हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 जुलाई को 11 केवी फीडर सोलन नम्बर-2 के अन्तर्गत सामान्य मुरम्मत कार्य के दृष्टिगत विभिन्न स्थानों पर विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता विपुल कश्यप ने दी। विपुल कश्यप ने कहा कि इसके दृष्टिगत न्यू कथेड़, 132 केवी उपकेन्द्र के समीप, हाउसिंग बोर्ड, कलीन, डिग्री काॅलेज, शनि मंदिर, ऑफिसर काॅलोनी, सूर्या विहार, खलीफा लाॅज, फोरेस्ट रोड, पेलेस रोड, टैंक रोड, जेबीटी रोड, डाईट, गनालग, मतियूल, खनोग तथा जुब्बड़ में 24 जुलाई को दोपहर 2.00 बजे से बजे से सांय 5.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित की जाएगी। उन्होंने इस अवधि के दौराल लोगों से सहयोग की अपील की है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. डेजी ठाकुर ने कहा कि घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए परिवारों के मध्य अधिक सांमजस्य तथा पारिवारिक मूल्यों में विश्वास आवश्यक है। डाॅ. डेजी ठाकुर आज यहां घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 के अन्तर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित कर रही थी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों एवं संरक्षण अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से किया गया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 महिलाओं को हर प्रकार के उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं अपने विरूद्ध हो रहे अत्याचार के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करवाती हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा के अधिकतर मामले आपसी बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास तथा पुलिस विभाग को अधिक समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए ताकि घरेलू हिंसा के मामलों की जानकारी प्राप्त कर इन्हें शीघ्र निपटाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। कोविड-19 के संकट के समय में प्रदेश में घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य महिला आयोग द्वारा इस समस्या के निराकरण के लिए व्हाट्सऐप नम्बर 94598-86600 भी जारी किया गया है। इसके माध्यम से महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। उन्होंने कहा कि इस नम्बर के माध्यम से आयोग घरेलू हिंसा की विभिन्न शिकायतों की जानकारी प्राप्त कर इन्हें सुलझाने में सफल रहा है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सभी संरक्षण अधिकारियों एवं अन्य का आह्वान किया कि घरेलू हिंसा की शिकायतों का त्वरित संज्ञान लें और आवश्यकता पड़ने पर मामले की जानकारी उचित स्तर तक प्रेषित करें ताकि पीड़ित महिला को न्याय मिलने में विलम्ब न हो। डाॅ. डेजी ठाकुर ने कहा कि घरेलू हिंसा के अभिशाप से निपटने के लिए प्रदेश में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आरम्भ सोलन से किया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर विधि अधिकारी अनुज वर्मा, अधिवक्ता विपिन पंडित, अभिषेक ठाकुर ने घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र तेगटा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, उप पुलिस अधीक्षक योगेश दत्त जोशी, सभी विकास खण्डों के समेकित बाल परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक, वन स्टाॅप सेंटर तथा महिला शक्ति केन्द्र के सदस्य उपस्थित थे।
सोलन विकास खण्ड की पट्टाबरावरी पँचायत के निर्माणाधीन श्री बाँके बिहारी मंदिर परिसर में पिछले पांच दिनों से चल रही श्रीमद भागवत कथा के पांचवे दिन कथा वाचक।हरि जी महाराज ने कृष्ण भगवान की कई लीलाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सात वर्ष के कन्हैया ने अपने ब्रज वासियों की रक्षा के लिये सात दिन और रात तक गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर धारण करके सम्पूर्ण संसार को गोवर्धन पूजा का सुंदर सन्देश दिया और गोवर्धन पूजा की संसार मे व्यवस्था स्थापित की। हरी महाराज ने अगले प्रसंग में कहा कि जब-जब संसार में पाप बढ़ता है तब-तब भगवान श्री राम व श्री कृष्ण जी को इस धरती पर अवतार लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को पाप और दुष्कर्मो से दूर रहना चाहिए और अच्छे समाज के लिये हमेशा कार्य करते रहना चाहिए। डीडी कश्यप मीडिया प्रभारी एवं रिटायर्ड सूचना अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि श्री हरि जी महाराज की मधुर वाणी से कथा श्रवण के साथ सुंदर भजनों का भी आनन्द ले रहे हैं। कथा के बाद सभी को भण्डारे की व्यवस्था प्रतिदिन की जा रही है। इस कथा को 25 जुलाई को विराम दिया जाएगा।
वीरवार को पट्टाबरावरी में पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबराबरी -हरिपुर की मासिक बैठक इकाई अध्यक्ष डीडी कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में सबसे पहले स्व राजा वीरभद्र सिंह के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देकर दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में क्षेत्र के कई विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। डीडी कश्चयप ने चर्चा करते हुए प्राइमरी स्कूल पट्टाबरवारी में मुख्य अध्यापक के रिक्त पद को भरने की सरकार से मांग की है। इसके अलावा पेंशनरों ने अपनी पुरानी कई मांगो पर भी चर्चा कर सरकार से उन्हें पूरा करने की मांग की है। इस बैठक में जगदेव गर्ग, केशवा राम, जगदीश शर्मा, प्रेम चन्द कश्यप, महमूद वेग, शीला, नेकराम कौशल, खेमचंद ठाकुर, दीनानाथ गर्ग, किशन दास आदि उपस्तिथ रहे।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कसौली में आयोजित भाजपा हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जाति मोर्चे की प्रदेश कार्यसमिति को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कार्यसमिति को सम्बोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को कांग्रेस ने भारत रतन नहीं दिया वह नहीं चाहते थे की डॉक्टर अंबेडकर को भारत रतन मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने समाज को अलग करने का जो बीज डाला है उसे नष्ट करने का बड़ा प्रयास भाजपा द्वारा किया गया, 70 सालों में समाज को तोड़ने के अनेकों प्रयास हुए पर जोड़ने का प्रयास भाजपा द्वारा किया गया। हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 17 विधानसभा सीटें हैं जिसमें से 13 पर भाजपा का कब्जा है और आने वाले 2022 के चुनाव में 17 की 17 सीटों पर भाजपा की जीत होंगी। कांग्रेस ने केवल वोट बैंक आधारित राजनीति की है पर भाजपा ने ऐसा नहीं किया सामाजिक समरसता को लेकर भाजपा ने अनेकों कदम उठाए हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप को अनुसूचित जाति वर्ग से बनाया है, भाजपा ने इस वर्ग का हमेशा मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश की सरकार ने अनेकों जनकल्याण की योजनाएं हिमाचल प्रदेश में शुरू की है। हम सम्मान के साथ सर उठाकर वोट मांगने जा सकते हैं।
सोलन के धर्मपुर में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। यहाँ खेल-खेल में 11 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक बच्चा गांव रुंदन घोड़ों, ग्राम पंचायत बड़ोग, डाकघर कुमारहट्टी का रहने वाला था। दरसल, तनीष ने घर के पास पेड़ पर झूला लगाया हुआ था। झूला झूलते समय अचानक उसका गला रस्सी में लिपट गया। परिजनों द्वारा बच्चे को एमएमयू अस्पताल सुल्तानपुर ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वन परिक्षेत्र दाड़लाघाट के तहत वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारी किशोरी भारद्वाज की अध्यक्षता में बाड़ीधार परिसर में पौधरोपण किया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत सरयांज के प्रधान रमेश ठाकुर, वन खंड अधिकारी पीपलुघाट राजेंद्र, वनरक्षक सुरेंद्र, संजय कुमार, तरुण शर्मा, पूर्व प्रधान संतराम के साथ बाड़ीधार मंदिर परिसर में चिनार का पौधा लगाकर वन महोत्सव का शुभारंभ किया। पंचायत प्रधान रमेश ठाकुर ने इस मौके पर हिमाचल प्रदेश वन विभाग के पौधरोपण कार्यक्रम की खूब प्रसंशा की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से बाड़ी मंदिर परिसर की सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे। इसके साथ ही देवदार व बान सहित अन्य प्रजातियों के पौधे रोपित किए गए। वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारी किशोरी भारद्वाज ने कहा कि चिनार का पौधा बाड़ीधार के मौसम के अनुसार अच्छा चलेगा।किशोरी भारद्वाज ने बताया कि आजकल भरपूर बरसात में लोगों को कोई न कोई पौधा अवश्य लगाना चाहिए। अपने घरों के आसपास उन्हें जरूर पौधे रोपित करने चाहिए।जिससे वातावरण शुद्ध और हरा भरा होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभदायक रहेगा।
जिला प्रशासन सोलन, वन विभाग एवं रेडक्रास समिति के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को विकास खण्ड सोलन की ग्राम पंचायत ओच्छघाट के नन्दल गांव में वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रश्मिधर सूद इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव ने की। आज आयोजित इस वन महोत्सव समारोह में 250 से अधिक लोगों ने विभिन्न प्रजातियों के लगभग 800 पौधे रोपे। समेकित बाल विकास परियोजना सोलन द्वारा इस अवसर पर आस-पास के क्षेत्रों में जन्मी 50 बेटियों के नाम पर 50 पौधे रोपित कर ‘बालिका सम्मान वाटिका’ स्थापित की गई। प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रश्मिधर सूद ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश के हरित आवरण में वृद्धि समूचे उत्तर भारत के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बालिका सम्मान वाटिकाएं स्थापित करने से जहां बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्किोण को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी वहीं यह वाटिकाएं आने वाले समय में पर्यटन को बढ़ावा देने में भी सहायक बनेंगी। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि पौधरोपण कार्यक्रमों को सफल बनाएं और रोपे गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चत करें। उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव ने इस अवसर पर कहा कि वृक्ष, पर्यावरण एवं भूमि संरक्षण के लिए अत्यन्त आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमें प्राणदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करने के साथ-साथ अनेक औषधियां भी प्रदान करते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि प्रकृति के संरक्षण के लिए पौधों की देखभाल बच्चों की तरह करें और यह सुनिश्चित बनाएं कि रोपे गए पौधे स्वस्थ वृक्ष बनें। ग्राम पंचायत ओच्छघाट की प्रधान पूनम शर्मा, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, ग्राम पंचायत सन्होल की प्रधान कुसुम, बीडीसी सदस्य अनीता देवी, ग्राम पंचायत ओच्छघाट के उप प्रधान नरेश कुमार, तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी, खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, सीडीपीओ सोलन डाॅ. पदमदेव शर्मा, आरओ सोलन तेजप्रकाश शर्मा, पर्यवेक्षक ओच्छघाट योगिता चौधरी, स्थानीय महिला मण्डल प्रधान कमलेश कुमारी, युवक मण्डल प्रधान राकेश ठाकुर सहित ओच्छघाट, नोणी व शमरोड ग्राम पंचायतों के लोग उपस्थित थे।
वन परिक्षेत्र दाड़लाघाट के तहत मंगलवार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारी किशोरी भारद्वाज की अध्यक्षता में मनलोग बड़ोग में पौधा रोपण किया गया। वरिष्ठ पर्यवेक्षक ने जामुन का पौधा रोप कर वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान वन रक्षक खुशबू व स्वाति शर्मा के साथ महिला मंडल बड़ोग मनलोग और महिला मंडल खालसा की लगभग 30 महिलाओं व स्थानीय लोगों ने खैर, दाडू, पाजा, बिउन्स आदि स्थानीय प्रजातियों के लगभग 100 पौधे रोपित किए। महिला मंडल मनलोग बड़ोग व खालसा की प्रधान सुनीता शर्मा और मीरा ने इस मौके पर हिमाचल प्रदेश वन विभाग के पौधारोपण कार्यक्रम की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से जहां पर्यावरण सरक्षण तो होता ही है साथ ही ग्रामीण लोगों को अपने मवेशियों के लिए हरा चारा व जलावन की लकड़ी की भी आपूर्ति होगी है, वातावरण भी हरा भरा रहता है, साथ ही उन्होंने कहा कि हम पौधों की देखरेख की जिम्मेवारी लेने का आश्वासन देते है । कार्यक्रम के बाद वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारी किशोरी भारद्वाज ने बाडीधार में भी पंचायत प्रतिनिधयों और वन रक्षकों के साथ मिलकर चिनार के पौधे रोपे।
सोलन जिला में काविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर को रोकने और बचाव के लिए गठित जिला निगरानी समीति की सदस्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव गुरमीत कौर ने जिला के धर्मपुर, सोलन एवं कण्डाघाट विकास खण्ड की विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर वहां लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव एवं नियम पालन की जानकारी प्रदान की। गुरमीत कौर ने धर्मपुर, गढ़खल-सनावर, पर्यटन क्षेत्र कसौली सहित धर्मपुर, भटोल, धार की बेड़, सिहारड़ी कुम्हारा, सिहारड़ी मुसलमाना और ग्राम पंचायत गढ़खल सनावर के गांव मोती काना, सनावर गढ़खल, बड़ाह, कीमूघाट, दोची गांव में लोगों को स्थानीय पंचायत प्रधान के माध्यम से कोविड-19 की तीसरी लहर से बचाव के विषय में विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने लोगों से उचित प्रकार से नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करने और बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करने का आग्रह किया। जिला निगरानी समीति की सदस्य ने लोगो से आग्रह किया कि अनावश्यक अपने घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत सदस्यों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें ताकि शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त कर सभी को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। गुरमीत कौर ने विकास खण्ड सोलन की ग्राम पंचायत चेवा एवं कुम्हारहट्टी के चेवा, हरिपुर उदयपूर, फलावन, खील, बढसेर, क्यार आदि गांव के लागों को भी कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बवाच के विषय में जागरूक किया। उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन के अध्यापकों एवं कर्मियों व यहां निर्माण कार्य में संलग्न 14 ठेकेदारों एवं श्रमिकों को भी कोरोना से बचाव के विषय में जागरूक किया। उन्होंने कण्डाघाट विकास खण्ड की की विभिन्न ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने सभी स्थानों पर लोगों को कोविड नियमों का पालन करने व कोरोना से बवाच के लिए उपायों से अवगत करवाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव ने नागरिक अस्पताल धर्मपुर व चायल में कोविड-19 से बचाव के लिए की गई तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की जांच की और उपस्थित लोगों की समस्याएं सुनीं। गुरमीत कौर ने कहा कि कोविड-19 से सम्बन्धित जानकारी व सहायता के लिए जिला आपात केन्द्र हेल्पलाईन नम्बर-1077, दूरभाष नम्बर 01792-221234 तथा मेडिकल हेल्पलाइन 01792-220882, 220049 व 221200 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोलन से शिमला के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत 22 जुलाई, 2021 को 11 केवी वाटर सप्लाई फीडर की आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी मंगलवार को प्रदेश विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता आर. विदुर ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण 22 जुलाई, 2021 को प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक चम्बाघाट चौक, फॉरेस्ट कालोनी, बेर गांव, बेर पानी, बेर खास, करोल विहार, एनआरसीएम, जौणाजी, दामकड़ी, फलाई, शिल्ली, धाली, सेर चिराग, मशीवर, भाजो, कोटला, अश्वनी खड्ड, चंगर, राली धार, बजरोल, नडोह, शूलिनी नगर के कुछ क्षेत्रों, दुग्ध शीतन सयंत्र तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में विद्युत आपूर्ति अगले कार्य दिवस पर बाधित की जाएगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक गोविंद शर्मा एवं भाजपा नेत्री एवं जिला परिषद सदस्य आशा परिहार कुनिहार विश्राम गृह में भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना से मिले उन्होंने भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना से बातचीत करते हुए कहा कि हम भारतीय जनता पार्टी के सच्चे सिपाही है और भाजपा के लिए हर दम कार्य करेंगे। भाजपा नेताओं ने कहा की आगामी पार्टी के कार्यक्रमों को लेकर सभी कार्य में लगे हैं और केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जन कल्याण योजनाओं को लेकर घर घर जाकर इनका प्रचार भी करेंगे। भाजपा नेताओं ने कहा की वह भाजपा के प्रति समर्पित है। इस अवसर पर भाजपा शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पुरुषोत्तम गुलेरिया, जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य एवं भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा उपस्थित रहे।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि जिसके हाथ में कमल का फूल होगा कार्यकर्ता उसी के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित राजनीतिक दल है और इसमें कार्यकर्ता पार्टी का मजबूत स्तंभ माना जाता है, हमारे कार्यकर्ता को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर पूर्ण भरोसा है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ऐसा वृक्ष है जो व्यक्ति इससे जुड़ा रहता है वह आगे बढ़ता है इससे टूट कर कभी भी कोई नेता नहीं बन पाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार अनेकों योजनाओं के माध्यम से अच्छा कार्य कर रही है और इनकी बनाई योजनाओं से जनता को बड़ा लाभ प्राप्त हो रहा है। वास्तव में केंद्र और राज्य मिलकर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार चला रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार और संगठन में अच्छा तालमेल है जिसके कारण कार्यकताओं में अद्भुत जोश देखने को मिला है। उन्होंने कहा मोदी सरकार एवं जयराम सरकार के सुशासन और सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास की नीति से देश व प्रदेश के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना ,प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, जल जीवन मिशन, सोशल हेल्थ कार्ड, हिम केअर योजना, गृहिणी सुविधा योजना एवं अनेकों योजनाओं से जनता को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन की मजबूती के लिए धरातल पर कार्य कर रही है जिसके अंतर्गत बूथ स्तर के ढांचे को और ज्यादा मजबूत किया जा रहा है जल्द ही बूथ स्तर पर बूथ कमेटियों का गठन होगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भाजपा अनेकों सम्मेलनों द्वारा संगठन को और मजबूत करने जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित होकर कार्य करें। डॉ. सैजल मंगलवार को सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के दत्यार में 72वें जिला स्तरीय वन महोत्सव अभियान का शुभारम्भ करने के उपरान्त उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर वृक्षारोपण की जापानी पद्धति ‘मियावाकी’ के माध्यम से बरगद का पौधा रोपकर अभियान का शुभारम्भ किया। उन्होंने महत्वाकांक्षी ‘एक बूटा बेटी के नाम’ योजना के तहत पीपल का पौधा भी रोपा। इस अवसर पर पीपल, अर्जुन, दाढ़ू, बहेड़ा, शीशम इत्यादि के 500 पौधे रोपे गए। डॉ. सैजल ने इस अवसर पर कहा कि इस वित्त वर्ष में सोलन जिला में 386 हैक्टैयर भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के 3,10,000 से अधिक पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि गत 3.5 वर्ष की अवधि में सोलन जिला में 1650 हैक्टैयर भूमि पर वृक्षारोपण किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम पंचायत जाबली और कोटी नाभ के वार्ड सदस्यों को 51-51 पौधे रोपित करने के लिए प्रदान किए। आयुष मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता रोपे गए वृक्षों की सुरक्षा पर निर्भर करती है। इस दिशा में युवा पीढ़ी की सहभागिता अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि युवा रोपित पौधों की देखभाल का प्रण लें तो धरती का हरित आवरण यथोचित बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि पौधरोपण अभियान की सफलता के लिए कार्य करें। डॉ. सैजल ने कहा कि समेकित बाल विकास परियोजना द्वारा दत्यार में गत एक वर्ष में ग्राम पंचायत जाबली और कोटी नाभ में जन्मी 52 बेटियों के नाम पर 52 पौधे रोपित कर बालिका सम्मान वाटिका स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि दत्यार को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है और राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित यह स्थल आने वाले समय में पर्यटकों के लिए प्राकृतिक दृश्यावली का प्रमुख स्थल बन कर उभरेगा। डॉ. सैजल ने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए। वन अरण्यपाल ई. विक्रम ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूर्ण होने पर हाल ही में 04 स्वर्णिम वाटिकाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि गत 02 वर्षों में सोलन जिला के वन क्षेत्र में 24.29 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। सोलन जिला में अगले 02 वर्षों में जल उपलब्धता की स्थिति में सुधार के उद्देश्य से जल भण्डारण योजना के तहत 10 लाख लीटर से अधिक क्षमता की 03 संरचनाएं निर्मित की जाएंगी। वन मण्डलाधिकरी यशुदीप सिंह ने धन्यावाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए वृक्षारोपण की जापानी पद्धति ‘मियावाकी’ की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि इस तकनीक में पौधों को एक दूसरे के समीप रोपा जाता है ताकि वे सूर्य के प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा कर कम समय में विकसित हो सकें। प्रदेश में इस तकनीक का प्रयोग पहली बार दत्यार में किया गया है। प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. डेजी ठाकुर, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ सोलन के अध्यक्ष सुन्दरम ठाकुर, बीडीसी धर्मपुर के उपाध्यक्ष मदन मोहन मेहता, भाजपा मण्डल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, जोगेन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष यशपाल ठाकुर, युवा बोर्ड के निदेशक संजय ठाकुर, भाजपा मण्डल कसौली के उपाध्यक्ष महेन्द्र ठाकुर, ग्राम पंचायत जाबली की प्रधान कल्पना गर्ग, ग्राम पंचायत कोटी-नाभ की प्रधान सन्ध्या देवी, ग्राम पंचायत टकसाल की प्रधान सन्तोष, बीडीसी सदस्य मैना देवी एवं चम्पा ठाकुर, जिला भाजपा उपाध्यक्ष दौलत राम ठाकुर, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष ममता ठाकुर, पूर्व बीडीसी सदस्य करनैल सिंह, ग्राम पंचायत जाबली के पूर्व प्रधान दूनी चन्द, ग्राम पंचायत गढ़खल-सनावर के उप प्रधान विपिन गुप्ता, वन अरण्यपाल ई.विक्रम, वन मण्डलाधिकरी यशुदीप सिंह, उपमण्डलाधिकारी कसौली डॉ. संजीव धीमान, खण्ड विकास अधिकारी सुभाष अत्री, वन मण्डलाधिकरी सोलन मुख्यालय ए.के. वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र टेगटा, भाजपा तथा भाजयुमो के विभिनन पदाधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सोलन विकास खण्ड की पँचायत पट्टाबरावरी के निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर परिसर में 18 जुलाई से 25 जुलाई तक गुरुपूर्णिमा पर्व के उपलक्ष पर श्री बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवाधाम के सौजन्य से श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य हरि महाराज अपनी मधुर वाणी से ज्ञान की गंगा का प्रवाह करके कथा स्रोताओं को श्रवण करवा रहे है। कथा के तीसरे दिन हरि महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया । प्रवचन देते हुए आचार्य ने कहा कि मनुष्य को हमेशा सत्य बोलना चाहिये सत्य बोलने से मनुष्य में शक्ति बनी रहती है जबकि झूठा व्यक्ति हर समय कमजोर व डरा हुआ रहता है। उन्होंने सभी स्रोताओं से आवाहन किया कि वह सत्य का मार्ग अपनाए। अगले प्रसंग में आचार्य ने कहा कि संसार मे बढ़ती जा रही कुरीतियों तथा बुराईयों को यदि हम रोक न सके तो संसार को खतरे का सामना करना पड़ सकता है। हरि माहराज ने कहा कि गुरु और शिष्य का आपस मे बहुत गहरा संबंध रहा है गुरु भक्ति ही सबसे श्रेस्ठ तीर्थ है गुरु नाम के जप से मनुष्य के जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते है गुरु के बिना ज्ञान अधूरा है गुरु की आज्ञा का पालन हर शिष्य को करना चाहिए। विश्वमंगलम सेवाधाम के मीडिया प्रभारी एवम पूर्व पँचायत समिति सदस्य डी डी कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि भागवत कथा को 25 जुलाई को विश्राम दिया जाएगा। कथा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक है। उन्होंने सभी क्षेत्र वासियों से कथा श्रवण करने की अपील की है।
सोलन : मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को उपायुक्त के माध्यम से सौंपा ज्ञापन
मंगलवार दिनांक 20 जुलाई, 2021 को मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हिमाचल प्रदेश (संबंधित सीटू) जिला कमेटी सोलन ने राज्य स्तरीय आह्वान पर पूरे राज्य भर में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजें। इस मौके पर जिला सोलन में भी सोलन, नालागढ़ व दाड़लाघाट के मिड डे मील वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे। इस ज्ञापन के माध्यम से मिड डे मील वर्कर्स ने निम्नलिखित मांगे उठाई:- 1. मिड डे मील वर्करज़ को सरकार द्वारा घोषित 9000रु न्यूनतम वेतन दिया जाए। 2. हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पार्ट टाईम मल्टी टास्क वर्करज़ की भर्ती में मिड डे मील वर्करज़ को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाए। 3. मिड डे मील वर्करज़ की नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त को हटाया जाए। सभी स्कूलों में 2 मिड डे मील वर्करज की नियुक्ती की जाए। 4. मिड डे मील वर्करज़ को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। 5. मिड डे मील योजना का किसी भी रूप में निजीकरण न किया जाए। केन्द्रीय रसोईघरों पर रोक लगाई जाए। 6. मिड डे मील योजना में (DBT) योजना पर रोक लगाई जाए। स्कूलों में बच्चों को ताजा पका हुआ भोजन दिया जाए। 7. हिमाचल प्रदेश माननीय उच्च न्यायालय द्वारा मिड डे मील वर्करज़ को 10 महीने के बजाए 12 महीने का वेतन देने के निर्णय को तुरन्त लागू किया जाए। नवम्बर 2019 से एरियर का भुगतान किया जाए। 8. मिड डे मील वर्करज़ को कई बार 3-4 महीने तक वेतन नहीं दिया जाता, मिड डे मील वर्करज़ को प्रतिमाह पहली तारीख को वेतन का भुगतान किया जाए। 9. मिड डे मील वर्करज़ को साल में दो वर्दी दी जाए। 10. मिड डे मील वर्करज़ के लिए आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश व मैडिकल अवकाश दिया जाए। 11. मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड्स व किसान विरोधी तीनों कृषि कानून वापिस लिए जाए। इस मौके पर सीटू जिला सचिव एनडी रणौत, जिला अध्यक्ष मोहित वर्मा, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन अध्यक्षा मीरा कश्यप, सचिव कमलेश सहित कुंता देवी, सुनील शर्मा, सपना ठाकुर, नर्मदा देवी, मीना, कमलेश आदी मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री और अर्की विधायक वीरभद्र सिंह अब नहीं रहे और नतीजन जल्द अर्की निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव होना तय है। अर्की निर्वाचन क्षेत्र की सियासत बेहद रोचक रही है। अतीत पर नजर डाले तो यहां कांग्रेस -भाजपा दोनों को बराबर प्यार मिलता रहा है। वर्ष 1980 में भाजपा की स्थापना हुई थी और उसके बाद से अब तक 9 विधानसभा चुनाव हुए है। इनमें कांग्रेस पांच मर्तबा तो भाजपा ने चार मर्तबा बाजी मारी है। पहले करीब ढाई दशक तक अर्की की सियासत हीरा सिंह पाल और नगीन चंद्र पाल के बीच घूमती रही, तो 1993 में कांग्रेस नेता धर्मपाल ठाकुर के विधायक बनने के बाद अर्की वालों ने उन पर लगातार तीन बार भरोसा जताया। फिर कर्मचारी राजनीति से सियासत में कदम रखने वाले गोविंद राम शर्मा दो बार जीते। पर 2017 के विधानसभा चुनाव में खुद सूबे के मुख्यमंत्री ( तत्कालीन ) वीरभद्र सिंह ने अर्की से मैदान में उतरने का निर्णय लिया और अर्की के विधायक बने। अब वीरभद्र सिंह के निधन के बाद होने वाले उपचुनाव को लेकर कयास और चाहवानों के प्रयास शुरू हो चुके है। असंतोष और अंदरूनी खींचतान की आग दोनों ही राजनीतिक दलों में बराबर लगी है। वर्ष विधायक पार्टी 1967: हीरा सिंह पाल निर्दलीय 1972: हीरा सिंह पाल लोक राज पार्टी 1977: नगीन चंद्र पाल जनता पार्टी 1982: नगीन चंद्र पाल भारतीय जनता पार्टी 1985: हीरा सिंह पाल कांग्रेस 1990: नगीन चंद्र पाल भारतीय जनता पार्टी 1993: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 1998: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 2003: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 2007: गोविन्द राम शर्मा भारतीय जनता पार्टी 2012: गोविन्द राम शर्मा भारतीय जनता पार्टी 2017 : वीरभद्र सिंह कांग्रेस 2007 में कांग्रेस को भारी पड़ी गलती : वर्ष 1993, 1998 और 2003 में कांग्रेस के धर्मपाल ठाकुर लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके थे। 2003 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और धर्मपाल ठाकुर को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया गया था। वे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में थे। अर्की क्षेत्र में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। पर बावजूद इसके 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बड़ी चूक हो गई और धर्मपाल ठाकुर का टिकट काट दिया गया। कहते है वीरभद्र सिंह इसके पक्षधर नहीं थे, वे धर्मपाल ठाकुर को ही टिकट देने के हिमायती थे। पर कांग्रेस आलाकमान ने वीटो इस्तेमाल करते हुए प्रकाश चंद करड को टिकट थमा दिया। आखिरकार हुआ वो ही जिसका अंदेशा था, हवा - हवाई उम्मीदवार देने का खामियाजा कांग्रेस ने भुगता और पार्टी तीसरे स्थान पर रही। प्रकाश चंद बुरी तरह चुनाव हारे। वहीँ दूसरे स्थान पर रहने वाले थे धर्मपाल ठाकुर जो कांग्रेस से टिकट कटने के बाद बतौर निर्दलीय मैदान में थे। प्रकाश चंद को जहां करीब साढ़े सात हज़ार वोट ही मिले थे वहीँ धर्मपाल ठाकुर को निर्दलीय लड़ने के बावजूद करीब साढ़े चौदह हजार वोट मिले थे। जाहिर सी बात है कि कांग्रेस की इस अंदरूनी लड़ाई का फायदा तब भाजपा को मिला था। माहिर मानते है की अगर कांग्रेस ने धर्मपाल ठाकुर का टिकट नहीं काटा होता तो संभवतः कांग्रेस अर्की में जीत का चौका लगाती। 2012 में बगावत ने बिगाड़े अवस्थी के समीकरण : 2012 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने संजय अवस्थी को उम्मीदवार बनाया था। दरअसल 2008 में धर्मपाल ठाकुर का देहांत हो चूका था और 2007 का चुनाव लड़ चुके प्रकाश चंद भी तब तक खुद को स्थापित नहीं कर पाए थे। ऐसे में पार्टी को एक दमदार चेहरा चाहिए था और संजय अवस्थी पर पार्टी ने भरोसा जताया। पर अंदरूनी खींचतान और बगावत पार्टी को भारी पड़ी। दरअसल उस चुनाव में पार्टी के ही अमर चंद पाल बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे और 10 हजार से ज्यादा वोट लेकर कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया। नतीजन संजय अवस्थी करीब दो हजार वोट से चुनाव हार गए, पर तब से संजय अवस्थी ही स्थानीय कांग्रेस का मुख्य चेहरा बने हुए है। 2017 में वीरभद्र ने करवाई वापसी : 2017 विधानसभा चुनाव से कई माह पहले से ही अर्की में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की विशेष मेहरबानी दिखने लगी थी। वीरभद्र सिंह के लगातार दौर और कई सौगातों ने संकेत दे दिए थे कि खुद वीरभद्र सिंह अर्की से मैदान में उतर सकते है। दरअसल वीरभद्र सिंह शिमला ग्रामीण की अपनी सीट से अपने पुत्र विक्रमादित्य सिंह को विधानसभा भेजना चाहते थे। हुआ भी ऐसा ही। उन्होंने विक्रमादित्य के लिए शिमला ग्रामीण सीट छोड़ दी और खुद अर्की से मैदान में उतर गए। जब खुद वीरभद्र सिंह मैदान में थे तो जाहिर सी बात है खुलकर कोई विरोध नहीं हुआ। जैसा अपेक्षित था वीरभद्र सिंह चुनाव जीत गए और दस साल बाद अर्की सीट वापस कांग्रेस के कब्जे में आ गई। पर उनके आने से संजय अवस्थी का इंतज़ार बढ़ गया। 2012 के बाद से ही संजय अवस्थी तैयारी में जुटे थे लेकिन तब उन्हें चुनाव लड़ने का मौका ही नहीं मिला। फिर अवस्थी को मिलेगा टिकट ! वीरभद्र सिंह के निधन के बाद अर्की उपचुनाव जीतना कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल होगा। बहरहाल, यक्ष प्रश्न ये है कि कांग्रेस किसे मैदान में उतारती है। एक पक्ष ये भी है कि वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह अर्की उप चुनाव लड़े। पर वे सक्रीय राजनीति में लौटती है तो उनके मंडी संसदीय चुनाव लड़ने की सम्भवना अधिक है। यदि प्रतिभा सिंह नहीं तो कौन, ये बड़ा सवाल है। जमीनी बात करें तो संजय अवस्थी ही फिलवक्त मजबूत दावेदार लग रहे है। हालांकि राजेंद्र ठाकुर भी स्व. वीरभद्र सिंह से नजदीकी के बुते टिकट की दौड़ में रहेंगे लेकिन अवस्थी के रहते पार्टी उन्हें मौका दे, ऐसा मुश्किल लगता है। जाहिर सी बात है इस तमाम खींचतान में सबको एकजुट रखकर चुनाव लड़ना कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती होने वाली है। दो बार कमल खिलाने वाले गोविन्द राम साइडलाइन : 1993 से 2003 तक अर्की में लगातार तीन चुनाव हारने के बाद भाजपा बैकफुट पर थी। अर्की कांग्रेस का गढ़ बन चूका था और इसे ढहाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती थी। पर जब कांग्रेस ने सीटिंग विधायक धर्मपाल ठाकुर का टिकट काटा तो भाजपा को वापसी की उम्मीद दिखी। 2007 के चुनाव में भाजपा ने कर्मचारी नेता रहे गोविन्द राम शर्मा को टिकट दिया था और गोविंद राम के चेहरे और कांग्रेस में हावी बगावत के बूते अर्की में भाजपा का वनवास खत्म हुआ। इसके बाद 2012 में चुनाव में भी पार्टी ने गोविन्द राम शर्मा को मैदान में उतारा और वे दूसरी बार चुनाव जीत गए। पर 2017 में भाजपा ने गोविन्द राम शर्मा का टिकट काट कर रतन सिंह पाल को मैदान में उतारा और भाजपा अर्की का चुनाव हार गई। हालांकि अर्की से खुद वीरभद्र सिंह मैदान में थे लेकिन भाजपा के टिकट वितरण को लेकर सवाल उठे। कहते है तब बगावत साधने को भाजपा ने गोविन्द राम शर्मा को आश्वस्त किया था कि सरकार बनने की स्तिथि में उन्हें कोई महत्वपूर्ण पद और ज़िम्मेदारी मिलेगी, पर ऐसा हुआ नहीं। गोविन्द राम शर्मा एक किस्म से साइडलाइन कर दिए गए। वीरभद्र से हारकर भी फायदे में रहे रतन पाल : 2017 में रतन सिंह पाल का मुकाबला खुद वीरभद्र सिंह से था। माना जा रहा था वीरभद्र सिंह आसानी से चुनाव जीतेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उनकी जीत का अंतर करीब छ हजार वोट रहा जो उनके कद के लिहाज से कम था। वहीं वीरभद्र सिंह को टक्कर देने के बाद रतन सिंह पाल एक किस्म से हार कर भी जीत गए। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें हिमाचल प्रदेश कोआपरेटिव डेवलपमेंट फेडरेशन का चेयरमैन बनाया गया। संगठन में भी रतन पाल को प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष का दायित्व मिला। कुल मिलाकर रतन सिंह पाल अर्की भाजपा का प्राइम फेस बन गए और अब भी बने हुए है। निकाय चुनाव में खरे नहीं उतरे पाल : इसी वर्ष हुए स्थानीय निकाय चुनाव के टिकट वितरण में रतन सिंह पाल की ही चली। पर जिला परिषद में पार्टी के कई दिग्गजों के टिकट काटने का खामियाजा भाजपा ने भुगता। अंत में इन्हीं दिग्गजों के सहारे जैसे तैसे जिला परिषद् पर भाजपा का कब्ज़ा तो हो गया लेकिन रतन सिंह पाल के खिलाफ खुलकर आवाज उठने लगी। वहीँ अर्की नगर पंचायत चुनाव में भी भाजपा को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। बीडीसी पर भी कांग्रेस का कब्ज़ा रहा। हालांकि ये चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए थे। विरोधी एकजुट नहीं हुए तो रतन पाल की राह आसान : इसमें कोई संशय नहीं है कि वर्तमान में अर्की भाजपा में गुटबाजी चरम पर है। पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा भी अब खुलकर मैदान में है और टिकट की मांग कर रहे है। उनके साथ भाजपा का एक बड़ा गुट दिख रहा है और गोविन्द राम पूरी तरह एक्शन में है। गोविन्द राम के अलावा और भी कई चाहवान है जो टिकट चाहते है। कई ऐसे भी है जो पहले भी विधायक बनने की चाह में बागी बन चुके है। पर जानकार मानते है कि पार्टी का झुकाव फिलवक्त रतन सिंह पाल की तरफ ही दिख रहा है। हां यदि रतन सिंह पाल के विरोधी एकजुट होकर एक चेहरे पर सहमति बना ले तो शायद पार्टी को सोचना पड़े। पर अगर सबकी अपनी डफली अपना राग ही रहा तो टिकट के लिए रतन सिंह पाल की राह आसान होगी।
वीरभद्र सिंह के निधन के बाद क्या उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह उनकी राजनीतिक विरासत को संभालने आगे आएगी ? क्या प्रतिभा सिंह आगामी उपचुनाव से चुनावी राजनीति में कमबैक करेंगी ? अगर प्रतिभा सिंह उपचुनाव लड़ती है, तो क्या वे मंडी संसदीय क्षेत्र का उपचुनाव लड़ेगी या अर्की विधानसभा का उपचुनाव ? फिलवक्त ये वो सवाल है जिनका जवाब सब तलाश रहे है। सबकी नजरें वीरभद्र सिंह के परिवार की तरफ टिकी है, विशेषकर वीरभद्र सिंह के समर्थकों और निष्ठावानों की। हालांकि माहिर मानकर चल रहे है कि आगामी उपचुनाव से प्रतिभा सिंह की सक्रिय राजनीति में वापसी तय है, पर जब तक वीरभद्र सिंह के परिवार का कोई बयान नहीं आता, ये सिर्फ कयास ही है। 1962 में वीरभद्र सिंह पहली बार सांसद बने थे, तब से अब तक बुशहर रियासत की सियासत में भरपूर भागीदारी रही है। सिर्फ आपातकाल के दौरान 1977 से 1980 तक ही ऐसा वक्त आया है जब बुशहर रियासत से कोई संसद या विधानसभा में न रहा हो। इन तीन वर्षों को छोड़ कर खुद वीरभद्र सिंह किसी न किसी सदन का हिस्सा रहे है। वहीं उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह भी मंडी सीट से दो बार सांसद रही है। वर्तमान में वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह भी शिमला ग्रामीण सीट से विधायक है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वीरभद्र सिंह कितने मजबूत नेता रहे है और बुशहर रियासत का लोकतांत्रिक राजनीति में क्या रसूख है। जाहिर सी बात है कि वीरभद्र सिंह के जाने के बाद अब उनके समर्थक चाहेंगे कि उनकी इस पकड़ को बरकरार रखा जा सके। पर अंतिम निर्णय तो वीरभद्र सिंह के परिवार को ही लेना है। अगर कांग्रेस पार्टी के लिहाज से बात करें तो वीरभद्र सिंह के साथ लोगों की सहानुभूति और संवेदनाएं दोनों है और इसी लहर पर सवार होकर कांग्रेस उपचुनाव का रण जीतने की आस में होगी। ऐसे में यदि प्रतिभा सिंह उपचुनाव में मैदान में होती है तो कांग्रेस के लिए जीत की आस और प्रबल होगी। निसंदेह यदि प्रतिभा सिंह इच्छा जताती है तो पार्टी बिना देर लगाएं उनके पीछे खड़ी होगी। मंडी में कैलक्युलेटेड, तो अर्की में हाई रिस्क ! प्रतिभा सिंह यदि चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त करती तो मैदान मंडी संसदीय क्षेत्र होगा या अर्की विधानसभा क्षेत्र, ये यक्ष प्रश्न है। अर्की वीरभद्र सिंह का आखिरी निर्वाचन क्षेत्र रहा है। ऐसे में अर्की उपचुनाव को जीतना कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठता का सवाल होगा। वहीं वीरभद्र सिंह के परिवार के लिए भी ये चुनाव वर्चस्व बरकरार रखने की चुनौती है। उनकी पत्नी और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को अर्की से चुनाव लड़वाने की मांग अभी से जोर पकड़ने लगी है। दरअसल अर्की में कांग्रेस की गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है और एक गुट विशेष प्रतिभा सिंह को मैदान में उतारने का पक्षधर है। पर इस स्थिति में वीरभद्र परिवार का सब कुछ दांव पर होगा। खुदा न खास्ता नतीजा प्रतिकूल रहा तो वर्चस्व भी धुंधला जायेगा। वहीं प्रतिभा सिंह यदि मंडी संसदीय क्षेत्र से मैदान में होती है तो उन्हें बुशहर रियासत के दायरे में आने वाले क्षेत्रों से अच्छी सहानुभूति मिल सकती है, विशेषकर रामपुर, किन्नौर, आनी, करसोग और सिराज में। 2014 की मोदी लहर में भी प्रतिभा सिंह मंडी से करीब 40 हजार वोट से ही हारी थी जो अंतर आश्रय शर्मा के उम्मीदवार रहते 2019 में करीब चार लाख पहुंच गया था। ऐसे में सहानुभूति के रथ पर सवार होकर प्रतिभा सिंह 2014 के 40 हजार के अंतर को पाट सकती है। और अगर नतीजा उनके पक्ष में नहीं आता है तो भी उन्हें आश्रय शर्मा की तरह एकतरफा हार मिलेगी, ऐसा नहीं लगता। सो प्रतिभा सिंह के लिए मंडी से चुनाव लड़ना नपातुला जोखिम है। जबकि अर्की का चुनाव मंडी के बनिस्बत छोटा जरूर है पर वहां जोखिम बड़ा होगा।
पौधरोपण वन सरक्षंण ओर पर्यावरण को बचाने में ग्राम पंचायत रौडी के फाउंटेन यूथ क्लब द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फाउंटेन यूथ क्लब रौडी के सौजन्य से 15 जुलाई 2021 से 18 जुलाई 2021 तक पौध रोपण का अभियान चलाया। इस दौरान देवदार,आंवला व अन्य फलदार पौधे एसीएफ फाउंडेशन के सहयोग से प्राप्त करके जगह जगह रोपण किया गया। क्लब के प्रधान अजय कुमार ने बताया कि भविष्य में भी युवाओं को पर्यावरण के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दौरान क्लब सदस्यों द्वारा ग्रामवासियों को कोरोना कोविड-19 से बचाव के नियमों के बारे में बताया,अथवा उनसे इन नियमों का पालन करने हेतु आग्रह किया। इस मौके पर क्लब के युवाओं ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। क्लब का सहयोग एसीएफ,ग्राम पंचायत प्रधान रौडी व अन्य बड़े बुजुर्गो द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्लब प्रधान अजय कुमार,कोषाध्यक्ष विनय शर्मा,तरुण,तनुज,प्रदीप,अरुण,कमल,राहुल,निखिल,हरीश,नवीन,सनी,राकेश सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
बाहरा विश्वविद्यालय में ‘कीप हिमाचल क्लीन एण्ड ग्रीन’ कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रकृति और मानव का सम्बन्ध शाश्वत है तथा प्रकृति के संरक्षण में ही पृथ्वी की रक्षा निहित है। डॉ. सैजल सोमवार को सोलन जिला के कण्डाघाट स्थित बाहरा विश्वविद्यालय में ‘कीप हिमाचल क्लीन एण्ड ग्रीन’ कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के उपरान्त उपस्थित अध्यापकों एवं अन्य को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. सैजल ने इस अवसर पर विज्ञान तथा गणित के अध्यापकों के लिए आयोजित दो दिवसीय क्षमता उन्नयन कार्यशाला का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़लाघाट के अध्यापक तेजेन्द्र शर्मा तथा जिला विज्ञान पर्यवेक्षक सोलन अमरीश शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘वाईब्रेन्ट साईंस क्विज’ का विमोचन भी किया। यह पुस्तक छठी कक्षा से 12वीं कक्षा के छात्रों को प्रशनोत्तरी प्रतियोगिताओं की तैयारी में सहायता प्रदान करेगी। डॉ. सैजल ने कहा कि प्राचीन काल से ही मनुष्य प्रकृति से सीख लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास की दौड़ में हम सभी को यह स्मरण रखना होगा कि प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा कर ही सुखद भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रकृति को संरक्षित रख कर ही बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित धरा प्रदान की जा सकती है। आयुष मन्त्री ने कहा कि हमें वृक्षों के जीवनदायी पक्ष को समझना होगा और भावी पीढ़ी को यह समझाना होगा कि सभी वृक्षों में औषधीय गुण होते हैं और इनके वैज्ञानिक दोहन से ही आर्थिकी को सुदृढ़ करने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि ‘कीप हिमाचल क्लीन एण्ड ग्रीन’ कार्यक्रम एक वर्ष तक प्रदेश में कार्यान्वित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से प्रदेश वासियों एवं पर्यटकों को हिमाचल को स्वच्छ रखने एवं प्रदेश के अनुपम सौन्दर्य को संरक्षित रखने के लिए जागरूक बनाया जाएगा। प्रदेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों में अभियान के तहत पौधरोपण अभियान भी कार्यान्वित किया जाएगा। विज्ञान तथा गणित के अध्यापकों के लिए आयोजित दो दिवसीय क्षमता उन्नयन कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए उन्होंने अध्यापकों का आह्वान किया कि नई शिक्षा नीति का अनुसरण करते हुए छात्रों के व्यक्तित्व को पल्लवित एवं पोषित करने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अध्यापन की नई विधाएं विकसित हो रही हैं और इनकी जानकारी छात्रों को बेहतर सीख प्रदान करने में सहायक हो सकती है। डॉ. सैजल ने कहा कि शिक्षा, प्राचीन को नवीन से जोड़ने में सहायक होनी चाहिए ताकि युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त कर देश को विश्व अग्रणी बनाने की दिशा में सहायक बने। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए यदि हम सही प्रकार से नाक से लेकर ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से धोते रहें और सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें तो निश्चित तौर पर कोरोना संक्रमण से सभी का बचाव किया जा सकता है। इस अवसर पर आविष्कार फाऊंडेशन पालमपुर की संध्या गुप्ता ने ‘गणित विषय को कैसे रोचक बनाया जा सकता है’ विषय पर सारगर्भित जानकारी प्रदान की। बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति गुरविन्दर सिंह बाहरा, उप कुलपति प्रो. बी.एस. नागेन्द्र पराशर, कुल सचिव विनीत कुमार, निदेशक अनुराग अवस्थी, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा शिमला भाग चन्द चौहान, उप निदेशक उच्च शिक्षा शिमला अशोक शर्मा, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सोलन रोशन जसवाल, जिला परियोजना अधिकारी चन्द्रमोहन शर्मा, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, अध्यापक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 17 जुलाई , 2021 को ऑनलाइन श्लोकोच्चारण एवं गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों ऋग्वेद सदन, यजुर्वेद सदन, सामवेद सदन तथा अथर्ववेद सदन के कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। डॉ० गिरिराज गौतम(संस्कृत अध्यापक ), राखी शर्मा(संस्कृत अध्यापिका) तथा सुनीता ठाकुर (उप प्रधानाचार्या) ने निर्णायक मंडल के सदस्यों की भूमिका निभाई। चारों सदनों के छात्रों ने पूरे हर्षोल्लास के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या महोदया प्रवीणा झा ने प्रतियोगिता के विजयी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सब उनकी तथा उनके अध्यापकों की मेहनत का ही नतीजा है, जिस कारण सभी छात्र इतनी अच्छी तरह से श्लोकों का उच्चारण तथा गायन कर सकें। निर्णायक मंडल के सदस्यों ने छात्रों तथा अध्यापकों के अथक प्रयासों की सराहना की। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार है:- प्रथम स्थान:- रेवा राजपूत (अथर्ववेद सदन) द्वितीय स्थान :- हिमांशी शर्मा (सामवेद सदन) तृतीय स्थान :- आकर्षक चौधरी (यजुर्वेद सदन)
सावन महीने के जेष्ठ सोमवार को कुनिहार जनपद के शिवालयों में शिव भक्तो की भारी भीड़ रही। कुनिहार क्षेत्र की प्रसिद्ध प्राचीन शिव तांडव गुफा में श्रद्धालु सुबह से ही स्वयं भू शिवलिंग के दर्शनार्थ पहुंचे और दोपहर से शाम तक सैंकड़ो शिव भक्तो ने पवित्र गुफा में अपने आराध्य देव की पूजा अर्चना कर शीश नवां कर भोले शंकर का आशीर्वाद लिया। रविवार से समिति व शम्भू परिवार के सौजन्य से गुफा में चल रही दो दिवसीय श्री रामचरित मानस कथा को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया गया। समिति के प्रधान रामरत्न ने बताया कि गुफा में प्रशासन के सभी दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है और भक्तों से भी मास्क सैनिटाइजर व उचित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। इस अवसर पर समिति उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर, सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा, गुमान, हेमन्त शर्मा, साहिल ठाकुर, मनु भारद्वाज सहित समस्त समिति व शम्भू परिवार के सदस्य मौजूद रहे।वन्ही सावन महीने में शिव पूजन की महत्ता पर कुनिहार के ज्योतिषाचार्य कामेश्वर शर्मा ने बातचीत में बताया कि सावन माह के सभी सोमवार के व्रत पूरे साल में लिए गए व्रतों के बराबर फलदायक है। सावन महीने मे शुद्ध अन्तःकरण मन से शिव पूजन करने से प्रत्येक मनोकामना पूरी हो जाती है। उन्होंने संक्रांति के पश्चात सावन माह में शिव पूजन मन वांछित फल दायक होता है। इस महीने में भगवान भोले शंकर को दूध, दन्ही, घी, माखन, गंगाजल, बिल्व पत्र, आक व धतूरा आदि चढ़ा कर विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य ने विशेष बातचीत में बताया कि सावन माह के सभी सोमवार भोले शंकर की भक्ति, उपासना, जलाभिषेक के लिए सर्वोत्तम माने जाते है और कुनिहार वासियों को आशीर्वाद देने के लिए तो खूबसूरत शिव तांडव गुफा में स्वयं भू भोले नाथ विशाल पिंडी के रूप में स्वयं विराजमान है।
प्रदेश में हाेने वाले चार उपचुनावाें के लिए भाजपा ने पहले ही तैयारियां शुरु कर दी है। इसी तर्ज पर अब संगठन का फाेकस अर्की विधानसभा क्षेत्र हाेगा। इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह विधायक रहे। अब उनके निधन से यहां भी उपचुनाव हाेना हैं। इसके मद्देनजर भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना कल यानी 20 जुलाई को अर्की मंडल की होने जा रही मंडल की बैठक के समापन सत्र को दोपहर 2 बजे संबोधित करने जा रहे हैं। यह बैठक अर्की स्थित गाै सदन में होगी। भाजपा प्रभारी कल चंडीगढ़ से 11 बजे अर्की के लिए आगमन करेंगे और बैठक को संबोधित करने के बाद वापस चंडीगढ़ जाएंगे।
गत रविवार को कुनिहार में प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षा शिक्षक( पीईटी) संघ जिला सोलन की बैठक का आयोजन किया गयाl जिसमें संघ की विभिन्न मांगों पर विचार विमर्श किया गयाl इसके बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए संघ के प्रधान यतेंद्र पाल ने बताया कि वर्तमान हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 7 अक्टूबर 2018 को शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के 2000 पदों को भरने की घोषणा की गई थी परंतु उसको आज तक भी अमल में नहीं लाया गया है l यह केवल मात्र घोषणा बनकर रह गई हैl वर्तमान प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के बाकी सभी वर्गों के पदों को समय-समय पर भर रही है, लेकिन शारीरिक शिक्षकों एवं कला अध्यापकों के एक पद भी भरने की घोषणा नहीं की गई हैl अभी पीछे कुछ महीने पहले प्रदेश सरकार ने पीईटी एवं कला अध्यापकों के 500 - 500 पदों को भरने की घोषणा की थी, जिसके बारे में अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है कि सरकार इसे भरेगी या नहीं भरेगी या केवल मात्र घोषणा बन कर रह जाएगीl प्रदेश सरकार के इस प्रकार के उपेक्षा पूर्ण रवैया से प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षक अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैंl जिला संघ का प्रतिनिधिमंडल एवं राज्य स्तर का प्रतिनिधिमंडल जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर भी मुख्यमंत्री एवं सरकार के अन्य मंत्रियों के अलावा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के समक्ष अपनी प्रमुख मांगों को समय-समय पर रखता है परंतु सरकार की तरफ से अभी तक मात्र आश्वासन ही मिले है। अभी तक इसे व्यवहारिक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है l बेरोजगार प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक संघ सोलन के सभी सदस्य सरकार से पुरजोर मांग करते हैं कि सारे शिक्षकों के 2000 पद भरने की घोषणा की थी उसे व्यवहारिक अमलीजामा पहनाया जाए l आज सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हुए हैं, ऐसे परिवेश में केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री मोदी की खेलो भारत मुहिम एवं फिट इंडिया मुहिम को कैसे व्यवहारिक अमलीजामा पहनाया जाएगा l अब तो राज्य सरकार और केंद्र सरकार से वैसे भी खेलों को बढ़ावा देने के लिए और उम्मीद बन जाती है कि अभी हाल ही में केंद्र सरकार में अनुराग सिंह ठाकुर को युवा एवं खेल मंत्रालय दिया गया है, ऐसे उपयुक्त समय में प्रदेश स्तर पर शारीरिक शिक्षा एवं शिक्षकों की अवहेलना नहीं होनी चाहिए क्योंकि अभी तक का यही अनुभव बताता है की शारीरिक शिक्षा और शारीरिक शिक्षकों की उपेक्षा निरंतर प्रदेश स्तर पर होती आई है, साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों का बहुआयामी व्यक्तित्व का विकास बिना शारीरिक शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षकों के बिना संभव होगा, यह सभी बातें समझ से परे हैं l संघ सरकार से मांग करता है कि हिमाचल प्रदेश में भी शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद को अनिवार्य विषय के रूप में स्कूली पाठ्यक्रम में लागू किया जाए ताकि हिमाचल के प्रतिभावान खिलाड़ी भी दूसरे राज्यों के तरह खेलों में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके l इसी के साथ संघ प्रदेश सरकार के साथ पुरजोर मांग रखती है कि सरकारी स्कूलों में योगा विषय को अनिवार्य विषय के रूप में सम्मिलित किया जाए और योगा अध्यापक एवं प्रशिक्षक के रूप में रोजगार शारीरिक शिक्षकों को प्राथमिकता दें l आज यह बहुत दुख का विषय है कि लाखों रुपए खर्च करने के बाद युवा बेरोजगार होकर घर में बैठे हुए हैं और अधिकांश युवा निर्धारित आयु 45 वर्ष को पार करके 50 की उम्र पार कर चुके हैं और आज भी वे वर्तमान प्रदेश सरकार से रोजगार की राह देख रहे हैं। साथ ही हजारों युवा विभिन्न विश्वविद्यालयों से शारीरिक शिक्षा में डिग्री एवं डिप्लोमा में शिक्षण एवं प्रशिक्षण ले रहे हैं, उन्हें भी इस क्षेत्र में अब अपना भविष्य अंधकार में दिख रहा है l बेरोजगार प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक संघ जिला सोलन सरकार से मांग करता है कि आगामी कैबिनेट की मीटिंग में प्रदेश सरकार शारीरिक शिक्षकों के अधिक से अधिक पद भरने की अधिसूचना जारी करें l जिससे शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों का भविष्य उज्जवल हो सके l इसी के साथ यदि सरकार ने इस विषय पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं किया तो आने वाले उपचुनाव एवं अगले वर्ष होने वाले विधानसभा के चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा l इस अवसर पर संघ के उप प्रधान धर्मपाल, महासचिव राजेंद्र कुमार, सह सचिव सतवीर सिंह, कोषाध्यक्ष देवेंद्र कुमार, सह कोषाध्यक्ष धनपाल, इंद्र सिंह, नरेश कुमार, हीरा दत शर्मा, रोशन लाल, दलजीत सिंह, राकेश कुमार, कृपाराम, सुधीर कुमार, पंकज, राजकुमार, सुरेंद्र सिंह, संतराज भी इस अवसर पर उपस्थित रहे l
जिला सोलन के सोलन शहर में मीट बिक्रेताओं द्वारा मीट को अधिक मूल्य में बेचा जा रहा है। गौर रहे कि यंहा पर बीते चन्द दिनों पहले जिला उपायुक्त सोलन द्वरा हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवम मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश 1977 के अंतर्गत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्होंने निर्धारित मूल्य की सूची जारी की है। लेकिन बावजूद इसके मीट बिक्रेता लोगो से अधिक मूल्य बसूल रहे है। निर्धारित मूल्य की यदि बात की जाए तो यंहा पर बकरे का मूल्य 450 रुपए प्रति किलो जबकि ड्रेस चिकन व बॉयलर चिकन 200 रुपए प्रति किलो है। लेकिन मीट बिक्रेताओं द्वारा इन निर्धारित मूल्य की धज्जियां उड़ाकर बकरे का मीट 500 रुपए तो चिकन 250 रुपए प्रति किलो बेचा जा रहा है। दुकान के आगे कोई भी रेट लिस्ट नही है। जिससे आम जन मानस को इन बिक्रेताओं द्वारा सरेआम ठगा जा रहा है। मीट मार्किट सोलन ऐसोशियन कमल हंस ने बताया कि यंहा पर बिक्रेताओं का कहना है कि हमे अभी कोई भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वरा निर्धारित मूल्य की सूचना नही मिली है व न ही हमे कोई जारी रेट लिस्ट दी गई है। उन्होंने बताया कि न्यूज़ पेपर में ही उन्हें जारी मूल्य का पता चला है। जिससे लोग हमें परेशान कर रहै है। उनका कहना है कि हमे आगे से ही बकरा 480 रुपए प्रति किलो की खरीद हो रही है। जिससे हमें मात्र किलो में 20 रुपए का मुनाफा हो रहा है। उन्होंने बताया कि सोलन शहर में मीट बिक्रेताओं की लगभग 20 या 30 दुकाने है। लेकिन हमें आगे से ही अधिक खरीद होने पर मीट को 500 रुपए बेचने में बिवश होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस बिषय को लेकर हम जिला उपायुक्त सोलन से अपनी मांग रखेंगी। उधर इस समंध में जिला उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने बताया कि यदि मीट विक्रेताओं द्वारा जारी मूल्य से अधिक रेट लोगो से वसूले जा रहे है तो जरूर प्रशासनिक कायर्वाही अमल में लाई जाएगी।
लॉयन्स क्लब परवाणू गोल्ड के द्वारा सोमवार को "हैल्थी लाइफ थ्रू योगा" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग कक्षा का संचालन योग शिक्षक रेक्स ने ॐ के उच्चारण के साथ किया उसके उपरांत सभी लॉयंस क्लब्स मेंबर्स को सूक्ष्म क्रियाएं, प्रणायाम व ध्यान का अभ्यास करवाया गया। जिससे सभी लोगो ने अपने आप में आनंदित महसूस किया। योग करने से मन पूर्णता शांत और शरीर ऊर्जावान हो जाता है और यदि हम निरंतर योग अभ्यास करते हैं तो हम व्याधियों से मुक्त हो सकते है। लॉयन्स क्लब परमाणु गोल्ड एक्टिव मेंबर्स को संबोधित करते हुए तरुण गर्ग ने बताया कि मानव ने प्रकृति का बहुत बड़ा नुकसान किया है जिस वजह से संसार संकट में आ गया हैं मानव ने हरे भरे पेड़ों को काट दिया है जिस से बड़े शहरों में शुद्ध हवा व ऑक्सीजन को लेकर कमी महसूस हो रही है यदि हम पेड़ लगाते हैं तो आगे आने वाली हमारी पीढ़ियां सुरक्षित हो सकती है। योग और आयुर्वेद को बताते हुए उन्होंने कहा की योग और आयुर्वेदा पुरातन काल से हमारा साथी रहा है हमारे पूर्वज इस विधा को अच्छी तरह जानते थे और इसका उपयोग भी करते थे और स्वस्थ रहते थे यदि हम योग आयुर्वेद अपनाते हैं तो निश्चित रूप से स्वस्थ रह सकते है। आज के कार्यक्रम में लायंस क्लब परमाणु गोल्ड एक्टिव मेंबर्स ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई इस उपलक्ष्य में तरुण गर्ग ने बताया कि हमें योग कर के बहुत आनंद मिला है योगा शिविर 30 दिन के लिए फ्री चलेगा इस शिविर में कोई भी व्यक्ति हिस्सा ले सकता है। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष नरेश जोली कैसियर संजय चौहान प्रोजेक्ट चेयर पर्सन पारस बंसल एवं वाइस प्रेसिडेंट सचिन गोयल राम सक्सेना उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार सेवारत प्रशिक्षित सभी वरिष्ठ स्नातक अध्यापकों ने वर्चुअल मीटिंग कर शिक्षक महासंघ के ब्यान पर कड़ा ऐतराज जताया है। स्नातक वर्ग का कहना है कि वे लगभग 25 वर्षों से ऊपर से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं फिर भी उन्हें पदोन्नति नहीं मिल रही है। शिक्षक महासंघ द्वारा 2010 से पूर्व नियुक्त टीजीटी को दोनों ऑप्शन यानी मुख्याध्यापक व प्रवक्ता बहाल करने की सरकार से मांग रखी गई है, जबकि हाई कोर्ट के निर्णय के अनुसार जो भी टीजीटी 26.4.2010 के बाद ऑप्शन दे पीजीटी या प्रवक्ता स्कूल न्यू के पद पर प्रोन्नत हो चुके हैं वे चाहे 2010 से पूर्व नियुक्त टीजीटी हो या 2010 के बाद टीजीटी नियुक्त हो। वह मुख्याध्यापक के पद के लिए एलिजिबल नहीं हैं, क्योंकि विभाग के नियमानुसार एक बार जो ऑप्शन दे देता है वह चेंज नहीं होती यदि विभाग 2010 से पूर्व नियुक्त टीजीटी जो 26.4.2010 के बाद पीजीटी या प्रवक्ता स्कूल पद पर प्रोन्नत हो चुके है, उनको मुख्याध्यापक की ऑप्शन बहाल करती है तो यह कोर्ट के निर्णय की अवमानना होगी और जो टीजीटी लगभग 25 से 30 वर्षों तक टीजीटी पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं वे प्रोन्नत नहीं होंगे और न ही उन्हें सीएंडवी की तरह 20 साल की सेवा के बाद दो इंक्रीमेंट मिलती है। यह टीजीटी के साथ अन्याय होगा यदि विभाग कुछ लोगों के कहने पर ऑप्शन बहाल करता है तो टीजीटी कोर्ट में जाने के लिए बाध्य होंगे।
अर्की विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव को देखते हुए अर्की कल्याण संस्था द्वारा एक विशाल सम्मेलन का आयोजन चौधरी कॉम्प्लेक्स दाड़लाघाट में हुआ। सम्मेलन के मुख्यातिथि गोविंद राम शर्मा रहे। जबकि सम्मेलन की अध्यक्षता अमर नाथ कौशल ने की। इस दौरान सम्मेलन में काफी संख्या में पंचायत प्रधान, उपप्रधान सहित बीडीसी के सदस्य व अन्य समाजसेवी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन के संयोजक सुरेन्द्र ठाकुर ने सभी विशेष अतिथियों व विभिन्न पंचायतों से आए प्रतिनिधियों का स्वगात एवं अभिनन्दन किया। सम्मेलन में मौजूद लोगों ने खुलकर अपने समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा के समक्ष रखी। सम्मेलन में अर्की क्षेत्र के प्रमुख नेताओं को अपनी समस्याओं को बताने के बाद भी उनका निपटारा ना होने के चलते रोष जताया गया। अर्की का प्रतिनिधित्व कैसा होना चाहिए आने वाले चुनाव व उपचुनाव में एक आवाज उठाकर उच्च नेतृत्व तक पहुँचने के लिए सहयोग दिया जाना, आज के समय मे बहुत जरूरी हो गया है। सभी वक्ताओं ने गोविंद राम शर्मा के पक्ष में टिकट की मांग को लेकर आवाज बुलन्द करके सभी वक्ताओं व अन्य कार्यकर्ता ने इच्छा जाहिर की। वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा को टिकट नही मिलता है तो अर्की कल्याण संस्था से एक उम्मीदवार परगना मलोन से दिया जाएगा। अर्की का नेतृत्व सभी को साथ लेने वाले एक ऐसे शख्सियत वाले व्यक्ति के साथ खड़े होकर मिलकर एकत्रित होकर अर्की का विकास करने में सहयोग करने वाले ऐसे व्यक्ति को अर्की क्षेत्र से टिकट मिलना चाहिए। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य आशा परिहार ने कहा कि दो बार अर्की क्षेत्र के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा जो कि पिछले वर्षों से सक्रिय थे आज ऐसे नेताओं के अनदेखी की जा रही है।आशा परिहार ने कहा कि आज के समय मे संगठन में व्यक्ति विशेष को जोड़कर इस तरह से संगठन आगे कैसे बढ सकता है। इसी को लेकर आज दाड़लाघाट में अर्की कल्याण संस्था द्वारा आयोजित सम्मेलन में गोविंद राम शर्मा के पक्ष में एकजुटता से चलने के लिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो भी दायित्व दिया गया, उसे पूर्ण रूप से पूरा किया। आज भी हम पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर खड़े रहना है और अभी समय बहुत है सभी शीर्ष नेतृत्व से मिलकर अपनी बात रखेगे। सम्मेलन में जिला परिषद सदस्य अमर सिंह ठाकुर ने पुरजोर देते हुए कहा कि अर्की के कल्याण व विकास के लिए संस्था चिंतित हैं। इसलिए हम सभी एक साथ इक्कठे होकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी है। उन्होंने कहा कि आज अर्की के जो वरिष्ठ नेता है वो सभी आज इस सम्मेलन में मौजूद है, तो आज पूर्व प्रत्याशी के साथ कोन साथ खड़ा है। इस लिए आज संगठन द्वारा नए कार्यकर्ता को तो जोड़ा जा रहा है लेकिन पुराने कार्यकर्ता के साथ इस तरह की अनदेखी करना गलत है।सम्मेलन में अमर सिंह ठाकुर ने पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा के पक्ष में बात करते हुए कहा की आप मायूस नही हो आपके साथ अर्की क्षेत्र की जनता साथ खडी है। हम सब मिलकर आपके साथ खड़े है। उन्होंने बीजीपी कार्यालय सोलन में जमीन विवाद को लेकर हुई खरीद फरोख्त के भी आरोप लगाए। वरिष्ठ नेता बालक राम शर्मा ने कहा कि आज का कार्यक्रम कोई राजनीति नही था, केवल इतना था कि चिंतन करना है कि कौन अर्की क्षेत्र का नेतृत्व करेगा। बालक राम शर्मा ने दाड़लाघाट क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को उजागर करके सरकार द्वारा अनदेखी पर अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आज अर्की कल्याण संस्था द्वारा अर्की क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने पर चलने के लिए कहा। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे अमर नाथ कौशल ने कहा कि संस्था के उत्थान पर अर्की क्षेत्र में इस तरह कोई भी संस्था नही है आज के सम्मेलन के संयोजक बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि हमारा टारगेट अगला है जो अर्की क्षेत्र के विकास करने में अपना भरपूर सहयोग दे ऐसा ही अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम ही चहुमुखी विकास करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए रात दिन एक करके एक कर्मठ नेता है, जिसके लिए आप सभी का सहयोग आने वाले समय मे भरपूर मिलना चाहिए। सम्मेलन में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा को आगे आने के लिए प्रमुख पक्ष रखने के लिए कहा। अर्की कल्याण संस्था द्वारा कही गयी बात नही मानी जाती है तो आने वाले समय मे अर्की उत्सव का आयोजन किया जाएगा ओर इस लड़ाई को पूरी ईमानदारी के साथ लड़ेंगे। सम्मेलन के अंत मे पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा ने कहा कि दाड़लाघाट में आयोजित सम्मेलन था यह कोई राजनीति सम्मेलन नही था, लेकिन पिछले कल शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया में गलत ब्यान बाजी करके कार्यकर्ताओं के खिलाफ रोष व्याप्त हुआ, जिसके चलते आज ये सम्मेलन राजनीति कार्यक्रम में तब्दील हुआ। उन्होंने कहा कि 2003 से 2017 तक जो व्यक्ति मेरे साथ खड़ा नही था। उसी व्यक्ति के साथ 2017 में शीर्ष नेतृत्व के आदेशों को स्वीकार करते हुए तन मन धन से कार्य किया। आज वही पूर्व प्रत्याशी मेरे खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, उन्हें 2017 के समय का ध्यान नही जब उन्हे कोई भी व्यक्ति जानता नही था, उस समय मे एक एक व्यक्ति के साथ मिलकर पूर्व प्रत्याशी के साथ खड़ा रहा। गोविंद राम शर्मा ने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा की मुझे नजरअंदाज किया गया। उन्होंने सभी से निवेदन किया कि सभी कार्यकर्ताओं का पहले भी आर्शीवाद रहा और आने वाले समय मे भी आर्शीवाद भरपूर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में विधायक रहते हुए अर्की क्षेत्र में विकासात्मक कार्यो का भरपूर विकास करके अर्की के विकास में अपना सहयोग दिया और आने वाले समय मे भी भरपूर प्रयास करता रहूंगा। सम्मेलन में एसके पाल, नरेश गौतम, सुनंदा गौतम, धर्मपाल धर्मा, जितेंद्र, सुरेश ठाकुर सहित वरिष्ठ सदस्यों ने अपने विचार रखे। बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं अर्की के विधायक वीरभद्र सिंह व रत्न मिश्रा सहित अन्य गणमान्य लोगों के निधन पर दुख प्रकट करते हुए दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, संयोजक सुरेंद्र ठाकुर, जिला परिषद सदस्य आशा परिहार, अमर सिंह ठाकुर, अमर नाथ कौशल, बालक राम शर्मा, परमिंदर वर्मा, एसके पाल, जीत राम ठाकुर, नरेंद्र सिंह चौधरी, धर्मपाल धर्मा, जितेन्द्र, नरेश गौतम, अजीत, नरेंद्र हांडा, राम जी वर्मा, गीता राम कौशल, हेमराज शर्मा सहित काफी संख्या में विभिन्न पंचायतों से आए प्रतिनिधि व कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डॉ. राजीव सैजल 19 जुलाई से 22 जुलाई, 2021 तक सोलन जिला के प्रवास पर रहेंगे। डॉ. सैजल 19 जुलाई, 2021 को प्रातः 10.00 बजे सोलन जिला के कण्डाघाट स्थित बाहरा विश्वविद्यालय में ‘कीप हिमाचल क्लीन एण्ड ग्रीन’ कार्यक्रम के शुभारम्भ के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री 20 जुलाई, 2021 को कसौली विधानसभा क्षेत्र के दत्यार में प्रातः 11.00 बजे वन महोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ करेंगे। डॉ. सैजल 21 जुलाई, 2021 को कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में जन समस्याएं सुनेंगे। आयुष मंत्री 22 जुलाई, 2021 को दिन में 02.00 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र के सुल्तानपुर में अपनी एच्छिक निधि से पात्र व्यक्तियों को चैक वितरित करेंगे।
सावन मास व जेष्ठ सोमवार के उपलक्ष पर प्राचीन शिव ताण्डव गुफा कुनिहार में रविवार 18 जुलाई से गुफा परिसर में दो दिवसीय श्री राम चरित मानस कथा के अखण्ड पाठ का शुभारम्भ हुआ। गुफा विकास समिति के अध्यक्ष रामरतन तनवर, उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर व सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा ने बताया कि समिति व शम्भू परिवार के सौजन्य से आज पाठ का शुभारम्भ हुआ जिसे सोमवार 19 जुलाई को हवन व पूर्णाआहुति के साथ विराम दिया जाएगा। उन्होंने सभी शिव भक्तों को सावन मास की शुभकामनाएं देते हुए अपील की है कि सभी शिव भक्त प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए मास्क सैनिटाइजर व उचित दूरी का विशेष ध्यान रखते हुए गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करें। गुफा के अन्दर धूप न जलाने की भी समिति ने भक्तों से अपील की है।
सोलन जिला में लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए नियम पालन के विषय में जागरूक बनाने तथा टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित करने के लिए कार्यान्वित किया जा रहा अभियान आज सम्पन्न हो गया। यह जानकारी क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो (एफओबी) शिमला के क्षेत्रीय प्रदर्शनी अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून, 2021 को देश में 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लिए मुफ्त कोरोना वैक्सीन की घोषणा की थी।प्रधानमंत्री ने कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार एवं नियम पालन की भी लोगों से अपील की थी। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए देश में मुफ्त टीकाकरण अभियान की जानकारी देने और कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार अपनाने के लिए केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के शिमला स्थित क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो (एफओबी) द्वारा सोलन जिला में 14 जुलाई से 18 जुलाई, 2021 तक मोबाइल जागरुकता वैन और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरुक किया गया। लोगों को अवगत करवाया गया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनना तथा बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करना ज़रूरी है। लोगों को बताया गया कि टीकाकरण करवाकर कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है। लोगों से आग्रह किया गया कि कोविड से बचाव के लिए टीके की दोनों खुराक लें तथा टीकाकरण के उपरान्त भी मास्क पहनना न छोड़ें। सोलन की उपायुक्त कृतिका कुल्हारी ने 14 जुलाई, 2021 को राधा स्वामी सत्संग ब्यास केंद्र रबौण से एफओबी शिमला की मोबाइल जागरूकता वैन को हरी झंड़ी दिखा कर रवाना किया था। अनिल दत्त शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन सोलन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से सचल अभियान के तहत मोबाइल वैन ने जिला के अलग-अलग व दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर लोगों को कोरोना टीकाकरण अभियान में भाग लेने और कोविड से बचाव के लिए जरूरी उपायों के बारे में ऑडियो संदेशों, पंपलेट द्वारा जागरूक किया। इस दौरान लोगों को मास्क भी निःशुल्क वितरित किए गए।
रविवार दिनांक 18 जुलाई, 2021 को हिमाचल किसान सभा जिला कमेटी सोलन द्वारा नकली बीज और टमाटर में लगने वाली बीमारियों, टमाटर पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग लगाने, किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलवाने व केंद्र सरकार द्वारा पारित 3 किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर जिला स्तरीय अधिवेशन सोलन में आयोजित किया गया। गौरतलब है कि इस वर्ष सोलन क्षेत्र में ट्रूजैनिक सीड्स के रॉकस्टार वैरायटी के टमाटर बीज किसानों द्वारा लगाए गए थे। जिससे उपजी टमाटर की पूरी की पूरी फसल बीमारी से ग्रसित है व इस कारण क्षेत्रीय किसानों को फसल खराब होने के कारण बहुत नुकसान सहना पड़ रहा है। इस अधिवेशन के माध्यम से किसान सभा ने प्रदेश सरकार से यह मांग की है कि इस खराब गुणवत्ता के बीज की जांच करवाई जाए, इससे हुए नुकसान का मूल्यांकन करते हुए किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए व सरकार किसानों को बीज व दवाईयां बेचने वाली कंपनियों को रेगुलेट करने का काम करे ताकि भविष्य में इस तरह से खराब गुणवत्ता के बीज व दवाइयों के कारण किसानों को नुकसान ना सहना पड़े। इसके साथ-साथ इस अधिवेशन में किसान सभा ने जिला में किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की ताकि किसान अपनी फसल को कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रख सकें और जब बाजार में अच्छी कीमतें मिल रही हों तो अपनी फसल को बेच पाए। इस मौके पर किसान सभा ने सोलन जिला में टमाटर पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग लगाने की मांग के साथ साथ किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने व किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग भी उठाई। इस अधिवेशन में जिला से लगभग 100 किसान शामिल हुए। इस अधिवेशन में मुख्य तौर पर किसान सभा राज्य सचिव ओंकार शाद, राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर सहित जिला सचिव प्यारे लाल वर्मा, अशोक वर्मा, एनडी रनौत, केशव, चंद्र दत्त, गणेशम कौशल, मोहित वर्मा, अमन, भूमित, संजय, राकेश, अमन, रेखा, प्रीति, पारुल, ममता व मीना सहित अन्य किसानों ने भाग लिया। इस अधिवेशन में यह फैसला लिया गया कि आने वाले दिनों में जिला में किसानों के बीच इन मुद्दों को लेकर एक व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाएगा व 3 अगस्त 2021 को सोलन जिलाधीश कार्यालय पर पूरे जिला से किसानों को इकट्ठा करते हुए एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
“Himachal Pradesh girls are breaking the conventional barrier of society by outperforming boys in every field at Chandigarh University. Be it academics, sports, campus placements, research or entrepreneurship, the girls from Himachal Pradesh are shining and proving their mettle with their outstanding achievements”. This was stated by Dr. R.S Bawa, Pro-Chancellor, Chandigarh University during the Press Conference at Baddi. Dr.Bawa further added, “In Himachal Pradesh girls are not only taking up careers in the male-dominated areas but are also reaching at the top giving boys a challenging competition”. This can be ascertained from the fact that girls’ accounts for 62% of the total number of Himachal Pradesh students who have bagged job offers during campus placements 2020”. “Priya Bansal a student of Computer Science Eng. from Baddi managed to grab 4 offers from VMware, Wipro, Birlasoft, and Hexaware while Amisha Rana a student of Computer Science Eng. from Palampur managed to grab 3 offers from L&T, Cognizant, and DXC Technology while another student Rohita Soni from Kangra of Computer Science grab 2 offers from Accenture and Open Access Technology India Private Limited”, said Dr. Bawa. While interacting with media, Dr. Bawa said, “In total 7412 students bagged job offers from MNCs during the placement season 2020, in which more than 460 girls out of the total 740 students from Himachal Pradesh bagged a job offer with top companies”. Speaking further Dr. Bawa said, “Top-notch companies like Microsoft, IBM, Amazon, TCS have been the regular recruiter of young talent from Chandigarh University and the trend has continued for 2021 passing out batch also as more than 7000 offers has already been made by 757 companies that participated during campus placement despite Covid-19 Pandemic”. While mentioning the accomplishments of the students from Himachal Pradesh and particularly by the girls in the field of research and entrepreneurship, Dr. Bawa said, “The students and the faculty of the Chandigarh University have filed 900 patents during the last 4 years out of them 31 patents have been filed by students from Himachal Pradesh which comprise the 11 patents from the girls alone”. The university students have filed patent in diversified fields engineering, IT, Sciences, and Health Care. It is important to mention here that Chandigarh university has emerged as the leading University of India by the Office of The Controller General of Patents and trademark for filing the highest number of patent s during 2018-19. Dr. Bawa said, “Always known for their entrepreneurship skills, the young students from Himachal Pradesh at Chandigarh University are also contributing big time by establishing their own start-ups at University’s Technology Business incubator. Out of the total 108 start-ups at CU-TBI, 11 start-ups have been established by the students from Himachal Pradesh over the period of three years”. Dr. Bawa further added, “Understanding the aspirations of modern-day youth to undergo world-class academic learning Chandigarh University has emerged as the First University of India to have established an academic tie-up with 308 top-ranked universities across the globe which not only provides international academic exposures to the students but also offers new avenues in the field of research, international placements, internships, and learning opportunity from global professionals. Under the International Academic Alliance program of Chandigarh University, till date more than 1200 university students have been provided an opportunity to undergo Internships, Semester Abroad, part of Joint Research Initiatives at world’s top universities by the Department of International Affairs at Chandigarh University. Dr. Bawa said, “The students at Chandigarh University are not only performing exceptionally in the academics but they are leading in the field of sports also”. He further said, “It is a matter of proud for Chandigarh University that Vaibhav Arora, a fast bowler from Himachal Pradesh is all set to make debut in IPL-2021 as he has been picked up by Kolkata Knight Riders (KKR) for Rs 20 lakh in the recent IPL auctions”. “Chandigarh University has positioned itself amongst India’s elite and prestigious higher education institutions as it has been awarded A+ grade by the National Assessment and Accreditation Council (NAAC) and also bagged Diamond rating by QS I-Gauge rankings in 2020. With this achievement, CU stands amongst the top 24 ranked universities of India which have been awarded A+ grade by NAAC ”, Dr. R.S Bawa added. While launching National Level Entrance cum Scholarship test of Chandigarh University Dr.R. S Bawa said, “With the mission to motivate and reward talent amongst Indian youth, CU has launched CUCET-2021 which offers a golden chance for the student community to earn scholarships worth Rs 33 crores”. CUCET-2021 is an online examination which offers flexibility to the students to choose their slot and makes them eligible to grab academic scholarship up to 100% in the course of their choice. The National Level Entrance Cum Scholarship test is mandatory for Engineering, MBA, Pharmacy, Integrated Law and Agriculture programs while for the other programs the online examination offers an opportunity to grab scholarships. Dr. R.S Bawa inaugurated the online portal https://cucet.cuchd.in/ where the students can register for the Entrance Cum Scholarship test from today itself.
नेहरू युवक मंडल गलोग द्वारा गलोग के सार्वजनिक मंदिर देवधार के समीप युवक मंडल प्रधान दिलीप वर्मा की अध्यक्षता में सफाई अभियान चलाया गया। वही पौधा रोपण भी किया गया। इस दौरान गलोग के देवधार मंदिर के समीप सफाई अभियान मंडल प्रधान दिलीप वर्मा की अध्यक्षता में हुआ। मंडल प्रधान दिलीप वर्मा ने बताया कि सर्वप्रथम सभी युवाओं ने मंदिर परिसर के आसपास उगी झाड़ियों को काटा व साफ सफाई की। तत्पश्चात सभी सदस्यों द्वारा पीपल, बड़ व बिल पत्र के पौधे लगाए गए तथा मंदिर परिसर में फूलों के पौधे भी रोपे गए। इस अभियान में हेमराज, नरोत्तम, राजकुमार, कर्म ठाकुर, यशपाल सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
उपायुक्त सोलन कृतिक कुल्हारी ने शनिवार को सोलन में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों द्वारा सोलन के मालरोड पर चिल्ड्रन पार्क के समीप अपने उत्पाद विक्रय करने के लिए चिन्हित स्थान पर स्थपित 09 केनोपी का विधिवत लोकार्पण किया। इन केनोपी के स्थापित होने से अपने उत्पाद विक्रय करने वाले स्वयं सहायता समूहों को खराब मौसम एवं वर्षा इत्यादि में भी अपने उत्पाद विक्रय करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने में स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह जहां अन्य को भी इस दिशा में प्रेरित कर रहे हैं वहीं ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम भी बन रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इन स्वयं सहायता समहुओं को विश्व स्तरीय मंच प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ‘हिम ईरा’ ब्राण्ड एवं लोगो पंजीकृत किया है। स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद अब इस कार्य के लिए स्थपित ‘हिम ईरा’ दुकान एवं साप्ताहिक बाजार के माध्यम से विक्रय किए जा रहे हैं। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि साप्ताहिक हिम ईरा बाजार का मुख्य उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर निर्मित गुणवत्तायुक्त उत्पादों के विक्रय के लिए एक सुदृढ़ मंच प्रदान करना है। इसके सकारात्मक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं और गत 08 माह में यहां उत्पाद विक्रय करने वाले स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 04 लाख रुपए की बिक्री की है। उन्होंने आशा जताई कि केनोपी स्थापित होने से महिला स्वयं सहायता समूह अब अपने कार्य को अधिक विस्तार देकर अच्छा लाभांश प्राप्त करने में सक्षम होंगे। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद रखने के लिए स्थान उपलब्ध करवाने सहित अन्य मांगों पर विचार किया जाएगा। उपायुक्त ने इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्थानीय उत्पादों का अवलोकन किया तथा उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा ने कहा कि विभाग ऐसे स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करेगा जो स्थानीय व्यंजन विक्रय करना चाहते हैं। उन्हें स्थानीय व्यंजनों सहित आचार, चटनी सहित चीड़ की पत्तों से निर्मित उत्पाद तैयार करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने इस अवसर पर मांग की कि साप्ताहिक बाजार के लिए 02 दिन प्रदान किए जाए और उत्पाद रखने के लिए स्थान दिया जाए। सोलन स्थित हिम ईरा बाजार में विकास खण्ड सोलन की बसाल, पड़ग एवं भोजनगर ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने स्थानीय उत्पाद विक्रय किए जाते हैं। विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि केनोपी स्थापित होने से न केवल बाजार आकर्षक लग रहा है अपितु यह बिक्री बढ़ाने का साधन भी बनेगा। इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा सहित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जल संरक्षण सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है तथा इस दिशा में विभागों के सार्थक प्रयास आवश्यक हैं। कृतिका कुल्हारी गत सांय जल शक्ति अभियान-‘कैच दी रेन’ के अन्तर्गत विभिन्न विभागों की जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थीं। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जल जीवन के लिए नितांत आवश्यक है और जल का संरक्षण वर्तमान समय की मांग है। उन्होंने कहा कि जल की एक-एक बून्द को बचाकर और जल का सदुपयोग कर ही हम भावी पीढ़ी को उपयोग के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध करवा पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकारी एवं प्रशासनिक प्रयत्नों के साथ-साथ आमजन की भागीदारी आवश्यक है। उपायुक्त ने कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारीयों को निर्देश दिए कि जिला में पारम्परिक एवं अन्य जल स्त्रोतों की जीआईएस मेपिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जीआईएस मैपिंग से जहां पारम्परिक एवं अन्य जल स्त्रोतों के वास्तविक उद्गम जल स्थल की जानकारी मिलेगी वहीं इनके संरक्षण में सहायता मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य में नेहरू युवा केन्द्र के स्वयंसेवियों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संग्रहण के लिए सभी सरकारी भवनों, पंचायत घरों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित अन्य सरकारी भवनों के समीप जल सरंक्षण टैंक निर्मित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने भवनों के प्रांगण में भूमि की उपलब्धता एवं भवन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर जल संरक्षण पिट बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहाड़ी प्रदेश में प्रचूर मात्रा में वर्षा जल उपलब्ध है और इसका संरक्षण प्रदेश को भविष्य के जल संकट से निजात दिला सकता है। उपायुक्त ने वन विभाग के अधिकारियों के निर्देश दिए कि जिला के भू-कटाव सम्भावित क्षेत्रों एवं नदी-नालों के समीप अधिक से अधिक पौध रोपण सुनिश्चित करें ताकि कृषि योग्य भूमि के कटाव को रोकने के साथ-साथ जल संरक्षण सुनिश्चित हो सके। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए प्रभावी वैज्ञानिक योजना बनाई जानी आवश्यक है। इसके लिए जल संरक्षण की नवीनतम तकनीक के साथ-साथ इस क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तियों से जानकारी प्राप्त की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में गुणवत्ता नियंत्रण मानकों का ध्यान रखा जाना भी आवश्यक है। बैठक में जिला में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में इस अभियान के अंतर्गत अधिक कार्य करने और पारंपारिक जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन पर चर्चा की गई। उन्होंने जल शक्ति विभाग, राजस्व विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग की कार्यकारी समिति गठित करने और अन्य विभागों को इस समिति की देखरेख में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने नेहरू युवा केंद्र के साथ-साथ महिला एवं युवक मण्डलों के सदस्यों सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों को इस कार्य के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि वर्षा जल संग्रहण एवं जल संरक्षण के लिए आमजन को जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्रमदान के माध्यम से जिला में बेहतर जल संरक्षण संरचनाएं तैयार की जा सकती हैं। इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी केशव राम, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियन्ता बी.बी गोयल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
डॉ॰ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अध्यापक वर्ग के प्रशिक्षण के लिए ब्रिटेन की क्यूडेस्क नामक कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में चल रही आईसीएआर की राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की संस्थागत विकास परियोजना (आईडीपी) के तहत इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। विश्वविद्यालय में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान डॉ. रविंदर शर्मा ने विश्वविद्यालय की ओर से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जबकि कासपिर के सीईओ स्टुअर्ट ब्लैकलॉक ने क्यूडेस्क का प्रतिनिधित्व किया। इस कंपनी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के लिए वर्चुअल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारतीय विश्वविद्यालय संघ के साथ भी करार किया है। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आईडीपी के प्रधान अन्वेषक डॉ केके रैना ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य संकाय प्रशिक्षण के लिए एक वर्चुअल ढांचा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि क्यूडेक्स में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर विश्वविद्यालय के अध्यापक वर्ग को वर्चुअल प्रशिक्षण शामिल होगा। एक साल के इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय के 200 फ़ैकल्टि मेम्बर्स इस प्लेटफॉर्म पर ऑफर किए गए 300 कोर्स में शामिल हो सकेंगे। प्रत्येक अध्यापक को कम से कम पांच कोर्स करने होंगें। कोई संकाय अगर चाहे तो पांच से अधिक कोर्स भी कर सकता है। पाठ्यक्रम ऑनलाइन शिक्षण, बैठकों के प्रबंधन, पाठ्यक्रम योजना, सीखने के परिणाम, प्रस्तुति कौशल आदि विषयों पर आधारित हैं। इस अवसर पर डॉ. रविंदर शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी ने दुनिया भर में शिक्षा को नया रूप दिया है और यह बहुत महत्वपूर्ण हो गया है कि अध्यापक वर्ग के कौशल में सुधार हो और वे आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में नवीनतम ज्ञान से लैस हों। उन्होंने कहा कि समझौते से विश्वविद्यालय को शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाने और इसका उचित प्रसार सुनिश्चित करने में अत्यधिक लाभ होगा। स्टुअर्ट ब्लैकलॉक ने कहा कि यह साझेदारी नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में मदद करेगी, जिसमें शिक्षकों का सतत प्रॉफ़ेशनल डेव्लपमेंट विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि क्यूडेस्क\ अपने विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से, मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता, सीखने के परिणामों के रचनात्मक और अनुकूल मूल्यांकन, योग्यता-आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक शिक्षा, कला-एकीकृत और खेल-एकीकृत के बारे में नवीनतम शिक्षाशास्त्र को व्यवस्थित रूप से कवर करेगा। ब्लैकलॉक ने कहा कि वह समझौते की अवधि के दौरान विश्वविद्यालय के लिए क्यूडेक्स में माइक्रो कम्यूनिटी का निर्माण करेंगे जिससे संकाय तक सभी पाठ्यक्रमों की पहुंच होगी। निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. दिवेंद्र गुप्ता, डीन डॉ. अंजू के धीमान, डॉ. डीडी शर्मा, डॉ. कमल शर्मा, एसडब्ल्यूओ डॉ. जेके दुबे , लाइब्रेरियन डॉ. एचआर शर्मा, कुलपति के ओएसडी डॉ. एमके ब्रह्मी, सह प्रधान अन्वेषक (आईडीपी) डॉ मनीष शर्मा, डॉ निवेदिता शर्मा और विभिन्न कॉलेज के संकाय ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
भारतीय राज्य पैन्शनर्ज महासंघ हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश महासंघ के महामंत्री इन्दर पाल शर्मा के नेतृव में कल देर रात प्रदेश के स्वस्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल से लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह कुनिहार में बैठक का आयोजन किया। बैठक में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, कृषि विपणन बोर्ड सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप साथ रहे। जारी बयान में इन्दर पाल शर्मा ने बताया कि मंत्री से पैन्शनरो की प्रमुख मांगो पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनसे इन मांगो को मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाने का आग्रह किया गया। प्रमुख रुप से 7वें वेतनमान को लागू करने, राज्य स्तर पर संयुक्त सलाहकार समिति का गठन करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त कर्मचारियो व पैन्शनरो के लिये चिकित्सा भते का कैशलेस भुगतान किये जाने की व्यवस्था लागू किये जाने पर बात हुई। मंत्री ने इसकी सराहना करते हुये महासंघ से इसका प्रारुप उन्हे भेजे जाने को कहा। इस अवसर पर महा संघ के उपाध्याय केसी शर्मा, जिला अध्यक्ष बाबु राम ठाकुर, महामंत्री श्यामा नंद शान्डील, उपाध्य्क्ष हेत राम, शंकर सिंह, इकाई के अध्यक्ष ओंम प्रकाश भारद्वाज, महामंत्री मनी राम करड, नरेंदर कालिया, चेत राम तंवर, राजिंदर धीमान, कंचन माला, कुलदीप, ओंम प्रकाश गर्ग, ठाकुर दत मेहता आदि उपस्थित रहे।
नेशनल पब्लिक स्कूल धुन्दन का बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। विद्यालय की छात्रा नूपुर ठाकुर ने 97.6% अंक प्राप्त किए। विज्ञान संकाय में नूपुर ठाकुर ने 97.6 प्रतिशत अंक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि रितिका शर्मा ने 92 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा स्थान और आकांक्षा वर्मा ने 90 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार वाणिज्य विषय में आरती ठाकुर ने 92.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान।कामिनी ने 74 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा स्थान और मुस्कान ठाकुर ने 73 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। कला संकाय में नेहा तंवर ने 95.4 प्रतिशत अंक लेकर पहला स्थान, वरुण ठाकुर ने 92.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान, हर्षित वर्मा ने 90% अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्कूल प्रधानाचार्य भीमा वर्मा ने विद्यालय की इस उपलब्धि पर कहा की यह सब बच्चों की मेहनत का फल है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों तथा उनके माता-पिता व अध्यापकों को हार्दिक बधाई दी।
संत नामदेव समाज महासभा सोलन के तत्वावधान में 25 जुलाई 2021 को कुनिहार में बैठक का आयोजन किया जाएगा। संत नामदेव समाज महासभा के सदस्य संतराम पंवर ने बताया कि 25 जुलाई को कुनिहार में आयोजित होने वाली बैठक में जिला स्तरीय समिति बनाने के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, मुख्य सलाहकार की कार्यकारिणी के गठन सहित अन्य गतिविधियों व समस्याओं के ऊपर विचार विमर्श किया जाएगा। इस दौरान बैठक में राज्य स्तरीय समिति के अनुसार बैठक में चुनाव व अन्य गतिविधियों के बारे में रणनीति तैयार की जाएगी। संतराम पंवर ने बताया कि जिला सोलन के नामदेव समाज के सदस्यों से आग्रह है कि 25 जुलाई, 2021 को समय 11 बजे कुनिहार में आयोजित होने वाली बैठक में अधिक से अधिक संख्या में पहुँच कर इस बैठक को सफल बनाए। बैठक में नामदेव समाज सभा के संस्थापक सदस्य हिमाचल प्रदेश डॉ.संजय कौशल, डॉ.शशि पाल अत्री, राजेश नाम देव, डॉ अशोक राठौर सहित अन्य संत नामदेव समाज महासभा के सदस्य मौजूद रहेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने शुक्रवार को जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के कुम्हारहट्टी में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। डाॅ. सैजल ने कुम्हारहट्टी में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अस्थि कलश को श्रद्धासुमन अर्पित किए। आयुष मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह एक कुशल राजनेता होने के साथ-साथ महान व्यक्तित्व के धनी थे और प्रदेश की जनता पर उनका विशेष प्रभाव था। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी किसी भी परिस्थिति में हार न मानने वाले जननायक को मैं हृदय की गहराईयों से श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। इस अवसर पर क्षेत्रवासी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रारम्भिक शिक्षा विभाग सोलन द्वारा शासत्रि पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह जानकारी शुक्रवार को सोलन में उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा रोशन जसवाल ने दी। उन्होंने कहा कि नियुक्त उम्मीदवारों को आज आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर सभी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के उपरान्त अपने नियुक्ति स्थान पर उपस्थित देनी अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा के सोलन स्थित कार्यालय में दूरभाष नम्बर 01792-230440 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में गत दिवस विश्व कौशल विकास दिवस पर युवाओं को कौशल विकास के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में कौशल विकास निगम के जिला समन्वयक नरेंद्र त्यागी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा रविन्द कुमार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों की भाषण व कविता प्रतियोगिता करवाई गई। प्रशिक्षणार्थियों ने ‘बेस्ट आउट ऑफ बेस्ट’ के तहत माॅडल भी प्रदर्शित किए। संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न रोजगार प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवस पर संस्थान के पूर्व छात्रों को सफल प्रशिक्षण के उपरांत नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (एनटीसी) भी वितरित किए गए। मुख्यातिथि ने इस अवसर पर कौशल विकास से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन के प्रधानाचार्य अजेश कुमार एवं अनुदेशक इस अवसर पर उपस्थित थे।
अंबुजा सीमेंट इंप्लाइज एसोसिएशन की ओर से एक विशाल भंडारे का आयोजन देवता श्री मढोड जी महाराज के प्रांगण में किया गया। इस दौरान कोविड-19 से प्लांट व समस्त कर्मचारी व इलाके के वासी सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना हेतु यह भंडारा आयोजित किया गया। इस मौके पर कोविड के नियमों का पालन करते हुए लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया एवं कंपनी के यूनिट हेड मनोज श्रीवास्तव तथा अन्य समस्त आला अधिकारी गण ने भी इस भंडारे में शिरकत की व देवता जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह जानकारी देते हुए एसोसिएशन के प्रधान पवन शर्मा ने बताया की समस्त इलाके के वासियों के अच्छे स्वास्थ्य हेतु व इस महामारी से बचाव रखने हेतु देवता जी महाराज से निवेदन किया गया तथा सभी हाजरीन का भी धन्यवाद किया। सभी लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण करके देवता जी महाराज से सर्व शुभ की कामना की। इस भंडारे में मंदिर कमेटी डवारु के सभी गुर व सदस्य भी मौजूद रहे व अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया। इस मौके पर एसोसिएशन के महासचिव सुरेश शुक्ला, सुरेंद्र वर्मा, अनिल वर्मा, नागेंद्र गांधी, कमल देव, धर्म सिंह, प्रवीण कुमार, मोहन चंदेल व अन्य कार्यकारिणी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने कहा कि हम सभी को कोविड-19 से बचाव के लिए ‘मास्क पहनो, कोरोना रोको’ के सूत्र को जीवन में अपनाना है। कृतिका कुल्हारी शुक्रवार को सोलन में कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला कार्यबल के साथ-साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नियम पालन अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से सुरक्षित रहने के लिए शत-प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि जन-जन का यह कर्तव्य है कि वह ‘टीकाकरण करवाए और मास्क पहने ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके’। उन्होंने कहा कि टीके की दोनों खुराक लेने के उपरान्त भी हमें सभी सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से मास्क पहनना है। मास्क का प्रयोग न केवल संक्रमण के प्रसार को रोकने में सहायक है अपितु इसके माध्यम से जन-जन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में भी कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बचाव के लिए यह आवश्यक है कि सभी सही प्रकार से मास्क पहने, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से साफ करें तथा अपना टीकाकरण करवाएं। उपायुक्त ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि नियम पालन न करने पर विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों का चालान काटा जाए जो मास्क न पहनकर तथा नियमों की अवहेलना कर अन्य के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों का प्रदेश एवं जिला में स्वागत है किन्तु यह सुनिश्चित बनाया जाए कि सभी पर्यटक कोविड से बचाव के लिए विभिन्न नियमों का पालन करें और राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों को मानें। कृतिका कुल्हारी ने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि उपमण्डल स्तर पर निगरानी टीमें गठित करें ताकि सभी होटलों और ढाबों के साथ-साथ पर्यटकों की गतिविधियों का अनुश्रवण किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए यह आवश्यक है कि होटलों एवं ढाबों में आने वाले एवं कार्य करने वालों की समय-समय पर सैम्पलिंग की जाए ताकि यदि कोई कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है तो उसका समुचित उपचार कर अन्य को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने ग्राम स्तर तक कार्यबल गठित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग यह सुनिश्चित बनाए कि कोविड सैम्पलिंग के तहत 50 प्रतिशत आरटीपीसीआर तथा 50 प्रतिशत रेपिड एंटीजन परीक्षण (आरएटी) किए जाएं। कृतिका कुल्हारी ने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, विभिन्न व्यापार मण्डलों, होटल एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक कर उन्हें कोविड-19 से बचाव के लिए अपनाए जा रहे नियमों की जानकारी दें और यह सुनिश्चित बनाएं कि सभी स्तरों पर नियम पालन के साथ-साथ परीक्षण भी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ और परवाणू औद्योगिक क्षेत्र में भी बैठक कर कोविड नियम पालन सुनिश्चित बनाया जाए। इन क्षेत्रों में भी सैम्पलिंग पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है तो उसके सम्पर्क में आने वाले प्राथमिक सम्पर्कों की सघन जांच सुनिश्चित बनाई जाए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला में मास्क नहीं तो, सेवा नहीं (नो मास्क-नो सर्विस) की नीति का कड़ाई से पालन किया जाए। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जिला में कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिए आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित बनाए जा रहे हैं। समर्पित कोविड केयर केन्द्रों तथा मेकशिफ्ट अस्पतालों के अतिरिक्त क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, नागरिक अस्पताल अर्की, ईएसआई परवाणू, नागरिक अस्पताल चायल तथा नागरिक अस्पताल कुनिहार में ऑक्सीजन सयंत्र स्थापित करने का कार्य विभिन्न चरणों में है। उपायुक्त ने सभी से आग्रह किया कि जन-जन को सही प्रकार से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेन्सिग अपनाने तथा टीकाकरण करवाने के विषय में जागरूक बनाएं ताकि लोगों को कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। अतिरिक्त उपायुक्त ज़फ़र इकबाल ने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीम भावना के साथ एकजुट होकर कार्य करें और नियमित तौर पर अपने सुझाव प्रशासन को देते रहें। उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी अर्की शहजा़द आलम, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, नगर निगम सोलन के आयुक्त एलआर वर्मा, सहायक आयुक्त सोलन भानु गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी, डाॅ. गगनदीप राजहंस, डाॅ. वीके गोयल, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन की एनएसएस इकाई के स्वयंसेवियों ने औषधीय पौधे तुलसी का पौधारोपण कर समाज को पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। कोरोना महामारी के दौरान रोगियों की संख्या अत्यधिक बड़ी, जिसके कारण ऑक्सीजन व औषधीय पौधों के महत्व की आवश्यकता महसूस हुई। इस संदेश को कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू व डॉक्टर करुणा के साथ सभी स्वयंसेवकों ने अपने-अपने घरों में रहकर 2 से 5 तुलसी के पौधे लगाकर सामाजिक जागरूकता के दायित्व का निर्वहन किया।इस अवसर पर 50 स्वयंसेवकों ने 201 तुलसी के पौधे लगाए। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाते हुए कार्यक्रम की सराहना की तथा बरसात के मौसम में अन्य पौधों को लगाने का आह्वान भी किया।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाडलाघाट द्वारा विश्व कौशल दिवस के उपलक्ष्य पर सोलर गांधी ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध व्यक्तित्व प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी के सौर ऊर्जा पर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के एरिया प्रोग्राम मैनेजर संजय शर्मा के स्वागत भाषण से हुई।उसके पश्चात प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी ने सभी को सौर ऊर्जा के प्रयोग पर बल देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि हम अनावश्यक उर्जा प्रयोग को कैसे कम कर सकते हैं और सौर ऊर्जा का प्रयोग जलवायु और प्रकृति को बचाने के लिए हमें अग्रसर होकर करना है। प्रोफेसर सोलंकी एनर्जी सोलर फाउंडेशन के संस्थापक हैं और सोलर मैन ऑफ इंडिया के नाम से भी जाने जाते हैं वे आईआईटी बॉम्बे में विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर चुके हैं। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रोफेसर सोलंकी एनर्जी स्वराज आंदोलन के अग्रणीय हैं और 2030 तक सौर बस में एनर्जी स्वराज यात्रा द्वारा अपना आंदोलन देश के विभिन्न कोनों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ऊर्जा के सही प्रयोग पर प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने मुख्य अतिथि तथा अन्य प्रतिभागियों का धन्यवाद करके किया।
सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट और नागरिक चिकित्सालय अर्की के संयुक्त तत्वावधान में कोरोना संक्रमण की तीसरी संभावित लहर को ध्यान में रखते हुए कोरोना संक्रमण से बचाव, स्वैच्छिक संगठनो की भागीदारी और व्यस्वस्था पर बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में 115 पल्स ऑक्सीमीटर और 50 सेनिटाइजर नागरिक चिकित्सालय अर्की को अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट के सौजन्य से प्रदान किए गए। इकाई प्रमुख अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा अभी तक बना हुआ है जिसके लिए सामुदायिक सहभागिता की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। बैठक में कोरोना की रोकथाम और बचाव हेतु डॉ राधा शर्मा ने कहा कि पल्स ऑक्सीमीटर हमारे लिए अत्यंत ही उपयोगी है।अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के सहयोग से अर्की क्षेत्र के सभी आशा कार्यकर्त्ता और ग्राम स्तर पर कार्यरत स्वस्थ्य कार्यकर्त्ता, ग्राम सखी के लिए उपयोगी है। कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गाँधी ने कहा कि पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग ऑक्सीजन के स्तर को ग्राम स्तर पर ही पहचान करके समय रहते रोगी को अन्य अस्तपाल पर भेजा जा सकता है, ताकि किसी भी व्यक्ति को समय रहते बचाया जा सके। अजीत कुमार सिंह ने कहा कि अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन और नागरिक चिकित्सालय अर्की के साथ समन्वय करके कोरोना के संक्रमण से बचाव और अन्य चिकित्सा सहयोग की पहल के लिए सतत प्रत्नशील है। इस दौरान समुदाय के लोगों को समय रहते उनको प्राथमिक भेंट प्रदान की जिससे कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज में सहायता उपयोगी हो सके। साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों का पालन, मास्क का प्रयोग, सैनिटाइजर का उपयोग, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच निरंतर करते हुए जन भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। जबकि अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन, स्वास्थ्य विभाग अर्की के साथ निरंतर समन्वय करके योजना बनाकर समुदाय के लोगों को जागरूक कर रहा है जिससे लोग इस बीमारी के खतरे से सावधान रहें, सतर्क रहें अपने और आस पास एक बीमारी मुक्त वातावरण का निर्माण कर सकें।
वर्ष 2022 में भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले पदम विभूषण, पदम भूषण एवं पदम श्री पुरस्कारों के लिए पात्र व्यक्तियों के नामों की सूची उनके पूर्ण व्यक्तित्व में कार्यों सहित जिला भाषा अधिकारी के माध्यम से प्रदेश के भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशालय को प्रेषित की जाएगी। यह जानकारी आज यहां जिला भाषा अधिकारी सोलन ममता वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित पदम विभूषण, पदम भूषण एवं पदम श्री पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य एवं विज्ञान जैसे विषयों एवं क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धि एवं सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सोलन जिला से इन क्षेत्रों से सम्बन्धित पात्रता रखने वाले व्यक्तियों के नाम निदेशालय को 800 शब्दों में विस्तृत जानकारी के साथ प्रेषित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला भाषा अधिकारी कार्यालय द्वारा यह जानकारी 31 जुलाई तक निदेशालय को प्रेषित की जाएगी। इस सम्बन्ध में पूर्ण जानकारी केन्द्रीय गृह मंत्रालय की वैबसाईट www.padmaawards.gov.in पर प्राप्त की जा सकती है।
केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के शिमला स्थित क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो द्वारा मोबाइल जागरुकता वैन और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को कोविड-19 के सम्बन्ध में जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन सोलन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। राधा स्वामी सत्संग ब्यास कोविड टीकाकरण केंद्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को कोविड टीकाकरण और कोविड से बचाव के लिए उचित व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया। क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो शिमला के कलाकारों ने लोकगीतों और नुक्कड़-नाटक के माध्यम से लोगों को कोविड टीकाकरण अभियान में भाग लेने, दो गज की दूरी अपनाने, मास्क पहनने और हाथों को बार-बार साबुन अथवा एल्कोहलयुक्त सेनिटाइजर से साफ करते रहने के लिए जागरूक किया। कलाकारों द्वारा लोगों को नाटक के माध्यम से ‘मास्क नहीं तो टोकेंगे, कोरोना को रोकेंगे’ का संदेश भी दिया गया। क्षेत्रीय लोकसंपर्क ब्यूरो शिमला के क्षेत्रीय प्रदर्शनी अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने कहा कि सोलन जिला प्रशासन और स्वास्थ विभाग के सहयोग से यह मोबाइल वैन 18 जुलाई तक जिला के दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर लोगों को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण करवाने और कोविड से बचाव के लिए आवश्यक उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को ऑडियो संदेशों, पंपलेट द्वारा कोविड-19 से बचाव के लिए विभिन्न नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस दौरान लोगों को कोरोना जागरूकता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी सुनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 21 जून को देश में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए निःशुल्क कोरोना वैक्सीन की घोषणा की थी। साथ ही उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार जारी रखने के लिए लोगों से अपील भी की थी। इसी कड़ी में देश में निःशुल्क टीकाकरण अभियान और कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सोलन जिला में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित बनाने और नियम पालन की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।


















































