•   Wednesday May 20
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The-Lotus-Blooms-for-the-First-Time-in-a-Congress-Stronghold-Political-Equations-Shift-in-Rampur
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कांग्रेस के गढ़ में पहली बार खिला कमल, रामपुर में बदले राजनीतिक समीकरण

हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस और होली लॉज का मजबूत गढ़ माने जाने वाले रामपुर में पहली बार भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बहुमत हासिल किया है। इसे आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। नगर परिषद रामपुर के 9 वार्डों में से 5 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार 4 वार्डों में ही जीत हासिल कर सके। हालांकि दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा, लेकिन भाजपा ने एक सीट की बढ़त के साथ परिषद पर कब्जा जमा लिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि रामपुर के बदलते राजनीतिक माहौल को भी दर्शाती है। जिस क्षेत्र में भाजपा कभी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाई, वहीं अब नगर परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का प्रदर्शन मजबूत रहा है। इस परिणाम को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और होली लॉज के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नंदलाल यहां बेहद कम अंतर से जीत दर्ज कर पाए थे। उस समय कांग्रेस ने रामपुर सीट बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या रामपुर में कांग्रेस और होली लॉज की पकड़ कमजोर पड़ रही है, या फिर 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी दोबारा मजबूती से वापसी करेगी। फिलहाल नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।

 Himachal High Court judges will carpool, 50% of staff will work from home for two days
In Himachal

हिमाचल हाईकोर्ट के जज करेंगे कार पूलिंग, 50% स्टाफ 2 दिन करेगा वर्क फ्रॉम होम

हिमाचल  प्रदेश हाईकोर्ट ने ईंधन बचाने और खर्चों में कटौती करने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। हाईकोर्ट ने ईंधन और सरकारी खर्च कम करने के लिए दो बड़े फैसले लिए है। जिसमे पहला- हाईकोर्ट के जस्टिस दफ्तर आने-जाने के लिए कार पूलिंग करेंगे। यानी अब एक ही वाहन में एक से अधिक जज सफर कर सकेंगे। दूसरा- हाईकोर्ट के 50 फीसदी स्टाफ को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी गई है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा ने इसे लेकर सोमवार देर शाम आदेश जारी कर दिए है। इनमें स्पष्ट किया गया कि बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करने के लिए हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी है। इसके तहत रजिस्ट्री की प्रत्येक शाखा या सेक्शन का 50 फीसदी स्टाफ हफ्ते में अधिकतम दो दिन घर से काम करेगा। बाकी का 50 फीसदी स्टाफ ऑफिस में उपलब्ध रहेगा। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने के आदेश दिए और रजिस्ट्रार को सप्ताह शुरू होने से पहले साप्ताहिक रोस्टर तैयार करने को कहा। आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि वर्क फ्रॉम होम काम करने वाले कर्मचारियों हर समय फोन पर उपलब्ध रहना होगा। जरूरत पड़ने पर ऐसे कर्मचारियों को ऑफिस बुलाया जा सकता है। वहीं जिन विभागों का काम बहुत जरूरी है और घर से काम करना संभव नहीं है, वहां यह सुविधा लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित रजिस्ट्रार को निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है,ताकि कोर्ट के कामकाज में बाधा न आए। इससे पहले हिमाचल के राज्यपाल कविंदर गुप्ता भी सरकारी खर्च कम करने के लिए अपने गाड़ियों के काफिले को कम कर चुके हैं। उन्होंने हेलिकॉप्टर इस्तेमाल नहीं करने, रविवार को किसी भी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करने की बात कही है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन का कम इस्तेमाल करने की अपील की थी।

 Western Disturbance to become active in Himachal from this day, Una to witness heat wave, know weather updates
In Himachal

हिमाचल में इस दिन से एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, ऊना में गर्मी का प्रकोप, जाने मौसम अपडेट

हिमाचल  प्रदेश के अधिकांश भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। प्रदेश में 2 दिन की तेज धूप के बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ा है। बीते 24 घंटे के दौरान 11 शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री या उससे अधिक हो गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 39.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बिलासपुर में 38.5 डिग्री सेल्सियस, सुंदरनगर में 38.1 डिग्री, हमीरपुर में 38 डिग्री, कांगड़ा में 38.3 डिग्री, बरठी में 37.4 डिग्री और मंडी में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार- अगले 72 घंटे के दौरान तापमान में हल्का उछाल आ सकता है, जिससे गर्मी और बढ़ने की संभावना है। हालांकि, आज से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के आसार है, लेकिन इसका असर मुख्य रूप से अधिक ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने 19 से 21 मई तक अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं 22 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 23 और 24 मई को भी ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं।

Petrol and diesel rates rise for the second time in a week, with petrol reaching ₹99.27 and diesel ₹91.26 in Shimla.
In Himachal

एक सप्ताह में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के रेट, शिमला में पेट्रोल ₹99.27, डीजल ₹91.26 पहुंचा

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। एक सप्ताह में दूसरी बार रेट बढ़े है। इसके बाद शिमला में पेट्रोल 99.27 रुपए और डीजल 91.26 रुपए प्रति लीटर हो गया है। वहीं हमीरपुर के सुजानपुर में पेट्रोल 98.27 रुपए, डीजल 88.66 रुपए, लुहरी में पेट्रोल 99.14 रुपए व डीजल 91.09 रुपए, मंडी में पेट्रोल 98.73 रुपए व डीजल 90.51 रुपए, ऊना में पेट्रोल 96.93 रुपए व 88.91 रुपए प्रति लीटर हो गया है। तेल कंपनियों के इस फैसले का असर आम जनता पर पड़ना तय है। अगले महीने से राज्य में सेब सीजन भी शुरू होने जा रहा है। इससे सेब की ढुलाई महंगी होगी। बागवानों पर इसकी मार पड़नी तय है। प्रदेश की सबसे बड़ी बद्दी की ट्रक यूनियन चार दिन पहले ही माल भाड़ा बढ़ा चुकी है।  पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। बसों के साथ मलाभाड़े पर भी इसका असर पड़ना तय है। इससे खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेगी। जानकारों की मानें तो अभी और भी रेट बढ़ सकता है।

 Big scandal in Panchayat elections: Two ballot papers missing, FIR against eight employees
In Himachal

पंचायत चुनाव में बड़ा मामला: दो बैलेट पेपर गायब, आठ कर्मचारियों पर FIR

पंचायत चुनाव-2026 के दौरान विकास खंड कुनिहार में बैलेट पेपर लेखन कार्य के बीच दो बैलेट पेपर गायब होने का मामला सामने आने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बैलेट पेपर लेखन कार्य में तैनात आठ कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस थाना कुनिहार में एफआईआर दर्ज करवाई है। इनमें संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) भी शामिल हैं। साथ ही सभी कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से हटा दिया गया है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खनलग के वार्ड नंबर-4 के लिए जारी किए गए दो बैलेट पेपर जांच के दौरान गायब पाए गए। खंड विकास अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी पंचायत कुनिहार तन्मय कंवर द्वारा पुलिस को भेजी शिकायत में बताया गया है कि उक्त पंचायत के लिए बैलेट पेपर क्रम संख्या 5265516 से 5265670 तक जारी किए गए थे। जांच के दौरान इनमें से क्रम संख्या 5265669 और 5265670 के दो मतपत्र नहीं मिले। उन्होंने बताया कि 16 मई से ब्लॉक मुख्यालय कुनिहार में बैलेट पेपर लेखन कार्य चल रहा है। इसके लिए विभिन्न पंचायतों के सहायक रिटर्निंग अधिकारियों और कर्मचारियों को बैलेट पेपर वितरण एवं लेखन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रशासन ने गड़बड़ी सामने आने के बाद अपने स्तर पर भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है और सभी कर्मचारियों से पूछताछ जारी है। वहीं, डीएसपी अशोक चौहान ने बताया कि बैलेट पेपर गुम होने की शिकायत पर पुलिस थाना कुनिहार में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

Himachal Pradesh is expected to receive rain for three days; find out when the western disturbance will become active.
In Himachal

हिमाचल में 3 दिन बारिश के आसार , जानिए कब से एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ

हिमाचल  प्रदेश में दो दिन की धूप के बाद कल से मौसम फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार- 19 मई से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। राज्य के अधिकांश भागों में इसका असर 23 मई तक देखने को मिलेगा। इस दौरान कुछेक स्थानों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और आसमानी बिजली भी गिर सकती है। IMD ने 19 से 21 मई तक चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिला में आंधी-तूफान व आसमानी बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम में बदलाव के बाद तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि आज पूरे प्रदेश में धूप खिलने के आसार है। इससे कई शहरों के तापमान में दो से तीन डिग्री का उछाल आ सकता है। खासकर ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी के निचले इलाकों में दिन में प्रचंड गर्मी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार- मई महीने में अब तक सामान्य से 2 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। आने वाले चार दिनों के दौरान भी बारिश होगी। इससे पहाड़ों पर मौसम और भी सुहावना होगा।

Two youths, including a woman, were arrested with hashish in Pathankot; the accused had come by bus from Chamba.
In Himachal

पठानकोट में चरस के साथ एक महिला सहित दो युवक गिरफ्तार , चंबा की तरफ से आ रही बस में बैठे थे आरोपी

पठानकोट की थाना मामून कैंट पुलिस ने चरस के साथ एक महिला और दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के चंबा की तरफ से आई बस में से उतरे थे। शक होने पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा और तलाशी में उनके पास से चरस बरामद हुई। आरोपियों की पहचान अबरोल नगर निवासी दीपक कुमार, मोहित कुमार और प्रियंका के तौर पर हुई है।  मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रीति ने बताया कि थाने में तैनात सहायक सब इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में पुलिस पार्टी गश्त के संबंध में बघार चौक पर मौजूद थी। इसी दौरान हिमाचल प्रदेश के चंबा की तरफ से एक बस आई, जिसमें से एक महिला और दो युवक उतरे। पुलिस पार्टी को सामने देखकर वे घबरा गए। इस दौरान पीछे आ रहे एक युवक ने हाथ में पकड़े बैग से एक लिफाफा निकालकर फेंक दिया और पीछे मुड़ने की कोशिश की।  तीनों की हरकतों और लिफाफा फैंकने से पुलिस टीम को उन पर शक हुआ। जिसके चलते सहायक सब इंस्पेक्टर पवन कुमार ने आरोपियों को रोका और फैंके गए लिफाफे की तलाशी ली। जिसमें से 783 ग्राम चरस हासिल हुई। जिस पर पुलिस टीम ने तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी ने बताया कि थाना मामून कैंट में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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कांग्रेस के गढ़ में पहली बार खिला कमल, रामपुर में बदले राजनीतिक समीकरण

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हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस और होली लॉज का मजबूत गढ़ माने जाने वाले रामपुर में पहली बार भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बहुमत हासिल किया है। इसे आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। नगर परिषद रामपुर के 9 वार्डों में से 5 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार 4 वार्डों में ही जीत हासिल कर सके। हालांकि दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा, लेकिन भाजपा ने एक सीट की बढ़त के साथ परिषद पर कब्जा जमा लिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि रामपुर के बदलते राजनीतिक माहौल को भी दर्शाती है। जिस क्षेत्र में भाजपा कभी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाई, वहीं अब नगर परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का प्रदर्शन मजबूत रहा है। इस परिणाम को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और होली लॉज के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नंदलाल यहां बेहद कम अंतर से जीत दर्ज कर पाए थे। उस समय कांग्रेस ने रामपुर सीट बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या रामपुर में कांग्रेस और होली लॉज की पकड़ कमजोर पड़ रही है, या फिर 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी दोबारा मजबूती से वापसी करेगी। फिलहाल नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।

हाईकोर्ट ने KNH शिफ्टिंग पर लगाई रोक: गायनी OPD फिलहाल नहीं होगी IGMC शिफ्ट, कोर्ट ने सरकार से मांगा विस्तृत जवाब

In Health
High Court stays KNH shifting: Gynecology OPD will not be shifted to IGMC for now, court seeks detailed reply from the government

शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल (KNH) की गायनी ओपीडी और अन्य सेवाओं को आईजीएमसी शिफ्ट करने के फैसले पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह जनहित याचिका अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की महासचिव फालमा चौहान की ओर से दायर की गई थी। कोर्ट ने डेंटल कॉलेज से जुड़े प्रस्ताव पर भी रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने हाल ही में KNH की गायनी ओपीडी और कुछ सेवाओं को IGMC शिफ्ट करने का फैसला लिया था। सरकार का कहना था कि इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन इस फैसले का प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया था। महिला संगठनों, CPI(M), AIDWA और स्थानीय लोगों ने इसे ऐतिहासिक अस्पताल को कमजोर करने की कोशिश बताया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि 102 साल पुराना कमला नेहरू अस्पताल महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए बेहद अहम संस्थान है। शिफ्टिंग से खासकर दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि शिफ्टिंग का फैसला किन आधारों पर लिया गया और इससे मरीजों को क्या फायदा होगा। अगली सुनवाई तक अस्पताल की शिफ्टिंग प्रक्रिया पर रोक रहेगी। महिला समिति की महासचिव फालमा चौहान ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह महिलाओं की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का फैसला महिलाओं की समस्याओं को बढ़ाने वाला था। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद कमला नेहरू अस्पताल की गायनी ओपीडी आईजीएमसी शिफ्ट नहीं होगी।  

राजकीय महाविद्यालय इंदौरा और आसपास के स्कूलों के बीच एमओयू, विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं

In Education
MoU signed between Government College Indora and nearby schools, students will get modern educational facilities

राजकीय महाविद्यालय इंदौरा में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग एवं समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न निकटवर्ती विद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नमेष ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ समझौते को औपचारिक रूप प्रदान किया। इस एमओयू के अंतर्गत GSSS Bari Kandrori, GSSS Dahkulara, GSSS Mohtli, GSSS Bogrwan तथा GSSS इंदौरा सहित अन्य विद्यालयों ने भाग लिया। समझौते का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों एवं महाविद्यालय के मध्य शैक्षणिक संसाधनों, अधोसंरचना, पुस्तकालय सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, खेल सामग्री तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का साझा उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके अलावा विद्यार्थियों एवं अध्यापकों के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, करियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों तथा कौशल विकास गतिविधियों का आयोजन भी संयुक्त रूप से किया जाएगा।प्राचार्य डॉ नमेष ने कहा कि यह समझौता नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इससे विद्यालयों के विद्यार्थियों को महाविद्यालय की आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा तथा उच्च शिक्षा के प्रति उनका रुझान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों के बीच आपसी सहयोग से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। साथ ही शिक्षक वर्ग के बीच भी अनुभवों का आदान-प्रदान होगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने इस साझेदारी को शिक्षा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए भविष्य में भी ऐसे सहयोगात्मक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। राजकीय महाविद्यालय इंदौरा की यह पहल क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।  

Asia Cup 2025: आज दुबई में भारत-पाक के बीच होने वाले मैच को लेकर देशभर में विरोध

In Sports
 Asia Cup 2025: Protest across the country regarding the match between India and Pakistan in Dubai today

  एशिया कप में भारत-पाकिस्तान के बीच दुबई में आज मैच होने वाला है। भारत-पाकिस्तान के बीच मैच का मुकाबला हमेशा से रोमांचक रहा है। इसे देखने के लिए लोगों में बहुत उत्साह देखा जाता था। लेकिन इस बार इस मैच को लेकर देशभर में विरोध हो रहा है। विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोग भी भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर गुस्से में है। सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर इस मैच का जोरो से बहिष्कार किया जा रहा है। साथ ही पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों ने भी इस मैच पर कड़ा विरोध जताया है। अब तो भाजपा के कई सहयोगी भी इस मैच के विरोध में हैं। हालांकि क्रिकेट फैंस इसे लेकर अलग बंटे हुए हैं। इस मैच का कहीं विरोध किया जा रहा है, तो कहीं टीम इंडिया की जीत के लिए पूजा भी हो रही है।   नई खेल नीति के मुताबिक सरकार की नई खेल नीति के मुताबिक भारत ने फैसला किया है भारत पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय मैच नहीं खेलेगा पर बहुपक्षीय टूर्नामेंट जैसे कि एशिया कप या ICC प्रतियोगिता में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा।   विरोध की वजह  ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच यह पहला इंटरनेशनल मैच है। आपको बता दें कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा पहलगाम हमला हुआ था जिसमें कई भारतीय मरे थे और कहा जा रहा था कि इस हमले के पीछे पकिस्तान का हाथ है। इसके जवाब में भारत ने  7 मई को ऑपरेशन सिंदूर किया। इसी वजह से भारत के लोगों में भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर नाराजगी और गुस्सा है।    ओवैसी की पार्टी AIMIM ने किया प्रदर्शन हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से पूछा है कि क्या मैच से कमाया जाने वाला मुनाफ़ा पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों की जान से ज्यादा कीमती है। अहमदाबाद में AIMIM ने भारत-पाकिस्तान मैच के खिलाफ प्रदर्शन किया।    AAP कार्यकर्ताओं ने किया बहिष्कार  चंडीगढ़ में AAP कार्यकर्ताओं ने भी 'BCCI शर्म करो' के नारे लगाए   शिंदे शिवसेना नेता ने किया विरोध शिंदे शिवसेना के नेता संजय निरूपम ने इस मैच के विरोध में कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा भारत को क्षति पहुंचाने वाली नीति अपनाई है, पाकिस्तान ने आतंकियों को पाला पोषा है और इन आतंकियों ने भारत के निर्दोष लोगों पर हमले किए हैं। ऐसे में पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का रिश्ता नहीं रखना चाहिए।    शिवसेना उद्धव गुट ने मैच के विरोध में तोड़ डाले टीवी   पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने किया बहिष्कार पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री और पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने कहा कि वे भारत-पाकिस्तान मैच के साथ पूरे एशिया कप का बहिष्कार कर रहे हैं हूं। उन्होंने कहा कि पुलवामा, पहलगाम, पठानकोट जैसे आतंकी हमलों को भुलाया नहीं जा सकता।     पीड़ित परिवारों ने जाहिर किया गुस्सा पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए पुणे के संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने कहा कि यह मैच नहीं होना चाहिए था। यह बहुत ही शर्मनाक है। अभी हाल में पहलगाम हमला हुआ और फिर ऑपरेशन सिंदूर हुआ। तो इसके बाद यह मैच नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा यह भी कहा कि इन्हें परवाह नहीं कि कोई मर गया।    

कल से शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और कलश स्थापना की विधि

In First Blessing
Chaitra_Navratri_will begin_tomorrow_know_the_auspicious_time_for_worship_and_the_method_of_Kalash_installation

हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि की पूजा का खास महत्व होता है। यह मां दुर्गा की पूजा का बड़ा पर्व माना जाता है। शक्ति की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। इस साल नवरात्रि कई ज्योतिषीय संयोगों के कारण विशेष मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 72 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब नवरात्रि की शुरुआत अमावस्या तिथि के प्रभाव में होगी और उसी दिन कलश स्थापना की जाएगी। चूंकि 19 मार्च को सूर्योदय अमावस्या में होगा, इसलिए उसी दिन से नवरात्रि की शुरुआत मानी जाएगी और कलश स्थापना भी उसी दिन की जाएगी। इस दौरान लोग घर में घटस्थापना के अलावा व्रत रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा करते हैं। कई लोग इन नौ दिनों को साधना और आत्मशुद्धि का समय भी मानते हैं। चैत्र नवरात्रि 2026 प्रतिपदा तिथि  हिंदू पंचांग के अनुसार, गुरुवार को कलश स्थापना के साथ नवरात्रि प्रारंभ हो जाएगी। ऐसे में 19 मार्च को कलश की स्थापना कर दुर्गा माता की पूजा आरंभ की जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि का आरंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। इस बार प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। इसी वजह से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से मानी जाएगी। घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ कलश स्थापना की जाती है। 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे के बीच घटस्थापना करना शुभ रहेगा। यदि इस समय में स्थापना संभव न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में भी यह कार्य किया जा सकता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। लेकिन मंदिरों और पंडालों में कलश स्थापना का सबसे उत्तम मुहूर्त अभिजीत होगा। इन्हीं शुभ मुहूर्त में विधि पूर्वक कलश स्थापना करने के पश्चात विधि-विधान से पूजा करना शुभ फलदायी रहेगा। घटस्थापना की सामग्री  हल्दी, कुंकू, गुलाल, रांगोली, सिंदूर, कपूर, जनेऊ, धूपबत्ती, निरांजन, आम के पत्ते, पूजा के पान, हार-फूल, पंचामृत, गुड़ खोपरा, खारीक, बदाम, सुपारी, सिक्के, नारियल, पांच प्रकार के फल, चौकी पाट, कुश का आसन, नैवेद्य आदि।  कलश स्थापना की विधि पूजा स्थल को साफ करें और चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें। मिट्टी के पात्र (मिट्टी की बेदी) में पवित्र मिट्टी भरें और उसमें जौ बोएं। तांबे या मिट्टी के कलश पर कलावा बांधें और स्वास्तिक बनाएं। कलश को जल और गंगाजल से भरें। कलश में सुपारी, सिक्का, अक्षत (चावल), हल्दी की गांठ डालें। कलश के मुंह पर आम के 5-7 पत्ते लगाएं। नारियल को लाल चुनरी में लपेटकर कलावे से बांधें और कलश के ऊपर (अंकुरित भाग ऊपर रखते हुए) रखें। अब कलश को जौ वाले पात्र के बीच में स्थापित करें। दीपक जलाएं, माता दुर्गा का ध्यान करें और 9 दिनों के व्रत का संकल्प लें।  पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है, जिनमें पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व होता है। माता शैलपुत्री का स्वरूप शांत, सरल, करुणामयी और सौम्य माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वे अपने भक्तों को संकटों से बचाती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इसलिए चैत्र नवरात्रि के पहले दिन विधि-विधान के साथ मां शैलपुत्री की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।  

पाताल भुवनेश्वर मंदिर: रहस्य, आस्था और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम

In Entertainment
Patal Bhuvaneshwar Temple: A wonderful confluence of mystery, faith and spirituality

  क्या आपने कभी कल्पना की है कि कहीं ऐसा स्थान भी हो सकता है, जहां सृष्टि के अंत का रहस्य छिपा हो? कोई ऐसा मंदिर, जहां चारों धामों के दर्शन एक ही स्थान पर संभव हों? उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पाताल भुवनेश्वर मंदिर ऐसा ही एक रहस्यमयी और दिव्य स्थल है, जो हर भक्त को आस्था, रहस्य और आध्यात्मिकता की गहराइयों से जोड़ता है। यह मंदिर एक गुफा के भीतर स्थित है, जिसे प्राचीन काल से चमत्कारी और गूढ़ माना गया है। गुफा में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है मानो आप किसी अद्भुत आध्यात्मिक संसार में प्रवेश कर चुके हों। मान्यता है कि यहां भगवान शिव के साथ-साथ 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है। यहां स्थित भगवान गणेश का कटा हुआ मस्तक स्वयं में एक रहस्य है, जो इस स्थान की अलौकिकता को और भी गहरा बनाता है। यहां स्थित शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि वह निरंतर बढ़ रहा है, और जिस दिन वह गुफा की छत से टकराएगा, उस दिन प्रलय होगा। यह धारणा श्रद्धालुओं को एक अकल्पनीय आध्यात्मिक अनुभव और चेतना की गहराई से जोड़ती है।गुफा के भीतर चार रहस्यमयी द्वार मानव जीवन के चार प्रमुख पड़ावों का प्रतीक माने जाते हैं। कहा जाता है कि रावण की मृत्यु के बाद पाप द्वार और महाभारत युद्ध के बाद रण द्वार बंद हो गए। अब केवल धर्म द्वार और मोक्ष द्वार खुले हैं, जो जीवन के सत्य और मोक्ष के मार्ग की ओर संकेत करते हैं। पौराणिक इतिहास की दृष्टि से इस मंदिर का उल्लेख त्रेता युग में मिलता है। सूर्य वंश के राजा ऋतुपर्ण ने सबसे पहले इस गुफा की खोज की थी। कहा जाता है कि पांडवों ने भी यहां भगवान शिव के साथ चौपड़ खेला था। बाद में 819 ईस्वी में जगत गुरु शंकराचार्य ने इस स्थल की पुनः खोज की और यहां पूजा आरंभ की। कैसे पहुंचे पाताल भुवनेश्वर? यह दिव्य स्थल पिथौरागढ़ से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है, जबकि सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन टनकपुर है। सड़क मार्ग से यह स्थान सुगम रूप से जुड़ा हुआ है और उत्तराखंड के खूबसूरत पर्वतीय रास्तों से होकर गुज़रता है, जो यात्रा को और भी आनंददायक बना देता है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि रहस्य और आध्यात्मिकता के अनूठे संगम के कारण भी यह स्थल भक्तों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पाताल भुवनेश्वर की इस अद्भुत गुफा में जाकर आप स्वयं उस दिव्यता और रहस्यमय ऊर्जा का अनुभव कर सकते हैं, जो सदियों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती आ रही है।

हरियाणा कांग्रेस विधायकों से मिले सीएम सुक्खू के पॉलिटिकल एडवाइजर, पुलिस तैनात, बाहरी लोगों की एंट्री बंद

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हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए। होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं। कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: दोबारा होगा एग्जाम

In National News
NEET UG 2026 exam cancelled: re-exam to be held

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। पेपर लीक के आरोपों और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी से यह फैसला लिया गया। मामले की जांच अब CBI करेगी। NTA के मुताबिक छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और पुराने परीक्षा केंद्र ही बनाए रखे जाएंगे। री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी होंगे, वहीं परीक्षा फीस भी वापस की जाएगी। जांच में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग तक पहुंच गए थे। राजस्थान SOG ने जयपुर समेत कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दावा है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल हूबहू परीक्षा में आए। बताया जा रहा है कि करीब 23 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। नई परीक्षा तारीखों का ऐलान जल्द किया जाएगा।

Iran Israel War: 'पर्शियन गल्फ' में फंसे 2000 भारतीय नाविक, कुल्लू के कैप्टन रमन कपूर ने दी जानकारी

In International News
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खाड़ी देश के 'पर्शियन गल्फ' में फंसे हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कैप्टन रमन कपूर ने एक वीडियो जारी कर कहा कि अमेरिका-इजरायल और इरान युद्ध के कारण 20 हजार नाविकों में दहशत का माहौल है। इनमें करीब 2000 भारतीय नाविक हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध के कारण 500 से 700 समुद्री जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं। कैप्टन रमन ने कहा कि किसी भी शिप पर कभी भी अटैक हो रहा है। स्पेशियली उन शिप पर, जिनका कोई भी लिंक अमेरिका और इजरायल के साथ है, अगर वो मूवमेंट शुरू करते हैं। उन्होंने कहा कि इरान चाहता है कि पर्शियन गल्फ से (भारत और चीन को छोड़कर) अन्य देशों को कोई भी ऑयल टैंकर बाहर न जाए। कैप्टन रमन ने कहा कि उनका शिप पर्शियन गल्फ में फंसा हुआ है। वह कुछ दिन पहले ही ईराक से कार्गो लोड करके आए हैं। उनकी स्थिति ऐसी है कि वह न तो बाहर जा सकते हैं और न ही रह सकते हैं। उनके पास शिप में अलर्ट रहने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है। एयरपोर्ट और समुद्री रास्ते बंद हैं। कैप्टन कपूर ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों के कारण इन जहाजों को फिलहाल आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे सभी जहाज समुद्र में एक ही जगह पर रुके हुए हैं और नाविक लगातार तनाव में हैं, जो लगातार अपने परिवारों से संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं। अनिश्चित हालात के बीच नाविकों को अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता सता रही है।  

अधजली सिगरेट, चाय के झूठे प्याले और अधूरा इश्क़..

In Kavya Rath
Half-burnt cigarettes, empty cups of tea and incomplete love

साहिर लुधियानवी के अल्फाज़ न जाने कितनी अधूरी प्रेम कहानियों का दर्द बयाँ करते है। वह दर्द जो ख़ामोशी के नीचे दबे उस मशहूर मगर अनकहे एहसास की दास्तान है, जिसे हर आशिक़ ने हिज्र के बाद कहीं न कहीं महसूस किया है। अधूरे इश्क़ का अंजाम दिखाती उनके जीवन से जुड़ी एक कहानी जो शुरू तो हुई,  मगर मंज़िल तक कभी पहुँच न सकी। एक ऐसी मोहब्बत जो ज़माने की बनाई लकीरों से अलग थी, और जो आखिर में आधी जली सिगरेटों, चाय के झूठे प्यालों और ढेरों ख़तों में सिमटकर रह गई।  यह कहानी है उर्दू के मशहूर शायर साहिर लुधियानवी और पंजाब की पहली बाग़ी कवयित्री अमृता प्रीतम की। अधूरी मोहब्बत का यह एक ऐसा मुकम्मल फ़साना है, जिसके जैसा दूसरा ढूँढ पाना मुश्किल है; एक फ़साना जो मंज़िल तक पहुँचने से पहले लड़खड़ाया ज़रूर, मगर उसका असर कभी फीका नहीं पड़ा। 16 साल में अमृता की करवा दी गयी शादी   अमृता एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखती थी जहां धर्म के धागे इंसान की किस्मत तय किया करते थे। जहां उनकी नानी मां अन्य समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोगों के बर्तन भी अलग रखती थी, जहां शादी का मतलब जिंदगी भर का साथ होता था। ऐसे परिवार में जन्मी थी वो बेख़ौफ़ कवियत्री जिसने अपनी जिंदगी में दो लोगों से प्यार किया जिनमें से एक मुस्लमान था। ज़ाहिर है की अमृता प्रीतम वो महिला थी जो अपने दौर से बहुत आगे थी। अमृता जब 16 साल की थीं, तो उनकी शादी प्रीतम सिंह से करवा दी गई। शादी के बाद वे अमृता कौर से अमृता प्रीतम बन गई। अमृता ने अपने पति का नाम तो अपनाया लेकिन वो उनकी अभिन्न अंग नहीं बन पाई।  साहिर-अमृता की पहली मुलाकात  ये बात 1944 की है जब साहिर अमृता पहली बार एक दूसरे से मिले थे। जगह थी लाहौर और दिल्ली के बीच स्थित प्रीत नगर जहां एक बड़े मुशायरे का आयोजन किया गया था अमृता यहां पहुंची थी। इसी मुशायरे में आम सा दिखने वाला, लेकिन अच्छी कदकाठी का एक युवक भी आया था जिसका नाम था साहिर लुधियाना। साहिर जुनुनी और आदर्शवादी थे, अमृता बेहद दिलकश अपनी खूबसूरती में भी और अपनी लेखनी में भी। बेहद क्रांतिकारी मिजाज के साहिर अमृता को पहली ही मुलाक़ात में भा गए थे। वहीं अमृता भी पहली ही मुलाकात में साहिर को अपना दिल दे बैठी थी। इस मुलाकात में कोई बात नहीं हुई। दोनों घंटो खामोश बैठे रहें। शायद उस समय की मोहब्बत ख़ामोशी से शुरू हुआ करती होगी, वैसे भी जहां इश्क़ ब्यां करने के लिए लफ़्ज़ों की ज़रूरत पड़े वो मोहब्बत कैसी। अमृता ने लिखा, "मुझे नहीं मालूम की वो साहिर के लफ्जो की जादूगरी थी, या उनकी खामोश नज़र का कमाल था, लेकिन कुछ तो था जिसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया, आज जब उस रात को आँखें मूंद कर देखती हूँ तो ऐसा समझ आता है कि तकदीर ने मेरे दिल में इश्क़ का बीज डाला जिसे बारिश की फुहारों ने बढ़ा दिया, उस दिन बारिश हुई थी।"   साहिर से मिलने के बाद अमृता ने उनके लिए एक कविता भी लिखी थी 'अब रात गिरने लगी तो तू मिला है, तू भी उदास, चुप, शांत और अडोल। मैं भी उदास, चुप, शांत और अडोल। सिर्फ- दूर बहते समुद्र में तूफान है…' आत्मकथाओं में लिखे मोहब्बत के किस्से  साहिर और अमृता की प्रेम कहानी के किस्से इन दोनों की आत्मकथाओं में मिलते है, अपनी आत्मकथा रसीदी टिकट में अमृता प्रीतम ने साहिर के साथ हुई मुलाकातों का जिक्र किया है। वो लिखती है कि, "वो खामोशी से सिगरेट जलाता और फिर आधी सिगरेट ही बुझा देता, फिर एक नई सिगरेट जला लेता। जब तक वो विदा लेता, कमरा सिगरेट की महक से भर जाता। मैं इन सिगरेटों को हिफाजत से उठाकर अलमारी में रख देती और जब कमरे में अकेली होती तो उन सिगरेटों को एक-एक करके पीती। मेरी उंगलियों में फंसी सिगरेट, ऐसा लगता कि मैं उसकी उंगलियों को छू रही हूं। मुझे धुएं में उसकी शक्ल दिखाई पड़ती। ऐसे मुझे सिगरेट पीने की लत लग गई।"  अमृता लिखती है-   "यह आग की बात है  तूने यह बात सुनाई है  यही ज़िन्दगी की वहीं सिगरेट है  जो तूने कभी सुलगायी थी  चिंगारी तूने दी थी  ये दिल सदा जलता रहा  वक्त कलम पकड़ कर  कोई हिसाब लिखता रहा  ज़िन्दगी का अब गम नहीं  इस आग को संभाल ले  तेरे हाथ की खेर मांगती हूँ  अब और सिगरेट जला ले "  वैसे साहिर भी कुछ कम नहीं थे। उनकी ज़िंदगी से जुड़ा एक किस्सा अक्सर सुनाया जाता है। जब साहिर और संगीतकार जयदेव किसी गीत पर काम कर रहे थे, तभी जयदेव की नज़र साहिर के घर में रखे एक झूठे कप पर पड़ी। उन्होंने उसे साफ़ करने की बात कही, तो साहिर ने तुरंत रोकते हुए कहा "इसे मत छूना, अमृता ने आख़िरी बार यहीं बैठकर इसी कप में चाय पी थी।" अमृता और साहिर के बीच मोहब्बत तो थी, मगर उनकी राहों में कई रुकावटें थीं। अमृता जब साहिर से मिलीं, तब वे विवाहित थीं हालाँकि वह रिश्ता कभी भी उनके मन को रास नहीं आया। दूसरी ओर साहिर लुधियानवी नए रिश्ते की ज़िम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं थे। फिर भी, अमृता ही थीं जिन्होंने उनके दिल में एक ऐसी जगह बनाई जो कोई और कभी नहीं ले सका। साहिर की जीवनी “साहिर: ए पीपुल्स पोइट” के लेखक अक्षय मानवानी लिखते हैं कि अमृता शायद वह अकेली स्त्री थीं जो साहिर को शादी के लिए मना सकती थीं। एक बार अमृता जब दिल्ली में साहिर की माँ से मिलने आई थीं, तो उनके जाने के बाद साहिर ने अपनी माँ से कहा था "वो अमृता प्रीतम थी… जो आपकी बहू बन सकती थी।" लेकिन साहिर ने यह बात कभी अमृता से नहीं कही। शायद वही चुप्पी, वही अनकहा इज़हार, अमृता के दिल में इमरोज़ के लिए जगह बनाता चला गया। अमृता के जीवन में इमरोज़ का आना  अमृता इमरोज़ से 1958 में मिले, मिलते ही इमरोज़ को अमृता से इश्क़ हो गया। इमरोज़ एक चित्रकार थे साहिर और अमृता की मुलाकात तो यूं ही संयोग से हो गई थी, लेकिन इमरोज़ से तो अमृता की मुलाकात करवाई गई थी। एक दोस्त ने दोनों को मिलवाया था। इमरोज़ ने तब अमृता का साथ दिया जब साहिर को कोई और मिल गया था।  इमरोज़ के साथ अमृता ने अपनी जिंदगी के आखिरी 40 साल गुजारे, इमरोज़, अमृता की पेंटिंग भी बनाते और उनकी किताबों के कवर भी डिजाइन करते। इमरोज़ और अमृता एक छत के नीचे ज़रूर रहे मगर एक दूसरे के साथ नहीं। उनकी जिंदगी के ऊपर एक किताब भी है 'अमृता इमरोज़: एक प्रेम कहानी'। एक ही छत के नीचे दो अलग कमरे इन दोनों का बसेरा बनें। अपने एक लेख "मुझे फिर मिलेगी अमृता" में इमरोज़ लिखते है की कोई रिश्ता बांधने से नहीं बंधता न तो मैंने कभी अमृता से कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ न कभी अमृता ने मुझसे। मैं तुम्हे फिर मिलूंगी कविता में शायद अमृता ने इमरोज़ के लिए ही लिखा था- "मैं तैनू फ़िर मिलांगी कित्थे ? किस तरह पता नई शायद तेरे ताखियल दी चिंगारी बण के तेरे केनवास ते उतरांगी जा खोरे तेरे केनवास दे उत्ते इक रह्स्म्यी लकीर बण के  खामोश तैनू तक्दी रवांगी जा खोरे सूरज दी लौ बण के तेरे रंगा विच घुलांगी जा रंगा दिया बाहवां विच बैठ के तेरे केनवास नु वलांगी पता नही किस तरह कित्थे        पर तेनु जरुर मिलांगी" इमरोज़ अमृता से बेइन्तिहाँ मोहब्बत करते थे मगर अमृता के दिलों दिमाग पर साहिर का राज था। किस्‍सा तो यह भी है कि इमरोज के पीछे स्‍कूटर पर बैठी अमृता सफर के दौरान ख्यालों में गुम होतीं तो इमरोज की पीठ पर अंगुलियां फेरकर 'साहिर' लिख दिया करती थीं। ये मोहब्बत अधूरी रही और इस मोहब्बत के गवाह बने आधी जली सिगरेट के टुकड़े, चाय का झूठा प्याला और ढेर सारे खुतूत।   

जयसिंहपुर: लोअर लंबागांव की बेटी अलीशा बनी ऑडिट इंस्पेक्टर

In Job
Jaisinghpur: Lower Lambagaon's daughter Alisha becomes audit inspector

जयसिंहपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले लोअर लंबागांव की अलीशा ने हिमाचल प्रदेश एलाइड सर्विसेज की परीक्षा पास कर प्रदेश का नाम रोशन किया है । अलीशा का चयन ऑडिट इंस्पेक्टर के पद हुआ है। अलीशा ने बाहरवीं ऐम अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जयसिंहपुर से की है। उसके बाद अलीशा ने गवर्नमेंट डिग्री कालेज धर्मशाला से ग्रेजुएशन की । अलीशा के पिता सुमन कुमार हिमाचल पुलिस में कार्यरत हैं और माता स्नेहलता गृहिणी हैं। अलीशा के पिता सुमन कुमार ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह परिवार के लिए गौरव का क्षण है। वही अलीशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को दिया है।

हिमाचल के इस गाँव में है 550 साल पुरानी ममी, आज भी बढ़ते है बाल और नाखून

In Banka Himachal
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हिमाचल प्रदेश एक रहस्यों से भरा राज्य है। यहां ऐसी कई चीज़ें है जिसे समझ पाना वैज्ञानिकों के लिए भी बेहद मुश्किल है। ऐसे ही कई रहस्यों में से एक है हिमाचल की स्पीति घाटी में मौजूद करीब 550 साल पुरानी 'ममी'। करीब 550 साल पुरानी इस 'ममी' को स्थानीय लोग भगवान समझकर पूजते हैं। भारत तिब्बत सीमा पर हिमाचल के लाहौल स्पीति के गयू गांव में मिली इस ममी का रहस्य आज भी बरकरार है। हर साल हजारों लोग इसे देखने के लिए देश विदेश से यहां पहुंचते हैं। यह स्थान हिमाचल प्रदेश में स्पीति घाटी के ठंडे रेगिस्तान में बसा हुआ एक छोटा सा गांव है। लाहौल स्पीति की ऐतिहासिक ताबो मोनेस्ट्री से करीब 50 किमी दूर गयू नाम का यह गांव साल में 6-8 महीने बर्फ से ढके रहने के कारण  दुनिया से कटा रहता है। कहते हैं कि यहां मिली यह ममी तिब्बत से गयू गाँव में आकर तपस्या करने वाले लामा संघा तेंजिन की है। कहा जाता है कि लामा ने साधना में लीन होते हुए अपने प्राण त्याग दिए थे। तेनजिंग बैठी हुई अवस्था में थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 45 साल थी। इस ममी की वैज्ञानिक जाँच में इसकी उम्र 550 वर्ष से अधिक पाई गई है। आम तौर पर जब भी ममी की बात होती है तो जहन में मिस्र में पाए जाने वाली पट्टियों में लिपटी ममी याद आती है। किसी मृत शरीर को संरक्षित करने के लिए एक खास किस्म का लेप मृत शरीर पर लगाया जाता है, जिससे वह ममी लम्बे समय तक सरंक्षित रहती है। लेकिन इस ममी पर किसी तरह का कोई लेप नहीं लगाया गया है, फिर भी इतने वर्षों से यह ममी सुरक्षित है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस ममी के बाल और नाखून आज भी बढ़ते रहते हैं। हालांकि इस तथ्य की सत्यता का कोई प्रमाण नहीं है। इस स्थान पर एक शरीर मौजूद है, जिसके सर बाल है, त्वचा है और नाखून भी पर न तो ये शरीर गलता है और न समय के साथ बदलता है। इसीलिए यहां के स्थानीय लोग इसे जिंदा भगवान मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं। बताया जाता है कि ITBP के जवानों को खुदाई के दौरान इस ममी का पता चला था। सन 1975 में भूकंप के बाद एक पुराने मकबरे में ये भिक्षु का ममीकृत शरीर दब गया था। इसकी खुदाई बहुत बाद में 2004 में की गई थी, और तब से यह पुरातत्वविदों और जिज्ञासु यात्रियों के लिए रुचि का विषय रहा है। खुदाई करते वक्त ममी के सर पर कुदाल लग गया था। ममी के सर पर इस ताजा निशान को आज भी देखा जा सकता है। 2009 तक यह ममी ITBP के कैम्पस में रखी हुई थी। देखने वालों की भीड़ देखकर बाद में इस ममी को गाँव में स्थापित किया गया। खास बात यह है कि ममी प्रकृति का प्रकोप झेलने के बावजूद भी सही सलामत है। प्राकृतिक स्व-ममीकरण प्रक्रिया का परिणाम यह ममी मिस्र के ममीकरण से बिल्कुल अलग है। इसे सोकुशिनबुत्सु नामक एक प्राकृतिक स्व-ममीकरण प्रक्रिया का परिणाम कहा जाता है, जो शरीर को उसके वसा और तरल पदार्थ से दूर कर देता है। इसका श्रेय जापान के यामागाटा में बौद्ध भिक्षुओं को दिया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी की इस प्रक्रिया में दस साल तक लग सकते हैं। इसकी शुरुआत साधु के जौ, चावल और फलियों  (शरीर में वसा जोड़ने वाले भोजन) को खाने से रोकने के साथ होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मृत्यु के बाद वसा यानी फैट सड़ जाती है और इसलिए शरीर से वसा को हटाने से इसे बेहतर तरीके से संरक्षित करने में मदद मिलती है। यह अंगों के आकार को इस हद तक कम करने में भी मदद करता है कि सूखा हुआ शरीर अपघटन का विरोध करता है। शरीर के पास एक निरोधक के साथ-मोमबत्तियां जलाई जाती है ताकि इसे धीरे-धीरे सूखने में मदद मिल सके। शरीर में नमी को खत्म करने और मांस को हड्डी पर संरक्षित करने के लिए एक विशेष आहार भी दिया जाता है। मृत्यु के बाद, भिक्षु को सावधानी से एक भूमिगत कमरे में रखा जाता है। समय के साथ भौतिक रूप सचमुच  में एक मूर्ति बन जाता है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से तीस से भी कम स्व-ममीकृत भिक्षु दुनिया भर में पाए गए हैं। उनमें से अधिकांश जापान के एक द्वीप उत्तरी होंशू में पाए गए हैं। यहां पर भी भिक्षु प्राकृतिक ममीकरण की इस प्रथा का पालन करते हैं। संघा तेनज़िन के शरीर में अवशिष्ट नाइट्रोजन (लंबे समय तक भुखमरी का संकेत) के उच्च स्तर से पता चलता है कि उन्होंने खुद को ममी बनाने के लिए इस प्रक्रिया का पालन किया था। दांत और बाल आज भी संरक्षित  इस ममी के दांत और बाल अभी भी अच्छी तरह से संरक्षित हैं। इस मम्मी को एक छोटे से कमरे में एक कांच के बाड़े में रखा गया है, जो एक लोकप्रिय गोम्पा के करीब स्थित है। इसकी सुरक्षा के लिए इस ममी को एक कमरे में रखा गया है। पर्टयक खिड़की के माध्यम से उसकी एक झलक देख सकते है। इस कमरे को केवल महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान खोला जाता है। गयू आधुनिकीकरण से अछूता एक शांत स्थान है। संघा तेंजिन की ममी आज एक मंदिर में विराजमान है, उसका मुँह खुला है, उसके दाँत दिखाई दे रहे हैं और आँखें खोखली हैं। वसा और नमी से रहित, यह जीवित बुद्ध का प्रतीक माना जाता है। गाँव के अस्तित्व के लिए दिया था बलिदान मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि संघा तेंजिन ने गाँव के अस्तित्व के लिए खुद को बलिदान कर दिया था। कहानी यह है कि उन्होंने अपने अनुयायियों से विनाशकारी बिच्छू के संक्रमण के बाद खुद को ममीकृत करने के लिए कहा। जब उनकी आत्मा ने उनके शरीर को छोड़ दिया, तो ऐसा माना जाता है कि क्षितिज पर एक इंद्रधनुष दिखाई दिया जिसके बाद बिच्छू गायब हो गए और प्लेग समाप्त हो गया। सिर्फ 100 लोग बस्ते है इस गांव में  गयू गांव एक बेहद शांतिपूर्ण और सुंदर गांव है। इस गांव में लगभग 100 लोग हैं। यहां के निवासी अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूर-दूर के स्थानों तक पैदल यात्रा करते हैं। इस गांव की दूरी काज़ा से लगभग 80 किमी है। जबकि शिमला से लगभग 430 किमी और मनाली से कुंजुम दर्रे के माध्यम से इसकी दूरी लगभग 250 किमी है। यहां आने का सबसे सही समय गर्मियों के दौरान है।  

11 साल बाद हरियाणा कांग्रेस को मिले जिला अध्यक्ष, हिमाचल में भी 9 महीने से इन्तजार

In Siyasatnama
CONGRESS-APPOINTED-32-DISTRICT-HEADS-IN-HARYANA

बगैर संगठन के ही हरियाणा में कई चुनाव लड़ने और हारने के  बाद  आखिरकार 11 साल बाद मंगलवार देर रात कांग्रेस ने हरियाणा में 32 जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा की है। पानीपत शहरी के अलावा सभी अन्य 32 संगठनत्मक ज़िलों में अध्यक्षों की नियुक्ति हो गई है। माना जा रहा है की संगठन की शेष नियुक्तियां भी जल्द होगी। इन नियुक्तियों में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का दबदबा रहा है। 32 में से 22 जिला अध्यक्ष हुड्डा गुट के बताए जा रहे हैं, जबकि सात सांसद कुमारी सैलजा, एक रणदीप सुरजेवाला और दो कैप्टन अजय यादव के समर्थक हैं।  इस सूचि में सिर्फ दो महिलाएं है। संतोष बेनीवाल को सिरसा और मेवात के शाहिदा खान, जो कि एकमात्र मुस्लिम नेता को कमान दी गई है। जबकि विधानसभा चुनाव लड़ चुके चार नेताओं को जिलाध्यक्ष बनाया है।  हरियाणा में हुई इन नियुक्तियों के बाद अब निगाहें हिमाचल पर टिकी है, जहँ नौ महीने से भी ज्यादा वक्त से राज्य, जिला और ब्लॉक इकाइयां भंग है। इस बीच  मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभग सिंह  का कार्यकाल भी पूरा हो चूका है और नए अध्यक्ष के एलान का इन्तजार भी जारी है।   ये 32 नेता बने, जिला अध्यक्ष  कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से सूची के अनुसार, अंबाला कैंट से परविंदर परी,  अंबाला सिटी से पवन अग्रवाल, अंबाला ग्रामीण से दुष्यंत चौहान, भिवानी ग्रामीण से अनिरुद्ध चौधरी, भिवानी शहरी से प्रदीप गुलिया, चरखी दादरी से सुशील धनक, फरीदाबाद से बलजीत कौशिक, फतेहाबाद से अरविंद शर्मा, गुरुग्राम ग्रामीण से वर्धन यादव, गुरुग्राम शहरी से पंकज दावर को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह, हिसार ग्रामीण से बृज लाल खोवाल, हिसार शहरी से बजरंग दास गर्ग, झज्जर से संजय यादव, जींद से ऋषि पाल, कैथल से रामचंदर गुज्जर, करनाल ग्रामीण से राजेश वैद, करनाल शहरी से पराग गाबा, कुरुक्षेत्र से मेवा सिंह, महेंद्रगढ़ से सत्यवीर यादव, मेवात (नूंह) से शाहिदा खान, पलवल से नेत्रपाल अधाना, पंचकूला से संजय चौहान, पानीपत ग्रामीण से रमेश मलिक, रेवाड़ी ग्रामीण से सुभाष चंद चौवरी, रेवाड़ी शहरी से प्रवीण चौधरी, रोहतक ग्रामीण से बलवान सिंह रंगा, रोहतक शहरी से कुलदीप सिंह, सिरसा से संतोष बेनिवाल, सोनीपत ग्रामीण से संजीव कुमार दहिया, सोनीपत शहरी से कमल देवान, यमुनानगर ग्रामीण से नरपाल सिंह और यमुनानगर शहरी से देवेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।  

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