etc. He said that at one stage the State was about to become Corona free, but at the same time, it was the duty of the government to bring back the people who were in distress. Chief Minister said that the state government would ensure that paucity of funds not come in the path of development of the area. He said that the government has decided to ply buses on various routes to facilitate the commuters. Life has gradually started returning back to normal and we have to ensure that the pace of development going uninterrupted. He said that the opposition was making baseless and false allegations against the State Government. The party workers should give a befitting reply to their nefarious designs, he added. Jai Ram Thakur said that the last five-year tenure of the Congress Government was wasted in saving their leader from various allegations of corruption. He said that these leaders have no moral right to speak about morality and honesty. Chief Minister said that the State Government has launched several schemes to benefit the people of the State. He said that Mukhya Mantri Aajivika Yojna has been launched to provide 120 days guaranteed employment to the urban people. Mukhiya Mantri Ek Bigha Yojna has been launched to ensure women's empowerment and strengthen their economy. While detailing developmental works being initiated in the Indora area, the Chief Minister said that a Rs 34.82 crore multi village water supply scheme was being executed in the area to solve the drinking water problem. This scheme would benefit about 80villages of the area. He said that a mini secretariat was also being constructed at Indora and police post-Damtal has been upgraded to Police Station. MLA Reeta Dhiman thanked the Chief Minister for giving special consideration for the developmental aspirations of the people of Indora. State General Secretary BJP Trilok Kapoor, Mandal BJP President Balwan Singh, President Organizational District Nurpur Ramesh Rana also shared their views on the occasion.
Chief Minister Jai Ram Thakur said that an amount of Rs 102 crore was being spent on construction of roads and bridges in the Chopal area of Shimla district. Besides, a provision of Rs 80 crore has been made under PMGSY for metalling and tarring of various roads in the area. He was addressing the virtual rally of Chopal BJP Mandal from Shimla. The Chief Minister said that an amount of Rs. 9 crores was being spent on construction of community health centres at Nerwa and Kupvi. The state government was committed for the balanced and equitable development of the state with special preference to those areas which have neglected so far, due to one reason or another. Jai Ram Thakur said that the state government has brought back over 1.95 lakh Himachalis stranded in different parts of the country, provided them food and shelter and mask and effective functioning of quarantine centres and has spent about Rs 13 crore on this. On the other hand, the state Congress party has claimed before their Central leadership that they have spent Rs 12 crore on providing masks and food to the needy. The Congress leaders must clarify where they spent the amount, he added. Jai Ram Thakur said that the State has suffered great loss due to the Corona epidemic. He said that the tourism industry was the biggest causality of this virus. He said that steps would be taken to revive this sector. He said that the State Government has constituted a cabinet sub-committee and a task force to suggest steps to revive the economy of the State. Chief Minister said that the State Government has made an adequate arrangement of marketing of fruits in this Corona epidemic so that farmers do not face any inconvenience. He said that the apple growers would definitely get better prices as exported apple would not be available this year. He said that he had taken up the issue of Nepali labourers with the Union External Affairs Minister. The matter of providing an alternative market for the marketing of apple at Azadpur area in New Delhi was affected due to Corona has also been taken up with the Prime Minister. Chief Whip Narender Bragta thanked the Chief Minister for evincing deep interest in protecting the interests of the apple growers in the present scenario of COVID-19 pandemic. He said that the Chief Minister has taken up the issue of allowing Nepali labourers to enter the State with the Uttarakhand and Uttar Pradesh government. MLA Balbir Verma thanked the Chief Minister for giving special consideration to the developmental aspirations of the people of Chopal.
कोविड-19 के कारण उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो राज्य सरकार आधारशिला रखने और विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन ऑनलाइन करने पर विचार कर सकती है, ताकि विकास की गति निर्बाध चलती रहे। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरोली भाजपा मंडल की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली भाजपा मंडल में सभी विकासात्मक परियोजनाओं को शीघ्रता से और निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण विकासात्मक कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और हमें अपनी विकासात्मक रणनीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम और मजबूत नेतृत्व में ही भारत कोविड महामारी से प्रभावी ढंग से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के समयबद्ध और उचित निर्णय से यह सुनिश्चित हो पाया है कि कोविड-19 का प्रभाव अन्य विकसित देशों की तुलना में भारत में बहुत कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लाखों लोगों को वापिस लाना राज्य सरकार का नैतिक कर्तव्य था। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों लोगों को विशेष रेलगाड़ियों और बसों द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों से वापिस लाया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के एक कांग्रेस नेता राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए इस विषय को उछालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें सरकार चलाने का बहुत अनुभव है। उन्होंने कांग्रेस नेता को सलाह दी कि वह पहले कांग्रेस शासित राज्यों की स्थिति पर गौर करें और उसके बाद राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक नेतृत्व विहीन पार्टी है, जिसमें हर कोई खुद को पार्टी के नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विडंबना ही है कि कथित स्वास्थ्य घोटाले के बारे में कांग्रेस के नेता बहुत शोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, स्वास्थ्य निदेशक के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टाॅलरेंस की नीति अपना रही है और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति से सख्ती से निपटा जाएगा। हरोली विधानसभा क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
हिमाचल भाजपा में मचे घमासान ने नया रुख ले लिया है। ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने पार्टी को एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने 11 जून को मीडिया में दिए हुए अपने बयान के प्रति खेद व्यक्त किया है। बता दें की रमेश धवल ने प्रदेश भाजपा संगठन मंत्री पवन राणा के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयानबाज़ी की थी। उन्होंने पवन राणा पर उनके काम में दखलंदाजी के गम्भीर आरोप लगाए थे। इस बयान के बाद हिमाचल भाजपा में माहौल गरमा गया व धवाला के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठने लगी। कांगड़ा के विधायक राकेश पठानिया, विशाल नहरिया तथा रीता धीमान ने धवाला के इस बयान से पहले ही किनारा कर लिया था। अब धवाला के खेद पत्र ने इस मामले को नया रुख दे दिया है। जानिए धवाला ने पत्र में क्या लिखा है। "मैं रमेश धवाला, विधायक ज्वालामुखी विधान सभा क्षेत्र ने दिनांक 11-06-2020 को मीडिया के समक्ष भावुकता में आकर कुछ बातों का जिक्र किया है जिसके प्रति खेद प्रकट करता हूँ। मैं ज्वालामुखी विधान सभा क्षेत्र से चार बार विधायक चुनकर आया हूँ और संगठन का समर्पित कार्यकर्ता हूँ। मेरी संगठन व सरकार को कोई भी नुकसान पहुंचाने की मंशा नहीं थी तथा मैंने हमेशा संगठन को मजबूत करने के लिए अपना भरसक सहयोग दिया है। जो मेरे कुछ विषय थे, उनके बारे मैंने माननीय मुख्य मन्त्री जी से अपना पक्ष रखा और माननीय मुख्य मन्त्री जी ने आश्वासन दिया है कि यह विषय संगठन के अन्दर चर्चा करके हम समाधान करने का प्रयत्न करेंगे। मैं संगठन और सरकार को मजबूत करने के लिए हमेशा अपना सहयोग देता रहा हूँ और आगे भी देता रहूँगा। मैं संगठन का समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते मेरे द्वारा भावुकता में पूर्व में दिए गए अपने बयानों पर खेद प्रकट करता हूँ।"
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला से पालमपुर भाजपा मण्डल की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 135 करोड़ जनसंख्या वाला देश होने के बावजूद भारत में केवल 8500 मौतें दर्ज की गई, जबकि 142 करोड़ जनसंख्या वाले 15 सर्वाधिक विकसित देशों में मौत का यह आंकड़ा 4.30 लाख से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी व त्वरित निर्णय के कारण ही कोविड-19 की स्थिति को प्रभावी ढंग से काबू किया जा सका। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस लाॅकडाउन की स्थिति में भी एक-दूसरे से संपर्क प्रौद्योगिकी के माध्यम से संभव हो रहा है, जिसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को जाता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के प्रचार के लिए सभी पार्टी पदाधिकारियों को सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस मीडिया का उपयोग उन्हें कांग्रेस के झूठे प्रचार का जवाब देने के लिए भी करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में फंसे 1.95 लाख प्रदेशवासियों को घर वापिस लाया। उन्होंने कहा कि इसके कारण प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में बढ़ौतरी हुई, इसके बावजूद लोगों की घर वापसी प्रदेश सरकार की जिम्मेवारी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दूसरे राज्यों से वापिस आए लोग और उनके प्राथमिक संपर्क में आने वाले लोग ही कोरोना पाॅजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के दूसरे क्षेत्रों से आने वाले लोगों को संस्थागत या होम क्वारन्टीन में रखा गया है और उन्हें आमजन से मिलने की अनुमति नहीं है, ताकि सामुदायिक स्तर का फैलाव रोका जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि आज पूरा विश्व कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने कहा कि सरकार इस संकट से निकलने के भरसक प्रयत्न कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से देश व प्रदेश की आर्थिकी में अप्रत्याशित सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक पैकेज से समाज के प्रत्येक वर्ग को सहायता मिलेगी। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने पालमपुर से अपने विचार सांझा किए। संगठन जिला पालमपुर के अध्यक्ष हरि दत्त शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर सांसद इंदु गोस्वामी, भारतीय जनता पार्टी के राज्य महासचिव त्रिलोक कपूर, पूर्व विधायक परवीन शर्मा ने अपने विचार रखे।
प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनीष ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस आगामी 15, 16 और 17 जून 2020 को प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हो रहे घोटालों के खिलाफ विधानसभा स्तर पर जिला उपायुक्त कार्यालय, SDM कार्यालय और तहसील कार्यालय के सम्मुख थाली और ढोल बजाकर भ्र्ष्टाचार खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है लेकिन युवा कांग्रेस इस मुद्दे को दबने नहीं देगी। युवा कांग्रेस इस प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को एक बार फिर से ज्ञापन सौंपकर इस घोटाले की उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायधीश से न्यायिक जांच की मांग करेगी और प्रदेश के मुख्यमंन्त्री से भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग करेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन के लिए युवा कांग्रेस ने विधानसभा वार प्रभारियों की नियुक्ति भी कर दी है।
जिला शिमला के ठियोग में शनिवार सुबह एक आगजनी हो गई। ठियोग में पीएनबी बैंक के नजदीक डोगरा क्लॉथ हाउस आग लगने से खाक हो गया है। जानकारी के अनुसार दुकान संजय डोगरा की बताई जा रही है। आग लगने की सूचना लगते ही फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग को काबू कर अन्य दुकानों को जलने से बचा लिया। पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। आग लगने का कारण बिजली का शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। दुकान के अंदर से कपड़े के थान जल गए। मौके पर तहसीलदार ठियोग वेद प्रकाश शर्मा भी मौजूद थे जिन्होंने पीड़ित परिवार को फौरी राहत प्रदान की है। आग लगने से दुकानदार का काफी नुकसान हुआ है। पुलिस ने आगजनी की आगामी जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने स्पीति में कृषि मंत्री रामलाल मार्कडे के क्वारंटाइन के चलते उनके प्रवेश का विरोध करने वालो के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्यवाही की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि अगर प्रशासन ने ऐसा कोई कदम उठाया तो कांग्रेस चुप बैठने वाली नही। उन्होंने कहा है कि स्पीति की महिलाओं ने कृषि मंत्री को क्वारंटाइन के चलते अपने क्षेत्र में कोविड 19 के प्रति नियम और कानून का पालन करते हुए उनके वहां आने का विरोध किया था। उन्होंने कहा है कि क्वारंटाइन पर सरकार व प्रशासन के दोहरे मापदंड सहन नही किए जा सकते। किमटा ने कहा है कि भाजपा के नेता प्रदेश में क्वारंटाइन का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार के दोहरे मापदंड के चलते प्रदेश में दिनों दिन कोरोना संक्रांति लोगों की संख्या में भारी वृद्धि हो रही है। उनका कहना है कि लॉक डाउन के चलते प्रदेश में जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। उन्होंने कहा है कि इस समय प्रदेश सरकार अंतर्कलह से जूझ रही है। भाजपा के भीतर जो अंतर्विरोध चल रहा है उसके परिणाम स्वरूप मुख्यमंत्री अपने नेताओं की बैठकों में मशरूफ है। प्रदेश में लोगों की समस्याओं और उनको दूर करने के कोई भी सार्थक प्रयास सरकार नही कर रही है। रजनीश किमटा ने कहा अभी तक प्रदेश सरकार ने न तो किसानों, बागवानों को ही कोई राहत दी है न ही आम लोगों को न बेरोजगारों को ही।उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह इस दौर में भी अपनी ओछी राजनीति से बाज नही आ रही है। उनका कहना है कि वर्चुअल रैलियां कर भाजपा अपने राजनैतिक एजंडे पर काम कर रही है। उनका कहना है कि भाजपा को इस समय विहार के चुनावों की पड़ी है देश की नही, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला से भाजपा मण्डल मण्डी सदर की वर्चुअल रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि नगर परिषद मण्डी और मण्डी सदर में अन्य भाजपा पदाधिकारियों ने कोरोना महामारी के दौरान हुए लाॅकडाउन में जरूरतमंदों को भोजन, आवास तथा अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सराहनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोगों को मास्क उपलब्ध करवाए तथा शारीरिक दूरी की महत्ता पर भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पीएम केयर्ज तथा कोविड फंड में भी उदारता से दान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल सामूहिक प्रयासों के द्वारा ही कोरोना वायरस से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मण्डी शहर की धार्मिक और पर्यटन महत्ता के दृष्टिगत यहां कई विकासात्मक परियोजनाओं पर भी कार्य चल रहा है। मण्डी और कुल्लू-मनाली क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए मण्डी के निकट अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंगनीधार के निकट शिवधाम विकसित किया जा रहा है, जो पर्यटकों के लिए अतिरिक्त आकर्षण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी शहर व इसके साथ लगते क्षेत्रों में 68.57 करोड़ रुपये की लागत से मलनिकासी परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मण्डी शहर के लिए 82.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पेयजल योजना लोगों को समर्पित की गई है जिससे क्षेत्र के लगभग 47 हजार लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मण्डी शहर में कंगनीधार से दुधार के लिए 86.39 लाख रुपये की लागत से एक अतिरिक्त उठाऊ जलापूर्ति योजना का निर्माण किया जा रहा है। जय राम ठाकुर ने कहा कि 7.50 करोड़ रुपये की लागत से ब्यूली में ईवीएम और वीवी पैट मशीनों के भण्डारण के लिए गोदाम का शिलान्यास किया गया है। सांसद राम स्वरूप शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि यह मण्डी जिला का सौभाग्य है कि मण्डी जिला को पहली बार मुख्यमंत्री मिला है। विधायक राकेश जमवाल, जिला मण्डी भाजपा महासचिव रणवीर सिंह, पूर्व विधायक डी.डी. ठाकुर और कन्हैया लाल, भाजपा महिला मोर्चा मण्डी और नगर परिषद मण्डी की अध्यक्षा सुमन ठाकुर, महासचिव बाल कल्याण परिषद पायल वैद्य और भाजपा सदर मण्डल अध्यक्ष मनीष कपूर इस वर्चुअल रैली में मण्डी में उपस्थित थे।
40वीं जीएसटी काॅऊंसिल की बैठक का आयोजन नई दिल्ली में हुआ जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री एवं जीएसटी काॅऊंसिल की अध्यक्षा निर्मला सीतारमण ने की। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी बैठक में उपस्थित थे। राज्य सरकार की ओर से उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने वीडियों काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। अपने सम्बोधन में उद्योंग मंत्री बिक्रम सिंह ने हिमाचल प्रदेश को उदार सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा राज्य है जिसकी आर्थिकी काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर करती है। कोविड-19 के कारण लाॅकडाउन होने से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नुकसान पहुंचा है तथा राज्य में खनन गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी माह तक राज्य को हुए जीएसटी नुकसान भरपाई के लिए 612 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से मार्च माह तक केे 216 करोड़ रुपये भी शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। बिक्रम सिंह ने राष्ट्र के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के लिए केन्द्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित यह पैकेज समाज के कमजोर वर्गों, मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों, व्यवसायियों, श्रमिकों तथा आमजन के लिए वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए की गई घोषणाओं से हिमाचल प्रदेश को बहुत लाभ होगा और औद्योगिक उत्पादन भी बढ़ेगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में लगभग 55 हजार एमएसएमई औद्योगिक इकाइयां हैं जो कुल इकाइयों का 98 प्रतिशत है। एमएसएमई की रोजगार सृजन में 93 प्रतिशत भागीदारी है। कुल औद्योगिक उत्पादन में एमएसएमई का हिस्सा 85 प्रतिशत है। इस तरह हिमाचल प्रदेश एक एमएसएमई राज्य है। बिक्रम सिंह ने कहा कि एमएसएमई उद्योगों को तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज चार सालों में वापस करना होगा। कर्ज में डूबे लघु उद्योगों को 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दिया जाएगा जिसके लिए किसी तरह की गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उद्यमियों को कच्चे माल की आपूर्ति तथा अन्य खर्चों के लिए धन उपलब्ध हो पाएगा और वे अपना कारोबार बढ़ा सकेंगे। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये तक का टैंडर अब ग्लोबल टैंडर नहीं होगा। इससे घरेलू औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा और इसका सीधा लाभ एमएसएमई इकाइयों को होगा। 31 अक्तूबर, 2020 तक कोई गारंटी फीस नहीं होगी। इससे 45 लाख इकाइयों को लाभ मिलेगा। फंड ऑफ़ फंड्स की घोषणा से अच्छे काम करने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि ई-मार्केट लिंक की उपलब्धता से एमएसएमई की इकाइयों को अपने उत्पाद की बिक्री में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, जेसी शर्मा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
आवासीय उपायुक्त विवेक महाजन ने कहा कि आवासीय आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली में कोविड-19 के लिए जोखिम में पाए गए चार लोगों की जाॅंच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने कहा कि इन चारों लोगों का सरकारी केन्द्र में टेस्ट करवाया गया। कुछ दिन पूर्व आवासीय आयुक्त कार्यालय का एक लिपिक और उनकी पत्नी कोविड-19 से पीड़ित पाए गए थे। इस मामले को जिला निगरानी अधिकारी के साथ उठाया गया और दोनों लोगों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले लाया गया, जहां लिपिक कोे छुट्टी दे दी गई और वर्तमान में घर पर क्वारंटीन में हैं। उनकी पत्नी अस्वस्थ है और अस्पताल में भर्ती किया गया है। विवेक महाजन ने कहा कि मामला सामने आने के उपरान्त हिमाचल भवन को सील करने के उपरान्त सेनेटाईज किया गया। इसके अतिरिक्त उस क्षेत्र को भी सेनेटाईज किया गया है, जहां लिपिक का घर है। उन्होंने कहा कि आवासीय आयुक्त कार्यालय के एक अन्य आउटसोर्स लिपिक के पिता कोरोना संक्रमित पाया गया हैं, जिसके कारण उसे कार्यालय नही आने के निर्देश दिए गए हैं और उसकी कोविड-19 जाॅंच रिपोर्ट आना शेष है। उन्होंने कहा कि हिमाचल भवन पूर्ण रूप से सुरक्षित है और सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज अपना 73वां जन्मदिन मनाया। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें दूरभाष के माध्यम से बधाई दी और उनके दीर्घायु व सुखद जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर व उनकी धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर ने भी राज्यपाल को राजभवन पहंुचकर जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने उनके स्वस्थ और लम्बे जीवन की कामना की और कहा कि राज्य सरकार उनका मार्गदर्शन प्राप्त करती रहेगी। केन्द्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के राज्यपालों ने भी उन्हें बधाई दी। इससे पूर्व राज्यपाल ने अपने जन्मदिन के अवसर पर हवन किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, विधायकों व विभिन्न निगमों और बोर्ड के अध्यक्षों ने भी राज्यपाल को राजभवन पहुंचकर बधाई दी। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू, जीओसी-इन-सी आरटैªक लै. जनरल राज शुक्ला, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान, मुख्यमंत्री के सलाहकार डा. आर.एन. बत्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी शर्मा, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन, राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी राज्यपाल के जन्मदिन समारोह में उपस्थित हुए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के सदस्य कोविड-19 की लड़ाई में देश व राज्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और इस महामारी के समाप्त होने पर उन्हें यह जिम्मेदारी प्रभावी रूप से निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने शिमला से प्रदेश के स्थानीय शहरी निकायों के प्रतिनिधियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 54 शहरी स्थानीय निकायों के लगभग चार हजार कार्यकर्ता न केवल अपने क्षेत्रों में स्वच्छता कायम रखे हुए है, बल्कि उन लोगों पर भी नजर बनाए हुए हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों से घर वापसी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों के कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन के रूप में दो महीनों के लिए 1500 रुपये प्रदान करने के अतिरिक्त एक महीने का अग्रिम वेतन भी प्रदान किया है ताकि कोरोना वायरस महामारी के कारण उन्हें वित्तीय परेशानी का सामना न करने पड़े। उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ता सही मायनों में कोरोना योद्धा हैं, जिन्होंने क्वारंटीन केन्द्रों को भी सेनेटाईज किया है। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के 179 स्वयं सहायता समूहों ने जरूरतमंद लोगों को एक लाख मास्क प्रदान किए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस महामारी के दौरान प्रदेश के हजारों लोग अन्य राज्यों से वापस आए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी को पुनर्जीवित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना आरम्भ की है, जिसके अन्तर्गत शहरी क्षेत्रों के लोगों को 120 दिनों का निश्चित रोजगार प्रदान किया जाएगा। अगर आवश्यक हुआ तो इसके लिए इन लोगों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे राज्य के भीतर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होेंने कहा कि बाहरी राज्यों से वापिस आए लोगों के घर उचित प्रकार से चिन्हित किए जाने चाहिए ताकि उस मोहल्ले के लोग इस बारे में जागरूक हो सकें। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि ऐसे लोग होम क्वारंटीन का उल्लघंन न करें। उन्हें ऐसे लोगों के परिजनों को भी शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ शारीरिक दूरी के महत्व के बारे में सूचना, शिक्षा और संचार सामग्री भी उपलब्ध करवानी चाहिए। शहरी विकास विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने विभाग की गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की। शहरी विकास विभाग के सचिव रजनीश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। इस अवसर पर शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल, उप महापौर शैलेंद्र चैहान, नगर निगम धर्मशाला के महापौर देवेन्द्र जग्गी, विभिन्न नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।
प्रदेश का राजनीतिक इतिहास गवाह बना है कि जब-जब बीजेपी सरकार सत्ता में आई है, तब-तब प्रदेश की सियासत से जनता का विश्वास निरंतर उठा है। मामला अढ़ाई साल तक चली शांता सरकार का हो या 1998 में सुखराम की बैसाखियों का सहारा लेकर बनी गठबंधन की सरकार का हो, बीजेपी न संगी-सहयोगियों की आकांक्षाओं पर खरी उतर पाई है, न ही जनभावनाओं पर खरी उतरी है। 1998 की गठबंधन सरकार में बीजेपी के 8 विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ 52 दिन धरने पर बैठे रहे व 2007 का कार्यकाल अपना दामन भरने व अपनों को खुड्डेलाइन लगाने में बीता। इस तरह जब-जब प्रदेश में बीजेपी सरकार बनी है, तब-तब भ्रष्टाचार बढ़ा है, प्रदेश का विकास रुका है। अफसरशाही बेलगाम रही है। इस तरह बीजेपी सरकारों का सारा कार्यकाल आपसी धीगांंमुश्ती में खराब हुआ है। यब बात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने सरकार पर हमलावर होते हुए यहां जारी प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि प्रदेश के ताजा सियासी घटनाक्रम की अगर बात करें तो केंद्र द्वारा पूरी तरह नियंत्रित बीजेपी सरकार लैटर बॉक्स साबित हो कर रह गई है। जिसका काम ऊपर की चिट्ठी नीचे और नीचे की चिट्ठी ऊपर पहुंचाना भर रह गया है। बेलगाम भ्रष्टाचार के बीच अब प्रचंड बहुमत से जीती बीजेपी सरकार में सरकार और संगठन आमने-सामने हैं। संगठन की सूनें तो भ्रष्टाचार के आरोप सरकार के मंत्री, विधायकों पर लग रहे हैं और मंत्री, विधायकों की मानें तो वह प्रत्यक्ष और परोक्ष में निरंतर चले आ रहे बेखौफ भ्रष्टाचार के लिए संगठन को जिम्मेदार मानते हैं। ऐसे में सरकार और संगठन अपने-अपने जुगाड़ में एक दूसरे के रडार पर हैं। प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप्प पड़े हैं। केंद्र द्वारा नियंत्रित व बेबस प्रदेश सरकार को 2-4 अफसरशाही की जुंडली मनमर्जी से हांक रही है। वैश्विक महामारी के दौर में निरंतर एक के बाद एक भ्रष्टाचार के खुलासों ने प्रदेश की सियासी छवि को दागदार व शर्मसार किया है। राणा ने कहा कि अब बीजेपी के अपने ही विधायक धवाला के आक्रोश की ज्वाला की धधक सरकार व संगठन को तपाए हुए है। अपने ही असंतुष्टों व रुष्टों की जमात ने बीजेपी सरकार को निशाने पर रखा हुआ है। जबकि पक्ष और विपक्ष की आपसी गपशप में विपक्ष से ज्यादा पक्ष के लोग सरकार को नाकाम बता रहे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का सारा ध्यान आपसी बगावत को रोकने व कुर्सी को बचाने में लगा है। क्योंकि अब प्रचंड बहुमत से जीती सरकार की कुर्सी को गैरों की बजाय अपनों से खतरा निरंतर बढ़ रहा है। राणा ने कहा कि ऐसे में मुख्यमंत्री की एक टांग संगठन के पाले में है, जबकि दूसरी टांग सरकार को संभाले है। सरकार और संगठन के हर छोटे-बड़े फैसले का दारोमदार केंद्र के पास सुरक्षित है। ऐसे में जहां प्रदेश की जनता सरकार से पूरी तरह हताश-निराश हो चुकी है, वहीं सरकार कोई फैसला न ले पाने की स्थिति में खुद को लाचार व बेबस मान रही है। उन्होंने कहा कि जानकार बताते हैं कि जब-जब बीजेपी सत्तासीन हुई है, तब-तब प्रदेश विकास में दशकों पीछे चल गया है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
प्रदेश सरकार ने सहारा योजना के अन्तर्गत गंभीर रोगों से पीड़ित रोगियों के परिवारों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता दो हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह की है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 6550 लोग लाभान्वित हो चुके हैं और अभी तक इस योजना के अन्तर्गत 3.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला से डलहौजी भाजपा मण्डल की वर्चुअल जन संवाद रैली को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने समूचे विश्व के समक्ष एक बड़ी चुनौती उत्पन्न की है, लेकिन अधिकांश विकसित देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर है। लगभग 142 करोड़ की जनसंख्या वाले विश्व के 15 सर्वाधिक विकसित देशों में 4.10 लाख लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि भारत में कोविड-19 के कारण अभी तक लगभग 8200 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है, जिन्होंने इस महामारी के दृष्टिगत यथा समय और दूरदर्शी निर्णय लिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान-सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत प्रदेश के लगभग 8.74 लाख किसानों के बैंक खातों में दो-दो हजार रुपये जमा किए गए हैं। इसी प्रकार, कोविड-19 के दृष्टिगत प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अन्तर्गत अप्रैल, मई और जून माह के लिए लगभग 5.90 लाख पात्र महिलाओं के खातों में 500 रुपये प्रतिमाह जमा किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत कोरोना वायरस की जांच और उपचार का निर्णय भी लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 5.69 लाख पात्र लोगों को तीन महीने की अवधि की अग्रिम सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है ताकि इस महामारी के समय समाज के संवेदनशील वर्ग को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 44 हजार नए मामले भी स्वीकृत किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रयासरत है कि हिमाचल प्रदेश कोविड-19 के कारण आए आर्थिक संकट की स्थिति से शीघ्र ही बाहर आए। इसके लिए मंत्रिमण्डलीय उप-समिति और टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो प्रदेश की आर्थिकी को बहाल करने के लिए अपने सुझाव देंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत लगभग एक लाख श्रमिकों को 40 करोड़ रुपये व्यय कर मार्च व अप्रैल, 2020 माह के लिए दो-दो हजार रुपये दिए गए हैं।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बचत भवन सभागार में मानसून के दौरान तैयारियों का जायजा संबंधित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष जुलाई महीने में अधिक वर्षा होने की संभावना है, जिसके लिए समय रहते तैयारियां करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपस में समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया ताकि स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मशीनरी तथा श्रमिकों की उपलब्धता के लिए निर्देश दिए ताकि यातायात को सुचारू रूप से चलाया जा सके। साथ ही नगर निगम को शिमला शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के भी आदेश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग एवं वन विभाग को खतरनाक पेड़ों को काटने संबंधी संयुक्त निरीक्षण करने के आदेश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों को अचानक आई बाढ़, आसमानी बिजली गिरने और सांप काटने की स्थिति में क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए के बारे में लोगों को जागरूक करने को कहा। उन्होंने बताया कि डैम के नजदीक लोगों को पानी छोड़ने पर सायरन बजाने की उचित व्यवस्थता की जाएगी। उन्होंने बिजली विभाग को ढीली तारों की मुरम्मत करने और बिजली संबंधित शिकायतों का निपटारा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आगामी मानसून के मद्देनजर विभिन्न विभागों को पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल के नुकसान से बचा जा सके। बैठक में सांसद सुरेश कश्यप, विधायक बलवीर वर्मा, एपीएमसी के अध्यक्ष नरेश शर्मा, उपायुक्त शिमला अमित कश्यप, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) प्रभा राजीव, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) संदीप नेगी, प्रबंध निदेशक एच.पी.एम.सी. देवा श्वेता बनिक, प्रबंध निदेशक हिमफैड के.के. शर्मा, जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
स्वस्थ मानकों को सर्वोपरि रखते हुए कोविड संक्रमण महामारी के दौरान हमें अपनी आर्थिक गतिविधियों को जारी रखना है। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने होटल, ढाबा तथा होम स्टे व रैस्टोरेंट यूनियन के प्रतिनिधियों से बाचतीच करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का गंभीरता से पालन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने ढाबा, रैस्टोरेंट व हलवाई यूनियन के प्रतिनिधियों को अपने प्रतिष्ठानों के परिसरों की निरंतर सैनेटाईजेशन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होटल, रैस्टोरेंट व ढाबों में परस्पर सामाजिक दूरी, साबुन से हाथ धोने, कर्मचारियों व प्रबंधकों द्वारा दस्ताने, फेस मास्क आदि का प्रयोग करने सम्बन्धित आवश्यकताओं को अपनाने को कहा। उन्होंने ढाबा, हलवाई तथा रैस्टोरेंट के बाहर ग्राहकों के बैठने की व्यवस्था के संबंध में सूची लगाने के निर्देश दिए, जिसके तहत 60 प्रतिशत ग्राहक बैठना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सोडियम हाईड्रोक्लोराईड का प्रयोग कर हम प्रतिष्ठान परिसर को सैनेटाईज करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा जारी हिदायतों के प्रति यदि किसी प्रकार का संशय है तो इस संदर्भ में चर्चा की जा सकती है। उन्होंने प्रबंधकों से इस संबंध में प्रत्येक स्तर की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि करोना संक्रमण की चुनौतियों से निपटने के लिए हमें अपने जीवन शैली में बदलाव लाने की आवश्यकता है, जिसके लिए हमें सजग व सर्तक रहना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश व जिला में पर्यटन उद्योग आर्थिकी सुदृढ़ीकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोविड काल में इसकी निरंतरता को बनाए रखने के लिए हमें होटलों व प्रतिष्ठानों में कुछ परिर्वतन भी करने पड़ सकते हैं, जोकि सभी के हित में होंगे। बैठक में अतिरिक्त जिला दंण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) प्रभा राजीव, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जी.एस. काल्टा, सहायक जिला पर्यटन विकास अधिकारी कंचन बेदी, दिनेश गुलेरिया, टूरिजम इंडस्ट्री स्टेक होल्डर ऐसोसिएशन के अध्यक्ष व राज्य संयोजक आल हिमाचल ऐसोसिएशन आफ हास्पेटैलिटी एण्ड टूरिजम फैडरेशन महेन्द्र सेठ, शिमला होटल एवं रैस्टोरेंट के अध्यक्ष संजय सूद एवं ढाबा, हलवाई, बीएण्डबी व्यवसाय संघों के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
All the members of the Tourism Industry Stake Holders Association have decided to open their Hotels and restaurants in Shimla by mid of September. The SOP has been issued by the Government which was circulated to all the members. All the members have gone through it and all the members have decided to make all the arrangements required under SOP to be complied before opening the hotels. The training of staff will be organized from next week. The existing staff in the hotels will be trained in the first phase. The tips to take precautions required to be taken by the staff while serving and housekeeping will be a part of the training. Secondly, the decision to keep hotels and restaurants closed for the time being is taken because as per the medical experts the COVID 19 cases will go at its peak during July and August. Keeping in view the off seasonal months ahead we have decided to prepare our establishments and staff for the opening of our units post COVID. Keeping in view the Opinion of the medical experts we have decided to open the tourism units only after August in the larger interest of the general public. However, it has been decided that the hotels situated near hospitals or the hotels that have occupancy dependent on local Himachalis may open their units on the internet of the general public. Today the meeting was held under the chairmanship of Deputy Commissioner wherein we have given him the view of our association. On Wednesday, the zoom meeting of the federation of all Himachal Associations was held wherein associations of Manali, Dharamshala, Chamunda, Kasauli, Shimla, Kinnaur, etc participated in the meeting. All the associations were having the same opinion as mentioned above and it was decided that we should try to open Himachal for tourism by mid of September.
प्रदेश सरकार में मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा जुब्बल कोटखाई के हिमरी गाँव में अग्निकांड से प्रभावित परिवार से मिले। बरागटा ने इस परिवार को हर संभव सहायता करने की बात कही। उन्होंने अग्निकांड से पीड़ित परिवार को सहानुभूति के तौर पर 1 लाख रुपये की राहत राशि भी प्रदान की। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों पहले यहां पर 3 मंजिला मकान आग की भेंट चढ़ गया था जिसमें लाखों का नुकसान हुआ था। यह नुकसान पूरा तो नहीं हो सकता है लेकिन फिर भी सरकार के नुमाइंदे अपनी ओर से इस परिवार की हर संभव मदद करने का प्रयास कर रहे है। इस क्षेत्र के लोग भी सहानुभूति के तौर पीड़ित परिवार की मदद करने में जुटे है ताकि ये परिवार सदमे से उबर कर जिंदगी का अगला पड़ाव की शुरुआत करें।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि देश के विभिन्न हिस्सों से हिमाचल प्रदेश आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समुचित चिकित्सीय जांच की जाए ताकि यह सुनिश्चित बनाया जा सके कि उनमें कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं है। मुख्यमंत्री शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आने वाले तथा राज्य से बाहर जाने वाले लोगों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए तथा हाॅट-स्पाॅट से आए लोगों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि हाॅट-स्पाॅट से आने वाले लोगों की कोरोना संक्रमण के लिए जांच अनिवार्य है तथा जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उनको होम क्वारंटीन की अनुमति प्रदान की जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए एहतियाती उपायों जैसे मास्क का प्रयोग, शारीरिक दूरी बनाए रखना और जुकाम जैसे लक्षण सामने आने पर चिकित्सीय सलाह लेना आदि सुनिश्चित बनाने के लिए सूचना, शिक्षा और प्रसार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने तथा कार्यस्थलों पर आपस में उचित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि घर पर क्वांरटाइन की सुविधा को अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए तथा उल्लघंन करने वालों से सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को अग्रसक्रियता दिखानी चाहिए ताकिघर पर ही क्वांरटाइन किए गए संक्रमित लोग इस वायरस को आगे न फैलाएं। जय राम ठाकुर ने कहा कि सेब बहुल क्षेत्रों में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए ताकि बागबानों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य से बाहर से आए श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच की जानी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो उन्हें भी क्वांरटाइन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के आम बहुल क्षेत्रों में भी उपयुक्त श्रमिकों की व्यवस्था के लिए पग उठाए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1.92 लाख लोग देश के विभिन्न हिस्सों से वापस पहुंचे हैं तथा सभी को क्वांरटीन किया गया है। इसलिए राज्य में तेज़ी से बढ़ रहे कोविड-19 संक्रमित मरीज़ों की संख्या से आम लोगों को घबराने की आवश्यकता नही हैं। मुख्य सचिव अनिल खाची ने उपायुक्तों को केन्दª सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी धीमान, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विपक्ष द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को ओच्छी राजनीति से पे्ररित करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टोलेरेन्स’ सिद्धान्त पर कार्य कर रही है और अब तक का अढाई साल का कार्यकाल अभूतपूर्व उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितता की याचिका को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है जबकि वेंटीलेटर खरीद मामले में भी प्रदेश सरकार पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। विपक्ष तथ्यों के बिना सरकार की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगा रहा है क्योंकि उसके पास कोई ठोस तथ्य नहीं है। वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य का तीव्र और संतुलित विकास सुनिश्चित बनाया है और समाज के हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए अनके कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हैल्पलाईन, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, गृहणी सुविधा योजना, हिमकेयर जैसी कई योजनाओं से प्रदेश के लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। लेकिन विपक्ष इस विकास को पचा नहीं पा रहा है और केवल आलोचना करने के लिए कांग्रेस के नेता अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता यह बात भूल गए हैं कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला था और कांग्रेसी नेता केवल अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचा रहे थे। उनका प्रदेश के विकास तथा लोगों के कल्याण की ओर कोई ध्यान नहीं था और कई प्रकार के माफिया सक्रिय थे। उन्होंने केवल अपने बचाव में पांच वर्ष व्यतीत कर दिए और प्रदेश व लोगों के हितों की पूरी तरह अनदेखी की। गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि कोविड महामारी के इस संकटकाल में प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश के लोगों की बाहरी राज्यों से घर वापसी, राशन किट, मास्क, दवाइयां, सेनेटाइजर वितरित करने सहित राज्य सरकार ने लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कई सराहनीय कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में कोरोना महामारी से प्रभावित तरीके से निपटने के प्रयासों की स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सराहना कर चुके हैं और अन्य राज्यों से हिमाचल से सीख लेने की बात भी कही है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का लाभ भी सीधे प्रदेशवासियों तक पहुंचाया जा रहा है। उज्जवला योजना के अंतर्गत 1.36 लाख गैस सिलैंडर मुफ्त प्रदान किए गए हैं और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को 8.74 लाख रुपये आबंटित किए गए हैं। इन्ही प्रयासों के फलस्वरूप मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को देश का ‘बेस्ट परफाॅर्मिंग मुख्यमंत्री’ आंका गया है। उन्होंने विपक्ष के नेताओं को सलाह दी है कि अनर्गल बयानबाजी के बजाय प्रदेश के विकास और लोगों के कल्याण के लिए सरकार के प्रयासों को समर्थन प्रदान करें तथा भ्राम बयानबाजी के जरिये लोगों को गुमराह करने के प्रयास नहीं करें।


















































