मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज कुल्लू जिला के मनाली में अटल सुरंग के परियोजना मुख्यालय में सीमा सड़क संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें इस परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। सुरंग का निर्माण कार्य पूरा होने से दूर-दराज लाहौल-स्पिति का क्षेत्र वर्षभर विश्व के अन्य भागों से जुड़ा रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बड़ी परियोजना के शीघ्र पूरा होने में गहरी रूचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह लाहौल-स्पिति जिला के लोगों के लिए भी वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का निर्माण कार्य 3500 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग की लम्बाई लगभग नौ किलोमीटर है और इसके निर्माण के बाद 46 किलोमीटर की दूरी कम होगी। यह सुरंग इंजीनियरिंग का एक चमत्कार होने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केन्द्र होगी। उन्होंने कहा कि इस सुरंग में 150 मीटर की दूरी पर दूरभाष सुविधा, आग बुझाने के उपकरण, आपात निकास सुविधा, वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, प्रसार प्रणाली, सीसीटीवी कैमरों के साथ ही दुर्घटना पता करने की स्वचालित प्रणाली आदि की भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इस सुरंग के राष्ट्र को समर्पित होने के उपरान्त सीमावर्ती लद्दाख और कारगिल क्षेत्रों के लिए वर्ष भर सभी मौसमों के दौरान संचार सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने अटल सुरंग का दौरा किया तथा कार्य प्रगति का भी जायजा लिया। सीमा सड़क संगठन के प्रमुख अभियन्ता ब्रिगेडियर के.पी. पुरूषोतमन, वि.एस.एम. ने मुख्यमंत्री को परियोजना कार्य का तय समय सीमा के भीतर पूरा होने का आश्वासन दिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन कार्यरत समेकित बाल विकास परियोजना को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शिशुओं, किशोरियों, महिलाओं एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने का आधार माना जाता है। समेकित बाल विकास परियोजना में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं तथा इनसे जुड़े स्वयं सहायता समूह इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। किन्तु कोविड-19 के संक्रमण काल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की अग्रिम कोरोना योद्धा की भूमिका ने सभी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपने कार्य के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकओं तथा इनसे जुड़े स्वयं सहायता समूहों ने सोलन जिला की सभी 211 ग्राम पंचायतों में न केवल जन-जन को कोरोना वायरस संक्रमण के विषय में जागरूक किया अपितु प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से आरम्भ किए गए महत्वाकांक्षी एक्टिव केस फाइडिंग अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभाई। कोविड-19 संक्रमण के विषय में लोगों को जागरूक बनाने तथा जिला के प्रत्येक आवास में पहुंचकर लोगों से इस विषय से जानकारी एकत्र करने के लिए कार्यान्वित किए गए एक्टिव केस फाइडिंग अभियान में 590 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने कार्य किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं और इनसे जुड़े स्वयं सहायता समूहों ने कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने, 02 व्यक्तियों के मध्य कम से कम 02 गज की दूरी बनाने और बार-बार अपने हाथ साबुन से धोने अथा अल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से स्वच्छ करने की दिशा में प्रेरित भी किया। समेकत बाल विकास परियोजना से जुड़े इन सभी अग्रिम पंक्ति कोरोना योद्धाओं की सक्रियता का अनुमान इस तथ्य से ही लगाया जा सकता है कि इन्होंने अब तक सोलन जिला में लोगों के प्रयोग के लिए 01 लाख 25 हजार कपड़े से बने मास्क तैयार किए हैं। यह सभी मास्क लोगों में वितरित भी कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने जहां यह मास्क तैयार करने के लिए कपड़ा उपलब्ध करवाया वहीं जिला की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं स्वयं सहायता समूहों ने अपने घर पर स्वयं भी मास्क तैयार किए। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल की अगुवाई में 60 से अधिक ग्राम पंचायतों में लगभग 25 हजार से अधिक मास्क वितरित किए गए। जिला की सभी ग्राम पंचायतों में घर पर मास्क बनाने की विधि एवं उचित प्रकार से मास्क पहनने का तरीका भी व्यवहारिक रूप से बताया गया। लाॅकडाउन अवधि में गत 03 माह में जिला के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र कार्यरत रहे और लाभार्थियों को उनके आवास पर पोषाहार उपलब्ध करवाया गया। इस अवधि में 03 वर्ष तक की आयु के लगभग 18700, 03 से 06 वर्ष तक की आयु के 7700 तथा 7800 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध करवाया गया। कोविड-19 के कारण प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला में कार्यरत पांचों समेकित बाल विकास परियोजना अधिकारियों को घरेलू हिंसा के मामलों में लोगों को परामर्श प्रदान करने एवं आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता से मामला सुलझाने अथवा पंजीकृत करने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया। अधिक से अधिक लोगों की इन अधिकारियों तक पहुंच बनाने के लिए इनके मोबाइल व्हट्सऐप नम्बर प्रचारित किए गए। समेकित बाल विकास परियोजना के इन प्रयासों से जिलावासी वृहद स्तर पर लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लोग कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा सुझाए गए उपायों की महता को समझ रहे हैं। इन उपयों के पालन में निश्चित रूप से जिला में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं इनसे सम्बद्ध स्वयं सहायता समूहों की भूमिका सराहनीय रही है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि अटल सुरंग का निर्माण कार्य अगस्त माह के अन्त तक पूरा कर लिया जाएगा तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सम्भवतः सितम्बर माह में इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री वीरवार को लाहौल-स्पिति जिले के सीसु में लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए लाहौल-स्पिति के लोगों की सराहना की। उन्होंने जिला के लोगों से आग्रह किया कि वे अच्छा कार्य जारी रखें क्योंकि संकट अभी टला नही है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मजबूत और सक्षम नेतृत्व प्राप्त है। उन्होंने कहा कि विश्व के 15 सबसे विकसित देशों, जहां 142 करोड़ जनसंख्या है, में कोरोना के कारण लगभग पांच लाख लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि भारत की जनसंख्या 135 करोड़ होने के बावजूद भी अभी तक कोरोना महामारी के कारण लगभग 17 हजार लोगों की मृत्यु हुई हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य की स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या में हुई तीव्र वृद्धि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे दो लाख से अधिक लोगों को प्रदेश वापिस लाए जाने के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों की चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रदेश सरकार स्थिति से पूरी तरह से अवगत है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकासात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कार्य दिवस सीमित है इसलिए क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के प्रयास किए जाने चाहिए। कृषि मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा ने मुख्यमंत्री का अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में स्वागत किया तथा अटल सुरंग के समयबद्ध निर्माण में गहन रूचि रखने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस सुरंग का निर्माण पूरा होने से इस खूबसूरत जिला की पर्यटन गतिविधियों में नए आयाम जुड़ने के अतिरिक्त युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार रखें। परिवहन और वन मंत्री गोविन्द ठाकुर, बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ. आर.एन. बत्ता, उपायुक्त कमल कान्त सरोच, पुलिस अधीक्षक राजेश धर्माणी और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिले और ज्ञापन सौंपा। प्रान्त मंत्री राहुल राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा ज्ञापन सौंपा गया जिसमें की प्रमुख माँग यह है कि जो JBT कमीशन में NCTE की अधिसूचना के अनुसार B.Ed के छात्रों को शामिल किया जा रहा है और JBT के छात्रों को कोई प्रथमिकता नही दी जा रही है जिसका विद्यार्थी परिषद पुरजोर विरोध करती है। इसके पीछे उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जो जेबीटी प्रशिक्षु द्वारा प्राथमिक स्तर पर सभी विषयों को पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है वही दूसरी ओर b.ed के प्रशिक्षु द्वारा किन्ही दो विषय को पढ़ाए जाता है, वहीं जेबीटी और बीएड के पाठ्यक्रम में बहुत अंतर होता है, जेबीटी प्रशिक्षु की न्यूनतम योग्यता 12वी पास और बीएड के लिए स्नातक रखी गई है अतः अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा है और इस प्रकार का निर्णय न्यायसंगत नही है। इस प्रकार की असमानता को देखते हुए भी ऐसे निर्णय उचित नहीं है। वर्तमान समय मे राज्य में 25000 जेबीटी प्रशिक्षु प्रशिक्षित है। अब इसमें राज्य सरकार को भी विचार करना होगा की ऐसे में बीएड प्रशिक्षु को जेबीटी के साथ टेट व कमीशन में बैठने देना न्यायसंगत है या नहीं। लाखों की तादाद में बीएड प्रशिक्षु को जेबीटी के कमीशन में बैठने देने का मतलब जेबीटी प्रशिक्षु का हक छीनने जैसा है। उत्तरांचल, बिहार एवम अन्य राज्यो में प्रदेश सरकार ने को JBT छात्रों का पक्ष लेते हुए कोर्ट में प्रभावी ढंग से यह दलील दी और आखिर में कोर्ट ने JBT के छात्रों को प्राथमिकता देने का जजमेंट सुनाया। अतः विद्यार्थी परिषद प्रदेश में ऐसे निर्णय का विरोध करती है और साथी मांग करती है कि लाखों की तादाद में जेबीटी प्रशिक्षुओ के साथ ऐसा न किया जाए क्युकि जेबीटी में अलग से दो साल का प्रक्षिण दिया जाता है। यदि जेबीटी और बीएड को एक साथ रख दिया जाएगा तो जेबीटी प्रशिक्षु के दो साल के अलग प्रशिक्षण का कोई वजूद नही रह जायेगा। इस प्रकार के निर्णय में शीघ्र बदलाव किया जाए और जेबीटी प्रशिक्षुओं को उनके हक से वंचित न रखा जाए और वर्तमान में राज्य के लगभग 25000 जेबीटी प्रशिक्षुओं के साथ उचित न्याय किया जाए।
मण्डी जिला में चल रहे विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की विपाशा सदन मण्डी से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को विकासात्मक परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि परियोजना लागत न बढ़े तथा लोगों को विकास योजनाओं का लाभ समय रहते मिल सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि मण्डी जिला में चार हजार करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि इसके अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, पर्यटन और अन्य विभागों के अन्तर्गत कार्य शामिल है। उन्होंने कहा कि मण्डी शहर में 200 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं, जिसमें एशियाई विकास बैंक द्वारा सहायता प्राप्त 41 करोड़ रुपये की सौन्दर्यीकरण परियोजनाएं, 83 करोड़ रुपये की पेयजल योजना, 69 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना, 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सड़कें, भवन व पुल और 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विकटोरिया पुल का लोकार्पण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला के लिए लोक निर्माण विभाग के 1202 करोड़ रुपये की निर्माण लागत से निर्मित होने वाली 137 परियोजनाएं, जिसमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 344 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 77 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि 54 पेयजल, सिंचाई, मल निकासी और बाढ़ से बचाव की परियोजनाओं के कार्य जिले में जल शक्ति विभाग के द्वारा किए जा रहे, जिसमें 1535 करोड़ रुपये का कुल निवेश होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं के कार्यान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस सन्दर्भ में की गई किसी भी लापरवाही का कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं, जिन पर कार्य समाप्ति पर है उन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे उनका निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने विकास की गति को विपरित रूप से प्रभावित किया है। इसलिए परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को उनके विभागों को दिए गए धन का तय समय सीमा के भीतर उपयोग करने के निर्देश दिए तथा कहा कि इस विषय में की गई किसी भी लापरवाही का कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने विभागों को प्रदान किए गए धन का समुचित उपयोग तथा शेष बचे हुए धन का प्रयोग करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मानसून का मौसम आने वाला है इसलिए उन्होंने अधिकारियों को वर्षा से हुए नुकसान को कम करने के लिए समुचित एहतियाती उपाए करने के निर्देश दिए। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने 5.61 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली और निर्मित हुई परियोजनाओं, जिसमें राष्ट्रीय ग्राम स्वरोजगार अभियान के तहत 2.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले जिला पंचायत स्रोत केन्द्र का लोकार्पण, कोषागार कार्यलय से सकोडी पुल के बीच 2.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बाईपास सड़क की आधारशिला तथा नई राहें, नई मंजिलें योजना के तहत 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ट्रैकर्स हट की भी आधारशिला रखी। इससे पूर्व पार्टी पदाधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है तथा इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सावधानी बरतनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को नगर परिषद् मण्डी की अध्यक्षा सुमन ठाकुर ने एचपी एसडीएमए कोविड-19 डिजास्टर रिसपाॅंस फंड के लिए 1.50 लाख रुपये का चैक भेंट किया।
मुख्य सचिव अनिल खाची ने जल शक्ति, वन एवं उद्योग विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सौरव वन विहार, पालमपुर को लेकर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। जल शक्ति विभाग ने सौरव वन विहार नेचर पार्क में बाढ़ संरक्षण के कार्य और इसकी कार्य योजना के बारे में प्रस्तुति दी। वन विभाग ने इस पार्क के सौन्दर्यीकरण के सन्दर्भ में लिए गए निर्णयों के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि सौरव वन विहार में बाढ़ संरक्षण का कार्य पहली सितम्बर, 2020 से आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए कि इस कार्य को आरम्भ करने से पूर्व निविदाओं और परियोजना की रूपरेखा का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग लैंड स्कैपिंग वास्तुकार का चयन करेगा, जिसे सौरव वन विहार के समूचे क्षेत्र की लैंड स्कैपिंग का कार्य सौंपा जाएगा। अनिल खाची ने कहा कि लैंड स्कैपिंग का कार्य पूरा होने के उपरान्त वन विभाग अगस्त माह में झील और एक्वाकल्चर विकास का कार्य आरम्भ करेगा। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग 8.50 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर पहली सितम्बर, 2020 से कार्य आरम्भ करेंगे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर ]राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कोरोना महामारी के समय में अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों की जान बचाने को किए गए अमूल्य योगदान के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। राजभवन में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर डाॅक्टरों को सम्मानित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह एक महान व्यवसाय है तथा वह उनके साहस की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस हमारे जीवन में चिकित्सकों की महत्ता तथा उनके द्वारा मानवता के कल्याण के लिए किए गए कार्यों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिवस की महत्ता और भी बढ़ गई है, क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान प्रत्येक चिकित्सक अपनी शत-प्रतिशत सेवाएं दे रहा है तथा लोगों को इस भयावह संक्रमण से उभारने में अपना अमूल्य योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह दिन उन सभी चिकित्सीय और स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहें पेशेवरों को समर्पित है, जो अपनी तमाम मुश्किलों के बाद भी मरीजों को देख रहें हैं तथा समाज के लिए अपना योगदान दे रहें हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का परिश्रम और समर्पण इस महामारी के शुरुआती दौर से ही प्रशंसनीय है। दत्तात्रेय ने कहा कि राष्ट्र चिकित्सक दिवस महान चिकित्सक तथा पश्चिम बंगाल के द्वितीय मुख्यमंत्री डाॅ. बिधान चंद्र राॅय के सम्मान में आयोजित किया जाता है। डाॅ. राॅय को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से 4 फरवरी, 1961 को सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 से भारत में महान चिकित्सक डाॅ. राॅय के सम्मान में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जा रहा है तथा मैं इस दिवस पर डाॅ. राॅय को अपना सम्मान प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना महामारी के दौरान सरकारी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं आदि में अग्रिम पंक्ति में खड़े योद्धाओं के लिए 50 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान कर रही है। इस अवसर पर राज्यपाल ने इन्दिरा गांधी मेडिकल काॅलेज और अस्पताल शिमला के प्रधानाचार्य डाॅ. रजनीश पठानिया, हिमाचल प्रदेश राजकीय दंत महाविद्यालय और अस्पताल शिमला के प्रधानाचार्य डाॅ. आशु कुमार गुप्ता, आई.जी.एम.सी. के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनक राज, कमला नेहरू अस्पताल शिमला की चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अम्बिका चैहान, स्त्री रोग विभाग के प्रोफेसर डाॅ. कुशिया पठानिया, दीन दयाल उपाध्याय अंचल अस्पताल शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. लोकेंद्र शर्मा, जिला शिमला की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुरेखा चोपड़ा, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला की चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अमिता धीमान, होम्योपैथिक औषधालय एवं शोध केंद्र न्यू शिमला के डाॅ. सुनील रमटैक, आई.जी.एम.सी के मेडिसिन विभाग के प्रमुख और प्रोफेसर डाॅ. दलीप गुप्ता, ह्नदय रोग विभाग के विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर डाॅ. पी.सी नेगी, रेडीयोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. संजीव शर्मा, माईक्रोलाॅजी विभाग की विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर डाॅ. सांत्वना वर्मा, न्यूरोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर डाॅ. सुधीर शर्मा तथा कोविड-19 मेडिसिन और नोडल अधिकारी डाॅ. बलबीर वर्मा को सम्मानित किया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला में कोरोना का नया मामला सामने आया है। यह व्यक्ति तमिलनाडु से 23 जून को शिमला आया था। इसे इंस्टिट्यूशनल क्वारन्टीन में रखा गया था। इसके साथ ही जिला में कुल सकर्मितो की संख्या 41 तथा एक्टिव केस 16 हो गए हैं। तो वहीं प्रदेश में 956 मामले कोरोना के सामने आए है। कोरोना के एक्टिव केस 354 हो गए है। कोरोना में मरने वालों की संख्या 8 हो गई है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के लाभार्थियों से बात करते हुए कहा कि 6 जनवरी को आरम्भ की गई यह योजना पारम्परिक हस्तकला, हस्तशिल्प, स्थानीय कलाकृतियों, लकड़ी व धातु शिल्प कलाओं को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्त युवाओं को लाभप्रद रोजगार प्रदान करने के लिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशिक्षकों को 7500 रुपये तथा प्रशिक्षणार्थियों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि का समय तीन माह से एक वर्ष तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैच में अधिकतम पांच प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल न हमारी परम्परागत कलाएं, शिल्प और संस्कृति का पुनरुद्धार होगा, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बीते अढ़ाई वर्ष के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक बीघा योजना कामयाब योजना साबित हुई है, क्योंकि इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए 3500 परिवारों ने अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होेंने ई-पंचायत में भी प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने के लिए विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना राज्य के चार जिलों के 18 खण्डों में आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत निर्धारित पाठ्यक्रम में काश्तकला, धातु शिल्प, मण्डी कलम, पत्थर शिल्प, बांस शिल्प, लकडी का शिल्प, चीड़ की पत्तियों के उत्पाद और मिट्टी के बर्तन बनाने का शिल्प आदि शामिल किए गए हंै। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान केवल ग्रामीण आर्थिकी ही अपने आप को बचा पाई है, जिससे इस तथ्य पर पहुंचा जा सकता है कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में ही किसी भी प्रकार की परिस्थिति सेे निपटने के लिए मजबूत आधार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लाभान्वित करने के लिए ग्राम विकासोन्मुखी योजनाएं आरम्भ करने के प्रयास किए जाने चाहिए ताकि ग्रामीण युवाओं को रोजगार की तलाश में शहरों की ओर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर योजना से सम्बन्धित पोस्टर और सूचना पुस्तिका भी जारी की।
तीनों सेनाओं (आर्मी, नेवी व एयरफोर्स) के वेटरन तथा सभी ऑफिसर, जेसीओ एवम अन्य पदों, की जानकारी हेतु। मेरे प्यारे, वेटरन इंडिया जिला शिमला, जिला सोलन, सर्विसमेन वेलफेयर एसोसिएशन, पी बी ओ ऑर रजिस्टर्ड, शिमला(हि प्र) तथा हमारी यूनिट के ग्रुप, ई एस एम् 14 जेक राइफल्स, तथा हमारे साथ जुड़े हुए सभी पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, आश्रितों सभी फ़ौजी भाइयों के परिवार के प्रियजनों, मैं वेटरन, सूबेदार मेजर ऑनरेरी कप्तान शाम लाल शर्मा इन सभी ग्रुप्स के, प्रेजीडेंट और एडमिन होने के नाते, कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां एक पूर्व सैनिक की अंतिम यात्रा के ऊपर भेज रहा हूं। ( Assured Decent Last Rights Scheme) ADLRS का ब्यौरा नीचे दिया गया है। शायद, कभी न कभी, किसी के काम आए तो मेरा भेजने का मतलब सार्थक हो जाएगा। उपरोक्त विषय में आपको जानकारी दी जाएगी की पेंशनर की मृत्यु के उपरांत स्टेप वाइज स्टेप क्या क्या कार्यवाही करनी चाहिए। (ACTION TO BE TAKEN ON DEMISE OF PENSIONER) यह इंफॉर्मेशन एक्शन ऑफ इएसएम किसी डिफेंस के वेटरन की मृत्यु के उपरांत उनके परजनों द्वारा करना होता है। हालांकि यह भेजा हुए सभी फार्म सिर्फ ऑफिसर्स के बारे में ही दर्शाते है, लेकिन अगर हम अच्छी तरह से क्लेरिकल व्यूज के नजरिए से देखेंगे और पढ़ेंगे तो जेसीओं व अन्य पदों के लिए उनके परिजनों पर भी उतना ही लागू होता है सिर्फ़ इसमें थोड़ा सा बदलाव होगा। एक तो आर्मी बेनेवोलेंट फंड सिर्फ ऑफिसर्स के लिए होता है और दूसरा ऑफिसर्स की मृत्यु होने पर इंफॉर्मेशन MP 5 B ,आर्मी हेडकवर्ट्र ए जी ब्रांच को जाता है जबकि उसकी जगह JCO, OR के लिए रेजिमेंटल रेकॉर्ड्स ऑफिस को भेजना चाहिए। इसलिए, इन कागज़ों की फोटोकॉपी करवाना आवश्यक है। सभी प्रकार के आईडेंटिटी कार्ड्स व अन्य फोटो कार्ड्स, लेन्न देन का हिसाब, ए फ डी ए जी आई इंसुरांस, व अन्य इंसुरांस कम्पनियों के सर्टिफिकेट, मकान, जमीन, संबंधी ब्यौरा रखते रहना चाहिए कयोंकि, पता नहीं इस कोरोना के भयंकर युग में कब क्या हो जाएगा, यह भी किसी को मालूम नहीं होता। इसके साथ ही मेरा प्रेसिडेंट वेटरन इंडिया हिमाचल प्रदेश से भी निवेदन है, की इसी फॉर्म का थोड़ा संशोधन करके फार्म दोबारा जे सी ओज और अन्य रांकस को भी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मोबाइल द्वारा सभी ग्रुप्सों में भेजें। ईश्वर के पास उसका ब्यौरा बिना किसी लिखा पड़ी के बना हुआ है, आत्मा अमर है । भाइयों, यह कड़वा सच है कि जो भी इस दुनिया में आया है, उसे एक दिन वापिस भी जाना पड़ता है। स्वर्ग में सुख तो बहुत है, पर वहां मृत्यु नहीं होती। असलियत में तो केवल हमारी उम्र सिर्फ सात ही दिन की होती है। इन्हीं सात दिनों में, हम पैदा भी हुए है, बड़े भी हुए है, शादी भी हुई है, नौकरी तथा रिटायरमेंट भी हो जाती है और तब वापिस जाने की भी तयारी करनी पड़ेगी। यह भी सत्य ही है कि जो कुछ भी हमने यहां पर इक्तरित किया है, यही पर रह जाएगा, इतना ही नहीं, यह शरीर भी साथ नहीं जाएगा। हां, साथ जाएगा तो हमारा पुर्शार्थ, धर्म, कर्म, दान पुन्न (सूक्ष्म रूप में जिसका चिप हमारी आत्मा के साथ साथ चलेगा) ईश्वर के पास उसका ब्यौरा बिना किसी लिखा पड़ी के बना हुआ है, जो अंतर आत्मा हमको बार बार सचेत करती भी रहती है। आत्मा अमर है शरीर नाशवान है। इसके साथ ही अंतिम यात्रा पर अपने नजदीक आर्मी यूनिट, स्टेशन हेड़कवर्ट्र व सी एस डी ऑफिसर इंचार्ज को इनफॉर्म करे ताकि समय अनुसार वह भी किसी भेज कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करके और परिवार जनों को ईश्वर से शक्ति देने की कामनाएं करे। ADLRS ( Assured Decent Last Rights Scheme) के तहाद मृत्यु होने पर सी ए एस डी केंटीन द्वारा 10,000/ और जिला सैनिक बोर्ड द्वारा 7,000/= की एक मुसत अनुदान राशि दी जाती है। इसके इलावा हम सभी फाउंडर एवम नेशल प्रेसिडेंट वेटरन बी के मिश्रा, स्टेट प्रेसिडेंट हिमाचल प्रदेश की तथा हमारे वेटरन इंडिया शिमला ग्रुप की ओर से सभी स्टेशन कमांडर्स, जिला सैनिक बोर्ड से आवेदन करता हूं कि ई एस एम् सेल के नाम के साथ में जोड़ कर पूर्व सैनिक डिफेंस वेटरन सेल भी रखा जाए। इसमें ई सी एस सैल और सी एस डी केंटीन भी रिकॉर्ड बनाने में कुछ सहायता कर सकती है। हमारा शिमला सी एस डी व ई सी एस का कार्य भी अति शोभनीय चल रहा है, हमारी वेटरन इंडिया की टीम समय समय पर लोगो से जानकारियां प्राप्त करके दोनो ऑफिसर इंचार्ज को अवगत कराती रहती है। Sir, here, we all must learn a LESSON that, all DOCUMENTS relevant to service/retired/pension including ALL BANK PASS BOOKS starting from the initial pension to date, be kept properly since Govt Announced some times arrears on various issues from backdated, but one should be aware of facts, as arrears to our co veteran stating that they have no data available as per our knowledge, especially in the RURAL AREAS. It is also to note, after the death of a pensioner, family pension starts. After the family pensioner's death, the new nominee (not common) on certain cases, like widow daughter disabled son/daughter, etc can request for family pension (condition apply). For these pensioners documents like Discharge book, pension Book, Pension Book, PPO/Corr PPOs, bank passbooks, account details, etc. Please take care. जय हिन्द, जय भारतीय सेना। Regards, Capt Sham Lal Sharma President Veteran India Distt (SHIMLA) (HP)& Admin/member a/m gps
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा है कि राज्य सरकार ने देश के अन्य हिस्सों से हिमाचल प्रदेश में आने वाले लोगों के प्रवेश को विनियमित करने का मामला केंद्र सरकार से उठाया है, ताकि कोविड-19 महामारी को फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री आज यहां राज्य के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत क्वांरटीन और होम क्वांरटीन के तंत्र को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आने वाले लोगों के प्रवेश को विनियमित करेगी, ताकि कोविड-19 मामलों को फैलने की किसी भी संभावना को रोका जा सके तथा लोगों का सुव्यवस्थित प्रवेश सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य में रात्रि 9 बजे से सुबह के 5 बजे तक कफ्र्यू लागू रहेगा। जय राम ठाकुर ने उपायुक्तों को उनके जिले में पूरी हो चुकी विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की सूची बनाने के निर्देश दिए ताकि इनका ऑनलाइन शुभारंभ किया जा सके। उन्होंने उपायुक्तों को शिलान्यास के लिए तैयार परियोजनाओं की भी सूची सौंपने के निर्देश दिए, ताकि इन परियोजनाओं के शिलान्यास ऑनलाइन किए जा सकें और लोग इनसे लाभान्वित हो सकंे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब सीजन के दृष्टिगत उपायुक्तों को श्रमिकों का उचित प्रबन्ध और उत्पाद को मंडियों तक पहुंचाने के लिए सुचारू परिवहन व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों को मानसून सीजन में माल के नुकसान को कम से कम करने के लिए समुचित एहतियाती उपाय करने चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण उनके लिए जिला मुख्यालयों में जाकर लाभार्थियों से बातचीत करना संभव नहीं है, इसलिए उपायुक्तों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करनी चाहिए। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में है तथा सरकार प्रभावी ढंग से स्थिति से निपट रही है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान सचिव कानून यशवंत सिंह, सचिव रजनीश और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पूर्व सीपीएस नीरज भारती को कोर्ट ने 14 दिन तक पुलिस न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मंगलवार को पूर्व सीपीएस नीरज भारती को कोर्ट में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नीरज भारती के वकील ने बेल के लिए सीबीआई कोर्ट में अर्जी दी है, जिसका फैसला दो बजे आना है। बता दे कि सीआईडी ने 26 जून को नीरज भारती को गिरफ्तार किया था। पूर्व सीपीएस नीरज भारती के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। वकील नरेंद्र गुलेरिया की शिकायत पर 20 जून को सीआईडी थाना में नीरज भारती के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
शिमला जिला के कोटखाई में सोमवार की देर रात एक दुखद हादसा पेश आया है। कार दुर्घटना में एक माँ और बेटे की मौत हो गई है, जबकि कार की चपेट में आकर एक राहगीर भी घायल हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है व दोनों शवों को कोटखाई अस्पताल भेज दिया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों के सपुर्द किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक छा गया है। जानकारी के अनुसार सोमवार की देर शाम कार में सवार एक महिला अपने बेटे के साथ जा रही थी। कोकूनाला के समीप पहुंचते ही कार अनियंत्रित हो कर गई और एक पुल से गुजर रहे एक नेपाली मूल के राहगीर को चपेट में लेते हुए गहरी खाई में जा गिरी। लोगों ने जब किसी वाहन के खाई में गिरने की आवाजें सुनी तो तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। लेकिन बताया जा रहा है कि घायल मां और बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इस घटना में घायल हुए नेपाली मूल के व्यक्ति को उपचार के लिए कोटखाई अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सड़क हादसे में मृत हुए माँ और बेटे की पहचान शीला (45) पत्नी स्व. प्रकाश चंद और अभिषेक (23) पुत्र स्व. प्रकाश चंद, गांव टिपरा, तहसील ठियोग के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शीला कोटखाई में लोक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत थी। माँ बेटे की मैत की सुचना मिलने के बाद गांव में मातम छा गया है।
केन्द्र व प्रदेश सरकार का मूल उद्देश्य कृषि का विकास व किसानों की समृद्धि है। शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने जिला शिमला किसान मोर्चा की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में कृषक वर्ग विकास और परिवर्तन की क्षमता रखता है। वर्तमान सरकार ग्रामीण जनता की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व सरकार के दूर दृष्टि नेतृत्व के कारण ही प्रत्येक गांव सड़क तक जुड़ने में सक्षम हुआ है, जिसे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वारा पूर्ण किया गया है, जिससे किसान बागवान का उत्पाद मंडियों तक पहुंच पाया है। किसानों के सम्मान के लिए किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, फसल बीमा योजना, पशु धन बीमा योजना तथा अन्य कई योजनाएं केन्द्र सरकार द्वारा आरम्भ की गई है वहीं प्रदेश में किसानों के जीवन को ऊपर उठाने के लिए भी अनेक योजनाएं कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के इस एक वर्ष के कार्यकाल में अनेक उपलब्धियां अर्जित की गई है। कोरोना काल की चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करते हुए हम आज पी.पी.ई. किट निर्यात करने की अवस्था में है। आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते हुए हमने रक्षा उपकरणों की खरीद के अतिरिक्त देश में उपकरणों के निर्माण की दिशा में भी काम करना प्रारम्भ किया है। उन्होंने कहा कि हम चीनी वस्तुओं का वहिष्कार कर हम अपने देश के कारीगरों की रचनात्मकता का फायदा उठाते हुए प्रधानमंत्री के स्वप्न को पूरा करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अधिकतर जनता आज भी गांव में बसती है। कोविड काल में विभिन्न राज्यों से अपने प्रदेश वापिस आए लोगों ने गांव में शरण लेकर खेती को अपनाया है। उन्होंने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों व सदस्यों से सभी को जोड़कर मोर्चा को और अधिक मजबूती प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। कोविड-19 संकटकाल की स्थितियों के तहत बागवानों का सेब मंडियों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों में किसान मोर्चा के पदाधिकारियों एवं सदस्य भी सकारात्मक सुझाव एवं परामर्श प्रदान करे ताकि व्यापक रूप से कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में प्रदेश व जिला में नियमित तौर पर अधिकारियों के साथ विभिन्न स्तरों पर बैठकें कर बागवानों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। सेब सीजन के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रहें इस संबंध में भी सम्बद्ध विभागों को आदेश व दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बागवानों को समय पर ट्रे व सेब के लिए कार्टन उपलब्ध हो सके इसके लिए आवश्यक पग उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेब न केवल जिला बल्कि राज्य की आर्थिकी के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि सीजन के दौरान बगीचों से लेकर मंडियों तक सेब का प्रबंधन किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के आह्वान को दोहराते हुए लाॅकडाउन के दौरान सभी प्रकार की सावधानियों को बरतने की अपील की ताकि कोरोना संक्रमण से बचाव किया जा सके तथा परिवार, समाज और देश को आगे ले जाने के लिए हम प्रयत्नशील रहने में सक्षम हो सके। रैली को किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राकेश शर्मा बबली, खादी बोर्ड के अध्यक्ष पुरूषोतम गुलेरिया, कैलाश फैडरेशन के अध्यक्ष व जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, प्रदेश किसान मोर्चा महामंत्री संजीव देष्टा, किसान मोर्चा शिमला जिला अध्यक्ष संजीव चैहान (पिंकु), जिला किसान मोर्चा महामंत्री प्रेम चैहान, शिमला संसदीय क्षेत्र प्रभारी एवं अध्यक्ष महिला आयोग डेजी ठाकुर ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश वन्य प्राणी बोर्ड की 9वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विकास और पारिस्थितिकी संरक्षण में बेहतर तालमेल समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्य होने के नाते हिमाचल प्रदेश के पारिस्थितिकी संतुलन में वन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और राज्य सरकार वनीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। वर्तमान वर्ष के दौरान 1.20 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के वनों में समृद्ध जैव-विविधता है और लोगों को चारा, ईमारती लकड़ी और चिकित्सीय पौधों की उपलब्धता के अतिरिक्त ये विभिन्न प्रकार के वन्य जीवों की प्रजातियों को भी आश्रय प्रदान करते हैं। उन्होंने मानवता के कल्याण के लिए पारिस्थितिकी संतुलन की आवश्यकता पर बल दिया। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 15 प्रतिशत हिस्सा संरक्षित क्षेत्र के अधीन आता है। राज्य में पांच राष्ट्रीय पार्क, 25 वन्य जीव अभ्यरण्य और तीन प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र हैं। राज्य सरकार विभिन्न विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए राज्य में वन्य जीव संरक्षण कानून को सख्ती से लागू कर रही है। उन्होंने प्रदेश में ट्रैगोपेन के कैप्टिव प्रजनन की सफलता पर पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पौंग बांध जलाशय को पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है। इस जलाशय में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या मंे प्रवासी पक्षी आते हैं, जिसके कारण यह पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार वन्य जीव क्षेत्रों में विभिन्न विकासात्मक गतिविधियां सुनिश्चित कर रही है जिससे पारिस्थितिकी तंत्र तथा वन्य जीवन को कम से कम नुकसान हो। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और वन्य प्राणियों का संरक्षण हमारा नैतिक कर्तव्य है, क्योंकि यह स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जय राम ठाकुर ने कोविड-19 महामारी के दौरान वन विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि थुनाग, पंजुत-लम्बा सफर-चिलमगढ़-शिकारी माता सड़क के उन्नयन के लिए शिकारी देवी वन्य जीव अभ्यरण्य में 2.80 हेक्टेयर वन भूमि के परिवर्तन के मामले को उपयुक्त प्राधिकरण के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सड़क के स्तरोन्नयन से स्थानीय लोगों के अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष शिकारी माता आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने दोहरानाला-शिल्लीराजगिरी (चेष्टा) सड़क को कुल्लू जिला के लौट और रोहलांग गांवों तक विस्तार देने के लिए खोखण वन्य जीव अभ्यरण्य से 1.55 हेक्टेयर वन भूमि को परिवर्तित करने के लिए विभाग को निर्देश दिए। वन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि संरक्षित क्षेत्रों के नेटवर्क में इको-पर्यटन की दृष्टि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जबकि पौंग बांध, रेणुकाजी झील और चन्द्रताल रामसर जैसे गंतव्य राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन संजय गुप्ता ने कहा कि राज्य वन्य प्राणी बोर्ड द्वारा स्वीकृत विषय राष्ट्रीय वन्य प्राणी बोर्ड की अंतिम स्वीकृति के लिए शीघ्र ही भेजे जाएंगे। प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य वन्य जीव वार्डन डाॅ. सविता ने वन्य प्राणियों से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए वन्य प्राणी विंग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बोर्ड सदस्यों के समक्ष पिछली बैठक में उठे मामलों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। उन्होंने बोर्ड के सदस्यों के समक्ष 9वीं बैठक का मसौदा प्रस्तुत किया, जिसमें थुनाग से शिकारी माता तक की सड़क को चैड़ा करना तथा शिकारी देवी वन्य जीव अभ्यरण जंजैहली-राजगढ़ से शिकारी माता सड़क को चैड़ा करना तथा दोहरानाला-शिल्लीगिराज से लौट-रोहलागी सड़क के प्रस्ताव प्रमुख हैं। ये सभी प्रस्ताव राष्ट्रीय वन्य प्राणी बोर्ड की स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे। बैठक के दौरान श्री रेणुकाजी लघु चिड़ियाघर के मास्टर प्लान पर हुई प्रगति से भी अवगत करवाया गया। बैठक के दौरान दूर-दराज गांव शुग्गा में हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाईन के अतिरिक्त मसौदे पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिसे स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को भेजा जाएगा। बैठक में पौंग बांध वन्य जीव अभ्यरण्य के बारे में सदस्य अर्जुन सिंह और होशियार सिंह द्वारा दिए गए कुछ सुझावों पर भी विचार विमर्श किया गया। प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन डाॅ. सविता द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘वैटलैंड बर्ड्ज आॅफ पौंग डैम’, मुख्य अरण्यपाल प्रदीप ठाकुर और जिला वन अधिकारी डडवाल द्वारा लिखी पुस्तक स्नो लैपर्ड- प्राइड आॅफ हिमाचल प्रदेश, सेवानिवृत्त अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल पी.एल. ठाकुर और नरेश पाल सिंह दौलटा जिला वन अधिकारी द्वारा लिखित लाहौल पांगी पर पत्रिका का भी इस अवसर पर विमोचन किया। विधायक अर्जुन सिंह, सुरेन्द्र शौरी, होशियार सिंह और बलबीर वर्मा, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन अजय कुमार, बोर्ड के सदस्यगण और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने से चम्बा जिले के पांगी क्षेत्र में 70 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की ऑनलाइन आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यासों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 12.35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 17.300 कि.मी. धवारस-सुरल-भटोरी सड़क, 16.02 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 24 कि.मी. लंबी साचपास से तोेवान सड़क तथा 2.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होन वाली साईचू से चसाक सड़क शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने 1.21 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किलाड़ के अतिरिक्त भवनों के निर्माण, 99 लाख रुपये की लागत से क्रयूणी में निर्मित होने वाले अतिरिक्त भवन, 2.77 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजस्व भवन किलाड़ तथा 18.89 करोड़ रुपये की लागत से नागरिक अस्पताल किलाड़ में निर्मित होने वाले नए भवन की आधारशिला भी रखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किलाड़ में 4.61 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले चिकित्सकों के आवास की आधारशिला भी रखी। जय राम ठाकुर ने कहा कि ये विकासात्मक परियोजनाएं पांगी क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होंगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इन क्षेत्रों का दौरा कर इन परियोजनाओं की आधारशिला रखना चाहते थे और साथ ही विकासात्मक कार्यों की समीक्षा करने के इच्छुक भी थे। उन्होंने कहा कि पांगी क्षेत्र के अपने पिछले दौरे के दौरान उन्होंने पांगी काॅलेज के भवन का उद्घाटन किया था। उस दौरे में उन्होंने किलाड़ में छात्राओं के लिए अलग राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खोलने के अतिरिक्त राजकीय उच्च विद्यालय सूरल को राजकीय वरिष्ठ उच्च माध्यमिक पाठशाला तथा उदान मटौरी में पशु औषधालय खोलने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में सीमित कार्य समय के दृष्टिगत विभिन्न परियोजनाओं के कार्यों में शीघ्रता लाने के निर्देश दिए। कृषि एवं जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास में गहन रूचि दिखाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के कारण ही रोहतांग सुरंग का कार्य समाप्ति पर है जिसके कारण मौसम की विपरीत परिस्थितियों के कारण कई महीनों शेष क्षेत्रों से कटे रहने वाले जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के लोगों को वर्ष भर आवाजाही की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में संचार सेवाओं में सुधार हुआ है। भरमौर के विधायक जिया लाल कपूर ने करोड़ों रुपये की विकासात्मक कार्यों का शिलान्यास रखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यद्यपि कोरोना महामारी के कारण मुख्यमंत्री क्षेत्र में नहीं आ सके परंतु उन्होंने इसके बावजूद पूरे प्रदेश में विकास की गति सुनिश्चित की है।
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के सभी प्रदेश पदाधिकारी, सभी मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष, चारों संसदीय क्षेत्र के प्रभारी एवं पालक, सभी जिला अध्यक्ष, सभी जिला प्रभारी एवं सह प्रभारी की बैठक का आयोजन वेबैएक्स के माध्यम से किया गया। बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष विशेष रूप में उपस्थित रहे उनके साथ प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा भी उपस्थित रहे, बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री एवं भाजपा के जन संवाद अभियान के प्रभारी त्रिलोक जमवाल द्वारा किया गया। बैठक में सभी जिला अध्यक्षों एवं प्रभारियों ने अपना अपना वृत रखा। भाजपा के सभी सातों मोर्चा ने भी अपने किए गए कार्यों का वृत्त राष्ट्र संगठन मंत्री के समक्ष रखा। इसी प्रकार सांसद रामस्वरूप शर्मा ने मंडी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने हमीरपुर, भाजपा महामंत्री त्रिलोक कपूर ने कांगड़ा और सरकार में मंत्री राजीव सैजल ने शिमला संसदीय क्षेत्र का वृत्त राष्ट्रीय संगठन मंत्री के समक्ष रखा। भाजपा के जन संवाद अभियान की प्रभारी त्रिलोक जमवाल ने बताया कि राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष जी द्वारा अनेकों विषयों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने कहा कि पिछले 4 माह में कोविड-19 के संकट काल में भाजपा देश भर में 22 करोड़ लोगों तक सेवा कार्य के माध्यम से पहुंची और पिछले 20 दिनों में वर्चुअल बैठकों के माध्यम से भाजपा ने जन संवाद अभियान के अंतर्गत देश भर में 20 करोड़ लोगों से संवाद किया। त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि जन संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत हिमाचल में भी 156 वर्चुअल रैली एवं बैठकों के माध्यम से 4105859 लोगों तक भाजपा ने संवाद किया है। अगले 7 दिन तक भारतीय जनता पार्टी "मेरा बूथ-मेरा मंडल" अभियान चलाएगी जिसके अंतर्गत सभी कार्यकर्ता बूथ स्तर के सभी घरों तक संपर्क करेंगे और केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की उपलब्धियां घर-घर पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में जो लोग बाहर से अपने घर वापस आए हैं उनसे भी भाजपा के कार्यकर्ता संपर्क करेंगे और उनका कुशल क्षेम पूछेगें, किस प्रकार की समस्याएं उन्हें अपने पूर्व कार्य क्षेत्र में आ रही थी और अब वह हिमाचल प्रदेश में किस प्रकार से रह रहे हैं और आगे वह क्या करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी वर्गों जैसे व्यापारी, सोसाइटी और अन्य से संपर्क करते हुए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के बारे में जानकारी भाजपा जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि इसी अभियान के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी लाभार्थियों के सम्मेलन भी वैर्तुअल रैली के माध्यम से करने जा रही है। उन्होंने बताया कि देश दोनों युद्ध जीतेगा चाहे वह सीमाओं पर हो या देश की आर्थिक मजबूती का हो, इसके अंतर्गत भाजपा चाइना से आए हुए वस्तुओं को प्रचलित नहीं करेगी और स्थानीय वस्तुओं को खरीदने का संकल्प कार्यक्रम शुरू करेगी, स्वदेशी को बढ़ावा देगी। भाजपा छोटे से गांव के उत्पाद को देश से जोड़ने का प्रयास करेगी, इन सभी वस्तुओं का पहले राष्ट्रीय ब्रांडिंग फिर अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग करेगी भाजपा। भाजपा ने इसके लिए " वोकल फ़ॉर लोकल " के नारे को अपनाया है। बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री संतोष ने भाजपा की हिमाचल इकाई को सेवा कार्यों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं वर्चुअल रैलियों में अच्छे कार्य करने के लिए शुभकामनाएं भी दी।
सेब उत्पाद के परिवहन के लिए विस्तृत और व्यापक व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बागवानों को अपने उत्पाद मंडियों तक ले जाने में असुविधा का सामना न करना पड़े। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर सेब सीजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि फल उत्पादकों की सुविधा के लिए एचपीएमसी ने पैकेजिंग सामग्री जैसे कार्टनस, सैपरेटर्स, ट्रे और अन्य संबंधित सामग्रियों की आपूर्ति के लिए 26 फर्में सूचीबद्ध की है। उन्होंने कहा कि इन फर्मों द्वारा लगभग 1.20 करोड़ कार्टन तैयार किए जा चुके हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश बागवानी विभाग ने नई दिल्ली की आजादपुर मण्डी और हरियाणा के सोनीपत की गनौर मण्डी में उत्पादकों के लिए विपणन सुविधा की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि लगभग 1.17 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नियंत्रित वायुमण्डल भण्डार (सीए स्टोर) हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में सरकारी और निजी क्षेत्रों में चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बागवानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 32 हजार मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज सुविधा उपलब्ध है। जय राम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग को सेब उत्पाद क्षेत्रों में सड़कों और सम्पर्क मार्गों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि वाहनों का आवागमन सुचारू रहे। उन्होंने कहा कि सेब के सीजन के दौरान कानून व व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए और विभिन्न स्थानों पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने चाहिए ताकि ट्रकों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग को उन ठेकेदारों के साथ बैठक भी करनी चाहिए जो श्रमिकों को वापिस लाने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि श्रमिकों की कमी के कारण बागवानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों को क्लर स्प्रे के उपयोग से बचने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल उन्हें अपने उत्पाद की अच्छी कीमत मिलेगी और साथ ही श्रमिकों की समस्या भी हल करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाली श्रमिकों पर निर्भरता से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो राज्य सरकार देहरादून और अन्य स्थानों तक बसें भेजने पर भी विचार कर सकती है ताकि नेपाली श्रमिकों को राज्य में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में श्रमिकों को लाने के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासन से भी बात की जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा क्योंकि इस वर्ष कोविड-19 संकट के कारण अन्य देशों से सेब का आयात इस वर्ष संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत आवश्यक है कि सेब को मण्डियों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से सेब उत्पादक क्षेत्रों में श्रमिक लाने के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नेपाली श्रमिकों पर उत्पादकों की निर्भरता कम होगी, बल्कि बागवानी करने वालों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि एपीएमसी कृषि बाजार के पदाधिकारियों के आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा और संबंधित जिला अधिकारी उन्हें ट्राजिट पास जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि एपीएमसी को सभी मण्डियों और व्यक्तिगत यार्डों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करना सुनिश्चित करेगा। बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि बागवानी उद्योग से प्रतिवर्ष प्रदेश की आर्थिकी में 5000 करोड़ रुपये का योगदान होता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सेब सीजन के दौरान लगभग 5.83 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सेब का समर्थन मूल्य 8 रुपये से बढ़ाकर 8.50 रुपये प्रति किलोग्राम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में एंटी हेल नेट संरचना के निर्माण को प्रोत्साहित के लिए कुशे योजना आरम्भ की है। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद किया कि बागवानी उत्पादकों को उनके उत्पाद के विपणन में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने उत्पाद के परिवहन, श्रमिकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी मुख्यमंत्री से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सिरमौर व चम्बा जिलों से वैकल्पिक श्रमिक उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए मार्केट यार्डों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की आवश्यकता पर बल दिया। हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि सेब की खरीद के लिए सरकार द्वारा स्थापित क्लेक्शन एंड प्रोक्योरमेंट केन्द्रों में होमगार्ड के जवानों को तैनात किया जाना चाहिए। निदेशक बागवानी डाॅ. एम.एम. शर्मा ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सेब को मण्डियों तक पहुंचाने की तैयारियों के संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुति दी। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, कृषि मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव अनिल खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, के.के. पंत, सचिव बागवानी अमिताभ अवस्थी, एचपीएमसी की प्रबन्ध निदेशक देव स्वेता बनिक, विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन और अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को खोलने पर राज्य सरकार कोई जल्दबाजी नहीं करेगी। केद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) की गाइडलाइन आने के बाद ही शिक्षण संस्थानों (स्कूल व कॉलेजों) को खोला जाएगा। 30 जून को केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन आ जाएगी। स्कूल खोलने या फिर शिक्षकों को ही स्कूल बुलाने पर भी तीस जून को ही निर्णय लिया जाएगा। शिक्षा विभाग पहली जुलाई से राज्य के सभी स्कूलों में दोबारा से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर देगा। शनिवार को राज्य सचिवालय में समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। इसमें शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, निदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं कैसे आयोजित करनी है, इस पर भी बैठक में चर्चा की गई। हालांकि केंद्रीय गाइडलाइन में परीक्षाओं को लेकर क्या निर्देश आते हैं इसका अभी इंतजार किया जा रहा है। लेकिन सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए जो पैटर्न अपनाया है, उसी को यूजी कक्षाओं में भी लागू किया जा सकता है। हालांकि ये सभी बातें केंद्रीय गाइडलाइन आने के बाद तय होंगी।
प्रदेश सरकार मौजूदा शैक्षणिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के साथ राज्य में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विद्यार्थियों को प्रदेश में ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो और वह अपनी क्षमताओं के अनुसार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भाग ले सकें। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् का गठन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य परियोजना निदेशालय रूसा, प्रदेश में उच्च शिक्षा की पहुंच, समानता और गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रूसा के अंतर्गत मिलने वाला अनुदान नैक (एनएएसी) द्वारा मान्यता पर निर्भर करता है, जिसके कारण विभिन्न काॅलेजों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आरंभ होगी तथा इससे सभी काॅलेज नैक मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल कलस्टर विश्वविद्यालय मण्डी की स्थापना रूसा के दिशा-निर्देशों अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विश्वविद्यालय के लिए 55 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 27.50 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में अधोसंरचना, 26 महाविद्यालयों में अधोसंरचना, चम्बा जिला के लिल्लह कोठी में नए माॅडल डिग्री काॅलेज, डीएवी सेंटनरी महाविद्यालय कोटखाई और राजकीय महाविद्यालय चम्बा के स्तरोन्नयन के लिए रूसा के अन्तर्गत वर्ष 2018 में 92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 929 उच्च और 1871 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के अतिरिक्त 138 राजकीय महाविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न घटकों में 3,671.95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान भवनों और शैक्षिक अधोसंरचना के लिए 116.37 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान इन मदों पर 114.36 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि 1171 निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि 314 कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने अधिकारियों को छात्रों की सुविधा के लिए शैक्षणिक संस्थानों में भवनों के निर्माण और अधोसंरचनात्मक कार्यों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राष्ट्रीय फ्लैगशिप योजनाएं जैसे छात्रवृति योजनाएं जैसे रूसा, स्वच्छ भारत अभियान, खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, एक भारत श्रेष्ठ भारत, भारत स्काउटस एंड गाईडस, इंस्पायर अवार्ड योजना, अटल टिंकरिंग लैब, साप्ताहिक आयरन फॅालिक ऐसिड सप्लिमेंटेंशन प्रोग्राम, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्रोग्राम, होस्टल सुविधाएं प्रदान करने के लिए आदि योजनाओं को अक्षरशः लागू करें, ताकि इन योजनाओं के लाभ अधिकतम विद्यार्थियों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान केंद्र प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं पर 98.98 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग कोविड-19 महामारी के मद्ेदनजर छात्रों को पढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम प्रयोग सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों जैसे दूरदर्शन, रेडियो और सोशल मीडिया का प्रयोग बच्चों को पढ़ाने के लिए किया जा रहा है। बैठक में बताया गया की मुख्यमंत्री द्वारा की गई 194 घोषणाओं मे से 140 घोषणाओं को लागू कर दिया गया है तथा 54 घोषणाओं पर प्रक्रिया जारी हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने राज्य में लगभग विभिन्न स्कूलों में कार्यरत 10097 पीटीए, पैट और पैरा-शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही लंबे समय से लंबित मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को विभिन्न ऐजेंसियों द्वारा सर्वश्रेष्ठ राज्य का दर्जा दिया गया है। विशेष सचिव शिक्षा राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा और निदेशक प्राथमिक शिक्षा रोहित जम्वाल ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव अनिल खाची, प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, विशेष सचिव राखिल काहलों और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश उद्यान उपज विपणन एवं विधायन निगम लि. (एचपीएमसी) के प्रवक्ता ने बताया कि निगम द्वारा सेब सीजन 2020 के मध्यनजर बागवानों को समय रहते तथा उचित मूल्यों पर पैकिंग सामग्री जैसे कार्टन, ट्रे और सेपरेटर आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 26 फर्मों का चयन (ऐमपेनल) किया है। प्रवक्ता ने बताया कि एचपीएमसी द्वारा सेब की पैकिंग सामग्री के तय दामों की सूची निगम की वेबसाईट पर उपलब्ध करवाई गई है। प्रवक्ता ने सभी बागवानों से निवेदन किया है कि वे अपने मांगों की बुकिंग हेतु एचपीएमसी की सम्बन्धित शाखाओं से सम्पर्क करें तथा पैकिंग सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और इस प्रयोजन के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर अमल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी डाॅ. अजय भंडारी को हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया है। डाॅ. अजय भंडारी की नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पूर्वतर हो, के लिए होगी।
एक कारगिल योद्धा सूबेदार मेजर, आनरेरी कप्तान का, वेटरन इंडिया एवं सर्व साधारण बुजुर्गो के लिए समर्पित, संग्रहित, एक छोटी सी कहानी जीने की असली उम्र तो 60 साल है। बुढ़ापे में ही असली ठाठ है। ना बचपन का होम वर्क, ना जवानी का संघर्ष, ना 40 की परेशानियां, बेफिक्र दिन, और सुहानी रात। जीने की असली उम्र तो... ना स्कूल की जल्दी, ना ऑफिस की किट किट, ना बस की लाइन, ना ट्रैफिक का झमेला, सुबह रामदेव का योगा, दिन भर खुली धूप, दोस्तों यारों के साथ, राजनीति पर चर्चा आम है। जीने की असली उम्र तो .... ना ममी डैडी की डांट, ना ऑफिस में बॉस की फटकार, पोतो पोतियों के खेल में, बेटे बहू का प्यार, इज़त से झुकते सिर, सबके लिए आशीर्वाद व दूवाओं की भरमार। जीने की असली उम्र तो .... ना स्कूल की डिसिप्लिन, ना ऑफिस में बोलने कि कोई पाबन्दी, ना घर पर बुजुर्गो की रोक टोक, खुली हवा में हंसी के ठहाके, बेफिक्र बातें, किसी को भी कहने के लिए आजाद है। जीने की असली उम्र तो,60 साल है। दोस्तों, मैं किसी से बेहतर करू, क्या फ़र्क पड़ता है । मैं किसी का बेहतर करू, बहुत फ़र्क पड़ता है । जय हिन्द, जय भारतीय सेना, जय वेटरन इंडिया । कप्तान शाम लाल शर्मा शिमला
नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस का आयोजन राज्य पुलिस मुख्यालय में किया गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गैर कानूनी तस्करी को रोकने के लिए अधिक सतर्कता और सतत प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशाखोरी से न केवल एक व्यक्ति या परिवार बल्कि पूरा समाज प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए अधिक प्रयास करने की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि पुलिस प्रशासन इस बुराई को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने लोगों से नशे के विरूद्ध अभियान में पुलिस से सहयोग करने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के नाम से जाना जाता है तथा इसकी संस्कृति, जीवन शैली, विचारधारा बहुत समृद्ध है, परंतु यह दुर्भाग्य की बात है कि राज्य में नशाखोरी की समस्या एक विकराल रूप धारण कर चुकी है तथा यदि इसे शीघ्र न रोका गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। दत्तात्रेय ने राज्य सरकार द्वारा गैर कानूनी तस्करी को रोकने के लिए ड्रग फ्री हिमाचल ऐप्प को आरंभ करने की पहल का स्वागत किया तथा कहा कि हम तकनीक की सहायता से समाज में परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने पुलिस के खूफिया विभाग को सुदृढ़ करने की भी सलाह दी। उन्होंने गैर सरकारी संस्थाओं को नशे के विरूद्ध जागरूकता अभियान में शामिल करने का भी सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस विश्व समुदाय द्वारा इस समस्या से निपटने के लिए हमारे सांझे प्रण और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज हम दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों मोर्चों पर हमारा पुलिस बल बेहतरीन कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, गैर सरकारी संस्थान, सामाजिक संगठन और प्रत्येक व्यक्ति को समाज को नशाखोरी की बुराई से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हमारा पुलिस बल इन संस्थाओं को इस अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावक, शिक्षक, चिकित्सक तथा स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रशिक्षित करके स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा पदार्थों के प्रतिमान तथा अधिकतम उपयोग पर एक राष्ट्रीय सर्वे किया गया है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि 10 से 75 वर्ष की आयु के 14.6 प्रतिशत लोग शराब का प्रयोग करते हैं, जिनकी संख्या लगभग 16 करोड़ है। लगभग 5.2 प्रतिशत लोग जिनकी संख्या अनुमानतः 5.7 करोड़ है, शराब के कारण प्रभावित हैं, जिसका अभिप्राय यह है कि भारत में हर तीसरे शराब पीने वाले व्यक्ति को सहायता की आवश्यकता है तथा हम इस प्रकार यह समझ सकते हैं कि यह समस्या कितनी गंभीर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि नशा व्यापारियों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं, परंतु इनमें से अधिकतर लोग पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता नशा व्यापारियों के बारे में पड़ोसी राज्यों से जानकारी सांझा करना है। उन्हांेने कहा कि उन्हीं की पहल पर हिमाचल के पड़ोसी राज्य जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राज्यस्थान आदि राज्य इस सामाजिक बुराई जो हमारे समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बन चुकी है, को रोकने के लिए सांझा रणनीति बनाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बैठक पंचकुला में आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि नशा तस्करी पर जानकारी सांझा करने तथा संयुक्त रूप से निगरानी करने के लिए पंचकुला के सांझा सचिवालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मादक पदार्थों का इस्तेमाल एक वैश्विक समस्या है तथा हमें अपने समाज के अस्तित्व को बचाने के लिए इसका पूरी ताकत से विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के तस्करों को पकड़ने के लिए अधिक सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग मादक पदार्थों की तस्करी में सम्मिलित पाए जाएंगे, उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में युवाओं द्वारा सिंथैटिक ड्रग का प्रयोग करना चिंता का सबब है। उन्होंने कहा कि युवाओं को मादक पदार्थों के हमारे शरीर, दिमाग और समाज पर पड़ने वाले कुप्रभावों पर जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशेड़ियों द्वारा चरस का अधिक प्रयोग किया जाता रहा है, परंतु अब सिंथैटिक ड्रग का सेवन एक बड़ी समस्या के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की आदत न केवल व्यक्ति बल्कि उससे संबंधित लोगों तथा पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के प्रयोग तथा तस्करी के कारण अपराध, बीमारी, सड़क हादसे, घरेलु हिंसा, गाली-गलौच, नौकरी छूटना तथा बेघर होना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि युवाओं को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के लिए लंबी अवधि की योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकांे को भी अपने बच्चों के असाधारण व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के विरूद्ध अभियान को एक जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए तथा किसी भी अभियान की कामयाबी के लिए जन भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को जल्द पकड़ने तथा तस्करी पर जानकारी सांझा करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की लत से व्यक्ति का शारीरिक तथा मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मुख्यमंत्री ने अपराध का प्रभावी विश्लेषण करने के लिए फिंगर प्रिंट ब्यूरो को एफएसएल जुन्गा से वापिस लेकर पुलिस विभाग के तहत सीआईडी विंग के नियंत्रण में लाने की घोषणा की। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों की सुविधा के लिए पंथाघाटी के नजदीक राजपत्रित अधिकारियों के लिए मैस निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि साईबर क्राईम प्रयोगशाला को पुलिस विभाग को वापिस सौंपने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि शिमला में पुलिस विभाग के गैर राजपत्रित कर्मचारियों के लिए मैस की मांग तथा पुलिस आरक्षी को अगले वेतनमान प्रदान करने के लिए आठ साल की सेवा शर्त को छूट देने की मांग को भी सरकार द्वारा जांचा जाएगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की पहल पर ही नशीले पदार्थों की समस्या को हल करने के लिए पड़ोसी राज्य संयुक्त रणनीति बनाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों का नशाखोरी में संलिप्त पाया जाना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिमला जिसे एक समय देश के शिक्षा हब के रूप में जाना जाता था, अब नशेड़ियों तथा नशा तस्करों के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशाखोरी के विरूद्ध प्रेरित करने के लिए अभिभावकों को अपने बच्चों की तरफ अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खेलों तथा अन्य पाठेत्तर गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग विद्यार्थियों और युवाओं को नशाखोरी के खिलाफ प्रेरित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक बुराई में पहले से फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए ग्रामीण महिला मंडलों और युवक मंडलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण हुए लाॅकडाउन में कई युवाओं को सही मार्गदर्शन और पुनर्वास की आवश्यकता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार ने कहा कि नशाखोरी एक सामाजिक बुराई है, जिस पर आम लोगों को जागरूक करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इन गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ने तथा इनकी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए अग्र सक्रियता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के हमारे शरीर, दिमाग और समाज पर पड़ने वाले कुप्रभावों को रोकने के लिए जागरूकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि नशाखोरी तथा नशा तस्करी के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं तथा समाज को बचाने के लिए उन्हें रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से प्रभावी रूप निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिंगर प्रिंट ब्यूरो को राज्य पुलिस के तहत लाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि साईबर अपराध प्रयोगशाला को पुलिस बल के अधीन वापिस लाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से शिमला में पुलिस मैस बनाने तथा राज्य की राजधानी शिमला में विभागीय कार्य से आने वाले जवानों को सहायता प्रदान कर रही गैर सरकारी संस्थाओं के लिए मैस बनाने का भी आह्वान किया। कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन ने इस अवसर पर कांगड़ा जिला में नशा तस्करी के मामलों पर प्रस्तुति दी। सिरमौर जिला के पुलिस अधीक्षक एके शर्मा ने जिला सिरमौर में नशा तस्करी पर अपने विचार सांझा किए। कुल्लू जिला के पुलिस अधीक्षक गौरव ने भी नशा तस्करी विशेषकर कुल्लू जिला में सिंथैटिक दवाओं के इस्तेमाल पर अपने विचार सांझा किए।
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 व 28 में किया गया संशोधन कई प्रकार की रुकावट खड़ी कर रहा है। उक्त अधिनियम में संशोधन कर के प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद जो कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च कार्यकारी एवं निर्णायक संस्था है, एवं कुलपति की शक्तियों को कम करने का प्रयास किया गया है। इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर अपनी आवश्यकता अनुसार निर्णय नहीं ले पाता है। इस संशोधन की वजह से विश्वविद्यालय के कई विकासशील कार्यों में बाधा उत्पन हो रही है। अनुच्छेद 28(1) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के पदों का सृजन व पदों की भर्तियां, पदोन्नति नियमों का निर्माण एवं संशोधन इत्यादि सर्वप्रथम प्रदेश सरकार की वित्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। उसके पश्चात वह प्रस्ताव कार्यकारिणी परिषद में विचारार्थ/ अनुमोदनार्थ हेतु प्रस्तुत किया जाता है। जिस वजह से विश्वविद्यालय में विकासशील कार्य करने में बहुत समय लगता है। जहाँ तक पदों की भर्तियां व उनके सृजन का सम्बंध है, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियां व पदों का सृजन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार और स्वीकृति के बाद ही सम्भावित होती है। कई बार कुछ प्रकरणों पर विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र कार्यवाही तथा शीघ्र निर्णय लेना बहुत आवश्यक होता है। परन्तु उपरोक्त अधिनियम में संशोधन की वजह से इन कार्यों में बहुत देरी हो जाती है। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान के लिए विकास कार्यो में और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में देरी होना प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए सही नहीं है। विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से माँग करती है कि अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28 में वर्ष 2015 में किए गए संशोधन पर सरकार पुनः विचार करे तथा प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त अधिनियम में किए गए संशोधन को पुनः इसके मूल रूप में बहाल करे, ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायता यथावत बनी रहे।
The two days awareness and training workshop for COVID-19 preparedness in hotels and restaurants being organized for owners concluded on Friday at The Oberoi Cecil Shimla. The program was designed with a vision to educate and build confidence amongst the hoteliers and restaurateurs of Shimla. The leading hospitality brand The Oberoi Group that runs three hotels in Shimla played a major role in giving training to the stakeholders through there highly trained staff. The presentation was given to the participants highlighting basic requirements for the implementation of standard operating procedures issued by the State Government. The awareness campaign was a grand success with over 100 participants from hotels, Restaurants, B&B, and homestay units participated in this awareness campaign. The objective of the awareness campaign is to prepare the hotels and restaurants to provide safe and hygienic accommodation &food to the tourists visiting Shimla post-COVID. The safety and hygiene essentials like disinfectants, equipment were also exhibited by the local suppliers for the knowledge of participants. The tourism industry Stakeholders Association is intending to organize training and awareness programs for managerial and other staff of the hotels and restaurants in a phased manner. Shimla has become the first tourist destination in the country that has taken a proactive step to educate the stakeholders about the safety norms before the revival of tourism in the state. Mr. Anil Walia advisor TISHA said the tourism industry in Himachal is at a grinding halt since March 2020. Many tourists want to come to Shimla for a change. We urge the Government to allow restricted entry to tourists with confirmed hotel reservation into the state for the hotels which have adopted the SOP's issued by the Himachal Government and are fully prepared to offer safe and hygienic accommodation to the tourists. The Tourism industry is looking forward to reopening of state borders for the Tourists by the Government of Himachal Pradesh. The Government in the first unlock opened hotels for local guests however in the second phase of unlocking government should allow tourists from other states to visit Shimla. Anil Bhardwaj Senior Vice President said the opening of doors for tourists coming from Punjab, Haryana, Chandigarh, and other cities except for the 13 cities which have been marked as COVID High cities by the District Administration. This can give a start to the Tourism Industry and we are sure when the borders will open the hotel industry may start getting 25 to 30 % occupancy. Tourism Industry stakeholders Association is thankful to The Oberoi Cecil; Wildflower Hall and Clarkes for encouraging the hotel owners of Shimla to prepare themselves for providing safe stay to the tourists coming to Himachal.
भाजपा ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) को लेकर कांग्रेस पर हमला किया है। पार्टी के महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने आरोप लगाया कि भारत के लोगों ने अपने जरूरतमंद साथी नागरिकों की मदद के लिए इसमें दान किया था, परंतु इस पैसे को कांग्रेस से संबंधित परिवार के ट्रस्ट में हस्तांतरण किया गया। भाजपा महामंत्री ने कहा, 'भारत के लोगों ने जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपनी मेहनत की कमाई को पीएमएनआरएफ में दान किया था। इस सार्वजनिक धन को एक परिवार द्वारा संचालित एक फाउंडेशन में हस्तांतरित करना न केवल एक संगीन धोखाधड़ी है बल्कि भारत के लोगों के लिए एक बड़ा धोखा भी है।' जम्वाल ने कहा कि 2017 में दोकलम गतिरोध के दौरान राहुल गांधी गुप्त रूप से भारत में चीन के राजदूत के साथ दिल्ली में वार्ता कर रहे थे। आज गलवां घाटी को लेकर भी कांग्रेस देश को गुमराह कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि चीन से राजीव गांधी फाउंडेशन को मोटी रकम मिली है, जिसके बारे में कांग्रेस देश की जनता को स्पस्टीकरण दे, कि यह किस मेहरबानी के एवज़ में इस फाउंडेशन चीनी सरकार ने पैसा दिया। उन्होंने कहा कि गलवां घाटी में हुई घटना पर भी कांग्रेस राजनीति कर रही है। ये वही कांग्रेस है, जब 2017 के अगस्त में चीन और भारत का विवाद चल रहा था, उस समय राहुल गांधी चीन के राजदूत के साथ गुपचुप मुलाकात कर रहे थे। उन्होंने कहा गलवां घाटी के विषय को लेकर सभी राजनीतिक दल जहाँ प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ खड़े है वहीं कांग्रेस वीर जवानों को शहादत पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की फिराक में है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला प्रशासन शिमला द्वारा लोगों विशेषकर युवाओं पर पड़ रहे मादक दवाओं के कुप्रभाव के बारे में जागरूक करने के लिए प्रकाशित लघु पुिस्तका ‘नशीले पदार्थों का सेवन जीवन के लिए घातक’ का विमोचन किया। जय राम ठाकुर ने जिला प्रशासन के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह लघु पुस्तिका मादक दवाओं के दुरूपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लिखी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तिका युवाओं को इस बुरी आदत को छोड़ने तथा स्वस्थ जिंदगी जीने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने समाज से इस बुराई के उन्मूलन में गैर सरकारी संस्थाओं का भी सहयोग मांगा। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने लघु पुस्तिका के विमोचन के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मादक दवाओं के दुरूपयोग पर लोगों को जागरूक करने के लिए इस पुस्तिका की एक लाख प्रतियां वितरित की जाएंगी। शिक्षा मन्त्री सुरेश भारद्वाज, अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था प्रभा राजीव, कल्याण अधिकारी हाकम चन्द भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
The State Cabinet in its meeting held here today under the chairmanship of Chief Minister Jai Ram Thakur gave in-principle approval to regularize the services of PTA, PAT, and PARA teachers, which will benefit about 6500 PTA, 3300 PAT and 97 PARA teachers engaged in various government schools. It gave its nod for approval of the draft Scheme for Interest Subvention on Working Capital Loan for Hospitality Industry to revive the tourism industry in the State which has been adversely affected due to the Covid-19 pandemic. Under the Scheme tourism units in the State paying GST up to Rs. one crore would be entitled to a maximum loan of Rs. 50 lakh whereas for tourism units paying GST above Rs. one crore and up to Rs. three crores for at least one year ending 31st March 2020 would be entitled to loan up to Rs. 75 lakh. Units above Rs. three crores would be eligible for a loan of Rs. one crore. Small registered tourism units would also be eligible for a maximum loan of Rs. 15 lakh. This loan period would be for four years with interest subvention of 50 percent each for the first two years. The Cabinet also decided that the Transport Department would draft an interest subvention scheme for working capital on the analogy of the Tourism Department. The Cabinet gave its approval to enhance the support price of apple under Market Intervention Scheme (MIS) by 50 paise from Rs. 8 to Rs. 8.50 per kg for the year 2020. Under this scheme about 1.50 lakh MT apple would be procured from 20th July to 15th November 2020 for which 283 procurement centers would be opened in different parts of the State as per the demands of apple growers. It also accorded its consent to procure seedling mango, achari mango, and grafted mango at the rate of Rs. 8.50 per kg under the MIS which will be operative from 1st July to 31st August 2020. Similarly, Cabinet also gave its approval to provide support price of Rs. 7.50 per kg for ‘B’ grade Kinnow, Malta and orange and Rs. 7 per kg for ‘C’ grade kinnow, malta and orange. The procurement price of galgal had been fixed at Rs. 6 per kg under MIS. This scheme will be operative from 21st November 2020 to 15th February 2021 The support prices would ensure remunerative prices to the fruit growers in the State. The Cabinet gave its approval to guidelines for providing assistance for the promotion of cultivation of aromatic plants and their processing under the new Scheme ‘Mehak’ launched by the State Government to double the income of the farmers cultivating the aromatic plants. It gave its consent to fill up 500 posts of Junior Office Assistant (IT) on contract basis in the Education Department through Himachal Pradesh Staff Selection Commission Hamirpur. The Cabinet gave its approval to create and fill up 42 posts of different categories in the Himachal Pradesh State Human Rights Commission. It also accorded its consent to create one post of Convener-cum-Advisor to Himachal Pradesh Nasha Niwaran Board under Excise and Taxation Department to tackle and overcome the menace of drug trafficking and drug abuse in the State. The Cabinet decided to create and fill up four posts of different categories in newly created office of Prosecution Department attached with Additional District and Session Judge Court at Sarkaghat in Mandi district for its smooth functioning. It decided to give an extension for present tenders for the supply of food grains and essential commodities for the tribal and inaccessible areas of the State for the year 2020-21 on existing rates and on same terms and conditions to facilitate the people, keeping in view the fact that these areas remain cut off for a period of 4 to 7 months due to heavy snowfall in the winter season. The Cabinet gave its approval to open Primary Health Centre at Gram Panchayat Lech in district Chamba along-with the creation of three posts of different categories to man this Centre. It also decided to create and fill up two posts of Perfusionist in the Department of CTVS in Dr. Rajendra Prasad Government Medical College, Tanda to provide better heart care facilities to the people of the area. It also gave its approval to issue a Letter of Intent in favor of M/s Hillthrill Agro Processors Private Limited for setting up of winery based on fruits at Badhu in Chachiot tehsil of Mandi district. The Cabinet also decided to issue a Letter of Intent in favor of M/s Alcobrew Distilleries India Private Limited for setting up of distillery unit at village Kandla in district Solan with an investment of Rs. 65.39 crore. It gave its approval to create and fill up five posts of different categories in newly opened Sub Division of Public Works Department at Dera Baba Rudru (Basal) in district Una for the proper functioning of the Sub Division. The Cabinet decided to convert the Project Implementation Unit Sub Division Dhanotu in Mandi district into Sub Division of Public Works Department (Building and Roads) along with creation of four posts of different categories. It decided to enhance the award amount of War Jagir from existing Rs. 5000 to Rs. 7000 per annum to the families of war veterans. The Cabinet gave its approval to upgrade Government Middle School Bud and Government High School Rampur in Solan district to Government High School and Government Senior Secondary School respectively along with creation and filling up of 10 posts of different categories. It also decided to open Primary School at Kelua in Haroli Vidhan Sabha area of Una district to facilitate the children of the area. The Cabinet also gave its approval for guidelines for installation of the permanent structure of Bamboo or Steel for Anti-Hail Nets under ‘Krishi Utpaad Sarankshan (Anti Hail Net) Yojna, (KUSHY) for the year 2020-21 to facilitate the farmers of the State under the assistance of 50 percent would be provided to all the categories of farmers. It decided to extend the contract period for six months from 1st May 2020 to 31st October 2020 of M/s Tata Consultancy Services till the finalization of the tender process for the selection of new System Integrator by HP State Electronics Development Corporation for implementation of HP VAT-IT Project of Excise and Taxation Department.
हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की परियोजना निगरानी कार्यान्वयन समिति की बैठक निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों जैसे तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास, श्रम एवं रोजगार, उच्च शिक्षा, लोक निर्माण विभाग एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ संबंधित विभागों से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए रोहन चंद ठाकुर ने कहा की उत्कृष्ट केंद्रों के निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने पूर्ण व निर्माणाधीन संरचनाओं जैसे शहरी रोजगार केंद्र और ग्रामीण रोजगार केंद्रों के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि निगम online प्रशिक्षण पर भी विचार कर रहा है। उन्होंने कहा की निगम अपने यहां पंजीकृत उम्मीदवारों के साथ-साथ स्किल पोर्टल पर पंजीकृत लोगों के रोजगार के लिए उद्योगों के बीच कड़ी का काम कर रहा है। इसके अलावा बैठक में अन्य विभिन्न मुद्दों व चुनौतियों और आने वाले समय में कार्यों के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। प्रबन्ध निदेशक ने कार्यों में तेजी लाने के उपायों पर चर्चा करते हुए जवाबदेही तय करने को महत्व देते हुए आगे के संभावित कदमों को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी। बैठक के दौरान विभिन्न अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए संभावित कदमों की जानकारी दी और विभिन्न सुझाव भी दिए। बैठक में निगम के महाप्रबंधक सुनील ठाकुर एवं सनी शर्मा, उप महाप्रबंधक गौरव महाजन, क्षेत्र विशेषज्ञ कपिल भारद्वाज व तिलक धीमान भी उपस्थित थे।
फर्जी डिग्री मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश इकाई नियामक आयोग के सदस्य एस. पी. कटयाल को ज्ञापन सौंपा तथा दागी यूनिवर्सिटी मानव भारती और इंडस के दाखिले और सभी कोर्स की मान्यता रद्द करने की मांग की और साथ ही मानव भारती विश्विद्यालय में जो छात्र वहां वर्तमान समय मे पढ़ाई करते है उन्हें शीघ्र किसी अन्य विश्विद्यालय में स्थानान्त्रित किया जाए। एबीवीपी ने ज्ञापन सौंपा जिसके अंतर्गत उन्होंने निजी विश्वविद्यालय में हुई फर्जी डिग्रियों की धांधली को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया. विद्यार्थी परिषद ने कहा की 3 मार्च को मानव भारती पर एफ आई आर हुई और और 9 मार्च को इंडस यूनिवर्सिटी पर एफ आई आर हुई जहां मानव भारती के पास कई फर्जी डिग्रियां पकड़ी गई। वही इंडस यूनिवर्सिटी में 7 वर्ष से एक अध्यापक फर्जी डिग्री के साथ पढ़ा रहा था और इंडस यूनिवर्सिटी ने अपने रेगुलर चार कर्मियों को रेगुलर कोर्स की चार फर्जी डिग्रियां दे दी थी। इंडस यूनिवर्सिटी की मैनेजमेंट ने खुद प्रेस नोट जारी करके कहा कि इंडस डिग्रियां कॉरेस्पोंडेंस पार्ट टाइम मोड इवनिंग क्लासेस डिस्टेंस एजुकेशन के रूप में देता है। मगर ऐसा करने की अनुमति इंडस को कभी नहीं थी और न ही इसकी मान्यता उन्हें कभी प्रदेश सरकार से मिली थी। और तो और अध्यापकों को यह तक कहा कि जो लोग यहां पर काम कर रहे हैं उन्हें बिना कक्षा लगाए हाजिरी दी जाए ताकि वह अपनी परीक्षाएं दे सकें जोकि सरेआम धांधली है.ऐसे में यह विषय प्रदेश के लिए शर्म की बात है। राहुल राणा ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय में पीएचडी तथा और रिसर्च वर्क की भी अनुमति है लेकिन इसकी भी जांच होनी चाहिए कि कहीं पीएचडी डिस्टेंस मोड में तो नहीं चला दी है जो यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। राणा ने कहा कि ना केवल अध्यापक तथा छात्र फर्जी डिग्रियों के साथ हैं बल्कि निजी विश्वविद्यालय में कुलपति भी ऐसे हैं जिन्होंने एक समय पर 3-3 डिग्रियां ली हैं जो सरासर गलत है। विद्यार्थी परिषद ने कहा कि जिन भी यूनिवर्सिटीओं में बिना मान्यता की कोई डिग्री गैर कानूनी तरीके से दी गई है उसे फर्जी घोषित किया जाए और अगर इन डिग्रियों के बदले कोई स्कॉलरशिप निजी विश्वविद्यालय ने मांगी है या ली है उसे काले धन के रूप में माना जाए साथ ही इन सभी डिग्रियों को अवैध घोषित किया जाए और यूनिवर्सिटी पर अपराधिक मामले दर्ज हो तथा इन दोनों निजी विश्वविद्यालय पर सरकार एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करें ताकि छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो।
हिम टेंट वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष सुखदेव नेगी की अध्यक्षता में, रामपुर बुशहर के उपमंडल अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने टेंट, कैटरिंग, लाइट एंड साउंड, फूल व फोटोग्राफी से जुड़े कारोबारियों को कोरोना के वजह से हो रहे नुकसान की तरफ मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा की महामारी के दौरान कारोबार करना मुश्किल हो गया है और इन कारोबार से जुड़े कारोबारियों को बहुत नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि टेंट, कैटरिंग, फोटोग्राफि, लाइट एंड साउंड तथा फूल का बहुत बड़ा व्यापार हमारे प्रदेश में होता है और इस व्यापार से अनेको लोगों की रोजी-रोटी चलती है, परंतु महामारी के चलते यह कारोबार बिल्कुल ठप पड़ गए हैं और लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट छा गया है। उपरोक्त कारोबार साल के कुछ महीनों में ही चलता है और सभी कारोबारी नवंबर 2019 से जो जून 2020 तक पूरी तरह से बेरोजगार बैठे हैं व आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशों के बाद होटल, रेस्टोरेंट व ढाबे आदि सभी खोल दिए गए हैं परंतु उनका व्यापार शुरू करने के लिए अभी तक कोई आदेश सरकार द्वारा जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द ही उन्हें व्यापार शुरू करने की अनुमति दी जाए। साथ ही उन्होंने आश्वासन भी दिया है कि वह सरकार द्वारा जारी सभी नियमों व दिशा निर्देशों के तहत कार्य करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार कारोबार शुरू करने में असमर्थ है तो हर व्यापारी को राहत के रूप में 5 लाख रुपए की राशि प्रदान करें ताकि वह अपने वर्करों को तनख्वाह, दुकानों के किराए, बिजली का बिल और बैंकों की किश्त समय पर अदा कर सकें व अपने परिवारों का पालन पोषण कर सकें। इस मौके पर एसोसिएशन अध्यक्ष सुखदेव नेगी, महासचिव टीकम सैनी, सागर कोषाध्यक्ष, नरेश शर्मा, मस्तान नेगी, दीपक नेगी, बिज्जू, अंकित, जय मुसाफिर, राजू व कुलदीप मौजूद रहे।
जिला शिमला वेटरन इंडिया हिमाचल संगठन एवं धामून्न वेलफेयर एसोसिएशन ( रजिस्टर्ड) वीर नारियों युवा पीढ़ी के बालक, बालिकाओं एवं बहुत सारे बुजुर्ग व बच्चो ने ग्लवान घाटी में भारतीय सेना के 20 फौजियों की शहादत पर विरोध जताया। यह विरोध गांव धमून्न व घनाहटी में लोगों द्वारा कोरोना को मध्य नजर रखते हुए मुंह में मसक लगा कर व 2 मीटर की दूरी रख कर किया गया। इसके साथ ही दुश्मनों से उस ही रात बदला लेकर उनके 43 सैनिकों को मौत के घाट उतार कर तथा अनगिनत दुश्मनों को घायल करने पर ख़ुशी भी जताई और गौरव किया की हमारी सेना किसी से कम नहीं है वा खून के बदले खून करने में पूरी तरह से सक्षम है। इसमें मुख्य तौर पर भ्वानी दत्त, कैप्टन शाम लाल शर्मा, पदम देव,एसडीओ वॉटर दिनेश भारद्वाज, जेईई विजय करन, रामकृष्ण, कशल्या, सीता, भावना, मदन, दीपू शर्मा, पाली ठाकुर, भरत राम, विनोद, दिलीप कुमार सुपरवाइजर वॉटर धामून्न ,पवन शर्मा, भूप राम शर्मा, भिमी शर्मा, पूजा, दीपिका व भूपेंद्र शर्मा के साथ बहुत सारे सज्जनों ने भाग लिया। "चीन की निगाहें लडाख प्पर है, पाकिस्तान की कश्मीर पर वा अब नेपाल भी उत्रखड़ चाहता है। हम सभी पूर्व सैनिक ,सिविलियन , गांव निवासी,देश सेवा को प्रथम जान कर बलिदान देने को त्यार है। जय हिन्द ,जय भारत।" -कैप्टन शामलाल शर्मा, धामूनन व अन्य
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पंचायती राज विभाग को भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले ई-पंचायत पुरस्कार-2020 के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार हासिल करने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से पंचायतों के कामकाज में कुशलता, पारदर्शिता तथा दक्षता लाने के प्रयास कार्य कर रहा है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मंत्रालय विभिन्न राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में पंचायतों द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयासों को मान्यता प्रदान करने में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन प्रदेशों को दिया जाता है, जिन्होंने पंचायतों के विभिन्न कार्यों की निगरानी में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम प्रयोग सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को यह पुरस्कार केन्द्र सरकार के ई-एप्लीकेशन तथा राज्य सरकार द्वारा विकसित अन्य एप्लीकेशनों के प्रभावी प्रयोग के लिए प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सभी 3,226 पंचायतों को इन्टरनेट सुविधा प्रदान की गई है तथा लोग विभिन्न सेवाओं का ऑनलाइन प्रयोग कर सकते है। उन्होंने कहा कि परिवार रजिस्टर, जन्म पंजीकरण, मृत्यु तथा विवाह पंजीकरण जैसी विभिन्न सेवाएं पंचायतों में ऑनलाइन पंजीकृत की जा रही है।
महिला मोर्चा कसुम्पटी की अध्यक्ष सुलेखा कश्यप ने कसुम्पटी महिला मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा की है। कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष मीरा वर्मा ढली, कान्ता चन्देल जुन्गा, सरोज सलाकटा ,ढली , किरण जुग्गर पीरन होंगे। महामंत्री पामीला कालिया कुफरी, सत्या देवी नालदेहरा होंगे। सचिव सावित्री देवी चैड़ी, नीलम वर्मा दरभोग, रेखा शर्मा मल्याणा होंगे। कार्यालय सचिव दिव्य नानक चम्याणा शहरी होगी, कोषाध्यक्ष कान्ता कश्यप पुजारली, मीडिया प्रभारी ऊमा ठाकुर नावग, सह मीडिया प्रभारी सुमित्रा वर्मा ढली ग्रामीण, कार्यकारिणी संदस्य ऊमा डोगरा जुन्गा, ममता कश्यप कमयाणा, हेम लता शाहल, शकुन्तला कसुम्पटी, नीलम वर्मा कंगनाधार, ममता ठाकुर पटयोग, अनिता भारद्वाज जुन्गा, सीता वर्मा बलोग लरबोटी, अंजु चौहान जनेड़ घाट, आशा धरेच, कमलेश सतलाई, प्रतिष्ठा वर्मा बलोश, ममता शर्मा चमयाणा ग्रामीण, लजा चंदेल मैहली, रेणु धीमान चमयाणा शहरी, सुनीता तन्वर सांगटी होंगी। विशष आमंत्रित संदस्य सभी भाजपा एवं मोर्चा, प्रकोष्ठों की प्रदेश, जिला व मंडल के सभी पदाधिकारी एवं प्रमुख महिलाएं , सभी विशेष आंमत्रित है।
ऑल इंडिया बैंक पेंशनर्स और सेवानिवृत्त परिसंघ के पदाधिकारियों ने केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर कोरोना आपदा से निपटने के लिए अपने संघ की तरफ़ से पीएम-केयर्स फंड में 2.12 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा जिसके लिए अनुराग ठाकुर ने संघ के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना आपदा जैसी वैश्विक महामारी से देशवासियों को राहत पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पीएम-केयर्स फंड का गठन किया था। इस पीएम-केयर्स फंड में देश वासियों ने अपनी सुविधानुसार स्वैच्छिक दान करके कोरोना आपदा से निपटने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों को बल दिया है। पीएम केयर्स फंड के अंतर्गत मेड इन इंडिया के तहत 50 हजार वेंटिलेटर बनाए गए हैं।अब तक 2923 वेंटिलेटरस् बन कर तैयार हो चुके हैं जिसमें से 1340 वेंटिलेटर राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को दिए जा चुके हैं।इसके अतिरिक्त पीएम-केयर्स फंड का एक बड़ा हिस्सा प्रवासी मज़दूरों को इस आपदा से राहत पहुँचाने पर खर्च किया जा रहा है।” अनुराग ठाकुर ने कहा "आज ऑल इंडिया बैंक पेंशनर्स और सेवानिवृत्त परिसंघ के पदाधिकारियों ने अपने संघ की तरफ़ से पीएम-केयर्स फंड में 2.12 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा जिसके लिए मैं इस संघ के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का आभार प्रकट करता हूँ।आपका यह सहयोग कोरोना के विरुद्ध इस लड़ाई को मज़बूती प्रदान करेगी।” ऑल इंडिया बैंक पेंशनर्स और सेवानिवृत्त परिसंघ के अध्यक्ष श्री के॰वी॰ आचार्य ने कहा "भारत प्रधानमंत्री मोदी की के नेतृत्व में कोरोना आपदा से भली भाँति निपट रहा है। ऑल इंडिया बैंक पेंशनर्स और सेवानिवृत्त परिसंघ ने अपनी तरफ़ से पीएम-केयर्स फंड में 2.12 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी है। इस महामारी से निपटने के पुनीत कार्य में पूरा देश एक साथ है।"
हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष उदय चन्द्र ने बैंक की ओर से 6,51,000 रुपये का एक चेक एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भेंट किया। शिव ग्रामीण फ्लोर मिल पालमपुर, जिला कांगड़ा के आशीष कुमार गुप्ता ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री को भेंट किया। जय राम ठाकुर ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के महाप्रबन्धक आबिद हुसैन सादिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार राज्य के समग्र विकास के उद्देश्य से स्वर्णिम हिमाचल प्रदेश दृष्टिपत्र-2017 के कार्यान्यवन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों तथा वर्गों के उत्थान के लिए तैयार किए गए इस दृष्टिपत्र को साकार करना सरकार की प्राथमिकता है। यह जानकारी स्वर्णिम हिमाचल प्रदेश दृष्टिपत्र-2017 के कार्यान्यवन के लिए गठित मंत्रिमंडल उप-समिति की बैठक के दौरान अध्यक्ष एवं शिक्षा मन्त्री सुरेश भारद्वाज ने दी। बैठक के दौरान परिवहन तथा तकनीकी शिक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में कृषि एवं उद्यान उत्पाद के परिवहन के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष एक माननीकृत मूल्य निर्धारण किया जा रहा है, जिससे उत्पादों को मंडियों तक उचित दामों में पहुंचाया जाता है। परिवहन संबंधी समस्याओं के निदान के लिए निदेशालय स्तर पर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। जिला मुख्यालयों में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने के लिए आठ स्थानों का चयन किया गया है तथा इन नगरों के बुनियादी ढांचों और सुविधाओं के लिए अब तक 12 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। प-समिति के सदस्य व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि इंजीनियरिंग, फार्मेसी एवं बहुतकनीकी संस्थानों के 606 विद्यार्थियों तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 9139 विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। इसके अतिरिक्त ‘स्कीम आॅफ कम्यूनिटी डवेल्पमेंट थ्रू पोलीटेकनिक’ योजना के अंतर्गत 249 प्रशिक्षणर्थियांे को रोजगार दिया गया। उप-समिति के सदस्य एवं परिवहन मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने बैठक के दौरान कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निजी मिनी बस चालकों को 23 बस रूट परमिट आवंटित किए गए हैं, ताकि लोगों को यातायात सुविधा के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिल सके। हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा 25 इलैक्ट्रिक बसें कुल्लू व इसके आसपास के कस्बों में चलाई जा रही हैं। प्रदेश के विभिन्न कस्बों में 50 इलेक्ट्रिक टैक्सियां चलाई जा रही हैं। शिमला शहर में कुल 50 इलैक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। इस अवसर पर प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा के.के. पंत, उप-समिति के सदस्य सचिव एवं सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षणिक संस्थान नियामक आयोग के सदस्य डाॅ. एसपी कत्याल ने बुधवार को राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। कुछ विश्वविद्यालयों में पाई गई अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए तथा उनके अकादमिक सत्र भी खराब नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आयोग को अपने स्तर पर पहल करनी चाहिए, क्योंकि यह विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने आयोग को उनके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत विश्वविद्यालयों और काॅलेजों की वस्तुस्थिति रिपोर्ट भी प्रदान करने को कहा। डाॅ. कत्याल ने आयोग द्वारा राज्य के उच्च शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्तायुक्त शिक्षा तथा निगरानी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए की गई पहल की भी जानकारी दी।
फर्जी डिग्री मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश इकाई इसी विषय को लेकर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल से मिले तथा दागी यूनिवर्सिटी मानव भारती और इंडस के दाखिले और सभी कोर्स की मान्यता रद्द करने की मांग उठाई। एबीवीपी प्रदेश प्रतिनिधित्व ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जिसके अंतर्गत उन्होंने निजी विश्वविद्यालय में हुई फर्जी डिग्रियों की धांधली को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया। विद्यार्थी परिषद ने कहा की 3 मार्च को मानव भारती पर एफ आई आर हुई और और 9 मार्च को इंडस यूनिवर्सिटी पर एफ आई आर हुई जहां मानव भारती के पास कई फर्जी डिग्रियां पकड़ी गई वही इंडस यूनिवर्सिटी में 7 वर्ष से एक अध्यापक फर्जी डिग्री के साथ पढ़ा रहा था और इंडस यूनिवर्सिटी ने अपने रेगुलर चार कर्मियों को रेगुलर कोर्स की चार फर्जी डिग्रियां दे दी थी। इंडस यूनिवर्सिटी की मैनेजमेंट ने खुद प्रेस नोट जारी करके कहा कि इंडस डिग्रियां कॉरेस्पोंडेंस पार्ट टाइम मोड इवनिंग क्लासेस डिस्टेंस एजुकेशन के रूप में देता है। मगर ऐसा करने की अनुमति इंडस को कभी नहीं थी और न ही इसकी मान्यता उन्हें कभी प्रदेश सरकार से मिली थी। और तो और अध्यापकों को यह तक कहा कि जो लोग यहां पर काम कर रहे हैं उन्हें बिना कक्षा लगाए हाजिरी दी जाए ताकि वह अपनी परीक्षाएं दे सकें जोकि सरेआम धांधली है। ऐसे में यह विषय प्रदेश के लिए शर्म की बात है। विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री राहुल राणा ने कहा कि उन्होंने अपने ज्ञापन के माध्यम से मानव भारती और इंडस यूनिवर्सिटी के दाखिले तथा सभी को रद्द करने की मांग की है साथ थी यह भी मांग की है कि कहीं जिन लोगों को फर्जी डिग्रियां दी है उनके नाम से कहीं निजी विश्वविद्यालय ने कोई स्कॉलरशिप तो नहीं ली है इसलिए फर्जी डिग्री स्कैम को स्कॉलरशिप स्कैम से जोड़ना जरूरी है। राहुल राणा ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय में पीएचडी तथा और रिसर्च वर्क की भी अनुमति है लेकिन इसकी भी जांच होनी चाहिए कि कहीं पीएचडी डिस्टेंस मोड में तो नहीं चला दी है जो यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। राणा ने कहा कि ना केवल अध्यापक तथा छात्र फर्जी डिग्रियों के साथ हैं बल्कि निजी विश्वविद्यालय में कुलपति भी ऐसे हैं जिन्होंने एक समय पर 3-3 डिग्रियां ली हैं जो सरासर गलत है। विद्यार्थी परिषद ने कहा कि जिन भी यूनिवर्सिटीओं में बिना मान्यता की कोई डिग्री गैर कानूनी तरीके से दी गई है उसे फर्जी घोषित किया जाए और अगर इन डिग्रियों के बदले कोई स्कॉलरशिप निजी विश्वविद्यालय ने मांगी है या ली है उसे काले धन के रूप में माना जाए। साथ ही इन सभी डिग्रियों को अवैध घोषित किया जाए और यूनिवर्सिटी पर अपराधिक मामले दर्ज हो तथा इन दोनों निजी विश्वविद्यालय पर सरकार एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करें ताकि छात्रों का भविष्य बर्बाद ना हो । विद्यार्थी परिषद ने महामहिम से यह भी मांग की यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी निजी विश्वविद्यालयों पर HP-PERC द्वारा कड़ी नजर रखी जाए ताकि भविष्य में देव भूमि हिमाचल को शर्मशार ना होना पड़े।
कुछ समाचार-पत्रों में हिमाचल प्रदेश में लोगों के आने पर प्रतिबंध के संदर्भ में प्रकाशित समाचारों के बारे में प्रदेश सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि उद्योगों, व्यापारियों और सेब उत्पादकों तथा सरकारी विभागों की आवश्यकता के अनुरूप श्रमिकों, व्यवसायियों, व्यापारियों तथा कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों को राज्य में आने की अनुमति मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप पहले ही प्रदान की गई है। इसी प्रक्रिया के अनुरूप ही लोगों को राज्य में आने की अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ई-पास जारी करने के लिए लागू किए गए प्रतिबंध केवल अन्य लोगों के लिए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा राज्य में बिना किसी वैध कारण सेे आने वाले लोगों को रोकने के लिए किया गया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने जुब्बल नावर कोटखाई भाजपा मंडल की वर्चुअल रैली को शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों से डिजिटल माध्यम से जुड़कर अत्यंत प्रसन्न हैं। कोविड-19 के कारण उनके लिए व्यक्तिगत रूप से लोगों से मिलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई क्षेत्र के लोगों द्वारा एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड व पी एम केयर फंड में 61 लाख रुपये का अंशदान दिया गया है तथा अभी अंतिम किस्त के रूप में और अंशदान दिया जाएगा। उन्होंने जुब्बल नावर कोटखाई क्षेत्र के लोगों का कोरोना महामारी के दौरान सराहनीय कार्य करने के लिए भी धन्यवाद किया। उन्होंने मातृशक्ति द्वारा रिकॉर्ड फेस कवर बनाने तथा उसे जरूरतमंद को वितरित करने के लिए विशेषकर महिला मोर्चा का धन्यवाद किया है। बरागटा ने कहा कि विकासात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए सभी पंचायती राज और स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा विधानसभा क्षेत्र के सभी विभागों के अधिकारियों से लगातार विडियो कॉन्फ्रेंस कर रहे है ताकि कोरोना विकास में बाधा न बन सके। बरागटा ने कहा कि देश के लोगों का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों और कार्यक्रमों पर पूरा विश्वास है तथा वे उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा समय रहते लिए गए निर्णय के कारण ही यह संभव हुआ है कि आज भारत में कोरोना के कारण मृत्यु दर विकसित देशों की तुलना में कम है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण 15 सबसे अधिक विकसित देशों में लगभग 4.30 लाख लोगों की जान गई है, जहां की कुल जनसंख्या 142 करोड़ है, जबकि भारत की जनसंख्या 135 करोड़ है तथा यहां अभी तक लगभग 9500 मृत्यु कोरोना के कारण दर्ज की गई है। बरागटा ने क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का हमें भरपूर सहयोग जुब्बल नावर कोटखाई को मिल रहा है इसलिए धन अभाव को विकास के आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकासात्मक परियोजनाओं को मुख्यमंत्री के सहयोग से तय समय अवधि में समाप्त करने के लिए समुचित धन जारी किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री आंके जाने पर भी बधाई दी। मुख्यअतिथि के रूप में इस वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार में सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री डाॅ.राजीव सैजल जी ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों में सुरक्षित हैं तथा उन्होंने भारत को विश्व महाशक्ति बनाने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इस वर्चुअल रैली में भाजपा मंडल अध्यक्ष गोपाल जबैइक ने भी अपने विचार सांझा किए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मण्डी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग और बगश्याड़ क्षेत्रों का दौरा किया तथा इन क्षेत्रों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे मिनी सचिवालय, 6.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह तथा 3.50 करोड़ रुपये की लागत से थुनाग में बन रहे ट्रैकर्ज हट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने 26.50 करोड़ रुपये की लागत से बगश्याड़ में निर्मित किए जा रहे 50 बिस्तरों की क्षमता वाले नागरिक अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को इन योजनाओं के समयबद्ध निर्माण व गुणवत्तापूर्ण कार्य करने को कहा। उपायुक्त ऋगवेद ठाकुर, पुलिस अधीक्षक गुरूदेव शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. देवेन्द्र शर्मा, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियन्ता दारा सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राज्य में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने तथा इंडोर स्टेडियमों जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाकर राज्य में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने पर बल दिया है। राज्यपाल अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश ओलम्पिक संघ के पदाधिकारियों के साथ वार्तालाप कर रहे थे। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, परंतु ऐसी प्रतिभाओं को सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा काफी मजबूत हैं तथा इनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं हैं, परंतु उन्हें इंडोर स्टेडियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उपयुक्त मंच तथा अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास सार्वजनिक निजी सहभागिता व प्रसिद्ध खिलाड़ियों का सहयोग लेकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कम जगह में खेले जाने वाले इंडोर खेलों जैसे कबड्डी और वाॅलीबाल को राज्य में प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। दत्तात्रेय ने कहा कि खिलाड़ियों को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। उन्हांेने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि राज्य कि महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के चयनित खिलाड़ियों के लिए खेल शिविरों का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य में खेलों के लिए नवीन वातावरण तैयार करने में सहायता मिलेगी। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री व हिमाचल प्रदेश ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र कंवर ने राज्यपाल को प्रदेश सरकार द्वारा खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए किए गए, विभिन्न प्रयासों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस के अवसर पर लोगों को स्वस्थ रहने तथा खेलों में सक्रिय रुप से भाग लेने व ओलम्पिक अभियान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष विभिन्न प्रकार की खेल गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि संघ कोरोना वायरस के दृष्टिगत इस वर्ष का समारोह ऑनलाइन आयोजित कर रहा है। हिमाचल ओलम्पिक संघ के महासचिव राजेश भण्डारी ने संघ द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। नगर निगम शिमला की पार्षद किमी सूद, बाॅक्सिंग संघ के महासचिव एसके शांडिल, हिमाचल ओलम्पिक संघ के महासचिव रमेश चैहान, मीडिया सचिव मोहित सूद भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्य सरकार ने प्रदेश की सभी आशा कार्यकर्ताओं को जून-जुलाई माह के लिए दो-दो हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरे विश्व को हैरान किया है तथा इसके लिए चिकित्सा सेवाएं तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस महामारी से प्रभावशाली तरीके से लड़ रहा है और इस संक्रमण को रोकने में प्रदेश की आशा कार्यकर्ता महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने इन्फ्लुुएंजा लक्षण वाले लोगों का पता लगाने के साथ-साथ लोगों को क्वारंटीन नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए भी प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अन्य मुख्यमंत्रियों को भी हिमाचल प्रदेश का अनुसरण करने और अपने संबंधित प्रदेशों में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के मरीजों की पहचान करने के लिए यह अभियान शुरू करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने लोगों को सामाजिक दूरी के महत्त्व के बारे में और संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए फेस मास्क का प्रयोग करने के बारे में जागरूक करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि यद्यपि हमारे देश में कोविड-19 के मामले बढ़ रहंे हैं, पर फिर भी स्थिति नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के 15 सबसे विकसित देशों में 4.65 लाख लोगों की जान कोरोना के कारण गई है, जबकि इन देशों की जनसंख्या 142 करोड़ है, वहीं भारत में 135 करोड़ जनसंख्या होने के बावजूद भी अभी तक कोरोना के कारण 13 हजार 699 मृत्यु दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय रहते लिए गए लाॅकडाउन के निर्णय को जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने लोगों को जागरूक करने में तथा होम क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ताकि वह और उनके परिवारजन सुरक्षित रह सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सामुदायिक स्तर पर संक्रमण का फैलाव रोकने में सफल रही है, जिसका श्रेय आशा कार्यकर्ताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आशा कार्यकर्ताओं की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इस अवसर पर उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत भी की। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान की प्रधानमंत्री ने भी सराहना की है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बलिदान दिवस के संयोजक संजीव कटवाल ने बताया कि राष्ट्रवादी विचारक, जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस हिमाचल प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में मनाया गया इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के प्रांत कार्यालय दीप कमल चक्कर में भी पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया उन्होंने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं ने अपने अपने घरों में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माला अर्पण एवं पुष्पांजलि की। संजीव कटवाल ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में हुआ उनके पिता आशुतोष मुखर्जी विख्यात शिक्षाविद, बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने बताया की डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1917 में दसवीं की परीक्षा उतीर्ण की और 1923 में लॉ की उपाधि प्राप्त की और विदेश चले गए 1926 में इंग्लैंड से बैरिस्टर बनकर स्वदेश लौटे 8 अगस्त 1934 को 33 वर्ष की अल्पायु में कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे कम आयु के कुलपति बने उन्होंने बताया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1939 में राजनीति में प्रवेश किया और उन्होंने कांग्रेस की तुष्टीकरण राजनीति का खुलकर विरोध किया श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने गैर कांग्रेसी हिंदुओं की मदद से कृषक प्रजा परिषद पार्टी से मिलकर प्रगतिशील गठबंधन का निर्माण किया और इस सरकार में मंत्री भी बने। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी सावरकर के राष्ट्रवाद के प्रति आकर्षित हुए और हिंदू महासभा में सम्मिलित हुए। मुस्लिम लीग की राजनीति से बंगाल का वातावरण दूषित हो रहा था वहां संप्रदायिक विभाजन की नौबत आ रही थी वह धर्म के आधार पर विभाजन के कट्टर विरोधी थे। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल के आग्रह पर अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत में वे गैर कांग्रेसी मंत्री के रूप में शामिल हुए और उद्योग मंत्री बने और उन्हें अपने मंत्रिमंडल कार्यकाल में चितरंजन मे रेल इंजन का कारखाना, विशाखापट्टनम में जहाज बनाने का कारखाना एवं बिहार में खाद का कारखाना स्थापित करवाया उनके सहयोग से ही हैदराबाद निजाम को भारत में विलीन होना पड़ा। कटवाल ने बताया कि राष्ट्रहित की प्रतिबद्धता और उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता मानने के कारण उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और अपनी पार्टी बनाई अक्टूबर 1951 में भारतीय जनसंघ का उदय हुआ और उनके पहले संस्थापक अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी बने डॉक्टर मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते थे जम्मू कश्मीर के दो विधान दो निशान और दो प्रधान के सख्त विरोधी थे वह जम्मू कश्मीर की धारा 370 का कड़ा विरोध करते थे और उन्होंने जम्मू की प्रजा परिषद पार्टी से मिलकर आंदोलन भी खड़ा किया। 1952 में जम्मू में उन्होंने विशाल रैली में संकल्प लिया कि तत्कालीन नेहरू सरकार को चुनौती दी और कहा था कि या तो मैं आपको भारतीय संविधान प्राप्त करवा लूंगा या आपना जीवन बलिदान कर दूंगा। 8 मई 1953 को तत्कालीन विदेश मंत्री माननीय अटल बिहारी वाजपेई वैद्य गुरु दत्त डॉक्टर बर्मन आदि को लेकर जम्मू के लिए कूच किया लेकिन जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वारा माधोपुर बैरियर पर उन्हें गिरफ्तार कर दिया और 40 दिन तक जेल में बंद रखा 23 जून 1953 को रहस्यमई परिस्थितियों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मृत्यु हो गई। सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी से प्रेरित होकर भारतीय जनता पार्टी में कार्य किया और बाल्यकाल से सबने उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है वह कश्मीर हमारा है वह सारे का सारा है। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा ,प्रदेश सचिव कुसुम सदरेट, विशाल चौहान, कोषाध्यक्ष संजय सूद, सह मीडिया प्रभारी करण नंदा, कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, प्रदेश सरकार में चेयरमैन गणेश दत्त, अमर ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष एस टी मोर्चा जवाहर ठाकुर उपस्थित रहे।
मानवता के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करते हुए जिला शिमला के माॅर्डन पब्लिक सीनियर सैकंडरी स्कूल फागू की छात्रा अमृतांशु शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को अपने जेब खर्च में से 5100 रुपये का चेक भेंट किया। अमृतांशु शर्मा ने इस वर्ष मार्च में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित बारहवीं की परीक्षा के कला संकाय में तृतीय स्थान हासिल किया है मुख्यमंत्री ने छात्रा की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा किए गए इस तरह के अनुकरणीय कार्य न केवल अन्य लोगों को प्रेरित करते हैं बल्कि सरकार द्वारा समाज कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों को पूर्ण करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
राज्य सरकार जिला किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चम्बा जिले के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए इन क्षेत्रों में कृषि से संपन्नता योजना के तहत हींग और केसर की खेती को प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात वर्ष 2020-21 के लिए बजट आश्वासनों पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत राज्य के लगभग एक लाख किसानों को प्राकृतिक कृषि अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक 20 हजार हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी तथा उनके उत्पादों को रासायनिक खाद मुक्त होने के कारण अच्छे मूल्य भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व विभाग में कार्यरत अंशकालीन श्रमिकों के मानदेय को प्रतिमाह 3500 रुपये से बढ़ाकर 3800 रुपये किया गया है। इसी प्रकार नंबरदारों के मानदेय को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार करसोग के कुलथ, पांगी के ठांगी, चंबा के धातु शिल्प, चंबा की चुख और भरमौर के राजमाह को भौगोलिक संकेतक के रूप में पंजीकृत करवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों को बेहतर बाजार भी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि लाभार्थियांे को विभिन्न योजनाओं के लाभ सीधे हस्तांतरण के माध्यम से प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केबिनेट की बैठकों को कम्प्यूटरीकृत करने तथा पेपरलेस बनाने के लिए ई-केबिनेट साॅफ्टवेयर का प्रयोग करने के प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सेवारत सैनिकों तथा स्वतन्त्रता सेनानियांे के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए पूर्व सैनिकों द्वारा किए गए कार्य को मान्यता प्रदान करने के लिए युद्ध जागीर के लाभार्थियों को मिलने वाली वार्षिक अनुदान राशि को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपये प्रतिवर्ष किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार की अनुमति को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत मंडी में शिवधाम विकसित किया जाएगा, इसके अतिरिक्त रिवाल्सर, बाबा नाहर सिंह मंदिर बिलासपुर, कालेश्वर मंदिर डाडा सिब्बा, अवाह देवी मंदिर हमीरपुर, कुल्लू जिला के मणिकर्ण, सिरमौर जिला के त्रिलोकपुर मंदिरों का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के विभिन्न भागों में पांच नए हेलीपोर्ट निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के सितम्बर माह तक शिमला में हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई कल्याणकारी योजनाओं पर कार्य आरंभ करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई आरंभ की गई पंचवटी व उन्नति योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मदद में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण काश्तकारों को उनके उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने में सहायता करेगी। मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रशासन राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा तथा सभी विकासात्मक परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा किया जाएगा।
भाजपा महिला मोर्चा की वर्चुअल रैली को शिमला से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला उत्थान तथा उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं आरंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य महिला मोर्चा में राज्य के लोगों को फेस मास्क बनाने और वितरित करने में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा ने राज्य में कफ्र्यू के समय जरूरतमंद लोगों को राशन तथा भोजन उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए समय रहते कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए लाॅकडाउन के निर्णय के कारण कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए निर्णयों के कारण ही भारत में विकसित देशों की तुलना में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर कम है। उन्होंने कहा कि दुनिया के 15 सबसे विकसित देशों में 4.75 लाख लोगों की जान गई है, जबकि इन देशों की जनसंख्या 142 करोड़ है, वहीं भारत में 135 करोड़ जनसंख्या होने के बावजूद भी अभी तक कोरोना के कारण 13 हजार मृत्यु दर्ज की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, क्योंकि राज्य में आए 701 कोरोना वायरस के मामलों में से 420 लोगों का उपचार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि एक समय में राज्य में केवल कोविड का एक ही मामला रह गया था, परंतु राज्य सरकार द्वारा देश के विभिन्न भागों में फंसे दो लाख के लगभग लोगों को वापिस लाने के कारण यह संख्या बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से न केवल विकास तथा नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका सुनिश्चित हुई है, बल्कि महिला सशक्तिकरण भी हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के विकास के बिना समाज के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं आरंभ की हैं। उन्होंने कहा कि 2.76 लाख परिवारों को गृहिणी सुविधा योजना के तहत तथा 1.36 लाख मुफ्त गैस कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत राज्य में वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 5.90 लाख पात्र महिलाओं के खातों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत अप्रैल, मई और जून के महीनों में पांच-पांच सौ रुपये जमा किए गए। इस अवसर पर गलवान में शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया। सांसद और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडे ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जब 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय देश में लगभग प्रत्येक दिन नए घोटाले सामने आ रहे थे तथा आर्थिक स्थिति विकट थी। प्रधानमंत्री ने न केवल अर्थव्यवस्था को वापिस पटरी पर लाया, बल्कि देश को उसकी प्राचीन महिमा भी वापिस दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वितीय कार्यकाल के दौरान कुछ ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिनके कारण नए भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सरोज पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत विश्वशक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि धारा 370 और 35ए इतिहास की बात रह गए हैं तथा अब भारत में एक संविधान और एक निशान है। उन्होंने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व के कारण ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि सीएए पर केंद्र सरकार द्वारा लिया गया निर्णय एक ऐतिहासिक कदम है तथा राज्य के लोग इस निर्णय के साथ खड़े हैं, क्योंकि इस निर्णय के कारण पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में भेदभाव के शिकार अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिल पाएगी। भाजपा की राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजया राहतकर ने औरंगाबाद से रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान भाजपा की केंद्र सरकार ने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए इस एक वर्ष के दौरान कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इन सभी योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान महिला मोर्चा ने जरूरतमदों को फेस मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध करवाने तथा लोगों को संक्रमण के फैलाव को रोकने में सामाजिक दूरी के महत्व के बारे में जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जन-धन योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खातों में करोड़ों रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कमजोर वर्गों और महिलाओं के कल्याण के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ नामक योजना भी शुरू की है। उन्होंने कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी सराहना की। राज्य महिला मोर्चा अध्यक्ष रश्मि धर सूद ने मुख्यमंत्री और अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए प्रदेश महिला मोर्चा की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि मोर्चा से संबद्ध महिलाओं ने लगभग 28.50 लाख फेस मास्क बनाए और वितरित किए हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, पूर्व सांसद बिमला कश्यप सूद, संगठन सचिव पवन राणा, भाजपा महासचिव त्रिलोक जम्वाल, महिला मोर्चा महासचिव वन्दना गुलेरिया और शीतल व्यास, बाल कल्याण परिषद की महासचिव पायल वैद्य भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
जिला शिमला वेटेरन इंडिया हिमाचल प्रदेश एवं एस आर वीमेन वेलफेयर एसोसिएशन (PBOR), वीर नारियों युवा पीढ़ी (लड़के-लड़कियों), धमून वेलफेयर एसोसिएशन वा जाथिया देवी एसोसिएशन रजिस्टर्ड के सौजन्य द्वारा सैनिकों की शहादत पर शोक जिताया। सभी एसोशियन के अध्यक्ष, जनरल सेक्रेटरी व अन्य उपरोक्त एसोसिएशन के लोगो ने जठिया देवी के परागण में एकत्रित हो कर 2 मीटर की दूरी व मासक लगा कर गलवान घाटी में हमारे सैनिकों की शादात पर विरोध जताया व हमारी भारतीय सेना द्वारा चीन के ५० से अधिक सैनिको से बिना हथियार बदला लेने पर खुशी भी जताई। उन्होंने गरीब व असहाय लोगों के लिए लंगर भी लगाया। इसमें मुख्य तौर पर कैप्टन शामलाल शर्मा, भवानी दत्त ,ठाकुर गीता राम, भूप राम, बाबी प्रमोद, ठाकुर रामकृष्ण पवन शर्मा ,पूजा, सत्या, दीपिका व भावना शर्मा गांव धामुन तथा अन्य लोगों ने प्राथना सभा द्वारा दिव्यांगत आत्माओं की शांति व उनके परिवार को शक्ति देने की प्रार्थना की। चीन की निगाहे लद्दाख पर है पाकिस्तान की कश्मीर पर और अब नेपाल की निघाए भी उत्तराखंड पर हो रही है। हम सभी भारतीय देश के लिए बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे। जय हिन्द, जय भारतीय सेना।


















































