मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से जिला हमीरपुर के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जिला में कार्यान्वित की जा रही परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि इन्हें समयबद्ध पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को बेसहारा जानवरों से जुड़ी समस्या का समाधान करने व किसानों को राहत देने के लिए गौ-अभ्यारण्य के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने हमीरपुर-घुमारवीं, नादौन-अम्ब तथा भोटा-ऊना सड़कों के किनारे ई-चार्जिंग व्हीकल स्टेशन स्थापित करने के लिए स्थान चिन्हित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इलैक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए संबंधित अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नादौन ब्लॉक की ग्राम पंचायत हरेटा में 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इको टूरिज्म परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस परियोजना के तहत पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी अधोसंरचना, घास के मैदान, नाइट कैपिंग के लिए ट्री हाउस, कैफेटेरिया और चिल्ड्रन पार्क का विकास किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में रविवार से मौसम करवट बदलेगा। सोमवार को कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश के मौसम में बदलाव आने का पूर्वानुमान है। शनिवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल छाए रहे। मैदानी जिलों में धूप खिली रही। दोपहर बाद शिमला में बूंदाबांदी के अलावा हमीरपुर के कुछ इलाकों में बारिश हुई। ऊना में अधिकतम तापमान फिर 40 डिग्री सेल्सियस पार हो गया है। प्रदेश के 15 स्थानों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। इन स्थानों के तापमान में भी बढ़ोतरी होने के आसार हैं। मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति के कुछ क्षेत्रों में रविवार को हल्की बारिश की संभावना है। सोमवार को इन जिलों में कुछ जगह ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 21 मई तक यहां मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
शिमला नगर निगम द्वारा शहर में दुकानों की लीज नवीनीकरण के लिए लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ व्यापारियों में भारी आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि नए नियम उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर देंगे और वे पुराने नियमों के अनुसार ही लीज का नवीनीकरण चाहते हैं। शुक्रवार को शिमला व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल शहरी विधायक हरीश जनारथा से मिला और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। व्यापारियों ने विधायक से नए लीज नियमों में राहत दिलवाने की गुहार लगाई। प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद शहरी विधायक हरीश जनारथा ने तत्काल नगर निगम आयुक्त से इस मामले पर बात की और उनसे व्यापारियों को नए नियमों में राहत प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने व्यापारियों को यह भी आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाएंगे ताकि व्यापारियों के हितों की रक्षा की जा सके। विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि नगर निगम की शहर में कई दुकानें लीज पर दी गई हैं, जिन पर कई व्यापारी 70 वर्षों से काबिज हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा लीज नियमों में किए गए बदलाव में कई ऐसी शर्तें लगाई गई हैं जो व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आयुक्त से बात की गई है और उनसे दुकानदारों से एफिडेविट के आधार पर लीज का नवीनीकरण करने का अनुरोध किया गया है। इसके अतिरिक्त, शहरी विधायक ने शहर में तहबाजारियों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि तहबाजारियों के लिए शहर में जगह चिन्हित की गई है और वे केवल उन्हीं स्थानों पर बैठ सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शहर में तहबाजारियों को बसाने के लिए उचित स्थान की तलाश की जा रही है और आजीविका भवन में खाली दुकानों पर भी विचार किया जा रहा है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में स्थित घनपेरी गांव, शोघी एक भयानक हत्याकांड से दहल उठा। यहां एक व्यक्ति ने अपनी 26 वर्षीय पत्नी गुलशन की निर्मम हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपराध को छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में ही गड्ढा खोदकर दफनाने और जलाने का भी प्रयास किया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में आरोपी पति तोता राम को गिरफ्तार कर लिया है। पेशे से सुरक्षा गार्ड तोता राम ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। मामले का पर्दाफाश तब हुआ, जब पड़ोसियों को कुछ असामान्य लगा और उन्होंने तुरंत मृतक गुलशन के परिजनों को सूचित किया। जब परिजन घनपेरी पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर के आंगन में एक गहरा गड्ढा खुदा हुआ था और उसमें उनकी बेटी गुलशन का अधजला शव पड़ा था। बिना देर किए, उन्होंने पुलिस को इस भयावह दृश्य की जानकारी दी। पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए, जिन्हें आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया है कि शव को जलाने के लिए पेंट और लकड़ियों का इस्तेमाल किया गया था, स्पष्ट रूप से शव की पहचान मिटाने के इरादे से। जानकारी के अनुसार, गुलशन और तोता राम ने वर्ष 2020 में विवाह किया था और उनका एक चार वर्षीय मासूम बेटा भी है। मृतक गुलशन के परिजनों ने इस हत्याकांड के पीछे दहेज प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। गुलशन के भाई ने पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि 14 मई को उनकी मां ने गुलशन को फोन करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। बार-बार प्रयास करने पर भी जब संपर्क नहीं हुआ, तो उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई और वे एक रिश्तेदार के साथ घनपेरी गांव पहुंचे। अक्षय, गुलशन के भाई, ने बताया कि गांव पहुंचते ही उन्हें तोता राम का व्यवहार बेहद संदिग्ध लगा। जब उन्होंने घर के आंगन में देखा, तो वहां खुदा हुआ गड्ढा और उसमें उनकी बहन का जला हुआ शव देखकर उनके होश उड़ गए। परिजनों का मानना है कि गुलशन की पहले हत्या की गई और फिर सबूत नष्ट करने के लिए उसके शव को जलाने का प्रयास किया गया। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तोता राम खुद शोघी पुलिस चौकी पहुंचा और अपनी पत्नी के लापता होने की झूठी कहानी सुनाई। लेकिन, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और घटनास्थल की जांच ने उसके झूठ का पर्दाफाश कर दिया। बालूगंज थाने में इस जघन्य अपराध के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) और 238 (अपराध के साक्ष्य को गायब करना या अपराध के अपराधी को छिपाने के लिए गलत सूचना देना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। शिमला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी को आज अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि हत्या के मोटिव और अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा सके।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चोरी की घटना सामने आई है। इस चोरी में करीब 5 लाख रुपये की नकदी गायब हो गई है। इस वारदात को दुकान के ही एक कर्मचारी ने अंजाम दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दुकान की कैशियर ममता देवी ने इस घटना की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 10 मई को दुकान बंद करने के बाद वह अपने घर चली गई थीं। अगले दिन, उन्हें दुकान की मालकिन मंजू सूद का फोन आया, जिन्होंने दुकान से कैश बॉक्स चोरी होने की सूचना दी। इसके बाद ममता देवी ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू कर दी। जब पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच की, तो चोरी का राज खुल गया। सीसीटीवी फुटेज में दुकान में काम करने वाले योगराज नामक कर्मचारी को ही कैश बॉक्स चुराते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया। फिलहाल, पुलिस आरोपी योगराज की तलाश में जुट गई है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक कश्मीरी को अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर पाकिस्तान का झंडा लगाना महंगा पड़ गया है। युवक पर आरोप है कि उसने बीते वर्ष अपने WhatsApp स्टेटस पर पाकिस्तान का झंडा लगाया था। पुलिस ने गुप्त सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला आदिल मगरे शिमला में एक गैस एजेंसी में मजदूरी का काम करता है। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष उसने अपने WhatsApp स्टेटस पर पाकिस्तान का झंडा लगाया था, जिसका किसी व्यक्ति ने स्क्रीनशॉट लेकर अपने पास सुरक्षित रख लिया था। WhatsApp स्टेटस आमतौर पर 24 घंटे के लिए ही दिखता है और युवक ने भी कुछ देर बाद इसे हटा दिया था। हालांकि, अब इसी पुराने स्टेटस के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने युवक की पहचान आदिल मगरे के रूप में की है, जो शिमला में गैस सप्लाई का काम करता है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच हिमाचल प्रदेश में पहले भी पाकिस्तान समर्थक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले सामने आ चुके हैं। सोलन जिले के कंडाघाट में एक महिला और मनाली व सुन्नी में भी इसी तरह के आरोप लगे थे।
भारत की सेना द्वारा पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद देश के कई राज्यों में अलर्ट जारी होने और फ्लाइटें रद्द होने का असर अब पर्यटन पर भी दिखने लगा है। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंकाओं के चलते पर्यटक घूमने से परहेज कर रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव पंजाब के पर्यटन पर पड़ रहा है। जिन पर्यटकों ने पहले से ही घूमने की योजना बनाई थी और एडवांस बुकिंग करवा रखी थी वे भी अब अपनी बुकिंग को या तो होल्ड करवा रहे हैं या फिर रद्द कर रहे हैं। लॉन्ग वीकेंड के चलते राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों द्वारा बड़ी संख्या में एडवांस बुकिंग की गई थी। हालांकि, मौजूदा हालात के कारण अब शिमला में ही करीब 50 फीसदी पर्यटकों ने अपनी एडवांस बुकिंग को होल्ड पर रख दिया है, जबकि कई पर्यटक अपनी बुकिंग कैंसिल करवा रहे हैं। पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से पर्यटक अभी भी शिमला पहुँच रहे हैं, लेकिन अन्य दूर-दराज के राज्यों से आने वाले पर्यटक पहाड़ों की ओर रुख करने से कतरा रहे हैं। गृह मंत्रालय द्वारा फिलहाल सभी राज्यों की फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है। जिससे पर्यटकों की आवाजाही और भी सीमित हो गई है। शिमला के एक होटल मालिक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अप्रैल महीने में शिमला में काफी पर्यटक आए थे और मई में भी अच्छी संख्या में पर्यटकों की उम्मीद थी। लॉन्ग वीकेंड के लिए भी पर्यटकों ने एडवांस बुकिंग करवाई थी लेकिन पाकिस्तान पर हुई एयर स्ट्राइक के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। अब पर्यटक घूमने से हिचकिचा रहे हैं और जिन पर्यटकों ने एडवांस बुकिंग करवाई थी उनमें से कई अब बुकिंग कैंसिल करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में सभी व्यवसायी सरकार के साथ खड़े हैं। वहीं, पर्यटन निगम के जीएम अनिल तनेजा ने बताया कि पर्यटन निगम के होटलों में अभी लगभग 40 फीसदी बुकिंग है। हालांकि, फ्लाइटें स्थगित होने के कारण पर्यटक अब अपनी बुकिंग रद्द करवाने के लिए फोन कर रहे हैं। ज्यादातर पर्यटक अपनी बुकिंग को आगे की तारीखों के लिए स्थगित करवाना चाहते हैं और पर्यटन निगम ऐसे पर्यटकों को उनकी सुविधानुसार आगे की बुकिंग दे रहा है।
सुक्खू सरकार द्वारा लंबी दूरी बसों के किराए में बढ़ोतरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने सरकार को फिर घेरा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि किराया बढ़ाना हिमाचल की जनता के साथ नाइंसाफी है। जब से सुक्खू सरकार सत्ता में आई है तब से प्रदेश के लोगों को परेशान करने का जरिया बन गई है। एचआरटीसी आम आदमी की सवारी है, लोग अपने रोजमर्रा के कामों में एचआरटीसी की बसों का इस्तेमाल करते हैं। पहले ‘सुक्खू की सरकार’ ने मिनिमम बसों के किराए में वृद्धि करके आम लोगों के परिवार की जेबों पर महंगाई का बोझ डाला और अब लंबी दूरी के किराए में भी 15 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इससे आम लोगों को महंगाई का एक और झटका दे दिया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
शिमला, धर्मशाला, सोलन, कांगड़ा, डलहौजी, नारकंडा समेत कई जगह बुधवार को बादल बरसे। ऊना में धूप खिलने से अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने 11 मई तक हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और अंधड़ का दौर जारी रहने का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बदले मौसम से अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई है। शिमला में बुधवार सुबह के समय मौसम साफ रहा। दोपहर बाद कुछ देर के लिए बादल झमाझम बरसे। शाम के समय फिर शिमला में धूप खिल गई। प्रदेश में कई जगह अंधड़ और ओलावृष्टि से सेब के साथ जौ और गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश में 11 मई तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा और मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर व कांगड़ा के कई क्षेत्रों में बारिश और अंधड़ का पूर्वानुमान है। 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार जताए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को भारतीय सेना द्वारा ‘ऑप्रेशन सिंदूर’ के सफल संचालन के उपरान्त शिमला में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने ‘ऑप्रेशन सिंदूर’ के सफल संचालन के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को बधाई देते हुए कहा कि हमें अपने देश की सेनाओं पर गर्व है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, खाद्यान्न आपूर्ति, संचार व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, आपदा प्रबन्धन, स्वास्थ्य सेवाएं सहित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की तथा विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। वही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था तथा विभिन्न प्रबन्धों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं में भी भ्रष्टाचार के रास्ते तलाश रही है। उन्होंने विशेष रूप से फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना के टेंडर में धांधली का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर का कहना था कि जल शक्ति विभाग ने इस परियोजना के टेंडर में जॉइंट वेंचर पर रोक लगाकर सरकार अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। ठाकुर ने सवाल उठाया कि जबकि केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन, एनएचएआई और बॉर्डर रोड संगठन (बीआरओ) जैसी प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थाएं 100 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स में जॉइंट वेंचर की अनुमति देती हैं, तो हिमाचल सरकार और जल शक्ति विभाग फिन्ना सिंह परियोजना के टेंडर में जॉइंट वेंचर पर रोक क्यों लगा रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने पहले भी कई बार टेंडर की शर्तों में फेरबदल कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का काम किया है, जैसे कि स्कूली बच्चों के लिए बॉटल खरीदने के टेंडर और शिमला की पेय जल परियोजना में शर्तों का बदलाव। इसके अतिरिक्त पेखुवेला के सोलर प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए हैं, जिसमें पॉवर कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक विमल नेगी की मौत हो गई थी, और सरकार उस मामले की सीबीआई जांच से बच रही है। जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 284 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था, जिसमें 90 प्रतिशत केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा खर्च किया जाना था। इस परियोजना के निर्माण से सुल्याली क्षेत्र की 4025 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे लगभग 60 गांवों को लाभ होगा और क्षेत्र में हरित क्रांति आएगी। ठाकुर ने मुख्यमंत्री से अपील की कि प्रदेश हित में इस परियोजना को भ्रष्टाचार से बचाने के लिए सरकार को गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए और धांधली की बजाय सही तरीके से इसका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इन निर्णयों से प्रदेश के विकास में तेजी आएगी और राज्यवासियों को कई लाभ मिलेंगे। मंत्रिमंडल ने घरेलू सहायिका के रूप में कार्य करने वाली महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। जिन महिलाओं ने 100 दिन काम किया है, वे इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगी। इसके साथ ही, 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की बेटियां भी इस योजना में शामिल होंगी और उन्हें 1500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। कृषि क्षेत्र में भी मंत्रिमंडल ने बड़ा कदम उठाया है। प्राकृतिक खेती से संबंधित उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की गई है। गेहूं और मक्की के एमएसपी में बढ़ोतरी के साथ ही, हल्दी और जौ के लिए भी नई दरें तय की गई हैं। इसके अलावा, पांगी को राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित किया गया है। यह कदम प्रदेश में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए मंत्रिमंडल ने कुछ नए कदम उठाए हैं। सुजानपुर में जल शक्ति विभाग का एक नया मंडल खोला जाएगा और चंबा के पांगी उप-मंडल में आयुर्वेदिक अस्पताल की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, ऊना जिले के पंजावर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदला जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। परिवहन क्षेत्र में भी सुधार की दिशा में कदम उठाए गए हैं। मंत्रिमंडल ने 422 स्टेज कैरिज रूट आवंटित करने का निर्णय लिया है, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे और लोगों को बेहतर परिवहन सेवाएं मिलेंगी। आईटीआई संस्थानों के विलय के फैसले से भी प्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सुधार होगा। सात एसओए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अन्य आईटीआई में विलय किया जाएगा, और सात महिला आईटीआई को भी विलय किया जाएगा। प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई होमस्टे नीति को मंजूरी दी गई है। चंबा जिला के पांगी उप-मंडल में होमस्टे पंजीकरण शुल्क को 50 प्रतिशत तक कम किया गया है, जिससे यह योजना और अधिक लोगों तक पहुंचेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने जल शुल्क में राहत देने का निर्णय लिया है। 14 नगर पंचायतों और हमीरपुर, ऊना, और बद्दी नगर निगम के विलयित क्षेत्रों में अगले तीन साल तक जल शुल्क ग्रामीण दरों पर लिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने करूणामूलक आधार पर लंबित रोजगार संबंधित मामलों को एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि इन भर्तियों की पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि करूणामूलक आधार पर लंबित मामलों को तीन चरणों में निपटाया जाएगा। पहले चरण में विधवा और 45 वर्ष से कम आयु वाले उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके माता-पिता नहीं हैं। इस श्रेणी में वर्तमान में 141 विधवाएं और 159 अनाथ बच्चे शामिल हैं। दूसरे चरण में कम वार्षिक आय वाले पात्र व्यक्तियों को करूणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान किया जाएगा। जबकि तीसरे चरण में शेष पात्र आवेदकों को नौकरी दी जाएगी।बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव एम. सुधा देवी, राकेश कंवर और सचिव विधि शरद कुमार लगवाल भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-3 के अन्तर्गत राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। विभाग को 3,123 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों और 43 पुलों के निर्माण के लिए केन्द्र से 3,345 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।यह जानकारी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दी। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में अब तक 517.334 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया गया हैै, जिस पर 802.59 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने तथा सड़क निर्माण कार्य को समयबद्ध पूर्ण करने की विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत 905 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 650 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने बताया कि विभाग के बेहतर प्रदर्शन के दृष्टिगत राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से 2025-26 के लिए बजट आवंटन को बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग पीएमजीएसवाई-4 पर भी सक्रियता से कार्य कर रहा है। अब तक 1,560 आवासीय क्षेत्रों का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है, जिनमें से 1,115 आवासीय क्षेत्रों को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पात्र पाया गया है। इनमें 862 आवासीय क्षेत्रों को पहले ही मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें चरण-1 के तहत 102 आवासीय क्षेत्र भी शामिल हैं। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के साथ 30 अप्रैल, 2025 को हुई बैठक के उपरांत, नेशनल रूरल्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एजेंसी (एनआरआइडीए) की उच्च स्तरीय टीम ने 2 और 3 मई, 2025 को शिमला का दौरा किया। इस टीम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की और पूर्व में अस्वीकृत किए गए 247 आवासीय क्षेत्रों के सत्यापन के बाद उनकी स्वीकृति पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास 247 आवासीय क्षेत्रों में से 151 के लिए ही भूमि उपलब्ध है, जिसके लिए शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया गया है। राज्य स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत लगभग 250 विस्तृत परियोजनाएं तैयार कर सकेगा, जिनमें 1400 किलोमीटर लंबी सड़कों का कार्य शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य समयबद्ध पूर्ण किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भी मौसम खराब रहा। प्रदेशभर में मौसम छाए रहे। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार से तीन दिन तक बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने का भी येलो अलर्ट है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से नौ मई तक हिमाचल प्रदेश में बारिश के आसार हैं। सोमवार को येलो अलर्ट के बीच प्रदेशभर में लगभग सभी क्षेत्रों में बादल छाए रहे। कई क्षेत्रों में रविवार रात से लेकर सोमवार तक बारिश होती रही। ऊना जिले में सुबह से बादल छाए रहे। इससे लोगों को तेज धूप व गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, दोपहर के समय कुछ देर के लिए हल्की धूप निकली, लेकिन दोबारा आसमान में बादल छा गए। वहीं, कांगड़ा, चंबा, मंडी, हमीरपुर और कुल्लू में भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। पिछले 24 घंटों के दौरान कंडाघाट में 74.1, कंडाघाट में 56.2, नयना देवी में 38.6, कसौली में 21.0, शिमला में 19.2, कुफरी में 16.0, गोहर में 12.0, चंबा, राजगढ़ में 12.0 और देहरा गोपीपुर में 11.3 मिलीमीटर वर्षा हुई। मौसम केंद्र शिमला के अनुसार मंगलवार को शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर की दर से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। शिमला में अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस, जो सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस कम है। सुंदरनगर में 28.0, भुंतर में 27.2, धर्मशाला में 24.1, बिलासपुर में 28.3, हमीरपुर, 31.5, ऊना में 33.0 और सोलन में 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अब लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों में कमरे बुक करने के लिए किसी विशेष सिफारिश की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन बना दिया है, जिससे अब लोगों को आसानी से कमरे की बुकिंग करना संभव हो गया है। इसके तहत, उपयोगकर्ताओं को कमरे की बुकिंग के लिए 50 फीसदी राशि एडवांस में जमा करनी होगी। लोक निर्माण विभाग के सचिव, डॉ. अभिषेक जैन के कार्यालय से जारी आदेशों के अनुसार, प्रदेश भर में स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों में ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था लागू की गई है। अब किसी भी विश्राम गृह में कमरे की बुकिंग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है, जिससे पहले की जटिल प्रक्रिया को दूर किया गया है। यहां एक अहम बात यह है कि विश्राम गृह में वीआईपी रूम की बुकिंग ऑनलाइन नहीं होगी, लेकिन शेष सभी कमरे अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थित इन विश्राम गृहों में ठहरने की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं और इसमें भोजन भी उपलब्ध रहता है। वर्तमान सरकार के तहत, विश्राम गृहों में कमरे की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं, जो पहले 200 या 250 रुपये में मिलते थे, अब उनकी कीमत 600 रुपये या उससे अधिक हो गई है। बुकिंग का सिस्टम अब 'फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व' के आधार पर होगा, और एडवांस पेमेंट के बाद बुकिंग कन्फर्म हो जाएगी, जिससे पहले की तरह कमरे की बुकिंग और फिर उपयोग न करने की समस्याएं दूर होंगी। इस नई व्यवस्था से न केवल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को राहत मिलेगी, बल्कि लोगों को भी बेहतर सेवा का अनुभव होगा। पहले वन विभाग के विश्राम गृहों में भी इस प्रकार की ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू की जा चुकी है, और अब लोक निर्माण विभाग भी इस दिशा में कदम बढ़ा चुका है।
सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल ने चिकित्सा अधिकारियों के 81 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। इसमें 68 कैजुअल्टी मेडिकल अधिकारियों (सीएमओ) के पद और 13 अन्य चिकित्सा श्रेणियों के पद शामिल हैं। इन नियुक्तियों से सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में आपातकालीन सेवाओं, ट्रॉमा सेंटर, कैजुअल्टी यूनिट, ब्लड बैंक और कैंसर देखभाल सुविधाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। इस कदम से जनता को चिकित्सा सेवाओं में बेहतर सुविधाएं और त्वरित उपचार की सुविधा मिलेगी, विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में राहत मिलेगी। इसके अलावा, फोरेंसिक सेवाओं को मजबूती देने के लिए फोरेंसिक सेवा विभाग में 18 योग्य पेशेवरों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया को और भी प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही, कृषि विभाग में कृषि विस्तार के 11 पदों को भरने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे किसानों तक अधिक से अधिक सहायता पहुंचाई जा सकेगी। यह सभी नियुक्तियां लोगों को बेहतर सेवाएं देने और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावशाली बनाने में मदद करेंगी।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में कार्यरत उन चतुर्थ श्रेणी के अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक भोगी कर्मचारी में परिवर्तित करने का निर्णय लिया, जिन्होंने 31 मार्च, 2025 तक सात वर्ष का निरन्तर कार्यकाल पूरा कर लिया है। बैठक में वन विभाग के वन्यजीव विंग को शिमला से जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित सीपीडी केएफडब्ल्यू परियोजना कार्यालय भवन में स्थानातंरित करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ सीपीडी केएफडब्ल्यू परियोजना कार्यालय को वन अरण्यपाल (वन्यजीव) धर्मशाला के खाली भवन में स्थानातंरित करने का निर्णय लिया गया। चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं के शुल्क निर्धारण को मंजूरी मिली है। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को परीक्षाओं की फीस तय करने का अधिकार प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के चिंतपूर्णी, जिला शिमला के सराहन विशेष क्षेत्र और जिला हमीरपुर के भोटा योजना क्षेत्र के लिए विकास योजनाएं तैयार करने का निर्णय लिया गया ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ लगते क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और अव्यवस्थित व्यावसायिक विकास पर अंकुश लगाया जा सके। मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी विभागों में (जहां मांग प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है) रिक्त पदों की मांग, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति प्रस्तावों से संबंधित नए दिशा-निर्देशों को स्वीकृति प्रदान की। भविष्य में होने वाली नियुक्तियों के पहलुओं पर विचार के लिए एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कर्मचारियों की सेवा शर्तें अधिनियम 2024 लागू होने के बाद प्रदेश में अनुबंध पर भर्तियां बंद हो गई हैं। लेकिन इसी बीच बहुत से पदों के लिए साक्षात्कार हुए हैं या कई के भर्ती विज्ञापन जारी हो चुके हैं। ऐसे में इन भर्तियों की तहत चयनित अभ्यर्थियों को दो साल तक ट्रेनी कर्मचारी या ट्रेनी अधिकारी के ताैर पर नियुक्ति दी जाएगी। दो साल के बाद सेवाएं नियमित होंगी। मंत्रिमंडल की बैठक में जिला कारागार को मंडी से नेरचौक के नवनिर्मित भवन में स्थानातंरित करने की स्वीकृति दी गई। मंडी के वर्तमान जेल परिसर को महिलाओं की ओपन जेल में परिवर्तित किया जाएगा। इस जेल के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। बैठक में राजस्व विभाग के तहत हिमाचल प्रदेश ऑनलाइन फाइलिंग एंड प्रोसेसिंग ऑफ कोर्ट केस नियम-2025 को मंजूरी प्रदान की गई। इन नियमों के अंतर्गत राजस्व न्यायालय आवेदन, अपील, पुनरीक्षण, समीक्षा आदि अन्य याचिकाएं ऑनलाइन प्राप्त एवं प्रसंस्कृत कर सकेंगे। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाने और कनेक्टिविटी में सुधार करने के लिए निजी ऑपरेटरों की ओर से 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर के संचालन के लिए राज्य भर में 350 नए स्टेज कैरिज रूटों के साथ स्थानीय मांग के आधार पर नए अतिरिक्त मार्गों के आवंटन को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने चरण-2 और चरण-3 के तहत एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पक्ष में मौजा चंगर पलासियां में 21-09 बीघा भूमि के हस्तांतरण को स्वीकृति प्रदान की। साथ ही चंबा जिले के रेवेन्यू एस्टेट सरोल में 52-17-00 बीघा भूमि को जवाहर नवोदय विद्यालय के संचालन के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को हस्तांतरित करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने शिमला जिले में नगर पंचायत सुन्नी को नगर परिषद में स्तरोन्नत करने के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचना को वापस लेने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कैजुअल्टी चिकित्सा अधिकारी के 68 पदों तथा विभिन्न श्रेणियों के 13 पदों सहित चिकित्सा अधिकारियों के कुल 81 पद भरने को मंजूरी दी। यह निर्णय राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं चिकित्सा संस्थानों में आपातकालीन सेवाओं, ट्रॉमा सेंटर, कैजुअल्टी यूनिट्स, ब्लड बैंक तथा तृतीयक कैंसर केयर सुविधाओं को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत लिया गया है। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने कृषि विस्तार सेवाओं का समर्थन करने के लिए विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों में विषयवाद विशेषज्ञों के 11 पदों को भरने को मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने फोरेंसिक सेवाएं विभाग में फोरेंसिक क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए एफएसीटी और एफएसीटी प्लस के 18 क्वालीफाइड प्रोफेशनल्स की भर्ती करने को स्वीकृति प्रदान की। छोटा शिमला में 14 और 17 मंजिलों वाले दो व्यावसायिक परिसर बनेंगे मंत्रिमंडल ने मोहाल छोटा शिमला, देहात शिमला में 14 और 17 मंजिला दो भवनों के व्यावसायिक परिसर के निर्माण को मंजूरी दी। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की बढ़ती प्रशासनिक और वाणिज्यिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं, पर्याप्त पार्किंग और एक बेहतर डिजाइन लेआउट से युक्त विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। मंत्रिमंडल ने 15वें वित्त आयोग के तहत पेयजल आपूर्ति योजनाओं के निष्पादन और रख-रखाव के लिए पंचायतों की ओर से सेवा प्रदाता के रूप में जल शक्ति विभाग को नामित किया।
**सोशल मीडिया पोस्टों से खुली नाराज़गी की परतें **डिप्टी सीएम को अध्यक्ष बनाने की चर्चा! हिमाचल की सियासत में सोशल मीडिया की 'पोस्ट पॉलिटिक्स' ने हलचल मचा दी है। कांग्रेस के भीतर नाराज़गी, घुटन और गुटबाज़ी अब दबी-छुपी नहीं रही—बल्कि फेसबुक पोस्टों के ज़रिए खुलकर सामने आ रही है। स्पष्ट कहें तो कांग्रेस की अंदरूनी बगावत का डिजिटल संस्करण पेश किया जा चुका है। नेताओं द्वारा इशारे पोस्ट किए जा रहे हैं और सियासी माहिर इन्हीं इशारों को समझते हुए कांग्रेस में सियासी उथल-पुथल की अलग-अलग कहानियां गढ़ रहे हैं। पहली पोस्ट आई उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की ओर से। अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा..., 'साजिशों का दौर, झूठ के पांव नहीं होते।' इसके चंद घंटों बाद सीएम सुखविंदर सुक्खू के मीडिया कोऑर्डिनेटर यशपाल शर्मा ने भी सोशल मीडिया पर लिखा... 'दौर-ए-साजिश तब से आम हो गया, जब से ठाकुर सुखविंदर सुक्खू के नाम से सीएम जुड़ गया।' फिर बीती रात PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर देर शाम एक पोस्ट डाली, इसमें अग्निहोत्री का नाम लिए बगैर लिखा... 'जब आपको हराने के लिए लोग कोशिश करने के बजाय साजिश करने लगें तो समझ लीजिए आपकी काबिलियत अव्वल दर्जे की है।' विक्रमादित्य ने आगे लिखा..., 'आप वीरभद्र सिंह स्कूल ऑफ थॉट के शिष्य हैं, न कभी डरना, न किसी को बेवजह डराना'.. आखिर में 'जय श्री राम' लिखा.. विक्रमादित्य के इस पोस्ट के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। मुकेश और विक्रमादित्य सिंह के बाद यशपाल शर्मा ने फिर से एक पोस्ट डाली, जिसमें लिखा कि 'हेडमास्टर तो बहुत थे, अब प्रिंसिपल आया है (तकलीफ स्वाभाविक)' इसके बाद राजनीति और गरमा गई है। अब इस 'पोस्ट पॉलिटिक्स' के मायने निकालने के लिए कोई सियासी पंडित होना ज़रूरी नहीं..... सियासत की ऊंची दीवारों के पीछे जो चल रहा है उससे हिमाचल का आम आदमी भी पूरी तरह वाकिफ है। सूत्रों की मानें तो मामला सिर्फ नाराज़गी तक सीमित नहीं। चर्चा है कि पार्टी का एक खेमा मुकेश अग्निहोत्री को डिप्टी सीएम पद से हटाकर प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहता है, लेकिन अग्निहोत्री इस प्रस्ताव को प्रमोशन नहीं, डिमोशन मानते हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें सीएम द्वारा तैनात चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की उनके विभागों में दखलअंदाज़ी भी खटक रही है। यही कारण है कि वो सचिवालय से दूरी बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, डिप्टी सीएम की हाईकमान से भी शिकायत की गई। इस शिकायत के बाद उन्हें तीन दिन पहले दिल्ली भी तलब किया गया। तब वह प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से मिलकर वापस लौटे हैं। वैसे कांग्रेस की ये उथल-पुथल कोई नई बात नहीं है। हिमाचल में कांग्रेस पिछले ढाई साल से सत्ता में है.... कांग्रेस को सत्ता तो मिली मगर सत्ता में सुकून कभी नहीं मिला...... ये सरकार शुरुआत से ही तलवार की धार पर चल रही है। कभी कोई नाराज़ हुआ, कभी कोई और। कुछ नेताओं ने पार्टी को अलविदा कह दिया, तो कुछ को मनाकर जैसे-तैसे रोक लिया गया। मगर इन सारे सियासी झंझटों में एक चेहरा हमेशा सीएम सुक्खू के साथ मज़बूती से खड़ा दिखा.... उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री। संकट की बात यही है कि अब वो शख्स, जो हर संकट की घड़ी में सरकार की ढाल बना, हर मंच पर मुख्यमंत्री के फैसलों का बचाव करता रहा... आज वही ख़ुद नाराज़ है। विक्रमादित्य सिंह की पोस्ट भी अहम सियासी संकेत है। उन्होंने अग्निहोत्री को वीरभद्र सिंह स्कूल ऑफ थॉट का शिष्य कहकर न सिर्फ उन्हें फिर से ‘होली लॉज’ खेमे से जोड़ा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि पुराने कुनबे को दोबारा संगठित करने की कवायद शुरू हो गई है। कई जानकार इसे 'दबाव की राजनीति' का हिस्सा भी मान रहे हैं। बाकी नेताओं की नाराज़गी शायद कांग्रेस के लिए कोई बड़ी बात न रही हो मगर उपमुख्यमंत्री की नाराज़गी कांग्रेस को भारी पड़ सकती है। अब देखना ये है कि कांग्रेस हाईकमान इन इशारों को समझकर समय रहते कदम उठाता है या फिर हिमाचल की सत्ता में दरार गहराती जाती है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) शिमला के कर्मचारियों का सब्र का बांध टूट गया है। अप्रैल महीने की सैलरी अब तक न मिलने से गुस्साए शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने आज कुलपति कार्यालय के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन किया कर्मचारियों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और वेतन में लगातार हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले भी सैलरी समय पर न मिलने के कारण उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि हर महीने की पहली तारीख को उनका वेतन जारी किया जाए और अप्रैल का बकाया वेतन तुरंत दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मजबूरन आंदोलन करने पर उतर आएंगे। शिक्षक संघ हपुटवा के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास ने वेतन में देरी के लिए शिक्षा सचिव और उच्च शिक्षा निदेशक को ज़िम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की वेतन की फाइल पर 10 दिनों से हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं, जिसकी वजह से कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। डॉ. व्यास ने कहा कि सैलरी के लिए बार-बार प्रदर्शन करना पड़ रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
शिमला: राजधानी शिमला के ढली थाना क्षेत्र के शांत इलाके शनान में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां, 22 वर्षीय युवक विजय ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव उस वक्त बरामद हुआ जब सुबह उसकी मां उसे जगाने गईं और अंदर से कोई जवाब न मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा। विजय, जो अपने परिवार के साथ शनान में रह रहा था, पिछली रात करीब 11 बजे अपने कमरे में सोने गया था। जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में थे। सुबह जब उसकी मां ने उसे आवाज दी तो कमरे से सन्नाटा पसरा रहा। बंद दरवाजे को तोड़कर अंदर दाखिल होने पर, उन्होंने विजय को छत के हुक से लटके हुए पाया। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक वह अपनी जान गंवा चुका था। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि फांसी का फंदा छत में लगे एक हुक से बनाया गया था। मृतक के गले पर गहरे नीले रंग का निशान जरूर था, लेकिन शरीर पर किसी अन्य तरह की चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। ढली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, विजय के इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह रहस्य बनी हुई है। पुलिस हर संभावित कारण की पड़ताल कर रही है और परिजनों से पूछताछ जारी है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का पता लगाना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदली है। आज दोपहर 1 बजे से राजधानी शिमला समेत कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई, जिसके कारण दिन में ही अंधेरा छा गया है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के पांच जिलों, शिमला, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू में बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में बारिश का यह दौर 4 मई से लेकर 9 मई तक जारी रहने की आशंका है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बीते कल, शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई थी, जिसने सेब की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया था। फागू, कुफरी, ठियोग, चियोग, कोटगढ़, कुमारसैन और नारकंडा जैसे इलाकों में सेब के साथ-साथ फूलगोभी और मटर की फसलें भी बर्बाद हो गईं। ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि सेब के बागों में लगी एंटी हेल नेट भी टूट गईं और सेब के दानों पर गहरे निशान पड़ गए। इसके अलावा, सोलन में टमाटर और सिरमौर में लहसुन की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश भर में हुई ओलावृष्टि से किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के प्राथमिक शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। अपनी मांगों को लेकर 26 अप्रैल से शिक्षा निदेशालय के बाहर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर बैठे शिक्षकों ने सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकार द्वारा आठ शिक्षकों को निलंबित किए जाने के बावजूद, प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि वे डरने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और भी बड़ा किया जाएगा। इस निलंबन के खिलाफ शिक्षक उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने शिमला में प्रेस वार्ता करते हुए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को चौड़ा मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 900 अध्यापकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना और एक दिन का वेतन काटना हिमाचल के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि एसएमसी के अध्यापक भी हर रोज धरने में शामिल होने की बात कह रहे हैं, जिससे सरकार को प्राथमिक शिक्षकों की एकता और ताकत का अंदाजा हो जाना चाहिए। जगदीश शर्मा ने आगे कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण स्कूलों में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बातचीत के लिए नहीं बुलाया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो शिक्षक निलंबित हो रहे हैं, वे शिमला में आंदोलन में शामिल हो रहे हैं और अगर 25 हजार शिक्षकों को भी निलंबित कर दिया जाए तो शिमला में जगह कम पड़ जाएगी। प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि स्कूलों में ऑनलाइन काम के लिए सिम और डेटा उपलब्ध नहीं करवाया गया तो 15 दिन के बाद ऑनलाइन कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। जगदीश शर्मा ने सरकार पर जानबूझकर स्कूलों को बंद करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्राथमिक शिक्षक अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शिमला के एक निजी स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक 17 वर्षीय छात्रा स्कूल में शौचालय जाने के बाद वापस नहीं लौटी। यह मामला जिला शिमला के ढली थाना अंतर्गत संजौली चौकी क्षेत्र का है। छात्रा के रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने की सूचना मिलने के बाद स्कूल प्रशासन और परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने अगवा का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रा ने क्लास टीचर से अनुमति लेकर शौचालय जाने की बात कही थी, लेकिन जब वह काफी समय तक वापस नहीं लौटी तो स्कूल प्रशासन ने उसकी तलाश शुरू की। जब छात्रा स्कूल परिसर में नहीं मिली तो स्कूल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना उसकी माता को दी और साथ ही पुलिस को भी सूचित किया। स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि छात्रा बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक गायब हो गई है, जोकि चिंता का विषय है। इस पर छात्रा की माता भी तुरंत स्कूल पहुंची और पुलिस के समक्ष अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्रा की तलाश शुरू कर दी है। इस बाबत ढली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने छात्रा की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही छात्रा का पता लगाकर उसके परिजनों को सूचित किया जाएगा। वहीं, छात्रा के अचानक लापता होने से स्कूल में सहपाठियों और शिक्षकों में भी चिंता का माहौल है।
हिमाचल प्रदेश के प्राइमरी टीचर संघ (PTF) ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर स्कूलों में ब्रॉडबैंड और शिक्षकों को इंटरनेट चलाने के लिए सिम कार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए, तो प्रदेश भर के प्राइमरी टीचर ऑनलाइन से जुड़े सभी काम बंद कर देंगे। PTF के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के ज्यादातर स्कूलों में सरकार द्वारा दिए गए टैब या तो खराब पड़े हैं या फिर उनमें तकनीकी खराबी आ गई है। इसके अलावा, कई स्कूलों में ब्रॉडबैंड की सुविधा तक नहीं है, जिसके चलते शिक्षकों को ऑनलाइन कार्य करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि विभाग तुरंत सभी स्कूलों में ब्रॉडबैंड की व्यवस्था करे और शिक्षकों को अपने निजी इंटरनेट का इस्तेमाल करने से बचाने के लिए सरकारी सिम कार्ड मुहैया कराए। अध्यक्ष शर्मा ने साफ कहा कि यदि विभाग उनकी इन जायज मांगों को 15 दिन के भीतर पूरा नहीं करता है, तो प्रदेश का हर प्राइमरी टीचर ऑनलाइन शिक्षण और अन्य सभी संबंधित कार्यों का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। संघ ने इस संबंध में विभाग को विधिवत नोटिस भी सौंप दिया है। गौरतलब है कि प्राइमरी टीचर संघ पहले से ही शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन के विरोध में आंदोलन कर रहा है। 26 अप्रैल को शिमला में शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने के बाद सरकार ने 10 शिक्षकों को निलंबित कर दिया था और कई अन्य पर एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इस कार्रवाई के बावजूद, शिक्षकों का हौसला कम नहीं हुआ है। अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक शिक्षक इस तरह के तानाशाही रवैये के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत के लिए आगे आती है, तो संघ हमेशा वार्ता के लिए तैयार है। उन्होंने 26 नवंबर के पूर्व के धरने का हवाला देते हुए कहा कि उस दिन किसी भी शिक्षक ने किसी का रास्ता नहीं रोका था, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इसके बावजूद, विभाग ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज करवाई, जो कि निंदनीय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश भर के लगभग 22 हजार प्राइमरी टीचर शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन और कुछ अन्य मांगों को लेकर पिछले एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। 26 अप्रैल को शिक्षा विभाग की चेतावनी को दरकिनार करते हुए शिक्षकों ने शिमला के चौड़ा मैदान में विशाल धरना प्रदर्शन किया था, जिसके बाद विभाग ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए 10 शिक्षकों को निलंबित कर दिया। अब धरने में शामिल अन्य सभी शिक्षकों की सूची भी तैयार की जा रही है और उनका एक दिन का वेतन काटने की तैयारी है। इसके साथ ही, धरने के दौरान सरकार और अधिकारियों की आलोचना करने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है | शिक्षकों का आरोप है कि निदेशालय के पुनर्गठन की प्रक्रिया में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। उनका कहना है कि पुनर्गठन से पहले शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के साथ कई बैठकें हुईं, लेकिन किसी भी बैठक की कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे शिक्षकों में यह डर पैदा हो गया है कि निदेशालय के पुनर्गठन से उनके अधिकारों का हनन हो सकता है। अब शिक्षक अपनी मांगों के पूरी होने तक हड़ताल खत्म करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 5 मई से प्रस्तावित हिमाचल प्रदेश दौरा अब स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य में आने वाले खराब मौसम के चलते लिया गया है। प्रदेश सरकार को राष्ट्रपति के दौरे की स्थगन की सूचना मिल गई है, और अब राष्ट्रपति की यात्रा की नई तारीखों के बारे में कोई भी आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इस बारे में एक पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि अगले छह दिनों तक हिमाचल प्रदेश में मौसम काफी खराब रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश और ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। ऐसे में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि खराब मौसम से यात्रा और सुरक्षा संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती थीं। अब, राष्ट्रपति के दौरे के लिए नया समय तय किया जाएगा, और सरकार इस संबंध में शीघ्र ही नई तारीखों का ऐलान करेगी।
शिमला में 26 अप्रैल को आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने वाले प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने संबंधित जिलों से शिक्षकों की हाजिरी का रिकॉर्ड मांगा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कौन-कौन शिक्षक बिना छुट्टी लिए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके साथ ही, चौड़ा मैदान में हुए प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। हालांकि, इन शिक्षकों की वेतन कटौती अप्रैल माह के वेतन से नहीं की जाएगी, बल्कि मई महीने के वेतन से यह कटौती की जाएगी। निदेशालय ने दो सप्ताह के भीतर इन शिक्षकों की सूची तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों ने सरकार द्वारा रोकने के बावजूद प्रदर्शन में भाग लिया, उनका एक दिन का वेतन काटा जाएगा। इसके लिए, निदेशालय ने संबंधित तारीख के लिए शिक्षकों की हाजिरी का रिकॉर्ड इकट्ठा करने का आदेश दिया है। जिन शिक्षकों ने प्रदर्शन के दिन छुट्टी नहीं ली होगी और स्कूल से गैर हाजिर पाए जाएंगे, उनका वेतन काटा जाएगा। इसके साथ ही, सरकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले शिक्षकों को निलंबित भी किया जाएगा। इस मामले में अब तक आठ शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है और बाकी शिक्षकों के कार्य व्यवहार की भी जांच की जा रही है। वहीं, प्राथमिक शिक्षकों ने अब अपनी जिम्मेदारी संभालते हुए स्कूलों में पढ़ाई का काम फिर से शुरू कर दिया है, साथ ही ऑनलाइन कार्य भी करने लगे हैं। सरकार ने यह स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई शिक्षक ऑनलाइन कार्य में भाग नहीं लेता है, तो उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ेगा।
शिमला में आज सुबह आवारा कुत्तों के एक झुंड ने स्कूल जा रहे तीन मासूम बच्चों पर हमला कर दिया, जिससे दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच ढली टनल के पास हुई, जब बच्चे अपने स्कूल की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, अचानक लावारिस कुत्तों के झुंड ने बच्चों पर हमला कर दिया, जिससे उनके पैरों पर गहरे घाव आए हैं। हमले में लहूलुहान हुए तीनों बच्चों को तुरंत उपचार के लिए आईजीएमसी अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से आक्रोशित एक स्कूली छात्र के पिता, कर्मचंद भाटिया, नगर निगम मेयर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा कि शहर में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने कहा कि आज मेरे बेटे और अन्य बच्चों को कुत्तों ने काटा है, लेकिन नगर निगम इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा? उन्होंने नगर निगम से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि इस घटना को आज नगर निगम हाउस की बैठक में उठाया जाएगा और इस समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध चूड़धार चोटी से दो पर्यटक लापता हो गए हैं। यह चोटी शिमला और सिरमौर जिलों की सीमा पर स्थित है और हर साल यहां हजारों श्रद्धालु व ट्रैकिंग प्रेमी पहुंचते हैं। बीती रात को चूड़धार चोटी से दो पर्यटक रास्ता भटक गए, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की टीम ने उनका पता लगाने के लिए रैस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ निवासी धीरज नामक व्यक्ति ने हैल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करके पुलिस थाना चौपाल को सूचित किया। उसने बताया कि वह अपने 5-6 दोस्तों के साथ सिरमौर जिले के नौहराधार मार्ग से चूड़धार मंदिर आया था, जहां उसके दो साथी शुभम और प्रभजोत समूह से बिछड़ गए। इसके बाद उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गए, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वे रास्ता भटक गए हैं या किसी संकट में हैं। सूचना मिलते ही चौपाल थाना की टीम तुरंत चूड़धार के लिए रवाना हो गई। इसके साथ ही मंदिर परिसर में रह रहे स्थानीय व्यक्ति विक्की शर्मा से भी अनुरोध किया गया है कि वह धीरज के साथ मिलकर लापता पर्यटकों की तलाश में मदद करें। पुलिस चौकी नौहराधार को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है, ताकि दोनों जिलों की सीमा पर समन्वय बनाकर तलाश अभियान को और तेज किया जा सके।
हरियाणा के यमुनानगर जिले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया। सढौरा-काला मार्ग पर गांव असगरपुर के समीप शिलाई (हिमाचल प्रदेश) नंबर की ऑल्टो कार को एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के एक तरफ के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद कार में बैठे चारों युवक सड़क पर इधर-उधर गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे। कार हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र की थी। सभी युवक वहीं के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घायल युवक को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी का पता लगाया जा सके।
मंगलवार को ओक ओवर, शिमला में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त ‘वन मित्रों’ के लिए प्रशिक्षण मैनुअल जारी किया। इस मैनुअल का उपयोग वन मित्रों को वन अग्नि प्रबंधन, विभागीय कार्यप्रणाली, नर्सरी प्रबंधन, विभिन्न वृक्षारोपण कार्यक्रमों और समग्र वन प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा। वन मित्र इस वर्ष 1 मई से 5 मई तक अपने-अपने रेंज में प्रशिक्षण लेंगे। सभी वन मण्डल अधिकारियों (डीएफओ) को प्रशिक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो इसकी निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने मैनुअल को प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षकों को शीघ्र वितरित करने के निर्देश देते हुए दक्ष प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वन मित्र विभाग की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह जानकर अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। उन्होंने प्रशिक्षण मैनुअल को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 15 मई के बाद नवनियुक्त वन मित्रों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन विभाग को सशक्त करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती और आधुनिक तकनीक उपलब्ध करवाने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए वन विभाग को आग की घटनाओं के बारे में सतर्क रहना चाहिए और वनों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वन मित्र भर्ती कार्यक्रम के तहत अब तक पूरे प्रदेश में 1,896 वन मित्र अपने-अपने स्थानों पर कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) समीर रस्तोगी सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में आज और कल लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए मंडी, कुल्लू और ऊना जिला में येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को गर्मी से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रदेश में 1 मई से 4 मई तक मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। इस दौरान, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। इसके साथ ही ऊंचे क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हिमपात और वर्षा का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वर्षा और हिमपात की स्थिति बन रही है। हालांकि, पहले दो दिनों के दौरान प्रदेश में तेज गर्मी और लू के तेवर भी देखने को मिल सकते हैं। मौसम में बदलाव के बाद अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आई है। धौलाकुआं में अधिकतम तापमान में 2.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि शिमला, मनाली और अन्य स्थानों पर 2 डिग्री तक तापमान में कमी आई। दूसरी ओर, कल्पा में तापमान में 2.3 डिग्री की वृद्धि हुई है। न्यूनतम तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखी गई है। वही मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे लू से बचने के लिए उचित एहतियात बरतें और गर्मी के दौरान बाहर जाने से बचें। साथ ही, हिमपात और बारिश के लिए ऊंचे इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
हिमाचल प्रदेश में अब सभी टैक्सी चालकों, एचआरटीसी और निजी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में 'कार बिन' यानी कूड़ेदान लगाना अनिवार्य हो गया है, और यदि किसी भी वाहन में कूड़ेदान नहीं मिलता है तो 10 हजार तक का जुर्माना लग सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 29 अप्रैल से सभी टैक्सी चालकों, एचआरटीसी और निजी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में 'कार बिन' यानी कूड़ेदान लगाना अनिवार्य कर दिया है। इससे वाहन में उत्पन्न कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थानों पर फेंका जा सके। आरटीओ और एमवीआई अब केवल उन्हीं वाहनों को पास करेंगे या पंजीकरण देंगे, जिनमें कार बिन लगाए गए हों। वाहन में कार बिन न लगाने पर 10 हजार और जैव कचरा इधर-उधर फेंकने पर 1500 रुपये जुर्माना लगेगा और यह प्रावधान पूरे राज्य में लागू होंगे।
शिमला के चौड़ा मैदान में 26 अप्रैल को मनाही के बावजूद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से प्राथमिक शिक्षकों की 26 अप्रैल की हाजिरी का रिकॉर्ड तलाश है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर दो दिन के भीतर ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के नामों की सूची देने को कहा है, जो 26 अप्रैल को अवकाश लिए बिना स्कूलों से गैरहाजिर रहे। ऐसे शिक्षकों का रिकॉर्ड एकत्र होने के बाद इन्हें पहले कारण बताओ नोटिस दिए जाएंगे। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर इन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इनका एक दिन का वेतन भी काटा जाएगा। निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। सरकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले शिक्षकों की पहचान के लिए सोशल मीडिया के वीडियो खंगाले जा रहे हैं। इस आरोप में चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और अन्य की पहचान की जा रही है। वही शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा। देश के अधिकांश राज्यों में शिक्षा निदेशालयों का ढांचा जिस प्रकार का है, वैसा ही स्वरूप हिमाचल में भी तैयार किया गया है। वर्ष 1984 से पहले शिक्षा निदेशालय इस प्रकार से ही कार्य करते थे। प्राथमिक शिक्षक संघ को सरकार के किसी फैसले से आपत्ति है तो उसे वार्ता के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए था। सार्वजनिक तौर पर सरकार की नीतियों पर अपमानजनक टिप्पणियां करना शोभा नहीं देता। प्राथमिक शिक्षकों के मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
राज्य सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और विशेषज्ञ चिकित्सकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और चिकित्सा बुनियादी ढांचे को उन्नत करने के साथ-साथ, सरकार ने वरिष्ठ रेजिडेंट, विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट के स्टाइपंड में बढ़ोतरी की घोषणा की है। राज्य सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए, चिकित्सा विशेषज्ञों के मासिक स्टाइपंड में 50 से 170 प्रतिशत की वृद्धि की है। वरिष्ठ रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के लिए स्टाइपंड 60,000-65,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि सुपर स्पेशलिस्ट और वरिष्ठ रेजिडेंट (सुपर स्पेशलिस्ट) के लिए स्टाइपंड 60,000-65,000 से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये तक कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में छह मेडिकल कॉलेज और एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल हैं। आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा जैसे संस्थान पोस्टग्रेजुएट सुपर स्पेशलिस्ट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के सहयोग से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। हालांकि, राज्य के मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत 751 पदों में से, वर्तमान में केवल 375 ही भरे हुए हैं, 376 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इस चुनौती की गंभीरता को समझते हुए, वर्तमान राज्य सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, जो पूर्व सरकार नहीं उठा सकी। बढ़ाए गए स्टाइपंड से कुशल चिकित्सा पेशेवरों के लिए सरकारी सेवा को और अधिक आकर्षक बनाने की उम्मीद है, जिससे इस महत्वपूर्ण अंतर को मिटाने और सभी स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। राज्य में चिकित्सा विशेषज्ञों को आकर्षित करने के एक अन्य कदम में, अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों को पूरा वेतन मिलेगा, जिससे उनके पेशेवर विकास को और बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार डॉक्टर-नर्स-रोगी अनुपात के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों को लागू करने के लिए कार्य कर रही है और इन मानदंडों को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है, जिससे राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकंे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर वर्ष लगभग 9.5 लाख मरीज इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश से बाहर जाते हैं, जिससे राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को 1350 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होता है। अगर राज्य के भीतर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं तो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का वार्षिक 550 करोड़ रुपये बचाया जा सकता है, साथ ही मरीजों का बहुमूल्य समय भी बचेगा।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद, केंद्र सरकार ने सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत, पाकिस्तान से हिमाचल घूमने आए या अपने रिश्तेदारों के पास आए नागरिकों को राज्य छोड़ने का निर्देश दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 13 पाकिस्तानी नागरिक वीजा लेकर हिमाचल आए थे। इन सभी को 29 मई तक प्रदेश छोड़ने के लिए कहा गया है। राज्य गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं और उन्हें तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया गया है। अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक निर्धारित तिथि के बाद राज्य में न रहे। अगर ऐसा पाया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की सजा भी हो सकती है। इसके अलावा, जिन लोगों के पास ये पाकिस्तानी नागरिक ठहरे थे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों का पालन करने की पूरी तैयारी की है। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार और शनिवार को इस मुद्दे पर बैठकें आयोजित की गईं। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, ओंकार शर्मा ने कहा कि मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया जा रहा है। उधर, जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री जावेद अहमद ने शनिवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। मंत्री जावेद अहमद ने मुख्यमंत्री को बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपने मंत्रियों को विभिन्न राज्यों में भेजा है ताकि वहां के जम्मू-कश्मीरियों की सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की जा सके।
रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव थाना के तहत अपने ही साथी का मर्डर करके नेपाली मौके से फरार हो गया। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में तेश चौहान पुत्र केशव राम निवासी गांव बराल डाकघर जड़ग रोहड़ू ने बताया कि 16 अप्रैल को हरिद्वार से दो नेपाली कृष्ण और हरी मजदूरी व चौकीदारी के लिए अपने बगीचे में रखे थे। 26 अप्रैल को जब बगीचे में गया तो देखा कि ढारा बाहर से बंद था। जब दरवाजा खोला तो अन्दर कृष्ण नेपाली की लाश पड़ी थी और हरी फरार था, जिससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है की हरी ने ही कृष्ण का कत्ल किया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 103,(1) के तहत मामला दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर फरार नेपाली हरी की तलाश शुरू कर दी है।
प्रदेश में मौसम साफ होते ही गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऊना में इस सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मैदानी क्षेत्रों के साथ अब पहाड़ों में भी गर्मी सताने लगी है। राज्य के 15 स्थानों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री पार हो गया है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में शनिवार को इस सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज हुआ। उधर, प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को भी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। एक और दो मई को पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के मध्य पर्वतीय और मैदानी जिलों में 30 अप्रैल तक मौसम साफ रहेगा। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में दोपहर के समय गर्मी ज्यादा होने से लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। वही तीन दिन पहले मर्थालु नाला में 15 मीटर ऊंचे ग्लेशियर को काटकर सड़क बना दी गई थी लेकिन मौसम खराब होने पर दोबारा वहां ग्लेशियर आ गया और सड़क बंद हो गई। ऊना में 40, धौलाकुआं 37.9, कांगड़ा 36.9, हमीरपुर 36.8, मंडी 36.2, बरठीं 35.9, नाहन 35.1, बजौरा 32.7, चंबा 32.4, धर्मशाला 31.1, शिमला 26.6 और मनाली 25.7 डिग्री और बिलासपुर में 37.3 सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
शिमला जिला के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय (जीपीएस) शिलाल, शिक्षा खंड कुपवी के दो जेबीटी शिक्षकों रणवीर चौहान और दलवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बीईईओ कुपवी द्वारा 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 1:40 बजे स्कूल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दोनों शिक्षक, अन्य स्टाफ तथा छात्र बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल में अनुपस्थित थे। निरीक्षण के समय स्कूल के सभी कमरे भी बंद पाए गए। इस अनुशासनहीनता के चलते विभाग ने नियम के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों को निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान अब दोनों शिक्षकों का मुख्यालय खंड प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय, डोडरा-क्वार, जिला शिमला रहेगा। वे बिना उप तहसीलदार डोडरा-क्वार की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इसके साथ ही डिप्टी डायरैक्टर प्रारंभिक शिक्षा, जिला शिमला द्वारा आदेश दिया है कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए 28 अप्रैल से जीपीएस शिलाल में एक नए शिक्षक की नियुक्ति की जाए। यह आदेश डिप्टी डायरैक्टर प्रारंभिक शिक्षा, जिला शिमला द्वारा जारी किया गया है।
हिमाचल प्रदेश के राजभवन में शिमला समझौते की ऐतिहासिक मेज पर रखा गया पाकिस्तान का स्मृति झंडा, जो पिछले 53 वर्षों से वहाँ मौजूद था, अब हटा दिया गया है। यह घटनाक्रम जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सामने आया, जिसके बाद इस झंडे की तस्वीरें सार्वजनिक हुईं। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान ने भी शिमला समझौते को रद्द करने की घोषणा की है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश के राजभवन के सेक्रेटरी सीपी वर्मा ने झंडा हटाने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं बताया है। बता दे कि यह झंडा 2 जुलाई 1972 को हुए शिमला समझौते के बाद से ही उस मेज पर रखा गया था। उस समय, भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो ने इसी स्थान पर, जो तब बार्नेस कोर्ट कहलाता था और अब राजभवन है, इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। झंडे को वहाँ एक यादगार के रूप में स्थापित किया गया था ताकि आगंतुकों को इस ऐतिहासिक घटना की जानकारी मिल सके। वर्तमान में, शिमला समझौते की उस मेज पर अब केवल भारत का राष्ट्रीय ध्वज ही विराजमान है। शिमला समझौता, जो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने और युद्ध बंदियों की रिहाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने डीएलएड के लिए अंतिम तिथि बढ़ाई, अब 500 रुपये लेट फीस के साथ आवेदन करें
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 2025-27 के लिए आयोजित होने वाले दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। जिन अभ्यर्थियों ने शनिवार तक आवेदन नहीं किया, उन्हें 27 अप्रैल से 29 अप्रैल तक 500 रुपये अतिरिक्त फीस के साथ आवेदन करने का मौका मिलेगा। शिक्षा बोर्ड ने पहले 26 अप्रैल तक बिना बिलंब शुल्क के आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन अब अभ्यर्थियों को 29 अप्रैल तक 500 रुपये लेट फीस के साथ आवेदन करने की अनुमति दी जाएगी। 30 अप्रैल से 2 मई तक जमा किए गए आवेदनों की शुद्धीकरण प्रक्रिया की जाएगी। बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि आवेदन शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और श्रेणी तथा उप-श्रेणी में ऑनलाइन सुधार की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी अभ्यर्थी को श्रेणी और उप-श्रेणी में सुधार करना हो, तो उन्हें निर्धारित तिथियों पर बोर्ड कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी पत्र या ईमेल पर सुधार के संबंध में विचार नहीं किया जाएगा। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि प्रवेश परीक्षा 29 मई को आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज वित्त विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों की लंबित देनदारियों को 30 अप्रैल, 2025 से पहले जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित देनदारियों की पहली किस्त 28 अप्रैल तक और शेष राशि 30 अप्रैल तक जारी कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोनों विभागों के अधिकारियों को बिल तैयार करने और उन्हें समय पर कोषागार में प्रस्तुत करने के लिए शीघ्रता से कार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को हर महीने की 10 तारीख के बाद विभागीय बिल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, क्योंकि राज्य को केंद्रीय कर 10 तारीख को प्राप्त होते हैं। बैठक में विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव वित्त डॉ. अभिषेक जैन, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग एन.पी. सिंह, प्रमुख अभियंता जल शक्ति विभाग अंजू शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
शिमला: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में शिमला में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए शिमला के प्रमुख बाजारों को बंद रखने का निर्णय लिया। मॉल रोड सहित शिमला के अन्य प्रमुख बाजार दोपहर 1:00 बजे तक बंद रहेंगे। इस दौरान दुकानदारों ने आतंकवाद के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया और शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। शिमला के व्यापारिक संगठनों और नागरिकों ने एकजुट होकर इस हमले के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया और सरकार से आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
हिमाचल में शिमला के चौपाल में बीती शाम को कार गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में पुलवाहल के शिहली गांव के रहने वाले 55 वर्षीय राम लाल शर्मा और उनके 28 वर्षीय बेटे दीपक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार में सवार राम लाल की पत्नी सुमन समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना शिमला-चौपाल हाईवे पर रिवनी के पास नर्सरी नामक स्थान पर हुई। बताया जा रहा है कि कार, जिसका नंबर HP-08 5934 था, सड़क से लगभग 100 मीटर नीचे गहरी खाई में लुढ़क गई। कार में सवार सभी लोग एक शादी समारोह से लौट रहे थे और अपने गंतव्य की ओर बढ़ने से पहले ही चौपाल के समीप इस हादसे का शिकार हो गए। शाम के अंधेरे में गाड़ी गिरने की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर गए। उन्होंने पुलिस और दमकल कर्मियों को सूचित किया और उनकी सहायता से घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद सभी घायलों को चौपाल के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई। गंभीर चोटों को देखते हुए, चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। इस बाद पिता-पुत्र के शवों का आज चौपाल में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इस दुखद घटना से पूरे चौपाल क्षेत्र में शोक की गहरी लहर व्याप्त हो गई है। तहसीलदार चौपाल रेखा शर्मा ने तत्काल सहायता प्रदान करते हुए मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपये और घायल सुमन सहित अन्य घायलों को 7-7 हजार रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की है। फिलहाल, इस भीषण हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और पुलिस इस दिशा में अपनी जांच कर रही है।
शनिवार की रात, लगभग 2 से 3 बजे के बीच, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के विकास नगर में स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में एक दुखद घटना घटी। अज्ञात कारणों से स्कूल के ऊपरी मंजिल में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। इस अग्निकांड में स्कूल के कई कमरे बुरी तरह जल गए, जिससे अनुमानित तौर पर लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक स्कूल का काफी हिस्सा जल चुका था। फिलहाल, आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है और स्थानीय प्रशासन इस मामले की गहन जांच कर रहा है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी मिलते ही राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने जले हुए स्कूल का निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि आग से पांच करोड़ रुपए से भी अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने सभी लोगों से स्कूल की मदद के लिए आगे आने की अपील की। सांसद सिकंदर कुमार ने इस शैक्षणिक संस्थान को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अपनी सांसद निधि से 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी वे हर संभव मदद करेंगे और सरकार व प्रशासन से भी इस संकट की घड़ी में स्कूल की सहायता करने का आग्रह किया।
शिमला: राजधानी शिमला के संजौली मस्जिद में अवैध निर्माण के मामले में नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने मस्जिद कमेटी को कड़ी फटकार लगाई है। तीन बार अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद अवैध निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त करने में विफल रहने पर कोर्ट ने अब कमेटी को अंतिम मौका दिया है। आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अदालत ने शनिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मस्जिद कमेटी को हर हाल में 3 मई तक सारा अवैध निर्माण तोड़ना होगा। ऐसा न करने पर कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ को प्रतिदिन आयुक्त कार्यालय में पेश होना पड़ेगा। इस मामले की अगली सुनवाई 3 मई को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान आयुक्त ने मस्जिद कमेटी से अवैध निर्माण गिराने के काम की प्रगति रिपोर्ट तलब की। कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी एक मंजिल को गिराना बाकी है। उन्होंने रिहायशी भवनों से घिरी मस्जिद में निर्माण तोड़ने में लगने वाले समय का हवाला दिया और आसपास के लोगों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए सावधानी बरतने की बात कही। कमेटी ने कोर्ट से इस कार्य को पूरा करने के लिए एक बार फिर अतिरिक्त समय मांगा। हालांकि, आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह अंतिम मोहलत है और इसके बाद कोई और समय नहीं दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश हाईकोर्ट के छह सप्ताह के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करने के आदेश का भी उल्लेख किया। इन आदेशों के अनुसार, 3 मई को सुनवाई होगी और उसके बाद प्रतिदिन आयुक्त कार्यालय में पेशी लगेगी। मामले की अंतिम सुनवाई 8 मई को होगी। मस्जिद कमेटी ने दावा किया कि 3 मई तक हर हाल में अवैध निर्माण गिरा दिया जाएगा। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मस्जिद कमेटी से राजस्व रिकॉर्ड और निचली दो मंजिलों का नक्शा भी मांगा था। सुनवाई से ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को कमेटी ने नगर निगम को नक्शा सौंप दिया है, जिसका वास्तुकार शाखा अध्ययन कर रही है। वहीं, वक्फ बोर्ड ने मस्जिद का राजस्व रिकॉर्ड पेश करने के लिए समय मांगा है, यह कहते हुए कि रिकॉर्ड अभी अपडेट होना बाकी है। कोर्ट ने बोर्ड को 3 मई तक रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जमीन अभी भी वक्फ बोर्ड के नाम पर दर्ज नहीं है और पूरी मस्जिद ही अवैध है। गौरतलब है कि आयुक्त कोर्ट ने पिछले साल 5 अक्टूबर को पांच मंजिला संजौली मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें गिराने का आदेश दिया था। इस अवैध निर्माण को दो महीने के भीतर गिराया जाना था, लेकिन मस्जिद कमेटी इसमें विफल रही। इसके खिलाफ शहर में प्रदर्शन भी हुए थे। इसके बाद कमेटी ने दो बार और अतिरिक्त समय मांगा। मार्च में पिछली सुनवाई में कोर्ट ने 26 अप्रैल तक इसे गिराने का अंतिम आदेश दिया था, लेकिन मौके पर काम अभी भी अधूरा है, और एक मंजिल अभी भी पूरी तरह से गिराई जानी बाकी है।
शिमला नगर निगम (MC) आयुक्त की अदालत में आज संजौली मस्जिद मामले की सुनवाई हुई, जहाँ सभी की निगाहें टिकी थीं। आयुक्त ने पहले ही वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी को मस्जिद के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज़ पेश करने का सख्त आदेश दिया था। हालाँकि, आज की सुनवाई में वक्फ बोर्ड ज़मीन के कागजात तो दूर, मस्जिद का नक्शा तक पेश करने में नाकाम रहा। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हर हाल में 8 मई तक इस केस का निपटारा करना होगा। इसी सिलसिले में, अब 3 मई को इस मामले की अगली सुनवाई होगी। इसके बाद, 5 मई से इस केस की प्रतिदिन सुनवाई की जाएगी, ताकि हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशानुसार 8 मई की समय सीमा के भीतर फैसला सुनाया जा सके। अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर इस डेडलाइन का पालन नहीं किया गया, तो हाईकोर्ट नगर निगम के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू कर सकता है। शिमला के चक्कर स्थित जिला अदालत में हुई इस सुनवाई के बाद, मस्जिद कमेटी के वकील मोहम्मद लतीफ नेगी ने बताया कि वक्फ बोर्ड ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि निगम आयुक्त ने मस्जिद के ऊपरी तीन मंजिलों को जल्द गिराने का निर्देश दिया है, जिसके लिए वक्फ बोर्ड ने और समय माँगा है। वहीं, स्थानीय निवासियों की ओर से पैरवी कर रहे वकील जगतपाल ने जानकारी दी कि निगम आयुक्त ने वक्फ बोर्ड को 3 मई तक रिकॉर्ड पेश करने का अंतिम मौका दिया है। अगर तब भी रिकॉर्ड पेश नहीं किया जाता है, तो 5 मई से इस केस की नियमित सुनवाई शुरू हो जाएगी। पहले भी दिए जा चुके हैं तीन मंजिलें तोड़ने के आदेश गौरतलब है कि निगम आयुक्त ने पिछले साल 5 अक्टूबर को ही संजौली मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को तोड़ने का आदेश जारी कर दिया था। निचली दो मंजिलों से संबंधित मामला अभी भी निगम आयुक्त की अदालत में विचाराधीन है। यह मामला पिछले 16 सालों से लंबित है। इस मामले के जल्द निपटारे की माँग को लेकर संजौली मस्जिद के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। स्थानीय निवासियों की इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निगम आयुक्त को इस केस का जल्द से जल्द निपटारा करने का आदेश दिया था। पिछले साल भी 21 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने निगम आयुक्त को 8 सप्ताह के भीतर केस निपटाने का निर्देश दिया था, लेकिन तब ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट में एक निष्पादन याचिका (execution petition) दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दूसरी बार 8 मई तक की अंतिम समय सीमा तय की है।
शिमला: परवाणू-शिमला फोरलेन पर संजौली के चलौंठी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर बुधवार रात एक दर्दनाक हादसा पेश आया। रात लगभग 11 बजे, फ्लाईओवर के पिलर पर काम कर रहे चार मजदूर अचानक नीचे गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। तेज तूफान और बिजली गुल होने के कारण यह दुर्घटना हुई बताई जा रही है। घायल मजदूरों की पहचान दिलखुश खान, मोहम्मद कलीम खान, मोहम्मद रिजवान और मोहम्मद छोटे के रूप में हुई है, जो सभी बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं। उन्हें तुरंत उपचार के लिए आईजीएमसी ले जाया गया है। इस घटना के बाद, पुलिस ने फ्लाईओवर निर्माण में लगी कंपनी, राज कांट्रेक्टर गवार कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। मजदूरों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि टावर क्रेन में इमरजेंसी लैंडिंग की सुविधा मौजूद थी, लेकिन क्रेन चालक ने उसका इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार पर भी सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मजदूरों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि क्रेन का ऊपरी हिस्सा खुला होने के कारण मजदूर नीचे गिरे, हालांकि सभी की जान बच गई, जिसे एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश सरकार लोगों को सर्व सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ कर रही है। इस दिशा में सरकार ने राज्य में दो क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) और पांच जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं (डीआईपीएचएल) की स्थापना के लिए 193.75 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। हाल ही में प्रदेश मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के अन्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्वाहण में 50 बिस्तरों की क्षमता वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) और शिमला जिला के नागरिक अस्पताल रोहड़ू में 50 बिस्तरों की क्षमता वाले सीसीबी की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यहां आपातकालीन सेवाओं, इटेंसिव केयर यूनिट्स (आईसीयू), हाई डिपेंडैंसी यूनिट्स (एचडीयू), आइसोलेशन बेड, डायलिसिस इकाइयों, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और प्वाइंट-ऑफ-केयर प्रयोगशालाओं सहित उन्नत चिकित्सा अधोसंरचना की सुविधा मिलेगी। प्रत्येक सीसीबी को मौजूदा जिला अस्पताल के साथ सम्बद्ध किया जाएगा और यह सामान्य परिस्थितियों में एक नियमित सुविधा के रूप में कार्य करेगा। स्वास्थ्य आपातकाल या कोविड-19 जैसी स्थिति के दौरान, संक्रमण को नियंत्रित करने के दृष्टिगत इसका उपयोग अलग इकाई के रूप में किया जा सकेगा। प्रत्येक ब्लॉक का निर्माण 16.63 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा तथा 27.12 करोड़ रुपये की लागत से उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके साथ मंत्रिमंडल ने पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, चंबा, डॉ. राधा कृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर से संबद्ध जिला अस्पताल हमीरपुर में जिला एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। इन डीआईपीएचएल का उद्देश्य नैदानिक क्षमताओं में सुधार करना, जांच सुविधाओं में तेजी लाना और आपातकालीन स्थिति का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है। प्रत्येक प्रयोगशाला में क्लीनिकल पैथोलॉजी, हेमेटोलॉजी, साइटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रत्येक डीआईपीएचएल में एक पैथोलॉजिस्ट, एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट, एक बायोकेमिस्ट, ग्यारह लैब तकनीशियन, एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और दो सफाई कर्मचारी सेवाएं देंगे। 21.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक डीआइपीएचएल की वार्षिक आवर्ती लागत 49.05 लाख रुपये प्रति इकाई होगी। इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने कमला नेहरू अस्पताल शिमला, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना और नागरिक अस्पताल सुंदरनगर जिला मंडी में निर्माणाधीन मातृ एवं शिशु अस्पताल विंग के लिए उपकरणों की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की है।
शिमला के लक्कड़ बाजार बस स्टैंड के पास एक नया शराब का ठेका खुलने से स्थानीय लोग भड़क उठे हैं और उन्होंने नगर निगम व सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज, लक्कड़ बाजार बस स्टैंड पर इकट्ठा होकर लोगों ने ठेका खोलने का विरोध जताया और नगर निगम को दो दिन के अंदर ठेके का काम बंद करने की चेतावनी दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड से 100 मीटर के दायरे में पहले से ही एक शराब का ठेका मौजूद है, इसलिए एक और ठेका खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनका यह भी कहना है कि सरकार एक तरफ नशे को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ रातों-रात शराब के ठेके खोल रही है। लोगों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जिस जगह पहले दुकानें बनी थीं और जिन्हें तोड़ा गया, अब वहां शराब का ठेका खोला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि नगर निगम ने दो दिन के भीतर ठेके का काम बंद नहीं किया, तो वे इसके खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं, स्थानीय पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि नगर निगम आयुक्त उनकी जानकारी के बिना यहां ठेका खोल रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए नगर निगम अक्सर आर्थिक तंगी का हवाला देता है, लेकिन शराब के ठेके रातों-रात खोलने के लिए उनके पास पर्याप्त बजट है। पार्षद ठाकुर ने यह भी कहा कि ठेका खुलने से क्षेत्र का माहौल खराब होगा और इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है।


















































