भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश द्वारा कोरोना वैश्विक महामारी से मुक्ति एवं विश्व शांति हेतु 55 लाख गायत्री जाप का आयोजन वीरवार को शिमला में लिफ्ट के समीप पार्किंग में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा की प्रदेश अद्यक्षा रश्मी धर सूद द्वारा की गई, उनके साथ कार्यक्रम की प्रभारी वंदना गुलेरिया एवं सह प्रभारी मधु सूद भी उपस्थित रही। कार्यक्रम में पूर्णाहुति प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा दी गई। उनके साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज एवं मंत्री सरवीण चौधरी उपस्थित रहे।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स हिमाचल प्रदेश की नोै ओपन यूनिट्स ने कोविड-19 मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 71 हजार रुपये की धनराशि भेंट की। प्रतिनिधि विवेक कुमार शर्मा, सहायक रोवर स्काउट लीडर, देव भूमि रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू द्वारा डॉ अंजू शर्मा, राज्य आयुक्त गाइड, श्री मति सुधा शर्मा, सह राज्य आयुक्त गाइड, डॉ राज कुमार, राज्य सचिव, डॉ सुनील बनयाल, राज्य विकास समन्वयक की मौजूदगी में डॉ अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा व राज्य मुख्य आयुक्त हिमाचल प्रदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड-19 के लिए 71,000/- रुपये की धनराशि भेंट की। इस धनराशि को पूरा करने के लिए पार्वती रेंजर्स ओपन टीम कुल्लू, हिल्स क्वीन रेंजर्स ओपन टीम शिमला, हिमालयन रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, स्नो लैंड रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, देव भूमि रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, खालसा रोवर्स ओपन क्रू मंडी, गौतम बुद्ध रोवर्स ओपन क्रू मंडी, मॉन्टेनेर रोवर्स ओपन क्रू सोलन व त्रिउंड रोवर्स ओपन क्रू कांगड़ा ने अपना योगदान दिया। कमलेश ठाकुर कमेटी अध्यक्ष व रोहित चंदेल, उपाध्यक्ष द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में ओपन यूनिट्स हर स्तर पर अपनी सेवाएं दे रही है। कोरोना महामारी के समय भारत स्काउट्स एंड गाइड हिमाचल प्रदेश की ओपन यूनिट्स ने लोगों को जागरूक करने में अपना अहम योगदान दिया है जिसमे इन्होंने लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्टर व स्लोगन बना कर जहां घर बैठे जागरूक किया वहीं अपने-अपने जिला में प्रशासन के साथ मिलकर पिछले तीन महीनों में जमीनी स्तर पर भी कार्य किया। इस महामारी के समय में ओपन यूनिट्स द्वारा एक कमेटी बना कर मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड-19 के लिए धनराशि देने का निर्णय लिया गया, जिसे 15 जुलाई को डॉ अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा व राज्य मुख्य आयुक्त हिमाचल प्रदेश को सौंप दिया गया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला जिले के कोटखाई विधानसभा के टिक्कर क्षेत्र में 73 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटनऔर शिलान्यास किए। जय राम ठाकुर ने 20.33 लाख रुपये की लागत से निर्मित निरगी से कशैणी जलापूर्ति योजना लोगों को समर्पित की। उन्होंने टिक्कर तहसील कार्यालय का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने जल-जीवन मिशन के तहत 24.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नावर रोहड़ू ब्लाॅक, कोटखाई की विभिन्न ग्राम पंचायतों के शेष बचे घरों के लिए पब्बर नदी से उठाऊ जलापूर्ति योजना, 3.67 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत टिक्कर के शेष बचे हुए गांव के लिए निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना, ग्राम पंचायत पुजारली नं. 4, धराड़ा, हस्ताड़ी, समारा और टिक्कर के शेष बचे हुए घरों को कवर करने वाली 3.41 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना, 4.23 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत कुठाड़ी, कड़यून, धराहड़ा, शरोंथा और टिक्कर के शेष बचे घरों को कवर करने के लिए कार्यान्वित होने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना की भी आधारशिला रखी। जय राम ठाकुर ने 15.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली गंगानगर-खांगटा सड़क, 14.28 करोड़ रुपये की लागत से मेंहदली-गणासीधार सड़क के उन्नयन की आधारशिला रखी। उन्होंने 1.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली पुलिस चैकी, टिक्कर और 5.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ग्रेडिंग और पेकिंग सेंटर तुतूपानी (तहसिल टिक्क्र) की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जुब्बल और कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के जुब्बल और नावर क्षेत्र के लिए 150 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं लोगों को समर्पित की हैं। उन्होंने कहा कि तुतूपाणी में ग्रेडिंग और पेकिंग केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के बागवानो को नवीनतम ग्रेडिंग और पेकिंग की सुविधा उनके घर-द्वार पर मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल-जीवन मिशन के तहत उठाऊ जलापूर्ति योजनाओं से नावर क्षेत्र के लोगों को नल से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने सेब की ढुलाई तथा इसे मंडी तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। राज्य सरकार ने न केवल नेपाल परंतु अन्य जिलों जैसे सिरमौर, चम्बा मण्डी से भी श्रमिकों को लाने के समूचित प्रबंध किए हैं। सरकार ने नावर क्षेत्र के कशैणी गांव के बाशिंदों को 2.04 करोड़ रुपये की त्वरित सहायता राशि प्रदान की है जिनके घर कुछ महीने पहले आगजनी के कारण पूरी तरह से जल गए थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन्होंने जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी है, उनको तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि लोगों को इन परियोजनाओं के लाभ अतिशीघ्र मिल सके। मुख्य सचेतक और स्थानीय विधायक नरेंद्र बरागटा ने क्षेत्र के लिए करोड़ो रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद भी किसान अपने उत्पादों को बिना किसी बाधा के मण्डियों तक पहुंचा पा रहे हैं जिसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा समय रहते की गई पहल को जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सक्षम नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में तेजी से बढ़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. राजीव सैजल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने अधिकारियों से यह सनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ अधिक से अधिक अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों तक पहुंचे ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि समुदाय विशेष के लोगों तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित समुदाय के नेताओं को साथ लेकर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को एक मंच पर लाने की जरूरत है और हिमाचल प्रदेश से इसकी पहल होनी चाहिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि लाहौल स्पिती व किन्नौर जिला के अल्पसंख्यक लोगों तक भी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए और इस बात पर विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास भी होने चाहिए कि प्रदेश के मुस्लिम, बौद्ध व सिक्ख समुदाय जैसे अल्पसंख्यक वर्गों के लोगों को भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ मिलें। उन्होंने कहा कि निगम अल्पसंख्यक समुदाय एवं दिव्यांगों को स्वरोजगार व उच्च शिक्षा के लिए सस्ती दरों पर ऋण सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। निगम ने स्वरोजगार के लिए अभी तक अल्पसंख्यक समुदायों के 2664 व्यक्तियों को 50.68 करोड़ रूपये के ऋण तथा 1605 दिव्यांगों को 39.29 करोड़ रूपये के ऋण विभिन्न योजनाओं के अन्र्तगत दिए हैं। इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र में 24 अल्पसंख्यक बच्चों को 0.58 करोड़ रुपये के ऋण तथा तीन दिव्यांग बच्चों को 0.7 करोड़ के ऋण उपलब्ध करवाए गए हैं। निगम द्वारा कुल 4296 अल्पसंख्यक एवं दिव्यांग व बच्चों को स्वरोजगार एवं शिक्षा के क्षेत्र में कुल 90.63 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी निगम को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राष्ट्रीय निगमों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के 333 लाभार्थियों को पांच करोड़ रुपये व दिव्यांगजनों के 300 लाभर्थियों को तीन करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि कोरोना संकट के इस समय में राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों के लोगों को निगम की ऋण योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में निदेशक मंडल की सदस्य एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरित किए ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन प्रभावी और कुशलतापूर्वक कर सकें। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस सुविधा की उपलब्धता से आशा कार्यकर्ता अपना काम बेहतर तरीके से कर सकेगीं। उन्होंने कहा कि इन स्मार्ट फोन से आशा कार्यकर्ता डीसीडी, हिमआरोग्य, टीबी मुक्त हिमाचल ऐप, आरसीएच पोर्टल आदि एप्लिकेशन का प्रयोग कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल वीडियो और पोस्टर सहित सिंगल बटन के पुश के माध्यम से आईईसी के प्रभावी प्रसार में भी उनकी मदद करेगा और बल्क एसएमएस के माध्यम से सुचारू संचार में भी सुविधा होगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को मार्च, अप्रैल, मई और जून माह के दौरान 1000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है और अब जुलाई और अगस्त माह के दौरान प्रदेश सरकार राज्य की सभी आशा कार्यकर्ताओं को 2000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। प्रदेश में लगभग 7842 आशा कार्यकर्ता अपनी सेवाएं दे रही हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 7809 और शहरी क्षेत्रों में 33 कार्यकर्ता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने सम्पूर्ण विश्व को हैरान कर दिया है, जिसके लिए स्वास्थ्य सेवाएं तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस वायरस से प्रभावशाली तरीके से लड़ रहा है, तथा प्रदेश की आशा कार्यकर्ता इसको फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता न केवल जुखाम जैसे लक्षण वाले लोगों को ढूंढने, बल्कि लोगों को क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने में भी मदद कर रही हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि जमीनी स्तर पर आशा कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं, जिन्होंने इस कोरोना महामारी के समय में बाहरी राज्यों से आए लोगों को होम क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करना सुनिश्चित किया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए एक्टिव केस फांइडिंग कैम्पेन में भी अहम भूमिका निभाई है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी की गई है। प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी सम्बन्धित राज्य में जुखाम जैसी लक्षणों का पता लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश द्वारा चलाए गए इस अभियान को अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता न केवल लोगों में सामाजिक दूरी के महत्व को समझाने बल्कि इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए फेस मास्क का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने होम क्वारंटीन में रह रहे लोगों को इस बारे में जागरूक बनाने में भी बड़ा योगदान दिया है कि वे लोग होम क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि उनके परिजन सुरक्षित रहें। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण को रोकने में कामयाबी हासिल की है, जिसका बड़ा श्रेय कार्यकर्ताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आशा कार्यकर्ताओं की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा समाज के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उनको 500 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोमवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिमला के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के जुब्बल क्षेत्र में 76.25 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जिन परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया उनके प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव धनसर में 4.14 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 352 लोगों को सुविधा प्रदान करने वाले सम्पर्क सड़क मार्ग, लगभग 450 लोगों की सुविधा के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित घयान-सोजला सम्पर्क मार्ग के स्तरोन्यन और मैटलिंग, 54.46 लाख रुपये की लागत से निर्मित पन्सारी सम्पर्क मार्ग, 61.11 लाख रुपये की लागत से निर्मित बड़ाल-बनाना-कटारला-नलीबान सम्पर्क मार्ग और 30.78 लाख रुपये की लागत से मुरल-वीरगढ़ सम्पर्क मार्ग आदि शामिल हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत शिल्ली की छूटी हुई बस्तियों के लिए 79.09 लाख रुपये की लागत से निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना और ग्राम पंचायत मानदल की आंशिक रूप से कवर की गई बस्तियों के लिए 40.78 लाख रुपये की जलापूर्ति योजना का शुभारम्भ किया। उन्होंने सरस्वती नगर (हाटकोटी) में 39 लाख रुपये की लागत से निर्मित उप-मण्डल कार्यालय और लोक निर्माण विभाग के स्टोर का भी शुभारम्भ किया। जय राम ठाकुर ने क्षेत्र के लगभग एक लाख लोगों की सुविधा के लिए 39.58 करोड़ रुपये की लागत से हाटकोटी में निर्मित होने वाले 66 केवी सब स्टेशन, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर में 8.37 करोड़ रुपये के व्यय से निर्मित होने वाले आॅडिटोरियम तथा 30 लाख रुपये की लागत से नकराड़ी में निर्मित होने वाले पशु औषधालय के भवन की आधारशिलाएं भी रखीं। मुख्यमंत्री ने 1.07 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले खरशाल-शिलोली वाया धनसर सम्पर्क मार्ग, जुब्बल में एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले उप-मण्डल कार्यालय, और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के लिए आवासों, लगभग 260 लोगों की सुविधा के लिए 73.42 लाख रुपये से बनने वाले सराली-कपारी-सनोली सम्पर्क मार्ग, लगभग 253 लोगों को सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए 45.40 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सलाना गांव के सम्पर्क मार्ग, लगभ 302 लोगों को लाभान्वित करने के लिए 38.63 लाख रुपये के व्यय से निर्मित होने वाले जखेला-डोगरी-मडेक सम्पर्क मार्ग तथा 38.63 लाख रुपये के व्यय से छिकली गांव के सम्पर्क मार्ग और 34.32 लाख रुपये की लागत से शिल्ली-रोशाल सम्पर्क मार्ग की आधारशिलाएं भी रखीं। जय राम ठाकुर ने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत रावी, थाना, पन्दराणू, जालटा, गिलटाड़ी और अन्टी ग्राम पंचायतों के छूटे हुए गांवों के लिए 6.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना, कठासू, मण्ढोल, कोट काईना, सारी, बराल और धनार पंचायतों के छूटे हुए गांवों के लिए 2.77 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना तथा झड़ग, नकराड़ी, जालटा और रावी ग्राम पंचायतों के छूटे हुए घरों के लिए 1.74 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल जलापूर्ति योजना, जल जीवन मिशन के अन्तर्गत शाली, पराल, जयपीड़ी माता और शिल्ली पंचायत के छूटे हुए घरों के लिए 1.23 करोड़ रुपये की उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना और 37 लाख रुपये के व्यय से जुब्बल तथा नगर पंचायत के लिए पेयजल जलापूर्ति के विस्तार की भी आधारशिलाएं रखीं। जय राम ठाकुर ने कहा कि जुब्बल कोटखाई में नाबार्ड के तहत 49 करोड़ रुपये की लागत से 14 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो सड़कों का निर्माण 20 करोड़ रुपये की लागत से केन्द्रीय सड़क कोष के तहत किया जा रहा है तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 16 सड़कों के निर्माण पर 68 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के 42 भवनों के निर्माण पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी प्रकार क्षेत्र की 51 सड़कों के रख-रखाव पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान क्षेत्र की विभिन्न पेयजल आपूर्ति और सिंचाई योजनाओं पर 13.81 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बागवानी गतिविधियां सुदृढ़ करने के लिए 10.51 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। क्षेत्र के 881 बागवानों को एंटी हेलनेट सुविधा प्रदान करने के लिए 7.95 करोड़ रुपये और क्षेत्र के किसानों को उपकरणों, पावर स्प्रेयर, पावर टिल्लर और जल भण्डारण टैंकों के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें तकनीक के माध्यम से बातचीत करने पर विवश किया है। राज्य में स्थिति देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा ठीक है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण विकास की गति बाधित न हो इसके लिए सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिलाएं व लोकार्पण आॅनलाइन किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी हमारी अर्थ-व्यवस्था का प्रमुख आधार है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि लाॅकडाऊन के कारण बागवानी गतिविधियों पर असर न हो। सरकार ने बागवानी और कृषि गतिविधियों को लाॅकडाऊन से बाहर रखा है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाऊन के दौरान भी 300 से अधिक कृषि उपकरण प्रदान करने वाली दुकानों को खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। गत्ता फैक्ट्री को कार्य करने की अनुमति दी गई है ताकि गत्ता पेटियों की कमी न हो। उन्होंने कहा कि बागवानों के लिए न केवल नेपाल से परन्तु सिरमौर, मण्डी और चम्बा जिलों से भी पर्याप्त श्रमिकों की व्यवस्था की गई है। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में 42 करोड़ रुपये की लागत से 6 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं से 2292.02 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर स्वयं एक बागवान हैं, जो किसानों की समस्याओं को समझते हैं। मुख्य सचेतक और स्थानीय विधायक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि क्षेत्र के कांग्रेसी नेता झूठे और आधारहीन आरोप लगा रहे हैं तथा क्षेत्र में विकास को पचा पाने में असफल रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की विकासात्मक अपेक्षाओं के प्रति सहानुभूति रखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोविड-19 संकट के समय में भी यह सुनिश्चित किया है कि क्षेत्र के बागवानों को अपने उत्पाद के विपणन में कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि बागवानों को अपने उत्पाद को मण्डियों में बेचने की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान शिमला-ठियोग-हाटकोटी-रोहडू सड़क का निर्माण पूरा किया गया है, जो काफी समय से लटका पड़ा था। शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है उनसे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होगी तथा क्षेत्र राज्य के एक माॅडल विधानसभा क्षेत्र के रूप में उभरेगा।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी.पालरासु ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट कर उन्हें राज्य में लोकसभा-2019 के आम चुनावों पर दस्तावेजी रिपोर्ट प्रस्तुत की। राज्यपाल ने विभाग द्वारा तैयार किए गए इस आलेख का लोकार्पण किया जिसमें वर्ष 1951 से लेकर अभी तक हुए सभी लोक सभा और विधानसभा निर्वाचनों का ब्यौरा संकलित किया गया है। राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वीप (मतदाता की व्यवस्थित शिक्षा और चुनावी भागीदारी) गतिविधियों के तहत महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश निर्वाचन विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग अपने उत्तरदायित्वों का समर्पण और बिना भेदभाव से निर्वहन कर रहा है। विभाग न केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवा रहा है बल्कि मतदाओं को चुनावों में भारी संख्या में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा-2019 के चुनावों में स्वीप अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दत्तात्रेय ने कहा कि लोकसभा-2019 के आम चुनावों में राज्य में सर्वाधिक 72.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जिसके लिए निर्वाचन विभाग बधाई का पात्र है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दस्तावेज प्रत्येक व्यक्ति को हर चुनावों में भागीदारी, समावेशी और उत्सव का अवसर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने सलाह दी कि चुनावी प्रक्रिया में विशेषकर शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची बनाने व इससे नाम हटाने की प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में थर्ड पार्टी का सहयोग लिया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्वीप गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि स्वीप का प्रयोग मतदाताओं की सुविधा और उनके मतदाता सूची में नाम दर्ज करने तथा स्वयमतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है। स्वीप के तहत लक्षित हस्ताक्षेपों के लाभकारी परिणाम सामने आए हैं, जिससे न केवल ई.पी. अनुपात (इलेक्टोरल टू पाॅपुलेशन आंकड़ा) 703 तथा लिंग अनुपात 980 जो जनगणना अनुपात के बराबर है, बल्कि राज्य में सर्वाधिक मतदान भी दर्ज किया गया है।
सोमवार को अखिल भारतीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय की स्वायत्ता को पुनः बहाल करने हेतु हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्ता पर विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 व 28 में किया गया संशोधन कई प्रकार की रुकावट खड़ी कर रहा है। उक्त अधिनियम में संशोधन कर के प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद जो कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च कार्यकारी एवं निर्णायक संस्था है, एवं कुलपति की शक्तियों को कम करने का प्रयास किया गया है। इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर अपनी आवश्यकता अनुसार निर्णय नहीं ले पाता है। इस संशोधन की वजह से विश्वविद्यालय के कई विकासशील कार्यों में बाधा उत्पन हो रही है। अनुच्छेद 28(1) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के पदों का सृजन व पदों की भर्तियां, पदोन्नति नियमों का निर्माण एवं संशोधन इत्यादि सर्वप्रथम प्रदेश सरकार की वित्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। उसके पश्चात वह प्रस्ताव कार्यकारिणी परिषद में विचारार्थ/ अनुमोदनार्थ हेतु प्रस्तुत किया जाता है। जिस वजह से विश्वविद्यालय में विकासशील कार्य करने में बहुत समय लगता है। जहाँ तक पदों की भर्तियां व उनके सृजन का सम्बंध है, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियां व पदों का सृजन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार और स्वीकृति के बाद ही सम्भावित होती है। कई बार कुछ प्रकरणों पर विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र कार्यवाही तथा शीघ्र निर्णय लेना बहुत आवश्यक होता है। परन्तु उपरोक्त अधिनियम में संशोधन की वजह से इन कार्यों में बहुत देरी हो जाती है। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान के लिए विकास कार्यो में और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में देरी होना प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए सही नहीं है। विद्यार्थी परिषद ने इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से प्रदेश सरकार से माँग रखी कि अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28 में वर्ष 2015 में किए गए संशोधन पर सरकार पुनः विचार करे तथा प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त अधिनियम में किये गए संशोधन को पुनः इसके मूल रूप में बहाल करे, ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायता यथावत बनी रहे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से विश्वविद्यालय कर्मचारियों से मिले नैतिक समर्थन को लेकर आगामी दिनों में शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य एकल खिड़की अनुश्रवण एवं स्वीकृति प्राधिकरण की 13वीं बैठक में नई औद्योगिक इकाइयों और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए 15 परियोजना प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे लगभग 450.97 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश और लगभग 1285 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। इससे यह पता चलता है कि सम्पूर्ण विश्व में आर्थिक मंदी के बावजूद भी हिमाचल प्रदेश निवेश आकर्षित कर रहा है। प्राधिकरण द्वारा सीआई कांस्टिंग ऑफ़ ट्रेक्टर पार्टस और एसजी आयरन कास्टिंग आॅफ ट्रेक्टर पार्टस के निर्माण के लिए मै. शूरा ट्रैक्टर्ज इण्डिया लि., ग्रांम बूंबलू, उप-तहसील गगरेट जिला ऊना, ओटोक्लेव, क्लीन रूम, इलैक्ट्रीक्ल पैनल मैडिकल इक्यूपमेंटस, फैब्रीकेशन/जाॅब वर्क आदि के निर्माण के लिए मै. नेशनल एन्टरप्राईजिज, ग्रांम ढेला, तहसील बद्दी जिला सोलन, इंजैंक्शन के लिए पानी, लिक्विड वायरल और लिक्विड एमपाऊल के निर्माण के लिए मै. ओराया हेल्थकेयर यूनिट-2, प्लाॅट नं. 39 ईपीआईपी फेस-1, झांड़ माजरी तहसील बद्दी जिला सोलन, ड्राई इन्जैक्शन, टैबलेट, कैप्सूल, ड्राई सिरप, साॅफट जेल कैप्सूल के निर्माण के लिए मै. बायोट्रेंडज़ मेडिकामेंट प्राईवेट लि. आईए, झाड़ माजरी, प्लाॅट न. 62, ईपीआईपी फेज-1 तहसील बद्दी जिला सोलन, रिफाइंड खाद्य तेल के निर्माण के लिए मै. आरआरडी आॅइल्ज एण्ड फैटज़ प्राईवेट लि. ग्रांम गोंदपूर जयचन्द, टाहलीवाल, जिला ऊना और बल्क ड्रग्ज, फाॅरमयुलेशन, ग्लूको स्ट्रिप्स, प्लास्टिक मोलडिंग के विनिर्माण के लिए मै. प्रोस्पेरिटी ड्रग्स प्राईवेट लि., ग्रांम बेलीखोल नजदीक खरूनी तहसील बद्दी जिला सोलन में औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने के लिए नए प्रस्ताव स्वीकृत किए हैं।
14 जे एंड के राइफल्स के जांबाजों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मातृ भूमि की रक्षा हेतु नतमस्तक किया दुश्मन। कैप्टन शाम लाल ने कहा कि सभी योद्धाओं को मिले स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर सम्मान। भारत के हाथ 1947,1965 और 1971 में कड़ी हार और मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान की नियत ठीक नहीं हुई और उसने एक बार फिर 1999 में कारगिल में अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश की और फिर धूल चाटी। कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई को आने वाला है, पाकिस्तान की नापाक हरकत पर मुंह की खाने को मजबूर किए जाने वाले इस युद्ध में जीत पर हर हिन्दुस्तानी अपनी सेना पर गर्व महसूस करता है। कारगिल विजय दिवस पर कृतज्ञ राष्ट्र युद्ध में देश की आन बान और शान के लिए शहीद हुए सैकड़ों जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें याद करेगा। इस युद्ध में कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यन्त मुश्किल हालात के बावजूद भी जंग लड़ने वाले योद्धाओं ने शिमला जिला के घणाहट्टी क्षेत्र के गांव धामून के जांबाज़, सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) शाम लाल शर्मा 14 जैक राइफलज, ने इस युद्ध की यादों को साँझा किया। उन्होंने बताया की कैसे भारत के सपूतों ने पाकिस्तान की सेना को मुंह तोड़ जवाब दिया और विजय हासिल की। वर्तमान में वेटरन इंडिया की शिमला इकाई के जिला अध्यक्ष शाम लाल शर्मा चाहते है कि इस युद्ध के हर योद्धा को स्वतंत्रता सेनानी जैसा मान सम्मान मिलना चाहिए। शाम लाल ने लिखा कि भारत के इतिहास में हमेशा गिने जाने वाले 1999 के भारत पाकिस्तान कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने एक बार फिर गुस्ताखी की जिसमें उसे भारतीय जवानों ने धूल चटाई। 1999 के मई के महीने में पाकिस्तान ने द्रास सेक्टर पर आर्टिलरी के गोले बरसाए। इसे दुश्मन कि हर साल की तरह से कायरता समझा गया। कैप्टन शाम लाल जो युद्ध में स्वयं शमिल थे, ने एक एक घटना कों याद कर बताया। दुश्मन के नापाक इरादों का पता तब चला जब हमारा एक पट्रोल 03 मई 1999 को बटालिक में ऐम्बुश हुआ और 12/13 मई को लेफ़्टिनेंट सौरभ कालिया का पट्रोल बजरंग पोस्ट के पास ऐम्बुश हुआ। 15 /16 मई को इसी क्षेत्र में हमारे एक और पट्रोल को भी काफ़ी नुक़सान हुआ। 24 मई 1999 को ऑपरेशन विजय शुरू किया गया। पाकिस्तान की नापाक घुसपैठ को मश्को, द्रास, काक्सर और बटालिक के क्षेत्र में पाया गया। मश्को और द्रास में 8 माउंटेन डिविज़न को और बटालिक में 3 माउंटेन डिविज़न को दुश्मन को खदेड़ने का काम दिया गया। काक्सर क्षेत्र में केवल हमारी बटालियन 14 जम्मू और कश्मीर राइफ़ल्ज़, को नियुक्त किया गया ताकि हर हालात में पाकिस्तानी सेना को आगे न बढ़ने दिया जाए। कक्सर क्षेत्र से जोजिला - कारगिल सड़क हो कर निकलती है, इस लिए यह कार्य अत्यधिक महत्वपूर्ण था। कैप्टन शाम लाल ने बताया कि उनकी अपनी 14 जम्मू और कश्मीर राइफ़ल् मई 1999 तक काश्मीर में आतंकवादियों का सफ़ाया करने में लगी थी और उसने घाटी के तराई वाले इलाक़े को आतंकवाद से मुक्त कर दिया था। 19 मई 1999 को उनकी पलटन को कक्सर भेजा गया। कक्सर में चोटियों की ऊँचाई 5000 मीटर से भी अधिक थी और पथरीले बंजर इलाके में पौधे न होने से सांस लेना मुश्किल था। उनकी पलटन प्वाइंट 5295 (बजरंग कॉम्प्लेक्स), 5400, 5300, 5270, 5605 और स्पर जंक्शन पर तेनात की गई थी। यहां चोटियों पर चढने उतरने के लिए रस्सों का प्रयोग किया। चोटियों को अब जिमी टाप, सचिन सैडल और बिष्ट टाप बोला जाता है। पलटन ने मोर्चा संभाला और हिम्मत और दिलेरी से दुशमन को आगे बढ़ने से रोका। शाम लाल ने बताया कि जब सीज़ फ़ायर की घोषणा की गई थी तो सबसे पहले पाकिस्तानी सेना को कक्सर से पीछे हटने को कहा गया। उनकी पलटन के 7 जवान दुश्मनों से लड़ते हुए इस युद्ध में शहीद हुए जबकि 41 घायल हुए थे। भारतीय सेना तथा जे एंड के रेजिमेंट और 14 जे के राइफल्स के इतिहास में इस वीरता पूर्वक कार्य करने के लिए युगों - 2 तक याद किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी आई टी विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत आई टी विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है जिसमें सुशील राठौर महासू, राजकुमार मण्डी, मनोज रतन कांगड़ा तथा अनिल डडवाल ऊना को प्रदेश सह-संयोजक बनाया गया है। इसी प्रकार अरूण शर्मा शिमला ग्रामीण, राजीव सोंधी जोगिन्द्रनगर, विशाल उपमन्यु भटियात, अमन राणा नगरोटा, विजया ठाकुर धर्मशाला, अनिल शर्मा ठियोग, जगजीत सिंह, सुदीप महाजन एवं गीतांजलि शिमला, प्रकाश ठाकुर पच्छाद, विरेन्द्र चैधरी दून, विक्रम मट्टू सोलन, विकास सेठ कसौली, महेन्द्र हमीरपुर, राजीव आर्य धर्मपुर, राहुल शर्मा हरोली, निशांत शर्मा नादौन, कनिष्का चोपड़ा हमीरपुर, शेलेन्द्र सिंह राणा गगरेट, विशाल शर्मा घुमारवीं, पुष्पेन्द्र ठाकुर मनाली तथा हेमलता शर्मा मण्डी को सदस्य नियुक्त किया गया है। चेतन बरागटा ने बताया कि सतवीर राणा ज्वालामुखी, अजय कुमार बड़सर, श्याम सुंदर देहरा तथा विनय राणा सरकाघाट को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। उन्होनें बताया कि जिला व मण्डलों के संयोजको की नियुक्ति भी शीघ्र ही कर दी जाएगी।
माना जाता है कि एक नटी के श्राप के कारण सिरमौरी ताल का विध्वंस हो गया था हिमाचल के सिर का मुकुट यानी "सिरमौर" ज़िला प्राचीन काल से ही ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। रियासत कालीन सिरमौर राजनैतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रुप से समृद्ध राज्य था। इस रियासत की प्राचीन राजधानी 'सिरमौरी ताल' थी। माना जाता है कि एक नटी के श्राप के कारण सिरमौरी ताल का विध्वंस हो गया था। उसके बाद काफी समय तक राजबन सिरमौर की राजधानी रही जिसे 1219 ई० में राजा उदित प्रकाश द्वारा यमुना और टौंस नदियों के संगम स्थल 'कालसी' स्थानांतरित कर दिया गया था। 1621 ई० में राजा कर्म प्रकाश ने नाहन नगर की स्थापना कर उसे अपनी राजधानी बनाया। तब से लेकर सन् 1947 ई० तक नाहन ही इस रियासत की राजधानी रही। नाहन में स्थित शाही महल, रानी का ताल, राजा का ताल, लिंटन मेमोरियल (दिल्ली गेट), नाहन फाऊन्डरी, महिमा पुस्तकालय, नानी का बाग़ तथा चौग़ान आदि ऐतिहासिक धरोहरें आज भी इस शहर के राजसी अतीत का गुणगान करती हैं। 'सिरमौर' अर्थात ‘सिर का ताज‘ सिरमौर रियासत के नामकरण से संबंधित कोई भी लिखित प्रमाण न होने के परिणामस्वरूप अनेक धारणाएं प्रचलित हैं। एक मत के अनुसार माना जाता है कि सभी पहाड़ी रियासतों में इस रियासत की अहम् भूमिका होने के कारण इसे 'सिरमौर' अर्थात ‘सिर का ताज‘ कहा गया था। एक अन्य मत के अनुसार माना जाता है कि, राजा शालिवाहन द्वितीय के पौत्र राजा रसालू के पुत्र का नाम सिरमौर था। उन्हीं के नाम पर इस रियासत का नाम सिरमौर पड़ा था। यह भी माना जाता है कि चंद्रगुप्त मोर्य ने मगध के नन्द वंश को समाप्त करने के लिए मगध के मध्य स्थित पर्वतीय राज्य कुलिंद (वर्तमान सिरमौर) की सहायता ली थी, अतः चंद्रगुप्त मोर्य ने अपने प्रति किए गए उपकारों से कृत्य- कृत्य होकर यहाँ के राजा को “शिरोमोर्य” उपाधि अर्थात मोर्य साम्राज्य का शीर्षस्थ भाग से सम्मानित किया था। कालान्तर में इसका नाम ‘शिर-मोर्य’ के स्थान पर सिरमौर पड़ गया। एक अन्य मत के अनुसार इसका नाम पाँवटा साहिब से सोलह किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में गिरी नदी के बाएँ तरफ स्थित “सिरमौरी ताल” को भी इसके नामकरण का आधार माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि किसी समय ये स्थान सिरमौर के राजाओं की राजधानी थी। राजन...! यदि मैं इस पवित्र नदी को रस्सी पर चलकर वार-पार करूं तो पुरस्कार स्वरूप आप मुझे क्या देंगे? जनश्रुति के अनुसार प्राचीन समय में जब मदन सिंह सिरमौर राज्य के राजा थे, उस समय उनके राज्य में एक अत्यंत प्रतिभावान नर्तकी भी निवास करती थी। उस समय दूर–दूर तक उसके जैसा अन्य कोई नर्तक नहीं था। उस नटनी पर राजा मदन सिंह इतने अभिभूत हो गए कि उन्होंने नटनी को अपना आधा राज्य देने तक का वचन ही दे दिया था। नर्तकी ने एक दिन राजा से कहा कि वह एक रस्से पर नाचते हुए गिरी नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँच सकती है। उसकी यह बात सुनकर राजा और उसके मंत्री उसका उपहास उड़ाने लगे। नटनी ने राजा मदन सिंह को रिझाते हुए फिर से कहा कि हे राजन...! यदि मैं इस पवित्र नदी को रस्सी पर चलकर वार-पार करूं तो पुरस्कार स्वरूप आप मुझे क्या देंगे? राजवंश हमेशा अपने अहंकार के दास रहे हैं। राजा ने नर्तकी की प्रतिभा का अवमूल्यन कर, यह जानकर कि गिरी नदी को पार करना इस स्त्री के वश में नहीं है, उसे आधा राज्य देने वचन दे दिया। राजा ने कहा, यदि तुम इस असंभव कार्य को पूरा करने का सामर्थ रखती हो, तो हम भी अपने वचन को पूरा करेंगे। नर्तकी को राजा के द्वारा दिए गए इस वचन की ख़बर पूरे राज्य में आग कि भांति फैल गई। “आर टोका पार पोका डूब मरो सिरमौरो रे लोका” निर्धारित काल पर कुछ दिन बाद नटनी के द्वारा दी गई चुनौती को साकार रूप प्रदान किया गया। इस करतब को देखने के लिए राज परिवार, मंत्रीगण और राज्य के सैंकड़ों लोग भी गिरी नदी के दोनों किनारों पर इकठ्ठा हो गए। सभी को लग रहा था कि नर्तकी यह कठिन कार्य नहीं कर पाएगी। गिरी नदी के ऊपर पोका गाँव से टोका पहाड़ी तक एक पतली सी रस्सी बाँधी गई।। नर्तकी ने एक छोर से नृत्य करते हुए दूसरे छोर की तरफ चलना शुरू किया। वह बड़ी सहजता से आगे बढ़ रही थी। वह गिरी नदी के ठीक ऊपर बंधी रस्सी पर करतब दिखाते हुए एक छोर से दूसरे छोर पर पहुंची। तत्पश्चात वह वापसी का आधा मार्ग तय कर टोका पहाड़ी पर पहुँचने ही वाली थी। यह देखकर राजा और उसके मंत्रियों को चिंता सताने लगी कि, यदि वह दूसरे छोर पर पहुँच गई तो आएधा राज्य उसे देना होगा। इस बात से घबराकर राजा ने अपने एक दीवान को रस्सी काटने का आदेश दे दिया। दीवान जुझार सिंह ने रस्सी काट दी और नटनी गिरी नदी में गिर गई। नदी में गिरने के बाद उसने राजा को यह श्राप दिया कि, “आर टोका पार पोका डूब मरो सिरमौरो रे लोका” अर्थात सिरमौर के लोग भी मेरी तरह डूब कर मर जाएँ। माना जाता है कि नर्तकी के नदी में गिरने के कारण ही उस नदी का नाम गिरी नदी पड़ा था। उसी रात नटनी के श्राप के कारण गिरी नदी में भयंकर बाढ़ आई और सिरमौर रियासत की तात्कालीन राजधानी 'सिरमौरी ताल' पूरी तरह नष्ट हो गई थी। इस बाड़ में सभी की मृत्यु हो गई, कोई भी जीवित नहीं बचा। निरपराध नर्तकी के श्राप के प्रभाव से समस्त नगरी पूरी तरह से तबाह हो गई। सबा रावल ने राजा विहीन राज्य की पुुुनः स्थापना कर राजबन को अपनी राजधानी बनाया नगर के पूरी तरह से ध्वस्त होने के बाद रियासत में अशांति फैल गई थी। उस समय जैसलमेर के राजा उग्रसेन तीर्थ यात्रा पर हरिद्वार आये हुये थे। सिरमौर राज्य के खाली सिंहासन के बारे में सुनकर उन्होने अपने बेटे सबा रावल को सिरमौर भेज दिया। सबा रावल ने राजा विहीन राज्य की पुुुनः स्थापना कर राजबन को अपनी राजधानी बनाया। यह भी माना जाता है कि राज्य में अशांति के भय से यहां के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने जैसलमेर के राजा शालिवाहन द्वितीय से निवेदन किया कि वह रिक्त सिंहासन को संभालेंं। लोगों का अनुरोध स्वीकार कर राजा ने अपने तीसरे पुत्र हांसू को सपत्नी सिरमौर भेज दिया। उस समय हांसू की पत्नी गर्भवती थी। सिरमौर पहुंचने पर उसने एक पुत्र को जन्म दिया जिसका न पलासू रखा गया था। कालांतर में उसके नाम पर इस वंश का नाम पलासिया वंश पड़ा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालीन जलवाहकों के मानदेय में 300 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि कर 2400 रुपये ये बढ़ाकर 2700 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 तक आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की सुरक्षा और लोगों के मौलिक अधिकारों के लिए आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (मीसा) और डीआईआर डिफैंस ऑफ़ इण्डिया रूल के तहत एक से 15 दिनों तक कैद में रहे लोगों को 8000 रुपये प्रति माह और 15 दिनों से अधिक अवधि तक कैद में रहने वालो को 12000 रुपये प्रतिमाह लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि के रूप में प्रदान करने का निर्णय लिया है। बैठक में सरकारी स्कूलों में अंशकलीन मल्टी टास्क वर्कर्स को सम्मिलित करने के लिए एक नीति तैयार करने को स्वीकृति दी। इसके तहत प्रारम्भ में 7852 योग्य बेरोजगारों को स्थानीय स्तर पर मानदेय अर्जित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इन कार्यकर्ताओं को अकादमिक वर्ष के दौरान 10 महीनों के लिए छः घण्टे के लिए प्रतिदिन 31.25 रुपये प्रति घण्टे का मानदेय दिया जाएगा। मंत्रिमण्डल ने देश की सेवा के लिए भारतीय सेना/नौसेना/वायु सेना व अर्द्ध सैनिक बल में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जिला मण्डी के सरकाघाट क्षेत्र के बर्चवाड में प्रशिक्षण अकादमी/केन्द्र स्थापित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने शिमला में लोक निर्माण विभाग के तहत नए बागवानी खण्ड खोलने का निर्णय लिया। बागवानी विभाग के वर्तमान सभी उप-मण्डलों को इस मण्डल के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया जाएगा। यह नया बागवानी मण्डल जैव इंजिनियरिंग तकनीक के माध्यम से सड़क के किनारे पौधरोपण और ढलान स्थिरता जैसी गतिविधियांे को सुनिश्चित करके हरित सड़कों के निर्माण में मदद करेगा। वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने और व्यवसाय के तरीकों में नियोक्ता को लचीलापन प्रदान करने की दृष्टि से, श्रमिकों को लाभान्वित करने के अतिरिक्त राज्य मंत्रिमंडल ने औद्योगिक रोजगार (स्थाई आदेश) हिमाचल प्रदेश (संशोधन) नियम-2019 को मंजूरी प्रदान की। औद्योगिक रोजगार (स्थाई आदेश) अधिनियम, 1946 तथा इसके उपरांत बनाए गए नियमों के तहत अपने अधिकार क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठान निश्चित अवधि के रोजगार श्रमिकों के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह ‘फिकस्ड टर्म एम्पलाॅयमेंट वर्कमेन’ को समान वैधानिक लाभ देगा, जो नियमित कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं। इससे अनुबंध अधिकारियों का शोषण कम होगा, क्योंकि नियोक्ता बिना किसी मध्यस्थ के निश्चित समय अवधि के लिए श्रमिकों को अनुबंध आधार पर काम पर रख सकेगा। मंत्रिमंडल ने ऊना जिले की हरोली तहसील में पल्कवाह खास में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्मित कौशल विकास संस्थान को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान को लोक निर्माण विभाग द्वारा मूल्यांकित दरों पर पट्टे पर देने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मैनुअल 2019 और सीपीडब्ल्यूडी के विभिन्न प्रकाशनों को अपनाने की स्वीकृति प्रदान की। इससे पारंपरिक निर्माण विधाओं पर प्रभुत्व हासिल करने के लिए नई उभरती निर्माण तकनीकों को अपनाकर विभाग में बदलाव लाए जाएंगे। यह राज्य लोक निर्माण विभाग के लिए मार्गदर्शक पुस्तक का कार्य करेगा, क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पास महानिदेशक के नेतृत्व में अपना स्वयं का डिजाईन निदेशालय है। विभिन्न अधिनियमों के तहत बनाए जाने वाले रजिस्टरों/प्रपत्रों की संख्या को कम करने और राज्य में विभिन्न श्रम कानूनों की आवश्यकताओं के अनुपालन उपायों के लिए मंत्रिमंडल ने विभिन्न श्रम नियमों के तहत हिमाचल प्रदेश अनुपालन सुगमता रजिस्टर नियम, 2019 को अपनाने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मैसर्स अर्नेस्ट एंड यंग (ईवाई) को ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस (राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना और जिला व्यापार सुधार कार्य योजना) और राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिए परामर्शी सेवाएं प्रदान करने हेतु रिसोर्स व्यक्तियों की नियुक्ति करने को अपनी मंजूरी दी।
प्रदेश सरकार ने गत ढाये वर्षों के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत राज्य में 10,000 घरों का निर्माण किया है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न आवास योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां प्रत्येक लाभार्थी को घर निर्माण के लिए एक लाख 50 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरम्भ में यह राशि एक लाख 30 हजार रुपये थी। यह राशि वर्तमान सरकार द्वारा गत वित्त वर्ष के दौरान बढ़ा दी गई थी। वर्तमान वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 20 हजार रुपये की वृद्धि की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद और गरीब लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 10 हज़ार नए घर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि गत वित्त वर्ष के दौरान इन योजनाओं के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों की तुलना में यह लक्ष्य लगभग दोगुना है। सरकार ने इन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को अपना घर बनाने के लिए मनरेगा के अंतर्गत 95 दिन काम करने की अनुमति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केवल सामान्य श्रेणी के बीपीएल परिवारों को ही घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही थी, परन्तु वर्ष 2018-19 में वर्तमान सरकार ने सभी श्रेणियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि अपना घर होना प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है और प्रदेश सरकार जरूरतमंदों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है ताकि वे अपना सपना पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार लाभार्थियों को अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मुफ्त बिजली और पानी के कनैक्शन भी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने पूरे विश्व के सामने चुनौती प्रस्तुत की है, परन्तु भारत के लोग भाग्यशाली हैं क्योंकि दूरदर्शी और सशक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से सभी सुरक्षात्मक उपायों जैसे फेस-मास्क, हैंड सेनिटाइज़र तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा इस संकट से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की प्रधानमंत्री ने भी सराहना की है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री के प्रयासों का ही नतीजा है की प्रदेश में सभी लोगों के पास अपने घर हैं। निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ललित जैन ने विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला मण्डी के दुनीचंद, जिला ऊना के गुरचरन, जिला शिमला की शकुन्तला देवी, जिला किन्नौर की महाबौध, जिला लाहौल-स्पीति के हीरालाल, जिला सोलन के चमनलाल, जिला बिलासपुर के शवेंद्र राणा, जिला चम्बा की शीतल, जिला कुल्लू के जोगिंद्र सिंह, जिला हमीरपुर की सुमना देवी, जिला कांगड़ा के अभिनव कुमार और जिला सिरमौर के अमित कुमार ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के चेयरमैन अभिषेक राणा ने अब देश में शिक्षा के साथ हो रही साजिश का गंभीर खुलासा किया है। अभिषेक ने कहा है कि अब देश में राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए भावी पीढ़ी के लोकतांत्रिक अधिकार को छीनने का सुनियोजित षड़यंत्र शुरू किया गया है। अभिषेक ने बताया कि सीबीएसई सिलेबस की कुछ कक्षाओं की किताबों से धर्म निरपेक्षता, राष्ट्रवाद जैसे कई अहम सब्जेक्ट को मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। इससे समझ में आता है कि 30 फीसदी पाठ्यक्रम कटौती के नाम पर प्रचंड बहुमत से जीती बीजेपी सरकार भारत की भावी पीढ़ी को इन अहम विषयों को ज्ञान से महरूम रखना चाहती है, ताकि भावी पीढ़ी स्वार्थ की राजनीति पर सवाल ही न उठा सके। उन्होंने कहा कि अगर पाठ्यक्रम में 30 फीसदी कटौती की ही बात थी तो इन पाठ्यक्रमों से आंशिक तौर पर गैर ज़रूरी विषयों को कुछ स्तर तक हटाया जा सकता था, लेकिन सरकार की सरपरस्ती में सीबीएसई ने तो छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार ही छीन लिया है, जिसमें अब लोकतांत्रिक अधिकार का चैप्टर धर्मनिरपेक्षता, जाति-धर्म का पाठ छात्र पढ़ ही नहीं पाएंगे जिस कारण से देश की भावी पीढ़ी के समग्र मौलिक विकास पर खतरा मंडराने लगा है। सीबीएसई पाठ्यक्रम की महत्वपूर्ण कक्षाओं में संघीय ढांचा, राज्य सरकार नागरिकता, राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता जैसे अहम ज्ञान के विषयों पर इसका असर दिखेगा। हालांकि शिक्षा के प्रति हो रही इस साजिश को अंजाम देने के लिए अभी तक 1 वर्ष के लिए इस सिलेबस को हटाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक एक अहम कक्षा के सामाजिक विज्ञान की किताब से 5 चैप्टरों में से 1 लोकतांत्रिक अधिकार को पूरी तरह हटा दिया गया है। वहीं एक अन्य कक्षा की किताबों से किसान, जमींदार, राज्य बंटवारे, विभाजन और देश द्रोह पर सेक्शन-द बाँबे डेकन और द डेकन राईट कमिश्नर जो साहुकारों के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर आधारित है। इन सभी विषयों को भी हटा दिया गया है। कार्यस्थल पर भारतीय संविधान के तहत आने वाले फेडरलिज्म जैसे टॉपिक स्थानीय सरकारों की जरूरत, भारत में स्थानीय सरकार की ग्रोथ जैसे चैप्टर, पॉलिटिक्ल साईंस सब्जेक्ट से हटाया गए हैं। इसी तरह प्लस टू के छात्रों को अब मौजूदा वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था का बदलता स्वरूप, नीति आयोग, जीएसटी जैसे विषय भी नहीं पढ़ाए जाएंगे। हटाया गया पाठ्यक्रम बोर्ड की परिक्षाओं और अतिरिक्त मुल्यांकन के लिए निर्धारित विषयों का हिस्सा नहीं होगा। कुल मिलाकर 30 फीसदी कटौती के नाम पर भविष्य में भावी पीढ़ी के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची गई है।
राजधानी शिमला में आत्महत्या का मामला सामने आया है। यहां बीती रात थाना न्यू शिमला के सेक्टर 3 के 20 वर्षीय युवक ने घर के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक युवक पूर्व पार्षद का बेटा बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेज दिया है।
पाकिस्तान पाकिस्तान तेरा चप्पा चप्पा, मिल जाएगा अब हिंदुस्तान। कहां गए वो नवाज़ शरीफ जिस पर था तुझ को अभिमान। परवेज़ मुशर्रफ़ तो गीदड़ निकला कारगिल युद्ध 1999 में बचा कर निकला अपनी जान , इमरान खान और शी जिनपिंग चाइना (करोना) भी अब नहीं बचेगा चाहे जोडे हाथ और पकड़े कान। शहीदों की याद में, हर वर्ष लगेंगे मेले यही हमारा निशान होगा। आज से ठीक 21 साल पहले 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था, युद्ध की आंखो देखी रोंगटे खड़े करने वाली, एक कारगिल वॉर योद्धा, वेटरन कप्तान शामलाल शर्मा की कलम से इस युद्ध की सच्ची कहानी। मेरे प्यारे वेटरन इंडिया के सभी सदस्यों एवम् समस्त महान देश भक्तों, ज्ञात रहे हम कल भी नहीं हारे है और चीनियों और पाकिस्तानियों तुम भी जरा सुन लो हम रिटायर हुए तो क्या, हथियार चलाना जानते है। हम भी बहादुरी में कम नहीं वतन के लिए जाए, जान तो भी गम नहीं। देश भर के सैनिकों व शहीदों की बलिदान कि काथाओं का विश्व भर में पता है। दुश्मन के नापाक इरादों को धूल चटाई थी। दुनिया का इतिहास गवाह है, सन 1999 में जब एक भयंकर, हिंदुस्तान व पाकिस्तान का युद्ध हुआ था; 18000 फीट से भी अधिक अति ऊंचाई वाली बर्फ से लदी हुई हिमालय पर्वत की पहाड़ियों पर दोनों देशों की सेनाएं आमने सामने खूब लड़ी थी। दोनों देशों की सहमति के कारण अपनी अपनी पोस्ट पर तैनात दोनों देशों की सेनाएं 6 महीनों के लिए पीछे हट जाया करती थी। लेकिन प्रति वर्ष की भांति 1999 में, उस समय कुछ भी ऐसा नहीं हुआ। जिस समय, हमारे देश के प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई की ओर से दोनों देशों के बीच अमन शांति की कोशिश चल रही थी, दोनों देशों के मध्य ट्रेन व बस सेवाएं बहाल कर दी गई थी, उधर नवाज़ शरीफ़ की सरकार में जनरल परवेज़ मुशर्रफ, धोखेबाज, हमारी भूमि को हड़पने की चाल चल रहा था। वह अपनी सेनाओं को घुसपैठियों के साथ धोका करके, हमारी भारतीय सेना कि पोस्टों पर बैठ कर चुका था। हमारा ही राशन पानी जो भी पोस्टों में पहले बचा हुआ रखा रहता था खा रहा था। समय अनुसार जैसे ही हमारी पहली टुकड़ी कप्तान सौरभ कालिया के साथ अपनी पोस्ट पर पहुंची दुश्मनों द्वारा उनको किस कमीनी बर्बरता से भारतीय सैनिकों को स्ता स्ता कर के मारा गया था यह पूरी दुनिया जानती है। विश्व भर में इस बर्बरता का विरोध हुआ था जिसके उपरांत, मई 1999 से जुलाई 1999 तक कारगिल युद्ध हुआ था जिसमें भारतीय सेना ने दुश्मनों के असंख्य, घुसपैठिए और सैनिकों को मौत के घाट उतारा था और अनगिनत घायल किए थे। इस युद्ध की यादगार में देश भर में 27 जुलाई को हर वर्ष कारगिल विजय दिवस देश भर में मनाया जाता है शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके वीरांगनाओं, युद्ध में घायल, भाग लेने वाले सैनिकों, को जगह जगह पर सनम्मनित किया जाता है। हालांकि इस भयंकर युद्ध में हमारी भारतीय सेना के 545 बहादुर ऑफिसर्स व जांबाज़ जवानों को कारगिल युद्ध में वीर गति प्राप्त हुई थी और असंख्य घायल भी हुए थे। भारतीय सेना मुख्यालय के अधीन आर्मी ग्रुप इन्सुरेन्स फंड बसंत विहार स्थित नई दिल्ली में, उस समय के मैनेजिंग डायरेक्टर स्वर्गीय ऑनरेरी लेफ्टिनेंट जनरल के.चंद्रशेखरन, अति विशिष्ट सेवा मैडल एवम् प्रिंसिपल डायरेक्टर व डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन स्टाफ ब्रिगेडियर जागीर सिंह कंवर साहब ने एक नए अतिरिक्त कारगिल युद्ध क्लेम सैल का संगठन करके, दिन रात भर प्रयत्न करके युद्ध में हुए शहीदों की वीरांगनाओं एवम् उनके आश्रितों, तथा घायल सैनिकों के लिए एजी.आई.एफ फंड का पैसा शीघ्र अति शीघ्र देने हेतू सबके रिकॉर्ड ऑफिस की सहायता से और सभी सहायक एजेंसीज से मिलकर इन्सुरेंस अनुदान राशि को उनके घर घर तक पहुंचाया, जिस का उदाहरण भारत वर्ष के इतिहास में इस संकट की घडी में अविस्मरणीय कार्य माना गया और देश भर और दुनिया भर में इसकी सराहना की गई थी। इस भयंकर युद्ध में शामिल हमारी जम्मू और कश्मीर राइफल्स की फीयूर्स फोटींथ एक प्पियुर डोगरा बटालियन लड़ रही थी, जिसमें मैं भी शामिल रहा था। इस यूनिट में पहाड़ी इलाकों के रहने वाले पहाडियों डोगरा लोगों को पहाड़ पर चढ़ने उतरने की आजनम प्रैक्टिस होती है। उस समय यह यूनिट जे एंड के में ही किसी जगह, काउंटर इंसर्जनसी ऑपरेशन रक्षक के अधीन, कमान अधिकारी कर्नल दिनेश कुमार नंदा साहब के नेतृत्व में शानदार कार्य कर रही थी व घुसपैठियों को मारने का कार्य कर थी जिसमें यूनिट ने खूब नाम कमा रखा था जिसके शौर्य की कथाओं को रेजिमेंट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। इससे पूर्व 1971 के पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में खालद्दा सेक्टर दुश्मनों मार मार कर खदेड़ा था और चने चबाए थे, तथा जे एंड के काउंटर इंसुर्जनेसी ऑपरेशन का अनुभव होने के नाते बिना किसी समय दिए हुए, फायर्से फोर्टीन्थ बटालियन को काकसर, टोटोलिंग, बजरंग जैसी पोस्टों पर 18000 फीट ऊंचाई पर दुश्मनों को रोकने झोंकने, पीछे खदेड़ने का काम मिला। इस दुनिया के अति दुर्गम इलाकों में पलटन को दुश्मन के साथ लगातार लगाव रखने का कार्य दिया गया जिसमें पलटन को दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते हुए ऐसे स्थानों पर जाना था कि जहां पर कोई सैनिक टुकड़ी पहले कभी नहीं पहुंची थी। साथ ही साथ दुश्मन के नापाक इरादों को असफल करना था। जहां पहुंचने के लिए चट्टानी पहाड़ियों पर चढ़ने वाले उपकरणों का अत्याधिक इस्तेमाल करना पड़ा। इन चोटियों पर क्रमशः अल्फा, ब्रावो चार्ली, डेल्टा कम्पनियों को प्वाइंट 4890 एवम् 5000, प्वाइंट 5299,प्वाइंट 5300,5270 कांप्लेक्स पर एक इंडिपेंडेंट इन्फैंट्री ब्रिगेड के अन्तर्गत कार्य सौंपा गया था। यहां पर चढ़ने व उतरने के रोप यानि रस्सों के द्वारा चढ़ा उतरा जाता है, साथ में अपना वैपन एम्युनिशन क्लॉथिंग दवाईयां राशन बी व घायल बीमार आदि को भी पलटन को ही इस दुर्गम स्तिथि में लाना लेे जाना होता था। दूसरी पहाड़ियों पर दुश्मन पहले ही तैनात था। उनकी आर्टिलरी से लगातार फायर मीडियम तथा छोटे हथियारों एल एम जी एवम, ग्रेनेड इत्यादि की फायरिंग चलती थी। इधर भारतीय सेना का भी मुकाबले में बोफोर्स गन, मीडियम व छोटे तथा आधुनिक हत्यारों द्वारा एल एम जी, स्पिनर राइफल्स व ग्रेनेड आदि से फियर्से फोर्टीनथ के बहादुर जवान जिनका युद्ध का वार कराई (दुर्गे माता की जय) बोल कर धावा बोलते थे जिससे पहाड़ भी गूंज रहे थे यूनिट के जवान दुश्मनों पर टूट चुके थे तरह से उन्हें मार मार कर घायल कर पीछे हटाया जा रहा था, दुश्मन का मनोबल टूट चुका था और ज्ञात रहे की यूनिट लगातार उसी दुर्गम स्तिथि में सीज़ फायर जब तक घोषित नहीं हुआ तेनात रखी गई थी। कमान अधिकारी द्वारा बटालियन के वार इंस्ट्रक्शन एस ओ पी के मुताबिक यूनिट का हर ऑफिसर्स, जेसी ओज, अन्य पद अपनी अपनी ड्यूटी से निपूणतः निभा रहा था। यूनिट ने रेजिमेंट से भी अतिरिक्त, कुछ चुनिंदा ऑफिसर्स, जेसीओ तथा जवानों को अटैच कर दिया था । बटालियन का मनोबल दूर्गा माता की कृपा से बहुत ऊंचा रहा। दुश्मनों से लोहा लेते वक्त उनकी जान माल की भारी क्षति हुई। उनके आर्म्स, एम्युनिशन, क्लॉथिंग आदि असंख्य चीज़े प्राप्त की। उनकी डैड बॉडीज़ को उनके हवाले, सीज़ फायर के उपरांत दिया गया जो शायद पाकिस्तानियों ने उन्हें वहीं दफन कर दिया था। फायर्से फोर्टीन्थ बटालियन के भी कुछ सैनिक शहीद हो चुके थे, काफ़ी ऑफिसर्स, जेसी ओज, अन्य रैंक्स घायल भी हो चुके थे। मुझे भी यूनिट हेड क्लर्क होने के नाते इन जगहों जगहों पर कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। बटालियन का संकल्प, हिमालय जितना ही ऊंचा है और भारत माता की रक्षा हेतु सर्वस्व त्याग करना रहा है। जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंट एवम् उनकी बटालियनों द्वारा युद्ध संबंधी किए हुए कार्यों, के शौर्य की कथाएं, वीरता का इतिहास रेजिमेंटल हिस्टरी और नेशनल वार मेमोरियल में हमेशा अमर रहेगी। भारतीय इतिहास में स्वर्णीय अक्षरों में लिखा जाएगा। इसके साथ ही हम सभी पूर्व सैनिक योद्धा वेटरन इंडिया ऑर्गनाइजेशन के माध्यम से भी अनुरोध करते हैं कि सभी वार वॉरियर्स को स्वतंत्रता सेनानी के बराबर सम्मान मिलना चाहिए और इसके गुहार भारतीय संसद भवन तक पहुंचनी चाहिए। पलटन का ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन विजय के लिए हुए कार्य की भिन्न भिन्न जगहों का एक चित्र भी दर्शाया जा रहा है । जय हिन्द। जय भारतीय सेना।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने वीरवार को टुटू पहुंच कर वहां क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया तथा जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा व संरक्षण के उचित कदम उठाए जाएंगे तथा प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने मौके पर उपस्थित नगर निगम, लोक निर्माण विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने इस संबंध में सचिवालय में अधिकारियों की तुरंत बैठक बुलाई, जिसमें सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को तुरन्त आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए ताकि समय रहते इस सम्बन्ध में कदम उठाए जा सकें।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य पुलिस और विशेषकर हमीरपुर जिला के नादौन पुलिस थाने को देश के श्रेष्ठ पुलिस थानों में स्थान पाने और प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना चुने जाने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इस पुलिस थाने को उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों की रेंकिंग भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा की जाती है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने हाल ही में पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन के दौरान इस रेंकिंग को जारी किया था। पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त उत्कृष्ट प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मण्डी जिला में सराज क्षेत्र के अंतर्गत बाली-चैकी के लोगों से बातचीत करते हुए अधिकारियों को विभिन्न निर्माणाधीन विकासात्मक परियोजनाओं का तय समय सीमा में निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य समाप्ति पर है, उन परियोजनाओं के पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए ताकि इनका शीघ्र लोकार्पण किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी परियोजनाओं के शीघ्र निर्माण के लिए समुचित धन उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि एफआरए और एफसीए से संबधित मामलों का जल्द निपटारा किया जाना चाहिए ताकि इनके कारण विकास प्रभावित न हो। जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने क्षेत्र के स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों में समुचित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की है। बाली-चैकी में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित की जाए ताकि लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न कार्यालयों की सुविधा एक ही छत के नीचे मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण राज्य में विकासात्मक कार्य विपरीत रुप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए ताकि महामारी के कारण बरबाद हुए समय की भरपाई की जा सके। उपायुक्त मण्डी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया की क्षेत्र में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के समुचित प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 44 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास एवं शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने 17.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय महाविद्यालय धामी (16 मील), 1.11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुरी क्योंथल के अतिरिक्त भवन, 2.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ओखरू और 1.58 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ओगली समर्पित किए। जय राम ठाकुर ने नाबार्ड के तहत निर्मित होने वाले 4.17 करोड़ रुपये की घरोघ-नालटा सम्पर्क मार्ग, 5.41 करोड़ रुपये से बनने वाले बाग-क्यालू सम्पर्क मार्ग और 1.90 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाले शालटु (नैहरा) दरगोट राजकीय प्राथमिक पाठशाला की भी आधारशिला रखीं। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 4.83 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बाग-कांगरी (घराटनाला) सम्पर्क मार्ग और 4.10 करोड़ रुपये के व्यय से निर्मित होने वाले बसन्तपुर-नालटु सम्पर्क मार्ग के स्तरोन्यन और मैटलिंग की भी आधारशिला रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 41 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए सुन्नी में उप-मण्डलाधिकारी कार्यालय और खण्ड चिकित्सा कार्यालय तथा धामी में 6.66 करोड़ रुपये के व्यय से मिनी सचिवालय भवन का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि दाड़गी में 5.45 करोड़ रुपये और सुन्नी में 5.14 करोड़ रुपये की लागत से आईआईटी भवनों का निर्माण किया गया हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के लिए सैंज खड्ड से 15.64 करोड़ रुपये की घरोग-घण्डल पेयजल योजना का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि 8.79 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शोघी और 8.53 करोड़ रुपये के व्यय से सुन्नी में बस अड्डा का कार्य पूरा कर दिया गया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में किए गए शिलान्यास और उद्घाटन उन लोगों को करारा जवाब है, जो क्षेत्र में विकास को लेकर भेदभाव का आरोप लगाते थे। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी की जाएंगी। शाली माता मन्दिर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र के लोगों से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत करने के इच्छुक थे, परन्तु कोरोना महामारी के कारण वह उनके बीच नहीं पहुंच सके और वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करने पर विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा कि यद्यपि राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1100 से अधिक हो गई है, परन्तु इनमें से अधिक मामले उन लोगों के हैं, जो बाहरी राज्यों से वापिस लोटें हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय रहते की गई पहल से देश मंें कोविड-19 महामारी के मामले अन्य विकसित देशों से काफी कम हैं। उन्होंने कहा कि देश में अभी तक लगभग 21 हजार लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है, जबकि विश्व के 15 सबसे विकसित राष्ट्रों में कोरोना के कारण 5.52 लाख लोगों की जान जा चुकी हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य में कोविड-19 महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी नीति पर कार्य किया है, जिसके कारण राज्य में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने धामी काॅलेज भवन के निर्माण को पूरा करने के लिए 8 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। क्षेत्र में इस शैक्षणिक अधोसंरचना के कारण विद्यार्थियों को उनके घरों के समीप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पहले से तैयार अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर है।
हिमाचल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल ने विशेष कार्य अधिकारी डॉक्टर के.के शर्मा की अध्यक्षता में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात की। यह जानकारी देते हुए परिषद के प्रदेश सचिव डॉ अश्विन शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सर्वप्रथम प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कोरोना आपदा से बेहतरीन ढंग से निपटने हेतु बधाई दी तथा प्रदेश सरकार की सकारात्मक सोच का परिणाम बताया। डॉक्टर के.के शर्मा विशेष कार्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि आयुर्वेद विभाग इस आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार के साथ खड़ा है तथा सरकार के दिशानिर्देशों का बखूबी पालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश के प्रवेश द्वारों पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों एवं समस्त स्टाफ द्वारा तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है व इसके अलावा ए.सी.एस (एक्टिव केस फाइंडिंग) में घर-घर जाकर COVID का सर्वे किया जा रहा है। आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रत्येक जिला में उपमंडल स्तर पर कोविड केयर सेंटर चलाए जा रहे हैं जिनमें विभाग के चिकित्सक, समस्त स्टाफ नर्स, एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिन रात को विभाजित मरीजों के उपचार में लगे हैं। मरीजों को आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित काढ़ा पिलाया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि हैरानी की बात है कि आयुर्वेद कहीं भी किसी भी स्तर पर उल्लेख नहीं हुआ है। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बात उनके संज्ञान में नहीं थी तथा भविष्य एवं आयुर्वेदिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद विभाग कोविड ड्यूटी में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम सरकार को प्रेषित करें। सरकार उन्हें स्वास्थ्य विभाग के समान पूर्व पूर्ण सम्मान प्रदान करेंगे विशेष कार्य अधिकारी ने बताया कि परिषद शीघ्र ही पदाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी।
अन्तरराष्ट्रीय योग संयोजक रंजीत सिंह ने त्रिगर्त दिव्य योग आश्रम के योग खिलाड़ियों के साथ राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। रंजीत सिंह ने राज्यपाल को आश्रम के विद्यार्थियों द्वारा योगाभ्यास और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों और गतिविधियों से अवगत करवाया। राज्यपाल ने सभी योग खिलाड़ियों की सराहना करते हुए उनकी उपलब्धियों विशेषकर 13 वर्षीय आहना कौशल, जिसने 15 जून, 2020 को एक दिन के भीतर 10 अन्तरराष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित कर इतिहास रचा है को बधाई दी। उन्होंने कहा कि योग मन, बुद्धि और शरीर को स्वस्थ बनाकर सफल जीवन जीने की शैली है। उन्होंने कहा कि यह हमारी जीवनशैली का एक अभिन्न अंग है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस समृद्ध प्राचीन भारतीय संस्कृति को अन्तरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में योग अधिक प्रासंगिक है, क्योंकि इससे हमें अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलती है। उन्होंने विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
राज्य सरकार, प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास और कल्याण पर 586.82 करोड़ रुपये व्यय कर रही हैं। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के विभिन्न भागों की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें अलग तरीके से सोचने और काम करने के लिए विवश किया है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली कार्यकर्ता हैं और इन्होंने परीक्षा की घड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने यह सुनिश्चित किया है कि कोरोना संक्रमण सामुदायिक स्तर तक न फैले। आंगनवाडी कार्यकताओं ने न केवल लोगों को सामाजिक दूरी और मास्क के उपयोग के बारे में जागरूक किया, बल्कि होम क्वारन्टीन नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन में भी मद्द की। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने होम क्वारन्टीन लोगों पर नजर रख कर, प्रदेश सरकार के निगाह कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय भूमिका निभाई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश सरकार के एक्टिव केस फांईडिंग अभियान की सराहना और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी अपने राज्यों में इस अभियान को आरम्भ करने का परामर्श दिया। इस वृहद अभियान के तहत राज्य की लगभग 70 लाख जनसंख्या को कवर किया गया। इस अभियान के तहत राज्य इन्फ्लुएंजा लक्षणों वाले लोगों का डाटा बेस एकत्रित करने में सक्षम हुआ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक्टिव केस फांईडिंग अभियान में 4021 और कलस्टर कन्टेनमेंट सर्वे में 4083 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने 5.68 लाख मास्क बनाकर लोगों को वितरित किए और लोगों को मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल योजना और बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ सहित अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं। प्रदेश सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन प्रदान किए हैं ताकि वे अपना कार्य प्रभावी तरीके से कर सकें। उन्हांेंने फेस शील्ड और मास्क बनाने के लिए हमीरपुर जिला की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की विशेष रूप से सराहना की। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सराहनीय कार्य के दृष्टिगत उनके मानदेय में 500 रुपये मासिक, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में 300 रुपये मासिक बढ़ौतरी की है। अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 6300 रुपये के स्थान पर 6800 रुपये प्रतिमाह और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 4600 रुपये के स्थान पर 4900 रुपये प्रतिमाह तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 3200 रुपये के स्थान पर 3500 रुपये प्रतिमाह प्राप्त हो रहे हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व में कोरोना वायरस को नियंत्रित किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। कांगड़ा जिला से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सोनिया, मण्डी जिला से सोनू, शिमला जिला से लता वर्मा, किन्नौर जिला से सुमन लता, लाहौल स्पीति जिला से शकुन्तला देवी, कुल्लू जिला से रजनी, सिरमौर से बबली, सोलन से सुरेखा, बिलासपुर से दीपा, हमीरपुर से कुसुम लता और ऊना जिला से रीता कुमारी ने मुख्यमंत्री के साथ विचार सांझा किए। मुख्यमंत्री के सलाकार डाॅ. आर.एन. बत्ता और निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कृतिका इस अवसर पर उपस्थित थी।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को 100% घरों को गैस कनेक्शन देने वाला देश के पहले राज्य बनने पर प्रसन्नता जताते हुए इसे केंद्र व राज्य सरकार के साझा प्रयासों का परिणाम बताते हुए इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा "स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन के नारे के साथ केंद्र सरकार ने 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक सामाजिक कल्याण योजना-प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरूआत की थी। शुरुआत में 5 करोड़ महिलाओं को मुफ़्त गैस सिलेंडर देने की इस योजना की अपार सफलता को देखते हुए इसे बढ़ा कर 8 करोड़ कनेक्शन किया गया व तय समय से पहले लक्ष्य को प्राप्त करने में हमें सफलता मिली। हिमाचल प्रदेश को भी इस योजना का पूरा लाभ मिला व 1.36 लाख परिवारों को मुफ़्त गैस के सिलेंडर इस योजना के अंतर्गत मिले।केंद्र व राज्य में भाजपा सरकार के डबल इंजन की बदौलत हिमाचल का समुचित विकास हुआ है। उज्ज्वला योजना में जिन लोगों को मुफ़्त गैस सिलेंडर नहीं मिल पाए उनके लिए प्रदेश सरकार ने हिमाचल गृहणी सुविधा योजना की शुरुआत की जिसके अंतर्गत 2.76 लाख मुफ़्त गैस कनेक्शन लोगों को बाँटे गए। इन योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन के चलते हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहांशत-प्रतिशत घरों में एलपीजी गैस कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध है। इस उपलब्धि के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत सभी प्रदेशवासियों को बधाई देता हूँ।” अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना आपदा से लोगों को राहत देने व हिमाचल की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 48 लाख से ज़्यादा लोगों को 37000 मीट्रिक टन अनाज व दालें 2 लाख 60 हज़ार उज्ज्वला गैस के सिलेंडर उपलब्ध कराए हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह योजनाएँ वरदान बनी हैं। अब उन्हें लकड़ी की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ता व इस से होने वाले धुंए से उन्हें निजात मिली है व अब उनका धुआँजनित बीमारियों से बचाव होगा। हिमाचल प्रदेश के सभी घरों में एलपीजी सिलेंडर आ जाने से प्रदेश सरकार के वन संरक्षण कार्यक्रम को बल मिलेगा व पर्यावरण को साफ़ व सुरक्षित रखने में काफ़ी मदद मिलेगी।"
भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष रशिम धर सूद ने प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया जिसमे किरण कौंडल अर्की, सरला ठाकुर बल्ह, अंजना शर्मा एवं आशा ठाकुर जोगिंदरनगर, विदुषी शर्मा एवं सरोज ठाकुर शिमला, सरला गुनसैक चौपाल, रीमा राणा मंडी, रिचा राणा धर्मशाला को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। नीना शर्मा रामपुर, प्रियन्ता शर्मा बल्ह, नीलम सेरैक महासू, आरती चौहान, सुमन सूद एवं सरोज गोयल शिमला, स्नेह कंवर चौपाल, कमलेश मेहता एवं रेनू चौहान कसुम्पटी को विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समय समय पर छात्रों से सम्बंधित समस्याओं को उठता आ रहा है और प्रशासन के सामने समस्याओं उजागर करने के साथ साथ उनका समाधान भी देता है। जिला संयोजक सचिन ने जानकारी देते हुए बताया है कि बीते कई सालों से विद्यार्थी परिषद पीजी कोर्स की मांग उठाता आया है वहीं 2019 में महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज महाविद्यालय में आए थे। उस समय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संजौली इकाई ने उनके समक्ष एम ए हिंदी, अंग्रेजी और पीजीडीसीए और बीबीए की कक्षाओं को शुरू करने के लिए ज्ञापन सौंपा था, मुख्यमंत्री ने उस समय आश्वासन देते हुए मांगों को पूरी करने की घोषणा की थी जिसको अब विश्विद्यालय क़ी विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण करके मंजूरी दी गई है। प्रदेश के एकमात्र उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली में अब एमए अंग्रेज़ी और एमए हिंदी, पीजीडीसीए और बीबीए की कक्षाएं भी संचालित होंगी। विश्विद्यालय शिमला की विशेषज्ञ टीम ने आकर कॉलेज का निरीक्षण किया जिसमें अधिष्ठाता कॉलेज विकास प्रो. ज्योति प्रकाश शर्मा सहित अंग्रेज़ी, हिंदी, कम्प्यूटर और विजनेस मैनेजमेंट से आए आचार्यों ने संजौली महाविद्यालय के सभी विभागों का निरीक्षण किया। अब विश्वविद्यालय अपनी रिपोर्ट तैयार करके इसी सत्र से पीजी शिक्षार्थियों की सीटों का आवंटन करेगा। विशेषज्ञ टीम के सामने कॉलेज प्रशासन ने हिंदी में 30 और अंग्रेजी में 30 सीट देने का निवेदन किया, जिसे विश्वविद्यालय की अगुवाई में आई टीम ने आंशिक रूप से सहमति प्रदान की है। अब सांध्य महाविद्यालय के बाद संजौली कॉलेज शिमला में पीजी करने वाले शिक्षार्थियों के लिए एक अच्छा विकल्प बन गया है। इस मौके पर जिला संयोजक सचिन ने प्रदेश सरकार व विश्विद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया है और साथ ही धन्यवाद करते हुए कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे निर्णय सराहनीय का और उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र में पीजी कोर्स शुरू करने से बहुत से विद्यार्थियों को शिमला में एक नया विकल्प मिल सकता है और साथ ही जिस प्रकार इस मांग को सरकार ने एक वर्ष के भीतर ही लागू किया वह प्रयास बहुत ही सराहनीय है। इसके लिए विद्यार्थी परिषद बहुत बहुत आभार व्यक्त करती है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने कांग्रेस नेताओं की कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों से घबराई हुई है और सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से चिंतित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास ना तो कोई नेता है ना नीति है। कांग्रेस में केवल कुर्सी की प्रतिस्पर्धा चल रही है कांग्रेस पार्टी आज के समय में जब कोविड-19 का संकट काल चल रहा है तो लंच और डिनर डिप्लोमेसी कर रही है। कांग्रेस पार्टी के जितने भी नेता है उनका एक भी ब्यान एक दूसरे के साथ मिल नहीं रहा है अगर एक नेता कह रहा है कि बॉर्डर खुलने चाहिए तो दूसरा नेता कह रहा है कि बॉर्डर बंद रहने चाहिए कांग्रेस को यही नहीं समझ आ रहा है कि एक सशक्त विपक्ष का क्या कार्य होना चाहिए। आज कांग्रेस पार्टी कह रही है कि सरकार द्वारा बॉर्डर खोलने का निर्णय गलत है पर कुछ समय पहले यही कांग्रेस पार्टी कह रही थी कि बॉर्डर खुलने चाहिए । कांग्रेस पार्टी का सरकार से श्वेत पत्र जारी करने का बयान औचित्यहीन है। उन्होंने कहा कि पूरा भाजपा परिवार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बधाई देना चाहता है कि कोविड-19 के संकट काल में जिस प्रकार से सरकार ने धरातल पर जनता की दुख तकलीफ समझते हुए कार्य किया है वह अद्भुत है। लाखों हिमाचल से बाहर रह रहे हिमाचलवासियों को अपने घर ले करके हिमाचल की सरकार ने मानवता का एक नया आयाम स्थापित किया है।
कृषि मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इस खरीफ मौसम में भी जारी रहेगी । उन्होंने बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम में ऋणी और गैर ऋणी किसानों द्वारा मक्की व धान की फसलों पर बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 15 जुलाई, 2020 निर्धारित की गई है। यह योजना गैर ऋणी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। योजना के अंतर्गत सभी ऋणी किसानों का वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्वतः ही बीमा कर दिया जाएगा। यदि कोई ऋणी किसान इस योजना का लाभ नहीं उठाना चाहते हैं तो वह इस बारे में अपना घोषणा पत्र सम्बन्धित बैंक में वर्षभर कभी भी जमा करवा सकते हैं। यह घोषणा पत्र ऋणी किसान को सम्बन्धित बैंक शाखा को सम्बन्धित मौसम की ऋण लेने की अन्तिम तिथियों से कम से कम सात दिन पूर्व तक देना होगा। प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना 24 जून, 2020 को जारी की है। मारकण्डा ने बताया कि प्रतिकूल मौसम से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचता है तथा आर्थिक हानि होती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की फसलों को बुआई से लेकर कटाई तक प्राकृतिक आपदाओं जैसे आग, बिजली, सूखा, शुष्क अवधि, आॅंधी, ओलावृष्टि, चक्रवात, तुफान, कीट व रोगों आदि से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति, करना है। इसके अलावा अगर किसान कम वर्षा या प्रतिकूल मौसमी व्यवहार के कारण समय पर बुआई नहीें कर पाता है तो भी उसे बीमा आवरण मिलेगा। कटाई के उपरांत खेत में सुखाने के लिए रखी फसल यदि 14 दिन के भीतर चक्रवाती बारिश, ओलावृष्टि, चक्रवात व बेमौसमी बारिश के कारण खराब हो जाती है तो क्षतिपूर्ति का आकलन खेत स्तर पर ही किया जाएगा। यह योजना लाहौल व स्पीति और किन्नौर जिला को छोडकर सभी जिलों के लिए है।इन जिलों को दो वर्गों में बांटा गया है। चम्बा, हमीरपुर, कांगडा व ऊना वर्ग 1 में शामिल हैं तथा वर्ग 2 में बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन व सिरमौर शामिल हैं। सभी जिलों में किसानों का बीमा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी आफ इंडिया लि. करेगी। मक्की व धान दोनों फसलों के सामान्य कवरेज पर राशि तीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है। प्रीमियम की दर किसानों के लिए बीमित राशि के अनुसार दो प्रतिशत रखी गई है। कृषि मंत्री ने किसानों का आह्वान किया कि फसलों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए फसलों का बीमा करवायें। इसके लिए वे अपने नजदीक की प्राथमिक कृषि सहकारी सभाओं, ग्रामीण बैंकों तथा वाणिज्यिक बैंकों से सम्पर्क करें। इस बारे में अपने नजदीक के कृषि प्रसार अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी व खण्ड स्तर पर तैनात विष्यवाद विशेषज्ञ का भी सहयोग ले सकते हैं।
चैधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति प्रो. अशोक कुमार सरयाल ने आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की और विश्वविद्यालय के चाय विभाग द्वारा तैयार वैल्यू एडिड तुलसी और नींबू आॅर्गेंनिक चाय के चार प्रकार के उत्पादों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने राज्यपाल को यह उत्पाद भेंट भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय को तकनीक आधारित अनुसंधान पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि किसानों को इसका लाभ पहुंचाया जा सके।
जुब्बल, नावर और कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को ‘एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिसपाॅंस फंड’ के लिए 76 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों का इस अंशदान के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंशदान संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मद्द में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों द्वारा 40 हजार फेस मास्क और 10 हजार सेेनेटाईजर भी वितरित किए हैं, जिससे मानवता के प्रति उनकी उदारता झलकती है। जय राम ठाकुर ने कहा कि सेब सीजन शुरू होने वाला है और कोरोना-19 के कारण बागवानों को उनके उत्पादों के विपणन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने पर्याप्त प्रबन्ध किए है। बागवानों को इस वर्ष सेब के बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बाजारों में आयतित सेब उपलब्ध नहीं हो सकेंगे। प्रदेश सरकार ने राज्य के सेब उत्पाद बहुल क्षेत्रों के लिए मजदूरों की उपलब्धता का मामला उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के लोग भाग्यशाली है क्योंकि सशक्त नेता नरेन्द्र बरागटा उनका नेतृत्व कर रहे है। नरेन्द्र बरागटा ने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को प्रभावशाली तरीके से सरकार के समक्ष उठाया है। मुख्य सचेतक और जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री का क्षेत्र की विकासात्मक जरूरतों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक दृष्टिकोण और सेब के सुचारू परिवहन और विपणन के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी करने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लगभग 15 हजार लोगों ने अरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड किया हैं और जरूरमंदों को 8 हजार से अधिक खाद्य किट भी वितरित किए हैं।
निदेशक पर्यटन और नागरिक उड्डयन यूनुस ने बताया कि राज्य में कोविड-19 महामारी के दौरान पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ करने और राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने आतिथ्य क्षेत्र में कार्यशील पूंजी ऋणों पर ब्याज अनुदान योजना आरंभ की है। यूनुस ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र की तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने के लिए योजना को अधिसूचित किया है। अधिकतम 11 प्रतिशत प्रतिवर्ष के मासिक चक्रवृद्धि ब्याज पर ब्याज दरें निश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकृत पर्यटन इकाइयां इस योजना के लाभ 31 मार्च, 2021 तक योजना अधिसूचित होने की तिथि से उठा सकती है। उन्होंने कहा कि ऋण का भुगतान चार वर्षों के अंदर करना होगा, जिसमें ब्याज अनुदान के प्रथम दो वर्ष और ऋण स्थगन का एक वर्ष भी शामिल है। ऋण अदायगी के प्रथम दो वर्षों में ऋण की 50 फीसदी राशि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष के अंत में प्रतिपूर्ति की जाएगी, जबकि अंतिम दो वर्षों का ब्याज ऋण प्राप्त करने वाली इकाई को स्वयं चुकाना पड़ेगा। यूनुस ने बताया कि इच्छुक पर्यटन इकाई आॅपरेटर कार्यशील पूंजी ऋण लेने के लिए जिला पर्यटन विकास अधिकारी और संबंधित उप निदेशक/डीटीडीओ/एटीडीओ को आवेदन कर सकते हैं, जो ऋण लेने के लिए मामले को बैंक को प्रायोजित करेंगे। इस योजना के अंतर्गत ऋण सुविधा तीन सहकारी बैंकों जिसमें हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक, जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक और व्यवसायिक बैंकों से प्राप्त की जा सकती है। पात्रता की शर्त व परिमाण इकाई के जीएसीडी भुगतान पर आधारित होगा। हालांकि छोटी पंजीकृत इकाइयां जो जी.एस.टी. के अन्तर्गत नहीं आती; 15 लाख तक की अधिकतम ऋण सीमा तथा 1.5 लाख रुपये प्रति कमरे के हिसाब से ऋण लेने के लिए पात्र होगी। यदि पंजीकृत पर्यटन इकाइयों ने औसतन प्रति वर्ष 1 करोड़ रुपये तक का जी.एस.टी. भुगतान किया होगा ऐसी इकाइयां 50 लाख रुपये केे कार्यशील पूंजी ऋण के लिए पात्र होगी तथा जिन इकाइयों ने 1 करोड़ से 3 करोड़ रुपये का भुगतान किया होगा ऐसी इकाइयां 75 लाख रुपये तथा जिन इकाइयों ने 3 करोड़ रुपये से अधिक का जी.एस.टी का भुगतान किया होगा, ऐसी इकाइयां एक करोड़ रुपये ऋण लेने के पात्र होगी।
मंगलवार को एनएसयूआई ने प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की और प्रदेश विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में पढ़ रहें छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया, जिसमें सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश में यूजी और पीजी के छात्र-छात्राओं को प्रमोट करने और फाईनल ईयर के छात्र-छात्राओं को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अंक देकर प्रमोट करने की मांग रखी। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय तथा प्रदेश के महाविद्यालयों में शिक्षा के नाम पर छात्र-छात्राओं से 18 प्रतिशत जीएसटी लेने को लेकर राज्यपाल महोदय को अवगत करवाया। इसके साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ रहें छात्र-छात्राओं की एक समेस्टर की फीस माफ करने की बात रखी। उन्होंने कहा कि ना तो विश्वविद्यालय में प्रैक्टीकल लगे हैं ना स्लेब्स पुरा हुआ हैं और ऑनलाइन कक्षाएं भी सुचारू रूप से नही लगी हैं, तो विद्यार्थियों को राहत दी जाएं। उन्होंने कहा कि जहां अन्य प्रदेश पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और तेलगाना जैसे राज्यों ने विद्यार्थियों को प्रमोट किया है, वही हिमाचल प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय कोई भी फैसला न लेकर छात्रों को मंझधार में ड़ाल रखा हैं। एनएसयूआई ने राज्यपाल महोदय से अनुरोध किया कि कोविन-19 महामारी के चलते शिक्षण संस्थानो के बन्द रहने के कारण छात्र पढ़ाई नही कर पाए और परिक्षाओं भी बहुत विलम्व हो चुका है अतः यूजी और पीजी के छात्रों कको प्रमोट कर दिया जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल महोदय ने उनकी मांगो को लेकर उन्हें पुरा करवाने का पुरा आश्वासन दिया हैं। इस मौके पर राष्ट्रीय संयोजक बलबिंदर सिंह बल्लु, जिला अध्यक्ष शिमला योगेन्द्र योगी, यासिन बटट, नितिन देष्टा, चंचल महाजन विशेष रूप से मौजूद रहें।
शिमला नागरिक सभा ने टूटू चौक व यादगार के पास नगर निगम द्वारा किए जा रहे दीवार व पार्किंग निर्माण को तुरंत रोकने की मांग की है। नागरिक सभा ने मांग की है कि उक्त निर्माण के कारण जो टूटू की जनता पर खतरा मंडरा रहा है उसके लिए नगर निगम को जिम्मेदारी लेनी चाहिए व बरसात के भारी समय में इन निर्माण कार्यों को शुरू करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ करनी चाहिए। नागरिक सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि पीड़ितों व पंचायत तथा बीडीसी सदस्यों के खिलाफ दायर एफआईआर तुरन्त रदद् की जाए। पीडितोंको नगर निगम शिमला व प्रदेश सरकार तुरन्त मुआवजा राशि दे। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिनके भवन व दुकानें खतरे में हैं व जो पीड़ित हैं उनपर एफआईआर दर्ज की जा रही है। इस गलत निर्माण कार्य के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले पंचायत व बीडीसी के चुने हुए नुमाइंदों पर प्रशासन मुकद्दमे दायर कर रहा है जबकि बरसात में ऐसे गलत निर्माण कार्य को करके भवनों व जनता को नुकसान पहुंचा रहे हैं उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। इस निर्माण कार्य के कारण कई भवन इसकी जद में हैं। कई दुकानों पर खतरा मंडरा रहा है। चैली पंचायत के पंचायत भवन व सरकारी राशन डिपो पर भी खतरा बरकरार है। पार्किंग निर्माण से टूटू-दाड़लाघाट व टूटू-नालागढ़ दोनों सड़कें खतरे में हैं। निर्माण कार्य के कारण भारी भूस्खलन हो रहा है। इस से टूटू-दाड़लाघाट सड़क का आधा हिस्सा पूरी तरह बैठ गया है जिसे बन्द करना पड़ा है। दो भवनों में भारी दरारें हैं। इन भवनों में चल रही दुकानें व रिहाइशें भारी खतरे में हैं। कभी भी भारी जानमाल का नुकसान हो सकता है। अगर भारी बारिश हुई तो पार्किंग से मलवा गिरने से टूटू-नालागढ़ सड़क भी पूरी तरह बंद हो जाएगा। पार्किंग से ऊपर व नीचे की दोनों सड़कें खतरे की जद में हैं। नीचे के भवन भी खतरे में हैं। गरीबों की बस्ती बंगाला कॉलोनी में रहने वाले तीन सौ लोग व उनके घर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि टूटू चौक में मलवा गिरने से सड़क को भारी खतरा पैदा हो गया है। बरसात में दीवार का निर्माण कार्य शुरू करने से और ज़्यादा मलवा गिरने की संभावना पैदा हो गयी है। मिट्टी से छेड़छाड़ करने से मिल्कफेड के कुछ भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है। बरसात में निर्माण कार्य शुरू करने का कोई तुक नहीं बनता था परंतु ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नगर निगम इन दोनों कार्यों को अमलीजामा पहनाने के लिए उतावला है व खतरे के बावजूद इस कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए जबरन कोशिश कर रहा है। इन दोनों निर्माण कार्यों के कारण टूटू के तीन स्थान व सड़कें पूरी तरह बंद हो जाएंगी व शिमला शेष हिमाचल से कट जाएगा। इस पर तुरन्त रोक लगनी चाहिए नहीं तो नागरिक सभा सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडी जिला के सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में 45 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किए। मुख्यमंत्री ने 7.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सुंदरनगर-बीना सड़क, 2.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले हराबाग में बागवानी विश्राम गृह, सुंदरनगर स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में 3.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अतिरिक्त भवन के निर्माण और 22.24 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरनगर शहर की उठाऊ सिंचाई योजना, जिससे शहर के 11 वार्डों के 21 हजार लोग लाभान्वित होंगे की आधारशिला रखी। जय राम ठाकुर ने 1.02 करोड़ रुपये की लागत से बेला खड्ड पर निर्मित 19.75 मीटर लंबे स्पेन पुल, 1.04 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बागवानी विभाग के नए भवन तथा 3.03 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल योजना कलाउहड का भी उद्घाटन किया। इस योजना से क्षेत्र की 48 बस्तियों के पांच हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी जिला के सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में जल शक्ति विभाग की 200 करोड़ रुपये की योजनाएं और लोक निर्माण विभाग की 100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर में 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि 12 करोड़ रुपये की लागत से मातृ शिशु अस्पताल भवन भी निर्माणाधीन है। जय राम ठाकुर ने कहा कि जिन विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास उन्होंने आज किया है, इन सभी परियोजनाओं का निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निहरी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आरम्भ करने के अतिरिक्त कांगू के सलापड़ में लोक निर्माण विभाग का उप-मंडल भी आरम्भ किया है। उन्होंने कहा कि धन के अभाव को विकास के आड़े नहीं आने दिया जाएगा तथा लोग विकास के लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1999 में प्रदेश के वीर सपूत कैप्टन विक्रम बत्तरा ने कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों से लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने धरती के इस वीर सपूत को भाव-भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत ने चीन द्वारा डोकलाम में किए गए दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब दिया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश एक समय कोरोना मुक्त बनने की ओर अग्रसर था, परंतु बड़ी संख्या में देश के विभिन्न भागों से वापिस आए लोगों के कारण कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को खर्च न हुए धन को विकासात्मक कार्यों में प्रयोग करने के निर्देश दिए, ताकि धन का उचित प्रयोग सुनिश्चित हो सके। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि यह मण्डी जिला के लोगों के लिए सम्मान की बात है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री उनके जिले से सम्बन्ध रखते हैं। उन्होंने कहा कि सुन्दरनगर की ऊठाउ पेयजल योजना से सुन्दरनगर क्षेत्र के लोगों को 24 घण्टे पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सुन्दरनगर के हराबाग के विश्राम गृह से क्षेत्र की पर्यटन की गतिविधियों को बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रदेश में कोरोना महामारी से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए धन्यवाद किया। सुन्दरनगर के विधायक राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विकासात्मक योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की आधारशिलाएं रखनें व लोकार्पण करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का वर्तमान कार्यकाल जिले के लोगों विशेषकर सुन्दरनगर के लोगों के वरदान साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के क्षेत्र के प्रति विशेष लगाव के कारण इस विधानसभा क्षेत्र की सभी विकासात्मक परियोजनाओं पर कार्य तेजी से हो रहा है। उन्होंने क्षेत्र की कुछ विकासात्मक मांगों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता, प्रमुख अभियन्ता पीडब्ल्यूडी भवन शर्मा शिमला में उपस्थित रहे और उपायुक्त मण्डी ऋग्वेद ठाकुर, पुलिस अधीक्षक मण्डी गुरूदेव शर्मा और अन्य अधिकारी इस अवसर पर सुन्दरनगर में उपस्थित रहे।
जुब्बल तहसील के अंतर्गत झड़ग क्षेत्र के कान्टू गांव के एक दर्जन घरों मे पिछलें 20 दिनों से पानी की एक बूँद तक नसीब नही हो रही हैं जिससे बागवानों को बगीचों मे दवाईयों के छिड़काव सहित पशुओं को पीलाने तक पानी नहीं मिल रहा। लोगों को पीने के पानी को भी दो किलोमीटर दुर सड़क पर लगे हैड पंम्प से ढोकर लाना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामिणों ने आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता से शिकायत की तो उनकी मांग को नही सुना जा रहा। पानी की किल्लत से झूझ रहे लोगों में प्रकाश शर्मा, हरदियाल, रामप्रकाश, किशोरी लाल, भोपेंन्द्र व सेना देवी ने विभाग से मांग की है कि उनके घरों व बगीचों में लगे नल 20 दिनों से सुख चुकें हैं जिससे पीने के पानी के साथ साथ पशुओं व बागवानी कार्यों में पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। लोगों ने जल्द पानी की सप्लाई सुचारू करनें की मांग की हैं। इस बारे में हाटकोटी डीविजन के कनिष्ट अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि इस क्षेत्र में सोर्स में पानी की सप्लाई के चलतें यह समस्या आ रही है। इस पर विभाग काम कर रहा है व जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
राज्य स्तरीय एकल खिड़की अनुश्रवण एवं स्वीकृति प्राधिकरण ने एकल खिड़की पोटर्ल के माध्यम से 6100 करोड़ रुपये के निवेश वाले 193 परियोजना प्रस्ताव स्वीकृत किए हैं। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उद्योगपत्तियों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से धर्मशाला में 7 व 8 नवम्बर, 2019 को ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट का आयोजन किया था जिसमें 96721 करोड़ रुपये के 703 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। इस मीट के दो महीने के उपरान्त 13656 करोड़ रुपये के 204 समझौता ज्ञापनों का ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने व्यवसाय में सुगमता के अंतर्गत विभिन्न प्रक्रियाओं को सरल बनाया है। वित्तीय पहल की समयबद्ध स्वीकृतियों और भुगतान के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 को लागू किया गया है। सरकारी भूमि बैंक स्थापित कर 600 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करवाई जा चुकी है जबकि 1300 हेक्टेयर भूमि के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निवेशकों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने वालों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि जिन परियोजनाओं का निष्पादन होना है, उन्हें निर्धारित समय अवधि मंे कार्यान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वैबीनार के माध्यम से संभावित निवेशकों तथा उद्योग संघों से निरंतर संपर्क में रहा जाए। उन्होंने अधिकारियों से निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष क्षेत्रों जैसे विद्युत वाहनों, विद्युत और इलेक्टाॅªनिक्स, प्रेसिशन टूल्ज, आई.टी. हार्डवेयर आदि के लिए कार्य योजना तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी प्रदेश का फार्मा उद्योग क्रियाशील रहा है यहां निर्मित दवाईयां दूसरे देशों को भी निर्यात की गई है। इस विपत्ति की घड़ी को अवसर में तबदील करने के प्रयास किए जाने चाहिए क्योंकि देश के अन्य राज्य कोविड-19 के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और हिमाचल प्रदेश की स्थिति बेहतर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार में सुगमता सुनिश्चित करने के लिए विशेष बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाओं, नियमों तथा अधिनियमों को सरल बनाया गया है और धारा-118 के अंतर्गत स्वीकृतियों को सरल तथा आॅनलाइन किया गया है। उद्योगपतियों से संबधित 11 विभागों की लगभग 37 सेवाओं को आॅनलाइन किया गया है जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (सुविधा और संचालन) 2019 के अंतर्गत आॅनलाइन स्वयं प्रमाणन को क्रियाशील बनाया गया है जिससे योजनाओं के समयबद्ध कार्यान्यवन में सुविधा हुई है। प्रदेश सरकार ने राज्य मंे बल्क ड्रग पार्क शुरू करने का मामला प्रभावशाली तरीके से केंद्र सरकार से उठाया है जिसके लिए दो स्थलों को चिन्हित किया गया है। ऊना जिले के टाहलीवाल में सामान्य इंजीनियरिग कलस्टर को मंजूरी दी गइ है, जिसमें मिनी टूल कक्ष, आधुनिक उपकरणों, परीक्षण प्रयोगशाला और प्रशिक्षण केंद्र की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के अंतर्गत 311.75 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य संवर्द्धन अधोसंरचना के 16 मामलों को मंजूरी प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 147.42 करोड़ रुपये की लागत के खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता के सृजन और विस्तार के 20 मामलों को भी मंजूरी प्रदान की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न बैंकों के माध्यम से 25 लाख रुपये तक के ऋण प्रदान किए जा रहे हैं और इसके अंतर्गत परियोजना लागत की 35 प्रतिशत तक सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान 1,181 परियोजनाओं के लक्ष्य के मुकाबले 1214 लाभार्थियों को गैर-कृषक आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए इन्हें वित्त प्रबंधित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत सूक्ष्म लघु मध्यम इकाइयों को वित्तीय लाभ देने के लिए 1200 करोड़ रुपये वितरित किए गए। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 140 करोड़ रुपये के निवेश के साथ प्रदेश में 728 इकाइयां स्थापित की गई हैं। उन्होंने येाजना की धीमी रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की एक टीम नामित की जानी चाहिए, ताकि अधिकतम युवा इससे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप हिमाचल योजना के अंतर्गत 92 नए उद्यमी लाभान्वित हुए हैं और 29 स्टार्ट अप का व्यवसायीकरण किया गया। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण में उद्योगपतियांे को और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इसे अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस प्राधिकरण को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने उद्यमियों की सुविधा के लिए हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 के अंतर्गत प्रोत्साहन, रियायतें और सुविधाएं प्रदान करने के लिए ऑनलाइन माॅड्यूल का भी शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि इससे उद्यमी एक ही आवेदन पत्र द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि हमें केंद्रित होकर कार्य करना चाहिए ताकि वांछित परिणाम प्राप्त किये जा सकें। उन्होंने राज्य में सीमेंट की कीमतों के पर नियंत्रण के लिए एक उपयुक्त तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सोमवार को महामहिम दलाई लामा को उनके 85वें जन्म दिवस पर शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने कहा कि धर्म गुरू दलाई लामा शांति, प्रेम और करूणा का प्रतीक हैं। वे शांति, भलाई के धर्मोपदेशक और श्रद्धेय नेता हैं। राज्यपाल ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महामहिम दलाई लामा आने वाले कई वर्षों तक मानवता का मार्गदर्शन करते रहेंगे। महामहिम दलाई लामा को अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि वह विश्व शांति का जीवंत उदाहरण है जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मानव सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा वैश्विक शन्ति के लिए समर्पित किया है। मुख्यमंत्री ने धर्म गुरू महामहिम दलाई लामा के स्वस्थ्य एवं खुशहाल जीवन की कामना की है।
भाजपा मुख्यालय दीप कमल चक्कर शिमलन में आयोजित डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी की 119वी जन्मजयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि राष्ट्रोत्थान व सेवा भाव को आधार बनाकर भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले परम श्रद्धेय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। उन्होंने कहा समतामूलक समाज व अखंड भारत की संकल्पना के पोषक आपके विचार "आत्मनिर्भर भारत" के निर्माण में अत्यंत अनुसरणीय हैं। आज मेरा ये सौभाग्य है कि मुझे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 119वीं जयंती के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बात करने का मौका मिला है । उन्होंने कहा ये खुशी का विषय इसलिए है कि जिस वजह से डॉ मुखर्जी ने जिस अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, उस अनुच्छेद 370 को मोदी सरकार ने हमेशा के लिए खत्म कर दिया। एक राष्ट्र भक्त, महान शिक्षाविद, प्रखर राजनेता और प्रखर सांसद के रूप में हम श्रद्धेय डॉ मुखर्जी जी को जानते हैं। उन्होंने कहा खंडित भारत में अखंडता के लिए लड़ने वाले वो पहले व्यक्ति थे। 1952 में डॉ मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की और जनसंघ के पहले अध्यक्ष बने। जिस जनसंघ की यात्रा से बढ़कर आज भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है उसकी नींव रखने का काम डॉ मुखर्जी ने किया था। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने 1951 में जनसंघ की स्थापना की और 1952 में कानपुर के अधिवेशन में ये विषय रख दिया की जम्मू-कश्मीर का विलय पूर्ण होना चाहिए और संपूर्ण होना चाहिए, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने स्पष्ट कहा था कि अनुच्छेद 370 के माध्यम से जम्मू कश्मीर को विशेष अधिकार क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा लेकिन नेहरू और शेख अब्दुल्ला की चाल को अंजाम देने का काम नेहरू कर रहे थे। डॉ मुखर्जी ने इसका विरोध किया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जवाहरलाल नेहरू को चिट्ठी लिख कर कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाना चाहिए, और कहा कि एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। उन्होंने कहा तब भारत के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने चिट्ठी का जवाब तक नहीं दिया। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की राष्ट्र भक्ति इस तरह थी कि उन्होंने अपना सब कुछ जम्मू कश्मीर के लिए लगाया। हमें खुशी है के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनके बलिदान पर करोड़ों कार्यकर्ता दिन रात चले और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने वो मुकाम हासिल किया और धारा 370 को धराशायी कर दिया। कार्यक्रम में प्रदेश कार्यालय सचिव प्यार कंवर, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, राज पाल सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा बब्ली, अमर ठाकुर, संजीव देष्टा, नरेश ठाकुर और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां शत-प्रतिशत घरों में एलपीजी गैस कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के लाभार्थियों से बातचीत करते हुए यह बात कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि पारंपरिक चूल्हे के लिए लकड़ियां एकत्रित करना और खाना बनाना न केवल कष्टदायी था बल्कि इससे महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। ईंधन की लकड़ी के लिए लाखों पेड़ों के कटान के कारण पर्यावरण भी प्रभावित होता है। इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की परिकल्पना की जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश के 1.36 लाख परिवार लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश के करोड़ों लोगों ने स्वेच्छा से अपनी एलपीजी सब्सिडी छोड़ी है। इस योजना का लाखों परिवारों को लाभ मिला लेकिन प्रदेश के बहुत से परिवार इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना आरम्भ करने का निर्णय लिया। इस योजना के अंतर्गत 2,76,243 परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि इससे महिलाओं को रसोई गैस के धुएं के दुष्प्रभाव से निजात मिली है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने हमारे संवाद के तौर-तरीकों को भी बदल दिया है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अन्य राज्यों से आए होम-क्वारन्टीन लोगों पर भी नजर रखें, ताकि वह क्वांरटीन नियमों का उल्लघंन न करें। इससे समुदायिक स्तर पर संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद मिलेगी। इस योजना के विभिन्न लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। इस योजना को आरंभ करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। जिला बिलासपुर की ब्यासा देवी, बालीचैकी की चिंता देवी, भरमौर की मीनू ठाकुर, जिला कांगड़ा की कामिनी देवी, जिला कुल्लू की मीना देवी, जिला सिरमौर की गुलनास, जिला लाहौल-स्पीति की दीपिका, जिला शिमला की श्रेष्ठा, जिला हमीरपुर की सोनिया देवी तथा जिला ऊना की सरोज बाला ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव सांझा किए। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार ने कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई है, क्योंकि अब उन्हें लकड़ी इकट्ठा करने के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है। इस अवसर पर योजना के संबंध में निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आबिद हुसैन सादिक ने प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव अनिल खाची तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ग्रीनबेरी आर के जी ग्रुप व ग्रीनबेरी वेल्फ़ेयर फ़ाउण्डेशन के संस्थापक राजेश कुमार गुप्ता द्वारा सीएम ऑफिस के लिए 5000 मास्क और 1000 सैनिटाइजर दिए गए l संस्था ने मेडिकल कॉलेज के लिए वेंटिलेटर भी दिए है l संस्था बीते समय में ठियोग और नारकंडा की सभी पंचायतों में और प्रदेश के सभी विभागों के दफ्तरों में करीबन 2.5 लाख मास्क और 50 हजार सैनिटाइजर बांट चुकी हैl सारी राहत सामाग्री संस्था के लीगल ऑफिसर अरुण भोयल द्वारा सौंपी गई l राजेश कुमार गुप्ता पहले भी हिमाचल प्रदेश सरकार को 21 लाख की रकम मुख्य मंत्री राहत कोष, 11 लाख प्रधान मंत्री केयर फंड और 5 लाख उत्तर प्रदेश मुख्य मंत्री राहत कोष के लिए दे चुके है l
प्रदेश सरकार ने आज 38 HAS अधिकारियों का दलबदल किया और उन्हें नए स्थान पर तैनाती के आदेह भी दिए। कार्मिक विभाग की ओर से जारी इन अधिकारियों के तबादला आदेश के तहत राज्य परिवहन प्रधिकरण के सचिव सुनील शर्मा को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार और HPU के रजिस्ट्रार घनश्याम चंद को राज्य परिवहन प्राधिकरण का सचिव लगाया गया है। अतिरिक्त निदेशक उच्चतर शिक्षा सोनिया ठाकुर को अतिरिक्त निदेशक आईटी के पद पर भेजा गया है। एसडीएम जयसिंहपुर डॉ. विक्रम महाजन को अतिरिक्त निदेशक एबीपी पर्वतारोहण संस्थान एवं अलाइड स्पोर्ट्स मनाली, डीटीडीओ कुल्लू भाग चंद नेगी को एलएओ पार्वती प्रोजेक्ट कुल्लू, एसडीएम शिमला ग्रामीण नीरज गुप्ता को संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा, एसडीएम चौपाल अनिल कुमार को संयुक्त सिचव सहकारिता के साथ रजिस्ट्रार एचपी उपभोक्ता निवारण आयोग, संयुक्त निदेशक नाहन मेडिकल कॉलेज नरेंद्र कुमार प्रथम को संयुक्त सीईओ बीबीएनडीए, एसडीएम थुनाग सुरेंद्र मोहन को एसडीएम रामपुर, एसडीएम शिमला शहरी नीरज कुमारी चांदला को जीएम शिमला स्मार्ट सिटी, एसडीएम केलांग अमर नेगी को संयुक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा सुंदरनगर, प्रोजेक्ट अफसर आईटीडीपी केलांग स्मृतिका को रजिस्ट्रार अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, एसडीएम रामपुर नरेंद्र कुमार द्वितीय को एसडीएम चौपाल, एसडीएम उदयपुर कृष्ण चंद को डीटीडीओ कुल्लू, एसडीएम चुराह हेम चंद वर्मा को एसडीएम बंजार, एसडीएम डोडरा क्वार रत्ती राम को डीटीडीओ सोलन, एसी कम बीडीओ नादौन पारस अग्रवाल को एसडीएम थुनाग, एसी कम बीडीओ रैत सोमिल गौतम को एसडीएम चुराह, बीडीओ पच्छाद डॉ. शशंक गुप्ता को एसडीएम डोडरा क्वार लगाया गया है। इसके अलावा हिपा में प्रशिक्षण ले रही अपराजिता चंदेल को बीडीओ नादौन, स्वाति डोगरा को बीडीओ सुजानपुर टीहरा, प्रिया नागटा को बीडीओ निरमंड, डॉ. स्वाति गुप्ता को बीडीओ देहरा, रजनीश शर्मा को बीडीओ मेहला, डॉ. रोहित शर्मा को बीडीओ नूरपुर, गुनजीत सिंह चीमा को एसडीएम कुमारसैन, विश्व मोहन देव चौहान को बीडीओ नालागढ़, धरम पाल को बीडीओ झंडुता, महेंद्र प्रताप सिंह को बीडीओ काजा, निशांत तोमर को उप निदेशक कम प्रोजेक्ट निदेशक डीडब्ल्यूडीए कांगड़ा, पवन कुमार को एसडीएम जयसिंहपुर, मंजीत शर्मा को एसडीएम शिमला शहरी, देवी चंद को संयुक्त निदेशक मंडी मेडिकल कॉलेज, राज कुमार को एसडीएम उदयपुर, राजेश भंडारी को एसडीएम केलांग व प्रोजेक्ट अफसर आईटीडीपी केलांग का अतिरिक्त कार्यभार, मनोज कुमार को एसडीएम शिमला ग्रामीण, राजीव ठाकुर को उप निदेशक हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर और शमशेर सिंह को एलएओ ब्यास डैम प्रोजेक्ट लगाया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक (C.O.E) को छात्र मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। विद्यार्थी परिषद के इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा और इकाई मंत्री मुनीष वर्मा ने कहा की विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक से मांग की है हाल ही में जो अभी यूजी पांचवें सत्र के परीक्षा परिणामों में जिन छात्रों की सपली आई है उन्हें अभी 6th सेमेस्टर की परीक्षाओं के साथ उनके सपली के पेपर देने की परमिशन दी जाए जिससे कि उन छात्रों का 1 वर्ष अतिरिक्त बर्बाद होने से बच जाए विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि एक तरफ तो विश्वविद्यालय प्रशासन पीजी परीक्षाओं के फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है, परंतु अभी तक पिछले सत्र के परीक्षा परिणामों को निकालने में असमर्थ रहा है विद्यार्थी परिषद की मांग है विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र अति शीघ्र पीजी परीक्षाओं के लंबित पड़े शिक्षा परिणामों को घोषित करें जिससे कि छात्र आगामी परीक्षाओं के फॉर्म बिना किसी असमंजस की स्थिति के कारण भर सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को बजट आश्वासनों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए ताकि इन योजनाओं का लाभ लक्षित समूहों तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री वर्ष 2020-21 के लिए बजट प्राथमिकताओं पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना शुरू की जा रही है और इस योजना के तहत प्रदेश के 100 विद्यालयों का गुणात्तमक बदलाव तथा छात्र-शिक्षकों का उचित अनुपात सुनिश्चित कर सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 15 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 12 महाविद्यालयों में स्नातक स्तर के व्यवसायिक पाठ्यक्रम (बैचलर आॅफ वोकेशनल कोर्स) भी शुरू किए गए हैं और इस वर्ष प्रदेश के अन्य छः महाविद्यालयों में ऐसे पाठयक्रम आरम्भ किए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मेधा प्रोत्साहन योजना विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हुई है, क्योंकि उन्हें नीट, आईआईआईटी जैसी विभिन्न परीक्षाओं के लिए कोचिंग लेने के लिए एक लाख रुपये तक का अनुदान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्वर्ण जयंती सुपर 100 स्कीम के तहत दसवीं की परीक्षा में आए पहले 100 विद्यार्थियों को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषकर प्री-प्राईमरी और प्राईमरी स्तर के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुणात्त्मक शिक्षा पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थियों को उनके घरद्वार के निकट उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त हो सकें। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में कृषि उत्पाद संरक्षण योजना आरम्भ की गई है, जिसके तहत राज्य के किसानों को एन्टी हेल नेट लगाने के लिए ढांचे पर 50 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार राज्य में सुगन्धित पौधों की खेती और इनके प्रचार के लिए महक योजना आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की सहायता से राज्य के किसानों की आर्थिकी को बड़े पैमाने पर सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक की सहायता से चल रही बागवानी विकास परियोजना के अन्तर्गत गुम्मा, जरोल-टिक्कर और रोहडू में राज्य के बागवानो और किसानों की सहायता के लिए स्थापित नियंत्रित वातावरण (सी.ए.) स्टोर्ज का स्तरोन्यन किया जा रहा है ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2022 तक सभी घरों में नल से जलापूर्ति सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस मिशन के तहत प्रशंसनीय प्रगति की है तथा वर्ष 2019-20 में जल जीवन मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से 57 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बे-मौसमी सब्जियां और नकदी फसल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार अधिकतर क्षेत्र को सिंचाई के तहत लाने का प्रयास कर रही है, उन्होंने कहा कि इससे न केवल उनकी आर्थिकी सुदृढ़ होगी, बल्कि यह युवाओं को कृषि गतिविधियों में अपना सहयोग देने के लिए भी प्रेरित करेगा और युवाओं का शहरों की तरफ पलायन भी रूकेगा।
श्रम एवं रोजगार विभाग की विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की समीक्षा बैठक उद्योग, श्रम एवं रोजगार और तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों को सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ प्रयास करने के निर्देश दिए। उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में निजी क्षेत्र में चल रहे कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की नियमित रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्थान डिफाॅल्टर पाया जाता है तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे संस्थानों से प्रशिक्षण लेने के बाद युवाओं की प्लेसटमेंट भी हो। सरकार द्वारा प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को दिया जाने वाला कौशल भत्ता मिल रहा है या नहीं, और इसकी पूरी जानकारी संस्थान के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए। उद्योग मंत्री ने कहा कि बाहरी राज्यों से रोजगार छोड़कर आने वाले युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर राज्य में ही रोजगार उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा स्किल रजिस्टर पोर्टल शुरू किया गया हैै। उन्होंने कहा स्किल रजिस्टर पोर्टल के प्रचार-प्रसार पर ज्यादा ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों के लोगों तक इस पोर्टल की जानकारी पहुंच और अधिक से अधिक इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 13960 लोगों और 62 इंप्लायर ने भी इस पोर्टल में पंजीकरण किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इंप्लायर अपनी डिमांड भी इस पोर्टल में रजिस्टर करवाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार इंग्लिश स्पीकिंग ट्रेंनिग कोर्स प्रदेश भर में आरम्भ किया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को इसका लाभ मिल सके। इस कार्य के लिए विशेषज्ञ की सेवाएं ली जाए। अब तक 65 स्कूलों व महाविद्यालयों में यह कोर्स शुरू किया जा चुका है। उद्योग मंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड (एचपीबीओसीडब्ल्यू) के अधिकारियों को बोर्ड में अधिक से अधिक मजदूरों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पंजीकरण व रिन्यूल की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए ताकि श्रमिकों को बोर्ड की कल्याणकारी नीतियों का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मनरेगा सहित अन्य विभिन्न निर्माण कार्यों में 90 दिन की अवधि पूर्ण करने वाले सभी मजदूरों का पंजीकरण किया जाए ताकि उन्हें बोर्ड की ओर से मिलने वाले विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त हो सके। लाॅकडाउन के दौरान बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों को 2-2 हजार रुपये की 2 किश्तें जारी कर दी है और तीसरी किश्त शीघ्र ही जारी कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों एवं विकास खण्ड अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं केे लाभार्थियों की सूची तैयार की जाए ताकि राज्य सरकार उन लाभार्थियों के साथ सम्पर्क साध कर समन्वय स्थापित कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें और अधिक प्रतिबद्धता व अलग रणनीतियों के साथ काम करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने इस महामारी के दौरान वचनबद्धता और उत्साह के साथ कार्य किया है। उन्होंने सन्तोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की सभी विकासात्मक गतिविधियां मुश्किल के इस समय में भी निर्बाध चल रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि हमें लगातार विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए लगातार सम्पर्क में रहने के लिए एक प्रणाली बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए तकनीक का सर्वाेत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को पंचायत स्तर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का डाटा तैयार करने के निर्देश दिए ताकि इन सभी की त्वरित जानकारी उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान भारत और हिमकेयर, उज्ज्वला योजना और गृहिणी सुविधा योजना, आवास योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधीन पंजीकृत कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पैंशन लाभार्थियों, सहारा योजना और जन-धन योजना के लाभार्थियों को प्रथम चरण में सूचीबद्ध किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि इन योजनाओं के लाभार्थियों की सूची पंचायतों को उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस माह की 10 तारीख तक पंचायतों को यह सूची उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर वैबैक्स सौफटवेयर डाउनलोड करवाकर उन्हें इसके प्रयोग का भी प्रशिक्षण प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में डिस्प्ले पैनल स्थापित किए जाने चाहिए ताकि मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही वीडियो काॅन्फ्रेंस आम लोग भी देख सके। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि लाभार्थियों के आधार नम्बर की जानकारी कोई भी ले सकता है, क्योंकि योजनाओं के लाभ सीधे हस्तांतरण के माध्यम से किए गए है। उन्होंने कहा कि यद्यपि राज्य में आने के लिए ई-पास की आवश्यकता नही है परन्तु राज्य में आने के लिए पंजीकरण अभी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने के बाद भी क्वारंटीन के नियमों में कोई परिवर्तन नही किया गया है तथा रेड जोन से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को क्वारंटीन किया जाएगा।
शिमला स्थित CTO चौक से लेकर लोअर बाजार बाजार में भाजपा आईटी विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा एवं आईटी विभाग के सदस्यों ने पूर्व महापौर व पार्षद अनाडेल कुसुम सदरेट, रुल्दुभट्टा पार्षद संजीव ठाकुर, बालूगंज पार्षद किरण बावा, केथू पार्षद सुनील धर, पूर्व पार्षद संजीव शर्मा, लोअर बाजार से वरिष्ठ कारोबारी डॉ सुफल सूद, अशोक कुकरेजा, राजीव सूद, करनैल सिंह, सुरजन ग्रोवर और लोअर बाजार से संबंध रखने वाले भाजपा के जुझारू कार्यकर्ता व पूर्व भाजयुमो शिमला जिला अध्यक्ष राजीव अरोड़ा और कमल ठाकुर, राजकुमार अग्रवाल, कपिल जासवाल, श्रवण शर्मा, अभिमन्यु भांगड़ा, सुनंदा करोल ,मीना वर्मा, नोफल NGO के संयोजक गुरमीत सिंह व स्थानीय कार्यकर्ता दुकानदारों के सहयोग से सैनिटाइजर एवं फेस कवर का वितरण किया। संकट के समय में जनसेवा करना भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए सर्वोपरि है।
जिस प्रकार आज कोरोना जैसी महामारी पूरे विश्व मे फैली है जिससे कि भारत भी अछूता नहीं रहा है, इस प्रकार की महामारी से बचने के लिए सरकार व प्रसाशन द्वारा समय समय पर कई दिशा निर्देश दिए जाते है जिसका सभी को पालन करना चहिए, जिससे की आप अपना और अपने परिवार व समाज को इस महामारी से बचाने में हितकारी सफल होंगे। शनिवार को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि के अवसर राजधानी शिमला मैं सेवार्थ विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा बंगला झोंपड़ी संजौली, शनान, सांगटी, झूग़ी झोंपड़ी मैं रहने वाले बच्चों व बुज़र्गो को बिस्किट, फल व रसक का वितरण किया गया और शाड़ाबाई में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को बिस्किट वितरित किए। इस से पहले भी सेवार्थ विद्यार्थी द्वारा हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्टूडेंट फॉर सेवा के कार्यकर्ताओं ने मास्क का वितरण किया और दूसरों और जहा इस संकट के समय में स्कूल बंद होनी की वजह से विद्यार्थियों को बहुत से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है वही उसी कड़ी में स्टूडेंट फॉर सेवा के कार्यकर्ताओं द्वारा अपने अपने स्थान पर स्कूल के विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। आज स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि के अवसर पर बिस्किट, फल व रसक का वितरण शिमला और कुल्लू में किया और विवेकानंद जी को भी याद किया गया । हम आप सभी से यही अनुरोध करते हैं कि आप इस महामारी से लड़ने के लिए घरों से बाहर ना निकले अपने घर पर रहे खुद भी सुरक्षित रहे और अपने परिवार वालों को भी सुरक्षित रखे यादे कोई अति आवश्यक कार्य हो तभी घरों से बाहर आए और सेवार्थ विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश आप सभी से एक अपील करती है कि आप इस महामारी के संकट में जरूरतमंदों की मदद जरूर करे।
शिक्षा के व्यापारीकरण को लेकर विद्यार्थी परिषद शुरू से ही आंदोलनरत रही है और विद्यार्थी परिषद के आंदोलन का परिणाम है जहां निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग द्वारा चार निजी विश्वविद्यालय के कोर्स रद्द होने का परिषद स्वागत करती है। कुछ लंबे समय से इन विश्वविद्यालय की प्रदेश के अंदर तानाशाही के चलते निजी विश्वविद्यालय ना नियामक आयोग को मान रहे थे और ना ही प्रदेश सरकार को विश्वविद्यालय के अंदर यूजीसी के नियमों के साथ-साथ अपने विधानसभा एक्ट की भी अवहेलना हो रही थी। राहुल राणा ने कहा कि जहां मानव भारती के अंदर फर्जी डिग्रियां पकड़ी गई और गिरफ्तारी हुई जिस से प्रदेश शर्मसार हुआ। साथी इंडस यूनिवर्सिटी में अपने चार रेगुलर कर्मचारियों को रेगुलर डिग्री दे दी थी और उनकी स्कॉलरशिप भी ली थी साथ में 13 मार्च 2020 को इंडस यूनिवर्सिटी ने प्रेस नोट जारी करके कहा कि उन्होंने यह डिग्रियां कॉरेस्पोंडेंस डिस्टेंस एजुकेशन और ऑनलाइन क्लासेज के रूप में दी हैं। बाद में 18 मार्च को नियामक आयोग ने इंडस विवि को फटकार लगाई और साफ किया कि इस प्रकार की अनुमति हिमाचल प्रदेश में किसी भी विश्वविद्यालय को नहीं है। बाद में 13 अप्रैल को इंडस विश्वविद्यालय अपने बयान से मुकर गई और नया प्रेस नोट जारी करके कहा कि अपने रेगुलर चार कर्मचारियों को वे 4 से 6 घंटे छूट देते थे ताकि वह अपनी पढ़ाई कर सकें इस प्रकार का प्रावधान ना यूजीसी के अंदर है न ही भारत के किसी एक्ट के अंदर जो सरासर गलत है। साथ ही इंडस बीवी के अंदर डिस्टेंस मॉड में पीएचडी भी चलाई गई और कुलपति ने भी एक समय पर तीन-तीन डिग्रियां हासिल की है जहां अरनी विश्वविद्यालय के अंदर कर्मचारियों को कई महीने से सैलरी नहीं दी है और मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी को छोड़कर भाग गई। इन सब बातों से स्पष्ट होता है कि इन निजी विश्वविद्यालय के अंदर शिक्षा का व्यापारीकरण जोरों शोरों से चल रहा था और तीन विश्वविद्यालयों लूटपाट का अड्डा बना हुआ है। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि इंडस विवि प्रेस के माध्यम से बयान जारी कर रही है कि वह 4 से 6 घंटे छूट देकर अपने रेगुलर कर्मचारियों से पढ़ाई करवाते थे जिसे वह स्टूडेंट कम एम्पलाई केटेगरी कह रहे हैं जो कि सरासर गलत है नियामक आयोग से मांग करती है की इस प्रकार के बेतुके बयानों पर रोक लगाया जाए और स्पष्ट किया जाए इस प्रकार के कोर्स चलाने की अनुमति पूरे भारत में और हिमाचल में किसी को नहीं है वरना रेगुलर डिग्री की क्रेडिबिलिटी खतरे में होगी। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि तीन निजी विश्वविद्यालयों के ऊपर और नकेल कसी जाए तथा इन निजी विश्वविद्यालय की पूर्ण रूप से इंस्पेक्शन के बाद ही इन्हें कोई कोर्स दिए जाएं ताकि छात्रों का भविष्य खराब ना हो साथ ही इन निजी विश्वविद्यालय पर जल्दी से जल्दी एडमिनिस्ट्रेटर लगाया जाए ताकि वर्तमान में बढ़ रहे छात्र अपनी पढ़ाई ठीक ढंग से कर सकें। साथ ही मांग करती है कि स्टूडेंट कम एम्पलाई कैटेगरी के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार को जल्दी से जल्दी रोका जाए और जीने ऐसे अवैध डिग्रियां दी हैं उन्हें रद्द करके वि.वि को जुर्माना लगाया जाए।
पर्यटन उद्योग को लॉक डाउन का सबसे अधिक नुकसान सहन करना पड़ा है। परंतु अब होटल तथा अन्य पर्यटन से जुड़े व्यवसायों के लिए उम्मीद की किरण जगी है कि वह आने वाले सीजन में कुछ न कुछ ऑक्यूपेंसी अवश्य मिलेगी। इस समय जब भारत मे सभी पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए खोल दिए गए है। टूरिसम इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन ने सरकार द्वारा हिमाचल के भी दरवाजे पर्यटकों के लिए खोलना को एक सरहानीय कदम बताया है व मुख्य मंत्री जय राम ठाकुर का धन्यवाद भी किया है। उन्होंने कहा की आज कॉम्पिटिशन का दौर है यदि अन्य राज्यों के टूरिस्ट डेस्टिनेशन जैसे उत्तराखंड, गोवा, राजस्थान, केरेला इत्यादि पर्यटकों के लिए खुल गए है यदि हिमाचल को न खोला जाता तो इसका असर टूरिसम व्यसाय पर आने वाले सीज़न्स पेर पैड सकता था। हर पर्यटन राज्य को अपनी प्रेज़ेन्स बनाए रखना बहुत आवश्यक है। होटल इंडस्ट्री ने सबसे पहले मार्च में अपने होटलों को बंद करने का फैसला स्वेछा से लिया था। पर्यटन व्यवसायी अपना मुख्य सीजन खो चुके है परंतु अभी दो महीने ऑफ सीजन के है इस दौरान होटल व्यवसाई अपने होटलों को SOP में दी गए मानकों को पूरा कर चारणवद तरीके से होटलों को खोलेंगे। सरकार द्वारा होटलों समय रहते पर्यटकों के लिए खोलने से होटल व्यवसायी अपने होटलों की पब्लिसीटी कर सकतें है क्यूंकि होटल एक ऐसा व्यवसाय है जो कि खुलते ही बिजनेस जरनेट करना शुरू नही करता इसके लिए मार्केटिंग की आवशकता रहती है। टूरिसम इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन ने पहले ही होटल मालिकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन कर SOP के बारे में जागरूक करने का एक सफल प्रयास किया है। एसोसिएशन ने जल्द ही होटेलों में कार्यरत जनरल मैनेजरों के लिए ट्रेनिंग का आयोजन करने का भी फैसला लिया है। इन मैनेजरों की मदत से होटलों में कार्यरत स्टाफ को ट्रेनिंग दे जाएगी तथा इसमें पर्यटन विभाग से आग्रह कर उन्हें भी इस ट्रेनिंग्स के लिए मदत ली जाएगी। अभी एसोसिएशन पर्यटन विभाग द्वारा अन्य गाइडलाइन्स का इंतजार कर रही है व ज्यों ही SOP गाइडलाइन्स विभाग द्वारा जारी की जाएंगी उसको भी ट्रेनिंग का हिसा बनाया जाएगा। एसोसिएशन ने भी पर्यटन विभाग को SOP को लेकर अपने सुझाव दिए है। होटल व्यसायिओं ने पहले चरण में अपने होटलों के कुछ ही कमरों को खोलने का मन बनाया है ताकि होटल इकाई को कम से कम स्टाफ से चलाया जा सके तथा सोशल दिस्तानसिंग का पालन आसानी से किया जा सके।


















































